चाकू की नोंक पर पढ़ाया निकाह: श्याम बन सलमान ने लड़की को फंसाया प्यार में

चाकू की नोंक पर पढ़ाया निकाह: श्याम बन सलमान ने लड़की को प्यार में फंसाया, सहेली ने कराई थी दोनों की दोस्ती

लखनऊ। पारा इलाके में रहने वाले सलमान ने अपना नाम बदलकर श्याम रखा। वहीं इलाके की एक किशोरी को अपने प्रेम जाल में फंसाया। फिर उसे अगवा कर लिया। 10 दिन पहले किशोरी को अगवा कर सलमान ने हरियाणा के एक मकान में बंधक बनाकर रखा। वहां उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। वहीं चाकू की नोंक पर उससे निकाह भी पढ़ा लिया। इधर पारा थाने में परिजनों ने अहपहरण का केस दर्ज कराया। सर्विलांस सेल की टीम ने आरोपी के हरियाणा में होने की पुष्टि पर दबिश दी। जहां से किशोरी को मुक्त कराया। वहीं श्याम उर्फ सलमान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है।

प्रभारी निरीक्षक पारा दधिबल तिवारी के मुताबिक पुलिस गिरफ्त में आया सलमान बजरंग बिहार का रहने वाला है। वहीं पास की रहने वाली किशोरी से उसने एक युवती के जरिए दोस्ती की। दोस्ती करते समय सलमान ने खुद का परिचय श्याम के रुप में दिया। ताकि किशोरी गैर संप्रदाय के होने के कारण दोस्ती से इनकार न करें। धीरे-धीरे उससे बातचीत करना शुरू किया। फिर उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया।

किशोरी ने पुलिस को बताया कि एक सप्ताह पहले सलमान उर्फ श्याम ने उसे मिलने के लिए पारा इलाके में बुलाया। जहां किशोरी पहुंची, तो सलमान उससे मुलाकात की। फिर किशोरी को धमकी देने लगा। डरा-धमकाकर सलमान किशोरी को अगवा कर लिया। उसे लेकर हरियाणा चला गया। जहां एक मकान में बंधक बना लिया। उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता था।
उसने इस दौरान एक दिन किशोरी के गले पर चाकू रखा और उसका धर्म परिवर्तन कराया। फिर निकाह किया। वहीं उसे बतौर पत्नी रखे रहा। वहीं परिजन किशोरी की तलाश लखनऊ में अपने कई परिचितों व रिश्तेदारों के घर पर किया। लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इस पर तीन दिन बाद परिजन पारा थाने पहुंचे।
अपहरण का संदेह जाहिर करते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तत्काल सर्विलांस की टीम को अलर्ट कर दिया। आरोपी के नंबर को ट्रैक करना शुरू किया। आरोपी के मोबाइल की लोकेशन हरियाणा में मिली। जिस पर पुलिस टीम का गठन कर दबिश दी गई। आरोपी के चंगुल से किशोरी को मुक्त कराया। किशोरी ने बयान में धर्म परिवर्तन व जबरन निकाह कराने की बात कही है। पुलिस ने आरोपी के पास से कई जाली दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक किशोरी के घर के पास ही उसकी सहेली रहती थी। दोनों के बीच अच्छी दोस्ती होने का फायदा आरोपी सलमान उर्फ श्याम ने उठाया। सलमान किशोरी की सहेली से भी श्याम बनकर ही मिला। सलमान के बातचीत व व्यवहार के कारण सहेली को भी संदेह नहीं हुआ। उसने किशोरी से दोस्ती करा दी। अब हकीकत सामने आने के बाद से किशोरी की सहेली भी सदमे है।

प्राइवेट चिकित्सक को मोबाइल पर धमकी देकर मांगी 2 लाख रुपए की रंगदारी

प्राइवेट चिकित्सक को मोबाइल पर धमकी देकर मांगी 2 लाख रुपए की रंगदारीशिकायत पर हरकत में आई पुलिस ने दबोचा रामपुर का युवक।

उरई (जालौन)। प्राइवेट चिकित्सक से मोबाइल पर धमकी देते हुए 2 लाख रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में कोतवाली पुलिस ने रामपुर के एक युवक को पकड़ा है। पुलिस आरोपी युवक से पूछताछ कर रही है।

जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भवानीराम निवासी डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव अपने आवासीय परिसर में ही प्राइवेट क्लीनिक चलाते हैं। उनका कहना है कि 4 नवंबर को एक व्यक्ति ने मोबाइल पर गाली गलौज कर 2 लाख रुपए की रंगदारी मांगी एवं न देने पर जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। इस पर पुलिस ने रामपुर निवासी वसीम को पकड़ा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

बताया गया है कि डाक्टर शुक्रवार को अपराह्न करीब 3 बजे अपने क्लीनिक पर बैठे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को वसीम बताया और चिकित्सक के साथ गाली-गलौज करने लगा। गाली-गलौज करते हुए उसने 2 लाख रुपए की रंगदारी मांगी। धमकी देते हुए उसने कहा कि रुपए उसके बताए हुए स्थान पर भेज देना। यदि शिकायत की तो वह उसे क्लीनिक पर ही मार देगा। चिकित्सक ने बताया कि जिस नंबर से फोन आया है कि वह आरोपी अपनी डीपी पर पुलिस अधिकारी की ड्रेस में फोटो लगाए हुए है, जिसमें खान बाबा लिखा हुआ है। रंगदारी मांगे जाने और जान से मारने की धमकी मिलने पर परेशान चिकित्सक ने कोतवाली में तहरीर देकर जान माल की सुरक्षा की मांग की थी।

प्रतिबंध के बावजूद दबंग किसान खुलेआम जला रहा पुराल

बिजनौर। नजीबाबाद के भागूवाला क्षेत्रांतर्गत खुल्लम खुल्ला शासनादेशों की अनदेखी हो रही है। प्रतिबंध के बावजूद दबंग किसान खुलेआम पुराल (फसलों के अवशेष, पराली) जला कर वातावरण प्रदूषित कर रहा है। क्षेत्र के लोगों ने कानूनी कार्रवाई करने की मांग जिला प्रशासन से की है।

ज्ञात हो कि वातावरण के प्रदूषित होने के चलते शासन ने खेतों में पुराल जलाने पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा रखा है। साथ ही यदि कोई प्रतिबन्ध के बाद भी पुराल जलाता है तो उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कानूनी कार्यवाही की बात कही गई है। इसके बावजूद राजगढ थाना मण्डावली बिजनौर में फार्मिंग खेती करने वाला एक बड़ा किसान अपने ऊँचे रसूख के चलते इन सब कानून को ताक पर रख खेतों में सरेआम पुराल जला रहा है, या कहा जाय कि कानून की धज्जियाँ उड़ा रहा है। प्रदूषण से जैसे उसे कोई लेना देना नही है। क्षेत्र के सभ्य ग्रामीणों भोपाल सिंह, दिनेश कुमार, जयराम सिंह, मतलूब आदि ने इस खेत स्वामी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग जिला प्रशासन से की है।

गौरतलब है कि फसलों के अवशेष (पराली) जलाने वाले किसानों पर एफआईआर दर्ज कर मुकदमा पंजीकृत करने तथा उन पर भारी अर्थदंड भी लगाने के निर्देश हैं। सूत्रों का कहना है कि ऐसे किसान जिनके पास दो एकड़ कृषि भूमि है और वह पराली जलाते हैं, तो उन पर 2500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा 2 से 5 एकड़ कृषि भूमि वाले किसानों को 5000 रुपए का जुर्माना भरना होगा। 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि के स्वामी किसान, जो अपने खेत में पराली जलाते हुए पकड़े जाएंगे, उन्हें 15000 रुपए का जुर्माना देना होगा।
कृषि विभाग के सूत्रों का कहना है कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण होता है। पराली का धुआं श्वास संबंधी रोगों को फैलाता है, जिससे अस्थमा, फेफड़ों का कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं। जिस खेत में पराली जलाई जाती है, उसमें किसानों के मित्र कहे जाने वाले जीव तथा कीट भी आग की चपेट में आकर मर जाते हैं। पराली प्रबंधन में आधुनिक कृषि यंत्र काफी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यही कारण है कि सरकार कस्टम हायरिंग सेंटरों की संख्या अधिक बढ़ा रही है। फसल अवशेष प्रबंधन में प्रयोग होने वाले यह सात तरह के उपकरण आमतौर पर किसानों के लिए किसी हथियार से कम नहीं है। जो खेती बचाने, लोगों के जीवन को स्वस्थ रखने में मदद कर रहे हैं। सरकार इन उपकरणों पर 50 से 80 फीसद तक छूट भी दे रही है। व्यक्तिगत मशीन लेने पर 50 फीसद और कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए मशीन लेने पर 80 फीसद छूट दी जाती है। किसान हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, सीड ड्रिल, मल्चर, सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, स्ट्रा बेलन आदि पर यंत्रो पर अनुदान ले सकते हैं।

रिपोर्ट~ मो. फैसल

महिला को ब्लैकमेल कर युवक ने ठगा 10 तोले सोना व दो लाख रुपए

महिला को ब्लैकमेल कर युवक ने ठगा 10 तोले सोना व दो लाख रुपए

आरोपी के खिलाफ पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज

स्योहारा। महिला को ब्लैकमेल कर युवक ने 10 तोले सोना व दो लाख रुपए ठग लिए। पैसे वापस मांगने पर युवक ने महिला व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने महिला की तहरीर पर आरोपी युवक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
थाना क्षेत्र के ग्राम की एक महिला ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि शरीफ नगर थाना ठाकुरद्वारा निवासी उसके पति के बुआ का लड़का मोहम्मद शमीम पुत्र मोहम्मद यामीन का रिश्तेदारी के नाते उसके घर आना जाना लगा रहता था। इस दौरान आरोपी युवक ने उसकी फर्जी वीडियो बना ली और उसे ब्लैकमेल करने लगा। युवक महिला की इच्छा के विरुद्ध ब्लैकमेल कर उसके साथ छेड़छाड़ भी करता था। इस दौरान आरोपी युवक ने महिला से 10 तोले सोने की ज्वैलरी व दो लाख रुपए भी ले लिए। जब महिला ने आरोपी युवक से अपनी ज्वैलरी और पैसे वापस मांगे तो युवक ने पैसे और ज्वैलरी लौटाने से मना कर दिया साथ ही उसके परिवार को बर्बाद करने की भी धमकी दी। पीड़ित महिला ने पुलिस को तहरीर सौंप कर आरोपी युवक के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी युवक के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

लगातार शिकायत, फिर भी नहीं हुआ “सम्पूर्ण समाधान”

बिजनौर। विद्युत विभाग के अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते चार साल पहले कागजों पर कनेक्शन कटे दो नलकूप अब भी लगातार पानी उगल रहे हैं। वास्तव में इसे लापरवाही की पराकाष्ठा ही कहा जाएगा कि विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश व निर्देश का पालन कराने में कनिष्ठ अधिकारी कर्मचारी फेल साबित हो गए।

दअरसल दो भाइयों ने 15 जुलाई 2016 को 7.5 हॉर्स पावर के दो अलग निजी नलकूप फर्जी तरीके से लगवा लिए। जिस गांव की जमीन के कागजात के आधार पर कनेक्शन स्वीकृत हुए, नलकूप वहां न लगवा कर दूसरे गांव में, वो भी दूसरे की जमीन पर लगा लिए। एक साल बाद शिकायत हुई तो जांच के आदेश कछुआ चाल से चलते रहे। चार साल पहले दोनों नलकूपों के कनेक्शन काटे गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! दोनों ही कनेक्शन आज भी बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। विभागीय आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। इनके द्वारा खपत की जा रही बिजली के बिल की भरपाई कौन करेगा? मामले की शिकायत तहसील दिवस में की गई है।

सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर की शिकायत~ जानकारी के अनुसार 04 दिसंबर 2017 को ग्राम सदूपुरा निवासी सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम फरीदपुर सल्लू स्थित 100 बीघा जमीन में से 48 बीघा का बैनामा कराया था। दाखिल खारिज की कार्रवाई के दौरान रफीक अहमद पुत्र अब्दुल हमीद, नफीस अहमद पुत्रगण अब्दुल हमीद अहमद निवासी ग्राम सद्पुरा ने एतराज किया, जिसका मुकदमा रेवन्यु बोर्ड तक चला। हालांकि बाद में दाखिल खारिज भी हो गया। सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त की शिकायत के अनुसार उक्त दोनों ने बिजली स्वीकृत कराई ग्राम सदुपुरा की जमीन के लिए जबकि जिस जमीन पर प्रार्थी के बोरिंग में नलकूप लगाया, वह फरीदपुर सल्लु में है। इस प्रकार रफीक अहमद व नफीस अहमद ने जालसाजी, हेराफेरी व झूठा शपथ पत्र देकर बिजली कनेक्शन ले लिया ताकि प्रार्थी की जमीन पर मालिकाना हक जाहिर कर सके। सरकारी विभागों में प्रार्थना पत्र घूमता रहा। फिर 03 फरवरी 2018 को उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर जसवीर सिंह ने 33/11 केवी उपकेंद्र गंज के अवर अभियंता बहराम सिंह को उक्त दोनों कनेक्शन गलत स्थान पर संचालित होने की जानकारी देते हुए अविलंब उतारने और अवगत कराने के निर्देश दिए।

तीन दिन में मांगी थी रिपोर्ट~ इसके बाद विद्युत वितरण खण्ड बिजनौर के तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता किताब सिंह ने 09 अप्रैल 2018 को निजी नलकूप संख्या 225/5027/130124 के लिए रफीक अहमद व निजी नलकूप संख्या 225/5027/130125 के लिए नफीस अहमद पुत्रगण हमीद निवासी ग्राम सदूपुरा बिजनौर को नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि उनके द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2016 को सामान्य योजना के अन्तर्गत 7.5 हॉर्स पावर के उक्त दो निजी नलकूप हेतु अनुबन्ध किया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर जांच में पाया गया कि उनके द्वारा फर्द ग्राम सदुपुरा की लगायी गयी है जबकि निजी नलकूप ग्राम फरीदपुर सल्लू में स्थापित किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा विभाग को गुमराह करके संयोजन प्राप्त किया गया है। यह भी कहा कि पत्र प्राप्ति के 03 दिन के अन्दर स्पष्ट करें कि उनके द्वारा गलत फर्द क्यों लगायी गयी हैं,अन्यथा उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए संयोजन निरस्त कर दिया जायेगा।

अधिशासी अभियंता के निर्देश ताक पर~ 17 मई 2018 को तत्कालीन अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल ने उक्त दोनों कनेक्शन काटने के संबंध में कार्यालय से पत्र जारी किया। उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर को उक्त दोनों कनेक्शन काटने और नलकूप की समस्त सामग्री उतारकर विभागीय भंडार गृह में जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल बिजनौर के साथ ही उक्त दोनों कनेक्शन धारकों को भी इसकी एक प्रति सूचनार्थ भेजी। अब किसी प्रकार दोनों नलकूपों के कनेक्शन कट तो गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! असलियत में दोनों ही कनेक्शन आज तक बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। आज तक अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल के आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। एक बात और विचारणीय है कि तकरीबन चार साल से जिन दो निजी नलकूप का कनेक्शन कथित रूप से कटा हुआ है, उनके द्वारा खपत की गई बिजली के बिल का भुगतान कौन और कब करेगा? साथ ही विभाग के राजस्व की भरपाई कौन करेगा?

दोनों ही भाइयों के खिलाफ दर्ज हैं कई केस- उक्त दोनों ही भाई शातिर किस्म के बताए जाते हैं। उनके खिलाफ वर्ष 1987 से लेकर 2019 तक कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, जान से मारने की धमकी, फ्राड आदि के थाना शहर कोतवाली में आठ व थाना स्योहारा में एक मुकदमा शामिल है।

SDO ने भी माना… सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायत को सुन कर एसडीओ विद्युत वितरण खंड प्रथम बिजनौर प्रदीप कुमार ने 27 मई 2022 की निस्तारण रिपोर्ट में बताया था कि एसडीओ विद्युत वितरण खंड द्वितीय, बिजनौर सचिन रस्तोगी द्वारा 25 मई 2022 को दी गई जांच आख्या के अनुसार 7.5-7.5 हार्सपावर के उक्त दोनों ट्यूबवेल संचालित हैं और करीब पांच वर्ष पूर्व डिस्मेंटल किए जाने के आदेश के बावजूद बिजली चोरी कर ये ट्यूबवेल चलाए जा रहे हैं।

पुलिस की ओर से नहीं दी जा रही सुरक्षा? 27 मई 2022 और 18 अगस्त 2022 को पीड़ित द्वारा समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया। दोनों बार ही विद्युत विभाग के अधिकारियों ने पुलिस तथा प्रशासन से उक्त मामले में सहयोग मांगा। आरोप है कि एक बार भी सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। अब पीड़ित ने एक बार फिर समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है।

राम-भरत मिलाप जुलूस में विवाद, अधिवक्ता पर हमले के खिलाफ कार्य बहिष्कार, पुलिस को तहरीर

राम-भरत मिलाप जुलूस में विवाद

  • अधिवक्ता पर हमले के खिलाफ कार्य बहिष्कार, पुलिस को दी तहरीर
  • दूसरे पक्ष का आरोप भारतीय संस्कृति को खत्म करने की साजिश

बिजनौर। एक अधिवक्ता ने राम-भरत मिलाप जुलूस के दौरान खुद पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। हमलावरों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को कार्य बहिष्कार किया। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मामला आपसी विवाद का विवाद बताया जा रहा है!

गुरुवार देर रात राम-भरत मिलाप का जुलूस शहर में धूमधाम से निकाला गया। जुलूस में सबसे आगे अखाड़े चल रहे थे। नगरपालिका चौक पर अखाड़े के दौरान रामलीला कमेटी के एक पदाधिकारी और अन्य कुछ लोगों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कहासुनी के बाद लोगों ने दोनों पक्षों को समझाबुझाकर शांत कर दिया। लेकिन, शुक्रवार को एक पक्ष के अधिवक्ता होने के कारण मामला तूल पकड़ गया। अधिवक्ताओं ने पुलिस से सुरक्षा और दूसरे पक्ष की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी। इसके चलते हजारों फरियादियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। इस संबंध में पुलिस को तहरीर भी दी गई।

भारतीय संस्कृति और परंपरा को खत्म करने की साजिश? उधर, दूसरे पक्ष का कहना है कि कुछ लोग भारतीय संस्कृति और परंपरा को खत्म करना चाहते हैं। इसके चलते वह लगातार कई साल से अखाड़ों के विरोध में है। आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष ने रामलीला कमेटी में गबन किया था, जिसके चलते उसने कमेटी से कुछ साल पहले इस्तीफा दे दिया था। तभी से दूसरा पक्ष उससे रंजिश रखता है। इसलिए जानबूझकर मामूली बात को तूल दिया जा रहा है। अखाड़ों को रामलीला के जुलूस से सदा के लिए खत्म कर भारत की लोक कलाओं को खत्म करने की साजिश रची जा रही है।

खाकी को भी महसूस हो रहा दबंगों से खतरा

साभार JSR न्यूज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद में दबंगों को पुलिस का बिल्कुल भी खौफ नहीं है. दबंगों के डर से खाकी वाले भी अपनी ड्यूटी करने में खतरा महसूस कर रहे हैं. यह बात खुद एक सिपाही ने FIR दर्ज करवाते हुए कही.

दरअसल, जनपद के अतर्रा के रामलीला रोड पर दुर्गा पंडाल में कुछ महिलाओं से दबंगों ने छेड़छाड़ की. शिकायत मिलते ही पुलिस के 2 कॉन्स्टेबल मौके पर पहुंचे, लेकिन बदमाश पुलिसवालों को ही जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए. मामला यहीं नहीं थमा. बदमाश इतने गुस्से में थे कि थाने पहुंच कर गाली-गलौज करने लगे. पुलिसवालों ने जैसे तैसे मामला शांत करवाया. फिर वे लोग रात को 9 बजे कॉन्स्टेबल कृष्ण कुमार पाठक के घर जा पहुंचे और उसके साथ मारपीट करने लगे. कॉन्स्टेबल ने शोर मचाया तो आसपास के पुलिसवाले भी वहां आ गए और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया. फिर कॉन्स्टेबल कृष्ण कुमार पाठक की शिकायत पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. शिकायत में कांस्टेबल ने बताया कि दबंगों से उन्हें भी खतरा महसूस होता है, जिस तरह वे लोग रात को 9 बजे घर आ धमके और मारपीट करने लगे उससे साफ दिखता है कि उन्हें पुलिस का बिल्कुल भी खौफ नहीं है.

ASP लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि दोनों बदमाशों को अरेस्ट कर लिया गया है. पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी, मारपीट और महिलाओं से छेड़छाड़ करने के आरोप में दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बीएलओ ने एसडीएम को दी देख लेने की धमकी

लापरवाह बीएलओ ने दी एसडीएम को देख लेने की धमकी, रिकॉर्डिंग हुई वायरल। मतदाता कार्य में रुचि न लेने पर एसडीएम किशनी ने बीएलओ को किया था फोन। एसडीएम के मतदाता पुनरीक्षण कार्य में रुचि न लेने की बात कहने पर भड़का बीएलओ। बीएलओ ने एसडीएम को जमकर दी धमकी, कार्रवाई करने पर एसडीएम को अंजाम भुगतने की दी चेतावनी। बीएलओ का नाम पवन कुमार बताया जा रहा है।

मैनपुरी। एसडीएम किशनी राम नारायण को बीएलओ द्वारा धमकी देने की ऑडियो वायरल हुई है। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी ने बीएलओ को निलंबित करने के साथ ही जांच शुरू करा दी है।

दरअसल एसडीएम किशनी राम नारायण ने बीएलओ पवन कुमार को मतदाता पुनरीक्षण कार्य में प्रगति जानने के लिए फोन किया था। बातचीत के दौरान एसडीएम ने मतदाता पुनरीक्षण कार्य में रुचि न लेने की बात कह दी तो बीएलओ भड़क उठा। बीएलओ ने एसडीएम को जमकर धमकी दी। यही नहीं कार्रवाई करने पर एसडीएम को अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दे डाली। पवन कुमार बीएलओ सहायक अध्यापक बताया गया है। दोनों के बीच की बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से बीएलओ पवन कुमार को निलंबित करने के साथ ही जांच शुरू करा दी है।

अपनों को ही चूना लगाकर परिवार समेत फंसे भाजपा नेता!

