तालाब कब्जाने वाले दबंगों ने बरपाया महिला प्रधान पर कहर

तालाब कब्जाने वाले दबंगों ने बरपाया महिला प्रधान पर कहर

तालाब से दबंगों का कब्जा हटवाया तो घर में घुस कर पीटा, जान की धमकी

पुलिस ने नहीं की कार्रवाई तो लेनी पड़ी न्यायालय की शरण

अमरोहा। सरकार की मंशानुरूप कानून का पालन कराना वाल्मीकि महिला ग्राम प्रधान को भारी पड़ गया। ग्राम पंचायत के तालाब पर कब्जा करने वाले दबंगों ने घर में घुस कर प्रधान को गालियां देते हुए पीटा और इज्जत उतारने की कोशिश भी की। शोर सुनकर पहुंचे लोगों के सामने आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। रही सही कसर थाना पुलिस ने पूरी कर दी। शिकायत के बावजूद रिपोर्ट दर्ज न होने पर पीड़ित महिला प्रधान को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।

जनपद अमरोहा के थाना रहरा अंतर्गत ग्राम जयतौली की ग्राम प्रधान श्रीमती रजनी पत्नी नाजिम ने बताया कि वह वाल्मीकि जाति से है और सरकार की मंशानुरूप अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही है। आरोप है कि ग्राम जयतौली के ही इशरत पुत्र जाफर अली, वसी पुत्र साबिर अली, रिफाकत पुत्र नजाकत और ग्राम शकरगढ़ी के कदीम पुत्र खलील अहमद ने गांव के तालाब पर कब्जा किया हुआ है। प्रधान श्रीमती रजनी के अनुसार उसने प्रशासनिक स्तर पर अवैध कब्जे के विरुद्ध कार्यवाही की। इस बात को लेकर उक्त चारों आरोपी उससे रंजिश रखते हैं।

दिनांक 19 अक्तूबर 2022 को शाम करीब 6 बजे वह अपने घर पर घरेलू कार्य कर रही थी। तभी अचानक इशरत, वसी, रिफाकत व कदीम नाजायज़ हथियारों से लैस होकर उसके घर में जबरदस्ती घुस आए और गाली गलौच करते हुए पिटाई की और उसके कपड़े फाड़ दिये। शोर मचाने पर पहुंचे गाँव के नौशाद पुत्र एवज, फरमान पुत्र चन्दा व अन्य काफी लोगों ने चारों आरोपियों को घर से निकाला। जाते समय प्रधान को धमकी देते गए कि अगर तालाब से उनका कब्जा हटवाया तो जान से मार देंगे। पीड़ित महिला प्रधान ने घटना की सूचना थाना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। अगले दिन पुलिस अधीक्षक अमरोहा को भी शिकायती पत्र दिया गया लेकिन फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस पर मजबूर होकर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। अब कहीं जाकर कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

उत्पीड़न के खिलाफ ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों ने उठाई आवाज

उत्पीड़न के खिलाफ ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों ने उठाई आवाज

डीपीआरओ को डिजीटल सिग्नेचर सौंपने का निर्णय

बिजनौर। उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति ने विकास भवन में धरना प्रदर्शन किया। मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर अपना डिजीटल सिग्नेचर जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपने के निर्णय से अवगत कराया।

समन्वय समिति के अध्यक्ष धीरज सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ऐकेश्वर, मंत्री हेमेन्द्र सिंह, अरविन्द सिंह, कुलदीप राजपूत, के नेतृत्व में जिले भर से आए सचिवों ने कहा कि ग्राम पंचायतों में जन प्रतिनिधियों द्वारा सीधे कार्यों की एमबी कराकर सचिवों पर भुगतान का दबाव बनाया जाता है। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला लाने पर भी कोई सहयोग नहीं किया जाता। अनियमितता होने पर सम्पूर्ण उत्तरदायी सचिव का ठहरा दिया जाता है। यह अव्यवहारिक एवं अन्यायपूर्ण है। वक्ताओं ने कहा कि पंचायत सचिव अपनी पंचायतों में रोस्टर के अनुसार बैठते हैं। मनरेगा के कार्य की उपस्थिति दिन में दो बार मेट एवं रोजगार सेवक द्वारा लगाई जाती है।

