उत्तर प्रदेश इंकम टैक्स डिपार्टमेंट में बांटी जा रही फर्जी नौकरियां

उत्तर प्रदेश इंकम टैक्स डिपार्टमेंट में बांटी जा रही थीं फर्जी नौकरियां। लखनऊ, नोएडा और बरेली के अफसर शामिल!

लखनऊ। इनकम टैक्स विभाग में फर्जी नौकरी स्कैम सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में लखनऊ, बरेली से लेकर नोएडा तक आयकर महकमे के अफसर शामिल हैं। दूसरी तरफ इनकम टैक्स विभाग स्कैम की जांच करने की बजाय लीपापोती में लगा हुआ है। विभाग ने लखनऊ पुलिस को एक शिकायत दी है, जिसमें अपने किसी अफसर या कर्मचारी का नाम नहीं दिया है। अब तक अपने किसी अफसर पर एक्शन भी नहीं लिया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की विजिलेंस ब्रांच भी चुप्पी साधकर बैठी है। कोई जांच शुरू नहीं की है। इससे विभाग के उच्चाधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ऊपर वाले अफसरों की भूमिका संदिग्ध

मिली जानकारी के मुताबिक लखनऊ पुलिस को दी गई तहरीर में मामले को घुमाया गया है। सिर्फ एक आरोपी प्रियंका मिश्रा के खिलाफ तहरीर दी गई है। शिकायत में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के किसी अफसर को आरोपी नहीं बनाया गया है। आपको बता दें कि लखनऊ में इनकम टैक्स के यूपी ईस्ट का मुख्यालय है। यहां बड़े-बड़े अफसरों की मौजूदगी में बड़ा स्कैम हो गया है लेकिन किसी भी बड़े अफसर की जवाबदेही तय नहीं की गई है। हेड क्वार्टर में घूस लेकर इनकम टैक्स ऑफिस में फर्जी नौकरी बांटी जा रही थीं। करीब महीने भर से यह स्कैम चल रहा था। सब खामोश थे। इनकम टैक्स के बड़े अफसरों की भूमिका संदेह के घेरे में है।

लखनऊ पुलिस को छानबीन में मिले सबूत

दूसरी ओर लखनऊ पुलिस की जांच में पर्याप्त सबूत मिले हैं। मिली जानकारी के मुताबिक इस घोटाले में लखनऊ, नोएडा और बरेली इनकम टैक्स के अफसर शामिल हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट केंद्र सरकार का दफ्तर है। इस मामले में सीबीआई जांच भी हो सकती है। बताया जा रहा है कि लखनऊ पुलिस पूरे मामले में बेहद संजीदगी के साथ जांच-पड़ताल कर रही है। जो सबूत अब तक सामने आए हैं, उनके बारे में केंद्रीय वित्त मंत्रालय और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के शीर्ष अफसरों को सूचनाएं भेजी जा रही हैं।

राहत: बिना पैकिंग के आटा दाल लस्सी बेचने पर GST नहीं

नई दिल्ली (एजेंसी)। हाल ही में देश में कई चीजों के दाम बढ़ गए हैं। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक लिस्ट शेयर करते हुए कहा कि लिस्ट में मौजूद 14 चीजों को यदि खुला (Loose) बेचा जाएगा, अर्थात बिना पैकिंग के बेचा जाएगा तो उन पर जीएसटी की कोई भी दर लागू नहीं होगी। इस लिस्ट में दाल, गेहूं, बाजरा, चावल, सूजी और दही/लस्सी जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण चीजें शामिल हैं अनाज, चावल, आटा और दही जैसी चीजों पर 5 फीसदी GST के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह जीएसटी केवल उन्हीं उत्पादों पर लागू है जो प्री-पैक्ड और लेबल्ड हैं। विदित हो कि पिछले महीने जीएसटी परिषद की चंडीगढ़ में हुई 47वीं बैठक में ये फैसले लिए गए थे।

GST को लेकर फैली हैं गलतफहमियां
निर्मला सीतारमण ने आगे बताया कि, ‘हाल ही में, जीएसटी परिषद ने अपनी 47 वीं बैठक में दाल, अनाज, आटा जैसे विशिष्ट खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की सिफारिश की है। हालांकि काफी गलतफहमियां फैली है, यहां तथ्यों को सामने लाने की कोशिश है।’ “क्या यह पहली बार है; जब इस तरह के खाद्य पदार्थों पर कर लगाया जा रहा है? नहीं, राज्य सरकारें जीएसटी से पहले की व्यवस्था में खाद्यान्न से काफी राजस्व एकत्र कर रहे थे। अकेले पंजाब ने पर्चेज टैक्स के रूप में खाद्यान्न पर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक का संग्रह किया। यूपी ने ₹700 करोड़ जुटाए।

अब जितने किलोमीटर, उतना ही टोल टैक्स

नई दिल्ली (एजेंसी)। टैक्स वसूलने के लिए अब सरकार नया हाईटेक सिस्टम लाने की तैयारी में है। इसके बाद फास्टैग सिस्टम को खत्म कर दिया जाएगा। नया सिस्टम सेटेलाइट नेविगेशन सिस्टम पर आधारित होगा।

