सेनेट्री की दुकान से कीमती सामान चुराने के दो आरोपी पुलिस ने पकड़े

चोरी के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को भेजा जेल


स्योहारा। सेनेट्री की दुकान से कीमती सामान चुराने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। चार दिन पूर्व नगर के रेलवे फाटक के निकट निकटवर्ती ग्राम फैजुल्लापुर में बीती 21 नवंबर की रात्रि को चोरों ने अय्यूब अहमद पुत्र मतलूब अहमद की सेनेट्री की दुकान से कीमती सामान चुरा लिया था। चोरों ने दुकान में लगे कैमरे भी तोड़ दिये थे तथा डीवीआर भी चुरा लिया था। इसी दौरान इरफान आदि ग्रामीणों द्वारा जाग होने पर चोर फरार होने की फिराक में लग गए और उन्होंने चोरों का पीछा किया। इस पर चोर चुराया हुआ कुछ सामान छोड़ भागे थे, लेकिन हाथ लगे डीवीआर में चोरों की करतूत कैद हो गयी, साथ ही चोरों की शिनाख्त भी हो गयी थी। पुलिस ने चोरी के आरोप में रणधीर पुत्र नरदेव व नरेंद्र पुत्र कलवा निवासी ग्राम फैजुल्लापुर थाना स्योहारा को अपराध संख्या 701/ 22 धारा 457, 380 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

बेइज्जती का बदला लेने के लिए की शामिक की हत्या!

सहपाठियों के सामने बेइज्जती करने की वजह से हुई शामिक की हत्या

~पुलिस ने मुठभेड़ में किए दो आरोपी गिरफ्तार

~कृष्णा कॉलेज में ही बी.फार्मा प्रथम वर्ष का छात्र है मुख्य आरोपी

बिजनौर। कृष्णा कालेज के छात्र शामिक द्वारा सहपाठियों के सामने बेइज्जती किए जाने से क्षुब्ध होकर कालेज के ही छात्र ने उसकी हत्या की थी। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि 23 नवंबर को कृष्णा कॉलेज के छात्र शामिक (18 वर्ष) पुत्र सरवर अली निवासी मोहल्ला पीरजादगान झालू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में थाना कोतवाली शहर पुलिस ने यश उर्फ उमंग पुत्र मुनेन्द्र सिंह निवासी मोहल्ला महाजनान झालू व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया था। घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत हत्यारोपी यश पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार का ईनाम भी घोषित कर दिया गया था।

अपर पुलिस अधीक्षक नगर प्रवीण रंजन व क्षेत्राधिकारी नगर अनिल कुमार के पर्यवेक्षण में स्वाट/सर्विलांस टीम व थाना कोतवाली शहर पुलिस ने शुक्रवार देर रात करीब एक बजकर 10 मिनट पर झालू रोड स्थित प्राचीन मां कालिका मन्दिर के पास चैकिंग करते हुए संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि मोटरसाईकिल सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए यश व उसके साथी रोहन उर्फ मोहन पुत्र संजीव कुमार निवासी ग्राम त्रिलोकपुर (हल्दौर) को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से दो तमंचे 315 बोर मय 4 जिंदा कारतूस व 1 खोखा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाईकिल बरामद कर ली। पुलिस पूछताछ में रोहन ने स्वीकार किया कि वह भी कृष्णा कॉलेज में बी.फार्मा प्रथम वर्ष का छात्र है। शामिक द्वारा छात्राओं के सामने रोहन की बेइज्जती की जाती थी, जिससे उसे काफी शर्मिन्दगी उठानी पड़ती थी। रोहन ने कई बार उसे ऐसा करने से मना किया किन्तु शामिक नहीं माना और उल्टा रोहन को ही डराता-धमकाता था। इससे क्षुब्ध होकर रोहन ने अपने साथी यश उर्फ उमंग के साथ मिलकर शामिक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।

खुलासा करने वाली पुलिस टीम~ हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार वशिष्ठ, निरी. विरेन्द्र तोमर, उ.नि. मीर हसन, सुभाष धनकड, जुगेन्द्र तेवतिया, आरक्षी अरविन्द कुमार, निखिल, मंजीत व विनीत कुमार के साथ प्रभारी स्वाट/सर्विलांस टीम शामिल रहे।

23 नवंबर का है मामला~ गौरतलब है कि 23 नवंबर को दोपहर 3:40 मिनट पर कृष्णा कॉलेज बिजनौर में बीबीए का छात्र शामिक अपनी सहपाठी के साथ कॉलेज से पढ़कर घर की ओर जा रहा था। कॉलेज से कुछ कदम की दूरी पर बाईक सवार दो नकाबपोश युवकों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर शामिक की हत्या कर दी और वारदात को अंजाम देकर आराम से फरार हो गए थे।

सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान~ सीसीटीवी फुटेज से दोनों कातिलों की पहचान रोहन व यश चौधरी के रूप में हुई। पिछले तीन दिन से पुलिस की कई टीम दोनों आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी। यहां तक कि एक दिन पहले नामजद आरोपी के घर जेसीबी मशीन लेकर पहुंच गई थी।

आज मनाया जा रहा Milk day, लेकिन लोगों के घरों पर पहुंच रहा सफेद जहर!

बिजनौर। भारत में प्रतिवर्ष की भांति 26 नवंबर को ‘नेशनल मिल्क डे’ मनाया जा रहा है। इस दिन विचारणीय प्रश्न यह है कि जनपद बिजनौर में उत्पादन से ज्यादा दूध कहां से आ रहा है, वो भी लाखों लीटर!

बिजनौर में हो रही उत्पादन से ज्यादा खपत~ जनपद बिजनौर में वास्तविक उत्पादन से अधिक दूध की खपत हो रही है। उत्पादन से ढाई गुना दूध लोगों के घरों में पहुंच रहा है। इस कारण सोचने वाली बात है कि कहीं दूध की जगह सफेद जहर तो घरों में नहीं पहुंच रहा?

आखिर कहां से आ रहा लाखों लीटर दूध~ जानकारी के अनुसार जिले की आबादी लगभग 43 लाख बताई जाती है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विजेन्द्र सिंह के अनुसार जिले में गाय-भैंस की संख्या तकरीबन 10 लाख है, इनमें से लगभग साढ़े तीन लाख दुधारू पशु हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इतने पशुओं से प्रतिदिन करीब 8 लाख लीटर दूध का ही उत्पादन होता है, जबकि आबादी के अनुरूप मांग करीब 20 लाख लीटर प्रतिदिन की है। इसके अलावा जिले में विभिन्न ब्रांड के करीब 5 लाख लीटर पैक्ड पाश्चराइज्ड दूध की भी प्रतिदिन आपूर्ति बताई जाती है। इस तरह उत्पादन वाले 8 लाख लीटर और बाहर से आ रहे पैक्ड 5 लाख लीटर दूध को मिलाकर भी करीब 13 लाख लीटर ही दूध होता है। इसलिए यक्ष प्रश्न यह है कि आखिरकार मांग के अनुरूप अतिरिक्त सात लाख लीटर दूध कहां से आ रहा है, जो घरों तक पहुंच रहा है। लोगों की आम शिकायत भी है कि दूध में अब न तो पहले जैसी मलाई पड़ती है और न ही स्वाद है। यहां पूर्व में नकली दूध तैयार करने की फैक्ट्री पकड़ी जा चुकी है और स्किम्ड मिलक पाउडर तैयार करने का मामला भी पकड़ा जा चुका है। हालात इतने खराब हैं कि 50 फीसदी से अधिक दूध के नमूने जांच में फेल हो रहे हैं।

भारत में 26 नवंबर को ‘नेशनल मिल्क डे’~ हर साल भारत में 26 नवंबर को ‘नेशनल मिल्क डे’ यानी दुग्ध दिवस मनाया जाता है। बच्चे के जन्म से लेकर बुढ़ापे तक हमारे शरीर को पोषण देने के मामले में यह मुख्य आहार बना माना जाता। दूध हमारे शरीर के लिए कैल्श्यिम की पूर्ति करता है जो हड्डियों, दातों औऱ दिमाग के लिए बेहद जरूरी है। दूध दिवस मनाए जाने का महत्व इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इस दिन दूध की शरीर के लिए उपयोगिता बताने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और दूध उत्पादकों के महत्व को बताने वाले अभियान चलाए जाते हैं, जिससे जनता इनका महत्व समझ सके। हालांकि विश्व दुग्ध दिवस वर्ष 2001 से प्रतिवर्ष एक जून को मनाया जाता है।

कब और क्यों मनाया जाता है मिल्क डे- भारत में श्वेत क्रांति के जनक और देश में दूध के उत्पादन को बढ़ावा देने वाले वर्गीज कुरियन का जन्म 26 नवंबर को हुआ था। उन्हीं को श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल देश में दुग्ध दिवस मनाया जाता है। कुरियन ने दूध उत्पादन को बढ़ाने और डेयरी उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए काफी योगदान दिया, जिसके चलते उन्हें ‘मिल्कमैन ऑफ इंडिया’ भी कहा जाता है। इस दिन डेयरी उत्पादों और दूध के लाभों को जनता तक पहुंचाने के साथ साथ दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए अभियान औऱ कायर्क्रम किए जाते हैं।

डबल मर्डर से सुर्खियों में आया था मुनीर

डबल मर्डर से सुर्खियों में आया था मुनीर। परिजनों का आरोप सही उपचार न मिलने के कारण हुई मुनीर की मौत।

स्योहारा (बिजनौर)। जरायम की दुनिया में कदम रखने वाला कुख्यात मुनीर एनआईए के डीएसपी अफसर तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना के मर्डर के बाद सुर्खियों में आया था।

कुख्यात बदमाश मुनीर अहमद (फाइल फोटो)

इस डबल मर्डर के बाद मुनीर की तलाश में कई टीमें लगी हुईं थीं। मुनीर की गिरफ्तारी से पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली थी। एनआईए अफसर तंजील अहमद हत्याकांड से पहले स्योहारा थाने के सहसपुर निवासी मुनीर के बारे में आसपास के क्षेत्रों में किसी को कोई खास जानकारी नहीं थी। सहसपुर के लोग भी मुनीर को सीधा साधा युवक मानते थे। मुनीर कभी-कभी सहसपुर आता था। एनआईए अफसर तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या में पुलिस ने सहसपुर के रैय्यान व जैनी को गिरफ्तार कर केस का खुलासा किया था। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने तंजील हत्याकांड में मुनीर का नाम लिया था। इस पर तंजील के परिजनों को भी विश्वास नहीं हुआ था। परिजनों ने मर्डर के खुलासे पर तमाम सवाल भी उठाए थे। इसके बाद में परिजनों ने भी चुप्पी साध ली थी ।

परिजनों का आरोप सही उपचार न मिलने के कारण हुई मुनीर की मौत

कुख्यात बदमाश मुनीर अहमद का घर

कुख्यात बदमाश मुनीर अहमद की मौत से उसके परिजनों में मातम पसरा हुआ है। मुनीर के पिता ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहां की उसको सही तरीके से उपचार नहीं मिला, जिसके चलते उसकी मौत हुई है। साथ ही उनका आरोप है कि जेल में बंद मुनीर से उनको मिलने नहीं दिया जा रहा था।उन्होंने हाई कोर्ट में मुनीर से मिलने के लिए अर्जी भी डाली थी, लेकिन आज मुनीर की मौत की खबर मिलने से उसके परिजनों में मातम छा गया।

दो दुकानों से रेमंड कंपनी के 22 नकली थान बरामद

मेस वेलिएंट एजेंसी के तीन सदस्यों की एक टीम ने मारा छापा। एक दुकान से आठ और दूसरी से रेमंड कंपनी के 14 नकली थान बरामद। शटर गिराकर भाग निकले कई व्यापारी।

हापुड़। गढ़ मुक्तेश्वर नगर के मेरठ मार्ग पर स्थित दो कपड़ों की दुकान से रेमंड के भारी मात्रा में थान बरामद किए गए हैं।रविवार को कंपनी के फील्ड ऑफिसर की टीम ने छापेमारी की। टीम कपड़ों के थान लेकर कोतवाली पहुंची। दुकान स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तहरीर दी गई है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार मेरठ मार्ग स्थित मीना क्लॉथ और आर्य क्लॉथ एंपोरियम पर मेस वेलिएंट एजेंसी के तीन सदस्यों की एक टीम ने छापा मारा। पूछने पर उन्होंने बताया कि वह लोग मुंबई स्थित रेमंड कंपनी के विभिन्न स्थानों पर बेचे जाने वाले फर्जी कपड़ों की धरपकड़ करते हैं। इस दौरान टीम ने चेकिंग करते हुए दोनों दुकानों से कपड़े के 22 नकली थान बरामद किए। एक दुकान से आठ और दूसरी दुकान से 14 थान बरामद किए गए। कपड़े के सभी संबंधित थान पर रेमंड कंपनी की मोहर लगी हुई थी, वह कॉपीराइट थे। सभी थान लेकर टीम कोतवाली पहुंच गई। कंपनी के फील्ड ऑफिसर मोहम्मद सलीम ने बताया कि दोनों दुकानों से बरामद किए गए कपड़ों को सील कर दिया गया है।

शटर गिराकर भागे कई व्यापारी: नगर की नामचीन दुकानों पर नकली कपड़ों की धरपकड़ की सूचना मिलते ही व्यापारियों में अफरातफरी मच गई। कई व्यापारी अपनी-अपनी दुकानों के शटर भी आधा गिराकर इधर-उधर भाग निकले। अतिरिक्त कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मेस वेलिएंट एंजेसी के फील्ड ऑफिसर की तहरीर पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

Rotomac के खिलाफ 750 करोड़ की धोखाधड़ी का केस दर्ज

Rotomac Global के खिलाफ बैंक ने किया केस दर्ज, 750 करोड़ की धोखाधड़ी का इलज़ाम

कानपुर। इंडियन ओवरसीज बैंक ने पैन बनाने वाली कंपनी रोटोमैक ग्लोबल के खिलाफ 750 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।

इंडियन ओवरसीज बैंक ने रोटोमैक ग्लोबल पर आरोप लगाया है कि कंपनी की विदेशी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्होंने 11 साख पत्र (एलसी) जारी किये थे।  यह सभी के सभी पत्र हस्तांतरित कर दिए गए थे, जो 743.63 करोड़ रुपये के बराबर होता है।

पूरा मसला:
सीबीआई ने कानपुर स्थित रोटोमैक ग्लोबल और उसके निदेशकों के खिलाफ कथित तौर पर इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) से 750.54 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। पेन बनाने वाली कंपनी पर सात बैंकों के कंसोर्टियम का कुल 2,919 करोड़ रुपये बकाया है। इस बकाया में इंडियन ओवरसीज बैंक की 23 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी और उसके निदेशकों को जांच एजेंसी के साथ आपराधिक साजिश (120-बी) और धोखाधड़ी (420) से संबंधित आईपीसी की धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत प्रतिवादी के रूप में पंजीकृत किया गया है। बैंकों के एक संघ के सदस्यों की शिकायतों के आधार पर कंपनी की पहले से ही सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच की जा रही है।


कैसे रची यह साजिश?
इंडियन ओवरसीज बैंक ने आरोप लगाया कि कंपनी को 28 जून, 2012 को 500 करोड़ रुपये की क्रेडिट सीमा मंजूर की गई थी। 30 जून, 2016 को खाते को 750.54 करोड़ रुपये की बकाया राशि पर चूक के बाद गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित किया गया था। बैंक ने कहा कि उसने कंपनी की विदेश व्यापार जरूरतों को पूरा करने के लिए 11 साख पत्र (एलसी) जारी किए थे। हस्तांतरित राशि 743.63 करोड़ रुपये थी।

अब क्या होगा अगला कदम
बैंक का आरोप है कि लदान के बिलों में दावा किए गए व्यापारी जहाजों और यात्राओं की प्रामाणिकता सवालों के घेरे में है। फोरेंसिक ऑडिट में पाया गया कि बैंक ने कथित तौर पर खातों की पुस्तकों में हेरफेर किया और एलसी के संबंध में देनदारियों को छुपाया। लेखा परीक्षा में बिक्री अनुबंधों, लदान के बिलों और संबंधित यात्राओं में अनियमितताएं पाई गई हैं।

यह भी कहा गया है कि लगभग सभी जानकारी उपलब्ध है। 26,143 करोड़ रुपए एक ही मालिक और ग्रुप की चार पार्टियों को बेचे गए। बैंक ने आरोप लगाया कि रोटोमैक ग्रुप इन पार्टियों के लिए प्राथमिक आपूर्तिकर्ता था। जबकि इन पार्टियों की ओर से खरीदार बंज समूह था, विक्रेता अब उन्हें संपत्ति बेच रहे हैं। Bunge Group, Rotomac Group को उत्पाद बेचने वाला प्राथमिक विक्रेता था। चारों विदेशी क्लाइंट्स के कंपनी से कनेक्शन थे। कंपनी ने कथित तौर पर बैंक को धोखा दिया और पैसा डायवर्ट किया। इससे बैंक और कंपनी को गलत तरीके से 750.54 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ जो अभी तक पुनर्प्राप्त किया जाना है।

सचिव और प्रधान की मिलीभगत से हो गया 2 लाख का फ़र्ज़ी भुगतान

मनरेगा की आईडी पर नहीं मिली थी वित्तीय स्वीकृति, फिर भी डाली थी इंटरलॉकिंग

डीएम से शिकायत के बाद रोका गया था भुगतान

तीन महीने बाद उसी काम को ग्राम निधि में दिखाकर कर लिया फर्जी भुगतान

उरई (जालौन) | विकास कार्यों में इतना भ्रष्टाचार इसके पहले कभी नहीं देखा गया, जितना अधिकारियों के गैरजिम्मेदाराना रवैये से अब हो रहा है। ग्राम पंचायत में तो सरकारी पैसा लूटने की होड़ लगी हुई है, जिसके कारण कागजों में काम दिखाकर फ़र्ज़ी तरीके से पैसा निकाला जा रहा है। माधौगढ़ ब्लॉक के ग्राम असहना में सचिव और प्रधान ने इंटरलॉकिंग निर्माण के नाम पर दो लाख का फ़र्ज़ी भुगतान कर लिया। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई लेकिन उसे भी फर्जी ही निस्तारण कर दिया।

ग्राम असहना में बिना इस्टीमेट और वित्तीय स्वीकृति के मार्च 2022 में तीन मनरेगा आईडी क्रमांक 8952, 8954 और 8955 पर इंटरलॉकिंग का निर्माण करा दिया गया। इसकी लिखित शिकायत जिलाधिकारी को श्रमदान घोषित करने के लिए की गई, साथ ही ग्राम सचिव से आरटीआई डालकर इस्टीमेट और वित्तीय स्वीकृति की छायाप्रति भी मांगी गई लेकिन भृष्टाचार की पराकाष्ठा को पार किये सचिव शैलेश सोनकर ने जवाब नहीं दिया और खंड विकास अधिकारी दीपक कुमार ने करवाये गए कार्य का भुगतान रोक दिया बल्कि ब्लॉक में इसी प्रकार कराये गए ज्यादातर कामों के भुगतान पर रोक लगा दी। शिकायतों के बाद सचिव शैलेश सोनकर और प्रधान सोना देवी ने आपस में सांठगांठ कर 13 जून 2022 को इसी इंटरलॉकिंग को फ़र्ज़ी तरीके से ग्राम निधि में सीसी रोड से रामकुमारी के मकान तक दर्शाकर 2 लाख 4 हज़ार 578 का भुगतान कर लिया। यह जानकारी होने के बाद पूरे मामले की जानकारी खंड विकास अधिकारी को दी गई और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई। उसके बाद भी भृष्ट सचिव की ठीठता देखिए कि शिकायत पर वर्तमान सचिव अभिनव पाठक से फ़र्ज़ी निस्तारण करा दिया। राष्ट्रीय स्तर पर छाए ऐसे ही फर्जी मामले पर कुछ दिन पूर्व दमरास गांव में कई जिम्मेदारों पर जिलाधिकारी के आदेश के बाद एफआईआर तक दर्ज हुई, लेकिन माधौगढ़ ब्लॉक के कई गांवों में मनरेगा से लेकर अन्य विकास कार्यों में जमकर लूट मची हुई है और जिम्मेदार अधिकारी कमीशनखोरी के आंकड़े में सब मैनेज कर मामले को दबाने की जुगत में लग जाते हैं।

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आखिरकार कहां गायब हो गए ₹2 हजार के नोट?


