एकता अखण्डता और देश में भाईचारा बनाए रखने को कांग्रेस जनों ने की प्रार्थना

बिजनौर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कार्यालय व ब्लाक कांग्रेस कमेटी नहटौर द्वारा सर्व धर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस जनों ने देश की एकता अखण्डता और भाईचारा बनाए रखने और देश में शुख शांति की प्रार्थना की। जिला कांग्रेस कार्यालय पर जिला उपाध्यक्ष मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नज़ाक़त अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मीनू गोयल, जिला महासचिव विक्रम सिंह एड०, मोहम्मद पुर देवमल ब्लाक अध्यक्ष रवि राय, गुलशन कुमार, हर्षवर्धन सिंह राणा, अब्दुल समद आज़ाद, चितवन शर्मा, नईम शाह, वसीम अहमद, जय वीर सिंह, अशोक कुमार, आमोद शर्मा, मो०साजिद, रवि, वीरेश गहलौत आदि मौजूद रहे।

दूसरी ओर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नहटौर द्वारा ब्लाक के ग्राम खज़ुरा जट में सर्व धर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्लाक अध्यशा मीनाक्षी सिंह, जिला सचिव ब्लाक प्रभारी हुक्म सिंह, शीशराम शर्मा, बेद्दो देवी, मुकेश, किशनो देवी, विजेंद्र, नरदेव, लोकेश, निज़ामुद्दीन, रईस अहमद, मुबारिक, चन्द्रों देवी, कौशल, फूलवती आदि मौजूद रहे।

महंगाई, बेरोजगारी के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, सौंपा ज्ञापन

बिजनौर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शुक्रवार को जिला/ब्लाक कांग्रेस कमेटी बिजनौर द्वारा सभी 11 ब्लॉक कार्यालयों में राष्ट्रपति को सम्बोधित मांग पत्र सौंपा गया। जिला मुख्यालय पर ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। कांग्रेस जन जिला कार्यालय से जुलूस की शक्ल में इकट्ठा होकर जिला उपाध्यक्ष मुनीश त्यागी एवं जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और मांग पत्र दिया।

कांग्रेस जनों ने मांग पत्र में अवगत कराते हुए मांग की है कि भाजपा शासन काल मे देश प्रदेश में दिन प्रति दिन बढ़ती महंगाई के चलते त्राहि त्राहि मची हुई है, जिसके चलते आम नागरिक को दो वक्त की रोटी मिलना भी दूभर हो गया हैगरीब मजदूर भूखे मरने के कगार पर है। बेरोजगारी चरम पर है, पढ़े लिखे नौजवानों के लिए सरकारी नौकरी नहीं है। बेरोजगारों के लिए रोजगार नहीं है। पढ़े लिखे नौजवान हर रोज खुदकुशी कर रहे हैं, लेकिन देश की गूंगी बहरी ओर अंधी सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। हर रोज़ खानपान में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री पर भी सरकार द्वारा भारी जीएसटी लगा कर लूटने का काम किया गया है, जिससे देश के गरीबों की थाली से भोजन ही गयाब होने लगा है। किसानों के इस्तेमाल में आने वाली कीटनाशक दवाईयों और बीज पर भारी जीएसटी लगने की वजह से देश का अन्नदाता भी परेशान है, जो खेती करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

राष्ट्रपति से जिला कांग्रेस कमेटी बिजनौर एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी मोहम्मद पुर देवमल ने मांग की है कि देश में चल रही जन विरोधी भाजपा सरकार को तत्काल बर्खास्त करें।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, पूर्व मंत्री ओमवती देवी, इकबाल अहमद ठेकेदार, रविराय गुलशन कुमार, मिस बाबुल हसन, विक्रम सिंह एड०,शमीम कुरैशी, पदम् सिंह, मो०रफत नेता, सुधीर कुमार रवि, राजवीर सिंह सैनी,।वसीम अहमद, आमोद शर्मा, वीरेश गहलोत, दिनेश कुमार, जलालुद्दीन, संजीव चौधरी, नसीम, मो०अयूब मलिक आदि मौजूद रहे।

स्योहारा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से एक बैठक का आयोजन स्योहारा में ब्लॉक परिसर में किया गया। बैठक के बाद राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा गया। ज्ञापन में तत्काल प्रभाव से भाजपा सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई। सभा में प्रतिदिन बढ़ती महंगाई की समस्याएं उठाई गई। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन बीडीओ रामकुमार सिंह को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि देश में धर्म के नाम पर नफरत, अल्पसंख्यकों, किसानों, मजदूरों, महिलाओ, दलितों पर निरन्तर हमले हो रहे हैं।बेरोजगारी बढ़ रही है, युवा वर्ग परेशान है, बढ़ती महंगाई से जनता त्रस्त है। अन्नदाता दो वक्त की रोटी नहीं खा पा रहा है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में भाजपा सरकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की गई। इस मौके पर डॉ यज्ञदत्त गौड़, प्रेम सिंह सैनी, एहसान जमील, चांद चौधरी, आसिफ कुरेशी, नरेंद्र सैनी, हरि सिंह सागर, फहीम व सतपाल सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

राशनकार्ड मामले में कांग्रेस ने गवर्नर को भेजा ज्ञापन

बिजनौर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी बिजनौर द्वारा प्रदेश की राज्यपाल महोदया को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बिजनौर को दिया गया।
कांग्रेस जनों ने मांग पत्र में कहा कि प्रदेश के विभिन जनपदों में जिलाधिकारी/जिला पूर्ति अधिकारी राशन कार्ड वापस करने एवं गरीबों   को दिये राशन की रिकवरी को लेकर लगातार आदेश जारी कर रहे है, जिसके चलते प्रदेश की आम जनता में रोष व्याप्त है एवं आम जनता भृमित है, जबकि उनका यह आदेश खाद्य सुरक्षा कानून के खिलाफ है। अच्छे दिनों का वादा एवं गरीबों की भलाई का दावा करने वाली योगी सरकार लगातार गरीबों का  उपहास एवं अपमान कर उन्हें प्रताड़ित कर रही है।
जिला/शहर कांग्रेस कमेटी बिजनौर ने मांग करते हुए कहा कि जनहित में राशन कार्ड वापस करने के आदेश को निरस्त करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एवं समस्त जिलाधिकारीयों, समस्त जिला पूर्ति अधिकारियों को आदेश दिये जायें। साथ ही जिनके राशनकार्ड तहसीलों में जमा किये गए हैं, उन्हें वापस कार्ड धारकों को दिए जाएं।
कांग्रेस जनों ने दूसरा ज्ञापन अपर जिला अधिकारी बिजनौर को दिया। इसमें नगर पालिकाओं की मतदाता सूची के पुनः निरीक्षण में मकान संख्या नगरपालिका के मकान क्रम संख्या के हिसाब से ही किये जाने और वार्डो के परिसीमन में भी उपरोक्त को ही ध्यान में रखे जाने की मांग की गई।
इस अवसर पर सर्व श्री शेरबाज पठान, मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मीनू गोयल, हाजी नसीम अंसारी, हुक्म सिंह, बाला सैनी, डा०ओमप्रकाश सिंह, सुरेश सैनी, इकबाल अहमद, हर्षवर्धन सिंह राणा, पूनम, पदम् सिंह, कविता देवी, काज़ी आतिफ, असलम अंसारी, मो०राशिद, अदनान शेख, पदम् सिंह, वसीम अहमद, शाकिर बाबा, शमशाद अली, जियाउल हक, अनीस पहलवान, मो०इरशाद, शानू खान आदि कांग्रेस जन मौजूद रहे।

जिला अस्पताल में कांग्रेस जनों ने मरीजों को बांटे फल और बिस्किट

कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल और बिस्किटजिला कार्यालय पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि। कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

बिजनौर। भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर कांग्रेस जनों ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये। वहीं जिला कांग्रेस कार्यालय पर स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

भारत रत्न देश के पूर्व प्रधानमंत्री संचार क्रांति के निर्माता स्व. राजीव गांधी की पुण्य तिथि पर कांग्रेस जनों ने उन्हें याद किया। इस अवसर पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जानने के साथ ही मरीज़ों को फल/बिस्किट आदि वितरित किये गए।

इससे पहले जिला कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शेरबाज पठान ने तथा संचालन जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी ने किया। कांग्रेस जनों ने स्व०राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने स्व. राजीव जी को कम्प्यूटर/संचार क्रांति का निर्माता बताया और उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान, मुनीश त्यागी, बाबू डूंगर सिंह, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, बिजनौर शहर अध्यक्ष मोनू गोयल, हाजी नसीम अंसारी, श्रीमती मीनाक्षी सिंह, हुकुम सिंह, इकबाल अहमद, वीरेश गहलोत, काज़ी आतिफ, यश गोयल, एड. ज़फ़र मलिक, अब्दुल समद आज़ाद, पदम् सिंह, विमल शर्मा, हीरा देवी, कविता, वसीम अहमद, आमोद शर्मा, मो. राशिद आदि मौजूद रहे।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान 6 माह के लिए जिला बदर

बिजनौर। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान को गुंडा एक्ट के मामले में छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया गया है। एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने यह आदेश जारी किया। इसके अलावा कई अन्य को भी छह माह के लिए जिला बदर किया गया है। शेरबाज को जिला बदर किए जाने से चांदपुर में नगर पालिका चेयरमैन पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक उनके व्यक्तिगत विरोधी काफी खुश बताए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन ने कई आरोपियों को गुंडा अधिनियम में कार्यवाही करते हुए छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। जिला बदर होने वालों में कांग्रेस जिला अध्यक्ष व चांदपुर के मोहल्ला चाहसंग निवासी शेरबाज पठान पुत्र निसार अहमद के अलावा ग्राम हीमपुर बुजुर्ग निवासी शाहरुख पुत्र शकील, शेरकोट के मोहल्ला अफगानान निवासी इल्यास पुत्र हनीफ व नईम अहमद पुत्र खुदाबख्श, मोहल्ला हकीमान निवासी सलीम अहमद कुरैशी पुत्र मोहम्मद समी व फहीम अहमद पुत्र इमामद्दीन, हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम रावटी निवासी गोपाल पुत्र दयाराम तथा स्योहारा के ग्राम कमाला निवासी विपिन पुत्र ऋषिपाल, अनीस नंगली निवासी मुस्लिम उर्फ सुक्कू पुत्र शब्बीर व अम्मन खां पुत्र शकूर शामिल बताए गए हैं।

विदित हो कि चांदपुर पुलिस ने मौजूदा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान को गुंडा एक्ट में निरुद्ध किया था। मामले में सुनवाई करने के बाद एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने शेरबाज पठान को छह महीने के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए। इसी के साथ उक्त अवधि में जिले में दिखाई देने पर कार्रवाई के आदेश भी जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि शेरबाज पठान को छह महीने के लिए जिला बदर किया गया है। 

इस मामले में चांदपुर पुलिस को भनक नहीं लग पाई,  जिसके चलते मंगलवार तक शेरबाज पठान को जिले में ही घूमते हुए देखा गया। इतना ही नहीं मंगलवार को ही वह जिला मुख्यालय पर घूमते हुए दिखाई दिए। एडीएम प्रशासन विनय कुमार ने बताया कि शेरबाज पठान काफी लंबे समय से हाजिर नहीं हो रहे थे। कई आपराधिक मामले दर्ज थे। यह फाइल काफी लंबे समय से पेंडिंग थी। अब इस पर जिला बदर की कार्रवाई हुई है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान ने बताया कि यह एक पक्षीय कार्रवाई है। 2017 में मेरे पास एक नोटिस आया था, उस समय जिले में तैनात डीएम ने उन्हें आश्वासन दिया था कि कोई कार्रवाई नहीं होगी। इतने लंबे समय बाद यह कार्रवाई क्यों हुई, समझ नहीं आ रहा। उच्चाधिकारियों से इस मामले में वार्ता की जाएगी।

दिल्ली दंगा मामले में कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों को HC का नोटिस

सोनिया-राहुल गांधी और कपिल मिश्रा का नाम शामिल

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी

नई दिल्ली (नई दिल्ली)। हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले में  कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के अलावा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा, बीजेपी सांसद परवेश वर्मा जैसी कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों को नोटिस जारी किया है।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा

नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न इस मामले में पक्षकार के रूप में उन पर मुकदमा चलाया जाए। इस मामले में सभी लोगों से चार मार्च 2022 तक जवाब मांगा गया है। 

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर

विदित हो कि दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दंगे भड़काने में कथित भूमिका के लिए राजनेताओं सहित कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।

HC Issues Notice on Plea for FIR Against Gandhis For 'Hate Speech'
बीजेपी सांसद परवेश वर्मा

पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा था कि क्या वे वही लोग हैं, जिनके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, क्या वही लोग इस मामले में पक्षकार हैं? क्या हम वास्तव में उनकी बात सुने बिना उन्हें गिरफ्तार करने की आपकी याचिका पर आगे बढ़ सकते हैं?

