संघर्ष से ही निकलेगा किसानों की समस्या का हल: गजेंद्र टिकैत

बिजनौर। स्योहारा क्षेत्र के ग्राम कृष्णा रामपुर में भारतीय किसान यूनियन की सभा का आयोजन हुआ सभा में
बेसहारा पशुओं का आतंक और महंगाई के हिसाब से गन्ने का रेट बढ़ाया जाने का मुद्दा छाया रहा।
किसानों को संबोधित करते हुए चौधरी गजेंद्र सिंह टिकैत ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार चुनाव के समय किसानों से किए गए वादे घोषणापत्र के हिसाब से पूरे नहीं कर रही। किसानों को बिजली फ्री और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को गन्ने पर 50 परसेंट लाभकारी मूल्य के हिसाब से लगभग ₹700 प्रति कुंतल दिलाने की बात कही थी। किसानों को केवल सपने दिखाए गए। बढ़ती महंगाई, बेसहारा पशुओं का आतंक, बिजली विभाग का उत्पीड़न किसान को बर्बाद कर देगा। उन्होंने एकजुट होकर किसानों की आवाज को बुलंद करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि किसानों का उत्पीड़न किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संघर्ष से ही किसानों की समस्या का हल निकलेगा। इस अवसर पर ग्राम कृष्णा रामपुर में बड़ी संख्या में किसानों ने भारतीय किसान यूनियन की सदस्यता ग्रहण की।
इस दौरान नीटू यादव दीवान सिंह, रणधीर सिंह, महेंद्र सिंह, महावीर फौजी, बाबूराम, राकेश कुमार, अंकित धीमान मौजूद रहे। सभा की अध्यक्षता मास्टर रघुवीर सिंह और संचालन राम अवतार सिंह ने किया।

…तो पीएम किसान सम्मान निधि होगी बंद

16 से 23 अगस्त तक ई-केवाईसी के लिए चलेगा डोर टू डोर अभियान
1.04 लाख किसानों ने नहीं कराई ई- केवाईसी
4.50 लाख किसानों ने कराया था पंजीकरण। 25 अगस्त तक ई- केवाईसी न कराई तो पीएम किसान सम्मान निधि होगी बंद

बिजनौर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने वाले 1,04,662 किसानों ने अभी तक ई- केवाईसी नहीं कराई है। 25 अगस्त तक ई- केवाईसी न कराने वाले लाभार्थियों की सम्मान निधि बंद कर दी जाएगी। कृषि विभाग द्वारा ई-केवाईसी के लिये 16 से 23 अगस्त तक डोर टू डोर अभियान चलाया जाएगा। बिजनौर जिले में पोर्टल पर 4,50,904 किसानों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकृत कृषकों में से 3,77,103 किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। 3,77,103 लाभग्राही कृषकों में से 3,69,223 कृषक आधार प्रमाणित है। योजना का लाभ लेने में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने जनवरी 2022 में एक नई व्यवस्था के तहत किसानों को पोर्टल पर ई-केवाईसी कराने की सुविधा उपलब्ध कराई थी। इसके अंतर्गत किसानों को नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर ई- केवाईसी के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना था। किसानों की भलाई को देखते हुए भारत सरकार द्वारा 11वीं किश्त बिना ई-केवाईसी के खातों में स्थानांतरित कर दी गई थी। इस बार 25 अगस्त तक ई-केवाईसी न कराने वाले कृषकों की ई-केवाईसी बंद कर दी जाएगी। अपात्र पाये जाने की दशा में उनके खातों में गई किश्तों की वसूली भी प्रारंभ कर दी जाएगी

"प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लाभ पाने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। अभी तक लगभग एक लाख पांच हजार किसानों ने ई- केवाईसी नहीं कराई है। 16 अगस्त से डोर टू डोर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद भी ई- केवाईसी न कराने वालों की सम्मान निधि बंद कर दी जाएगी"। कृषक भाइयों से अनुरोध है कि वह प्रत्येक दशा में 25 अगस्त तक ई- केवाईसी करवा लें। गिरीश चन्द्र, उप कृषि निदेशक, बिजनौर

जलीलपुर में भाकियू ने मनाया स्वतंत्रता दिवस

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) द्वारा स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। ब्लॉक जलीलपुर अंतर्गत किसान धर्म कांटा पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।

जिला संरक्षक बिजनौर मुखिया रामफल सिंह, पूर्व जिला सचिव याकूब ठेकेदार, तहसील सचिव राजू प्रधान, तहसील उपाध्यक्ष चांदपुर महिपाल सिंह भाटी, तहसील संगठन मंत्री मनोज शर्मा, ब्लॉक जलीलपुर सचिव इमरान भाई, ग्राम अध्यक्ष जलालपुर तेजपाल सिंह, इकबाल प्रधान नवादा, ग्राम अध्यक्ष जहीरूद्दीन, आस मोहम्मद सैफी, पूर्व तहसील संरक्षक उस्मान अली, मीडिया प्रभारी मो, हनीफ तहसील चांदपुर आदि उपस्थित रहे।

किसानों की समस्याओं को लेकर सौंपा बीडीओ को ज्ञापन

किसानों की समस्याओं को लेकर सौंपा बीडीओ को ज्ञापन

बिजनौर। किसानों की समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से एक बैठक का आयोजन ब्लॉक परिसर में किया गया। बैठक के बाद राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा गया।

अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से एक सभा का आयोजन किया गया। कामरेड इसरार अली की अध्यक्षता में आयोजित सभा में किसानों की समस्याएं उठाई गई। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन बीडीओ रामकुमार सिंह को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि देश में धर्म के नाम पर नफरत, अल्पसंख्यकों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों पर निरन्तर हमले हो रहे हैं। बेरोजगारी बढ़ रही है, युवा वर्ग परेशान है, बढ़ती महंगाई से जनता त्रस्त है। तमाम समस्याओं के लिए बोलने वालों पर पुलिसिया उत्पीड़न, बुल्डोजर नीति लागू की जा रही है। ऐसी स्थिति में अखिल भारतीय किसान सभा किसानों के आन्दोलन की समाप्ति पर किए गए वायदे पूरे करने, किसानों पर लगे झूठे मुकदमे वापस लेने, केन्द्रीय बिजली बिल वापिस लेने, नलकूपों पर लगे मीटर हटाए जाने, मनरेगा को कृषि कार्य से जोड़ने, आवश्यक वस्तुओं, पैक सामग्री, डीजल, पैट्रोल, गैस के मूल्य कम करने सहित अन्य कई मांगें उठाई गई। इस मौके पर इसरार अली, इसरार अली, फरीद अहमद, मोहम्मद तय्यब, इंद्र कुमार शर्मा, खलील अहमद, मोहम्मद आरिफ, मतलूब अहमद, जाबिर हुसैन, अनवर हुसैन, अभिषेक यादव, मोहम्मद यासीन आदि मौजूद रहे।

जिले के किसान बेचेंगे डेढ़ सौ करोड़ रुपए का गुड़

डेढ़ सौ करोड़ रुपए का गुड़ बेचेंगे जिले के किसान।नगुड़ निर्यातक कम्पनियों व गुड निर्माता किसानों के बीच हुआ ₹ 150 करोड़ का एमओयू।नबिजनौर कृषि के उत्पाद का हब बनेगा-जिलाधिकारी। गुड़ सहित कृषि उत्पाद राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मार्किट में छा जायें यह प्रयास है-जिलाधिकारी।जैविक खेती को बढावा दिया जाये, आने वाला कल जैविक खेती का है-जिलाधिकारी।

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने किसानों व गुड़ निर्माताओें से कहा कि हम आपके साथ मजबूती से खड़े हैं। आप अपना रास्ता स्वयं खोजें तथा संगठित होकर अपने कृषि उत्पाद बेचें। उन्होंने कहा कि जिला बिजनौर कृषि के उत्पाद का हब बनेगा। यहां के सभी कृषि उत्पाद सहित जिसमें गुड भी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजार में छा जायें, यह प्रयास है। उन्होंने कहा कि बिजनौर को कृषि हब बनाना उददेश्य है। इस अवसर पर मण्डावर की 02 गुड़  निर्यातक कम्पनियों व 40 से अधिक गुड़ निर्माता किसानों के बीच ₹ 150 करोड़ का एमओयू (मैमोरेडम ऑफ अण्डरस्टेडिंग) भी हुआ।

कलक्ट्रेट सभागार में जिले के गुड़ निर्माता किसानों तथा गुड़ व शक्कर निर्यातकों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि जैविक खेती को बढावा दिया जाये। उन्होंने कहा कि आने वाला कल जैविक खेती का है। कृषि उत्पाद क्रेता व विक्रेता को एक मंच पर लाना है। उन्होंने कहा कि किसान खेती के साथ-साथ अपना व्यापार व उधोग लगाने की ओर बढें। आज बिजनौर के प्रगतिशील किसान अपने उत्पादों को एमेजोन आदि अन्य पोर्टल पर बिक्री कर रहे हैं।जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि बिजनौर का गुड़ व कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ख्याति पाए यह प्रयास है। कृषि उत्पादोें का निर्यात बढे। किसानोें को सम्पन्न बनाना व उनकी आय दोगुनी करना सरकार व प्रशासन का उद्देश्य है।

इस अवसर पर मण्डावर की 02 गुड़ निर्यातक कम्पनी हिन्दुस्तान ऐग्रो लिमिटेड व हेल्थ मिस्त ऑयल एण्ड फूड प्राईवेट लिमिटेड तथा 40 से अधिक गुड़ निर्माता किसानों के बीच ₹150 करोड़ का एमओयू हुआ। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र, जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार मिश्रा, जिला गन्ना अधिकारी सहित जिले के प्रगतिशील किसान तथा गुड़ व शक्कर निर्माता आदि मौजूद रहे।

बाबूराम तोमर के भाकियू मंडल मुरादाबाद अध्यक्ष बनने पर हर्ष

बिजनौर। बाबूराम तोमर बने भाकियू मंडल मुरादाबाद अध्यक्ष भाकियू के प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर को यूनियन में मंडल मुरादाबाद अध्यक्ष की कमान सौपी गई है। बाबूराम तोमर के मंडल अध्यक्ष बनाए जाने से पूरे मंडल मुरादाबाद के पांचों जिलों में खुशी का माहौल है। भाकियू के प्रमुख प्रदेश महासचिव व पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी विजेंद्र सिंह यादव के चंदौसी स्थित आवास पर आयोजित स्वागत समारोह में संभल और मुरादाबाद जनपद के भाकियू कार्यकर्ताओं ने जिले के भाकियू कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर भाकियू पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष मुरादाबाद बाबूराम तोमर ने कहा कि टिकैत साहब ने जिस उम्मीद और भरोसे से मुझे मंडल मुरादाबाद की अध्यक्ष बनाकर कमान सौपी है, इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को बिजनौर सहित मंडल के पांचों जिले मुरादाबाद, संभल, अमरोहा के जिला अध्यक्ष सहित सभी शीर्ष पदाधिकारियों को साथ लेके संगठन की मजबूती के लिए पूरी लगन और मेहनत से जी जान लगाकर टिकैत साहब की उम्मीद के अनुसार काम किया जाएगा।
इस अवसर पर बिजनौर से जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह, जितेंद्र पहलवान, गजेंद्र सिंह टिकैत, विजय पहलवान, सतपाल चौधरी, अजयपाल यादव उर्फ छोटे नेता, बलराम सिंह, गजराम सिंह, अरविंद चौहान, महेश यादव, भूपेंद्र सिंह, मोहित कुमार आदि मौजूद रहे।