सचिवों द्वारा मनरेगा कार्यों का मौके पर जाकर शत प्रतिशत सत्यापन संभव नहीं है। तकनीकि सहायक द्वारा कार्य का मूल्याकंन करने के उपरांत भुगतान किया जाता है। अनियमितता होने पर सम्पूर्ण उत्तरदायित्व सचिव पर निर्धारित कर दिया जाता है। तकनीकि मूल्याकंन के बाद पूर्ण भुगतान के लिए जेई व तकनीकि सहायक / मेट/ रोजगार सेवक का उत्तरदायित्व होना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि ग्राम पंचायत भवन / सामुदायिक शौचालय / ऑपरेशन कायाकल्प शासन की मूल प्राथमिकता है परन्तु धनराशि के अभाव में उक्त कार्यों के विलम्बित होने पर भी सचिव को ही दोषी मान लिया जाता है, ये भी अन्याय है। सभी सचिवों ने निर्णय किया कि वे सभी अपना डिजीटल सिग्नेचर जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंप रहे हैं। बाद में सभी ग्राम सचिवों ने अपनी इन मांगों को लेकर एक ज्ञापन मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दिया। इस दौरान भारी संख्या में जिले भर के सचिव मौजूद रहे।

अब माह के प्रथम व तृतीय बुधवार को होगा “ब्लाक दिवस” का आयोजन

थाना व तहसील दिवस की तरह एक नई कवायद। प्रदेश के समस्त विकास खण्डों में माह के प्रथम एवं तृतीय बुधवार को “ब्लाक दिवस” का होगा आयोजन। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने किया इस बाबत शासनादेश जारी।

लखनऊ। तहसीलों पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस व थानों पर आयोजित समाधान दिवस की तर्ज पर अब ब्लाक दिवस भी आयोजित किये जायेंगे। ग्रामीण क्षेत्र की बिजली, पानी, सड़क, आवास, पेंशन, शौचालय आदि समस्याओं का निदान ब्लाक मुख्यालयों पर किया जायेगा। संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रत्येक समस्या सुनने के बाद उसकी जांच कराकर निराकरण किया जायेगा।

अपर मुख्य सचिव ग्राम विकास विभाग मनोज कुमार सिंह ने इस बाबत शासनादेश जारी करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की जन – समस्याओं / शिकायतों के प्रभावी निस्तारण हेतु यह आवश्यक है कि ग्राम्य जन अपनी समस्याओं / शिकायतों के संबंध में विकास खण्डों में तैनात खण्ड विकास अधिकारियों से माह में कम से कम 02 दिन निर्धारित दिवस को सीधे संवाद कर सकें।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि जन सामान्य की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दृष्टिगत प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड मुख्यालयों पर माह के प्रथम एवं तृतीय “बुधवार” को “ब्लाक दिवस” का प्रातः 10 बजे से 2.00 बजे तक आयोजन कराये जाने का निर्णय लिया गया है। “ब्लाक दिवस” में विकास खण्ड में कार्यरत समस्त अधिकारियों / कर्मचारियों यथा खण्ड विकास अधिकारी, संयुक्त खण्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी आदि द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा। विकास खण्डों में आयोजित “ब्लाक दिवस” के सफलता पूर्वक आयोजन कराये जाने हेतु संबधित विकास खण्ड के खण्ड विकास अधिकारी प्रभारी / नोडल अधिकारी होंगे।

अनु सचिव उमाकान्त सिंह ने उत्तर प्रदेश के समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, ब्लाक प्रमुख, जिला विकास अधिकारी / परियोजना निदेशक / उपायुक्त ( श्रम रोजागार / स्वतः रोजगार) द्वारा जिलाधिकारी / मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, निदेशक, पंचायतीराज, खण्ड विकास अधिकारी द्वारा संबंधित जिलाधिकारी को आदेश की प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की है। उपर्युक्त निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

टंकी का गंदा पानी पीने से कई ग्रामीण बीमार, भर्ती

गांव की सरकारी टंकी का पानी पीने से कई ग्रामीणों की हालत बिगड़ी। उल्टी व दस्त होने के बाद कराया गया भर्ती। कई साल से टंकी की सफाई न होने का आरोप।