किलोमीटर के हिसाब से लगेगा पैसा
सूत्रों के मुताबिक नए सिस्टम पर काम शुरू हो गया है और इसका पायलट प्रोजेक्ट भी लॉन्च हो चुका है। इसे हरी झंडी मिलते ही फास्टैग की जगह पर नेविगेशन सिस्टम से टोल वसूली का काम शुरू कर दिया जाएगा। नए सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से या तय की गई दूरी के हिसाब से टोल टैक्स लिया जाएगा। अभी फास्टैग में एक बार टोल टैक्स काटने का नियम है। अगर किसी हाइवे पर गाड़ी चलती है तो टोल प्लाजा पर एक निश्चित राशि फास्टैग अकाउंट से काट ली जाती है। इस राशि का सफर की दूरी या किलोमीटर से कोई वास्ता नहीं होता। नेविगेशन सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से पैसा लिया जाएगा। नए सिस्टम में हाइवे या एक्सप्रेसवे पर जितने किलोमीटर का सफर तय होगा, उतने किलोमीटर का टोल टैक्स देना होगा।

क्या होगा नए सिस्टम में
किसी हाईवे या एक्सप्रेसवे पर जैसे ही गाड़ी चलनी शुरू होगी, उसके टोल का मीटर ऑन हो जाएगा। अपना सफर खत्म करने के बाद गाड़ी जैसे ही हाइवे से स्लिप रोड या किसी सामान्य सड़क पर उतरेगी, तय दूरी के हिसाब से नेविगेशन सिस्टम पैसा काट लेगा। यह नया सिस्टम भी फास्टैग की तरह होगा, लेकिन पैसा उतना ही लगेगा जितना फासला तय होगा। अभी भारत में तकरीबन 97 फीसदी गाड़ियों में फास्टैग लगा है जिससे टोल वसूली होती है।   

GST में सबसे बड़े बदलाव की तैयारी; होंगे सिर्फ 3 टैक्स स्लैब

नई दिल्ली (एजेंसी)। GST व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी हो रही है, इसके तहत 5%, 12%, 18% और 28% के मौजूदा चार टैक्स स्लैब को घटाकर तीन टैक्स स्लैब में बदला जा सकता है।

GST में अब तक के सबसे बड़े बदलाव की तैयारी; सिर्फ 3 टैक्स स्लैब होंगे, कई आइटम्स से हटेगा टैक्स छूट

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) व्यवस्था में जल्द ही अब तक का सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके तहत जीएसटी की दरों को सरल बनाया जा सकता है और राज्यों की आमदनी बढ़ाने की भी कोशिश की जा सकती है। जीएसटी व्यवस्था 2017 में लागू हुई थी, जिसके बाद राज्यों को टैक्स रेवेन्यू के नुकसान में हुए भरपाई के लिए केंद्र सरकार की तरफ से मुआवजा दिया जाता था। राज्यों को दिया जाने वाला यह जीएसटी मुआवजा इस साल जून में खत्म हो रहा है।

लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी के नई बदलावों को चरणों में लागू किया जाता है। इन बदलावों में टैक्स छूट में कटौती, जीएसटी टैक्स स्लैब के तहत सिर्फ तीन दरों को लागू करना और कच्चे माल व इंटरमीडियरीज पर टैक्स से जुड़ी विसंगतियों को दूर करना शामिल है। केंद्र और राज्य सरकारें इन प्रस्तावित सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू कर सकती हैं, ताकि टैक्स में बदलावों को असर वस्तुओं के खपत पर कम से कम पड़ें।

इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अगुआई वाला मंत्रियों का एक समूह (GoM) के जल्द ही इन बदलावों से जुड़े सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए बैठक करने वाला है। अंतिम सिफारिशें आगामी जीएसटी काउंसिल की बैठक में ली जाएंगी।

इन संशोधनों में टेक्सटाइल इंडस्ट्री के टैक्स रेट में बढ़ोतरी भी शामिल है, जो इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर की खामियों को दूर करेगा। इससे पहले 31 दिसंबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में टेक्सटाइल और अपैरल इंडस्ट्री के कई आइटम्स पर जीएसटी दर 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने के फैसले को टाल दिया गया था।

1 जुलाई को मौजूदा GST व्यवस्था के पांच साल पूरे होने पर राज्यों को दिया जाने वाला मुआवजा खत्म हो जाएगा। यह राज्यों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है, लेकिन यह जीएसटी में ढांचागत बदलाव की राह भी खोलेगा। जीएसटी मुआवजा खत्म होने से राज्यों के बजट, खासतौर से बड़े अर्थव्यवस्था वाले राज्यों के बजट पर असर पड़ेगा। इसके चलते राज्यों को विभिन्न आइटम पर टैक्स छूट हटाकर और स्लैब की संख्या को कम करके राजस्व बढ़ाने के नए तरीके खोजने होंगे।