कांग्रेस प्रत्याशी ने समर्थकों के साथ गांव गांव जाकर जनता से मांगे वोट

समर्थकों के साथ गांव गांव जाकर जनता से कांग्रेस प्रत्याशी ने मांगे वोट। बताया कि सरकार बनते ही
किसानों का क़र्ज़ माफ़ व बिजली बिल हाफ़। छत्राओं को स्मार्ट फ़ोन और स्कूटी दी जाएगी। हर वर्ष 3 गैस सिलेंडर मुफ़्त व महिलाओं को मुफ़्त बस यात्रा के साथ आशा व आंगनबाड़ी बहनों को 10 हजार रुपए व रसोईया का मानदेय 5000 रुपये प्रतिमाह।

लखनऊ। कांग्रेस पार्टी से 168 मलिहाबाद विधानसभा प्रत्याशी व पूर्व विधायक इन्दल रावत ने गुरुवार को क्षेत्र के कस्बा मलिहाबाद, अहमदाबाद कटौली, बंजारन खेड़ा चौराहा, तिरगवा, भटपुरवा, दौलतपुर, बांकीनगर, रहीमाबाद, दिलावरनगर, कहला, सिधरवा
सहित दर्जनों गांवों में जनसम्पर्क कर कांग्रेस पार्टी को जिताने की अपील की।

इन्दल कुमार रावत ने जनसंपर्क के दौरान बताया कि
कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी के लिए उन्नति पत्र जारी किया है। कांग्रेस पार्टी की सरकार बनते ही
किसानों का क़र्ज़ माफ़ व बिजली बिल हाफ़, कोरोना काल का बकाया साफ़ किया जाएगा। किसानों को गन्ने का दाम 400 रुपये प्रति कुंटल, गेहूं व धान 2500 रुपये प्रति कुंटल के दाम से खरीदा जाएगा। छत्राओं को स्मार्ट फ़ोन और स्कूटी दी जाएगी। हर वर्ष 3 गैस सिलेंडर मुफ़्त व महिलाओं को मुफ़्त बस यात्रा के साथ आशा व आंगनबाड़ी बहनों को 10 हजार रुपए व रसोईया का मानदेय 5000 रुपये प्रतिमाह
का मानदेय दिया जाएगा। विधवा व वृद्धा पेंशन 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये की जाएगी। किसानों को आवारा पशुओं से फसल नुक़सान की भरपाई प्रति एकड़ 3000 रुपये मुआवज़ा के रूप में दिया जाएगा। सफ़ाई कर्मियों को नियमित किया जाएगा। ग्राम प्रधानों का वेतन 6000 रुपये प्रतिमाह होगा। चौकीदारों का वेतन भी 5000 रुपये प्रतिमाह किया जायेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के बजट में 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। शिक्षकों के 2 लाख खाली पदों को भरा जाएगा। अनुसूचित जाति के छात्रों व अनुसूचित जनजाति के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ़्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। दिव्यांग पेंशन 500 से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र की जनता ने कांग्रेस के उन्नति पत्र की सराहना करते हुए इन्दल कुमार रावत को वोट देकर विधायक बनाने की बात कही।

चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे इंदल सिंह रावत

लखनऊ। 168 विधानसभा मलिहाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी इन्दल कुमार रावत चुनाव प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। विधानसभा क्षेत्र में गांव-गांव जाकर वोटरों से जनसंपर्क लगातार कर रहे हैं। क्षेत्र की जनता का इंदल रावत को भरपूर सहयोग भी मिल रहा है।

इसी क्रम में बुधवार को कांग्रेस पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक इन्दल रावत ने क्षेत्र के नत्थाखेड़ा, धनाखेड़ा, माल, गुमसेना, नबीपनाह, देवरी डांडा रामनगर, बाजार गांव, शंकरपुर, दिघारा, हन्नी खेड़ा, बसहरी, अटरिया सहित अन्य क्षेत्रों में जनसम्पर्क कर वोट मांगा और भारी बहुमत से जिताने की अपील की।

2012 के बाद अब 2022 भी
जनसम्पर्क के दौरान श्री रावत ने बताया कि वह प्रियंका गांधी के नेतृत्व में मलिहाबाद क्षेत्र की जनता से आशीर्वाद मांग रहे है। जैसे पूर्व में 2012 में हमें मलिहाबाद की जनता ने विधानसभा पहुंचाया वैसे ही 2022 में कांग्रेस की सरकार होगी।

उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग महिला उत्पीड़न, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा की बदहाली का दंश झेल रहे हैं। वह कभी 70 वर्षों में नहीं हुई। आजादी के बाद से आज तक संसाधनों को कांग्रेस ने उपलब्ध कराया।

कहा कि जिस प्रकार से सरकार निजीकरण कर रही है और महंगाई चरम पर है, धर्म के आधार पर लोगों को बांटने का काम किया जा रहा है, वह सही नही है। अब मलिहाबाद की जनता कट्टरपंथी की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने को तैयार है।

पंखुड़ी पाठक को मोर्फ फोटो के नाम पर ब्लैकमेल करने की कोशिश!

नोएडा से बड़ी खबर ,पंखुड़ी पाठक को मोर्फ फोटो के नाम पर ब्लैकमेल करने की कोशिश, रवि किशन की फेक आईडी से मिली धमकी

नोएडा विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर पंखुड़ी पाठक ने चुनाव लड़ा। पंखुड़ी पाठक को कांग्रेस ने स्टार प्रचारक नियुक्त किया है। वह इस समय फिरोजाबाद में चुनाव प्रचार कर रही हैं, लेकिन अब चुनाव के बाद पंखुड़ी पाठक को लोग परेशान करने लगे हैं। उनको ट्विटर और अन्य सोशल प्लेटफार्म के माध्यम से परेशान किया जा रहा है। इस बात की शिकायत पंखुड़ी पाठक के समर्थकों ने पुलिस को दी है।

सैकड़ों अकाउंट किए ब्लॉक”

पंखुड़ी पाठक ने टीम से बात करते हुए बताया, “चुनाव होने के बाद उनके लिए ट्विटर अकाउंट पर कुछ लोग लगातार लोग अपशब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग उनके पोस्ट पर अपशब्द लिख रहे हैं। उन्होंने काफी सारे ट्विटर अकाउंट को ब्लॉक भी कर दिया है, लेकिन उसके बावजूद भी लगातार उनको परेशान किया जा रहा है।” पंखुड़ी पाठक का आरोप है कि कुछ लोग उनसे सोशल मीडिया पर बोल रहे है कि जितने अकाउंट ब्लॉक करने हैं कर लो। पंखुड़ी पाठक ने अभी तक सैकड़ों ट्विटर अकाउंट ब्लॉक कर दिए हैं, उसके बावजूद भी उनको परेशान किया जा रहा है।

मॉर्फेड फोटो वायरल करने के नाम पर मिली धमकी

पंखुड़ी पाठक ने बताया, “एक अकाउंट द्वारा मेरी मॉर्फेड फोटो फैलाई जा रही हैं और बैंक अकाउंट डिटेल देकर लिखा गया है कि अगर एक लाख रुपए नहीं जमा किए तो मॉर्फेड फोटो आगे भी फैलाई जाएगी। यह जानकारी उन्होंने अपने ट्वीटर अकाउंट पर भी शेयर की है, जिस पर रवि किशन का फोटो पीएम मोदी के साथ लगा हुआ है और यह आईडी फेक है।

भाजपा आईटी सेल पर लगाए आरोप

पंखुड़ी पाठक ने बातचीत के दौरान भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, “यह सब भारतीय जनता पार्टी आईटी सेल का काम है। भाजपा आईटी सेल द्वारा ही अलग-अलग अकाउंट से उनको परेशान किया जा रहा है। उनकी ट्विटर आईडी पर भद्दे-भद्दे कमेंट किए जा रहे हैं। मैंने काफी सारे फर्जी ट्विटर अकाउंट ब्लॉक भी कर दिए हैं, लेकिन उसके बाद भी मुझको परेशान किया जा रहा है।” पंखुड़ी पाठक ने पुलिस कमिश्नर नोएडा और नोएडा पुलिस को टैग करते हुए शिकायत की है।

उन्होंने ट्विटर से ऐसे हैंडल्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है. मामले को लेकर पुलिस उपायुक्त (महिला और बाल सुरक्षा) वृंदा शुक्ला ने कहा कि पुलिस को शिकायत मिली है और साइबर सेल ने इस पर काम शुरू कर दिया है.

उन्होंने कहा, “हम इस तरह की शिकायतों का बहुत तत्परता से संज्ञान में लेते हैं और जल्द से जल्द अपराधी का पता लगाने की कोशिश जारी है.” अधिकारी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस आरोपियों के ठिकाने का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

कौन हैं पंखुड़ी पाठक- वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट हैं। नॉएडा की रहने वाली हैं व उनकी राजनैतिक कर्मभूमि उत्तर प्रदेश है। पंखुड़ी ने अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में छात्र राजनीति से की। पंखुड़ी पाठक सामाजिक मुद्दों को हमेशा गंभीरता से उठती रही हैं।

मलिहाबाद कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक इन्दल रावत ने किया जनसम्पर्क मिला अपार जनसमर्थन

मलिहाबाद कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक इन्दल रावत ने किया जनसम्पर्क, मिला अपार जनसमर्थन।

मलिहाबाद की जनता हमारे साथ किये गये अन्याय का बदला लेगी- पूर्व विधायक इन्दल कुमार रावत

मलिहाबाद, लखनऊ। विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कांग्रेस मलिहाबाद विधानसभा प्रत्याशी पूर्व विधायक इन्दल रावत ने जनसम्पर्क कर कहा कि हमारे साथ सपा ने विश्वासघात किया है और यदि जनता की सुनी जाती तो हमारा ही सपा से टिकट होता, लेकिन पार्टी में कुछ ऐसे लोग है जिन्होंने सपा को पहले भी हराने व राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गुमराह करने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि अब प्रियंका गांधी के नेतृत्व में मलिहाबाद की जनता से आशीर्वाद मांगने आये हैं। जैसे पूर्व में 2012 में हमें मलिहाबाद की जनता ने विधानसभा पहुंचाया और सपा की सरकार बनी वैसे ही 2022 में कांग्रेस की सरकार होगी। जिस प्रकार से महिला उत्पीड़न, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा की बदहाली इस सरकार में हुई वह कभी 70 वर्षों में नहीं हुई। आजादी के बाद से आज तक संसाधनों को कांग्रेस ने उपलब्ध कराया। सरकार निजीकरण कर रही है और महंगाई चरम पर है। धर्म के आधार पर बांटने का काम सही नहीं है।

कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि मलिहाबाद की जनता कट्टरपंथ की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने को तैयार है और अपने भाई अपने बेटे इंदल को जिताकर पुनः विधानसभा भेजने का कार्य करेगी, जिससे विधानसभा क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। मलिहाबाद की जनता न्याय करेगी और मैं जनता की उम्मीदों पर खरा उतरकर विकास के लिये प्रतिबद्ध रहूँगा। मुझे जनता ने विधानसभा भेजा था। अब समय आ गया है कि जनता ही न्याय करेगी।

इस अवसर पर काकोरी, गोला कुआं, मोटी नीम, महमूद नगर ढाल, मलिहाबाद, अहमदाबाद, कटौली, भतौईया, रहीमाबाद, ससपन, अटेर, अटारी, बरगदिया वीरपुर, पिपरी, सैदापुर, गोपामऊ, जेहटा, सैथा सहित अन्य क्षेत्रों में जनसम्पर्क किया।

