75 साहित्यकार एवं समाजसेवी कुमुद सम्मान से अलंकृत

साहित्यकार ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ जी की जयंती पर कुमुद सम्मान से अलंकृत 75 साहित्यकार एवं समाजसेवी

बरेली। रोटरी क्लब भवन चौपुला में साहित्यकार ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ जी की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर 75 साहित्यकार एवं समाजसेवी कुमुद सम्मान से अलंकृत किए गए।

हास्य कवि निर्मल सक्सेना ( कासगंज), वरिष्ठ शायर जीतेश राज नक़्श (पीलीभीत), मुख्य अतिथि आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ सत्येंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथिगण बरेली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्तव, बरेली बार एसोसिएशन के सचिव वीपी ध्यानी, वरिष्ठ साहित्यकार एवं कार्यक्रम अध्यक्ष आचार्य देवेंद्र देव एवं कार्यक्रम संचालक कवि रोहित राकेश को संस्था के संस्थापक एवं कार्यक्रम आयोजक एडवोकेट उपमेंद्र सक्सेना एवं संस्था अध्यक्ष करुणा निधि गुप्ता ने उत्तरीय, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर कुमुद सम्मान से अलंकृत किया

इसके अलावा 75 कवियों एवं समाजसेवियों को भी समारोह में सम्मानित किया गया। आमंत्रित कवियों में निर्मल सक्सेना एवं जीतेश राज ‘नक़्श’ ने अपने काव्य पाठ से सभी का दिल जीत लिया और खूब वाहवाही लूटी।

खटीमा से पधारे सुप्रसिद्ध कवि प्रिय भाई रामरतन यादव द्वारा बहुत सुंदर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। साहित्यकार डॉ महेश मधुकर एवं साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ धीर ने ‘कुमुद’ जी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यक्रम आयोजक एडवोकेट उपमेंद्र सक्सेना एवं संस्था अध्यक्ष  करुणा निधि गुप्ता ने सभी अतिथियों को हृदय से साधुवाद एवं आभार व्यक्त किया।

मुरादाबाद बरेली के पूर्व आईजी से एक करोड़ की ठगी

मुरादाबाद। रिटायर्ड IPS गुरबचन लाल से मुरादाबाद के कुछ लोगों ने एक करोड़ की ठगी कर ली। वह मुरादाबाद और बरेली के आईजी रह चुके हैं। रिटायर्ड आईपीएस ने इस मामले में सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज कराई है। FIR में रिटायर्ड आईपीएस गुरबचन लाल ने कहा है कि ठगों ने उनसे 58 लाख रुपये और एक किलो सोना ठग लिया। एक कंपनी में निवेश के नाम पर उनसे यह रकम ठगी गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

BJP में ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही हैं मुस्लिम महिलाएं: निदा खान

मौलाना तौकीर रजा खान को भी निदा खान ने लिया आड़े हाथ। सपा सरकार के दौरान फर्जी मुकदमे लिखाने की हुई कोशिश।

बरेली। कभी आला हजरत खानदान की बहू रहीं निदा खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मीडिया में उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं चलने लगीं लेकिन उन्होनें इसे कोरी अफवाह बताते हुए खबर का खंडन किया। इसके बावजूद कई टीवी चैनलों को दिए अपने बयानों में वह भाजपा का समर्थन करती नजर आईं। निदा खान ने कांग्रेस को समर्थन देने वाले आईएमसी प्रमुख और खानदान-ए-आला हजरत के मौलाना तौकीर रजा खान को भी आड़े हाथों लिया।

मौलाना तौकीर रजा के बयान पर उन्होंने कहा कि वह तो कुछ भी कह सकते हैं। निदा ने कहा कि आज मौलाना तौकीर प्रियंका गांधी के साथ लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा लगा रहे हैं। यह वही लोग हैं, जो लड़कियों का उत्पीड़न करते हैं। अगर कभी उन्होंने महिलाओं का साथ दिया होता तो महिलाएं उनके साथ खड़ी होतीं। आज हम जहां खड़े हैं, वो भाजपा की ही देन है। सपा की सरकार के दौरान हमारे ऊपर फर्जी मुकदमे लिखाने की कोशिश हुई; लेकिन भाजपा सरकार के आने के बाद यह सब बंद हुआ। लिहाजा अब मौलाना कांग्रेस के साथ आ गए क्योंकि वह चाहते हैं कि कैसे भी करके भाजपा सरकार को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जब मेरा तीन तलाक का मामला चल रहा था, तब मेरे खिलाफ फतवे दिए गए। समाज से मेरा बहिष्कार तक किया गया। भाजपा में महिलाओं को सम्मान मिलता है ।

