अवैध शराब सहित माफिया को चांदपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार

चांदपुर पुलिस ने अवैध शराब सहित माफिया को किया गिरफ्तार, बरामद 2300 लीटर लाहन को पुलिस ने किया नष्ट

बिजनौर (इमरान अंसारी)। चांदपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर खेत में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाकर बेच रहे एक शराब माफिया को मौके से गिरफ्तार किया है। लगभग 50 लीटर अवैध कच्ची शराब, ₹910 नगद के अलावा शराब बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने 2300 लीटर बरामद लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया।

चांदपुर पुलिस को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब मुखबिर की सूचना पर कच्ची शराब बनाकर बेचते हुए एक शराब माफिया को लगभग 50 लीटर शराब तथा मय उपकरण के गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम बसंतपुर के पास खेत में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने के स्थान पर छापा मारा। पुलिस को करीब 40 लीटर कच्ची शराब, एक जरीकेन में 5 लीटर तथा सफेद थैले में प्लास्टिक की पन्नी के पाउच लगभग 5 लीटर व 910 रुपए नकद तथा शराब बनाने के उपकरण बरामद हुए।

उप निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि ग्राम बसंतपुर निवासी हरिओम पुत्र सीताराम को गिरफ्तार किया गया है। मौके से करीब 23 सौ लीटर शराब बनाने में काम आने वाला लाहन भी बरामद हुआ। जिसे नष्ट कर दिया गया। आरोपी को धारा 60 के तहत गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया गया है।

कृषि भूमि पर अवैध कालोनी खड़ी कर रहा है भूमाफिया

कृषि भूमि पर अवैध कालोनी निर्माण की तैयारी में है माफिया। नहटौर में है उक्त करोड़ों की जमीन। एसडीएम से शिकायत के बाद भी हौसले हैं बुलंद।

बिजनौर। धामपुर तहसील क्षेत्र के कस्बा नहटौर में खेती की बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर अवैध रिहायशी कालोनी काटने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी धामपुर के यहां किये जाने के बावजूद कार्य बदस्तूर जारी है।

जानकारी के अनुसार कस्बा नहटौर में धामपुर मार्ग पर मदरसे के पास ग्राम सेठपुर धनेसर व सेठपुर गुलाल में कृषि भूमि के दो बेशकीमती चक हैं। इनकी कीमत करोड़ों रुपए आंकी जा रही है। सरकारी नियमानुसार कृषि योग्य भूमि का उपयोग गैर कानूनी है। इस पर कोई अन्य कार्य नहीं किया जा सकता।

सूत्रों का कहना है कि नहटौर क्षेत्र के एक दबंग भूमाफिया ने उक्त भूमि पर रिहायशी कालोनी के निर्माण का इरादा बनाया है। इसके लिये उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कालोनी बनाने के अवैध कार्य को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। मौके पर ईंट, बजरी, रेत, सीमेंट आदि निर्माण सामग्री एकत्रित है और नींव खोदकर बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है। मजदूरों को उक्त कार्य करते देख आसपास के ग्रामीणों में सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

लोगों का कहना है कि बिना पुलिस-प्रशासन के वरदहस्त के इस अवैध कार्य को अंजाम देना संभव नहीं हो सकता। देखना ये है कि एसडीएम से शिकायत के बाद भूमाफिया के हौसले पस्त होते हैं या फिर वह अपने गुर्गों के बल पर कालोनी बनाने में कामयाब हो जाएगा?

लखनऊ के बराबर भूमि माफिया से कब्जामुक्त कराई

लखनऊ (एजेंसी)। योगी सरकार में भूमाफिया की शामत आई हुई है। प्रदेश भर में जिला स्तर पर भू माफिया तलाश कर सरकारी और निजी अरबों रुपए कीमत की डेढ़ लाख एकड़ से ज्यादा भूमि खाली कराई जा चुकी है। सीएम योगी के निर्देश के बाद भूमाफिया के खिलाफ कार्यवाही में तेजी आई है। मुख्यमंत्री ने भूमाफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश में चार स्तरीय एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन कर कार्यवाही शुरू की गई थी।

पिछले सवा चार साल में राजस्व और पुलिस विभाग ने भूमाफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार 15 अगस्त तक करीब 62423.89 हेक्टेयर यानि 1,54,249 एकड़ से अधिक भूमि को मुक्त कराया गया है। साथ ही राजस्व विभाग ने 2464 अतिक्रमणकारियों को चिह्नित करते हुए 187 भूमाफियाओं को जेल भेजा है और 22,992 राजस्व वाद, 857 सिविल वाद दर्ज करते हुए 4407 एफआईआर कराई गई। जिले स्तर पर राजस्व विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया।

गणित विशेषज्ञ महेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि 62,423.89 हेक्टेयर भूमि करीब 1,54,249 एकड़ और करीब 624 स्क्वायर किमी होता है। ऐसे में अगर देखा जाए, तो लखनऊ शहर भी 30 किमी लंबा और 20.8 किमी चौड़ा है और यह लगभग लखनऊ शहर के बराबर है।

41 भूमाफिया की संपत्ति कुर्क, 170 आरोपियों पर गैंगस्टर

पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई तक प्रदेश में 41 भूमाफिया की संपत्ति कुर्क की गई। दो पर रासुका, 170 आरोपियों पर गैंगस्टर और 399 आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है और 28 शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा 102 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई।

कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी की सहयोगी लेडी डॉन अनुराधा भी दिल्ली पुलिस के कब्जे में

24 घंटे से भी कम समय में दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, काला जठेड़ी की सहयोगी इनामी लेडी डॉन अनुराधा भी गिरफ्तार, हत्या और अपहरण के मामलों में थी वॉन्टेड

दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी, काला जठेड़ी की सहयोगी लेडी डॉन अनुराधा गिरफ्तार, हत्या और अपहरण के मामलों में थी वॉन्टेड

नई दिल्ली (एकलव्य बाण गिरफ्तार)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बीते 24 घंटे से भी कम समय में दूसरी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी की सहयोगी लेडी डॉन अनुराधा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। रुपए 10 हजार की इनामी अनुराधा के खिलाफ राजस्थान में हत्या, अपहरण आदि मामले दर्ज हैं।