ऐसा करें, वरना नहीं मिलेगी पीएम किसान सम्मान निधि


31 जुलाई तक पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी कृषक प्रत्येक दशा में कराएं ई-केवाईसी, अन्यथा अगली किस्त का नहीं होगा भुगतान

114904 कृषक ई-केवाईसी कराने से शेष, 31 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित

बिजनौर। उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अन्तर्गत जनपद में आधार प्रमाणित कृषकों की संख्या 3,69,221 के सापेक्ष अब तक 2,54,317 कृषकों की ई-के0वाई०सी० हो चुकी है, जो लक्ष्य का 69 प्रतिशत है। अभी भी जनपद के 1,14,904 कृषक ई-के0वाई०सी० कराने से शेष हैं। शासन द्वारा शेष सभी कृषकों को 31 जुलाई, 2022 तक ई-के0वाई०सी० कराने की अन्तिम तिथि निर्धारित की गयी है।

उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र ने बताया कि कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों ने जन जन तक यह संदेश पहुंचा दिया था कि ई-के0वाई०सी० कराये बिना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। 31 मई को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 11 वीं किश्त आने के बाद ऐसे लाभार्थी कृषक निश्चित हो गए कि जिन्होंने ई-के0वाई० सी० नहीं करायी थी और अब वह ई- के0वाई०सी० कराने हेतु गम्भीर भी नहीं हैं।
उप कृषि निदेशक श्री गिरीश चन्द्र ने जनपद के कृषकों को पुनः जागरूक करते हुए सलाह दी है कि 31 जुलाई, 2022 तक प्रत्येक दशा में ई-के0वाई०सी० आवश्यक रूप से करा ली जाए , अन्यथा की स्थिति में निश्चित रूप से पी०एम० किसान सम्मान निधि की अगली किश्त भारत सरकार द्वारा रोक दी जाएगी।

31 जुलाई से पूर्व किसान करा लें प्रधानमंत्री फसल बीमा

मौसम की मार से पीड़ित किसान उठाएं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ

जिला कृषि अधिकारी ने किसान भाइयों से की अपील

बिजनौर। खरीफ वर्ष 2022 मे माह मई एवं जून में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है, परन्तु माह जुलाई में अनुमान के अनुसार वर्षा न होने से खरीफ फसलों मुख्य रूप से धान फसल की बुवाई/रोपाई प्रभावित हो रही है। जनपद के अधिकांश कृषकों द्वारा धान की नर्सरी तैयार की गई है परन्तु वर्षा न होने से धान रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।

डा० अवधेश मिश्र जिला कृषि अधिकारी बिजनौर ने किसान भाइयों को अवगत कराया है कि भारत सरकार द्वारा कियान्वित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत क्षेत्र आधारित जोखिम यथा खरीफ में 15 अगस्त व रबी में 15 जनवरी तक प्रतिकूल मौसमीय स्थितियों से फसल की बुवाई न कर पाने, असफल बुवाई से प्रभावित ग्राम पंचायत व फसल की लिखित सूचना जारी होने, फसल की प्रारम्भिक अवस्था से कटाई के 15 दिन पूर्व तक एवं उत्पादकता में कमी तथा व्यक्तिगत आधार पर खडी फसलों को ओलावृष्टि, जलभराव (धान फसल को छोड़कर), भूस्खलन, बादल फटना, आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग से क्षति, फसल कटाई के 14 दिन उपरान्त ओलावृष्टि, चक्रवात, बे-मौसमी वर्षा से क्षति होना कवर किया गया है। वर्तमान में किसान भाइयों द्वारा धान रोपाई / बुवाई की सम्पूर्ण तैयारी होने के फलस्वरूप भी वर्षा न होने से धान की रोपाई नहीं हो पा रही है, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत ग्राम पंचायत की इकाई के आधार पर आच्छादित है। इस प्रकार यदि किसान भाई जनपद हेतु खरीफ में अधिसूचित फसलों यथा धान, उर्द एवं मूंगफली का फसल बीमा कराते हैं तो वर्तमान में प्राकृतिक आपदा – सूखे की स्थिति में  उपरोक्तानुसार क्षति होने पर क्षतिपूर्ति का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यद्यपि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना स्वैच्छिक हो गई है और खरीफ मौसम में जनपद हेतु अधिसूचित फसलों हेतु 02 प्रतिशत प्रीमियम देकर किसान अपनी फसलों को दिनांक 31.07.2022 तक बीमित करा सकते हैं। इस योजना के अन्तर्गत समस्त ऋणी किसान कवर हैं, परन्तु यदि कोई ऋणी किसान योजना में सम्मिलित नहीं होना चाहता है तो बीमा की अन्तिम तिथि से 7 दिन पूर्व सम्बन्धित बैंक शाखा में ऑप्ट-आउट फार्म या स्वघोषणा-पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत बीमा प्राप्त करने के इच्छुक गैर ऋणी कृषक निकटतम बैंक शाखा / सहकारी समिति / जन सेवा केन्द्र (सी०एस०सी०) / बीमा कम्पनी के अधिकृत एजेन्ट से सम्पर्क कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु प्रभावित बीमित किसान को आपदा / नुकसान के 72 घन्टे के अन्दर सीधे बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर – 18001035490 पर या फसल बीमा पोर्टल http://www.pmfby.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है अथवा लिखित रूप में सम्बन्धित बैंक / कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से सूचित करना आवश्यक होता है, जिसमें किसान का नाम, मो०नं०, बैंक खाता नं० व आपदा / प्रभावित का नाम आदि सूचना अंकित होनी चाहिए।

भारत सरकार द्वारा इस योजना के अर्न्तगत राज्य जनसम्पर्क अधिकारी नवनियुक्त किया गया है, जिनके द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न लिंक भी बनाये गये हैं। किसान भाई Twiter https://twitter.com/pmfbyUp, Facebook-https://www. -facebook.com/PMFBY-UP-103167632023154, Instagram-https://www.instagram.com/pmfbyup/, Koo App @pmfbyup, पर जाकर भी  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं।  उन्होंने कहा कि उक्त योजना का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने हेतु किसान भाई अन्तिम तिथि 31.07.2022 से पूर्व बीमा कराएं।

बेहतरीन उपलब्धि पर डीएम एसपी ने किया किसानों को सम्मानित

बेहतरीन उपलब्धि पर डीएम एसपी ने किया किसानों को सम्मानित

बिजनौर। विभिन्न प्रकार के फल, फूल व जड़ी बूटियों की खेती संबंधित कई क्षेत्र में जिले के किसानों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर डीएम व एसपी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। 

जानकारी के अनुसार नाहर सिंह ग्राम तिसोतरा, राहुल जवान ग्राम चौकपुरी, अखिलेश कुमार सिंह ग्राम अगरी एवं विपिन कुमार ग्राम मुबारक पुर तालन द्वारा क्रमशः हल्दी, केला, विभिन्न प्रकार के फूलों की खेती के अलावा शतावर व अन्य जड़ी बूटी की खेती करने के साथ ही उत्पादन, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग व मार्केटिंग करते हुए अपने को एक सफल उद्यमी के रूप मे स्थापित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा व पुलिस अधीक्षक डा धर्मवीर द्वारा सम्मानित करते हुए प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार मिश्रा ने दी।

राकेश टिकैत को मर्डर की धमकी से आक्रोश

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को मोबाईल पर जान से मारने की धमकी देने से कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। साथ ही राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार से मांग की है। मंगलवार को भाकियू के प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर के आवास पर संगठन के कार्यकर्ता एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बाबूराम तोमर ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता को हमलावर जान से मारने की धमकी दे रहे है तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने दो टूक कहा कि अगर शीघ्र ही प्रशासन ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो टिकैत साहब का आदेश मिलते ही अपने नेता की सुरक्षा दिलाने के लिए जिले में आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। उन्होंने चौधरी राकेश टिकैत को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की। इस अवसर पर चौधरी ऋषि पाल सिंह, ध्यान सिंह, चंद्रपाल सिंह, सुधीर कुमार, मोहित कुमार, ओमवीर सिंह, सतीश राजपूत, कासिम अली, शहजाद अहमद आदि उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि राकेश टिकैत को मिली धमकी के मामले में मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने ट्वीट कर ये जानकारी दी और ये भी कहा कि तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले भी राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। कुछ महीने पहले ही उनकी सुरक्षा में तैनात रहे एक मुख्य आरक्षी ने मामला भी दर्ज कराया था.

हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ कर किसान की मौत

बिजनौर। बास्टा में हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ कर किसान की  मौत हो गई। क्षेत्र के ग्राम पंचायत रसूलपुर नगला निवासी चन्द्रप्रकाश मंगलवार को अपने ईख के खेत में नलाई कर रहा था। इस बीच खेत के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज  लाइन का तार अचानक टूट कर उसके शरीर पर गिर गया। घटना में किसान की मौके पर ही मौत हो गयी। जानकारी मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने सरकारी मदद के आश्वासन के बाद शव को उठने दिया। परिजनों के अनुसार किसान तीन पुत्रियां और दो पुत्र रोते बिलखते हुऐ छोड़ गया है।

गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत भरपूर लाभ कर सकेंगे अर्जित: डीएम उमेश मिश्रा

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि रबी विपणन वर्ष 2022-23 में न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत कृषक बंधुओं को भरपूर लाभ दिलाए जाने के उद्देश्य से जिला बिजनौर में गेहूं ख़रीद के लिए कुल 34 क्रय केंद्र अनुमोदित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अनुमोदित क्रय केंद्रों में खाद्य विभाग के 09 एवं पीसीएस के 25 क्रय केंद्र शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शासन की महत्वपूर्ण गेहूं खरीद योजना आगामी 1 अप्रैल 2022 से शुरू होगी, जिसके तहत गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹ 2015 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। गेहूं खरीद के लिए किसानों का पंजीयन खाद्य विभाग की वेबसाइट http://www.fcs.up.gov.in पर (बैंक खाता संख्या खतौनी आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर के आधार पर) कृषक द्वारा स्वयं, जन सूचना केंद्र अथवा इंटरनेट कैफे के द्वारा कराया जा सकता है। उन्होंने और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि कृषक बंधु ख़रीफ़ विपणन वर्ष 2021-22 में धान खरीद के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, उन्हें गेहूं विक्रय के लिए पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्हें पंजीयन प्रपत्र में यथा आवश्यक संशोधन करते हुए पंजीयन में दर्ज कुल रकबे में अपने हिस्से में बोए गए गेहूं के रकबे की घोषणा करते हुए पंजीयन प्रपत्र को पुनः लाक करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि उक्त संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन/ जिला ख़रीद अधिकारी (गेहूं ख़रीद) बिजनौर के मोबाइल नंबर 9454416895 तथा जिला खाद्य विपणन अधिकारी, बिजनौर के मोबाइल नंबर 9794032966 पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है।

न्याय के लिए किसानों का डीएफओ कार्यालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

बिजनौर। गंगोड़ा जट में गुलदार की मौत के मामले में एक किसान को जेल भेजने व कई किसानों को झूठे मुकदमे में फसाने से आक्रोषित भाकियू पदाधिकारियों ने गन्ना समिति बिजनौर में इक्कट्ठा होकर मासिक पंचायत की और जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में सभी किसान जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए डीएफओ ऑफिस पहुंचे और डीएफओ ऑफिस के गेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना प्रदर्शन में किसानों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रही।

भाकियू जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि किसान के खेत में कोई जाल लगा जाए और उसमे गुलदार फंस जाए और किसान उस गुलदार को पकड़ कर वन व पुलिस विभाग को जिंदा सौप दे फिर में वन विभाग अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए किसानों के खिलाफ मुकदमा लिखाए और एक बेकसूर किसान को जेल भेजकर जिला प्रशासन इस मामले में इति श्री कर ले ऐसा भाकियू कतई बर्दास्त नही करेगी उन्होंने कहा कि वन विभाग व पुलिस किसानों के घर दबिश देने की आड़ में खुले आम घर में घुस जाते हैं और एक किसान की मोटर साइकिल चोरी कर लाए ये कौन से कानून की किताब में लिखा हैं कि किसान का सामान चोरी करने वाले के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती और गंगोडा जट में एक गुलदार की मौत के मामले में एक मुकदमा हल्दौर थाने में और एक मुकदमा अपने विभाग में दर्ज कर बेकसूर किसानों का शोषण किया जा रहा है और प्रशासन आंखे मूंद कर बैठा है।

किसानों के धरना प्रदर्शन के बीच डीएफओ के न आने से आक्रोषित भाकियू जिला अध्यक्ष के आदेश पर भाकियू पदाधिकारी ऑफिस में बैठे सहायक वन संरक्षक डॉक्टर हरेन्द्र सिंह को उठाकर मीटिंग में ले आए और खूब खरी खोटी सुनाई और अपने बीच ही बैठा लिया। भाकियू जिला अध्यक्ष चौधरी कुलदीप सिंह ने कहा कि भाकियू ने जिला प्रशासन को एक महीने का टाइम दे दिया कि प्रशासन मामले की सही जांच कर जाल लगाने वाले शिकारी और गुलदार को नशे की ओवर डोज देकर मौत के घाट उतारने वाले वन कर्मियों के खिलाफ कारवाही करे परन्तु जिला प्रशासन इस मामले में आंख मूंद कर बैठ गया है इसलिए आज किसान वन विभाग की आंखे खोलने के लिए धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू प्रदेश महासचिव ठाकुर रामौतार सिंह, प्रांतीय नेता बाबूराम तोमर, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री होशियार सिंह, पूर्व मंडल महासचिव सुरपाल सिंह, जिला महासचिव नरदेव सिंह, जिला मिडिया प्रभारी संदीप त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मदपुर देवमल चौधरी विजय सिंह, स्योहारा ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र टिकैत, अल्लेहार पुर ब्लॉक अध्यक्ष कविराज सिंह, जलीलपुर ब्लॉक अध्यक्ष महिपाल सिंह, लक्ष्मी नारायण सिंह, अशोक कुमार, लुद्धियांन सिंह, जय सिंह, संजीव कुमार, सत्यपाल सिंह, अनुज चौधरी, मुकेश कुमार, सोनू विर्क, रवि शेखर तोमर, देवेश चौधरी, हरिओम यादव, संदीप सिंह, विकास कुमार, मुनेश कुमार, कल्याण सिंह, अजय वालियान, श्रीशपाल सिंह, अवनीश कुमार, बलजीत सिंह, पंकज सहरावत, मास्टर महेंद्र सिंह, दलेल सिंह, मोनू चौधरी, किसान यूनियन नेत्री रानी, ममता, बाला, मुनिया, राजो, पिंकी, उषा आदि सकड़ो महिला पुरुष पदाधिकारी मौजूद रहे।

किसान को बंधक बनाकर बदमाशों ने ट्रैक्टर ट्राली लूटी

शुगर मिल से गन्ना डालकर लौट रहे किसान को बंधक बनाकर बदमाशों ने ट्रैक्टर ट्राली लूटी

हीमपुर दीपा (बिजनौर)। शुगर मिल से गन्ना डाल कर लौट रहे किसान को बाइक सवार तीन बदमाशों ने रास्ते में रोककर खेत में बंधक बना लिया। साथ ही हथियारों के बल पर ट्रैक्टर ट्राली व उसका मोबाइल लूट फरार हो गये। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। थाना क्षेत्र के ग्राम ढेला गुर्जर निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र धर्मवीर सिंह रात्रि में ट्रैक्टर ट्राली से शुगर मिल में गन्ना डालने के लिए गया था। रात्रि लगभग दो बजे गन्ना डालने के बाद वह वापस लौट रहा था। गांव अज्जू नंगली के पास सीबीजेड बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे हथियारों के बल पर रोक लिया। बदमाश उसे तमंचे के बल पर पास के ही खेत में ले गए तथा उसके हाथ पैर बांधकर बंधक बना कर खेत में डाल दिया। इसके बाद बदमाश उससे मोबाइल व ट्रैक्टर ट्राली लूट कर फरार हो गए। कुछ देर बाद किसी तरह अपने हाथ पाव खोलकर पीड़ित किसान ने अपने साथ हुई घटना की सूचना शुगर मिल चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर लूटी गई ट्रैक्टर ट्राली को बिजनौर में कालिका मंदिर के पास से बरामद कर लिया, जबकि बदमाश पुलिस को आता देख कर फरार हो गए।

न्याय के लिए 4 मार्च को भाकियू का जिला मुख्यालय पर आन्दोलन


बिजनौर। भाकियू कार्यकर्ता 13 फरवरी को कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम चंदूपुरा में नितिन सिरोही के हमलावरों के विरुद्ध कार्यवाही न होने से बहुत नाराज हैं। किसान पंचायत के दौरान जिलाधिकारी को प्रेषित ज्ञापन में 4 मार्च को जिला मुख्यालय पर बड़े आन्दोलन की चेतावनी दी गई है।


जानकारी के अनुसार किसान यूनियन से जुड़े नितिन सिरोही के साथ ग्राम के बूथ पर कुछ लोगों ने मारपीट की। वहां मौजूद फोर्स ने एक व्यक्ति को पकड़ पुलिस को सौपा था। यूनियन का आरोप है कि नितिन सिरोही के लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई और सरकारी अस्पताल में घटों बैठने के बाद मेडिकल नहीं किया गया। उल्टे पीड़ित नितिन सिरोही के विरुद्ध ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

एसओ और डॉक्टर के प्रति नाराजगी-
भाकियू ने आरोप लगाया कि डा० प्रमोद ने 14 फरवरी में भी मेडिकल नहीं किया जबकि दूसरे पक्ष का फर्जी मेडिकल बना दिया गया है। इस कारण कोतवाली देहात थानाध्यक्ष व डा० प्रमोद के विरुद्ध भाकियू में काफी रोष व्याप्त है। ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी समरपाल सिंह ने कहा कि प्रशासनिक आश्वासन के बाद अभी आंदोलन स्थगित किया जा रहा है। साथ ही चेताया कि इस सम्बन्ध में 3 मार्च तक कार्यवाही नहीं की गई तो भाकियू 4 मार्च को जिला मुख्यालय पर घेराव व आन्दोलन के लिए विवश होगी।

पुलिस की मौजूदगी में हुआ था पथराव, न्याय दिलाने को भाकियू देगी धरना

पुलिस की मौजूदगी में हुआ था पूंडरी कला में पथराव, शिकायत के बावजूद पुलिस ने नहीं की कार्रवाई। भाकियू नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने जताया रोष। न्याय दिलाने को देंगे धरना।

बिजनौर। दो दिन पूर्व ग्राम पूंडरी कला में नींव की दीवार गिराने के मामले में नांगल सोती पुलिस शिकायत के बावजूद कार्रवाई करने से बच रही है। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पथराव के दौरान मौके पर पुलिस मौजूद थी। इस मामले में पीड़ित पक्ष को उसकी जमीन पर काबिज कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही कराए जाने के लिए भाकियू ने हुंकार भरी है।

गौरतलब है कि 2 दिन पूर्व ग्राम पूंडरी कला में सुरेश राठी पक्ष की कूड़ी (जमीन का हिस्सा) के कब्जे को हटाकर नींव बनवाई गई। आरोप है कि नांगल पुलिस और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में दूसरे पक्ष ने पथराव करने के साथ ही लाठी-डंडों से हमला कर बनाई गई नीव की दीवार को गिरा दिया था। इस संघर्ष में सुरेश पक्ष के चार लोग घायल भी हो गए थे। नांगल थाना पुलिस ने सुरेश राठी की तहरीर पर कोई कार्यवाही करना जरूरी नहीं समझा। इस पर भारतीय किसान यूनियन के मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। चौधरी दिगंबर सिंह, सुरेश राठी के साथ एसडीएम नजीबाबाद से मिलने की बात कह रहे हैं। दिगंबर सिंह के मुताबिक प्रशासन ने उक्त मामले में चुनाव होने तक का समय मांगा है। अगर 14 फरवरी तक मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही तथा किसान सुरेश राठी को जमीन पर काबिज नहीं कराया गया तो वह किसानों के साथ धरने पर बैठेंगे। वहीं शिकायत किए जाने के बावजूद नांगल थाना प्रभारी रविंद्र कुमार किसी भी पक्ष द्वारा तहरीर न मिलने की बात कहते हुए कार्रवाई न किए जाने की बात कह रहे हैं।

