अब आधार और वोटर आईडी के जरिए बनाए जाएंगे आयुष्मान कार्ड

सरकार का फैसला; नहीं है राशन कार्ड तो इस आईडी से भी बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड

सरकार का फैसला;नहीं है राशन कार्ड तो इस आईडी से भी बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड

देहरादून (एजेंसी)। राज्य में राशन कार्ड न होने की वजह से जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बन रहे हैं, उनके कार्ड अब आधार और वोटर आईडी के जरिए बनाए जाएंगे। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं। आयुष्मान योजना तक लोगों की पहुंच आसान बनाने के लिए सरकार ने ये कदम उठाया है। इससे उन लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाने में आसानी होगी, जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं।

सौ प्रतिशत पात्रों का बने आयुष्मान कार्ड
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने सचिवालय में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की दूसरी बोर्ड बैठक में अधिकारियों से कहा कि राज्य में शत-प्रतिशत पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं उनके आयुष्मान कार्ड वोटर आईडी, आधार कार्ड या अन्य दस्तावेजों के आधार पर बनाए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को आयुष्मान योजना का लाभ मिल सके।

पांच लाख के नहीं बन पा रहे कार्ड 
राज्य में करीब पांच लाख लोग ऐसे हैं, जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है। इसका कारण यह है कि इनके नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के डेटा में नहीं हैं। जबकि बाद में बने इनके राशन कार्ड के आधार पर आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। मुख्य सचिव के निर्देश से इन लोगों को राहत मिलेगी। अब ये अपने आधार कार्ड का प्रयोग कर आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।

फर्जी बिल लगाने वाले अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज के बदले फर्जी बिल लगाने वाले अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे अस्पतालों पर लगातार जुर्माना लगाया जाए और इन अस्पतालों की सूचीबद्धता भी समाप्त की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में अस्पतालों को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी तैयार की जाए।

यूपी में रविवार की साप्ताहिक बंदी खत्म

उत्तर प्रदेश में अभी जारी रहेगा नाइट कर्फ्यू। रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लागू रहेगा रात्रिकालीन कर्फ्यू।

यूपी में अभी जारी रहेगा नाइट कर्फ्यू, जानिए सोमवार से रविवार तक क्या रहेगी टाइमिंग 

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति में सुधार के 22 अगस्त से रविवार की बंदी समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों तथा अन्य मंडलीय अधिकारियों को भेजे गये पत्र में कहा है कि सरकार के निर्देशानुसार 22 अगस्त से रविवार की साप्ताहिक बंदी खत्म की जाती है और अब प्रत्येक सोमवार से रविवार तक प्रात: छह बजे से रात्रि 10 बजे तक मास्क, दो गज की दूरी व सेनिटाइजर के प्रयोग जरूरी करने के साथ गतिविधियां शुरू किए जाने की अनुमति होगी। रात्रिकालीन कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लागू रहेगा।

अब पूर्व में निर्धारित साप्ताहिक बंदी यथावत: उन्होंने कहा कि प्रत्येक बाजार की पूर्व में निर्धारित साप्ताहिक बंदी यथावत लागू रहेगी। इससे पहले प्रदेश में कोरोना की स्थिति में सुधार के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से रविवार की साप्ताहिक बंदी समाप्त करने पर विचार करने को कहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया था, प्रदेश में कोविड की बेहतर होती स्थिति के दृष्टिगत रविवार की प्रदेशव्यापी साप्ताहिक बंदी की व्यवस्था को समाप्त किया जा सकता है। अब से सभी शहरों/बाजारों/उद्योगों/कारखानों में, कोविड काल से पूर्व में प्रभावी रही साप्ताहिक बंदी की तिथि पर अवकाश लागू किया जाए। इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया जाए। इससे पहले 11 अगस्त को शनिवार की बंदी खत्म करने का निर्देश जारी किया गया था।

15 जिलों में कोविड का एक भी मरीज नहीं- गौरतलब है कि जुलाई में, राज्य सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल जारी किया था जिसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक बाजार, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक काम करने की अनुमति दी गई थी, जबकि शनिवार और रविवार साप्ताहिक बंदी रखा गया था। बयान में कहा गया कि सतत प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर बने प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। आज प्रदेश के 15 जनपदों (अलीगढ़, अमेठी, बदायूं, बस्ती, देवरिया फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, हाथरस, कासगंज, महोबा, मिर्जापुर, संतकबीर नगर, श्रावस्ती और शामली) में फिलहाल कोविड का एक भी मरीज नहीं है।

