धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन

धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन

बिजनौर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में मिट्टी का खनन जोरों पर है। खनन माफिया दिन-रात जेसीबी मशीन से धरती का सीना फाड़कर भराव का कारोबार कर रहे हैं और अपनी जेबे भरने में लगे इन खनन माफियाओं की ओर से शासन प्रशासन अपनी आंखें मूंदे हुए हैं जिससे इन खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। सूचना देने पर भी उच्च अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं होती है। 

राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर स्थित गांव जिक्रीवाला के समीप व भूतपुरी क्षेत्र में खनन माफिया; पुलिस व प्रशासन की मदद से खनन के कारोबार में लगे हैं। इन स्थानों पर खनन माफियाओं द्वारा प्लाटों को भरने का कार्य बेरोकटोक किया जा रहा है। यह खनन माफिया स्थानीय पुलिस से सांठगांठ कर शाम होते ही बड़ा हाइवे, डम्फर व टैक्टर ट्रालियों सहित मैदान में आ जाते हैं और रात के दस बजते ही यह लोग जेसीबी मशीन से धरती का सीना चीरते हुए रात भर खनन का कार्य करते हैं।

थाना क्षेत्र के गांव जिक्रीवाला, कासमपुरगढ़ी, आसफाबाद चमन, भूतपुरी, सुआवाला, कादराबाद सहित अनेक स्थानों पर देखा जा सकता है कि मिट्टी भराव का कार्य चल रहा है। यह खनन माफिया प्लाटों में भराव कर अपनी जेबें भरने में लगे हैं। खनन माफिया ओवर लोड वाहनों से मिट्टी ढ़ोते हैं जिसके कारण मार्ग तक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। वहीं कहीं न कहीं इन लोगों के सिर पर कुछ सफेदपोश लोगों का हाथ है।

क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी भराव कारोबार में दूसरे विधानसभा के लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए क्षेत्र के खनन माफियाओं के एक गुट ने इन लोगों का विरोध किया तो दोनों गुटों में अपना अपना वर्चस्व बनाने को लेकर कभी भी बड़ी घटना घट सकती है।

अगर पुलिस प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया तो खनन माफियाओं के दोनों गुटों में खूनी संघर्ष की संभावना दिखाई दे रही है। यदि इन खनन माफियाओं की शिकायत कोई करता भी है तो पहले तो पुलिस या विभागीय अधिकारियों द्वारा शिकायत कर्ता का नाम बताकर खनन माफियाओं को सूचना दी जाती है और खनन माफियाओं द्वारा शिकायत कर्ता को ही हड़काया जाता है। यदि फिर भी कार्रवाई करने की जिद होती है तो एक दूसरे विभाग के जिम्मे बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इतना ही नहीं उल्टे इन खनन माफियाओं तक शिकायत किये जाने की बात कहते हुए इन्हें सावधान कर अवैध रूप से चल रही मिट्टी खनन को बन्द करा दिया जाता है । कुछ घंटों बाद फिर से रात भर मिट्टी का खनन शुरू कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने डीएम से अवैध रूप से प्लाटों में भराव कर रहे खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए कारवाई किये जाने की मांग की है।