मंदिर की रथयात्रा में करंट से 11 की मौत, 15 घायल

नई दिल्ली (एजेंसी)। तमिलनाडु के तंजावुर जिले में एक मंदिर से आज सुबह निकाले गए रथ जुलूस के दौरान करंट लगने से बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब लोग कालीमेडु के अप्पार मंदिर से निकाली गई जिस पालकी पर खड़े थे, वह एक हाई-ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आ गई।

तंजावुर पुलिस के अनुसार, कालिमेदू में अप्पार मंदिर से रथयात्रा निकाली जा रही थी। मुड़ने की जगह पर ऊपर बिछे तारों के जाल की वजह से रथ को आगे नहीं ले जाया जा सका। जैसे ही रथ को पीछे किया गया, उसका संपर्क हाई-टेंशन लाइन से हो गया और और करंट पूरे रथ पर फैल गया। घटना में कुछ बच्चों की भी जान जाने की बात सामने आई है। 

घटना में गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को तंजावुर के ही मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। करंट की चपेट में आने से रथ जलकर राख हो गया है।

PM ने जताया शोक; मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के तंजावुर जिले में हुए हादसे से बेहद दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की। घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। 

श्री सत्यनारायण सिद्धबली आश्रम पर ऐतिहासिक मेला

बिजनौर। अफजलगढ़ स्थित फूलताल फार्म स्थित श्रीसत्यनारायण सिद्ध बली आश्रम पर आयोजित ऐतिहासिक मेले का पूजा- अर्चना विधिवत शुभारम्भ किया गया।

फूलताल फार्म स्थित श्री सत्यनारायण सिद्ध बली आश्रम के परंपरागत 58वें विशाल मेले के मुख्य पर्व का क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने विधि- विधान पूर्वक पूजा-अर्चना करके शुभारंभ किया। इस अवसर पर मेला व्यवस्थापक खेल सिंह राजपूत तथा डा. संदीप गोयल सहित मेला आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर अतिथियों का स्वागत किया। मेले के व्यवस्थापक खेल सिंह राजपूत ने बताया कि क्षेत्र के गांव चौहड़वाला के निकट फूलताल में श्री सत्यनारायण सिद्धबली आश्रम एक ऐसा प्राचीन सिद्ध स्थल है, जहां दीर्घकाल से श्रद्धालुओं को मनोकामनाएं पूर्ण होती आई है उन्होंने श्रद्धालुओं से मेले में प्रबंध समिति अथवा शासन प्रशासन द्वारा जारी समस्त नियमों अथवा दिशानिर्देश का पालन करते हुए सपरिवार पधारकर धर्म लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस दौरान ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार उर्फ बबली, मेघनाथ सिंह, प्रधान नितिन चौहान, प्रधान मितान सिंह, युवा भाजपा नेता संदीप चौहान उर्फ सीनू, अक्षय प्रताप सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वहीं मेला स्थल पर भारी संख्या में खेल खिलौनों, मिठाई, सौन्दर्य प्रसाधन सहित अन्य प्रकार की दुकानें लगाई गई। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए सर्कस, नाव, झूले, रेलगाड़ी तथा काला जादू के शो का संचालन किया जा रहा था।

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने का समय बदला

वृंदावन। ग्रीष्मकाल शुरू होने के साथ ही ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने का समय बदल गया है। मंदिर के पट सुबह पौने आठ बजे से खुलना शुरू हो गए हैं। दर्शन समय के साथ ही ठाकुर जी की पोशाक और भोग सेवा में भी बदलाव कर दिया गया है।

मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि 20 मार्च से मंदिर में श्रृंगार आरती सुबह 7.55 बजे होने लगी है। राजभोग आरती 11.55 बजे, दर्शन का समय सुबह 7.45 से दोपहर 12 बजे तक रखा गया है। सायंकाल में 5.30 से 9.30 बजे तक दर्शन हो सकेंगे। शयन आरती 9.25 पर होगी। सुबह 11 से 11.30 के बीच ठाकुरजी को राजभोग निवेदित किया जाएगा, जबकि शाम 8.30 बजे शयनभोग परोसा जाएगा। मंदिर सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी को अब हल्के रेशम की पोशाक धारण करवाई जा रही है। साथ ही चार पहर परोसे जाने वाले भोग में भी बदलाव किया गया है। गरिष्ठ पदार्थों की कम और तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ा दी गई है।

होली पर पाकिस्तान से नहीं हुआ मिष्ठान का आदान प्रदान

जैसलमेर। पिछले दिनों भारतीय मिसाइल के गलती से पाकिस्तानी हवाई सीमा में फायर होने से दोनों देशों के बीच रिश्तों में कड़वाहट का असर होली के त्योहार पर भी देखने को मिला। इस बार इस त्योहार पर दोनों देशों की तरफ से होली की मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ। हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन सूत्रों ने बताया कि इस बार होली के त्योहार पर दोनों देशों में मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ जबकि इस बार 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर रिश्तों में मिठास थी लेकिन मिसाइल वाली घटना के बाद रिश्तों में इस कड़वाहट को देखा जा रहा है।

रिश्तों की कड़वाहट नहीं हुई होली पर दूर- सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा मिसाइल की घटना को गलत तरीके से पेश किए जाने से भारत भी नाराज है। भारत द्वारा गलती स्वीकार किए जाने के बाद भी उस ओर से गलत बयानबाजी से भारत नाराज है। बताया ये भी जा रहा है कि भारत ने पाकिस्तान से बधाई और मिठाई लेने से इनकार किया है। बदले में भारत द्वारा जो मिठाई दी जाती है वह भी नहीं दी गई। दरअसल पुलवामा हमले के बाद से रिश्तों में आई तल्खी धीरे धीरे कम हुई थी तथा दीवाली से रिश्तों में मिठास आनी शुरू हुई थी। मगर कुछ दिन पहले गलती से सीमा पार जा गिरी मिसाइल कीं वजह से पाकिस्तान में पैदा हुई रिश्तों की कड़वाहट को होली पर दूर किया जाना था। मगर इस बार होली पर ये सब नहीं हो पाया।

मिसाइल गिरी थी पाकिस्तान के इलाके में- उल्लेखनीय है कि नौ मार्च को रूटीन मेंटेनेंस के दौरान तकनीकी खराबी के चलते एक मिसाइल दुर्घटनावश फायर हो गई थी। भारत सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और उच्चस्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दे दिया है। ये जानने में आया है कि मिसाइल पाकिस्तान के इलाके में गिरी थी।

होली पर गड़बड़ी की तो सात पुश्तें रखेंगी याद-ओमवीर सिंह

बिजनौर। अफजलगढ़ कोतवाली प्रांगण में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य अतिथि एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, सीओ सुनीता दहिया ने सभी लोगों से होली का त्योहार शांति पूर्वक मनाने की अपील की।

मुख्य अतिथि एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह ने कहा कि किसी तरह की कोई भी गड़बड़ी करेंगे तो उसकी सात पुश्तें याद रखेंगी। कोई नई परम्परा शुरू नहीं की जायेगी, उन्होंने सभी लोगों से सहयोग का आह्वान किया। इस अवसर पर कोतवाल मनोज कुमार सिंह के अलावा एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, एसआई अनोखेलाल गंगवार, एसआई विनित कुमार, एसआई सुनील कुमार, चेयरपर्सन पति सलीम अंसारी एडवोकेट, जिलाध्यक्ष खेल सिंह राजपूत, पूर्व चेयरमैन जावेद विकार, भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, भीम सिंह रावत, रईस वकील, वसीम अंसारी, तेजपाल सिंह चौहान, ठाकुर रामबीर सिंह, सौरभ गहलौत, प्रधान कपिल कुमार, शरद कर्णवाल, महेश चौहान, देवराज सिंह चौहान, सभासद कलवा कुरैशी, प्रधान सुरेंद्र सिंह, प्रधान कैलाशचंद चौधरी, सरदार गुरविंदर सिंह, मुफ्ती सईदुर्रहमान, नफीस अहमद, पूर्व प्रधान श्याम लाल भारद्वाज, मौलाना मुख्तार अहमद, सभासद अफजाल अंसारी एडवोकेट, शेख मौहम्मद जैद, दानिश, तसव्वर कुरैशी, पूर्व प्रधान राजपाल सिंह, आदित्य चौहान, सभासद आकाश अग्रवाल, प्रधान गुरूवचन सिंह, आदेश पंवार, रियाज अहमद उर्फ राजू, ईश्वर सिंह उर्फ बोबी आदि उपस्थित रहे।

…बोल बम! बारिश आंधी भी नहीं डिगा पा रही कांवड़ियों के कदम

बिजनौर। देवभूमि हरिद्वार से कांवड़ लाने वाले शिवभक्त कांवड़ियों के कदम वर्षा और तेज आंधी के बीच अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। उनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उनके जोश मे कोई कमी नहीं आई है।

वर्षा पर भारी आस्था

देर रात्रि से जोरदार वर्षा होने के बावजूद भी आस्था भारी पड़ रही है। देवभूमि हरिद्वार से गंगा जल लेकर आने वाले कांवड़ियों का जोश देखते ही बनता है। रास्ते में कहीं-कहीं वर्षा से सड़कों में हो रहे गड्ढों की परवाह किये बिना शिव भक्त उत्साह और जोश के साथ भोलेनाथ का जयघोष करते हुए अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करते जा रहे हैं। शिव भक्तों का कहना है कि भोले की कांवड़ के ऊपर भोलेनाथ का सुरक्षा कवच उनकी तेज़ वर्षा, आंधी ओलावृष्टि से रक्षा करता है।

लगातार बढ़ रहा कारवां

शिवभक्तों द्वारा देवभूमि हरिद्वार से कांवड़ में पवित्र गंगाजल भरकर लाने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। महाशिवरात्रि से तीन दिन पूर्व ही पूरा जनपद शिवभक्त कांवड़ियों की गूंज से शिवमय हो गया है। बम भोले की, हम चलेगें कंकड़ पर, जल चढ़ेगा शंकर पर‚ जयकारा वीर बजरंगी हर हर महादेव की गूंज से जिले के अधिकांश नगरों में महाशिवरात्रि पर्व आने का एहसास हो गया है। समाजसेवी संस्थाएं भी भक्तों की सेवा में जुट गई है। पुलिस प्रशासन ने कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए कमर कस ली है।

कांवड़ यात्रा मार्ग पर मीट की दुकानें, होटल बंद

बिजनौर। प्रशासन के आदेश पर किरतपुर पुलिस ने गत वर्षों की भांति इस बार भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए मार्ग पर पड़ने वाली समस्त मीट की दुकानें और होटल बंद करा दिए। पुलिस की इस कार्यवाही से मीट का कारोबार करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

थाना प्रभारी सरविंदर कुमार ने बताया कि प्रशासन के आदेश पर कांवड़ यात्रा को देखते हुए शिवरात्रि तक के लिए कावड यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली सभी मीट की दुकानों और होटलों को बंद करा दिया गया है। मीट की दुकान और होटल करने वालों को बता दिया गया कि यदि उन्होंने अग्रिम आदेश तक अपना होटल या मीट की दुकान खोलने का प्रयास किया तो उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

कस्बा इंचार्ज ने संभाला मोर्चा- दूसरी ओर कस्बा इंचार्ज सुमित राठी ने बताया कि उन्होंने अपने कस्बे एवं क्षेत्र में पुलिस कर्मियों के साथ ऐसे होटलों और दुकानों की निगरानी करनी शुरू कर दी है। उन्हें किसी भी कीमत पर खुलने नहीं देंगे। उनका उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान शांति बनाए रखना है और कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसी उद्देश्य से क्षेत्र में पुलिस बल गश्त करता रहेगा। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा कांवड़ियों को परेशान या नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

प्राचीन झारखंडी शिव मंदिर के क्षतिग्रस्त मार्ग की सुध लेने को कोई भी अधिकारी तैयार नहीं!

