दिल्ली के स्कूलों में कोरोना वायरस ने दी दस्तक

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली एनसीआर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा, गाजियाबाद के स्कूलों में बच्चे संक्रमित पाए जाने लगे हैं, वहीं अब दिल्ली के स्कूल में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दी है, इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार अब किसी भी वक्त स्कूलों में एक नए सिरे से गाइडलाइंस जारी कर सकती है। दरअसल दिल्ली के निजी स्कूलों में एक छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, इसके बाद क्लास के सभी छात्रों को छुट्टी दी गई?। दिल्ली सरकार मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और स्कूल सरकार के साथ रिपोर्ट भी साझा कर रही है।

New Delhi: Deputy CM Manish Sisodia addresses during a press conference on Himachal CM issue, in New Delhi, Thursday 07, 2022. (Photo: IANS/Anupam Gautam)


दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि, मैंने शिक्षा विभाग के लोगों को कहा है कि अभी स्कूलों की छुट्टियां हैं। इस बीच में मामलों पर नजर रखते हुए सामन्य गाइडलाइंस स्कूल के लिए जारी करें, तो कल हम गाइडलाइंस भी जारी करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, पर अभी ऐसी कोई चिंता की बात नहीं है। मरीज अस्पतालों में भर्ती नहीं हो रहे हैं, यह नया वायरस ओमिक्रॉन जैसा ही है, अभी जीनोम सीक्वेंसिंग होना बाकी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह पुराना वायरस ही है या नहीं।

14 फरवरी तक बंद रहेंगे स्कूल!

बोर्ड के अलावा दूसरी परीक्षाओं पर संशय, केस घटे तो तीसरे सप्ताह तक दोबारा खुल सकते हैं स्कूल

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में 30 जनवरी तक शहरी इलाकों में स्कूल बंद हैं। इधर, प्रदेश में लगातार कोरोना के केस और मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में 31 जनवरी के बाद स्कूलों के खुलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि 14 फरवरी के बाद केस कम हुए तो स्कूल खुलने की संभावना बन सकती है। हालांकि शिक्षा विभाग ने स्कूल खोलने या नहीं खोलने को लेकर राज्य सरकार को किसी तरह का प्रस्ताव फिलहाल नहीं भेजा है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि स्कूल खुलने का निर्णय लेने में समय लगेगा। इस बीच परीक्षाओं को लेकर संशय बना हुआ है। दरअसल, स्कूल खोलने या नहीं खोलने का फैसला शिक्षा विभाग के बजाय हेल्थ डिपार्टमेंट करेगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही स्कूल खुल सकते हैं। आज की स्थिति में उम्मीद नहीं है कि हेल्थ डिपार्टमेंट ऐसी कोई स्वीकृति देगा। बुधवार को ही राज्य के 33 में से सिर्फ छह जिलों में कोविड पॉजिटिव की संख्या सौ से कम है। बाकी 27 जिलों में कोरोना पॉजिटिव केस का प्रतिदिन का आंकड़ा सौ से ज्यादा है। तीन जिलों में तो यह हजार से ज्यादा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि फरवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक ही स्कूल खुलने की संभावना बन सकती है।

परीक्षा को लेकर भी संशय
कोविड के चलते फरवरी में भी स्कूल नहीं खुले तो गैर बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं भी खतरे में पड़ सकती हैं। शिक्षा विभाग इन विकल्पों पर विचार कर रहा है कि किस तरह स्टूडेंट्स की मार्किंग की जा सकती है। हाफ इयरली एग्जाम तक के मार्क्स स्कूल के पास हैं। इसी के आधार पर रिजल्ट दिया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों तीन महीने का शेड्यूल जारी कर दिया था। दरअसल, ये शेड्यूल भी इसी आधार पर निकाला गया है कि स्कूल मार्च तक नहीं खुले तो कैसे पढ़ाई करानी है। बोर्ड परीक्षाएं होना तय
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की दसवीं और बारहवीं के साथ बोर्ड पैटर्न पर होने वाली आठवीं की परीक्षाएं होना तय माना जा रहा है। आठवीं बोर्ड के फॉर्म तीस जनवरी तक ही भरे जा रहे हैं। इसकी तारीख में बढ़ोतरी हो सकती है। दरअसल, कोरोना की पहली लहर में भी बोर्ड परीक्षाएं हुई थी। तब से इस बार रोगियों की संख्या कम है और अस्पताल में भर्ती रोगियों की संख्या भी बहुत कम है।

दोनों टीके लगवाए बिना ट्रेन में एंट्री नहीं

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना के मामले में तेजी से जारी वृद्धि को देखते हुए भारतीय रेलवे ने नई गाइडलाइंस जारी की है। बीते दो वर्षों में कोरोना वायरस के चलते रेलवे ने अपने कई नियमों में बदलाव किए थे, जिसे धीरे-धीरे वापस सामान्य किया जाने लगा था। वहीं कोरोना की तीसरी लहर के चलते रेलवे ने एक बार फिर नई गाइडलाइंस जारी की है।
  
दरअसल, दक्षिण रेलवे ने लोकल ट्रेन में सफर करने वाले लोगों के लिए नया नियम निर्धारित किया है। इस नियम के तहत रेल में ऐसे लोगों को एंट्री नहीं दी जाएगी, जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगाया है। लोकल ट्रेन में नो वैक्सीन नो एंट्री पॉलिसी लागू की गई है। इतना ही नहीं, यदि किसी व्यक्ति ने कोरोना की केवल पहली डोज ली है, तब भी उन्हें ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति नहीं मिलेगी। दोनो डोज अनिवार्य है।

अब यात्रा टिकट या मासिक सीजन टिकट जारी करने के दौरान यात्रियों को वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट दिखाना होगा, जिनके पास वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट नहीं होगा उनको टिकट नहीं दी जाएगी। माना जा रहा है कि दक्षिण रेलवे के इस कदम को देखते हुए अन्य जगहों पर भी यह नियम लागू किया जा सकता है।

यूपी में डरा रहे कोरोना के आकंड़े

कोरोना पकड़ने लगा रफ्तार, एक दिन में मिले 193 केस: सबसे ज्यादा गौतमबुद्धनगर में 38, मेरठ में 27, लखनऊ में 26 पॉजिटिव केस, एक्टिव केस हुए 645

लखनऊ। यूपी में 24 घंटे में 193 केस मिले हैं, इसी के साथ प्रदेश में सक्रिय मामलें 645 तक पहुंच गए।

यूपी में कोरोना के आकंड़े डरा रहे हैं। राज्य में कोरोना के सक्रिय केस अब साढ़े छह सौ के करीब पहुंच गए हैं। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 193 पॉजिटिव केस रिपोर्ट सामने आए हैं। सबसे ज्यादा मामले गौतमबुद्ध नगर में मिले हैं। यहां एक ही दिन में 38 केस रिपोर्ट किए गए हैं। वहीं, मेरठ में 27 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा लखनऊ में 26 व महाराजगंज में 19 व गाजियाबाद में 17 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 1 लाख 86 हजार 552 सैंपल की जांच की गई है। वहीं, रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या महज 21 रही। इसी के साथ प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 645 तक पहुंच गई है।

एक ही दिन में मिले रिकॉर्ड तोड़ 193 संक्रमित

यूपी के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा और स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के मुताबिक एक दिन में 1 लाख 86 हजार 552 सैंपल की जांच की गई, जिसमें कोरोना संक्रमण के 193 नए मामले सामने आए हैं। इस बीच 21 लोग रिकवर भी हुए। उन्होंने दावा किया कि अब तक प्रदेश में 9 करोड़ 27 लाख 31 हजार 505 सैंपल की जांच हो चुकी है। प्रदेश में कुल एक्टिव केस की संख्या 645 हो चुकी है।

लखनऊ में लगातार दूसरे दिन 2 दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज

दिल्ली से जुड़े NCR के अलावा लखनऊ में कोरोना संक्रमण बेकाबू है। यहां लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण के मामले 2 दर्जन से ज्यादा है। बुधवार को यहां 25 मामले आए थे, वहीं गुरुवार को संख्या 26 पहुंच गई। लखनऊ एसीएमओ मिलिंद वर्धन के मुताबिक यहां के 5 CHC को रेड जोन में रखा गया है। अलीगंज, इंदिरा नगर, चिनहट, आलमबाग और सरोजनीनगर में सबसे ज्यादा संक्रमित मिले है। यहां लगातार कांटेक्ट ट्रेसिंग में मरीज पॉजिटिव मिल रहे है। यही कारण है कि स्वास्थ्य महकमे के अफसर भी बढ़ती संख्या से सकते में हैं।

प्रदेश में 19.97 करोड़ से ज्यादा लगी कोरोना वैक्सीनेशन की डोज

राज्य में अब तक वैक्सीनेशन की 19 करोड़ 97 लाख 68 हजार 242 डोज लग चुकी हैं।
12 करोड़ 73 लाख 46 हजार 985 लोगों को पहली डोज लगी।
7 करोड़ 24 लाख 21 हजार 257 को दोनों डोज लग चुकी हैं।
बुधवार को प्रदेश में 11 लाख 79 हजार 155 लोगों को लगी वैक्सीन।
गुरुवार को प्रदेश के 16 हजार 142 केंद्र पर वैक्सीनेशन हो रहा है।
3 जनवरी से प्रदेश में 15 साल से 18 साल के बच्चों का वैक्सीनेशन।
10 जनवरी से प्रदेश में बूस्टर डोज भी लगनी शुरु हो जाएंगी।

ओमिक्रोन से दो-दो हाथ करेगी “आयु रक्षक किट”

मुरादाबाद। ओमीक्रोन के संक्रमण से बचाव करने के लिए आयुर्वेद कारगर हथियार बनने जा रहा है। गिलोय समेत कई गुणकारी औषधियों वाली आयु रक्षक किट कोरोना के नए वैरिएंट से दो-दो हाथ करने को तैयार है।

सूत्रों के अनुसार मुरादाबाद जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में आयु रक्षक किट की आपूर्ति हो चुकी है। यह किट अस्पताल में आने वाले मरीजों को ओमीक्रोन के संक्रमण से बचाव करने के लिए विशेष प्राथमिकता के साथ दी जाएगी। इस किट में गिलोय समेत कई ऐसी औषधियां शामिल की गई हैं, जिनका इस्तेमाल कर के संक्रमण से बचाव हो सकेगा। साथ में अगर किसी मरीज में सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार की समस्या है तो उसका इलाज इन औषधियों के माध्यम से हो सकेगा। मुरादाबाद के आयुर्वेदिक अस्पतालों में 400 से अधिक आयु रक्षक किट उपलब्ध कराई गई हैं। 

ओमीक्रोन: क्रिसमस पर नहीं लगेगा मेला


नूरपुर (बिजनौर)। ओमीक्रोन के प्रकोप के चलते क्रिसमस-डे पर एशिया में मशहूर स्थानीय चर्च में इस बार भी मेला नहीं लगेगा। इसकी जानकारी चर्च के वरिष्ठ पादरी फादर टाइटस ने दी। उन्होंने बताया कि आज 24 दिसंबर की रात्रि 10.30 बजे तथा 25 दिसंबर को प्रात: 8.30 बजे क्रिसमस की प्रार्थना के साथ देश के सभी लोगों के लिए प्रार्थना की जाएगी। उन्होंने बताया कि चर्च कैंपस में आम नागरिकों का प्रवेश बंद कर दिया गया है, केवल धर्म बंधुओं का ही प्रवेश रहेगा। वहीं उन्होंने लोगों से महामारी के दृष्टिगत गाइडलाइन का पालन करने की बात कही है।

UP में लगेगा नाइट कर्फ्यू

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना के खतरे को देखते हुए 25 दिसंबर से नाइट कर्फ्यू लगने के निर्देश जारी हुए हैं। इसके चलते रात 11:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक कर्फ्यू लगाया जाएगा। इसके साथ ही शादी समारोह में 200 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई है। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। 

उच्चस्तरीय टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश:-

● कोविड से बचाव के लिए ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण की  नीति के सही क्रियान्वयन से प्रदेश में स्थिति नियंत्रित है। बीते 24 घंटों में हुई 01 लाख 91 हजार 428 सैम्पल की जांच में कुल 49 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 12 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। आज प्रदेश में कुल एक्टिव कोविड केस की संख्या 266 है, जबकि 16 लाख 87 हजार 657 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। आज 37 जिलों में एक भी कोविड मरीज शेष नहीं है।

PunjabKesari

●देश के विभिन्न राज्यों में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में कुछ कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। शनिवार 25 दिसंबर से प्रदेशव्यापी रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू प्रभावी किया जाए। हर दिन रात्रि 11 बजे से प्रातः 05 बजे तक रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू लागू होगा। शादी-विवाह आदि सार्वजनिक आयोजनों में कोविड प्रोटोकॉल का साथ अधिकतम 200 लोगों के भागीदारी की अनुमति हो। आयोजनकर्ता इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को देगा।

PunjabKesari

● बाजारों में “मास्क नहीं तो सामान नहीं” के संदेश के साथ व्यापारियों को जागरूक करें। बिना मास्क कोई भी दुकानदार ग्राहक को सामान न दे। सड़कों/बाजारों में हर किसी के लिए।मास्क अनिवार्य किया जाए। पुलिस बल लगातार गश्त करे। पब्लिक एड्रेस सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाए। 

PunjabKesari

● देश के किसी भी राज्य से अथवा विदेश से उत्तर प्रदेश की सीमा में आने वाले हर एक व्यक्ति की ट्रेसिंग-टेस्टिंग की जाए। बस, रेलवे और एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। निगरानी समितियों ने कोरोना प्रबंधन में सराहनीय कार्य किया है। तीसरी लहर के दृष्टिगत गांवों और शहरी वार्डों में निगरानी समितियों को पुनः एक्टिव करें। बाहर से आने वाले हर एक व्यक्ति की टेस्टिंग कराएं। उनके स्वास्थ्य पर सतत नजर रखी जाए। आवश्यकतानुसार लोगों को क्वारन्टीन किया जाए, अस्पतालों में भर्ती कराया जाए।

PunjabKesari

● कोविड की तीसरी लहर की आशंका के दृष्टिगत हमने पूर्व में व्यवस्थित तैयारियां की हैं, जिनका पुनर्परीक्षण कर लिया जाए। प्रदेश के सभी शासकीय/निजी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं की बारीकी से परख कर ली जाए। औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क और डे केयर सेंटर फिर एक्टिव करें।

● 19 करोड़ 14 लाख 94 हजार से अधिक कोविड टीकाकरण और 09 करोड़ 14 लाख से अधिक टेस्टिंग करके उत्तर प्रदेश टेस्टिंग और टीकाकरण देश में प्रथम स्थान पर है। यहां 06 करोड़ 73 लाख 17 हजार से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड का सुरक्षा कवर प्रदान कर दिया गया है। 12 करोड़ 41 लाख लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। इस प्रकार टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी में से 84.23 फीसदी को पहली और 45.66 फीसदी लोगों को दोनों डोज मिल चुकी है। वैक्सीनेशन को और तेज करने की जरूरत है। इस संबंध में सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।

आईआईटी ने ओमीक्रोन पर किया है चौंकाने वाला खुलासा
आईआईटी कानपुर के रिसर्चरों ने अपनी नई स्टडी में यह अनुमान जताया है। इसके अनुसार, 3 फरवरी को कोरोना केस पीक पर होंगे। आईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं की एक टीम के नेतृत्व में अभी तक के मामलों की समीक्षा की गई है। अध्ययन में महामारी की पहली दो लहरों के डेटा का इस्तेमाल करके तीसरी लहर का पूर्वानुमान लगाया गया है।
शोधकर्ताओं की रिपोर्ट कहती है, ‘दुनिया भर के ट्रेंड को देखते हुए यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट भारत में दिसंबर मध्य से तीसरी लहर का पूर्वानुमान करती है जो कि फरवरी की शुरुआत में पीक पर होगी।’ रिसर्चरों की टीम ने गॉजियन मिक्सचर मॉडल नाम के एक स्टेटिस्टिकल टूल का इस्तेमाल किया है।

Omicron का नया लक्षण जो दिखाई देगा सिर्फ रात में

डॉक्टरों ने किया आगाह, Omicron का नया लक्षण जो सिर्फ रात में दिखाई देगा- रहें सावधान 

डॉक्टरों ने किया आगाह, Omicron का नया लक्षण जो सिर्फ रात में दिखाई देगा- रहें सावधान 

नई दिल्ली (एजेंसी)। एक वायरल इंफेक्शन का सबसे खतरनाक पहलू उसकी गंभीरता है। कोविड-19 के डेल्टा वैरिएंट ने भारत समेत दुनियाभर के देशों में कहर बरपाया था। डेल्टा वैरिटएंट की संक्रामकता बहुत ज्यादा थी। इसमें मरीजों को हल्के और गंभीर लक्षण दोनों महसूस हो रहे थे। उनमें तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस में तकलीफ, छाती में दर्द, खून में ऑक्सीजन की कमी जैसे लक्षण देखे जा रहे थे। अब कोरोना का नया ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनिया के सामने एक नई मुसीबत बनकर खड़ा हो गया है। इसकी गंभीरता, ट्रांसमिशन रेट और लक्षणों को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

WHO का दावा है कि नया ओमिक्रॉन वैरिएंट पहले संक्रमित हो चुके लोगों को भी आसानी से अपनी चपेट में ले सकता है। इसके अलावा, वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके लोग भी ओमिक्रॉन के खिलाफ सुरक्षित नहीं हैं। आने वाले कुछ दिन या सप्ताह में साफ हो जाएगा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट आखिर कितना खतरनाक है। अब तक दुनियाभर के डॉक्टर्स और वैज्ञानिक ओमिक्रॉन में कई तरह के लक्षण दिखने का दावा भी कर चुके हैं।

रात में पसीना और शरीर में दर्द
दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग के जनरल प्रैक्टिशनर डॉ. उनबेन पिल्ले कहते हैं कि ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों को रात में पसीना आने की शिकायत हो सकती है। कई बार मरीज को इतना ज्यादा पसीना आता है कि उसके कपड़े या बिस्तर तक गीला हो सकता है। संक्रमित को ठंडी जगह में रहने पर भी पसीना आ सकता है। इसके अलावा मरीज को शरीर में दर्द की शिकायत भी हो सकती है।

सूखी खांसी और शरीर में दर्द
डॉ. उनबेन पिल्ले कहते हैं कि उन्होंने ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज में सूखी खांसी के लक्षण भी देखे हैं। ये लक्षण कोरोना के अब तक सभी पुराने स्ट्रेन में देखा जा चुका है। इसके अलावा बुखार और मांसपेशियों में दर्द भी ओमिक्रॉन के लक्षण हो सकते हैं।

गले का छिलना
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका की एक डॉक्टर एंजलीके कोएट्जी ने ओमिक्रॉन से संक्रमित लोगों में गले में खराश की बजाय गला छिलने जैसी दिक्कत देखने का दावा किया था, जो कि असामान्य है। ये दोनों लक्षण लगभग एक जैसे हो सकते हैं। हालांकि गले में छिलने की समस्या ज्यादा दर्दनाक हो सकती है।

हल्का बुखार
कोरोना के किसी भी वैरिएंट के साथ हल्का या तेज बुखार होने की शिकायत लगातार सामने आई हैं। डॉ. कोएट्जी कहती हैं कि ओमिक्रॉन के संक्रमण में मरीज को हल्का बुखार हो सकता है और इसमें बॉडी का टेंपरेचर अपने आप नॉर्मल हो जाता है।

थकावट
पिछले तमाम वैरिएंट्स की तरह ओमिक्रॉन में भी मरीज को बहुत ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। इसमें संक्रमित इंसान का एनेर्जी लेवल काफी कम हो जाता है। शरीर में दिख रहे इस लक्षण को इग्नोर करने की बजाए तुरंत कोविड-19 की जांच कराएं।

कोरोना: केरल में नाइट कर्फ्यू की तैयारी

रोजाना 30 हजार से ज्यादा नए केस दर्ज। 5 दिन में आए कोरोना के करीब डेढ़ लाख केस।

नई दिल्ली (एजेंसी)। केरल में कोरोना के बढ़ते मामलों ने देश की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में पिछले चार दिन से रोजाना 30 हजार से ज्यादा नए केस दर्ज किए जा रहे हैं। महज 5 दिन में केरल में कोरोना के करीब डेढ़ लाख केस आ चुके हैं। दूसरी तरफ देश में भी केरल के आंकड़ों के कारण नए मामलों की संख्या  रोजाना 45 हजार से अधिक आ रही है। वहीं स्थिति खराब होते देख केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने अगले हफ्ते से राज्य में नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है। 

शनिवार को देश में कोरोना के 45 हजार से ज्यादा केस दर्ज किए गए और इनमें से 31 हजार से ज्यादा मामले केरल से थे, जो कि कुल मामलों का करीब 70 फीसदी है। शुक्रवार को जहां राज्य में संक्रमण दर 19.22 फीसदी तक पहुंच गया था वहीं, शनिवार को यह 18.67 फीसदी रहा।

लगातार बढ़ रहे एक्टिव केस
केरल में शनिवार तक 2 लाख से ज्यादा उपचाराधीन मरीज थे। देशभर में कोरोना के कुल 3.7 लाख एक्टिव मरीज हैं और अकेले केरल में ही इसके 55 फीसदी मामले हैं। बीते पांच दिन में राज्य में एक लाख 49 हजार 814 नए मामले आए हैं।

केरल के अलावा महाराष्ट्र में शनिवार को कोरोना के 4 हजार 831 नए मामले दर्ज किए गए। मिजोरम में भी लगातार दो दिन से कोरोना के एक हजार के करीब मामले पहुंच रहे हैं। 

मौतों में भी केरल अव्वल
भारत में शनिवार को कोरोना से कुल 444 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें से 153 अकेले केरल से थीं। इसके अलावा 126 महाराष्ट्र, 68 ओडिशा, 21 तमिलनाडु और 19 मौतें आंध्र प्रदेश में दर्ज की गईं। 

अब नाइट कर्फ्यू का ऐलान
केरल सरकार ने राज्य में कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए अगले हफ्ते से रात में कर्फ्यू लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक में अगले सप्ताह से राज्य में रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया है।

लॉक डाउन again? 10 राज्यों को पाबंदियों पर विचार की सलाह

नई दिल्ली। कई राज्यों में कोरोना वायरस के नए मामलों और पॉजिटिविटी रेट में बढ़ोतरी के बाद नई रणनीति तैयार हो रही है। केंद्र सरकार ने संबंधित राज्यों से प्रतिबंधों को फिर से लागू करने पर विचार करने के लिए कहा है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शनिवार को 10 राज्यों के साथ एक हाई लेवल बैठक की। स्वास्थ्य सचिव ने केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, मिजोरम, मेघालय, आंध्र प्रदेश और मणिपुर के प्रतिनिधियों से कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में 10 प्रतिशत से अधिक की पॉजिटिविटी रेट रिपोर्ट करने वाले सभी जिलों को सख्त प्रतिबंधों पर विचार करने की आवश्यकता है।मंत्रालय ने कहा कि इस स्तर पर किसी भी तरह की ढिलाई से इन जिलों में स्थिति बिगड़ सकती है।

46 जिलों में 10 प्रतिशत से अधिक पॉजिटिविटी रेट– बैठक में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ.बलराम भार्गव ने कहा कि प्रतिदिन 40000 नए मामले के साथ समझौते करने की जरूरत नहीं है। भारत में लगभग 46 जिले 10 प्रतिशत से अधिक पॉजिटिविटी रेट रिपोर्ट कर रहे हैं और 53 जिले ऐसे हैं जो कि खतरे की ओर बढ़ रहे हैं। यहां पॉजिटिविटी रेट 5 से 10 प्रतिशत के बीच है। कोरोना के नए मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए मंत्रालय की ओर से इन राज्यों को 4 प्वाइंट में दिशा-निर्देश दिए गए हैं। 

4 प्वाइंट में दिशा-निर्देश- पहला यह है कि जहां ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, वहां काबू करने के प्रयास और निगरानी रखी जाए। दूसरा, मामलों की मैपिंग, संपर्कियों का पता लगाना और नियंत्रण क्षेत्रों को परिभाषित करना है। तीसरा निर्देश ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाना और बाल चिकित्सा देखभाल पर ध्यान देना है। चौथा निर्देश है कि मौत पर नजर रखने के साथ ही गणना करना।

10 राज्यों में 80 प्रतिशत से अधिक सक्रिय मामले होम आइसोलेशन में- मंत्रालय ने कहा कि इन 10 राज्यों में 80 प्रतिशत से अधिक सक्रिय मामले होम आइसोलेशन में हैं। इन लोगों पर नजर रखने की जरूरत पर जोर देते हुए मंत्रालय ने कहा कि इन मरीजों की निगरानी के लिए समुदाय, गांव मोहल्ला, वार्ड आदि के स्तर पर स्थानीय निगरानी होनी चाहिए ताकि यह पता लग सके कि कहीं उनको अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत तो नहीं है। 

कोरोना: केरल में 2 दिन के कंप्लीट लॉकडाउन का ऐलान

मचा हाहाकार, फिर लौटे पाबंदियों के दिन, केरल में 31 जुलाई व 1 अगस्त को कंप्लीट लॉकडाउन

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। केरल में कोरोना वायरस के मामलों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। केरल सरकार ने राज्य में 31 जुलाई और 1 अगस्त को कंप्लीट लॉकडाउन की घोषणा की है।

Complete lockdown in Kerala on July 31, August 1 over Covid-19

केरल में देश के 50 प्रतिशत केस- बताया गया है कि देश में सामने आ रहे कुल कोरोना केस संख्या में केरल का योगदान करीब 50 फीसदी है। केरल में बुधवार को कोविड-19 के 22,056 नए मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 33,27,301 हो गई, जबकि 131 और लोगों की मौत होने के साथ वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 16,457 हो गई।

राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि 17,761 लोग संक्रमण से ठीक हुए, जिससे अब तक कुल ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 31,60,804 हो गई है। राज्य में अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,49,534 हो गई है। पिछले 24 घंटों में, 1,96,902 नमूनों की जांच की गई और संक्रमण दर 11.2 प्रतिशत दर्ज की गई। राज्य भर में अब तक, 2,67,33,694 नमूनों की जांच की जा चुकी है।

100 स्वास्थ्य कर्मी भी चपेट में- राज्य में सबसे अधिक प्रभावित जिलों में मलप्पुरम में 3931, त्रिशूर में 3005, कोझिकोड में 2400, एर्नाकुलम में 2397, पलक्कड़ में 1649, कोल्लम में 1462, अलाप्पुझा में 1461, कन्नूर में 1179, तिरुवनंतपुरम में 1101 और कोट्टायम में 1067 मामले आए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में फिलहाल 4,46,211 लोग निगरानी में हैं। सरकार की विज्ञप्ति में कहा गया कि नए मामलों में 100 स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं।

ओपीडी शुरू लेकिन मरीजों की संख्या काफी कम

ओपीडी तो शुरू, मरीजों की संख्या रही काफी कम
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीपुर पर शुरू की गयी ओपीडी
कोविड-19 गाइड लाइन का किया जा रहा पालन

बिजनौर। वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर पर बंद की गयी ओपीडी को पुन: शुरु कर दिया गया है। इसके बावजूद अस्पताल पर ओपीडी पर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या काफी कम ही रही।
विगत दिनों देश भर में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आने के बाद क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मोहल्ला रम्पुरा पर प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार ओपीडी बंद कर दी गयी थी। कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी आने के बाद  सामुदायिक स्वास्थ्य केद्र समीपुर पर भी शासन के निर्देश पर कोरोना कर्फ्यू समाप्त किए जाने के बाद पुन: ओपीडी पर लगायी गयी रोक को हटाकर मरीजों के परीक्षण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। हालांकि अभी अस्पताल पर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या पहले के मुकाबले काफी कम है। शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर पर ओपीडी में सुबह से अपराह्न दो बजे तक मात्र 34 रोगी ही पहुंचे।

ओपीडी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाक्टर राजेश वर्मा, डा. शील गौतम ने रोगियों की जांच की। चिकित्सकों के मुताबिक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पिछले दो दिन से ओपीडी जारी है। डा. राजेश वर्मा ने बताया कि मरीजो को चिकित्सा सुविधा दिलाने के साथ ही कोविड-19 सम्बन्धी सभी प्रोटोकाल का ध्यान रखा जा रहा है। कोविड की जांच के लिए आए लोगों के लिए अस्पताल पर अलग से व्यवस्था की गयी है।

विधायक जयदेवी कौशल ने बांटा निःशुल्क राशन

लखनऊ। विधायक जयदेवी कौशल ने उपजिलाधिकारी अजय कुमार राय, बीडीओ संस्कृता मिश्रा की मौजूदगी में मलिहाबाद ब्लॉक की कसमंडी खुर्द गांव में सोमवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत कार्डधारकों में नि:शुल्क राशन वितरण किया।
केंद्र सरकार ने तीन माह तक अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किग्रा राशन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 20 मई से 30 मई तक देने का निर्णय लिया है। कोरोना संक्रमण की जंग में क‌र्फ्यू के दौरान जिन दैनिक मजदूरों व गरीब असहाय लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा है, उनके जीविकोपार्जन को लेकर इन्हें नि:शुल्क राशन वितरण किया जा रहा है। इससे इनको राहत मिलेगी। विधायक जयदेवी कौशल ने कार्डधारकों से कहा कि आप घर से निकलते समय मास्क जरूर लगाएं। हाथों को सैनिटाइज करने व शारीरिक दूरी का ध्यान दें। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग में वैक्सीनेशन महत्वपूर्ण कड़ी है। वैक्सीनेशन कराकर खुद के साथ घर व आस-पास के लोगों को सुरक्षित कर सकते हैं।

विधायक व एसडीएम अजय कुमार राय तथा बीडीओ संस्कृता मिश्रा ने कसमंडी खुर्द गांव के निगरानी समिति के सदस्यों से बातचीत कर टेस्टिग, दवा किट के वितरण व सैनिटाइजेशन आदि का जायजा भी लिया। इस मौके पर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक व गांव की निगरानी समिति सहित ग्रामीण भी मौजूद रहे।

एचआर सीटी स्कैन: निर्धारित मूल्य से अधिक लेने पर होगी कार्यवाही

निर्धारित मूल्य से अधिक लेने पर होगी कार्यवाही:डीएम

बिजनौर। शासन द्वारा निर्धारित एचआर सीटी स्कैन की सबसे अधिक मूल्य लेने पर निजी चिकित्सालयों एवं रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर पर एपिडेमिक डिजीज एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई होगी। यह चेतावनी डीएम रमाकांत पांडे ने दी है।

डीएम रमाकांत पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के दृष्टिगत आम जनमानस को बेहतर एवं सर्व सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निजी चिकित्सालयों एवं निजी चिकित्सकों द्वारा रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों को एचआर सीटी स्कैन की जांच की दर (पीपीई किट एवं सैनिटाइजेशन व अन्य व्यय सहित)16 सिलाइस तक रुपए 2000,16 से 64 सिलाइस तक रुपए 2250 तथा 64 सिलाइस से अधिक रुपए 2500 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि यह आदेश एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 ( यथा संशोधित)एवं उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी अधिनियम 2020 के संगत प्रावधानों के अंतर्गत जारी किया जा रहा है तथा इस आदेश का उल्लंघन एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 में (यथा संशोधित) एवं उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी अधिनियम 2020 की संगत धाराओं के अंतर्गत दंडनीय है।

थोक व फुटकर सब्जी विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त

थोक व फुटकर सब्जी विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त। सुबह से फिर हो जाएगा कामकाज शुरु।

बिजनौर। आढ़त एसोसिएशन धामपुर थोक एवं फुटकर विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने 24 मई से रात्रि 3 बजे से सुबह 7 बजे तक बड़ी मण्डी में सब्जी व्यापार करने का आदेश जारी कर दिया है। इस कारण सब्जी आढ़त एसोसिएशन ने स्थानीय प्रशासन का आदेश मानकर हड़ताल खत्म कर सब्जी व्यापार सुचारू रूप से शुरु करने की घोषणा कर दी।

विदित हो कि कोरोना महामारी के चलते बड़ी मंडी क्षेत्र में नितिन शर्मा (40 वर्ष), गौरव अग्रवाल (35 वर्ष), श्रीमती यशोदा मोदी (70 वर्ष), श्रीमती सारिका गुप्ता (50 वर्ष), दिनेश कुमार अग्रवाल (60 वर्ष) की मौत हो चुकी है और इस क्षेत्र में काफी लोग बीमारी से ग्रस्त है। इस मामले में क्षेत्र के लोगों द्वारा की गयी शिकायत के बाद स्थानीय प्रशासन ने बड़ी मण्डी में संचालित थोक एवं फुटकर व्यापार को पिछले साल की भांति केएम इंटर कालेज के मैदान ले जाने का आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद गत 21 मई से सब्जी थोक एवं फुटकर विक्रेताओं ने अनिश्चितकालीन बन्द करने की घोषणा कर दी थी। लगातार तीन दिन से सब्जी आढ़त एसोसिएशन से जुड़े थोक एवं फुटकर विक्रेता हड़ताल पर चल रहे थे। इस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ रहा था। स्थानीय प्रशासन ने काफी कोशिश की, कि बड़ी मण्डी से सब्जी व्यापार बाहर ले जाए पर कामयाबी नहीं मिली। आखिरकार स्थानीय प्रशासन ने सब्जी आढ़त एसोसिएशन धामपुर से जुड़े थोक एवं फुटकर विक्रेताओं को 24 मई से रात्रि 3 बजे से सुबह 7 बजे तक सब्जी कार्य बड़ी मण्डी में करने की इजाजत दे दी। यह जानकारी सब्जी आढ़त एसोसिएशन धामपुर के अध्यक्ष खुशीराम सैनी, हैदर अली आढ़ती, अबरार अहमद ने देते हुए बताया कि हड़ताल वापिस ले ली है, क्योंकि स्थानीय प्रशासन ने हमें उसी स्थान पर सब्जी व्यापार करने की इजाजत दे दी है। बस समय में परिवर्तन किया गया है। उन्होंने सभी नगरवासियों से संयम बरतने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

सुबह 7 से 11 मिलेगी सब्जी धामपुर बड़ी मण्डी में थोक सब्जी व्यापार का समय निर्धारित होने के बाद 24 मई से फुटकर सब्जी विके्रताओं का भी समय निर्धारित कर दिया गया है, जो प्रतिदिन सुबह 7 बजे से पूर्वान्ह 11 बजे तक रहेगा। नगर की जनता उक्त निर्धारित समयावधि में फुटकर विक्रेताओं से सब्जी की खरीदारी कर सकती है। 

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को होम डिलीवरीकी अनुमति

बिजनौर। कोविड-19 (कोरोनावायरस ) के रोकथाम के दृष्टिगत जनपद बिजनौर उत्तर प्रदेश में घोषित लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने हेतु निम्न कुछ दुकानदारों को वस्तुओं की होम डिलीवरी किये जाने की अनुमति दी गई है।

( होम डिलीवरी निर्धारित मूल्य पर )

घर घर पहुंच रही निगरानी समिति और गांव पहुंचे अधिकारी

मलिहाबाद,लखनऊ। कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए गांव में गठित निगरानी समिति के सदस्य घर घर जाकर संक्रमित परिवारों की व्यवस्था देख रहे हैं। मंगलवार को ग्राम पंचायतों में बीडीओ डॉ. संस्कृता मिश्रा के निर्देशन में कार्य किया गया। निगरानी समितियों द्वारा गांवों में भ्रमण कर लोगों से संपर्क कर लक्षण युक्त लोगों को चिह्नित करना, टेस्टिंग कराना, मेडिकल किट उपलब्ध कराना, वैक्सीनेशन तथा कोविड प्रोटोकॉल अनुपालन के लिए जागरूक करना, साथ ही साफ सफाई व्यवस्था को चाक चौबंद रखना इत्यादि महत्त्वपूर्ण कार्य निगरानी समिति द्वारा प्रतिदिन किए जा रहे हैं, ताकि गाँवों में संक्रमण फैलने न पाए और संक्रमित व्यक्तियों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा सकें। बीडीओ संस्कृता मिश्रा ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में निगरानी समितियों को सक्रिय किया गया है। पंचायत सचिवों के द्वारा नियमित बैठक कर सर्वे कार्य कराए जा रहे हैं।

नबीनगर, बदौरा, मुजासा, कटौली, कसमण्डी कला सहित सभी गांवो में सर्विलांस कार्य पंचायत सचिव और आशा बहू द्वारा संपादित किये जा रहे हैं। वहीं ग्राम पंचायत कसमण्डी कला में पहुँचकर बीडीओ ने ग्रामीणों से बात कर कोरोना के प्रति जागरूक करने के साथ ही निगरानी समिति को जरूरी दिशा निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों से साफ सफाई और सेनेटाइजेशन व्यवस्था का जायजा लिया। इसके अलावा निश्चित अंतराल पर उपरोक्त कार्य होने के लिए आश्वस्त भी किया।

हाई स्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 का फर्जी कार्यक्रम वायरल

हाई स्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा कार्यक्रम 2021

लखनऊ। कुछ शराराती तत्वों ने इंटरनेट मीडिया पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटर तथा हाईस्कूल परीक्षा 2021 का फर्जी कार्यक्रम वायरल कर दिया। इसमें पांच जून से परीक्षा कार्यक्रम को देखकर प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के होश उड़ गए। इस बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने इसका खंडन करने के साथ ही इसको वायरल करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण प्रदेश सरकार ने सीबीएसई और आइसीएससी की तर्ज पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा 2021 को स्थगित कर दिया है। इसके बाद बोर्ड कोविड संक्रमण की स्थिति में कुछ सुधार होने के बाद जुलाई के पहले हफ्ते तक इंटर की परीक्षा कराने की योजना बना रही है।

इसी बीच सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर परीक्षा कार्यक्रम वायरल हो गया। मैसेज में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा कार्यक्रम 2021 को पांच से 25 जून के मध्य में सम्पन्न कराने का संदेश है। इसके साथ ही इसमें निर्देश है कि कोविड-19 के नियमों को ध्यान मे रखते हुए परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसका खंडन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा-2021 की कोई समय सारिणी नहीं जारी हुई है। वायरल शेड्यूल पूरी तरह से फर्जी है।

यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने कहा कि यह पूरी तरह फर्जी है। यह नितांत ही गलत कृत्य है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आग्रह किया है कि इस फर्जी कार्यक्रम का संज्ञान न लें, इनकी अनदेखी करें। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएंगे। इस तरह की फर्जी सूचना प्रसारित करने वालों पर शीघ्र ही कड़ी कार्रवाई भी होगी।

मलिहाबाद में आरसी फाउंडेशन ने कराया सैनिटाइजेशन

मलिहाबाद, लखनऊ। कोरोना के लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच विभिन्न सामाजिक संस्थाओं जन जागरूकता के साथ-साथ जनता की सेवा के कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन की ओर से सैनिटाइजेशन व मासिक वितरण का कार्यक्रम किया गया।

सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. भानुवेंद्र प्रताप सिंह यादव एवं श्रीमती पुष्पा यादव ने बताया कि आरसी फाउंडेशन की टीम की ओर से मलिहाबाद के अमानीगंज में सैनिटाइजेशन व मासिक वितरण के साथ-साथ कोविड-19 मेडिकल किट भी वितरित की गई। आरसी फाउंडेशन द्वारा यह सराहनीय काम ऐसे वक्त में किया गया है जब संसाधनों के अभाव के चलते लोगों को उनकी जरूरतों की चीजें सामान्य रूप से नहीं मिल पा रही हैं।

फाउंडेशन के इस कार्य के चलते जनता ने फाउंडेशन के संस्थापक तथा उनके सदस्यों के कार्य की काफी सराहना की। संस्था की ओर से आरसी फाउंडेशन के संरक्षक शिव कुमार यादव, अमर सिंह यादव, राहुल यादव, सुरेंद्र यादव, शशिकांत यादव, दीपक, पूर्व प्रधान वसी अहमद व अन्य लोग उपस्थित रहे ‌।

गंगा के साथ ही सहायक नदियों में भी होगी पेट्रोलिंग 

नदियों में शव प्रवाहित करने से रोकने की कवायद। गंगा के साथ ही सहायक नदियों में भी होगी पेट्रोलिंग।

बिजनौर। नदियों में शव प्रवाहित करने से रोकने के लिए रविवार को भी पीएसी के जवानों ने गंगा में पेट्रोलिंग की। वहीं गंगा के साथ ही उसकी सहायक नदियों में भी पुलिस बल रिवर पेट्रोलिंग करेगा। दूसरी ओर गंगा किनारे बसे ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। निर्धनों के अंतिम संस्कार के खर्च का जिम्मा अब ग्राम पंचायत और निकाय उठाएंगे।

नदियों में शवों को बहाने से रोकने के अभियान के तहत रविवार को लगातार दूसरे दिन पीएसी के जवानों ने मोटर बोट से गंगा में पेट्रोलिंग की। बालावाली से लेकर जलीलपुर तक पुलिस बल लगातार गंगा में निगरानी करता रहा। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने आदेश जारी किया है कि सिर्फ गंगा ही नहीं बल्कि उसकी सहायक नदियों पर भी निगाह रखी जाए। जिले में बहने वाली मालन, खोह और राम गंगा नदी के तटों पर भी कड़ी निगरानी की जाए। इन सभी नदियों में भी पेट्रोलिंग की जाएगी। इसके अलावा सहायक नदियों के किनारे बसे ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है पुलिस गांव-गांव जाकर यह बता रही है कि पैसे के अभाव में कोई भी सबको नदी में प्रवाहित न करें। अगर किसी को अंतिम संस्कार में आर्थिक दिक्कत आ रही है तो सरकार के खर्च पर विधि विधान से अंतिम संस्कार कराया जाएगा।

जिले में रिवर पेट्रोलिंग की शुरुआत शनिवार को एसपी सिटी डॉक्टर प्रवीण रंजन सिंह की अगुवाई में बिजनौर बैराज से कराई गई थी। विदित हो कि प्रदेश भर में कई स्थानों पर नदियों में शवों के बहा दिए जाने की सूचनाएं मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते गंगा के किनारे बसे जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है।

संबंधित खबर- https://wp.me/pcjbvZ-1gQ

पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों को एक माह के लिए भरण पोषण भत्ता

लखनऊ। कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को तीन माह के लिए प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों को एक माह के लिए 1000 रुपए भरण पोषण भत्ता दिया जाएगा। इसी के साथ प्रदेश में कक्षा 9 से 12 वीं और विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं 20 मई से शुरू की जाएंगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को हुई वर्चुअल कैबिनेट बैठक में प्रदेश में लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को सोमवार 24 मई की सुबह 7 बजे तक बढ़ा दिया गया है। प्रदेश में 30 अप्रैल से कर्फ्यू लागू है। शुरू में इसे 3 मई तक लागू रहना था, लेकिन बाद में इसकी अवधि 6 मई तक बढ़ा दी गई थी। बाद में इसे और विस्तार देते हुए 10 मई तक कर दिया गया था और बढ़ाकर 17 मई किया गया। यूपी में आंशिक कोरोना कर्फ्यू का असर यह हुआ कि कोरोना के सक्रिय मामलों में 60 हजार की कमी आ गई है। उत्तर प्रदेश सरकार 18 से 44 साल के लोगों का कोविड वैक्सीनशन कराने के लिए तेजी से काम कर रही है।

खुशखबरी: कोरोना की दूसरी लहर पर लगा ब्रेक!

खुशखबरी: कोरोना की दूसरी लहर पर लगा ब्रेक! लॉकडाऊन और सख्त प्रतिबंधों से कोरोना की दूसरी लहर पर लगा ब्रेक! आने लगी संक्रमण दर में कमी।

नई दिल्‍ली। देश में कोरोना की दूसरी लहर धीमी पड़ने लगी है। केंद्र सरकार ने शनिवार को राहत भरी खबर दी कि देश में कोरोना के संक्रमित मरीजों की संख्‍या तेजी से कम हो रही है। वहीं सरकार ने चेतावनी दी है कि ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस से बचने की जरूरत है।

इसके कारण कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर स्थिति स्थिर हो रही है। हम यह भी सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेंगे कि कोरोना वायरस का तांडव आगे और स्थिर हो और संक्रमण के मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज की जाए। मंत्रालय के मुताबिक, पिछले सात दिन में (8 से 14 मई) के बीच 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में से 22 राज्यों में नए मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में नए कोरोना मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इनमें से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए मरीजों में 10 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में पिछले सात दिनों में नए मामलों में 39 फीसदी की गिरावट आई। छत्तीसगढ़ में 31 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 29 फीसदी, बिहार में 27 फीसदी, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में 21 फीसदी और झारखंड 20 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में शुक्रवार से सक्रिय मामलों में कमी आ रही है, जबकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। राज्यों में लगे सख्त प्रतिबंधों और लॉकडाऊन के कारण संक्रमण दर में कमी आने लगी है।

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि ब्‍लैक फंसग की रोकथाम के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मधुमेह को नियंत्रित करें क्योंकि इससे मृत्यु दर का जोखिम बढ़ जाता है। यह तब अधिक होता है जब कोविड मरीजों को स्टेरॉयड दिए जा रहे हों। स्टेरॉयड को जिम्मेदारी से दिया जाना चाहिए। ब्‍लैक फंगस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और कई राज्‍यों में 400 से 500 केस सामने आ चुके हैं।डॉ. वीके पॉल ने कहा कि इस बीमारी से कैसे लड़ना है इसके बारे में अभी हमें ज्‍यादा जानकारी नहीं है। ये एक उभरती हुई समस्‍या है और ICMR ने डेटा एकत्र करना शुरू कर दिया है। हमने राज्यों से इस पर नजर रखने को भी कहा है।

…अब फिर एक हफ्ते बढ़ा लॉक डाउन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को वर्चुअल माध्यम से संपन्न मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को सोमवार 24 मई सुबह 07 बजे तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के माध्यम से प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिल रही है। इसके दृष्टिगत इसकी अवधि को बढ़ाया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व से ही कोविड-19 की निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा, निःशुल्क कोरोना वैक्सीनेशन कार्य भी प्रदेश में संचालित किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों तथा राज्य सरकार द्वारा 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का निःशुल्क टीकाकरण कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमन्दों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को 3 माह के लिए प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं तथा 2 किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रकार, प्रति यूनिट 5 किलो निःशुल्क खाद्यान्न जरूरतमन्दों को मिलेगा। इससे प्रदेश की लगभग 15 करोड़ जनसंख्या लाभान्वित होगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को हर सम्भव राहत और मदद उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों को एक माह के लिए 1,000 रुपए का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किए जाने के निर्देश दिए। इससे लगभग 01 करोड़ गरीबों को राहत मिलेगी। विज्ञापन

कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था की जाए    

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के दौरान जरूरतमन्दों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था जारी रखी जाए। आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को यथावत संचालित किया जाए। उन्होंने बेसिक शिक्षा को छोड़कर, अन्य सभी स्तर की शिक्षण संस्थाओं में 20 मई से ऑनलाइन क्लास का संचालन प्रारम्भ किए जाने के निर्देश दिए। राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। प्रदेश के सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए 2 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। दुर्घटना में दुर्भाग्यवश किसी श्रमिक की मृत्यु अथवा दिव्यांगता हो जाने पर 2 लाख रुपए के सुरक्षा बीमा कवर तथा 5 लाख रुपए तक के स्वास्थ्य बीमा कवर की व्यवस्था इन योजनाओं के माध्यम से की गई है।  

L-2 कोविड केयर फैसिलिटी में मॉनिटरिंग को लगे सीसीटीवी कैमरे

बिजनौर। जिला अस्पताल में स्थापित L-2 कोविड केयर फैसिलिटी में सीसीटीवी कैमरे के द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है। इसका लिंक कचहरी स्थित इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में भी दे दिया गया है ताकि पूरी व्यवस्था का अवलोकन करने में आसानी हो।

इसमें मरीजों का इलाज, अस्पताल तथा वार्डों की साफ-सफाई, सही टाइम से खाना दिया जाना, ऑक्सीजन सप्लाई आदि की सुचारू रूप से मॉनिटरिंग शामिल है। उपरोक्त फोटोज आज शनिवार की हैं, जिनसे मरीजों की देखभाल, साफ सफाई तथा ऑक्सीजन सप्लाई सही ढंग से होना स्पष्ट है।

राजधानी लखनऊ में खुली शराब की दुकानें

राजधानी लखनऊ में खुली शराब की दुकानें

शराब कारोबारियों और शराब के शौकीनों को मिली राहत

शराब एसोसिएशन ने चलाया शराब की दुकानों पर जागरूकता अभियान

लखनऊ। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने कोविड-19 का पालन करने के लिए तथा आबकारी विभाग के सहयोग व ग्राहकों की सुरक्षा का अभियान चलाया। नि:शुल्क मास्क तथा शराब की दुकानों पर मास्क नहीं तो शराब नहीं, बगैर मास्क शराब की दुकानों पर प्रवेश नहीं का स्टीकर तथा पोस्टर लगाकर जागरूक किया गया।

एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या ने बताया आज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने हुसैनगंज, लाल कुआं, हजरतगंज, नरही, लालबाग, आशियाना, केशव नगर, चारबाग तथा सहारागंज में शराब की दुकानों पर स्टिकर और बैनर लगाकर 2 गज की दूरी , मास्क है जरूरी की अपील की । मौर्य ने बंद पड़ी शराब की दुकानें खोलने के लिए आबकारी विभाग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया।

जागरूकता अभियान में शराब एसोसिएशन के पदाधिकारी कन्हैयालाल मौर्या, विकास श्रीवास्तव, नीरज जयसवाल, शंकर कनौजिया, सचिन जायसवाल कोषाध्यक्ष, कुमार जयसवाल, शुभम मौर्या, संजय जायसवाल तथा मीडिया प्रभारी देवेश जयसवाल प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

यूपी में वैक्सीन लगवाने को आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म

यूपी में वैक्सीन लगवाने को आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म
योगी सरकार ने वापस लिया अपना फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब 18 से 44 साल के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आधार और स्थाई निवास प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं पड़ेगी। योगी सरकार के नए आदेश के अनुसार अब यूपी में निवास करने का कोई भी डॉक्यूमेंट देने पर टीकाकरण किया जाएगा। यानि किअब यूपी में स्थायी और अस्थायी रूप से रहने वाले सभी लोगों का टीकाकरण होगा।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में टीकाकरण चल रहा है। इस बीच योगी सरकार ने कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर अपना एक फैसला वापस ले लिया है। पहले सरकार ने सिर्फ यूपी वालों को वैक्सीनेशन लगाने का आदेश दिया था। नेशनल हेल्थ मिशन के डायरेक्टर की तरफ से जारी पत्र में कहा गया था कि बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के 18 से 44 साल के लोगों ने वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, इसके चलते यूपी के लोगों को वैक्सीन नहीं लग पा रही है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में टीकाकरण का काम जारी है। प्रदेश के 18 जिलों में 18 साल से ऊपर वालों को टीका लगना शुरू हो गया है।
———-

गुम हो गए बिजनौर के सांसद जी!

