कोरोना की चौथी लहर को लेकर संभावना?

नई दिल्ली(एजेंसी)। देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ने शुरू हो गए है। इसके बाद कोरोना की चौथी लहर को लेकर संभावना जताई जा रही है। वहीं चौथी लहर आएगी या नहीं इसके बारे में वैज्ञानिकों ने खुलासे किए है। 

आईसीएमआर के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. आर गंगाखेड़कर ने कहा कि भारत में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब वैरिएंट हैं लेकिन अभी तक कोई नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह किसी भी तरह से चौथी लहर है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया बीए 2 वैरिएंट से प्रभावित हो रही है, जो लोगों को रोज संक्रमित कर रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह कोरोना की चौथी लहर है।’ उन्होंने आगे कहा कि स्कूल-कॉलेजों के खुलने की वजह से लोग सामाजिक रूप से सक्रिय हुए हैं जिसके परिणामस्वरूप मामले बढ़ रहे हैं। मास्क पहनने की अनिवार्यता को समाप्त करना भी मामलों में तेजी आने का एक अहम कारण है।

उन्होंने आगे कहा कि लॉकडाउन में ढील देने पर मामलों में तेजी देखने को मिलेगी। जिनकी आयु अधिक है, जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है, जो संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें यह ध्यान रखने की जरूरत है कि वह सार्वजनिक स्थानों पर अगर जाते है तो मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।

दिल्ली के स्कूलों में कोरोना वायरस ने दी दस्तक

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली एनसीआर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा, गाजियाबाद के स्कूलों में बच्चे संक्रमित पाए जाने लगे हैं, वहीं अब दिल्ली के स्कूल में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दी है, इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार अब किसी भी वक्त स्कूलों में एक नए सिरे से गाइडलाइंस जारी कर सकती है। दरअसल दिल्ली के निजी स्कूलों में एक छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, इसके बाद क्लास के सभी छात्रों को छुट्टी दी गई?। दिल्ली सरकार मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और स्कूल सरकार के साथ रिपोर्ट भी साझा कर रही है।

New Delhi: Deputy CM Manish Sisodia addresses during a press conference on Himachal CM issue, in New Delhi, Thursday 07, 2022. (Photo: IANS/Anupam Gautam)


दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि, मैंने शिक्षा विभाग के लोगों को कहा है कि अभी स्कूलों की छुट्टियां हैं। इस बीच में मामलों पर नजर रखते हुए सामन्य गाइडलाइंस स्कूल के लिए जारी करें, तो कल हम गाइडलाइंस भी जारी करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, पर अभी ऐसी कोई चिंता की बात नहीं है। मरीज अस्पतालों में भर्ती नहीं हो रहे हैं, यह नया वायरस ओमिक्रॉन जैसा ही है, अभी जीनोम सीक्वेंसिंग होना बाकी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह पुराना वायरस ही है या नहीं।

Sputnik Light की सिंगल डोज करेगी कोरोना का काम तमाम

कोरोना के खिलाफ भारत की बढ़ी ताकत। अब स्पूतनिक लाइट की सिंगल डोज से होगा काम तमाम।

Share
  • स्पूतनिक लाइट के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी
  • केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने दी जानकारी
  • कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी है प्रभावी

नई दिल्‍ली (एजेंसी)। कोरोना के खिलाफ देश में जारी टीकाकरण अभियान को अब और मजबूती मिलेगी। महामारी के खिलाफ जारी जंग में भारत को एक और टीके की ताकत मिल गई है। ड्रग्‍स कंट्रोलर जनल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सिंगल डोज स्‍पूतनिक लाइट वैक्‍सीन के इमरजेंसी इस्‍तेमाल को मंजूरी दे दी है। भारत में कोरोना के खिलाफ जारी जंग में यह 9वां टीका होगा।

