झारखंड से मानव तस्करी का भंडाफोड़, 12 बच्चे बरामद

झारखंड से तस्करी कर लाए जा रहे 12 बच्चे बरामद। झारखण्ड से घरों व खेतों में काम कराने के लिये लाये जा रहे बच्चों को प्रशासन ने छुडाया। अनाधिकृत रूप से बच्चों से काम लेने वालों के विरुद्ध होेगी कडी कार्यवाही-जिला प्रोबेशन अधिकारी। कुल 3 तस्कर व 4 सौदेबाज समेत 7 हिरासत में।

बिजनौर। झारखंड राज्य से बंधुआ मजदूरी के लिए तस्करी कर लाए जा रहे 12 बच्चों को पुलिस ने बरामद किया है। महिला कल्याण विभाग के सहयोग से नूरपुर के पास पुलिस को यह उपलब्धि हासिल हुई। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि गत रात्रि को 10ः00 बजे कुछ लोगों द्वारा कुछ बच्चों को झारखण्ड राज्य से पिकअप गाड़ी (जेएच-13-ई-7380) से पैसों का लालच देकर लाया जा रहा था। पुलिस द्वारा महिला कल्याण विभाग के सहयोग से नूरपुर के पास बच्चों सहित नगदी रुपए व मोबाइल बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि जनपद में कहीं भी अनाधिकृत रूप से बच्चों से काम लिया जाता है तो संबंधित के विरूद्व नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

पूछताछ के बाद झारखण्ड राज्य से बच्चों को लाने वाले व्यक्तियों ने अपना नाम क्रमशः दयाराम साहू उर्फ जयरामकुमार पुत्र गोविन्द साहू, निवासी ग्राम लमटा लावालाँग चतरा झारखण्ड, अजय कुमार यादव पुत्र रामस्वरूप यादव, ग्राम-लोटवा कुंदा चतरा, झारखण्ड, हरेन्द्र कुमार पुत्र रामप्रशाद साहू निवासी ग्राम लमटा, लावालाँग चतरा झारखण्ड बताया है। मौके पर इनके साथ बिजनौर निवासी सतेन्द्र कुमार त्यागी, शोभित त्यागी, कपिल त्यागी व अतुल त्यागी भी पकड़े गए हैं। इनके विरुद्ध पुलिस द्वारा भा०द०स० की धारा 370, बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियम) 1986 की धारा 3 व 14, बंधित श्रम पद्धति (उत्सादन) अधिनियम 1976 की धारा 16 व 17 के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

सौदागर और सौदेबाज भी गिरफ्त में- जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्रकरण में बरामद 12 बच्चों का नियमानुसार मेडिकल कराया जा रहा है। इसके पश्चात बाल कल्याण समिति के समक्ष बच्चों को प्रस्तुत करते हुए किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के अन्तर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। बरामद 12 बच्चों को घरों व खेतों में काम कराने हेतु लाया गया था, जिनका सौदा उपरोक्त व्यक्तियों के बीच हो चुका था। सभी बच्चों की उम्र 10 वर्ष से 15 वर्ष के बीच है। वर्तमान में महिला कल्याण विभाग, पुलिस विभाग व श्रम विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही की जा रही है।

वाह री गंज पुलिस! पीड़ित विधवा पर ही डाल रही फैसले को दबाव

पीड़ित विधवा पर ही फैसले को दबाव डाल रही गंज पुलिस

चौकी में इंसाफ न मिलता देख कोतवाली पहुंची विधवा महिला

न्याय के लिए एक साल के अबोध बालक संग भटकने को मजबूर विधवा

बिजनौर। जहां एक ओर केंद्र व प्रदेश सरकारें महिला सशक्तिकरण के लिए तमाम तरह के प्रयास कर रही हैं, उनके लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है; वहीं कस्बा गंज की पुलिस इसके बिल्कुल उलट चल रही है। एक विधवा को न्याय दिलाना तो दूर, उस पर ही आरोपी ससुरालियों से फैसला करने को दबाव डाल रही है।

ग्राम जहानाबाद, पोस्ट गंज निवासी हेमलता रानी के पति रोहित कुमार की चार माह पूर्व मृत्यु हो गई थी। वह अपनी ससुराल में ही रहती है। कुछ समय पहले वह अपने मयके चली गयी थी। इस बीच उसके ससुर दयाराम सिंह, जेठ यशवीर सिंह, जेठानी रुकमणी और रुकमणी के पिता वीर सिंह ने मिलकर उसकी भूमि, संपत्ति, जेवरात आदि पर कब्जा जमा लिया। बकौल हेमलता मामले की जानकारी उसे ससुराल लौटने पर हुई।

परिजनों संग पीड़ित विधवा हेमलता

जमीन कब्जाई, जान की धमकी- गुरुवार को थाना शहर कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में हेमलता ने बताया कि ससुरालियों ने उसके पति रोहित की नई ई-रिक्शा को बेच दिया। यही नहीं उसके पति के हिस्से की 6 बीघा जमीन पर कब्जा कर उसमें खड़ी 4.5 बीघा गन्ने की फसल और 1.5 बीघा धान की फसल भी कब्जा ली। विधवा महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर सोने-चांदी के जेवरात छीन लिए। अब मामले की शिकायत पुलिस से करने पर उसे व उसके एक वर्षीय पुत्र को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। महिला ने बताया कि चार दिन पूर्व वह हिम्मत कर अपने मायके पक्ष के लोगों को साथ लेकर गंज चौकी पहुंची। आरोप है कि चौकी इंचार्ज अनिल कुमार ने मदद करना तो दूर की बात उल्टा उसे ही किसी लफड़े में न पड़ने की सलाह दे डाली। थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र वशिष्ठ ने मामले में पूर्ण सहयोग के आश्वासन के साथ ही जांच महिला सशक्तिकरण सेल को सौंप दी है।

ग्राम प्रधान ने कहा दिलाएंगे न्याय- ग्राम प्रधान तहजीब अहमद ने कहा कि उनके समक्ष यह मामला आया है। वह अपने स्तर से पूरा प्रयास करेंगे कि अबोध बालक व उसकी विधवा मां को न्याय मिल सके। इसके लिए वह गांव के संभ्रांत लोगों का भी सहयोग लेंगे।

फर्जी मार्कशीट और 12 साल से आंगनबाडी कार्यकत्री

12 साल से कक्षा 8 की फर्जी मार्कशीट के आधार पर तैनात है आंगनबाडी कार्यकत्री। डीएम से शिकायत। जांच के आदेश।

बिजनौर। कक्षा 8 की फर्जी मार्कशीट के जरिए 12 साल से आंगनबाडी में कार्यकत्री के पद पर कार्यरत एक महिला की शिकायत जिलाधकारी से की गई है। मामला विकास खण्ड आकू नहटौर अंतर्गत मिर्जापुर के प्राईमरी स्कूल का है। जिलाधकारी ने शिकायत के साथ पेश कागजात की जांच करा कर आवश्यक कार्यवाही की बात कही है।

ग्राम मिर्जापुर विकास खण्ड ऑकू नहटौर तहसील धामपुर जिला बिजनौर निवासी अय्यूब पुत्र शकूर व अय्युम पुत्र अकबर ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा। आरोप लगाया कि नसीमा पत्नी जरीस निवासी मिर्जापुर विकास खण्ड ऑकू नहटौर तहसील धामपुर ने कक्षा 8 की फर्जी मार्कशीट अनिसा पत्नी जरीश के नाम से बनवा रखी है। साथ ही बताया कि नसीमा करीब 2010 से आंगनबाडी में कार्यकत्री के पद पर मिर्जापुर के प्राईमरी स्कूल मे कार्यरत है। यही नहीं अब इसने आधार कार्ड भी अनिसा के नाम का ही बनवा लिया है, जबकि ग्राम पंचायत वोटर लिस्ट में नसीमा पत्नी जरीश नाम अंकित है। विधान सभा लिस्ट में भी नसीमा पत्नी जरीश नाम अंकित है। शिकायतकर्ताओं ने उक्त फर्जी मार्कशीट की जाँच कराने तथा उसे कार्यकत्री के पद से हटाने की मांग की। जिलाधकारी ने शिकायत के साथ पेश कागजात की जांच करा कर आवश्यक कार्यवाही की बात कही है।

खुलासा: हंसी मजाक, गालियां बनी शमला की हत्या का कारण!

बिजनौर। पुलिस ने शमला हत्याकांड का खुलासा करते हुए उसी के गांव के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हंसी मजाक में टिप्पणी करने पर शमला ने गालियां दे दी थी। इससे नाराज होकर उसकी हत्या कर दी गई।

मंगलवार दोपहर एएसपी सिटी प्रवीण रंजन ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि 22 जुलाई को समय करीब 09.00 बजे शमला (उम्र करीब 54 वर्ष) पत्नी मान सिंह निवासी सुफपुर हमी उर्फ हमीदपुर थाना कोतवाली शहर जंगल में लेने गयी थी। 23 जुलाई को शमला का शव जंगल ग्राम हमीदपुर में ईख के खेत में मिला। मृतका के पुत्र की तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली शहर में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दमाने से मृत्यु होना पाया गया।

उन्होंने बताया कि मुखबिर की सूचना पर थाना कोतवाली शहर पुलिस ने 25 जुलाई को शाम करीब सात बजे चैकिंग के दौरान अभियुक्त हेमेन्द्र प्रधान उर्फ चुहिया (46 वर्ष) पुत्र रघुनाथ सिंह निवासी ग्राम युसुफपुर हमीद उर्फ हमीदपुर को मंडावर रोड से आरटीओ ऑफिस की तरफ जाने वाले तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त की निशादेही पर मालन नदी के किनारे खड़ी झाड़ियों से शमला की चप्पल व दराती बरामद की गयी। पूछताछ में हेमेन्द्र प्रधान उर्फ चुहिया ने बताया कि 22 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे वह अपने घर से जंगल के लिये जा रहा था। रास्ते में गांव के ही महेन्द्र के खेत के पास उसी के गांव की रहने वाली शमला दिखाई दी। जब शमला उसके बराबर से निकल रही थी तो उसने शमला के ऊपर हंसी मजाक में गलत टिप्पणी कर दी। उसकी इसी बात पर शमला उस पर आग-बबूला हो गयी तथा गालियां देने लगी। गांव में बदनामी तथा गाली-गलौच के कारण आवेश में आकर उसने शमला के पीछे से उसके गले में हाथ डालकर उसे ईख के खेत में अंदर खींच लिया तथा शमला की गला दबाकर हत्या कर दी। गन्ने के खेत से बाहर पड़ी शमला की चप्पल व दराती को पास में ही नदी के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया तथा वहां से भाग गया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार वशिष्ठ, उपनिरीक्षक सुनील कुमार, सुभाष धनखड़, कांस्टेबल हरेन्द्र का विजय कुमार, आकाश का अमित शामिल रहे।

श्रेय बटोरने के लिए अवनीश अवस्थी ने कराई राज्य सरकार की किरकिरी!

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की राजनीतिक कर्मस्थली उरई चढ़ी अफसरशाही की भेंट।

उरई (जालौन)। प्रधानमंत्री द्वारा उदघाटन के 5 दिन बाद ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस ₹-वे के क्षतिग्रस्त होने के वायरल वीडियो से राज्य सरकार की जो जबरदस्त किरकिरी हुई है। उसका ठीकरा यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी के सिर फोड़ा जा रहा है, जो अफसरशाही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाक के बाल माने जाते हैं। खास बात यह भी है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की राजनीतिक कर्मस्थली भी है उरई।

विवादों से रहा है गहरा नाता- अवनीश अवस्थी शुरू से विवादों के केंद्र में रहे हैं. कोरोना काल में भी उन पर जम कर उंगलियां उठी थी पर जैसे-जैसे उनकी आलोचना बढ़ती गयी वैसे-वैसे उनके लिए मुख्यमंत्री का समर्थन गहराता गया. यहां तक कहा जाने लगा कि सत्ता संचालन के सारे सूत्र नेपथ्य में अवनीश अवस्थी के ही हाथ में कैद हो गए हैँ. केंद्र तक इसकी ख़बरें पहुंची पर मुख्यमंत्रीका उन पर भरोसा इसके वाबजूद नहीं डिगा.