तीन तलाक का जो कानून बना था। उसका लोगों ने विरोध किया लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि काफी लोगों का घर टूटने से बच गया। सपा सरकार के दौरान मुझे धमकियां दी गईं; लेकिन भाजपा सरकार से काफी संख्या में मुस्लिम महिलाएं प्रेरित हैं। इस सरकार में मुस्लिम महिलाएं ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही हैं। हालांकि उन्होंने भाजपा में जाने की बात से इंकार कर दिया।

55,243 अपात्रों से वसूली जाएगी किसान सम्मान निधि योजना की रकम

बरेली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अब अपात्रों से रिकवरी की तैयारी है। सरकारी नौकरी में होने या फिर अच्छा बिजनेस करने के बावजूद भी 55,243 खातों में सम्मान निधि की धनराशि पहुंच रही थी। बरेली मंडल में सितंबर में शासन स्तर पर मामले की जांच कराई गई। तब फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। अब इन अपात्रों को जिला कृषि विभाग की ओर से रिकवरी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। वसूली गई रकम भारत सरकार के कोष में जमा कराई जाएगी।

केंद्र सरकार के पास तीन महीने पहले प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि योजना के संबंध में फर्जीवाड़ा की शिकायतें पहुंची थीं। आरोप था कि बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जो किसान नहीं बल्कि सरकारी नौकरी में हैं या फिर बड़े बिजनेस कारोबारी हैं। इसके बावजूद भी उनके खाते में सम्मान निधि योजना की रकम पहुंच रही है। शासन स्तर पर मामले की जांच के दौरान जिला स्तर पर जब सम्मान निधि की रिपोर्ट मांगी गई तो जांच में खुलासा हुआ।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में 2,34,010 आयकर दाता, 32,393 मृतक, 3,86,250 गलत खाते पकड़े गए। 57,987 अपात्र और 68,540 अवैध आधार कार्ड मिले। प्रदेश में 7,79,180 अपात्रों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था। बरेली मंडल में सम्मान निधि का लाभ लेने वाले आयकर दाता 8,314, मृतक 2189, गलत खाता में भुगतान वाले 31,637, अपात्र 5,336, अवैध आधार 7,767 कुल मिलाकर 55,243 लोग चिन्हित किए गए। यह वह लोग हैं, जो गलत तरीके से सम्मान निधि का लाभ ले रहे थे। बरेली जिले में 16707, बदायूं में 15743, पीलीभीत में 12817 व शाहजहांपुर में 9,976 लोग सम्मान निधि को अपात्र चुने गए हैं।

आधार कार्ड से पकड़ में आया घपला

सरकार ने किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों की सत्यापन रिपोर्ट आधार कार्ड से कराई। बैंक एकाउंट में आधार नंबर को डालकर सर्च करते ही आधार से जुड़े सभी एकाउंट लिंक हो गए। जांच में बरेली मंडल में 8,314 आयकर दाता किसान सम्मान निधि का लाभ लेते मिले। 5,336 ऐसे किसान चिन्हित हुए, जिनके एक परिवार में कई- कई लोग सम्मान निधि ले रहे थे। पत्नी, बेटे और बहू के खाते में भी सम्मान निधि पहुंच रही थी। जो किसान मर गए, उनके खाते भी सम्मान निधि आ रही थी। ऐसे 2189 मृतकों के खाता पकड़ में आए। 31,637 गलत खाते मिले।

बरेली मंडल में कुल 55,243 अपात्र: किसान सम्मान निधि पाने वालों का सत्यापन जिला स्तर पर किया गया। किसान के नाम, पिता या पति का नाम, गांव, आधार संख्या, खसरा खतौनी की जांच ऑनलाइन की गई। मण्डल में 55,243 अपात्र मिले। उनको रिकवरी नोटिस भेजे जा रहे हैं। -धीरेंद्र सिंह चौधरी प्रभारी उप कृषि निदेशक

बरेली से बेंगलुरु पहुंचिए मात्र 2 घंटे 27 मिनट में

इंडिगो ने यात्रियों को दिया स्वतंत्रता दिवस का तोहफा। बेंगलुरु से बरेली का सफर तय होगा अब केवल 2 घंटे 27 मिनट में।