रिजवान सिद्दीकी, झालू

बिजनौर। आस्था के प्रतीक प्राचीन झारखंडी शिव मंदिर के क्षतिग्रस्त मार्ग की सुध लेने को कोई भी अधिकारी तैयार नहीं है। इस मंदिर पर जनपद भर से सैकड़ों की तादाद में कांवड़ती जलाभिषेक करते हैं।

हल्दौर थाना क्षेत्र के दो नेशनल हाईवे को जोड़ने वाला खारी धर्मपुरा मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। इस मार्ग पर प्राचीन झारखंडी शिव मंदिर स्थापित है। यहां पर प्रत्येक सोमवार को आसपास ग्रामीण क्षेत्रों के धर्म-प्रेमी पूजा अर्चना कर जलाभिषेक करते हैं। वहीं हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं को क्षतिग्रस्त मार्ग से गुजर कर जलाभिषेक करने के लिए विवश होना पड़ेगा। …क्योंकि लगभग 10 वर्ष पहले बना यह मार्ग अब पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।

ग्राम खारी झारखंडी शिव मंदिर कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर धर्मवीर सिंह

ग्राम खारी झारखंडी शिव मंदिर कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर धर्मवीर सिंह का कहना है कि दो नेशनल हाईवे पानीपत खटीमा मार्ग व बिजनौर मुरादाबाद हाईवे को जोड़ने वाला खारी धर्मपुरा मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्राचीन शिव मंदिर पर शिव भक्तों को क्षतिग्रस्त मार्ग से होकर जलाभिषेक करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि वह पीडब्ल्यूडी विभाग के उच्चाधिकारियों सहित जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से भी क्षतिग्रस्त मार्ग के बारे में सही कराने की अपील कर चुके हैं। बीच-बीच में भी क्षतिग्रस्त मार्ग को सही कराने के लिए लिखित दरख्वास्त भी दी थी। अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।

ग्राम खारी के झारखंडी शिव मंदिर को जोड़ने वाला ढाई किलोमीटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण आएदिन लोग दुर्घटना का शिकार होते रहते हैं। इस क्षतिग्रस्त मार्ग पर प्राचीन झारखंडी शिव मंदिर स्थापित है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी महाशिवरात्रि पर्व पर दूरदराज एवं आसपास क्षेत्रों से सैकड़ों की तादाद में गाड़ियों, बाइक, ट्रैक्टर ट्राली, भैंसा बुग्गी, साइकिल तथा अन्य वाहनों से श्रद्धालुओं का तांता लगेगा। शिव भक्त एवं धर्म प्रेमियों की उक्त ज्वलंत समस्या समाधान कराने के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा क्या कार्रवाई अमल में लाते हैं, जिससे कांवड़ में गंगाजल लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाई का सामना ना करना पड़े!

100 प्रत‍िशत कंफर्म सीट देने की तैयारी कर रहा है रेलवे

Indian Railway : Good News! Gift to Passengers on Holi, Railways Took This  Big Decision For the Convenience of The People - discountwalas

नई द‍िल्‍ली (एजेंसी)। अगर आप होली पर घर कहीं जाने का प्‍लान बना रहे हैं तो आपके लिए खास खबर है, क्योंकि इस बार होली पर घर जाने की प्‍लान‍िंग करने वालों को रेलवे 100 प्रत‍िशत कंफर्म सीट देने की तैयारी कर रहा है। वहीँ, इसके ल‍िए पहले से तैयार‍ियां शुरू कर दी गई हैं। बता दें कि होली या अन्‍य क‍िसी त्‍योहार पर हर बार रेलवे अध‍िकतर रूट पर स्‍पेशल ट्रेनों का संचालन करता है। ऐसे में ज‍िन रूट पर कम भीड़ होती है, वहां ट्रेनों में सीट खाली रह जाती थीं और यूपी-ब‍िहार के रूट पर यात्र‍ियों का ट‍िकट कंफर्म नहीं हो पाता। लेक‍िन इस बार ऐसा न हो इसके ल‍िए रेलवे उन रूट पर स्‍पेशल ट्रेनें चलाएगा, जहां यात्र‍ियों की संख्‍या ज्‍यादा होती है। रेलवे से जुड़े सूत्रों से मिली  जानकारी के मुताबिक मार्च के पहले हफ्ते से ही ‘होली स्पेशल ट्रेन’ चलाई जाएंगी। इनमें एक्‍सप्रेस और सुपरफास्ट दोनों तरह की ट्रेनें होंगी।

एक्सट्रा बोगी जोड़ने का प्‍लान

स्‍पेशल ट्रेनों के अलावा यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रेलवे की तरफ से ट्रेनों में एक्सट्रा बोगी जोड़ने का प्‍लान है। इससे ट्रेन में तय क्षमता से ज्‍यादा यात्री सफर कर सकेंगे। वहीँ, कई ट्रेनों में ट‍िकट बुक‍िंग फुल हो गई है, ऐसे में एक्‍सट्रा कोच लगाकर सभी यात्र‍ियों का ट‍िकट कंफर्म करने का प्रयास क‍िया जाएगा।

हिंदुस्तान सेवा संस्थान (वाहिद बिरयानी) ने हर्षोल्लास के साथ मनाया गणतंत्र दिवस

हिंदुस्तान सेवा संस्थान (वाहिद बिरयानी) ने हर्षोल्लास के साथ मनाया गणतंत्र दिवस

गरीबों को कंबल वितरण के साथ ही तमाम जरूरतमंदों को कराया भोज

लखनऊ । हिंदुस्तान सेवा संस्थान (वाहिद बिरयानी) ने आशियाना में गणतंत्र दिवस बड़े हर्सोउल्लास के साथ मनाया। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने झन्डा रोहण किया। झंडारोहण के उपरांत निगहत खान ने देश भक्ति पर तराना पेश किया। इस मौके पर मुरलीधर आहूजा, मौलाना मुश्ताक, मौलाना सूफियान, अदनान, निगहत खान, वामिक़ खान, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद, मुर्तज़ा अली, एमआर नगरामी, एहमन, शह्ज़ादे कलीम, आबिद कुरैशी, वसी अहमद सिद्दीकी, आक़िब कुरैशी, आरिफ मक़ीम, विजय गुप्ता, अवधेश आदि मौजूद थे।


इस मौके पर आबिद अली कुरैशी ने बताया कि हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध आदि सभी धर्मो के लोग इस आयोजन में शामिल हुए। मुरलीधर आहूजा ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे देश का सबसे बड़ा त्योहार होना चाहिए, बस इसी भावना के साथ गणतन्त्र दिवस हम सब जोर शोर से मनाते हैं।
झंडारोहण का आयोजन वर्तमान में कोरोना महामारी/ लॉकडाउन के कारण सोशल डिस्टेंसिंग और सरकारी गाइडलाइन के अनुसार किया गया। कार्यक्रम में सभी धर्मों के लोगों ने शामिल होकर एकता और अखंडता का संदेश दिया। साथ ही इस राष्ट्रीय पर्व पर मौलाना खालिद रशीद फारंगी महली ने देश की खुशहाली और अमन शांति की दुआ की। इस अवसर पर संस्थान द्वारा गरीबों को कंबल वितरण के साथ ही तमाम जरूरतमंदों को भोज भी कराया गया।

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गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव पर रैनसबाई का आयोजन


नूरपुर (बिजनौर)। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा कमेटी द्वारा संगत के सहयोग से श्री गुरु नानक देव महाराज के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में सोमवार की शाम को गुरुद्वारा साहिब के लंगर हाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में रैनसबाई का आयोजन किया गया । ज्ञानी अरव़ेदर सिंह ने गुरुवाणी कीर्तन का शुभारंभ किया।

इसके उपरांत पंथ के विद्वान रागी बीबी संगत कौर दिल्ली, प्रेम सिंह बंटू,बंगला साहिब आदि प्रचारकों के अलावा जसमीत कौर, सिमरन कौर, सोनम कौर, रणजीत कौर, मंजीत सिंह आदि छोटे छोटे बच्चों ने गुरुवाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। कार्यक्रम का संचालन जनरल सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह बेदी ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में डा,गुरचरन सिंह, गुरमुख सिंह दीवान, बिरेन्द्र सिंह लोहिया, रणवीर सिंह, जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मीडिया प्रभारी वरिष्ठ पत्रकार गुणवंत सिंह राठौर सिंह मिक्की और रीनू सिंह, गुरमीत सिंह नीटू, हरपाल सिंह दुकानदार, परवेंद्र सिंह, जोगेन्द्र सिंह, विशाल सिंह, गौरी सिंह, विशाल सिंह, सुरजीत सिंह आदि का सराहनीय योगदान रहा। रैनसबाई में समाज के प्रमुख उद्योगपति सरदार गुलशरण.सिंह दिगवा परिवार की ओर से लंगर की सेवा की गई।

शमी के पौधे का हमारे जीवन में महत्व

शमी के पौधे का हमारे धर्म ग्रंथों रामायण, महाभारत और पुराणों में भी जिक्र आता है। धार्मिक रूप से भी शमी का बहुत महत्व है। इसका संबंध भगवान राम और पाण्डवों से भी रहा है। शमी की लकड़ी का कुछ विशेष यज्ञों में भी प्रयोग किया जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, शमी के पौधे का पूजन करने से शनि ग्रह को शांत किया जा सकता है। जिस व्यक्ति पर शनि का दुष्प्रभाव चल रहा हो, उसे अपने घर में शमी का पौधा लगाना चाहिए।

शनि के प्रभाव को शांत करता है शमी- ज्योतिष आचार्यों के अनुसार, शमी और पीपल ये दो पेड़ ऐसे हैं, जिनका प्रयोग शनि देव के प्रभाव को कम करने के लिए किया जाता है। शनि देव या शनि ग्रह का प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन में एक बार जरूर पड़ता है। शनि के दुष्प्रभाव से बचने के लिए घर में या घर के आस-पास शमी का वृक्ष लगाएं तथा शनिवार को इसके नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इसके अलावा शमी के फूल तथा पत्तों का भी प्रयोग शनि ग्रह के प्रभाव को कम करने के लिए किया जाता है। मान्यता है कि घर में शमी का पेड़ लगा रहने से टोने, टोटके और नकारात्मक ऊर्जा का घर पर प्रभाव नहीं पड़ता।

