ग्राम प्रधान संगठन के संस्थापक महावीर दत्त शर्मा की 14 वीं पुण्यतिथि पर 5 से 8 दिसंबर तक गोष्ठियों का आयोजन

ग्राम प्रधान संगठन के संस्थापक महावीर दत्त शर्मा की 14 वीं पुण्यतिथि पर 5 से 8 दिसंबर तक गोष्ठियों का आयोजन

बिजनौर। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के संस्थापक पंडित महावीर दत्त शर्मा जी की 14 वीं पुण्यतिथि पर प्रदेश के सभी जनपदों में जिला इकाइयों द्वारा श्रद्धांजलि सभा एवं गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मुरादाबाद मंडल स्तर पर जनपद बिजनौर के अफजलगढ़ ब्लॉक में उक्त श्रद्धांजलि सभा एवं गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन 7 दिसंबर 2022, दिन बुधवार को किया जा रहा है। मुख्य अतिथि सुरेश चंद शर्मा राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, अति विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश ठाकुर एडवोकेट एवं मीडिया प्रभारी मुरादाबाद मंडल डॉ सत्येंद्र शर्मा अंगिरस रहेंगे।

बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारी ग्राम प्रधानों की समस्याओं को सुनकर उनके निराकरण हेतु संबंधित बीडीओ, डीपीआरओ एवं सीडीओ से मिलकर निराकरण कराने की कार्रवाई कराएंगे। जनपद बिजनौर इकाई द्वारा जिला मुख्यालय पर ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के सभागार में 5 दिसंबर 2022, दिन सोमवार को श्रद्धांजलि सभा एवं गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। जनपद के सभी ग्राम प्रधानों से उक्त कार्यक्रम में प्रातः 11बजे उपस्थित होने की अपील की गई है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार एवं विशिष्ट अतिथि गणेश ठाकुर एडवोकेट प्रदेश उपाध्यक्ष तथा डॉ सत्येंद्र शर्मा अंगिरस मीडिया प्रभारी मुरादाबाद मंडल राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन उपस्थित होंगे। जनपद के सभी ग्राम प्रधानों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर गोष्ठी में प्रतिभाग कर अपने अपने विचारों का आदान प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।

अपने हौसले से दिव्यांग जनों के लिए मिसाल बने एमआर पाशा

अपने हौसले से दिव्यांग जनों के लिए मिसाल बने एम आर पाशा

दिव्यांगों की मदद करना बनाया जीवन का मकसद

बिजनौर। किसी शारीरिक कमी को अपनी कमजोरी न मानकर हौसला बुलंद कर दूसरों के लिए उदाहरण बनने वाले बहुत कम लोग होते हैं। क्षेत्र के गांव बुढ़नपुर निवासी दिव्यांग एमआर पाशा इसी का उदाहरण हैं, जो ना केवल दिव्यांगता को हराकर स्वयं आगे बढ़े, बल्कि हजारों दिव्यांगों के जीवन में आशा की किरण पैदा कर रहे हैं।

अपने इसी हौसले के दम पर वह दिव्यांगजनों का सहारा बन रहे हैं। उन्हें कृत्रिम अंग, व्हील चेयर, कैलिपर्स, ट्राई साईकिल, बैसाखी, सिलाई मशीन, कंबल, लिहाफ, गरम जैकेट आदि उपकरण वितरित कर मदद करने में जुटे हैं। बुढ़नपुर में 1984 में जन्मे एमआर पाशा जन्म से ही दिव्यांग हैं। स्योहारा के एमक्यू इंटर कालेज से 12वीं और धामपुर के आरएसएम डिग्री कालेज से बीएससी की शिक्षा प्राप्त की। एमआर पाशा बताते हैं कि बचपन से उन्होंने दिव्यांग होने के कारण बहुत सी चुनौतियों का सामना किया था, लेकिन इसे कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। पढ़ाई के समय से ही उनके मन में अपने जैसों की मदद करने का विचार आया।

वर्ष 2000 में बनाया संगठन :

उन्होंने दिव्यांगजनों की समस्याएं हल कराने के लिए वर्ष 2000 में राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन का गठन किया, जिसके वे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पाशा बताते हैं कि इससे गरीबों, दिव्यांगों, वृद्ध व असहाय लोगों की सेवा कर रहे हैं। कई शिविर लगाकर दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग वितरित करवाते हैं। अब तक हजारों लोगों की पेंशन बनवा चुके हैं। कैलीपर्स, ट्राई साईकिल, व्हीलचेयर सहित लिहाफ-कंबल भी वितरित करते हैं। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग उनसे जुड़ते चले गए। दिव्यांगजनों की मांगों के लिए धरना प्रदर्शन भी करते हैं। वह गांव में जूनियर हाई स्कूल चलाते है, जिससे अपना जीवन-यापन करते हैं। एमआर पाशा का सपना है कि वे वृद्धाश्रम खोलें और कैलिपर्स बनाने की फैक्ट्री भी लगाना चाहते हैं।

यातायात माह में पुलिस ने जुर्माने में वसूले ₹ढ़ाई करोड़

यातायात माह में पुलिस ने जुर्माने में वसूले ₹ढ़ाई करोड़

~सचिन वर्मा

बिजनौर। यातायात माह नवम्बर 2022 का बुधवार को समापन हो गया। इस दौरान पुलिस ने करीब ढ़ाई करोड़ रुपए के चालान काटे। पुलिस द्वारा जिन लोगों के चालान किए गए उनमें से अधिकांश दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग नहीं करने वाले लोग शामिल हैं। इस माह में पूर्व की अपेक्षा अधिक चेकिंग की गई। लोगों को यातायात के नियमों का पालन करना सिखाने के लिए कई अभियान भी चलाए गए, लेकिन लोग जागरूक होने के बाद भी नियमों का पालन करने को तैयार नहीं हुए।

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नवम्बर को यातायात माह के रूप में मनाया गया। लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित भी किए गए। यातायात पुलिस ने स्कूली बच्चों के साथ मिलकर स्कलों, कॉलेजों व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए। स्वयं पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने भी स्कूल व कॉलेजों में जाकर बच्चों को अपने शपथ दिलाई कि वह अपने परिजनों के साथ साथ आसपास के लोगों को भी यातायात के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेंगे। जागरूक अभियानों के साथ साथ पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान भी चलाया। इस अभियान के दौरान पुलिस ने करीब ढाई करोड़ के चालान किए। पुलिस द्वारा जिन लोगों के खिलाफ ये कार्यवाही की गई उनमे से अधिकांश लोग हेलमेट के बिना दोपहिया वाहन चलाने वाले शामिल हैं। पुलिस द्वारा की गई इस कार्यवाही से वाहन चालकों में हड़कम्प तो मचा, लेकिन अभी भी अधिकांश चालक सीख लेने को तैयार नहीं।

यातायात माह भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन पुलिस का चेकिंग अभियान अब भी जारी रहेगा। यातायात नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती रहेगी। जिले में आगामी 15 दिनों तक सघन चेकिंग अभियान चलवाया जाएगा, जो भी वाहन चालक यातायात के नियमों का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

-दिनेश सिंह, एसपी बिजनौर

स्वस्थ रहने के लिए प्राचीन भारतीय संस्कृति पर आना होगा: शैलेंद्र प्रताप

स्वस्थ रहने के लिए प्राचीन भारतीय संस्कृति पर आना होगा: शैलेंद्र प्रताप

मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय बिजनौर में मनाया गया प्राकृतिक चिकित्सा दिवस। सैकड़ों रोगियों ने उठाया एक्यूप्रेशर, आहार परिवर्तन के माध्यम से गोष्ठी का लाभ।

बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर के द्वारा मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में सीडीओ पूर्ण बोरा के निर्देशन में योग और प्राकृतिक चिकित्सा शिविर गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप रहे। संचालन इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के जिला अध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने किया।

इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन की गोष्ठी में मुख्य अतिथि जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमें स्वस्थ रहने के लिए अपनी प्राचीन भारतीय संस्कृति पर आना होगा। ओपी शर्मा ने हास्य व्यंग्य से लोगों का मन मुग्ध कर दिया तथा कहा कि हमें पृथ्वी जल अग्नि वायु आकाश के द्वारा अपनी चिकित्सा करनी चाहिए। इस अवसर पर लगभग 200 रोगियों ने एक्यूप्रेशर, आहार परिवर्तन के माध्यम से गोष्ठी का लाभ उठाया।

कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने प्राकृतिक चिकित्सा पर बल दिया और बिना किसी दवाई के निरोग होने के उपाय बताए। वैद्य अजय गर्ग ने आसपास खड़ी हुई जड़ी बूटियों से उपचार के बारे में विस्तार से बताया। ऑर्गेनाइजेशन के उपाध्यक्ष ओपी शर्मा, उपाध्यक्ष ओपी राणा ने अपने विचार प्रस्तुत किए तथा स्वस्थ रहने के उपायों की जानकारी दी।

संयुक्त सचिव राकेश कुमार, उपाध्यक्ष रामनाथ सिंह, अरुण योगाचार्य, संयुक्त सचिव ओमपाल, जसवीर सिंह, पतंजलि प्रभारी राम सिंह पाल, डॉ लीना तोमर, संरक्षक डॉ सुनील राजपूत, एसके निगम, सुखराम मीडिया प्रभारी, डॉ कैलाश, जिला सचिव सोमदत्त शर्मा, नरेंद्र चौहान, श्री मिश्रा, डॉ आनंद स्वरूप, कलक्ट्रेट से राजपाल शर्मा, गोविंद चौधरी, आशुतोष, कुसुम, महिपाल, मनोज, सोनू, बढ़ापुर से राजीव, मेरठ से मायाराम, मुरादाबाद से कुलदीप शर्मा एवं विकास भवन के कर्मचारी, ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल से अनिल कुमार ने अपने अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में नेचुरोपैथी योग एंड स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फेडरेशन के अध्यक्ष आरके राणा उपस्थित रहे। अंत में डॉक्टर नरेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन, योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान के अध्यक्ष योगेश कुमार, श्रीमती सुनीता अनंत कुमार ने सभी को फल एवं अंकुरित आहार करा कर तथा धन्यवाद देते हुए विदा किया।

जलभराव से परेशान छात्र छात्राओं का फूटा गुस्सा, प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन

जलभराव से नाराज देहरी खादर में स्कूली बच्चों ने किया प्रदर्शन। तमाम शिकायतों पर भी ध्यान नहीं देता ग्राम प्रधान।

अमरोहा। रहरा ब्लाक गंगेश्वरी क्षेत्र के गांव देहरी खादर में जलभराव से स्कूली बच्चे व ग्रामीण परेशान हो गए हैं। शिकायत के बावजूद ग्राम प्रधान सुनवाई को तैयार नहीं है। जलभराव से निजात पाने के लिए छात्राओं ने प्रदर्शन किया।

रहरा ब्लाक गंगेश्वरी क्षेत्र के गांव देहरी खादर में जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल आने जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव से ग्रामीण परेशान हो चुके हैं और साथ में स्कूली बच्चों को आने जाने में रोजाना दिक्कत हो रही है। बच्चों के कपड़े व पैर मिट्टी और पानी से गंदे हो जाते हैं। गिरकर चोट लगने की घटनाएं भी कई बार हो चुकी हैं। इस मामले में कई बार शिकायत करने पर भी ग्राम प्रधान कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इस बात से नाराज स्कूली छात्र छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस मौके पर विनीत, निखिल, जितेंद्र, भोला, गुंजन, विकेश, रोहित, अनुज आदि छात्र-छात्रा मौजूद रहे।

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का शुभारंभ

अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का शुभारंभ

टाइगर रिजर्व न्यू जिम कॉर्बेट के रूप में जाना जाएगा जंगल अमानगढ़

सफारी प्रारंभ होने से क्षेत्र का विकास होगा व ईको पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा: सुशांत सिंह

पर्यटकों को सुख मिले, उनके साथ अच्छा व्यवहार हो व उन्हें सुरक्षित माहौल मिले: विधायक बढ़ापुर

बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के हरिपुर वन परिसर में मंगलवार को जंगल सफारी का शुभारंभ विधायक बढ़ापुर सुशांत सिंह ने किया। उन्होंने इस अवसर पर पर्यटक पंजीकरण कक्ष व कैंटीन/टिकट घर का फीता काटा। साथ ही जंगल सफारी जिप्सी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विधायक ने जंगल सफारी करते हुए कहा कि यह क्षेत्र न्यू जिम कॉर्बेट के रूप में जाना जाएगा। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक ने हाथी की प्रतिमा भेंट की गई। किन्हीं कारणों से जिलाधिकारी उमेश मिश्रा कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।

शुभारंभ करते हुए विधायक बढ़ापुर ने कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों को सुख मिले उनके साथ अच्छा व्यवहार हो व उन्हें सुरक्षित माहौल मिले। उन्होंने सभी से इसमें सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जंगल सफारी प्रारंभ होने से सभी वन क्षेत्रों का विकास होगा व इको पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सुशांत सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से व दूरगामी सोच से इको पर्यटन को प्रदेश में बढ़ावा दिया जा रहा है। विधायक ने कहा कि पहले की सरकारों में व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता दी जाती थी। वर्तमान सरकार ने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया और प्रदेश का विकास किया। उन्होंने कहा कि यहां आकर अच्छा लगा। अमानगढ़ वन क्षेत्र में जंगल सफारी प्रारंभ होने से रामनगर की तरह यहां का विकास होगा। जिम कॉर्बेट में देश-विदेश के पर्यटक आते हैं। ऐसे ही यहां भी उनका आगमन होगा, क्षेत्र का विकास होगा, यहां होटल रिसोर्ट आदि खुलेंगे और जनपद की आर्थिक उन्नति होगी।

मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि जंगल सफारी प्रारंभ होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। इको विकास समिति इसका संचालन करेगी। अमानगढ़ फॉरेस्ट रिजर्व फाउंडेशन का गठन हो गया है। यह फाउंडेशन व इको विकास समिति जंगल सफारी व पंजीकरण कक्ष आदि का संचालन करेंगी तथा इसमें वन विभाग का सहयोग रहेगा। जिला वन अधिकारी ने कहा कि विधायक ने जंगल सफारी की परिकल्पना देखी, जिसको आज मूर्त रूप दिया जा रहा है। इससे क्षेत्र का विकास होगा, आगे चलकर इसे कालागढ़ व अन्य रिजर्व क्षेत्रों से भी जोड़ा जाएगा। यह आगाज है, अभी आगे और जाना है।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह, मुख्य वन संरक्षक मुरादाबाद, जिला वन अधिकारी अनिल कुमार पटेल, एसडीओ फॉरेस्ट सहित अन्य पुलिस प्रशासनिक अधिकारी व बड़ी संख्या में आमजन आदि उपस्थित रहे। उप जिलाधिकारी धामपुर मनोज कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। किन्हीं कारणों से जिलाधिकारी उमेश मिश्रा कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।

