पशुओं में फैली नई बीमारी “LSD” से मचा हड़कंप

पशुओं में फैली नई बीमारी एलएसडी। लंपी स्किन डिजीज वायरस के कारण होता है गो-जातीय पशुओं में चमड़ी का रोग। पशुपालन विभाग से मांगी साढ़े तीन लाख वैक्सीन। प्रदेश के हिस्से में आ रही साढ़े 17 लाख वैक्सीन। बकरियों में पिछले कुछ वर्षों में फैली गोट पॉक्स की वैक्सीन ही रामबाण साबित होगी!

बिजनौर। जनपद में पशुओं पर नई संक्रामक बीमारी लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) का प्रकोप शुरू हो गया है। अब तक सामने आए 354 मामलों में से चार पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 45 ठीक भी हुए हैं। पशुपालन विभाग को ढाई लाख वैक्सीन की डिमांड भेजी गई है। वहीं पूरे प्रदेश के हिस्से में मात्र साढ़े 17 लाख वैक्सीन आने की संभावना है। फिलहाल इस बीमारी से बचाव व उपचार की कोई वैक्सीन ही नहीं है, बल्कि बकरियों में पिछले कुछ वर्षों में फैली गोट पॉक्स की वैक्सीन ही रामबाण साबित होगी!

एक दूसरे से दूर रखें पशु- जनपद बिजनौर में पशुओं पर नई संक्रामक बीमारी लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) का प्रकोप शुरू हो गया है। इस बीमारी के लक्षण दिखने के बाद एहतियात के तौर पर पशुओं को एक दूसरे से दूर रखना जरूरी है। क्षेत्र के किसानों को अपने पशुओं की देखभाल में सावधानी बरतनी चाहिए।

घबराएं नहीं, सावधानी बरतें पशुपालक- लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) गो-जातीय पशुओं में चमड़ी का रोग है जो लंपी स्किन डिजीज वायरस के कारण होता है। जानकारों का कहना है कि पशु पालकों को लंपी बीमारी से घबराने की नहीं, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। शासन-प्रशासन व पशुपालन विभाग की ओर से बीमारी की रोकथाम के लिए सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा है कि पशुपालक रोग प्रभावित क्षेत्र से पशु ना खरीदें। यह गौवंश और भैंसों को प्रभावित करने वाली एक संक्रामक, छूत और आर्थिक महत्व की बीमारी है। यह चमड़ी और शरीर के अन्य भागों में गांठ बनने के उपरान्त फटने से बने घावों के कारण कभी-कभी घातक भी हो सकती है।

क्या करें प्राथमिक उपचार? आमतौर पर पशुओं को बुखार आना, भूख न लगना और मुंह, नाक, थन, जननांग, मलाशय की त्वचा और श्लेष्मा झिल्ली पर गांठे बनना, दूध उत्पादन में कमी, गर्भपात, बांझपन और कभी-कभी मृत्यु इस रोग की नैदानिक अभिव्यक्तियां हैं। द्वितीयक जीवाणु संक्रमण होने से प्रभावित पशुओं की स्थिति और खराब हो जाती है। पीड़ित पशु के शरीर पर गांठे बनने के कारण इस रोग को गांठदार या ढेलेदार चमड़ी रोग भी कहा जाता है।
एलएसडी प्रभावित किसी भी पशु में लम्पी स्किन डिजीज होने पर अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से उसका इलाज कराएं। बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग कर घावों के उपचार एवं मक्खियों को दूर करने के लिए कीट विकर्षक/एंटीसेप्टिक दवा लगाएं। 

सीवीओ विजेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में 354 केस सामने आए हैं, चार पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 45 ठीक हुए हैं। जांच के लिए भेजे गए सैम्पल में से 03 पॉजिटिव हैं, जबकि 12 निगेटिव हैं। पशुपालन विभाग को ढाई लाख वैक्सीन की डिमांड भेजी गई है। इस वैक्सीन को एलएसडी प्रभावित क्षेत्रों के आसपास वाले क्षेत्र के पशुओं को लगाया जाएगा। अभी इस बीमारी की कोई वैक्सीन नहीं बनी है। बकरियों की बीमारी में कारगर वैक्सीन इस रोग के उपचार में प्रभावी है।

पर्वतीय इलाकों में भारी वर्षा के कारण बिजनौर में अलर्ट

पर्वतीय इलाकों में भारी वर्षा से हो रहा गंगा नदी में कटानलोगों को नदियों के समीप न जाने की हिदायत।

बिजनौर। पर्वतीय इलाकों में हो रही भारी वर्षा से जनपद के कई स्थानों पर गंगा नदी उफान पर है। साथ ही बड़े पैमाने पर कटान भी हो रहा है। इसे देखते हुए लोगों को गंगा के समीप न जाने की हिदायत दी गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ध्वनि विस्तार यंत्रों के जरिए ग्रामीणों को नदियों के नजदीक न जाने की हिदायत दी जा रही है। वहीं बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है।

रविवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व/प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा अरविंद सिंह और तहसीलदार अनुराग ने ग्राम कोहरपुर में गंगा के कटान का मौका मुआयना किया।
वहीं ग्राम डैबलगढ बादशाहपुर व ग्राम अकबरपुर देवीदास वाला में भी गंगा के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मौके पर पहुंच कर अपर जिलाधिकारी व तहसीलदार ने निरीक्षण कर अधीनस्थ स्टाफ व ग्रामीणों को आवश्यक निर्देश दिए।

पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश एवं भीमगोड़ा बांध से डिस्चार्ज किए 60 हजार क्यूसेक पानी की वजह से गंगा और मालन नदी उफान पर हैं। मंडावर खादर क्षेत्र व रावली-शहजापुर सहित कई गांवों का संपर्क बिजनौर मुख्यालय से टूट गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश की वजह से शुक्रवार की रात्रि से गंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ। शनिवार पूरे दिन जलस्तर में रुक-रुककर वृद्धि होती रही। मंडावर क्षेत्र के ग्राम सुक्खापुर, कुंदनपुर टीप, राजारामपुर, फतेहपुर सभाचंद, मिर्जापुर, सीमली, मीरापुर, कोहरपुर, डैबलगढ़, चाहड़वाला के जंगल से सटकर गंगा की धार बह रही है।

गंगाधरपुर में 11 हजार एचटी लाइन टूट कर घर पर गिरी दो पशुओं की झुलसकर मौत, एक पशु गंभीर रूप से घायल

बिजनौर। स्योहारा क्षेत्रान्तर्गत गंगाधरपुर में 11 हजार एचटी लाइन टूट कर घर पर गिरने से वहां बंधे दो पशु करंट की चपेट में आ गए। झुलसने से दोनों की मौत हो गई जबकि एक पशु गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। रात में ही एकत्र होकर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।

मामला थाना क्षेत्र के ग्राम गंगाधरपुर का है। गांव से बाहर घसीटा सिंह का पूरा परिवार रहता है। परिवार में कुल 13 सदस्य हैं। शुक्रवार की रात्रि लगभग 1 बजे उनके घर के ऊपर से गुजर रही 11 हजार एचटी लाइन का तार अचानक टूट कर गिर गया। घर के बाहर बंधे तीन पशु तारों की चपेट में आ गए। एक बैल और एक भैंसे की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गया। पशुओं का शोर सुनकर घर के सभी सदस्य जाग गए। तारों से निकलती चिंगारी को देखकर घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर पड़ोसियों ने मामले की सूचना सहसपुर फीडर पर दी। बिजली विभाग ने शटडाउन दिया, तब तारों से चिंगारी निकलनी बंद हुई। घटना के बाद एकत्र हुए लोगों ने पास जाकर देखा तो एक बैल और एक भैंसा करंट की चपेट आकर झुलसे वहीं मृत पड़े थे। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गईं। पुलिस कर्मियों के सामने ही ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की। इस पर पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया। पुलिस ने पशुओं के नुकसान पर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।

पशु मालिक घसीटा सिंह ने बताया कि 11 हजार एचटी लाइन टूटने से दो पशु करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गईं, जिससे उसे लगभग 80 हजार का नुकसान हुआ है। जिस समय लाइन टूट कर उनके घर पर गिरी, सभी सदस्य सो रहे थे। गनीमत रही कि पशुओं का शोर सुनकर वे लोग जाग गए और उन्होंने तारों से निकलती हुई चिंगारी को देख लिया। इसके बाद सभी सदस्य अपनी अपनी चारपाई पर ही बैठे रहे और लाइट के जाने तक चारपाई से नीचे नहीं उतरे, जिससे एक बड़ी घटना होने से बच गई।

बिजली अफसरों ने नहीं सुनी फरियाद? घरों के ऊपर से गुजरी लाइन को हटाने के लिए कई बार बिजली विभाग को सूचित किया गया है। लेकिन, इसकी कोई सुनवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासी रामकरन सिंह ने बताया कि जिस समय ये हादसा हुआ। तब वो घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर थे और मौसम खराब होने की वजह से अपने पशुओं को घटनास्थल के पास से खोल रहे थे, तभी अचानक तार टूटा और तेज चिंगारी उठी। देखते ही देखते दोनों पशुओं ने दम तोड़ दिया और वह बाल बाल बच गए। पीड़ित घसीटा सिंह ने विद्युत विभाग से मुआवजे की मांग की है।

कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को शासन से सहायता


कोविड काल में अपने माता-पिता खो चुके अनाथ बच्चों की हर संभव सहायता के लिए अभिभावक के रूप में वे स्वयं हर समय तत्पर हैं, उनकी किसी भी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बच्चों को किया आश्वस्त

बिजनौर। जिलाधिकरी उमेश मिश्रा ने कोविड काल में अपने माता-पिता खो चुके अनाथ बच्चों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी हर सहायता के लिए अभिभावक के रूप में वे स्वयं हर समय तत्पर हैं, उनकी किसी भी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा तथा उनकी हर संभव सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके भविष्य को उज्जवल और उनके जीवन को सफल बनाने के लिए पूरा देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि कोविड काल में अनाथ बच्चों के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और पालन-पोषण के लिए न केवल उनकी आर्थिक मदद की बल्कि उनके मनोबल को बढ़ाने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए उनकी काउन्सिलिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि वे बिना किसी मानिसक एवं शारीरिक बाधा के जीवन में सफलता की उॅंचाई पर पहुंच सकें।
इस अवसर पर पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के अंतर्गत एनआईसी बिजनौर में प्रधानमंत्री भारत सरकार के द्वारा ऐसे सभी बच्चे जिनके माता-पिता अर्थात एक की मृत्यू पूर्व में हो गई हो तथा दूसरे की मृत्यू 11 मार्च,20 से 31 दिसम्बर,21 के बीच कोविड से ग्रस्त होने के कारण हुई हो या कानूनी अभिभावक/दत्तक माता-पिता/एकल दत्तक माता-पिता 11 मार्च,20 से 31 दिसम्बर,21 के बीच कोविड-19 से हुई हो, ऐसे बच्चों को सभी आवश्यक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विगत 29 मई,21 को लांच की गई योजनातंर्गत जिले के 09 बच्चों को दस्तावेज प्रदान की गईं।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उक्त योजना के लाभ के हकदार बच्चों के माता-पिता दोनों या जीवित माता/पिता या कानूनी अभिभावक/दत्तक माता-पिता/एकल दत्तक माता-पिता जैसी भी स्थिति हो, की मृत्यु के दिनांक को बच्चे की आयु 18 वर्ष पूरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पी० एम० केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के अन्तर्गत अनाथ बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ, बीमा आदि हेतु रू0 10 लाख (दस लाख) की कार्पस फण्ड के रूप में सहायता प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। पी० एम० केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के अन्तर्गत जिले में कुल 09 अनाथ बच्चों को पात्रता के आधार पर लाभान्वित किया है।
जिलाधिकारी श्री मिश्रा द्वारा उक्त योजना के तहत अनाथ बच्चों को आयुष्मान भारत- प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना(आयुष्मान कार्ड) के द्वारा लाभान्वित जिसके अन्तर्गत रू० 05 लाख का स्वास्थ्य बीमा वार्षिक से लाभान्वित कराये जाने संबंधी प्रपत्र, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अन्तर्गत रू० 4 हजार प्रति माह की दर से लाभान्वित होने, रू0 10 लाख कार्पस फण्ड के रूप में पी० एम० केयर्स योजना के अन्तर्गत बच्चों के खातों में पी0 एफ0 एम० एस० के माध्यम से अन्तरित किए जाने तथा पी० एम० केयर्स योजना के अन्तर्गत कक्षा 01 से कक्षा 12 तक स्कूल जाने वाले लाभार्थी बच्चों को रू० 20000 की वार्षिक छात्रवत्ति (स्कॉलरशिप फॉर पी० एम० केयर्स फॉर चिल्ड्रेन) से प्रदान किये जाने की व्यवस्था है, जिसमें रू0 1000/प्रति माह एक वर्ष तक कुल रू0 12000/- तथा रू0 8000/- बच्चे की किताबें, वर्दी, जूते एवं शिक्षा से सम्बन्धित अन्य सामग्री दिये जाने का प्रावधान है, सम्बन्धित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।
दस्तावेज वितरण से पहले प्रधानमंत्री का संम्बोधन किया गया, जिसमें बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा गया कि हर बड़े व्यक्ति जिसका नाम इतिहास में दर्ज है, का जीवन संघर्षपूर्ण और विभिन्न कठिनाईयों से झूझते हुए गुजरा है, परन्तु उन्होंने हार नहीं मानी और जीवन में सफलता की चरम सीमा पर पहुंचे और आमलोगों के मार्गदर्शक बने। उन्होंने बच्चों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आप लोग संघर्ष करें पूरा देश आपको सहयोग, सहायता और मार्गदर्शन करने के लिए तत्पर है।
इस अवसर पर पूर्व सांसद भारतेन्द्र सिंह, जिला प्रोवेशन अधिकारी के अलावा अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत को मिलेगी भीषण गर्मी से राहत, भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली (एजेंसी)। रोजाना बढ़ती गर्मी के कहर से लोगों का घर से बाहर निकलना भी दुश्वार हो गया है। इसी बीच उत्तर भारत के लोगों के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार शनिवार को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, अगले एक से दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बूंदाबांदी से पारा नियंत्रण में रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, धूल भरी आंधी आ सकती है या 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज मानसून पूर्व बारिश में तेजी आ सकती है और यह स्थिति 24 मई तक जारी रह सकती है। इससे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।

मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण म्यांमार और उससे सटे उत्तर पश्चिमी थाईलैंड पर बना पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर भी है और यह आज पश्चिमी हिमालय तक पहुंच सकता है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

हिमाचल, दक्षिण-पश्चिम UP और उत्तर पूर्व MP में लू! स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान, केरल, बिहार के पूर्वी हिस्सों, सिक्किम और पश्चिमी असम में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है, साथ ही कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 24 घंटों के दौरान, मेघालय, असम के पश्चिमी हिस्सों, सिक्किम, केरल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

यहां हल्की बारिश संभव- बाकी पूर्वोत्तर भारत, तटीय कर्नाटक, पश्चिमी हिमालय, लक्षद्वीप और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

हवा चली 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पश्चिम बंगाल के दक्षिण हिस्से में शनिवार को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ तेज हवा चलने और बारिश होने के कारण कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। राज्य आपदा प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व बर्धमान जिले में दीवार के ढह जाने से एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि नदिया जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यहां काल बैसाखी के दौरान रवींद्र सरोवर झील में एक नौका के पलट जाने से दो लड़कों की मौत हो गई। आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद अहमद खान ने बताया कि कोलकाता में तेज आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

तीन युवक गंगा में डूबे, तलाश जारी

बिजनौर। बास्टा के मोहल्ला बेनियोवाला निवासी एक ही परिवार के तीन युवक गंगा नदी पर बने पुल के पास नहाते समय डूब गए। सूचना पर पुलिस व सैकड़ों लोग गंगा पर एकत्र हो गए।


जलीलपुर क्षेत्र में गंगा पुल के सहारे नहाने को उतरे बास्टा के चार युवक डूब गये। एक युवक को बचा लिया गया, जबकि तीन पानी में समा गये। डूबे युवकों की तलाश में स्थानीय गोताखोर तलाश में जूट गए।

सूचना पर पहुंची  हस्तिनापुर पुलिस व पांडव नगर पुलिस ने बचाव कार्य शुरू कर दिया।
बताया गया है कि फारूख पुत्र नसीम (18 वर्ष) वाजिद पुत्र तौला (21 वर्ष) एवं फुरकान पुत्र शामीम (17 वर्ष) मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहे थे। उसी समय ये हादसा हो गया।


इनमें से फारूख व फुरकान ‌दिल्ली में वैल्डिंग रंग पेंटर तथा वाजिद एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। तीनों आपस में तहेरे चचेरे भाई बताए गए हैं।

एक दिन पहले कोटद्वार की खोह नदी में डूबने से हुई चार की मौत

इससे एक दिन पहले उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में जिला बिजनौर के सराय नगीना निवासी चार युवकों की खोह नदी में कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग के बीच डूबकर मौत हो गई। मौके पर पहुंची कोटद्वार पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर बेस अस्पताल कोटद्वार भेज दिया।  कोटद्वार कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि घटना शाम 5 बजे कोटद्वार दुगड्डा मार्ग पर दुर्गा देवी मंदिर के समीप हुईं।

दो की हालत गंभीर
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि, आसपास के लोगों ने इसकी सूचना 112 पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने 6 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस घटना में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनके साथ दो बच्चे भी थे जो नहा नहीं रहे थे। घटना में नदीम (42) पुत्र अनीश, जेब (29) पुत्र शाहिद, गुड्डू (24) पुत्र शाहिद निवासी निकट पुलिस चौकी नगीना बिजनौर यूपी और गालिब (15) पुत्र खालिद निवासी सीसी सराय नगीना बिजनौर यूपी की मौके पर मौत हो गई।

पहले भी डूब चुके हैं लोग
वन विभाग और पुलिस लगातार खोह नदी में लोगों को नहाने और आखेट को लेकर चेतावनी जारी करते रहते हैं लेकिन लोगों पर चेतावनी का फर्क नहीं पड़ता और इस तरह के हादसे होते जाते हैं। जानकारों का मानना है कि खोह नदी में स्थान-स्थान पर भंवर हैं, जिनमें फंसकर इससे पहले भी लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

कोविड-19 अपडेट

कोविड-19 अपडेट

नई दिल्ली। राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक 187.46  करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। Ministry of Health and Family Welfare की ओर से उक्त जानकारी देते हुए बताया गया है कि वर्तमान में भारत में सक्रिय मरीजों की संख्या 15,079  है। सक्रिय मामलों की दर 0.04 प्रतिशत है, जबकि स्वस्थ होने की वर्तमान दर 98.75 प्रतिशत है। बीते चौबीस घंटों में 1,656 लोग स्वस्थ हुए,अब तक स्वस्थ हुए कुल लोगों की संख्या 4,25,17,724 है। पिछले 24 घंटों में 2,527 नए मामले सामने आए। दैनिक सक्रिय मामलों की दर 0.56 प्रतिशत है। साप्ताहिक सक्रिय मामलों की दर 0.50 प्रतिशत है। अब तक 83.42 करोड़ जांच की जा चुकी हैं,बीते चौबीस घंटों में 4,55,179 जांच की गई

कोरोना की चौथी लहर को लेकर संभावना?

नई दिल्ली(एजेंसी)। देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ने शुरू हो गए है। इसके बाद कोरोना की चौथी लहर को लेकर संभावना जताई जा रही है। वहीं चौथी लहर आएगी या नहीं इसके बारे में वैज्ञानिकों ने खुलासे किए है। 

आईसीएमआर के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. आर गंगाखेड़कर ने कहा कि भारत में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब वैरिएंट हैं लेकिन अभी तक कोई नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह किसी भी तरह से चौथी लहर है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया बीए 2 वैरिएंट से प्रभावित हो रही है, जो लोगों को रोज संक्रमित कर रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह कोरोना की चौथी लहर है।’ उन्होंने आगे कहा कि स्कूल-कॉलेजों के खुलने की वजह से लोग सामाजिक रूप से सक्रिय हुए हैं जिसके परिणामस्वरूप मामले बढ़ रहे हैं। मास्क पहनने की अनिवार्यता को समाप्त करना भी मामलों में तेजी आने का एक अहम कारण है।

उन्होंने आगे कहा कि लॉकडाउन में ढील देने पर मामलों में तेजी देखने को मिलेगी। जिनकी आयु अधिक है, जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है, जो संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें यह ध्यान रखने की जरूरत है कि वह सार्वजनिक स्थानों पर अगर जाते है तो मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।

दिल्ली के स्कूलों में कोरोना वायरस ने दी दस्तक

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली एनसीआर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा, गाजियाबाद के स्कूलों में बच्चे संक्रमित पाए जाने लगे हैं, वहीं अब दिल्ली के स्कूल में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दी है, इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार अब किसी भी वक्त स्कूलों में एक नए सिरे से गाइडलाइंस जारी कर सकती है। दरअसल दिल्ली के निजी स्कूलों में एक छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, इसके बाद क्लास के सभी छात्रों को छुट्टी दी गई?। दिल्ली सरकार मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और स्कूल सरकार के साथ रिपोर्ट भी साझा कर रही है।

New Delhi: Deputy CM Manish Sisodia addresses during a press conference on Himachal CM issue, in New Delhi, Thursday 07, 2022. (Photo: IANS/Anupam Gautam)


दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि, मैंने शिक्षा विभाग के लोगों को कहा है कि अभी स्कूलों की छुट्टियां हैं। इस बीच में मामलों पर नजर रखते हुए सामन्य गाइडलाइंस स्कूल के लिए जारी करें, तो कल हम गाइडलाइंस भी जारी करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, पर अभी ऐसी कोई चिंता की बात नहीं है। मरीज अस्पतालों में भर्ती नहीं हो रहे हैं, यह नया वायरस ओमिक्रॉन जैसा ही है, अभी जीनोम सीक्वेंसिंग होना बाकी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह पुराना वायरस ही है या नहीं।

राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक लगाए गए 185.70 करोड़ से अधिक टीके

राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक 185.70 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं


12-14 आयु वर्ग में 2.21 करोड़ से अधिक खुराकें लगाई गई

भारत में कोरोना के सक्रिय मामले 11,132 हैं

पिछले 24 घंटों में 1,054 नए मामले सामने आए

स्वस्थ होने की वर्तमान दर 98.76 प्रतिशत

साप्ताहिक सक्रिय मामलों की दर 0.23 प्रतिशत है।

नई दिल्ली (PIB)। भारत का कोविड-19  टीकाकरण  कवरेज  आज सुबह 7 बजे तक  अंतिम रिपोर्ट के  अनुसार 185.70 करोड़ (1,85,70,71,655) से अधिक हो गया।इस उपलब्धि को 2,24,70,964 टीकाकरण  सत्रों के जरिये प्राप्त किया गया है।

12-14 आयु वर्ग के लिए कोविड-19 टीकाकरण 16 मार्च,2022 को प्रारंभ हुआ था। अब तक 2.21 करोड़ (2,21,97,507) से अधिक किशोरों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक लगाई गई है।

लगातार गिरावट दर्ज करते हुए भारत में सक्रिय मामले आज कम होकर 11,132 रह गए। सक्रिय मामले कुल मामलों के 0.03 प्रतिशत हैं।

नतीजतन, भारत में स्वस्थ होने की दर 98.76 प्रतिशत है।पिछले 24 घंटों में 1258 रोगियों के ठीक होने के साथ  ही स्वस्थ होने वाले मरीजों (महामारी की शुरुआत के बाद से) की कुल संख्या बढ़कर 4,25,02,454हो गई है।

बीते 24 घंटे में कोरोना के 1,054 नए मामले सामने आए।पिछले 24 घंटों में कुल 4,18,345 जांच की गई हैं। भारत ने अब तक कुल 79.38 करोड़ से अधिक  (79,38,47,740) जांच की गई हैं।

साप्ताहिक और दैनिक पुष्टि वाले मामलों की दर में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है। देश में साप्ताहिक पुष्टि वाले मामलों की दर 0.23।प्रतिशत है और दैनिक रूप से पुष्टि वाले मामलों की दर भी 0.25 प्रतिशत है।

ऑरेंज अलर्ट: गर्मी ने तोड़ डाला 72 साल का रिकॉर्ड

नई दिल्ली (एजेंसी) दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत में इस समय गर्मी कहर बरपा रही है। अप्रैल के शुरूआती दिनों में ही तामपान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से बढ़ती गर्मी को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। विभाग ने कहा कि 72 साल में पहली बार दिल्ली में अप्रैल के पहले सप्ताह में इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया। आईएमडी ने रविवार को भी दिल्ली में बेहद गर्म हवा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने कहा कि यह असामान्य है कि अप्रैल के पहले 10 दिन में उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में स्थिति आगे और भयंकर हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अभी कई दिन तक गर्मी से राहत मिलने की बिलकुल भी संभावना नहीं है। 

अब कोरोना वायरस के नए XE वैरिएंट की दस्तक

कोरोना वायरस के नए XE वैरिएंट ने उड़ाए होश, भारत में मिला पहला केस

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना वायरस का कहर पिछले तीन महीनों से थमता नजर आ रहा था लेकिन एक बार फिर इसने टेंशन को बढ़ा दिया है। अभी हाल ही में कोरोना की दूसरी लहर का कारण ‘ओमीक्रॉन’ वेरिएंट पर काबू पाया ही था कि एक और नए वेरिएंट ने दस्तक दे दी है। इसके मामले भी अब सामने आने शुरू हो गए है।

जानकरी के अनुसार कोरोना वायरस के नए वैरिएंट XE का पहला केस बुधवार को मुंबई में दर्ज किया गया। इस मामले के सामने आने से ही स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। कुल 376 सैंपल में से एक मरीज में कोरोना के XE वैरिएंट के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस वैरिएंट की शुरुआत युनाइटेड किंगडम से हुई थी। गौरतलब है कि थमती रफ्तार के बाद कोरोना के पॉजिटिव मामले एक बार फिर बढ़ गए है। भारत में संक्रमित हो चुके लोगों की संख्या 4,30,30,925 से अधिक हो गई है।

हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ कर किसान की मौत

बिजनौर। बास्टा में हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ कर किसान की  मौत हो गई। क्षेत्र के ग्राम पंचायत रसूलपुर नगला निवासी चन्द्रप्रकाश मंगलवार को अपने ईख के खेत में नलाई कर रहा था। इस बीच खेत के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज  लाइन का तार अचानक टूट कर उसके शरीर पर गिर गया। घटना में किसान की मौके पर ही मौत हो गयी। जानकारी मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने सरकारी मदद के आश्वासन के बाद शव को उठने दिया। परिजनों के अनुसार किसान तीन पुत्रियां और दो पुत्र रोते बिलखते हुऐ छोड़ गया है।

कोरोनाकाल की त्रासदी पर मरहम लगाती 51 सच्चाई- हेमंत पाल 

तीसरी समीक्षा- किताब : ताकि सनद रहे  (51 कोरोना योद्धाओं की सच्ची कहानियों का संग्रहणीय दस्तावेज़) संकलन-संपादन : गौरव अवस्थी समीक्षक: श्री हेमंत पाल, स्थानीय संपादक, सुबह सवेरे, इंदौर (म.प्र.)     