शमी का धार्मिक महत्व

शमी के वृक्ष का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है, इसका वर्णन रामायण और महाभारत दोनों जगह किया गया है। रामायण में उल्लेख है कि जब लंका पर युद्ध से पहले भगवान राम ने विजय मुहूर्त में हवन किया था , तो शमी का वृक्ष उसका साक्षी बना था। इसी प्रकार महाभारत में जब अज्ञातवास के दौरान अर्जुन ने बृह्न्नलला का रूप लिया था, तो अपना गाण्डीव धनुष शमी के वृक्ष पर ही छिपाया था। विराट नगर के युद्घ में यहां पर से ही गाण्डीव निकाल कर कौरवों को अकेले ही भागने पर मजबूर कर दिया था। शमी के पत्तों का प्रयोग भगवान गणेश और दुर्गा मां की पूजा में भी किया जाता है।

खेजड़ी या शमी एक वृक्ष है जो थार के मरुस्थल एवं अन्य स्थानों में पाया जाता है। यह वहां के लोगों के लिए बहुत उपयोगी है। इसके अन्य नामों में घफ़, खेजड़ी, जांट/जांटी, सांगरी, छोंकरा, जंड, कांडी, वण्णि, शमी, सुमरी आते हैं। इसका व्यापारिक नाम कांडी है। यह वृक्ष विभिन्न देशों में पाया जाता है जहाँ इसके अलग अलग नाम हैं। वैज्ञानिक नाम: Prosopis cineraria कुल: फ़ाबाकेऐवर्ग: माग्नोल्योफ़ीता

ज्योतिष और औषधि महत्व को देखते हुए आप छत पर पौधे शमी के पौधे को लगा सकते हैं। इसे दक्षिण दिशा में रखने की कोशिश करें। दक्षिण दिशा में अगर रोशनी नहीं आ पा रही है तब आप इसे पूर्व दिशा या ईशान कोण में भी लगा सकते हैं।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।’

बंदी छोड दिवस पर निकाला नगर संकीर्तन

बंदी छोड़ दिवस पर निकाला नगर संकीर्तन, गुरुवाणी के हर शब्द में गुरु का वास हैः कथावाचक


नूरपुर (बिजनौर)। निकटवर्ती गांव राहूनंगली में सिक्ख धर्म के छठे पातशाही गुरू हरगोविंद सिंह महाराज के बंदी छोड़ दिवस के उपलक्ष्य में पंज प्यारों की अगुवाई में नगर संकीर्तन शोभायात्रा श्रद्धापूर्वक निकाली गई।
इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा कमेटी के तत्वावधान में रविवार को विशाल पंडाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में महान कीर्तन दरबार सजाया गया। यहां पंथ के विद्वान रागी भाई भूपेंद्र सिंह माता कौला जी भलाई केंद्र अमृतसर ने मधुर गुरुवाणी कीर्तन से स़गत को निहाल किया। देहरादून से पधारे कथावाचक बलवेंदर सिंह ने बंदी छोड़ दिवस पर प्रकाश डालते हुए संगत को संदेश दिया कि गुरुवाणी के एक एक शब्द में गुरु का वास है।

कीर्तन दरबार के दौरान ग्राम प्रधान जसवेंदर सिंह वाटर सहित अन्य गुरुघर के सेवकों को सरोपा व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अरदास उपरांत पंज प्यारों की अगुवाई में श्री गुरुग्रंथ साहिब की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में पंथ की मनमोहक धार्मिक झांकियां,अखाडा दल और बैंड बाजा शामिल रहे।

कार्यक्रम के आयोजन में कमेटी के प्रधान राजेंद्र सिंह बाबू, जनरल सेकेट्री भाग सिंह, खजांची हरपाल सिंह, अरव़ेदर सिंह राजन, जसवेंदर सिंह वाटर, सुरजीत सिंह, धर्मेंद्र सिंह आदि का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में जनपद की सभी सिंघ सभाओं से आई संगत ने भाग लिया। सम्पूर्ण लंगर की सेवा बाबा बंदा सिंह बहादुर सेवादल की ओर से की गई।

श्रद्वा व धूमधाम से निकाली दूसरी प्रभातफेरी


नूरपुर (बिजनौर)। गुरुद्वारा श्री गुरू सिंघ सभा कमेटी के तत्वाधान में सिक्ख धर्म के संस्थापक एवं जगतगुरु श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में रविवार को दूसरी प्रभातफेरी श्रद्धा और धूमधाम से निकाली गई। इस दौरान गुरुवाणी कीर्तन की धुन से पूरा नगर गुरुवाणी मय हो गया। जगह जगह श्रद्भालुओं पुष्पवर्षा कर प्रभातफेरी का स्वागत किया।
पंथ के प्रतीक श्री निशान साहिब की अगुवाई में एक विशेष वाहन में सुसज्जित श्री गुरु नानक देवजी की मनमोहक झांकी के साथ श्री गुरू ग्रंथ साहिब की परिक्रमा और अरदास उपरांत सुबह छह बजे गुरुद्वारा साहिब से प्रारंभ हुई प्रभातफेरी गुरुद्वारा मार्केट, रोडवेज़, शिव मंदिर चौराहा से होते हुए नगर के प्रमुख मार्गो से गुजरकर गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर सम्पन्न हुई। प्रभातफेरी में ज्ञानी अरविंदर सिंह का जत्था प्रगट भई सगले जुग अंतरि,गुरुनानक बडिआई आदि गुरुवाणी कीर्तन करता चल रहा था। प्रभातफेरी में जनरल सेकेट्री देवेंद्र सिंह बेदी, डा. गुरचरन सिंह, गुरमुख सिंह दीवान, अमरेंद्र सिंह, सरदार रविंद्र सिंह,बिरेंद्र सिंह आदि संगत शामिल रही।

कायस्थ 24 घंटे के लिए क्यों नहीं करते कलम का उपयोग?

जब भगवान राम के राजतिलक में निमंत्रण छूट जाने से नाराज भगवान् चित्रगुप्त ने रख दी थी कलम !! उस समय शुरू हो चुका था परेवा काल।

लखनऊ (शैली सक्सेना)। परेवा के दिन कायस्थ समाज के लोग कलम का प्रयोग नहीं करते हैं। यानी किसी भी तरह का का हिसाब – किताब नहीं करते हैं। आखिर ऐसा क्यूँ है कि पूरी दुनिया में कायस्थ समाज के लोग दीपावली के दिन पूजन के बाद कलम रख देते हैं और फिर यम द्वितीया के दिन कलम-दवात के पूजन के बाद ही उसे उठाते हैं?

इसको लेकर सर्व समाज में कई सवाल अक्सर लोग कायस्थों से करते हैं। ऐसे में अपने ही इतिहास से अनभिग्य कायस्थ युवा पीढ़ी इसका कोई समुचित उत्तर नहीं दे पाती है। जब इसकी खोज की गई तो इससे सम्बंधित एक बहुत रोचक घटना का संदर्भ किवदंतियों में मिला….

…कहते हैं कि जब भगवान राम दशानन रावण का वध कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके खडाऊं को राज सिंहासन पर रख कर राज्य चला रहे राजा भरत ने गुरु वशिष्ठ को भगवान राम के राजतिलक के लिए सभी देवी देवताओं को सन्देश भेजने की व्यवस्था करने को कहा। गुरु वशिष्ठ ने ये काम अपने शिष्यों को सौंप कर राज्यतिलक की तैयारी शुरू कर दीं।

भगवान राम ने पूछा- ऐसे में जब राज्यतिलक में सभी देवी देवता आ गए तब भगवान राम ने अपने अनुज भरत से पूछा भगवान चित्रगुप्त नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस पर जब खोजबीन हुई तो पता चला कि गुरु वशिष्ठ के शिष्यों ने भगवान चित्रगुप्त को निमंत्रण पहुंचाया ही नहीं था। इसके चलते भगवान चित्रगुप्त नहीं आये। इधर भगवान चित्रगुप्त सब जान चुके थे और इसे प्रभु राम की महिमा समझ रहे थे। फलस्वरूप उन्होंने गुरु वशिष्ठ की इस भूल को अक्षम्य मानते हुए यमलोक में सभी प्राणियों का लेखा जोखा लिखने वाली कलम को उठा कर एक किनारे रख दिया।

रुके स्वर्ग और नरक के सारे काम- सभी देवी देवता जैसे ही राजतिलक से लौटे तो पाया कि स्वर्ग और नरक के सारे काम रुक गये थे, प्राणियों का लेखा-जोखा न लिखे जाने के चलते ये तय कर पाना मुश्किल हो रहा था कि किसको कहां भेजें?
तब गुरु वशिष्ठ की इस गलती को समझते हुए भगवान राम ने अयोध्या में भगवान विष्णु द्वारा स्थापित भगवान चित्रगुप्त के मंदिर (श्री अयोध्या महात्मय में भी इसे श्री धर्म हरि मंदिर कहा गया है। धार्मिक मान्यता है कि अयोध्या आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को अनिवार्यत: श्री धर्म-हरि जी के दर्शन करना चाहिये, अन्यथा उसे इस तीर्थ यात्रा का पुण्यफल प्राप्त नहीं होता।) में गुरु वशिष्ठ के साथ जाकर भगवान चित्रगुप्त की स्तुति की और गुरु वशिष्ठ की गलती के लिए क्षमा याचना की। इसके बाद भगवान राम का आग्रह मानकर भगवान चित्रगुप्त ने लगभग ४ पहर (२४ घंटे बाद ) पुन: कलम दवात की पूजा करने के पश्चात उसको उठाया और प्राणियों का लेखा-जोखा लिखने का कार्य आरम्भ किया।

कायस्थ, ब्राह्मणों के लिए भी पूजनीय- कहते हैं कि तभी से कायस्थ दीपावली की पूजा के पश्चात कलम को रख देते हैं और यम द्वितीया के दिन भगवान चित्रगुप्त का विधिवत कलम दवात पूजन करके ही कलम को धारण करते हैं। तभी से कायस्थ, ब्राह्मणों के लिए भी पूजनीय हुए और इस घटना के पश्चात मिले वरदान के फलस्वरूप सबसे दान लेने वाले ब्राह्मणों से दान लेने का हक़ सिर्फ कायस्थों को ही है।
श्री चित्रगुप्त भगवान की जय