राजीव देवरा चुने गए दिल्ली बार टैक्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष


नूरपुर/बिजनौर। दिल्ली बार टैक्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष पद पर गोहावर के राजीव देवरा को चुना गया है।
क्षेत्र के गांव गोहावर निवासी राजीव देवरा सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में वकालत करते हैं। वहां हुए दिल्ली बार टैक्स एसोसिएशन 2021 के चुनाव में कोषाध्यक्ष पद पर 32 मतों से विजयी हुए हैं। इससे पहले 2014 के चुनाव में उन्हें निर्विरोध चुना गया था। वे लंबे से एसोसिएशन के सदस्य पद पर भी निर्विरोध चुनते आ रहे हैं। उनके निर्विरोध कोषाध्यक्ष बनने से गांव का नाम रौशन हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली में रहकर इस मुकाम पर पहुंचकर गांव को गौरंवित किया है। श्री देवरा गांव में समाजसेवा में भी सदैब आगे रहते हैं। वह मुरादाबाद रोड पर मां कात्यायनी मंदिर के संस्थापक पद पर हैं। हर साल नवरात्र पर हवन यज्ञ का आयोजन करते हैं। उन्होंने दूरभाष पर बताया कि चुनाव में माता प्रसाद पाठक अध्यक्ष, कृष्ण गोपाल बंसल उपाध्यक्ष, जय प्रकाश यादव संयुक्त सचिव, चमन कुमार गुप्ता, विशाल सूद, नरेश कुमार शर्मा, एम के ठाकुर सदस्य चुने गये हैं।

Sameer Wankhede: जिनसे थर्राते हैं ड्रग माफिया

By Piyush Keshari

सुपस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को जेल की सलाखों के पीछे तक पहुंचाने वाले NCB (Narcotics Control Bureau) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की छवि एक सख्त अधिकारी की है। सामने चाहे कितनी ही बड़ी सेलिब्रिटी क्यों ना हो, समीर वानखेड़े बिना किसी के दबाव में आए अपना काम करते हैं। समीर वानखेड़े के नेतृत्व में ही NCB ने कई बड़े सेलिब्रिटी पर कार्रवाई की है। समीर ने 2 अक्टूबर 2021 को एक क्रूज पर एक पार्टी में छापेमारी के बाद आर्यन को गिरफ्तार किया था। ड्रग्स के मामलों में समीर के खबरियों का जबरदस्त नेटवर्क है। उनके जोनल डायरेक्टर बनने के बाद महज 2 साल में ही NCB ने करीब 17 हजार करोड़ रुपए के नशे और ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर पिछले कई दिनों से चर्चा में हैं। पिछले साल सुशांत सिंह राजपूत केस से पहली बार सुर्खियों में आए। अब शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने को लेकर लगातार छाये हैं। इस बीच सोमवार (11 अक्टूबर 2021) को समीर वानखेड़े ने सनसनीखेज आरोप लगाए कि पिछले कुछ दिनों से उनकी जासूसी कराई जा रही है। समीर वानखेड़े ने महाराष्ट्र पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया है कि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। समीर वानखेड़े ने अपनी शिकायत में कहा है कि सिविल कपड़े पहने दो पुलिसकर्मी उनका पीछा कर रहे हैं। वानखेड़े ने अपनी शिकायत के साथ सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे हैं।

कौन हैं समीर वानखेड़े:

सुशांत सिंह राजपूत केस और अब बॉलीवुड के किंग खान Shahrukh Khan के बेटे Aryan Khan केस के बाद में चर्चा में रहने वाले NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े का जन्म मायानगरी मुंबई में ही हुआ है। समीर वानखेड़े के पिता एक पुलिस अधिकारी थे। समीर एक IAS अधिकारी हैं। उनका जन्म 1984, महाराष्ट्र में हुआ था और अब, वह 2021 तक 37 वर्ष के हो गए हैं। वह अपने काम में सख्त रहा है। समीर के निर्देशन में कई मशहूर हस्तियों के घरों से बड़ी संख्या में ड्रग्स का खुलासा हुआ है, जिसमें हंसी रानीभारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया और अब अभिनेता शाहरुख खान के 23 साल के बेटे आर्यन खान शामिल हैं।

समीर वानखेड़े ने अपनी स्कूली शिक्षा एक निजी स्कूल से पूरी की है। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद समीर वानखेड़े ने सिविल परीक्षा पास करने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने खूब मेहनत की। साल 2008 में उनकी मेहनत रंग लाई और वह IAS अधिकारी बन गए।

समीर वानखेड़े का करियर:-

भारतीय राजस्व सेवा ज्वाइन करने के बाद समीर वानखेड़े की नियुक्ति मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport) पर डिप्टी कस्टम कमिश्नर (deputy customs commissioner) के तौर पर हुई। यहां समीर वानखेड़े ने बेहतरीन काम किया और नियमों को सख्ती से लागू किया। मुंबई का छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ऐसा एयरपोर्ट है, जहां लगातार सेलिब्रिटी का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन समीर वानखेड़े को कभी इससे फर्क नहीं पड़ता कि सामने कौन है।

