…अब कुतुब मीनार की खुदाई की तैयारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। कुतुब मीनार को लेकर छिड़े विवाद के बीच ऐतिहासिक परिसर में खुदाई की जाएगी। संस्कृति मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि कुतुब मीनार में मूर्तियों की Iconography कराई जाए। एक रिपोर्ट के आधार पर कुतुब मीनार परिसर में खुदाई का काम किया जाएगा। इसके बाद ASI संस्कृति मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

संस्कृति सचिव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने के बाद यह फैसला लिया है। लिहाजा कुतुब मीनार के साउथ में और मस्जिद से 15 मीटर दूरी पर खुदाई का काम शुरू किया जा सकता है। बता दें कि कुतुब मीनार ही नहीं, अनंगताल और लालकोट किले पर भी खुदाई का काम किया जाएगा।

कुतुब मीनार परिसर में खुदाई के निर्णय से पहले संस्कृति सचिव गोविंद मोहन ने 12 लोगों की टीम के साथ निरीक्षण किया। इस टीम में 3 इतिहासकार, ASI के 4 अधिकारी और रिसर्चर मौजूद थे। इस मामले में ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुबमीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है।

ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुब मीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है। इसके अलावा कई रिसर्च भी पेंडिंग हैं, जिसकी वजह से ये फैसला लिया गया है।

विष्णु स्तम्भ नाम देने की मांग- कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग भी हाल ही में की गई थी। इसके बाद वहां हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया था। हिंदू संगठनों ने कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ करने की मांग की थी। हिंदू संगठन के एक कार्यकर्ता ने कहा था कि मुगलों ने हमसे इसे छीना था। इसे लेकर हम अपनी मांगों को रख रहे हैं। हमारी मांग है कि कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ किया जाए।

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत को मिलेगी भीषण गर्मी से राहत, भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली (एजेंसी)। रोजाना बढ़ती गर्मी के कहर से लोगों का घर से बाहर निकलना भी दुश्वार हो गया है। इसी बीच उत्तर भारत के लोगों के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार शनिवार को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, अगले एक से दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बूंदाबांदी से पारा नियंत्रण में रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, धूल भरी आंधी आ सकती है या 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज मानसून पूर्व बारिश में तेजी आ सकती है और यह स्थिति 24 मई तक जारी रह सकती है। इससे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।

मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण म्यांमार और उससे सटे उत्तर पश्चिमी थाईलैंड पर बना पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर भी है और यह आज पश्चिमी हिमालय तक पहुंच सकता है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

हिमाचल, दक्षिण-पश्चिम UP और उत्तर पूर्व MP में लू! स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान, केरल, बिहार के पूर्वी हिस्सों, सिक्किम और पश्चिमी असम में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है, साथ ही कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 24 घंटों के दौरान, मेघालय, असम के पश्चिमी हिस्सों, सिक्किम, केरल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

यहां हल्की बारिश संभव- बाकी पूर्वोत्तर भारत, तटीय कर्नाटक, पश्चिमी हिमालय, लक्षद्वीप और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

हवा चली 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पश्चिम बंगाल के दक्षिण हिस्से में शनिवार को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ तेज हवा चलने और बारिश होने के कारण कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। राज्य आपदा प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व बर्धमान जिले में दीवार के ढह जाने से एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि नदिया जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यहां काल बैसाखी के दौरान रवींद्र सरोवर झील में एक नौका के पलट जाने से दो लड़कों की मौत हो गई। आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद अहमद खान ने बताया कि कोलकाता में तेज आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

भारत की मैंकल नामदेव व अमेरिका के ऋत्विक ने जीती अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता

पेंड्रा की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक ने जीती निबंध प्रतियोगिता
-अमेरिका वर्ग से अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रहीं
-भारत वर्ग से रायबरेली की आद्या गुप्ता दूसरे और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं
-7 बच्चों के निबंध सांत्वना पुरस्कार के रुप में चुने गए
-अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की विजेता बच्चों के नामों की घोषणा
-मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ कृपाशंकर चौबे ने समिति के प्रयासों की सराहना की

नई दिल्ली आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत और अमेरिका इकाई द्वारा संयुक्त रूप से 12 से 18 वर्ष के बच्चों की आयोजित की गई अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की मैंकल नामदेव और अमेरिका के ऋत्विक अग्रवाल विजेता रहे।

मैकल नामदेव को पुरस्कार में प्रमाणपत्र के साथ 21 सौ रुपए और ऋत्विक को 50 डालर दिए जाएंगे। इसी तरह दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे विजेता बच्चों को भी प्रमाण पत्र और नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। चयनित सभी निबंधों को ‘आचार्य पथ’ स्मारिका में भी स्थान देने का ऐलान किया गया।

विजेता बच्चों के नामों की घोषणा रविवार को आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में अमेरिका में भारत के चांसरी प्रमुख रमाकांत कुमार ने की। करतल ध्वनि से सभी विजेता बच्चों को बधाई दी गई। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में अमेरिका वर्ग से ऋत्विक अग्रवाल प्रथम और अयाति ओझा दूसरे स्थान पर रही। भारत वर्ग से मैंकल नामदेव प्रथम, आद्या गुप्ता द्वितीय और फातिमा अंसारी तीसरे स्थान पर रहीं। तमिलनाडु की प्रतिभागी संजना एच, कात्यायनी त्रिवेदी, हिमांशी सिंह, गुनगुन मिश्रा, श्रवण कुमार मिश्रा, शान्तनु पांडेय और पंकज कुमार के निबंध भी सराहे गए। सभी को सांत्वना पुरस्कार देने की घोषणा की गई। विजेता बच्चों ने अपने-अपने निबंध भी पढ़कर सुनाए।

पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. कृपा शंकर चौबे ने सभी विजेता बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि जब हिंदी की विभिन्न विधाओं पर संकट गहरा रहा है ऐसे समय में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति द्वारा बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित करना बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। बच्चे के अंदर एक रचना छुपी होती है और उस रचना को निखारने एवं सामने लाने का अवसर देना निहायत जरूरी है।

समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने सभी प्रतिभागी बच्चों के साथ- साथ कार्यक्रम में उपस्थित निर्णायक मंडल की सदस्य प्रोफेसर नीलू गुप्ता (अमेरिका), डॉ. पद्मावती (चेन्नई), डॉ भारती सिंह (नोएडा), अनुपम परिहार (प्रयागराज), डॉ. सुमन फुलारा (उत्तराखंड) और बद्री दत्त मिश्र (रायबरेली) का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को बचाने और बढ़ाने के लिए भारत के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के बच्चों को मातृभाषा से जोड़े रखने के ही यह छोटे-छोटे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत से करीब 122 निबंध प्राप्त हुए।

भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ल ने कहा कि हिंदी को नया व्याकरण और भाषा देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के योगदान को आज सभी स्वीकार कर रहे हैं। उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने में समाज जागृत हो चुका है लेकिन सरकार का जागृत होना बाकी है।

आभार ज्ञापित करते हुए समिति के संयोजक गौरव अवस्थी ने कहा कि आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान का यह 25वां वर्ष है। सभी के प्रयासों और सहयोग से आचार्य द्विवेदी की स्मृतियां सात समंदर पार तक पहुंचने में सफल हुई हैं। भविष्य में भी ऐसा ही सहयोग बनाए रखने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम का संचालन अमेरिकी इकाई की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव ने किया और अमेरिका की शोनाली श्रीवास्तव ने सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में अमेरिकी इकाई की सदस्य डॉ कुसुम नैपसिक, श्रीमती ममता त्रिपाठी, गणेश दत्त, सुश्री नीलम सिंह, श्रीमती संगीता द्विवेदी, सुधीर द्विवेदी, करुणा शंकर मिश्रा, अभिषेक द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।

पेट्रोल 9.5 और डीजल 7 रुपए सस्ता

पेट्रोल 9.5 रुपए और डीजल 7 रुपए सस्ता, अब सिलेंडर पर 9 करोड़ लाभार्थियों को केंद्र सरकार देगी सब्‍सिडी

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल के उत्पाद शुल्क में आठ रुपये तथा डीजल में छह रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि इस कटौती के कारण पेट्रोल के दाम साढ़े नौ रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम सात रुपये प्रति लीटर घट जायेंगे। उन्होंने ट्वीटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती किये जाने से सरकार को हर साल करीब एक लाख करोड़ रुपये राजस्व हानि होगी।

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उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज मुश्किल दौर से गुजर रही है। पूरी दुनिया कोरोना महामारी के प्रभाव से उबर ही रही थी कि यूक्रेन में जारी युद्ध ने आपूर्ति बाधा की समस्यायें पैदा कर दीं। इसकी वजह से कई चीजों की किल्लत हो गई। इससे महंगाई बढ़ रही है और कई देशों में आर्थिक संकट के हालात पैदा हो गये हैं। सीतारमण ने कहा कि चुनौतीपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि देश में आवश्यक वस्तुओं की कोई किल्लत न रहे। यहां तक कि कुछ विकसित देश भी आपूर्ति बाधा और वस्तुओं की कमी से बच नहीं पाये हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जरूरी वस्तुओं के दाम नियंत्रण में रखने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री ने कहा, मैं सभी राज्य सरकारों से कहूंगी कि वे भी इसी तरह की कटौती करें और आम लोगों को राहत दें। यह आग्रह उन राज्यों के लिए खासकर है, जिन्होंने नवंबर 2021 के दौरान उत्पाद शुल्क में की गई कटौती के साथ कर में कटौती नहीं की थी। केंद्र सरकार ने साथ ही प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना के नौ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इस साल 12 गैस सिलेंडर तक प्रति सिलेंडर 200 रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की है। सीतारमण ने कहा कि इससे हमारी मां और बहनों को मदद मिलेगी। इससे राजस्व में 6,100 करोड़ रुपये की कमी आयेगी। केंद्र सरकार साथ ही प्लास्टिक उत्पादों के कच्चे माल पर भी उत्पाद शुल्क में कटौती करेगी।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण एवं आशीर्वाद समारोह 22 मई रविवार को


आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण एवं आशीर्वाद समारोह 22 मई 2022 रविवार को भारतीय समय के अनुसार सुबह 8:00 बजे ऑनलाइन आयोजित किया गया है।
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि रमाकांत कुमार (चांसरी प्रमुख, भारतीय कौंसलावास सैनफ्रांसिस्को-अमेरिका) और डॉ. कृपा शंकर चौबे (अध्यक्ष-जनसंचार विभाग, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा-महाराष्ट्र) निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले भारत और अमेरिका के बच्चों को आशीर्वाद एवं पुरस्कार प्रदान करेंगे।
पुरस्कार वितरण एवं आशीर्वाद समारोह का लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी फेसबुक पेज पर भी किया जाएगा। आपकी उपस्थिति हम सबका उत्साहवर्धन करेगी।
यह जानकारी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की श्रीमती मंजु मिश्रा अध्यक्ष अमेरिका इकाई एवं विनोद शुक्ल अध्यक्ष भारत इकाई ने संयुक्त रूप से दी।

