हाथ में लगा हो सैनिटाइजर, तो आरती की थाली से बना कर रखें दूरी

चिकित्सकों का कहना हाथ में लगा हो सैनिटाइजर, तो दूरी बना कर रखें आरती की थाली से

लखनऊ (शैली सक्सेना)। भगवान गणपति बप्पा का उत्सव पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ बुधवार को प्रारंभ हो गया है। हर हिन्दू के हृदय में प्रथम पूज्य श्री गणेशजी के प्रति अगाध श्रद्धा और प्रेम भी है। वहीं कोरोना काल के दौरान जारी कुछ दिशा निर्देश पर आज भी बहुत से लोगों द्वारा पालन किया जा रहा है। बदलते मौसम में आज संक्रामक बीमारियों से बचाव में उक्त सावधानियां बेहद जरूरी भी हैं।ऐसे में हर व्यक्ति को इस बेहद खास बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि यदि हाथ में सैनिटाइजर लगा हो, तो आरती की थाली से दूरी बना कर रखें। पूजन की समाप्ति पर आरती की थाली घुमाने की परंपरा है। चिकित्सकों का कहना है कि सैनिटाइजर अत्यधिक ज्वलनशील तरल पदार्थों में से एक है। इसलिए आरती करने या लेने से पहले भले ही अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धो लें, लेकिन सैनिटाइजर से दूरी ही बनाए रखना ही समझदारी है। इस छोटी सी बात पर ध्यान नहीं दिया तो कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती है। …और हां कोरोना गाइडलाइंस का पालन करना आप, समाज व देश हित में आवश्यक है।

20 सेकेंड साबुन से धोएं हाथ- यूं तो 20 सेकेंड तक साबुन से हाथ धोने की सलाह डॉक्‍टर्स ने दी है। इसके बावजूद सैनिटाइजर का यूज खूब होता है। इससे हाथ को डिसइंफेक्‍ट करना आसान तो हो जाता है मगर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, लोगों को अल्‍कोहल-बेस्‍ड हैंड सैनिटाइजर यूज करने चाहिए। इनमें कम से कम 60% अल्‍कोहल होना चाहिए।

सैनिटाइजर से खतरा?
कम से कम 60 पर्सेंट अल्‍कोहल होने के कारण हैंड सैनिटाइजर्स बेहद ज्‍वलनशील होते हैं, अर्थात उनमें बड़ी तेजी से आग लगती है। डॉक्‍टर्स सलाह देते हैं कि सैनिटाइजर्स को ऐसी जगह के पास इस्‍तेमाल ना करें जहां आग लगने की संभावना हो जैसे- रसोई गैस, लाइटर, माचिस आदि। सैनिटाइजर्स को पर्याप्‍त मात्रा में इस्‍तेमाल करें और फिर उसे सूख जाने दें।

इस्‍तेमाल का तरीका-
अगर आपके हाथ गंदे हों तो पहले साबुन और पानी से हाथ धो लें। हैंड सैनिटाइजर में मौजूद अल्‍कोहल तभी काम करता है जब आपके हाथ सूखे हों। ऐसे में सैनिटाइजर की दो-तीन बूंद लेकर अपने हाथों पर रगड़ें। उंगलियों के बीच में सफाई करने के साथ ही हथेलियों के पीछे भी लगाएं। सूखने से पहले सैनिटाजर को ना पोछें, ना ही धोएं।

साबुन है सैनिटाइजर से बेहतर– 
जहां साबुन और पानी न हो सैनिटाइजर का इस्तेमाल वहीं करें। घर पर रहने के दौरान चार से पांच बार साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोना चाहिए। घर से बाहर निकलने पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च बताती है कि सैनिटाइजर कोरोना वायरस से लड़ने में साबुन जितना कारगर नहीं है। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वही सैनिटाइजर असरदार होगा जिसमें अल्कोहल की मात्रा अधिक होगी। घरों में इस्तेमाल होने वाला साबुन सैनिटाइजर के मुकाबले ज्यादा असरदार है।

कोविड-19 बूस्टर डोज अभियान का शुभारंभ

भाजपा विधायक ने किया कोविड-19 बूस्टर डोज अभियान का शुभारंभ

बिजनौर। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत कोविड-19 कि बूस्टर डोज लगवाने का शुभारंभ जिला अस्पताल में हो गया। साथ ही विकास भवन बिजनौर में युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग द्वारा जनपद स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ भी हुआ।

संगठन के निर्देश अनुसार विधानसभा क्षेत्र 22 बिजनौर के अंतर्गत कार्यक्रम का उद्घाटन सदर विधायक श्रीमती सूची चौधरी द्वारा किया गया। उसके पश्चात विकास भवन बिजनौर में आयोजित युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग द्वारा जनपद स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ भी सदर विधायक ने किया।

इस अवसर पर विभागीय अधिकारी डॉक्टर एवं जिला उपाध्यक्ष पूनम गोयल, नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता, मंडल अध्यक्ष ललित कुमार, जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू, किसान मोर्चा जिला मंत्री राहुल चौधरी, नगर मंत्री मनदीप चौधरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार, अंकुर गौतम, अनूप चौधरी, अभिनय, जितेंद्र राजपूत, श्रवण कुमार, राजीव राजपूत, हिमांशु, राजवीर एडवोकेट आदि अनेक भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे

अब कोरोना वायरस के नए XE वैरिएंट की दस्तक

कोरोना वायरस के नए XE वैरिएंट ने उड़ाए होश, भारत में मिला पहला केस

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना वायरस का कहर पिछले तीन महीनों से थमता नजर आ रहा था लेकिन एक बार फिर इसने टेंशन को बढ़ा दिया है। अभी हाल ही में कोरोना की दूसरी लहर का कारण ‘ओमीक्रॉन’ वेरिएंट पर काबू पाया ही था कि एक और नए वेरिएंट ने दस्तक दे दी है। इसके मामले भी अब सामने आने शुरू हो गए है।

जानकरी के अनुसार कोरोना वायरस के नए वैरिएंट XE का पहला केस बुधवार को मुंबई में दर्ज किया गया। इस मामले के सामने आने से ही स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। कुल 376 सैंपल में से एक मरीज में कोरोना के XE वैरिएंट के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस वैरिएंट की शुरुआत युनाइटेड किंगडम से हुई थी। गौरतलब है कि थमती रफ्तार के बाद कोरोना के पॉजिटिव मामले एक बार फिर बढ़ गए है। भारत में संक्रमित हो चुके लोगों की संख्या 4,30,30,925 से अधिक हो गई है।

भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बिजनौर। नूरपुर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी सीपी सिंह को टिकट मिलने के बाद मिठाई बांटने पर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार उप निरीक्षक विपिन कुमार हमराह पुलिसकर्मियों के साथ कस्बे में विधानसभा चुनाव आचार संहिता के अनुपालन में थे। इस दौरान वायरल हुई एक वीडियो से पता चला कि भाजपा प्रत्याशी सीपी सिंह की एक सभा में उनके समर्थक कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं तथा प्रलोभन स्वरूप उपस्थित लोगों को मिठाई वितरण कर आचार संहिता का उलंघन किया जा रहा है। इस संबंध में हमराही कर्मी सुरेश चंद की ओर से सीपी सिंह व कुछ अज्ञात के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

नोटों के जरिये फैल सकता है वायरस?

कैट ने जताई स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर की चुप्पी पर नाराजगी

नई दिल्ली। कॉनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और आईसीएमआर के अध्यक्ष डॉक्टर बलराम भार्गव को एक ज्ञापन भेज उनसे तत्काल ये स्पष्ट करने को कहा कि चलन में चल रहे नोटों में वायरस हैं या नहीं? वहीं मुद्रा नोट वायरस के वाहक हैं या नहीं, यह स्पष्ट करने के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे में से एक पर स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की चुप्पी पर भी कैट ने खेद व्यक्त किया है।
 
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि, मामला 2018 से लटका हुआ है, जिसके लिए कैट ने नियमित रूप से विभिन्न ज्ञापन भेजे हैं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर दोनों ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है। देश भर के करोड़ों व्यापारियों द्वारा मुद्रा नोटों को संभालना व्यावसायिक गतिविधियों का एक नियमित और अभिन्न अंग है और अगर यह साबित करता है कि मुद्रा नोट वायरस के वाहक हैं, तो यह न केवल व्यापारियों के लिए बल्कि उनके उपभोक्ताओं के लिए घातक हो सकता है।

कैट के मुताबिक, 2 सिंतबर 2018 में तत्कालीन वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को एक ज्ञापन भेजा था और उसके बाद 2019, 2020 और 2021 में स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर को कई अन्य रिमाइंडर भी दिए गए, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर दोनों से कोई स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ, जबकि ये मुद्दा बेहद गम्भीर प्रकृति का है। हम समझ नहीं पा रहे हैं कि स्पष्टीकरण को क्यों दबाया जा रहा है।

RT-PCR रिपोर्ट का इस्तेमाल कर हो रही ठगी

सावधान: साइबर चोरों ने निकाला ठगी का नया तरीका, अब RT-PCR रिपोर्ट का इस्तेमाल कर लोगों को बना रहे शिकार

सावधान: साइबर चोरो ने निकाला ठगी का नया तरीका, अब RT-PCR रिपोर्ट का इस्तेमाल कर लोगों को बना रहे शिकार

पटना (एजेंसी)। एक ओर जहां सरकारी एजेंसियां कोरोना मामलों से निपटने में व्यस्त हैं, वहीं साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए फर्जी आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ऐसी ही एक घटना पटना में तब सामने आई जब संतोष कुमार नाम के शख्स को उसके मोबाइल फोन पर आरटी-पीसीआर रिपोर्ट मिली। दो मिनट बाद, एक व्यक्ति ने संतोष से संपर्क किया और कहा कि उसकी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट गलती से उसके मोबाइल फोन पर भेज दी गई थी। अब, आपके मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा, कृपया उस ओटीपी को साझा करें, उन्होंने संतोष से अनुरोध किया।

साइबर क्राइम सेल के एक अधिकारी ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा, संतोष को इस तरह की फर्जीवाड़े के बारे में पता था और उन्होंने ओटीपी शेयर करने से इंकार कर दिया। यह सुनकर, कॉल करने वाला उससे नाराज हो गया और पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी। संतोष ने कॉल काट दिया और नंबर को ब्लॉक कर दिया। उन्होंने साइबर क्राइम सेल में एक ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज की है।

Cyber crime cases: Zero conviction in Karnataka | Deccan Herald

अधिकारी ने कहा, हमें एक व्यक्ति से एक और शिकायत मिली है, जिसने कहा कि जैसे ही उसने ओटीपी साझा किया, उसके पेटीएम वॉलेट से 5,000 रुपये निकाल लिये गए। अधिकारी ने कहा, हमें फर्जी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट, कोरोना वैक्सीन के फर्जी पंजीकरण का उपयोग करके ठगे गए लोगों द्वारा शिकायतें मिल रही हैं। इन मामलों में, सिस्टम से ओटीपी कभी उत्पन्न नहीं होता है। अधिकारी ने बताया कि बिहार के नवादा, नालंदा, औरंगाबाद जैसे जिलों में साइबर अपराधी सक्रिय हैं।

PM मोदी ने किया ऑक्सीजन प्लांट का वर्चुअल लोकार्पण

बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऋषिकेश में होने वाली सभा से जिला अस्पताल में बनाए गए ऑक्सीजन प्लांट का गुरुवार को वर्चुअल लोकार्पण किया।

विदित हो कि कोरोना की तीसरी संभावित लहर से निपटने के लिए जिला अस्पताल में एक हजार लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो गया है। यहां से ऑक्सीजन अस्पताल में मरीजों को सप्लाई होगी। एक अन्य प्लांट भी जिला अस्पताल में बनाया जा रहा है। लोकार्पण से पहले जिला अस्पताल प्रशासन ऑक्सीजन प्लांट को अंतिम रूप देने में लगा रहा। सीएमएस डा. अरुण कुमार पांडेय व अन्य स्टाफ ने इसकी निगरानी की। प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई करने में आई कुछ तकनीकी परेशानी को दूर कर लिया गया। अब प्लांट ऑक्सीजन सप्लाई करने के लिए तैयार हो गया है। इसका सफल ट्रायल कर लिया गया है। इस अवसर पर परिवहन मंत्री, जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा, सौरभ सिंघल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

वहीं धामपुर में नगीना मार्ग स्थित ग्राम मानपुर रज्जा में निर्माणीधीन 100 बेड के अस्पताल में बिल एण्ड मेलिंडा गेट्स फॉउण्डेशन द्वारा प्रदत्त और पाथ संस्था के समर्थन से 750 एलपीएम ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट तैयार कराया गया है। गुरुवार को क्षेत्रीय भाजपा विधायक अशोक राणा व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र चौधरी ने फीता काटकर ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया। इस मौके पर विधायक अशोक राणा ने कहा कि शासन प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्ता परक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का सफलतापूर्वक प्रयास कर रही है। कोविड की तीसरी लहर की आशंका के दृष्टिगत जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ऑक्सीजन पर्याप्त उपलब्धता के लिए आक्सीजन प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने निर्देश दिए कि ओपीडी का कार्य बढ़ाएं और स्वास्थ्य सेवाओं पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के अनुरूप सुचारु और सुव्यवस्थित रूप से संचालित करें। जल्द ही 100 बेड का अस्पताल भी प्रारम्भ होकर क्षेत्र की जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। इस मौके पर चेयरमैन राजू गुप्ता, भाजपा मण्डल अध्यक्ष राघव शरण गोयल, अल्हैपुर ब्लाक प्रमुख श्रीमती क्षमा हेमलता चौहान, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि नीरज प्रताप सिंह, एसडीएम धीरेन्द्र सिंह, तहसीलदार रमेशचन्द चौहान, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह, सभासद जितेन्द्र गोयल, सोनू वाल्मीकि, सुरेन्द्र सिंह बाबी, जयवीर सिंह सिसौदिया, डॉ. मनीष राज शर्मा स. सतवंत सिंह सलूजा, अनिल शर्मा, भूपेन्द्र सैनी, अश्वनी शर्मा लवी, स.सतमीत सिंह मन्नी, स. हरभजन सिंह सलूजा मिनिस्टर आदि प्रमुख रुप से मौजूद रहे।

अब रात 10 नहीं, 11 बजे से सुबह 6 बजे तक नाईट कर्फ्यू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नाइट कर्फ्यू अब रात्रि 10 की बजाय 11 बजे से लागू होकर सुबह 6 बजे तक चलेगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। इसके पहले सरकार ने प्रदेश से लॉकडाउन पूरी तरह खत्म करने का फैसला लिया था। प्रदेश में कोरोना के मामलों की संख्या अभी कम देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाना बहुत जरूरी है। लोग अनावश्यक तरीके से न घूमें।

हालांकि देश के अन्य कई राज्यों में कोरोना की तीसरी
लहर ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में कोरोना के मामलों में तेजी देखने को मिली है।

28 जिलों में कोरोना का एक भी मामला नहीं
उत्तर प्रदेश 28 जनपदों में कोरोना का एक भी मामला नहीं है। सूत्रों के अनुसार अलीगढ़, अमरोहा, बागपत,
बलिया, बलरामपुर, बांदा, बस्ती, बहराइच, भदोही,
बिजनौर, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, कौशाम्बी, ललितपुर, महोबा, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रामपुर, शामली, सीतापुर, सोनभद्र में कोविड का एक भी मरीज नहीं है। ये जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं। औसतन हर दिन ढाई लाख से अधिक टेस्ट हो रहें हैं, जबकि पॉजिटिविटी दर 0.01 से भी कम हो गया है और रिकवरी दर 98.7 फीसदी है।

वैक्सीनेशन में यूपी नंबर 1– यूपी में पिछले 24 घंटे में 33 लाख 42 हजार 360 लोगों ने टीका लगवाया है। यह किसी राज्य में एक दिन में हुआ सर्वाधिक कोविड टीकाकरण है। इसके साथ ही प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन 8 करोड़ 8 लाख से अधिक हो गया है। यह किसी एक राज्य में हुआ सर्वाधिक टीकाकरण है।सोमवार को प्रदेश में कोविड-19 टीके की 31.67 लाख से ज्यादा खुराकें दीं गईं। इनमें 1.03 लाख खुराक के साथ जिलों में लखनऊ शीर्ष पर रहा। इसके बाद सीतापुर (91,553), प्रयागराज (82,907), बरेली (80,598) और कुशीनगर (73,039) का स्थान है। उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा कोविड टीके लगाने वाला राज्य बन चुका है.

निजी क्षेत्र में काम करने वालों को सरकारें दें विशेष पैकेज: गामेंद्र सिंह गजरौलिया

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि एक तरफ कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका तो दूसरी ओर बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है।
कोरोना महामारी व महंगाई के चलते आम आदमी बहुत परेशान है क्योंकि कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के चलते एक और जहां लोगों काम-धंधा चौपट हो गया तो वहीं उन में काम करने वाले लोगों का रोजगार भी प्रभावित हुआ है।
जिला अध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने कहा कि  पेट्रोल-डीजल के दाम और आसमान छूते खाद पदार्थों के रेट के चलते आम आदमी की कमर टूट रही है। एक तरफ आम आदमी के खर्चे बढ़ रहे हैं तो दूसरी तरफ उसकी बचत में लगातार गिरावट आ रही है।
गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने आगे कहा कि जुलाई माह में ही कई बार पेट्रोल के दाम बढ़ चुके हैं। इसके साथ ही पिछले माह घरेलू रसोई गैस के दाम में केंद्र सरकार द्वारा ₹25 की बढ़ोतरी की गई थी।
खाद्य तेलों के दाम पिछले साल की तुलना में दोगुने तक हो चुके हैं। सरसों के तेल की कीमत तो पिछले साल करीब ₹90 थी इस साल बढ़कर ₹190 तक जा पहुंची है, और रिफाइंड तेल के दाम ₹160 के करीब तक पहुंच चुके हैं वही सब्जियों के दाम भी खूब बढ़ रहे हैं।
गामेंद्र सिंह गजरौलिया कहते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 17 से बढ़कर 28 फ़ीसदी कर दिया गया है लेकिन निजी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों का काम छिन चुका है, उन्हें नया काम मिलना बहुत मुश्किल हो रहा है।
अतः निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को विशेष पैकेज देकर उनकी मदद करनी चाहिए।

उत्तराखंड में सख्ती: नैनीताल-मसूरी आने वाली 5,000 गाड़ियों को भेजावापस

जरूरी कागजात नहीं थे, इसलिए लौटाया (फाइल फोटो-PTI)
  • कोविड गाइडलाइन के उल्लंघन पर पर्यटकों को लौटाया।
  • आने से पहले कोविड की निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना जरूरी।
  • होटल में भी पहले से ही बुकिंग करवाकर आना होगा।
  • जरूरी कागजात नहीं थे, इसलिए लौटाया।

देहरादून (5एकलव्य बाण समाचार)। उत्तराखंड में नैनीताल और मसूरी की तरफ आने वाली लगभग 5 हजार से ज्यादा गाड़ियों को वापस भेज दिया गया है। इन पर कोविड गाइड लाइन्स के अनुसार कागजात, होटल रिजर्वेशन आदि नहीं थे ऐसा ही हाल मशहूर पर्यटक स्थल धनौल्टी का भी है

देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आते ही पर्यटकों ने पहाड़ी इलाकों की ओर रुख किया हुआ है। इसके बाद प्रशासन की ओर से सख्ती की गई।

प्रशासन की सख्ती का असर न केवल पर्यटकों पर पड़ रहा है बल्कि उन लोगों पर भी पड़ रहा है, जिनकी रोजी-रोटी पर्यटन पर चलती है। धनौल्टी में भी लगभग अलग-अलग जगह से आने वाले 10,000 से ज्यादा लोग यहां तक पहुंचने से वंचित हो गए हैं।

क्या है नियम?

