Sputnik Light की सिंगल डोज करेगी कोरोना का काम तमाम

कोरोना के खिलाफ भारत की बढ़ी ताकत। अब स्पूतनिक लाइट की सिंगल डोज से होगा काम तमाम।

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  • स्पूतनिक लाइट के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी
  • केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने दी जानकारी
  • कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी है प्रभावी

नई दिल्‍ली (एजेंसी)। कोरोना के खिलाफ देश में जारी टीकाकरण अभियान को अब और मजबूती मिलेगी। महामारी के खिलाफ जारी जंग में भारत को एक और टीके की ताकत मिल गई है। ड्रग्‍स कंट्रोलर जनल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सिंगल डोज स्‍पूतनिक लाइट वैक्‍सीन के इमरजेंसी इस्‍तेमाल को मंजूरी दे दी है। भारत में कोरोना के खिलाफ जारी जंग में यह 9वां टीका होगा।

स्पूतनिक लाइट के इमरजेंसी इस्तेमाल मंजूरी

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को ट्वीट कर कहा, ‘DCGI ने भारत में सिंगल डोज स्‍पूतनिक लाइट कोविड-19 वैक्‍सीन के इमरजेंसी इस्‍तेमाल की अनुमति दे दी है। यह कोविड के खिलाफ देश में लगाई जाने वाली 9वीं वैक्‍सीन है। इससे महामारी से लड़ने में देश के सामूहिक प्रयास को और ताकत मिलेगी।

कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी प्रभावी

बता दें दि स्पूतनिक लाइट सिंगल डोज़ वैक्सीन है, जिसकी सिर्फ 1 डोज़ ही कोरोना के खिलाफ प्रभावी है। स्पूतनिक लाइट की सिंगल डोज ही कोरोना के खिलाफ 93.5 फीसदी प्रभावी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बूस्टर डोज के तौर पर भी बेहद प्रभावी है। स्पूतनिक लाइट वैक्सीन का बूस्टर डोज 6 महीने में लगाने पर ओमिक्रॉन के खिलाफ 100% प्रभावशाली साबित हुआ है।

5 साल तक के बच्चों को टीके की अनुमति मांगी

नई दिल्ली। फाइजर ने बुधवार को अमेरिका से पांच साल तक की आयु वाले बच्चों के लिए उसके टीके को स्वीकृति देने के लिए कहा है। वाशिंगटन में फाइजर ने कहा कि इससे बेहद कम उम्र के अमेरिकी बच्चों को भी मार्च तक टीके लगाने की शुरुआत हो सकती है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए फाइजर तथा उसके सहयोगी बायोएनटेक से पूर्व नियोजित कार्यक्रम से पहले ही और वह सभी आवेदन करने के लिए कहा था।

बच्चों पर कोरोना वैक्सीन का परीक्षण पूरा, कंपनी DCGI को सौंपेगी रिपोर्ट

COVID-19 Vaccine | DCGI Approves Phase II/III Clinical Trial Of Covaxin On  2-18 Year-olds

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत बायोटेक ने अठारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर कोवाक्सिन टीके के दूसरे और तीसरे चरण का परीक्षण पूरा कर लिया है। कंपनी परीक्षण से जुड़े आंकड़े अगले सप्ताह ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) को सौंप सकती है।

परीक्षण में शामिल थे एक हजार बच्चे- भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला ने ये जानकारी देते हुए बताया कि पीडियाट्रिक कोवाक्सिन के दूसरे और तीसरे चरण का परीक्षण पूरा हो गया है। डाटा का अध्ययन जारी है। अगले सप्ताह हम परीक्षण के जुड़े आंकड़े को दवा नियंत्रक को सौंप सकते हैं। परीक्षण में करीब एक हजार बच्चों को शामिल किया गया था।

Bharat Biotech's Covaxin gets DCGI nod to conduct clinical trials on  children - Coronavirus Outbreak News

नाक के जरिये टीका– डॉ. कृष्णा एला ने बताया कि इंट्रानेजल वैक्सीन का भी परीक्षण दूसरे चरण में हैं। उम्मीद है कि अगले माह इसका परीक्षण पूरा हो जाएगा। टीके से नाक के भीतर वायरस के खिलाफ इम्युन रिसपॉन्स बनता है। वायरस जब नाक के जरिए प्रवेश करता है तो ये वायरस को वहीं पर नष्ट कर सकती है। इस टीके का परीक्षण 650 लोगों पर किया गया है।

देश के बाद विदेश- भारत बायोटेक ने ये भी स्पष्ट किया है कि कंपनी दूसरे देशों को भी टीका निर्यात करने को तैयार है। डॉ. एला ने कहा कि अभी हमारी कोशिश देश में टीके की जरूरत को पूरा करना है। देश में टीकाकरण लगभग पूरा हो जाएगा तब आगे इस पर विचार किया जा सकता है।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

स्वदेशी Covaxin को इस सप्ताह मिल सकती है WHO की मंजूरी

भारत की स्वदेशी वैक्सीन Covaxin को इस सप्ताह मिल सकती है WHO की मंजूरी

Good News: भारत की स्वदेशी वैक्सीन Covaxin को इस सप्ताह मिल सकती है WHO की मंजूरी

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत की स्वदेशी वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ को इस सप्ताह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मंजूरी मिल सकती है। जानकारी के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ की मंजूरी के लिए कुछ औपचारिकताएं शेष हैं। इससे पहले कोविशील्ड और स्पू‍तनिक V को पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंजूरी मिल चुकी है। माना जा रहा है कि वैक्सीन के परीक्षण से जुड़े डेटा के प्रकाशित होने के बाद डब्ल्यूएचओ इस वैक्सीन को अपनी मंजूरी दे देगा।

India's “Covaxin” vaccine shows high efficacy against COVID-19 infections  in phase 3 trial | Gavi, the Vaccine Alliance

विदित हो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पिछले महीने ही कहा था कि भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवाक्सिन को आपातकालीन मंजूरी देने पर सितंबर अंत तक फैसला लिया जा सकता है। इस टीके को अभी तक किसी पश्चिमी देश की नियामक संस्था से भी मंजूरी नहीं मिली है।

कोरोना टीका लगाने से पहले जांच लें, असली है या नकली?

कोरोना वैक्सीन कहीं नकली तो नहीं? केंद्र का सभी राज्यों को आदेश, टीका लगाने से पहले करें जांच

As Sputnik V gets nod, how does it compare with Covishield and Covaxin to  fight COVID-19 - A new vaccine for India | The Economic Times

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने से पहले यह जांच कर लें कि कहीं वो नकली तो नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में राज्यों को चिट्ठी लिखी है। सचेत करने के पीछे कारण ये है क्योंकि हाल ही में साउथ ईस्ट एशिया और अफ्रीका में फर्जी कोविशील्ड पाई गई थी। इसके बाद WHO ने नकली वैक्सीन को लेकर अलर्ट किया था।

असली-नकली की पहचान- केंद्र ने राज्यों को एक असली वैक्सीन की पहचान के लिए एक खाका बनाकर भेजा है, जिसे देखकर पहचान की जा सकती है कि वैक्सीन असली है या नकली? इसमें अंतर पहचानने के लिए कोविशील्ड, कोवैक्सिन और स्पुतनिक-V तीनों वैक्सीन पर लेबल, उसके कलर, ब्रांड का नाम क्या होता है, इन सब की जानकारी दी गई है।

सितंबर तक देश को मिल जायेगी सिंगल डोज वैक्सीन

भारत को सितंबर तक मिलेगी सिंगल डोज वैक्सीन। अब तक हो रहा आयात की हुई स्पुतनिक वी का इस्तेमाल। स्पुतनिक लाइट की कीमत 750 रुपए।

Good News: भारत को सितंबर तक मिलेगी सिंगल डोज वैक्सीन, महज इतने रुपए होगी कीमत

नई दिल्ली (एजेंसी) कोरोना वायरस के खिलाफ देश में तैयार हो रही रूसी वैक्सीन स्पुतनिक लाइट सितंबर तक भारत को मिल सकती है। बताया जा रहा है कि सिंगल डोज वाली ये वैक्सीन शुरुआत में सीमित संख्या में उपलब्ध होगी और इसकी कीमत 750 रुपए होगी। कंपनी ने इसके इमरजेंसी यूज के लिए भी आवेदन दे दिया है। भारत में अब तक आयात की हुई स्पुतनिक वी का इस्तेमाल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पैनेशिया ने इमरजेसी यूज की मंजूरी के लिए डोजियर जमा कर दिया है। स्पुतनिक लाइट को रूस की गमालेया इंस्टीट्यूट ने RDIF के समर्थन के साथ तैयार किया है। जुलाई में पेनेशिया बायोटेक ने स्पुतनिक वी वैक्सीन के निर्माण के लिए लाइसेंस लेने का ऐलान किया था।

वहीं रूस ने 6 मई को कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन स्पुतनिक लाइट को मंजूरी दी थी और कहा था कि इससे सामूहिक प्रतिरक्षा प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है। रूस ने जनवरी में स्पुतनिक लाइट का मानव परीक्षण शुरू किया था और अध्ययन अभी भी जारी हैं। स्पुतनिक लाइट रूस में चौथी घरेलू विकसित कोविड वैक्सीन है, जिसे देश में मंजूरी दी गई है।

Vaccine Update: सितंबर से भारत में Sputnik v वैक्सीन का उत्पादन शुरू करेगा  SII, हर साल बनाई जाएंगी 30 करोड़ डोज | Serum to start production of Sputnik  V in India in

वहीं कोरोना वायरस के खिलाफ स्पुतनिक-V की प्रभावी क्षमता 90 फीसदी से अधिक बताई गई है। भारत ने पहली विदेशी वैक्सीन के रूप में इसे 12 अप्रैल को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। डॉ रेड्डीज लैबोरेटरी ने स्पुतनिक-V वैक्सीन के लिए रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) के साथ समझौता किया था।

हाल ही में रूस ने अपनी स्पुतनिक वी कोरोना वैक्सीन के असर को लेकर जानकारी दी थी। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा था कि स्पुतनिक वी कोरोना वैक्सीन 83 फीसदी डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है। ये कोरोनावायरस के सभी नए स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी है।

जश्न-ए -आजादी ट्रस्ट एवं ख़ुशी फॉउण्डेशन के सहयोग से फ्री हेल्थ चेकअप कैम्प का आयोजन

जश्न-ए -आजादी ट्रस्ट एवं ख़ुशी फॉउण्डेशन के सहयोग से फ्री हेल्थ चेकअप कैम्प का आयोजन सम्पन्न

कैंप में इंदु स्कैन एवं लीफोर्ड हेल्थकेयर की टीम भी रही मौजूद

सुनेत्र आई केयर द्वारा की गयी निःशुल्क नेत्र जांच, 300 लोगों की हुई नि:शुल्क जांच

लखनऊ। जश्न-ए -आजादी ट्रस्ट एवं ख़ुशी फॉउण्डेशन के तत्वावधान में वार को ख़ुशी क्लिनिक एंड वेलनेस सेंटर-इंदिरानगर में फ्री हेल्थ चेकअप कैम्प का आयोजन किया गया। इस कैम्प का उद्घाटन डॉक्टर अर्जुन दृवेदी ने किया। उन्होंने जश्न आज़ादी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन प्रत्येक लोगो को करना चाहए।
इस मौके पर करीब 300 लोगों ने प्रशिक्षित चिकित्सकों से अपने स्वास्थ्य की जांच करायी। इस दौरान चिकित्सकों ने लोगों को स्वस्थ रहने के जरूरी टिप्स भी दिए।

खुशी फॉउण्डेशन की ऋचा द्विवेदी ने कहा कि आजादी के इस महापर्व के अवसर पर लोगों की सेवा के लिए बढ़ाया गया यह कदम सराहनीय है। इसके लिए सहयोगी संस्थाओं के प्रति उन्होंने आभार भी जताया और अपेक्षा की, कि आगे भी इसी तरह से लोगों की सेवा के लिए यह लोग तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 अपने पीछे तमाम तरह की बीमारियाँ छोड़ गया है, जिससे लोगों को उबारना इस समय की सबसे बड़ी चुनौती है। इस दिशा में हमारे सम्मानित चिकित्सक बराबर प्रयासरत हैं और लोगों को उचित सलाह और इलाज के जरिये उबार रहे हैं, इसमें परिवार का सहयोग भी ऐसे लोगों के लिए बहुत जरूरी है।

इस मौके पर लोगों की जांच करने वालों में वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ सत्येंद्र तिवारी, नेत्र विशेषज्ञ डॉ सौरभ सिंह, डॉ आशीष शिवहरे, डॉ वेदपति मिश्रा, डॉ अलका सक्सेना, डॉ अंशु, डॉ विनीता द्विवेदी, डॉ अश्मीना, डॉ ऐ के द्विवेदी, डॉ आर ऍन द्विवेदी , डॉ अनिल चौधरी शामिल रहे ।

इस हेल्थ चेकअप के दौरान इंदु स्कैन द्वारा वीमेन वैलनेस टीम की तरफ से निशांत निगम, प्रवेश सक्सेना भी उपस्थित रहे एवं टीम द्वारा कई जांचें निःशुल्क प्रदान की गयीं। वहीं सुनेत्र के डॉ सौरभ सिंह द्वारा लोगों की निःशुल्क आखों की जांच की गयी।

कैंप के दौरान वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि जिस तरह covid-19 के कारण लोग तनाव में जी रहे हैं, उससे उबारने में लोगों की मदद के लिए चिकित्सा जगत उनसे कंधे से कन्धा मिलाकर खड़ा है।

इंदु स्कैन की टीम द्वारा इस कैंप के दौरान एक लकी ड्रा भी किया गया। इस अवसर पर मुफ्त इलाज पाकर लोग खुश नजर आये। इंदिरा नगर सी ब्लाक की फरहाना परवेज़ ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कमर दर्द से परेशान थी, आज यहाँ पर डाक्टर को दिखाया तो उन्होंने कुछ दवा देने के साथ ही कुछ योगा के बारे में भी बताया और कहा कि लगातार योग करने से यह समस्या दूर हो जायेगी।

कैंप के दौरान जश्न-ए –आजादी ट्रस्ट से वामिक खान, मुर्तुज़ा अली, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद, कमरुद्दीन, संतराम यादव, खुशी फाउंडेशन से एस ऍन लाल, ऋचा द्विवेदी, विजय, अनुज शर्मा, आदर्श, दिलीप वहीं इंदु स्कैन से निशांत निगम, प्रवेश सक्सेना, डॉ अश्मीना एवं लीफोर्ड हेल्थ केयर से राजेंदर पल (RSM ), अश्विनी कुमार, संजीव भार्गव एवं यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (शान- ऐ – अवध यूनिट) से पंकज श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