₹2000 के नोट आखिर आप क्यों नहीं देख पा रहे, सामने आई वजह, RTI में हुआ ये जोरदार खुलासा

साल 2019-20, 2020-21 और 2021-22 के दौरान नहीं छापा गया. 2,000 रुपए का कोई नया नोट

नई दिल्ली। आपने पिछली बार 2000 रुपए का नोट कब देखा था? शायद काफी पहले की बात रही होगी? अब सोचिए कि आखिर ऐसा क्यों हुआ होगा? जी हां, इसकी वजह अब सामने आ गई है। दरअसल, पिछले तीन साल से 2,000 रुपए का एक भी नोट छापा ही नहीं गया है। ऐसे में यह नोट सर्कुलेशन में नहीं के बराबार है। न्यूज एजेंसी IANS की तरफ से दायर एक सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगे गए जवाब में इसका खुलासा हो सका है। सरकार द्वारा 8 नवंबर, 2016 को 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों पर प्रतिबंध लगाकर नोटबंदी की घोषणा की गई थी और फिर नए नोट आए थे जिसमें 2000 रुपए का नोट भी शामिल था।

तीन साल में कितने छपे 2000 रुपए के नोट
आरटीआई के मुताबिक, साल 2019-20, 2020-21 और 2021-22 के दौरान 2,000 रुपए का कोई नया नोट नहीं छापा गया। आरबीआई नोट मुद्रण (पी) लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2016-17 में 2,000 रुपइनके 3,5429.91 करोड़ नोट छापे थे। इसके बाद 2017-18 में काफी कम 1115.07 करोड़ नोट छापे गए और 2018-19 में इसे और कम कर मात्र 466.90 करोड़ नोट छापे गए।

नकली नोटों की संख्या में तेज इजाफा
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, देश में जब्त किए गए 2,000 रुपए के नकली नोटों की संख्या 2016 और 2020 के बीच 2,272 से बढ़कर 2,44,834 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2016 में देश में पकड़े गए नकली 2,000 रुपए के नोटों की कुल संख्या 2,272 थी। यह साल 2017 में बढ़कर 74,898 हो गई। इसके बाद साल 2018 में यह घटकर 54,776 रह गई। साल 2019 में यह आंकड़ा 90,566 और साल 2020 में 2,44,834 नोट रहा।

90 प्रतिशत से ज्यादा जाली नोट लो क्वालिटी के
आरबीआई ने 2015 में एक नए संख्या पैटर्न के साथ महात्मा गांधी सीरीज – 2005 में सभी मूल्यवर्ग में बैंक नोट जारी किए थे। विजिबल सिक्योरिटी फीचर के साथ आम जनता नकली नोट को असली से आसानी से अलग कर सकती है। बैंकिंग सिस्टम में पाए गए 90 प्रतिशत से ज्यादा जाली नोट लो क्वालिटी के थे और किसी भी प्रमुख सुरक्षा विशेषता से समझौता नहीं किया गया था। इन नोटों की सुरक्षा विशेषताओं की डीटेल आम जनता के लिए आरबीआई की वेबसाइट पर शो किया जाता है।

आरटीआई में कहा गया है कि आरबीआई जाली नोटों से बचाव के उपायों पर बैंकों को अलग-अलग निर्देश जारी करता है। केंद्रीय बैंक नियमित रूप से बड़ी मात्रा में नकदी का प्रबंधन करने वाले बैंकों और दूसरे संगठनों के कर्मचारियों/अधिकारियों के लिए जाली नोटों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है।

धांधली की शिकायत करना शिक्षक को पड़ा भारी, निलंबन

किताब वितरण का मुद्दा उठाने वाले शिक्षक का दो माह का वेतन रोकने के बाद अंततः हुआ निलंबन, किताब वितरण में हुई देरी पर भुगतान रोकने की रखी थी मां



गोंडा। परिषदीय स्कूलों में किताब वितरण में हुई देरी के मुद्दे को उठाना शिक्षक नेता को भारी पड़ गया। दो माह तक वेतन रोकने के बाद शनिवार को बीएसए ने कार्यों में लापरवाही के आरोप में विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप सिंह को निलंबित कर दिया है।

बेलसर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बड़नापुर में कार्यरत शिक्षक नेता अनूप सिंह ने बीती 19 जुलाई को सीएम योगी से किताब वितरण में हुई देरी में जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की थी। इस पर सीएम के विशेष सचिव शशांक त्रिपाठी ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

महानिदेशक विजय किरण आनंद ने बीते पांच सितंबर को शासन को रिपोर्ट दी कि 29 लाख के सापेक्ष 17 लाख 44 हजार किताबें स्कूलों में बांट दी गई हैं और शेष 20 फीसदी किताब दो दिन के भीतर बांट दी जाएगी।

शिक्षक नेता अनूप सिंह ने बीएसए की रिपोर्ट को गलत बताया और पुनः 16 अक्टूबर को सीएम को पत्र भेजकर किताब वितरण कराने और देरी के कारण किताब का भुगतान रोकने की मांग की।

अनूप सिंह ने बताया कि बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने शिकायत को उठा लेने की बात कही और उनकी बात न मानने पर पहले दो माह का वेतन रोका और निलंबित कर दिया है। वेतन रोकने का कारण पूछने पर भी कोई पत्र नहीं दिया गया।

अंग्रेजी माध्यम स्कूल में भेजी हिंदी माध्यम की किताबें

बेलसर के अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय बड़नापुर में बीते अक्टूबर में हिन्दी माध्यम की किताबें भेजी गईं। यहां के बच्चों की पढ़ाई इसी किताब से शुरू हुई। फिर बीते एक नवंबर को अंग्रेजी माध्यम की किताबें भेजी गईं। यहां पर कार्यरत प्रधानाध्यापक अनूप सिंह ने दो बीईओ, एबीएसए और महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र भेजकर अंग्रेजी माध्यम स्कूल में हिन्दी माध्यम किताबों से बच्चों को पढ़ाने के लिए मार्गदर्शन मांगा था।

कार्यों में लापरवाही पर शिक्षक को किया निलंबित : बीएसए

बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षक अनूप सिंह स्कूल के कार्यों में रूचि न लेकर समूह बनाकर लोगों को सोशल मीडिया पर उकसा रहे थे। बड़नापुर में अंग्रेजी माध्यम की किताबें 24 सितंबर को भेज दी गईं थी, जिसको शिक्षक ने वापस कर दिया। शासन के कार्यों को न करके पुस्तक न मिलने की अनावश्यक शिकायत कर रहे थे जो कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत था। बीईओ इटियाथोक को जांच अधिकारी बनाया गया है।

धनतेरस पर व्यापारी के 5 हत्यारोपी लुटेरे पुलिस की गिरफ्त में


उरई। धनतेरस के दिन कस्बा जालौन में औरेया रोड पर हुए दुकानदार के ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा पुलिस की मेहनत से हो गया है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने पुलिस लाइन्स में मीडिया वार्ता में बताया कि इस सिलसिले में पांच लोग गिरफ्तार किये गये हैं। हत्या लूट की इरादे से की गई थी। पांच लोगों द्वारा अंजाम दिये जाने से हत्या के साथ इस मुकदमे में डकैती की धारा भी जोड़ दी गयी है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले के त्वरित खुलासे के लिये जालौन कोतवाली पुलिस की सहायता हेतु एसओजी और सर्विलांस को लगाया था। यह रणनीति कारगर रही। गिरफ्तार किये गये आरोपितों के नाम छोटू त्रिवेदी उर्फ आशुतोष कुमार निवासी मुहल्ला जोशियाना जालौन, बिहारी सोनी उर्फ प्रिंस निवासी मुहल्ला फर्दनवीस जालौन, आदित्य पटेल निवासी मुहल्ला भवानीराम जालौन, मोहित बाथम निवासी धुआताल जालौन और शिवपूजन राजपूत निवासी मुहल्ला चौधरियाना जालौन शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपितों ने अपराध कुबूल कर लिया है। धनतेरस के दिन 22 अक्टूबर को वे लोग पैसे का इन्तजाम करने के लिये मोटर साइकिलों से विचरण कर रहे थे। औरेया रोड पर चुंगी नं0 4 कन्हैया होटल के आगे मुहल्ला चौधरियाना निवासी वीरेन्द्र कुमार चौरसिया दुकान खोले दिखे, जिनको वे लोग पहले से पहचानते थे और अंदाजा था कि वीरेन्द्र चौरसिया के पास अच्छा खासा पैसा मिलेगा। इस कारण वे उनकी दुकान में घुसकर उनका झोला खींचने की कोशिश करने लगे तो वीरेन्द्र चौरसिया उनसे भिड़ गये। उन लोगों ने चौरसिया को पस्त करने के लिये पहले तो उनके सिर में हथौड़ा मारा फिर भी वीरेन्द्र ने उलझना बन्द नहीं किया तो छोटू त्रिवेदी ने लोहे के पानी वाले पाइप से वीरेन्द्र के सिर और चेहरे पर कई वार किये। नतीजतन लहू लुहान हो कर वीरेन्द्र मौके पर ही दम तोड़ बैठे। इसके बाद वे उसका झोला उठाकर भाग निकले। बाद में झोले के अन्दर देखा तो उसमें कुल मिलाकर मात्र 15000 हजार रुपए मिले, जिसमेें से तीन-तीन हजार बांट लिये। रकम भी उन्होंने जुआ खेलकर बर्बाद कर दी। बचे कुछ रुपए गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम ने उनसे बरामद कर लिये हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल किया गया रक्त रंजित लोहे का पाइप भी उनकी निशानदेही पर बरामद कर लिया गया है। साथ ही घटना प्रयुक्त उनकी दो मोटर साइकिलें जब्त की गयी हैं। पुलिस अधीक्षक ने जालौन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कुलदीप कुमार तिवारी, एओजी प्रभारी अर्जुन सिंह, सर्विलांस प्रभारी योगेश पाठक और उनकी टीमों को इस अनावरण के लिये शाबाशी दी है।  

नकली नोट चलाने वाले गैंग का भंडाफोड़

नकली नोट चलाने वाले गैंग का भंडाफोड़

आधी कीमत पर बेचते हैं नकली नोट। नकली करेंसी की बड़ी खेप लेकर जाने की फिराक में थे राजस्थान। पुलिस ने 50 सीसीटीवी कैमरों को खंगाल कर आरोपियों को पहचाना।

बिजनौर। उत्तराखंड की रायपुर थाना पुलिस ने मंडावर जिला बिजनौर के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर नकली नोट चलाने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। उनके कब्जे से नौ हजार रुपए के नकली नोट बरामद हुए हैं। आरोपी नकली नोट आधी कीमत पर बेच रहे थे। आरोपियों के पास से मिले नकली नोट 500 रुपए के हैं।

रायपुर थाना के दरोगा राजीव धारीवाल ने मुखबिर की सूचना पर टीम संग रायपुर स्थित शराब ठेके के पास पहुंच कर जाल बिछा दिया। शक के आधार पर दो युवकों से पूछताछ की तो वे हड़बड़ा गए। इस पर पुलिस ने उनकी जामा तलाशी ली। आरोपियों के कब्जे से 500 रुपए वाले कुल नौ हजार कीमत के नकली नोट मिले। आरोपी कुछ संदिग्धों से संपर्क कर उन्हें नोट देने आए थे। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को उन्होंने नकली नोट दे भी दिए थे।

दरोगा राजीव धारीवाल ने बताया कि नकली नोट बेचने के आरोप में अवनीत कुमार (30) निवासी खानपुर माधौ मंडावर और विनय कुमार (23) निवासी रतनपुर मंडावर जिला बिजनौर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ नकली नोट के अवैध कारोबार को लेकर केस दर्ज किया गया है। आरोपी नकली नोट उस पर दर्ज कीमत से आधे के असली नोट लेकर बेच रहे थे।

नोएडा का है मास्टरमाइंड: पूछताछ में पता चला कि नोएडा सेक्टर~22 से केशव नाम का व्यक्ति ₹500 के असली नोट के बदले 4 नोट 500 रुपए के नकली के हिसाब से देता है। अभी तक दोनों ही अभियुक्तों ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई स्थानों में हजारों रुपए के नकली नोट बाजार में चलाए है। पुलिस की पकड़ में आने से पहले दोनों ही आरोपी नकली करेंसी की एक बड़ी खेप लेकर राजस्थान जाने की फिराक में थे। उससे पहले उनको देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मास्टरमाइंड केशव का पूरे उत्तर भारत में जाली नोटों का धंधा है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।

आरोपियों की पहचान को खंगाले 50 सीसीटीवी कैमरे: पुलिस के अनुसार पिछले कुछ दिनों से देहरादून के अलग-अलग इलाकों में नकली नोट चलाने वाले गिरोह की शिकायत मिल रही थी। जिन इलाकों के बाजारों में नकली नोट चलाने की शिकायत मिली थाना रायपुर पुलिस ने वहां के लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तब दो संदिग्धों की पहचान हो सकी।

सोशल मीडिया से मिली जानकारी: आरोपी अवनीत कुमार ने पूछताछ में बताया कि काफी समय से बीमार पत्नी के इलाज में बहुत रुपए खर्च हो गए। इस बीच उसे सोशल मीडिया के माध्यम से नकली करेंसी चलाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड केशव का पता चला। यहीं से मन में लालच आया और फिर वह उससे मिला। इसके बाद अवनीत अपने साथी विनय के साथ मिलकर केशव से असली नोटों के बदले नकली नोटों की छोटी-छोटी खेप मार्केट में चलाने लगा।   

लगातार शिकायत, फिर भी नहीं हुआ “सम्पूर्ण समाधान”

बिजनौर। विद्युत विभाग के अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते चार साल पहले कागजों पर कनेक्शन कटे दो नलकूप अब भी लगातार पानी उगल रहे हैं। वास्तव में इसे लापरवाही की पराकाष्ठा ही कहा जाएगा कि विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश व निर्देश का पालन कराने में कनिष्ठ अधिकारी कर्मचारी फेल साबित हो गए।

दअरसल दो भाइयों ने 15 जुलाई 2016 को 7.5 हॉर्स पावर के दो अलग निजी नलकूप फर्जी तरीके से लगवा लिए। जिस गांव की जमीन के कागजात के आधार पर कनेक्शन स्वीकृत हुए, नलकूप वहां न लगवा कर दूसरे गांव में, वो भी दूसरे की जमीन पर लगा लिए। एक साल बाद शिकायत हुई तो जांच के आदेश कछुआ चाल से चलते रहे। चार साल पहले दोनों नलकूपों के कनेक्शन काटे गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! दोनों ही कनेक्शन आज भी बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। विभागीय आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। इनके द्वारा खपत की जा रही बिजली के बिल की भरपाई कौन करेगा? मामले की शिकायत तहसील दिवस में की गई है।

सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर की शिकायत~ जानकारी के अनुसार 04 दिसंबर 2017 को ग्राम सदूपुरा निवासी सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम फरीदपुर सल्लू स्थित 100 बीघा जमीन में से 48 बीघा का बैनामा कराया था। दाखिल खारिज की कार्रवाई के दौरान रफीक अहमद पुत्र अब्दुल हमीद, नफीस अहमद पुत्रगण अब्दुल हमीद अहमद निवासी ग्राम सद्पुरा ने एतराज किया, जिसका मुकदमा रेवन्यु बोर्ड तक चला। हालांकि बाद में दाखिल खारिज भी हो गया। सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त की शिकायत के अनुसार उक्त दोनों ने बिजली स्वीकृत कराई ग्राम सदुपुरा की जमीन के लिए जबकि जिस जमीन पर प्रार्थी के बोरिंग में नलकूप लगाया, वह फरीदपुर सल्लु में है। इस प्रकार रफीक अहमद व नफीस अहमद ने जालसाजी, हेराफेरी व झूठा शपथ पत्र देकर बिजली कनेक्शन ले लिया ताकि प्रार्थी की जमीन पर मालिकाना हक जाहिर कर सके। सरकारी विभागों में प्रार्थना पत्र घूमता रहा। फिर 03 फरवरी 2018 को उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर जसवीर सिंह ने 33/11 केवी उपकेंद्र गंज के अवर अभियंता बहराम सिंह को उक्त दोनों कनेक्शन गलत स्थान पर संचालित होने की जानकारी देते हुए अविलंब उतारने और अवगत कराने के निर्देश दिए।

तीन दिन में मांगी थी रिपोर्ट~ इसके बाद विद्युत वितरण खण्ड बिजनौर के तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता किताब सिंह ने 09 अप्रैल 2018 को निजी नलकूप संख्या 225/5027/130124 के लिए रफीक अहमद व निजी नलकूप संख्या 225/5027/130125 के लिए नफीस अहमद पुत्रगण हमीद निवासी ग्राम सदूपुरा बिजनौर को नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि उनके द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2016 को सामान्य योजना के अन्तर्गत 7.5 हॉर्स पावर के उक्त दो निजी नलकूप हेतु अनुबन्ध किया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर जांच में पाया गया कि उनके द्वारा फर्द ग्राम सदुपुरा की लगायी गयी है जबकि निजी नलकूप ग्राम फरीदपुर सल्लू में स्थापित किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा विभाग को गुमराह करके संयोजन प्राप्त किया गया है। यह भी कहा कि पत्र प्राप्ति के 03 दिन के अन्दर स्पष्ट करें कि उनके द्वारा गलत फर्द क्यों लगायी गयी हैं,अन्यथा उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए संयोजन निरस्त कर दिया जायेगा।

अधिशासी अभियंता के निर्देश ताक पर~ 17 मई 2018 को तत्कालीन अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल ने उक्त दोनों कनेक्शन काटने के संबंध में कार्यालय से पत्र जारी किया। उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर को उक्त दोनों कनेक्शन काटने और नलकूप की समस्त सामग्री उतारकर विभागीय भंडार गृह में जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल बिजनौर के साथ ही उक्त दोनों कनेक्शन धारकों को भी इसकी एक प्रति सूचनार्थ भेजी। अब किसी प्रकार दोनों नलकूपों के कनेक्शन कट तो गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! असलियत में दोनों ही कनेक्शन आज तक बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। आज तक अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल के आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। एक बात और विचारणीय है कि तकरीबन चार साल से जिन दो निजी नलकूप का कनेक्शन कथित रूप से कटा हुआ है, उनके द्वारा खपत की गई बिजली के बिल का भुगतान कौन और कब करेगा? साथ ही विभाग के राजस्व की भरपाई कौन करेगा?

दोनों ही भाइयों के खिलाफ दर्ज हैं कई केस- उक्त दोनों ही भाई शातिर किस्म के बताए जाते हैं। उनके खिलाफ वर्ष 1987 से लेकर 2019 तक कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, जान से मारने की धमकी, फ्राड आदि के थाना शहर कोतवाली में आठ व थाना स्योहारा में एक मुकदमा शामिल है।

SDO ने भी माना… सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायत को सुन कर एसडीओ विद्युत वितरण खंड प्रथम बिजनौर प्रदीप कुमार ने 27 मई 2022 की निस्तारण रिपोर्ट में बताया था कि एसडीओ विद्युत वितरण खंड द्वितीय, बिजनौर सचिन रस्तोगी द्वारा 25 मई 2022 को दी गई जांच आख्या के अनुसार 7.5-7.5 हार्सपावर के उक्त दोनों ट्यूबवेल संचालित हैं और करीब पांच वर्ष पूर्व डिस्मेंटल किए जाने के आदेश के बावजूद बिजली चोरी कर ये ट्यूबवेल चलाए जा रहे हैं।

पुलिस की ओर से नहीं दी जा रही सुरक्षा? 27 मई 2022 और 18 अगस्त 2022 को पीड़ित द्वारा समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया। दोनों बार ही विद्युत विभाग के अधिकारियों ने पुलिस तथा प्रशासन से उक्त मामले में सहयोग मांगा। आरोप है कि एक बार भी सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। अब पीड़ित ने एक बार फिर समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है।

बिजनौर में पीईटी परीक्षा में दबोचे गए सॉल्वर गैंग के दो सदस्य

बिजनौर में पीईटी परीक्षा में दबोचे गए सॉल्वर गैंग के दो सदस्य। मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं अफसर। मामला सामने आने पर  प्रशासन के फूल हाथ-पांव।

बिजनौर। पीईटी परीक्षा में सॉल्वर गैंग के दो सदस्यों को पकड़ा गया है। मामला सामने आने पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। देर रात तक थाना कोतवाली शहर में पुलिस और प्रशासन सॉल्वर गैंग के सदस्यों से पूछताछ में जुटी है। अफसर मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

शनिवार को बैराज रोड स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक में पीईटी की परीक्षा थी। दूसरी पाली की परीक्षा शुरू होने से पूर्व अभ्यर्थियों को प्रवेश कराया जा रहा था। इसी बीच एक अभ्यर्थी पर शक होने पर प्रवेश करने से रोक दिया। गहनता से जांच करने पर पता चला कि पकड़ा गया युवक अभ्यर्थी नहीं बल्कि सॉल्वर गैंग का सदस्य है। वह अभ्यर्थी की जगह उसके नाम पर परीक्षा देने आया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके एक साथी को दबोच लिया।

एक लाख रुपए में हुआ था सौदा: शहर कोतवाल रविंद्र वशिष्ठ ने बताया कि बुलंदशहर निवासी ब्रिजेश प्रकाश पुत्र चमन प्रकाश की पीईटी की परीक्षा थी। मेरठ के हस्तिनापुर निवासी विवेक राठी पुत्र हरेंद्र राठी के माध्यम से बिहार के जिला पटना के गांव व थाना मुकामा निवासी विशाल पुत्र ओमप्रकाश को परीक्षा में बैठने लाया गया था। विशाल शनिवार को ब्रिजेश के प्रवेश पत्र पर परीक्षा देने आया था। इस दौरान वह धरा गया। विशाल और विवेक राठी को हिरासत में ले लिया गया है। ब्रिजेश की तलाश की जा रही है। पुलिस टीमें दोनों से पूछताछ कर रही है। अभी तक जानकारी में आया है कि एक लाख रुपए में पीईटी परीक्षा में बैठना तय हुआ था। एएसपी सिटी डा. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।

कड़े इंतजाम के बीच 20 केन्द्रों पर संपन्न हुई पीईटी परीक्षा

बिजनौर। जिला प्रशासन के कड़े इंतजाम के बीच जिले में बीस केंद्रों पर पीईटी परीक्षा संपन्न कराई गई। दूसरी पाली में एक सॉल्वर गैंग का सदस्य और उसका सहयोगी पकड़े जाने के अतिरिक्त परीक्षा सकुशल संपन्न हो गई।

जिले में शनिवार को हुई परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने पहले ही तैयारी कर ली थी। परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण किए गए थे। जिले में शनिवार को आरजेपी इंटर कॉलेज, जीजीआईसी, वर्धमान डिग्री कॉलेज, आरबीडी, राजकीय पॉलिटेक्निक, कृष्णा कॉलेज आदि 20 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू हुई। पहली पाली की परीक्षा 10 बजे से 12 बजे तक हुई। आधा घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र के दरवाजे बंद हो गए थे। सभी परीक्षार्थियों की तलाशी लेकर उन्हें परीक्षा देने के लिए प्रवेश दिया गया। डीएम से लेकर एसपी आदि प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट आदि पूरी तरह नजर बनाकर रखे हुए थे। परीक्षा को संपन्न कराने के लिए 20 केंद्र व्यवस्थापक बनाए गए थे। परीक्षा देने के लिए सुबह 8 बजे से ही परीक्षा केंद्रों के आसपास परीक्षार्थी पहुंचने लगे थे। जिले से रोडवेज की बस बिजनौर के परीक्षार्थियों को लेकर मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली आदि के लिए समय पर रवाना हुई। दूसरी पाली की परीक्षा में भी कमोवेश यही हालात रहे।

जाम के हवाले रहा शहर

पीईटी परीक्षा के चलते दिनभर शहर जाम के हवाले रहा। परीक्षार्थियों की भीड़ के चलते रोडवेज और प्राइवेट वाहनों में भारी धक्कामुक्की देखने को मिली। देर शाम तक ट्रैफिक पुलिस जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करती दिखी।

चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, 15 दोपहिया वाहन बरामद

चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, 15 दोपहिया वाहन बरामद। चकमा देने को साथ रखते हैं 14 वर्षीय बालक।

बिजनौर। नगीना पुलिस ने अन्तर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चोरी के 15 दोपहिया वाहन तथा चार अवैध शस्त्रों सहित चार शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है।

मुखबिर की सूचना पर नगीना पुलिस ने नगीना-रायपुर मार्ग पर 11 अक्टूबर की मध्य रात्रि वाहन चैकिग के दौरान घेराबंदी कर मोंटी उर्फ सरजीत सिंह पुत्र वेद निवासी ग्राम शेखपुरी चौहड़ थाना चांदपुर, अंकित पुत्र पीतम सिंह निवासी ग्राम सिकरोडा नवादा थाना मंडावली, नेमीशरण उर्फ सुक्के पुत्र कैलाश सिंह एवं लक्की पुत्र नरेंद्र कश्यप निवासी ग्राम बघाला थाना नगीना को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे व निशानदेही पर चोरी की 03 बाइक, 04 अवैध तमंचे मय 04 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। उनके साथी बाल अपचारी (उम्र 14 वर्ष) को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। उनकी निशानदेही पर 12 अन्य दुपहिया वाहन नगीना नहटौर मार्ग पर स्थित अभियुक्त नेमिशरण के होटल के पीछे स्थित गन्ने के खेत से बरामद किये गये।

अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि सभी मिलकर नगीना तथा जनपद के अन्य थाना क्षेत्रों व जनपदों तथा सीमायती राज्यों से दोपहिया वाहन चोरी करते हैं तथा उनके नंबर प्लेट बदल देते हैं। यह भी बताया कि उनके चेसिस नंबर खुर्द-बुर्द कर देते हैं या फिर उनकी नंबर प्लेटो से कुछ नंबर बदल देते हैं। पकड़े जाने के डर से साथी बाल अपचारी को अपने साथ रखते हैं, जिस पर कोई शक नहीं करता है। इन्होंने नजीबाबाद, धामपुर, अमरोहा तथा हरिद्वार आदि जगहों से भी बाइक चोरी की हैं। बरामद अन्य बाइकों के संबंध में जानकारी की जा रही है। अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी हैं, इनके विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी।

बीएलओ ने एसडीएम को दी देख लेने की धमकी

लापरवाह बीएलओ ने दी एसडीएम को देख लेने की धमकी, रिकॉर्डिंग हुई वायरल। मतदाता कार्य में रुचि न लेने पर एसडीएम किशनी ने बीएलओ को किया था फोन। एसडीएम के मतदाता पुनरीक्षण कार्य में रुचि न लेने की बात कहने पर भड़का बीएलओ। बीएलओ ने एसडीएम को जमकर दी धमकी, कार्रवाई करने पर एसडीएम को अंजाम भुगतने की दी चेतावनी। बीएलओ का नाम पवन कुमार बताया जा रहा है।

मैनपुरी। एसडीएम किशनी राम नारायण को बीएलओ द्वारा धमकी देने की ऑडियो वायरल हुई है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी ने बीएलओ को निलंबित करने के साथ ही जांच शुरू करा दी है।

दरअसल एसडीएम किशनी राम नारायण ने बीएलओ पवन कुमार को मतदाता पुनरीक्षण कार्य में प्रगति जानने के लिए फोन किया था। बातचीत के दौरान एसडीएम ने मतदाता पुनरीक्षण कार्य में रुचि न लेने की बात कह दी तो बीएलओ भड़क उठा। बीएलओ ने एसडीएम को जमकर धमकी दी। यही नहीं कार्रवाई करने पर एसडीएम को अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दे डाली। पवन कुमार बीएलओ सहायक अध्यापक बताया गया है। दोनों के बीच की बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से बीएलओ पवन कुमार को निलंबित करने के साथ ही जांच शुरू करा दी है।

अपनों को ही चूना लगाकर परिवार समेत फंसे भाजपा नेता!