समीर वानखेड़े के अच्छे कामों को देखते हुए उन्हें पहले आंध्र प्रदेश और फिर दिल्ली भी भेजा गया। इसके बाद समीर वानखेड़े की तैनाती नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मुंबई के जोनल डायरेक्टर तौर पर हुई। NCB में रहते हुए समीर वानखेड़े ने नशे और ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश करना शुरू किया।

समीर वानखेड़े नियमों को लेकर काफी सख्त रहे हैं। जब उनकी तैनाती मुंबई एयरपोर्ट पर हुई तो उन्होंने सबसे पहले अपने जूनियर्स को सेलेब्रिटीज के पीछे भागने या उनके साथ सेल्फी लेने से रोका। इसके बाद समीर वानखेड़े ने देखा कि बॉलीवुड स्टार्स विदेश से ज्यादा सामान लेकर आते हैं और अपने असिस्टेंट से सामान उठवाते थे। इसके अलावा बॉलीवुड स्टार्स के नखरों से भी समीर वानखेड़े परेशान हो गए। इसके बाद समीर वानखेड़े ने तय कर दिया कि हर यात्री अपना सामान खुद ही उठाएगा।

समीर वानखेड़े की पत्नी:

समीर वानखेड़े ने मराठी अभिनेत्री क्रांति रेडकर से 2017 में शादी की। अब दोनों जुड़वां बेटियों के माता- पिता हैं। क्रांति रेडकर का जन्म मुंबई में ही हुआ है। बहुत कम लोग जानते हैं कि समीर वानखेड़े की पत्नी क्रांति रेडकर एक बहुत ही मशहूर अभिनेत्री हैं। क्रांति ने अजय देवगन के साथ फिल्म गंगाजल में काम किया है। इसके अलावा वह कई टीवी सीरियल में काम कर चुकी हैं। क्रांति बॉलीवुड से ज्यादा मराठी सिनेमा में सक्रिय हैं। इसके साथ ही उन्होंने अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया है और उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाया है।

समीर वानखेड़े के बारे में कुछ अज्ञात तथ्य:

  • समीर वानखेड़े ने बताया कि कई बार सेलेब्रिटीज उनसे बहस करते हैं। कई बार उन्हें सीनियर्स से शिकायत करने की धमकी भी देते हैं लेकिन जब वह उन्हें बताते है कि यहाँ सबसे सीनियर वही हैं तो फिर चुपचाप लाइन में लग जाते हैं।
  • एक बार एक दिग्गज क्रिकेटर के एक्टर बेटे और एक अन्य क्रिकेटर की पत्नी से भी फाइन ना भरने को लेकर समीर वानखेड़े की बहस हो चुकी है। इसके बाद समीर वानखेड़े ने उन्हें टैक्स चोरी के आरोप में गिरफ्तार करने की बात कह दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ और उन्होंने फाइन भरा।
  • साल 2013 में समीर वानखेड़े ने बॉलीवुड गायक मीका सिंह को मुंबई एयरपोर्ट पर विदेशी मुद्रा के साथ पकड़ा था।
  • समीर वानखेड़े नियमों को लेकर कितने सख्त हैं, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने साल 2011 में सोने से बनी क्रिकेट विश्वकप की ट्रॉफी को ड्यूटी चार्ज का भुगतान करने के बाद ही मुंबई हवाई अड्डे से जाने दिया था।
  • साल 2010 में महाराष्ट्र सेवा कर विभाग में तैनाती के बाद समीर वानखेड़े ने लिए बॉलीवुड की 200 मशहूर हस्तियों समेत 2500 लोगों के खिलाफ टैक्स चोरी के मामले में कार्रवाई की।
  • समीर वानखेड़े के रहते हुए दो साल में 87 करोड़ रुपए का राजस्व भी सरकारी खजाने में जोड़ा था, जो मुंबई में एक रिकॉर्ड है।
  • साल 2021 में समीर वानखेड़े के नेतृत्व में NCB ने मुंबई में एक पैसेंजर क्रूज शिप पर छापा मारा और एक रेव पार्टी का भंडाफोड़ किया। इस पार्टी में ड्रग्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। NCB ने इस मामले में शाहरुख़ खाने के बेटे आर्यन खान सहित 3 लोगों को हिरासत में लिया था।

रोजमर्रा के कई नियमों में आज से बदलाव

नई दिल्ली (एजेंसी)। बैंक से लेकर रोजमर्रा से जुड़े कई नियम आज 1 अक्टूबर से बदल गए हैं। इन बदलावों का असर आम आदमी से लेकर खास तक के जीवन पर होगा। कई बैंकों के चेक बुक, ऑटो डेबिट भुगतान, एलपीजी सिलेंडर के दाम और पेंशन से जुड़े नियम इसमें मुख्य हैं।