गुमशुदा सांसद मलूक नागर की तलाश सोशल मीडिया पर खूब हो रहे वायरल

सूचना गुमशुदा की तलाश, आदरणीय मलूक नागर जी बिजनोर लोकसभा सांसद वापस आ जाएं। हम आपसे कोई सवाल नहीं करेंगे, ना ही ऑक्सीजन का और सोशल मीडिया ना ही किसी भी अन्य मदद का। मलूक जी आप बिजनौर का रास्ता भूल गए पर रास्ता बताना मेरा फर्ज़ है। नोएडा से आते टाइम पहले गाज़ियाबाद आईयेगा। उसके बाद मेरठ आएगा, फिर उसके बाद आपका अपना बिजनौर लोकसभा क्षेत्र आ जायगा।

बिजनौर। गुमशुदा सांसद मलूक नागर की तलाश शीर्षक से एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इनमे व्यंग्य के तौर पर सांसद मलूक नागर के लापता होने की बात लिखी जा रही है। सीधी सी बात है कि जनता अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों से मुश्किल समय में मदद की उम्मीद रखती है, लेकिन कुछ बाहरी नेता चुनाव जीतते ही जनता से बहुत दूर हो जाते हैं ।

खास बात-कोई समर्थक ज्यादा ज्ञान ना दे, आपकी अति कृपा होंगी।

अब थोक फल व सब्जी मंडी में सिर्फ 9 बजे तक ही होगा कारोबार

थोक फल व सब्जी मंडी में केवल नौ बजे तक ही होगा कारोबार। कृषि उत्पादन मंडी समिति नजीबाबाद परिसर में बिना मास्क व सोशल डिस्टेंस घूम रहे लोग। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए एसडीएम ने जारी किए निर्देश।

बिजनौर। नजीबाबाद के कोटद्वार मार्ग पर स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर स्थित थोक सब्जी व फल मंडी में कोरोना संक्रमण के खतरे से बेपरवाह होकर कुछ लोग सरकार की गाइड लाइन दरकिनार करते हुए लापरवाही करने पर उतारू हैं। इस पर उपजिलाधिकारी ने मंडी समिति सचिव को नौ बजे तक ही कारोबार करने के निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार को भी नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में स्थित फल व सब्जी मंडी में काफी संख्या में पहुंचे लोगों को भीड़ की शक्ल में ही खरीददारी करते हुए देखा गया। इससे लगा कि क्षेत्र में वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण को लेकर लोग गंभीर नहीं हैं। थोक फल व सब्जी मंडी में जमा भीड़ के बीच काफी संख्या में लोग बिना मास्क लगाए हुए घूम-घूमकर खरीददारी करते दिखायी दिए। भीड़ में किसी को सरकार की गाइड लाइन के अमुपालन में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करना याद नहीं रहा। इसके अलावा काफी संख्या में लोगों ने अपने मुंंह व नाक को मास्क से ढक़ने के स्थान पर मास्क को कानों पर टांगा हुआ था, जिससे साफ लग रहा था कि क्षेत्र में पुलिस की ओर से मास्क को लेकर की जा रही सख्ती तथा पुलिस व प्रशासन की ओर से सरकार के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने पर की जाने वाली कार्रवाई से बचने के लिए ही उन्होंने मास्क अपने कानों पर टांगा हुआ था।

जिंदगी मौत ऊपर वाले के हाथ-इस दौरान कई लोगों से मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने के लिए कहने पर पलट कर जवाब दिया कि जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में है, इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता है। सरकार की गाइलाइन का उल्लंघन करने पर तुले लोगों में से अधिकांश के उत्तर इसी से मेल खाते हुए मिले। इससे पता चलता है कि केन्द्र व प्रदेश  सरकारों की ओर से बेशक देश के नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता की जा रही हो परंतु लोग मानने और समझने को कतई तैयार नहीं हैं।

मौके पर पहुंचे एसडीएम-इस प्रकार की स्थिति की सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी नजीबाबाद परमानंद झा ने स्वयं कृषि उत्पादन मंडी समिति पहुंच कर हालात देखे और कृषि उत्पादन मंडी समिति नजीबाबाद के सचिव संभव तोमर को लिखित पत्र जारी करते हुए मंडी को निर्धारित समय नौ बजे तक कारोबार करने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के निर्देश दिए हैं।

हालात खतरनाक-एसडीएम नजीबाबाद परमानंद झा का कहना है कि मंडी समिति परिसर के निरीक्षण के दौरान देखा कि हालात काफी खतरनाक हैं। सोशल डिस्टेंसिग का पालन कराने के लिए मंडी समित सचिव को लिखित में निर्देश जारी किए हैं। साथ ही मंडी में सुबह छह बजे से नौ बजे तक ही कारोबार किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

शर्तों के साथ आज से खुलेंगी शराब की दुकानें

प्रशासन ने सोमवार शाम को जारी किए निर्देश। कंटेनमेंट जोन के 60 मीटर के दायरे वाली शराब की दुकानें रहेंगी बंद। मोडल शॉप व देशी शराब की कैंटीन भी बंद रहेंगी।

आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है। इसके चलते प्रदेश भर में जरूरी सामान की दुकानों के अलावा सभी दुकानों को बंद कराया गया है। इस बीच अब शराब प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर है। कारण, आगरा प्रशासन ने मंगलवार से शराब की दुकानों को कुछ शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दे दी है। दरअसल, सोमवार शाम को आगरा जिलाधिकारी पीएन सिंह ने आदेश जारी करते हुए मंगलवार से समस्त थोक व फुटकर आबकारी अनुज्ञापन (बार को छोड़कर) सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक खोलने की अनुमित दी है। इसके अलावा मेरठ में भी शराब की दुकानें खोलने के आदेश जारी हो गए हैं।

आदेश में कोविड प्रोटोकॉल का पालन सख्ती से करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है कि सभी दुकानों पर विक्रेताओं द्वारा मास्क अनिवार्य रूप से पहना जाएगा। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए ही मदिरा विक्रय की जाएगी। वहीं प्रत्येक अनुज्ञापन पर सैनिटाइजर की उपलब्धता अनिवार्य है। फिलहाल मॉडल शॉप और देशी मदिरा दुकानों की कैंटीन बंद ही रहेंगी। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन के 60 मीटर के दायरे में आने वाली शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी।

शराब विक्रेताओं ने फीस माफ करने की सिफारिश की

शराब विक्रेताओं ने प्रशासन के माध्‍यम से सरकार को एक पत्र भेजकर मांग की है कि जितनी अवधि में दुकानें बंद रही हैं, उस दौरान की फीस माफ की जाए। आगरा लिकर एसोसिएशन के अध्‍यक्ष अतुल दुबे ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर शराब पर कोविड सेस लगाए जाने से दाम बढ़ने की बात बताई जा रही है। जबकि ऐसा नहीं है। सरकार ने केवल 90 मि.ली. के नए पैक पर ये शुल्‍क लगाया है। बाकि जो भी शराब है वह पुरानी दरों पर ही बेची जाएगी।

ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव स्थगित

यूपी में 75 जिला पंचायत अध्यक्ष और 826 ब्लॉक प्रमुख चुने जाने हैं। नव निर्वाचित 3050 सदस्य 75 जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव करेंगे। वहीं 75,845 क्षेत्र पंचायत सदस्य 826 ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के लिए मतदान करेंगे।

लखनऊ। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। चुनाव 15 से 20 मई के बीच होने थे। अब यह चुनाव 15 जून के बाद होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में 75 जिला पंचायत अध्यक्ष और 826 ब्लॉक प्रमुख चुने जाने हैं। नव निर्वाचित 3050 सदस्य 75 जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव करेंगे। वहीं 75,845 क्षेत्र पंचायत सदस्य 826 ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के लिए मतदान करेंगे। जिला पंचायत के पदों के लिए प्रमुख दलों द्वारा समर्थित उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया था। चूंकि पंचायत चुनाव पार्टी के प्रतीक द्वारा नहीं लड़े जाते हैं, इसलिए जीतने वाले सदस्यों के बारे में पार्टी के दावों में एकरूपता लाना आसान नहीं है।

इस आदेश से पहले सूबे के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने इस चुनाव की संभावनाओं को नकार दिया। उन्होंने कहा कि इस समय सरकार का पूरा ध्यान कोरोना नियंत्रण पर है। प्रदेश में पंचायत चुनाव भी हाई कोर्ट के निर्देश पर कराने पड़े, क्योंकि इस समय स्थितियां ठीक नहीं हैं तो ऐसे में इन पदों पर भी चुनाव कराना तर्कसंगत नहीं होगा।

अब चंद सेकंड में COVID-19 की जांच संभव!

मुकेश अंबानी ने खरीदी इजराइल से टेक्‍नोलॉजी, भारत में लाने के लिए मांगी अनुमति। इजरायल के चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनी के विशेषज्ञों की टीम भारत में रिलायंस की टीम को अपनी नवोन्मेषी प्रणाली के बारे में प्रशिक्षण देगी।

नई दिल्‍ली। अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी के नेतृत्‍व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने इजरायल के विशेषज्ञों की एक टीम को भारत आने की अनुमति दिए जाने की मांग की है। विशेषज्ञों की यह टीम कोविड-19 की त्वरित पहचान के उपकरण भारत में स्थापित करेगी। रिलायंस ने इस प्रणाली को इजरायल के एक स्टार्ट-अप से डेढ़ करोड़ डॉलर में हासिल किया है।

रिलायंस समूह ने जनवरी में बीओएच के साथ उसकी सांस के जरिये कोविड-19 का परीक्षण करने की प्रणाली को लेकर डेढ़ करोड़ डॉलर का समझौता किया है। समझौते के मुताबिक इस प्रणाली के जरिये रिलायंस इंडस्ट्रीज बड़े पैमाने पर कोविड-19 की जांच कर सकेगी। कंपनी डेढ़ करोड़ डॉलर में ऐसी कई प्रणाली इजरायल से खरीदेगी, जिससे एक करोड़ डॉलर मासिक की लागत पर लाखों परीक्षण किए जा सकेंगे। बीओएच ने सांसों के जरिये परीक्षण की यह प्रणाली विकसित की है, जिसकी सफलता दर 95 प्रतिशत तक बताई जाती है।

कंपनी सूत्रों ने बताया कि ब्रेथ ऑफ हेल्थ (बीओएच) के एक प्रतिनिधिमंडल को रिलायंस के आग्रह पर पहले ही आपात मंजूरी दी जा चुकी है। इजरायल के चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनी के विशेषज्ञों की टीम भारत में रिलायंस की टीम को अपनी नवोन्मेषी प्रणाली के बारे में प्रशिक्षण देगी। यह प्रणाली कोरोना वायरस से ग्रसित लोगों और मरीजों के बारे में शुरुआती स्तर पर ही पहचान कर देगी। प्रणाली कुछ ही सेकंड में परिणाम बता देती है। बहरहाल, इजरायल ने अपने नागरिकों को दुनिया के सात देशों में जाने से मना किया हुआ है। भारत भी इन सात देशों में शामिल है, जहां कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

कोरोना के खिलाफ भारत को नियमित रूप से मिल रही वैश्विक सहायता

कोविड राहत सामग्री की नवीनतम जानकारी


कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में भारत को नियमित रूप से मिल रही वैश्विक सहायता और समर्थन, राज्यों/ केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए राहत सामग्री का कुशल एवं त्वरित आवंटन निरंतर जारी

अब तक 6738 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 3856 ऑक्सीजन सिलेंडर, 16 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, 4668 वेंटिलेटर्स/ बीआई पीएपी और करीब 3 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हुए/ रवाना किए गए।

नई दिल्ली। भारत के प्रति एकजुटता और सद्भावना दिखाते हुए, वैश्विक समुदाय ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ जारी सामूहिक लड़ाई में भारत के प्रयासों को समर्थन देने के उद्देश्य से मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। वहीं दूसरी तरफ, भारत सरकार ने भी विदेशों से प्राप्त होने वाली इस सहायता सामग्री के प्रभावी आवंटन और शीघ्र वितरण एवं आपूर्ति के लिए एक सुव्यवस्थित और सुनियोजित तंत्र तैयार किया है। ये तंत्र तृतीय श्रेणी के कोविड देखभाल संस्थानों और सहायता प्राप्त करने वाले राज्यों/ केन्द्र शासित प्रदेशों के चिकित्सा क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे में वृद्धि करेगा और अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 के मरीज़ों के प्रभावी नैदानिक प्रबन्धन के लिए उनकी नैदानिक प्रबन्धन क्षमता को मज़बूती प्रदान करेगा।

भारत सरकार को दुनिया के विभिन्न देशों/ संगठनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुदान और कोविड-19 राहत चिकित्सा सामग्री तथा उपकरणों के रूप में सहायता प्राप्त हो रही है। भारत सरकार को ये सहायता 27 अप्रैल, 2021 से लगातार मिल रही है।

27 अप्रैल, 2021 से 08 मई, 2021 तक कुल मिलाकर 6738 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 3856 ऑक्सीजन सिलेंडर, 16 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, 4668 वेंटिलेटर्स/ बीआई पीएपी और करीब 3 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हुए/ रवाना किए जा चुके हैं।

Ministry of Health and Family Welfare द्वारा प्रेस रिलीज में बताया गया है कि 8 मई, 2021 को कनाडा, थाइलैंड, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य, इज़राइल, यूएसए, जापान, मलेशिया, यूएस (जीआईएलईएडी), यूएस (सेल्सफोर्स) और थाइलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय से राहत सामग्री के रूप में प्राप्त हुए प्रमुख सामान में निम्नलिखित शामिल हैं:-

  • ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर (2404)
  • रेमडेसिविर इंजेक्शन (25,000)
  • वेंटिलेटर्स (218)
  • टेस्टिंग किट (6,92,208)

प्राप्तकर्ता राज्यों/ केन्द्र शासित प्रदेशों और संस्थानों को इस राहत सामग्री का प्रभावशाली तरीके से शीघ्र आवंटन और सुव्यवस्थित आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। केन्द्र स्वास्थ्य मंत्रालय नियमित तरीके से व्यापक स्तर पर इसकी निगरानी कर रहा है।

एम्स, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कोविड के तेज़ी से बढ़ते मामलों से निपटने के लिए विदेश से वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर के रूप में राहत सामग्री और चिकित्सा उपकरणों को भेजने वाले सभी देशों का धन्यवाद किया।

 [डीडी न्यूज़ ट्विटर लिंक : https://twitter.com/DDNewslive/status/1391323595930886147?s=08]

एम्स, रायबरेली के निदेशक डॉ. अरविंद राजवंशी ने एम्स रायबरेली में मरीज़ों की मदद करने के लिए विदेशी सहायता के अंतर्गत प्राप्त हुए कोविड-19 उपकरणों के बारे में बताया।

 [डीडी न्यूज़ ट्विटर लिंक: https://twitter.com/DDNewslive/status/1391328402490105858?s=08]

तेलंगाना स्थित एम्स, बीबीनगर की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस कल्याणी ने विदेशी राहत चिकित्सा सामग्री को तुरंत अस्पताल में पहुंचाने के लिए भारत सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार का धन्यवाद किया। अस्पताल को ऑक्सीजन सिलेंडर, बीआई पीएपी मशीन और अन्य कोविड-19 उपकरण भी प्राप्त हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे घबराएं नहीं, और कोविड उपयुक्त व्यवहार (कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर) का पालन करें।

[डीडी न्यूज़ ट्विटर लिंक : https://twitter.com/DDNewslive/status/1391337442058268674?s=08]

एम्स, भोपाल के निदेशक प्रोफेसर डॉ. सरमन सिंह ने विदेशों से मदद का हाथ आगे बढ़ाने वाले और दान करने वाली एजेंसियों का धन्यवाद किया। एम्स भोपाल को अब तक भारत सरकार द्वारा आवंटित की गई विदेशी राहत सामग्री से उन्हें 80 बीआई पीएपी वेंटिलेटर्स, 80 ट्रॉलिज़, 100 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, 1 लाख मास्क और 5000 सर्जिकल गाउन प्राप्त हुए हैं।

[स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का ट्विटर लिंक : https://twitter.com/MoHFW_INDIA/status/1391055535038861321?s=08 ]

एम्स, पटना के प्रो. सीएम सिंह ने बताया कि विदेशों से प्राप्त होने वाली राहत सामग्री कोविड-19 महामारी के खिलाफ जारी जंग में उनके अस्पताल के लिए किस प्रकार मददगार साबित होगी।

[स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का ट्विटर लिंक : https://twitter.com/MoHFW_INDIA/status/1391061196669784064?s=08 ]

एम्स, रायपुर के डॉ. नितिन नागरकर कहते हैं कि अस्पताल को 50 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स और 64 जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त हुए हैं, और अस्पताल ने मरीजों के लिए इनका उपयोग करना तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया है।

[स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का ट्विटर लिंक : https://twitter.com/MoHFW_INDIA/status/1391059277951893505?s=08 ]

अनुदान, सहायता और दान के रूप में विदेशों से आने वाली कोविड राहत सामग्री की प्राप्ति और आवंटन के समन्वय के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में एक समर्पित समन्वय प्रकोष्ठ बनाया गया है। इस प्रकोष्ठ ने 26 अप्रैल, 2021 से काम करना शुरू कर दिया है। इस संबंध में 2 मई, 2021 से स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एक मानक संचालन प्रक्रिया को तैयार और कार्यान्वित किया गया है।

दूसरे जिले में आवागमन को बनवाएं ई-पास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के प्रयासों की कड़ी में 17 मई तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ा दिया गया है। रविवार को इससे संबंधित आदेश जारी किए गए। नई गाइडलाइन के अनुसार एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए लोगों को ई-पास बनवाना होगा।

किन्हें है छूट- किसी कंपनी या कारखाने में काम करने वाले, चिकित्सा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से संबंधित परिवहन, डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, अस्पताल के अन्य कर्मचारी, मेडिकल शॉप और व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी छूट दी गई है। मेडिकल इमरजेंसी, दूरसंचार सेवा, डाक सेवा, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, इंटरनेट मीडिया से जुड़े कर्मचारियों को ई-पास बनाने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने संस्थान का आई-कार्ड दिखाकर आवनगमन कर सकते हैं।

ई-कॉमर्स को भी छूट के कारण ऑनलाइन पोर्टल्स के माध्यम से प्राप्त आवश्यक सामान के लिए ऑर्डर दिया जा सकता है।

आवेदन करने के लिए शासन की वेबसाइट rahat.up.nic.in पर जाएं, फिर rahat.up.nic/epass पर जाकर आवेदन भर दें।

433 ग्राम पंचायतों में चलाया गया सफाई अभियान

बिजनौर। ग्रामीण क्षेत्रो में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये पंचायती राज विभाग द्वारा पूर्ण रूप से एलर्ट होकर जनपद की ग्राम पंचायतों में सफाई के साथ-साथ सैनेटाईजेशन एवं फॉगिंग का कार्य किया गया।

रविवार दिनांक 09.05.2021 को विशेष स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत जनपद की 433 ग्राम पंचायतों में सफाई अभियान चलाया गया। समस्त सहायक विकास अधिकारी पंचायत एवं जनपद के 433 ग्राम पंचायत के सचिवों ने ग्राम पंचायतों में उपस्थित होकर अपना सम्पूर्ण सहयोग करते हुए अग्रणी भूमिका निभायी गयी।

जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्येक शनिवार से सोमवार तक विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। जनपद में ग्राम पंचायत स्तर पर गठित निगरानी समिति के द्वारा सतर्कता बरती जा रही है। गांव में बाहर से आने वाले प्रवासी व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है।

निगरानी समिति द्वारा ग्राम पंचायत में बने क्वारंटाइन सैन्टरर्स में कोविड धनात्मक व्यक्तियों को रखा जा रहा है तथा यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध है तो उसकी सूचना जिला प्रशासन को दी जा रही है। इसके साथ-साथ कोई कोविड -19 के नियमों का उलंघन करता है तो इसकी सूचना भी जिला प्रशासन के साथ-साथ सम्बंधित थानाध्यक्ष एवं एम०ओ०ए०सी० को तत्काल उक्त समिति द्वारा दी जा रही है। निगरानी समिति द्वारा ग्राम पंचायतों में डोर टू डोर थर्मल स्कैनर से लोगों का तापमान तथा पल्स ऑक्सीमीटर से लोगों का ऑक्सीजन लेवल चैक किया जा रहा है यदि ऑक्सीजन लेवल 90 से कम पाया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल एम०ओ०आई०सी० एवं कोविड कन्ट्रोल रूम को दी जाती है। यह भी जानकारी दी गयी कि जनपद में कोविड – 19 से सम्बंधित किसी भी प्रकार की घटना की सूचना तत्काल जनपदीय नियन्त्रण कक्ष 01342-262031 विकास भवन में पंचायती राज विभाग के नियन्त्रण कक्ष 01342-262557 या टोल फ्री नम्बर 18001805145 पर दे सकते हैं।

न हुआ वैक्सीनेशन और न हुई जांच-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से फिर बैरंग लौटे लोग

न हुआ वैक्सीनेशन और न हुई जांच-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से फिर बैरंग लौटे लोग-एक सफाईकर्मी के हवाले रहा दिन भर अस्पताल

बिजनौर। नजीबाबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रविवार को न ही कोविड की जांच हुई और न ही वैक्सीनेशन ही किया गया। इसके चलते विगत दो दिनों से बैरंग लौट रहे लोगों को एक बार फिर बिना वैक्सीनेशन कराए वापस लौटना पड़ा। नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कई दिनों से वैक्सीनेशन का कार्य नहीं किया जा रहा है। इसका कारण वैक्सीन की उपलब्धता न होना बताया जा रहा है। विगत तीन दिन से बैरंग लौट रहे लोगों को रविवार को भी बिना वैक्सीनेशन कराए ही वापस लौटना पड़ा। उक्त अस्पताल पर पांच दिन पूर्व कोविड की जांच का कार्य बंद कर दिया गया था। इस पर भाजपा कार्यकत्री सुशीला गुप्ता ने मुख्यमंत्री हैल्पलाइन 1076 तथा मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोविड जांच कराए जाने की मांग की थी। इस पर शनिवार को एक बार फिर उक्त अस्पताल पर कोविड जांच शुरु हुई। हालांकि यह अलहदा बाद है कि एक भाजपाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया है कि दोबारा कोविड जांच उनके व उनके सहयोगियों के प्रयास से शुरु हुई है। उधर अस्पताल में रविवार को कोई स्वास्थ्य कर्मी अथवा चिकित्सक मौजूद नहीं थे। वहां मौजूद एकमात्र सफाईकर्मी ने बताया कि अस्पताल का अवकाश है।  

घर पर ऑक्सीजन पाने के लिए प्रशासन ने की व्यवस्था

घर पर ऑक्सीजन पाने के लिए प्रशासन ने की व्यवस्था डीएम ने एसडीएम को बनाया नोडल अधिकारी 

बिजनौर। जनपद  में होम आइसोलेशन के मरीजों तथा अन्य बीमारियों से पीडि़त ऐसे मरीजों, जो कि अपने घर पर ही चिकित्सा प्राप्त कर रहे हैं और उनको ऑक्सीजन की आवश्यकता है, उनको ऑक्सीजन उपलब्ध कराए जाने हेतु जिला प्रशासन की ओर से व्यवस्था बनाई गई है। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने बताया कि इसके लिए हेल्प लाइन नम्बर 01342-262295 तथा मोबाईल नंबर 9454416928 निर्धारित किये गए हैं। यह 24&7 क्रियाशील रहेगें। ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए विक्रमादित्य सिंह मलिक, आईएएस उपजिलाधिकारी / ज्वाईन्ट मजिस्ट्रेट बिजनौर को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नियमानुवार एक समय में एक से अधिक ऑक्सीजन सिलेण्डर की रिफलिंग एक व्यक्ति को नहीं उपलब्ध नहीं करायी जाएगी। घर पर उपयोग के लिए ऑक्सीजन चिकित्सक, जिनका नाम, पता मोबाईल नंबर पर्चे पर स्पष्ट रूप से अंकित होगा, के स्पष्ट परामर्श पर ही उपलब्ध हो सकेगी। ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर (रिफलिंग) प्राप्त करने हेतु आवश्यक दस्तावेज भी निर्धारित हैं। इनमें आधार कार्ड की छायाप्रति, चिकित्सक द्वारा जारी दवाई का पर्चा (प्रेस्क्रिप्शन),ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवेल रिपोर्ट एवं कोरोना टेस्ट रिपोर्ट शामिल हैं। इन दस्तावेजों की फोटो हेल्पलाइन नम्बर द्वारा बताए गए मोबाइल नम्बर पर व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित करनी होगी।  उसके पश्चात उपरोक्त अभिलेख पूरे होने की स्थिति में नोडल अधिकारी द्वारा निर्णय लेते हुए स्पलायर (रिफिलर) को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। तीमारदारों को मोबाईल पर सूचित किया जायेगा। नोडल आफिसर तथा सप्लायर / रिफिलर द्वारा इसका रिकार्ड रखा जाएगा।

UP में लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पूर्व से जारी कोरोना लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। अब सारी पाबंदियां 17 मई तक पूर्व की भांति जारी रहेंगी। इस अवधि में ईद का त्योहार भी है, हालांकि उस दिन में सारे प्रतिबंध लागू होंगे। कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार ने प्रदेश में पाबंदियों के साथ लॉकडाउन लगाने का फैसला किया था। पूर्व में लॉकडाउन को 10 मई तक बढ़ाया गया था, जिसे अब 7 दिन और बढ़ाया गया है।

सीएम से बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सारे प्रतिबंधों को 17 मई की सुबह 7 बजे तक जारी रखा जाएगा। इस दौरान आवश्यक सेवाओं के लिए ही लोगों को मूवमेंट की इजाजत दी जाएगी। यूपी में 30 अप्रैल से ही कोरोना लॉकडाउन लगा हुआ है और लगातार सरकार इसकी मियाद को बढ़ा रही है।

14 मई को ईद पर भी रहेंगे प्रतिबंध
14 मई को यूपी में ईद का त्योहार भी है, ऐसे में सरकार ने यह फैसला किया है कि किसी तरह का खतरा ना लेते हुए प्रतिबंध को 17 मई तक बढ़ाया जाएगा। सरकार के फैसले के बाद समस्त जिलों के अधिकारियों को इस संबंध में सूचना भेज दी गई है।