नेता जी ने अपनों को ही लगा दिया चूना! कोर्ट के आदेश पर नेता जी समेत परिवार के 6 सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

साभार~खबर प्रवाह

काशीपुर। फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन हड़पने के मामले में भाजपा नेता और रामलीला कमेटी के मंत्री अनूप अग्रवाल उनके भाइयों समेत परिवार की तीन महिलाओं के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला इनकी करीबी रिश्तेदार बताई जा रही है।

काशीपुर के चामुंडा विहार निवासी पुष्पा अग्रवाल पत्नी स्व. महेश कुमार अग्रवाल ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसके पति महेश कुमार अग्रवाल एवं केशव शरण अग्रवाल दोनों सगे भाई एक ही परिवार के सदस्य थे। उसके पति का लगभग 11 वर्ष पूर्व स्वर्गवास हो चुका है। केशव शरण अग्रवाल उसके पति के सगे बड़े भाई थे जो कि समाज के एक प्रभावशाली व्यक्ति रहे हैं। उनका स्वर्गवास 29 सितंबर 2021 को हो गया। स्व. केशव शरण अग्रवाल घर के बड़े कार्यकर्ता थे तथा परिवार में उनका दबदबा रहता था। परिवार का प्रबन्धन केशव शरण किया करते थे। उसके पति 4.9020 हेक्टेयर भूमि ग्राम कचनाल गुसाई के सहखातेदार काबिज चले आते रहे हैं। उनकी मृत्यु के पश्चात पीड़िता उक्त भूमि के सहखातेदार होती है। 20 जून 2021 को वह (पुष्पा अग्रवाल) अपनी जमीन को बेचने हेतु खतौनी आदि कागजात लेने तहसील गई। तब पता चला कि उसके हिस्से की शेष सात एकड़ भूमि फर्जी तरीके से अपने पुत्र एवं पुत्रवधुओं के नाम बिना उसके पति स्व. महेशचन्द्र अग्रवाल की राय से उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा करके तथा स्वयं एवं अपनी पत्नी उर्मिला अग्रवाल को गवाह के रूप में खड़ा करके उक्त भूमि को अलग अलग ग्यारह बैनामे रजिस्टर्ड करवा कर अपने नाम करवा लिये। रजिस्ट्रार कार्यालय से अपने अधिवक्ता के माध्यम से उक्त बैनामों की खोजबीन करवाई तो 26 जून 2021 को उक्त बैनामे की प्रतिलिपियां प्राप्त हुई। सभी बैनामों पर अभियुक्तों ने हमसाज होकर उसके पति की सम्पत्ति को हड़पने के इरादे से फर्जी हस्ताक्षर एवं अंगूठे लगाकर बैनामे करवाये हैं। उक्त बैनामों से सर्किल रेट से कहीं कम कीमत दर्शायी गई है तथा आबादी की भूमि को खेती की भूमि दर्शाया गया है, जिससे सरकारी स्टाम्प की चोरी भी किया जाना दर्शाता है। अभियुक्त अजय अग्रवाल, अनूप अग्रवाल (भाजपा नेता और रामलीला कमेटी के मंत्री) पुत्रगण स्वर्गीय केशव शरण अग्रवाल, प्रीति अग्रवाल पत्नी अजय अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल पत्नी अतुल अग्रवाल, उर्मिला अग्रवाल पत्नी केशव शरण अग्रवाल, अतुल अग्रवाल पुत्र स्वर्गीय केशव शरण अग्रवाल ने हमसाज होकर बैनामे करवाए हैं। बैनामों में किसी भी स्वतंत्र साक्षी के हस्ताक्षर नहीं कराए गए। इससे यह स्पष्ट है कि अभियुक्तगण ने उक्त बैनामे, उसके पति के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा करके निष्पादित करवा लिये हैं। पीड़िता ने इस मामले में 18 अगस्त 2021 को काशीपुर पुलिस को तहरीर दी। इसके बाद 10 सितंबर 2021 को एक प्रार्थना पत्र एसएसपी तथा अन्य पुलिस अधिकारियों को दिया गया, किन्तु पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके बाद पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए कोतवाली पुलिस को इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

चांदपुर पुलिस के हत्थे चढ़े 3 शातिर चोर

चांदपुर पुलिस ने किया शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश। चोरी के 31 मोबाइल फोन,7 बैटरी, चोरी के तार, आभूषण व अवैध शस्त्र बराम

बिजनौर। पुलिस ने तीन शातिर चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। उनके कब्जे से चोरी के 31 मोबाइल फोन,7 बैटरी, चोरी के तार, आभूषण व अवैध शस्त्र बरामद किए गए हैं। जनपद बिजनौर के थाना चांदपुर क्षेत्र में शातिर चोर चोरी की घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो जाते थे। मंगलवार को स्वाट/सर्विलांस टीम व थाना चांदपुर पुलिस ने शातिर चोर गैंग गिरोह का भंडाफोड़ किया।

एसपी ग्रामीण राम अर्ज ने पुलिस लाइंस में प्रेस वार्ता कर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अभियुक्त गुलजार, रामपाल, अजय सैनी को चोरी के 31 मोबाइल फोन, 07 बैट्री, चोरी के तार, आभूषण व अवैध शस्त्रों सहित गिरफ्तार किया गया है। प्रेस कांफ्रेंस में सीओ चांदपुर सुनीता दहिया तथा इंस्पेक्टर भी मौजूद थे।

छुट्टा घूम रहे हैं इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी!

छुट्टा घूम रहे हैं इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी। राजनैतिक आका की शरण में पहुंचे हमलावर। बिजनौर के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में हुई थी वारदात। पेट्रोल पंप के सामने की थी युवक की जान लेने की कोशिश। हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को भी जमकर पीटा। गांव के ही एक युवक पर है मुखबिरी का शक। 

बिजनौर। पुलिस की हीलाहवाली के चलते जिला मुख्यालय के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी छुट्टा घूम रहे हैं। राजनैतिक आका की शरण में पहुंचने के बाद जहां हमलावर अपने बुलंद हौसलों के साथ किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं, वहीं पुलिस भी हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

14 सितंबर को कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने महावीर स्कूल व पेट्रोल पंप के बाहर दिल्ली से आए युवक की जान लेने की कोशिश की गई। युवक जन्मदिन मनाने अपने घर आया हुआ है। कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। थाना शहर कोतवाली पुलिस ने घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

जानकारी के अनुसार दिल्ली में रहकर इंटीरियर डेकोरेशन का काम करने वाला सजल कुमार 14 सितंबर को जन्मदिन होने के कारण अपने घर ग्राम कम्भौर आया हुआ था। सजल ने अपने मित्रों को बर्थडे पार्टी के तौर पर कुल्फी खिलाने के लिए सिविल लाइंस प्रथम स्थित महावीर स्कूल व पेट्रोल पम्प (कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने) बुलाया। इसी दौरान कम्भौर के ही एक युवक ने सजल से बातचीत की और मोबाइल फोन पर किसी से बात करने लगा। कुछ ही देर में जमालपुर, चौकपुरी व छोइया नंगली निवासी कुछ युवक अपने 5-6 साथियों के साथ वहां पहुंचे और सजल को और जान से मारने की नीयत से मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर आराम से फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। वहीं पेट्रोल पंप व अन्य सीसीटीवी कैमरों में घटना कैद हो गई है। यही नहीं उक्त वारदात को अंजाम देने के कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। पुलिस को दी गई तहरीर में शुभम निवासी जमालपुर, मयंक चौधरी निवासी चौकपुरी व तरुण चौधरी निवासी छोइया नंगली व 5-6 अन्य अज्ञात पर घटनाओं का आरोप लगाया गया। सूचना पर थाना शहर कोतवाली पुलिस ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह अब भी बरकरार है।

रहस्यमई महिला पुलिस कांस्टेबल: जानकारों का कहना है कि घटना के वक्त मौजूद एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। इसके बावजूद उसने अब तक थाना चौकी पुलिस को घटना की बाबत कोई जानकारी नहीं दी ही।

राजनैतिक आका का हमलावरों को अभयदान: सूत्रों का कहना है कि मामले में राजनैतिक आका ने हमलावरों को अभयदान दे दिया है। उन्हें पूरा विश्वास दिलाया गया है कि पुलिस कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती। इसलिए वे अब और भी ज्यादा खूंखार होकर नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में शिकार की तलाश कर रहे हैं। वैसे राजनैतिक आका भी कृष्ण जन्म भूमि में अंदर बाहर के खेल से बखूबी परिचित हैं।

अब बच्चों से दूर ही रखें जॉनसन बेबी पाउडर!

जॉनसन बेबी पाउडर का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द

मुंबई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित ‘जॉनसन बेबी पाउडर’ कॉस्मेटिक्स का लाइसेंस 15 सितंबर, 2022 से स्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है।


जानकारी के अनुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नासिक और पुणे के औषधि निरीक्षकों ने परीक्षण के लिए नमूने लिए थे। सरकारी विश्लेषक, ड्रग कंट्रोल लेबोरेटरी, मुंबई द्वारा बेबी पाउडर उत्पाद को घटिया घोषित किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।


नवजात शिशुओं और बच्चों की त्वचा को नुकसान पहुंचने की संभावना: ‘जॉनसन बेबी पाउडर’ मुख्य रूप से नवजात शिशुओं के लिए प्रयोग किया जाता है। उपरोक्त निर्माण विधि में दोषों के कारण उक्त उत्पाद का पीएच प्रमाणित मानक के अनुसार नहीं है। इसके इस्तेमाल से नवजात शिशुओं और बच्चों की त्वचा को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है, इसलिए जनहित में इस उत्पादन को जारी रखना उचित नहीं होगा, इसलिए मुलुंड, मुंबई में विनिर्माण संयंत्र का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।


कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था कि उपरोक्त असत्यापित घोषित पैटर्न के अनुसार संगठन का लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए? या उक्त लाइसेंस के तहत स्वीकृत सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण लाइसेंस को निलंबित क्यों नहीं करते? इस संबंध में संगठन को इस उत्पाद के स्टॉक को बाजार से वापस बुलाने का भी निर्देश दिया गया था। चूंकि उपरोक्त नमूने के लिए प्राप्त सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया गया था, संस्थान ने दवा प्रयोगशाला द्वारा पुन: परीक्षण के लिए नासिक और पुणे की अदालतों में आवेदन किया था।


…और तब की गई कार्रवाई: खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मुंबई के संयुक्त आयुक्त गौरी शंकर ब्याले के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला, कोलकाता के निदेशक ने केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला से उक्त पुन: जांच के नमूनों का परीक्षण करने के बाद रिपोर्ट को असत्यापित घोषित करने के बाद लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की गई।

प्रशासनिक मशीनरी के दांवपेंच में फंसा कर्मचारी

बिजनौर। जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय मुरादाबाद में तैनात एक वरिष्ठ कर्मचारी प्रशासनिक मशीनरी के दांवपेंच के बीच फंस कर रह गया है। पैरालिसिस से पीडित उक्त कर्मचारी को प्रशासनिक आधार पर बिजनौर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। तमाम सरकारी शासनादेशों का हवाला देते हुए कर्मचारी भी अपने स्थानांतरण को रद्द करवाने की कवायद करते हुए थक गया, लेकिन बिजनौर के जिला उद्यान अधिकारी ने रिलीव नहीं किया। लगातार उत्पीड़न से तंग कर्मचारी को समझ में नहीं आ रहा कि आखिर किस दर पर लगाए गुहार!

जानकारी के अनुसार जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय मुरादाबाद में तैनात उर्दू अनुवादक सह वरिष्ठ लिपिक वसीम अहमद के विरूद्ध कौसर अली पुत्र कल्लन, मौ० आरिफ पुत्र मकसूद हुसैन व अजीमुश्शान पुत्र जिलेहसन निवासीगण जनपद मुरादाबाद द्वारा मुखामंत्री सहित अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई थी। इस पर वसीम अहमद से दिनांक 4-4-2022 को द्वारा जिला उद्यान अधिकारी, मुरादाबाद के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया था। मुरादाबाद मंडल के उप निदेशक उद्यान एसके गुप्ता द्वारा 30 जून 2022 को कहा गया कि संबंधित से मांगे गए स्पष्टीकरण का कोई संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर एवं उच्चाधिकारियों द्वारा वसीम अहमद की कार्यशैली शासकीय नियमावली के प्राविधानों के अनुकूल न रहने पर अन्यत्र स्थानान्तरण किये जाने के दिये गये निर्देशों के क्रम में वसीम अहमद का स्थानान्तरण प्रशासनिक आधार पर जिला उद्यान अधिकारी बिजनौर कार्यालय के लिए कर दिया गया। पत्र में कहा गया कि श्री अहमद का वेतन अग्रिम आदेशों तक यथावत जिला उद्यान अधिकारी मुरादाबाद द्वारा वेतन मांग पत्र के आधार पर आहरित किया जायेगा। जिला उद्यान अधिकारी, मुरादाबाद वसीम अहमद को नवीन तैनाती स्थान पर योगदान करने हेतु तत्काल कार्यमुक्त करें। बताया गया है कि उप निदेशक उद्यान मुरादाबाद द्वारा हरजीत नाम के अपने खास सिपहसालार की बातों में आकर अधीनस्थ कर्मचारियों के स्पष्टीकरण की सत्यता को दरकिनार कर उनकी सत्यनिष्ठा एवं कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाकर उत्पीड़ित किया जाता है।

उधर संबंधित उर्दू अनुवादक वसीम अहमद ने 04 जुलाई 2022 को मुरादाबाद के आयुक्त व जिलाधकारी को पूर्व के शासनादेशों का हवाला देते हुए एक पत्र लिखा। इसमें आरोप लगाया कि निदेशक उद्यान मुरादाबाद मण्डल, मुरादाबाद द्वारा उनका स्थानान्तरण जनपद बिजनौर को दिनांक 30 जून 2022 द्वारा किया गया है, जो कि देश के तथा मेरे हित में है। वर्तमान में वह पैरालिसिस से पीडित हैं। उनका इलाज मुरादाबाद में ही राजकीय चिकित्सक डॉ योगेश कुमार से काफी समय से चल रहा है। मुझे चलने-फिरने में कठिनाई  होती है तथा वर्तमान में मेरा दाँया हाथ भी सही से चल नहीं पा रहा है। वह इस उत्पीड़न से काफी समय से ग्रस्त चल रहै हैं। वसीम अहमद ने अधिकारी द्वय से उनकी परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए स्थानान्तरण निरस्त करने की गुहार लगाई। इस पर 04 जुलाई 2022 को अपर आयुक्त (प्रशासन) मुरादाबाद मंडल ने जिलाधकारी को नियमानुसार कार्यवाही करने की लिखा। वहीं अपर जिलाधकारी (प्रशासन) ने 06 जुलाई 2022 को संज्ञान में लिया। 

क्या है शासनादेश!- निदेशालय उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण उत्तर प्रदेश, उद्यान भवन लखनऊ द्वारा दिनांक 13 मई 2022 को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ०प्र० के अन्तर्गत निदेशालय एवं फील्ड में से सम्बद्ध अन्यत्र सम्बद्ध अधिकारी / कर्मचारी की सम्बद्धता को निरस्त करते हुए उन्हें उनकी मूल तेनाली स्थान पर कार्य किये जाने हेतु आदेशित किया गया है। इस पर 23 मई 2022 को निदेशक आरके तोमर ने आदेश पारित कर निदेशालय तथा मण्डल स्तर से लिपिक संवर्ग में पूर्व में अन्यत्र कार्यालय / जनपद में सम्बद्ध किये गये समस्त कर्मचारियों की सम्बद्धता तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए उन्हें उनकी मूल मैनाली स्थान पर कार्य किये जाने हेतु आदेशित किया। साथ ही कहा कि उपरोक्त आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कृत कार्यवाही की आख्या यथाशीघ्र निदेशालय को उपलब्ध कराई जाए।

विभागीय वेबसाइट पर पड़े हैं रॉन्ग नंबर? इस संबंध में उपनिदेशक एस के गुप्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया,किंतु विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो दोनों नंबर किसी महिला द्वारा उठाकर रॉन्ग नंबर कहा गया कहा गया। इसके बाद उद्यान अधिकारी बिजनौर जितेंद्र कुमार द्वारा जो नंबर उपलब्ध कराया गया, उस पर बात करने की कोशिश की गई वह मोबाइल नंबर भी किसी महिला द्वारा ही उठाया गया तथा रॉन्ग नंबर बता दिया गया। 

बिजनौर डीएचओ ने दरकिनार कर दिया शासनादेश? आरोप है कि जिला उद्यान अधिकारी बिजनौर ने मुरादाबाद के संबद्ध कर्मचारी को रिलीव नहीं किया। दूसरी ओर तैनाती के समय से खाली बैठे कर्मचारियों को जुम्मा जुम्मा एक हफ्ता पहले उनके कार्य का बंटवारा कर दिया। विभाग में नियुक्त कर्मचारियों का काम अभी तक संविदा पर तैनात कर्मचारी से लिये जाने की सुगबुगाहट है। वहीं जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन किया गया है। कर्मचारी को पनिशमेंट के रूप में बिजनौर भेजा गया है। 

कोतवाल से मिलकर पत्रकार को फंसाने की रची जा रही साजिश?

वादी पर फैसले का दबाव बनाने और जेल जाने से बचने के लिए आरोपी दे रहे साजिश को अंजाम। रुपयों के अदाईगी की वीडियो का सहारा लेना पड़ेगा भारी। आरोपियों को न्यायालय से जमानत कराने के लिए 14 सितंबर को होना होगा हाजिर।

बिजनौर। बेकरी का बडा झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी व हड़पने के मामले में न्यायालय नगीना में हुई आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट के बाद, अब आरोपीगण कोतवाल से मिलकर पीड़ित/वादी मुकदमा के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने की चर्चा आम हो गयी है। कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कस्बा कोटरा निवासी खुर्शीद, फखरे, साजिद, वाजिद,व इरफान पर लाखों रुपए के गबन, मारपीट व साजिश रचना आदि कई संगीन धाराए हैं, जबकि इनके एक भाई नजमुल ने चैक बाउंस के मामले में  27 जुलाई को अपनी जमानत कराई है।

बताया गया है कि क्षेत्र के कस्बा कोटरा निवासी नजमुल आलम व उसकी पत्नी अकलिमा ने वर्ष 2018 में पुणे में एक बड़ी बेकरी का झांसा देकर नगीना निवासी पत्रकार नौशाद अंसारी से 35 लाख रु ले लिए और विश्वास दिलाने के लिए नोटरी एग्रीमेंट भी हुए थे। पीडित ने लोन के रुपयों में से इन्हें भुगतान किया था। नजमुल के अन्य भाइयों खुर्शीद, फखरे, साजिद व वाजिद ने अपने भाई नजमुल व भाभी अकलिमा पर बकाया रकम को वापस करते हुए नगीना के नई बस्ती फुलवाड में स्थित एक मदरसे में दिनांक 26-09-2019 को 30 लाख रु की रकम लौटा दी। इस रकम के लौटाते समय सबूत के तौर पर दोनों पक्षों की सहमति से एक वीडियो भी बनी, जिसमें खुर्शीद अपने भाई नजमुल का पैसा नौशाद को लौटाते दिख रहे हैं। इतना ही नहीं रकम अदाईगी की तहरीर भी हुई थी। उधर नजमुल के भाईयों खुर्शीद, फकरे, साजिद व वाजिद ने फिर नौशाद को अपने झांसे में लेकर मजबूरी बताते हुए 35 लाख रु ले लिये और एक लिखित तहरीर नोटेरी के द्वारा भी हो गयी। खुर्शीद, फकरे, साजिद व वाजिद ने जब पैसा समय पर अदा नहीं किया तो पीड़ित नौशाद ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के आदेश पर नगीना थाने में 21 अगस्त 021 को मु.अ.स. 309/021 धारा 120 बी 406, 392, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया था। क्राइम ब्रांच ने दर्ज कराए गए मुकदमे में खुर्शीद, फखरे, साजिद, वाजिद निवासी कस्बा कोटरा व इरफान पुत्र बाबू अंसारी निवासी ग्राम बैरमनगर नहटौर के खिलाफ जुर्म अंतर्गत धारा 406, 504, 323, 506, 120बी के आरोप पत्र संख्या 140/022 दाखिल न्यायालय कर दिया। न्यायालय ने सभी आरोपियों खुर्शीद, फकरे पुत्र इकबाल, साजिद, वाजिज पुत्र रफीक कस्बा कोटरा व इरफान पुत्र बाबू अंसारी बैरमनगर नहटौर को संज्ञान लेते हुए 29 अगस्त कि तारीख निर्धारित की और समन जारी कर दिए। नगीना पुलिस को समन मिलने के बाद भी सम्मनों की तामिल नहीं हुई। वर्तमान में 14 सितंबर की तारीख न्यायालय में लगी है। अब सभी आरोपियों ने जेल जाने के डर से वादी मुकदमा नौशाद अंसारी पर कोतवाल से मिलकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रची। इसके क्रम में आरोपियों ने अपने ही गांव के एक चहेते व्यक्ति वसीम को लालच देकर कोतवाल पर कोई बात न आए, झूठी कहानी रचकर न्यायालय में 156(3) में लाखों रुपए हडपने और घर पर जाकर रंगदारी मांगने का प्रार्थना पत्र दिलवा दिया। न्यायालय ने 31 अगस्त को मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। उधर मुकदमा दर्ज होने से पहले वादी वसीम ने राज खोलते हुए पूरी साजिश बता दी और 03 सितंबर को वादी वसीम ने शपथ पत्र देकर नोटेरी करा दिया कि, मेरे साथ कोई घटना नहीं हुई। चश्मदीद गवाह अनवर सलीम ने तो यहां तक शपथ पत्र में लिखकर दे दिया कि, वसीम ने जो यह मुकदमा लिखवाया है, वह झूठा और फर्जी है। मेरे सामने इस तरह की कोई घटना नहीं घटित हुई और मेरा नाम चश्मदीद गवाह के रुप मे वसीम ने झूठा लिखवा दिया है। गव़ाह वसीम का अनवर सलीम सगा चचेरा भाई है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने 05 सितंबर को मु.अ.स. 292/022 दर्ज किया। वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी में पूरा मामला आने के बाद उन्होंने वसीम के मुकदमा को नगीना से हटाकर क्राइम ब्रांच को निष्पक्ष जांच के निर्देश दे दिए। दोनो पत्रकार भाईयों नौशाद व शहजाद को जेल भेजने की साजिश को नाकाम होता देख कोतवाल प्रिंस शर्मा ने अब उन आरोपियों खुर्शीद, नजमुल, फकरे आदि पर अपना आशीर्वाद का हाथ रंख दिया, जिसमें इन सभी आरोपियों को 14 सितंबर तक न्यायालय में हाजिर होकर अपनी जमानत करानी है।

क्या है वीडियो प्रकरण का सच, रुपयों के अदाईगी की वीडियो पर उछल रहे हैं शातिर ठग…

आरोपी खुर्शीद, नजमुल, फखरे आदि उस वीडियो के आधार पर कोतवाल प्रिंस शर्मा के सहयोग से एक झूठा मुकदमा लिखाने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें नजमुल पर बकाया रुपए दिनांक 26 सितंबर 2019 में बनी सहमति के साथ वीडियो में यह खुद आरोपी 30 लाख रुपये बकाया नजमुल के देते नौशाद को दिख रहे हैं और उसी रकम की अदाएगी की एक तहरीर भी कराए हुए हैं जो नोटेरी एडवोकेट से प्रमाणित है। उधर न्यायालय में दाखिल चार्जशीट मु 309/ 021 में क्राइम ब्रांच ने कहा है कि नजमुल के भाइयों ने नजमुल पर बकाया वर्ष 2018 की तीस लाख रूपए की रकम वादी नौशाद को दिनांक 26-9-2019 को अदा की है। वर्ष 2019 में बनी पेसों के लेन देन की वीडियो के सहारे अब शातिर आरोपी खुर्शीद, फकरे, नजमुल आदि कोतवाल के सहयोग से दोनों पत्रकार भाईयों नौशाद व शहजाद पर झूठा केस बनाने की एक और कोशिश में लगे हुए हैं!

