झारखंड से मानव तस्करी का भंडाफोड़, 12 बच्चे बरामद

झारखंड से तस्करी कर लाए जा रहे 12 बच्चे बरामद। झारखण्ड से घरों व खेतों में काम कराने के लिये लाये जा रहे बच्चों को प्रशासन ने छुडाया। अनाधिकृत रूप से बच्चों से काम लेने वालों के विरुद्ध होेगी कडी कार्यवाही-जिला प्रोबेशन अधिकारी। कुल 3 तस्कर व 4 सौदेबाज समेत 7 हिरासत में।

बिजनौर। झारखंड राज्य से बंधुआ मजदूरी के लिए तस्करी कर लाए जा रहे 12 बच्चों को पुलिस ने बरामद किया है। महिला कल्याण विभाग के सहयोग से नूरपुर के पास पुलिस को यह उपलब्धि हासिल हुई। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि गत रात्रि को 10ः00 बजे कुछ लोगों द्वारा कुछ बच्चों को झारखण्ड राज्य से पिकअप गाड़ी (जेएच-13-ई-7380) से पैसों का लालच देकर लाया जा रहा था। पुलिस द्वारा महिला कल्याण विभाग के सहयोग से नूरपुर के पास बच्चों सहित नगदी रुपए व मोबाइल बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि जनपद में कहीं भी अनाधिकृत रूप से बच्चों से काम लिया जाता है तो संबंधित के विरूद्व नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

पूछताछ के बाद झारखण्ड राज्य से बच्चों को लाने वाले व्यक्तियों ने अपना नाम क्रमशः दयाराम साहू उर्फ जयरामकुमार पुत्र गोविन्द साहू, निवासी ग्राम लमटा लावालाँग चतरा झारखण्ड, अजय कुमार यादव पुत्र रामस्वरूप यादव, ग्राम-लोटवा कुंदा चतरा, झारखण्ड, हरेन्द्र कुमार पुत्र रामप्रशाद साहू निवासी ग्राम लमटा, लावालाँग चतरा झारखण्ड बताया है। मौके पर इनके साथ बिजनौर निवासी सतेन्द्र कुमार त्यागी, शोभित त्यागी, कपिल त्यागी व अतुल त्यागी भी पकड़े गए हैं। इनके विरुद्ध पुलिस द्वारा भा०द०स० की धारा 370, बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियम) 1986 की धारा 3 व 14, बंधित श्रम पद्धति (उत्सादन) अधिनियम 1976 की धारा 16 व 17 के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

सौदागर और सौदेबाज भी गिरफ्त में- जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्रकरण में बरामद 12 बच्चों का नियमानुसार मेडिकल कराया जा रहा है। इसके पश्चात बाल कल्याण समिति के समक्ष बच्चों को प्रस्तुत करते हुए किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के अन्तर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। बरामद 12 बच्चों को घरों व खेतों में काम कराने हेतु लाया गया था, जिनका सौदा उपरोक्त व्यक्तियों के बीच हो चुका था। सभी बच्चों की उम्र 10 वर्ष से 15 वर्ष के बीच है। वर्तमान में महिला कल्याण विभाग, पुलिस विभाग व श्रम विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही की जा रही है।

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s