कोरोना त्रासदी की पीड़ा अंतहीन है। जीवन का ये वो दौर था, जो अनसोचा और अनसमझा था। इस महामारी के सामने सारी सरकारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई, जो स्वाभाविक भी था। किसी भी शहर, गांव या कस्बे में आबादी के अनुमान से ही स्वास्थ्य सुविधाएं जुटाई जाती  है, पर कोरोना ने उन सारे अनुमानों को गलत साबित कर दिया। प्रशासन भी समझ नहीं पा रहा था कि वो कैसे व्यवस्थाएं जुटाए, दवाइयों का इंतजाम करें, मरीजों और उनके परिजनों के लिए खाने-पीने की जिम्मेदारी पूरी करे और सबसे बड़ा काम ये था कि महामारी से संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार करना।     लेकिन, ये सब हुआ, जिससे जितना हो सकता था, उसने वो सब किया। जो करने वाले थे, वे दुनिया के अलग ही लोग थे। कहते हैं कि इस धरती पर कहीं तो कोई है, जो सबकुछ संचालित कर रहा है। ईश्वर तो हर जगह प्रकट नहीं हो सकता, तो वह अपने ऐसे प्रतिरूपों को भेज देता है, जो ऐसी जिम्मेदारियां वहन कर लेते हैं, जो मनुष्य के बस से बाहर निकल जाती है। कोरोना काल में हर शहर, हर कस्बे और हर गांव में ऐसे कोरोना योद्धा अवतार की तरह सामने आए, जिन्होंने मानव धर्म का पालन किया। 

इस किताब की 51 सच्चाइयां ऐसे ही ईश्वर अवतारों का संकलन है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए संक्रमित और परेशान लोगों के लिए दवाइयां भी जुटाई, स्वास्थ्य सुविधाएं भी और उनके परिजनों के लिए खाने-पीने के इंतजाम में भी कमी नहीं आने दी। उनका ये कर्म पूरी तरह नि:स्वार्थ और सेवा का चरमोत्कर्ष था। ऐसे लोगों को उनकी सेवा भावनाओं के लिए सिर्फ धन्यवाद नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कोरोना काल में जो किया, वो बरसों नहीं, सदियों तक याद किया जाएगा। 

गौरव अवस्थी का ये किताब निकालने का प्रयास अतुलनीय है। ये अपनी तरह का अनोखा प्रयास है, जो वंदनीय है। किताब की 51 कथाओं में कोरोना योद्धाओं के योगदान को जिस तरह शब्दों में बांधा है, वो बेजोड़ है। नि:स्वार्थ भाव से किया गया उनका ये योगदान भी किसी कोरोना योद्धा से कम नहीं है। जाने-अनजाने इन कोरोना योद्धाओं के साथ गौरव अवस्थी का प्रयास तारीफ के शब्दों से कहीं बहुत विशाल है।

दुनियाभर में जब महामारी चरम पर थी, तब हम और आप घरों में बैठे थे! ऐसे में कई ऐसे लोग भी थे, जो जान की परवाह न करके दूसरों की जान बचाने, उनके लिए दवाइयों का इंतजाम करने, ऑक्सीजन का इंतजाम करने और जो सारी कोशिशों के बाद भी बच नहीं सके उनके अंतिम क्रिया कर्म में लगे थे। इन्हें किसी ने कहा नहीं था और इसके पीछे उनका कोई स्वार्थ था! जो कुछ था, वो इंसानियत और मानवीयता थी। ऐसे भी लोग थे, जिन्होंने अपने वाहनों को एम्बुलेंस बना दिया था। सिर्फ युवा ही नहीं, महिलाएं और बुजुर्ग भी जान की परवाह न करते हुए महीनों लगे रहे।      किसी ने अपनी शादी को आगे बढ़ा दिया और वो सारा पैसा मरीजों की मदद में खर्च कर दिया। कहीं सरकारी अफसरों ने अपनी सीमा से आगे जाकर जनसेवा की ताकि टूटती सांसों में जान फूंकी जा सके। उन्हें टूटते बोल्ट के कारण खत्म होती ऑक्सीजन के पीछे लोगों की जान दिखाई दे रही थी। ये सिर्फ 51 सच्चे अनुभव ही नहीं, परोपकार के 51 शिखर हैं। जब एक-एक सांस की आस टूट रही थी, तब यही लोग थे, जिन्होंने उम्मीद जगाई कि हम हैं न! ये दुनिया उतनी बुरी नहीं है, जितना समझा जाता है, वास्तव में ऐसे ही लोगों से इस दुनिया में जीवन के रंग भी हैं।

Sputnik Light की सिंगल डोज करेगी कोरोना का काम तमाम

कोरोना के खिलाफ भारत की बढ़ी ताकत। अब स्पूतनिक लाइट की सिंगल डोज से होगा काम तमाम।

Share
  • स्पूतनिक लाइट के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी
  • केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने दी जानकारी
  • कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी है प्रभावी

नई दिल्‍ली (एजेंसी)। कोरोना के खिलाफ देश में जारी टीकाकरण अभियान को अब और मजबूती मिलेगी। महामारी के खिलाफ जारी जंग में भारत को एक और टीके की ताकत मिल गई है। ड्रग्‍स कंट्रोलर जनल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सिंगल डोज स्‍पूतनिक लाइट वैक्‍सीन के इमरजेंसी इस्‍तेमाल को मंजूरी दे दी है। भारत में कोरोना के खिलाफ जारी जंग में यह 9वां टीका होगा।

स्पूतनिक लाइट के इमरजेंसी इस्तेमाल मंजूरी

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को ट्वीट कर कहा, ‘DCGI ने भारत में सिंगल डोज स्‍पूतनिक लाइट कोविड-19 वैक्‍सीन के इमरजेंसी इस्‍तेमाल की अनुमति दे दी है। यह कोविड के खिलाफ देश में लगाई जाने वाली 9वीं वैक्‍सीन है। इससे महामारी से लड़ने में देश के सामूहिक प्रयास को और ताकत मिलेगी।

कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी प्रभावी

बता दें दि स्पूतनिक लाइट सिंगल डोज़ वैक्सीन है, जिसकी सिर्फ 1 डोज़ ही कोरोना के खिलाफ प्रभावी है। स्पूतनिक लाइट की सिंगल डोज ही कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी प्रभावी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बूस्टर डोज के तौर पर भी बेहद प्रभावी है। स्पूतनिक लाइट वैक्सीन का बूस्टर डोज 6 महीने में लगाने पर ओमिक्रॉन के खिलाफ 100% प्रभावशाली साबित हुआ है।

नीट पीजी परीक्षा 2022 स्थगित, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने NEET PG 2021 Counselling के चलते NEET PG 2022 परीक्षा को स्‍थगित करने का फैसला लिया है। मंत्रालय ने कहा है कि इस वर्ष की परीक्षा 6-8 सप्‍ताह आगे के लिए टाल दी गई है। नीट पीजी 2022 परीक्षा 12 मार्च को आयोजित की जानी थी।

दरसअल, एक याचिका में राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) पीजी परीक्षा टालने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में छात्रों के एक समूह ने याचिका दायर कर यह मांग की थी। परीक्षा के आयोजन के लिए नई तिथियों के बारे में मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड की समिति 6-8 सप्ताह के बाद समीक्षा कर फैसला लेगी। 

पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के इच्छुक छात्रों ने याचिका में दावा किया था कि कई एमबीबीएस स्नातक छात्र अनिवार्य इंटर्नशिप अवधि पूरी न होने के कारण मार्च 2022 की नीट परीक्षा नहीं दे पाएंगे। इसलिए परीक्षा टाल देनी चाहिए। छह एमबीबीएस स्नातकों द्वारा दुबे लॉ चैंबर्स के माध्यम से दायर याचिका में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड को निर्धारित परीक्षा को तब तक स्थगित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी, जब तक कि पीजी परीक्षा के पात्रता नियमों में निर्धारित उम्मीदवारों की अनिवार्य इंटर्नशिप अवधि को पूरा करने जैसी विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया जाता है। 

neet pg 2022 exam: NEET PG 2022 परीक्षा को स्थगित करने की उठी मांग,  काउंसलिंग की तारीखों के साथ हो रहा टकराव - neet pg 2022 aspirants demanding  postponement of exam | Navbharat Times

याचिकाकर्ता छात्रों का कहना था कि सैकड़ों एमबीबीएस स्नातक, जिनकी इंटर्नशिप कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए लगाई गई उनकी ड्यूटी के कारण अटकी हुई थी। ऐसे सैकड़ों छात्र इस अनिवार्य इंटर्नशिप ड्यूटी को पूरी नहीं कर पाने के कारण नीट पीजी 2022 की परीक्षा में शामिल होने से चूक जाएंगे। जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। इसलिए, याचिका में परीक्षा स्थगित करने की मांग की गई है।

याचिका के जरिये नीट पीजी के सूचना बुलेटिन में दी गई शर्त, इंटर्नशिप पूरा करने के लिए 31 मई, 2022 की समय सीमा, को भी को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने 1500 उम्मीदवारों के समर्थन के साथ आग्रह किया कि वे वर्ष 2021 में कोविड ड्यूटी में थे और इसलिए उनकी इंटर्नशिप स्थगित कर दी गई थी। याचिका में 31 मई से इंटर्नशिप पूरा करने की समय-सीमा बढ़ाने और फिर परीक्षा टालने की मांग की गई है।

5 साल तक के बच्चों को टीके की अनुमति मांगी

नई दिल्ली। फाइजर ने बुधवार को अमेरिका से पांच साल तक की आयु वाले बच्चों के लिए उसके टीके को स्वीकृति देने के लिए कहा है। वाशिंगटन में फाइजर ने कहा कि इससे बेहद कम उम्र के अमेरिकी बच्चों को भी मार्च तक टीके लगाने की शुरुआत हो सकती है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए फाइजर तथा उसके सहयोगी बायोएनटेक से पूर्व नियोजित कार्यक्रम से पहले ही और वह सभी आवेदन करने के लिए कहा था।

आयुर्वेदिक धूपबत्ती के धुएं से भागेगा कोरोना

कोरोना से बचाएगा एयर वैद्य। धूप चिकित्सा पद्धति पर भारत में हुआ पहला अध्ययन। बीएचयू और एमिल फार्मास्युटिकल्स ने मिलकर किया है अध्ययन। 19 तरह की जड़ी बूटियों का अहम रोल।

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना वायरस से बचाव में धूपबत्ती अहम भूमिका निभाएगी। आयुर्वेद में वर्षों से चली आ रही धूप चिकित्सा पद्धति पर भारत में हुए दुनिया के पहले वैज्ञानिक अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है। वैज्ञानिकों ने “एयर वैद्य” की खोज की है, जो संक्रमण से बचाव के अलावा उसे प्रसारित भी नहीं होने देता।

अब कोरोना से बचाएगा एयर वैद्य, धूप चिकित्सा पद्धति पर भारत में हुआ पहला अध्ययन

एयर वैद्य एक धूप है, जिसकी सुगंध के जरिये 19 तरह की जड़ी बूटियों का सेवन दिन में दो बार कर कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। इतना ही नहीं एक पारदर्शी केबिन में बंद मक्खियों पर भी इसका परीक्षण हुआ है,, जिसमें किसी भी तरह के हानिकारक तत्व की पहचान नहीं हुई। यानी कि इंसानों के लिए एयर वैद्य को पूरी तरह से सुरक्षित पाया गया है। इस अध्ययन को बनारस हिंदू विवि (बीएचयू) और एमिल फार्मास्युटिकल्स ने मिलकर किया है। नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की क्लीनिकल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया में भी पंजीयन के बाद यह अध्ययन दो समूह में किया गया।

बीएचयू के वरिष्ठ डॉ. केआरसी रेड्डी ने बताया कि 19 जड़ी-बूटियों से खोजा गया एयर वैद्य एक हर्बल धूप (एवीएचडी) के रुप में है। हाल ही में इस पर दूसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल पूरा हुआ है। दो अलग अलग समूह में हुए इस अध्ययन में पता चला है कि दिन में दो बार इसके इस्तेमाल करने पर कोरोना संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।

एक सवाल पर डॉ. रेड्डी ने बताया कि एक समूह में 100 और दूसरे समूह में 150 यानी 250 लोगों को इस अध्ययन में शामिल किया गया। एक समूह को एयर वैद्य की धूप चिकित्सा सुबह-शाम दी गई। दूसरे समूह के लोगों को यह चिकित्सा नहीं दी गई। 30 दिन तक यह प्रक्रिया अपनाने के बाद जब कोविड जांच हुई तो पता चला कि जिन्होंने एयर वैद्य का इस्तेमाल नहीं किया उनमें 37 फीसदी लोग संक्रमित मिले। जबकि जिन्होंने इसका इस्तेमाल किया उनमें महज चार फीसदी संक्रमित मिले। एयर वैद्य की वजह से इनमें से किसी भी रोगी में लक्षण विकसित नहीं हुआ।

एमिल फार्मास्युटिकल के कार्यकारी निदेशक डॉ. संचित शर्मा ने बताया कि राल, नीम, वासा, अजवाइन, हल्दी, लेमन ग्रास और वच सहित 19 जड़ी बूटियों पर अध्ययन हुआ है। इस दौरान एयर वैद्य में चार किस्म के औषधीय गुण वायरस रोधी होना, सूजनरोधी होना, सूक्ष्मजीव रोधी और प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत करना शामिल हैं। डॉ. रेड्डी का कहना है कि यही चारों गुण कोरोना वायरस के खिलाफ बचाव में कार्य करते हैं।

14 फरवरी तक बंद रहेंगे स्कूल!