जश्न-ए -आजादी ट्रस्ट एवं ख़ुशी फॉउण्डेशन के सहयोग से फ्री हेल्थ चेकअप कैम्प का आयोजन

जश्न-ए -आजादी ट्रस्ट एवं ख़ुशी फॉउण्डेशन के सहयोग से फ्री हेल्थ चेकअप कैम्प का आयोजन सम्पन्न

कैंप में इंदु स्कैन एवं लीफोर्ड हेल्थकेयर की टीम भी रही मौजूद

सुनेत्र आई केयर द्वारा की गयी निःशुल्क नेत्र जांच, 300 लोगों की हुई नि:शुल्क जांच

लखनऊ। जश्न-ए -आजादी ट्रस्ट एवं ख़ुशी फॉउण्डेशन के तत्वावधान में वार को ख़ुशी क्लिनिक एंड वेलनेस सेंटर-इंदिरानगर में फ्री हेल्थ चेकअप कैम्प का आयोजन किया गया। इस कैम्प का उद्घाटन डॉक्टर अर्जुन दृवेदी ने किया। उन्होंने जश्न आज़ादी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन प्रत्येक लोगो को करना चाहए।
इस मौके पर करीब 300 लोगों ने प्रशिक्षित चिकित्सकों से अपने स्वास्थ्य की जांच करायी। इस दौरान चिकित्सकों ने लोगों को स्वस्थ रहने के जरूरी टिप्स भी दिए।

खुशी फॉउण्डेशन की ऋचा द्विवेदी ने कहा कि आजादी के इस महापर्व के अवसर पर लोगों की सेवा के लिए बढ़ाया गया यह कदम सराहनीय है। इसके लिए सहयोगी संस्थाओं के प्रति उन्होंने आभार भी जताया और अपेक्षा की, कि आगे भी इसी तरह से लोगों की सेवा के लिए यह लोग तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 अपने पीछे तमाम तरह की बीमारियाँ छोड़ गया है, जिससे लोगों को उबारना इस समय की सबसे बड़ी चुनौती है। इस दिशा में हमारे सम्मानित चिकित्सक बराबर प्रयासरत हैं और लोगों को उचित सलाह और इलाज के जरिये उबार रहे हैं, इसमें परिवार का सहयोग भी ऐसे लोगों के लिए बहुत जरूरी है।

इस मौके पर लोगों की जांच करने वालों में वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ सत्येंद्र तिवारी, नेत्र विशेषज्ञ डॉ सौरभ सिंह, डॉ आशीष शिवहरे, डॉ वेदपति मिश्रा, डॉ अलका सक्सेना, डॉ अंशु, डॉ विनीता द्विवेदी, डॉ अश्मीना, डॉ ऐ के द्विवेदी, डॉ आर ऍन द्विवेदी , डॉ अनिल चौधरी शामिल रहे ।

इस हेल्थ चेकअप के दौरान इंदु स्कैन द्वारा वीमेन वैलनेस टीम की तरफ से निशांत निगम, प्रवेश सक्सेना भी उपस्थित रहे एवं टीम द्वारा कई जांचें निःशुल्क प्रदान की गयीं। वहीं सुनेत्र के डॉ सौरभ सिंह द्वारा लोगों की निःशुल्क आखों की जांच की गयी।

कैंप के दौरान वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि जिस तरह covid-19 के कारण लोग तनाव में जी रहे हैं, उससे उबारने में लोगों की मदद के लिए चिकित्सा जगत उनसे कंधे से कन्धा मिलाकर खड़ा है।

इंदु स्कैन की टीम द्वारा इस कैंप के दौरान एक लकी ड्रा भी किया गया। इस अवसर पर मुफ्त इलाज पाकर लोग खुश नजर आये। इंदिरा नगर सी ब्लाक की फरहाना परवेज़ ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कमर दर्द से परेशान थी, आज यहाँ पर डाक्टर को दिखाया तो उन्होंने कुछ दवा देने के साथ ही कुछ योगा के बारे में भी बताया और कहा कि लगातार योग करने से यह समस्या दूर हो जायेगी।

कैंप के दौरान जश्न-ए –आजादी ट्रस्ट से वामिक खान, मुर्तुज़ा अली, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद, कमरुद्दीन, संतराम यादव, खुशी फाउंडेशन से एस ऍन लाल, ऋचा द्विवेदी, विजय, अनुज शर्मा, आदर्श, दिलीप वहीं इंदु स्कैन से निशांत निगम, प्रवेश सक्सेना, डॉ अश्मीना एवं लीफोर्ड हेल्थ केयर से राजेंदर पल (RSM ), अश्विनी कुमार, संजीव भार्गव एवं यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (शान- ऐ – अवध यूनिट) से पंकज श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

बार एसोसिएशन की मांग पर तहसील मलिहाबाद में हुआ टीकाकरण

लखनऊ। बार एसोसिएशन के महामंत्री रामसिंह यादव एडवोकेट की मांग पर उपजिलाधिकारी मलिहाबाद अजय कुमार राय के निर्देश पर स्वास्थ विभाग ने कोविड-19 वेक्सीन कैम्प लगाकर टीकाकरण कराया।

मलिहाबाद तहसील के सरोजिनी नायडू सभागार में गुरुवार को अधिवक्ता आनन्द, अधिवक्ता प्रवेश सिंह, अधिवक्ता रामभरोसे, अधिवक्ता शारिक, अधिवक्ता अनुराग, सरोज, अधिवक्ता हेमनाथ, अधिवक्ता यूसुफ़, अधिवक्ता मनोज, अधिवक्ता शिवनारायण, अधिवक्ता अभिषेक, अधिवक्ता शुभम तिवारी, मोहम्मद मुद्शिर, शाकिब, कपिल यादव, देवेंद्र सिंह, रिलेश, ओम प्रकाश आदि अधिवक्ता सहित तहसील कर्मचारियों ने बढ़ चढ़ कर टीकाकरण में भाग लिया। साथ ही अन्य लोगों को टीका लगवाने हेतु जागरूक किया। इस कैम्प में 35 लोगों का टीकाकरण हुआ। मलिहाबाद बार के महामंत्री राम सिंह यादव ने बताया कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने के लिए टीकाकरण अति आवश्यक हो गया है। सरकारी कार्यों में व्यवधान ना पड़े, इस उद्देश्य को देखते हुए एसडीएम मलिहाबाद से तहसील प्रांगण में भी अधिवक्ताओं के टीकाकरण का निवेदन किया गया था, जिसके अनुरूप गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण किया गया।

टीके की दोनों खुराक नहीं, तो तनख्वाह भी नहीं

कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक न लेने वालों को नहीं मिलेगी सैलेरी, निर्देश जारी

कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक न लेने वालों को नहीं मिलेगी सैलेरी, निर्देश जारी 

चंडीगढ़। तीसरी लहर की आशंका और टीकाकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने सख्त फैसला लिया है। अब कोरोनारोधी टीके की दोनों डोज नहीं लगवाने वाले फ्रंटलाइन कर्मचारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। साथ ही फैसला लिया गया है कि अब दूसरी डोज लगवाने वालों को प्राथमिकता दें, ताकि अधिक से अधिक आबादी सुरक्षित हो सके।

प्रदेश में 18 साल से ऊपर के करीब 1.80 करोड़ लोगों में से 4.50 लाख फ्रंटलाइन कर्मचारी हैं। इनमें स्वास्थ्य, पुलिस, सफाईकर्मी, बिजली, पंचायती विभाग के लोग शामिल हैं।

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सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल 60 हजार पुलिस कर्मचारियों में से 58 हजार ने पहली और 49 हजार ने दोनों डोज ली है। इसके अलावा, सफाई कर्मचारियों समेत अन्य कर्मी पहली के बाद दूसरी डोज लेने नहीं आ रहे हैं। पहली और दूसरी लहर में प्रदेश में कोरोना से छह डॉक्टरों समेत 50 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, 45 पुलिसकर्मी और 43 बिजली कर्मी कोरोना से जान गंवा चुके हैं, इसलिए सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। 

हरियाणा में 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण के बाद अब तक कुल 1 करोड़ 23 लाख 86741 लोग खुराक ले चुके हैं। इनमें से 68,53,966 पुरुष हैं और 55,30,494 महिलाएं हैं। 96,90, 776 ने पहली और 26, 95,965 ने दोनों डोज ली हैं। केंद्र से कम वैक्सीन मिलने के कारण कम लोगों को वैक्सीन मिल पाई है। 

आयु वर्ग की बात करें तो सबसे अधिक टीका लगवाने वालों में युवा शामिल हैं। 18 से 44 साल के बीच के 59,06652 युवाओं ने टीका लगवाया है, जबकि 45 से 60 साल के 3467165 ने टीका लगवाया है। सबसे कम 60 साल से अधिक आयु वाले 30,12924 लोग हैं। 

वैक्सीन: भागूवाला क्षेत्र को बाद में कवर कर लेंगे!

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। कोविड-19 वैक्सीनेशन ना होने से नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया है। दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने वैक्सीनेशन कराने की मांग उठाई है। बताया गया है कि काफी संख्या में ग्रामीणों को पहली खुराक भी नहीं मिली, वहीं चिकित्सा प्रभारी नजीबाबाद का कहना है कि भागूवाला क्षेत्र को बाद में कवर कर लेंगे।

ग्रामीण कोविड-19 का टीका लगवाने को परेशान-
नजीबाबाद तहसील क्षेत्र अंतर्गत भागूवाला क्षेत्र के राजगढ़, जसपुर, रामपुर चाठा, रामदासवाली, सबलगढ़, श्यामीवाला, काशीरामपुर, मिर्जापुर, कोटसराय, कोटावाली इत्यादि गांव के ग्रामीण कोविड-19 का टीका लगवाने को परेशान हैं। काफी संख्या में ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें कोविड-19 की पहली खुराक भी प्राप्त नहीं हुई है। कुछ ग्रामीण ऐसे हैं जिन्हें दूसरी डोज को लगभग 65-70 दिन हो गए हैं। ग्रामीण शाहनवाज, मुकेश, शरीफ, वीरेंद्र, मुकेश आर्य, अब्दुला, अब्दुल हनीफ, अनीश, सलीम, खालिक, मुकेश, विरेंदर, जमीर, शौकत, जाकिर इत्यादि का कहना है की टीवी में, अखबारों पर तीसरी लहर का खतरा सिर पर मंडराता दिखाया, बताया रहा है। हमारे क्षेत्र में हम लोगों को अभी कोरोना की पहली खुराक भी नहीं मिल पाई है। ऐसे में हमारी जान माल की सुरक्षा कैसे होगी? ग्रामीणों ने मांग की है कि भागूवाला में कैंप लगाकर ग्रामीणों को टीके लगवाए जाएं, जिससे कोविड-19 की तीसरी लहर से बचा जा सके।
वहीं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजीत सिंह का कहना है कि अभी तक  वैक्सीन की कमी थी पहले मंडावली और नांगल सोती में वैक्सीनेशन कराया जा रहा है, बाद में भागूवाला क्षेत्र को कवर कर लेंगे।

बच्चों की कोविड वैक्सीन देश में आ सकती है अगले महीने

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, इंतजार खत्म। भारत में अगले महीने आ सकती है बच्चों की कोविड वैक्सीन

इंतजार खत्म, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया- भारत में अगले महीने से आ सकती है बच्चों की कोविड वैक्सीन

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। अगस्त महीने में ही भारत में बच्चों के लिए कोरोना रोधी टीका आ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक के दौरान यह जानकारी दी है। अभी तक देश में 18 साल या उससे ऊपर की आयु वाले व्यस्कों को ही कोरोना रोधी टीका दिया जा रहा है। 

एक रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक के दौरान बताया कि सरकार संभवतः अगले महीने से बच्चों को टीका लगाना शुरू कर देगी। एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने और फिर से स्कूल खोलने के लिए बच्चों को टीका दिया जाना एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। अब तक देश में सितंबर महीने तक बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन आने की संभावना जताई जा रही थी।

एम्स चीफ डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी बीते दिनों यह कहा था कि देश में सितंबर तक बच्चों को टीका लगना शुरू किया जा सकता है। उन्होंने इसके पीछे कारण बताया था कि जाइडस कैडिला ने ट्रायल कर लिया है और उसे आपात इस्तेमाल की मंजूरी का इंतजार है। भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का ट्रायल भी बच्चों पर अगस्त या सितंबर तक पूरा हो सकता है। वहीं, फाइजर की वैक्सीन को अमेरिकी नियामक से आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में उम्मीद है कि भारत में भी सितंबर तक बच्चों को टीका लगाने का अभियान शुरू हो जाएगा। 

विदित हो कि देश में अभी तक कोरोना रोधी टीके की 44 करोड़ खुराकें दी जा चुकी है। इस साल के अंत तक देश की पूरी व्यस्क आबादी का टीकाकरण करने की योजना केंद्र सरकार ने बनाई हुई है।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को दीं टीके की 37.43 करोड़ से अधिक खुराक

कोविड-19 टीकाकरण की ताज़ा जानकारी


नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार) राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड-19 टीके की 37.43 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। वहीं राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों के पास अब भी टीके की 1.67 करोड़ से अधिक अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल हुई खुराकें मौजूद, जिन्हें लगाया जाना है।

Ministry of Health and Family Welfare द्वारा बताया गया है कि केंद्र सरकार देश भर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 के टीकों की सर्व-उपलब्धता का नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू किया गया है। टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।

75 प्रतिशत टीके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क- देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क प्रदान करेगी।

केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रकार के स्रोतों से अब तक वैक्सीन की 37.43 करोड़ से अधिक (37,43,25,560) खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रदान की गई हैं। इसके अलावा 48,65,110 खुराकें भेजे जाने की तैयारी है।

आज आठ बजे सुबह तक उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से उपरोक्त खुराकों में से बेकार हो जाने वाली खुराकों को मिलाकर कुल 35,75,98,947 खुराकों की खपत हो चुकी है।

अभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों के पास कोविड-19 टीके की 1.67 करोड़ से अधिक (1,67,26,613) अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें बची हैं, जिन्हें लगाया जाना है।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दी गईं टीके की 36.97 करोड़ से अधिक खुराक

Ministry of Health and Family Welfare

कोविड-19 टीकाकरण की ताज़ा जानकारी

नरेश कुमार एकलव्य बाण समाचार

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की 36.97 करोड़ से अधिक खुराकें दी गईं

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पास अब भी टीके की 2.01 करोड़ से अधिक खुराकें मौजूद, जिन्हें लगाया जाना है
Posted Date:- Jul 05, 2021

नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश भर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 के टीकों की सर्व-उपलब्धता का नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू किया गया है। टीकाकरण अभियान को अधिक से अधिक वैक्सीन की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड वैक्सीन प्रदान करके उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क प्रदान करेगी।

