पेट्रोल 9.5 और डीजल 7 रुपए सस्ता

पेट्रोल 9.5 रुपए और डीजल 7 रुपए सस्ता, अब सिलेंडर पर 9 करोड़ लाभार्थियों को केंद्र सरकार देगी सब्‍सिडी

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल के उत्पाद शुल्क में आठ रुपये तथा डीजल में छह रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि इस कटौती के कारण पेट्रोल के दाम साढ़े नौ रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम सात रुपये प्रति लीटर घट जायेंगे। उन्होंने ट्वीटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती किये जाने से सरकार को हर साल करीब एक लाख करोड़ रुपये राजस्व हानि होगी।

Petrol-Diesel Price Today: आज के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें जारी, जानें  आपके शहर में क्या है रेट | TV9 Bharatvarsh

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज मुश्किल दौर से गुजर रही है। पूरी दुनिया कोरोना महामारी के प्रभाव से उबर ही रही थी कि यूक्रेन में जारी युद्ध ने आपूर्ति बाधा की समस्यायें पैदा कर दीं। इसकी वजह से कई चीजों की किल्लत हो गई। इससे महंगाई बढ़ रही है और कई देशों में आर्थिक संकट के हालात पैदा हो गये हैं। सीतारमण ने कहा कि चुनौतीपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि देश में आवश्यक वस्तुओं की कोई किल्लत न रहे। यहां तक कि कुछ विकसित देश भी आपूर्ति बाधा और वस्तुओं की कमी से बच नहीं पाये हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जरूरी वस्तुओं के दाम नियंत्रण में रखने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने कहा, मैं सभी राज्य सरकारों से कहूंगी कि वे भी इसी तरह की कटौती करें और आम लोगों को राहत दें। यह आग्रह उन राज्यों के लिए खासकर है, जिन्होंने नवंबर 2021 के दौरान उत्पाद शुल्क में की गई कटौती के साथ कर में कटौती नहीं की थी। केंद्र सरकार ने साथ ही प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के नौ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इस साल 12 गैस सिलेंडर तक प्रति सिलेंडर 200 रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की है। सीतारमण ने कहा कि इससे हमारी मां और बहनों को मदद मिलेगी। इससे राजस्व में 6,100 करोड़ रुपये की कमी आयेगी। केंद्र सरकार साथ ही प्लास्टिक उत्पादों के कच्चे माल पर भी उत्पाद शुल्क में कटौती करेगी।

अपने आशियाने पर महंगे सीमेंट की मार

नई दिल्ली (एजेंसी)। बढ़ती मांग के बीच कच्चे माल की कीमतों में तेजी के कारण सीमेंट के दाम में अभी और बढ़ोतरी होने की संभावना है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार गत माह सीमेंट की कीमतों में मासिक आधार पर दो से तीन फीसदी की तेजी दर्ज की गयी है। हालांकि, साल के अंत में लक्ष्य की पूर्ति के लिये सीमेंट के उत्पादन में तेजी भी लायी गयी थी, लेकिन इससे भी सीमेंट के दाम को नियंत्रित नहीं किया जा सका।

कंपनी ने बताया कि डीलर्स के साथ की गयी बातचीत से यह पता चला है कि दक्षिण और मध्य भारत में सीमेंट की कीमतों में प्रति बोरी 15 से 20 रुपये की तेजी रही, जबकि पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में सीमेंट के दाम प्रति बोरी पांच से दस रुपये बढ़े। कंपनी का कहना है कि सीमेंट कंपनियां कच्चे माल की कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिये इसका बोझ ग्राहकों पर और डालेंगी, जिससे सीमेंट के दाम तेज होंगे।

कोयले और पेट्रोलियम कोक की बढ़ी कीमतों का प्रभाव अप्रैल 2022 से ऊर्जा की कीमतों पर दिखेगा। पिछले कुछ दिनों से डीजल के दाम भी बढ़ रहे हैं, जिससे माल ढुलाई की लागत अधिक हो गयी है। सीमेंट कंपनियों ने पूरे देश में अप्रैल से सीमेंट की हर बोरी पर 40 से 50 रुपये बढ़ाने के संकेत दिये हैं।

जनवरी और फरवरी में सुस्ती के बाद मार्च में सीमेंट की मांग में सुधार आया। मार्च 2022 में वार्षिक आधार पर सीमेंट की मांग तीन से पांच प्रतिशत बढ़ी, जबकि जनवरी-फरवरी के दौरान इसमें छह प्रतिशत की गिरावट रही। कुछ डीलर्स का कहना है कि अप्रैल से सीमेंट के दाम में तेजी होने की आशंका के कारण मार्च के अंत में सीमेंट की मांग बढ़ गयी थी। वास्तविक मांग रूझान का पता अप्रैल के मध्य में ही चलेगा।

आसमान छू रहे निम्बू के दाम

नई दिल्ली। एक महीने में ही नींबू 70 रुपए से 400 रुपए तक पहुंच गया है। सब्जी बेचने वाले 10 रुपए में 1 नींबू दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वालों दिनों में इसकी कीमत कम होने के आसार नहीं दिख रहे।