पूर्व विधायक इन्दल कुमार रावत को मलिहाबाद से कांग्रेस ने बनाया प्रत्याशी

पूर्व विधायक इन्दल कुमार रावत को मलिहाबाद से कांग्रेस पार्टी ने विधायक प्रत्याशी बनाया है

लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र की देव तुल्य जनता के सेवक इन्दल कुमार रावत पूर्व विधायक मलिहाबाद को कांग्रेस पार्टी से विधायक प्रत्याशी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने के बाद पहली बार विधान सभा में आ रहा हूं। कांग्रेस पार्टी के सम्मानित नेताओं से तथा हमारे सभी शुभचिंतक साथियों से अनुरोध है कि नीचे जो पॉइंट दिए गए हैं उन पर समय से पहुंचकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएं।

स्वागत के लिए कल दिनांक 5 फरवरी को सम्मानित नेताओं और कार्यकर्ताओं के द्वारा निम्नलिखित स्थानों पर स्वागत किया जाएगा। प्रातः 10:00 दुर्गा गंज चौराहे पर, 10:10 पर गोला कुआं, 10:30 पर मोटी नीम के नीचे, 10:40 पर महमूदनगर ढाल, 11:00 बजे मलिहाबाद पेट्रोल पंप पर, 11:20 पर अहमदाबाद कटौली 11:30 पर भतईया 1140 पर रहीमाबाद, 12:00 बजे रहीमाबाद स्टेशन 12:30 पर सस्पन 12:40 गहदों 12:50 थरी गेट के पास 1:00 बजे पर रुदान खेड़ा पुलिया 1:20 अटारी 2 बजे बरगदिया तिरहा 2:10 पर मवई खुर्द 2:20 वीरपुर 2:30 पिपरी 2:40 पर सैदापुर चौराहा 2:50 बजे गुमसेना 3:00 रामनगर 3:20 माल 3:40 वीरपुर नई बस्ती भिटौरा 3 ‍:50 पर गौरैया चौराहा 4:00 बजे गोपरामऊ चौराहा 4:25 पर बंसीगढ़ी 4:40 पर काकराबाद 5:00 जेहटा तिरहा 5.30 सैथा टंकी मौरा पर कार्यक्रम का समापन होगा।

Punjab में कांग्रेस के CM चेहरे का ऐलान आज शाम 7 बजे!

Punjab में कांग्रेस का CM चेहरा कौन? ऐलान आज शाम 7 बजे! 

चंडीगढ़ (एजेंसी)। पंजाब विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री चेहरे पर कांग्रेस ने ट्वीट कर एक बड़ा इशारा किया है। अपने ट्विटर हैंडल से शेयर मैसेज में सीएम के चेहरे की आधिकारिक घोषणा के लिए शाम 7 बजे तक का इंतजार करने के लिए कहा गया है। 

कांग्रेस के ट्वीट में पंजाब में मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी और पंजाब अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को डबल विंडो में दिखाया गया है। इस ट्वीट को देखने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि शाम 7 बजे आलाकमान के द्वारा पंजाब के सीएम फेस के नाम का ऐलान किया जा सकता है। बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले ही जालंधर में कहा था कि पार्टी पंजाब विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के चेहरे के साथ उतरेगी और पार्टी कार्यकर्ताओं से परामर्श करने के बाद जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने भी सीएम मुख्यमंत्री का नाम ऐलान करने की मांग की थी। पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 20 फरवरी को वोटिंग होगी।

सूत्रों के मुताबिक, सीएम चन्नी के 100 दिन के काम को पार्टी ने चयन का आधार बनाया है। चन्नी के आक्रामक काम की वजह से कांग्रेस की स्थिति ठीक हुई है। कांग्रेस चन्नी को मुख्यमंत्री पद की लड़ाई में इसलिए भी उतार सकती है, क्योंकि वह एक शिक्षित व्यक्ति हैं और उनके पास कई एकेडमिक डिग्रियां हैं। अपनी साख और आचरण के जरिए बीते कुछ महीनों में उन्होंने पार्टी के एक बड़े तबके के बीच खुद को लोकप्रिय बना लिया है। दलित समुदाय से होने की वजह से सीएम पद पर उनकी दावेदारी और मजबूत हो जाती है, ऐसा इसलिए क्योंकि पंजाब में दलित घनत्व (2011 की जनगणना के मुताबिक) सबसे अधिक है।

युवा कांग्रेस नेता साकिब ज़ैदी सपा में शामिल

युवा कांग्रेस नेता साकिब ज़ैदी सपा में हुए शामिल। अब संभालेंगे जिला सचिव लोहिया वाहिनी की जिम्मेदारी।

बिजनौर/नजीबाबाद। युवा कांग्रेस नेता साकिब ज़ैदी ने कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली है। विधायक हाजी तस्लीम अहमद और जिला अध्यक्ष लोहिया वाहिनी हनी फैसल की संस्तुति पर मोहम्मद साकिब ज़ैदी पुत्र मोहम्मद वासिफ अली को शाहिद मलिक नगर अध्यक्ष और सिकन्दर खान ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कराई। इसी के साथ उन्हें जिला सचिव लोहिया वाहिनी के पद पर मनोनयन पत्र देकर नियुक्त किया गया। सपा नेताओं ने साकिब ज़ैदी से आशा की है कि वह अपना कार्य पूर्ण निष्ठा से करेंगे और समाजवादी पार्टी को मजबूत करने का कार्य करेंगे।

इस मौके पर साकिब ज़ैदी ने कहा कि वह विधानसभा चुनाव में सपा को मजबूत करेंगे और विधायक हाजी तस्लीम अहमद को भारी वोटों से जीत हासिल करवाने के लिए पूरा सहयोग देंगे। गांव-गांव जाकर समाजवादी पार्टी के लिए वोट मांगेंगे और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनायेंगे।

आवश्यकता है

नई दिल्ली से प्रकाशित हिंदी दैनिक श्रीजी एक्सप्रेस (davp/boc से शासकीय विज्ञापनों हेतु मान्यता प्राप्त) को जिला मुख्यालय बिजनौर, नजीबाबाद, धामपुर, नूरपुर, नगीना, चांदपुर व बढ़ापुर के अतिरिक्त सभी महत्वपूर्ण स्टेशनों से प्रतिनिधियों की आवश्यकता है।

सम्पर्क सूत्र- इफ्तिखार कुरैशी (जिला प्रभारी) 9058109919
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UP में फिर भाजपा सरकार, लेकिन नुकसान भी संभव!

एबीपी न्यूज-सी वोटर का लेटेस्ट सर्वे। सपा को होगा फायदा, बसपा को झटका, कांग्रेस का हाल और भी बुरा।

लखनऊ। अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से ही राजनीतिक पार्टियां जोर आजमाइश में जुट गईं हैं। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में किसकी सरकार बनेगी और किसकी विदाई होगी, इस पर अभी से ही सियासी गुणा-गणित का काम शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश में इस बार जनता का क्या मूड है, इसका पता तो चुनाव बाद ही चलेगा, मगर अभी से ही टीवी चैनलों और एजेंसियों ने जनता की नब्ज को टटोलना शुरू कर दिया है। एबीपी न्यूज-सी वोटर ने अपने लेटेस्ट सर्वे में यूपी का मूड बताया है, जिसके हिसाब से यूपी में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी बाजी मारती नजर आ रही है। 

नवंबर महीने के पहले सप्ताह में किए गए सर्वे में एबीपी न्यूज-सी वोटर ने बताया कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से भाजपा सरकार बनाने में कामयाब होती नजर आ रही है। हालांकि, भाजपा को काफी सीटों का नुकसान हो रहा है और 300 का आंकड़ा भी पार करती नहीं दिख रहा है। इधर, समाजवादी पार्टी को फायदा होता दिख रहा है, जबकि मायावती को तगड़ा झटका लगता दिख रहा है। सर्वे का सैंपल साइज 1,07,193 था और इनमें पांचों राज्यों के लोग शामिल थे।

ABP-CVoter सर्वे के मुताबिक, 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा को 213 से 221 सीटें मिलती दिख रही हैं। यहां ध्यान देना जरूरी है कि 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 325 सीटें मिली थीं। भले ही भाजपा की सीटों में गिरावट का अनुमान लगाया गया है, मगर अब भी भगवा पार्टी यूपी में आसानी से लीड करती नजर आ रही है और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाती दिख रही है। 

सर्वे में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को 152 से 160 सीटों पर जीत दिखाया गया है। वहीं, मायावती की बसपा के खाते में महज 16 से 20 सीटें जाती दिख रही हैं। बता दें कि बसपा ने पिछले चुनाव में 19 सीटें जीती थीं। अगर कांग्रेस की बात करें तो उसका हाल और भी बुरा दिख रहा है। सर्वे में कांग्रेस के खाते में महज 6 से 10 सीटें जाती दिख रही हैं। 

वहीं वोट फीसदी की बात करें तो भाजपा को करीब 41 फीसदी वोट शेयर मिलने का अनुमान है। यह 2017 से थोड़ा सा कम है। सपा को 31 फीसदी तो बसपा को 15 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 9 फीसदी वोट मिलता दिख रहा है। यहां सपा को फायदा होता दिख रहा है, क्योंकि अखिलेश यादव की पार्टी को पिछले चुनाव में महज 23.6 फीसदी वोट ही मिले थे। 

BSF की अधिकार सीमा बढ़ाने के खिलाफ प्रस्ताव पारित

BSF की अधिकार सीमा बढ़ाने के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित, सिद्धू और मजीठिया में तकरार

चंडीगढ़ (एजेंसी) पंजाब विधानसभा में गृह मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने BSF की सीमा 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया। इसमें केंद्र सरकार से 11 अक्तूबर को गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना वापस लेने की मांग की गई। इसके बाद विधानसभा ने सर्वसम्मति से इस संबंध में केंद्र सरकार की अधिसूचना को खारिज करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। इस मामले पर विधानसभा में जमकर हंगामा भी हुआ। नवजोत सिद्धू और बिक्रम सिंह मजीठिया आमने-सामने हो गए। सिद्धू ने सवाल दागा कि सुखबीर बादल सर्वदलीय बैठक में क्यों नहीं आए। 

चन्नी ने जमकर साधा अकाली दल पर निशाना:
सदन में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अकाली दल पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा व आरएसएस को पंजाब में दाखिल कराने में अकाली दल की अहम भूमिका है। चन्नी ने आरएसएस व भाजपा को पंजाब की दुश्मन जमात करार दिया। साथ ही कहा कि शिरोमणि अकाली दल पंजाब की गद्दार पार्टी है। इसने हमेशा पंजाब को खराब किया। जम्मू कश्मीर से जब अन्याय हुआ तब अकाली दल भाजपा के साथ था।

तब क्यों चुप था अकाली दल: मुख्यमंत्री चन्नी ने सीधे-सीधे सुखबीर बादल पर निशाना साधा। कहा कि जब संसद में राज्यों के अधिकारों पर हमला किया जा रहा था, तब अकाली दल ने चुप्पी साधे रखी। चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि अकाली दल ने आरोप लगाया कि वह वह पीएम से मिलने गए।

सदन में हंगामा, वॉकआउट: चन्नी के भषण पर सदन में हंगामा हो गया। आप के सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंचे। इसके बाद आप ने सदन से वॉकआउट कर लिया। अकाली दल के सदस्य भी वेल में पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री के भाषण का विरोध करते हुए वेल में नारेबाजी की।

…इस लड़ाई से, कमजोर तो कांग्रेस ही हो रही है

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में कहा है कि कांग्रेस के रवैये से भाजपा मजबूत हो रही है। उसके कार्यों से भाजपा को ताकत मिल रही है। देखने से लग भी ऐसा ही रहा है। कांग्रेस के उच्च नेतृत्व की गलती से पंजाब में कांग्रेस दो-फाड़ हो गई। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के रवैये से पंजाब में कांग्रेस विभाजित हो गई। पार्टी के मजबूत स्तंभ कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी पार्टी अलग बना ली।