केंद्र सरकार द्वारा सभी प्रकार के स्रोतों से अब तक वैक्सीन की 36.97 करोड़ से अधिक (36,97,70,980) खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रदान की गई हैं।

आज आठ बजे सुबह तक उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से उपरोक्त खुराकों में से बेकार हो जाने वाली खुराकों को मिलाकर कुल 34,95,74,408 खुराकों की खपत हो चुकी है।

अभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों के पास कोविड-19 टीके की 2.01 करोड़ से अधिक (2,01,96,572) खुराकें बची हैं, जिन्हें लगाया जाना है।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को प्रदान की गईं टीके की 31.51 करोड़ से अधिक खुराक

कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ी नवीनतम जानकारी। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की 31.51 करोड़ से अधिक खुराक प्रदान की गयीं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पास अब भी टीके की 1.15 करोड़ से अधिक खुराक उपलब्ध हैं।

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार) केंद्र सरकार पूरे देश में कोविड-19 टीकाकरण की रफ्तार तेज करने और दायरा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोविड-19 टीके की व्यापक उपलब्धता से जुड़ा नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू हुआ। टीकाकरण अभियान और टीकों की उपलब्धता के साथ, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को टीकाकरण उपलब्धता की अग्रिम जानकारी देकर तेज किया गया ताकि टीकों को लेकर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश बेहतर योजना बना सकें और टीकों की आपूर्ति श्रृंखला सुव्यवस्थित की जा सके।

PIB की विज्ञप्ति में बताया गया कि राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत भारत सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड टीके उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रही है। सबको टीका उपलब्ध कराने से जुड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान के नये चरण के तहत केंद्र सरकार देश में टीका विनिर्माताओं द्वारा उत्पादित 75 प्रतिशत टीके खरीदेगी और उनकी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को (नि:शुल्क) आपूर्ति करेगी।

भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड टीके की 31.51 करोड़ से अधिक खुराक (31,51,43,490) मुफ्त श्रेणी और राज्यों द्वारा सीधी खरीद की श्रेणी के माध्यम से प्रदान की है। इसमें से कुल खपत (अपव्यय सहित) 30,35,97,466 खुराक (आज सुबह आठ बजे उपलब्ध आंकड़े के अनुसार) है।

राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पास अब भी टीके की 1.15 करोड़ से ज्यादा (1,15,46,024) खुराक उपलब्ध हैं, जिन्हें दिया जाना बाकी है। इसके अलावा टीके की 20,48,960 से ज्यादा खुराक प्रक्रियारत हैं और अगले तीन दिनों में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को प्रदान कर दी जाएंगी।

भारतीय जनता पार्टी के पोस्ट कोविड सेंटर शुरू

“सिंह नर्सिंग होम” पर पोस्ट कोविड सेंटर- बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी की ओर से संगठन के निर्देश पर क्षेत्रीय संयोजक सहकारिता प्रकोष्ठ एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. बीरबल सिंह के “सिंह नर्सिंग होम” पर पोस्ट कोविड सेंटर का उद्घाटन जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि एवं वरिष्ठ भाजपा नेता एडवोकेट सत्यवीर त्यागी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि, कविता चौधरी, क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, जिला संयोजक (पोस्ट कोविड सैंटर ) दिनेश सैनी, जिला महामंत्री, विनय राणा, जिला उपाध्यक्ष सुभाष चौहान, जिला संयोजक निकाय प्रकोष्ठ शेखर चौधरी, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष सतीश राजपूत, सविता शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू, नि. जिला मीडिया प्रभारी संजय त्यागी, विजेंद्र सिंह, नेहा पंडित, जिला संयोजक आईटी विभाग विपुल शर्मा आदि मौजूद रहे।

जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि के अनुसार सिंह नर्सिंग होम के डायरेक्टर डॉ. बीरबल सिंह के साथ डॉ. नवनीत गर्ग एवं डॉ. तेजपाल सिंह द्वारा सुबह 10 बजे से 2 बजे तक, उन व्यक्तियों को निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा, जो व्यक्ति कोरोना संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं। पोस्ट कोविड सेंटर पर स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या के लिये सुबह 10 बजे से 2 बजे तक निःशुल्क परामर्श सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक की संचालक श्रीमती इंदिरा सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया।

“नारायण स्पेशलिटी हॉस्पिटल” में पोस्ट कोविड सेंटर– बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी की ओर से संगठन के निर्देशानुसार “नारायण स्पेशलिटी हॉस्पिटल” नजीबाबाद रोड़, बिजनौर में “पोस्ट कोविड सेंटर”का उद्घाटन परिवहन मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार अशोक कटारिया के कर कमलों द्वारा किया गया।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि, जिला संयोजक (पोस्ट कोविड सैंटर) दिनेश सैनी, जिला महामंत्री विनय राणा, भूपेंद्र चौहान बॉबी, मुकेन्द्र त्यागी, विवेक कर्णवाल, दयाशंकर राणा, विपुल शर्मा, पुष्पेंद्र त्यागी आदि उपस्थित रहे।

जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि के अनुसार
“नारायण स्पेशलिटी हॉस्पिटल” के डायरेक्टर डॉ. अमित नारायण के साथ डॉ. अरिहंत एवं डॉ. मेजर पंकज कुमार सिंह द्वारा प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से 2:00 बजे तक, उन व्यक्तियों को निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा जो व्यक्ति कोरोना संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं।

महिला प्रधान ने गांव में शुरू कराया कोरोना टीकाकरण अभियान

यूपी की महिला प्रधान ने गांव में शुरू कराया कोरोना टीकाकरण अभियान

महिला ग्राम प्रधान संयोगिता सिंह चौहान ने स्वयं कार चलाकर माल सीएचसी तक महिलाओं को पहुंचाया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में युवाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया और सफलता भी मिली।
युवा प्रधानों के लिये गाँव के विकास के साथ साथ कोरोना महामारी से निपटने की बड़ी चुनौती है।

गांवों में में कोरोना से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रधानों को जिम्मेदारी देने का काम किया। प्रधान भी अपने अपने पंचायतों में साफ सफाई छिड़काव का काम कर रहे हैं।

राजधानी लखनऊ के ब्लॉक माल के ग्राम पंचायत अटारी के राजा बलवीर सिंह की बहू संयोगिता सिंह चौहान ने प्रधान पद की शपथ लेते ही सबसे पहले कोरोना महामारी से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी की।

उन्होंने सबसे पहले पंचायत में साफ सफाई, छिड़काव कराया। आज स्वयं कोविड वैक्सिनेशन के साथ साथ व ग्रामीणों को जागरूक कर टीकाकरण कराने का काम किया जो शायद यूपी का पहला ग्राम पंचायत होगा।

ग्राम पंचायत अटारी प्रधान संयोगिता चौहान द्वारा ग्रामीणों को सीएचसी तक पहुँचाने के लिए पुरुषों को साधन उपलब्ध कराया। वहीं महिलाओं को स्वयं टीकाकरण स्थल तक पहुचाने का काम किया।

प्रतिदिन दो हजार वैक्सीनेशन कराने का लक्ष्य

बिजनौर। कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने एवं वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से टास्क फोर्स की बैठक लेकर एसडीएम नजीबाबाद ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

तहसील में प्रतिदिन दो हजार लोगों का वैक्सीनेशन कराने का लक्ष्य दिया गया है। बुधवार को एसडीएम परमानंद झा ने टास्क फोर्स की बैठक ली। चिकित्सा विभाग सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग किरतपुर तथा क्षेत्रीय प्रशासनिक अधिकारियों को वैक्सीनेशन का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। एसडीएम ने संक्रमण रोकने के लिए समाज को जागरुक करने, समय-समय पर कोविड की जांच करवाने, 45 वर्ष से अधिक के लोगों को शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन कराने के लिए टास्क फोर्स प्रतिनिधियों को निर्देश दिए। एसडीएम ने चिकित्सा विभाग को प्रतिदिन दो हजार लोगों का वैक्सीनेशन लक्ष्य प्राप्त करने और आवश्यक वैक्सीनेशन की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। टास्क फोर्स की बैठक में चिकित्सा प्रभारी डॉ. अजीत सिंह, बीईओ इशकलाल, ईओ विजयपाल सिंह, हरिनारायण सिंह, एचएल पटेल, पूर्ति अधिकारी अमित कुमार, बाल विकास विभाग की रेखा अंबेडकर, सुमन प्रजापति, ईश्वर आनंद, अमित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। 

खुद टीका लगवाएं और दूसरों से निवेदन करें: चौधरी ईशम सिंह

बिजनौर। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुस्सेपुर, राजारामपुर तुलसी के प्राथमिक विद्यालय में कोरोना वायरस से बचाव हेतु टीकाकरण कराया गया। इस ग्राम पंचायत में 45 वर्ष से ऊपर के नागरिकों का टीकाकरण किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने सभी ग्राम वासियों से अधिक से अधिक संख्या में कोरोना वायरस से बचाव हेतु टीकाकरण में भाग लेकर टीके लगवाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हम सबके उत्तम स्वास्थ्य के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। हमें भी सरकार एवं कोरोना वायरस की इस जंग में अहम भूमिका निभा रहे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का सहयोग करते हुए स्वयं एवं अपने पास पड़ोस में निवास करने वाले नागरिकों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करना चाहिए। हम सब खुद टीका लगवाएं और दूसरों से टीका लगवाने की निवेदन करें। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने टीके लगवाए। स्वास्थ्य विभाग से आई हुई टीम ने वैक्सीनेशन का कार्य किया।

उनके सहयोग हेतु वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल दीपक त्यागी, वेद प्रकाश राजपूत, राशन डीलर अनीता देवी, आंगनवाड़ी कार्यकत्री अनीता देवी, शिक्षा मित्र चंद्र प्रकाश सैनी, पहल सिंह गुर्जर, साधु राम गुर्जर, सुमित कुमार, नरपाल सिंह, जयवती देवी, अनीता देवी, बेबी रानी, जोगेंद्र सिंह, गौरव भाटी आदि का विशेष योगदान रहा।

18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों को निःशुल्क टीका

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए कोरोना महामारी में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया। इस महामारी को पिछले सौ वर्षों में सबसे बड़ी आपदा बताते हुए, उन्होंने इसे एक ऐसी महामारी के रूप में चिन्हित किया जिसे आधुनिक दुनिया में न तो देखा गया और न ही अनुभव किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने इस महामारी से कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ी। श्री मोदी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

दो सप्ताह में अमल- टीकाकरण की रणनीति पर पुनर्विचार करने और 1 मई से पहले की व्यवस्था को वापस लाने की कई राज्यों की मांग को देखते हुए, प्रधानमंत्री ने घोषणा की, कि राज्यों के जिम्मे जो 25 प्रतिशत टीकाकरण था, उसे अब भारत सरकार द्वारा करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय को दो सप्ताह में अमल में ला दिया जाएगा। दो सप्ताह में केन्द्र और राज्य नए दिशानिर्देशों  के मुताबिक जरूरी तैयारियां करेंगे। प्रधानमंत्री ने आगे घोषणा की, कि आगामी 21 जून से, भारत सरकार 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों को मुफ्त टीका प्रदान करेगी। भारत सरकार टीके के उत्पादकों के कुल उत्पादन का 75 प्रतिशत खरीदेगी और राज्यों को मुफ्त मुहैया कराएगी। किसी भी राज्य सरकार को टीकों के लिए कुछ भी खर्च नहीं करना होगा। अब तक करोड़ों लोगों को मुफ्त टीका मिल चुका है, अब इसमें 18 वर्ष वाले आयु – वर्ग को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस बात को दोहराया कि भारत सरकार सभी नागरिकों को मुफ्त टीके उपलब्ध कराएगी।

केवल 150 रुपए का सर्विस चार्ज- श्री मोदी ने बताया कि निजी अस्पतालों द्वारा 25 प्रतिशत टीकों की सीधी खरीद की व्यवस्था जारी रहेगी। राज्य सरकारें इस बात की निगरानी करेंगी कि निजी अस्पतालों द्वारा टीकों की निर्धारित कीमत पर केवल 150 रुपए का सर्विस चार्ज लिया जाए।

दीपावली तक मुफ्त अनाज- एक अन्य बड़ी घोषणा के तहत, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को दीपावली तक बढ़ाने के निर्णय से अवगत कराया। यानी नवंबर तक, 80 करोड़ लोगों को हर महीने निर्धारित मात्रा में मुफ्त अनाज मिलता रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महामारी के दौरान सरकार गरीबों के साथ उनकी सभी जरूरतों के लिए उनके दोस्त के रूप में खड़ी है।

मेड इन इंडिया टीका बेहद महत्वपूर्ण- प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर, टीके बनाने वाली कंपनियां और देश टीकों की वैश्विक मांग की तुलना में काफी पीछे हैं। ऐसी परिस्थिति में, मेड इन इंडिया टीका भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। प्रधानमंत्री ने कहा कि अतीत में, विदेशों में विकसित होने के दशकों बाद भारत को टीके मिलते थे।

कई तरह के दबाव डाले गए- प्रधानमंत्री ने टीकाकरण अभियान के बारे में विभिन्न हलकों की ओर से आने वाले अलग-अलग विचारों पर प्रकाश डाला। ज्योंहि कोरोना के मामले घटने लगे, राज्यों के लिए विकल्प की कमी को लेकर सवाल उठने लगे और कुछ लोगों ने सवाल किया कि केन्द्र सरकार सब कुछ क्यों तय कर रही है। लॉकडाउन में लचीलापन और सभी पर एक ही तरह की बात लागू नहीं होती के तर्क को आगे बढ़ाया गया। श्री मोदी ने कहा कि 16 जनवरी से अप्रैल के अंत तक भारत का टीकाकरण कार्यक्रम ज्यादातर केन्द्र सरकार के अधीन चलाया गया। सभी के लिए नि:शुल्क टीकाकरण का काम आगे बढ़ रहा था और लोग अपनी बारी आने पर टीकाकरण कराने में अनुशासन दिखा रहे थे। इन सबके बीच टीकाकरण के विकेंद्रीकरण की मांग उठाई गई और कुछ आयु वर्ग के लोगों को प्राथमिकता देने के निर्णय की बात उठाई गई। कई तरह के दबाव डाले गए और मीडिया के कुछ हिस्से ने इसे अभियान के रूप में चलाया।

टीकाकरण के खिलाफ अफवाह फैलाने वालों के बारे में आगाह- प्रधानमंत्री ने टीकाकरण के खिलाफ अफवाह फैलाने वालों के बारे में आगाह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे तत्व लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं और इनके खिलाफ सतर्क रहने की जरूरत है।

My address to the nation. Watch. https://t.co/f9X2aeMiBH— Narendra Modi (@narendramodi) June 7, 2021

