भाजपा जिलाध्यक्ष ने छीन ली शिक्षक की रोजी रोटी!

भाजपा जिलाध्यक्ष ने छीन ली शिक्षक की रोजी रोटी! शिक्षक का आर्थिक व मानसिक शोषण कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष। शिक्षक हरज्ञान सिंह ने भेजी शिक्षा मंत्री को शिकायत। जिलाध्यक्ष के जुल्मों से निजात दिलाने की लगाई गुहार। बच्चों से जबरन अवैध उगाही, अपने चहेते अध्यापकों द्वारा जबरदस्ती ट्यूशन पढ़ाकर पैसों की बंदरबांट। बच्चों को फेल करके, पैसे लेकर पास करना आदि कार्य में सहयोग नहीं करने की मिली सजा?

बिजनौर। डीएवी इंटर कॉलेज प्रबंध समिति व प्रधानाचार्य तथा शिक्षक का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रबंध समिति द्वारा प्रधानाचार्य व शिक्षक को निलंबित किए जाने के बाद यह मामला शासन तक पहुंच गया है। निलंबित शिक्षक ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री को पूरे मामले से अवगत कराते हुए कार्यवाही की गुहार लगाई है।

डीएवी इंटर कॉलेज के निलंबित सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह ने राज्य के शिक्षा मंत्री को भेजे पत्र में लिखा कि एक शिक्षक की पीड़ा और अपमान के संबंध में कह रहा हूं। वह किसी जरूरी कार्य से प्रधानाचार्य डा. मनोज कुमार के कक्ष में उनके साथ बैठे थे। आरोप है कि तभी शहर की नई बस्ती निवासी विपुल शर्मा डीएवी इंटर कालेज की प्रबंध समिति के उपप्रबंधक एवं भाजपा आइटी सेल के जिला संयोजक व पूर्व प्रधानाचार्य डॉ सुबोध चंद्र शर्मा द्वारा बातचीत के दौरान हमला कर दिया गया। शिक्षक हरज्ञान सिंह के मुताबिक उन्होंने बीच बचाव करते हुए घटना की फोटो, वीडियो बनाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट करना शुरू कर दिया। प्रधानाचार्य ने एसपी के सीयूजी नंबर पर फोन किया तो पुलिस के आने तक हमलावर वहां से फरार हो चुके थे। पुलिस ने प्रधानाचार्य का मेडिकल करा कर हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।

शिक्षक हरज्ञान सिंह ने दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना से उन्हें व उनके परिवार को बहुत आघात हुआ है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके मन मस्तिष्क से मारपीट व अपमान का दर्द अभी निकला भी नहीं था कि भाजपा जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने प्रधानाचार्य व उन्हें निलंबित करा कर परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया। शिकायत में कहा कि हम दोनों का दोष केवल इतना है कि हम उनके द्वारा किए गए गलत कार्यों जैसे बच्चों से जबरन अवैध उगाही, अपने चहेते अध्यापकों द्वारा जबरदस्ती ट्यूशन पढ़ाकर पैसों की बंदरबांट करना, बच्चों को फेल करके पैसे लेकर पास करना आदि कार्य में सहयोग नहीं करते। शिक्षक हरज्ञान सिंह ने आरोप लगाया कि बिजनौर के जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि मुख्यमंत्री के वरीयता के कार्यों में सहयोग न करके उनकी योजनाओं को विफल कर रहे हैं। वर्ष 1956 से संचालित डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर का संचालन आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ सोसाइटी से किया जाता था। पूर्व प्रधानाचार्य डॉ सुबोध चंद शर्मा द्वारा शिक्षा माफियाओं से मिलकर फर्जी सोसाइटी वर्ष 2010 में रजिस्ट्रार मुरादाबाद के यहां पंजीकृत करा कर डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर का संचालन और प्रबंधन करना आरंभ कर दिया गया। सोसायटी रजिस्ट्रार मुरादाबाद ने वर्ष 2010 में पंजीकृत सोसायटी से उक्त संस्था का संचालन एवं प्रबंधन अवैध बताया है। भाजपा जिला अध्यक्ष के सामने विभागीय अधिकारी सोसायटी रजिस्ट्रार मुरादाबाद के निर्णय को क्रियान्वित कराने में बौने साबित हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री से गुहार लगाई कि उन्हें व उनके परिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा किए गए आर्थिक व मानसिक शोषण से बचाया जाए तथा सोसायटी रजिस्टार मुरादाबाद के निर्णय को शिक्षा विभाग द्वारा क्रियान्वित कर और शिक्षा माफियाओं पर अंकुश लगाया जाए।

चकरोड पर दबंगों ने किया कब्जा, मुक्त कराने को मुख्यमंत्री से गुहार

चकरोड को कब्जा मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

बिजनौर। स्योहारा थाना क्षेत्रान्तर्गत गांव सत्तोनंगली के दबंगों ने चकरोड़ की जमीन पर कब्जा कर लिया है। एक ग्रामीण ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कब्जे को हटवाने की गुहार लगाई है।

स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम सत्तोनंगली निवासी सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि ग्राम के खेत नंबर 158 / 155 के मध्य एक चकरोड को खेत नंबर 155/ 160 के मालिक गजराज सिंह पुत्र रामगोपाल सिंह निवासी सत्तोनंगली बहादरपुर ने अपने खेत में मिला लिया है। उक्त व्यक्ति दबंगई के आधार पर जबरदस्ती उनके खेत का इस्तेमाल अपने हित के लिए करना चाहता है तथा नाजायज तरीके से उसके खेत नंबर 158 में उसे तामीर कराना चाहता है। उन्होंने बताया कि दबंगों द्बारा चकरोड पर अवैध कब्जा कर लिया गया है और मुख्य रास्ते को बंद कर दिया गया है।

तमाम शिकायतों के बावजूद हुआ कुछ नहीं- उक्त अवैध कब्जे को रुकवाने व हटवाने के लिए तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन को लगातार शिकायती पत्र दिये गए, लेकिन अभी तक कोई‌ कार्रवाई नहीं की गई। जिला प्रशासन की उदासीनता के चलते अवैध कब्जा करने वालों का हौसला बुलंद है। चकरोड पर अवैध कब्जे के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री से अवैध कब्जे को हटवा कर उक्त मार्ग को खुलवाने की मांग की है।

वाह री गंज पुलिस! पीड़ित विधवा पर ही डाल रही फैसले को दबाव

पीड़ित विधवा पर ही फैसले को दबाव डाल रही गंज पुलिस

चौकी में इंसाफ न मिलता देख कोतवाली पहुंची विधवा महिला

न्याय के लिए एक साल के अबोध बालक संग भटकने को मजबूर विधवा

बिजनौर। जहां एक ओर केंद्र व प्रदेश सरकारें महिला सशक्तिकरण के लिए तमाम तरह के प्रयास कर रही हैं, उनके लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है; वहीं कस्बा गंज की पुलिस इसके बिल्कुल उलट चल रही है। एक विधवा को न्याय दिलाना तो दूर, उस पर ही आरोपी ससुरालियों से फैसला करने को दबाव डाल रही है।

ग्राम जहानाबाद, पोस्ट गंज निवासी हेमलता रानी के पति रोहित कुमार की चार माह पूर्व मृत्यु हो गई थी। वह अपनी ससुराल में ही रहती है। कुछ समय पहले वह अपने मयके चली गयी थी। इस बीच उसके ससुर दयाराम सिंह, जेठ यशवीर सिंह, जेठानी रुकमणी और रुकमणी के पिता वीर सिंह ने मिलकर उसकी भूमि, संपत्ति, जेवरात आदि पर कब्जा जमा लिया। बकौल हेमलता मामले की जानकारी उसे ससुराल लौटने पर हुई।

परिजनों संग पीड़ित विधवा हेमलता

जमीन कब्जाई, जान की धमकी- गुरुवार को थाना शहर कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में हेमलता ने बताया कि ससुरालियों ने उसके पति रोहित की नई ई-रिक्शा को बेच दिया। यही नहीं उसके पति के हिस्से की 6 बीघा जमीन पर कब्जा कर उसमें खड़ी 4.5 बीघा गन्ने की फसल और 1.5 बीघा धान की फसल भी कब्जा ली। विधवा महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर सोने-चांदी के जेवरात छीन लिए। अब मामले की शिकायत पुलिस से करने पर उसे व उसके एक वर्षीय पुत्र को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। महिला ने बताया कि चार दिन पूर्व वह हिम्मत कर अपने मायके पक्ष के लोगों को साथ लेकर गंज चौकी पहुंची। आरोप है कि चौकी इंचार्ज अनिल कुमार ने मदद करना तो दूर की बात उल्टा उसे ही किसी लफड़े में न पड़ने की सलाह दे डाली। थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र वशिष्ठ ने मामले में पूर्ण सहयोग के आश्वासन के साथ ही जांच महिला सशक्तिकरण सेल को सौंप दी है।

ग्राम प्रधान ने कहा दिलाएंगे न्याय- ग्राम प्रधान तहजीब अहमद ने कहा कि उनके समक्ष यह मामला आया है। वह अपने स्तर से पूरा प्रयास करेंगे कि अबोध बालक व उसकी विधवा मां को न्याय मिल सके। इसके लिए वह गांव के संभ्रांत लोगों का भी सहयोग लेंगे।

विवादित जमीन के असली मालिक को लेकर संशय, हंगामा

झंडापुर में है करोड़ों की भूमि। भूमि पर चारदीवारी की नींव रखने को लेकर ग्रामीणों का हंगामा। जमीन के असली मालिक को लेकर अभी भी संशय।

बिजनौर। गंज मार्ग स्थित झंडापुर में खाली पड़ी चूना भट्टी की जमीन पर चारदीवारी निर्माण के लिए नींव भराव का मामला गरमा गया है। यहां के रास्ते निकलने वाले कई गांवों के ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए थाना कोतवाली शहर में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल तहसीलदार ने मौके पर काम रुकवा दिया है। ग्रामीण उक्त जमीन के बैनामे को विवादित बता रहे हैं।

जानकारी के अनुसार गंज मार्ग स्थित झंडापुर में खाली पड़ी चूना भट्टी की जमीन की कीमत करोड़ों रुपए में बताई जाती है। एक दिन पूर्व उक्त स्थान पर भराव और नींव निर्माण का कार्य तालिब ठेकेदार ने शुरू करा दिया। भनक लगते ही ग्राम पूरनपुर, जलालपुर व तीबड़ी के ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने थाना कोतवाली शहर पहुंच कर निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उक्त स्थान से होकर उनके गांवों का रास्ता जाता है, जिसे पटवारी अजब सिंह और ठेकेदार तालिब बंद कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तत्कालीन पटवारी अजब सिंह ने ग्राम प्रधान से सांठगांठ कर उक्त भूमि की श्रेणी बदलवाई और दलित के नाम बैनामा करा दिया था। बाद में पटवारी ने करोड़ों रुपए कीमत की उक्त भूमि का बैनामा अपने नाम करा लिया। अब करीब डेड़ करोड़ रुपए में तालिब ने कुछ हिस्सा खरीद लिया है? इस बीच बताया गया है कि मामले की जानकारी प्राप्त होते ही तहसीलदार ने मौके पर काम रुकवा दिया है।

ठेकेदार ने बैनामे की बात गलत ठहराई- तालिब ठेकेदार का कहना है कि उनके द्वारा उक्त जमीन का बैनामा कराने की बात सही नहीं है। तत्कालीन पटवारी अजब सिंह के कहने पर उन से मित्रता के नाते वहां नींव का भराव करा रहे थे। वर्ष 1952 से सरकारी पट्टा चला आ रहा था। वर्ष 2003 में पट्टेदार से अजब सिंह ने अपने नाम बैनामा करा लिया था, इस बात को भी करीब 20 साल हो गए हैं। आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने खाली पड़ी भूमि को रास्ते के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, जबकि सरकारी रास्ता अलग है। उक्त भूमि को रास्ते के तौर पर प्रयोग न करने के आदेश कोर्ट ने दिये हुए हैं। पुलिस प्रशासन को भी कोर्ट के आदेश की प्रति दिखा दी गई है।

पटवारी की पत्नी के नाम है जमीन वहीं तत्कालीन पटवारी अजब सिंह ने बताया कि उक्त भूमि का बैनामा वर्ष 2003 में उनकी पत्नी चंचल सैनी के नाम हुआ था। पूर्व में उक्त जमीन ओबीसी श्रेणी के ख्वानी ढीमर पुत्र हरदेवा के नाम थी। उसके एक पुत्र सोनू उर्फ सुन्दू व एक पुत्री थे। पुत्री की शादी बढ़ापुर थानांतर्गत ग्राम सरदारपुर छायली में हुई थी। सुन्दु बहरा और अविवाहित था व अपनी बहन के घर ही रहता था। ख्वानी की मौत के बाद भूमि उसकी पुत्री के नाम आ गई। इस बीच उसकी मौत हो गई और इस कारण जमीन उसके चार पुत्रों कुड़वा, मूलचंद, महेश आदि के नाम हो गई। वर्ष 2003 में सुन्दु का बहनोई हरिराम सिंह उनसे मिला और जमीन बेचने की बात कही। उसने बताया कि दवाई लेने तक के पैसे नहीं हैं। इस पर उन्होंने डेढ़ लाख रुपए अपनी पत्नी चंचल से दिला कर बैनामा करा लिया।

सरकारी रास्ता है दाहिनी तरफ- जमीन खाली पड़ी देख कर ग्रामीणों ने रास्ते के तौर पर उपयोग शुरू कर दिया, जबकि दाहिनी ओर पक्की सरकारी चक रोड है। गन्ना विकास परिषद ने उक्त जमीन पर पत्थर डाले तो वो कोर्ट पहुंच गए। परिषद की ओर से कोई नहीं आया। कोर्ट ने आदेश कर दिया कि बिना उक्त भूमि को खरीदे वहां कुछ कार्य नहीं करा सकते। जमीन उनकी पत्नी के ही नाम है किसी को बेची नहीं है। ठेकेदार तालिब को मित्रता के नाते उन्होंने बाउंड्री बनाने के लिए कहा था।

तीन मजारों में तोड़फोड़, दो सगे मुस्लिम भाई गिरफ्तार

बिजनौर। थाना शेरकोट क्षेत्रान्तर्गत दो सगे मुस्लिम भाइयों ने तीन मजारों को खंडित कर चद्दर व पर्दे आग के हवाले कर दिए! सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। घटना के पीछे के कारणों की जानकारी हासिल की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये और बताया कि कानून व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना शेरकोट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घोसियोवाला की मजार व हरेवली रोड स्थित जलाल शाह की मजार में दो सगे मुस्लिम भाईयों मौ0 कमाल अहमद व मौ0 आदिल पुत्रगण उस्मान निवासीगण मौ0 कायस्थान कस्बा व थाना शेरकोट द्वारा उक्त मजारों को गलत बताते हुए खण्डित कर चद्दर, पर्दे को जला दिया गया। यह जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। आनन फानन में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी, क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़ व स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के सहयोग से एक-एक कर दोनों आरोपी भाइयों को हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि रविवार शाम साढ़े चार बजे सूचना मिली कि हरेवली रोड स्थित जलाल शाह की मजार पर तोड़फोड़ हुई है। इस पर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जानकारी हासिल की। करीब सवा छह बजे एक अन्य सूचना ग्राम घोसियोवाला की मजार पर भी तोड़फोड़ की मिली। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि दो सगे मुस्लिम भाईयों मौ0 कमाल अहमद व मौ0 आदिल पुत्रगण उस्मान निवासीगण मौ0 कायस्थान कस्बा व थाना शेरकोट द्वारा उक्त मजारों को गलत बताते हुए खण्डित कर चद्दर, पर्दे को जला दिया गया। इस पर पुलिस द्वारा ग्रामीणों की मदद से घेर कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि यह भी पता चला है कि सुबह अपने घर से निकल कर उक्त दोनों भाइयों द्वारा शेरकोट कस्बा स्थित कुतुबशाह की मजार पर भी कुछ तोड़फोड़ की गई। पुलिस पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटनाओं के पीछे क्या सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश थी या अन्य कोई कारण रहा? घटना के सम्बन्ध में गहनता से जांच की जा रही है। यदि अन्य व्यक्तियों का घटना में संलिप्त होना पाया गया तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी, विधिक कार्यवाही प्रचलित है। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। कानून व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अवैध हथियारों के साथ वीडियो और फोटो

बिजनौर। अवैध हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल हो रही हैं। आखिरकार कहां से आये खादर क्षेत्र में अवैध हथियार। अवैध हथियारों को लेकर मंडावर क्षेत्र में सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल हो रही है, जिसमें कुछ युवकों के फोटो अवैध हथियार हाथ में लिए हुए फोटो दिखाई दे रहे हैं और वीडियो में एक युवक अवैध बंदूक में कारतूस डालकर उसे चलाता हुआ दिखाई दे रहा है। आखिरकार इन युवकों का इरादा क्या है, क्या यह क्षेत्र में अपना रौब जमाना चाहते हैं और इनके पास यह हथियार कहां से आये यह भी एक चर्चा का विषय बना हुआ है।

आएदिन पुलिस ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज रही है मगर फिर भी यह कुछ युवा हाथ में अवैध हथियार लिए हुए फोटो और वीडियो को वायरल कर देते हैं। अवैध हथियार के फोटो अपने स्टेट्स भी लगा रंखे है। इन फोटो और वीडियो से इनके होंसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं। उन्हें यह नहीं पता कि अवैध हथियार रखना कानूनी अपराध है और कार्यवाही भी हो सकती है। उधर सुत्रो से पता चला है कि अवैध हथियारों के फोटो और वीडियो दयालवाला क्षेत्र की हैं अभी कुछ दिनों पहले खास दयालवाला गांव में एक युवक ने दूसरे युवक पर अवैध हथियार से खेत में ट्रैक्टर निकालने को लेकर फायरिंग कर दी थी, जिसमें दूसरा युवक बाल बाल बचा था। सुचना पर पहुंची पुलिस ने अवैध हथियार को मौके से बरामद करते हुए फरार युवक को भी गिरफ्तार कर लिया था। उधर थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि ऐसे यूवकों की जांच की जा रही है जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी।

भूमाफिया को झटका, करोड़ों की विवादित भूमि का अहले कमीशन

करोड़ों की विवादित जमीन का अहले कमीशन करने के कोर्ट ने दिये आदेश। दोनों पक्षों के वकील और पुलिस रही मौजूद।

बिजनौर। नहटौर में करोड़ों रुपए की विवादित भूमि का गुरुवार को कोर्ट के आदेश पर अहले कमीशन किया गया। नासिर और सलीम नाम के दोनों पक्षों के वकीलों की देखरेख में अहले कमीशन की कार्यवाही की गई। इस दौरान दोनों पक्षों के वकील उनके चपरासी और पुलिस की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अमल में लाया गया। गौरतलब है कि जनपद बिजनौर के थाना नहटौर क्षेत्र के शेटपुर धनेश्वर में स्थित 18 बीघा विवादित भूमि पड़ी है, जिसमें दोनों पक्ष सलीम और नासिर की ओर से कोर्ट में वाद दायर किया गया है।

गुरुवार को कोर्ट ने नासिर के पक्ष में आदेश करते हुए अहले कमीशन का आदेश जारी किया। बता दें कि नहटौर निवासी भूमाफिया सलीम का बातचीत में झूठ जगजाहिर हो रहा है। पहले तो सलीम खुद बोल रहे हैं कि यह जमीन हमने भस्सू से खरीदी थी लेकिन बाद में सलीम का कहना है कि यह जमीन उसने भस्सू के भाई रामू से खरीदी थी। हालांकि कोर्ट ने दोनों वकीलों की दलीलों के बाद नासिर के हक में फैसला सुनाते हुए जमीन के अहले कमीशन का आदेश जारी किया है। पहले भी नासिर अहले कमीशन कराने पहुंचा था, जिसमें भूमाफिया सलीम ने अपनी दबंगई के बल पर नासिर को वहां से भगा दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस की सुरक्षा के बीच अहले कमीशन की कार्रवाई की गई है।

जनपद बिजनौर में समाचार, विज्ञापन एवं एजेंसी के लिए संपर्क करें, ब्यूरो चीफ सतेंद्र सिंह 8433047794

छात्रा से गंदी बात करते सुन लिया था बच्चे ने, इसलिए हैवान बना था टीचर!

👉Ⓜ️पटना के मसौढ़ी में एक कोचिंग टीचर ने 5 साल के बच्चे की थी बेहरमी से पिटाई, वीडियो वायरल होने पर टीचर गिरफ्तार, बच्चे की पिटाई की वजह सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। एक छात्रा के साथ गंदी बातें कर रहा था, जिसे इस छात्र ने देख सुन लिया था। इसी बात से नाराज़ होकर मासूम की बेरहमी से पिटाई की।

पटना। सोशल मीडिया पर पिछले दिनों वायरल वीडियो में छोटे बच्चे की पिटाई के आरोपी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बताया गया है कि राजधानी पटना में बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक शिक्षक छोटे बच्चे की बेरहमी से पिटाई करते दिख रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद पटना पुलिस ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एक टीम गठित किया और आरोपी शिक्षक को नालंदा जिले के तेल्हाड़ा से गिरफ्तार कर लिया। वह यहां डालने मामा के घर में छिपा हुआ था। आरोपी शिक्षक का नाम अमरकांत कुमार है, जो जहानाबाद जिले के घोषी थाना क्षेत्र का रहने वाला है।

2 जुलाई 2022 को पटना पुलिस को एक वीडियो मिला था। वीडियो में शिक्षक अपने ही संस्थान में पढ़ने वाले एक नाबालिग छात्र की बेरहमी से पिटाई करते दिख रहा था। पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की, तो मामला धनरूआ थाना क्षेत्र में स्थित जय पब्लिक स्कूल सह कोचिंग संस्थान का निकला। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

मानवजीत सिंह ढिल्लो एसएसपी पटना

शादी के लिए युवती ने कराया मुंसफी स्टेनो का अपहरण

फिल्मी स्टाइल में दिनदहाड़े कोर्ट मुंसफी स्टेनो का अपहरण 

-पुलिस ने चार घंटे में किया वारदात का पर्दाफाश
-तय होने के बावजूद शादी न करने का मामला

बिजनौर। चांदपुर कोर्ट मुंसफी में स्टेनोग्राफर के फिल्मी स्टाइल में दिनदहाडे अपहरण से जनपद में हडकंप मच गया। हालांकि सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस व स्वाट टीम ने महज चार घंटे के भीतर मामले का पर्दाफाश कर दिया।


जानकारी के अनुसार सुबह कोर्ट मुंसफी का स्टेनो अंकुर निवासी चांदपुर मूल निवासी भगतपुर जनपद मुरादाबाद अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल से जा रहा था। रास्ते में होंडा सिटी सवार कुछ लोगों ने तमंचे के बल पर अंकुर का अपहरण कर लिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने स्वाट समेत पुलिस की 3 टीम गठित कर उनकी धरपकड़ के लिए लगा दी। महज 4 घंटे के भीतर ही पुलिस ने नजीबाबाद में तीन अपहरणकर्ताओं को दबोच कर स्टेनो अंकुर को सकुशल बरामद कर लिया।

एसपी दिनेश सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता में बताया कि प्राथमिक पूछताछ में पता चला कि अपहरणकर्ता अंकुर की शादी आर्य समाज में कराने की तैयारी में थे। पकडे गए लोगों में दुल्हन प्रियंका भी शामिल है। प्रियंका का कहना है कि उसकी शादी 2021 में अंकुर से होना निश्चित हुई थी। सगाई भी हो चुकी थी, 14 मई 2021 को शादी होनी थी। अंकुर और उसके घर वाले शादी से इंकार करने लगे, जबकि रिश्ते में गाड़ी बोलेरो के साथ सब सामान दिया गया था। अब तक यह लोग शादी से इंकार करते चले आ रहे थे। आज हम लोग शादी करने के लिए इनको उठाकर ले गए थे।
वहीं पुलिस ने सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है।

नवांगतुक पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और फरार लोगों की
धरपकड़ के लिए टीम लगा दी है। पकड़े गए आरोपियों में अंकुल, सुमित और प्रियंका शामिल हैं, जबकि फरार लोगों में  सचिन, रणवीर, कपिल और एक अन्य शामिल हैं।

कई बार हुई समझौता वार्ता- स्टेनो अंकुर ने बताया कि शादी न करने और समझौता करने के लिए लड़की के परिजनों से कई बार पंचायत हुई थी। हम लोग उनका सभी सामान आदि लौटाने की भी बात पर तैयार थे, लेकिन वह लोग अपनी जिद पर अड़े हुए थे।

शादी नहीं की तो मर देंगे गोली- एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि प्रियंका के भाई सचिन ने उक्त आरोपियों के साथ मिलकर स्टेनो अंकुर का जबरदस्ती अपनी बहन प्रियंका से शादी कराने के लिये अपहरण किया था। उसने अंकुर को धमकी दी कि वह शादी के लिये नहीं माना तो उसको जान से मार देंगे। अभियुक्त अंकुल आपराधिक किस्म का व्यक्ति है। उस पर आधा दर्जन से अधिक अभियोग पंजीकृत है तथा थाना शिवलांकला द्वारा अभियुक्त के विरूद्व गुण्डा व गैग0 अधि० की भी कार्यवाही की जा चुकी है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम व पताः–

1 – अंकुल उम्र 25 वर्ष पुत्र मदनपाल निवासी मुराहट थाना शिoकलां, जनपद बिजनौर।

2 – सुमित उम्र 22 वर्ष पुत्र राजेन्द्र सिंह, ग्राम मंडोरा थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।

3 –प्रियंका उम्र 25 वर्ष पुत्री स्व० जगतवीर सिंह निवासीगण ग्राम मंडोरा थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।

फरार अभियुक्तों का नाम व पत्व:-

1 – सचिन उर्फ संदीप पुत्र स्वo जगतवीर निवासी ग्राम मंडोरा थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।

2 – रणवीर हरिओम निवासी ग्राम मंडोरा थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।

3 – कपिल पुत्र ओमपाल निवासी ग्राम मुराहट थाना शिoकलां जनपद बिजनौर।

आपराधिक इतिहास अभियुक्त अंकुल

1 – मु0अ0सं0 438 / 22 धारा 364 भादवि0 थाना चाँदपुर जनपद बिजनौर।

2- मु0अ0सं0 439/22 धारा 3/25 शस्त्र अधि० थाना चॉदपुर जनपद बिजनौर।

3 – मु0अ0सं0 60 / 20 धारा 457 / 380 / 411 भादवि0 थाना शि०कलां जनपद बिजनौर।

4- मु0अ0सं0 142/20 धारा 60/6/72 आबकारी अधि० व धारा 420 / 467/468/471 / 272 भादवि0 थाना शि०कलां जनपद बिजनौर।

5- पिटी. संख्या 09/20 धारा 3 ( 1 ) गुण्डा अधि० थाना शि०कलां जनपद बिजनौर।

6 – मु0अ0सं0 44 / 2021 धारा 3 (1) गैग0 अधि० थाना शिoकलां जनपद बिजनौर।

आपराधिक इतिहास अभियुक्त सुमित-

1 – मु0अ0सं0 438/22 धारा 364 भादवि0 थाना चॉदपुर जनपद बिजनौर।

2 – मु0अ0सं0 440/22 धारा 3 / 25 शस्त्र अधि० थाना चॉदपुर जनपद बिजनौर।

3- मु0अ0सं0 211 /16 धारा 323 / 324 / 325 / 504 / 506 थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।

गिरफ्तारी व बरामदगी टीम:

1 – श्रीमती सुनीता दहिया क्षेत्राधिकारी चॉदपुर, 2 – कृष्ण मुरारी दोहरे प्रभारी निरीक्षक चाँदपुर, 3 – उ0नि0 सुमित राठी, 4– उ0नि0 विनोद कुमार, 5- उ०नि० राजीव शर्मा, 6 – कां० आशीष धामा, 7 – कां० अर्जुन सिंह, 8- राहुलदीप, 9- कां० अशोक थाना चाँदपुर।

स्वाट/सर्विलांस टीम:

1- निरीक्षक सतेन्द्र कुमार, 2 – निरीक्षक मनोज परमार स्वाट टीम, 3उ0नि0 जर्रार हुसैन प्रभारी सर्विलांस, 4– हे0कां० राजकुमार नागर, 5 – कां० मोहित शर्मा, 6- कां० खालिद, 7- कां० अरूण कुमार, 8 – कां० बेताब जावला, 9 – कां० रईस, 10 – कांo मोनू कुमार, 11 – आरक्षी चालक विषेक कुमार स्वाट / सर्विलांस टीम बिजनौर।

बरामदगीः

1 – घटना में प्रयुक्त होंडा सिटी कार नम्बर यूपी 15एबी 8362

2 – 02 तमन्चे 315 बोर मय 04 जिन्दा कारतूस

3- घटना में प्रयुक्त 02 मोबाईल

4 – शादी का जोड़ा

वन विभाग ही दे रहा कटान माफिया को संजीवनी!