फसलों के बीच में उगे खरपतवार पहचाना हुआ बेहद आसान

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पहचाने जाएंगे फसलों के बीच में उगे खरपतवार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पहचाने जाएंगे फसलों के बीच में उगे खरपतवार, जानें प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। छत्तीसगढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हर क्षेत्र में तेजी से इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। यह इंसानी जिंदगी का एक तरह से पहिया बनता जा रहा है। यही वजह है कि AI का कारोबार तेजी से विस्तार ले रहा है। भारत में भी इसकी उपयोगिता बढ़ती जा रही है। भारत सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा दे रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से छत्तीसगढ़ के दो युवा वैभव देवांगन और धीरज यादव ने एक प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिससे फसलों के बीच में उगे खरपतवारों को पहचानने में मदद मिलेगी। 

इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू पर डिजिटल इंडिया ने एक वीडियो के साथ पोस्ट शेयर किया है। डिजिटल इंडिया ने लिखा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- द फ्यूचर ऑफ द नेशन, दो युवाओं ने एआई संचालित तकनीक की मदद से एक प्रोजेक्ट तैयार किया है। ‘एआई के लिए वीड डिटेक्टर सिस्टम’, जो आसानी से खेतों में विभिन्न प्रकार के खरपतवारों की पहचान करता है और उन्हें हटाने में सहायता करता है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नर्रा के छात्र वैभव देवांगन और धीरज यादव द्वारा एआई तकनीक से तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट किसानों के लिए मददगार साबित हो सकता है। 

सर्प दंश से किसान की मौत

सर्प दंश से किसान की मौत परिवार में मचा कोहराम
नूरपुर। थाना अंतर्गत गांव नाहर सिंह में सांप के डसने से एक किसान की मौत हो गई। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार थाना अंतर्गत गांव नाहर सिंह निवासी 48 वर्षीय आसाराम सिंह पुत्र फूल सिंह शनिवार की देर शाम अपने जंगल में सिंचाई के लिए नलकूप पर गया था। नलकूप चलाते समय पट्टा उतर गया । पट्टे को लेने वह किसान करीब 15 फुट गहरे नलकूप के अंदर निकालने चला गया।
बताया जाता है कि जब आसाराम नलकूप के गहरे गड्ढे में पट्टा निकालने गया तो वहां मौजूद एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया। सूचना मिलते ही परिजन उसको लेकर इधर-उधर भागे, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी उसको नहीं बचा सके। उसकी मौत से परिवार में चीख-पुकार पड़ गई। मृतक आसाराम अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र व एक पुत्री को रोते बिलखते छोड़ गया है।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के 22 जिलों के जिलाध्यक्षों की घोषणा

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम निवास यादव ने बताया कि यूनियन की सक्रियता को बढाने के लिए बलीराम वर्मा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राज कुमार लोधी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अवधेश प्रताप सिंह राष्ट्रीय महामंत्री, वीरेन्द्र कुमार रावत राष्ट्रीय महामंत्री की सहमति से उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई है।

इनमें बाराबंकी-बालकराम यादव, बहराईच-सुरेश साहू, अयोध्या-शैलेश जायसवाल, आगरा-डा. विशाल कुमार, फर्रूखाबाद-आशीष कुमार, कानपुर नगर-सतेन्द्र प्रताप सिंह, कानपुर देहात-अरविन्द सिंह, मैनपुरी-अमन कुमार यादव, जौनपुर-कपिल कृष्ण यादव, कन्नौज-मनोज कुमार, मिर्जापुर-महेश कुमार यादव, उन्नाव-अखिलेश लोधी, प्रयागराज-पुष्पराज यादव, हरदोई–महेन्द्र सिंह यादव एडवोकेट, औरैया-राम रतन यादव, गाजीपुर-लवकुश सिंह, कौशाम्बी-राजवन्त सिंह, मऊ-नीरज कुमार सिंह, प्रतापगढ़-हरिकेश कुमार पांडेय उर्फ बब्बू, फतेहपुर-अमर पाल लोधी, रायबरेली–अनिल कुमार लोधी एवं सीतापुर-दिलीप लोधी को जिलाध्यक्षों के पदों पर मनोनीत किया गया है।

भाकियू की मासिक पंचायत में उठा गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली का मुद्दा

गन्ना समिति में भारतीय किसान यूनियन की पंचायत

भाकियू की मासिक पंचायत में गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली का मुद्दा उठाया। रोक न होने पर गन्ना अधिकारियों का करेंगे घेराव।

नूरपुर (बिजनौर)। गन्ना विकास समिति परिसर में भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत सम्पन्न हुई। मंगलवार को हुई पंचायत में किसानों ने गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतोली का मुद्दा उठाते हुए रोक न होने पर गन्ना अधिकारियों का घेराव करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा धान क्रय केन्द्र पर किसान के आधार संख्या के साथ किसान की फर्द लिंक करने, गन्ना क्रय केंद्रों पर 9 कुंटल की बजाय अट्ठारह कुंटल की पर्ची जारी करने की मांग की। कहा कि 19 कुंटल की पर्ची कैलेंडर में दर्शाने पर किसान भ्रमित हो रहे हैं क्योंकि 9 क्विंटल की दो पर्ची मिलाकर ही क्रय केंद्रों पर गन्ना तोला जा रहा है। गन्ने की पर्ची मोबाईल पर भेजने के बजाय किसान को सीधे मुहैया कराने की मांग की गई। ब्लाक अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण शर्मा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में गन्ना समिति द्वारा किसानों से घोषणा पत्र मांगने का विरोध करते हुए कहा कि कोई भी किसान समिति को घोषणा पत्र प्रस्तुत नही करेगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि शासन प्रशासन ने किसान को घोषणा पत्र जमा करने के लिए बाध्य किया तो यूनियन उग्र स्तर पर इसका विरोध करेगी। यूनियन के वरिष्ठ नेता जिला पंचायत सदस्य उत्तम सिंह के संचालन में सम्पन्न हुई पंचायत में ब्लॉक सचिव मोनू चौधरी, विक्रम सिंह, यशवंत सिंह, सीताराम, मोती सिंह, अशोक कुमार, देवेंद्र कुमार, ओमप्रकाश सिंह, वीर सिंह, बलजीत सिंह, नन्हे सिंह, धर्मवीर सिंह, गजेंद्र सिंह, बबलू, चमन सिंह, छत्रपाल सिंह, रामकुमार, महेश सिंह, राजबहादुर, अमर सिंह आदि किसानों ने विचार व्यक्त किये।

कृषि विविधीकरण समय की आवश्यकता


कृषि विविधीकरण समय की आवश्यकता। नवोन्मेषी कृषि कर रहे कृषकों को बताया रोल मॉडल।


बिजनौर। अपर आयुक्त मुरादाबाद मंडल बी एन यादव ने संयुक्त कृषि निदेशक मुरादाबाद मंडल जेपी चौधरी के साथ कृषि विकास कार्यों की समीक्षा व कृषि क्षेत्र में नवोन्मेषी कार्य कर रहे कृषकों के यहां भ्रमण किया। जनपद में नवोन्मेषी कृषि कर रहे कृषकों को रोल मॉडल बताते हुए कहा कि नवोन्मेषी कृषि विविधीकरण समय की आवश्यकता है।

खेतों पर पहुंच कर जाने किसानों के अनुभव-
अपर आयुक्त द्वारा सर्वप्रथम नूरपुर विकास खण्ड के राजकीय कृषि निवेश भण्डार का निरीक्षण किया और भण्डार प्रभारी व सहायक विकास अधिकारी कृषि से गेहूं की विभिन्न प्रजातियों के संबंध में जानकारी ली।
निरीक्षण उपरांत अपर आयुक्त द्वारा प्रगतिशील कृषकों के खेतों पर जाकर नवोन्मेषी खेती के संबंध में उनके अनुभव जाने।
अपर आयुक्त द्वारा ग्राम ऊमरी के युवा कृषक ऋतु राज सिंह के यहां ड्रेगन फ्रुट,रेड बनाना, एप्पल बेर, अमरूद गन्ना की जैविक खेती को देखकर उसके आय व्यय के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। ऊमरी के ग्राम बिलाई के कृषक आरपी सिंह के यहां चंदन की खेती देखी और चंदन की खेती के बारे में जानकारी ली। बिलाई के बाद जीवन विद्या प्रतिष्ठान गोबिंदपुर में डा. रण सिंह आर्य से प्राकृतिक खेती, भोजन व स्वास्थ्य के संबंध में विशेष चर्चा की गई। ग्राम जलालपुर छोइया में किसान पाठशाला चलाने वाले केला की खेती के विशेषज्ञ चौकपुरी के राहुल चौधरी से केले की जैविक खेती की तकनीक के बारे में जानकारी ली।
अपर आयुक्त बीएन यादव ने जनपद के नवोन्मेषी कृषि को सराहते हुए अधिक से अधिक कृषकों तक कृषि विविधीकरण व नवोन्मेषी कृषि प्रचार प्रसार करने के निर्देश कृषि विभाग के अधिकारियों को दिए।
अपर आयुक्त के भ्रमण के समय उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र, जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश मिश्र, आत्मा प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह योगी, सहायक विकास अधिकारी कृषि कमल सिंह आदि उपस्थित रहे।

राहत: बिना सत्यापन 100 कुंतल तक धान बेच सकेंगे किसान

लखनऊ। किसानों के लिए बिना सत्यापन के धान बेचने की सीमा 50 कुंतल से बढ़ा कर 100 कुंतल कर दी गई है। किसानों को बुआई के रकबे के सत्यापन के लिए एसडीएम के चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे सत्यापन के मामले बढ़ने के साथ ही धान खरीद में तेजी नहीं आ पा रही थी।

धान खरीद में बुआई के रकबे के सत्यापन के बिना धान बेचने का प्रावधान नहीं था। अक्तूबर की शुरुआत में ही 50 कुंतल तक रकबे के  सत्यापन की शर्त हटा दी गई थी। अब इस सीमा को बढ़ाते हुए 100 कुंतल किया गया है। किसानों को अफसरों के न मिलने पर तहसीलों का चक्कर लगाना पड़ता था। इसके बावजूद चकबंदी के तहत गांवों के किसानों का धान, चकबंदी सबंधी प्रमाणपत्रों के ऑनलाइन सत्यापन के बाद ही खरीदा जाएगा।  इस बार कॉमन धान श्रेणी 1940 रुपए प्रति कुंतल व ग्रेड ए के धान का मूल्य 1960 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है।  

SP सिटी ने दिलाया किसान परिवार को न्याय

खबर का असर

बिजनौर। दबंगों के कहर से परेशान एक गरीब किसान के न्याय न मिलने पर परिवार समेत आत्मदाह की चेतावनी के बाद पुलिस अधीक्षक (नगर) ने पीड़ित किसान परिवार को न्याय दििलाया।