सपा नेता हड़प गया ₹ साढ़े चार लाख


जनपद रामपुर के सपा जिला सचिव ने रुपए लेकर नहीं किया दुकान का बैनामा। एक साल से पुलिस अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहा पीड़ित परिवार₹ साढ़े चार लाख हड़पने के बाद दे रहा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी।

रामपुर। जिले में समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और टांडा नगर पालिका परिषद के सभासद हाजी मोहम्मद जमील के बेटे मोहम्मद लईक का ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह पुलिस, प्रशासन और प्रयागराज तक धन बल के कारण खास संबंध होने की बात कर रहा है। सपा नेता हाजी मोहम्मद जमील और उसके सहयोगियों पर एक व्यक्ति की मां से करीब चाढ़े चार लाख रुपए हड़पने का आरोप है।


सपा नेता ने दुकान का नहीं किया बैनामा

टांडा निवासी मोहम्मद कफील ने बताया कि वह अखबार बांटने का काम करता है। उसकी मां से चार लाख तीस हजार रुपए सपा नेता हाजी मोहम्मद जमील व अन्य कुछ लोगों ने मिलकर हड़प लिए, जबकि इस रुपए से एक दुकान का बैनामा होना था, जो आज तक नहीं किया गया। साथ ही दुकान को किसी और को बेच दिया गया। उसके नाम भी बैनामा नहीं किया गया है।

फर्जी मुकदमे में फंसाने की दे रहे धमकी

मोहम्मद कफील और उसकी बूढ़ी मां मरियम पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर थक गई हैं। मोहम्मद कफील की बूढ़ी मां ने पुलिस अधीक्षक को भी इस संबंध में प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई है। इसका भी आज तक कोई हल नहीं निकल पाया। पीड़ित कफील ने कहा कि उसके मामले में भी लाखों रुपए हड़पने से लेकर आरोपी पक्ष को बचाने आदि में इसी सपा नेता एवं इनके दबंग बेटों की भूमिका है। यही नहीं सपा नेता के बेटे व इनके सहयोगी आएदिन उसे व उसकी बूढ़ी मां को फर्जी मुकदमे आदि में फंसाने की धमकियां देते रहते हैं।

मामला क्या है? गौरतलब है कि जनपद रामपुर नगर की महिला मरियम से दुकान विक्रय के नाम पर कुछ लोगों ने चार लाख तीस हजार की रकम हड़प ली। महिला ने मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर आरोपियों के खिलाफ उचित मांग करते हुए रकम लौटाए जाने की गुहार लगाई। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। मोहल्ला बरगद निवासी महिला का आरोप है कि एक दुकान उसके नाना ने अपनी आठ पुत्रियों के नाम रजिस्ट्री कराई थी। महिला का कहना है कि दो मौसियों ने अपने हिस्से का बैनामा उसके नाम रजिस्टर्ड करा दिया तथा एक मौसी ने स्वेच्छा से अपना हिस्सा मस्जिद को दान कर दिया था। बताया कि 12. 4 फिट चौड़ी दुकान को अलग-अलग हिस्सों में कैसे प्रयोग में लाया जाता। इसलिए कमेटी ने एक हिस्सा महिला को विक्रय कर दिया। साक्षी मोहम्मद रिजवान, रहमत अली व मोहम्मद अरशद की मौजूदगी में उस हिस्से की धनराशि 430000 मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली हाजी असगर अली और पूर्व मुतवल्ली हाजी अतीक व जमील मेंबर सपा नेता व रिफाकत अली ने महिला से कुल रकम प्राप्त कर ली।

बैंक मैनेजर के बहनोई ने की थी शिखा व बच्चे की हत्या

हत्यारोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने किया दोहरे हत्याकांड का खुलासा। पकड़े जाने के डर से साथी ने की गोली मारकर आत्महत्या।

बिजनौर/मेरठ। जनपद बिजनौर के जलीलपुर ब्लॉक स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर संदीप कुमार के बहनोई ने अपने साथी के साथ मिलकर गर्भवती शिखा व उसके 5 वर्षीय बेटे की हत्या की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके साथी रिश्तेदार ने पकड़े जाने के डर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, एसपी क्राइम अनित कुमार और एसपी देहात केशव कुमार ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि हस्तिनापुर में बैंक मैनेजर संदीप के बहनोई हरीश ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर उसकी गर्भवती पत्नी शिखा और 5 साल के बेटे रूकांश की हत्या को अंजाम दिया था। हरीश नोएडा के सेक्टर-51 में होशियारपुर की गली नंबर दो में रहता है और कैब चलाता है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि संदीप के भाई की शादी समारोह के दौरान चोरी की घटना हुई थी। चोरी का आरोप हरीश पर लगाया गया था। संदीप द्वारा हरीश को चोर कहने को लेकर वह रंजिश रखता था। इसी के चलते उसने अपने साले समेत पूरे परिवार की हत्या की साजिश रची। वारदात को अंजाम देने के लिए हरीश ने पिलखुवा के अहमदपुर नया गांव निवासी अपने रिश्तेदार रवि को साथ मिलाया था। इसके बाद दोनों ने हत्या को अंजाम दिया और घर से नगदी जेवर लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने हरीश को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने शिखा की स्कूटी को गाजियाबाद में निवाड़ी के पास नहर में फेंक दिया था, जो बरामद कर ली गई है।

फाइल फोटो।

दूसरे आरोपी ने की गोली मारकर आत्महत्या- हत्याकांड में शामिल रहे रवि ने पकड़े जाने के डर से अपने ही गांव के जंगल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार की सुबह रवि का गोली लगा शव पिलखुवा के जंगल में ट्यूबवेल के पास मिला। पुलिस के अनुसार, रवि ने आत्महत्या करने से पहले अपने भाई कहर सिंह को बताया कि उसने बड़ा अपराध कर दिया है, अब उसे आत्मग्लानि हो रही है। रवि के शव के पास से तमंचा बरामद हुआ है।

फाइल फोटो।

घटना कब हुई- सोमवार दोपहर 12:30 बजे बैंक मैनेजर संदीप की पत्नी शिखा अपने बेटे रूकांश को स्कूल से लेकर घर पर आईं थी। इसी दौरान हरीश पिलखुवा के अहमदपुर नया गांव निवासी बहनोई शेर सिंह के चचेरे भाई रवि के साथ संदीप के घर पहुंच गया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शिखा की स्कूटी से नोएडा भाग गए। शिखा के पिता श्रीपाल व पति संदीप ने हरीश पर हत्या का शक जताया था। पुलिस ने हरीश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सब कुछ उगल दिया। वहीं पोस्टमार्टम में शिखा के गर्भ से बच्चा पूरा निकला है। डाक्टरों का कहना है कि बच्चा पूरा हो चुका था, जल्द ही डिलीवरी होने वाली थी। उससे साफ है कि आरोपियों ने तीन हत्याएं कीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने अपने रिकार्ड में भी तीन हत्याएं दर्ज की हैं।

मनरेगा में भ्रष्टाचार की इंतेहा! होमगार्ड के नाम पर निकाला पैसा

उरई/जालौन। वैसे तो मोदी योगी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन की बात करती हैं लेकिन उन्हीं के मातहत सरकारी नुमाईंदे कागजों में काम कर करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े करने में मशगूल हैं। मनरेगा में तो इतना बड़ा घोटाला है कि सीबीआई और ईडी की ही जरूरत पड़ेगी, लेकिन इन शिकायतों पर किसी को कोई दिलचस्पी नहीं है। 

माधौगढ़ विकास खंड में मनरेगा के तहत करोड़ों रुपए के काम कागजों में दिखा कर निकाल लिये गए तो कहीं फ़र्ज़ी जॉबकार्ड भरकर वारे-न्यारे किये जा रहे हैं। आम जनता की शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया जाता है, या शिकायतकर्ता को इतना परेशान कर दिया जाता है कि वह थक हार कर शांत बैठ जाता है। मिर्जापुर गांव में ग्राम प्रधान मुनीम कुशवाहा द्वारा मनरेगा के आधे से ज़्यादा काम ट्रैक्टरों से करा कर 14 दिनों की मजदूरी होमगार्ड गंभीर जॉबकार्ड संख्या-2 और पीआरडी जवान दिनेश जॉब कार्ड संख्या-3 के जॉबकार्ड में दिखाकर भर दी। जब इसकी शिकायत पंचायत के वार्ड सदस्य अंकित सिंह ने की तो उसके ख़िलाफ़ फर्जी शिकायतें दर्ज कराई जाने लगी। ऐसे ही ग्राम असहना में सुदामा के खेत से मचकचा तक चकबन्ध निर्माण के नाम पर 9 लाख का भुगतान निकाल लिया गया। इस चकबन्ध में एक फावड़ा तक मजदूर ने नहीं डाला और भुगतान भी गांव से 16 किमी दूर अकबरपुरा के मजदूरों के नाम हो गया। पूरे फर्जीबाड़े में न वर्क इंचार्ज को अपनी नौकरी की चिंता न भुगतान प्रक्रिया में शामिल एपीओ, जेई या प्रमुख जिम्मेदार खंड विकास अधिकारी को। ऐसे में योगी सरकार इनके घर कब जमींदोज करेगी? इस बात का इंतजार आम जनता कर रही है। (साभार-जालौन टाइम्स)

डेढ़ हजार गोलियों समेत नशे के 2 सौदागर गिरफ्तार

स्योहारा पुलिस ने 1560 एलप्रो जॉम नशीली गोलियों के साथ दो लोगों को किया गिरफ्तार।

बिजनौर। नशे के खिलाफ स्योहारा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान का असर क्षेत्र में दिखने को मिल रहा है। आम लोग पुलिस को नशा सप्लाई करने वालों के बारे में सूचना दे रहे हैं और इसी जागरूकता अभियान के तहत मिली एक सूचना पर स्थानीय पुलिस ने दो लोगों को डेढ़ हजार नशीली गोलियों के साथ गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने सूचना के आधार पर नफीस पुत्र खुर्शीद निवासी मोहल्ला जुमेरात का बाजार के पास से 720 एलप्रो जॉम की नशीली गोलियों व प्रदीप पुत्र छोटे सिंह निवासी भगवानपुर रैनी के पास से 840 एलप्रो जॉम की नशीली गोलियां बरामद करते हुए गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी नशे की गोलियों का व्यापार करते हैं। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया गया है।

जागरूकता अभियान का नतीजा- प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी ने बताया कि पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए अभियान चलाया जा रहा है। क्षेत्र में पुलिस आम लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक कर रही है। इसी का नतीजा है कि इन दोनों आरोपियों को नशे की गोलियों सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल हुई।

लुटेरी दुल्हन को नजीबाबाद पुलिस ने साथियों समेत दबोचा

साथियों समेत नजीबाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ी लुटेरी दुल्हन

ससुरालियों को जहरीला पदार्थ खिलाकर हो जाती है फरार

बिजनौर। नजीबाबाद पुलिस ने लुटेरी दुल्हन समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नई नवेली दुल्हन अपने ससुरालियों को खाने में जहरीला पदार्थ खिलाकर और नकदी व जेवर समेट कर फरार हो जाती है। यहां के पहले भी यह गिरोह कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है।

नशीला पदार्थ खिलाकर हो गई फरार- पुलिस सूत्रों के अनुसार मनोज कुमार पुत्र सत्यवीर सिंह निवासी तांबाखेरी रामसराताल थाना सिद्धमुख जिला चुरु राजस्थान ने थाना नजीबाबाद पर तहरीर दी थी कि अभियुक्त राजेन्द्र नि० आदर्श नगर नजीबाबाद ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उससे शादी कराने के लिए 02 लाख रुपए लिये तथा उसकी ज्योति उर्फ पूजा से फर्जी शादी कराई। उसके उपरान्त खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर सभी को बेहोश कर दुल्हन ज्योति उर्फ पूजा घर से शादी के जेवरात, नकदी व उपहार आदि लेकर फरार हो गई।

मुकदमा हुआ था दर्ज- तहरीर के आधार पर थाना नजीबाबाद पर मु0अ0सं0-397/2022 धारा 420/406/467/468/471/328/411 भादवि अंतर्गत   राजेन्द्र, पूनम, ज्योति उर्फ पूजा व मंजीत के खिलाफ पंजीकृत किया गया था। शुक्रवार को थाना नजीबाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर राजेन्द्र, पूनम व ज्योति उर्फ पूजा को रोडवेज बस स्टैण्ड के पास से गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से रुपए 36000 नकद के अलावा कई जेवरात बरामद किए गए हैं।  इनके फरार साथी मंजीत की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है।

पूछताछ में बताया- अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वह सभी मिलकर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर फर्जी आधार कार्ड आदि कागजात तैयार कराते हैं तथा लोगों से शादी के नाम पर पैसा लेते हैं। ज्योती उर्फ पूजा को वधू बनाकर झूठी शादी करवा देते हैं। शादी के बाद ज्योति घर के सदस्यों को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर वहां से शादी के जेवरात, नकदी व उपहार को लेकर अपने तलाकशुदा पति मंजीत के साथ फरार हो जाती है।

इस पुलिस टीम को मिली सफलता– पुलिस टीम में उप निरीक्षक सतेन्द्र नागर, कांस्टेबल प्रवीण शर्मा, महिला कांस्टेबल प्रियंका व पूजा शामिल रहे।

पुलिस के हत्थे चढ़े 3 वाहन चोर, एक फरार

बिजनौर। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में वाहन चोर गिरोह का खुलासा किया गया है। पुलिस कार्रवाई में तीन वाहन चोर हत्थे चढ़ गए, जबकि एक फरार होने में कामयाब हो गया।

पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह द्वारा जनपद में वाहन चोरी/अन्य चोरी की घटनाओं की रोकथाम व संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राम अर्ज के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी चांदपुर के पर्यवेक्षण में स्वाट/सर्विलांस टीम व थाना चांदपुर पुलिस ने गुरुवार को यह सफलता प्राप्त की। दरअसल टीम ने मुखबिर की सूचना पर चैकिंग के दौरान कस्बा चांदपुर में कालोनी के गेट के पास 03 अभियुक्तों रहीश उर्फ भूरे, दिग्विजय व कासिम उर्फ मुर्गा को चोरी के 03 चार पहिया वाहन, 03 दो पहिया वाहन व 03 अदद चाकू के साथ गिरफ्तार किया। अभियुक्तों का एक अन्य साथी सरताज पुत्र शमशुद्दीन निवासी ग्राम बास्टा थाना चांदपुर जनपद बिजनौर मौके पाकर फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी हेतु टीमें लगायी गई हैं।

इस सम्बन्ध में थाना चाँदपुर मु0अ0सं0-546/22 धारा 411/414/420/468/471 भादवि बनाम रहीश उर्फ भूरे आदि 04 के खिलाफ पंजीकृत किया गया है। इसके अलावा अवैध शस्त्र बरामदगी के सम्बन्ध में मु0अ0सं0 -547/22 से 549/22 धारा 4/25 शस्त्र अधि0 में पंजीकृत किये गए हैं।

₹20 करोड़, 280 छात्र- उत्तराखंड पेपर लीक मामले में खुलासे के करीब पहुंची STF

लखनऊ (एजेंसी)। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा के पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड हाकम सिंह रावत का नाम सामने आया है। जनपद बिजनौर अंतर्गत नगीना के पास धामपुर में नकल सेंटर बनाना भी इसी कनेक्शन का हिस्सा बताया जा रहा है। एसटीएफ के सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले के तार अब आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के आला अधिकारियों से जुड़ रहे हैं। 

STF सूत्रों का कहना है कि कंपनी के आला अधिकारियों में से एक जिला बिजनौर के धामपुर का रहने वाला है। उसी के कहने पर वहां सेंटर बनाया गया। ये इत्तफाक तो नहीं हो सकता कि उत्तराखंड में नकल कराने के बजाय इसके लिए बिजनौर के धामपुर को चुना गया। अभी तक कंपनी के सिर्फ कुछ कर्मचारियों का ही नाम मामले में सामने आ रहा था। पूरी तरह से कंपनी की भूमिका का पता नहीं चल पा रहा था, लेकिन जब कड़ी से कड़ी जोड़ी गई तो सब बातें समझ आने लगी हैं। एसटीएफ को जब इस संबंध के बारे के पता चला तो उस अधिकारी को बयानों और पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह कई दिनों से टाल मटोल कर रहा है।

 280 छात्रों पर मुकदमा होगा दर्ज

लीक पेपर से पास हुए करीब 280 छात्रों का चयन खारिज कराने के साथ इन्हें अब मुकदमे में आरोपी बनाया जाएगा।एसटीएफ की जांच में सामने आया कि युवाओं से 12 से 15 लाख रुपए में पेपर उपलब्ध कराने की डील की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, लीक पेपर के प्रश्न 280 से ज्यादा युवाओं तक पहुंचे।

₹20 करोड़ से अधिक का लेनदेन!