स्पूतनिक लाइट के इमरजेंसी इस्तेमाल मंजूरी

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को ट्वीट कर कहा, ‘DCGI ने भारत में सिंगल डोज स्‍पूतनिक लाइट कोविड-19 वैक्‍सीन के इमरजेंसी इस्‍तेमाल की अनुमति दे दी है। यह कोविड के खिलाफ देश में लगाई जाने वाली 9वीं वैक्‍सीन है। इससे महामारी से लड़ने में देश के सामूहिक प्रयास को और ताकत मिलेगी।

कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी प्रभावी

बता दें दि स्पूतनिक लाइट सिंगल डोज़ वैक्सीन है, जिसकी सिर्फ 1 डोज़ ही कोरोना के खिलाफ प्रभावी है। स्पूतनिक लाइट की सिंगल डोज ही कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी प्रभावी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बूस्टर डोज के तौर पर भी बेहद प्रभावी है। स्पूतनिक लाइट वैक्सीन का बूस्टर डोज 6 महीने में लगाने पर ओमिक्रॉन के खिलाफ 100% प्रभावशाली साबित हुआ है।

कोरोना संक्रमण से बचाएगी ये जानकारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना वायरस एक इंसान से दूसरे तक कैसे पहुंचता है, लोग अभी भी नहीं समझ पा रहे। अगर इस बारे में सटीक पता चल जाए तो काफी हद तक बचाव हो सकता है। कई रिसर्चर्स और हेल्थ अथॉरिटीज ने मिलकर इस बारे में शोध किया और अपडेट दिया है। हम अभी तक कोरोना से बचने के लिए सिर्फ मुंह पर मास्क लगाते आ रहे हैं। नई रिसर्च के मुताबिक यह आपके मुंह, नाक और आंखों से भी आपको संक्रमित कर सकता है। WHO ने भी इस बात की पुष्टि की है।

आंखें, मुंह या नाक न छुएं


पिछले हफ्ते WHO ने डॉक्यूमेंट अपडेट किया कि वायरस संक्रमित व्यक्ति के जरिये ज्यादा पास से संपर्क में आने पर फैलता है। इसके अलावा जब भी कोविड पॉजिटिव इंसान सांस लेता या बोलता है तो छोटी-छोटी बूंदें हवा में तैरने लगती हैं। ये लंबे वक्त तक हवा में रहती हैं। स्वस्थ व्यक्ति के वहां से गुजरने पर ये उसे संक्रमित कर सकती हैं। वायरस से संक्रमित जगह को छूने के बाद अगर कोई अपनी आंखें, मुंह और नाक भी छूता है तो उसे कोरोना हो जाता है। हालांकि किसी चीज को छूने से ज्यादा हवा से संक्रमण फैलने के चांस ज्यादा होते हैं। यह बात अगस्त में हुए एक प्रयोग के बाद सामने आई थी।


बचाव के तरीके


कोरोना वायरस के फैलने को लेकर कई तरह की थ्योरीज़ आ चुकी हैं। रिपोर्ट्स थीं कि ओमिक्रोन का पहला वैरियंट आने के बाद चीन में लोगों से मेल खोलने से पहले तक फेस मास्क और ग्लव्स पहनने के लिए कहा जा रहा था। खासतौर पर ऐसे मेल्स के लिए जो बाहर से आ रहे थे। माना जा रहा था कि ओमिक्रॉन कनाडा से पैकेज के जरिये आ जा रहा है। हालांकि अब सबका यही मानना है कि कोविड से बचने के लिए सोशल डिस्टेंस मेनटेन रखना, बंद जगहों पर इकट्ठे न होना, मास्क के साथ फेस को कवर रखना और हाथ सैनिटाइज करते रहना ही बेहतर तरीका है।

मार्च में मिल जायेगा ओमिक्रॉन के खात्मे के हथियार

न्यूयॉर्क (एजेंसी)। कोविड-19 का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनियाभर के तमाम देशों में तेजी से पांव पसार रहा है। खतरे को देखते हुए कई देशों में वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा रही है। ओमिक्रॉन के संक्रमण को रोकने के मकसद से तैयार की जा रही वैक्सीन को लेकर भी काम चल रहा है। दिग्गज फार्मा कंपनी फाइजर को उम्मीद है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को टारगेट करने वाली कोविड-19 वैक्सीन मार्च में तैयार हो जाएगी। कंपनी के प्रमुख ने यह जानकारी दी।