वैक्सीन लगवाने को BJP भेज रही पीले चावल

वैक्सीन लगवाने को लोगों को मना रही BJP, निकाला अनूठा तरीका, भेजे जा रहे पीले चावल वाले पोस्टकार्ड

नई दिल्ली। पूरे देश में लोगों की सुरक्षा हेतु वैक्सीन लगवाने का अभियान चलाया जा रहा है ताकि महामारी से जल्द से जल्द राहत पा सकें। केंद्र व राज्य अपने स्तर पर प्रयासरत हैं. हालांकि वैक्सीन की कमी की भी शिकायत आ रही है।

इस बीच मध्य प्रदेश में वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए BJP ने एक विशेष और अनूठा तरीका निकाला है। भोपाल में लोगों के घरों पर पोस्टकार्ड के जरिये पीले चावल भेजकर कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

दरअसल कई जगहों से लोगों के द्वारा वैक्सीन नहीं  लगवाने की खबर आ रही है। कोई डर रहा है तो कोई भ्रम के कारण ऐसा कर रहा है। इसलिए BJP कार्यकर्ताओ द्वारा इसका भी इलाज ढूँढा गया है इसलिए अब उन्होंने सबके घर पोस्टकार्ड भेजने का निर्णय लिया है। कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा क़ि कुछ भ्रम फैला रहे हैं, हम हक़ीकत फैलाएंगे। इसमें उन्होंने पीले चावल लगा लोगों से स्वयं और अपने, अपनों और मित्रों इत्यादि को भी प्रोत्साहित कर टीका लगवाने का आग्रह किया गया है।

वैक्सीनेशन अपनाएं जीवन सुरक्षित बनाएं” का नारा देकर चलाया जागरूकता अभियान

तहसीलदार मलिहाबाद ने “वैक्सीनेशन अपनाएं जीवन सुरक्षित बनाएं” का नारा देकर चलाया जागरूकता अभियान

लखनऊ। तहसीलदार मलिहाबाद शंभू शरण ने वैक्सीनेशन के लिए जन जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को वैक्सीनेशन के लिए जागरूक किया। वैक्सीनेशन जागरूकता अभियान के दौरान उन्होंने “वैक्सीनेशन अपनाएं जीवन सुरक्षित बनाए” का नारा भी दिया।
ग्राम पंचायत भतोइयां में तहसीलदार व ग्राम विकास अधिकारी ने ग्रामीणों को टीकाकरण के के बारे में बताते हुए कहा कि वैक्सीनेशन पूरी तरह सुरक्षित है और वैक्सीनेशन के बाद ही पूरी तरह से कोविड 19 को हराया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के लिए जाने वाले लोगों के लिए बस की व्यवस्था की जाएगी ।जिससे कि ग्रामीणों को आने जाने में कोई दिक्कत न हो।

भतोइयां ग्राम पंचायत में तहसीलदार शम्भू शरण व ग्राम विकास अधिकारी अमरदीप वर्मा प्रधान शमीम जहाँ ने अपनी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए जागरूक करते हुए टीकाकरण कराने की अपील कर प्रेरित किया। ग्राम विकास अधिकारी अमरदीप वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत भतोइयां में मौजूदा वक्त में कोरोना संक्रमण का कोई केस नहीं है जिसको देखते हुए अब ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिससे ग्रामीण इलाकों में पूरी तरह से संक्रमण का खात्मा किया जा सके।

ग्रामीणों की शंका को किया दूर

टीकाकरण से जुड़ी अफवाहों के बारे में शंभू शरण ने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दे, यह वैक्सीन हमारी आपकी सुरक्षा के लिए बनी है। इस महामारी को हराने के लिए टीकाकरण के लिए सभी को आगे आना है। खास कर मास्क व दो गज की दूरी का इस्तेमाल अवश्य करना है। तहसीलदार द्वारा प्रेरित पर ग्रामीण सन्तुष्ट होते हुए वैक्सीनेशन कराने के लिए राजी हुए।

लाहक खुर्द में 99 ग्रामीणों ने लगवाया टीका

बिजनौर। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत लाहक खुर्द में कोरोना वायरस से बचाव हेतु टीकाकरण कराया गया। इस ग्राम पंचायत में 45 वर्ष से ऊपर के नागरिकों का टीकाकरण किया गया। ग्राम पंचायत में 99 ग्रामवासियों ने टीका लगवाया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से आई हुई टीम ने वैक्सीनेशन का कार्य किया।

उनके सहयोग हेतु ग्राम प्रधान राकेश कुमार, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल सागर कुमार, सहदेव प्रजापति भाजपा के बूथ अध्यक्ष राजू गुप्ता, शिवराज सिंह प्राथमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक मा दिलशाद अहमद, महिपाल सिंह, आंगनवाड़ी भारती देवी, अंजू गुप्ता, आशा सोनाली सिंह, बबली प्रजापति, राशन डीलर मो. यासीन,कमरुद्दीन आदि का विशेष योगदान रहा।

कोरोना के खिलाफ जंग में इस दवा को मिली मंजूरी

drdo

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से निपटने के लिए भारत तेजी से प्रभावी कदम उठा रहा है। डीआरडीओ की एक लैब इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज द्वारा डॉक्टर रेड्डी की लैब के साथ मिलकर बनाई गई कोरोना की ओरल दवा- 2- डिऑक्सी-डी-ग्लूकोज को भारत में आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गई है। दवा के क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे बताते हैं कि यह दवा अस्पताल में मौजूद कोरोना के मरीजों की जल्दी रिकवरी में सहायक है और इसी के साथ ही यह दवा मरीजों की ऑक्सीजन की जरूरत को भी कम करती है।

बताया गया है कि इस दवाई को लेने वाले कोरोना मरीजों की रिपोर्ट आरटी-पीसीआर टेस्ट में निगेटिव आई है। इस महामारी मे कोरोना वायरस से जूझ रहे लोगों के लिए यह दवाई काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। पीएम मोदी की कोरोना महामारी के खिलाफ तैयार होकर रहने की बात पर अमल करते हुए डीआरडीओ ने कोरोना की दवा- 2-डीजी बनाने का कदम उठाया। 

अप्रैल 2020 में, महामारी की पहली लहर के दौरान INMAS-DRDO वैज्ञानिकों ने हैदराबाद के सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) की मदद से प्रयोगशाला में प्रयोग किए गए और पाया कि यह अणु SARS-CoV-2 वायरस के खिलाफ प्रभावी ढंग से काम करता है और वायरस की वृद्धि को रोकता है। इन परिणाणों के आधार पर DCGI ने मई,2020 में इस दवा के दूसरे चरण के ट्रायल करने की मंजूरी दी थी।

DRDO ने अपने उद्योग भागीदार डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज (DRL, हैदराबाद) के साथ मिलकर COVID-19 रोगियों में दवा की सुरक्षा और प्रभावकारिता का परीक्षण  परीक्षण शुरू किया। मई से अक्टूबर 2020 के दौरान किए गए चरण- II के परीक्षणों में, दवा COVID-19 रोगियों में सुरक्षित पाई गई, और उनकी रिकवरी में महत्वपूर्ण सुधार हुआ।

चरण 2A 6 अस्पतालों में आयोजित किया गया था और चरण 2B (खुराक लेकर) ks नैदानिक परीक्षण पूरे देश के 11 अस्पतालों में आयोजित किए गए थे। चरण- II का परीक्षण 110 रोगियों पर किया गया। प्रभावकारिता के रुझानों में,जिन रोगियों का इलाज 2-डीजी के साथ किया गया था। उन रोगियों ने विभिन्न बिंदुओं पर मानक देखभाल (SoC) की तुलना में तेजी से सुधार देखा गया।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए निःशुल्क 16.37 करोड़ से अधिक टीके

भारत सरकार ने अभी तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 16.37 करोड़ से अधिक टीके नि:शुल्क मुहैया कराए

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पास अब भी 79 लाख से अधिक टीके लगाये जाने के लिए उपलब्ध हैं

इसके अतिरिक्त, अगले तीन दिनों में राज्य/केंद्र शासित प्रदेश लगभग 17 लाख टीके और मिलेंगे।

भारत सरकार कोविड 19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका में है। टीकाकरण महामारी से लड़ने में भारत सरकार की पांच सूत्रीय रणनीति ( टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट तथा कोविड उपयुक्त व्यवहार समेत) का एक अंतरंग घटक है। कोविड 19 टीकाकरण की उदार और त्वरित तीसरे चरण की रणनीति का कार्यान्वयन आज (1 मई 2021) से लागू होगा। नए पात्र जनसंख्या समूहों के लिए पंजीकरण 28 अप्रैल से आरंभ हो चुका है। संभावित लाभार्थी या तो सीधे कोविन पोर्टल cowin.gov.in या आरोग्य सेतु ऐप के जरिये पंजीकरण कर सकते हैं।

भारत सरकार ने अभी तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को लगभग 16.37 करोड़ ( 16,37,62,300) टीके निशुल्क मुहैया कराये हैं। इनमें से  नुकसान सहित कुल खपत 15,58,48,782 टीकों (आज सुबह 8 बजे तक के उपलब्ध डाटा के अनुसार) की है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के पास अब भी कोविड के 79 लाख से अधिक ( 79,13,518) टीके लगाये जाने के लिए उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, अगले तीन दिनों में राज्य/केंद्र शासित प्रदेश 17 लाख से अधिक ( 17,31,110) टीके और प्राप्त करेंगे ।

जैसा कि कोविड-19 टीकाकरण की उदार और त्वरित तीसरे चरण की रणनीति में अनुशंसित था, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को टीकों की कुल संख्या के बारे में सूचित किया जा चुका है जो वे 45 वर्ष और इससे अधिक आयु के लाभार्थियों के टीकाकरण के लिए बिल्कुल निशुल्क टीकों के ‘भारत सरकार चैनल‘ के हिस्से के रूप में प्राप्त करेंगे।

18 से 45 वर्ष के बीच के युवाओं के रजिस्ट्रेशन शुरू

नई दिल्ली। एक मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। वैक्सिनेशन का यह तीसरा चरण होगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 28 अप्रैल से शुरू हो गया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने नई पॉलिसी तैयार की है। 18 से 45 वर्ष के बीच के युवा बिना रजिस्ट्रेशन के वैक्सीन नहीं लगवा पाएंगे, रजिस्ट्रेशन मैनडेटरी आवश्यक होगा।

फिलहाल देश में दो तरह की वैक्सीन लगाई जा रही है, कोवैक्सीन (Covaxin) और कोविशिल्ड (Covishield)। यह जरूरी है कि जिस वैक्सीन की पहली डोज लगवाई हो, नंबर आने पर दूसरी डोज भी उसी वैक्सीन की लगवानी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय समेत केंद्र सरकार की कई विंग की ओर से बताया जा चुका है कि वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या होगी। जानिए वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया-

रजिस्ट्रेशन का तरीका:
https://selfregistration.cowin.gov.in पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन का विकल्प होगा। 1. यहां अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और गेट ओटीपी पर क्लिक करना होगा। 2. आपके मोबाइल नंबर पर ओटीपी का मैसेज आएगा, इसे 180 सेकेंड के अंदर डालना होगा। 3. फिर सब्मिट करते ही नया पेज खुलेगा, यहां आपको अपनी डिटेल भरनी है।  4. फोटो पहचान के लिए आधार के अलावा ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन पासबुक, एनपीआर स्‍मार्ट कार्ड और वोटरआईडी का विकल्प है। 5. कोई एक विकल्प चुन कर अपना आईडी नंबर डालना है। 6. फिर अपना नाम, जेंडर और जन्मतिथि भरनी होगी। 7. इसके बाद नजदीकी कोविड वैक्सिनेशन सेंटर चुनने का विकल्प आएगा। 8. सेंटर चुनने के बाद आप अपनी सुविधानुसार उपलब्ध स्लॉट चुन सकते हैं। 9. जब आपका नंबर आए तो जाकर वैक्सीन लगवा लें।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास 1 करोड़ खुराक का भंडार मौजूद

भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक लगभग 16 करोड़ टीके निःशुल्क उपलब्ध कराए
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास इस समय 1 करोड़ खुराक का भंडार मौजूद
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अगले 3 दिनों में टीके की 57 लाख से अधिक अतिरिक्त खुराक मिलेगी

नई दिल्ली। (PIB) भारत सरकार कोविड-19 महामारी का पूरी दृढ़ता के साथ मुक़ाबला कर रही है। टीकाकरण, कोविड से मुक़ाबले में भारत सरकार की 5 बिन्दु की रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। अन्य चार बिन्दुओं में टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट और कोविड उपयुक्त व्यवहार शामिल हैं।

1 मई, 2021 से कोविड-19 टीकाकरण के तीसरे चरण को और प्रभावी तथा उदार स्वरूप में देश भर में क्रियान्वित किया जाएगा। इस चरण के अंतर्गत जिस आयु वर्ग के लोगों को टीकाकरण का पात्र बनाया गया है, उनके लिए पंजीकरण की प्रक्रिया आज (28 अप्रैल, 2021) शाम 4 बजे से शुरू हो जाएगी। लाभार्थी कोविन पोर्टल (cowin.gov.in) या आरोग्य सेतु ऐप पर टीकाकरण के लिए स्वतः पंजीकरण करा सकते हैं।

भारत सरकार ने अब तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कोविड रोधी टीके की लगभग 16 करोड़ (15,95,96,140) ख़ुराकें निःशुल्क उपलब्ध कराई हैं। इसमें से बर्बादी सहित 14,89,76,248 ख़ुराकों का उपयोग किया जा चुका है। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पास इस समय कोविड रोधी टीके की एक करोड़ से अधिक (1,06,19,892) खुराक उपलब्ध है, जिसका इस्तेमाल किया जाना है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अगले 3 दिनों में 57 लाख से अधिक (57,70,000) अतिरिक्त ख़ुराकें उपलब्ध कराई जाएंगी।

हाल ही में मीडिया में महाराष्ट्र राज्य सरकार के कुछ सरकारी अधिकारियों के हवाले से खबरें आ रही थीं कि राज्य में टीके समाप्त हो गये हैं, जिससे टीकाकरण अभियान पर विपरीत असर पड़ रहा है। यह स्पष्ट किया गया है कि महाराष्ट्र को 28 अप्रैल, 2021 की सुबह 8 बजे तक 1,58,62,470 टीके उपलब्ध कराए गए। इसमें से 1,53,56,151 टीके लाभार्थियों को लगाए गए हैं, जिसमें (0.22%) टीकों की बर्बादी भी शामिल है। महाराष्ट्र के पास अभी भी टीके की 5,06,319 खुराक उपलब्ध हैं, जिन्हें पात्र लोगों को लगाया जाना है। इसके अतिरिक्त अगले 3 दिन में राज्य को कोविड रोधी टीकों की 5,00,000 खुराक सौंपी जानी है।

