कॉस्मिक किरणों की वजह से मोबाइल फ़ोन ऑफ रखने वाली खबर फर्जी है

FACT CHECK: कॉस्मिक किरणों की वजह से मोबाइल फ़ोन ऑफ रखने वाली खबर फर्जी है
  • By Vishvas News
  • Updated: June 26, 2019

नई दिल्ली (विश्वास टीम)। सोशल मीडिया पर कुछ समय से एक खबर वायरल हो रही है, जिसमें कहा गया है कि आज रात 12:30 बजे से 3:30 बजे तक पृथ्वी के पास से कुछ कॉस्मिक किरणें गुज़रेंगीं जिस दौरान अपने फोन को स्विच ऑफ रखने की सलाह दी गई है वरना यह शरीर के लिए हानिकारक होगा। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। इसरो ने हमसे बातचीत में साफ करा कि यह फेक न्यूज़ है।

CLAIM

पोस्ट में क्लेम किया गया है, “आज रात 12:30 से 3:30 बजे तक अपने फोन और बाकी सभी गैजेट्स को बंद रखें और अपने शरीर से दूर रखें। सिंगापुर टीवी ने यह घोषणा की है। कृपया अपने परिवार और दोस्तों को बताएं। हमारे ग्रह के करीब से आज रात 12:30 बजे से 3:30 बजे तक कुछ कॉस्मिक किरणें गुज़रेंगीं। यह कॉस्मिक किरणें पृथ्वी के करीब से गुजरेंगीं इसलिए कृपया अपना सेल फोन बंद कर दें। अपनी मोबाइल डिवाइस को अपने शरीर के करीब मत छोड़े। यह आपको भयानक नुकसान पहुंचा सकता है। “

FACT CHECK

इस पोस्ट की पड़ताल करने के लिए हमें सबसे पहले जानना था कि आखिर कॉस्मिक किरणें होती क्या हैं। हमने जांच की तो पाया कि कॉस्मिक किरणें असल में उच्च ऊर्जा अभिकरण है जो मुख्य रूप से सौरमंडल के बाहर पैदा होती हैं। पृथ्वी लगातार कॉस्मिक किरणों के संपर्क में आती रहती है पर वायुमंडल और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र ज्यादातर कॉस्मिक किरणों को अपनी सतह से ही बाहर भेज देते हैं और एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करते हैं। हालांकि, कॉस्मिक किरणों के सीधे तौर पर संपर्क में आने पर आपको नुकसान हो सकता है पर अर्थ की एटमॉस्फेरिक लेयर्स आपको इन रेज़ से प्रोटेक्ट करती हैं। और आपको किसी भी तरह के खतरे से बचाती हैं। अंतरिक्ष में काम कर रहे एस्ट्रोनॉट्स के लिए यह किरणें हानिकारक हो सकती है इसलिए इसरो और नासा जैसी एजेंसियां लगातार इन किरणों पर नजर रखती हैं पर उस केस में भी बचाव के बहुत सारे तरीके होते हैं।

पोस्ट में सिंगापुर टीवी का ज़िक्र है। हमने जाँच की तो पाया कि ऐसा कोई चैनल नहीं है।

ज़्यादा पुष्टि के लिए हमने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO में बात की तो हमें बताया गया कि यह खबर गलत है। पृथ्वी पर लोग और मशीनें कॉस्मिक किरणों से सुरक्षित हैं।

इस पोस्ट को Ravindra Kumar Singh नाम के एक फेसबुक यूजर ने शेयर किया था।

निष्कर्ष: हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। इसरो ने हमसे बातचीत में साफ करा कि यह फेक न्यूज़ है। पृथ्वी लगातार कॉस्मिक किरणों के संपर्क में आती रहती है पर वायुमंडल और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र ज्यादातर कॉस्मिक किरणों को अपनी सतह से ही बाहर भेज देते हैं, और एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करते हैं। (साभार)

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