बिजनौर। पर्यावरण की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग के कंधों पर है, उसी विभाग के अफसरों को उन पेड़ों की पहचान नहीं है। जिन्हें 10 साल का बच्चा भी पहचान ले। …या यह कहें कि वन माफियाओं को संरक्षण देने के लिए वन अफसर इन पेड़ों की पहचान नहीं करना चाहते। ऐसा ही नजारा उस समय देखने को मिला जब माफियाओं ने आम व शीशम के हरे-भरे पेड़ काट डाले। मामले ने तूल पकड़ा तो वन दरोगा को मौके पर भेजा गया लेकिन वहां कटे पड़े आम व शीशम के पेड़ों को यूकेलिप्टिस व सिम्बल के पेड़ बताकर माफियाओं को संजीवनी दी जाने लगी। अब देखने वाली बात होगी कि जिला स्तर के अधिकारी इन पेड़ों की पहचान कर पाते हैं या नहीं।


शेरकोट में थाने से चंद दूरी पर ईदगाह के निकट एक आम का बाग है। इसमें शीशम, जामुन आदि के पेड़ भी खड़े हैं।  बताया जाता है कि धामपुर निवासी एक माफिया ने आम के इस हरे भरे बाग पर आरी चलवा दी। सूत्रों का कहना है कि लगभग 50 आम व शीशम आदि के पेड़ों को काटा जा चुका है। इनमें से कुछ पेड़ तो ढो लिए लेकिन कई पेड़ अभी भी मौके पर ही पड़े हुए हैं। शुरूआत में तो वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस बारे में कुछ पता नहीं चल सका या यह कहें कि जानकर अंजान बने रहे लेकिन जब मामले ने तूल पकड़ा तो वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक पेड़ काटने व कटवाने वाले तो चंपत हो चुके थे लेकिन कटे हुए पेड़ मौके पर थे।

वन दरोगा का दावा आम व शीशम नहीं- वन विभाग इस मामले में माफियाओं पर क्या कठोर कार्यवाही करेगा, जब इस संबंध में रेंजर से बात की गई तो लोगों का वो अंदेशा बिल्कुल सच साबित होता दिखा, जिसमें यह कटान का कार्य माफियाओं और वन अफसरों की मिली भगत से होना जताया जा रहा था। रेंजर का दावा है कि मौके पर वन दरोगा लक्ष्मीचंद को भेजा गया था। उनके मुताबिक आम व शीशम नहीं बल्कि यूकेलिप्टिस और सिम्बल के पेड़ों को काटा गया है।

जिस जगह से आम व अन्य कई प्रजातियों के पेड़ काटे गए हैं, वह शमशान घाट की भूमि है। सरकारी भूमि से पेड़ काटने से पहले वन विभाग की ओर से मूल्यांकन कराया जाता है और उसके बाद नीलामी प्रक्रिया पूरी कर पेड़ काटे जाते हैं। इन पेड़ों को काटने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया। सरकारी भूमि पर पेड़ काटने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया जिस कारण यह कटान पूरी तरह अवैध है। अगर यह भूमि ग्राम पंचायत के अधीन आती है तो ग्राम प्रधान और अगर नगरीय क्षेत्र में आती है तो ईओ इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराएंगे।
डा. अनिल कुमार पटेल
डीएफओ बिजनौर

साधू के भेष में मिला 24 साल से फरार इनामी डकैत

बीहड़ के लालाराम गैंग का इनामी डकैत छेदा सिंह

बीहड़ के लालाराम गैंग का इनामी डकैत छेदा सिंह 24 साल बाद गिरफ्तार। चित्रकूट के एक आश्रम में छिपा हुआ था साधु के वेश में। आरोपी पर घोषित था इनाम 50 हजार।

औरेया पुलिस ने लालाराम गैंग के एक ऐसे डकैत को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्‍त की है, जो 24 साल से फरार था। आरोपी पर कई थानों में अपहरण व लूट के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार का इनाम रखा था। यह डकैत चित्रकूट के एक आश्रम में वह साधु बनकर रह गया था।

लखनऊ। बुंदेलखंड के बीहड़ में कभी एकछत्र राज करने वाले दस्यु सरगना लालाराम के गिरोह का सक्रिय सदस्य 24 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा है। अदालत से इस डकैत पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था। यह पुलिस से बचने के लिए चित्रकूट के एक आश्रम में साधु बनकर रह रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी औरेया के अपने मूल गांव आया हुआ था, यहीं से पुलिस ने गुप्‍त सूचना के आधार पर इस डकैत की पहचान की। पुलिस ने इसके पास से फर्जी राशन कार्ड, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र व पैन कार्ड भी बरामद किया है। इस डकैत पर कानपुर देहात के थाना राजपुर, सिकंदरा, जालौन के थाना रामपुरा, औरैया के थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए औरैया एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 24 साल से फरार इनामी डकैत भासौन गांव निवासी छेदा सिंह उर्फ छिद्दा के रूप में की गई है। एसपी ने बताया कि, मुखबिर की सूचना के आधार पर सीओ अजीतमल प्रदीप कुमार के नेतृत्व में टीम ने रविवार को गांव में दबिश दी थी। इस दौरान यह फरार डकैत अपने घर पर साधू के भेष में मिला। पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से बृजमोहन दास पुत्र राम बालक दास निवासी रघुराज नगर चित्रकूट सतना मध्य प्रदेश के नाम से वोटर आईडी, राशन कार्ड, फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुआ।

कई अपहरण तथा लूट की घटनाओं में रहा था शामिल-

एसपी अभिषेक वर्मा ने डकैत के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, यह आरोपी लालाराम गैंग का सक्रिय सदस्य रह चुका है। बीहड़ में रहकर इसने फिरौती के लिए कई अपहरण तथा लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। इस आरोपी ने वर्ष 1998 में गैंग के साथ अयाना के जसवंतपुर गांव से चार लोगों का अपहरण कर लिया था, बाद में फिरौती देने पर इन लोगों को छोड़ा गया था। इस दौरान पुलिस के साथ इन डकैतों की मुठभेड़ भी हुई थी। इसी मामले में कोर्ट ने छेदा सिंह को वांछित घोषित कर रखा था। पुलिस ने बताया कि, धीरे-धीरे जब पुलिस का शिकंजा कसने पर गैंग समाप्त होने लगा तो यह अपना नाम-पता बदलकर चित्रकूट में साधु बनकर रहने लगा था।

छेदा सिंह पर 2 दर्जन से अधिक मुकदमे
छेदा सिंह के ऊपर गंभीर धाराओं में 24 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसका आपराधिक इतिहास…
1. मु.अ.सं 13/97 धारा 364 IPC थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात.
2. मु.अ.सं 19/97 धारा 364 IPC थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात.
3. मु.अ.सं 21/97 धारा 147/148/149/307IPC थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात.
4. मु.अ.सं 155/97 धारा 364 IPC थाना सिकन्दरा जनपद कानपुर देहात.
5. मु.अ.सं 297/97 धारा 364/216IPC एवं 10/12 द0प्र0क्षे0थाना रमपुरा जनपद जालौन.
6. मु.अ.सं 298/97 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना रमपुरा जनपद जालौन.
7. मु.अ.सं 068/98 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
8. मु.अ.सं 49/98 धारा 364IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
9. मु.अ.सं 25/98 धारा 395/398IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
10. मु.अ.सं 86/98 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
11. मु.अ.सं 052/98 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
12. मु.अ.सं 97/98 धारा 147/148/149/307 IPC एवं 10/12 द.प्र.क्षे.थाना अयाना जनपद औरैया.
13. मु.अ.सं085/98 धारा 323/325/504IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
14. मु.अ.सं084/99 धारा 3(1) गैंगेस्टर एक्ट थाना अयाना जनपद औरैया.
15 मु.अ.सं0144/99 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
16. मु.अ.सं 089/97 धारा 364IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
17. मु.अ.सं 07/99 3 यूपी गुण्डा एक्ट थाना अयाना जनपद औरैया.
18. मु.अ.सं 0683/98 धारा 364IPC थाना अयाना फिरोजाबाद जनपद औरैया.
19. मु.अ.सं 0997/98 धारा 364IPC थाना रौन जनपद भिण्ड म.प्र..
20. मु.अ.सं 07/2000 धारा 364IPC थाना अयाना सट्टी जनपद का. देहात.
21. मु.अ.सं 013/2000 धारा 147/148/149/307 IPC थाना सट्टी जनपद का. देहात.

पीएम के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र पोस्ट डालने वाला गिरफ्तार

बिजनौर। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आपत्तिजनक फोटो तथा पाकिस्तान से प्रेम सम्बन्धी फोटो पोस्ट करने के आरोपी को मंडावर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर किसी फैजान नामक व्यक्ति द्वारा अपनी फेसबुक आईडी से प्रधानमंत्री, भारत सरकार नरेन्द्र मोदी के आपत्तिजनक फोटो तथा विरोधी देश (पाकिस्तान) से प्रेम सम्बन्धी फोटो पोस्ट किये गये थे। सोशल मीडिया सेल द्वारा सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखते हुए इसका तत्काल संज्ञान लिया गया। उक्त फेसबुक आईडी की जाँच की गई, जो फैजान राणा निवासी थाना मण्डावर जनपद बिजनौर की पाई गयी। थाना मण्डावर पुलिस को उक्त अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया। इसी क्रम में थाना मण्डावर पुलिस द्वारा बुधवार दिनांक 15.06.2022 को अभियुक्त फैजान राणा पुत्र हफीज निवासी मौ० शाहविलायत कस्बा व थाना मण्डावर जनपद बिजनौर को गिरफ्तार किया गया। इस सम्बन्ध में फैजान राणा के विरुद्ध थाना मण्डावर पर मु0अ0सं0 138/22 धारा 505 (2) भादवि व 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर द्वारा वर्तमान परिवेश के दृष्टिगत सौहार्द बनाये रखने के उद्देश्य से जनपदीय सोशल मीडिया सेल को मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने, सूचनाओं का खण्डन करने एवं आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। 

निगहबानी में जुटा है सोशल मीडिया सेल- एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया सेल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म यथा फेसबुक, व्हाट्सएप्प, ट्वीटर, इंस्टाग्राम, कू, आदि अन्य सभी सोशल मीडिया साइट्स पर 24 घंटे सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया है कि सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर अफवाह / भ्रामक सूचनाओं का प्रसारण, आपत्तिजनक पोस्ट/फोटो/टिप्पणी / दुर्भावनापूर्ण वीडियो, जिससे दो वर्गों/सम्प्रदाय के लोगों के बीच वैमनस्यता बढ़े आदि का समर्थन न करें तथा ऐसी पोस्ट पर कमेंट / लाइक शेयर आदि न करें। ऐसा करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बिजनौर पुलिस जनपद की कानून व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने के लिये प्रतिबद्ध है।

दबंग दंपत्ति ने फ़िल्म में काम करवाने के नाम पर हड़पे ₹2 लाख

-फर्जी केस लगवा कर भिजवा दिया जेल।
-पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से तमाम शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई। -जानलेवा हमला कर कई दिन तक बनाए रहे बंधक

बिजनौर। एक दंपत्ति ने दबंग व्यक्ति पर उसके पुत्र को झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। इस मामले में डीएम को प्रार्थना पत्र दिया गया है।

हीमपुरदीपा के गांव सिकंदरी निवासी गिरवर सिंह पुत्र विजयपाल सिंह ने आरोप लगाया कि उसका पुत्र यूट्यूबर है, जिसका जिले में काफी नाम है। उन्होंने बताया कि घेर रामबाग निवासी कथित रूप से दबंग व अपराधी प्रवृत्ति के पति – पत्नी ने उनके पुत्र से मुंबई में फिल्म में काम दिलाने के नाम पर दो लाख रुपए लिए। काम न होने पर उनके पुत्र ने अपने दो लाख रुपए वापस मांगे। इसके चलते उन्होंने उसके पुत्र पर जानलेवा हमला किया और कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इसके बाद आरोपितों ने उसके पुत्र को युवती से छेड़छाड़ व एससी-एसटी के झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा  दिया। इस पूरे मामले में एक दरोगा भी उनके साथ हमसाज थे। उन्होंने डीआईजी मुरादाबाद को भी शिकायत भेज कर इंसाफ की गुहार लगाई थी।

फिल्म बनाने का ख्याल भी छोड़ दे- आरोप है कि पूछने पर आरोपी ने कहा कि मैने तेरे लड़के को समझाया था कि किसी को कुछ मत बताना व रुपए वापिस मत मांगना और फिल्म बनाने का ख्याल भी छोड़ दे, लेकिन तुम दोनों बाप बेटे की समझ मे मेरी बात नहीं आयी, जब जीवन भर तेरा लड़का जेल में रहेगा। एल०बी० यू-ट्यूब चैनल चलाकर ऑफिस खोलकर हमारे काम को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। तुम दोनों बाप बेटे का काम ही खत्म कर दिया है। यह भी आरोप है कि उक्त अभियुक्तगण का बहुत बड़ा गैंग है।

पुलिस प्रशासन से शिकायत पड़ी हैं पैंडिंग में- पीड़ित कई बार थाने गया तथा अन्य अधिकारियों से भी शिकायत कर चुका है। प्रार्थी इस सम्बन्ध में दिनांक 10.08.2021 व 19.05.2022 को जनता दरवार में तथा दिनांक 08.10.2021 को डाक रजिस्ट्री के माध्यम से डीएम के समक्ष प्रार्थना पत्र दे चुका है। वहीं 09.06.2021 को डी०आई०जी० मुरादाबाद के समक्ष प्रस्तुत होकर प्रार्थना पत्र दिया। इसके अलावा 08.10.2021 व 26.05.2022 को डाक रजिस्ट्री के माध्यम से दिया तथा एक प्रार्थना पत्र मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली को दि. 26. 04.2022 को दिया। प्रार्थना पत्रों पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में हिन्द मजदूर किसान मोर्चा के राजेश, अमर पाल, अग्र्राज, रवेन्द्र, सपना, ज्यपाल, विपिन आदि शामिल रहे।

कागजों में कट गया बिजली कनेक्शन, फिर भी चार साल से चल रहे 2 नलकूप

बिजनौर। बिजली विभाग के भी खेल निराले हैं। बिजली चोरी जैसे मामले तो आम बात हो गई है; जालसाजी के तो ऐसे-ऐसे मामले भरे पड़े हैं जो पता चल जाएं तो सिर घूम जाए। ऐसा ही एक मामला है जो विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत, लापरवाही और अकर्मण्यता की पोल खोलता है।

दअरसल दो भाइयों ने 7.5 हॉर्स पावर के दो अलग निजी नलकूप फर्जी तरीके से लगवा लिए। जिस गांव की जमीन के कागजात के आधार पर कनेक्शन स्वीकृत हुए, नलकूप वहां न लगवा कर दूसरे गांव में, वो भी दूसरे की जमीन पर लगा लिए। एक साल बाद शिकायत हुई तो जांच के आदेश कछुआ चाल से चलते रहे। चार साल पहले दोनों नलकूपों के कनेक्शन काटे गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! दोनों ही कनेक्शन आज भी बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। विभागीय आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। इनके द्वारा खपत की जा रही बिजली के बिल की भरपाई कौन करेगा? मामले की शिकायत तहसील दिवस में की गई है।

जानकारी के अनुसार 04 दिसंबर 2017 को ग्राम सदूपुरा निवासी सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम फरीदपुर सल्लू स्थित 100 बीघा जमीन में से 48 बीघा का बैनामा कराया था। दाखिल खारिज की कार्रवाई के दौरान रफीक अहमद पुत्र अब्दुल हमीद, नफीस अहमद पुत्रगण अब्दुल हमीद अहमद निवासी ग्राम सद्पुरा ने एतराज किया, जिसका मुकदमा रेवन्यु बोर्ड तक चला। हालांकि बाद में दाखिल खारिज भी हो गया। सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त की शिकायत के अनुसार उक्त दोनों लोगों ने बिजली स्वीकृत कराई ग्राम सदुपुरा की जमीन के लिए जबकि जिस जमीन पर प्रार्थी के बोरिंग में नलकूप लगाया, वह फरीदपुर सल्लु में है। इस प्रकार रफीक अहमद व नफीस अहमद ने जालसाजी, हेराफेरी व झूठा शपथ पत्र देकर बिजली कनेक्शन लगवा लिया ताकि प्रार्थी की जमीन पर मालिकाना हक जाहिर कर सके। सरकारी विभागों में प्रार्थना पत्र घूमता रहा। फिर 03 फरवरी 2018 को उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर जसवीर सिंह ने 33/11 केवी उपकेंद्र गंज के अवर अभियंता बहराम सिंह को उक्त दोनों कनेक्शन गलत स्थान पर संचालित होने की जानकारी देते हुए अविलंब उतारने और अवगत कराने के निर्देश दिए।

इसके बाद विद्युत वितरण खण्ड बिजनौर के अधिशासी अभियन्ता किताब सिंह ने 09 अप्रैल 2018 को निजी नलकूप संख्या 225/5027/130124 के लिए रफीक अहमद व निजी नलकूप संख्या 225/5027/130125 के लिए नफीस अहमद पुत्रगण हमीद निवासी ग्राम सदूपुरा बिजनौर को नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि उनके द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2016 को सामान्य योजना के अन्तर्गत 7.5 हॉर्स पावर के उक्त दो निजी नलकूप हेतु अनुबन्ध किया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर जांच में पाया गया कि उनके द्वारा फर्द ग्राम सदुपुरा की लगायी गयी है जबकि निजी नलकूप ग्राम फरीदपुर सल्लू में स्थापित किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा विभाग को गुमराह करके संयोजन प्राप्त किया गया है। यह भी कहा कि पत्र प्राप्ति के 03 दिन के अन्दर स्पष्ट करें कि उनके द्वारा गलत फर्द क्यों लगायी गयी हैं,अन्यथा उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए संयोजन निरस्त कर दिया जायेगा।

वहीं 17 मई 2018 को अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल ने उक्त दोनों कनेक्शन काटने के संबंध में कार्यालय से पत्र जारी किया। उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर को उक्त दोनों कनेक्शन काटने और नलकूप की समस्त सामग्री उतारकर विभागीय भंडार गृह में जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल बिजनौर के साथ ही उक्त दोनों कनेक्शन धारकों को भी इसकी एक प्रति सूचनार्थ भेजी। अब किसी प्रकार दोनों नलकूपों के कनेक्शन कट तो गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! असलियत में दोनों ही कनेक्शन आज तक बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। आज तक अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल के आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। एक बात और विचारणीय है कि तकरीबन चार साल से जिन दो निजी नलकूप का कनेक्शन कथित रूप से कटा हुआ है, उनके द्वारा खपत की गई बिजली के बिल का भुगतान कौन, किस से और कब करेगा? 

दोनों ही भाइयों के खिलाफ दर्ज हैं कई केस– दरअसल उक्त दोनों ही भाई शातिर किस्म के हैं। उनके खिलाफ वर्ष 1987 से लेकर 2019 तक कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, जान से मारने की धमकी, फ्राड आदि के थाना शहर कोतवाली में आठ व थाना स्योहारा में एक मुकदमा शामिल है।

बहुत ही गंभीर मामला है। वह अधिशासी अभियंता को इस मामले में यथोचित कार्रवाई के लिये निर्देशित कर रहे हैं। यदि  इतने वर्ष से अवैध रूप से दोनों कनेक्शन संचालित हो रहे हैं तो इसमें संलिप्त विभागीय अधिकारी, कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच व कार्रवाई की जाएगी। शासकीय धन की वसूली के लिए भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। –नंदलाल, अधीक्षण अभियंता।

फर्जी कोटेदार ने जमाया तालाब पर कब्जा!

बिजनौर। एक तरफ सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में तालाबों को अवैध कब्जा से मुक्त कराने में जुटी हुई है। प्रशासनिक अमला दिन रात एक किये हुए है।

वहीं एक सरकारी कर्मचारी की कृपा के चकते कक्षा पांच की फर्जी अंक तालिका के जरिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले कोटेदार ने तालाब पर कब्जा जमा लिया है।

दरअसल मामला धामपुर तहसील अंतर्गत विकास खण्ड नहटौर, ग्राम मांडू, पोस्ट बसेड़ा खुर्द का है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार असलम पुत्र असगर ने पूर्व में तालाब खसरा संख्या 315 को समाप्त कर अपना व अपने परिजनों का भवन निर्माण किया हुआ है।

यही नहीं वर्तमान में फर्जी अंकतालिका के द्वारा राशन डीलर के पद पर काबिज है। इस मामले में पूर्व में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन वह आम जनता के पैसों के द्वारा खुद को बचाता चला आ रहा है।

आरोप है कि उक्त फर्जी कोटेदार को पटवारी नितिन तोमर का वरदहस्त प्राप्त है। कई बार उनके मोबाइल नंबर 8171358109 पर कॉल के बावजूद महोदय ने फ़ोन रिसीव नहीं किया।

थक हार कर अब ग्रामीणों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है।

बिजनौर में कारगर होगा अवैध टैक्सी व बसों के खिलाफ अभियान?