महालक्ष्मी के स्वागत में सजा बिजनौर, घर-घर जलेंगे खुशियों के दीप

November 4, 20211 navdhardna.com

बिजनौर। कोरोना और डेंगू की परेशानियों से दूर आज खुशियों के दीप घर-घर में जगमग होंगे। घरों से लेकर बाजारों तक में उल्लास है। सुप्रीम कोर्ट ने हरित पटाखों की अनुमति दी तो प्रशासन ने भी आज आतिशबाजी के लिए दो घंटे निर्धारित किए हैं। रंगोली, बंदनवार से सजे घरों को रंगबिरंगी झालरों से सजाने के बाद महालक्ष्मी के आगमन के लिए तैयार किया गया है। शाम को घरों और प्रतिष्ठानों में शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीगणेश और महालक्ष्मी का पूजन किया जाएगा। पूजन के बाद हरित पटाखों की धूम मचेगी। महालक्ष्मी के स्वागत के लिए पूरा शहर सज-धजकर तैयार है। हर गली-मोहल्ले, कॉलोनी, बाजार, शोरूम को सतरंगी रोशनी से सजाया गया है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार दिवाली पर महालक्ष्मी के पूजन के लिए चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान श्री गणेश और लक्ष्मी जी की प्रतिमा स्थापित करें। गंगाजल छिड़क कर उस स्थान एवं आसन को पवित्र करें। मां लक्ष्मी के समीप केसर युक्त चंदन से अष्टदल कमल बनाकर चांदी का सिक्का रखकर पूजा करें।  गणेश लक्ष्मी को वस्त्र, आभूषण, पुष्पमाला, केसर, चंदन, अक्षत, इत्र अर्पित करें। प्रतिमा के दाहिनी ओर शुद्ध घी का दीपक जलाएं और बायीं ओर तेल का दीपक जलाकर रखें। मां सरस्वती पूजन के निमित्त बहीखाते, कॉपी, पेन का पूजन करें। रुपये रखने के स्थान पर स्वास्तिक बनाकर कुबेर भगवान का पूजन करें। दवात की शीशी या पेन लेखनी पर काली मां का पूजन करना चाहिए। भगवान श्रीगणेश एवं महालक्ष्मी को पांच प्रकार की मेवा, पांच फल, पांच मिठाई, खील बताशे, नैवेद्य, पान, सुपारी, इलायची लौंग अर्पित करें। सभी देवी देवताओं को नैवेद्य अर्पित करें। 21 दीपक मां लक्ष्मी के समीप प्रज्ज्वलित करें। घर  के सभी कमरों के कोने-कोने में दीपमाला का प्रकाश फैलाएं। धूप दीप से आरती करें।

पूजन का समय

घरों में - शाम 6:30 बजे से रात 8:26 बजे तक।

दफ्तरों के लिए - प्रात: 10.30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक।

व्यापारिक प्रतिष्ठान – शाम 4:28 बजे से 6:00 बजे तक।

दिवाली पर 51 साल बाद बन रहा दुर्लभ योग

दिवाली पर बृहस्पतिवार को चित्रा व स्वाति नक्षत्र के बीच लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त है। इस बेला में प्रति और चतुस्पद का दुर्लभ योग 51 साल बाद बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय और शिवशरण पाराशर ने बताया कि गोधूलि बेला शाम 5:30 बजे से 8:15 बजे तक रहेगी। रात्रि बेला में चित्रा स्वाति का संयोग, प्रीति और चतुस्पद योग निशीथ बेला में सिंह लग्न रात्रि 12:40 से 3 बजे के बीच रहेगा।

LPG, WhatsApp को लेकर कल से बदल जाएंगे कई नियम

LPG, WhatsApp को लेकर कल से बदल जाएंगे कई नियम- आपके लिए जानने बेहद जरूरी 

नई दिल्ली (एजेंसी)। अक्तूबर का महीना आज समाप्त हो रहा है। कल नवंबर महीने की शुरुआत यानि कि सोमवार को हो रही है। सभी जानते हैं कि हर महीने की शुरुआत में बैंक, सरकारी ऑफिसों और प्राइवेट सेक्टर में कुछ न कुछ नियमों का परिवर्तन जरूर होता है। ये वो बदलाव होते हैं जिनका असर हमारी और आपकी जिंदगी पर सीधा पड़ता है।

LPG सिलेंडर की कीमतों में होगा इजाफा
अक्तूबर महीने की शुरुआत में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया था कि आने वाले दिनों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हो सकता है। एलपीजी के मामले में लागत से कम मूल्य पर बिक्री से होने वाला नुकसान (अंडररिकवरी) 100 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच चुका है। इस वजह से इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। विदित हो कि घरेलू एलपीजी की कीमतें पिछले 6 सितंबर को 15 रुपये बढ़ाई गई थीं। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम 899.50 रुपये हो गया, वहीं देश के कई शहरों में यह 1000 रुपये तक पहुंच गया है।

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गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए जरूरी होगा OTP

1 नवंबर से एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए OTP जरूरी होगा। जब आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर एलपीजी सिलेंडर बुक करेंगे तब आपको एक OTP आएगा। सिलेंडर डिलीवरी के समय आपको वह ओटीपी बताना होगा। 

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पेंशनभोगियों के लिए SBI शुरू कर रहा विशेष सुविधा 

1 नवंबर से SBI अपने ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत कर रहा है। इसके बाद पेंशनर्स को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए बैंक नहीं जाना होगा। बैंक की तरफ से ट्वीटर पर दी गई जानकारी के अनुसार कोई भी पेंशनभोगी 1 नवंबर से वीडियो काॅल के जरिए अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेगा।

दिवाली और छठ पर स्पेशल ट्रेन 

Only 3 trains operate from Jalandhar city railway station

दिवाली और छठ पूजा की वजह से बड़ी संख्या में लोग शहरों से अपने गांव को वापस जाते हैं जिसकी वजह से अमूमन ट्रेनों में भीड़ काफी बढ़ जाती है। इसी की ध्यान में रखते हुए 1 नवंबर से भारतीय रेलवे छठ और दिवाली पर स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है। 

ट्रेनों की टाइमिंग में होगा बदलाव 

रेलवे एक नंवबर से ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव करने जा रहा है। राजस्थान डिविजन में एक नवंबर से 100 ट्रेनों की टाइमिंग बदल जाएगी।  रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में और भी ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव किया जा सकता है। 

कई मोबाइल्स में बंद हो जाएगा WhatsApp 

नवंबर की पहली तारीख से कई फोन में वाॅट्सएप बंद हो जाएगा। इसकी बड़ी वजह उन फोन में वाॅट्सएप का सपोर्ट ना करना। 1 नवंबर 2021 के बाद से वॉट्सएप केवल उन स्मार्टफोन्स पर काम करेगा जो Android 4.1 (या उससे ज्यादा), iOS 10 (या उससे ज्यादा), KaiOS 2.5.0 (या उससे ज्यादा) पर काम करेंगे। 

बालाजी महाराज को शरद पूर्णिमा पर लगाया 2 क्विंटल खीर का महाभोग

अग्र सेवा समिति द्वारा शरद पूर्णिमा पर लगाया गया बालाजी महाराज को 2 क्विंटल दूध से बनी खीर का महाभोग। बालिका शिक्षा का संदेश देते हुए जरूरतमंद बालिका को साईकिल भेंट।


श्रीगंगानगर। उदाराम चौक स्थित श्री झांकी वाले बालाजी मंदिर में 2 क्विंटल दूध से बनी खीर का महाभोग बालाजी महाराज को लगाया गया।

कार्यक्रम का आयोजन अग्र सेवा समिति, युवा अग्र सेवा समिति तथा महिला अग्र सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में शरद पूर्णिमा के अवसर पर अध्यक्ष किशन खारीवाल के नेतृत्व में किया गया।

कार्यक्रम प्रभारी योगेश्वर बंसल ने बताया कि महाभोग के तत्पश्चात इस खीर प्रसाद को श्रद्धालुओं को वितरित किया गया।

गौरतलब है कि शरद पूर्णिमा पर खीर को चंद्रमा की रोशनी के नीचे रखकर खाने से स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभदायक माना गया है तथा इससे व्यक्ति का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

तत्पश्चात् बालिका शिक्षा का संदेश देते हुए मंदिर के बाहर फूल बेचकर परिवार का पालन-पोषण कर रही महिला की जरूरतमंद पुत्री को साईकिल भेंट की गई। साथ ही पढ़-लिखकर जीवन में सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर अध्यक्ष किशन खारीवाल, नितिन खारीवाल, कार्यक्रम संयोजक योगेश्वर बंसल, ऋषभ सर्राफ, मनीष बाजोरिया, रमेश बंसल, पवन गर्ग, मोहित खारीवाल, योगेश मंगल, सीए नीरज गोयल, अंजनी गर्ग, तरूण सिंगल, मयंक गर्ग सहित अग्र सेवा समिति परिवार पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

दीपावली: पांच दिवसीय पर्व श्रृंखला

लखनऊ (शालिनी सक्सेना)। हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। हिंदू धर्म में दीपावली का बहुत अधिक महत्व है। पांच दिवसीय त्योहार की शुरुआत धनतेरस के दिन से होती है और भाई दूज के दिन इस पर्व का समापन होता है। इस साल इस पर्व की शुरुआत नवंबर में होगी। दीवाली के दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है।

धनतेरस

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। दीवाली की शुरुआत धनतेरस के त्योहार से होती है। इस साल धनतेरस 2 नवंबर 2021, दिन मंगलवार को पड़ रहा है। इस दिन भगवान धनवंतरी की पूजा की जाती है। साथ ही कुबेर देव का पूजन भी किया जाता है।

महालक्ष्मी पूजा

महालक्ष्मी पूजन 4 नवंबर को किया जाएगा। कार्तिक मास की अमावस्या के दिन बड़ी दीवाली या महालक्ष्मी पूजा की जाती है। इस पावन दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की विधि- विधान से पूजा-अर्चना की जाती है, ताकि घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे।

गोवर्धन पूजा

महालक्ष्मी पूजन से अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। इस साल 5 नवंबर के दिन गोवर्धन पूजा की जाएगी। इसे देश के कुई हिस्सों में अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा की जाती है। गोवर्धन पूजा के दिन 56 या 108 तरह के पकवानों से भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाना शुभ माना जाता है।

भाई दूज

दीपावाली पर्व का समापन भाई दूज के त्योहार के साथ होता है। इस साल 6 नवंबर को भाई दूज पर्व मनाया जाएगा। भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के प्यार और समर्पण का प्रतीक है इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं। इसे यम द्वितीया या भातृ द्वितीया भी कहा जाता है।

रक्षाबंधन: भाई बहन के बीच प्यार और तकरार की दोस्ती का त्योहार

लखनऊ। (शैली सक्सेना)। श्रावण माह की पूर्णिमा को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार यह पर्व 22 अगस्त 2021 रविवार के दिन रहेगा। यदि भाई और बहन एक समान उम्र के हैं तो उनमें प्यार और तकरार चलती रही है, परंतु उन्हें एक दूसरे का दोस्त भी बनना चाहिए।