45 वर्ष से अधिक आयु वालों को टीका लगेगा 1 अप्रैल से

देश में 45 साल से अधिक आयु के सभी लोगों को 1अप्रैल से कोरोना वायरस का टीका लगेगा। केंद्रीय कैबिनेट की ओर से मंगलवार को इस फैसले को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में बताते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन सभी लोगों के लिए लगवाना जरूरी है और इसके लिए सभी पात्र लोग अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं। कोरोना से लड़ाई में यह सबसे असरदार कवच है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमें कम से कम एक से डेढ़ साल तक और मास्क लगाने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस दौर में कोरोना से लड़ाई में ढिलाई नहीं बरती जा सकती। फिलहाल देश भर में 60 साल से अधिक आयु के सभी लोगों को टीका लग रहा है, जबकि 45 साल से अधिक के उन लोगों का टीकारण किया जा रहा है, जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।

कई और टीकों को भी मंजूरी जल्द: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में टीकों की पर्याप्त संख्या मौजूद है। हमने चरणबद्ध तरीके से लोगों को वैक्सीन देने का फैसला लिया है। 45 साल से अधिक के सभी लोग तत्काल रजिस्ट्रेशन कराएं और कोरोना का टीका लगवाएं। अभी देश में कई और कोरोना टीके ट्रायल के फेज में हैं और जल्द ही इन्हें मंजूरी मिल सकती है।

कोविशील्ड की दो डोज के बीच 4 से 8 सप्ताह का गैप: प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि वैज्ञानिकों और दुनिया भर के एक्सपर्ट्स की राय के आधार पर यह फैसला लिया गया है कि कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज 4 से 8 सप्ताह के बीच में ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि वे कोरोना वैक्सीन के लिए अपना पंजीकरण करा लें क्योंकि यह कोरोना के खिलाफ एकमात्र कवच है।

कोरोना पर नई गाइडलाइंस जारी, सभी डीएम को निर्देश

लखनऊ। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन ने नई गाइडलाइंस जारी की है। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कोविड-19 के संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशनों पर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कोविड रोग के नए मामलों को रोकने के लिए अधिक संक्रमण वाले प्रदेशों से आने वाले यात्रियों के कोविड संक्रमण की जांच कराया जाना बहुत जरूरी है। संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों की प्रदेश के एयरपोर्ट पर एंटीजन जांच कराई जाए।

रेलवे स्टेशन पर ही एंटीजन जांच सभी जिलों में रेलवे स्टेशनों पर कोविड-19 संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से वापस आ रहे यात्रियों की रेलवे स्टेशन पर ही एंटीजन जांच कराते हुए लक्षणयुक्त व्यक्तियों के नमूने आरटीपीसीआर जांच के लिए एकत्र कर जिले की संबद्ध प्रयोगशाला को भेजे जाएं। प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों की विशेष रूप से सघन जांच की जाए तथा लक्षण प्राप्त होने पर कांटैक्ट ट्रेसिंग की जाए। इसके अलावा रेलवे के सहयोग से सभी यात्रियों की सूची प्राप्त कर सर्विलांस की कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव ने कहा है कि प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर जहां लंबी दूरी से अन्य प्रदेशों से आने वाली रेलगाड़ियां रुकती हों, वहां 24 घंटे कोविड जांच की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।

कैलेंडर के अनुसार कराएं क्षेत्रवार जांच 
मुख्य सचिव ने कहा है कि हर जिले में भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र तथा स्कूल-कॉलेज आदि में कोविड-19 की जांच किए जाने के लिए क्षेत्रवार कैलेंडर तैयार किया गया है, जो पहले ही सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को उपलब्ध कराया जा चुका है। इस कैलेंडर के अनुसार ही प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने वर्तमान में दस्तक अभियान में घर-घर भ्रमण कर रहे फ्रंट लाइन वर्कर से प्रतिदिन ऐसे क्षेत्रों के विषय में जानकारी लेने का निर्देश दिया है, जहां देश के अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में नागरिक वापस आए हैं। ऐसे क्षेत्रों में सतन सघन निगरानी एवं नियमित कोविड-19 की जांच कराई जाए। 

पांच राज्यों से आने वालों की टेस्टिंग अनिवार्य
जिन पांच राज्यों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है वहां से आने वालों की कोविड जांच अनिवार्य कर दी गई है। इनमें खासतौर पर महाराष्ट्र, केरल, पंजाब शामिल हैं। यानी मुम्बई, पुणे, चंडीगढ़, कोच्चि से आ रहे यात्रियों पर अब खास नजर रखी जाएगी। पुलिस कमिश्नर और डीएम ने संयुक्त रूप से ये निर्देश दिए हैं। ज्यादा संक्रमितों वाले राज्यों को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है। इन स्थानों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर अनिवार्य रूप से कोरोना जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने इस आशय के निर्देश दिए हैँ।

एयरपोर्ट पर टेस्टिंग के लिए न लें ज्यादा पैसे एयरपोर्ट पर टेस्टिंग के लिए ज्यादा पैसे न लेने के सख्त निर्देश दिए। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने ‘विदेश से आ रहे यात्रियों से जांच के नाम पर लग रही 900 रुपए की चपत’ खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने एयरपोर्ट प्रबंधन को सख्त निर्देश  दिए हैं कि कोरोना जांच संक्रमण रोकने के लिए है। इसके लिए यात्रियों ने अनावश्यक धन न वसूला जाए। डीएम ने एयरपोर्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों का भी कोविड टेस्ट कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा गुरुवार से रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, सर्विलांस ट्रेसिंग और टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इन स्थानों पर कैंटीन, खाने पीने की स्टॉल और दुकानों के कर्मचारियों की भी कोविड टेस्टिंग कराने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए हैं। 

आज से 84 कैंटेनमेंट जोन पर लगेंगी बेरिकेडिंग
संक्रमित व्यक्ति घर के बाहर न निकलें इसके लिए फिर से सख्ती शुरू होगी। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कंटेनमेंट जोन में बेरिकेडिंग लगाने और संक्रमित व्यक्तियों के घर के बाहर स्टिकर लगाने के निर्देश दिए हैं। राजधानी में बुधवार को कंटेनमेंट जोन की संख्या 84 हो गई थी। अब इन स्थानों पर बेरिकेडिंग लगेगी। ये कंटेनमेंट जोन गोमती नगर, इन्दिरा नगर, रायबरेली रोड पर सर्वाधिक हैं। 

अपने सभी कर्मचारियों का वैक्सीनेशन खर्च वहन करेगाएचडीएफसी बैंक

अपने सभी कर्मचारियों का वैक्सीनेशन खर्च वहन करेगाएचडीएफसी बैंक
1 लाख से अधिक कर्मचारियों को कवर किया जाएगा इस अभियान में
कर्मचारियों के आश्रित परिवार के सदस्यों को भी टीकाकरण की सुविधा मिलेगी

लखनऊ। एचडीएफसी बैंक ने घोषणा की है कि वह बैंक के 1 लाख से अधिक कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कोरोनो वायरस से प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करने के लिए टीकाकरण का खर्च वहन करेगा। बैंक दो अनिवार्य वैक्सीनेशन के लिए आने वाली लागत राशि की प्रतिपूर्ति करेगा।
इस नई पहल के बारे में बात करते हुए,  विनय राजदान, समूह प्रमुख-एचआर, एचडीएफसी बैंक ने कहा कि हमने लगातार इस पूरे दौर में अपने कार्यालयों और बैंक शाखाओं में अपने कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी अनिवार्य दिशानिर्देशों का पालन किया है। हमारे कर्मचारियों ने लाखों ग्राहकों की सेवा करने के लिए अनुकरणीय दृढ़ता, व्यावसायिकता और समर्पण दिखाया है। हमारे कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए टीकाकरण की लागत को वहन करना हमारे कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए संगठन की ओर से एक छोटा सा प्रयास है।
सुश्री आशिमा भट्ट, समूह प्रमुख, एचडीएफसी बैंक ने कहा कि हमारे लिए, हमारे कर्मचारी फ्रंट-लाइन वर्कर्स की तरह ही हैं, जिन्होंने सुनिश्चित किया कि लॉकडाउन के दौरान भी ग्राहकों के लिए बैंकिंग जैसी आवश्यक सेवा निरंतर उपलब्ध रहें। और हम उनके समर्पण के लिए उनके दिल से शुक्रगुजार हैं। उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे कर्मचारी और उनके आश्रित परिवार के सदस्य कोविड 19 से सुरक्षा के लिए वैक्सीन का सुरक्षा चक्र प्राप्त करें। एचडीएफसी बैंक ने प्रमुख स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और मेडिकल चिकित्सकों के साथ टाई-अप के माध्यम से, लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए कई उपायों को लागू किया। शाखाओं और कार्यालयों में कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए रखने के अलावा, बैंक ने विभिन्न ऑनलाइन पहलों के माध्यम से अपने कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों की मानसिक तौर पर भी स्वस्थता सुनिश्चित करने के लिए भी काम किया।

पड़ोसी देशों को भारत दान करेगा कोरोना के 1 करोड़ टीके

पड़ोसी देशों को दान करेगा भारत कोरोना के 1 करोड़ टीके

नई दिल्ली। भारत अपने पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव और मॉरीशस को कोरोना वैक्सीन की 10 मिलियन यानि 1 करोड़ खुराक दान कर सकता है!

गौरतलब है कि भारत सरकार ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीच्यूट की कोविशील्ड को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी है। इसके बाद 16 जनवरी से भारत में टीकाकरण अभियान चल रहा है। सूत्रों के अनुसार भारत उन देशों को कोरोना टीकों की लगभग 10 मिलियन (1 करोड़) खुराक का दान करने पर विचार कर रहा है, जिनके साथ उसके मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। देश में अपने हेल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए वैक्सीन की जरूरतों के बावजूद भी भारत डिप्लोमेटिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए इस पर विचार कर रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि भारत सीरम इंस्टीच्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की करीब 10 मिलियन खुराक अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव, मॉरीशस और सेशेल्स जैसे देशों को दान कर सकता है। 

भारत दे रहा डिप्‍लोमेसी को भी एक नया आयाम-रणनीतिकारों का मानना है कि भारत पड़ोसी देशों की मदद कर न सिर्फ मानवता धर्म निभा रहा है, बल्कि अपनी डिप्‍लोमेसी को भी एक नया आयाम दे रहा है। भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग ने ऐलान किया कि भारत सरकार उन्हें कोरोना की वैक्सीन फ्री में देगी। इसके अलावा, 20 जनवरी को बांग्लादेश को भी भारत की तरफ से कोरोना कोविशील्ड की 2 मिलियन डोज बतौर गिफ्ट मिलेगी। नेपाल को भी भारत सरकार फ्री में कोरोना वैक्सीन देगी। एक तरह से चीन की वैक्‍सीन डिप्‍लोमेसी के खिलाफ भारत ने बहुत लंबी लकीर खींच दी है। इसका असर पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों पर भी दिखेगा।

पड़ोसी देशों के राजनेताओं की टीकाकरण अभियान के लिए भारत को बधाई

पड़ोसी देशों के राजनेताओं ने कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान के सफल शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री और भारत सरकार को बधाई दी

नई दिल्ली। पड़ोसी देशों के राजनेताओं ने कोविड-19 के खिलाफ 16 जनवरी,2021 को टीकाकरण अभियान के सफल शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार को शुभकामनाएं दी हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने एक ट्वीट में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी को कोविड19 वैक्सीन की सफल शुरुआत तथा मित्र पड़ोसी देशों के प्रति उनकी उदारता के लिए मेरी हार्दिक बधाई।” श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने एक ट्वीट में कहा, “इस विशाल कोविड19 टीकाकरण अभियान के रूप में बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार को बधाई। हम इस विनाशकारी महामारी के अंत की शुरुआत देख रहे हैं।”

मालदीव गणराज्य के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलीह ने एक ट्वीट में कहा, “कोविड -19 के खिलाफ भारत के लोगों का टीकाकरण करने के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार को बधाई।” मुझे पूरा विश्वास है कि आप इस प्रयास में सफल होंगे और अंततः हम कोविड-19संकट का अंत देख रहे हैं। ” वहीं एक ट्वीट में भूटान के प्रधानमंत्री डॉ लोटे शेरिंग ने कहा, “मैं देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण के आज ऐतिहासिक लॉन्च के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत के लोगों को बधाई देता हूं। हमें उम्मीद है कि यह उन सभी कष्टों को दूर करने के लिए आया है, जो इस महामारी के कारण हमने सहन किया है।”

संजीवनी की तरह याद किया जाएगा टीका: डॉ हर्षवर्धन

कोविड-19 टीकाकरण: भारत ने आरम्भ किया विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान, इस ऐतिहासिक दिवस पर नई दिल्ली के एम्स में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए डॉ. हर्षवर्धन, दिल्ली के एम्स में सफाई कर्मचारी को लगा कोरोना का पहला टीका

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज इस ऐतिहासिक दिवस पर नई दिल्ली के एम्स में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों तथा अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के साथ रहना पसंद किया, जब प्रधानमंत्री ने विश्व के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ राष्ट्र की लड़ाई के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण एवं प्रतिबद्धता की सराहना की, जब एक सफाई कर्मचारी मनीष कुमार नई दिल्ली के एम्स में टीकाकरण अभियान में शामिल होने वाले पहले वयक्ति बने। इस प्रक्रिया को एक वर्ष पूर्व शुरू हुई महामारी के चरमोत्कर्ष की शुरुआत बताते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आरम्भ से ही महामारी के प्रबंधन में व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे हैं। आज का दिन कोविड टीकाकरण आरम्भ करने के लिए पांच महीने की कड़ी मेहनत की परिणति का प्रतीक है।”

प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुबह 10:30 बजे कोविड-19 टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। स्वास्थ्य मंत्री ने दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण अभियान के विस्तार और संभावना पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, “सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आज 3,006 सत्र स्थलों पर एक साथ इस प्रक्रिया की शुरुआत हुई और प्रत्येक स्थल पर लगभग 100 लाभार्थियों को टीका लगाया गया। 138 करोड़ की जनसंख्या और सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम, जिसमें टीका के जरिए रोकथाम की जाने वाली बारह बीमारियों के खिलाफ लक्षित टीकाकरण शामिल है, के साथ भारत आज इतिहास दर्ज करने के शिखर पर खड़ा है और दुनिया भर में अन्य देशों को रास्ता दिखा रहा है। चेचक और पोलियो के बाद अब कोविड की बारी है। आज की प्रक्रिया में सभी दूरस्थ, दुर्गमक्षेत्रों, शहरी झुग्गी-झोपड़ी, जनजातीय क्षेत्र शामिल हैं।”