आकर्षण का केंद्र हैं 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी~
हजारों रुपए खर्च कर कार्बेट पार्क जाने वालों के लिए अमानगढ़ वन रेंज में हर वो वन्य जीव मौजूद हैं, जिसे देखने की उन्हें लालसा रहती है। यहां पर 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं। इसके अलावा भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर जैसे जीव भी दिखाई देते हैं। चीतल, हिरण के दर्जनों की संख्या में झुंड दिखाई पड़ते हैं।

वन विभाग से लिए गए आंकड़ों के अनुसार अमानगढ़ में मौजूद वन्यजीव

बाघ 27
गुलदार 45
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074

केंद्र सरकार के फैसले से कार्डधारकों को मिली बड़ी राहत! देश भर में लागू हुआ राशन का नया नियम

Ration Card: केंद्र सरकार के फैसले से कार्डधारकों को मिली बड़ी राहत! देश भर में लागू हुआ राशन का नया नियम

नई दिल्ली। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (National Food Security Law) के तहत लाभार्थियों को सही मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने राशन की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ़ सेल (EPOS) उपकरणों को इलेक्ट्रॉनिक तराजू को जोड़ने का आदेश दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (National Food Security Law) के तहत लाभार्थियों को सही मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने राशन की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ़ सेल (EPOS) उपकरणों को इलेक्ट्रॉनिक तराजू के साथ जोड़े जाने के लिए खाद्य सुरक्षा कानून नियमों में संशोधन कर दिया है।


देश भर में लागू हुआ नया नियम


अब देश में उचित दर वाली सभी दुकानों को आनलाइन इलेक्ट्रानिक प्वाइंट आफ सेल यानी पीओएस डिवाइस से जोड़ दिया गया है। यानी अब राशन तौल में गड़बड़ी की गुंजाइश ही नहीं बची है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लाभार्थी को किसी भी सूरत में कम राशन न मिले, इसके लिए राशन डीलरों को हाइब्रिड माडल की प्वाइंट आफ सेल मशीनें दी गई हैं। ये मशीनें आनलाइन मोड के साथ ही नेटवर्क न रहने पर ऑफलाइन भी काम करेंगी। अब लाभार्थी अपने डिजिटल राशन कार्ड के इस्तेमाल से देश में किसी भी उचित दर की दुकान से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत राशन सामग्री ले सकते हैं।

क्या कहता है नियम?
सरकार का कहना है कि यह संशोधन एनएफएसए के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के संचालन की पारदर्शिता में सुधार के माध्यम से अधिनियम की धारा 12 के तहत खाद्यान्न तौल में सुधार प्रक्रिया को और आगे बढ़ाने का एक प्रयास है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत सरकार देश के करीब 80 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति, प्रति माह पांच किलो गेहूं और चावल (खाद्यान्न) क्रमश: 2-3 रुपए प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर दे रही है।

क्या हुआ बदलाव?

सरकार ने कहा कि ईपीओएस (EPOS) उपकरणों को उचित तरीके से संचालित करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने और 17.00 रुपए प्रति क्विंटल के अतिरिक्त मुनाफे से बचत को बढ़ावा देने के लिए खाद्य सुरक्षा (राज्य सरकार की सहायता नियमावली) 2015 के उप-नियम (2) के नियम 7 में संशोधन किया गया है।

इसके तहत पॉइंट ऑफ सेल डिवाइस की खरीद, संचालन और रखरखाव की लागत के लिए प्रदान किए गए अतिरिक्त मार्जिन से अगर किसी भी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश को यदि बचत होती है तो इसे इलेक्ट्रॉनिक तौल तराजू की खरीद, संचालन एवं रखरखाव के साथ दोनों के एकीकरण के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।

मिल अधिकारियों व थाना प्रभारी ने वाहनों पर लगाए रिफ्लेक्टर

मिल अधिकारियों व थाना प्रभारी ने वाहनों पर लगाए रिफ्लेक्टर

स्योहारा। पुलिस प्रशासनिक अधिकारी व शुगर मिल स्योहारा के अधिकारियों ने जागरूकता अभियान चलाकर आमजन खासकर वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव चौधरी व मिल अधिकारियों ने गन्ना डालने आए वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए। जागरूकता अभियान के दौरान थाना प्रभारी राजीव चौधरी ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ ही धुंध भी छाने लगी है। इसलिए धुंध में वाहन चालकों की सावधानी और वाहनों पर लगे रिफ्लेक्टर से सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। लोगों को चाहिए कि धुंध के समय अपने वाहनों पर रिफलेक्टर अवश्य लगवाएं। धुंध के समय गाड़ी धीरे चलाएं और डिपर का प्रयोग अवश्य करें। इसके अलावा जहां तक हो सके ओवरटेक न करें। उन्होंने वाहन चालकों से आह्वान किया कि वे अपने वाहनों की लाईटें सही करवा कर रखें। इस मौके पर बलवंत सिंह, विवेक श्रीवास्तव व राजेश शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।

09 नवम्बर से 08 दिसम्बर तक नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिये चलेगा अभियान

09 नवम्बर से 08 दिसम्बर तक नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिये चलेगा अभियान

09 नवम्बर से प्रारम्भ होगा विधानसभा निर्वाचक नामावलियों का संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान

कोई अर्ह मतदाता रजिस्ट्रीकृत होने से रह न जाए- अपर जिलाधिकारी वि०/रा०

बिजनौर। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उ०प्र०, लखनऊ से प्राप्त निर्देशों के क्रम में विधानसभा निर्वाचक नामावलियों का संक्षिप्त पुनरीक्षण-2023 नये मतदाताओं के पंजीकरण के लिये दिनांक 09 नवम्बर 2022 से 08 दिसम्बर 2022 तक अभियान चलाया जायेगा। अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द कुमार सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान बी०एल०ओ० डोर टू डोर जाकर मतदाता सूची में अर्ह मतदाताओं के नाम दर्ज किये जाने हेतु व मतदाता सूची के शुद्धिकरण का कार्य करेंगे। इस कार्यक्रम हेतु विशेष अभियान दिवस दिनांक 12 नवम्बर, 20 नवम्बर, 26 नवम्बर तथा 04 दिसम्बर 2022 की तिथियां निर्धारित है। इन तिथियों में बी०एल०ओ० समस्त बूथों पर बैठकर फार्म प्राप्त करेंगे।

उन्होंने जनपद के समस्त विभागाध्यक्ष, अध्यक्ष-जिला बार संघ, सिविल बार संघ, रोटरी एवं लायन्स क्लब, अध्यक्ष समस्त मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय व राज्यीय राजनैतिक दलों तथा अध्यक्ष समस्त व्यापार मण्डल, उद्योग संगठन, सिविल सोसाइटी एवं गैर सरकारी संगठन बिजनौर को पत्र प्रेषित करते हुए कहा कि वह इस अभियान में अपना सहयोग देकर व्यापक प्रचार-प्रसार कराये जिससे कोई अर्ह मतदाता रजिस्ट्रीकृत होने से रह न जाए।

उन्होंने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक/अपर प्रभारी अधिकारी स्वीप तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी/अपर प्रभारी अधिकारी मतदाता जागरूकता क्लब (ELC) को निर्देशित किया कि मतदाता जागरूकता के लिये समस्त विद्यालयों/कालेजों में छात्र/छात्राओं की रैली निकालकर विशेष अभियान का प्रचार किया जाए तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया जाए। कालेजों में सेमिनार आयोजित कर नये वोटर्स को मतदाता सूची में पंजीकरण कराने हेतु प्रोत्साहित किया जाए, कालेजों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाए तथा इसके महत्व पर गोष्ठी का आयोजन किया जाए। सभी प्रधानाचार्यों/प्राचार्यों की बैठक बुलाकर इस अभियान के प्रचार-प्रसार में विशेष सहयोग लिया जाए।

उन्होंने व्यापार मण्डल, मण्डी समिति, समस्त क्लब, मेडिकल एसोसिएशन, एडवरटाईजर्स, स्वयंसेवी संगठनों व इण्डस्ट्री एसोसिएशन आदि के पदाधिकारियों से कहा कि अभियान के प्रचार-प्रसार में सहयोग हेतु अपने प्रतिष्ठानों में मतदाता जागरूकता से संबंधित स्लोगन/मोनोग्राम/बड़े बैनर/फ्लेक्स लगवाकर प्रचार प्रसार में सहयोग करें।

विकलांगों के आने-जाने का रास्ता रेलवे ने किया बंद, शिकायत

विकलांगों के आने-जाने का रास्ता रेलवे ने किया बंद, शिकायत

नजीबाबाद। रेलवे द्वारा विकलांगों के आने-जाने के रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत रेल मंत्रालय से की गई है।
आदर्श नगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को भेजे एक शिकायती पत्र में कहा कि मुरादाबाद मंडल के नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पर शिव मूर्ति के पास मुख्य प्रवेश द्वार से प्लेटफार्म के चढ़ने के लिए पैदल मार्ग था, परंतु हाल में उसे बंद कर दिया गया है। इस कारण विकलांग जनों तथा व्हीलचेयर पर आने जाने वाले लोगों, पार्सल विभाग की सामग्री तथा रेल डाक सेवा की सामग्री को लाने ले जाने में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरटीआई कार्यकर्ता ने इस संबंध में रेल मंत्रालय से उचित दिशा निर्देश संबंधित अधिकारियों को जारी करने की मांग की ताकि विकलांग जनों के समक्ष आ रही परेशानी का समाधान हो सके।

त्योहार पर पुलिस ने दिखाए तेवर

पुलिस कार्यालय के आकस्मिक निरीक्षण को पहुंच गए एसपी

बिजनौर। पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने पुलिस कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने क्राइम ब्रांच, आइजीआरएस, शिकायत प्रकोष्ठ, विशेष जांच प्रकोष्ठ, प्रधान लिपिक कार्यालय आदि का निरीक्षण किया।
इसके अलावा उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव, अपनी ड्यूटी कार्य के प्रति सचेत रहने व कार्यालय में साफ-सफाई को लेकर संबंधित स्टाफ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

थाना नगीना देहात का निरीक्षण किया एसपी ग्रामीण ने

बिजनौर। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राम अर्ज द्वारा थाना नगीना देहात का साप्ताहिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की साफ-सफाई, महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीएनएस, थाना कार्यालय, हवालात आदि का निरीक्षण कर सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

धामपुर में एसपी पूर्वी ने की पैदल गश्त

~जनमानस में सुरक्षा की भावना जागृत करने को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल ने की पैदल गश्त

बिजनौर। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल द्वारा कस्बा धामपुर में आगामी त्यौहार, कानून एवं शांति व्यवस्था के दृष्टिगत तथा आम जनमानस में सुरक्षा की भावना जागृत करने, मुख्य मार्गों व अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की गई।

जिला मुख्यालय पर सीओ सिटी और इंस्पेक्टर ने की गश्त

बिजनौर। क्षेत्राधिकारी नगर अनिल कुमार सिंह ने कोतवाली शहर क्षेत्र में आगामी त्योहार, कानून एवं शांति व्यवस्था के दृष्टिगत तथा आम जनमानस में सुरक्षा की भावना जागृत की गई। इसी के साथ अन्य भीड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की गई। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शहर रविन्द्र वशिष्ठ व अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।

माता पिता बच्चों पर रखें सतर्क निगाह: एसपी दिनेश सिंह

दिव्य विश्वास संवाददाता

बिजनौर। एसपी दिनेश सिंह ने जनता से नशे के विरोध में चलाए जा रहे अभियान नया सवेरा के तहत कुछ चीजों को किया साझा और अपने बच्चों पर सतर्क निगाह रखने की, की अपील। बयान जारी कर एसपी दिनेश सिंह ने कहा कि जिला पुलिस प्रशासन की तरफ से नशे के विरुद्ध नया सवेरा अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अपने जनपद से इस नशे की प्रवृत्ति को मिटाना है। छोटी-छोटी सावधानियां बरतने की अपील करते हुए कहा कि मां-बाप को ध्यान देने की जरूरत है, आजकल के बच्चों में फ्लूड लेने की आदत बनती जा रही है।

बच्चों का बैग चेक करें माता-पिता: व्हाइटनर नशे की शुरूआत होती है। हम अपने बच्चे का ध्यान रखें, अपने बच्चे के बैग को चेक करें, उसका रुमाल में सूंघ कर चेक करें। आपको इस बात का भी ध्यान देना है कि आपका बच्चा बाथरूम में ज्यादा समय तो नहीं दे रहा। आपका बच्चा क्या अकेले में तो नहीं रहता और खर्च की कुछ ज्यादा मांग तो नहीं कर रहा है। उसके हाथ पर कुछ जलने का निशान तो नहीं है या बाहों पर इंजेक्शन या सिरिंज लगाने के निशान तो नहीं है। ऐसे छोटे-छोटे चीजों को अगर आप ध्यान दें तो बहुत हद तक बच्चे को नशे की लत से बचाया जा सकता है। विशेषकर छोटे बच्चे के बैग में अगर व्हाइटनर है, तो यह एक चेतावनी है कि बच्चों को व्हाइटनर यानी फ्लूड की कोई आवश्यकता नहीं।

ड्रग पेडलर के खिलाफ चलाया जा रहा अभियानः एसपी दिनेश सिंह ने कहा कि जो इस प्रकार की नशे की दवाई बेच हैं, ड्रग पेडलर; उनके खिलाफ हम कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। मेडिकल स्टोर और स्टेशनरी की दुकान पर हम सतर्क निगाह रख रहे हैं। मेरा आपसे अनुरोध है कि आप जिम्मेदार माता-पिता के रूप में जो चीजें मैंने आपको बताई हैं, यह देखें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं आपके बच्चे इस दिशा में तो आगे नहीं बढ़ रहे?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने की माँ गंगा की आरती

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने की माँ गंगा की आरती

(संदीप जोशी )

बिजनौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गंगा समग्र इकाई के जिला संयोजक ओमप्रकाश द्वारा साप्ताहिक गंगा आरती का आयोजन विदुर कुटी के गंगा घाट पर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हर्ष चौधरी ने गंगा गीत के द्वारा की। जिला संयोजक ओमप्रकाश ने भारतीय संस्कृति की पांच मुख्य स्तंभों में से एक गंगा मां के महत्व को सभी गंगा भक्तों को बताया। उन्होंने गंगा समुद्र के सभी 15 आयाम किस प्रकार से गंगा को स्वच्छ निर्मल अविरल बनाने के लिए प्रयासरत हैं उसके बारे में विस्तृत चर्चा की। गंगा आरती में मुख्य अतिथि डॉ मंजू चौधरी ने भारतीय संस्कृति में गंगा की सामाजिक आर्थिक धार्मिक महत्व के साथ साथ उसकी वैज्ञानिक पहलू की भी चर्चा की। डॉ मंजू ने बताया कि गंगा की धारा सिर्फ जलधारा नहीं है बल्कि यह भारत की संस्कृति, सभ्यता, दर्शन और जीवन की धारा है। गंगा का जल शुद्ध रखने के लिए गंगा में किसी भी प्रकार की मूर्ति का विसर्जन फूलों व अन्य सामग्री का विसर्जन बिल्कुल ना किया जाए और जो भी धार्मिक अनुष्ठान होते हैं उनमें घरों में मिट्टी की या गोमय से बनी हुई छोटी मूर्ति रखें, जिसको अपने घर के गमलों में ही विसर्जित कर लें। पूजा के फूलों को किसी भी गमले में, बाग बगीचे या सड़क के किनारे मिट्टी में रोपित करें, जिससे वातावरण हरा भरा व शुद्ध रहे और गंगा पवित्र और निर्मल रहे। गंगा में जो मछलियां और जलीय जीव हैं उनका भी हमें विशेष ध्यान रखना है क्योंकि उनके द्वारा ही गंगा की जल को स्वच्छ निर्मल रखा जाता है। गंगा की विदुर कुटी घाट को आरती से पहले सभी गौ भक्तों स्वयं सफाई करेंगे और वहां वृक्षारोपण का कार्यक्रम करेंगे। इस तरह का संकल्प गंगा आरती में लिया गया। गंगा भक्तों ने गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए अपने हर संभव प्रयास करने का संकल्प लिया और अधिक से अधिक संख्या में इस साप्ताहिक गंगा आरती में सम्मिलित होने का आह्वान करते हुए डॉ मंजू चौधरी ने विदुर कुटी की घाट के पास गंगा की धारा को लाने के लिए प्रशासन से मांग की।

“मेरे दैनिक जीवन में आयुर्वेद की उपयोगिता” विषय पर खुल कर दिया भाषण

“मेरे दैनिक जीवन में आयुर्वेद की उपयोगिता” विषय पर खुल कर दिया भाषण।

विवेक कॉलेज बिजनौर के सभागार में हुआ जनपद स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

बिजनौर। आयुष मंत्रालय भारत सरकार और आयुष विभाग उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जनपद स्तरीय भाषण प्रतियोगिता मेरे दैनिक जीवन में आयुर्वेद की उपयोगिता का आयोजन विवेक कॉलेज बिजनौर के सभागार में किया गया।

इस भाषण प्रतियोगिता में जनपद के समस्त विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का प्रारंभ मुख्य अतिथि ऋतु रानी उप जिलाधिकारी द्वारा भगवान धन्वंतरी और माता सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। छात्र छात्राओं ने बड़े उत्साह और उमंग के साथ आयुर्वेद पर अपने विचार प्रस्तुत किए। भारी कशमकश के बीच निर्णायक मंडल को अपने नतीजे घोषित करने पड़े। निर्णायक मंडल में उप जिलाधिकारी व वैद्य संदीप अग्रवाल प्रधानाचार्य विवेक कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक साइंसेज तथा सौरभ सिंघल रहे।

उन्होंने बताया कि भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर देवांश शर्मा एसवी जीजीआईसी बिजनौर को 5100/-की धनराशि, द्वितीय स्थान पर रचित राठी डीएवी बिजनौर को 2100/-की धनराशि, तृतीय स्थान स्थान पर आशी उज्जवल राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिजनौर 1100/-की धनराशि का चेक प्रदान किया गया। सांत्वना पुरस्कार के रुप में चतुर्थ स्थान पर अलीना परवीन जीजीआईसी झालू तथा पांचवें स्थान पर दीपक गोसाई डीएवी बिजनौर दोनों प्रतिभागियों को 501/-की धनराशि की घोषणा की गई। समापन सत्र में पुरस्कार वितरण दीपक मित्तल सचिव विवेक कॉलेज द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ स्वाति पांडे व डॉ विमल द्वारा किया गया। नोडल अधिकारी क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ प्रमोद कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को अपने जीवन में आयुर्वेद को अपनाने की सलाह दी।

इस अवसर पर जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ आरती, वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ शैलेंद्र गुप्ता, डॉ अभिषेक, डॉ अर्जुन, डॉ प्रशांत, डॉ विल्सन, डॉ जाहिद, डॉ अकरम, डॉ अब्दुल्ला जावेद, फार्मासिस्ट इंचार्ज चंद्र भूषण मिश्रा, ब्रजवीर सिंह त्यागी व सुभाष चंद तिवारी आदि उपस्थित रहे।

बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं ये कफ सिरप~W.H.O.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने बुधवार को भारत की फार्मास्युटिकल्स कंपनी के बनाए 4 कफ सिरप को लेकर अलर्ट जारी किया है | WHO ने कहा कि ये प्रोडक्ट मानकों पर खरे नहीं हैं। ये सुरक्षित नहीं हैं, खासतौर से बच्चों में इनके इस्तेमाल से गंभीर समस्या या फिर मौत का खतरा है।

WHO ने कहा कि गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत गुर्दों की हालत बेहद खराब हो जाने की वजह से हुई है। बहुत मुमकिन है कि इन सिरप के इस्तेमाल के चलते ही बच्चों की मौत हुई हो। ये प्रोडक्ट अभी सिर्फ गाम्बिया में पाए गए हैं।

WHO ने रिपोर्ट में कहा कि कफ सिरप में डायथेन ग्लाईकोल (diethylene glycol) और इथिलेन ग्लाईकोल (ethylene glycol) की इतनी मात्रा है कि वजह इंसानों के लिए जानलेवा हो सकते हैं। दरअसल, इन कंपाउंड की वजह से भारत में भी बच्चों समेत 33 की जान जा चुकी है, लेकिन इन कंपाउंड पर बैन नहीं लगाया गया है।

WHO ने मेडिकल प्रोडक्ट अलर्ट जारी किया है। यह न केवल गाम्बिया जैसे देशों, बल्कि भारत के लिए भी बेहद गंभीर है। मामला बच्चों से जुड़ा है तो अलर्ट के मायने और व्यापक हो जाते हैं। कई सवाल हैं.. मसलन WHO की डिटेल रिपोर्ट, वो भारतीय कंपनी जहां इनका प्रोडक्शन हुआ, क्या ये सिरप भारत में भी बिक रहे हैं, क्या वाकई खतरनाक हैं?

इन सवालों के जवाब से पहले पढ़िए, जिन कंटेंट का WHO की रिपोर्ट में जिक्र.. उस पर भास्कर रिसर्च

कंपनी ने बंद की वेबसाइट: अलर्ट जारी होने के तुरंत बाद भास्कर ने मेडिकल एक्सपर्ट और अधिकारियों से बातचीत की। पता चला कि जिस कंपनी के सिरप पर सवाल हैं, उसने वेबसाइट बंद कर दी है, ताकि लोगों को ज्यादा जानकारी ना मिल सके।

जिन कंपाउंड का जिक्र, वो स्वाद बढ़ाते हैं: शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक शर्मा ने बताया कि जिन कंपाउंड diethylene glycol और ethylene glycol का जिक्र WHO की रिपोर्ट में है, वह कार्बन कंपाउंड है। इसमें न खुश्बू होती है और न ही कलर । ये मीठा होता है। बच्चों के सिरप में सिर्फ इसलिए मिलाया जाता है ताकि वो आसानी से पी सकें।

मात्रा ज्यादा होने पर जानलेवा : दवाओं में ये कंपाउंड अधिकतम 0.14 मिलीग्राम प्रति किलो तक मिलाया जा सकता है। 1 ग्राम प्रति किलो से ज्यादा मिलाने पर ये मौत का कारण बन सकता है। WHO या इन कंपनी ने खुलासा नहीं किया कि जिन दवाओं से मौत हुई, उसमें इन कंपाउंड की कितनी मात्रा थी ।

इंसानों पर 3 फेज में होता है इन कंपाउंड का असर पहला फेज: पहले दो दिन में उल्टी-दस्त, पेट में दर्द । दिमाग सुन्न पड़ने लगता है। इसे माइनर कोमा भी कहा जाता है।

दूसरा फेज: तीसरे-चौथे दिन किडनी फेलियर हो जाता है। यूरिन पास नहीं हो पाता। ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। हृदय की गति भी अनियमित हो जाती है।

तीसरा फेज: पांचवें से दसवें दिन तक पैरालिसिस हो सकता है। व्यक्ति डीप कोमा में जा सकता है। मौत भी हो सकती है। अगर इन कंपाउंड के चलते एक बार मरीज गंभीर हो गया, उसे बचा भी लिया गया तो किडनी की समस्या रहती है। उसे डायलिसिस की जरूरत भी पड़ सकती है।

डायथेलेन ग्लाईकोल- इथिलेन ग्लाइकोल बड़े देशों में बैन

अमेरिका, आस्ट्रेलिया और यूरोपियन कंट्री diethylene glycol और ethylene glycol का इस्तेमाल बैन है। सिरप में इनकी ज्यादा मात्रा जानलेवा हो जाती है।

गाम्बिया में कफ सिरप के जिस कंपाउंड से 66 बच्चों की जान गई…वही भारत में भी ले चुका 33 की जान diethylene glycol 3 ethylene glycol कंपाउंड का दवाओं में इस्तेमाल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में प्रतिबंधित है, लेकिन भारत में भी दो बार इन केमिकल कंपाउंड की वजह से त्रासदी आ चुकी है।

1986 : मुंबई में हुई थी 21 मरीजों की मौत 1986 में मुंबई के एक अस्पताल में कई मरीजों को इलाज के दौरान ग्लिसरीन दिया गया था। इसके बाद किडनी फेलियर की वजह से 21 मरीजों की मौत हो गई थी। जांच में पाया गया कि उन्हें दिए गए ग्लिसरीन में diethylene glycol मिला हुआ था।

2020 : जम्मू-कश्मीर में 12 बच्चों की मौत कफ सिरप से हुई

2020 में चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टरों ने सेंट्रल ड्रग अथॉरिटी CDSCO को एक कफ सिरप COLDBEST की शिकायत की थी। इस कफ सिरप के इस्तेमाल से जम्मू-कश्मीर के उधमनगर के 12 बच्चों की मौत हो गई थी। इस कफ सिरप में भी diethylene glycol मिला हुआ था।

फिर भारत में प्रतिबंध क्यों नहीं?

diethylene glycol एक सॉल्वेंट है, जिसका इस्तेमाल दवाओं, खासतौर पर सिरप में किया जाता है। मगर इसकी मात्रा प्रति एक किलो में 0.14 मिलीग्राम से ज्यादा नहीं हो सकती।

बच्चों के सिरप में सॉल्वेंट के तौर पर मुख्यत: propylene glycol का इस्तेमाल किया जाता है। मगर इसके मुकाबले diethylene glycol सस्ता पड़ता है। इसी वजह से फार्मा कंपनियां इसका इस्तेमाल करती हैं।

…और क्या इस्तेमाल हैं diethylene glycol के

यह केमिकल कंपाउंड ऑटोमोटिव इंडस्ट्री, एग्रोकेमिकल्स, पेंट्स में इस्तेमाल होता है। कई खाद्य व पेय पदार्थों में भी स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है।

जम्मू-कश्मीर में जिस कफ सिरप से बच्चों की मौत हुई… उस कंपनी पर आज तक FIR भी नहीं

-कश्मीर में जिस कफ सिरप COLDBEST की वजह से 12 बच्चों की मौत हुई, उसे बनाने वाली कंपनी पर आज तक एफआईआर तक नहीं हुई है।

• यह कंपनी डिजिटल विजन हिमाचल के काला अम्ब में दवाएं बनाती है। हिमाचल की ड्रग अथॉरिटी ने कंपनी के दवाएं बेचने पर फरवरी, 2020 में प्रतिबंध लगाया था।

हिमाचल हाईकोर्ट ने यह कहते हुए ड्रग अथॉरिटी का आदेश खारिज कर दिया कि कफ सिरप के जिस बैच में diethylene glycol मिला, उसके अलावा कहीं कोई गड़बड़ी साबित नहीं हुई है।

हिमाचल ड्रग अथॉरिटी ने अप्रैल, 2022 तक कंपनी पर कोई एफआईआर नहीं करवाई थी क्योंकि मरने वाले बच्चों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। इसकी वजह से उनकी मौत को diethylene glycol से सीधे तौर पर नहीं जोड़ा जा सकता।

अब इस खबर से जुड़े सबसे जरूरी सवाल… पहला सवाल: WHO की डिटेल रिपोर्ट में क्या है? 1. सिरप के कंटेंट इंसानों के लिए जहरीले WHO ने कहा कि सितंबर 2022 में चार कफ सिरप का इस्तेमाल गाम्बिया में किया जा रहा था। ये मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे। लैब में इनकी जांच पर पता चला कि सभी सिरप में diethylene glycol और ethylene glycol की इतनी मात्रा थी, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। ये गैरजरूरी थी। इंसान के लिए ये दोनों कंटेंट जहरीले हैं और घातक साबित हो सकते हैं।

  1. मौत की वजह बन सकते हैं कंटेंट इन सिरप में शामिल किए गए कंटेंट का मानव शरीर पर जहरीला असर पड़ता है। इसे पेट में दर्द, उल्टी, डायरिया, यूरिन न कर पाना, सिरदर्द, अस्थिर दिमागी स्थिति और किडनी में ऐसी चोट, जो मौत की वजह बन सकती हो।

3. हिदायत दी, सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को है इन प्रोडक्ट के सभी बैच को तब तक असुरक्षित माना जाना चाहिए, जब तक कोई राष्ट्रीय निगरानी संस्था इनकी जांच न कर ले। बच्चों के लिए ये खासतौर से बेहद खतरनाक हो सकते हैं। इससे उनकी मौत भी हो सकती है। इन प्रोडक्ट को तुरंत ज्यादा जगहों पर फैलने से रोकना चाहिए। इनकी तुरंत पहचान की जानी चाहिए ताकि ये और ज्यादा मरीजों को नुकसान न पहुंचा सकें।

  1. सिरप निर्माता हरियाणा की कंपनी, चारों सिरप के नाम बताए

WHO ने कहा कि चारों सिरप हरियाणा की मेडेन फार्मास्यूटिकल कंपनी बना रही है। सवालों में घिरे चारों कफ सिरप के नाम प्रोमेथाजिन ओरल सॉल्यूशन, कोफेक्समालिन बेबी कफ सिरप, मकॉफ – बेबी कफ-सिरप और मैग्रीप एन कोल्ड सिरप हैं। फॉर्मास्यूटिकल्स कंपनी ने अभी तक WHO को इन सिरप के लिए सुरक्षा और क्वालिटी की गारंटी नहीं दी है।

  1. गैरआधिकारिक जरिए से भेजे गए ये सिरप

WHO ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इन प्रोडक्ट्स की किन देशों में सप्लाई की गई है और सप्लाई किस तरह से की गई है, इसकी तुरंत पहचान होनी चाहिए। ऐसे गैरआधिकारिक और गैरकानूनी बाजारों की भी पहचान होनी चाहिए। सभी मेडिकल प्रोडक्ट्स का अप्रूवल और उनकी बिक्री आधिकारिक और लाइसेंसधारी सप्लायर्स से होना चाहिए। प्रोडक्ट की सत्यता और वास्तविक स्थिति की बेहद बारीक तरीके से जांच होनी चाहिए। कभी भी शक हो तो मेडिकल एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

  1. वॉर्निंग दी – साइड इफेक्ट दिखे तो तुरंत सूचित करें WHO ने कहा कि ऐसे घटिया प्रोडक्ट का इस्तेमाल कतई न करें। अगर आप या कोई और ऐसे प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहा है और कोई गंभीर साइड इफेक्ट दिखाई देता हो तो तुरंत मेडिकल एक्सपर्ट के पास जाएं। इसके अलावा अपने देश की संस्थाओं को सूचिंत करें।

दूसरा सवाल: WHO की रिपोर्ट के बाद क्या एक्शन हुआ?