पुलिस फिलहाल अनुराधा से पूछताछ कर उसके गुनाहों का पूरा काला चिट्ठा खोलने की कोशिश कर रही है। पुलिस के अनुसार अनुराधा गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की सहयोगी थी, जो 2017 में राजस्थान के चुरू जिले में एक पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। स्पेशल सेल के काउंटर इंटेलिजेंस के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मनीष चंद्रा ने बताया कि स्पेशल सेल ने शुक्रवार को सात लाख रुपए के इनामी वॉन्टेड गैंगस्टर काला जठेड़ी को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। वह दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कई मामलों में वॉन्टेड था। इससे पहले इसी साल मई में दिल्ली पुलिस ने काला जठेड़ी गिरोह के एक सदस्य रोहतक निवासी मोहित गिल (24) को गिरफ्तार किया था।

दिल्ली पुलिस ने जठेड़ी के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) भी लगाया था। पुलिस के अनुसार, छत्रसाल स्टेडियम में हुए विवाद में उसके रिश्तेदार सोनू महाल के घायल होने पर गैंगस्टर का नाम सामने आया था, जिसमें दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार पहलवान को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पहलवान के साथ जठेड़ी के कथित संबंधों की भी जांच कर रही है।

मोदीनगर में अतिक्रमण कर प्लाटिंग का कार्य जोरों पर

प्रतीकात्मक तस्वीर

भू- स्वामियों व भू माफियाओं द्वारा कादराबाद की भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर प्लाटिंग काटने का कार्य जोरों पर

मोदी नगर । मेरठ से गाजियाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ग्राम कादराबाद परगना जलालाबाद तहसील मोदी नगर जनपद गाजियाबाद पर गोल्डन पैलेस वैंकट हाल के निकट खसरा संख्या 612 मि, क्षेत्रफल है0 , क्रमशः 1,4130 – 0,02366- 0, 0180 जो कि धर्मवीर/ दीन दयाल, अजय कुमार/ शौदान व राजवीर निवासी कादराबाद तहसील मोदी नगर जनपद गाजियाबाद की मोदी नगर तहसील रिकार्ड में श्रेणी: 1-क में भू- स्वामियों के नाम दर्ज है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

आरोप है कि भू- स्वामियों ने भू- माफियाओं से सांठ- गांठ कर ली है और अपने दम पर अवैध एवं अनाधिकृत तरीके से बिना मानचित्र स्वीकृत कराये प्लाटिंग कर रहे हैं। जब कि अभी तक भू- स्वामी द्वारा उक्त भूमि का भू- परिवर्तन उपयोग नहीं करवाया गया है। भू- स्वामियों द्वारा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण गाजियाबाद विकास क्षेत्र मोदी नगर के मास्टर प्लान 2021के नियमानुसार ग्रीन बैल्ट भूमि में आती है, ग्रीन बैल्ट भूमि पर भी हरित पट्टी के बजाय उस पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया है। भू- स्वामियों द्वारा ग्रीन बैल्ट भूमि के नियमों का पालन नहीं किया गया है, जिससे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण गाजियाबाद को भू- परिवर्तन उपयोग शुल्क, विकास शुल्क, ग्रीन बैल्ट भूमि उपयोग शुल्क की राजस्व क्षति पहुँचाने का अपराध किया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण गाजियाबाद विकास क्षेत्र मोदी नगर जोन- 2 के अधिकारी द्वारा उक्त भूमि पर स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया था । फिर भी भू- स्वामी व भू- माफिया आखिरकार किसके दम पर उक्त अवैध रूप से अतिक्रमण व प्लाटिंग कर रहे हैं, जिससे उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम- 1973 का धड़ले से उल्लंघन हो रहा है?

कुख्यातों को धराशाई कर रही UP पुलिस

उत्तर प्रदेश में अपराधियों के विरूद्ध जीरो टाॅलरेंस
की नीति के शानदार नतीजे

वर्तमान सरकार के कार्यकाल में गैंगेस्टर एक्ट में 15 अरब 74 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध सम्पत्तियों के जब्तीकरण की हुई कार्यवाही।

अवैध सम्पत्ति जब्तीकरण की रिकार्ड कार्यवाही बीते डेढ़ साल में हुई

गैंगेस्टर एक्ट में दर्ज हुए 13 हजार 7 सौ से अधिक अभियोग।

43 हजार से अधिक अभियुक्तों की गैंगेस्टर एक्ट में हो चुकी है गिरफ्तारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन पर प्रदेश में अपराधियों के विरूद्ध जीरो टाॅलरेंस की नीति के शानदार नतीजे सामने आये हैं। पुलिस द्वारा प्रदेश में कुख्यात अपराधियों, विभिन्न प्रकार के माफियाओं व उनके गिरोह के अन्य सहयोगियों आदि के विरूद्ध अभियान चलाकर कठोर कार्यवाही की गयी है।

परिणाम स्वरूप वर्तमान सरकार के चार वर्ष से अधिक के कार्यकाल में गैंगेस्टर अधिनियम के तहत कुल 15 अरब 74 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध सम्पत्तियों के जब्तीकरण की कार्यवाही की गयी है। उपरोक्त में से सर्वाधिक कार्यवाही जनवरी 2020 से अब तक की गयी है, जिसके तहत उक्त अवधि में रिकार्ड कुल 13 अरब, 22 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध सम्पत्ति गैगेंस्टर अधिनियम के तहत जब्त की गयी है।

अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने उक्त जानकारी देते हुये बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 13 हजार 7 सौ से अधिक अभियोग गैंगेस्टर अधिनियम के तहत दर्ज किये जा चुके हैं, जिनमें 43 हजार से अधिक अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है। उन्होंने बताया कि अब तक गैंगेस्टर अधिनियम की धारा-14(1) के तहत 1431 प्रकरणों में 15 अरब, 74 करोड़, 5 लाख रुपए से अधिक की चल अचल अवैध सम्पत्तियोें पर शिंकजा कसते हुए सरकारी जमीन अवमुक्त कराने, अवैध कब्जे के ध्वस्तीकरण एवं अवैध सम्पत्ति के जब्तीकरण की कार्यवाही की जा चुकी है।

