गोवंश को भूसा उपलब्ध कराने के लिए डीएम को सौंपा रुपए 11 हजार का चैक

गोवंश को भूसा उपलब्ध कराने के लिए डीएम को सौपा रुपए 11 हजार का चैक

जिलाधिकारी ने जिला मुख्यालय व प्रत्येक तहसील स्तर पर एक-एक हजार कुन्तल क्षमता के भूसा बैंक बनाने के दिये।

जिले में 30 गो आश्रय स्थलों में 2400 गोवंश संरक्षित -जिलाधिकारी

भूसा बैंकों में अधिक से अधिक भूसा दान करने के लिए आगे आयें आमजन-जिलाधिकारी

मण्डल में सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में प्रथम स्थान पर है जिला बिजनौर -जिलाधिकारी

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में नुमाइश ग्राउण्ड में संचालित भूसा बैंक में गोवंश को भूसा उपलब्ध कराने के लिए रू0 11 हजार का चैक सुनील कुमार शर्मा ने सौपा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय व प्रत्येक तहसील स्तर पर एक-एक हजार कुन्तल क्षमता के भूसा बैंक बनाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में जिला बिजनौर, मुरादाबाद मण्डल में प्रथम स्थान पर है। वर्तमान में जिले में 30 गो आश्रय स्थलों में कुल 2400 गोवंश संरक्षित हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर गोवंश आश्रय स्थलों में भूसा उपलब्ध कराने के लिए भूसा बैंक स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गोवंशों को चारे की कमी न होने पाए। उन्होंने जन सामान्य का आह्वान किया कि भूसा बैंकों में अधिक से अधिक भूसा दान करने के लिए आगे आकर इस पुण्य कार्य में अपना योदान उपलब्ध कराएं।

निराश्रित गोवंश घूमता हुआ न पाया जाए- जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार केे महत्वांकक्षी गो संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में पूरी गंभीरता के साथ गोवंश को संरक्षण उपलब्ध कराते हुए उनके चारे-पानी एवं स्वास्थ्य आदि की निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र एवं ग्राम क्षेत्र के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं कि एक भी निराश्रित गोवंश घूमता हुआ पाया जाए तो तत्काल उसकी सूचना संबंधित नगर निकाय के अधिकारियों ,खण्ड विकास अधिकारी या पशुपालन विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसके संरक्षण की समुचित व्यवस्था की जा सके।

जिले में 2400 गोवंश संरक्षित- मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा0 विजेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले में 03 वृहद गो आश्रय स्थल, 12 कान्हा गौशाला, 04 कांजी हाउस व 11 अस्थाई गौशाला केन्द्र सहित कुल 30 गो आश्रय स्थल स्थापित हैं। इनमें कुल 2400 गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सहभागिता कार्यक्रम के अंतर्गत 687 गोवंशों को पशुपालकों को व्यक्तिगत रूप से संरक्षण के लिये दिया गया है। उन्होंने बताया कि सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में जिला बिजनौर, मुरादाबाद मण्डल में प्रथम स्थान तथा भूसा संग्रह करने में प्रदेश में नवें स्थान पर है। इस अवसर पर चैक प्रदान करने वाले समाजसेवी धीर सिंह, सुनील शर्मा व देवराज सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।

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