कोविड-19 के दौर में उत्तराखंड में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को लेकर पिछले हफ्ते सरकार ने नए नियम जारी किए थे। इसके तहत बिना होटल रिजर्वेशन और कोविड की निगेटिव रिपोर्ट के कोई भी पर्यटक पर्यटन स्थल पर नहीं जा सकता।

बीते दिनों नैनीताल प्रशासन ने आदेश जारी कर आने वाले पर्यटकों के लिए तीन शर्तें रखी थीं। पहली शर्त ये थी कि यहां आने वाले पर्यटकों को देहरादून सिटी पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। दूसरी ये कि 72 घंटे से पहले की कोविड निगेटिव रिपोर्ट होनी चाहिए और तीसरी शर्त थी कि होटल में रिजर्वेशन होना चाहिए। इसके अलावा नैनीताल में बगैर मास्क पहने घूमते पाए जाने पर पर्यटकों से 500 रुपये का जुर्माना भी लिया जा रहा है।

एकलव्य बाण समाचार

धामपुर में निर्माणाधीन 100 बेड के अस्पताल का DM ने किया निरीक्षण

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा धामपुर में निर्मित होने वाले 100 बेड के अस्पताल, खण्ड विकास कार्यालय, कासिमपुर गढ़ी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अफजलगढ़ का किया गया निरीक्षण। ब्लाॅक एंव स्वास्थ्य केन्द्र में गंदगी पाए जाने पर तत्काल नियमित रूप से सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के दिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने धामपुर में निर्मित होने वाले 100 बेड के अस्पताल, खण्ड विकास कार्यालय, कासिमपुर गढ़ी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अफजलगढ़ का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, एसडीएम धामपुर धीरेन्द्र सिंह, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी जौहरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

उन्होंने निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम धामपुर स्थित निर्मित होने वाले सौ बेेड वाले अस्पताल भवन का निरीक्षण किया तथा कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि यथाशीघ्र कार्य पूर्ण कर भवन को स्वास्थ्य विभाग को हस्तानान्तरित करें ताकि अस्पताल का संचालन शुरू किया जा सके। इसी के साथ उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि भवन की तैयारी के साथ-साथ तैयार होने वाले कक्षों में चिकित्सीय उपकरणों, यंत्रों एवं आवश्यक सामग्री पहुंचाना एवं उन्हें सुव्यवस्थित रूप से रखना सुनिश्चित करें और प्रयास करें कि जल्द से जल्द उक्त अस्पताल में ओपीडी सहित अन्य चिकित्सीय सुविधाओं का शुभारम्भ हो सके।

तदोपरांत उनके द्वारा खण्ड विकास कार्यालय, अफजलगढ़ का निरीक्षण किया, भवन के बाहर तथा डबाकरा हाल में गंदगी एवं निष्प्रयोज्य सामग्री पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि मीटिंग हाॅल से तत्काल निष्प्रयोज्य सामग्री को उठाते हुए उसका नियमानुसार डिस्पोजल करें और भवन की स्थिति जर्जर पाए जाने पर उन्होंने निर्देशित किया कि यदि भवन मरम्मत योग्य है तो उसकी समुचित मरम्मत कराएं अन्यथा उसे समकक्ष कार्यदायी संस्था से निष्प्रयोज्य घोषित करा कर उसके स्थान पर नए भवन निर्माण की कार्यवाही करें।

जिलाधिकारी श्री मिश्रा कासिमपुर गढ़ी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे, जहां गंदगी पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कहा उनके द्वारा बैठकों एवं वर्चुअल मीटिंग में बार-बार निर्देशित किए जाने के बाद भी स्वास्थ्य केन्द्रों की समुचित सफाई न किया जाना आपत्तिजनक है।

उन्होंने संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराएं और नियमित रूप से स्वास्थ्य केन्द्र में सफाई व्यवस्था के साथ सेनीटाइजेशन आदि का कार्य भी कराएं। स्वास्थ्य केन्द्र में आक्सीजन सिलण्डर्स की समुचित न होने पर उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि तत्काल समुचित संख्या में भरे आक्सीजन सिलेण्डर की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें ताकि डिलीवरी अथवा अन्य अपात स्थिति में मरीजों के लिए उनका प्रयोग किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल में कोई चिकित्सक, स्टाफ एवं मरीज़ों सहित कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नजर नहीं आना चाहिए और सभी लोग सोशल डिस्टेंसिग का अनुपालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना सुनिश्चित करें।

…सबसे बड़ा रुपैया, इसलिए मरीज का कर दिया मर्डर

दिल्ली। चेन्नई के राजीव गांधी जनरल अस्पताल में एक कॉन्ट्रैक्ट वर्कर ने महज पांच सौ रुपये के लिए कोरोना पीड़ित महिला की हत्या कर दी। पिछले हफ्ते एक कोरोना पीड़ित महिला का शव मिला था। डॉक्टरों के मुताबिक, यह शव करीब 15 दिनों से अस्पताल के आठवीं मंजिल पर पड़ा था। पुलिस ने अब इस मामले में अस्पताल में ही काम करने वाली कॉन्ट्रैक्ट वर्कर को गिरफ्तार किया है। कोरोना मरीज का शव बीती 8 जून को मिला था। पुलिस ने बताया है कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर पिछले 3 साल से अस्पताल में काम कर रही थी और उसने पैसों के लिए कोरोना मरीज की गला घोंटकर हत्या कर दी। सांस में तकलीफ के कारण 41 वर्षीय सुनीता को राजीव गांधी सरकारी अस्पताल में 22 मई को भर्ती कराया गया था।

जानकारी के मुताबिक, मरीज की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी हत्या की पुष्टि हो गई है और आरोपी महिला कर्मी ने भी अपना गुनाह कबूल कर लिया है। आरोपी ने बताया कि उसने पैसों और मोबाइल फोन के लिए पीड़िता की हत्या कर दी। पुलिस अस्पताल में अन्य लोगों से पूछताछ कर आरोपी रति देवी तक पहुंची। रति देवी के पास से मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस को अस्पताल के अन्य स्टाफ सदस्यों ने बताया कि आखिरी बार रति देवी ही व्हीलचेयर पर सुनीता को ले जाती दिखी थी। सुनीता 23 मई से ही लापता थी। आगे की पूछताछ में पता लगा कि आरोपी रति देवी एक विधवा हैं, जो अपने 22 साल के बेटे और एक बेटी के साथ रहती हैं। उसने सुनीता की हत्या भी इसलिए की क्योंकि उसे पैसों की सख्त जरूरत थी। रति देवी ने पुलिस को बताया कि उसने सुनीता के बैग में 500 रुपये का नोट देखा और उसे चुराने का फैसला किया। इसलिए वह सुनीता को व्हीलचेयर पर स्कैन के बहाने ले गई। वह इमरजेंसी लिफ्ट में सुनीता को आठवीं मंजिल पर ले गई और फिर वहां गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

बिजनौर में कोविड रिकवरी रेट 98.2, कुल सक्रिय केस घटकर हुए 158

बुखार, खांसी, जुकाम आदि जैसे लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों को 736 किट्स वितरित, 65 ग्राम पंचायतों में सेनेटाईजेशन तथा 492 ग्राम पंचायत में हुआ लार्वा स्प्रे एवं स्वच्छता का कार्य-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

बिजनौर। जिले में कोविड इन्फेक्शन के रिकवरी रेट में लगातार वृद्वि हो रही है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि जिले में कोरोना संक्रमण रिकवरी रेट 98.2 हो गया है। निगरानी समिति द्वारा सोमवार को सर्वे किए गए घरों की संख्या 28294, बुखार, खांसी, जुकाम आदि जैसे लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों को 736 किट्स वितरित, 65 ग्राम पंचायतों में सेनेटाइजेशन तथा 492 ग्राम पंचायत में लार्वा स्प्रे एवं स्वच्छता कार्य कराया गया है। कुल सक्रिय केस 14651 हैं, जिसमें से 14392 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। इस प्रकार कुल सक्रिय केस 158 है। कुल कोविड टेस्ट रिपोर्ट 2181 लोगों की प्राप्त हुई, जिसमें से 2176 की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव जबकि कोविड पोजिटिव केसों की संख्या कुल 05 हैं। इस प्रकार निरन्तर सक्रिय केसों की संख्या में कमी आ रही है। उन्होंने बताया कि एल-2 स्तर के आठ अस्पतालों में कुल उपलब्ध 298 बेड में 285 बेड खाली, जबकि 13 बेड भरे हैं, जिसमें आईसीयू बेड एवं आक्सीजन बेड शामिल हैं।

आज से नई गाइडलाइंस जारी

बिजनौर जिलाधिकारी रमाकांत पांडे की ओर से जिले में 1 जून से अगले आदेश तक कोविड-19 के तहत दुकानों के खुलने, यात्रा करने, शादी समारोह, वगैरा में शामिल होने व अन्य गतिविधियों की इन शर्तों के साथ छूट दी जाती है

(1)-दिनांक 01-06-2021 से शर्तो के अधीन शाम 7, बजे से सुबह 7, बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू रहेगा।

(2)-शनिवार व रविवार को साप्ताहिक बन्दी/कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा।

(3)-जनपद में दुकानें/बाजार सुबह 7, बजे से शाम 7, बजे तक कोविड कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर खोलने की अनुमति सप्ताह में 5 दिन की होगी व शनिवार तथा रविवार साप्ताहिक बन्दी रहेगी।

(4)-दुकान/बाजार के साथ सुपर मार्केट को मास्क की अनिवार्यता, दो गज की दूरी एवं सैनिटाइजर की व्यवस्था के साथ खोलने की अनुमति होगी।

(5)-कोरोना अभियान में जुडे फन्टलाईन सरकारी विभागों में पूर्ण उपस्थिति रहेगी एवं शेष सरकारी कार्यालय 50, प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेगें एवं जो 50 प्रतिशत कर्मी रहेगें, उनको रोटेशन से बुलाया जायेगा।

(6)-निजी कम्पनियों के कार्यालय भी मास्क की अनिवार्यता दो गज की दूरी व सेनेटाईजर के प्रयोग की गाइड लाइन्स के साथ खुलेगें।

(7)-निजी कम्पनियाँ वर्क फाम होम की व्यवस्था को लागू करना प्रोत्साहित करेगी।

(8)-प्रत्येक निजी कम्पनी में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की अनिवार्यता होगी।

(9)-औद्योगिक संस्थान खुले रहेगें एवं इन संस्थाओं में कार्यरत कर्मियों को अपने आईडी कार्ड या इकाई के प्रमाण-पत्र के आधार पर आने जाने की अनुमति प्रदान की जायेगी।

(10)-प्रत्येक औद्योगिक इकाई में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की अनिवार्यता होगी।

(11)-सब्जी मण्डियां पहले की तरह खुली रहेंगी।

(12)-प्रत्येक सब्जी मण्डी स्थल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की अनिवार्यता होगी।

(13)-रेस्टोरेंट से होम डिलीवरी की केवल अनुमति होगी।

(14)-इसके अलावा हाई-वे व एक्सप्रेस-वे के किनारे ढाबे तथा ठेले/खोमचे वालों को खोलने की अनुमति, दो गज की दूरी व मास्क के साथ होगी।

(15-कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों/जोन में धर्मस्थलों के अन्दर एक बार में एक स्थान पर 05 से अधिक श्रद्धालु ना हों।

(16)-दोपहिया वाहनों को निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार चलने की अनुमति होगी तथा 03 पहिया वाहन आटो रिक्शा में चालक के साथ अधिकतम दो यात्री, बैटरी चालित ई-रिक्शा में चालक सहित 03 व्यक्ति एवं चार पहिया वाहनों पर केवल 04 व्यक्तियों के बैठने की अनुमति होगी।

(17)-मांस, मछली व अंडे की दुकानों को पर्याप्त साफ-सफाई तथा सेनेटाईजेशन का ध्यान रखते हुए बंद स्थान अथवा ढके हुए खोलने की अनुमति होगी। खुले में कोई मांस, मछली व अंडे ना बेचे जाए।

(18)-जिम, सिनेमा, शॉपिंग मॉल, कोचिंग सेंटर, स्वीमिंग पुल, पूरी तरह से बन्द रहेंगे।

(19)-शादी समारोह व अन्य समारोह में लोगों की मौजूदगी बन्द रहेगी, इसके अलावा अन्य स्थानों पर सिर्फ़ 5, लोगो की मौजूदगी कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक रहेगी।

(20)-कोचिंग संस्थान, सिनेमा, जिम, स्वीमिंग पूल, क्लब्स एवं शापिंग मॉलस पूर्णत बन्द रहेगें।

(21)-जनपद में समस्त सरकारी व निजी निर्माण कार्य, कोविड-19 प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए अनुमन्य होगें।

(22)-शादी समारोह व अन्य आयोजनों में व्यक्तियों की उपस्थिति बन्द स्थानों अथवा खुले स्थानों पर एक समय में अधिकतम 25 आमन्त्रित अतिथियों को मास्क की अनिवार्यता, दो गज की दूरी, सेनेटाईजर का उपयोग एवं कोविड-19 प्रोटोकाल के अनुसार अन्य सावधानियों के साथ अनुमति होगी।

(23)-आयोजन/समारोह स्थलों पर आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था में दो गज की दूरी, साफ-सफाई एवं सेनेटाईजेशन की समुचित व्यवस्था के साथ प्रोटोकाल का अनुपालन की पूरी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।

(24)-राजस्व व चकबन्दी न्यायालय कोविड-19 के प्रोटोकॉल यथा मास्क की अनिवार्यता व सेनेटाईजर व दो गज की दूरी के सिद्धान्त का अनुपालन करते हुए खोले जायेगें।

(रमाकान्त पाण्डेय) जिलाधिकारी, बिजनौर। 31-05-2021 आदेश अनुसार

प्रदेश के छह और जिले हुए कोरोना कर्फ्यू मुक्त

प्रदेश के छह और जिले हुए कोरोना कर्फ्यू मुक्त
मुरादाबाद, देवरिया, बागपत, प्रयागराज, सोनभद्र में एक्टिव केस 600 से नीचे पहुंचे
अब सिर्फ यूपी के 14  जिलों में आंशिक कोरोना कर्फ्यू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 6 और जिले कोरोना कर्फ्यू से मुक्त हो गए हैं। बिजनौर, मुरादाबाद, देवरिया, बागपत, प्रयागराज, सोनभद्र जिलों में कुल एक्टिव केस 600 से नीचे आ गए हैं। इन सभी जिलों में वीकेंड और नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। अब आंशिक कोरोना कर्फ्यू सिर्फ यूपी के 14  जिलों में ही रहेगा।
इससे पहले रविवार को योगी सरकार की जारी नई गाइडलाइन में 55 जिलों में कोरोना कर्फ्यू में छूट दी गई थी। गाइडलाइन में कहा गया कि 1 जून से यूपी के 600 केस से नीचे वाले जिलों में सुबह 7 से शाम 7 बजे तक कोरोना कर्फ्यू में कुछ शर्तों के साथ ढ़ील दी जाएगी। शनिवार-रविवार साप्ताहिक बंदी के साथ नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा। 

इन्हें मिलेगी छूट
गाइडलाइन के अनुसार सब्जी मंडी पहले की तरह खुली रहेंगी। रेस्टोरेंट्स को केवल होम डिलीवरी की अनुमति दी जाएगी। धर्म स्थलों के अंदर एक बार में एक स्थल पर पांच से अधिक श्रद्धालु को अनुमति नहीं मिलेगी। अंडे मांस और मछली की दुकानों को पर्याप्त साफ-सफाई तथा सैनिटाइजेशन का ध्यान रखते हुए बंद स्थान या ढ़के होने पर खोलने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा पूरे प्रदेश में गेहूं क्रय केन्द्र और राशन की दुकानें खुली रहेंगी। कोचिंग संस्थान, सिनेमा, जिम स्वीमिंग पूल क्लब एवं शॉपिंग मॉल पूरी तरह बंद रहेंगे।

यहां कर्फ्यू बरकरार
गाइडलाइन के अनुसार मेरठ, लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, झांसी, लखीमपुर खीरी , जौनपुर, गाजीपुर जिलों में एक दिन पहले 600 से अधिक केस मिले हैं। इनमें से कुछ जिले ऐसे हैं, जहां पर दो हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं। इसके चलते इन जिलों में कोरोना कर्फ्यू को बरकरार रखा गया है।
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ARTO ने DM व CMO को भेजी एंबुलेंस की सूची

एआरटीओ ने एंबुलेंस की सूची डीएम व सीएमओ को भेजी। जनपद के एंबुलेंस की सूची जारी होने से आमजन को होगी सुविधा। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री से की थी मांग।

बिजनौर। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में एंबुलेंस की जानकारी न होने के अभाव में रोगियों को बाहर ले जाने को लेकर हो रही परेशानी से आमजन को काफी राहत मिलने वाली है। इसका कारण आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से मुख्यमंत्री से की गयी मांग पर एआरटीओ कार्यालय की ओर से जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी बिजनौर को जनपद भर की एंबुलेंस की सूची बनाकर भेज दी गयी है। इसके जल्द सार्वजनिक होने की उम्मीद जतायी जा रही है।

नजीबाबाद के आदर्श नगर निवासी मनोज शर्मा (आरटीआई कार्यकर्ता) ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए जनपद बिजनौर में पंजीकृत एंबुलेंस संचालकों की सूची मोबाइल नंबर सहित जारी करने की मांग की थी। इस पर मामला परिवहन निगम को जानकारी देने के लिए भेज दिया गया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बिजनौर डिपो ने मामला अपने कार्यालय से सम्बन्धित न होना बताते हुए विभाग को पत्र भेेज दिया था। हालांकि मांगकर्ता मनोज शर्मा ने एआरएम बिजनौर से उक्त पत्र को पूर्व में ही उप संभागीय परिवहन अधिकारी बिजनौर को हस्तानांतरित किए जाने की मांग की थी। परिवहन विभाग के पल्ला झाडऩे के बाद इस सम्बन्ध में मनोज शर्मा की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को अवगत कराया गया। इस पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए। उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव भास्कर पांडे ने उप संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) बिजनौर को कार्रवाई के दिशा निर्देश जारी किए। वहीं अब उप संभागीय परिवहन कार्यालय बिजनौर ने जनपद के समस्त एंबुलेंस संचालकों की सूची जिलाधिकारी कार्यालय और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को सौंप दी हैं।

अब देखना यह है कि कितने दिनों में जनहित में लोगों की सुविधा के लिए यह सूची जारी हो पााएगी? माना जाता है कि जनपद भर में संचालित एंबुलेंस की सूची जारी होने से आमजन को इसका लाभ मिलेगा। आवश्यकता होने पर कोई भी व्यक्ति एंबुलेंस चालकों से संपर्क कर एंबुलेंस सेवा का समय रहते लाभ ले सकेगा। साथ ही इस सूची के जारी होने के बाद जनपद में अपंजीकृत रूप से संचालित की जा रही एंबुलेंस का भी पर्दाफाश हो सकेगा।

मंत्रियों ने भी कर दिया था अनसुना- शिकायतकर्ता मनोज शर्मा ने जनपद भर में संचालित एंबुलेंस की सूची जनहित में सार्वजनिक करने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल तथा जनपद से नाता रखने वाले प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया से भी आग्रह किया था। उनकी ओर से भी मनोज शर्मा की मांग को अनुसुना कर दिया गया था। दोनों मंत्रियों की ओर से सहयोग न मिल पाने पर मनोज शर्मा ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी।

पूर्व में करा चुके हैं एंबुलेंस की दरें निर्धारित- वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण के तेजी से फैलने के दिनों में एंबुलेंस संचालकों की ओर से रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तीमारदारों से मनमाना किराया वसूले जाने के मामले प्रकाश में आने के बाद मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए प्रदेश भर में एंबुलेंस की दरें तय किए जाने की मांग की थी। इस पर प्रदेश भर में जिला स्तरों पर किराया तय किया गया था। उत्तर प्रदेश में एबुंलेंस के लिए तय की गयी किराए की दरें पड़ोसी प्रदेश बिहार की दरों से काफी महंगी तय होना बताई जा रही हैं। 

बसपा जिलाध्यक्ष ने दिए कोविड-19 से बचाव के टिप्स 

बेहद जरुरी हो, तभी निकलें सतर्कता के साथ घर से बाहर: जितेन्द्र सागर

बिजनौर। बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सागर ने पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से कहा कि कोविड-19 के इस दौर में गाइडलाइन का पालन करें और अपने आप को सुरक्षित रखें। ज्यादा ही जरूरी हो तो घर से बाहर निकलें। बाहर निकलने पर मास्क अवश्य लगाएं हाथों को बार-बार धोएं। जिला अध्यक्ष जितेंद्र सागर ने कहा कि कोविड-19 से हम खुद को कई सुरक्षा उपायों से बचा सकते हैं, जिसमें मास्क, 2 मीटर की भौतिक दूरी, साबुन और सैनिटाइजर का उपयोग, इम्यूनिटी को भी मेंटेन करके हम कोविड-19 से अपनी रक्षा कर सकते हैं। अपनी जीवनशैली और खानपान को ठीक रखकर हम इम्यूनिटी मेंटेन रख सकते हैं। बसपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए हमें पर्याप्त नींद भी अवश्य लेनी चाहिए, नींद पूरी ना होने पर शरीर में इम्यूनिटी की लय बिगड़ सकती हैं,जो हमारे लिए घातक साबित हो सकती हैं अत: भरपूर नींद लें, जिससे हमारे शरीर को थकान महसूस ना हो और हमारा इम्यूनिटी सिस्टम भी मजबूत रहे। खानपान का महत्व इम्यूनिटी अच्छी बनाए रखने में ही है। ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन करें, जो पर्याप्त पोषक तत्व और ऊर्जा देता हो। नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहें, जैसे सिगरेट बीड़ी तो बहुत हानिकारक है क्योंकि यह फेफड़ों पर बुरा प्रभाव डालती है और हमारे शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाती है। गौरतलब है कि बसपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सागर कोविड-19 के बचाव के टिप्स बसपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को दे रहे हैं, और पार्टी को जिले में मजबूत भी कर रहे हैं।

अपर जिला जज सप्तम राजू प्रसाद का निधन

बिजनौर। अपर जिला जज सप्तम राजू प्रसाद का सोमवार की सुबह कोरोना के चलते निधन हो गया। करीब 15 दिन पूर्व संक्रमित होने पर उन्होंने निजी अस्पताल में इलाज कराया था, जहां उन्हें ब्लैक फंगस भी बताया गया था। ठीक होकर वह घर आ चुके थे। सोमवार सुबह तबीयत बिगडऩे पर एक निजी नर्सिंग होम ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बार संघ के अध्यक्ष अजीत पंवार ने अपर जिला जज की मृत्यु की पुष्टि करते हुए बताया कि बिजनौर में तैनात अपर जिला जज सप्तम राजू प्रसाद (45 वर्ष) पुत्र राम प्रसाद को करीब 15 दिन पहले कोरोना संक्रमण हुआ था। एक प्राइवेट अस्पताल में उन्होंने इलाज कराया था, जहां जांच में उन्हें ब्लैक फंगस होने की भी पुष्टि हुई थी। कुछ दिन बाद वह ठीक होकर घर आ गए। सोमवार सुबह उनकी अचानक तबियत बिगड़ी, उन्हें बैराज रोड स्थित पुलकित अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते मे ही उन्होंने दम तोड़ दिया। राजू प्रसाद मूल रूप से देवरिया जनपद के रहने वाले थे। वह 2006 बैच के न्यायिक अधिकारी थे। वर्ष 2019 से बिजनौर में तैनात थे। यहां पर पहले उनकी सीजेएम के पद पर तैनाती हुई थी और बाद में यहीं पर प्रमोशन पाकर वह अपर जिला जज बन गए थे। उनके निधन की सूचना से अधिवक्ताओं और न्यायिक अफसरों में शोक व्याप्त हो गया।

मृत्यु के सही कारणों के बारे में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार गोयल ने बताया, कि एपेडेमियोलॉजिस्ट को जानकारी एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही सही जानकारी दी जा सकेगी।

पांच दिन पूर्व ब्लैक फंगस से अधिवक्ता की हुई थी मौत!