फाइजर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलबर्ट बौर्ला ने सीएनबीसी को बताया कि सरकारों की ओर से भारी मांग के चलते फाइजर पहले से ही वैक्सीन की खुराकों का निर्माण कर रही है क्योंकि कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसमें ऐसे लोगों की संख्या भी काफी है जो वैक्सीनेटेड होने के बावजूद ओमिक्रॉन के शिकार हुए। बौर्ला ने कहा, “यह वैक्सीन मार्च में तैयार हो जाएगी। मुझे नहीं पता कि हमें इसकी आवश्यकता होगी या नहीं। मुझे नहीं पता कि इसका उपयोग कैसे किया जाएगा।”

UP: 24 घंटों में आए 7695 नए कोरोना पॉजिविट

लखनऊ। यूपी में कोरोना संक्रमण ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। 24 घंटों में 7695 नए कोरोना पॉजिविट पाए गए। इसी अवधि में 253 लोग कोरोना से ठीक भी हुए। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। मास्क के प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन इत्यादि से इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

सीएम योगी ने कहा कि निगरानी समितियां और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर्स को पूर्णतः सक्रिय किया जाए। होम आइसोलेशन, निगरानी समितियों से संवाद, एम्बुलेंस की जरूरत और टेलिकन्सल्टेशन के लिए अलग- अलग नम्बर जारी किए जाएं। जनपदीय आईसीसीसी में डॉक्टरों का पैनल तैनात करते हुए लोगों को टेलीकन्सल्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जरूरत के मुताबिक लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए। कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए।

ओमिक्रोन से दो-दो हाथ करेगी “आयु रक्षक किट”

मुरादाबाद। ओमीक्रोन के संक्रमण से बचाव करने के लिए आयुर्वेद कारगर हथियार बनने जा रहा है। गिलोय समेत कई गुणकारी औषधियों वाली आयु रक्षक किट कोरोना के नए वैरिएंट से दो-दो हाथ करने को तैयार है।

सूत्रों के अनुसार मुरादाबाद जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में आयु रक्षक किट की आपूर्ति हो चुकी है। यह किट अस्पताल में आने वाले मरीजों को ओमीक्रोन के संक्रमण से बचाव करने के लिए विशेष प्राथमिकता के साथ दी जाएगी। इस किट में गिलोय समेत कई ऐसी औषधियां शामिल की गई हैं, जिनका इस्तेमाल कर के संक्रमण से बचाव हो सकेगा। साथ में अगर किसी मरीज में सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार की समस्या है तो उसका इलाज इन औषधियों के माध्यम से हो सकेगा। मुरादाबाद के आयुर्वेदिक अस्पतालों में 400 से अधिक आयु रक्षक किट उपलब्ध कराई गई हैं। 

लापरवाही से 1 दिन का वेतन कटा बैठीं 2 ANM


किरतपुर (बिजनौर)। कोविड-19 वैक्सीनेशन में तैनात एएनएम की लापरवाही पर एक दिन का वेतन काटा गया है। इसी के साथ एएनएम के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिये उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. ईश्वरानंद ने बताया कि 21 दिसम्बर को वैक्सीनेशन के लिये एएनएम अंशु देवी की ड्यूटी मोहल्ला अफगानान के उपकेन्द्र पर लगी थी।
वैक्सीनेशन कैम्प में अंशु देवी बिना बताए अनुपस्थित रही। इसी प्रकार एएनएम रामरति की ड्यूटी 25 दिसम्बर 2021 को कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिये गांव छितावर में लगाई गई थी, परंतु वह ड्यूटी पर नहीं गई। बात करने पर ड्यूटी करने से मना कर दिया, जिससे राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित हुआ है। दोनों एएनएम के विरुद्ध प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. ईश्वरानंद द्वारा एक दिन का वेतन वापसी एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु सीएमओ, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
नजीबाबाद को कार्यवाही के लिए पत्र लिखा गया है।

