कोरोना की चौथी लहर को लेकर संभावना?

नई दिल्ली(एजेंसी)। देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ने शुरू हो गए है। इसके बाद कोरोना की चौथी लहर को लेकर संभावना जताई जा रही है। वहीं चौथी लहर आएगी या नहीं इसके बारे में वैज्ञानिकों ने खुलासे किए है। 

आईसीएमआर के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. आर गंगाखेड़कर ने कहा कि भारत में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब वैरिएंट हैं लेकिन अभी तक कोई नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह किसी भी तरह से चौथी लहर है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया बीए 2 वैरिएंट से प्रभावित हो रही है, जो लोगों को रोज संक्रमित कर रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह कोरोना की चौथी लहर है।’ उन्होंने आगे कहा कि स्कूल-कॉलेजों के खुलने की वजह से लोग सामाजिक रूप से सक्रिय हुए हैं जिसके परिणामस्वरूप मामले बढ़ रहे हैं। मास्क पहनने की अनिवार्यता को समाप्त करना भी मामलों में तेजी आने का एक अहम कारण है।

उन्होंने आगे कहा कि लॉकडाउन में ढील देने पर मामलों में तेजी देखने को मिलेगी। जिनकी आयु अधिक है, जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है, जो संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें यह ध्यान रखने की जरूरत है कि वह सार्वजनिक स्थानों पर अगर जाते है तो मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।

राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक लगाए गए 185.70 करोड़ से अधिक टीके

राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक 185.70 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं


12-14 आयु वर्ग में 2.21 करोड़ से अधिक खुराकें लगाई गई

भारत में कोरोना के सक्रिय मामले 11,132 हैं

पिछले 24 घंटों में 1,054 नए मामले सामने आए

स्वस्थ होने की वर्तमान दर 98.76 प्रतिशत

साप्ताहिक सक्रिय मामलों की दर 0.23 प्रतिशत है।

नई दिल्ली (PIB)। भारत का कोविड-19  टीकाकरण  कवरेज  आज सुबह 7 बजे तक  अंतिम रिपोर्ट के  अनुसार 185.70 करोड़ (1,85,70,71,655) से अधिक हो गया।इस उपलब्धि को 2,24,70,964 टीकाकरण  सत्रों के जरिये प्राप्त किया गया है।

12-14 आयु वर्ग के लिए कोविड-19 टीकाकरण 16 मार्च,2022 को प्रारंभ हुआ था। अब तक 2.21 करोड़ (2,21,97,507) से अधिक किशोरों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक लगाई गई है।

लगातार गिरावट दर्ज करते हुए भारत में सक्रिय मामले आज कम होकर 11,132 रह गए। सक्रिय मामले कुल मामलों के 0.03 प्रतिशत हैं।

नतीजतन, भारत में स्वस्थ होने की दर 98.76 प्रतिशत है।पिछले 24 घंटों में 1258 रोगियों के ठीक होने के साथ  ही स्वस्थ होने वाले मरीजों (महामारी की शुरुआत के बाद से) की कुल संख्या बढ़कर 4,25,02,454हो गई है।

बीते 24 घंटे में कोरोना के 1,054 नए मामले सामने आए।पिछले 24 घंटों में कुल 4,18,345 जांच की गई हैं। भारत ने अब तक कुल 79.38 करोड़ से अधिक  (79,38,47,740) जांच की गई हैं।

साप्ताहिक और दैनिक पुष्टि वाले मामलों की दर में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है। देश में साप्ताहिक पुष्टि वाले मामलों की दर 0.23।प्रतिशत है और दैनिक रूप से पुष्टि वाले मामलों की दर भी 0.25 प्रतिशत है।

कोरोना संक्रमण से बचाएगी ये जानकारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना वायरस एक इंसान से दूसरे तक कैसे पहुंचता है, लोग अभी भी नहीं समझ पा रहे। अगर इस बारे में सटीक पता चल जाए तो काफी हद तक बचाव हो सकता है। कई रिसर्चर्स और हेल्थ अथॉरिटीज ने मिलकर इस बारे में शोध किया और अपडेट दिया है। हम अभी तक कोरोना से बचने के लिए सिर्फ मुंह पर मास्क लगाते आ रहे हैं। नई रिसर्च के मुताबिक यह आपके मुंह, नाक और आंखों से भी आपको संक्रमित कर सकता है। WHO ने भी इस बात की पुष्टि की है।