विधान सभा की कार्यवाही की गुणवत्ता बढ़ाएं: हृदय नारायण दीक्षित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने मानसून सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु सभी दलीय नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया। विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संसदीय कार्यमंत्री, सुरेश कुमार खन्ना सहित सभी दलीय नेताओं ने अध्यक्ष को सदन चलाने में सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में सदन के नेता, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संसदीय परंपरा के अनुरूप वर्ष में 03 बार विधान मण्डल की बैठक का प्रावधान है। विधान मण्डल की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से कोरोना महामारी के बावजूद इस परंपरा का पालन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते भी प्रदेश की स्थिति नियंत्रण में है। देश के कुछ राज्यों में अभी भी स्थिति खतरनाक दौर में है। दुनिया के कुछ देशों में स्थिति अभी बहुत सामान्य नहीं कही जा सकती है, लेकिन देश के सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य में कोरोना महामारी नियंत्रण में है लेकिन अभी समाप्त नहीं हुई है, इसलिए सर्तकता और बचाव के जितने उपाय हो सकते है, वह सरकार द्वारा अपनाये जा रहे है। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विधान मण्डल की कार्यवाही को सकुशल सम्पन्न कर सके, इसमें विभिन्न राजनैतिक दलों की भूमिका और दलीय नेताओं का समर्थन अपेक्षित है। सरकार हर एक मद पर चर्चा कराने को तैयार है। उन्होंने दलीय नेताओं से अनुरोध किया कि विधान सभा को लोकतांत्रिक ढांचे का सम्मान करते हुए चर्चा/परिचर्चा का विषय बनाना चाहिए। राजनीति की अपनी जगह हो सकती है लेकिन गम्भीर और सार्थक चर्चा से लोक कल्याण का विस्तार होगा। साथ ही कार्यवाही हमारी संस्थाओं को जन विश्वास का प्रतीक भी बनायेगी। कोरोना महामारी हो या अन्य तमाम ऐसे मुद्दे हो जिनको सभी सदस्य सदन में रखना चाहते होंगे, उन्हें चर्चा/परिचर्चा का विषय बनाना चाहिए।
प्रदेश के अन्दर हम लोगों ने क्या कार्य किया है, आगे की क्या कार्य योजना है। इन सब पर चर्चा करने के लिए सदन की कार्यवाही निर्विध्न रूप से चल सके, इसके लिए सभी दलीय नेताओं से सहयोग और समर्थन अपेक्षित है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार पूरी गम्भीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाने और सदस्यों के प्रस्तावों को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने, विकास की योजनाओं को एक नई गति देने और आगे बढ़ाने के लिए तत्परतापूर्वक कार्य कर रही है।
श्री योगी ने कहा कि सदन में अलग-अलग राजनीतिक दलों के बहुत ही ऐसे सदस्यों के पास लम्बा अनुभव है। उस अनुभव का लाभ भी सदन की कार्यवाही से मिलता है। इसके लिए आवश्यक है कि एक सार्थक चर्चा/परिचर्चा का केन्द्र बिन्दु हमारी विधान सभा बन सके। इसके लिए सदन संचालन में सभी दलीय नेताओं का समर्थन अपेक्षित है। मुख्यमंत्री ने पुनः आश्वस्त किया कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
अध्यक्ष ने सभी दलीय नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपना-अपना पक्ष सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादाओं के अन्तर्गत रखें। उन्होंने कहा कि विगत सत्र के समय कोरोना की लहर से देश दुनिया व्यथित थी। मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में विकट कोरोना के समय भी सदन चलाया गया। सदन ठीक से चला। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सभी क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित किया है। हमारे संविधान निर्माताओं ने संसद और विधान मण्डल को सरकार को जवाबदेह बनाये जाने के उपकरण के रूप में विकसित किया है। यह प्रदेश की जनता का स्वप्न, आशा, अभिलाषा की पूर्ति का भी अंग है। उत्तर प्रदेश विधान सभा देश के सभी विधान सभाओं से बड़ी है। हम देश के सबसे बड़े राज्य है। हम सब मिलकर देश की सभी संस्थाओं को एक संदेश दे सकते है कि उत्तर प्रदेश में विचार विमर्श के कारण बहुत प्रेय और श्रेय ढंग से सदन की कार्यवाही संचालित हो रही है।
बैठक में नेता विरोधी दल राम गोविन्द चौधरी के स्थान पर नरेन्द्र वर्मा, बहुजन समाज पाटी के नेता शाह आलम उर्फ गुडडू जमाली, कांग्रेस पार्टी की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’, अपना दल (सोनेलाल) के नेता नील रतन पटेल के स्थान पर डॉ॰ लीना तिवारी एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर ने भी अपने-अपने विचार प्रकट किए और सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित ढ़ंग से चलाने में प्रत्येक प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मुख्यमंत्री की भावना के साथ-साथ सम्बद्ध करते हुए सभी दलीय नेताओं से सदन में शान्तिपूर्ण सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोरोना की आशंका हर समय बनी हुई है। अतः कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सदन संचालित किया जाए।
इसके पूर्व कार्य-मंत्रणा की बैठक सम्पन्न हुई। अध्यक्ष, हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि दिनांक 24 अगस्त, 2021 तक घोषित कार्यक्रमों पर चर्चा होगी। दिनांक-23 अगस्त और 24 अगस्त कोे विधायी कार्य लिये जायेंगे। बीच-2 में आवश्यकतानुसार कार्यमंत्रणा समिति पुनः बैठेगी।
इस अवसर पर विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे, संसदीय अनुभाग उप्र एवं विधान सभा के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