डॉ. हर्षवर्धन ने यह विशाल प्रक्रिया आरम्भ करने के लिए की गई तैयारियों के बारे में विस्तार से बताया कि “एक लाख से अधिक टीका लगाने वालों को प्रशिक्षित किया गया, कई मॉक अभ्यास किए गए, छोटी से छोटी गलतियों को दुरुस्त करने के लिए एक अखिल भारतीय राष्ट्रीय प्रक्रिया भी संचालित की गई। निष्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया। ईविन प्लेटफॉर्म को को-विन (कोविड पर विजय) में रिपर्पस किया गया, पिछले दो दिनों से (आज के सत्र के लिए) सभी लाभार्थियों को एसएमएस भेजा गया, जिसे सभी सत्रों में सभी निर्धारित लाभार्थियों के लिए उनकी दूसरी खुराक के लिए दोहराया जाएगा।” स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कुशल टीम वर्क और दृढ़ राजनीतिक प्रतिबद्धता ने इस विशाल प्रक्रिया की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री और मेरे सभी सहयोगी स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ सभी मुख्यमंत्रियों ने एक टीम के रूप में काम किया है और आज एक इतिहास बनाया है।” डॉ. हर्षवर्धन पहली टीका खुराक दिए जाने की निगरानी करते हुए   डॉ. हर्षवर्धन ने इस अवसर पर उपयोग सभी लोगों को पिछले वर्ष कोविड के विरूद्ध अर्जित उल्लेखनीय उपलब्धियों को याद दिलाने के लिए किया। उन्होंने कहा, “रोग के फैलने के तरीके की गहन निगरानी के साथ सक्रिय, रोकथाम करने के उपायों तथा निरंतर दृष्टिकोण के साथ, प्रभावी नैदानिक प्रबंधन ने इसके खिलाफ एक वीरतापूर्ण युद्ध में हमें सक्षम बनाया है और बहुत अधिक हद तक हमारे लोगों की जान बचाई है। भारत में सर्वोच्च रिकवरी दर है जो 96 प्रतिशत से अधिक है और मृत्यु दर 1.5 प्रतिशत से नीचे है, जो सबसे कम है।” टीकों को ‘विजय का मार्ग’ बताते हुए, उन्होंने टिप्पणी की “कोविड-19 टीकों को कोविड के ऊपर विजय प्राप्त करने में संजीवनी की तरह स्मरण किया जाएगा” डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड योद्धाओं के वीरतापूर्ण बलिदानों का स्मरण किया, जिन्होंने समान रूप से निजी और सार्वजनिक सुविधा केन्द्रों के स्वास्थ्य कर्मियों को टीका देने के निर्णय का बचाव करते हुए अपनी खुद की जान जोखिम में डालने के जरिए दूसरों की मदद की। उन्होंने भारत के उन आम लोगों को भी बधाई दी, जिन्होंने टीका के परीक्षणों में उत्साहपूर्वक योगदान दिया है।

डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड-19 टीकों की खुराक के संबंध में फैली अफवाहों का मुकाबला करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भ्रामक सूचनाओं से गुमराह न हों तथा केवल विश्वसनीय और प्रामाणिक जानकारी पर ही भरोसा करें। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “पूरा देश जीवन के सामान्य होने की प्रतीक्षा कर रहा है। लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है। वैसे चंद लोग जो इस प्रक्रिया की अखंडता पर सवाल उठाते हुए दूसरों को गुमराह कर रहे हैं, वे आम लोगों द्वारा किए गए बलिदानों तथा हमारे समाज के भविष्य के प्रति अनुचित कार्य कर रहे हैं।” एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) तथा कोविड-19 के लिए टीका प्रबंधन के राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह (एनईजीवीएसी) के अध्यक्ष डॉ. वी.के. पॉल ने भी एम्स में टीका लगवाया। नई दिल्ली के एम्स के दौरे के बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने गंगाराम अस्पताल में टीकाकरण स्थल का दौरा किया, जहां उन्होंने स्वास्थ्य और अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं के साथ परस्पर बातचीत की तथा राष्ट्र की सेवा करने की उनकी भावना को प्रणाम किया। उन्होंने कहा, “हम पिछले कई महीनों से आपके निरंतर और निस्वार्थ कार्य के कारण सुरक्षित रहे हैं”।

कोरोना कॉलर ट्यून: अब सुनाई नहीं देगी don की आवाज़!

कोरोना कॉलर ट्यून में अब नहीं सुनाई देगी अमिताभ बच्चन की आवाज़

नई दिल्ली। किसी को फोन लगाने से पहले अमिताभ बच्चन की आवाज में कोरोना से बचाव और सावधानी को लेकर बजने वाली कॉलर ट्यून अब बदलने वाली है।

अमिताभ बच्चन की आवाज वाली मोबाइल कॉलर ट्यून अब बंद होने जा रही है। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार 15 जनवरी से अमिताभ बच्चन की जगह महिला आर्टिस्ट की आवाज में कॉलर ट्यून सुनाई दे सकती है। कोरोनाकाल में पिछले कई महीनों से अमिताभ बच्चन की आवाज में संदेश दिया जा रहा है। इसमें अमिताभ बच्चन लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने के उपाय और सावधानी संबंधी संदेश बोलते सुनाई देते हैं। अब सरकार ने इसे बदलने का फैसला किया है।
बदलाव की वजह-
अमिताभ की आवाज वाली इस कॉलर ट्यून के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने की मंशा सरकार की रही। शनिवार से कोरोना वैक्सीन लगने वाली है। इसलिए अब केंद्र सरकार का फोकस कोरोना का टीका है।
PM लांच करेंगे टीका-
कोरोना का टीकाकरण शनिवार 16 जनवरी से देशभर में शुरू होना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे लांच करेंगे। शुक्रवार से बदली हुई कॉलर ट्यून में कोरोना के टीका से सम्बंधित संदेश सुनाई पड़ सकता है। नई कॉलर ट्यून में लोगों को टीके को लेकर जागरूक करने के साथ सन्देश दिया जाएगा। अमिताभ से पहले जसलीन भल्ला की आवाज में कॉलर ट्यून सुनाई देती थी।

हैदराबाद से कई शहरों में पहुंची Covaxin की पहली खेप

Covishield के बाद ‘Covaxin’ की सप्लाई भी शुरू
हैदराबाद। कोरोना से बचाव को टीकाकरण अभियान 16 जनवरी से शुरू हो रहा है। सभी राज्यों में वैक्सीनेशन की तैयारियां जारी हैं। वहीं देश में पहले दौर के वैक्सीनेशन के लिए मंगलवार को पुणे से देश के 13 शहरों में 54 लाख 72 हजार वैक्सीन डोज की सप्लाई हो गई। सप्लाई आज भी जारी है। केंद्र सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट को 1 करोड़ 10 लाख और भारत बायोटेक से 55 लाख वैक्सीन डोज का शुरुआती ऑर्डर दिया है। सीरम इंस्टीट्यूट ने अपनी वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ की पहली खेप मंगलवार से भेजना शुरू किया था। दूसरी ओर भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ की पहली खेप हैदराबाद से आज बुधवार सुबह दिल्ली और 10 अन्य शहरों को भेजी गई।

‘कोवैक्सीन’ की पहली खेप को एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली भेजा गया है। इसमें 80.5 किलोग्राम के तीन बॉक्स हैं। एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार सुबह 06:40 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI 559 से वैक्सीन के पहले कंसाइनमेंट को हैदराबाद से दिल्ली भेजा गया है। दिल्ली के अलावा कोवैक्सीन की खेप बेंगलुरु, चेन्नई, पटना, जयपुर और लखनऊ भी भेजी गई, आज कुल 14 कंसाइनमेंट भेजे जाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ‘कोवैक्सीन’ की 55 लाख और ‘कोविशील्ड’ की 1.1 करोड़ खुराक खरीदी जा रही हैं। इन दोनों की वैक्सीन को DCGI द्वारा आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी जा चुकी है। ICMR के साथ साझा अभियान के तहत भारत बायोटेक ने इस वैक्सीन का निर्माण किया है। भारत बायोटेक शुरुआती 38.5 लाख डोज के लिए 295 रुपये प्रति खुराक कीमत वसूल रहा है। कंपनी ने केंद्र सरकार को 16.5 लाख डोज मुफ्त देने का भी फैसला किया है। केंद्र सरकार को अभी तक 54,72,000 वैक्सीन मिल चुकी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पहले चरण की पूरी खेप सभी राज्यों को 14 जनवरी तक मिल जाएगी। विदित हो कि हर व्यक्ति को वैक्सीन की दो डोज लगेंगी। पहली खुराक के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी। दूसरी खुराक लेने के 14 दिन बाद इसका असर शुरू होगा।

लखनऊ पहुंची 11 लाख कोविशील्ड वैक्सीन की खेप,  टीका लगेगा 16 से

11 लाख कोविशील्ड वैक्सीन की खेप पहुंची लखनऊ, 16 से लगेगा टीका

लखनऊ। कोविड-19 की वैक्सीन मंगलवार शाम 4 बजे विशेष विमान से पुणे से लखनऊ पहुंची। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने अमौसी एयरपोर्ट पर 11 लाख कोविशील्ड वैक्सीन को रिसीव किया। इसके बाद वैक्सीन को कंटेनर में लोड किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर वहां से रवाना किया। 16 जनवरी को लखनऊ में केजीएमयू, एरा, एसजीपीजीआई, सीएचसी माल और मोहनलालगंज सहित कुल 16 केंद्रों पर वैक्सिनेशन किया जाएगा। वैक्सिनेशन की मॉनिटरिंग लाइव फीड द्वारा की जाएगी।

अमौसी एयरपोर्ट पर वैक्सीन को लेकर अलर्ट जारी किया गया था। CISF की कड़ी निगरानी में राजधानी में वैक्सीन को रखा जाएगा। साथ ही लखनऊ से प्रदेश के सभी मंडलों में वैक्सीन को भेजा जाएगा। मंडलों से जिला कोविड सेंटर्स पर वैक्सीन जाएगी। जिले के कमांड सेंटर्स से सीएचसी और पीएचसी तक वैक्सीन पहुंचाई जाएगी, जिन सेंटर्स पर वैक्सीन लगनी है, वहां उसी दिन वैक्सीन भेजी जाएगी।

पहले चरण में 16 केंद्रों पर होगा टीकाकरण-
पहले चरण में 16 केंद्रों पर वैक्सिनेशन किया जाएगा। सभी केंद्रों की लाइव फीड द्वारा मॉनिटरिंग होगी। 15 जनवरी तक सभी तैयारियां पूरी करने का आदेश दिया गया है। सभी 61 केंद्रों की इंट्रीग्रेटेड कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर मॉनिटरिंग करेगा। सभी केंद्रों पर 15 जनवरी तक सभी तैयारियों को पूरा कर लिया जाएगा और सभी नोडल अधिकारी अपने अपने केंद्रों के जाकर सभी व्यवस्थाओं को स्वयं चेक करेंगे। सभी नोडल अपने-अपने केंद्रों में फ्लेक्सी लगवाएंगे। ओपन एरिया व इंटरनल स्पेस में फ्लेक्सी लगवाने के साथ-साथ वैक्सिनेशन रूम में ग्रीन स्क्रीन भी लगवाई जाएंगी। केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिग, मास्क व कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन कड़ाई से कराया जाएगा साथ ही लोकल थाने से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा।

वैक्सिनेशन के लिए 61 केंद्र चिह्नित-
वैक्सिनेशन के लिए कुल 61 केंद्रों को चिह्नित किया गया है। सभी 61 केंद्रों को इंट्रीग्रेटेड कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ा गया है। इस सेंटर द्वारा सभी केंद्रों की मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी टीमें कितने बजे अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचीं, हर दो घण्टे में किस केंद्र पर कितने लोगों का वैक्सिनेशन हुआ, कितने बाकी हैं, किस केंद्र के पास कितनी वैक्सीन अथवा अन्य चिकित्सकीय स्टॉक उपलब्ध है आदि की रिपोर्ट कमांड सेंटर द्वारा सभी केंद्रों से ली जाएगी। हर बूथ पर महिला कॉन्‍स्‍टेबल की भी नियुक्ति की गई है। साथ ही साथ सभी बूथ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होंगे। सभी स्टाफ को बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की ट्रेनिग कराई जा रही है।

पूनावाला का दावा: सबसे सस्ती sirum की डोज़

पूनावाला ने कहा, हम दे रहे कोरोना की सबसे सस्ती दवा, आर्डर जा सकता है  5 से 6 करोड़ डोज
नई दिल्ली। सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने दावा किया है कि वो कोरोना की सबसे सस्ती वैक्सीन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को 200 रुपये प्रति डोज के हिसाब से वैक्सीन दे रहे हैं। ये कीमत पहले 100 मिलियन डोज की है। वैक्सीन का ऑर्डर मार्च तक 5 से 6 करोड़ तक जाएगा।

सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ और ऑनर अदार पूनावाला ने महाराष्ट्र के पुणे स्थित अपनी फैक्ट्री से कोविशील्ड की आपूर्ति को ‘ऐतिहासिक क्षण’ करार दिया और कहा कि वो कोविड-19 महामारी से लड़ने में भारत सरकार की मदद करना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने वैक्सीन पर लाभ नहीं कमाने का फैसला किया है। यह भी स्पष्ट किया कि वो सिर्फ सरकार को ही 10 करोड़ डोज 200 रुपये की दर से देंगे और अगर कोई बाजार में कोविशील्ड खरीदने जाएगा तो उसे 1,000 रुपये देना होगा।

देश में अब 2.2 लाख से भी कम सक्रिय मरीज: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।  स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। उन्होंने बताया कि देश में अब कोरोना के 2.2 लाख से भी कम सक्रिय मरीज रह गए हैं। उन्होंने कहा कि केवल दो राज्य ऐसे हैं जहां सक्रिय मामले 50 हजार से ज्यादा हैं। ये दो राज्य महाराष्ट्र और केरल हैं।

देश भर में ‘Covishield’ की Delivery शुरू

34 बॉक्स में Delhi पहुंची पहली खेप
नई दिल्ली/पुणे: ‘कोविशील्ड’ वैक्सीन की पहली खेप मंगलवार को दिल्ली पहुंच गई है। 34 बॉक्स में कोरोना की वैक्सीन पुणे एयरपोर्ट से दिल्ली स्पाइसजेट के विमान से लाई गई। टीकों को ले जाने के काम से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि तापमान नियंत्रित तीन ट्रक इन टीकों को लेकर तड़के पांच बजे से कुछ समय पहले पुणे हवाई अड्डे जाने के लिए ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ से रवाना हुए। पुणे हवाईअड्डे से इन टीकों को हवाई मार्ग के जरिए भारत के अन्य हिस्सों में पहुंचाया जाएगा। टीकों को इंस्टीट्यूट से रवाना करने से पहले एक पूजा भी की गई थी। देश में वैक्सीन लगाने का काम शनिवार 16 जनवरी से शुरू होगा।