आंखें, मुंह या नाक न छुएं


पिछले हफ्ते WHO ने डॉक्यूमेंट अपडेट किया कि वायरस संक्रमित व्यक्ति के जरिये ज्यादा पास से संपर्क में आने पर फैलता है। इसके अलावा जब भी कोविड पॉजिटिव इंसान सांस लेता या बोलता है तो छोटी-छोटी बूंदें हवा में तैरने लगती हैं। ये लंबे वक्त तक हवा में रहती हैं। स्वस्थ व्यक्ति के वहां से गुजरने पर ये उसे संक्रमित कर सकती हैं। वायरस से संक्रमित जगह को छूने के बाद अगर कोई अपनी आंखें, मुंह और नाक भी छूता है तो उसे कोरोना हो जाता है। हालांकि किसी चीज को छूने से ज्यादा हवा से संक्रमण फैलने के चांस ज्यादा होते हैं। यह बात अगस्त में हुए एक प्रयोग के बाद सामने आई थी।


बचाव के तरीके


कोरोना वायरस के फैलने को लेकर कई तरह की थ्योरीज़ आ चुकी हैं। रिपोर्ट्स थीं कि ओमिक्रोन का पहला वैरियंट आने के बाद चीन में लोगों से मेल खोलने से पहले तक फेस मास्क और ग्लव्स पहनने के लिए कहा जा रहा था। खासतौर पर ऐसे मेल्स के लिए जो बाहर से आ रहे थे। माना जा रहा था कि ओमिक्रॉन कनाडा से पैकेज के जरिये आ जा रहा है। हालांकि अब सबका यही मानना है कि कोविड से बचने के लिए सोशल डिस्टेंस मेनटेन रखना, बंद जगहों पर इकट्ठे न होना, मास्क के साथ फेस को कवर रखना और हाथ सैनिटाइज करते रहना ही बेहतर तरीका है।

15 जनवरी के बाद भी बढ़ सकती है चुनावी रैलियों पर पाबंदी!

EC जल्द कर सकता है घोषणा। पहले चुनाव आयोग ने कहा था कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को 15 जनवरी तक रोड शो, वाहन रैली और पदयात्रा की नहीं है अनुमति।

चुनावी रैलियों पर 15 जनवरी के बाद भी बढ़ सकती है पाबंदी, EC जल्द कर सकता है घोषणा

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों के एलान के बीच कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई प्रकार की रोक लगाईं जा रही है। इस बीच सूत्रों ने दावा किया है कि कोरोना के चलते चुनाव आयोग ने 15 जनवरी के बाद भी रैली, रोड शो और पदयात्रा पर रोक लगाई है। इससे पहले चुनाव आयोग ने कहा था कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को 15 जनवरी तक रोड शो, वाहन रैली और पदयात्रा की अनुमति नहीं है। 

कोरोना के नए वेरियंट ओमिक्रॉन के प्रकोप के बीच चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों को वर्चुअल (ऑनलाइन) मोड में अभियान चलाने की सलाह भी दी थी। चुनाव आयोग ने कहा कि उनका लक्ष्य व्यापक तैयारी के साथ 5 राज्यों में कोविड-सुरक्षित चुनाव कराना है। वहीं, पांच राज्यों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुरक्षित विधानसभा चुनाव कराने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को चुनाव पर्यवेक्षकों के साथ बैठक की। अधिकारियों के मुताबिक आगामी चुनाव में तैनात किए गए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोग की यह पहली ब्रीफिंग है। सूत्रों के मुताबिक सामान्य, पुलिस और व्यय जैसी विभिन्न श्रेणियों में चुनाव पर्यवेक्षकों के रूप में नामित लगभग 900 अधिकारी बैठक में भाग ले रहे हैं, जिसमें आयोग चुनाव प्रक्रिया के मुख्य मुद्दों पर चर्चा कर रहा है। 