बताया जा रहा है कि इस बार फसल कम होने के साथ ही आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आने वाले नींबू की महंगाई के लिए डीजल के भाव भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से माल भाड़े में भी 15% की बढ़ोतरी हो गई है। इससे नींबू की कीमत पर दोगुना असर हुआ है।

सेब, अंगूर व अनार से भी महंगा बिक रहा नींबू- नींबू के दाम बढ़ने से अब घरों के अलावा होटल व ढाबों से भी नींबू गायब हो गया है। स्थिति ये है कि घर, होटल व ढाबों पर भी सलाद से नींबू (जायका) कम हो गया है। होटल व ढाबा संचालक भी सलाद में नींबू का इस्तेमाल कम ही कर रहे हैं। वहीं गन्ने के रस, शिंकजी व सब्जियों में भी नींबू का उपयोग कम मात्रा में कर रहे हैं। इन दिनों नींबू सेब, अंगूर व अनार से भी महंगा बिक रहा है।

बेमौसम बारिश से खराब हुई फसल- मद्रास, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देशभर के कई इलाकों में बेमौसम बारिश से नींबू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। जरूरत के मुकाबले उत्पादन कम हुआ है, इसलिए कीमतें रिकॉर्ड तोड़ बढ़ी हैं।

नवरात्र और रमजान- इस समय नवरात्र चल रहे हैं और रमजान का महीना है। व्रत और रोजे के दौरान भी नींबू का इस्तेमाल ज्यादा होता है। इस समय उत्पादन कम है और डिमांड ज्यादा है।

महंगा ईंधन- पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने के साथ ही माल भाड़ा भी बढ़ गया है। इसका असर नींबू सहित सभी फल-सब्जियों की कीमतों में देखने का मिल रहा है।

खेतों से सीधे फैक्ट्रियों मेंसॉफ्ट ड्रिंक के साथ ही कई दवाइयों और फूड प्रोडक्ट में नींबू इस्तेमाल किया जाता है। खेतों से नींबू सीधा फैक्ट्रियों में पहुंच रहा है। इस वजह से भी आम जरूरत के मुताबिक नींबू बाजार तक नहीं पहुंच रहा है।

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4 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 40-40 पैसे/लीटर का इजाफा किया गया

पेट्रोल और डीजल के दामों में अब तक 14 में से 12 दिन बढ़ोतरी

नई दिल्ली (एजेंसी)। पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol-Diesel Price) में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। मंगलवार, 5 अप्रैल को सुबह 6 बजे से दो ईंधनों के दाम (Fuel Price) में एक बार फिर 80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया है। बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत (Petrol Price) 104.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत (Diesel Price) 95.87 रुपए प्रति लीटर हो गई है।

देश में 137 दिनों के विराम के बाद 22 मार्च 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि का सिलसिला शुरू हुआ। तब से पेट्रोल और डीजल के दामों में अब तक 14 में से 12 दिन बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल-डीजल की महंगाई से हाल-फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इसकी वजह है कि ऑयल कंपनियां, 137 दिनों के विराम के दौरान हुए भारी नुकसान की भरपाई करने में लगी हुई हैं। उस दौरान कच्चे तेल के दाम (Crude Oil Price) बहुत उच्च बने रहे और देश में 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों व कुछ अन्य कारणों से फ्यूल के दाम नहीं बढ़े। तो अब कंपनियां घाटा पूरा करने की कोशिश कर रही हैं।

अभी टंकी फुल कराई तो कैसे होगी बचत– क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमत में 15 से 20 रुपए तक का इजाफा करना होगा। 22 मार्च से शुरू हुई दाम वृद्धि के चलते अब तक 13 किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों ही 9.20 रुपए प्रति लीटर महंगे हो चुके हैं। पेट्रोल की कीमत में 13 किस्तों में क्रमशः 80, 80, 80, 80, 50, 30, 80, 80, 80, 80, 80, 40 व 80 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। अगर मान लें कि पेट्रोल की कीमत में अभी 12 दिन और बढ़ोतरी होगी और यह 80 पैसे के हिसाब से होगी तो अगले 12 दिन में पेट्रोल लगभग 10 रुपए और महंगा हो जाएगा। ऐसे में 12 दिन बाद आपको 40 लीटर टैंक कैपेसिटी वाली गाड़ी की टंकी में फुल कराने के लिए लगभग 400 रुपए एक्स्ट्रा देने होंगे। यानी अगर आप अभी कार की टंकी फुल कराते हैं तो आपको 400 रुपए की बचत होगी।

तेल कंपनियों के नुकसान का आंकड़ा मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्यूल कीमतों में 4 नवंबर 2021 से लेकर 21 मार्च 2022 यानी 137 दिन तक कोई वृद्धि न किए जाने से पेट्रोलियम कंपनियों इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल को 19,000 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है। इंडियन ऑयल को 1 अरब से लेकर 1.1 अरब डॉलर, बीपीसीएल और एचपीसीएल प्रत्येक को 55 से लेकर 65 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा।

