साढ़े चार हजार बकायेदारों की संपत्ति होगी कुर्क

पुलिस का साथ मिलने से सहकारिता विभाग की बढ़ी ताकत

हासिल करना है बकाया ऋणों की वसूली कर पूर्व वर्षों की भाँति शीर्ष स्थान

बिजनौर। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समितियों से ऋण लेकर समय से जमा न करने वाले साढे चार हजार बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी / सम्पति कुर्क करने की व्यापक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

इसी क्रम में गुरुवार को पुलिस विभाग से 10 सशस्त्र पुलिस बल को बकाया वसूली हेतु सहकारिता विभाग जनपद-बिजनौर से सम्बद्ध किया गया है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता जनपद बिजनौर द्वारा जनपद की प्रत्येक तहसील में दो-दो पुलिस बल को सम्बन्धित तहसील के वसूली अधिकारियों के साथ सम्बद्ध किया गया है, जिससे वांरन्ट प्राप्त कर बकायेदारों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही की जा सके। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता, बिजनौर, डा० प्रदीप कुमार द्वारा सम्बन्धित तहसील के वसूली अधिकारियों एवं पुलिस विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गए सशस्त्र बल के साथ बकाया से वसूली की रणनीति तैयार करते हुए समन्वय बैठक की गई। बैठक में बैंक मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा सहकारिता विभाग के सभी तहसील प्रभारी अपर जिला सहकारी अधिकारी उपस्थित रहे। सहकारिता विभाग को बकाया वसूली के लिये पुलिस अधीक्षक बिजनौर के सहयोग से सशस्त्र पुलिस बल मिल जाने से बकाया वसूली में और अधिक तेजी आयेगी। सहकारिता विभाग द्वारा पूर्व से ही बकाया वसूली के लिये साईटेशन वारन्ट प्राप्त कर बकायेदारों की गिरफ्तारी / कुर्की की कार्यवाही जोर शोर से की जा रही है। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सहकारिता विभाग की मांग पर सशस्त्र पुलिस बल उपलब्ध कराने से समिति की बकाया ऋण की वसूली में तेजी आयेगी। सहकारिता विभाग द्वारा अवगत कराया गया है कि दैनिक आधार पर सक्षम अधिकारियों से समिति से लिये गये ऋण के बकायेदारों के विरूद्ध वारन्ट प्राप्त किये जा रहे हैं और बकायेदारों की सम्पति कुर्क करने की तैयारी की जा रही है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता, बिजनौर द्वारा यह भी बताया गया कि जिला सहकारी बैंक लि०, बिजनौर उ०प्र० शासन द्वारा दिये गये पुलिस बल की सहायता से बकाया ऋणों की वसूली कर पूर्व वर्षों की भाँति उ०प्र० के जिला सहकारी बैंकों में शीर्ष स्थान प्राप्त करेगें।

राशनकार्ड मामले में कांग्रेस ने गवर्नर को भेजा ज्ञापन

बिजनौर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी बिजनौर द्वारा प्रदेश की राज्यपाल महोदया को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर को दिया गया।
कांग्रेस जनों ने मांग पत्र में कहा कि प्रदेश के विभिन जनपदों में जिलाधिकारी/जिला पूर्ति अधिकारी राशन कार्ड वापस करने एवं गरीबों   को दिये राशन की रिकवरी को लेकर लगातार आदेश जारी कर रहे है, जिसके चलते प्रदेश की आम जनता में रोष व्याप्त है एवं आम जनता भृमित है, जबकि उनका यह आदेश खाद्य सुरक्षा कानून के खिलाफ है। अच्छे दिनों का वादा एवं गरीबों की भलाई का दावा करने वाली योगी सरकार लगातार गरीबों का  उपहास एवं अपमान कर उन्हें प्रताड़ित कर रही है।
जिला/शहर कांग्रेस कमेटी बिजनौर ने मांग करते हुए कहा कि जनहित में राशन कार्ड वापस करने के आदेश को निरस्त करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एवं समस्त जिलाधिकारीयों, समस्त जिला पूर्ति अधिकारियों को आदेश दिये जायें। साथ ही जिनके राशनकार्ड तहसीलों में जमा किये गए हैं, उन्हें वापस कार्ड धारकों को दिए जाएं।
कांग्रेस जनों ने दूसरा ज्ञापन अपर जिला अधिकारी बिजनौर को दिया। इसमें नगर पालिकाओं की मतदाता सूची के पुनः निरीक्षण में मकान संख्या नगरपालिका के मकान क्रम संख्या के हिसाब से ही किये जाने और वार्डो के परिसीमन में भी उपरोक्त को ही ध्यान में रखे जाने की मांग की गई।
इस अवसर पर सर्व श्री शेरबाज पठान, मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मीनू गोयल, हाजी नसीम अंसारी, हुक्म सिंह, बाला सैनी, डा०ओमप्रकाश सिंह, सुरेश सैनी, इकबाल अहमद, हर्षवर्धन सिंह राणा, पूनम, पदम् सिंह, कविता देवी, काज़ी आतिफ, असलम अंसारी, मो०राशिद, अदनान शेख, पदम् सिंह, वसीम अहमद, शाकिर बाबा, शमशाद अली, जियाउल हक, अनीस पहलवान, मो०इरशाद, शानू खान आदि कांग्रेस जन मौजूद रहे।

जलालाबाद चौकी के सिपाही की हार्टफेल से मौत

हार्टफेल से जलालाबाद चौकी के सिपाही की मौत

बिजनौर। सुबह के समय के दौड़ते दौड़ते अचानक रास्ते पर गिरने से जलालाबाद पुलिस चौकी के सिपाही की मौत हो गई। चौकी इंचार्ज द्वारा तत्काल पूजा अस्पताल नजीबाबाद में सिपाही को भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने सिपाही को मृत घोषित कर दिया। सिपाही खुर्शीद की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। सिपाही खुर्शीद अहमद (37 वर्ष) पुत्र कल्लू खां संभल जिले के थाना असमौली अंतर्गत गांव मथना का रहने वाला था। मृतक सिपाही के शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सिपाही की मौत से पुलिस विभाग में छाया शोक का माहौल व्याप्त हो गया। मृतक सिपाही खुर्शीद जनपद बिजनौर के नजीबाबाद थाने की जलालाबाद चौकी पर तैनात था।

गोवंश को भूसा उपलब्ध कराने के लिए डीएम को सौंपा रुपए 11 हजार का चैक

गोवंश को भूसा उपलब्ध कराने के लिए डीएम को सौपा रुपए 11 हजार का चैक

जिलाधिकारी ने जिला मुख्यालय व प्रत्येक तहसील स्तर पर एक-एक हजार कुन्तल क्षमता के भूसा बैंक बनाने के दिये।

जिले में 30 गो आश्रय स्थलों में 2400 गोवंश संरक्षित -जिलाधिकारी

भूसा बैंकों में अधिक से अधिक भूसा दान करने के लिए आगे आयें आमजन-जिलाधिकारी

मण्डल में सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में प्रथम स्थान पर है जिला बिजनौर -जिलाधिकारी

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में नुमाइश ग्राउण्ड में संचालित भूसा बैंक में गोवंश को भूसा उपलब्ध कराने के लिए रू0 11 हजार का चैक सुनील कुमार शर्मा ने सौपा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय व प्रत्येक तहसील स्तर पर एक-एक हजार कुन्तल क्षमता के भूसा बैंक बनाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में जिला बिजनौर, मुरादाबाद मण्डल में प्रथम स्थान पर है। वर्तमान में जिले में 30 गो आश्रय स्थलों में कुल 2400 गोवंश संरक्षित हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर गोवंश आश्रय स्थलों में भूसा उपलब्ध कराने के लिए भूसा बैंक स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गोवंशों को चारे की कमी न होने पाए। उन्होंने जन सामान्य का आह्वान किया कि भूसा बैंकों में अधिक से अधिक भूसा दान करने के लिए आगे आकर इस पुण्य कार्य में अपना योदान उपलब्ध कराएं।

निराश्रित गोवंश घूमता हुआ न पाया जाए- जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार केे महत्वांकक्षी गो संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में पूरी गंभीरता के साथ गोवंश को संरक्षण उपलब्ध कराते हुए उनके चारे-पानी एवं स्वास्थ्य आदि की निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र एवं ग्राम क्षेत्र के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं कि एक भी निराश्रित गोवंश घूमता हुआ पाया जाए तो तत्काल उसकी सूचना संबंधित नगर निकाय के अधिकारियों ,खण्ड विकास अधिकारी या पशुपालन विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसके संरक्षण की समुचित व्यवस्था की जा सके।

जिले में 2400 गोवंश संरक्षित- मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा0 विजेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले में 03 वृहद गो आश्रय स्थल, 12 कान्हा गौशाला, 04 कांजी हाउस व 11 अस्थाई गौशाला केन्द्र सहित कुल 30 गो आश्रय स्थल स्थापित हैं। इनमें कुल 2400 गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सहभागिता कार्यक्रम के अंतर्गत 687 गोवंशों को पशुपालकों को व्यक्तिगत रूप से संरक्षण के लिये दिया गया है। उन्होंने बताया कि सहभागिता योजना व भूसा संग्रह करने में जिला बिजनौर, मुरादाबाद मण्डल में प्रथम स्थान तथा भूसा संग्रह करने में प्रदेश में नवें स्थान पर है। इस अवसर पर चैक प्रदान करने वाले समाजसेवी धीर सिंह, सुनील शर्मा व देवराज सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।

CM योगी की मंशा को हैरतअंगेज तरीके से पलीता लगाते ADO, VDO

रिपोर्ट-नरपाल सिंह

गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री!

2. संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की जमीन जाएगी खिसक।

3. आलीशान बंगलों जमीन जायदाद के हैं मालिक।

4. पेट्रोल पंप तक के मालिक हैं गांवों के खेवनहार।

सत्ता के गठजोड़ से चलता रहता है पूरा मामला।

फर्जी बिल, बैक डेट के विज्ञापन ही नहीं बैंकों तक मे खुलवा लिए फर्जी खाते।

अखबारों के असली मालिक तक होंगे अनजान।

8. प्रधान बेचने लगे घर से निर्माण सामग्री।

9. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बावजूद मोटी चमड़ी वालों की ही चलती मर्जी।

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की ताजा रिपोर्ट “ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर फॉर एशिया’ के अनुसार भ्रष्टाचार के मामले में भारत अब एशिया में शीर्ष पर है। इस रिपोर्ट के अनुसार करीब 50 फीसदी लोगों को अपना काम निकलवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी। इनमें से 63 फीसदी ने इस डर से कोई शिकायत भी नहीं की क्योंकि इससे उन्हें कहीं बाद में कोई परेशान ना करे। इस रिपोर्ट के अनुसार करीब आधी आबादी अपने संपर्कों या जुगाड़ से काम निकलवाने में भरोसा रखती है। यह भी एक तरह का भ्रष्टाचार ही है और इससे सिस्टम में भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा मिलता है। भ्रष्टाचार के मामले में भारत और चीन की स्थिति बराबर की रही है, लेकिन जहां चीन ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, वहीं पिछले साल की तुलना में भारत की स्थिति और भी बदतर हुई है।

ताकतवर ही सबसे भ्रष्ट …! हमारे यहां सबसे शक्तिशाली समूह राजनीतिज्ञों का है। भ्रष्टाचार जैसी बीमारी को दूर करने का काम केवल राजनैतिक इच्छाशक्ति से ही हो सकता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर हमारा राजनीतिक सिस्टम इसमें पहल क्यों नहीं करता? इसका जवाब इन आंकड़ों में है : हमारे यहां दागी सांसदों की संख्या जहां 2004 में 43 प्रतिशत थी, वहीं यह 2019 में बढ़कर 43 फीसदी हो गई। इनमें भी सबसे ज्यादा संख्या सत्ताधारी पार्टी में है। इसी दरमियान बिहार में हुए चुनाव में दागी विधायकों की संख्या में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 2015 में जहां चुने हुए विधायकों में से 58 फीसदी पर आपराधिक मामले दर्ज थे, वहीं 2020 में यह संख्या बढ़कर 68 फीसदी हो गई। हमारे जनप्रतिनिधियों के दागी होने का मतलब यही है कि जब उनका दामन साफ नहीं होगा तो वे भ्रष्टाचार को दूर करने का प्रयास क्यों करेंगे, क्योंकि व्यवस्था में भ्रष्टाचार ही इन्हें अपने कारनामों को ढंकने में मदद करता है।

तो नागरिक क्या कर सकते हैं? “ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर’ रिपोर्ट कहती हैं कि हमारे यहां 46 फीसदी लोगों ने अपने संपर्कों के जरिए अपने काम करवाए। इनमें से अधिकांश काम छोटे-बड़े नेताओं के जरिए ही करवाए जाते हैं। अगर ये नेता मदद नहीं करते तो उस काम के लिए उन्हें रिश्वत देनी पड़ती। यानी यहां लोगों को यह समझने की जरूरत है कि राजनीतिज्ञ इतने शक्तिशाली हैं कि अगर वे चाहें तो वे पूरे सिस्टम को बदल सकते हैं। अब यह आम नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे नेता ही ऐसे चुनेें जिनकी ईमानदारी और निष्ठा तमाम सवालों से परे हो। अगर राजनीति ईमानदार होगी तो नौकरशाही को अपने आप ईमानदार होना होगा। शीर्ष नौकरशाह जब ईमानदार होंगे तो निचले स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारी भ्रष्टाचार करने का साहस नहीं कर पाएंगे। जब नेता ईमानदार होगा, अफसर ईमानदार होंगे, कर्मचारी ईमानदार होंगे तो आम लोगों में भी वे लोग जो अपने गलत काम भी पैसे देकर या जुगाड़ से करवा लेते हैं, उनके लिए यह सबकुछ इतना आसान नहीं रह जाएगा।

लेकिन यह होगा कैसे? जनता ईमानदार नेता चुनें, यह कहना आसान है, लेकिन करना मुश्किल। इसके लिए हमें कुछ बुनियादी बदलाव करने होंगे। इलेक्टोरल बॉड्स को बंद करके राजनीतिक दलों को होने वाली फंडिंग में पारदर्शिता लानी होगी। आपराधिक रिकॉर्ड वाले लागों को चुनाव का टिकट देने पर रोक लगानी होगी और किसी दागी को टिकट देने पर संबंधित राजनीतिक दल के मुखिया को जिम्मेदार ठहराना होगा। इसके लिए सिविल सोसाइटी का दबाव बनाना होगा और जब भी जरूरत हो, कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी नहीं पीछे नहीं रहना होगा। इसके लिए मीडिया को भी अहम भूमिका निभानी होगी।

कहां है समस्या? – कुछ साल पहले एक जाने-माने राजनेता ने कहा था कि चुनावी फंडिंग ही भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी गंगोत्री है। इससे निबटने के लिए सरकार इलेक्टोरल बॉन्ड्स लेकर आई, लेकिन इसने तो चुनावी फंडिंग को और भी अस्पष्ट और अपारदर्शी बना दिया है। दरअसल, हमारे राजनीतिज्ञ राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता बिल्कुल नहीं चाहते। यह बात कुछ कारपोरेट्स हाउसेस को भी रास आती है, क्योंकि इससे वे बड़ी आसानी से राजनीतिक दलों को पैसा दे देते हैं और चुनावों के बाद सरकार से बेजा फायदा उठाते हैं। – भ्रष्टाचार से निबटने के लिए हमें प्रभावी सीबीआई, सीवीसी और एंटी करप्शन ब्यूरो चाहिए। …लेकिन इन सभी विभागों का मूल संगठन यानी पुलिस के बारे में आम धारणा यही है कि यह सबसे भ्रष्ट विभाग है। इसलिए हम पुलिस से और प्रकारांतर में इन तमाम संगठनों से यह उम्मीद नहीं कर सकते कि ये भ्रष्टाचार को मिटाने में कारगर रहेंगे, जब तक कि इनके पीछे राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं होगी। – सरकारी सेवकों को भी जवाबदेह नहीं बनाया गया है। सरकारी शिक्षक स्कूल नहीं जाते हैं या जाते हैं तो पढ़ाते नहीं। डॉक्टर सरकारी हास्पिटल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं जाते। अस्पतालों में दवाइयां नहीं मिलती। सड़के, जलापूर्ति, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अक्सर खराब मिलती है। और दुर्भाग्य से किसी को भी खराब काम करने या जिम्मेदारी न निभाने पर नौकरी से नहीं निकाला जाता। समस्या यह है कि अच्छा काम करने वाले को पुरस्कार भी नहीं मिलता। तो अच्छा काम करने की प्रेरणा भी नहीं मिलती।

केरल और बिहार के सबक … एक रिपोर्ट के अनुसर केरल में केवल 10 फीसदी नागरिकों को अपने काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी, जबकि बिहार में 75 फीसदी लोगों को। आखिर ऐसा क्यों है, इसको लेकर तो व्यापक अध्ययन की जरूरत है, लेकिन इसमें कहीं न कहीं शिक्षा और साक्षरता का योगदान तो नजर आता ही है। केरल भारत का सबसे साक्षर प्रदेश है, जबकि बिहार का नाम साक्षरता के मामले में नीचे से शीर्ष के राज्यों में शुमार होता है। त्रिलोचन शास्त्री

(लेखक आईआईएम बैंगलोर में प्रोफेसर हैं। एडीआर – एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के फाउंडर चेयरमैन भी रहे हैं।)

गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री! संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की खिसक जाएगी जमीन

गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री! संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की जमीन जाएगी खिसक। आलीशान बंगलों जमीन जायदाद के हैं मालिक। सत्ता के गठजोड़ से चलता रहता है पूरा मामला। पेट्रोल पंप तक के मालिक हैं गांवों के खेवनहार। फर्जी बिल, बैक डेट के विज्ञापन ही नहीं बैंकों तक मे खुलवा लिए फर्जी खाते। अखबारों के असली मालिक तक होंगे अनजान। प्रधान बेचने लगे घर से निर्माण सामग्री।

बिजनौर (रोहित चौधरी)। जिले में ग्राम पंचायतों का विकास कार्यों को लेकर बुरा हाल है। पंचायतों को शासन से विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये मिले। ..लेकिन अधिकारी जमीनी हकीकत देखकर हैरान हैं। अधिकारियों को निरीक्षण में गड़बड़ी मिली। इस मामले में कोतवाली ब्लॉक के चार ग्राम विकास अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। ग्राम विकास अधिकारियों पर ड्यूटी से नदारद रहने व विकास कार्यों के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के आरोप रहे।


जिले में 11 ब्लॉक हैं, इनमें कोतवाली ब्लॉक सबसे अधिक क्षेत्रफल वाला ब्लॉक है। इसमें सबसे अधिक 149 ग्राम पंचायत हैं। प्रशासन को कोतवाली ब्लॉक की पंचायतों में अनियमितताओं की सबसे अधिक शिकायत मिल रही थी। उपनिदेशक पंचायत व डीपीआरओ ने कोतवाली ब्लॉक की पंचायतों का निरीक्षण किया, जहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली। पंचायत सचिव ड्यूटी से नदारद थे। गली मोहल्लों में कूड़े के ढेर मिले। सड़कों व रास्तों में गंदगी फैली थी। दूषित पानी से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई गई। पानी निकासी के नाले व नाली गंदगी से अटे मिले। सचिवालय में कामकाज ठप मिला। सामुदायिक शौचालय में ताले लटके मिले। प्रधानों द्वारा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में दिलचस्पी नहीं लेने के आरोप लगे। इस बिना पर कोतवाली ब्लॉक के चार पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया। गांवों में ये हुए हैं विकास कार्य
ग्राम पंचायतों में पंचायत घरों का जीर्णोद्धार हुआ। जहां पंचायत घर नहीं थे वहां नए पंचायत घर बने। सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ। मुख्यमंत्री की ग्राम सचिवालय मॉडल योजना में सचिवालय बने। बरसाती व घरेलू पानी की निकासी के लिए नाले व नाली बने। सीसी रोड बनीं। अंत्येष्टि स्थल बने। उपनिदेशक पंचायत पंचायतों के निरीक्षण में यह देखकर हैरान रह गए कि पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करोड़ों की धनराशि आवंटित होने के बाद भी जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। निर्माण आधे अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों ने उपनिदेशक व डीपीआरओ के समक्ष आरोप लगाए कि सफाई कर्मचारी प्रधानों का निजी काम करते हैं। सफाई के लिए कहने पर बदसलूकी करते हैं। सचिव उनकी बात नहीं सुनते।ये ग्राम विकास अधिकारी हुए निलंबित
जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा के अनुसार निरीक्षण आख्या के आधार पर ग्राम पंचायत खुर्रमपुर खड़क की ग्राम विकास अधिकारी/ सचिव प्रियंका राजपूत, ग्राम पंचायत कनकपुर व फाजलपुर भारु में तैनात ग्राम विकास अधिकारी/ सचिव काकेंद्र कुमार सिंह, ग्राम पंचायत नूर अलीपुर भगवंत के ग्राम विकास अधिकारी/सचिव कमलकांत पाल, तथा ग्राम पंचायत महमूदपुर भांवता में नियुक्त ग्राम विकास अधिकारी/सचिव नंदराम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में प्रियंका राजपूत व काकेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक नहटौर, नंदराम सिंह ब्लॉक अफजलगढ़, कमलकांत पाल ब्लॉक नजीबाबाद से संबद्ध रहेंगे। सभी निलंबित ग्राम विकास अधिकारियों की आगे की जांच सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई। जांच अधिकारी को एक माह में आरोप पत्र जिला विकास अधिकारी को सौंपना है।

अब तक एक दर्जन से अधिक कर्मचारी हुए निलंबित
डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर पंचायतों की जमीनी हकीकत परखी जा रही है। पंचायतीराज विभाग के जिला व मंडल अधिकारी लगातार पंचायतों में विकास कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। जांच में खूब अनियमितता सामने आ रही हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार अब तक एक दर्जन से अधिक पंचायत सचिव व सफाई कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है। आठ सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हुई है। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में रुचि नहीं लेने पर ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं।

दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि, रोकी वेतनवृद्धि
कोतवाली ब्लॉक में एक और ग्राम विकास अधिकारी/ पंचायत सचिव की अनियमितताओं के आरोप में प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ वेतन वृद्धि रोक दी है। जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा ने बताया कि कोतवाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत उमरपुर बरखेड़ा में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी/ पंचायत सचिव विवेक देशवाल को उपनिदेशक की जांच में अनियमितता मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। साथ ही एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी है। डीडीओ के मुताबिक पंचायत में पंचायत घर का निर्माण दिसंबर 2021 से शुरू हुआ। जांच में अधूरा मिला। इसी तरह की अन्य अनियमितताएं मिली हैं।

मनुष्य को मानव तन पर तनिक सा भी घमण्ड नहीं करना चाहिए: सुधा दीदी

लखनऊ। अंतिम दिन भागवत कथा सुनने का महत्व इतना है कि भागवत प्रेमी भक्त अगर श्रद्वा से उसे आखिरी दिन ही सुन लें, तो पूरे सप्ताह कथा सुनने के बराबर पुण्य अर्जित हो जाता है। यह संदेश कन्नौज की पूज्य सुधा दीदी ने कथा के अंतिम दिन काकोरी के गुरुदीनखेड़ा गांव में उन्नाव सांसद महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी डॉ साक्षीजी महराज के जिला प्रतिनिधि प्रेमचन्द लोधी द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन करते हुए बड़ी संख्या में उपस्थित श्राद्वालुओं को दिया। समापन पर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद चखा।

सुधा दीदी ने हरि अंनन्त हरि कथा अनन्ता की उक्ति सामने रखते हुए कहा कि गोविंद की यह भागवत कथा बगैर गोविंद के, बगैर राधारानी की अनुकम्पा के न तो कही जा सकती है और न ही सुनी जा सकती है। रुक्मिणी विवाह से आगे गोविंद के प्रथम पुत्र प्रद्युम्न की कथा कहते हुए कहा कि प्रद्युम्न को साक्षात कामदेव का रूप बताते हुए कहा कि हमें इस मानव तन पर तनिक भी घमण्ड नहीं करना चाहिए। यह तन भी उन्ही गोविंद का है और उन्हीं की कृपा से संचालित होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत भी कामदेव अर्थात महादेव की समाधि की भाषा में लिखा गया है। शिशुपाल वध की चर्चा करते हुए कहा कि गोविंद पर भरोसा करो तो पूरा करो, वही तुम्हारी नइया पार लगा सकते हैं और सिर्फ प्रभु पर ही नही, अपने आराध्य पर ही नहीं, जिस किसी पर भरोसा करो तो पूरा करो, तभी काज सफल होंगें। इसी तरह गोविंद से प्रेम करो या किसी और से करो, पूरे सच्चे मन से करो, तभी प्रेम को पाओगे। कथा समापन से पहले केशरी राव धारा सिंह यादव, प्रेमचन्द लोधी, कमलेश लोधी, राम सिंह लोधी, लवकुश यादव, ज्ञान सिंह, सत्यपाल सिंह आदि ने आरती उतारी। इससे पहले पूर्णाहुति देकर हवन किया गया। बाद में विशाल भण्डारे का आयोजन हुआ, जिसमें  हजारों भक्तगणों ने प्रसाद चख कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।

डीएवी इंटर कालेज के शिक्षक व स्टाफ ही प्रिंसिपल के खिलाफ जंग में कूदे

बिजनौर। डीएवी इंटर कालेज के प्रिंसिपल से कथित मारपीट के मामले में नया मोड़ आ गया है। कालेज के शिक्षक एवं अन्य स्टाफ ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर कालेज प्रधानाचार्य डा. मनोज कुमार गोस्वामी पर गंभीर आरोप लगाए। स्टाफ के लोगों ने पत्रकारों को बताया कि प्रिंसिपल  स्टाफ को आएदिन गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देते रहते हैं। कालेज शिक्षक इनके व्यवहार से बुरी तरह से तंग आ चुके हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक से इनके यहां से स्थानान्तरण की मांग की गई है।

पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षक दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रिंसिपल मनोज गोस्वामी के कृत्यों से कालेज की छवि लगातार खराब हो रही है। लिपिक शरद शर्मा को इन्होंने जान से मारने की नीयत से गला घोंटने का प्रयास किया। आएदिन थाने जाकर झूठी तहरीर देते रहते हैं। शिक्षक विशाल वत्स व राजेन्द्र सिंह ने भी प्रधानाचार्य पर अभद्रता व मारपीट का आरोप लगाया। यह भी आरोप लगाया कि वह कर्मचारी दुष्यन्त कुमार से घर पर निजि कार्य कराते रहे और जब उसने ऐसा करने से मना कर दिया तो उसका वेतन नहीं दिया। इस मामले में उपप्रबन्धक ने उनसे कहा तो अपने एक साथी से मिलकर उपप्रबन्धक पर हमला कर दिया और कुछ दलाल टाइप के लोगों को साथ लेकर थाने पहुंच गए जहां उल्टे उनके खिलाफ ही झूठी तहरीर दे दी। कालेज स्टाफ ने एक स्वर में प्रधानाचार्य को हटाने की मांग की। इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह, राजबाला देवी, चन्द्र सिंह, लोकेश कुमार, मंजू रानी, खलेश कुमार शर्मा, अरूण कुमार गर्ग, नीरज कुमार शर्मा, अमित, शरद शर्मा, लेखराज सिंह, राजेन्द्र कुमार, सोमपाल सिंह, अनीता रानी, राजवीर सिंह, दिनेश शर्मा, शैलेन्द्र कुमार शर्मा, आसिफ अहमद खां, अशोक कुमार, राहुल कुमार आदि स्टाफ मौजूद रहे। वहीं इस मामले में प्रधानाचार्य का भी पक्ष जानने का प्रयास किया गया मगर उनसे संपर्क नहीं हो सका। गौरतलब है कि दो डिम पूर्व कालेज में कथित रूप से प्रिंसिपल मनोज गोस्वामी के ऊपर हमले की घटना हुई थी।

कागजों में कट गया बिजली कनेक्शन, फिर भी चार साल से चल रहे 2 नलकूप

बिजनौर। बिजली विभाग के भी खेल निराले हैं। बिजली चोरी जैसे मामले तो आम बात हो गई है; जालसाजी के तो ऐसे-ऐसे मामले भरे पड़े हैं जो पता चल जाएं तो सिर घूम जाए। ऐसा ही एक मामला है जो विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत, लापरवाही और अकर्मण्यता की पोल खोलता है।

दअरसल दो भाइयों ने 7.5 हॉर्स पावर के दो अलग निजी नलकूप फर्जी तरीके से लगवा लिए। जिस गांव की जमीन के कागजात के आधार पर कनेक्शन स्वीकृत हुए, नलकूप वहां न लगवा कर दूसरे गांव में, वो भी दूसरे की जमीन पर लगा लिए। एक साल बाद शिकायत हुई तो जांच के आदेश कछुआ चाल से चलते रहे। चार साल पहले दोनों नलकूपों के कनेक्शन काटे गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! दोनों ही कनेक्शन आज भी बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। विभागीय आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। इनके द्वारा खपत की जा रही बिजली के बिल की भरपाई कौन करेगा? मामले की शिकायत तहसील दिवस में की गई है।

जानकारी के अनुसार 04 दिसंबर 2017 को ग्राम सदूपुरा निवासी सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम फरीदपुर सल्लू स्थित 100 बीघा जमीन में से 48 बीघा का बैनामा कराया था। दाखिल खारिज की कार्रवाई के दौरान रफीक अहमद पुत्र अब्दुल हमीद, नफीस अहमद पुत्रगण अब्दुल हमीद अहमद निवासी ग्राम सद्पुरा ने एतराज किया, जिसका मुकदमा रेवन्यु बोर्ड तक चला। हालांकि बाद में दाखिल खारिज भी हो गया। सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त की शिकायत के अनुसार उक्त दोनों लोगों ने बिजली स्वीकृत कराई ग्राम सदुपुरा की जमीन के लिए जबकि जिस जमीन पर प्रार्थी के बोरिंग में नलकूप लगाया, वह फरीदपुर सल्लु में है। इस प्रकार रफीक अहमद व नफीस अहमद ने जालसाजी, हेराफेरी व झूठा शपथ पत्र देकर बिजली कनेक्शन लगवा लिया ताकि प्रार्थी की जमीन पर मालिकाना हक जाहिर कर सके। सरकारी विभागों में प्रार्थना पत्र घूमता रहा। फिर 03 फरवरी 2018 को उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर जसवीर सिंह ने 33/11 केवी उपकेंद्र गंज के अवर अभियंता बहराम सिंह को उक्त दोनों कनेक्शन गलत स्थान पर संचालित होने की जानकारी देते हुए अविलंब उतारने और अवगत कराने के निर्देश दिए।

इसके बाद विद्युत वितरण खण्ड बिजनौर के अधिशासी अभियन्ता किताब सिंह ने 09 अप्रैल 2018 को निजी नलकूप संख्या 225/5027/130124 के लिए रफीक अहमद व निजी नलकूप संख्या 225/5027/130125 के लिए नफीस अहमद पुत्रगण हमीद निवासी ग्राम सदूपुरा बिजनौर को नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि उनके द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2016 को सामान्य योजना के अन्तर्गत 7.5 हॉर्स पावर के उक्त दो निजी नलकूप हेतु अनुबन्ध किया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर जांच में पाया गया कि उनके द्वारा फर्द ग्राम सदुपुरा की लगायी गयी है जबकि निजी नलकूप ग्राम फरीदपुर सल्लू में स्थापित किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा विभाग को गुमराह करके संयोजन प्राप्त किया गया है। यह भी कहा कि पत्र प्राप्ति के 03 दिन के अन्दर स्पष्ट करें कि उनके द्वारा गलत फर्द क्यों लगायी गयी हैं,अन्यथा उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए संयोजन निरस्त कर दिया जायेगा।

वहीं 17 मई 2018 को अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल ने उक्त दोनों कनेक्शन काटने के संबंध में कार्यालय से पत्र जारी किया। उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर को उक्त दोनों कनेक्शन काटने और नलकूप की समस्त सामग्री उतारकर विभागीय भंडार गृह में जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल बिजनौर के साथ ही उक्त दोनों कनेक्शन धारकों को भी इसकी एक प्रति सूचनार्थ भेजी। अब किसी प्रकार दोनों नलकूपों के कनेक्शन कट तो गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! असलियत में दोनों ही कनेक्शन आज तक बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। आज तक अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल के आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। एक बात और विचारणीय है कि तकरीबन चार साल से जिन दो निजी नलकूप का कनेक्शन कथित रूप से कटा हुआ है, उनके द्वारा खपत की गई बिजली के बिल का भुगतान कौन, किस से और कब करेगा? 