उद्घाटन कराने की हड़बड़ी? बताया जाता है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए निर्धारित समय में 8 महीने का टाइम बकाया था पर अपनी सेवा निवृति के पहले इसका उदघाटन कराने के लिए उतावले अवनीश अवस्थी ने हड़बड़ी में इसकी आयोजना कर डाली, जिसका नतीजा सामने है।

आधे अधूरे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के कारण पहली बरसात में ही इसमें जालौन क्षेत्र में छिरिया सलेमपुर के पास दरार आ गयी, जिसके कारण दो कार और एक बाइक दुर्घटना की शिकार हो गयी। इससे राज्य सरकार की फ़जीहत हो रही है। इसके विपरीत प्रभाव प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि पर भी पड़ रहे हैं। विरोधी नेताओं ने नहीं भाजपा सांसद वरुण गांधी ने भी इसे ले कर सरकार को आड़े हाथों लिया है।

लीपापोती कर दूसरे पर टाला- उधर अवनीश अवस्थी हमेशा की तरह इसकी लीपापोती कर अपनी जवाबदेही दूसरे पर डालने की जुगत में जुट गए हैं। देखना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार फिर उनके झांसे को झटक पाते हैं या नहीं? इसी बीच यूपीडा के अभियंताओं ने क्षतिग्रस्त सडक और पुलिया की मरम्मत करा कर यातायात को सुचारु बना देने का दावा किया है।

साभार- केपी सिंह जालौन टाइम्स

जनपद बिजनौर में समाचार, विज्ञापन एवं एजेंसी के लिए संपर्क करें, ब्यूरो चीफ सतेंद्र सिंह 8433047794

4 शातिर चोर गिरफ्तार कर बिजनौर पुलिस ने बरामद किये 10 लाख के मोबाइल लैपटॉप

चोर गैंग गिरोह का पर्दाफाश। 04 शातिर चोर गिरफ्तार कर बिजनौर पुलिस ने बरामद किये 10 लाख के मोबाइल व लैपटॉप

बिजनौर। स्वाट/सर्विलांस टीम व थाना कोतवाली नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 4 शातिर चोरों को गिरफ्तार कर चोरी किये गये भिन्न-भिन्न कम्पनी के 52 मोबाइल फोन, 02 लैपटॉप (कुल कीमत करीब 10 लाख रुपए व अवैध शस्त्र बरामद किए हैं। एसपी दिनेश सिंह ने प्रेस वार्ता कर चोर गैंग गिरोह का पर्दाफाश किया।

गौरतलब है कि जनपद बिजनौर के एसपी दिनेश सिंह द्वारा चोरी आदि की घटनाओं की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) डॉ प्रवीन रंजन सिंह व क्षेत्राधिकारी नगर अनिल कुमार के निकट पर्यवेक्षण मे स्वाट/सर्विलांस टीम व थाना कोतवाली नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुखबिर की सूचना पर चैकिंग के दौरान थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के बाईपास रोड रेलवे फाटक के पास ग्राम बक्शीवाला से अभियुक्त शावेज, आदिल, कासिफ और खालिद को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों को भिन्न-भिन्न कम्पनी के 52 मोबाइल फोन, एचपी कम्पनी के 02 लैपटॉप, 02 अवैध तमन्चे 315 बोर मय 02 जिन्दा कारतूस और 02 चाकू नाजायज सहित गिरफ्तार किया गया है।

घूम कर करते हैं रैकी- अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे सभी मेरठ, बिजनौर व आसपास के जनपदों में घूम-घूम कर रेकी करके अलग अलग जगहों से मोबाईल व लेपटॉप चोरी करते हैं और धामपुर में दुकान चलाने वाले अपने साथी खालिद को बेचते हैं।

जनपद बिजनौर में समाचार, विज्ञापन एवं एजेंसी के लिए संपर्क करें, ब्यूरो चीफ सतेंद्र सिंह 8433047794

भाई को फंसाने के लिए खुद को मारी थी गोली, पहुंचा जेल

307 का झूठा केस दर्ज कराने वाले व्यक्ति को पुलिस ने भेजा जेल

बिजनौर। स्योहारा थाना क्षेत्र में भाई को फंसाने के लिए अपने आप खुद को गोली मारने वाले को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पुलिस ने विवेचना उपरांत षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए बताया कि आरोपी अपने ही भाई से आपसी रंजिश रखता था।

स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम सेलाखेड़ी निवासी सूरजभान पुत्र हीरा सिंह के बीती 24 जून को बिजनौर तारीख से लौटते समय गांव के नजदीक एक ट्यूबेल के पास गोली लग गई थी। जिसमें सूरजभान गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना से पुलिस प्रशासन व परिजनों में कोहराम मच गया था। घायल अवस्था में सूरजभान को स्योहारा सीएचसी पर भर्ती कराया गया था। जहां पर सूरज भान ने पुलिस को बताया था कि उसका भाई सुरेंद्र उससे रंजिश रखता है और उसने ही बिजनौर से लौटते समय उसके गोली मारी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी, जिसमें घटना झूठी पाई गई। थानाध्यक्ष राजीव चौधरी ने बताया कि मुकदमा अपराध संख्या 240 / 22 धारा 307 आईपीसी में संबंधित सूरजभान पुत्र हीरा सिंह ने पंजीकृत कराया था। विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि सूरजभान द्वारा निजी स्वार्थ के लिए अपने भाई सुरेंद्र को फंसाने के लिए झूठा मुकदमा लिखाया गया था। विवेचना के दौरान धारा 307 आईपीसी की घटना का होना नहीं पाया गया। घटना पूर्णतया झूठी साबित हुई है अतः आरोपी सूरजभान पुत्र हीरा सिंह को धारा 195. 211 आईपीसी के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय बिजनौर भेजा गया है।

दो शातिर पशु चोर पुलिस ने दबोचे, दो फरार

पुलिस के हत्थे चढ़े दो शातिर पशु चोर, दो फरार। गिरफ्तार बदमाशों पर मुजफ्फरनगर व बिजनौर थाना कोतवाली में दर्ज हैं दर्जनों मुकदमे। 90,000/- रुपए नकद के साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की महिन्द्रा पिक-अप गाडी  भी बरामद। दो फरार बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस।

बिजनौर। पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह द्वारा पशु चोरी /अन्य चोरी की घटनाओं की रोकथाम हेतु अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) डॉ प्रवीन रंजन  सिंह व क्षेत्राधिकारी नगर अनिल कुमार के कुशल पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर चैकिंग के दौरान सेन्ट मेरीज चौराहे से दिनांक 17/18 जुलाई 2022 की अर्द्धरात्रि में दो अभियुक्तों बिल्ला उर्फ गुड्डु (उम्र करीब 32 वर्ष) पुत्र यासीन कुरैशी व शौकीन (उम्र 30 वर्ष) पुत्र शानू उर्फ मुस्तकीम कुरैशी निवासीगण जमाईपुरा बघरा थाना तितावी जनपद मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से 02 अवैध तमन्चे 315 बोर मय 02 जिन्दा कारतूस बरामद हुए हैं। गिरफ्तार बदमाशों पर मुजफ्फरनगर व बिजनौर थाना कोतवाली में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस लाइंस सभागार में मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) डॉ प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि बदमाशों के दो साथी शादाब पुत्र शानू उर्फ मुस्तकीम कुरैशी व आसिफ पुत्र ईनाम कुरैशी निवासीगण जमाईपुरा बघरा थाना तितावी जनपद मुजफ्फरनगर अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी से उतरकर फरार होने में कामयाब हो गए, जिनकी शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे है। अवैध शस्त्र बरामदगी के सम्बन्ध में थाना कोतवाली शहर पर मु0अ0सं0 453/22 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट बनाम बिल्ला उर्फ गुड्डु व मु0अ0सं0 454/22 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट बनाम शौकीन पंजीकृत किया गया है।

पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया- कि वे सभी बिजनौर तथा आसपास के जनपदों में रेकी कर पशु (भैस, भैंसा आदि ) चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। चोरी किये गये पशुओं को पशु बाजार तथा राह चलते व्यक्तियों को बेचकर अच्छा खासा पैसा कमा लेते हैं। करीब डेढ़ महीना पहले उन्होंने ग्राम जन्दरपुर से एक भैंसा (कटरा) चोरी किया था। उसके एक-दो दिन बाद मौ० कस्साबान से 02 भैंसा (कटरा) चोरी किये थे तथा करीब 10 दिन पहले सेंट मेरी चौराहे के पास से एक घर में से 02 भैंस तथा 01 भैंसा चोरी कर ले गये थे । चोरी किये गये उक्त सभी पशुओं को उन्होंने पशु बाजारों तथा राह चलते लोगों को बेच दिया था। इनके कब्जे से बरामद 90,000/- रुपये उसी के हैं। साथ ही महिन्द्रा पिक-अप गाडी (बिना रजिस्ट्रेशन नंबर) भी बरामद हुई है।  उक्त घटनाओं के सम्बन्ध में थाना कोतवाली नगर पर मु0अ0सं0 356/22 धारा 379 भादवि, मु0अ0सं0 425/22 धारा 380 भादवि व मु0अ0सं0 451/22 धारा 379 भादवि बनाम अज्ञात पंजीकृत है।

गिरफ्तार / बरामदगी करने वाली पुलिस टीम: प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार वशिष्ठ, उ0नि० मौ० क्य्यूम, उ0नि० जुगेन्द्र तेवतिया, कां० अमित कुमार, कां० अरविन्द कुमार, कां0 1333 सचिन कुमार, आरक्षी चालक राजीव खोखर

नशेड़ी युवक ने ही अपनी चाची को उतारा था मौत के घाट

बिजनौर। थाना नगीना देहात के ग्राम सत्तारवाला में नशेड़ी भतीजे ने ही अपनी चाची को मौत के घाट उतारा था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि नशेड़ी युवक द्वारा अपनी ही चाची को बुरी नियत से दबोच लिया गया था। विरोध करने पर समाज में बदनामी के डर से उसने गला काट कर अपनी चाची की हत्या कर दी थी। सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें रवाना कर दी थी। शनिवार को पुलिस ने हत्यारोपी भतीजे को गिरफ्तार करके जेल भेजने की कवायद शुरू कर दी है।

राम अर्ज एसपी ग्रामीण बिजनौर ने बताया कि थाना नगीना देहात के ग्राम सत्तारवाला निवासी वाजिद की पत्नी लगभग 5 माह पूर्व उसे छोड़ कर चली गई थी। इसके बाद वाजिद लगातार नशे में धुत रहने लगा। कल रात वाजिद अपनी छत पर सोया हुआ था कि उसके मन में हैवानियत आई। वह अपनी पड़ोसी चाची के घर में कूद कर पहुंचा और उसको बुरी नीयत से दबोच लिया। चाची हाजरा (65 वर्ष) ने जब इसका विरोध किया तो वाजिद ने धारदार हथियार से उस का गला काट दिया और फरार हो गया। सुबह सूचना मिलते ही मोहल्ले में वारदात से सनसनी फैल गई।

जानकारी पर सूचना पर पुलिस के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। हत्या की वारदात के खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया गया। शनिवार को बिजनौर स्वाट टीम व स्थानीय पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में आरोपी को त्रिलोकवाला तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर जंगल में छुपाया गया छुरा भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

मामले का खुलासा करने वाली टीम में थानाध्यक्ष रविन्द्र सिंह भाटी, उ0निरी0 अशोक कुमार, उ0निरी0 आशीष कुमार, उ0निरी0 मनोज कुमार, काां0 विनय कुमार, का0 अमित कुमार, का0 राजकुमार, का0 रोहित कुमार, का0 प्रदीप कुमार शामिल थे।