लापरवाही से 1 दिन का वेतन कटा बैठीं 2 ANM


किरतपुर (बिजनौर)। कोविड-19 वैक्सीनेशन में तैनात एएनएम की लापरवाही पर एक दिन का वेतन काटा गया है। इसी के साथ एएनएम के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिये उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. ईश्वरानंद ने बताया कि 21 दिसम्बर को वैक्सीनेशन के लिये एएनएम अंशु देवी की ड्यूटी मोहल्ला अफगानान के उपकेन्द्र पर लगी थी।
वैक्सीनेशन कैम्प में अंशु देवी बिना बताए अनुपस्थित रही। इसी प्रकार एएनएम रामरति की ड्यूटी 25 दिसम्बर 2021 को कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिये गांव छितावर में लगाई गई थी, परंतु वह ड्यूटी पर नहीं गई। बात करने पर ड्यूटी करने से मना कर दिया, जिससे राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित हुआ है। दोनों एएनएम के विरुद्ध प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. ईश्वरानंद द्वारा एक दिन का वेतन वापसी एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु सीएमओ, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
नजीबाबाद को कार्यवाही के लिए पत्र लिखा गया है।

3 साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए जल्द आएगी कोरोना वैक्सीन

नई दिल्ली (एजेंसी)। तीन साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए जल्द ही कोरोना वैक्सीन आ जाएगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खौफ के बीच सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि अगले 6 महीनों में बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन लांच कर दी जाएगी। पूनावाला ने कहा कि वैक्सीन ‘कोवावैक्स’ का ट्रायल चल रहा है और यह तीन साल और उससे अधिक उम्र वाले बच्चों को कोरोना के खिलाफ पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करेगी।

With trials just starting, Adar Poonawalla gets a front-row seat to the  global vaccine race, Health News, ET HealthWorld


 
उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक बच्चों में कोरोना के बहुत गंभीर मामले सामने नहीं आए हैं और हमारे लिए बड़े सौभाग्य का बात है कि कोरोना से अब तक बच्चों के लिए कोई घबराने की बात सामने नहीं आई है। अब हम जल्द ही बच्चों के लिए कोविड-19 वैक्सीन लांच करने जा रहे हैं उम्मीद है कि इसमें 6 महीने का समय लगेगा।

Oxford AstraZeneca vaccine to be sold to developing countries at cost price  | Global development | The Guardian

पूनावाला ने बताया कि यह तीन साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों को कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करेगी। कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री की ओर से आयोजित एक वर्चुअल कान्फ्रेंस में उन्होंने ये बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है कि यह बच्चों पर कैसे प्रभाव डालेगा, लेकिन बच्चों को सुरक्षित करना जरूरी है।

अगले महीने आएगी कोरोना की तीसरी लहर!

ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच एक्सपर्ट का दावा, जनवरी में आएगी तीसरी लहर

ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच एक्सपर्ट का दावा, जनवरी में आएगी तीसरी लहर

रविवार तक देश में ओमिक्रॉन के 5 मामले सामने आ चुके हैं और वैज्ञानिक आशंका जता रहे हैं कि जनवरी के आखिरी सप्ताह या फरवरी की शुरुआत में ओमिक्रॉन का पीक होगा।

साभार Zee News Desk|Updated: Dec 05, 2021, 03:58 PM IST

  • जनवरी से फरवरी के बीच आएगी तीसरी लहर
  • दूसरी लहर के मुकाबले कम घातक होगी तीसरी लहर
  • नहीं पड़ेगी कम्प्लीट लॉकडाउन की जरूरत

नई दिल्ली: कोरोना के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ के आने के बाद देश में तीसरी लहर आना लगभग तय माना जा रहा है. रविवार तक देश में ओमिक्रॉन के 5 मामले सामने आ चुके हैं और वैज्ञानिक आशंका जता रहे हैं कि जनवरी के आखिरी सप्ताह या फरवरी की शुरुआत में ओमिक्रॉन का पीक होगा. IIT के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने नए अध्ययन में यह दावा किया है. हालांकि वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि तीसरी लहर, दूसरी लहर के मुकाबले कम घातक होगी. रविवार को ही दिल्ली में पहला ओमिक्रॉन केस सामने आया है जो कि देश का पांचवा ओमिक्रॉन केस है. इसके बाद काफी लोगों को कोरोना की तीसरी लहर का डर सता रहा है.