बोर्ड के अलावा दूसरी परीक्षाओं पर संशय, केस घटे तो तीसरे सप्ताह तक दोबारा खुल सकते हैं स्कूल

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में 30 जनवरी तक शहरी इलाकों में स्कूल बंद हैं। इधर, प्रदेश में लगातार कोरोना के केस और मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में 31 जनवरी के बाद स्कूलों के खुलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि 14 फरवरी के बाद केस कम हुए तो स्कूल खुलने की संभावना बन सकती है। हालांकि शिक्षा विभाग ने स्कूल खोलने या नहीं खोलने को लेकर राज्य सरकार को किसी तरह का प्रस्ताव फिलहाल नहीं भेजा है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि स्कूल खुलने का निर्णय लेने में समय लगेगा। इस बीच परीक्षाओं को लेकर संशय बना हुआ है। दरअसल, स्कूल खोलने या नहीं खोलने का फैसला शिक्षा विभाग के बजाय हेल्थ डिपार्टमेंट करेगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही स्कूल खुल सकते हैं। आज की स्थिति में उम्मीद नहीं है कि हेल्थ डिपार्टमेंट ऐसी कोई स्वीकृति देगा। बुधवार को ही राज्य के 33 में से सिर्फ छह जिलों में कोविड पॉजिटिव की संख्या सौ से कम है। बाकी 27 जिलों में कोरोना पॉजिटिव केस का प्रतिदिन का आंकड़ा सौ से ज्यादा है। तीन जिलों में तो यह हजार से ज्यादा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि फरवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक ही स्कूल खुलने की संभावना बन सकती है।

परीक्षा को लेकर भी संशय
कोविड के चलते फरवरी में भी स्कूल नहीं खुले तो गैर बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं भी खतरे में पड़ सकती हैं। शिक्षा विभाग इन विकल्पों पर विचार कर रहा है कि किस तरह स्टूडेंट्स की मार्किंग की जा सकती है। हाफ इयरली एग्जाम तक के मार्क्स स्कूल के पास हैं। इसी के आधार पर रिजल्ट दिया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों तीन महीने का शेड्यूल जारी कर दिया था। दरअसल, ये शेड्यूल भी इसी आधार पर निकाला गया है कि स्कूल मार्च तक नहीं खुले तो कैसे पढ़ाई करानी है। बोर्ड परीक्षाएं होना तय
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की दसवीं और बारहवीं के साथ बोर्ड पैटर्न पर होने वाली आठवीं की परीक्षाएं होना तय माना जा रहा है। आठवीं बोर्ड के फॉर्म तीस जनवरी तक ही भरे जा रहे हैं। इसकी तारीख में बढ़ोतरी हो सकती है। दरअसल, कोरोना की पहली लहर में भी बोर्ड परीक्षाएं हुई थी। तब से इस बार रोगियों की संख्या कम है और अस्पताल में भर्ती रोगियों की संख्या भी बहुत कम है।

कोरोना संक्रमण से बचाएगी ये जानकारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना वायरस एक इंसान से दूसरे तक कैसे पहुंचता है, लोग अभी भी नहीं समझ पा रहे। अगर इस बारे में सटीक पता चल जाए तो काफी हद तक बचाव हो सकता है। कई रिसर्चर्स और हेल्थ अथॉरिटीज ने मिलकर इस बारे में शोध किया और अपडेट दिया है। हम अभी तक कोरोना से बचने के लिए सिर्फ मुंह पर मास्क लगाते आ रहे हैं। नई रिसर्च के मुताबिक यह आपके मुंह, नाक और आंखों से भी आपको संक्रमित कर सकता है। WHO ने भी इस बात की पुष्टि की है।

आंखें, मुंह या नाक न छुएं


पिछले हफ्ते WHO ने डॉक्यूमेंट अपडेट किया कि वायरस संक्रमित व्यक्ति के जरिये ज्यादा पास से संपर्क में आने पर फैलता है। इसके अलावा जब भी कोविड पॉजिटिव इंसान सांस लेता या बोलता है तो छोटी-छोटी बूंदें हवा में तैरने लगती हैं। ये लंबे वक्त तक हवा में रहती हैं। स्वस्थ व्यक्ति के वहां से गुजरने पर ये उसे संक्रमित कर सकती हैं। वायरस से संक्रमित जगह को छूने के बाद अगर कोई अपनी आंखें, मुंह और नाक भी छूता है तो उसे कोरोना हो जाता है। हालांकि किसी चीज को छूने से ज्यादा हवा से संक्रमण फैलने के चांस ज्यादा होते हैं। यह बात अगस्त में हुए एक प्रयोग के बाद सामने आई थी।


बचाव के तरीके


कोरोना वायरस के फैलने को लेकर कई तरह की थ्योरीज़ आ चुकी हैं। रिपोर्ट्स थीं कि ओमिक्रोन का पहला वैरियंट आने के बाद चीन में लोगों से मेल खोलने से पहले तक फेस मास्क और ग्लव्स पहनने के लिए कहा जा रहा था। खासतौर पर ऐसे मेल्स के लिए जो बाहर से आ रहे थे। माना जा रहा था कि ओमिक्रॉन कनाडा से पैकेज के जरिये आ जा रहा है। हालांकि अब सबका यही मानना है कि कोविड से बचने के लिए सोशल डिस्टेंस मेनटेन रखना, बंद जगहों पर इकट्ठे न होना, मास्क के साथ फेस को कवर रखना और हाथ सैनिटाइज करते रहना ही बेहतर तरीका है।

दोनों टीके लगवाए बिना ट्रेन में एंट्री नहीं

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना के मामले में तेजी से जारी वृद्धि को देखते हुए भारतीय रेलवे ने नई गाइडलाइंस जारी की है। बीते दो वर्षों में कोरोना वायरस के चलते रेलवे ने अपने कई नियमों में बदलाव किए थे, जिसे धीरे-धीरे वापस सामान्य किया जाने लगा था। वहीं कोरोना की तीसरी लहर के चलते रेलवे ने एक बार फिर नई गाइडलाइंस जारी की है।
  
दरअसल, दक्षिण रेलवे ने लोकल ट्रेन में सफर करने वाले लोगों के लिए नया नियम निर्धारित किया है। इस नियम के तहत रेल में ऐसे लोगों को एंट्री नहीं दी जाएगी, जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगाया है। लोकल ट्रेन में नो वैक्सीन नो एंट्री पॉलिसी लागू की गई है। इतना ही नहीं, यदि किसी व्यक्ति ने कोरोना की केवल पहली डोज ली है, तब भी उन्हें ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति नहीं मिलेगी। दोनो डोज अनिवार्य है।

अब यात्रा टिकट या मासिक सीजन टिकट जारी करने के दौरान यात्रियों को वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट दिखाना होगा, जिनके पास वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट नहीं होगा उनको टिकट नहीं दी जाएगी। माना जा रहा है कि दक्षिण रेलवे के इस कदम को देखते हुए अन्य जगहों पर भी यह नियम लागू किया जा सकता है।

मार्च में मिल जायेगा ओमिक्रॉन के खात्मे के हथियार

न्यूयॉर्क (एजेंसी)। कोविड-19 का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनियाभर के तमाम देशों में तेजी से पांव पसार रहा है। खतरे को देखते हुए कई देशों में वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा रही है। ओमिक्रॉन के संक्रमण को रोकने के मकसद से तैयार की जा रही वैक्सीन को लेकर भी काम चल रहा है। दिग्गज फार्मा कंपनी फाइजर को उम्मीद है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को टारगेट करने वाली कोविड-19 वैक्सीन मार्च में तैयार हो जाएगी। कंपनी के प्रमुख ने यह जानकारी दी।

फाइजर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलबर्ट बौर्ला ने सीएनबीसी को बताया कि सरकारों की ओर से भारी मांग के चलते फाइजर पहले से ही वैक्सीन की खुराकों का निर्माण कर रही है क्योंकि कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसमें ऐसे लोगों की संख्या भी काफी है जो वैक्सीनेटेड होने के बावजूद ओमिक्रॉन के शिकार हुए। बौर्ला ने कहा, “यह वैक्सीन मार्च में तैयार हो जाएगी। मुझे नहीं पता कि हमें इसकी आवश्यकता होगी या नहीं। मुझे नहीं पता कि इसका उपयोग कैसे किया जाएगा।”

वायरस का मन पर प्रभाव और उसका उपचार

कोरोना वायरस का प्रकोप फिर से बढ़ने लगा है। सारे विश्व में तनाव व्याप्त है। पिछले वर्ष अज्ञानी व्यक्तियों की अपेक्षा ज्ञानी लोगों की मृत्यु दर अधिक रही। उसका कारण मानसिक विकार (साइकोलॉजीकल डिसऑर्डर) रहा। दिमाग ने सोचा, कानों ने सुना, मानसिक चिंता से पेट गड़बड़ाया और लीवर; लीवर से फेफड़े और फेफड़ों से हृदय और ह्रदय से नर्वस सिस्टम। नर्वस सिस्टम कमजोर होने से उसकी जीवनी शक्ति कमजोर गई तथा मन की स्थिति तथा तन की स्तिथि दोनों खराब हो गई, जिसके कारण श्वास लेने में दिक्कत और भूख की स्तिथि खराब हो गई और लोगों को असाध्य बीमारी ने घेर लिया। सोचने मात्र से सर चकराना, उल्टी आना, जी घबराना, घबराहट, दिल की धड़कन बढ़ जाना, रक्तचाप कम हो जाना, सांस लेने में कमी होना, सांस लेने की शक्ति न होना; जैसे लक्षण पैदा हो जाते हैं। आप विचार करें कि ज्ञानियों की अपेक्षा अज्ञानी लोग कम बीमार हुए; इसका कारण जैसा कि उसे मानसिक रोग हुआ ही नहीं।
असाध्य रोग का कारण क्या है? बहुत ज्यादा सोचना, ऐसे समाचार देखना, सोचने मात्र से तन की स्तिथि एवं मन की स्तिथि दोनों खराब हो जाती है, जिसके कारण जीवनी शक्ति कमजोर पड़ जाती है और शरीर के आंतरिक अंग काम करना बंद कर देते हैं।

समाधान
सरकारी नियमों का पालन करें
अफवाएं न फैलाएं
गुनगुना पानी का प्रयोग करें
हरी सब्जियों, फलों का प्रयोग करें
कोल्ड कंमप्रेस करे
जीवनी शक्ति का विकास करें


डॉ नरेंद्र सिंह
प्रांत प्रमुख
आरोग्य भारती

UP: 24 घंटों में आए 7695 नए कोरोना पॉजिविट

लखनऊ। यूपी में कोरोना संक्रमण ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। 24 घंटों में 7695 नए कोरोना पॉजिविट पाए गए। इसी अवधि में 253 लोग कोरोना से ठीक भी हुए। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। मास्क के प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन इत्यादि से इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

सीएम योगी ने कहा कि निगरानी समितियां और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर्स को पूर्णतः सक्रिय किया जाए। होम आइसोलेशन, निगरानी समितियों से संवाद, एम्बुलेंस की जरूरत और टेलिकन्सल्टेशन के लिए अलग- अलग नम्बर जारी किए जाएं। जनपदीय आईसीसीसी में डॉक्टरों का पैनल तैनात करते हुए लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।

UP: 24 घंटे में मिले 4228 नए कोरोना केस

लखनऊ। यूपी में नए कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि अभी भी कई राज्यों की तुलना में यहां केसों की संख्या कम है। पिछले 24 घंटे में हुई दो लाख 19 हजार 256 कोविड सैंपलों की जांच में नोएडा में 721, गाजियाबाद में 607 केस, लखनऊ में 577, मेरठ में 411, वाराणसी में 224 सहित कुल 4228 नए केस मिले हैं। महाराजगंज में कोरोना से एक मौत भी हुई है। इसी अवधि में 119 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए। वर्तमान में एक्टिव कोविड केसों की संख्या बढ़कर 12,327 पर पहुंच गई है। 

आगरा में 169 मुरादाबाद में 157 और प्रयागराज में 104, कानपुर नगर और मुजफ्फरनगर में 91-91, अलीगढ़ में 85, सहारनपुर में 80, गोरखपुर में 71, शामली में 62, बुलंदशहर में 58, बरेली में 53, झांसी में 51, बागपत में 43, मथुरा में 42, संभल में 26, बाराबंकी व उन्नाव में 24, बिजनौर में 22, हापुड़ और चंदौली में 20-20, अमरोहा और रामपुर में 19-19, मैनपुरी में 18, रायबरेली में 16, जौनपुर, अयोध्या और देवरिया में 15-15, गाजीपुर में 14, सोनभद्र और लखीमपुर खीरी में 13-13, आजमगढ़, सीतापुर और एटा में 12-12, बदायूं, फिरोजाबाद, बस्ती, शाहजहांपुर में 11-11, हरदोई, मिर्जापुर, महाराजगंज और हाथरस में 10-10, औरैया में 09, फर्रुखाबाद में 08, बलिया, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर, इटावा, अंबेडकर नगर में 07-07, बहराइच, मऊ और कन्नौज में 06-06, बांदा, कुशीनगर, ललितपुर, गोंडा में 05-05, महोबा, फतेहपुर और कासगंज में 04-04, कानपुर देहात में 03, हमीरपुर, संतकबीर नगर, कौशांबी, चित्रकूट में 02-02, जालौन, प्रतापगढ़, पीलीभीत, अमेठी, बलरामपुर में 01-01 कोरोना केस मिले हैं। 

रिकवरी रेट में गिरावट

कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही रिकवरी रेट भी कम होने लगा है। शुक्रवार को पॉजिटिविटी रेट जहां बढ़कर 1.93 फीसदी पहुंच गया। वहीं रिकवरी रेट घट कर अब 98 फीसदी पर आ गया है। गुरुवार को यह 98.2 प्रतिशत था। 

भारत का कुल टीकाकरण कवरेज 149.57 करोड़ के पार पहुंचा

कोविड-19 टीकाकरण अपडेट – 356वां दिन

गुरुवार शाम 7 बजे तक लगाई गईं 85 लाख से अधिक वैक्सीन की खुराक।

नई दिल्ली (PIB)। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार  भारत का कोविड-19 टीकाकरण कवरेज गुरुवार शाम 149.57 करोड़ के पार (1,49,57,01,483) पहुंच गया। शाम 7 बजे तक टीके की 85 लाख से ज्यादा  (85,32,595) खुराक लगाई गईं। देर रात तक दिन की   अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के साथ दैनिक टीकाकरण का  आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। गौरतलब है कि देश में कोविड टीकाकरण का 356वां दिन था।

वैष्णो देवी हादसा- जम्मू से लेकर गोरखपुर तक कोहराम

वैष्णो देवी मंदिर में शनिवार तड़के मची भगदड़ के बाद जम्मू से लेकर गोरखपुर तक कोहराम मच गया है। इस हादसे में कई परिवानों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। माता वैष्णो का आशीर्वाद लेने गए परिजनों की मौत की खबर मिली तो लोग हाल-बेहाल हो गए। देश भर से लोग अपने परिजनों का हाल जानने के लिए संपर्क कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबरों पर लोग कॉल करके अपने परिजनों का हाल ले रहे हैं। इसके अलावा मदद की गुहार भी लगा रहे हैं। हादसे में जान गंवाने वाले 12 लोगों में से अब तक 11 की पहचान हो पाई है, जिनमें गाजियाबाद की रहने वाली श्वेता सिंह, गोरखपुर के अरुण कुमार सिंह समेत देश के कई राज्यों के लोग शामिल हैं। 

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान इस प्रकार है...