UP में लगेगा नाइट कर्फ्यू

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना के खतरे को देखते हुए 25 दिसंबर से नाइट कर्फ्यू लगने के निर्देश जारी हुए हैं। इसके चलते रात 11:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक कर्फ्यू लगाया जाएगा। इसके साथ ही शादी समारोह में 200 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई है। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। 

उच्चस्तरीय टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश:-

● कोविड से बचाव के लिए ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण की  नीति के सही क्रियान्वयन से प्रदेश में स्थिति नियंत्रित है। बीते 24 घंटों में हुई 01 लाख 91 हजार 428 सैम्पल की जांच में कुल 49 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 12 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। आज प्रदेश में कुल एक्टिव कोविड केस की संख्या 266 है, जबकि 16 लाख 87 हजार 657 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। आज 37 जिलों में एक भी कोविड मरीज शेष नहीं है।

PunjabKesari

●देश के विभिन्न राज्यों में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में कुछ कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। शनिवार 25 दिसंबर से प्रदेशव्यापी रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू प्रभावी किया जाए। हर दिन रात्रि 11 बजे से प्रातः 05 बजे तक रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू लागू होगा। शादी-विवाह आदि सार्वजनिक आयोजनों में कोविड प्रोटोकॉल का साथ अधिकतम 200 लोगों के भागीदारी की अनुमति हो। आयोजनकर्ता इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को देगा।

PunjabKesari

● बाजारों में “मास्क नहीं तो सामान नहीं” के संदेश के साथ व्यापारियों को जागरूक करें। बिना मास्क कोई भी दुकानदार ग्राहक को सामान न दे। सड़कों/बाजारों में हर किसी के लिए।मास्क अनिवार्य किया जाए। पुलिस बल लगातार गश्त करे। पब्लिक एड्रेस सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाए। 

PunjabKesari

● देश के किसी भी राज्य से अथवा विदेश से उत्तर प्रदेश की सीमा में आने वाले हर एक व्यक्ति की ट्रेसिंग-टेस्टिंग की जाए। बस, रेलवे और एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। निगरानी समितियों ने कोरोना प्रबंधन में सराहनीय कार्य किया है। तीसरी लहर के दृष्टिगत गांवों और शहरी वार्डों में निगरानी समितियों को पुनः एक्टिव करें। बाहर से आने वाले हर एक व्यक्ति की टेस्टिंग कराएं। उनके स्वास्थ्य पर सतत नजर रखी जाए। आवश्यकतानुसार लोगों को क्वारन्टीन किया जाए, अस्पतालों में भर्ती कराया जाए।

PunjabKesari

● कोविड की तीसरी लहर की आशंका के दृष्टिगत हमने पूर्व में व्यवस्थित तैयारियां की हैं, जिनका पुनर्परीक्षण कर लिया जाए। प्रदेश के सभी शासकीय/निजी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं की बारीकी से परख कर ली जाए। औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क और डे केयर सेंटर फिर एक्टिव करें।

● 19 करोड़ 14 लाख 94 हजार से अधिक कोविड टीकाकरण और 09 करोड़ 14 लाख से अधिक टेस्टिंग करके उत्तर प्रदेश टेस्टिंग और टीकाकरण देश में प्रथम स्थान पर है। यहां 06 करोड़ 73 लाख 17 हजार से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड का सुरक्षा कवर प्रदान कर दिया गया है। 12 करोड़ 41 लाख लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। इस प्रकार टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी में से 84.23 फीसदी को पहली और 45.66 फीसदी लोगों को दोनों डोज मिल चुकी है। वैक्सीनेशन को और तेज करने की जरूरत है। इस संबंध में सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।