दोनों ही भाइयों के खिलाफ दर्ज हैं कई केस– दरअसल उक्त दोनों ही भाई शातिर किस्म के हैं। उनके खिलाफ वर्ष 1987 से लेकर 2019 तक कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, जान से मारने की धमकी, फ्राड आदि के थाना शहर कोतवाली में आठ व थाना स्योहारा में एक मुकदमा शामिल है।

बहुत ही गंभीर मामला है। वह अधिशासी अभियंता को इस मामले में यथोचित कार्रवाई के लिये निर्देशित कर रहे हैं। यदि  इतने वर्ष से अवैध रूप से दोनों कनेक्शन संचालित हो रहे हैं तो इसमें संलिप्त विभागीय अधिकारी, कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच व कार्रवाई की जाएगी। शासकीय धन की वसूली के लिए भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। –नंदलाल, अधीक्षण अभियंता।

बिना दवा के प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में मरीजों ने उठाया लाभ

आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत लगाया बिना दवाई के उपचार को प्राकृतिक चिकित्सा शिविर

बिजनौर। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत योगी अनंत एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइन सेकंड पर आरोग्य भारती इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन भारत स्वाभिमान द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में राम सिंह पाल जिला प्रभारी पतंजलि इंटरनेशनल, नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन इकाई बिजनौर के जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह, सेवा भारती के जिला मंत्री ओपी शर्मा द्वारा यज्ञ किया गया। उसके पश्चात उनका प्राकृतिक उपचार, मिट्टी चिकित्सा, मसाज चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, स्टीम बाथ, आहार परिवर्तन व जल चिकित्सा द्वारा रोगियों का नि:शुल्क उपचार किया गया। शिविर में मिथलेश मुरादाबाद, सुमालखेड़ी से बलवंत, रूकनपुर नंगला से प्रीति, योगेंद्र सिंह डिंडोली, मुरादाबाद से नकुल विकुल बिजनौर से भुवनेश्वरी, गंगा बैराज से चंचल, राहुल, नमन पाल, अंजू, इकराम, नजीबाबाद से पुष्पा आदिअन्य लोगों ने नि:शुल्क उपचार कराया।

प्राकृतिक उपचार चिकित्सक ओपी शर्मा, सोमदत्त शर्मा, डॉ. नरेंद्र सिंह योगी, अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान के अध्यक्ष योगेश कुमार, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुनीता, उपाध्यक्ष राजवीर सिंह एडवोकेट, संरक्षक एसके बबली, आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष वैद्य अजय गर्ग ने शिविर में प्रतिभाग किया। आयोजकों ने बताया कि सभी संगठनों का उद्देश्य रोगियों को बिना दवाई के स्वस्थ करना है।

बेहतर कानून व्यवस्था की व्यापारियों द्वारा प्रशंसा

व्यापारियों ने किया एडीजी राजकुमार, डीएम उमेश मिश्रा, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन आदि पुलिस अधिकारियों का स्वागत। डीएम एसपी ने व्यापारियों से मांगे जिले की व्यवस्था और बेहतर करने के लिए सुझाव। उद्योग व्यापार मंडल की ओर से जैन धर्मशाला में आयोजित हुआ कार्यक्रम।

बिजनौर। उद्योग व्यापार मंडल की ओर से व्यापारियों ने जैन धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में एडीजी राजकुमार, डीएम उमेश मिश्रा, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन आदि पुलिस अधिकारियों का स्वागत किया। व्यापारियों ने जिले में अच्छी कानून व्यवस्था की भी प्रशंसा की। कार्यक्रम में डीएम उमेश मिश्रा और एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने सभी व्यापारियों से जिले की व्यवस्था और बेहतर करने के लिए सुझाव मांगे। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की ओर से रजनीश अग्रवाल, मनोज कुच्छल, मुनीष त्यागी, बीएस राजपूत, दिलशाद खान, डॉ. उस्मानी, दीपक अरोड़ा, सौरभ सिंघल, गुलाम साबिर आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला कोषाध्यक्ष बीएस राजपूत ने किया।

…अब कुतुब मीनार की खुदाई की तैयारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। कुतुब मीनार को लेकर छिड़े विवाद के बीच ऐतिहासिक परिसर में खुदाई की जाएगी। संस्कृति मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि कुतुब मीनार में मूर्तियों की Iconography कराई जाए। एक रिपोर्ट के आधार पर कुतुब मीनार परिसर में खुदाई का काम किया जाएगा। इसके बाद ASI संस्कृति मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

संस्कृति सचिव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने के बाद यह फैसला लिया है। लिहाजा कुतुब मीनार के साउथ में और मस्जिद से 15 मीटर दूरी पर खुदाई का काम शुरू किया जा सकता है। बता दें कि कुतुब मीनार ही नहीं, अनंगताल और लालकोट किले पर भी खुदाई का काम किया जाएगा।

कुतुब मीनार परिसर में खुदाई के निर्णय से पहले संस्कृति सचिव गोविंद मोहन ने 12 लोगों की टीम के साथ निरीक्षण किया। इस टीम में 3 इतिहासकार, ASI के 4 अधिकारी और रिसर्चर मौजूद थे। इस मामले में ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुबमीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है।

ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुब मीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है। इसके अलावा कई रिसर्च भी पेंडिंग हैं, जिसकी वजह से ये फैसला लिया गया है।

विष्णु स्तम्भ नाम देने की मांग- कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग भी हाल ही में की गई थी। इसके बाद वहां हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया था। हिंदू संगठनों ने कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ करने की मांग की थी। हिंदू संगठन के एक कार्यकर्ता ने कहा था कि मुगलों ने हमसे इसे छीना था। इसे लेकर हम अपनी मांगों को रख रहे हैं। हमारी मांग है कि कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ किया जाए।

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत को मिलेगी भीषण गर्मी से राहत, भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली (एजेंसी)। रोजाना बढ़ती गर्मी के कहर से लोगों का घर से बाहर निकलना भी दुश्वार हो गया है। इसी बीच उत्तर भारत के लोगों के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार शनिवार को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, अगले एक से दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बूंदाबांदी से पारा नियंत्रण में रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, धूल भरी आंधी आ सकती है या 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज मानसून पूर्व बारिश में तेजी आ सकती है और यह स्थिति 24 मई तक जारी रह सकती है। इससे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।

मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण म्यांमार और उससे सटे उत्तर पश्चिमी थाईलैंड पर बना पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर भी है और यह आज पश्चिमी हिमालय तक पहुंच सकता है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

हिमाचल, दक्षिण-पश्चिम UP और उत्तर पूर्व MP में लू! स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान, केरल, बिहार के पूर्वी हिस्सों, सिक्किम और पश्चिमी असम में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है, साथ ही कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 24 घंटों के दौरान, मेघालय, असम के पश्चिमी हिस्सों, सिक्किम, केरल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

यहां हल्की बारिश संभव- बाकी पूर्वोत्तर भारत, तटीय कर्नाटक, पश्चिमी हिमालय, लक्षद्वीप और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

हवा चली 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पश्चिम बंगाल के दक्षिण हिस्से में शनिवार को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ तेज हवा चलने और बारिश होने के कारण कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। राज्य आपदा प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व बर्धमान जिले में दीवार के ढह जाने से एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि नदिया जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यहां काल बैसाखी के दौरान रवींद्र सरोवर झील में एक नौका के पलट जाने से दो लड़कों की मौत हो गई। आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद अहमद खान ने बताया कि कोलकाता में तेज आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

भारत की मैंकल नामदेव व अमेरिका के ऋत्विक ने जीती अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता

पेंड्रा की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक ने जीती निबंध प्रतियोगिता
-अमेरिका वर्ग से अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रहीं
-भारत वर्ग से रायबरेली की आद्या गुप्ता दूसरे और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं
-7 बच्चों के निबंध सांत्वना पुरस्कार के रुप में चुने गए
-अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की विजेता बच्चों के नामों की घोषणा
-मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ कृपाशंकर चौबे ने समिति के प्रयासों की सराहना की

नई दिल्ली आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत और अमेरिका इकाई द्वारा संयुक्त रूप से 12 से 18 वर्ष के बच्चों की आयोजित की गई अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक अग्रवाल विजेता रहे।

मैकल नामदेव को पुरस्कार में प्रमाणपत्र के साथ 21 सौ रुपए और ऋत्विक को 50 डालर दिए जाएंगे। इसी तरह दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे विजेता बच्चों को भी प्रमाण पत्र और नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। चयनित सभी निबंधों को ‘आचार्य पथ’ स्मारिका में भी स्थान देने का ऐलान किया गया।

विजेता बच्चों के नामों की घोषणा रविवार को आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की। करतल ध्वनि से सभी विजेता बच्चों को बधाई दी गई। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में अमेरिका वर्ग से ऋत्विक अग्रवाल प्रथम और अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रही। भारत वर्ग से मैंकल नामदेव प्रथम, आद्या गुप्ता द्वितीय और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं। तमिलनाडु की प्रतिभागी संजना एच, कात्यायनी त्रिवेदी, हिमांशी सिंह, गुनगुन मिश्रा, श्रवण कुमार मिश्रा, शान्तनु पांडेय और पंकज कुमार के निबंध भी सराहे गए। सभी को सांत्वना पुरस्कार देने की घोषणा की गई। विजेता बच्चों ने अपने-अपने निबंध भी पढ़कर सुनाए।

पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. कृपा शंकर चौबे ने सभी विजेता बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि जब हिंदी की विभिन्न विधाओं पर संकट गहरा रहा है ऐसे समय में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति द्वारा बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित करना बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। बच्चे के अंदर एक रचना छुपी होती है और उस रचना को निखारने एवं सामने लाने का अवसर देना निहायत जरूरी है।

समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने सभी प्रतिभागी बच्चों के साथ- साथ कार्यक्रम में उपस्थित निर्णायक मंडल की सदस्य प्रोफेसर नीलू गुप्ता (अमेरिका), डॉ. पद्मावती (चेन्नई), डॉ भारती सिंह (नोएडा), अनुपम परिहार (प्रयागराज), डॉ. सुमन फुलारा (उत्तराखंड) और बद्री दत्त मिश्र (रायबरेली) का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को बचाने और बढ़ाने के लिए भारत के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के बच्चों को मातृभाषा से जोड़े रखने के ही यह छोटे-छोटे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत से करीब 122 निबंध प्राप्त हुए।

भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ल ने कहा कि हिंदी को नया व्याकरण और भाषा देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के योगदान को आज सभी स्वीकार कर रहे हैं। उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने में समाज जागृत हो चुका है लेकिन सरकार का जागृत होना बाकी है।

आभार ज्ञापित करते हुए समिति के संयोजक गौरव अवस्थी ने कहा कि आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान का यह 25वां वर्ष है। सभी के प्रयासों और सहयोग से आचार्य द्विवेदी की स्मृतियां सात समंदर पार तक पहुंचने में सफल हुई हैं। भविष्य में भी ऐसा ही सहयोग बनाए रखने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम का संचालन अमेरिकी इकाई की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव ने किया और अमेरिका की शोनाली श्रीवास्तव ने सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में अमेरिकी इकाई की सदस्य डॉ कुसुम नैपसिक, श्रीमती ममता त्रिपाठी, गणेश दत्त, सुश्री नीलम सिंह, श्रीमती संगीता द्विवेदी, सुधीर द्विवेदी, करुणा शंकर मिश्रा, अभिषेक द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।

पेट्रोल 9.5 और डीजल 7 रुपए सस्ता

पेट्रोल 9.5 रुपए और डीजल 7 रुपए सस्ता, अब सिलेंडर पर 9 करोड़ लाभार्थियों को केंद्र सरकार देगी सब्‍सिडी

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल के उत्पाद शुल्क में आठ रुपये तथा डीजल में छह रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि इस कटौती के कारण पेट्रोल के दाम साढ़े नौ रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम सात रुपये प्रति लीटर घट जायेंगे। उन्होंने ट्वीटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती किये जाने से सरकार को हर साल करीब एक लाख करोड़ रुपये राजस्व हानि होगी।

Petrol-Diesel Price Today: आज के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें जारी, जानें  आपके शहर में क्या है रेट | TV9 Bharatvarsh

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज मुश्किल दौर से गुजर रही है। पूरी दुनिया कोरोना महामारी के प्रभाव से उबर ही रही थी कि यूक्रेन में जारी युद्ध ने आपूर्ति बाधा की समस्यायें पैदा कर दीं। इसकी वजह से कई चीजों की किल्लत हो गई। इससे महंगाई बढ़ रही है और कई देशों में आर्थिक संकट के हालात पैदा हो गये हैं। सीतारमण ने कहा कि चुनौतीपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि देश में आवश्यक वस्तुओं की कोई किल्लत न रहे। यहां तक कि कुछ विकसित देश भी आपूर्ति बाधा और वस्तुओं की कमी से बच नहीं पाये हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जरूरी वस्तुओं के दाम नियंत्रण में रखने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने कहा, मैं सभी राज्य सरकारों से कहूंगी कि वे भी इसी तरह की कटौती करें और आम लोगों को राहत दें। यह आग्रह उन राज्यों के लिए खासकर है, जिन्होंने नवंबर 2021 के दौरान उत्पाद शुल्क में की गई कटौती के साथ कर में कटौती नहीं की थी। केंद्र सरकार ने साथ ही प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के नौ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इस साल 12 गैस सिलेंडर तक प्रति सिलेंडर 200 रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की है। सीतारमण ने कहा कि इससे हमारी मां और बहनों को मदद मिलेगी। इससे राजस्व में 6,100 करोड़ रुपये की कमी आयेगी। केंद्र सरकार साथ ही प्लास्टिक उत्पादों के कच्चे माल पर भी उत्पाद शुल्क में कटौती करेगी।

एनआईए अफसर तंजील हत्याकांड में मुनीर व रैयान को फाँसी की सजा

एनआइए अफसर व उनकी पत्नी की हत्या केस में मुख्य आरोपी मुनीर और  रैयान को फाँसी की सज़ा।  एडीजे कोर्ट 5 के जज डॉ विजय कुमार तालियांन ने सुनाई सज़ा। दोनों को फांसी की सजा का एलान। तंजीम,जेनी और रिजवान को किया गया बरी। मुख्य आरोपी मुनीर और रेयान ने गोली बरसाकर उतारा था एनआईए अफसर तंजील और उनकी पत्नी फरजाना को मौत के घाट। 2/3 अप्रैल 2016 की घटना।

बिजनौर। न्यायालय द्वारा एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक तंजील अहमद हत्याकाण्ड के मुख्य अभियुक्त/गैंगस्टर मुनीर तथा सहअभियुक्त रैय्यान को फांसी की सजा से दण्डित किया गया है। तंजील अहमद पठानकोट आतंकी हमले की जांच टीम का हिस्सा थे। गत दिवस अदालत ने तीन आरोपितों को केस से बरी कर दिया था, जबकि मुनीर और उसके साथी रैय्यान को दोष करार दिया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुनहगारों को कोर्ट लाया गया था।

गौरतलब है कि दिनांक 02/03 अप्रैल 2016 को एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना की मुनीर तथा उसके साथियों द्वारा हत्या कर दी गयी थी। दिनांक 16 अप्रैल 2022 को इस अभियोग से सम्बन्धित गैंगस्टर एक्ट में न्यायालय द्वारा अभियुक्त मुनीर को 10 वर्ष के कारावास व 01 लाख रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया था। पुलिस उपाधीक्षक एवं उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा की गयी प्रभावी पैरवी के उपरान्त आज एडीजे कोर्ट 5 के जज डॉ विजय कुमार तालियांन द्वारा मुख्य अभियुक्त मुनीर तथा सहअभियुक्त रैय्यान को फांसी की सजा से दंडित किया गया। मुनीर अन्तर्राज्यीय गैंग का गैंग लीडर (गैंग कोड सं–आईएस 32/21) तथा हिस्ट्रीशीटर है। मुनीर के खिलाफ विभिन्न जनपदों/राज्यों में कुल 33 अभियोग पंजीकृत हैं तथा शासन द्वारा चिन्हित राज्य स्तरीय आपराधिक माफिया घोषित है। अभियुक्तों की सजा से शासन एवं पुलिस प्रशासन के प्रति आम लोगों का विश्वास उत्पन्न हुआ है तथा अपराधियों में भय का माहौल व्याप्त हुआ है।

लेनदेन का था विवाद

विवेचना के दौरान पता चला कि पारिवारिक प्रॉपर्टी में रुपयों के लेनदेन को लेकर मुनीर का एनआइए अफसर तंजील अहमद के साथ विवाद चल रहा था। मुनीर को संदेह था कि एनआइए अफसर उसकी मुखबिरी कर रहे हैं। इसे लेकर मुनीर ने अपने साथी रैयान, तंजीम, मोहम्मद जैनी और रिजवान के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी थी। इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने निर्णय सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम डा. विजय कुमार तालियान ने मुख्य आरोपित मुनीर और रैयान को दोषी पाया। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपित तंजीम, रिजवान और मोहम्मद जैनी को बरी कर दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान वादी के अधिवक्ता जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।

अप्रैल 2016 की वारदात- अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद उर्फ अभिनव जंघाला के अनुसार एक-दो अप्रैल 2016 की रात एनआइए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना पर उस समय जानलेवा हमला किया गया, जब वह स्योहारा में एक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहे थे। हमले में एनआइए अफसर तंजील अहमद की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी फरजाना की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हुई थी। उनके दो बच्चे हमले के दौरान बच गए थे।

बचाव पक्ष की ओर से तर्क– बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल चौधरी ने बताया कि कोर्ट ने आरोपित मुनीर और रैयान को आर्म्स एक्ट सहित एक अन्य मामले में भी बरी कर दिया है। मुनीर और रैयान को हत्या का दोषी पाया है। उन्होंने दावा किया कि मुनीर और रैयान की तंजील अहमद से किसी प्रकार की कोई रंजिश नहीं थी। एनआइए अफसर तंजील अहमद आतंकवादी तथा अन्य गंभीर मामलों की जांच करते थे, ऐसी संभावना है कि उक्त घटना को किसी अन्य व्यक्ति ने अंजाम दिया।

गीत-संग्रह ‘पुन: युधिष्ठिर छला गया है’ एवं ‘मेंहदी रचे हाथ’ का लोकार्पण सम्पन्न

लखनऊ। साहित्य प्रोत्साहन संस्थान मनकापुर गोंडा के तत्वावधान एवं सुनील त्रिपाठी के संयोजन में स्थानीय डिप्लोमा इंजीनियर्स सभागार हजरतगंज लखनऊ में कवि व गीतकार राहुल द्विवेदी ‘स्मित’ एवं कवि चन्द्रगत भारती की काव्य कृतियों ‘पुन: युधिष्ठिर छला गया है’ एवं ‘मेंहदी रचे हाथ’ का लोकार्पण किया गया।

लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. हरिशंकर मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न इस लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि कार्यक्रम अधिशासी दूरदर्शन ओबी भट्टाचार्य, विशिष्ट अतिथि डॉ० सुशील कुमार राय, कार्यक्रम अधिशासी, आकाशवाणी लखनऊ एवं संपादक सांध्य दैनिक ‘पब्लिक इमोशन’ बिजनौर डॉ पंकज भारद्वाज तथा मुख्य वक्ता वरिष्ठ नवगीतकार मधुकर अस्थाना, अन्तर्राष्ट्रीय व्यंग्यकार सर्वेश अस्थाना एवं वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र शुक्ल ‘राज’ ने मंच को सुशोभित किया।

कार्यक्रम का आरम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीपक प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात दोनों पुस्तकों का लोकार्पण संस्था के संस्थापक सचिव धीरज श्रीवास्तव एवं मंचस्थ अतिथियों द्वारा किया गया। लोकार्पित कृतियों पर अपने विचार रखते हुए मुख्य वक्ता मधुकर अस्थाना ने कहा कि पुनः युधिष्ठिर छला गया है; गीतकृति अपने शीर्षक से ही प्रतीक और व्यंजना की छाप छोड़ने लगती है, जिससे स्पष्ट होता है कि कवि की वाणी में पूरे  समाज की अन्तरात्मा की अभिव्यक्ति हो रही है और उनके गीत जीवन मूल्यों की प्रतिस्थापना हेतु प्रयत्नशील दिखाई देते हैं।

मुख्य अतिथि ओबी भट्टाचार्य ने राहुल द्विवेदी को उनकी पुस्तक के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस पुस्तक में कल्पना, संवेदना, यथार्थ की अनुभूति और संघर्ष की अभिव्यक्ति के संग लेखनी के तारतम्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। युवा कवि राहुल द्विवेदी स्मित एवं चन्द्रगत भारती में छुपी क्षमता को उनकी पुस्तकें स्वत‍: ही प्रकाशित करती हैं। डॉ० सुशील कुमार राय ने दोनों कृतिकारों को उनकी पुस्तकों हेतु बधाई दी साथ ही पुस्तकों को समय की शिला पर अंकित पृष्ठों का संकलन कहा।

डॉ० पंकज भारद्वाज ने कहा कि ‘पुनः युधिष्ठिर छला गया है’ कृति के प्रत्येक गीत मानवीय चेतना को जगाने में सफल होंगे।चन्द्रगत भारती की पुस्तक ‘मेंहदी रचे हाथ’ पर वक्तव्य देते हुए वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र शुक्ल राज ने कहा कि विपुल संवेदनाओं के धनी गीतकवि चन्द्रगत भारती हिन्दी साहित्य की रत्नमाला के आकर्षक व्यक्तित्व हैं। उनके गीत संग्रह ‘मेंहदी रचे हाथ’ में कोमल हृदय की भाव-तरलता के साथ-साथ युगीन बोध की सघनता पाठकों के हृदय को सहज ही मोह लेती है।

अन्तर्राष्ट्रीय व्यंग्यकार सर्वेश अष्ठाना ने कहा कि राहुल द्विवेदी स्मित के गीतों में गहरी संवेदना की प्रभावशाली अभिव्यक्ति है। अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो हरिशंकर मिश्र ने कहा कि अरसा बाद एक विशुद्ध साहित्यिक कार्यक्रम में गीतों पर हुई चर्चा का विस्तृत स्वरूप देख रहा हूँ।दोनों पुस्तकें अपने कलेवर और रचनात्मक गुणवत्ता से पाठक को आकर्षित करती है।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में शिक्षा, साहित्य एवं पत्रकारिता से जुड़ी ग्यारह हस्तियों को उनके अपने क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें वरिष्ठ साहित्यकार कमलेश मौर्य मृदु, साहित्य भूषण शिवकांत मिश्र विद्रोही, डॉ अजय प्रसून, केवल प्रसाद सत्यम, रामानन्द सागर, डॉ सीके मिश्र, शालिनी सिंह, मनोज मानव, केदारनाथ शुक्ल, करन सिंह परिहार रहे। समारोह के प्रथम चरण का संचालन नवगीतकार अवनीश त्रिपाठी ने तथा द्वितीय चरण का संचालन ओज कवि उमाकांत पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का समापन संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष उमाशंकर शुक्ल के कृतज्ञता ज्ञापन से हुआ।

कार्यक्रम में सुनील त्रिपाठी, नरेंद्र भूषण, मनोज मानव, साहित्य भूषण कमलेश मौर्य ‘मृदु’, डॉ अजय प्रसून, केदारनाथ शुक्ल, केवल प्रसाद सत्यम, करन सिंह परिहार, कुलदीप बृजवासी, साहित्य भूषण शिवाकांत मिश्र विद्रोही, मंजुल मिश्र मंजर ,  मुकेश कुमार मिश्र, हितेश शर्मा ‘पथिक’, धीरज मिश्रा, राजाभैया गुप्ता ‘राजाभ’, ज्ञान प्रकाश ‘आकुल’, ओमप्रकाश शर्मा, आत्मप्रकाश मिश्र, पुनीता देवी, रेनू सिंह, श्रीमती प्रमिला, रियाज अहमद, अलका अस्थाना, अनुज ‘अब्र’, कमल किशोर भावुक, प्रतिभा गुप्ता, शुभदा बाजपेई ,योगी योगेश शुक्ल, निशा सिंह, महेश प्रकाश अष्ठाना,आदि नगर के अनेक साहित्यिक संस्था-प्रमुखों, कवियों, साहित्यकारों और समाजसेवियों की उपस्थिति रही।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण एवं आशीर्वाद समारोह 22 मई रविवार को


आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण एवं आशीर्वाद समारोह 22 मई 2022 रविवार को भारतीय समय के अनुसार सुबह 8:00 बजे ऑनलाइन आयोजित किया गया है।
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि रमाकांत कुमार (चांसरी प्रमुख, भारतीय कौंसलावास सैनफ्रांसिस्को-अमेरिका) और डॉ. कृपा शंकर चौबे (अध्यक्ष-जनसंचार विभाग, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा-महाराष्ट्र) निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले भारत और अमेरिका के बच्चों को आशीर्वाद एवं पुरस्कार प्रदान करेंगे।
पुरस्कार वितरण एवं आशीर्वाद समारोह का लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी फेसबुक पेज पर भी किया जाएगा। आपकी उपस्थिति हम सबका उत्साहवर्धन करेगी।
यह जानकारी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की श्रीमती मंजु मिश्रा अध्यक्ष अमेरिका इकाई एवं विनोद शुक्ल अध्यक्ष भारत इकाई ने संयुक्त रूप से दी।

जिला अस्पताल में कांग्रेस जनों ने मरीजों को बांटे फल और बिस्किट

कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल और बिस्किटजिला कार्यालय पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि। कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बिजनौर। भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये। वहीं जिला कांग्रेस कार्यालय पर स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री संचार क्रांति के निर्माता स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर कांग्रेस जनों ने उन्हें याद किया। इस अवसर पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जानने के साथ ही मरीज़ों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये गए।

इससे पहले जिला कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शेरबाज पठान ने तथा संचालन जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी ने किया। कांग्रेस जनों ने स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने स्व. राजीव जी को कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान, मुनीश त्यागी, बाबू डूंगर सिंह, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मोनू गोयल, हाजी नसीम अंसारी, श्रीमती मीनाक्षी सिंह, हुकुम सिंह, इकबाल अहमद, वीरेश गहलोत, काज़ी आतिफ, यश गोयल, एड. ज़फ़र मलिक, अब्दुल समद आज़ाद, पदम् सिंह, विमल शर्मा, हीरा देवी, कविता, वसीम अहमद, आमोद शर्मा, मो. राशिद आदि मौजूद रहे।

चार लापरवाह ग्राम विकास अधिकारियों पर निलंबन का चाबुक

बिजनौर। ग्राम पंचायतों में सचिवालय और सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर चार ग्राम विकास अधिकारी निलम्बित कर दिए गए हैं। उप निदेशक पंचायत मुरादाबाद एवं डीपीआरओ सतीश कुमार के निरीक्षण में मिली लापरवाही के आधार पर जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा ने कार्रवाई की है।

गौरतलब है कि उप निदेशक पंचायत मुरादाबाद मंडल एसके सिंह व डीपीआरओ सतीश कुमार ने कोतवाली ब्लॉक की करीब एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया था। इस दौरान पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही मिली थी। लापरवाही बरतने पर महमूदपुर भावता के ग्राम विकास अधिकारी नंदराम सिंह, ग्राम पंचायत कनकपुर और फजलपुर भारू के ग्राम विकास अधिकारी काकेंद्र कुमार, खुर्रमपुर खड़क की ग्राम विकास अधिकारी प्रियंका राजपूत व नूरअलीपुर भगवंत के ग्राम विकास अधिकारी कमलकांत पाल को निलंबित किया गया है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत महमूदपुर भावता में शौचालय का निर्माण चार माह से किया जा रहा था, जबकि यह काम केवल दो माह में होना था। आंगनबाड़ी केंद्र के कायाकल्प का काम भी अधूरा पाया गया। कनकपुर के निरीक्षण में पंचायत भवन का निर्माण कार्य दो-तीन माह से बंद था। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायतों में किए जा रहे निर्माण कार्यो में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अलग अलग ब्लॉकों से संबद्ध- निलंबन अवधि में प्रियंका राजपूत व काकेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक नहटौर, नंदराम सिंह ब्लॉक अफजलगढ़, कमलकांत पाल ब्लॉक नजीबाबाद से संबद्ध रहेंगे। सभी निलंबित ग्राम विकास अधिकारियों की आगे की जांच सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को एक माह में आरोप पत्र जिला विकास अधिकारी को सौंपना है।

मई पड़ा भारी- माह मई के पहले हफ्ते में नजीबाबाद के एक मसाज सेंटर से आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने के बाद जेल पहुंचे ग्राम पंचायत अधिकारी मोहित डबास का निलंबन हो चुका है। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव सिकरेडा निवासी मोहित ग्राम पंचायत अधिकारी है और किरतपुर ब्लाक में तैनात है।

डिप्टी सीएम ने छापा मारकर पकड़ीं साढ़े 16 करोड़ की एक्सपायरी दवाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण के क्रम में शुक्रवार को डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन के गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान लगभग साढ़े 16 करोड़ रुपए की एक्सपायरी दवाईंयां मिलीं। इस पर उन्होंने फटकार लगाते हुए तीन दिन के अंदर संबंधित से रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक प्रदेश के अस्पतालों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अस्पतालों में मिल रही अव्यवस्थाओं पर वो जिम्मेदारों को फटकार लगा रहे हैं। इसके साथ ही व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दे रहे हैं।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ट्वीट कर कहा है कि, ‘उत्तर प्रदेश मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन, गोदाम पहुंचकर वहां मानक अनुरूप दवाइयों की उपलब्धता व सप्लाई रिपोर्ट का औचक निरीक्षण कर प्रथम दृष्टया 16,40,33,033 रुपये की एक्सपायरी दवाएं पाई गईं। इसकी जांच हेतु समिति को जांच रिपोर्ट 3 दिनों में प्रस्तुत करने संबंधी आदेश दे दिए गए हैं।’

