पुरानी पेंशन बहाली तक जारी रहेगा संवाद एवं संघर्ष: चंद्रहास सिंह

डॉ रामाशीष सिंह पुण्यतिथि पर अटेवा करेगा 7 दिसंबर को कैंडल मार्च

पुरानी पेंशन बहाली तक जारी रहेगा संवाद एवं संघर्ष: चंद्रहास सिंह

बिजनौर। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ जनपद शाखा बिजनौर की बैठक जिलाध्यक्ष जयप्रकाश पाल की अध्यक्षता एवं जिला महामंत्री पंकज कटारिया के संचालन में हुई। बैठक का आयोजन अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रांतीय आह्वान पर डॉ रामाशीष सिंह की पुण्यतिथि पर पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में कैंडल मार्च की सफलता को लेकर किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए अटेवा प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षकों एवं कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है जिसके लिए शिक्षक कर्मचारी संघर्षरत है। पुरानी पेंशन बहाली के संघर्ष में 7 दिसंबर 2016 को डॉक्टर रामाशीष की शहादत हुई। यह शहादत बेकार नहीं जाएगी। पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा। डॉ रामाशीष सिंह की शहादत की बदौलत पुरानी पेंशन बहाली का संघर्ष देश के प्रत्येक राज्य में व्यापक रूप से चल रहा है। प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री अश्वनी कुमार ने कहा अटेवा पुरानी पेंशन बहाली के संघर्ष को सफलता के आयाम तक ले जाने का काम कर रहा है। उनके संघर्ष की बदौलत चार राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल हुई है। जिला अध्यक्ष जय प्रकाश पाल ने कहा कि अटेवा के संघर्ष में पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रत्येक कर्मचारी की सहभागिता रही है जो निरंतर जारी रहेगी। आगामी 7 दिसंबर के कैंडल मार्च में जनपद का प्रत्येक कर्मचारी प्रतिभाग करेगा। जिला महामंत्री पंकज कटारिया ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की आवाज अटेवा ने बुलंद की। इस संघर्ष में हम पूरी तरह अटेवा के साथ हैं। पुरानी पेंशन बहाली तक संवाद एवं संघर्ष जारी रहेगा। जिला कोषाध्यक्ष नरेश कुमार, संदीप कुमार, राजवंश, नंदराम, अंशुल कुमार, मंजुल कुमार, सत्यपाल सिंह, चतर सिंह, उदयराज सिंह, मोहम्मद सलमान, संजय कुमार, शंभू नाथ आदि ने विचार व्यक्त किए।

…नहीं तो, थाने का घेराव करेंगे चार दिन बाद

थानाध्यक्ष एवं उनकी टीम के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर उमड़ा हुजूम

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने घेरा थाना-बक्शी का तालाब

पुलिस कमिश्नर से मोबाइल पर वार्ता फेल होने के बाद पहुंचे डीसीपी, एसीपी की भी नहीं सुनी कोई बात

क्षेत्रीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद दिया चार दिन का अल्टीमेटम

लखनऊ। थानाध्यक्ष एवं उनकी टीम के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के हजारों कार्यकर्ताओं ने थाना-बक्शी का तालाब को घेर लिया। पुलिस कमिश्नर से मोबाइल पर वार्ता फेल होने के बाद पहुंचे डीसीपी, एसीपी की भी नहीं सुनी गई। क्षेत्रीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद यूनियन ने चार दिन की मोहलत दी है। पांच सूत्रीय मांगों की सुनवाई न होने पर थाने का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव की अगुवाई में हजारों की संख्या में यूनियन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने थाना-बक्शी का तालाब को घेर लिया। थानाध्यक्ष एवं उनकी टीम के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर उमड़े हुजूम को देख जिला प्रशासन के अधिकारी आनन-फानन में यूनियन के केन्द्रीय कार्यालय और कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। उन्होंने पुलिस आयुक्त से फोन के माध्यम से वार्ता कराई लेकिन बात न बनती देख मौके पर डीसीपी एसएम कासिम आब्दी तथा एसीपी आशुतोष कुमार को भेजा गया। उन्होंने यूनियन के पदाधिकारियों से थाने का घेराव न करने का आग्रह करते हुए आश्वासन दिया कि सभी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर थाना-बक्शी का तालाब के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ जो भी शिकायतें की गई हैं, उस पर दो दिन के भीतर सख्त कार्यवाही की जायेगी। साथ ही इसकी निष्पक्ष जाँच का मौका प्रशासन ने मांगा। इसके बावजूद यूनियन के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता थाना घेराव हेतु अड़े रहे। मामले को तूल पकड़ता देख क्षेत्रीय विधायक योगेश शुक्ला को मौके पर आकर जिम्मेदारी लेनी पड़ी। इस पर यूनियन के पदाधिकारियों ने चार दिन की मोहलत दी है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव ने बताया कि समस्त पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं की सहमति से थाना घेराव को आगामी 4 दिन के लिए स्थगित कर दिया है, अगर प्रशासन सख्त कार्यवाही नहीं करता है तो पुनः विशाल धरना प्रदर्शन किया जायेगा।

इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार लोधी, राष्ट्रीय महामंत्री वीरेन्द्र रावत, जिलाध्यक्ष लवकुश यादव, जिला उपाध्यक्ष आलोक यादव, ब्लाक अध्यक्ष धर्मेन्द्र प्रजापति, जिला मीडिया प्रभारी पंचदेव यादव, बालक राम, शिव कुमार, बीकेटी पार्षद सर्वेश यादव, अध्यक्ष साधन सहकारी समिति गुडम्बा प्रमोद यादव, ग्राम प्रधान रजौली श्यामू चौरसिया, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद नदीम, बीडीसी पैकरामऊ सुमित्रा सिंह, राकेश शर्मा, राम सहारे पाल, दिलीप कुमार यादव, पंकज यादव गेगौरा, संजय यादव उर्फ संजू, रत्नाकर पांडेय, संजय रत्नाकर, अशोक वर्मा, आशीष विश्वकर्मा तथा समस्त पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

बैक पेपर के नाम पर विवेक कॉलेज कर रहा उगाही? धरती पर बैठे भावी चिकत्सक

बैक पेपर के नाम पर विवेक कॉलेज कर रहा उगाही? धरने पर बैठे नाराज छात्र छात्राएं। आंदोलनकारियों से मिलना भी गवारा नहीं कर रहा कॉलेज प्रशासन।

बिजनौर। बैक पेपर के नाम पर विवेक कॉलेज प्रशासन द्वारा उगाही की जानकारी सामने आई है। इस बात को लेकर विवेक कॉलेज आफ आयुर्वेदिक साइंसेज एंड हॉस्पिटल बिजनौर BAMS के छात्र छात्राओं ने बुधवार सवेरे कॉलेज गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। समाचार लिखे जाने तक मैनेजमेंट की ओर से कोई भी आंदोलनकारियों से मिलने नहीं पहुंचा था।

विवेक कॉलेज प्रशासन द्वारा बैक पेपर के नाम पर उगाही की जानकारी सामने आई है। नाराज छात्र छात्राओं ने बुधवार सवेरे कॉलेज गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्हें कई विषयों में जान बूझ कर फेल कर दिया जाता है और बैक पेपर के नाम पर प्रति छात्र छात्राओं से दो~दो हजार रुपए वसूले जाते हैं। कापियां जांचने के बाद भी पिछले वाले ही अंक आते हैं। छात्र छात्राओं का कहना है कि जब फीस दो लाख नौ हजार रुपए है तो उनसे ढ़ाई लाख रुपए क्यों वसूले जाते हैं। एग्जामिनेशन फीस और बैक पेपर फीस की पक्की रसीद नहीं दी जाती। शोभित यूनिवर्सिटी से 83 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले छात्र की हर विषय में बैक आई है। यह भी आरोप है कि पुलिस के जरिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। देर शाम मैनेजमेंट की ओर से वार्ता के बाद आंदोलनकारियों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस मामले में कॉलेज मालिक, प्रबंधक से संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन के विभिन्न कार्यों को करा कर कॉलेज प्रशासन बेलगाम हो गया है। आंदोलनकारी छात्र छात्राओं ने समस्या का निस्तारण न होने पर शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलने की ठान ली है। इस बीच थाना शहर कोतवाली पुलिस मौके पर मौजूद है और आंदोलनकारियों को समझाने के प्रयास में है।

डाक्टर के तबादले को लेकर छिड़ा घमासान!

एबीवीपी को दबाने की कोशिश में भाजपा पदाधिकारी। घेराव के बाद सीएमओ ने किया था अवैध उगाही के आरोपी डॉक्टर व स्टाफ का तबादला। डाक्टर का तबादला निरस्त कराने के लिए पैरवी में उतरे भारतीय जनता पार्टी के जिला स्तर के नेता।

बिजनौर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के धरना, प्रदर्शन के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली के आरोप में हटाए गए डाक्टर की पैरवी में मुख्य संगठन भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी उतर आए हैं? इसे लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा गया था। यही नहीं विश्वनीय सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि इस मामले को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष और संघ के नेताओं तक से संपर्क साधा जा रहा है।