खाने के बिल पर FSSAI रजिस्ट्रेशन नंबर जरूरी: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया FSSAI ने एक अक्टूबर तक खाद्य पदार्थों से जुड़े सभी दुकानदारों को रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया था। आज से खाद्य पदार्थों से जुड़े दुकानदारों को सामान के बिल पर FSSAI का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखना अनिवार्य हो गया है। अब  दुकान से लेकर रेस्टोरेंट को डिस्प्ले में बताना होगा कि वह किन खाद्य पदार्थों का उपयोग कर रहे हैं। ग्राहकों को बिल पर FSSAI का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं देंने पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी, जिसमें जेल जाने तक की सजा है।

पेंशन नियम में बदलाव: डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र से जुड़ा नियम बदल गया है। देश के सभी बुजुर्ग पेंशनर्स जिनकी उम्र 80 साल या उससे ज्यादा है, वो देश के सभी प्रधान डाकघर के जीवन प्रमाण सेंटर में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। इसके लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है।

पुरानी चेक बुक खत्म: ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी), यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) और इलाहाबाद बैंक की पुरानी चेकबुक काम नहीं करेंगे। इन बैंकों का विलय दूसरे बैंकों में हो चुका है, इसके बाद खाताधारकों के खाता नंबर, चेक बुक, आईएफएससी व एमआईसीआर कोड बदल गए। अब तक ग्राहक पुराने चेक बुक का इस्तमाल कर ले रहे थे। आज से वो ऐसा नहीं कर पाएंगे। खाताधारकों को नए चेकबुक लेनी होगी।

LPG सिलेंडर महंगा: आज से एलपीजी सिलेंडर करीब 36 रुपये महंगा हो गया है। राहत की बात यह है कि यह बढ़ोतरी 19 किलो वाले कामर्शियल सिलेंडर में हुई है। दिल्ली में नॉन-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अभी भी 884.50 रुपये ही है।

दिल्ली में प्राइवेट शराब की दुकानें बंद: दिल्ली में निजी शराब की दुकानें आज से 16 नवंबर, 2021 तक बंद रहेंगी। तब तक सिर्फ सरकारी दुकानें खुलेंगी। यह बदलाव लाइसेंस के अलॉटमेंट को लेकर किया गया है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के अनुसार नई एक्साइज पॉलिसी राजधानी को 32 जोन में बांटेगी। नई गाइडलाइन के मुताबिक 17 नवंबर से नई नीति के तहत आने वाली दुकानें ही संचालित हो सकेंगी।

बदलेगा ऑटो डेबिट भुगतान का तरीका: क्रेडिट-डेबिट कार्ड के पेमेंट से जुड़े नियम में बदलाव हो गया है। आज से क्रेडिट/डेबिट कार्ड से होने वाले ऑटो भुगतान का नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत बिना ग्राहक को जानकारी दिए बैंक आपके खाते से पैसा नहीं काट सकेंगे। इसके लिए बैंक आपको पूर्व जानकारी देगा, तभी पेमेंट आपके बैंक से कटेगी। बैंक उपभोक्ता के खाते से पैसा तभी डेबिट होगा, जब वह इसके लिए अनुमति देगा।

निष्क्रिय होगा डीमैट अकाउंट: सेबी ने डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट रखने वाले लोगों को 30 सितंबर 2021 से पहले केवाईसी डिटेल्स अपडेट करने के लिए कहा था। अगर अब तक डीमैट अकाउंट में केवाईसी अपडेट नहीं किया है तो आपका डीमैट अकाउंट सस्पेंड हो जाएगा और आप बाजार में ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे। यह तब तक चालू नहीं होगा, जब तक आप केवाईसी अपडेट नहीं कर लेते।

म्यूचुअल फंड निवेश में बदलाव: बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड निवेश के नियम में बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक एसेट अंडर मैनेजमेंट, म्यूचुअल फंड हाउस में काम करने वाले जूनियर कर्मचारियों पर लागू होगा। 1 अक्टूबर 2021 से एमएससी कंपनियों के जूनियर कर्मचारियों को अपनी सैलरी का 10 फीसदी हिस्सा म्यूचुअल फंड के यूनिट्स में निवेश करना होगा, जबकि 1 अक्टूबर 2023 तक फेज वाइज यह सैलरी का 20 फीसदी हो जाएगा।

अब 30 जून तक करें पैन कार्ड आधार से लिंक

दिल्ली। सरकार ने पैन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए आखिरी तारीख तीन महीने बढ़ा दी है। अभी तक ये तारीख 31 मार्च 2021 थी, लेकिन अब उसे बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है। पैन और आधार लिंक न होने पर 1000 रुपए तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। जुर्माने का प्रावधान आयकर कानून, 1961 में जोड़े गए नए सेक्शन 234H के तहत किया गया है। सरकार ने ऐसा 23 मार्च को लोकसभा से पारित हुए फाइनेंस बिल 2021 के जरिए किया है। आयकर कानून में जोड़े गए नए प्रावधान के तहत सरकार पैन और आधार की लिंकिंग न किए जाने पर लगने वाले जुर्माने का अमाउंट तय करेगी। यह जुर्माना 1000 रुपए से ज्यादा नहीं होगा।