भारत सरकार ने गाम्बिया में हुई मौतों के बाद अपनी जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। WHO ने पिछले महीने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को इन मौतों के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद से ही DCGI ने अपनी जांच शुरू कर दी थी। राज्य सरकार के अधिकारी भी इसमें जुटे हैं। WHO ने अन्य देशों की स्वास्थ्य और मेडिकल संस्थाओं से कहा है कि अगर वहां भी ऐसे प्रोडक्ट की पहचान होती है तो तुरंत सूचना दें।

तीसरा सवाल: क्या केवल गाम्बिया भेजे गए सिरप, भारत में भी बिकते हैं?

WHO की रिपोर्ट से साफ जाहिर है कि ये प्रोडक्ट केवल गाम्बिया तक सीमित नहीं हैं। गाम्बिया में तो बच्चों की मौतों के बाद इनकी पहचान हुई और पता चला कि इनके कंटेंट जानलेवा हैं। WHO ने आशंका जाहिर की है कि गैरकानूनी और गैरआधिकारिक जरिए से ये सिरप अन्य देशों में भी भेजे गए होंगे।

कंपनी की भारतीय वेबसाइट शुरुआत में खुल नहीं रही थी। बाद में खुलने लगी। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट की ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि मेडेन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के प्रोडक्ट अब तक तो केवल विदेशों में ही भेजे जाते हैं। अगर ड्रग कंट्रोलर ने कोई गाइडलाइन जारी की है तो इसका पालन किया जाएगा।

चौथा सवाल: हरियाणा की कंपनी कौन सी है ?

हरियाणा की मेडन फार्मास्युटिकल लिमिटेड का नाम WHO रिपोर्ट में है। कंपनी 22 नवंबर 1990 में रजिस्टर्ड हुई थी। चार डायरेक्टरों वाली इस कंपनी की पिछले साल नवंबर में जनरल मीटिंग हुई है। कंपनी कागजों में एक्टिव है, लेकिन इस साल उसने अपनी

मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत 101 कन्याओं का पूजन

मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत 101 कन्याओं का पूजन।क्षेत्राधिकारी धामपुर श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ द्वारा किया गया पूजन। धामपुर क्षेत्र के ग्राम हकीमपुर शकरगंज के कंपोजिट विद्यालय में हुआ आयोजन।

धामपुर। क्षेत्राधिकारी श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ द्वारा मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत 101 कन्याओं का पूजन कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। क्षेत्राधिकारी धामपुर श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ द्वारा उ0प्र0 सरकार द्वारा नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलम्बन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “मिशन शक्ति” कार्यक्रम के अंतर्गत व शारदीय नवरात्रि के अष्टमी के अवसर पर थाना धामपुर क्षेत्र के ग्राम हकीमपुर शकरगंज के कंपोजिट विद्यालय में 101 कन्याओं का पूजन किया गया।

साथ ही छात्राओं को बताया कि वह भारत के भविष्य निर्माण में एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसी के साथ उनके जीवन को रंगों से सजाने की प्रेरणा के दृष्टिगत कलर पैकेट व मिष्ठान वितरण कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। इसके अलावा उ0प्र0 सरकार द्वारा जारी हेल्पलाईन नम्बर 112, 1090, 181, 1076 के बारे में जानकारी दी गई तथा उनके अधिकारों के बारे में जागरुक किया गया। उनको यह भी एहसास दिलाया कि उ0प्र0 सरकार व उ0प्र0 पुलिस सदैव छात्राओं व महिलाओं के साथ है।

चप्पल पहनकर बाइक चलाई तो कटेगा चालान

कुछ यातायात नियम ऐसे हैं, जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं है। वाहन चालक को लगता है कि वह सभी नियमों का पालन करते हुए सफर कर रहे हैं। उन्हें पता नहीं होता कि वह यातायात नियम का उल्लंघन कर रहे हैं।

नई दिल्ली। मोटर वाहन चलाने वालों को यातायात से जुड़े सभी जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए। इससे दो फायदे होंगे, पहला यह कि सुरक्षित यातायात का माहौल बन सकेगा और दूसरा यह कि पुलिस आपका चालान नहीं काटेगी। यातायात से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस द्वारा चालान काटा जाता है, जुर्माना काफी ज्यादा भी हो सकता है। इसके अलावा कुछ मामलों में जेल भी जाना पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका चालान ना कटे तो यातायात नियमों का पालन करें।

चप्पल पहनकर नहीं चला सकते टू-व्हीलर

मौजूदा यातायात नियमों के अनुसार, स्लीपर्स या ‘चप्पल’ पहनकर टू-व्हीलर चलाने की इजाजत नहीं है। इस बारे में शायद बहुत ही कम लोगों को पता है। इसके पीछे कारण यह है कि इस तरह के फुटवियर की वजह पकड़ कमजोर होती है और पैर फिसल सकते हैं। इसके अलावा मोटरसाइकिल पर गियर शिफ्ट करते समय, इस बात की पूरी संभावना है कि इस तरह के फुटवियर से पैर फिसल सकता है और दुर्घटना हो सकती है। इसलिए टू-व्हीलर चलाते समय पूरी तरह से बंद जूते पहनने जरूरी हैं। ऐसा नहीं करने पर 1000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।

टू व्हीलर चलाते समय पर ड्रेस कोड
टू व्हीलर चलाते समय ड्राइवर को प्रॉपर ड्रेस कोड का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। जैसे मोटरसाइकिल चलाते वक्त पैंट, शर्ट या टीशर्ट पहनना चाहिए। ये शरीर को पूरी तरह से कवर कर देते हैं। किसी भी हादसे की स्थिति में ये कपड़े शरीर को कुछ हद सुरक्षित रख सकते हैं। अगर आप इस नियम की अनदेखी करते हैं तो आपका 2000 रुपए तक चालान कट सकता है। इसलिए बाइक चलाते वक्त इस नियम का पालन जरूर करें। इसके अलावा, अगर सामान्य नियमों की बात करें तो बाइक पर हेलमेट न पहनने को लेकर 1000 रुपए का जुर्माना लगता है। वहीं, बाइक से जुड़े दस्तावेज नहीं होने पर भी हजारों रुपए का जुर्माना लग सकता है।

सावधान! हर गली में दौड़ लगाने वाला है कोबरा…

बिजनौर। अब बारी है चेन स्नैचर्स, चोरों, बदमाशों को सावधान रहने की।… क्योंकि अब हर गली में कोबरा दौड़ लगाने वाला है। दरअसल पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने कोबरा मोबाइल बाइक सेटअप की नई शुरुआत की है। एसपी ने पुलिस लाइन से 50 कोबरा बाइक को हरी झंडी दिखाकर नए ड्यूटी चार्ट के साथ रवाना किया। दूसरी ओर देर रात एसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने एसआरएस चौक पर पहुंचकर सभी कोबरा बाइक पर तैनात पुलिसकर्मी को इकठ्ठा कर चेक किया। साथ ही सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए।

बिजनौर में अपराध व अपराधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से एसपी दिनेश सिंह ने कोबरा मोबाइल बाइक को फिर से पुनर्स्थापित किया है। इसी कड़ी में बिजनौर पुलिस लाइन से एसपी ने 50 बाइक को नव निर्धारित ड्यूटी चार्ट देकर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। एसपी ने हरि झंडी दिखाकर अलग-अलग थाना क्षेत्रो के लिए रवाना किया।

गलियों में भी होगी निगहबानी

बाइक पर तैनात पुलिसकर्मी अब सड़क और गलियों की निगरानी करेंगे। इसे कोबरा मोबाइल सेटअप की टीम का नाम दिया गया है। डायल 112 के बाद बिजनौर पुलिस का अगला कदम कोबरा मोबाइल सेटअप टीम है। हर बाइक पर दो सिपाही 12 घंटे ड्यूटी करेंगे।

गांव-गांव, शहर शहर बाइक का सायरन बजाते हुए घूमेंगे पुलिसकर्मी

अब से रोजाना पुलिसकर्मी गांव-गांव, शहर शहर बाइक का सायरन बजाते हुए घूमते हुए दिखेंगे। सुबह और शाम के समय अपराध को रोकने के लिए स्कूलों, सर्राफ की दुकान व चौराहों पर कोबरा मोबाइल सेटअप की टीम मुस्तैद रहेगी। बिजनौर में 50 बाइक को एसपी ने ABC कुल 3 लोकेशन स्कीम के तहत बांटा है। पुलिस बाइक के साथ गश्त करने के दौरान क्राइम कंट्रोल करने की उम्मीद जताई जा रही है।

निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन के लिये आधार प्रमाणीकरण आवश्यक

निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन के लिये आधार प्रमाणीकरण आवश्यक-जिलाधिकारी। आधार प्रमाणीकरण ना कराने पर नहीं की जा सकेगी पेंशन अंतरित।

बिजनौर। पति की मृत्यु उपरान्त निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजनान्तर्गत आच्छादित होने वाले लाभार्थियों को अपनी निराश्रित महिला पेंशन में अपना आधार प्रमाणीकरण कराना आवश्यक है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन में आधार प्रमाणीकरण न होने की स्थिति में पेंशनरों के बैंक खातों में पेंशन धनराशि अंतरित नहीं की जा सकेगी।

उन्होंने बताया कि पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन हेतु आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया अन्तर्गत सर्वप्रथम एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल की वेबसाइट https://sspy-up.gov.in पर जाएं इसके बाद निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन पोर्टल पर जाएं। वहां पर लाल रंग की पट्टी आधार प्रमाणीकरण के लिये फ्लैश हो रही है, उसे क्लिक करें।

उन्होंने बताया कि यदि लाभार्थी को अपना रजिस्ट्रेशन नम्बर नहीं पता है, तो निराश्रित महिला पेंशन सेलेक्ट करके पेंशन सूची में जाएं। इसके बाद अपना जनपद सेलेक्ट करें, विकास खण्ड सेलेक्ट करें, ग्राम पंचायत सेलेक्ट करें व ग्राम सेलेक्ट करें। वहां पर पूरी पेंशन सूची उपलब्ध होगी। उससे अपना रजिस्ट्रेशन नम्बर नोट कर लें। उन्होंने बताया कि इसके बाद पेंशन का प्रकार सेलेक्ट करें, निराश्रित महिला पेंशन सेलेक्ट करें, रजिस्ट्रेशन नम्बर दर्ज करें, मोबाईल नम्बर दर्ज करें, बैक एकाउन्ट नम्बर भी एंटर किया जायेगा। कैप्चा लिख कर  सबमिट करें। लाभार्थी के मोबाईल पर ओटीपी आएगा, ओटीपी को दर्ज करें तथा सबमिट करें, लाभार्थी का नाम पेंशनर सूची में व आधार में समान है, तो उसके रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ आधार का प्रमाणीकरण हो जायेगा, लाभार्थी का नाम पेंशन सूची तथा आधार के नाम में अंतर हो तो पेंशनर का नाम आधार के अनुसार करेक्शन कर जिला प्राबेशन अधिकारी को फॉरवर्ड करना है। उक्त के अतिरिक्त आधार कार्ड की छायाप्रति में मोबाईल नम्बर दर्ज करते हुए पास बुक की छायाप्रति के साथ कार्यालय जिला प्राबेशन अधिकारी को जमा कर आधार प्रमाणीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पेंशन सूची में अंकित नाम व आधार में अंकित नाम में अंतर होने पर किसी भी दशा में दोबारा प्रयास न करें, अन्यथा आपका डाटा लॉक हो जायेगा। जिन लाभार्थियों का डाटा लॉक हो गया है, वह जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय कक्ष संख्या 235 विकास भवन बिजनौर से सम्पर्क कर अपना आधार प्रमाणीकरण करवा सकते हैं। डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि वह प्रतिदिन लाभार्थी से फॉरवर्ड डाटा की विस्तृत रूप से जांच करके नाम में त्रुटि होने पर उसे आधार के अनुसार जांच करके अपने डिजिटल सिग्नेचर से स्वीकृत करेंगे। उपरोक्तानुसार पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों द्वारा भी एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल https://sspy-up.gov.in पर लॉग इन करते हुए जन सुविधा केन्द्रों (कामन सर्विस सेन्टर) साइबर कैफे, निजी इन्टरनेट केन्द्र अथवा विभागीय वेबसाइट पर कम्प्यूटर या मोबाइल के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण का कार्य कर सकते हैं। आधार प्रमाणीकरण न होने की दशा में विभाग द्वारा पेंशन का भुगतान रोक दिया जायेगा।

पशुओं में फैली नई बीमारी “LSD” से मचा हड़कंप

पशुओं में फैली नई बीमारी एलएसडी। लंपी स्किन डिजीज वायरस के कारण होता है गो-जातीय पशुओं में चमड़ी का रोग। पशुपालन विभाग से मांगी साढ़े तीन लाख वैक्सीन। प्रदेश के हिस्से में आ रही साढ़े 17 लाख वैक्सीन। बकरियों में पिछले कुछ वर्षों में फैली गोट पॉक्स की वैक्सीन ही रामबाण साबित होगी!