200 के करीब युवाओं ने सीधे तौर पर पास होने की डील कर पेपर खरीदा जबकि, कुछ ने अपने करीबियों को 30-35 तक प्रश्न बताए। संभावना है कि इस घपले में 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन हुआ। एसटीएफ सौ चयनितों समेत 150 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया, लीक पेपर से चयनित अभ्यर्थी आरोपी बनाए जाएंगे। इनकी सूची बनाई जा रही है।

दबाव बनाने में जुटा आरोपी- अधिकारियों और नकल माफिया का बिजनौर कनेक्शन पुष्ट हो चुका है। लंबे समय से कंपनी के अधिकारी को बुलाना और उसका न आना भी संलिप्तता की ओर इशारा कर रहा है। यही नहीं, अब वह कई लोगों के नाम लेकर दबाव बनाने में जुटा है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस अधिकारी समेत कई और लोग सलाखों के पीछे जा सकते हैं।

निजी कंपनी के संचालक से पूछता
आरएमएस टेक्नोलॉजी नामक कंपनी चयन आयोग को तकनीकी सेवा और पेपर प्रिंटिंग की सुविधा देती थी। इस कंपनी के संचालक को एसटीएफ ने मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि कंपनी संचालक प्रिंटिंग प्रेस की डीवीआर लेकर आया था। हालांकि, इसमें बीते 15 दिन का रिकॉर्ड होता है। ऐसे में इससे ज्यादा मदद नहीं मिली। प्रिंटिंग प्रेस संचालक ने घर में पूजा का कार्यक्रम बताया और वह एसटीएफ कार्यालय में कुछ समय रुकने के बाद चला गया। उसे पूछताछ को जल्द दोबारा बुलाया जाएगा।

झारखंड से मानव तस्करी का भंडाफोड़, 12 बच्चे बरामद

झारखंड से तस्करी कर लाए जा रहे 12 बच्चे बरामद। झारखण्ड से घरों व खेतों में काम कराने के लिये लाये जा रहे बच्चों को प्रशासन ने छुडाया। अनाधिकृत रूप से बच्चों से काम लेने वालों के विरुद्ध होेगी कडी कार्यवाही-जिला प्रोबेशन अधिकारी। कुल 3 तस्कर व 4 सौदेबाज समेत 7 हिरासत में।

बिजनौर। झारखंड राज्य से बंधुआ मजदूरी के लिए तस्करी कर लाए जा रहे 12 बच्चों को पुलिस ने बरामद किया है। महिला कल्याण विभाग के सहयोग से नूरपुर के पास पुलिस को यह उपलब्धि हासिल हुई। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि गत रात्रि को 10ः00 बजे कुछ लोगों द्वारा कुछ बच्चों को झारखण्ड राज्य से पिकअप गाड़ी (जेएच-13-ई-7380) से पैसों का लालच देकर लाया जा रहा था। पुलिस द्वारा महिला कल्याण विभाग के सहयोग से नूरपुर के पास बच्चों सहित नगदी रुपए व मोबाइल बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि जनपद में कहीं भी अनाधिकृत रूप से बच्चों से काम लिया जाता है तो संबंधित के विरूद्व नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

पूछताछ के बाद झारखण्ड राज्य से बच्चों को लाने वाले व्यक्तियों ने अपना नाम क्रमशः दयाराम साहू उर्फ जयरामकुमार पुत्र गोविन्द साहू, निवासी ग्राम लमटा लावालाँग चतरा झारखण्ड, अजय कुमार यादव पुत्र रामस्वरूप यादव, ग्राम-लोटवा कुंदा चतरा, झारखण्ड, हरेन्द्र कुमार पुत्र रामप्रशाद साहू निवासी ग्राम लमटा, लावालाँग चतरा झारखण्ड बताया है। मौके पर इनके साथ बिजनौर निवासी सतेन्द्र कुमार त्यागी, शोभित त्यागी, कपिल त्यागी व अतुल त्यागी भी पकड़े गए हैं। इनके विरुद्ध पुलिस द्वारा भा०द०स० की धारा 370, बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियम) 1986 की धारा 3 व 14, बंधित श्रम पद्धति (उत्सादन) अधिनियम 1976 की धारा 16 व 17 के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

सौदागर और सौदेबाज भी गिरफ्त में- जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्रकरण में बरामद 12 बच्चों का नियमानुसार मेडिकल कराया जा रहा है। इसके पश्चात बाल कल्याण समिति के समक्ष बच्चों को प्रस्तुत करते हुए किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के अन्तर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। बरामद 12 बच्चों को घरों व खेतों में काम कराने हेतु लाया गया था, जिनका सौदा उपरोक्त व्यक्तियों के बीच हो चुका था। सभी बच्चों की उम्र 10 वर्ष से 15 वर्ष के बीच है। वर्तमान में महिला कल्याण विभाग, पुलिस विभाग व श्रम विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही की जा रही है।

वाह री गंज पुलिस! पीड़ित विधवा पर ही डाल रही फैसले को दबाव

पीड़ित विधवा पर ही फैसले को दबाव डाल रही गंज पुलिस

चौकी में इंसाफ न मिलता देख कोतवाली पहुंची विधवा महिला

न्याय के लिए एक साल के अबोध बालक संग भटकने को मजबूर विधवा

बिजनौर। जहां एक ओर केंद्र व प्रदेश सरकारें महिला सशक्तिकरण के लिए तमाम तरह के प्रयास कर रही हैं, उनके लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है; वहीं कस्बा गंज की पुलिस इसके बिल्कुल उलट चल रही है। एक विधवा को न्याय दिलाना तो दूर, उस पर ही आरोपी ससुरालियों से फैसला करने को दबाव डाल रही है।

ग्राम जहानाबाद, पोस्ट गंज निवासी हेमलता रानी के पति रोहित कुमार की चार माह पूर्व मृत्यु हो गई थी। वह अपनी ससुराल में ही रहती है। कुछ समय पहले वह अपने मयके चली गयी थी। इस बीच उसके ससुर दयाराम सिंह, जेठ यशवीर सिंह, जेठानी रुकमणी और रुकमणी के पिता वीर सिंह ने मिलकर उसकी भूमि, संपत्ति, जेवरात आदि पर कब्जा जमा लिया। बकौल हेमलता मामले की जानकारी उसे ससुराल लौटने पर हुई।

परिजनों संग पीड़ित विधवा हेमलता

जमीन कब्जाई, जान की धमकी- गुरुवार को थाना शहर कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में हेमलता ने बताया कि ससुरालियों ने उसके पति रोहित की नई ई-रिक्शा को बेच दिया। यही नहीं उसके पति के हिस्से की 6 बीघा जमीन पर कब्जा कर उसमें खड़ी 4.5 बीघा गन्ने की फसल और 1.5 बीघा धान की फसल भी कब्जा ली। विधवा महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर सोने-चांदी के जेवरात छीन लिए। अब मामले की शिकायत पुलिस से करने पर उसे व उसके एक वर्षीय पुत्र को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। महिला ने बताया कि चार दिन पूर्व वह हिम्मत कर अपने मायके पक्ष के लोगों को साथ लेकर गंज चौकी पहुंची। आरोप है कि चौकी इंचार्ज अनिल कुमार ने मदद करना तो दूर की बात उल्टा उसे ही किसी लफड़े में न पड़ने की सलाह दे डाली। थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र वशिष्ठ ने मामले में पूर्ण सहयोग के आश्वासन के साथ ही जांच महिला सशक्तिकरण सेल को सौंप दी है।

ग्राम प्रधान ने कहा दिलाएंगे न्याय- ग्राम प्रधान तहजीब अहमद ने कहा कि उनके समक्ष यह मामला आया है। वह अपने स्तर से पूरा प्रयास करेंगे कि अबोध बालक व उसकी विधवा मां को न्याय मिल सके। इसके लिए वह गांव के संभ्रांत लोगों का भी सहयोग लेंगे।

फर्जी मार्कशीट और 12 साल से आंगनबाडी कार्यकत्री

12 साल से कक्षा 8 की फर्जी मार्कशीट के आधार पर तैनात है आंगनबाडी कार्यकत्री। डीएम से शिकायत। जांच के आदेश।

बिजनौर। कक्षा 8 की फर्जी मार्कशीट के जरिए 12 साल से आंगनबाडी में कार्यकत्री के पद पर कार्यरत एक महिला की शिकायत जिलाधकारी से की गई है। मामला विकास खण्ड आकू नहटौर अंतर्गत मिर्जापुर के प्राईमरी स्कूल का है। जिलाधकारी ने शिकायत के साथ पेश कागजात की जांच करा कर आवश्यक कार्यवाही की बात कही है।

ग्राम मिर्जापुर विकास खण्ड ऑकू नहटौर तहसील धामपुर जिला बिजनौर निवासी अय्यूब पुत्र शकूर व अय्युम पुत्र अकबर ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा। आरोप लगाया कि नसीमा पत्नी जरीस निवासी मिर्जापुर विकास खण्ड ऑकू नहटौर तहसील धामपुर ने कक्षा 8 की फर्जी मार्कशीट अनिसा पत्नी जरीश के नाम से बनवा रखी है। साथ ही बताया कि नसीमा करीब 2010 से आंगनबाडी में कार्यकत्री के पद पर मिर्जापुर के प्राईमरी स्कूल मे कार्यरत है। यही नहीं अब इसने आधार कार्ड भी अनिसा के नाम का ही बनवा लिया है, जबकि ग्राम पंचायत वोटर लिस्ट में नसीमा पत्नी जरीश नाम अंकित है। विधान सभा लिस्ट में भी नसीमा पत्नी जरीश नाम अंकित है। शिकायतकर्ताओं ने उक्त फर्जी मार्कशीट की जाँच कराने तथा उसे कार्यकत्री के पद से हटाने की मांग की। जिलाधकारी ने शिकायत के साथ पेश कागजात की जांच करा कर आवश्यक कार्यवाही की बात कही है।

खुलासा: हंसी मजाक, गालियां बनी शमला की हत्या का कारण!

बिजनौर। पुलिस ने शमला हत्याकांड का खुलासा करते हुए उसी के गांव के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हंसी मजाक में टिप्पणी करने पर शमला ने गालियां दे दी थी। इससे नाराज होकर उसकी हत्या कर दी गई।

मंगलवार दोपहर एएसपी सिटी प्रवीण रंजन ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि 22 जुलाई को समय करीब 09.00 बजे शमला (उम्र करीब 54 वर्ष) पत्नी मान सिंह निवासी सुफपुर हमी उर्फ हमीदपुर थाना कोतवाली शहर जंगल में लेने गयी थी। 23 जुलाई को शमला का शव जंगल ग्राम हमीदपुर में ईख के खेत में मिला। मृतका के पुत्र की तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली शहर में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दमाने से मृत्यु होना पाया गया।

उन्होंने बताया कि मुखबिर की सूचना पर थाना कोतवाली शहर पुलिस ने 25 जुलाई को शाम करीब सात बजे चैकिंग के दौरान अभियुक्त हेमेन्द्र प्रधान उर्फ चुहिया (46 वर्ष) पुत्र रघुनाथ सिंह निवासी ग्राम युसुफपुर हमीद उर्फ हमीदपुर को मंडावर रोड से आरटीओ ऑफिस की तरफ जाने वाले तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त की निशादेही पर मालन नदी के किनारे खड़ी झाड़ियों से शमला की चप्पल व दराती बरामद की गयी। पूछताछ में हेमेन्द्र प्रधान उर्फ चुहिया ने बताया कि 22 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे वह अपने घर से जंगल के लिये जा रहा था। रास्ते में गांव के ही महेन्द्र के खेत के पास उसी के गांव की रहने वाली शमला दिखाई दी। जब शमला उसके बराबर से निकल रही थी तो उसने शमला के ऊपर हंसी मजाक में गलत टिप्पणी कर दी। उसकी इसी बात पर शमला उस पर आग-बबूला हो गयी तथा गालियां देने लगी। गांव में बदनामी तथा गाली-गलौच के कारण आवेश में आकर उसने शमला के पीछे से उसके गले में हाथ डालकर उसे ईख के खेत में अंदर खींच लिया तथा शमला की गला दबाकर हत्या कर दी। गन्ने के खेत से बाहर पड़ी शमला की चप्पल व दराती को पास में ही नदी के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया तथा वहां से भाग गया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार वशिष्ठ, उपनिरीक्षक सुनील कुमार, सुभाष धनखड़, कांस्टेबल हरेन्द्र का विजय कुमार, आकाश का अमित शामिल रहे।

श्रेय बटोरने के लिए अवनीश अवस्थी ने कराई राज्य सरकार की किरकिरी!

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की राजनीतिक कर्मस्थली उरई चढ़ी अफसरशाही की भेंट।

उरई (जालौन)। प्रधानमंत्री द्वारा उदघाटन के 5 दिन बाद ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस ₹-वे के क्षतिग्रस्त होने के वायरल वीडियो से राज्य सरकार की जो जबरदस्त किरकिरी हुई है। उसका ठीकरा यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी के सिर फोड़ा जा रहा है, जो अफसरशाही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाक के बाल माने जाते हैं। खास बात यह भी है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की राजनीतिक कर्मस्थली भी है उरई।

विवादों से रहा है गहरा नाता- अवनीश अवस्थी शुरू से विवादों के केंद्र में रहे हैं. कोरोना काल में भी उन पर जम कर उंगलियां उठी थी पर जैसे-जैसे उनकी आलोचना बढ़ती गयी वैसे-वैसे उनके लिए मुख्यमंत्री का समर्थन गहराता गया. यहां तक कहा जाने लगा कि सत्ता संचालन के सारे सूत्र नेपथ्य में अवनीश अवस्थी के ही हाथ में कैद हो गए हैँ. केंद्र तक इसकी ख़बरें पहुंची पर मुख्यमंत्रीका उन पर भरोसा इसके वाबजूद नहीं डिगा.

उद्घाटन कराने की हड़बड़ी? बताया जाता है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए निर्धारित समय में 8 महीने का टाइम बकाया था पर अपनी सेवा निवृति के पहले इसका उदघाटन कराने के लिए उतावले अवनीश अवस्थी ने हड़बड़ी में इसकी आयोजना कर डाली, जिसका नतीजा सामने है।

आधे अधूरे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के कारण पहली बरसात में ही इसमें जालौन क्षेत्र में छिरिया सलेमपुर के पास दरार आ गयी, जिसके कारण दो कार और एक बाइक दुर्घटना की शिकार हो गयी। इससे राज्य सरकार की फ़जीहत हो रही है। इसके विपरीत प्रभाव प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि पर भी पड़ रहे हैं। विरोधी नेताओं ने नहीं भाजपा सांसद वरुण गांधी ने भी इसे ले कर सरकार को आड़े हाथों लिया है।

लीपापोती कर दूसरे पर टाला- उधर अवनीश अवस्थी हमेशा की तरह इसकी लीपापोती कर अपनी जवाबदेही दूसरे पर डालने की जुगत में जुट गए हैं। देखना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार फिर उनके झांसे को झटक पाते हैं या नहीं? इसी बीच यूपीडा के अभियंताओं ने क्षतिग्रस्त सडक और पुलिया की मरम्मत करा कर यातायात को सुचारु बना देने का दावा किया है।

साभार- केपी सिंह जालौन टाइम्स

जनपद बिजनौर में समाचार, विज्ञापन एवं एजेंसी के लिए संपर्क करें, ब्यूरो चीफ सतेंद्र सिंह 8433047794

4 शातिर चोर गिरफ्तार कर बिजनौर पुलिस ने बरामद किये 10 लाख के मोबाइल लैपटॉप

चोर गैंग गिरोह का पर्दाफाश। 04 शातिर चोर गिरफ्तार कर बिजनौर पुलिस ने बरामद किये 10 लाख के मोबाइल व लैपटॉप

बिजनौर। स्वाट/सर्विलांस टीम व थाना कोतवाली नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 4 शातिर चोरों को गिरफ्तार कर चोरी किये गये भिन्न-भिन्न कम्पनी के 52 मोबाइल फोन, 02 लैपटॉप (कुल कीमत करीब 10 लाख रुपए व अवैध शस्त्र बरामद किए हैं। एसपी दिनेश सिंह ने प्रेस वार्ता कर चोर गैंग गिरोह का पर्दाफाश किया।

गौरतलब है कि जनपद बिजनौर के एसपी दिनेश सिंह द्वारा चोरी आदि की घटनाओं की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) डॉ प्रवीन रंजन सिंह व क्षेत्राधिकारी नगर अनिल कुमार के निकट पर्यवेक्षण मे स्वाट/सर्विलांस टीम व थाना कोतवाली नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुखबिर की सूचना पर चैकिंग के दौरान थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के बाईपास रोड रेलवे फाटक के पास ग्राम बक्शीवाला से अभियुक्त शावेज, आदिल, कासिफ और खालिद को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों को भिन्न-भिन्न कम्पनी के 52 मोबाइल फोन, एचपी कम्पनी के 02 लैपटॉप, 02 अवैध तमन्चे 315 बोर मय 02 जिन्दा कारतूस और 02 चाकू नाजायज सहित गिरफ्तार किया गया है।

घूम कर करते हैं रैकी- अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे सभी मेरठ, बिजनौर व आसपास के जनपदों में घूम-घूम कर रेकी करके अलग अलग जगहों से मोबाईल व लेपटॉप चोरी करते हैं और धामपुर में दुकान चलाने वाले अपने साथी खालिद को बेचते हैं।

जनपद बिजनौर में समाचार, विज्ञापन एवं एजेंसी के लिए संपर्क करें, ब्यूरो चीफ सतेंद्र सिंह 8433047794

भाई को फंसाने के लिए खुद को मारी थी गोली, पहुंचा जेल

307 का झूठा केस दर्ज कराने वाले व्यक्ति को पुलिस ने भेजा जेल

बिजनौर। स्योहारा थाना क्षेत्र में भाई को फंसाने के लिए अपने आप खुद को गोली मारने वाले को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पुलिस ने विवेचना उपरांत षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए बताया कि आरोपी अपने ही भाई से आपसी रंजिश रखता था।

स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम सेलाखेड़ी निवासी सूरजभान पुत्र हीरा सिंह के बीती 24 जून को बिजनौर तारीख से लौटते समय गांव के नजदीक एक ट्यूबेल के पास गोली लग गई थी। जिसमें सूरजभान गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना से पुलिस प्रशासन व परिजनों में कोहराम मच गया था। घायल अवस्था में सूरजभान को स्योहारा सीएचसी पर भर्ती कराया गया था। जहां पर सूरज भान ने पुलिस को बताया था कि उसका भाई सुरेंद्र उससे रंजिश रखता है और उसने ही बिजनौर से लौटते समय उसके गोली मारी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी, जिसमें घटना झूठी पाई गई। थानाध्यक्ष राजीव चौधरी ने बताया कि मुकदमा अपराध संख्या 240 / 22 धारा 307 आईपीसी में संबंधित सूरजभान पुत्र हीरा सिंह ने पंजीकृत कराया था। विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि सूरजभान द्वारा निजी स्वार्थ के लिए अपने भाई सुरेंद्र को फंसाने के लिए झूठा मुकदमा लिखाया गया था। विवेचना के दौरान धारा 307 आईपीसी की घटना का होना नहीं पाया गया। घटना पूर्णतया झूठी साबित हुई है अतः आरोपी सूरजभान पुत्र हीरा सिंह को धारा 195. 211 आईपीसी के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय बिजनौर भेजा गया है।

दो शातिर पशु चोर पुलिस ने दबोचे, दो फरार

पुलिस के हत्थे चढ़े दो शातिर पशु चोर, दो फरार। गिरफ्तार बदमाशों पर मुजफ्फरनगर व बिजनौर थाना कोतवाली में दर्ज हैं दर्जनों मुकदमे। 90,000/- रुपए नकद के साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की महिन्द्रा पिक-अप गाडी  भी बरामद। दो फरार बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस।

बिजनौर। पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह द्वारा पशु चोरी /अन्य चोरी की घटनाओं की रोकथाम हेतु अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) डॉ प्रवीन रंजन  सिंह व क्षेत्राधिकारी नगर अनिल कुमार के कुशल पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर चैकिंग के दौरान सेन्ट मेरीज चौराहे से दिनांक 17/18 जुलाई 2022 की अर्द्धरात्रि में दो अभियुक्तों बिल्ला उर्फ गुड्डु (उम्र करीब 32 वर्ष) पुत्र यासीन कुरैशी व शौकीन (उम्र 30 वर्ष) पुत्र शानू उर्फ मुस्तकीम कुरैशी निवासीगण जमाईपुरा बघरा थाना तितावी जनपद मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से 02 अवैध तमन्चे 315 बोर मय 02 जिन्दा कारतूस बरामद हुए हैं। गिरफ्तार बदमाशों पर मुजफ्फरनगर व बिजनौर थाना कोतवाली में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस लाइंस सभागार में मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) डॉ प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि बदमाशों के दो साथी शादाब पुत्र शानू उर्फ मुस्तकीम कुरैशी व आसिफ पुत्र ईनाम कुरैशी निवासीगण जमाईपुरा बघरा थाना तितावी जनपद मुजफ्फरनगर अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी से उतरकर फरार होने में कामयाब हो गए, जिनकी शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे है। अवैध शस्त्र बरामदगी के सम्बन्ध में थाना कोतवाली शहर पर मु0अ0सं0 453/22 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट बनाम बिल्ला उर्फ गुड्डु व मु0अ0सं0 454/22 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट बनाम शौकीन पंजीकृत किया गया है।

पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया- कि वे सभी बिजनौर तथा आसपास के जनपदों में रेकी कर पशु (भैस, भैंसा आदि ) चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। चोरी किये गये पशुओं को पशु बाजार तथा राह चलते व्यक्तियों को बेचकर अच्छा खासा पैसा कमा लेते हैं। करीब डेढ़ महीना पहले उन्होंने ग्राम जन्दरपुर से एक भैंसा (कटरा) चोरी किया था। उसके एक-दो दिन बाद मौ० कस्साबान से 02 भैंसा (कटरा) चोरी किये थे तथा करीब 10 दिन पहले सेंट मेरी चौराहे के पास से एक घर में से 02 भैंस तथा 01 भैंसा चोरी कर ले गये थे । चोरी किये गये उक्त सभी पशुओं को उन्होंने पशु बाजारों तथा राह चलते लोगों को बेच दिया था। इनके कब्जे से बरामद 90,000/- रुपये उसी के हैं। साथ ही महिन्द्रा पिक-अप गाडी (बिना रजिस्ट्रेशन नंबर) भी बरामद हुई है।  उक्त घटनाओं के सम्बन्ध में थाना कोतवाली नगर पर मु0अ0सं0 356/22 धारा 379 भादवि, मु0अ0सं0 425/22 धारा 380 भादवि व मु0अ0सं0 451/22 धारा 379 भादवि बनाम अज्ञात पंजीकृत है।

गिरफ्तार / बरामदगी करने वाली पुलिस टीम: प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार वशिष्ठ, उ0नि० मौ० क्य्यूम, उ0नि० जुगेन्द्र तेवतिया, कां० अमित कुमार, कां० अरविन्द कुमार, कां0 1333 सचिन कुमार, आरक्षी चालक राजीव खोखर

नशेड़ी युवक ने ही अपनी चाची को उतारा था मौत के घाट

बिजनौर। थाना नगीना देहात के ग्राम सत्तारवाला में नशेड़ी भतीजे ने ही अपनी चाची को मौत के घाट उतारा था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि नशेड़ी युवक द्वारा अपनी ही चाची को बुरी नियत से दबोच लिया गया था। विरोध करने पर समाज में बदनामी के डर से उसने गला काट कर अपनी चाची की हत्या कर दी थी। सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें रवाना कर दी थी। शनिवार को पुलिस ने हत्यारोपी भतीजे को गिरफ्तार करके जेल भेजने की कवायद शुरू कर दी है।

राम अर्ज एसपी ग्रामीण बिजनौर ने बताया कि थाना नगीना देहात के ग्राम सत्तारवाला निवासी वाजिद की पत्नी लगभग 5 माह पूर्व उसे छोड़ कर चली गई थी। इसके बाद वाजिद लगातार नशे में धुत रहने लगा। कल रात वाजिद अपनी छत पर सोया हुआ था कि उसके मन में हैवानियत आई। वह अपनी पड़ोसी चाची के घर में कूद कर पहुंचा और उसको बुरी नीयत से दबोच लिया। चाची हाजरा (65 वर्ष) ने जब इसका विरोध किया तो वाजिद ने धारदार हथियार से उस का गला काट दिया और फरार हो गया। सुबह सूचना मिलते ही मोहल्ले में वारदात से सनसनी फैल गई।

जानकारी पर सूचना पर पुलिस के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। हत्या की वारदात के खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया गया। शनिवार को बिजनौर स्वाट टीम व स्थानीय पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में आरोपी को त्रिलोकवाला तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर जंगल में छुपाया गया छुरा भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

मामले का खुलासा करने वाली टीम में थानाध्यक्ष रविन्द्र सिंह भाटी, उ0निरी0 अशोक कुमार, उ0निरी0 आशीष कुमार, उ0निरी0 मनोज कुमार, काां0 विनय कुमार, का0 अमित कुमार, का0 राजकुमार, का0 रोहित कुमार, का0 प्रदीप कुमार शामिल थे।

नगीना चुंगी भवन पर अवैध कब्जा कर बनाया मकान

अपनी संपत्ति हासिल करने को छटपटा रहा नजीबाबाद पालिका प्रशासन
-नगीना चुंगी भवन पर है बरसों से अवैध कब्जा
-कोर्ट के आदेश भी बेमानी साबित

बिजनौर। नजीबाबाद के ग्राम छापर मोहल्ला मुगलुशाह स्थित सरकारी चुंगी भवन से अवैध कब्जा हटाने में पालिका प्रशासन असहाय साबित हो रहा है। बताया गया है कि 14 अगस्त 2015 में इस पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा करके दो मंजिला भवन का निर्माण कर लिया। नगर पालिका नजीबाबाद प्रशासन तब से लगातार उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है परन्तु कब्जाधारकों में कानूनी कार्यवाई को लेकर भी कोई भय नहीं है।
जानकारी के अनुसार नजीबाबाद के ग्राम छापर मोहल्ला मुगलूशाह में सरकारी नगीना चुंगी का भवन जीर्णशीर्ण अवस्था में था। वर्ष 1995 में श्रीमती शकुरन ने न्यायालय सिविल जज जूनियर डिविजन नजीबाबाद में याचिका दायर कर उक्त भूमि पर अपना हक जताया था। अक्टूबर 1999 में न्यायालय द्वारा वाद खंडित कर दिया गया था। इसके बाद श्रीमती  शकुरन ने दिसम्बर 2015 में अनाधिकृत रूप से उक्त चुंगी भवन को नेस्तनाबूद कर पक्का निर्माण कार्य शुरू करा दिया था। पालिका प्रशासन तब से लेकर 14 अगस्त 2019 तक कई बार उक्त महिला को कब्जा हटाने को लेकर लिखित नोटिस दिया गया, उसके बावजूद अभी तक उस पर अवैध कब्जा बना हुआ है।

यह भी विदित है कि 5 सितम्बर 2019 को थाना नजीबाबाद के तत्कालीन वरिष्ठ उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह द्वारा पालिका प्रशासन से उक्त चुंगी चौकी नगीना के सम्बंध में जानकारी हासिल की गई थी। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी ने 9 सितम्बर 2019 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर उक्त मोहल्ला मुगलूशाह स्थित चुंगी चौकी को पालिका की सम्पत्ति बताते हुए, कहा कि उक्त संपत्ति के स्वामी पालिका परिषद है। यह भी बताया कि पालिका के सम्पत्ति रजिस्टर में खसरा नं- 226/18 पालिका सम्पत्ति के रूप में दर्ज है और उक्त सम्पत्ति को बेचने का अधिकार किसी को भी नहीं है। खास बात यह है कि इतने वर्ष बीतने के बावजूद पालिका प्रशासन के हाथ खाली हैं। अवैध कब्जाधारक ने अपनी पहुंच के चलते सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाया हुआ है और पालिका प्रशासन उसे हासिल करने के लिए छटपटा रहा है।


कार्रवाई कराएंगे एसडीएम- वहीं इस मामले में उपजिलाधिकारी नजीबाबाद मनोज कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला अभी आया है। उन्होंने एक माह पूर्व ही ज्वाइन किया है। वह पालिका प्रशासन से पता करेंगे कि अभी तक उक्त भूमि को कब्जा मुक्त क्यों नहीं कराया गया। आवश्यक हुआ तो न्यायालय की अवमानना का वाद भी दायर कराया जाएगा।

छात्रा से गंदी बात करते सुन लिया था बच्चे ने, इसलिए हैवान बना था टीचर!