बुधवार को आयकर विभाग की वेबसाइट यूजर्स के भारी दबाव के कारण कई बार क्रैश हो गई थी। वित्त वर्ष 2019-20 या आकलन वर्ष 2020-21 का विलंबित इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाले लोगों और पैन कार्ड को आधार के साथ लिंक कराने वालों की भारी संख्या के चलते वेबसाइट क्रैश हो गई। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने सोशल मीडिया पर समयसीमा को बढ़ाने की भी मांग की। अब ऐसे लोगों को भी राहत मिली है, जो इंकम टैक्स की वेबसाइट क्रैश होने के चलते बुधवार को पैन कार्ड को आधार के साथ लिंक नहीं करा पाए।

आधार कार्ड को पैन कार्ड से कैसे लिंक करें –

आपका पैन कार्ड पहले से ही आधार कार्ड से जुड़ा हुआ है, यह जांचने के लिए आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट – incometaxindiaefiling.gov.in पर लॉग ऑन करें।

दोनों को लिंक करने के लिए, वेबसाइट पर ‘लिंक आधार’ विकल्प पर क्लिक करना होगा। अब एक नया पृष्ठ खुलेगा जहां आपको अपना पैन कार्ड नंबर, आधार संख्या और अपना नाम जैसी सभी जानकारी भरने की आवश्यकता है। आधार और पैन के बीच नाम में परिवर्तन के मामले में, जो भी नाम सही है उसे भरना होगा।

अगर आप इनकम टैक्स की वेबसाइट पर लॉग इन करके अपने पैन को आधार से लिंक नहीं कर पा रहे हैं, तो आप साधारण एसएमएस के जरिए भी ऐसा कर सकते हैं। आपको 567678 या 56161 पर एसएमएस भेजना होगा। एसएमएस का प्रारूप UIDPAN <SPACE> <12 अंक आधार> <SPACE> <10 अंक पैन> है। एनएसडीएल या यूटीआई द्वारा एसएमएस भेजने वाले पर कोई शुल्क नहीं लगाया जा रहा है।

सरकार ने लोकसभा में मानी पेट्रोल-डीजल से खूब कमाई की बात

सरकार ने लोकसभा में मानी पेट्रोल-डीजल से खूब कमाई की बात, वित्त मंत्री बोलीं-GST में लाने का प्रस्ताव नहीं

नई दिल्ली। लोकसभा में सरकार ने स्वीकार किया कि पेट्रोल-डीजल से उसकी अच्छी खासी कमाई हो रही है. लोकसभा में एक सवाल के जवाब में स्वीकार किया कि 6 मई 2020 के बाद से पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क, उपकर और अधिभार से क्रमश: 33 रुपये और 32 रुपये प्रति लीटर की कमाई हो रही है. जबकि मार्च 2020 से 5 मई 2020 के बीच उसकी ये आय क्रमशः 23 रुपये और 19 रुपये प्रति लीटर थी.

IT की रेड में 220 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता चला

Ministry of Finance की ओर से बताया गया है कि आयकर विभाग ने तमिलनाडु में छापेमारी की है। एक जाने-माने व्यावसायिक समूह के 11 ठिकानों पर छापेमारी की गई। अब तक 220 करोड़ रुपए की कुल अघोषित आय का पता चला है। 8.30 करोड़ रुपए की नकदी ज़ब्त की गई है। छापेमारी और जांच की कार्रवाई अभी जारी है।

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने चेन्नई स्थित एक जाने-माने व्यावसायिक समूह के ठिकानों पर छापेमारी की है। समूह से जुड़े 11 ठिकानों पर छापे मारे गए और 9 स्थानों पर सर्वेक्षण किए गए। यह तमिलनाडु, गुजरात और कोलकाता में स्थित हैं। व्यावसायिक समूह टाइल्स और सैनीटरी वेयर के उत्पादन और विपणन के व्यवसाय से संबद्ध है और दक्षिण भारत का टाइल्स के व्यवसाय का अग्रणी समूह है।

तलाशी अभियान में टाइल्स की बिक्री और खरीद के गैर हिसाबी मामलों का पता चला। तलाशी दल के प्रयासों के चलते गैर लिखित लेन देन के विवरण सामने आए हैं, जो खुफिया कार्यालय और क्लाउड से संचालित सॉफ्टवेर पर दर्ज थे। 26 फरवरी 2021 से शुरू रेड में पता चला है कि व्यवसायिक समूह के 50 प्रतिशत के करीब लेन-देन को लेखा पुस्तिका से अलग रखा गया है। पिछले टर्न ओवर को ध्यान में रखते हुए किए गए आंकलन के मुताबिक तकरीबन 120 करोड़ रुपये की आय को छिपाया गया है। यह 100 करोड़ रुपये की अघोषित आय के अतिरिक्त है, जिसे व्यावसायिक समूह ने छद्म कंपनियों के माध्यम से शेयर प्रीमियम के रूप में दिखाया था।
अब तक 220 करोड़ रुपये की कुल अघोषित आय का पता चला है। 8.30 करोड़ रुपये की नक़दी भी बरामद हुई है जिसे विभाग द्वारा ज़ब्त कर लिया गया है। छापेमारी और जांच की कार्रवाई अभी जारी है।

