₹20 करोड़, 280 छात्र- उत्तराखंड पेपर लीक मामले में खुलासे के करीब पहुंची STF

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा के पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड हाकम सिंह रावत का नाम सामने आया है। जनपद बिजनौर अंतर्गत नगीना के पास धामपुर में नकल सेंटर बनाना भी इसी कनेक्शन का हिस्सा बताया जा रहा है। एसटीएफ के सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले के तार अब आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के आला अधिकारियों से जुड़ रहे हैं। 

STF सूत्रों का कहना है कि कंपनी के आला अधिकारियों में से एक जिला बिजनौर के धामपुर का रहने वाला है। उसी के कहने पर वहां सेंटर बनाया गया। ये इत्तफाक तो नहीं हो सकता कि उत्तराखंड में नकल कराने के बजाय इसके लिए बिजनौर के धामपुर को चुना गया। अभी तक कंपनी के सिर्फ कुछ कर्मचारियों का ही नाम मामले में सामने आ रहा था। पूरी तरह से कंपनी की भूमिका का पता नहीं चल पा रहा था, लेकिन जब कड़ी से कड़ी जोड़ी गई तो सब बातें समझ आने लगी हैं। एसटीएफ को जब इस संबंध के बारे के पता चला तो उस अधिकारी को बयानों और पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह कई दिनों से टाल मटोल कर रहा है।

 280 छात्रों पर मुकदमा होगा दर्ज

लीक पेपर से पास हुए करीब 280 छात्रों का चयन खारिज कराने के साथ इन्हें अब मुकदमे में आरोपी बनाया जाएगा।एसटीएफ की जांच में सामने आया कि युवाओं से 12 से 15 लाख रुपए में पेपर उपलब्ध कराने की डील की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, लीक पेपर के प्रश्न 280 से ज्यादा युवाओं तक पहुंचे।

₹20 करोड़ से अधिक का लेनदेन!

200 के करीब युवाओं ने सीधे तौर पर पास होने की डील कर पेपर खरीदा जबकि, कुछ ने अपने करीबियों को 30-35 तक प्रश्न बताए। संभावना है कि इस घपले में 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन हुआ। एसटीएफ सौ चयनितों समेत 150 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया, लीक पेपर से चयनित अभ्यर्थी आरोपी बनाए जाएंगे। इनकी सूची बनाई जा रही है।

दबाव बनाने में जुटा आरोपी- अधिकारियों और नकल माफिया का बिजनौर कनेक्शन पुष्ट हो चुका है। लंबे समय से कंपनी के अधिकारी को बुलाना और उसका न आना भी संलिप्तता की ओर इशारा कर रहा है। यही नहीं, अब वह कई लोगों के नाम लेकर दबाव बनाने में जुटा है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस अधिकारी समेत कई और लोग सलाखों के पीछे जा सकते हैं।

निजी कंपनी के संचालक से पूछता
आरएमएस टेक्नोलॉजी नामक कंपनी चयन आयोग को तकनीकी सेवा और पेपर प्रिंटिंग की सुविधा देती थी। इस कंपनी के संचालक को एसटीएफ ने मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि कंपनी संचालक प्रिंटिंग प्रेस की डीवीआर लेकर आया था। हालांकि, इसमें बीते 15 दिन का रिकॉर्ड होता है। ऐसे में इससे ज्यादा मदद नहीं मिली। प्रिंटिंग प्रेस संचालक ने घर में पूजा का कार्यक्रम बताया और वह एसटीएफ कार्यालय में कुछ समय रुकने के बाद चला गया। उसे पूछताछ को जल्द दोबारा बुलाया जाएगा।

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s