उल्लेखनीय है कि गैगेंस्टर अधिनियम में सर्वाधिक कार्यवाही वाराणसी जोन में की गयी है, जहां पर कुल 420 प्रकरणों में 2 अरब, 2 करोड़, 29 लाख रुपए से अधिक, गोरखपुर जोन में 208 प्रकरणों में 2 अरब, 64 करोड़, 85 लाख रुपए से अधिक तथा बरेली जोन में 1 अरब, 84 करोड़, 82 लाख रुपए से अधिक की सम्पत्ति के जब्तीकरण की कार्यवाही की गयी।

श्री अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध का सफाया किया गया है तथा विगत 20 मार्च 2017 से 20 जून 2021 तक की अवधि में कुल 139 अपराधी गिरफ्तारी के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में मारे गये हैं तथा 3196 घायल हुए हैं। इन कार्यवाहियों में पुलिस बल के 13 जवान अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन करते हुए वीर गति को प्राप्त हुए तथा 1122 पुलिस कर्मी घायल भी हुए हैं।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि जनमानस में सुरक्षा की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने तथा अपराधियों के अन्दर कानून के भय का माहौल पैदा करने के लिए विशेष प्रयास किये गये हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के 25 कुख्यात माफिया अपराधियों को चिन्हित कर उनके तथा गैंग के अपराधियों व उनके सहयोगियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की गयी है।

एबीपी गंगा के पत्रकार की संदिग्ध हालत में मौत, दो दिन पहले जताई थी हत्या की आशंका

एबीपी गंगा के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की फाइल फोटो

एबीपी गंगा के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की प्रतापगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. उन्होंने दो दिन पहले ही अपनी हत्या की आशंका जताई थी.

लखनऊ. प्रतापगढ़ में एबीपी गंगा के संवाददाता सुलभ श्रीवास्तव की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है. दो दिन पहले ही उन्होंने अपनी हत्या की आशंका जताई थी. उन्होंने प्रयागराज जोन के एडीजी को पत्र लिखकर शराब माफियाओं के हाथों हत्या का अंदेशा जताया था. उन्होंने पत्र लिखकर कहा था कि शराब माफियाओं से उनकी जान को खतरा है. सुलभ की मौत की वजह सड़क हादसा बताया जा रहा है.

शरीर पर चोट के कई निशान
कटरा इलाके में उनकी बाइक के साथ हादसा हुआ है. बारिश की वजह से सड़क पर फिसलन थी. जिस वजह से बाइक पलटने की आशंका जताई जा रही है. सुलभ के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं. ये हादसा उस वक्त हुआ जब सुलभ क्राइम ब्रांच द्वारा अपराधियों को पकड़े जाने की खबर की कवरेज कर घर लौट रहे थे. गंभीर रूप से घायल हुए सुलभ को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. हादसा बीती रात करीब साढ़े 9 बजे हुए.

संजय सिंह ने साधा निशाना
उधर, पत्रकार की मौत को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने निशाना साधा है. संजय सिंह ने इसे हत्या करार दिया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, “शराब माफियाओं के खिलाफ खबर चलाने के कारण यूपी में एक पत्रकार की हत्त्या हो जाती है जबकि एक दिन पहले सुलभ जी ने एडीजी को पत्र लिखकर हत्त्या की आशंका जताई थी लेकिन सब सोते रहे.”

शराब माफियाओं का प्रदेश में मौत का तांडव: प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी पत्रकार की मौत को लेकर योगी सरकार पर हमला करने से नहीं चूकीं. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या जंगलराज को पालने-पोषने वाली यूपी सरकार के पास पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव जी के परिजनों के आंसुओं का कोई जवाब है?

बाहुबली शहाबुद्दीन की कोरोना से मौत की खबर तिहाड़ जेल प्रशासन ने नकारी!

नई दिल्ली। बिहार के सिवान से सांसद रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन की कोरोना वायरस के चलते मौत की खबर को तिहाड़ जेल प्रशासन ने अफवाह करार दिया है। सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर जेल प्रशासन ने कहा कि पूर्व सांसद की हालत गंभीर है, उनका इलाज दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में चल रहा है। शनिवार सुबह से ही बिहार के बाहुबली नेता की कोरोना के कारण मौत की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही थीं। वहीं समाचार एजेंसी ANI ने अपने पूर्व के ट्वीट को डिलीट करते हुए कहा कि सूचनाएं पारिवारिक व पार्टी सूत्रों पर आधारित थीं। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में अभी भी मौत का दावा किया जा रहा है।

Bahubali Shahabuddin appeals for release on parole on father's death –  Granthshala News

दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे शहाबुद्दीन का दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना से संक्रमित होने के बाद मोहम्मद शहाबुद्दीन को चिकित्सीय निगरानी और समुचित इलाज मुहैया कराने के लिए दिल्ली सरकार और तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश दिया था। पिछले मंगलवार की रात उन्हें कोरोना पॉजिटिव होने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

दो बार विधानसभा सदस्य और चार बार सांसद रह चुके शहाबुद्दीन के खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। तिहाड़ जेल में शिफ्ट किए जाने से पहले उसने बिहार की भागलपुर जेल और सीवान जेल में भी काफी वक्त काटा है। साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने उसे सीवान से दिल्ली की तिहाड़ जेल ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।

शहाबुद्दीन का नाम सबसे अधिक सुर्खियों में सबसे अधिक तब आया था, जब उसने दो भाइयों को तेजाब से नहला कर जिंदा जला दिया था। वैसे, इससे पहले लेफ्ट और बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ खूनी मारपीट के चलते वह चर्चा में आया था। यह बात अस्सी के दशक के आसपास की है। आलम यह था कि उसका नाम ही शाबू-AK 47 पड़ गया था। 1986 में जिस हुसैनगंज थाने में इसके खिलाफ पहला केस हुआ था, वहीं यह ए कैटेगरी का हिस्ट्रीशीटर (कभी न सुधरने वाला अपराधी) था।

15 फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बिहार की सीवान जेल से तिहाड़ लाने का आदेश दिया था। जेल के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि तिहाड़ में तीन ऐसे कैदी (शहाबुद्दीन, छोटा राजन और नीरज बवाना) हैं जिनको अलग-अलग बैरकों में अकेला रखा गया है। इनका किसी से भी मिलना-जुलना नहीं होता है। पिछले 20-25 दिनों से इनके परिजनों को भी इन कैदियों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इन सबके बावजूद शहाबुद्दीन कैसे कोरोना संक्रमित हो गया, ये चिंता करने की बात है।

बिजनौर की धरती बंजर करने पर उतारू खनन माफिया!

