22 कर्मचारी नेताओं के खिलाफ एस्मा के तहत मुकदमा दर्ज 1300 संविदा कर्मी बर्खास्त

काम पर लौटने की चेतावनी की समय सीमा समाप्त

राज्य के कई जिलों में बिजली संकट उत्पन्न, पानी, पढ़ाई, व्यापार सभी पर पड़ा असर

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने हड़ताली बिजली कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 22 कर्मचारी नेताओं पर एस्मा के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं, 1332 संविदा कर्मियों को भी बर्खास्त कर दिया गया है। शनिवार दोपहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई बैठक के बाद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री की हड़ताली कर्मचारियों को शाम छह बजे तक काम पर लौटने की चेतावनी की समय सीमा समाप्त हो गई। इस बीच हड़ताल के चलते राज्य के कई जिलों में बिजली संकट उत्पन्न हो गया है। फैक्टरियों में उत्पादन ठप होने से जलापूर्ति भी बाधित है।

नहीं माने तो कड़ी कार्रवाई- एके शर्मा
इससे पहले ऊर्जा मंत्री ने अपील करते हुए कहा कि जनता और अपने परिवार के हित में काम पर लौटें। चार घंटे का समय दे रहे हैं। शाम छह बजे तक नहीं लौटने वालों को बर्खास्त कर दिया जाएगा। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा की बर्खास्त संविदाकर्मियों की जगह पर प्रौद्योगिकी संस्थानों से जुड़े छात्रों की नियुक्ति होगी। पहले ट्रेनिंग कराई जाएगी इसके बाद उनकी संविदाकर्मी के रूप में तैनाती की जाएगी। बिजलीकर्मियों की हड़ताल पूरी असफल रही है।

72 घंटे की हड़ताल पर हैं बिजली कर्मचारी
यूपी में करीब 1 लाख बिजली कर्मचारी 72 घंटे की हड़ताल पर हैं। वहीं हड़ताल के मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी नाराजगी जताते हुए विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे समेत अन्य नेताओं के खिलाफ वारंट जारी किया था। सरकार ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके बाद सोमवार को सभी पदाधिकारियों को हाईकोर्ट ने तलब किया है।

बिजनौर। बिजली विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कई गांव में दिन भर व रात में बिजली गायब रही। जिला मुख्यालय के कई हिस्सों में देर रात 2 बजे से गायब बिजली आपूर्ति देर शाम बहाल हो सकी। बिजली ना आने का सबसे ज्यादा असर बोर्ड की परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ा, जिन्हें मोमबत्ती की रोशनी में पेपर की तैयारी करनी पड़ रही है। इन्वर्टर बैठने से हजारों घर अंधेरे में डूब गए हैं। इसके अलावा जिले भर के कई शहरों व दर्जनों गांव में बिजली की सप्लाई बंद होने से लोग परेशान हैं। पानी की काफी दिक्कत देखने को मिल रही है। चार्ज न हो पाने से सड़कों से ई रिक्शा गायब हो गए हैं। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Published by Sanjay Saxena

पूर्व क्राइम रिपोर्टर बिजनौर/इंचार्ज तहसील धामपुर दैनिक जागरण। महामंत्री श्रमजीवी पत्रकार यूनियन। अध्यक्ष आल मीडिया & जर्नलिस्ट एसोसिएशन बिजनौर।

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