बिजनौर। जिले भर में अवैध रूप से टैक्सी व बसों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। संबंधित विभाग की हीलाहवाली के चलते शासन को लाखों के राजस्व की क्षति प्रतिमाह हो रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जनपद मुख्यालय सहित धामपुर, नजीबाबाद, चांदपुर, अफजलगढ़, शेरकोट, नूरपूर आदि लगभग सभी स्थानों पर अवैध वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। संबंधित अधिकारियों के इस ओर ध्यान न देने से यात्रियों की जान से भी खिलवाड़ हो रहा है। बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से ही दिल्ली को जाने वाले अवैध वाहनों की भरमार है। धामपुर क्षेत्र से आने-जाने वली कई लक्ज़री बसों का गंतव्य देश की राजधानी दिल्ली है। रोजाना हजारों सवारियों को ढ़ोने वाले इन लोगों पर एक प्रभावशाली नेता का वरदहस्त बताया जाता है। इसी तरह चौपहिया वाहनों की भी संख्या कम नहीं है। बताया गया है कि अवैध टैक्सियों के संचालन में थाना कोतवाली शहर के कुछ पुलिस कर्मियों की सांठगांठ है। यहां भी नेतागिरी जिंदाबाद है। महीना बांध कर ये धंधा कराया जा रहा है। वर्तमान में हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के दो लोगों ने इस धंधे की कमान संभाल रखी है। शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन का कोई अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों लाचार है, ये बात आम व्यक्ति की समझ से परे है। ऐसे में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश परवान कैसे चढ़ सकेगा, इसमें यकीनन संदेह है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का दिया है निर्देश

गौरतलब है कि अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और पुलिस आयुक्त से कहा है कि 30 अप्रैल तक इस अभियान के परिणाम की विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं। संयुक्त रिपोर्ट के साथ एक प्रमाण पत्र भी दें कि किसी जिले में कोई भी अवैध टैक्सी, ऑटो या बस स्टैंड संचालित नहीं हो रहा है।

दिल्ली पुलिस का दावा; साजिशन थी जहांगीरपुरी में हिंसा

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट; कहा साजिश के तहत फैलाई गई थी जहांगीरपुरी में हिंसा

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अपनी आरंभिक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें आपराधिक साजिश की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की शाखा ने अंतरिम रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में हिंसा का करण मोटे तौर पर आपराधिक साजिश को बताया गया है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में गृह मंत्रालय को हिंसा की घटना से संबंधित जानकारी तथा इससे निपटने के लिए उसके द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी है।



रिपोर्ट में अब तक की गई जांच के आधार पर हिंसा के पीछे किसी साजिश की बात कही गई है। दिल्ली पुलिस इस मामले में शनिवार रात से ही जांच में जुट गई थी और उसने अब तक करीब 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शोभायात्रा निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों से प्रक्रिया के अनुसार अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने इस बात को काफी गंभीरता से लिया है और आयोजन कर्ताओं के खिलाफ भी इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जहांगीरपुरी में शनिवार को हनुमान जयंती के मौके पर जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तो जुलूस पर कुछ लोगों ने पथराव किया। इसके बाद हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुई। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार शाम को ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से बात करके उन्हें राजधानी में कानून -व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा था।

Delhi Jahangirpuri violence how it started communal atmosphere charged in  various parts of country - India TV Hindi News



दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने की जो बातें चल रही थी वह पूरी तरह से निराधार है। दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक सामने आए वीडियो, हथियार चलाने की घटनाओं की सभी तरह की फॉरेंसिक बैलेस्टिक जांच कराई जा रही है, जिनके आधार पर पूरी तरह से पहचान किए जाने के बाद ही लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

बलिया केस: पत्रकारों का धरना प्रदर्शन, नारेबाजी

बिजनौर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश पंजीकृत इकाई जनपद बिजनौर के तत्वावधान और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार के निर्देश पर बलिया में पेपर लीक प्रकरण के मद्देनजर जेल भेजे गए तीन पत्रकारों के प्रकरण में पत्रकारों ने कलक्ट्रेट में धरना देकर जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की।

इस दौरान एसोसिएशन के मंडल प्रभारी / जिलाध्यक्ष डॉ०भानु प्रकाश वर्मा, वरिष्ठ महामंत्री / मंडल अध्यक्ष नरेश भास्कर, जिला उपाध्यक्ष डॉ० नरेश पाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष पुनीत गोयल, अवनीश शर्मा, मन्नान सैफी, नारायण किशोर, डॉक्टर अमानत अली, डॉक्टर सज्जन, सरदार गिरेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुनील नारायण, गौरव पाल, रोहित कुमार, सुनील कुमार, महामंत्री जितेंद्र कुमार, जिला उपाध्यक्ष डॉक्टर आलम फरीदी, देवेंद्र चौधरी, शेर सिंह चौधरी, कौशल शर्मा, मूलचंद चौधरी, विक्रांत त्यागी, मोहम्मद अकरम, रवि गांधी, विजेंद्र शर्मा, संजय शर्मा, धर्मवीर सिंह, ओमपाल सिंह प्रजापति, अनुज चौधरी, कामेंद्र चौधरी, सुरेंद्र शर्मा, नवाबुद्दीन, मोहम्मद इदरीश, परवेज दानिश, रोहित, भोनेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, नरेश गौतम, बबलू सिंह चौहान, मास्टर राजपाल सिंह, बृजेश चंद शर्मा, परम सिंह, अनवार अहमद आदि पत्रकारों ने घटना को लेकर तीव्र आक्रोश जताया। जिलाधिकारी बिजनौर को प्रदेश की राज्यपाल महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में निर्दोष पत्रकारों की अविलंब रिहाई, नकल माफियाओं के कु-कृत्यों की न्यायिक जांच एवं पेपर लीक का खुलासा करने वाले पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने, बलिया जनपद के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक तथा अन्य अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की गई।

कूड़ा फेंकने के विवाद में पथराव आगजनी

कानपुर। पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा जिस समय पुलिस अफसरों के साथ महानगर की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने को पैदल मार्च कर रहे थे, उसी दौरान किदवई नगर थाना क्षेत्र के जूही लाल कॉलोनी में कूड़ा फेंकने के मामले को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और पथराव के साथ आगजनी की वारदात को भी अंजाम दिया गया। घटनास्थल पर मचे बवाल की चपेट में आकर कई लोग घायल एवं चोटिल हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अफसर पैदल मार्च से सीधे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस सिलसिले में दोनों पक्षों के 8 लोगों को हिरासत में लेते हुए मामले को शांत कराया है। फिलहाल एहतियात के तौर पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

जूही लाल कॉलोनी के रहने वाले लुकमान एवं हरिचंद आपस में पड़ोसी हैं, मंगलवार की दोपहर दोनों पक्षों के बीच कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद हो गया था। थाने तक मामला पहुंच जाने के बाद पुलिस द्वारा दोनों को बुलाया गया और समझौता कराकर वापस भेज दिया। घर पहुंचने के बाद रात के समय एक बार फिर से दोनों पक्षों के बीच विवाद भड़क गया, जिसके चलते मारपीट के साथ पथराव होने लगा। आरोप है कि एक पक्ष ने इस दौरान दूसरे पक्ष के घर में आग भी लगा दी।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा और एडीसीपी मनीष सोनकर समेत गोविंद नगर एवं बाबू पुरवा क्षेत्र का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस फोर्स को देखकर बवाल काट रहे दोनों पक्षों के लोग वहां से भाग निकले। पुलिस ने भाग दौड़ करते हुए दोनों पक्षों के 8 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

एडीसीपी मनीष सोनकर ने बताया कि दो पक्षों के बीच में मारपीट एवं पथराव के मामले की जांच की जा रही है। बवाल के दौरान घर पर आग लगा दी गई या फिर फंसाने के लिए खुद ही आग लगाई है। इस मामले की जांच की जा रही है।

मध्यप्रदेश में मीडिया से दुर्व्यवहार पर दो थाना प्रभारी सस्पेंड

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के एक पुलिस थाने में खड़े अर्ध-नग्न पुरुषों के एक समूह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिसमें एक स्थानीय यूट्यूब पत्रकार कनिष्क तिवारी को भी देखा जा सकता है। तिवारी के अनुसार, उन्हें अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जब वे एक थिएटर कलाकार नीरज कुंदर के बारे में पूछताछ करने के लिए पुलिस स्टेशन गए थे। 

ये मामला विधायक पुत्र से शुरू हुआ था। फिर पुलिस पर गंभीर आरोप लगे। इसके बाद SHO और सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिपोर्ट तलब की। खास बात ये है कि मामले को लेकर पुलिस और पत्रकार का अलग-अलग पक्ष सामने आया है।

वायरल फोटो मध्यप्रदेश के सीधी जिले की है। मामले को लेकर पत्रकार कनिष्क तिवारी ने एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि बीते 2 अप्रैल को एक बेहद निंदनीय घटना हुई। मैं एक धरना प्रदर्शन को कवर करने गया था। मेरे कैमरामैन ने घटना को रिकॉर्ड भी किया है। वहां सिटी कोतवाली थाने की पुलिस मुझे जबरन धक्का देकर थाने के अंदर ले गई। मुझे मारा-पीटा गया। मेरे कपड़े उतरवाए गए। थाने में जुलूस निकलवाया गया। कहा गया कि अगर विधायक और पुलिस के खिलाफ खबर चलाओगे तो पूरे शहर में चड्डी पहनाकर जुलूस निकलवाऊंगा।

कनिष्क ने आगे बताया- हम पर धारा 151, शांति भंग करने की कोशिश और सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध करने की धाराएं लगाई गईं। हमारे साथ मारपीट की गई, गाली गलौच किया गया। जब पुलिस को पता चला कि मैं पत्रकार हूं तो पुलिस मुझसे कहने लगी कि तुम विधायक के खिलाफ खबर क्यों चलाते हो? विधायक किसी के घर में बर्तन मांजने जाएगा क्या?

वायरल फोटो के बारे में बताते हुए कनिष्क ने कहा- हम लोगों को 2 अप्रैल की रात 8 बजे गिरफ्तार किया गया और 3 अप्रैल की शाम 6 बजे छोड़ा गया। लगभग 18 घंटे हम लोग हवालात में रहे। अंडरवियर में हमें थाना प्रभारी के पास ले जाया गया। इसी दौरान अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह परिहार ने हमारी फोटो खींची। ये लगभग रात 2:30 की बात है।

कनिष्क ने कहा- मैं डरा हुआ हूं। पूरा परिवार डरा हुआ है। सोशल मीडिया पर पुलिस ने फोटो वायरल किया है, जिससे मेरी मानहानि हुई है। मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है। मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि आप मेरा साथ दें। मुझे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मुझे जानकारी मिली है कि पुलिस मुझे दूसरे केस में फंसा कर जेल में डालना चाहती है।

मामले को लेकर एडिशनल एसपी अंजुलता पटेल का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- एक फेक आईडी के जरिए विधायक के पुत्र (बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला के बेटे गुरुदत्त शुक्ला) को परेशान किया जा रहा था। जांच के दौरान एक रंगकर्मी नीरज कुंदेर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद कई रंगकर्मी और पत्रकार कनिष्क तिवारी थाना के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सभी को 151 के तहत गिरफ्तार किया गया।  वायरल फोटो पर अंजुलता पटेल ने कहा- पुलिस हिरासत की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। मामला संज्ञान में लेते हुए एसपी सीधी के निर्देशन में डीएसपी हेड क्वार्टर गायत्री तिवारी को जांच का आदेश दे दिया गया है।

बाद में, दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार थाना प्रभारी कोतवाली मनोज सोनी और अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।

वहीं मध्यप्रदेश के सीधी में पत्रकारों के खिलाफ पुलिस के द्वारा की गई मारपीट और अमानवीय व्यवहार करने के मामले में पन्ना जिले के पत्रकारों ने उक्त घटना का विरोध जताते हुए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उसमें पत्रकारों के साथ की गई अमानवीयता के मामले शामिल पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञात हो कि सीधी के पत्रकार कनिष्क तिवारी को पुलिस के द्वारा पकड़ कर ले जाया गया एवं उनके कपड़े उतारकर उन्हें अर्धनग्न कर लॉकअप में बंद कर दिया गया और पुलिस ने अभद्रता करते हुए मारपीट की अर्धनग्न अवस्था में फोटो वायरल कराकर सरेआम पत्रकारों को बेइज्जत किया। यह  बेहद निंदनीय घटना है। इस कारण थाना प्रभारी सहित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। ऐसे कानून तोड़ने वाले व्यक्तियों को दंडित किए जाने की मांग की गई। पत्रकार कल्याण परिषद, प्रेष क्लब पन्ना के अलावा पन्ना जिले के सभी पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा को ज्ञापन दिया। कलेक्टर ने कहा कि पन्ना जिले के पत्रकारों की सुरक्षा मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है, कभी किसी के साथ गलत नहीं होगा। आप निर्भीक होकर पत्रकारिता करें। ज्ञापन में वरिष्ठ पत्रकार जगदीश नामदेव, मनीष मिश्रा, शिवकुमार त्रिपाठी, मुकेश विश्वकर्मा, गणेश विश्वकर्मा, सुशांत चौरसिया, कादिर खान,अमित खरे, बीएन जोशी, राकेश शर्मा, महबूब अली, संजय राजपूत, लक्ष्मीनारायण चिरोलिया, शिव किशोर पांडे, बलराम व्यास, टाइगर खान, फूल सिंह त्यागी, ऋषि मिश्रा, राजेश रावत, सादिक खान, राम बिहारी गोस्वामी, हिम्मत खान, रविंद्र अर्जरिया, पवन पाठक, हीरालाल विश्वकर्मा, बृजेश त्रिपाठी, आसिफ खान, सौरव साहू, डीके साहू, संदीप विश्वकर्मा, रामअवतार विश्वकर्मा, अजय द्विवेदी, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

दूसरी ओर सीधी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बघेली भाषा में यूट्यूब पर चैनल चला रहे कनिष्क तिवारी समेत कुछ अन्य पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर फेक आईडी बनाने और फेसबुक पर केदारनाथ शुक्ला और उनके बेटे को बदनाम करने की पोस्ट करने के आरोप हैं। यह एफआईआर भी विधायक के बेटे की शिकायत पर दर्ज की गई है। वरिष्ठ पत्रकार राकेश पाठक का कहना है कि कनिष्क के यूट्यूब पर एक लाख से अधिक फॉलोअर हैं। न्यूजनेशन चैनल का भी एक पत्र सामने आया है, जिसमें कनिष्क तिवारी को फ्रीलांस पत्रकार होने की पुष्टि होती है।

शिकायत के बाद पुलिस ने की गिरफ्तारी
सीधी पुलिस के मुताबिक एक फेक आईडी से फेसबुक पर अभद्र टिप्पणियां की गई थी। पुलिस ने इस मामले में नीरज कुंदेर को गिरफ्तार किया था। इस पर कनिष्क समेत रंगमंच और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने में विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने सबको गिरफ्तार कर लिया। कनिष्क तिवारी यूट्यूबर है और उसके खिलाफ पहले भी कुछ शिकायतें दर्ज थी। कोतवाली थाने में आरोपियों की बिना कपड़ों की तस्वीरें खींचकर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 262/22 धारा 419, 420, और आईटी एक्ट के 66सी, 66डी के तहत प्रकरण कायम कर जांच की जा रही है। फोटो वायरल होने के मामले में डीएसपी को जांच सौंपी गई है। 

कांग्रेस ने बनाया मुद्दा
कांग्रेस के तमाम नेताओं ने इस मसले पर सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने फोटो ट्वीट करते हुए कहा कि यह मप्र के सीधी जिले के पुलिस थाने की तस्वीर है। यह अर्धनग्न युवा कोई चोर उचक्के नहीं है, ये लोकतंत्र के चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया के साथी है। इन्हें अर्धनग्न कर जेल में इसलिए डाला गया क्योंकि इन्होंने भाजपा विधायक के खिलाफ खबर चलाई थी। वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश की निकम्मी और उनके बड़बोले मुखिया से सवाल करना सीधी बघेली न्यूज चैनल के वरिष्ठ पत्रकार कनिष्क तिवारी और उनके साथियों को भारी पड़ा। नग्न कर उन्हें थाने में खड़ा किया गया है। यह घोर निंदनीय कृत्य है…  शिवराज सिंह सरकार अब अंग्रेजों की भांति दमनकारी रवैया अपना रही है। 

खबरों के मुताबिक पूरा मामला डिजिटल पत्रकार कनिष्क तिवारी से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि पत्रकार ने भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ यूट्यूब चैनल पर खबर चलायी थी। इससे नाराज होकर बीजेपी विधायक ने कनिष्क तिवारी व उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। दूसरी तरफ वायरल तस्वीर को पुलिस द्वारा रंगकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध प्रदर्शन से भी जोड़ा रहा है।

नीरज कूंदेर पर कथित फर्जी FB अकाउंट चलाने का आरोप है। इस अकाउंट की शिकायत भी सीधी विधायक और उनके पुत्र ने पुलिस से की थी। पुलिस ने इन्हीं के चलते बीते 2 अप्रैल को नीरज को गिरफ्तार किया था। कहा ये जा रहा है कि वायरल तस्वीर नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध किए जाने पर डिजिटल पत्रकार और रंगकर्मियों के साथ पुलिस के द्वारा की गई अभद्रता की है। हालांकि वायरल तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी भी जता रहे हैं। कई वरिष्ठ पत्रकार भी इस घटना की आलोचना कर रहे हैं। 

इन नेताओं दी अपनी प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा-  ये पुलिसिया और राजनीतिक आतंकवाद है। पत्रकार को फर्जी बताने वाला प्रशासन कौन होता है। किसी को यातना देने का अधिकार पुलिस को नहीं है। अगर नेताओं को खुश करने के लिए किया गया है तो ये गंभीर अपराध है। ये लोकतंत्र के धब्बा है।

बीजेपी प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी-  सभी को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए, चाहे वह पत्रकार हो या नेता हो, विधायक हो या फिर मंत्री हो। अगर कोई पत्रकारिता की आड़ में ब्लेक मार्केंटिंक कर रहा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने जो किया वो भी गलत है इसलिए उन पर भी कार्रवाई हुई है।

जेसीबी से ध्वस्त किया जेई का मकान

बिजनौर। विद्युत निगम में अवर अभियंता के निर्माणाधीन मकान को कुछ लोगों ने मंगलवार रात जेसीबी चलाकर ध्वस्त कर दिया। मामला धामपुर के रानीबाग कॉलोनी का है। जेई की तहरीर पर एक ग्राम प्रधान, उसकी पत्नी सहित तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।


पुरानी रामगंगा कॉलोनी निवासी कृष्ण कुमार शर्मा गैर जनपद में विद्युत निगम में अवर अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। उनका रानी बाग कॉलोनी में आवासीय प्लॉट है। वर्तमान में निर्माण कार्य करा रहे हैं। 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आरोप है कि मंगलवार देर रात जेसीबी चलवाकर कुछ लोगों ने उनके निर्माणाधीन मकान को ध्वस्त करा दिया। पुलिस को दी तहरीर में जेई ने बताया कि उसी निर्माणाधीन मकान के दूसरे कमरे में उनके पिता राजेंद्र कुमार शर्मा सो रहे थे। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। इस मामले में गांव भज्जावाला के वर्तमान ग्राम प्रधान अनुकूल, उसके भाई पुनीत, अनुकूल की पत्नी प्रियंका व एक व्यक्ति को नामजद कराया गया है। कोतवाल माधो सिंह बिष्ट का कहना है कि पुलिस ने कृष्ण कुमार शर्मा की तहरीर पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।

बलिया के डीएम एसपी के रवैये पर पत्रकारों में रोष


अफजलगढ़ (बिजनौर)। बलिया पेपर लीक कांड में निर्दोष पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद जहां बलिया प्रशासन की किरकिरी हुई है तो वहीं इस घटना को लेकर देश व प्रदेश के तमाम पत्रकारों में रोष व्याप्त है। जिस तरीके से डीएम बलिया और एसपी ने निर्दोष पत्रकारों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया है और उनको जेल भेज दिया, ये वाकई लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। प्रशासन सच को उजागर करने वाले पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करके मीडिया की आवाज को दबाने का काम कर रहा है। पत्रकारों के हित में लगातार काम करने वाले अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजिस्टर्ड के पत्रकारों ने मंगलवार को एक ज्ञापन सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह को सौंपा।

अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजिस्टर्ड ने ज्ञापन के जरिए मांग करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया खतरे से खाली नहीं है। सच बोलने और लिखने पर प्रशासन पत्रकारों को जेल में डाल देता है और गुंडे बदमाश गोली मार देते हैं। उत्तर प्रदेश में आयेदिन पत्रकारों के साथ अनहोनी घटना सामने आ रही हैं। केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार मामले का संज्ञान लेते हुए बलिया पेपर लीक कांड में गिरफ्तार निर्दोष पत्रकारों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर तुरंत रिहा करे। इसके अलावा डीएम व एसपी द्वारा अपने पद का दुरूपयोग व मनमानी करते हुए निर्दोष पत्रकारों को जेल भेजने की निंदा करते हुए दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने सहित निर्दोष पत्रकारों को फर्जी मुकदमे से दोष मुक्त कर पत्रकारों को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराये जाने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने वालों में सुनील कुमार धस्माना, अर्जुन चौहान, शुऐब कुरैशी, सुनील कुमार, रविदत्त शर्मा, विनय भार्गव, अनिल नारायण, सलमान सैफी, अजमल हुसैन, साजिद अंसारी, वसीम अंसारी, जाहिद हुसैन, बसंत कुमार तथा गिरेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

पत्रकार को पितृ शोक पर संवेदना व्यक्त

अफजलगढ़। पत्रकार के पिता के निधन पर अनेक पत्रकारों ने शोक संवेदना व्यक्त की। अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजि० के कार्यालय पर एकत्र पत्रकारों ने बीमारी के चलते पत्रकार नितिन कौशिक के पिता दिनेश कुमार कौशिक के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। बैठक को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दिनेश कुमार कौशिक मृदुभाषी व एक अच्छे स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी मौत से परिजनों व आसपास के क्षेत्र में शोक छा गया है। अंत में उपस्थित पत्रकारों ने दो मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से मृत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस संकट की घड़ी में साहस प्रदान करने की प्रार्थना की। इस मौके पर अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजि० के अध्यक्ष सुनील कुमार धस्माना के अलावा शुऐब कुरैशी, अर्जुन चौहान, रविदत्त शर्मा, नौशाद अहमद, सुनील कुमार, विनय भार्गव, अनिल नारायण, अजमल हुसैन, सलमान सैफी, वसीम अंसारी, फिरोज बेग, साजिद अंसारी, शेख जाहिद हुसैन तथा बसंत कुमार आदि मौजूद रहे।

बलिया के डीएम एसपी को सस्पेंड करने की मांग को लेकर पत्रकार का धरना

लखनऊ (bhadas4media)। बलिया में पत्रकारों के उत्पीड़न के विरोध में, राजधानी के पत्रकारों को जगाने के लिए जीपीओ पर गांधी प्रतिमा के नीचे एकदिनी सांकेतिक धरने पर राजीव तिवारी बाबा बैठे।

पत्रकार राजीव बाबा ने कल आह्वान किया था कि जिन पत्रकार साथियों, संगठनों को लगता है कि इस मुद्दे पर बलिया के जुझारू पत्रकार साथियों का साथ देना चाहिए वे समर्थन करने आ सकते हैं।

राजीव कहते हैं- मेरी मांग है कि योगी सरकार बलिया में नकल रोकने में असफल और अपनी नाकामी छुपाने के लिए खबर उजागर करने वाले पत्रकारों को ही साजिशन जेल भेजने वाले बलिया के डीएम एसपी को तत्काल निलंबित करे और निर्दोष पत्रकारों को अविलंब रिहा करे।

अफजलगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ा 15 हजार का इनामी बदमाश

बिजनौर। अफजलगढ़ कोतवाल मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने गैंगस्टर के मामले में फरार चल रहे 15 हजार रूपये के इनामी को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का गैंगस्टर एक्ट में चालान कर दिया गया है।

नगर के मोहल्ला बेगम सराय निवासी याकूब उर्फ मुन्ना पुत्र अब्दुल वहीद गैंगस्टर मामले में वांछित चल रहा था। याकूब उर्फ मुन्ना के खिलाफ गैंगस्टर सहित अन्य मामलों में पुलिस द्वारा कार्रवाई भी की गई थी। कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि याकूब उर्फ मुन्ना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रयास किये मगर वह हत्थे नहीं चढ़ा। इसके बाद पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 15 हजार रूपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी चार माह से गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहा था।

सोमवार को सुबह मुखबिर की सूचना पर हरेवली अफजलगढ़ तिराहे पर से याकूब उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, कांस्टेबल राहुल चौधरी, कांस्टेबल विकास बाबू तथा कांस्टेबल सचिन कुमार सहित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। आरोपी का गैंगस्टर एक्ट में चालान कर दिया गया है।

महाराजगंज में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भाजपा नेता एडवोकेट गौरव जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार देर रात शहर के चिरउहा वार्ड के पास स्थित एक शराब की दुकान के सामने वारदात को अंजाम दिया गया। मृतक गौरव नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल के भांजे थे। 

जानकारी के अनुसार आरोपियों ने गौरव के सिर में गोली मारी और मौके से फरार हो गए। उन्हें पहले फोन करके शराब की दुकान के सामने बुलाया गया था। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने गौरव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी वे मौके पर एकत्र होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना का कारण क्या है अभी पता नहीं चल सका है। बताया गया है कि गौरव भाजपा के स्वच्छता अभियान के सह संयोजक थे। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस मामले में दुकान के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि सोमवार रात 10:25 बजे चिउरहां स्थित शराब की दुकान के समीप बिरयानी सेंटर पर कुछ लोगों ने वहां खड़े गौरव जायसवाल पर गोली चलाई और वहां से फरार हो गए। उधर सूचना मिलते ही मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। आनन -फानन गौरव को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने गौरव को मृत घोषित कर दिया।

डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में झगड़ा; फौजी पुलिस हिरासत में

बिजनौर। स्योहारा के ग्राम सदाफल में  दो पक्षों में जमकर झगड़ा हुआ। मामले की तहरीर देते हुए पवन सिंह पुत्र खानचंद ने बताया कि शुक्रवार की शाम को जब वो अपने घर पर नहीं था तभी गांव निवासी हरिओम जितेंद्र, पवन पुत्र गण नोबाहर सिंह व अन्य कई लोग उसके घर मे लाठी डंडों से लैस होकर घुस आए और बिना किसी बात पर प्रार्थी की पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करने लगे। हमलावरों ने घर का सभी सामान भी तोड़ डाला।

इस मारपीट में महिलाओं सहित कई लोगों के चोट आई है।वहीं ग्रामीणों ने बताया कि दूसरा पक्ष डीजे बजा रहा था व भद्दी हरकते कर रहा था। इसका पवन व उसके फौजी भाई लोकेश ने विरोध किया तो दूसरे पक्ष ने हमसाज़ होकर इस मारपीट व तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया है। साथ ही उनके फौजी भाई को कल शाम से पुलिस ने समाचार लिखे जाने तक अपनी हिरासत में रखा हुआ था। वहीं पुलिस ने बताया कि दो पक्षों में झगड़ा हुआ था। दोनों की ओर से ही तहरीर मिली थी। दोनों पक्षो के ही चोट आई हैं ।

मंदिर में तोड़फोड़, चोरी, आगजनी

हापुड़ के बहादुरगढ़ में धार्मिक स्थल में तोड़फोड़, मौके पर भारी पुलिस बल

हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर में होली के त्योहार पर कुछ शरारती तत्वों ने सर्किल के गांव बहादुरगढ़ में धार्मिक स्थल में मूर्तियां खंडित कर दीं और आग लगा दी। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया, हजारों की संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। एएसपी, सीओ समेत तीनों थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया।

गढ़ सर्किल के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बहादुरगढ़ में सेहल चौराहे पर करीब 40 वर्ष पुराना मंदिर है। गुरुवार की रात कुछ शरारती तत्वों ने मंदिर में स्थापित मूर्तियां खंडित कर दीं, आरोपी एक मूर्ति को चोरी कर ले गए। इसके अलावा आग लगा दी। शुक्रवार सुबह पूजा-अर्चना करने पहुंचे ग्रामीणों को मामले की जानकारी हुई जो बहादुरगढ़ समेत आसपास के गांवों में फैल गई। हजारों की संख्या में ग्रामीण धार्मिक स्थल पर एकत्र हो गए, और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।

वहीं घटना के संबंध में सूचना मिलते ही एएसपी सर्वेश मिश्रा, सीओ पवन कुमार, सीओ पिलखुआ डॉ. तेजवीर सिंह, गढ़, सिंभावली और बहादुरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंच गई। एएसपी ने समझा बुझा कर और जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2013 में भी मुक्तेश्वर के गांव बदरखा में असामाजिक तत्वों ने मंदिर में जमकर तोड़फोड़ की थी। गेट पर लगी मूर्तियां तोड़ कर मंदिर की मुख्य मूर्ति को बाहर फेंक दिया था। सुबह पूजा करने पहुंचे लोगों को देवी-देवताओं की मूर्तियां सड़क पर क्षतिग्रस्त मिलीं तो खबर आग की तरह फैली। मिनटों में ही भीड़ जमा हो गई और गुस्सा परवान चढ़ने लगा। सूचना पर हालात की गंभीरता देख पुलिस और प्रशासन के अफसर फोर्स के साथ पहुंचे और लोगों को शांत किया। बाद में अफसरों की मौजूदगी में मरम्मत की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्तियां फिर से मंदिर में स्थापित की गईं थीं।

धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन

बिजनौर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में मिट्टी का खनन जोरों पर है। खनन माफिया दिन-रात जेसीबी मशीन से धरती का सीना फाड़कर भराव का कारोबार कर रहे हैं और अपनी जेबे भरने में लगे इन खनन माफियाओं की ओर से शासन प्रशासन अपनी आंखें मूंदे हुए हैं जिससे इन खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। सूचना देने पर भी उच्च अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं होती है। 

राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर स्थित गांव जिक्रीवाला के समीप व भूतपुरी क्षेत्र में खनन माफिया पुलिस व प्रशासन की मदद से खनन के कारोबार में लगे हैं। इन स्थानों पर इन खनन माफियाओं द्वारा प्लाटों को भरने का कार्य बेरोकटोक किया जा रहा है। यह खनन माफिया स्थानीय पुलिस से सांठगांठ कर शाम होते ही बड़ा हाइवे,डम्फर व टैक्टर ट्रालियों सहित मैदान में आ जाते हैं और रात के दस बजते ही यह लोग जेसीबी मशीन से धरती का सीना चीरते हुए रात भर खनन का कार्य करते हैं।

थाना क्षेत्र के गांव जिक्रीवाला,  कासमपुरगढ़ी, आसफाबाद चमन, भूतपुरी, सुआवाला, कादराबाद सहित अनेक स्थानों पर देखा जा सकता है कि मिट्टी का भराव का कार्य चल रहा है। यह खनन माफिया प्लाटों में भराव कर अपनी जेबें भरने में लग रहे हैं। खनन माफिया ओवर लोड वाहनों से मिट्टी ढ़ोते हैं जिसके कारण मार्ग तक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। वहीं कहीं न कहीं इन लोगों के सिर पर कुछ सफेदपोश लोगों का हाथ है।

क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी भराव कारोबार में दूसरे विधानसभा के लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए क्षेत्र के खनन माफियाओं के एक गुट ने इन लोगों का विरोध किया तो दोनों गुटों में अपना अपना वर्चस्व बनाने को लेकर कभी भी बड़ी घटना घट सकती है।

अगर पुलिस प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया तो खनन माफियाओं के दोनों गुटों में खूनी संघर्ष की संभावना दिखाई दे रही है। यदि इन खनन माफियाओं की शिकायत कोई करता भी है तो पहले तो पुलिस या विभागीय अधिकारियों द्वारा शिकायत कर्ता का नाम बताकर खनन माफियाओं को सूचना दी जाती है और खनन माफियाओं द्वारा शिकायत कर्ता को ही हड़काया जाता है। यदि फिर भी कार्रवाई करने की जिद होती है तो एक दूसरे विभाग के जिम्मे बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इतना ही नहीं उल्टे इन खनन माफियाओं तक शिकायत किये जाने की बात कहते हुए इन्हें सावधान कर अवैध रूप से चल रही मिट्टी खनन को बन्द करा दिया जाता है । कुछ घंटों बाद फिर से रात भर मिट्टी का खनन शुरू कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने डीएम से अवैध रूप से प्लाटों में भराव कर रहे खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए कारवाई किये जाने की मांग की है।

किसान को बंधक बनाकर बदमाशों ने ट्रैक्टर ट्राली लूटी

शुगर मिल से गन्ना डालकर लौट रहे किसान को बंधक बनाकर बदमाशों ने ट्रैक्टर ट्राली लूटी

हीमपुर दीपा (बिजनौर)। शुगर मिल से गन्ना डाल कर लौट रहे किसान को बाइक सवार तीन बदमाशों ने रास्ते में रोककर खेत में बंधक बना लिया। साथ ही हथियारों के बल पर ट्रैक्टर ट्राली व उसका मोबाइल लूट फरार हो गये। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। थाना क्षेत्र के ग्राम ढेला गुर्जर निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र धर्मवीर सिंह रात्रि में ट्रैक्टर ट्राली से शुगर मिल में गन्ना डालने के लिए गया था। रात्रि लगभग दो बजे गन्ना डालने के बाद वह वापस लौट रहा था। गांव अज्जू नंगली के पास सीबीजेड बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे हथियारों के बल पर रोक लिया। बदमाश उसे तमंचे के बल पर पास के ही खेत में ले गए तथा उसके हाथ पैर बांधकर बंधक बना कर खेत में डाल दिया। इसके बाद बदमाश उससे मोबाइल व ट्रैक्टर ट्राली लूट कर फरार हो गए। कुछ देर बाद किसी तरह अपने हाथ पाव खोलकर पीड़ित किसान ने अपने साथ हुई घटना की सूचना शुगर मिल चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर लूटी गई ट्रैक्टर ट्राली को बिजनौर में कालिका मंदिर के पास से बरामद कर लिया, जबकि बदमाश पुलिस को आता देख कर फरार हो गए।

अब मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी का पुलिस करेगी हिसाब!