👉Ⓜ️पटना के मसौढ़ी में एक कोचिंग टीचर ने 5 साल के बच्चे की थी बेहरमी से पिटाई, वीडियो वायरल होने पर टीचर गिरफ्तार, बच्चे की पिटाई की वजह सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। एक छात्रा के साथ गंदी बातें कर रहा था, जिसे इस छात्र ने देख सुन लिया था। इसी बात से नाराज़ होकर मासूम की बेरहमी से पिटाई की।

पटना। सोशल मीडिया पर पिछले दिनों वायरल वीडियो में छोटे बच्चे की पिटाई के आरोपी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बताया गया है कि राजधानी पटना में बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक शिक्षक छोटे बच्चे की बेरहमी से पिटाई करते दिख रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद पटना पुलिस ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एक टीम गठित किया और आरोपी शिक्षक को नालंदा जिले के तेल्हाड़ा से गिरफ्तार कर लिया। वह यहां डालने मामा के घर में छिपा हुआ था। आरोपी शिक्षक का नाम अमरकांत कुमार है, जो जहानाबाद जिले के घोषी थाना क्षेत्र का रहने वाला है।

2 जुलाई 2022 को पटना पुलिस को एक वीडियो मिला था। वीडियो में शिक्षक अपने ही संस्थान में पढ़ने वाले एक नाबालिग छात्र की बेरहमी से पिटाई करते दिख रहा था। पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की, तो मामला धनरूआ थाना क्षेत्र में स्थित जय पब्लिक स्कूल सह कोचिंग संस्थान का निकला। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

मानवजीत सिंह ढिल्लो एसएसपी पटना

पुलिस के हत्थे चढ़ा सर्राफ का लुटेरा

बिजनौर की स्वाट/सर्विलांस व थाना नजीबाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी। नजीबाबाद में सर्राफा की दुकान से सोना लूट कर अभियुक्त हुआ था फरार। लगातार तलाश में जुटी हुई थी पुलिस। पुलिस ने आरोपी को घटना में प्रयुक्त अवैध शस्त्र व नगदी सहित किया गिरफ्तार।

बिजनौर। जनपद बिजनौर की स्वाट/सर्विलांस व थाना नजीबाबाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कस्बा नजीबाबाद में सर्राफ की दुकान से सोना लूटने वाले मुख्य अभियुक्त साबिर उर्फ बुड्ढा को घटना में प्रयुक्त अवैध शस्त्र व नगदी सहित गिरफ्तार किया है।


एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपी अभियुक्त 11/06/2022 को कस्बा नजीबाबाद स्थित बिंदु पत्नी अरुण की सर्राफा की दुकान से सोना लूट कर फरार हो गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी को घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा और नगदी सहित गिरफ्तार कर लिया है। घटना को अंजाम देने वाले उसके एक अन्य साथी को पुलिस तलाश रही है। दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के भोपाल के रहने वाले हैं औऱ वहीं जाकर लूट का सोना बेच दिया था। एक अन्य वारदात को अंजाम देने के लिए अभियुक्त नजीबाबाद पहुंचा था।

वन विभाग ही दे रहा कटान माफिया को संजीवनी!

बिजनौर। पर्यावरण की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग के कंधों पर है, उसी विभाग के अफसरों को उन पेड़ों की पहचान नहीं है। जिन्हें 10 साल का बच्चा भी पहचान ले। …या यह कहें कि वन माफियाओं को संरक्षण देने के लिए वन अफसर इन पेड़ों की पहचान नहीं करना चाहते। ऐसा ही नजारा उस समय देखने को मिला जब माफियाओं ने आम व शीशम के हरे-भरे पेड़ काट डाले। मामले ने तूल पकड़ा तो वन दरोगा को मौके पर भेजा गया लेकिन वहां कटे पड़े आम व शीशम के पेड़ों को यूकेलिप्टिस व सिम्बल के पेड़ बताकर माफियाओं को संजीवनी दी जाने लगी। अब देखने वाली बात होगी कि जिला स्तर के अधिकारी इन पेड़ों की पहचान कर पाते हैं या नहीं।


शेरकोट में थाने से चंद दूरी पर ईदगाह के निकट एक आम का बाग है। इसमें शीशम, जामुन आदि के पेड़ भी खड़े हैं।  बताया जाता है कि धामपुर निवासी एक माफिया ने आम के इस हरे भरे बाग पर आरी चलवा दी। सूत्रों का कहना है कि लगभग 50 आम व शीशम आदि के पेड़ों को काटा जा चुका है। इनमें से कुछ पेड़ तो ढो लिए लेकिन कई पेड़ अभी भी मौके पर ही पड़े हुए हैं। शुरूआत में तो वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस बारे में कुछ पता नहीं चल सका या यह कहें कि जानकर अंजान बने रहे लेकिन जब मामले ने तूल पकड़ा तो वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक पेड़ काटने व कटवाने वाले तो चंपत हो चुके थे लेकिन कटे हुए पेड़ मौके पर थे।

वन दरोगा का दावा आम व शीशम नहीं- वन विभाग इस मामले में माफियाओं पर क्या कठोर कार्यवाही करेगा, जब इस संबंध में रेंजर से बात की गई तो लोगों का वो अंदेशा बिल्कुल सच साबित होता दिखा, जिसमें यह कटान का कार्य माफियाओं और वन अफसरों की मिली भगत से होना जताया जा रहा था। रेंजर का दावा है कि मौके पर वन दरोगा लक्ष्मीचंद को भेजा गया था। उनके मुताबिक आम व शीशम नहीं बल्कि यूकेलिप्टिस और सिम्बल के पेड़ों को काटा गया है।

जिस जगह से आम व अन्य कई प्रजातियों के पेड़ काटे गए हैं, वह शमशान घाट की भूमि है। सरकारी भूमि से पेड़ काटने से पहले वन विभाग की ओर से मूल्यांकन कराया जाता है और उसके बाद नीलामी प्रक्रिया पूरी कर पेड़ काटे जाते हैं। इन पेड़ों को काटने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया। सरकारी भूमि पर पेड़ काटने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया जिस कारण यह कटान पूरी तरह अवैध है। अगर यह भूमि ग्राम पंचायत के अधीन आती है तो ग्राम प्रधान और अगर नगरीय क्षेत्र में आती है तो ईओ इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराएंगे।
डा. अनिल कुमार पटेल
डीएफओ बिजनौर

अवैध खनन: थानेदार समेत छह पुलिस कर्मी लाइनहाजिर

अवैध खनन में नप गए थानेदार, पांच अन्य पर भी गिरी गाजडीआईजी मुरादाबाद की स्पेशल टीम ने पकड़ा था अवैध खनन। मौके से पकड़े गए थे आठ आरोपी। बरामद की गई थीं दो जेसीबी और सात डंपर।

बिजनौर। अवैध खनन को लेकर पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। तीन दिन पहले डीआईजी मुरादाबाद की स्पेशल टीम द्वारा स्योहारा थाना क्षेत्र के सहसपुर में जारी अवैध खनन को रंगे हाथों पकड़ने के बाद मामले की जांच चल रही थी। मंगलवार को एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने स्योहारा थानाध्यक्ष आशीष कुमार, सब इंस्पेक्टर ओमकार सिंह व सब इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र पंवार के अलावा कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल यशवीर राठी, कांस्टेबल सतेन्द्र सिंह व कांस्टेबल अंकित शर्मा को लाइनहाजिर कर दिया।  नजीबाबाद कोतवाली में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक राजीव चौधरी को स्योहारा थाने की कमान सौंपी गई है।

गौरतलब है कि मुरादाबाद पुलिस की स्पेशल टीम ने बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन के धंधे पर शुक्रवार रात छापा मारा था। गोपनीय ढंग से की गई कार्रवाई में टीम ने मौके से आठ लोगों को हिरासत में लेने के साथ ही दो जेसीबी और सात डंपर कब्जे में ले लिए थे। डीआईजी शलभ माथुर ने इस स्पेशल टीम का गठन बिजनौर पुलिस के अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत पर किया था। डीआईजी का कहना था कि रिपोर्ट आने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मुरादाबाद रेंज के बिजनौर जनपद के स्योहारा थाना क्षेत्र के सहसपुर में रात में अवैध खनन किया जा रहा था। जेसीबी और डंपर के जरिये इस धंधे को अंजाम दिया जा रहा था। इससे क्षेत्र के लोग काफी परेशान थे। उन्होंने इस मामले की शिकायत स्योहारा थाने से लेकर बिजनौर में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों तक की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ितों ने मुरादाबाद पहुंचकर डीआईजी शलभ माथुर से शिकायत की। डीआईजी ने बिजनौर पुलिस को अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। आरोप है कि बावजूद इसके बिजनौर पुलिस ने कुछ नहीं किया। लोगों ने दोबारा डीआईजी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।

इस पर डीआईजी ने एएसपी सागर जैन के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर स्योहारा क्षेत्र में कार्रवाई के लिए भेज दिया। एएसपी स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना ही शुक्रवार रात अपनी टीम लेकर स्योहारा में अवैध खनन किए जाने वाली साइट पर पहुंच गए। टीम ने छापा मार कर अवैध खनन कर रहे गोलू, रईस, नीशू पाल, फैजान, रवींद्र, महबूब और सलीम को पकड़ा जबकि दो लोग मौके से भाग निकले। टीम ने मौके से दो जेसीबी, सात डंपर और एक बाइक जब्त की। कार्रवाई के बाद बिजनौर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर स्योहारा थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने पकड़े गए आरोपी और वाहनों को पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया। टीम ने एक रिपोर्ट बना कर डीआईजी शलभ माथुर को सौंपी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

सीएससी सेंटर संचालक लूट का खुलासा, चार गिरफ्तार

बिजनौर। नूरपुर क्षेत्र में 6 जून को सीएससी सेंटर संचालक के साथ हुई लूट का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक फरार है। पुलिस ने उनके पास से लूटा गया सामान व अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक देहात राम अर्ज ने सोमवार दोपहर पुलिस लाइन सभाकक्ष में प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि रविवार देर रात नूरपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गोहावर नहर के पुल के पास जंगल में लूट की योजना बना रहे मोहित उर्फ रेंचो पुत्र संजय, गणेश दत्त शर्मा उर्फ जानू पुत्र दीपक शर्मा, जीशान उर्फ फैजान उर्फ टुल्ली पुत्र शौकीन निवासीगण ग्राम बिशनपुर धुंधली थाना स्योहोरा तथा कार्तिक उर्फ कशिश पुत्र रवि कुमार निवासी ग्राम खानपुर बिल्लौच थाना नूरपुर को मौके से गिरफ्तार किया। आरोप है कि खुद को घिरता देख इन्होंने पुलिस पार्टी पर फायरिंग भी की। पुलिस ने इनके पास से दो तमंचे, चाकू व कारतूस भी बरामद किए। साथ ही 35400 रूपए, लैपटॉप, थंब मशीन व दो मोबाइल भी इनके पास से मिले। पुलिस पूछताछ में इन्होंने खुलासा किया कि 6 जून को इन्होंने अपने एक अन्य साथी विशाल उर्फ शानू के साथ मिलकर जन सेवा केंद्र संचालक से एक लाख की नकदी, लैपटॉप व थंब मशीन आदि लूटे थे। पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी। एएसपी देहात ने बताया कि गिरफ्तार चारों अभियुक्तों का अपराधिक इतिहास है। इन पर नूरपुर थाने में कई कई मुकदमे दर्ज है।

ठेकेदार ने हड़प लिया पंचायत घर का सरिया!

ठेकेदार ने हड़प लिया पंचायत घर का सरिया!

बिजनौर। ग्राम पंचायत अब्दुलपुर मुन्ना उर्फ हादरपुर पंचायत घर के मामले में ग्राम पंचायत सचिव मोहित कुमार ने ठेकेदार कासिम पर सरिया चोरी का आरोप लगाया है। थाना शहर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि नए भवन के निर्माण के लिए जीर्णशीर्ण पड़े पंचायत घर को तोड़ना जरूरी था। इसके लिये टिकोपुर निवासी ठेकेदार कासिम को कहा गया था, लेकिन उसकी नीयत में खोट आ गई।

वहीं बताया गया है कि इस मामले में ग्रामीणों, सचिव तथा राशन डीलर आदि के दबाव में आकर ठेकेदार कासिम ने चोरी किया हुआ सरिया हादरपुर में बने सरकारी स्कूल में रखवा दिया। राशन डीलर नरेंद्र कुमार का कहना है ठेकेदार कासिम के लोग सरिये को ठेले में भरकर कहीं ले जा रहे थे। पूछने पर बताया उक्त सरिया ठेकेदार ने मंगाया है। उस दौरान उनके साथ कई ग्रामीण भी मौजूद थे। इस मामले में ग्राम सचिव मोहित कुमार ने थाना कोतवाली शहर पुलिस को तहरीर भी दी है। दूसरी ओर ग्राम प्रधान ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया है।

विकास कार्यों में धांधली पर दो पंचायत सचिव निलंबित

विकास कार्यों में धांधली पर दो पंचायत सचिव निलंबित
बिजनौर (रोहित चौधरी)। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों के भ्रष्टाचार की पोल दिन-प्रतिदिन खुलती ही जा रही है। ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव अपनी तिजोरी भरने के चक्कर में विकास कार्यों के लिए शासन से आई रकम को डकारने में लगे हुए हैं। निरीक्षण के दौरान कई बार ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों पर गाज भी गिर चुकी है।


ताजा मामला हल्दौर विकास खंड की ग्राम पंचायत मुकरंदपुर व बल्दिया का है। डीपीआरओ ने विकास कार्यों में घोर अनियमितताएं बरते जाने पर मुकरंदपुर के पंचायत सचिव विनीत कुमार को निलंबित कर दिया, तो वहीं ग्राम प्रधान के अधिकार सीज करने की बात कही गई है। इसके अलावा डीपीआरओ सतीश कुमार को हल्दौर विकास खंड की ग्राम पंचायत बल्दिया में भी ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव द्वारा विकास कार्यों में धांधली मिली। इसे लेकर उन्होंने ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए एवं पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। डीपीआरओ ने बताया कि लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी निरीक्षण का दौर जारी रहेगा। डीपीआरओ की इस कार्यवाही से ग्रामीणों में खुशी देखने को मिली है।

भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबे हैं ग्राम पंचायत सचिव-
सूत्रों की मानें तो जनपद में कई ग्राम प्रधान व कई ग्राम पंचायत सचिव भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबे हैं। विकास कार्यों में कमीशन लेना तो मानों उनके बाएं हाथ का काम हो। बताया तो यहां तक जाता है कि बिना कमीशन के वह किसी ठेकेदार को कोई काम नहीं देते हैं।

गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री! संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की खिसक जाएगी जमीन

गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री! संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की जमीन जाएगी खिसक। आलीशान बंगलों जमीन जायदाद के हैं मालिक। सत्ता के गठजोड़ से चलता रहता है पूरा मामला। पेट्रोल पंप तक के मालिक हैं गांवों के खेवनहार। फर्जी बिल, बैक डेट के विज्ञापन ही नहीं बैंकों तक मे खुलवा लिए फर्जी खाते। अखबारों के असली मालिक तक होंगे अनजान। प्रधान बेचने लगे घर से निर्माण सामग्री।

बिजनौर (रोहित चौधरी)। जिले में ग्राम पंचायतों का विकास कार्यों को लेकर बुरा हाल है। पंचायतों को शासन से विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये मिले। ..लेकिन अधिकारी जमीनी हकीकत देखकर हैरान हैं। अधिकारियों को निरीक्षण में गड़बड़ी मिली। इस मामले में कोतवाली ब्लॉक के चार ग्राम विकास अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। ग्राम विकास अधिकारियों पर ड्यूटी से नदारद रहने व विकास कार्यों के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के आरोप रहे।


जिले में 11 ब्लॉक हैं, इनमें कोतवाली ब्लॉक सबसे अधिक क्षेत्रफल वाला ब्लॉक है। इसमें सबसे अधिक 149 ग्राम पंचायत हैं। प्रशासन को कोतवाली ब्लॉक की पंचायतों में अनियमितताओं की सबसे अधिक शिकायत मिल रही थी। उपनिदेशक पंचायत व डीपीआरओ ने कोतवाली ब्लॉक की पंचायतों का निरीक्षण किया, जहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली। पंचायत सचिव ड्यूटी से नदारद थे। गली मोहल्लों में कूड़े के ढेर मिले। सड़कों व रास्तों में गंदगी फैली थी। दूषित पानी से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई गई। पानी निकासी के नाले व नाली गंदगी से अटे मिले। सचिवालय में कामकाज ठप मिला। सामुदायिक शौचालय में ताले लटके मिले। प्रधानों द्वारा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में दिलचस्पी नहीं लेने के आरोप लगे। इस बिना पर कोतवाली ब्लॉक के चार पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया। गांवों में ये हुए हैं विकास कार्य
ग्राम पंचायतों में पंचायत घरों का जीर्णोद्धार हुआ। जहां पंचायत घर नहीं थे वहां नए पंचायत घर बने। सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ। मुख्यमंत्री की ग्राम सचिवालय मॉडल योजना में सचिवालय बने। बरसाती व घरेलू पानी की निकासी के लिए नाले व नाली बने। सीसी रोड बनीं। अंत्येष्टि स्थल बने। उपनिदेशक पंचायत पंचायतों के निरीक्षण में यह देखकर हैरान रह गए कि पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करोड़ों की धनराशि आवंटित होने के बाद भी जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। निर्माण आधे अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों ने उपनिदेशक व डीपीआरओ के समक्ष आरोप लगाए कि सफाई कर्मचारी प्रधानों का निजी काम करते हैं। सफाई के लिए कहने पर बदसलूकी करते हैं। सचिव उनकी बात नहीं सुनते।ये ग्राम विकास अधिकारी हुए निलंबित
जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा के अनुसार निरीक्षण आख्या के आधार पर ग्राम पंचायत खुर्रमपुर खड़क की ग्राम विकास अधिकारी/ सचिव प्रियंका राजपूत, ग्राम पंचायत कनकपुर व फाजलपुर भारु में तैनात ग्राम विकास अधिकारी/ सचिव काकेंद्र कुमार सिंह, ग्राम पंचायत नूर अलीपुर भगवंत के ग्राम विकास अधिकारी/सचिव कमलकांत पाल, तथा ग्राम पंचायत महमूदपुर भांवता में नियुक्त ग्राम विकास अधिकारी/सचिव नंदराम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में प्रियंका राजपूत व काकेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक नहटौर, नंदराम सिंह ब्लॉक अफजलगढ़, कमलकांत पाल ब्लॉक नजीबाबाद से संबद्ध रहेंगे। सभी निलंबित ग्राम विकास अधिकारियों की आगे की जांच सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई। जांच अधिकारी को एक माह में आरोप पत्र जिला विकास अधिकारी को सौंपना है।

अब तक एक दर्जन से अधिक कर्मचारी हुए निलंबित
डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर पंचायतों की जमीनी हकीकत परखी जा रही है। पंचायतीराज विभाग के जिला व मंडल अधिकारी लगातार पंचायतों में विकास कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। जांच में खूब अनियमितता सामने आ रही हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार अब तक एक दर्जन से अधिक पंचायत सचिव व सफाई कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है। आठ सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हुई है। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में रुचि नहीं लेने पर ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं।

दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि, रोकी वेतनवृद्धि
कोतवाली ब्लॉक में एक और ग्राम विकास अधिकारी/ पंचायत सचिव की अनियमितताओं के आरोप में प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ वेतन वृद्धि रोक दी है। जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा ने बताया कि कोतवाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत उमरपुर बरखेड़ा में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी/ पंचायत सचिव विवेक देशवाल को उपनिदेशक की जांच में अनियमितता मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। साथ ही एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी है। डीडीओ के मुताबिक पंचायत में पंचायत घर का निर्माण दिसंबर 2021 से शुरू हुआ। जांच में अधूरा मिला। इसी तरह की अन्य अनियमितताएं मिली हैं।

