उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों व गोदामों में आकस्मिक छापों से हड़कंप

बिजनौर। शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों व गोदामों में आकस्मिक छापामार कार्यवाही से हड़कंप मच गया।

छापामार कार्यवाही उप क़ृषि निदेशक गिरीश चन्द्र, जिला गन्ना अधिकारी प्रभू नाथ सिंह, जिला क़ृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र, सहायक आयुक्त/सहायक निबंधक (सहकारिता) प्रदीप कुमार सिंह, उप संभागीय क़ृषि प्रसार अधिकारी सदर मनोज रावत, जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार की संयुक्त टीमों द्वारा की गयी। इस दौरान बिक्री केंद्रों के अभिलेखों एवं स्टॉक की जाँच की गई और सभी उर्वरकों, विशेषकर यूरिया उर्वरक की पॉस मशीन में उपलब्ध स्टॉक का मिलान गोदाम में रखे गए भौतिक स्टॉक से किया गया। इस छापामार कार्यवाही के दौरान कुल 59 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 29 उर्वरक के नमूने लिए गए।

दुकानें बंद कर भागे; 10 को नोटिस- इस दौरान 10 प्रतिष्ठानों यथा मै. खान खाद भंडार, किरतपुर, मै. शिव किसान सेवा केंद्र से स्याऊ रोड मुकरपुर गुर्जर, मै. कृषि केंद्र (एग्री जक्शन) वन स्टॉप शॉप छाछरी मोड़, मै. दीप इंटरप्राइजेज हीमपुर दीपा, मै.महावीर इंटरप्राइजेज रावटी, मै. चौधरी फर्टिलाइजर रावटी, मै. किसान सेवा केंद्र रावटी, मै. महलके कृषि सेवा केंद्र रौनिया, मै. कृषि सेवा केंद्र रौनिया एवं मै. बालाजी बीज भंडार चांदपुर के द्वारा प्रतिष्ठान बंद कर भाग जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उर्वरक प्राधिकार पत्र को निलंबित किया गया है।

नहीं मिली कोई गड़बड़ी- छापामार कार्यवाही के समय ओवर रेटिंग, कालाबाज़ारी, टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया। छापामार कार्रवाई के दौरान समस्त विक्रेताओं को सचेत करते हुए निर्देशित किया गया कि उर्वरकों का वितरण किसानों की कृषि योग्य भूमि और बोई गई फसल के सापेक्ष तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार पॉस मशीन से ही किया जाए तथा स्टॉक एवं वितरण पंजिका के साथ-साथ कृषकों द्वारा क्रय किए गए उर्वरकों का विवरण एक पृथक पंजिका में भी अनिवार्य रूप से रखा जाए, जिसमें कृषक का नाम, पिता का नाम और पूर्ण पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर एवं क्रय किए गए उर्वरक का प्रकार व मात्रा, कृषि योग्य भूमि और बोई गई फसल आदि का विवरण अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। किसी भी दशा में यूरिया एवं अन्य मुख्य उर्वरकों की बिक्री बल्क में ना किए जाने के निर्देश दिए गए। उक्त कार्रवाई के दौरान पॉस मशीन के स्टॉक एवं गोदाम में भंडारित स्टाक में कोई अंतर नहीं पाया गया।

मुख्य उर्वरक के साथ कोई अन्य उर्वरक अथवा कीटनाशी रसायन नहीं- निरीक्षण के दौरान सभी उर्वरक विक्रेताओं को हिदायत दी गयी कि सभी उर्वरक की बिक्री निर्धारित मूल्य पर ही की जाए तथा मुख्य उर्वरक के साथ किसी अन्य उर्वरक अथवा कीटनाशी रसायन आदि की टैगिंग किसी भी दशा में न की जाए, अन्यथा की दशा में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि क्रेता किसानों को क्रय किए गए उर्वरक एवं कीटनाशक रसायनों की कैश मेमो रसीद अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।

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