गौरतलब है कि पंचायत चुनाव के बाद गांवों में संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। कर्फ्यू हटाने पर गांवों में संक्रमण में और तेजी आ सकती है। कोई खतरा न लेते हुए लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया गया है। यूपी में 30 अप्रैल के बाद से ही आंशिक कोरोना कर्फ्यू है। इसका असर यह हुआ कि कोरोना के सक्रिय मामलों में 60 हजार की कमी आ गई है।

योगी सरकार ने प्रदेश में 29 अप्रैल को शुक्रवार शाम आठ बजे से मंगलवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन करने का निर्णय लिया था और फिर तीन मई को दो दिन के लिए इसे और बढ़ा कर गुरुवार (6 मई) सुबह सात बजे तक कर दिया। इसके बाद 5 मई को इसकी मियाद सोमवार मतलब 10 मई सुबह सात बजे तक कर दी, जिसके एक दिन पहले ही लॉकडाउन 17 मई सुबह सात बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया।

वहीं प्रदेश सरकार ने मॉस्क न पहनने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बिना मास्क के बाहर निकलने वालों पर पहली बार एक हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। दूसरी बार 10 गुना ज्यादा जुर्माना देना होगा। प्रदेश सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस का ऑक्सीजन सिलेंडर बैंक शुरू

लखनऊ। जेसीपी (एलओ) ने कोरोना मरीजों की मदद के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर बैंक शुरू किया है। इस बैंक से कोरोना संक्रमित पुलिसकर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर ऑक्सीजन सिलेंडर दिए जाएंगे। सिलेंडर की उपलब्धता होने पर जरूरतमंद लोगों की भी मदद की जाएगी।

जेसीपी (एलओ) पीयूष मोर्डिया के डालीगंज स्थित कार्यालय से जरूरतमंद लोग ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर अपनों की जान बचाने का प्रयास कर सकते हैं। जेसीपी (एलओ) पीयूष मोर्डिया के मुताबिक कोरोना महामारी के बीच बहुत से लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता पड़ रही है। साथ ही हर वक्त सड़कों पर मुस्तैद रहने वाले पुलिसकर्मी भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में बीमार पुलिस वालों को ऑक्सीजन की दिक्कत ना हो इसलिए ऑक्सीजन सिलेंडर बैंक की शुरुआत की गई है। इस बैंक से पुलिसकर्मियों के अलावा जरूरतमंद लोगों को भी उपलब्धता होने पर ऑक्सीजन सिलेंडर दिए जाएंगे। इसके लिए आधार कार्ड एवं डॉक्टर का पर्चा दिखाना अनिवार्य होगा। इस ऑक्सीजन बैंक से सिलेंडर पाने के लिए इन मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं – 

7839861038, 7839861031, 9454405396

अस्पतालों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय नीति लागू

नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने संदिग्ध / पुष्टि किए गए COVID-19 मामलों के उचित प्रबंधन के लिए तीन स्तरीय स्वास्थ्य अवसंरचना स्थापित करने की नीति लागू की है। इस संबंध में 7 अप्रैल 2020 को जारी मार्गदर्शन दस्तावेज को ध्यान में रखा गया है।

A- COVID केयर सेंटर (CCC) जो हल्के मामलों की देखभाल करेगा। ये हॉस्टल, होटल, स्कूल, स्टेडियम, लॉज आदि में स्थापित किए गए हैं, दोनों सरकारी और निजी कार्यात्मक अस्पताल जैसे सीएचसीएस, आदि, जो नियमित रूप से काम कर सकते हैं, गैर-सीओवीआईडी मामलों को अंतिम रूप में सीओवीआईडी देखभाल केंद्र के रूप में भी नामित किया जा सकता है।

B- समर्पित COVID स्वास्थ्य केंद्र (DCHC) उन सभी मामलों की देखभाल करेगा जो चिकित्सकीय रूप से उदारवादी के रूप में सौंपे गए हैं। ये या तो एक पूर्ण अस्पताल या अस्पताल में एक अलग ब्लॉक होना चाहिए जिसमें अधिमानतः अलग प्रवेश / निकास / ज़ोनिंग हो। निजी अस्पतालों को COVID समर्पित स्वास्थ्य केंद्रों के रूप में भी नामित किया जा सकता है। इन अस्पतालों में सुनिश्चित ऑक्सीजन सहायता के साथ बेड होंगे।

C- समर्पित COVID अस्पताल (DCH) जो मुख्य रूप से उन लोगों के लिए व्यापक देखभाल की पेशकश करेगा जिन्हें चिकित्सकीय रूप से गंभीर रूप से सौंपा गया है। ये अस्पताल या तो एक पूर्ण अस्पताल होना चाहिए या अधिमानतः अलग प्रवेश / निकास वाले अस्पताल में एक अलग ब्लॉक होना चाहिए। निजी अस्पतालों को COVID समर्पित अस्पतालों के रूप में भी नामित किया जा सकता है। इन मेहमाननवाज में पूरी तरह से सुनिश्चित आईसीयूएस, वेंटिलेटर और सुनिश्चित ऑक्सीजन के साथ बेड का समर्थन होगा

  1. उपर्युक्त COVID स्वास्थ्य संरचना को CCC में हल्के मामलों के प्रवेश के लिए नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल के साथ संरेखित किया गया है। DCHC को मॉडरेट केस और DCH को गंभीर केस।
  2. केंद्र सरकार के अधीन अस्पतालों को निर्देश है। निजी अस्पतालों (राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में) सहित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों में COVID रोगियों का प्रबंधन निम्नलिखित सुनिश्चित करेगा: (A) COVID -19 वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण की आवश्यकता COVID स्वास्थ्य सुविधा में प्रवेश के लिए अनिवार्य नहीं है। एक संदिग्ध मामला CCC, DCHC या DHC के संदिग्ध वार्ड में भर्ती किया जा सकता है, जैसा कि मामला हो सकता है। (B) किसी भी रोगी को किसी भी गिनती पर सेवाओं से इंकार नहीं किया जाएगा। इसमें ऑक्सीजन या आवश्यक दवाएं जैसी दवाएं शामिल हैं, भले ही रोगी एक अलग शहर से संबंधित हो। (C) किसी भी मरीज को उस आधार पर प्रवेश से इंकार नहीं किया जाएगा,जो वह नहीं कर पा रहा है। एक वैध पहचान पत्र का उत्पादन करें जो उस शहर से संबंधित नहीं है जहां अस्पताल स्थित है।
  3. (D) अस्पताल में प्रवेश जरूरत के आधार पर होना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बेड उन व्यक्तियों द्वारा कब्जा नहीं किया जाता है जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, https://www.mohfw.gov / pdf / ReviseddischargePolicyforCOVID19.pdf पर उपलब्ध संशोधित निर्वहन नीति के अनुसार निर्वहन सख्ती से किया जाना चाहिए।

लखनऊ जिला प्रशासन ने एंबुलेंस के रेट तय किए

लखनऊ जिला प्रशासन ने एंबुलेंस के रेट तय किए

एंबुलेंस चालकों के मनमाने किराए पर जिला प्रशासन की रोक

कोविड संक्रमित रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस का किराया तय

बिना ऑक्सीजन एंबुलेंस में मरीज को ले जाने पर ₹1000 प्रति 10 किलोमीटर देना होगा

10 किलोमीटर से आगे ले जाने पर प्रति किलोमीटर ₹100 देना होगा

ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस में ले जाने पर 1500 रुपए प्रति 10 किलोमीटर

10 किलोमीटर से आगे ले जाने पर ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस को ₹100 प्रति किलोमीटर के हिसाब से देना होगा

वेंटिलेटर सपोर्टेड एंबुलेंस को 2500 रुपए प्रति 10 किलोमीटर

10 किलोमीटर से आगे ले जाने पर ₹200 प्रति किलोमीटर के हिसाब से देना होगा

बिजनौर जेल से छोड़े जाएंगे 20 कैदी और 160 बंदी

जिला कारागार से छोड़े जाएंगे 20 कैदी और 160 बंदी अंतरिम जमानत व 60 दिन की पैरोल की कवायद 

बिजनौर। कोरोना संक्रमण के बढ़़ते खतरे को देखते हुए शासन के निर्देश पर जिला कारागार से करीब 20 कैदी और 160 बंदी जिला कारागार से छोड़े जाएंगे।  इन बंदियों को अंतरिम जमानत और कैदियों को पैरोल पर छोड़ा जाएगा। इसके लिए लिस्ट तैयार की जा रही है। कोरोना महामारी के लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए शासन ने जेलों में बंदियों का बोझ कम करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 60 दिन की पैरोल पर कैदियों को छोड़ा जाएगा। वहीं लगभग इतने ही दिनों की अंतरिम जमानत बंदियों को दी जानी है। विदित हो कि पिछले साल लॉकडाउन में भी बंदियों और कैदियों को छोड़ा गया था। उस वक्त बिजनौर जेल से 175 बंदी अंतरिम जमानत पर बाहर आए थे, जबकि 16 कैदियों को पैरोल मिली थी। उन्हें 28 दिन के लिए छोड़ा गया था लेकिन बाद में इस अवधि को बढ़ाते हुए 5 महीने कर दिया गया था। एक बार अब फिर से वही व्यवस्था की जा रही है। शासन के आदेश पर जिला कारागार प्रशासन ने करीब 160 बंदियों की लिस्ट तैयार की है। इन्हें अंतरिम जमानत के लिए जेल में लगने वाली कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके अलावा 20 कैदियों की लिस्ट तैयार कर शासन को भेजी जानी है। इसके बाद ही इन्हें पैरोल पर रिहा कर दिया जाएगा।जेलर एसपी सिंह ने बताया कि करीब 160 बंदियों को शासन के निर्देश पर अंतरिम जमानत दिलाई जानी है। इसके लिए सूची तैयार हो चुकी है। 10 मई से 20 मई तक जज और मजिस्ट्रेट जेल में दौरा कर अंतरिम जमानत की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। इनमें ऐसे लोगों को अंतरिम जमानत पर छोड़ा जाएगा जो कि 7 साल तक की सजा वाले केस में जेल में बंद हैं। शासन के दिशा निर्देश के चलते पैरोल पर छोडऩे के लिए सूची तैयार की जा रही है। कैदियों की सूची शासन को भेजी जाएगी। जबकि बंदियों को अंतरिम जमानत पर छोड़ा जाना है।

ऑक्सीजन और दवाओं की कालाबाजारी पर सीएम योगी सख्त

ऑक्सीजन और दवाओं की कालाबाजारी पर सीएम योगी सख्त, अधिक वसूली करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रत्येक सीएचसी में 20-20 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए जाएं। सभी जिलों में 4,370 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। सभी जिलों को वेंटिलेटर भी उपलब्ध कराए गए हैं। सभी जिलों में इन जीवनरक्षक उपकरणों का क्रियाशील होना सुनिश्चित कराएं। मुख्य सचिव स्तर से इसकी निगरानी की जाए। कतिपय जिलों में एनेस्थेटिक नहीं हैं, वहां अगले 24 घंटे में एनेस्थेटिक और तकनीशियन उपलब्ध कराए जाएं। सीएम ने बुधवार टीम-9 की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएसआर के माध्यम से भी कंसंट्रेटर प्राप्त हुए हैं। मरीजों को ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिक वसूली करने वालों पर की जाए सख्त कार्रवाई

सीएम ने कहा कि कुछ अस्पतालों में बेड व ऑक्सीजन आदि की उपलब्धता होने के बाद भी अनावश्यक अभाव दर्शा कर मरीजों और उनके परिजनों के इलाज में आनाकानी करने की शिकायतें मिली हैं। कुछ जगहों पर नियत शुल्क की दर से अधिक की वसूली की बात भी सामने आई है। ऐसी सभी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश अफसरों को दिए हैं।

एकीकृत पोर्टल पर दी जाए जानकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड मरीजों के संबंध में दैनिक रिपोर्ट एकीकृत पोर्टल पर हर दिन जरूर अपलोड की जाए। ऑक्सीजन प्लांट के सम्बंध में केंद्र सरकार, राज्य सरकार अथवा निजी क्षेत्र द्वारा किए जा रहे सभी प्रयासों का प्रभावी मानीटिरिंग की जाए। मुख्य सचिव इनकी दैनिक समीक्षा करें। ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ वितरण व्यवस्था को और बेहतर किये जाने की जरूरत है। हर जिले के संबंध में पृथक कार्ययोजना तैयार हो। ऑक्सिजन ऑडिट की प्रारंभिक रिपोर्ट को दृष्टिगत रखते हुए ऑक्सीजन के वितरण व्यवस्था लागू करें। केंद्र सरकार से 14 नए टैंकर मिले हैं। टैंकरों की संख्या और बढ़ाने की दिशा में प्रयास किये जाएं। 108 एम्बुलेंस सेवा की 75 फीसदी एम्बुलेंस कोविड डेडिकेटेड की जाएं, शेष 25 फीसदी को नॉन कोविड मरीजों के उपयोगार्थ आरक्षित रखा जाए। आइसीसीसी, कोविड प्रबंधन की रीढ़ है। डीएम व सीएमओ हर दिन यहां भ्रमण कर निरीक्षण जरूर करें। दैनिक बैठक यहीं होनी चाहिए।

लॉक डाउन: अब सोमवार सुबह 7 बजे तक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है। अब 10 मई यानी सोमवार सुबह 7 बजे तक पूरे प्रदेश में लॉक डाउन लागू रहेगा। पहले गुरुवार यानी 6 मई सुबह 7 बजे तक पाबंदी लगाई गई थी, लेकिन अब इसे सोमवार सुबह तक लागू करने का फैसला किया गया है। सरकार का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान मिली छूट सशर्त जारी रहेगी।

उत्तर प्रदेश में कोरोना का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। पंचायत चुनाव के बाद यूपी के हर गांव में संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। इसके चलते सरकार ने लॉक डाउन को बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, पहले जो आदेश आया था, उसके मुताबिक, गुरुवार सुबह 7 बजे से शुक्रवार रात 8 बजे तक बाजार को खोला जाना था।

वैक्सीनेशन और सैनिटाइजेशन होगा तेज: सरकार ने पूरे हफ्ते लॉक डाउन लगाने का ऐलान किया है। यानी सोमवार सुबह 7 बजे तक पूरे प्रदेश में लॉक डाउन लागू रहेगा। सरकार ने सभी जिला प्रशासन को गांवों में वैक्सीनेशन और सैनिटाइजेशन को तेज करने का निर्देश दिया है। लॉक डाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं, दवा की दुकान समेत ई-कॉमर्स आपूर्ति को चालू रखा जाएगा।

इनके लिए जरूरी नहीं ई-पास: इस बीच यूपी सरकार की ओर से एक और आदेश जारी किया गया है, जिसमें औद्योगिक गतिविधियों, मेडिकल या आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति, आवश्यक वस्तुओं का परिवहन, ई-कामर्स ऑपरेशन्स, आपात चिकित्सा वाले व्यक्ति और दूरसंचार, डाक सेवा, प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया सेवा से जुड़े लोगों को ई-पास लेने की जरूरत न होगी।

कोविड-19 संक्रमण के उपचार में उपयोगी है ‘आयुष-64’

आयुष मंत्रालय ने देशभर में ‘आयुष – 64’ की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए


पॉलीहर्बल औषधि ‘आयुष – 64’ को नैदानिक परीक्षणों में कोविड- 19 के हल्के से लेकर मध्यम स्तर के संक्रमण के इलाज में बहुत उपयोगी पाया गया।

नई दिल्ली। कोविड -19 महामारी, विशेष रूप से पिछले कुछ हफ्तों में संक्रमण के मामलों में हुई वृद्धि, को देश के सामने सार्वजनिक स्वास्थ्य की सदी की सबसे बड़ी चुनौती के तौर पर देखा गया है। इस अवधि के दौरान, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करने में स्वास्थ्य सेवा की आयुष प्रणालियों की क्षमता का उपयोग बड़े पैमाने पर व्यक्तियों और चिकित्सकों द्वारा समान रूप से किया गया है और इसके कई उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं।

पॉलीहर्बल आयुर्वेदिक औषधि है आयुष-64- कोविड -19 के उपचार के लिए ‘आयुष- 64’, जोकि एक पॉलीहर्बल आयुर्वेदिक औषधि है, का उपयोग इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक रहा है। ‘आयुष- 64’ को मूल रूप से मलेरिया के उपचार के लिए 1980 में विकसित किया गया था और यह सभी नियामक संबंधी जरूरतों और गुणवत्ता एवं फार्माकोपियोअल मानकों का अनुपालन करता है।

देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने किया परीक्षण- सीसीआरएएस ने हाल ही में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और देशभर के कई अन्य अनुसंधान संगठनों और मेडिकल कॉलेजों के सहयोग से बिना लक्षण वाले, हल्के से लेकर मध्यम स्तर के कोविड -19 संक्रमण के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस औषधि के व्यापक सुदृढ़ नैदानिक परीक्षणों को पूरा किया। देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किए गए इन परीक्षणों से पता चला कि ‘आयुष – 64’ में एंटीवायरल, इम्यून- मोडुलेटर और एंटीपायरेटिक गुण हैं। यह बिना लक्षण वाले, हल्के और मध्यम स्तर के कोविड -19 संक्रमण के उपचार में उपयोगी पाया गया है। नतीजतन, इस औषधि को अब कोविड -19 के इलाज के लिए उपयोग में लाया गया है। आयुष मंत्रालय द्वारा इस आशय की घोषणा 29 अप्रैल, 2021 को एक संवाददाता सम्मेलन में की गई थी।

सभी राज्यों के लाइसेंसिंग अधिकारियों को एडवाइजरी जारी- आयुष मंत्रालय ने देशभर में ‘आयुष – 64’ के वितरण को व्यवस्थित करने और इसके उत्पादन में तेजी लाने के लिए कई कदम उठाए हैं ताकि यह औषधि कम समय में बड़ी संख्या में लोगों को उपलब्ध हो सके। इस प्रयास के तहत सीसीआरएएस (CCRAS) और नेशनल रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर (NDRC) ने आपसी सहयोग के जरिए ‘आयुष – 64’ का व्यापक पैमाने पर उत्पादन और व्यावसायीकरण करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए। मौजूदा संकेतों के अलावा, आयुष मंत्रालय ने 27 अप्रैल, 2021 को हल्के से लेकर मध्यम स्तर के कोविड -19 संक्रमण के इलाज के लिए एक उपाय के तौर पर ‘आयुष -64’ का उपयोग करने के लिए सभी राज्यों के एएसयू दवाओं के लाइसेंसिंग अधिकारियों को एडवाइजरी भी जारी की है।

दवा कंपनियों को प्रोत्साहन- देशभर में ‘आयुष – 64’ की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर देते हुए, आयुष मंत्रालय ने अधिक से अधिक दवा कंपनियों को इस दवा के उत्पादन के लिए आगे आने और लाइसेंस प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इससे जुड़ी प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के लिए इच्छुक कंपनियां सीसीआरएएस और एनआरडीसी से संपर्क कर सकती हैं। सीसीआरएएस एएसयू दवाओं के निर्माताओं को ‘आयुष – 64’ के उत्पादन में तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा, राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण उत्पादन से जुड़े ऐसे आवेदनों की लाइसेंसिंग / अनुमोदन की प्रक्रिया में तेजी ला रहे हैं बशर्ते वेड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 के निर्धारित मानकों और प्रासंगिक प्रावधानों पर खरा उतरते हों।

देशव्यापी आयुष नेटवर्क पहले से ही मौजूद- विभिन्न राज्यों और केन्द्र- शासित प्रदेशों के प्रशासन से भी राष्ट्रीय आयुष मिशन,जिसके तहत एक देशव्यापी आयुष नेटवर्क पहले से ही मौजूद है, के माध्यम से इस प्रक्रिया में और आगे योगदान देने की अपेक्षा है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण आयुर्वेद और योग से जुड़े उपायों पर आधारित राष्ट्रीय नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल (नेशनल क्लिनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल) के अनुरूप ‘आयुष–64’ के उपयोग को बढ़ावा देगा।

UP: बढ़ते कोरोना संकट के बीच 2 दिन बढ़ा लॉक डाउन!

लखनऊ। कोरोना के बढ़ते संकट के बीच उत्तर प्रदेश में लॉक डाउन को दो दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। अब मंगलवार, बुधवार भी लॉक डाउन रहेगा जो गुरुवार सुबह 7 बजे तक जारी रहेगा। कोरोना वायरस का प्रकोप उत्तर प्रदेश में लगातार जारी है। इसी के चलते प्रदेश सरकार ने पहले वीकेंड लॉक डाउन का ऐलान किया था, लेकिन उसे सोमवार तक बढ़ा दिया था। शुक्रवार शाम से मंगलवार की सुबह तक लॉकडाउन था, लेकिन अब इसी पाबंदी को मंगलवार, बुधवार के लिए लागू कर दिया गया है। इस लॉक डाउन के दौरान किसी भी व्यक्ति का बेवजह बाहर निकलना बंद होगा। बाजार बंद रहेंगे, साप्ताहिक मार्केट नहीं लगेंगी। जरूरी क्षेत्र के लोगों को छूट रहेगी और परिवहन भी जारी रहेगा।

उत्तराखंड में 6 मई तक कोविड कर्फ्यू

देहरादून। कोरोना के मामले लगातार बढ़ने पर सरकार ने बुधवार 06 मई तक के लिए राज्य में कोविड कर्फ्यू बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी निकायों में कर्फ्यू का दायरा बढ़ाने को हरी झंडी दे दी है। आवश्यक सेवाओं से जुड़ी दुकानें भी सोमवार दोपहर 12 बजे बजे के बाद से बंद रहेंगी। दवाओं की दुकानें व पेट्रोल पंपों को इससे छूट रहेगी। रविवार देर शाम सीएम तीरथ रावत ने संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी। सूत्रों ने बताया कि एक्सपर्ट कमेटी ने बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर सीएम तीरथ को एक हफ्ते तक के लिए पूरे राज्य में कोविड कर्फ्यू लागू करने का सुझाव दिया था, लेकिन सीएम ने फिलहाल तीन दिन के लिए की मंजूरी दी है।

सरकारी दफ्तर खुलेंगे
सरकार ने कोविड कर्फ्यू के बीच सरकारी दफ्तरों को पूर्व की भांति खोलने का निर्णय लिया है। सचिव पंकज पांडेय ने बताया कि समूह ग व घ के कर्मचारी 50 फीसदी ही दफ्तर आएंगे। राज्य में राजपत्रित अफसरों की संख्या लगभग 12 से 15 फीसदी होने से उन्हें शत-प्रतिशत दफ्तरों में आना होगा।

कोचिंग संस्थान पूरी तरह से रहेंगे बंद
सरकार ने सभी जिलों में कोचिंग संस्थानों, स्वीमिंग पुल और स्पा को पूरी तरह से बंद रखने का निर्णय है। वहीं कंटेनमेंट जोन एवं माइक्रो कंटेनमेंट जोन में कोई भी आयोजन, रेस्टोरेंट, सिनेमाघर, सार्वजनिक वाहन सेवाएं भी बंद रहेंगी।

बसों में 50 फीसदी यात्री बैठेंगे
सार्वजनिक वाहन (बस, विक्रम, आटो रिक्शा आदि में अभी भी 50 फीसदी सवारियां ही बैठ सकेंगी। सिनेमाहाल, रेस्टोरेंट और जिम भी 50 फीसदी क्षमता के साथ चलेंगे। इसका उल्लंघन करने पर आपदा एक्ट और भारतीय दंड संहिता के तहत कारवाई की जाएगी।

65 साल से अधिक उम्र वाले बाहर ने घूमे
सरकार ने 65 साल से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों अनावश्यक बाहर न घूमने की भी सलाह दी है।

प्रतिबंध के दौरान ये रहेंगी छूट
1. विवाह समारोह से लौट कर जा सकेंगे घर

2. सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों से घरों को जाने में रियायत

3. जिन संस्थानों में रात्रि पाली में काम होता है, उन्हें जाने की छूट

4. बस, ट्रेन व हवाई जहाज से आने वाले अपने गंतव्यों तक जा सकेंगे

5. उद्योगों में रात्रिकालीन ड्यूटी करने वाले कर सकेंगे आवाजाही

6. होटलों से होम डिलीवरी भी हो सकेगी

7. राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर आपातकालीन परिचालन के लिए व्यक्तियों व सामानों की आवाजाही

8. माल वाहक वाहनों की यात्रा और उतार-चढ़ाव में लगे व्यक्तियों को आवाजाही मे छूट रहेगी।

जनता की सुविधा के लिए इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम

जिला चिकित्सालय एल-2 में फिलहाल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है-डीएम रमाकांत पांडेय

बिजनौर। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय द्वारा अपील की गई है कि जनपद के सभी नागरिक कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु प्रोटोकॉल का पालन करें, जिससे संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आवश्यकतानुसार इन दूरभाष नंबर पर फोन करके सूचना दी जा सकती है तथा सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने यह भी अपील की कि अनावश्यक शंकाओं व अफवाहों पर ध्यान न दें। जिलाधिकारी ने भी स्पष्ट किया कि जिला चिकित्सालय एल-2 में फिलहाल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।

इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम के दूरभाष नंबर निम्न हैंः- 01342
(1)-262031 (2)-262295 (3)-262296 (4)-202297

दर्द या बुखार होने पर पेन किलर्स से बचें

ICMR ने चेताया: दर्द या बुखार होने पर पेन किलर्स से बचें, कोरोना होने पर सीरियस हो सकते हैं मरीज; दिल, डायबिटीज और बीपी के मरीजों के लिए भी खास सलाह…

नई दिल्ली। ICMR (इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च) ने अपनी ताजा सलाह में कहा है कि कई पेन किलर्स जैसे इबुप्रोफेन (Ibuprofen) कोरोना की गंभीरता को बढ़ाते हैं। दिल के मरीजों के लिए नुकसानदायक मानी जानी वाली इन दवाओं से किडनी के लिए भी जोखिम बढ़ता है।