जानकारी के अनुसार नरेश सिंह पुत्र शिव ध्यान सिंह राजा का ताजपुर थाना नूरपुर जिला बिजनौर का रहने वाला एक गरीब किसान है। आरोप है कि 6-10-2021 को नरेश सिंह अपने खेत पर काम कर रहा था। इस दौरान कुछ दबंगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना में किसान की एक टांग टूट गई और सिर में काफी चोट आईं। पीड़ित ने थाना नूरपुर में गांव के ही कई लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी, जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पुलिस अधीक्षक से भी लिखित शिकायत की गई। जिला अस्पताल में भर्ती किसान ने एक दिन पूर्व ही न्याय न मिलने पर अपने परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसकी जानकारी जैसे ही पुलिस अधीक्षक (नगर) को मिली तब उन्होंने थानाध्यक्ष को निर्देशित किया। तब दो अभियुक्तों पकड़ कर चालान कर दिया गया। अब पीड़ित किसान परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है।

किसान पाठशालाओं में फसल अवशेष न जलाने की शपथ दिलाई


बिजनौर। कृषकों को किसान पाठशालाओं में फसल अवशेष न जलाने की शपथ दिलाई गई।
द मिलियन फारमर्स स्कूल के अंतर्गत द्वितीय चरण में जनपद की 130 न्याय पंचायतों में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। विकास खण्ड स्योहारा के ग्राम दौलतपुर में मण्डलीय संयुक्त कृषि निदेशक जेपी चौधरी द्वारा कृषकों को फसल अवशेष न जलाने की शपथ दिलाई गई। जेपी चौधरी द्वारा फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण व भूमि की भौतिक व जैविक दशा पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के संबंध में जानकारी दी गई। इन किसान पाठशाला के माध्यम से कृषकों को फसल अवशेष प्रबंधन, खरीफ फसलों के प्रबंधन व रवि फसलों की बुवाई के संबंध में जानकारी दी गई।
नोडल अधिकारी बनाये गए आत्मा प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह योगी द्वारा विकासखंड नहटौर के ग्राम विलासपुर व विकास खण्ड नूरपुर के कुण्डा खुर्द ग्राम में कृषकों को खरीफ फसल प्रबंधन व फसल अवशेष प्रबंधन व विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। सत्य प्रकाश सहायक अधिकारी कृषि रक्षा द्वारा खरीफ फसल खरीफ फसलों में कीट रोग नियंत्रण के संबंध में अवगत कराया गया।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

किसान पाठशालाओं में दिलाई फसल अवशेष न जलाने की शपथ

बिजनौर। द मिलियन फारमर्स स्कूल के अंतर्गत जनपद की 130 न्याय पंचायतों में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। इन किसान पाठशाला के माध्यम से कृषकों को फसल अवशेष प्रबंधन, खरीफ फसलों के प्रबंधन व रवि फसलों की बुवाई के संबंध में जानकारी दी गई।

कृषि मंत्री ने किया किसान पाठशाला का शुभारंभ-
किसान पाठशाला का शुभारंभ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से किया गया । यह लाइव स्ट्रीमिंग पूरे प्रदेश में दिखाई गई। जनपद के सभी विकास खंडों में किसान पाठशालाओं के सफल आयोजन हेतु विकास खंड स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए गए। विकास खंड नहटौर के ग्राम फतेहपुर में मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख राकेश कुमार द्वारा किसान पाठशाला का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर “आत्मा” प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह योगी द्वारा कृषकों को खरीफ फसल प्रबंधन व फसल अवशेष प्रबंधन व विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। सत्य प्रकाश सहायक अधिकारी कृषि रक्षा द्वारा खरीफ फसल खरीफ फसलों में कीट रोग नियंत्रण के संबंध में अवगत कराया गया। कार्यक्रम के अंत में ब्लाक प्रमुख राकेश कुमार ने कृषकों को फसल अवशेष न जलाने की शपथ दिलाई। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र द्वारा एनआईसी बिजनौर में कृषकों के साथ किसान पाठशाला की लाइव स्ट्रीमिंग में प्रतिभाग किया गया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने हल्दौर विकास खंड के ग्राम कुम्हारपुरा में कृषकों को खरीफ फसल प्रबंधन व विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।

कृषि बिलों का विरोध ओछी राजनीति: रामनिवास यादव

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्य्क्ष रामनिवास यादव ने संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा तीनों कृषि बिलों के विरोध में आयोजित किसान महापंचायत की आलोचना की है।

राष्ट्रीय अध्य्क्ष ने एक बयान में कहा कि मुजफ्फरनगर की किसान महापंचायत पूरी तरह से फेल हो गयी। इसमें सपा, बसपा, कांग्रेस, लोकदल सहित किसानों की फसलों को लूटने वाले दलाल किसानों के नाम पर शामिल हुए। इससे संयुक्त किसान मोर्चा का किसान हितैषी कृषि बिल पर असली चेहरा किसानों के सामने आया, जिसको पूरे देश का किसान अच्छी तरह से समझ गया है। जिस तरह से कथित किसान महापंचायत में देश विरोधी एवं देश के खिलाफ नारे लगाने वाले शामिल हुए, उससे देश का किसान अपने आप को शर्मिंदा महसूस कर रहा है। नाम किसान महापंचायत का परन्तु किसानों का एक भी मुद्दा नहीं रखा, जिन तीन कृषि बिलों का विरोध संयुक्त किसान मोर्चा एवं कुछ राजनैतिक दलों द्वारा किया जा रहा है, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इनको लागू करने की मांग किसानों के मसीहा स्व. महेंद्र सिंह टिकैत जी द्वारा लगातार की जा रही था, जिसको पिछली सरकारों ने कभी लागू नहीं किया। जब केंद्र की मोदी सरकार ने किसान हित को देखते हुए तीनों कृषि बिलों को लागू किया तो पहले इन्ही किसान संगठनों ने स्वागत किया था, परन्तु आज राजनैतिक कारणों एवं कुछ राजनैतिक दलों की सांठगांठ के कारण विरोध कर रहे हैं। ये वे राजनैतिक दल हैं, जिन्होंने कभी किसान हितों के लिए स्वामीनाथन आयोग बनाया था, परन्तु इनकी सिफारिशों को कभी लागू नहीं किया। जब आज मोदी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की लगभग सभी सिफारिशों को मानते हुए तीनों कृषि बिलों को लागू किया तो वही राजनैतिक दल विरोध करने लगे हैं। यह राजनैतिक दल एवं कुछ किसान संगठन कभी किसानों का हित नहीं चाह रहे थे, सिर्फ राजनीति करना चाह रहे थे, जिसको आज देश का किसान जान गया है। आज जब किसानों के मसीहा स्व. महेंद्र सिंह टिकैत जी का सपना पूरा हुआ तो कुछ राजनैतिक दलों ने पैसों के बल पर इनके बेटों को इन्ही की मांगों के खिलाफ खड़ा कर दिया। इनके बेटे पैसे के लालच में आकर किसान हितैषी तीनों कृषि बिलों का विरोध करने लगे जबकि पहले इनका स्वागत किया था। आज स्व. महेंद्र सिंह टिकैत जी जीवित होते तो वो भी पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह जी की तरह निर्णय लेकर अपने बेटों को अपना उत्तराधिकारी कभी नहीं बनाते। उनकी अचानक मौत का फायदा उठा कर उनके बेटों ने किसान आंदोलन को राजनैतिक आंदोलन बना दिया। वह किसानों का भला करने के नाम पर सीधा नुकसान कर रहे हैं एवं स्व. महेंद्र सिंह टिकैत जी के नाम को बदनाम करने का काम कर रहे हैं, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है परन्तु राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन इनके मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी। इनके खिलाफ देश भर में आंदोलन चलाएगी।

ऑनलाइन घोषणा पत्र भरेंगे जिले के किसान

ऑनलाइन घोषणा पत्र भरेंगे जिले के किसान
सर्वे से मिलान के बाद ही होगा सट्टा निर्धारित

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिले में किसान अब ऑनलाइन घोषणा पत्र भरेंगे। इससे पहले किसानों द्वारा मेनुवल ही घोषणा पत्र भरा जाता था। किसानों के घोषणा पत्र का सर्वे से मिलान होने के बाद ही सट्टा निर्धारित होगा। गन्ना विभाग ने ऑनलाइन किसानों से घोषणा पत्र भरवाने की तैयारी शुरू कर दी है।

किसान अपना घोषण पत्र वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भरेंगे। किसानों को ऑनलाइन घोषणा पत्र के साथ अपने अभिलेख अपलोड करने होंगे। किसान को पहचान के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राईविंग लाइसेंस या बैंक पासबुक की प्रति अपलोड करनी होगी। गन्ना क्षेत्रफल, कितनी पेड़ी, कितना पौधा, कितनी जमीन भी भरा जाएगा।
विदित हो कि पहले किसान घोषणा पत्र को ऑनलाइन नहीं भरते थे। पहली बार जिले के सभी किसानों द्वारा भरे गए ऑनलाइन घोषणा पत्र की जांच सर्वे टीम द्वारा की जाएगी। जिन किसानों का घोषणा पत्र सभी आवश्यक अभिलेख सहित अपलोड नहीं होगा उनका सट्टा संचालित नहीं होगा। किसानों को समय से अपना सट्टा संचालित कर निर्बाध रूप से गन्ना आपूर्ति करने में कोई कठिनाई न हो इसके लिए समय से ऑनलाइन घोषणा पत्र भरें। ऐसा माना जा रहा है कि ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने से कुछ किसानों को दिक्कत हो सकती है।
बताया गया है कि गन्ना सीजन शुरू होने से पहले गन्ना पर्ची की जगह मोबाइल फोन पर मैसेज दिए गए है। मोबाइल पर आने वाले मैसेज को लेकर किसानों को कोई परेशानी नहीं हुई। सभी किसानों ने मैसेज पर ही चीनी मिलों को गन्ना बेचा है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि गन्ना आयुक्त के निर्देश पर जिले में सभी किसान अपना घोषणा पत्र ऑनलाइन भरेंगे। उसकी जांच सर्वे टीम द्वारा की जाएगी। ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने में किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