21 जून से खुलेंगे मॉल-रेस्टोरेंट, अब night कर्फ्यू रात 9 से सुबह 7 बजे तक

उत्तर प्रदेश सरकार ने नाइट कर्फ्यू में थोड़ी राहत देते हुए इसे रात्रि 9 बजे से सुबह 7 बजे तक कर दिया है। वहीं कुछ बंदिशों के साथ रेस्टोरेंट, पार्क तथा स्ट्रीड फूड की दुकानों को भी 21 जून से खोलने की अनुमति दी गई है।

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समीक्षा बैठक के बाद टीम-09 के छूट देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। रात के कर्फ्यू में भी ढील दी गई है। नए प्रोटोकॉल के तहत कोरोना कर्फ्यू रात्रि 09 बजे से अगले दिन सुबह 07 बजे तक रहेगा। कोविड प्रोटोकॉल के साथ रेस्टोरेंट, मॉल को 50% क्षमता के साथ खोला जा सकेगा। इसी तरह, पार्क, स्ट्रीट फूड आदि के संचालन की अनुमति भी दी है।

कोरोना कर्फ्यू की अवधि भी घटी- कोविड प्रोटोकॉल के साथ 21 जून से बाजार व मॉल खोलने की इजाजत दी गई है। बाजार और मॉल रात 9 बजे तक खोले जा सकेंगे। कोरोना कर्फ्यू की अवधि भी घटा दी है। अब बाजार शाम 7 बजे के बजाए रात 9 बजे तक ग्राहकों के लिए खुले रहेंगे।

पटरी दुकानदार और स्‍ट्रीट फूड- रोजाना कमाने-खाने वाले पटरी दुकानदार और स्‍ट्रीट फूड का संचालन भी रात 9 बजे तक किया जा सकेगा। पार्क भी आमजन के लिए 21 जून से खोल दिए जाएंगे।

कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य- इन सभी स्थान पर कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य होगी। मास्क के साथ प्रवेश अनिवार्य होगा, जबकि रेस्टोरेंट में आने वाले सभी लोगों का सैनिटाइजर से हाथ साफ करना भी जरूरी है। दुकान या शोरूम में पहले की तरह मास्क और सैनेटाइजर की अनिवार्यता रहेगी। साथ ही वहां हेल्प डेस्क भी बनानी होगी। आने-जाने वालों का रजिस्ट्रर बनाना होगा। इसमें नाम, पता और बाकी डिटेल रहेगी।

दुकानों के साथ सब्जी मंडियां भी रात 9 बजे तक खुलेंगी- दुकानों के साथ सब्जी मंडियां भी रात 9 बजे तक खुल सकेंगी, पर घनी आबादी की सब्जी मंडियों को प्रशासन खुले स्थान पर खुलवाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि नई व्यवस्था के संबंध में विस्तृत गाइडलाइंस शीघ्र ही जारी कर दी जाएं। 

कोरोना वैक्सीन: UP में सभी को मुफ्त, पीड़ित कर्मचारियों को 28 दिन की पेड लीव

योगी सरकार का बड़ा फैसला- UP में सभी को मुफ्त कोरोना टीका, कोरोना पीड़ित कर्मचारियों को मिलेगी 28 दिन की पेड लीव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। यूपी में अगले महीने से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त में कोरोना का टीका लगाया जाएगा। 1 मई से यूपी में शुरू होने वाले टीकाकरण अभियान के तहत 18 साल से ऊपर के लोगों को मुफ्त वैक्सीन दी जाएगी।

दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर जॉब करने वालों को भारी राहत दी है। सरकार ने नोटिफिकेशन में कहा है कि जिस दुकान या कंपनी में 10 से ज्यादा लोग काम करते हैं, उन्हें कोरोना के बचाव के तरीके मेन गेट पर डिसप्ले करने होंगे। इसके साथ ही कोरोना से बीमार हुए सभी लोगों को 28 दिन की पेड लीव देनी होगी। जो भी दुकान या फैक्ट्री सरकारी आदेश से बंद हुई है, उनके कर्मचारियों को छुट्टी के साथ वेतन-भत्ते भी देने होंगे।

गौरतलब है कि देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू करने का फैसला किया है। देशभर की दवा कंपनियों और डॉक्टर के साथ बैठक के बाद पीएम मोदी ने 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को कोरोना वैक्सीन का डोज देने का निर्णय लिया है।

पंचायत चुनाव में नए सिरे से रिजर्वेशन तय करने को कैबिनेट की मुहर

पंचायत चुनाव में नए सिरे से रिजर्वेशन तय करने को कैबिनेट की मुहर
2015 को आधार वर्ष के रूप में रखने का फैसला
चुनाव में नए सिरे से रिजर्वेशन तय करने के लिए कैबिनेट ने लगाई मुहर

लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब आरक्षण की प्रक्रिया नए सिरे से तय होगी। मंगलवार को मंत्रि परिषद ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) (बारहवां संशोधन) नियमावली, 2021 के संशोधन प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।
मंगलवार को आधी रात के बाद जारी सरकारी बयान के अनुसार, मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज (स्थानों और पदों का आरक्षण और आवंटन) नियमावली, 1994 में संशोधन करते हुए उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण को अंतिम रूप देने के लिए 2015 को आधार वर्ष के रूप में रखने का फैसला किया है। मंत्रिपरिषद से अनुमोदित नियमावली आगामी सामान्य पंचायत चुनाव में लागू की जाएगी।
विदित हो कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सोमवार को राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण को अंतिम रूप देने के लिए 2015 को आधार वर्ष के रूप में रखने का आदेश दिया था। इसके साथ ही अदालत ने पंचायत चुनाव पूरा कराने के लिए सरकार और आयोग को 25 मई तक का समय दिया है।

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जल्द मिलेंगे छत्तीसगढ़ को खाद्य सब्सिडी के ₹4,800 करोड़

केंद्र बहुत जल्द छत्तीसगढ़ के लिए खाद्य सब्सिडी के 4,800 करोड़ रुपये जारी करेगा।
खरीद की जाने वाली मात्रा समेत सेंट्रल पूल के लिए खरीद संचालन पूरी तरह से भारत सरकार, भारतीय खाद्य निगम और संबंधित राज्य के बीच हुए एमओयू पर आधारित।
छत्तीसगढ़ से सेंट्रल पूल के लिए खरीदे जाने वाले चावल की मात्रा पर 24 लाख मीट्रिक टन की अधिकतम सीमा लगाई गई।
उपभोक्ता मामले, खाद्यान्न एवं सार्वजनिक वितरण, रेलवे और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के बीच बैठक

नई दिल्ली। केंद्र जल्द ही छत्तीसगढ़ राज्य को 4,800 करोड़ रुपये की खाद्य सब्सिडी जारी करेगा। उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, रेलवे और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक बैठक में यह जानकारी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को दी।

बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि खरीद की जाने वाली मात्रा समेत सेंट्रल पूल के लिए खरीद संचालन पूरी तरह से भारत सरकार, भारतीय खाद्य निगम और संबंधित राज्य सरकार के बीच हुए एमओयू पर आधारित है।
बैठक में केएमएस 2020-21 के दौरान राज्य में 40 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त चावल को स्वीकार करने पर भी चर्चा हुई।
यह स्पष्ट किया गया कि खरीद की जाने वाली मात्रा समेत केंद्रीय पूल के लिए खरीद संचालन पूरी तरह से भारत सरकार, भारतीय खाद्य निगम और संबंधित राज्य सरकार के बीच एमओयू पर आधारित है।
एमओयू में निर्धारित शर्तों के अनुसार, अगर कोई राज्य एमएसपी के अलावा, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में बोनस/वित्तीय प्रोत्साहन देता है, और अगर राज्य की कुल खरीद भारत सरकार की ओर से राज्य के लिए टीपीडीएस/अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल आवंटन से ज्यादा है, तो ऐसी अतिरिक्त मात्रा को सेंट्रल पूल के बाहर माना जाएगा और इसे एफसीआई/जीओआई की ओर से नहीं लिया जाएगा।