योगी सरकार बनते ही हिसाब शुरू! मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी पर बढ़े चार केस, पुलिस ने शुरू की जांच

मुख्तार अंसारी के बेटे व मऊ विधानसभा से नवनिर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विस चुनाव के दौरान प्रशाासन से हिसाब लेने की धमकी अब भारी पड़ने वाली है। अब्बास पर चार मुकदमे चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन का दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी गई है। लखनऊ में दो और गाजीपुर में पहले से ही एक केस दर्ज है।

नवनिर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी की ओर से विस चुनाव के दौरान अधिकारियों को छह माह तक यहीं रखकर हिसाब किताब करने का वीडियो वायरल हुआ था। इसे लेकर पुलिस ने शहर कोतवाली में धमकी का केस दर्ज करने के साथ ही चुनाव अचार संहिता के मामले में दो और केस दर्ज किए हैं। इसमें बिना परमिशन के जुलूस निकालना और जीत के बाद भी जुलूस निकालना शामिल हैं। दक्षिणटोला थाने में भी बिना परिमिशन के भीड़ इकट्ठा करने के मामले में केस दर्ज है।

इस तरह से शहर कोतवाली में तीन व दक्षिणटोला में एक केस दर्ज है। अब अब्बास के ऊपर दर्ज जिले में चारों केस के मामले में पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। इसके अलावा पहले से ही लखनऊ में दो और गाजीपुर में एक केस दर्ज हो चुका है। सीओ सिटी धनंजय मिश्रा का कहना है कि पुलिस सभी दर्ज केसों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। शहर के दक्षिणटोला व शहर कोतवाली में दर्ज चारों मुकदमों की विवेचना शुरू हो गई है।

अब्बास अंसारी पर दर्ज हैं यह केस-

  1. मुकदमा अपराध संख्या 431/ 19
    419, 420, 467, 468, 471, 30 आर्म एक्ट, लखनऊ महानगर
  2. मुकदमा अपराध संख्या 236/ 20
    120 बी, 420, 467, 468, 471, लोकसंपति निवारण अधिनियम हजरतगंज, लखनऊ
  3. मुकदमा अपराध संख्या 689/20
    120 बी, 420, 323, 356, 467, 468, 471, 474, 417 आईपीसी गाजीपुर
  4. मुकदमा अपराध संख्या 27/22
    171 जी, 188 आईपीसी, 133 लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम दक्षिण टोला, मऊ
  5. मुकदमा अपराध संख्या 95/22
    188, 171 च आईपीसी शहर कोतवाली मऊ
  6. मुकदमा अपराध संख्या 97/ 22
    506, 171 एफ, 153 एवन, 186, 189, 120 बी आईपीसी शहर कोतवाली मऊ
  7. 106/ 22
    171 एच, 188, 341, आईपीसी, शहर कोतवाली मऊ

न्यूज सोर्स – हिंदुस्तान (साभार)

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का कारण?

देवेश प्रताप सिंह राठौर (AMJA)

रूस और यूक्रेन का विवाद इतना तूल क्यों पकड़ा, युद्ध जैसी स्थिति बनी और युद्ध शुरू हो गया। अमेरिका का इतिहास रहा है देशों को लड़ाना और राज्य करना। उसी का एक हिस्सा यूक्रेन अमेरिका के बहकावे में आ गया और आज पूरा विश्व तीसरे विश्वयुद्ध के मुंह में जाने को खड़ा है। इस बार अगर तीसरा विश्व युद्ध हुआ उसकी कल्पना नहीं कर सकते कौन बचेगा, कौन नहीं!…क्योंकि अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम डाले थे। हिरोशिमा और नागासाकी शहर पर क्या स्थिति बनी? उसके बाद परमाणु बम के कार्यक्रम को रोकने के लिए प्रावधान बनाया गया। वही स्थिति फिर बन रही है।

यूक्रेन और रूस के बीच का लड़ाई का मुख्य कारण क्या है संक्षेप में जानते हैं। यूक्रेन पश्चिमी देशों के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिशों में जुटा है, रूस को यह बात पसंद नहीं है। वह नहीं चाहता कि यूक्रेन पश्चिमी देशों से अच्छे संबंध रखे या नाटो का सदस्य बने। अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया के 30 देश इस संगठन के सदस्य हैं। नाटो का सदस्य होने का मतलब है कि अगर सगंठन के किसी भी देश पर कोई तीसरा देश हमला करता है तो सभी सदस्य एकजुट होकर उसका मुकाबला करेंगे। रूस का कहना है कि अगर नाटो की तरफ से यूक्रेन को मदद मिली तो उसका अंजाम सबको भुगतना होगा। यूक्रेन की राजधानी पर लगातार मिसाइलें दागी गईं। इनमें से एक मिसाइल कीव के बाहरी इलाके स्थित एक आवासीय बहुमंजिला इमारत की 16वीं और 21वीं मंजिल के बीच से गुजर गई और इमारत की दो मंजिलें आग से घिर गईं। हमले में कम से कम छह नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि 80 को बचाकर निकाला गया। एक अन्य मिसाइल कीव को पानी की आपूर्ति करने वाले बांध को निशाना बनाकर दागी गई लेकिन यूक्रेन ने इसे हवा में ही मार गिराया। देश के इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री ने बताया कि अगर यह मिसाइल निशाने पर गिरती तो कीव के उपनगरों में बाढ़ आ जाती। वहीं, रूस के रक्षा प्रवक्ता इगोर कोनाशेंकोव ने फिर दावा किया रूसी मिसाइलें सिर्फ यूक्रेन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर दागी जा रही हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर इस विवाद की जड़ क्या है

यूक्रेन की सीमा पश्चिम में यूरोप और पूर्व में रूस से जुड़ी है। 1991 तक यूक्रेन पूर्ववर्ती सोवियत संघ का हिस्सा था। रूस और यूक्रेन के बीच तनाव नवंबर 2013 में तब शुरू हुआ जब यूक्रेन के तत्कालीन राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच का कीव में विरोध शुरू हुआ, जबकि उन्हें रूस का समर्थन था।

यानुकोविच को अमेरिका-ब्रिटेन समर्थित प्रदर्शनकारियों के विरोध के कारण फरवरी 2014 में देश छोड़कर भागना पड़ा।इससे खफा होकर रूस ने दक्षिणी यूक्रेन के क्रीमिया पर कब्जा कर लिया। इसके बाद वहां के अलगाववादियों को समर्थन दिया। इन अलगाववादियों ने पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। वर्ष 2014 के बाद से रूस समर्थक अलगाववादियों और यूक्रेन की सेना के बीच डोनबास प्रांत में संघर्ष चल रहा था। इससे पहले जब 1991 में यूक्रेन सोवियत संघ से अलग हुआ था तब भी कई बार क्रीमिया को लेकर दोनों देशों में टकराव हुआ। 2014 के बाद रूस व यूक्रेन में लगातार तनाव व टकराव को रोकने व शांति कायम कराने के लिए पश्चिमी देशों ने पहल की। फ्रांस और जर्मनी ने 2015 में बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में दोनों के बीच शांति व संघर्ष विराम का समझौता कराया। 

हाल ही में यूक्रेन ने नाटो से करीबी व दोस्ती गांठना शुरू किया। यूक्रेन के नाटो से अच्छे रिश्ते हैं। 1949 में तत्कालीन सोवियत संघ से निपटने के लिए नाटो यानी ‘उत्तर अटलांटिक संधि संगठन’ बनाया गया था। यूक्रेन की नाटो से करीबी रूस को  नागवार गुजरने लगी। अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया के 30 देश नाटो के सदस्य हैं। यदि कोई देश किसी तीसरे देश पर हमला करता है तो नाटो के सभी सदस्य देश एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं। रूस चाहता है कि नाटो अपना विस्तार न करे। राष्ट्रपति पुतिन इसी मांग को लेकर यूक्रेन व पश्चिमी देशों पर दबाव डाल रहे थे।आखिरकार रूस ने अमेरिका व अन्य देशों की पाबंदियों की परवाह किए बगैर यूक्रेन पर हमला बोल दिया। अब तक तो नाटो, अमेरिका व किसी अन्य देश ने यूक्रेन के समर्थन में जंग में कूदने का एलान नहीं किया है। वे यूक्रेन की अपरोक्ष मदद कर रहे हैं, ऐसे में  कहना मुश्किल है कि यह जंग क्या मोड़ लेगी। यदि यूरोप के देशों या अमेरिका ने रूस के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई की तो समूची दुनिया के लिए मुसीबत पैदा हो सकती है। यूक्रेन को अमेरिका से दूरी बनानी होगी, नाटो के संगठन से हटना पड़ेगा; तभी रूस बातचीत करने में रुचि रखेगा ऐसा मेरा मानना है।

यूक्रेन पर हमले के विरूद्ध रूस में ही प्रदर्शन

यूक्रेन पर हमले के विरूद्ध रूस में ही प्रदर्शन प्रारंभ। यह कार्य रूस के साथ–साथ पूरी दुनिया में होना चाहिए। जनता को युद्ध का विरोध करना चाहिए।

अशोक मधुप

यूक्रेन पर हमला करने के लिए रूस की विश्व में आलोचना हो रही है। जगह−जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने अपने अहम के लिए दुनिया को युद्ध में धकेल दिया। यह भी खबर है कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन हर हालात में यूक्रेन पर कब्जा चाहतें हैं। इसके लिए वह अपने 50 हजार सैनिक की बलि देने के लिए भी तैयार हैं। ऐसे हालात में रूस से ही अच्छी खबर आई है। वहां के नागरिक युद्ध का विरोध कर रहे हैं। यह कार्य रूस के साथ–साथ पूरी दुनिया में होना चाहिए। जनता को युद्ध का विरोध करना चाहिए।

यूक्रेन पर हमले के विरोध में रूस में लोगों का युद्ध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। रूस की राजधानी मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और अन्य शहरों में शनिवार को लोग सड़क पर उतर आए और नारेबाजी की। पुलिस ने 460 लोगों को हिरासत में लिया। इसमें मॉस्को के 200 से अधिक लोग शामिल हैं।

रूस में यूक्रेन पर हमले की निंदा करने वाले ओपन लेटर भी जारी किए गए। इसमें 6,000 से अधिक मेडिकल स्टाफ, 3400 से अधिक इंजीनियरों और 500 टीचर्स ने साइन किए हैं। इसके अलावा पत्रकारों, लोकल बॉडी मेंबर्स और सेलिब्रिटिज ने भी ऐसे ही पिटीशन पर साइन किए हैं। यूक्रेन पर हमले को रोकने के लिए गुरुवार को एक ऑनलाइन पिटीशन शुरू की गई। इस पर शनिवार शाम तक 7,80,000 से अधिक लोगों ने साइन कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह बीते कुछ सालों में रूस में सबसे अधिक समर्थित ऑनलाइन याचिकाओं में से एक है।

रूस के अलावा जापान, हंगरी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में लोग यूक्रेन पर हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं। लोग ‘युद्ध नहीं चाहिए’ के नारे लिखे पोस्टर लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस युद्ध को रोकने की मांग कर रहे हैं। रूसी पुलिस ने दर्जनों शहरों में युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले 1,700 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

ये भी सूचना है कि रूस की कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद युद्ध के खिलाफ हैं। कम्युनिस्ट पार्टी के दो सांसदों ने भी यूक्रेन पर हमले की निंदा की है। यह वही सांसद हैं, जिन्होंने कुछ दिन पहले पूर्वी यूक्रेन में दो अलगाववादी क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने के लिए मतदान किया था। सांसद ओलेग स्मोलिन ने कहा कि जब हमला शुरू हुआ तो वह हैरान थे, क्योंकि राजनीति में सैन्य बल का इस्तेमाल अंतिम उपाय के रूप में किया जाना चाहिए। दूसरे सांसद मिखाइल मतवेव ने कहा कि युद्ध को तुरंत रोक दिया जाना चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार अशोक मधुप

उधर यूक्रेन से आ रही खबर अच्छी नहीं हैं। रूसी सेना सैनिक प्रतिष्ठान के अलावा सिविलियन पर भी हमले कर रही है। शहरों में घुसे रूसी सैनिक लूटपाट कर रहे हैं। खार्किव शहर पर कब्जा करने के बाद रूसी सैनिकों ने एक बैंक लूट लिया। एटीएम लूटे जा रहे हैं। सैनिक एक डिपार्टमेंटल स्टोर में घुसकर सामान भी उठाते नजर आए। यूक्रेन का दावा है कि अब तक रूसी हमले में 198 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें 33 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 1,115 लोग घायल हो गए हैं। यूक्रेन के हालात दिन पर दिन खराब हो रहे हैं। खाने− पीने का सामान कम पड़ गया है। रूसी हमले के बाद कीव, खार्किव, मेलिटोपोल जैसे बड़े शहरों में हर जगह तबाही दीख रही है। मिसाइल हमलों से इमारतें बर्बाद हो गई हैं। लोग खाने−पीने के सामान को तरस रहे हैं। कई जगह बच्चों से लेकर बड़े भी डर और दहशत की वजह से रोते देखे जा सकते हैं। लाखों लोग अपना शहर, देश छोड़कर बाहर जा रहे हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने और अपने परिवार की चिंता है। वह जल्दी से जल्दी सुरक्षित स्थान पर पंहुच जाना चाहतें हैं। संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 1.50 लाख से ज्यादा यूक्रेनी शरणार्थी पोलैंड, मोल्दोवा और रोमानिया पहुंच चुके हैं।

इस युद्ध के विरोध में रूस में जो हो रहा है, वह पूरी दुनिया में होना चाहिए। शांति स्थापना के लिए बनी एजेंसी और संगठन जब असफल हो जाएं तो जनता को इसके लिए उठना चाहिए। पिछले कुछ समय से लग रहा है कि दुनिया में अमन−शांति कायम रखने के लिए बना संयुक्त राष्ट्र संगठन अपनी महत्ता खो चुका है। वीटो पावर प्राप्त पांचों देश की दंबगई के आगे इसकी महत्ता खत्म हो गई है। ऐसे में पूरे विश्व को शांति स्थापना के लिए किसी नए संगठन को बनाने के बारे में सोचना होगा। इसके लिए आवाज बुलंद करनी होगी। आंदोलन करने होंगे। जनमत बनाना होगा।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानने को बाध्य नहीं पुतिन!

पुतिन मानेंगे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला?


नई दिल्ली (एजेंसी)। यूक्रेन पर हमले को लेकर वर्तमान हालात को देखते हुए यह बिलकुल भी नहीं लगता है कि व्लादिमीर पुतिन अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानेंगे। वो हमले के पहले ही दिन यूक्रेन को कड़ा सबक सिखाने की धमकी दे चुके हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका और बाकी पश्चिमी देशों ने पहले ही रूस पर इतना प्रतिबंध लगा दिया है कि पुतिन के पास इस फैसले को न मानने के सिवा कोई चारा नहीं बचा है। एक बात यह भी है कि रूस के पास भी यूएनएससी का वीटो पावर है। ऐसे में दुनिया का यह सबसे शक्तिशाली संगठन भी रूस पर कोई दबाव नहीं बना सकता है। इसलिए माना जा रहा है कि यूक्रेन के इस दांव से रूस की थोड़ी बहुत निंदा के अलावा कुछ खास असर होने वाला नहीं है।

फैसला मानने के लिए बाध्य नहीं है कोई देश-
पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल उठ चुके हैं। विशेषज्ञों की राय है कि कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानने के लिए बाध्य नहीं है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय अपना फैसला मनवाने के लिए सबसे पहले संबंधित देशों को सुझाव देता है। इसके बाद वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास जाता है, जिससे संबंधित देश पर दबाव बनाया जा सके। लेकिन, पहले भी देखा गया है कि कई देश अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानने से इंकार कर चुके हैं। इसमें सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य चीन तो कुख्यात है। चीन ने दक्षिण चीन सागर पर उसके अधिकार को लेकर दिए गए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले को मानने से साफ इंकार कर दिया था। वीटो पावर वाले देश को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मनवाने में सुरक्षा परिषद की ताकत भी काम नहीं आती।

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय-
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र का एक महत्वपूर्ण न्यायिक शाखा है। इसकी स्थापना 1945 में नीदरलैंड की राजधानी द हेग में की गई थी। इस न्यायालय ने 1946 से काम करना भी शुरू कर दिया था। हर तीन साल में इसके अध्यक्ष का चुनाव किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की वेबसाइट के अनुसार, इसका काम अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवादों का निपटारा करना और संयुक्त राष्ट्र के अंगों और विशेष एजेंसियों को कानूनी राय देना है। इसके कर्तव्यों में अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से विवादों पर निर्णय सुनाना और संयुक्त राष्ट्र की इकाइयों को मांगने पर राय देना है।

नियुक्त नहीं हो सकते एक देश के दो जज-
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में कुल 15 न्यायाधीश होते हैं। इनका चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद के जरिए होता है। इन जजों का कार्यकाल 9 साल का होता है। अगर कोई जज अपने कार्यकाल के बीच में ही इस्तीफा दे देता है तो, बाकी बचे कार्यकाल के लिए दूसरे जज का चुनाव किया जाता है। इनकी नियुक्ति को लेकर भी काफी सख्त प्रावधान हैं, जैसे एक ही देश के दो जज अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नियुक्त नहीं हो सकते। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों के जज हमेशा ही अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नियुक्त होते हैं। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी और फ्रेंच है। इसी भाषा में यह कोर्ट सुनवाई करता है और फैसले सुनाता है।

रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय पहुंचा यूक्रेन

नई दिल्ली (एजेंसी)। यूक्रेन ने रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) का दरवाजा खटखटाया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस पर युद्ध के बहाने मासूम नागरिकों के नरसंहार का आरोप लगाया है। याचिका में रूस को सैन्य कार्रवाई रोकने का आदेश और सजा देने की मांग की गई है।

गौरतलब है कि यूक्रेन पर रूस के हमले बेकाबू होते जा रहे हैं। रूसी हमलों में अब तक सैकड़ों नागरिकों के मारे जाने की खबर है। उधर, रूस के सेंट्रल बैंक पर अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने प्रतिबंध लगा दिया है। जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों ने भी रूसी विमानों के लिए अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं।

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि उनकी तरफ से अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में रूस के खिलाफ याचिका डाली गई है। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ने युद्ध के बहाने मासूम नागरिकों के खिलाफ नरसंहार किया है। यूक्रेन ने रूस को सैन्य कार्रवाई रोकने का आदेश और सजा देने की मांग उठाई है। बताया गया है कि रूस के खिलाफ इस याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है।

नवविवाहिता बहन को लिवाने गये भाईयों से मारपीट

बिजनौर/नूरपुर। अपनी नवविवाहिता बहन को उसकी ससुराल लिवाने गये भाईयों को वर पक्ष के लोगों ने लाठी डंडो से हमला कर घायल कर दिया।


स्योहारा थानांतर्गत गांव हरौली निवासी भोपाल सिंह के पुत्र धर्मेंद्र की शादी 19 फरवरी को 2022 को गोहावर जैत निवासी आसाराम की पुत्री सोनम के साथ हुई थी। बताया जाता है कि जयमाला कार्यक्रम के दौरान वर का छोटा भाई सुभाष जबरन वर वधू के बीच में बैठ रहा था। काफी विरोध के बाद भी न मानने पर वधू पक्ष के लोगों ने उसकी पिटाई कर डाली। सोमवार को वधू पक्ष से भाई रोहित व राजीव अपनी बहन को लिवाने उसकी ससुराल हरोली गये। बताया जाता है कि खाना पीना कराने के बाद दुल्हे के भाई ने अपनी पिटाई का बदला लेने के लिए दोनों भाईयों पर हमला बोल दिया। किसी तरह बचकर दोनों भाई वहां से भागे। बताया जाता है कि दूल्हे पक्ष के लोगों ने उनका पीछा पर ताजपुर के पास पुल पर दबोच लिया और जमकर पिटाई कर दी। हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गये। उधर, दूसरे पक्ष के लोग भी मारपीट में घायल हो गये। दुल्हन पक्ष के लोग घायलो को लेकर थाने पहुंचे। देर शाम समाचार भेजे जाने तक पुलिस ने घटना की तहरीर मिलने से इंकार किया है।

न्याय के लिए महापंचायत: भाकियू ने कसी कमर

बिजनौर। कोतवाली देहात में कल होने वाली किसानों की महापंचायत के लिए भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव में संपर्क साधना शुरू कर दिया है। किसान नेताओं ने क्षेत्र के दर्जनों गांवों का दौरा कर महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया।

बताया गया है कि दो दिन पूर्व ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों ने थाना क्षेत्र के गांव चंदुपुरा निवासी भाकियू के पूर्व युवा जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही पुत्र देवराज सिंह के साथ जमकर मारपीट की थी। हमलावरों में से एक व्यक्ति ने नितिन सिरोही के ऊपर फायरिंग भी की थी। नितिन सिरोही व उसके परिजनों ने नितिन पुत्र मानसिंह को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने नितिन को रात भर थाने में बैठाए रखा तथा सुबह को बिना किसी कार्य के ही उसे छोड़ दिया था इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी नितिन सिरोही व उसके परिजनों के खिलाफ जान से मारने के संबंध में एक तहरीर थाने में सौंपी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से धारा 307 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया था।

सत्ता पक्ष का दबाव!- भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी दिगंबर सिंह का आरोप है कि सत्ता के दवाव में आकर पुलिस ने दूसरे पक्ष का फर्जी मेडिकल करवाया तथा दूसरे पक्ष की ओर से झूठी एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने 17 फरवरी को उक्त प्रकरण सहित थाने व स्वास्थ्य केंद्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों की महापंचायत का आह्वान किया है। महापंचायत को सफल बनाने के लिए क्षेत्रीय किसान नेताओ ने दर्जनों गांव का तूफानी दौरा किया। उन्होंने किसानों से महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। क्षेत्र का दौरा करने वालों में समरपाल सिंह, मुनेश, मानवीर, मुकुल त्यागी, बंटी, अनुज तोमर, विकास, रसीद, रोहित, जितेंद्र, डॉ योगेंद्र सिंह, महेश प्रधान, रामेन्द्र, ओमप्रकाश, आसाराम, मुन्नू, निर्मित, नामेन्द्र, राहुल, नागेंद्र, सबु प्रधान, पुरन सिंह, धर्मपाल सिंह आदि किसान शामिल रहे।

भाकियू नेता का आरोप- भाकियू नेता दिगंबर सिंह का आरोप है कि जिस हमलावर को पीड़ित व उसके परिजनों ने सही सलामत पकड़कर पुलिस को सौंपा था। अचानक 10 घंटे बाद उसकी तबीयत कैसे खराब हो गई, जिसके चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया तथा उसका फर्जी मेडिकल भी तैयार कर दिया गया। आरोपित व्यक्तियों ने पुलिस व डॉक्टर से हमसाज होकर पीड़ित के खिलाफ थाने में मुकदमा पंजीकृत करा दिया है।

गिरगिट को भी फेल करते नेता जी…

आज बड़े हो गए हैं, कल तो छोटे से थे!

