एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड (ONORC) मिशन ने पकड़ी रफ्तार

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ओएनओआरसी) मिशन ने रफ्तार पकड़ी

खाद्य और सार्वजनिक वितरण (डीएफपीडी) सचिव ने राज्यों से सभी लाभार्थियों के आधार को लिंक करने, इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) डिवाइस की स्थापना, पीडीएस लेन-देन और पोर्टेबिलिटी लेन-देन के बायोमीट्रिक सत्यापन को आगे बढ़ाने के लिए कहा

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना’ की समीक्षा की

डीएफपीडी सचिव ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से ओएनओआरसी के तहत अतिरिक्त अधिग्रहण के लिए अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आग्रह किया

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा 32 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ओएनओआरसी) योजना के कार्यान्वन से संबंधित बजट 2021 के हालिया भाषण का अनुसरण करते हुए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक बैठक की और इस योजना की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने सभी राज्यों से इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) डिवाइसों की स्थापना करने, सभी लाभार्थियों के आधार लिंक, पीडीएस लेन-देन और पोर्टेबिलिटी लेन-देन के बायोमीट्रिक सत्यापन (दोनों अंतरराज्यीय और राज्यांतरिक) की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए कहा।

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने बैठक में एक राष्ट्र एक राशन कार्ड परियोजना के कार्यान्वन अर्थात इस राज्य आधारित विशिष्ट सुधार के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जमीनी स्तर पर इसके कार्यान्वन, जागरुकता योजनाओं और संचार रणनीतियों की प्रगति और जीएसडीपी के 0.25% के अतिरिक्त अधिग्रहण के दावे के लिए उनके प्रस्तावों की स्थिति की समीक्षा की।

सचिव (डीएफपीडी) ने सभी संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से ओएनओआरसी के तहत अतिरिक्त अधिग्रहण के लिए आवश्यक प्रस्ताव अपने विभाग में 15 फरवरी 2021 तक जमा कराने का आग्रह किया।

ओएनओआरसी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के अधीन राशन कार्ड की राष्ट्रव्यापी पोर्टेबिलिटी की शुरुआत के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार का एक प्रयास और महात्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य सभी प्रवासी लाभार्थियों को देश में कहीं भी अपने एनएफएसए खाद्यान्न/लाभों तक पहुंच के लिए सशक्त बनाना है। वर्तमान में, यह प्रणाली 32 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मूल रूप से लागू है और इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 69 करोड़ लाभार्थी (86% एनएफएसए आबादी) को कवर करती है।

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