पांच दिन पूर्व कोरोना संक्रमण के चलते सर गंगाराम हॉस्पिटल दिल्ली में बिजनौर शहर के एक नामी गिरामी अधिवक्ता की मृत्यु हो चुकी है। उनके पारिवारिक मित्रों के अनुसार उन्हें पहले मुरादाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से सर गंगाराम ले जाया गया था। वह ब्लैक फंगस से पीड़ित  थे। इस बारे में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार गोयल ने बताया, कि अभी तक उक्त अधिवक्ता की मृत्यु के विषय में संबंधित अस्पताल से उनके पास रिपोर्ट नहीं आई। रिपोर्ट के आधार पर ही ब्लैक फंगस की पुष्टि की जा सकती है।

बंद रही शराब की दुकानों का कोटा व लाइसेंस फीस माफ करे सरकार

बंद रही शराब की दुकानों का कोटा व लाइसेंस फीस माफ करे सरकार

आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से शराब एसोसिएशन ने की मांग

प्रतिनिधिमंडल उच्च अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं को कराएगा अवगत

लखनऊ। शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से लॉकडाउन में बंद रहे शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस और निर्धारित कोटा माफ करने की मांग की है। एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या, उपाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से बताया कि कोरोना महामारी के चलते प्रदेश सरकार द्वारा घोषित कोरोना कर्फ्यू में प्रदेश भर की शराब की दुकानें बंद रहीं। शराब की दुकानों का खुलने का समय भी कम होने के कारण निर्धारित मासिक कोटा उठान में लाइसेंस धारकों को समस्या हो रही है। श्री मौर्य ने बताया कि शहरों में कामगार मजदूरों की उपस्थिति ना के बराबर होने के कारण गांव की अपेक्षा शहरों में शराब की बिक्री घट गई है। इस कारण लाइसेंस धारक अपना निर्धारित कोटा नहीं उठा पा रहे हैं। लाइसेंस फीस व कोटा उठाने में छूट देने के लिए आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया है। एक प्रतिनिधिमंडल उच्च अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं को अवगत कराएगा।

कारोबारियों में नीरज जयसवाल, शिव कुमार जायसवाल, शंकर कनौजिया, नितिन जायसवाल, सचिन जयसवाल, धर्मेंद्र सिंह, संजय, रमेश जायसवाल, सुभाष जायसवाल, मनीष जायसवाल, जय जायसवाल मीडिया प्रभारी देवेश जायसवाल ने भी कोटा और लाइसेंस फीस में छूट देने की मांग की है।

लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपट रही मलिहाबाद पुलिस

लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपट रही मलिहाबाद पुलिस

लखनऊ। सरकार द्वारा जारी लॉकडाउन की गाइडलाइंस का पालन करने के लिए मलिहाबाद पुलिस लगातार सख्ती के साथ पेश आ रही है । मलिहाबाद थाना प्रभारी चिरंजीवी मोहन के नेतृत्व में कस्बा इंचार्ज कुलदीप सिंह द्वारा कस्बे में चेकिंग अभियान चलाकर लॉकडाउन का पालन करने की अपील की जा रही है। अभियान के दौरान लॉकडाउन का पालन ना करने वाले दुकानदारों को भविष्य के लिए चेतावनी देने के साथ ही जुर्माना वसूला गया।

शीतल ज्वैलर्स सीज: मलिहाबाद थाना प्रभारी चिरंजीवी मोहन ने बताया कि लॉक डाउन का उल्लंघन करने के आरोप में 40 लोगों का चालान करके 4000 का जुर्माना वसूला गया।
इसके साथ ही शीतल ज्वैलर्स की दुकान सीज करके 188 का मुकदमा भी पंजीकृत किया गया।

सहारा बनी सेवा भारती की “अवध रसोई”

लखनऊ। सेवा भारती अवध प्रान्त की लखनऊ इकाई द्वारा संचालित अवध रसोई कोरोना काल में जारी लॉक डाउन में बहुत बड़ा सहारा साबित हो रही है। अवध रसोई के माध्यम से अक्षय पात्र संस्था के सहयोग से दिनेश विभाग संगठन मंत्री के नेतृत्व में केजीएमयू, बलरामपुर, लोहिया, निरालानगर एवं चारबाग रेलवे स्टेशन पर लगभग 3000 लोगों को प्रतिदिन निःशुल्क भोजन कराया जा रहा है। इसी क्रम में चारबाग रेलवे स्टेशन पर भोजन वितरण में सुश्री मनोरमा मिश्रा प्रान्त उपाध्यक्ष, आनन्द पाण्डेय विभाग स्वास्थ्य आयाम प्रमुख, सुधीर गुप्ता पश्चिम भाग संयोजक, पूनम सिंह, महिमा सिंह राठौर, मनीष गुप्ता, मनीष शुक्ला, संजय, संदीप अधिकरी, अतुल आदि कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा। आज की विशेषता बहनों की उपस्थिति के साथ सेवा कार्य करना रहा, जिससे इस कोरोना काल में भी सेवा कार्य करने की प्रेरणा मिलती है, जिसके लिए बहनें बधाई की पात्र हैं।

ब्लैक फंगस: डॉ. गुलेरिया व डॉ. नरेश त्रेहन की राय

black fungus

नई दिल्ली (एजेंसी) कोरोना मरीजों में ब्लैक फंगस के केस बढ़ने लगे हैं। ऐसे में आम लोगों को इस बीमारी से जागरूक करने के लिए देश के दो जाने-माने हेल्थ एक्सपर्ट्स ने विस्तार से बताया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया और मेदांता के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन ने ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस को लेकर जानकारी दी हैं-
 

ज्यादा इस्तेमाल न करें स्टेरॉयड
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने ब्लैक फंगस से बचने के लिए बताया कि ब्लड शुगर लेवल का अच्छा नियंत्रण, जो स्टेरॉयड पर हैं, वो रोजाना ब्लड शुगर लेवल चेक करें और इस बात का ध्यान रखें कि स्टेरॉयड कब देना है और कितनी खुराकें देनी हैं।
 

फैलाए जा रहे झूठे दावे  
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि ब्लैक फंगस को लेकर कई झूठे दावे फैलाए जा रहे हैं कि ये कच्चा खाना खाने से हो रहा है लेकिन इसकी पुष्टि करने के लिए कोई आंकड़ा नहीं है। वहीं ऑक्सीजन के इस्तेमाल से भी इसका कोई लेना-देना नहीं है। ये होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों के बीच भी हो रहा है।

ब्लैक फंगस के लक्षण
मेदांता के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन ने बताया कि कोविड मरीज को हुए म्यूकोरमाइकोसिस में पहले लक्षण दर्द, नाक में भरापन, गालों पर सूजन, मुंह के अंदर फंगस का पैच और पलकों में सूजन है। इसके लिए सख्त मेडिकल इलाज की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि ब्लैक फंगस को नियंत्रित करने की कुंजी स्टेरॉयड का विवेकपूर्ण इस्तेमाल और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करना है।

खुशखबरी: बिजनौर में दम तोड़ रहा कोरोना

जिलाधिकारी बिजनौर रमाकांत पांडेय

कोविड इन्फेक्शन का रिकवरी रेट बढ़ कर हो गया 90.04, लगातार वृद्वि जारी तथा सक्रिय केसों में कमी, कोविड कमांड सेंटर में तैनात चिकित्सकों की टीम के द्वारा टैली काउंसलिंग एवं मेडिकल से संबंधित सभी प्रकार की समस्याओं का अनुश्रवण करते हुए मरीजों को परामर्श दे रहे हैं। निगरानी समितियों के माध्यम से मेडिसिन किट्स उपलब्धता कराई जा रही है सुनिश्चित-जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय।

बिजनौर। जिले में 24×7 सक्रिय इण्टीग्रेटेड कोविड कमांड एंव कन्ट्रोल सेन्टर के माध्यम से कोविड वायरस से संक्रमित रोगियों के समुचित चिकित्सीय सुविधा, उनकी देखभाल एवं निगरानी का कार्य पूर्ण सजगता और गंभीरता के साथ नियमित रूप से किया जा रहा है। इसके परिणाम स्वरूप कोविड इन्फेक्शन का रिकवरी रेट बढकर 90.04 हो गया है, जिसमें लगातार वृद्वि हो रही है। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने बताया कि कोविड कमांड सेंटर में तैनात चिकित्सकों की टीम के द्वारा टैली काउंसलिंग एवं मेडिकल से संबंधित सभी प्रकार की समस्याओं का अनुश्रवण करते हुए मरीजों को परामर्श दे रहे हैं। निगरानी समितियों के माध्यम से मेडिसिन किट्स उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से जरूरतमंदों को बेड, ऑक्सीजन, टीकाकरण संबंधी सभी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। होम आइसोलेशन में भर्ती मरीजों की चिकित्सकों की टीम के द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा दवाइयां होम आइसोलेशन में भर्ती मरीजों के घरों तक पहुंचाई जा रही है। उनकी हर प्रकार की समस्या का निराकरण कोविड कमांड सेंटर के माध्यम से कराया जा रहा है।
श्री पाण्डेय ने बताया कि कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने हेतु प्रत्येक दिन समीक्षा बैठक, ग्रामों सहित अस्पतालों में लगातार दौरा कर नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्यवाही, साफ सफाई, सेनेटाइजेसन, ऑक्सीजन की व्यवस्था, बेड की सही जानकारी उपलब्ध कराना, ऑक्सीजन प्लांट, कोविड हेल्थ डेस्क के माध्यम से आमजन को जागरूक किये जाने, आईसीसी तथा शिकायत, कण्ट्रोल रूम के माध्यम से शिकायतों का निस्तारण कराया जाना शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समय रिकवरी रेट बढकर 90.04 हो गया है जो कि निरन्तर बढ रहा है। इसके अतिरिक्त जनपद में कुल सक्रिय केसों की संख्या में निरन्तर कमी देखी जा रही है। कुल सक्रिय केस 14156, जिसमें से आज तक 12798 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। इस प्रकार आज तक कुल सक्रिय केस 1264 है। आज कुल कोविड टेस्ट रिपोर्ट 1452 लोगों की प्राप्त हुई, जिसमें से 1394 की टेस्ट रिपोर्ट नेगटिव जबकि कोविड पोजिटिव केसों की संख्या कुल 58 है। इस प्रकार सक्रिय केस की संख्या में निरन्तर कमी आ रही है।

कोरोना काल में आरसी फाउंडेशन और एसजी किचेन द्वारा संचालित कम्युनिटी किचन बना गरीबों का सहारा,

कोरोना काल में आरसी फाउंडेशन और एसजी किचेन द्वारा संचालित कम्युनिटी किचन बना गरीबों का सहारा

लखनऊ। लॉकडाउन में गरीब लोगों को खाने-पीने की दिक्कत को देखते हुए आरसी फाउंडेशन और एसजी किचेन द्वारा संयुक्त रूप से कम्युनिटी किचन चलाया गया। कम्युनिटी किचन में बनाके गए खाने को लंच पैकेट में पैक कर हजारों लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

एसजी किचन के हाजी सैफ ने बताया कि हमारे यहां कम्युनिटी किचन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भोजन का निर्माण कराकर लंच पैकेट पैक करके विभिन्न जगहों पर जरूरतमंदों को बांटा जाता है।

विगत 15 दिन से भवानीगंज, ऐशबाग, राजाजीपुरम, चारबाग, आलमबाग, गोमती नगर, 1090 चौराहा, शाहमीना शाह चौक, कैरियर मेडिकल कॉलेज, एरा मेडिकल कॉलेज, वसंत कुंज योजना की दलित बस्ती और दुबग्गा में टीम के विभिन्न सदस्यों द्वारा बांटा जाता है ।

सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह यादव ने बताया कि आरसी फाउंडेशन की टीम इस उद्देश्य के साथ काम कर रही है कि कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोए। हमारी संयुक्त कम्युनिटी किचन में लोगों के लिए रोज खाना बनता है।

एसजी ग्रुप के अध्यक्ष सैफ हसनैन, सौरभ श्रीवास्तव, उसामा खान, शानू, पप्पू और आरसी फाउंडेशन के संरक्षक शिव कुमार यादव, अमर सिंह यादव, पुष्पा यादव, शालू यादव, सूर्यांश यादव, उज्जवल यादव पूर्व पार्षद प्रत्याशी, जीशान, शफीक, राहुल यादव आदि के सहयोग से यह कार्यक्रम लगातार चलाया जा रहा है।

बड़े बड़ों के रिश्तेदार, सब कुछ माफ!

बिजनौर। एक तरफ कोरोना, उसकी वजह से लॉक डाउन। नियम सबके लिए, लेकिन बड़े बड़ों के रिश्तेदार के लिए सब कुछ माफ! कम से कम फोटोज से तो यही जाहिर हो रहा है। सोशल डिस्टेंसिग दरकिनार कर दुकानदारी का जज़्बा कोई इनसे सीखे।

बड़े व्यापारी, बड़े पत्रकार को रिश्तेदार बताने वाले इस ठेले वाले को परमिशन सम्भवतः इसी कारण मिली हुई है। जनपद मुख्यालय के सिविल लाइंस क्षेत्र में नीलकमल वाली रोड के बाहर ठेले वाले का सामान पड़ोस के ही खोके में रखा रहता है। बताया जाता है कि कुछ पुलिस कर्मी यहां आते रहते हैं। इसी कारण गर्मी भी वाजिब लगती है।

वरिष्ठ सपा नेता अमर सिंह ने कोरोना काल में जनता को दिया संदेश

वरिष्ठ सपा नेता अमर सिंह यादव

वरिष्ठ सपा नेता अमर सिंह ने कोरोना काल के चलते प्रदेश और देश वासियों के नाम दिया एक संदेश

लखनऊ। समस्त साथियों भाइयों बहनों एवं देशवासियों जो साथी मेरे दिल के करीब हैं, मैं उनसे देश और प्रदेश में फैली कोरोना की महामारी के विषय में चर्चा करना चाहता हूं लेकिन इस दौर में जब चारों तरफ त्रासदी का हाहाकार फैला हुआ है समझ नहीं पा रहा हूं कि अपनी बात को कहां से और किस तरह से शुरू करूं।
देश में कोरोना महामारी को फैले 1 वर्ष 5 माह हो गए 2020 में सैकड़ों वैज्ञानिकों, शोध कर्ताओं की तरह तरह की बयानबाज़ी में कहा गया कि इसका असर वृद्धों पर होगा। इसी तरीके से हंसी ठिठोली करके lockdown में भूखे पेट रह कर पैदल चल कर तमाम लोगों ने अपनी जान गंवा दी। बड़बोले नेताओं के द्वारा ताली और थाली बजवा कर गाय का गोबर खिला कर, गौ मूत्र पिला कर, गौशाला में कोरोना के मरीज को ठीक करने जैसी तमाम विधियां देश के लोगों द्वारा आजमाई गई और 2020 का समय समाप्त हुआ। 2021 में कोरोना काल के दूसरे और तीसरे चरण का नंबर आया 2020 के कहर को देखते हुए भी सरकार के द्वारा अस्पताल, दवाई, डॉक्टर एवं तमाम चिकित्सा के संसाधनों के इंतजामात नहीं किए गए। 2021 भयावह रहा, दूसरी लहर आयी, अभी तीसरी बाकी है मात्र सुन कर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। देश और प्रदेश का शासन एवं प्रशासन आंकड़ों की बाजीगरी में फंसा हुआ है। धरातल पर देश और प्रदेश की जनता जो सच्चाई देख रही है, उसकी तस्वीर बडी ही भयावह है। दूसरे चरण और तीसरे चरण में जवान और बच्चो के उपर कोरोना की लहर का प्रकोप बताया जा रहा है, जो अत्यंत दुखदाई है। फ़ेसबुक के समस्त साथियों एवं देशवासियों से हमारी विनती है कि लोग टीवी, अख़बार का इस्तेमाल कम से कम करें क्योंकि कोरोना का टेंशन जब दिमाग में घुसता है तो ऑक्सीजन लेवल डाउन करते हुए ब्लड प्रेशर डाउन करता है। आदमी हॉस्पिटल की तरफ भागता है। ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए मारामारी करता है। डॉक्टर का इंतजाम नहीं हो पाता है। उनके परिजन दौड़ दौड़ कर रात दिन एक कर देते हैं, इसी सुविधा के भाव में मरीज का स्वर्गवास हो जाता है। इन तमाम आधी अधूरी चिकित्सा सुविधाओं से गुजरते हुए लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हम पुनः सब से हाथ जोड़ कर विनती करते हैं कि प्रत्येक घर में घरेलू उपचार के तौर पर देशी औषधियां प्रयोग में लाते रहें। समस्त औषधियां, जिसमें 4 -6 जड़ी बूटियों का काढ़ा (गिलोय, तुलसी पत्ती, दालचीनी, लौंग, कालीमिर्च)
रात में सोते वक़्त 1 गिलास हल्दी का दूध, एक टाइम दिन में कालीमिर्च पाउडर, अदरक का जूस, शहद एक – एक चम्मच सुबह दोपहर शाम गरम पानी (बाकी टाइम नॉर्मल) एक टाइम भाप 5 मिनट, 3 टाइम पेट भर भोजन, पेट खाली ना रहे। ये सिलसिला सभी लोग घर परिवार में जारी रखें। सरकार द्वारा जारी किए गए covid-19 के निर्देशों का पालन अनुपालन करते हुए सादगी के साथ अपना जीवनयापन करें। हमें उम्मीद है कि घर में देशी उपचार समय पर लेते रहने से शरीर पर आयी हुई छोटी मोटी व्याधियां घर में ही समाप्त हो जाएंगी। आप ये सोच कर चलें कि हम सभी कोरोना पॉजिटिव हैं, घरेलू उपचार लेते रहें, बीमारी आने का इंतज़ार ना करें, ऐसा ना करने पर हॉस्पिटल जाने का नंबर आ सकता है। हॉस्पिटल जाने के बाद क्या होता है, ये बताने की आवश्यकता नहीं। सभी लोग अपना अपना बचाव करें। स्वस्थ रहैं, जीवन बना रहेगा तो मिलना जुलना आना जाना लगा रहेगा। गर्दिश के दिन बीत जाएंगे, फिर वही खुशहाली देखने को मिलेगी। बात अगर अच्छी लगी हो तो अपना लेना,नहीं तो कूड़े के ढेर में फेंक देना। -अमर सिंह यादव
वरिष्ठ सपा नेता

निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी मिले आक्सीजन: लीना सिंघल

निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी मिले आक्सीजन: लीना सिंघल। जिलाधिकारी को पत्र लिखकर की मांग। नोडल अधिकारियों के जरिए आक्सीजन दिलाने की मांग।

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर निजी चिकित्सालयों में कोविड-19 संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों को भी नोडल अधिकारियों के माध्यम से आक्सीजन गैस की आपूर्ति कराए जाने की मांग की है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी की प्रातीय पार्षद तथा पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष धामपुर ने जिलाधिकारी रामकान्त पाण्डेय को पत्र लिखकर जनपद बिजनौर के समस्त निजी अस्पतालों को आक्सीजन की आपूर्ति कराए जाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि जपनद बिजनौर में आक्सीजन की आपूर्ति के लिए केवल दो प्लांट एक नजीबाबाद तथा दूसरा हल्दौर में स्थापित हैं। महामारी के इस दौर में उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर जनता की सुविधा के लिए आक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर,  आक्सीजन कंन्सेंट्रेटर आदि की आपूर्ति बढ़ाने में जुटी है। उसके अलावा प्रदेश के ससभी क्षेत्रों को निरतर आक्सीजन गैस की आपूर्ति भी करायी जा रही है। हालांकि महामारी की भयावकता के कारण आक्सीजन की आपूर्ति कोविड़ अस्पतालों तथा होम आइलोशन में रह रहे कोविड संक्रमित मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। इसके अतिरिक्त जनपद के निजी अस्पतालों में भी गंभीर रोगों एवं कोविड संक्रमण से पीडि़त मरीज भर्ती हैं। जिनको आक्सीजन की आपूर्ति की आवश्यकता को देखते हुए जनपद के समस्त कोविड नोडल अधिकारियों को निर्देशित कर समस्त निजी अस्पतालों को उनकी आवश्यकता के अनुसार आक्सीजन सिलेन्डरों की आपूर्ति शुरू करायी जानी चाहिए।