1- श्वेता सिंह, उम्र-35
पति का नाम- विक्रांत सिंह
गाजियाबाद

2-डॉ अरुण प्रताप सिंह, उम्र- 30
पिता का नाम- सत प्रकाश सिंह
गोरखपुर 

3-वनीत कुमार, उम्र- 38
पिता का नाम- वीरमपाल सिंह
सहारनपुर

4-धरमवीर सिंह, उम्र-35 
सहारनपुर

5- विनय कुमार, उम्र- 24
पिता का नाम- महेश चंद्र
भादेरपुर, दिल्ली

6-सोनू पांडेय, उम्र-24
पिता का नाम- नरिंदर पांडेय
भादेरपुर, दिल्ली

7-ममता, उम्र- 38
पति का नाम- सुरिंदर 
बीरी झज्जर, हरियाणा

8- धीरज कुमार, उम्र- 26
पिता का नाम- तरलोक कुमार
राजौरी, जम्मू- कश्मीर 

vaishno devi news in hindi

9. सोनू शर्मा, उम्र- 32
पिता का नाम- फेरूमल,
पता- मोहल्ला नया दादरी, गौतमबुद्धनगर, यूपी

10.  महिंदर गौर, उम्र-26
पिता का नाम- शिव कुसम
पता- कानपुर, यूपी

11.  नरेंद्र कश्यर, उम्र-40
पिता का नाम- सुहाब
पता- कानपुर, यूपी

मदद या परिजनों से संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

हादसे में मृत अन्य लोगों की पहचान के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। श्राइन बोर्ड की ओर से दो हेल्पलाइन नंबर 01991-234804 और 01991-234053 जारी किए गए हैं। इसके अलावा प्रशासन से भी संपर्क कर स्थिति के बारे में पता लगाया जा सकता है। पीसीआर कटरा की ओर से दो नंबर 01991232010/ 9419145182 जारी किए गए हैं। पीसीआर रियासी से 0199145076/  9622856295 नंबरों पर कॉन्टेक्ट किया जा सकता है। रियासी के जिलाधिकारी के कंट्रोल रूम के नंबर 01991245763/ 9419839557 भी साझा किए गए हैं। इन नंबरों पर कॉल करके लोग वैष्णो देवी की यात्रा पर गए अपने परिजनों के बारे में जान सकते हैं और किसी भी तरह की मदद के लिए भी संपर्क कर सकते हैं। 

यूपी में डरा रहे कोरोना के आकंड़े

कोरोना पकड़ने लगा रफ्तार, एक दिन में मिले 193 केस: सबसे ज्यादा गौतमबुद्धनगर में 38, मेरठ में 27, लखनऊ में 26 पॉजिटिव केस, एक्टिव केस हुए 645

लखनऊ। यूपी में 24 घंटे में 193 केस मिले हैं, इसी के साथ प्रदेश में सक्रिय मामलें 645 तक पहुंच गए।

यूपी में कोरोना के आकंड़े डरा रहे हैं। राज्य में कोरोना के सक्रिय केस अब साढ़े छह सौ के करीब पहुंच गए हैं। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 193 पॉजिटिव केस रिपोर्ट सामने आए हैं। सबसे ज्यादा मामले गौतमबुद्ध नगर में मिले हैं। यहां एक ही दिन में 38 केस रिपोर्ट किए गए हैं। वहीं, मेरठ में 27 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा लखनऊ में 26 व महाराजगंज में 19 व गाजियाबाद में 17 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 1 लाख 86 हजार 552 सैंपल की जांच की गई है। वहीं, रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या महज 21 रही। इसी के साथ प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 645 तक पहुंच गई है।

एक ही दिन में मिले रिकॉर्ड तोड़ 193 संक्रमित

यूपी के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा और स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के मुताबिक एक दिन में 1 लाख 86 हजार 552 सैंपल की जांच की गई, जिसमें कोरोना संक्रमण के 193 नए मामले सामने आए हैं। इस बीच 21 लोग रिकवर भी हुए। उन्होंने दावा किया कि अब तक प्रदेश में 9 करोड़ 27 लाख 31 हजार 505 सैंपल की जांच हो चुकी है। प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 645 हो चुकी है।

लखनऊ में लगातार दूसरे दिन 2 दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज

दिल्ली से जुड़े NCR के अलावा लखनऊ में कोरोना संक्रमण बेकाबू है। यहां लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण के मामले 2 दर्जन से ज्यादा है। बुधवार को यहां 25 मामले आए थे, वहीं गुरुवार को संख्या 26 पहुंच गई। लखनऊ एसीएमओ मिलिंद वर्धन के मुताबिक यहां के 5 CHC को रेड जोन में रखा गया है। अलीगंज, इंदिरा नगर, चिनहट, आलमबाग और सरोजनीनगर में सबसे ज्यादा संक्रमित मिले है। यहां लगातार कांटेक्ट ट्रेसिंग में मरीज पॉजिटिव मिल रहे है। यही कारण है कि स्वास्थ्य महकमे के अफसर भी बढ़ती संख्या से सकते में हैं।

प्रदेश में 19.97 करोड़ से ज्यादा लगी कोरोना वैक्सीनेशन की डोज

राज्य में अब तक वैक्सीनेशन की 19 करोड़ 97 लाख 68 हजार 242 डोज लग चुकी हैं।
12 करोड़ 73 लाख 46 हजार 985 लोगों को पहली डोज लगी।
7 करोड़ 24 लाख 21 हजार 257 को दोनों डोज लग चुकी हैं।
बुधवार को प्रदेश में 11 लाख 79 हजार 155 लोगों को लगी वैक्सीन।
गुरुवार को प्रदेश के 16 हजार 142 केंद्र पर वैक्सीनेशन हो रहा है।
3 जनवरी से प्रदेश में 15 साल से 18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन।
10 जनवरी से प्रदेश में बूस्टर डोज भी लगनी शुरु हो जाएंगी।

लापरवाही से 1 दिन का वेतन कटा बैठीं 2 ANM


किरतपुर (बिजनौर)। कोविड-19 वैक्सीनेशन में तैनात एएनएम की लापरवाही पर एक दिन का वेतन काटा गया है। इसी के साथ एएनएम के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिये उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. ईश्वरानंद ने बताया कि 21 दिसम्बर को वैक्सीनेशन के लिये एएनएम अंशु देवी की ड्यूटी मोहल्ला अफगानान के उपकेन्द्र पर लगी थी।
वैक्सीनेशन कैम्प में अंशु देवी बिना बताए अनुपस्थित रही। इसी प्रकार एएनएम रामरति की ड्यूटी 25 दिसम्बर 2021 को कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिये गांव छितावर में लगाई गई थी, परंतु वह ड्यूटी पर नहीं गई। बात करने पर ड्यूटी करने से मना कर दिया, जिससे राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित हुआ है। दोनों एएनएम के विरुद्ध प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. ईश्वरानंद द्वारा एक दिन का वेतन वापसी एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु सीएमओ, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
नजीबाबाद को कार्यवाही के लिए पत्र लिखा गया है।

ओमीक्रोन: क्रिसमस पर नहीं लगेगा मेला


नूरपुर (बिजनौर)। ओमीक्रोन के प्रकोप के चलते क्रिसमस-डे पर एशिया में मशहूर स्थानीय चर्च में इस बार भी मेला नहीं लगेगा। इसकी जानकारी चर्च के वरिष्ठ पादरी फादर टाइटस ने दी। उन्होंने बताया कि आज 24 दिसंबर की रात्रि 10.30 बजे तथा 25 दिसंबर को प्रात: 8.30 बजे क्रिसमस की प्रार्थना के साथ देश के सभी लोगों के लिए प्रार्थना की जाएगी। उन्होंने बताया कि चर्च कैंपस में आम नागरिकों का प्रवेश बंद कर दिया गया है, केवल धर्म बंधुओं का ही प्रवेश रहेगा। वहीं उन्होंने लोगों से महामारी के दृष्टिगत गाइडलाइन का पालन करने की बात कही है।

UP में लगेगा नाइट कर्फ्यू

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना के खतरे को देखते हुए 25 दिसंबर से नाइट कर्फ्यू लगने के निर्देश जारी हुए हैं। इसके चलते रात 11:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक कर्फ्यू लगाया जाएगा। इसके साथ ही शादी समारोह में 200 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई है। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। 

उच्चस्तरीय टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश:-

● कोविड से बचाव के लिए ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण की  नीति के सही क्रियान्वयन से प्रदेश में स्थिति नियंत्रित है। बीते 24 घंटों में हुई 01 लाख 91 हजार 428 सैम्पल की जांच में कुल 49 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 12 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। आज प्रदेश में कुल एक्टिव कोविड केस की संख्या 266 है, जबकि 16 लाख 87 हजार 657 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। आज 37 जिलों में एक भी कोविड मरीज शेष नहीं है।

PunjabKesari

●देश के विभिन्न राज्यों में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में कुछ कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। शनिवार 25 दिसंबर से प्रदेशव्यापी रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू प्रभावी किया जाए। हर दिन रात्रि 11 बजे से प्रातः 05 बजे तक रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू लागू होगा। शादी-विवाह आदि सार्वजनिक आयोजनों में कोविड प्रोटोकॉल का साथ अधिकतम 200 लोगों के भागीदारी की अनुमति हो। आयोजनकर्ता इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को देगा।

PunjabKesari

● बाजारों में “मास्क नहीं तो सामान नहीं” के संदेश के साथ व्यापारियों को जागरूक करें। बिना मास्क कोई भी दुकानदार ग्राहक को सामान न दे। सड़कों/बाजारों में हर किसी के लिए।मास्क अनिवार्य किया जाए। पुलिस बल लगातार गश्त करे। पब्लिक एड्रेस सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाए। 

PunjabKesari

● देश के किसी भी राज्य से अथवा विदेश से उत्तर प्रदेश की सीमा में आने वाले हर एक व्यक्ति की ट्रेसिंग-टेस्टिंग की जाए। बस, रेलवे और एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। निगरानी समितियों ने कोरोना प्रबंधन में सराहनीय कार्य किया है। तीसरी लहर के दृष्टिगत गांवों और शहरी वार्डों में निगरानी समितियों को पुनः एक्टिव करें। बाहर से आने वाले हर एक व्यक्ति की टेस्टिंग कराएं। उनके स्वास्थ्य पर सतत नजर रखी जाए। आवश्यकतानुसार लोगों को क्वारन्टीन किया जाए, अस्पतालों में भर्ती कराया जाए।

PunjabKesari

● कोविड की तीसरी लहर की आशंका के दृष्टिगत हमने पूर्व में व्यवस्थित तैयारियां की हैं, जिनका पुनर्परीक्षण कर लिया जाए। प्रदेश के सभी शासकीय/निजी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं की बारीकी से परख कर ली जाए। औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क और डे केयर सेंटर फिर एक्टिव करें।

● 19 करोड़ 14 लाख 94 हजार से अधिक कोविड टीकाकरण और 09 करोड़ 14 लाख से अधिक टेस्टिंग करके उत्तर प्रदेश टेस्टिंग और टीकाकरण देश में प्रथम स्थान पर है। यहां 06 करोड़ 73 लाख 17 हजार से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड का सुरक्षा कवर प्रदान कर दिया गया है। 12 करोड़ 41 लाख लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। इस प्रकार टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी में से 84.23 फीसदी को पहली और 45.66 फीसदी लोगों को दोनों डोज मिल चुकी है। वैक्सीनेशन को और तेज करने की जरूरत है। इस संबंध में सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।

आईआईटी ने ओमीक्रोन पर किया है चौंकाने वाला खुलासा
आईआईटी कानपुर के रिसर्चरों ने अपनी नई स्टडी में यह अनुमान जताया है। इसके अनुसार, 3 फरवरी को कोरोना केस पीक पर होंगे। आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं की एक टीम के नेतृत्व में अभी तक के मामलों की समीक्षा की गई है। अध्ययन में महामारी की पहली दो लहरों के डेटा का इस्तेमाल करके तीसरी लहर का पूर्वानुमान लगाया गया है।
शोधकर्ताओं की रिपोर्ट कहती है, ‘दुनिया भर के ट्रेंड को देखते हुए यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट भारत में दिसंबर मध्य से तीसरी लहर का पूर्वानुमान करती है जो कि फरवरी की शुरुआत में पीक पर होगी।’ रिसर्चरों की टीम ने गॉजियन मिक्सचर मॉडल नाम के एक स्टेटिस्टिकल टूल का इस्तेमाल किया है।

3 साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए जल्द आएगी कोरोना वैक्सीन

नई दिल्ली (एजेंसी)। तीन साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए जल्द ही कोरोना वैक्सीन आ जाएगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खौफ के बीच सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि अगले 6 महीनों में बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन लांच कर दी जाएगी। पूनावाला ने कहा कि वैक्सीन ‘कोवावैक्स’ का ट्रायल चल रहा है और यह तीन साल और उससे अधिक उम्र वाले बच्चों को कोरोना के खिलाफ पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करेगी।

With trials just starting, Adar Poonawalla gets a front-row seat to the  global vaccine race, Health News, ET HealthWorld


 
उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक बच्चों में कोरोना के बहुत गंभीर मामले सामने नहीं आए हैं और हमारे लिए बड़े सौभाग्य का बात है कि कोरोना से अब तक बच्चों के लिए कोई घबराने की बात सामने नहीं आई है। अब हम जल्द ही बच्चों के लिए कोविड-19 वैक्सीन लांच करने जा रहे हैं उम्मीद है कि इसमें 6 महीने का समय लगेगा।

Oxford AstraZeneca vaccine to be sold to developing countries at cost price  | Global development | The Guardian

पूनावाला ने बताया कि यह तीन साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों को कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करेगी। कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री की ओर से आयोजित एक वर्चुअल कान्फ्रेंस में उन्होंने ये बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है कि यह बच्चों पर कैसे प्रभाव डालेगा, लेकिन बच्चों को सुरक्षित करना जरूरी है।

Omicron का नया लक्षण जो दिखाई देगा सिर्फ रात में

डॉक्टरों ने किया आगाह, Omicron का नया लक्षण जो सिर्फ रात में दिखाई देगा- रहें सावधान 

डॉक्टरों ने किया आगाह, Omicron का नया लक्षण जो सिर्फ रात में दिखाई देगा- रहें सावधान 

