बरेली जेल से फरार रेप, मर्डर का आरोपी बिजनौर पुलिस ने पकड़ा


बिजनौर। बरेली सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा रेप व मर्डर केस का फरार आरोपी बिजनौर जिले के किरतपुर में पकड़ा गया है। उसके खिलाफ बरेली के थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट दर्ज है। इस मामले में जेल प्रशासन चीफ वार्डर, हेड वार्डर और बंदी रक्षक को सस्पेंड कर चुका है। आईजी बरेली रेंज की ओर से कैदी की गिरफ्तारी पर घोषित ₹50 हजार का इनाम बिजनौर पुलिस को मिलेगा।

सूत्रों का कहना है कि बरेली जेल से फरार नरपाल अपने गांव जा रहा था। शक होने पर किरतपुर पुलिस व स्वाट टीम ने ग्राम रायपुर मौजमपुर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से 315 बोर का तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरेली पुलिस ने नरपाल के पकड़े जाने से राहत की सांस ली है। हालांकि आईजी बरेली रेंज इससे पहले कैदी की गिरफ्तारी पर पचास हजार का इनाम घोषित कर चुके थे, इसलिए यह राशि बिजनौर पुलिस को मिलेगी।

किरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रायपुर निवासी नरपाल उर्फ सोनू (36 वर्ष) पुत्र रमेश चंद्र को 376/302 रेप व मर्डर केस में वर्ष 2010 में आजीवन कारावास की सजा हुई। 28 अप्रैल, 2012 को उसे बिजनौर जिला जेल से बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया था। वह जेल में नंबरदार था, लिहाजा उसे सभी बैरकों और परिसर में आने-जाने की छूट थी। रविवार रात दो बजे से सोमवार सुबह छह बजे के बीच किसी समय घने कोहरे में सरिया के सहारे वह दीवार फांदकर फरार हो गया। जेल प्रशासन को सोमवार सुबह छह बजे गिनती के दौरान उसके फरार होने की जानकारी मिली। इस पर जेल में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरएन पांडेय ने डिप्टी जेलर, सभी बंदी रक्षक और जेल की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को बुलाकर पूरे जेल में उसकी तलाश कराई। इसके बाद मामले की जानकारी एसएसपी रोहित सिंह सजवाण को दी। जिले में बैरियर लगाकर चेकिंग कराई गई। वाहनों की भी तलाशी ली गई लेकिन नरपाल का कोई पता नहीं चला। थाना इज्जतनगर में वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरएन पांडेय की ओर नरपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

पुलिस के मुताबिक सेंट्रल जेल में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। परिसर में काफी निर्माण सामग्री पड़ी है, लेकिन जेल की 20 फुट ऊंची दीवार पर चढ़ना संभव नहीं था। नंबरदार होने के कारण नरपाल को हर जगह आने-जाने की छूट थी। इसी का फायदा उठाते हुए उसने सरिया में एक गोल फंदा और ऊपर अंकड़ी बनाकर दीवार में फंसा दी। इसी के सहारे कोहरे का फायदा उठाकर दीवार पर चढ़कर वह दूसरी ओर फांदकर भाग निकला। हालांकि इस कार्य में उसे समय भी लगा होगा लेकिन कोहरे के चलते उस पर किसी की नजर नहीं पड़ी।

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