ICMR का कहना है कि लोग NSAID (नॉन स्टेरोडिकल एंटी-इन्फेलेमेटरी ड्रग्स) से परहेज करें और सिर्फ डॉक्टरों की सलाह पर इन दवाओं को लें। बहुत जरूरी होने पर पेरासिटामोल लें। यह सबसे सुरक्षित दर्द निवारक दवाओं में से एक है। लोग अक्सर बुखार आने या शरीर में कहीं दर्द होने पर एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-पाइरेटिक दवाएं लेते हैं। इनमें सबसे आम पेरासिटामोल के साथ इबुप्रोफेन को मिलाकर तैयार दवाएं हैं।

हार्ट डिजीज, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर से कोरोना होने का खतरा ज्यादा नहीं– ICMR का कहना है कि दिल की बीमारी, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को दूसरे लोगों के मुकाबले कोरोना होने का ज्यादा खतरा नहीं। हालांकि दुनिया में अब तक का अनुभव बताता है कि इन बीमारियों से घिरे लोगों को कोरोना होने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ने का खतरा ज्यादा है। इसलिए ही ऐसे लोगों को ज्यादा देखभाल की सलाह दी जाती है।

डायबिटीज : शुगर जांचते रहें, दवा खाते रहें– ICMR की सलाह है कि डायबिटीज के मरीजों को सही खाना और डॉक्टर की सलाह पर सही एक्सरसाइज जरूरी है। इन मरीजों को बार-बार अपना शुगर लेवल जांचते रहना चाहिए और नियमित रूप से दवाई लेनी चाहिए। हार्ट डिजीज- डॉक्टर न मिलें तो भी लेते रहें दवा
इसी तरह दिल के मरीजों को भी समय पर दवा लेना बहुत जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें। अगर डॉक्टर से मिल नहीं पा रहे हैं तो भी दवाएं लेते रहें। खासतौर पर कोलेस्ट्रॉल (स्टेटिन) को कंट्रोल करने वाली और डायबिटीज की दवा खाते रहना चाहिए। ब्लड प्रेशर- बीपी दवाओं से नहीं बढ़ती कोरोना की गंभीरता

ICMR का कहना है कि उपलब्ध जानकारी की समीक्षा के बाद साइंटिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि ऐसा कोई सबूत नहीं कि ब्लड प्रेशर की दवाओं से कोरोना होने की संभावना या होने के बाद इसकी गंभीरता बढ़ती है। इनमें दोनों तरह की दवाएं यानी ACE इनहिबिटर और एंजियोटेंसिन रिसेप्टर ब्लॉकर्स यानी ARB शामिल हैं। ACE इनहिबिटर में रैमप्रिल (Ramipril), एनलाप्रिल (Enalapril) आदि दवाएं आती हैं। वहीं ARB में लोसार्टन (Losartan), टेल्मीसार्टन (Telmisartan) आदि दवाएं शामिल हैं। ICMR का कहना है कि ये दवाएं हार्टअटैक रोकने और हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में बहुत ही असरदार हैं। इन दवाओं को बंद करना काफी नुकसानदायक हो सकता है।

फिजिकली एक्टिव रहें, मांस का सेवन जारी रख सकते हैं– ICMR की सलाह है कि लोग अपनी जीवन-शैली सेहतमंद रखें। सिगरेट और शराब से दूर रहें। अपनी ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखें और किसी न किसी रूप में नियमित फिजिकल एक्टिविटी करते रहें। हालांकि घर के बाहर डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। ज्यादा नमक न खाएं। अगर आप मांसाहारी हैं तो मांस का सेवन जारी रख सकते हैं। खाने में प्रोटीन और फाइबर के साथ फल-सब्जियां लेते रहें।

विशेषज्ञों की राय- वैक्सीन लगवाने से पहले या बाद में भी न खाएं पेनकिलर
दुनिया के तमाम विशेषज्ञों ने कोरोना वैक्सीन लगवाने से पहले या उसके बाद पेनकिलर न लेने की सलाह दी है। इन्फ्लेमेशन को कम करने वाली इबुप्रोफेन (एडविल, मोट्रिन और दूसरे ब्रांड) जैसे कुछ पेनकिलर शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया धीमा करता है। जबकि वैक्सीन लगाने का मकसद ही इसे तेज करना होता है। वायरोलॉजी जर्नल में पब्लिश एक रिसर्च के अनुसार ये पेनकिलर्स चूहों के शरीर में एंटीबॉडीज बनने की गति को कम कर देते हैं। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के फार्मासिस्ट जोनाथन वतनबे का कहना है कि अगर किसी को पेनकिलर लेने की जरूरत पड़ती है तो उसे एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) यानी पेरासिटामोल लेनी चाहिए। यही सबसे सुरक्षित है।

अगले हफ्ते आ सकता है कोरोना संक्रमण का पीक, विज्ञानी समूह का अनुमान

विज्ञानी समूह का अनुमान: अगले हफ्ते आ सकता है कोरोना संक्रमण का पीक

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के प्रकोप से जूझ रहे देश के लिए अच्छी खबर है। सरकार के सलाहकार विज्ञानियों के समूह ने हालात के विश्लेषण के बाद आकलन किया है कि कोरोना संक्रमण का पीक (उच्चतम बिंदु) तीन से पांच मई के बीच आ सकता है। इसके बाद देश में कोरोना संक्रमण के मामले कम हो सकते हैं। यह अनुमान पूर्व के आकलन से एक सप्ताह पहले पीक आने का है। यह अनुमान कोरोना संक्रमण के मरीजों की तेजी से बढ़ रही तादाद के मद्देनजर है।

भारत में लगातार दस दिन से प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के तीन लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 3.86 लाख को पार कर गई। इसके चलते जनता की मुश्किलें बढ़ी हैं। देश ऑक्सीजन, दवाओं और संसाधनों की किल्लत झेल रहा है। पूरी दुनिया से भारत को मदद भेजी जा रही है। संक्रमण पर नजर रखने के लिए गठित विज्ञानियों के समूह के प्रमुख एम विद्यासागर के अनुसार- हमारा अनुमान संक्रमण का पीक अगले सप्ताह में आने का है। पहले इसी समूह ने पांच मई से दस मई के बीच पीक आने की बात कही थी।

विद्यासागर ने कहा, हम कुछ अन्य अनुमानों को लेकर गंभीर नहीं हैं जिनमें संक्रमण का पीक जुलाई या अगस्त में आने की बात कही जा रही है। हमारा मानना है कि तब तक देश से संक्रमण की मौजूदा लहर खत्म हो जाएगी। लेकिन पहले की तरह बहुत कम मामले आते रहेंगे और स्थिति नियंत्रण में होगी। विज्ञानी समूह के प्रमुख ने कहा, हमें इस लहर के असर से आने वाले चार-छह हफ्ते तक जूझना पड़ सकता है। इस दौरान बड़ी संख्या में मामले आते रहेंगे लेकिन हम अगर सावधानी बनाए रखते हैं तो दिनों-दिन उनकी तादाद कम होती जाएगी। इसलिए मुश्किल से निपटने को लेकर कोई लंबी रूपरेखा मत बनाइए, जो करना है बचाव के लिए अभी कीजिए, क्योंकि यह वह समय है जिसमें सबसे ज्यादा बचने के प्रयास करने हैं- खुद को सुरक्षित रखना है। भारत में कोरोना संक्रमण की पहली लहर में सितंबर 2020 में एक दिन में अधिकतम 97,894 मामले सामने आए थे। जबकि मौजूदा लहर में दस दिनों से अधिकतम मामलों की संख्या इससे तीन गुना से ज्यादा बनी हुई है। इसलिए गणितीय अनुमान के अनुसार पीक अब ज्यादा दूर नहीं है। इस अनुमान को ठीक हो रहे मरीजों की बढ़ती संख्या भी बल दे रही है। इसलिए माना जाना चाहिए कि बेहतर समय ज्यादा दूर नहीं है।

कोविड-19 को लेकर एम्स निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के टिप्स

नई दिल्ली। ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कोरोना के लक्षणों, इलाज, होम आइसोलेशन समेत कई अहम पहलूओं पर विस्तार से समझाया है। उन्होंने समझाया कि होम आइसोलेशन में क्या करें, क्या न करें, रेमडेसिविर या आइवरमेक्टिन कब लें, इनहेलर से फायदा है या नहीं, ऑक्सिजन की कब जरूरत होगी। एम्स डायरेक्टर ने यह भी बताया कि वॉर्निंग साइन क्या हैं यानी ऐसे कौन से संकेत है जिन्हें मरीज में देखने के बाद तत्काल संभलने और अस्पताल का रुख करने की जरूरत होती है।

यहां यह बात ध्यान देने की जरूरत है कि खुद ही डॉक्टर न बनें और सुझाई गई दवाओं का वैसे ही सेवन न करें। इसके लिए डॉक्टर से परामर्श बहुत जरूरी है, भले ही वह फोन पर ली गई हो या फिर ऑनलाइन कंसल्टेशन हो।
बुखार, जुकाम, नजला, गले में खराश, खांसी आदि लक्षण आमतौर पर दिखते है। ऐसे में बुखार के लिए पैरासेटमॉल, जुकाम के लिए एंटी एलर्जिक ले लें कोई, खांसी के लिए कोई भी कफ सिरफ ले लें। साथ में नमक के गरारे और भांप ले सकते हैं दिन में दो दफा। इससे कई मरीजों को आराम मिलता है। कई मरीज ऐसे हैं जो कह रहे हैं कि पैरासेटमॉल से उनका बुखार नीचे नहीं आ रहा। 101-102 डिग्री बुखार रह रहा है। अगर आपका बुखार पैरासेटमॉल-650 से कम नहीं हो रहा है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। वह कोई नेप्रोक्सॉन जैसी कोई दवा दे सकते हैं जो लंबे वक्त तक लगातार बुखार के केस में दी जाती हैं।
जिन मरीजों को बुखार या खांसी 5 दिनों से ज्यादा वक्त से है और ठीक नहीं हो रही, वे इनहेलर ले सकते हैं जिससे आराम मिलता है। बुडेसोनाइड की 800 माइक्रोग्राम दिन में 2 बार 5 से 7 दिन या 10 दिनों तक इनहेलर के जरिए ले सकते हैं। ये दवा फेंफड़े में जाकर आराम देते हैं।

रेमडेसिविर को घर पर बिल्कुल न लें- इस दवा के अपने साइडइफेक्ट्स हैं और सिर्फ अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए यह दवा एडवाइज की जा रही है। पहले भी कहा है, आज भी कहना चाहूंगा कि रेमडेसिविर होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों यानी माइल्ड इन्फेक्शन या एसिम्प्टोमैटिक (बिना लक्षण वाले) मरीजों के लिए बिल्कुल फायदेमंद नहीं है बल्कि इसके नुकसान ही हैं। इसलिए घर पर रेमडेसिविर बिल्कुल न लें।
अगर आपको लगे कि आपका ऑक्सिजन सैचुरेशन लेवल कम हो रहा है, 90 के पास आ रहा है या आपको सांस में दिक्कत आ रही है, आप खुलकर सांस नहीं ले पा रहे हैं तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। यह बहुत जरूरी है ताकि आपको समय पर इलाज मिल सकेगा और अगर भर्ती करने की जरूरत हुई तो समय से भर्ती हो सकेंगे।

अगर आप खुलकर सांस नहीं ले पा रहे हैं तो यह संभलने का वक्त है। लेकिन कई बार घबराहट की वजह से आपको लगता है कि आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है, इसलिए अपना ऑक्सिजन सैचुरेशन लेवल देखें। अगर यह 94 से कम हो रही है तो मेडिकल सपोर्ट लेने की जरूरत है। अगर छाती में एकदम दर्द हो रहा है या भारीपन हो रहा है तो मेडिकल एडवाइज की जरूरत है। अगर केयरगिवर यह देखता है कि मरीज सुस्त ज्यादा है, रिस्पॉन्ड नहीं कर रहा है, कन्फ्यूज लग रहा है, सही से जवाब नहीं दे पा रहा है, बच्चों में भी हम यह देखते हैं तो फिर आपको बिना देर किए मेडिकल सपोर्ट और एडवाइज लेने की जरूरत है। इन वॉर्निंग साइन्स को ध्यान रखना चाहिए।

होम आइसोलेशन कब खत्म किया जाना चाहिए?
पहली बार सिम्पटम आने के 10 दिन बाद होम आइसोलेशन खत्म कर सकते हैं। एसिम्प्टोमैटिक केस में जिस दिन टेस्ट के लिए सैंपलिंग हुई, उसके 10 दिन बाद होम आइसोलेशन खत्म कर सकते हैं। या फिर लगातार 3 दिनों तक बुखार न हो तब भी होम आइसोलेशन खत्म किया जा सकता है। अगर आपको छठे या सांतवें दिन के बाद से बुखार नहीं हुआ हो और आप 10 दिन पूरे कर लेते हो तब होम आइसोलेशन की जरूरत नहीं है।

होम आइसोलेशन से बाहर आने के बाद फिर टेस्ट कराने की कोई जरूरत नहीं है। माइल्ड और एसिम्प्टोमैटिक केसेज में सातवें-आठवें दिन तक वायरस मर चुका होता है या ऐसी स्थिति में नहीं होता कि किसी दूसरे को संक्रमित कर सके। वायरस कभी कभार आरटीपीसीआर में 2-3 हफ्तों तक रह सकता है। लेकिन वह डेड वायरस है, वायरस के पार्टिकल्स हैं जो टेस्ट में डिटेक्ट होते हैं। इसलिए टेस्ट करने की जरूरत नहीं है। अगर 10 दिन हो गए हों और आप एसिम्प्टोमैटिक हैं या फिर पिछले 3 दिनों से आपको बुखार न आया हो तो आप होम आइसोलेशन से बाहर आ सकते हैं।

कोरोना के खिलाफ जंग लड़ेंगे आयुष योद्धा

लखनऊ। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में आयुर्वेद चिकित्सकों को उतारने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आयुर्वेद चिकित्सकों की सेवाएं लेने का फैसला किया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर प्रदेश के पांच हजार आयुर्वेद डाक्टर भी कोविड मरीजों को अपनी सेवा देंगे। सीएम योगी आयुर्वेद चिकित्सकों से सीधे संवाद कर रणनीति बनाएंगे। सूत्रों का कहना है कि आयुष चिकित्सक होम आइसोलेशन के अलावा कोविड संक्रमण से जूझ रहे मरीजों की मदद करेंगे।

हल्के से मध्यम कोविड-19 संक्रमण के उपचार में ‘आयुष 64’ उपयोगी- केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद

हल्के से मध्यम कोविड-19 संक्रमण के उपचार में ‘आयुष 64’ उपयोगी- केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद

नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी के विश्वव्यापी कहर के बीच ‘आयुष 64’ दवा हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के रोगियों के लिए आशा की एक किरण के रूप में उभरी है। देश के प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों ने पाया है कि आयुष मंत्रालय की केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (CCRAS) द्वारा विकसित एक पॉली हर्बल फॉर्मूला आयुष 64, लक्षणविहीन, हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के लिए मानक उपचार की सहयोगी (adjunct to standard care) के तौर पर लाभकारी है। उल्लेखनीय है कि आयुष 64 मूल रूप से मलेरिया की दवा के रूप में वर्ष 1980 में विकसित की गई थी तथा कोविड 19 संक्रमण हेतु पुनरुद्देशित (repurpose) की गई है।

हाल ही में आयुष मंत्रालय तथा-सीएसआईआर द्वारा हल्के से मध्यम कोविड-19 संक्रमण के प्रबंधन में आयुष 64 की प्रभावकारिता और इसके सुरक्षित होने का मूल्यांकन करने के लिए एक व्यापक और गहन बहु-केंद्र नैदानिक (क्लीनिकल) परीक्षण पूरा किया गया है।

आयुष 64, सप्तपर्ण (Alstonia scholaris), कुटकी (Picrorhiza kurroa), चिरायता (Swertia chirata) एवं कुबेराक्ष (Caesalpinia crista) औषधियों से बनी है। यह व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर बनाई गयी है और सुरक्षित तथा प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है। इस दवाई को लेने की सलाह आयुर्वेद एवं योग आधारित नेशनल क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल (National Clinical Management Protocol based on Ayurveda and Yoga)’ द्वारा भी दी गयी है जो कि आईसीएमआर की कोविड प्रबंधन पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स (National Task Force on COVID Management) के निरीक्षण के बाद जारी किया गया था।

पुणे के सेंटर फॉर रूमेटिक डिसीज के निदेशक और आयुष मंत्रालय के ‘आयुष मंत्रालय-सीएसआईआर सहयोग’ के मानद मुख्य नैदानिक समन्वयक डॉ. अरविंद चोपड़ा ने बताया कि परीक्षण तीन केंद्रों पर आयोजित किया गया था। इसमें KGMU लखनऊ, DMIMS, वर्धा और BMC कोविड केंद्र मुंबई शामिल रहे तथा प्रत्येक केंद्र में 70 प्रतिभागी शामिल रहे। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि आयुष 64 ने मानक चिकित्सा (Standard of Care यानी एसओसी) के एक सहायक के रूप में महत्वपूर्ण सुधार प्रदर्शित किया और इस तरह इसे एसओसी के साथ लेने पर अकेले एसओसी की तुलना में अस्पताल में भर्ती होने की अवधि भी कम देखी गई।

उन्होंने यह भी साझा किया कि सामान्य स्वास्थ्य, थकान, चिंता, तनाव, भूख, सामान्य हर्ष और नींद पर आयुष 64 के कई महत्वपूर्ण, लाभकारी प्रभाव भी देखे गए। निष्कर्ष रूप में डॉ. चोपड़ा ने कहा कि इस तरह के ‘नियंत्रित दवा परीक्षण अध्ययन’ ने स्पष्ट सबूत दिए हैं कि आयुष 64 को कोविड -19 के हल्के से मध्यम मामलों का उपचार करने के लिए मानक चिकित्सा के सहायक के रूप में प्रभावी और सुरक्षित दवा के रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो रोगी आयुष 64 ले रहे हैं, उनकी निगरानी की अभी भी आवश्यकता होगी ताकि अगर बीमारी और बिगड़ने की स्थिति हो तो उसमें अस्पताल में भर्ती होने के दौरान ऑक्सीजन और अन्य उपचार उपायों के साथ अधिक गहन चिकित्सा की आवश्यकता की पहचान की जा सके।

आयुष नेशनल रिसर्च प्रोफेसर तथा कोविड-19 पर अंतर-विषयक आयुष अनुसंधान और विकास कार्य बल (Inter-disciplinary Ayush Research and Development Task Force on COVID-19) के अध्यक्ष डॉ. भूषण पटवर्धन ने कहा कि आयुष 64 पर हुए इस अध्ययन के परिणाम अत्यधिक उत्साहजनक हैं और आपदा की इस कठिन घड़ी में ज़रूरतमंद मरीज़ों आयुष 64 का फायदा मिलना ही चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आयुष-सीएसआईआर संयुक्त निगरानी समिति (Ayush-CSIR Joint Monitoring Committee) ने इस बहु-केंद्रीय परीक्षण की निगरानी की थी। स्वास्थ्य शोध विभाग के पूर्व सचिव तथा आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. वी एम कटोच इस समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आयुष 64 पर हुए इन नैदानिक अध्ययनों (clinical studies) की समय-समय पर एक स्वतंत्र संस्था ‘डेटा और सुरक्षा प्रबंधन बोर्ड’ (Data and Safety Management Board यानी डीएसएमबी) द्वारा समीक्षा की जाती थी।

डॉ. पटवर्धन के दावे की पुष्टि करते हुए आयुष-सीएसआईआर संयुक्त निगरानी समिति के अध्यक्ष डॉ वीएम कटोच ने बताया कि समिति ने आयुष 64 के अध्ययन के परिणामों की गहन समीक्षा की है। उन्होंने कोविड-19 के लक्षणविहीन संक्रमण, हल्के तथा मध्यम संक्रमण के प्रबंधन के लिए इसके उपयोग की संस्तुति की। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इस निगरानी समिति ने आयुष मंत्रालय से सिफारिश की है कि वह राज्यों के लाइसेंसिंग अधिकारियों / नियामकों (Regulators) को आयुष 64 के इस नये उपयोग (Repurposing) के अनुरूप इसे हल्के और मध्यम स्तर के कोविड-19 संक्रमण के प्रबंधन में उपयोगी के तौर पर सूचित करे।

केंद्रीय आयुर्वेदीय अनुसन्धान संस्थान (CCRAS) के महानिदेशक डॉ. एन. श्रीकांत ने विस्तार से बताया कि CSIR-IIIM, DBT-THSTI, ICMR-NIN, AIIMS जोधपुर और मेडिकल कॉलेजों सहित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़; किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ; गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, नागपुर; दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, नागपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में आयुष 64 पर अध्ययन जारी हैं। अब तक मिले परिणामों ने हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमणों से निबटने में इसकी भूमिका स्पष्ट तौर पर जाहिर की है। उन्होंने यह भी बताया कि सात नैदानिक (क्लीनिकल) अध्ययनों के परिणाम से पता चला है कि आयुष 64 के उपयोग से संक्रमण के जल्दी ठीक होने (Early clinical recovery) और बीमारी के गंभीर होने से बचने के संकेत मिले हैं।

लगभग 20,000 परिवारों को आयुष काढ़ा के 50 ग्राम के 20,880 पैकैटों का वितरण किया गया- लखनऊ। अपर मुख्य सचिव प्रशान्त त्रिवेदी ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में आम जनता को कोविड-19 के संक्रमण से बचाने के लिए आयुष विभाग तेजी से काम कर रहा है। आयुर्वेद विभाग के चिकित्साधिकारियों और कर्मचारियों ने कुल 43,474 आयुर्वेद कोविड-19 किट का वितरण प्रदेश के 91,692 लोगों को किया है। इसमें संशमनी वटी, आयुष-64, अगस्त्य हरीतकी और अणु तैल है। इसके अलावा आयुर्वेद विधा से लगभग 20,000 परिवारों को आयुष काढ़ा के 50 ग्राम के 20,880 पैकैटों का वितरण किया गया है। साथ ही होम्योपैथिक चिकित्साधिकारियों द्वारा 6,28,300 आर्सेनिक एलबम की शीशियां जिलों में कोविड की रोकथाम और बचाव के लिए दी जा रही हैं। यूनानी चिकित्सकों ने बहीदाना, सपिस्ता, उन्नाब और अर्क अजीब नामक यूनानी औषधियों को करीब 3198 लोगों को दिया है।

जनता की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा की औषधियां रामबाण बनी हैं। कोरोना के उपचार में भी आयुर्वेद काफी कारगर साबित हो रहा है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयुष अधिकारियों से कहा है कि वे घरेलू बगीचे में पाए जाने वाली गुणकारी औषधियों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाएं। घर की रसोई में पाए जाने वाली औषधियों के गुण और मसालों के रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले गुणों की भी जानकारी लोगों को अवश्य दें।

अब UP में 3 दिन लॉक डाउन

लखनऊ। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश में वीकेंड लॉकडाउन का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब शुक्रवार रात आठ बजे से मंगलवार सुबह 7 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। शनिवार, रविवार को पहले ही वीकेंड लॉकडाउन होता था, जो अब सोमवार को भी लागू रहेगा और मंगलवार सुबह तक जारी रहेगा। अब यूपी में तीन दिन (शनिवार, रविवार, सोमवार) संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा.

यूपी में संक्रमण से कल हुई 266 की मौत:
यूपी में कोरोना से हालात बहुत बिगड़ते जा रहे हैं। कल 29,824 नए मरीज मिले, जबकि 33,903 डिस्चार्ज हुए हैं। बुधवार को 266 लोगों की मौत हो गई। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8,70,864 लोग संक्रमण बाद स्वस्थ हो चुके हैं। पिछले एक दिन में 1,86,588 नमूनों की जांच की गई। इनमें से 93 हजार से ज्यादा टेस्ट आरटीपीसीआर के जरिए किए हैं। प्रदेश में अब तक कुल 4,03,28,141 सैंपल की जांच हो चुकी है। इस तरह उत्तर प्रदेश चार करोड़ से अधिक कोरोना टेस्ट करने वाला पहला राज्य बन गया है।

प्रदेश में कुल 3 लाख एक्टिव केस में से 2,46,169 लोग होम आइसोलेशन में हैं, अर्थात घर पर अपना इलाज करा रहै हैं। वहीं 7157 संक्रमित लोग निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। बाकी संक्रमित लोगों का सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

राजधानी में सर्वाधिक, कौशांबी में सबसे कम: लखनऊ में 3759, प्रयागराज में 1261, कानपुर नगर में 1650, वाराणसी में 1909, मेरठ में 1355, गोरखपुर में 1045, गौतम बुधनगर में 903, गाजियाबाद में 559, बरेली में 1041, झांसी में 634, मुरादाबाद में 546, आगरा में 1076, मुजफ्फरनगर में 200, सहारनपुर में 280, लखीमपुर खीरी में 366, बलिया में 361, जौनपुर में 532, गाजीपुर में 395, बाराबंकी में 393, अयोध्या में 280, शाहजहांपुर में 381, चंदौली में 337, मथुरा में 351, रायबरेली में 331, प्रतापगढ़ में 360, बिजनौर में 321 मरीज मिले हैं। अन्य जिलों में 300 से कम मरीज पाए गए हैं. सबसे कम 40 मरीज कौशांबी में मिले।

भाजपा नेता ने अस्पताल में मचाया तांडव!