विदित हो कि, इससे पहले लोहिया अस्पताल में डिप्टी सीएम ने छापेमारी की थी, जहां पर लाखों रुपये की एक्सपायरी डेट की दवाईंया मिलीं थीं, जिसमें उन्होंने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।

ADG ने किया पुलिस लाइंस का गहनता से निरीक्षण

बिजनौर। अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन बरेली राजकुमार व पुलिस उपाधीक्षक हृदय शंकर उपाध्याय द्वारा पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं / कार्यालयों का भ्रमण / निरीक्षण किया गया। कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रचलित अभिलेखों के रखरखाव / अभिलेखों को अद्यावधिक किये जाने, साफ-सफाई आदि के सम्बन्ध में दिशा निर्देश दिये। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर / ग्रामीण तथा अन्य अधिकारीगण/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

अपर पुलिस महानिदेशक राजकुमार, बरेली जोन के जनपद बिजनौर पहुंचने पर रिजर्व पुलिस लाइन्स के अतिथि गृह में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान एडीजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों के टर्न आउट ड्रिल आदि का भी निरीक्षण किया तथा जवानों को चुस्त दुरुस्त व शारीरक एवं मानसिक रूप से फिट रहने के लिये परेड को दौड़ लगवाई। परेड में एकरूपता में अनुशासन बनाए रखने के लिए टोलीवार ड्रिल करवाई। एडीजी ने ड्रिल देखकर उसे और बेहतर तरीके से कराने के लिए प्रभारी पुलिस लाइन को निर्देशित किया। तत्पश्चात एडीजी ने रिजर्व पुलिस लाइन में क्वाटर गार्ड, शस्त्रागार, पुलिस स्टोर, सीपीसी कैंटीन, पुलिस चिकित्सालय, परिवहन शाखा, पुलिस लाइंस आवासीय परिसर, डायल 112, भोजनालय, शिकायत प्रकोष्ठ समेत विभिन्न कार्यालय के अपराध शाखा, पुलिस पेंशनर्स शाखा, रिकॉर्ड रूम, शाखाओं का निरीक्षण किया। वहां पर अभिलेखों के रख-रखाव एवं साफ सफाई आदि को लेकर दिशा निर्देश दिए। आदि का निरीक्षण भी किया। अभिलेखों का निरीक्षण करने के पश्चात सम्बंधित को दिशानिर्देश दिये।

पुलिस पेंशनर्स को धन्यवाद- एडीजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स के सभागार कक्ष में पुलिस पेंशनर्स के साथ गोष्ठी की। इस दौरान पुलिस विभाग में उनके योगदान के लिए उनका धन्यवाद किया। साथ ही उनकी समस्याओं को सुनकर समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित को निर्देशित एवं अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। तत्पश्चात उन्होंने जनपद के जनप्रतिनिधियों के साथ गोष्ठी की तथा उनसे क्षेत्रीय समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

…नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार रतिराम जी

…नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार रतिराम जी
बिजनौर। मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार श्री रतिराम का हृदयगति रुक जाने से निधन हो गया। वह 62 वर्ष के थे। कुछ दिन पूर्व हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर फिसलने से उनका कूल्हा टूट गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह बिजनौर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन थे। मूल रूप से जनपद बिजनौर की तहसील चांदपुर अंतर्गत ग्राम हल्ला नंगला निवासी श्री रतिराम पुत्र रोहिताश सिंह का जन्म 04 जनवरी 1959 को हुआ था। वर्तमान में वह जिला मुख्यालय बिजनौर में रेलवे क्रॉसिंग के समीप शक्ति नगर में अपने परिवार समेत रह रहे थे। वह जीवन पर्यन्त पत्रकारिता से जुड़े रहे और वर्तमान में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में समाज के लिए कार्य कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न समाचार पत्रों में अपनी लेखनी का कौशल दिखाया। उनके आकस्मिक निधन का समाचार सुनकर पत्रकारिता जगत के अलावा, परिजनों, मित्रों व शुभचिंतकों को यकायक यकीन नहीं हुआ। शोकाकुल माहौल में उनका अंतिम संस्कार गंगा बैराज पर कर दिया गया। वह अपने पीछे पत्नी के अलावा एक पुत्र व पांच बेटियां छोड़ गए हैं। तीन पुत्रियों का विवाह हो चुका है।

27 महीने बाद रिहा हुए आजम खां, रामपुर रवाना

लखनऊ (एजेंसी)। 27 महीने बाद शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे सपा नेता आजम खां जेल से रिहा हो गए। इससे पहले ही दोनों बेटे अब्दुल्ला, अदीब आजम और शिवपाल सिंह यादव सीतापुर जेल के बाहर पहुंच गए थे, जो उन्हें लेकर रवाना हो गए। गौरतलब है कि 89वें मामले में उन्हें गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी, लेकिन रिहाई का फरमान जिला कारागार न पहुंच पाने से वह रिहा नहीं हो सके थे।

पहुंचे पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता के घर

पहले से ही लगाए जा रहे कयास के अनुसार आजम खां जेल से रिहा होकर सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के घर पहुंचे। अनूप गुप्ता को आजम के सुख दु:ख का साथी माना जाता है। वहीं आजम खां को हिदायत दी गई है कि वह मीडिया आदि से बात न करें, यही वजह रही कि उनकी कार का शीशा नीचे नहीं हुआ और उन्होंने किसी से भी बात नहीं की।

आजम ने खाए आलू के पराठे
पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि आजम खां ने नाश्ते में आलू के पराठे खाए। गुप्ता ने ये भी बताया कि अखिलेश यादव ने ही आजम खां का पूरा ध्यान रखने को कहा था। उनके परिवार की हर तरह से मदद करने को कहा था। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी ऐसे में वह मुझे देखने आए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या आजम अखिलेश यादव से नाराज हैं तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई नाराजगी नहीं है।

अब्दुल्ला आजम बोले हमें न्याय मिला

अब्दुल्ला आजम ने सीतापुर में पत्रकारों से कहा, सुप्रीम कोर्ट ने हमें न्याय दिया। वह पिता को लेने अपने भाई अदीब आजम के साथ सीतापुर पहुंचे हैं।

चौकस रही जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था

सपा नेता आजम खान की रिहाई से पहले सीतापुर जिला जेल के बाहर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर आजम के बेटे अदीब ने कहा कि मैं शीर्ष अदालत के फैसले से बहुत खुश हूं। हम सीधे रामपुर जाएंगे। वहीं बताया गया है कि आजम की रिहाई के मद्देनजर सपा विधायक आशु मलिक भी सीतापुर जेल पहुंच गए।

पुलिस खेलों में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

बिजनौर। अन्तजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 का शुभारम्भ शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र, मुरादाबाद के द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स बिजनौर के परेड ग्राउण्ड में किया गयाप्रतियोगिता के प्रथम दिन में हुई प्रतियोगिताओं का विवरण निम्न प्रकार हैः-

वालीबॉल
बालीबॉल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व बरेली के बीच खेला गया, जिसमें जनपद बिजनौर की टीम ने 02-00 से विजय प्राप्त की, दूसरा मैच जनपद सम्भल व रामपुर के मध्य खेला गया जिसमें जनपद सम्भल की टीम ने 02-00 से विजय प्राप्त की, तीसरा मैच जनपद अमरोहा व बदायूं के मध्य खेला गया जिसमें जनपद अमरोहा की टीम ने 02-01 से विजय प्राप्त की, चौथा मैच जनपद शाहजहॉपुर व पीलीभीत के मध्य खेला गया जिसमें जनपद पीलीभीत ने 02-00 से विजय प्राप्त की।

बास्केटवॉल
बास्केटवॉल का प्रथम मैच जनपद बिजनौर व बदॉयू के बीच में खेला गया, जिसमें जनपद बिजनौर की टीम ने 04-02 से विजय प्राप्त की, दूसरा मैच शाहजहॉपुर व रामपुर के बीच खेला गया, जिसमें रामपुर की टीम ने 08-03 से विजय प्राप्त की, तीसरा मैच पीलीभीत व अमरोहा के बीच खेला गया, जिसमें पीलीभीत की टीम ने 03-02 से विजय प्राप्त की, चौथा मैच बरेली व मुरादाबाद के बीच खेला गया जिसमें मुरादाबाद की टीम ने 05-03 से विजय प्राप्त की एवं पॉचमा मैच सम्भल व पीलीभीत के बीच खेला गया जिसमें सम्भल की टीम ने 15-05 से विजय प्राप्त की और सेमीफाइनल में प्रवेश किया। शुक्रवार 20 मई 2022 को शेष मैच एवं सभी सेमीफाईनल मैच खेले जायेंगे।
निर्णायक मण्डल में सर्व श्री अशोक कुमार त्यागी, ओमवीर सिंह राणा, दीपक चौधरी, अजीत सिंह, चन्द्रशेखर, मौ0 राशिद, मौ0 युनुस, आदेश दाहिमा, श्रीमती चित्रा चौहान, कुमारी भावना सिह ने अपना सहयोग प्रदान किया एवं आयोजन को सफल बनाया।

इस अवसर पर सर्वश्री उमेश मिश्र, जिलाधिकारी बिजनौर, डॉ0 धर्मवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक बिजनौर, डॉ0 प्रवीन रंजन सिंह, अपर पुुलिस अधीक्षक नगर/लाइन्स, राम अर्ज अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, कुलदीप कुमार गुप्ता क्षेत्राधिकारी नगर/लाइन्स, शुभ शुचित क्षेत्राधिकारी कार्यालय, सुमित शुक्ला क्षेत्राधिकारी नगीना, भरत सोनकर क्षेत्राधिकारी यातायात, जयवीर सिंह, जिला क्रिडाधिकारी बिजनौर, शिव बालक वर्मा प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन्स बिजनौर आदि उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का डीआईजी ने किया उद्घाटन

बिजनौर। रिजर्व पुलिस लाइन्स में दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 व सडक सुरक्षा जागरुकता अभियान का शुभारम्भ शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा किया गया।

रिजर्व पुलिस लाइन में शलभ माथुर, पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर लिया गया। उनके द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने वाली गार्द को उत्साहवर्धन हेतु पुरस्कृत किया गया। इसके पश्चात पुलिस लाइन्स के ग्राउण्ड में बरेली जोन, बरेली की दिनांक 19.05.2022 से 21.05.2022 तक आयोजित होने वाली अन्तरजनपदीय पुलिस वालीबॉल, बास्केटबॉल, हैण्डबॉल, सेपक टकरा एवं योगा प्रतियोगिता वर्ष-2022 का उदघाटन किया गया। उक्त प्रतियोगिता में बरेली जोन के सभी 09 जनपदों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने सभी प्रतिभागी खिलाडियों से हाथ मिलाकर उनका परिचय लिया तथा खेल भावना के उददेश्य से खेलने की अपील करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
तदोपरान्त पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुरादाबाद श्री माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में एनसीसी कैडेट्स को सडक सुरक्षा के बारे में जागरुक किया गया। उनको बताया गया कि सड़क पर सभी को अपने बाँये तरफ चलना चाहिए खासतौर से चालक को और दूसरी तरफ से आ रहे वाहन को जाने देना चाहिये। चालक को सड़क पर गाड़ी घुमाते समय गति धीमी रखनी चाहिये। अधिक व्यस्त सड़कों और रोड जंक्शन पर चलते समय ज्यादा सावधानी बरतें। दोपहिया वाहन चालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले हेलमेट पहनने चाहिये नहीं तो उन्हें बिना हेलमेट के रोड पर नहीं आना चाहिये। गाड़ी की गति निर्धारित सीमा तक ही रखें खासतौर से स्कूल, हॉस्पिटल, कॉलोनी आदि क्षेत्रों में। सभी वाहनों को दूसरे वाहनों से निश्चित दूरी बनाकर रखनी चाहिये। सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों को रोड पर बने निशान और नियमों की अच्छे से जानकारी हो। यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा के नियम-कानूनों को दिमाग में रखें।

एनसीसी कैडेट्स की जागरुकता रैली- इसी के साथ ही एनसीसी कैडेट्स के साथ प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर जागरुकता रैली को रवाना किया गया एवं आमजन मानस को यातायात नियमों से अवगत कराया गया। इस दौरान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ0 प्रवीन रंजन सिंह, आरटीओ शिव शंकर, एआरटीओ राकेश मोहन, क्षेत्राधिकारी नगर कुलदीप गुप्ता, उ0नि0 यातायात बलराम सिंह व अन्य पुलिस अधिकारीगण मौजूद रहे।


इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा स्कूली वैन बस एवं एंबुलेंस का फिटनेस चेक कर वाहन से सम्बन्धित जानकारी ली गई तथा सम्बन्धित को इस सम्बन्ध में डाटाबेस बनाकर रखने हेतु निर्देशित किया गया। वाहन स्वामी को बताया गया कि स्कूली वाहनों में सभी मानकों को हमेशा पूरा रखा जाए तथा वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया गया।

ग्राम प्रहरियों को वर्दी किट-
डीआईजी ने रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में नगर सर्किल के ग्राम प्रहरियों को जर्सी, साफा, जीन कोट, बेल्ट, जूता, धोती (कुल 06) सामानों का वितरण किया गया। ग्राम प्रहरियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस विभाग मे एक मजबूत कडी है जो अपने आसपास की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखते हैं, जिससे किसी घटना को घटित होने से रोका जा सकता है। उनके द्वारा सभी को समय से सूचना देने व अपने दायित्वों का अच्छी तरह से निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया गया। सभी ग्राम प्रहरियों को अपनी डयूटी को सतर्कता पूर्वक करने व किसी भी प्रकार की कोई भी सूचना तत्काल थाना प्रभारी को देने हेतु बताया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक शलभ माथुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन्स प्रांगण में आयोजित नेत्र शिविर का निरीक्षण किया गया। शिविर में वाहन चालक अपनी ऑखों का इलाज, शुगर, ब्लड प्रेशर आदि की जाँच करा रहे थे। डीआईजी द्वारा सभी चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय किसी भी नशे का सेवन न करने हेतु बताया गया तथा सभी को समय-समय पर अपनी जाँच कराने हेतु प्रेरित किया गया। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ, शुगर रोग विशेषज्ञ व अन्य स्पेशलिस्ट डॉक्टर मौजूद रहे।

GGIC में सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई- उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर में पहुंच कर स्कूलों के बच्चों के साथ सडक सुरक्षा सप्ताह के तहत सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूक शपथ दिलाई तथा सभी को सडक सुरक्षा में जागरुक करते हुए बताया गया कि

1- ट्रैफिक सिग्नल का अर्थ समझना ।
2- रुको, देखो फिर सड़क पार करो ।
3- ध्वनि पर ध्यान दें ।
4- सड़क पर दौड़ें नहीं ।
5- फुटपाथ का उपयोग करें ।
6- पेडेस्ट्रियन से करें सड़क पार ।
7- वाहन के बाहर हाथ न निकालें ।
8- मोड़ से सड़क पार न करें ।
9- ड्राइविंग के नियमों का पालन करे ।
10- चलते वाहन में सुरक्षित बैठना ।
11- वाहन के रुकने के बाद ही चढ़ना और उतरना ।
12- हमेशा किनारे पर ही उतरें ।
13- स्कूल बस का इस्तेमाल हमेशा लाइन में रहकर करें ।
14- उतरने वाले यात्रियों को पहले अवसर दें ।
15- हाथ का इशारा दें ।

इस दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारी एवं स्कूल का स्टाफ उपस्थित रहा।

सीएम की गुडबुक के डीजीपी से कितना छंटेगा पुलिस व्यवस्था का गतिरोध


आखिर उत्तर प्रदेश के निवर्तमान पुलिस महानिदेशक शीर्ष स्तर पर नौकरशाही की लाबिंग के भंवर में फंसकर प्रतिशोध की भेंट चढ़ ही गये। हालांकि उनसे पहले और डीजीपी भी रहे हैं जो कार्यकाल के पहले चलते किये गये हैं लेकिन किसी को इतने बेआबरू अंदाज का सामना नहीं करना पड़ा। मुकुल गोयल के बारे में बाकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा गया कि वे निकम्मे, विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले और शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वाले अधिकारी के रूप में प्रदर्शित रहे हैं। उनकी शराफत के कायल प्रदेश पुलिस के अधिकांश उच्चाधिकारी शासन की इतनी कठोर टिप्पणी से अवाक हैं और उन पर लगाये गये इन अतिरंजनापूर्ण आरोपों को पचा नहीं पा रहे हैं।


अतिरिक्त कार्यभार औपचारिकता मात्र, उन्हें स्थायी डीजीपी मानो-
फिलहाल उनकी जगह इंटेलीजेंस और विजीलेंस के मुखिया देवेन्द्र सिंह चौहान को डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया है। जिसे लेकर जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री मुकुल गोयल को डीजीपी नियुक्त किये जाने के समय से ही उन्हें इस पद पर आसीन कराने को व्यग्र थे। 2020 में उन्हें इसी मकसद से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लाया गया था। पर तकनीकी बाधाओं के कारण मुख्यमंत्री अपनी इस मंशा को उस समय पूरा नहीं कर सके थे चूंकि प्रदेश कैडर के आइपीएस अधिकारियों में वे बहुत निचली पायदान पर थे। अगर मुकुल गोयल को कार्यकाल पूरा कर लेने दिया जाता तो देवेन्द्र सिंह चौहान उनसे लगभग एक साल पहले ही रिटायर हो जाते और डीजीपी बनने की उनकी हसरत दफन होकर रह जाती इसलिए मुकुल गोयल को नाकारा बताकर समय रहते डीजीपी का पद उनसे खाली कराने की कवायद तत्काल पूरी की जाना अब लाजिमी हो गया था।


विजिलेंस मुखिया की पावर का नमूना श्रीराम अरूण भी थे-
प्रसंगवश इसका उल्लेख किया जा सकता है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले भी डीजीपी पद तक पहुंचने के महत्वाकांक्षी अफसर तमाम करिश्मे दिखा चुके हैं जिनमें एडीजी के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आने और प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले असीम अरूण के पिता श्रीराम अरूण का नाम भी कभी लिया गया था। श्रीराम अरूण जब एडीजी विजीलेंस थे उस समय उन्होंने भविष्य में डीजीपी पद के दावेदार बनने वाले सारे पुलिस अफसरों की फाइलें खुलवा दी थी ताकि उनके प्रमोशन का लिफाफा डीपीसी में बंद करना पड़ जाये।


डीएस चौहान को लाने के लिए किस तरह बुना गया तानाबाना-
देवेन्द्र सिंह चौहान को अभी स्थायी डीजीपी इसलिए नहीं बनाया जा सका है कि वे वरिष्ठता क्रम में अभी भी छठे नम्बर पर हैं। यूपी कैडर के एक वरिष्ठ आईपीएस अनिल अग्रवाल केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं इसलिए उन्हें छोड़ भी दिया जाये तो वे पांचवे नम्बर पर रह जाते हैं। अब पांच शीर्ष आईपीएस में विश्वजीत महापात्रा को दो महीने बाद ही रिटायर होना है इसलिए उनको डीजीपी बनाया नहीं जा सकता। इनके अलावा गोपाल लाल मीणा हैं जिनका रिटायरमेंट अगले साल 10 जनवरी को है। जाहिर है कि दो महीने बाद उनका कार्यकाल भी छह महीने से कम बच पायेगा तो वे भी डीजीपी की दावेदारी की दौड़ से बाहर हो जायेंगे और देवेन्द्र सिंह चैहान का नाम टाप 3 में आ जायेगा। तब केन्द्र में उन्हीं के नाम पर मोहर लगवाने की पैरवी राज्य सरकार की ओर से पूरी मजबूती से हो सकेगी इसलिए लोग अभी से मानने लगे हैं कि देवेन्द्र सिंह चैहान कार्यवाहक नहीं बल्कि स्थायी डीजीपी हैं जो रिटायरमेंट के बाद ही इस कुर्सी से अलग होंगे। नतीजतन फिलहाल उनको कार्यवाहक लिखा जाना औपचारिकता मात्र है।


ओपी सिंह को डीजीपी बनाने में भी सीएम ने सुपरसीड किये थे आधा दर्जन आईपीएस-
वैसे सजातीय अधिकारी को इस कुर्सी पर देखने की मुख्यमंत्री की लालसा शुरू से ही इतनी प्रबल रही है कि देवेन्द्र सिंह चैहान के पहले ओपी सिंह को डीजीपी बनाने के लिए उन्होंने उनके ऊपर के लगभग आधा दर्जन अधिकारी सुपरसीड कर दिये थे। इसी तरह अपनी सरकार पहली बार गठित होने के बाद जब उन्होंने तत्कालीन डीजीपी जाबेद अहमद को हटाकर नया डीजीपी नियुक्त करने का फैसला किया तो कार्यकाल कम रह जाने के बावजूद उनकी निगाह सुलखान सिंह पर जाकर टिकी। हालांकि सुलखान सिंह चैबीस कैरेट के ईमानदार अधिकारी रहे हैं और उनके जबरदस्त सादगी भी थी इसलिए लोगों की सहानुभूति भी उनसे जुड़ी थी और स्वाभाविक रूप से इसके कारण उनका नाम बतौर डीजीपी इतिहास में शामिल कराने के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी माना था।


सपा से रिश्ते की बात का बतंगड़-
पर देवेन्द्र सिंह चैहान को अपने को साबित करने के लिए बड़ी मशक्कत की जरूरत पड़ेगी अन्यथा उनके लिए आरपी सिंह और राजकुमार विश्वकर्मा को सुपरसीड किये जाने के लिए मुख्यमंत्री पर उंगलियां जरूर उठेंगी जबकि उंगली तो मुकुल गोयल को हटाने के लिए बहुत लचर कारण बताये जाने पर भी उठ रही हैं। अगर उन्हें इसलिए हटाया गया क्योंकि वे कभी सपा के खास रहे थे तो इसमें बहुत दम नहीं है। इसके लिए उन्हें अखिलेश सरकार में एडीजी एलओ बनाये जाने की बात कही जाती है लेकिन यह बात छुपा ली जाती है कि अखिलेश सरकार ने बीच में ही उनको यहां से शंट करके लूप लाइन में डाल दिया था और बाद में उन्हें केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर चले जाना पड़ा था। इस मामले में तो कोई देवेन्द्र सिंह चैहान का भी नाम ले सकता है क्योंकि मूलतः मैनपुरी जिले के होने के नाते उनके मुलायम सिंह से काफी नजदीकी संबंध रहे हैं और इस कारण वे परिवार के बुजुर्ग के रूप में मुलायम सिंह से सामाजिक शिष्टाचार निभाने को मजबूर रहते थे जिसे लेकर उनकी कुछ तश्वीरे अखबारों में भी प्रकाशित करा दी गई थी।


नाकारा बताये गये गोयल नबाजे जा चुके हैं उत्कृष्ट पुलिस सेवा मेडल से-


जहां तक मुकुल गोयल की कार्यक्षमता का सवाल है उनको राष्ट्रपति के पुलिस पदक और उत्कृष्ट पुलिस सेवा पदक से अलंकृत किया जा चुका है। यह भी याद करना होगा कि उन्हीं के कार्यकाल में पहली बार उत्तर प्रदेश में देश भर के पुलिस महानिदेशकों का तीन दिन का सम्मेलन आयोजित किया गया जो इतना सफल आयोजन माना गया कि दो दिन का समय इसके लिए केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने और एक दिन का समय स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया था। अगर वे विभागीय कार्य में रूचि न लेने वाले होते तो इतना बड़ा कामयाब पुलिस आयोजन कैसे करा पाते।


गोयल फील्ड पर न जाने के लिए किये गये थे बाध्य-
उनके फील्ड पर न जाने की बात भी बहुत स्पष्ट है। उनसे पहले हितेश अवस्थी को जब डीजीपी बनाया गया था तो उन्होंने अपनी पहली प्रेस कान्फ्रेस में ही कह दिया था कि डीजीपी का काम जिलों में जाना नहीं है लेकिन उन्हें कभी इस तरह की धारणा के लिए टोकने की जरूरत महसूस नहीं की गई जबकि मुकुल गोयल ने तो पहली मीडिया वार्ता में कहा था कि वे अपने कार्यालय में ही बने रहने की बजाय मानिटरिंग के लिए समय-समय पर बाहर समीक्षा बैठकें करेंगे। अगर वे ऐसा नहीं कर पाये तो अनुमान लगाया जा सकता है कि निश्चित रूप से उन्हें इसके लिए ऊपर से रोका गया होगा। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली के निरीक्षण के समय व्याप्त गंदगी के आधार पर जब उन्होंने मौके पर ही प्रभारी निरीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया तो उन्हें नीचा दिखाने के लिए इसके क्रियान्वयन पर न केवल रोक लगा दी गई बल्कि इसे ऐसे प्रचारित किया गया जिससे उनकी सत्यनिष्ठा पर लोगों में संदेह व्याप्त हो जाये और मुख्यमंत्री के मुंह से वीडियों कान्फ्रेसिंग में यह कहला दिया गया कि डीजीपी कार्यालय की थानों में नियुक्ति की संस्तुतियां जिलों के मुखिया मान्य न करें। हालांकि तथ्य यह बताते हैं कि उनके समय थानों की नीलामी का कोई मामला सामने नहीं आया जबकि योगी के समय ही एक दौर ऐसा था कि ऐसे आरोपों के कारण बुलंदशहर के तत्कालीन एसएसपी एन कोलांची और प्रयागराज के तत्कालीन एसएसपी अतुल शर्मा आदि को सरकार को निलंबित करना पड़ गया था। नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने तो अपने पांच समकक्षों द्वारा थाने देने के लिए सौदेबाजी करने के सबूत पैनड्राइव में इकट्ठा करके तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह को सौंप दिये थे। बाद में जब सरकार ने उनके आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित की तो उसे ओपी सिंह ने पैनड्राइव देने में लगातार टालमटोल की। बाद में एसआईटी ने देरी से जांच रिपोर्ट सौंपते समय ओपी सिंह की इस अडंगेबाजी को भी वहन किया लेकिन ओपी सिंह को लेकर तरह-तरह की चचार्ये खूब चली बावजूद इसके मुख्यमंत्री का वरदहस्त उन पर बना रहा। यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि मुकुल गोयल के बारे में जिलों के अधिकारियों को बड़ी शिकायतें थी जबकि मुकुल गोयल उन्हें लगातार जलील किये जाने का एहसास कर लेने के बाद जोन, रेंज और जिलों के पुलिस मुखियाओं से बात तक करने में खुद ही कतराने लगे थे तो उनसे ये लोग तंग कैसे हो सकते थे। इसी तरह उनके द्वारा मीडिया ब्रीफिंग से बचने की बात भी बेमानी है क्योंकि उन्होंने तो पदभार संभालते ही लम्बी ब्रीफिंग की थी। पर आगे उन्हें इसके लिए अपने कदम संभवतः शासन की मंशा के कारण रोक देने पड़े थे।


गोयल के स्वतः कहीं और शिफ्ट हो जाने का शायद था इंतजार-
विधानसभा चुनाव के समय निर्वाचन आयोग के निर्देशों के कारण जब हर स्तर पर पुलिस में तबादलों की सूची बनाने की कवायद की जाने लगी तो इसके लिए तीन समितियां बनायी गई पर मुकुल गोयल को एक भी समिति में नहीं रखा गया जबकि वे तीनों समितियों के अध्यक्ष होने चाहिए थे। यह भी सभी जानते हैं कि हर डीजीपी तभी सफलतापूर्वक काम कर पाता है जब उसे अपने मुताबिक अपनी टीम बनाने दी जाये लेकिन मुकुल गोयल की स्थिति यह थी कि वे जिन नामों की संस्तुति करते थे उन अधिकारियों को जिलों में पोस्ट करने की बजाय सजा वाले स्थानों पर भेज दिया जाता था। कुल मिलाकर प्रयास यह था कि मुकुल गोयल अपनी उपेक्षा से ऊबकर खुद ही पलायन करने की पेशकश कर दें।


जो भी हो गोयल के हट जाने से होगा पुलिस व्यवस्था का भला-
बहरहाल मुकुल गोयल का हट जाना एक तरह से अच्छा ही हुआ क्योंकि उनके प्रति शासन के रवैये से पुलिस की व्यवस्था डैड मोड में चली गई थी जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा था। भले ही उनके समय सोनभद्र में 11 आदिवासियों की हत्या, कानपुर के बिकरू में 8 पुलिस कर्मियों को शहीद किये जाने और हाथरस में दलित किशोरी की रेप के बाद हत्या और उसके शव को घर वालों को सौंपने की बजाय पुलिस द्वारा जलबा दिये जाने जैसे सरकार की नाक कटाने वाला एक भी बड़ा कांड सामने नहीं आया। पर यह उनकी खुश किस्मती भर रही वरना जिस तरह से पुलिस व्यवस्था पंगु हो गई थी उसमें बहुत बड़े-बड़े बवाल हो जाने थे। अब मुख्यमंत्री की पसंद के डीजीपी कुर्सी पर बैठ गये हैं तो पुलिस व्यवस्था में यह गतिरोध निश्चित रूप से छटेगा। बशर्ते देवेन्द्र सिंह चैहान प्रभावी ढंग से मोर्चा संभालें। इंटेलीजेंस और विजीलेंस की कमान होने से देवेन्द्र सिंह चैहान को गड़बड़ी करने वाले जिला प्रमुखों की सारी कच्ची पक्की पुख्ता जानकारियां होंगी इसलिए उन्हें सारे दागदार एसएसपी, एसपी जिलों से वापस बुला लेना चाहिए और जिलों के लिए अपनी साफ सुथरी नई टीम बनानी चाहिए। जोन और रेंज के मुखिया मुकुल गोयल के कार्यकाल में शहंशाह बन गये थे जबकि जब तक ये लोग जिलों का लगातार भ्रमण न करते रहें तब तक जिलों में स्थिति ठीक नहीं रह सकती। देवेन्द्र सिंह चैहान को इन पदों के अफसरों को आराम तलबी छोड़कर फील्ड पर जाने के लिए मजबूर करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी झांसी मंडल के दौरे में इन्हें लक्ष्य करके चेतावनी जारी की थी। ओपी सिंह की तरह देवेन्द्र सिंह पर भी एसीएस होम को अभी की भांति पुलिस पर हावी बने रहने का अवसर नहीं मिल पायेगा इसलिए वे इस मामले में कारगर कदम आराम से उठा सकते हैं। महत्वपूर्ण पदों पर अफसरों की नियुक्ति में सामाजिक समीकरणों को  भी उन्हें दुरूस्त करना चाहिए जो अभी एकतरफा हैं। रेंकर आईपीएस को जिलों की कमान सौंपने में काफी कंजूसी दिखायी दे रही है जिससे उनमें कुंठा है। तमाम रेंकर अफसर इसके कारण लूप लाइन में ही रिटायर हो जाने के लिए विवश हैं। जिला पुलिस प्रमुख के रूप में कार्य करने का उन्हें थोड़ा और ज्यादा अवसर दिलाने का अगर देवेन्द्र सिंह चौहान पैरवी कर पाते हैं तो यह बहुत अच्छा होगा।