कम घातक होगी तीसरी लहर

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने नए अध्ययन में दावा किया है कि तीसरी लहर, दूसरी लहर की तुलना में कम घातक होगी. प्रो. अग्रवाल ने अपने गणितीय मॉडल सूत्र के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है. गौरतलब है कि इससे पहले प्रो. मणींद्र ने ही अपने गणितीय मॉडल के आधार पर ही दूसरी लहर के बाद नए म्यूटेंट के आने से तीसरी लहर की आशंका जताई थी. अब प्रो. अग्रवाल ने दक्षिण अफ्रीका से फैले ओमीक्रॉन वेरिएंट पर स्टडी शुरू कर ताजा निष्कर्ष जारी किए हैं. 

हर रोज मिलेंगे एक से डेढ़ लाख मरीज

इन निष्कर्षों के मुताबिक अब तक जितनी भी केस स्टडी सामने आई हैं, उसमें संक्रमण तेजी से फैल रहा है, लेकिन बहुत अधिक घातक नहीं मिला है. प्रो. अग्रवाल के मुताबिक दूसरी लहर के हल्के होने के बाद यानी सितंबर में तीसरी लहर को लेकर उन्होंने जो आंकलन किया था, वह सच साबित होता दिख रहा है. कई देशों में फैलने के बाद भारत में भी ओमीक्रॉन संक्रमण के मामले मिलने लगे हैं. उन्होंने बताया कि जब तीसरी लहर अपने चरम पर होगी, तब रोजाना एक से डेढ़ लाख के बीच संक्रमित मरीजों के मिलने की संभावना है.

बच्चों पर ऐसा रहेगा असर

प्रो. अग्रवाल के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर का असर बच्चों पर कम देखने को मिलेगा. उनमें लक्षण भी कम नजर आएंगे और वे जल्दी रिकवर हो जाएंगे. साथ ही उन्होंने बताया कि ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज जल्दी रिकवर होंगे. उन्हें सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण होंगे लेकिन दूसरी लहर की तरह अधिक परेशान नहीं होंगे. प्रो. अग्रवाल ने बताया कि यह वेरिएंट नेचुरल इम्युनिटी को ज्यादा बाईपास नहीं कर रहा है. नेचुरल इम्युनिटी का मतलब जो लोग एक बार कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें अधिक घबराने की जरूरत नहीं है. वे संक्रमण से नहीं बच पाएंगे लेकिन अधिक दिक्कत जैसी स्थिति नहीं होगी.

नहीं पड़ेगी कम्प्लीट लॉकडाउन की जरूरत

प्रो. अग्रवाल ने यह भी बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरा लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बचाव की चीजों को ही अगर सख्ती से पालन कराया जाए तो काफी है. जरूरत पड़ने पर हल्का लॉकडाउन लगाया जा सकता है.

मास्क और वैक्सीन ही बचाव

प्रो. अग्रवाल के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर से बचने का सबसे अच्छा माध्यम सावधानी बरतना और वैक्सीन है. जिन लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज या अभी पहली ही डोज नहीं लगवाई है, वे तुरंत वैक्सीन लगवा लें. मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.

कोरोना: एहतियात बरतने के लिए 5 राज्यों को केंद्र ने लिखी चिट्ठी

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने पांच राज्यों को चिट्ठी लिखकर कोरोना वायरस के बढ़ते केस की रोकथाम और साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट पर लगाम लगाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शनिवार को इस मामले में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और मिजोरम के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को भी आगाह किया है।

भूषण ने कहा, इन पांच राज्यों में टेस्टिंग, ट्रैकिंग और वैक्सीनेशन को लेकर आगे की रणनीति बनाने की जरूरत है। साथ ही कोरोना के प्रसार और इससे जुड़ी मौतों को रोकने के लिए कोविड के उचित नियमों का पालन भी किया जाए। भूषण ने चिट्ठी में कहा है कि कोरोना से जुड़ी मौतों और इसके नए मामलों को रोकने के लिए मौजूद टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-वैक्सीनेट-कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर स्ट्रैटजी के तहत कदम उठाए जाने की जरूरत है।

भूषण ने इन पांच राज्यों से उस चिट्ठी पर भी ध्यान देने को कहा है जो उन्होंने ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच 27 नवंबर को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखी थी। उन्होंने उस समय सभी राज्यों को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच और सर्विलांस में तेजी लाने, उभरते हॉटस्पॉट की निगरानी और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों को तत्काल ट्रैक करने जैसे कुछ सुझाव दिए थे।