बिजनौर। नजीबाबाद विकास खंड के ग्राम समीपुर में टंकी का पानी पीने से ग्रामीणों की अचानक हालत बिगड़ गयी है। उपचार के लिए ग्रामीणों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर पर भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति करने वाली टंकी की सफाई न कराए जाने का आरोप लगाया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

तहसील क्षेत्र के ग्राम समीपुर में पेयजल आपूर्ति के लिए सरकारी टंकी स्थापित है। ग्रामीणों का कहना है कि इस टंकी का पानी पीने से कई की हालत उल्टी व दस्त होने से बिगड़ गयी है। कई लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समीपुर पर भर्ती कराया गया है। कुछ मरीज शहर के अन्य अस्पतालों में भर्ती हैं और कुछ का घर पर ही रह कर इलाज कराया जा रहा है।

इस मामले में ग्रामीण महिपाल पुत्र भगवत दास ने बताया कि 10-12 दिन से पेयजल की टंकी का पानी पीने से लोगों की हालत बिगड़ रही है। वहीं निशा व अंजलि ने बताया कि पानी पीने से उल्टी दस्त की शिकायत हो गई। अंजली के पति महिपाल ने आरोप लगाया कि लगभग 20-25 साल से पानी की टंकी की सफाई नहीं हुई है। इसके चलते ग्रामीण टंकी से मिलने वाला गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीण टंकी से मिलने वाले पानी को छान कर ही पीते हैं।

गांव के ही शुएब ने बताया कि पानी पीने से उसके परिवार के लोग बीमार पड़ गए हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है। उन्होंने गांव में पेयजल आपूर्ति करने वाली टंकी के पानी की जांच करने की मांग की। ग्रामीण ओमवीर ने बताया कि टंकी का पानी पी कर उसकी पत्नी बीमार पड़ गयी। लूज मोशन की शिकायत के बाद वह तीन दिन से अस्पताल में भर्ती है। उसके इलाज पर लगभग 15 हजार रुपए से ऊपर का खर्चा अभी तक आ चुका है।

सेंट मैरी अस्पताल के डाक्टर फादर जोश ने बताया कि उनके यहां केवल आठ मरीज ही इलाज करा रहे हैं, जो पानी पीने से बीमार हुए हैं। दो मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। जो मरीज अस्पताल में आए हैं उनको डाक्टर वायरल बता रहे हैं। हो सकता है पानी पीने से भी उनकी हालत बिगड़ी हो कहा नहीं जा सकता।

दूसरी ओर गांव के प्रधान सत्यवीर का कहना है कि 10-12 दिन से पानी की समस्या चल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर इस मामले की शिकायत दर्ज करायी है। माना जा रहा है कि पेयजल टंकी से सप्लाई के लिए बिछाई गई भूमिगत लाइन का कोई पाइप जमीन में लीक होने के कारण गंदा पानी आ रहा है।

उत्पीड़न के खिलाफ पंचायत सचिवों ने भरी हुंकार

बिजनौर। पंचायत सचिवों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में जारी ताबड़तोड़ कार्रवाई से ग्राम पंचायत समन्वय समिति के पदाधिकारी भड़क उठे हैं। समिति के बैनर तले विकास भवन प्रांगण में बैठक कर डीपीआरओ की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गईं है।

बैठक में ग्राम पंचायत सचिवों ने कार्य निर्वहन में आ रही अनेक समस्याओं पर विस्तार के साथ विचार विमर्श किया। मुख्य रूप से विकास खंड एवं जिला स्तरीय उच्च अधिकारियों का सहयोग न मिलना, आर्थिक उत्पीड़न, धन के अभाव में कार्य कराने का दबाव बनाते हुए निलंबन की कार्रवाई करना, चरागाह की भूमि पर अवैध कब्जे को मुक्त कराने की कार्रवाई न करना, मनरेगा में बगैर सचिव व प्रधान की जानकारी के कार्य कराने का भी सचिवों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई करना, पंचायत घर, सार्वजनिक शौचालय, राजस्व विभाग द्वारा भूमि उपलब्ध न कराने पर भी एक तरफा कार्रवाई किए जाने तथा निलंबन जैसी कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि उक्त समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संघ को कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होना पड़ेगा। बैठक की अध्यक्षता कुलदीप राजपूत ने तथा संचालन हेमेंद्र सिंह ने किया। बैठक में धीरज सिंह, इकेश्वर सुन्द्रियाल, मुनेन्द्र सिंह, संजय सिंह, धर्म प्रिय, सौरभ कुमार, हिमांशु चौहान, अमरजीत, कुलदीप सिंह, गौसिया अंसारी, गौरव कुमार, अरविंद कुमार, दीपांशु आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।