बिजनौर। जनपद में पशुओं पर नई संक्रामक बीमारी लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) का प्रकोप शुरू हो गया है। अब तक सामने आए 354 मामलों में से चार पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 45 ठीक भी हुए हैं। पशुपालन विभाग को ढाई लाख वैक्सीन की डिमांड भेजी गई है। वहीं पूरे प्रदेश के हिस्से में मात्र साढ़े 17 लाख वैक्सीन आने की संभावना है। फिलहाल इस बीमारी से बचाव व उपचार की कोई वैक्सीन ही नहीं है, बल्कि बकरियों में पिछले कुछ वर्षों में फैली गोट पॉक्स की वैक्सीन ही रामबाण साबित होगी!

एक दूसरे से दूर रखें पशु- जनपद बिजनौर में पशुओं पर नई संक्रामक बीमारी लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) का प्रकोप शुरू हो गया है। इस बीमारी के लक्षण दिखने के बाद एहतियात के तौर पर पशुओं को एक दूसरे से दूर रखना जरूरी है। क्षेत्र के किसानों को अपने पशुओं की देखभाल में सावधानी बरतनी चाहिए।

घबराएं नहीं, सावधानी बरतें पशुपालक- लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) गो-जातीय पशुओं में चमड़ी का रोग है जो लंपी स्किन डिजीज वायरस के कारण होता है। जानकारों का कहना है कि पशु पालकों को लंपी बीमारी से घबराने की नहीं, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। शासन-प्रशासन व पशुपालन विभाग की ओर से बीमारी की रोकथाम के लिए सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा है कि पशुपालक रोग प्रभावित क्षेत्र से पशु ना खरीदें। यह गौवंश और भैंसों को प्रभावित करने वाली एक संक्रामक, छूत और आर्थिक महत्व की बीमारी है। यह चमड़ी और शरीर के अन्य भागों में गांठ बनने के उपरान्त फटने से बने घावों के कारण कभी-कभी घातक भी हो सकती है।

क्या करें प्राथमिक उपचार? आमतौर पर पशुओं को बुखार आना, भूख न लगना और मुंह, नाक, थन, जननांग, मलाशय की त्वचा और श्लेष्मा झिल्ली पर गांठे बनना, दूध उत्पादन में कमी, गर्भपात, बांझपन और कभी-कभी मृत्यु इस रोग की नैदानिक अभिव्यक्तियां हैं। द्वितीयक जीवाणु संक्रमण होने से प्रभावित पशुओं की स्थिति और खराब हो जाती है। पीड़ित पशु के शरीर पर गांठे बनने के कारण इस रोग को गांठदार या ढेलेदार चमड़ी रोग भी कहा जाता है।
एलएसडी प्रभावित किसी भी पशु में लम्पी स्किन डिजीज होने पर अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से उसका इलाज कराएं। बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग कर घावों के उपचार एवं मक्खियों को दूर करने के लिए कीट विकर्षक/एंटीसेप्टिक दवा लगाएं। 

सीवीओ विजेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में 354 केस सामने आए हैं, चार पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 45 ठीक हुए हैं। जांच के लिए भेजे गए सैम्पल में से 03 पॉजिटिव हैं, जबकि 12 निगेटिव हैं। पशुपालन विभाग को ढाई लाख वैक्सीन की डिमांड भेजी गई है। इस वैक्सीन को एलएसडी प्रभावित क्षेत्रों के आसपास वाले क्षेत्र के पशुओं को लगाया जाएगा। अभी इस बीमारी की कोई वैक्सीन नहीं बनी है। बकरियों की बीमारी में कारगर वैक्सीन इस रोग के उपचार में प्रभावी है।

श्रीकांत को लेकर आरपार की लड़ाई के मूड में त्यागी समाज

श्रीकांत त्यागी के मामले को लेकर त्यागी समाज उद्वेलित। कलक्ट्रेट में, धरना प्रदर्शन कर दी चेतावनी। नोएडा के सांसद डॉ. महेश शर्मा के खिलाफ क्यों नहीं कार्रवाई? समाज को अपमानित करने का हक मीडिया को दिया किसने?



बिजनौर। श्रीकांत त्यागी कांड को लेकर त्यागी समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। दरअसल 05 अगस्त 2022 को नोएडा के ओमेक्स सोसाइटी सेक्टर-93 का विवाद दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है। श्रीकांत त्यागी की पत्नी को हिरासत में रखने तथा घर की बिजली, पानी की आपूर्ति बंद करने, संवेदना प्रकट करने पहुंचने वाले को गिरफ्तार करने से आक्रोशित त्यागी समाज ने मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन एडीएम को देकर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

कलक्ट्रेट में त्यागी समाज का जोरदार प्रदर्शन
भारी संख्या में एकत्र त्यागी समाज के लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एडीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीकांत त्यागी के मामले में बढ़ा चढ़ाकर धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने मामले की जांच कर उचित धाराओं में कार्यवाही करने की मांग की।

महिला सम्मान की मंशा पर लगा प्रश्नचिन्ह
ज्ञापन में कहा गया कि श्रीकांत त्यागी की पत्नी को अवैध रूप से अमानवीय व्यवहार करते हुए पुरुष पुलिस थाने में हिरासत में रखने से महिला सम्मान पर प्रश्न चिन्ह लगा है। श्रीकांत त्यागी के घर की बिजली और पानी काट कर अनैतिक कार्य किया गया है, जिससे बच्चे सहमे हुए हैं। परिवार से मिलने समाज के जो व्यक्ति गए उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, उन्हें तुरंत रिहा करने की भी मांग उठाई गई।

अभद्र भाषा प्रयोग करने पर सांसद के खिलाफ भी हो FIR

त्यागी समाज ने आठ सूत्रीय ज्ञापन में निष्पक्ष जांच की मांग करने के साथ ही कहा कि नोएडा सांसद डॉ. महेश शर्मा के खिलाफ भी पुलिस कमिश्नर को भारी भीड़ में अभद्र भाषा प्रयोग करने पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए।

समाज को अपमानित करने वाले मीडिया कर्मियों पर हो कार्रवाई– ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिस महिला ने श्रीकांत के घर पर दंगा किया, उसकी भी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। इसके अलावा देश की मीडिया ने जो त्यागी समाज को अभद्र भाषा से अपमानित किया है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए। वहां की हरियाली और लगे हुए वृक्षों को अपने हाथ में कानून लेते हुए उखाड़ने वालों के विरुद्ध वन विभाग द्वारा कार्रवाई कराई जाए क्योंकि पेड़ों को विस्थापित करने का अधिकार सिर्फ वन विभाग को है।

कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के दौरान इन्द्रजीत त्यागी, पराग त्यागी, नागेश त्यागी, मुदित त्यागी, राकेश त्यागी, मृणाल त्यागी, विकास त्यागी, शांति प्रकाश त्यागी, सुभाष चंद्र त्यागी, गौतम त्यागी, सौरभ मुनि त्यागी, अनिल त्यागी, राजपाल त्यागी, अनुनय भारद्वाज, सचिन भारद्वाज, ओमेंद्र त्यागी, अनुज त्यागी, पवन त्यागी, विक्की त्यागी, संदीप त्यागी, मनोज त्यागी आदि शामिल रहे।

देश की पहली महिला डॉक्टर व विधायक का जन्मदिन आज

डॉक्टर मुत्तुलक्ष्मी रेड्डी (30 जुलाई 1886 — 22 जुलाई, 1968) भारत की पहली महिला विधायक थीं। वे ही लड़कों के स्कूल में प्रवेश लेने वालीं देश की पहली महिला थीं। इसके आलावा मुत्तुलक्ष्मी ही देश पहली महिला डॉक्टर (मेडिकल ग्रेजुएट) भी थीं। मुत्तुलक्ष्मी जीवन भर महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़तीं रहीं और देश की आज़ादी की लड़ाई में भी उन्होंने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया।

30 जुलाई 1886 में तमिलनाडु (तब मद्रास) में जन्मीं मुत्तुलक्ष्मी को भी बचपन से ही पढ़ने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनके पिता एस नारायणस्वामी चेन्नई के महाराजा कॉलेज के प्रधानाचार्य थे। उनकी मां चंद्रामाई ने समाज के तानों के बावजूद उन्हें पढ़ने के लिए भेजा। उन्होंने भी मां-बाप को निराश नहीं किया और देश की पहली महिला डॉक्टर बनीं।

अपनी मेडिकल ट्रेनिंग के दौरान की एक बार मुत्तुलक्ष्मी को कांग्रेस नेता और स्वतन्त्रता सेनानी सरोजिनी नायडू से मिलने का मौका मिला। तभी से उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और देश की आजादी के लिए लड़ने की कसम खा ली। यहां तक कि उन्हें इंग्लैंडजाकर आगे पढ़ने का मौका भी मिला लेकिन उन्होंने इसे छोड़कर विमेंस इंडियन असोसिएशन के लिए काम करना ज्यादा जरूरी समझा। मुत्तु को सन् 1927 में मद्रास लेजिस्लेटिव काउंसिल से देश की पहली महिला विधायक बनने का गौरव भी हासिल हुआ। उन्हें समाज और महिलाओं के लिए किए गए अपने काम के लिए काउन्सिल में जगह दी गई थी। 1956 में उन्हें समाज के लिए किये गए अपने कार्यों के लिए पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

विधायक के रूप में काम करते हुए उन्होंने लड़कियों की कम आयु में शादी रोकने के लिए नियम बनाए और अनैतिक तस्करी नियंत्रण अधिनियम को पास करने के लिए परिषद से आग्रह किया। सन् 1954 ई. में उन्होंने ‘अद्यार कैंसर इंस्टिट्यूट’ (Adyar Cancer Institute) की नींव रखी थी, जहां आज सालाना करीब 80 हजार कैंसर के मरीजों का इलाज होता है। 

आरोग्य भारती ने किया क्षय रोग कार्यालय में वृक्षारोपण

बिजनौर। आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत आरोग्य भारती ने जिला क्षय रोग कार्यालय में फलदार पौधों का वृक्षारोपण किया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर बीएस रावत ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिये कि आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाएं और अपने-अपने घरों पर ध्वजारोहण करें। इस कार्यक्रम को जन आंदोलन के रूप में करें। अधिक से अधिक स्वच्छता का ध्यान रखें। स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत का निर्माण करें। समाज व राष्ट्र के निर्माण के लिए आगे आएं।

वृक्षारोपण के दौरान आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष वेद अजय गर्ग, प्रांत चिकित्सा प्रमुख डॉक्टर नरेंद्र सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर बीएस रावत, उपजिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर संजीव कुमार, मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर नरेंद्र सिंह, कौसर आता फारुकी, नरेश कुमार नागर प्रधानाचार्य सरस्वती शिशु मंदिर फीना, दानिश, एआर रावत, वरिष्ठ चिकित्सक इलेक्ट्रो होम्योपैथिक राहुल कुमार, विनोद कुमार, नकुल कुमार, गौतम, अरविंद कुमार, विनीत कुमार चौधरी, प्रियांशी यादव, मधु कश्यप, उपेंद्र कुमार, आलोक चौधरी, आदित्य गौतम, शोएब खान उपस्थित रहे।

अब दिन रात कभी भी फहरा सकेंगे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने “भारतीय झंडा संहिता” में संशोधन किया है। जिसके अंतर्गत अब राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को दिन में और रात में फहरा सकते हैं। नये नियम के अनुसार अब पोलिस्टर एवं मशीन के द्वारा बनाए गए तिरंगे का भी उपयोग किया जा सकेगा।

इस बार सरकार आजादी के पर्व को एक अलग ही अंदाज में मनाने जा रही है। आपको बता दें कि इस बार आजादी के अमृत महोत्सव’ के तहत सरकार 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रही है। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए शासन प्रशासन पूरी लगन के साथ जुटा है।

सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों को लिखे एक पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन, फहराना और उपयोग भारतीय झंडा संहिता, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत आता है। जिसके अनुसार भारतीय झंडा संहिता, 2002 में 20 जुलाई, 2022 के एक आदेश के जरिए संशोधन किया गया है।

अब भारतीय झंडा संहिता, 2002 के भाग-दो के पैरा 2.2 के खंड (11) को अब इस तरह पढ़ा जाएगा- ‘जहां झंडा खुले में प्रदर्शित किया जाता है या किसी नागरिक के घर पर प्रदर्शित किया जाता है, इसे दिन-रात फहराया जा सकता है। इससे पहले, तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी। झंडा संहिता के बदले गए प्रावधान में अब  ‘राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता और हाथ से बुना हुआ या मशीन से बना हुआ/कपास/पॉलिएस्टर/ऊन/ रेशमी खादी से बना होगा। इससे पहले, मशीन से बने और पॉलिएस्टर से बने राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग की अनुमति नहीं थी।

हमारा परिवार नशा मुक्त परिवार मिशन- युवाओं को दिलाया नशे से दूर रहने का संकल्प

युवाओं को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया।
हिन्दू इण्टर कॉलेज किरतपुर में हुआ नशे के विरुद्ध जागरूकता के एवं संकल्प कार्यक्रम।

बिजनौर। हमारा परिवार नशा मुक्त परिवार मिशन के अंतर्गत शनिवार को हिन्दू इण्टर कॉलेज किरतपुर में युवाओं में बढ़ते नशे के विरुद्ध जागरूकता एवं संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समस्त स्कूल स्टाफ़ और हज़ारों छात्र छात्राओं ने नशे से दूर रहने के लिए शपथ ली।

युवाओं को बना रहे नशे का आदी
हरवेंद्र राणा ने बताया कि किस प्रकार नशे के धन्धे को फ़ैलाया जा रहा है। पहले तो युवाओं को नशे का आदी बनाया जा रहा है और फिर नशा छुड़ाने का धन्धा या ये कहिये कि नशे का दूसरा बाज़ार भी तैयार किया जा रहा है। पहले नशे की लत लगाकर जनता से कमाई की जा रही है और फिर नशा छुड़ाने के प्रोडक्ट महँगे दामों में बेचकर कमाई की जा रही है, यानि आम के आम और गुठलियों के दाम।
हरवेंद्र राणा ने बच्चों को बताया कि नशे के इस धन्धे को बड़े बड़े लोग, फ़िल्मी कलाकार भी प्रमोट कर रहे हैं। आप सभी अच्छे बच्चे हैं, समझदार हैं तो आपको इन सब बातों को समझना है और ग़लत कामों से दूर रहना है नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना है।