कॉकटेल पार्टी: BJP नेता व 10 पत्रकारों पर केस

लखनऊ। हापुड़ नगर के एक प्लाजा में कोविड-19 के चलते लाकडाउन के बावजूद कॉकटेल पार्टी कर रहे लोगों पर सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्यवाही की है। पुलिस ने होटल मालिक सहित 10 पत्रकार व कुछ अन्य अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार सिटी कोतवाली क्षेत्र के रेलवे रोड स्थित आरके प्लाज़ा में रविवार रात एक बीजेपी नेता ने कोविड महामारी के नियमों को ताक पर रखकर पत्रकारों को कॉकटेल पार्टी के लिए निमंत्रण दिया था। इस पार्टी से संबंधित वीडियो दिनभर सोशल मीडिया पर घूमते रहे।

पुलिस ने बताया कि यह आयोजन सुयांश वशिष्ठ ने किया था। होटल मालिक अजय कंसल हैं। महामारी के चलते सोशल डिस्टेंसिंग कानून लागू होने के बावजूद होटल में आयोजन कैसे करवा दिया गया।पुलिस ने होटल मालिक अजय कंसल व 10 पत्रकारों व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है। इस मामले में बीजेपी नेता सुयांश वशिष्ठ ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपो को निराधार बताते हुए साजिश के तहत फ़ंसाए जाने का जवाबी आरोप लगाया है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अध्यक्ष शक्ति ठाकुर ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। कोरोना महामारी में पार्टी करना व कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन करना गलत है।उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर कार्यवाही न कर कार्यक्रम का आयोजन करने वाले व होटल मालिक पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पत्रकारों को प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना देकर बुलाया गया था। हापुड़ एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि कोरोना महामारी में पार्टी करने वाले लोगों पर कार्यवाही की जाएगी। मामले की पुलिस जांच कर रही है। निर्दोष लोगों पर कार्यवाही नहीं होगी। कोविड-19 महामारी नियम तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगो को चिन्हित कर पुलिस कार्यवाही करेगी।

ऑड-ईवन फॉर्मूले से चलाई जाएं ई-रिक्शा: फहीम अख्तर

समाजसेवी फहीम अख्तर ने की मांग, ऑड-ईवन फॉर्मूले से चलाई जाएं ई-रिक्शा

बिजनौर। समाजसेवी फहीम अख्तर उर्फ राजा ने प्रशासन से मांग की है कि गरीब रिक्शा वालों की समस्याओं को देखते हुए। ई-रिक्शा को पूरी तरीके से बंद ना करके ऑड-ईवन फॉर्मूले से चलाई जाएं। फहीम का कहना है कि गरीब रिक्शा चालक रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। कोरोना महामारी से हर कोई परेशान है। इस बार इस महामारी से मरने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। परंतु गरीब कि रोजी रोटी का साधन उसे छीन लिया जाता है तो उसके परिवार और वह महामारी से ना मार कर भुखमरी से मर जाएगा। ई-रिक्शा बंद होने से उन लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, जिनके पास या तो इलाज के पैसे हैं या फिर एंबुलेंस का किराया देने के, यदि ऐसे लोग एंबुलेंस में अपने मरीजों को हॉस्पिटल तक ले जाते हैं तो एक हजार से 15 सौ रुपए किराया उनको देना पड़ता है, जबकि ई रिक्शा में ले जाने पर मात्र 50 रुपए ही किराया देना पड़ता है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गरीबों को बड़ी राहत देते हुए उनको मासिक भत्ता देने की घोषणा की है। इस भत्ते से गरीबों को काफी हद तक राहत मिलेगी। परंतु यह भत्ता परिवार के पालन पोषण के लिए पर्याप्त नहीं है और देखा जाए तो अभी यह सिर्फ घोषणा की गई है। गरीबों के खाते तक इस भत्ते को पहुंचने के लिए अभी 10 से 15 दिन का समय लगेगा। ऐसे में 10 से 15 दिन रोजमर्रा की आवश्यकता को पूरा करने के लिए इनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में यदि ई रिक्शा को ऑड-ईवन फॉर्मूले से चलने की परमिशन मिल जाती है। गरीब रिक्शा वालों को अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए पर्याप्त रकम मिल जाएगी। प्रशासन को गरीब रिक्शा वालों के परिवार वालों के बारे में सोच कर कोई उचित समाधान निकालना चाहिए।

प्रधान डाकघर वाराणसी कैंट में डाककर्मियों का वैक्सिनेशन

वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में डाककर्मियों का टीकाकरण करती स्वास्थ्यकर्मी)

पोस्टमास्टर जनरल की पहल : प्रधान डाकघर वाराणसी कैंट में डाककर्मियों का हुआ वैक्सिनेशन

वाराणसी। कोरोना को हराना है तो मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, हैंड वाश के साथ-साथ वैक्सिनेशन भी जरूरी है। इसी क्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव की पहल पर वाराणसी कैंट स्थित प्रधान डाकघर में 17 मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 45 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के डाककर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई।

वाराणसी कैंट प्रधान डाकघर में डाककर्मियों का टीकाकरण करती स्वास्थ्यकर्मी)

गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा डाक सेवाओं को आवश्यक सेवाओं की सूची में रखा गया है,अतः डाकघर नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना वॉरियर्स के रूप में पोस्टमैन व ग्रामीण डाक सेवक डाक बाँटने के लिए नियमित रूप से क्षेत्र में जा रहे हैं, वहीं काउंटर पर भी स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल बुकिंग के अलावा बचत बैंक, बीमा, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, आधार जैसी तमाम सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इससे पूर्व भी 15 व 16 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्वेश्वरगंज स्थित वाराणसी प्रधान डाकघर में डाककर्मियों का वैक्सिनेशन किया जा चुका है।

57 कोरोना संक्रमित मिले-414 हुए ठीक, एक की मौत

चंदक पीएचसी पर तैनात महिला बीपीसीएम की मौत के चार दिन बाद हुई अधिकारिक पुष्टि

बिजनौर। जनपद में रविवार को 57 नए कोरोना संक्रमित मिले, वहीं 414 के ठीक होने की राहत भरी खबर भी है। सक्रिय केस इस समय 2240 हैं। वहीं दूसरी ओर चार दिन पूर्व विभाग में तैनात संक्रमित महिला बीपीसीएम की मौत की रविवार को पुष्टि भी की गई है।

जनपद बिजनौर में रविवार को 1926 टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें से 57 को कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके निगम ने बताया, कि सभी को नियमानुसार आइसोलेशन के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बीती 12 मई को मेडिकल कालोनी बिजनौर निवासी चंदक पीएचसी पर तैनात ब्लॉक कम्युनिटी प्रोग्राम मैनेजर बबीता सैनी (40 वर्ष) की मृत्यु की पुष्टि की। बबीता 11 मई को हुई जांच में कोरोना संक्रमित निकली थी और 12 मई की रात को घर पर ही उसकी दु:खद मृत्यु हो गई। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती हीमपुर बुजुर्ग निवासी 52 वर्षीय व्यक्ति तथा सीएचसी हल्दौर से यहां रेफर चांदपुर क्षेत्र की ही एक 76 वर्षीय महिला की मृत्यु होने की भी जानकारी मिली, लेकिन अधिकारियों ने पोर्टल पर इसकी जानकारी न होने से अनभिज्ञता जताई है।

वर्तमान के हालात-

कुल केस: 13703

कुल ठीक: 11374

कुल मौत: 89

सक्रिय केस: 2240

बैट्री निर्माता के यहां से 38 ऑक्सीजन सिलेण्डर बरामद

कालाबाजारी की सूचना पर पकड़े 38 ऑक्सीजन सिलेण्डर!
पुलिस ने की बैट्री निर्माता के यहां से बरामदगी

बिजनौर। नजीबाबाद में एक ओर ऑक्सीजन गैस प्लांट को शुरू कराने के लिए सामाजिक संगठन और राजनैतिक लोग प्रयासरत हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने एक बैट्री निर्माता के यहां दर्जनों ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर पकड़े। इस मामले में पुलिस ने अपने स्तर से सिलेंडर रखने सम्बन्धित किसी प्रकार की अनुमति नहीं होने की बात कही है।
रविवार को गोविन्द नगर कालोनी में एक बैट्री निर्माता के यहां पर पुलिस ने छापामारी की। पुलिस को एक वाहन से करीब 38 ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर मिले। बताया जा रहा है कि पुलिस को छानबीन के दौरान 11 सिलेन्डर मकान के अंदर से बरामद हुए। उक्त मामले में काफी संख्या में नगर के नामचीन लोग बैट्री निर्माता के बचाव में उतरकर पैरवी करने में जुट गए। बाद में एक बैट्री निर्माता की ओर से बचाव में बताया गया कि उक्त सिलेण्डर गुरुद्वारे की ओर से जरूरतमंदो के लिए लाए गए थे। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जनहित में मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की अनुमति होनी जरूरी है, लेकिन उपजिलाधिकारी ने किसी भी प्रकार की अनुमति अपने स्तर से न दिए जाने अथवा अपने संज्ञान में न होने की बात कही है। छापामारी के दौरान मौजूद पुलिसकर्मी के अनुसार मामा बैट्री वाले के घर में 11 ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर थे और बाकी वाहन में थे, जो मौके पर मिले। पुलिस को ऑक्सीजन गैस सिलेण्डर की कालाबाजारी की सूचना मिली थी, जिस पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई की।

किसी संस्था ने नहीं ली अनुमति: एसडीएम

इस मामले में उपजिलाधिकारी परमानंद झा ने कहा कि पुलिस की ओर से छापा मारकर गोविन्द नगर कॉलोनी में काफी संख्या में ऑक्सीजन सिलेन्डर पकड़े जाने का मामला संज्ञान में आया है। बताया जा रहा है कि उक्त सिलेण्डर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराने के लिए मंगाए गए थे, जबकि इसके लिए किसी संस्था की ओर से कोई अनुमति नहीं ली गयी है।

लॉक डाउन में नहीं दिखता पहले जैसा नजारा बेतकल्लुफ होकर घूमते लोग

बेतकल्लुफ होकर घूमते लोग। सोशल डिस्टेंसिंग तार तार। लॉक डाउन में नहीं दिखता पहले जैसा नजारा।

बिजनौर। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाया गया लॉकडाउन विफल साबित हो रहा है। पिछली बार की तरह इस बार कई स्थानों पर पुलिस पिकेट न होने और बल्लियां न लगी होने के चलते लोग बेखौफ होकर घूम रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग तो तार तार हो ही रही है।  लगभग पूरे जनपद का यही हाल है। 

विदित हो कि विगत वर्ष कोरोना संक्रमण के दौरान एक भी केस आने पर उस क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया जाता था। बाजार किसी भी कीमत पर नहीं खुलने दिया जाता था। बाजार के मुख्य प्रवेश मार्गों पर बल्लियां लगाकर पुलिस तैनात कर दी जाती थी। लोग वहां से गुजरने में भी झिझकते थे। मुख्य सडक़ें ही नहीं, गली मोहल्ले भी वीरान से नजर आते थे। इस बार ऐसा कुछ नहीं दिखाई दे रहा। सब जगह रौनक है। लॉकडाउन लगा होने के बावजूद लोग बाजारों में बेखौफ घूम रहे हैं। दुकानदार भी अपना कारोबार कर रहे हैं। कोई दुकान के अंदर से व्यापार कर रहा है तो कुछ खुलेआम सुबह-शाम दुकान खोल रहा है। लॉकडाउन का असर कहीं दिखाई ही नहीं दे रहा। लोग सुबह और शाम बेखौफ होकर बाजार में खरीदारी कर रहे हैं। वहीं इससे सबसे अधिक प्रभावित मध्यम वर्ग के लोग हो रहे हैं। किराना परचून, शराब, फल-सब्जी की दुकान बाजारों में ही नहीं बल्कि मोहल्लों में भी खुल रही हैं।

रविवार को पुलिस दिखी कुछ सख्त- बिजनौर। जिला मुख्यालय पर रविवार को पुलिस कुछ सख्त नजर आई। शक्ति चौक पर चारों तरफ से आने जाने वाले वाहन चालकों को रोक कर कारण पूछा गया। लॉक डाउन के दौरान सडक़ पर निकलने का जो सही कारण नहीं बता सके, उन्हें हिदायत दी गई। वहीं कुछ के चालान भी काटे गए। चौपहिया, दुपहिया वाहनों के अलावा पैदल गुजरने वालों से भी पूछताछ की गई। कई वाहन चालक दूर से ही पुलिस को देख या तो वापस मुड़ लिए या फिर समीप की गलियों में घुस गए। 

आरसी फाउंडेशन ने किया सैनिटाइजेशन व मास्क वितरण

लखनऊ। कोरोना के लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच विभिन्न सामाजिक संस्थाओं जन जागरूकता के साथ-साथ जनता की सेवा के कार्य किए जा रहे हैं‌। इसी कड़ी में सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन की ओर से सैनिटाइजेशन व मास्क वितरण का कार्यक्रम चलाया गया।

सामाजिक संस्था द आरसी फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. भानुवेंद्र प्रताप सिंह यादव ने बताया कि आरसी फाउंडेशन की टीम की ओर से मलिहाबाद लखनऊ, पश्चिम सरोजनी नगर और काकोरी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सैनिटाइजेशन व मास्क वितरण के साथ-साथ कोविड-19 मेडिकल किट भी वितरित की गई।

आरसी फाउंडेशन द्वारा यह सराहनीय काम ऐसे वक्त में किया गया है जो संसाधनों के अभाव के चलते लोगों को उनकी जरूरतों की चीजें सामान्य रूप से नहीं मिल पा रही हैं।

फाउंडेशन के इस कार्य के चलते जनता ने फाउंडेशन के संस्थापक तथा उनके सदस्यों के कार्य की काफी सराहना की। संस्था की ओर से आरसी फाउंडेशन के संरक्षक शिव कुमार यादव, अमर सिंह यादव, पुष्पा यादव, शालू यादव, सूर्यांश यादव, उज्जवल यादव, पूर्व पार्षद प्रत्याशी जीशान सफीक, राहुल यादव व अन्य लोग उपस्थित रहे ‌।

फल सब्जी थोक मंडी में नहीं फैलता कोरोना संक्रमण!

फल व सब्जी थोक मंडी में नहीं किसी को कोरोना संक्रमण का डर।
-मंडी समिति परिसर में फल व सब्जी कारोबारी कर रहे कोविड गाइड लाइन की अनदेखी।

बिजनौर। कृषि उत्पादन मंडी समिति नजीबाबाद परिसर स्थित थोक फल व सब्जी मंडी में लोग कोरोना संक्रमण के खतरे से बेपरवाह होकर जिंदगी से खिलवाड़ करते हुए नजर आ रहे हैं। उपजिलाधिकारी की ओर से मंडी में नौ बजे तक ही कारोबार करने तथा भीड़ न लगने देने व मास्क का प्रयोग अवश्य करने के निर्देश के मंडी समिति सचिव को दिए जाने का भी कोई असर होता दिखायी नहीं दे रहा है।
शनिवार को नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में फल व सब्जी मंडी में पहुंची भीड़ को देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि देश में वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर लोग गंभीर हैं।

मास्क टांग कर करते हैं अहसान-फल व सब्जी मंडी में जमा भीड़ के बीच अधिकांश लोग बिना मास्क लगाए हुए दिखाई दिए और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करना तो दूर की बात थी यदि मास्क था भी तो उन्होंने नाक व मुंह की बजाय जेब में रखा हुआ था या फिर पुलिस व प्रसाशन की कार्रवाई से बचने के लिए सिर्फ अपने कानों पर टांग रखा था। ऐसा लगता है कि सरकारों की ओर से बेशक देश के नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता की जा रही हो परंतु लोग हैं कि मानते ही नहीं। उधर उपजिलाधिकारी परमानंद झा का इस मामले में कहना है कि मंडी समिति सचिव को कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने व भीड़ पर अंकुश लगाने के लिए लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही मंडी में सुबह छह बजे से नौ बजे तक ही कारोबार करने के निर्देश का पालन न किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया ने खोली सीएचसी पर प्रशासन के दावों की पोल

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रशासन के दावे हवा-हवाई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से हरकत में आया प्रशासन। उपजिलाधिकारी ने अस्पताल पहुंच दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।

बिजनौर। नजीबाबाद नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोविड मरीजों के लिए बनाए गए एल-2 अस्पताल में प्रशासन की ओर से आवश्यक सुविधाओं, ऑक्सीजन की  और दवाइयों की उपलब्धता के किए गए दावों की पोल एक वायरल वीडियो में खुलकर सामने आयी। इस कारण प्रशासन की ओर से किए गए दावे हवा-हवाई दिखायी दिए। उपजिलाधिकारी ने अस्पताल पहुंच कर स्वयं स्थिति को देखने के बाद आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

विगत दिनों सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर को कोविड मरीजों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से एल-2 श्रेणी में 30 बैड का अस्पताल घोषित किया गया था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने उक्त अस्पताल पर मरीजों को ऑक्सीजन, दवाएं व बेहतर सुविधा मुहैया कराए जाने के दावे किए थे, जबकि वायरल हुयी एक वीडियो में जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आयी है। इसमें बताया गया कि नजीबाबाद के समीपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर न ही चिकित्सक मौजूद हैं न ही मरीजों का इलाज करने के लिए कोई बेहतर सुविधा ही। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने चिकित्सा व्यवस्थाओं और सिस्टम की सारी पोल खोलकर रख दी। इसमें पूरे अस्पताल में घूम कर मरीजों के हाल और बिना चिकित्सक के पूरे अस्पताल में बेहाल मरीजों की दशा को दिखाया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार और सरकारी सिस्टम की हकीकत और दावों के बींच अंतर साफ देखा जा सकता है। मरीजों ने भी बताया कि सुबह से अस्पताल में कोई चिकित्सक ही नहीं पहुंचा है। मरीजों का इलाज करना तो दूर उनका हाल पूछने भी कोई नहीं आया। अभी हाल ही में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात डा. सर्वेश निराला के कार्यो की प्रशंसा भी की गयी थी। उनके बारे में मरीजों की भी राय थी कि वे दिन रात मरीजों की सेवा में जुटे थे। 

वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल पहुंचे उपजिलाधिकारी ने समस्त स्टाफ की जमकर क्लास ली और कमियों को तत्काल दूर कर मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। उपजिलाधिकारी परमानंद झा का कहना है कि वीडियो वायरल होने का मामला सामने आने पर संज्ञान लेते हुए तुरंत मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वीडियो बनाए जाने के समय चिकित्सक अस्पताल में ही दूसरे हिस्से में थे। हालांकि समस्त स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि लापरवाही नहीं होनी चाहिए। तीमारदारों को भी कोविड मरीजों से दूर रहने को कहा गया है। तीमारदारों को किट उपलब्ध करायी जा रही है।

रोडवेज पर बसें तो हैं, लेकिन यात्री नहीं

रोडवेज पर बसें तो हैं, लेकिन यात्री नहीं पिछली बार की तरह पसरा है सन्नाटा 

बिजनौर (आसिफ अली)। लॉकडाउन के चलते रोडवेज पर बसें तो खड़ी हैं, लेकिन यात्री नहीं है। ईद उल फितर के त्योहार के मौके पर रोडवेज पर यात्रियों की भीड़ लगी रहती थी। बसें खचाखच भर कर चलती थीं, लेकिन इस बार कोविड-19 महामारी के कारण बसें तो रोडवेज पर खड़ी हैं, लेकिन यात्री नहीं हैं। रोडवेज को भी कोविड-19 के कारण काफी घाटा हो रहा है।रोडवेज पर ऐसे जरूरतमंद लोग भी घूमते हैं जो यात्रियों से मांग कर अपनी जरूरत पूरी करते हैं। कुछ लोग बसों में अपना सामान बेचकर परिवार चलाते हैं। यह लोग भी मायूस हैं क्योंकि इस बार भी ईद के मौके पर रोडवेज पर यात्री ही नहीं हैं। विदित हो कि पिछली ईद पर भी लॉक डाउन लगा हुआ था और रोडवेज पर इसी तरह का हाल था, यानी यह दूसरी ईद है जब रोडवेज पर सन्नाटा पसरा पड़ा है। इस लॉकडाउन ने जरूरतमंदों की कमर तोड़ कर रख दी है। उनका हाल पूछने वाला कोई नहीं है। ई-रिक्शा चलाने वाले भी अपनी रोजी की तलाश में भटक रहे हैं। उन्हें भी सवारी नहीं मिल रही और पुलिस का डर भी उन्हें सताता है। कोविड-19 के चलते इस वर्ष भी ईद का त्योहार फीका रहा। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए सरकार की गाइडलाइन का पालन किया। लोग ईदगाह में नमाज अदा करने नहीं पहुंचे। मुस्लिम समाज के लोगों ने घरों में ही रहकर ईद की नमाज अदा की। पुलिस ईदगाह,मस्जिदों पर सुबह से ही तैनाती रही।