नई दिल्ली (एजेंसी)। एक वायरल इंफेक्शन का सबसे खतरनाक पहलू उसकी गंभीरता है। कोविड-19 के डेल्टा वैरिएंट ने भारत समेत दुनियाभर के देशों में कहर बरपाया था। डेल्टा वैरिटएंट की संक्रामकता बहुत ज्यादा थी। इसमें मरीजों को हल्के और गंभीर लक्षण दोनों महसूस हो रहे थे। उनमें तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस में तकलीफ, छाती में दर्द, खून में ऑक्सीजन की कमी जैसे लक्षण देखे जा रहे थे। अब कोरोना का नया ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनिया के सामने एक नई मुसीबत बनकर खड़ा हो गया है। इसकी गंभीरता, ट्रांसमिशन रेट और लक्षणों को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

WHO का दावा है कि नया ओमिक्रॉन वैरिएंट पहले संक्रमित हो चुके लोगों को भी आसानी से अपनी चपेट में ले सकता है। इसके अलावा, वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके लोग भी ओमिक्रॉन के खिलाफ सुरक्षित नहीं हैं। आने वाले कुछ दिन या सप्ताह में साफ हो जाएगा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट आखिर कितना खतरनाक है। अब तक दुनियाभर के डॉक्टर्स और वैज्ञानिक ओमिक्रॉन में कई तरह के लक्षण दिखने का दावा भी कर चुके हैं।

रात में पसीना और शरीर में दर्द
दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग के जनरल प्रैक्टिशनर डॉ. उनबेन पिल्ले कहते हैं कि ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों को रात में पसीना आने की शिकायत हो सकती है। कई बार मरीज को इतना ज्यादा पसीना आता है कि उसके कपड़े या बिस्तर तक गीला हो सकता है। संक्रमित को ठंडी जगह में रहने पर भी पसीना आ सकता है। इसके अलावा मरीज को शरीर में दर्द की शिकायत भी हो सकती है।

सूखी खांसी और शरीर में दर्द
डॉ. उनबेन पिल्ले कहते हैं कि उन्होंने ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज में सूखी खांसी के लक्षण भी देखे हैं। ये लक्षण कोरोना के अब तक सभी पुराने स्ट्रेन में देखा जा चुका है। इसके अलावा बुखार और मांसपेशियों में दर्द भी ओमिक्रॉन के लक्षण हो सकते हैं।

गले का छिलना
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका की एक डॉक्टर एंजलीके कोएट्जी ने ओमिक्रॉन से संक्रमित लोगों में गले में खराश की बजाय गला छिलने जैसी दिक्कत देखने का दावा किया था, जो कि असामान्य है। ये दोनों लक्षण लगभग एक जैसे हो सकते हैं। हालांकि गले में छिलने की समस्या ज्यादा दर्दनाक हो सकती है।

हल्का बुखार
कोरोना के किसी भी वैरिएंट के साथ हल्का या तेज बुखार होने की शिकायत लगातार सामने आई हैं। डॉ. कोएट्जी कहती हैं कि ओमिक्रॉन के संक्रमण में मरीज को हल्का बुखार हो सकता है और इसमें बॉडी का टेंपरेचर अपने आप नॉर्मल हो जाता है।

थकावट
पिछले तमाम वैरिएंट्स की तरह ओमिक्रॉन में भी मरीज को बहुत ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। इसमें संक्रमित इंसान का एनेर्जी लेवल काफी कम हो जाता है। शरीर में दिख रहे इस लक्षण को इग्नोर करने की बजाए तुरंत कोविड-19 की जांच कराएं।

कोरोना: एहतियात बरतने के लिए 5 राज्यों को केंद्र ने लिखी चिट्ठी

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने पांच राज्यों को चिट्ठी लिखकर कोरोना वायरस के बढ़ते केस की रोकथाम और साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट पर लगाम लगाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शनिवार को इस मामले में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और मिजोरम के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को भी आगाह किया है।

भूषण ने कहा, इन पांच राज्यों में टेस्टिंग, ट्रैकिंग और वैक्सीनेशन को लेकर आगे की रणनीति बनाने की जरूरत है। साथ ही कोरोना के प्रसार और इससे जुड़ी मौतों को रोकने के लिए कोविड के उचित नियमों का पालन भी किया जाए। भूषण ने चिट्ठी में कहा है कि कोरोना से जुड़ी मौतों और इसके नए मामलों को रोकने के लिए मौजूद टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-वैक्सीनेट-कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर स्ट्रैटजी के तहत कदम उठाए जाने की जरूरत है।

भूषण ने इन पांच राज्यों से उस चिट्ठी पर भी ध्यान देने को कहा है जो उन्होंने ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच 27 नवंबर को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखी थी। उन्होंने उस समय सभी राज्यों को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच और सर्विलांस में तेजी लाने, उभरते हॉटस्पॉट की निगरानी और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों को तत्काल ट्रैक करने जैसे कुछ सुझाव दिए थे।

केरल
राजेश भूषण ने बताया कि केरल में दिसंबर 3 तक के मुताबिक, एक महीने के अंदर 1 लाख 71 हजार 521 मामले आए। बीते एक महीने में देशभर में आए कोरोना के नए केसों में से 55.8 फीसदी केरल से हैं। उन्होंने बताया कि केरल में 26 नवंबर तक के हफ्ते की तुलना में 3 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते के दौरान मौतें भी कुछ बढ़ी हैं। पहले हफ्ते में जहां 1890 मौतें हुईं तो वहीं, दूसरे हफ्ते में 2118। थिरुसुर, मलप्पुरम, कोझिकोड और कोल्लम ऐसे जिले हैं, जहां एक सप्ताह में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गईं।

तमिलनाडु
तमिलनाडु में 3 दिसंबर तक के एक माह में 23 हजार 764 नए केस दर्ज किए गए। वेल्लोर और चेन्नई में बीते हफ्ते साप्ताहिक नए मामलों में भी इजाफा देखा गया है।

मिजोरम
4 दिसंबर तक के आंकड़ों में एक माह के अंदर राज्य में कोरोना के 12 हजार 562 नए केस आए। एक महीने में भारत के अंदर आए कुल कोरोना केसों में से 4.1 फीसदी मिजोरम से थे। आइजॉल जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। 

कर्नाटक
भूषण ने कर्नाटक के प्रिंसिपल हेल्थ सेक्रटरी को लिखी चिट्ठी में राज्य में कोरोना के बढ़ते नए केस के बारे में जिक्र किया है। 16 नवंबर को खत्म हुए सप्ताह में जहां यह संख्या 1 हजार 664 थी, तो वहीं 3 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में यह आंकड़ा 2 हजार 272 हो गया है। वहीं, इस दौरान मौतें भी 22 से बढ़कर 29 हो गईं। 

ओडिशा
राज्य में एक माह के अंदर में 7 हजार 445 नए केस दर्ज किए गए और देश में आने वाले कुल मामलों में से 2.5 फीसदी ओडिशा से ही थे। राज्य के खोर्द्धा जिले में सबसे ज्यादा साप्ताहिक मामले (900 नए केस) दर्ज किए गए। वहीं, 30 में से 6 जिले- ढेनकनाल, कंधमाल, नबरंगपुर, केंदुझार, अनुगुल और बालांगीर में 26 नवंबर को खत्म हुए सप्ताह की तुलना में 3 दिसंबर को खत्म होने वाले सप्ताह में एक्टिव केसलोड भी बढ़ा है।

जम्मू और कश्मीर
भूषण के मुताबिक, 3 दिसंबर को खत्म हुए महीने में केंद्र शासित प्रदेश के अंदर कुल 4 हजार 806 नए कोरोना मामले आए हैं। कठुआ, जम्मू, गंदेरबाल और बारामूला जैसे कुछ जिले ऐसे हैं, जहां पिछले हफ्ते की तुलना में नए मामले बढ़े हैं।

दिल्ली में मिला ओमीक्रॉन का पहला मरीज, देश में संख्या हुई पांच

दिल्ली में मिले इस नए केस के साथ ही देश में ओमीक्रॉन के मरीज़ों की तादाद बढ़ कर पांच हो गई है। इससे पहले पिछले दिन मुंबई में ओमीक्रॉन का चौथा मामला दर्ज किया गया था।

दिल्ली में मिला Omicron का पहला केस, तंजानिया से लौटे शख्स में वैरिएंट की तसदीक

नई दिल्ली। दुनिया भर में कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच भारत में भी इसके केस धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं। अब राजधानी दिल्ली में पहला ओमीक्रॉन पॉजिटिव मरीज मिला है। यह यात्री तंजानिया से आया था। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के अनुसार 12 संक्रमित मरीजों के सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए थे, जिनमें से एक मरीज़ की रिपोर्ट में ओमीक्रॉन वैरिएंट पाया गया है। दिल्ली में मिले इस नए केस के साथ ही भारत में ओमीक्रॉन के मरीज़ों की संख्या बढ़ कर पांच हो गई है। इससे एक दिन पहले ही मुंबई में ओमीक्रॉन का चौथा मामला दर्ज किया गया था।

दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने बयान जारी कर कहा कि दिल्ली में पहला ओमीक्रॉन केस मिला है। एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती मरीज तंजानिया से लौटा था।

सर्प दंश से किसान की मौत

सर्प दंश से किसान की मौत परिवार में मचा कोहराम
नूरपुर। थाना अंतर्गत गांव नाहर सिंह में सांप के डसने से एक किसान की मौत हो गई। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार थाना अंतर्गत गांव नाहर सिंह निवासी 48 वर्षीय आसाराम सिंह पुत्र फूल सिंह शनिवार की देर शाम अपने जंगल में सिंचाई के लिए नलकूप पर गया था। नलकूप चलाते समय पट्टा उतर गया । पट्टे को लेने वह किसान करीब 15 फुट गहरे नलकूप के अंदर निकालने चला गया।
बताया जाता है कि जब आसाराम नलकूप के गहरे गड्ढे में पट्टा निकालने गया तो वहां मौजूद एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया। सूचना मिलते ही परिजन उसको लेकर इधर-उधर भागे, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी उसको नहीं बचा सके। उसकी मौत से परिवार में चीख-पुकार पड़ गई। मृतक आसाराम अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र व एक पुत्री को रोते बिलखते छोड़ गया है।

विक्रांत चौधरी ने किया चिकित्सकों का अभिनंदन

बिजनौर। भारत सरकार द्वारा 100 करोड़ कोविड वैक्सीन का आँकड़ा सबसे कम समय में सफलता पूर्वक पूरा करने के उपलक्ष्य में नजीबाबाद स्थित लाला भोजराम नेत्र चिकित्सालय में अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी ने वैक्सीनेशन टीम का अभिनंदन किया। साथ ही अस्पताल में मौजूद सभी चिकित्सकों  और स्टाफ़ का धन्यवाद किया। सभी ने देशवासियों की कोरोना काल में समय हर सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे पीएम वास्तव में जननायक हैं, जो बिना भेदभाव किए हमेशा देशवासियों की चिंता में लगे रहते हैं।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ फ़ैज़ हैदर, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर निपेंद्र चौधरी, अखिलेश वर्मा, वैशाली कुमारी, अभिषेक त्यागी, संदीप पांडे फार्मेसिस्ट, बृजेश कुमार फार्मेसिस्ट, कौशिक, विशाल कुमार, राजवीर कुशवाहा बाला देवी  आदि उपस्थित रहे।

बारिश: दिल्ली में टूट सकता है 121 साल का रिकॉर्ड

दिल्ली समेत कई राज्यों के लिए मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट

आज का मौसम: फाइल फोटो

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली-यूपी, हरियाणा व राजस्थान में बादलों की गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है। दिल्ली में तेज बारिश हो सकती है और यह बारिश इस सप्ताह रुक-रुक कर होती रहेगी। इसके चलते मौसम विभाग की ओर से राजधानी व आसपास के क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली में 29 सितंबर तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। आज यानी बुधवार को सारा दिन बारिश होती है तो 121 साल का रिकॉर्ड टूट सकता है। मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में अब तक 404 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले 121 साल पहले यानी 1944 में सर्वाधिक 417.3 मिमी बारिश हुई थी। पूरे मानसून की बात करें तो राजधानी में अभी तक 1170 मिमी बारिश हुई है। इससे पहले 1964 में 1190.9 मिमी बारिश का रिकॉर्ड है। 

अगले कुछ घंटे में संभावना- मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में सफदरजंग, वसंतकुंज, पालम व एनसीआर में गाजियाबाद, छपरौला, नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा में बारिश होगी। वहीं हरियाणा व यूपी के पानीपत, गनौर, होडल साकोटी टंडा, हस्तिनापुर, चांदपुर, बरौत, दौराला, बागपत, मेरठ, मोदीनगर, बुलंदशहर, खुर्जा में अगले कुछ घंटे के अंदर बारिश की संभावना बन रही है। 

सितंबर में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड- भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि सितंबर महीने में बारिश ने अपने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। अभी मानसून बना हुआ है और इसके देर से जाने की संभावना है। आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में ही अब तक 27 फीसद बारिश हो चुकी है। 

कई राज्यों में आज से बदलेगा मौसम- वैज्ञानिकों का मानना है कि देश के कई राज्यों में आज से मौसम बदलना शुरू हो जाएगा। पश्चिम बंगाल व ओडिशा में बारिश हो सकती है। राजस्थान, गुजरात में तीन दिन तक बारिश के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश, पंजाब व हरियाणा में तेज बारिश की संभावना है तो उत्तराखंड में 25 सितंबर तक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विज्ञान विभाग ने हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण यहां दृश्यता कम हो जाएगी और पारा भी दो से तीन डिग्री तक लुढ़केगा। 

आपदा: दो दिन स्कूल कॉलेज बंद

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि के दृष्टिगत सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के दिए निर्देश। वरिष्ठ अधिकारीगण क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें। 17 व 18 सितम्बर, 2021 को प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बन्द रखने के निर्देश। प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचायी जाए। जल-जमाव की स्थिति में प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था करायी जाए। सम्बन्धित जनपदों के अधिकारियों को इस आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि के दृष्टिगत सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारीगण क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें। उन्होंने 17 व 18 सितम्बर, 2021 को प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बन्द रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा के दृष्टिगत जनपदों में राहत कार्य प्रभावी रूप से कराए जाएं। आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचायी जाए। जल-जमाव की स्थिति में प्राथमिकता पर जल निकासी की व्यवस्था करायी जाए। उन्होंने सम्बन्धित जनपदों के अधिकारियों को इस आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।