विभाग ने इस बात की निगरानी करने की भी पूरी तैयारी की है कि कहीं इन पैसों का दुरुपयोग मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए तो नहीं किया जा रहा है। विभाग तमिलनाडु और पुद्दुचेरी में गैर हिसाबी धन के स्रोतों और इसके प्रवाह पर भी नज़र रखने को लेकर प्रतिबद्ध है।

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एक मार्च से देश में आने वाले हैं 4 बदलाव

एक मार्च से देश में आनेवाले हैं 4 बदलाव
दिल्ली। एक मार्च 2021 से भारत में चार बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का आपकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा। इनसे एक ओर जहां आपको राहत मिलेगी, वहीं अगर आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा तो आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।

बुजुर्गों को लगेगा कोरोना का टीका – भारत समेट दुनियाभर के देशों में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान काफी तेजी से चल रहा है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण करीब एक साल तक देश ही नहीं विश्व की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन देश में 60 या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए खुशखबरी है। बुजुर्गों को सरकार मार्च महीने से कोरोना का टीका लगाना शुरू कराने जा रही है। 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोविड का टीका लगने लगेगा।

उठा सकते हैं प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान योजना का लाभ – भारत सरकार ने विवाद से विश्वास योजना की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान योजना के तहत कर संबंधी घोषणा दाखिल करने की समय सीमा 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दी है। इसके साथ ही भुगतान के लिए समय 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है। पहले इस योजना के तहत घोषणा करने की समय सीमा 28 फरवरी थी। यानी अब करदाता मार्च में भी इस सरकारी योजना का लाभ उठा सकते हैं।

बैंक ग्राहकों का बदलेगा IFSC कोड – अगर आपका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में है तो ये खबर आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। एक अप्रैल 2019 से विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ विलय प्रभावी हो गया था। इसके बाद देना बैंक और विजया बैंक के ग्राहक बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहक बन गए। अब बैंक ने आगाह किया है कि एक मार्च 2021 से विजया बैंक और देना बैंक के आईएफएससी कोट काम नहीं करेंगे। ग्राहकों को एक मार्च से ग्राहकों को नए आईएफएससी कोड का इस्तेमाल करना होगा। ग्राहक नए कोड से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए बैंक की वेबसाइट पर जा सकते हैं।

खुलेंगे पांचवीं कक्षा तक के विद्यालय – एक मार्च से उत्तर प्रदेश और बिहार में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थी ऑफलाइन पढ़ाई के लिए विद्यालय आ सकेंगे। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू कराने की तैयारी शिक्षा विभाग ने पूरी कर ली है। स्कूलों में साफ-सफाई कराने के साथ ही सैनिटाइज कराने का काम किया जा रहा है। सतर्कता और सावधानी के साथ प्राथमिक स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं लगाई जाएंगी। स्कूलों में आने के लिए अभिभावकों का सहमति पत्र शिक्षा विभाग की ओर से अनिवार्य किया गया है। इसके बिना छात्रों को स्कूल में प्रवेश नहीं मिलेगा।

एक करोड़ नकद व 14000 अमेरिकी डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्रा जब्त


एक करोड़ नकद व 14000 अमेरिकी डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्रा जब्त
आयकर विभाग की हरियाणा में छापेमारी

नई दिल्ली।आयकर विभाग ने शुक्रवार को गुरुग्राम स्थित रियल एस्टेट कंपनी, उसके प्रवर्तकों, निदेशकों ,समूह की अन्य कंपनियों के मामले में आयकर अधिनियम 1961 की धारा 132 के तहत तलाशी शुरू की। इसमें कुल 20 परिसरों को शामिल किया गया। उक्त कंपनी सड़कों, राजमार्ग, पुल और रनवे निर्माण की विशेषज्ञता वाले सरकारी ठेकों के कारोबार में है। समूह रियल एस्टेट के विकास और आवासीय परिसरों के कारोबार में है।
तलाशी में मुख्य प्रवर्तक और परिवार के सदस्यों के नाम पर साल 2012-13 और 2013-14 में 25 करोड़ रुपये के जाली लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के प्रमाण मिले हैं, जिस पर कोई कर नहीं चुकाया गया है।
तलाशी से ये भी स्थापित हुआ कि समूह ने कर योग्य आय को घटाने के लिए उप-अनुबंधों के रूप में 100 करोड़ रुपए के बराबर जाली खर्च का दावा किया। उन सभी पक्षों को इन सौदों की कोई जानकारी नहीं थी, जिनके नाम पर ये खर्च दिखाया गया और उन्होंने खुद के द्वारा ऐसा कोई काम करने से इन्कार किया। 100 करोड़ रुपए की ये रकम समूह की कंपनियों के पास शेयर पूंजी और शेयर प्रीमियम के रूप में वापस पहुंचा दी गई।
तलाशी अभियान के दौरान आवासीय इकाईयों की बिक्री और संपत्तियों की खरीद में करोड़ों रुपए नकद के भुगतान और प्राप्ति दर्शाने वाले कई कागज और कागजात प्राप्त हुए हैं। बेनामी संपत्तियों के कागजात भी प्राप्त हुए हैं।
अब तक नकद एक करोड़ रुपए और 14000 अमेरिकी डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्रा बरामद और जब्त की जा चुकी है। 15 लॉकर का पता लगाया जा चुका है और उन्हें रोक के तहत रखा गया है। समाचार लिखे जाने तक तलाशी जारी है और आगे की जांच प्रगति पर है।