बिजनौर। वर्तमान के हालात में नेताओं की रंगत गिरगिट को फेल करने पर तुली हुई है। यह सभी जगह का हाल है। इक्का दुक्का को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश नेता निचले पायदान से धीरे धीरे ऊपर तक पहुंचे गए। जो पैदल थे, आज उनके नीचे भारी भरकम गाड़ियां हैं। लकदक दिखाई देने के लिए कपड़े धुलवा कर धोबियों तक को पैसा देने में रुलाने वाले सिर तानकर चल रहे हैं। खबर छपवाने के लिए मीडिया वालों की चरण वंदना में जुटे रहने वालों को आज RO (रिलीज़ ऑर्डर) का जादुई शब्द भी पता है। ऐसे ही एक छोटे से नेता जी आज बहुत तो नहीं, फिर भी काफी बड़े हो गए हैं। तकरीबन 10 से 12 साल पहले के दरमियान अलग अलग अवसरों पर उन्होंने मौखिक रूप से एक दैनिक, एक सांध्य व एक साप्ताहिक अखबार में विज्ञापन प्रकाशित कराए। पहले का पेमेंट टलते रहने के बावजूद अखबार नवीस को भरोसा था कि आज नहीं तो कल 30 हजार रुपए का भुगतान हो ही जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पहले तो नेता जी आज, कल और परसों कह कर टालते रहे। फिर दिन, महीने साल बीतते रहे। वो भी छोटे से बड़े का सफर तय करते रहे। बीच में उन्होंने विज्ञापन का रिलीज़ आर्डर (RO) दिखाने की बात कह कर अपनी असली रंगत दिखा दी। अब नाम बताने की जरूरत तो है नहीं क्योंकि सुधि पाठकों को समझ में आ रहा होगा कि आखिरकार कौन हो सकते हैं वो नेताजी? RO शब्द का इस्तेमाल कब, कहां और कौन करता है। हालांकि अब वो सिर्फ बड़े लोगों के साथ ही उठते बैठते हैं, अपने दुर्दिनों के समय के पालनहारों के फोन तक रिसीव नहीं करते।

छोटा, बड़ा अखबार- यह बात तो जनता को बखूबी मालूम है कि जन समस्याओं को आला अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए अधिकतर तथाकथित नेताओं द्वारा पीड़ितों के ज्ञापन की टाइपिंग, फोटो कॉपी और तो और मीडिया में प्रकाशित कराने के नाम पर भी रकम ऐंठी जाती रही है। यही हाल जिला पंचायत चुनाव के दौरान एक बड़े राजनीतिक दल के पदाधिकारियों ने भी किया था। अब विधानसभा चुनाव में भी उसी पुरानी परंपरा का निर्वहन बखूबी किया जा रहा है?

धृतराष्ट्र बने बैठे रहे अखिलेश यादव, सामने हुई पत्रकार की पिटाई

जयंत चौधरी के बाद अखिलेश यादव के कार्यक्रम में पिटा पत्रकार, देखते रहे नेताजी

हाल ही में RLD सुप्रीमो जयंत चौधरी मुजफ्फरनगर पहुंचे। वहां उनके कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ अभद्रता की गई। अब गाजियाबाद में उनके साथी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यक्रम में भी पत्रकार की पिटाई का मामला सामने आया है।

लखनऊ। हाल ही में मुजफ्फरनगर में रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी के कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ अभद्रता की गई। अब गाजियाबाद में उनके साथी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यक्रम में भी पत्रकार की पिटाई का मामला सामने आया है।

अखिलेश के बॉडीगार्ड ने पत्रकार को पीटा

अखिलेश यादव शनिवार को गाजियाबाद में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करने आए थे। अखिलेश जब यहां से निकल रहे थे तो उनसे एक पत्रकार सवाल करने लगा।  अखिलेश के बॉडीगार्ड ने पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पत्रकार मारो मत, मारो मत; कहकर खुद को सुरक्षाकर्मियों से बचाने की कोशिश भी कर रहा है। वायरल वीडियो में हाथ में असलहा लिए सुरक्षाकर्मी पत्रकार खालिद चौधरी को धक्का देकर अखिलेश के पास आने से रोक रहे हैं। पत्रकार का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

एक यूजर ने कहा कि जिस इंसान को विदेश में पढ़ने के बाद सीधा वंशवाद रूपी राजनीति में एक परिवार की पार्टी को आगे बढ़ाना हो, उससे देश के चतुर्थ स्तंभ के मजाक के अलावा कोई भला क्या उम्मीद कर सकते हैं, परंतु 99 प्रतिशत बार बड़बोलापन इंसान को छोटा ही साबित करता है। पत्रकार अंजू निर्वाण ने लिखा कि मीडिया अपनी इज़्ज़त खुद तार-तार करवा रहा है, क्योंकि अब स्टैंड लेना, बॉयकॉट करना जैसे शब्द मीडिया की डिक्शनरी में नहीं रहे। किसी के लिए क्या आवाज़ उठाएंगे जब अपने लिये न कर सके!!

बौखलाहट में पत्रकारों से भिड़ रहे अखिलेश यादव!

चुनाव प्रचार के दौरान कई मौके ऐसे आए, जब अखिलेश यादव पत्रकारों से भिड़ते नजर आए। गाजियाबाद की संयुक्त प्रेस वार्ता में ही अखिलेश यादव बोल रहे थे, तभी थोड़ा शोरगुल होने लगा, जिस पर अखिलेश यादव ने सभी पत्रकारों से शांत होकर सुनने को कहा और मोबाइल से जो लोग रिकॉर्डिंग कर रहे थे उन्हें छोटा पत्रकार बोलकर उनका मजाक उड़ाया। टीवी 9 पर इंटरव्यू के दौरान भी वे भड़क गए थे। आजतक पर इंटरव्यू के दौरान एंकर अंजना ओम कश्यप का मजाक उड़ाने की कोशिश की,  हालांकि अंजना ने फिर क्लास लगा दी।

जयंत के सामने भी पिटते रहे पत्रका

जयंत चौधरी गुरुवार को गठबंधन प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने मुजफ्फरनगर पहुंचे। उन्होंने खतौली, बुढाना, चरथावल और मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा सीट में सभाओं को संबोधित किया। मुजफ्फरनगर सदर सीट पर गठबंधन समर्थकों ने पत्रकारों के साथ मारपीट की। इस दौरान आरएलडी कार्यकर्ताओं ने पत्रकारों को भला-बुरा कहा और उनके साथ हाथापाई तक की। हाथापाई और विवाद के बीच जयंत चौधरी मंच पर बैठे मूकदर्शक बने बैठे रहे।

पुलिस की मौजूदगी में हुआ था पथराव, न्याय दिलाने को भाकियू देगी धरना

पुलिस की मौजूदगी में हुआ था पूंडरी कला में पथराव, शिकायत के बावजूद पुलिस ने नहीं की कार्रवाई। भाकियू नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने जताया रोष। न्याय दिलाने को देंगे धरना।

बिजनौर। दो दिन पूर्व ग्राम पूंडरी कला में नींव की दीवार गिराने के मामले में नांगल सोती पुलिस शिकायत के बावजूद कार्रवाई करने से बच रही है। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पथराव के दौरान मौके पर पुलिस मौजूद थी। इस मामले में पीड़ित पक्ष को उसकी जमीन पर काबिज कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही कराए जाने के लिए भाकियू ने हुंकार भरी है।

गौरतलब है कि 2 दिन पूर्व ग्राम पूंडरी कला में सुरेश राठी पक्ष की कूड़ी (जमीन का हिस्सा) के कब्जे को हटाकर नींव बनवाई गई। आरोप है कि नांगल पुलिस और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में दूसरे पक्ष ने पथराव करने के साथ ही लाठी-डंडों से हमला कर बनाई गई नीव की दीवार को गिरा दिया था। इस संघर्ष में सुरेश पक्ष के चार लोग घायल भी हो गए थे। नांगल थाना पुलिस ने सुरेश राठी की तहरीर पर कोई कार्यवाही करना जरूरी नहीं समझा। इस पर भारतीय किसान यूनियन के मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। चौधरी दिगंबर सिंह, सुरेश राठी के साथ एसडीएम नजीबाबाद से मिलने की बात कह रहे हैं। दिगंबर सिंह के मुताबिक प्रशासन ने उक्त मामले में चुनाव होने तक का समय मांगा है। अगर 14 फरवरी तक मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही तथा किसान सुरेश राठी को जमीन पर काबिज नहीं कराया गया तो वह किसानों के साथ धरने पर बैठेंगे। वहीं शिकायत किए जाने के बावजूद नांगल थाना प्रभारी रविंद्र कुमार किसी भी पक्ष द्वारा तहरीर न मिलने की बात कहते हुए कार्रवाई न किए जाने की बात कह रहे हैं।

सिपाही को पीट कर इंसास राइफल लूट ले गए बदमाश

बिजनौर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में दो बदमाश एक सिपाही से इंसास राइफल लूट कर फरार हो गए। घटना भूतपुरी तिराहा की है। बदमाशों ने सिपाही को तमंचे व राइफल की बट से जमकर पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दो बदमाश एक सिपाही से इंसास राइफल छीनते और पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है। बदमाशों की पहचान नही हो पाई है, न ही राइफल मिल सकी है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात करीब एक बजे अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के भूतपुरी में रूद्रपुर से ट्रक में मैली भरकर लाई जा रही थी। कुछ मैली सड़क पर गिर गई। इसको वहां से हटाने के लिए जेसीबी मशीन मंगाई गई। मैली हटाने के दौरान वहां पहुंचे बाइक पर सवार दो बदमाशों ने जेसीबी के ड्राइवर से गाली-गलौज शुरू कर दी। मौके पर हलका नम्बर तीन में तैनात सिपाही ललित व एक होमगार्ड भीम सिंह मौजूद थे।
बदमाशों ने सिपाही व होमगार्ड को देखते ही उनसे मारपीट कर राइफल लूटने का प्रयास किया। सिपाही व होमगार्ड बदमाशों से भिड़ गए। बदमाशों ने सिपाही ललित से राइफल लूट ली और राइफल की बट से मारपीट कर उसे घायल कर दिया, सिपाही जमीन पर जा गिरा। दोनों बदमाश राइफल लूटकर फरार हो गए। घायल सिपाही को उपचार के लिए सीएचसी अफजलगढ़ में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना से पुलिस व क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। कोतवाल मनोज कुमार सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे और बदमाशों का पीछा करने का प्रयास किया। वारदात के बाद पड़ोसी जनपदों के थानों को भी अलर्ट भेजा गया। पड़ोसी जनपदों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बताया गया है कि जेसीबी के चालक ने पूरी घटना की वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। बदमाशों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

सिपाही की बहादुरी पर शक क्यों, लोग हैं डरपोक

लोग कुछ भी कहें, सिपाही और होमगार्ड ने दिलेरी तो दिखाई ही। सिपाही की पिटाई कर इंसास राइफल लूटने की घटना खुद में एक बड़ी वारदात है। वायरल वीडियो में ये सब कुछ दिखाई दे रहा है। साथ ही यह भी दिख रहा है कि एक बड़ी गाड़ी वहां से गुजर रही है। सोचने वाली बात है कि यदि वह गाड़ी मौका-ए-वारदात पर रुकती और उसमें बैठे लोग नीचे उतर कर बदमाशों को ललकारते तो यकीनन किस्सा कुछ और होता। वास्तव में लोगों को सब कुछ चाहिए, लेकिन करना कुछ नहीं चाहते?

सर्राफा शोरूम में दिनदहाड़े गोली मारकर लाखों की लूट; राजधानी के व्यापारी आक्रोशित

लखनऊ। बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े अलीगंज थाना क्षेत्र के तिरुपति ज्वेलर्स में कर्मचारी को गोली मारकर लाखों रुपए की लूट को अंजाम दिया। सीने और पेट में दो गोली लगने से गंभीर घायल कर्मचारी मड़ियांव निवासी श्रवण को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इस घटना से व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू रस्तोगी ने मुख्यमंत्री से लूट में गए हुए माल के मुआवजा की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।

राजधानी लखनऊ के कपूरथला अलीगंज थाना क्षेत्र के सेक्टर बी में सर्राफा व्यापारी निखिल अग्रवाल का श्री तिरुपति जेम्स एंड ज्वैल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से सोने के आभूषण का प्रतिष्ठान है। आज दिनदहाड़े घुसे बदमाशों ने उनके कर्मचारी श्रवण को 2 गोलियां मारीं। एक सीने में दूसरी पेट में। बदमाश दुकान के अंदर रखे सोने चांदी के जेवरात और नकदी लूट ले गए। इस घटना से व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।

दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई। कारोबारी निखिल के मुताबिक बुधवार दोपहर करीब 12:00 बजे बाइक सवार बदमाशों ने दुकान में घुसकर फायरिंग की और करीब पांच से सात लाख के जेवरात और नकदी लूट ले गए। वारदात के समय निखिल और उनका कर्मचारी मड़ियांव निवासी श्रवण मौजूद थे। श्रवण को दो गोलियां लगी हैं। उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है।

4 दिन का अल्टीमेटम, वरना आंदोलन- लूट एवं गोली कांड की जानकारी पाकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू रस्तोगी संगठन के साथियों व व्यापारियों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने एवं माल बरामद करने के लिए 4 कार्यदिवस का समय दिया। साथ ही चेताया कि अगर 4 दिन के अन्दर घटना को अंजाम देने वाले अपराधी माल के साथ नहीं  पकड़े गए, तो प्रसपा व्यापार सभा आंदोलन करेगी। व्यापारी नेता रामबाबू रस्तोगी ने मुख्यमंत्री से लूट में गए हुए माल के मुआवजा की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश कर रही है। शहर में चारों तरफ नाकेबंदी कर दी गई है। -अली अब्बास एसीपी अलीगंज।

तार चोर गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार


नूरपुर/बिजनौर। पुलिस ने बिजली के तार चोरी करने के दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी के दो बण्डल तार व एक एक अवैध तमंचा बरामद किया गया है। गौरतलब है कि करीब एक माह पूर्व थाना क्षेत्र के गांव अलाउदीनपुर के जंगल से भवानीपुर तरकौला के जंगल तक करीब आठ खंबों की लाईन चोरी की घटना को चोरों ने अंजाम दिया था।

सावधानः नूरपुर क्षेत्र में मोबाइल झपट्टामार गिरोह सक्रिय

सावधानः नूरपुर क्षेत्र में मोबाइल झपट्टामार गिरोह सक्रिय। लोगों का हाथ में मोबाइल लेकर चलना हुआ दुश्वार।


नूरपुर/बिजनौर। पुलिस की निष्क्रियता के चलते नूरपुर क्षेत्र में मोबाइल झपट्टा मार गिरोह की सक्रियता बढती जा रही है। इस कारण लोगों का हाथ में मोबाइल लेकर चलना दुश्वार हो गया है।
बाईक सवार बदमाशों का यह गिरोह खासकर महिलाओं को अपना निशाना बना रहा है। शनिवार को मछली बाजार से गुजर रही अहमदाबाद निवासी एक महिला से बाईक सवार दो बदमाशों ने मोबाइल छीनने का प्रयास किया। गनीमत रही कि मोबाइल नीचे गिर गया, लेकिन मोबाइल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। शुक्रवार की दोपहर डाकघर रोड पर एक बाईक सवार युवक का मोबाइल बदमाश छीनकर भागने में सफल रहे। गौरतलब है कि चार दिन पूर्व थाना आवास में रह रहे धामपुर कोतवाली में 112 में तैनात एक पुलिस कर्मी की पुत्री आकांक्षा सिंह का मोबाइल धामपुर रोड स्थित निर्मल पब्लिक स्कूल के पास से बाईक सवार दो बदमाश छीनने की घटना को अंजाम दे चुके हैं। नगर क्षेत्र में मोबाइल झपट्टा मार गिरोह की सक्रियता से लोगों का रोड पर मोबाइल लेकर चलना दुश्वार हो गया है। लोगों का आरोप है कि नगर में कई स्थानों पर पुलिस पिकेट तैनात होने के बावजूद बदमाश बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। नागरिकों ने आला पुलिस अधिकारियों से इन घटनाओं पर अंकुश लगाने की गुहार की है।

पुलिस कर्मी की शिक्षिका पुत्री से दिनदहाड़े मोबाइल लूट

पुलिस कर्मी की शिक्षिका पुत्री से उचक्के मोबाइल लूटकर फरार। बहादुर शिक्षिका ने स्कूटी से किया पीछा। पिकेट पुलिस देखती रही तमाशा।


नूरपुर/बिजनौर। बाईक सवार दो बदमाश शिक्षिका से मोबाइल लूटकर फरार हो गये। शिक्षिका ने शोर मचाते हुए करीब एक किलोमीटर तक बदमाशों का पीछा किया लेकिन पिकेट पर तैनात पुलिस कर्मियों सहित कोई मदद को आगे नहीं आया। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
धामपुर कोतवाली में 112 में तैनात एक पुलिस कर्मी की पुत्री आकांक्षा सिंह एक प्राईवेट कालेज में शिक्षिका है। शिक्षिका के अनुसार सोमवार की सुबह को वह स्कूटी द्वारा अपने पिता को छोडने के लिए धामपुर चौराहा पर गई था। यहां रोडवेज बस चालक ने बस नही रोकी तो बस का पीछा कर धौलागढ में रुकवा कर पिता को बैठाने के बाद वह वापस लौट रही थी। स्कूटी पर उसका ममेरा भाई रवि (12 वर्ष) भी बैठा था। जब वह निर्मल पब्लिक स्कूल और एस्सार पेट्रोल पम्प के पास पहुंची तो बाईक सवार दो बदमाश उसका मोबाइल लूटकर भाग गये। उसने साहस का परिचय देकर शोर मचाते हुए भारत बैंकट हाल तक बदमाशों का पीछा किया, लेकिन मछली बाजार चौक पर तैनात पुलिस कर्मियों सहित किसी ने भी बदमाशों को घेरने की हिम्मत नहीं जुटाई। लिहाजा बदमाश गली में घुसकर भागने में सफल रहे। शिक्षिका का आरोप है कि वह घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने गई तो पुलिस ने बिना कार्यवाही किये उसे टरका दिया। उधर,शिक्षिका के पुलिस कर्मी पिता अपने स्तर से बदमाशों की छानबीन में जुटे हैं।

सफाई कर्मी पर जानलेवा हमला, विरोध में बाल्मीकि समाज ने लगाया जाम, थाने में हंगामा

डयूटी कर लौट रहे सफाई कर्मी पर जानलेवा हमला, विरोध में बाल्मीकि समाज ने लगाया जाम, थाने में हंगामा


नूरपुर/बिजनौर। शनिवार को डयूटी कर लौट रहे पालिका सफाई कर्मचारी पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रुप से घायल हो गया। झगडे सूचना पर बाल्मीकि समाज के लोग मौके पर पहुंचे और विरोध में ट्रैक्टर ट्राली रोड पर खडी कर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा कर जाम खुलवाया। इसके बाद बाल्मीकि समाज के लोग थाने पहुंचे और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया।


कस्बे के मोहल्ला गांधीनगर निवासी मानवेंद्र उर्फ दिलावर पुत्र राजू नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात है। शनिवार को वह स्योहारा रोड पर सफाई कर वापस लौट रहा था। आरोप है कि मुरादाबाद रोड पर पेट्रोल पम्प के सामने पहले से मौजूद बिजेन्द्र, जोगेंद्र एवं कल्लू पुत्रगण धर्मा ने उस पर लाठी व लोहे की सरियों से हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने उसे बचाया। हमले में वह गंभीर रुप से घायल हो गया। झगड़े की खबर मिलने पर बाल्मीकि समाज के लोग मौके पर पहुंचे और घटना के विरोध में रोड पर ट्रैक्टर ट्राली खड़ी कर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और समझा बुझा कर जाम खुलवाया। इसके बाद समाज के लोगों ने थाने पहुंचकर हमलावरों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग को लेकर हंगामा किया। वहां मौजूद सीओ शुभ सुचित कुमार ने हमलावरों के खिलाफ कार्यवाही का भरोसा दिलाकर उन्हें शांत किया। पुलिस ने मानवेंद्र की तहरीर पर उक्त तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है। उधर, दूसरे पक्ष की ओर से भी पुलिस को तहरीर दी गई है।

सीएम पोर्टल पर शिकायत करने से गुस्साए ईओ, धमकी

सीएम पोर्टल पर शिकायत करने से गुस्साए अधिशासी अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता को धमकी देने के विरोध में नगर पंचायत कार्यालय पर धरने पर बैठे सभासद

सभासदों के बीच पहुंचकर मांगी माफी मांगने पर हुआ धरना समाप्त

सहारनपुर (बेहट)। सीएम पोर्टल पर अधिशासी अधिकारी के खिलाफ शिकायत करने पर शिकायतकर्ता को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दिए जाने के विरोध में सभासद नगर पंचायत कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। सभासदों का कहना था कि नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने शिकायत करने पर कॉल करके झूठे मुकदमे में फसाने की धमकी दी है। वह खुल्लम खुल्ला लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रहे हैं। कई घण्टे चले धरने के दौरान अधिशासी अधिकारी सभासदों के बीच पहुंचे और माफी मांगी। उन्होंने धरने को समाप्त करने का आग्रह किया, जिसके बाद सभासदों ने धरना समाप्त किया। इस दौरान सभासद हेमन्त कुमार, रविकांत गुप्ता, विजय कुमार नायडू, सभासद प्रतिनिधि अरशद खान, गुड़डू पीरज़ादा आदि मौजूद रहे।

कृषि भूमि पर अवैध कालोनी खड़ी कर रहा है भूमाफिया

कृषि भूमि पर अवैध कालोनी निर्माण की तैयारी में है माफिया। नहटौर में है उक्त करोड़ों की जमीन। एसडीएम से शिकायत के बाद भी हौसले हैं बुलंद।

बिजनौर। धामपुर तहसील क्षेत्र के कस्बा नहटौर में खेती की बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर अवैध रिहायशी कालोनी काटने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी धामपुर के यहां किये जाने के बावजूद कार्य बदस्तूर जारी है।

जानकारी के अनुसार कस्बा नहटौर में धामपुर मार्ग पर मदरसे के पास ग्राम सेठपुर धनेसर व सेठपुर गुलाल में कृषि भूमि के दो बेशकीमती चक हैं। इनकी कीमत करोड़ों रुपए आंकी जा रही है। सरकारी नियमानुसार कृषि योग्य भूमि का उपयोग गैर कानूनी है। इस पर कोई अन्य कार्य नहीं किया जा सकता।

सूत्रों का कहना है कि नहटौर क्षेत्र के एक दबंग भूमाफिया ने उक्त भूमि पर रिहायशी कालोनी के निर्माण का इरादा बनाया है। इसके लिये उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कालोनी बनाने के अवैध कार्य को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। मौके पर ईंट, बजरी, रेत, सीमेंट आदि निर्माण सामग्री एकत्रित है और नींव खोदकर बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है। मजदूरों को उक्त कार्य करते देख आसपास के ग्रामीणों में सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

लोगों का कहना है कि बिना पुलिस-प्रशासन के वरदहस्त के इस अवैध कार्य को अंजाम देना संभव नहीं हो सकता। देखना ये है कि एसडीएम से शिकायत के बाद भूमाफिया के हौसले पस्त होते हैं या फिर वह अपने गुर्गों के बल पर कालोनी बनाने में कामयाब हो जाएगा?

Gautam Gambhir को ISIS कश्मीर ने दी जान से मारने की धमकी

Gautam Gambhir को ISIS कश्मीर ने दी जान से मारने की धमकी, शिकायत के बाद एक्शन में आई पुलिस

भारतीय जनता पार्टी के सांसद गौतम गंभीर ने ‘आईएसआईएस कश्मीर’ से जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत की है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और पूर्वी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी के सांसद गौतम गंभीर को ‘आईएसआईएस कश्मीर’ ने जान से मारने की धमकी दी है। गौतम गंभीर से शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बढ़ाई गई गंभीर के घर की सुरक्षा

डीसीपी सेंट्रल श्वेता चौहान ने बताया, ‘पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है और आरोप लगाया है कि उन्हें ‘आईएसआईएस कश्मीर’ से जान से मारने की धमकी मिली है। जांच चल रही है। शिकायत के बाद गौतम गंभीर के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।’

गंभीर को मिला धमकी भरा मेल

डीसीपी सेंट्रल श्वेता चौहान ने बताया कि गौतम गंभीर को धमकी भरा मेल ‘ISIS कश्मीर’ से मिला है। गंभीर ने जान से मारने की धमकी वाला एक ई-मेल भी शेयर किया है और इस मेल को भेजने वाले का नाम आईएसआईएस कश्मीर है।

सपा नेता ने बुजुर्ग इमाम को सड़क पर गिरा कर पीटा!

सपा नेता व उनके भाइयों ने एक बुजुर्ग इमाम के साथ की बहुत ज्यादा बदतमीजी लात और घूंसों से की पिटाई।


बिजनौर। नजीबाबाद में एक बुजुर्ग पेश इमाम को एक स्थानीय सपा नेता और उनके भाइयों द्वारा सड़क पर गिरा कर लात घूंसों से पीटने की शर्मनाक करतूत सामने आई है।

नजीबाबाद में मस्जिद अंसारीयान मोहल्ला हवेली तला के पेश इमाम व मदरसा इमदादुल उलूम मोहल्ला मुगल शाह नजीबाबाद के उस्ताद जनाब हाफिज मोहम्मद यामीन की नेत्र शक्ति व शरीर कमजोर है। बताया गया है कि इसी मोहल्ले निवासी एक सपा नेता के बच्चे और भतीजे हाफिज साहब को रोजाना छेड़ते हैं। कभी टाइम पूछते हैं, कभी उनका कुर्ता पीछे से पकड़ कर खींचते हैं, तो कभी उन्हें अभद्र भाषा में पुकारते हैं। सोमवार को भी उक्त सपा नेता के बच्चे और भतीजे; हाफिज साहब से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उनको परेशान कर रहे थे। हाफिज साहब ने उन बच्चों में से एक को पकड़ लिया और उसकी कमर पर दो-चार हाथ जड़ दिये। अंदर बैठे हुए सपा नेता और उनके भाई कैमरे में यह सब देख रहे थे, तो वह सब अंदर से उठकर बाहर आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने हाफिज साहब को थप्पड़ मारने के साथ ही धक्का देकर गिराया और लात-घूंसों से पिटाई शुरू कर दी। कुछ लोगों ने आकर छुड़ाने की कोशिश की, फिर भी पीछे से कुछ लोग हाफिज साहब को मारते ही रहे। किसी प्रकार उन्हें बचा कर चिकित्सक से प्राथमिक उपचार कराया गया।
इस घटना को लेकर लोग बेशर्मी और बैगैरती की इंतिहा बताते हुए कह रहे हैं कि सपा नेता और उनके भाई पैसे और सियासत के घमंड में शायद अंधे हो गए हैं। उनको यह नहीं पता कि खुदा की लाठी में आवाज नहीं होती! वहीं मामले को पुलिस में जाने से रोकने के प्रयास में कई लोग जुटे हुए हैं। वहीं बताया गया है कि आरोपी पक्ष ने बुजुर्ग को न पहचानने की बात कही। दोनों पक्षों के मुअज्जिज लोगों ने मामले का पटाक्षेप करा दिया है।

सड़कों पर लगे फड़ वालों से की जा रही अवैध वसूली!