7882 लेखपालों की भर्ती का रास्ता खुला

अधीनस्थ सेवा आयोग की ओर से की जाने वाली राजस्व लेखपाल की भर्ती के लिए ट्रिपल सी सर्टिफिकेट अनिवार्य नहीं होगा

हुआ क्लीयर- UP लेखपाल भर्ती के लिये शैक्षिक योग्यता अब इतनी होना जरूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा आयोग की ओर से की जाने वाली राजस्व लेखपाल की भर्ती के लिए ट्रिपल सी सर्टिफिकेट अनिवार्य नहीं होगा। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से लेखपालों की भर्ती के लिए ट्रिपल सी का सर्टिफिकेट अनिवार्य नहीं किए जाने का फैसला लिया गया है। लेखपाल भर्ती के लिए अब पहले की तरह ही इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। शासन की ओर से लिए गए इस फैसले के बाद लेखपाल भर्ती में शैक्षिक योग्यता को लेकर चला आ रहा गतिरोध समाप्त हो गया है। शासन के फैसले के क्रम में राजस्व परिषद की ओर से लेखपाल भर्ती के लिए अब जल्द ही नए तरीके से अधीनस्थ सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

दरअसल उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद की ओर से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को राजस्व लेखपालों के 7882 रिक्त पड़े पदों पर भर्ती के लिए पहले जो प्रस्ताव भेजा गया था, उसमें अभ्यर्थी के चयन के लिए इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने के साथ-साथ कंप्यूटर का ज्ञान दर्शाने वाला ट्रिपल सी सर्टिफिकेट भी अनिवार्य कर दिया गया था। ट्रिपल सी यानी कोर्स ऑन कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स 80 घंटे का कोर्स है। इस कोर्स का सर्टिफिकेट पाने के लिए अभ्यर्थी को राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान एनआईईएलआईटी की ओर से आयोजित की जाने वाली परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी होता है। उधर लेखपालों की सेवा नियमावली में अनिवार्य शैक्षिक योग्यता सिर्फ इंटरमीडिएट उत्तीर्ण हीं थी। इसी विसंगति को दूर करने के उद्देश्य से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से राजस्व विभाग को लेखपालों की भर्ती के लिए सेवा नियमावली में भी ट्रिपल सी सर्टिफिकेट को अनिवार्य किए जाने का अनुरोध किया गया था। राजस्व विभाग की ओर से जब इस मामले को लेकर मंथन किया तो पता चला कि ट्रिपल सी सर्टिफिकेट को अनिवार्य किए जाने से बड़ी संख्या में ग्रामीण पृष्ठभूमि के अभ्यर्थी इस चयन प्रक्रिया में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से भी ट्रिपिल सी सर्टिफिकेट अनिवार्य नहीं किए जाने पर अपनी मुहर लगा दी है।

धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण, विकास खंड अधिकारी नहीं करते कार्यवाई

धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण, विकास खंड अधिकारी ने नहीं की कार्यवाही। बिजनौर के टाइम्स में छपा टेंडर? तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक बन ठेकेदार। विकास खंड अधिकारी उंगलियों पर नाचते हैं इनकी उंगलियों पर। नीचे से ऊपर तक कमीशन-म।

बिजनौर। जनपद के नूरपुर ब्लॉक में प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित मानक व नियमों को ताक पर रख निर्माण कार्यों को अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है। मतलब साफ है कि अवैध निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, यह कहना कोई अतिश्योक्ति न होगी। ऐसा ही एक मामला नूरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत पैजनिया में सामने आया है। यहां अवैध रूप से सड़क निर्माण का दावा अनेक ग्रामीणों द्वारा किया गया है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार संज्ञान में आया है कि ग्राम पंचायत में लगभग चार सौ मीटर की एक सीसी रोड का निर्माण अवैध रूप से किया जा चुका है। कई ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त बताया कि उक्त सड़क नियमों को ताक पर रख बिना निर्धारित प्रक्रिया अपनाए निर्मित की गई है।