नेता जी ने अपनों को ही लगा दिया चूना! कोर्ट के आदेश पर नेता जी समेत परिवार के 6 सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

साभार~खबर प्रवाह

काशीपुर। फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन हड़पने के मामले में भाजपा नेता और रामलीला कमेटी के मंत्री अनूप अग्रवाल उनके भाइयों समेत परिवार की तीन महिलाओं के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला इनकी करीबी रिश्तेदार बताई जा रही है।

काशीपुर के चामुंडा विहार निवासी पुष्पा अग्रवाल पत्नी स्व. महेश कुमार अग्रवाल ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसके पति महेश कुमार अग्रवाल एवं केशव शरण अग्रवाल दोनों सगे भाई एक ही परिवार के सदस्य थे। उसके पति का लगभग 11 वर्ष पूर्व स्वर्गवास हो चुका है। केशव शरण अग्रवाल उसके पति के सगे बड़े भाई थे जो कि समाज के एक प्रभावशाली व्यक्ति रहे हैं। उनका स्वर्गवास 29 सितंबर 2021 को हो गया। स्व. केशव शरण अग्रवाल घर के बड़े कार्यकर्ता थे तथा परिवार में उनका दबदबा रहता था। परिवार का प्रबन्धन केशव शरण किया करते थे। उसके पति 4.9020 हेक्टेयर भूमि ग्राम कचनाल गुसाई के सहखातेदार काबिज चले आते रहे हैं। उनकी मृत्यु के पश्चात पीड़िता उक्त भूमि के सहखातेदार होती है। 20 जून 2021 को वह (पुष्पा अग्रवाल) अपनी जमीन को बेचने हेतु खतौनी आदि कागजात लेने तहसील गई। तब पता चला कि उसके हिस्से की शेष सात एकड़ भूमि फर्जी तरीके से अपने पुत्र एवं पुत्रवधुओं के नाम बिना उसके पति स्व. महेशचन्द्र अग्रवाल की राय से उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा करके तथा स्वयं एवं अपनी पत्नी उर्मिला अग्रवाल को गवाह के रूप में खड़ा करके उक्त भूमि को अलग अलग ग्यारह बैनामे रजिस्टर्ड करवा कर अपने नाम करवा लिये। रजिस्ट्रार कार्यालय से अपने अधिवक्ता के माध्यम से उक्त बैनामों की खोजबीन करवाई तो 26 जून 2021 को उक्त बैनामे की प्रतिलिपियां प्राप्त हुई। सभी बैनामों पर अभियुक्तों ने हमसाज होकर उसके पति की सम्पत्ति को हड़पने के इरादे से फर्जी हस्ताक्षर एवं अंगूठे लगाकर बैनामे करवाये हैं। उक्त बैनामों से सर्किल रेट से कहीं कम कीमत दर्शायी गई है तथा आबादी की भूमि को खेती की भूमि दर्शाया गया है, जिससे सरकारी स्टाम्प की चोरी भी किया जाना दर्शाता है। अभियुक्त अजय अग्रवाल, अनूप अग्रवाल (भाजपा नेता और रामलीला कमेटी के मंत्री) पुत्रगण स्वर्गीय केशव शरण अग्रवाल, प्रीति अग्रवाल पत्नी अजय अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल पत्नी अतुल अग्रवाल, उर्मिला अग्रवाल पत्नी केशव शरण अग्रवाल, अतुल अग्रवाल पुत्र स्वर्गीय केशव शरण अग्रवाल ने हमसाज होकर बैनामे करवाए हैं। बैनामों में किसी भी स्वतंत्र साक्षी के हस्ताक्षर नहीं कराए गए। इससे यह स्पष्ट है कि अभियुक्तगण ने उक्त बैनामे, उसके पति के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा करके निष्पादित करवा लिये हैं। पीड़िता ने इस मामले में 18 अगस्त 2021 को काशीपुर पुलिस को तहरीर दी। इसके बाद 10 सितंबर 2021 को एक प्रार्थना पत्र एसएसपी तथा अन्य पुलिस अधिकारियों को दिया गया, किन्तु पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके बाद पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए कोतवाली पुलिस को इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

राजनैतिक आका के दम का दम: दो का कर दिया काम, अब रह गया है एक और…

इसे राजनैतिक आका के दम का दम ही कहा जाएगा कि बिजनौर के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में पेट्रोल पंप के सामने युवक की जान लेने की कोशिश करने हमलावरों के हौसले बुलंद हैं। एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को भी जमकर पीटने वाले कहते घूम रहे हैं कि दो का कर दिया काम, अब रह गया है एक और…। उधर मुखबिरी करने वाले को भी फंसने का अंदेशा हुआ तो उसने भी सारे घोड़े खोल लिए।

बिजनौर। पुलिस की हीलाहवाली के चलते जिला मुख्यालय के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी छुट्टा घूम रहे हैं।राजनैतिक आका की शरण में पहुंचने के बाद जहां हमलावर अपने बुलंद हौसलों के साथ किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं, वहीं पुलिस भी हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

14 सितंबर को कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने महावीर स्कूल व पेट्रोल पंप के बाहर दिल्ली से आए युवक की जान लेने की कोशिश की गई। युवक जन्मदिन मनाने अपने घर आया हुआ है। कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। थाना शहर कोतवाली पुलिस ने घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

गौरतलब है कि दिल्ली में रहकर इंटीरियर डेकोरेशन का काम करने वाला सजल कुमार 14 सितंबर को जन्मदिन होने के कारण अपने घर ग्राम कम्भौर आया हुआ था। सजल ने अपने मित्रों को बर्थडे पार्टी के तौर पर कुल्फी खिलाने के लिए सिविल लाइंस प्रथम स्थित महावीर स्कूल व पेट्रोल पम्प (कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने) बुलाया। इसी दौरान कम्भौर के ही एक युवक ने सजल से बातचीत की और मोबाइल फोन पर किसी से बात करने लगा। कुछ ही देर में जमालपुर, चौकपुरी व छोइया नंगली निवासी कुछ युवक अपने 5-6 साथियों के साथ वहां पहुंचे और सजल को और जान से मारने की नीयत से मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर आराम से फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। वहीं पेट्रोल पंप व अन्य सीसीटीवी कैमरों में घटना कैद हो गई है। यही नहीं उक्त वारदात को अंजाम देने के कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। पुलिस को दी गई तहरीर में शुभम निवासी जमालपुर, मयंक चौधरी निवासी चौकपुरी व तरुण चौधरी निवासी छोइया नंगली व 5-6 अन्य अज्ञात पर घटनाओं का आरोप लगाया गया। सूचना पर थाना शहर कोतवाली पुलिस ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह अब भी बरकरार है।

रहस्यमई महिला पुलिस कांस्टेबल: जानकारों का कहना है कि घटना के वक्त मौजूद एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। इसके बावजूद उसने अब तक थाना चौकी पुलिस को घटना की बाबत कोई जानकारी नहीं दी ही।

राजनैतिक आका का हमलावरों को अभयदान: सूत्रों का कहना है कि मामले में राजनैतिक आका ने हमलावरों को अभयदान दे दिया है। उन्हें पूरा विश्वास दिलाया गया है कि पुलिस कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती। इसलिए वे अब और भी ज्यादा खूंखार होकर नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में शिकार की तलाश कर रहे हैं। वैसे राजनैतिक आका भी कृष्ण जन्म भूमि में अंदर बाहर के खेल से बखूबी परिचित हैं।

तहसीलकर्मियों ने दलित की जमीन कर दी दूसरों के नाम!

बिजनौर। सरकारी कर्मचारियों के खेल भी निराले हैं। कभी भी, कहीं भी और कुछ भी कर दें, पता नहीं। बाप बड़ा न भइया, सबसे बड़ा रुपैया के सिद्धांत पर ही होता है काम। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। तहसील बिजनौर के  तीन लेखपालों व एक राजस्व निरीक्षक ने भारी भरकम रकम डकार कर करोड़ों की जमीन पर अन्य लोगों का कब्जा करा दिया।

पीड़िता ऊषा के अनुसार उसके दादा छज्जू सिंह पुत्र ज्ञाना निवासी ग्राम फिरोजपुर मान्डू परगना दारानगर तहसील व जिला बिजनौर, अनुसूचित जाति से चमार थे। उनके एकमात्र पुत्र तेजा सिंह उर्फ तेजपाल थे। तेजा सिंह ऊषा के पिता थे। ऊषा के दादा द्वारा छोड़ी गई आराजी काश्त उसकी माता व भाई के नाम बतौर वारिस आनी चाहिए थी। आरोप है कि विरेन्द्र पाल लेखपाल, पवन लेखपाल, सहजराम लेखपाल व प्रमोद कुमार सैनी राजस्व निरीक्षक ने कागजात में हेराफेरी करके फर्जी तरीके से पीड़िता की पुश्तैनी जमीन अन्य व्यक्तियों के नाम कर दी।

कागजात में हेराफेरी कर जमीन की दूसरों के नाम- महिला ने आरोप लगाया कि उक्त सरकारी कर्मचारियों ने कागजात में हेराफेरी कर उसकी दादिलाही जमीन प्रमोद, आमोद पुत्रगण जसबन्त सिंह निवासी मौ0 नई बस्ती-14 निकट करबला थाना को0 शहर जिला बिजनौर, चेतन पुत्र प्रीतम निवासी ग्राम लखपत नगर थाना कोतवाली शहर जिला बिजनौर, नौबहार, महावीर, सोहन, मोहन पुत्रगण मूला निवासी ग्राम मुन्डूपुर थाना-को०शहर जिला बिजनौर, बलजोर पुत्र गिरवर निवासी ग्राम लक्खीवाला थाना-को०शहर जिला बिजनौर, बलवीर पुत्र गरीबा निवासी ग्राम लक्खीवाला थाना को०शहर जिला बिजनौर, राजीव, संजीव पुत्रगण मुनेशवर, नीरज पुत्र तपेशवर नि०गण ग्राम  पृथ्वीपुर थाना को०शहर जिला बिजनौर के नाम कर दी। पीड़िता ने बताया कि उसके दादा व पिता ने अपनी आराजी काश्त का बैनामा कभी भी किसी के नाम नहीं किया।

आखिर क्या है मामला? छज्जू सिंह पुत्र ज्ञाना के खसरा सं0- 72/1, 173/1, 50/6, 52/1, 53, 54/1, 95/1, 109/1 में 9 बीघा पक्की यानी 27 बीघा जमीन थी। मौजा दारानगर बी0ए0 परगना दारानगर तहसील व जिला बिजनौर में खसरा नं0- 336, 337 में आम का बाग भी उनके हिस्से में ही था। छज्जू सिंह व उनके पुत्र तेजा सिंह उर्फ तेजपाल की मृत्यु के बाद उक्त जमीन उनके पुत्रों के नाम बतौर वारिसान दर्ज होनी थी। आरोप है कि सरकारी कर्मचारियों व आरोपित ग्रामीणों ने आपस में हमसाज होकर  कागजात में हेराफेरी करके छज्जू पुत्र ज्ञाना नाम का फायदा उठाकर महिला की पुश्तैनी जमीन छज्जू सैनी पुत्र गरीबा निवासी ग्राम लक्खीवाला के नाम करवा दी। पीड़िता व परिजनों को इस बात की भनक तक न हुई कि आरोपियों ने माल कागजात में हेराफेरी करके उपरोक्त व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिये हैं। जब ऊषा ने अपनी आराजी काश्त की नकल ली, तब मामला सामने आया।

काम के बदले मांगी रिश्वत- पीड़िता ने बताया कि इस बात को लेकर वह राजस्व निरीक्षक प्रमोद कुमार से मिली तो उसने दादा व पिता द्वारा छोड़ी गई जमीन उसकी मां व भाइयों के नाम करने की एवज में 50 हजार रुपए मांगे। इस बात की शिकायत उच्च अधिकारियों से की तो उक्त सभी उससे रंजिश रखने लगे। यह भी आरोप है कि अधिकारियों ने भी कोई सही कार्यवाही आज तक नहीं की।

घर में घुसकर पीटा, तोड़फोड़- 06 जुलाई 2020 को सुबह 7 बजे प्रमोद, आमोद, चेतन, महावीर, सोहन, मोहन व विरेन्द्र पाल, सहजराम, बलजोरा, प्रमोद कुमार सैनी, संजीव, नीरज और राजीव, बलवीर ने ऊषा की उसके घर में घुसकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जमकर पिटाई की। इस दौरान हमलावर उच्च अधिकारियों से शिकायत करने पर उसके भाइयों को जान से मारने की धमकी देते रहे। उन्होंने उसके घर के सामान को तोड़फोड़ कर तहसनहस कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे नरेश, निधि व बहुत से लोगों ने उस को बचाया।

पुलिस अधीक्षक को सौंपा कोर्ट का आदेश: पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि उसने अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए उपरोक्त मुल्जिमान के विरूद्ध थाना कोतवाली शहर बिजनौर को एक प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक बिजनौर को भी प्रार्थना पत्र दिया लेकिन उस भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय में एडीजे कोर्ट नं- 2 बिजनौर परिवाद सं.- 36/20 उषा बनाम प्रमोद आदि दायर किया था। इस पर न्यायालय ने दिनांक 05-04-2022 को उपरोक्त प्रमोद, आमोद, चेतन, नौबहार, महावीर, सोहन, मोहन, बलजोरा, बलवीर, राजीव, संजीव व नीरज को धारा-323, 504, 506 आई.पी.सी. व 3/1 द,ध, एस०सी०/एस०टी० एक्ट में तलब किया था। वहीं विरेन्द्र पाल लेखपाल, पवन लेखपाल, सहजराम लेखपाल व प्रमोद कुमार सैनी राजस्व निरीक्षक को यह कहते हुए तलब नहीं किया कि धारा-197 सीआरपीसी के अन्तर्गत लोक सेवक के विरूद्ध राज्य सरकार से पूर्व में अनुमति प्राप्त किये जाने के पश्चात ही अभियोग लाया जा सकता है। पीड़िता ने उपरोक्त आदेश के विरूद्ध उच्च न्यायालय में उपरोक्त मुल्जिमान को अभियुक्त बनाने के लिए याचिका अन्तर्गत धारा-482 याचिका सं0-22288/2022 उषा बनाम राज्य सरकार 16 आदि दायर की थी। इस पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने दिनांक 28-07-2022 को अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस अधीक्षक बिजनौर के समक्ष प्रार्थना पत्र देने हेतु निर्देशित किया है। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थिनी के प्रार्थना पत्र पर अभियोग पंजीकृत कराने हेतु आदेशित किया गया है।

एसपी ने दिए जांच के आदेश: पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने सीओ सिटी को पीड़िता ऊषा के प्रार्थना पत्र पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को निर्देशित किया है।

आरोपियों में खलबली: महिला के प्रार्थना पत्र तथा कोर्ट के आदेश की भनक लगते ही आरोपियों में खलबली मच गई है। अब वे जोड़तोड़ की कोशिश में जुट गए हैं। एक तहसील कर्मी प्रमोद कुमार सैनी ने बताया कि बैनामा वर्ष 1960 में हो चुके थे, तब से दो चकबंदी भी निकल चुकी हैं। किसी के भी द्वारा इस मामले में कोई यथोचित पैरवी नहीं की गई।

छुट्टा घूम रहे हैं इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी!

छुट्टा घूम रहे हैं इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी। राजनैतिक आका की शरण में पहुंचे हमलावर। बिजनौर के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में हुई थी वारदात। पेट्रोल पंप के सामने की थी युवक की जान लेने की कोशिश। हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को भी जमकर पीटा। गांव के ही एक युवक पर है मुखबिरी का शक। 

बिजनौर। पुलिस की हीलाहवाली के चलते जिला मुख्यालय के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी छुट्टा घूम रहे हैं। राजनैतिक आका की शरण में पहुंचने के बाद जहां हमलावर अपने बुलंद हौसलों के साथ किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं, वहीं पुलिस भी हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

14 सितंबर को कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने महावीर स्कूल व पेट्रोल पंप के बाहर दिल्ली से आए युवक की जान लेने की कोशिश की गई। युवक जन्मदिन मनाने अपने घर आया हुआ है। कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। थाना शहर कोतवाली पुलिस ने घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

जानकारी के अनुसार दिल्ली में रहकर इंटीरियर डेकोरेशन का काम करने वाला सजल कुमार 14 सितंबर को जन्मदिन होने के कारण अपने घर ग्राम कम्भौर आया हुआ था। सजल ने अपने मित्रों को बर्थडे पार्टी के तौर पर कुल्फी खिलाने के लिए सिविल लाइंस प्रथम स्थित महावीर स्कूल व पेट्रोल पम्प (कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने) बुलाया। इसी दौरान कम्भौर के ही एक युवक ने सजल से बातचीत की और मोबाइल फोन पर किसी से बात करने लगा। कुछ ही देर में जमालपुर, चौकपुरी व छोइया नंगली निवासी कुछ युवक अपने 5-6 साथियों के साथ वहां पहुंचे और सजल को और जान से मारने की नीयत से मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर आराम से फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। वहीं पेट्रोल पंप व अन्य सीसीटीवी कैमरों में घटना कैद हो गई है। यही नहीं उक्त वारदात को अंजाम देने के कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। पुलिस को दी गई तहरीर में शुभम निवासी जमालपुर, मयंक चौधरी निवासी चौकपुरी व तरुण चौधरी निवासी छोइया नंगली व 5-6 अन्य अज्ञात पर घटनाओं का आरोप लगाया गया। सूचना पर थाना शहर कोतवाली पुलिस ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह अब भी बरकरार है।

रहस्यमई महिला पुलिस कांस्टेबल: जानकारों का कहना है कि घटना के वक्त मौजूद एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। इसके बावजूद उसने अब तक थाना चौकी पुलिस को घटना की बाबत कोई जानकारी नहीं दी ही।

राजनैतिक आका का हमलावरों को अभयदान: सूत्रों का कहना है कि मामले में राजनैतिक आका ने हमलावरों को अभयदान दे दिया है। उन्हें पूरा विश्वास दिलाया गया है कि पुलिस कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती। इसलिए वे अब और भी ज्यादा खूंखार होकर नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में शिकार की तलाश कर रहे हैं। वैसे राजनैतिक आका भी कृष्ण जन्म भूमि में अंदर बाहर के खेल से बखूबी परिचित हैं।

नया गांव हत्याकांड में सभी 8 आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी

बिजनौर। लगभग साढ़े 5 साल पूर्व नया गांव के बहुचर्चित विशाल हत्याकाण्ड के सभी 8 आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।

जानकारी के अनुसार 10 जनवरी 2017 को ग्राम कच्छपुरा व नया गांव के बीच स्थित सरकारी ट्यूबवैल पर नया गांव निवासी संजय के पुत्र विशाल की अज्ञात लोगों ने चाकू से गोदकर व गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में पेदा निवासी प्रधान अनीस, पूर्व प्रधान इकबाल तथा शमीम, हनीफ, नफीस, इस्तखार, फुरकान व अकबर को नामजद किया गया था। विशाल की हत्या वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान बिजनौर में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा के दिन ही सभा के थोड़ी देर बाद हुई थी। इस हत्याकाण्ड को राजनीतिक रूप व काफी तूल दिया गया था। तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। मामले की विवेचना सीबीसीआईडी बरेली जोन को दी गई थी। सीबीसीआईडी ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की और सभी अभियुक्तों को जेल जाना पड़ा। अभियुक्त इकबाल, हनीफ और फुरकान करीब तीन साल से जेल में थे।

इस मुकदमे का विचारण अपर जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार के न्यायालय में हुआ। न्यायालय ने आरोपियों के जेल में अधिक समय से होने के कारण त्वरित गति से सुनवाई की। अभियोजन पक्ष के मौके के सभी गवाहों की गवाही के साथ पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के बयान भी कराये गए। सबूत पक्ष के सभी कागजातों की औपचारिकता को बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा स्वीकार कर लेने के बाद अभियोजन के गवाहों व अभियुक्तों के बयान तथा बहस सुनकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने साक्ष्य के अभाव में सभी अभियुक्तों को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। अभियुक्तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र कुमार पूर्व अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन तथा जकावत हुसैन एड. ने पैरवी की।

पुलिस संरक्षण में ठुमके लगा रहीं बार बालाएं

प्रतीकात्मक चित्र

बिजनौर जिला मुख्यालय से बीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित कस्बा हल्दौर के गुदड़ी मेले में पुलिस संरक्षण में बार बालाओं का अश्लील डांस चल रहा है! इस कारण आम जनता को गुण्डागर्दी और महिलाओं को अभद्रता का सामना करना पड़ रहा है।

प्रतीकात्मक चित्र

जानकारी के अनुसार लगभग दस दिन से चल रहे इस मेले में पुलिस ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति प्रदान की थी। आरोप है कि इसकी आड़ में अश्लील डांस पार्टी चलाई जा रही है। इस बारे में समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने नौटंकी में मोबाईल से वीडियो बनाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है क्योंकि बार बालाओं के अश्लील डांस के वीडियो बनाकर किसी ने वायरल कर दिये थे। इसके बाद मेले में ड्यूटी पर लगी पुलिस सतर्क हो गई।

प्रतीकात्मक चित्र

बताया गया है कि इस नौटंकी की आड़ में मेले में युवाओं का जमघट लगा रहता है जो गुण्डागर्दी व महिलाओं से छेड़छाड़, छीटांकशी करने से बाज नहीं आते हैं। वहीं मेले में बड़ी संख्या में जेबें कटने व पर्समारी की घटनाएं भी होने की बात कही जा रही है। एक तरफ मुख्यमंत्री महिला सुरक्षा व सम्मान की बात कह सुरक्षा देने की बात कह रहे हैं, वहीं पुलिस संरक्षण में महिलाओं से अभद्रता की जा रही है। पुलिस अपनी मुठ्ठी गरम करने के स्वार्थ में महिला सम्मान को ताक पर रखे हुए है। नगर के नागरिकों में मेले में फैलाई जा रही अश्लीलता के कारण सरकार के प्रति काफी नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।

इंटीरियर डेकोरेटर समेत दो युवकों पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला

बिजनौर के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में हुई वारदात। पेट्रोल पंप के सामने दिल्ली से आए युवक की जान लेने की कोशिश। जन्मदिन मनाने अपने घर आया है युवक। कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। गांव के ही एक युवक पर है मुखबिरी का शक। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर लग रहा है प्रश्नचिन्ह

बिजनौर। जिला मुख्यालय के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले की वारदात हुई। कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने महावीर स्कूल व पेट्रोल पंप के बाहर दिल्ली से आए युवक की जान लेने की कोशिश की गई। युवक जन्मदिन मनाने अपने घर आया हुआ है। कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। सूचना पर थाना शहर कोतवाली पुलिस ने घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

जानकारी के अनुसार ग्राम कम्भौर पोस्ट सिरधनी निवासी सजल कुमार दिल्ली में रहकर इंटीरियर डेकोरेशन का काम करता है। 14 सितंबर को अपना जन्मदिन होने के कारण अपने घर आया हुआ है। सजल ने अपने मित्रों को बर्थडे पार्टी के तौर पर कुल्फी खिलाने के लिए सिविल लाइंस प्रथम स्थित महावीर स्कूल व पेट्रोल पम्प (कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने) बुलाया हुआ था। इसी दौरान कम्भौर के ही एक युवक ने सजल से बातचीत की और मोबाइल फोन पर किसी से बात करने लगा। कुछ ही देर में जमालपुर, चौकपुरी व छोइया नंगली निवासी कुछ युवक अपने 5-6 साथियों के साथ वहां पहुंचे और सजल को और जान से मारने की नीयत से मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर आराम से फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। वहीं पेट्रोल पंप व अन्य सीसीटीवी कैमरों में घटना कैद हो गई है। बताया गया है कि उक्त वारदात को अंजाम देने के कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। दूसरी ओर पुलिस को दी गई तहरीर में शुभम निवासी जमालपुर, मयंक चौधरी निवासी चौकपुरी व तरुण चौधरी निवासी छोइया नंगली व 5-6 अन्य अज्ञात पर घटनाओं का आरोप लगाया गया है। सूचना पर थाना शहर कोतवाली पुलिस ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