नगीना चुंगी भवन पर अवैध कब्जा कर बनाया मकान

अपनी संपत्ति हासिल करने को छटपटा रहा नजीबाबाद पालिका प्रशासन
-नगीना चुंगी भवन पर है बरसों से अवैध कब्जा
-कोर्ट के आदेश भी बेमानी साबित

बिजनौर। नजीबाबाद के ग्राम छापर मोहल्ला मुगलुशाह स्थित सरकारी चुंगी भवन से अवैध कब्जा हटाने में पालिका प्रशासन असहाय साबित हो रहा है। बताया गया है कि 14 अगस्त 2015 में इस पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा करके दो मंजिला भवन का निर्माण कर लिया। नगर पालिका नजीबाबाद प्रशासन तब से लगातार उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है परन्तु कब्जाधारकों में कानूनी कार्यवाई को लेकर भी कोई भय नहीं है।
जानकारी के अनुसार नजीबाबाद के ग्राम छापर मोहल्ला मुगलूशाह में सरकारी नगीना चुंगी का भवन जीर्णशीर्ण अवस्था में था। वर्ष 1995 में श्रीमती शकुरन ने न्यायालय सिविल जज जूनियर डिविजन नजीबाबाद में याचिका दायर कर उक्त भूमि पर अपना हक जताया था। अक्टूबर 1999 में न्यायालय द्वारा वाद खंडित कर दिया गया था। इसके बाद श्रीमती  शकुरन ने दिसम्बर 2015 में अनाधिकृत रूप से उक्त चुंगी भवन को नेस्तनाबूद कर पक्का निर्माण कार्य शुरू करा दिया था। पालिका प्रशासन तब से लेकर 14 अगस्त 2019 तक कई बार उक्त महिला को कब्जा हटाने को लेकर लिखित नोटिस दिया गया, उसके बावजूद अभी तक उस पर अवैध कब्जा बना हुआ है।

यह भी विदित है कि 5 सितम्बर 2019 को थाना नजीबाबाद के तत्कालीन वरिष्ठ उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह द्वारा पालिका प्रशासन से उक्त चुंगी चौकी नगीना के सम्बंध में जानकारी हासिल की गई थी। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी ने 9 सितम्बर 2019 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर उक्त मोहल्ला मुगलूशाह स्थित चुंगी चौकी को पालिका की सम्पत्ति बताते हुए, कहा कि उक्त संपत्ति के स्वामी पालिका परिषद है। यह भी बताया कि पालिका के सम्पत्ति रजिस्टर में खसरा नं- 226/18 पालिका सम्पत्ति के रूप में दर्ज है और उक्त सम्पत्ति को बेचने का अधिकार किसी को भी नहीं है। खास बात यह है कि इतने वर्ष बीतने के बावजूद पालिका प्रशासन के हाथ खाली हैं। अवैध कब्जाधारक ने अपनी पहुंच के चलते सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाया हुआ है और पालिका प्रशासन उसे हासिल करने के लिए छटपटा रहा है।


कार्रवाई कराएंगे एसडीएम- वहीं इस मामले में उपजिलाधिकारी नजीबाबाद मनोज कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला अभी आया है। उन्होंने एक माह पूर्व ही ज्वाइन किया है। वह पालिका प्रशासन से पता करेंगे कि अभी तक उक्त भूमि को कब्जा मुक्त क्यों नहीं कराया गया। आवश्यक हुआ तो न्यायालय की अवमानना का वाद भी दायर कराया जाएगा।

छात्रा से गंदी बात करते सुन लिया था बच्चे ने, इसलिए हैवान बना था टीचर!

👉Ⓜ️पटना के मसौढ़ी में एक कोचिंग टीचर ने 5 साल के बच्चे की थी बेहरमी से पिटाई, वीडियो वायरल होने पर टीचर गिरफ्तार, बच्चे की पिटाई की वजह सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। एक छात्रा के साथ गंदी बातें कर रहा था, जिसे इस छात्र ने देख सुन लिया था। इसी बात से नाराज़ होकर मासूम की बेरहमी से पिटाई की।

पटना। सोशल मीडिया पर पिछले दिनों वायरल वीडियो में छोटे बच्चे की पिटाई के आरोपी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बताया गया है कि राजधानी पटना में बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक शिक्षक छोटे बच्चे की बेरहमी से पिटाई करते दिख रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद पटना पुलिस ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एक टीम गठित किया और आरोपी शिक्षक को नालंदा जिले के तेल्हाड़ा से गिरफ्तार कर लिया। वह यहां डालने मामा के घर में छिपा हुआ था। आरोपी शिक्षक का नाम अमरकांत कुमार है, जो जहानाबाद जिले के घोषी थाना क्षेत्र का रहने वाला है।

2 जुलाई 2022 को पटना पुलिस को एक वीडियो मिला था। वीडियो में शिक्षक अपने ही संस्थान में पढ़ने वाले एक नाबालिग छात्र की बेरहमी से पिटाई करते दिख रहा था। पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की, तो मामला धनरूआ थाना क्षेत्र में स्थित जय पब्लिक स्कूल सह कोचिंग संस्थान का निकला। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

मानवजीत सिंह ढिल्लो एसएसपी पटना

पुलिस के हत्थे चढ़ा सर्राफ का लुटेरा

बिजनौर की स्वाट/सर्विलांस व थाना नजीबाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी। नजीबाबाद में सर्राफा की दुकान से सोना लूट कर अभियुक्त हुआ था फरार। लगातार तलाश में जुटी हुई थी पुलिस। पुलिस ने आरोपी को घटना में प्रयुक्त अवैध शस्त्र व नगदी सहित किया गिरफ्तार।

बिजनौर। जनपद बिजनौर की स्वाट/सर्विलांस व थाना नजीबाबाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कस्बा नजीबाबाद में सर्राफ की दुकान से सोना लूटने वाले मुख्य अभियुक्त साबिर उर्फ बुड्ढा को घटना में प्रयुक्त अवैध शस्त्र व नगदी सहित गिरफ्तार किया है।


एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपी अभियुक्त 11/06/2022 को कस्बा नजीबाबाद स्थित बिंदु पत्नी अरुण की सर्राफा की दुकान से सोना लूट कर फरार हो गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी को घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा और नगदी सहित गिरफ्तार कर लिया है। घटना को अंजाम देने वाले उसके एक अन्य साथी को पुलिस तलाश रही है। दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के भोपाल के रहने वाले हैं औऱ वहीं जाकर लूट का सोना बेच दिया था। एक अन्य वारदात को अंजाम देने के लिए अभियुक्त नजीबाबाद पहुंचा था।

वन विभाग ही दे रहा कटान माफिया को संजीवनी!

बिजनौर। पर्यावरण की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग के कंधों पर है, उसी विभाग के अफसरों को उन पेड़ों की पहचान नहीं है। जिन्हें 10 साल का बच्चा भी पहचान ले। …या यह कहें कि वन माफियाओं को संरक्षण देने के लिए वन अफसर इन पेड़ों की पहचान नहीं करना चाहते। ऐसा ही नजारा उस समय देखने को मिला जब माफियाओं ने आम व शीशम के हरे-भरे पेड़ काट डाले। मामले ने तूल पकड़ा तो वन दरोगा को मौके पर भेजा गया लेकिन वहां कटे पड़े आम व शीशम के पेड़ों को यूकेलिप्टिस व सिम्बल के पेड़ बताकर माफियाओं को संजीवनी दी जाने लगी। अब देखने वाली बात होगी कि जिला स्तर के अधिकारी इन पेड़ों की पहचान कर पाते हैं या नहीं।


शेरकोट में थाने से चंद दूरी पर ईदगाह के निकट एक आम का बाग है। इसमें शीशम, जामुन आदि के पेड़ भी खड़े हैं।  बताया जाता है कि धामपुर निवासी एक माफिया ने आम के इस हरे भरे बाग पर आरी चलवा दी। सूत्रों का कहना है कि लगभग 50 आम व शीशम आदि के पेड़ों को काटा जा चुका है। इनमें से कुछ पेड़ तो ढो लिए लेकिन कई पेड़ अभी भी मौके पर ही पड़े हुए हैं। शुरूआत में तो वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस बारे में कुछ पता नहीं चल सका या यह कहें कि जानकर अंजान बने रहे लेकिन जब मामले ने तूल पकड़ा तो वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक पेड़ काटने व कटवाने वाले तो चंपत हो चुके थे लेकिन कटे हुए पेड़ मौके पर थे।

वन दरोगा का दावा आम व शीशम नहीं- वन विभाग इस मामले में माफियाओं पर क्या कठोर कार्यवाही करेगा, जब इस संबंध में रेंजर से बात की गई तो लोगों का वो अंदेशा बिल्कुल सच साबित होता दिखा, जिसमें यह कटान का कार्य माफियाओं और वन अफसरों की मिली भगत से होना जताया जा रहा था। रेंजर का दावा है कि मौके पर वन दरोगा लक्ष्मीचंद को भेजा गया था। उनके मुताबिक आम व शीशम नहीं बल्कि यूकेलिप्टिस और सिम्बल के पेड़ों को काटा गया है।

जिस जगह से आम व अन्य कई प्रजातियों के पेड़ काटे गए हैं, वह शमशान घाट की भूमि है। सरकारी भूमि से पेड़ काटने से पहले वन विभाग की ओर से मूल्यांकन कराया जाता है और उसके बाद नीलामी प्रक्रिया पूरी कर पेड़ काटे जाते हैं। इन पेड़ों को काटने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया। सरकारी भूमि पर पेड़ काटने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया जिस कारण यह कटान पूरी तरह अवैध है। अगर यह भूमि ग्राम पंचायत के अधीन आती है तो ग्राम प्रधान और अगर नगरीय क्षेत्र में आती है तो ईओ इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराएंगे।
डा. अनिल कुमार पटेल
डीएफओ बिजनौर

अवैध खनन: थानेदार समेत छह पुलिस कर्मी लाइनहाजिर

अवैध खनन में नप गए थानेदार, पांच अन्य पर भी गिरी गाजडीआईजी मुरादाबाद की स्पेशल टीम ने पकड़ा था अवैध खनन। मौके से पकड़े गए थे आठ आरोपी। बरामद की गई थीं दो जेसीबी और सात डंपर।

बिजनौर। अवैध खनन को लेकर पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। तीन दिन पहले डीआईजी मुरादाबाद की स्पेशल टीम द्वारा स्योहारा थाना क्षेत्र के सहसपुर में जारी अवैध खनन को रंगे हाथों पकड़ने के बाद मामले की जांच चल रही थी। मंगलवार को एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने स्योहारा थानाध्यक्ष आशीष कुमार, सब इंस्पेक्टर ओमकार सिंह व सब इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र पंवार के अलावा कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल यशवीर राठी, कांस्टेबल सतेन्द्र सिंह व कांस्टेबल अंकित शर्मा को लाइनहाजिर कर दिया।  नजीबाबाद कोतवाली में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक राजीव चौधरी को स्योहारा थाने की कमान सौंपी गई है।

गौरतलब है कि मुरादाबाद पुलिस की स्पेशल टीम ने बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन के धंधे पर शुक्रवार रात छापा मारा था। गोपनीय ढंग से की गई कार्रवाई में टीम ने मौके से आठ लोगों को हिरासत में लेने के साथ ही दो जेसीबी और सात डंपर कब्जे में ले लिए थे। डीआईजी शलभ माथुर ने इस स्पेशल टीम का गठन बिजनौर पुलिस के अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत पर किया था। डीआईजी का कहना था कि रिपोर्ट आने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मुरादाबाद रेंज के बिजनौर जनपद के स्योहारा थाना क्षेत्र के सहसपुर में रात में अवैध खनन किया जा रहा था। जेसीबी और डंपर के जरिये इस धंधे को अंजाम दिया जा रहा था। इससे क्षेत्र के लोग काफी परेशान थे। उन्होंने इस मामले की शिकायत स्योहारा थाने से लेकर बिजनौर में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों तक की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ितों ने मुरादाबाद पहुंचकर डीआईजी शलभ माथुर से शिकायत की। डीआईजी ने बिजनौर पुलिस को अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। आरोप है कि बावजूद इसके बिजनौर पुलिस ने कुछ नहीं किया। लोगों ने दोबारा डीआईजी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।