एसीएस होम के पुलिस पर हावी रहने के दिन भी लदेंगे-
इस बीच जिला पुलिस प्रमुखों की जबावदेही तय की जाने में व्याप्त संकोच के कारण भी स्थितियां बिगड़ी हैं और पुलिस की निरंकुशता की शिकायतें बढ़ी हैं। नये डीजीपी इसमें कड़ाई करेंगे तो शिकायतें भी कम होगी और जिला पुलिस प्रमुखों के रूप में नई तैनातियां बढ़ने से ज्यादा से ज्यादा अफसरों को आजमाया जा सकेेगा तो बेहतर पुलिसिंग के लिए ज्यादा विकल्प तैयार होंगे। अगर पुलिस के सम्मुख मौजूद चुनौतियांे के बेहतरीन निदान में देवेन्द्र सिंह चैहान ने अपना करिश्मा दिखाने में कसर नहीं छोड़ी तो उनकी छवि भी मजबूत होगी और मुख्यमंत्री की भी शानदार छवि स्थापित होगी।  

केपी सिंह, (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

पांच बकायेदारों को जेल, डेढ़ सौ पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

सहकारिता विभाग की सख्त कार्रवाई, पांच बकायेदारों को जेल, डेढ़ सौ पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

बिजनौर। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समितियों से ऋण लेकर समय से जमा ना करने वाले बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। गुरुवार को ऐसे ही 5 बकायेदारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। यही नहीं जनपद में 150 बकायेदारों के खिलाफ भी वसूली ना होने की दशा में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता बिजनौर, डा० प्रदीप कुमार द्वारा बताया गया कि जिलाधिकारी बिजनौर द्वारा सहकारिता विभाग के बड़े बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारन्ट एवं कुर्की आदेश जारी करने के निर्देश जनपद के सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को देते हुए जनपद की सहकारिता विभाग की वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिये गए हैं। गिरफ्तारी एवं कुर्की हेतु पुलिस अधीक्षक बिजनौर द्वारा विशेष रूप से 10 सशस्त्र पुलिस जवान सहकारिता विभाग को उपलब्ध करा दिये गये हैं। इसी कार्यवाही के तहत गुरुवार को सहकारिता विभाग द्वारा 3.20 लाख रू० के बकायेदार महेन्द्र पुत्र रामेश्वर, 2.58 लाख रू० के बकायेदार राजवीर पुत्र राजेन्द्र दोनों निवासी- मलकपुर, 3.68 लाख रू0 के बकायेदार मनोज पुत्र बलवन्त निवासी मुकरपुरी, 3.70 लाख के बकायेदार रियाज पुत्र शकील निवासी- सिरवासु चन्द, 1.22 लाख के बकायेदार कृपाल पुत्र सुखवा सिंह, निवासी – अमीनाबाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। डा० प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में 150 बकायेदारों के खिलाफ गिरफ्तार वारन्ट प्राप्त कर लिये गये हैं, वसूली ना होने की दशा में उन पर भी गिरफ्तारी की कार्यवाही करते हुए इसी प्रकार अन्य बकायेदारों से वसूली की कार्यवाही की जायेगी।

दो पक्षों में दिनदहाड़े जमकर हुई  गोलीबारी, राहगीर घायल

बिजनौर। हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव मुकरपुर गुर्जर में दो गुटों में दिनदहाड़े फायरिंग हो गई। घटना में वहां से गुजर रहा ग्रामीण घायल हो गया। उसे उपचार के लिये जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव मुकरपुर गुर्जर में कुछ लोगों द्वारा की गई दिनदहाड़े फायरिंग में उलेढ़ा निवासी जयपाल पुत्र हिरदाराम गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली जयपाल सिंह के सीने के दाएं तरफ लगी है। बताया गया है कि जयपाल सिंह पूर्व प्रधान बलराम सिंह की बैठक पर बैठे हुए थे। आरोप है कि इस दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट व गोलीबारी शुरू हो गई। घटना गांव मुकरपुर निवासी शोभाराम पुत्र रामपाल सिंह को बुरी तरह मारा-पीट कर  घायल कर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय भेज दिया। क्षेत्राधिकारी चांदपुर सुनीता दहिया ने मामले की जांच पड़ताल की। घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुटी है।

11 करोड़ की संपत्ति दान कर पत्नी, बेटे समेत ज्वैलर्स हुआ वैरागी

जयपुर (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के बालाघाट नगर के ज्वेलर्स राकेश सुराना ने; न केवल करोड़ों रुपए की संपत्ति दान कर दी, बल्कि परिवार सहित भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर वैराग्य जीवन की राह चुन ली है। 22 मई को दीक्षार्थी परिवार राकेश सुराना (40), उनकी धर्मपत्नी लीना सुराना (36) और 11 वर्षीय पुत्र अमय सुराना जयपुर में दीक्षा लेंगे। 17 मई को जैन समाज द्वारा इस दीक्षार्थी परिवार को विदाई दी गई। वैराग्य जीवन की ओर जाने से पहले दीक्षार्थी सुराना परिवार ने करीब 11 करोड़ रुपए की संपत्ति गौशाला और धार्मिक संस्थाओं को दान कर दी है।
इस दीक्षार्थी परिवार के दीक्षा लेने के पूर्व 17 मई को जैन समाज ने शोभायात्रा निकालकर उन्हें विदाई दी। वैसे इस परिवार के अभिनंदन के लिए संयम शौर्य उत्सव का आयोजन 16 मई से ही प्रारंभ हो गया, जिसमें 16 मई को स्थानीय लॉन में उनका अभिनंदन किया गया। मंगलवार की सुबह करीब सवा सात से सवा आठ बजे तक श्री पार्श्वनाथ भवन में धार्मिक कार्यक्रम किया गया। काली पुतली चौक के समीप अहिंसा द्वार से वरघोड़ा निकाला गया। कृषि उपज मंडी इतजवारी गंज में दीक्षार्थी परिवार का साधर्मी वात्सल्य कराया गया। वहीं 18 मई को सुबह 9 बजे पार्श्वनाथ भवन में अष्टोत्तरी महापूजन होगा। वहीं 19 मई को सुबह 6 बजे संसार से संयम की ओर कदम बढ़ाने के लिए मुमुक्ष राकेश सुराना, मुमुक्ष लीना और मुमुझ अमय जयपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। जो 22 मई को जयपुर में दीक्षा लेंगे।


वर्ष 2015 से परिवर्तित हुआ ह्रदय
सुराना ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि उनका हृदय परिवर्तन महेंद्र सागर महाराज और मनीष सागर महाराज के प्रवचन से मिली प्रेरणा के कारण हुआ और उसके चलते ही उन्हें धर्म, अध्यात्म और आत्म स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा मिली। बताया कि अध्यात्म योगी गुरुदेव महेन्द्र सागर महाराज का बालाघाट में चौमासा हुआ था। इस दौरान उनके विचारों, बातों को पूरी तन्मयता से सूना इसके बाद उसे आत्मसात करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि संसार की भौतिक सुख-सुविधाएं नश्वर है। जो कमाया है उसे यहीं पर छोड़कर जान है। मानव जीवन बहुत दुर्लभता से मिलता है, पुण्य संचय किया तब मानव तन पाया। इस मानव तन का उपयोग केवल भौतिक सुख-सुविधाओं में न करते हुए मानव जीवन कल्याण और मोक्ष प्राप्ति के लिए करना चाहिए। राकेश सुराना की पत्नी लीना जो अमेरिका में पढ़ी है, उन्हें बचपन से ही संयम पथ पर जाने की इच्छा थी, इतना ही नहीं बेटा अमय जब 4 साल का था तभी वह संयम के पथ पर जाने की बात करता था, मगर बहुत कम उम्र होने के कारण उन्होंने सात साल तक इसके लिए इंतजार किया। सुराना ने बताया कि जीवन में सब कुछ मिलने के बाद भी शांति की कमी थी। इसे खोजने का प्रयास किया गया। तब पता चला की शांति कर्म करके या मोक्ष के मार्ग पर चलकर ही मिल सकती है। सुख अपने ही भीतर होता है, बशर्त उसने खोजने की जरुरत होती है। इसी सुख को प्राप्त करने के लिए संयम की ओर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में आधुनिक शिक्षा की ओर बहुत भाग रहे हैं। बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा भी देनी चाहिए।

ढूंढ रहे थे तस्करी की शराब, बरामद हुई 232 kg चांदी

गोपालगंज (एजेंसी)। बिहार के गोपालगंज में उत्पाद विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिली जब टीम ने उत्तर प्रदेश से बिहार आ रही एक कार से शराब की जगह दो क्विंटल से अधिक चांदी बरामद की। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल, उत्पाद विभाग की टीम बुधवार को अवैध शराब को लेकर कुचायकोट थाना क्षेत्र के बलथरी चेक पोस्ट पर उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान एक कार से 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई।

गोपालगंज के उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि बारीकी से जांच के दौरान कार में पीछे की सीट के नीचे तहखाना जैसी जगह मिली, जिससे 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई। उन्होंने बताया कि बरामद की गई चांदी की कीमत बाजार में डेढ़ से दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

कानपुर से हो रही थी तस्करी- उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में कार चालक और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। उन लोगों की पहचान दरभंगा जिला के नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी मनोज गुप्ता और चालक शिव शंकर महतो के रूप में की गई है। पूछताछ में पता चला है कि चांदी को उत्तर प्रदेश के कानपुर से दरभंगा ले जाया जा रहा था। सूचना पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।

कायस्थ चेतना मंच द्वारा दूसरा प्याऊ संचालित

बरेली। कायस्थ चेतना मंच के तत्वावधान में 17 मई 2022 दिन मंगलवार को प्याऊ का उद्घाटन संस्था के संरक्षक डॉक्टर पवन सक्सेना एवं संस्था के वरिष्ठ सदस्य पार्षद सतीश कातिब मम्मा जी द्वारा किया गया।

डॉक्टर पवन सक्सेना ने इसे संस्था का सराहनीय कार्य बताया। सतीश मम्मा ने कहा कि समय समय पर ऐसे कार्य कराने से संस्था की छवि और उज्जवल होगी। अध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया संस्था द्वारा एक प्याऊ बदायूं रोड स्थित पानी की टंकी के सामने 3 मई अक्षय तृतीया से संचालित हो रहा है, जिससे बदायूं रोड पर राहगीरों के लिए बहुत आराम मिलता है। चौपला पुल से लेकर करगैना तक और कोहरापीर पुलिस चौकी के आसपास भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। राहगीरों के लिए बहुत परेशानी होती है। यह विचार मन में आया था। इसीलिए प्याऊ संचालित किए गए हैं। अभी दो प्याऊ और संचालित करने का विचार है।

संस्था के वरिष्ठ उपाध्याय अखिलेश सक्सेना ने सभी का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया म। इस कार्यक्रम में महिला अध्यक्ष श्रीमती माया सक्सेना, श्रीमती प्रतिभा जौहरी, अविनाश सक्सेना, बीनू सिन्हा, महासचिव अमित सक्सेना बिंदु, निर्भय सक्सैना, पंकज सक्सेना पंछी आदि लोग उपस्थित रहे।

इससे पहले व्यंजन रेस्टोरेंट पर रेस्टोरेंट के मालिक गुप्ता के विशेष सहयोग से राहगीरों को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए एक प्याऊ की व्यवस्था की गई। कायस्थ चेतना मंच संरक्षक डॉक्टर पवन सक्सेना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा नारियल फोड़कर प्याऊ का उद्घाटन किया गया।

अध्यक्ष संजय सक्सेना, महासचिव अमित सक्सेना बिंदु, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश चंद्र सक्सेना, अखिलेश कुमार सक्सेना, सुरेंद्र बीनू सिन्हा, निर्भय सक्सैना वरिष्ठ पत्रकार, जिला महिला अध्यक्ष श्रीमती माया सक्सेना, पार्षद सतीश कातिब मम्मा, वरिष्ठ पार्षद एवं बीडीए सदस्य पंकज जौहरी पंछी, श्रीमती प्रतिमा जौहरी आदि ने कार्यक्रम में सहयोग किया अंत में अखिलेश कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया।

माँ भारती की अभिनव अर्चना प्रदक्षिणा बाइक रैली 22 मई को


बिजनौर। स्वाधीनता के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अन्तर्गत क्रीड़ा भारती द्वारा 22 मई को पूरे देश में माँ भारती की अभिनव अर्चना; क्रीड़ा भारती के संग राष्ट्र प्रदक्षिणा का आयोजन किया जायेगा। क्रीड़ा भारती बिजनौर द्वारा भी 22 मई को राष्ट्र प्रदक्षिणा बाइक रैली डीएवी इन्टर कालेज बिजनौर से नौगावाँ सादात तक निकाली जायेगी, जिसमें 75 बाइक शामिल रहेंगी।
यह निर्णय सुदर्शन भवन आदोपुर में क्रीड़ा भारती के मंत्री जैनेंद्र के संचालन में सम्पन्न हुई एक समीक्षा बैठक में लिया गया। समीक्षा बैठक में क्रीड़ा भारती के प्रदेश संयोजक विकास अग्रवाल व प्रदक्षिणा कार्यक्रम के संयोजक तथा प्रान्त अध्यक्ष विशाल मित्तल द्वारा बाइक रैली के आयोजन के उद्देश्य व आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। पदाधिकारी द्वय द्वारा बताया गया कि रैली पूरे देश में प्रातः ठीक आठ बजकर छप्पन मिनट पर प्रारंभ होगी। प्रदक्षिणा के माध्यम से युवाओं में देश प्रेम की भावना व खेलों के प्रति जागृत करने का संदेश दिया जाना है।
इससे पूर्व कार्यक्रम की रुपरेखा की जानकारी विभाग सरसंघचालक महेश जी, विभाग प्रचारक विनीत कौशल, विभाग कार्यवाह प्रशांत महर्षि, सह नगर कार्यवाह दीपक चौहान द्वारा दी गयी।
क्रीड़ा भारती के अध्यक्ष योगेन्द्र पाल सिंह योगी द्वारा बताया गया कि प्रदक्षिणा बाइक रैली का जनपद के अनेक स्थानों पर स्वागत किया जायेगा। इस दौरान क्रीड़ा भारती से जुड़े खिलाड़ियों व आम जन द्वारा पुष्प वर्षा की जायेगी। बैठक में भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष रोबिन चौधरी, विश्व हिन्दू परिषद के जिला मंत्री अनिल चौधरी, नगर प्रचारक प्रिन्स चौधरी, विद्यार्थी परिषद के युवराज सिंह, क्रीड़ा भारती के अरविंद अहलावत, प्रभात कुमार, संजीव डवास, विनय कुमार, राजेन्द्र सोलंकी द्वारा प्रदक्षिणा कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु पूर्ण रूप से सहयोग करने का आश्वासन दिया गया।

ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन निर्माण संघर्ष समिति का गठन

बिजनौर। वर्ष 2011 से ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन का निर्माण न होने से पूर्व सैनिकों में रोष है। इसी को लेकर शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन निर्माण संघर्ष समिति का गठन किया गया। अब समिति इस बेहद महत्वपूर्ण मामले में संबंधित अधिकारियों से वार्ता करेगी।

बताया गया है कि बिजनौर में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन का निर्माण किया जाना है। सेना मुख्यालय की ओर से प्रशासनिक विभाग स्टेशन हेड क्वार्टर मेरठ को भूमि का आवंटन नहीं हो पाया है। इसी मामले को लेकर काकरान वाटिका बिजनौर में पूर्व सैनिकों की एक बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन निर्माण संघर्ष समिति का गठन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पूर्व सैनिक डीपीएस रावत ने की जबकि संचालन अजय फौजी ने किया। संघर्ष समिति के संरक्षक डीपीएस रावत होंगे। पांच सदस्यों में पूर्व सैनिक अजय सिंह, पूर्व सैनिक कंवरपाल सिंह, पूर्व सैनिक हरविंदर सिंह, पूर्व सैनिक कृष्ण वीर सिंह शर्मा व पूर्व सैनिक हेमेंद्र पाल सिंह होंगे।

अब एक बोतल बीयर पीने पर नशा होगा दोगुना

लखनऊ (एजेंसी)। शौकीनों के लिए कंपनियों ने अब नई बीयर बाजार में उतार दी है। अब एक बोतल बीयर पीने पर दोगुना नशा होगा। यह प्रयोग बीयर पीने वाले उन लोगों को पसंद आ रहा है, जो शराब से कम पर बीयर से थोड़ा ज्यादा नशा चाहते हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस नई बीयर के खरीदारों में नई उम्र के लोग ज्यादा हैं।

अब तक आठ डिग्री अल्कोहल वाली ही बीयर बाजार में उपलब्ध थी। आठ डिग्री वाली केन की कीमत बाजार में 110 रुपये से लेकर 130 रुपये तक है, जबकि बोतल 150 रुपये के आसपास है। एक केन के बाद दूसरा केन पीने के लिए पैसे दोगुने खर्च करने होते हैं। ऐसे में शौकीनों के लिए कंपनी ने बाजार में 15 डिग्री अल्कोहल वाली बीयर उतार दी है। इसकी कीमत एक बोतल के बराबर है। ऐसे में एक बोतल के बराबर खर्च करने वालों को नशा दोगुना हो रहा है।

फिलहाल दो ब्रांड में ऐसी बीयर उतारी गई है। आबकारी विभाग के अफसरों का कहना है कि इस डिग्री की बीयर लगभग 20 साल पहले बाजार में आती थी। लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया था। बाजार की मांग को देखते हुए अब लंबे समय बाद इतने अल्कोहल वाली बीयर उतारी गई है। आमतौर पर प्रयागराज में हर रोज 70 हजार बोतले बिकती हैं। अफसरों का कहना है कि नई 15 डिग्री वाली बीयर की 15 हजार बोतल हर रोज बिक रही है।

वीणा जी को याद कर हो गई आंखें नम

उरई (जालौन)। बुंदेलखंड कोकिला के नाम से संगीत की दुनिया में नवाजी जाती रहीं  सुर साम्राज्ञी स्वर्गीय वीणा श्रीवास्तव के जन्मदिन के उपलक्ष्य में उन्ही के द्वारा स्थापित रंगमंचीय सांस्कृतिक संस्था “वातायन” के तत्वावधान में शनिवार की रात राजमार्ग स्थित मणीन्द्रालय प्रेक्षागृह में मधुर यादें शीर्षक से संगीतमय भावभीना  कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक रवि कुमार और विशिष्ट अतिथि लोक कला मर्मग्य अयोध्या प्रसाद कुमुद उपस्थित रहे। इस अवसर पर वीणा जी से जुड़े खट्टे मीठे संस्मरणों को भी साझा किया गया, जिससे सभा में मौजूद उनके प्रशंसकों  की आँखे नम हो गईं।

इस अवसर पर नन्हें बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों ने लोगों को मुग्ध कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि उरई के लोगों के लिए यहाँ की सांस्कृतिक विरासत उनके गौरव को स्थापित करने वाली है, जिसमें वीणा जी जैसी शख्सियतों का महत्वपूर्ण योगदान है। इस तरह के लोगों की स्मृति होने वाले आयोजनों से यहाँ की समृद्ध सृजन धारा अविरल बनी रहेगी और पीढी दर पीढी इसकी मशाल थामने वाली प्रतिभाएं जन्म लेती रहेंगी।

वातायन के अध्यक्ष और वीणा जी के पति डॉ अरुण श्रीवास्तव ने जब वातायन संस्था के इतिहास पर प्रकाश डालने के साथ वीणा जी से जुडीं तमाम यादें ताजा की तो माहौल भावुक हो गया। कार्यक्रम का संचालन महेश अरोरा ने किया। संरक्षक डॉ आदित्य सक्सेना ने भी वीणा जी की बहुआयामी प्रतिभा के अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला तो लोग रोमांच और कौतूहल से भर उठे।

संगठन उपाध्यक्ष चौधरी जय करण सिंह और कार्यक्रम उपाध्यक्ष डॉ स्वयं प्रभा द्विवेदी ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। वातायन के अन्य पदाधिकारियों में कार्यक्रम सचिव वर्षा राहुल सिंह, संगठन सचिव अमर सिंह, कोषाध्यक्ष गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी अरविंद नायक, कार्यक्रम निदेशक हेम प्रधान, कार्यक्रम उपनिदेशक डॉ विश्वप्रभा त्रिपाठी, कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती पूर्णिमा सक्सेना, श्रीमती इंदु सक्सेना, सुधीर प्रकाश सिंह, श्रीमती शशि अरोड़ा, डॉ केएन सिंह निरंजन, श्रीमती रत्ना प्रधान, डॉ कुमारेन्द्र  सिंह ने भी कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सौजन्य से जालौन टाइम्स उरई  

झालू में विनायक अस्पताल के कैम्प में 307 मरीजों ने कराया फ्री इलाज

बिजनौर। शांति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से परिवार दिवस पर विनायक हॉस्पिटल ने कस्बा झालू में रविदास मंदिर धर्मशाला में रविवार को मुफ्त स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराया। शिविर में 307 मरीजों ने मुफ्त उपचार और दवाइयां ली।


हॉस्पिटल इंचार्ज व फिजिशियन डॉक्टर दिग्विजय चौधरी और डॉक्टर रूपक की अगुवाई में शिविर में डॉक्टर इशरत जहां ने काफी महिलाओं की बीमारियों का चेकअप किया और उन्हें फ्री दवाइयां उपलब्ध कराई।


इनके साथ ही जनरल फिजिशियन डॉक्टर रूपक, नैचुरोपैथी चिकित्सक डॉक्टर अमित उपाध्याय, डॉक्टर यश कुमार और डॉक्टर प्रशंसा आदि चिकित्सकों ने अनेक बीमारियों से ग्रसित बीमारों का फ्री उपचार किया।

ट्रस्ट की ओर से हॉस्पिटल महाप्रबंधक राकेश मलिक ने शिविर में अधिक से अधिक मरीजों की समस्याओं को दूर करने का आह्वान किया। बताया कि विनायक अस्पताल के डॉक्टर के साथ शांति देवी चैरिटेबल ट्रस्ट समाज की सेवा के प्रति हमेशा काम कर रहा है। कहा कि समाज सेवा ही मानव का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने बताया कि हर साल ट्रस्ट की ओर से लोगों को फ्री चिकित्सा दिलाने के लिए कैम्प आयोजित कराए जाते हैं।

कैम्प में फ्री चेकअप के साथ ही दवाइयां भी वितरित की जाती हैं। कैम्प में विनायक कॉलेज शिक्षिका रश्मि चौधरी, संदीप सिंह, निकुंज शर्मा, स्वास्थ्य कर्मी बबली, पूजा रानी, जितेंद्र सिंह, नितिन कुमारी, तनुजा शर्मा, अलका सैनी, निखिल आदि ने मरीजों की सेवा की।

व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिये समस्या सुलझाएंगे बिजली अधिकारी


राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग उत्तर प्रदेश सोमेंद्र तोमर ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को विधानसभावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसमें जन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करने तथा ग्रुप पर प्राप्त होने वाली जन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने एवं जनप्रतिनिधियों से नियमित रूप से संपर्क एवं समन्वय बनाए रखने के दिए निर्देश

बिजनौर। राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग उत्तर प्रदेश सोमेंद्र तोमर ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन प्रतिनिधियों के साथ नियमित रूप से समन्वय बनाए रखें और विद्युत चोरी रोकने तथा विद्युत देयकों के भुगतान जैसे अहम कार्यों में उनका सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जन सामान्य की विद्युत से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि पूर्ण गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निचले स्तर पर ही समस्या का निराकरण कर दिया जाए तो समस्या विकराल रूप धारण नहीं कर सकती। उन्होंने सभी अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिए कि विधानसभावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाएं और उसमें जन प्रतिनिधियों को भी अनिवार्य रूप से शामिल करें। विद्युत विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि विद्युत देय के बड़े बक़ायादारों की सूची बना कर उनसे वसूली के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास करें।


राज्यमंत्री श्री तोमर कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित विद्युत विभाग के कार्याें की प्रगति से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को हर सम्भव राहत और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्व है और उसमें ज्यादा से ज्यादा सुधार के लिए प्रयासरत भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति करना सुनिश्चित करें तथा किसी कारणवश विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है तो उसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के आम नागरिकों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए निर्देशित किया कि सभी अधिशासी अभियन्ता विधानसभावार व्हाट्सअप ग्रुप बनाएं और उसमें क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करते हुए महत्वपूर्ण कार्य की सूचना उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वाहट्सअप ग्रुप पर आने वाली समस्याओं का निस्तारण भी पूर्ण गंभीरता और तत्परता के साथ करें ताकि उक्त समस्या इसी स्तर पर निस्तारित हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा के क्षेत्र में नए प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें उपभोक्ताओं को विद्युत ऊर्जा के अलावा वैकल्पिक ऊर्जा के तौर पर सौर ऊर्जा के साथ-साथ पवन ऊर्जा भी उपलब्ध कराई जाएगी। भविष्य में वैकल्पिक ऊर्जा अपना महत्वपूर्ण स्थान ग्रहण करेगी, जिससे आम नागरिकों को सस्ती ऊर्जा के साथ ही स्वच्छ पर्यावरण का लाभ भी प्राप्त होगा।

अब सोलर ऊर्जा के साथ उपभोक्ताओं को मिलेगी पवन ऊर्जा- जिले के दौरे पर आए राज्यमंत्री ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग सोमेंद्र तोमर ने कहा कि बिजली ही नहीं अब सोलर ऊर्जा के साथ उपभोक्ताओं को पवन ऊर्जा भी उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी के कुछ जिलों में ही बिजली पहुंच पाती थी। आज सभी जिलों में एकरूपता के आधार पर बिजली दी जा रही है। 2017 के बाद उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर और संस्कृति में भी आगे बढ़ा है। पहले उत्तर प्रदेश बीमार राज्य कहा जाता था, आज 40 स्थानों में उत्तर प्रदेश नंबर एक पर है। उन्होंने आश्रवस्त करते हुए कहा कि कुछ समय पहले विद्युत आपूर्ति के सम्बन्ध में कुछ कारणों से थोड़ी समस्या उत्पन्न हुई थी, लेकिन वर्तमान में उसमें सुधार कर लिया गया है और आगे भी निरन्तर रूप से सुधार किया जाएगा। वर्तमान में बिजली की आपूर्ति पहले से बेहतर है।
श्री तोमर ने यह भी बताया कि सरकार प्रयास कर रही है कि सभी सरकारी दफ्तरों पर सोलर एनर्जी से कनैक्शन दिये जायें, जिसके अंतर्गत वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोतों के दोहन कर कुछ जगह सरकारी संस्थाओं में इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रदेश में विद्युत नेटवर्क को बेहतर व आधुनिक बनाने के क्षेत्र में लगातार सार्थक रूप से प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आमजन और उद्योगों को भरपूर बिजली मिले।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक नहटौर ओम कुमार, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, अधीक्षण अभियंता विद्युत के अलावा विद्युत विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

सरकारी ठेकों पर अब नहीं बिक सकेगी तस्करी की शराब

13 मई 2022 को दैनिक जनवाणी के पेज नंबर 02 पर प्रकाशित बिजनौर से सचिन वर्मा की रिपोर्ट… अब नहीं बिक सकेगी तस्करी की शराब

अब तस्करी की शराब सरकारी दुकानों पर नहीं बिक सकेगी। इसके साथ ही कोई भी दुकान स्वामी या सेल्समैन शराब की बिक्री में गड़बड़ नहीं कर सकेगा। इसके लिए आबकारी विभाग ने एक अच्छा कदम उठाया है। विभाग की ओर से शराब की दुकानों पर पोस मशीन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस मशीन के माध्यम से विभाग के पास दुकानों पर होने वाले प्रत्येक दिन की बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इसके साथ ही बार कोर्ड स्कैन किए बिना अब एक भी बोतल नहीं बेची जा सकेगी।

पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें खुलासा हुआ है कि शराब की दुकानों पर तस्करी की शराब भी बेची जाती रही है। इसके अलावा विभाग को चूना लगाने के लिए कुछ दुकान स्वामी व सेल्समैन तरह-तरह के हथकंडे अपनाने से भी पीछे नहीं हटते हैं। विभाग ने ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने व पारदर्शिता बरतने के लिए पोस मशीन को सहारा बनाया है। आबकारी विभाग की ओर से जनपद के सभी शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन देने का कदम उठाया है। इन पोस मशीनों के माध्यम से विभाग के पास सभी दुकानों पर प्रत्येक दिन होने वाली शराब की बिक्री व दुकानों पर बचे स्टॉक का पूरा लेखा जोखा बस एक बटन दबाते ही उपलब्ध हो जाएगा। इतना ही नहीं शराब बेचने वाले सेल्समैन को शराब बेचते समय बार कोड स्कैन करना ही होगा। बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जा सकेगा। विभाग की ओर से शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन वितरित की जा रही हैं।

दुकान स्वामियों को वितरित की मशीनें

गुरुवार को जिला मुख्यालय पर नजीबाबाद की आबकारी निरीक्षक मोनिका यादव ने नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीनों का वितरण किया। उन्होंने सभी दुकान स्वामियों से बताया कि अब बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जाएगा। दुकान पर हुई बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा इस मशीन में फीड होगा। उन्होंने बताया कि यह पोस मशीने धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को वितरित की जा चुकी हैं।

मशीन बनेगी आबकारी विभाग का हथियार

आबकारी विभाग की ओर से बांटी जा रही पोस मशीने आबकारी विभाग के लिए किसी हथियार से कम साबित नहीं होगी। आबकारी विभाग के अधिकारी इसी हथियार के माध्यम से अब शराब तस्करों की कमर तो तोड़ ही सकेंगे साथ ही एक बटन दबाते ही दुकान का पूरा ब्योरा उनके सामने होगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि जो लोग लाइसेंस की आड़ में दुकानों पर तस्करी की शराब बेचते हैं वह अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। पोस मशीन से शराब की तस्करी पर भी अंकुश लगेगा।

जनपद में सभी दुकानों पर पोस मशीन रहेंगी। बिना कोड स्कैन किए अब एक भी बोतल नहीं बेची जाएगी। धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीने बांटी जा चुकी हैं। अन्य को बांटी जा रही है। पोस मशीन में शराब की दुकान की बिक्री का पूरा ब्योरा व स्टॉक का पूरा रिकार्ड उपलब्ध होगा। –गिरीशचंद्र वर्मा आबकारी अधिकारी, बिजनौर