केएमएस 2020-21 के दौरान, मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना (आरजीकेएनवाई) के तहत किसानों को प्रति एकड़ 10,000 रुपये देने की अप्रत्यक्ष प्रोत्साहन योजना का ब्यौरा देने वाले मीडिया अभियान को ध्यान में लाया गया, जो धान की खरीद पर बोनस देने जैसा है। इसके आधार पर, छत्तीसगढ़ से सेंट्रल पूल के लिए खरीदे जाने वाले चावल की मात्रा पर 24 लाख मीट्रिक टन की अधिकतम सीमा लगाई गई है, जो पिछले वर्षों में स्वीकृत मात्रा के बराबर है।

जूट के बोरों की कमी के मुद्दे पर, भारत सरकार पहले ही राज्य सरकार को धान की खरीद के साथ-साथ पीडीएस/ओडब्ल्यूएस के लिए राज्य में खपत होने वाले सेंट्रल पूल के स्टॉक के लिए चावल की आपूर्ति के लिए जूट के पुराने बोरों का इस्तेमाल करने के अनुमति दे चुकी है।
यह अनुमति केएमएस 2020-21 की ठीक शुरुआत के समय, अक्टूबर 2020 के महीने में दी गई थी। इसके अलावा, एफसीआई को भी पुराने बोरों में ही बचे हुए चावल की आपूर्ति करने की मंजूरी देने के लिए राज्य सरकार के अनुरोध के बारे में, भारत सरकार इस मामले पर उचित भावना के साथ विचार करने के लिए सहमत हुई है।
राज्य को खाद्य सब्सिडी की स्वीकार्य राशि जारी करने के बारे में, राज्य सरकार से प्राप्त दावों के बाद की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है और जल्द ही लगभग 4,800 करोड़ रुपये जारी कर दिए जाएंगे।

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रिटायर्ड IPS भवेश कुमार होंगे मुख्य सूचना आयुक्त!

लखनऊ। रिटायर्ड आईपीएस भवेश कुमार का उत्तर प्रदेश मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) की कुर्सी पर बैठना लगभग तय हो गया है। लम्बे समय से मुख्य सूचना आयुक्त की कुर्सी खाली पड़ी हुई थी। भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी भवेश कुमार सिंह प्रदेश के अगले और चौथे राज्य मुख्य सूचना आयुक्त होंगे।

मुख्यमंत्री की बैठक में हुई सहमति-
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर चयन के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई तीन सदस्यीय समिति की बैठक में उनके नाम पर सहमति जता दी है। समिति की सिफारिश से संबंधित फाइल प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी के लिए राजभवन भेज दी गई है।

कौन हैं IPS भवेश कुमार-
रिटायर्ड आईपीएस भवेश कुमार मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वह भारतीय पुलिस सेवा के यूपी कैडर के 1987 बैच के सेवानिवृत्त अधिकारी रहे हैं। वह प्रयागराज, मऊ, अलीगढ़, मथुरा, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, बरेली सहित कई जिलों में बतौर आइजी रहते हुए अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एक अगस्त 2017 को महानिदेशक (डीजी) के पद पर प्रमोट भी हुए थे। इसके बाद बीते साल यानि 2020 में वह डीजी इंटेलिजेंस के पद से रिटायर हुए थे।

मेघालय में पूर्वोत्तर का पहला अदरक प्रसंस्करण प्लांट होगा पुनर्जीवित

मेघालय में पूर्वोत्तर का पहला अदरक प्रसंस्करण प्लांट होगा पुनर्जीवित
नई दिल्ली (धारा न्यूज़): मेघालय के जिला री भोई में पूर्वोत्तर के पहले विशेषीकृत अदरक प्रसंस्करण प्लांट को पुनर्जीवित किया जा रहा है और 2021 की शुरुआत में इसके शुरू होने की उम्मीद है।

यह जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंत्रालय के अधीन कार्य कर रहे पीएसयू उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम के कामकाज की समीक्षा के बाद दी।

प्रधानमंत्री कार्यलय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे मंत्रालयों के भी राज्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत का यह एकमात्र अदरक प्रसंस्करण संयंत्र साल 2004 के आसपास स्थापित किया गया था, लेकिन लंबे समय से यह बंद पड़ा था। भारत सरकार के उपक्रम उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम ने अब इसे पुनर्जीवित करने की जिम्मेदारी ले ली है और सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी मोड) के तहत इस बंद प्लांट के संचालन के लिए कदम उठाए हैं।

