ARTO ने DM व CMO को भेजी एंबुलेंस की सूची

एआरटीओ ने एंबुलेंस की सूची डीएम व सीएमओ को भेजी। जनपद के एंबुलेंस की सूची जारी होने से आमजन को होगी सुविधा। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री से की थी मांग।

बिजनौर। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में एंबुलेंस की जानकारी न होने के अभाव में रोगियों को बाहर ले जाने को लेकर हो रही परेशानी से आमजन को काफी राहत मिलने वाली है। इसका कारण आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से मुख्यमंत्री से की गयी मांग पर एआरटीओ कार्यालय की ओर से जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी बिजनौर को जनपद भर की एंबुलेंस की सूची बनाकर भेज दी गयी है। इसके जल्द सार्वजनिक होने की उम्मीद जतायी जा रही है।

नजीबाबाद के आदर्श नगर निवासी मनोज शर्मा (आरटीआई कार्यकर्ता) ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए जनपद बिजनौर में पंजीकृत एंबुलेंस संचालकों की सूची मोबाइल नंबर सहित जारी करने की मांग की थी। इस पर मामला परिवहन निगम को जानकारी देने के लिए भेज दिया गया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बिजनौर डिपो ने मामला अपने कार्यालय से सम्बन्धित न होना बताते हुए विभाग को पत्र भेेज दिया था। हालांकि मांगकर्ता मनोज शर्मा ने एआरएम बिजनौर से उक्त पत्र को पूर्व में ही उप संभागीय परिवहन अधिकारी बिजनौर को हस्तानांतरित किए जाने की मांग की थी। परिवहन विभाग के पल्ला झाडऩे के बाद इस सम्बन्ध में मनोज शर्मा की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को अवगत कराया गया। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए। उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव भास्कर पांडे ने उप संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) बिजनौर को कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए। वहीं अब उप संभागीय परिवहन कार्यालय बिजनौर ने जनपद के समस्त एंबुलेंस संचालकों की सूची जिलाधिकारी कार्यालय और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को सौंप दी हैं।

अब देखना यह है कि कितने दिनों में जनहित में लोगों की सुविधा के लिए यह सूची जारी हो पााएगी? माना जाता है कि जनपद भर में संचालित एंबुलेंस की सूची जारी होने से आमजन को इसका लाभ मिलेगा। आवश्यकता होने पर कोई भी व्यक्ति एंबुलेंस चालकों से संपर्क कर एंबुलेंस सेवा का समय रहते लाभ ले सकेगा। साथ ही इस सूची के जारी होने के बाद जनपद में अपंजीकृत रूप से संचालित की जा रही एंबुलेंस का भी पर्दाफाश हो सकेगा।

मंत्रियों ने भी कर दिया था अनसुना- शिकायतकर्ता मनोज शर्मा ने जनपद भर में संचालित एंबुलेंस की सूची जनहित में सार्वजनिक करने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल तथा जनपद से नाता रखने वाले प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया से भी आग्रह किया था। उनकी ओर से भी मनोज शर्मा की मांग को अनुसुना कर दिया गया था। दोनों मंत्रियों की ओर से सहयोग न मिल पाने पर मनोज शर्मा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी।

पूर्व में करा चुके हैं एंबुलेंस की दरें निर्धारित- वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण के तेजी से फैलने के दिनों में एंबुलेंस संचालकों की ओर से रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तीमारदारों से मनमाना किराया वसूले जाने के मामले प्रकाश में आने के बाद मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए प्रदेश भर में एंबुलेंस की दरें तय किए जाने की मांग की थी। इस पर प्रदेश भर में जिला स्तरों पर किराया तय किया गया था। उत्तर प्रदेश में एबुंलेंस के लिए तय की गयी किराए की दरें पड़ोसी प्रदेश बिहार की दरों से काफी महंगी तय होना बताई जा रही हैं। 

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