इस तरह तो खोखली हो जाएगी सोना उगलने वाली जनपद की जमीन। सत्ता, प्रशासन और माफिया के गठजोड़ से हो रहा अवैध खनन! ये तिकड़ी बिजनौर को कर देगी बर्बाद!

बिजनौर। सत्ता, प्रशासन और माफिया का गठजोड़ जनपद की धरती को खोखला करने पर उतारू है। मिट्टी, रेत, बालू, पत्थर आदि के अवैध खनन रोकने के योगी सरकार के दावों के बीच बिजनौर की सोना उगलने वाली धरती को बंजर बनाने का षडयंत्र चल रहा है। शिकायत करने के बावजूद प्रशानिक अफसरों की इस संबंध में हीलाहवाली साबित कर रही है कि मात्र दाल में कुछ काला नहीं है, बल्कि पूरी की पूरी दाल ही काली है। शिकायत के बाद खनन की सरपट दौड़ती गाड़ी पर कुछ समय का ब्रेक और फिर बेतहाशा रफ्तार की वजह से यह मानने का कोई कारण नहीं है कि संलिप्तता बड़े अधिकारियों तक की है।

वैसे तो जनपद में कई स्थानों पर अवैध खनन जोरशोर से चल रहा है, लेकिन यह मामला चांदपुर तहसील के ग्राम करनपुर गांवड़ी व तोहफापुर का है। यहां खेतों में पिछले सप्ताह भर से लगातार जेसीबी, डम्फर के द्वारा अवैध खनन किया जा रहा है। कोई कार्यवाही न किए जाने से तहसील प्रशासन की संलिप्तता उजागर हो रही है। प्रदेश सरकार लाख प्रयास करे, लेकिन प्रशानिक अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं, इसका जीता जागता उदाहरण अवैध खनन पर कार्यवाही न किए जाने से प्रदर्शित हो रहा है। दरअसल मामला चांदपुर तहसील व हल्दौर थाना क्षेत्र से सम्बन्धित है, जहां पर एक सप्ताह से लगातार अवैध खनन किया जा रहा है। लाख शिकायतों के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। हमारे संवाददाता द्वारा बुधवार रात्रि 8:00 बजे उपजिलाधकारी चांदपुर को इस अवैध खनन के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के बाद शुक्रवार प्रात: काल 8:00 बजे तक कोई कार्यवाही न होने से साबित हो रहा है कि खनन माफिया के हौसले कितने बुलंद हैं। 

खनन माफिया को किसकी सरपरस्ती हासिल? विश्वस्त सूत्रों के अनुसार उक्त खनन माफिया के सिर पर सत्तारूढ़ पार्टी के एक दिग्गज का हाथ बताया जा रहा है। अक्सर इस खनन माफिया को उनके इर्दगिर्द देखा जा सकता है। सूत्रों का दावा है कि यह माफिया उनकी व स्थानीय अधिकारियों की अनैतिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने में कभी भी पीछे नहीं हटता। यही कारण है कि छोटे से लेकर बड़े तक स्थानीय अधिकारियों की कृपा का पात्र बन सरकार व पर्यावरण को गहरी चोट पहुंचा रहा है और जनपद का प्रशानिक अमला कुंभकर्णी नींद सो रहा है। माफिया दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है।

दो दिन रुका और फिर शुरू अवैध खनन: कोई कार्रवाई न होते देख अवैध खनन करने वाले माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। शिकायत पर मात्र दिखाने भर को दो दिन से बंद खनन पुन: शुरू हो गया है। जब इस संबंध में उपजिलाधिकारी चांदपुर से बात की गई तो जवाब के बजाय उन्होंने पूछा कि क्या खनन अभी भी चल रहा है! 

26 महीने बाद आखिर, अंसारी फिर UP की गिरफ्त में

लखनऊ। पंजाब की रोपड़ जेल में बंद उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की आज 26 महीने बाद मुख्तार की उत्तर प्रदेश में वापसी हो रही है। टीम रोपड़ से 2:20 मिनट पर रवाना हुई, जो करीब 882 किमी का रास्ता तय कर के अंसारी को बांदा लेकर पहुंचेगी। पुलिस के काफिले में करीब 10 गाड़ियां हैं। इनमें से आधी एंबुलेंस के आगे तो आधी पीछे चल रही हैं। इन गाड़ियों में कुल 150 पुलिसकर्मी हैं।

हैंडओवर करने से पहले कोरोना टेस्ट
जेल के बाहर सख्त बैरिकेडिंग की गई थी। मुख्तार को हैंडओवर करने से पहले उसका कोरोना टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू की गई। मुख्तार की पत्नी अफशां अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर अपने पति का हाल विकास दुबे जैसा होने की आशंका जताई है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने और केंद्रीय बल लगाने की मांग की है।

पत्नी को डर, बदले की कार्रवाई हो सकती है
अफशां ने अपनी याचिका में कहा कि माफिया डॉन बृजेश सिंह बेहद प्रभावशाली है। वह मुख्तार अंसारी को मारने की साजिश रच रहा है। उनका कहना है कि मुख्तार के खिलाफ चल रहे मामलों को फेयर तरीके से चलाया जाना चाहिए। अगर राजनीतिक बदले में कोई कार्रवाई की जाती है तो वह सही नहीं होगा। अफशां ने इस सिलसिले में राष्ट्रपति को भी पत्र लिखा था।

सुरक्षा कारणों से नहीं बताया रूट
UP पुलिस ने यह खुलासा नहीं किया कि वह किस रूट से मुख्तार को लाएगी। उसका कहना है कि ऐसा सुरक्षा कारणों से किया गया है। 26 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को UP की जेल वापस भेजने का आदेश दिया था।