दरअसल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली का आरोप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता लगा रहे थे। तमाम धरना, प्रदर्शन तथा घेराव के बाद सीएमओ ने आरोपी डॉक्टर संदीप का स्थानांतरण पीएचसी मंडावली, फार्मेसिस्ट ब्रजेश कुमार का सीएचसी समीपुर और वार्ड ब्वॉय शुभम का स्थानांतरण सीएचसी समीपुर कर दिया। इससे पहले डाक्टर संदीप अपने राजनैतिक आकाओं की शरण में पहुंचे। तब भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री बलराज त्यागी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने लैटर हेड पर पत्र लिख कर जबरदस्त तरीके से पैरवी की।

क्या लिखा था डाक्टर की पैरवी में? भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री बलराज त्यागी ने 14 सितंबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने लैटर हेड पर पत्र लिख कर जबरदस्त तरीके से पैरवी की। उन्होंने लिखा कि संदीप ईमानदार अच्छे कर्तव्यनिष्ठ डाक्टर हैं, जो मरीजों को व उनके साथ आने वालों को संतुष्ट रखते हैं। अपना कार्य पूर्ण मिष्ठा और ईमानदारी से करते आ रहे हैं। वर्तमान में भी प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र नजीबाबाद पर पूर्ण निष्ठा से सेवा दे रहे थे। इनको प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र पर ही बने रहने दिया जाए, जिससे कि जनसामान्य को और अधिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने डा. संदीप के अब उज्वल भविष्य की कामना भी की।

फाइल चित्र

गौरतलब है कि 23 अगस्त 2022 को एबीवीपी नजीबाबाद के नगर मंत्री विनायक गुप्ता ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए दोषी डाक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। साथ ही अवैध रूप से वसूली गई रकम छात्र छात्राओं को वापस करने की मांग भी की। इस मामले में कुछ भी न होने पर पीएचसी पर धरना प्रदर्शन भी किया। आखिरकार फिर भी सुनवाई न होने पर 19 सितंबर को बिजनौर पहुंच कर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह संयोजक फार्मा विजन अभिषेक त्यागी के नेतृत्व में सुधांशु चौहान जिला संयोजक बिजनौर, रॉयल अहलावत, अनमोल चौहान, बंटी चौहान, शानू त्यागी, उज्जवल चौहान, हर्षित त्यागी, आकाश राठी, मुकुल राजपूत आदि सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सीएमओ का घेराव किया। इसके बाद सीएमओ ने उसी दिन आरोपी डॉक्टर संदीप का स्थानांतरण पीएचसी मंडावली, फार्मेसिस्ट ब्रजेश कुमार का सीएचसी समीपुर और वार्ड ब्वॉय शुभम का स्थानांतरण सीएचसी समीपुर कर दिया। अब इस मामले को लेकर तगड़ी राजनीति शुरू हो गई है। सूत्रों का कहना है कि तबादला निरस्त कराने के लिए भाजपा जिला अध्यक्ष और संघ के नेताओं तक से संपर्क साधा जा रहा है।

दो सौ वर्ष पुराना वटवृक्ष काटने पर हिंदू संगठनों में आक्रोश

दो सौ वर्ष पुराने वटवृक्ष को काटे जाने से हिंदू संगठनों में रोष। पट्टे की जमीन खरीद कर उस पर खड़े दो सौ वर्ष पुराने वटवृक्ष को काटे जाने से हिंदू संगठनों में रोष। हिंदुओं की आस्था का प्रतीक था वट वृक्ष।

बिजनौर। हिंदू धर्म में पेड़-पौधों का विशेष महत्व है। खासतौर पर बरगद और पीपल के पेड़ों की तो पूजा-अर्चना भी की जाती है। अब ये दोनों पेड़ ढूंढने पर भी नहीं मिल रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है अंधाधुंध विकास। सिर्फ विकास के नाम पर हर साल लाखों पेड़ काटे जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या बरगद और पीपल के पेड़ों की है। धार्मिक के साथ ही बरगद और पीपल के पेड़ वैज्ञानिक लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि सबसे अधिक ऑक्सीजन इन्हीं दोनों पेड़ों से प्राप्त होती है। इसके अलावा इनमें कई औषधीय गुण भी होते हैं। फिर भी कुछ लोग अपने मुनाफे के लिए इन पेड़ों को भी काटने से नहीं चूक रहे हैं।

ऐसा ही एक मामला स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव खुर्द कादराबाद का है। स्योहारा ठाकुरद्वारा मार्ग पर स्थित नगर निवासी यूनुस का खेत है, जिसे यूनुस ने दलित समाज के एक व्यक्ति से खरीदा है। बताया जाता है कि इसके खेत पर दो सौ साल पुराना प्राचीन बरगद का पेड़ खड़ा था।