कांग्रेस को लगता था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद वहां की राजनीति में गुटबंदी खत्म हो जाएगी, उसमें आया भूचाल रूक जाएगा, पर ऐसा हुआ नहीं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू का विधवा विलाप पहले भी जारी था, अब भी जारी है। पार्टी के वर्तमान मुख्यमंत्री को कमजोर करने के उनके षड़यंत्र कम नहीं हुए।

कांटे से कांटा निकालने की रीति- पुराने क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सरकार में मंत्री रहे। बड़बोलेपन के कारण उन्होंने मंत्री पद छोड़ा। कैप्टन अमरिंदर सिंह का विरोध जारी रखा। कांग्रेस हाईकमान कैप्टन के बढ़ते कद से नाराज थी। उसने नवजोत सिंह सिद्धू को बढ़ाया। मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को कमजोर करने के लिए सिद्धू को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद सिद्धू को और पर लग गए। कैप्टन का विरोध और बढ़ गया। गुटबंदी घटने की जगह बढ़ी। पार्टी के रवैये का देख अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया।

कुत्ते की टेढी दुम- प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते थे, पार्टी ने ऐसा होने नहीं दिया। पार्टी उन्हें कैप्टन को हटाने तक इस्तेमाल करना चाहती थी, उतना ही उसने किया। ऐसे हालात बने कि कैप्टन मंत्रिमंडल के सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया। शुरूआत में तो सिद्धू उन्हें साथ लेकर घूमे। सिद्धू को लगा था कि मुख्यमंत्री चन्नी उसके पांव पर ही चलेंगे, अप्रत्यक्ष रूप से वे ही मुख्यमंत्री होंगे, पर ऐसा हुआ नहीं। कहना न मानते देख सिद्धू चन्नी के विरोध पर उतर आए। कांग्रेस उच्च नेतृत्व ने पहले तो ध्यान नहीं दिया। चुप्पी साधे रहा कि खुद ही ठीक हो जाएगा। कुत्ते की टेढी हुई दुम कितने ही साल नलकी में रखो, वह कभी सीधी नहीं होती। ये कहावत सिद्धू पर पूरी तरह फिट बैठती है। अपनी न चलती देख उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया। अब पार्टी की कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी सक्रिय हुईं। सिद्धू और मुख्यमंत्री चरण सिंह चन्नी को बुलाकर समझाया। नवजोत सिंह सिद्धू को साफ कहा कि जो कहना है पार्टी के अंदर कहें, बाहर नहीं। वहीं अपनी आदत से मजबूर सिद्धू ने दिल्ली से वापस आते ही मुख्यमंत्री चन्नी को लेकर प्रेस में फिर बयान जारी कर दिया। चन्नी की घोषणाओं का विरोध शुरू कर दिया।

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने हाल में कहा था कि सिद्धू के रवैये को देखते हुए पार्टी हाईकमान को उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लेना चाहिए था, पर हुआ नहीं। ऐसा हो जाता तो पार्टी का विवाद खत्म हो जाता। ये भी हो सकता था कि मनाने पर कैप्टन मान जाते। पार्टी का विभाजन टल जाता। वह अलग पार्टी न बनाते।

या कर दें सिद्धू को पार्टी से बाहर- अब हालात यह हैं कि कैप्टन सिंह पार्टी से अलग हो गए। तीन दिन पूर्व उन्होंने अपनी पार्टी बना ली। वे कांग्रेस में लंबे समय रहे हैं। उनके पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से खासे संबंध है। ये कटु सत्य है कि वे गए हैं, तो पार्टी के अन्य नाराज कार्यकर्ता और नेता भी उनके साथ जांएगे। कैप्टन के अलग पार्टी बनाने से कांग्रेस को ही नुकसान पहुंचा। सिद्धू के रवैये में कोई अंतर नहीं आया। उनका अपना रूदन जारी है। तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मनचाही नहीं हो जाती। पार्टी उन्हें पंजाब का मुख्यमंत्री नहीं बना देती। वैसे उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से त्यागपत्र वापस लेने की बात कही है, पर आरोप वे लगातार लगा रहे हैं। ऐसे में दूसरा रास्ता बचता है सिद्धू को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए। अब कांग्रेस हाईकमान को सोचना होगा कि वह क्या करे। सिद्धू को मुख्यमंत्री बनाना चन्नी और कुछ अन्य को पंसद नहीं होगा। अगर पार्टी ऐसा करती है तो उन्हें भी खोएगी।

अशोक मधुप (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

3 सिलेंडर और प्रदेश की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए यात्रा मुफ्त!

प्रियंका गांधी ने जारी किया महिलाओं के लिए एक अलग घोषणा पत्र, छात्राओं को स्कूटी और स्मार्टफोन देने का कर चुकी हैं ऐलान

Wait, there's more, Priyanka tells UP women after saat pratigya - The  Federal

लखनऊ (एजेंसी)। कांग्रेस महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को महिलाओं के लिये एक अलग घोषणा पत्र जारी कर लुभावने वादों की झड़ी लगा दी।

सरकारी नौकरी में 40 प्रतिशत आरक्षण- प्रियंका ने एक ट्वीट के जरिये घोषणा पत्र साझा करते हुए कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार महिलाओं को सरकारी नौकरी में 40 प्रतिशत आरक्षण, सरकारी बसों में महिलाओं के लिये मुफ्त यात्रा की सुविधा, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को हर माह दस हजार रुपए मानदेय और साल में तीन सिलेंडर मुफ्त दिये जाएंगे।

उन्होंने ट्वीट किया “मेरी प्रिय बहनों, आपका हर दिन संघर्षों से भरा है। कांग्रेस पार्टी ने उसको समझते हुए आपके लिए अलग से एक महिला घोषणा पत्र तैयार किया है। कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने पर सालाना भरे हुए 3 सिलेंडर मुफ्त दिए जायेंगे। प्रदेश की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए यात्रा मुफ्त। आशा और आंगनबाड़ी की मेरी बहनों को प्रतिमाह 10,000 रू का मानदेय मिलेगा।

कांग्रेस महासचिव ने कहा “ नए सरकारी पदों पर आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार 40 प्रतिशत पदों पर महिलाओं की नियुक्ति। एक हजार रुपए प्रतिमाह वृद्धा-विधवा पेंशन, उप्र की धरती की वीरांगनाओं के नाम पर प्रदेश भर में 75 दक्षता विद्यालय खोले जाएंगे। गौरतलब है कि इससे पहले वह कुल विधानसभा सीटो में से 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देने और छात्राओं को स्मार्ट फोन और स्कूटी देने का ऐलान कर चुकी हैं। 

सिब्बल के बयान पर बवाल, घर के बाहर हंगामा

नई दिल्ली (एजेंसी)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की ओर से पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़ा किए जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने उनके आवास के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की। कांग्रेस के सीनियर नेता आनंद शर्मा ने इसे गुंडागर्दी करार दिया है। आनंद शर्मा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सोनिया गांधी से इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।

ये तो गुंडागर्दी है: आनंद शर्मा ने कपिल सिबल के घर के बाहर हुए प्रदर्शन के मद्देनजर गुरुवार को कई ट्वीट कर कहा कि कपिल सिब्बल के घर पर हमले और गुंडागर्दी की खबर सुनकर स्तब्ध और निराश हूं। यह निंदनीय कार्रवाई पार्टी को बदनाम करती है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें अनुशासित किया जाना चाहिए।

सोनिया से कार्रवाई का आग्रह: उन्होंने अपने ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मामले का संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘कांग्रेस का अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कायम रखने का इतिहास रहा है। राय और धारणा के मतभेद लोकतंत्र के अभिन्न अंग हैं। असहिष्णुता और हिंसा कांग्रेस के मूल्यों और संस्कृति से अलग है।’

बयान से आहत हुए कार्यकर्ता: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार सिब्बल के बयान से कार्यकर्ता आहत हुए और इस वजह से उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। सिब्बल के आवास के बाहर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्ती ले रखी थी जिस पर ‘गेट वेल सून सिब्बल’ (सिब्बल आप जल्द स्वस्थ हों) लिखा हुआ था। उन्होंने ‘गद्दारों को पार्टी से बाहर निकालो’ के नारे भी लगाए।

कल दिया था सिब्बल ने बयान: इससे पहले कपिल सिब्बल ने पार्टी की पंजाब इकाई में मचे घमासान और कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को लेकर बुधवार को पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे। कहा कि कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए तथा संगठनात्मक चुनाव कराये जाने चाहिए। उन्होंने कई नेताओं के पार्टी छोड़ने का उल्लेख करते हुए गांधी परिवार पर इशारों-इशारों में कटाक्ष किया कि ”जो लोग इनके खासमखास थे वो छोड़कर चले गए, लेकिन जिन्हें वे खासमखास नहीं मानते वे आज भी इनके साथ खड़े हैं।’

कांग्रेस का दुर्भाग्य, अध्यक्ष नहीं उसके पास: कपिल सिब्बल

कपिल सिब्बल ने पूछा आखिर लोग क्यों छोड़ कर जा रहे कांग्रेस। सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की मांग।

आखिर लोग क्यों छोड़कर जा रहे कांग्रेस, सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई जाएः कपिल सिब्बल

नई दिल्ली (एजेंसी)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाने की मांग की है। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने फिर से कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से कांग्रेस के पास कोई अध्यक्ष नहीं है।

सिब्बल ने कहा, ‘मैं आपसे उन कांग्रेसियों की ओर से बोल रहा हूं जिन्होंने पिछले साल अगस्त में कांग्रेस वर्किंग कमेटी और सेंट्रल इलेक्शन कमेटी को पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के लिए पत्र लिखा था और हम अभी तक इसका इंतजार कर रहे हैं।’ 

उन्होंने कहा कि लोगों के कांग्रेस छोड़ने पर खुद से सवाल है। ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद पार्टी छोड़कर चले गए। लोगों का पार्टी से जाना बंद नहीं हुआ तो पार्टी का भारी नुकसान होगा। मैं पार्टी का नुकसान होते नहीं देख सकता। मैं पार्टी के साथ हूं, किसी व्यक्ति के साथ नहीं। उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी में चर्चा हो, कि ऐसा क्यों हो रहा है। सोचना होगा कि कांग्रेस कैसे आगे बढ़े। पार्टी के अंदर संवाद की जरूरत है। आपसी बातचीत से मामले सुलझाए जाएं। सिब्बल ने कहा कि मैंने कभी पार्टी के खिलाफ बयान नहीं दिया। उन्होंने मजबूत विपक्ष की बात उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत होना होगा। अगर कांग्रेस कमजोर होगी तो विपक्ष भी कमजोर होगा। हम संसद में अपनी आवाज कैसे उठाएंगे। 

“हम वचन निभाएंगे” की टैगलाइन के साथ 12 हजार किलोमीटर की यात्रा

लखनऊ। प्रतिज्ञा यात्रा से पहले कांग्रेस पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तीन जनसभाएं कर जनता में माहौल बनाएगी। पहली यात्रा अयोध्या से सात अक्तूबर को निकाली जाएगी। सभी जनसभाओं में कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी मौजूद रहेंगी। 29 सितम्बर को मेरठ, दो अक्तूबर को बनारस, 7 को आगरा और 12 को गोरखपुर में जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है।

पहले माहौल गर्माने को जनसभाएं

पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि यात्रा 20 सितम्बर को निकाली जानी थी लेकिन बैठकों में तय किया गया कि इससे पहले कुछ जनसभाएं कर माहौल को गर्माया जाएगा और यात्रा की शुरुआत नवरात्रि से की जाएगी। जनसभाओं की शुरुआत मेरठ से होगी। चार जनसभाएं तय हो चुकी हैं। इनमें दो पश्चिमी व दो पूरब में की जाएंगी। वहीं चित्रकूट में होने वाली जनसभा की तारीख अभी तय नहीं है, जबकि अन्य जनसभाओं का खाका तैयार हो चुका है। राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर और सचिव जिलों के नेताओं के साथ बैठक कर तैयारी में जुटे हैं। 

अयोध्या से पहली प्रतिज्ञा यात्रा

पहली प्रतिज्ञा यात्रा नवरात्र के पहले दिन सात अक्तूबर को अयोध्या से निकालने की तैयारी है। यह यात्रा 12 अक्तूबर को गोरखपुर पहुंचेगी, जहां जनसभा होगी। 17 अक्तूबर को दूसरी यात्रा यहीं से शुरू होकर देवरिया, आजमगढ़ जाएगी। कांग्रेस “हम वचन निभाएंगे” की टैगलाइन के साथ 12 हजार किमी की यात्रा निकालने की घोषणा कर चुकी है। लगभग 45 जिलों से यह यात्रा निकाली जाएगी।