इस पर डीआईजी ने एएसपी सागर जैन के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर स्योहारा क्षेत्र में कार्रवाई के लिए भेज दिया। एएसपी स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना ही शुक्रवार रात अपनी टीम लेकर स्योहारा में अवैध खनन किए जाने वाली साइट पर पहुंच गए। टीम ने छापा मार कर अवैध खनन कर रहे गोलू, रईस, नीशू पाल, फैजान, रवींद्र, महबूब और सलीम को पकड़ा जबकि दो लोग मौके से भाग निकले। टीम ने मौके से दो जेसीबी, सात डंपर और एक बाइक जब्त की। कार्रवाई के बाद बिजनौर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर स्योहारा थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने पकड़े गए आरोपी और वाहनों को पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया। टीम ने एक रिपोर्ट बना कर डीआईजी शलभ माथुर को सौंपी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

सीएससी सेंटर संचालक लूट का खुलासा, चार गिरफ्तार

बिजनौर। नूरपुर क्षेत्र में 6 जून को सीएससी सेंटर संचालक के साथ हुई लूट का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक फरार है। पुलिस ने उनके पास से लूटा गया सामान व अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक देहात राम अर्ज ने सोमवार दोपहर पुलिस लाइन सभाकक्ष में प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि रविवार देर रात नूरपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गोहावर नहर के पुल के पास जंगल में लूट की योजना बना रहे मोहित उर्फ रेंचो पुत्र संजय, गणेश दत्त शर्मा उर्फ जानू पुत्र दीपक शर्मा, जीशान उर्फ फैजान उर्फ टुल्ली पुत्र शौकीन निवासीगण ग्राम बिशनपुर धुंधली थाना स्योहोरा तथा कार्तिक उर्फ कशिश पुत्र रवि कुमार निवासी ग्राम खानपुर बिल्लौच थाना नूरपुर को मौके से गिरफ्तार किया। आरोप है कि खुद को घिरता देख इन्होंने पुलिस पार्टी पर फायरिंग भी की। पुलिस ने इनके पास से दो तमंचे, चाकू व कारतूस भी बरामद किए। साथ ही 35400 रूपए, लैपटॉप, थंब मशीन व दो मोबाइल भी इनके पास से मिले। पुलिस पूछताछ में इन्होंने खुलासा किया कि 6 जून को इन्होंने अपने एक अन्य साथी विशाल उर्फ शानू के साथ मिलकर जन सेवा केंद्र संचालक से एक लाख की नकदी, लैपटॉप व थंब मशीन आदि लूटे थे। पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी। एएसपी देहात ने बताया कि गिरफ्तार चारों अभियुक्तों का अपराधिक इतिहास है। इन पर नूरपुर थाने में कई कई मुकदमे दर्ज है।

ठेकेदार ने हड़प लिया पंचायत घर का सरिया!

ठेकेदार ने हड़प लिया पंचायत घर का सरिया!

बिजनौर। ग्राम पंचायत अब्दुलपुर मुन्ना उर्फ हादरपुर पंचायत घर के मामले में ग्राम पंचायत सचिव मोहित कुमार ने ठेकेदार कासिम पर सरिया चोरी का आरोप लगाया है। थाना शहर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि नए भवन के निर्माण के लिए जीर्णशीर्ण पड़े पंचायत घर को तोड़ना जरूरी था। इसके लिये टिकोपुर निवासी ठेकेदार कासिम को कहा गया था, लेकिन उसकी नीयत में खोट आ गई।

वहीं बताया गया है कि इस मामले में ग्रामीणों, सचिव तथा राशन डीलर आदि के दबाव में आकर ठेकेदार कासिम ने चोरी किया हुआ सरिया हादरपुर में बने सरकारी स्कूल में रखवा दिया। राशन डीलर नरेंद्र कुमार का कहना है ठेकेदार कासिम के लोग सरिये को ठेले में भरकर कहीं ले जा रहे थे। पूछने पर बताया उक्त सरिया ठेकेदार ने मंगाया है। उस दौरान उनके साथ कई ग्रामीण भी मौजूद थे। इस मामले में ग्राम सचिव मोहित कुमार ने थाना कोतवाली शहर पुलिस को तहरीर भी दी है। दूसरी ओर ग्राम प्रधान ने मामले की जानकारी होने से इंकार किया है।

विकास कार्यों में धांधली पर दो पंचायत सचिव निलंबित

विकास कार्यों में धांधली पर दो पंचायत सचिव निलंबित
बिजनौर (रोहित चौधरी)। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों के भ्रष्टाचार की पोल दिन-प्रतिदिन खुलती ही जा रही है। ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव अपनी तिजोरी भरने के चक्कर में विकास कार्यों के लिए शासन से आई रकम को डकारने में लगे हुए हैं। निरीक्षण के दौरान कई बार ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों पर गाज भी गिर चुकी है।


ताजा मामला हल्दौर विकास खंड की ग्राम पंचायत मुकरंदपुर व बल्दिया का है। डीपीआरओ ने विकास कार्यों में घोर अनियमितताएं बरते जाने पर मुकरंदपुर के पंचायत सचिव विनीत कुमार को निलंबित कर दिया, तो वहीं ग्राम प्रधान के अधिकार सीज करने की बात कही गई है। इसके अलावा डीपीआरओ सतीश कुमार को हल्दौर विकास खंड की ग्राम पंचायत बल्दिया में भी ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव द्वारा विकास कार्यों में धांधली मिली। इसे लेकर उन्होंने ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए एवं पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। डीपीआरओ ने बताया कि लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी निरीक्षण का दौर जारी रहेगा। डीपीआरओ की इस कार्यवाही से ग्रामीणों में खुशी देखने को मिली है।

भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबे हैं ग्राम पंचायत सचिव-
सूत्रों की मानें तो जनपद में कई ग्राम प्रधान व कई ग्राम पंचायत सचिव भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबे हैं। विकास कार्यों में कमीशन लेना तो मानों उनके बाएं हाथ का काम हो। बताया तो यहां तक जाता है कि बिना कमीशन के वह किसी ठेकेदार को कोई काम नहीं देते हैं।

गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री! संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की खिसक जाएगी जमीन

गांव नहीं अपने विकास में जुटे सेक्रेट्री! संपत्ति की हो जाए जांच तो धनकुबेरों के पैरों तले की जमीन जाएगी खिसक। आलीशान बंगलों जमीन जायदाद के हैं मालिक। सत्ता के गठजोड़ से चलता रहता है पूरा मामला। पेट्रोल पंप तक के मालिक हैं गांवों के खेवनहार। फर्जी बिल, बैक डेट के विज्ञापन ही नहीं बैंकों तक मे खुलवा लिए फर्जी खाते। अखबारों के असली मालिक तक होंगे अनजान। प्रधान बेचने लगे घर से निर्माण सामग्री।

बिजनौर (रोहित चौधरी)। जिले में ग्राम पंचायतों का विकास कार्यों को लेकर बुरा हाल है। पंचायतों को शासन से विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये मिले। ..लेकिन अधिकारी जमीनी हकीकत देखकर हैरान हैं। अधिकारियों को निरीक्षण में गड़बड़ी मिली। इस मामले में कोतवाली ब्लॉक के चार ग्राम विकास अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं। ग्राम विकास अधिकारियों पर ड्यूटी से नदारद रहने व विकास कार्यों के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के आरोप रहे।


जिले में 11 ब्लॉक हैं, इनमें कोतवाली ब्लॉक सबसे अधिक क्षेत्रफल वाला ब्लॉक है। इसमें सबसे अधिक 149 ग्राम पंचायत हैं। प्रशासन को कोतवाली ब्लॉक की पंचायतों में अनियमितताओं की सबसे अधिक शिकायत मिल रही थी। उपनिदेशक पंचायत व डीपीआरओ ने कोतवाली ब्लॉक की पंचायतों का निरीक्षण किया, जहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली। पंचायत सचिव ड्यूटी से नदारद थे। गली मोहल्लों में कूड़े के ढेर मिले। सड़कों व रास्तों में गंदगी फैली थी। दूषित पानी से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई गई। पानी निकासी के नाले व नाली गंदगी से अटे मिले। सचिवालय में कामकाज ठप मिला। सामुदायिक शौचालय में ताले लटके मिले। प्रधानों द्वारा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में दिलचस्पी नहीं लेने के आरोप लगे। इस बिना पर कोतवाली ब्लॉक के चार पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया। गांवों में ये हुए हैं विकास कार्य
ग्राम पंचायतों में पंचायत घरों का जीर्णोद्धार हुआ। जहां पंचायत घर नहीं थे वहां नए पंचायत घर बने। सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ। मुख्यमंत्री की ग्राम सचिवालय मॉडल योजना में सचिवालय बने। बरसाती व घरेलू पानी की निकासी के लिए नाले व नाली बने। सीसी रोड बनीं। अंत्येष्टि स्थल बने। उपनिदेशक पंचायत पंचायतों के निरीक्षण में यह देखकर हैरान रह गए कि पंचायतों को विकास कार्यों के लिए करोड़ों की धनराशि आवंटित होने के बाद भी जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। निर्माण आधे अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों ने उपनिदेशक व डीपीआरओ के समक्ष आरोप लगाए कि सफाई कर्मचारी प्रधानों का निजी काम करते हैं। सफाई के लिए कहने पर बदसलूकी करते हैं। सचिव उनकी बात नहीं सुनते।ये ग्राम विकास अधिकारी हुए निलंबित
जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा के अनुसार निरीक्षण आख्या के आधार पर ग्राम पंचायत खुर्रमपुर खड़क की ग्राम विकास अधिकारी/ सचिव प्रियंका राजपूत, ग्राम पंचायत कनकपुर व फाजलपुर भारु में तैनात ग्राम विकास अधिकारी/ सचिव काकेंद्र कुमार सिंह, ग्राम पंचायत नूर अलीपुर भगवंत के ग्राम विकास अधिकारी/सचिव कमलकांत पाल, तथा ग्राम पंचायत महमूदपुर भांवता में नियुक्त ग्राम विकास अधिकारी/सचिव नंदराम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में प्रियंका राजपूत व काकेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक नहटौर, नंदराम सिंह ब्लॉक अफजलगढ़, कमलकांत पाल ब्लॉक नजीबाबाद से संबद्ध रहेंगे। सभी निलंबित ग्राम विकास अधिकारियों की आगे की जांच सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई। जांच अधिकारी को एक माह में आरोप पत्र जिला विकास अधिकारी को सौंपना है।

अब तक एक दर्जन से अधिक कर्मचारी हुए निलंबित
डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर पंचायतों की जमीनी हकीकत परखी जा रही है। पंचायतीराज विभाग के जिला व मंडल अधिकारी लगातार पंचायतों में विकास कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। जांच में खूब अनियमितता सामने आ रही हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार अब तक एक दर्जन से अधिक पंचायत सचिव व सफाई कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है। आठ सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हुई है। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में रुचि नहीं लेने पर ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं।

दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि, रोकी वेतनवृद्धि
कोतवाली ब्लॉक में एक और ग्राम विकास अधिकारी/ पंचायत सचिव की अनियमितताओं के आरोप में प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ वेतन वृद्धि रोक दी है। जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा ने बताया कि कोतवाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत उमरपुर बरखेड़ा में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी/ पंचायत सचिव विवेक देशवाल को उपनिदेशक की जांच में अनियमितता मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। साथ ही एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी है। डीडीओ के मुताबिक पंचायत में पंचायत घर का निर्माण दिसंबर 2021 से शुरू हुआ। जांच में अधूरा मिला। इसी तरह की अन्य अनियमितताएं मिली हैं।