केरल
राजेश भूषण ने बताया कि केरल में दिसंबर 3 तक के मुताबिक, एक महीने के अंदर 1 लाख 71 हजार 521 मामले आए। बीते एक महीने में देशभर में आए कोरोना के नए केसों में से 55.8 फीसदी केरल से हैं। उन्होंने बताया कि केरल में 26 नवंबर तक के हफ्ते की तुलना में 3 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते के दौरान मौतें भी कुछ बढ़ी हैं। पहले हफ्ते में जहां 1890 मौतें हुईं तो वहीं, दूसरे हफ्ते में 2118। थिरुसुर, मलप्पुरम, कोझिकोड और कोल्लम ऐसे जिले हैं, जहां एक सप्ताह में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गईं।

तमिलनाडु
तमिलनाडु में 3 दिसंबर तक के एक माह में 23 हजार 764 नए केस दर्ज किए गए। वेल्लोर और चेन्नई में बीते हफ्ते साप्ताहिक नए मामलों में भी इजाफा देखा गया है।

मिजोरम
4 दिसंबर तक के आंकड़ों में एक माह के अंदर राज्य में कोरोना के 12 हजार 562 नए केस आए। एक महीने में भारत के अंदर आए कुल कोरोना केसों में से 4.1 फीसदी मिजोरम से थे। आइजॉल जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। 

कर्नाटक
भूषण ने कर्नाटक के प्रिंसिपल हेल्थ सेक्रटरी को लिखी चिट्ठी में राज्य में कोरोना के बढ़ते नए केस के बारे में जिक्र किया है। 16 नवंबर को खत्म हुए सप्ताह में जहां यह संख्या 1 हजार 664 थी, तो वहीं 3 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में यह आंकड़ा 2 हजार 272 हो गया है। वहीं, इस दौरान मौतें भी 22 से बढ़कर 29 हो गईं। 

ओडिशा
राज्य में एक माह के अंदर में 7 हजार 445 नए केस दर्ज किए गए और देश में आने वाले कुल मामलों में से 2.5 फीसदी ओडिशा से ही थे। राज्य के खोर्द्धा जिले में सबसे ज्यादा साप्ताहिक मामले (900 नए केस) दर्ज किए गए। वहीं, 30 में से 6 जिले- ढेनकनाल, कंधमाल, नबरंगपुर, केंदुझार, अनुगुल और बालांगीर में 26 नवंबर को खत्म हुए सप्ताह की तुलना में 3 दिसंबर को खत्म होने वाले सप्ताह में एक्टिव केसलोड भी बढ़ा है।

जम्मू और कश्मीर
भूषण के मुताबिक, 3 दिसंबर को खत्म हुए महीने में केंद्र शासित प्रदेश के अंदर कुल 4 हजार 806 नए कोरोना मामले आए हैं। कठुआ, जम्मू, गंदेरबाल और बारामूला जैसे कुछ जिले ऐसे हैं, जहां पिछले हफ्ते की तुलना में नए मामले बढ़े हैं।

लेखपाल तैयार करेंगे गांवों में कोविड टीकाकरण को सूची

लखनऊ। प्रदेश में टीकाकरण की रफ्तार और तेज करने के लिए खासतौर से गांवों पर फोकस किया जा रहा है। जिलाधिकारियों के जरिए पूरे प्रदेश के गांवों को टीकाकरण के लिहाज से नए सिरे से सूचीबद्ध किया जाएगा। शासन से मिले आदेश के अनुसार अब हर लेखपाल अपने प्रभार वाले गांवों की सूची तैयार करेगा। इसमें संबंधित गांव में टीकाकरण के प्रतिशत का जिक्र होगा। जिन गांवों में 80 से 90 फीसदी के बीच टीकाकरण हुआ है, वहां अभियान चलाकर उसे शत-प्रतिशत किया जाएगा। उसके बाद उन गांवों को लिया जाएगा जहां 90 से 95 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है।

एक दिन में सर्वाधिक टीकाकरण औऱ सबसे ज्यादा टीके लगाने वाले राज्य की उपलब्धियां यूपी के खाते में दर्ज हैं। स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में टीकाकरण को तेज करने के लिए इसी साल जून में क्लस्टर योजना शुरू की थी। इससे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों में भी बड़ी संख्या में टीकाकरण हुआ। अब गांवों में शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने की तैयारी है। इसके लिए क्लस्टर-2.0 शुरू किया गया है। लेखपालों द्वारा गांवों का सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे की रिपोर्ट संबंधित क्षेत्र के मेडिकल अफसर के साथ साझा की जाएगी। उसके हिसाब से वो चिन्हित गांवों में टीकाकरण की व्यवस्था करेंगे।