हमने गुरुवार को नजीबाबाद के सभी दुकान स्वामियों को पोस मशीने उपलब्ध करा दी हैं। पोस मशीनों के माध्यम से दुकान का रिकार्ड रखना काफी आसान होगा। पोस मशीन कोड एक ही बार स्कैन करेगी। कोड को पुनः प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इससे अवैध शराब की बिक्री पर भी रोक लगेगी। –मोनिका यादव, आबाकरी निरीक्षक, नजीबाबाद

जारी रहेगा ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे

नई दिल्ली (एजेंसी)। वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे जारी रहेगा। सर्वे पर तत्काल रोक लगाने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका के जरिए इस सर्वे पर रोक लगाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पेपर देखने के बाद ही कुछ बताएंगे। हालांकि इस संबंध में अर्जी पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जाहिर करते हुए कहा कि इस पर सुनवाई बाद में की जाएगी।

बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई अगले हफ्ते कर सकता है। वाराणसी के लोकल कोर्ट ने कमिश्नर को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे का आदेश दिया है। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की ओर से दायर अर्जी को लेकर चीफ जस्टिस एनवी रमना ने कहा कि इस मामले में हमे कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में हम तत्काल कोई आदेश कैसे जारी कर सकते हैं? हम इस मामले की लिस्टिंग कर सकते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि इस मामले से जुड़ी फाइलों को हमने पढ़ा नहीं है। उनके अध्ययन के बाद ही कोई आदेश जारी किया जा सकता है।

अब घर में भी खोल सकेंगे बार

अब घर में भी खोल सकेंगे बार, पीने-पिलाने के लिए ले सकेंगे लाइसेंस, यूपी में बेहद आसान किए गए नियम।

लखनऊ। यूपी में अब घर पर ही आप निजी बार खोल सकेंगे। इसके लिए सरकार लाइसेंस जारी करने जा रही है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली (प्रथम संशोधन) 2022 और (आसवनी स्थापना) सोलहवां संशोधन नियमावली के प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

इसके तहत लोगों को आवासीय परिसर में भारत निर्मित विदेशी मदिरा और विदेश से आयातित मदिरा अपने परिजन, रिश्तेदारों, अतिथियों व मित्रों जिनकी उम्र 21 वर्ष से कम न हो, को पीने-पिलाने के लिए होम बार लाइसेंस स्वीकृत किए जा सकेंगे। यह लाइसेंस सालाना जारी होंगे। इसके लिए 12 हजार रुपये शुल्क देना होगा और बतौर सिक्योरिटी 25 हजार रुपये जमा करना होगा। यही नहीं, यह लाइसेंस निरीक्षण के बाद आबकारी आयुक्त की अनुमति से ही किया जा सकेगा।

अपर मुख्य सचिव आबकारी के मुताबिक पहले घर में चार बोतल (750 मिली) तक शराब निशुल्क रखने की मंजूरी थी। अब इस नीति को संशोधित किया गया है। इसमें अब घर में 15 कैटगरी की छोटी-बड़ी 71 बोतलें तक रखी जा सकेंगी।

व्यावसायिक लाइसेंस के नियमों में भी ढील

उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली 2022 में संशोधन करते हुए बार लाइसेंस के लिए जरूरी बैठने के क्षेत्रफल को अब 200 वर्गमीटर की जगह न्यूनतम 100 वर्गमीटर कर दिया गया है। यानी कम जगह में भी बार खोला जा सकेगा। वहीं, न्यूनतम 40 लोगों की बैठने की क्षमता को अब कम कर 30 का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा होटल व रेस्टोरेंट आदि में बार लाइसेंस लेने के लिए जरूरी भोजन कक्ष के प्रावधानों को शिथिल कर दिया गया है। वहीं स्थानीय प्राधिकरण से लाइसेंस प्राप्त करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।

मिश्रित आसवनियों को भी छूट, बना सकेंगे शराब

कैबिनेट ने उप्र आबकारी (आसवनी स्थापना) सोलहवां संशोधन नियमावली 2022 के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी। वर्तमान नियमावली में मिश्रित आसवनियों को उनकी कुल क्षमता का 90 फीसदी तक पेय मदिरा निर्माण की अनुमति देने की व्यवस्था है। इसे बढ़ाकर अब 95 प्रतिशत तक किए जाने का निर्णय लिया गया।

राज्यपाल ने किया सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण

राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला संयुक्त चिकित्सालय स्थित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया, अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बिजनौर। राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला बिजनौर भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया। कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बिजनौर द्वारा निर्मित किए जाने वाले सखी वन स्टॉप सेंटर को रुपए 24,34,686 की लागत से तैयार किया गया है।
One Stop Center Helpline- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित वन स्टाप सेंटर योजना (सखी) महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। किसी महिला के साथ मारपीट, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या अन्य कोई घटना होती है तो वन स्टाप सेंटर के माध्यम से पीड़ित को न्याय दिलाया जाता हैै।


राज्यपाल ने जिला अस्पताल में विभागीय अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि महिला उत्पीडन से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए वन स्टाप सेंटर हेल्पलाइन नंबर पर सहायता के संपर्क स्थापित किया जा सकता है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉक्टर प्रवीन रंजन, संजय कुमार यादव के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

पंजाब में मिले 282 भारतीय सैनिकों के कंकाल

अमृतसर (एजेंसी)। पंजाब में अमृतसर के पास अजनाला में एक कुएं के भीतर भारतीय सैनिकों के कंकाल बरामद हुए हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी में एन्थ्रोपोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर जेएस सहरावत का कहना है कि ये कंकाल 282 भारतीय सैनिकों के हैं, जिनकी अंग्रेजों के खिलाफ 1857 में भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम के समय हत्या कर दी गई थी। ये कुआं एक धार्मिक संरचना के नीचे पाया गया था। उन्होंने आगे कहा, अध्ययन में पता चला है कि इन सैनिकों ने सूअर और गाय की चर्बी से बने कारतूसों के इस्तेमाल के खिलाफ विद्रोह किया था।

डॉक्टर जेएस सहरावत ने आगे बताया कि सिक्के, पदक, डीएनए अध्ययन, विश्लेषण, मानव विज्ञान, रेडियो-कार्बन डेटिंग, सभी एक ही ओर इशारा करते हैं कि ये भारतीय सैनिकों के कंकाल हैं। सबसे पहले अजनाला में 2014 में नर कंकाल मिले थे। तब भी अध्ययन में बताया गया था कि ऐसा हो सकता है कि ये भारतीय सैनिकों के कंकाल हों। हालांकि मई की शुरुआत में आई रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि हो सकता है कंकाल 1947 में हुए विभाजन के समय के हों। 28 अप्रैल को फ्रंटियर्स इन जेनेटिक्स नामक पत्रिका में प्रकाशित हुए अध्ययन के अनुसार, पुरुष 26वीं मूल बंगाल इन्फैंट्री बटालियन का हिस्सा थे, जिसमें मुख्य रूप से बंगाल, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के सैनिक शामिल थे।

जॉइंट स्टडी?
इस जॉइंट स्टडी को पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजी विभाग, लखनऊ के बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियो साइंस, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के जूलॉजी विभाग की साइटोजेनेटिक लैबोरेटरी, हैदराबाद के सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी और हैदराबाद के सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायगनॉस्टिक ने किया है। रिसर्च का नेतृत्व पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजिस्ट जेएस सहरावत ने किया।

क्या हुआ था 2014 में?
सहरावत ने कहा कि इन सबकी शुरुआत 2014 में एक म्यूजियम लाइब्रेरी से हुई है। भारतीय रिसर्च स्कॉलर को एक सिविल सेवक की एक किताब मिली, जो 1857 में अमृतसर में तैनात था। किताब में पंजाब को लेकर जानकारी दी गई थी। किताब में 10 मई से 1858 में एफएच कूपर द्वारा दिल्ली के पतन तक के बारे में बताया गया है। इसी में उस जगह का उल्लेख किया गया है, जहां सैनिकों को मारकर सामूहिक रूप से दफन किया गया था। किताब में लिखा है कि ये जगह अजनाला (अमृतसर में) एक धार्मिक संरचना के नीचे है। सहरावत ने बताया, रिसर्चर खुद भी अजनाला से ही थे। वो अपने घर आए और प्रशासन को इस बात की जानकारी दी। तब किसी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन स्थानीय लोगों ने खुद खुदाई का काम किया। उन्हें वाकई में धार्मिक ढांचे के नीचे कुंआ मिला, जिसमें मानव कंकाल, सिक्के और मेडल थे।
 

4 महीने राशन कार्ड धारकों को नहीं मिलेगा मुफ्त गेहूं

राशन कार्ड धारकों को जून से सितंबर तक मुफ्त गेहूं नहीं मिलेगा। गेहूं की खरीद न होने से भारत सरकार ने लिया निर्णय। कार्डधारकों को गेहूं के स्थान पर चावल देने का फैसला। अब उनको मिलेगा प्रति यूनिट पर सीधे पांच किलो चावल!

लखनऊ। राशन कार्ड धारकों के लिए खास खबर है। मुफ्त में राशन कार्ड पर प्रति माह दो बार मिलने वाला गेहूं चार माह तक नहीं मिलेगा। यानी जून से लेकर सितंबर माह तक राशन कार्ड पर लोग नि:शुल्‍क गेहूं नहीं ले सकेंगे। इसका कारण ये है कि इस बार क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद धीमी हो रही है।

गौरतलब है कि शासन से महीने में दो बार में कार्डधारकों को राशन मिलता है। इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत माह के पहले सप्ताह व प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में माह के 15 तारीख के बाद राशन का वितरण होता है। लेकिन इस बार गेहूं की खरीद कम होने से शासन स्तर से इसके आवंटन पर रोक दिया गया है। गेहूं की खरीद न होने से भारत सरकार ने कार्डधारकों को गेहूं के स्थान पर चावल देने का फैसला लिया है। अब उनको प्रति यूनिट पर सीधे पांच किलो चावल मिलेगा। बाकी खाद्य सामग्री जैसे तेल आदि मिलेगा, यानी अब जून से लेकर सितंबर तक गेहूं नहीं मिलेगा। इसके बाद फिर से पीएमजीकेवाइ में गेहूं मिलने लगेगा।

नमक न आने से वितरण पर रोक : विपणन गोदामों में नमक न आने से राशन का वितरण कोटेदार नहीं कर रहे हैं। खासकर शहर की कई दुकानों पर कार्डधारक राशन लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन कोटेदार नमक का उठान न किए जाने की बात कहकर उनको वापस कर दे रहे हैं। यह भी बता रहे हैं कि अभी तक राशन का उठान नहीं किया है। एक विभागीय अधिकारी ने बताया कि नमक आने के बाद ही कोटेदार वितरण करेंगे।

गेहूं आवंटन के कोटे में संशोधन के तहत बिहार, केरल और उत्तर प्रदेश को पीएमजीकेएवाई योजना के तहत गेहूं नहीं दिया गया है। इसकी भरपाई चावल से की जाएगी। यूपी में मौजूद गेहूं के स्टॉक को देखते हुए राज्य सरकार एक किलो गेहूं के साथ चार किलो चावल दे सकती है या फिर पूरा पांच किलो चावल ही दिया जाए, इस पर विचार चल रहा है।  

केंद्र सरकार की तरफ से सितम्बर महीने तक के लिए यह संशोधन किया गया है। प्रदेश के करीब 15 करोड़ से अधिक लाभार्थियों पर इसका असर पड़ेगा। वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत दिए जाने वाले राशन पर अभी बातचीत चल रही है कि इसमें गेहूं की जगह चावल दिया जाए या फिर कोटे में थोड़ा संशोधन किया जाए। 

रजत जयंती वर्ष: हम हैं राही स्मृति अभियान के

रजत जयंती वर्ष: हम हैं राही स्मृति अभियान के

यही तारीख थी नौ मई। साल 1998। अपने ही गांव-घर, जनपद, प्रदेश और देश में भुला-बिसरा दिए गए हिंदी के प्रथम आचार्य हम सबको एक भाषा, एक बोली-बानी और नवीन व्याकरण देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृतियों को संजोने से जुड़ा अभियान शुरू हुआ। शुरुआत 42 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी के बीच रायबरेली शहर के शहीद चौक से ध्यानाकर्षण धरने के माध्यम से हुई। यह एक शुरुआत भर थी। कोई खाका नहीं। कोई आका नहीं। कुल जमा 40-50 और पवित्र संकल्प इस अभियान की नींव में थे। प्रकृति या यूं कहें खुद आचार्य जी ने शहीद चौक पर जुटे अनुयायियों की परीक्षा ली। टेंट के नीचे बैठे लोग अपने इस पूर्वज और हिंदी के पुरोधा की यादों को जीवंत बनाने का संकल्प ले ही रहे थे कि तेज अंधड़ से 18×36 का टेंट उड़ गया। लोग बाल बाल बचे लेकिन कोई डिगा न हटा। ध्यानाकर्षण धरना अपने तय समय पर ही खत्म हुआ।

पहली परीक्षा में पास होने के बाद चल पड़ा स्मृति संरक्षण अभियान आप सब के सहयोग-स्नेह और संरक्षण से कई पड़ाव पार करते हुए आज यहां तक पहुंचा है। अभियान का यह 25वां वर्ष प्रारंभ हुआ है। किसी भी परंपरा के 25 वर्ष कम नहीं होते। इस दरमियान कुछ बदला, कुछ छूटा और बहुत कुछ नया शामिल भी हुआ। इस टूटे-फूटे ही सही अभियान के भवन में न जाने कितने लोगों का पैसा, पसीना और प्यारभाव ईंट-गारे के रूप में लगा है। सबके नाम गिनाने बैठे तो कागज नामों से ही भर जाए। मन की बहुत बातें मन में ही रखनी पड़ जाएं। इसलिए बात केवल उन पड़ावों की जो यादों में अंकित-टंकित हो चुकी हैं।
    अभियान का शुरुआती मुख्य मकसद साहित्यधाम दौलतपुर को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में घोषित कराने से जुड़ा था। इसके प्रयास भी दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हुए। खूब हुए लेकिन हिंदी के पुरोधा का जन्मस्थान राष्ट्रीय स्मारक नहीं बन पाया तो नहीं बन पाया। अब इसके लिए हम खुद को गुनाहगार ठहराएं या शासन सत्ता को? राष्ट्रीय स्मारक तो छोड़िए जन्मस्थान पर एक ऐसा स्थान तक नहीं बन पाया जहां बैठकर आज  हिंदी भाषा और अपने पुरोधाओं से प्रेम करने वाली पीढ़ी प्रेम से बैठ ही सके। बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी, इसलिए जरूरी है दूसरी तरफ चला जाए। अभियान से जुड़ी कुछ ऐसी तारीखें हैं, जो तवारीख बन गई।
   भला हो, कांग्रेस के सांसद रहे कैप्टन सतीश शर्मा का, जिन्होंने अभियान से प्रभावित होकर अपनी सांसद निधि से पुस्तकालय-वाचनालय का भवन जन्म स्थान के सामने आचार्य जी के सहन की भूमि पर ही निर्मित कराया। भला हिंदी के उन पुरोधा डॉ नामवर सिंह का भी हो जिन्होंने उस पुस्तकालय-वाचनालय भवन का लोकार्पण किया। यह अलग बात है कि तमाम मुश्किलों की वजह से पुस्तकालय वाचनालय संचालित नहीं हो पाया।
     साल वर्ष 2004 में एक नई शुरुआत आचार्य स्मृति दिवस के बहाने हुई। देश के शीर्षस्थ कवियों में शुमार रहे बालकवि बैरागी के एकल काव्य पाठ से शुरू हुई यह परंपरा आज भी जारी है। वर्ष-प्रतिवर्ष यह परंपरा नई होती गई। निखरती गई। आज ‘आचार्य स्मृति दिवस’ अभियान का मुख्य केंद्र है। इस दिवस के बहाने देश भर के न जाने कितने स्नावनामधन्य साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और खिलाड़ियों को सुनने-गुनने, देखने-समझने के अवसर हम सबको मिल चुके हैं।
   

अभियान का एक असल पड़ाव तो ‘आचार्य पथ’ स्मारिका-पत्रिका भी है। प्रधान संपादक साहित्यकार -गीतकार आनंद स्वरूप श्रीवास्तव के कुशल संपादन में निरंतर 11 वर्षों से प्रकाशित हो रही इस स्मारिका ने आचार्य द्विवेदी की स्मृतियों को जीवंत बनाने में कम योगदान नहीं दिया है। देशभर के साहित्यकार आचार्य द्विवेदी पर केंद्रित लेख लिखते हैं। छपते हैं। प्रधान संपादक ने स्मारिका को ‘सरस्वती’ की तरह ही विविध ज्ञान की पत्रिका बनाने का उपक्रम भी लगातार किया है और कर रहे हैं।
    अभियान वर्ष 2015 कि वह तारीख भी नहीं भूल सकता जब ‘द्विवेदी अभिनंदन ग्रंथ’‌ का पुन: प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट-नई दिल्ली ने किया। इस काम में अभियान की भूमिका दुर्लभ ग्रंथों को उपलब्ध कराने भर की ही थी पर यह भूमिका भी कम नहीं थी। अभियान अपने अग्रज-बुजुर्ग रमाशंकर अग्निहोत्री को हमेशा याद करता है और रहेगा, जिन्होंने यह दुर्लभ ग्रंथ अभियान से जुड़ी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति को खुशी-खुशी सौंपा और नेशनल बुक ट्रस्ट के सहायक संपादक हिंदी पंकज चतुर्वेदी के योगदान को भी हम नहीं भूल सकते। ग्रंथ का पुनः प्रकाशन उन्हीं की बदौलत हुआ।
    हम नहीं भूल सकते राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट रायबरेली) के निदेशक डॉ. भारत साह के उस योगदान को जो एक ऐसी किताब के रूप में दर्ज है, जिसका ऐतिहासिक महत्त्व है। इस किताब का नाम है विज्ञान वार्ता। आचार्य द्विवेदी द्वारा सरस्वती के संपादन के दौरान लिखे गए तकनीक, विज्ञान और नई नई खोजों से संबंधित लेखों को मुंशी प्रेमचंद ने अपने संपादन में संग्रहित कर वर्ष1930 में विज्ञान वार्ता नाम से पुस्तक प्रकाशित की थी। इस दुर्लभ पुस्तक को भी समिति ने निफ्ट रायबरेली के निदेशक को उपलब्ध और उन्होंने पुनः प्रकाशित कराया।
    तारीख तो नहीं भूलने वाली है,10 जनवरी 2021भी। ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान’ से सम्मानित प्रवासी भारतीय और कैलिफोर्निया अमेरिका में हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान देने वाली हिंदीसेवी श्रीमती मंजू मिश्रा ने आचार्य जी की स्मृतियों को सात समंदर पार जीवंत बनाने और इस बहाने प्रवासी भारतीयों की नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़े रखने का बीड़ा अपनी प्रवासी साथी श्रीमती ममता कांडपाल त्रिपाठी, श्रीमती रचना श्रीवास्तव, श्रीमती शुभ्रा ओझा और श्रीमती कुसुम नैपसिक से प्राप्त नैतिक-भौतिक-साहित्यिक-सामाजिक सहयोग के बल पर इसी दिन उठाया था। आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिकी इकाई की शुरुआत इसी दिन हुई। एक छोटे से शहर की छोटी सी शुरुआत के दुनिया के सबसे संपन्न देश अमेरिका तक पहुंचना हम जैसे अकंचिनों के लिए स्वप्न सरीखा है। समिति शुक्रगुजार है अमेरिका इकाई की सभी सदस्यों की।
     हमें याद है, 21 दिसंबर 1998 को रायबरेली शहर के राही ब्लाक परिसर में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी श्री विनोद सिंह और (अब दिवंगत) की अगुवाई में स्थापित की गई आचार्य श्री की आवक्ष प्रतिमा के अनावरण समारोह में पधारे अनेक साहित्यकार अपने संबोधन में महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर हजारी प्रसाद द्विवेदी का नाम गिना रहे थे लेकिन अनवरत 25 वर्षों के प्रयासों से अब लोगों के दिल-दिमाग में महावीर प्रसाद द्विवेदी पुनर्जीवित हो चुके हैं।
     एक साहित्यकार-संपादक की स्मृतियों को भूलने बिसराने वाले समाज के मन में पुनः स्थापित करने का काम बिना समाज के सहयोग के संभव कहां था? इस मामले में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति समाज के सभी वर्गों-धर्मो-जातियों के लोगों की हमेशा ऋणी थी, है और रहेगी। आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान समाज के सहयोग से आज अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति अभियान को सहयोग देने वाले ऐसे सभी गणमान्य, सामान्य और कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाने वाले श्रोताओं-दर्शकों के प्रति हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित करती है और आशा भी करती है कि अभियान की स्वर्ण जयंती पूर्ण कराने में भी आपका पूर्ण सहयोग-स्नेह-संरक्षण बना रहेगा।

गौरव अवस्थी
रायबरेली

मातृ दिवस पर साहित्यानुरागिनी एवं समाज सेविका मिथलेश गौड़ को किया सम्मानित

बरेली। कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय साहूकारा में मातृ दिवस पर कवि गोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्री नत्थू लाल सदाचारी के संयोजन में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनय सागर जायसवाल ने की। मुख्य अतिथि डॉ शिव शंकर यजुर्वेदी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ रामशंकर ‘प्रेमी’ रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर हुआ। वंदना बृजेंद्र तिवारी “अकिंचन” ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मातृ दिवस पर साहित्यानुरागिनी श्रीमती मिथलेश गौड़ को समाज सेवा एवं परिवार में सामंजस्य के साथ उत्कृष्ट योगदान के लिए संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट द्वारा सम्मानित किया गया।


काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से माताओं की महिमा का गुणगान किया और जगत में उन्हें सबसे महान बताते हुए माताओं की सेवा का संकल्प लिया।


कार्यक्रम में संस्थाध्यक्ष रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’, सचिव उपमेंद्र सक्सेना एड., संयोजक नत्थू लाल सदाचारी, एस. ए. हुदा सोंटा, सत्यवती सिंह ‘सत्या’, ठा.राम प्रकाश ‘ओज’, अमित मनोज, पीयूष गोयल ‘बेदिल’, मिलन कुमार ‘मिलन’, जगदीश निमिष, उमेश त्रिगुणायत, रीतेश साहनी, रजत कुमार एवं व्यास नंदन शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राज शुक्ल ‘गजल राज’ने किया।

बुलेट ट्रेन से भी तेज दौड़ेगी रैपिड रेल

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में बुलेट ट्रेन से तेज दौड़ रही दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली रैपिड रेल के पहले चरण का ट्रायल कुछ ही दिनों में होने वाला है। साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर हाई स्पीड ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। ये ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी, जो देश की पहली रीजनल ट्रेन होगी। दिल्ली से मेरठ यात्रा करने वाले यात्री लंबे समय से इस रैपिड रेल का इंतजार कर रहे हैं, जो जल्द ही खत्म होने वाला है। इसके ट्रायल की तैयारियां अब शुरू हो गई हैं। इसके लिए पहला कोच दुहाई पहुंच चुका है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के निर्धारित समय पर ट्रेन चलाने की पूरी तैयारी है। इसके तहत साहिबाबाद से दुहाई तक ट्रेन का ट्रायल इस साल मई से शुरू हो जाएगा, जबकि यात्री अगले साल से इस ट्रेन में सफर कर पाएंगे। दुहाई डिपो में एक किमी लंबे ट्रायल ट्रैक और 12 रनिंग ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है।

alstom india: Alstom hands over first Rapid Rail trainset to NCRTC - The  Economic Times

दिल्ली से मेरठ के बीच 25 स्टेशन- इस ट्रेन का निर्माण गुजरात के सवाली में किया जा रहा है। इसे बहुराष्ट्रीय कंपनी अल्स्टोम ने बनाया है। रेलवे के मुताबिक इस ट्रेन से महज 50 से 55 मिनट में दिल्ली से मेरठ की यात्रा की जा सकेगी। रेल नेटवर्क में ये देश में पहली प्रणाली है, जिसके तहत 180 किलोमीटर प्रति घंटे वाली ट्रेन पहले चरण में 100 किलोमीटर की दूरी एक घंटे में पूरा करेगी। दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ तक 82 किलोमीटर का सफर 55 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यात्रा के दौरान दिल्ली से मेरठ 25 स्टेशन तैयार किये जा रहे हैं। हर स्टेशन में 30 सेकेंड ट्रेन रुकेगी और हर 5-10 मिनट में ट्रेन मिल सकेगी।

विदित हो कि देश की पहली रैपिड रेल का रैक तैयार हो गया है। गुजरात के सावली में शनिवार को इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंपा गया। ट्रेन जल्द गाजियाबाद के दुहाई डिपो में पहुंच जाएगी। आधुनिक ट्रेन का डिजाइन हैदराबाद में तैयार किया गया, जबकि निर्माण गुजरात में चल रहा है। वर्ष के आखिर में ट्रायल शुरू हो जाएगा। एनसीआरटीसी भारत का पहला रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) विकसित कर रही है। इस तरह की पहली ट्रेन सराय काले खां गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चलेगी। गुजरात के सावली में आयोजित कार्यक्रम में आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव और एनसीआरटीसी अध्यक्ष मनोज जोशी ने एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेन के रोलआउट की प्रक्रिया की। इसके बाद निर्माण कंपनी एल्सटॉम के प्रबंध निदेशक ने रेल की चाबी अधिकारियों को सौंपी। रोलआउट के साथ ट्रेन की डिलिवरी शुरू हो गई है। एनसीआरटीसी के प्रबंधक निदेशक ने बताया कि यह ट्रेन जल्द ही गाजियाबाद के दुहाई डिपो में पहुंच जाएगी। कुछ महीने में ट्रायल रन शुरू किया जाएगा।

40 ट्रेन की डिलीवरी करेगी कंपनी-एनसीआरटीसी के अनुसार, ट्रेन निर्माण के लिए एल्सटॉम कंपनी से अनुबंध किया गया है। उसके अनुसार कंपनी 40 ट्रेन की डिलीवरी करेगी। इनमें से 10 ट्रेन तीन कोच वाली हैं, जो मेरठ मेट्रो के लिए होंगी। यह कंपनी 15 साल तक रोलिंग स्टॉक का रख रखाव करेगी। ट्रेन की विशेषता यह है कि ब्रेक लगाने पर बिजली उत्पन्न होगी। यह बिजली ट्रेन सिस्टम से वापस इलेक्ट्रिक ग्रिड में चली जाएगी।

हैदराबाद में किया गया है डिजाइन-केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव ने कहा कि रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम की योजना 2050 को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। 30 आरआरटीएस अल्ट्रा-मॉडर्न ट्रेनों को हैदराबाद में डिजाइन किया गया है।

फर्जी कोटेदार ने जमाया तालाब पर कब्जा!

बिजनौर। एक तरफ सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में तालाबों को अवैध कब्जा से मुक्त कराने में जुटी हुई है। प्रशासनिक अमला दिन रात एक किये हुए है।

वहीं एक सरकारी कर्मचारी की कृपा के चकते कक्षा पांच की फर्जी अंक तालिका के जरिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले कोटेदार ने तालाब पर कब्जा जमा लिया है।

दरअसल मामला धामपुर तहसील अंतर्गत विकास खण्ड नहटौर, ग्राम मांडू, पोस्ट बसेड़ा खुर्द का है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार असलम पुत्र असगर ने पूर्व में तालाब खसरा संख्या 315 को समाप्त कर अपना व अपने परिजनों का भवन निर्माण किया हुआ है।

यही नहीं वर्तमान में फर्जी अंकतालिका के द्वारा राशन डीलर के पद पर काबिज है। इस मामले में पूर्व में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन वह आम जनता के पैसों के द्वारा खुद को बचाता चला आ रहा है।

आरोप है कि उक्त फर्जी कोटेदार को पटवारी नितिन तोमर का वरदहस्त प्राप्त है। कई बार उनके मोबाइल नंबर 8171358109 पर कॉल के बावजूद महोदय ने फ़ोन रिसीव नहीं किया।

थक हार कर अब ग्रामीणों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है।

दो बोतल दारू क्यों नहीं चढ़ी, गृह मंत्री से शिकायत

Viral News: दो बोतल शराब पीने के बाद भी जब नहीं चढ़ा नशा, गृह मंत्री को भेजी शिकायत

पीड़ित शख्स ने बताया कि दो बोतल शराब पीने के बाद भी उसको नशा नहीं हुआ। इस बात से वो नाराज था। वह चाहता है कि ऐसी धोखाधड़ी किसी और कस्टमर के साथ नहीं हो।

उज्जैन। एक तरफ शिवराज सिंह चौहान की सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ माफिया पर बुलडोजर चलाने जैसी कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं अब मध्य प्रदेश में शराब में मिलावट की बात भी सामने आई है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक शराबी ने राज्य के गृह मंत्री को शिकायत भेजी है। वह सबूत के तौर पर आबकारी थाने में शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा।

हैरान रह गए आबकारी अधिकारी

लोकेंद्र सेठिया को आबकारी थाने में देख आबकारी अधिकारी भी हैरान रह गए। बाद में अधिकारी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने 2 बोतल शराब पी लेकिन, फिर भी उसको नशा नहीं हुआ। उसने कहा कि ये शराब कैसी है, नशा नहीं हो रहा है? ठेकेदार पानी मिलाकर दे रहे हैं; ठेकेदारों पर कार्रवाई करो।

शराबी ने की ये मांग

दरअसल, लोकेंद्र सेठिया 12 अप्रैल को देशी शराब की दो बोतल पीने के बाद आबकारी विभाग में शिकायत करने पहुंचे थे। उसने शिकायत की थी कि इसमें नशा नहीं है, इसमें तो पानी मिला हुआ है। वह सबूत के तौर पर शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा था। उसने कहा कि यकीन नहीं हो तो शराब की जांच कर लें। ठेकेदार की तरफ से की गई इस धोखाधड़ी को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करो।

साभार – राहुल सिंह राठौड़: जी न्यूज़ डेस्क

घायल को अस्पताल पहुंचाओ, 5000 रुपए ले जाओ

पुलिस के डर से लोग नहीं करते पीड़ितों की सहायता। इसी कारण केंद्र सरकार ने की है इसके लिए एक अनूठी पहल। राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को दिया जाएगा एक-एक लाख रुपए का पुरस्कार

नई दिल्ली (PTI)। पुलिस के चक्कर में कौन पड़ेगा? कहीं हम ही न फंस जाएं! अस्पताल और पुलिसवाले हमें ही परेशान करेंगे! ये कुछ ऐसे वाक्य हैं, जो सड़क पर एक्सीडेंट के बाद घायल अवस्था में पड़े दर्द से कराह रहे व्यक्ति की मदद करने से हम सभी को रोकते हैं. पुलिस और सरकारें बार-बार कहती हैं कि एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति की मदद करना मानवता की सेवा है और ऐसा करने पर आपको पुलिस परेशान नहीं करेगी. इसके बावजूद आम लोग डर के मारे घायल को अस्पताल पहुंचाने में कतराते हैं. अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इसके लिए एक अनूठी पहल की है.

