उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन पर ध्यान दें किसान- डीएम

डीएम ने की किसानों से उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन पर चर्चा। किसानों ने भी दिये महत्वपूर्ण सुझाव। कृषि विकास में पीएनबी अपनी भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करेगासर्किल हेड संजीव मक्कड़

बिजनौर। जनपद के अग्रणी/प्रगतिशील एवं नवोन्मेशी कार्य कर रहे कृषकों एवं कृषक उत्पादक संगठनों के साथ परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन जिलाधकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया। परिचर्चा कार्यक्रम में विभिन्न किसानों द्वारा किए जा रहे नवोन्मेशी कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि हमारे द्वारा तैयार उत्पादों के विपणन में समस्याएं आ रही है और व्यक्तिगत रूप से उत्पादक किसान उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन करने में सक्षम नहीं है।

कार्यक्रम के दौरान किसानों द्वारा सुझाव दिया गया कि सभी नवोन्मेशी कार्य किसान एक प्लेटफार्म पर आकर आपसी सहयोग एवं समन्वय से तैयार उत्पादों की वैल्यू एडिशन प्रोसेसिंग ग्रेडिंग पैकेजिंग ब्रांडिंग आदि तकनीक को अपनाकर एक दूसरे के उत्पादों का प्रचार प्रसार करते हुए मांग जनरेट करें तथा आपूर्ति एवं विपणन में भी एक दूसरे का सहयोग करें। जिलाधिकारी ने समस्त उपस्थित किसान भाइयों से आह्वान किया कि उपरोक्त समस्या का समाधान क्लस्टर अथवा सामूहिक खेती है और जब हमारे पास कोई भी उत्पाद अधिक मात्रा में होगा तो खरीददार स्वयं हमारे पास आएंगे और दर निर्धारण की हमारी शक्ति भी बढ़ेगी। आप यदि अपने उत्पादों को सीधे ना भेज कर उसकी प्रोसेसिंग व वैल्यू एडिशन करें और साथ ही उसकी अच्छी पैकेजिंग व ब्रांडिंग विपणन करेंगे तो निश्चित रूप से हमें अच्छी व लाभकारी कीमत प्राप्त होगी, परंतु इसके लिए आवश्यक है कि किसानों को एकत्रित होकर क्लस्टर अप्रोच के माध्यम से बड़े क्षेत्र में उत्पाद विशेष का उत्पादन करते हुए इसकी प्रोसेसिंग एवं वैल्यू एडिशन की आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने की आवश्यकता है। इसके लिए जो भी आर्थिक मदद अथवा ऋण उपलब्ध कराने की आवश्यकता होगी उसके लिए जिला प्रशासन संबंधित विभाग हमेशा तैयार एवं तत्पर है।

परिचर्चा के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद में यहां की जलवायु मृदा एवं भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विकास हेतु क्लस्टर एवं फार्मिंग सिस्टम अप्रोच के आधार पर मॉडल तैयार करने हेतु नवोंमेशी कार्य कर रहे कृषकों की एक कोर कमेटी बनाई जाए, जिनके द्वारा नवोंमेशी कार्य कर रहे कृषकों का डाटा एकत्रित कर तदनुसार जनपद के लिए उपयुक्त मॉडल एवं आवश्यक सुविधाओं की रूपरेखा तैयार कर प्रस्तुत करेंगे।

परिचर्चा कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल हेड संजीव मक्कड़ द्वारा भी प्रतिभाग किया गया और आश्वस्त किया गया कि जनपद के कृषि विकास में बैंक अपनी भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करेगा और किसानों की हर संभव मदद करने की कोशिश करेगा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी द्वारा 30 किसानों को तोरिया बीज के मिनीकिट का नि:शुल्क वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक गिरीश चंद, जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश मिश्र, जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विजेंद्र सिंह, जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक वीके बंसल, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड, जिला परियोजना समन्वयक डास्प डॉ. कर्मवीर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ पिंटू कुमार, विषय वस्तु विशेषज्ञ योगेंद्र पाल सिंह योगी सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200 प्रगतिशील कृषक व कृषक उत्पादक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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