प्रियंका ने की चुनाव, संगठन और पार्टी के अभियानों पर गहन चर्चा

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने जोन वार कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक ली।
बैठक में उत्तर प्रदेश में आगामी 2022 चुनाव, संगठन निर्माण और पार्टी के अभियानों पर गहन चर्चा की गयी ।
इस अवसर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रभारी उत्तर प्रदेश पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के एक-एक पदाधिकारी से उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रगति रिपोर्ट और फीडबैक लेते हुए संगठन के कार्यो की समीक्षा के साथ साथ जमीनी रूझानों पर भी चर्चा की।

बैठक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक, प्रदेश महासचिव विदित चौधरी, प्रदेश सचिव डॉ. संजीव शर्मा, जिला अध्यक्ष गाजियाबाद बिजेन्द्र यादव, शहर अध्यक्ष मोदी नगर आशिष शर्मा, महा नगर गाजियाबाद अध्यक्ष लोकेश चौधरी, प्रदेश सचिव नसीब खान, सहारनपुर महनगर अध्यक्ष वरूण शर्मा, जिला अध्यक्ष साहरनपुर मुजफ्फर अली गूजर, शहर अध्यक्ष बड़ौत राकेश शर्मा सहित जिला व शहर अध्यक्ष मौजूद थे।

जहर पिया कल्याण ने बीजेपी ने अमृत

लखनऊ। जब ढांचा टूट रहा था तब कल्याण सिंह 5 कालिदास मार्ग… मुख्यमंत्री आवास की छत पर आराम से जाड़े की धूप सेंक रहे थे… अगर तब कल्याण सिंह नहीं होते तो आज भूमिपूजन भी नहीं होता।

  • एक छोटे कद का आदमी… जो दिखने में बहुत सुंदर नहीं था… काला रंग…चेहरे पर दाग… लेकिन संघर्षों में तपा हुआ व्यक्तित्व… ऐसी पर्सनेलिटी की जहां वो पहुंच जाए वहां बड़े से बड़े नेता का कद छोटा हो जाए । व्यक्तित्व की धमक ऐसी बड़े बड़े किरदार बौने दिखने लगें… ऐसे थे कल्याण सिंह
  • कल्याण सिंह ऐसे इसलिए थे क्योंकि उनकी कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं था… उनके दिल और दिमाग में कोई अंतर नहीं था… उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा उसूल था… भगवान राम की भक्ति… भगवान राम के प्रति के समर्पण को लेकर उन्होंने कभी कोई समझौता नहीं किया
  • 1990 में लाल कृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर निर्माण के लिए जनसमर्थन इकट्ठा करने का लक्ष्य लेकर राम रथयात्रा निकाली । बिहार में तब लालू यादव मुख्यमंत्री थे और उन्होंने आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया । जिसके बाद राम राथ यात्रा को भारी मात्रा में जनसमर्थन मिल गया और उत्तर प्रदेश में पहली बार बीजेपी की सरकार चुन ली गई जिसके मुख्यमंत्री कल्याण सिंह चुने गए
  • जून 1991 में कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने और इसके बाद राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विश्व हिंदू परिषद में उत्साह की लहर दौड़ गई और उसने ये घोषणा कर दी कि 6 दिसंबर 1992 को राम मंदिर का निर्माण आरंभ किया जाएगा
  • वीएचपी की घोषणा के वक्त मुख्यमंत्री के पद पर कल्याण सिंह थे और प्रदेश की कानून व्यवस्था को संभालने का पूरा जिम्मा कल्याण सिंह पर था । वीएचपी की घोषणा के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव के कान खड़े हो गए और उन्होंने बातचीत के लिए कल्याण सिंह को दिल्ली बुलाया
  • कल्याण सिंह से पी वी नरसिम्हा राव ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ दीजिए लेकिन कल्याण सिंह ने साफ जवाब दिया कि विवाद का एक ही हल है और वो ये कि बाबरी मस्जिद की जमीन हिंदुओं को सौंप दी जाए । इस तरह बात नहीं बनी और केंद्र – राज्य के बीच टकराव तय हो गया

-नरसिम्हा राव ने ऐहतियात बरतते हुए पहले ही केंद्रीय सुरक्षा बल अयोध्या रवाना कर दिए… केंद्रीय सुरक्षा बल अयोध्या के चारों तरफ फैला दिए गए

  • 6 दिसंबर तक अयोध्या में राम जन्मभूमि के आस पास 3 लाख कारसेवक इकट्ठे हो गए थे… ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन के पास पूरी ताकत थी कि वो कारसेवकों पर गोली चला सकती थी… इससे पहले भी जब मुलायम सिंह यादव की सरकार थी तब मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी
  • कल्याण सिंह को इस बात का अंदेशा लग गया था कि 6 दिसंबर को कारसेवकों को कंट्रोल करने के लिए उनपर फायरिंग का आदेश कोई भी अधिकारी दे सकता है । इसलिए कल्याण सिंह ने 5 दिसंबर की शाम को ही समस्त अधिकारियों को एक लिखित आदेश जारी किया था और वो ये था कि कोई भी कारसेवकों पर गोली नहीं चलाएगा ।
  • ये फैसला लेना… संवैधानिक पद पर बैठे हुए किसी व्यक्ति के लिए आसान नहीं था । कल्याण सिंह इस बात को जानते थे कि जब वो ये फैसला ले रहे हैं तो अगर अयोध्या में कुछ हो जाता है तो इससे उनकी कुर्सी चली जाएगी… सारी दुनिया उन पर आरोप लगाएगी… ये कहा जाएगा कि कल्याण सिंह एक अराजक मुख्यमंत्री हैं… ये आरोप ही मंदिर आंदोलन का वो विष था… जिसे कल्याण सिंह ने अमृत मानकर पी लिया ।

-आखिर वही हुआ 6 दिसंबर 1992 को दोपहर साढ़े 11 बजे कारसेवक ढांचे को तोड़ने लगे… कल्याण सिंह को पल पल की खबर मिल रही थी…. लेकिन वो आराम से अपने मुख्यमंत्री आवास पर जाड़े की धूप सेंक रहे थे… दिल्ली से फोन घनघना रहे थे लेकिन कल्याण सिंह ने राम भक्ति को प्राथमिकता दी और किसी की कोई बात नहीं सुनी

  • केंद्र से गृहमंत्री चव्हाण का फोन आया और उन्होंने कहा कि कल्याण जी मैंने ये सुना है कि कारसेवक ढांचे पर चढ गए हैं तब कल्याण सिंह ने जवाब दिया कि मेरे पास आगे की खबर है और वो ये है कि कारसेवकों ने ढांचा तोड़ना शुरू भी कर दिया है लेकिन ये जान लो कि मैं गोली नहीं चलाऊंगा गोली नहीं चलाऊंगा गोली नहीं चलाऊंगा
  • कल्याण सिंह के पूरे व्यक्तित्व और महानता का दर्शन सिर्फ इसी एक लाइन से हो जाता है… कि मैं गोली नहीं चलाऊंगा… मैं गोली नहीं चलाऊँगा… मैं गोली नहीं चलाऊंगा । ढांचा टूट रहा था और केंद्रीय सुरक्षा बल विवादित स्थल पर आने की कोशिश कर रहे थे लेकिन कल्याण सिंह ने ऐसी व्यवस्था करवा दी कि केंद्रीय सुरक्षा बल भी ढांचे तक नहीं पहुंच सके और आखिरकार ढांचा टूट गया… वो कलंक… वो छाती का शूल… वो बलात्कार अनाचार का दुर्दम्य प्रतीक भारत मां की छाती से हटा दिया गया… चारों तरफ हर्ष फैल गया… जन्मभूमि मुक्त हो गई
  • नरसिम्हा राव अब कल्याण सिंह की सरकार को बर्खास्त करने का फैसला लेने जा रहे थे लेकिन उससे पहले ही शाम साढे 5 बजे कल्याण सिंह राजभवन गए राज्यपाल से मिले और अपना इस्तीफा सौंप दिया… यानी कुर्सी छोड़ दी लेकिन गोली नहीं चलाई… सिंहासन को लात मार दिया और श्री राम की गोद में बैठ गए… श्रीराम के प्यारे भक्त बन गए । ऐसे थे हमारे कल्याण सिंह
  • अगर कल्याण सिंह नहीं होते तो शायद किसी और मुख्यमंत्री में ये फैसला लेने की ताकत नहीं होती । कल्याण सिंह ने इसलिए भी गोली ना चलाने का लिखित आदेश दिया ताकि कल को कोई अफसरों को जिम्मेदार नहीं ठहराए । कल्याण सिंह ने कहा कि सारी जिम्मेदारी मेरी है जो करना है वो मेरे साथ करो । सजा मुझे दो ।
  • अगर कल्याण सिंह नहीं होते तो बाबरी नहीं गिरती… अगर बाबरी की दीवारें नहीं गिरतीं तो पुरातत्विक सर्वेक्षण नहीं होता… बाबरी की दीवार के नीचे मौजूद मंदिर की दीवार नहीं मिलती… कोर्ट में ये साबित नहीं हो पाता कि यही रामजन्मभूमि है ।
  • उस कलंक के मिटने का जो शुभ कार्य हुआ…. उसका श्रेय स्वर्गीय कल्याण सिंह जी को है… 6 दिसंबर कल्याण सिंह के पॉलिटिकल करियर को कालसर्प की तरह डस गया लेकिन कल्याण सिंह का यश दिग दिगंत में फैल गया ।
  • सबसे जरूरी बात अगर कल्याण सिंह ने गोली चलवा दी होती तो बीजेपी और एसपी में कोई फर्क नहीं रह जाता और आज मोदी प्रधानमंत्री भी नहीं होते इसीलिए ये सत्य है कि जहर पिया कल्याण ने अमृत पिया बीजेपी ने ।

मैं उस पुण्य आत्मा को अपने हृदय और आत्मा में मौजूद समस्त ऊर्जा के साथ नमन करता हूं… प्रणाम करता हूं… ईश्वर आपको मोक्ष दे

ये लेख अपने बच्चों को पढ़ाना… हर ग्रुप में शेयर कर देना, जय श्री राम

(नोट- मेरे कई मित्र ऐसे हैं जिन्होंने मेरा नंबर 7011795136 को दिलीप नाम से सेव तो कर लिया है लेकिन मिस्ड कॉल नहीं की है… जो मित्र मुझे मिस्ड कॉल भी करेंगे और मेरा नंबर भी सेव करेंगे… यानी ये दोनों काम करेंगे सिर्फ उनको ही मेरे लेख सीधे व्हाट्सएप पर मिल पाएंगे… व्हाट्सएप स्टेटस पर भी आर्टिकल के लिंक होते हैं) साभार