आधुनिक असलहों के साथ पंजाब पहुंची UP पुलिस

मुख्तार अंसारी

ADG प्रयागराज जोन प्रेम प्रकाश को मुख्तार अंसारी को पंजाब से बांदा जेल लाने की जिम्मेदारी दी गई। अंसारी को सड़क के रास्ते ही बांदा जेल शिफ्ट किया जा रहा है। सोमवार को बांदा पुलिस लाइन से चित्रकूट धाम मंडल के करीब 100 जवानों को पंजाब रवाना किया गया था। 20 से अधिक पुलिस की गाड़ियों के काफिले में वज्र वाहन और एम्बुलेंस भी शामिल हैं। टीम में एक सीओ, दो इंस्पेक्टर, छह सब इंस्पेक्टर, 20 हेड कॉन्स्टेबल, 30 कॉन्स्टेबल और PAC की एक कंपनी है। पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट और अन्य हाइटेक सुविधाओं से लैस हैं। एम्बुलेंस में वरिष्ठ डॉक्टर एसडी त्रिपाठी के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद है। टीम मंगलवार सुबह 4 बजे रोपड़ की रूपनगर पुलिस लाइन पहुंची थी।

मुख्तार के बड़े भाई ने जेल में षडयंत्र की आशंका जताई
मुख्तार के बड़े भाई और गाजीपुर से बसपा सांसद अफजाल अंसारी ने आशंका जताई है कि उत्तर प्रदेश की जेल में रखे जाने पर मुख्तार अंसारी के साथ कोई षडयंत्र रचा जा सकता है। अफजाल अंसारी ने इसके खिलाफ कोर्ट जाने के संकेत दिए हैं। कहा कि जब राज्य सरकार द्वारा ही सुरक्षा पर संकट पैदा किया जा रहा है तो न्यायपालिका की शरण में जाने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचता है।

मुख्तार अंसारी का क्राइम रिकॉर्ड
ADG कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि मुख्तार अंसारी पर उत्तर प्रदेश भर में 52 केस दर्ज हैं। 15 विचाराधीन केस में मुख्तार को जल्द सजा दिलाए जाने का प्रयास जारी है। मुख्तार अंसारी के बिहार के सहाबुद्दीन गैंग से भी संपर्क में हैं। अंसारी और उसके गैंग की 192 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों के जब्तीकरण और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मुख्तार गैंग की अवैध और बेनामी संपत्तियों का चिन्हीकरण लगातार जारी है। मुख्तार गैंग के अब तक 96 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 75 गुर्गों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई यूपी पुलिस ने की है। मुख्तार गैंग के 72 सहयोगियों के शस्त्र लाइसेंसों का निरस्तीकरण किया गया। मुख्तार गैंग से जुड़े 7 ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की गई। फर्जी एंबुलेंस मामले में मुख्तार पर बाराबंकी में भी मुकदमा दर्ज हुआ है।

मुख्तार अंसारी को क्यों लाया गया था पंजाब?
8 जनवरी 2019 को मोहाली के एक बड़े बिल्डर की शिकायत पर वहां की पुलिस ने अंसारी के खिलाफ 10 करोड़ की फिरौती मांगने का केस दर्ज किया था। 12 जनवरी को प्रोडक्शन वारंट हासिल करने के लिए पुलिस कोर्ट पहुंची। 21 जनवरी 2019 को मोहाली पुलिस मुख्तार अंसारी को प्रोडक्शन वारंट पर उत्तर प्रदेश से मोहाली ले आई। 22 जनवरी को कोर्ट ने उसे एक दिन की रिमांड पर भेज दिया। 24 जनवरी को उसे न्यायिक हिरासत में रोपड़ जेल भेज दिया गया।

8 बार लौटी UP पुलिस
2 साल में उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम 8 बार अंसारी को लेने पंजाब गई, लेकिन हर बार सेहत, सुरक्षा और कोरोना का कारण बताकर पंजाब पुलिस ने सौंपने से इंकार कर दिया। पंजाब पुलिस डॉक्टर की सलाह का हवाला देती रही कि अंसारी को डिप्रेशन, शुगर, रीढ़ की बीमारियां हैं। ऐसे में उसे कहीं और शिफ्ट करना ठीक नहीं है। कानपुर में बिकरु कांड के आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद अंसारी ने जान का खतरा बताया था, उसने पत्र लिखकर आशंका जताई थी कि जैसे दुबे की जीप पलट गई और जान चली गई, ऐसे ही मेरी भी जा सकती है।

रोपड़ से मुख्तार अंसारी को लेकर निकलने वाली है UP पुलिस

इन्हीं वाहनों में पंजाब के लिए रवाना हुई पुलिस

डेढ़ सौ पुलिस कर्मियों में एक डिप्टी एसपी, दो इंस्पेक्टर और छह दरोगा

10 वाहनों में भेजी गई है पुलिस टीम, पीएसी की बटालियन भी शामिल

लखनऊ। मऊ से बाहुबली विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को बांदा जेल लाने के लिए पुलिस टीम पंजाब के रोपड़ में मौजूद है।डेढ़ सौ पुलिस कर्मियों की टीम में एक डिप्टी एसपी, दो इंस्पेक्टर और छह दरोगा के अलावा एक कंपनी पीएसी शामिल हैं। आईजी के सत्यनारायणा ने सोमवार को पुलिस टीम को पंजाब के लिए रवाना किया था। 10 वाहनों में एक एंबुलेंस भी शामिल है। टीम के बुधवार सुबह तक बांदा पहुंचने की संभावना है।

वज्र वाहन को चेक करते पुलिस कर्मी

आईजी के. सत्यनारायणा ने बताया था कि पंजाब के रोपड़ जेल से अंसारी को बांदा लाने के लिए एक पुलिस टीम बनाई जाएगी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही पुलिस टीम को पंजाब रवाना किया जाएगा। आईजी की निगरानी में गठित पुलिस टीम में एक डिप्टी एसपी, दो इंस्पेक्टर, 6 दरोगा, 40 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल व बाकी अन्य जवान शामिल हैं। आईजी ने पुलिस टीम को वज्र वाहन समेत दर्जन भर गाड़ियों के साथ पंजाब के लिए रवाना किया। पंजाब के रोपड़ में पुलिस टीम को पुलिस लाइन में ठहराया गया। कागजी औपचारिताएं पूरी कराने के बाद पुलिस टीम गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बांदा जेल लाएगी। मुख्तार अंसारी के वापसी के रूट को लेकर गोपनीयता बरती जा रही है। रास्ते मे पड़ने वाले सभी जिलों को अलर्ट किया गया है। रोपड़ की रूपनगर जेल में बंद मुख्तार अंसारी को 8 अप्रैल से पहले पंजाब पुलिस को यूपी पुलिस के हवाले करना है। इस बीच मंगलवार सुबह यूपी लाने से पहले मुख्तार का कोरोना टेस्ट कराया गया है। अभी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