गौशाला में घुस कर गाय को खींच ले गया गुलदार

गुलदार ने गौशाला में गाय को बनाया निशाना। ग्रामीणों में दहशत। छाछरी टीप के जंगल में गौ संरक्षण केंद्र का मामला।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। हीमपुर दीपा क्षेत्र के गांव छाछरी टीप के जंगल में गौ संरक्षण केंद्र के गौवंश को गुलदार ने अपना निवाला बना लिया। रतनपुर खुर्द के जंगल में गुलदार दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत है। काफी समय से क्षेत्र के रतनपुर खुर्द, उलेढ़ा, छाछरी टीप, फतेहपुर कला, चौकपुरी, टूंगरी, सिसौना, रावटी, माड़ी के जंगल में गुलदार दिखाई देने से किसान भयभीत हो गए हैं। गौ संरक्षण केंद्र की बाउंड्री वाल न होने से पिलर खड़े करके सुरक्षा की दृष्टि से मात्र तारबंदी की गई है। विगत रात्रि गुलदार गौ संरक्षण केंद्र में घुस गया और गौवंश को बाहर खींच कर किसान भूरे सिंह के गन्ने के खेत में उसे अपना निवाला बना लिया। गौ संरक्षण केंद्र समिति के रवि ढाका, मयंक मयूर, सौरभ शर्मा, बलवीर सिंह आदि ने जिला प्रशासन से बाउंड्री वॉल बनवाने की अपील की है, ताकि आने वाले समय में गौ संरक्षण केंद्र में गौवंश के साथ कोई और घटना न घट जाए। उक्त गौ रक्षा का केंद्र पर लगभग पांच सौ गौवंश मौजूद हैं। ऐसे में गुलदार के पहुंचने से गौ रक्षा केंद्र पर तैनात कर्मियों और समिति के पदाधिकारियों में चिंता बढ़ गई है।

नेतागिरी चमकाने वालों से रहें सावधान: गणेश ठाकुर

राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन के नेताओं ने नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को शुभकामनाएं देते हुए गावों में समुचित विकास कराने का आह्वान।

बिजनौर। राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश के महासचिव गणेश ठाकुर एडवोकेट के आवास पर जिला अध्यक्ष सोमदेव सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नवनिर्वाचित सभी ग्राम प्रधानों, क्षेत्र प्रमुख सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों एवं ग्राम पंचायत सदस्यों को शुभकामनाएं दी।

निष्पक्षता के साथ विकास के कार्य कराएं- बैठक में सोमदेव सिंह ने जनपद के सभी ग्राम प्रधानों का आह्वान करते हुए कहा कि वह अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में निष्पक्षता के साथ विकास के कार्य कराएं। क्योंकि ग्राम प्रधान किसी एक पक्ष का न होकर पूरी ग्राम पंचायत का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए उन्हें इमानदारी और निष्पक्षता के साथ क्षेत्र के सभी लोगों की समस्याओं का निराकरण कराने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।

बहकावे में न आकर करें कार्य- बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव गणेश ठाकुर एडवोकेट ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन ही मात्र एक ऐसा ग्राम प्रधानों का संगठन है, जिसने ग्राम प्रधानों की आवाज को शासन तक बुलंद किया है और काफी संघर्ष के बाद ग्राम प्रधानों का मानदेय निश्चित कराया। आगे भी हमारा संगठन ग्राम प्रधानों के अधिकारों के लिए संघर्षरत रहेगा। प्रदेश के सभी जनपदों में अति शीघ्र ग्राम प्रधानों के लिए ट्रेनिंग दिए जाने की तिथि निश्चित की जा रही है। इसमें उन्हें पंचायतों से संबंधित जानकारी और उनके कर्तव्यों के बारे में विस्तृत रूप से बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ तथाकथित नेता अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए नए नए संगठन बनाकर ग्राम प्रधानों को भ्रमित करने पर लगे हैं। ऐसे लोगों से सभी ग्राम प्रधान सावधान रहें, उनके बहकावे में न आएं और अपने संगठन को एकजुट होकर मजबूत करें।

इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष किरतपुर निरंजन कुमार, जिला महासचिव सत्यपाल सिंह, ग्राम प्रधान देवेंद्र कुमार, राजीव कुमार, नजीबाबाद ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती अंजू शर्मा, मुरादाबाद मंडल मीडिया प्रभारी डॉ. सत्येंद्र शर्मा अंगिरस, सुरेश कुमार, अजय कुमार एवं संजीव कुमार आदि उपस्थित रहे।

आम खाने का मजा तो है बागों में, सीजन में एक बार जरूर पधारें मलिहाबाद

आम खाने का मजा तो बागों में, आमों की सीजन में एक बार जरूर पधारे मलिहाबाद…

मलिहाबाद लखनऊ। राजधानी की शोभा बढ़ाने में आम्रनगरी मलिहाबाद क्षेत्र का विषेष योगदान है। विश्व के कई देशों को मलिहाबादी आम का इन्तजार प्रति वर्ष रहता है। आम का सीजन आते ही क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिलने लगते हैं।

मलिहाबाद के रामदत्त मौर्य कहते हैं कि आम की दावत की मेजबानी वही कर सकता है, जिसके बाग में कई किस्म के आम होते हैं। जैसे दशहरी, मलका, हुसनारा, खासमखास, चौसा, सफेदा, लंगड़ा, सुर्ख, आम्रपाली सहित सैकड़ों अन्य प्रजाति के आम दिखाई देते हैं। बाजार में बिकने वाले आम तो कोई भी खरीद कर खा सकता है। आम की ऐसी सैकड़ों प्रजातियां हैं, जिन्हें लोग न जानते हैं न ही वे बाजार में आती हैं। बागवान उन्हें केवल अपने शौक के लिए ही उगाते हैं।

रामदत्त मौर्य ने बताया कि ऐसी किस्मों से मेजबानों को रूबरू करवाने के लिए दावतों का सिलसिला हमारे मलिहाबाद नई बस्ती धनेवा स्थित 17 बीघा में फैले अपने बाग में शुरू हुआ है। यहां दर्जनों किस्म के आम होते है। आमों की सैकड़ों प्रकार की किस्मों का प्रदर्शन गोपेष्वर गौशाला में दावते आम रखते हैं।
मेजबान आम की दावत के साथ बागों में नमकीन व्यंजन, बेसन रोटी, चोखा बाटी सहित एक किस्म का आम खाने का बाद मुंह का जायका बदल कर दूसरी वैराइटी का लुत्फ लिया जाता है। आम के खाने में मेहमान सोचते हैं कि कौन से आम पहले खाया जाए… और कौन सा उसके बाद ये मेजबान की समझदारी पर निर्भर करता है।

महेन्द्र मौर्य फरमाते हैं- इंसान के हाथों की बनाई नहीं खाते, हम आम के मौसम में मिठाई नहीं खाते। आम की दावत देने वाले मेजबान का दिल बड़ा होना चाहिए।
गोपेष्वर गौशाला प्रबन्धक रमाकान्त गुप्ता कहते हैं मलिहाबाद की शान गोपेष्वर गौशाला का भी बहुत महत्व है। यहां गाय की सेवा करने सहित मनोरम बजरंग बली का मन्दिर पहुँचते ही मन को असीम शान्ति मिलती है। जैसे लगता है कि स्वर्ग के समान अनुभूति प्राप्त होती है। प्रतिवर्ष आमों की कई विषेष अतिथियों के साथ दावते आम का कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
पद्मश्री हाजी कलीमुल्ला आम की दावतों की बाबत बताते हैं कि ये सिलसिला कब से चल रहा है, सही-सही बताना तो मुमकिन नहीं है, पर ये काफी पुराना और पीढि़यों से चला आ रहा है। वे कहते हैं कि मेरे यहां होने वाली दावत में लोगों को अपने बाग का खास पेड़ (जिसमें लगभग 300 तरह के फल आते हैं) दिखा कर एकता का संदेश देता हूं।
बागवान रामदत्त मौर्य का कहना है कि आम खाने से ज्यादा लोगों को आम खिलाने में अधिक प्रसन्नता होती है, जिसके बाग में आम नहीं उनको आम खिलाते है। प्रतिवर्ष सैकड़ों लोगों को आम की दावते खास का आयोजन करके लोगों के साथ बाग में बैठकर आम का खाने का अलग ही मजा आता है। जब बरसात हो रही हो और पके आम बागों में झड़ी लगी हो तो आम के खाने की स्वाद ही अलग रहता है। आम खाने के बाद लोगों को घर ले जाने के लिए देते है तो उनके चेहरे पर दोहरी खुशी दिखाई पड़ती है।

दिनदहाड़े गोलियां बरसा कर डबल मर्डर

बिजनौर में दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर चाचा भतीजे की हत्या 

पुरानी रंजिश में वारदात को अंजाम देने का शक 

आरोपियों की गिरफ्तारी को चार टीम गठित 

बिजनौर। थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धौकलपुर में हत्या के आरोपी चाचा भतीजे की दिनदिहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक चाचा प्राइमरी स्कूल में टीचर था। आरोपियों को पकडऩे के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश सामने आई है। मृतक 6 साल पहले छेडख़ानी के बाद एक युवक की हत्या के मामले में जमानत पर थे।

कोतवाली शहर के ग्राम धौकलपुर निवासी धीर सिंह उर्फ जॉली, भतीजे अंकुर और पिता महाराज के साथ रविवार तडक़े खेत पर गए थे। ट्रैक्टर ट्रॉली में भूसा भरने के बाद तीनों वापस गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में सामने से कार आकर रुकी। कार सवार हमलावरों ने ट्रैक्टर चला रहे अंकुर पर गोलियां बरसा दी। गोली लगते ही अंकुर ट्रैक्टर से नीचे गिर गया। इस पर हमलावरों ने दोबारा अंकुर पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। अंकुर के चाचा धीर सिंह को भी हमलावरों ने खेत में घेर लिया और गोलियां बरसा कर मौत के घाट उतार दिया। बताया जाता है कि हमलावरों ने ट्रैक्टर पर सवार अंकुर के दादा महाराज सिंह पर हमला नहीं किया। इसके बाद हमलावर हथियार लहराते हुए कार से फरार हो गए। दोहरे हत्याकांड से गांव और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। एसपी डा. धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक 15 अगस्त 2015 में गांव के अध्यापक अमन सिंह की जनता इंटर कॉलेज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अंकुर और धीर सिंह को भी नामजद किया गया था। उसी का बदला लेने के लिए डबल मर्डर को अंजाम दिए जाने अनुमान पुलिस लगा रही है।

अमन हत्याकांड का बदला? एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने बताया कि धीर सिंह व उसके भतीजे की धौकलपुर से कुछ दूरी पर तीन-चार हथियारबंद लोगों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। एसपी के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 15 अगस्त 2015 को गांव निवासी टीचर अमन सिंह की हत्या हुई थी। इस मामले में धीर सिंह, उसका भाई जगवीर और भतीजा अंकुर जेल गये थे। धीर सिंह और अंकुर जमानत पर रिहा हो गए थे। पुलिस को संदेह है कि अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए ही चाचा-भतीजे की हत्या की गयी है। परिजनों ने पुरानी रंजिश में विपक्षियों पर चाचा-भतीजे की हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारियों ने अभियुक्तों की तलाश के लिए चार टीम गठित की हैं।