तीन दिन पूर्व खेत स्वामी व ठेकेदार ने मिलकर इस बट वृक्ष को कटवा दिया। ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी हुई तो वह मौके पर जमा हो गए थे और उन्होंने इसके विरोध में जमकर हंगामा किया था। सूचना पर पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी।

इसके बाद वन रेंजर गोविंदराम गंगवार ने काटे गए बरगद के पेड़ की लकड़ी को कब्जे में लेते हुए खेत स्वामी यूनुस व ठेकेदार उस्मान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही पंद्रह हजार रूपए का जुर्माना भी वसूला गया था। ग्रामीणों ने लोगों की आस्था से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए वहां पर धार्मिक स्थल बनाने की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप था कि भू माफियाओं द्वारा पट्टे की जमीन को औने-पौने में सौदा की गई भूमि को समतल कर प्लाटिंग करने के लिए भूमि के मध्य खड़े दो सौ वर्ष पुराने धार्मिक आस्था से जुड़े वट (बरगद) को काटकर उनकी आस्था को ठेस पहुंचाई गईं है।

…लेकिन वट वृक्ष काटने वालों के विरुद्ध अभी तक भी कोई उचित कार्यवाही न होने से ग्रामीणों व हिंदू संगठनों में रोष व्याप्त है। इसके चलते रविवार को भी ग्रामीणों व हिंदू संगठन के लोगों ने घटनास्थल पर जमकर हंगामा किया। सूचना पाकर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी भी मय फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह लोग अपनी मांग पर अड़े रहे।

बताया जा रहा है कि उक्त वट वृक्ष पर महिलाएं काफी संख्या में पूजन करने जाती थी। वर्षो पुराने और आस्था के प्रतीक वट वृक्ष कटने से लोगों में प्रशासन के प्रति भी कार्यवाही न करने के कारण आक्रोश है। डॉ एमपी सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई है उन लोगों के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए साथ ही उन्होंने काटे गए वटवृक्ष के स्थान पर धार्मिक स्थल बनाए जाने की मांग की।

इस मौके पर हरीश चौहान, दुष्यंत चौहान, नीरज राणा, पुष्पेंद्र चौहान, दिनेश सिंह, योगेश कुमार, सोमपाल सिंह, वीरेंदर सिंह, संदीप शर्मा, शीशराम सिंह, इन्द्र सिंह, उदय राज सिंह, बब्बू महाराज, विजय प्रताप, अनिल कुमार, नंदराम सिंह, व थम्मन सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

सरकार पर साधा बिजनौर पहुंचे राकेश टिकैत ने निशाना

बिजनौर पहुंचे राकेश टिकैत ने साधा सरकार पर निशाना। कलक्ट्रेट में किसानों ने किया अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी पुलिस बल रहा तैनात

बिजनौर। कलक्ट्रेट में शनिवार को सैकड़ों की तादाद में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता ट्रैक्टर ट्राली से पहुंचे और महापंचायत कर अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। बिजनौर पहुंचे राकेश टिकैत धरने में शामिल हुए और कहा कि किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ सरकार किसानों का बिल माफ करने की बात कह रही है तो वहीं किसानों के ट्यूबवेलों पर बिजली के मीटर लगा कर अवैध वसूली की जा रही है, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों का गन्ना भुगतान भी अभी तक नहीं किया गया है। इसके साथ ही अन्य कई मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया।

गौरतलब है कि किसानों ने कुछ दिन पूर्व अधिशासी अभियंता खंड कार्यालय बिजनौर में अपने ट्यूबवेल पर लगे मीटर उखाड़ कर जमा कर दिए थे
और समाधान ना होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी, जिसका असर आज देखने को मिला। सैकड़ों की तादाद में किसान बिजनौर कलक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया।

नलकूपों से मीटर उखाड़ कर विद्युत विभाग में जमा कराए

नलकूपों से विद्युत मीटर उखाड़ कर किसानों ने विभाग में जमा कराए। भाकियू टिकैत ने शुरू की बिजली विभाग से आरपार की लड़ाई।

बिजनौर। भाकियू टिकैत ने बिजली विभाग के शोषण से किसानों को मुक्ति दिलाने की मुहिम छेड़ दी है। गुरुवार को ट्यूबवेलों पर लगे मीटर उखाड़ कर जिले के सभी अधिशासी अभियंता कार्यालय में जमा करा अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया गया।

किसानों की अनेक गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए भाकियू के जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह, मंडल अध्यक्ष मुरादाबाद बाबूराम तोमर, प्रदेश महासचिव ठाकुर रामौतार सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मदपुर देवमल डॉ विजय चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष किरतपुर देवदत्त शर्मा के नेतृत्व में भाकियू पदाधिकारियों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार अधिशासी अभियंता खंड कार्यालय बिजनौर व किरतपुर कार्यालय पर प्रदर्शन कर किसानों के निजी नलकूप पर लगे मीटर उखाड़ कर जमा करा दिये।