चार लापरवाह ग्राम विकास अधिकारियों पर निलंबन का चाबुक

बिजनौर। ग्राम पंचायतों में सचिवालय और सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने पर चार ग्राम विकास अधिकारी निलम्बित कर दिए गए हैं। उप निदेशक पंचायत मुरादाबाद एवं डीपीआरओ सतीश कुमार के निरीक्षण में मिली लापरवाही के आधार पर जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा ने कार्रवाई की है।

गौरतलब है कि उप निदेशक पंचायत मुरादाबाद मंडल एसके सिंह व डीपीआरओ सतीश कुमार ने कोतवाली ब्लॉक की करीब एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया था। इस दौरान पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही मिली थी। लापरवाही बरतने पर महमूदपुर भावता के ग्राम विकास अधिकारी नंदराम सिंह, ग्राम पंचायत कनकपुर और फजलपुर भारू के ग्राम विकास अधिकारी काकेंद्र कुमार, खुर्रमपुर खड़क की ग्राम विकास अधिकारी प्रियंका राजपूत व नूरअलीपुर भगवंत के ग्राम विकास अधिकारी कमलकांत पाल को निलंबित किया गया है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत महमूदपुर भावता में शौचालय का निर्माण चार माह से किया जा रहा था, जबकि यह काम केवल दो माह में होना था। आंगनबाड़ी केंद्र के कायाकल्प का काम भी अधूरा पाया गया। कनकपुर के निरीक्षण में पंचायत भवन का निर्माण कार्य दो-तीन माह से बंद था। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायतों में किए जा रहे निर्माण कार्यो में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अलग अलग ब्लॉकों से संबद्ध- निलंबन अवधि में प्रियंका राजपूत व काकेंद्र कुमार सिंह, ब्लॉक नहटौर, नंदराम सिंह ब्लॉक अफजलगढ़, कमलकांत पाल ब्लॉक नजीबाबाद से संबद्ध रहेंगे। सभी निलंबित ग्राम विकास अधिकारियों की आगे की जांच सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को एक माह में आरोप पत्र जिला विकास अधिकारी को सौंपना है।

मई पड़ा भारी- माह मई के पहले हफ्ते में नजीबाबाद के एक मसाज सेंटर से आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने के बाद जेल पहुंचे ग्राम पंचायत अधिकारी मोहित डबास का निलंबन हो चुका है। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव सिकरेडा निवासी मोहित ग्राम पंचायत अधिकारी है और किरतपुर ब्लाक में तैनात है।

डिप्टी सीएम ने छापा मारकर पकड़ीं साढ़े 16 करोड़ की एक्सपायरी दवाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण के क्रम में शुक्रवार को डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन के गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान लगभग साढ़े 16 करोड़ रुपए की एक्सपायरी दवाईंयां मिलीं। इस पर उन्होंने फटकार लगाते हुए तीन दिन के अंदर संबंधित से रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि डिप्टी सीएम डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक प्रदेश के अस्पतालों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अस्पतालों में मिल रही अव्यवस्थाओं पर वो जिम्मेदारों को फटकार लगा रहे हैं। इसके साथ ही व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दे रहे हैं।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ट्वीट कर कहा है कि, ‘उत्तर प्रदेश मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन, गोदाम पहुंचकर वहां मानक अनुरूप दवाइयों की उपलब्धता व सप्लाई रिपोर्ट का औचक निरीक्षण कर प्रथम दृष्टया 16,40,33,033 रुपये की एक्सपायरी दवाएं पाई गईं। इसकी जांच हेतु समिति को जांच रिपोर्ट 3 दिनों में प्रस्तुत करने संबंधी आदेश दे दिए गए हैं।’

विदित हो कि, इससे पहले लोहिया अस्पताल में डिप्टी सीएम ने छापेमारी की थी, जहां पर लाखों रुपये की एक्सपायरी डेट की दवाईंया मिलीं थीं, जिसमें उन्होंने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।

दो बोतल दारू क्यों नहीं चढ़ी, गृह मंत्री से शिकायत

Viral News: दो बोतल शराब पीने के बाद भी जब नहीं चढ़ा नशा, गृह मंत्री को भेजी शिकायत

पीड़ित शख्स ने बताया कि दो बोतल शराब पीने के बाद भी उसको नशा नहीं हुआ। इस बात से वो नाराज था। वह चाहता है कि ऐसी धोखाधड़ी किसी और कस्टमर के साथ नहीं हो।

उज्जैन। एक तरफ शिवराज सिंह चौहान की सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ माफिया पर बुलडोजर चलाने जैसी कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं अब मध्य प्रदेश में शराब में मिलावट की बात भी सामने आई है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक शराबी ने राज्य के गृह मंत्री को शिकायत भेजी है। वह सबूत के तौर पर आबकारी थाने में शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा।

हैरान रह गए आबकारी अधिकारी

लोकेंद्र सेठिया को आबकारी थाने में देख आबकारी अधिकारी भी हैरान रह गए। बाद में अधिकारी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने 2 बोतल शराब पी लेकिन, फिर भी उसको नशा नहीं हुआ। उसने कहा कि ये शराब कैसी है, नशा नहीं हो रहा है? ठेकेदार पानी मिलाकर दे रहे हैं; ठेकेदारों पर कार्रवाई करो।

शराबी ने की ये मांग

दरअसल, लोकेंद्र सेठिया 12 अप्रैल को देशी शराब की दो बोतल पीने के बाद आबकारी विभाग में शिकायत करने पहुंचे थे। उसने शिकायत की थी कि इसमें नशा नहीं है, इसमें तो पानी मिला हुआ है। वह सबूत के तौर पर शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा था। उसने कहा कि यकीन नहीं हो तो शराब की जांच कर लें। ठेकेदार की तरफ से की गई इस धोखाधड़ी को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करो।

साभार – राहुल सिंह राठौड़: जी न्यूज़ डेस्क

9 मई ही है आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की वास्तविक जन्मतिथि

महापुरुषों की जन्मतिथि को लेकर अक्सर मत-विमत और मतभेद होते आए हैं। ऐसा ही एक मतभेद हिंदी के युग प्रवर्तक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भी हिंदी पट्टी में अरसे से चला आ रहा है। कुछ विद्वानों का मानना है कि आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि 6 मई है। कुछ विद्वान 5 मई या 15 मई को भी उनकी जन्मतिथि के रूप में मान्यता देते हैं। हालांकि अधिकतर विद्वान 9 मई को ही प्रामाणिक जन्मतिथि मानते-जानते हैं। यह अलग बात है कि आज के इंटरनेटिया ज्ञानी ‘गूगल बाबा’ और ‘विकीपीडिया’ ‘कुछ’ विद्वानों की मान्यता को बल देते हुए आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि 15 मई देश और दुनिया को बताते चले जा रहे हैं। वैसे भी, माना जाता है कि इन इंटरनेटिया ज्ञानियों को वास्तविक और प्रामाणिक तिथि से कोई लेना-देना नहीं होता। जिसने जो बता दिया वह हमेशा के लिए फीड कर दिया। हालांकि, बिना छानबीन और पुख्ता आधार के गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचाना अक्षम्य अपराध है।
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर उठे विवाद के मूल में भारतीय पंचांग के अनुसार उनकी जन्मतिथि का हर जगह लिखा होना है। भारतीय पंचांग के अनुसार, आचार्य द्विवेदी का जन्म वैशाख शुक्ल चतुर्थी संवत 1921 को हुआ था। तिथि का उल्लेख स्वयं आचार्य द्विवेदी ने भी किया है। भारतीय पंचांग के अनुसार की तिथि को अंग्रेजी कैलेंडर से परिवर्तित करने को लेकर ही जन्मतिथि को लेकर भ्रम पैदा हुआ।
जन्मतिथि के विवाद के आधार के रूप में आचार्य द्विवेदी का 13 मई 1932 को प्रयागराज से प्रकाशित होने वाले पत्र ‘भारत’ में प्रकाशित आचार्य द्विवेदी का वह पत्र ही उपयोग किया जाता रहा है। यह पत्र आचार्य द्विवेदी ने “भारत” के संपादक पंडित ज्योति प्रसाद मिश्र ‘निर्मल’ को लिखा था। दरअसल, 1932 में काशी से नए निकलने वाले पाक्षिक ‘जागरण’ के प्रस्ताव पर आचार्य द्विवेदी की 68 वीं वर्षगांठ देश के कई नगरों में धूमधाम से मनाई गई थी। इस संबंध में ‘कृतज्ञता ज्ञापन’ के लिए आचार्य द्विवेदी ने स्वयं एक पत्र भारत के संपादक पंडित ज्योति प्रकाश मिश्र ‘निर्मल’ को लिखा। कहा जाता है कि इस पत्र को प्रकाशित करते समय मुद्रण की गलती से 9 मई की जगह 6 मई प्रकाशित हो गया। या बाद के वर्षों में आचार्य द्विवेदी का वह पत्र प्रकाशित करने में दूसरे पत्र या पत्रिकाओं में मुद्रण की गलती से 9 मई की जगह 6 मई टाइप हो गया। यह गलती ही आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भ्रम पैदा करने में सहायक सिद्ध हुई।
कुछ विद्वान मानते हैं कि अपने समय की महत्वपूर्ण मासिक पत्रिका सरस्वती का संपादन करते हुए 10 करोड़ हिंदी भाषा-भाषियों का साहित्यिक अनुशासन करने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर हिंदी वालों में कई मतभेद और भ्रम जानबूझकर पैदा किए गए हैं। अपने समय के कुछ विद्वानों ने अपनी बात को मनवाने के लिए ही अपनी- अपनी अंग्रेजी तिथियों पर जोर देना शुरू किया। विद्वानों की इसी अखाड़ेबाजी से हिंदी भाषा भाषी समाज में आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भ्रम बढ़ता गया और इसे दूर करने की कोशिशें न के बराबर ही हुईं। आचार्य द्विवेदी के बाद सरस्वती का संपादन का भार संभालने वाले पंडित देवी दत्त शुक्ल के पौत्र और प्रयागराज निवासी पंडित वृतशील शर्मा भी 9 मई को ही मान्यता देते हैं। आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि को लेकर उठे विवाद से वह अपने को आज तक आहत महसूस करते हैं। उनका कहना है कि आचार्य जी की जन्म तिथि से जुड़ा यह विवाद निर्मूल और अकारण है।
वर्तमान में हिंदी समालोचना के सशक्त हस्ताक्षर एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष आचार्य डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित 9 मई को ही आचार्य द्विवेदी की वास्तविक और प्रामाणिक जन्मतिथि मानते हैं। इस लेखक से उन्होंने स्वयं यह बात अधिकार पूर्वक कहीं की सब लोग 9 मई को जन्मतिथि मानने की बात पर सहमत हैं। वह कहते हैं कि आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि से जुड़े विवाद के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए उन्होंने स्वयं कई किताबों का अध्ययन किया और पाया कि 9 मई ही आचार्य द्विवेदी की प्रामाणिक जन्मतिथि है क्योंकि अपने कृतज्ञता ज्ञापन में भी उन्होंने 9 मई का ही उल्लेख किया है।
आचार्य द्विवेदी पर शोधपरक पुस्तक ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी’ लिखने वाले रायबरेली के साहित्यकार केशव प्रसाद बाजपेई की मान्यता भी 9 मई पर ही केंद्रित है। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति द्वारा पिछले 11 वर्षों से प्रकाशित की जा रही स्मारिका ‘आचार्य पथ-2021’ के अंक में प्रकाशित अपने लेख में श्री बाजपेई कहते हैं कि जन्मतिथि के विवाद के निराकरण के लिए सबसे उपयुक्त उपाय संवत 1921 के पंचांग को देखने से जुड़ा था। इस विषय में खोजबीन करने पर पता चला है कि सन 1864 में 10 मई को हिंदू पंचांग के अनुसार संवत 1921 के वैशाख मास की पंचमी तिथि थी और दिन मंगलवार था। इस दिन आदि गुरु शंकराचार्य जी की जयंती पड़ी थी। उसके अनुसार वैशाख शुक्ल चतुर्थी दिन सोमवार 9 मई 1864 को पड़ता है।
वह अपने इस लेख में लिखते हैं- ‘इस विवेचना में अंग्रेजी की तिथि 6 मई असंगत है तथा 9 मई ही संगत है। 6 मई या तो मुद्रण की भूल से पत्र में अंकित हुई है या आचार्य जी का ध्यान ही कभी इस ओर नहीं गया कि पंचांग से इसकी संगति नहीं बैठती मेरी समझ में मुद्रण की त्रुटि से ही यह भ्रम पैदा हुआ है इनसे इतर तिथियां विचारणीय ही नहीं है। अतः यह निर्णय हुआ कि आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की वास्तविक जन्मतिथि अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 9 मई 1864 है, जो हिंदू पंचांग के संवत 1921 बैशाख शुक्ल चतुर्थी दिन सोमवार से पूरी तरह मेल खाती है। एक दिन गणितीय विधि के अनुसार 9 मई 1864 को सोमवार का दिन आता है और आचार्य जी का जन्मदिन सोमवार ही है। अतः इस से भी उनकी जन्मतिथि 9 मई 1864 होनी ही पुष्टि होती है।’

