UP: फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर मुख्य सचिव नाराज

फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में वृद्धि पर UP के मुख्य सचिव नाराज

जिलाधिकारी ने दियेे दायित्वों का निर्वहन न करने में अक्षम क्षेत्रीय कार्मिकों तथा अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश

बिजनौर। शासन के निर्देश एवं उच्चतम न्यायालय और हरित न्यायाधिकरण के आदेश के क्रम में जिले में फसल अवशेष तथा गन्ने की पत्तियों आदि को जलाने की घटनाओं को शत-प्रतिशत रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी रमाकांत पांडे ने बताया कि जिला गन्ना अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि इस प्रकार की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए कृषकों को क्षेत्रीय कार्मिकों एवं गन्ना मिल के माध्यम से जागरूक करने तथा फसल अवशेष प्रबंधन की विभिन्न विधाओं का प्रयोग करते हुए फसल अवशेष का इन सीटू प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि इन्हीं निर्देशों को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना समितियों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्र भी उपलब्ध कराए गए, जिससे फसल अवशेष को खेत में आसानी से मिलाया जा सके तथा इसके अलावा वेस्ट डी कंपोजर आदि की मदद से फसल अवशेष को खेत में ही सड़ा कर उसकी खाद बनाई जा सके ताकि खेत की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा गन्ने की पत्तियों को निराश्रित गौवंश आश्रय स्थलों को भी दान करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि गन्ने की फसल की कटाई शुरू होने के बाद जिले में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिस पर अपर मुख्य सचिव कृषि एवं मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गहरा रोष व्यक्त करते हुए संबंधित क्षेत्रीय कार्मिक/अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।


DCO को सचेत करने के साथ ही कड़े निर्देश

श्री पांडे ने संबंध में जिला गन्ना अधिकारी को सचेत करते हुए कहा कि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की निगरानी एवं समीक्षा प्रदेश के उच्च अधिकारियों सहित उच्चतम न्यायालय एवं हरित न्यायाधिकरण द्वारा की जा रही है, जिसके दृष्टिगत उनके द्वारा इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषकों को जागरूक करने हेतु जन जागरण अभियान चलाने, क्षेत्र एक गन्ना मिल गन्ना समिति के कार्मिकों अधिकारियों के द्वारा प्रतिदिन सघन निगरानी एवं विजिलेंट रहने तथा घटित घटना होने पर संबंधित कृषक के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, परंतु घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि होने से यह स्पष्ट होता है कि आपके स्तर से इस संबंध में अभी तक कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है, जो अत्यंत ही खेदजनक है। उन्होंने उक्त क्रम में जिला गन्ना अधिकारी को कड़ाई के साथ निर्देशित किया कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सुझाए गए सभी उपायों का प्रयोग कराना सुनिश्चित कराएं तथा फसल अवशेष में इन सीटू मैनेजमेंट के लिए उपलब्ध कराए गए कृषि यंत्रों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कराते हुए फसल अवशेष तथा गन्ने की पत्तियों को जलाने की घटनाओं को शत प्रतिशत रोकना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि फसल अवशेष जलाए जाने की घटना होने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध प्रतिकूल कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिए कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए गन्ना समितियों को उपलब्ध कराए गए कृषि यंत्रों का प्रयोग कर किए गए फसल अवशेष प्रबंधन की गन्ना समिति वार सूचना अलग से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की इस में लापरवाही अथवा शिथिलता न बरती जाए।

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