कुछ आवश्यक- 1. आपका भाई या आपकी बहन आपके लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दोस्त साबित हो सकते हैं। आज के दौर में लड़की द्वारा किसी अन्य से दोस्ती रखना खतरे का खेल भी है। 2. भाई या बहन आपके सबसे अच्छे दोस्त तब साबित हो सकते हैं जबकि आप उनके साथ संवाद स्थापित करें और एक दूसरे का ध्यान रखें। 3. भाई या बहन के साथ-साथ आप अपने सुख-दुःख बांटकर खुश रह सकते हैं। 4. भाई हरदम बहन की मदद करने के लिए हरदम तैयार रहता है और बहन को भी भाई की मदद के लिए सदा तत्पर रहना चाहिए। 5. रक्षा बंधन पर भाई के हाथ में बांधें दोस्ती का सूत्र और भाई भी वचन के साथ दोस्ती का नेग दें। 6. रक्षाबंधन का दिन ऐसा मौका है, जबकि भाई-बहन गिले-शिकवे भुलाकर आपसी प्यार को बांटते हैं। 7. भाई की रक्षा के लिए बहनें उसकी कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी आयु की कामना करती हैं। 8. भाई भी बहन को उपहार देकर उसके सुख-दुःख में साथ देने का वचन देता है। 9. इस अनूठे मौके पर अनोखा उपहार देकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकते हैं। 10. कभी कभार चल सकता है कि आप बाहर के लोगों के साथ भी समय बिताएं पर आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि अपने तो अपने ही होते हैं, बाकी सब सपने होते हैं। इसीलिए परिवार के सदस्य एक दूसरे को ज्यादा से ज्यादा समय दें और उन्हीं के साथ घूमने फिरने जाएं। 

माता-पिता करें ये कार्य:

1. भाई बहन के बीच किसी भी प्रकार का फर्क ना करें। 2. दोनों को साथ ही खेलने और शिक्षा प्राप्त करने का मौका दें। 3. कोशिश करें कि वे साथ में बैठ कर ही भोजन करें। 4. वो साथ समय बिता सकें, इसके लिए एक समय तय कर दें। 5. वर्ष में एक या दो बार पूरा परिवर सैर सपाटे के लिए बाहर जाए। 6. उन्हें एक दूसरे का खयाल रखना और एक दूसरे की मदद करना सिखाएं। 7. उनके भीतर पारिवारिक भावना और टीम भावना का विकास करें। 8. जब भी वो एक दूसरे के लिए कुछ अच्छा करें, तो उनकी प्रशांसा करें। 9. एक दूसरे के जन्मदिन पर दोनों को ही कुछ करना सिखाएं। 10. रक्षाबंधन के त्योहार को हर वर्ष कुछ स्पेशल करें या स्पेशल बनाएं।

आज सुबह 09 बजकर 07 मिनट के बाद करें शिव पूजा

Sawan 2021: आज है सावन का आखिरी सोमवार, जानिए पूजा का महूर्त

Sawan 2021: सावन माह भगवान शिव की पूजा-अर्चना को समर्पित होता है। सोमवार के दिन लोग विशेष रूप से भगवान शिव का व्रत रखते हैं और पूजन करते हैं। इसलिए सावन के सोमवार पर शिव पूजन के लिए महत्व और भी बढ़ जाता है। इस साल 16 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार पड़ रहा है। मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव का पूजन करने और इस दिन व्रत रखने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं।

मुहूर्त और राहुकाल : पंचांग के अनुसार सावन का महीना इस साल 22 अगस्त को समाप्त हो रहा है। सावन का आखिरी सोमवार 16 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन सावन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पड़ रही है। इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा तथा अनुराधा नक्षत्र लग रहा है। सावन के आखिरी सोमवार पर व्रत और पूजन करने से भगवान शिव अवश्य प्रसन्न होते हैं। इस दिन राहुकाल सुबह 07 बजकर 29 मिनट से लेकर 09 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। इस काल में पूजन या कोई भी शुभ कार्य करना अच्छा नहीं माना जाता है।

पूजन की विधि : सावन के सोमवार के दिन भगवान शिव का पूजन प्रातः काल स्नान आदि से निवृत्ति हो कर सबसे पहने शिवलिंग को जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद शंकर जी को उनके प्रिय पदार्थ बेल पत्र, भांग, धतूरा, मदार पुष्प चढ़ाया जाता है। सावन के सोमवार के दिन भगवान शिव का दूध, दही, घी,शहद और गंगा जल से अभिषेक करना चाहिए। इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना विशेष रूप से फलदायी होता है। भगवान शिव का पूजन कर फलाहार व्रत का संकल्प लेना चाहिए। रात्रि में भगवान शिव की आरती तथा उनके दिव्य स्तोत्रों का पाठ कर स्तुति करनी चाहिए।

उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर : क्यों खुलता है सिर्फ साल में एक दिन

उज्जैन। हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा करने की परंपरा रही है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान का आभूषण भी माना गया है। भारत में नागों के अनेक मंदिर हैं, इन्हीं में से एक मंदिर है उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर का, जो कि उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। इसकी खास बात यह है कि यह मंदिर साल में सिर्फ एक दिन नागपंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) पर ही दर्शनों के लिए खोला जाता है। ऐसी मान्यता है कि नागराज तक्षक स्वयं मंदिर में रहते हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर में  11वीं शताब्दी की एक अद्भुत प्रतिमा है, इसमें फन फैलाए नाग के आसन पर शिव-पार्वती बैठे हैं। कहते हैं यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। उज्जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है।

पूरी दुनिया में यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसमें विष्णु भगवान की जगह भगवान भोलेनाथ सर्प शय्या पर विराजमान हैं। मंदिर में स्थापित प्राचीन मूर्ति में शिवजी, गणेशजी और मां पार्वती के साथ दशमुखी सर्प शय्या पर विराजित हैं। शिवशंभु के गले और भुजाओं में भुजंग लिपटे हुए हैं।

क्या है पौराणिक मान्यता : 
सर्पराज तक्षक ने शिवशंकर को मनाने के लिए घोर तपस्या की थी। तपस्या से भोलेनाथ प्रसन्न हुए और उन्होंने सर्पों के राजा तक्षक नाग को अमरत्व का वरदान दिया। मान्यता है कि उसके बाद से तक्षक राजा ने प्रभु के सा‍‍‍न्निध्य में ही वास करना शुरू कर दिया। लेकिन महाकाल वन में वास करने से पूर्व उनकी यही मंशा थी कि उनके एकांत में विघ्न ना हो अत: वर्षों से यही प्रथा है कि मात्र नागपंचमी के दिन ही वे दर्शन को उपलब्ध होते हैं। शेष समय उनके सम्मान में परंपरा के अनुसार मंदिर बंद रहता है। इस मंदिर में दर्शन करने के बाद व्यक्ति किसी भी तरह के सर्पदोष से मुक्त हो जाता है, इसलिए नागपंचमी के दिन खुलने वाले इस मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतार लगी रहती है। 

यह मंदिर काफी प्राचीन है। माना जाता है कि परमार राजा भोज ने 1050 ईस्वी के लगभग इस मंदिर का निर्माण करवाया था। इसके बाद सिं‍धिया घराने के महाराज राणोजी सिंधिया ने 1732 में महाकाल मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। उस समय इस मंदिर का भी जीर्णोद्धार हुआ था। सभी की यही मनोकामना रहती है कि नागराज पर विराजे शिवशंभु की उन्हें एक झलक मिल जाए। लगभग दो लाख से ज्यादा भक्त एक ही दिन में नागदेव के दर्शन करते हैं। नागपंचमी पर वर्ष में एक बार होने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए रात 12 बजे मंदिर के पट खुलते हैं और नागपंचमी को रात 12 बजे मंदिर में आरती कर मंदिर के पट पुनः बंद कर दिए जाते हैं।

नागचंद्रेश्वर मंदिर की पूजा और व्यवस्था महानिर्वाणी अखाड़े के संन्यासियों द्वारा की जाती है। नागपंचमी पर्व पर बाबा महाकाल और भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश की व्यवस्था की जाती है। इनकी कतारें भी अलग होती हैं। नागपंचमी को दोपहर 12 बजे कलेक्टर पूजन करते हैं, जो सरकारी पूजा कहलाती है। यह परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है। रात 8 बजे श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति द्वारा पूजन किया जाता है।

सावन शिवरात्रि पर करें भोले बाबा को प्रसन्न

हिंदू पंचांग अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन लोग व्रत रख भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करते हैं। जब ये शिवरात्रि श्रावण माह में आती है तो इसे सावन शिवरात्रि कहते हैं। कहते हैं कि जो भी व्यक्ति सावन शिवरात्रि का व्रत रखता है, उसके जीवन की सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं। इस दिन रुद्राभिषेक कराने का भी विशेष महत्व माना जाता है।

पूजा विधि, महत्व, मुहूर्त और व्रत कथा

पूजन सामग्री: पुष्प, पंच फल, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, पंच रस, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, धतूरा, भांग, बेर, गाय का कच्चा दूध, धूप, दीप, रुई, ईख का रस, कपूर, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार की सामग्री, मलयागिरी, चंदन आदि।

सावन शिवरात्रि व्रत विधि:
-इस दिन सुबह सूर्य उदय से पहले उठकर स्नान कर लें।
-फिर घर पर या पास के किसी शिव मंदिर में जाकर शिव परिवार की पूजा करें।
-शिवलिंग का रुद्राभिषेक जल, घी, दूध, चीनी, शहद, दही आदि से करें।
-शिवलिंग पर बेलपत्र, इत्र, गंध, भांग, बेर और धतूरा चढ़ाएं। माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
-भगवान शिव की धुप, दीप से पूजा अर्चना करें और उन्हें फल और फूल अर्पित करें।
-शिवरात्रि के दिन शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक का पाठ करना चाहिए।
-इस व्रत में शाम के समय फलहार कर सकते हैं। व्रत रखने वालों को इस दिन अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए।
-अगले दिन भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करके और दान आदि करके उपवास खोलें। 

शिवरात्रि पूजन मुहूर्त: शिवरात्रि पूजन का सबसे उत्तम समय रात का माना गया है। इस बार शिवरात्रि 6 अगस्त को मनाई जाएगी। चतुर्दशी तिथि का प्रारम्भ 06 अगस्त 2021 को 06:28 PM बजे से होगा और इसकी समाप्ति 07 अगस्त 2021 को 07:11 PM बजे पर होगी। शिवरात्रि पर पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।

शिवरात्रि पूजन का शुभ मुहूर्त…
पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त – 12:06 AM से 1:48 AM, अगस्त 07
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – 07:08 PM से 09:48 PM
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – 09:48 PM से 12:27 AM, अगस्त 07
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – 12:27 AM से 03:06 AM, अगस्त 07
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 03:06 AM से 05:46 AM, अगस्त 07
7 अगस्त को व्रत पारण समय – 05:46 AM से 03:47 PM

