मलिहाबाद में एक दूजे के हुए 13 जोड़े


एक दूजे के हुए मलिहाबाद और काकोरी के 13 जोड़े।
विधायक जयदेवी कौशल ने दिया सुखद जीवन जीने का आशीर्वाद।

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। अवसर था परिसर था, क्षेत्र भर से गरीब असहाय परिवारों के 13 जोड़े शादी के पवित्र बंधन में बंधे। विकास खंड परिसर में सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। इनमें मलिहाबाद से 9 और काकोरी से 4 जोड़े सम्मिलित हुए। विधायक सहित सम्मानित लोगों ने सभी जोड़ों को सुखद जीवन जीने का आशीर्वाद दिया।

मलिहाबाद ब्लाक पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन बड़ी ही धूमधाम से हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र की 13 गरीब बेटियों के हाथ पीले किए गए। इनमें मलिहाबाद से 9 और काकोरी से 4 जोड़े सम्मिलित हुए। मुख्य अतिथि विधायक जयदेवी कौशल के अलावा बीडीओ डॉ. संस्कृता मिश्रा, बीडीओ काकोरी विनायक सिंह, एडीओ समाज कल्याण शिव कुमार वर्मा सहित समाज कल्याण विभाग के कई अधिकारियों, कर्मचारियों ने शादी के पवित्र बंधन में बंधे सभी जोड़ों को आशीर्वाद दिया। विधायक जय देवी कौशल ने सभी विवाहित जोड़ों को प्रमाण पत्र वितरित कर सभी के उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की।
इस अवसर पर बीडीओ मलिहाबाद डॉ. संस्कृता मिश्रा ने सभी जोड़ों को भावी सुखद दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं दी।
शादी समारोह में सभी जोड़ों को पायल, बिछिया, घड़ी, डिनर सेट सहित 35 हजार रुपए की धनराशि उनके खाते में उपलब्ध कराई गई। विधायक ने नव युगलों को नशा न करने का संकल्प भी दिलवाया।

एकलव्य बाण समाचार

मलिहाबाद में एकदूजे के हुए 18 जोड़े, सांसद ने दिया आशीर्वाद

मलिहाबाद में एकदूजे के हुए 18 जोड़े, सांसद ने दिया आशीर्वाद। मलिहाबाद से 10 और काकोरी से 8 जोड़ हुए सम्मिलित। विधायक जय देवी कौशल व सांसद कौशल किशोर ने सभी विवाहित जोड़ों को प्रमाण पत्र वितरित कर सभी के उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की।

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)
मलिहाबाद में अवसर था, परिसर था, तो क्षेत्र भर से गरीब असहाय परिवारों के 18 जोड़े शादी के पवित्र बंधन में बंधे। विकास खंड परिसर में सामूहिक विवाह सम्पन हुआ, जिसमें मलिहाबाद से 10 और काकोरी से 8 जोड़ सम्मिलित हुए। सांसद, विधायक सहित सम्मानित लोगों ने सभी जोड़ों को सुखद जीवन जीने का आशीर्वाद दिया।

मलिहाबाद ब्लाक पर शनिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन बड़ी ही धूमधाम से हुआ, जिसमें क्षेत्र की 18 गरीब, बेसहारा बेटियों के हाथ पीले किए गए। मुख्य अतिथि मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर, विधायक जयदेवी कौशल, बीडीओ डॉ. संस्कृता मिश्रा, बीडीओ काकोरी विनायक सिंह, एडीओ समाज कल्याण शिवकुमार, नितिन श्रीवास्तव सहित समाज कल्याण विभाग के कई अधिकारी कर्मचारियों ने शादी के पवित्र बंधन में बंधे सभी जोड़ों को आशीर्वाद दिया।

विधायक जय देवी कौशल और सांसद कौशल किशोर ने सभी विवाहित जोड़ों को प्रमाण पत्र वितरित कर सभी के उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की।