लव जेहाद का शिकार कायस्थ युवती ने लगाई इच्छा मृत्यु की गुहार

लव जेहाद का शिकार कायस्थ युवती ने लगाई इच्छा मृत्यु की गुहार। एसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र। राहुल सैनी बनकर दिल्ली में रह रहा था गुलशाद। बेनीपुर कोपा का ग्राम प्रधान भी देता है धौंस। कभी भी कोई भी आकर उसका करता है शारीरिक शोषण।

बिजनौर। एक और युवती लव जेहाद का शिकार हो गई। लाचार होकर उसने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है।

सुल्तानपुरी अमन विहार दिल्ली निवासी कायस्थ बिरादरी की एक युवती ने पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि उस के घर के सामने गुलशाद नाम का युवक राहुल बनकर रह रहा था। युवती की गुलशाद उर्फ राहुल से 2018 में मुलाकात हुई। राहुल ने कहा कि उसका कारोबार है और वह कई चीजों की सप्लाई करता है। इसके बाद वह उससे मिलता जुलता रहा। राहुल ने युवती को बताया कि वह सैनी जाति से है तथा उससे शादी करना चाहता है। उसने यह भी बताया कि वह जिला बिजनौर के तहसील नगीना अंतर्गत गाम बेनीपुर कोपा थाना बढ़ापुर का रहने वाला है। युवती का आरोप है कि वह गुलशाद उर्फ राहुल की बातों में आ गई। इसके बाद युवक ने उससे शारीरिक सम्बन्ध बना लिए। नगीना में एक मुस्लिम वकील के यहां दिनांक 14 जनवरी 2020 को स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए। स्टाम्प पेपर उसने कोर्ट मैरिज के कागजात बताकर अपने पास ही रख लिए।

दो साल पहले खुला भेद- युवती ने बताया कि उसे नवंबर 2020 में पता लगा कि उक्त राहुल मुस्लिम है। और उसका सही नाम गुलशाद ताहिर है। यह पता लगते ही युवती ने एक प्रार्थना पत्र थाना बढ़ापुर में दिया, परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। गुलशाद व उसके भाई अरशद, आरिफ व शाहनवाज को जैसे ही पता लगा कि वह पुलिस को उनकी असलियत बताने गयी है तो उन्होंने उसके साथ मारपीट की।  गुलशाद की मां साहिरा व उसके चाचा के लड़के जावेद व कासिफ भी आ गये और मारपीट व गालियां देते हुए कहा कि तुझे इस्लाम धर्म कबूल करना पड़ेगा व नमाज भी पढ़नी पड़ेगी। मना करने पर अरशद व आरिफ ने उसके कपड़े फाड़कर जबरदस्ती की। युवती के माता पिता भी इस कृत्य से नाराज हैं और वह अकेली पड़ गयी है उसका कोई सहारा नहीं है। जावेद व असिफ ने दिनांक 11 सितंबर 2022 को शाम लगभग 4 बजे उसे आकर पकड़ लिया और गालियां देते हुए कहा कि उसे पुलिस में रिपोर्ट करनी हम सिखाएंगे। युवती ने कहा कि वह बड़ी मुश्किल में है, कभी भी कोई भी आकर उसका शोषण कर लेता है। बेनीपुर कोपा का प्रधान रईस अहमद भी धौंस देता है कि 2000/-रुपये ले और यहां  से दिल्ली चली जा। पीड़ित युवती ने पुलिस अधीक्षक से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाते हुए कहा कि हिन्दू बनकर मुस्लिम युवक ने उसका शोषण व धोखाधड़ी की है। उसे न्याय दिलाया जाए और उक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करके कानूनी कार्यवाही की कृपा जाए। पुलिस अधीक्षक से युवती के साथ मिलने वालों में अशोक कुमार सैनी जिलाध्यक्ष भागीरथ सेना, मनोज कुमार सैनी जिलाध्यक्ष, मोहित राजपूत, रविन्दर आदि शामिल हैं।

युवक गायब, ससुरालियों ने निकाला- डेढ़ महीने पहले गुलशाद उर्फ राहुल अचानक घर से कहीं चला गया। मुस्लिम ससुरालियों ने उसे यह कह कर धक्के देकर निकाल दिया कि अपने लड़के को उन्होंने अपनी जायदाद से बेदखल कर दिया है। युवती को एक स्थानीय भाजपा नेत्री ने सहारा दिया है।

कोतवाल से मिलकर पत्रकार को फंसाने की रची जा रही साजिश?

वादी पर फैसले का दबाव बनाने और जेल जाने से बचने के लिए आरोपी दे रहे साजिश को अंजाम। रुपयों के अदाईगी की वीडियो का सहारा लेना पड़ेगा भारी। आरोपियों को न्यायालय से जमानत कराने के लिए 14 सितंबर को होना होगा हाजिर।

बिजनौर। बेकरी का बडा झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी व हड़पने के मामले में न्यायालय नगीना में हुई आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट के बाद, अब आरोपीगण कोतवाल से मिलकर पीड़ित/वादी मुकदमा के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने की चर्चा आम हो गयी है। कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कस्बा कोटरा निवासी खुर्शीद, फखरे, साजिद, वाजिद,व इरफान पर लाखों रुपए के गबन, मारपीट व साजिश रचना आदि कई संगीन धाराए हैं, जबकि इनके एक भाई नजमुल ने चैक बाउंस के मामले में  27 जुलाई को अपनी जमानत कराई है।

बताया गया है कि क्षेत्र के कस्बा कोटरा निवासी नजमुल आलम व उसकी पत्नी अकलिमा ने वर्ष 2018 में पुणे में एक बड़ी बेकरी का झांसा देकर नगीना निवासी पत्रकार नौशाद अंसारी से 35 लाख रु ले लिए और विश्वास दिलाने के लिए नोटरी एग्रीमेंट भी हुए थे। पीडित ने लोन के रुपयों में से इन्हें भुगतान किया था। नजमुल के अन्य भाइयों खुर्शीद, फखरे, साजिद व वाजिद ने अपने भाई नजमुल व भाभी अकलिमा पर बकाया रकम को वापस करते हुए नगीना के नई बस्ती फुलवाड में स्थित एक मदरसे में दिनांक 26-09-2019 को 30 लाख रु की रकम लौटा दी। इस रकम के लौटाते समय सबूत के तौर पर दोनों पक्षों की सहमति से एक वीडियो भी बनी, जिसमें खुर्शीद अपने भाई नजमुल का पैसा नौशाद को लौटाते दिख रहे हैं। इतना ही नहीं रकम अदाईगी की तहरीर भी हुई थी। उधर नजमुल के भाईयों खुर्शीद, फकरे, साजिद व वाजिद ने फिर नौशाद को अपने झांसे में लेकर मजबूरी बताते हुए 35 लाख रु ले लिये और एक लिखित तहरीर नोटेरी के द्वारा भी हो गयी। खुर्शीद, फकरे, साजिद व वाजिद ने जब पैसा समय पर अदा नहीं किया तो पीड़ित नौशाद ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के आदेश पर नगीना थाने में 21 अगस्त 021 को मु.अ.स. 309/021 धारा 120 बी 406, 392, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया था। क्राइम ब्रांच ने दर्ज कराए गए मुकदमे में खुर्शीद, फखरे, साजिद, वाजिद निवासी कस्बा कोटरा व इरफान पुत्र बाबू अंसारी निवासी ग्राम बैरमनगर नहटौर के खिलाफ जुर्म अंतर्गत धारा 406, 504, 323, 506, 120बी के आरोप पत्र संख्या 140/022 दाखिल न्यायालय कर दिया। न्यायालय ने सभी आरोपियों खुर्शीद, फकरे पुत्र इकबाल, साजिद, वाजिज पुत्र रफीक कस्बा कोटरा व इरफान पुत्र बाबू अंसारी बैरमनगर नहटौर को संज्ञान लेते हुए 29 अगस्त कि तारीख निर्धारित की और समन जारी कर दिए। नगीना पुलिस को समन मिलने के बाद भी सम्मनों की तामिल नहीं हुई। वर्तमान में 14 सितंबर की तारीख न्यायालय में लगी है। अब सभी आरोपियों ने जेल जाने के डर से वादी मुकदमा नौशाद अंसारी पर कोतवाल से मिलकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रची। इसके क्रम में आरोपियों ने अपने ही गांव के एक चहेते व्यक्ति वसीम को लालच देकर कोतवाल पर कोई बात न आए, झूठी कहानी रचकर न्यायालय में 156(3) में लाखों रुपए हडपने और घर पर जाकर रंगदारी मांगने का प्रार्थना पत्र दिलवा दिया। न्यायालय ने 31 अगस्त को मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। उधर मुकदमा दर्ज होने से पहले वादी वसीम ने राज खोलते हुए पूरी साजिश बता दी और 03 सितंबर को वादी वसीम ने शपथ पत्र देकर नोटेरी करा दिया कि, मेरे साथ कोई घटना नहीं हुई। चश्मदीद गवाह अनवर सलीम ने तो यहां तक शपथ पत्र में लिखकर दे दिया कि, वसीम ने जो यह मुकदमा लिखवाया है, वह झूठा और फर्जी है। मेरे सामने इस तरह की कोई घटना नहीं घटित हुई और मेरा नाम चश्मदीद गवाह के रुप मे वसीम ने झूठा लिखवा दिया है। गव़ाह वसीम का अनवर सलीम सगा चचेरा भाई है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने 05 सितंबर को मु.अ.स. 292/022 दर्ज किया। वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी में पूरा मामला आने के बाद उन्होंने वसीम के मुकदमा को नगीना से हटाकर क्राइम ब्रांच को निष्पक्ष जांच के निर्देश दे दिए। दोनो पत्रकार भाईयों नौशाद व शहजाद को जेल भेजने की साजिश को नाकाम होता देख कोतवाल प्रिंस शर्मा ने अब उन आरोपियों खुर्शीद, नजमुल, फकरे आदि पर अपना आशीर्वाद का हाथ रंख दिया, जिसमें इन सभी आरोपियों को 14 सितंबर तक न्यायालय में हाजिर होकर अपनी जमानत करानी है।

क्या है वीडियो प्रकरण का सच, रुपयों के अदाईगी की वीडियो पर उछल रहे हैं शातिर ठग…

आरोपी खुर्शीद, नजमुल, फखरे आदि उस वीडियो के आधार पर कोतवाल प्रिंस शर्मा के सहयोग से एक झूठा मुकदमा लिखाने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें नजमुल पर बकाया रुपए दिनांक 26 सितंबर 2019 में बनी सहमति के साथ वीडियो में यह खुद आरोपी 30 लाख रुपये बकाया नजमुल के देते नौशाद को दिख रहे हैं और उसी रकम की अदाएगी की एक तहरीर भी कराए हुए हैं जो नोटेरी एडवोकेट से प्रमाणित है। उधर न्यायालय में दाखिल चार्जशीट मु 309/ 021 में क्राइम ब्रांच ने कहा है कि नजमुल के भाइयों ने नजमुल पर बकाया वर्ष 2018 की तीस लाख रूपए की रकम वादी नौशाद को दिनांक 26-9-2019 को अदा की है। वर्ष 2019 में बनी पेसों के लेन देन की वीडियो के सहारे अब शातिर आरोपी खुर्शीद, फकरे, नजमुल आदि कोतवाल के सहयोग से दोनों पत्रकार भाईयों नौशाद व शहजाद पर झूठा केस बनाने की एक और कोशिश में लगे हुए हैं!

पत्रकार का खास डीलर नहीं बांटता राशन

बिजनौर। अंधा बांटे रेवड़ी, चीन्ह चीन्ह के दे। ये कहावत चरितार्थ कर रहा है कोतवाली देहात अंतर्गत सिखेड़ा बरुकी का राशन डीलर दयाराम। काम बिल्कुल नाम के विपरीत। दया नाम की कोई चीज नहीं, और राम का नाम लेना नहीं। सुबह से राशन लेने को लाइन में लगे उपभोक्ताओं को भरी दोपहरी ने चलता कर देता है। कहता है कि मशीन अंगूठा नहीं पकड़ रही। जिला पूर्ति अधिकारी से शिकायत करने की बात कहो तो सीना ठोंक कर कहता है कि महीना देता हूं, लखनऊ तक कर लो शिकायत।

कोतवाली देहात अंतर्गत सिखेड़ा बरुकी का राशन डीलर राशन बांटने में मनमर्जी कर रहा है। वह एक पत्रकार को अपना खास बताता है। पत्रकार भी वो जिसने अपनी पत्नी को राशन कोटा दिला रखा है। एक बार जिला पूर्ति अधिकारी की जांच में फंसा तो नदी में डूबकर आत्महत्या करने की बात करने लगा। तब जनपद स्तर के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों के सहयोग से उसकी गर्दन बच सकी थी।

हर यूनिट पर कटौती- आरोप है कि दयाराम हर यूनिट पर सभी का एक किलो राशन काटता है। अंगूठा लगा कर भी राशन नहीं देता। कई उपभोक्ताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तीन से चार महीने हो गए, वह मशीन पर अंगूठा तो लगवा लेता है, लेकिन राधन नहीं देता। फिलहाल अंगूठा नहीं लगने की बात कहकर राशन नहीं बांट रहा। कई उपभोक्ताओं ने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो वह उक्त पत्रकार को अपना खास बताते हुए उल्टा चढ़ बैठा। साथ ही सीना ठोंक कर यह भी कहा कि डीएसओ को पैसा देता हूं, लखनऊ तक कर लो शिकायत, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

कभी था एक-एक रुपए के लिए मोहताज- एक समय ऐसा भी था जब राशन डीलर दयाराम एक-एक रुपए के लिए मोहताज था। …लेकिन जुगाड़ बिठाकर राशन डीलर बनने के बाद उसकी संपत्ति में यकायक इजाफा हो गया। ग्रामीण बताते हैं कि हाल ही में शादी की सालगिरह पर उसने अपनी पत्नी को सोने के दो हार बतौर गिफ्ट दिये।

बिरादरी का देता है खौफ- राशन डीलर अपनी बिरादरी को लेकर भी लोगों को धमकाने से गुरेज नहीं करता। लोगों को दलित उत्पीड़न के फर्जी मामलों में फंसने की धमकी देता है। इस कारण लोग डर की वजह से सामने आने से डरते हैं।

बोले दयाराम- राशन डीलर दयाराम से उनके मोबाइल नंबर 09837869489 पर जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि मशीन अंगूठा नहीं पकड़ रही। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय को अवगत कराया था। उन्होंने लखनऊ से समस्या होने की जानकारी दी है। वह सभी को पूरा राशन दे रहे हैं, कटौती की बात गलत है। हालांकि वह मिलकर बात करने को भी कहता है। अब ये तो सभी जानते हैं कि मिल कर क्या बात होती होगी?

राजस्थान में दलित छात्र की पिटाई व मौत पर बसपाइयों में रोष

राजस्थान मामले को लेकर भड़के बसपाई। दलित छात्र की पिटाई व मौत पर बसपाइयों में रोष। डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

बिजनौर। बहुजन समाज पार्टी ने राजस्थान के जिला जालोर अंतर्गत ग्राम सुराणा में 9 वर्षीय दलित छात्र इन्द्र कुमार की पिटाई और मौत के मामले को लेकर रोष जताया है। इस संबंध में एक ज्ञापन जिलाधकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि दिनांक 14 अगस्त 2022 को राजस्थान के जिला जालोर ग्राम सुराणा में 9 वर्षीय दलित छात्र इन्द्र कुमार मेघवाल को प्यास लगने के कारण पानी से भरे मटके को छूने पर मनुवादी विचारधारा के अध्यापक छैल सिंह द्वारा बेहरमी से पीटा गया। उसकी दाहिनी आंख तक फोड़ दी गई, इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी। इस घटना से समस्त दलित समाज में रोष व्याप्त है। राजस्थान सरकार उपरोक्त घटना तथा राज्य में हो रहे दलितों पर अत्याचार के मामलों की पूर्ण जानकारी होते हुए भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। इससे यह प्रतीत हो रहा है कि राजस्थान में सरकार के इशारे पर दलितों पर जानबूझकर अत्याचार किये जा रहे हैं।

ज्ञापन में बहुजन समाज पार्टी जनपद बिजनौर की यूनिट ने घटना की घोर निन्दा करते हुए अनु०जाति के मृतक छात्र इन्द्र कुमार मेघवाल के परिवार में से किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान करने के साथ ही अध्यापक छैल सिंह को फांसी की सजा देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जितेंद्र सागर (जिला अध्यक्ष), धनीराम सिंह (मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मंडल), दीपक कुमार सिंह (मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मंडल), नाजिम अहमद अल्वी (जिला उपाध्यक्ष), दलीप कुमार उर्फ चिन्टू (जिला महासचिव), पंकज शर्मा (जिला कोषाध्यक्ष), दीपक राज, राजेन्द्र सिंह, मुनीश भारती, सुल्तान अहमद, परम सिंह प्रधान, छोटे सिंह, करतार सिंह, काके रवि, विनोद कुमार, रामपाल, मोहम्मद अशरफ, लाल सिंह प्रधान, महमूद अहमद (पूर्व प्रत्याक्षी विधानसभा), कविराज सिट (पूर्व मंडलद्‌भा), ब्रह्मपाल सिंह, अनिल कुमार, पुष्पेन्द्र कुमार, चेतराम सिंह, अमित चौधरी, अनुज राठी, समर सिंह एड० प्रमोद कुमार, बलवन्त सिंह, अजय कुमार, लखवीर सिंह, रोहिताश सिंह, राजेन्द्र सिंह, अंसार उलहक, नसीमुदीन अंसारी, तिलकराज वौद्ध, मुंशी सद्दीक, इसरार नवी, अनुज कुमार, मोंटी कुमार, तिमिरुदीन, मोहम्मद सकी, नौशाद अहमद, श्रीराम, गजराज, दिलशाद अहमद, राकेश कुमार, विपिन कुमार, राजकुमार, राजू, संजीव कुमार, आमिर अहमद, विपिन कुमार, संजय कुमार, सुदेश कुमार, अमित, प्रधान, ब्रजवीर प्रधान आदि शामिल रहे।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने छीन ली शिक्षक की रोजी रोटी!

भाजपा जिलाध्यक्ष ने छीन ली शिक्षक की रोजी रोटी! शिक्षक का आर्थिक व मानसिक शोषण कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष। शिक्षक हरज्ञान सिंह ने भेजी शिक्षा मंत्री को शिकायत। जिलाध्यक्ष के जुल्मों से निजात दिलाने की लगाई गुहार। बच्चों से जबरन अवैध उगाही, अपने चहेते अध्यापकों द्वारा जबरदस्ती ट्यूशन पढ़ाकर पैसों की बंदरबांट। बच्चों को फेल करके, पैसे लेकर पास करना आदि कार्य में सहयोग नहीं करने की मिली सजा?

बिजनौर। डीएवी इंटर कॉलेज प्रबंध समिति व प्रधानाचार्य तथा शिक्षक का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रबंध समिति द्वारा प्रधानाचार्य व शिक्षक को निलंबित किए जाने के बाद यह मामला शासन तक पहुंच गया है। निलंबित शिक्षक ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री को पूरे मामले से अवगत कराते हुए कार्यवाही की गुहार लगाई है।

डीएवी इंटर कॉलेज के निलंबित सहायक अध्यापक हरज्ञान सिंह ने राज्य के शिक्षा मंत्री को भेजे पत्र में लिखा कि एक शिक्षक की पीड़ा और अपमान के संबंध में कह रहा हूं। वह किसी जरूरी कार्य से प्रधानाचार्य डा. मनोज कुमार के कक्ष में उनके साथ बैठे थे। आरोप है कि तभी शहर की नई बस्ती निवासी विपुल शर्मा डीएवी इंटर कालेज की प्रबंध समिति के उपप्रबंधक एवं भाजपा आइटी सेल के जिला संयोजक व पूर्व प्रधानाचार्य डॉ सुबोध चंद्र शर्मा द्वारा बातचीत के दौरान हमला कर दिया गया। शिक्षक हरज्ञान सिंह के मुताबिक उन्होंने बीच बचाव करते हुए घटना की फोटो, वीडियो बनाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट करना शुरू कर दिया। प्रधानाचार्य ने एसपी के सीयूजी नंबर पर फोन किया तो पुलिस के आने तक हमलावर वहां से फरार हो चुके थे। पुलिस ने प्रधानाचार्य का मेडिकल करा कर हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।

शिक्षक हरज्ञान सिंह ने दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना से उन्हें व उनके परिवार को बहुत आघात हुआ है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके मन मस्तिष्क से मारपीट व अपमान का दर्द अभी निकला भी नहीं था कि भाजपा जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने प्रधानाचार्य व उन्हें निलंबित करा कर परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया। शिकायत में कहा कि हम दोनों का दोष केवल इतना है कि हम उनके द्वारा किए गए गलत कार्यों जैसे बच्चों से जबरन अवैध उगाही, अपने चहेते अध्यापकों द्वारा जबरदस्ती ट्यूशन पढ़ाकर पैसों की बंदरबांट करना, बच्चों को फेल करके पैसे लेकर पास करना आदि कार्य में सहयोग नहीं करते। शिक्षक हरज्ञान सिंह ने आरोप लगाया कि बिजनौर के जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि मुख्यमंत्री के वरीयता के कार्यों में सहयोग न करके उनकी योजनाओं को विफल कर रहे हैं। वर्ष 1956 से संचालित डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर का संचालन आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ सोसाइटी से किया जाता था। पूर्व प्रधानाचार्य डॉ सुबोध चंद शर्मा द्वारा शिक्षा माफियाओं से मिलकर फर्जी सोसाइटी वर्ष 2010 में रजिस्ट्रार मुरादाबाद के यहां पंजीकृत करा कर डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर का संचालन और प्रबंधन करना आरंभ कर दिया गया। सोसायटी रजिस्ट्रार मुरादाबाद ने वर्ष 2010 में पंजीकृत सोसायटी से उक्त संस्था का संचालन एवं प्रबंधन अवैध बताया है। भाजपा जिला अध्यक्ष के सामने विभागीय अधिकारी सोसायटी रजिस्ट्रार मुरादाबाद के निर्णय को क्रियान्वित कराने में बौने साबित हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री से गुहार लगाई कि उन्हें व उनके परिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा किए गए आर्थिक व मानसिक शोषण से बचाया जाए तथा सोसायटी रजिस्टार मुरादाबाद के निर्णय को शिक्षा विभाग द्वारा क्रियान्वित कर और शिक्षा माफियाओं पर अंकुश लगाया जाए।

चकरोड पर दबंगों ने किया कब्जा, मुक्त कराने को मुख्यमंत्री से गुहार

चकरोड को कब्जा मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

बिजनौर। स्योहारा थाना क्षेत्रान्तर्गत गांव सत्तोनंगली के दबंगों ने चकरोड़ की जमीन पर कब्जा कर लिया है। एक ग्रामीण ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कब्जे को हटवाने की गुहार लगाई है।

स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम सत्तोनंगली निवासी सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि ग्राम के खेत नंबर 158 / 155 के मध्य एक चकरोड को खेत नंबर 155/ 160 के मालिक गजराज सिंह पुत्र रामगोपाल सिंह निवासी सत्तोनंगली बहादरपुर ने अपने खेत में मिला लिया है। उक्त व्यक्ति दबंगई के आधार पर जबरदस्ती उनके खेत का इस्तेमाल अपने हित के लिए करना चाहता है तथा नाजायज तरीके से उसके खेत नंबर 158 में उसे तामीर कराना चाहता है। उन्होंने बताया कि दबंगों द्बारा चकरोड पर अवैध कब्जा कर लिया गया है और मुख्य रास्ते को बंद कर दिया गया है।