आईआईटी ने ओमीक्रोन पर किया है चौंकाने वाला खुलासा
आईआईटी कानपुर के रिसर्चरों ने अपनी नई स्टडी में यह अनुमान जताया है। इसके अनुसार, 3 फरवरी को कोरोना केस पीक पर होंगे। आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं की एक टीम के नेतृत्व में अभी तक के मामलों की समीक्षा की गई है। अध्ययन में महामारी की पहली दो लहरों के डेटा का इस्तेमाल करके तीसरी लहर का पूर्वानुमान लगाया गया है।
शोधकर्ताओं की रिपोर्ट कहती है, ‘दुनिया भर के ट्रेंड को देखते हुए यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट भारत में दिसंबर मध्य से तीसरी लहर का पूर्वानुमान करती है जो कि फरवरी की शुरुआत में पीक पर होगी।’ रिसर्चरों की टीम ने गॉजियन मिक्सचर मॉडल नाम के एक स्टेटिस्टिकल टूल का इस्तेमाल किया है।

3 साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए जल्द आएगी कोरोना वैक्सीन

नई दिल्ली (एजेंसी)। तीन साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए जल्द ही कोरोना वैक्सीन आ जाएगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खौफ के बीच सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि अगले 6 महीनों में बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन लांच कर दी जाएगी। पूनावाला ने कहा कि वैक्सीन ‘कोवावैक्स’ का ट्रायल चल रहा है और यह तीन साल और उससे अधिक उम्र वाले बच्चों को कोरोना के खिलाफ पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करेगी।

With trials just starting, Adar Poonawalla gets a front-row seat to the  global vaccine race, Health News, ET HealthWorld


 
उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक बच्चों में कोरोना के बहुत गंभीर मामले सामने नहीं आए हैं और हमारे लिए बड़े सौभाग्य का बात है कि कोरोना से अब तक बच्चों के लिए कोई घबराने की बात सामने नहीं आई है। अब हम जल्द ही बच्चों के लिए कोविड-19 वैक्सीन लांच करने जा रहे हैं उम्मीद है कि इसमें 6 महीने का समय लगेगा।

Oxford AstraZeneca vaccine to be sold to developing countries at cost price  | Global development | The Guardian

पूनावाला ने बताया कि यह तीन साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों को कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करेगी। कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री की ओर से आयोजित एक वर्चुअल कान्फ्रेंस में उन्होंने ये बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है कि यह बच्चों पर कैसे प्रभाव डालेगा, लेकिन बच्चों को सुरक्षित करना जरूरी है।

Omicron का नया लक्षण जो दिखाई देगा सिर्फ रात में

डॉक्टरों ने किया आगाह, Omicron का नया लक्षण जो सिर्फ रात में दिखाई देगा- रहें सावधान 

डॉक्टरों ने किया आगाह, Omicron का नया लक्षण जो सिर्फ रात में दिखाई देगा- रहें सावधान 

नई दिल्ली (एजेंसी)। एक वायरल इंफेक्शन का सबसे खतरनाक पहलू उसकी गंभीरता है। कोविड-19 के डेल्टा वैरिएंट ने भारत समेत दुनियाभर के देशों में कहर बरपाया था। डेल्टा वैरिटएंट की संक्रामकता बहुत ज्यादा थी। इसमें मरीजों को हल्के और गंभीर लक्षण दोनों महसूस हो रहे थे। उनमें तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस में तकलीफ, छाती में दर्द, खून में ऑक्सीजन की कमी जैसे लक्षण देखे जा रहे थे। अब कोरोना का नया ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनिया के सामने एक नई मुसीबत बनकर खड़ा हो गया है। इसकी गंभीरता, ट्रांसमिशन रेट और लक्षणों को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

WHO का दावा है कि नया ओमिक्रॉन वैरिएंट पहले संक्रमित हो चुके लोगों को भी आसानी से अपनी चपेट में ले सकता है। इसके अलावा, वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके लोग भी ओमिक्रॉन के खिलाफ सुरक्षित नहीं हैं। आने वाले कुछ दिन या सप्ताह में साफ हो जाएगा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट आखिर कितना खतरनाक है। अब तक दुनियाभर के डॉक्टर्स और वैज्ञानिक ओमिक्रॉन में कई तरह के लक्षण दिखने का दावा भी कर चुके हैं।