भाकियू मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर व जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने कहा कि सरकार के बिना आदेश के ही बिजली विभाग के अधिकारियो ने किसानों के निजी नलकूपों पर मीटर लगाकर बिल उगाही शुरु करके किसानों से लूट शुरू कर दी थी। आंदोलन के दबाव में विद्युत अधीक्षण अभियंता बिजनौर निरंजन कुमार सिंह कह रहे हैं कि किसानों से मीटर से बिल नहीं लिया जाएगा जबकि ये आदेश सरकार ने 12 मई 2021 को किया था। इसलिए किसानों को लूटने वाले अधिकारी से किसान को डबल रिकवरी करके पैसे वापस कराए जाएं। एक दिन पूर्व ही भाकियू के मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर, जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने अधीक्षण अभियंता निरंजन कुमार सिंह से कहा था कि यूपी की योगी सरकार किसानों का बिल आधा करने के आदेश कर चुकी है तो फिर मीटर लगवा कर किसान अपने नलकूप का बिल 4 गुना क्यों जमा करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के नलकूप का बिजली बिल फ्री करना चाहिए क्योंकि किसान जमीन के नीचे से पानी निकाल कर जमीन के ऊपर छोड़कर सिर्फ राष्ट्रहित में देश के लिए अन्न तैयार करता है तो फिर किसान बिजली का बिल क्यों दें।
उन्होंने कहा कि सरकार और अधिकारी अपने इरादे साफ करें और किसानों को कमजोर समझना छोड़ दें। अगर किसान के साथ छेड़छाड़ की जाएगी तो किसान मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार बैठा है।

जिले के सभी आठों विद्युत सब डिवीजन पर जमा कराए मीटर- जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने बताया कि अधीक्षण अभियंता कार्यालय बिजनौर व धामपुर के अंतर्गत पड़ने वाले जिले के सभी आठों विद्युत सब डिवीजन पर भाकियू पदाधिकारियों के नेतृत्व में जिले के किसानों ने अपने ट्यूबवेल पर लगे सैकड़ों विद्युत मीटर उखाड़ कर जमा कर दिये हैं। किरतपुर और बिजनौर में 85 मीटर जमा कराए गए हैं और ये क्रम निरंतर चालू रहेगा। उन्होंने कहा कि जिले का कोई भी किसान किसी भी कार्यालय पर अगर अपना मीटर उखाड़ कर जमा करने जाए तो कोई अधिकारी आनाकानी न करे। अगर किसी किसान को परेशान किया गया तो उस अधिकारी को कुर्सी पर नहीं बैठने दिया जायेगा।

भाकियू के राष्ट्रीय सचिव धीर सिंह बालियान की अध्यक्षता व ब्लाक महासचिव मोहम्मदपुर देवमल पंकज सहरावत के संचालन में तहसील अध्यक्ष बिजनौर कोमन सिंह, जिला मीडिया प्रभारी संदीप त्यागी, जिला सचिव डालचंद प्रधान, बीरेंद्र सिंह, रिटायर्ड डिप्टी एसपी एमपी सिंह, दिनेश कुमार, गजेंद्र सिंह, वीर सिंह, पुष्पेंद्र ढाका एडवोकेट, संजीव कुमार, निपेंद्र सिंह, तपेंद्र सिंह, संदीप सिंह, मास्टर गिरिराज सिंह, मनप्रीत सिंह संधू, रवि शेखर तोमर, शुभम राणा, अनिल पंवार, अरुण नेता जी, जय सिंह, तेजपाल सिंह, अमनदीप सिंह, रोहित राणा, मोनू चौधरी, महावीर सिंह, शीशराम सिंह, सतेंद्र राठी आदि भाकियू पदाधिकारी मौजूद रहे।

डीएवी प्रकरण में कूदा माध्यमिक शिक्षक संघ, 4 को धरना प्रदर्शन

प्रधानाचार्य मनोज गोस्वामी व सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह के अधिकारों की लड़ेंगे लड़ाई: ओपी वर्मा

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का चार अगस्त को डीआईओएस कार्यालय पर धरना

बिजनौर। डीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज कुमार गोस्वामी के साथ की गई मारपीट तथा उसके बाद उनके व सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह के अवैध रूप से किए गए निलंबन के विरोध में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेत नारायण) गुट ने कड़ा विरोध जताया है। संघ पदाधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि शासन प्रशासन ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की तो 4 अगस्त को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