इन प्रमाणों के आधार पर हिंदी भाषा भाषी समाज को खड़ी बोली हिंदी का उपहार देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्म तिथि को लेकर जानबूझ कर पैदा किए गए विवाद से बचते हुए 9 मई को ही जन्मतिथि की मान्यता देकर अपने इस महापुरुष के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करनी चाहिए।
हालांकि, महापुरुष के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन के लिए खास तिथि का कोई महत्व नहीं है। वर्ष पर्यंत हम उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते रह सकते हैं, लेकिन दिन विशेष की बात आने पर हमें अपने इस पूर्वज को 9 मई (जन्मतिथि) और 21 दिसंबर 1938 (निर्वाण तिथि) को ही याद रखना होगा।

∆ गौरव अवस्थी
रायबरेली/उन्नाव

मुफ्त राशन लेने वाले अपात्रों से वसूली करेगी सरकार

आया राशन कार्ड का नया न‍ियम, अपात्र तुरंत करें सरेंडर वरना सरकार करेगी वसूली

Ration Card New Rule : राशन कार्ड का आया नया न‍ियम, तुरंत करें सरेंडर वरना सरकार करेगी वसूली

लॉकडाउन के दौरान स्वघोषित आय और आधार कार्ड के आधार पर ऑनलाइन राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी जिसकी आड़ में कुछ संपन्न लोगों ने भी इसके तहत राशन कार्ड बना लिए थे। अब सरकार इस पर कार्रवाई कर वसूली की योजना बना रही है। साथ ही राशन कार्ड निरस्त करने की भी योजना है।

नई दिल्ली। (एजेंसी)। कोव‍िड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई मुफ्त राशन योजना का लाभ कई अपात्र पर‍िवार भी उठा रहे हैं। ऐसी शिकायतें मिलने के बाद सरकार की तरफ से ऐसे पर‍िवारों से राशन कार्ड को सरेंडर करने की अपील की गई है।

सरकार की तरफ से कुछ शर्तों के तहत राशन कार्ड सरेंडर करने का न‍ियम बनाया गया है। इन न‍ियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है और आपसे वसूली हो सकती है। इतना ही नहीं आपके ख‍िलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

पात्र कार्ड धारकों को नहीं म‍िल पा रहा राशन

दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने गरीब परिवारों को मुफ्त राशन देना शुरू क‍िया था। सरकार की तरफ से शुरू की गई यह व्‍यवस्‍था गरीब पर‍िवारों के ल‍िए अभी तक लागू है। इस बीच सरकार की जानकारी में आया है क‍ि कई राशन कार्ड धारक, इसके योग्‍य ही नहीं हैं और वे फ्री राशन का लाभ उठा रहे हैं। वहीं योजना के पात्र कई कार्ड धारकों को इसका फायदा नहीं म‍िल पा रहा है।

जांच के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

अब अध‍िकार‍ियों के माध्‍यम से अपात्र लोगों से तुरंत राशन कार्ड सरेंडर करने के ल‍िए कहा जा रहा है। अगर कोई अपात्र व्‍यक्‍त‍ि राशन कार्ड सरेंडर नहीं करता है तो जांच के बाद उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

होगी वसूली

यद‍ि राशन कार्ड को सरेंडर नहीं किया जाता है तो ऐसे लोगों का कार्ड जांच के बाद रद्द कर द‍िया जाएगा। साथ ही उस परिवार के ख‍िलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं जब से वह राशन ले रहा है, तब से राशन की वसूली भी की जाएगी।

सरकारी राशन के ल‍िए अपात्र लोग

मोटरकार, ट्रैक्टर, एसी, हार्वेस्टर, पांच केवी या अधिक क्षमता का जनरेटर, 100 वर्ग मीटर का प्लाट या मकान, पांच एकड़ से अधिक जमीन, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस, आयकरदाता, ग्रामीण क्षेत्र में परिवार की आय 2 लाख प्रतिवर्ष और शहरी क्षेत्र में 3 लाख रुपए प्रतिवर्ष वाले परिवार योजना के लिए अपात्र हैं। ऐसे लोगों को अपना राशन कार्ड तहसील और डीएसओ कार्यालय में सरेंडर करना होगा।

लोगों से अपील

कई राज्‍यों में पात्र लोगों का राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है। ऐसे में सरकार की तरफ से लोगों से अपील की गई है कि अपात्र लोग राशन कार्ड को सरेंडर कर दें, ताकि गरीब परिवारों का कार्ड बनाया जा सके। राशन कार्ड सरेंडर नहीं करने पर ऐसे लोगों के ख‍िलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

बिजनौर में कारगर होगा अवैध टैक्सी व बसों के खिलाफ अभियान?

बिजनौर। जिले भर में अवैध रूप से टैक्सी व बसों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। संबंधित विभाग की हीलाहवाली के चलते शासन को लाखों के राजस्व की क्षति प्रतिमाह हो रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जनपद मुख्यालय सहित धामपुर, नजीबाबाद, चांदपुर, अफजलगढ़, शेरकोट, नूरपूर आदि लगभग सभी स्थानों पर अवैध वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। संबंधित अधिकारियों के इस ओर ध्यान न देने से यात्रियों की जान से भी खिलवाड़ हो रहा है। बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से ही दिल्ली को जाने वाले अवैध वाहनों की भरमार है। धामपुर क्षेत्र से आने-जाने वली कई लक्ज़री बसों का गंतव्य देश की राजधानी दिल्ली है। रोजाना हजारों सवारियों को ढ़ोने वाले इन लोगों पर एक प्रभावशाली नेता का वरदहस्त बताया जाता है। इसी तरह चौपहिया वाहनों की भी संख्या कम नहीं है। बताया गया है कि अवैध टैक्सियों के संचालन में थाना कोतवाली शहर के कुछ पुलिस कर्मियों की सांठगांठ है। यहां भी नेतागिरी जिंदाबाद है। महीना बांध कर ये धंधा कराया जा रहा है। वर्तमान में हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के दो लोगों ने इस धंधे की कमान संभाल रखी है। शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन का कोई अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों लाचार है, ये बात आम व्यक्ति की समझ से परे है। ऐसे में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश परवान कैसे चढ़ सकेगा, इसमें यकीनन संदेह है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का दिया है निर्देश

गौरतलब है कि अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और पुलिस आयुक्त से कहा है कि 30 अप्रैल तक इस अभियान के परिणाम की विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं। संयुक्त रिपोर्ट के साथ एक प्रमाण पत्र भी दें कि किसी जिले में कोई भी अवैध टैक्सी, ऑटो या बस स्टैंड संचालित नहीं हो रहा है।

नियमों को ताक पर रखकर मदरसे में नियुक्तियों की तैयारी!

बिजनौर। मदरसा मिफ्ताह उल उलूम. चान्दपुर में नियमों को दरकिनार कर विभिन्न पदों पर नियुक्तियों का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में अनियमितता संबंधी जानकारी दी गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया गया है कि तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला बिजनौर द्वारा एक स्थानीय समाचार पत्र में दिनांक : 19.04.2022 में सहायक अध्यापक (तहतानिया). सहायक अध्यापक (फौकानिया), प्रवक्ता/मुदर्रिस, कनिष्ठ सहायक एवं प्रधानाचार्य के पदों का नियम विरूद्ध विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि मदरसा मिफ्ताह उल उलूम, कराल रोड, चान्दपुर, जिला- बिजनौर शासन द्वारा मान्यता एवं सहायता प्राप्त एक अल्पसंख्यक मदरसा है। उक्त मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक / सेकरेट्री मौ0 जीशान एवं मदरसा प्रधानाचार्य द्वारा हमसाज होकर कूटरचित एवं षड्यन्त्र रच कर उक्त मदरसे के रिक्त पदों को जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर के साथ मिल कर पदों पर नियुक्तियां करना चाह रहें है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा निस्तर समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही है, कि अब मदरसों में भी नियुक्तियां MTET उत्तीर्ण अभ्यार्थियों की ही नियमानुसार होनी है, जिससे मदरसे में अध्ययनरत छात्रों को गुणवत्ता के साथ साथ उच्चकोटि की शिक्षा प्राप्त हो सके, परन्तु मदरसे के तथाकथित प्रबन्धक, प्रधानाचार्य एवं जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी, बिजनौर आपस में मिल कर अपने सगे सम्बन्धियों को नियुक्त करना चाह रहे हैं। उक्त के अतिरिक्त विभिन्न कारणें से भी उक्त विज्ञापन निरस्त होने योग्य है। इसकी क्रमवार जानकारी देते हुए बताया कि (01) मौ० जीशान प्रबन्धक / सेकरेट्री के चुनाव से सम्बन्धित एक वाद माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबद में याचिका संख्या 10898 / 2022 के अन्तर्गत लम्बित है, जबकि नियमानुसार कोई भी अधिकारी किसी मदरसे में नियुक्ति की अनुमति तभी प्रदान करता है, जब प्रबन्धक /सेकरेट्री प्रबन्ध समिति से सम्बन्धित कोई वाद न्यायालय में लम्बित ना हो।

प्रतीकात्मक तस्वीर

(02) मदरसे में नियुक्ति से पूर्व किसी चयन समिति का गठन नही किया गया है, जबकि मदरसा नियमावली में उक्त चयन समिति के गठन का प्रावधान निहित है।

(03) शासन द्वारा नीतिगत निर्णय लगातार समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते हैं, जिससे ज्ञात हुआ, कि शासन तीन वर्षों से एक ही जिले में तैनात अधिकारियों के स्थानान्तरण की नीति घोषित करने जा रही है। जिला अल्पसंख्याक कल्याण अधिकारी बिजनौर जिले में तीन वर्ष से नियुक्त हैं। आरोप है कि उक्त अधिकारी अपने स्थानान्तरण से पूर्व एक मोटी रकम एवं एक पद पर अपने परिचित की नियुक्ति के इरादे से जल्द से जल्द नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं!