आठ विमानों से 13 स्थान-
दवाई की खेप को पहुंचाने वाली कंपनी एसबी लॉजिस्टिक के एमडी संदीप भोसले ने कहा कि आज पुणे एयरपोर्ट से आठ विमानों द्वारा कोरोना वैक्सीन को देश में 13 स्थानों पर भेजा जाएगा। पहला विमान पुणे हवाई अड्डे से दिल्ली पहुंच चुका है। सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया में तैयार ‘कोविशील्ड’ वैक्सीन की एयरलिफ्ट में देरी हुई है। वैक्सीन की पहली खेप गुरुवार रात को एयरलिफ्ट की जानी थी। कोरोना वैक्सीन के मैन्युफैक्चरर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया केंद्र सरकार की तरफ से आधिकारिक आदेश मिलने का इंतजार कर रही थी।

1088 किलोग्राम वजन की 34 पेटियां: स्पाइसजेट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा, ‘स्पाइसजेट ने आज भारत में कोविड वैक्सीन की पहली खेप पहुंचाई है। ‘कोविशील्ड’ की पहली खेप में 1088 किलोग्राम वजन की 34 पेटियां थीं जिन्हें पुणे से दिल्ली लाया गया है।’ उधर, केंद्रीय विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘आज एयर इंडिया, स्पाइसजेट और इंडिगो एयरलाइंस 56.5 लाख खुराक के साथ पुणे से दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, गुवाहाटी, शिलॉन्ग, अहमदाबाद, हैदराबाद, विजयवाड़ा, भुवनेश्वर, पटना, बंगलूरू, लखनऊ और चंडीगढ़ के लिए 9 उड़ानें संचालित करेंगे।’

कोरोना वैक्सीन पुणे से आज 4 बजे पहुंचेगी लखनऊ

Lucknow

कोरोना 19 की वैक्सीन पुणे से आज 4 बजे आएगी लखनऊ


अमौसी एयरपोर्ट पर CISF का विशेष दस्ता सँभालेगा सुरक्षा व्यवस्था


एयरपोर्ट पर वैक्सीन विमान को कार्गो एरिया में खड़ा किया जाएगा


पुणे से सीधे लखनऊ विशेष विमान से 4 बजे आएगी वैक्सीन


अमौसी एयरपोर्ट पर वैक्सीन को लेकर अलर्ट जारी किया गया

एयरपोर्ट पर वैक्सीन विशेष वाहनों में किया जाएगा लोड

लखनऊ एयरपोर्ट से कड़ी CISF सुरक्षा में राजधानी में रखी जायेगी वैक्सीन

लखनऊ से प्रदेश के सभी मण्डलों में भेजी जाएगी वैक्सीन

मण्डलों से जिला कोविड सेंटर्स पर जाएगी वैक्सीन

जिले के कमांड सेंटर्स से CHC और PHC तक जाएगी वैक्सीन

वैक्सीन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

जिन सेंटर्स पर वैक्सीन लगनी है वहां उसी दिन पहुचाई जाएगी वैक्सीन

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कोरोना वैक्सीन: अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ का लक्ष्य

अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ का लक्ष्य

नई दिल्ली। कोविड-19 के लिए टीकाकरण पिछले 3-4 सप्ताह से लगभग 50 देशों में चल रहा है, और अब तक लगभग 2.5 करोड़ लोगों को ही टीका लग पाया है। भारत का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ लोगों को टीका लगाना है।

मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में टीकाकरण अभियान महत्वपूर्ण है क्योंकि कई अन्य देश हमारा अनुसरण करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के कारण किसी व्यक्ति को कष्‍ट होने की स्थिति में उचित व्‍यवस्‍था की गई है। इस तरह की व्‍यवस्‍था सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के लिए पहले से ही है, और इस टीकाकरण अभियान के लिए इसे और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में 30 करोड़ लोगों को टीका लगाना है।
प्रधानमंत्री ने इस प्रयास में कोविड संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करने के महत्व को रेखांकित किया, यह कहते हुए कि जो लोग टीका प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें वायरस के किसी भी प्रसार को रोकने के लिए इन सावधानियों का पालन करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को जांच में टीकाकरण से संबंधित अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए व्‍यवस्‍था करनी होगी। इसके लिए धार्मिक और सामाजिक संगठनों, एनवाईके, एनएसएस, एसएचजी आदि से मदद ली जानी चाहिए।

पहले चरण में 3 करोड़ लोगों को टीका लगाने का खर्च करेगा केन्‍द्र

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 जनवरी, 2021 को कोविड-19 के टीकाकरण की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और प्रशासकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि टीकाकरण के साथ भारत का व्यापक अनुभव इस प्रयास में उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्यों के परामर्श के बाद विशेषज्ञों और वैज्ञानिक समुदाय की सलाह के अनुसार टीकाकरण की प्राथमिकता तय की गई है। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सबसे पहलेटीका लगाया जाएगा। इसके अलावा सफाई कर्मचारी, अग्रिम पंक्ति के अन्य कार्यकर्ता, पुलिस और अर्धसैनिक, होम गार्ड, आपदा प्रबंधन स्वयंसेवक और नागरिक सुरक्षा के अन्य जवान, कंटेनमेंट और निगरानी से जुड़े राजस्व अधिकारियों को भी पहले चरण में टीका लगाया जायेगा। ऐसे कर्मियों की कुल संख्या लगभग 3 करोड़ है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकारों को पहले चरण में इन 3 करोड़ लोगों को टीका लगाने के लिए कोई खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। इस लागत को केन्‍द्र वहन करेगा।

दूसरे चरण के लिये भी बनाई रणनीति:
दूसरे चरण में, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और 50 वर्ष से कम आयु के ऐसे लोगों को टीके लगाए जाएंगे जिन्‍हें पहले से कोई बीमारी है या संक्रमण का अत्‍यधिक खतरा है। सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के साथ बुनियादी ढांचे और रसद की तैयारी कर ली गई है, प्रधान मंत्री ने कहा, टीकाकरण के लिए ड्राई रन भी देश भर में किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के लिए हमारी नई तैयारियों और एसओपीको सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम चलाने और देश भर में चुनाव कराने के हमारे पुराने अनुभवों से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावों के लिए उपयोग की जाने वाली बूथ स्तर की रणनीति का उपयोग यहां भी किया जाना चाहिए।

सऊदी अरब समेत 9 देशों ने भारत से मांगी कोरोना वैक्सीन

Vaccine के लिये india पर दुनिया की आशा भरी निगाह
नई दिल्ली (धारा न्यूज): कोरोना से निपटने के लिए दुनिया इसकी वैक्सीन का इंतजार रही है। इसी बीच भारत में कोरोना की दो वैक्सीन को इमर्जेंसी इस्तेमाल की इजाजत मिलने के साथ ही दुनिया की निगाहें अब भारत पर टिक गई हैं। भारत में कोरोना की दो वैक्सीन के इस्तेमाल की इजाजत मिलने के बाद ब्राजील, मोरक्को, सऊदी अरब, म्यांमार, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों ने भारत से वैक्सीन की आधिकारिक तौर पर मांग की है। सूत्रों के अनुसार कोरोना वैक्सीन के वितरण में भारत सरकार बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देगी।

ब्राजील के राष्ट्रपति लिख चुके हैं मोदी को पत्र-
ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत बायोटेक- एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की 20 लाख डोज तत्काल देने का अनुरोध किया था। हालांकि भारत की ओर से  तैयार प्लान के मुताबिक कोरोना वैक्सीन पहले पड़ोसी देशों को दी जाएगी, उसके बाद अन्य देशों का नंबर आएगा। जानकारी के अनुसार  नेपाल ने भारत से 12 मिलियन कोरोना वैक्सीन के डोज की मांग की है। वहीं, भूटान ने पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) में निर्मित की जा रही वैक्सीन की 1 मिलियन डोज की मांग की है। म्यांमार ने भी सीरम के साथ एक खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। उधर बांग्लादेश ने कोविशील्ड की 30 मिलियन डोज के लिए अनुरोध किया है।

इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत शुरू से ही दुनिया के साथ कोरोना की जंग लड़ रहा है। हम इस दिशा में सहयोग करने को अपने कर्तव्य के तौर लेते हैं। हमारी कोशिश है कि इस जंग में हम दुनिया की ज्यादा से ज्यादा मदद कर सकें। बता दें कि DCGI ने सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक की वैक्सीन कोवैक्सीन के आपातकाल इस्तेमाल को अंतिम मंजूरी दे दी है।

चीन ने की भारत की तारीफ-
भारत में बने कोरोना वायरस टीकों की चीन ने तारीफ करते हुए कहा कि उसके दक्षिण एशियाई पड़ोस देश में बने वैक्सीन की गुणवत्ता के मामले में किसी से भी पीछे नहीं है। चीन कम्युनिस्ट पार्टी के ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में चीनी विशेषज्ञों ने एक स्वर में यह कहा है कि भारत में निर्मित हुए कोरोना वायरस के टीके, चीनी टीकों के मुकाबले किसी भी एंगल से कम नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि भारतीय टीके रिसर्च और प्रोडक्शन क्षमता किसी भी स्तर पर कमतर नहीं हैं।

कोविड वैक्सीन की इमरजेंसी मंजूरी वापस लेने की अपील

कोविड वैक्सीन की इमरजेंसी मंजूरी वापस लेने की अपील
वैज्ञानिकों की वैक्सीन उम्मीदवारों के अनुमोदन को रद्द करने की मांग नई दिल्ली। प्रोग्रेसिव मेडिकोज एंड साइंटिस्ट फोरम ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) के जरिए दो वैक्सीन उम्मीदवारों को दिए गए आपातकालीन उपयोग प्राधिकार के लिए मंजूरी वापस लेने की मांग की है। फोरम ने कहा है कि विज्ञान निजी लाभ और राजनीतिक लाभ की खोज में समझौता नहीं कर सकता है। पीएमएसएफ ने वैक्सीन उम्मीदवारों के अनुमोदन को रद्द करने और प्रभावकारिता डेटा और अन्य विचारों के आधार पर टीकाकरण और अनुमोदन रणनीति पर पुनर्विचार करने की मांग की।

गौरतलब है कि डीसीजीआई ने आपातकालीन उपयोग के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को मंजूरी दी थी। दवा नियंत्रक के जरिए क्लिनिकल परीक्षण मोड में प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमति दी गई थी। हालांकि, वैज्ञानिक समुदाय और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भारत बायोटेक के टीके को मंजूरी देने पर कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि फर्म को अभी अपने चरण 3 परीक्षणों की प्रभावकारिता डेटा पेश करना है।

वैक्सीन आयात निर्यात की मंजूरी:

केंद्र सरकार ने कोविड-19 वैक्सीन की तेजी से मंजूरी और वितरण के लिए किसी मूल्य सीमा के बिना इनके एक्सपोर्ट और इंपोर्ट की इजाजत भी दे दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने जिन स्थानों पर एक्सप्रेस कार्गो निपटान प्रणाली (ईसीसीएस) चालू है, वहां कुरियर के जरिए कोविड-19 की वैक्सीन के आयात और निर्यात के लिए नियमन में छूट दी है।

नहीं होती कोई मूल्य सीमा: कोविड-19 के संबंध में वैक्सीन के आयात और निर्यात की अनुमति किसी मूल्य सीमा के बिना दी जाती है। सीबीआईसी ने कहा कि वैक्सीन का भंडारण और परिवहन एक नियंत्रित तापमान में करना जरूरी है और इसमें कई पक्ष शामिल हैं। ऐसे में सीमाओं के बीच वैक्सीन के तेजी से निकास के लिए प्रभावशाली व्यवस्था जरूरी है।

कोरोना: 10 दिन में शुरू हो सकता है टीकाकरण

10 दिन में शुरू हो सकता है टीकाकरण

नई दिल्ली (धारा न्यूज): केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज कहा कि कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिलने के 10 दिन बाद रोलआउट हो सकती है। कोरोना वैक्सीन को DCGI ने 3 जनवरी को मंजूरी दी थी। इस लिहाज से 13 या 14 जनवरी से देश में कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम शुरू हो सकती है। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दाैरान केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि सरकार 10 दिन के अंदर कोरोना वैक्सीन को रोलआउट करने को तैयार है। राजेश भूषण ने कहा, “चूंकि अब कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है, अब 10 दिन के अंदर टीकाकरण कार्यक्रम शुरू हो जाएगा।”

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने किसी भी तरीके से किसी भी वैक्सीन के एक्सपोर्ट को बैन नहीं किया है। कोविशील्ड ओर कोवैक्सीन को 2-8 डिग्री तापमान पर रखे जाने की जरूरत है। कैडिला की वैक्सीन DNA आधारित वैक्सीन है। परीक्षण के दौरान देखा गया कि अच्छी एंटीबॉडी बनी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि Co-WIN सिस्टम भारत में बना है, लेकिन दुनिया के देशों की जरूरतों के हिसाब से इसे तैयार किया गया है। अन्य देश अगर इसे उपयोग करेंगे तो उनकी मदद की जाएगी। कोरोना वैक्सीन की जानकारी देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि करनाल, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में स्थित GMSD नामक 4 प्राथमिक वैक्सीन स्टोर बनाए गए हैं और देश में ऐसे 37 वैक्सीन स्टोर हैं। वे टीकों को थोक में इकठ्ठा करेंगे और फिर आगे वितरित किए जाएंगे।


ब्रिटेन में पाए गए कोरोना वायरस के नए स्वरूप पर अपडेट

ब्रिटेन में पाए गए कोरोना वायरस के नए स्वरूप पर अपडेट

संक्रमित लोगों की कुल संख्या अब तक 38 हो चुकी है

नई दिल्ली। Ministry of Health and Family Welfare के अनुसार ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्वरूप (जीनोम) के कुल 38 नमूने सकारात्मक पाए गए हैं। बेंगलुरु के निमहंस (एनआईएमएचएएनएस) में 10, हैदराबाद के सीसीएमबी में 3, पुणे के एनआईवी में 5, राजधानी दिल्ली के आईजीआईबी में 11, नई दिल्ली के एनसीडीसी में 8 और कोलकाता के एनसीबीजी में एक संक्रमित व्यक्ति की पुष्टि हुई है। एनसीबीएस, इंस्टेम (आईएनएसटीईएम) बेंगलुरु, सीडीएफ़डी हैदराबाद, आईएलएस भुवनेश्वर और एनसीसीएस पुणे में अब तक ब्रिटेन से निकले कोरोना वायरस के नए स्वरूप का कोई मामला नहीं पाया गया है।