सादगी से मनाया ईद उल अजहा का त्योहार

सादगी से मनाया ईद उल अजहा का त्योहार
शहर काजी ने पांच लोगों को पढ़ाई नमाज

बिजनौर। राजा का ताजपुर में पोटा रोड ईदगाह पर मुस्लिम समाज ने ईद उल अजहा का त्योहार बड़ी ही सादगी के साथ मनाया। ईद उल अजहा की नमाज ईदगाह में प्रात: सात बजे सिर्फ पांच लोगों ने अदा की।
ईदगाह पर शहर काजी मुफ्ती नसीम अहमद साहब ने नमाज पढ़ाई। मुफ्ती नसीम अहमद ने खिताब फरमाते हुए कहा कि इस वक्त हमारा देश बड़े ही नाजुक दौर से गुजर रहा है। देश के अंदर कोरोना वायरस बीमारी से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। इस बीमारी से सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। इससे बचने के लिए हम सबको एक दूसरे से दूरी बनाकर रहना है क्योंकि अभी यह बीमारी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। उन्होंने ईदुल अजहा के त्योहार पर मुसलमानों से अपील की है कि यह भाईचारा और इंसानियत का त्योहार है। यह त्योहार पूरी दुनिया के लोग हजरत इब्राहिम अली सलाम की याद में मनाते हैं। इस त्योहार को कुर्बानी के नाम से याद किया जाता है। हम सब इस त्योहार पर दूसरे धर्मों के लोगों का मान सम्मान करें। इस्लाम एक ऐसा मजहब है जो किसी भी धर्म के लोगों को तकलीफ देना नहीं सिखाता। इस्लाम मजहब तो सिर्फ और सिर्फ इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देता है। इसलिए हम सबको हर त्योहार को बहुत सादगी और भाईचारे के साथ में मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस त्योहार पर गरीब बेसहारों का जरूरतमंद लोगों का पूरा ख्याल रखें ताकि कोई गरीब भूखा प्यासा ना रह जाए। हम सब अपने आसपास इस बात का पूरा ध्यान रखें कहां कुर्बानी हुई है, कहां नहीं हुई। जिन लोगों के यहां पर कुर्बानी नहीं हुई है, उन लोगों का जरूर ध्यान रखें, उनकी जरूरत को पूरा करें ताकि वह भी ईद की खुशी में शामिल हो सकें। 

इस मौके पर सभी मुसलमानों ने एक दूसरों को ईद उल अजहा की मुबारकबाद दी। वहीं शहर काजी मुफ्ती नसीम ने पूरे मुल्क की सलामती के लिए रो रो कर दुआ कराई। इस दौरान ईदगाह पर चौकी प्रभारी शिशुपाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। इस मौके पर ईदगाह कमेटी के उस्मान अंसारी, डॉक्टर अनीस अहमद अंसारी, जाहिद मलिक, जहीर मकरानी, नूर इस्लाम मुजाहिद फारूकी आदि मौजूद थे।

आगामी त्योहार व कावड़ यात्रा को लेकर बुढ़ाना थाना परिसर में हुई शांति समिति की मीटिंग

अमित कश्यप (एकलव्य बाण समाचार)

आगामी त्योहार व कावड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन सक्रिय। बुढ़ाना थाना परिसर में हुई शांति समिति की मीटिंग

मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना कोतवाली परिसर में बुढ़ाना पुलिस क्षेत्राधिकारी विनय गौतम व थाना प्रभारी संजीव कुमार ने आगामी त्योहार व कांवड़ यात्रा को मद्देनजर रखते हुए शांति समिति की मीटिंग का आयोजन किया।

बैठक में बुढ़ाना क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों के साथ वार्ता की गई तथा आगामी त्योहार व कांवड़ व्यवस्था को लेकर गणमान्य लोगों से वार्तालाप कर उनसे सहयोग की अपील की गई। इस दौरान उनकी समस्याओं को भी जाना और समस्याओं का निस्तारण जल्द से जल्द करने की बात कही। अधिकारियों ने कहा कि कहीं भी कोई भी संदिग्ध मामला लगे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें व क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखें। इस दौरान क्षेत्र से काफी गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

धूमधाम से श्रद्धापूर्वक निकाली भगवान जगन्नाथ यात्रा

नजीबाबाद रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होकर यात्रा भगवान जगन्ना्थ मंदिर पहुंचकर हुई पूर्ण। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र की मूर्तियों पर पुष्प वर्षा। नाचते-गाते व कीर्तन करते चल रहे थे श्रद्धालु।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। नजीबाबाद नगर के रेलवे स्टेशन से पारंपरिक रूप से प्रति वर्ष निकलने वाली भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र जी की लकड़ी से निर्मित मूर्तियों को सजाए गए आसन पर विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गयी। शोभा यात्रा में भजनों व हरि धुनों पर नाचते-गाते श्रद्धालु चल रहे थे। शोभायात्रा भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर पहुंचकर पूर्ण हुई। आरती के बाद प्रसाद वितरित कर भंडारे का आयोजन किया गया।

नजीबाबाद रेलवे स्टेशन परिसर स्थित प्राचीन श्री शिव मंदिर से भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र जी की लकड़ी से निर्मित मूर्तियों को एक छोटे हाथी  पर सजाए गए दरबार में विराजित किया गया। इसके बाद नगर के कृष्णा टाकीज चौराहे, नजीबुद्दौला मार्केट, सुराही बाजार, जगन्नाथ चौक, बाजार कल्लूगंज, चौक बाजार होते हुए प्रति वर्ष निकाली जाने वाली पारंपरिक भगवान जगन्नाथ शोभा यात्रा टीला मंदिर परिसर स्थित प्राचीन भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर पर पहुंचकर पूर्ण हुई। शोभायात्रा में पैदल चल रहे श्रद्धालु हरि संकीर्तन व भजन प्रस्तुत करते चल रहे थे। श्रद्धालु भजन गाते व नाचते हुए शोभायात्रा में शामिल रहे। रास्ते में कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्र का स्वागत किया। साथ ही प्रसाद का वितरण भी किया जाता रहा। मंदिर परिसर में मूतियों को उनके आसनों पर विराजमान कर आरती की गई। इसके बाद प्रसाद वितरण कर भंडारे का भी आयोजन किया गया। शोभायात्रा में संजीव अग्रवाल, राजीव अग्रवाल बर्तन वाले, यदु ऐरन, निशिथ ऐरन, कमल बंधु, सुनील राजपूत, जगदीश सिंह, अमित बत्रा, शिवम अग्रवाल, कृष्ण अवतार वर्मा, पंकज अग्रवाल, दीक कर्णवाल आदि का विशेष सहयोग रहा।

बसंती माता मंदिर पर उमड़े श्रद्धालु

बसंती माता मंदिर पर पहुंच श्रद्धालुओं ने लगाए कुंडारे। आषाढ़ मास के तीसरे मेले में पूजन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। दुकानदारों ने लगाईं खिलौनों व प्रसाद आदि की दुकानें।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। प्रतिवर्ष आषाढ़ मास में बसंती माता मंदिरों पर लगाने वाले मेले कोरोना महामारी के चलते न लगाए जाने के बावजूद तीसरे मेले के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर पहुंचकर प्रसाद चढ़ाया और कुंडारे लगाए। श्रद्धालुओं ने पूजन कर मां से सुख-समृद्धि और कोरोना महामारी के खात्मे की दुआएं मांगी।

आषाढ़ मास में प्रत्येक वर्ष सोमवार को लगने वाले तीसरे मेले की तिथि पर बड़ी संख्या में भोर से ही श्रद्धालुओं ने नजीबाबाद के मोहल्ला बसंती माता तथा टीला मंंदिर परिसर स्थित बसंती माता मंदिरों पर पहुंचना शुरु कर दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों पर पहुंचने की सूचना पर दुकानदारों ने भी मंदिर के आसपास खिलौनों, प्रसाद व अन्य खाद्य सामग्री की दुकानें सजा लीं। विगत वर्ष भी कोरोना महामारी के चलते कोटकादर स्थित कल्याणमल देवता तथा नजीबाबाद स्थित बसंती माता मंदिरों पर मेलों का आयोजन नहीं किया गया था। इस बार भी दोनों स्थानों पर मंदिरों पर लगने वाले मेलों को स्थगित कर दिया गया है। हालांकि आस्था के वशीभूत श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर तीसरे मेले पर प्रसाद चढ़ाया, कुंडारे लगाए और पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगी। कहा जाता है कि आषाढ़ मास में चांदन (चांद निकलने वाले) के दिनों  में लगने वाले मेलों में पहुंचने कर प्रसाद चढ़ाने व माता के दर्शन करने की अधिक मान्यता है। दोपहर तक मंदिर परिसरों के आसपास श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

21 जुलाई को मनाई जाएगी बकरीद

बकरीद के चांद का हुआ ऐलान, 21 जुलाई को मनाई जाएगी बकरीद, मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने किया एलान।


लखनऊ। उलमा-ए-फरंगी महल की कायम की हुई तारीखी मरकज़ी चांद कमेटी ने मुसलमानों से चांद देखने की अपील की है। काजी-ए-शहर मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अध्यक्षता में कमेटी के सदस्यों की बैठक मौलाना ने तमाम मुसलमानों से अपील की कि इतवार को बकरीद का चांद देखने का एहतिमाम करें।

इस सिलसिले में निम्नलिखित मोबाइल नम्बरों और ईमेल व वेबसाइट पर सम्पर्क करें: ई-मेल imamkarasheed@gmail.com, m.chandcom@farangimahal.com, वेबसाइट http://www.farangimahal.in पर भी चांद का ऐलान किया जायेगा।

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने को सजग पुलिस प्रशासन

बिजनौर। 14 मई को अक्षय तृतीया के अवसर पर ग्रामीण अंचलों में प्रचलित बाल विवाह रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी रमाकान्त पांडेय ने सभी उपजिलाधिकारियों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में बाल विवाह न करने दिया जाय। यदि बाल विवाह की शिकायत आती है तो तत्काल कार्रवाई करें।

डीएम ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर या उसके आसपास सामूहिक बाल विवाह सम्पन्न किये जाने की कुप्रथा चल रही है। वर्ष 2021 में अक्षय तृतीया का पर्व 14 मई को पड़ रहा है। इस दिन बाल विवाह पर प्रतिबंध होने के बावजूद बाल विवाह किये जाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से बाल विवाह के रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाये गए हैं। निदेशालय महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ की ओर से वैश्विक महामारी के इस अत्यंत महत्वपूर्ण दौर में महामारी तथा बाल विवाह की कुरीति दोनों की रोकथाम के निर्देश दिये गये हैं।

जिलाधिकारी ने कहा है कि बाल विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने हेतु विशेष सजगता एवं सर्तकता के साथ आवश्यक सामाजिक जागरूकता भी आवश्यक है। इस सम्बंध में प्रभावी कदम उठाने तथा किसी भी दशा में विवाह न होने देने का संकल्प आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में पुलिस का भी अपेक्षित सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। बाल विवाह रोकने के लिए इसकी सूचना 181 महिला हेल्प लाइन एवं 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन, 112 आकस्मिक सेवा, नजदीकी पुलिस स्टेशन पर दी जा सकती है। यदि कोई बाल विवाह करता है तो तत्काल सूचित करें, ताकि बाल विवाह को रोका जा सके और सम्बन्धित के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जा सके।

नवमी पर नौ कन्याओं का विधि विधान से पूजन

नवमी पर नौ कन्याओं का पूजन, गौ माता को लगाया भोग
मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन

बिजनौर। नवरात्र के नौवें दिन आदि शक्ति के नौवें स्वरुप मां सिद्धी दात्री की पूजा अर्चना के साथ कन्या पूजन कर व्रत परायण किया गया। घरों में नौ देवियों के स्वरूप में कन्याओं को आमंत्रित करके भोग लगाया गया। मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मास्क का प्रयोग भी किया और सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा। पुलिस प्रशासन की ओर से किसी भी धार्मिक स्थल में एक साथ पांच लोगों के प्रवेश न होने देने के निर्देश का भी खासा असर दिखाई पड़ा।
नवमी पर नौवें स्वरुप मां सिद्धी दात्री की पूजा अर्चना कर घरों में कन्या पूजन किया गया। नवरात्रि के दौरान प्रत्येक दिन कन्या पूजन की मान्यता है, लेकिन नवमी तिथि पर कन्या पूजन का सर्वाधिक महत्व है। चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ घट स्थापना के साथ होता है, जबकि समापन कन्या पूजन के साथ किया जाता है। हालांक कुछ लोगों ने अष्टमी तिथि के दिन भी व्रत का परायण कर कन्या जिमाईं थीं। कुछ लोगों ने नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन किया। नवरात्रि में नौ कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर पूजा जाता है तो वहीं बालक को बटुक भैरव या हनुमान जी के रूप में पूजा जाता है। कंजकों के साथ बिठाए जाने वाले बालक को लांगुर कहा जाता है। मान्यता है कि कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा और सेवा करने से देवी दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख-शांति और धन का आशीर्वाद देती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान दो साल से नौ साल के बीच की कन्याओं की ही पूजा की जानी चाहिए। नौ साल से अधिक उम्र की कन्याओं को भी भोजन कराया जा सकता है, लेकिन पूजन सिर्फ नौ साल तक का ही कन्या का मान्य होता है। इस दौरान हलवा, पूड़ी, नारियल के प्रशाद के अलावा लोगों ने क्षमतानुसार गिफ्ट भी दिए। सर्वप्रथम कन्याओं के पैरों को धो कर चरण स्पर्श किया गया, फिर माथे पर तिलक लगा कर जिमाया गया।
नवमी पर्व पर मंदिरों में पहुंच कर भी श्रद्धालुओं ने देवी मां की पूजा अर्चना की। कोरोना संक्रमण के चलते अधिकांश घरों में प्रतीकात्मक तौर पर ही कन्या पूजन किया गया। मंदिरों के अलावा गायों को प्रशाद अर्पित किया गया।

हरिद्वार महाकुंभ के दौरान पुलिस का ट्रैफिक प्लान

01- स्नान पर्व पर पंजाब – हरियाणा – सहारनपुर की ओर से आने – जाने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था

आने का मार्ग- सहारनपुर -इमलीखेड़ा -धनोरी – पीपल तिराहा – सलेमपुर तिराहा – सिडकुल मार्ग – किर्बी चौक – चिन्मय कालेज -पीठ बाज़ार पार्किंग/धीरवाली पार्किंग

जाने का मार्ग – शिवालिक नगर – सलेमपुर तिराहा -बीएचईएल तिराहा- रुड़की बाईपास/रुड़की शहर

02- स्नान पर्व पर नजीबाबाद – कोटद्वार – नैनीताल की ओर से आने – जाने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था

आने का मार्ग – नजीबाबाद/कोटद्वार/नैनीताल – कांगडी – 4.2 कि0मी0 – गौरीशंकर / नीलधारा पार्किंग

जाने का मार्ग – गौरीशंकर / नीलधारा पार्किंग – हनुमान मंदिर रैंप – चंडी चौक – नजीबाबाद

03 – स्नान पर्व पर दिल्ली – मेरठ – मुजफ्फरनगर की ओर से आने – जाने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था

हल्के वाहनों के आने का मार्ग – दिल्ली- मेरठ- फलौदा -पुरकाजी -लक्सर- जगजीतपुर – शनिदेव मंदिर चौक – दक्ष पार्किंग/जगजीतपुर पार्किंग।
बड़े वाहनों के आने का मार्ग- दिल्ली -मेरठ मुजफ्फरनगर मंगलोर -नगला इमारती- लैंडोरा -लक्सर -जगजीतपुर- दक्ष पार्किंग/जगजीतपुर पार्किंग

जाने का मार्ग – दक्ष पार्किंग – सिंहद्वार – रा. राजमार्ग 334 – COER कॉलेज – रुड़की बाईपास/रुड़की शहर

04 – स्नान पर्व पर देहरादून – ऋषिकेश – गढवाल की ओर से आने – जाने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था

आने का मार्ग – नेपाली फार्म – हरिपुर कलां से छोटे वाहन दूधियाबंध पार्किंग/सप्त सरोवर पार्किंग/शन्तिकुञ् पार्किंग
रोडवेज बस – दूधाधारी चौक मेंगो होटल से यूटर्न मोतीचूर पार्किंग
प्राईवेट बस – दूधाधारी चौक – RTO चौक – दूधाधारी पार्किंग

जाने का मार्ग – दूधाधारी पार्किंग /सप्तऋषि पार्किंग/शान्तिकुञ् पार्किंग – मोतीचूर पार्किंग से पुरानी सप्तऋषि पुलिस चौकी से फ्लाईओवर के ऊपर से

05- भारी वाहन— बुधवार 08 अप्रैल शाम से 15 अप्रैल तक हरिद्वार क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध।

13 अप्रैल से नवरात्रि पर्व: पंडित शिवकुमार

13 अप्रैल से शुरु हो जाएगा नवरात्रि पर्व
बिजनौर। हिंदू पंचांग का पहला महीना चैत्र शुरू हो गया है। इस महीने का संबंध चित्रा नक्षत्र से होने के कारण चैत्र नाम दिया गया है। इस महीने में वसंत और ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत होती है। २९  मार्च से शुरु चैत्र माह इस बार 27 अप्रैल तक रहेगा।
बाड़ा शिव मंदिर के पंडित शिव कुमार शास्त्री ने बताया कि हिंदू धर्म के अनुसार ये महीना पावन और शुभ होता है। इस महीने की पंचमी तिथि को रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। 13 अप्रैल से नवरात्रि शुरू हो जाएगी। वहीं 21 अप्रैल को राम नवमी मनाई जाएगी। इस महीने की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। इस खास दिन पर दान- पुण्य करने से लाभ मिलता है।
किस दिन कौन सा त्योहार
2 अप्रैल- गुड फ्राइडे
4 अप्रैल- शीतला अष्टमी
7 अप्रैल- पाप मोचिनी एकादशी
9 अप्रैल- प्रदोष व्रत
10 अप्रैल- मासिक शिवरात्रि
13 अप्रैल- नवरात्रि प्रारंभ
14 अप्रैल- वैसाखी
16 अप्रैल- विनायक चतुर्थी
21 अप्रैल- राम नवमी
22 अप्रैल- चैत्र नवरात्रि पारण
23 अप्रैल- कामदा एकादशी
24 अप्रैल- शनि प्रदोष
26 अप्रैल- चैत्र पूर्णिमा

शान्ति व सौहार्द्र के साथ मना त्योहार

बिजनौर। श्रद्धालुओं ने जिले में होलिका की पूजा अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6.22 बजे से 8.52 बजे तक रह। निर्धारित समय पर होलिका दहन किया गया। श्रद्धालुओं ने होलिका दहन के दौरान गन्ने में जौ बांधकर भूने। जिले में कुल 1860 स्थानों पर होलिका दहन किया गया।

बिजनौर में प्रत्येक वर्ष की तरह होली का पर्व धूमधाम से मनाया गया। रविवार दोपहर महिलाएं होलिका पूजन स्थल पर एकत्रित हुईं और परंपरागत ढ़ंग से पूजा अर्चना की। पूजन के लिए हल्दी, गुड, गेहूं का आटा और गोबर से बनी हुई बुरकली का प्रयोग किया गया। हल्दी से तिलक कर गुड़ और आटे का भोग लगाने के बाद सूती कलावे से होलिका की परिक्रमा ली। रात्रि में होलिका दहन के दौरान गेहूं और जौ की बालियों को भूनने के बाद उसके दानों को आपस में बांट कर खाया जाता है। होलिका दहन का शुभ व श्रेष्ठ समय शाम 6 बजकर 22 मिनट से 8 बजकर 52 मिनट तक रहा। होली की 11 बार परिक्रमा कर महिला श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख शांति व रोगों से मुक्ति के लिए एक सूखा नारियल, एक लौंग का जोड़ा, पीली सरसों सिर के ऊपर से सात बार नवा कर होली की अग्नि में डाली और होलिका मैय्या से मनोकामना मांगी। होलिका दहन के समय श्रद्धालुओं ने खूब जयघोष करते हुए एक दूसरे को रंग लगाना शुरु कर दिया। जिले भर में पुलिस की व्यवस्था चाकचौबंद रही।

पुलिस की ओर से होलिका दहन, शब-ए-बारात, दुल्हैंडी और जुलूस को लेकर जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। जनपद को तीन सुपर जोन, छह जोन, 22 सेक्टर और 146 सब सेक्टर में बांटा गया। होलिका दहन में पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। देर रात तक शब-ए-बारात और होलिका दहन को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस गश्त करती रही। श्मसान और होलिका दहन पर पुलिस तैनात रही। दुल्हैंडी को लेकर चाक-चौबंद व्यवस्था की गई। खासकर नगीना में आधुनिक ड्रोन से पूरे नगर पर निगरानी की गई। सभी जगह जुलूस भी ड्रोन के निगरानी में निकाले गए। हर शहर में इसकी व्यवस्था की गई। एसडीएम और सीओ लगातार अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहे। सर्विलांस और डॉग स्क्वायड की टीमें भी सक्रिय रहीं। इस दौरान पांच कंपनी पीएसी विवादित और मिश्रित आबादी में लगाई गई। मिश्रित आबादी वाले स्थानों पर पुलिस-पीएसी तैनात रही। होलिका दहन, शब-ए-बारात, रंगोत्सव और जुलूस की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

होली पर अपनी तस्वीर के साथ जारी कराएं डाक टिकट

होली के रंग दिखेंगे डाक टिकटों पर, होली पर अपनी तस्वीर के साथ जारी करायें डाक टिकट -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

मात्र 300 रुपए के खर्च में बनेगी 12 डाक-टिकटों की एक शीट

होली का त्योहार नजदीक आते ही इसका रंग लोगों पर चढ़ने लगा है। हर कोई अपनी होली को यादगार बनाने के लिए कुछ अनूठा करना चाहता है, पर कभी आपने सोचा है कि आपकी होली पर डाक टिकट भी जारी हो सकता है। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग की ‘माई स्टैम्प’ सेवा के तहत लोग होली पर अपनी तस्वीर के साथ यादगार रूप में डाक टिकट भी जारी करवा सकते हैं।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पाँच रुपए के डाक-टिकट, जिस पर होली के रंगों से सराबोर आपकी खूबसूरत तस्वीर होगी, वह देश भर में कहीं भी भेजी जा सकती है। इस डाक टिकट पर बाक़ायदा हिंदी और अंग्रेजी में ‘होली’ भी लिखा होगा और साथ में रंगों और अबीर-गुलाल के साथ गुझिया की डलिया भी। मात्र 300 रुपए के खर्च में 12 डाक-टिकटों की एक शीट प्रधान डाकघर स्थित फिलेटलिक ब्यूरो में बनवाई जा सकती है।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी कुछ नया चाहती है, ऐसे में नए जन्मे बच्चों की पहली होली हो या नवयुगल की पहली होली हो, अथवा होली में एक साथ इकट्ठा हुए संयुक्त परिवार की यादगार होली हो, इन सब पर ‘माई स्टैम्प’ के माध्यम से डाक टिकट जारी किया जा सकता है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व डाक विभाग ने शुभ विवाह, सालगिरह से लेकर बर्थडे तक के चित्रों पर ‘माई स्टैम्प’ के माध्यम से डाक टिकट जारी किये जाने की सुविधा प्रदान की है, जिसे लोगों ने भरपूर सराहा।