तैयार होंगे अदरक के विभिन्न उत्पाद

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन इंडस्ट्रियल पार्क (ईपीआईपी), राजा भागन, ब्यरनीहाट स्थित यह प्लांट न केवल अदरक को प्रोसेस करेगा, बल्कि वैक्स्ड अदरक, अदरक पेस्ट, अदरक पाउडर, अदरक फ्लेक्स, अदरक ऑयल आदि जैसे उत्पादों को भी तैयार करने में मदद करेगा। डॉ. सिंह ने कहा कि बीते कुछ वक्त से कोरोना महामारी के चलते अदरक की उपयोगिता काफी बढ़ गई है। ये इस वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा बढाने के लिए बेहद जरूरी औषधि है, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री ने भी हाल ही में किया था।

“वोकल फॉर लोकल” को पूरा करेगा प्लांट

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस प्लांट से तैयार किए जा रहे अदरक उत्पाद न सिर्फ घरेलू खपत के लिए उपलब्ध होंगे, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के नारे को भी पूरा करते हुए एक व्यापक मांग को ये प्लांट पूरा करेगा। सरकारी और निजी साझेदारी के मॉडल पर चल रहे इस प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए ऑपरेटर को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया था और संयंत्र को स्थापित करने और पुनर्जीवित करने पर काम चल रहा है। उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम के प्रबंध निदेशक, मनोज कुमार दास द्वारा प्रदान की गई संक्षिप्त जानकारी से पता चला है कि भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में हर साल लगभग 450,000 मीट्रिक टन उच्च-गुणवत्ता वाली अदरक का उत्पादन होता है, लेकिन प्रसंस्करण और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की कमी के कारण इसे कम कीमत पर बेचा जाता है। मेघालय में यह प्लांट अदरक उत्पादकों को अति आवश्यक सुविधा प्रदान देगा और वे अपनी क्षमताओं का उपयोग करने में सक्षम होंगे और साथ ही साथ प्राकृतिक संसाधनों का भी बेहतर उपयोग करेंगे।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री को पूर्वोत्तर में 100 नए खुदरा केंद्र स्थापित करने और गुवाहटी समेत कई बड़े शहरों में फल बिक्री केंद्र स्थापित करने की जानकारी से अवगत कराया गया। इनमें से भी ज्यादातर सरकारी-निजी साझेदारी के मॉडल पर काम करेंगे। उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम ने अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विपणन परिसरों को विकसित करने की जिम्मेदारी भी निभाई है।

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आकाश मिसाइल प्रणाली का निर्यात करेगा भारत

आकाश मिसाइल प्रणाली के निर्यात को मंजूरी

निर्यातों की त्वरित मंजूरी के लिए समिति गठित

नई दिल्ली (धारा न्यूज़): आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत आकाश मिसाइल सिस्टम के निर्यात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने आज मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ट्वीट कर कहा कि निर्यात किया जाने वाला मिसाइल सिस्टम वर्तमान में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे संस्करण से अलग होगा।

आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत, भारत विभिन्न प्रकार के रक्षा प्लेटफार्मों और मिसाइलों के निर्माण में अपनी क्षमताओं में वृद्धि कर रहा है। आकाश देश की महत्वपूर्ण मिसाइल है, जिसका 96 प्रतिशत से अधिक स्वदेशीकरण किया गया है। इसी क्रम में आकाश मिसाइल प्रणाली के निर्यात को मंजूरी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी है।

सतह से हवा में मार करने में सक्षम है आकाश

आकाश सतह से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 25 किलोमीटर तक है। इस मिसाइल को 2014 में भारतीय वायु सेना तथा 2015 में भारतीय सेना में शामिल किया गया था। रक्षा सेवाओं में इसके शामिल होने के बाद अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों/रक्षा प्रदर्शनी/एयरो इंडिया के दौरान कई मित्र देशों ने आकाश मिसाइल में अपनी रुचि दिखाई। मंत्रिमंडल की मंजूरी से विभिन्न देशों द्वारा जारी आरएफआई/आरएफपीमें भाग लेने के लिए भारतीय निर्माताओं को सुविधा मिलेगी।
अब तक, भारतीय रक्षा निर्यातों में पुर्जे/घटक आदि शामिल थे। बड़े प्लेटफार्मों का निर्यात न्यूनतम था। मंत्रिमंडल की इस पहल से देश को अपने रक्षा उत्पादों को बेहतर बनाने और उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।