यह एंबुलेंस भी वाहनों की फ्लीट में हैं शामिल

मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में शिफ्ट किए जाने को लेकर पिछले एक सप्ताह से माथापच्ची की जा रही थी। कारागार डीआईजी ने मंडल कारागार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इसके साथ ही रविवार को आईजी के. सत्यनारायणा, जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा और सीएमओ ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कारागार की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए थे। सीसीटीवी कैमरों के साथ ही पीएसी और पुलिस का भी सख्त पहरा रहेगा। 

मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो)
मुख्तार अंसारी का फाइल फोटो

मुख्तार के खिलाफ UP में दर्ज हैं 52 मुकदमे- यूपी नंबर प्लेट की एंबुलेंस में मुख्तार अंसारी को पंजाब के मोहाली कोर्ट तक लाए जाने के मामले में भी यूपी के बाराबंकी में मुख्तार के खिलाफ केस दर्ज हुआ है और यूपी के मऊ से पहली गिरफ्तारी भी हो गई है। उत्तर प्रदेश में मुख्तार पर अब तक 52 मुकदमे दर्ज हैं, अंसारी गैंग के 96 सदस्य गिरफ्तार हुए हैं और उसकी 192 करोड़ की ज्यादा की संपत्तियों को जब्त करने और गिराने की कार्रवाई भी हुई है।

मुख्तार के भाई अफजाल जाएंगे कोर्ट- मुख्तार के भाई और गाजीपुर के बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की जेल में मुख्तार के खिलाफ साजिश रची जा सकती है। अफजाल अंसारी ने मुख्तार की सुरक्षा के लिए कोर्ट जाने की बात भी कही है।

मुख्तार अंसारी केस: लावारिस हालत में मिली एंबुलेंस

लखनऊ। बीते दो साल से पंजाब की रोपड़ जेल में बंद बसपा के विधायक मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश लाने के लिए बांदा पुलिस रवाना हो गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश नंबर की वह एंबुलेंस जिसमें पंजाब पुलिस ने मुख्तार अंसारी को मोहाली की अदालत में पेश किया था, वह रविवार रात रूपनगर जिले में रोपड़ जेल से 15 किमी दूर चंडीगढ़-नांगल हाइवे पर एक सड़क के किनारे ढाबे के पास लावारिस हालत में मिली है। इस एंबुलेंस पर फर्जी दस्तावेज के मामले में बाराबंकी में FIR भी दर्ज है। पुलिस इस केस में मुख्तार को साजिशकर्ता बनाने में जुट गई है।

कहा जा रहा है कि UP पुलिस के आने से पहले ही अंसारी के गुर्गे उस एंबुलेंस को खुर्द-बुर्द करने में लग गए। शायद पुलिस के आने की सूचना अपराधियों को मिल गई होगी, इसलिए वे ढाबे पर ही उसे लावारिस हालत में छोड़कर भाग गए। बाराबंकी के SP यमुना प्रसाद ने कहा कि एंबुलेंस ढाबे तक कैसे पहुंची, इसलिए जांच चल रही है।

SP यमुना प्रसाद ने बताया कि CO हैदरगढ़ के नेतृत्व में पुलिस की जो टीम पंजाब गई थी, उसे फर्जी कागजात के आधार पर रजिस्टर्ड एंबुलेंस की जांच करके अपने कब्जे में लेना था। उसे जानकारी मिली की एक एंबुलेंस लावारिस हालत में खड़ी है। जानकारी मिलते ही उसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जांच में अगर वो एंबुलेंस वही निकलती है, जिसे मुख्तार अंसारी के द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है तो उसे कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू की जाएगी।

120B का आरोपी बनेगा मुख्तार

बाराबंकी पुलिस गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के आपराधिक इतिहास को खंगालेगी। एम्बुलेंस मामले में दर्ज केस में 120B का अभी अभियुक्त मुख्तार को बनाया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने डॉक्टर अल्का राय के बयान को आधार बनाएगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर अल्का राय से पूछताछ में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हें। पूछताछ के आधार पर कई और लोगों के नाम इस केस में जोड़ने की तैयारी चल रही है।

जांच में फर्जी मिले थे एंबुलेंस के दस्तावेज

दरअसल, बीते बुधवार को मुख्तार अंसारी को एक यूपी के बाराबंकी नंबर (UP 41 AT 7171) की एंबुलेंस से मोहाली कोर्ट में पेश किया गया था। बाराबंकी परिवहन विभाग व स्वास्थ्य विभाग द्वारा दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इसमें पाया गया कि परिवहन विभाग में मऊ स्थित श्याम संजीवनी हॉस्पिटल का लेटर और डॉक्टर अलका राय का वोटर कार्ड लगाया गया था। लेकिन, रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट व मकान का पता फर्जी पाया गया। एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन डॉक्टर अलका राय के नाम दर्ज है, इसलिए बाराबंकी के ARTO ने उनके खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया।

यह केस नगर कोतवाली में IPC की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 की धाराओं में दर्ज हुआ है। पुलिस की एक टीम ने मऊ में करीब साढ़े तीन घंटे डा. अलका राय से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक डा. अल्का राय की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

मन्नान के मर्डर की फिराक में आए 6 बदमाशों को दबोचा!

शाहनवाज गैंग के छह बदमाश पुलिस ने जजी के बाहर से दबोचे किरतपुर चेयरमैन मन्नान की हत्या का था प्लान!  