संघ के वरिष्ठ संरक्षक ओपी वर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज को नई रोशनी देने का काम करता है। एक समय था जब शिक्षण कार्य पूरा होने पर छात्र द्वारा गुरु दक्षिणा दी जाती थी। उन्होंने डीएवी कॉलेज में हुई घटना की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज के समय में गुरु के साथ मारपीट का चलन शुरू हो गया है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि निलंबित प्रधानाचार्य व सहायक अध्यापक के अधिकारों की लड़ाई लड़ने से उनका संगठन पीछे नहीं हटेगा। संघ के मंडलीय मंत्री सुधीर अग्रवाल ने कहा कि डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर के प्रधानाचार्य डॉ मनोज गोस्वामी एवं सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह के ऊपर प्रबंधतंत्र के द्वारा मारपीट की गई थी। इसके पश्चात संगठन के सहयोग से उनके खिलाफ एफआईआर की गई थी। प्रबंधतंत्र द्वारा एफआईआर खत्म कराने हेतु अनावश्यक दबाव बनाया गया और इसी दवाब के कारण पीड़ित प्रधानाचार्य व सहायक अध्यापक को निलंबित भी कर दिया गया। इसके विरोध में संगठन के द्वारा 26 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एक ज्ञापन दिया गया था। ज्ञापमें कहा गया था की प्रबंधनतंत्र के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जाए अन्यथा की स्थिति में 04 अगस्त को कार्यालय पर एक धरना आयोजित किया जाएगा। इस दौरान संगठन के प्रदेश महामंत्री रामबाबू शास्त्री पूर्व शिक्षक विधायक भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि 4 अगस्त को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर संगठन की ओर से धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन की सफलता के लिए संगठन के जिलाध्यक्ष सोमदेव सिंह, जिला मंत्री महेंद्र सिंह त्यागी, जिला संयोजक मोहम्मद हारुन, जिला कोषाध्यक्ष हरज्ञान सिंह, जिला संगठन मंत्री चिंतामणि यादव व कार्यकारिणी सदस्यों ने शिक्षक साथियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया है।

शिक्षा मंत्री से की थी भाजपा जिलाध्यक्ष की शिकायत- डीएवी के निलंबित सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह ने तीन दिन पूर्व शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर गुहार लगाई थी कि उन्हें व उनके परिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि द्वारा किए गए आर्थिक व मानसिक शोषण से बचाया जाए तथा सोसायटी रजिस्टार मुरादाबाद के निर्णय को शिक्षा विभाग द्वारा क्रियान्वित कर और शिक्षा माफियाओं पर अंकुश लगाया जाए।

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न्याय के लिए किसानों का डीएफओ कार्यालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

बिजनौर। गंगोड़ा जट में गुलदार की मौत के मामले में एक किसान को जेल भेजने व कई किसानों को झूठे मुकदमे में फसाने से आक्रोषित भाकियू पदाधिकारियों ने गन्ना समिति बिजनौर में इक्कट्ठा होकर मासिक पंचायत की और जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में सभी किसान जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए डीएफओ ऑफिस पहुंचे और डीएफओ ऑफिस के गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना प्रदर्शन में किसानों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रही।

भाकियू जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान के खेत में कोई जाल लगा जाए और उसमे गुलदार फंस जाए और किसान उस गुलदार को पकड़ कर वन व पुलिस विभाग को जिंदा सौप दे फिर में वन विभाग अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए किसानों के खिलाफ मुकदमा लिखाए और एक बेकसूर किसान को जेल भेजकर जिला प्रशासन इस मामले में इति श्री कर ले ऐसा भाकियू कतई बर्दास्त नही करेगी उन्होंने कहा कि वन विभाग व पुलिस किसानों के घर दबिश देने की आड़ में खुले आम घर में घुस जाते हैं और एक किसान की मोटर साइकिल चोरी कर लाए ये कौन से कानून की किताब में लिखा हैं कि किसान का सामान चोरी करने वाले के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती और गंगोडा जट में एक गुलदार की मौत के मामले में एक मुकदमा हल्दौर थाने में और एक मुकदमा अपने विभाग में दर्ज कर बेकसूर किसानों का शोषण किया जा रहा है और प्रशासन आंखे मूंद कर बैठा है।