(04) विज्ञापन में कनिष्ठ सहायक के एक पद पर विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है, जबकि कनिष्ठ सहायक की नियुक्ति हेतु P.E.T. परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक बनाया गया है, जबकि विज्ञापन में उक्त परीक्षा का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है। मदरसे के उप सचिव/ उप प्रबन्धक इफ्तेखार अहमद ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है, कि विज्ञापन को रद्द करने हेतु सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया जाए। शिकायती पत्र की प्रतिलिपि रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, मंडलायुक्त मुरादाबाद, जिलाधिकारी बिजनौर व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को भेजी गई हैं।

गौरतलब है कि मदरसा बोर्ड ने मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से योग्य शिक्षकों के चयन के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की तर्ज पर मदरसा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एमटीईटी) लागू करने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने रजिस्ट्रार को इसका प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब मदरसों में रिक्त पदों पर भर्तियां उन्हीं अभ्यर्थियों से की जाएंगी जो एमटीईटी परीक्षा पास होंगे। वर्तमान में करीब 550 मदरसा शिक्षकों के पद रिक्त हैं। एमटीईटी के लागू होने से भर्तियों में भाई-भतीजावाद के आरोप भी नहीं लगेंगे

दिल्ली पुलिस का दावा; साजिशन थी जहांगीरपुरी में हिंसा

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट; कहा साजिश के तहत फैलाई गई थी जहांगीरपुरी में हिंसा

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अपनी आरंभिक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें आपराधिक साजिश की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की शाखा ने अंतरिम रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में हिंसा का करण मोटे तौर पर आपराधिक साजिश को बताया गया है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में गृह मंत्रालय को हिंसा की घटना से संबंधित जानकारी तथा इससे निपटने के लिए उसके द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी है।



रिपोर्ट में अब तक की गई जांच के आधार पर हिंसा के पीछे किसी साजिश की बात कही गई है। दिल्ली पुलिस इस मामले में शनिवार रात से ही जांच में जुट गई थी और उसने अब तक करीब 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शोभायात्रा निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों से प्रक्रिया के अनुसार अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने इस बात को काफी गंभीरता से लिया है और आयोजन कर्ताओं के खिलाफ भी इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जहांगीरपुरी में शनिवार को हनुमान जयंती के मौके पर जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तो जुलूस पर कुछ लोगों ने पथराव किया। इसके बाद हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुई। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार शाम को ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से बात करके उन्हें राजधानी में कानून -व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा था।

Delhi Jahangirpuri violence how it started communal atmosphere charged in  various parts of country - India TV Hindi News



दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने की जो बातें चल रही थी वह पूरी तरह से निराधार है। दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक सामने आए वीडियो, हथियार चलाने की घटनाओं की सभी तरह की फॉरेंसिक बैलेस्टिक जांच कराई जा रही है, जिनके आधार पर पूरी तरह से पहचान किए जाने के बाद ही लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

खबर दबाने को पत्रकार ने की अवैध वसूली! ऑडियो वायरल

डीजे पर हाथ में तमंचा लहराकर युवक ने उड़ायी कानून की धज्जियां
-ग्राम पाडली माण्डू के प्रधान का भाई है आरोपी युवक, खबर दबाने को हुआ लेन-देन का मामला भी हुआ उजागर


बिजनौर। धामपुर क्षेत्र के एक शादी समारोह में डीजे पर नाचते एक युवक की वीडियो वायरल हो गयी। डीजे पर नाच रहा यह युवक हाथ में तमंचा लिए है और गाने के बोल “तमंचे पर डिस्को” है। वीडियो बनी तो इस मामले को दबाने के लिए एक तथाकथित पत्रकार और ग्राम प्रधान के बीच पैसों का लेन-देन भी हुआ। जब मामला न दबा और वीडियो वायरल हो गयी तो ग्राम प्रधान ने तथाकथित पत्रकार तनवीर अहमद के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाही की मांग कर डाली, जिससे यह बात साफ हो गयी कि तमंचे को हाथ में लेकर डांस करने वाले युवक का अपराध माफी लायक नहीं है। उधर पुलिस इन दोनों मामलों की जांच कर कार्यवाही में जुटी है।


गौरतलब है कि धामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में गत 5 अप्रैल को शादी समारोह का प्रोग्राम चल रहा था। बताया जाता है कि ग्राम पाडली मांडू के प्रधान सुशील कुमार का भाई सौरभ उस शादी समारोह में शामिल था और वह बज रहे डीजे पर वह अचानक डांस करने लगा। गाना बज रहा था; तमंचे पर डिस्को! तो उसने अपनी कमर में लगे तमंचे को अचानक हाथ में निकालकर हवा में लहरा दिया और डांस करने लगा। किसी ने उसकी वीडियो बना ली। जब इस बात का पता सौरभ के भाई को पता तो उन्होंने मामले को निपटाने का प्रयास किया। इस मामले में लेन-देन भी हुआ, लेकिन यह वीडियो ना सिर्फ वायरल हुई, बल्कि समाचारों की सुर्खी भी बन गई। इस पर ग्राम प्रधान सुशील कुमार ने एतराज जताते हुए उक्त तथाकथित पत्रकार तनवीर को दिए पैसे लौटाने की बात एक ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग में कहीं। वह भी इस समय तेजी के साथ वायरल हो रही है। प्रधान सुशील कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर ब्लैकमेलिंग करने वाले तथाकथित पत्रकार तनवीर अहमद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उधर डीजे पर डांस कर रहे आरोपी सौरभ कुमार की तमंचा लहराते हुए वीडियो वायरल होने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और उन्होंने आनन-फानन में इस मामले में कार्यवाही करते हुए आरोपी सौरभ को गिरफ्तार कर लिया। अब मामला अवैध धन के लेनदेन के निपटारे का रह गया है।

मध्यप्रदेश में मीडिया से दुर्व्यवहार पर दो थाना प्रभारी सस्पेंड

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के एक पुलिस थाने में खड़े अर्ध-नग्न पुरुषों के एक समूह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिसमें एक स्थानीय यूट्यूब पत्रकार कनिष्क तिवारी को भी देखा जा सकता है। तिवारी के अनुसार, उन्हें अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जब वे एक थिएटर कलाकार नीरज कुंदर के बारे में पूछताछ करने के लिए पुलिस स्टेशन गए थे। 

ये मामला विधायक पुत्र से शुरू हुआ था। फिर पुलिस पर गंभीर आरोप लगे। इसके बाद SHO और सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिपोर्ट तलब की। खास बात ये है कि मामले को लेकर पुलिस और पत्रकार का अलग-अलग पक्ष सामने आया है।

वायरल फोटो मध्यप्रदेश के सीधी जिले की है। मामले को लेकर पत्रकार कनिष्क तिवारी ने एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि बीते 2 अप्रैल को एक बेहद निंदनीय घटना हुई। मैं एक धरना प्रदर्शन को कवर करने गया था। मेरे कैमरामैन ने घटना को रिकॉर्ड भी किया है। वहां सिटी कोतवाली थाने की पुलिस मुझे जबरन धक्का देकर थाने के अंदर ले गई। मुझे मारा-पीटा गया। मेरे कपड़े उतरवाए गए। थाने में जुलूस निकलवाया गया। कहा गया कि अगर विधायक और पुलिस के खिलाफ खबर चलाओगे तो पूरे शहर में चड्डी पहनाकर जुलूस निकलवाऊंगा।

कनिष्क ने आगे बताया- हम पर धारा 151, शांति भंग करने की कोशिश और सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध करने की धाराएं लगाई गईं। हमारे साथ मारपीट की गई, गाली गलौच किया गया। जब पुलिस को पता चला कि मैं पत्रकार हूं तो पुलिस मुझसे कहने लगी कि तुम विधायक के खिलाफ खबर क्यों चलाते हो? विधायक किसी के घर में बर्तन मांजने जाएगा क्या?

वायरल फोटो के बारे में बताते हुए कनिष्क ने कहा- हम लोगों को 2 अप्रैल की रात 8 बजे गिरफ्तार किया गया और 3 अप्रैल की शाम 6 बजे छोड़ा गया। लगभग 18 घंटे हम लोग हवालात में रहे। अंडरवियर में हमें थाना प्रभारी के पास ले जाया गया। इसी दौरान अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह परिहार ने हमारी फोटो खींची। ये लगभग रात 2:30 की बात है।

कनिष्क ने कहा- मैं डरा हुआ हूं। पूरा परिवार डरा हुआ है। सोशल मीडिया पर पुलिस ने फोटो वायरल किया है, जिससे मेरी मानहानि हुई है। मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है। मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि आप मेरा साथ दें। मुझे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मुझे जानकारी मिली है कि पुलिस मुझे दूसरे केस में फंसा कर जेल में डालना चाहती है।

मामले को लेकर एडिशनल एसपी अंजुलता पटेल का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- एक फेक आईडी के जरिए विधायक के पुत्र (बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला के बेटे गुरुदत्त शुक्ला) को परेशान किया जा रहा था। जांच के दौरान एक रंगकर्मी नीरज कुंदेर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद कई रंगकर्मी और पत्रकार कनिष्क तिवारी थाना के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सभी को 151 के तहत गिरफ्तार किया गया।  वायरल फोटो पर अंजुलता पटेल ने कहा- पुलिस हिरासत की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। मामला संज्ञान में लेते हुए एसपी सीधी के निर्देशन में डीएसपी हेड क्वार्टर गायत्री तिवारी को जांच का आदेश दे दिया गया है।

बाद में, दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार थाना प्रभारी कोतवाली मनोज सोनी और अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।

वहीं मध्यप्रदेश के सीधी में पत्रकारों के खिलाफ पुलिस के द्वारा की गई मारपीट और अमानवीय व्यवहार करने के मामले में पन्ना जिले के पत्रकारों ने उक्त घटना का विरोध जताते हुए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उसमें पत्रकारों के साथ की गई अमानवीयता के मामले शामिल पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञात हो कि सीधी के पत्रकार कनिष्क तिवारी को पुलिस के द्वारा पकड़ कर ले जाया गया एवं उनके कपड़े उतारकर उन्हें अर्धनग्न कर लॉकअप में बंद कर दिया गया और पुलिस ने अभद्रता करते हुए मारपीट की अर्धनग्न अवस्था में फोटो वायरल कराकर सरेआम पत्रकारों को बेइज्जत किया। यह  बेहद निंदनीय घटना है। इस कारण थाना प्रभारी सहित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। ऐसे कानून तोड़ने वाले व्यक्तियों को दंडित किए जाने की मांग की गई। पत्रकार कल्याण परिषद, प्रेष क्लब पन्ना के अलावा पन्ना जिले के सभी पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा को ज्ञापन दिया। कलेक्टर ने कहा कि पन्ना जिले के पत्रकारों की सुरक्षा मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है, कभी किसी के साथ गलत नहीं होगा। आप निर्भीक होकर पत्रकारिता करें। ज्ञापन में वरिष्ठ पत्रकार जगदीश नामदेव, मनीष मिश्रा, शिवकुमार त्रिपाठी, मुकेश विश्वकर्मा, गणेश विश्वकर्मा, सुशांत चौरसिया, कादिर खान,अमित खरे, बीएन जोशी, राकेश शर्मा, महबूब अली, संजय राजपूत, लक्ष्मीनारायण चिरोलिया, शिव किशोर पांडे, बलराम व्यास, टाइगर खान, फूल सिंह त्यागी, ऋषि मिश्रा, राजेश रावत, सादिक खान, राम बिहारी गोस्वामी, हिम्मत खान, रविंद्र अर्जरिया, पवन पाठक, हीरालाल विश्वकर्मा, बृजेश त्रिपाठी, आसिफ खान, सौरव साहू, डीके साहू, संदीप विश्वकर्मा, रामअवतार विश्वकर्मा, अजय द्विवेदी, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

दूसरी ओर सीधी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बघेली भाषा में यूट्यूब पर चैनल चला रहे कनिष्क तिवारी समेत कुछ अन्य पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर फेक आईडी बनाने और फेसबुक पर केदारनाथ शुक्ला और उनके बेटे को बदनाम करने की पोस्ट करने के आरोप हैं। यह एफआईआर भी विधायक के बेटे की शिकायत पर दर्ज की गई है। वरिष्ठ पत्रकार राकेश पाठक का कहना है कि कनिष्क के यूट्यूब पर एक लाख से अधिक फॉलोअर हैं। न्यूजनेशन चैनल का भी एक पत्र सामने आया है, जिसमें कनिष्क तिवारी को फ्रीलांस पत्रकार होने की पुष्टि होती है।