इंडिगो ने यात्रियों को दिया स्वतंत्रता दिवस का तोहफा, अब केवल 2 घंटे 27 मिनट में तय होगा बेंगलुरु से बरेली का सफर

बरेली (एकलव्य बाण समाचार)। दिल्ली-मुंबई के बाद शनिवार को बरेली-बेंगलुरु की उड़ान सेवा शुरू हो गई। स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन से ठीक पहले इंडिगो ने बरेली-बेंगलुरु की फ्लाइट शुरू कर दी। 2 घंटा 27 मिनट में बेंगलुरु से बरेली एयरबस पहुंची। पहली फ्लाइट में 155 यात्री बेंगलुरु से बरेली आए। सुबह 8.52 पर फ्लाइट बेंगलुरु से बरेली के लिए रवाना हुई। 11:19 बजे एयरबस बरेली पहुंच गई। 1:10 घंटे रुकने के बाद एयरबस ने 125 यात्रियों के साथ बेंगलुरु की उड़ान भरी। 

इंडिगो ने 12 अगस्त को बरेली-मुंबई का हवाई सफर शुरू किया। दो दिन बाद बरेली-बेंगलुरू की उड़ान भी शुरू कर दी। शनिवार को एयरफोर्स के रनवे पर इंडिगो की एयरबस यात्रियों को लेकर पहुंची। यात्रियों को एयरफोर्स के एप्रेन से एयरपोर्ट तक बस के जरिए लाया गया।

केक काटकर स्वागत- पहली फ्लाइट का इंडिगो की टीम ने केक काटकर स्वागत किया। बरेली से बेंगलुरु की फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन, सोमवार, बुधवार और शनिवार को होगी। विदित हो कि 12 अगस्त को बरेली-मुंबई फ्लाइट के उद्घाटन के मौके पर नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बरेली-बेंगलुरु फ्लाइट के लिए भी बरेली वालों को शुभकामनाएं दी थीं।

बरेली-बेंगलुरु की उड़ान ने रुहेलखंड और उत्तराखंड को सीधे दक्षिण भारत से जोड़ दिया। रुहेलखंड के साथ उत्तराखंड के विकास में बरेली-बेंगलुरु की फ्लाइट अहम भूमिका निभाएगी। शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में विकास होगा। युवाओं को रोजगार को नए मौके पर मिलेंगे।

सीधी ट्रेन तक नहीं थी- फ्लाइट तो दूर की बात, दक्षिण भारत के लिए रुहेलखंड और उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल से कोई ट्रेन नहीं थी। दिल्ली और दूसरे शहरों से लोग ट्रेन के जरिए किसी तरह बेंगलुरु पहुंच पाते थे। इसमें 40 से 50 घंटे का समय लगता था। बेंगलुरु और दक्षिण भारत के दूसरे शहरों में डाक्टर-इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट को खासी दिक्कत होती थी। अब यह आसान हो गया। इंडिगो के अधिकारी यात्री के रेस्पांस को देखते हुए फ्लाइट की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।

लेट हुए तो फौजी की छूटी फ्लाइट- बरेली में तैनात बेंगलुरु के फौजी सतीश की फ्लाइट छूट गई। 11:30 बजे के बाद इंडिगो के अधिकारियों ने एंट्री बंद कर दी। सतीश 11:40 बजे एंट्री प्वाइंट पर पहुंच सके।शनिवार दोपहर को 12:30 बजे बरेली से बेंगलुरु की पहली फ्लाइट ने उड़ान भरी। हवाई यात्रा के नियमों के मुताबिक एयरपोर्ट के अंदर कम से कम एक घंटे पहले एंट्री करनी होती है। यात्रियों के दस्तावेज चेक करने के बाद एंट्री दी गई। 11:30 बजे तक यात्रियों की एंट्री कराई गई। सतीश 11:40 बजे पहुंच सके। सिक्योरिटी में तैनात जवानों ने सतीश को रोक दिया। इंडिगो के अधिकारियों से काफी देर तक बात की गई। बावजूद इसके सतीश को बोर्डिंग पास नहीं दिया गया। 

घर जाने के पहले कोरोना जांच- बेंगलुरु से आने वाले प्रत्येक यात्री की कोरोना जांच रिपोर्ट और वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र देखे गए। जिनके दोनों टीके नहीं लगे या कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट नहीं थी उनके सैंपल लिए। उसके बाद घर भेजा गया। हालांकि ज्यादातर यात्रियों के पास जांच रिपोर्ट थी।