आखिर आबादी में पटाखे निर्माण को मिला कैसे लाइसेंस!

पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की घटना के बाद उठे सवाल आबादी में विस्फोटक सामग्री बनाने का लाइसेंस आखिर मिला कैसे 

बिजनौर। थाना कोतवाली शहर के बक्शीवाला में संचालित पटाखा फैक्ट्री में जबरदस्त विस्फोट से पांच मजदूरों की मौत के बाद क्षेत्र में सन्नाटा है। लोगों में भविष्य को लेकर भय व्याप्त हो गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आबादी के क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री बनाने का लाइसेंस आखिर कैसे और किन परिस्थितियों में दे दिया गया। बहरहाल प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच शुरु कर दी गई है। 

गौरतलब है कि थाना कोतवाली शहर के ग्राम फतेहपुर नोआबाद उर्फ बक्शीवाला जोधूवाला रोड पर स्कूल के समीप एक मकान में संचालित पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार दोपहर लगभग 12:30 बजे में आग लग गई और देखते ही देखते वहां रखी विस्फोटक सामग्री व कैमिकल ने आग पकड़  ली।  धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री में काम कर रहे नौ मजदूरों में से पांच के चिथड़े उड़ गए। 

लाइसेंस कहीं का, फैक्ट्री संचालन कहीं और! घटना के संबंध में बताया जाता है कि उक्त फैक्ट्री का लाइसेंस मोहल्ला बुखारा निवासी यूसुफ और शरीफ का है, जिस मकान में यह घटना हुई है उस मकान के मालिक नहटौर के मोहल्ला तीरगरान निवासी आबिद से किराए पर ले रखा है,जबकि लाइसेंस के अनुसार दूसरे मकान में फैक्ट्री चल रही है। जहां घटना हुई, वहां पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे।

बताया गया है कि लाइसेंस वर्ष 2025 तक का है और यहां पटाखे बनाने का कार्य पिछले लगभग 3 वर्ष से लगातार चल रहा है। वहीं जिस कमरे में पटाखे बनाए जा रहे थे वह मानक के अनुरूप भी नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी रमाकांत पांडे पुलिस अधीक्षक, डॉ धर्मवीर सिंह एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक , सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता, थाना प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम मौके पर पहुंच गए। एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि फैक्ट्री मालिक यूसुफ को गिरफ्तार कर लिया गया है।  पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आग लगने की घटना के लगभग 20 मिनट के भीतर दमकल गाडय़िों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पा लिया।

जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने बताया आतिशबाजी वैध लाइसेंस पर बनायी जा रही थी। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की गहनता से जांच करायी जा रही है। इस घटना में मारे गए पांचों मजदूरों सोनू, चिंट , प्रदीप व वेदपाल के परिजनों में पटाखा व्यवसायी के प्रति गुस्सा है। उनका कहना है कि जब अंदर कार्य चल रहा था तो बाहर से ताला क्यों डाला गया। यदि ताला न पड़ा होता तो उन लोगों की जान बच सकती थी। वहीं विस्फोट में घायल समर पाल, प्रिंस, शानू की हालत जिला संयुक्त चिकित्सालय में गंभीर बनी हुई है। पुलिस शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंपेंगी। उधर पुलिस हिरासत में लिए गए फैक्ट्री संचालक युसुफ से पूछताछ कर रही है। 

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