बिजनौर। पुलिस ने बुधवार को जजी के बाहर से शाहनवाज गैंग के छह बदमाशों को दबोच लिया। उनके कब्जे से हथियार भी बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि गोकशी व गैंगस्टर के मामले में बुधवार को किरतपुर के नगर पालिका चेयरमैन अब्दुल मन्नान कोर्ट में पेश होने आए थे। पकड़े गए बदमाश मन्नान की हत्या के इरादे से कोर्ट के बाहर पहुंचे थे। वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाश कार में सवार होकर आए थे, हालांकि इससे पहले ही उन्हें दबोच लिया गया। पकड़े गए बदमाशों से पुलिस पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि मन्नान के भांजे ने शूटरों के साथ शाहनवाज की सीजेएम कोर्ट में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। वहीं गोकशी के मामले में अब्दुल मन्नान ने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है। स्टे की अवधि खत्म होने पर अब्दुल मन्नान कोर्ट में पेश होने आए थे।

आम्रपाली बिल्डर्स से मुक्त कराई चारागाह की जमीन

तहसील प्रशासन ने पैमाइश कर सुरक्षित की अवैध कब्जा की जा रही चारागाह की जमीन


लखनऊ। मलिहाबाद तहसील प्रशासन टीम ने कनार पंचायत में आम्रपाली बिल्डर्स के द्वारा कब्जा की जा रही चारागाह की जमीन की पैमाइश कर उस पर बोर्ड लगा कर उसे सुरक्षित किया ।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारी प्रणता ऐश्वर्या ने बताया कि चारागाह की जमीन पर आम्रपाली बिल्डर्स द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा था। सूचना मिलने पर मौके पर जाकर चारागाह की जमीन की पैमाइश की गई तथा बोर्ड लगाकर उसे सुरक्षित किया।

जानकारी के मुताबिक चारागाह की जमीन खसरा संख्या 63 व 1 पर अवैध कब्जा किया जा रहा था। यह सूचना तहसील प्रशासन को दी गई थी।तहसीलदार शंभू शरण ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जमीन पर से कब्जा मुक्त कराते हुए उसे सुरक्षित किया। आपको बताते चलें कि लखनऊ हरदोई रोड से सटी हुई इस जमीन की कीमत करोड़ों में होने के कारण भू माफियाओं की नजर इस जमीन को हथियाने में लगी हुई है ।

बिहार: 9 ट्रकों में पकड़ी गई 5 करोड़ की अवैध शराब

9 ट्रकों में पकड़ी गई 5 करोड़ की अवैध शराब पेटियां गिनते-गिनते अफसरों को छूटा पसीना
पटना। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद प्रशासन की नाक के नीचे अवैध रूप से शराब की तस्करी हो रही है। यह खुलासा तब हुआ, जब उत्पाद विभाग ने पटना में अब तक की सबसे बड़ी शराब की खेप पकड़ी।  उत्पाद विभाग ने 9 ट्रकों में लदी शराब की 5 हजार पेटियां बरामद की हैं, जिनकी कीमत 5 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में लापरवाही के आरोप में पटना सिटी बाईपास थाने के प्रभारी और चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है।

उत्पाद विभाग के आयुक्त कृष्णा पासवान ने बताया कि आज से पहले अवैध शराब की इतनी बड़ी कंसाइनमेंट कभी नहीं पकड़ी गई थी। 9 ट्रक के करीब शराब पकड़ी गई है, जिसमें पांच हजार पेटियां हैं। जब्त शराब की पेटियों को उत्पाद विभाग के गोदाम तक ले जाने में 24 घंटे का समय लगा, जिसके बाद इसे सील कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शराब तस्करी के मामले में जमीन मालिक को भी गिरफ्तार किया है। उसकी जमीन पर गोदाम बना था और वहीं शराब रखी जा रही थी। उसके घर से 4 लाख रुपये कैश और शराब की दो बोतलें भी बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक अवैध शराब की तस्करी करने वाला मुख्य आरोपी दूसरे राज्य का है। यही वजह है कि गोदाम में मजदूर भी दूसरे राज्य के ही काम करते थे ताकि किसी को कानों कान खबर तक ना हो।

वहीं इस मामले में पकड़े गए जमीन मालिक के परिजनों ने गलत फंसाने का आरोप लगाया है। उसके परिजनों ने किराएदारों के साथ हुए एग्रीमेंट को दिखाते हुए कहा कि जिस जगह से शराब पकड़ी गई है वो रामेंद्र शर्मा नाम के शख्स ने किराए पर ली थी जो उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला है। जमीन मालिक के परिजनों के मुताबिक गोदाम बनाने के लिए 9800 वर्ग फीट की जगह को हर महीने 1 लाख 47 हजार रुपए किराए पर दिया गया था। मकान मालिक के परिजनों ने बताया कि रामेंद्र शर्मा के घर का स्थायी पता उनके पास नहीं है।

योगी बाबा के राज में हो रहा जमीन पर कब्जा!

भूमाफिया के सामने लाचार चांदपुर पालिका प्रशासन

योगी बाबा के राज में हो रहा जमीन पर कब्जा! भूमाफिया के सामने लाचार चांदपुर पालिका प्रशासन

UP में एंटी भू माफिया पोर्टल का शुभारम्भ राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने पिछले साल के अंतिम माह में किया था। इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उत्तर प्रदेश के किसान और नागरिक अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

लखनऊ। जिला बिजनौर की नगर पालिका परिषद चांदपुर क्षेत्र में कर्मचारियों, अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीन पर खुलेआम कब्जा कर अवैध निर्माण कराया जा रहा है। सभासदों व जागरुक नागरिकों की शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होना साबित करता है कि भूमाफिया के हौसले बेहद बुलंद हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। बड़े से बड़े दिग्गजों के अवैध निर्माण गिराए जा रहे हैं, या जब्त करने की कार्रवाई हो रही है। इसके बावजूद मंडल मुरादाबाद के अंतर्गत जिला बिजनौर की तहसील चांदपुर में भूमाफिया सक्रिय हैं। जानकारी के अनुसार मुहल्ला काजीजागदान में नगर के गन्दे पानी की निकासी के लिए मुख्य नाला निकला हुआ है। इसकी पटरी पर भूमाफिया द्वारा अवैध तरीके से कब्जा कर दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। सभासद परवेज व अशरफ के अलावा कई जागरूक नागरिकों ने सरकारी जमीन पर कब्जा और निर्माण होते देखा तो रोष व्याप्त हो गया। उन्होंने इस बात की शिकायत नगर पालिका की आराजी की देखरेख कर रहे कर्मचारी व अवर अभियंता उमेश बाबू को मोबाइल फोन पर सूचना देकर शिकायत की। आरोप है कि इसके बावजूद किसी ने भी न तो मौके पर आने की जहमत उठाई और न ही काम रुका। यह रवैया इस बात को साबित करने के लिए काफी है कि पालिका परिषद के कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत से ही भूमाफिया के हौसले बुलंद हैं।

शिकायतकर्ताओं ने अधिशासी अधिकारी/एसडीएम से संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। सभासद अशरफ ने बताया कि शिकायत की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मंडलायुक्त मुरादाबाद, नगर विकास मंत्री उत्तर प्रदेश व मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई है। उन्होंने बताया कि चार वर्ष पूर्व भी इस स्थान पर एक अवैध निर्माण कार्य हुआ था। तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर ध्वस्त कर दिया गया था।

अब भेजिये माफिया डॉन की टिकट लगी चिट्ठी!