इस अवसर पर बीडीओ मलिहाबाद डॉ. संस्कृता मिश्रा द्वारा सभी जोड़ों को भावी सुखद दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं दी गईं।
शादी समारोह में सभी जोड़ों को पायल, बिछिया, घड़ी, डिनर सेट, सहित 35 हजार रुपए की धनराशि उनके खाते में उपलब्ध कराई गई। साथ ही सांसद ने नव युगलों को नशा न करने का संकल्प भी दिलवाया।

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने को सजग पुलिस प्रशासन

बिजनौर। 14 मई को अक्षय तृतीया के अवसर पर ग्रामीण अंचलों में प्रचलित बाल विवाह रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी रमाकान्त पांडेय ने सभी उपजिलाधिकारियों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों एवं थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में बाल विवाह न करने दिया जाय। यदि बाल विवाह की शिकायत आती है तो तत्काल कार्रवाई करें।

डीएम ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर या उसके आसपास सामूहिक बाल विवाह सम्पन्न किये जाने की कुप्रथा चल रही है। वर्ष 2021 में अक्षय तृतीया का पर्व 14 मई को पड़ रहा है। इस दिन बाल विवाह पर प्रतिबंध होने के बावजूद बाल विवाह किये जाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से बाल विवाह के रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाये गए हैं। निदेशालय महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ की ओर से वैश्विक महामारी के इस अत्यंत महत्वपूर्ण दौर में महामारी तथा बाल विवाह की कुरीति दोनों की रोकथाम के निर्देश दिये गये हैं।

जिलाधिकारी ने कहा है कि बाल विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने हेतु विशेष सजगता एवं सर्तकता के साथ आवश्यक सामाजिक जागरूकता भी आवश्यक है। इस सम्बंध में प्रभावी कदम उठाने तथा किसी भी दशा में विवाह न होने देने का संकल्प आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में पुलिस का भी अपेक्षित सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। बाल विवाह रोकने के लिए इसकी सूचना 181 महिला हेल्प लाइन एवं 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन, 112 आकस्मिक सेवा, नजदीकी पुलिस स्टेशन पर दी जा सकती है। यदि कोई बाल विवाह करता है तो तत्काल सूचित करें, ताकि बाल विवाह को रोका जा सके और सम्बन्धित के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जा सके।

22 अप्रैल से शुरू होंगे मांगलिक कार्य

22 अप्रैल से शुरू होंगे मांगलिक कार्य

आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी
वरिष्ठ सम्पादक
पूर्व प्रदेश सचिव (UP) – अंतराष्ट्रीय ब्राह्मण संसद, दिल्ली

लखनऊ। बीते 1 माह से रुके मांगलिक कार्यक्रम 22 अप्रैल से एक बार फिर से शुरू होने जा रहे हैं। बीते 14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन खरमास के चलते सगाई, विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, उपनयन आदि मांगलिक कार्य रुके हुए थे। 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश कर चुके हैं, लेकिन शुक्र अस्त रहे। शुभ कार्यों के मुहूर्त तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शुक्र का शनिवार को शाम 7:13 पर उदय हो गया है। शुक्र मेष राशि में गोचर करते हुए पश्चिम दिशा में उदय हुए। विवाह मुहूर्त में गुरु और शुक्र अस्त का भी विचार किया जाता है। दोनों ग्रहों का शुभ विवाह के लिए उदय होना आवश्यक है। इसलिए अब शुक्र के उदय होने के 4 दिन बाद मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। 22 अप्रैल से विवाह का सही मुहूर्त बन रहा है। 22 अप्रैल से शुरू यह मुहूर्त 15 जुलाई तक बना रहेगा। उसके बाद 20 जुलाई से देव शयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ होकर 15 नवंबर तक रहेगा। इस बीच भी विवाह संबंधी मांगलिक कार्य नहीं किए जा सकेंगे। वहीं 20 नवंबर से 13 दिसंबर तक एक बार फिर से शुभ विवाह का योग बन रहा है। वर्ष 2021 में शुभ विवाह के कुल 62 मुहूर्त हैं।

शुभ विवाह मुहूर्त
अप्रैल – 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30
मई – 1, 2, 7, 12, 13, 14, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 26, 27 28, 29, 30
जून – 3, 4, 5, 11, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22
जुलाई – 2, 7, 12, 13, 15
नवंबर – 20, 26, 27, 28, 29, और 30
दिसम्बर – 1, 2, 5, 7, 12, और 13

