खाकी और खादी के गठजोड़ से हो रहा अवैध खनन!

खाकी और खादी के गठजोड़ से चल रहा अवैध खनन!

मालामाल होते जा रहे अधिकारी और छुटभैये नेता!

योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश!

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार) खाकी और खादी के संरक्षण में नगीना देहात क्षेत्र की नदी और ग्राम सुंदर वाली में खनन माफिया बिना किसी खौफ के सरेआम खनन कर रातों रात लखपति बनते जा रहे हैं। साथ ही अधिकारी और सत्ताधारी छूट भैया नेता भी मालामाल हो रहे हैं, वहीं योगी सरकार बदनामी का पात्र बन गई है। इसका असर अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा।

आधा दर्जन खनन माफियाओं ने खो नदी में 28 बीघा एक पट्टा सरकार से लेकर उस पार खनन का काम शुरू किया था, जिसकी आड़ में खनन माफिया लगभग 500 से 800 बीघा तक अवैध खनन कर योगी सरकार की छवि को धूमिल करने में लगे हैं।खनन माफिया नदियों से पॉप मशीन, जेसीबी, मशीनों से नदियों का सीना चीर कर बड़े-बड़े ट्रैक्टरों और ट्रकों से रेत बजरी का खनन बिना किसी डर खौफ के 24 घंटे खनन का काम कर रहे हैं। बताया गया है कि इस संबंध में यदि कोई हलका पुलिस या जिला स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों को रात दिन खनन होने की शिकायत करते हैं तो पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी अधिकारी अनसुनी कर देते हैं। यही नहीं खनन माफियाओं को शिकायतकर्ता का नाम बता देते हैं, जिससे खनन माफिया शिकायत करने वालों को रास्ते में या उनके घर जाकर दोबारा शिकायत करने पर देख लेने की  धमकियां देते हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद कोई भी अधिकारी खनन स्थान का निरीक्षण करने को तैयार नहीं।

सत्ताधारी नेता और हर छोटे बड़े अधिकारी को पहुंच रहा पैसा! खनन माफिया क्षेत्र के सत्ताधारी नेता और हर छोटे बड़े अधिकारी को पैसा पहुंचाने की बात भी सरेआम कह रहे हैं। खनन माफियाओ का कहना है कि जब हम नेता और अधिकारियों को पैसा देते हैं, तो हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, जिसकी गवाही पिछले दो माह से सुंदर वाली गांव के साथ-साथ क्षेत्र की सभी नदियों से खनन माफियाओं द्वारा किया जा रहा रेत बजरी का खनन दे रहा है।

मीडिया भी शामिल! आरोप है कि खनन माफियाओं ने पुलिस, खनन विभाग के अधिकारी, क्षेत्रीय सत्ताधारी नेता और जिला स्तर के अनेक अधिकारियों के पैरों मे नोटों की गड्डी बांध दी हैं, जिससे उन से उठा और खड़ा भी नहीं हुआ जा पा रहा है। कई ग्रामीणों ने अपना नाम ना छापने की पर बताया कि खनन के इस गोरखधंधे में खादी और खाकी वे संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ साथ चंद बहरुपिए तथाकथित मीडिया कर्मी भी शामिल है। जो नदियों का सीना चीर कर निकाला जा रहा रेत बजरी का खनन से लहूलुहान होता देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खनन रात्रि के समय भी बड़ी-बड़ी मशीनों से किया जा रहा है। नदियों में 10 से 15 फीट गहरे गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिनसे आने-जाने वाले ग्रामीणों को और पशुओं को  हर समय जान का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब से यहां खनन शुरू हुआ है, गांव वालों का नदियां पार करना भी कठिन हो रहा है, लेकिन ग्रामीणों और पशुओं की  ब्रा टोपी समस्या अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रही हैं। अधिकारियों के दम पर चल रहा खुलेआम अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा,  कोरोना मे  खनन माफिया रायल्टी और टैक्स की चोरी भी कर रहे हैं, जिससे प्रदेश  सरकार को करोड़ों का चूना लग रहा है। लेकिन बिजनौर प्रशासन खनन माफियाओं के सामने नतमस्तक है। आवाज उठाने वाले को मिलती धमकी अधिकारियों की खामोशी की वजह से गरीब तबके के ग्रामीणों व छोटे किसानों का बुरा हाल है। अगर कोई आवाज उठाता है तो खनन माफिया  जान से मारने की धमकियां दे देते हंै, जिसकी वजह से किसानों में और गरीबों में भय व्याप्त है। सूत्रो की मानें तो अवैध खनन का यह गोरखधंधा बिजनौर पुलिस-प्रशासन और राजस्व विभाग की मिलीभगत से चल रहा है। सुन्दरवाली खो नदी में दो मन्दिर और देवता महाराज का थला भी है। यह लोग मन्दिरों को भी ढ़हाने मे लगे हैं। समय रहते अधिकारियों द्वारा खनन माफिया पर नकेल नहीं कसी गई तो वहां खड़े धार्मिक स्थल भी धराशाई हो सकते हंै। 

नए डीएम के सामने गंभीर चुनौतियां: नवागत जिलाधिकारी के लिए चुनौतियों से कम नहीं होगा खनन माफियाओं पर नकेल कसना, क्योंकि इस गोरखधंधे में पुलिस के साथ साथ सत्ता की खादी भी शामिल है!

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