आखिर कौन कर रहा सड़कों पर लगे फड़ों से अवैध वसूलीरामलीला मैदान में प्रत्येक रविवार व बुधवार को लगता है साप्ताहिक बाजार।

बिजनौर। रामलीला मैदान में प्रत्येक रविवार व बुधवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के बाहर फड़ वालों से अवैध वसूली की जा रही है।

शहर के रामलीला मैदान में प्रत्येक रविवार व बुधवार को साप्ताहिक बाजार लगता है। रामलीला में लगने वाली दुकानों व फड़ों से रामलीला समिति के लोग निर्धारित शुल्क वसूलते हैं लेकिन रामलीला के बाहर लगने वाले फड़ों व ठेलों से भी वसूली की जा रही है। यह सभी फड़ व ठेले आदि सरकारी जमीन पर लग रहे है लेकिन ताज्जुब की बात है कि इन फड़ों से वसूली करने वाले ना तो नगर पालिका के कर्मचारी हैं और ना ही किसी अन्य सरकारी विभाग के, बल्कि कुछ प्राइवेट जाने पहचाने चेहरे हर बाजार को सड़क पर लगने वाले प्रत्येक फड़ व ठेले वालों से वसूली करते दिखते हैं। ये लोग निर्धारित शुल्क के रूप में अधिकांश सभी फड़ व ठेले वालों से रुपए लेते हैं। कई बार रुपए ना मिलने पर काफी नोंकझोंक भी देखी जाती है। लोग दबी जुबान से इस अवैध उगाही में रामलीला समिति के इर्द-गिर्द घूमने वाले लोगों के नाम ले रहे हैं। फिलहाल प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है लेकिन उक्त लोग अवैध रूप से भारी भरकम वसूली कर सरकारी विभाग को ही चूना लगाया जा रहे हैं।

शिकायत से नाराज शराब माफिया ने की वकील को मारने की कोशिश

शिकायत के बावजूद आवास विकास चौकी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

बिजनौर। शराब माफिया की शिकायत पुलिस से करना एक अधिवक्ता को बहुत महंगा पड़ गया। पुलिस ने शराब माफिया के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए उसे अधिवक्ता का नाम बता दिया। गुस्साए शराब माफिया ने अधिवक्ता पर जानलेवा हमला कर दिया। अधिवक्ता ने अपने ऊपर हुए हमले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है। इसे लेकर अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है।
शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी गौरव गोयल एडवोकेट पुत्र रविंद्र कुमार गोयल जजी में प्रैक्टिस करते हैं। उनके अनुसार आवास-विकास पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम तैमूरपुर में उनके बड़े भाई की किराना की दुकान है। आरोप है कि गांव के ही किरनपाल, उसका पुत्र सोनी, टोनी, मोनी तथा विक्की अपने साथियों के साथ बड़े स्तर पर अवैध शराब का धंधा करते हैं। यह लोग खुलेआम गांव में अवैध शराब बेचते हैं। गौरव गोयल एड. ने आवास विकास चौकी पुलिस से इनके द्वारा अवैध शराब धंधा किए जाने की शिकायत की थी। अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने के बाए उनका नाम शराब माफियाओं को बता दिया। इसके चलते शराब माफिया उनसे रंजिश रखने लगे।  गत दिवस इन शराब माफिया ने गौरव गोयल एडवोकेट के भाई की दुकान पर आकर अधिवक्ता व उनके भाई के साथ गाली-गलौच व मारपीट की। इस शिकायत का भी पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इसके चलते शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए कि उन्होंने 16 नवंबर को समय करीब सवा आठ बजे  ईदगाह रोड पर अधिवक्ता गौरव की स्कूटी में सफेद रंग की मारूति 800 कार से टक्कर मार दी। अधिवक्ता की स्कूटी पर उनकी माता जी भी सवार थी। दोनों चोटिल हो गए। शोर मचाने पर लोगों को आता देख कार में सवार सोनी व विक्की हथियार लहराते हुए वहां से फरार हो गए। इस घटना की शिकायत भी अधिवक्ता ने पुलिस से की, लेकिन इस बार भी पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। अधिवक्ता ने शराब माफियाओं से जान का खतरा बताते हुए चौकी पुलिस की शिकायत पुलिस अधीक्षक से किए जाने की बात कही है।

अश्लीलता में बह गया गंगा स्नान मेला!


बिजनौर। पवित्र धार्मिक गंगा स्नान मेले जैसे आयोजन में अश्लीलता का तड़का लगाया जा रहा है।इस वजह से विवाद की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि पवित्र धार्मिक गंगा स्नान मेले में हर प्रकार के जरूरी सामानों की दुकानें लगी हुई हैं। इसी के साथ मनोरंजन के लिए हसीनाओं के डांस की व्यवस्था भी है। धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह के डांस कार्यक्रम को लेकर सवालिया निशान भी लग रहे हैं। यह बताने को कोई भी तैयार नहीं है कि किस की अनुमति से इस डांस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

नुमाइश में करा दिया गया था बंद-

पूर्व में नगर पालिका परिषद की ओर से लगने वाली नुमाईश में डांस का कार्यक्रम होता था। तत्कालीन राजनाथ सरकार ने शासनादेश जारी कर सार्वजनिक आयोजनों में डांस पर प्रतिबंध लगा दिया था। तभी से नुमाईश में डांस का कार्यक्रम नहीं होता है। गंगा स्नान मेले का आयोजन जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत के द्वारा किया जा रहा है। डांस पार्टी की आड़ में होंने वाली हुड़दंग से कानून व्यवस्था भी प्रभावित होती है। गंगा स्नान मेले में बड़ी संख्या में महिलाएं व युवतियां भी आती हैं, जिनके ऊपर डांस पार्टी का बुरा असर पड़ता है।

महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष से अराजक तत्वों ने की अभद्रता

नूरपुर के सरकारी डाकबंगले पर पत्रकारों को आपबीती बताते महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव देव मौर्य

महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष से अराजक तत्वों ने की अभद्रता, सरकारी डाकबंगले का मामलासरकारी गेस्ट हाउस बना शराब का अड्डा। अक्सर लगा रहता है छुटभैये सफेदपोश नेताओं का जमावड़ा।

बिजनौर। नूरपुर के सरकारी गेस्ट हाऊस में ठहरे महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव देव मौर्य के साथ शराब के नशे में पहुंचे तीन युवकों द्वारा अभद्रता व गाली गलौच करने का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की तहरीर पर पुलिस गेस्ट हाऊस में लगे सीसीटीवी कैमरे में अराजक तत्वों की हरकत की फुटेज खंगालने की कार्यवाही में जुट गई है।

सैनी विकास महापंचायत में बतौर मुख्यातिथि हैं आमंत्रित
महान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव देव मौर्य ने पत्रकार वार्ता में आपबीती बताते हुए कहा कि मंगलवार को संगठन के तत्वावधान में बिजनौर जिला मुख्यालय पर सैनी विकास महापंचायत का आयोजन किया गया है। इसमें वे बतौर मुख्यातिथि आमंत्रित हैं। सोमवार की रात को नूरपुर सरकारी गेस्ट हाऊस में पदाधिकारियों के साथ रुके थे। आरोप है कि रात को करीब 11 बजे शराब के नशे में धुत्त तीन युवक वहां पहुंचे और उनकी गाडिय़ों को गेस्ट हाउस से बाहर निकालने को कहने लगे। विरोध करने पर गाली गलौच करने लगे। शोर शराबा सुन कर वह और उनका पुत्र किशन भैया, संगठन के प्रदेशाध्यक्ष शिव कुमार यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष रामानंद सैनी बाहर निकले तो वे युवक मारपीट पर उतारू हो गए। उन्होंने इसकी सूचना मोबाइल पर एसपी को दी। एसपी के निर्देश पर पुलिस मौके पर पहुंची। इससे पहले ही तीनों युवक भाग निकले। मंगलवार को सुबह सहयोगी दल समाजवादी पार्टी के क्षेत्रीय विधायक हाजी नईमुल हसन गेस्ट हाऊस पहुंचे और इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अराजक तत्वों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्यवाही किये जाने पर जोर दिया। घटना के संबंध में राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव देव मौर्य की ओर से थाना प्रभारी निरीक्षक को तहरीर दी गई। पुलिस तहरीर के आधार पर गेस्टहाउस मे लगे सीसीटीवी कैमरे से अराजक तत्वों की फुटेज खंगालने की कार्यवाही में जुटी है। उधर, बताया जाता है कि सरकारी गेस्टहाउस शराब का अड्डा बना हुआ है। अक्सर यहां पर कुछ छुटभैये सफेदपोश नेताओं का जमावड़ा लगा रहता है।

…और अब माओवादी कराएंगे 20 नवंबर को भारत बंद!

माओवादियों का 20 नवंबर को भारत बंद का ऐलान, एक करोड़ के इनामी नक्सली कमांडर की गिरफ्तारी के विरोध में लिया फैसला

माओवादियों का 20 नवंबर को भारत बंद का ऐलान, एक करोड़ के इनामी नक्सली कमांडर की गिरफ्तारी के विरोध में लिया फैसला

रांची (एजेंसी)। शीर्ष नक्सली कमांडर प्रशांत बोस उर्फ किशन दा और उनकी पत्नी शीला मरांडी की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने 20 नवंबर को भारत बंद का एलान किया है। भाकपा माओवादी के पूर्वी रिजनल ब्यूरो के प्रवक्ता संकेत ने एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है। 

15 से 19 नवंबर तक प्रतिरोध दिवस: विज्ञप्ति के अनुसार प्रशांत बोस उर्फ किशन दा संगठन के पोलित ब्यूरो के सदस्य और पूर्वी रिजनल ब्यूरो के सचिव हैं। उन्हें और उनकी पत्नी शीला मरांडी को 12 नवंबर को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया था, जब वे बीमारी के इलाज के लिए जा रहे थे। इन दोनों की अधिक उम्र और बीमारियों का जिक्र करते हुए उनकी रिहाई की मांग की गयी है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन दोनों की गिरफ्तारी के खिलाफ 15 से 19 नवंबर तक प्रतिरोध दिवस मनाया जाएगा और 20 नवंबर को भारत बंद कराया जाएगा।

7 प्रदेश, 200 वारदात और 50 साल से थी तलाश! झारखंड पुलिस ने विगत 12 नवंबर को सरायकेला के कांड्रा टोल ब्रिज के पास भाकपा माओवादी नक्सली संगठन में दूसरे नंबर के नेता और एक करोड़ के इनामी प्रशांत बोस उर्फ किशन दा उर्फ बूढ़ा और उसकी पत्नी शीला मरांडी को गिरफ्तार किया था। प्रशांत बोस पर झारखंड सहित बिहार, बंगाल, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और आंध्रप्रदेश सहित कई राज्यों में दो सौ से भी अधिक नक्सली वारदातों को अंजाम देने का आरोप है। पुलिस की विभिन्न एजेंसियां पांच दशकों से उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत थीं। 

भाजपाईयों के दम पर किसान की जमीन कब्जाने का प्रयास!

बिजनौर। भाजपा के एक जिला स्तरीय पदाधिकारी की शह पर एक किसान की जमीन कब्जाने का प्रयास किया जा रहा है! किसान ने शिव सैनिकों के साथ जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंप कर न्याय की गुहार लगाई है।

ग्राम मिर्जापुर महेश उर्फ बांकपुर निवासी गौरव कुमार पुत्र कोमल सिंह ने शिव सेना जिला प्रमुख चौधरी वीर सिंह सहित शिव सैनिकों के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें एक प्रार्थना पत्र सौंपा। गौरव का आरोप है कि भाजपा के एक जिला स्तरीय पदाधिकारी व अन्य भाजपाइयों के इशारे पर शहर का एक होटल व्यवसाई ग्राम रसूलपुर पिरथी में स्थित उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहता है। गौरव के अनुसार कम स्टाम्प होने के चलते एसडीएम राजस्व के यहां मुकदमा चल रहा था। उस पर आठ लाख रुपए कम स्टाम्प व तीन लाख रुपए पैनल्टी लगाई गई थी। इसके बाद उसने 9.5 लाख रुपए जमा कर दिए। कुछ दिन पूर्व वह अपनी जमीन पर ईंट उतरवा रहा था। इसी बीच होटल व्यवसाई भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारी व अन्य भाजपाइयों के साथ वहां पहुंचे और साथ अभद्रता करते हुए पुलिस बुला ली। गौरव के अनुसार उसने पुलिस को जमीन सम्बंधित कागजात दिखाए। गौरव का कहना है कि भाजपाइयों के दबाव में उसकी जमीन पर कब्जा किया जा सकता है। वहीं इस सम्बंध में जब होटल व्यवसाई से बात करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बात नहीं हो सकी। उधर भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारी ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। शिकायकर्ता के आरोपों में कोई भी सच्चाई नहीं है। इस मामले में उक्त पक्ष को कानूनी नोटिस दिया जा रहा है।

हत्या या आत्महत्या: पुलिस ने दबाव में लगवाया अंगूठा!

कासगंज: अल्ताफ की मौत पर फिर बदला पिता का बयान। हवालात में अल्ताफ की मौत का प्रकरण। पुलिस ने दबाव में लगवाया अंगूठा।


लखनऊ। कासगंज में पुलिस हिरासत में अल्ताफ की मौत पर उसके पिता ने एक बार फिर बयान बदलते हुए कहा है कि बेटे ने आत्महत्या नहीं की है। उसकी मौत की जांच होनी चाहिए। बेटे की मौत से उसकी मां भी सुधबुध खो बैठी है। मां का कहना है कि हमें रुपए नहीं बल्कि न्याय चाहिए।

किशोरी को अगवा करने के आरोपी अल्ताफ की मंगलवार को मौत के बाद उसके पिता चांद मियां ने पुलिस पर आरोप लगाया था कि कोतवाली में पुलिस ने उनके बेटे की हत्या कर दी। बुधवार को पिता ने बयान बदलते हुए पुलिस को लिखकर दिया और वीडियो में भी कहा कि उनका बेटा तनाव में था। इस कारण उसने थाने में फांसी लगा ली। पुलिस ने उपचार कराया, लेकिन मौत हो गई। गुरुवार को फिर मृतक अल्ताफ के पिता ने बयान बदलते हुए कहा कि वो बेटे की मौत से सदमे में थे। वे अनपढ़ हैं, पुलिस ने दबाव में अंगूठा लगवा लिया। उन्हें न्याय चाहिए।

पहुंचे विपक्ष के नेता: मृतक अल्ताफ की मां फातिमा बेसुध है। सांत्वना देने पहुंचे विपक्ष के नेता कह रहे थे कि धैर्य रखें, परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। इस बीच मां कह रही थी कि उनके बेटे को पुलिस ने मारा है। उन्हें रुपए की जरूरत नहीं है, बल्कि न्याय चाहिए। बेटे की मौत के लिए जो भी दोषी हो उसको सजा मिलनी चाहिए।

सीओ कासगंज की सफाई: सीओ कासगंज सदर दीपकुमार पंत ने कहा कि मृतक के पिता ने पुलिस को लिखित में बयान दिया है और वीडियो में भी कहा कि उनका बेटा तनाव में था और आत्महत्या कर ली। पिता मानसिक रूप से अभी परेशान हैं। इसलिए बार-बार बयान बदल रहे हैं। इसके अलावा तमाम लोग मिलने आ रहे हैं और पीड़ित परिवार को बरगला रहे हैं। हो सकता है वो प्रलोभन में भी हों। 


यह है मामला:
कासगंज सदर कोतवाली के हवालात में अल्ताफ की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उस पर किशोरी को अगवा करने का आरोप था। उसकी मौत पर एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने बयान दिया था कि युवक ने अपनी जैकेट की डोरी से फांसी लगाकर जान दी। इस मामले को लेकर विपक्षी दल यूपी सरकार को घेरने में जुटे हैं। 

चढ़ता जा रहा सियासी पारा:
हवालात के शौचालय में युवक की मौत के मामले में सियासी पारा चढ़ता ही जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, यूपी कांग्रेस प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, बसपा सुप्रीमो मायावती, एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर इस मामले में न्यायिक जांच और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग उठाई है।

एसपी ने सुनाई कमजोर पटकथा: प्रदेश के इस समय के सबसे चर्चित कांड पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले में कासगंज के एसपी रोहन बोत्रे पुणे के रहने वाले हैं। वे 2016 बैच के आईपीएस के अधिकारी हैं। उन्होंने अमेरिका से सिविल इंजीनियरिंग की शिक्षा ग्रहण की है। आगरा जनपद में एसपी सिटी रहते हुए उन्होंने कई बड़े मामलों के खुलासे किए हैं। ऐसे में कासगंज एसपी के रूप में उन्होंने अल्ताफ की सन्दिग्ध मौत की जो पटकथा सुनाई है उस कारण से वो आज इस केस से ज्यादा चर्चा में हैं।

रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह का गंभीर ट्वीट

उत्तर प्रदेश के रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने इस मामले में ट्वीट कर कहा है कि इस कांड की एक घिसीपिटी हुई स्क्रिप्ट पुलिस ने तैयार की है, जिस पर एसपी कासगंज ने अपना बयान दे दिया। उनका कहना है कि इस मामले की अगर पुलिस से हटकर न्यायिक जांच कराई गई तो युवक की सन्दिग्ध मौत का सच सामने आ जाएगा।

अब होंगे नए तरह के युद्ध: सीमा पर नहीं, शहरों में होगी जंग


दुनिया के देश आधुनिक युद्धास्त्र बनाने में लगे हैं।परमाणु बम, हाइड्रोजन बम के आगे के विनाशक बम पर काम चल रहा है। सुपर सोनिक मिसाइल बन रही हैं, किंतु लगता है कि आधुनिक युद्ध इन सबसे अलग तरह के अस्त्र−शस्त्रों के लड़ा जाएगा। अलग तरह के युद्ध होंगे। आने वाले युद्ध सीमा पर नहीं, शहरों में लड़े जाएगे। घरों में लड़े जाएगे। गली–मुहल्लों में लड़े जाएंगे। अभी से हमें इसके लिए सोचना और तैयार होना होगा।
पुणे इंटरनेशनल सेंटर द्वारा आयोजित ‘पुणे डॉयलॉग’ में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि भविष्य में खतरनाक जैविक हथियार दुनिया के लिए गंभीर परिणाम साबित हो सकता है। दुनिया के लिए किसी भी जानलेवा वायरस को हथियार बनाकर इस्तेमाल करना गंभीर बात है। एनएसए डोभाल ने अपने बयान में कोरोना वायरस का उदाहरण देते हुए जैविक हथियारों का मुद्दा उठाया। ‘आपदा एवं महामारी के युग में राष्ट्रीय सुरक्षा की तैयारियों ’ पर बोलते हुए अजीत डोभाल ने कहा कि आपदा और महामारी का खतरा किसी सीमा के अंदर तक सीमित नहीं रहता और उससे अकेले नहीं निपटा जा सकता। इससे होने वाले नुकसान को घटाने की जरूरत है।
अभी तक पूरी दुनिया इस खतरे से जूझ रही है कि परमाणु बम किसी आतंकवादी संगठन के हाथ न लग जाए। उनके हाथ में जाने से इसे किस तरह रोका जाएॽ उधर आतंकवादी नए तरह के हथियार प्रयोग कर रहे हैं। शिक्षा बढ़ी है तो सबका सोच बढ़ा है। दुनिया के सुरक्षा संगठन समाज का सुरक्षित माहौल देने का प्रयास कर रहे हैं।आंतकवादी घटनाएं कैसे रोकी जाएं, ययोजनाएं बना रहे हैं। आंतकवादी इनमें से निकलने के रास्ते खोज रहे हैं। वे नए−नए हथियार बना रहे हैं। अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सैंटर पर हमले से पहले कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि विमान को भी घातक हथियार के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसमें विमानों को बम की तरह इस्तेमाल किया गया। माचिस की तिल्ली आग जलाने के लिए काम आती है। बिजनौर में कुछ आंतकवादी इन माचिस की तिल्लियों का मसाला उतार कर उसे गैस के सिलेंडर में भर कर बम बनाते विस्फोट हो जाने से घायल हुए थे।
हम विज्ञान और कम्यूटर की ओर गए। हमारे युद्धास्त्र कम्यूटरीकृत हो रहे हैं। उधर शत्रु इस सिस्टम को हैक करने के उपाए खोज रहा है। लेजर बम बन रहे हैं। हो सकता है कि हैकर शस्त्रों के सिस्टम हैक करके उनका प्रयोग मानवता के विनाश के लिए कर बैठें। बनाने वालों के निर्दे कोड से बने बनाए शस्त्र हैकर के इशारे पर चलने लगें।
रोगों के निदान के लिए वैज्ञानिक वायरस पर खोज रहे हैं। उनके टीके बना रहे हैं। दवा विकसित कर रहे हैं, तो कुछ वैज्ञानिक इस वायरस को शस्त्र के रूप में प्रयोग कर रहे हैं।
साल 1763 में ब्रिटिश सेना ने अमेरिकियों पर चेचक के वायरस का इस्तेमाल हथियार की तरह किया। 1940 में जापान की वायुसेना ने चीन के एक क्षेत्र में बम के जरिये प्लेग फैलाया था। 1942 में जापान के 10 हजार सैनिक अपने ही जैविक हथियारों का शिकार हो गए थे। हाल ही के दिनों में आतंकी गतिविधियों के लिए जैविक हथियार के इस्तेमाल की बात सामने आई है। इससे हमें सचेत रहना होगा। सीमाओं की सुरक्षा के साथ इन जैविक शास्त्रों से निपटने के उपाए खोजने होंगे। चीन की लैब में विकसित हो रहा कोरोना का वायरस अगर लीक न होता तो आने वाले समय में उसके किस विरोधी देश में फैलता यह नहीं समझा जा सकता, क्योंकि आज चीन की एक–दो देश छोड़ पूरी दुनिया से लड़ाई है।
लगता है कि आधुनिक युद्ध कोरोना की तरह शहरों में, गलियों में और भीड वाली जगह में लड़ा जाएगा। किसी विषाक्त वाररस से हमें कारोना के बचाव की तरह जूझना होगा।
बुजुर्ग कहते आए हैं कि ईश्वर जो करता है, अच्छा करता है। हर मुसीबत में कोई संदेश, कोई भविष्य के लिए तैयारी होती है। ऐसा ही शायद कोरोना महामारी के बारे में माना और समझा जा सकता है। जब यह महामारी फैली तो इसके लिए पूरा विश्व तैयार नहीं था। इसके फैलने पर सब आश्चर्यचकित से हो गए किसी की समझ नहीं आया। आज डेढ़ साल से ज्यादा हो गया, इसकी दुष्ट छाया से हमें मुक्ति नहीं मिली।आंकड़ों के अनुसार इस दौरान पूरी दुनिया में 50 लाख से ज्यादा मौत हुईं हैं।
जब यह महामारी आई तो किसी को न इसके बारे में पता था, न ही इसके लिए कोई तैयार था। आज डेढ़ साल के समय में दुनिया ने इसके अनुरूप अपने को तैयार कर लिया। वैक्सीन बनाई ही नहीं, तेजी से लगाई भी जा रही है। ये सब जानते हैं कि कोराना अभी गया नहीं, फिर भी अधिकतर लोग लापरवाह हो गए हैं। इसके प्रति बरते जाने वाले सुरक्षा उपाए करने छोड़ दिए। हमने इसके साथ जीना सीखा लिया।
आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की मार झेल रही है। भविष्य के जैविक हथियारों के खिलाफ सुरक्षा रणनीति को लेकर अजीत डोभाल ने कहा कि देश को अब नई रणनीति बनाने की जरूरत है। चीन का नाम लिए बिना अजीत डोभाल ने कहा कि बायोलॉजिकल रिसर्च करना बेहद जरूरी है। लेकिन इसकी आड़ में इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ऐसी रणनीति बनाई जाए जो हमारे मकसद को पूरा करे और हमारा नुकसान कम से कम हो।
कोरोना से युद्ध के बाद देश चिकित्सा सुविधा का विस्तार कर रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन की मारामारी मची। आज हम जिला स्तर पर सरकारी अस्पताल में अक्सीजन बनाने के संयंत्र लगा चुके हैं। जिला स्तर तक मेडिकल कॉलेज बनाना शायद इसी रणनीति का भाग है। जगह –जगह आधुनिक अस्पताल बन रहे हैं। वैक्सीन विकास का काम भी इसी की कड़ी का एक हिस्सा है। प्रकृति के दोहन के दुष्परिणाम से होने वाली आपदाएं हमें झेलनी होंगी। उसके लिए तैयार होना होगा और काम करना होगा। चिकित्सा सुविधाएं गांव−गांव तक पहुंचानी होंगी। स्वास्थ्य वर्कर गांव–गांव तक तैयार करने होंगे। आपदा नियंत्रण के लिए जन चेतना पैदा करने के लिए गांव−गांव तक वालियंटर बनाने और उन्हें प्रशिक्षित करना होगा। हमला किस तरह का होगा, उसका रूप क्या होगा, नहीं कहा जा सकता। बस नए हालात और परिस्थिति के लिए हम अपने और अपने समाज को तैयार कर सकतें हैं।


अशोक मधुप (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

Sameer Wankhede: जिनसे थर्राते हैं ड्रग माफिया

By Piyush Keshari

सुपस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को जेल की सलाखों के पीछे तक पहुंचाने वाले NCB (Narcotics Control Bureau) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की छवि एक सख्त अधिकारी की है। सामने चाहे कितनी ही बड़ी सेलिब्रिटी क्यों ना हो, समीर वानखेड़े बिना किसी के दबाव में आए अपना काम करते हैं। समीर वानखेड़े के नेतृत्व में ही NCB ने कई बड़े सेलिब्रिटी पर कार्रवाई की है। समीर ने 2 अक्टूबर 2021 को एक क्रूज पर एक पार्टी में छापेमारी के बाद आर्यन को गिरफ्तार किया था। ड्रग्स के मामलों में समीर के खबरियों का जबरदस्त नेटवर्क है। उनके जोनल डायरेक्टर बनने के बाद महज 2 साल में ही NCB ने करीब 17 हजार करोड़ रुपए के नशे और ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर पिछले कई दिनों से चर्चा में हैं। पिछले साल सुशांत सिंह राजपूत केस से पहली बार सुर्खियों में आए। अब शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने को लेकर लगातार छाये हैं। इस बीच सोमवार (11 अक्टूबर 2021) को समीर वानखेड़े ने सनसनीखेज आरोप लगाए कि पिछले कुछ दिनों से उनकी जासूसी कराई जा रही है। समीर वानखेड़े ने महाराष्ट्र पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया है कि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। समीर वानखेड़े ने अपनी शिकायत में कहा है कि सिविल कपड़े पहने दो पुलिसकर्मी उनका पीछा कर रहे हैं। वानखेड़े ने अपनी शिकायत के साथ सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे हैं।