गांवों में आबादी के हिसाब से टीका सेशन

क्लस्टर-2.0 के तहत गांवों में आबादी की जरूरत के हिसाब से टीका सेशन आयोजित किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर एक ही गांव में घंटों के हिसाब से अलग-अलग क्षेत्र में भी सेशन लगेंगे ताकि गांव के हर कोने के लोगों को टीका लगाया जा सके। प्रदेश में अभी तक 66 फीसदी से अधिक लोगों को टीके की कम से कम एक डोज लग चुकी है, जबकि कुल टीकाकरण का आंकड़ा 13 करोड़ को पार कर चुका है, जो देश में सर्वाधिक है।

यूपी में अब खुली जगह पर हो सकेंगे शादी समारोह व अन्य कार्यक्रम

लखनऊ (ANI)। यूपी में अब खुली जगह पर शादी समारोह और अन्य कार्यक्रम आयोजित किये जा सकेंगे। योगी सरकार ने इसकी अनुमति दे दी है। आदेश में कहा गया है कि समारोह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या क्षेत्र पर निर्भर करेगी। इसके साथ ही कोविड (COVID) प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। मास्क और दो गज दूरी का ध्यान दिया जाए। प्रवेश द्वार पर हेल्प डेस्क की स्थापना अनिवार्य है।

केस घटे, सतर्कता जरूरी- यूपी में 24 घंटे में हुई 01 लाख 69 हजार 500 सैम्पल की टेस्टिंग में 71 जिलों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया। मात्र 04 जनपदों में 07 नए संक्रमित मरीज पाए गए। इसी अवधि में 06 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। वर्तमान में प्रदेश में एक्टिव कोविड केस की संख्या 176 रह गई है। 16 लाख 86 हजार 712 प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं। यह सतर्कता और सावधानी बरतने का समय है। थोड़ी सी लापरवाही संक्रमण को बढ़ाने का कारक बन सकती है। ऐसे में दूसरे प्रदेशों से उत्तर प्रदेश आ रहे लोगों की कोविड जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश हैं। कोविड से बचाव के लिए प्रदेश में टीकाकरण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। 55 फीसदी से अधिक लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज प्राप्त कर ली है। दूसरी डोज लगाने के लिए विशेष अभियान की जरूरत है।

त्योहारों के मद्देनजर- आदेश में कहा गया है कि नवरात्र, दशहरा व दीपावली का पर्व समीप है। रामलीला कमेटियों की तैयारियां प्रारंभ हो रही हैं। लोगों की सांस्कृतिक-धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाए। कमेटियों से संपर्क-संवाद स्थापित करते हुए उन्हें कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन के लिए प्रेरित करें। रामलीला आयोजन खुले मैदान में हो। मैदान की क्षमता के अनुरूप दर्शकों को सहभाग करने की अनुमति दी जाए।

ग्राम प्रधान संयोगिता सिंह चौहान के कैंप में 538 लोगों ने लगवाई वैक्सीन

ग्राम प्रधान संयोगिता सिंह चौहान ने लगवाया कैंप। कुल 538 लोगों ने लगवाई वैक्सीन।

अफवाहों पर न दें ध्यान कोविड वैक्सीन अवश्य लगवाएं- संयोगिता सिंह चौहान

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विकास खंड माल की ग्राम पंचायत अटारी से महिला प्रधान संयोगिता सिंह कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर काफी गंभीर हैं। वह ग्राम वासियों की सुरक्षा को लेकर दिन पर दिन कड़ी मशक्कत करती नजर आ रही हैं। ग्राम प्रधान की मांग पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में टीकाकरण शिविर लगाया तो ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी और वैक्सीन लगवाई।

ग्राम पंचायत अटारी में लगभग तीन हजार आबादी है। यहां दूसरे कैम्प में 45 वर्ष से अधिक उम्र के 128 और 18 से 44 वर्ष के 410 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए लोग सतर्क होने लगे हैं। गांवों में लगे शिविर में लोगों वैक्सीन लगवाई। गांव में अभी तक कैंप नहीं लगने से लोगों ने प्रधान संयोगिता सिंह चौहान और उनके पति यशवीर सिंह चौहान से शिविर लगवाने की मांग की थी।