फास्टैग आज आधी रात से अनिवार्य

राष्ट्रीय राजमार्गों पर शुल्क संग्रह प्लाज़ा की सभी लेन को 15 फरवरी/16 फरवरी 2021 की आधी रात से “शुल्क प्लाजा की फास्टैग लेन” के रूप में घोषित कर दिया जाएगा। नहीं तो निर्धारित शुल्क का दोगुना शुल्क के बराबर की राशि का भुगतान करना होगा।

नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने फैसला किया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर शुल्क संग्रह प्लाज़ा की सभी लेन को 15 फरवरी/16 फरवरी 2021 की आधी रात से “शुल्क प्लाजा की फास्टैग लेन” के रूप में घोषित कर दिया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008 के अनुसार, कोई भी वाहन जिसमें फास्टैग नहीं लगा हुआ है अथवा, जिस वाहन में वैध, कार्यात्मक फास्टैग नहीं है, उसे शुल्क प्लाज़ा में प्रवेश करने पर उस श्रेणी के लिए निर्धारित शुल्क का दोगुना शुल्क के बराबर की राशि का भुगतान करना होगा।

आज जारी एक बयान में, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल मोड के माध्यम से शुल्क भुगतान को बढ़ावा देने, प्रतीक्षा समय और ईंधन की खपत को कम करने और शुल्क प्लाज़ा के माध्यम से एक आसान और निर्बाध मार्ग प्रदान करने के लिए ऐसा किया गया है। मंत्रालय ने 1 जनवरी 2021 से प्रभावी होने के साथ मोटर वाहनों के एम एंड एन श्रेणियों में फास्टैग को फिट करने का आदेश दिया था।

श्रेणी एम का अर्थ है, ’यात्रियों को ले जाने के लिए उपयोग किए जाने वाले कम से कम चार पहियों के साथ एक मोटर वाहन है। और श्रेणी एन का तात्पर्य है ‘एक मोटर वाहन जिसमें सामान ले जाने के लिए कम से कम चार पहिए हैं और जो सामान के अलावा व्यक्तियों को भी ले जा सकते हैं।

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CBDT पोर्टल पर कीजिए कर चोरी की शिकायत

कर चोरी/बेनामी संपत्तियों/विदेशी अघोषित परिसंपत्तियों के बारे में शिकायत दर्ज करने के लिए सीबीडीटी का ई-पोर्टल लांच

नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कर चोरी, विदेशी अघोषित परिसंपत्तियों के साथ-साथ बेनामी संपत्तियों/ के बारे में शिकायतों को दर्ज करते हुए प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए विभाग की ई-फाईलिंग वेबसाइट पर ई-पोर्टल का शुभारंभ किया है। इस पोर्टल का उद्देश्य कर चोरी को रोकने के लिए ई-गवर्नेंस की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए और इस दिशा में नागरिकों की हितधारक के रूप में भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

अब आमजन विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/ पर एक लिंक के माध्यम से “कर चोरी/अघोषित विदेशी संपत्ति/बेनामी संपत्ति की शिकायत दर्जं करें” शीर्षक के अंतर्गत कर चोरी की शिकायत दर्जं करा सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए इस सुविधा का उपयोग मौजूदा पैन/आधार कार्ड धारकों के साथ-साथ ऐसे व्यक्ति भी कर सकते हैं, जिनके पास पैन/आधार कार्ड नहीं है। इस पोर्टल पर ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण की एक प्रक्रिया (मोबाइल और/या ईमेल) के बाद, शिकायतकर्ता इस उद्देश्य के लिए आयकर अधिनियम, 1961 के उल्लंघन, काला धन (अघोषित विदेशी संपत्ति और आय) कर अधिरोपण अधिनियम, 1961 और बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम के तहत निर्धारित किए गए तीन फॉर्मों में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। सफलतापूर्वक शिकायत के दर्ज होने के पश्चात, विभाग प्रत्येक शिकायत के लिए प्रत्येक शिकायतकर्ता को एक विशिष्ट नंबर देता है और इसके माध्यम से शिकायतकर्ता विभाग की वेबसाइट पर शिकायत की स्थिति देख सकता है। ई-गवर्नेंस के प्रति अपने संकल्प को मजबूत करते हुए, विभाग के साथ परस्पर वार्तालाप में आसानी को बढ़ाने के लिए यह ई-पोर्टल आयकर विभाग की एक और पहल है। **************