ख़ुद भी बचें व दूसरों को भी बचाएं-डॉ. प्रेमराज आर्य
कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रेमराज आर्य ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि बुरे कामों का नतीजा बुरा होता है इसलिए ग़लत आदतों से ख़ुद भी बचें व दूसरों को भी बचाएँ। प्रधानाचार्य ने हरवेंद्र राणा द्वारा चलाये जा रहे अभियान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया और नशे के विरुद्ध सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में छात्र छात्राओं के अतिरिक्त मुख्य रूप से महेन्द्र कुमार, (प्रवक्ता) राम कुमार सिंह (प्रवक्ता) जैनेन्द्र तोमर (पी टी आई) संजीव चौधरी, जीवेन्द्र कुमार, ब्रजवीर सिंह राजपूत, सुभाष चंद्र राजपूत, चंद्रवीर सिंह, आशीष कुमार, गुरविन्दर कौर आदि उपस्तिथ रहे।

निडरता से करें समस्याओं का सामना, शासन प्रशासन महिलाओं के साथ- अवनी सिंह

राज्य महिला आयोग सदस्या की अध्यक्षता में मिशन शक्ति अभियान अन्तर्गत आयोजित हुआ महिला जनसुनवाई कार्यक्रम

महिलाएं हर समस्या का मुकाबला निडरता से करें, सरकार व प्रशासन उनके साथ खड़ा है- राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह

राज्य महिला आयोग सदस्या ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के 04 लाभार्थियों को वितरीत किये लैपटॉप

राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए जारी किया मोबाईल नम्बर-सदस्या श्रीमती अवनी सिंह

बिजनौर। राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मिशन शक्ति अभियान अन्तर्गत महिलाओं की समस्याओं के निराकरण के लिए विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रीमती अवनी सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानित एवं स्वावलम्बी बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है ताकि वह सशक्त व स्वावलम्बी होकर अपना आर्थिक व सामाजिक उत्थान कर सकें। इस अवसर पर 36 शिकायती व प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। सदस्या ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के 04 लाभार्थियों को लैपटॉप भी वितरीत किये।

राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह ने कहा कि महिलाएं हर समस्या का मुकाबला निडरता से करें। सरकार व प्रशासन उनके साथ खडा है। उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर गुणवत्तापरक ढंग से करें। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपना योगदान दे कर देश एवं समाज की सेवा कर रही हैं और अपने आत्म विश्वास एवं मेहनत से अपना उत्कृष्ट स्थान बना रही हैं।

श्रीमती अवनी सिंह ने बताया कि महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए आयोग ने मो0 नम्बर जारी किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं राज्य महिला आयोग के मो0 नम्बर 6306511708 पर अपनी शिकायतें भेज सकती हैं, जिनका निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक उत्थान तथा उनको स्वावलम्बी व सशक्त बनाने के लिए विभिन्न कल्याणकारी व लाभार्थीपरक योजनाए संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि निराश्रित महिला पेशन दी जा रही है तथा 181 हेल्पलाईन नम्बर व वन स्टॉप सेन्टर के माध्यम से भी महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण कराया जा रहा है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि महिला जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायती व प्रार्थना पत्रों में 08 घरेलु हिंसा, 11 आवास संबंधी, 02 पेंशन के संबंध में व 15 अन्य प्रकरण प्राप्त हुए सभी के गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश सदस्या राज्य महिला आयोग द्वारा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दिये गये। सदस्या ने कोविड से अनाथ हुए बच्चों के सहायतार्थ चलायी जा रही मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के कक्ष 9 व उससे आगे की कक्षाओं में अध्यनरत 04 बच्चों को लैपटॉप का वितरण भी किया।

इस अवसर पर सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिनिधि वन स्टॉप सेन्टर, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान; वरिष्ठ कथाकार चित्रा मुद्गल जी के विचार

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आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान के संदर्भ में वरिष्ठ कथाकार चित्रा मुद्गल जी के विचार। उनकी फेसबुक वॉल से…

गांधी शांति प्रतिष्ठान की 9 जुलाई 2022 की सांझ समर्पित थी हिंदी को गढने, स॔वारने और उसे विषय गत वैविध्य से समृद्ध करने, सरस्वती पत्रिका के माध्यम से उसे निरंतर सृजनात्मक नया उन्मेष प्रदान करने वाले युग प्रवर्तक साहित्यकार, संपादक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम।
महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मारक समिति ने अपने अनेक समर्पित गणमान्य सदस्यों और वरिष्ठ साहित्यकार और पत्रकार गौरव अवस्थी के दायित्वपूर्ण देखरेख और संचालन में, अपने 25 वर्षों का सार्थक और सक्रिय सफर पूरा किया है। इस स्वागत योग्य संकल्प के साथ कि यह वर्ष महावीर प्रसाद द्विवेदी के जयंती वर्ष के रूप में मनाया जाएगा देश के कोने कोने में और उसकी पहली कड़ी का आरंभ हो रहा है, देश की राजधानी दिल्ली से।
अचानक अस्वस्थ होने के चलते गौरव अवस्थी जी की अनुपस्थिति में, मीडिया विशेषज्ञ, पत्रकार श्री अरविंद सिंह जी ने पूरे समय उनकी अनुपस्थिति को अपनी सरस उपस्थिति के चलते महसूस नहीं होने दिया।

बैसवाड़ा के साहित्य प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश और विश्व भर में फैले हिंदी प्रेमियों के लिए यह सूचना हर्ष और गौरव का विषय है।
महावीर प्रसाद जयंती वर्ष के शुभारंभ के साथ ही 9 जुलाई की यह सांझ साक्षी बनी देश के प्रतिष्ठित जाने-माने पत्रकार त्रिलोक दीप जी के सम्मान के साथ, वरिष्ठ पत्रकार रहे साहित्य तक के प्रस्तोता श्री जय प्रकाश पांडे जी के साथ देश के कोने-कोने से आए अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वालों विशिष्ट जनों को आदर पूर्वक सम्मानित करने का भी।…

शांतिपूर्ण त्योहार संपन्न कराने के लिए बिजनौर पुलिस सजग

आगामी त्योहार के दृष्टिगत जनपद की चाक-चौबंद सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था और अमन एवं शांति के दृष्टिगत श्री राम अर्ज, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा थाना नूरपुर में पीस कमेटी की गोष्ठी का आयोजन किया गया। वहीं बारीकी से निगरानी में पुलिस की सोशल मीडिया सेलजुटी हुई है।


बारीकी से निगरानी कर रही पुलिस की सोशल मीडिया सेल

बिजनौर। आगामी त्योहार बकरीद, श्रावण माह आदि के दृष्टिगत मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री राम अर्ज द्वारा थाना नूरपुर में जनपद में अमन और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से पीस कमेटी की गोष्ठी आयोजित की गयी। उन्होंने बताया कि जनपद की सोशल मीडिया सेल बारीकी से सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों पर जनपदीय पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही अमल में लायी जा रही है। साथ ही उनके द्वारा समस्त धर्म गुरुओं से जनपद के सभी आमजनों को शान्तिपूर्ण एवं भाई-चारे से रहने हेतु जागरुक करने की अपील की गयी। बताया गया कि किसी प्रकार के भ्रामक संदेश प्रसारित ना करें और भ्रामक संदेशन प्राप्त होने पर तुरन्त नजदीकी पुलिस थाना / चौकी को सूचित करें। गोष्ठी में क्षेत्राधिकारी चाँदपुर भी उपस्थित रहे।


शांतिपूर्ण त्योहार संपन्न कराने को पुलिस सजग

बिजनौर। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी द्वारा थाना नहटौर में पीस कमेटी का आयोजन कर सभी से वार्ता की गई। इस दौरान उन्होंने  शासन के दिशा निर्देशों से अवगत कराया। उन्होंने आगामी त्योहार बकरीद, श्रावण माह आदि को निर्विघ्न तरीके से सम्पन्न कराने के लिए जनसहयोग की आकांक्षा की। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बाद में उन्होंने पुलिस बल के साथ कस्बा नहटौर में पैदल गश्त कर आमजन को सुरक्षा का एहसास दिलाया। वहीं नगर बिजनौर के मुख्य बाजार में अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ0 प्रवीन रंजन सिंह ने पुलिस बल के साथ पैदल गश्त की।

मूसलाधार बारिश ने बढ़ाया गंगा का जलस्तर, अलर्ट

मूसलाधार बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ा। प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

बिजनौर। जनपद बिजनौर में पिछले कुछ घंटो से लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। इसे देखते हुए थाना मंडावर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सिहोरा में थाना मंडावर पुलिस द्वारा गांव के लोगों को गंगा के आसपास न जाने, गंगा के निकट बने टापू आदि खाली करने और गंगा किनारे बसे लोगों को बाढ प्रभावित क्षेत्रों के बारे में जागरूक किया गया।

इस बीच गंगा के किनारे बसे गांव के लोगों में खौफ का माहौल पैदा हो गया है। देर रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने गंगा किनारे बसे ग्रामीणों को चिंता में डाल दिया है।

पुलिस अधीक्षक बिजनौर डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि  उत्तराखंड में पिछले दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण जनपद बिजनौर के गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो रहा है। लेखपाल, थाना प्रभारी, बीट पुलिस कर्मी लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं। खासतौर पर इस क्षेत्र में रहने वाले वन गूजरों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

1 जुलाई 2022 से चिन्हित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध


प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के अवैध निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जायेंगे

सभी हितधारकों द्वारा प्रभावी भागीदारी और ठोस कार्रवाई के माध्यम से ही इस प्रतिबंध की सफलता संभव है

एकल उपयोग वाली प्लास्टिक (एसयूपी) पर प्रतिबंध लगाने में जनभागीदारी महत्वपूर्णPosted Date:- Jun 28, 2022

नई दिल्ली (PIB)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2022 तक एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं को समाप्त करने के लिए दिए गए स्पष्ट आह्वान के अनुरूप, भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 12 अगस्त 2021 को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2021 को अधिसूचित किया। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए, देश द्वारा कूड़े एवं अप्रबंधित प्लास्टिक कचरे से होने वाले प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से एक निर्णायक कदम उठाया जा रहा है। भारत 1 जुलाई, 2022 से पूरे देश में चिन्हित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं, जिनकी उपयोगिता कम और प्रदूषण क्षमता अधिक है, के निर्माण, आयात, भंडारण,  वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाएगा।

समुद्री पर्यावरण सहित स्थलीय और जलीय इकोसिस्टम पर एकल उपयोग वाली प्लास्टिक  वस्तुओं के प्रतिकूल प्रभावों को वैश्विक स्तर पर पहचाना गया है। एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के कारण होने वाले प्रदूषण को दूर करना सभी देशों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौती बन गया है।

2019 में आयोजित चौथी संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा में, भारत ने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पादों के प्रदूषण से निपटने के लिए एक प्रस्ताव रखा था, जिसमें वैश्विक समुदाय द्वारा इस बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की तत्काल आवश्यकता को स्वीकार किया गया था। यूएनईए 4 में इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जाना एक महत्वपूर्ण कदम था। मार्च 2022 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के हाल ही में संपन्न पांचवें सत्र में, भारत प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई शुरू करने के संकल्प पर आम सहमति विकसित करने के लिए सभी सदस्य देशों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ा।

भारत सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक से उत्पन्न कचरे से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में ये वस्तुएं शामिल हैं- प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, सजावट के लिए पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लास्टिक की प्लेट, कप, गिलास, कटलरी, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, मिठाई के डिब्बों को रैप या पैक करने वाली फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्टिरर।

प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम 2021 के अंतर्गत 75 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग के निर्माण, आयात, संग्रहण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर 30 सितंबर 2021 से और 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले इस सामान पर 31 दिसंबर, 2022 से प्रतिबंध लगाया गया है

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 16 फरवरी, 2022 को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम, 2022 के रूप में प्लास्टिक पैकेजिंग पर विस्तारित उत्पादकों की जिम्मेदारी पर दिशा-निर्देशों को भी अधिसूचित किया है। विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) दरअसल उत्पाद की शुरुआत से अंत तक उसके पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर प्रबंधन के लिए एक उत्पादक की जिम्मेदारी होती है। ये दिशा-निर्देश प्लास्टिक पैकेजिंग कचरे की चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, प्लास्टिक पैकेजिंग के नए विकल्पों के विकास को बढ़ावा देने और कारोबारी जगत द्वारा टिकाऊ प्लास्टिक पैकेजिंग के विकास की दिशा में कदम बढ़ाने से संबंधित रूपरेखा मुहैया कराएंगे।

एमएसएमई इकाइयों के लिए क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है,  ताकि उन्हें सीपीसीबी/एसपीसीबी/पीसीसी के साथ-साथ लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा केंद्रीय पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग संस्थान (सीआईपीईटी) और उनके राज्य-केन्द्रों की भागीदारी के साथ प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के विकल्प के निर्माण के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की जा सके। ऐसे उद्यमों को प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक के निर्माण को बंद करने में सहायता करने के भी प्रावधान किये गए हैं।

भारत सरकार ने नवाचार को बढ़ावा देने और पूरे देश में त्वरित पहुंच और विकल्पों की उपलब्धता के लिए एक इकोसिस्टम प्रदान करने के उद्देश्य से भी कदम उठाए हैं।

1 जुलाई 2022 से चिन्हित एसयूपी वस्तुओं पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किये जायेंगे तथा प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक के अवैध निर्माण, आयात, भंडारण,  वितरण, बिक्री एवं उपयोग की निगरानी के लिए विशेष प्रवर्तन दल गठित किये जायेंगे। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को किसी भी प्रतिबंधित एकल उपयोग वाली प्लास्टिक की वस्तुओं के अंतर-राज्य परिवहन को रोकने के लिए सीमा जांच केंद्र स्थापित करने के लिए कहा गया है।

सीपीसीबी शिकायत निवारण ऐप, नागरिकों को प्लास्टिक से जुड़ी समस्या से निपटने में मदद हेतु सशक्त बनाने के लिए शुरू किया गया है। जनता तक व्यापक पहुंच बनाने के लिए प्रकृति नाम के शुभंकर की भी 5 अप्रैल को शुरुआत की गई।