शिकायत के बाद पुलिस ने की गिरफ्तारी
सीधी पुलिस के मुताबिक एक फेक आईडी से फेसबुक पर अभद्र टिप्पणियां की गई थी। पुलिस ने इस मामले में नीरज कुंदेर को गिरफ्तार किया था। इस पर कनिष्क समेत रंगमंच और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने में विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने सबको गिरफ्तार कर लिया। कनिष्क तिवारी यूट्यूबर है और उसके खिलाफ पहले भी कुछ शिकायतें दर्ज थी। कोतवाली थाने में आरोपियों की बिना कपड़ों की तस्वीरें खींचकर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 262/22 धारा 419, 420, और आईटी एक्ट के 66सी, 66डी के तहत प्रकरण कायम कर जांच की जा रही है। फोटो वायरल होने के मामले में डीएसपी को जांच सौंपी गई है। 

कांग्रेस ने बनाया मुद्दा
कांग्रेस के तमाम नेताओं ने इस मसले पर सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने फोटो ट्वीट करते हुए कहा कि यह मप्र के सीधी जिले के पुलिस थाने की तस्वीर है। यह अर्धनग्न युवा कोई चोर उचक्के नहीं है, ये लोकतंत्र के चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया के साथी है। इन्हें अर्धनग्न कर जेल में इसलिए डाला गया क्योंकि इन्होंने भाजपा विधायक के खिलाफ खबर चलाई थी। वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश की निकम्मी और उनके बड़बोले मुखिया से सवाल करना सीधी बघेली न्यूज चैनल के वरिष्ठ पत्रकार कनिष्क तिवारी और उनके साथियों को भारी पड़ा। नग्न कर उन्हें थाने में खड़ा किया गया है। यह घोर निंदनीय कृत्य है…  शिवराज सिंह सरकार अब अंग्रेजों की भांति दमनकारी रवैया अपना रही है। 

खबरों के मुताबिक पूरा मामला डिजिटल पत्रकार कनिष्क तिवारी से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि पत्रकार ने भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ यूट्यूब चैनल पर खबर चलायी थी। इससे नाराज होकर बीजेपी विधायक ने कनिष्क तिवारी व उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। दूसरी तरफ वायरल तस्वीर को पुलिस द्वारा रंगकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध प्रदर्शन से भी जोड़ा रहा है।

नीरज कूंदेर पर कथित फर्जी FB अकाउंट चलाने का आरोप है। इस अकाउंट की शिकायत भी सीधी विधायक और उनके पुत्र ने पुलिस से की थी। पुलिस ने इन्हीं के चलते बीते 2 अप्रैल को नीरज को गिरफ्तार किया था। कहा ये जा रहा है कि वायरल तस्वीर नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध किए जाने पर डिजिटल पत्रकार और रंगकर्मियों के साथ पुलिस के द्वारा की गई अभद्रता की है। हालांकि वायरल तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी भी जता रहे हैं। कई वरिष्ठ पत्रकार भी इस घटना की आलोचना कर रहे हैं। 

इन नेताओं दी अपनी प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा-  ये पुलिसिया और राजनीतिक आतंकवाद है। पत्रकार को फर्जी बताने वाला प्रशासन कौन होता है। किसी को यातना देने का अधिकार पुलिस को नहीं है। अगर नेताओं को खुश करने के लिए किया गया है तो ये गंभीर अपराध है। ये लोकतंत्र के धब्बा है।

बीजेपी प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी-  सभी को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए, चाहे वह पत्रकार हो या नेता हो, विधायक हो या फिर मंत्री हो। अगर कोई पत्रकारिता की आड़ में ब्लेक मार्केंटिंक कर रहा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने जो किया वो भी गलत है इसलिए उन पर भी कार्रवाई हुई है।

दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को इनाम ₹25 हजार


बिजनौर। एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को सम्मानित करने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि  सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता गत 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से लापता थे। दोनों के शव समीपवर्ती ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबे हुए मिले। पुलिस को जेसीबी की मदद से दोनों शवों को निकालना पड़ा। बाद में पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पति-पत्नी की हत्या सम्पत्ति के लालच में की गई। इस मामले में एक महिला सहित चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।  हिरासत में ली गई महिला के राजेश अग्रवाल से प्रेम संबंध थे। मृतक दंपति निःसंतान थे और बिजनौर शहर में उनकी तीन दुकान व एक मकान उनकी हत्या का कारण बने।

एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि एसपी सिटी परवीन रंजन सिंह, सी ओ सिटी, इंस्पेक्टर कोतवाली राधेश्याम, एसआई आशीष पुनिया, धीरज सोलंकी, राजकुमार नागर, जर्रार हुसैन ने रात दिन मेहनत करके हत्या का खुलासा किया। इस पर एसपी ने 25 हजार रूपए का इनाम देने की घोषणा की है।

सपा नेता की पत्नी समेत हत्या, गड्ढों में दबे मिले शव

सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता की हत्या। 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से थे लापता। सम्पत्ति के लालच में की गई हत्या।

बिजनौर। सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता की हत्या कर दी गई। दोनों के शव समीपवर्ती ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबे हुए मिले। वह गत 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से लापता थे।  पुलिस ने जेसीबी की मदद से दोनों शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। पति-पत्नी की हत्या सम्पत्ति के लालच में की गई। पुलिस ने एक महिला सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर घटना का खुलासा किया है। हिरासत में ली गई महिला के राजेश अग्रवाल से प्रेम सम्बंध बताए गए हैं।

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिजनौर में नजीबाबाद रोड स्थित शिवलोक कॉलोनी निवासी राजेश अग्रवाल (55 वर्ष) व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता (44 वर्ष) गत 28 फरवरी को रहस्यमय ढंग से गायब हो गये थे। उनकी गुमशुदगी बबली के भाई मनोज कुमार राणा, निवासी खड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद ने थाना कोतवाली शहर बिजनौर में दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गहनता से छानबीन की तो चौंका देने वाले तथ्य सामने आये। पता चला कि राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली की हत्या कर उनके शव ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबा दिये गये हैं।

पुलिस के अनुसार राजेश अग्रवाल का मण्डावर रोड स्थित ग्राम हमीदपुर निवासी रोमा (35 वर्ष) पत्नी स्व. ओमवीर सिंह जाट के साथ प्रेम-प्रसंग था। योजनाबद्ध तरीके से 28 फरवरी 2022 को रोमा, राजेश अग्रवाल के घर गई, जहां मुकेश (रोमा का दूसरा प्रेमी) तथा उसका चचेरा भाई मोंटी उर्फ धीरज पहले से ही मौजूद थे। रोमा चाय बनाने के बहाने घर के अंदर चली गई तथा मुकेश व मोंटी ने राजेश अग्रवाल के मुंह पर चादर लपेटकर व गला रेतकर उसकी हत्या कर दी तथा शव को रोमा के घर हमीदपुर में गड्ढा खोदकर दबा दिया। राजेश अग्रवाल की पत्नी बबली उर्फ बबीता नई बस्ती में पार्लर चलाती थी। वह अपने पार्लर में थी। रोमा का पुत्र तुषार बिजनौर आया तथा उसको बाइक पर बैठाकर अपने गांव हमीदपुर ले गया, जहां चारों ने मिलकर बबली की भी हत्या कर दी और शव को वहीं गड्ढे में दबा दिया। दोनों शवों को नमक डालकर दबाया गया, ताकि जल्दी गल-सड़ जायें। एक शव घर के आंगन में और दूसरा पशुओं की चर के पास दबाया गया था ।

निःसंतान दंपति की दुश्मन साबित हुईं संपत्ति- पुलिस के अनुसार राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी की हत्या अवैध सम्बंधों और सम्पत्ति के कारण की गई है। राजेश का एक मकान और तीन दुकानें हैं, जिन पर आरोपियों की नजर थी। दो दुकानों में राजेश की पत्नी बबली पार्लर व जनरल स्टोर चलाती थी। दोनों नि:संतान थे। रोमा ने अपने पुत्र तुषार उर्फ चुनमुन, प्रेमी मुकेश व उसके चचेरे भाई मोंटी उर्फ धीरज के साथ मिलकर राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी की हत्या की योजना बनाई और गत 28 फरवरी को उनकी हत्या कर दी।

साथ लगी रही हत्यारोपी रोमा- राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी के रहस्यमय ढंग से लापता होने के बाद रोमा खुद को ऐसा दर्शा रही थी कि जैसे उसे दोनों के गायब हो जाने का बहुत गम है। कल 11 मार्च तक जब राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजन एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह से मिले और दोनों का पता लगाने की मांग की। एसपी से मिलने वालों में रोमा भी थी । वह परिजनों के साथ राजेश व उनकी पत्नी को ढूंढने में लगी हुई थी। हालांकि परिजन रोमा पर शुरू से ही शक कर रहे थे। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को भी बताया था। शक के आधार पर पुलिस ने रोमा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सब कुछ उगल दिया। बाद में पुलिस ने अन्य तीनों अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया।

ये हैं आरोपी- राजेश व उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पकड़े गये व मुल्जिमों में मुकेश ( 45 वर्ष ) रोमा का प्रेमी है। वह ग्राम रशीदपुर गढ़ी का रहने वाला है। मुकेश ने इस हत्याकांड में अपने चचेरे भाई मोंटी उर्फ धीरज की भी सहायता ली। पुलिस ने धीरज को भी पकड़ लिया। हत्याकांड में तीसरी मुल्जिम रोमा और चौथा मुल्जिम रोमा का पुत्र तुषार उर्फ चुनमुन है।

पड़ोसी रिश्तेदार ने की थी किशोरी की हत्या

पुलिस अधीक्षक ने किया किशोरी की हत्या का खुलासा। विवाह समारोह में शामिल होने गए थे परिजन। पड़ोसी रिश्तेदार को सौंप गए थे किशोरी की जिम्मेदारी।

बिजनौर। थाना कोतवाली देहात क्षेत्रातंर्गत गांव डेहरी में किशोरी की हत्या उसके पड़ोसी रिश्तेदार ने की थी। वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी भूपेन्द्र उर्फ भूरा को गिरफ्तार किया है।

पुलिस लाइंस में एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम नूर अलीपुर भगवंत उर्फ डेहरी निवासी धर्मपाल पुत्र हीरालाल ने गत 19/20 फरवरी की रात्रि उसकी 17 साल की पुत्री की गले में फंदा डालकर हत्या करने के मामले में तहरीर दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। विवेचना के बाद पुलिस ने गांव के ही भूपेन्द्र उर्फ भूरा पुत्र रिसाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि भूरा; मृतका का दूर का रिश्तेदार भी है और पड़ोस में ही रहता है। पूछताछ में उसने बताया कि 19 फरवरी को उसके रिश्तेदार धर्मपाल अपनी पत्नी के साथ एक शादी में शामिल होने धामपुर व नहटौर गया था। जाने से पहले वह अगली सुबह लौटने की बात कह गए थे। घर में उसकी अकेली बेटी का ध्यान रखने को कह गए थे। इसके बाद भूपेन्द्र ने अपने दोनों बच्चों को सोने के लिए धर्मपाल के घर भेज दिया। रात को करीब 11 बजे शराब के नशे में वह धर्मपाल के घर पहुंचा जहां पड़ोसी की बेटी ने दरवाजा खोला तो उसने उसे बुरी नीयत से पकड़ना चाहा, जिसका बेटी ने विरोध किया। इसके बाद उसने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। एसपी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेजा जा रहा है और अन्य विधि कार्रवाई कराई जा रही है।