किसानों के धरना प्रदर्शन के बीच डीएफओ के न आने से आक्रोषित भाकियू जिला अध्यक्ष के आदेश पर भाकियू पदाधिकारी ऑफिस में बैठे सहायक वन संरक्षक डॉक्टर हरेन्द्र सिंह को उठाकर मीटिंग में ले आए और खूब खरी खोटी सुनाई और अपने बीच ही बैठा लिया। भाकियू जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने कहा कि भाकियू ने जिला प्रशासन को एक महीने का टाइम दे दिया कि प्रशासन मामले की सही जांच कर जाल लगाने वाले शिकारी और गुलदार को नशे की ओवर डोज देकर मौत के घाट उतारने वाले वन कर्मियों के खिलाफ कारवाही करे परन्तु जिला प्रशासन इस मामले में आंख मूंद कर बैठ गया है इसलिए आज किसान वन विभाग की आंखे खोलने के लिए धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू प्रदेश महासचिव ठाकुर रामौतार सिंह, प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री होशियार सिंह, पूर्व मंडल महासचिव सुरपाल सिंह, जिला महासचिव नरदेव सिंह, जिला मिडिया प्रभारी संदीप त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मदपुर देवमल चौधरी विजय सिंह, स्योहारा ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र टिकैत, अल्लेहार पुर ब्लॉक अध्यक्ष कविराज सिंह, जलीलपुर ब्लॉक अध्यक्ष महिपाल सिंह, लक्ष्मी नारायण सिंह, अशोक कुमार, लुद्धियांन सिंह, जय सिंह, संजीव कुमार, सत्यपाल सिंह, अनुज चौधरी, मुकेश कुमार, सोनू विर्क, रवि शेखर तोमर, देवेश चौधरी, हरिओम यादव, संदीप सिंह, विकास कुमार, मुनेश कुमार, कल्याण सिंह, अजय वालियान, श्रीशपाल सिंह, अवनीश कुमार, बलजीत सिंह, पंकज सहरावत, मास्टर महेंद्र सिंह, दलेल सिंह, मोनू चौधरी, किसान यूनियन नेत्री रानी, ममता, बाला, मुनिया, राजो, पिंकी, उषा आदि सकड़ो महिला पुरुष पदाधिकारी मौजूद रहे।

न्याय के लिए 4 मार्च को भाकियू का जिला मुख्यालय पर आन्दोलन


बिजनौर। भाकियू कार्यकर्ता 13 फरवरी को कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम चंदूपुरा में नितिन सिरोही के हमलावरों के विरुद्ध कार्यवाही न होने से बहुत नाराज हैं। किसान पंचायत के दौरान जिलाधिकारी को प्रेषित ज्ञापन में 4 मार्च को जिला मुख्यालय पर बड़े आन्दोलन की चेतावनी दी गई है।


जानकारी के अनुसार किसान यूनियन से जुड़े नितिन सिरोही के साथ ग्राम के बूथ पर कुछ लोगों ने मारपीट की। वहां मौजूद फोर्स ने एक व्यक्ति को पकड़ पुलिस को सौपा था। यूनियन का आरोप है कि नितिन सिरोही के लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई और सरकारी अस्पताल में घटों बैठने के बाद मेडिकल नहीं किया गया। उल्टे पीड़ित नितिन सिरोही के विरुद्ध ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

एसओ और डॉक्टर के प्रति नाराजगी-
भाकियू ने आरोप लगाया कि डा० प्रमोद ने 14 फरवरी में भी मेडिकल नहीं किया जबकि दूसरे पक्ष का फर्जी मेडिकल बना दिया गया है। इस कारण कोतवाली देहात थानाध्यक्ष व डा० प्रमोद के विरुद्ध भाकियू में काफी रोष व्याप्त है। ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी समरपाल सिंह ने कहा कि प्रशासनिक आश्वासन के बाद अभी आंदोलन स्थगित किया जा रहा है। साथ ही चेताया कि इस सम्बन्ध में 3 मार्च तक कार्यवाही नहीं की गई तो भाकियू 4 मार्च को जिला मुख्यालय पर घेराव व आन्दोलन के लिए विवश होगी।

फार्मासिस्टों का सांकेतिक व क्रमिक आंदोलन जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते समूचे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों का विगत 4 दिसंबर से चल रहा सांकेतिक व क्रमिक आंदोलन जारी रहा

इसके तहत सरकार द्वारा उनकी वेतन विसंगतियों, पदनाम परिवर्तन, राईट टू प्रेस्क्रिप्शन, कैडर पुनर्गठन, मानक अनुसार अस्पतालों,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नियुक्तियों सहित 20 सूत्रीय मांगों पर उदासीनता व अड़ियल रवैये के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी होती जा रही हैं।