अस्पताल स्टाफ के साथ गाली-गलौज पर उतरे नेताजी। विगत दिनों अस्पताल की ओर से मिले सम्मान को भी भुलाया। अपने साथ पहुंचे लोगों की जांच में देरी होने पर भडक़े नेताजी। जिले में एक महत्वपूर्ण पद पर हैं विराजमान।

बिजनौर। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रत्येक रविवार को लगने वाले मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन कर अस्पताल के चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों से सम्मान पाने वाले नेताजी ने सत्ता के दंभ में अस्पताल में पहुंचकर जमकर हंगामा किया। यही नहीं स्वास्थ्य कर्मियों के साथ गाली-गलौज करने में भी गुरेज नहीं किया। उक्त नेताजी जिला कमेटी में एक महत्वपूर्ण पद पर विराजमान बताए गए हैं।

दरअसल त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की दो मई को होने वाली मतगणना के दौरान मतगणना स्थल पर पहुंचने के लिए प्रशासन व निर्वाचन अधिकारी की ओर से प्रत्याशी और उसके अभिकर्ता (एजेंट) के लिए कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता तय की गयी है। नजीबाबाद उपजिलाधिकारी परमानंद झा और निर्वाचन अधिकारी केसी जोशी की ओर से सभी प्रत्याशियों तथा उनके एजेंटों से अपनी कोरोना जांच की रिपोर्ट के साथ ही मतदान केन्द्र में प्रवेश को जारी किए जाने वाले पास के लिए आवेदन करने के लिए कहा है। इसके चलते मंगलवार को बड़ी संख्या में इस चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवार अपने साथ एजेंटों को लेकर कोरोना की आरटीपीसीआर जांच कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचे।

किट कम होने के कारण हुई असुविधा: प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आरटीपीसीआर जांच के लिए मात्र एक सौ किट ही उपलब्ध होने के चलते स्वास्थ्यकर्मियों ने जिला मुख्यालय से जांच किट प्राप्त होने पर ही अन्य जांच किए जाने की बात कही। इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी के एक स्थानीय नेता भी अपने परिचितों को आरटीपीसीआर जांच कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लेकर पहुंच गए। जांच करने वाले स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों की ओर से मात्र सौ किट उपलब्ध होने की जानकारी दी गयी। अस्पताल में कोरोना जांच कराने पहुंचे लोगों की भीड़ हो जाने के कारण जांच में देरी हो रही थी। जांच में देरी होती देख एकाएक नेताजी ने अपना आपा खो दिया तथा स्वास्थ्य विभाग के ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर आग बबूला हो गए। इसके बाद नेताजी बिफर गए और गाली-गलौज करते हुए काफी देर हंगामा किया। 

जहां जिनसे पाया सम्मान, वहीं उनका किया अपमान: बताते हैं कि यह वही नेताजी हैं, जिनको इसी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी डा. फैज हैदर ने कुछ दिन पूर्व अस्पताल परिसर में शासन की योजना के अनुसार प्रत्येक रविवार को लगने वाले एक मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया था। मेले का उद्घाटन करने के दौरान अस्पताल के स्टाफ ने नेताजी की जमकर आवभगत की थी और फूलों का गुलदस्ता भेंटकर जोरदार स्वागत किया था। एक दिन पूर्व ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधिकारी की भी जांच रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आयी है। इसके चलते उक्त चिकित्साधिकारी आइसोलेशन में हैं।

एसडीएम ने की सीएमओ से बात: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच न हो पाने की शिकायत को उपजिलाधिकारी परमानंद झा ने गंभीरता से लेते हुए स्वयं जांच की। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर पर कम जांच किट होने के चलते लोगों की जांच न होने के मामले को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी विजय यादव से भी बात की तथा त्रिस्तरीय  पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों व एजेंटों की जांच कराए जाने के मद्देनजर अधिक मात्रा में नगर के अस्पतालों को आरटीपीसीआर जांच किट उपल्ध कराने के लिए कहा।

कोरोना: …तो महाराष्ट्र को पीछे छोड़ देगा यूपी!

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। वहीं नीति आयोग के ताजा अनुमान के अनुसार अगले एक हफ्ते में यूपी कोरोना संक्रमण के मामलों में महाराष्ट्र को काफी पीछे छोड़ सकता है। आयोग ने कहा है कि 30 अप्रैल के बाद उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन करीब 1 लाख 19 हजार 604 नए मामले सामने आ सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो उत्तर प्रदेश में रोजाना 16 हजार 752 ऑक्सीजन सिलेंडर और 3081 आईसीयू बेड की आवश्यकता होगी।

पीएम और 10 राज्यों के सीएम के साथ हुई बैठक में यह अनुमान नीति आयोग ने जारी किया है। बैठक में नीति आयोग ने आने वाले पीक टाइम पर चिंता जाहिर की है। माना जा रहा है कि दूसरे स्टेज का पीक टाइम 11 से 15 मई के बीच चरम पर होगा। इस दौरान देश में कोरोना की दैनिक संख्या 5 लाख तक पहुंचने की संभावना है। वहीं संक्रमण की रफ्तार जून-जुलाई तक कम होने की संभावना जताई गई है। नीति आयोग (स्वास्थ्य) के सदस्य व कोविड-19 टास्क फोर्स के अध्यक्ष वीके पॉल की अगुवाई वाले पैनल ने अनुमान लगाया है कि बड़ी आबादी वाले राज्य ज्यादा जोखिम में हैं। आयोग ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि इन राज्यों में सेहत से जुड़ा बुनियादी ढांचा मौजूदा गंभीर हालात से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसके अलावा कहा गया कि अस्पतालों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ऑक्सीजन टैंकरों की आवाजाही के लिए रेलवे और एयरफोर्स को तैनात किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राज्यों से सख्ती की जाए और आवश्यक दवाइयों की ब्लैक मार्केटिंग को लेकर कड़ाई होनी चाहिए।

घर में भी मुंह पर लगा कर रखें मास्क

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर पर कहा है कि यह समय है जब लोग अपने घरों के भीतर भी मास्क पहनना शुरू करें। महिलाएं माहवारी के दौरान भी कोविड-19 से प्रतिरक्षा हेतु टीका ले सकती हैं। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि महामारी के इस तरह चलते हुए भी हमें वैक्सीनेशन और तेज़ गति से आगे लेकर जाना होगा, हम वैक्सीनेशन की गति को धीमा होने नहीं दे सकते हैं। सरकार ने अस्पतालों से कहा कि न्यायोचित तरीके से ऑक्सीजन का इस्तेमाल करें और इसकी बर्बादी रोकें। सरकार ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि कोविड-19 की मौजूदा स्थिति से लोग घबराएं नहीं, बेवजह की घबराहट से फायदे के बजाय नुकसान अधिक होता है। भारत के पास पर्याप्त मेडिकल ऑक्सीजन उपलब्ध है, चुनौती उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने की है।

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि कोरोना संक्रमण की चेन तोडऩा सबसे जरूरी है। देश में अब तक 14.19 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। 12 राज्यों में 80 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, लद्दाख में 60 साल से ऊपर के लोगों के स्वास्थ्य का प्रदर्शन काफी अच्छा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि क्लीनिकल मैनेजमेंट पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा। रेमडेसिविर को लेकर भय का माहौल नहीं होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि जिसे रेमडेसिविर नहीं मिलेगा उसकी जान चली जाएगी, हमें वायरस के प्रसार पर पहले नियंत्रण पाना है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान देश में 3,52,991 नये मामले आने के साथ ही संक्रमितों का आंकड़ा बढक़र एक करोड़ 73 लाख 13 हजार 163 हो गया। इस दौरान 2,19,272 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। इससे पहले रविवार को रिकार्ड 2,17,113 संक्रमितों ठीक हो जाने के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दे दी गयी। देश में अब तक एक करोड़ 43 लाख चार हजार 382 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। इसी दौरान सक्रिय मामलों में लगातार बढ़ोतरी से इनकी संख्या 28,13,658 हो गयी है वहीं 2812 और मरीजों की मौत के साथ इस बीमारी से मरने वालों का आंकड़ा बढक़र 1,95,123 हो गया है। देश में रिकवरी दर घटकर 82.62 फीसदी और सक्रिय मामलों की दर बढक़र 16.25 प्रतिशत हो गयी है, जबकि मृत्युदर कम घटकर 1.13 फीसदी रह गयी है।

उत्तराखंड में राजधानी समेत कईं स्थानों पर आज शाम से एक सप्ताह का कर्फ्यू

देहरादून। राजधानी में कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए डीएम डॉ0 आशीष कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार 26 अप्रैल शाम 7 बजे से 3 मई सोमवार सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगाने के आदेश दिए हैं। जनपद देहरादून के नगर निगम ऋषिकेश, देहरादून एवं छावनी परिषद गढी कैन्ट और क्लेमनटाऊन के क्षेत्र पर ये लागू होंगे।

दिनांक 26 अप्रैल 2021 (सोमवार) की सायं 07 बजे से दिनांक 03 मई 2021 (सोमवार) प्रातः 05 बजे तक जनपद देहरादून के नगर निगम ऋषिकेश, देहरादून एवं छावनी परिषद गढी कैन्ट और क्लेमनटाऊन के पूर्णतः कोरोना कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान निजी वाहनों का आवागमन भी पूर्णतयाः प्रतिबन्धित रहेगा।
पेट्रोल पम्प व गैस आपूर्ति तथा दवा की दुकानें पूरे समय खुली रहेगी।
आवश्यक सेवा से जुड़े वाहनों तथा सरकारी वाहनों को केवल ड्यूटी हेतु आवागमन में छूट होगी। हवाई जहाज, ट्रेन तथा बस से यात्रा करने वाले व्यक्तियों को आवागमन में छूट होगी।

शादी और संबन्धित समारोहों में प्रवेश करने के लिए बैंकेट हॉल / सामुदायिक हॉल और विवाह समारोहों से संबंधित व्यक्तियों / वाहनों की आवाजाही हेतु प्रतिबन्धों के साथ छूट रहेगी। समारोह स्थल पर 50 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं हो सकेंगे। सार्वजनिक हित के निर्माण कार्य चलते रहेगे तथा इनसे जुड़े हुए कार्मिक एवं मजदूरों तथा निर्माण सामग्री के वाहनों को आवागमन में छूट रहेगी। औद्योगिक इकाईयों तथा इनके वाहन व कार्मिकों को आने-जाने की छूट होगी।

→ रेस्टोरेन्ट तथा मिठाई की दुकानों से होम डिलवरी में छूट रहेगी।
→ शव यात्रा से संबंधित वाहनों को छूट रहेगी तथा अंतिम संस्कार में 20 से अधिक व्यक्ति सम्मलित नहीं  हो सकेंगे।
→ केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार के अधीन समस्त शासकीय तथा अशासकीय कार्यालय (आवश्यक सेवा के कार्यालयों को छोड़कर) बन्द रहेंगे।

→ मालवाहक वाहनों के आवागमन में छूट रहेगी।  → वास्तविक रूप से चिकित्सालय उपचार हेतु जाने वाले व्यक्तियों के वाहनों को आवागमन में छूट होगी।

कोविड 19 जांच एवं टीकाकरण हेतु निकटवर्ती केन्द्र तक आवागमन की छूट होगी। पोस्ट ऑफिस तथा बैंक यथा समय खुले रहेंगे। दिनांक 26.04.2021 को बाजार सायं 05 बजे तक खुले रहेंगे तथा सायं 07 बजे से पूर्व की भाँति रात्रि कर्फ्यू लागू रहेगा। जनपद देहरादून के अन्य स्थानों  पर पूर्व आदेश संख्या: 3391 / सीपीओ- डीएम 2021 दिनांक 21.04.2021 यथावत लागू रहेगा।

उक्त कोरोना कर्फ्यू अवधि में निम्न सेवाओं से जुड़े दुकानों व वाहनों को सशर्त छूट इस प्रकार से रहेगी: फल, सब्जी की दुकानें, डेरी, बेकरी, मीट-मछली (वैध लाईसेंसधारी) की दुकानें, राशन की दुकानें, सरकारी सस्ता गल्ला की दुकाने तथा पशुचारा की दुकानें अपरान्ह 04 बजे तक ही खुली रह सकेगी।

शासन ने तय किए प्राइवेट पैथोलॉजी में कोविड जांच के रेट

शासन ने प्राइवेट पैथोलॉजी में कॉविड जांच के दर को किया तय

एंटीजेंट किट से जांच पर लेना होगा ₹250 और तत्काल देनी होगी रिपोर्ट

एंटीजेंट किट से पॉजिटिव आने पर किसी भी दशा में rt-pcr नहीं करना होगा

आरटी पीसीआर के लिए 1250 रुपए व घर से सैंपल कलेक्शन पर ₹200 अतिरिक्त ही लिया जाएगा
यह आदेश एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 एवं उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी अधिनियम 2020 के संगत परिधानों के अंतर्गत जारी किया गया है। उक्त आदेश का उल्लंघन एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 एवं उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य महामारी अधिनियम 2020 की संगत धाराओं के अंतर्गत दंडनीय होगा

बिना चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं मिलेगी फेवीपिराविर साल्ट की कोई भी दवा

बिना चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं मिलेगी फेवीपिराविर साल्ट की कोई भी दवा
बिजनौर। जिला औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने जिले के सभी फुटकर दवा विक्रेताओं को सूचित किया  है, कि फेवीपिराविर साल्ट की कोई भी दवा बिना चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन के किसी को न दें। प्रिस्क्रिप्शन पर भी जिस व्यक्ति को दी जाए, उसका आधार संख्या, मोबाइल नंबर व पता अपने पास रिकॉर्ड में रखें।

अब भी मान जाओ: देनी है कोरोना को मात, तो रहो दो दिन घर पर

लखनऊ। आज शुक्रवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह तक सामान्य गाड़ियों व अन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी। कोरोना वैश्विक महामारी की रोकथाम के लिए आज से वीकेंड कर्फ्यू। एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार का बयान। इंसेंसियल कमोडिटी गाड़ियां चलेंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैक्सिनेशन का कार्य भी किया जा सकेगा।संक्रमण की चेन ब्रेक करने के लिए ये कर्फ्यू लगाया गया है। पुलिस और जिला प्रशासन की टीम इसका सख्ती से अनुपालन करायेगी। प्रदेश में 865 कंटोमेन्ट जोन, 50,000 लाउडस्पीकर, मोबाइल वैन के जरिये लोगों को जागरूक किया जा रहाहै। कर्फ्यू व कोविड नियमों को तोड़ने पर सख्त कार्यवाही के निर्देश। ऑक्सीजन व रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर बड़ी कार्यवाही की गई। 29 लोग गिरफ्तार किए गए, 668 रेमडेसिविर इंजेक्शन, 185 ऑक्सीजन सिलेंडर, 9 लाख से अधिक की नकदी बरामद की गई है।आरोपियों के खिलाफ NSA और गैंगस्टर में कार्यवाही की जा रही।

BJP ने जारी किया कोविड हेल्पलाइन नंबर 8588870012

लखनऊ। प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना से प्रभावित आमजन को चिकित्सीय व अन्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ‘हेल्प डेस्क ’ की शुरूआत करते हुए ‘‘कोविड सहायता हेल्पलाइन नंबर 8588870012’’ जारी किया है।प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने ट्वीट कर जानकारी दी।

प्रदेश महामंत्री व सदस्य विधान परिषद गोविन्द नारायण शुक्ला व उनके साथ पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष सिंह, श्रीप्रकाश पाल व प्रदेश मंत्री सुभाष यदुवंश समन्वय का कार्य करेगे। पार्टी ने क्षेत्र व जिला स्तर पर भी हेल्प डेस्क की शुरूआत कर वैश्विक महामारी कोरोना से प्रभावित लोगों की सहायता का फैसला लिया है।
प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने वैश्विक महामारी कोरोना से प्रभावित आमजन की सहायता के लिए बनाई गई हेल्प डेस्क का कोविड सहायता हेल्पलाइन नंबर 8588870012 जारी करते हुए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा की प्ररेणा व मार्गदर्शन में पार्टी द्वारा शुरू की जा रही हेल्प डेस्क के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए कार्य करें। सभी जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता कोविड-19 से आमजन की सुरक्षा व बचाव एवं महामारी से लड़ाई हेतु सेवा ही संगठन के मंत्र को सर्वोपरि मानकर पूर्व की भांति एक बार फिर सेवा कार्य में अपना योग्यदान दें।

प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण से पीड़ित व्यक्तियों को आवश्यकता अनुसार सहायता मिले, इसके लिए पार्टी कार्यकर्ता योजनापूर्वक कार्य करें। प्रधानमंत्री के कोरोना संकट से निपटने के लिए टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट के मंत्र की तर्ज पर पहली लहर की तरह ही मुकाबला करेंगे। पार्टी कार्यकर्ता अपना बूथ कोरोना मुक्त के संकल्प के साथ आमजन की सहायता करें। प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता ‘‘दो गज की दूरी मास्क है जरूरी’’ को लेकर लोगों को जागरूक करने के साथ ही अन्य स्वास्थ्य संबंधी प्रोटोकाल का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। सभी जिला प्रभारी व जिलाध्यक्ष स्थानीय स्तर पर अविलंब हेल्प डेस्क की शुरूआत कर कोरोना संक्रमण से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए कार्य करें। साथ ही आमजन को कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सीनेशन कराने के लिए भी प्रेरित करें। प्रदेश महामंत्री गोविन्द नारायण शुक्ला ने बताया कि जिला स्तर पर हेल्प डेस्क शीघ्र ही प्रारम्भ हो जायेंगे। हेल्प डेस्क में पार्टी के जिलाध्यक्ष, चिकित्सा प्रकोष्ठ का एक पदाधिकारी व एक अन्य वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी सम्मिलित होंगे।

कोरोना के खिलाफ उत्तम शुगर मिल मैदान में: जिले के कई स्थानों पर कराया सैनिटाइजेशन

जनपद के विभिन्न स्थानों पर कराया सैनिटाइजेशन। उत्तम शुगर मिल बरकातपुर ने रेलवे स्टेशन व बस अड्डे पर कराया छिडक़ाव। पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारियों के परिसरों में भी कराया गया सैनिटाइजेशन।

बिजनौर। उत्तम शुगर मिल्स लि. बरकतपुर की ओर से कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जनपद के विभिन्न उच्चाधिकारियों के कार्यालयों, रेलवे स्टेशन व रोडवेज बस स्टैन्ड परिसरों में सैनिटाइजर का छिडक़ाव कराया गया। बुधवार को उत्तम शुगर मिल बरकातपुर की ओर से कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चीनी मिल में ही तैयार किए गए सैनिटाइजर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पंडित दीन दयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, रेलवे स्टेशन, रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म, राजकीय रेलवे पुलिस चौकी, सहायक चीनी आयुक्त कार्यालय, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग कार्यालय, उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम के बस अड्डे, कलक्ट्रेट, गन्ना समिति, गन्ना परिषद, पुलिस लाइन आदि के परिसरों में मिल के ट्रैक्टर से जुड़े टैंकर के माध्यम से सैनिटाइजेशन कराया गया। 

मिल के महाप्रबन्धक (गन्ना) विश्वासराज सिंह ने बताया कि बरकातपुर मिल की ओर से गत वर्ष भी चीनी मिल क्षेत्र के लगभग 150 गांवों में और बिजनौर, चन्दक, नजीबाबाद, किरतपुर एवं मण्डावर आदि क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों पर सेनिटाईजेशन का कार्य कराकर समाज में अपना योगदान दिया जा चुका है। उनकी मिल समय-समय पर सामाजिक उत्थान के कार्य करती रहती है। समाज को कोरोना से बचाने के लिए एक बार फिर मिल कोरोना वारियर्स के रूप में आगे बढकर कार्य कर रही है। उत्तम शुगर मिल्स लि. बरकातपुर के संयुक्त अध्यक्ष नरपत सिंह राठौर ने बताया कि उनकी ओर से कृषकों, मजदूरों तथा कर्मचारियों को कोरोना से बचने के लिए समय-समय पर मास्क का वितरण किया जा रहा है। मिल में प्रवेश के समय प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्केनर से जांच की जा रही है। साथ ही साथ सेनिटाइजर टनल से होकर गुजरने के बाद ही मिल में प्रवेश दिया जा रहा है। मिल यार्ड, कांटों, टोकन, बुग्गी, ट्राली, ट्रक आदि का भी सेनिटाइजेशन किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि सभी लोग मिलकर ही कोरोना को हरायेंगे।

बिजनौर में कोरोना का महाविस्फोट, मिले 324 केस

बिजनौर जिले में कोरोना का महा विस्फोट। एक दिन में 324 मरीज निकले कोरोना पॉजिटिव। नजीबाबाद में 36 मरीज। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय कुमार यादव ने की पुष्टि।

जनपद में कोरोना संक्रमित केस मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 324 नए केस सामने आए हैं।
जिले में नए कोरोना संक्रमितों की संख्या बुधवार को 324 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार कुल 2379 सैम्पल रिपोर्ट प्राप्त हुई, इनमें 2055  निगेटिव निकले। अब तक 429949 सैम्पल लिये जा चुके हैं। 426883 की रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। प्रतीक्षारत रिपोर्ट की संख्या 3066 है। अब तक 420340   निगेटिव प्राप्त हुई हैं, जबकि पॉजिटिव रिपोर्ट की संख्या 6543 पर पहुंच गई है। चिकित्सा के उपरांत डिस्चार्ज किये गये लोगों की संख्या 4839 है। अब तक कुल 69 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। जिले में वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 1635 हो गई है।

जजी फिर 2 दिन के लिए बंद
बिजनौर। जनपद एवं सत्र न्यायालय बिजनौर में अदालत के बाबू कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर जजी को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। जनपद न्यायाधीश श्रीमती जयश्री आहूजा ने डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष अजित पवार एवं सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल एडवोकेट के साथ वार्ता के बाद 2 दिन के लिए ( 22 और 23 अप्रैल 2021) जजी को सैनिटाइज करने हेतु बंद रखने का निर्णय लिया।

597 का चालान कर वसूले ₹ 4 लाख 59 हजार बिजनौर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह के निर्देशन में बिना मास्क घूमने वालों के विरूद्ध चलाया जा रहा अभियान बुधवार को भी जारी रहा। 21 अप्रैल 2021 को जनपदीय पुलिस ने बिना मास्क घूम रहे 597 व्यक्तियों का चालान कर चार लाख उनसठ हजार चार सौ रुपए  (4,59,400/-) का जुर्माना वसूला।

लोगों को मानना नहीं, पुलिस को होना पड़ा सख्त बिजनौर। कोरोना संक्रमण की दूसरी खतरनाक लहर विश्व, देश व प्रदेश में क्या कहर बरपा रही है, इससे लोगों को कोई लेना देना नहीं है। अधिकांश लोगों को अभी भी फेस मास्क, सोशल डिस्टेंसिग जैसे शब्द बहुत बुरे ही लगते हैं। इसी कारण पुलिस को मजबूर होकर सख्त रवैया अपनाना पड़ा। रात्रि कर्फ्यू के आदेश के मद्देनजर बुधवार को देर शाम 8 बजे की निर्धारित समय सीमा के दौरान पुलिस कर्मी सड़कों पर निकले। देखते ही अफरातफरी मच गई। सड़कों किनारे खड़े ठेले वालों में जहां भागने की प्रतियोगिता शुरू हो गई, वहीं खुली दुकानों के शटर भी धड़ाधड़ गिरने लगे।

कोरोना वैक्सीन: UP में सभी को मुफ्त, पीड़ित कर्मचारियों को 28 दिन की पेड लीव

योगी सरकार का बड़ा फैसला- UP में सभी को मुफ्त कोरोना टीका, कोरोना पीड़ित कर्मचारियों को मिलेगी 28 दिन की पेड लीव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। यूपी में अगले महीने से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त में कोरोना का टीका लगाया जाएगा। 1 मई से यूपी में शुरू होने वाले टीकाकरण अभियान के तहत 18 साल से ऊपर के लोगों को मुफ्त वैक्सीन दी जाएगी।

दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर जॉब करने वालों को भारी राहत दी है। सरकार ने नोटिफिकेशन में कहा है कि जिस दुकान या कंपनी में 10 से ज्यादा लोग काम करते हैं, उन्हें कोरोना के बचाव के तरीके मेन गेट पर डिसप्ले करने होंगे। इसके साथ ही कोरोना से बीमार हुए सभी लोगों को 28 दिन की पेड लीव देनी होगी। जो भी दुकान या फैक्ट्री सरकारी आदेश से बंद हुई है, उनके कर्मचारियों को छुट्टी के साथ वेतन-भत्ते भी देने होंगे।

गौरतलब है कि देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू करने का फैसला किया है। देशभर की दवा कंपनियों और डॉक्टर के साथ बैठक के बाद पीएम मोदी ने 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को कोरोना वैक्सीन का डोज देने का निर्णय लिया है।

बिजनौर में मिले कोरोना के 191 नए केस

बिजनौर। जनपद में कोरोना संक्रमित केस मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 191 नए केस सामने आए हैं।
जिले में नए कोरोना संक्रमितों की संख्या मंगलवार को 191 रही। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार कुल 2136 सैम्पल रिपोर्ट प्राप्त हुई, इनमें 1954 निगेटिव निकले। अब तक 429949 सैम्पल लिये जा चुके हैं। 426833 रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। प्रतीक्षारत रिपोर्ट की संख्या 3116 है। अब तक 420614 निगेटिव प्राप्त हुई हैं, जबकि पॉजिटिव रिपोर्ट की संख्या 6219 पर पहुंच गई है। चिकित्सा के उपरांत डिस्चार्ज किये गये लोगों की संख्या 4781 है। अब तक कुल मिलाकर 69 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। जिले में वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 1369 है।