बिजनौर के टाइम्स में छपा टेंडर?– ग्राम पंचायत अधिकारी जितेंद्र कुमार तोमर ने बताया कि उक्त सड़क के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाते हुए निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उक्त सड़क के निर्माण के लिए बिजनौर से प्रकाशित दैनिक टाइम्स नामक समाचार पत्र में दस दिन पहले विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है। मजेदार बात यह है कि वह सुबह लेकर शाम के छह बजे तक भी उक्त टेंडर प्रकाशन का दिनांक बताने में असमर्थ रहे।

तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक बने ठेकेदार– मौके पर मौजूद भूरे नामक युवक ने खुद को इस निर्माण कार्य का ठेकेदार बताया। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि वह पड़ोसी ग्राम का निवासी है, जो रोजगार सहायक के रूप में कार्य कर रहा है। वहीं तकनीकी सहायक भी दूसरे पड़ोसी ग्राम का निवासी है, जो नूरपुर ब्लॉक में ही तकनीकी सहायक के रूप में संविदा पर नियुक्त है।

उंगलियों पर नाचते हैं अधिकारी!– विकास खंड अधिकारी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने से बचते हैं। तकनीकी सहायक अपनी पत्नी के नाम पर अपने कार्य क्षेत्र में आने वाली ग्राम पंचायतो में निर्माण कार्यों को अवैध रूप से अंजाम देता रहता है। अधिकारी महोदय तकनीकी सहायक की शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल देते हैं। इस गोरखधंधे में शामिल रहने वालों को अभयदान देने से ऐसा जान पड़ता है कि वह तकनीकी सहायक की उंगलियों पर नाचते हैं।

नीचे से ऊपर तक कमीशन– तकनीकी सहायक ने दावा किया है कि नीचे से उपर तक के अधिकारियों को कमीशन देता हूं, मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा। अनुमान लगाया जा सकता है कि निर्माण पूर्णतः अवैध रूप से किया जा रहा है। दूसरी ओर विकास खंड अधिकारी जितेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि इस संबंध में सुबह कोई जानकारी दे पाएंगे, लेकिन इसके बावजूद विकास खण्ड अधिकारी तीन दिन से लगातार कॉल करने बाद भी फोन रिसीव करने को भी तैयार नहीं हैं। अब देखना यह है कि जनपद स्तरीय अधिकारी इस मामले कोई कार्रवाई करते हैं कि नहीं?

ग्राम प्रधान संयोगिता सिंह चौहान के कैंप में 538 लोगों ने लगवाई वैक्सीन

ग्राम प्रधान संयोगिता सिंह चौहान ने लगवाया कैंप। कुल 538 लोगों ने लगवाई वैक्सीन।

अफवाहों पर न दें ध्यान कोविड वैक्सीन अवश्य लगवाएं- संयोगिता सिंह चौहान

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विकास खंड माल की ग्राम पंचायत अटारी से महिला प्रधान संयोगिता सिंह कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर काफी गंभीर हैं। वह ग्राम वासियों की सुरक्षा को लेकर दिन पर दिन कड़ी मशक्कत करती नजर आ रही हैं। ग्राम प्रधान की मांग पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में टीकाकरण शिविर लगाया तो ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी और वैक्सीन लगवाई।

ग्राम पंचायत अटारी में लगभग तीन हजार आबादी है। यहां दूसरे कैम्प में 45 वर्ष से अधिक उम्र के 128 और 18 से 44 वर्ष के 410 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए लोग सतर्क होने लगे हैं। गांवों में लगे शिविर में लोगों वैक्सीन लगवाई। गांव में अभी तक कैंप नहीं लगने से लोगों ने प्रधान संयोगिता सिंह चौहान और उनके पति यशवीर सिंह चौहान से शिविर लगवाने की मांग की थी।

इस पर उन्होंने माल सीएचसी के प्रभारी डॉ. विवेक वर्मा से बात की और गांव में कैंप लगाया गया। प्रधान संयोगिता सिंह चौहान ने सबसे पहले खुद को वैक्सीन लगवाकर शिविर का उद्घाटन किया।