विक्रमादित्य सिंह मलिक की पहल पर बिजनौर को मिले 10 वेंटीलेटर

बिजनौर। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक की पहल पर “Medical Oxygen for All” संस्थान द्वारा 10 वेंटीलेटर (नॉन इनवेसिव वेंटीलेटर) उपलब्ध/डोनेट कराए गए। जिलाधिकारी रमाकांत पांडे, मुख्य विकास अधिकारी महोदय केपी सिंह और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा इन सभी उपकरणों को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एसके निगम को हैंड ओवर किए गए। इनका इस्तेमाल ग्रामीण क्षेत्र के कोरोना ग्रसित लोगों को, जो मुरादाबाद या मेरठ जाने में समर्थ नहीं हैं और/अथवा जिन मरीजों का इलाज तुरंत करवाया जाना है, के लिए किया जाएगा।

लॉक डाउन में दुकानदारी: शटर तोड़ कर अंदर घुसे पुलिस प्रशासनिक अधिकारी

शामली। लॉक डाउन के बावजूद शटर गिरा कर दुकानदारी करने के आरोप में मशहूर बंसल रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान सील कर दी गई।

लॉकडाउन के चलते जिलाधिकारी द्वारा कुछ दुकानों को खोलने की छूट दी गई है, लेकिन ईद के चलते कुछ दुकानदार ग्राहकों को सामान बेचने में जुटे रहे। इसी क्रम में सूचना के आधार पर एसडीएम सदर व सीओ सदर को सूचना मिली कि एमएसके रोड पर स्थित बंसल रेडिमेड गारमेंट्स की दुकान का शटर बंद है, लेकिन दुकान के अंदर कई ग्राहक मौजूद हैं। सूचना पर अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।

बाथरूम में बंद थे ग्राहक- अधिकारियों द्वारा माइक से दुकानदार को शटर खोलने के लिए कहा गया। 2 घंटे बीतने के बाद भी अंदर से कोई जवाब ना मिलने पर दुकान का ताला तोड़ा गया। अंदर जाकर देखा तो सभी ग्राहकों को बाथरूम में बंद किया हुआ था। अधिकारियों द्वारा दंडात्मक कार्यवाही करते हुए अतुल बंसल और कपिल बंसल का धारा 151 में चालान काटने के साथ ही 188/269/270 महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई कर दुकान को सील कर दिया गया।

साभार-C24न्यूज़ ब्यूरो टीम & iNDiA अलर्ट सिटीजन राईटर्स टीम अलीशा कुरेशी

ड्रग इंस्पेक्टर रोक रहे लिक्विड ऑक्सीजन आपूर्ति: लीना सिंघल

नजीबाबाद में ऑक्सीजन प्लांट चलवाने की मांग। भाजपा नेत्री लीना सिंघल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की मांग। ड्रग इंस्पेक्टर पर लगाया लिक्विड ऑक्सीजन आपूर्ति रोकने का आरोप

बिजनौर। नजीबाबाद में एक मई से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को शुरु कराए जाने के लिए भाजपा नेत्री लीना सिंघल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में ड्रग इंस्पेक्टर बिजनौर पर उक्त प्लांट की लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकवाने का भी आरोप लगाया है।

भारतीय जनता पार्टी की प्रांतीय पार्षद, पूर्व क्षेत्रीय मंत्री, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्व क्षेत्रीय प्रभारी बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती लीना सिंघल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर जनपद बिजनौर के नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के सिकन्दरपुर बसी में स्थित गोयल इंडस्ट्रियल गैस प्लांट को पुन: संचालित कराए जाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि जनपद बिजनौर में ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति एक नजीबाबाद तथा दूसरा हल्दौर में स्थापित केवल दो प्लांट से की जा रही थी। महामारी के इस दौर में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निरंतर जनता की सुविधा के लिए ऑक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंन्संट्रेटर आदि की आपूर्ति लगातार बढ़ायी जा रही है तथा निरंतर सप्लाई भी की जा रही है। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के सिकन्दरपुर बसी गांव में स्थापित गोयल इंडस्ट्रियल गैस प्लांट में एक मई से लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति ड्रग इंस्पेक्टर बिजनौर की ओर से रोक दी गयी है, जिसके चलते उक्त प्लांट में मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन बन्द हो गया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि उपजिलाधिकारी नजीबाबाद के मार्गदर्शन तथा कंट्रोल में 22 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नजीबाबाद क्षेत्र के 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर, पूजा हॉस्पिटल, आजाद हॉस्पिटल, संसार हॉस्पिटल आदि अस्पतालों में तथा होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को प्रतिदिन ऑक्सीजन दी जा रही थी। इसकी अनुमति उपजिलाधिकारी नजीबाबाद के स्तर पर कराए जाने के दौरान प्रतिदिन 24 घण्टे दो पुलिस वालों की उपस्थिति में आपूर्ति की जा रही थी। साथ ही एसडीएम प्रतिदिन प्लांट का निरीक्षण करते रहे हैं। जबकि 30 अप्रैल के बाद से ड्रग इंस्पेक्टर बिजनौर ने उक्त प्लांट के लिए लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति रोक दी, जिससे उपरोक्त प्लांट से प्रतिदिन मिलने वाली 400 सिलेंडर ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति बाधित हो गयी। उक्त प्लांट से जीवनदायिनी ऑक्सीजन का उत्पादन पुन: शुरु कराए जाने से पूरे क्षेत्र की जनता के लिए इस महामारी के दौर में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित कर उक्त प्लांट को लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति कराए जाने तथा किसी सक्षम अधिकारी की देखरेख में पुन: ऑक्सीजन उत्पादन कराए जाने की मांग की है। उधर नजीबाबाद बार एसोसिएशन की ओर से जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार राधेश्याम शर्मा को सौंपकर सिकन्दरपुर बसी स्थित ऑक्सीजन गैस प्लान्ट शुरू कराने की मांग की गयी है। ज्ञापन सौंपने वालो में अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह, सचिव फहीम अहमद एड, इंतजार अहमद एड, आसिफ हुसैन आदि मौजूद रहे। 

UP, UK बार्डर पर भीड़ दे रही कोविड-19 को न्योता

बार्डर पर भीड़ की शक्ल में एकत्रित हो रहे लोग-दोनों प्रदेशों की सीमा तक ही संचालित हो रही बसें-सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की उड़ रही धज्जियां

बिजनौर। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर कोटा वाली नदी के किनारे तक ही दोनों राज्यों के परिवहन निगम की रोडवेज बसें संचालित होने से लोगों की भीड़ जमा हो रही है। लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।

कोरोना महामारी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम की बसों को प्रदेश की सीमाओं के अंदर ही चलाने का निर्देश दिया है। इसके चलते उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम के दूर-दराज के डिपो की बसें भी राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पर कोटावाली नदी के पार उत्तराखंड प्रदेश की सीमा तक ही संचालित की जा रही हैं। दूसरी ओर उत्तराखंड परिवहन निगम की काफी संख्या में बसें भी इसी सीमा तक के लिए संचालित की जा रही हैं। हालांकि उत्तराखंड परिवहन निगम की उत्तराखंड के मसूरी, देहरादून, रूडक़ी, हरिद्वार आदि से आकर उत्तराखंड के जसपुर, काशीपुर, रामनगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, कोटद्वार, बाजपुर, पिथौरागढ़ आदि के लिए उत्तर प्रदेश की सीमा के अंदर होकर नजीबाबाद, कोतवाली देहात, नगीना, धामपुर, अफजलगढ़ व रेहड़ से होकर संचालित की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश की ओर से अंतर्राज्जीय बसों के परिचालन को बंद कर दिए जाने के चलते काफी संख्या में यात्री उत्तराखंड सीमा तक ही उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम की बसों में सफर कर पहुंच रहे हैं। इस वजह से दोनों राज्यों की रोडवेज बसें यात्रियों को अपने-अपने राज्य की सीमा में उतार देती हैं, जिससे भागूवाला के पास कोटा वाली नदी पर लॉकडाउन लगा होने के बावजूद सवारियों की भीड़ एकत्रित हो जाती है। इस भीड़ में शामिल काफी संख्या में लोग सरकार की ओर से जारी दो गज की दूरी और मास्क जरूरी के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके चलते कोरोना के संक्रमण का खतरा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस भीड़ में शामिल लोगों की ओर से सरकार की गाइडलाइन का पालन न किए जाने से नदी किनारे बसे कोटा वाली गांव के ग्रामीणों को कोरोना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने दोनों राज्यों की पुलिस से बसों से यहां पहुंचने वाले लोगों से सरकार की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराए जाने की मांग की है।

ईद के त्योहार पर भी लगा कोरोना का ग्रहण

कोरोना संक्रमण को लेकर पुलिस दिखी सख्त।

बेवजह वाहन लेकर सडक़ों पर निकलने वालों पर दिखायी सख्ती।

बिजनौर। कोरोना संक्रमण का प्रभाव ईद उल फितर पर इस बार भी साफ दिखायी दे रहा है। सडक़ों पर ईद के त्योहार के मुताबिक पूर्व के वर्षों की तरह भीड़ नहीं है। रोजोना की तरह निर्धारित समय पर किराना, दूध, फल सब्जी व मेडिकल सुविधाओं को छोड़ कर बाजार बन्द रहे। लोगों में पुलिस का भी डर साफ दिखायी दिया।

गुरुवार को सुबह लगभग नौ बजे तक बाजारों में भीड़ देखकर लग रहा था कि ईद की खरीददारी करने के लिए लोग निकल पड़े हैं। हालांकि दस बजे के बाद पुलिस ने वाहन लेकर सडक़ों पर निकलने वालों पर पैनी नजर रखी। पुलिस की सख्ती होती देख फिर से बाजार में सन्नाटा पसर गया। विगत वर्षों में ईद से एक दिन पहले बाजार में खरीददारी को लेकर काफी चहल-पहल दिखायी देती थी। कोरोना संक्रमण के कारण सरकार की ओर से  कोरोना कर्फ्यू लागू होने के चलते बाजार बंद है और लोगों से निरंतर घरो में रहने की अपील की जा रही है। ईद के मौके पर मस्जिदों के बजाय घर पर ही रहकर नमाज अदा करने की हिदायत दी जा रही है। अधिकांश स्थानों पर फुटवियर, रेडीमेड गारमेंट्स की दुकानें बन्द रहीं परंतु कुछ दुकानदारों ने शटर गिराकर अन्दर से या पिछले दरवाजे से बिक्री की। कई स्थानों पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए डंडे भी फटकारे। इस बार भी विगत वर्ष की तरह ही ब्यूटी पार्लर बंद रहे। इससे महिलाओं को निराशा हाथ लगी। व्यापारियों का कहना है कि फुटवियर, रेडिमेड कपड़े का कारोबार बुरी तरह से मंदे की मार झेल रहा है। कुछ लोगों ने ईद को सादगी से मनाने का निर्णय लिया और नए कपड़े और जूते आदि की खरीददारी भी नहीं की।

घंटों बसें रोककर बनवा रहे उत्तराखंड में आवागमन को ई-पास

उत्तराखंड में आवागमन को घंटों बसें रोककर बनवा रहे ई-पास
बिजनौर। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते रोजी-रोटी के जुगाड़ में लगे लोग बसों में सवार होकर एक राज्य से दूसरे राज्य में कारोबार के लिए आवागमन कर रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में प्रवेश के लिए आवश्यक ई-पास को बनवाने के लिए बसों के चालक-परिचालक घंटों बसों को भागूवाला क्षेत्र में रोककर यात्रियों के ई-पास बनवाने में लगे हुए हैं। इसके चलते क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है। लॉकडाउन के दौर में भी लोग अपनी रोजी रोटी को लेकर परेशान हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में मजदूर पेशा लोग उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में चल रही फैक्ट्रियों में कामकाज के सिलसिले में उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम व उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों से यात्रा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कोरोना संक्रमण की अधिक दर वाले क्षेत्रों से बड़ी संख्या में यात्री लखनऊ डिपो, सीतापुर डिपो, चारबाग डिपो आदि की बसों में सवार होकर उत्तराखंड में पहुंचने के लिए आ रहे हैं। तहसील के भागूवाला क्षेत्र में कई लोगों ने ई-पास जारी करने का धंधा शुरु किया हुआ है। जहां यात्रियों से एक ई-पास बनवाने के लिए 80 से लेकर एक सौ रुपए तक वसूले जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम के कई डिपो के चालक व परिचालक भी यात्रियों के ई-पास बनवाने के लिए अपनी बसों को ई-पास बनाने वालों के स्थान पर ले जाकर घंटों खड़ा कर देते हैं। बसों से यहां पहुंचने वाले यात्री सामान आदि की खरीददारी के लिए इधर-उधर क्षेत्र में घूमते रहते हैं। साथ ही बस चालक-परिचालक बसों को रास्ते में खाने की व्यवस्था के लिए चोरी-छिपे संचालित होटलों पर भी रोक रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ई-पास बनाने वालों तथा होटल संचालित करने वालों ने बसों के चालकों व परिचालकों से सांठगांठ की हुयी है। इसके चलते चालक-परिचालक बसों को घंटों उनके यहां लाकर खड़ा कर देते हैं।

क्षेत्रीय नागरिकों पुष्पेंद्र, सत्यम, रईस, शहजाद, मुकेश आर्य, मुकेश राजपूत का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण ने गांवों तक दस्तक दे दी है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के अधिक मामलों वाले प्रदेश की राजधानी लखनऊ आदि क्षेत्रों से आने वाले लोगों का क्षेत्र में इस तरह व घंटों खुलेआम घूमने से क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ावा देने वाला मान जा रहा है। उन्होंने बाहर से आने वाली बसों को क्षेत्र में न रोके जाने की मांग की है।

गुमशुदगी के बाद जागे बिजनौर सांसद मलूक नागर!

गुमशुदा की तलाश के बाद जागे बिजनौर सांसद मलूक नागर।

बिजनौर की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर स्वास्थ्य मंत्री और जिलाधिकारी को भेजे पत्र।

सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज के बाद याद आया अपना संसदीय क्षेत्र।

सूचना गुमशुदा की तलाश, आदरणीय मलूक नागर जी बिजनौर लोकसभा सांसद वापस आ जाएं। हम आपसे कोई सवाल नहीं करेंगे, ना ही ऑक्सीजन का और सोशल मीडिया, ना ही किसी भी अन्य मदद का। मलूक जी आप बिजनौर का रास्ता भूल गए पर रास्ता बताना मेरा फर्ज़ है। नोएडा से आते टाइम पहले गाजियाबाद आएगा, उसके बाद मेरठ आएगा, फिर उसके बाद आपका अपना बिजनौर लोकसभा क्षेत्र आ जाएगा। “मैसेज के अंत में लिखा है…
खास बात-कोई समर्थक ज्यादा ज्ञान ना दें, आपकी अति कृपा होगी।”

बिजनौर। गुमशुदा की तलाश शीर्षक से सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के बाद जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सांसद मलूक नागर अचानक जाग गए हैं। वहीं बताया गया है कि कोरोना संक्रमण के दौर में सांसद व्यक्तिगत रूप से व्यस्त होने के कारण अपने संसदीय क्षेत्र का ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।

बिजनौर सांसद मलूक नागर ने जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रश्रचिन्ह लगा दिया है। सांसद के लिए वायरल मैसेज को उनके संज्ञान में लाए जाने पर वह सक्रिय हो गए। आनन-फानन में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि सीएमओ बिजनौर का व्यवहार जनता के खराब है। सीएमओ कार्यालय में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी भी कोरोना संक्रमितों के स्वजनों से बदसलूकी कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। सांसद ने क्षेत्र से मिल रही लगातार शिकायतों पर स्वास्थ्य मंत्री और डीएम को पत्र भेजकर व्यवस्था में सुधार लाए जाने को कहा है। उनका आरोप है कि सीएमओ एवं अन्य अधिकारी क्षेत्र के प्रधानों, बीडीसी सदस्यों, पालिका सभासदों, जिला पंचायत सदस्यों एवं सभी राजनीतिक पार्टियों के लोगों से बात करना मुनासिब नहीं समझते। उनका कहना है कि एल-टू अस्पतालों में रखे वेंटीलेटर अभी तक शुरू नहीं हुए हैं। इस कारण गंभीर रूप से संक्रमितों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि सीएमओ के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि अन्य अन्य अधिकारियों के लिए नजीर बन सके। सांसद ने कहा कि गरीब दलित, अकलियत समाज के लोगों और असरदार लोगों में कोरोना के इलाज के बीच भेदभाव न किया जाए। सांसद ने डीएम से अपने संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभा क्षेत्रों में अब तक कोरोना से हुई मौतों की जानकारी मांगी है, ताकि वह निजी स्तर से असहाय परिवारों की मदद कर सकें।

गौरतलब है कि वायरल मैसेज मे व्यंग्य के तौर पर सांसद मलूक नागर के लापता होने की बात लिखी जा रही है। कहते हैं कि कि जनता अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों से मुश्किल समय में मदद की उम्मीद रखती है, लेकिन बाहरी नेता चुनाव जीतते ही जनता से बहुत दूर हो जाते हैं। इसका जीता जागता प्रमाण यह है कि चुनाव जीतने के बाद सांसद जी ने अपने लोकसभा क्षेत्र की सुध भी नहीं ली। उन्हें वोट देने वाले समस्याओंं के समाधान को परेशान हाल घूमते रहे, संपर्क की कोशिश में लगे रहे, वहीं खास बात यह रही कि सांसद जी किसी के हाथ नहीं आए।

बिल्ली के भाग्य से छींका फूटा!
यह बात अलग है कि बुधवार को प्रदेश शासन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की तैनाती में फेरबदल करते हुए सीएमओ डा. विजय कुमार यादव को वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय सोनभद्र व सीएमएस डा. ज्ञान चंद्र को वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय बांदा के पद पर स्थानांतरित कर दिया। साथ ही अन्य जिलों में भी फेरबदल हुआ है। अब इन तबादलों का श्रेय लेने की होड़ मच गई है। कई नेता, पत्रकार आदि अपनी पीठ थप-थपाने लगे हैं।

कोरोना संक्रमण ने दिया विद्युत विभाग का तगड़ा झटका

कोरोना संक्रमण ने दिया विद्युत विभाग का तगड़ा झटका
काल के गाल में समा गए कई अधिकारी कर्मचारी

मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने विद्युत विभाग को जोर का झटका दिया है। मुरादाबाद जोन में बड़े अफसर से लेकर आफिस स्टॉफ तक कई लोगों को विभाग अब तक खो चुका है। वहीं मुरादाबाद शहर के तीनों डिवीजन के बिजलीघरों पर तैनात कई अफसर और स्टाफ संक्रमित बताए गए हैं। कई ठीक होकर जैसे तैसे बिजली सप्लाई को सुचारू कराने के काम में जुटे हुए हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस संक्रमण की लहर से विभाग को काफी नुकसान पहुंचा है, इसकी भरपाई जल्द होना मुश्किल है।
कोरोना संक्रमण में के इस दौर में व्यवस्थाएं कराने से जुड़े डीएम, सीडीओ भी संक्रमित हो चुके हैं। जिला स्तर के कई अधिकारी संक्रमित होकर स्वस्थ्य हो गए तो वहीं कई जिंदगी की जंग हार गए।
बताया  जाता है कि बिजली विभाग अधिकारियों कर्मचारियों के फ्रंट लाइन पर काम करने के कारण लगातार लोगों के संपर्क में होने से काफी लोग संक्रमित हो गए। इस कारण कई अधिकारियों की संक्रमण से मौत हो गई तो कई अधिकारी व स्टाफ पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद होम आइसालेट हो चुके हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि शहर के डिवीजन तीन में सबसे अधिक स्टाफ इस संक्रमण से जूझ रहा है। एसडीओ, जेई के साथ ही आफिस स्टाफ भी संक्रमित हुआ है। इनमें से कई ठीक होकर अब घर से ही बिजली व्यवस्था को मेनटेन कराने के काम को पूरा करा रहे हैं। स्टाफ का कहना है कि इस समय सारा फोकस निर्बाध विद्युत आपूर्ति पर है, बाकी काम तो जैसे तैसे पूरे करा ही लिए जाएंगे।

स्वास्थ्य सुरक्षा को देनी होगी प्राथमिकता: गामेंद्र सिंह गजरौलिया

स्वास्थ्य सुरक्षा को देनी होगी प्राथमिकता : गामेंद्र सिंह गजरौलिया
बिजनौर। युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिला अध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने कहा है कि कोविड-19 की दूसरी लहर ने देश में तबाही मचा रखी है, शव नदी में बह रहे हैं। उन्हें जलाने के लिए लकडिय़ां तक नहीं मिल रही हैं। कोविड-19 के कहर से गंगा घाटों पर लाशों के अंबार, और कब्रिस्तान में भी अधिक संख्या में शव दफनाए जा रहें हैं।
गामेंद्र सिंह गजरौला ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि 21 वीं शताब्दी के भारतवर्ष में जहां एक तरफ दूसरे ग्रहों पर जीवन की संभावना तलाशने की कोशिश की जा रही है, वहीं भारत के अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की कमी से लोग दम तोड़ रहें हैं। यह इस बात को दर्शाता है कि भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र की हालत कितनी खराब है। भारतवर्ष के अमूमन हर राज्य में चिकित्सा कर्मीयों के लगभग आधे से ज्यादा पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पर नियंत्रण पाना इतना आसान नहीं है कि कोई जादू की छड़ी एक बार घुमा दी और यह नियंत्रित हो जाए। महामारी पर नियंत्रण एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें ग्रामीण स्तर तक मजबूत स्वास्थ्य ढांचा, सरकार की इच्छा शक्ति, प्रबंधन, संसाधन, जन जागरूकता इत्यादि बहुत महत्वपूर्ण और अहम भूमिका अदा करते हैं।
युवा समाजसेवी ने कहा कि कोविड-19 वायरस शुरू होने की तारीख तो हम जानते हैं लेकिन यह महामारी कब खत्म होगी यह किसी किताब के किसी पृष्ठ पर नहीं लिखा है और ना ही कोई विशेषज्ञ इसे बता सकता है। इसलिए अब समय आ गया है कि हम सर्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सबसे प्राथमिकता पर रखें और उसको मजबूत करें। आप कल्पना करें कि इससे भी भयानक महामारी अगर आई तो यह और भी जानलेवा और खतरनाक साबित होगी। इसलिए देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना ही पड़ेगा। हमारे देश की केंद्र व राज्य सरकारों को स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। जल्द से जल्द इस महामारी को रोकने के उपाय केंद्र व राज्य सरकारों को करनें होंगे।