तमाम शिकायतों के बावजूद हुआ कुछ नहीं- उक्त अवैध कब्जे को रुकवाने व हटवाने के लिए तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन को लगातार शिकायती पत्र दिये गए, लेकिन अभी तक कोई‌ कार्रवाई नहीं की गई। जिला प्रशासन की उदासीनता के चलते अवैध कब्जा करने वालों का हौसला बुलंद है। चकरोड पर अवैध कब्जे के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री से अवैध कब्जे को हटवा कर उक्त मार्ग को खुलवाने की मांग की है।

वाह री गंज पुलिस! पीड़ित विधवा पर ही डाल रही फैसले को दबाव

पीड़ित विधवा पर ही फैसले को दबाव डाल रही गंज पुलिस

चौकी में इंसाफ न मिलता देख कोतवाली पहुंची विधवा महिला

न्याय के लिए एक साल के अबोध बालक संग भटकने को मजबूर विधवा

बिजनौर। जहां एक ओर केंद्र व प्रदेश सरकारें महिला सशक्तिकरण के लिए तमाम तरह के प्रयास कर रही हैं, उनके लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है; वहीं कस्बा गंज की पुलिस इसके बिल्कुल उलट चल रही है। एक विधवा को न्याय दिलाना तो दूर, उस पर ही आरोपी ससुरालियों से फैसला करने को दबाव डाल रही है।

ग्राम जहानाबाद, पोस्ट गंज निवासी हेमलता रानी के पति रोहित कुमार की चार माह पूर्व मृत्यु हो गई थी। वह अपनी ससुराल में ही रहती है। कुछ समय पहले वह अपने मयके चली गयी थी। इस बीच उसके ससुर दयाराम सिंह, जेठ यशवीर सिंह, जेठानी रुकमणी और रुकमणी के पिता वीर सिंह ने मिलकर उसकी भूमि, संपत्ति, जेवरात आदि पर कब्जा जमा लिया। बकौल हेमलता मामले की जानकारी उसे ससुराल लौटने पर हुई।

परिजनों संग पीड़ित विधवा हेमलता

जमीन कब्जाई, जान की धमकी- गुरुवार को थाना शहर कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में हेमलता ने बताया कि ससुरालियों ने उसके पति रोहित की नई ई-रिक्शा को बेच दिया। यही नहीं उसके पति के हिस्से की 6 बीघा जमीन पर कब्जा कर उसमें खड़ी 4.5 बीघा गन्ने की फसल और 1.5 बीघा धान की फसल भी कब्जा ली। विधवा महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर सोने-चांदी के जेवरात छीन लिए। अब मामले की शिकायत पुलिस से करने पर उसे व उसके एक वर्षीय पुत्र को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। महिला ने बताया कि चार दिन पूर्व वह हिम्मत कर अपने मायके पक्ष के लोगों को साथ लेकर गंज चौकी पहुंची। आरोप है कि चौकी इंचार्ज अनिल कुमार ने मदद करना तो दूर की बात उल्टा उसे ही किसी लफड़े में न पड़ने की सलाह दे डाली। थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र वशिष्ठ ने मामले में पूर्ण सहयोग के आश्वासन के साथ ही जांच महिला सशक्तिकरण सेल को सौंप दी है।

ग्राम प्रधान ने कहा दिलाएंगे न्याय- ग्राम प्रधान तहजीब अहमद ने कहा कि उनके समक्ष यह मामला आया है। वह अपने स्तर से पूरा प्रयास करेंगे कि अबोध बालक व उसकी विधवा मां को न्याय मिल सके। इसके लिए वह गांव के संभ्रांत लोगों का भी सहयोग लेंगे।

विवादित जमीन के असली मालिक को लेकर संशय, हंगामा

झंडापुर में है करोड़ों की भूमि। भूमि पर चारदीवारी की नींव रखने को लेकर ग्रामीणों का हंगामा। जमीन के असली मालिक को लेकर अभी भी संशय।

बिजनौर। गंज मार्ग स्थित झंडापुर में खाली पड़ी चूना भट्टी की जमीन पर चारदीवारी निर्माण के लिए नींव भराव का मामला गरमा गया है। यहां के रास्ते निकलने वाले कई गांवों के ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए थाना कोतवाली शहर में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल तहसीलदार ने मौके पर काम रुकवा दिया है। ग्रामीण उक्त जमीन के बैनामे को विवादित बता रहे हैं।

जानकारी के अनुसार गंज मार्ग स्थित झंडापुर में खाली पड़ी चूना भट्टी की जमीन की कीमत करोड़ों रुपए में बताई जाती है। एक दिन पूर्व उक्त स्थान पर भराव और नींव निर्माण का कार्य तालिब ठेकेदार ने शुरू करा दिया। भनक लगते ही ग्राम पूरनपुर, जलालपुर व तीबड़ी के ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने थाना कोतवाली शहर पहुंच कर निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उक्त स्थान से होकर उनके गांवों का रास्ता जाता है, जिसे पटवारी अजब सिंह और ठेकेदार तालिब बंद कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तत्कालीन पटवारी अजब सिंह ने ग्राम प्रधान से सांठगांठ कर उक्त भूमि की श्रेणी बदलवाई और दलित के नाम बैनामा करा दिया था। बाद में पटवारी ने करोड़ों रुपए कीमत की उक्त भूमि का बैनामा अपने नाम करा लिया। अब करीब डेड़ करोड़ रुपए में तालिब ने कुछ हिस्सा खरीद लिया है? इस बीच बताया गया है कि मामले की जानकारी प्राप्त होते ही तहसीलदार ने मौके पर काम रुकवा दिया है।

ठेकेदार ने बैनामे की बात गलत ठहराई- तालिब ठेकेदार का कहना है कि उनके द्वारा उक्त जमीन का बैनामा कराने की बात सही नहीं है। तत्कालीन पटवारी अजब सिंह के कहने पर उन से मित्रता के नाते वहां नींव का भराव करा रहे थे। वर्ष 1952 से सरकारी पट्टा चला आ रहा था। वर्ष 2003 में पट्टेदार से अजब सिंह ने अपने नाम बैनामा करा लिया था, इस बात को भी करीब 20 साल हो गए हैं। आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने खाली पड़ी भूमि को रास्ते के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, जबकि सरकारी रास्ता अलग है। उक्त भूमि को रास्ते के तौर पर प्रयोग न करने के आदेश कोर्ट ने दिये हुए हैं। पुलिस प्रशासन को भी कोर्ट के आदेश की प्रति दिखा दी गई है।

पटवारी की पत्नी के नाम है जमीन वहीं तत्कालीन पटवारी अजब सिंह ने बताया कि उक्त भूमि का बैनामा वर्ष 2003 में उनकी पत्नी चंचल सैनी के नाम हुआ था। पूर्व में उक्त जमीन ओबीसी श्रेणी के ख्वानी ढीमर पुत्र हरदेवा के नाम थी। उसके एक पुत्र सोनू उर्फ सुन्दू व एक पुत्री थे। पुत्री की शादी बढ़ापुर थानांतर्गत ग्राम सरदारपुर छायली में हुई थी। सुन्दु बहरा और अविवाहित था व अपनी बहन के घर ही रहता था। ख्वानी की मौत के बाद भूमि उसकी पुत्री के नाम आ गई। इस बीच उसकी मौत हो गई और इस कारण जमीन उसके चार पुत्रों कुड़वा, मूलचंद, महेश आदि के नाम हो गई। वर्ष 2003 में सुन्दु का बहनोई हरिराम सिंह उनसे मिला और जमीन बेचने की बात कही। उसने बताया कि दवाई लेने तक के पैसे नहीं हैं। इस पर उन्होंने डेढ़ लाख रुपए अपनी पत्नी चंचल से दिला कर बैनामा करा लिया।

सरकारी रास्ता है दाहिनी तरफ- जमीन खाली पड़ी देख कर ग्रामीणों ने रास्ते के तौर पर उपयोग शुरू कर दिया, जबकि दाहिनी ओर पक्की सरकारी चक रोड है। गन्ना विकास परिषद ने उक्त जमीन पर पत्थर डाले तो वो कोर्ट पहुंच गए। परिषद की ओर से कोई नहीं आया। कोर्ट ने आदेश कर दिया कि बिना उक्त भूमि को खरीदे वहां कुछ कार्य नहीं करा सकते। जमीन उनकी पत्नी के ही नाम है किसी को बेची नहीं है। ठेकेदार तालिब को मित्रता के नाते उन्होंने बाउंड्री बनाने के लिए कहा था।

तीन मजारों में तोड़फोड़, दो सगे मुस्लिम भाई गिरफ्तार

बिजनौर। थाना शेरकोट क्षेत्रान्तर्गत दो सगे मुस्लिम भाइयों ने तीन मजारों को खंडित कर चद्दर व पर्दे आग के हवाले कर दिए! सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। घटना के पीछे के कारणों की जानकारी हासिल की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये और बताया कि कानून व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना शेरकोट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घोसियोवाला की मजार व हरेवली रोड स्थित जलाल शाह की मजार में दो सगे मुस्लिम भाईयों मौ0 कमाल अहमद व मौ0 आदिल पुत्रगण उस्मान निवासीगण मौ0 कायस्थान कस्बा व थाना शेरकोट द्वारा उक्त मजारों को गलत बताते हुए खण्डित कर चद्दर, पर्दे को जला दिया गया। यह जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। आनन फानन में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी, क्षेत्राधिकारी अफजलगढ़ व स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के सहयोग से एक-एक कर दोनों आरोपी भाइयों को हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि रविवार शाम साढ़े चार बजे सूचना मिली कि हरेवली रोड स्थित जलाल शाह की मजार पर तोड़फोड़ हुई है। इस पर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जानकारी हासिल की। करीब सवा छह बजे एक अन्य सूचना ग्राम घोसियोवाला की मजार पर भी तोड़फोड़ की मिली। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि दो सगे मुस्लिम भाईयों मौ0 कमाल अहमद व मौ0 आदिल पुत्रगण उस्मान निवासीगण मौ0 कायस्थान कस्बा व थाना शेरकोट द्वारा उक्त मजारों को गलत बताते हुए खण्डित कर चद्दर, पर्दे को जला दिया गया। इस पर पुलिस द्वारा ग्रामीणों की मदद से घेर कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि यह भी पता चला है कि सुबह अपने घर से निकल कर उक्त दोनों भाइयों द्वारा शेरकोट कस्बा स्थित कुतुबशाह की मजार पर भी कुछ तोड़फोड़ की गई। पुलिस पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटनाओं के पीछे क्या सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश थी या अन्य कोई कारण रहा? घटना के सम्बन्ध में गहनता से जांच की जा रही है। यदि अन्य व्यक्तियों का घटना में संलिप्त होना पाया गया तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी, विधिक कार्यवाही प्रचलित है। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। कानून व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अवैध हथियारों के साथ वीडियो और फोटो

बिजनौर। अवैध हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल हो रही हैं। आखिरकार कहां से आये खादर क्षेत्र में अवैध हथियार। अवैध हथियारों को लेकर मंडावर क्षेत्र में सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल हो रही है, जिसमें कुछ युवकों के फोटो अवैध हथियार हाथ में लिए हुए फोटो दिखाई दे रहे हैं और वीडियो में एक युवक अवैध बंदूक में कारतूस डालकर उसे चलाता हुआ दिखाई दे रहा है। आखिरकार इन युवकों का इरादा क्या है, क्या यह क्षेत्र में अपना रौब जमाना चाहते हैं और इनके पास यह हथियार कहां से आये यह भी एक चर्चा का विषय बना हुआ है।

आएदिन पुलिस ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज रही है मगर फिर भी यह कुछ युवा हाथ में अवैध हथियार लिए हुए फोटो और वीडियो को वायरल कर देते हैं। अवैध हथियार के फोटो अपने स्टेट्स भी लगा रंखे है। इन फोटो और वीडियो से इनके होंसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं। उन्हें यह नहीं पता कि अवैध हथियार रखना कानूनी अपराध है और कार्यवाही भी हो सकती है। उधर सुत्रो से पता चला है कि अवैध हथियारों के फोटो और वीडियो दयालवाला क्षेत्र की हैं अभी कुछ दिनों पहले खास दयालवाला गांव में एक युवक ने दूसरे युवक पर अवैध हथियार से खेत में ट्रैक्टर निकालने को लेकर फायरिंग कर दी थी, जिसमें दूसरा युवक बाल बाल बचा था। सुचना पर पहुंची पुलिस ने अवैध हथियार को मौके से बरामद करते हुए फरार युवक को भी गिरफ्तार कर लिया था। उधर थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि ऐसे यूवकों की जांच की जा रही है जांच के बाद कार्रवाई की जायेगी।

भूमाफिया को झटका, करोड़ों की विवादित भूमि का अहले कमीशन

करोड़ों की विवादित जमीन का अहले कमीशन करने के कोर्ट ने दिये आदेश। दोनों पक्षों के वकील और पुलिस रही मौजूद।

बिजनौर। नहटौर में करोड़ों रुपए की विवादित भूमि का गुरुवार को कोर्ट के आदेश पर अहले कमीशन किया गया। नासिर और सलीम नाम के दोनों पक्षों के वकीलों की देखरेख में अहले कमीशन की कार्यवाही की गई। इस दौरान दोनों पक्षों के वकील उनके चपरासी और पुलिस की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अमल में लाया गया। गौरतलब है कि जनपद बिजनौर के थाना नहटौर क्षेत्र के शेटपुर धनेश्वर में स्थित 18 बीघा विवादित भूमि पड़ी है, जिसमें दोनों पक्ष सलीम और नासिर की ओर से कोर्ट में वाद दायर किया गया है।

गुरुवार को कोर्ट ने नासिर के पक्ष में आदेश करते हुए अहले कमीशन का आदेश जारी किया। बता दें कि नहटौर निवासी भूमाफिया सलीम का बातचीत में झूठ जगजाहिर हो रहा है। पहले तो सलीम खुद बोल रहे हैं कि यह जमीन हमने भस्सू से खरीदी थी लेकिन बाद में सलीम का कहना है कि यह जमीन उसने भस्सू के भाई रामू से खरीदी थी। हालांकि कोर्ट ने दोनों वकीलों की दलीलों के बाद नासिर के हक में फैसला सुनाते हुए जमीन के अहले कमीशन का आदेश जारी किया है। पहले भी नासिर अहले कमीशन कराने पहुंचा था, जिसमें भूमाफिया सलीम ने अपनी दबंगई के बल पर नासिर को वहां से भगा दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस की सुरक्षा के बीच अहले कमीशन की कार्रवाई की गई है।

जनपद बिजनौर में समाचार, विज्ञापन एवं एजेंसी के लिए संपर्क करें, ब्यूरो चीफ सतेंद्र सिंह 8433047794

छात्रा से गंदी बात करते सुन लिया था बच्चे ने, इसलिए हैवान बना था टीचर!

👉Ⓜ️पटना के मसौढ़ी में एक कोचिंग टीचर ने 5 साल के बच्चे की थी बेहरमी से पिटाई, वीडियो वायरल होने पर टीचर गिरफ्तार, बच्चे की पिटाई की वजह सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। एक छात्रा के साथ गंदी बातें कर रहा था, जिसे इस छात्र ने देख सुन लिया था। इसी बात से नाराज़ होकर मासूम की बेरहमी से पिटाई की।

पटना। सोशल मीडिया पर पिछले दिनों वायरल वीडियो में छोटे बच्चे की पिटाई के आरोपी शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बताया गया है कि राजधानी पटना में बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक शिक्षक छोटे बच्चे की बेरहमी से पिटाई करते दिख रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद पटना पुलिस ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एक टीम गठित किया और आरोपी शिक्षक को नालंदा जिले के तेल्हाड़ा से गिरफ्तार कर लिया। वह यहां डालने मामा के घर में छिपा हुआ था। आरोपी शिक्षक का नाम अमरकांत कुमार है, जो जहानाबाद जिले के घोषी थाना क्षेत्र का रहने वाला है।

2 जुलाई 2022 को पटना पुलिस को एक वीडियो मिला था। वीडियो में शिक्षक अपने ही संस्थान में पढ़ने वाले एक नाबालिग छात्र की बेरहमी से पिटाई करते दिख रहा था। पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की, तो मामला धनरूआ थाना क्षेत्र में स्थित जय पब्लिक स्कूल सह कोचिंग संस्थान का निकला। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

मानवजीत सिंह ढिल्लो एसएसपी पटना

शादी के लिए युवती ने कराया मुंसफी स्टेनो का अपहरण

फिल्मी स्टाइल में दिनदहाड़े कोर्ट मुंसफी स्टेनो का अपहरण 

-पुलिस ने चार घंटे में किया वारदात का पर्दाफाश
-तय होने के बावजूद शादी न करने का मामला

बिजनौर। चांदपुर कोर्ट मुंसफी में स्टेनोग्राफर के फिल्मी स्टाइल में दिनदहाडे अपहरण से जनपद में हडकंप मच गया। हालांकि सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस व स्वाट टीम ने महज चार घंटे के भीतर मामले का पर्दाफाश कर दिया।


जानकारी के अनुसार सुबह कोर्ट मुंसफी का स्टेनो अंकुर निवासी चांदपुर मूल निवासी भगतपुर जनपद मुरादाबाद अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल से जा रहा था। रास्ते में होंडा सिटी सवार कुछ लोगों ने तमंचे के बल पर अंकुर का अपहरण कर लिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने स्वाट समेत पुलिस की 3 टीम गठित कर उनकी धरपकड़ के लिए लगा दी। महज 4 घंटे के भीतर ही पुलिस ने नजीबाबाद में तीन अपहरणकर्ताओं को दबोच कर स्टेनो अंकुर को सकुशल बरामद कर लिया।

एसपी दिनेश सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता में बताया कि प्राथमिक पूछताछ में पता चला कि अपहरणकर्ता अंकुर की शादी आर्य समाज में कराने की तैयारी में थे। पकडे गए लोगों में दुल्हन प्रियंका भी शामिल है। प्रियंका का कहना है कि उसकी शादी 2021 में अंकुर से होना निश्चित हुई थी। सगाई भी हो चुकी थी, 14 मई 2021 को शादी होनी थी। अंकुर और उसके घर वाले शादी से इंकार करने लगे, जबकि रिश्ते में गाड़ी बोलेरो के साथ सब सामान दिया गया था। अब तक यह लोग शादी से इंकार करते चले आ रहे थे। आज हम लोग शादी करने के लिए इनको उठाकर ले गए थे।
वहीं पुलिस ने सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है।

नवांगतुक पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और फरार लोगों की
धरपकड़ के लिए टीम लगा दी है। पकड़े गए आरोपियों में अंकुल, सुमित और प्रियंका शामिल हैं, जबकि फरार लोगों में  सचिन, रणवीर, कपिल और एक अन्य शामिल हैं।

कई बार हुई समझौता वार्ता- स्टेनो अंकुर ने बताया कि शादी न करने और समझौता करने के लिए लड़की के परिजनों से कई बार पंचायत हुई थी। हम लोग उनका सभी सामान आदि लौटाने की भी बात पर तैयार थे, लेकिन वह लोग अपनी जिद पर अड़े हुए थे।

शादी नहीं की तो मर देंगे गोली- एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि प्रियंका के भाई सचिन ने उक्त आरोपियों के साथ मिलकर स्टेनो अंकुर का जबरदस्ती अपनी बहन प्रियंका से शादी कराने के लिये अपहरण किया था। उसने अंकुर को धमकी दी कि वह शादी के लिये नहीं माना तो उसको जान से मार देंगे। अभियुक्त अंकुल आपराधिक किस्म का व्यक्ति है। उस पर आधा दर्जन से अधिक अभियोग पंजीकृत है तथा थाना शिवलांकला द्वारा अभियुक्त के विरूद्व गुण्डा व गैग0 अधि० की भी कार्यवाही की जा चुकी है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम व पताः–

1 – अंकुल उम्र 25 वर्ष पुत्र मदनपाल निवासी मुराहट थाना शिoकलां, जनपद बिजनौर।

2 – सुमित उम्र 22 वर्ष पुत्र राजेन्द्र सिंह, ग्राम मंडोरा थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।

3 –प्रियंका उम्र 25 वर्ष पुत्री स्व० जगतवीर सिंह निवासीगण ग्राम मंडोरा थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।

फरार अभियुक्तों का नाम व पत्व:-

1 – सचिन उर्फ संदीप पुत्र स्वo जगतवीर निवासी ग्राम मंडोरा थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।

2 – रणवीर हरिओम निवासी ग्राम मंडोरा थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।

3 – कपिल पुत्र ओमपाल निवासी ग्राम मुराहट थाना शिoकलां जनपद बिजनौर।

आपराधिक इतिहास अभियुक्त अंकुल

1 – मु0अ0सं0 438 / 22 धारा 364 भादवि0 थाना चाँदपुर जनपद बिजनौर।

2- मु0अ0सं0 439/22 धारा 3/25 शस्त्र अधि० थाना चॉदपुर जनपद बिजनौर।

3 – मु0अ0सं0 60 / 20 धारा 457 / 380 / 411 भादवि0 थाना शि०कलां जनपद बिजनौर।

4- मु0अ0सं0 142/20 धारा 60/6/72 आबकारी अधि० व धारा 420 / 467/468/471 / 272 भादवि0 थाना शि०कलां जनपद बिजनौर।

5- पिटी. संख्या 09/20 धारा 3 ( 1 ) गुण्डा अधि० थाना शि०कलां जनपद बिजनौर।

6 – मु0अ0सं0 44 / 2021 धारा 3 (1) गैग0 अधि० थाना शिoकलां जनपद बिजनौर।

आपराधिक इतिहास अभियुक्त सुमित-

1 – मु0अ0सं0 438/22 धारा 364 भादवि0 थाना चॉदपुर जनपद बिजनौर।

2 – मु0अ0सं0 440/22 धारा 3 / 25 शस्त्र अधि० थाना चॉदपुर जनपद बिजनौर।

3- मु0अ0सं0 211 /16 धारा 323 / 324 / 325 / 504 / 506 थाना नूरपुर जनपद बिजनौर।

गिरफ्तारी व बरामदगी टीम:

1 – श्रीमती सुनीता दहिया क्षेत्राधिकारी चॉदपुर, 2 – कृष्ण मुरारी दोहरे प्रभारी निरीक्षक चाँदपुर, 3 – उ0नि0 सुमित राठी, 4– उ0नि0 विनोद कुमार, 5- उ०नि० राजीव शर्मा, 6 – कां० आशीष धामा, 7 – कां० अर्जुन सिंह, 8- राहुलदीप, 9- कां० अशोक थाना चाँदपुर।

स्वाट/सर्विलांस टीम:

1- निरीक्षक सतेन्द्र कुमार, 2 – निरीक्षक मनोज परमार स्वाट टीम, 3उ0नि0 जर्रार हुसैन प्रभारी सर्विलांस, 4– हे0कां० राजकुमार नागर, 5 – कां० मोहित शर्मा, 6- कां० खालिद, 7- कां० अरूण कुमार, 8 – कां० बेताब जावला, 9 – कां० रईस, 10 – कांo मोनू कुमार, 11 – आरक्षी चालक विषेक कुमार स्वाट / सर्विलांस टीम बिजनौर।

बरामदगीः

1 – घटना में प्रयुक्त होंडा सिटी कार नम्बर यूपी 15एबी 8362

2 – 02 तमन्चे 315 बोर मय 04 जिन्दा कारतूस

3- घटना में प्रयुक्त 02 मोबाईल

4 – शादी का जोड़ा

वन विभाग ही दे रहा कटान माफिया को संजीवनी!