रात में पसीना और शरीर में दर्द
दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग के जनरल प्रैक्टिशनर डॉ. उनबेन पिल्ले कहते हैं कि ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों को रात में पसीना आने की शिकायत हो सकती है। कई बार मरीज को इतना ज्यादा पसीना आता है कि उसके कपड़े या बिस्तर तक गीला हो सकता है। संक्रमित को ठंडी जगह में रहने पर भी पसीना आ सकता है। इसके अलावा मरीज को शरीर में दर्द की शिकायत भी हो सकती है।

सूखी खांसी और शरीर में दर्द
डॉ. उनबेन पिल्ले कहते हैं कि उन्होंने ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज में सूखी खांसी के लक्षण भी देखे हैं। ये लक्षण कोरोना के अब तक सभी पुराने स्ट्रेन में देखा जा चुका है। इसके अलावा बुखार और मांसपेशियों में दर्द भी ओमिक्रॉन के लक्षण हो सकते हैं।

गले का छिलना
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका की एक डॉक्टर एंजलीके कोएट्जी ने ओमिक्रॉन से संक्रमित लोगों में गले में खराश की बजाय गला छिलने जैसी दिक्कत देखने का दावा किया था, जो कि असामान्य है। ये दोनों लक्षण लगभग एक जैसे हो सकते हैं। हालांकि गले में छिलने की समस्या ज्यादा दर्दनाक हो सकती है।

हल्का बुखार
कोरोना के किसी भी वैरिएंट के साथ हल्का या तेज बुखार होने की शिकायत लगातार सामने आई हैं। डॉ. कोएट्जी कहती हैं कि ओमिक्रॉन के संक्रमण में मरीज को हल्का बुखार हो सकता है और इसमें बॉडी का टेंपरेचर अपने आप नॉर्मल हो जाता है।

थकावट
पिछले तमाम वैरिएंट्स की तरह ओमिक्रॉन में भी मरीज को बहुत ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। इसमें संक्रमित इंसान का एनेर्जी लेवल काफी कम हो जाता है। शरीर में दिख रहे इस लक्षण को इग्नोर करने की बजाए तुरंत कोविड-19 की जांच कराएं।

अगले महीने आएगी कोरोना की तीसरी लहर!

ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच एक्सपर्ट का दावा, जनवरी में आएगी तीसरी लहर

ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच एक्सपर्ट का दावा, जनवरी में आएगी तीसरी लहर

रविवार तक देश में ओमिक्रॉन के 5 मामले सामने आ चुके हैं और वैज्ञानिक आशंका जता रहे हैं कि जनवरी के आखिरी सप्ताह या फरवरी की शुरुआत में ओमिक्रॉन का पीक होगा।

साभार Zee News Desk|Updated: Dec 05, 2021, 03:58 PM IST

  • जनवरी से फरवरी के बीच आएगी तीसरी लहर
  • दूसरी लहर के मुकाबले कम घातक होगी तीसरी लहर
  • नहीं पड़ेगी कम्प्लीट लॉकडाउन की जरूरत

नई दिल्ली: कोरोना के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ के आने के बाद देश में तीसरी लहर आना लगभग तय माना जा रहा है. रविवार तक देश में ओमिक्रॉन के 5 मामले सामने आ चुके हैं और वैज्ञानिक आशंका जता रहे हैं कि जनवरी के आखिरी सप्ताह या फरवरी की शुरुआत में ओमिक्रॉन का पीक होगा. IIT के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने नए अध्ययन में यह दावा किया है. हालांकि वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि तीसरी लहर, दूसरी लहर के मुकाबले कम घातक होगी. रविवार को ही दिल्ली में पहला ओमिक्रॉन केस सामने आया है जो कि देश का पांचवा ओमिक्रॉन केस है. इसके बाद काफी लोगों को कोरोना की तीसरी लहर का डर सता रहा है.

कम घातक होगी तीसरी लहर

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने नए अध्ययन में दावा किया है कि तीसरी लहर, दूसरी लहर की तुलना में कम घातक होगी. प्रो. अग्रवाल ने अपने गणितीय मॉडल सूत्र के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है. गौरतलब है कि इससे पहले प्रो. मणींद्र ने ही अपने गणितीय मॉडल के आधार पर ही दूसरी लहर के बाद नए म्यूटेंट के आने से तीसरी लहर की आशंका जताई थी. अब प्रो. अग्रवाल ने दक्षिण अफ्रीका से फैले ओमीक्रॉन वेरिएंट पर स्टडी शुरू कर ताजा निष्कर्ष जारी किए हैं. 