पंजाब के सबसे सुरक्षित दुर्ग को बनाये रखने में कांग्रेस हाईकमान का छूट रहा पसीना

वरिष्ठ पत्रकार केपी सिंह

पंजाब के सबसे सुरक्षित दुर्ग को बनाये रखने में कांग्रेस हाईकमान का छूट रहा पसीना

नरेन्द्र मोदी के अश्वमेघ यज्ञ के घोड़े को अभी तक सबसे मजबूती से पंजाब ने रोका है। देश का यह सीमावर्ती राज्य नरेन्द्र मोदी के तूफान के आगे शुरू से कांग्रेस के सबसे सुरक्षित द्वीप के रूप में कायम बना हुआ है। …लेकिन क्या यहां कांग्रेस का रूतबा अगले चुनाव के बाद भी बना रहेगा या इस राज्य में पार्टी की अंदरूनी खींचतान उसकी नैया ले डूबेगी, यह सवाल इसके बावजूद भी बना हुआ है कि अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद भाजपा यहां मुकाबले से बाहर हो चुकी है और अकाली दल भी अलग होने के बावजूद कृषि कानूनों को पारित कराने में भाजपा की सहयोगी रहने के पाप से जनमानस की निगाह में बरी नहीं हो पा रही है। वजह यह है कि इस घटनाक्रम के कारण राज्य में कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंदी बनकर उभरी आम आदमी पार्टी कांग्रेस के जरा से चूकने पर हाथ मारकर सत्ता हथिया ले जाने में सफल हो सकती है। फिलहाल कांग्रेस हाईकमान ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के लाख सिर पटकने के बावजूद उनके और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच युद्ध विराम का फार्मूला तय करते हुए राज्य में पार्टी की बागडोर सिद्धू को सौंप डाली है। संयोग यह है कि अमरिंदर सिंह और सिद्धू न केवल एक ही जिले पटियाला के निवासी हैं बल्कि दोनों के गोत्र भी समान यानी सिद्धू ही हैं। सिद्धुओं की यह लड़ाई शेरों की लड़ाई में तब्दील हो चुकी थी, लेकिन नवजोत मनमाफिक हैसियत मिल जाने के बावजूद कैप्टन को उखाड़ने से बाज नहीं आ रहे और उन्हें आशीर्वाद दे देने के बावजूद कैप्टन भी हार मानने को तैयार नहीं है। अब देखना है कि दोनों के बीच शह और मात के इस खेल की नाव किस ठोर लगेगी।
वैसे पंजाब में कांग्रेस को पुर्नस्थापित करने का श्रेय तो कैप्टन अमरिंदर सिंह को ही है लेकिन पार्टी क्या करे। कैप्टन की उम्र 79 वर्ष की हो चुकी है इसलिए स्वाभाविक है कि कांग्रेस आगे के लिए उनके भरोसे नहीं रह सकती। नया विकल्प तलाशना उसके लिए लाजिमी है। कांग्रेस हाईकमान की यह इमेज भी बनती जा रही थी कि पार्टी के लगातार चुनाव हारने से वह पंगु हो चुका है और क्षेत्रीय क्षत्रपों से उलझना उसके बूते की बात नहीं रह गई है। इसलिए पार्टी हाईकमान ने जब कैप्टन की नाराजगी के बावजूद नवजोत को राज्य में पार्टी की बागडोर सौंपने का एलान किया उस समय अपनी हनक क्षत्रपों पर फिर से कायम करने का उसका इरादा भी निश्चित रूप से काम कर रहा होगा।
नवजोत सिंह सिद्धू को अति महत्वाकांक्षी माना जाता है। 2016 में उनको इसी कारण भाजपा छोड़नी पड़ी। कांग्रेस में आकर शुरू से उनकी निगाह मुख्यमंत्री पद पर थी लेकिन जब इसका फैसला अमरिंदर सिंह के हक में चला गया तो उन्होंने उनके मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री पद पाने की लाबिंग की। कैप्टन ने इसे मंजूर नहीं किया हालांकि अपने मंत्रिमंडल में स्थान दे दिया। लेकिन नवजोत सिंह अपनी ब्राडिंग मजबूत करने के लिए कुछ न कुछ ऐसा करते रहे जो अमरिंदर सिंह के लिए नागवार था। करतारपुर साहब गलियारे के उदघाटन में उनके पाकिस्तान जाने पर जब कैप्टन ने एतराज जताया तो उन्होंने कह दिया कि मेरे कैप्टन तो राहुल गांधी हैं। कैप्टन इससे बुरी तरह चिढ़ गये। बाद में मामला यहां तक पहुंच गया कि कैप्टन ने उनको मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के लिए बाध्य कर दिया। कांग्रेस हाईकमान ने कई बार चाहा कि कैप्टन नवजोत को कहीं न कहीं एडजस्ट कर लें लेकिन कैप्टन को यह बिल्कुल भी मंजूर नहीं था। हाईकमान भी अपनी देश भर में कमजोर स्थिति के कारण बेचारगी का शिकार था। इसलिए कैप्टन पर ज्यादा दबाव बनाना उसके बस में नहीं था।
इस जद्दोजहद के बीच अब जब विधानसभा के चुनाव के लिए कुछ महीने का समय रह गया है तो नवजोत अधीर हो उठे और उन्होंने सोशल मीडिया पर कैप्टन की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने ऐसे मुद्दे उठाये जो कार्यकर्ताओं और आम जनमानस को छू रहे थे। जैसे उन्होंने 2015 में फिरोजपुर में अकाली सरकार के समय गुरूग्रंथ साहब की बेअदबी के मामले में कार्यवाही में सरकार की ढ़ील पोल को आड़े हाथों लिया। वायदे के मुताबिक बादल परिवार के खिलाफ कार्रवाई न कर नरम रवैये बरतने का आरोप लगाया। सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने सरकार को भ्रष्ट साबित करने में यह कहकर कसर नहीं छोड़ी कि कैप्टन की सरकार प्रापर्टी माफिया, खनन माफिया और ड्रग माफिया को संरक्षण दे रही है। इस पर कैप्टन का बौखला जाना लाजिमी था।
इस बीच कांग्रेस हाईकमान सक्रिय हुआ कि राज्य में पार्टी की इस अंदरूनी लड़ाई को चुनाव के समय कैसे रोका जाये। खुद राहुल और प्रियंका ने नवजोत सिंह सिद्धू से बात की तो सोनिया गांधी ने कैप्टन का पक्ष सुना। विवाद सुलझाने के लिए राज्य सभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई जिसमें राज्य के प्रभारी हरीश रावत और जेपी अग्रवाल शामिल थे। इस कमेटी ने मंथन के बाद पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को रिपोर्ट सौंपकर चुनाव तक कैप्टन को ही मुख्यमंत्री बनाये रखने की सिफारिश तो की लेकिन उनके समानान्तर सिद्धू को पार्टी का अध्यक्ष बनाने का सुझाव भी दे दिया। लाजिमी है कि कैप्टन को यह हजम नहीं हुआ। इस कारण एक बार फिर सिद्धू को अध्यक्ष बनाने की घोषणा टल गई तो सिद्धू ने आम आदमी पार्टी की तारीफ करने का पैंतरा खेल दिया जिसे लेकर कांग्रेस हाईकमान को चेताया गया कि अगर सिद्धू का चेहरा आम आदमी पार्टी को मिल गया तो विधानसभा चुनाव में उसके मुकाबले कांग्रेस को सत्ता गंवानी पड़ सकती है।
अंततोगत्वा 18 जुलाई को कांग्रेस हाईकमान ने सुनील जाखड़ की जगह नवजोत सिंह सिद्धू को राज्य में पार्टी का अध्यक्ष बनाने की घोषणा कर दी लेकिन इसमें फिर पेंच फंस गया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कह दिया कि वे तब तक सिद्धू को स्वीकार नहीं करेंगे जब तक कि उनकी सरकार के खिलाफ अपमान जनक ट्वीट करने के लिए सिद्धू माफी नहीं मांगते। उन्होंने और सांसद मनीष तिवारी ने यह मुद्दा भी उठाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही सिख नहीं होने चाहिए। इससे गलत संदेश जायेगा। कैप्टन ने अपने मंत्रियों और समर्थक सांसदों से अनुशासनहीनता के कारण सिद्धू को पार्टी से निकालने की मांग भी उठवा दी। अब बाजी पलटने की जिम्मेदारी सिद्धू की थी। अध्यक्ष के रूप में अपनी नियुक्ति पर मोहर लगते ही सिद्धू ने इस दिशा में जोरदार कोशिशें करके रूख बदल दिया। कैप्टन के पक्ष के तमाम विधायक उनकी आलोचना छोड़कर सिद्धू में ही अपना भविष्य देखने की वजह से पलट गये। सिद्धू ने अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने के अवसर पर शक्ति प्रदर्शन किया जिसमें पार्टी के 80 में से 62 विधायक उनके पक्ष में खड़े दिखाई दिये। इससे कैप्टन के हौसले पस्त हो गये। 23 जुलाई को जब सिद्धू का पदभार ग्रहण कार्यक्रम था प्रियंका का भी फोन कैप्टन के पास आ गया जिसमें उनसे इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर सिद्धू को आशीर्वाद देने की गुजारिश की गई। अब कैप्टन के लिए मान जाने में ही गनीमत थी उन्होंने सिद्धू के पदभार ग्रहण के कार्यक्रम में उन्हें आशीर्वाद भी दिया और उनके साथ अपने पुराने संबंधों की चर्चा भी की। दूसरी ओर सिद्धू ने अपने भाषण में उनका नाम भी नहीं लिया और इस तरह भाषण किया जैसे पंजाब में अभी कांग्रेस की सरकार न हो और चुनाव बाद उनके द्वारा सरकार संभाले जाने की संभावना हो जिसके लिए उनके संकल्प क्या-क्या हैं यह गिनाये।
फिलहाल तो समाधान के फार्मूले में पार्टी के लिए जितनी भी आशंकाएं थीं, सभी के निराकरण का प्रयास कांग्रेस हाईकमान ने किया है, जिसमें बड़ी भूमिका प्रशांत किशोर की रही है। नवजोत सिंह सिद्धू के साथ चार कार्यवाहक प्रमुख बनाये गये हैं ताकि अनुसूचित जातियों और गैर सिखों को संतुष्ट किया जा सके। कैप्टन को मंत्रिमंडल में फ्री हैंड होकर विस्तार करने की हरी झंडी दे दी गई है, जिसे लेकर उनको आश्वस्त किया गया है कि सिद्धू इसमें कोई दखल नहीं करेंगे। निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ को राष्ट्रीय जिम्मेदारी देने का संकेत दिया गया है लेकिन अभी भी कुछ मसले अनसुलझे हैं। अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद समितियों का गठन होना है जिसमें घोषणा पत्र समिति मुख्य है। सिद्धू आरोप लगाते रहे हैं कि कैप्टन सरकार ने चुनावी घोषणाओं को पूरा नहीं किया है इसलिए अगर उनके आदमी को इस समिति की बागडोर मिलती है तो वह कैप्टन के लिए मुश्किल पैदा करेगा। नतीजतन कैप्टन चाहेंगे कि घोषणा पत्र समिति का अध्यक्ष उनकी पसंद का हो। राज्य के प्रभारी हरीश रावत को उत्तराखंड के लिए चेहरा घोषित कर दिया गया है इसलिए उन्हें उत्तराखंड में पूरा समय देने को राष्ट्रीय जिम्मेदारी से मुक्त किया जाना अनिवार्य है। ऐसे में प्रदेश का प्रभारी अपनी-अपनी सुविधा के अनुकूल नेता को बनवाने के लिए भी दोनों में खींचतान होगी। नवजोत सिंह सिद्धू अगले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए अपने को चेहरा मान रहे हैं इसलिए वे यह भी चाहेंगे कि ज्यादा से ज्यादा टिकट उनके लोगों के हों जबकि कैप्टन को यह भी स्वीकार नहीं होगा। इसलिए टकराव बरकरार रहने का एक मोर्चा यह भी है।
राज्य के अगले चेहरे को लेकर कैप्टन के मन में क्या है यह तो स्पष्ट नहीं है लेकिन अभी वे अपने ऊपर सिद्धू को कतई हावी नहीं होने देना चाहते। राज्य में बिजली महंगी होने को लेकर सिद्धू ने उनके सामने आने का उपक्रम किया तो कैप्टन ने इसकी हवा निकालने के लिए निजी थर्मल और सोलर प्लांट कंपनियों के साथ बिजली खरीद का प्रस्ताव रद्द कर दिया। इसी तरह सिद्धू ने अनुसूचित जाति के विधायकों की बैठक बुलाई लेकिन उसके शुरू होने के पहले ही कैप्टन ने एससी वेलफेयर बिल को मंजूरी दे डाली। जाहिर है कि समाधान फार्मूले के बाद भी दोनों में निभने वाली नहीं है ऐसे में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का यह अजेय दुर्ग कहीं हिलने पर न पहुंच जाये।

यूपी में फिर महागठबंधन चाहते हैं अखिलेश!