CM सामूहिक विवाह कार्यक्रम: 10 जोड़े विवाह बंधन में बंधे

लखनऊ। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन खंड विकास परिसर माल में बड़े ही धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के 10 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक जय देवी कौशल, बीडीओ संस्कृता मिश्रा, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अनिल सिंह चौहान सहित कई अधिकारियों ने नव दंपतियों को आशीर्वाद दिया।

खंड विकास परिसर माल में सोमवार को क्षेत्र भर से गरीब असहाय परिवारों के 10 जोड़े शादी के पवित्र बंधन में बंधे। गरीब असहाय परिवार की लड़कियों की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सम्पन हुई। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की तरफ से नवविवाहित जोड़ों को 51 हजार रुपए तक की कीमत के घरेलू सामान और उपहार दिए गए। इस मौके पर उपस्थित भाजपा विधायक जय देवी कौशल और बीडीओ मलिहाबाद संस्कृता मिश्रा ने सभी विवाहित जोड़ों को प्रमाण पत्र वितरित कर सभी के उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी मलिहाबाद संस्कृता मिश्रा द्वारा सभी जोड़ों को भावी सुखद दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।

बेटियों को शादी में 10 ग्राम gold देगी सरकार

असम सरकार देगी बेटियों को शादी में 10 ग्राम गोल्ड

कम उम्र में शादियां रोकने की कवायद

कराना होगा Registration

दिसपुर। अपनी बेटी के बचपन से ही उसकी शादी के लिए माता-पिता पैसे जोड़ना शुरू कर देते हैं। बेटी की शादी के समय माता-पिता के लिए गोल्ड ज्वैलरी पर पैसा खर्च करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। देश में गोल्ड ज्वैलरी देने की परंपरा काफी पुरानी है। ऐसी ही बातों को ध्यान में रखकर असम सरकार (Assam government) ने अपने राज्य की बेटियों की शादी पर गोल्ड देने के लिए एक स्कीम शुरू की है। इसे अरुंधति गोल्ड स्कीम (Arundhati Gold Scheme) नाम दिया गया है। इस स्कीम में सरकार की ओर से बेटियों को शादी के समय 10 ग्राम गोल्ड दिया जाता है।

राज्य सरकार ने जारी की स्कीम से जुड़ीं कुछ शर्तें तय की हैं-

1. स्कीम का फायदा लेने के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
2. शादी का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।
3. लड़की के परिवार की सालाना आय 5 लाख रुपए से कम होनी चाहिए।
4. पहली बार शादी करने पर ही मिलेगा योजना का लाभ।
5. लड़के की उम्र भी होनी चाहिए कम से कम 21 साल।
6. शादी स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत रजिस्टर्ड होनी चाहिए। रजिस्ट्रेशन के दिन ही लड़की को स्कीम के लिए अप्लाई करना होगा।

स्कीम में अप्लाई करने का तरीका-

1. सबसे पहले revenueassam.nic.in. पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।

2. ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद इसका प्रिंटआउट निकालना होगा।

3. ऑनलाइन के साथ-साथ इस प्रिंटआउट को भी जमा करना होगा।

फॉर्म सबमिट होने के बाद लड़की को इसकी एक रसीद भी मिलेगी। एप्लीकेशन मंजूर हुई या नहीं इसका पता एसएमएस से चल जाएगा। यदि एप्लीकेशन मंजूर हो गई है, तो स्कीम के तहत जो भी अमाउंट बनेगा वो एप्लीकेंट के खाते में जमा कर दिया जाएगा।

बहुत पिछड़े इलाकों में जल्दी कर दी जाती हैं बच्चों की शादियां

विदित हो कि असम के पिछड़े इलाकों में बच्चों की शादियां जल्दी कर दी जाती हैं,। इससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है।अरुंधति गोल्ड स्कीम (Arundhati Gold Scheme) लागू होने का फायदा ये हुआ कि मिलने वाले सोने को ध्यान में रखते हुए बहुत से परिवार बच्चों की शादी जल्दी करने से बचने लगे हैं।

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