हर रोज मिलेंगे एक से डेढ़ लाख मरीज

इन निष्कर्षों के मुताबिक अब तक जितनी भी केस स्टडी सामने आई हैं, उसमें संक्रमण तेजी से फैल रहा है, लेकिन बहुत अधिक घातक नहीं मिला है. प्रो. अग्रवाल के मुताबिक दूसरी लहर के हल्के होने के बाद यानी सितंबर में तीसरी लहर को लेकर उन्होंने जो आंकलन किया था, वह सच साबित होता दिख रहा है. कई देशों में फैलने के बाद भारत में भी ओमीक्रॉन संक्रमण के मामले मिलने लगे हैं. उन्होंने बताया कि जब तीसरी लहर अपने चरम पर होगी, तब रोजाना एक से डेढ़ लाख के बीच संक्रमित मरीजों के मिलने की संभावना है.

बच्चों पर ऐसा रहेगा असर

प्रो. अग्रवाल के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर का असर बच्चों पर कम देखने को मिलेगा. उनमें लक्षण भी कम नजर आएंगे और वे जल्दी रिकवर हो जाएंगे. साथ ही उन्होंने बताया कि ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज जल्दी रिकवर होंगे. उन्हें सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण होंगे लेकिन दूसरी लहर की तरह अधिक परेशान नहीं होंगे. प्रो. अग्रवाल ने बताया कि यह वेरिएंट नेचुरल इम्युनिटी को ज्यादा बाईपास नहीं कर रहा है. नेचुरल इम्युनिटी का मतलब जो लोग एक बार कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें अधिक घबराने की जरूरत नहीं है. वे संक्रमण से नहीं बच पाएंगे लेकिन अधिक दिक्कत जैसी स्थिति नहीं होगी.

नहीं पड़ेगी कम्प्लीट लॉकडाउन की जरूरत

प्रो. अग्रवाल ने यह भी बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरा लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बचाव की चीजों को ही अगर सख्ती से पालन कराया जाए तो काफी है. जरूरत पड़ने पर हल्का लॉकडाउन लगाया जा सकता है.

मास्क और वैक्सीन ही बचाव

प्रो. अग्रवाल के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर से बचने का सबसे अच्छा माध्यम सावधानी बरतना और वैक्सीन है. जिन लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज या अभी पहली ही डोज नहीं लगवाई है, वे तुरंत वैक्सीन लगवा लें. मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.

दिल्ली में मिला ओमीक्रॉन का पहला मरीज, देश में संख्या हुई पांच

दिल्ली में मिले इस नए केस के साथ ही देश में ओमीक्रॉन के मरीज़ों की तादाद बढ़ कर पांच हो गई है। इससे पहले पिछले दिन मुंबई में ओमीक्रॉन का चौथा मामला दर्ज किया गया था।

दिल्ली में मिला Omicron का पहला केस, तंजानिया से लौटे शख्स में वैरिएंट की तसदीक

नई दिल्ली। दुनिया भर में कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच भारत में भी इसके केस धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं। अब राजधानी दिल्ली में पहला ओमीक्रॉन पॉजिटिव मरीज मिला है। यह यात्री तंजानिया से आया था। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के अनुसार 12 संक्रमित मरीजों के सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए थे, जिनमें से एक मरीज़ की रिपोर्ट में ओमीक्रॉन वैरिएंट पाया गया है। दिल्ली में मिले इस नए केस के साथ ही भारत में ओमीक्रॉन के मरीज़ों की संख्या बढ़ कर पांच हो गई है। इससे एक दिन पहले ही मुंबई में ओमीक्रॉन का चौथा मामला दर्ज किया गया था।

दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने बयान जारी कर कहा कि दिल्ली में पहला ओमीक्रॉन केस मिला है। एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती मरीज तंजानिया से लौटा था।