कौन हैं समीर वानखेड़े:

सुशांत सिंह राजपूत केस और अब बॉलीवुड के किंग खान Shahrukh Khan के बेटे Aryan Khan केस के बाद में चर्चा में रहने वाले NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े का जन्म मायानगरी मुंबई में ही हुआ है। समीर वानखेड़े के पिता एक पुलिस अधिकारी थे। समीर एक IAS अधिकारी हैं। उनका जन्म 1984, महाराष्ट्र में हुआ था और अब, वह 2021 तक 37 वर्ष के हो गए हैं। वह अपने काम में सख्त रहा है। समीर के निर्देशन में कई मशहूर हस्तियों के घरों से बड़ी संख्या में ड्रग्स का खुलासा हुआ है, जिसमें हंसी रानीभारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया और अब अभिनेता शाहरुख खान के 23 साल के बेटे आर्यन खान शामिल हैं।

समीर वानखेड़े ने अपनी स्कूली शिक्षा एक निजी स्कूल से पूरी की है। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद समीर वानखेड़े ने सिविल परीक्षा पास करने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने खूब मेहनत की। साल 2008 में उनकी मेहनत रंग लाई और वह IAS अधिकारी बन गए।

समीर वानखेड़े का करियर:-

भारतीय राजस्व सेवा ज्वाइन करने के बाद समीर वानखेड़े की नियुक्ति मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport) पर डिप्टी कस्टम कमिश्नर (deputy customs commissioner) के तौर पर हुई। यहां समीर वानखेड़े ने बेहतरीन काम किया और नियमों को सख्ती से लागू किया। मुंबई का छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ऐसा एयरपोर्ट है, जहां लगातार सेलिब्रिटी का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन समीर वानखेड़े को कभी इससे फर्क नहीं पड़ता कि सामने कौन है।

समीर वानखेड़े के अच्छे कामों को देखते हुए उन्हें पहले आंध्र प्रदेश और फिर दिल्ली भी भेजा गया। इसके बाद समीर वानखेड़े की तैनाती नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मुंबई के जोनल डायरेक्टर तौर पर हुई। NCB में रहते हुए समीर वानखेड़े ने नशे और ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश करना शुरू किया।

समीर वानखेड़े नियमों को लेकर काफी सख्त रहे हैं। जब उनकी तैनाती मुंबई एयरपोर्ट पर हुई तो उन्होंने सबसे पहले अपने जूनियर्स को सेलेब्रिटीज के पीछे भागने या उनके साथ सेल्फी लेने से रोका। इसके बाद समीर वानखेड़े ने देखा कि बॉलीवुड स्टार्स विदेश से ज्यादा सामान लेकर आते हैं और अपने असिस्टेंट से सामान उठवाते थे। इसके अलावा बॉलीवुड स्टार्स के नखरों से भी समीर वानखेड़े परेशान हो गए। इसके बाद समीर वानखेड़े ने तय कर दिया कि हर यात्री अपना सामान खुद ही उठाएगा।

समीर वानखेड़े की पत्नी:

समीर वानखेड़े ने मराठी अभिनेत्री क्रांति रेडकर से 2017 में शादी की। अब दोनों जुड़वां बेटियों के माता- पिता हैं। क्रांति रेडकर का जन्म मुंबई में ही हुआ है। बहुत कम लोग जानते हैं कि समीर वानखेड़े की पत्नी क्रांति रेडकर एक बहुत ही मशहूर अभिनेत्री हैं। क्रांति ने अजय देवगन के साथ फिल्म गंगाजल में काम किया है। इसके अलावा वह कई टीवी सीरियल में काम कर चुकी हैं। क्रांति बॉलीवुड से ज्यादा मराठी सिनेमा में सक्रिय हैं। इसके साथ ही उन्होंने अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया है और उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाया है।

समीर वानखेड़े के बारे में कुछ अज्ञात तथ्य:

  • समीर वानखेड़े ने बताया कि कई बार सेलेब्रिटीज उनसे बहस करते हैं। कई बार उन्हें सीनियर्स से शिकायत करने की धमकी भी देते हैं लेकिन जब वह उन्हें बताते है कि यहाँ सबसे सीनियर वही हैं तो फिर चुपचाप लाइन में लग जाते हैं।
  • एक बार एक दिग्गज क्रिकेटर के एक्टर बेटे और एक अन्य क्रिकेटर की पत्नी से भी फाइन ना भरने को लेकर समीर वानखेड़े की बहस हो चुकी है। इसके बाद समीर वानखेड़े ने उन्हें टैक्स चोरी के आरोप में गिरफ्तार करने की बात कह दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ और उन्होंने फाइन भरा।
  • साल 2013 में समीर वानखेड़े ने बॉलीवुड गायक मीका सिंह को मुंबई एयरपोर्ट पर विदेशी मुद्रा के साथ पकड़ा था।
  • समीर वानखेड़े नियमों को लेकर कितने सख्त हैं, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने साल 2011 में सोने से बनी क्रिकेट विश्वकप की ट्रॉफी को ड्यूटी चार्ज का भुगतान करने के बाद ही मुंबई हवाई अड्डे से जाने दिया था।
  • साल 2010 में महाराष्ट्र सेवा कर विभाग में तैनाती के बाद समीर वानखेड़े ने लिए बॉलीवुड की 200 मशहूर हस्तियों समेत 2500 लोगों के खिलाफ टैक्स चोरी के मामले में कार्रवाई की।
  • समीर वानखेड़े के रहते हुए दो साल में 87 करोड़ रुपए का राजस्व भी सरकारी खजाने में जोड़ा था, जो मुंबई में एक रिकॉर्ड है।
  • साल 2021 में समीर वानखेड़े के नेतृत्व में NCB ने मुंबई में एक पैसेंजर क्रूज शिप पर छापा मारा और एक रेव पार्टी का भंडाफोड़ किया। इस पार्टी में ड्रग्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। NCB ने इस मामले में शाहरुख़ खाने के बेटे आर्यन खान सहित 3 लोगों को हिरासत में लिया था।

SP सिटी ने दिलाया किसान परिवार को न्याय

खबर का असर

बिजनौर। दबंगों के कहर से परेशान एक गरीब किसान के न्याय न मिलने पर परिवार समेत आत्मदाह की चेतावनी के बाद पुलिस अधीक्षक (नगर) ने पीड़ित किसान परिवार को न्याय दििलाया।

जानकारी के अनुसार नरेश सिंह पुत्र शिव ध्यान सिंह राजा का ताजपुर थाना नूरपुर जिला बिजनौर का रहने वाला एक गरीब किसान है। आरोप है कि 6-10-2021 को नरेश सिंह अपने खेत पर काम कर रहा था। इस दौरान कुछ दबंगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना में किसान की एक टांग टूट गई और सिर में काफी चोट आईं। पीड़ित ने थाना नूरपुर में गांव के ही कई लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी, जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पुलिस अधीक्षक से भी लिखित शिकायत की गई। जिला अस्पताल में भर्ती किसान ने एक दिन पूर्व ही न्याय न मिलने पर अपने परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसकी जानकारी जैसे ही पुलिस अधीक्षक (नगर) को मिली तब उन्होंने थानाध्यक्ष को निर्देशित किया। तब दो अभियुक्तों पकड़ कर चालान कर दिया गया। अब पीड़ित किसान परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बंधी है।

किसान ने दी परिवार समेत आत्मदाह की चेतावनी

बिजनौर। दबंगों के कहर से परेशान एक गरीब किसान ने न्याय न मिलने पर परिवार समेत आत्मदाह की चेतावनी दी है।

जानकारी के अनुसार नरेश सिंह पुत्र शिव ध्यान सिंह राजा का ताजपुर थाना नूरपुर जिला बिजनौर का रहने वाला एक गरीब किसान है। आरोप है कि 6-10-2021 को नरेश सिंह अपने खेत पर काम कर रहा था। इस दौरान कुछ दबंगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना में किसान की एक टांग टूट गई और सिर में काफी चोट आईं। पीड़ित ने थाना नूरपुर में गांव के ही कई लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी, जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पुलिस अधीक्षक से भी लिखित शिकायत की । जिला अस्पताल में भर्ती किसान ने न्याय न मिलने पर अपने परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी दी है।

आपूर्ति विभाग की मिलीभगत से लोगों के राशन पर डाला जा रहा डाका!

बिजनौर। आपूर्ति विभाग की मिलीभगत से लोगों के राशन पर डाका डाला जा रहा है। ये बात सोलह आने सच है। जिले भर के अधिकतर राशन डीलर कटौती (घटतौली) कर रहे हैं। उपभोक्ता शिकायत करें तो किस से, क्योंकि हमाम में सभी नंगे हैं! राशन डीलर उपभोक्ता के प्रति यूनिट आधा किलो की कटौती कर रहे हैं। बताया गया है कि इस कटौती के पीछे एक पूरा काकस सक्रिय है। दरअसल आपूर्ति विभाग के छोटे से लेकर बड़े अधिकारी, कर्मचारी मिले हुए हैं? गोदाम से राशन सामग्री उठाकर किसी अन्य जगह भेज दी जाती है। उपभोक्ता को कम राशन दिया जाता है, कोई पूछ ले तो उसे समझाया जाता है कि इतने के ही आदेश हैं। इस पर भी यदि कोई ज्यादा पूछताछ करता है तो उसे कायदे से समझा भी दिया जाता है।

शिकायत के लिए लोग जुटाओ: जिला पूर्ति अधिकारी के लिये राशन डीलर द्वारा कटौती की शिकायत कुछ भी मायने नहीं रखती। अभी हाल ही में एक ग्रामीण द्वारा अपने राशन डीलर द्वारा की जा रही कटौती की शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी से की गई। मजेदार बात यह है कि डीएसओ ने साफ शब्दों में समझा दिया कि कुछ और शिकायतकर्ता लाओ, एक व्यक्ति की शिकायत मायने नहीं रखती।

नक्कारखाने में तूती की आवाज

जानकारी के अनुसार कोटेदार को राशन पर 70 पैसा प्रति किलो की दर से कमीशन मिलता है। उदाहरण के तौर पर मानिये कि किसी पात्र व्यक्ति का सिर्फ एक यूनिट है यानी 5 किलो तो कोटेदार का कमीशन होगा 5×70 पैसा=3 ₹ 50 पैसा। किसी पात्र परिवार, जिसके 4 यूनिट हैं, उसमें कोटेदार को 14 रुपए मिलते हैं। कोटेदार की दुकान तक राशन उत्तर प्रदेश सरकार अपने खर्च से पहुंचाती है। फिर भी अगर कोई कोटेदार घटतौली करता है तो तुरन्त *1076 या 1075 शिकायत कर सकते हैं।

हिस्ट्रीशीटर के भाई ने मॉडल शॉप कर्मचारी को पीट पीट कर मार डाला

  • मनीष गुप्ता के बाद मनीष प्रजापति को गुंडों ने मार डाला
  • वरदानी मॉडल शॉप की कैंटीन पर काम करता था युवक

लखनऊ। कानपुर के व्यापारी मनीष हत्याकांड को लेकर मचे बवाल के बीच गोरखपुर में एक और हत्या हो गई। रामगढ़ताल क्षेत्र में गुरुवार रात हिस्ट्रीशीटर के भाई और उसके साथियों ने मॉडल शॉप के कर्मचारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। उसे बचाने आये कर्मचारी को अधमरा कर दिया। मौके पर एडीजी अखिल कुमार, डीआईजी जे. रवीन्द्र गौड़ तथा कैंट व  रामगढ़ताल पुलिस पहुंच गए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलवारों की तलाश शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार महराजगंज के नागेंद्र प्रताप सिंह का रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में वरदायिनी के पास मॉडल शॉप है। उनके बेटे मनीष सिंह इसका संचालन करते हैं। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के पनगढ़ी निवासी मनीष प्रजापति (23 वर्ष) पुत्र श्रवण प्रजापति मॉडल शॉप पर कैंटीन कर्मचारी के रूप में काम करता था। 

आरोप है कि कोतवाली इलाके के हिस्ट्रीशीटर का भाई अपने साथियों के साथ पहुंचा। आर्डर लेने आए कर्मचारी से उन्होंने शराब लाने के लिए कहा। कैंटीन कर्मचारी ने पैसा मांगा। इससे नाराज एक युवक खुद को एक हिस्ट्रीशीटर का भाई बता कर धमकी देने लगा। इसी को लेकर बात बढ़ गई। आरोपियों ने बवाल शुरू कर दिया। इस पर कर्मचारी मॉडल के अंदर जा कर छिप गए। आरोपियों ने अंदर घुसकर कर्मचारी मनीष प्रजापति को हॉकी और डंडे से पीटना शुरू कर दिया। बचाने गए उसके साथी बहराइच के हुजूरपुर थाना क्षेत्र स्थित पातोपुर निवासी रघु की भी पिटाई कर दी। वहीं अन्य वेटर व कर्मचारी जान बचाकर भागने लगे। हमलावरों के आतंक से मॉडल शॉप में काम करने वाले अन्य वेटर और कर्मचारी उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।

हमले के दौरान कोई काउंटर तो कोई मेज के नीचे छिप गया। आरोपी पिटाई कर आराम से निकल गए। दोनों घायलों को पास के एक हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।रास्ते में ही मनीष की मौत हो गई। गंभीर घायल रघु का इलाज चल रहा है। पुलिस ने सरेआम हुई गुंडागर्दी के आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आरोपियों की तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गई है। सूचना के बाद मौके पर एडीजी अखिल कुमार और डीआईजी जे. रवीन्द्र गौड़ तथा कैंट और रामगढ़ताल पुलिस पहुंची गई।


चोरी करने से रोका तो दबंगों ने जहर डाल कर तालाब की मछलियों को मारा

बिजनौर। तालाब में मछलियां पालने वाले ने गांव के ही चार दबंगों को मछली चोरी करते पकड़ा तो पुत्र समेत पीटा गया। इतने पर भी मन नहीं भरा तो दबंगों ने तालाब में जहर डाल कर सभी मछलियों की जान ले ली। उस पर थाना पुलिस भी उस्ताद निकली, पीड़ित की शिकायत पर दोनों ही पक्षों का चालान कर दिया। अब पीड़ित मछली पालक की पत्नी ने कलक्ट्रेट पहुंच कर न्याय की गुहार लगाई है। मरी हुई मछलियों की कीमत ₹पांच लाख बताई गई है।

ये है पूरा मामला: नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव उमरी खादान निवासी किसान शहीद अहमद ने गांव में ही एक तालाब में मछली पालन किया हुआ है। एक रात्रि में शहीद ने अपने तालाब से मछलियां चोरी करते हुए गांव के ही कुछ दबंगो को मौके पर पकड़ा। आरोप है कि शहीद ने जब इन सभी को मछली चोरी करने के लिए मना किया तो उक्त लोगों ने शहीद व उसके लड़के सैफ अली की जमकर मारपीट कर दी। इसमें शहीद और सैफ घायल हो गए। घायलों द्वारा अस्पताल में उपचार कराया गया। बाद में इकबाल, मानू, इसरार और फयाजू के खिलाफ तहरीर दी गई तो पुलिस ने कार्यवाही करते हुए दोनों पक्ष के लोगों का चालान कर दिया।

न्याय की गुहार: इसी के चलते पीड़ित शहीद की पत्नी ग्रामीणों और परिजनों के साथ कलक्ट्रेट परिसर पहुंची। वहां उसने जिला प्रशासन से मरी मछलियों के मुआवजे और उक्त दबंगो के खिलाफ कार्यवाही की गुहार लगाई। मरी हुई मछलियों की कीमत ₹पांच लाख बताई गई है।

राजधानी में दबंगों के हौसले पूरी तरह बुलंद

सूबे की राजधानी में दबंगों के हौसले बुलंद। आपराधिक घटनाओं को अंजाम देना बाएं हाथ का खेल। आटोमोबाइल दुकान को किया आग के हवाले।

लखनऊ। सूबे की राजधानी में दबंगों के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं। किसी भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देना मानों दबंगों के लिए बाएं हाथ का खेल बन गया है। ताजा मामला लखनऊ कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले थाना काकोरी क्षेत्र से सामने आया है, जहां कुछ आपराधिक किस्म के लोगों ने देर रात एक दुकान को आग के हवाले कर दिया।

पूरा मामला काकोरी थाना क्षेत्र के हलुआ ग्राम पंचायत का है। कुछ अज्ञात लोगों ने चौराहे पर ही स्थित यादव ऑटो मोबाइल्स मोटर साइकिल दुकान में आग लगा दी और मौके से फरार हो गए। दुकान मालिक मुकेश यादव उर्फ मस्तराम यादव खुद वार्ड नंबर 16 से क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। उनका कहना है कि इस घटना में दुकान में रखा लाखों का सामान समेत धनराशि जलकर खाक हो गई। साथ ही दो मोटरसाइकिल भी पूरी तरह से राख के ढेर में तब्दील हो गई।

पीड़ित दुकान मालिक ने निकटम थाना क्षेत्राधिकारी को लिखित में शिकायत देकर घटना से सूचित करवाया है और आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अभिभावक को स्कूल में बंद कर पीटा, गोली मारने की धमकी!

विद्यालय की छुट्टी जल्दी होने की शिकायत अभिभावक को पड़ी भारी। अध्यापक ने अभिभावक के साथ की मारपीट।

बिजनौर। विद्यालय की छुट्टी जल्दी होने की शिकायत अभिभावक को भारी पड़ गई। अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले अध्यापक ने गरिमा तार तार कर दी। दबंग शिक्षक ने अभिभावक को स्कूल में जमकर पीटा और दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा। यही नहीं गांव के राशन डीलर को पीड़ित अभिभावक के घर भेज कर गोली मारने की धमकी भी दी। फिलहाल मामला पुलिस के पास है और विकास क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी भी जांच कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार नहटौर क्षेत्र के ग्राम पाडली मांडू निवासी शौकीन अहमद पुत्र मुन्ने का बेटा प्राथमिक विद्यालय पाडली प्रथम में अध्ययनरत है। बताया जाता है कि स्कूल स्टाफ ने बच्चों की छुट्टी कर दी, जल्दी छुट्टी होने पर विद्यालय में पहुंचे शौकीन ने विद्यालय स्टाफ से शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि शिक्षक सचिन चौधरी ने शौकीन अहमद को गालियां देते हुए मारपीट कर स्कूल के एक कमरे में बंधक बना लिया। दो घंटे तक बंधक रहे शौकीन को अन्य स्टाफ ने शिक्षक सचिन के चंगुल से आजाद कराया। किसी तरह घर पहुंच कर शौकीन ने जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजनों के साथ शौकीन अहमद ने नीदडू पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही साथ नहटौर विकास क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार से भी लिखित में शिकायत की। वहीं शिक्षक सचिन ने आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है। आरोप यह भी है कि गांव का राशन डीलर शिक्षक की ओर से धमकी देने आया कि सचिन से उलझो मत, वो गोली मार देगा। दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं गुरु जी- आरोप है कि अधिकांश समय अध्यापक मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं। कोई व्हाट्सएप्प में जुटा रहता है तो कोई यूट्यूब या फ़ेसबुक में। किसी को देश के नौनिहालों के भविष्य की चिंता नहीं है। ऐसे अध्यापक भारी भरकम तनख्वाह सरकार से वसूल कर अपने कर्तव्य की अनदेखी कर रहे हैं। टोकने पर अभिभावकों के साथ गुंडागर्दी पर उतारू हो जाते हैं। यही नहीं कहते हैं कि अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाओ। दो साल पहले बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल ने चेतावनी भी दी थी कि स्कूल टाइम में ऑनलाइन मिलने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।

फर्जी कागजात के आधार पर बना राशन डीलर, अगली पोस्ट…

श्री कृष्ण गौशाला प्रकरण में उच्चाधिकारियों को भेजा पत्र

नगीना (बिजनौर)। श्री कृष्ण गौशाला (पंजी.) की अध्यक्ष अलका लाहोटी ने पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह समेत आला अफसरों को शिकायती पत्र भेजकर गौशाला की संरक्षक सदस्य रही रेणुका शर्मा व उनके सहयोगियों द्वारा कोविड-19 का उल्लंघन कर पुलिस के सहयोग से गौशाला के मुख्य द्वार का ताला खोलकर अवैध रूप से कब्जा करने की शिकायत कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

श्री कृष्ण गौशाला की अध्यक्ष अलका लाहोटी ने पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पुलिस डीजीपी उत्तर प्रदेश, गौ सेवा आयोग चेयरमैन उत्तर प्रदेश, मंडल आयुक्त मुरादाबाद, डीआईजी मुरादाबाद, जिलाधिकारी बिजनौर, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी को अलग-अलग शिकायती पत्र भेजे हैं। इनमें कहा कि गौशाला की कमेटी से निष्कासित रेणुका शर्मा ने अपने सहयोगियों प्रभात चंद गुप्ता, प्रहलाद कुमार, घनश्याम मुटरेजा, ऋषि लाल, नंदकिशोर कॉलरा (तीनों कांवड़ सेवा समिति के पदाधिकारी) व कुछ अज्ञात समर्थकों को साथ लेकर स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से उनकी गैरमौजूदगी में गौशाला प्रांगण में 22 जुलाई 2021 को 5:30 बजे जबरन प्रवेश किया।

कोविड प्रोटोकॉल दरकिनार- आरोप लगाया कि उक्त समय कोविड-19 महामारी के कारण मात्र एक या दो आगंतुकों के सैनिटाइजेशन के पश्चात ही प्रवेश की अनुमति थी, जिसकी सूचना गौशाला के दोनों प्रवेश द्वारों पर लगाई गई थी। अपने को गोवंश की सेवा हितों की रक्षा करने वाले इस तथाकथित भीड़ ने रेणुका शर्मा की अगुवाई में गौशाला के द्वारों पर प्रवेश प्रतिबंध लगी सूचना को एक किनारे रख गौशाला में प्रवेश किया।

पुलिस ने किया सहयोग- भीड़ को प्रवेश कराने के लिए थाने का पुलिस बल मौजूद रहे। इनमें दरोगा वेद प्रकाश, दरोगा करमजीत सिंह, दरोगा विनोद कुमार, कांस्टेबल कृष्ण कुमार बबलू अन्य दर्जन भर कांस्टेबल मुख्य हैं। आरोप है कि उपरोक्त पुलिस दरोगाओ के निर्देश पर कांस्टेबल कृष्ण कुमार व बबलू ने गौशाला की भूमि में अवैध बने कृष्ण गोपाल महाविद्यालय की ओर से लोहे की बाड़ सेंसिंग को लांघ कर अंदर प्रवेश किया। रेणुका शर्मा व उनके सहयोगी गौशाला की अध्यक्ष के बारे में अशोभनीय बातें जैसे जेल भिजवा देंगे, अब तो अध्यक्ष नगीना नहीं आ पाएंगी आदि कहते रहे। यही नहीं कब्जा करने की नीयत से गौशाला में निवास करने की योजना के तहत देर रात तक गौशाला में अपने सहयोगियों के साथ बैठी रही। एक बैठक दिखाकर गौशाला के कुछ सदस्यों को डरा धमका कर प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करा लिए, जिनको बाद में फोटो शॉप करके प्रस्ताव के ऊपर का विवरण बदल लिया। बाद में गौशाला में निवास का इरादा छोड़ कर रेणुका शर्मा बहुत मुश्किल से गौशाला परिसर से बाहर आई।

सीसीटीवी फुटेज भी है सुबूत- शिकायती पत्र में सीसी कैमरे की फुटेज में फोटो की छाया प्रतियां भी संगलन की गई हैं। गौ सेवा समिति की अध्यक्ष अलका लाहोटी ने पुलिस अधीक्षक समेत सभी आला अफसरों से गौशाला में कोविड-19 का उल्लंघन करने व गौशाला पर अवैध कब्जा करने वाले रेणुका शर्मा व उनके साथियों के खिलाफ कार्यवाही किए जाने की मांग की है।

दलित की पिटाई से रोका तो दरोगा ने तानी मुंशी पर पिस्टल

मारपीट के आरोप में पकड़े गए दलित युवक को थाने में पीट रहे थे दो दरोगा। मुंशी ने रोका तो उस पर तानी पिस्टल। शिकायत पर पहुंचे एसपी ने किया दोनों दरोगाओं को सस्पेंड। एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला भी कराया दर्ज।

लखनऊ। विकास दुबे कांड से पिछले साल सबसे ज्यादा चर्चा में रही कानपुर पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। मारपीट के मामले में पकड़े गए एक दलित युवक को दो दरोगाओं ने थाने में बेरहमी से पीटा। मुंशी ने रोका तो दरोगा ने उस पर पिस्टल तान दी। सूचना पर पहुंचे एसपी ने दोनों दारोगाओं को सस्पेंड कर दिया है।

जानकारी के अनुसार जनपद कानपुर के थाना देवराहट अंतर्गत सुजौर गांव से मारपीट के आरोप में दलित प्रमोद कुमार को पकड़ा गया था। आरोप है कि थाने में दरोगा अनिल सिंह व दरोगा दिवाकर पांडे बेरहमी से पीट रहे थे। मुंशी राम किशन ने दरोगाओ को रोकना चाहा तो पहले उन के बीच तीखी नोकझोक हुई। बात इतनी बढ़ी कि अनिल कुमार ने मुंशी पर पिस्तौल तान दी। मुंशी ने तत्काल पूरे मामले की जानकारी वायरलेस सेट पर आला अधिकारियों को दे दी। एसपी केशव कुमार चौधरी मौके पर पहुंचे और उन्होंने दोनों दरोगाओ को सस्पेंड करने के साथ पीटे जा रहे युवक की तहरीर पर दोनों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला भी दर्ज करवा दिया। जांच क्षेत्राधिकारी भोगनीपुर को दी  गई है।

पहले से चर्चित रहे हैं दोनों दरोगा

थाने में दलित युवक की पिटाई करने वाले दोनों उप निरीक्षक पहले भी नशेबाजी व लोगों से बदसलूकी करने के लिए चर्चित रहे हैं। एसआई अनिल सिंह भदौरिया ने गजनेर थाने में तैनाती के दौरान एक अधिवक्ता को आधा किलो चरस लगाकर जेल भेजने की धमकी दी थी। वहीं अकबरपुर में तैनाती के दौरान एसआई दिवाकर पांडेय शाम को नशेबाजी के लिए चर्चित रहे।