इसके बाद वैक्सीन लगवाने के लिए कतार लग गई। 45 वर्ष से अधिक उम्र के 128 और 18 से 44 वर्ष के 410 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। गांव के लोगों ने कहा कि वैक्सीन लगवाकर सरकार जिंदगी बचाने का प्रयास कर रही है, हमें अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

बदला नहीं बदलाव के लिए काम करेंगे गोसाईगंज के प्रधान

बदला नहीं बदलाव के लिए काम करेंगे गोसाईगंज के प्रधान
विकास के लिए ज्ञान,विज्ञान और संज्ञान के फार्मूले पर हुई चर्चा
जितेन्द्र को बनाया गया लखनऊ जिले का वरिष्ठ उपाध्यक्ष

लखनऊ। गोसाईगंज के प्रधानों ने संकल्प लिया है कि वह बदला लेने के बजाय बदलाव लाने का काम करेंगे। विकास खण्ड कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित सम्मान समागम में यह प्रस्ताव एक स्वर में पारित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन प्रधान संगठन की ब्लाक इकाई द्वारा किया गया था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष तथा लखनऊ मण्डल के प्रभारी डॉ अखिलेश सिंह थे। उन्होंने प्रधानों का आह्वान किया कि वह बदला लेने के बजाय बदलाव के वाहक बनें। उनके इस प्रस्ताव को ब्लाक संगठन ने एक स्वर में स्वीकार किया। डॉ सिंह ने प्रधानों से कहा कि उन्हें ज्ञान, विज्ञान और संज्ञान के फार्मूले पर काम करना चाहिए। प्रधान के रूप में अपने अधिकारों का उन्हें ज्ञान होना चाहिए। विज्ञान की विधियों के अनुरूप अधिकारों का उपयोग कर आधुनिकता के साथ विकास किया जा सकता है। अपने आसपास की गतिविधियों पर संज्ञान लेकर उनमें सहभागिता और समाधान की रणनीति से नेतृत्व को अपने आप तराशने का आह्वान भी उन्होंने किया।

जीतू बने लखनऊ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष-
गोसाईगंज प्रधान संघ के अध्यक्ष जीतेन्द्र कुमार जीतू को लखनऊ जनपद का वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोनीत करते हुए उनसे और अधिक सक्रियता की अपील की गयी। प्रधानों ने स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग की। सम्मान समागम में जिला महासचिव मोहम्मद रिजवान सहित ब्लाक इकाई के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

मुख्य रास्ते के बीचों बीच विद्युत पोल से आवागमन ठप

बिजनौर। धामपुर क्षेत्र के ग्राम मटौरा दुर्गा में मुख्य रास्ते के बीचों बीच खड़ा बिजली का पोल आवागमन में बाधक बन रहा है। इस पोल के कारण ट्रैक्टर, टिपलर व अन्य वाहनों का ग्राम में आवागमन बन्द हो गया है। इस कारण ग्रामवासियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

मामले की शिकायत एसडीओ से की गयी तो उनके द्वारा मौके का निरीक्षण करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाही नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि इस पोल की वजह से उनको बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके वाहनों का आवागमन बंद हो गया है।

नियमों को ताक पर रखकर नियुक्तियां और नाला निर्माण

बड़े बड़े वादों के बल पर बनीं ग्राम प्रधान। चलीं पुराने प्रधान के नक्शेकदम पर। सार्वजनिक शौचालय पर कर दीं अवैध रूप से नियुक्तियां। बिना प्रस्ताव, बिना कोई सूचना अवैध रूप से नाला निर्माण।