तीमारदार की गुहार पर डीएम जा पहुंचे जिला अस्पताल

बिजनौर। जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती स्वास्थ्य विभाग की एक रिटायर्ड वार्ड आया के ऑक्सीजन का खाली सिलेंडर न बदलने पर बेटे ने शोर मचाया तो उसे बाहर कर दिया गया। सीएमएस के फोन न उठाने की जानकारी मिलते ही डीएम रमाकान्त पाण्डे स्वयं सीएमओ के साथ आईसीयू में पहुंच गए। डीएम के निर्देश पर व्यवस्थाएं फटाफट दुरुस्त हो गईं।

नगीना निवासी राजेश्वरी देवी जिला अस्पताल के आईसीयू में तीन दिन से भर्ती है। उनके बेटे रोशिक ने बताया कि राजेश्वरी देवी स्वास्थ्य विभाग के वार्ड आया के पद से रिटायर्ड हैं। कई-कई घंटे यहां कोई देखने भी नहीं आता। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे उनके सिलेंडर में ऑक्सीजन खत्म हो गई। कहने के बावजूद जब स्टाफ का कोई सदस्य ऑक्सीजन लगाने नहीं आया तो उसने बाहर रखा सिलेंडर खुद लगाना चाहा, उसे वह भी नहीं लगाने दिया। इस बीच उसकी मां की हालत बिगड़ने लगी। इस पर उसने शोर मचाया तो उसे आईसीयू से बाहर निकाल दिया। सीएमएस डॉ. ज्ञानचंद के फोन नहीं उठाने की सूचना जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डे को दी गई। 5 मिनट के भीतर ही जिलाधिकारी स्वयं सीएमओ के साथ जिला अस्पताल के आईसीयू में पहुंच गए। जिलाधिकारी ने मरीज राजेश्वरी देवी के बारे में जानकारी की और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

अब कोर्ट में खुलेगी 5 जिलों के स्वास्थ्य सेवाओं की कलई, मृतक कर्मचारी मुआवजा हो ₹एक करोड़

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यूपी पंचायत चुनाव के दौरान ड्यूटी करते समय कोरोना के कारण मारे गए कर्मचारियों को कम-से-कम एक करोड़ रुपए मुआवजा मिलना चाहिए, क्योंकि उनके लिए अपने कर्तव्यों का पालन करना अनिवार्य था। इसलिए राज्य चुनाव आयोग और सरकार मुआवजे की राशि पर फिर से विचार करें। 

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अजीत कुमार की खंडपीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग और यूपी सरकार से कहा कि मुआवजे की घोषित राशि को वापस ले लें। यूपी सरकार ने इससे पहले हाईकोर्ट को बताया था कि वह 35 लाख रुपए मुआवजा दे रही है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह राशि बहुत कम है, इसे कम से कम-एक-करोड़ होना चाहिए। 

48 घंटे में किया जाए महामारी लोक शिकायत समिति का गठन- हाईकोर्ट ने 48 घंटे के अंदर हर जिले में तीन सदस्यीय महामारी लोक शिकायत समिति का गठन करने का भी निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया कि बहराइच, बाराबंकी, बिजनौर, जौनपुर और श्रावस्ती के शहरी और ग्रामीण दोनों हिस्सों में किए गए कोरोना जांच की संख्या और उस प्रयोगशाला की जांच की जाए, जहां से परीक्षण किया जा रहा है। डेटा 31 मार्च 2021 से आज तक का होना है। तीन सदस्यीय महामारी लोक शिकायत समिति में जिला न्यायाधीश द्वारा नामित किए जाने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या एक समान रैंक के न्यायिक अधिकारी, एक मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल होंगे। यदि कोई मेडिकल कॉलेज नहीं है तो जिला अस्पताल के डॉक्टर को उस जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा नामित किया जाएगा। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के रैंक का एक प्रशासनिक अधिकारी जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नामित किया जाए। यह तीन सदस्यीय महामारी लोक शिकायत समिति इस आदेश के पारित होने के 48 घंटे के भीतर अस्तित्व में आ जाएगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में शिकायत सीधे संबंधित तहसील के एसडीएम के पास की जा सकती है, जो कि महामारी जन शिकायत समिति को भेजेंगे।

अब कोर्ट में खुलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की कलई-
कोर्ट ने कहा कि बहराइच, बाराबंकी, बिजनौर, जौनपुर और श्रावस्ती जिलों में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के निम्नलिखित विवरण पेश किया जाए। (I) शहर की आबादी (2) बेड के विवरण के साथ लेवल -1 और लेवल -3 अस्पतालों की संख्या (3) डॉक्टरों की संख्या, लेवल -2 लेवल -3 अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट;  (4) चिकित्सा और पैरामेडिकल स्टाफ (5) बीवाईएपी मशीन की संख्या (6) ग्रामीण आबादी तहसील वार, 7-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या, 8-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेड की उपलब्धता  (9) जीवन रक्षक उपकरणों की संख्या (10) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में क्षमता विवरण के साथ, (11) चिकित्सा और अर्ध-चिकित्सा कर्मचारियों की संख्या।

पुलिस लाइनों में अपने संसाधनों से किया 2365 बेड का इंतजाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अब तक 2,365 बेड का इंतजाम अपने संसाधनों द्वारा पुलिस लाइनों में किया है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि इनमें 260 बेड ऑक्सीजन सुविधायुक्त हैं।

इन अस्पतालों में कुल 1891 पॉजिटिव पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है और 854 डिस्चार्ज हो चुके हैं,

भर्ती हुए पुलिसकर्मियों में 15 ऐसे रहे हैं, जो बीमारी बढ़ने पर बड़े अस्पतालों में रेफर किए गए।

GRP के एक कोविड केयर सेंटर में भर्ती पुलिसकर्मी की मौत भी हुई।

प्रदेश में 4,256 पुलिसकर्मी अभी कोरोना पॉजिटिव हैं।

अब तक कुल 15,409 पुलिसकर्मी ठीक होकर घर जा चुके हैं।

11 दिन बाद दुकानें खुलते ही सुरा प्रेमियों का धावा

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में जारी कोरोना कर्फ्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में शराब को भी शामिल किया गया है।

प्रदेश में 11 दिन से बंद शराब की दुकानें मंगलवार को कुछ जिलों में खोली गई। इस दौरान वहां पर भारी भीड़ उमड़ी।  सूत्रों का कहना है कि जिलों में शराब की दुकानों को खोलने का फैसला सभी जिलाधिकारियों पर छोड़ दिया गया है।

यही वजह है कि कई शहरों में मंगलवार से शराब की दुकानें खोल दी गईं हैं। कई जगह पर इनको सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक खोले जाने का निर्देश है तो कुछ जगहों पर दोपहर 12 बजे से शाम को छह बजे तक का समय है। कानपुर में शराब की दुकान खोलने का समय सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक तय किया गया है। राजधानी लखनऊ सहित अन्य जिलों में दुकानें बुधवार से खुलेंगी। जिन शहरों में आज शराब की दुकानें खुली हैं, वहां पर लम्बी लाइन लगी है। देशी के साथ ही विदेशी शराब की दुकानों पर लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे।

लॉक डाउन पालन कराने सड़क पर उतरी पुलिस

पुलिस ने क्षेत्र में चलाया सघन चैकिंग अभियान
-दुपहिया पर ट्रिपल राइडिंग, बिना हैलमेट व मास्क पर किए ई-चालान
-पुलिस ने चौपहिया वाहन चालकों की भी लगायी जमकर क्लास
बिजनौर। सरकार की ओर से प्रदेश भर में वैश्विक महामारी को लेकर जारी किए गए लॉकडाउन का पालन कराने के लिए नजीबाबाद पुलिस ने कमर कस ली है। इसके चलते पुलिस ने सघन चैकिंग अभियान चलाकर दुपहिया व चौपहिया वाहनों में सवार लोगों के आवागमन का कारण पूछा तथा बिना हैल्मेट, ट्रिपल राइडिंग व चौपहिया वाहनों में निर्धारित से अधिक लोगों के सवार पाए जाने पर ई-चालान किए।
सोमवार को पुलिस ने क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लॉकडाउन के दौरान वाहनों पर सवार होकर घूमने वाले लोगों की जमकर क्लास लगायी। नगर के रेलवे स्टेशन मार्ग पर सराय चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित कुमार ने बाइक पर ट्रिपल राइडिंग करने वाले युवाओं के वाहन का ई चालान किया। कोतवाल दिनेश गौड़ ने ध्वनि विस्तारक यंत्र से उद्घोषणा कर लोगों को घरों में ही रहने की अपील की। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अकारण सडक़ों पर घूमते पाए जाने वाले लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उधर पुलिस ने चौपहिया वाहनों की भी सघन चैकिंग की। वाहन में निर्धारित सवारियों से अधिक पाए जाने पर वाहनों के चालान किए।

शटर के अंदर से हो रही दुकानदारी

शटर के अंदर से हो रही दुकानदारी
पुलिस प्रशासन की ढि़लाई के चलते लॉकडाउन में भी रौनक
सोशल डिस्टेंसिंग दरकिनार, उमड़ रही है भीड़
बिजनौर। हल्दौर पुलिस प्रशासन की ढि़लाई के चलते नगर में लॉकडाउन की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। काफी संख्या में लोग घर से बाहर निकलते दिखाई दिए। दोपहर करीब 1 बजे के समय नगर के विभिन्न स्थानों पर काफी चहल-पहल देखी गई। वहीं बैंकों पर भी भीड़ दिखाई दी। वाहन,साइकिल, कार, रिक्शा आदि से लोग जाते देखे गए।
कोरोना के कहर के बीच कुछ इलाकों में लॉकडाउन की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। शासन की ओर से जारी चेतावनी और सख्ती के बावजूद लोग लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग मानने को तैयार नहीं। कुछ ऐसा ही नजारा दिख रहा है। नगर के बैंक की शाखाओं और ग्रामीण इलाके में सीएसपी संचालन केन्द्रों के बाहर लोगों में रुपए निकालने की होड़ सी मची रहती है। उधर पोखर बाजार सहित मार्केट में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते ग्रामीण दिख रहे हैं। वहीं लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करवाने में बैंक प्रबंधन और पुलिस-प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। नगर में बैंकों और ग्रामीण इलाकों के सीएसपी में लॉकडाउन की धज्जियां उड़ रही हैं। खाताधारियों की बढ़ी भीड़ फिजिकल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करते हुए पैसे की निकासी के लिए जमावड़ा लगाए रहती है। सोमवार को नगर के लगभग सभी बैंक शाखाओं के बाहर यही स्थिति देखी गयी। उधर नगर के दुकानदार मानने को तैयार नहीं हैं जबकि किराना दुकानदारों को सुबह के कुछ समय की छूट मिली हुई है, इसके बावजूद अन्य दुकानदार भी अपनी दुकानें खोलकर बैठ जाते हैं और किसी भी समय ग्राहक आने पर अपनी दुकानों के शटर खोलकर ग्राहक को अंदर लेकर शटर बंद कर सामान दे देते हैं। ग्राहक कोरोना पॉजिटिव ही क्यों न हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, बहराल बिक्री होनी चाहिए। गली मोहल्ले की अधिकतर दुकानें रोजाना खुली ही रहती हैं, जिन पर खासी भीड़ लगी रहती है। नगर में अनावश्यक घूमने वालों की भीड़ भी कुछ कम दिखाई नहीं देती।

सपा सांसद आजम खान की तबियत बिगड़ी, ICU में शिफ्ट

समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान की तबियत बिगड़ी,  ICU में किए गए शिफ्ट

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान की हालत बिगड़ने पर सोमवार शाम उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। इससे पहले सीतापुर जिला कारागार में पिछले एक  साल से भी ज्यादा समय से बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री आजम खान की रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ जाने के बाद लखनऊ के मेदांता अस्पताल भेजा गया। आजम खान और उनके बेटे दोनों ही कोरोना संक्रमित हैं। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की स्थिति स्थिर और संतोषजनक बताई गई है।

मेदांता अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर के अनुसार  रविवार 9 मई को शाम 9 बजे समाजवादी पार्टी के सांसद मोहम्मद आज़म खान और उनके पुत्र मोहम्मद अब्दुल्ला खान कोरोना संक्रमण के कारण इलाज के लिए भर्ती हुए। रविवार को आजम खान को मॉडरेट इंफेक्‍शन बताया गया था और उन्हें 4 लीटर ऑक्सीजन के प्रैशर पर रखा गया था।

पिछले एक साल से ज्यादा समय से आजम खान सीतापुर में निरुद्ध हैं। सीतापुर जेल प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही कोविड टेस्ट कराया था। रिपोर्ट में आजम खान सहित 13 बंदी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उन्हें पहले लखनऊ मेडिकल कॉलेज शिफ्ट करने की तैयारी की गई थी। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला, एडीएम विनय पाठक, अपर पुलिस अधीक्षक, उत्तरी डॉ. राजीव दीक्षित, एसडीएम सदर अमित भट्ट सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह जेल पहुंचे। आजम खान जेल से बाहर जाने को तैयार नहीं हुए। कई घंटे मनाने के बाद वह राजी हुए। उसके बाद शाम करीब 6:40 पर आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को एंबुलेंस से लखनऊ भेजा गया।

शेरनियों में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद उन्नाव का डियर पार्क बंद, क्वारंटीन किए गए 29 हिरन

शेरनियों में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद उन्नाव का डियर पार्क बंद, 29 हिरन किए गए क्वारंटीन

लखनऊ। कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ते ही नवाबगंज (उन्नाव) पक्षी विहार में हिरनों को क्वारंटीन कर दिया गया है। हिरनों तक संक्रमण पहुंचने की संभावना शून्य रहे, इसके लिए केअर टेकर को भी क्वारंटीन किया गया है। हिरनों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए डाइट चार्ट में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। इटावा लॉयन सफारी में शेरों के संक्रमित पाए जाने के बाद नवाबगंज पक्षी विहार के लिए भी अलर्ट जारी किया गया था। पक्षी विहार के हिरणों को क्वारंटीन जोन में भेजने के निर्देश दिए गए थे। जिसके तहत डियर पार्क को बन्द कर दिया गया है।
10 हेक्टेयर के भूभाग में बने इस डियर पार्क में वर्तमान में 29 हिरन हैं। रेन्जर मयंक सिंह ने बताया कि हिरणों व उनके स्टाफ को आइसोलेट कर दिया गया है। पार्क में एक-एक कर्मचारी की दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। कोरोना से बचाव के लिए पौष्टिक आहार व मल्टी विटामिन दवाइयां हिरणों को समय-समय पर दी जा रही हैं। संक्रमण फैलने को रोकने के लिए अंदर यूपी टूरिज्म के सुरखाब रेस्टोरेंट को भी बन्द कर दिया गया है। वन्य जन्तु विभाग के झील परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

पर्यटकों ने बनाई दूरी
कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ पर्यटकों ने भी पक्षी विहार से दूरी बना ली है। पक्षी विहार में पिछले एक माह से सन्नाटा पसरा हुआ है। रेन्जर विवेक वर्मा ने बताया संक्रमण और लगातार बंदी के चलते पर्यटक नहीं आ रहे हैं।

एक साल में दूसरी बार हुए क्वारंटीन
पक्षी विहार में हिरणों को एक साल में दूसरी बार क्वारंटीन किया गया है। इससे पहले मई 2020 में भी हिरणों के पूरे कुनबे को हिरणों को क्वारंटीन कर दिया गया था।

बिजनौर शुगर मिल कर्मचारी की कोरोना से मौत

बिजनौर। वेव इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड इकाई बिजनौर में गोदाम अधिकारी के पद पर कार्यरत अरविंदर पाल सिंह उर्फ गोल्डी उम्र 40 साल का कोरोना संक्रमण की चपेट में आ कर निधन हो गया। श्री सिंह अपने पीछे अपनी पत्नी मनदीप कौर दो छोटी बच्चियों को छोड़ गए। मिल परिवार में शोक सभा कर उनकी आत्मा की शांति और उनके परिजनों को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए 2 मिनट मौन रहकर परम पिता परमेश्वर से सभी अधिकारी कर्मचारियों ने प्रार्थना की।


श्री गोल्डी बहुत ही कर्मठ व्यवहार कुशल और धार्मिक कार्यों में तल्लीन रहते थे मृदुभाषी और गुरुद्वारा आदि सेवा का कार्य किया करते थे, इनके जाने से मिल परिवार में शोक पसरा हुआ है।


अब तक पांच ने छोड़ा साथ-बिजनौर शुगर मिल में अब तक कुल 5 मौत हो चुकी हैं, श्रीकांत पांडे, राजेंद्र पाल सिंह, श्रीमती जुबेदा, ऐश्वर्या और अरविंद पाल सिंह गोल्डी। बहुत ही दुखद समय मिल परिवार के सभी लोगों पर गुजर रहा है, मानो एक पहाड़ टूट गया है।


मिल पेराई सत्र समाप्ति के बाद प्रोसेस संपन्न कर, जो सीजनल कर्मचारी थे वह अपने घर चले गए, जो स्थाई हैं उन्हें कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को दृष्टिगत रखते हुए अपनी सुरक्षा एवं अपने बच्चों की सुरक्षा हेतु क्वॉरेंटाइन रहने के लिए कहा गया है। मिल में प्लांट में चारों तरफ सैनिटाइजेशन का कार्य मिल प्रबंधन द्वारा कराया जा रहा है और इस दुख की घड़ी में सभी को अपना आत्मबल बनाए रखने हेतु अपील की गई। मिल के प्रशासनिक अधिकारी/जी एम प्रशासन एके सिंह अपने मिल परिवार की तरफ से हार्दिक वेदना प्रगट करते हुए सभी से अपनी सुरक्षा के लिए कोरनटाइन रहने का अनुरोध एवं अपील की है।


बरपा कोरोना का कहर, 796 केस

बिजनौर। जिले में रविवार को कोरोना ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिये। कुल 796 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई, जबकि संक्रमण दर करीब 30 फीसदी पर पहुंच गयी। तीन मौतों की भी अधिकारिक तौर पर पुष्टि की गयी, इनमें एक दिन पूर्व हुई जिला समाज कल्याण अधिकारी की भी मौत भी शामिल है। सक्रिय केस की संख्या 2551 पहुंच गई है।

बिजनौर में रविवार को 2699 टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें से 796 को कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई। संक्रमितों में जिले के सभी तहसीलों व ब्लॉकों के विभिन्न शहर-कस्बों व गांवों के लोग शामिल हैं। तीन की मृत्यु की पुष्टि हुई है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि इनमें अफजलगढ़ ब्लॉक के गांव शेरगढ़ निवासी 62 वर्षीय व्यक्ति की सुबह टीएमयू मुरादाबाद में मृत्यु हुई। 28 अप्रैल को उसे टीएमयू में भर्ती कराया था। इसके अलावा धामपुर ब्लॉक के नौरंगाबाद निवासी 56 वर्षीय महिला जो 5 मई से टीएमयू में भर्ती थी। दो वर्षो से डायबिटीज की बीमार इस महिला की भी शनिवार को मौत हो गयी। तीसरी मौत शनिवार को ही चन्द्रकांत आत्रेय हॉस्पिटल बिजनौर में भर्ती समाज कल्याण अधिकारी बद्रीविशाल की है, जिसकी पोर्टल पर चढ़ने के बाद अधिकारिक पुष्टि की गई है।

कुल केस: 12660, कुल ठीक: 10025, कुल मौत: 84, सक्रिय केस: 2551

शराब कारोबारियों ने दुकानें खोलने की रखी मांग

शराब कारोबारियों ने दुकानें खोलने की रखी मांग।

शराब एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखा मांग पत्र।

100 करोड़ से अधिक का हो रहा है रोजाना यूपी को नुकसान।

लखनऊ (9 मई 2021) शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बंद पड़ी शराब की दुकानों को खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि शासनादेश में लॉक डाउन के दौरान दुकान बंद रखने का कोई स्पष्ट आदेश नहीं है। बंदी से यूपी को रोजाना एक सौ करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है।