अब भेजिये माफिया डॉन की टिकट लगी डाक!
कानपुर में जारी हुए छोटा राजन और मुन्ना बजरंगी के डाक टिकट

लखनऊ। कानपुर के प्रधान डाकघर से अंतर्राष्ट्रीय माफिया छोटा राजन और बागपत जेल में गैंगवार में मारे गए मुन्ना बजरंगी के डाक टिकट जारी हुए हैं। इनके जरिए देश में कहीं भी चिट्ठयां भेजी जा सकती हैं।
केंद्र सरकार ने 2017 में विश्व फिलैटली प्रदर्शनी के दौरान माई स्टैंप योजना शुरू की थी। इसके तहत 300 रुपये शुल्क जमा करके कोई भी अपनी या अपने परिजनों की तस्वीरों वाले 12 डाक टिकट जारी करवा सकता है। ये डाक टिकट अन्य डाक टिकटों की तरह मान्य होते हैं। इन्हें चिपका कर देश के किसी भी कोने में डाक भेजा जा सकता है।
इस बीच कानपुर प्रधान डाकघर ने भारतीय डाक विभाग की ‘माई स्टैंप’ योजना के तहत छोटा राजन और मुन्ना बजरंगी के डाक टिकट छाप दिए। पांच रुपए वाले 12 डाक टिकट छोटा राजन और 12 मुन्ना बजरंगी के हैं। डाक विभाग को इसके लिए निर्धारित 600 रुपए फीस अदा की गई। आरोप है कि टिकट छापने से पहले न फोटो की पड़ताल की गई न किसी तरह का प्रमाण पत्र मांगा गया।

कई प्रक्रियाओं के बाद बनता है टिकट

डाक टिकट बनाने के लिए आवेदक से पासपोर्ट साइज की फोटो और पूरा ब्यौरा लेने के साथ फार्म भरवाया जाता है, जिसमें पूरी जानकारी ली जाती है। आधार कार्ड, ड्राइविग लाइसेंस या वोटर आईडी की एक-एक फोटो कापी विभाग में जमा होती है। क्रॉस चेकिंग के बाद आवेदक की फोटो वाला डाक टिकट जारी होता है।

ऐसे बने माफियाओं के टिकट

एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक के संवाददाता ने आम ग्राहक की तरह औपचारिकताओं का पालन किया। मुन्ना बजरंगी (प्रेमप्रकाश सिंह) और छोटा राजन (राजेन्द्र एस. निखलजे) के नाम से फार्म भरा। इन दोनों की फोटो दीं और अपना पहचान पत्र दिया। डाककर्मी ने पूछा कि यह कौन हैं। एक परिचित हैं, यह बताने पर वह संतुष्ट हो गया। आरोप है कि योजना को लोकप्रिय बनाने की जल्दबाजी में बिना छानबीन किए ही डाक विभाग ने पूरी प्रक्रिया को ताक पर रख दिया और माफियाओं के डाक टिकट छाप दिए।

जांच के आदेश-
डाक विभाग के पोस्ट मास्टर जनरल वी के वर्मा का कहना है कि आवश्यक दस्तावेज लेने के बाद ही डाक टिकट जारी किया जाता है। किसी माफिया का डाक टिकट जारी होने की कोई जानकारी नहीं है, जांच कराई जाएगी।

विश्वास के कत्ल को स्टिंग ऑपरेशन का नाम ?

डाक विभाग में इस प्रकरण को लेकर चिंता है। विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों का कहना है कि स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर यह विश्वास के कत्ल की घटना है। डाक घर में टिकट बनाने की प्रक्रिया पूरी करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों ने पत्रकार के विश्वास में आ कर यह किया। ऐसा कैसे हो सकता है कि पत्रकार जिस बीट में रिपोर्टिंग करता है, उसे वहां के लोग पहचानते न हों! कहते हैं कि यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होती है तो उक्त पत्रकार के खिलाफ भी होनी चाहिये।

—–

खनन माफियाओं ने किया पत्रकार पर जानलेवा हमला

खनन माफियाओं ने किया पत्रकार पर जानलेवा हमला
शिकायत के बावजूद पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई

बिजनौर। खनन माफियाओं ने रेहड़ में एक पत्रकार पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पत्रकार को उपचार के लिए पीएचसी कासमपुरगढ़ी में भर्ती कराया गया। घटना के संबंध में पुलिस को तहरीर दे दी गई है। शिकायत के बाद भी पुलिस मामले में खनन माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। घटना से पत्रकारों में रोष है।

बुधवार की रात पत्रकार अर्जुन चौहान बादीगढ़ चौराहे के पास एक खेत में चल रहे खनन की कवरेज करने गए थे। जब वह मौके पर पहुंचकर खनन की वीडियो व फोटो ले रहे थे। तभी वहां पर आए आधा दर्जन खनन माफियाओं ने पत्रकार अर्जुन चौहान को चारों तरफ से घेर लिया। पत्रकार का मोबाइल छीन लिया गया। उसमें से फोटो व वीडियो डिलीट कर दिए गए। जब उसने खनन माफियाओं की दबंगई का विरोध किया तो आरोपियों ने हाथापाई शुरू कर दी। आरोपी पत्रकार पर जानलेवा हमला कर नाले में धकेलने लगे। जैसे तैसे पत्रकार खनन माफियाओं के चुंगल से छूट कर थाने पहुंचा पुलिस से घटना के संबंध में शिकायत की तो पुलिस भड़कने लगी। घटना से पत्रकारों में रोष है। आरोप है कि पुलिस संरक्षण में खनन चल रहा है। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। पत्रकार ने दो नामजद सहित तीन अज्ञात के खिलाफ घटना की तहरीर पुलिस को दे दी है। उधर एसओ विजेंद्र सिंह का कहना कि पीड़ित को मेडिकल के लिए भेज दिया है।

——-