सड़क मंत्रालय ने बताया कि उसने सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गंभीर चोट लगने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगारों के लिए एक खास योजना शुरू की है. मंत्रालय ने बताया कि सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 5000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और परिवहन सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि यह योजना 15 अक्टूबर 2021 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी होगी. मंत्रालय ने नेक मददगार को पुरस्कार देने की योजना’ के लिए दिशानिर्देश जारी किए.

मंत्रालय ने कहा कि इस योजना का मकसद आपात स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए आम जनता को प्रेरित करना है. नकद पुरस्कार के साथ एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. मंत्रालय ने कहा कि इस पुरस्कार के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

क्या होता है गोल्डन आवर?
स्वर्ण घंटे (गोल्डन आवर) पर बताया गया है कि मोटर वाहन अधिनियम के धारा 2 (12ए) के अनुसार स्वर्ण घंटे का मतलब वह एक घंटे का समय है, जो व्यक्ति को दर्दनाक चोट लगने के बाद का एक घंटा होता है. इस एक घंटे के दौरान घायल या घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जाता है ताकि उसकी जान बच सके या बचने की संभावना होती है.

वहीं बिजनौर के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने गुड सेमरिटन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत घायलों को निकटतम अस्पताल में पहुंचाने पर किसी भी नागरिक को 5000 रुपए का पुरस्कार दिया जाता है। सभी थाना क्षेत्रों में योजना का प्रचार-प्रसार किया गया है। बताया कि अभी तक कोई भी इसके लिये आगे नहीं आया है।

अधिकारी प्राथमिकता से करें आम नागरिक की समस्या का निस्तारण-संदीप सिंह


विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व जीरो टॉलरेन्स के आधार पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए तथा सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें- राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह

बिजनौर। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों की गुणवत्ता के प्रति अति संवेदनशील और गंभीर है और प्रयासरत है कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ प्रदेश के सभी नागरिकों को प्राप्त हो तथा शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें और यदि कार्य किया जाना सम्भव न हो तो संबंधित व्यक्ति को उसका कारण बताया जाए ताकि वह संतुष्ट हो सके।
राज्य मंत्री शाम 04ः00 बजे विकास भवन के सभागार में अपराध/कानून व्यवस्था एवं विकास कार्याें की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने सभी अधिकारियों को शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति अद्यतन रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं के गुणवत्तापरक क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाए जाने के कार्य की उच्च स्तर पर भी समीक्षा की जाएगी। अतः सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं निष्पक्षता के साथ करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन की मंशा इसके अलावा और कुछ नहीं है कि शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे।

डीएम ने उपलब्ध कराई प्रगति आख्या-
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिले में शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार में जानकारी उपलब्ध कराई और बताया कि लगभग सभी योजनाओं में जिले को सम्मानजनक स्थान प्राप्त है तथा एनआरएलएम में जिला कई वर्षाें से प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण एवं उन्हें स्वालम्बी बनाने के लिए जिले में विशिष्ठ कार्य किए जा रहे हैं, जिनके सुपरिणाम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने मंत्री से धामपुर में 100 बेड के तैयार अस्पताल के लिए चिकित्सक, मेडिकल एवं पेरा मेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए उक्त अस्पताल के संचालन से स्थानीय और आसपास के लोगों को भारी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने नगर क्षेत्र चांदपुर, किरतपुर एवं हल्दौर में जर्जर भवनों के लिए शासन से धनराशि उपलब्ध कराने तथा नजीबाबाद-बालावाली-लक्सर मार्ग पर गंगा नदी के सेतु के पहुंच मार्ग निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्याें के लिए भी शासन से आलोच्य वित्तीय वर्ष में एक मुश्त समुचित धनराशि उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य मंत्री को विश्वास दिलाते हुए कहा कि उनके द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरत पालन सुनिश्चित किया जाएगा और शासन की मंशा और भावना के अनुरूप शासकीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं को पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक बिजनौर सूची चौधरी, नहटौर ओमकुमार, बढापुर सुशांत सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, अर्थ एवं संख्या अधिकारी के साथ ही अन्य प्रशासनिक तथा जिला स्तरीय अधिकारी व भाजपा जिलाध्यक्ष मौजूद थे।

मीडिया के सवालों से विचलित हो उठे मंत्री जी! बैठक के उपरांत मंत्री द्वारा स्थानीय पत्रकार बंधुओं के साथ प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकार बंधुओं ने जनता की विभिन्न प्रकार की समस्याओं से अवगत कराया। वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र मारवाड़ी ने जनपद में बांटे जा रहे राशन में प्रति उपभोक्ता आधा किलो घटतौली का मुद्दा उठाया। वहीं संजीव शर्मा ने पूछ लिया कि उनके ग्राम धर्मनगरी में जान चौपाल कार्यक्रम के दौरान कुछ फरियादियों को दुत्कार कर भगा क्यों दिया गया? इनके अलावा अवनीश त्यागी ने नमामि गंगे व पौधरोपण कार्यक्रम में शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला उठाया। मंत्री ने पत्रकारों द्वारा अवगत कराई गई शिकायतों की जांच व कार्रवाई के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। हालांकि पत्रकार वार्ता के बीच में ही सवालों से विचलित मंत्री उठकर मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय में जा बैठे।

9 मई ही है आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की वास्तविक जन्मतिथि

महापुरुषों की जन्मतिथि को लेकर अक्सर मत-विमत और मतभेद होते आए हैं। ऐसा ही एक मतभेद हिंदी के युग प्रवर्तक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भी हिंदी पट्टी में अरसे से चला आ रहा है। कुछ विद्वानों का मानना है कि आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि 6 मई है। कुछ विद्वान 5 मई या 15 मई को भी उनकी जन्मतिथि के रूप में मान्यता देते हैं। हालांकि अधिकतर विद्वान 9 मई को ही प्रामाणिक जन्मतिथि मानते-जानते हैं। यह अलग बात है कि आज के इंटरनेटिया ज्ञानी ‘गूगल बाबा’ और ‘विकीपीडिया’ ‘कुछ’ विद्वानों की मान्यता को बल देते हुए आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि 15 मई देश और दुनिया को बताते चले जा रहे हैं। वैसे भी, माना जाता है कि इन इंटरनेटिया ज्ञानियों को वास्तविक और प्रामाणिक तिथि से कोई लेना-देना नहीं होता। जिसने जो बता दिया वह हमेशा के लिए फीड कर दिया। हालांकि, बिना छानबीन और पुख्ता आधार के गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचाना अक्षम्य अपराध है।
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर उठे विवाद के मूल में भारतीय पंचांग के अनुसार उनकी जन्मतिथि का हर जगह लिखा होना है। भारतीय पंचांग के अनुसार, आचार्य द्विवेदी का जन्म वैशाख शुक्ल चतुर्थी संवत 1921 को हुआ था। तिथि का उल्लेख स्वयं आचार्य द्विवेदी ने भी किया है। भारतीय पंचांग के अनुसार की तिथि को अंग्रेजी कैलेंडर से परिवर्तित करने को लेकर ही जन्मतिथि को लेकर भ्रम पैदा हुआ।
जन्मतिथि के विवाद के आधार के रूप में आचार्य द्विवेदी का 13 मई 1932 को प्रयागराज से प्रकाशित होने वाले पत्र ‘भारत’ में प्रकाशित आचार्य द्विवेदी का वह पत्र ही उपयोग किया जाता रहा है। यह पत्र आचार्य द्विवेदी ने “भारत” के संपादक पंडित ज्योति प्रसाद मिश्र ‘निर्मल’ को लिखा था। दरअसल, 1932 में काशी से नए निकलने वाले पाक्षिक ‘जागरण’ के प्रस्ताव पर आचार्य द्विवेदी की 68 वीं वर्षगांठ देश के कई नगरों में धूमधाम से मनाई गई थी। इस संबंध में ‘कृतज्ञता ज्ञापन’ के लिए आचार्य द्विवेदी ने स्वयं एक पत्र भारत के संपादक पंडित ज्योति प्रकाश मिश्र ‘निर्मल’ को लिखा। कहा जाता है कि इस पत्र को प्रकाशित करते समय मुद्रण की गलती से 9 मई की जगह 6 मई प्रकाशित हो गया। या बाद के वर्षों में आचार्य द्विवेदी का वह पत्र प्रकाशित करने में दूसरे पत्र या पत्रिकाओं में मुद्रण की गलती से 9 मई की जगह 6 मई टाइप हो गया। यह गलती ही आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भ्रम पैदा करने में सहायक सिद्ध हुई।
कुछ विद्वान मानते हैं कि अपने समय की महत्वपूर्ण मासिक पत्रिका सरस्वती का संपादन करते हुए 10 करोड़ हिंदी भाषा-भाषियों का साहित्यिक अनुशासन करने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर हिंदी वालों में कई मतभेद और भ्रम जानबूझकर पैदा किए गए हैं। अपने समय के कुछ विद्वानों ने अपनी बात को मनवाने के लिए ही अपनी- अपनी अंग्रेजी तिथियों पर जोर देना शुरू किया। विद्वानों की इसी अखाड़ेबाजी से हिंदी भाषा भाषी समाज में आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भ्रम बढ़ता गया और इसे दूर करने की कोशिशें न के बराबर ही हुईं। आचार्य द्विवेदी के बाद सरस्वती का संपादन का भार संभालने वाले पंडित देवी दत्त शुक्ल के पौत्र और प्रयागराज निवासी पंडित वृतशील शर्मा भी 9 मई को ही मान्यता देते हैं। आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि को लेकर उठे विवाद से वह अपने को आज तक आहत महसूस करते हैं। उनका कहना है कि आचार्य जी की जन्म तिथि से जुड़ा यह विवाद निर्मूल और अकारण है।
वर्तमान में हिंदी समालोचना के सशक्त हस्ताक्षर एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष आचार्य डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित 9 मई को ही आचार्य द्विवेदी की वास्तविक और प्रामाणिक जन्मतिथि मानते हैं। इस लेखक से उन्होंने स्वयं यह बात अधिकार पूर्वक कहीं की सब लोग 9 मई को जन्मतिथि मानने की बात पर सहमत हैं। वह कहते हैं कि आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि से जुड़े विवाद के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए उन्होंने स्वयं कई किताबों का अध्ययन किया और पाया कि 9 मई ही आचार्य द्विवेदी की प्रामाणिक जन्मतिथि है क्योंकि अपने कृतज्ञता ज्ञापन में भी उन्होंने 9 मई का ही उल्लेख किया है।
आचार्य द्विवेदी पर शोधपरक पुस्तक ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी’ लिखने वाले रायबरेली के साहित्यकार केशव प्रसाद बाजपेई की मान्यता भी 9 मई पर ही केंद्रित है। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति द्वारा पिछले 11 वर्षों से प्रकाशित की जा रही स्मारिका ‘आचार्य पथ-2021’ के अंक में प्रकाशित अपने लेख में श्री बाजपेई कहते हैं कि जन्मतिथि के विवाद के निराकरण के लिए सबसे उपयुक्त उपाय संवत 1921 के पंचांग को देखने से जुड़ा था। इस विषय में खोजबीन करने पर पता चला है कि सन 1864 में 10 मई को हिंदू पंचांग के अनुसार संवत 1921 के वैशाख मास की पंचमी तिथि थी और दिन मंगलवार था। इस दिन आदि गुरु शंकराचार्य जी की जयंती पड़ी थी। उसके अनुसार वैशाख शुक्ल चतुर्थी दिन सोमवार 9 मई 1864 को पड़ता है।
वह अपने इस लेख में लिखते हैं- ‘इस विवेचना में अंग्रेजी की तिथि 6 मई असंगत है तथा 9 मई ही संगत है। 6 मई या तो मुद्रण की भूल से पत्र में अंकित हुई है या आचार्य जी का ध्यान ही कभी इस ओर नहीं गया कि पंचांग से इसकी संगति नहीं बैठती मेरी समझ में मुद्रण की त्रुटि से ही यह भ्रम पैदा हुआ है इनसे इतर तिथियां विचारणीय ही नहीं है। अतः यह निर्णय हुआ कि आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की वास्तविक जन्मतिथि अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 9 मई 1864 है, जो हिंदू पंचांग के संवत 1921 बैशाख शुक्ल चतुर्थी दिन सोमवार से पूरी तरह मेल खाती है। एक दिन गणितीय विधि के अनुसार 9 मई 1864 को सोमवार का दिन आता है और आचार्य जी का जन्मदिन सोमवार ही है। अतः इस से भी उनकी जन्मतिथि 9 मई 1864 होनी ही पुष्टि होती है।’

इन प्रमाणों के आधार पर हिंदी भाषा भाषी समाज को खड़ी बोली हिंदी का उपहार देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्म तिथि को लेकर जानबूझ कर पैदा किए गए विवाद से बचते हुए 9 मई को ही जन्मतिथि की मान्यता देकर अपने इस महापुरुष के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करनी चाहिए।
हालांकि, महापुरुष के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन के लिए खास तिथि का कोई महत्व नहीं है। वर्ष पर्यंत हम उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते रह सकते हैं, लेकिन दिन विशेष की बात आने पर हमें अपने इस पूर्वज को 9 मई (जन्मतिथि) और 21 दिसंबर 1938 (निर्वाण तिथि) को ही याद रखना होगा।

∆ गौरव अवस्थी
रायबरेली/उन्नाव

कृषि राज्यमंत्री ने किया 100 आम उत्पादकों को मैनुअल हार्वेस्टर तथा प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण

कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने किया 100 आम उत्पादकों को मैनुअल हार्वेस्टर तथा प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण

उद्यान मंत्री ने मैंगों पैक हाउस मलिहाबाद तथा नवीन आधुनिक मण्डी स्थल का किया निरीक्षण

प्रदेश सरकार आम उत्पादकों की समस्याओं के प्रति सजग

  • लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह आज मलिहाबाद के रहमान खेड़ा स्थित उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान संस्थान में उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक विपणन संघ (हाफेड) द्वारा आयोजित कार्यक्रम तथा मण्डी परिषद की वित्तीय सहायता से आम उत्पादकों को प्रोत्साहन हेतु लखनऊ क्षेत्र के चयनित 100 आम उत्पादकों को मैनुअल मैंगो हार्वेस्टर तथा प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण किया।
  • इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आम उत्पादकों को मैंगो हार्वेस्टर एवं क्रेट्स के वितरण से जहाँ एक ओर आम की गुणवत्ता सुरक्षित होगी और आम उत्पादकों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त होगा। जिससे उनकी आय में बढ़ोत्तरी होगी।
  • उद्यान मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता युक्त निर्यातनोमुखी आम की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के उद्देश्य से आम की तुड़ाई के बाद प्रबन्धन के लिए लखनऊ क्षेत्र के 100 आम उत्पादक का चयन जिला उद्यान अधिकारी द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के वित्तीय सहयोग से निर्यात योग्य आम उत्पादन करने वाले किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम का निर्यात विदेशों में किया जा रहा है इसके लिए उन्होंने हाफेड द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की।
    श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि किसानों और व्यापारियों की समस्या को गम्भीरता से लिया जाये तथा उनका निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाये। उन्होंने आम उत्पादकों से उनकी समस्यायें एवं सुझाव मांगे हैं, ताकि उसका निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाये। उन्होंने निदेशक उद्यान को निर्देश दिये हैं कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ हर किसान को मिले तथा उनको किसी भी प्रकार की समस्या न आने पाये।
    उद्यान मंत्री को मलिहाबाद के आम उत्पादकों द्वारा अपनी समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया, जिसमें सरकारी ट्यूबेल, फल मण्डी में दुकान, मलिहाबाद में आम उत्पादकों के लिए उचित दरों की दवा की दुकानें, पैकिंग बाक्स में जी.एस.टी. कम करने, मलिहाबाद में प्रोसेसिंग युनिट लगाने के लिए अनुरोध किया। इस पर उद्यान मंत्री ने आम उत्पादकों को आश्वस्त किया कि उनकी हर समस्या को प्राथमिकता पर हल करने का प्रयास किया जायेगा।
  • इसके उपरांत उद्यान मंत्री ने मैंगों पैक हाउस, मलिहाबाद तथा आधुनिक मण्डी स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों एवं व्यापारियों की समस्या को सुना तथा विभागीय अधिकारियों को तत्काल निदान के निर्देश दिए।
    उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी परिषद की अपर निदेशक श्रीमती निधि श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मण्डी परिषद किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चला रही है जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। आम उत्पादकों के लिए उनके उत्पाद के निर्यात के लिए मैंगो पैक हाउस तैयार किया जा रहा है। इस अवसर पर उद्यान निदेशक डा0 आर.के. तोमर ने कहा कि आम उत्पादक अपने उत्पादकों पैकिंग तथा ग्रेडिंग करके भेजे जिससे उनकों उचित मूल्य प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों का चयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के माध्यम से किया गया है।
    इस कार्यक्रम में विभागीय विशेषज्ञों तथा निर्यात योग्य आम के उत्पादन हेतु आम की पूर्व एवं तुडाई उपरान्त प्रबन्धन से संबधित तकनीकि जानकारी दी गयी। इसमें गुणवत्तायुक्त पैकेंजिंग हेतु पूर्व कोरूगेटेडट बाक्स की उपयोगिता, उपलब्धता, मानक आदि के सबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी।
  • कार्यक्रम में हाफेड के सभापति नवलेश प्रताप सिंह, उपनिदेशक उद्यान डा0 वीरेन्द्र यादव, नोडल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार सुमन, जिला उद्यान अधिकारी बैजनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक तथा आम उत्पादक/किसान उपस्थित रहे।

गौरैया संरक्षण को लेकर बच्चों में दिखा उत्साह

गौरैया संरक्षण को लेकर हुई प्रतियोगिता

प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर किया सम्मानित।

लखनऊ। राजधानी में गौरैया संरक्षण को लेकर गुरुवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय बंशीगढ़ी व भरोसा में मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व अवध वन प्रभाग की ओर से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय वंशी गढ़ी की विभा शर्मा, पूर्वी शर्मा, विशाल, तुसार व उच्च प्राथमिक विद्यालय भरोसा की सोनालिका, नेहा सिंह, जाईना को प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मुहिम संचालक व पक्षी प्रेमी महेश साहू ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नन्ही गौरैया के संरक्षण के लिए हम सबको आगे आना होगा क्योंकि नन्ही गौरैया की प्रजाति पर संकट मंडरा रहा है। इस तपती गर्मी में नन्ही गौरैया व अन्य पक्षियों के लिए दाना पानी रखने व कृत्रिम घोंसले लगाने की अपील की। वहीं रेंजर शिवाकांत शर्मा ने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं दी और सभी छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई। इस मौके पर समाजसेवी हिमांशु गुप्ता, विद्यालय के प्रधानाचार्या वीरेंद्र यादव, प्रीति त्रिवेदी, वन दरोगा शिवम यादव, अमित सिंह वन रक्षक दीपक कनौजिया, मंगटू प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह लोधी सहित कई लोग मौजूद रहे।

अब आसानी से जानिए आधार की सत्यता

यूआईडीएआई ने बताए आधार की सत्यता स्थापित करने के तरीके। ऑनलाइन और ऑफलाइन की जा सकती है जांच।

नई दिल्ली (एजेंसी)। आधार कार्ड की असलियत को कैसे सत्यापित किया जाए, आमतौर पर किसी संस्‍थान के सामने सवाल तब पैदा होता है जब कोई व्‍यक्ति अपनी पहचान के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड प्रस्तुत करता है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कहा है कि आधार की सत्यता को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आसानी से इस प्रकार स्थापित किया जा सकता है:

  • ऑनलाइन माध्‍यम– आधार धारक के आयु वर्ग, लिंग, राज्य और मोबाइल के अंतिम 3 अंकों को https://myaadhaar.uidai.gov.in/verifyAadhaar पर जाकर आधार नंबर फीड करके सत्यापित किया जा सकता है।
  • ऑफलाइन माध्‍यम– प्रत्येक आधार कार्ड/ आधार पत्र/ ई आधार पर एक सुरक्षित क्यूआर कोड मुद्रित होता है जिसमें जनसांख्यिकीय विवरण (नाम, लिंग, जन्म तिथि और पता) के साथ-साथ आधार कार्ड धारक की तस्वीर भी होती है।

भले ही आधार कार्ड पर तस्‍वीर की जगह फोटोशॉप के जरिये किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर लगाकर आधार कार्ड के साथ छेड़छाड़ की गई हो लेकिन क्यूआर कोड में दी गई जानकारी सुरक्षित होती है और उससे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है क्योंकि यह यूआईडीएआई द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित है। क्यूआर कोड को प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध ‘आधार क्यूआर स्कैनर’ ऐप द्वारा पढ़ा जा सकता है।

यूआईडीएआई निवासियों के लिए अतिरिक्त जांच के तौर पर ‘आधार’ को सत्यापित करने का सुझाव देता है। उदाहरण के लिए, किसी कर्मचारी, घरेलू नौकर, ड्राइवर आदि को काम पर रखने या मकान किराये पर देते समय किरायेदार के आधार कार्ड की असलियत की जांच की जा सकती है। आम लोग भी किसी भी समय किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच के तौर पर उसके आधार को सत्यापित कर सकते हैं।

दिल्ली में बारिश के साथ पड़े ओले; मौसम हुआ सुहाना

दिल्ली में बारिश के साथ ओले पड़ने से मौसम सुहाना हो गया। साथ ही झुलसती गर्मी से लोगों को राहत भी मिली। आने वाले कुछ दिनों के लिए IMD ने संकेत दिए हैं।

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बुधवार को ओलावृष्टि और हल्की बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। नोएडा और गाजियाबाद समेत दिल्ली के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने दिल्ली में अगले तीन दिन तक बादल छाए रहने का अनुमान जतायाहै।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर-पश्चिम भारत में यह स्थिति उत्पन्न हुई है। अगले छह दिनों में पारा चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने के आसार हैं, हालांकि लू नहीं चलेगी। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक है।

इससे पहले मौसम विभाग ने कहा था कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकांश स्थानों (लोनी देहात, हिंडन एएफ स्टेशन, बहादुरगढ़, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला), नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम के आसपास के क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।

तीन युवक गंगा में डूबे, तलाश जारी

बिजनौर। बास्टा के मोहल्ला बेनियोवाला निवासी एक ही परिवार के तीन युवक गंगा नदी पर बने पुल के पास नहाते समय डूब गए। सूचना पर पुलिस व सैकड़ों लोग गंगा पर एकत्र हो गए।


जलीलपुर क्षेत्र में गंगा पुल के सहारे नहाने को उतरे बास्टा के चार युवक डूब गये। एक युवक को बचा लिया गया, जबकि तीन पानी में समा गये। डूबे युवकों की तलाश में स्थानीय गोताखोर तलाश में जूट गए।

सूचना पर पहुंची  हस्तिनापुर पुलिस व पांडव नगर पुलिस ने बचाव कार्य शुरू कर दिया।
बताया गया है कि फारूख पुत्र नसीम (18 वर्ष) वाजिद पुत्र तौला (21 वर्ष) एवं फुरकान पुत्र शामीम (17 वर्ष) मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहे थे। उसी समय ये हादसा हो गया।


इनमें से फारूख व फुरकान ‌दिल्ली में वैल्डिंग रंग पेंटर तथा वाजिद एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। तीनों आपस में तहेरे चचेरे भाई बताए गए हैं।

एक दिन पहले कोटद्वार की खोह नदी में डूबने से हुई चार की मौत

इससे एक दिन पहले उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में जिला बिजनौर के सराय नगीना निवासी चार युवकों की खोह नदी में कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग के बीच डूबकर मौत हो गई। मौके पर पहुंची कोटद्वार पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर बेस अस्पताल कोटद्वार भेज दिया।  कोटद्वार कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि घटना शाम 5 बजे कोटद्वार दुगड्डा मार्ग पर दुर्गा देवी मंदिर के समीप हुईं।

दो की हालत गंभीर
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि, आसपास के लोगों ने इसकी सूचना 112 पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने 6 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस घटना में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनके साथ दो बच्चे भी थे जो नहा नहीं रहे थे। घटना में नदीम (42) पुत्र अनीश, जेब (29) पुत्र शाहिद, गुड्डू (24) पुत्र शाहिद निवासी निकट पुलिस चौकी नगीना बिजनौर यूपी और गालिब (15) पुत्र खालिद निवासी सीसी सराय नगीना बिजनौर यूपी की मौके पर मौत हो गई।

पहले भी डूब चुके हैं लोग
वन विभाग और पुलिस लगातार खोह नदी में लोगों को नहाने और आखेट को लेकर चेतावनी जारी करते रहते हैं लेकिन लोगों पर चेतावनी का फर्क नहीं पड़ता और इस तरह के हादसे होते जाते हैं। जानकारों का मानना है कि खोह नदी में स्थान-स्थान पर भंवर हैं, जिनमें फंसकर इससे पहले भी लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

…तो फ्री राशन के बदले देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी

अगर आपके घर में है ये 6 चीजें…तो नहीं मिलेगा फ्री राशन और देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी।

ration card

नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आपने भी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई है तो आपके पास राशन कार्ड सरेंडर करने का मौका है। केन्द्र और राज्य की सरकारों द्वारा दिया जाने वाला फ्री राशन आपके लिए बंद हो सकता है।

बताया गया है कि सरकार द्वारा 27 रूपए किलो के हिसाब से गेहूं की पेनल्टी लगाई जाती है। यह पेनल्टी तब से लागू होती है, जब से आपने राशन लेना शुरू किया था। राशन कार्ड बनवाने के नियमों में भी रसद विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद परिवार फ्री राशन ले रहा है तो आपको जेल भी हो सकती है।


इन परिस्थितयों में राशन कार्ड को करें सरेंडर
-गरीबी रेखा के मापदंडों में नहीं आने पर
-घर में तमाम सुख सुविधा होने बावजूद भी राशन लेने पर
-परिवार का सदस्य सरकारी सेवा में होने पर
-पारिवारिक आय मासिक 3000 हजार रुपए से ज्यादा होने पर
-APL के लिए पारिवारिक आय 10 हजार रुपए मासिक से ज्यादा होने पर -एक से अधिक जगह राशन कार्ड होने पर

क्या है पूरा मामला! दरअसल वर्ष 2020 में कोरोना की शुरूआत में केन्द्र सरकार ने बहुत बड़ी संख्या में राशन कार्ड जारी किए थे। इन राशन कार्ड के जरिए लोगों को राशन, अनाज, तेल, चीनी आदि उपलब्ध करवाए गए थे। उस दौरान बहुत से अपात्र लोगों ने भी कार्ड बनवा लिए थे और योजना का गलत तरीके से लाभ उठाया था। परन्तु अब सरकार चाहती है अपात्र लोगों को इस योजना से बाहर किया जाए। इसके लिए सरकार उन सभी लोगों को अपना राशन कार्ड सरेंडर करने का अंतिम अवसर दे रही हैं। यदि अपात्र होने के बावजूद भी किसी ने राशन कार्ड सरेंडर नहीं किए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी औऱ उन्हें दिए गए राशन के बदले भुगतान की वसूली भी की जाएगी।

इन लोगों को माना गया है राशन कार्ड बनवाने के लिए अपात्र
ऐसे नागरिकों को इस योजना के लिए अपात्र माना गया है जिनके पास…


1. 100 वर्ग मीटर से अधिक का प्लॉट, मकान या फ्लैट है,
2. जिनके पास गाड़ी, ट्रैक्टर है,
3. जिनके पास एयरकंडीशनर है,
4. जिनकी गांवों में दो लाख रुपए व शहर में तीन लाख रुपए से अधिक की पारिवारिक आय है,
5. जिनके पास 5 किलोवाट की क्षमता का जनरेटर हो या,
6. जिनके पास एक या एक से अधिक हथियार के लाइसेंस हों।
उपरोक्त में से यदि एक भी वस्तु जिनके पास है, वे सभी नए नियमों के अनुसार योजना के लिए अपात्र माने गए हैं। उन लोगों के अपील की गई है कि वे अपना राशन कार्ड तहसील अथवा डीएसओ कार्यालय में सरेंडर कर दें। बाद में यदि जांच में उन्हें अपात्र पाया गया तो उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
केवल इनको मिल सकेगा Ration Card
1. ऐसे सभी परिवार जिनके पास खुद का पक्का मकान नहीं है या झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं।
2. भीख मांगने वाले
3. दिहाड़ी मजदूर या कामगार
4. घरेलू काम-काज कर अपनी आजीविका चलाने वाले श्रमिक
5. ड्राईवर तथा कुली व बोझा उठाने वाले श्रमिक
6. भूमिहीन किसान
7. कूड़ा-करकट बीनने वाले
8. राज्य सरकार द्वारा चिन्हित पात्र परिवार
9. वर्ष 2011 में हुई आर्थिक जनगणना में चिन्हित किए गए गरीब परिवार

व्हाट्सएप्प ने लगाया 14 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध

नई दिल्ली (एजेंसी)। मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने मार्च के महीने में भारत में 18 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया है। सोमवार को कंपनी ने कहा कि नए आईटी नियम 2021 का अनुपालन करते हुए प्लेटफॉर्म ने फरवरी में देश में ऐसे 14 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया था। उसे देश से उसी महीने में 597 शिकायत रिपोर्ट भी मिलीं, और ‘कार्रवाई’ वाले 74 खाते थे।

Big blow to WhatsApp users, company banned more than 30 lakh accounts

व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, आईटी नियम 2021 के अनुसार, हमने मार्च 2022 महीने के लिए अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस उपयोगकर्ता-सुरक्षा रिपोर्ट में उपयोगकर्ता की शिकायतों का विवरण और व्हाट्सएप द्वारा की गई संबंधित कार्रवाई के साथ-साथ व्हाट्सएप की स्वयं की निवारक कार्रवाइयां शामिल हैं। प्रवक्ता ने कहा, व्हाट्सएप ने मार्च महीने में 1.8 मिलियन (1,805,000) से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया। 

अब जितने किलोमीटर, उतना ही टोल टैक्स

नई दिल्ली (एजेंसी)। टैक्स वसूलने के लिए अब सरकार नया हाईटेक सिस्टम लाने की तैयारी में है। इसके बाद फास्टैग सिस्टम को खत्म कर दिया जाएगा। नया सिस्टम सेटेलाइट नेविगेशन सिस्टम पर आधारित होगा।

किलोमीटर के हिसाब से लगेगा पैसा
सूत्रों के मुताबिक नए सिस्टम पर काम शुरू हो गया है और इसका पायलट प्रोजेक्ट भी लॉन्च हो चुका है। इसे हरी झंडी मिलते ही फास्टैग की जगह पर नेविगेशन सिस्टम से टोल वसूली का काम शुरू कर दिया जाएगा। नए सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से या तय की गई दूरी के हिसाब से टोल टैक्स लिया जाएगा। अभी फास्टैग में एक बार टोल टैक्स काटने का नियम है। अगर किसी हाइवे पर गाड़ी चलती है तो टोल प्लाजा पर एक निश्चित राशि फास्टैग अकाउंट से काट ली जाती है। इस राशि का सफर की दूरी या किलोमीटर से कोई वास्ता नहीं होता। नेविगेशन सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से पैसा लिया जाएगा। नए सिस्टम में हाइवे या एक्सप्रेसवे पर जितने किलोमीटर का सफर तय होगा, उतने किलोमीटर का टोल टैक्स देना होगा।