चार लापरवाह ग्राम विकास अधिकारियों पर निलंबन का चाबुक

बिजनौर। ग्राम पंचायतों में सचिवालय और सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर चार ग्राम विकास अधिकारी निलम्बित कर दिए गए हैं। उप निदेशक पंचायत मुरादाबाद एवं डीपीआरओ सतीश कुमार के निरीक्षण में मिली लापरवाही के आधार पर जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा ने कार्रवाई की है।

गौरतलब है कि उप निदेशक पंचायत मुरादाबाद मंडल एसके सिंह व डीपीआरओ सतीश कुमार ने कोतवाली ब्लॉक की करीब एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया था। इस दौरान पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही मिली थी। लापरवाही बरतने पर महमूदपुर भावता के ग्राम विकास अधिकारी नंदराम सिंह, ग्राम पंचायत कनकपुर और फजलपुर भारू के ग्राम विकास अधिकारी काकेंद्र कुमार, खुर्रमपुर खड़क की ग्राम विकास अधिकारी प्रियंका राजपूत व नूरअलीपुर भगवंत के ग्राम विकास अधिकारी कमलकांत पाल को निलंबित किया गया है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत महमूदपुर भावता में शौचालय का निर्माण चार माह से किया जा रहा था, जबकि यह काम केवल दो माह में होना था। आंगनबाड़ी केंद्र के कायाकल्प का काम भी अधूरा पाया गया। कनकपुर के निरीक्षण में पंचायत भवन का निर्माण कार्य दो-तीन माह से बंद था। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायतों में किए जा रहे निर्माण कार्यो में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अलग अलग ब्लॉकों से संबद्ध- निलंबन अवधि में प्रियंका राजपूत व काकेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक नहटौर, नंदराम सिंह ब्लॉक अफजलगढ़, कमलकांत पाल ब्लॉक नजीबाबाद से संबद्ध रहेंगे। सभी निलंबित ग्राम विकास अधिकारियों की आगे की जांच सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को एक माह में आरोप पत्र जिला विकास अधिकारी को सौंपना है।

मई पड़ा भारी- माह मई के पहले हफ्ते में नजीबाबाद के एक मसाज सेंटर से आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने के बाद जेल पहुंचे ग्राम पंचायत अधिकारी मोहित डबास का निलंबन हो चुका है। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव सिकरेडा निवासी मोहित ग्राम पंचायत अधिकारी है और किरतपुर ब्लाक में तैनात है।

डिप्टी सीएम ने छापा मारकर पकड़ीं साढ़े 16 करोड़ की एक्सपायरी दवाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण के क्रम में शुक्रवार को डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन के गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान लगभग साढ़े 16 करोड़ रुपए की एक्सपायरी दवाईंयां मिलीं। इस पर उन्होंने फटकार लगाते हुए तीन दिन के अंदर संबंधित से रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक प्रदेश के अस्पतालों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अस्पतालों में मिल रही अव्यवस्थाओं पर वो जिम्मेदारों को फटकार लगा रहे हैं। इसके साथ ही व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दे रहे हैं।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ट्वीट कर कहा है कि, ‘उत्तर प्रदेश मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन, गोदाम पहुंचकर वहां मानक अनुरूप दवाइयों की उपलब्धता व सप्लाई रिपोर्ट का औचक निरीक्षण कर प्रथम दृष्टया 16,40,33,033 रुपये की एक्सपायरी दवाएं पाई गईं। इसकी जांच हेतु समिति को जांच रिपोर्ट 3 दिनों में प्रस्तुत करने संबंधी आदेश दे दिए गए हैं।’

विदित हो कि, इससे पहले लोहिया अस्पताल में डिप्टी सीएम ने छापेमारी की थी, जहां पर लाखों रुपये की एक्सपायरी डेट की दवाईंया मिलीं थीं, जिसमें उन्होंने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।

दो बोतल दारू क्यों नहीं चढ़ी, गृह मंत्री से शिकायत

Viral News: दो बोतल शराब पीने के बाद भी जब नहीं चढ़ा नशा, गृह मंत्री को भेजी शिकायत

पीड़ित शख्स ने बताया कि दो बोतल शराब पीने के बाद भी उसको नशा नहीं हुआ। इस बात से वो नाराज था। वह चाहता है कि ऐसी धोखाधड़ी किसी और कस्टमर के साथ नहीं हो।

उज्जैन। एक तरफ शिवराज सिंह चौहान की सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ माफिया पर बुलडोजर चलाने जैसी कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं अब मध्य प्रदेश में शराब में मिलावट की बात भी सामने आई है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक शराबी ने राज्य के गृह मंत्री को शिकायत भेजी है। वह सबूत के तौर पर आबकारी थाने में शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा।

हैरान रह गए आबकारी अधिकारी

लोकेंद्र सेठिया को आबकारी थाने में देख आबकारी अधिकारी भी हैरान रह गए। बाद में अधिकारी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने 2 बोतल शराब पी लेकिन, फिर भी उसको नशा नहीं हुआ। उसने कहा कि ये शराब कैसी है, नशा नहीं हो रहा है? ठेकेदार पानी मिलाकर दे रहे हैं; ठेकेदारों पर कार्रवाई करो।

शराबी ने की ये मांग

दरअसल, लोकेंद्र सेठिया 12 अप्रैल को देशी शराब की दो बोतल पीने के बाद आबकारी विभाग में शिकायत करने पहुंचे थे। उसने शिकायत की थी कि इसमें नशा नहीं है, इसमें तो पानी मिला हुआ है। वह सबूत के तौर पर शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा था। उसने कहा कि यकीन नहीं हो तो शराब की जांच कर लें। ठेकेदार की तरफ से की गई इस धोखाधड़ी को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करो।

साभार – राहुल सिंह राठौड़: जी न्यूज़ डेस्क

9 मई ही है आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की वास्तविक जन्मतिथि

महापुरुषों की जन्मतिथि को लेकर अक्सर मत-विमत और मतभेद होते आए हैं। ऐसा ही एक मतभेद हिंदी के युग प्रवर्तक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भी हिंदी पट्टी में अरसे से चला आ रहा है। कुछ विद्वानों का मानना है कि आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि 6 मई है। कुछ विद्वान 5 मई या 15 मई को भी उनकी जन्मतिथि के रूप में मान्यता देते हैं। हालांकि अधिकतर विद्वान 9 मई को ही प्रामाणिक जन्मतिथि मानते-जानते हैं। यह अलग बात है कि आज के इंटरनेटिया ज्ञानी ‘गूगल बाबा’ और ‘विकीपीडिया’ ‘कुछ’ विद्वानों की मान्यता को बल देते हुए आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि 15 मई देश और दुनिया को बताते चले जा रहे हैं। वैसे भी, माना जाता है कि इन इंटरनेटिया ज्ञानियों को वास्तविक और प्रामाणिक तिथि से कोई लेना-देना नहीं होता। जिसने जो बता दिया वह हमेशा के लिए फीड कर दिया। हालांकि, बिना छानबीन और पुख्ता आधार के गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचाना अक्षम्य अपराध है।
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर उठे विवाद के मूल में भारतीय पंचांग के अनुसार उनकी जन्मतिथि का हर जगह लिखा होना है। भारतीय पंचांग के अनुसार, आचार्य द्विवेदी का जन्म वैशाख शुक्ल चतुर्थी संवत 1921 को हुआ था। तिथि का उल्लेख स्वयं आचार्य द्विवेदी ने भी किया है। भारतीय पंचांग के अनुसार की तिथि को अंग्रेजी कैलेंडर से परिवर्तित करने को लेकर ही जन्मतिथि को लेकर भ्रम पैदा हुआ।
जन्मतिथि के विवाद के आधार के रूप में आचार्य द्विवेदी का 13 मई 1932 को प्रयागराज से प्रकाशित होने वाले पत्र ‘भारत’ में प्रकाशित आचार्य द्विवेदी का वह पत्र ही उपयोग किया जाता रहा है। यह पत्र आचार्य द्विवेदी ने “भारत” के संपादक पंडित ज्योति प्रसाद मिश्र ‘निर्मल’ को लिखा था। दरअसल, 1932 में काशी से नए निकलने वाले पाक्षिक ‘जागरण’ के प्रस्ताव पर आचार्य द्विवेदी की 68 वीं वर्षगांठ देश के कई नगरों में धूमधाम से मनाई गई थी। इस संबंध में ‘कृतज्ञता ज्ञापन’ के लिए आचार्य द्विवेदी ने स्वयं एक पत्र भारत के संपादक पंडित ज्योति प्रकाश मिश्र ‘निर्मल’ को लिखा। कहा जाता है कि इस पत्र को प्रकाशित करते समय मुद्रण की गलती से 9 मई की जगह 6 मई प्रकाशित हो गया। या बाद के वर्षों में आचार्य द्विवेदी का वह पत्र प्रकाशित करने में दूसरे पत्र या पत्रिकाओं में मुद्रण की गलती से 9 मई की जगह 6 मई टाइप हो गया। यह गलती ही आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भ्रम पैदा करने में सहायक सिद्ध हुई।
कुछ विद्वान मानते हैं कि अपने समय की महत्वपूर्ण मासिक पत्रिका सरस्वती का संपादन करते हुए 10 करोड़ हिंदी भाषा-भाषियों का साहित्यिक अनुशासन करने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर हिंदी वालों में कई मतभेद और भ्रम जानबूझकर पैदा किए गए हैं। अपने समय के कुछ विद्वानों ने अपनी बात को मनवाने के लिए ही अपनी- अपनी अंग्रेजी तिथियों पर जोर देना शुरू किया। विद्वानों की इसी अखाड़ेबाजी से हिंदी भाषा भाषी समाज में आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भ्रम बढ़ता गया और इसे दूर करने की कोशिशें न के बराबर ही हुईं। आचार्य द्विवेदी के बाद सरस्वती का संपादन का भार संभालने वाले पंडित देवी दत्त शुक्ल के पौत्र और प्रयागराज निवासी पंडित वृतशील शर्मा भी 9 मई को ही मान्यता देते हैं। आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि को लेकर उठे विवाद से वह अपने को आज तक आहत महसूस करते हैं। उनका कहना है कि आचार्य जी की जन्म तिथि से जुड़ा यह विवाद निर्मूल और अकारण है।
वर्तमान में हिंदी समालोचना के सशक्त हस्ताक्षर एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष आचार्य डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित 9 मई को ही आचार्य द्विवेदी की वास्तविक और प्रामाणिक जन्मतिथि मानते हैं। इस लेखक से उन्होंने स्वयं यह बात अधिकार पूर्वक कहीं की सब लोग 9 मई को जन्मतिथि मानने की बात पर सहमत हैं। वह कहते हैं कि आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि से जुड़े विवाद के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए उन्होंने स्वयं कई किताबों का अध्ययन किया और पाया कि 9 मई ही आचार्य द्विवेदी की प्रामाणिक जन्मतिथि है क्योंकि अपने कृतज्ञता ज्ञापन में भी उन्होंने 9 मई का ही उल्लेख किया है।
आचार्य द्विवेदी पर शोधपरक पुस्तक ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी’ लिखने वाले रायबरेली के साहित्यकार केशव प्रसाद बाजपेई की मान्यता भी 9 मई पर ही केंद्रित है। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति द्वारा पिछले 11 वर्षों से प्रकाशित की जा रही स्मारिका ‘आचार्य पथ-2021’ के अंक में प्रकाशित अपने लेख में श्री बाजपेई कहते हैं कि जन्मतिथि के विवाद के निराकरण के लिए सबसे उपयुक्त उपाय संवत 1921 के पंचांग को देखने से जुड़ा था। इस विषय में खोजबीन करने पर पता चला है कि सन 1864 में 10 मई को हिंदू पंचांग के अनुसार संवत 1921 के वैशाख मास की पंचमी तिथि थी और दिन मंगलवार था। इस दिन आदि गुरु शंकराचार्य जी की जयंती पड़ी थी। उसके अनुसार वैशाख शुक्ल चतुर्थी दिन सोमवार 9 मई 1864 को पड़ता है।
वह अपने इस लेख में लिखते हैं- ‘इस विवेचना में अंग्रेजी की तिथि 6 मई असंगत है तथा 9 मई ही संगत है। 6 मई या तो मुद्रण की भूल से पत्र में अंकित हुई है या आचार्य जी का ध्यान ही कभी इस ओर नहीं गया कि पंचांग से इसकी संगति नहीं बैठती मेरी समझ में मुद्रण की त्रुटि से ही यह भ्रम पैदा हुआ है इनसे इतर तिथियां विचारणीय ही नहीं है। अतः यह निर्णय हुआ कि आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की वास्तविक जन्मतिथि अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 9 मई 1864 है, जो हिंदू पंचांग के संवत 1921 बैशाख शुक्ल चतुर्थी दिन सोमवार से पूरी तरह मेल खाती है। एक दिन गणितीय विधि के अनुसार 9 मई 1864 को सोमवार का दिन आता है और आचार्य जी का जन्मदिन सोमवार ही है। अतः इस से भी उनकी जन्मतिथि 9 मई 1864 होनी ही पुष्टि होती है।’

इन प्रमाणों के आधार पर हिंदी भाषा भाषी समाज को खड़ी बोली हिंदी का उपहार देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्म तिथि को लेकर जानबूझ कर पैदा किए गए विवाद से बचते हुए 9 मई को ही जन्मतिथि की मान्यता देकर अपने इस महापुरुष के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करनी चाहिए।
हालांकि, महापुरुष के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन के लिए खास तिथि का कोई महत्व नहीं है। वर्ष पर्यंत हम उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते रह सकते हैं, लेकिन दिन विशेष की बात आने पर हमें अपने इस पूर्वज को 9 मई (जन्मतिथि) और 21 दिसंबर 1938 (निर्वाण तिथि) को ही याद रखना होगा।

∆ गौरव अवस्थी
रायबरेली/उन्नाव

मुफ्त राशन लेने वाले अपात्रों से वसूली करेगी सरकार

आया राशन कार्ड का नया न‍ियम, अपात्र तुरंत करें सरेंडर वरना सरकार करेगी वसूली

Ration Card New Rule : राशन कार्ड का आया नया न‍ियम, तुरंत करें सरेंडर वरना सरकार करेगी वसूली

लॉकडाउन के दौरान स्वघोषित आय और आधार कार्ड के आधार पर ऑनलाइन राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी जिसकी आड़ में कुछ संपन्न लोगों ने भी इसके तहत राशन कार्ड बना लिए थे। अब सरकार इस पर कार्रवाई कर वसूली की योजना बना रही है। साथ ही राशन कार्ड निरस्त करने की भी योजना है।

नई दिल्ली। (एजेंसी)। कोव‍िड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई मुफ्त राशन योजना का लाभ कई अपात्र पर‍िवार भी उठा रहे हैं। ऐसी शिकायतें मिलने के बाद सरकार की तरफ से ऐसे पर‍िवारों से राशन कार्ड को सरेंडर करने की अपील की गई है।

सरकार की तरफ से कुछ शर्तों के तहत राशन कार्ड सरेंडर करने का न‍ियम बनाया गया है। इन न‍ियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है और आपसे वसूली हो सकती है। इतना ही नहीं आपके ख‍िलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

पात्र कार्ड धारकों को नहीं म‍िल पा रहा राशन

दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने गरीब परिवारों को मुफ्त राशन देना शुरू क‍िया था। सरकार की तरफ से शुरू की गई यह व्‍यवस्‍था गरीब पर‍िवारों के ल‍िए अभी तक लागू है। इस बीच सरकार की जानकारी में आया है क‍ि कई राशन कार्ड धारक, इसके योग्‍य ही नहीं हैं और वे फ्री राशन का लाभ उठा रहे हैं। वहीं योजना के पात्र कई कार्ड धारकों को इसका फायदा नहीं म‍िल पा रहा है।

जांच के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

अब अध‍िकार‍ियों के माध्‍यम से अपात्र लोगों से तुरंत राशन कार्ड सरेंडर करने के ल‍िए कहा जा रहा है। अगर कोई अपात्र व्‍यक्‍त‍ि राशन कार्ड सरेंडर नहीं करता है तो जांच के बाद उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

होगी वसूली

यद‍ि राशन कार्ड को सरेंडर नहीं किया जाता है तो ऐसे लोगों का कार्ड जांच के बाद रद्द कर द‍िया जाएगा। साथ ही उस परिवार के ख‍िलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं जब से वह राशन ले रहा है, तब से राशन की वसूली भी की जाएगी।

सरकारी राशन के ल‍िए अपात्र लोग

मोटरकार, ट्रैक्टर, एसी, हार्वेस्टर, पांच केवी या अधिक क्षमता का जनरेटर, 100 वर्ग मीटर का प्लाट या मकान, पांच एकड़ से अधिक जमीन, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस, आयकरदाता, ग्रामीण क्षेत्र में परिवार की आय 2 लाख प्रतिवर्ष और शहरी क्षेत्र में 3 लाख रुपए प्रतिवर्ष वाले परिवार योजना के लिए अपात्र हैं। ऐसे लोगों को अपना राशन कार्ड तहसील और डीएसओ कार्यालय में सरेंडर करना होगा।

लोगों से अपील

कई राज्‍यों में पात्र लोगों का राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है। ऐसे में सरकार की तरफ से लोगों से अपील की गई है कि अपात्र लोग राशन कार्ड को सरेंडर कर दें, ताकि गरीब परिवारों का कार्ड बनाया जा सके। राशन कार्ड सरेंडर नहीं करने पर ऐसे लोगों के ख‍िलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

बिजनौर में कारगर होगा अवैध टैक्सी व बसों के खिलाफ अभियान?

बिजनौर। जिले भर में अवैध रूप से टैक्सी व बसों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। संबंधित विभाग की हीलाहवाली के चलते शासन को लाखों के राजस्व की क्षति प्रतिमाह हो रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जनपद मुख्यालय सहित धामपुर, नजीबाबाद, चांदपुर, अफजलगढ़, शेरकोट, नूरपूर आदि लगभग सभी स्थानों पर अवैध वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। संबंधित अधिकारियों के इस ओर ध्यान न देने से यात्रियों की जान से भी खिलवाड़ हो रहा है। बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से ही दिल्ली को जाने वाले अवैध वाहनों की भरमार है। धामपुर क्षेत्र से आने-जाने वली कई लक्ज़री बसों का गंतव्य देश की राजधानी दिल्ली है। रोजाना हजारों सवारियों को ढ़ोने वाले इन लोगों पर एक प्रभावशाली नेता का वरदहस्त बताया जाता है। इसी तरह चौपहिया वाहनों की भी संख्या कम नहीं है। बताया गया है कि अवैध टैक्सियों के संचालन में थाना कोतवाली शहर के कुछ पुलिस कर्मियों की सांठगांठ है। यहां भी नेतागिरी जिंदाबाद है। महीना बांध कर ये धंधा कराया जा रहा है। वर्तमान में हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के दो लोगों ने इस धंधे की कमान संभाल रखी है। शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन का कोई अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों लाचार है, ये बात आम व्यक्ति की समझ से परे है। ऐसे में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश परवान कैसे चढ़ सकेगा, इसमें यकीनन संदेह है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का दिया है निर्देश

गौरतलब है कि अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और पुलिस आयुक्त से कहा है कि 30 अप्रैल तक इस अभियान के परिणाम की विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं। संयुक्त रिपोर्ट के साथ एक प्रमाण पत्र भी दें कि किसी जिले में कोई भी अवैध टैक्सी, ऑटो या बस स्टैंड संचालित नहीं हो रहा है।

नियमों को ताक पर रखकर मदरसे में नियुक्तियों की तैयारी!

बिजनौर। मदरसा मिफ्ताह उल उलूम. चान्दपुर में नियमों को दरकिनार कर विभिन्न पदों पर नियुक्तियों का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में अनियमितता संबंधी जानकारी दी गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया गया है कि तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला बिजनौर द्वारा एक स्थानीय समाचार पत्र में दिनांक : 19.04.2022 में सहायक अध्यापक (तहतानिया). सहायक अध्यापक (फौकानिया), प्रवक्ता/मुदर्रिस, कनिष्ठ सहायक एवं प्रधानाचार्य के पदों का नियम विरूद्ध विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला- बिजनौर शासन द्वारा मान्यता एवं सहायता प्राप्त एक अल्पसंख्यक मदरसा है। उक्त मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मौ0 जीशान एवं मदरसा प्रधानाचार्य द्वारा हमसाज होकर कूटरचित एवं षड्यन्त्र रच कर उक्त मदरसे के रिक्त पदों को जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर के साथ मिल कर पदों पर नियुक्तियां करना चाह रहें है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा निस्तर समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही है, कि अब मदरसों में भी नियुक्तियां MTET उत्तीर्ण अभ्यार्थियों की ही नियमानुसार होनी है, जिससे मदरसे में अध्ययनरत छात्रों को गुणवत्ता के साथ साथ उच्चकोटि की शिक्षा प्राप्त हो सके, परन्तु मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक, प्रधानाचार्य एवं जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर आपस में मिल कर अपने सगे सम्बन्धियों को नियुक्त करना चाह रहे हैं। उक्त के अतिरिक्त विभिन्न कारणें से भी उक्त विज्ञापन निरस्त होने योग्य है। इसकी क्रमवार जानकारी देते हुए बताया कि (01) मौ० जीशान प्रबन्धक / सेकरेट्री के चुनाव से सम्बन्धित एक वाद माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबद में याचिका संख्या 10898 / 2022 के अन्तर्गत लम्बित है, जबकि नियमानुसार कोई भी अधिकारी किसी मदरसे में नियुक्ति की अनुमति तभी प्रदान करता है, जब प्रबन्धक /सेकरेट्री प्रबन्ध समिति से सम्बन्धित कोई वाद न्यायालय में लम्बित ना हो।

प्रतीकात्मक तस्वीर

(02) मदरसे में नियुक्ति से पूर्व किसी चयन समिति का गठन नही किया गया है, जबकि मदरसा नियमावली में उक्त चयन समिति के गठन का प्रावधान निहित है।

(03) शासन द्वारा नीतिगत निर्णय लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते हैं, जिससे ज्ञात हुआ, कि शासन तीन वर्षों से एक ही जिले में तैनात अधिकारियों के स्थानान्तरण की नीति घोषित करने जा रही है। जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी बिजनौर जिले में तीन वर्ष से नियुक्त हैं। आरोप है कि उक्त अधिकारी अपने स्थानान्तरण से पूर्व एक मोटी रकम एवं एक पद पर अपने परिचित की नियुक्ति के इरादे से जल्द से जल्द नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं!