एसोसिएशन के महामंत्री कन्हैयालाल मौर्या ने बताया प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले से कोरोना महामारी के कारण घोषित लॉक डाउन कर्फ्यू में शराब की दुकानें बंद हैं। शराब की दुकानें बंद करने का शासन द्वारा शासनादेश में कोई उल्लेख नहीं किया गया है और ना ही आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा लाइसेंस धारकों को दुकान बंद करने का कोई आदेश दिया गया है। इससे शराब लाइसेंस धारकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पूरे प्रदेश से शराब कारोबारी दुकानें खोलने की मांग प्रदेश सरकार से कर रहे हैं। श्री मौर्य ने बताया कि रोजाना 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान यूपी में हो रहा है। शराब की दुकानें बंद होने से निर्धारित मासिक कोटा और लाइसेंस फीस की चिंता सता रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री, आबकारी सचिव तथा आबकारी आयुक्त को पत्र लिखकर शराब की दुकानें खोलने की मांग रखी गई है। पत्र पर एसोसिएशन के पदाधिकारी कन्हैयालाल मौर्या, उपाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव, नीरज जायसवाल, शंकर कनौजिया, नितिन जायसवाल, जय जायसवाल शिवकुमार, देवेश जायसवाल के हस्ताक्षर हैं।

बिजनौर के जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत 3 की मौत, नए केस 323

कुल केस 11864, कुल ठीक 9916, कुल मौत 81, सक्रिय केस 1867

जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत 3 की मौत, 323 संक्रमित। 08 मौत तो शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक ही हो गई, दर्ज नहीं अधिकारिक आंकड़ों में।

बिजनौर। जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत 3 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। कोरोना के 323 नए संक्रमित मिलने के साथ ही सक्रिय केस इस समय 1867 हो गए हैं। वहीं 371 लोग ठीक होकर अपने घर भी जा चुके हैं।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विजय कुमार यादव ने जिला समाज कल्याण अधिकारी बद्री विशाल की मृत्यु की पुष्टि करते हुए बताया, कि हालांकि यह अभी पोर्टल पर नहीं आई है, लेकिन उनके संज्ञान में आया है। वह यहां डा. अवधेश कुमार वशिष्ठ के उपचार में भर्ती थे । इलाज के दौरान शनिवार शाम उनकी मृत्यु हो गई। दो अन्य कोरोना संक्रमितों की मौतों की जानकारी पोर्टल पर आने के बाद हुई है। चंद्रकांत आत्रेय हॉस्पिटल में 29 अप्रैल को शक्ति नर्सिग होम मंडावर रोड बिजनौर निवासी 84 वर्षीय महिला की तथा 5 मई को मोहल्ला ब्रह्मनान मंडावर निवासी 55 वर्षीय महिला की मृत्यु की पुष्टि हुई है।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर खाकी के लिए भी साबित हो रही बेहद खतरनाक

लखनऊ। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर डटी खाकी के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो रही है। पंचायत चुनाव, कंटेनमेंट जोन से लेकर फील्ड ड्यूटी में मुस्तैद उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों से लेकर जवानों में संक्रमण की रफ्तार बीते एक माह में तेजी से बढ़ी है। कोरोना संक्रमण के चलते ही छह जिलों में प्रभारी एसपी की तैनाती तक करनी पड़ी। कोरोना की दूसरी लहर में अब 59 पुलिसकर्मी अपनी जान भी गंवा चुके हैं।

एडीजी लॉ एंड आर्डर ने जारी किए आदेश

यूपी के एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना काल के दौरान पूरी जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी निभाते हुए संक्रमण के चलते अब तक 137 पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं।वहीं, वर्तमान काल में 4117 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव है। हालांकि अब तक 13824 पुलिसकर्मी कोरोना को मात देकर पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभा भी रहे हैं।

दिन रात काम कर रही है यूपी पुलिस

कोरोना के दौरान कानून व्यवस्था संभालने से लेकर क्राइम कंट्रोल और पंचायत चुनाव कराने जैसी अहम जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पुलिस के ही कंधों पर थीं। ढाई लाख की पुलिस फोर्स वाली उत्तर प्रदेश पुलिस ने दिन रात कंटेंटमेंट जोन से लेकर गलियों और चौराहों पर ड्यूटी की है। उत्तर प्रदेश में 66761 माइक्रो कंटेनमेंट जोन हैं, जबकि मैक्रो कंटेनमेंट जोन की संख्‍या 13257 है। इन कंटेनमेंट जोन में 32706 पुलिसकर्मी तैनात हैं जो सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख में लगे रहते हैं।

एडीजी एलओ ने दिए ये निर्देश– एडीजी एलओ प्रशांत कुमार के मुताबिक, हर पुलिस लाइन में कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं।इसके साथ ही पुलिस थानों, चौकियों, पीएसी और पुलिस के अन्य कार्यालयों में भी कोविड सेंटर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जहां पर कोरोना से निपटने के सभी संसाधन मौजूद रहते हैं।

कोरोना संक्रमण व सुधार पर पूरी नजर-डीजीपी मुख्यालय स्तर से 26 अप्रैल 2020 से पुलिसकर्मियों में कोरोना संक्रमण व सुधार पर पूरी नजर रखी जा रही है। फरवरी 2021 में तीन पुलिसकर्मी ही कोरोना संक्रमित बचे थे, जबकि अगस्त 2020 में 2300 से अधिक पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित थे। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने निर्देश दिया है कि चुनाव ड्यूटी से वापस लौटे जिन पुलिसकर्मियों को अपने स्वास्थ्य में परिवर्तन महसूस हो रहा है अथवा कोई आशंका है, वे आराम करें और तत्काल अपना कोरोना टेस्ट कराए।

कोरोना से जंग के लिए 16 करोड़ रुपए-पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पुलिस की सभी इकाइयों को 16 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस रकम से वाहनों व कार्यालय परिसरों का सैनीटाइजेशन कराने से लेकर कर्मियों के लिए मास्क, दस्ताने, सैनिटाइजर, फेस शील्ड व अन्य सुरक्षा उपकरणों के बंदोबस्त किए जा रहे हैं। सभी पुलिस लाइन व पीएसी वाहिनियों में कोविड केयर सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। पुलिस अस्पतालों में भी कोविड के बेड व आक्सीजन सिलेंडर का बंदोबस्त कराया गया है।

शनिवार को सडक़ें रहीं गुलजार, वाहनों ने भरा फर्राटा 

शनिवार को सडक़ें रहीं गुलजार, वाहनों ने भरा फर्राटा 

बिजनौर। कोरोना संक्रमण को लेकर जारी लॉक डाउन के बीच यदा कदा वीरान रहने वाली सडक़ें शनिवार को गुलजार रहीं। दिन भर सडक़ों पर वाहनों की आवाजाही रही। वहीं पैदल आने जाने वालों की संख्या भी पिछले कुछ दिनों के मुकाबले बढ़ गई। लोगों में पुलिस का खौफ बिल्कुल भी नहीं दिखाई दिया। कोरोना संक्रमण के कारण उत्पन्न वर्तमान हालात को देखते हुए भी कोई सीख लेने को तैयार नहीं है। हाल यह है कि लगभग हर घर में कोई न कोई किसी न किसी प्रकार की बीमार की चपेट में हैँ।

लोग समाचार पत्रों, टीवी, सोशल मीडिया पर लगातार कोरोना के कारण बिगड़ते हालात जान रहे हैं। इसके बावजूद समझने की कोशिश नहीं कर रहे। कई दिन से लगातार जारी लॉक डाउन सोमवार सवेरे समाप्त होगा। इसका इंतजार करना लोगों को पसंद नहीं आ रहा। यही कारण रहा कि शनिवार को अन्य दिनों की अपेक्षा खासी भीड़ देखी गई। खूब वाहन निकले, पैदल निकलने वालों की संख्या भी काफी रही। पता नहीं लोगों को अचानक ऐसा क्या काम आ पड़ा कि चारों तरफ मंडराते मौत के मंजर के बीच उन्हें घर से बाहर कदम निकालने पड़े। किसी में भी पुलिस का भय नहीं दिखाई दिया। सब कुछ आम दिनों की भांति ही प्रतीत हो रहा था। बीच बीच में यदि पुलिस की कोई गाड़ी निकलती तो लोग सतर्क मुद्रा में आ जाते, लेकिन पुलिस के न टोकने से निश्चिंत हो जाते। 

वहीं चांदपुर की चुंगी पर चौकी पुलिस प्रभारी व टीम ने लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराने के लिए   वाहनों से गुजर रहे लोगों से गहन पूछताछ की।  घर से बाहर निकलने का वाजिब कारण जो बता पाया उसे कोविड नियमों का पालन करने की सलाह दी गई। वहीं तफरीह करने निकले लोगों की पुलिस  ने जम कर क्लास ली। ऐसे लोगों को सख्ती से समझाया गया। 

361 का चालान कर वसूला ₹ 2 लाख साढ़े 56 हजार जुर्माना

बिजनौर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह के निर्देशन में बिना मास्क घूमने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार दिनांक 07.05.2021 को जनपदीय पुलिस द्वारा बिना मास्क घूम रहे 361 व्यक्तियों का चालान कर 2,56,500 रुपए का जुर्माना वसूला गया।

अकारण घूमते लोगों के एसपी ग्रामीण ने कटवाए चालान
नजीबाबाद। एसपी ग्रामीण ने स्वयं खड़े होकर बिना किसी जरूरी कारण घूमते मिले लोगों की क्लास लगायी। उन्होंने कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक को कई लोगों के चालान काटने के निर्देश दिए और अपने सामने कई लोगो के चालान कटवाए। इसके अलावा साथ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। शुक्रवार की दोपहर पहुंचे एसपी ग्रामीण संजय कुमार ने रेलवे स्टेशन चौकी के सामने सडक़ पर बेखौफ आवागमन करते हुए लोगों को देख कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश गौड़ से कहा कि लोग खुले आम तुम्हारे सामने से जा रहे हैं तुम क्या कर रहे हो?  दौरे पर आए एसपी ग्रामीण संजय कुमार इस दौरान नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पुलिस चौकी के बाहर खड़े हो गए थे। उप जिलाधिकारी परमानन्द झा तथा क्षेत्राधिकारी पुलिस गजेन्द्र पाल सिंह भी वहां पर मौजूद थे। एसपी ग्रामीण ने कहा कि लॉकडाउन का मतलब ही क्या है? जब पुलिस के सामने ही खुले आम लोग दौड़ रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाए। बिना कारण सडक़ों पर घूमने वाले लोगों का सीधे चालान करो तभी लोग समझेंगे। जब कोई कहने से नहीं मान रहा तो सख्ती अपनानी जरूरी है। उन्होंने स्वयं खड़े होकर वाहनों को रोका और पूछताछ की जो लोग बिना कारण घूमते मिले उनका चालान कराया।

लॉक डाउन के बावजूद सड़कों पर दिख रही भीड़

भीड़ की शक्ल में खड़े लोगों को नहीं कोरोना का खतरा
बिजनौर/नजीबाबाद। कोरोना संक्रमण के देशभर में लगातार बढ़ते प्रभाव के चलते हो रही मौतों को देखते हुए सरकार की ओर से कोरोना से बचाव को घर में रहने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और हर संभव बचाव के उपाय अपनाने को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हुए हैं। इसके बावजूद कुछ लोग कोरोना के खौफ से बेपरवाह सडक़ों पर अकारण घूमकर कोरोना संक्रमण को दावत देने पर तुले हुए हैं।

तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण से रोजाना कितने ही लोग काल के गाल में समा रहे हैं। कहीं अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी, कहीं बिना इलाज के लोग दम तोड़ रहे हैं। जबकि अधिक संक्रमित लोग बेहतर इलाज के बावजूद जान गंवा रहे हैं। इसके बावजूद विभिन्न बाजारों व मोहल्लों में सडक़ों पर बेखौफ घूमने वाले लोग शायद इस बात को न समझने पर ही उतारु हैं। उनके क्रियाकलापों से लगता है कि मानों उन्हें कोरोना संक्रमण के खतरे का कोई डर ही नहीं है। नजीबाबाद के अजमल खां रोड पर अपराह्न एक बजे सडक़ पर दौड़ रहे वाहन व खरीददारी करने वाले लोगों के बीच ऐसे भी लोग देखे गए जो कहते नजर आए कि कोरोना से क्या डरना जब मौत आनी होगी तो कोई रोक नहीं पाएगा। कोरोना वोरोना तो बस सरकार की चालबाजी है। अब इन्हें कौन बताए कि देश के क्या हालात हैं? इस महामारी के चलते लोग किस मुश्किल से गुजर रहे हैं? दवाओं, ऑक्सीजन व अन्य सुविधाओं के अभाव में लोग किस कदर मजबूर और लाचार हैं?

विधायक समेत 35 सपाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

कोविड नियमों का उल्लंघन कर दी रोजा अफ्तार पार्टी 

नगीना विधायक मनोज पारस

बिजनौर। कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करने के मामले में पुलिस ने नगीना से सपा विधायक मनोज पारस सहित 35 समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही शुरु कर दी है।

थाना  प्रभारी कृष्ण मुरारी दोहरे.ने बताया कि सपा विधायक मनोज पारस द्वारा सपा के नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों व ग्राम प्रधानों के लिए  5 मई गुरुवार की सायं मोहल्ला सरायमीर में मतलूब कुरैशी के कोठी वाले घर पर बिना परमिशन के रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था।

इस दौरान काफी भीड़भाड़ थी। इस कार्यक्रम की एक वीडियो भी वायरल हुई थी। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने एसआई कर्मजीत सिंह व  एसआई योगेश कुमार द्वारा रिपोर्ट लिखाई गई।

पुलिस ने सपा विधायक मनोज पारस, इमरान कुरैशी, हनीफ, शहजाद अंसारी, आलमगीर, केशर, जमशेद, कफील अंसारी, राशिद, शिवकुमार गोस्वामी, परवेज पाशी, रामदयाल गैस वाले, असलम, अहमद हसन, मतलूब कुरैशी आदि 35 समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध धारा 188, 269, 270  व महामारी,आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा ( 3) 51 (बी) के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही शुरु कर दी है। 

आयुष-64 और काबासुरा कुडिनीर के राष्ट्रव्यापी वितरण का अभियान शुरू


कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर का मुकाबला करने के लिए मंत्रालय की नई पहल

मुख्य फोकस अस्पताल के बाहर के कोविड-19 रोगी

नई दिल्ली। देश में कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर का मजबूती से मुकाबला करने के लिए आयुष मंत्रालय आज शुक्रवार 07 मई 2021 से अपनी पॉली हर्बल औषधि आयुष-64 और काबासूरा कुडिनीर को कोविड-19 संक्रमित रोगियों (जो अस्पताल में भर्ती नहीं हैं) को वितरित करने के लिए एक देशव्यापी अभियान शुरू कर रहा है। इन दवाओं की उपयोगिता और प्रभावशीलता बहु-केंद्रीयक्लीनिकल परीक्षणों के माध्यम से साबित हो चुकी है। युवा मामले और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और आयुष मंत्री (अतिरिक्त प्रभार) किरेन रिजिजू द्वारा शुरू किए जा रहे इस अभियान से यह सुनिश्चित किया जायेगा कि दवाएँ पारदर्शी तरीके से ज़रूरतमंदों तक पहुँचे। अभियान में मुख्य सहयोगी के रूप में सेवा भारती संस्था साथ जुड़ी है।

कोविड के लक्षणविहीन, हल्के और मध्यम संक्रमण के इलाज में कारगर इन औषधियों के देशव्यापी वितरण की एक व्यापक रणनीति बनाई गई है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में काम करने वाले विभिन्न संस्थानों के व्यापक नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा और यह सेवा भारती के देशव्यापी नेटवर्क द्वारा समर्थित होगा।

आयुष मंत्रालय द्वारा विभिन्न स्तरों पर किये जा रहे प्रयासों को कारगर बनाने के लिए तथा इस तरह की पहल के लिए रणनीति तैयार करने और विकसित करने के लिए वरिष्ठ विशेषज्ञों के एक समूह के साथ एक अंतःविषयक आयुष अनुसंधान और विकास कार्य बल पहले से ही काम कर रहा है। कोविड-19 के दुष्प्रभाव को घटाने और प्रबंधन में आयुष हस्तक्षेप की भूमिका का आकलन करने के लिए कई नैदानिक (क्लीनिकल), पर्यवेक्षणीय अध्ययन भी किए गए हैं। इसके अलावा, मंत्रालय ने ‘राष्ट्रीय नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल: आयुर्वेद और योग के एकीकरण’ के लिए एक अंतःविषयक समिति भी स्थापित की है, जिसकी अध्यक्षता ICMR के पूर्व महानिदेशक डॉ. वी.एम. कटोच तथा विशेषज्ञों के समूह ने की है।

कोविड-19 के खिलाफ जारी इस जंग में आयुष मंत्रालय द्वारा की गई विभिन्न पहलों में आयुर्वेद और योग पर आधारित कोविड-19 के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल भी शामिल है, जिसका उद्देश्य आम जनता को इन प्रणालियों की ताकत का लाभ उठाने में मदद प्रदान करना है। इसके अलावा, कोविड-19 की इस दूसरी लहर के उभार के दौरान मंत्रालय ने आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सकों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं और साथ ही कोविड-19 रोगियों के लिए होम आइसोलेशन के दौरान आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धति के अनुसार स्वयं की देखभाल के लिए निवारक उपाय साझा किये हैं। इसके अलावा, मंत्रालय ने कोविड-19 महामारी के दौरान एथिकल प्रैक्टिसेज पर आयुष चिकित्सकों के लिए सलाह-सहायिका भी जारी की है।

ज्ञात हो कि महामारी की दूसरी लहर के दौरान आयुष-64 और काबासुरा कुडिनीर कोविड-19 के हल्के एवं मध्यम संक्रमण के रोगियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरे हैं। देश के प्रतिष्ठित शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों ने पाया है कि आयुष-64, जो कि आयुष मंत्रालय के केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) द्वारा विकसित एक पॉली हर्बल दवा है, हल्के और मध्यम कोविड-19 संक्रमण के उपचार में मानक देखभाल के लिए सहायक के रूप में उपयोगी है।

1980 में विकसित की गई थी आयुष-64: उल्लेखनीय है कि आयुष-64 प्रारंभ में मलेरिया के लिए 1980 में विकसित की गई थी और अब इसे कोविड-19 के लिए पुनरुद्देशित किया गया है। आयुष मंत्रालय तथा वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान मंत्रालय (CSIR) के सहयोग ने हाल ही में कोविड-19 के हल्के एवं मध्यम संक्रमण के रोगियों में आयुष 64 की सुरक्षा और प्रभावकारिता का मूल्यांकन करने के लिए एक व्यापक बहु-केंद्र क्लीनिकल परीक्षण कार्य पूरा किया है। इसके अलावा सिद्ध पद्धति के औषधीय काढ़े काबासुरा कुडिनीर को भी आयुष मंत्रालय के तहत कार्यरत केंद्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद (CCRS) ने कोविड-19 रोगियों में इसकी प्रभावकारिता का अध्ययन करने के लिए क्लिनिकल परीक्षणों द्वारा जांचा और तथा हल्के से मध्यम कोविड-19 संक्रमण के रोगियों के उपचार में उपयोगी पाया।

आयुष -64 और काबासुरा कुडिनीर के उत्साहवर्धक परिणामों के आधार पर लक्षणविहीन, हल्के से मध्यम COVID-19 संक्रमण में मानक देखभाल के लिए सहायक के रूप में, आयुष मंत्रालय इन औषधियों के वितरण के लिए इस राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ कर रहा है ताकि होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड-19 संक्रमण के मरीजों को इन औषधियों का सही लाभ मिल सके और उन्हें अस्पतालों के चक्कर लगाने की नौबत ही न आने पाए।

फेफड़ों की मजबूती के लिए तुलसी में ये 5 चीजें मिलाकर करें इस्तेमाल

फेफड़ों को रखना चाहते है मजबूत, बस तुलसी में ये 5 चीजें मिलाकर ऐसे करें इस्तेमाल

कहा जाता है कि अगर आपके सांस लेने में किसी भी तरह की समस्या नहीं होती है, यानि चलने में सांस नहीं फूलती है तो समझ लें कि आपके लंग्स मजबूत है और आप कई बीमारियों के हमले झेल सकते हैं। लेकिन इसके बाद भी लोग बेपरवाह हैं। आपके द्वारा की गई जरा सी लापरवाही आपको कोरोना का शिकार बना सकती हैं। दरअसल कोरोना का नया स्ट्रेन सीधे आपके लंग्स पर अटैक करता है। जिसे वह डैमेज करता है। जिससे आपके शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती हैं। इससे आपकी जान पर भी बन आती है। इसलिए फेफड़ों को हेल्दी रखना बहुत ही जरूरी हैा

हवा में प्रदूषण के साथ -साथ स्मोकिंग की बुरी आदत, किसी ना किसी तरह की एलर्जी, रेस्पिरेटरी डिजीज़ सब मिलकर सांसों संबंधी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए लंग्स का ख्याल रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि शरीर को चलाने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है और लंग्स का काम शरीर में ब्लड के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई करना है। जानिए कैसे तुलसी के साथ कुछ चीजें मिलाकर रोजामा सेवन करने से आपका फेफड़े मजबूत होगे। इसके साथ ही शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी। 

