ढूंढ रहे थे तस्करी की शराब, बरामद हुई 232 kg चांदी

गोपालगंज (एजेंसी)। बिहार के गोपालगंज में उत्पाद विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिली जब टीम ने उत्तर प्रदेश से बिहार आ रही एक कार से शराब की जगह दो क्विंटल से अधिक चांदी बरामद की। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल, उत्पाद विभाग की टीम बुधवार को अवैध शराब को लेकर कुचायकोट थाना क्षेत्र के बलथरी चेक पोस्ट पर उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान एक कार से 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई।

गोपालगंज के उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि बारीकी से जांच के दौरान कार में पीछे की सीट के नीचे तहखाना जैसी जगह मिली, जिससे 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई। उन्होंने बताया कि बरामद की गई चांदी की कीमत बाजार में डेढ़ से दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

कानपुर से हो रही थी तस्करी- उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में कार चालक और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। उन लोगों की पहचान दरभंगा जिला के नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी मनोज गुप्ता और चालक शिव शंकर महतो के रूप में की गई है। पूछताछ में पता चला है कि चांदी को उत्तर प्रदेश के कानपुर से दरभंगा ले जाया जा रहा था। सूचना पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।

सरकारी ठेकों पर अब नहीं बिक सकेगी तस्करी की शराब

13 मई 2022 को दैनिक जनवाणी के पेज नंबर 02 पर प्रकाशित बिजनौर से सचिन वर्मा की रिपोर्ट… अब नहीं बिक सकेगी तस्करी की शराब

अब तस्करी की शराब सरकारी दुकानों पर नहीं बिक सकेगी। इसके साथ ही कोई भी दुकान स्वामी या सेल्समैन शराब की बिक्री में गड़बड़ नहीं कर सकेगा। इसके लिए आबकारी विभाग ने एक अच्छा कदम उठाया है। विभाग की ओर से शराब की दुकानों पर पोस मशीन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस मशीन के माध्यम से विभाग के पास दुकानों पर होने वाले प्रत्येक दिन की बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इसके साथ ही बार कोर्ड स्कैन किए बिना अब एक भी बोतल नहीं बेची जा सकेगी।

पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें खुलासा हुआ है कि शराब की दुकानों पर तस्करी की शराब भी बेची जाती रही है। इसके अलावा विभाग को चूना लगाने के लिए कुछ दुकान स्वामी व सेल्समैन तरह-तरह के हथकंडे अपनाने से भी पीछे नहीं हटते हैं। विभाग ने ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने व पारदर्शिता बरतने के लिए पोस मशीन को सहारा बनाया है। आबकारी विभाग की ओर से जनपद के सभी शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन देने का कदम उठाया है। इन पोस मशीनों के माध्यम से विभाग के पास सभी दुकानों पर प्रत्येक दिन होने वाली शराब की बिक्री व दुकानों पर बचे स्टॉक का पूरा लेखा जोखा बस एक बटन दबाते ही उपलब्ध हो जाएगा। इतना ही नहीं शराब बेचने वाले सेल्समैन को शराब बेचते समय बार कोड स्कैन करना ही होगा। बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जा सकेगा। विभाग की ओर से शराब की दुकान स्वामियों को पोस मशीन वितरित की जा रही हैं।

दुकान स्वामियों को वितरित की मशीनें

गुरुवार को जिला मुख्यालय पर नजीबाबाद की आबकारी निरीक्षक मोनिका यादव ने नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीनों का वितरण किया। उन्होंने सभी दुकान स्वामियों से बताया कि अब बिना बार कोड स्कैन किए एक भी बोतल को नहीं बेचा जाएगा। दुकान पर हुई बिक्री व स्टॉक का पूरा लेखा जोखा इस मशीन में फीड होगा। उन्होंने बताया कि यह पोस मशीने धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को वितरित की जा चुकी हैं।

मशीन बनेगी आबकारी विभाग का हथियार

आबकारी विभाग की ओर से बांटी जा रही पोस मशीने आबकारी विभाग के लिए किसी हथियार से कम साबित नहीं होगी। आबकारी विभाग के अधिकारी इसी हथियार के माध्यम से अब शराब तस्करों की कमर तो तोड़ ही सकेंगे साथ ही एक बटन दबाते ही दुकान का पूरा ब्योरा उनके सामने होगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि जो लोग लाइसेंस की आड़ में दुकानों पर तस्करी की शराब बेचते हैं वह अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। पोस मशीन से शराब की तस्करी पर भी अंकुश लगेगा।