11 करोड़ की संपत्ति दान कर पत्नी, बेटे समेत ज्वैलर्स हुआ वैरागी

जयपुर (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के बालाघाट नगर के ज्वेलर्स राकेश सुराना ने; न केवल करोड़ों रुपए की संपत्ति दान कर दी, बल्कि परिवार सहित भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर वैराग्य जीवन की राह चुन ली है। 22 मई को दीक्षार्थी परिवार राकेश सुराना (40), उनकी धर्मपत्नी लीना सुराना (36) और 11 वर्षीय पुत्र अमय सुराना जयपुर में दीक्षा लेंगे। 17 मई को जैन समाज द्वारा इस दीक्षार्थी परिवार को विदाई दी गई। वैराग्य जीवन की ओर जाने से पहले दीक्षार्थी सुराना परिवार ने करीब 11 करोड़ रुपए की संपत्ति गौशाला और धार्मिक संस्थाओं को दान कर दी है।
इस दीक्षार्थी परिवार के दीक्षा लेने के पूर्व 17 मई को जैन समाज ने शोभायात्रा निकालकर उन्हें विदाई दी। वैसे इस परिवार के अभिनंदन के लिए संयम शौर्य उत्सव का आयोजन 16 मई से ही प्रारंभ हो गया, जिसमें 16 मई को स्थानीय लॉन में उनका अभिनंदन किया गया। मंगलवार की सुबह करीब सवा सात से सवा आठ बजे तक श्री पार्श्वनाथ भवन में धार्मिक कार्यक्रम किया गया। काली पुतली चौक के समीप अहिंसा द्वार से वरघोड़ा निकाला गया। कृषि उपज मंडी इतजवारी गंज में दीक्षार्थी परिवार का साधर्मी वात्सल्य कराया गया। वहीं 18 मई को सुबह 9 बजे पार्श्वनाथ भवन में अष्टोत्तरी महापूजन होगा। वहीं 19 मई को सुबह 6 बजे संसार से संयम की ओर कदम बढ़ाने के लिए मुमुक्ष राकेश सुराना, मुमुक्ष लीना और मुमुझ अमय जयपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। जो 22 मई को जयपुर में दीक्षा लेंगे।


वर्ष 2015 से परिवर्तित हुआ ह्रदय
सुराना ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि उनका हृदय परिवर्तन महेंद्र सागर महाराज और मनीष सागर महाराज के प्रवचन से मिली प्रेरणा के कारण हुआ और उसके चलते ही उन्हें धर्म, अध्यात्म और आत्म स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा मिली। बताया कि अध्यात्म योगी गुरुदेव महेन्द्र सागर महाराज का बालाघाट में चौमासा हुआ था। इस दौरान उनके विचारों, बातों को पूरी तन्मयता से सूना इसके बाद उसे आत्मसात करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि संसार की भौतिक सुख-सुविधाएं नश्वर है। जो कमाया है उसे यहीं पर छोड़कर जान है। मानव जीवन बहुत दुर्लभता से मिलता है, पुण्य संचय किया तब मानव तन पाया। इस मानव तन का उपयोग केवल भौतिक सुख-सुविधाओं में न करते हुए मानव जीवन कल्याण और मोक्ष प्राप्ति के लिए करना चाहिए। राकेश सुराना की पत्नी लीना जो अमेरिका में पढ़ी है, उन्हें बचपन से ही संयम पथ पर जाने की इच्छा थी, इतना ही नहीं बेटा अमय जब 4 साल का था तभी वह संयम के पथ पर जाने की बात करता था, मगर बहुत कम उम्र होने के कारण उन्होंने सात साल तक इसके लिए इंतजार किया। सुराना ने बताया कि जीवन में सब कुछ मिलने के बाद भी शांति की कमी थी। इसे खोजने का प्रयास किया गया। तब पता चला की शांति कर्म करके या मोक्ष के मार्ग पर चलकर ही मिल सकती है। सुख अपने ही भीतर होता है, बशर्त उसने खोजने की जरुरत होती है। इसी सुख को प्राप्त करने के लिए संयम की ओर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में आधुनिक शिक्षा की ओर बहुत भाग रहे हैं। बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा भी देनी चाहिए।

ढूंढ रहे थे तस्करी की शराब, बरामद हुई 232 kg चांदी

गोपालगंज (एजेंसी)। बिहार के गोपालगंज में उत्पाद विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिली जब टीम ने उत्तर प्रदेश से बिहार आ रही एक कार से शराब की जगह दो क्विंटल से अधिक चांदी बरामद की। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल, उत्पाद विभाग की टीम बुधवार को अवैध शराब को लेकर कुचायकोट थाना क्षेत्र के बलथरी चेक पोस्ट पर उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान एक कार से 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई।

गोपालगंज के उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि बारीकी से जांच के दौरान कार में पीछे की सीट के नीचे तहखाना जैसी जगह मिली, जिससे 232 किलोग्राम चांदी बरामद की गई। उन्होंने बताया कि बरामद की गई चांदी की कीमत बाजार में डेढ़ से दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

कानपुर से हो रही थी तस्करी- उत्पाद अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में कार चालक और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। उन लोगों की पहचान दरभंगा जिला के नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार निवासी मनोज गुप्ता और चालक शिव शंकर महतो के रूप में की गई है। पूछताछ में पता चला है कि चांदी को उत्तर प्रदेश के कानपुर से दरभंगा ले जाया जा रहा था। सूचना पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है।

ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन निर्माण संघर्ष समिति का गठन

बिजनौर। वर्ष 2011 से ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन का निर्माण न होने से पूर्व सैनिकों में रोष है। इसी को लेकर शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन निर्माण संघर्ष समिति का गठन किया गया। अब समिति इस बेहद महत्वपूर्ण मामले में संबंधित अधिकारियों से वार्ता करेगी।