यूपी में फिर महागठबंधन चाहते हैं अखिलेश? कहा- BJP से लड़ना है या समाजवादी पार्टी से, तय कर लें BSP-कांग्रेस

लखनऊ (PTI)। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनकी पार्टी के दरवाजे सभी छोटे दलों के लिए खुले हुए हैं और बीजेपी को हराने के लिए वे ऐसी सभी पार्टियों को साथ लाने की कोशिश करेंगे। पिछले चुनावों में गठबंधन सहयोगी रहीं पार्टियों कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की ओर एक बार फिर हाथ बढ़ाते हुए उन्होंने यह तय करने को कहा है कि वह किस पक्ष में हैं। 

पूछा कि लड़ाई किससे है?- अखिलेश यादव ने कहा, ”इन पार्टियों (बीएसप-कांग्रेस) को तय करना चाहिए कि उनकी लड़ाई बीजेपी से है या समाजवादी पार्टी से?” आगमी चुनाव में गठबंधन की संभावनाओं को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कहा, ”सभी छोटे दलों के लिए दरवाजे खुले हुए हैं। कई छोटे दल हमारे साथ पहले से हैं और हमारे साथ आएंगी।” 

भाजपा को हराने के लिए एकजुटता- यह पूछे जाने पर कि उनके चाचा शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी भी सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है? अखिलेश यादव ने कहा, ”हम कोशिश करेंगे कि सभी पार्टियां बीजेपी को हराने के लिए एकजुट हो जाएं।” ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एबीएसपी) की अगुआई वाली भागीदारी मोर्चा, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी शामिल हैं, से जुड़े सवाल पर अखिलेश ने कहा, ”अभी तक उनसे कोई बातचीत नहीं हुई है।” एसपी अध्यक्ष ने बीएसपी और कांग्रेस जैसी बीजेपी की विरोधी पार्टियों से भी यह तय करने को कहा है कि वे किस पक्ष में हैं और उनकी लड़ाई किस पार्टी से है। उन्होंने कहा, ”इन पार्टियों को तय करना चाहिए कि उनकी लड़ाई किससे है।”

पेगासस जासूसी कांड को लेकर साधा निशाना- अखिलेश यादव ने पेगासस जासूसी को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”एनडीए के पास लोकसभा में 350 सीटें हैं। कई राज्यों में बीजेपी की सरकार है। क्यों और क्या सरकार जासूसी से निकालना चाहती है? इसके जरिए वे विदेशी ताकतों की मदद कर रहे हैं।” 

सुहाना फातिमा बनीं मुरादाबाद यूथ कांग्रेस की शहर अध्यक्ष

कांग्रेस की युवा विंग में पहली बार महिला नेत्री को शहर की कमान, मुरादाबाद यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं सुहाना फातिमा

मुरादाबाद (एकलव्य बाण समाचार)। कांग्रेस की युवा विंग में पहली बार महिला नेत्री को शहर की कमान सौंपी गई है। मुरादाबाद में युवक कांग्रेस अध्यक्ष सुहाना फातिमा को बनाया गया है। शनिवार को यूपी में 36 शहर अध्यक्षों की घोषणा की गई।

मिशन 2022 को कामयाब बनाने के लिए कांग्रेस जुटी हुई है। मूल संगठन के साथ ही फ्रंटल संगठनों में भी बदलाव किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही जिला व शहर अध्यक्षों में बदलाव किया गया गया। अब युवक कांग्रेस में भी बदलाव को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

अखिल भारतीय यूथ कांग्रेस ने शनिवार को यूपी के 36 शहर अध्यक्षों का परिवर्तन किया। मुरादाबाद में राहुल शर्मा की जगह पहली बार महिला की तैनाती की गई है। नई अध्यक्ष सुहाना युवा अधिवक्ता हैं और जिला न्यायालय में प्रेक्टिशनर है। वरिष्ठ कांग्रेसी सुधीर पाठक का कहना है कि नई अध्यक्ष सुहाना फातिमा मूलत: कांग्रेस परिवार से हैं। उनकी तैनाती पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमीरुल हसन जाफरी, आनंद मोहन गुप्ता, असद मौलाई ने हर्ष जताया है।

महंगाई का विरोध: भैंसा घोड़ा बुग्गी से कलक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेसी

महंगाई के विरोध में कांग्रेसी सड़कों पर उतरे
भैंसा बुग्गी व घोड़ा बुग्गी से पहुंचे कलक्ट्रेट
तख्तियों पर सरकार विरोधी नारे
डीएम को सौंपा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला/शहर कांग्रेस कमेटी बिजनौर ने जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान के नेतृत्व में जिले भर के कांग्रेसजनों ने देश प्रदेश में निरन्तर बढ़ रही महंगाई जैसे डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ भैंसा बुग्गी व घोड़ा बुग्गी चला कर एवं हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।

डीएम को सौंपा ज्ञापन-
जिले भर के कांग्रेसजन जिला कांग्रेस कार्यालय पर इक्कठा हुए और जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान  के नेतृत्व में भैंसा बुग्गी/घोड़ा बुग्गी चला कर हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी ओर प्रदर्शन करते हुए मुख्य डाक घर चौराहा, शंभु दयाल का चौराहा, राम का चौराहा, रोडवेज का चौराहा होते हुए जिला कलक्ट्रेट पहुंचे और देश के राष्ट्रपति को सम्बोधित मांग पत्र जिलाधकारी बिजनौर को दिया। मांग पत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि देश निरन्तर डीजल/पेट्रोल/रसोई गैस के दामों की बढ़ोत्तरी पर तुरन्त अंकुश लगाया जाये और बढ़े हुए दामों को तुरंत वापस लिया जाए।

बर्खास्त करें सरकार- शेरबाज पठान
जिलाध्यक्ष शेरबाज पठान ने कहा कि भाजपा शासन काल में दिन प्रतिदिन खाद्य पदार्थो के साथ साथ डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस के दामो में भी निरन्तर बढ़ोत्तरी की जा रही है। जबकि देश कोरोना जैसी महामारी की चपेट में है। देश प्रदेश में कारोबार चौपट है देश में आम जनता महामारी के चलते भूखे मरने के कगार पर है। सरकार को इस बुरे समय में देश की जनता आर्थिक सहायता देकर मदद करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार दिन प्रतिदिन डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस के दामों को बढ़ाने में लगी है। सरकार की ऐसी हिटलरशाही के चलते पूरे देश मे त्राहि त्राहि मची हुई है। गरीब परिवारों की पहुंच से रसोई जैसी जरूरत की चीज दूर होती जा रही है। देश की राजधानी के बॉर्डर पर किसान पिछले कई महीनों से सरकार के काले कानून के खिलाफ इतनी तेजगर्मी में धरने पर बैठा है, जिनकी सरकार को रत्ती भर भी परवाह नहीं है। इस जिला कांग्रेस कमेटी बिजनौर घोर निंदा करती है और राष्ट्रपति जी से ऐसी जन विरोधी सरकार को तुरंत बर्खास्त करने की मांग करती है।

ये रहे मौजूद-
धरना प्रदर्शन में शेरबाज पठान, ठाकुर अवनीश कुमार, बाबू डूंगर सिंह एड, मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नजाकत अल्वी, पूर्व विधायक सतीश कुमार गौतम, श्रीमति ओमवती, नासीर चौधरी अल्पसंख्यक प्रदेश सचिव, अनीस विशाल अंसारी, मुदस्सिर जमा खां, अभिषेक सूर्यवंशी, इंतजार हुसैन, हुसैन अहमद अंसारी, सुधीर कुमार एड., मुन्नालाल प्रेमी, रोहित कुमार रवि, इलियास कुरेशी, हुक्म सिंह, वसिउर्रहमान, आदित्य सिंह, सरदार गुरुमुख सिंह, जनेआलम, मुनेश तंवर, दिवान, राजवीर सिंह सैनी, मनोज शर्मा, खुर्शीद अनवर कासमी, अब्दुल समद आजाद, मीनाक्षी सिंह, अनिल कुमार, अरशद अंसारी, ओमकार सिंह, अनीस अंसारी, शरफरात, मलिक, असलम चौधरी, निजामुद्दीन, हिलाल अंसारी,अमजद खान, अदनान शेख, गुरुवेंद्र सिंह, आमिर अंसारी, चन्द्र सिंह सैनी, मिस बाबुल हसन, हाजी अहसान अंसारी, प्रदीप ठाकुर, कुंवर नरजित सिंह, रामचन्द्र सिंह, इस्माईल तुर्क, आसिम खां, सरवर ठेकेदार, गुलशन कुमार, अतहर जुनेद, डा. यज्ञ दत्त गौड़, हाजी आदिल, सतीश कर्णवाल, मुस्तकीम राईन, मो.नवेद, राकेश शर्मा, मो. अकरम खां, अवनीश कुमार, सुरेंद्र सिंह, वाजिद मंसूरी, सरफराज, जसराम सिंह, भूदेव सिंह, मनोज चौहान, शब्बन शेख, सैफ बाबा, अरमान सैफी, अभिनव अग्रवाल, गौरव शर्मा, मुन्ना कुरैशी, असलम खां, मतलूब अहमद कुरैशी, जहांगीर जैदी, सलमान, मो. फुरकान, अहमद,डा. शाहनवाज, विशाल कुमार, महबूब राईन, मोहमद अहमद, जावेद अंसारी, अतीक अहमद, राहुल, मनजीत ठाकुर आदि कांग्रेस जन मौजूद रहे।

कांग्रेस के जिला महामंत्री राधाकृष्ण शर्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि

मोदी नगर (एकलव्य बाण समाचार)। शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में निकट छतरी वाला मंदिर स्थित कार्यालय पर गाजियाबाद के कांग्रेस जिला महामंत्री राधाकृष्ण शर्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि कांग्रेसजनों ने अर्पित की। राधा कृष्ण शर्मा का 7 जुलाई 21 को प्रातः आकस्मिक निधन हो गया था । शोक सभा का संचालन शहर महासचिव नंदकिशोर शर्मा ने किया ।
शोक सभा में शहर कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा कि राधाकृष्ण शर्मा एक व्यावहारिक, जुझारू, कर्मठ, सभी के सुख- दुःख में काम आने वाले व्यक्ति थे, वे सदैव कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के संबंध में विचार-विमर्श करते रहते थे। उन्होंने जनहित में शहर के विकास एवं महंगाई आदि जैसे आंदोलनों में हिस्सा लिया ।
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि हमारे बीच से राधा कृष्ण शर्मा जैसा कांग्रेस का एक दमदार सिपाही चला गया, जिसकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती है।
कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव सुनील शर्मा ने कहा कि राधाकृष्ण शर्मा व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने हमेशा गरीब, मजदूर,असंगठित ,किसानों के लिए संघर्ष किया जो कभी भुलाया नहीं जा सकता।

सभी वक्ताओं ने दिवंगत आत्मा को भगवान के श्री चरणों में स्थान देने और परिवार को इस दुःख की घड़ी में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
शोक सभा में मुख्य रूप से राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक उत्तर प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश शर्मा, कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ राष्ट्रीय सचिव जोगेश नेहरा, कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव सुनील शर्मा, युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सन्नी नागर, पार्षद व युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विकास खारी, भारतीय किसान यूनियन जिला प्रवक्ता अनुज कुमार पंडित ,कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष मुनीश शर्मा, राहुल शर्मा, सेवा दल के जिला सचिव सुरेश शर्मा, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष मनुंजला शर्मा, शहर कोषाध्यक्ष श्री ओम शर्मा, शहर उपाध्यक्ष दिनेश कुमार, रवि सिंह, शहर महासचिव हरविंदर भूटानी , शारदा सैन, अशोक शर्मा, कन्हैयालाल शर्मा, सुनील वत्स, मुकुल शर्मा, शहर सचिव गुलबीर, अरूण त्यागी, पं योगेश शर्मा, अनिल गौतम पत्रकार, अय्यूब पत्रकार, चांद वीर चौधरी, अनिल कुमार शर्मा, शहर प्रवक्ता डॉ. जेपी सिंह, शहर सचिव इन्द्रा शर्मा, बीना ठाकुर, मंजू राणा, डा. एसके शर्मा, अनिल कुमार, राम किशन शर्मा, पूर्व सभासद गजेन्द्र कौशिक, श्री ओम शर्मा, अमन कुमार, रविन्द्र कुमार, गोलू, शहर सचिव सलमान नकवी, अभय शर्मा, निर्मल पाॅल, आकाश वर्मा, रामपाल कश्यप, प्रिंस कुमार, अरूण शर्मा, शिवानी चौधरी सहित कांग्रेसजन मौजूद रहे।