शीघ्र ही गिरफ्तार होगें हत्यारोपी: डीआईजी 

बिजनौर। मुरादाबाद से पहुंचे डीआईजी शलभ माथुर ने पीड़ित परिजनों व अन्य ग्रामीणों के साथ-साथ पुलिस के आला अफसरों से भी पूरी जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि जल्द ही हत्यारोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। उनके सामने 15 अगस्त 2015 में गांव के अमन सिंह की स्कूल में गोली मारकर हत्या करने व मामले में धीर सिंह, अंकुर और उसके पिता जगवीर को नामजद करने की बात भी सामने आई। डीआईजी ने भरोसा दिलाया है कि दोनों की हत्या करने वालों का इरादा कुछ भी हो ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा किंतु उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा। 

फूलों की खेती देख कृषि निदेशक हुए अभिभूत

कृषि निदेशक ने की फूलों की खेती की सराहना।
ग्राम अगरी के प्रगतिशील कृषक अखिलेश के यहां फूलों की खेती का अवलोकन।

बिजनौर। कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश एपी श्रीवास्तव द्वारा जनपद बिजनौर के कृषि प्रसार कार्यों की समीक्षा की गई।  समीक्षा के उपरांत कृषि निदेशक द्वारा ग्राम अगरी के प्रगतिशील कृषक अखिलेश कुमार के यहां जाकर फूलों की खेती का अवलोकन किया गया।
कृषक अखिलेश कुमार ने बताया कि वह 2015 से फूलों की खेती कर रहे हैं। सर्वप्रथम उनके द्वारा ग्लोडियस की खेती गन्ने में सहफसली खेती के रूप में प्रारंभ की गई थी, आज उनके द्वारा दो पॉली हाउस बना कर उनमेें जरबेरा, कॉर्नेसन, डेजी, लिली आदि फूलों की खेती की जा रही है। अखिलेश कुमार फूलों की खेती के द्वारा अपने ग्राम के सोलह लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। इनकेद्वारा अपने फूलों की बिक्री देहली की मण्डी में की जाती है।
कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश एपी श्रीवास्तव ने अखिलेश कुमार के फूलों की खेती की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नवोन्मेषी कार्यों से ही कृषकों की आय दोगुना हो सकती है। कृषि निदेशक ने संयुक्त कृषि निदेशक मुरादाबाद मंडल मुरादाबाद जे पी चौधरी व उप कृषि निदेशक बिजनौर अवधेश मिश्रा को निर्देश दिए कि अखिलेश कुमार के कार्यों का प्रचार प्रसार वृहद स्तर पर किया जाये तथा कृषकों का भ्रमण भी कराया जाये। इस अवसर पर प्रभारी आत्मा योगेन्द्र पाल सिंह योगी व जिला उद्यान निरीक्षक नरपाल मलिक भी साथ में रहे।

भाजपा सरकार में किसान हित सर्वोपरि: चौ. भूपेन्द्र

भाजपा सरकार में किसान हित सर्वोपरि: चौ. भूपेन्द्र

-गजरौला पाईमार मंडल में किसानों को किया संबोधित

-उत्तर प्रदेश शासन में पंचायत राज मंत्री हैं चौ. भूपेन्द्र सिंह

बिजनौर। नजीबाबाद तहसील के ग्राम गजरौला पाईमार में पहुंचे पंचायत राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह (कैबिनेट मंत्री, उत्तर प्रदेश शासन) ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में किसान हित सर्वोपरि हैं।

रविवार को भारतीय जनता पार्टी बिजनौर के गजरौला पाईमार मंडल में मंडल अध्यक्ष जुगनेश कुमार के आवास पर पहुंचे पंचायत राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने क्षेत्र के किसानों को किसान बिलो से होने वाले लाभों से अवगत कराते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार हमेशा से किसान हितैषी सरकार रही है और किसानों के हित में किसान क्रेडिट कार्ड योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पशुधन बीमा योजना, उद्यमिता विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी अनेकों योजनाएं चलायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी किसानों के हित में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसान हितों में अन्य लाभकारी योजनाएं संचालित कराते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान चौ छत्रपाल सिंह ने पंचायत राज मंत्री को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी बलराम सिंह ने की।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि, जिला संयोजक पंचायत चुनाव महेंद्र धनौरिया, जिला महामंत्री भूपेंद्र चौहान बाबी, जिला महामंत्री विनय राणा, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष अवनीश निरवाल, सहकारिता प्रकोष्ठ क्षेत्रीय संयोजक डा. बीरबल सिंह. तरुण राजपूत, बलराज त्यागी, अवनीश चौहान, विवेक शर्मा, शिवम चौहान, राकेश चौधरी, हिमांशु राजपूत तथा क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे।

किसान सम्मान निधि की आगामी किश्तों के लिये 01 से 03 फरवरी तक “समाधान दिवस”

आधार संख्या इनवैलिड अथवा आधार कार्ड में उल्लिखित नाम के अनुरूप डाटा बेस में फीड न होने वाले किसानों के सम्मान निधि की आगामी किश्तों का भुगतान भारत सरकार द्वारा रोक, सभी प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए विकास खण्ड स्तर पर पीएम किसान समाधान दिवस का होगा आयोजन-जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय



बिजनौर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अन्तर्गत आधार आॅथेन्टिकेशन अनिवार्य हो जाने के कारण भारी संख्या में ऐसे किसानों, जिनका आधार संख्या इनवैलिड है अथवा आधार कार्ड में उल्लिखित नाम के अनुरूप डाटा बेस में नाम नहीं फीड हुआ है, उनकी किसान सम्मान निधि की आगामी किश्तों का भुगतान भारत सरकार द्वारा रोक दिया गया है। जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि इन सभी प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए विकास खण्ड स्तर पर 01फरवरी, 2021 से 03फरवरी, 2021 तक प्रात 10:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक पीएम “किसान समाधान दिवस” का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि जिन किसानों को योजना की कम से कम एक किश्त प्राप्त हो गयी है किन्तु उनका आधार संख्या या नाम त्रुटिपूर्ण होने के कारण अथवा अन्य कारणों से अगली किश्तें प्राप्त नहीं हो पा रही हैं, तो ऐसे किसानों का विवरण यथा उनका पता, सम्पर्क नं0 आदि सम्बन्धित न्याय पंचायत प्रभारी द्वारा उल्लिखित अवधि में सम्बन्धित बैक से प्राप्त करते हुए उनका शत प्रतिशत सत्यापन कराते हुए उनका डाटा संशोधित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि समाधान दिवस के नोडल अधिकारी उप जिलाधिकारी होंगे और अपनी तहसील के समस्त विकास खण्डों में इस कार्यक्रम का आयोजन अपने सुपरविजन में ससमय आयोजित कराना सुनिश्चित करेंगे। समाधान दिवस में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सभी समस्याओं का निराकरण किया जायेगा और इस दौरान कोविड-19 की रोकथाम हेतु निर्गत दिशा-निर्देशों का पूर्णतया पालन किया जायेगा।

खेती को लाभकारी बनाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध- कृषि मंत्री

कृषि व ग्रामीण क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की बयार- नरेंद्र सिंह तोमर

राष्ट्रपति के अभिभाषण से उत्साह, केंद्रीय कृषि मंत्री की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायत राज तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज संसद के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के अभिभाषण में उल्लेखित कृषि और ग्रामीण विकास की प्रगति को लेकर प्रसन्नता जताई।

श्री तोमर ने कहा कि कृषि व ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि के अनुरूप सकारात्मक बदलाव की बयार है। खेती को लाभकारी बनाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान प्रारंभ किया है, जिसमें कृषि व ग्रामीण विकास मुख्य आधार है। सरकार ने देश के छोटे व मझौले किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। फसल पूर्व से लेकर फसल पश्चात और उपभोक्ताओं के हाथों में उत्पाद पहुंचाने तक की सारी व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के लिए अनेक उपाय प्रारंभ किए गए हैं। पिछले छह साल से ज्यादा के समय में सरकार ने कृषि व ग्रामीण सहित अन्य क्षेत्रों की लंबे कालखंड से चली आ रही कमियां दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

श्री तोमर ने कहा कि किसान हितैषी केंद्र सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की 201 में से 200 सिफ़ारिशों को ऐतिहासिक रूप से लागू किया है। आज न केवल किसानों को उनकी लागत से डेढ़ गुना एमएसपी दी जा रही है, बल्कि देशभर में एमएसपी पर कृषि उपज की खरीद व खरीद केंद्र भी निरंतर बढ़ाए गए हैं, जिससे किसानों की माली हालत लगातार सुधर रही है। देश के लगभग 86 प्रतिशत छोटे किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। एक लाख करोड़ रूपए के ऐतिहासिक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और 10 हजार किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन से दीर्घकाल तक हमारे अन्नदाताओं को काफी सुविधाएं व लाभ मिलेगा। साथ ही कृषि सुधार के नए उपायों के कारण कानूनी बंधनों से आजाद हुए किसानों का जीवन स्तर बेहतर हो जाएगा, जिनका कि देश के अधिकांश किसान खुले दिल से समर्थन कर रहे हैं।

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किसानों के लिये कल्याणकारी हैं कृषि कानून: रामनिवास यादव

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय संयोजक रामनिवास यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया नया कृषि कानून पूरी तरीके से किसान भाइयों के लिये कल्याणकारी व उनकी आय बढ़ाने वाला है।

विधानसभा मलिहाबाद के ब्लॉक माल की ग्राम सभा पिपरी में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संयोजक रामनिवास यादव ने कहा कि इस बिल से किसानों की आर्थिक स्थिति निश्चित रूप से और सुदृढ़ होगी, जिससे किसान भाई अपनी फसल का उचित दाम प्राप्त कर सकेंगे, लेकिन विपक्ष के लोग खासकर कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस व बुझी लालटेन वाले जैसी पार्टियों के लोग लगातार किसानों को मार्ग से भटकाने का काम कर रहे हैं। इन नेताओं की गंदी राजनीति का शिकार हुए देश के करोड़ों भोले-भाले किसान अपना उचित कृषि लाभ पाने से वंचित हो रहे हैं। आलम यह है की सुप्रीम कोर्ट को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा है। लगातार वार्ता हो रही है। किसान इस बिल के लाभ को समझ सके इसलिये केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा है कि हम इस कृषि कानून को डेढ़ साल तक लागू नहीं करेंगे। सरकार को भी पता है तब तक लोग स्वयं इस बिल के फायदों के बारे में निश्चित रूप से जान जाएंगे, लेकिन फिर भी ये नकली किसान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।

भारतीय कृषक विकास मंच ने भी जताई आस्था- इस अवसर पर भारतीय कृषक विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रतिभान सिंह ने अपने सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं संग अपने संगठन की ओर से कृषि बिल का समर्थन कर राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन में अपनी आस्था जताई। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जनता द्वारा नकारे हुए नकली नेता पिछले काफी समय सें धरने पर एकजुटता के साथ एक ही बैनर तले बैठे हैं, उसी तरह हमें भी एक मंच पर आकर, साथ मिलकर समाज को जागृत करना होगा।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से अवधेश प्रताप सिंह, मूलचंद यादव, भैया लाल यादव, सर्वेश यदुवंश, पार्षद लवकुश यादव, विमल यादव, संजय रावत, राजन मिश्रा आदि सदस्यगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

फर्जी वेबसाइट दे रहीं जनता को धोखा

MNRE ने की पीएम-कुसुम योजना के तहत पंजीकरण का दावा करने वाले फर्जी वेबसाइटों के खिलाफ नई चेतावनी जारी

सतर्क रहें धोखाधड़ी से बचें!