बताया गया है कि बिजनौर में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन का निर्माण किया जाना है। सेना मुख्यालय की ओर से प्रशासनिक विभाग स्टेशन हेड क्वार्टर मेरठ को भूमि का आवंटन नहीं हो पाया है। इसी मामले को लेकर काकरान वाटिका बिजनौर में पूर्व सैनिकों की एक बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक भवन निर्माण संघर्ष समिति का गठन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पूर्व सैनिक डीपीएस रावत ने की जबकि संचालन अजय फौजी ने किया। संघर्ष समिति के संरक्षक डीपीएस रावत होंगे। पांच सदस्यों में पूर्व सैनिक अजय सिंह, पूर्व सैनिक कंवरपाल सिंह, पूर्व सैनिक हरविंदर सिंह, पूर्व सैनिक कृष्ण वीर सिंह शर्मा व पूर्व सैनिक हेमेंद्र पाल सिंह होंगे।

जारी रहेगा ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे

नई दिल्ली (एजेंसी)। वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे जारी रहेगा। सर्वे पर तत्काल रोक लगाने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका के जरिए इस सर्वे पर रोक लगाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पेपर देखने के बाद ही कुछ बताएंगे। हालांकि इस संबंध में अर्जी पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जाहिर करते हुए कहा कि इस पर सुनवाई बाद में की जाएगी।

बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई अगले हफ्ते कर सकता है। वाराणसी के लोकल कोर्ट ने कमिश्नर को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे का आदेश दिया है। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की ओर से दायर अर्जी को लेकर चीफ जस्टिस एनवी रमना ने कहा कि इस मामले में हमे कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में हम तत्काल कोई आदेश कैसे जारी कर सकते हैं? हम इस मामले की लिस्टिंग कर सकते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि इस मामले से जुड़ी फाइलों को हमने पढ़ा नहीं है। उनके अध्ययन के बाद ही कोई आदेश जारी किया जा सकता है।

राज्यपाल ने किया सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण

राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला संयुक्त चिकित्सालय स्थित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया, अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बिजनौर। राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला बिजनौर भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया। कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बिजनौर द्वारा निर्मित किए जाने वाले सखी वन स्टॉप सेंटर को रुपए 24,34,686 की लागत से तैयार किया गया है।
One Stop Center Helpline- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित वन स्टाप सेंटर योजना (सखी) महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। किसी महिला के साथ मारपीट, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या अन्य कोई घटना होती है तो वन स्टाप सेंटर के माध्यम से पीड़ित को न्याय दिलाया जाता हैै।


राज्यपाल ने जिला अस्पताल में विभागीय अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि महिला उत्पीडन से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए वन स्टाप सेंटर हेल्पलाइन नंबर पर सहायता के संपर्क स्थापित किया जा सकता है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉक्टर प्रवीन रंजन, संजय कुमार यादव के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

पंजाब में मिले 282 भारतीय सैनिकों के कंकाल

अमृतसर (एजेंसी)। पंजाब में अमृतसर के पास अजनाला में एक कुएं के भीतर भारतीय सैनिकों के कंकाल बरामद हुए हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी में एन्थ्रोपोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर जेएस सहरावत का कहना है कि ये कंकाल 282 भारतीय सैनिकों के हैं, जिनकी अंग्रेजों के खिलाफ 1857 में भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम के समय हत्या कर दी गई थी। ये कुआं एक धार्मिक संरचना के नीचे पाया गया था। उन्होंने आगे कहा, अध्ययन में पता चला है कि इन सैनिकों ने सूअर और गाय की चर्बी से बने कारतूसों के इस्तेमाल के खिलाफ विद्रोह किया था।

डॉक्टर जेएस सहरावत ने आगे बताया कि सिक्के, पदक, डीएनए अध्ययन, विश्लेषण, मानव विज्ञान, रेडियो-कार्बन डेटिंग, सभी एक ही ओर इशारा करते हैं कि ये भारतीय सैनिकों के कंकाल हैं। सबसे पहले अजनाला में 2014 में नर कंकाल मिले थे। तब भी अध्ययन में बताया गया था कि ऐसा हो सकता है कि ये भारतीय सैनिकों के कंकाल हों। हालांकि मई की शुरुआत में आई रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि हो सकता है कंकाल 1947 में हुए विभाजन के समय के हों। 28 अप्रैल को फ्रंटियर्स इन जेनेटिक्स नामक पत्रिका में प्रकाशित हुए अध्ययन के अनुसार, पुरुष 26वीं मूल बंगाल इन्फैंट्री बटालियन का हिस्सा थे, जिसमें मुख्य रूप से बंगाल, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के सैनिक शामिल थे।

जॉइंट स्टडी?
इस जॉइंट स्टडी को पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजी विभाग, लखनऊ के बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियो साइंस, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के जूलॉजी विभाग की साइटोजेनेटिक लैबोरेटरी, हैदराबाद के सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी और हैदराबाद के सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायगनॉस्टिक ने किया है। रिसर्च का नेतृत्व पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजिस्ट जेएस सहरावत ने किया।

क्या हुआ था 2014 में?
सहरावत ने कहा कि इन सबकी शुरुआत 2014 में एक म्यूजियम लाइब्रेरी से हुई है। भारतीय रिसर्च स्कॉलर को एक सिविल सेवक की एक किताब मिली, जो 1857 में अमृतसर में तैनात था। किताब में पंजाब को लेकर जानकारी दी गई थी। किताब में 10 मई से 1858 में एफएच कूपर द्वारा दिल्ली के पतन तक के बारे में बताया गया है। इसी में उस जगह का उल्लेख किया गया है, जहां सैनिकों को मारकर सामूहिक रूप से दफन किया गया था। किताब में लिखा है कि ये जगह अजनाला (अमृतसर में) एक धार्मिक संरचना के नीचे है। सहरावत ने बताया, रिसर्चर खुद भी अजनाला से ही थे। वो अपने घर आए और प्रशासन को इस बात की जानकारी दी। तब किसी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन स्थानीय लोगों ने खुद खुदाई का काम किया। उन्हें वाकई में धार्मिक ढांचे के नीचे कुंआ मिला, जिसमें मानव कंकाल, सिक्के और मेडल थे।
 