राहुल गांधी का हृदय से आभार व्यक्त करे भाजपा

🙏बुरा मानो या भला🙏

भाजपा को राहुल गांधी का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहिए-मनोज चतुर्वेदी

आज श्री राहुल गांधी का जन्मदिन है, सबसे पहले राहुल जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।ईश्वर श्री राहुल गांधी को दीर्घायु करे।

आज इस देश में जो राष्ट्रवादी सरकार और युगपुरुष श्री नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं उसका सबसे पहला श्रेय श्री राहुल गांधी और राहुलभक्तों की टीम को जाता है। यह कड़वा सच है कि यदि श्री राहुल गांधी और राहुलभक्त टीम ने प्रयास न किये होते तो श्री नरेन्द्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री नहीं होते। इसके लिए प्रत्येक राष्ट्रभक्त को राहुल जी और राहुलभक्तों का हृदय से आभार व्यक्त करना चाहिए।

कितने सौभाग्य की बात है कि अपने को दत्तात्रेय गोत्र का ब्राह्मण बताने वाले श्री राहुल गांधी गले में जेएनयू धारण करके किसी भी प्रकार के हिंदुत्व को न मानने का दम भरते हैं। यह कम गर्व की बात है कि जिस चीन ने हमें कोरोना जैसी महामारी दी, उसी चीन से राहुल जी चंदा लेकर आ गए। राहुल गांधी जी के संस्कार देखिये कि वह हाफिज सईद जैसे आतंकियों के नाम के आगे भी “जी” लगाकर सम्मान देते हैं। आतंकियों से बेपनाह मौहब्बत और उनके प्रति सम्मान देने की शिक्षा तो राहुल जी को विरासत में मिली है। उनकी पूज्य माताजी भी आतंकियों की मौत पर रात-रात भर रोती रही हैं। उनकी बहनजी तो उपद्रवियों और पत्थरबाजों के घरों पर जाकर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि देती रहती हैं। यही उनकी मानवता है, यह और बात है कि सेना के वीर जवानों की शहादत पर उनके परिवार वालों के लिए बहनजी के मुखारविंद से सांत्वना का एक शब्द नहीं निकलता।

राहुल गांधी जी की दूरदर्शिता देखिये कि वह पाकिस्तान जैसे दुश्मन देश से भी राजनीति की शिक्षा लेते हुए अपने ही देश के प्रधानमंत्री को हराने का फार्मूला पूछते हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री राहुल गांधी जी एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक बनकर देश को कथित तौर पर आलू से सोना बनाने की विधि भी बता चुके हैं, यह और बात है कि अभी तक भी भारत सरकार ने उनकी इस महान खोज को गम्भीरता से नहीं लिया है।

श्री राहुल गांधी जी का प्रभु पर अटूट विश्वास है, इसीलिए वह देश-विदेश के मंदिरों में माथा टेकते घूमते हैं और वहां लड़कियां छेड़ने वालों पर भी निगाह रखते हैं। यह और बात है कि प्रभु के प्रति उनका भक्तिभाव केवल चुनावों के समय ही प्रबल होता है।

श्री राहुल गांधी इस देश के सबसे युवा बेरोजगार माने जा सकते हैं क्योंकि उन्हें अभी तक भी मनचाहा रोज़गार नहीं मिला है। पिछले काफी समय से बेरोजगार रहने के कारण उन्हें हर चीज़ मंहगी दिखाई देने लगी है। वह पेट्रोल-डीज़ल पर हुई तथाकथित महंगाई को रोकने के लिए महंगी से महंगी गाड़ियों से प्रदर्शन करते हैं।

वैसे आजकल वह भविष्यवक्ता बन गए हैं और कोरोना पर लगातार भविष्यवाणी कर रहे हैं, जिसका सीधा फायदा भाजपा और मोदी सरकार ले रही है।

श्री राहुल गांधी जी को शायद भगवा रंग पसंद नहीं है इसीलिए भगवा रंग से हमेशा दूरी बनाये रखते हैं। रोजा अफ्तारी करने और कराने में राहुल जी को विशेष आनन्द आता है लेकिन नवरात्रि में कन्याओं को जिमाना उनको पसंद नहीं है। दीपावली औऱ होली पर भले ही वह बधाई न दें लेकिन ईद पर बधाई देना वह कभी नहीं चूकते हैं।श्री राहुल गांधी अपने भक्तों को कभी नाराज़ और निराश नहीं करते हैं।

मोदीभक्त अपनी जीत पर ताली-थाली बजाते हैं, और राहुलभक्त गाली खाते हैं। मोदीभक्त जीत की खुशी में जब दिए जलाते हैं तब जिन्नाभक्तों के दिल जलते हैं।

हमारा तो मानना है कि श्री राहुल गांधी और राहुलभक्तों का यह मज़बूत गठबंधन श्री नरेन्द्र मोदी को कभी हारने नहीं देगा।

ईश्वर श्री राहुल गांधी और राहुलभक्तों को हमेशा ऐसे ही स्वस्थ और प्रसन्न रखे।

🖋️ मनोज चतुर्वेदी “शास्त्री”
समाचार सम्पादक- उगता भारत हिंदी समाचार-
(नोएडा से प्रकाशित एक राष्ट्रवादी समाचार-पत्र)

विशेष नोट- उपरोक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। उगता भारत समाचार पत्र के सम्पादक मंडल का उनसे सहमत होना न होना आवश्यक नहीं है।

इमरान प्रताप गढ़ी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये जाने पर हर्ष

बिजनौर। (रायपुर सादात) कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रताप गढ़ी को शुभकामनाएं दी जा रही हैं। बिजनौर कांग्रेस कमेटी के जिला महासचिव मिसबाबुल हसन ने कांग्रेस कमेटी बिजनौर, उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के सचिव व पूर्व राज्य मंत्री सय्यद मुसर्रफ अली, एआईसीसी सदस्य उत्तराखंड कांग्रेस नेता राकेश नेगी व ब्लाक प्रमुख सहसपुर देहरादून सतीश आर्यन के साथ उनसे मिल कर गुलदस्ता भेंट किया। इमरान प्रताप गढ़ी ने सभी को मिठाई खिलाकर स्वागत किया और बिजनौर कांग्रेस कमेटी व बढ़ापुर विधान सभा के लोगों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने बढ़ापुर विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी चयन में जानकारी भी ली। साथ ही जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी बनाने की बात कही और कहा कि आने वाले विधानसभा व लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुत अच्छा जनता का प्यार मिलेगा। कांग्रेस देश में अपनी सरकार बनाएगी। इमरान प्रताप गढ़ी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान सरकार विफल रही है। बसपा और सपा ने अकलियतों के लिये कोई कार्य नहीं किया। कांग्रेस ने हमेशा अकलियतों व पिछड़ों पर हो रहे शोषण का विरोध किया है। उनकी आवाज बनकर कांग्रेस उनके साथ है। भाजपा के हर जुल्म के खिलाफ आवाज बुलन्द की है। किसी भी वर्ग के लोगों पर अगर भाजपा जुल्म करेगी तो कांग्रेस बर्दास्त नहीं करेगी।

राम मंदिर प्रकरण में कांग्रेसियों ने सौंपा ज्ञापन

बिजनौर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी बिजनौर ने जिला अध्यक्ष शेरबाज़ पठान के नेतृत्व में राष्ट्रपति को सम्बोधित मांग पत्र जिलाधिकारी को दिया।

जिला कांग्रेस कार्यालय पर जिले भर के पार्टी कार्यकर्ता एकत्रित हुए और जिला अध्यक्ष शेरबाज़ पठान के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के लिए देश भर से हुए चंदे के धन से खरीदी गई भूमि में कथित घोटाले की जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति को सम्बोधित आठ सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी बिजनौर को दिया।
ज्ञापन देने वालों में पूर्व विधायक सतीश कुमार गौतम, मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नज़ाकत अल्वी, मीनू गोयल,पूर्व मंत्री श्रीमति ओमवती, रोहित कुमार रवि, अनीस विशाल अंसारी, हुक्म सिंह, चितवन शर्मा, हाजी नसीम अंसारी, मुन्ना लाल प्रेमी, सुधीर कुमार एड०, आदित्य सिंह, वसी उर्रहमान, फिरासत हुसेन, डा०अतहर जुनेद, मनोज शर्मा, शरफराज़ मलिक,चौ.दीपक सोलंकी, सुरेन्द कपूर, शमीम कुरैशी, प्रदीप ठाकुर, अहसन जमील, रविन्द्र प्रताप, कुँवर नरजित सिंह, मुनेश तंवर, अहमद, कुमार, जसराम सिंह, शीशराम सिंह, ओमकार सिंह, चन्द्र सिंह सैनी, सुरेंद्र कपूर, भूपेंद्र सिंह, असलम मुल्तानी, नसीरुद्दीन आदि मौजूद रहे।

पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि के खिलाफ सडक़ों पर कांग्रेसी 

पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि के खिलाफ सडक़ों पर उतरे कांग्रेसी जिले भर में पेट्रोल पंप के सामने धरना प्रदर्शन।

बिजनौर। पेट्रोलियत पदार्थों की कीमतों में लगातार बेतहाशा वृद्धि के चलते कांग्रेसियों का पारा चढ़ गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिले के विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया।

जिला मुख्यालय पर ब्लाक कांग्रेस कमेटी मोहम्मद पुर देवमल एवं जिला कांग्रेस कमेटी बिजनौर ने पूरे देश में डीजल पेट्रोल के निरन्तर बढ़ते दामों को ले कर बैराज मार्ग स्थित मित्तल पेट्रोल पम्प बैराज रोड के सामने धरना दे कर प्रदर्शन किया। सभी कांग्रेस जन अपने हाथों में डीजल पेट्रोल के दाम कम करो कि मांग के नारे लिखी तख्तियां ले कर तपती धूप में बैठे रहे और जम कर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने देश के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व देश के पेट्रोलियम मंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। कहा कि देश में निरन्तर डीजल/पेट्रोल के बढ़ते दामों पर केन्द्र सरकार अंकुश लगाने में पूरी तरह फेल हो चुकी है। महामारी के चलते केन्द्र सरकार लगातार डीजल पेट्रोल के दाम बड़ा कर देश की जनता की जेब काटने का काम कर रही है। जनता के साथ की गई खुल्लमखुल्ला लूट को कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। जनता के साथ हुए किसी भी अत्याचार पर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। चाहे कांग्रेस के एक एक कार्यकर्ता को जेल ही क्यों न जाना पड़े। धरने का नेतृत्व ब्लाक कांग्रेस कमेटी मोहम्मद पुर देवमल केअध्यक्ष गुलशन कुमार ने किया। धरना देने वालों में जिला उपाध्यक्ष मुनीश त्यागी, जिला महासचिव नजाकत अल्वी, हुमायूं बेग, चितवन शर्मा, अब्दुल समद आजाद, डा. ओमप्रकाश सिंह, इकबाल अहमद, शमीम कुरैशी, विशाल कुमार, राजवीर सिंह सैनी आदि शामिल रहे।

पीएम सीएम से मांग इस्तीफा नजीबाबाद। कांग्रेस कार्यकर्ता नगर में डबल फाटक के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप पर एकत्रित हुए। जहां उन्होंने बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने बहुत हुई महंगाई की मार, अब नहीं चाहिए मोदी सरकार लिखी तख्ती हाथों में लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर कांग्रेस कमेटी के मौहम्मद अकरम खान एडवोकेट, मनोरे मियां, राकेश शर्मा, मुस्तकीम राइन, हाजी नसीम अंसारी, अभिनव अग्रवाल एडवोकेट, शारीब अंसारी एडवोकेट, खालीक हुसैन, गोविंद सिंह कुशवाह, मौहम्मद नवेद, मकसूद अहमद, निसार अहमद, हाजी जहुर, फराज एडवोकेट आदि रहे।
अफजलगढ़ में कीमत वृद्धि पर जताया रोष अफजलगढ़। सबसे पहले कांग्रेसियों ने गणेश जी के दर्शन किए और हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमके नारेबाजी की। कहा कि यह वही सरकार है जो बढ़ते हुए पेट्रोल और डीजल के दामों का विरोध करती थी, लेकिन पूरी तरह से झूठी साबित हुई है। आम आदमी का बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है।