तैनात सिस्टम से भिन्न होगा निर्यात संस्करण

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ट्वीट कर कहा कि आकाश का निर्यात संस्करण वर्तमान में भारतीय सशस्त्र बलों में तैनात सिस्टम से भिन्न होगा। आकाश के अलावा, अन्य प्रमुख प्लेटफार्मों जैसे तटीय निगरानी प्रणाली, रडार और एयर प्लेटफार्मों में भी रुचि दिखाई जा रही है। ऐसे प्लेटफार्मों के निर्यात के लिए तेजी से अनुमोदन प्रदान करने के लिए, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की एक समिति गठित की गई है। यह समिति विभिन्न देशों के लिए प्रमुख स्वदेशी प्लेटफार्मों के निर्यात को अधिकृत करेगी। समिति एक सरकार से दूसरी सरकार द्वारा खरीद सहित विभिन्न उपलब्ध विकल्पों का भी पता लगाएगी।

भारत सरकार ने 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के रक्षा निर्यात के लक्ष्य को प्राप्त करने और मित्र देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए उच्च मूल्य वाले रक्षा प्लेटफार्मों के निर्यात पर ध्यान केंद्रित करने का विचार किया है।

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राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम में फ़िल्म से जुड़ी चार अन्य संस्थाओं का विलय

नई दिल्ली। सरकार ने राजस्व की बचत, बेहतर समन्वय और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम में फ़िल्म से जुड़ी चार अन्य संस्थाओं का विलय करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने इस फैसले को बुधवार को मंजूरी दी।

सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने पत्रकारों को बताया कि मंत्रालय के अंतर्गत फिल्म से जुड़ी चार संस्थाओं का राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम में विलय कर दिया गया है। इनमें फिल्म्स डिविजन राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार, चिल्ड्रेन फिल्म सोसायटी और फिल्म समारोह निदेशालय भी शामिल है। उन्होंने कहा, “भारत में 3000 से अधिक फिल्में हर साल बनती हैं और भारत दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म निर्माता देश है। हमने बेहतर प्रबंधन, कार्यकुशलता और आपसी समन्वय को बढ़ाने के लिए इन सभी संस्थाओं का राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम में विलय करने का निर्णय लिया है। इससे सरकार के राजस्व की भी बचत होगी तथा इन संस्थाओं के आधारभूत ढांचे का भी बेहतर इस्तेमाल होगा। हमने राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम के मेमोरेंडम का विस्तार कर इन सभी संस्थाओं को इसके दायरे में ला दिया है।

SC छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 59 हजार करोड़ रुपए मंजूर

SC छात्रों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 59 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों को अगले पांच साल में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 59 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी दी है, जिससे तकरीबन चार करोड़ छात्रों को लाभ होगा और उनके जीवन में बदलाव आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह राशि कुल 59048 हजार करोड़ रुपए की होगी और इससे एससी वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 35 हजार 534 करोड़ रुपए होगी और शेष राज्य सरकारें वहन करेगी। उन्होंने बताया कि इस राशि का वितरण 2021-22 से आरंभ हो जाएगा और छात्रों को उनके बैंक खातों में धन दिया जाएगा।

उत्तराखंड: पहले चरण में 20 % लोगों को वैक्सीन

उत्तराखंड में चीन की कंपनियों पर बैन!