रजत जयंती वर्ष: हम हैं राही स्मृति अभियान के

रजत जयंती वर्ष: हम हैं राही स्मृति अभियान के

यही तारीख थी नौ मई। साल 1998। अपने ही गांव-घर, जनपद, प्रदेश और देश में भुला-बिसरा दिए गए हिंदी के प्रथम आचार्य हम सबको एक भाषा, एक बोली-बानी और नवीन व्याकरण देने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृतियों को संजोने से जुड़ा अभियान शुरू हुआ। शुरुआत 42 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी के बीच रायबरेली शहर के शहीद चौक से ध्यानाकर्षण धरने के माध्यम से हुई। यह एक शुरुआत भर थी। कोई खाका नहीं। कोई आका नहीं। कुल जमा 40-50 और पवित्र संकल्प इस अभियान की नींव में थे। प्रकृति या यूं कहें खुद आचार्य जी ने शहीद चौक पर जुटे अनुयायियों की परीक्षा ली। टेंट के नीचे बैठे लोग अपने इस पूर्वज और हिंदी के पुरोधा की यादों को जीवंत बनाने का संकल्प ले ही रहे थे कि तेज अंधड़ से 18×36 का टेंट उड़ गया। लोग बाल बाल बचे लेकिन कोई डिगा न हटा। ध्यानाकर्षण धरना अपने तय समय पर ही खत्म हुआ।

पहली परीक्षा में पास होने के बाद चल पड़ा स्मृति संरक्षण अभियान आप सब के सहयोग-स्नेह और संरक्षण से कई पड़ाव पार करते हुए आज यहां तक पहुंचा है। अभियान का यह 25वां वर्ष प्रारंभ हुआ है। किसी भी परंपरा के 25 वर्ष कम नहीं होते। इस दरमियान कुछ बदला, कुछ छूटा और बहुत कुछ नया शामिल भी हुआ। इस टूटे-फूटे ही सही अभियान के भवन में न जाने कितने लोगों का पैसा, पसीना और प्यारभाव ईंट-गारे के रूप में लगा है। सबके नाम गिनाने बैठे तो कागज नामों से ही भर जाए। मन की बहुत बातें मन में ही रखनी पड़ जाएं। इसलिए बात केवल उन पड़ावों की जो यादों में अंकित-टंकित हो चुकी हैं।
    अभियान का शुरुआती मुख्य मकसद साहित्यधाम दौलतपुर को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में घोषित कराने से जुड़ा था। इसके प्रयास भी दिल्ली से लेकर लखनऊ तक हुए। खूब हुए लेकिन हिंदी के पुरोधा का जन्मस्थान राष्ट्रीय स्मारक नहीं बन पाया तो नहीं बन पाया। अब इसके लिए हम खुद को गुनाहगार ठहराएं या शासन सत्ता को? राष्ट्रीय स्मारक तो छोड़िए जन्मस्थान पर एक ऐसा स्थान तक नहीं बन पाया जहां बैठकर आज  हिंदी भाषा और अपने पुरोधाओं से प्रेम करने वाली पीढ़ी प्रेम से बैठ ही सके। बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी, इसलिए जरूरी है दूसरी तरफ चला जाए। अभियान से जुड़ी कुछ ऐसी तारीखें हैं, जो तवारीख बन गई।
   भला हो, कांग्रेस के सांसद रहे कैप्टन सतीश शर्मा का, जिन्होंने अभियान से प्रभावित होकर अपनी सांसद निधि से पुस्तकालय-वाचनालय का भवन जन्म स्थान के सामने आचार्य जी के सहन की भूमि पर ही निर्मित कराया। भला हिंदी के उन पुरोधा डॉ नामवर सिंह का भी हो जिन्होंने उस पुस्तकालय-वाचनालय भवन का लोकार्पण किया। यह अलग बात है कि तमाम मुश्किलों की वजह से पुस्तकालय वाचनालय संचालित नहीं हो पाया।
     साल वर्ष 2004 में एक नई शुरुआत आचार्य स्मृति दिवस के बहाने हुई। देश के शीर्षस्थ कवियों में शुमार रहे बालकवि बैरागी के एकल काव्य पाठ से शुरू हुई यह परंपरा आज भी जारी है। वर्ष-प्रतिवर्ष यह परंपरा नई होती गई। निखरती गई। आज ‘आचार्य स्मृति दिवस’ अभियान का मुख्य केंद्र है। इस दिवस के बहाने देश भर के न जाने कितने स्नावनामधन्य साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और खिलाड़ियों को सुनने-गुनने, देखने-समझने के अवसर हम सबको मिल चुके हैं।
   