जनपद में सभी दुकानों पर पोस मशीन रहेंगी। बिना कोड स्कैन किए अब एक भी बोतल नहीं बेची जाएगी। धामपुर, चांदपुर व नजीबाबाद के दुकान स्वामियों को पोस मशीने बांटी जा चुकी हैं। अन्य को बांटी जा रही है। पोस मशीन में शराब की दुकान की बिक्री का पूरा ब्योरा व स्टॉक का पूरा रिकार्ड उपलब्ध होगा। –गिरीशचंद्र वर्मा आबकारी अधिकारी, बिजनौर

हमने गुरुवार को नजीबाबाद के सभी दुकान स्वामियों को पोस मशीने उपलब्ध करा दी हैं। पोस मशीनों के माध्यम से दुकान का रिकार्ड रखना काफी आसान होगा। पोस मशीन कोड एक ही बार स्कैन करेगी। कोड को पुनः प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इससे अवैध शराब की बिक्री पर भी रोक लगेगी। –मोनिका यादव, आबाकरी निरीक्षक, नजीबाबाद

दो बोतल दारू क्यों नहीं चढ़ी, गृह मंत्री से शिकायत

Viral News: दो बोतल शराब पीने के बाद भी जब नहीं चढ़ा नशा, गृह मंत्री को भेजी शिकायत

पीड़ित शख्स ने बताया कि दो बोतल शराब पीने के बाद भी उसको नशा नहीं हुआ। इस बात से वो नाराज था। वह चाहता है कि ऐसी धोखाधड़ी किसी और कस्टमर के साथ नहीं हो।

उज्जैन। एक तरफ शिवराज सिंह चौहान की सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ माफिया पर बुलडोजर चलाने जैसी कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं अब मध्य प्रदेश में शराब में मिलावट की बात भी सामने आई है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक शराबी ने राज्य के गृह मंत्री को शिकायत भेजी है। वह सबूत के तौर पर आबकारी थाने में शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा।

हैरान रह गए आबकारी अधिकारी

लोकेंद्र सेठिया को आबकारी थाने में देख आबकारी अधिकारी भी हैरान रह गए। बाद में अधिकारी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने 2 बोतल शराब पी लेकिन, फिर भी उसको नशा नहीं हुआ। उसने कहा कि ये शराब कैसी है, नशा नहीं हो रहा है? ठेकेदार पानी मिलाकर दे रहे हैं; ठेकेदारों पर कार्रवाई करो।

शराबी ने की ये मांग

दरअसल, लोकेंद्र सेठिया 12 अप्रैल को देशी शराब की दो बोतल पीने के बाद आबकारी विभाग में शिकायत करने पहुंचे थे। उसने शिकायत की थी कि इसमें नशा नहीं है, इसमें तो पानी मिला हुआ है। वह सबूत के तौर पर शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा था। उसने कहा कि यकीन नहीं हो तो शराब की जांच कर लें। ठेकेदार की तरफ से की गई इस धोखाधड़ी को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करो।

साभार – राहुल सिंह राठौड़: जी न्यूज़ डेस्क

शराब व्यापारियों ने की लाभांश बढ़ाने, अंग्रेजी व बीयर का कोटा खत्म करने की मांग

उत्तर प्रदेश के समस्त शराब व्यापारियों की मांग है कि लाभांश बढ़ाया जाए, 2022-23 से अंग्रेजी व बीयर का कोटा खत्म किया जाए, आने वाले करोना काल की नीति बनाई जाए (शराब कारोबारी पिछले 2 वर्षों से अत्यधिक अधिक नुकसान में हैं) 3 वर्षों का नवीनीकरण भी किया जाता है, जिससे व्यापारी की स्थिति ठीक हो सके

लखनऊ। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन (उत्तर प्रदेश) के पदाधिकारियों एवं प्रमुख शराब कारोबारियों की प्रदेश स्तरीय बैठक एवं प्रेस वार्ता जनपद लखनऊ के एलोरा होटल में संपन्न हुई।

बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह ने कारोबार संबंधी परेशानियों का जिक्र करते हुए मांग रखी कि वर्ष 2022-23 की नीति में प्रदेश सरकार फुटकर शराब व्यापारी का लाभांश बढ़ाए, जो कि पिछले 10 वर्षों में कम हो गया है। साथ ही अंग्रेजी व बीयर का कोटा खत्म किया जाए। उपरोक्त विषय के तहत सरकार द्वारा बुलाए जाने पर 13 नवंबर को आबकारी आयुक्त व आबकारी नीति से जुड़े अधिकारियों के साथ गन्ना संस्थान में महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। बैठक में एसोसिएशन व उत्तर प्रदेश के बड़े व्यापारियों ने यही मांग की थी कि लाभांश बढ़ाया जाए, अंग्रेजी तथा बीयर का कोटा खत्म किया जाए। यह भी कहा था कि यदि यह मांगे पूरी नहीं होती है तो नवीनीकरण का प्रतिशत बहुत गिर जाएगा।