…जिसका डर था वही हुआ, लग ही गया नाइट कर्फ्यू
बिजनौर। पूरे उत्तर प्रदेश में शनिवार व रविवार को लॉक डाउन व रोजाना नाइट कर्फ्यू की सूचना के बाद बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। किराना, सब्जी, फल आदि रोजमर्रा की जरुरतों की दुकानों पर काफी जमावड़ा रहा। दुकानदारों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए मशक्कत का सामना करना पड़ा। यह बात अलग है कि प्रत्येक चीज के दामों में इजाफा देखा गया। कोरोना गाइड लाइन के मुताबिक सख्ती की खबरों के बीच लोगों के चेहरों पर मास्क देखे गए। पुलिस भी मुस्तैद रही और लोगों को कोविड अधिनियम के निर्देशों का पाठ पढ़ाती रही।
पहले लोग सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क का मखौल उड़ाते रहे। किसी  को टोका गया तो वह लडऩे भिडऩे तक  पर उतारु हो गया। अब हालात बदल गए हैं। प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना मास्क लगाए घूमते पाए जाने पर जुर्माना अब रुपए 500 नहीं, एक हजार वसूला जाएगा। वहीं दुबारा पकड़े गए तो जुर्माना 10 हजार तो भुगतना ही होगा, फोटो भी प्रसारित कर दी जाएगी। संभवत: यही डर है कि लोग मास्क का ध्यान देने लगे। हालांकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अभी भी टेढ़ी खीर ही है। पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर रस्सी बांध कर अंदर आवाजाही बंद कर दी गई है। ग्राहक को सामन बाहर से ही दिया जा रहा है। वहीं सिविल लाइन स्थित पीएनबी व एसबीआइ सिटी शाखा में ताले लटक गए। स्टाफ में कोरोना संक्रमित केस मिलने के बाद बैंक शाखाएं बंद कर दी गईं। वहीं बताया जा रहा है कि निजी बैंकों में मास्क, सैनिटाइजर व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सख्ती से कराया जा रहा है।

बेवजह न निकलें घर से बाहर: डाक्टर मदन पाल
बिजनौर। जनपद में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। रोजाना कोरोना संक्रमित लोगों की बढ़ती संख्या से प्रशासन ही नहीं आम जनता भी चिंतित हो चली है। हल्दौर सीएचसी के प्रभारी चिकित्सक ने लोगों से कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।
जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या में निरंतर तेजी बनी हुई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक मदन पाल सिंह के अनुसार मंगलवार को प्राप्त एंटीजन रिपोर्ट के अनुसार नगर सहित गांव शेरपुर कल्याण, मंडौराजट, ननुपुरा आदि में करीब 17 लोग संक्रमित मिले हैँ। इससे पहले भी हल्दौर नगर सहित आसपास के गांवों में दर्जनों कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। ऐसे में लोगों को कोविड-19 गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना चाहिए। डाक्टर मदन पाल सिंह ने लोगों से मास्क लगाने, बेवजह घर से बाहर न निकलने, सामाजिक दूरी का पालन करने सहित सरकार द्वारा बताए गए निर्देशों व कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।

668 व्यक्तियों का चालान कर 5,26,250 रुपए का जुर्माना वसूला

बिजनौर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह के निर्देशन में बिना मास्क घूमने वालों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान में मंगलवार दिनांक 20.04.2021 को जनपदीय पुलिस द्वारा बिना मास्क घूम रहे 668 व्यक्तियों का चालान कर 5,26,250 रुपए का जुर्माना वसूला गया।

आज से रोजाना रात्रि कर्फ्यू शनिवार रविवार लॉक डाउन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आज मतलब मंगलवार से रोजाना रात्रि कर्फ्यू लगेगा। वहीं, शुक्रवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम इलेवन के साथ हुई बैठक में उक्त निर्देश दिए।

अभी तक रात्रि कर्फ्यू उन्हीं जिलों में लागू था, जहां हालात ज्यादा खराब थे पर कोरोना संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या और अस्पतालों में मची आपाधापी को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की इस विभीषिका के बीच संयम और धैर्य हमारा सबसे बड़ा हथियार है। प्रत्येक शनिवार और रविवार को प्रदेश में साप्ताहिक बंदी (लॉकडाउन)  प्रभावी रहेगी। इसके अतिरिक्त जिन जिलों में 500 से अधिक एक्टिव केस हैं, वहां हर दिन रात्रि 08 बजे से अगले दिन प्रातः 07 बजे तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर शेष गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। इस नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, कोरोना कर्फ्यू को सफल बनाने में हर नागरिक का योगदान है। जहां तक जरूरी हो, घर से बाहर न निकलें। पर्व और त्योहार घर पर ही मनाएं। निकलें तो मास्क जरूर लगाएं। सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ न हो। इसे कड़ाई से लागू किया जाए।

CM की अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को रोकने के लिये अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि वो अपनी कार्यशौली में सुधार ले आएं नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इंटीग्रेटेड कंट्रोल एन्ड कमांड सेंटर में लगे समस्त अधिकारियों को अपनी ड्यूटी को पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ करने के कड़े निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने युद्धस्तर पर लखनऊ स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एन्ड कमांड सेंटर को प्रभावी बनाने के लिये कहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है जनता को सरकार पर विश्वास है और उनके विश्वास को बनाए रखने के लिये इंटीग्रेटेड कंट्रोल एन्ड कमांड सेंटर काफी कारगर सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने तत्काल प्रभाव से सभी आला अधिकारियों को जनता की आवश्यकता की पूर्ति करने में जुट जाने के लिये कहा है।

बढ़ते कोरोना केसों के बीच 28 डॉक्टर बनेंगे सहारा

बढ़ते कोरोना केसों के बीच 28 डॉक्टर बनेंगे सहारा बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण के बीच जनता की सहूलियत के लिए सरकारी और निजी अस्पताल के चिकित्सकों की सूची जारी की गई है।

जिला प्रशासन की ओर से 17 सरकारी और 11 निजी विशेषज्ञ चिकित्सकों की फोन नंबर सहित सूची की गई जारी।

ये सभी चिकित्सक कोविड तथा नॉन कोविड मरीजों को फोन पर ही देंगे परामर्श

क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद: sunday लॉक डाउन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेकाबू होते कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए हर रविवार पूर्ण रूप से लॉकडाउन रहेगा। 18 अप्रैल को वीकेंड लॉकडाउन के साथ इसकी शुरुआत हो रही है। इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी बाजार बंद रहेंगे। चिकित्सा व स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं जारी रहेंगी। होटल, रेस्त्रां से होम डिलीवरी भी जारी रहेगी। पंचायत चुनाव के मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी का कार्य भी संचालित होता रहेगा। इस अवधि में जिले स्तर पर अग्निशमन विभाग द्वारा नगर निगम, नगर पंचायत तथा ग्राम पंचायत स्तर पर तथा चीनी मिलों द्वारा स्वच्छता सफाई का विशेष अभियान चलाकर सेनेटाइजेशन व फागिंग की जाएगी। वहीं लापरवाही पर ब्रेक लगाने के लिए मास्क न पहनने वालों पर एक हजार जुर्माना लगाने का निर्देश सरकार ने दिया है। दोबारा बिना मास्क पकड़े जाने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लिया जा सकता है।

छूट और पाबंदी

क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद

– रविवार को सिर्फ जरूरी सेवाएं जैसे मेडिकल, किराना आदि खुले रहेंगे। इसके अलावा सभी दुकानें व सेवाएं स्थगित रहेंगी।

– पहली बार मास्क न लगाने पर एक हजार रुपये जुर्माना और दूसरी बार में 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।

– आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को पास जारी किए जाएंगे।

– मॉल, जिम, स्पा और ऑडिटोरियम बंद रहेंगे।

– रेस्त्रां खुले रहेंगे, लेकिन केवल होम डिलीवरी होगी।

– साप्ताहिक बंदी के साथ ही नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा। इस दौरान नाइट कर्फ्यू के नियम भी लागू रहेंगे।

– दो हजार से अधिक एक्टिव केस वाले शहरों में रात 8 बजे से सुबह 7 बजे कर नाइट कर्फ्यू रहेगा। इनमें लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर नगर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ सहित 10 जिले शामिल हैं।

एक दिन में 20 हजार से ज्यादा नए मामले

यूपी में कोरोना वायरस बद से बदतर स्थिति में पहुंच चुका है। शुक्रवार को राज्य में 27,426 नए मामलों की पुष्टि हुई। इनमें 103 लोगों की मौत हो गई। प्रदेश में कुल एक्टिव केस 1,50,676 हो चुके हैं। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में बीते एक दिन में कुल 2,23,307 सैंपल की जांच की गई। प्रदेश में अब तक कुल 37814182 नमूनों की जांच की जा चुकी है। 4517 लोगों ने कोरोना संक्रमण को मात भी दी है।

सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को बंदी, मास्क पर सख्ती

cm yogi

लखनऊ। लगातार बढ़ रहे कोरोना केस को देखते हुए अब प्रदेश के सभी जिलों में रविवार को साप्ताहिक बंदी की घोषणा की गई है। वहीं मास्क न पहनने वालों से 1000 रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को बंदी रखने के आदेश देने के साथ ही कहा कि आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी बाजार, दफ्तर बंद रहेंगे। इस दिन सभी जिलों के बाजारों में व्यापक स्तर पर सेनेटाइजेशन अभियान चलाया जाएगा।

लखनऊ में सीएम ने कोविड नियंत्रण के लिए बनी टीम 11 के साथ वर्चुअल मीटिंग में कहा कि प्रदेश सरकार हर नागरिक के जीवन और जीविका की सुरक्षा के लिए संकल्पित है। कोविड के कारण लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। भरण-पोषण भत्ता के पात्र लोगों की सूची अपडेट कर ली जाए। सरकार जल्द ही इन्हें राहत राशि प्रदान करेगी। अंत्योदय सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत राशन वितरण कार्य की व्यवस्था की समीक्षा कर ली जाए। सरकार सभी जरूरतमंदों को राशन और भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों का पहला चरण शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। जिन क्षेत्रों में माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई है, इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई अन्य चरण के चुनावों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी। 

मास्क न लगाने पर जुर्माना ₹ एक हजार: उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी के लिए मास्क लगाना अनिवार्य है। पहली बार मास्क के बिना पकड़े जाने पर 1000 का जुर्माना लगाया जाए। अगर दूसरी बार बिना मास्क के पकड़ा जाए तो दस गुना अधिक जुर्माना लगाया जाना चाहिए। उन्हाेंने कहा कि कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी जैसे अधिक संक्रमण दर वाले सभी 10 जिलों में व्यवस्था और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। स्थानीय जरूरतों के अनुसार नए कोविड हॉस्पिटल बनाए जाएं। बेड्स बढ़ाये जाएं। निजी हॉस्पिटल को कोविड हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित किया जाए। प्रयागराज में अविलंब यूनाइटेड मेडिकल कॉलेज को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित किया जाए।108 की आधी एम्बुलेंस केवल कोविड मरीजों के उपयोगार्थ रखीं जाएं। इस कार्य में कतई देरी न हो। होम आइसोलेशन के मरीजों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो। ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सकीय जरूरतों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी प्रकार की जरूरत होने पर तत्काल शासन को अवगत कराएं।

लखनऊ में डिफेंस एक्सपो के आयोजन स्थल पर बनेगा 1000 बेड का अस्पताल

लखनऊ में डिफेंस एक्सपो के आयोजन स्थल पर बनेगा 1000 बेड का अस्पताल। CM योगी ने दिए निर्देश

लखनऊ। कोविड प्रबंधन के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, सीएमओ और टीम-11 के सदस्यों साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

  • राजधानी लखनऊ में 1000 बेड का नया कोविड हॉस्पिटल स्थापित किया जाए। डिफेंस एक्सपो आयोजन स्थल इसके लिए बेहतर स्थान हो सकता है। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित की जाए।
  • कोविड टेस्ट के लिए सरकारी और निजी प्रयोगशालाएं पूरी क्षमता के साथ कार्य करें। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। कोविड टेस्टिंग के लिए शासन स्तर पर दरें भी तय की जा चुकी हैं। जिला प्रशासन क्वालिटी कंट्रोल के साथ इन व्यवस्थाओं को लागू किया जाना सुनिश्चित करें।
  • प्रदेश के सभी शासकीय चिकित्सालयों में ओपीडी सेवाएं स्थगित रखी जाएं। इस समय भीड़ संक्रमण को बढ़ाने वाला हो सकता है। ओपीडी सेवाओं के लिए टेलीकन्सल्टेशन को बढ़ावा दिया जाए। सरकारी चिकित्सालयों में केवल आपातकालीन सेवाएं ही संचालित हों। मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों का आयोजन 15 मई तक के लिए स्थगित रखा जाए।
  • लखनऊ के केजीएमयू, बलरामपुर चिकित्सालय और कैंसर इंस्टिट्यूट को डेडीकेटेड कोविड चिकित्सालय बनाया जा रहा है। इससे कोविड मरीजों के उपचार के लिए और अच्छी सुविधा प्राप्त हो सकेगी। इसी प्रकार, एरा मेडिकल काॅलेज, टीएस मिश्रा मेडिकल काॅलेज, इंटीग्रल मेडिकल काॅलेज, मेयो मेडिकल काॅलेज तथा हिन्द मेडिकल काॅलेज को पूरी तरह डेडीकेटेड कोविड हाॅस्पिटल घोषित किया गया है। यहां शीघ्रातिशीघ्र सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। आपातकालीन सेवाओं के लिए लखनऊ में ट्रॉमा सेंटर का संचालन सुचारु रखा जाए।
  • उत्तर प्रदेश के पास कोविड प्रबंधन का बेहतरीन अनुभव है। हमारी नीति और नीतियों को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है। कोविड-19 की इस लड़ाई में हमारी जीत निश्चित है। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन सभी के हित में है। मास्क, सैनिटाइजेशन और शारीरिक दूरी को हमें अपनी जीवनशैली में शामिल करना होगा।
  • होम आइसोलेशन में निवासरत लोगों की सुविधाओं और जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए। ऐसे मरीजों को सभी प्रकार की आवश्यक दवाओं को समाहित करते हुए मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। मेडिकल किट में न्यूनतम एक सप्ताह की दवा जरूर हो। दवाओं की कहीं कोई कमी नहीं है। इस कार्य की हर दिन समीक्षा की जाए।
  • इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में प्रतिदिन डीएम, पुलिस कप्तान और सीएमओ नियत समय पर बैठक करें। स्थानीय स्थिति की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय करें। अस्पताल में इलाजरत तथा होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की जरूरतों और समस्याओं का पूरा ध्यान रखें। सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से मरीजों से लगातार संवाद बनाए रखा जाए। हर दिन की स्थिति से मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया जाए।
  • प्रदेश के सभी जिलों में, ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग का कार्य अभियान के रूप में संचालित किया जाए। आमजन को भी इन कार्यों की महत्ता से अवगत कराया जाए।
  • सभी जनपदों के कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की अनवरत आपूर्ति बनी रहे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मेडिकल ऑक्सीजन की सुचारु आपूर्ति के संबंध में स्थापित कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहे। ऑक्सीजन उपलब्धता की दैनिक समीक्षा करें। प्रत्येक जनपद में चिकित्सा कर्मियों, कोविड बेड, दवाओं, मेडिकल उपकरणों तथा ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता हमेशी बनी रहे।एम्बुलेंस सेवाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो। किसी प्रकार की आवश्यकता पर शासन को अवगत कराएं।
  • खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग रेमिडीसीवीर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे। मुख्य सचिव कार्यालय से इसकी मॉनिटरिंग की जाए। आगामी एक माह की स्थिति का आंकलन करते हुए अतिरिक्त रेमिडीसीवीर क्रय किया जाए।

कोरोना के प्रति जागरूकता को पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम

बिजनौर। कोरोना महामारी को लेकर जनता को जागरूक करने के लिए पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम का सहारा लिया जाएगा। इससे जागरूकता संदेश सुनाई जाएंगे। जिले में चौराहों, सार्वजानिक स्थानों, पुलिस चौकी और थानों पर 75 सिस्टम लगाए गए हैं। इसकी शुरुआत बिजनौर शहर की सिविल लाइन पुलिस चौकी से की गई। गुरुवार को सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता ने इस अभियान का शुभारंभ पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम से ऑडियो क्लिप सुना कर किया। ऑडियो क्लिप में शासन की ओर से दिए गए बचाव के तरीकों और अन्य सावधानियों के बारे में बताया गया।

विदित हो कि कोरोना ने दूसरे चरण में और भयावह रूप ले लिया है। पुलिस जनता की सतर्कता और जागरूकता के लिए अभियान चलाती रही है। इस बार पुलिस ने जागरूकता के लिए पीए सिस्टम का इस्तेमाल किया है। जनपद में चौराहों, सार्वजानिक स्थानों, पुलिस चौकी और थानों पर लाउडस्पीकर के रूप में पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया गया है। आसपास के लोगों या इन स्थानों पर जमा भीड़ को आसानी से इस सिस्टम के माध्यम से संदेश सुनाया जाएगा। इसके माध्यम से ऑडियो क्लिप सुनाई जाएगी। मुख्य तौर पर शासन की ओर से प्रसारित संदेशों को सुनाया जाएगा।

सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता ने सिविल लाइन चौकी पर गुरुवार को कहा कि इससे लोगों में जागरूकता पैदा होगी। साथ ही शासन और कोरोना से संबंधित कोई भी संदेश जनता तक पहुंचाना आसान हो जाएगा। इस अवसर पर आरआई रेडियो देवेंद्र कुमार शर्मा, आरएमओ संजय प्रकाश मौजूद रहे।

कोविड इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम सक्रिय

कलक्ट्रेट परिसर स्थित कोविड इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम, जिसके दूरभाष नम्बर 01342-262031 तथा 01342-262295 हैं। 24×7 रूप से क्रियाशील, कन्ट्रोल पर किसी भी समय कोरोना बचाव, टैस्टिंग एवं परामर्श, टीकाकरण सहित कोरोना से संबंधित अन्य जानकारी एवं सुझाव उपलब्ध कराने की सुविधा।

बिजनौर। जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान समय में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के दृष्टिगत आवश्यक है कि विशेष सावधानियां बरती जाएं और केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा कोविड वायरस से सुरक्षा एवं बचाव के लिए निर्गत दिशा निर्देशों का गंभीरता के साथ अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में कलक्ट्रेट परिसर स्थित कोविड इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम, जिसके दूरभाष नम्बर 01342-262031 तथा 01342-262295 हैं, यह 24×7 रूप से क्रियाशील है और इस पर चिकित्सक सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपलब्ध हैं। उन्होंने जनसामान्य का आह्वान करते हुए कहा कि उक्त कन्ट्रोल पर किसी भी समय कोरोना बचाव, टैस्टिंग एवं परामर्श, टीकाकरण सहित कोरोना से संबंधित अन्य जानकारी एवं सुझाव उपलब्ध कराए जाते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला बिजनौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जिसके दृष्टिगत सभी लोग घर एवं घर के बाहर मास्क का निश्चित रूप से प्रयोग करें तथा 2 गज की दूरी बनाते हुए कोविड प्रोटोकॉल का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें ताकि कोरोना के संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके। इसी के साथ उन्होंने 45 साल से अधिक आयु की लोगों का आह्वान किया कि कोविड संक्रमण से बचाव के लिए जल्द से जल्द अपना वैक्सीनेशन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में कोरोना प्रोटोकाॅल के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराना सुनिश्चित कराएं।


बिजनौर में बहुत तेज़ी से बढ़ रहा कोरोना का ग्राफ, आज 182 केस सामने आये,
13 अप्रैल को 49
14 अप्रैल को 102
15 अप्रैल को 182

बिजनौर में फूटा कोरोना बम: पॉजिटिव मिले 182

बिजनौर में फूटा कोरोना बम
बिजनौर मे गुरुवार को आए अब तक के सर्वाधिक 182 कोरोना पॉजिटिव मामले, बुधवार को यह संख्या 102 थी। एक्टिव केस की संख्या 663 हो गई है।

वैक्सीनेशन: सहारनपुर से मंगाए 8 हजार डोज

शासन के निर्देश पर लखनऊ से आए सचिव आईएएस योगेश। वैक्सीन की कमी देखते हुए सहारनपुर से मंगवाए 8 हजार डोज। बुधवार को अब जिले में नहीं पड़ेगी कमी। सभी सेशन लगाने के लिए पर्याप्त हुईं डोज। सर्विलांस में तेजी लाने के लिए बढ़ाई टीम।

बिजनौर। शासन के निर्देश पर राजधानी से सचिव आईएएस योगेश ने बुधवार दोपहर यहां पहुंचे। उन्होंने एल-2 कोविड हॉस्पिटल व इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर का निरीक्षण कर सभी आवश्यक उपकरण दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सचिव ने वैक्सीन की कमी को देखते हुए अधिकारियों से वार्ता कर सहारनपुर से बिजनौर के लिए वेक्सीन के 8 हजार डोज मंगवाए। अब बुधवार को जिले में सभी बूथों पर टीकाकरण के लिए वैक्सीन की कमी नहीं पड़ेगी। सायं काल में उन्होंने कलक्ट्रेट सभागार में सभी अधिकारियों की बैठक में कोविड से लड़ाई में संसाधनों की कमी न आने देने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम, सीएमओ, डब्लूएचओ समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बिजनौर में मिले 49 नए कोरोना केस

बिजनौर। जनपद में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या में 49 की वृद्धि हुई है। मंगलवार को सीएमओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज 1975 टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त हुईं। इनमें से 1926 निगेटिव पाए गए, जबकि 49 में कोविड-19 के लक्षणों की पुष्टि हुई है। इस बीच जिला प्रशासन ने कोरोना को लेकर जारी गाइड लाइन का पालन सख्ती से कराने के निर्देश पुलिस विभाग को दिए हैं। मास्क बिना पहने घूमने वाले लोगों से जुर्माना वसूलने के साथ ही बिना वजह घूमने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। लोगों से सोशल डिस्टेंस का पालन करने, सेनेटाइजर का प्रयोग करने की अपील भी की जा रही है। वहीं सेनेटाइजिंग के लिए अग्नि शमन विभाग की गाड़ियों का प्रयोग भी किया जाएगा।

प्रभावित नगरों में 2-3 सप्ताह के पूर्ण लॉक डाउन पर विचार करे सरकार

नदी में जब तूफान आता है तो बांध उसे रोक नहीं पाते। फिर भी हमें कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रयास करने चाहिए।  -जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की टिप्पणी

सड़क पर बिना मास्क न दिखाई दे कोई व्यक्ति। ट्रैकिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट योजना में तेजी लाने की हिदायत। जरूरी हो तो संविदा पर तैनात किए जाए स्टाफ। राज्य सरकार की 11 अप्रैल की गाइडलाइंस को कड़ाई से अमल में लाएं सभी जिला प्रशासन।

प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण से ज्यादा प्रभावित नगरों में दो अथवा तीन सप्ताह के लिए पूर्ण लाकडाउन लगाने पर विचार करने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिया है। कहा है कि सड़क पर कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के दिखाई नहीं दे अन्यथा अदालत पुलिस के खिलाफ अवमानना कार्रवाई करेगी। अदालत ने सामाजिक, धार्मिक आयोजनों में 50 से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगाने के साथ ही ट्रैकिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट योजना में तेजी लाने की हिदायत दी है। कहा कि शहरों में खुले मैदान लेकर अस्थायी अस्पताल बनाकर कोरोना पीड़ितों के इलाज की व्यवस्था की जाय। जरूरी हो तो संविदा पर स्टाफ तैनात किए जाए।

गाइड लाइंस कड़ाई से हों लागू: कोरोना से अत्यधिक प्रभावित शहरों में लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी व गोरखपुर शामिल हैैं। कोर्ट ने कहा कि संक्रमण फैले एक साल बीत रहा है, लेकिन इलाज संबंधी सुविधाओं को बढ़ाया नहीं जा सका। कोर्ट ने सभी जिला प्रशासन से कहा है कि वह राज्य सरकार की 11 अप्रैल की गाइडलाइंस को कड़ाई से अमल में लाएं। अगली सुनवाई पर सचिव स्तर के अधिकारी का हलफनामा मांगा है। साथ ही प्रयागराज के जिलाधिकारी व सीएमओ को कोर्ट में हाजिर रहने का निर्देश दिया गया है।

यूपी बोर्ड छात्रों की हो जांच : अदालत ने कैंटोनमेंट जोन को अपडेट कर तथा रैपिड फोर्स को चौकन्ना रहने का निर्देश देते हुए कहा है कि हर 48 घंटे में जोन में सैनिटाइजेशन किया जाय। यूपी बोर्ड की आनलाइन परीक्षा दे रहे छात्रों की जांच पर भी जोर दिया। हाईकोर्ट ने एसपीजीआइ लखनऊ की तरह स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में कोरोना आइसीयू बढ़ाने व सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

Lucknow: सीएम योगी आदित्यनाथ के ऑफिस से आया जवाब
अभी हम लॉकडाउन की ओर नहीं जा रहे।
अभी हमने नाइट कर्फ्यू लगाया है।
लॉकडाउन की आवश्यकता भी नहीं होनी चाहिए,
क्योंकि हमें मानवता के जीवन को भी बचाना है।
जनता की जीविका को भी बचाना है। जीवन और जीविका को बचाना है।
इस क्रम में जो सबसे अच्छे विकल्प होंगे, उन्हीं विकल्पों को अपनाया जा रहा।

धार्मिक स्थलों पर एक बार में 5 श्रद्धालु ही कर सकेंगे प्रवेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। इस काबू पाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार सख्ती भी कर रही है। इसी क्रम में राज्य की राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस से संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। लखनऊ में अब से धार्मिक स्थलों पर एक बार में बस पांच श्रद्धालुओं को ही प्रवेश करने की अनुमति होगी।

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी कोरोना की बढ़ती रफ्तार पर रोक लगाने के लिए तमाम कोशिशें कर रही है, सख्ती बरत रही है। सरकार ने लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज और बरेली में नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। गाजियाबाद और नोएडा में 17 अप्रैल तो वहीं मेरठ में 18 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। अन्य जगह 16 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लागू किया गया है।