अभियान का एक असल पड़ाव तो ‘आचार्य पथ’ स्मारिका-पत्रिका भी है। प्रधान संपादक साहित्यकार -गीतकार आनंद स्वरूप श्रीवास्तव के कुशल संपादन में निरंतर 11 वर्षों से प्रकाशित हो रही इस स्मारिका ने आचार्य द्विवेदी की स्मृतियों को जीवंत बनाने में कम योगदान नहीं दिया है। देशभर के साहित्यकार आचार्य द्विवेदी पर केंद्रित लेख लिखते हैं। छपते हैं। प्रधान संपादक ने स्मारिका को ‘सरस्वती’ की तरह ही विविध ज्ञान की पत्रिका बनाने का उपक्रम भी लगातार किया है और कर रहे हैं।
    अभियान वर्ष 2015 कि वह तारीख भी नहीं भूल सकता जब ‘द्विवेदी अभिनंदन ग्रंथ’‌ का पुन: प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट-नई दिल्ली ने किया। इस काम में अभियान की भूमिका दुर्लभ ग्रंथों को उपलब्ध कराने भर की ही थी पर यह भूमिका भी कम नहीं थी। अभियान अपने अग्रज-बुजुर्ग रमाशंकर अग्निहोत्री को हमेशा याद करता है और रहेगा, जिन्होंने यह दुर्लभ ग्रंथ अभियान से जुड़ी आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति को खुशी-खुशी सौंपा और नेशनल बुक ट्रस्ट के सहायक संपादक हिंदी पंकज चतुर्वेदी के योगदान को भी हम नहीं भूल सकते। ग्रंथ का पुनः प्रकाशन उन्हीं की बदौलत हुआ।
    हम नहीं भूल सकते राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट रायबरेली) के निदेशक डॉ. भारत साह के उस योगदान को जो एक ऐसी किताब के रूप में दर्ज है, जिसका ऐतिहासिक महत्त्व है। इस किताब का नाम है विज्ञान वार्ता। आचार्य द्विवेदी द्वारा सरस्वती के संपादन के दौरान लिखे गए तकनीक, विज्ञान और नई नई खोजों से संबंधित लेखों को मुंशी प्रेमचंद ने अपने संपादन में संग्रहित कर वर्ष1930 में विज्ञान वार्ता नाम से पुस्तक प्रकाशित की थी। इस दुर्लभ पुस्तक को भी समिति ने निफ्ट रायबरेली के निदेशक को उपलब्ध और उन्होंने पुनः प्रकाशित कराया।
    तारीख तो नहीं भूलने वाली है,10 जनवरी 2021भी। ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान’ से सम्मानित प्रवासी भारतीय और कैलिफोर्निया अमेरिका में हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान देने वाली हिंदीसेवी श्रीमती मंजू मिश्रा ने आचार्य जी की स्मृतियों को सात समंदर पार जीवंत बनाने और इस बहाने प्रवासी भारतीयों की नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़े रखने का बीड़ा अपनी प्रवासी साथी श्रीमती ममता कांडपाल त्रिपाठी, श्रीमती रचना श्रीवास्तव, श्रीमती शुभ्रा ओझा और श्रीमती कुसुम नैपसिक से प्राप्त नैतिक-भौतिक-साहित्यिक-सामाजिक सहयोग के बल पर इसी दिन उठाया था। आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिकी इकाई की शुरुआत इसी दिन हुई। एक छोटे से शहर की छोटी सी शुरुआत के दुनिया के सबसे संपन्न देश अमेरिका तक पहुंचना हम जैसे अकंचिनों के लिए स्वप्न सरीखा है। समिति शुक्रगुजार है अमेरिका इकाई की सभी सदस्यों की।
     हमें याद है, 21 दिसंबर 1998 को रायबरेली शहर के राही ब्लाक परिसर में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी श्री विनोद सिंह और (अब दिवंगत) की अगुवाई में स्थापित की गई आचार्य श्री की आवक्ष प्रतिमा के अनावरण समारोह में पधारे अनेक साहित्यकार अपने संबोधन में महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर हजारी प्रसाद द्विवेदी का नाम गिना रहे थे लेकिन अनवरत 25 वर्षों के प्रयासों से अब लोगों के दिल-दिमाग में महावीर प्रसाद द्विवेदी पुनर्जीवित हो चुके हैं।
     एक साहित्यकार-संपादक की स्मृतियों को भूलने बिसराने वाले समाज के मन में पुनः स्थापित करने का काम बिना समाज के सहयोग के संभव कहां था? इस मामले में आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति समाज के सभी वर्गों-धर्मो-जातियों के लोगों की हमेशा ऋणी थी, है और रहेगी। आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान समाज के सहयोग से आज अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति अभियान को सहयोग देने वाले ऐसे सभी गणमान्य, सामान्य और कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाने वाले श्रोताओं-दर्शकों के प्रति हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित करती है और आशा भी करती है कि अभियान की स्वर्ण जयंती पूर्ण कराने में भी आपका पूर्ण सहयोग-स्नेह-संरक्षण बना रहेगा।

गौरव अवस्थी
रायबरेली

बुलेट ट्रेन से भी तेज दौड़ेगी रैपिड रेल

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में बुलेट ट्रेन से तेज दौड़ रही दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली रैपिड रेल के पहले चरण का ट्रायल कुछ ही दिनों में होने वाला है। साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर हाई स्पीड ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। ये ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी, जो देश की पहली रीजनल ट्रेन होगी। दिल्ली से मेरठ यात्रा करने वाले यात्री लंबे समय से इस रैपिड रेल का इंतजार कर रहे हैं, जो जल्द ही खत्म होने वाला है। इसके ट्रायल की तैयारियां अब शुरू हो गई हैं। इसके लिए पहला कोच दुहाई पहुंच चुका है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के निर्धारित समय पर ट्रेन चलाने की पूरी तैयारी है। इसके तहत साहिबाबाद से दुहाई तक ट्रेन का ट्रायल इस साल मई से शुरू हो जाएगा, जबकि यात्री अगले साल से इस ट्रेन में सफर कर पाएंगे। दुहाई डिपो में एक किमी लंबे ट्रायल ट्रैक और 12 रनिंग ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है।

alstom india: Alstom hands over first Rapid Rail trainset to NCRTC - The  Economic Times

दिल्ली से मेरठ के बीच 25 स्टेशन- इस ट्रेन का निर्माण गुजरात के सवाली में किया जा रहा है। इसे बहुराष्ट्रीय कंपनी अल्स्टोम ने बनाया है। रेलवे के मुताबिक इस ट्रेन से महज 50 से 55 मिनट में दिल्ली से मेरठ की यात्रा की जा सकेगी। रेल नेटवर्क में ये देश में पहली प्रणाली है, जिसके तहत 180 किलोमीटर प्रति घंटे वाली ट्रेन पहले चरण में 100 किलोमीटर की दूरी एक घंटे में पूरा करेगी। दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ तक 82 किलोमीटर का सफर 55 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यात्रा के दौरान दिल्ली से मेरठ 25 स्टेशन तैयार किये जा रहे हैं। हर स्टेशन में 30 सेकेंड ट्रेन रुकेगी और हर 5-10 मिनट में ट्रेन मिल सकेगी।

