आम जवानों जैसी सहूलियत, एक करोड़ का बीमा

अग्निपथ पर चले अग्निवीरों को आम जवानों जैसी सहूलियत, एक करोड़ का बीमा

नई दिल्ली। अग्निपथ योजना के विरोध में चल रहे प्रदर्शन से निपटने के लिए बैठकों का दौर लगातार जारी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तीनों सेनाओं के प्रमुख दृढ़ता से डटे हुए हैं। रविवार को रक्षा मंत्रालय ने एक अहम प्रेस कांफ्रेंस में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि अग्निपथ स्कीम रोलबैक नहीं होगी। यह भी बताया कि अग्निवीर के जरिए भारतीय सेना में किस तरह से जोश और होश का संतुलन बनाने की योजना है।

अब सभी रिक्रूटमेंट केवल अग्निवीर से- प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मौजूद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि सेना में अब सभी रिक्रूटमेंट केवल अग्निवीर के तहत ही होंगे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पहले अप्लाई किया था, उनके लिए एज लिमिट बढ़ा दी गई है। सभी को नए सिरे से अप्लाई करना होगा। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वैकल्पिक भर्ती की कोई योजना नहीं है ।

सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी ने कहा कि यह योजना काफी विचार-विमर्श करके लाई गई है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं के जोश-होश के बीच तालमेल बनाना है। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना युवाओं के लिए फायदेमंद है। सभी अग्निवीरों को आम जवानों की तरह फायदे मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज की तुलना में अग्निवीरों को ज्यादा अलाउंस मिलेगा। उन्होंने कहा कि दो साल से इस योजना पर चर्चा चल रही थी। अरुण पुरी ने कहा कि हर साल लगभग 17,600 लोग तीनों सेवाओं से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले रहे हैं। किसी ने कभी उनसे यह पूछने की कोशिश नहीं की कि वे सेवानिवृत्ति के बाद क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं के भविष्य के लिए सोच-समझकर उठाया गया कदम है। इन सब के बीच भारतीय वायुसेना ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती करने के लिए विवरण जारी किया है। इस विवरण में वायुसेना ने बताया है कि अग्निपथ सशस्त्र बलों के लिए एक नई मानव संसाधन प्रबंधन योजना है। इस योजना के माध्यम से शामिल किए गए उम्मीदवारों को अग्निवीर कहा जाएगा। इनकी भर्ती वायुसेना अधिनियम 1950 के तहत चार वर्षों के लिए की जाएगा।

अभी है योजना की शुरुआत

लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा कि अभी योजना के शुरू में 46000 अग्निवीरों की भर्ती की जा रही है, यह क्षमता अभी और बढ़ेगी। अगले 4-5 सालों में यह संख्या 50,000-60,000 होगी और फिर इसे 90 हजार से बढ़ाकर एक लाख किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेना की योजना में 1.25 लाख तक अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। इस प्रकार से यदि 25 फीसदी को परमानेंट रखा जाएगा तो ऑटोमैटिकली 46,000 अग्निवीर परमानेंट रूप से भर्ती होंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई अग्निवीर देशसेवा के दौरान शहीद होता है उसे एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी।

FIR है दर्ज तो नहीं बन सकेंगे अग्निवीर

केंद्र सरकार की ओर से तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना के विरोध के बीच सेना की ओर से उम्मीदवारों को साफतौर पर चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अगर उनके खिलाफ FIR दर्ज होती है तो वह ‘अग्निवीर’ नहीं बन सकेंगे। सेना ने कहा कि भर्ती में शामिल होने वाले हर उम्मीदवार को लिखित में यह बताना होगा कि वो अग्निपथ योजना के विरोध के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों में शामिल नहीं थे। सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि उम्मीदवारों को एक लिखित प्रमाण पत्र देना होगा कि वे विरोध या तोड़फोड़ का हिस्सा नहीं थे। पुरी ने कहा कि भारतीय सेना की नींव में अनुशासन है। आगजनी या तोड़फोड़ के लिए कोई जगह नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को एक प्रमाण पत्र देना होगा कि वे विरोध या तोड़फोड़ का हिस्सा नहीं थे। पुलिस सत्यापन अनिवार्य है, इसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता है।

सेना में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं

लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने आगे कहा अगर किसी उम्मीदवार के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो वे सेना में शामिल नहीं हो सकते। सशस्त्र बलों में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को योजना के ऐलान के बाद बुधवार को बिहार में अग्निपथ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।

वायुसेना में कब से शुरू होगी Agniveer भर्ती ?

एयर मार्शल एसके झा ने बताया कि पहले बैच के अग्निवीर भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 24 जून 2022 से शुरू से होगी। इस बैच के लिए फेज-1 की ऑनलाइन परीक्षा 24 जुलाई से शुरू होगी। वहीं पहले बैच की ट्रेनिंग के लिए रजिस्ट्रेशन दिसंबर में शुरू होंगे और इस प्रक्रिया को 30 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

नौसेना में Agniveer भर्ती के आवेदन 21 नवंबर से वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि पहले नवल अग्निवीर 21 नवंबर 2022 से ओडिशा स्थिति आईएनएस चिल्का में ट्रेनिंग के लिए पहुंचना शुरू कर देंगे। नौसेना में महिला और पुरुष दोनों अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि नौसेना में पहले से ही विभिन्न जहाजों में 30 महिला अधिकारी तैनात हैं। ऐसे में नौसेना ने अग्निपथ योजना के तहत भी महिला अग्निवीरों की भर्ती का फैसला किया है।

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