इस पर उन्होंने माल सीएचसी के प्रभारी डॉ. विवेक वर्मा से बात की और गांव में कैंप लगाया गया। प्रधान संयोगिता सिंह चौहान ने सबसे पहले खुद को वैक्सीन लगवाकर शिविर का उद्घाटन किया।

इसके बाद वैक्सीन लगवाने के लिए कतार लग गई। 45 वर्ष से अधिक उम्र के 128 और 18 से 44 वर्ष के 410 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। गांव के लोगों ने कहा कि वैक्सीन लगवाकर सरकार जिंदगी बचाने का प्रयास कर रही है, हमें अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ

बिजनौर। राज्यमंत्री / प्रभारी मंत्री जिला बिजनौर, कपिल देव अग्रवाल तथा जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिला महिला अस्पताल प्रांगण स्थित नवनिर्मित ऑक्सीजन प्लांट का विधिवत रूप से फीता काट कर शुभारंभ किया।

इस अवसर पर राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा शासन प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का सफलतापूर्वक प्रयास कर रही है। इसी के साथ राज्य सरकार कोविड- 19 वायरस से नागरिकों की सुरक्षा के प्रति सजग और प्रतिबद्ध है। कोविड की तीसरी लहर की आशंका के दृष्टिगत जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता के लिए आक्सीजन प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्योहारा में एक ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा चुका है। इनके अलावा तीन अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों में ऑकसीजन प्लांट लगभग पूरे हो चुके हैं, जिनको जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने निर्देश दिए कि ओपीडी का कार्य बढ़ायें और स्वास्थ्य सेवाओं पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के अनुरूप सुचारू और सुव्यस्थित और सुव्यस्थित रूप से संचालित करें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, सदर विधायक श्रीमती सुचि चौधरी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सक अधीक्षक महिला अस्पताल डा. प्रभा रानी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके निगम के अलावा भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अब मंडरा रहा कोरोना की तीसरी लहर का खतरा!

देश में अब मंडरा रहा है कोरोना की तीसरी लहर का खतरा। बच्चों पर असर को लेकर NIDM ने बताया खतरनाक।

देश में अब मंडरा रहा कोरोना की तीसरी लहर का खतरा, बच्चों पर असर को लेकर NIDM ने बताया खतरनाक

नई दिल्ली (एजेंसी): राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) के तहत गठित विशेषज्ञों की एक समिति ने कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी दी है।

कोरोना की दूसरी लहर के खतरनाक समय से बाहर निकलने के बाद अब तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। तीसरी लहर को लेकर अब तक कई स्टडी हो चुकी हैं। केंद्र सरकार की भी कोशिश जारी है ताकि कोरोना एक बार फिर देश में हाहाकार न मचा सके। इस बीच विशेषज्ञों का अनुमान है कि कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर के आसपास चरम पर पहुंच सकती है और यह बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। 

PMO को चेतावनी: प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई इस रिपोर्ट में अक्टूबर में कोरोना के फिर से पीक पर होने की आशंका जाहिर की गई है और इसको लेकर केंद्र को चेताया भी गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्थिति में देश में मेडिकल स्टाफ, डॉक्टर्स, नर्सेस, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन के साथ ही दवाओं और मेडिकल उपकरणों की किस तरह व्यवस्था करना होगी। साथ ही सलाह दी गई है कि देश में अब बच्चों के टीकाकरण पर तेजी से काम शुरू किया जाना चाहिए।

अगले महीने रोजाना 4-5 लाख केस: सितंबर में रोजाना आ सकते हैं 4 से 5 लाख केस 
नीति आयोग ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की है। आयोग ने आशंका जताई है कि सितंबर में 4 से 5 लाख कोरोना केस रोजाना आ सकते हैं। हर 100 कोरोना मामलों में से 23 मामलों को अस्‍पताल में भर्ती कराने की व्‍यवस्‍‍था करनी पड़ सकती है। ऐसे में पहले से ही 2 लाख आईसीयू बैड्स तैयार रखने की आवश्यकता है।