लखनऊ में लॉक डाउन के हालात! प्रशासन सक्रिय

लखनऊ। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच लॉकडाउन की आशंका गहराने लगी है। हर जोन में कम्युनिटी किचेन के साथ ही जोनवार राशन वितरण को लेकर नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी ने शनिवार को जोनल अधिकारियों के साथ बैठक की। हलवाई से लेकर राशन तक जिम्मेदारी तय की गई। हर जोन के कम्युनिटी किचेन का एक प्रभारी होगा। नगर आयुक्त ने सब्जी खरीदने से लेकर राशन खरीदने की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी और तत्काल इस पर अमल करने के निर्देश दिए। नगर निगम की सक्रियता को देखते हुए शहरी क्षेत्र में लॉकडाउन की आशंका बढ़ने लगी है! कानपुर रोड के कृष्णानगर कोतवाली के पास व विजय नगर मोड़ पर बेरीकेडिंग भी शुरू हो गई है। कोरोना संक्रमण के कोहराम के बीच सख्ती और पाबंदियां बढ़ाई जा रही हैं, वहीं लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए भी प्रशासनिक मशीनरी योजना बना रही है। कटेंनमेंट जोन में जरूरतमंदों के लिए कम्युनिटी किचन की शुरुआत की जा रही है। इसके अलावा टेस्टिंग और चेकिंग के लिए टीमों में इजाफा किया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी कार्यालय में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की बैठक में कोरोना को लेकर रणनीति बनाई गई। मंडलायुक्त रंजन कुमार, डीएम अभिषेक प्रकाश, पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर और नगर आयुक्त अजय द्विवेदी सहित तमाम अफसर बैठक में शामिल हुए। डीएम के अनुसार कंटेनमेंट जोन में निर्धन व असहाय व्यक्तियों की सहायता के लिए कम्युनिटी किचन शुरू किया जा रहा है। कंटेनमेंट जोन की मैप पर मैपिंग की जाएगी। इस कार्य हेतु मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि तत्काल डिजिटल मैपिंग सुनिश्चित करा ली जाए। कांटेक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग के कार्य हेतु आरआरटी टीम की संख्या 120 से बढ़ाकर 250 की जा रही है आरआरटी टीमों को पर्याप्त मात्रा में एंटीजन एवं आरटीपीसीआर किट उपलब्ध कराई जाए।

कटेंनमेंट जोन पर तैनात नोडल अफसर 

  • आलमबाग, कृष्णानगर, आशियाना, चारबाग, नाका अपर जिलाधिकारी (नगर पूर्वी) चिरंजीव नाथ सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मध्य। 
  • अलीगंज, विकासनगर, महानगर, जानकीपुरम, हसनगंज, मडिय़ांव- अपर जिलाधिकारी ट्रांस गोमती, प्राची सिंह अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उत्तर। 
  • चिनहट, गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), कासिम आब्दी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पूर्व। 
  • इंदिरानगर, गाजीपुर अपर जिलाधिकारी ट्रांस गोमती  प्राची सिंह अतिरिक्त पुलिस आयुक्त उत्तर। 
  • सिल्वर जुबली हसनगंज, ठाकुरगंज, वजीरगंज, काकोरी, चौक अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति प्रथम,  राजेश श्रीवास्तव अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पश्चिम। 
  • टूडिय़ागंज बाजारखाला, तालकटोरा, सआदतगंज, पारा अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति प्रथम राजेश श्रीवास्तव  व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पश्चिम

बैरीकेडिंग का जिम्मा 

  • इंदिरानगर, अलीगंज, चिनहट में कटेंनमेंट जोन हेतु बैरीकेडिंग का दायित्व लोक निर्माण विभाग करेगा, जबकि आलमबाग, टूडिय़ागंज, सिल्वर जुबली में कंटेनमेंट जोन में नगर निगम करेगा। 

कम्युनिटी किचन के नोडल अफसर 

  •  अपर जिलाधिकारी (आपूॢत) की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया।
  •  अपर जिलाधिकारी (आपूॢत), लखनऊ।
  •  अर्चना द्विवेदी अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, लखनऊ।
  •  एसपी सिंह, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, लखनऊ। 

बेड पर नजर रखेंगे एडीएम टीजी: डीएम अभिषेक प्रकाश के अनुसार किस अस्पताल में कितने बेड की उपलब्धता है, इसके लिए नोडल अफसर एडीएम ट्रांसगोमती को बनाया गया है। 

20 संक्रमित मिले, फैमिली/यूनिक बाजार सील: नगर निगम जोन सात स्थित फैमिली बाजार में 13 और यूनिक बाजार में सात संक्रमित मिलने पर दोनों को सील कर दिया गया है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग की कार्रवाई की गई। जोन सात के जोनल अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेश के बाद कार्रवाई की गई।

मास्क न लगाने पर 66 का चालान : मास्क न लगाने पर शनिवार को 66 चालान के साथ ही 44,550 रुपये जुर्माना वसूला गया। नगर निगम जोन चार के जोनल प्रभारी सुजीत श्रीवास्तव ने बताया कि चिनहट द्वितीय वार्ड में 12, राजीव गांधी प्रथम में 24 व द्वितीय में 10 और गोमतीनगर वार्ड में 20 का चालान किया गया, आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। 

कोविड-19: विशेष टीका अभियान आज से

कोविड 19 महामारी से सुरक्षा से संबंधित पूरे देश में संचालित होगा विशेष टीका अभियान, उत्तर प्रदेश में इस अभियान को विशेष टीका उत्सव के रूप में मनाए जाने का शासन द्वारा लिया गया निर्णय, 11 अप्रैल से 14 अप्रैल 21 तक संचालित रहेगा विशेष टीका उत्सव।

बिजनौर। कोविड 19 महामारी से जन सामान्य की समुचित सुरक्षा एवं बचाव के लिए 11 अप्रैल से 14 अप्रैल 21 तक विशेष टीका अभियान चलाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में यह अभियान विशेष टीका उत्सव के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान समाज के विभिन्न वर्गों से समन्वय स्थापित करके आम नागरिकों को अधिक से अधिक कोविड-19 टीकाकरण के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा।
जिलाधिकारी रमाकांत पांडे ने शासन के निर्देशों के अनुपालन में जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना महामारी से लड़ाई के लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक स्तर पर व्यापक रूप से प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें ट्रैकिंग एवं ट्रीटमेंट आदि विभिन्न पहलू शामिल है। उन्होंने बताया कि देश के वैज्ञानिकों द्वारा अपने ही देश में बनाई हुई वैक्सीन की भूमिका कोरोना की लड़ाई में निर्णायक सिद्ध हो रही है तथा प्रदेश में टीकाकरण की कार्यवाही युद्ध स्तर पर जारी है, जिसके अंतर्गत देश के प्रथम चरण में स्वास्थ्य कार्मिकों को, दूसरे चरण में फ्रंटलाइन वर्कर्स को तथा तीसरे चरण में 45 से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को टीकाकरण की कार्यवाही की जा रही है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस विशेष टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों को टीकाकरण कार्य में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना सुनिश्चित करें तथा उनका सहयोग प्राप्त करें तथा इस अभियान में यह विशेष प्रयास किया जाए कि जिले के सम्मानित जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरु तथा प्रबुद्ध नागरिकों इत्यादि का इसमें प्रतिभाग कराया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इसी क्रम में राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न नगरीय संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों के साथ 12 अप्रैल को वर्चुअल रूप से वार्ता तथा 13 अप्रैल 21 को प्रदेश के विभिन्न धर्म गुरुओं के साथ वैब वार्ता का आयोजन किया जाएगा। उक्त वेब वार्ता के संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उक्त अवसर पर नगर के प्रबुद्ध नागरिकों, धर्मगुरु, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा जनप्रतिनिधियों की भागीदारी कराना सुनिश्चित करें।

जिले में साप्ताहिक रूप से लगने वाले बाजार बंद

कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत जिले के विभिन्न स्थानों पर लगने वाले सभी साप्ताहिक बाजार रहेंगे बंद, उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू, उल्लंघन का प्रकरण प्रकाश में आने पर संबंधित के विरुद्ध होगी कार्यवाही: अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनोद कुमार गौड़

बिजनौर। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत प्रशासन सचेत व सख्त हो गया है। अब से अग्रिम आदेश तक जिले के विभिन्न स्थानों पर लगने वाले सभी साप्ताहिक बाजार बंद रहेंगे। अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनोद कुमार गौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय कोविड- 19 महामारी के बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत लिया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उक्त आदेशों का तत्काल प्रभाव से अनुपालन कराना सुनिश्चित करें तथा इसका उल्लंघन करने वालों के विरोध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाएं।

कोरोना: चार जिलों में 50% कर्मचारी ही करेंगे काम

#Corona Update: यूपी के लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर में 50% कर्मचारी ही करेंगे काम

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ते कोरोना मामलों को रोकने के लिए लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर शहरों में सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों को 50 प्रतिशत मानव संसाधन क्षमता के साथ काम करने का आदेश दिया है। विशेष बैठक में उन्होंने शीर्ष अधिकारियों को आदेश दिया कि वे कोविड-19 प्रोटोकॉल का सामाजिक अनुपालन और कार्यालयों में विभिन्न बदलावों में काम करने सहित सतर्कता और पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।

सीएम ने यह भी कहा कि संक्रमण के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर शहरों के सभी सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालय अपनी सुविधा के रूप में ‘घर से काम’ करने की अनुमति देंगे। सीएम ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोविड प्रोटोकॉल राज्य के सभी कार्यालयों में पूरी तरह से अनुपालन करना सभी अधिकारी सुनिश्चित करें। इस बीच प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने विस्तृत आदेश जारी कर दिया है।

कल से विशेष संवाद कार्यक्रम– कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नई रणनीति तैयार करने के लिए राज्यपाल की उपस्थिति में तीन दिवसीय संवाद का एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके तहत 11 अप्रैल को राजनीतिक दलों के साथ संवाद कार्यक्रम होगा। बैठक में राजनीतिक दलों के अध्यक्ष, विधानमंडल के दोनों सदनों के सभी दलों के प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे। 12 अप्रैल को सभी महापौर, पार्षद, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों सहित अध्यक्ष के साथ संवाद का विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा, जबकि 13 अप्रैल को धर्मगुरुओं के साथ चर्चा की जाएगी।

हरिद्वार में एंटर नहीं होंगी मैक्स!

हरिद्वार के लिए मैक्स संचालन पर लगा ब्रेक-कोविड-19 जांच रिपोर्ट लेकर ही कर सकेंगे उत्तराखंड में प्रवेश

बिजनौर। नजीबाबाद-हरिद्वार के बीच संचालित होते रहे हैं मैक्स वाहनों की स्पीड पर ब्रेक लग गया है। कोविड-19 के संक्रमण को लेकर उत्तराखंड की सरकार पहले से सख्त नजर आ रही है। इसके चलते नजीबाबाद-हरिद्वार के बीच दौडऩे वाले मैक्स टैक्सी वाहनों के उत्तराखंड में प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है। बसों व निजी वाहनों से उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले सभी लोगों को कोविड-19 की निगेटिव परिणाम वाली जांच रिपोर्ट देखने और कोविड की जांच करने के बाद ही उत्तराखंड में प्रवेश दिया जा रहा है। गुरुवार को उत्तराखंड सरकार की ओर से नजीबाबाद-हरिद्वार के बीच कोटावाली नदी पुल के दूसरी ओर स्थित श्यामपुर थाने की चिडिय़ापुर चैक पोस्ट पर बसों व निजी वाहनों से उत्तराखंड की ओर जाने वाले सभी लोगों की सघन जांच की गयी। जिन लोगों के पास कोविड-19 की निगेटिव जांच रिपोर्ट नहीं पायी गयी, उन्हें उत्तराखंड में प्रवेश देने से इंकार करते हुए बैरंग लौटा दिया गया। साथ ही निगेटिव जांच रिपोर्ट होने के बावजूद उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी यात्रियों का अपने स्तर पर एंटीजन टेस्ट किया। इस दौरान बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों को कतारों में लगाकर उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोविड-19 जांच की। इसके चलते बार्डर पर बसों की लंबी लाइनें लगी रहीं। संतुष्ट होने पर यात्रियों को उत्तराखंड में प्रवेश दिया गया। उधर उत्तराखंड पुलिस ने नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर यूनियन के माध्यम से संचालित मैक्स वाहनों को उत्तराखंड सीमा में प्रवेश देने से इंकार कर दिया। मैक्स टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष मलखान सिंह का कहना है कि उत्तराखंड प्रशासन की ओर से मैक्स को उत्तराखंड में फिलहाल 28 अप्रैल तक के लिए प्रवेश न देने (अग्रिम आदेशों तक) का फरमान जारी किया है,जिसकी वजह से मैक्स वाहनों का हरिद्वार मार्ग पर संचालन रोक दिया गया है।     

UP के इन 12 जिलों में भी लग सकता है रात्रि कर्फ्यू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 500 से ज्यादा केस वाले या रोजाना 100 से ज्यादा नए केस वाले 12 जिलों में भी रात्रि कर्फ्यू लग सकता है। ऐसे जिलों में प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर, गौतमबुद्धनगर, झांसी, बरेली, गाजियाबाद, आगरा, सहारनपुर, मेरठ व मुरादाबाद शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन जिलों के जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों का आंकलन कर रात्रि कर्फ्यू पर फैसला लेने को कहा है। जिलाधिकारियों को स्थितियों के अनुसार स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी (परीक्षाओं को छोड़कर) के बारे में भी फैसला करने को कहा गया है।

लखनऊ समेत इन जिलों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि अधिक प्रभावित जिलों में रात का आवागमन रोका जाए, लेकिन किसी भी परिस्थिति में जरूरी सामग्री जैसे दवा, अनाज आदि की आपूर्ति को बाधित न किया जाए। मास्क न लगाने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए। इससे लोगों में मास्क लगाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी।

शिरडी और सिद्धि विनायक मंदिर में दर्शन पर लगी रोक

महाराष्ट्र में शिर्डी के साई बाबा और सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन पर लगी रोक, IPL टीम को रात्रि अभ्यास की मिली अनुमति

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस ने खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया है, जिसे देखते हुए राज्य में आज से रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया गया है, वीकेंड पर कंपलीट लॉकडाउन रहेगा और वीकेंड पर बाहर निकलने के लिए वीकेंड पास दिखाना होगा. इसके साथ ही सिद्धिविनायक मंदिर को भी दर्शन के लिए अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. हालांकि इस दौरान मंदिर में पूजा और आरती पहले की तरह होती रहेगी लेकिन उसमें सिर्फ मंदिर के ही पुजारी और कर्मचारी शामिल होंगे. बता दें कि मुंबई में पिछले 24 घंटे में 9857 लोग कोरोना की चपेट में आए हैं जबकि 21 लोगों की कोरोना से मौत हुई है.

वहीं शिर्डी के साई बाबा मंदिर भी देर शाम 8 बजे बंद कर दिया गया. विश्व प्रसिद्ध साई बाबा का मंदिर 30 अप्रैल तक बंद रहेगा. इस दौरान मंदिर में रोजाना 4 बार होने वाली आरती और पूजा पाठ समेत सभी आयोजन मंदिर के साथ संबंद्ध पंडितों के जरिए किए जाएंगे. साई मंदिर के साथ ही यहां का प्रसादालय और भक्त निवास भी बंद करने की बात कही गई है.

शिर्डी साई संस्थान के एग्जिक्यूटिव अधिकारी रविन्द्र ठाकरे ने बताया कि मंदिर बंद रहने के दौरान संस्थान की तरफ से शुरू किया गया कोरोना हास्पिटल और अन्य नॉन कोरोना अस्पताल में रोगियों का इलाज और देखभाल पहले की तरह जारी रहेगा. उद्धव सरकार द्वारा कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन जैसे एहतियाती फैसलों के बाद शिर्डी साई बाबा मंदिर प्रशासन ने ये निर्णय लिया है. वहीं सरकार ने कोरोना से बुरी तरह प्रभावित मुंबई में इंडियन प्रीमियर लीग मैचों के आयोजन का रास्ता साफ करते हुए महामारी रोकने के लिये लगाये गये रात के कर्फ्यू के दौरान रात 8 बजे के बाद अभ्यास करने और टीमों को होटल तक आने की अनुमति दे दी.

शिर्डी के साई बाबा मंदिर
सिद्धि विनायक मंदिर

एसडीएम मलिहाबाद ने की कोविड -19 संक्रमण के बचाव हेतु जागरूकता बैठक

एसडीएम मलिहाबाद ने की कोविड -19 संक्रमण के बचाव हेतु जागरूकता बैठक

लखनऊ। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के निर्देशन में नगर पंचायत मलिहाबाद में कोविड -19 संक्रमण के बचाव हेतु जागरूकता बैठक तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी अजय कुमार राय की अध्यक्षता में व्यापार मंण्डल एवं नगर के कोटेदारों तथा मोहल्ला निगरानी समिति के सदस्यों के साथ की गयी।

बैठक में सभी को बताया गया कि अपने नगर में बाहर के प्रदेशों से आने वाले व्यक्तियों की जानकारी मोहल्ला निगरानी समिति लगातार सक्रिय रहकर करती रहे। साथ ही साथ अपने घरों एवं पडोसी घरों, मोहल्लों में जिनकी उम्र 45 वर्ष से ऊपर की हो उन्हें वैक्सीन लगवाने हेतु प्रेरित करें। वैक्सीन लगवाने से किसी भी व्यक्ति को कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन अस्पताल जाकर लगवायें। बैठक में भाग ले रहे लोगों को कहा गया कि स्वयं मास्क लगायें एवं जनता से मास्क पहनने के लिए भी अनुरोध करते रहें। कोविड संक्रमण के बचाव हेतु बैठक प्रतिभागियों को जानकारी विस्तार से दी गयी। बैठक में उपजिलाधिकारी अजय कुमार राय, तहसीलदार महोदय शम्भूशरण, प्रेमनारायण अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत मलिहाबाद, स्वास्थय विभाग की तरफ से राजेश सिंह, पवन, नगर पंचायत के कर्मचारीगण एवं मौलाना गणों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

अब भी संभल जाओ, वरना हो जाओगे 14 दिन कैद

कोरोना वायरस: एक भी संक्रमण मिला तो सीज होगा इलाका। UP सरकार की नई गाइडलाइंस जारी। एक मरीज मिलने पर 20 मकानों का इलाका सील किया जाएगा। एक से अधिक केस मिलने पर 60 मकानों का इलाका सील कर दिया जाएगा। ऐसे क्षेत्र के लोगों को 14 दिन तक रहना होगा इसी स्थिति में। 14 दिन तक एक भी मरीज न मिलने पर ही समाप्त होगा कंटेनमेंट जोन।

लखनऊ। कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए योगी सरकार सख्ती के मूड में आ गई है। संक्रमण से बचाव की गाइडलाइंस के प्रति लोगों की लापरवाही ने सरकार को मजबूर कर दिया है। इसलिए सरकार ने नियमों को और सख्त करने का फैसला किया है। नए नियमों को लेकर सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया गया है। अब शहरी इलाकों में कोरोना मरीज मिलने पर इलाका कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा, कंटेनमेंट जोन में लोगों का आवागमन बंद हो जाएगा।

एक मरीज मिलने पर 20 मकानों का इलाका सील किया जाएगा। वहीं एक से अधिक केस मिलने पर 60 मकानों का इलाका सील कर दिया जाएगा। वहां के लोगों को 14 दिन तक इसी स्थिति में रहना पड़ेगा। 14 दिनों तक एक भी मरीज न मिलने पर ही कंटेनमेंट जोन समाप्त होगा। इसको लेकर इलाके में सर्विलांस टीम सर्वे और जांच करेगी। बहुमंजिला इमारतों के लिए नियम अलग होंगे, कोरोना संक्रमित मिलने पर अपार्टमेंट की उस मंजिल को बंद कर दिया जाएगा। वहीं एक से अधिक मरीज मिलने पर ग्रुप हाउसिंग का संबंधित ब्‍लॉक सील होगा।

दूसरी डोज़ के बाद लगेगा बूस्टर डोज़

अब दूसरी खुराक के बाद लगेगा कोरोना का तीसरा टीका, बूस्टर डोज के ट्रायल को मंजूरी

नई दिल्ली। ड्रग रेग्युलेटर के सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन के ट्रायल का हिस्सा रहे वॉलंटियर्स को तीसरी डोज के ट्रायल की इजाजत दे दी है। हैदराबाद स्थित कंपनी ने ड्रग रेग्युलेटर के पास दो डोज के बाद तीसरी यानी बूस्टर डोज के ट्रायल के लिए प्रस्ताव भेजा था। सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद चरण में शामिल वॉलिंटियर्स को वैक्सीन के दूसरे डोज के 6 महीने बाद कोवैक्सीन का तीसरा डोज दिया जाएगा। बूस्टर डोज दिए जाने के 6 महीने तक भारत बायोटेक वॉलंटिर्स से उनके स्वास्थ्य से जुड़े अपडेट लेता रहेगा। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि उनके शरीर में इम्यूनिटी के घटने और बढ़ने और नए वैरिएंट से बचने में कितनी मदद मिलती है।

भारत बायोटेक ने सरकार के सामने प्रस्ताव रखा था कि कोवैक्सीन का तीसरा डोज लगाए जाने के बाद कोरोना वायरस के खिलाफ शरीर की इम्यूनिटी कई साल के लिए बढ़ जाएगी। इसके साथ ही कोरोना के नए वैरिएंट से भी बचाव मिलेगा और नए स्ट्रेन म्यूटेशन करके पैदा नहीं हो पाएंगे। इसके बाद एक्सपर्ट पैनल ने बूस्टर डोज की अनुमति दी है।

सभी हॉस्पिटल्स पूर्व की भांति कोविड हॉस्पिटल में होंगे परिवर्तित

लखनऊ। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश की उपस्थिति में कोविड हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमेटी की बैठक हुई सम्पन्न ।
स्मार्ट सिटी में हुई बैठक में समस्त हॉस्पिटल्स को पूर्व की भांति कोविड हॉस्पिटल में परिवर्तित करने के लिए हुई बैठक।
कोविड रोगियों के त्वरित उपचार व देखभाल हेतु अचूक रणनीति बनाई गई।
कोविड पॉज़िटिव रोगियों को बिना वक्त गवाए किया जाएगा एडमिट।
सभी कोविड-19 हॉस्पिटल्स पर नोडल अधिकारी रखेंगे नजर ,लेंगे रोगियों से फीडबैक, देंगे डेली रिपोर्ट

कोरोना प्रोटोकॉल व कोविड-19 के नियम पालन करें: प्रणता ऐश्वर्या

लखनऊ। डीएम लखनऊ अभिषेक प्रकाश के निर्देशन में उपजिलाधिकारी मलिहाबाद के नेतृत्व में तहसीलदार शम्भू शरण व सीओ मलिहाबाद योगेंद्र कुमार ने तहसील क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा बाजार व चौक चौराहों पर कोरोना प्रोटोकॉल व कोविड-19 के नियमों को पालन कराने हेतु लोगो से की अपील। प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बाद डीएम अभिषेक प्रकाश ने फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जनता से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें ताकि कोरोना की स्थिति नियंत्रित रहे। देश के कई राज्यों में कोरोना के मामले बढऩे के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है आईएएस/ एसडीएम मलिहाबाद प्रणता ऐश्वर्या ने लोगों से अपील की है कि वे अति आत्मविश्वास में नहीं आएं। कोरोना को लेकर जारी प्रोटोकॉल का पालन करें। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें। मास्क का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें, ताकि कोरोना की स्थिति नियंत्रित रहे।

मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के कस्बा बाजार व चौक चौराहों पर कोरोना प्रोटोकॉल पालन कराने के दौरान एसडीएम ने कहा कि जिले में कोरोना पुनः फिर पैर पसार रहा है । पिछले कई दिनों से पॉजिटिव केस की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही हैं। कई राज्यों में कोरोना के मामले तेजी से बढऩे पर सतर्कता जरूरी है। लोग पिछले कुछ माह से कोरोना को लेकर अति आत्मविश्वास में हैं। इसे देखते हुए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल के अनुपालन को लेकर अभियान भी चलाया जा रहा है। भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर लोगों के जमावड़े को नियंत्रित किया जाएगा। किसी तरह के आयोजन में अधिक लोगों के एकत्रित होने की संभावना पर अनुमति नहीं दी जाएगी। आयोजनों की अनुमति देने से पहले इसमें शामिल होने वाले व्यक्तियों पर उनके विरुद्ध जुर्माना व कठोर कार्यवाही भी की जा सकती हैं

Take a look at this post… ‘अब नोएडा में भी मेहमानों की लिस्ट हुई छोटी’.

http://sanjaysaxenanews.blogspot.com/2020/11/blog-post_21.html

उल्लंघन करने पर की जाएगी कार्रवाई


अब नोएडा में भी छोटी की गई मेहमानों की list

नोएडा। अब जिले में होने वाले शादी समारोह में केवल 100 लोग ही शामिल हो पाएंगे। इससे पहले सरकार ने शादी समारोह सहित अन्य दूसरे कार्यक्रमों में 200 लोगों के शिरकत करने की अनुमति दी थी।

कोरोना के कारण बदली रणनीति

दिल्ली के बाद अब नोएडा जिला प्रशासन ने भी शादी समारोह में मेहमानों की लिस्ट पर कैची चला दी है। नोएडा के डीएम सुहास एल वाई ने शनिवार को इस बारे में एक बयान जारी कर बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब किसी भी समारोह में अधिकतम 100 व्यक्ति ही भाग ले सकेंगे। शासन के इस निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

जनता से सहयोग करने का आह्वान

जिलाधिकारी ने सहयोग करने का आह्वान करते हुए जिले के सभी लोगों से कहा है कि आयोजित होने वाले सभी प्रकार के समारोह में 100 से ज्यादा शख्स हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि इसका उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
——–

अब नोएडा में भी छोटी की गई मेहमानों की list