संख्या

संस्थान / लैब के अंतर्गत
नए कोविड स्वरुप के संक्रमितों का पता चला


1

एनसीडीसी नई दिल्ली

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

8



2

आईजीआईबी नई दिल्ली

सीएसआईआर

11



3

एनसीबीजी कल्याणी (कोलकाता)

डीबीटी

1



4

एनआईवी पुणे

आईसीएमआर

5



5

सीसीएमबी हैदराबाद

सीएसआईआर

3



6

निमहंस बेंगलुरु

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

10



कुल

38


जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए पॉजिटिव नमूनों की जांच 10 इंसाकॉग (भारतीय सार्स सीओवी-2 जिनोमिक्स कंसोर्टीयम) प्रयोगशालाओं में की जा रही है। जिनमें (एनआईबीएमजी) कोलकाता, आईएलएस भुवनेश्वर, एनआईवी पुणे, एनसीसीएस पुणे, सीसीएमबी हैदराबाद, सीडीएफ़डी हैदराबाद, इंस्टेम (आईएनएसटीईएम) बेंगलुरु, निमहंस बेंगलुरु, आईजीआईबी दिल्ली और एनसीडीसी दिल्ली शामिल हैं।

इन सभी नये संक्रमित व्यक्तियों को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा नामित स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के अनुसार एकल कमरे के आइसोलेशन में रखा जा रहा है। साथ ही उनके संपर्क में आए हुए लोगों को भी संगरोध के तहत रखा गया है। सह-यात्रियों, पारिवारिक संपर्कों तथा अन्य व्यक्तियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए व्यापक संपर्क पहचान कार्य शुरू कर दिया गया है। अन्य नमूनों पर भी जीनोम सिक्वेंसिंग का कार्य चल रहा है।

स्थिति पर सावधानीपूर्वक नज़र रखी जा रही है और निगरानी बढ़ाने, नियंत्रण, जांच तथा नमूनों को इंसाकॉग प्रयोगशालाओं को प्रेषण के लिए राज्यों को नियमित सलाह प्रदान की जा रही है।

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फोटो पहचान पत्र दिखाए बिना नहीं लगेगा कोरोना का टीका

फोटो पहचान पत्र दिखा कर ही लगवाया जा सकेगा कोरोना का टीका

नई दिल्ली (धारा न्यूज़): किसी भी व्यक्ति के लिए न सिर्फ पंजीकरण बल्कि टीका लगवाने के समय भी फोटो पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय ने कहा है कि कोविड-19 का टीका लगवाने वाले व्यक्ति को टीकाकरण की निर्धारित जगह पर अपना फोटो पहचान पत्र लेकर जाना अनिवार्य है। अगर वह किसी कारणवश उसे लाना भूल जाएंगे, तो उन्हें कोरोना वैक्सीन नहीं लगायी जाएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय ने कहा है कि कोविड-19 का टीका लगवाने वाले व्यक्ति के फोटो पहचान पत्र साथ न रखने की स्थिति में यह पता नहीं चल पाएगा कि उक्त व्यक्ति को ही टीका लगाया जाना है। टीका लेने के इच्छुक हर व्यक्ति के लिए पंजीकरण कराना भी अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद ही उन्हें टीका लगाने के लिए निर्धारित की गई जगह और समय के बारे में जानकारी दी जायेगी।

पंजीकरण के लिए क्या है जरूरी-
पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, पासपोर्ट, जॉब कार्ड या पेंशन के दस्तावेज मान्य हैं। श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, मनरेगा कार्ड, सांसद, विधायक या विधान पार्षद द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र, बैंक या पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी पासबुक, केंद्र या राज्य सरकार या पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा जारी सर्विस आईडी कार्ड मान्य दस्तावेज हैं। ये सभी दस्तावेज तभी मान्य होंगे, जब इन पर संबंधित व्यक्ति का फोटो लगा होगा। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद योग्य लाभार्थियों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिये टीकाकरण की जगह और निर्धारित समय के बारे में जानकारी दी जाएगी। कोरोना वैक्सीन की पूरी खुराक दिये जाने के बाद लाभार्थियों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजकर इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें क्यूआर कोड आधारित सर्टिफिकेट भी मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
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₹1000 में खरीदिए सीरम की कोरोना वैक्सीन

Serum Institute ने किया कोरोना वैक्सीन की कीमतों का खुलासा: ₹200 चुकाने होंगे सरकार को, ₹1000 में खरीद सकती है जनता

मुंबई (धारा न्यूज): देश में दो कंपनियों को कोरोना वायरस वैक्‍सीन के इमरजेंसी यूज की ड्रग्‍स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से अनुमति मिलने के बाद कोविशील्‍ड बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कीमतों का खुलासा कर दिया है। सरकार को ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन 200 रुपए में दी जाएगी, जबकि जनता को इस वैक्सीन के लिए ₹1 हजार चुकाने होंगे। विदित हो कि पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट में ऑक्सफोर्ट-एस्ट्राजैनेका की वैक्सीन कोविशील्ड का निर्माण हो रहा है।

सीईओ अदार पूनावाला ने कि वैक्सीन के लिए दो अलग-अलग कीमतें तय की गई हैं। यह वैक्सीन फाइजर-बायोएनटेक के मुकाबले सस्ती है, इसका ट्रांसपोर्टेशन भी आसान है। उनकी कंपनी हर महीने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजैनेका की वैक्सीन के 50-60 मिलियन डोज बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2021 के मध्य तक देश में 130 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। हम सरकार के लिए वैक्सीन उपलब्ध करवाने को तैयार हैं। हमने सरकार को अपना प्रस्ताव भेज दिया है, अब सरकार के साथ कांट्रेक्ट साइन होने का इंतजार है। कांट्रेक्ट होने के 10 दिन के अंदर सरकार को वैक्सीन उपलब्ध कर दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा, सरकार ने अभी तक हमें वैक्सीन निर्यात करने की अनुमति नहीं दी है। जबकि, सऊदी अरब और दूसरे कुछ देशों से हमारे द्विपक्षीय संबंध हैं। हमने इस संबंध में सरकार से अनुमति मांगी है। यह मंजूरी मिलने के बाद हम दुनिया के 50 से ज्यादा देशों तक अपनी दवा पहुंचा पाएंगे।

देश में एक करोड़ लोगों को पहली डोज:
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने रविवार को कोविशील्ड को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। इसी के साथ देश में टीकाकरण के लिए भी ड्राई रन हो रहे हैं। हेल्‍थ सेक्‍टर से जुड़े 1 करोड़ लोगों को भारत में कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज मिलेगी। इनमें आईसीडीएस वर्कर्स, नर्स, सुपरवाइजर, मेडिकल अफसर, पैरामेडिकल स्‍टाफ, सपोर्ट स्‍टाफ और मेडिकल छात्र शामिल हैं।

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125 जिलों में कोविड-19 वैक्‍सीन देने का पूर्वाभ्‍यास

कोविड-19 वैक्‍सीन रोल आउट
लगभग 1,14,100 टीका लगाने वालों को दिया गया प्रशिक्षण
को-विन सॉफ्टवेयर पर 75 लाख से ज्‍यादा लाभार्थियों ने कराया पंजीकरण नई दिल्ली (धारा न्यूज़): केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय राज्‍यों एवं संघ शासित प्रदेशों और अन्‍य हितधारकों के सहयोग से इस रोल-आउट की तैयारियों में पिछले कुछ महीनों से सक्रियता के साथ सम्मिलित रहा है, ताकि कोविड-19 वैक्‍सीन को रोल-आउट करने संबंधी तैयारियों को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।

Ministry of Health and Family Welfare द्वारा बताया गया कि एक व्‍यापक राष्‍ट्रव्‍यापी अभ्यास के तहत सभी राज्‍यों और संघ शासित प्रदेशों के 125 जिलों में 286 सत्रों में शुरुआत से अंत तक कोविड-19 वैक्‍सीन देने का पूर्वाभ्‍यास किया गया। प्रत्‍येक जिले ने तीन या ज्‍यादा स्‍थानों पर पूर्वाभ्‍यास किया, जिनमें सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं (जिला अस्‍पताल/मेडिकल कॉलेज), निजी अस्‍पताल और ग्रामीण या शहरी आउटरीच स्‍थान शामिल थे। सभी राज्‍य और जिला अधि‍कारियों को इस पूर्वाभ्‍यास के परिचालन संबंधी दिशानिर्देशों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इस पूर्वाभ्‍यास का लक्ष्‍य कोविड-19 टीकाकरण के लिए स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली में निर्धारित प्रणालियों का परीक्षण करना तथा ब्‍लॉक, जिला और राज्‍य स्‍तर पर नियोजन, क्रियान्वयन और रिपोर्टिंग के लिए व्‍यावहारिक वातावरण में को-विन एप्‍लीकेशन के उपयोग की परिचालन संबंधी व्‍यवहार्यता का आकलन करना था। यह पूर्वाभ्‍यास राज्‍य, जिला, ब्‍लॉक और अस्‍पताल स्‍तर के अधिकारियों को कोविड-19 रोल-आउट के सभी पहलुओं से अवगत कराने के लिए भी संचालित किया गया।

देश भर के राज्‍यों और संघशासित प्रदेशों ने सुबह 9:00 से पूर्वाभ्‍यास का संचालन निर्बाध रूप से किया। इस एक दिन के अभ्‍यास के अंतर्गत टीकाकरण के वास्‍तविक दिन का अधिकतम अनुकरण या सिमुलेशन करते हुए लाभार्थी के डेटा को अपलोड करने से लेकर सत्र के स्‍थान का आवंटन और सूक्ष्‍म नियोजन, वैक्‍सीन आवंटन, परीक्षण लाभार्थियों के साथ सत्र वाले स्‍थान का प्रबंधन, रिपोर्टिंग व्‍यवस्‍था आदि तक के कार्यकलापों को शामिल किया गया था। सत्र वाले सभी स्‍थानों पर टीकाकरण के बाद की प्रतिकूल घटनाओं (एईएफआई) से निपटने की तैयारी और कॉल सेंटर की कार्यात्‍मकता को भी परखा गया। पूर्वाभ्‍यास का निरीक्षण जिला‍धिकारियों द्वारा किया गया। पूर्वाभ्‍यास का समापन डीब्रीफिंग बैठकों के साथ हुआ, जिनमें दिन भर में सामने आए मसलों और चुनौतियों के बारे में चर्चा की गई थी। जिला और राज्‍य स्‍तर पर राज्‍यों का फीडबैक लेने के लिए केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने दिन भर उनके साथ निरंतर सम्‍पर्क बनाए रखा। राज्‍यों / संघ शासित प्रदेशों ने पूर्वाभ्‍यास के सफल संचालन पर पूरी तरह संतोष प्रकट किया है, जिसमें परिचालन संबंधी प्रक्रिया और को-विन सॉफ्टवेयर के साथ उसका संबंध शामिल था।

को-विन सॉफ्टवेयर केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है, ताकि वैक्‍सीन के भंडार, भंडारण के तापमान और कोविड-19 के लिए लाभार्थियों की व्यक्तिगत ट्रेकिंग के बारे में वास्‍तविक जानकारी ली जा सके। यह सॉफ्टवेयर पूर्व-पंजीकृत लाभार्थियों, उनके प्रमाणन के लिए स्‍वचालित सत्र आवंटन के माध्‍यम से सभी स्‍तरों पर कार्यक्रम प्रबंधकों की सहायता करेगा और वैक्‍सीन शैड्यूल के सफलतापूर्वक संपन्‍न होने के बाद एक डिजिटल प्रमाण पत्र तैयार किया जाएगा। अब तक को-विन सॉफ्टवेयर पर 75 लाख से ज्‍यादा लाभार्थियों ने पंजीकरण कराया है।

कोविड-19 वैक्‍सीन की देश भर में नियंत्रित तापमान वाले वातावरण में अंतिम स्‍तर डिलिवरी हो सके, यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्‍त कोल्‍ड चेन अवसंरचना मौजूद है। कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरु करने के लिए सीरिंज और अन्‍य लॉजिस्टिक्‍स की आपूर्तियां भी पर्याप्‍त मात्रा में सुनिश्चित करायी गई हैं। टीकाकरण स्‍थलों पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के लिए लगभग 1,14,100 टीका लगाने वालों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें लाभार्थी का प्रमाणन, टीकाकरण, कोल्‍ड चेन और लॉजिस्टिक्‍स का प्रबंधन, जैव-चिकित्‍सकीय अपशिष्‍ट प्रबंधन, एईएफआई प्रबंधन तथा को-विन सॉफ्टवेयर पर उसकी जानकारी अपलोड किया जाना शामिल है।

आंध्र प्रदेश, असम, पंजाब और गुजरात सहित चार राज्‍यों में 28 और 29 दिसम्‍बर 2020 को समूचे संचालन का नियोजन और आईटी प्‍लेटफॉर्म का व्‍यावहारिक परीक्षण किया गया था; और प्राप्‍त फीडबैक के आधार पर आईटी प्‍लेटफॉर्म पर मामूली वृद्धि की गई है।

कोरोना वैक्सीन: सीरम, भारत बॉयोटेक को इमरजेंसी प्रयोग की सिफारिश


भारत बॉयोटेक, सीरम की वैक्सीन के इमरजेंसी प्रयोग की सिफारिश
कैडिला को क्लिनिकल परीक्षण प्रोटोकॉल के चरण-3 करने की अनुमति

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने मैसर्स सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया और मैसर्स भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड की त्‍वरित स्‍वीकृति प्रक्रिया साथ ही साथ मैसर्स कैडिला हैल्‍थकेयर लिमिटेड के चरण– 3 परीक्षणों से संबंधित अनुरोध के संदर्भ में सिफारिश की

नई दिल्ली (धारा न्यूज़): केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने 01 और 02 जनवरी, 2021 को बैठक की। इस दौरान भारत के औषधि महानियंत्रक को विचार करने और अंतिम निर्णय देने के लिए सिफारिशें की गईं। Ministry of Health and Family Welfare के अनुसार इनमें मैसर्स सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे को विविध विनियामक शर्तों के साथ आपातकालीन हालात में वैक्‍सीन के सीमित उपयोग की अनुमति प्रदान करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा मैसर्स भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड, हैदराबाद को क्लिनिकल परीक्षण मोड में, जनहित में बहुत सावधानी के साथ, विशेषकर म्‍युटेंट स्‍ट्रेन्‍स द्वारा संक्रमण के संदर्भ में आपात स्थिति में सीमित उपयोग के लिए अनुमति प्रदान करने की सिफारिश के साथ ही मैसर्स कैडिला हैल्‍थकेयर लिमिटेड, अहमदाबाद को क्लिनिकल परीक्षण प्रोटोकॉल के चरण-3 करने की अनुमति प्रदान करना शामिल हैं।

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