कच्चे तेल की कीमतें कहां- आज यानी 5 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80-80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इसके बाद दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत (Petrol Price) 104.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल का दाम (Diesel Price) 95.87 रुपए प्रति लीटर हो गया है। जहां तक कच्चे तेल की कीमतों की बात है तो सोमवार को इसमें तेजी दर्ज की गई। अंतररराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 3.12 डॉलर प्रति बैरल की छलांग लगा कर 107.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 4.03 डॉलर प्रति बैरल की छलांग लगा कर 103.30 डॉलर पर पहुंच गया।

15 अप्रैल से महंगा हो सकता है ट्रेन का सफर

नई दिल्ली (एजेंसी)। डीजल इंजनों से चलने वाली ट्रेनों से लम्बी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों से अब अधिक किराया वसूला जा सकता है। ये अतिरिक्त शुल्क 15 अप्रैल से टिकट बुकिंग के समय रेल यात्रा में स्वत: जुड़ जाएगा। दरअसल, रेलवे बोर्ड डीजल इंजनों से चलने वाली ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों पर 10 रुपये से 50 रुपये के बीच हाइड्रोकार्बन सरचार्ज (एचसीएस) या ‘डीजल कर’ लगाने की योजना बना रहा है। यह सरचार्ज उन ट्रेनों पर लागू होगा जो डीजल इंजनों का उपयोग कर आधी से अधिक दूरी तक चलेंगी। यह ईंधन आयात के प्रभाव को कम करने के लिए किया जा रहा है, जो तेल की बढ़ती लागत से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। एसी क्लास के लिए 50 रुपए, स्लीपर क्लास के लिए 25 रुपए और अनारक्षित क्लास के लिए न्यूनतम 10 रुपए फीस तीन कैटेगरी के तहत ली जाएगी।

Additional charges on a railway journey from 15 April , Delhi News in Hindi  - www.khaskhabar.com

उपनगरीय रेल यात्रा टिकटों पर ऐसा कोई अधिभार नहीं लगाया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को उन ट्रेनों की पहचान करने का निर्देश दिया है जो निर्धारित दूरी का 50 प्रतिशत डीजल से चलती हैं। इस सूची को हर तीन महीने में संशोधित किया जाना है। हालांकि 15 अप्रैल से पहले बुक किए गए टिकटों पर सरचार्ज लगाने के बारे में अभी कोई स्पष्टता नहीं है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के साथ-साथ सऊदी अरब और यमन के बीच झड़प के कारण वैश्विक तेल की कीमतें वर्तमान में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं। भारत द्वारा रूस से रियायती कीमतों पर तेल आयात करने के बावजूद, आपूर्ति की कमी है। देश में ईंधन की कीमतों में लगातार 12 दिनों तक बढ़ोतरी के साथ उपभोक्ता ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। एचसीएस सरचार्ज का इस्तेमाल भारतीय रेलवे के चालू विद्युत अभियान के लिए भी किया जाएगा। रेलवे राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ‘मिशन 100 प्रतिशत विद्युतीकरण – नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन’ योजना के तहत जनता को पर्यावरण के अनुकूल, हरित और स्वच्छ परिवहन प्रदान करने के लिए अपने पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क को विद्युतीकृत करने के लिए एक मिशन मोड पर है। उपयोगकर्ता शुल्क में इस बढ़ोत्तरी का मतलब होगा कि ट्रेन का अंतिम किराया बढ़ जाएगा। रेलवे बोर्ड सरचार्ज जोड़कर, रियायतों में कटौती कर या मूल किराए को छुए बिना आराम व सुविधाओं को कम कर कुल किराया बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतें 13 दिन में बढ़ीं 11वीं बार

नई दिल्ली (एजेंसी)। तेल कंपनियों ने नवरात्रि के दूसरे दिन लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। राजधानी दिल्ली में रविवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80-80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि मुंबई में पेट्रोल के दाम 84 पैसे और डीजल के दाम 85 पैसे प्रति लीटर बढ़ गए हैं।

आज ईंधन की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत 103.41 रुपये और डीजल की नई कीमत 94.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, मुंबई में आज फ्यूल के दामों में बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 118.41 और डीजल 102.64 रुपये प्रति लीटर हो गया है। विदित हो कि 13 दिनों में आज 11वीं बार तेल के दाम बढ़ाए गए हैं।

इससे पहले 4 नवंबर, 2021 से देश भर में तेल की कीमतें स्थिर हो गई थीं और करीब साढ़े महीने के बाद 22 मार्च को पहली बार दाम बढ़े थे। 22 मार्च से लेकर 3 अप्रैल तक, 13 दिनों में 11 बार तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। इस दौरान दिल्ली में एक लीटर तेल के दाम 8 रुपये बढ़ाए जा चुके हैं। 21 मार्च, 2022 तक दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 95.41 रुपये प्रति लीटर थी, जो बढ़कर आज 103.41 रुपये प्रति लीटर हो चुकी है।