निजामतपुरा गंज/बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)
विकास कार्य कराने एवं पंचायत को भ्रष्टाचार मुक्त रखने के बड़े-बड़े वादों के साथ पहली बार प्रधान बनी ग्राम पुरा निवासी फिरोजा परवीन भी शायद पुराने प्रधान के कदमों पर चल निकली हैं। उनके प्रधान बनने के साथ ही गांव वासियों को उम्मीद थी। ग्रामीण सोच रहे थे कि जिस भ्रष्टाचार मुक्त ग्राम पंचायत बनाने का वादा किया गया था, शायद वह नए प्रधान द्वारा पूरा किया जाएगा। परंतु प्रधान द्वारा किया गया वादा खोखला साबित हुआ। अभी 4 दिन नहीं हुए प्रधान बने कि प्रधान जी ने अपनी असलियत दिखानी शुरू कर दी है। इसका जीता जागता सबूत ग्राम के सार्वजनिक शौचालय पर अवैध रूप से की गई नियुक्तियां हैं। यही नहीं बिना कोई प्रस्ताव, बिना कोई सूचना दिए अवैध रूप से नाला निर्माण किया गया। इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। सूत्रों का कहना है कि अभी तक पंचायत के कार्यों के संचालन हेतु ग्राम प्रधान अधिकृत ही नहीं है, तो ग्राम पंचायत में कार्य किस आधार पर किया गया। आरोप है कि नाला निर्माण या तो लेनदेन के आधार पर किया गया और इसी आधार पर नियुक्तियां की गई अथवा प्रधान जी द्वारा अन्य कोई खेल किया गया। अब यह तो वही जाने अथवा ग्राम पंचायत अधिकारी, परंतु जनता का कहना है कि प्रधान जी द्वारा विकास के वादे को इस तरह पूरा किया जा रहा है कि नाला निर्माण में अत्यंत घटिया सामग्री लगाई गई है एवं सड़क एवं नाले को उखाड़ने के दौरान पुरानी लगी ईटों की शायद बंदरबांट कर दी गई। अब इसका जवाब तो प्रधान जी ही दे सकती हैं परंतु आम जनता को विकास की उम्मीद करना बेमानी है क्योंकि पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। अभी तो शुरुआत है। अभी तो पूरे 5 वर्ष ग्राम पंचायत को जमकर भ्रष्टाचार झेलना है?

एकलव्य बाण समाचार

प्रधानों को दी जाएगी अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी: सोमदेव सिंह

प्रधानों को अधिकारों एवं कर्तव्यों की दी जाएगी जानकारी: सोमदेव  सिंह। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की कार्ययोजना।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को  जुलाई माह के अंत तक ब्लॉक स्तर पर ग्राम पंचायतों से संबंधित ट्रेनिंग दी जाएगी। ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के डवाकरा हाल में आयोजित ग्राम प्रधानों की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष सोमदेव सिंह ने उक्त जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस ट्रेनिंग का उद्देश्य ग्राम प्रधानों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों की जानकारी देना होगा। ट्रेनिंग में लखनऊ से आने वाले ट्रेनर, एडीओ पंचायत, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अन्य अधिकारी ग्रामीणों के लिए शासन प्रशासन द्वारा लाभकारी योजनाओं की जानकारी देंगे।

समस्या हो तो मिलें: एडीओ
जिला अध्यक्ष सोमदेव सिंह की अध्यक्षता एवं मुरादाबाद मंडल मीडिया प्रभारी डॉ सत्येंद्र शर्मा अंगिरस के संचालन में आयोजित बैठक में एडीओ पंचायत अनिल कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधानों को विकास से संबंधित कार्यों में आने वाली किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान हेतु वह उनसे किसी भी कार्य दिवस में मिल सकते हैं। ग्राम प्रधानों को डोंगल एवं सड़कों आदि के निर्माण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण आदि के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सभी ग्राम प्रधान अपनी अपनी पंचायतों में विकास कार्य करा कर ग्रामीणों को लाभान्वित करें। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए बनाए जाने वाले मकानों पर विशेष ध्यान रखें। पात्रों को समुचित लाभ दिलवाने के लिए प्रयासरत रहें।
कार्यक्रम में जिला महासचिव सत्यपाल सिंह, जिला सचिव सुभाष सिंह, तहसील अध्यक्ष अशद चौधरी, जिला प्रभारी बबलू, मीना शर्मा, विनीता, ब्लॉक अध्यक्ष अंकित कुमार, हल्दौर ब्लाक अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, किरतपुर ब्लॉक अध्यक्ष निरंजन कुमार एवं नूरपुर ब्लॉक अध्यक्ष कामेंद्र सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में ब्लॉक के लगभग 85 ग्राम प्रधानों ने भाग लिया।