भोले के जयकारे लगा मंजिल की ओर बढ़ रहे कांवरिए


भोले के जयकारे लगा मंजिल की ओर बढ़ते जा रहे कांवरिए
बिजनौर। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर हरिद्वार से पवित्र गंगाजल भरकर कांवर लाने वाले भोलेनाथ के भक्त जयकारे लगाते हुए अपनी मंजिल की ओर पढ़ते जा रहे हैं। भोले के जयकारों से वातावरण शिवमय हो गया है।
मंगलवार को भी हरिद्वार से पवित्र गंगाजल भरकर कांवर लाने वाले भोले के भक्तों का आना लगातार जारी है। दूसरी ओर कांवर लेने हरिद्वार के लिए जाने वाले शिवभक्तों का जाना भी बरकरार है। हरिद्वार से जलभर कांवर लाने वाले भोलेनाथ के भक्त मार्ग में पडऩे वाले नजीबाबाद के स्वयंभू मोटा महादेव मंदिर में स्थित शिवलिंग का जलाभिषेक करने के बाद ही अपनी मंजिल की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। स्वयंभू मोटा महादेव शिवलिंग का जलाभिषेक करने के लिए मंदिर परिसर में शिव भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं। अपना नंबर आने पर ही शिवभक्त जलाभिषेक करते हैं। भोले के जयकारों से सारा वातावरण गुंजायमान हो रहा है। साथ ही मार्ग में विभिन्न स्थानों पर कांवरियों की सेवा के लिए शिविर भी लगाए गए हैं। इनमें श्रद्धालुओं की ओर से पेयजल, नाश्ते, खाने, दवाइयों व विश्राम की व्यवस्था की गयी है। मंगलवार को नगर से होकर ठाकुरद्वारा, संभल, मुरादाबाद, कांठ, स्योहारा, मंडी धनौरा, गजरौला, चांदपुर, नूरपुर आदि क्षेत्रों के कांवरिए अपने गंतव्यों के लिए प्रस्थान कर रहे हैं।

महाशिरात्रि से पूर्व कांवर सज्जा सामग्री के बाजार सजे

महाशिरात्रि से पूर्व कांवर सज्जा सामग्री के बाजार सजे
बिजनौर। महाशिवरात्रि पर्व के निकट आते ही नजीबाबाद नगर में कांवर सजाने के सामानों की बिक्री को बाजार सज गए हैं। कांवर लेने जाने की तैयारियों में जुटे लोग जमकर कांवर सज्जा के सामान की खरीददारी कर रहे हैं। मंगलवार को नगर में विभिन्न बाजारों में कांवर को सजाने में प्रयोग किए जाने वाले सामान की बिक्री के लिए दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें सजा ली हैं। महाशिवरात्रि पर्व के पहले ही नगर व आसपास के क्षेत्र के शिव भक्त हरिद्वार से कांवर में पवित्र गंगा जल भरकर लाने की तैयारियां करने में जुट गए हैं। अपनी कांवरों को सजाने के लिए शिव भक्त बाजारों से आर्टिफिशियल फूलों की झालरें, रीबन, गोटा, विभिन्न प्रकार के खिलौने, तस्वीरें व मूर्तियों की खरीददारी कर रहे हैं। इसके चलते कांवर सज्जा के सामान विक्रय करने वाले दुकानदारों के प्रतिष्ठानों पर भारी भीड़ उमड़ रही है।

मलिहाबाद में धूमधाम से मनाई गई संत रविदास की जयंती

धूमधाम से मनाई गई संत रविदास की जयंती

संत रविदास जी की जयंती के अवसर पर सपा कार्यकर्ताओं द्वारा माल्यार्पण, पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन

लखनऊ। विधानसभा मलिहाबाद के हरदोई राज मार्ग मोहान रोड मुजासा तिराहा स्थिति समाजवादी पार्टी क्षेत्रीय जन संपर्क कार्यालय मुजासा मलिहाबाद में शनिवार को पूर्व विधायक इन्दल कुमार रावत की अगुवाई में सपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने संत रविदास जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला।
माल्यार्पण, पुष्पांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता संजय सिंह चौहान पूर्व उपाध्यक्ष व संचालन युवा नेता एवं सोनीस मौर्या पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने किया।

पूर्व विधायक इन्दल कुमार रावत ने कहा कि मन चंगा तो कठौती में गंगा, स्वामीजी का यह विचार जीवन में उतार लिया जाए तो मनुष्य को कहीं भटकने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वामी रविदास सत्यदर्शी संत थे। मन,वाणी व कर्म से उन्होंने ईश्वर का सानिध्य पा लिया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरिष्ठ नेता सालिक राम यादव, परमेश्वर रावत, जयपाल पथिक, जनाब वसीअहमद पूर्व प्रधान, रज्जन यादव,डाक्टर मनोज कुमार यादव, श्रीभगवत मोर्या जिला सचिव, राम नरेश यादव, युवा नेता जितेन्द्र यादव गुड्डू प्रधान संघ अध्यक्ष, संदीप यादव ब्लाक अध्यक्ष मलिहाबाद, जनाब इसाक गाजी ब्लॉक अध्यक्ष काकोरी, सुरेश गौतम जी प्रधान मवई, बीरेन्द्र यादव प्रधान जौरिया, जनाब दरगाही अली, संन्तोष रावत पूर्व प्रधान थरी, गुरु प्रसाद रावत, नन्हा रावत अध्यक्ष अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ सपा आदि सैकड़ों सम्मानित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में मौजूद रहे।

लखनऊ: सर्व समाज व्यापार मंडल ने धूमधाम से मनाया गणतंत्र दिवस

राष्ट्रीय ध्वज फहराते प्रदेश अध्यक्ष सैयद महमूदुर्रहमान पम्मू

सर्व समाज व्यापार मंडल ने धूमधाम से मनाया गणतंत्र दिवस
प्रदेश अध्यक्ष सैयद महमूदुर्रहमान पम्मू ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

लखनऊ। गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रांतीय कार्यालय सर्व समाज व्यापार मंडल निशातगंज पर प्रदेश अध्यक्ष सैयद महमूदुर्रहमान पम्मू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
प्रदेश अध्यक्ष सैयद महमूदुर्रहमान पम्मू ने महापुरुषों की फोटो पर माल्यार्पण किया व एक दूसरे को लड्डू खिलाकर खुशी का इजहार किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमें अपने वीर जवानों का बलिदान हमेशा याद रखना है ताकि हमें एहसास होता रहे कि हमारे महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों ने किस मुश्किलों से हमें यह आजादी दिलाई है।

इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विशाल सिंह, विधि सलाहकार ध्रुव कुमार सिंह, प्रदेश संयुक्त महामंत्री विनोद सोनकर, मार्केट अध्यक्ष इकराम अली, प्रदेश सचिव राजू गुप्ता, नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया, वाल्मीकि समाज नगर अध्यक्ष मुकेश बाल्मीकि एडवोकेट,आरके मिश्रा, संजीव बंसल, अनुज तिवारी, पुष्पेंद्र तिवारी, चौकी इंचार्ज गोपाल पुरवा भरत कुमार पाठक, टीआई मिश्रा, एजाज, इमरान खान सहित समस्त व्यापारी एवं मार्केट क्षेत्र के गणमान्य गणमान्य लोगों ने शिरकत की।

नसीपुर के प्राचीन शिव मंदिर में नए शिवलिंग स्थापित

मुरादाबाद। ग्राम नसीपुर के प्राचीन शिव मंदिर में नए शिवलिंग को परिवार सहित प्राण प्रतिष्ठा करके हवन यज के साथ पूरे विधि विधान से स्थापित किया गया। इस अवसर पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। इससे पहले लोकसभा के पूर्व युवा सांसद प्रत्याशी व सर्वदलीय गौ रक्षा मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रिंन्स शर्मा ने ग्राम नसीपुर के युवा साथियों के साथ गांव के प्राचीन शिव मंदिर से पुराने शिवलिंग को हरिद्वार जाकर गंगा जी में विसर्जित किया। वहां नए शिवलिंग को पूरे परिवार के साथ गंगा स्नान उपरांत लेकर आये और गांव में पद यात्रा द्वारा परिक्रमा की। पद यात्रा में सभी गांव वाले सम्मिलित हुए। इस कार्य में सहयोगी साथी जितेंद्र सैनी, पुरुषोत्तम सैनी, गेंदा प्रजापति, बाबू सैनी, राजीव शर्मा, पप्पू सैनी, राजपाल सैनी, मंजीत सैनी, संजय सैनी, रिंकू सैनी इत्यादि सैनी समाज के लोग व अन्य लोग सम्मिलित रहे।

क्रिमसम और न्यू ईयर की पार्टी पर बैन

DM देहरादून डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव का आदेश

क्रिमसम और न्यू ईयर की पार्टी पर बैन
देहरादून। कोरोना ने इस पूर साल कई बड़े आयोजनों को रद्द करवा दिया। लोगों को उम्मीद थी कि नया साल आते-आते कोरोना से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन कोरोना से राहत मिलने के बजाय और मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। लोग इस बार कोरोना के कारण क्रिसमस और नये साल का जश्न भी नहीं मना पाएंगे। देहरादून डीएम डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया कि क्रिमसम और न्यू ईयर की पार्टी होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक स्थानों पर बैन रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़ाई से निर्देशित कर दिया गया है।
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सोमवती अमावस्या: श्रद्धालुओं ने संगम पर लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराज में संगम घाट पर जुटे श्रद्धालु

सोमवती अमावस्या पर किया पवित्र स्नान

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवती अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। सोमवार को सुबह से ही गंगा, यमुना और संगम में भी पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कई श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पहले स्नान किया। सूरज उगने के बाद संगम में स्नान करने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी। प्रयागराज में संगम घाट के अलावा रामघाट, दारागंज, अक्षयवट, फाफामऊ में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके अलावा यमुना घाट पर भी स्नानार्थियों का जमावड़ा लगा रहा। गऊघाट, सरस्वती घाट और ककहरा घाट पर व्रती महिलाओं ने स्नान किया और सूरज को अर्घ्य दिया। इसके बाद उन्होंने दान और पूजन के साथ पीपल के पेड़ की भी पूजा की। व्रती महिलाओं के अलावा अन्य लोगों ने भी संगम घाट पर स्नान किया।
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