नई दिल्ली। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा प्रधान मंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (प्रधानमंत्री-कुसुम) योजना लागू किया गया है जिसके तहत कृषि पंपों के सौरीकरण के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इस योजना को राज्य सरकार के विभागों द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसमें किसानों को केवल बाकी का 40 प्रतिशत ही विभाग को जमा करवाना होता है। इन विभागों का विवरण MNRE की वेबसाइट http://www.mnre.gov.in पर उपलब्ध है।

मंत्रालय के अनुसार योजना के शुभारंभ के बाद, यह देखा गया कि कुछ वेबसाइटों ने पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा किया है। ऐसी वेबसाइटें आम जनता को धोखा दे रही हैं और फर्जी पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से उनसे रुपये तथा जानकारी एकत्रित कर रही हैं। आम जनता को किसी भी नुकसान से बचने के लिए, MNRE ने इसके पहले दिनांक 18.03.2019, 03.06.2020, 10.07.2020 व पुनः दिनांक 25.10.2020 को विज्ञप्ति जारी करके लाभार्थियों और आम जनता को ऐसी किसी भी वेबसाइटों पर पंजीकरण शुल्क नहीं जमा करने और अपनी जानकारी साझा करने से सतर्क रहने की सलाह दी थी।

ऐसी वेबसाइटों की जानकारी मिलने पर MNRE द्वारा उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाती है। हाल ही में देखा गया है कि कुछ नई वेबसाइटों (जिसमें http://www.kusumyojanaonline.in.net भी शामिल है) ने अवैध रूप से पीएम-कुसुम योजना के लिए पंजीकरण पोर्टल का दावा किया है। साथ ही WhatsApp व अन्य माध्यमों के द्वारा भी संभावित लाभार्थियों को भ्रमित कर धन हानि पहुँचाने की कोशिश की जा सकती है। अतः फिर से सभी संभावित लाभार्थियों और आम जनता को सलाह दी जाती है कि ऐसी वेबसाइटों पर रुपया या जानकारी जमा करने से बचें। साथ ही किसी भी असत्यापित अथवा संदेहास्पद लिंक जो पीएम-कुसुम योजना में पंजीयन का दवा करती हो पर क्लिक न करें।

समाचार पत्रों को भी डिजिटल या प्रिंट प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित करने से पहले सरकारी योजनाओं के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा करने वाली वेबसाइटों की प्रामाणिकता की जांच करने की सलाह दी जाती है।

MNRE अपनी किसी भी वेबसाइट के माध्यम से योजना के तहत लाभार्थियों को पंजीकृत नहीं करता है और इसलिए योजना के लिए MNRE की पंजीकरण वेबसाइट होने का दावा करने वाली कोई भी वेबसाइट भ्रामक और धोखाधड़ी है। किसी भी संदिग्ध धोखाधड़ी वाली वेबसाइट, यदि किसी के द्वारा देखी गई हो, तो उसे MNRE को तुरंत सूचित करने का कष्ट करें।

योजना में भागीदारी के लिए पात्रता और कार्यान्वयन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी MNRE की वेबसाइट http://www.mnre.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक लोग MNRE की वेबसाइट पर जा सकते हैं या टोल फ्री हेल्प लाइन नंबर 1800-180-3333 पर कॉल कर सकते हैं।


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मेघालय में पूर्वोत्तर का पहला अदरक प्रसंस्करण प्लांट होगा पुनर्जीवित

मेघालय में पूर्वोत्तर का पहला अदरक प्रसंस्करण प्लांट होगा पुनर्जीवित
नई दिल्ली (धारा न्यूज़): मेघालय के जिला री भोई में पूर्वोत्तर के पहले विशेषीकृत अदरक प्रसंस्करण प्लांट को पुनर्जीवित किया जा रहा है और 2021 की शुरुआत में इसके शुरू होने की उम्मीद है।

यह जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंत्रालय के अधीन कार्य कर रहे पीएसयू उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम के कामकाज की समीक्षा के बाद दी।

प्रधानमंत्री कार्यलय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे मंत्रालयों के भी राज्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत का यह एकमात्र अदरक प्रसंस्करण संयंत्र साल 2004 के आसपास स्थापित किया गया था, लेकिन लंबे समय से यह बंद पड़ा था। भारत सरकार के उपक्रम उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम ने अब इसे पुनर्जीवित करने की जिम्मेदारी ले ली है और सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी मोड) के तहत इस बंद प्लांट के संचालन के लिए कदम उठाए हैं।

तैयार होंगे अदरक के विभिन्न उत्पाद

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन इंडस्ट्रियल पार्क (ईपीआईपी), राजा भागन, ब्यरनीहाट स्थित यह प्लांट न केवल अदरक को प्रोसेस करेगा, बल्कि वैक्स्ड अदरक, अदरक पेस्ट, अदरक पाउडर, अदरक फ्लेक्स, अदरक ऑयल आदि जैसे उत्पादों को भी तैयार करने में मदद करेगा। डॉ. सिंह ने कहा कि बीते कुछ वक्त से कोरोना महामारी के चलते अदरक की उपयोगिता काफी बढ़ गई है। ये इस वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा बढाने के लिए बेहद जरूरी औषधि है, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री ने भी हाल ही में किया था।

“वोकल फॉर लोकल” को पूरा करेगा प्लांट

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस प्लांट से तैयार किए जा रहे अदरक उत्पाद न सिर्फ घरेलू खपत के लिए उपलब्ध होंगे, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के नारे को भी पूरा करते हुए एक व्यापक मांग को ये प्लांट पूरा करेगा। सरकारी और निजी साझेदारी के मॉडल पर चल रहे इस प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए ऑपरेटर को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया था और संयंत्र को स्थापित करने और पुनर्जीवित करने पर काम चल रहा है। उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम के प्रबंध निदेशक, मनोज कुमार दास द्वारा प्रदान की गई संक्षिप्त जानकारी से पता चला है कि भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में हर साल लगभग 450,000 मीट्रिक टन उच्च-गुणवत्ता वाली अदरक का उत्पादन होता है, लेकिन प्रसंस्करण और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की कमी के कारण इसे कम कीमत पर बेचा जाता है। मेघालय में यह प्लांट अदरक उत्पादकों को अति आवश्यक सुविधा प्रदान देगा और वे अपनी क्षमताओं का उपयोग करने में सक्षम होंगे और साथ ही साथ प्राकृतिक संसाधनों का भी बेहतर उपयोग करेंगे।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री को पूर्वोत्तर में 100 नए खुदरा केंद्र स्थापित करने और गुवाहटी समेत कई बड़े शहरों में फल बिक्री केंद्र स्थापित करने की जानकारी से अवगत कराया गया। इनमें से भी ज्यादातर सरकारी-निजी साझेदारी के मॉडल पर काम करेंगे। उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम ने अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विपणन परिसरों को विकसित करने की जिम्मेदारी भी निभाई है।

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2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कदम हैं कृषि अधिनियम: तोमर

सरकार द्वारा 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं कृषि अधिनियम: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

देश भर के किसान उत्पादक संगठनों ने कृषि मंत्री से मुलाकात कीऔर कृषि अधिनियमों के लाभों के बारे में बताया

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 15 राज्यों और लगभग 500 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का प्रतिनिधित्व कर रहे फेडरेशन ऑफ इंडियन एफपीओ एंड एग्रीगेटर्स (एफआईएफए) के कृषक उत्पादक संगठनों के सदस्यों के साथ आज कृषि भवन में मुलाकात की। उन्होंने भारत सरकार द्वारा हाल में किए गए कृषि सुधारों के प्रति अपना समर्थन प्रकट किया। उन्होंने अनुकूल माहौल बनाने के लिए केन्द्रीय मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया, जो इन अधिनियमों के माध्यम से एफपीओ संगठनों का व्यवसाय बढ़ाकर छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाकर संभव हुआ है।

हाल में किए गए कृषि सुधारों में कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम, 2020, कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020, आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत नियंत्रण आदेशों का लचीलापन, 10,000 एफपीओ को प्रोत्साहन के लिए कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) और परिचालन दिशा-निर्देश शामिल हैं, जो किसानों की आय बढ़ाने के लिए एफपीओ को अपने बाजारों की स्थापना में समर्थन दे सकते हैं।

कृषि क्षेत्र में इन सुधारों के होने से बागवानी फसलों और मूल्य वर्धित वस्तुओं के उत्पादन की मात्रा बढ़ेगी, छोटे किसानों तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करने के लिए संस्थागत ऋण की सुविधा मिलेगी, एग्री-लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्रमुख रूप से बढ़ावा मिलेगा, भारत के सभी उपभोग क्षेत्रों की मांग को पूरा करने के लिए हर प्रकार के संपर्क विकसित करेगा, यह एक देश एक बाज़ार की अवधारणा को बढ़ावा देगा और एफपीओ आंदोलन को एक जन आंदोलन बना देगा।

नाफेड (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के 10000 एफपीओ कार्यक्रम के गठन तथा संवर्धन के लिए राष्ट्रीय कार्यान्वयन एजेंसियों में से एक के रूप में नामित किया गया है। नाफेड ने एफआईएफए का अपनी उपज के लिए एफपीओ की बाजार संपर्क सहायता प्रदान करने और नाफेड ई-किसान मंडी (एनईकेएम) के ब्रांड के तहत एफपीओ के साथ साझेदारी में बाजार बनाने के वास्ते अधिग्रहण किया है जो नाफेड द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय डिजिटल विपणन मंच से जुड़ा होगा।

इन राज्यों में 2021 में 50 नाफेड ई-किसान मंडियां बनाई जाएंगी:

हरियाणा-3

पंजाब-2

राजस्थान-3

मध्य प्रदेश-3

गुजरात-5

महाराष्ट्र-8

कर्नाटक-3

तमिलनाडु-4

आंध्र प्रदेश-3

तेलंगाना-1

झारखंड-2

बिहार-2

छत्तीसगढ़-1

ओडिशा-2

उत्तर प्रदेश-4

जम्मू और कश्मीर-1

पूर्वोत्तर-3

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