(04) विज्ञापन में कनिष्ठ सहायक के एक पद पर विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है, जबकि कनिष्ठ सहायक की नियुक्ति हेतु P.E.T. परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक बनाया गया है, जबकि विज्ञापन में उक्त परीक्षा का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है। मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है, कि विज्ञापन को रद्द करने हेतु सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया जाए। शिकायती पत्र की प्रतिलिपि रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, मंडलायुक्त मुरादाबाद, जिलाधिकारी बिजनौर व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेजी गई हैं।

गौरतलब है कि मदरसा बोर्ड ने मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से योग्य शिक्षकों के चयन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एमटीईटी) लागू करने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने रजिस्ट्रार को इसका प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब मदरसों में रिक्त पदों पर भर्तियां उन्हीं अभ्यर्थियों से की जाएंगी जो एमटीईटी परीक्षा पास होंगे। वर्तमान में करीब 550 मदरसा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। एमटीईटी के लागू होने से भर्तियों में भाई-भतीजावाद के आरोप भी नहीं लगेंगे

दिल्ली पुलिस का दावा; साजिशन थी जहांगीरपुरी में हिंसा

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट; कहा साजिश के तहत फैलाई गई थी जहांगीरपुरी में हिंसा

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अपनी आरंभिक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें आपराधिक साजिश की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की शाखा ने अंतरिम रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में हिंसा का करण मोटे तौर पर आपराधिक साजिश को बताया गया है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में गृह मंत्रालय को हिंसा की घटना से संबंधित जानकारी तथा इससे निपटने के लिए उसके द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी है।



रिपोर्ट में अब तक की गई जांच के आधार पर हिंसा के पीछे किसी साजिश की बात कही गई है। दिल्ली पुलिस इस मामले में शनिवार रात से ही जांच में जुट गई थी और उसने अब तक करीब 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शोभायात्रा निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों से प्रक्रिया के अनुसार अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने इस बात को काफी गंभीरता से लिया है और आयोजन कर्ताओं के खिलाफ भी इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जहांगीरपुरी में शनिवार को हनुमान जयंती के मौके पर जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तो जुलूस पर कुछ लोगों ने पथराव किया। इसके बाद हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुई। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार शाम को ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से बात करके उन्हें राजधानी में कानून -व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा था।

Delhi Jahangirpuri violence how it started communal atmosphere charged in  various parts of country - India TV Hindi News



दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने की जो बातें चल रही थी वह पूरी तरह से निराधार है। दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक सामने आए वीडियो, हथियार चलाने की घटनाओं की सभी तरह की फॉरेंसिक बैलेस्टिक जांच कराई जा रही है, जिनके आधार पर पूरी तरह से पहचान किए जाने के बाद ही लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

खबर दबाने को पत्रकार ने की अवैध वसूली! ऑडियो वायरल

डीजे पर हाथ में तमंचा लहराकर युवक ने उड़ायी कानून की धज्जियां
-ग्राम पाडली माण्डू के प्रधान का भाई है आरोपी युवक, खबर दबाने को हुआ लेन-देन का मामला भी हुआ उजागर


बिजनौर। धामपुर क्षेत्र के एक शादी समारोह में डीजे पर नाचते एक युवक की वीडियो वायरल हो गयी। डीजे पर नाच रहा यह युवक हाथ में तमंचा लिए है और गाने के बोल “तमंचे पर डिस्को” है। वीडियो बनी तो इस मामले को दबाने के लिए एक तथाकथित पत्रकार और ग्राम प्रधान के बीच पैसों का लेन-देन भी हुआ। जब मामला न दबा और वीडियो वायरल हो गयी तो ग्राम प्रधान ने तथाकथित पत्रकार तनवीर अहमद के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाही की मांग कर डाली, जिससे यह बात साफ हो गयी कि तमंचे को हाथ में लेकर डांस करने वाले युवक का अपराध माफी लायक नहीं है। उधर पुलिस इन दोनों मामलों की जांच कर कार्यवाही में जुटी है।


गौरतलब है कि धामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में गत 5 अप्रैल को शादी समारोह का प्रोग्राम चल रहा था। बताया जाता है कि ग्राम पाडली मांडू के प्रधान सुशील कुमार का भाई सौरभ उस शादी समारोह में शामिल था और वह बज रहे डीजे पर वह अचानक डांस करने लगा। गाना बज रहा था; तमंचे पर डिस्को! तो उसने अपनी कमर में लगे तमंचे को अचानक हाथ में निकालकर हवा में लहरा दिया और डांस करने लगा। किसी ने उसकी वीडियो बना ली। जब इस बात का पता सौरभ के भाई को पता तो उन्होंने मामले को निपटाने का प्रयास किया। इस मामले में लेन-देन भी हुआ, लेकिन यह वीडियो ना सिर्फ वायरल हुई, बल्कि समाचारों की सुर्खी भी बन गई। इस पर ग्राम प्रधान सुशील कुमार ने एतराज जताते हुए उक्त तथाकथित पत्रकार तनवीर को दिए पैसे लौटाने की बात एक ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग में कहीं। वह भी इस समय तेजी के साथ वायरल हो रही है। प्रधान सुशील कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर ब्लैकमेलिंग करने वाले तथाकथित पत्रकार तनवीर अहमद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उधर डीजे पर डांस कर रहे आरोपी सौरभ कुमार की तमंचा लहराते हुए वीडियो वायरल होने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और उन्होंने आनन-फानन में इस मामले में कार्यवाही करते हुए आरोपी सौरभ को गिरफ्तार कर लिया। अब मामला अवैध धन के लेनदेन के निपटारे का रह गया है।

मध्यप्रदेश में मीडिया से दुर्व्यवहार पर दो थाना प्रभारी सस्पेंड

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के एक पुलिस थाने में खड़े अर्ध-नग्न पुरुषों के एक समूह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिसमें एक स्थानीय यूट्यूब पत्रकार कनिष्क तिवारी को भी देखा जा सकता है। तिवारी के अनुसार, उन्हें अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जब वे एक थिएटर कलाकार नीरज कुंदर के बारे में पूछताछ करने के लिए पुलिस स्टेशन गए थे। 

ये मामला विधायक पुत्र से शुरू हुआ था। फिर पुलिस पर गंभीर आरोप लगे। इसके बाद SHO और सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिपोर्ट तलब की। खास बात ये है कि मामले को लेकर पुलिस और पत्रकार का अलग-अलग पक्ष सामने आया है।

वायरल फोटो मध्यप्रदेश के सीधी जिले की है। मामले को लेकर पत्रकार कनिष्क तिवारी ने एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि बीते 2 अप्रैल को एक बेहद निंदनीय घटना हुई। मैं एक धरना प्रदर्शन को कवर करने गया था। मेरे कैमरामैन ने घटना को रिकॉर्ड भी किया है। वहां सिटी कोतवाली थाने की पुलिस मुझे जबरन धक्का देकर थाने के अंदर ले गई। मुझे मारा-पीटा गया। मेरे कपड़े उतरवाए गए। थाने में जुलूस निकलवाया गया। कहा गया कि अगर विधायक और पुलिस के खिलाफ खबर चलाओगे तो पूरे शहर में चड्डी पहनाकर जुलूस निकलवाऊंगा।

कनिष्क ने आगे बताया- हम पर धारा 151, शांति भंग करने की कोशिश और सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध करने की धाराएं लगाई गईं। हमारे साथ मारपीट की गई, गाली गलौच किया गया। जब पुलिस को पता चला कि मैं पत्रकार हूं तो पुलिस मुझसे कहने लगी कि तुम विधायक के खिलाफ खबर क्यों चलाते हो? विधायक किसी के घर में बर्तन मांजने जाएगा क्या?

वायरल फोटो के बारे में बताते हुए कनिष्क ने कहा- हम लोगों को 2 अप्रैल की रात 8 बजे गिरफ्तार किया गया और 3 अप्रैल की शाम 6 बजे छोड़ा गया। लगभग 18 घंटे हम लोग हवालात में रहे। अंडरवियर में हमें थाना प्रभारी के पास ले जाया गया। इसी दौरान अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह परिहार ने हमारी फोटो खींची। ये लगभग रात 2:30 की बात है।

कनिष्क ने कहा- मैं डरा हुआ हूं। पूरा परिवार डरा हुआ है। सोशल मीडिया पर पुलिस ने फोटो वायरल किया है, जिससे मेरी मानहानि हुई है। मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है। मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि आप मेरा साथ दें। मुझे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मुझे जानकारी मिली है कि पुलिस मुझे दूसरे केस में फंसा कर जेल में डालना चाहती है।

मामले को लेकर एडिशनल एसपी अंजुलता पटेल का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- एक फेक आईडी के जरिए विधायक के पुत्र (बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला के बेटे गुरुदत्त शुक्ला) को परेशान किया जा रहा था। जांच के दौरान एक रंगकर्मी नीरज कुंदेर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद कई रंगकर्मी और पत्रकार कनिष्क तिवारी थाना के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सभी को 151 के तहत गिरफ्तार किया गया।  वायरल फोटो पर अंजुलता पटेल ने कहा- पुलिस हिरासत की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। मामला संज्ञान में लेते हुए एसपी सीधी के निर्देशन में डीएसपी हेड क्वार्टर गायत्री तिवारी को जांच का आदेश दे दिया गया है।

बाद में, दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार थाना प्रभारी कोतवाली मनोज सोनी और अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।

वहीं मध्यप्रदेश के सीधी में पत्रकारों के खिलाफ पुलिस के द्वारा की गई मारपीट और अमानवीय व्यवहार करने के मामले में पन्ना जिले के पत्रकारों ने उक्त घटना का विरोध जताते हुए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उसमें पत्रकारों के साथ की गई अमानवीयता के मामले शामिल पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञात हो कि सीधी के पत्रकार कनिष्क तिवारी को पुलिस के द्वारा पकड़ कर ले जाया गया एवं उनके कपड़े उतारकर उन्हें अर्धनग्न कर लॉकअप में बंद कर दिया गया और पुलिस ने अभद्रता करते हुए मारपीट की अर्धनग्न अवस्था में फोटो वायरल कराकर सरेआम पत्रकारों को बेइज्जत किया। यह  बेहद निंदनीय घटना है। इस कारण थाना प्रभारी सहित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। ऐसे कानून तोड़ने वाले व्यक्तियों को दंडित किए जाने की मांग की गई। पत्रकार कल्याण परिषद, प्रेष क्लब पन्ना के अलावा पन्ना जिले के सभी पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा को ज्ञापन दिया। कलेक्टर ने कहा कि पन्ना जिले के पत्रकारों की सुरक्षा मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है, कभी किसी के साथ गलत नहीं होगा। आप निर्भीक होकर पत्रकारिता करें। ज्ञापन में वरिष्ठ पत्रकार जगदीश नामदेव, मनीष मिश्रा, शिवकुमार त्रिपाठी, मुकेश विश्वकर्मा, गणेश विश्वकर्मा, सुशांत चौरसिया, कादिर खान,अमित खरे, बीएन जोशी, राकेश शर्मा, महबूब अली, संजय राजपूत, लक्ष्मीनारायण चिरोलिया, शिव किशोर पांडे, बलराम व्यास, टाइगर खान, फूल सिंह त्यागी, ऋषि मिश्रा, राजेश रावत, सादिक खान, राम बिहारी गोस्वामी, हिम्मत खान, रविंद्र अर्जरिया, पवन पाठक, हीरालाल विश्वकर्मा, बृजेश त्रिपाठी, आसिफ खान, सौरव साहू, डीके साहू, संदीप विश्वकर्मा, रामअवतार विश्वकर्मा, अजय द्विवेदी, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

दूसरी ओर सीधी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बघेली भाषा में यूट्यूब पर चैनल चला रहे कनिष्क तिवारी समेत कुछ अन्य पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर फेक आईडी बनाने और फेसबुक पर केदारनाथ शुक्ला और उनके बेटे को बदनाम करने की पोस्ट करने के आरोप हैं। यह एफआईआर भी विधायक के बेटे की शिकायत पर दर्ज की गई है। वरिष्ठ पत्रकार राकेश पाठक का कहना है कि कनिष्क के यूट्यूब पर एक लाख से अधिक फॉलोअर हैं। न्यूजनेशन चैनल का भी एक पत्र सामने आया है, जिसमें कनिष्क तिवारी को फ्रीलांस पत्रकार होने की पुष्टि होती है।

शिकायत के बाद पुलिस ने की गिरफ्तारी
सीधी पुलिस के मुताबिक एक फेक आईडी से फेसबुक पर अभद्र टिप्पणियां की गई थी। पुलिस ने इस मामले में नीरज कुंदेर को गिरफ्तार किया था। इस पर कनिष्क समेत रंगमंच और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने में विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने सबको गिरफ्तार कर लिया। कनिष्क तिवारी यूट्यूबर है और उसके खिलाफ पहले भी कुछ शिकायतें दर्ज थी। कोतवाली थाने में आरोपियों की बिना कपड़ों की तस्वीरें खींचकर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 262/22 धारा 419, 420, और आईटी एक्ट के 66सी, 66डी के तहत प्रकरण कायम कर जांच की जा रही है। फोटो वायरल होने के मामले में डीएसपी को जांच सौंपी गई है। 

कांग्रेस ने बनाया मुद्दा
कांग्रेस के तमाम नेताओं ने इस मसले पर सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने फोटो ट्वीट करते हुए कहा कि यह मप्र के सीधी जिले के पुलिस थाने की तस्वीर है। यह अर्धनग्न युवा कोई चोर उचक्के नहीं है, ये लोकतंत्र के चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया के साथी है। इन्हें अर्धनग्न कर जेल में इसलिए डाला गया क्योंकि इन्होंने भाजपा विधायक के खिलाफ खबर चलाई थी। वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश की निकम्मी और उनके बड़बोले मुखिया से सवाल करना सीधी बघेली न्यूज चैनल के वरिष्ठ पत्रकार कनिष्क तिवारी और उनके साथियों को भारी पड़ा। नग्न कर उन्हें थाने में खड़ा किया गया है। यह घोर निंदनीय कृत्य है…  शिवराज सिंह सरकार अब अंग्रेजों की भांति दमनकारी रवैया अपना रही है। 

खबरों के मुताबिक पूरा मामला डिजिटल पत्रकार कनिष्क तिवारी से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि पत्रकार ने भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ यूट्यूब चैनल पर खबर चलायी थी। इससे नाराज होकर बीजेपी विधायक ने कनिष्क तिवारी व उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। दूसरी तरफ वायरल तस्वीर को पुलिस द्वारा रंगकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध प्रदर्शन से भी जोड़ा रहा है।

नीरज कूंदेर पर कथित फर्जी FB अकाउंट चलाने का आरोप है। इस अकाउंट की शिकायत भी सीधी विधायक और उनके पुत्र ने पुलिस से की थी। पुलिस ने इन्हीं के चलते बीते 2 अप्रैल को नीरज को गिरफ्तार किया था। कहा ये जा रहा है कि वायरल तस्वीर नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध किए जाने पर डिजिटल पत्रकार और रंगकर्मियों के साथ पुलिस के द्वारा की गई अभद्रता की है। हालांकि वायरल तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी भी जता रहे हैं। कई वरिष्ठ पत्रकार भी इस घटना की आलोचना कर रहे हैं। 

इन नेताओं दी अपनी प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा-  ये पुलिसिया और राजनीतिक आतंकवाद है। पत्रकार को फर्जी बताने वाला प्रशासन कौन होता है। किसी को यातना देने का अधिकार पुलिस को नहीं है। अगर नेताओं को खुश करने के लिए किया गया है तो ये गंभीर अपराध है। ये लोकतंत्र के धब्बा है।

बीजेपी प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी-  सभी को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए, चाहे वह पत्रकार हो या नेता हो, विधायक हो या फिर मंत्री हो। अगर कोई पत्रकारिता की आड़ में ब्लेक मार्केंटिंक कर रहा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने जो किया वो भी गलत है इसलिए उन पर भी कार्रवाई हुई है।

दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को इनाम ₹25 हजार


बिजनौर। एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को सम्मानित करने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि  सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता गत 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से लापता थे। दोनों के शव समीपवर्ती ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबे हुए मिले। पुलिस को जेसीबी की मदद से दोनों शवों को निकालना पड़ा। बाद में पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पति-पत्नी की हत्या सम्पत्ति के लालच में की गई। इस मामले में एक महिला सहित चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।  हिरासत में ली गई महिला के राजेश अग्रवाल से प्रेम संबंध थे। मृतक दंपति निःसंतान थे और बिजनौर शहर में उनकी तीन दुकान व एक मकान उनकी हत्या का कारण बने।

एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि एसपी सिटी परवीन रंजन सिंह, सी ओ सिटी, इंस्पेक्टर कोतवाली राधेश्याम, एसआई आशीष पुनिया, धीरज सोलंकी, राजकुमार नागर, जर्रार हुसैन ने रात दिन मेहनत करके हत्या का खुलासा किया। इस पर एसपी ने 25 हजार रूपए का इनाम देने की घोषणा की है।

सपा नेता की पत्नी समेत हत्या, गड्ढों में दबे मिले शव

सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता की हत्या। 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से थे लापता। सम्पत्ति के लालच में की गई हत्या।

बिजनौर। सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता की हत्या कर दी गई। दोनों के शव समीपवर्ती ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबे हुए मिले। वह गत 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से लापता थे।  पुलिस ने जेसीबी की मदद से दोनों शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। पति-पत्नी की हत्या सम्पत्ति के लालच में की गई। पुलिस ने एक महिला सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर घटना का खुलासा किया है। हिरासत में ली गई महिला के राजेश अग्रवाल से प्रेम सम्बंध बताए गए हैं।

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिजनौर में नजीबाबाद रोड स्थित शिवलोक कॉलोनी निवासी राजेश अग्रवाल (55 वर्ष) व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता (44 वर्ष) गत 28 फरवरी को रहस्यमय ढंग से गायब हो गये थे। उनकी गुमशुदगी बबली के भाई मनोज कुमार राणा, निवासी खड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद ने थाना कोतवाली शहर बिजनौर में दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गहनता से छानबीन की तो चौंका देने वाले तथ्य सामने आये। पता चला कि राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली की हत्या कर उनके शव ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबा दिये गये हैं।

पुलिस के अनुसार राजेश अग्रवाल का मण्डावर रोड स्थित ग्राम हमीदपुर निवासी रोमा (35 वर्ष) पत्नी स्व. ओमवीर सिंह जाट के साथ प्रेम-प्रसंग था। योजनाबद्ध तरीके से 28 फरवरी 2022 को रोमा, राजेश अग्रवाल के घर गई, जहां मुकेश (रोमा का दूसरा प्रेमी) तथा उसका चचेरा भाई मोंटी उर्फ धीरज पहले से ही मौजूद थे। रोमा चाय बनाने के बहाने घर के अंदर चली गई तथा मुकेश व मोंटी ने राजेश अग्रवाल के मुंह पर चादर लपेटकर व गला रेतकर उसकी हत्या कर दी तथा शव को रोमा के घर हमीदपुर में गड्ढा खोदकर दबा दिया। राजेश अग्रवाल की पत्नी बबली उर्फ बबीता नई बस्ती में पार्लर चलाती थी। वह अपने पार्लर में थी। रोमा का पुत्र तुषार बिजनौर आया तथा उसको बाइक पर बैठाकर अपने गांव हमीदपुर ले गया, जहां चारों ने मिलकर बबली की भी हत्या कर दी और शव को वहीं गड्ढे में दबा दिया। दोनों शवों को नमक डालकर दबाया गया, ताकि जल्दी गल-सड़ जायें। एक शव घर के आंगन में और दूसरा पशुओं की चर के पास दबाया गया था ।

निःसंतान दंपति की दुश्मन साबित हुईं संपत्ति- पुलिस के अनुसार राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी की हत्या अवैध सम्बंधों और सम्पत्ति के कारण की गई है। राजेश का एक मकान और तीन दुकानें हैं, जिन पर आरोपियों की नजर थी। दो दुकानों में राजेश की पत्नी बबली पार्लर व जनरल स्टोर चलाती थी। दोनों नि:संतान थे। रोमा ने अपने पुत्र तुषार उर्फ चुनमुन, प्रेमी मुकेश व उसके चचेरे भाई मोंटी उर्फ धीरज के साथ मिलकर राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी की हत्या की योजना बनाई और गत 28 फरवरी को उनकी हत्या कर दी।

साथ लगी रही हत्यारोपी रोमा- राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी के रहस्यमय ढंग से लापता होने के बाद रोमा खुद को ऐसा दर्शा रही थी कि जैसे उसे दोनों के गायब हो जाने का बहुत गम है। कल 11 मार्च तक जब राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजन एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह से मिले और दोनों का पता लगाने की मांग की। एसपी से मिलने वालों में रोमा भी थी । वह परिजनों के साथ राजेश व उनकी पत्नी को ढूंढने में लगी हुई थी। हालांकि परिजन रोमा पर शुरू से ही शक कर रहे थे। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को भी बताया था। शक के आधार पर पुलिस ने रोमा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सब कुछ उगल दिया। बाद में पुलिस ने अन्य तीनों अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया।

ये हैं आरोपी- राजेश व उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पकड़े गये व मुल्जिमों में मुकेश ( 45 वर्ष ) रोमा का प्रेमी है। वह ग्राम रशीदपुर गढ़ी का रहने वाला है। मुकेश ने इस हत्याकांड में अपने चचेरे भाई मोंटी उर्फ धीरज की भी सहायता ली। पुलिस ने धीरज को भी पकड़ लिया। हत्याकांड में तीसरी मुल्जिम रोमा और चौथा मुल्जिम रोमा का पुत्र तुषार उर्फ चुनमुन है।

पड़ोसी रिश्तेदार ने की थी किशोरी की हत्या

पुलिस अधीक्षक ने किया किशोरी की हत्या का खुलासा। विवाह समारोह में शामिल होने गए थे परिजन। पड़ोसी रिश्तेदार को सौंप गए थे किशोरी की जिम्मेदारी।

बिजनौर। थाना कोतवाली देहात क्षेत्रातंर्गत गांव डेहरी में किशोरी की हत्या उसके पड़ोसी रिश्तेदार ने की थी। वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी भूपेन्द्र उर्फ भूरा को गिरफ्तार किया है।

पुलिस लाइंस में एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम नूर अलीपुर भगवंत उर्फ डेहरी निवासी धर्मपाल पुत्र हीरालाल ने गत 19/20 फरवरी की रात्रि उसकी 17 साल की पुत्री की गले में फंदा डालकर हत्या करने के मामले में तहरीर दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। विवेचना के बाद पुलिस ने गांव के ही भूपेन्द्र उर्फ भूरा पुत्र रिसाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि भूरा; मृतका का दूर का रिश्तेदार भी है और पड़ोस में ही रहता है। पूछताछ में उसने बताया कि 19 फरवरी को उसके रिश्तेदार धर्मपाल अपनी पत्नी के साथ एक शादी में शामिल होने धामपुर व नहटौर गया था। जाने से पहले वह अगली सुबह लौटने की बात कह गए थे। घर में उसकी अकेली बेटी का ध्यान रखने को कह गए थे। इसके बाद भूपेन्द्र ने अपने दोनों बच्चों को सोने के लिए धर्मपाल के घर भेज दिया। रात को करीब 11 बजे शराब के नशे में वह धर्मपाल के घर पहुंचा जहां पड़ोसी की बेटी ने दरवाजा खोला तो उसने उसे बुरी नीयत से पकड़ना चाहा, जिसका बेटी ने विरोध किया। इसके बाद उसने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। एसपी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेजा जा रहा है और अन्य विधि कार्रवाई कराई जा रही है।