अब बिजनौर में “एक युद्व-नशे के विरुद्ध”


जिला बिजनौर को नशा मुक्त बनाने के लिए “एक युद्व-नशे के विरुद्ध। जिला प्रशासन ने छेड़ा अभियान, समाज के सभी वर्गाें में अभियान को सफल बनाने एवं जनांदोलन का रूप देने के लिए करें सहयोग, नशा जहां एक ओर सामाजिक बीमारी है वहीं दूसरी और अपराध को प्रेरित करने का मुख्य कारक -जिलाधिकारी उमेश मिश्रा
जिले को नशा मुक्त बनाने में सभी का सहयोग अपेक्षित, पुलिस द्वारा नशे का अवैध करोबार करने वालों के विरूद्व अभियान संचालित, अवैध नशे का करोबार करने वाले तथा नशा करने वालों के सम्बन्ध में व्हाट्सऐप नम्बर 8650601010 फोन अथवा मैसेज कर जानकारी कराएं उपलब्ध-पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि नशा मानसिक बीमारी है, नशा करने वाला व्यक्ति मन और शरीर दोनों से बीमार होता है, जो न केवल स्वयं अपने लिए बल्कि अपने परिवार और समाज के लिए भी समस्याग्रस्त होता है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त एवं स्वस्थ समाज निर्माण के लिए सभी को सामुहिक प्रयास करने होंगे और जन आंदोलन के रूप में इस बुराई को खत्म करने के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि नशा जहां एक ओर सामाजिक बीमारी है वहीं दूसरी और अपराध के प्रेरित होने का मुख्य कारक है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी विशेष रूप से छात्र एवं छात्राओं को इस मानसिक बीमारी से बचाने के लिए जागरूक एवं उनकी काउंसलिंग करने तथा उनके लिए स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण सृजित करने की आवश्यकता है।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा कलक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित नशा मुक्ति गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से पुलिस विभाग द्वारा “एक युद्व-नशे के विरूद्व” स्लोगन के साथ नशीली दवाओं के दुरूपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ नशा मुक्ति जन जागृति अभियान शुरू किया गया है, जो बिजनौर को नशा मुक्त जिला बनाने के लिए जन सहभागिता के साथ संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन में समाज के सभी वर्गाें को शामिल किया गया है ताकि उसे जन आंदोलन का रूप प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि नशा एक बीमारी है तथा नशा करने वाला मानसिक बीमारी से ग्रस्त है। उन्होंने कहा कि समाज में नशे की प्रवृति बढ़ती जा रही है, जिसके कारण युवा पीढ़ी को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक व सामाजिक रूप से हानि पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि नशे पर काबू पाकर न केवल अपराध कम किये जा सकते हैं, साथ ही समाज प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिला बिजनौर के लोगों को कर्तव्य के साथ-साथ समाज को नशा मुक्त करने हेतु सजग प्रहरी की भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि वह सभी विद्यालयों व कॉलेजों में नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में पोस्टर, निबंध व स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन करें और अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र एवं छात्राओं को पुरूस्कृत करें। यह भी कहा कि स्कूल एवं कॉलेजों द्वारा अभिभावकों को भेजे जाने वाले मैसेज में बच्चों को नशे से बचाने के लिए स्लोगन एवं चेतावनी भेजें और उन्हें अपने बच्चों के बैग चैक करने के लिए प्रेरित करें कि उसमें व्हाईट फ्लूड तो नहीं है, क्योंकि छात्र एवं छात्राओं द्वारा उसका प्रयोग नशे के लिए किया जा रहा है। उन्होंने व्हईटनर का दुरूपयोग रोकने के लिए बुक सेलर्स को निर्देश दिए कि बिना अभिभावकों के किसी भी बच्चे को व्हईटनर न दें और कोई दवाई विक्रेता बिना डाक्टर के दवाई के पर्चे के बिना युवाओं को सिरिंज न बेचें। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिये कि सभी स्कूल व कॉलेजों के प्रधानाचर्याें को निर्देशित करें कि अभिभावकों के साथ बैठक करें तथा नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में उन्हें बताएं।

श्री मिश्रा ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि वर्तमान में संचालित संचारित अभियान के अंतर्गत होने वाली बैठकों में नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए घर-घर भ्रमण वाली टीमों को उक्त सम्बन्ध में आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं ताकि वे जन सामान्य को जागरूक और सचेत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकें।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले को नशा मुक्त बनाने में सभी का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा नशे का अवैध करोबार करने वालों के विरुद्ध अभियान संचालित है तथा इसी के साथ युवा पीढ़ी को नशामुक्त करने के लिए काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा आवश्यकतानुसार नशा मुक्ति केन्द्र अथवा सुधारगृह में भेजा जा सकता है। उन्होंने जन सामान्य का आह्वान किया कि नशे का करोबार करने वाले तथा नशा करने वाले व्यक्ति के सम्बन्ध में व्हाट्सऐप नम्बर 8650601010 फोन अथवा मैसेज करके उनके बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि उक्त नम्बर पर सम्पर्क करने वाले व्यक्ति के सम्बन्ध में जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 अरविंद कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक डा0 प्रवीण रंजन, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 विजय कुमार गोयल, बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरण यादव, सहित डाक्टर्स, अधिवक्ता, व्यापारी संगठन, लायंस एवं रोटरी क्लब के प्रतिनिधि सहित अन्य संभ्रांत लोग उपस्थित थे।

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