सरकार एकल उपयोग वाली प्लास्टिक को समाप्त करने के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है। जागरूकता अभियान में उद्यमियों और स्टार्ट अप्स, उद्योग,  केंद्रीय, राज्य और स्थानीय सरकारों नियामक निकायों,  विशेषज्ञों, नागरिक संगठनों, अनुसंधान एवं विकास और अकादमिक संस्थानों को एकजुट किया गया है। मंत्रालय का विश्वास है कि इस पाबंदी की सफलता तभी संभव है, जबकि सभी हितधारकों और उत्साही जन भागीदारों को इसमें प्रभावी रूप से शामिल किया जाए और वे सम्मिलित रूप से प्रयास करें।

एकमुश्त समाधान योजना में अब अनिवार्य नहीं रजिस्ट्रेशन

एकमुश्त समाधान योजना: अब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं

बिजनौर। बिजली विभाग की एकमुश्त समाधान योजना अंतर्गत इस बार विद्युत उपभोक्ताओं को अपने बिलों के समाधान के लिए पंजीकरण नहीं कराना पड़ेगा। इस पर सरकार की ओर से बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

बिजनौर विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता एके पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन की ओर से अक्सर विद्युत उपभोक्ताओं को एकमुश्त समाधान योजना का लाभ उठाने का अवसर दिया जाता रहा है। सरकार इस योजना के तहत अब तक बिजली उपभोक्ताओं को लाभ उठाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होता था, लेकिन इस बार सरकार ने योजना का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं को रजिस्ट्रेशन नहीं कराने की छूट दी है। कोई भी उपभोक्ता सीधे तौर पर इस योजना के तहत अपने विद्युत बिल का एकमुश्त समाधान करा सकता है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि उनके विभाग में 47449 उपभोक्ता हैं जिनमें घरेलू व्यवसाय व ट्यूबवेल के उपभोक्ता शामिल हैं इन उपभोक्ताओं पर 4118.44 लाख रुपए की बक़या है। एक मुश्त समाधान योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं क़ो 1074. 30 लाख रुपए का लाभ होना है। सरकार की इस कल्याणकारी योजना का लाभ उपभोक्ता एक जून से 30 जून तक प्राप्त कर सकते हैं।

मेरी प्यारी गौरैया: परवान चढ़ती एक मुहिम

लखनऊ। विश्व पार्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व लखनऊ वन रेंज अवध वन प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में रेंज परिसर में गोष्ठी आयोजित की गई।

इस अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को पक्षी प्रेमी महेश साहू ने चांदनी, नींबू, मेंहदी, कनेर के पौधे व नन्ही गौरैया के पानी के लिए मिट्टी का पात्र व काकून के पैकेट वितरित किए।


इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख काकोरी कुंवर रामविलास, बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कालेज के प्रधानाचार्य निर्मल श्रीवास्तव, श्री बुद्धेश्वर उधोग व्यापार मंडल पूर्व अध्यक्ष हिमांशु गुप्ता, सेवाभारती मनीष गुप्ता व पत्रकार सीमा मौर्या, रचित मौर्या, रेंजर शिवाकांत शर्मा, डिप्टी रेंजर मनीष कनौजिया, वन दरोगा शिवम यादव, वन रक्षक दीपक कनौजिया, मंगटू प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह लोधी, प्रीति पाण्डेय, शिल्पी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएं PM किसान सम्मान निधि की राशि– पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएँ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि– पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग का 13 जून तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के भुगतान हेतु विशेष अभियान- पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

‘आपका बैंक,आपके द्वार’ की तर्ज पर घर बैठे डाकिया के माध्यम से पाएं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

लखनऊ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और अन्य डीबीटी योजनाओं के तहत बैंक खातों में प्राप्त राशि की निकासी हेतु अब बैंक या एटीएम जाने की जरुरत नहीं है। डाक विभाग इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से घर बैठे लोगों को अपने बैंक खातों से यह राशि निकालने की सुविधा दे रहा है। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (ए.ई.पी.एस) द्वारा बैंक खातों से भुगतान की सुविधा घर बैठे डाकिया के द्वारा प्राप्त हो सकेगी।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने सभी मंडलाधीक्षकों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के शाखा प्रबंधकों को इस हेतु व्यापक रूप से सघन अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया है। 4 जून को इस हेतु उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में महाभियान चलाया जायेगा, जो कि 13 जून तक अनवरत जारी रहेगा। इस अभियान के दौरान ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ की तर्ज पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैंक खातों से धन निकासी की सुविधा दी जायेगी तथा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्त का भुगतान विशेष प्राथमिकता रहेगी। इसके तहत रसोई से लेकर दुकान व खेत-खलिहान तक, गलियों से लेकर नदियों में नाव तक धन निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। डाकियों के पास उपलब्ध माइक्रो एटीएम से प्रतिदिन एक व्यक्ति द्वारा आधार लिंक्ड अपने बैंक खाते से दस हजार रूपए तक की रकम निकाली जा सकती है।

वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने बताया कि आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, डाकिया और ग्रामीण डाक सेवकों द्वारा घर-घर जाकर लोगों के आधार लिंक्ड बैंक खाते से पैसा निकालने की सुविधा दे रहा है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी गई डीबीटी रकम घर बैठे लोग अब अपने इलाके के डाकिया के माध्यम से निकाल पा रहे हैं, इसके लिए किसी बैंक या एटीएम पर जाने की जरूरत नहीं है। श्री यादव ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में अभी तक लगभग 15 लाख लोगों ने घर बैठे विभिन्न बैंकों के अपने खातों से 4.74 अरब रुपए की राशि डाक विभाग के माध्यम से निकाली है। वहीं, इस वित्तीय वर्ष में अभी तक 55 हजार लोगों ने 23 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निकाली है। ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ को चरितार्थ करते डाक विभाग की इस पहल को लोगों ने हाथों-हाथ लिया है।

पोस्टमास्टर जनरल श्रीकृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहाँ पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां पर भी डाक विभाग का डाकिया जाकर बैंक खातों से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहा है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर के किसानों के लिए कल्याणकारी योजना के रूप में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ के तहत 2000 रुपयों की सलाना तीन किश्तें जारी की जाती हैं। इस योजना से उत्तर प्रदेश के दो करोड़ से अधिक किसानों को सीधा फायदा हो रहा है। अभी मंगलवार को ही प्रधानमंत्री ने शिमला में गरीब कल्याण योजना के लाभार्थियों के साथ वर्चुअल संवाद करने के साथ ही देश के लघु और सीमांत किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपए की किसान सम्मान निधि जारी की। अब किसान घर बैठे यह राशि डाकिया के माध्यम से निकाल सकेंगे।

दो बोतल दारू क्यों नहीं चढ़ी, गृह मंत्री से शिकायत

Viral News: दो बोतल शराब पीने के बाद भी जब नहीं चढ़ा नशा, गृह मंत्री को भेजी शिकायत

पीड़ित शख्स ने बताया कि दो बोतल शराब पीने के बाद भी उसको नशा नहीं हुआ। इस बात से वो नाराज था। वह चाहता है कि ऐसी धोखाधड़ी किसी और कस्टमर के साथ नहीं हो।

उज्जैन। एक तरफ शिवराज सिंह चौहान की सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ माफिया पर बुलडोजर चलाने जैसी कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं अब मध्य प्रदेश में शराब में मिलावट की बात भी सामने आई है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक शराबी ने राज्य के गृह मंत्री को शिकायत भेजी है। वह सबूत के तौर पर आबकारी थाने में शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा।

हैरान रह गए आबकारी अधिकारी

लोकेंद्र सेठिया को आबकारी थाने में देख आबकारी अधिकारी भी हैरान रह गए। बाद में अधिकारी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने 2 बोतल शराब पी लेकिन, फिर भी उसको नशा नहीं हुआ। उसने कहा कि ये शराब कैसी है, नशा नहीं हो रहा है? ठेकेदार पानी मिलाकर दे रहे हैं; ठेकेदारों पर कार्रवाई करो।

शराबी ने की ये मांग

दरअसल, लोकेंद्र सेठिया 12 अप्रैल को देशी शराब की दो बोतल पीने के बाद आबकारी विभाग में शिकायत करने पहुंचे थे। उसने शिकायत की थी कि इसमें नशा नहीं है, इसमें तो पानी मिला हुआ है। वह सबूत के तौर पर शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा था। उसने कहा कि यकीन नहीं हो तो शराब की जांच कर लें। ठेकेदार की तरफ से की गई इस धोखाधड़ी को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करो।

साभार – राहुल सिंह राठौड़: जी न्यूज़ डेस्क

9 मई ही है आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की वास्तविक जन्मतिथि

महापुरुषों की जन्मतिथि को लेकर अक्सर मत-विमत और मतभेद होते आए हैं। ऐसा ही एक मतभेद हिंदी के युग प्रवर्तक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भी हिंदी पट्टी में अरसे से चला आ रहा है। कुछ विद्वानों का मानना है कि आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि 6 मई है। कुछ विद्वान 5 मई या 15 मई को भी उनकी जन्मतिथि के रूप में मान्यता देते हैं। हालांकि अधिकतर विद्वान 9 मई को ही प्रामाणिक जन्मतिथि मानते-जानते हैं। यह अलग बात है कि आज के इंटरनेटिया ज्ञानी ‘गूगल बाबा’ और ‘विकीपीडिया’ ‘कुछ’ विद्वानों की मान्यता को बल देते हुए आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि 15 मई देश और दुनिया को बताते चले जा रहे हैं। वैसे भी, माना जाता है कि इन इंटरनेटिया ज्ञानियों को वास्तविक और प्रामाणिक तिथि से कोई लेना-देना नहीं होता। जिसने जो बता दिया वह हमेशा के लिए फीड कर दिया। हालांकि, बिना छानबीन और पुख्ता आधार के गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचाना अक्षम्य अपराध है।
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर उठे विवाद के मूल में भारतीय पंचांग के अनुसार उनकी जन्मतिथि का हर जगह लिखा होना है। भारतीय पंचांग के अनुसार, आचार्य द्विवेदी का जन्म वैशाख शुक्ल चतुर्थी संवत 1921 को हुआ था। तिथि का उल्लेख स्वयं आचार्य द्विवेदी ने भी किया है। भारतीय पंचांग के अनुसार की तिथि को अंग्रेजी कैलेंडर से परिवर्तित करने को लेकर ही जन्मतिथि को लेकर भ्रम पैदा हुआ।
जन्मतिथि के विवाद के आधार के रूप में आचार्य द्विवेदी का 13 मई 1932 को प्रयागराज से प्रकाशित होने वाले पत्र ‘भारत’ में प्रकाशित आचार्य द्विवेदी का वह पत्र ही उपयोग किया जाता रहा है। यह पत्र आचार्य द्विवेदी ने “भारत” के संपादक पंडित ज्योति प्रसाद मिश्र ‘निर्मल’ को लिखा था। दरअसल, 1932 में काशी से नए निकलने वाले पाक्षिक ‘जागरण’ के प्रस्ताव पर आचार्य द्विवेदी की 68 वीं वर्षगांठ देश के कई नगरों में धूमधाम से मनाई गई थी। इस संबंध में ‘कृतज्ञता ज्ञापन’ के लिए आचार्य द्विवेदी ने स्वयं एक पत्र भारत के संपादक पंडित ज्योति प्रकाश मिश्र ‘निर्मल’ को लिखा। कहा जाता है कि इस पत्र को प्रकाशित करते समय मुद्रण की गलती से 9 मई की जगह 6 मई प्रकाशित हो गया। या बाद के वर्षों में आचार्य द्विवेदी का वह पत्र प्रकाशित करने में दूसरे पत्र या पत्रिकाओं में मुद्रण की गलती से 9 मई की जगह 6 मई टाइप हो गया। यह गलती ही आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भ्रम पैदा करने में सहायक सिद्ध हुई।
कुछ विद्वान मानते हैं कि अपने समय की महत्वपूर्ण मासिक पत्रिका सरस्वती का संपादन करते हुए 10 करोड़ हिंदी भाषा-भाषियों का साहित्यिक अनुशासन करने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर हिंदी वालों में कई मतभेद और भ्रम जानबूझकर पैदा किए गए हैं। अपने समय के कुछ विद्वानों ने अपनी बात को मनवाने के लिए ही अपनी- अपनी अंग्रेजी तिथियों पर जोर देना शुरू किया। विद्वानों की इसी अखाड़ेबाजी से हिंदी भाषा भाषी समाज में आचार्य द्विवेदी की जन्मतिथि को लेकर भ्रम बढ़ता गया और इसे दूर करने की कोशिशें न के बराबर ही हुईं। आचार्य द्विवेदी के बाद सरस्वती का संपादन का भार संभालने वाले पंडित देवी दत्त शुक्ल के पौत्र और प्रयागराज निवासी पंडित वृतशील शर्मा भी 9 मई को ही मान्यता देते हैं। आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि को लेकर उठे विवाद से वह अपने को आज तक आहत महसूस करते हैं। उनका कहना है कि आचार्य जी की जन्म तिथि से जुड़ा यह विवाद निर्मूल और अकारण है।
वर्तमान में हिंदी समालोचना के सशक्त हस्ताक्षर एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष आचार्य डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित 9 मई को ही आचार्य द्विवेदी की वास्तविक और प्रामाणिक जन्मतिथि मानते हैं। इस लेखक से उन्होंने स्वयं यह बात अधिकार पूर्वक कहीं की सब लोग 9 मई को जन्मतिथि मानने की बात पर सहमत हैं। वह कहते हैं कि आचार्य द्विवेदी की जन्म तिथि से जुड़े विवाद के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए उन्होंने स्वयं कई किताबों का अध्ययन किया और पाया कि 9 मई ही आचार्य द्विवेदी की प्रामाणिक जन्मतिथि है क्योंकि अपने कृतज्ञता ज्ञापन में भी उन्होंने 9 मई का ही उल्लेख किया है।
आचार्य द्विवेदी पर शोधपरक पुस्तक ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी’ लिखने वाले रायबरेली के साहित्यकार केशव प्रसाद बाजपेई की मान्यता भी 9 मई पर ही केंद्रित है। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति द्वारा पिछले 11 वर्षों से प्रकाशित की जा रही स्मारिका ‘आचार्य पथ-2021’ के अंक में प्रकाशित अपने लेख में श्री बाजपेई कहते हैं कि जन्मतिथि के विवाद के निराकरण के लिए सबसे उपयुक्त उपाय संवत 1921 के पंचांग को देखने से जुड़ा था। इस विषय में खोजबीन करने पर पता चला है कि सन 1864 में 10 मई को हिंदू पंचांग के अनुसार संवत 1921 के वैशाख मास की पंचमी तिथि थी और दिन मंगलवार था। इस दिन आदि गुरु शंकराचार्य जी की जयंती पड़ी थी। उसके अनुसार वैशाख शुक्ल चतुर्थी दिन सोमवार 9 मई 1864 को पड़ता है।
वह अपने इस लेख में लिखते हैं- ‘इस विवेचना में अंग्रेजी की तिथि 6 मई असंगत है तथा 9 मई ही संगत है। 6 मई या तो मुद्रण की भूल से पत्र में अंकित हुई है या आचार्य जी का ध्यान ही कभी इस ओर नहीं गया कि पंचांग से इसकी संगति नहीं बैठती मेरी समझ में मुद्रण की त्रुटि से ही यह भ्रम पैदा हुआ है इनसे इतर तिथियां विचारणीय ही नहीं है। अतः यह निर्णय हुआ कि आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की वास्तविक जन्मतिथि अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 9 मई 1864 है, जो हिंदू पंचांग के संवत 1921 बैशाख शुक्ल चतुर्थी दिन सोमवार से पूरी तरह मेल खाती है। एक दिन गणितीय विधि के अनुसार 9 मई 1864 को सोमवार का दिन आता है और आचार्य जी का जन्मदिन सोमवार ही है। अतः इस से भी उनकी जन्मतिथि 9 मई 1864 होनी ही पुष्टि होती है।’