बिजनौर। पर्यावरण की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग के कंधों पर है, उसी विभाग के अफसरों को उन पेड़ों की पहचान नहीं है। जिन्हें 10 साल का बच्चा भी पहचान ले। …या यह कहें कि वन माफियाओं को संरक्षण देने के लिए वन अफसर इन पेड़ों की पहचान नहीं करना चाहते। ऐसा ही नजारा उस समय देखने को मिला जब माफियाओं ने आम व शीशम के हरे-भरे पेड़ काट डाले। मामले ने तूल पकड़ा तो वन दरोगा को मौके पर भेजा गया लेकिन वहां कटे पड़े आम व शीशम के पेड़ों को यूकेलिप्टिस व सिम्बल के पेड़ बताकर माफियाओं को संजीवनी दी जाने लगी। अब देखने वाली बात होगी कि जिला स्तर के अधिकारी इन पेड़ों की पहचान कर पाते हैं या नहीं।


शेरकोट में थाने से चंद दूरी पर ईदगाह के निकट एक आम का बाग है। इसमें शीशम, जामुन आदि के पेड़ भी खड़े हैं।  बताया जाता है कि धामपुर निवासी एक माफिया ने आम के इस हरे भरे बाग पर आरी चलवा दी। सूत्रों का कहना है कि लगभग 50 आम व शीशम आदि के पेड़ों को काटा जा चुका है। इनमें से कुछ पेड़ तो ढो लिए लेकिन कई पेड़ अभी भी मौके पर ही पड़े हुए हैं। शुरूआत में तो वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस बारे में कुछ पता नहीं चल सका या यह कहें कि जानकर अंजान बने रहे लेकिन जब मामले ने तूल पकड़ा तो वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक पेड़ काटने व कटवाने वाले तो चंपत हो चुके थे लेकिन कटे हुए पेड़ मौके पर थे।

वन दरोगा का दावा आम व शीशम नहीं- वन विभाग इस मामले में माफियाओं पर क्या कठोर कार्यवाही करेगा, जब इस संबंध में रेंजर से बात की गई तो लोगों का वो अंदेशा बिल्कुल सच साबित होता दिखा, जिसमें यह कटान का कार्य माफियाओं और वन अफसरों की मिली भगत से होना जताया जा रहा था। रेंजर का दावा है कि मौके पर वन दरोगा लक्ष्मीचंद को भेजा गया था। उनके मुताबिक आम व शीशम नहीं बल्कि यूकेलिप्टिस और सिम्बल के पेड़ों को काटा गया है।

जिस जगह से आम व अन्य कई प्रजातियों के पेड़ काटे गए हैं, वह शमशान घाट की भूमि है। सरकारी भूमि से पेड़ काटने से पहले वन विभाग की ओर से मूल्यांकन कराया जाता है और उसके बाद नीलामी प्रक्रिया पूरी कर पेड़ काटे जाते हैं। इन पेड़ों को काटने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया। सरकारी भूमि पर पेड़ काटने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया जिस कारण यह कटान पूरी तरह अवैध है। अगर यह भूमि ग्राम पंचायत के अधीन आती है तो ग्राम प्रधान और अगर नगरीय क्षेत्र में आती है तो ईओ इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराएंगे।
डा. अनिल कुमार पटेल
डीएफओ बिजनौर

साधू के भेष में मिला 24 साल से फरार इनामी डकैत

बीहड़ के लालाराम गैंग का इनामी डकैत छेदा सिंह

बीहड़ के लालाराम गैंग का इनामी डकैत छेदा सिंह 24 साल बाद गिरफ्तार। चित्रकूट के एक आश्रम में छिपा हुआ था साधु के वेश में। आरोपी पर घोषित था इनाम 50 हजार।

औरेया पुलिस ने लालाराम गैंग के एक ऐसे डकैत को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्‍त की है, जो 24 साल से फरार था। आरोपी पर कई थानों में अपहरण व लूट के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार का इनाम रखा था। यह डकैत चित्रकूट के एक आश्रम में वह साधु बनकर रह गया था।

लखनऊ। बुंदेलखंड के बीहड़ में कभी एकछत्र राज करने वाले दस्यु सरगना लालाराम के गिरोह का सक्रिय सदस्य 24 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा है। अदालत से इस डकैत पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था। यह पुलिस से बचने के लिए चित्रकूट के एक आश्रम में साधु बनकर रह रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी औरेया के अपने मूल गांव आया हुआ था, यहीं से पुलिस ने गुप्‍त सूचना के आधार पर इस डकैत की पहचान की। पुलिस ने इसके पास से फर्जी राशन कार्ड, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र व पैन कार्ड भी बरामद किया है। इस डकैत पर कानपुर देहात के थाना राजपुर, सिकंदरा, जालौन के थाना रामपुरा, औरैया के थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए औरैया एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 24 साल से फरार इनामी डकैत भासौन गांव निवासी छेदा सिंह उर्फ छिद्दा के रूप में की गई है। एसपी ने बताया कि, मुखबिर की सूचना के आधार पर सीओ अजीतमल प्रदीप कुमार के नेतृत्व में टीम ने रविवार को गांव में दबिश दी थी। इस दौरान यह फरार डकैत अपने घर पर साधू के भेष में मिला। पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से बृजमोहन दास पुत्र राम बालक दास निवासी रघुराज नगर चित्रकूट सतना मध्य प्रदेश के नाम से वोटर आईडी, राशन कार्ड, फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुआ।

कई अपहरण तथा लूट की घटनाओं में रहा था शामिल-

एसपी अभिषेक वर्मा ने डकैत के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, यह आरोपी लालाराम गैंग का सक्रिय सदस्य रह चुका है। बीहड़ में रहकर इसने फिरौती के लिए कई अपहरण तथा लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। इस आरोपी ने वर्ष 1998 में गैंग के साथ अयाना के जसवंतपुर गांव से चार लोगों का अपहरण कर लिया था, बाद में फिरौती देने पर इन लोगों को छोड़ा गया था। इस दौरान पुलिस के साथ इन डकैतों की मुठभेड़ भी हुई थी। इसी मामले में कोर्ट ने छेदा सिंह को वांछित घोषित कर रखा था। पुलिस ने बताया कि, धीरे-धीरे जब पुलिस का शिकंजा कसने पर गैंग समाप्त होने लगा तो यह अपना नाम-पता बदलकर चित्रकूट में साधु बनकर रहने लगा था।

छेदा सिंह पर 2 दर्जन से अधिक मुकदमे
छेदा सिंह के ऊपर गंभीर धाराओं में 24 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसका आपराधिक इतिहास…
1. मु.अ.सं 13/97 धारा 364 IPC थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात.
2. मु.अ.सं 19/97 धारा 364 IPC थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात.
3. मु.अ.सं 21/97 धारा 147/148/149/307IPC थाना राजपुर जनपद कानपुर देहात.
4. मु.अ.सं 155/97 धारा 364 IPC थाना सिकन्दरा जनपद कानपुर देहात.
5. मु.अ.सं 297/97 धारा 364/216IPC एवं 10/12 द0प्र0क्षे0थाना रमपुरा जनपद जालौन.
6. मु.अ.सं 298/97 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना रमपुरा जनपद जालौन.
7. मु.अ.सं 068/98 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
8. मु.अ.सं 49/98 धारा 364IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
9. मु.अ.सं 25/98 धारा 395/398IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
10. मु.अ.सं 86/98 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
11. मु.अ.सं 052/98 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
12. मु.अ.सं 97/98 धारा 147/148/149/307 IPC एवं 10/12 द.प्र.क्षे.थाना अयाना जनपद औरैया.
13. मु.अ.सं085/98 धारा 323/325/504IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
14. मु.अ.सं084/99 धारा 3(1) गैंगेस्टर एक्ट थाना अयाना जनपद औरैया.
15 मु.अ.सं0144/99 धारा 147/148/149/307 IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
16. मु.अ.सं 089/97 धारा 364IPC थाना अयाना जनपद औरैया.
17. मु.अ.सं 07/99 3 यूपी गुण्डा एक्ट थाना अयाना जनपद औरैया.
18. मु.अ.सं 0683/98 धारा 364IPC थाना अयाना फिरोजाबाद जनपद औरैया.
19. मु.अ.सं 0997/98 धारा 364IPC थाना रौन जनपद भिण्ड म.प्र..
20. मु.अ.सं 07/2000 धारा 364IPC थाना अयाना सट्टी जनपद का. देहात.
21. मु.अ.सं 013/2000 धारा 147/148/149/307 IPC थाना सट्टी जनपद का. देहात.

पीएम के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र पोस्ट डालने वाला गिरफ्तार

बिजनौर। सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आपत्तिजनक फोटो तथा पाकिस्तान से प्रेम सम्बन्धी फोटो पोस्ट करने के आरोपी को मंडावर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर किसी फैजान नामक व्यक्ति द्वारा अपनी फेसबुक आईडी से प्रधानमंत्री, भारत सरकार नरेन्द्र मोदी के आपत्तिजनक फोटो तथा विरोधी देश (पाकिस्तान) से प्रेम सम्बन्धी फोटो पोस्ट किये गये थे। सोशल मीडिया सेल द्वारा सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखते हुए इसका तत्काल संज्ञान लिया गया। उक्त फेसबुक आईडी की जाँच की गई, जो फैजान राणा निवासी थाना मण्डावर जनपद बिजनौर की पाई गयी। थाना मण्डावर पुलिस को उक्त अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया। इसी क्रम में थाना मण्डावर पुलिस द्वारा बुधवार दिनांक 15.06.2022 को अभियुक्त फैजान राणा पुत्र हफीज निवासी मौ० शाहविलायत कस्बा व थाना मण्डावर जनपद बिजनौर को गिरफ्तार किया गया। इस सम्बन्ध में फैजान राणा के विरुद्ध थाना मण्डावर पर मु0अ0सं0 138/22 धारा 505 (2) भादवि व 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर द्वारा वर्तमान परिवेश के दृष्टिगत सौहार्द बनाये रखने के उद्देश्य से जनपदीय सोशल मीडिया सेल को मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने, सूचनाओं का खण्डन करने एवं आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। 

निगहबानी में जुटा है सोशल मीडिया सेल- एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया सेल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म यथा फेसबुक, व्हाट्सएप्प, ट्वीटर, इंस्टाग्राम, कू, आदि अन्य सभी सोशल मीडिया साइट्स पर 24 घंटे सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया है कि सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर अफवाह / भ्रामक सूचनाओं का प्रसारण, आपत्तिजनक पोस्ट/फोटो/टिप्पणी / दुर्भावनापूर्ण वीडियो, जिससे दो वर्गों/सम्प्रदाय के लोगों के बीच वैमनस्यता बढ़े आदि का समर्थन न करें तथा ऐसी पोस्ट पर कमेंट / लाइक शेयर आदि न करें। ऐसा करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बिजनौर पुलिस जनपद की कानून व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने के लिये प्रतिबद्ध है।

दबंग दंपत्ति ने फ़िल्म में काम करवाने के नाम पर हड़पे ₹2 लाख

-फर्जी केस लगवा कर भिजवा दिया जेल।
-पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से तमाम शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई। -जानलेवा हमला कर कई दिन तक बनाए रहे बंधक

बिजनौर। एक दंपत्ति ने दबंग व्यक्ति पर उसके पुत्र को झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। इस मामले में डीएम को प्रार्थना पत्र दिया गया है।

हीमपुरदीपा के गांव सिकंदरी निवासी गिरवर सिंह पुत्र विजयपाल सिंह ने आरोप लगाया कि उसका पुत्र यूट्यूबर है, जिसका जिले में काफी नाम है। उन्होंने बताया कि घेर रामबाग निवासी कथित रूप से दबंग व अपराधी प्रवृत्ति के पति – पत्नी ने उनके पुत्र से मुंबई में फिल्म में काम दिलाने के नाम पर दो लाख रुपए लिए। काम न होने पर उनके पुत्र ने अपने दो लाख रुपए वापस मांगे। इसके चलते उन्होंने उसके पुत्र पर जानलेवा हमला किया और कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इसके बाद आरोपितों ने उसके पुत्र को युवती से छेड़छाड़ व एससी-एसटी के झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा  दिया। इस पूरे मामले में एक दरोगा भी उनके साथ हमसाज थे। उन्होंने डीआईजी मुरादाबाद को भी शिकायत भेज कर इंसाफ की गुहार लगाई थी।

फिल्म बनाने का ख्याल भी छोड़ दे- आरोप है कि पूछने पर आरोपी ने कहा कि मैने तेरे लड़के को समझाया था कि किसी को कुछ मत बताना व रुपए वापिस मत मांगना और फिल्म बनाने का ख्याल भी छोड़ दे, लेकिन तुम दोनों बाप बेटे की समझ मे मेरी बात नहीं आयी, जब जीवन भर तेरा लड़का जेल में रहेगा। एल०बी० यू-ट्यूब चैनल चलाकर ऑफिस खोलकर हमारे काम को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। तुम दोनों बाप बेटे का काम ही खत्म कर दिया है। यह भी आरोप है कि उक्त अभियुक्तगण का बहुत बड़ा गैंग है।

पुलिस प्रशासन से शिकायत पड़ी हैं पैंडिंग में- पीड़ित कई बार थाने गया तथा अन्य अधिकारियों से भी शिकायत कर चुका है। प्रार्थी इस सम्बन्ध में दिनांक 10.08.2021 व 19.05.2022 को जनता दरवार में तथा दिनांक 08.10.2021 को डाक रजिस्ट्री के माध्यम से डीएम के समक्ष प्रार्थना पत्र दे चुका है। वहीं 09.06.2021 को डी०आई०जी० मुरादाबाद के समक्ष प्रस्तुत होकर प्रार्थना पत्र दिया। इसके अलावा 08.10.2021 व 26.05.2022 को डाक रजिस्ट्री के माध्यम से दिया तथा एक प्रार्थना पत्र मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली को दि. 26. 04.2022 को दिया। प्रार्थना पत्रों पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में हिन्द मजदूर किसान मोर्चा के राजेश, अमर पाल, अग्र्राज, रवेन्द्र, सपना, ज्यपाल, विपिन आदि शामिल रहे।

कागजों में कट गया बिजली कनेक्शन, फिर भी चार साल से चल रहे 2 नलकूप

बिजनौर। बिजली विभाग के भी खेल निराले हैं। बिजली चोरी जैसे मामले तो आम बात हो गई है; जालसाजी के तो ऐसे-ऐसे मामले भरे पड़े हैं जो पता चल जाएं तो सिर घूम जाए। ऐसा ही एक मामला है जो विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत, लापरवाही और अकर्मण्यता की पोल खोलता है।

दअरसल दो भाइयों ने 7.5 हॉर्स पावर के दो अलग निजी नलकूप फर्जी तरीके से लगवा लिए। जिस गांव की जमीन के कागजात के आधार पर कनेक्शन स्वीकृत हुए, नलकूप वहां न लगवा कर दूसरे गांव में, वो भी दूसरे की जमीन पर लगा लिए। एक साल बाद शिकायत हुई तो जांच के आदेश कछुआ चाल से चलते रहे। चार साल पहले दोनों नलकूपों के कनेक्शन काटे गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! दोनों ही कनेक्शन आज भी बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। विभागीय आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। इनके द्वारा खपत की जा रही बिजली के बिल की भरपाई कौन करेगा? मामले की शिकायत तहसील दिवस में की गई है।

जानकारी के अनुसार 04 दिसंबर 2017 को ग्राम सदूपुरा निवासी सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम फरीदपुर सल्लू स्थित 100 बीघा जमीन में से 48 बीघा का बैनामा कराया था। दाखिल खारिज की कार्रवाई के दौरान रफीक अहमद पुत्र अब्दुल हमीद, नफीस अहमद पुत्रगण अब्दुल हमीद अहमद निवासी ग्राम सद्पुरा ने एतराज किया, जिसका मुकदमा रेवन्यु बोर्ड तक चला। हालांकि बाद में दाखिल खारिज भी हो गया। सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर सोमदत्त की शिकायत के अनुसार उक्त दोनों लोगों ने बिजली स्वीकृत कराई ग्राम सदुपुरा की जमीन के लिए जबकि जिस जमीन पर प्रार्थी के बोरिंग में नलकूप लगाया, वह फरीदपुर सल्लु में है। इस प्रकार रफीक अहमद व नफीस अहमद ने जालसाजी, हेराफेरी व झूठा शपथ पत्र देकर बिजली कनेक्शन लगवा लिया ताकि प्रार्थी की जमीन पर मालिकाना हक जाहिर कर सके। सरकारी विभागों में प्रार्थना पत्र घूमता रहा। फिर 03 फरवरी 2018 को उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर जसवीर सिंह ने 33/11 केवी उपकेंद्र गंज के अवर अभियंता बहराम सिंह को उक्त दोनों कनेक्शन गलत स्थान पर संचालित होने की जानकारी देते हुए अविलंब उतारने और अवगत कराने के निर्देश दिए।

इसके बाद विद्युत वितरण खण्ड बिजनौर के अधिशासी अभियन्ता किताब सिंह ने 09 अप्रैल 2018 को निजी नलकूप संख्या 225/5027/130124 के लिए रफीक अहमद व निजी नलकूप संख्या 225/5027/130125 के लिए नफीस अहमद पुत्रगण हमीद निवासी ग्राम सदूपुरा बिजनौर को नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि उनके द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2016 को सामान्य योजना के अन्तर्गत 7.5 हॉर्स पावर के उक्त दो निजी नलकूप हेतु अनुबन्ध किया गया था। शिकायत प्राप्त होने पर जांच में पाया गया कि उनके द्वारा फर्द ग्राम सदुपुरा की लगायी गयी है जबकि निजी नलकूप ग्राम फरीदपुर सल्लू में स्थापित किए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा विभाग को गुमराह करके संयोजन प्राप्त किया गया है। यह भी कहा कि पत्र प्राप्ति के 03 दिन के अन्दर स्पष्ट करें कि उनके द्वारा गलत फर्द क्यों लगायी गयी हैं,अन्यथा उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए संयोजन निरस्त कर दिया जायेगा।

वहीं 17 मई 2018 को अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल ने उक्त दोनों कनेक्शन काटने के संबंध में कार्यालय से पत्र जारी किया। उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड द्वितीय बिजनौर को उक्त दोनों कनेक्शन काटने और नलकूप की समस्त सामग्री उतारकर विभागीय भंडार गृह में जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल बिजनौर के साथ ही उक्त दोनों कनेक्शन धारकों को भी इसकी एक प्रति सूचनार्थ भेजी। अब किसी प्रकार दोनों नलकूपों के कनेक्शन कट तो गए, लेकिन सिर्फ कागजों पर! असलियत में दोनों ही कनेक्शन आज तक बदस्तूर धड़ल्ले से चल रहे हैं। आज तक अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल के आदेश के अनुपालन में सामान विभागीय भंडार गृह में जमा नहीं कराया गया। एक बात और विचारणीय है कि तकरीबन चार साल से जिन दो निजी नलकूप का कनेक्शन कथित रूप से कटा हुआ है, उनके द्वारा खपत की गई बिजली के बिल का भुगतान कौन, किस से और कब करेगा? 

दोनों ही भाइयों के खिलाफ दर्ज हैं कई केस– दरअसल उक्त दोनों ही भाई शातिर किस्म के हैं। उनके खिलाफ वर्ष 1987 से लेकर 2019 तक कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, जान से मारने की धमकी, फ्राड आदि के थाना शहर कोतवाली में आठ व थाना स्योहारा में एक मुकदमा शामिल है।

बहुत ही गंभीर मामला है। वह अधिशासी अभियंता को इस मामले में यथोचित कार्रवाई के लिये निर्देशित कर रहे हैं। यदि  इतने वर्ष से अवैध रूप से दोनों कनेक्शन संचालित हो रहे हैं तो इसमें संलिप्त विभागीय अधिकारी, कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच व कार्रवाई की जाएगी। शासकीय धन की वसूली के लिए भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। –नंदलाल, अधीक्षण अभियंता।

फर्जी कोटेदार ने जमाया तालाब पर कब्जा!

बिजनौर। एक तरफ सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में तालाबों को अवैध कब्जा से मुक्त कराने में जुटी हुई है। प्रशासनिक अमला दिन रात एक किये हुए है।

वहीं एक सरकारी कर्मचारी की कृपा के चकते कक्षा पांच की फर्जी अंक तालिका के जरिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले कोटेदार ने तालाब पर कब्जा जमा लिया है।

दरअसल मामला धामपुर तहसील अंतर्गत विकास खण्ड नहटौर, ग्राम मांडू, पोस्ट बसेड़ा खुर्द का है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार असलम पुत्र असगर ने पूर्व में तालाब खसरा संख्या 315 को समाप्त कर अपना व अपने परिजनों का भवन निर्माण किया हुआ है।

यही नहीं वर्तमान में फर्जी अंकतालिका के द्वारा राशन डीलर के पद पर काबिज है। इस मामले में पूर्व में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन वह आम जनता के पैसों के द्वारा खुद को बचाता चला आ रहा है।

आरोप है कि उक्त फर्जी कोटेदार को पटवारी नितिन तोमर का वरदहस्त प्राप्त है। कई बार उनके मोबाइल नंबर 8171358109 पर कॉल के बावजूद महोदय ने फ़ोन रिसीव नहीं किया।

थक हार कर अब ग्रामीणों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है।

बिजनौर में कारगर होगा अवैध टैक्सी व बसों के खिलाफ अभियान?