सेवन का तरीका-फेफड़ों को मजबूत करने के लिए थोड़ी सी मुलेठी, 1-2 काली मिर्च, 1-2 लौंग को सेंक कर, 4-5 तुलसी के पत्ते, थोड़ी सी मिश्री और थोड़ी सी दालचीनी लेकर मुंह में डालकर धीरे-धीरे चबा लें। आप रोजाना ऐसा कर सकते हैं। इससे अस्थमा में भी लाभ मिलेगा।

मुलेठी

औषधीय गुणों से भरपूर मुलेठी में विटामिन बी, ई के साथ-साथ फास्फोरस, कैल्शियम, कोलीन, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, सिलिकॉन, प्रोटीन, ग्लिसराइजिक एसिड के साथ-साथ एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बायोटिक गुण पाए जाते हैं। जो सर्दी-जुकाम, बुखार के साथ-साथ फेफड़ों को मजबूत रखने में मदद करती है। मुलेठी का सेवन 3-5 ग्राम ही पाउडर के रूप में करना चाहिए। मुलेठी की तासीर ठंडी होती है। 

तुलसी

तुलसी के पत्ते में अधिक मात्रा में पोटैशियम, आयरन, क्लोरोफिल  मैग्नीशियम, कैरीटीन और विटामिन-सी पाया जाता है जो फेफड़ों को हेल्दी रखने में मदद करता है। रोजाना सुबह 4-5 पत्तियों को चबा लें। इसके अलावा आप गिलोय और तुलसी का आयुर्वेदिक काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। 

लौंग

दिखने में छोटी और खाने में थोड़ी सी कड़वी लगने वाली लौंग कई गुणों से भरपूर होती है। लौंग में युजिनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जिसके कारण स्ट्रेस, पेट संबंधी समस्या, पार्किसंस, बदनदर्द जैसी समस्याओं से लाभ मिलता है। लौंग में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल गुणों के अलावा विटामिन ई, विटामिन सी, फोलेट, राइबोफ्लेविन, विटामिन ए, थायमिन और विटामिन डी, ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे आवश्यक तत्व पाए जाते हैं। हार्ट, फेफड़े, लिवर आदि को मजबूत करने के साथ पाचन तंत्र को दूरस्त रखने में मदद करता है। इसके साथ ही सर्दी-जुकाम जैसी समस्या से भी लाभ मिलता है। 

दालचीनी 

दालचीनी स्वाद में थोड़ी मीठी और तीखी होती है। इसमें भरपूर मात्रा में थाइमीन, फॉस्फोरस, प्रोटीन, सोडियम, विटामिन, कैल्शियम, मैंग्नीज, पोटेशियम, निआसीन, कार्बोहाइडे्ट आदि पाए जाते हैं। इसके अलावा यह एंटी-ऑक्सीडेंट का अच्छा स्त्रोत माना जाता है। यह फेफड़ों को हेल्दी रखने के साथ हार्ट को भी मजबूत रखते हैं। इसके साथ ही इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद मिलती है। 

जमाखोरी से मेडिकल स्टोर्स पर जीवन रक्षक दवाइयों की किल्लत

जमाखोरी से मेडिकल स्टोरों पर जीवन रक्षक दवाइयों का टोटा। दहशत में जरूरत से अधिक दवाईयों की खरीद रहे लोग

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और सरकार द्वारा रोकथाम के प्रयास के बीच मेडिकल स्टोर्स से दवाइयां भी कम होती जा रही हैं। मांग के हिसाब से आपूर्ति न होना व कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन के समय दवाइयों की अचानक जरूरत की बात सोचकर लोग आवश्यकताओं से अधिक दवाइयों की खरीदकर उसका स्टॉक कर रहे हैं। लोगों की यह जमाखोरी आम इंसान के लिए समस्या बनती जा रही है। बाजार से गायब होने के कारण लोगों को यह दवाएं उपलब्ध नहीं हो रही। 

सामान्यतः प्रयोग होने वाली दवाइयां लगभग सभी मेडिकल स्टोर्स पर मिल जाती हैं। कुछ विशेष दवाइयों को मेडिकल स्टोर्स संचालकों द्वारा नोट करवा कर अगले दिन उपलब्ध करवा दिया जाता है। नियमित दवाइयों का सेवन करने वालों के लिये अधिकतर दवाइयां उनके लिये जीवन रक्षक दवाइयां जैसी ही होती है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के अलावा रक्तचाप, मधुमेह, थायरायड जैसे रोगों से पीड़ितों को लगातार दवाइयों का सेवन करना होता है। इसके अलावा सर्दी, बुखार, पेट दर्द जैसी सामान्य दवा व सर्जिकल आदि के केस वालों की दवाइयां होती है जो कि अल्प अवधि के लिये इस्तेमाल की जाती है। कोविड-19 के सेकेंड स्ट्रीम की गंभीरता और लगातार संक्रमण की बढ़ोत्तरी ने लोगों के दिलो में दहशत भर दी है। लोगों के लागतार संक्रमित होने का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। दूसरी ओर बिना किसी टेस्ट और लक्षण वाले व्यक्तियों की सांस लेने की दिक्कत से होने वाली मौतों ने लोगो के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा दी है।

कोविड मरीजों को सुगमता से इलाज मिल सके, इसके लिये सरकारी अस्पतालों में ओपीडी लगभग बन्द है। अब निजी चिकित्सकों ने भी ओपीडी या तो बन्द कर रखी है या फिर सीमित कर दी है। ऐसे में नियमित मरीजों को इलाज में दिक्कत हो रही है और वह दवाई कराने के लिये झोलाछापों या मेडिकल स्टोरों के ही भरोसे है। कोविड संक्रमण का असर कहा जाये या मौसम का मिजाज, लगभग सभी के घरों में खांसी, जुखाम, बुखार के मरीज हैं। ऐसे में मेडिकल स्टोर्स से दवाइयों की खरीद बढ़ गयी है। मेडिकल स्टोर्स में दवाइयों की जबरदस्त किल्लत देखने को मिल रही है। एक मेडिकल एजेंसी के संचालक ने बताया कि लॉकडाउन होने की वजह से दवाइयों के आने में समस्या आ रही है। कुछ एक दवाइयों की ऊपर से भी कम सप्लाई मिल रही है। लोगों की आवश्यकताओं से अधिक दवाइयों की खरीद की वजह से भी दवाइयों की कमी सामने आ रही है। शुगर, बीपी, हार्ट आदि में काम आने वाली दवाइयां जैसे ग्लाइकोमेट, ग्लाइकोमेट 0.5, ग्लाइमेट एमएक्स एवं चिकित्सकों द्वारा पैरासीटामाल डोलो 650, कालपाल समेत कई दवाइयों की खपत बढ़ गई है। इसके अलावा खांसी के सीरप आदि की मांग अधिक है।

एम्बुलेंस किराया: बिहार की तरह यूपी में क्यों नहीं…

बिहार की तरह यूपी में भी एम्बुलेंस मालिकों चालकों की मनमानी पर अंकुश लगाना बहुत जरूरी है। वहां स्वास्थ्य विभाग व परिवहन विभाग बिहार के आपसी समन्वय से गठित समिति द्वारा विस्तृत समीक्षा की गई और राज्य भर में निजी एंबुलेंस का किराया निर्धारित करने की अनुशंसा कर दी गई। उत्तर प्रदेश में भी ऐसा होने से गरीब एवं मध्यम वर्ग को राहत मिल सकेगी और वो मनमानी व लूट खसोट का शिकार होने से बच सकेंगे।

विदित हो कि बिहार सरकार द्वारा कोविड 19 संक्रमण को देखते हुए एम्बुलेंस की मनमानी को रोकने के लिए एंबुलेंस का दर निर्धारण किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग एवं परिवहन विभाग, बिहार के आपसी समन्वय से गठित समिति के द्वारा विस्तृत समीक्षोपरांत राज्य भर में निजी एंबुलेंस का किराया निर्धारित करने की अनुशंसा की गई है। इस एंबुलेंस में बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम, जीवन रक्षक दवाएं एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध रहेंगे।
समिति की अनुशंसा के आलोक में  The Bihar Epidemic Disease, Covid-19 regulation 2021 के तहत प्रदत शक्तियों के आलोक में उपरोक्त आदेश का उल्लंघन किए जाने पर The Bihar Epidemic Disease, Covid-19 regulation में निहित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।  राज्य भर में विभिन्न श्रेणियों के निजी एंबुलेंस का किराया निम्नवत निर्धारित किया गया है :-
01. छोटी कार (सामान्य) – कोरोना से उत्पन्न परिस्थिति को देखते हुए एंबुलेंस अनुशंसित दर (50 कि.मी. तक आने-जाने सहित) 1500 रुपये निर्धारित किया गया है तथा 50 किलोमीटर से अधिक परिचालन होने पर 18 रुपये प्रति किलोमीटर (आने-जाने सहित) देय होगा।
02. छोटी कार (वातानुकूलित) – कोरोना से उत्पन्न परिस्थिति को देखते हुए एंबुलेंस अनुशंसित दर (50 कि.मी. तक आने-जाने सहित) 1700 रुपये निर्धारित किया गया है तथा 50 किलोमीटर से अधिक परिचालन होने पर 18 रुपये प्रति किलोमीटर (आने-जाने सहित) देय होगा।
03. बोलेरो/सुमो/मार्शल (सामान्य) – कोरोना से उत्पन्न परिस्थिति को देखते हुए एंबुलेंस अनुशंसित दर (50 कि.मी. तक आने-जाने सहित) 1800 रुपये निर्धारित किया गया है तथा 50 किलोमीटर से अधिक परिचालन होने पर 18 रुपये प्रति किलोमीटर (आने-जाने सहित) देय होगा।
04. बोलेरो/सुमो/मार्शल (वातानुकूलित) – कोरोना से उत्पन्न परिस्थिति को देखते हुए एंबुलेंस अनुशंसित दर (50 कि.मी. तक आने-जाने सहित) 2100 रुपये  निर्धारित किया गया है तथा 50 किलोमीटर से अधिक परिचालन होने पर 18 रुपये प्रति किलोमीटर (आने-जाने सहित) देय होगा।
05. मैक्सी/सी.टी. राईड/विंगर/टेम्पों/ट्रेवलर एवं समकक्षीय (14-22 सीट) – कोरोना से उत्पन्न परिस्थिति को देखते हुए एंबुलेंस अनुशंसित दर (50 कि.मी. तक आने-जाने सहित) 2500 रुपये निर्धारित किया गया है तथा 50 किलोमीटर से अधिक परिचालन होने पर 25 रुपये प्रति किलोमीटर (आने-जाने सहित) देय होगा।
06. जाइलो/स्कॉर्पियो/क्वालिस/ट्वेरा (वातानुकूलित) – कोरोना से उत्पन्न परिस्थिति को देखते हुए एंबुलेंस अनुशंसित दर (50 कि.मी. तक आने-जाने सहित) 2500 रुपये निर्धारित किया गया है तथा 50 किलोमीटर से अधिक परिचालन होने पर 25 रुपये प्रति किलोमीटर (आने-जाने सहित) देय होगा।

पॉजिटिव केस 133, संख्या पहुंची 2210

बिजनौर। जनपद में गुरुवार को कोरोना के 133 पॉजिटिव केस की पुष्टि हुई है। इसी के साथ एक्टिव केस की संख्या 2210 पर पहुंच गई है।

मण्डावर थाने में भी पहुँचा कोरोना

थाना मण्डावर में 01 दरोगा व 05 सिपाही हुए कोरोना पॉजिटिव

बिना मास्क घूमने पर 431 से जुर्माना वसूला सवा तीन लाख

बिजनौर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह के निर्देशन में बिना मास्क घूमने वालों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान में दिनांक 06.05.2021 को जनपदीय पुलिस द्वारा बिना मास्क घूम रहे 431 व्यक्तियों का चालान कर 3,26,500 रुपए का जुर्माना वसूला गया।

लॉक डाउन की धज्जियां उड़ा कर बटोर रहे भारी मुनाफा 

लॉक डाउन की धज्जियां उड़ा कर बटोर रहे भारी मुनाफा 
बिजनौर। एक तरफ जहां कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते प्रदेश सरकार द्वारा पूरे सूबे में सोमवार तक लॉक डाउन लगाया गया है, वहीं दूसरी ओर हल्दौर नगर के कुछ दुकानदार नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए संकट के इस समय मे भी अधिक कीमतों पर सामान बेच कर मुनाफा कमाने में लगे हैं। 

प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव करने के लिए विभिन्न उपाय किये जा रहे है। संक्रमण की दर को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है, लेकिन हल्दौर नगर के कुछ दुकानदार संक्रमण को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। आरोप है कि ऐसे दुकानदार लॉकडाउन के बावजूद भी चोरी-चुपके अपनी सुविधा के अनुसार दुकान खोल कर अधिक कीमत पर सामान बेच रहे हैं। नगर के गली मोहल्लों की अधिकतर दुकानें रोजाना खुलती हैं, जबकि गांव में भी सभी दुकान खुलने के बावजूद लोगों का उक्त दुकानों पर तांता लगा रहता है। इसे प्रशासन की घोर लापरवाही ही कहा जाएगा कि नगर के बाजारों में लोगों की खरीददारी करने के लिए भीड़ भी लग जाती है। पुलिस की पैनी निगाह के बाद भी ऐसे लोग बाज नहीं आ रही हैं। हालांकि पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत कार्रवाई भी कर रही हैं। कुछ दुकानदारों ने तो यह रवैया बना रखा है। दुकान पर जब ग्राहक सामान लेने आता तो ग्राहक को दुकान के अन्दर लेकर शटर गिरा देते हैं, जिससे आमजन को लगे दुकान बंद हैं या फिर दुकान का आधा शटर खोले रहते हैं। यह हाल पूरे नगर का है। 

लॉक डाउन के बावजूद लोगों को घर में नहीं है चैन, घूम रहे छुट्टा

लॉक डाउन के बावजूद घर में नहीं बैठ पा रहे लोग 
बिजनौर। लॉक डाउन में लोगों को अपने घरों में बैठने में तकलीफ हो रही है। यही कारण है कि कोरोना के संक्रमण की चेन तोडऩे के लिए यूपी में 10 मई तक बढ़ाए गए लॉकडाउन की परवाह न कर लोग सडक़ों पर निकल रहे हैं। बुधवार को पुलिस ने दुकानें बंद रखने और सडक़ों पर आवाजाही रोकने के प्रति सख्ती का रुख अपनाया था। इस कारण गुरुवार को मुख्य बाजार एवं गली-मोहल्लों की दुकानें तो बंद रहीं, लेकिन काफी दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों के बाहर बैठे दिखाई दिये। ये लोग किसी ग्राहक के आते ही उसे चुपचाप सामान बेच रहे हैं। वहीं सिविल लाइन व अन्य क्षेत्रों में भी लॉकडाउन के बाद भी काफी भीड़ नजर आई। सडक़ों पर लोग अपने चौपहिया व दोपहिया वाहनों से आवाजाही करते दिखे। घर में बैठना ऐसे लोगों को परेशानी भरा प्रतीत हो रहा है। वहीं ऐसे लोगों की तादाद भी बहुत अधिक हैं, जो अपने चेहरे पर मास्क नही लगा रहे हैं। सोचने वाली बात यह है कि लॉक डाउन के कारण जब पूरा बाजार बंद हैं तो ऐसे में वह किस काम से बाजार की ओर दौड़ लगा रहे हैं। इसके पीछे पुलिस विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। पिछले लॉकडाउन की तरह से इस बार नगर की पुलिस सक्रिय नहीं है। किसी भी चौराहे पर कोई पुलिसकर्मी चैकिंग करते नजर नहीं आ रहा। पुलिस की सख्ती न होने के कारण लोग बेखौफ होकर घरों से निकल रहे हैं। यही नहीं गांवों से भी लोगों का बिजनौर शहर आना-जाना हो रहा है। ऐसे में लॉक डाउन लगने को लेकर प्रश्रचिन्ह खड़े हो गए हैं। 

Watch “Covid-19 | एटा के SP Crime Rahul Kumar का गाना गाते हुए वीडियो वायरल, आज ही Corona से हुआ है निधन”

पूर्व क्षेत्राधिकारी पुलिस के निधन पर जताया शोक। एसपी क्राइम एटा के पद पर थे तैनात राहुल कुमार। होम क्वारंटाइन में घर पर व्यायाम करते समय गिरे।

बिजनौर। क्षेत्राधिकारी पुलिस नजीबाबाद रह चुके राहुल कुमार का आकस्मिक निधन हो गया। वह वर्तमान में एसपी क्राइम एटा के पद पर तैनात थे। उनके निधन के समाचार पर नगर में भी लोगों ने गहरा दु:ख जताया। एसपी क्राइम एटा के पद पर तैनात राहुल कुमार का नजीबाबाद से भी नाता रहा है। क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद के पद पर रहते हुए उन्होंने व्यापारी जौली हत्याकांड का खुलासा किया था। साथ ही गंगास्नान के दिन नांगलसोती में भरे बाजार में दिन दहाड़े सर्राफ अरुण कुमार के यहां डाली गयी डकैती और दोहरे हत्याकांड का भी खुलासा किया था। इससे क्षेत्र के लोग उनकी कार्यशैली से काफी प्रभावित रहे हैं। बताया जा रहा है कि एसपी क्राइम एटा राहुल कुमार करीब दस दिन पूर्व कोरोना पॉजिटिव हुए थे। वह तभी से होम आइसोलेशन में थे। बुधवार की सुबह व्यायाम करते समय अचानक उनकी तबियत खराब हो गयी और वे नीचे गिर गए। उन्हें जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया। कुछ ही देर बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलने पर डीएम एटा डॉ. विभा चहल, एसएसपी एटा उदय शंकर सिंह आदि अधिकारी अस्पताल पहुंचे। कुछ दिन पूर्व ही कोरोना से उनके भाई की भी मौत हो गयी थी। कोरोना से संक्रमित होने के कारण चुनाव के समय में भी उन्होंने घर से ही काम किया था। उनके निधन के समाचार पर नगर के कई संगठनों व व्यक्तियों ने गहरा दु:ख व्यक्त किया तथा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने के साथ ही उनके परिजनों को इस दु:ख की घड़ी में दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने को ईश्वर से प्रार्थना की।

नांगल ग्राम प्रधान समेत दो दर्जन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा

नांगल ग्राम प्रधान समेत दो दर्जन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज। विजय जुलूस में बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंस सैकड़ों रहे शामिल। वायरल वीडियो में दिखे सैकड़ों समर्थक। पुलिस ने संख्या दिखाई कम।

बिजनौर। नजीबाबाद तहसील के ग्राम नांगलसोती में ग्राम प्रधान पद के विजयी प्रत्याशी ने सरकार के दिशा-निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ाते हुए गांव भर में सैकड़ों समर्थकों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने के नियम को धता बताते हुए विजय जुलूस निकाला। इस विजय जुलूस की वीडियो वायरल हो जाने पर पुलिस ने सैकड़ों समर्थकों के साथ निकाले गए जुलूस में सिर्फ खानापूर्ति करते हुए तीन नामजद और करीब दो दर्जन अज्ञात के खिलाफ ही मुकद्दमा दायर किया है।

ग्राम पंचायत नांगल से नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान फरमान ने जीत हासिल करने के बाद सैकड़ों की संख्या में समर्थकों के साथ गांव के विभिन्न रास्तों से होकर विजय जुलूस निकाला। उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश मे कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण से हडक़ंप मचा हुआ है। शासन प्रशासन और सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान विजय जुलूस निकालने पर पूर्ण रूप से रोक लगा रखी है। इसके बावजूद अनदेखी कर निकाले गए विजय जुलूस में सरकार की ओर से वैश्विक महामारी के संक्रमण को लेकर जारी की गयी गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ायी गयी। विजय जुलूस में शामिल लोगों की ओर से सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करना तो दूर लोगों ने मास्क तक का प्रयोग करने से परहेज किया। जुलूस में बुजुर्ग और युवाओं के अलावा बच्चे भी शामिल रहे। विजय जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने अपने मुंह और नाक को ढक़ने के बजाय मास्क कानों पर मास्क रखा था।

चर्चा है कि गांव भर में घंटों तक शोरशराबा कर जुलूस निकाले जाने के दौरान पुलिस ने कोई कार्रवाई तक करना उचित नहीं समझा। हालांकि इस विजय जुलूस की वीडियो वायरल हो जाने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नींद से जागी पुलिस ने ग्राम प्रधान फरमान तथा दो अन्य लोगों के खिलाफ नामजद तथा करीब दो दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ महामारी अधिनियम आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।  

विजय जुलूस निकालते साथियों संग नप गए प्रधान जी

विजय जुलूस निकालते विजयी प्रधान समेत पांच गिरफ्तार

बिजनौर। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान को अपने साथियों के साथ विजय जुलूस निकलना उस समय भारी पड़ गया जब पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए पांच लोगों का चालान कर दिया। बताया जाता है कि थाना क्षेत्र के ग्राम तुखमापुर के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान सरफराज अंसारी अपने समर्थकों के साथ विजय जुलूस निकाल रहे थे। विरोधियों ने यह जानकारी थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मुरारी दोहरे को दे दी। इस पर वह उप निरीक्षक सुभाष धनगर, सिपाही मोहित, हरीश चौधरी को साथ लेकर तुरंत गांव पहुंचे और मालूमात की। मामला सही पाए जाने पर आरोपी ग्राम प्रधान समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी  की धारा 188/269/270 तथा  महामारी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर चालान कर दिया।