क्या होगा नए सिस्टम में
किसी हाईवे या एक्सप्रेसवे पर जैसे ही गाड़ी चलनी शुरू होगी, उसके टोल का मीटर ऑन हो जाएगा। अपना सफर खत्म करने के बाद गाड़ी जैसे ही हाइवे से स्लिप रोड या किसी सामान्य सड़क पर उतरेगी, तय दूरी के हिसाब से नेविगेशन सिस्टम पैसा काट लेगा। यह नया सिस्टम भी फास्टैग की तरह होगा, लेकिन पैसा उतना ही लगेगा जितना फासला तय होगा। अभी भारत में तकरीबन 97 फीसदी गाड़ियों में फास्टैग लगा है जिससे टोल वसूली होती है।   

आ गया पोस्ट ऑफिस का भी IFSC कोड ! बिना पोस्ट ऑफिस जाए, कहीं से भी भेज सकेंगे पैसे

Post Office IFSC Code – आ गया पोस्ट ऑफिस का भी IFSC कोड ! कहीं से भी भेज सकेंगे पैसे, पोस्ट ऑफिस जाने की जरुरत नहीं ! – Career Bhaskar

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Post Office IFSC Code – अगर आपका पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट है तो आपको कई बार बैंक जाना पड़ता रहा होगा, क्यूंकि पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट का IFSC कोड नहीं होता है, जिसके कारण आप NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ नहीं ले पाते है, और कोई भी काम करने के लिये आपको बार बार पोस्ट ऑफिस जाना पड़ता रहा होगा। …पर अब आपको बार बार पोस्ट ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा।

आ गया Post Office Saving Account का IFSC कोड –

जिनका भी पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट है, उन सब के लिये एक अच्छी अपडेट आई है। पोस्ट ऑफिस ने हाल ही में अपना IFSC कोड जारी किया है, यह IFSC कोड IPOS0000DOP है। पोस्ट ऑफिस ने यह एक ही IFSC कोड जारी किया है, जो सभी ब्रांच के लिये काम करेगा। पहले पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट का IFSC कोड नहीं था, जिसके कारण NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन अब IFSC कोड आ गया है, अब सभी लोग NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

Post Office Saving Account और IPPB में है अंतर

पोस्ट ऑफिस में आपके दो प्रकार के अकाउंट ओपन होते है। एक होता है Post Office Saving Account जो कि पासबुक वाला होता है, और इसे पोस्ट ऑफिस द्वारा 500 रूपये में खुलवाया जाता है। और दूसरा होता है IP (India Post Payment Bank) अकाउंट, जिसे Zero Balance के साथ भी खोला जा सकता है। इसे आप Online खुद से ही या पोस्ट ऑफिस से भी खोल सकते हैं। India Post Payment Bank में आपको पहले से NEFT/RTGS, UPI जैसी सर्विस मिलती है, पर Post Office Saving Account में आपको ये सर्विस नहीं मिलती है।

इन दिन से लागु हो जायेंगा यह IFSC कोड –

IPOS0000DOP ये जो Post Office Saving Account का IFSC कोड है, यह 1 मई 2022 के बाद में एक्टिवट होगा जबकि IPPB के IFSC कोड पहले से चल रहे हैं। यदि आप गूगल पर Post Office Saving Account का IFSC कोड सर्च करते हैं तो वहां पर आपको यह IPOS0000001 IFSC कोड दिखाई दे सकता है, तो आपको कंफ्यूज नहीं होना है, यह IFSC कोड IPPB का है, जिसका यूज आपको तब ही करना है, जब आपका अकाउंट IPPB में होता है।

IFSC कोड डालते वक्त इस बात का रखे ख्याल –

IFSC कोड को लेकर बहुत झंझट होता है, पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट और IPPB दोनों प्रकार के अकाउंट के लिये अलग अलग IFSC कोड है, यदि आप पोस्ट ऑफिस के खाता नंबर में IPPB का IFSC कोड दाल देंते हैं, तो आपका पैसा फस सकता है या आपका पैसा गलत खाते में जा सकता है। तो यदि आपका अकाउंट IPPB में है, तो वहां पर आपको IFSC Code – IPOS0000001 लगाना है, और अगर आपका अकाउंट Post Office Saving Account में है, तब आपको IPOS0000DOP IFSC कोड लगाना है।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता 22 को

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता 22 को

रायबरेली। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति में भारत और अमेरिका के बच्चों की निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई है। प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा 22 मई को ऑनलाइन कार्यक्रम में की जाएगी।


आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजू मिश्रा ने बताया कि आचार्य द्विवेदी की जयंती 9 मई के उपलक्ष में 18 वर्ष के बच्चों की यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। छात्र छात्राओं के लिए निबंध के तीन विषय निर्धारित किए गए हैं।
निर्धारित किए गए तीन विषयों-
1-आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के लेखन की वर्तमान युग में प्रासंगिकता,
2-हिंदी को युवा वर्ग में लोकप्रिय कैसे बनाया जाए
3-हिन्दी की विदेशों में गूंज; पर ही निबंध स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निबंध भेजने की अंतिम तारीख 15 मई है। अंतिम तिथि के बाद कोई भी निबंध स्वीकार नहीं किया जाएगा। निबंध प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र छात्राएं अपने निबंध गूगल फॉर्म भरते समय ही भेज सकेंगे।
समिति की  भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि पुरस्कार समारोह को भारत और अमेरिका के हिंदी के विद्वान संबोधित करेंगे। विजेता बच्चों को भी अपने निबंध पढ़ने का अवसर प्रदान किया जाएगा। 

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता

भारत व अमेरिका में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति – निबंध प्रतियोगिता का आयोजन। ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा कार्यक्रम का आयोजन।


लखनऊ। हमारी भाषा हिंदी तथा आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत एवं अमेरिका इकाई द्वारा आयोजित ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता’ में भाग लेने के लिए भारत एवं अमेरिका के 12 से 18 वर्ष की उम्र के सभी छात्रों का स्वागत है। यह जानकारी देते हुए आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी समिति अमेरिका की अध्यक्ष मंजू मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा तथा इसका लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी के फ़ेसबुक पेज से किया जाएगा।

Program Details / कार्यक्रम का समय :

21 मई, 2022 शाम 7.30 बजे PST (कैलिफ़ोर्निया समय)
22 मई, 2022 प्रात: 8.00 बजे IST (भारतीय समय)

इच्छुक प्रतिभागी इस गूगल फॅार्म में प्रतिभागिता आवेदन के साथ सूची में दिए गए विषयों में से किसी एक विषय पर 250 – 300 शब्दों का निबंध 15 मई, 2022 तक जमा कर दें। विजेताओं को पुरस्कार के साथ कार्यक्रम में अपने निबंध पढ़ कर सुनाने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा ।पुरस्कृत निबंध आचार्य पथ स्मारिका में भी प्रकाशित किए जाएंगे।


https://forms.gle/qTcWbdb7o9jm9fMTA

कार्यक्रम का आयोजन ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा तथा इसका लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी के फ़ेसबुक पेज से किया जाएगा। आवेदन करने वाले सभी प्रतिभागियों ज़ूम लिंक तथा अन्य आवश्यक सूचना ईमेल के द्वारा भेजी जाएगी।

Essay Topics / निबंध के विषय :

  1. वर्तमान समय में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के विचारों की प्रासंगिकता
  2. युवा वर्ग में हिंदी को कैसे लोकप्रिय बनाया जाए
  3. विदेशों मे हिंदी की गूंज

Competition Rules / प्रातिभागिता के नियम :

  1. निबंध भेजने की अंतिम तिथि – 15 मई, 2022
  2. आयु सीमा : 12 से 18 वर्ष
  3. शब्द सीमा 250 – 300 ( 300 शब्दों से अधिक होने पर निबंध पर विचार नहीं किया जाएगा)

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी समिति अमेरिका की अध्यक्ष मंजू मिश्रा ने अनुरोध किया है कि यह संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक प्रसारित करने में अपना सहयोग प्रदान करें।

मंदिर की रथयात्रा में करंट से 11 की मौत, 15 घायल

नई दिल्ली (एजेंसी)। तमिलनाडु के तंजावुर जिले में एक मंदिर से आज सुबह निकाले गए रथ जुलूस के दौरान करंट लगने से बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब लोग कालीमेडु के अप्पार मंदिर से निकाली गई जिस पालकी पर खड़े थे, वह एक हाई-ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आ गई।

तंजावुर पुलिस के अनुसार, कालिमेदू में अप्पार मंदिर से रथयात्रा निकाली जा रही थी। मुड़ने की जगह पर ऊपर बिछे तारों के जाल की वजह से रथ को आगे नहीं ले जाया जा सका। जैसे ही रथ को पीछे किया गया, उसका संपर्क हाई-टेंशन लाइन से हो गया और और करंट पूरे रथ पर फैल गया। घटना में कुछ बच्चों की भी जान जाने की बात सामने आई है। 

घटना में गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को तंजावुर के ही मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। करंट की चपेट में आने से रथ जलकर राख हो गया है।

PM ने जताया शोक; मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के तंजावुर जिले में हुए हादसे से बेहद दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की। घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। 

मिशन कंपाउंड के तालाब की कौन, कब लेगा सुध

बिजनौर। जिला मुख्यालय के बीचों बीच इस तालाब की सुध लेने वाला कोई नहीं है। मिशन कंपाउंड का यह तालाब बरसों से सफाई और सुंदरीकरण के लिये तरस रहा है।

चित्र में दिखाई दे रही पीले रंग की बिल्डिंग में जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी साकेन्द्र प्रताप का भी फ्लैट बताया जाता है।

मिशनरीज़ की खुद की संपत्ति बताए जाने वाले इसी तालाब के समीप भारतीय जनता पार्टी के सिंबल पर दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष बने चौधरी साकेन्द्र प्रताप का भी फ्लैट है! उन्होंने भी इसके सुंदरीकरण की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया।

मिशन कंपाउंड के तालाब में कूड़े का अंबार

मच्छर, कीड़े मकोड़े की भरमार- तालाब में गंदगी के कारण तरह-तरह के कीड़े मकोड़े, जीव जंतु तो यहां पल ही रहे हैं, वहीं मच्छर भी बहुतायत में हैं। इन मच्छरों के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।

पालिका की कूड़ा गाड़ी नहीं आती- इस तालाब में आसपास के घरों की गंदगी भी फेंकी जाती है। इसका कारण ये है कि नगर पालिका परिषद की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी इस किसी भी क्षेत्र में नहीं आती।

विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान- शासन के निर्देशों के अनुपालन में प्रत्येक वर्ष अंतर्विभागीय सहयोग से विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान संचालित होता है, लेकिन इस तालाब की सुध लेने वाला कोई नहीं।

बरसात में घरों में घुस आते हैं सांप- बरसात के दिनों में इस तालाब में रहने वाले खतरनाक कीड़े मकोड़े, सांप आदि आसपास के घरों में घुस जाते हैं। लोग सतर्क न रहें तो कभी भी बड़ी त्रासदी के आसार हैं।

मलिहाबाद पहुंचे पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा

मलिहाबाद,लखनऊ। भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा सोमवार दोपहर एक निजी कार्यक्रम मुण्डन संस्कार मे शामिल होने देवम लॉन मलिहाबाद पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के भाजपा नेताओं से भेंट कर उनकी कुशलक्षेम जानी।

वह दोपहर पाठक गंज मे अपनी बहन संध्या पाठक के घर पहुंचे। यहां पर शांतनु पाठक,  कार्तिकेय पाठक, सुमित पाठक,अनादि पाठक, राजीव तिवारी, प्रमोद पाठक आदि परिजनों के साथ मिलकर कुल देवी की पूजा अर्चना के उपरांत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।


देवम लॉन के संचालक विकास पाठक ने दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र प्रधान,  विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशू ने जोरदार स्वागत किया। 

इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सैय्यद खलील अहमद, पूर्व ब्लाक प्रमुख पति अनिल सिंह चौहान, उमाकांत गुप्ता, बबलू सिंह, विशाल पाठक, मारूफ अंसारी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं से मिलकर कुशल क्षेम जानी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत रखने की अपील की। फिर बच्चे को आशीर्वाद देकर उनका काफिला लखनऊ की तरफ निकल गया।

डंपिंग ग्राउंड में दफन किये जा रहे तेजतर्रार पुलिस अधिकारी!

फील्ड के महारथी माने जाने वाले कई पुलिस अफसरों की डंपिंग सेंटर जैसी जगहों पर विचित्र तैनाती के कई मामले हाल में सामने आये हैं जो कानून व्यवस्था को अपने एजेंडे में सर्वोच्च स्थान देने वाली सरकार के मद्देनजर बड़े विपर्यास की बानगी है। नवनीत सिकेरा की ख्याति एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में रही है। वे जाति से यादव जरूर हैं लेकिन उनकी प्रतिष्ठा इस बात के लिए है प्रोफेशनल ईमानदारी से समझौता करना किसी राग विराग के कारण उन्होंने प्रायः मंजूर नहीं किया। इसलिए अखिलेश की सरकार उनसे कुपित हो गई थी उनकी क्षमताओं और विशेषताओं का लाभ उठाने की उत्सुकता योगी सरकार में होनी तो चाहिए थी लेकिन पता नहीं क्यों इस सरकार ने केवल उन्हें भाव नहीं दिया बल्कि अभी तक वे पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध थे पर अब तो उन्हें पुलिस ट्रेनिंग स्कूल उन्नाव में एडीजी बनाकर एकदम कूड़े में फैंक दिया गया है। यही किस्सा एडीजी ज्योति नारायण के साथ किया गया। जबकि वे तो यादव भी नहीं है जो जातिगत पूर्वाग्रह के कारण इस सरकार में संदेह के शिकार बनाये जाने चाहिए थे। पर आश्चर्य जनक रूप से वे भी मौजूदा सत्ताधारियों की प्रताड़ना लिस्ट में दर्ज दिख रहे हैं।
ज्योति नारायण जहां भी जिले के पुलिस प्रमुख रहे उन्होंने पीड़ित फरियादियों के बीच मसीहा की छवि बनायी। राजनीतिक दबाव कितना भी पड़ा हो पर वे अन्याय के शिकार व्यक्ति के संरक्षण के अपने दायित्व से मुकरते नहीं थे जिससे महीना दो महीना में ही ट्रांसफर होना उनकी नियति बन गया था। एक बार तो सरकारी पक्ष के दबंगों के खिलाफ एक्शन लेने की जिद के कारण उनका फिरोजाबाद से रातों-रात तबादला कर दिया गया। यह तबादला जालौन जिले के लिए किया गया था लेकिन यहां वे कार्यभार संभाल पाते इसके पहले ही उन्हें अगले आदेश की प्रतीक्षा करने के लिए कह दिया गया। वे 24 घंटे अधर में रहे। इस बीच उन्होंने अपनी उपस्थिति को लेकर डीजीपी कार्यालय से मार्गदर्शन मांगा तो मालूम हुआ कि डीजीपी खुद ही उन्हें चार्ज लेने से रोके जाने के आदेश से अवगत नहीं हैं। किसी ईमानदार अधिकारी को जलील करने की यह पराकाष्ठा थी।
उनकी कार्यशैली की वजह से खासतौर पर सपा के समय का निजाम उनसे इस कदर नाराज था कि जब डेपूटेशन पर उन्हें एनआईए में शामिल किया जा रहा था तो तत्कालीन प्रदेश सरकार ने उनको रिलीव करने पर स्टाप लगा दिया। उन दिनों ज्योति नारायण का परिवार भी बहुत तनाव में आ गया था। उनकी पत्नी का कहना था कि हम जहां भी जाते हैं अपने सामान की पैकिंग खोल नहीं पाते कि नये तबादले का आदेश थमा दिया जाता है। खानाबदोशी की इस जिंदगी से वे तंग आ चुकी हैं इसलिए बेहतर होगा कि नौकरी छोड़कर अपने पुस्तैनी कारोबार को सेटिल करें। खुद ज्योति नारायण भी इतने मायूस थे कि पत्नी की बात मानकर आईपीएस के शानदार कैरियर के मोह को तिलांजलि देकर इस्तीफा देने की तैयारी में लग गये थे। वह तो भला हो उस समय के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का। तत्कालीन एनआईए डीजी ने व्यक्तिगत रूप से अखिलेश से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि ज्योति नारायण जैसे बेहतरीन अफसर की एनआईए को प्रभावी ढ़ंग से खड़ा करने के लिए उन्हें बेहद जरूरत है इसलिए वे ज्योति नारायण को उत्तर प्रदेश से कार्यमुक्त कर दें। अखिलेश को बात समझ में आयी और उन्होंने ज्योति नारायण को छोड़ दिया।
केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से उत्तर प्रदेश वापस आने पर पहले तो योगी सरकार ने उनके प्रोफाइल का ध्यान रखकर उन्हें बेहतर ढ़ंग से नवाजा और आईजी एलओ बना दिया कुछ समय बाद वे एडीजी के रूप में प्रोन्नत हो गये लेकिन तब तक उत्तर प्रदेश में पुलिस और प्रशासन में चल रही गिरोहबंदी के निशाने पर चढ़ जाने की वजह से उनके सितारे डगमगा चुके थे। उन्हें एडीजी यातायात और सड़क सुरक्षा बनाया गया जबकि उम्मीद की जा रही थी कि किसी महत्वपूर्ण जोन की कमान उन्हें सौंपी जायेगी क्योंकि इसके लिए उनकी उपयोगिता अधिक थी।

सरकार में हावी जातिवाद- दुर्भाग्य यह है कि इस सरकार में संवेदनशील पदों पर नियुक्तियों के मामले में जातिवाद हावी है। उदाहरण के तौर पर जेएन सिंह जैसे अफसर जोन की कमान के हकदार बने हुए हैं जिन्हें योगी की सरकार आने पर पहले लखनऊ रेंज का डीआईजी बनाया गया था पर उनसे यह जिम्मेदारी नहीं संभली, जिससे उनको हटाना पड़ गया था। उस समय प्रदेश की राजधानी में एसएसपी और आईजी जोन पुलिस की पूरी व्यवस्था को कैप्चर किये हुए थे। जोन एडीजी अभय कुमार प्रसाद थे जो अनु0जाति के थे इसलिए कोई इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष उनकी नहीं सुनता था। यह जानते हुए भी एसएसपी और आईजी जोन की नाकामी के लिए एडीजी जोन बिना बात में ही नाप दिये गये जो अभी तक ईओडब्ल्यू में दिन गुजार रहे हैं जबकि जेएन सिंह कुछ दिनों लूपलाइन में रहने के बाद फिर मुख्यधारा में वापस आ गये और आईजी के बाद एडीजी बनने पर भी उनका जलबा बरकरार है।
बहरहाल ज्योति नारायण यातायात और सड़क सुरक्षा के ही एडीजी बने रहते तो भी गनीमत थी पर जब उन्हें जालौन में एडीजी ट्रेनिंग के रूप में स्थानांतरित किये जाने का आदेश जारी हुआ तो लोगों को बहुत अटपटा लगा है। वैसे भी पुलिस के ट्रेनिंग स्कूलों में एडीजी स्तर के अधिकारियों की तैनाती का कोई औचित्य नहीं है। यह तो पुलिस में सक्षम मानव संसाधन की बर्बादी है। फिर भी अगर पीटीएस में एडीजी की तैनाती किसी नियमगत बाध्यता के कारण अपरिहार्य ही हो तो ऐसे चुके हुए अफसर इसके लिए तलाशे जाने चाहिए जिनमें काम की कोई उमंग न बची हो और ऐसे अफसरों की भी उत्तर प्रदेश में कमी नहीं है।
दरअसल ऐसा लगता है कि पुलिस सेटअप के कर्ताधर्ता के रूप में कोई काकस हावी हो गया है जिसने किसी तिकड़म से मुख्यमंत्री का भरोसा जीत रखा है और इसका गलत फायदा उठाने में कसर नहीं छोड़ रहा। यह सही है कि संगठित अपराधों पर इस सरकार ने लगभग लगाम लगा दी गई है पर रोजमर्रा के अन्याय और भ्रष्टाचार को रोकने के दायित्व को लेकर यह सरकार वीतराग हो चुकी है। जबकि खतरनाक स्थितियों के निर्माण के लिए इस तरह की अनदेखी बीज का काम करती है। पुलिस में जब रिश्वत लेने की आदत को पनपने दिया जाता है तो भले ही पहले मामला सीमित रहे पर इसके बाद अनिवार्य रूप से लालच और दुस्साहस बढ़ने की परिणति तक स्थितियां पहुंच जाती हैं। फिर बड़ी रिश्वत का लालच जहां बढ़ा वहीं पुलिस संगीन से संगीन अपराधो में सहभागी तक बनने लगती है और यहीं से माफिया तंत्र को फिर से सिर उठाने का मौका मिल जाता है। इसलिए पुलिस रूटीन में भी ईमानदार रहे इसका संकल्प सरकार में अनिवार्य रूप से होना चाहिए।


काकस चला रहा सिस्टम? मोदी-योगी युग शुरू होने के पहले हमारे लोकतंत्र की दिशा कुछ और मानी जाती थी। यह धारणा थी कि सरकार आती जाती रहेगी लेकिन ऐसी स्थिति बनाई जाये जिससे सिस्टम राजनैतिक उठा पटक से अछूता रहकर अपना काम स्थापित नियमों और परंपराओं के मुताबिक करता रहे। जोर इस बात पर था कि सिस्टम को ज्यादा से ज्यादा कारगर बनाया जाये इसके लिए समय-समय पर संस्थागत मजबूती के कदम उठाये जाते रहें। तब हमारे रोल माडल अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस आदि यूरोपीय देशो की लोकतांत्रिक व्यवस्था थी। पर आज भले ही देश की मौजूदा सरकार कम्युनिष्ट चीन से वैचारिक तौर पर विपरीत ध्रुव पर हो पर व्यवहारिक तौर पर वह उसके वन पार्टी रूल के माडल को आत्मसात करने में लगी है। प्रशासनिक नार्मस से लेकर हर चीज को इस उद्देश्य के लिए झोंका जा रहा है। इसमें सिस्टम को निरपेक्ष तौर पर मजबूत किये जाने की कोई गुंजाइश ही नहीं बची है। उत्तर प्रदेश में वह काकस जिसका केन्द्र शासन में है पुलिस सिस्टम को भी इस उद्देश का उपकरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और हावी नजर आ रहा है। इसलिए संस्थान को बाईपास करके पुलिस को संचालित करने की नई लीक शुरू की गई है। चर्चा इस बात की है कि पुलिस के मुखिया का पद अब कागजी बनाकर रखने की कोशिशें चल रही हैं जबकि विभाग का पूरा नियंत्रण कहीं और से होता है। इसी का असर है कि पुलिस में महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती के लिए संबंधित जिम्मेदारी के अनुरूप अधिकारी की रूचि व क्षमता को आधार बनाने का रिवाज ओझल कर दिया गया है आशंका है कि इसके दूरगामी नतीजे सुशासन की संकल्पना पर भारी पड़ेंगे। वैसे कहा यह भी जाता है कि यह गड़बड़ियां तभी तक चल पायेंगी जब तक सीएम योगी को वस्तुस्थिति पता नहीं चलती। जिस दिन उन्हें पता चल जायेगा कोई अपने को उनका कितना भी चहेता क्यों न समझता हो उसे निपटाने में वे देर नहीं करेंगे।

केपी सिंह, जालौन टाइम्स

बैलगाड़ी पर निकली डॉक्टर की बारात

बैतूल (एजेंसी)। आमतौर पर शादी समारोह में लोग अपनी हैसियत और ताकत का प्रदर्शन करने से नहीं चूकते, मगर मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक चिकित्सक ने अपने विवाह समारोह में सादगी की मिसाल पेश की। उसने अपनी बारात बैलगाड़ी पर निकाली। लगभग तीन किलो मीटर का सफर बैलगाड़़ी पर ही तय किया।

बैतूल के चिचोली विकास खंड का आदिवासी बाहुल्य गांव असाढ़ी है। यहां के डॉ. राजा धुर्वे की शादी थी, उन्होंने आदिवासी समाज की परंपरा और शादी सादगी से करने का फैसला लिया और बारात बैलगाड़ी से निकाली। इसके लिए बैलगाड़ी को आकर्षक रुप दिया। इस बैलगाड़ी की चमक के आगे लग्जरी कार और बग्घियां भी फीकी दिखाई दीं। डॉ राजा पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर, शिक्षक और मोटिवेशनल स्पीकर हैं।

इस मौके पर राजा धुर्वे का कहना था कि अपने सामाजिक, सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने और लोगों को महंगाई के दौर में सादा जीवन-उच्च विचार सिखाने का इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता था। उनके मुताबिक महंगाई के इस दौर में बैलगाड़ी सबसे सस्ता सुलभ और प्रदूषणमुक्त साधन है। बैलगाड़ी ग्रामीण सभ्यता संस्कृति की पहचान है। इसलिए अपनी संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए उन्होंने बैलगाड़ी पर बारात ले जाने का फैसला किया।

इस अनूठी बारात में बैलगाड़ी को खास जनजातीय, लोक-कलाओं से सजाया गया था। दूल्हे की बैलगाड़ी के पीछे चार बैलगाडियां में बच्चों और महिलाओं को बैठाया गया। बारात में जनजातीय लोक नृत्य और लोक वाद्य शामिल किए गए थे, जो आमतौर पर किसी शादी में देखने को नहीं मिलते। ग्राम असाढ़ी से बैलगाड़ी में निकले दूल्हे राजा जब तीन किलोमीटर दूर दूधिया गांव में अपनी दुल्हन को लेने पहुंचे तो लोग झूम उठे।

मुफ्त राशन लेने वाले अपात्रों से वसूली करेगी सरकार

आया राशन कार्ड का नया न‍ियम, अपात्र तुरंत करें सरेंडर वरना सरकार करेगी वसूली

Ration Card New Rule : राशन कार्ड का आया नया न‍ियम, तुरंत करें सरेंडर वरना सरकार करेगी वसूली

लॉकडाउन के दौरान स्वघोषित आय और आधार कार्ड के आधार पर ऑनलाइन राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी जिसकी आड़ में कुछ संपन्न लोगों ने भी इसके तहत राशन कार्ड बना लिए थे। अब सरकार इस पर कार्रवाई कर वसूली की योजना बना रही है। साथ ही राशन कार्ड निरस्त करने की भी योजना है।

नई दिल्ली। (एजेंसी)। कोव‍िड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई मुफ्त राशन योजना का लाभ कई अपात्र पर‍िवार भी उठा रहे हैं। ऐसी शिकायतें मिलने के बाद सरकार की तरफ से ऐसे पर‍िवारों से राशन कार्ड को सरेंडर करने की अपील की गई है।

सरकार की तरफ से कुछ शर्तों के तहत राशन कार्ड सरेंडर करने का न‍ियम बनाया गया है। इन न‍ियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है और आपसे वसूली हो सकती है। इतना ही नहीं आपके ख‍िलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

पात्र कार्ड धारकों को नहीं म‍िल पा रहा राशन

दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने गरीब परिवारों को मुफ्त राशन देना शुरू क‍िया था। सरकार की तरफ से शुरू की गई यह व्‍यवस्‍था गरीब पर‍िवारों के ल‍िए अभी तक लागू है। इस बीच सरकार की जानकारी में आया है क‍ि कई राशन कार्ड धारक, इसके योग्‍य ही नहीं हैं और वे फ्री राशन का लाभ उठा रहे हैं। वहीं योजना के पात्र कई कार्ड धारकों को इसका फायदा नहीं म‍िल पा रहा है।

जांच के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

अब अध‍िकार‍ियों के माध्‍यम से अपात्र लोगों से तुरंत राशन कार्ड सरेंडर करने के ल‍िए कहा जा रहा है। अगर कोई अपात्र व्‍यक्‍त‍ि राशन कार्ड सरेंडर नहीं करता है तो जांच के बाद उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

होगी वसूली

यद‍ि राशन कार्ड को सरेंडर नहीं किया जाता है तो ऐसे लोगों का कार्ड जांच के बाद रद्द कर द‍िया जाएगा। साथ ही उस परिवार के ख‍िलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं जब से वह राशन ले रहा है, तब से राशन की वसूली भी की जाएगी।

सरकारी राशन के ल‍िए अपात्र लोग

मोटरकार, ट्रैक्टर, एसी, हार्वेस्टर, पांच केवी या अधिक क्षमता का जनरेटर, 100 वर्ग मीटर का प्लाट या मकान, पांच एकड़ से अधिक जमीन, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस, आयकरदाता, ग्रामीण क्षेत्र में परिवार की आय 2 लाख प्रतिवर्ष और शहरी क्षेत्र में 3 लाख रुपए प्रतिवर्ष वाले परिवार योजना के लिए अपात्र हैं। ऐसे लोगों को अपना राशन कार्ड तहसील और डीएसओ कार्यालय में सरेंडर करना होगा।

लोगों से अपील

कई राज्‍यों में पात्र लोगों का राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है। ऐसे में सरकार की तरफ से लोगों से अपील की गई है कि अपात्र लोग राशन कार्ड को सरेंडर कर दें, ताकि गरीब परिवारों का कार्ड बनाया जा सके। राशन कार्ड सरेंडर नहीं करने पर ऐसे लोगों के ख‍िलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

बिजनौर में कारगर होगा अवैध टैक्सी व बसों के खिलाफ अभियान?