बिजनौर। जिले भर में अवैध रूप से टैक्सी व बसों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। संबंधित विभाग की हीलाहवाली के चलते शासन को लाखों के राजस्व की क्षति प्रतिमाह हो रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जनपद मुख्यालय सहित धामपुर, नजीबाबाद, चांदपुर, अफजलगढ़, शेरकोट, नूरपूर आदि लगभग सभी स्थानों पर अवैध वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। संबंधित अधिकारियों के इस ओर ध्यान न देने से यात्रियों की जान से भी खिलवाड़ हो रहा है। बिजनौर रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से ही दिल्ली को जाने वाले अवैध वाहनों की भरमार है। धामपुर क्षेत्र से आने-जाने वली कई लक्ज़री बसों का गंतव्य देश की राजधानी दिल्ली है। रोजाना हजारों सवारियों को ढ़ोने वाले इन लोगों पर एक प्रभावशाली नेता का वरदहस्त बताया जाता है। इसी तरह चौपहिया वाहनों की भी संख्या कम नहीं है। बताया गया है कि अवैध टैक्सियों के संचालन में थाना कोतवाली शहर के कुछ पुलिस कर्मियों की सांठगांठ है। यहां भी नेतागिरी जिंदाबाद है। महीना बांध कर ये धंधा कराया जा रहा है। वर्तमान में हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के दो लोगों ने इस धंधे की कमान संभाल रखी है। शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन का कोई अधिकारी कार्रवाई करने से क्यों लाचार है, ये बात आम व्यक्ति की समझ से परे है। ऐसे में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी के अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश परवान कैसे चढ़ सकेगा, इसमें यकीनन संदेह है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का दिया है निर्देश

गौरतलब है कि अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने अवैध टैक्सी, ऑटो व बस स्टैंड के संचालन की रोकथाम के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और पुलिस आयुक्त से कहा है कि 30 अप्रैल तक इस अभियान के परिणाम की विस्तृत रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं। संयुक्त रिपोर्ट के साथ एक प्रमाण पत्र भी दें कि किसी जिले में कोई भी अवैध टैक्सी, ऑटो या बस स्टैंड संचालित नहीं हो रहा है।

दिल्ली पुलिस का दावा; साजिशन थी जहांगीरपुरी में हिंसा

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट; कहा साजिश के तहत फैलाई गई थी जहांगीरपुरी में हिंसा

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अपनी आरंभिक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें आपराधिक साजिश की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की शाखा ने अंतरिम रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में हिंसा का करण मोटे तौर पर आपराधिक साजिश को बताया गया है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में गृह मंत्रालय को हिंसा की घटना से संबंधित जानकारी तथा इससे निपटने के लिए उसके द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी है।



रिपोर्ट में अब तक की गई जांच के आधार पर हिंसा के पीछे किसी साजिश की बात कही गई है। दिल्ली पुलिस इस मामले में शनिवार रात से ही जांच में जुट गई थी और उसने अब तक करीब 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शोभायात्रा निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों से प्रक्रिया के अनुसार अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने इस बात को काफी गंभीरता से लिया है और आयोजन कर्ताओं के खिलाफ भी इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जहांगीरपुरी में शनिवार को हनुमान जयंती के मौके पर जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तो जुलूस पर कुछ लोगों ने पथराव किया। इसके बाद हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुई। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार शाम को ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से बात करके उन्हें राजधानी में कानून -व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा था।

Delhi Jahangirpuri violence how it started communal atmosphere charged in  various parts of country - India TV Hindi News



दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने की जो बातें चल रही थी वह पूरी तरह से निराधार है। दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक सामने आए वीडियो, हथियार चलाने की घटनाओं की सभी तरह की फॉरेंसिक बैलेस्टिक जांच कराई जा रही है, जिनके आधार पर पूरी तरह से पहचान किए जाने के बाद ही लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

बलिया केस: पत्रकारों का धरना प्रदर्शन, नारेबाजी

बिजनौर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश पंजीकृत इकाई जनपद बिजनौर के तत्वावधान और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार के निर्देश पर बलिया में पेपर लीक प्रकरण के मद्देनजर जेल भेजे गए तीन पत्रकारों के प्रकरण में पत्रकारों ने कलक्ट्रेट में धरना देकर जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की।

इस दौरान एसोसिएशन के मंडल प्रभारी / जिलाध्यक्ष डॉ०भानु प्रकाश वर्मा, वरिष्ठ महामंत्री / मंडल अध्यक्ष नरेश भास्कर, जिला उपाध्यक्ष डॉ० नरेश पाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष पुनीत गोयल, अवनीश शर्मा, मन्नान सैफी, नारायण किशोर, डॉक्टर अमानत अली, डॉक्टर सज्जन, सरदार गिरेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुनील नारायण, गौरव पाल, रोहित कुमार, सुनील कुमार, महामंत्री जितेंद्र कुमार, जिला उपाध्यक्ष डॉक्टर आलम फरीदी, देवेंद्र चौधरी, शेर सिंह चौधरी, कौशल शर्मा, मूलचंद चौधरी, विक्रांत त्यागी, मोहम्मद अकरम, रवि गांधी, विजेंद्र शर्मा, संजय शर्मा, धर्मवीर सिंह, ओमपाल सिंह प्रजापति, अनुज चौधरी, कामेंद्र चौधरी, सुरेंद्र शर्मा, नवाबुद्दीन, मोहम्मद इदरीश, परवेज दानिश, रोहित, भोनेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, नरेश गौतम, बबलू सिंह चौहान, मास्टर राजपाल सिंह, बृजेश चंद शर्मा, परम सिंह, अनवार अहमद आदि पत्रकारों ने घटना को लेकर तीव्र आक्रोश जताया। जिलाधिकारी बिजनौर को प्रदेश की राज्यपाल महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में निर्दोष पत्रकारों की अविलंब रिहाई, नकल माफियाओं के कु-कृत्यों की न्यायिक जांच एवं पेपर लीक का खुलासा करने वाले पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने, बलिया जनपद के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक तथा अन्य अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की गई।

कूड़ा फेंकने के विवाद में पथराव आगजनी

कानपुर। पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा जिस समय पुलिस अफसरों के साथ महानगर की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने को पैदल मार्च कर रहे थे, उसी दौरान किदवई नगर थाना क्षेत्र के जूही लाल कॉलोनी में कूड़ा फेंकने के मामले को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और पथराव के साथ आगजनी की वारदात को भी अंजाम दिया गया। घटनास्थल पर मचे बवाल की चपेट में आकर कई लोग घायल एवं चोटिल हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अफसर पैदल मार्च से सीधे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस सिलसिले में दोनों पक्षों के 8 लोगों को हिरासत में लेते हुए मामले को शांत कराया है। फिलहाल एहतियात के तौर पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।

जूही लाल कॉलोनी के रहने वाले लुकमान एवं हरिचंद आपस में पड़ोसी हैं, मंगलवार की दोपहर दोनों पक्षों के बीच कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद हो गया था। थाने तक मामला पहुंच जाने के बाद पुलिस द्वारा दोनों को बुलाया गया और समझौता कराकर वापस भेज दिया। घर पहुंचने के बाद रात के समय एक बार फिर से दोनों पक्षों के बीच विवाद भड़क गया, जिसके चलते मारपीट के साथ पथराव होने लगा। आरोप है कि एक पक्ष ने इस दौरान दूसरे पक्ष के घर में आग भी लगा दी।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा और एडीसीपी मनीष सोनकर समेत गोविंद नगर एवं बाबू पुरवा क्षेत्र का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस फोर्स को देखकर बवाल काट रहे दोनों पक्षों के लोग वहां से भाग निकले। पुलिस ने भाग दौड़ करते हुए दोनों पक्षों के 8 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

एडीसीपी मनीष सोनकर ने बताया कि दो पक्षों के बीच में मारपीट एवं पथराव के मामले की जांच की जा रही है। बवाल के दौरान घर पर आग लगा दी गई या फिर फंसाने के लिए खुद ही आग लगाई है। इस मामले की जांच की जा रही है।

मध्यप्रदेश में मीडिया से दुर्व्यवहार पर दो थाना प्रभारी सस्पेंड

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के एक पुलिस थाने में खड़े अर्ध-नग्न पुरुषों के एक समूह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिसमें एक स्थानीय यूट्यूब पत्रकार कनिष्क तिवारी को भी देखा जा सकता है। तिवारी के अनुसार, उन्हें अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जब वे एक थिएटर कलाकार नीरज कुंदर के बारे में पूछताछ करने के लिए पुलिस स्टेशन गए थे। 

ये मामला विधायक पुत्र से शुरू हुआ था। फिर पुलिस पर गंभीर आरोप लगे। इसके बाद SHO और सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिपोर्ट तलब की। खास बात ये है कि मामले को लेकर पुलिस और पत्रकार का अलग-अलग पक्ष सामने आया है।

वायरल फोटो मध्यप्रदेश के सीधी जिले की है। मामले को लेकर पत्रकार कनिष्क तिवारी ने एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि बीते 2 अप्रैल को एक बेहद निंदनीय घटना हुई। मैं एक धरना प्रदर्शन को कवर करने गया था। मेरे कैमरामैन ने घटना को रिकॉर्ड भी किया है। वहां सिटी कोतवाली थाने की पुलिस मुझे जबरन धक्का देकर थाने के अंदर ले गई। मुझे मारा-पीटा गया। मेरे कपड़े उतरवाए गए। थाने में जुलूस निकलवाया गया। कहा गया कि अगर विधायक और पुलिस के खिलाफ खबर चलाओगे तो पूरे शहर में चड्डी पहनाकर जुलूस निकलवाऊंगा।

कनिष्क ने आगे बताया- हम पर धारा 151, शांति भंग करने की कोशिश और सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध करने की धाराएं लगाई गईं। हमारे साथ मारपीट की गई, गाली गलौच किया गया। जब पुलिस को पता चला कि मैं पत्रकार हूं तो पुलिस मुझसे कहने लगी कि तुम विधायक के खिलाफ खबर क्यों चलाते हो? विधायक किसी के घर में बर्तन मांजने जाएगा क्या?

वायरल फोटो के बारे में बताते हुए कनिष्क ने कहा- हम लोगों को 2 अप्रैल की रात 8 बजे गिरफ्तार किया गया और 3 अप्रैल की शाम 6 बजे छोड़ा गया। लगभग 18 घंटे हम लोग हवालात में रहे। अंडरवियर में हमें थाना प्रभारी के पास ले जाया गया। इसी दौरान अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह परिहार ने हमारी फोटो खींची। ये लगभग रात 2:30 की बात है।

कनिष्क ने कहा- मैं डरा हुआ हूं। पूरा परिवार डरा हुआ है। सोशल मीडिया पर पुलिस ने फोटो वायरल किया है, जिससे मेरी मानहानि हुई है। मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है। मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि आप मेरा साथ दें। मुझे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मुझे जानकारी मिली है कि पुलिस मुझे दूसरे केस में फंसा कर जेल में डालना चाहती है।

मामले को लेकर एडिशनल एसपी अंजुलता पटेल का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- एक फेक आईडी के जरिए विधायक के पुत्र (बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला के बेटे गुरुदत्त शुक्ला) को परेशान किया जा रहा था। जांच के दौरान एक रंगकर्मी नीरज कुंदेर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद कई रंगकर्मी और पत्रकार कनिष्क तिवारी थाना के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सभी को 151 के तहत गिरफ्तार किया गया।  वायरल फोटो पर अंजुलता पटेल ने कहा- पुलिस हिरासत की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। मामला संज्ञान में लेते हुए एसपी सीधी के निर्देशन में डीएसपी हेड क्वार्टर गायत्री तिवारी को जांच का आदेश दे दिया गया है।

बाद में, दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार थाना प्रभारी कोतवाली मनोज सोनी और अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।

वहीं मध्यप्रदेश के सीधी में पत्रकारों के खिलाफ पुलिस के द्वारा की गई मारपीट और अमानवीय व्यवहार करने के मामले में पन्ना जिले के पत्रकारों ने उक्त घटना का विरोध जताते हुए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उसमें पत्रकारों के साथ की गई अमानवीयता के मामले शामिल पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञात हो कि सीधी के पत्रकार कनिष्क तिवारी को पुलिस के द्वारा पकड़ कर ले जाया गया एवं उनके कपड़े उतारकर उन्हें अर्धनग्न कर लॉकअप में बंद कर दिया गया और पुलिस ने अभद्रता करते हुए मारपीट की अर्धनग्न अवस्था में फोटो वायरल कराकर सरेआम पत्रकारों को बेइज्जत किया। यह  बेहद निंदनीय घटना है। इस कारण थाना प्रभारी सहित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। ऐसे कानून तोड़ने वाले व्यक्तियों को दंडित किए जाने की मांग की गई। पत्रकार कल्याण परिषद, प्रेष क्लब पन्ना के अलावा पन्ना जिले के सभी पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा को ज्ञापन दिया। कलेक्टर ने कहा कि पन्ना जिले के पत्रकारों की सुरक्षा मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है, कभी किसी के साथ गलत नहीं होगा। आप निर्भीक होकर पत्रकारिता करें। ज्ञापन में वरिष्ठ पत्रकार जगदीश नामदेव, मनीष मिश्रा, शिवकुमार त्रिपाठी, मुकेश विश्वकर्मा, गणेश विश्वकर्मा, सुशांत चौरसिया, कादिर खान,अमित खरे, बीएन जोशी, राकेश शर्मा, महबूब अली, संजय राजपूत, लक्ष्मीनारायण चिरोलिया, शिव किशोर पांडे, बलराम व्यास, टाइगर खान, फूल सिंह त्यागी, ऋषि मिश्रा, राजेश रावत, सादिक खान, राम बिहारी गोस्वामी, हिम्मत खान, रविंद्र अर्जरिया, पवन पाठक, हीरालाल विश्वकर्मा, बृजेश त्रिपाठी, आसिफ खान, सौरव साहू, डीके साहू, संदीप विश्वकर्मा, रामअवतार विश्वकर्मा, अजय द्विवेदी, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

दूसरी ओर सीधी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बघेली भाषा में यूट्यूब पर चैनल चला रहे कनिष्क तिवारी समेत कुछ अन्य पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर फेक आईडी बनाने और फेसबुक पर केदारनाथ शुक्ला और उनके बेटे को बदनाम करने की पोस्ट करने के आरोप हैं। यह एफआईआर भी विधायक के बेटे की शिकायत पर दर्ज की गई है। वरिष्ठ पत्रकार राकेश पाठक का कहना है कि कनिष्क के यूट्यूब पर एक लाख से अधिक फॉलोअर हैं। न्यूजनेशन चैनल का भी एक पत्र सामने आया है, जिसमें कनिष्क तिवारी को फ्रीलांस पत्रकार होने की पुष्टि होती है।

शिकायत के बाद पुलिस ने की गिरफ्तारी
सीधी पुलिस के मुताबिक एक फेक आईडी से फेसबुक पर अभद्र टिप्पणियां की गई थी। पुलिस ने इस मामले में नीरज कुंदेर को गिरफ्तार किया था। इस पर कनिष्क समेत रंगमंच और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने में विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने सबको गिरफ्तार कर लिया। कनिष्क तिवारी यूट्यूबर है और उसके खिलाफ पहले भी कुछ शिकायतें दर्ज थी। कोतवाली थाने में आरोपियों की बिना कपड़ों की तस्वीरें खींचकर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 262/22 धारा 419, 420, और आईटी एक्ट के 66सी, 66डी के तहत प्रकरण कायम कर जांच की जा रही है। फोटो वायरल होने के मामले में डीएसपी को जांच सौंपी गई है। 

कांग्रेस ने बनाया मुद्दा
कांग्रेस के तमाम नेताओं ने इस मसले पर सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने फोटो ट्वीट करते हुए कहा कि यह मप्र के सीधी जिले के पुलिस थाने की तस्वीर है। यह अर्धनग्न युवा कोई चोर उचक्के नहीं है, ये लोकतंत्र के चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया के साथी है। इन्हें अर्धनग्न कर जेल में इसलिए डाला गया क्योंकि इन्होंने भाजपा विधायक के खिलाफ खबर चलाई थी। वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश की निकम्मी और उनके बड़बोले मुखिया से सवाल करना सीधी बघेली न्यूज चैनल के वरिष्ठ पत्रकार कनिष्क तिवारी और उनके साथियों को भारी पड़ा। नग्न कर उन्हें थाने में खड़ा किया गया है। यह घोर निंदनीय कृत्य है…  शिवराज सिंह सरकार अब अंग्रेजों की भांति दमनकारी रवैया अपना रही है। 

खबरों के मुताबिक पूरा मामला डिजिटल पत्रकार कनिष्क तिवारी से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि पत्रकार ने भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ यूट्यूब चैनल पर खबर चलायी थी। इससे नाराज होकर बीजेपी विधायक ने कनिष्क तिवारी व उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। दूसरी तरफ वायरल तस्वीर को पुलिस द्वारा रंगकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध प्रदर्शन से भी जोड़ा रहा है।

नीरज कूंदेर पर कथित फर्जी FB अकाउंट चलाने का आरोप है। इस अकाउंट की शिकायत भी सीधी विधायक और उनके पुत्र ने पुलिस से की थी। पुलिस ने इन्हीं के चलते बीते 2 अप्रैल को नीरज को गिरफ्तार किया था। कहा ये जा रहा है कि वायरल तस्वीर नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध किए जाने पर डिजिटल पत्रकार और रंगकर्मियों के साथ पुलिस के द्वारा की गई अभद्रता की है। हालांकि वायरल तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी भी जता रहे हैं। कई वरिष्ठ पत्रकार भी इस घटना की आलोचना कर रहे हैं। 

इन नेताओं दी अपनी प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा-  ये पुलिसिया और राजनीतिक आतंकवाद है। पत्रकार को फर्जी बताने वाला प्रशासन कौन होता है। किसी को यातना देने का अधिकार पुलिस को नहीं है। अगर नेताओं को खुश करने के लिए किया गया है तो ये गंभीर अपराध है। ये लोकतंत्र के धब्बा है।

बीजेपी प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी-  सभी को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए, चाहे वह पत्रकार हो या नेता हो, विधायक हो या फिर मंत्री हो। अगर कोई पत्रकारिता की आड़ में ब्लेक मार्केंटिंक कर रहा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने जो किया वो भी गलत है इसलिए उन पर भी कार्रवाई हुई है।

जेसीबी से ध्वस्त किया जेई का मकान

बिजनौर। विद्युत निगम में अवर अभियंता के निर्माणाधीन मकान को कुछ लोगों ने मंगलवार रात जेसीबी चलाकर ध्वस्त कर दिया। मामला धामपुर के रानीबाग कॉलोनी का है। जेई की तहरीर पर एक ग्राम प्रधान, उसकी पत्नी सहित तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।


पुरानी रामगंगा कॉलोनी निवासी कृष्ण कुमार शर्मा गैर जनपद में विद्युत निगम में अवर अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। उनका रानी बाग कॉलोनी में आवासीय प्लॉट है। वर्तमान में निर्माण कार्य करा रहे हैं। 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आरोप है कि मंगलवार देर रात जेसीबी चलवाकर कुछ लोगों ने उनके निर्माणाधीन मकान को ध्वस्त करा दिया। पुलिस को दी तहरीर में जेई ने बताया कि उसी निर्माणाधीन मकान के दूसरे कमरे में उनके पिता राजेंद्र कुमार शर्मा सो रहे थे। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। इस मामले में गांव भज्जावाला के वर्तमान ग्राम प्रधान अनुकूल, उसके भाई पुनीत, अनुकूल की पत्नी प्रियंका व एक व्यक्ति को नामजद कराया गया है। कोतवाल माधो सिंह बिष्ट का कहना है कि पुलिस ने कृष्ण कुमार शर्मा की तहरीर पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।

बलिया के डीएम एसपी के रवैये पर पत्रकारों में रोष


अफजलगढ़ (बिजनौर)। बलिया पेपर लीक कांड में निर्दोष पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद जहां बलिया प्रशासन की किरकिरी हुई है तो वहीं इस घटना को लेकर देश व प्रदेश के तमाम पत्रकारों में रोष व्याप्त है। जिस तरीके से डीएम बलिया और एसपी ने निर्दोष पत्रकारों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया है और उनको जेल भेज दिया, ये वाकई लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। प्रशासन सच को उजागर करने वाले पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करके मीडिया की आवाज को दबाने का काम कर रहा है। पत्रकारों के हित में लगातार काम करने वाले अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजिस्टर्ड के पत्रकारों ने मंगलवार को एक ज्ञापन सीओ सुनीता दहिया, कोतवाल मनोज कुमार सिंह को सौंपा।

अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजिस्टर्ड ने ज्ञापन के जरिए मांग करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया खतरे से खाली नहीं है। सच बोलने और लिखने पर प्रशासन पत्रकारों को जेल में डाल देता है और गुंडे बदमाश गोली मार देते हैं। उत्तर प्रदेश में आयेदिन पत्रकारों के साथ अनहोनी घटना सामने आ रही हैं। केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार मामले का संज्ञान लेते हुए बलिया पेपर लीक कांड में गिरफ्तार निर्दोष पत्रकारों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर तुरंत रिहा करे। इसके अलावा डीएम व एसपी द्वारा अपने पद का दुरूपयोग व मनमानी करते हुए निर्दोष पत्रकारों को जेल भेजने की निंदा करते हुए दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने सहित निर्दोष पत्रकारों को फर्जी मुकदमे से दोष मुक्त कर पत्रकारों को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराये जाने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने वालों में सुनील कुमार धस्माना, अर्जुन चौहान, शुऐब कुरैशी, सुनील कुमार, रविदत्त शर्मा, विनय भार्गव, अनिल नारायण, सलमान सैफी, अजमल हुसैन, साजिद अंसारी, वसीम अंसारी, जाहिद हुसैन, बसंत कुमार तथा गिरेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

पत्रकार को पितृ शोक पर संवेदना व्यक्त

अफजलगढ़। पत्रकार के पिता के निधन पर अनेक पत्रकारों ने शोक संवेदना व्यक्त की। अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजि० के कार्यालय पर एकत्र पत्रकारों ने बीमारी के चलते पत्रकार नितिन कौशिक के पिता दिनेश कुमार कौशिक के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। बैठक को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दिनेश कुमार कौशिक मृदुभाषी व एक अच्छे स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी मौत से परिजनों व आसपास के क्षेत्र में शोक छा गया है। अंत में उपस्थित पत्रकारों ने दो मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से मृत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस संकट की घड़ी में साहस प्रदान करने की प्रार्थना की। इस मौके पर अफजलगढ़ प्रेस क्लब रजि० के अध्यक्ष सुनील कुमार धस्माना के अलावा शुऐब कुरैशी, अर्जुन चौहान, रविदत्त शर्मा, नौशाद अहमद, सुनील कुमार, विनय भार्गव, अनिल नारायण, अजमल हुसैन, सलमान सैफी, वसीम अंसारी, फिरोज बेग, साजिद अंसारी, शेख जाहिद हुसैन तथा बसंत कुमार आदि मौजूद रहे।

बलिया के डीएम एसपी को सस्पेंड करने की मांग को लेकर पत्रकार का धरना

लखनऊ (bhadas4media)। बलिया में पत्रकारों के उत्पीड़न के विरोध में, राजधानी के पत्रकारों को जगाने के लिए जीपीओ पर गांधी प्रतिमा के नीचे एकदिनी सांकेतिक धरने पर राजीव तिवारी बाबा बैठे।

पत्रकार राजीव बाबा ने कल आह्वान किया था कि जिन पत्रकार साथियों, संगठनों को लगता है कि इस मुद्दे पर बलिया के जुझारू पत्रकार साथियों का साथ देना चाहिए वे समर्थन करने आ सकते हैं।

राजीव कहते हैं- मेरी मांग है कि योगी सरकार बलिया में नकल रोकने में असफल और अपनी नाकामी छुपाने के लिए खबर उजागर करने वाले पत्रकारों को ही साजिशन जेल भेजने वाले बलिया के डीएम एसपी को तत्काल निलंबित करे और निर्दोष पत्रकारों को अविलंब रिहा करे।

अफजलगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ा 15 हजार का इनामी बदमाश

बिजनौर। अफजलगढ़ कोतवाल मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने गैंगस्टर के मामले में फरार चल रहे 15 हजार रूपये के इनामी को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का गैंगस्टर एक्ट में चालान कर दिया गया है।

नगर के मोहल्ला बेगम सराय निवासी याकूब उर्फ मुन्ना पुत्र अब्दुल वहीद गैंगस्टर मामले में वांछित चल रहा था। याकूब उर्फ मुन्ना के खिलाफ गैंगस्टर सहित अन्य मामलों में पुलिस द्वारा कार्रवाई भी की गई थी। कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि याकूब उर्फ मुन्ना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने प्रयास किये मगर वह हत्थे नहीं चढ़ा। इसके बाद पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 15 हजार रूपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी चार माह से गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहा था।