विदित हो कि देश की पहली रैपिड रेल का रैक तैयार हो गया है। गुजरात के सावली में शनिवार को इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंपा गया। ट्रेन जल्द गाजियाबाद के दुहाई डिपो में पहुंच जाएगी। आधुनिक ट्रेन का डिजाइन हैदराबाद में तैयार किया गया, जबकि निर्माण गुजरात में चल रहा है। वर्ष के आखिर में ट्रायल शुरू हो जाएगा। एनसीआरटीसी भारत का पहला रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) विकसित कर रही है। इस तरह की पहली ट्रेन सराय काले खां गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चलेगी। गुजरात के सावली में आयोजित कार्यक्रम में आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव और एनसीआरटीसी अध्यक्ष मनोज जोशी ने एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेन के रोलआउट की प्रक्रिया की। इसके बाद निर्माण कंपनी एल्सटॉम के प्रबंध निदेशक ने रेल की चाबी अधिकारियों को सौंपी। रोलआउट के साथ ट्रेन की डिलिवरी शुरू हो गई है। एनसीआरटीसी के प्रबंधक निदेशक ने बताया कि यह ट्रेन जल्द ही गाजियाबाद के दुहाई डिपो में पहुंच जाएगी। कुछ महीने में ट्रायल रन शुरू किया जाएगा।

40 ट्रेन की डिलीवरी करेगी कंपनी-एनसीआरटीसी के अनुसार, ट्रेन निर्माण के लिए एल्सटॉम कंपनी से अनुबंध किया गया है। उसके अनुसार कंपनी 40 ट्रेन की डिलीवरी करेगी। इनमें से 10 ट्रेन तीन कोच वाली हैं, जो मेरठ मेट्रो के लिए होंगी। यह कंपनी 15 साल तक रोलिंग स्टॉक का रख रखाव करेगी। ट्रेन की विशेषता यह है कि ब्रेक लगाने पर बिजली उत्पन्न होगी। यह बिजली ट्रेन सिस्टम से वापस इलेक्ट्रिक ग्रिड में चली जाएगी।

हैदराबाद में किया गया है डिजाइन-केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव ने कहा कि रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम की योजना 2050 को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। 30 आरआरटीएस अल्ट्रा-मॉडर्न ट्रेनों को हैदराबाद में डिजाइन किया गया है।

फर्जी कोटेदार ने जमाया तालाब पर कब्जा!

बिजनौर। एक तरफ सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में तालाबों को अवैध कब्जा से मुक्त कराने में जुटी हुई है। प्रशासनिक अमला दिन रात एक किये हुए है।

वहीं एक सरकारी कर्मचारी की कृपा के चकते कक्षा पांच की फर्जी अंक तालिका के जरिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले कोटेदार ने तालाब पर कब्जा जमा लिया है।

दरअसल मामला धामपुर तहसील अंतर्गत विकास खण्ड नहटौर, ग्राम मांडू, पोस्ट बसेड़ा खुर्द का है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार असलम पुत्र असगर ने पूर्व में तालाब खसरा संख्या 315 को समाप्त कर अपना व अपने परिजनों का भवन निर्माण किया हुआ है।

यही नहीं वर्तमान में फर्जी अंकतालिका के द्वारा राशन डीलर के पद पर काबिज है। इस मामले में पूर्व में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की गई, लेकिन वह आम जनता के पैसों के द्वारा खुद को बचाता चला आ रहा है।

आरोप है कि उक्त फर्जी कोटेदार को पटवारी नितिन तोमर का वरदहस्त प्राप्त है। कई बार उनके मोबाइल नंबर 8171358109 पर कॉल के बावजूद महोदय ने फ़ोन रिसीव नहीं किया।

थक हार कर अब ग्रामीणों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है।

दो बोतल दारू क्यों नहीं चढ़ी, गृह मंत्री से शिकायत

Viral News: दो बोतल शराब पीने के बाद भी जब नहीं चढ़ा नशा, गृह मंत्री को भेजी शिकायत

पीड़ित शख्स ने बताया कि दो बोतल शराब पीने के बाद भी उसको नशा नहीं हुआ। इस बात से वो नाराज था। वह चाहता है कि ऐसी धोखाधड़ी किसी और कस्टमर के साथ नहीं हो।

उज्जैन। एक तरफ शिवराज सिंह चौहान की सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ माफिया पर बुलडोजर चलाने जैसी कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं अब मध्य प्रदेश में शराब में मिलावट की बात भी सामने आई है। दरअसल मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक शराबी ने राज्य के गृह मंत्री को शिकायत भेजी है। वह सबूत के तौर पर आबकारी थाने में शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा।

हैरान रह गए आबकारी अधिकारी

लोकेंद्र सेठिया को आबकारी थाने में देख आबकारी अधिकारी भी हैरान रह गए। बाद में अधिकारी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित ने बताया कि उसने 2 बोतल शराब पी लेकिन, फिर भी उसको नशा नहीं हुआ। उसने कहा कि ये शराब कैसी है, नशा नहीं हो रहा है? ठेकेदार पानी मिलाकर दे रहे हैं; ठेकेदारों पर कार्रवाई करो।

शराबी ने की ये मांग

दरअसल, लोकेंद्र सेठिया 12 अप्रैल को देशी शराब की दो बोतल पीने के बाद आबकारी विभाग में शिकायत करने पहुंचे थे। उसने शिकायत की थी कि इसमें नशा नहीं है, इसमें तो पानी मिला हुआ है। वह सबूत के तौर पर शराब की दो बोतलें लेकर भी पहुंचा था। उसने कहा कि यकीन नहीं हो तो शराब की जांच कर लें। ठेकेदार की तरफ से की गई इस धोखाधड़ी को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करो।