बताया गया है कि आगे 17 दिसम्बर से 19 दिसंबर को इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर पूर्ण कार्य बहिष्कार व 20 दिसम्बर से एमरजेंसी सेवाओं सहित पूर्ण कार्य बहिष्कार के चलते स्वास्थ्य सेवाएं पूर्ण रूप से ठप हो सकती हैं, जिसे रोकना अब सरकार के हाथों में है।
इसी क्रम में डिप्लोमा फार्मसिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के फार्मासिस्टों ने प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में अपनी 20 सूत्रीय मांगों के सापेक्ष उत्तर प्रदेश सरकार के अड़ियल रवैया के विरोध में आज आंदोलन के 10वें दिन भी 2 घंटे का बहिष्कार व जोरदार प्रदर्शन जारी रखा।वहीं जनपद लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन जनपद शाखा लखनऊ के पदाधिकारियों व डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों के नेतृत्व में 2 घंटे कार्य बहिष्कार सहित जोरदार प्रदर्शन किया गया। इसके अंतर्गत बलरामपुर अस्पताल में प्रदेश संरक्षक केके सचान व डीपीए जनपद लखनऊ कार्यकारी अध्यक्ष कपिल वर्मा के नेतृत्व में प्रदेश महामंत्री उमेश मिश्रा, पूर्व महामंत्री श्रवण सचान, प्रान्तीय कोषाध्यक्ष अजय पाण्डे,पूर्व प्रान्तीय कोषाध्यक्ष रजत यादव, सुभाष श्रीवास्तव, संजय कनौजिया, संयुक्त मंत्री विवेक श्रीवास्तव, संप्रेक्षक जितेंद्र कुमार, पंकज रस्तोगी, निशा तिवारी, मंजुलता, सुनीता सचान, संगीता वर्मा, सुनीता यादव, महेंद्र यादव, अब्दुल रहमान, निशा तिवारी, आर पी सिंह, दयाशंकर त्यागी, डीके श्रीवास्तव व अन्य सभी साथियों ने सुबह 8 बजे से 10 बजे तक 2 घंटे के कार्य बहिष्कार की कमान संभाली।
डीपीए जनपद लखनऊ संगठन मंत्री अविनाश सिंह के नेतृत्व में सीएचसी गोसाईं गंज में हनुमान प्रसाद वर्मा, अकील अंसारी, आरबी मौर्या, राम सुमित्र पटेल, अखिलेश ओझा, अतुल श्रीवास्तव, कन्हैयालाल, व जनपद लखनऊ कोषाध्यक्ष चंद्रशेखर श्रीवास्तव ने जोरदार प्रदर्शन व 2 घण्टे कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया।
सिविल अस्पताल में डीपीए जनपद लखनऊ अध्यक्ष अरुण अवस्थी के नेतृत्व में डीपीए उत्तर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुनील यादव, रजनीश पांडेय, जीसी दुबे, ओपी पटेल, श्रवण चौधरी, सलिल श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव, सुधाकर शर्मा, रंजीत गुप्ता आदि साथियों ने कमान संभाली।
लोकबंधु अस्पताल में सीएल शांति के नेतृत्व में,मोहम्मद अजमल, सरोज सिंह, संजुलता श्रीवास्तव, गिरिजेश यादव, प्रतिभा पटेल, मालिहाबाद सीएचसी से राजेश वरुण के नेतृत्व में नीलम वर्मा, सीएचसी सरोजनी नगर में जनपद लखनऊ वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरबी मौर्या के नेतृत्व में राजेश गौतम, सुनील मिश्रा, कमलकांत वर्मा, अनिल त्रिपाठी सीएचसी मोहनलालगंज से अनिल सचान के नेतृत्व में अरविंद वर्मा, अनीता अवस्थी, विकास शर्मा, रविन्द्र परिहार, आनंद कुशवाहा, सीएचसी इटौंजा से डीपीए लखनऊ मंत्री अखिल सिंह के नेतृत्व में अशोक गुप्ता, काज़ी इरसाद सहित सभी फार्मासिस्टों ने जोरदार प्रदर्शन किया

डफरिन से जसवंत सिंह के नेतृत्व में,अरविंद तिवारी, पवन शर्मा, टीबी अस्पताल से रामेंद्र सिंह, राजेश कोहली, कल्पना सचान, जितेंद्र कुमार पटेल सहित सभी फार्मासिस्ट/चीफ फार्मासिस्ट साथियों ने कमान संभाली।
साथ ही जनपद लखनऊ के सभी सामु०स्वा०केंद्र व प्रा०स्वा०केंद्रों पर तैनात सभी फार्मासिस्ट/चीफ फार्मासिस्ट साथियों द्वारा 2 घंटे का कार्य बहिष्कार करते हुए जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।
डीपीए जनपद शाखा लखनऊ के कार्यकारी अध्यक्ष कपिल वर्मा द्वारा संवर्ग के सभी फार्मेसिस्ट/चीफ फार्मासिस्ट साथियों द्वारा 10 वें दिन भी भारी संख्या में अपने अपने कार्यस्थल पर 2 घंटे का कार्य बहिष्कार करते हुए अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सभी साथियों का आभार व्यक्त किया गया