सोमवार को सुबह मुखबिर की सूचना पर हरेवली अफजलगढ़ तिराहे पर से याकूब उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, कांस्टेबल राहुल चौधरी, कांस्टेबल विकास बाबू तथा कांस्टेबल सचिन कुमार सहित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। आरोपी का गैंगस्टर एक्ट में चालान कर दिया गया है।

महाराजगंज में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भाजपा नेता एडवोकेट गौरव जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार देर रात शहर के चिरउहा वार्ड के पास स्थित एक शराब की दुकान के सामने वारदात को अंजाम दिया गया। मृतक गौरव नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल के भांजे थे। 

जानकारी के अनुसार आरोपियों ने गौरव के सिर में गोली मारी और मौके से फरार हो गए। उन्हें पहले फोन करके शराब की दुकान के सामने बुलाया गया था। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने गौरव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी वे मौके पर एकत्र होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना का कारण क्या है अभी पता नहीं चल सका है। बताया गया है कि गौरव भाजपा के स्वच्छता अभियान के सह संयोजक थे। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस मामले में दुकान के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि सोमवार रात 10:25 बजे चिउरहां स्थित शराब की दुकान के समीप बिरयानी सेंटर पर कुछ लोगों ने वहां खड़े गौरव जायसवाल पर गोली चलाई और वहां से फरार हो गए। उधर सूचना मिलते ही मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। आनन -फानन गौरव को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने गौरव को मृत घोषित कर दिया।

डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में झगड़ा; फौजी पुलिस हिरासत में

बिजनौर। स्योहारा के ग्राम सदाफल में  दो पक्षों में जमकर झगड़ा हुआ। मामले की तहरीर देते हुए पवन सिंह पुत्र खानचंद ने बताया कि शुक्रवार की शाम को जब वो अपने घर पर नहीं था तभी गांव निवासी हरिओम जितेंद्र, पवन पुत्र गण नोबाहर सिंह व अन्य कई लोग उसके घर मे लाठी डंडों से लैस होकर घुस आए और बिना किसी बात पर प्रार्थी की पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करने लगे। हमलावरों ने घर का सभी सामान भी तोड़ डाला।

इस मारपीट में महिलाओं सहित कई लोगों के चोट आई है।वहीं ग्रामीणों ने बताया कि दूसरा पक्ष डीजे बजा रहा था व भद्दी हरकते कर रहा था। इसका पवन व उसके फौजी भाई लोकेश ने विरोध किया तो दूसरे पक्ष ने हमसाज़ होकर इस मारपीट व तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया है। साथ ही उनके फौजी भाई को कल शाम से पुलिस ने समाचार लिखे जाने तक अपनी हिरासत में रखा हुआ था। वहीं पुलिस ने बताया कि दो पक्षों में झगड़ा हुआ था। दोनों की ओर से ही तहरीर मिली थी। दोनों पक्षो के ही चोट आई हैं ।

मंदिर में तोड़फोड़, चोरी, आगजनी

हापुड़ के बहादुरगढ़ में धार्मिक स्थल में तोड़फोड़, मौके पर भारी पुलिस बल

हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर में होली के त्योहार पर कुछ शरारती तत्वों ने सर्किल के गांव बहादुरगढ़ में धार्मिक स्थल में मूर्तियां खंडित कर दीं और आग लगा दी। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया, हजारों की संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। एएसपी, सीओ समेत तीनों थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया।

गढ़ सर्किल के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बहादुरगढ़ में सेहल चौराहे पर करीब 40 वर्ष पुराना मंदिर है। गुरुवार की रात कुछ शरारती तत्वों ने मंदिर में स्थापित मूर्तियां खंडित कर दीं, आरोपी एक मूर्ति को चोरी कर ले गए। इसके अलावा आग लगा दी। शुक्रवार सुबह पूजा-अर्चना करने पहुंचे ग्रामीणों को मामले की जानकारी हुई जो बहादुरगढ़ समेत आसपास के गांवों में फैल गई। हजारों की संख्या में ग्रामीण धार्मिक स्थल पर एकत्र हो गए, और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।

वहीं घटना के संबंध में सूचना मिलते ही एएसपी सर्वेश मिश्रा, सीओ पवन कुमार, सीओ पिलखुआ डॉ. तेजवीर सिंह, गढ़, सिंभावली और बहादुरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंच गई। एएसपी ने समझा बुझा कर और जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2013 में भी मुक्तेश्वर के गांव बदरखा में असामाजिक तत्वों ने मंदिर में जमकर तोड़फोड़ की थी। गेट पर लगी मूर्तियां तोड़ कर मंदिर की मुख्य मूर्ति को बाहर फेंक दिया था। सुबह पूजा करने पहुंचे लोगों को देवी-देवताओं की मूर्तियां सड़क पर क्षतिग्रस्त मिलीं तो खबर आग की तरह फैली। मिनटों में ही भीड़ जमा हो गई और गुस्सा परवान चढ़ने लगा। सूचना पर हालात की गंभीरता देख पुलिस और प्रशासन के अफसर फोर्स के साथ पहुंचे और लोगों को शांत किया। बाद में अफसरों की मौजूदगी में मरम्मत की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्तियां फिर से मंदिर में स्थापित की गईं थीं।

धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन

बिजनौर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में मिट्टी का खनन जोरों पर है। खनन माफिया दिन-रात जेसीबी मशीन से धरती का सीना फाड़कर भराव का कारोबार कर रहे हैं और अपनी जेबे भरने में लगे इन खनन माफियाओं की ओर से शासन प्रशासन अपनी आंखें मूंदे हुए हैं जिससे इन खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। सूचना देने पर भी उच्च अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं होती है। 

राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर स्थित गांव जिक्रीवाला के समीप व भूतपुरी क्षेत्र में खनन माफिया पुलिस व प्रशासन की मदद से खनन के कारोबार में लगे हैं। इन स्थानों पर इन खनन माफियाओं द्वारा प्लाटों को भरने का कार्य बेरोकटोक किया जा रहा है। यह खनन माफिया स्थानीय पुलिस से सांठगांठ कर शाम होते ही बड़ा हाइवे,डम्फर व टैक्टर ट्रालियों सहित मैदान में आ जाते हैं और रात के दस बजते ही यह लोग जेसीबी मशीन से धरती का सीना चीरते हुए रात भर खनन का कार्य करते हैं।

थाना क्षेत्र के गांव जिक्रीवाला,  कासमपुरगढ़ी, आसफाबाद चमन, भूतपुरी, सुआवाला, कादराबाद सहित अनेक स्थानों पर देखा जा सकता है कि मिट्टी का भराव का कार्य चल रहा है। यह खनन माफिया प्लाटों में भराव कर अपनी जेबें भरने में लग रहे हैं। खनन माफिया ओवर लोड वाहनों से मिट्टी ढ़ोते हैं जिसके कारण मार्ग तक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। वहीं कहीं न कहीं इन लोगों के सिर पर कुछ सफेदपोश लोगों का हाथ है।

क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी भराव कारोबार में दूसरे विधानसभा के लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए क्षेत्र के खनन माफियाओं के एक गुट ने इन लोगों का विरोध किया तो दोनों गुटों में अपना अपना वर्चस्व बनाने को लेकर कभी भी बड़ी घटना घट सकती है।

अगर पुलिस प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया तो खनन माफियाओं के दोनों गुटों में खूनी संघर्ष की संभावना दिखाई दे रही है। यदि इन खनन माफियाओं की शिकायत कोई करता भी है तो पहले तो पुलिस या विभागीय अधिकारियों द्वारा शिकायत कर्ता का नाम बताकर खनन माफियाओं को सूचना दी जाती है और खनन माफियाओं द्वारा शिकायत कर्ता को ही हड़काया जाता है। यदि फिर भी कार्रवाई करने की जिद होती है तो एक दूसरे विभाग के जिम्मे बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इतना ही नहीं उल्टे इन खनन माफियाओं तक शिकायत किये जाने की बात कहते हुए इन्हें सावधान कर अवैध रूप से चल रही मिट्टी खनन को बन्द करा दिया जाता है । कुछ घंटों बाद फिर से रात भर मिट्टी का खनन शुरू कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने डीएम से अवैध रूप से प्लाटों में भराव कर रहे खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए कारवाई किये जाने की मांग की है।

किसान को बंधक बनाकर बदमाशों ने ट्रैक्टर ट्राली लूटी

शुगर मिल से गन्ना डालकर लौट रहे किसान को बंधक बनाकर बदमाशों ने ट्रैक्टर ट्राली लूटी

हीमपुर दीपा (बिजनौर)। शुगर मिल से गन्ना डाल कर लौट रहे किसान को बाइक सवार तीन बदमाशों ने रास्ते में रोककर खेत में बंधक बना लिया। साथ ही हथियारों के बल पर ट्रैक्टर ट्राली व उसका मोबाइल लूट फरार हो गये। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। थाना क्षेत्र के ग्राम ढेला गुर्जर निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र धर्मवीर सिंह रात्रि में ट्रैक्टर ट्राली से शुगर मिल में गन्ना डालने के लिए गया था। रात्रि लगभग दो बजे गन्ना डालने के बाद वह वापस लौट रहा था। गांव अज्जू नंगली के पास सीबीजेड बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे हथियारों के बल पर रोक लिया। बदमाश उसे तमंचे के बल पर पास के ही खेत में ले गए तथा उसके हाथ पैर बांधकर बंधक बना कर खेत में डाल दिया। इसके बाद बदमाश उससे मोबाइल व ट्रैक्टर ट्राली लूट कर फरार हो गए। कुछ देर बाद किसी तरह अपने हाथ पाव खोलकर पीड़ित किसान ने अपने साथ हुई घटना की सूचना शुगर मिल चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर लूटी गई ट्रैक्टर ट्राली को बिजनौर में कालिका मंदिर के पास से बरामद कर लिया, जबकि बदमाश पुलिस को आता देख कर फरार हो गए।

अब मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी का पुलिस करेगी हिसाब!

योगी सरकार बनते ही हिसाब शुरू! मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी पर बढ़े चार केस, पुलिस ने शुरू की जांच

मुख्तार अंसारी के बेटे व मऊ विधानसभा से नवनिर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विस चुनाव के दौरान प्रशाासन से हिसाब लेने की धमकी अब भारी पड़ने वाली है। अब्बास पर चार मुकदमे चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन का दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी गई है। लखनऊ में दो और गाजीपुर में पहले से ही एक केस दर्ज है।

नवनिर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी की ओर से विस चुनाव के दौरान अधिकारियों को छह माह तक यहीं रखकर हिसाब किताब करने का वीडियो वायरल हुआ था। इसे लेकर पुलिस ने शहर कोतवाली में धमकी का केस दर्ज करने के साथ ही चुनाव अचार संहिता के मामले में दो और केस दर्ज किए हैं। इसमें बिना परमिशन के जुलूस निकालना और जीत के बाद भी जुलूस निकालना शामिल हैं। दक्षिणटोला थाने में भी बिना परिमिशन के भीड़ इकट्ठा करने के मामले में केस दर्ज है।

इस तरह से शहर कोतवाली में तीन व दक्षिणटोला में एक केस दर्ज है। अब अब्बास के ऊपर दर्ज जिले में चारों केस के मामले में पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। इसके अलावा पहले से ही लखनऊ में दो और गाजीपुर में एक केस दर्ज हो चुका है। सीओ सिटी धनंजय मिश्रा का कहना है कि पुलिस सभी दर्ज केसों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। शहर के दक्षिणटोला व शहर कोतवाली में दर्ज चारों मुकदमों की विवेचना शुरू हो गई है।

अब्बास अंसारी पर दर्ज हैं यह केस-

  1. मुकदमा अपराध संख्या 431/ 19
    419, 420, 467, 468, 471, 30 आर्म एक्ट, लखनऊ महानगर
  2. मुकदमा अपराध संख्या 236/ 20
    120 बी, 420, 467, 468, 471, लोकसंपति निवारण अधिनियम हजरतगंज, लखनऊ
  3. मुकदमा अपराध संख्या 689/20
    120 बी, 420, 323, 356, 467, 468, 471, 474, 417 आईपीसी गाजीपुर
  4. मुकदमा अपराध संख्या 27/22
    171 जी, 188 आईपीसी, 133 लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम दक्षिण टोला, मऊ
  5. मुकदमा अपराध संख्या 95/22
    188, 171 च आईपीसी शहर कोतवाली मऊ
  6. मुकदमा अपराध संख्या 97/ 22
    506, 171 एफ, 153 एवन, 186, 189, 120 बी आईपीसी शहर कोतवाली मऊ
  7. 106/ 22
    171 एच, 188, 341, आईपीसी, शहर कोतवाली मऊ

न्यूज सोर्स – हिंदुस्तान (साभार)

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का कारण?

देवेश प्रताप सिंह राठौर (AMJA)

रूस और यूक्रेन का विवाद इतना तूल क्यों पकड़ा, युद्ध जैसी स्थिति बनी और युद्ध शुरू हो गया। अमेरिका का इतिहास रहा है देशों को लड़ाना और राज्य करना। उसी का एक हिस्सा यूक्रेन अमेरिका के बहकावे में आ गया और आज पूरा विश्व तीसरे विश्वयुद्ध के मुंह में जाने को खड़ा है। इस बार अगर तीसरा विश्व युद्ध हुआ उसकी कल्पना नहीं कर सकते कौन बचेगा, कौन नहीं!…क्योंकि अमेरिका ने जापान पर परमाणु बम डाले थे। हिरोशिमा और नागासाकी शहर पर क्या स्थिति बनी? उसके बाद परमाणु बम के कार्यक्रम को रोकने के लिए प्रावधान बनाया गया। वही स्थिति फिर बन रही है।

यूक्रेन और रूस के बीच का लड़ाई का मुख्य कारण क्या है संक्षेप में जानते हैं। यूक्रेन पश्चिमी देशों के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिशों में जुटा है, रूस को यह बात पसंद नहीं है। वह नहीं चाहता कि यूक्रेन पश्चिमी देशों से अच्छे संबंध रखे या नाटो का सदस्य बने। अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया के 30 देश इस संगठन के सदस्य हैं। नाटो का सदस्य होने का मतलब है कि अगर सगंठन के किसी भी देश पर कोई तीसरा देश हमला करता है तो सभी सदस्य एकजुट होकर उसका मुकाबला करेंगे। रूस का कहना है कि अगर नाटो की तरफ से यूक्रेन को मदद मिली तो उसका अंजाम सबको भुगतना होगा। यूक्रेन की राजधानी पर लगातार मिसाइलें दागी गईं। इनमें से एक मिसाइल कीव के बाहरी इलाके स्थित एक आवासीय बहुमंजिला इमारत की 16वीं और 21वीं मंजिल के बीच से गुजर गई और इमारत की दो मंजिलें आग से घिर गईं। हमले में कम से कम छह नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि 80 को बचाकर निकाला गया। एक अन्य मिसाइल कीव को पानी की आपूर्ति करने वाले बांध को निशाना बनाकर दागी गई लेकिन यूक्रेन ने इसे हवा में ही मार गिराया। देश के इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री ने बताया कि अगर यह मिसाइल निशाने पर गिरती तो कीव के उपनगरों में बाढ़ आ जाती। वहीं, रूस के रक्षा प्रवक्ता इगोर कोनाशेंकोव ने फिर दावा किया रूसी मिसाइलें सिर्फ यूक्रेन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर दागी जा रही हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर इस विवाद की जड़ क्या है

यूक्रेन की सीमा पश्चिम में यूरोप और पूर्व में रूस से जुड़ी है। 1991 तक यूक्रेन पूर्ववर्ती सोवियत संघ का हिस्सा था। रूस और यूक्रेन के बीच तनाव नवंबर 2013 में तब शुरू हुआ जब यूक्रेन के तत्कालीन राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच का कीव में विरोध शुरू हुआ, जबकि उन्हें रूस का समर्थन था।

यानुकोविच को अमेरिका-ब्रिटेन समर्थित प्रदर्शनकारियों के विरोध के कारण फरवरी 2014 में देश छोड़कर भागना पड़ा।इससे खफा होकर रूस ने दक्षिणी यूक्रेन के क्रीमिया पर कब्जा कर लिया। इसके बाद वहां के अलगाववादियों को समर्थन दिया। इन अलगाववादियों ने पूर्वी यूक्रेन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। वर्ष 2014 के बाद से रूस समर्थक अलगाववादियों और यूक्रेन की सेना के बीच डोनबास प्रांत में संघर्ष चल रहा था। इससे पहले जब 1991 में यूक्रेन सोवियत संघ से अलग हुआ था तब भी कई बार क्रीमिया को लेकर दोनों देशों में टकराव हुआ। 2014 के बाद रूस व यूक्रेन में लगातार तनाव व टकराव को रोकने व शांति कायम कराने के लिए पश्चिमी देशों ने पहल की। फ्रांस और जर्मनी ने 2015 में बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में दोनों के बीच शांति व संघर्ष विराम का समझौता कराया। 

हाल ही में यूक्रेन ने नाटो से करीबी व दोस्ती गांठना शुरू किया। यूक्रेन के नाटो से अच्छे रिश्ते हैं। 1949 में तत्कालीन सोवियत संघ से निपटने के लिए नाटो यानी ‘उत्तर अटलांटिक संधि संगठन’ बनाया गया था। यूक्रेन की नाटो से करीबी रूस को  नागवार गुजरने लगी। अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया के 30 देश नाटो के सदस्य हैं। यदि कोई देश किसी तीसरे देश पर हमला करता है तो नाटो के सभी सदस्य देश एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं। रूस चाहता है कि नाटो अपना विस्तार न करे। राष्ट्रपति पुतिन इसी मांग को लेकर यूक्रेन व पश्चिमी देशों पर दबाव डाल रहे थे।आखिरकार रूस ने अमेरिका व अन्य देशों की पाबंदियों की परवाह किए बगैर यूक्रेन पर हमला बोल दिया। अब तक तो नाटो, अमेरिका व किसी अन्य देश ने यूक्रेन के समर्थन में जंग में कूदने का एलान नहीं किया है। वे यूक्रेन की अपरोक्ष मदद कर रहे हैं, ऐसे में  कहना मुश्किल है कि यह जंग क्या मोड़ लेगी। यदि यूरोप के देशों या अमेरिका ने रूस के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई की तो समूची दुनिया के लिए मुसीबत पैदा हो सकती है। यूक्रेन को अमेरिका से दूरी बनानी होगी, नाटो के संगठन से हटना पड़ेगा; तभी रूस बातचीत करने में रुचि रखेगा ऐसा मेरा मानना है।

यूक्रेन पर हमले के विरूद्ध रूस में ही प्रदर्शन

यूक्रेन पर हमले के विरूद्ध रूस में ही प्रदर्शन प्रारंभ। यह कार्य रूस के साथ–साथ पूरी दुनिया में होना चाहिए। जनता को युद्ध का विरोध करना चाहिए।

अशोक मधुप

यूक्रेन पर हमला करने के लिए रूस की विश्व में आलोचना हो रही है। जगह−जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने अपने अहम के लिए दुनिया को युद्ध में धकेल दिया। यह भी खबर है कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन हर हालात में यूक्रेन पर कब्जा चाहतें हैं। इसके लिए वह अपने 50 हजार सैनिक की बलि देने के लिए भी तैयार हैं। ऐसे हालात में रूस से ही अच्छी खबर आई है। वहां के नागरिक युद्ध का विरोध कर रहे हैं। यह कार्य रूस के साथ–साथ पूरी दुनिया में होना चाहिए। जनता को युद्ध का विरोध करना चाहिए।

यूक्रेन पर हमले के विरोध में रूस में लोगों का युद्ध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। रूस की राजधानी मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और अन्य शहरों में शनिवार को लोग सड़क पर उतर आए और नारेबाजी की। पुलिस ने 460 लोगों को हिरासत में लिया। इसमें मॉस्को के 200 से अधिक लोग शामिल हैं।

रूस में यूक्रेन पर हमले की निंदा करने वाले ओपन लेटर भी जारी किए गए। इसमें 6,000 से अधिक मेडिकल स्टाफ, 3400 से अधिक इंजीनियरों और 500 टीचर्स ने साइन किए हैं। इसके अलावा पत्रकारों, लोकल बॉडी मेंबर्स और सेलिब्रिटिज ने भी ऐसे ही पिटीशन पर साइन किए हैं। यूक्रेन पर हमले को रोकने के लिए गुरुवार को एक ऑनलाइन पिटीशन शुरू की गई। इस पर शनिवार शाम तक 7,80,000 से अधिक लोगों ने साइन कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह बीते कुछ सालों में रूस में सबसे अधिक समर्थित ऑनलाइन याचिकाओं में से एक है।

रूस के अलावा जापान, हंगरी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में लोग यूक्रेन पर हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं। लोग ‘युद्ध नहीं चाहिए’ के नारे लिखे पोस्टर लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस युद्ध को रोकने की मांग कर रहे हैं। रूसी पुलिस ने दर्जनों शहरों में युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले 1,700 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

ये भी सूचना है कि रूस की कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद युद्ध के खिलाफ हैं। कम्युनिस्ट पार्टी के दो सांसदों ने भी यूक्रेन पर हमले की निंदा की है। यह वही सांसद हैं, जिन्होंने कुछ दिन पहले पूर्वी यूक्रेन में दो अलगाववादी क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने के लिए मतदान किया था। सांसद ओलेग स्मोलिन ने कहा कि जब हमला शुरू हुआ तो वह हैरान थे, क्योंकि राजनीति में सैन्य बल का इस्तेमाल अंतिम उपाय के रूप में किया जाना चाहिए। दूसरे सांसद मिखाइल मतवेव ने कहा कि युद्ध को तुरंत रोक दिया जाना चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकार अशोक मधुप

उधर यूक्रेन से आ रही खबर अच्छी नहीं हैं। रूसी सेना सैनिक प्रतिष्ठान के अलावा सिविलियन पर भी हमले कर रही है। शहरों में घुसे रूसी सैनिक लूटपाट कर रहे हैं। खार्किव शहर पर कब्जा करने के बाद रूसी सैनिकों ने एक बैंक लूट लिया। एटीएम लूटे जा रहे हैं। सैनिक एक डिपार्टमेंटल स्टोर में घुसकर सामान भी उठाते नजर आए। यूक्रेन का दावा है कि अब तक रूसी हमले में 198 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें 33 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 1,115 लोग घायल हो गए हैं। यूक्रेन के हालात दिन पर दिन खराब हो रहे हैं। खाने− पीने का सामान कम पड़ गया है। रूसी हमले के बाद कीव, खार्किव, मेलिटोपोल जैसे बड़े शहरों में हर जगह तबाही दीख रही है। मिसाइल हमलों से इमारतें बर्बाद हो गई हैं। लोग खाने−पीने के सामान को तरस रहे हैं। कई जगह बच्चों से लेकर बड़े भी डर और दहशत की वजह से रोते देखे जा सकते हैं। लाखों लोग अपना शहर, देश छोड़कर बाहर जा रहे हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने और अपने परिवार की चिंता है। वह जल्दी से जल्दी सुरक्षित स्थान पर पंहुच जाना चाहतें हैं। संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 1.50 लाख से ज्यादा यूक्रेनी शरणार्थी पोलैंड, मोल्दोवा और रोमानिया पहुंच चुके हैं।

इस युद्ध के विरोध में रूस में जो हो रहा है, वह पूरी दुनिया में होना चाहिए। शांति स्थापना के लिए बनी एजेंसी और संगठन जब असफल हो जाएं तो जनता को इसके लिए उठना चाहिए। पिछले कुछ समय से लग रहा है कि दुनिया में अमन−शांति कायम रखने के लिए बना संयुक्त राष्ट्र संगठन अपनी महत्ता खो चुका है। वीटो पावर प्राप्त पांचों देश की दंबगई के आगे इसकी महत्ता खत्म हो गई है। ऐसे में पूरे विश्व को शांति स्थापना के लिए किसी नए संगठन को बनाने के बारे में सोचना होगा। इसके लिए आवाज बुलंद करनी होगी। आंदोलन करने होंगे। जनमत बनाना होगा।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानने को बाध्य नहीं पुतिन!

