IT की रेड में 220 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता चला

Ministry of Finance की ओर से बताया गया है कि आयकर विभाग ने तमिलनाडु में छापेमारी की है। एक जाने-माने व्यावसायिक समूह के 11 ठिकानों पर छापेमारी की गई। अब तक 220 करोड़ रुपए की कुल अघोषित आय का पता चला है। 8.30 करोड़ रुपए की नकदी ज़ब्त की गई है। छापेमारी और जांच की कार्रवाई अभी जारी है।

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने चेन्नई स्थित एक जाने-माने व्यावसायिक समूह के ठिकानों पर छापेमारी की है। समूह से जुड़े 11 ठिकानों पर छापे मारे गए और 9 स्थानों पर सर्वेक्षण किए गए। यह तमिलनाडु, गुजरात और कोलकाता में स्थित हैं। व्यावसायिक समूह टाइल्स और सैनीटरी वेयर के उत्पादन और विपणन के व्यवसाय से संबद्ध है और दक्षिण भारत का टाइल्स के व्यवसाय का अग्रणी समूह है।

तलाशी अभियान में टाइल्स की बिक्री और खरीद के गैर हिसाबी मामलों का पता चला। तलाशी दल के प्रयासों के चलते गैर लिखित लेन देन के विवरण सामने आए हैं, जो खुफिया कार्यालय और क्लाउड से संचालित सॉफ्टवेर पर दर्ज थे। 26 फरवरी 2021 से शुरू रेड में पता चला है कि व्यवसायिक समूह के 50 प्रतिशत के करीब लेन-देन को लेखा पुस्तिका से अलग रखा गया है। पिछले टर्न ओवर को ध्यान में रखते हुए किए गए आंकलन के मुताबिक तकरीबन 120 करोड़ रुपये की आय को छिपाया गया है। यह 100 करोड़ रुपये की अघोषित आय के अतिरिक्त है, जिसे व्यावसायिक समूह ने छद्म कंपनियों के माध्यम से शेयर प्रीमियम के रूप में दिखाया था।
अब तक 220 करोड़ रुपये की कुल अघोषित आय का पता चला है। 8.30 करोड़ रुपये की नक़दी भी बरामद हुई है जिसे विभाग द्वारा ज़ब्त कर लिया गया है। छापेमारी और जांच की कार्रवाई अभी जारी है।

विभाग ने इस बात की निगरानी करने की भी पूरी तैयारी की है कि कहीं इन पैसों का दुरुपयोग मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए तो नहीं किया जा रहा है। विभाग तमिलनाडु और पुद्दुचेरी में गैर हिसाबी धन के स्रोतों और इसके प्रवाह पर भी नज़र रखने को लेकर प्रतिबद्ध है।

****

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s