पहले चरण में 20 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन

त्रिवेंद्र कैबिनेट बैठक में हुए 29 फैसले

देहरादून। उत्तराखंड त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार की कैबिनेट बैठक में 29 फैसले हुए हैं। सबसे पहले कैबिनेट ने पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष अध्यक्ष मौखूरी को श्रद्धांजलि दी। बैठक में कोरोना की वैक्सीन के टीके लगाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में तय किया गया कि 20 प्रतिशत लोगों को पहले चरण में वैक्सीन लगाई जाएगी। फ्रंटलाइन में काम करने वाले कर्मचारियों, 55 साल से ऊपर के बीमार लोगों को भी टीका लगाया जाएगा। उत्तराखंड पेयजल निगम की नियमावली बनाई गई है। देहरादून मेडिकल कालेज में 44 सुपर स्पेशियलिटी पदों को स्वीकृति दी गई। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में 927 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
नैनीताल में सेंचुरी पल्प मिल की भूमि लीज को लेकर फैसला लिया गया। निजी सुरक्षा एजेंसी की मान्यता को लेकर भी निर्णय लिया गया। अब एक जिले में ही सुरक्षाएजेंसी खोलने की मान्यता मिलेगी। कैबिनेट ने विधानसभा का सत्र आहुत करने को मंजूरी दी है। सत्र 21 से 23 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा।
खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में 7 पद स्वीकृत किये गए। आर्ट या फाइन आर्ट के छात्रों को बीएड से राहत देने के लिए अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए एक समिति बनाई जाएगी। हरावाला में 300 बेड का सरकारी अस्पताल के लिए सड़क चैड़ीकरण में छूट दी गई है। सिंचाई विभाग के द्वारा लीज पर दिए गए पट्टे वापस लिए जाएंगे।
शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों को 100 रुपये में पानी का कनेक्शन मिलेगा। ऋषिकेश कर्णप्रयाग निर्माणाधीन रेलवे लाइन भंडार में शिथिलता को लेकर कमेटी बनाई गई। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन के द्वितीय चरण को भी मंजूर किया गया।
स्वामित्व योजना के तहत जमीन विवाद मामलों को निपटारा 10 दिन में करने का फैसला लिया गया। पीजी डॉक्टरों को लेकर सरकार ने फैसला लिया है। उनको तय करना होगा कि आधी सैलरी या स्कॉलरशिप में एक चीज का ही लाभ ले सकेंगे।
उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली में बदलाव किया गया। केंद्र सरकार के बदले गए नियमों को राज्य ने अपनाया है। चीनी कम्पनी को उत्तराखंड में ठेका न मिले इसको लेकर नियम बदला गया है। पीएसी, एपी प्रमोशन सूची में महिला पुरुष की अलग – अलग बनाने पर कैबिनेट ने मुहर लगाई है।
उत्तराखंड सरकार के टेंडर में भाग नहीं ले सकेंगी चीन की कम्पनी। अधिप्राप्ति नियमावली में प्रावधान किया।
स्वयं सहायता समूह से सामान खरीदने का प्रावधान भी नियमावली में किया।
उत्तराखंड पेजयल संसाधन एवं निर्माण नियमावली में संशोधन।
देहरादून मेडिकल कॉलेज में 44 सुपर स्पेशलिटी पदों को मंजूरी।
रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में 927 पदों को मिली स्वीकृति।
नैनीताल में सेंचुरी पल्प मिल की भूमि लीज को लेकर लिया गया फैसला।
देहरादून में अमृत कौर रोड देहरादून पर स्थित नर्सिंग होम को मार्ग शिथिलता प्रदान किए जाने के संबंध में मंजूरी मिली।
निजी सुरक्षा एजेंसियों के लिए राज्य आदर्श नियमावली 2020 में संशोधन किया गया।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली में संशोधन किया गया।
उत्तराखंड खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के लेखा वर्ग के पदों में चार पद खत्म।
उत्तराखंड शहीद आश्रित अनुग्रह अनुदान अधिनियम 2020 कानून बना।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण संशोधन अध्यादेश को मंजूरी मिली।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अधिनियम 2014 में संशोधन, पुलिस की भर्ती भी अधीनस्थ सेवा आयोग करेगा।
आबकारी नीति में संशोधन किया गया।
राज्य के निवासियों के लिए ट्रस्ट सोसाइटी एक्ट बनाने को लेकर हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में बनी कमेटी को मिली मंजूरी।
हर्रावाला में 300 बेड के अस्पताल के मार्ग के लिए शिथिलता प्रदान की।
सिंचाई विभाग के द्वारा दिए गए पट्टों को वापस लिया जाएगा, देहरादून के राजपुर रोड में दिए गए थे पट्टे।
राज्य के शहरी क्षेत्र में रहने वाले बीपीएल और 100 वर्ग मीटर कम जमीन वालों को 100 रुपये में पानी का कनेक्शन दिया जाएगा।
ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना, भंडारण, स्टोन क्रेशर लगाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता की कमेटी बनाई गई, 03 दिन में अपनी रिपोर्ट कैबिनेट के सामने प्रस्तुत करेंगे।
स्वामित्व योजना में 10 दिनों में विवादों का निपटारा किया जाएगा।
उत्तराखंड प्रांतीय सशस्त्र पुलिस (पीएससी, एपी और आईआरबी) में पहले महिलाओं और पुरुषों की प्रमोशन की नियमावली एक थी। अब महिलाओं और पुरुषों की वरिष्ठता सूची अलग बनेगी।
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