पुतिन मानेंगे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला?


नई दिल्ली (एजेंसी)। यूक्रेन पर हमले को लेकर वर्तमान हालात को देखते हुए यह बिलकुल भी नहीं लगता है कि व्लादिमीर पुतिन अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानेंगे। वो हमले के पहले ही दिन यूक्रेन को कड़ा सबक सिखाने की धमकी दे चुके हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका और बाकी पश्चिमी देशों ने पहले ही रूस पर इतना प्रतिबंध लगा दिया है कि पुतिन के पास इस फैसले को न मानने के सिवा कोई चारा नहीं बचा है। एक बात यह भी है कि रूस के पास भी यूएनएससी का वीटो पावर है। ऐसे में दुनिया का यह सबसे शक्तिशाली संगठन भी रूस पर कोई दबाव नहीं बना सकता है। इसलिए माना जा रहा है कि यूक्रेन के इस दांव से रूस की थोड़ी बहुत निंदा के अलावा कुछ खास असर होने वाला नहीं है।

फैसला मानने के लिए बाध्य नहीं है कोई देश-
पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल उठ चुके हैं। विशेषज्ञों की राय है कि कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानने के लिए बाध्य नहीं है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय अपना फैसला मनवाने के लिए सबसे पहले संबंधित देशों को सुझाव देता है। इसके बाद वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास जाता है, जिससे संबंधित देश पर दबाव बनाया जा सके। लेकिन, पहले भी देखा गया है कि कई देश अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मानने से इंकार कर चुके हैं। इसमें सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य चीन तो कुख्यात है। चीन ने दक्षिण चीन सागर पर उसके अधिकार को लेकर दिए गए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले को मानने से साफ इंकार कर दिया था। वीटो पावर वाले देश को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला मनवाने में सुरक्षा परिषद की ताकत भी काम नहीं आती।

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय-
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र का एक महत्वपूर्ण न्यायिक शाखा है। इसकी स्थापना 1945 में नीदरलैंड की राजधानी द हेग में की गई थी। इस न्यायालय ने 1946 से काम करना भी शुरू कर दिया था। हर तीन साल में इसके अध्यक्ष का चुनाव किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की वेबसाइट के अनुसार, इसका काम अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवादों का निपटारा करना और संयुक्त राष्ट्र के अंगों और विशेष एजेंसियों को कानूनी राय देना है। इसके कर्तव्यों में अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से विवादों पर निर्णय सुनाना और संयुक्त राष्ट्र की इकाइयों को मांगने पर राय देना है।

नियुक्त नहीं हो सकते एक देश के दो जज-
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में कुल 15 न्यायाधीश होते हैं। इनका चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद के जरिए होता है। इन जजों का कार्यकाल 9 साल का होता है। अगर कोई जज अपने कार्यकाल के बीच में ही इस्तीफा दे देता है तो, बाकी बचे कार्यकाल के लिए दूसरे जज का चुनाव किया जाता है। इनकी नियुक्ति को लेकर भी काफी सख्त प्रावधान हैं, जैसे एक ही देश के दो जज अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नियुक्त नहीं हो सकते। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों के जज हमेशा ही अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नियुक्त होते हैं। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी और फ्रेंच है। इसी भाषा में यह कोर्ट सुनवाई करता है और फैसले सुनाता है।

रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय पहुंचा यूक्रेन

नई दिल्ली (एजेंसी)। यूक्रेन ने रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) का दरवाजा खटखटाया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस पर युद्ध के बहाने मासूम नागरिकों के नरसंहार का आरोप लगाया है। याचिका में रूस को सैन्य कार्रवाई रोकने का आदेश और सजा देने की मांग की गई है।

गौरतलब है कि यूक्रेन पर रूस के हमले बेकाबू होते जा रहे हैं। रूसी हमलों में अब तक सैकड़ों नागरिकों के मारे जाने की खबर है। उधर, रूस के सेंट्रल बैंक पर अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने प्रतिबंध लगा दिया है। जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों ने भी रूसी विमानों के लिए अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं।

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि उनकी तरफ से अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में रूस के खिलाफ याचिका डाली गई है। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ने युद्ध के बहाने मासूम नागरिकों के खिलाफ नरसंहार किया है। यूक्रेन ने रूस को सैन्य कार्रवाई रोकने का आदेश और सजा देने की मांग उठाई है। बताया गया है कि रूस के खिलाफ इस याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है।

नवविवाहिता बहन को लिवाने गये भाईयों से मारपीट

बिजनौर/नूरपुर। अपनी नवविवाहिता बहन को उसकी ससुराल लिवाने गये भाईयों को वर पक्ष के लोगों ने लाठी डंडो से हमला कर घायल कर दिया।


स्योहारा थानांतर्गत गांव हरौली निवासी भोपाल सिंह के पुत्र धर्मेंद्र की शादी 19 फरवरी को 2022 को गोहावर जैत निवासी आसाराम की पुत्री सोनम के साथ हुई थी। बताया जाता है कि जयमाला कार्यक्रम के दौरान वर का छोटा भाई सुभाष जबरन वर वधू के बीच में बैठ रहा था। काफी विरोध के बाद भी न मानने पर वधू पक्ष के लोगों ने उसकी पिटाई कर डाली। सोमवार को वधू पक्ष से भाई रोहित व राजीव अपनी बहन को लिवाने उसकी ससुराल हरोली गये। बताया जाता है कि खाना पीना कराने के बाद दुल्हे के भाई ने अपनी पिटाई का बदला लेने के लिए दोनों भाईयों पर हमला बोल दिया। किसी तरह बचकर दोनों भाई वहां से भागे। बताया जाता है कि दूल्हे पक्ष के लोगों ने उनका पीछा पर ताजपुर के पास पुल पर दबोच लिया और जमकर पिटाई कर दी। हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गये। उधर, दूसरे पक्ष के लोग भी मारपीट में घायल हो गये। दुल्हन पक्ष के लोग घायलो को लेकर थाने पहुंचे। देर शाम समाचार भेजे जाने तक पुलिस ने घटना की तहरीर मिलने से इंकार किया है।

न्याय के लिए महापंचायत: भाकियू ने कसी कमर

बिजनौर। कोतवाली देहात में कल होने वाली किसानों की महापंचायत के लिए भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव में संपर्क साधना शुरू कर दिया है। किसान नेताओं ने क्षेत्र के दर्जनों गांवों का दौरा कर महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया।

बताया गया है कि दो दिन पूर्व ग्राम प्रधान सहित पांच लोगों ने थाना क्षेत्र के गांव चंदुपुरा निवासी भाकियू के पूर्व युवा जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही पुत्र देवराज सिंह के साथ जमकर मारपीट की थी। हमलावरों में से एक व्यक्ति ने नितिन सिरोही के ऊपर फायरिंग भी की थी। नितिन सिरोही व उसके परिजनों ने नितिन पुत्र मानसिंह को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने नितिन को रात भर थाने में बैठाए रखा तथा सुबह को बिना किसी कार्य के ही उसे छोड़ दिया था इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी नितिन सिरोही व उसके परिजनों के खिलाफ जान से मारने के संबंध में एक तहरीर थाने में सौंपी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से धारा 307 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया था।

सत्ता पक्ष का दबाव!- भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी दिगंबर सिंह का आरोप है कि सत्ता के दवाव में आकर पुलिस ने दूसरे पक्ष का फर्जी मेडिकल करवाया तथा दूसरे पक्ष की ओर से झूठी एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने 17 फरवरी को उक्त प्रकरण सहित थाने व स्वास्थ्य केंद्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ किसानों की महापंचायत का आह्वान किया है। महापंचायत को सफल बनाने के लिए क्षेत्रीय किसान नेताओ ने दर्जनों गांव का तूफानी दौरा किया। उन्होंने किसानों से महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। क्षेत्र का दौरा करने वालों में समरपाल सिंह, मुनेश, मानवीर, मुकुल त्यागी, बंटी, अनुज तोमर, विकास, रसीद, रोहित, जितेंद्र, डॉ योगेंद्र सिंह, महेश प्रधान, रामेन्द्र, ओमप्रकाश, आसाराम, मुन्नू, निर्मित, नामेन्द्र, राहुल, नागेंद्र, सबु प्रधान, पुरन सिंह, धर्मपाल सिंह आदि किसान शामिल रहे।

भाकियू नेता का आरोप- भाकियू नेता दिगंबर सिंह का आरोप है कि जिस हमलावर को पीड़ित व उसके परिजनों ने सही सलामत पकड़कर पुलिस को सौंपा था। अचानक 10 घंटे बाद उसकी तबीयत कैसे खराब हो गई, जिसके चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया तथा उसका फर्जी मेडिकल भी तैयार कर दिया गया। आरोपित व्यक्तियों ने पुलिस व डॉक्टर से हमसाज होकर पीड़ित के खिलाफ थाने में मुकदमा पंजीकृत करा दिया है।

गिरगिट को भी फेल करते नेता जी…

आज बड़े हो गए हैं, कल तो छोटे से थे!

बिजनौर। वर्तमान के हालात में नेताओं की रंगत गिरगिट को फेल करने पर तुली हुई है। यह सभी जगह का हाल है। इक्का दुक्का को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश नेता निचले पायदान से धीरे धीरे ऊपर तक पहुंचे गए। जो पैदल थे, आज उनके नीचे भारी भरकम गाड़ियां हैं। लकदक दिखाई देने के लिए कपड़े धुलवा कर धोबियों तक को पैसा देने में रुलाने वाले सिर तानकर चल रहे हैं। खबर छपवाने के लिए मीडिया वालों की चरण वंदना में जुटे रहने वालों को आज RO (रिलीज़ ऑर्डर) का जादुई शब्द भी पता है। ऐसे ही एक छोटे से नेता जी आज बहुत तो नहीं, फिर भी काफी बड़े हो गए हैं। तकरीबन 10 से 12 साल पहले के दरमियान अलग अलग अवसरों पर उन्होंने मौखिक रूप से एक दैनिक, एक सांध्य व एक साप्ताहिक अखबार में विज्ञापन प्रकाशित कराए। पहले का पेमेंट टलते रहने के बावजूद अखबार नवीस को भरोसा था कि आज नहीं तो कल 30 हजार रुपए का भुगतान हो ही जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पहले तो नेता जी आज, कल और परसों कह कर टालते रहे। फिर दिन, महीने साल बीतते रहे। वो भी छोटे से बड़े का सफर तय करते रहे। बीच में उन्होंने विज्ञापन का रिलीज़ आर्डर (RO) दिखाने की बात कह कर अपनी असली रंगत दिखा दी। अब नाम बताने की जरूरत तो है नहीं क्योंकि सुधि पाठकों को समझ में आ रहा होगा कि आखिरकार कौन हो सकते हैं वो नेताजी? RO शब्द का इस्तेमाल कब, कहां और कौन करता है। हालांकि अब वो सिर्फ बड़े लोगों के साथ ही उठते बैठते हैं, अपने दुर्दिनों के समय के पालनहारों के फोन तक रिसीव नहीं करते।

छोटा, बड़ा अखबार- यह बात तो जनता को बखूबी मालूम है कि जन समस्याओं को आला अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए अधिकतर तथाकथित नेताओं द्वारा पीड़ितों के ज्ञापन की टाइपिंग, फोटो कॉपी और तो और मीडिया में प्रकाशित कराने के नाम पर भी रकम ऐंठी जाती रही है। यही हाल जिला पंचायत चुनाव के दौरान एक बड़े राजनीतिक दल के पदाधिकारियों ने भी किया था। अब विधानसभा चुनाव में भी उसी पुरानी परंपरा का निर्वहन बखूबी किया जा रहा है?

धृतराष्ट्र बने बैठे रहे अखिलेश यादव, सामने हुई पत्रकार की पिटाई

जयंत चौधरी के बाद अखिलेश यादव के कार्यक्रम में पिटा पत्रकार, देखते रहे नेताजी

हाल ही में RLD सुप्रीमो जयंत चौधरी मुजफ्फरनगर पहुंचे। वहां उनके कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ अभद्रता की गई। अब गाजियाबाद में उनके साथी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यक्रम में भी पत्रकार की पिटाई का मामला सामने आया है।

लखनऊ। हाल ही में मुजफ्फरनगर में रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी के कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ अभद्रता की गई। अब गाजियाबाद में उनके साथी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यक्रम में भी पत्रकार की पिटाई का मामला सामने आया है।

अखिलेश के बॉडीगार्ड ने पत्रकार को पीटा

अखिलेश यादव शनिवार को गाजियाबाद में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करने आए थे। अखिलेश जब यहां से निकल रहे थे तो उनसे एक पत्रकार सवाल करने लगा।  अखिलेश के बॉडीगार्ड ने पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पत्रकार मारो मत, मारो मत; कहकर खुद को सुरक्षाकर्मियों से बचाने की कोशिश भी कर रहा है। वायरल वीडियो में हाथ में असलहा लिए सुरक्षाकर्मी पत्रकार खालिद चौधरी को धक्का देकर अखिलेश के पास आने से रोक रहे हैं। पत्रकार का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

एक यूजर ने कहा कि जिस इंसान को विदेश में पढ़ने के बाद सीधा वंशवाद रूपी राजनीति में एक परिवार की पार्टी को आगे बढ़ाना हो, उससे देश के चतुर्थ स्तंभ के मजाक के अलावा कोई भला क्या उम्मीद कर सकते हैं, परंतु 99 प्रतिशत बार बड़बोलापन इंसान को छोटा ही साबित करता है। पत्रकार अंजू निर्वाण ने लिखा कि मीडिया अपनी इज़्ज़त खुद तार-तार करवा रहा है, क्योंकि अब स्टैंड लेना, बॉयकॉट करना जैसे शब्द मीडिया की डिक्शनरी में नहीं रहे। किसी के लिए क्या आवाज़ उठाएंगे जब अपने लिये न कर सके!!

बौखलाहट में पत्रकारों से भिड़ रहे अखिलेश यादव!

चुनाव प्रचार के दौरान कई मौके ऐसे आए, जब अखिलेश यादव पत्रकारों से भिड़ते नजर आए। गाजियाबाद की संयुक्त प्रेस वार्ता में ही अखिलेश यादव बोल रहे थे, तभी थोड़ा शोरगुल होने लगा, जिस पर अखिलेश यादव ने सभी पत्रकारों से शांत होकर सुनने को कहा और मोबाइल से जो लोग रिकॉर्डिंग कर रहे थे उन्हें छोटा पत्रकार बोलकर उनका मजाक उड़ाया। टीवी 9 पर इंटरव्यू के दौरान भी वे भड़क गए थे। आजतक पर इंटरव्यू के दौरान एंकर अंजना ओम कश्यप का मजाक उड़ाने की कोशिश की,  हालांकि अंजना ने फिर क्लास लगा दी।

जयंत के सामने भी पिटते रहे पत्रका

जयंत चौधरी गुरुवार को गठबंधन प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने मुजफ्फरनगर पहुंचे। उन्होंने खतौली, बुढाना, चरथावल और मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा सीट में सभाओं को संबोधित किया। मुजफ्फरनगर सदर सीट पर गठबंधन समर्थकों ने पत्रकारों के साथ मारपीट की। इस दौरान आरएलडी कार्यकर्ताओं ने पत्रकारों को भला-बुरा कहा और उनके साथ हाथापाई तक की। हाथापाई और विवाद के बीच जयंत चौधरी मंच पर बैठे मूकदर्शक बने बैठे रहे।

पुलिस की मौजूदगी में हुआ था पथराव, न्याय दिलाने को भाकियू देगी धरना

पुलिस की मौजूदगी में हुआ था पूंडरी कला में पथराव, शिकायत के बावजूद पुलिस ने नहीं की कार्रवाई। भाकियू नेता चौधरी दिगंबर सिंह ने जताया रोष। न्याय दिलाने को देंगे धरना।

बिजनौर। दो दिन पूर्व ग्राम पूंडरी कला में नींव की दीवार गिराने के मामले में नांगल सोती पुलिस शिकायत के बावजूद कार्रवाई करने से बच रही है। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच पथराव के दौरान मौके पर पुलिस मौजूद थी। इस मामले में पीड़ित पक्ष को उसकी जमीन पर काबिज कराने तथा आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही कराए जाने के लिए भाकियू ने हुंकार भरी है।

गौरतलब है कि 2 दिन पूर्व ग्राम पूंडरी कला में सुरेश राठी पक्ष की कूड़ी (जमीन का हिस्सा) के कब्जे को हटाकर नींव बनवाई गई। आरोप है कि नांगल पुलिस और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में दूसरे पक्ष ने पथराव करने के साथ ही लाठी-डंडों से हमला कर बनाई गई नीव की दीवार को गिरा दिया था। इस संघर्ष में सुरेश पक्ष के चार लोग घायल भी हो गए थे। नांगल थाना पुलिस ने सुरेश राठी की तहरीर पर कोई कार्यवाही करना जरूरी नहीं समझा। इस पर भारतीय किसान यूनियन के मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। चौधरी दिगंबर सिंह, सुरेश राठी के साथ एसडीएम नजीबाबाद से मिलने की बात कह रहे हैं। दिगंबर सिंह के मुताबिक प्रशासन ने उक्त मामले में चुनाव होने तक का समय मांगा है। अगर 14 फरवरी तक मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही तथा किसान सुरेश राठी को जमीन पर काबिज नहीं कराया गया तो वह किसानों के साथ धरने पर बैठेंगे। वहीं शिकायत किए जाने के बावजूद नांगल थाना प्रभारी रविंद्र कुमार किसी भी पक्ष द्वारा तहरीर न मिलने की बात कहते हुए कार्रवाई न किए जाने की बात कह रहे हैं।

सिपाही को पीट कर इंसास राइफल लूट ले गए बदमाश

बिजनौर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र में दो बदमाश एक सिपाही से इंसास राइफल लूट कर फरार हो गए। घटना भूतपुरी तिराहा की है। बदमाशों ने सिपाही को तमंचे व राइफल की बट से जमकर पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दो बदमाश एक सिपाही से इंसास राइफल छीनते और पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है। बदमाशों की पहचान नही हो पाई है, न ही राइफल मिल सकी है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात करीब एक बजे अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के भूतपुरी में रूद्रपुर से ट्रक में मैली भरकर लाई जा रही थी। कुछ मैली सड़क पर गिर गई। इसको वहां से हटाने के लिए जेसीबी मशीन मंगाई गई। मैली हटाने के दौरान वहां पहुंचे बाइक पर सवार दो बदमाशों ने जेसीबी के ड्राइवर से गाली-गलौज शुरू कर दी। मौके पर हलका नम्बर तीन में तैनात सिपाही ललित व एक होमगार्ड भीम सिंह मौजूद थे।
बदमाशों ने सिपाही व होमगार्ड को देखते ही उनसे मारपीट कर राइफल लूटने का प्रयास किया। सिपाही व होमगार्ड बदमाशों से भिड़ गए। बदमाशों ने सिपाही ललित से राइफल लूट ली और राइफल की बट से मारपीट कर उसे घायल कर दिया, सिपाही जमीन पर जा गिरा। दोनों बदमाश राइफल लूटकर फरार हो गए। घायल सिपाही को उपचार के लिए सीएचसी अफजलगढ़ में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना से पुलिस व क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। कोतवाल मनोज कुमार सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे और बदमाशों का पीछा करने का प्रयास किया। वारदात के बाद पड़ोसी जनपदों के थानों को भी अलर्ट भेजा गया। पड़ोसी जनपदों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बताया गया है कि जेसीबी के चालक ने पूरी घटना की वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। बदमाशों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

सिपाही की बहादुरी पर शक क्यों, लोग हैं डरपोक

लोग कुछ भी कहें, सिपाही और होमगार्ड ने दिलेरी तो दिखाई ही। सिपाही की पिटाई कर इंसास राइफल लूटने की घटना खुद में एक बड़ी वारदात है। वायरल वीडियो में ये सब कुछ दिखाई दे रहा है। साथ ही यह भी दिख रहा है कि एक बड़ी गाड़ी वहां से गुजर रही है। सोचने वाली बात है कि यदि वह गाड़ी मौका-ए-वारदात पर रुकती और उसमें बैठे लोग नीचे उतर कर बदमाशों को ललकारते तो यकीनन किस्सा कुछ और होता। वास्तव में लोगों को सब कुछ चाहिए, लेकिन करना कुछ नहीं चाहते?

सर्राफा शोरूम में दिनदहाड़े गोली मारकर लाखों की लूट; राजधानी के व्यापारी आक्रोशित

लखनऊ। बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े अलीगंज थाना क्षेत्र के तिरुपति ज्वेलर्स में कर्मचारी को गोली मारकर लाखों रुपए की लूट को अंजाम दिया। सीने और पेट में दो गोली लगने से गंभीर घायल कर्मचारी मड़ियांव निवासी श्रवण को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इस घटना से व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू रस्तोगी ने मुख्यमंत्री से लूट में गए हुए माल के मुआवजा की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।

राजधानी लखनऊ के कपूरथला अलीगंज थाना क्षेत्र के सेक्टर बी में सर्राफा व्यापारी निखिल अग्रवाल का श्री तिरुपति जेम्स एंड ज्वैल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से सोने के आभूषण का प्रतिष्ठान है। आज दिनदहाड़े घुसे बदमाशों ने उनके कर्मचारी श्रवण को 2 गोलियां मारीं। एक सीने में दूसरी पेट में। बदमाश दुकान के अंदर रखे सोने चांदी के जेवरात और नकदी लूट ले गए। इस घटना से व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।

दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई। कारोबारी निखिल के मुताबिक बुधवार दोपहर करीब 12:00 बजे बाइक सवार बदमाशों ने दुकान में घुसकर फायरिंग की और करीब पांच से सात लाख के जेवरात और नकदी लूट ले गए। वारदात के समय निखिल और उनका कर्मचारी मड़ियांव निवासी श्रवण मौजूद थे। श्रवण को दो गोलियां लगी हैं। उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है।

4 दिन का अल्टीमेटम, वरना आंदोलन- लूट एवं गोली कांड की जानकारी पाकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू रस्तोगी संगठन के साथियों व व्यापारियों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने एवं माल बरामद करने के लिए 4 कार्यदिवस का समय दिया। साथ ही चेताया कि अगर 4 दिन के अन्दर घटना को अंजाम देने वाले अपराधी माल के साथ नहीं  पकड़े गए, तो प्रसपा व्यापार सभा आंदोलन करेगी। व्यापारी नेता रामबाबू रस्तोगी ने मुख्यमंत्री से लूट में गए हुए माल के मुआवजा की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश कर रही है। शहर में चारों तरफ नाकेबंदी कर द