इन प्रमाणों के आधार पर हिंदी भाषा भाषी समाज को खड़ी बोली हिंदी का उपहार देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की जन्म तिथि को लेकर जानबूझ कर पैदा किए गए विवाद से बचते हुए 9 मई को ही जन्मतिथि की मान्यता देकर अपने इस महापुरुष के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करनी चाहिए।
हालांकि, महापुरुष के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन के लिए खास तिथि का कोई महत्व नहीं है। वर्ष पर्यंत हम उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते रह सकते हैं, लेकिन दिन विशेष की बात आने पर हमें अपने इस पूर्वज को 9 मई (जन्मतिथि) और 21 दिसंबर 1938 (निर्वाण तिथि) को ही याद रखना होगा।

∆ गौरव अवस्थी
रायबरेली/उन्नाव

गौरैया संरक्षण को लेकर बच्चों में दिखा उत्साह

गौरैया संरक्षण को लेकर हुई प्रतियोगिता

प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर किया सम्मानित।

लखनऊ। राजधानी में गौरैया संरक्षण को लेकर गुरुवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय बंशीगढ़ी व भरोसा में मेरी प्यारी गौरैया मुहिम व अवध वन प्रभाग की ओर से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय वंशी गढ़ी की विभा शर्मा, पूर्वी शर्मा, विशाल, तुसार व उच्च प्राथमिक विद्यालय भरोसा की सोनालिका, नेहा सिंह, जाईना को प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मुहिम संचालक व पक्षी प्रेमी महेश साहू ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नन्ही गौरैया के संरक्षण के लिए हम सबको आगे आना होगा क्योंकि नन्ही गौरैया की प्रजाति पर संकट मंडरा रहा है। इस तपती गर्मी में नन्ही गौरैया व अन्य पक्षियों के लिए दाना पानी रखने व कृत्रिम घोंसले लगाने की अपील की। वहीं रेंजर शिवाकांत शर्मा ने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं दी और सभी छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई। इस मौके पर समाजसेवी हिमांशु गुप्ता, विद्यालय के प्रधानाचार्या वीरेंद्र यादव, प्रीति त्रिवेदी, वन दरोगा शिवम यादव, अमित सिंह वन रक्षक दीपक कनौजिया, मंगटू प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह लोधी सहित कई लोग मौजूद रहे।

मिशन कंपाउंड के तालाब की कौन, कब लेगा सुध

बिजनौर। जिला मुख्यालय के बीचों बीच इस तालाब की सुध लेने वाला कोई नहीं है। मिशन कंपाउंड का यह तालाब बरसों से सफाई और सुंदरीकरण के लिये तरस रहा है।

चित्र में दिखाई दे रही पीले रंग की बिल्डिंग में जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी साकेन्द्र प्रताप का भी फ्लैट बताया जाता है।

मिशनरीज़ की खुद की संपत्ति बताए जाने वाले इसी तालाब के समीप भारतीय जनता पार्टी के सिंबल पर दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष बने चौधरी साकेन्द्र प्रताप का भी फ्लैट है! उन्होंने भी इसके सुंदरीकरण की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया।

मिशन कंपाउंड के तालाब में कूड़े का अंबार

मच्छर, कीड़े मकोड़े की भरमार- तालाब में गंदगी के कारण तरह-तरह के कीड़े मकोड़े, जीव जंतु तो यहां पल ही रहे हैं, वहीं मच्छर भी बहुतायत में हैं। इन मच्छरों के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।

पालिका की कूड़ा गाड़ी नहीं आती- इस तालाब में आसपास के घरों की गंदगी भी फेंकी जाती है। इसका कारण ये है कि नगर पालिका परिषद की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी इस किसी भी क्षेत्र में नहीं आती।

विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान- शासन के निर्देशों के अनुपालन में प्रत्येक वर्ष अंतर्विभागीय सहयोग से विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान संचालित होता है, लेकिन इस तालाब की सुध लेने वाला कोई नहीं।

बरसात में घरों में घुस आते हैं सांप- बरसात के दिनों में इस तालाब में रहने वाले खतरनाक कीड़े मकोड़े, सांप आदि आसपास के घरों में घुस जाते हैं। लोग सतर्क न रहें तो कभी भी बड़ी त्रासदी के आसार हैं।

वन अप मोटर्स इंडिया प्रा. लि. ने चलाया यातायात जागरूकता अभियान

सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा।

लखनऊ। जैसा कि आप अवगत है कि चतुर्थ सड़क सुरक्षा सप्ताह (दिनांक 18.04.2021 से 24.04. 2022 तक) मनाया जा रहा है।

जनपद लखनऊ में सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का शुभारम्भ परिवहन मंत्री के कर कमलों द्वारा दिनांक 18-04-2022 को 1090 चौराहे पर किया गया है।

इस दौरान उनके द्वारा सप्ताह भर वृहद जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने संबंधी निर्देश दिए गए।

निर्देश का पालन करते हुए वन अप मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और वहां के सेल्स मैनेजर सौरभ सिंह व अन्य कर्मचारियों द्वारा यह अभियान बड़े ही जागरूकता पूर्वक मनाया गया।

मलिहाबाद तहसील, मिर्जागंज चौराहा, मोहान रोड, मॉल रोड और अन्य जगहों पर जनता को बैनर और जागरूकता पत्रक के मध्यम से अवगत कराया गया और उनको सुरक्षा नियमों के बारे में बताया गया ।

शराब छुड़वाने के 5 अचूक टोटके और मंत्र, मात्र 10 दिन में छूट जाएगी शराब की लत

भोपाल (पत्रिका)। ये बात तो सभी जानते हैं कि शराब सेहत के लिए हानिकारक होती है। ये इंसान को अन्दर से खोखला कर देती है। वहीं यह एक तरीके से सामाजिक बुराई भी है। शराब की बुरी लत न सिर्फ इंसान को बुरा बनाती है बल्कि उसके पूरे परिवार को भी नष्ट कर देती है। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते हैं कि अगर आपके घर में भी कोई ऐसा है, जो शराब की लत का लती है तो कुछ टोटकों को अपनाकर आप इस लत को दूर कर सकते हैं। तंत्र शास्त्र के अतंर्गत ऐसे कई टोटके हैं, जिनसे शराब की लत को छुड़वाया जा सकता है। कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जो बिल्कुल ही साधारण हैं परन्तु जिनका असर तुरंत और बेहद प्रभावशाली होता है। जानिए क्या हैं वे उपाय…

-शराब को छुड़ाने के लिए सवा मीटर काला कपड़ा और सवा मीटर नीला कपड़ा लेकर इन दोनों को एक-दूसरे के ऊपर रख दें। इस पर 800 ग्राम कच्चे कोयले, 800 ग्राम काली साबूत उड़द, 800 ग्राम जौ एवं काले तिल, 8 बड़ी कीलें तथा 8 सिक्के रखकर एक पोटली बांध लें। फिर जिस व्यक्ति की शराब छुड़वाना हो, उसकी लंबाई से आठ गुना अधिक काला धागा लेकर एक जटा वाले नारियल पर लपेट दें। इस नारियल को काजल का तिलक लगाकर धूप-दीप अर्पित करके शराब पीने की आदत छुड़ाने का निवेदन करें। फिर यह सारी सामग्री किसी नदी में प्रवाहित कर दें। जब सामग्री दूर चली जाए तो घर वापस आ जाएं। इस दौरान पीछे मुड़कर न देखें। घर में प्रवेश करने से पहले हाथ-पैर धोएं। शाम को किसी पीपल के वृक्ष के नीचे जाकर तिल के तेल का दीपक लगाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इस टोटके के बारे में किसी को कुछ न बताएं। कुछ ही समय में आप देखेंगे कि जो व्यक्ति शराब का आदी था, वह शराब छोड़ देगा।।

-आप कहीं से जंगली कौवे के पंख मंगवाए, फिर इन पंख को एक गिलास पानी में अच्छे से हिलाकर उस पानी को जो व्यक्ति शराब पीता है उसे पिला दें। यह छोटा सा टोटका शराब की लत छुड़ा देता है। 

-अगर आपका पति शराब का लती है तो एक शराब की बोतल लाए, ध्यान रहे कि यह बोतल उसी ब्रांड की होनी चाहिए, जिसका आपके पति प्रयोग करते हैं। इस बोतल को रविवार के ही दिन अपने निकट के किसी भी भैरव बाबा के मंदिर में चढ़ा दें और पुजारी को कुछ रुपए देकर उससे वह बोतल वापिस खरीद लें। पति के सोते समय अथवा जब वह नशे में हो, उस पूरी बोतल को उनके ऊपर 21 बार उसारते हुए “ॐ नमः भैरवाय” मंत्र का जाप करें। इसके बाद शाम को उस बोतल को किसी भी पीपल के पेड़ के नीचे छोड़ आएं। इस उपाय से कुछ ही दिनों में शराबी की शराब पूरी तरह से छूट जाएगी। 

-शराब छुड़ाने के लिए एक शराब की बोतल खरीद कर लाएं और शराब के लती परिजन को सोते समय उन पर से 21 बार उसार लें। इसके बाद एक अन्य बोतल में आठ सौ ग्राम सरसों का तेल लें और दोनों को आपस में मिला लें। दोनों बोतलों के ढक्कन बंद कर किसी ऐसे स्थान पर उल्टा गाढ़ दें जहां से पानी बहता हो ताकि दोनों बोतलों के ऊपर से जल लगातार बहता रहे। इस उपाय को करने के कुछ ही दिनों में व्यक्ति को शराब से घृणा हो जाती है और वह शराब पीना छोड़ देता है।

निगम की भंडारण क्षमता का शत प्रतिशत उपयोग किया जाए: जेपीएस राठौर

निगम की भंडारण क्षमता का शत प्रतिशत उपयोग किया जाए: जेपीएस राठौर
मंत्री जेपीएस राठौर ने की भंडारण निगम के अधिकारियों संग बैठक


लखनऊ। सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने शुक्रवार को यूपी राज्य भंडारण निगम के क्षेत्रीय प्रबंधकों व वरिष्ठ अधिकारियों संग बैठक कर निगम की मासिक प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मौजूद अधिकारियों को निगम को सुचारू रूप से चलाने के दिशा निर्देश दिए गए।

राठौर ने क्षेत्रीय प्रबंधकों को अपने अधीनस्थ सभी केंद्रों का माह में एक बार विधिवत निरक्षण करने का आदेश दिया। साथ ही निगम की भंडारण क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गेहूँ के सुरक्षित भंडारण के दृष्टिगत साइलों व पीईजी के गोदामों का निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए।

उन्होंने कहा कि निगम द्वारा अपने कार्यों का आगामी 5 वर्षों के लिए तैयार किये गए रोड मैप का क्रियान्वयन निर्धारित समय पर किया जाए। निगम कार्यों को पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत समस्त केंद्रों का ऑनलाइन डिपो सिस्टम से इस प्रकार जोड़ा जाए कि उसकी सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग प्रधान कार्यालय पर की जाए। समस्त भण्डार गृहों को सोलर पैनल से संचालित किए जाने की व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए। बैठक में भंडारण एमडी श्रीकांत गोस्वामी, विशेष कार्याधिकारी धीरज चंद्रा, महाप्रबंधक संजीव कुमार आदि अधिकारीगण मौजूद रहे।

एसपी सिटी ने चौपाल लगाकर दी ग्राम वासियों को विभाग की जानकारियां


एसपी सिटी ने लगाई चौपाल। ग्राम वासियों को दी विभाग की जानकारियां।


नजीबाबाद (बिजनौर)। एसपी सिटी डॉ प्रवीण रंजन सिंह ने ग्राम तिसोतरा के कन्या पाठशाला में एक ग्राम चौपाल आयोजित की। इस दौरान ग्राम वासियों को सरकार, पुलिस विभाग द्वारा दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारियां दी। इस अवसर पर उन्होंने 1090 और 112 के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस और पब्लिक एक दूसरे के पूरक हैं।पुलिस बिना पब्लिक के कुछ नहीं कर सकती है। अपराधों पर अकुश लगाने के लिए जनता से सहयोग करने की अपील करते हुए सभी ग्राम वासियों का आभार प्रकट किया। एसपी सिटी डॉक्टर प्रवीण रंजन सिंह ने कहा पुलिस और नागरिकों के बीच संवादहीनता से अपराध बढ़ते हैं। उन्होंने जनता से पुलिस का संदेशवाहक बनने की अपील की।

थानाध्यक्ष नांगल रविंद्र कुमार सिंह ने सभी स्थानीय ग्राम वासियों से कहा कि पुलिस और आम जनता में विश्वास जागरूक करके ही हम सब क्षेत्र में शांति व्यवस्था एवं कानून का राज स्थापित कर सकते हैं। इसलिए पुलिस भी समाज का एक अंग है। सभी सम्मानित नागरिकों को पुलिस का सहयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अविनाश कुमार, पूर्व प्रधान रोहताश सिंह, सूरत पाल सिंह, इरफान अहमद पूर्व प्रधान बाबू सिंह, पूर्व सदस्य जिला पंचायत सरदार बुध सिंह, रुकन राजपूत आदि बड़ी संख्या में ग्राम वासी उपस्थित रहे।