बारिश अगले 3 दिन: 9 जिलों में रेड, 26 जिलों में येलो अलर्ट

लखनऊ। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन दिन भारी बारिश की संभावना जारी की है। उनमें करीब दस जिलों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। आकाशीय बिजली के साथ जोरदार बारिश होगी। वहीं नौ जिलों में रेड अलर्ट के अलावा 26 जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

इन 26 जिलों में जारी हुए येलो अलर्ट
बाराबंकी, लखनऊ, गाजियाबाद, अयोध्या, सुल्तानपुर, मथुरा, सीतापुर, संभल, मुरादाबाद, शामली, बुलंदशहर, बिजनौर, सहारनपुर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, बागपत, हापुड़, मेरठ, इटावा, हमीरपुर, बलिया, जालौन, औरैया, ललितपुर व फर्रुखाबाद शामिल हैं।

इन 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी-
कानपुर नगर, कन्नौज, गौतम बुद्ध नगर, फतेहपुर, कानपुर देहात, हरदोई, उन्नाव, अलीगढ़ व बांदा जैसे जिलों में रेड अलर्ट जारी हुआ है।

कोरोना: केरल में नाइट कर्फ्यू की तैयारी

रोजाना 30 हजार से ज्यादा नए केस दर्ज। 5 दिन में आए कोरोना के करीब डेढ़ लाख केस।

नई दिल्ली (एजेंसी)। केरल में कोरोना के बढ़ते मामलों ने देश की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में पिछले चार दिन से रोजाना 30 हजार से ज्यादा नए केस दर्ज किए जा रहे हैं। महज 5 दिन में केरल में कोरोना के करीब डेढ़ लाख केस आ चुके हैं। दूसरी तरफ देश में भी केरल के आंकड़ों के कारण नए मामलों की संख्या  रोजाना 45 हजार से अधिक आ रही है। वहीं स्थिति खराब होते देख केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने अगले हफ्ते से राज्य में नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है। 

शनिवार को देश में कोरोना के 45 हजार से ज्यादा केस दर्ज किए गए और इनमें से 31 हजार से ज्यादा मामले केरल से थे, जो कि कुल मामलों का करीब 70 फीसदी है। शुक्रवार को जहां राज्य में संक्रमण दर 19.22 फीसदी तक पहुंच गया था वहीं, शनिवार को यह 18.67 फीसदी रहा।

लगातार बढ़ रहे एक्टिव केस
केरल में शनिवार तक 2 लाख से ज्यादा उपचाराधीन मरीज थे। देशभर में कोरोना के कुल 3.7 लाख एक्टिव मरीज हैं और अकेले केरल में ही इसके 55 फीसदी मामले हैं। बीते पांच दिन में राज्य में एक लाख 49 हजार 814 नए मामले आए हैं।

केरल के अलावा महाराष्ट्र में शनिवार को कोरोना के 4 हजार 831 नए मामले दर्ज किए गए। मिजोरम में भी लगातार दो दिन से कोरोना के एक हजार के करीब मामले पहुंच रहे हैं। 

मौतों में भी केरल अव्वल
भारत में शनिवार को कोरोना से कुल 444 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें से 153 अकेले केरल से थीं। इसके अलावा 126 महाराष्ट्र, 68 ओडिशा, 21 तमिलनाडु और 19 मौतें आंध्र प्रदेश में दर्ज की गईं। 

अब नाइट कर्फ्यू का ऐलान
केरल सरकार ने राज्य में कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए अगले हफ्ते से रात में कर्फ्यू लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक में अगले सप्ताह से राज्य में रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया है।

भूस्खलन से रुकी चेनाब नदी की धारा

lahaul spiti landslide

अब हिमांचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में दरका पहाड़। मलबा गिरने से रुकी चेनाब नदी की धारा। आसपास के 13 गांव से सुरक्षित निकाले गए 2,000 लोग।

शिमला (एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भूस्खलन ने कहर बरपाया है। इस बार सुदूर लाहौल स्पीति जिले में भूस्खलन के चलते चेनाब नदी का बहाव रुक गया है। यह राज्य की सबसे बड़ी नदी है, जिसे स्थानीय तौर पर चंद्रभागा भी कहा जाता है। इस घटना के बाद तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और अब तक 2,000 लोगों को इलाके से निकाल लिया गया है। आसपास के कुल 13 गांवों से 2,000 लोगों को बाढ़ के खतरे के चलते निकाला गया है।

झील बनने का खतरा- हिमाचल सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि लाहौल स्पीति के जसरथ गांव के पास भूस्खलन हुआ और बड़े पैमाने पर मलबा नदी में जा गिरा। इसके चलते नदी का प्रवाह थम गया है। नदी का बहाव रुकने की वजह से इलाके में झील बनने का खतरा पैदा हो गया है और किसी भी तरह के संकट से बचने के लिए लोगों को निकाला जा रहा है। 

प्रशासन की लोगों से ऊंचे इलाकों में जाने की अपील
जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से आसपास के ऊंचे क्षेत्रों में जाने की अपील की है। फिलहाल जिला प्रशासन के अलावा एसडीआरएफ की टीम बचाव के काम में जुटी हुई है। नदी का प्रवाह रुकने के चलते जसरथ गांव के पास एक झील सी बन गई है और आसपास की खेती की जमीन को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। इसी झील में पानी लगातार बढ़ रहा है और गांव के ही डूबने का खतरा पैदा हो गया है। यह घटना शुक्रवार को सुबह हुई, जब भूस्खलन के चलते चेनाब नदी का प्रवाह पूरी तरह से रुक गया। जिला प्रशासन ने नदी के बहाव को फिर से शुरू करने के लिए सेना के एक्सपर्ट्स की मांगी है। यदि पानी का बहाव सही समय पर शुरू नहीं हुआ तो फिर इलाके में बड़ा नुकसान हो सकता है। 

उत्तराखंड में भूकम्प से पहले मिल जाएगा एलर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया भूकम्प एलर्ट एप्प का शुभारम्भ। ऐसा एप्प बनाने वाला उत्तराखण्ड बना पहला राज्य।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया भूकम्प एलर्ट एप्प का शुभारम्भ, ऐसा एप्प बनाने वाला उत्तराखण्ड बना पहला राज्य

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की द्वारा विकसित किया गया भूकम्प एलर्ट एप्प

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मोबाइल एप्प्लीकेशन ‘‘ उत्तराखण्ड भूकम्प अलर्ट’’ एप्प का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की के सौजन्य से बनाये गये इस एप्प के माध्यम से भूकम्प से पूर्व चेतावनी मिल जायेगी। उत्तराखण्ड यह एप्प बनाने  वाला पहला राज्य है। इससे जन सुरक्षा में मदद मिलेगी। इस एप्प के माध्यम से भूकम्प के दौरान लोगों की लोकेशन भी प्राप्त की जा सकती है। भूकम्प अलर्ट के माध्यम से भूकम्प से क्षतिग्रस्त संरचनाओं में फँसे होने पर सूचना दी जा सकती है। उत्तराखण्ड भूकम्प अलर्ट एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड भूकम्प की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। इस एप्प के माध्यम से लोगों को भूकम्प पूर्व चेतावनी मिल सके, इसके लिए इस एप्प की लोगों को जानकारी दी जाए। विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर इसका प्रचार प्रसार किया जाय। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इसकी लघु फिल्म बनाकर जन-जन तक पहुंचाया जाए। स्कूलों में भी बच्चों को लघु फिल्म के माध्यम से इस एप्प के बारे में जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के पास एंड्राइड फोन नहीं है, उनको भी भूकम्प से पूर्व चेतावनी मैसेज पहुंच जाए, इस एप्प के माध्यम से यह सुविधा भी प्रदान की जाए। भूकम्प पूर्व चेतावनी में सायरन एवं वायस दोनों माध्यमों से अलर्ट की व्यवस्था की जाए। भूकम्प  पूर्व चेतावनी के लिए सायरन टोन अलग से हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूकम्प पूर्व चेतावनी के लिए यह एक अच्छी पहल है। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए. मुरूगेशन, आई.आई.टी. रूड़की के प्रो. कमल एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

हिमाचल में एक दिन में 37 बच्चे कोरोना की चपेट में

‘तीसरी लहर’ की शुरुआत! हिमाचल में एक दिन में 37 बच्चे कोरोना की चपेट में

Possible 3rd wave of Covid unlikely to affect children, reveals WHO-AIIMS  survey | Latest News India - Hindustan Times

शिमला। हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी के साथ बच्चों में संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में तीसरी लहर की संभावना जताई जा रही है। बीते तीन दिन में सूबे में 700 से ज्यादा केस हुए हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक एक्टिव केस हैं। शुक्रवार को प्रदेश में 256 कोरोना केस रिपोर्ट हुए हैं, जबकि दो मरीजों की मौत हुई। प्रदेश में 37 बच्चों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें मंडी जिले के 10, कांगड़ा आठ, शिमला के रोहड़ू में 10, बिलासपुर में पांच, हमीरपुर में तीन, ऊना और चंबा में दो-दो बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोरोना अब डेढ़ से लेकर 18 साल तक के बच्चों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है।

प्रतिदिन सौ मरीज की बढ़ोतरी- हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज और अस्पताल आईजीएमसी शिमला के एमएस डॉक्टर जनक राज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में गत दो सप्ताह में कोरोना के एक्टिव मरीज़ों की संख्या 23 जुलाई को 829 से बढ़कर 06 अगस्त को 1727 तक जा पहुंची है। इसके आकलन से पता चलता है कि प्रतिदिन मरीज़ों की संख्या में 100 से अधिक की बढ़ोतरी हो रही है। इसका मतलब है कि तीसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है!

कोरोना संक्रमण के मामले– चंबा 68, मंडी 60, शिमला 52, कांगड़ा 43, हमीरपुर 24, बिलासपुर 18, लाहौल-स्पीति 10, ऊना आठ, जबकि कुल्लू व सोलन में पांच-पांच और किन्नौर में चार नए मामले आए हैं। कांगड़ा और मंडी में एक-एक संक्रमित महिला की मौत हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में 137 मरीज ठीक हुए हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 207344 पहुंच गया है। इनमें से 202060 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय मामले 1727 हो गए हैं। अब तक 3517 संक्रमितों की मौत हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना की जांच के लिए 13940 सैंपल लिए गए।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आकड़ों के अनुसार राज्य में लगभग 55 लाख 23 हजार पात्र लोग है, जिनका कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण किया जाना है। निर्धारित लक्ष्य के दृष्टिगत राज्य में अब तक 38,90,475 लोगों को केाविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है। राज्य में 13,10,577 लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक भी दी गई है। अब तक कुल 52,01,052 डोज कोविड-19 वैक्सीन की लगाई जा चुकी है। वहीं, अब टूरिस्ट के लिए हिमाचल में एंट्री से पहले कोविड नेगेटिव रिपोर्ट लानी होगी, या फिर उन्हें वैक्सीनेशन के दोनों डोज लगे होने चाहिए।

एनडीआरएफ ने बचाई भीषण बाढ़ में फंसी 80 से अधिक जिंदगियां

इटावा में एनडीआरएफ टीम ने भीषण बाढ़ में फंसे 80 से अधिक लोगों को बचाया

लखनऊ। एनडीआरएफ एक बार फिर 80 लोगों की जिंदगी बचाने में कामयाब रही। जनपद इटावा के इस एक ही गांव के सारे लोग पिछले 02 दिन से भूखे प्यासे थे। गांव हरौली, तहसील-चकरनगर, जिला-इटावा के पास एक अलग-थलग ऊंची जमीन पर फंसे हुए थे। भारी वर्षा का सामना कर जिंदा रहने के लिए पेड़ों पर चढ़कर जद्दोजहद कर रहे थे ।

उप कमांडेंड एनडीआरएफ लखनऊ नीरज कुमार ने बताया कि जिला इटावा प्रशासन उत्तर प्रदेश से एक संकटग्रस्त कॉल प्राप्त हुई थी। इसमें कुछ असहाय पीड़ितों के बारे में सूचना मिली, जो चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरे एक ऊंचे स्थान पर फंसे हुए थे।

इस मामले में उत्तर प्रदेश NDRF कंट्रोल रूम वाराणसी को सूचना देकर मदद मांगी गई। वाराणसी कंट्रोल रूम ने बिना समय गवाएं लखनऊ NDRF टीम को अलर्ट किया और निरीक्षक विनय कुमार के नेतृत्व में लखनऊ की एक टीम को रवाना किया।

टीम द्वारा वहां पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन कर अभियान को सफल बनाया गया। टीम के मौके पर पहुंचने पर पता चला कि एक ही गांव के सारे लोग पिछले 02 दिनों से भूखे प्यासे गाँव-हरौली, तहसील-चकरनगर, जिला-इटावा के पास एक अलग-थलग ऊंची जमीन पर फंसे हुए थे और भारी वर्षा का सामना कर जिंदा रहने के लिए पेड़ों पर चढ़कर जद्दोजहद कर रहे थे ।

11 एनडीआरएफ वाहिनी के बचावकर्मी जब वहाँ पहुंचे तब उन्होंने असहायों को सांत्वना दी और उन्हें भोजन और पानी मुहैया कराया और फिर अपनी बोट पर बैठाकर, यमुना नदी की तेज़ धारा को पार करके उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया ।

टीके की दोनों खुराक नहीं, तो तनख्वाह भी नहीं

कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक न लेने वालों को नहीं मिलेगी सैलेरी, निर्देश जारी

कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक न लेने वालों को नहीं मिलेगी सैलेरी, निर्देश जारी 

चंडीगढ़। तीसरी लहर की आशंका और टीकाकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने सख्त फैसला लिया है। अब कोरोनारोधी टीके की दोनों डोज नहीं लगवाने वाले फ्रंटलाइन कर्मचारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। साथ ही फैसला लिया गया है कि अब दूसरी डोज लगवाने वालों को प्राथमिकता दें, ताकि अधिक से अधिक आबादी सुरक्षित हो सके।