दो दरोगाओं व सिपाही के खिलाफ हत्या व एससी एसटी एक्ट में मुकदमा

बिजनौर। नूरपुर थाने में तैनात एक वरिष्ठ उपनिरीक्षक, एक उपनिरीक्षक और 1 सिपाही सहित 8 लोगों पर न्यायालय के आदेश के बाद हत्या व एससी एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी चाँदपुर को सौंपी गयी है।  

जानकारी के अनुसार नूरपुर क्षेत्र के गांव झीरन निवासी जयपाल सिंह ने एडीजे कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि गत 12 जुलाई को उसके पुत्र नीटू का किसी बात को लेकर गांव के ही कल्लन, मनीष पुत्र शीशराम, मनीष पुत्र दलीप, देशी व चमन से विवाद हो गया था। इस विवाद के चलते हुई कहासुनी में पुलिस को बुला लिया गया था। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिव कुमार, हलका दरोगा शहजाद अली, कांस्टेबल सचिन व अन्य 4 से 5 अज्ञात पुलिसकर्मियों ने नीटू की निर्ममता से पिटाई की और मरणासन्न अवस्था में उठाकर अपने साथ ले गए थे।जयपाल सिंह ने कई बार अपने पुत्र के विषय में पुलिस से जानकारी चाही परन्तु उसे कोई संतोषजनक जबाब नहीं मिला। पत्र में बताया गया कि 17 जुलाई को दरोगा शहजाद अली उसके घर पहुंचा और जयपाल को बिजनौर स्थित गंगा बैराज ले गया। वहां पहले से ही काफी पुलिसकर्मी मौजूद थे। जयपाल सिंह ने आरोप  लगाया है कि वहां उसके साथ अभद्र व्यवहार कर गाली गलौज व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कोरे कागज पर उसके अंगूठे लगवा लिए गए और उसकी मर्जी के बिना नीटू का अंतिम संस्कार कर दिया गया। न्यायालय ने उक्त प्रार्थना पत्र पर विचार करने के बाद कल्लन, मनीष पुत्र शीशराम, मनीष पुत्र दलीप, देशी व चमन के साथ ही वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिव कुमार, उपनिरीक्षक शहजाद अली, कांस्टेबल सचिन कुमार व 4 से 5 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या व एससी एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी चाँदपुर को सौंपी गयी है। एसएचओ रविंद्र वर्मा ने मुकदमा दर्ज होने ने की पुष्टि की है।  

जमीन को कब्जामुक्त न कराने पर आत्महत्या की चेतावनी

जमीन को कब्जामुक्त न कराने पर आत्महत्या की दी चेतावनी

विधवा महिला ने एसडीएम के नाम संबोधित पत्र सौंपा

पति की खरीदी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग

नजीबाबाद (बिजनौर) । नगर के मौहल्ला रम्पुरा निवासी विधवा महिला ने कुछ लोगों के साथ तहसील परिस र में धरना दिया। उपजिलाधिकारी के नाम संबोधित पत्र में महिला ने पति की खरीदी गयी जमीन को कब्जा मुक्त न कराए जाने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।

बुधवार को नगर के मौहल्ला रम्पुरा निवासी महिला गुलिस्ता पत्नी मौहम्मद यामीन परिवार की कुछ महिलाओं व पुरुषों के साथ तहसील परिसर पहुंची। जहां वह धरना देकर बैठ गयी। गुलिस्ता का कहना है कि उसके पति मौहम्मद यामीन की वर्ष 2017 में मृत्यु हो चुकी है। उसके पति की भागूवाला के खसरा नम्बर 489 में लगभग सवा दो बिघा भूमि शेष है, जिस पर गांव के ही नफीस पुत्र अब्दुल कय्यूम निवासी भागूवाला बुरी नजर रखता और जमीन को हड़पना चाहता है। उक्त खसरा नम्बर में जहांगीर के नाम पर 25& एअर जमीन थी। जिसमे से आसमा परवीन ने जहांगीर से सन 2007 में 114 एअर जमीन खरीदी थी, जिसे उसने जमील अहमद पुत्र अब्दुल रहमान निवासी हर्षवाडा को बेच दी थी लेकिन सन 2009 में नफीस पुत्र अब्दुल कय्यूम निवासी भागूवाला ने जहांगीर के साथ धोखाधड़ी करके 1&9 एअर के स्थान पर 25& एअर का बैनामा करा लिया। जहांगीर को धोखाघड़ी का पता चलने पर उसने न्यायालय नजीबाबाद में बैनामा कैसिल करने को वाद दायर कराया, जिसका मुकदमा अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है। उसके पति ने सन 2009 में नफीस अहमद पुत्र अब्दुल कय्यूम निवासी भागूवाला के विरुद्ध अपनी भूमि को लेकर न्यायालय नजीबाबाद मे वाद दायर किया था, जिस पर न्यायालय की ओर से आदेश दिया गया था कि प्रतिवादी जमीन में रखे सामान व खड़े पेड़ों में तोडफोड करके डाल को नुकसान पहुचाकर या अन्य किसी प्रकार से वादी के कब्जे में किसी प्रकार की कोई मदाखलत व मजाहमत स्वयं अथवा नौकरों से कराए। विधवा महिला ने आरोप लगाया कि नफीस अहमद राजनैतिक लोगों के सहारे लेखपाल और पुलिस के बल पर उसकी जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य करा रहा है। महिला ने अपनी भूमि को कब्जामुक्त कराए जाने की मांग करने के साथ ही इंसाफ न मिलने पर मजबूरन आत्महत्या कर लेने की चेतावनी दी है। महिला ने बताया कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा चुकी है। 

रेप पीड़िता के अपहरण की कोशिश, गवाह की हत्या

पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपद शामली का मामला। घटना के वक़्त पीड़िता जा रही थी मंदिर। आला अधिकारियों ने की मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल।

शामली। दुष्कर्म मामले के आरोपियों ने मंदिर में पूजा अर्चना करने जा रही पीड़िता युवती के अपहरण का प्रयास किया। बचाने पहुंचे दुष्कर्म मामले के गवाह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। श्रावण मास के अंतिम सोमवार की सुबह हुए इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल की जांच पड़ताल की। बदमाशों की तलाश में कई टीमें लगा दी गई हैं।

शामली में दुष्कर्म पीड़िता के अपहरण की कोशिश-गवाह को गोलियों से भूना

शामली जनपद के कैराना इलाके की एक युवती के साथ 2 साल पहले दुष्कर्म हुआ था। इस मामले में गांव के ही दो युवकों को पुलिस ने जेल भेजा था। गांव का ही एक युवक गवाह था। मामला विचाराधीन है।

पुलिस के अनुसार उक्त पीड़िता अपनी सहेली के साथ श्रावण मास के अंतिम सोमवार के मौके पर प्रातः 8 बजे पूजा अर्चना करने मंदिर जा रही थी। इसी दौरान उक्त दोनों आरोपियों ने पीड़िता को रोक लिया और उसे घसीटकर जंगल की तरफ ले जाने लगे। उसकी सहेली ने भाग कर मामले की जानकारी पीड़िता के परिजनों को दी। इस पर युवती की मां दुष्कर्म के मुकदमे के गवाह अजय के साथ मौके पर पहुंच गई और युवती को उठाकर ले जा रहे आरोपियों का विरोध किया। विरोध किए जाने पर दुष्कर्म के आरोपी गवाह को घसीटते हुए जंगल में ले गए और उसकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस बीच एकत्र ग्रामीणों की भीड़ को देखते हुए आरोपी पीड़िता को छोड़ कर फरार हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस के कई अफसरों ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर मामले की जांच पड़ताल की। अजय के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया। एसपी ओपी सिंह ने बताया कि दुष्कर्म मामले के गवाह की हत्या कर फरार हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

आयकर टीम के हमलावरों पर केस दर्ज

लखनऊ। गोमती नगर विस्तार स्थित गंगा अपार्टमेंट में आयकर जांच अधिकारियों से मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सहायक आयकर आयुक्त की तरफ से दी गई तहरीर पर यह कार्रवाई करने के बाद पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुट गई है।

कानपुर से 22 जुलाई को पहुंची थी टीम- जानकारी के अनुसार कानपुर से आयकर अधिकारियों का जांच दल 22 जुलाई को गंगा अपार्टमेंट पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार फ्लैट नंबर  305 निवासी संग्राम सिंह की जांच को टीम पहुंची थी। आरोप है कि आयकर टीम पर संग्राम सिंह व अन्य पांच लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान सुरक्षा के लिए जांच टीम के साथ गए पीएसी कर्मी भाग खड़े हुए। आरोपियों ने जांच टीम में शामिल सहायक आयकर आयुक्त सिद्धार्थ कुमार, डीएम पनवलकर, प्रदीप सिंह, प्रवीण और अनुराधा शर्मा के साथ भी मारपीट की और बंधक बना लिया।। इस बीच वारदात की सूचना मिलने के बाद गोमती नगर विस्तार थाने से पहुंची अतिरिक्त फोर्स की मदद से बंधक बनाए गए जांच दल को रिहा कराया गया। इस दौरान हमलावरों ने सरकारी दस्तावेज फाड़ने के साथ अधिकारियों का सामान भी लूट लिया था।

सीसी फुटेज की जांच- इंस्पेक्टर गोमती नगर विस्तार के अनुसार सहायक आयकर आयुक्त की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। घटना से जुड़ी सीसी फुटेज भी मिली हैं, जिनकी मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को दी गई तहरीर में संग्राम सिंह के अलावा अनिमेष त्रिपाठी, अमित सिंह, इंद्रभूषण शाही, गार्ड सुपरवाइजर आरएन पांडेय और सुहानी पांडेय के नाम शामिल हैं। 

थानेदार की वसूली का ऑडियो वायरल, सस्पेंड

टिहरी गढ़वाल वायरल ऑडियो कांड। SO कर रहे थे वसूली। ऑडियो हो गया वायरल। एसएसपी ने किया निलंबित।

टिहरी गढ़वाल (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तराखंड में एक एसओ का ऑडियो का वायरल होने से प्रशासन में हड़ंकप मच गया है। बताया जा रहा है कि ये ऑडियो हिंडोलाखाल पुलिस थाने के एसओ जितेंद्र कुमार का है। इसमें वह हफ्ता वसूली की बात कर रहे हैं। इतना ही नहीं शराब मंगवाने की बात भी कर रहे हैं। ऑडियो के सामने आने के बाद एसएसपी तृप्ति भट्ट ने एसओ जितेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया है। ऑडियो की जांच के आदेश दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार जितेंद्र कुमार की तैनाती हिंडोलाखाल थाने में एक साल पहले हुई थी। वे अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में भी सक्रिय रहे है। किसी युवक ने उनकी शराब के ठेके के सेल्समैन के साथ फोन पर हुई बातों की रिकार्डिंग को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इसमें शराब मंगाने को लेकर कथित बातचीत की जा रही है। वायरल ऑडियो में सुना जा सकता है कि एसओ जितेंद्र कुमार और भंडारी नाम के व्यक्ति के बीच शराब और हफ्ता वसूली के बारे में बातचीत की जा रही है। हालांकि ये ऑडियो काफी पुराना बताया गया है, लेकिन ऑडियो के वायरल होते ही एसएसपी तृप्ति भट्ट ने संज्ञान लेते हुए एसओ जितेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया है। उनकी जगह पर बलदेव कंडियाल को नियुक्त कर दिया गया है। साथ ही सीओ टिहरी को इस मामले की जांच करने के आदेश भी दिए हैं, मामले में जांच जारी है।

मतदान से पहले जिला पंचायत सदस्या का सपरिवार अपहरण!

मतदान से पहले ही जिला पंचायत सदस्या का अपहरण, सपा नेताओं के खिलाफ केस। वीडियो में सदस्या के पति ने सपा नेताओं पर अपहरण करने का आरोप।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिला पंचायत सदस्य सोनम चौधरी का बच्चों और पति समेत अपहरण कर लिया गया, हालांकि सदस्या के पति चंगुल से निकल आए। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस की कई टीम नाकेबंदी कर जिला पंचायत सदस्या को खोजती रहीं, लेकिन कहीं पता नहीं चल पाया। एक वीडियो में सदस्या के पति ने सपा नेताओं पर अपहरण करने का आरोप लगाया है।

शहर कोतवाली में शुक्रवार की देर शाम नजीबाबाद क्षेत्र के गांव कबाड़ीवाला निवासी ब्रजपाल सिंह ने तहरीर देकर केस दर्ज कराया। तहरीर में कहा गया कि उसके भाई मदनपाल की पत्नी सोनम चौधरी वार्ड नंबर 25 हल्दौर ब्लॉक से जिला पंचायत सदस्य है। 24 जून को उसका भाई मदनपाल अपनी पत्नी सोनम चौधरी और दोनों बच्चों के साथ बिजनौर आया था। बिजनौर से ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी ने इनका अपहरण कर लिया। इन्हें पंजाब में कहीं छुपाकर रखा गया था। केस दर्ज होते ही पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी। उधर मदनपाल ने भी एक वीडियो बनाकर वायरल की। इसमें सपा नेताओं समेत पांच लोगों पर अपहरण करने का आरोप लगाया। आरोप है कि हथियारों के बल पर ये लोग उन्हें पंजाब ले गए। चंगुल से निकलकर आए मदनपाल ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की। 

चंपत राय के भाई ने दर्ज कराया मुकदमा

बिजनौर। श्रीराम जन्म भूमि न्यास क्षेत्र समिति के महामंत्री एवं विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय के खिलाफ फेसबुक, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट वायरल करने पर उनके छोटे भाई संजय बंसल ने एक महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम की धाराओं समेत 16  विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

श्रीराम जन्म भूमि न्यास क्षेत्र समिति के महामंत्री एवं विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय  उपाध्यक्ष चंपत राय

सोशल मीडिया का दुष्प्रयोग- चंपत राय के छोटे भाई संजय बंसल ने नगीना थाने में दी तहरीर में कहा है, कि उनके मोबाइल पर 17 जून 2021 को लगभग 9.55 से उनके मित्र राजीव गुप्ता ने व्हाट्सएप पर कुछ स्क्रीनशॉट भेजते हुए कहा कि आपके भाई चंपत राय के बारे में किसी विनीत नारायण नाम के व्यक्ति ने अपने फेसबुक अकाउंट पर जो पोस्ट लिखी है, मैंने आपको भेजी है। पोस्ट पढ़कर मुझे अत्यधिक खेद हुआ है। मैं उनका सम्मान करता था। मेरे मन में उनके प्रति गहन विश्वास है। वह बहुत अच्छे सामाजिक ईमानदार व्यक्ति हैं, परंतु पोस्ट पढ़कर मुझे लगा कि आपके भाई व आपका परिवार सम्मान के योग्य नहीं है।

सभी बातें षड्यंत्र!- पुलिस को दी तहरीर में चंपत राय के छोटे भाई संजय बंसल ने बताया कि राजीव गुप्ता की पोस्ट पढ़ कर विनीत नारायण नाम के व्यक्ति का फेसबुक अकाउंट अपने लमोबाइल में तलाश किया। विनीत नारायण की उक्त पोस्ट 18 जून 2021 को करीब 12 बजे के आसपास मिली। पोस्ट पढ़कर अत्यंत खेद हुआ उसमें सभी बातें षड्यंत्र रच कर झूठे लिखी हुई थीं। संजय बंसल ने कहा कि उनके भाई चंपत राय समाज के सम्मानित व्यक्ति हैं। वह अविवाहित हैं तथा संपूर्ण जीवन हिंदू समाज को समर्पित किए हुए हैं। इस तरह की पोस्ट से उन्हें, उनके परिवार व उनके भाई के सम्मान को गहन आघात पहुंचा है। संजय बंसल ने आरोप लगाया कि विनीत नारायण ने अलका लहोटी व अन्य के साथ मिलकर उनके परिवार के विरुद्ध झूठे प्रपंच रच कर परिवार के सम्मान को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से फेसबुक के माध्यम से सोशल मीडिया पर पोस्ट की है।

श्री कृष्ण गौशाला नगीना की मालकिन ने कहा!– संजय बंसल ने यह भी बताया कि विनीत नारायण को फोन से संपर्क किया तो रजनीश नाम के व्यक्ति ने कहा कि विनीत नारायण ने उक्त पोस्ट स्वयं को श्री कृष्ण गौशाला नगीना की मालिक बताने वाली अलका लाहोटी निवासी कस्बा नगीना बिजनौर के कहने पर लिखी थी।

रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू-थाना प्रभारी कृष्ण मुरारी दोहरे ने बताया कि सरायमीर निवासी संजय बंसल की तहरीर पर विनीत नारायण, रजनीश व श्री कृष्ण गौशाला नगीना की अलका लाहोटी के विरुद्ध सूचना प्रौद्योगिकी की धारा 66डी, 17, 74 व धारा 153ए, 193, 295ए, 417, 419, 448, 465, 467, 469, 470, 471, 504, 505(1)सी, 505(2), 507 मे रिपोर्ट। दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

हम हैं एसडीएम, पहचान लो दबंगों

दबंगों से डरा चालक तो एसडीएम ने खुद ट्रैक्टर चला कर हटाया अतिक्रमण। डीएम के निर्देश पर एक्शन मोड़ में प्रशासन। अवैध कब्जाधारकों की आई शामत

बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े तेवरों के बाद प्रदेश भर में सरकारी तालाब, भूमि पर अवैध कब्जे मुक्त कराए जा रहे हैं। वहीं जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने भी जनपद में कार्यभार संभालने ही अपनी प्राथमिकताओं का इजहार कर दिया। डीएम ने साफ कर दिया कि अवैध काम करने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।

इसी क्रम में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ उपजिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक ने ग्राम खानजहांपुर बहादर परगना व तहसील बिजनौर के राजस्व अभिलेखों में अंकित तालाब गाठा संख्या 8 रकबा 0.453 हेक्टेयर की भूमि को कब्जा मुक्त करवाने का अभियान चलाया।

इससे पूर्व गांव में मुनादी पिटवाई गई और सभी ग्राम वासियों को सतर्क किया गया, लेकिन जब कब्जाधारियों के डर से चालक सतपाल ने ट्रैक्टर चलाने से इन्कार कर दिया, तो उपजिलाधिकारी ने स्वयं ट्रैक्टर चला कर कब्जा मुक्त करा कर प्रशासन का डर कब्जाधारियों में स्थापित किया।

एसडीएम ने अवैध रूप से खड़ी फसल का पूर्ण रूप से अतिक्रमण हटाया। भूमि को कब्जा मुक्त कराने के पश्चात उन्होंने मौके पर उपस्थित क्षेत्रीय ग्राम पंचायत अधिकारी सलवेंदर राठी को जेसीबी से तालाब खुदवाने और सौंदर्यीकरण करवाने को निर्देश दिए गए। मौके पर उपजिलाधिकारी के साथ राजस्व निरीक्षक उधम सिंह और लेखपाल सुनील कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

एबीपी गंगा के पत्रकार की संदिग्ध हालत में मौत, दो दिन पहले जताई थी हत्या की आशंका

एबीपी गंगा के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की फाइल फोटो

एबीपी गंगा के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की प्रतापगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. उन्होंने दो दिन पहले ही अपनी हत्या की आशंका जताई थी.

लखनऊ. प्रतापगढ़ में एबीपी गंगा के संवाददाता सुलभ श्रीवास्तव की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है. दो दिन पहले ही उन्होंने अपनी हत्या की आशंका जताई थी. उन्होंने प्रयागराज जोन के एडीजी को पत्र लिखकर शराब माफियाओं के हाथों हत्या का अंदेशा जताया था. उन्होंने पत्र लिखकर कहा था कि शराब माफियाओं से उनकी जान को खतरा है. सुलभ की मौत की वजह सड़क हादसा बताया जा रहा है.

शरीर पर चोट के कई निशान
कटरा इलाके में उनकी बाइक के साथ हादसा हुआ है. बारिश की वजह से सड़क पर फिसलन थी. जिस वजह से बाइक पलटने की आशंका जताई जा रही है. सुलभ के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं. ये हादसा उस वक्त हुआ जब सुलभ क्राइम ब्रांच द्वारा अपराधियों को पकड़े जाने की खबर की कवरेज कर घर लौट रहे थे. गंभीर रूप से घायल हुए सुलभ को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. हादसा बीती रात करीब साढ़े 9 बजे हुए.

संजय सिंह ने साधा निशाना
उधर, पत्रकार की मौत को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने निशाना साधा है. संजय सिंह ने इसे हत्या करार दिया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, “शराब माफियाओं के खिलाफ खबर चलाने के कारण यूपी में एक पत्रकार की हत्त्या हो जाती है जबकि एक दिन पहले सुलभ जी ने एडीजी को पत्र लिखकर हत्त्या की आशंका जताई थी लेकिन सब सोते रहे.”

शराब माफियाओं का प्रदेश में मौत का तांडव: प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी पत्रकार की मौत को लेकर योगी सरकार पर हमला करने से नहीं चूकीं. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या जंगलराज को पालने-पोषने वाली यूपी सरकार के पास पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव जी के परिजनों के आंसुओं का कोई जवाब है?

रेलवे बाबू के घर में चोरी करते विभागीय कर्मी पकड़ा!

पीड़ित रेलवे माल गोदाम बाबू प्रदीप सागर

रेलवे माल गोदाम बाबू के घर में चोरी का प्रयास करते पकड़ा
विभागीय चतुर्थ श्रेणी कर्मी पर आरोप

बिजनौर। रेलवे स्टेशन के माल गोदाम बाबू ने विभागीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर उनके घर में चोरी के इरादे से घुसने और धमकी देने का आरोप लगाया है। इस मामले में थाना पुलिस को तहरीर दी गई है।
थाना कोतवाली शहर में दी गई तहरीर में रेलवे स्टेशन पर माल गोदाम बाबू प्रदीप सागर ने आरोप लगाया कि स्थानीय रेलवे स्टेशन पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परमवीर उनके मकान के पास ही रेलवे कॉलोनी में रहता है। 12 जून की रात में लगभग 11:00 बजे, जिस समय बिजली गई हुई थी। मेरा दोस्त गौरव कुमार मुरादाबाद से आया हुआ था। वह मेरे कमरे पर था, मैं विभागीय काम से स्टेशन पर गया हुआ था। प्रदीप सागर ने बताया कि उनके मकान में अक्सर छोटी मोटी चोरी की घटना होती रहती है, जिसे वह नजर अंदाज करते रहे। आरोप है िक परमवीर हर बार की तरह चोरी के इरादे से उनके मकान में घुसा। अंदर दोस्त गौरव बैठा हुआ था उसने परमवीर को पकड़ लिया और मुझे भी फोन करके बुला लिया। प्रदीप सागर कोआता देख परमवीर ने जाति सूचक शब्द कहते हुए धमकी दी कि या तो मुझे छोड़ दो वरना बाद में मैं तुम्हें जिंदा नहीं छोडूंगा। शोर-शराबे के बाद परमवीर की पत्नी मौके पर आई और उसने भी जाति सूचक शब्द कहते हुए अपने पति के साथ मिलकर मेरे और दोस्त के साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों पति पत्नी ने मेरा एक मोबाइल भी तोड़ डाला। मकान के बाहर खड़ी मेरी स्विफ्ट डिजायर कार के सारे शीशे लाइटें तोड़ कर पूरी गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया।
प्रदीप सागर ने 112 पर फोन कर पुलिस और जीआरपी रेलवे स्टेशन बिजनौर में घटना की जानकारी दी। कुछ समय बाद 112 और जीआरपी के सिपाही आए परमवीर व उसकी पत्नी को डांट डपट कर चले गए।
आरोप है कि परमवीर की पत्नी सुबह पुन: अपने बेटे के साथ प्रदीप सागर के घर में घुस आई फिर मुझे और मेरे दोस्त को धमकी देकर गई कि तुम दोनों को बलात्कार के झूठे केस में फंसा दूंगी। आरोप है कि परमवीर की पत्नी कॉलोनी में अक्सर विवाद करती रहती है। प्रदीप सागर ने बताया कि वह उक्त आवंटित रेलवे आवास में अकेले रहते हैं। उन्हें परमवीर और उसकी पत्नी से जान माल का खतरा है। उनके साथ कोई घटना होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी परमवीर और उसकी पत्नी की होगी।
पुलिस ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

सत्ता पक्ष की जी हुजूरी न करने पर हटे कोतवाल!

धामपुर में महज 12 दिन ही टिक पाए राजकुमार शर्मा, अब जीत सिंह को मिला धामपुर कोतवाली का चार्ज

बिजनौर। पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने राजकुमार शर्मा का तबादला किरतपुर करते हुए उनके स्थान पर जीत सिंह को धामपुर कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया है। गत 29 मई को अरुण कुमार त्यागी का तबादला कर राजकुमार शर्मा को धामपुर कोतवाली का चार्ज दिया गया था।

29 मई 2021 को धामपुर कोतवाली का चार्ज संभालने वाले राजकुमार शर्मा का अचानक तबादला क्यों हुआ? अब यह सुगबुगाहट शुरु हो गयी है कि ऐसा क्या हुआ जो 12 दिन के भीतर ही तबादला कर दिया गया। किरतपुर में प्रभारी निरीक्षक रहे जीत सिंह को धामपुर कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। राजकुमार शर्मा का तबादला होने के बाद यह चर्चा है कि वह सत्ता पक्ष के नेताओं की नहीं सुन रहे थे और केवल अपनी मर्जी ही चला रहे थे। इस कारण सत्ता पक्ष के नेता उनसे काफी नाराज थे। इसी के चलते उन पर तबादले की गाज गिरी। विभागीय सूत्रों का दावा है कि धामपुर क्षेत्र में सिर्फ एक की ही चलती है। उसकी खिलाफत करना महंगा ही साबित होता है और वो कौन है, ये सभी को पता है!

बताया गया है कि लगभग 4 महीने पूर्व किरतपुर थाना प्रभारी बनाए गए जीत सिंह अपने व्यवहार एवं कुशलता के लिए क्षेत्र में काफी प्रभाव बनाए हुए थे। किरतपुर क्षेत्र की जनता उनको काफी पसंद करती थी और उनके व्यवहार की प्रशंसा करती थी। जीत सिंह व्यापारियों एवं क्षेत्र की जनता का विशेष ध्यान रखते थे। वह अपराध पर काफी हद तक अंकुश लगाए हुए थे। पिछले दो महीने लॉकडाउन के समय उन्होंने सरकार द्वारा दी गई गाइडलाइन का पालन कराने को जनता के सहयोग से अहम भूमिका निभाई। यही नहीं थाने का स्टाफ भी जीत सिंह के व्यवहार से काफी खुश था। उन्होंने अपने कार्यकाल में थाना परिसर में महिला हेल्प डेस्क एवं पुलिस स्टाफ के खाने के लिए मैस का पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह द्वारा शुभारंभ कराया।