बिजनौर। जिले भर में अवैध रूप से टैक्सी व बसों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। संबंधित विभाग की हीलाहवाली के चलते शासन को लाखों के राजस्व की क्षति प्रतिमाह हो रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जनपद मुख्यालय सहित धामपुर, नजीबाबाद, चांदपुर, अफजलगढ़, शेरकोट, नूरपूर आदि लगभग सभी स्थानों पर अवैध वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। संबंधित अधिकारियों के इस ओर ध्यान न देने से यात्रियों की जान से भी खिलवाड़ हो रहा है। बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से ही दिल्ली को जाने वाले अवैध वाहनों की भरमार है। धामपुर क्षेत्र से आने-जाने वली कई लक्ज़री बसों का गंतव्य देश की राजधानी दिल्ली है। रोजाना हजारों सवारियों को ढ़ोने वाले इन लोगों पर एक प्रभावशाली नेता का वरदहस्त बताया जाता है। इसी तरह चौपहिया वाहनों की भी संख्या कम नहीं है। बताया गया है कि अवैध टैक्सियों के संचालन में थाना कोतवाली शहर के कुछ पुलिस कर्मियों की सांठगांठ है। यहां भी नेतागिरी जिंदाबाद है। महीना बांध कर ये धंधा कराया जा रहा है। वर्तमान में हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के दो लोगों ने इस धंधे की कमान संभाल रखी है। शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन का कोई अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों लाचार है, ये बात आम व्यक्ति की समझ से परे है। ऐसे में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश परवान कैसे चढ़ सकेगा, इसमें यकीनन संदेह है।

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अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का दिया है निर्देश

गौरतलब है कि अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और पुलिस आयुक्त से कहा है कि 30 अप्रैल तक इस अभियान के परिणाम की विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं। संयुक्त रिपोर्ट के साथ एक प्रमाण पत्र भी दें कि किसी जिले में कोई भी अवैध टैक्सी, ऑटो या बस स्टैंड संचालित नहीं हो रहा है।

इलेक्ट्रिक स्कूटरों की गहन जांच कराएगी ओला वापस मंगाए 1,441 यूनिट्स

इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग की घटनाओं पर ओला गंभीर। गहन जांच को वापस मंगाए 1,441 स्कूटर

इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग की घटना: ओला ने 1,441 स्कूटर वापस मंगाए, होगी गहन जांच

नई दिल्ली (एजेंसी) इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं के मद्देनजर ओला ने अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की 1,441 यूनिट को वापस मंगाया है। कंपनी ने कहा है कि पुणे में 26 मार्च को हुई आग की घटना की जांच जारी है और प्रारंभिक मूल्यांकन में पाया गया कि यह एक अलग घटना थी।

आग लगने के सही कारण और इसमें बेहतर क्या किया जा सकता है; इसे लेकर जांच की जा रही है। ओला इलेक्ट्रिक की तरफ से कहा गया है कि इन स्कूटरों का हमारे सर्विस इंजीनियरों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इसके तहत सभी बैटरी सिस्टम, थर्मल सिस्टम के साथ-साथ सुरक्षा प्रणालियों की जांच की जाएगी। इससे पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर मेकर ओकिनावा ऑटोटेक ने भी अपने 3215 व्हीकल्स को आग लगने की घटनाओं के बाद वापस ले लिया था।

विदित हो कि हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में आग लगने की व्यापक घटनाएं हुई हैं। इसे लेकर भारत सरकार भी सख्त है और उसने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

स्मार्ट सिटी की तर्ज पर होगा गांवों का कायाकल्प: योगी

लखनऊ। स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट गांव बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना को साकार रूप देने  के लिए प्रदेश सरकार जोरदार प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम पंचायतों को हाईटेक बनाने का अभियान युद्ध स्तर पर छेड दिया गया है। योगी आदित्यनाथ रविवार को जालौन जिले के डकोर ब्लाक की पंचायत ऐरी रम्पुरा में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे।

प्रत्येक पंचायत में होगा नियमित सचिवालय

उन्होंने प्रदेश की चुनिंदा ग्राम पंचायतों के हाईटेक सुसज्जतिकरण का डिजिटल लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा ग्राम पंचायतों को विकास की धुरी के रूप में सशक्त करने की है। प्रदेश सरकार ने इसके अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियमित सचिवालय शुरू करने का खाका तैयार किया है। इसके लिए सभी पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से आच्छादित किया जाएगा ताकि पंचायत सचिवालय में निर्बाध इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हो सके। इससे ग्रामीणों को अपने सारे जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन और उन्हें प्राप्त करना संभव हो जाएगा।

प्रधानों को दिए मॉडल ग्राम पंचायत बनाने के टिप्स

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को सप्ताह में एक दिन बैठक करके  महिला सुरक्षा और सभी सरकारी योजनाओं से अवगत कराया जाना चाहिए। उन्होंने गांव के स्कूल भवनों के सुंदरीकरण, जल संरक्षण हेतु अमृत सरोवर और नौनिहालों को खुशनुमा सुविधाओं की व्यवस्था आदि के बारे में मॉडल ग्राम पंचायत बनाने को ले कर टिप्स दिए। इसके पहले योगी ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय  जिला पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से जिला पंचायत को अलंकृत किया। ऐरी रम्पुरा के युवा प्रधान ओंकार पाल को बाल मित्र ग्राम पंचायत सम्मान व कुठौंद ब्लॉक अंतर्गत कुरेपुरा कनार के प्रधान शिवदास गुप्ता को पंडित दीन दयाल उपाध्याय  ग्राम पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से नवाजा।

जूनियर से अपग्रेड होकर अब हाई स्कूल

ऐरी रमपुरा के प्रधान ओंकार पाल की मांग पर उन्होंने गांव के जूनियर हाई स्कूल को अपग्रेड करके हाई स्कूल की मान्यता देने की घोषणा की। कहा कि गांव में स्वास्थ्य व चिकित्सा की व्यवस्था के लिए प्रारंभिक तौर पर हेल्थ पोस्ट स्थापित की जाएगी, जिसे बाद में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप  में तैयार  किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा, जिले के सभी विधायक, एमएलसी रमा निरंजन  और जिला पंचायत अध्यक्ष मौजूद रहे।

शिकायत से ख़फ़ा डीलर ने बंद किया गरीबों का राशन

बिजनौर। राशन डीलर द्वारा तय मात्रा से कम मात्रा में राशन देने के सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी चान्दपुर से शिकायत करना गरीब उपभोक्ताओं को भारी पड़ा है। नाराज डीलर ने उनके कार्ड निरस्त कराने की धमकी देते हुए राशन देना बंद कर दिया है। अब मामला जिलाधिकारी के दरबार में पहुंच गया है।

मामला ग्राम महबुल्लापुर ढाकी वि०ख० जलीलपुर जिला बिजनौर का है। यहां के रहने वाले तथा सरकार द्वारा पात्र राशन प्राप्तकर्ता उपभोक्ता राशन डीलर की मनमानी का शिकार हो कर रह गए हैं। आरोप है कि गांव का अधिकृत राशन डीलर यकील अहमद सभी ग्रामवासियों को तय मात्रा से कम मात्रा में राशन देता है। यही नहीं जितना देता है वो भी तौले गये राशन से कम निकलता है। भुक्तभोगियों ने जब उक्त राशन डीलर से ऐसा करने से मना किया तो वह आगबबूला हो कर गाली गलौज व धमकाते हुए कहने लगा, लेना हो तो लो वरना राशनकार्ड ही निरस्त करा दूंगा।

ऊपर तक पहुंचाता हूं पैसा!- पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने कहा कि उन्हें तो सरकार द्वारा तय राशन ही चाहिए तो उसने कहा जो तुम से हो कर लेना, मेरी पहुंच ऊपर तक है। सब को पैसे पहुंचाता हूं, मेरा किसी से कुछ नहीं होने वाला है। इस सम्बन्ध में दिनांक  25.02.2022 को एक पत्र उपजिलाधिकारी चान्दपुर को दिया गया। उन्होंने जांच करने हेतु कुछ कर्मचारी गांव में भेजे। उन कर्मचारियों ने कहा कि पूरे गांव से लिखवा कर दो; 5-10 आदमियों की शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं होगी। आरोप यह भी है कि जांच करने पहुंचे कर्मचारी राशन डीलर के घर में आधा घंटे तक बैठे रहे और उस से हमसाज होकर कोई कार्यवाही नहीं की।

…और करो मेरी शिकायत- जब इस शिकायत का पता राशन डीलर को लगा तो उसने शिकायतकर्ताओं को राशन देने से मना कर दिया और कहा कि और करो मेरी शिकायत,  तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, जांच कर्मचारियों को भी सैट कर दिया है। इसके बाद आज तक उक्त राशन डीलर ने राशन देने से मना कर दिया और धमकाया कि वह राशनकार्ड निरस्त करवा कर ही दम लेगा। उक्त शिकायत पर उपजिलाधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी उल्टा जांच कर्मचारी राशन डीलर से हमसाज होकर गरीब पात्र उपभोक्ताओं के लिये मुसीबत पैदा कर आये।

…अब डीएम से ही आसरा- जिलाधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि वह गरीब व मजदूर वर्ग के व्यक्ति हैं तथा उनके परिवार का भरण पोषण राशन से ही चलता है; जो कि पहले तो कम मिलता था अब बिल्कुल ही मिलना बंद हो गया है। पीड़ितों ने जिले के सर्वोच्च अधिकारी से प्रार्थना की है कि उक्त राशन डीलर के विरुद्ध उचित जांच कर उनका राशन दिलाया जाए। डीएम को शिकायती पत्र भेजने वाले गरीब उपभोक्ताओं में परवेज फुरकान, सलीम हैदर, मजहर, साबिर, तसलीम फात्मा, रेशमा साईद, फुरकान, मौ० मन् कलवा खां, कल्लो, हनीफ शामिल हैं।

नियमों को ताक पर रखकर मदरसे में नियुक्तियों की तैयारी!

बिजनौर। मदरसा मिफ्ताह उल उलूम. चान्दपुर में नियमों को दरकिनार कर विभिन्न पदों पर नियुक्तियों का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में अनियमितता संबंधी जानकारी दी गई है।

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मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया गया है कि तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला बिजनौर द्वारा एक स्थानीय समाचार पत्र में दिनांक : 19.04.2022 में सहायक अध्यापक (तहतानिया). सहायक अध्यापक (फौकानिया), प्रवक्ता/मुदर्रिस, कनिष्ठ सहायक एवं प्रधानाचार्य के पदों का नियम विरूद्ध विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला- बिजनौर शासन द्वारा मान्यता एवं सहायता प्राप्त एक अल्पसंख्यक मदरसा है। उक्त मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मौ0 जीशान एवं मदरसा प्रधानाचार्य द्वारा हमसाज होकर कूटरचित एवं षड्यन्त्र रच कर उक्त मदरसे के रिक्त पदों को जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर के साथ मिल कर पदों पर नियुक्तियां करना चाह रहें है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा निस्तर समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही है, कि अब मदरसों में भी नियुक्तियां MTET उत्तीर्ण अभ्यार्थियों की ही नियमानुसार होनी है, जिससे मदरसे में अध्ययनरत छात्रों को गुणवत्ता के साथ साथ उच्चकोटि की शिक्षा प्राप्त हो सके, परन्तु मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक, प्रधानाचार्य एवं जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर आपस में मिल कर अपने सगे सम्बन्धियों को नियुक्त करना चाह रहे हैं। उक्त के अतिरिक्त विभिन्न कारणें से भी उक्त विज्ञापन निरस्त होने योग्य है। इसकी क्रमवार जानकारी देते हुए बताया कि (01) मौ० जीशान प्रबन्धक / सेकरेट्री के चुनाव से सम्बन्धित एक वाद माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबद में याचिका संख्या 10898 / 2022 के अन्तर्गत लम्बित है, जबकि नियमानुसार कोई भी अधिकारी किसी मदरसे में नियुक्ति की अनुमति तभी प्रदान करता है, जब प्रबन्धक /सेकरेट्री प्रबन्ध समिति से सम्बन्धित कोई वाद न्यायालय में लम्बित ना हो।

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(02) मदरसे में नियुक्ति से पूर्व किसी चयन समिति का गठन नही किया गया है, जबकि मदरसा नियमावली में उक्त चयन समिति के गठन का प्रावधान निहित है।

(03) शासन द्वारा नीतिगत निर्णय लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते हैं, जिससे ज्ञात हुआ, कि शासन तीन वर्षों से एक ही जिले में तैनात अधिकारियों के स्थानान्तरण की नीति घोषित करने जा रही है। जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी बिजनौर जिले में तीन वर्ष से नियुक्त हैं। आरोप है कि उक्त अधिकारी अपने स्थानान्तरण से पूर्व एक मोटी रकम एवं एक पद पर अपने परिचित की नियुक्ति के इरादे से जल्द से जल्द नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं!

(04) विज्ञापन में कनिष्ठ सहायक के एक पद पर विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है, जबकि कनिष्ठ सहायक की नियुक्ति हेतु P.E.T. परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक बनाया गया है, जबकि विज्ञापन में उक्त परीक्षा का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है। मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है, कि विज्ञापन को रद्द करने हेतु सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया जाए। शिकायती पत्र की प्रतिलिपि रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, मंडलायुक्त मुरादाबाद, जिलाधिकारी बिजनौर व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेजी गई हैं।

गौरतलब है कि मदरसा बोर्ड ने मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से योग्य शिक्षकों के चयन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एमटीईटी) लागू करने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने रजिस्ट्रार को इसका प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब मदरसों में रिक्त पदों पर भर्तियां उन्हीं अभ्यर्थियों से की जाएंगी जो एमटीईटी परीक्षा पास होंगे। वर्तमान में करीब 550 मदरसा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। एमटीईटी के लागू होने से भर्तियों में भाई-भतीजावाद के आरोप भी नहीं लगेंगे

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन कार्यकारिणी का विस्तार

लखनऊ। रविवार को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के लखनऊ जिला अध्यक्ष लवकुश यादव द्वारा यूनियन की सक्रियता को औऱ अधिक गति प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव एवं राष्ट्रीय महामंत्री अवधेश प्रताप सिंह तथा वीरेन्द्र रावत की स्वीकृति से जिले में चार जिला उपाध्यक्षों की घोषणा की गयी है। इनमें शैलेश साहू, भैया लाल यादव, मोहम्मद शोएब एवं वीरेन्द्र कुमार यादव को जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान- देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड

देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड- गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान

भोपाल। बीजेपी ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी कर ली है. बाकायदा उसका खाका भी तैयार हो चुका है। भोपाल पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक में कहा कि राम मंदिर, धारा 370 और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे पर बीजेपी को सफलता मिली है। अब कॉमन सिविल कोड को लागू कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया उत्तराखंड में कॉमन सिविल कोड पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। जंबूरी मैदान में भी अमित शाह ने कहा कि धारा 370 हो, राम मंदिर हो या फिर अन्य मामले पीएम मोदी के नेतृत्व में हमने विवादित मुद्दों को सुलझाया है। अब पूरी तरह से फोकस कॉमन सिविल कोड पर है।

क्या है कॉमन सिविल कोड
इसमें देश में शादी, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने जैसे सामाजिक मुद्दे एक समान कानून के तहत आ जाएंगे। इसमें धर्म के आधार पर कोई कोर्ट या अलग व्यवस्था नहीं होगी। संविधान के अनुच्छेद 44 के लिए संसद की सहमति जरूरी है। गौरतलब है कि आजादी से पहले हिंदुओं और मुस्लिमों के लिए अलग-अलग कानून लागू किए गए थे। बीजेपी ने इसे अपने तीन मुख्य मुद्दे में शामिल किया।

बीजेपी नेताओं को दी नसीहत
बैठक में अमित शाह ने कहा कि बड़े और जिम्मेदार नेताओं को हार के लिए जिम्मेदार माना जाएगा. इसके साथ ही 2018 के हार की समीक्षा की गई। उन्होंने पूछा कि वोट शेयर बढ़ा तो सीटें क्यों हार गए. उन्होंने कहा कि सरकार तो अच्छा काम कर रही है लेकिन संगठन के कामों का रिपोर्ट कार्ड उतना अच्छा नही है। गृह मंत्री ने कहा कि बूथ मैनेजमेंट का काम मध्यप्रदेश कर रहा है। बूथ को डिजिटल करने के साथ उनकी मॉनिटरिंग भी लगातार करते रहें। प्रदेश में जिस तरह से मंत्रिमंडल और संगठन में मनमुटाव की खबरें बाहर आती हैं, उसे लेकर भी उन्होंने सख्त हिदायत दी कि इस तरह से पार्टी का अनुशासन बिगड़ता है. सभी की जिम्मेदारी है कि पार्टी का अनुशासन बना रहे।

ई-स्कूटर की बैटरी फटने से एक की मौत

ई-स्कूटर लोगों के लिए मौत की आहट, बैटरी फटने से मैच हाहाकार, एक की मौत

विजयवाड़ा (एजेंसी)। आंध्र प्रदेश में शनिवार को एक घर में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की बैटरी फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। यह घटना शनिवार तड़के विजयवाड़ा में हुई जब शख्स ने बेडरूम में बैटरी को चार्ज पर लगा रखा था।

इस घटना में शिव कुमार, उनकी पत्नी और उनके दो बच्चे झुलस गए। उनकी चीखें सुनकर पड़ोसी उन्हें बचाने के लिए दौड़े और उन्हें अस्पताल ले गए, जहां शिव कुमार ने दम तोड़ दिया, जबकि उनकी पत्नी की हालत गंभीर बताई जा रही है। व्यक्ति ने कथित तौर पर शुक्रवार को बूम मोटर्स का कॉर्बेट 14 इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था। एक हफ्ते से भी कम समय में तेलुगू राज्यों में यह दूसरी घटना है। तेलंगाना के निजामाबाद जिले में 19 अप्रैल को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की बैटरी फटने से एक 80 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हो गए थे।

घटना उस घर में हुई जहां बैटरी चार्ज हो रही थी। इस घटना में बी. रामास्वामी की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे बी. प्रकाश और बेटी कमलाम्मा उन्हें बचाने की कोशिश में झुलस गए। बाद में उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने प्योर ईवी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्योर ईवी ने इस घटना पर गहरा खेद जताते हुए एक बयान जारी किया और कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है और उपयोगकर्ता से विवरण मांग रहा है। देश में इस तरह की कई घटनाओं ने बैटरी की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। हाल के महीनों में अलग-अलग घटनाओं में तीन प्योर ईवी स्कूटर और कुछ अन्य निर्माताओं के इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लग गई। इसके बाद कंपनी ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए रिकॉल किया है। वहीं, पिछले हफ्ते भारत के टॉप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी ओकिनावा ऑटोटेक के इलेक्ट्रिक स्कूटर में भी आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद कंपनी ने 3,000 से ज्यादा यूनिट्स को वापस बुला लिया था।

हो सकती है ईवी कंपनियों पर कार्रवाई

ईवी में आग लगने की संभावित घटनाएं हो सकती हैं, जिसको लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खराब इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। गडकरी ने एक बयान में कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेषज्ञ पैनल की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार चूक करने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी।

वन अप मोटर्स इंडिया प्रा. लि. ने चलाया यातायात जागरूकता अभियान

सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा।

लखनऊ। जैसा कि आप अवगत है कि चतुर्थ सड़क सुरक्षा सप्ताह (दिनांक 18.04.2021 से 24.04. 2022 तक) मनाया जा रहा है।

जनपद लखनऊ में सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का शुभारम्भ परिवहन मंत्री के कर कमलों द्वारा दिनांक 18-04-2022 को 1090 चौराहे पर किया गया है।

इस दौरान उनके द्वारा सप्ताह भर वृहद जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने संबंधी निर्देश दिए गए।

निर्देश का पालन करते हुए वन अप मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और वहां के सेल्स मैनेजर सौरभ सिंह व अन्य कर्मचारियों द्वारा यह अभियान बड़े ही जागरूकता पूर्वक मनाया गया।

मलिहाबाद तहसील, मिर्जागंज चौराहा, मोहान रोड, मॉल रोड और अन्य जगहों पर जनता को बैनर और जागरूकता पत्रक के मध्यम से अवगत कराया गया और उनको सुरक्षा नियमों के बारे में बताया गया ।

आरसी फाउंडेशन संस्था ने किया जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न वितरित

आर सी फाउंडेशन संस्था द्वारा जरूरतमंद लोगों को खाद्यान्न वितरण किया गया

मलिहाबाद लखनऊ। आरसी फाउंडेशन सामाजिक संस्था के द्वारा संस्थापक डॉ मानुवेंद्र प्रताप सिंह व श्रीमती पुष्पा यादव के द्वारा स्वर्गीय रमेश चंद्र यादव की तीसरी पुण्यतिथि पर मलिहाबाद के अमानीगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय, घुसौली प्राथमिक विद्यालय व मलिहाबाद प्राथमिक उपचार केंद्र पर फल, बिस्किट व कोल्ड ड्रिंक आदि जरूरत के सामान का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रुप से संस्था के संरक्षक शिव कुमार यादव, रिटायर्ड एडिशनल एसपी राहुल यादव, शशिकांत, सूर्यकांत, उज्जवल यादव, राहुल यादव प्रधान जी व संस्था से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

अब नहीं कर सकेंगे Truecaller से कॉल रिकॉर्डिंग

नई दिल्ली (एजेंसी)। मोबाइल नंबरों की पहचान कराने वाले पॉपुलर ऐप Truecaller ने कॉल रिकॉर्डिंग सर्विस बंद करने का ऐलान किया है। अब आप 11 मई से ट्रूकॉलर ऐप के माध्यम से कॉल की रिकॉर्डिंग नहीं कर पाएंगे। Truecaller ने गूगल की नई पॉलिसी के तहत यह फैसला किया है। गूगल ने 11 मई से API का एक्सेस बंद करने की बात कही है और तमाम कॉल रिकॉर्डिंग ऐप्स रिकॉर्डिंग के लिए API का ही इस्तेमाल करते रहे हैं।

गूगल के एक्शन के बाद Truecaller कॉल रिकॉर्डिंग फीचर को अपने ऐप से हटाने की बात कही है.

गूगल के इस एक्शन के बाद Truecaller कॉल रिकॉर्डिंग फीचर को अपने ऐप से हटाने की बात कही है। ट्रूकॉलर की ओर से कहा गया है कि Google की नई डेवलपर प्रोग्राम पॉलिसी के मुताबिक, अब कॉल रिकॉर्डिंग की सुविधा नहीं दे पाएंगे। ट्रूकॉलर का कहना है कि उसने यूजर्स की मांग के आधार पर सभी एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए कॉल रिकॉर्डिंग की शुरुआत की थी। ट्रूकॉलर पर कॉल रिकॉर्डिंग सभी के लिए फ्री थी।

जानिए कपूर से जुड़े टोटके

कपूर से जुड़े कुछ टोटके ऐसे हैं, जिनको करने से ग्रह दोष, वास्तु दोष दूर होते हैं। जानते हैं कपूर से जुड़े कुछ उपाय, जिनका उपयोग करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

पूजा पाठ में कपूर का उपयोग किया जाता है। कपूर से आरती करते हैं और हवन में उपयोग भी। जिस प्रकार से इसके कुछ औषधीय गुण है, वैसे ही धार्मिक महत्व भी है। कपूर से जुड़े कुछ टोटके ऐसे हैं, जिनको करने से ग्रह दोष, वास्तु दोष दूर होते हैं। पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं कपूर से जुड़े कुछ उपायों के बारे में, जिनका उपयोग करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

कपूर के टोटके
1. यदि आप अपने घर में सुबह और शाम को कपूर जलाते हैं, तो अंदर का वातावरण शुद्ध रहता है, सकारात्मकता का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियों के दूर होने से परिवार में सुख एवं शांति रहती है।

2. यदि आपके घर में किसी स्थान पर वास्तु दोष है, तो उससे दूर करने का सबसे आसान तरीका यह है कि एक कटोरी में कपूर के कुछ टुकड़े लेकर उस स्थान पर रख दें। जब कुछ दिन में वह कपूर खत्म हो जाए, तो वहां कपूर के नए टुकड़े रख दें। ऐसा करने से वास्तु दोष धीरे-धीरे दूर होने लगेगा।

3. लोगों को आपने कहते हुए सुना होगा कि उनको पितृ दोष है या कालसर्प दोष है, जिसके कारण उनकी उन्नति नहीं हो रही है। कालसर्प दोष राहु और केतु ग्रह के कारण होता है। इन दोषों से मुक्ति के लिए आप अपने घर में तीन समय सुबह, शाम और रात को कपूर जलाएं।

4. शनिवार के दिन नहाने के पानी में कपूर का तेल और चमेली के तेल की कुछ बूंदें डाल दें, फिर उससे स्नान करें। ऐसा करने से शनि दोष दूर होगा। राहु-केतु भी परेशान नहीं करेंगे।

5. धार्मिक मान्यता है कि दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के बीच तालमेल सही नहीं चल रहा है, तो अपने शयनकक्ष में कपूर रखें और उसे कुछ दिन के बाद बदलते रहें। ऐसा करने से पति और पत्नी के बीच रिश्ते सही होने लगते हैं।

6. यदि आप सोने में बुरे सपने देखते हैं या सोते वक्त डर जाते हैं, तो आपको अपने शयन कक्ष में कपूर जलाना चाहिए. इससे नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. newsdaily24 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

कोविड-19 अपडेट

कोविड-19 अपडेट

नई दिल्ली। राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक 187.46  करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। Ministry of Health and Family Welfare की ओर से उक्त जानकारी देते हुए बताया गया है कि वर्तमान में भारत में सक्रिय मरीजों की संख्या 15,079  है। सक्रिय मामलों की दर 0.04 प्रतिशत है, जबकि स्वस्थ होने की वर्तमान दर 98.75 प्रतिशत है। बीते चौबीस घंटों में 1,656 लोग स्वस्थ हुए,अब तक स्वस्थ हुए कुल लोगों की संख्या 4,25,17,724 है। पिछले 24 घंटों में 2,527 नए मामले सामने आए। दैनिक सक्रिय मामलों की दर 0.56 प्रतिशत है। साप्ताहिक सक्रिय मामलों की दर 0.50 प्रतिशत है। अब तक 83.42 करोड़ जांच की जा चुकी हैं,बीते चौबीस घंटों में 4,55,179 जांच की गई

मुलायम-अखिलेश चाहते तो जेल के बाहर होते आजम: शिवपाल

शिवपाल यादव ने जेल मे आजम खान से मुलाकात कर की अहम चर्चा

लखनऊ (एजेंसी)। एक घंटे 20 मिनट की मुलाकात के बाद सीतापुर जेल से निकले शिवपाल यादव ने अखिलेश के साथ पहली बार मुलायम सिंह यादव पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नेताजी और अखिलेश यादव चाहते तो आजम खान जेल से बाहर होते। नेताजी ने कुछ नहीं किया, लोकसभा में भी मामला नहीं उठाया। वह चाहते तो धरना कर सकते थे।

सपा के अन्य मुस्लिम नेताओं के बदले रुख और जयंत चौधरी के आजम खान के परिजनों से मुलाकात के बाद शिवपाल यादव की आजम से मुलाकात काफी अहम है। उन्होंने इस मुलाकात के बाद भविष्य में नए राजनीतिक समीकरणों की सुगबुगाहट शुरू कर दी है।
शिवपाल यादव ने साफ कहा है कि आजम साहब बड़े नेता है।

इससे पहले भी शिवपाल सिंह यादव आजम खान से मिलने सीतापुर जेल जा चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर शिवपाल हमेशा से ही मुद्दा उठाते रहे हैं। शुक्रवार की मुलाकात के बाद शिवपाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी को आजम खान के लिए आंदोलन करना चाहिए था। वह विधानसभा में सबसे सीनियर लीडर हैं, लोकसभा और राज्य सभा में भी रह चुके हैं। सपा को आजम खान की बात सुननी चाहिए थी। लेकिन सपा संघर्ष करती नहीं दिखाई दी। शिवपाल ने अखिलेश का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) के साथ आजम खान के लिए धरने पर ही बैठ जाते तो प्रधानमंत्री जरूर सुनते। पीएम नेताजी का सम्मान करते हैं। शिवपाल ने कहा कि बहुत छोटे-छोटे मुकदमे हैं।

अंतिम संस्कार में गया युवक ग॑गा में डूबा, तलाश जारी

बिजनौर। धामपुर तहसील अंतर्गत बास्टा क्षेत्र का एक युवक ग॑गा में डूब गया। वह अपने गांव की एक महिला के अन्तिम संस्कार में शामिल होने अमरोहा गया था। समाचार लिखे जाने तक पुलिस गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश में जुटी थी।

जानकारी के अनुसार गुरुवार रात ग्राम बाड़ीवाला में रामपाल सिंह की पत्नी कमला देवी (55 वर्ष) का निधन हो गया था। गांव निवासी सोमपाल सिंह सैनी (35 वर्ष) पुत्र अमर सिंह शुक्रवार को महिला के अन्तिम संस्कार में शामिल होने देवी पुरा गंगा घाट (अमरोहा) गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसी दौरान नहाते समय सोमपाल गंगा में डूब गया। साथ के लोगों ने उसे काफी तलाशा और असफल होने पर पुलिस को सूचना दी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कर रही थी। वहीं उसके साथ गए अधिकांश लोग वापस गांव पहुंच गए। परिजनों का कहना है कि सोमपाल के तीन पुत्रियां व एक पुत्र समेत भरा-पूरा परिवार है। घटना को लेकर परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

सुबह जल्दी उठाने से गुस्सा बेटे ने पिता को उतारा मौत के घाट

भोपाल। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक बेटे ने अपने पिता की इसलिए हत्या कर दी कि उसको पिता ने सुबह जल्दी उठने के लिए कह दिया। गुस्से में बेटे ने सीधे बिस्तर से उठकर अपने पिता पर एक के बाद एक चाकू से कई वार किये, जिसके बाद पिता की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया तो वहीं आरोपी बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

शिवपुरी जिले के कोतवाली थाना इलाके की न्यू शिव कॉलोनी में रामेश्वर दयाल (65 वर्ष) अपने बेटे के साथ किराए पर रहते थे। रामेश्वर दयाल का बेटा उपेंद्र शर्मा एक एजेंसी में सेल्समैन का काम करता है। बताया जा रहा है कि रामेश्वर दयाल शर्मा सुबह जल्दी उठकर पूजा पाठ का काम करते थे और इसी दिनचर्या को अपने बेटे को सिखाने का प्रयास कर रहे थे। रोज की तरह सुबह जब रामेश्वर दयाल शर्मा ने अपने बेटे को जल्दी उठाने का प्रयास किया तो उसे यह बात बुरी लगी और क्रोध में उसने चाकू उठाया और अपने पिता का गला काट दिया। पिता पर उसने एक के बाद एक चाकू से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

यह जानकारी आग की तरह पूरी कॉलोनी में फैल गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी पुत्र ने बताया कि उसका पिता रोज जल्दी सुबह उठने के लिए कहता था। वह सेल्समैन का काम करता है और दिन में बुरी तरह थक जाता है, इसलिए वह पूरी नींद लेना चाहता है, लेकिन रोज की तरह पिता उसे सुबह जल्दी उठाने का प्रयास करते थे और इसी बात से नाराज होकर उसने क्रोध में अपने पिता की हत्या कर दी।

गुरु तेग बहादुर जी के त्याग व बलिदान को नमन

गुरु तेग बहादुर अपने त्याग और बलिदान के लिए वह सही अर्थों में ‘हिन्द की चादर’ कहलाए। अपने धर्म, मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धांत की रक्षा के लिए विश्व इतिहास में जिन लोगों ने प्राणों की आहुति दी, उनमें गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अग्रिम पंक्ति में हैं।  

बिजनौर। श्री गुरु गोविंद सिंह खालसा विद्यालय खासपुरा ऊमरी में हिंद की चादर गुरु तेग बहादर जी का 400वां  प्रकाश पर्व गुरबाणी पाठ उपरांत अरदास के द्वारा मनाया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सरदार अभिषेक सिंह कोमल ने गुरु जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश धर्म की रक्षा के लिए उनके बलिदान को नमन करते हुए अपना प्रेरणास्रोत बताया।

विदित हो कि देश भर में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। गुरु तेग बहादुर सिंह एक क्रांतिकारी युग पुरुष थे और उनका जन्म वैसाख कृष्ण पंचमी को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। इस दिन को शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गुरु साहिब के इतिहास और शहादत के बारे में बताया जाता है।