प्रदेश में 18 साल से ऊपर के करीब 1.80 करोड़ लोगों में से 4.50 लाख फ्रंटलाइन कर्मचारी हैं। इनमें स्वास्थ्य, पुलिस, सफाईकर्मी, बिजली, पंचायती विभाग के लोग शामिल हैं।

सैलरी को लेकर कितनी रखें उम्मीद, इन 7 बातों का रखेंगे ध्यान तो नहीं होंगे  निराश - The Financial Express

सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल 60 हजार पुलिस कर्मचारियों में से 58 हजार ने पहली और 49 हजार ने दोनों डोज ली है। इसके अलावा, सफाई कर्मचारियों समेत अन्य कर्मी पहली के बाद दूसरी डोज लेने नहीं आ रहे हैं। पहली और दूसरी लहर में प्रदेश में कोरोना से छह डॉक्टरों समेत 50 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, 45 पुलिसकर्मी और 43 बिजली कर्मी कोरोना से जान गंवा चुके हैं, इसलिए सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। 

हरियाणा में 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण के बाद अब तक कुल 1 करोड़ 23 लाख 86741 लोग खुराक ले चुके हैं। इनमें से 68,53,966 पुरुष हैं और 55,30,494 महिलाएं हैं। 96,90, 776 ने पहली और 26, 95,965 ने दोनों डोज ली हैं। केंद्र से कम वैक्सीन मिलने के कारण कम लोगों को वैक्सीन मिल पाई है। 

आयु वर्ग की बात करें तो सबसे अधिक टीका लगवाने वालों में युवा शामिल हैं। 18 से 44 साल के बीच के 59,06652 युवाओं ने टीका लगवाया है, जबकि 45 से 60 साल के 3467165 ने टीका लगवाया है। सबसे कम 60 साल से अधिक आयु वाले 30,12924 लोग हैं। 

मिनी थर्ड वेव की दस्तक, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों ने बढ़ाई चिंता

देश में मिनी थर्ड वेव की दस्तक, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों ने बढ़ाई केंद्र सरकार की चिंता

नई दिल्ली (एजेंसी)। केरल के साथ ही उसके पड़ोसी राज्यों में भी पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। बीते हफ्ते देश के 13 राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। सिर्फ तमिलनाडु ऐसा राज्य है जहां संक्रमण के मामलों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी 26 जुलाई से 1 अगस्त तक के हफ्ते के बीच पिछले सप्ताह की तुलना में नए मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में यह बढ़ोतरी 64 प्रतिशत है, जो कि पूरे देश में सबसे ज्यादा है। यहां नए मामले प्रतिदिन 670 से बढ़कर 1100 तक पहुंच गए हैं। उत्तराखंड में भी नए मामले 61 फीसदी तक बढ़ गए हैं। हालांकि, यहां मामले 272 से बढ़कर 437 हुए हैं। 

15 राज्यों में भारी बारिश की भविष्यवाणी

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। उत्‍तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर पहाड़ी राज्‍यों में भारी बारिश-भूस्‍खलन और बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इन घटनाओं में कई लोगों की जान भी चली गई है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में अगले आने वाले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई है। दरअसल पिछले हफ्ते पश्चिमी महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में जोरदार बारिश के बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिविटी उत्तर की ओर शिफ्ट हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 अगस्त तक कम से कम 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।

मौसम विभाग ने आज उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश (24 घंटों में 204.4 मिमी से अधिक) की चेतावनी दी है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होगी (24 घंटों में 64.5 मिमी से 204.4 मिमी)। ये उत्तरी राज्य वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान और इससे सटे पंजाब पर बने एक साइक्लोन सर्कुलेशन के प्रभाव में हैं। आईएमडी ने कहा कि पूर्वी और मध्य भारत के क्षेत्रों में भी 1 अगस्त तक बारिश बढ़ने की उम्मीद है।

वर्तमान में पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित लो प्रेशर सिस्टम अगले दो दिनों में बिहार और झारखंड में बारिश की वजह बनेगा। पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड में शुक्रवार तक व्यापक रूप से भारी बारिश (24 घंटे में 64.5 से 115.5 मिमी) होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश शनिवार तक जारी रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे पूर्वी राजस्थान में अगले दो दिनों में भारी बारिश होगी।

ऑक्सीजन की कमी से मौत: साबित करने का देश में कोई तरीका ही नहीं!

ऑक्सीजन की कमी से मौत: अगर हुई है तो साबित करने का देश में कोई तरीका ही नहीं है। जब अस्पतालों के बाहर हो रही थीं मौतें, तब केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक ने नहीं रखी जानकारी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने संसद में दी जानकारी को महज ब्यूरोक्रेटिक आंसर बताया। विशेषज्ञों ने कहा, चिकित्सीय तौर पर ऑक्सीजन की कमी को नहीं किया जा सकता साबित।

ऑक्सीजन या फिर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से एक भी मौत न होने के बाद हर कोई अलग अलग तर्क दे रहा है, जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे लेकर हैरान नहीं हैं क्योंकि इन्हें पहले से ऐसे जवाब की उम्मीद थी। केंद्र और राज्य सरकारों के पास सिस्टम ही नहीं है, जिसके आधार पर बताएं कि दूसरी लहर में कितने लोगों की मौत ऑक्सीजन न मिलने अथवा भर्ती नहीं होने से हुईं?

उस वक्त इसे बनाने की जरूरत थी लेकिन तब किसी भी राज्य सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया, न ही केंद्र ने कोई पहल की। सरकारों के पास अस्पतालों का ब्यौरा मौजूद है जिसे ऑडिट करवाया जा सकता है लेकिन बहुत से लोगों की मौत अस्पतालों के बाहर व घरों में भी हुई है? जिसे इन कागजों तक लाना काफी मुश्किल है। गंभीर बात यह है कि बीते तीन माह से न तो केंद्र ने इस बारे में सरकार से पूछा है और न ही राज्य सरकारों को जानकारी जुटाने की कोई जरूरत महसूस हुई।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने एक प्रिंट मीडिया ग्रुप से बातचीत में कहा कि किसी भी बीमारी की मृत्यु दर एक स्वास्थ्य सूचकांक (हेल्थ इंडिकेटर) होती है जिसके आधार पर उक्त जिला या राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का आकलन किया जा सकता है। यह एक बड़ा कारण है, जिसके आधार पर कहा जा सकता है कि कोई भी राज्य अपने खराब प्रदर्शन को जगजाहिर नहीं करना चाहेगी। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार का जवाब तकनीकी तौर पर ठीक है, क्योंकि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और वहां से जानकारी के आधार पर ही केंद्र सरकार रिपोर्ट तैयार करती है।  

वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजीव जयदेवन ने कहा, मुझे लगता है कि अभी सरकार की इस टिप्पणी पर और अधिक स्पष्टता की जरूरत है। हम सभी ने उन दिनों का सामना किया है। चिकित्सीय तौर पर ऑक्सीजन की कमी से मौत की पुष्टि करना जटिल है। वहीं अस्पतालों से बाहर की स्थिति जानना और भी मुश्किल है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े- स्वास्थ्य मंत्रालय की बात करें तो इस साल देश भर में कोरोना संक्रमण की वजह से 2,62,670 लोगों की मौत हुई है। जबकि दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन व स्वास्थ्य सेवाओं का भारी संकट 12 अप्रैल से 10 मई के बीच देखने को मिला। इस दौरान अलग अलग राज्यों के अस्पतालों से सामने आईं तस्वीरें और कब्रिस्तान-श्मशान घाट की स्थिति काफी भयावह थी।

मृत्यु प्रमाण पत्र पर नहीं लिख सकते ऑक्सीजन की कमी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. चंद्रकांत लहरिया ने कहा, उन दिनों अस्पतालों के अंदर, बाहर और घरों में मौतें हुईं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों का पूरा रिकॉर्ड होता है लेकिन जो लोग बाहर मर गए या फिर जिनकी घरों में मौत हो गई, उनकी जानकारी किसी के पास नहीं है। ऑक्सीजन एक थैरेपी है। इसकी कमी के चलते किसी मरीज में ऑर्गन फेलियर हो सकता है और उसकी मौत हो सकती है। जब इस मरीज के मृत्यु प्रमाण पत्र की बात आएगी तो उस पर ऑर्गन फेलियर ही मौत का कारण होगा, न कि ऑक्सीजन। हालांकि हर अस्पताल के पास ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर पूरा रिकार्ड रहता है। उस मरीज की केस फाइल का ऑडिट करेंगे तो पता चलेगा कि उस दौरान अस्पताल में ऑक्सीजन बंद हुई थी अथवा नहीं? ऐसे मामलों के बारे में सरकार पता कर सकती हैं।

25 मई को भेजे थे निर्देश, अलग से नहीं- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सदन में दी गई जानकारी पर कहा कि राज्यों को अलग से कोई निर्देश नहीं दिए गए थे। कोविड-19 संक्रमण से मरने वालों की रिपोर्टिंग कैसे करनी है, इस बारे में बीते 25 मई को दिशा निर्देश जारी किए थे जिसमें राज्यों से होम आइसोलेशन में मरने वालों को भी कुल संख्या में शामिल करने के लिए कहा गया। इस पर अभी तक हर राज्य से पर्याप्त जानकारी नहीं आई है।

बाहर वाले का केवल रजिस्ट्रेशन होता है- विशेषज्ञों के मुताबिक किसी व्यक्ति की मौत होने के बाद उसकी रिपोर्टिंग दो तरीके से होती है। पहली मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए, जिसे निगम/नगर पालिका जारी करती है। इसके लिए अस्पताल से मौत का कारण सहित तमाम जानकारी वाली एक पर्ची दी जाती है। दूसरा विकल्प किसी की मौत होने के बाद नजदीकी अस्पताल में रजिस्ट्रेशन का होता है। इसके अलावा अन्य कोई काम नहीं होता और यहां मौत के कारण की जानकारी भी नहीं होती। इस रजिस्ट्रेशन का इस्तेमाल इंश्योरेंस क्लेम या जमीन-संपत्ति इत्यादि के लिए इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि देश में मरने वालों के रजिस्ट्रेशन सबसे ज्यादा होते हैं और मृत्यु प्रमाण पत्र कम जारी होते हैं। अगर साल 2019 के आंकड़े देखें तो स्वास्थ्य मंत्रालय के ही अनुसार 76,41,076 मौत के रजिस्ट्रेशन हुए हैं लेकिन 15,71,540 ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए।

अंतिम विकल्प: घर-घर सर्वे, मौखिक ऑटोप्सी जरूरी- विशेषज्ञों ने बताया कि अभी भी सरकार के पास दो अहम विकल्प मौजूद हैं। हाल ही में झारखंड में घर-घर सर्वे किया था जिसके आधार पर यह पता चल सके कि कितने लोगों की महामारी में मौत हुई है या फिर मरने वाले संदिग्ध थे। इसी तरह एक विकल्प मौखिक ऑटोप्सी का है जिसे अभी तक देश में एक बार इस्तेमाल किया जा चुका है। इसके तहत स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाता है और वह पीड़ित या संदिग्ध परिवारों में जाकर जानकारी जुटाते हैं जिसकी जांच मेडिकल ऑफिसर करता है। इन दोनों विकल्प के जरिए सरकारें अपने अपने राज्य में ऑक्सीजन संकट और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से हुई मौतों की जानकारी एकत्रित कर सकते हैं। 

पौड़ी गढ़वाल में भारी बारिश से 31 मार्ग बंद

पौड़ी। जनपद में लगातार हो रही बारिश से 31 मार्ग बंद हो गए हैं।

आपदा कंट्रोल रूम से समय 12:00 बजे तक प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें 03 राज्य मार्ग, 03 मुख्य जिला मार्ग तथा 25 ग्रामीण मार्ग अवरुद्ध हैं। हालांकि यातायात सुचारू करने हेतु विभिन्न स्थानों में जेसीबी मशीन कार्य कर रही हैं। जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्ड के दिशा-निर्देशन पर आपदा कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारी-कर्मचारी जनपद में लगातार बारिश होने के चलते पल-पल की खबर जुटाने में लगे हुए हैं। वहीं जिलाधिकारी ने सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बारिश या भूस्खलन से अवरुद्ध मार्गों को जल्द से जल्द खोलें, जिससे आम जनमानस को परेशानियों का सामना न करना पड़े। 

अवरुद्ध हुए मार्गों में चमधार-सिरों, पोखरीखेत-चोरकंडी-भवाई-भसमोली, व्यासघाट-कंसुर, फरासू-मंडोली, खिर्सू- डबरुखाल- मौजखाल, सौड- गजेली, फरसाडी-गडकोट, थलीसैंण-चौंरिखाल, भिक्यासैंण-देधार-बुंगीधार-महलचोरी, मरचूला-सराईखेत-बैंजरों-पोखड़ा-सतपुली, पाबौ-संतुधार-चौबट्टाखाल-चौरिखाल, पैठाणी-बड़ेथ-चंगीन कुचोली-कुठखाल सहित 31 मार्ग शामिल बताए गए हैं। 

बादल फटने से कांगड़ा में भारी तबाही

धर्मशाला (एकलव्य बाण समाचार)। हिमाचल के धर्मशाला में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। जिला कांगड़ा के धर्मशाला स्थित पर्यटन क्षेत्र भागसूनाग में सोमवार को बादल फटने से भयंकर तबाही मच गई है। देखते ही देखते एक छोटे से नाले ने नदी का रूप धारण कर लिया। नाले के ओवरफ्लो होने से आई बाढ़ में सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां पानी में बह गईं। कुदरत का ये भयंकर रूप देखकर लोग सहम गए। बीती रात से ही प्रदेश भर में तेज बारिश हो रही है नदी-नाले उफान पर हैं।

बादल फटने से इस नाले के साथ दोनों ओर के कई होटलों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं, स्थानीय लोग बादल फटने और उसके बाद नदी-नालों में ऊफान आने के कारण सहमे हुए हैं।

भागसूनाग में इस वक़्त अफरा-तफ़री का माहौल है। सोशल मीडिया पर मौके का वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है पानी का तेज बहाव गाड़ी को बहाते हुए ले जा रहा है।