यक्ष प्रश्न बना मंडावली में अवैध खनन!

मंडावली थाना क्षेत्र में खुलेआम हो रहा अवैध खनन। प्रशासन और पुलिस दिन रात दौड़ते डंपरों को लेकर मौन। शासन-सत्ता को धता बता कौन दे रहा संरक्षण।

बिजनौर। तहसील नजीबाबाद के मंडावली थाना क्षेत्र में दिन-रात शासन व सत्ता को धता बताते हुए किए जा रहे अवैध खनन को लेकर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी -कर्मचारी चुप्पी साधे हुए हैं। लोगों का कहना है कि आखिर वह कौन सी अदृश्य शक्ति है, जिसके सामने सभी लोग गौण होकर रह गए हैं? इस बार मंडावली थाना क्षेत्र के सबलगढ़ में दिन-रात किए जा रहे अवैध खनन कार्य में मजदूरों के स्थान पर मशीनों से काम लिया जा रहा है। तेजी से अवैध खनन किए जाने और कम से कम समय में अवैध खनन का अधिक से अधिक भंडारण किए जाने के चलते डंपरों के पीछे की ओर लगे डालों को भी खनन माफियाओं ने कटवा दिया है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के बाद से ही थाना मंडावली क्षेत्र में खुलेआम दिन-रात नदी का सीना चीरकर अवैध खनन किया जाना जारी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मानों आंखें मूंदे हुए अवैध खनन माफिया के सामने चुप्पी साधे हुए है। कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के चलते क्षेत्र की सडक़ों पर विभिन्न स्थानों पर दिन भर वाहन चैकिंग अभियान चलाने वाली पुलिस को भी सामने से गुजरते अवैध खनन से लदे ट्रक और डंपर ऐसे दिखायी नहीं देते है, मानो वह अदृश्य रूप में उनके सामने से गुजर रहे हों।

पूर्व में इस क्षेत्र में अवैध खनन किए जाने की शिकायत पर कई मर्तबा तत्कालीन उपजिलाधिकारी नजीबाबाद तथा खनन विभाग के अधिकारी छापामार कार्रवाई करते रहे हैं। इस बार अवैध खनन माफिया के सामने स्थानीय प्रशासन व पुलिस कार्रवाई करते दिखायी नहीं दे रही है। पूर्व में उपजिलाधिकारी नजीबाबाद ने सबलगढ़ क्षेत्र में होने वाले अवैध खनन पर  कार्रवाई करते हुए पूर्ण रूप से अंकुश लगा दिया था। इसके बाद विगत दिनों उक्त क्षेत्र में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश का सीमांकन भी कराया गया।ब सीमांकन प्रक्रिया के दौरान एसडीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि किसी भी कीमत पर अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।

करीब एक सप्ताह से मंडावली थाना क्षेत्र के सबलगढ़ के जंगल क्षेत्र में कुत्ता घाट पर खुलेआम दिनदहाड़े अवैध खनन होने पर भी शासन-प्रशासन स्तर से अंकुश लगाने के लिए किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गयी। इस बार अपने नए अवतार में अवैध खनन करने को मैदान में उतरे खनन माफिया ने दिन-रात नदी का सीना चीरकर कम से कम समय में अधिक से अधिक अवैध खनन सामग्री भंडारण करने के उद्देश्य से मजदूरों को भी खनन कार्य में नहीं लगाया है। मजदूरों के स्थान पर ट्रैक्टरों से नदी से खनन सामग्री उठाकर डंपरों और ट्रकों में भरने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए अवैध खनन में जुटे माफिया ने डंपर के पिछले हिस्से को बंद करने वाले डाले भी कटवाकर अलग रख दिए हैं। अवैध खनन के दौरान मजदूरों को काम न मिलने से पूर्व में अवैध खनन में माफिया के लिए काम करते रहे क्षेत्र के मजदूरों ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की है। हालांकि वह मजदूर भी अवैध खनन के काले कारोबार को संचालित करने वाले खनन माफिया के सामने आकर विरोध करने की क्षमता न होने की बात कर रहे हैं। एक मजदूर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अवैध खनन माफिया की पहुंच काफी ऊपर तक है, जिसकी वजह से शासन-सत्ता और पुलिस भी मौन होकर सबकुछ देखते हुए अनजान बनी हुई है।

अवैध खनन किस के इशारे पर! बड़ा सवाल यह है कि एसडीएम नजीबाबाद की ओर से क्षेत्र में अवैध खनन न होने देने को कहे जाने के बावजूद दिन-रात खुलेआम हो रहा खनन किसके इशारे पर हो रहा है? और क्या स्थानीय पुलिस दिन-रात अपने सामने से अवैध खनन सामग्री लादकर सडक़ों पर सरपट दौड़ रहे वाहनों पर कोई कार्रवाई करना गवांरा करेगी? सवाल यह भी है कि क्या क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन के काले कारोबार पर पूर्ण रूप से अंकुश लग सकेगा? ऐसे कई प्रश्नों के उत्तर भविष्य के गर्भ में छिपे हैं।

जाम का कारण बन रहे अवैध खनन से लदे डंपर

नजीबाबाद नगर के मालगोदाम तिराहे से मोटाआम होते हुए मालन नदी तक भारी वाहनों के आवागमन पर रोक के बावजूद रात-दिन अवैध खनन से लदे डंपर सरपट दौड़ रहे हैं। इससे एक ओर जहां दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर उक्त मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रहने से लोग आजिज हैं। स्थानीय पुलिस ने नगर में मालगोदाम तिराहे से मालन नदी पुल तक के लिए पूर्व में भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी। स्थानीय पुलिस ने रोडवेज बसों समेत सभी भारी वाहनों को हर्षवाड़ा के समीप से होकर गुजरने वाले बाइपास मार्ग से आवागमन करने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर के मालगोदाम तिराहा, कृष्णा टाकीज चौराहा, मोटा आम चौराहा तथा मोहल्ला रम्पुरा चौराहे पर काफी हद तक जाम की समस्या से नागरिकों को निजात मिल गयी थी। विगत कई दिन से एक बार फिर अवैध खनन से लदे डंपरों का उनके चालकों ने मालगोदाम तिराहे से मोटाआम होकर मालन नदी तक जाने वाले मार्ग से आवागमन कराना शुरु कर दिया है। इस वजह से नगर में एक बार फिर जाम की स्थिति बनने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को पहली वाली यातायात व्यवस्था को चालू रखते हुए भारी वाहनों का आवागमन बाइपास से ही कराना चाहिए, जिससे नागरिकों को जाम की समस्या से निजात मिल सके।

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s