साभार – राहुल सिंह राठौड़: जी न्यूज़ डेस्क

घायल को अस्पताल पहुंचाओ, 5000 रुपए ले जाओ

पुलिस के डर से लोग नहीं करते पीड़ितों की सहायता। इसी कारण केंद्र सरकार ने की है इसके लिए एक अनूठी पहल। राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को दिया जाएगा एक-एक लाख रुपए का पुरस्कार

नई दिल्ली (PTI)। पुलिस के चक्कर में कौन पड़ेगा? कहीं हम ही न फंस जाएं! अस्पताल और पुलिसवाले हमें ही परेशान करेंगे! ये कुछ ऐसे वाक्य हैं, जो सड़क पर एक्सीडेंट के बाद घायल अवस्था में पड़े दर्द से कराह रहे व्यक्ति की मदद करने से हम सभी को रोकते हैं. पुलिस और सरकारें बार-बार कहती हैं कि एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति की मदद करना मानवता की सेवा है और ऐसा करने पर आपको पुलिस परेशान नहीं करेगी. इसके बावजूद आम लोग डर के मारे घायल को अस्पताल पहुंचाने में कतराते हैं. अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इसके लिए एक अनूठी पहल की है.

सड़क मंत्रालय ने बताया कि उसने सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गंभीर चोट लगने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगारों के लिए एक खास योजना शुरू की है. मंत्रालय ने बताया कि सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 5000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और परिवहन सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि यह योजना 15 अक्टूबर 2021 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी होगी. मंत्रालय ने नेक मददगार को पुरस्कार देने की योजना’ के लिए दिशानिर्देश जारी किए.

मंत्रालय ने कहा कि इस योजना का मकसद आपात स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए आम जनता को प्रेरित करना है. नकद पुरस्कार के साथ एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. मंत्रालय ने कहा कि इस पुरस्कार के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 10 सबसे नेक मददगारों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

क्या होता है गोल्डन आवर?
स्वर्ण घंटे (गोल्डन आवर) पर बताया गया है कि मोटर वाहन अधिनियम के धारा 2 (12ए) के अनुसार स्वर्ण घंटे का मतलब वह एक घंटे का समय है, जो व्यक्ति को दर्दनाक चोट लगने के बाद का एक घंटा होता है. इस एक घंटे के दौरान घायल या घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जाता है ताकि उसकी जान बच सके या बचने की संभावना होती है.

वहीं बिजनौर के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने गुड सेमरिटन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत घायलों को निकटतम अस्पताल में पहुंचाने पर किसी भी नागरिक को 5000 रुपए का पुरस्कार दिया जाता है। सभी थाना क्षेत्रों में योजना का प्रचार-प्रसार किया गया है। बताया कि अभी तक कोई भी इसके लिये आगे नहीं आया है।

अब आसानी से जानिए आधार की सत्यता

यूआईडीएआई ने बताए आधार की सत्यता स्थापित करने के तरीके। ऑनलाइन और ऑफलाइन की जा सकती है जांच।

नई दिल्ली (एजेंसी)। आधार कार्ड की असलियत को कैसे सत्यापित किया जाए, आमतौर पर किसी संस्‍थान के सामने सवाल तब पैदा होता है जब कोई व्‍यक्ति अपनी पहचान के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड प्रस्तुत करता है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कहा है कि आधार की सत्यता को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आसानी से इस प्रकार स्थापित किया जा सकता है:

  • ऑनलाइन माध्‍यम– आधार धारक के आयु वर्ग, लिंग, राज्य और मोबाइल के अंतिम 3 अंकों को https://myaadhaar.uidai.gov.in/verifyAadhaar पर जाकर आधार नंबर फीड करके सत्यापित किया जा सकता है।
  • ऑफलाइन माध्‍यम– प्रत्येक आधार कार्ड/ आधार पत्र/ ई आधार पर एक सुरक्षित क्यूआर कोड मुद्रित होता है जिसमें जनसांख्यिकीय विवरण (नाम, लिंग, जन्म तिथि और पता) के साथ-साथ आधार कार्ड धारक की तस्वीर भी होती है।

भले ही आधार कार्ड पर तस्‍वीर की जगह फोटोशॉप के जरिये किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर लगाकर आधार कार्ड के साथ छेड़छाड़ की गई हो लेकिन क्यूआर कोड में दी गई जानकारी सुरक्षित होती है और उससे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है क्योंकि यह यूआईडीएआई द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित है। क्यूआर कोड को प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध ‘आधार क्यूआर स्कैनर’ ऐप द्वारा पढ़ा जा सकता है।

यूआईडीएआई निवासियों के लिए अतिरिक्त जांच के तौर पर ‘आधार’ को सत्यापित करने का सुझाव देता है। उदाहरण के लिए, किसी कर्मचारी, घरेलू नौकर, ड्राइवर आदि को काम पर रखने या मकान किराये पर देते समय किरायेदार के आधार कार्ड की असलियत की जांच की जा सकती है। आम लोग भी किसी भी समय किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच के तौर पर उसके आधार को सत्यापित कर सकते हैं।

दिल्ली में बारिश के साथ पड़े ओले; मौसम हुआ सुहाना

दिल्ली में बारिश के साथ ओले पड़ने से मौसम सुहाना हो गया। साथ ही झुलसती गर्मी से लोगों को राहत भी मिली। आने वाले कुछ दिनों के लिए IMD ने संकेत दिए हैं।

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बुधवार को ओलावृष्टि और हल्की बारिश होने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। नोएडा और गाजियाबाद समेत दिल्ली के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने दिल्ली में अगले तीन दिन तक बादल छाए रहने का अनुमान जतायाहै।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर-पश्चिम भारत में यह स्थिति उत्पन्न हुई है। अगले छह दिनों में पारा चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने के आसार हैं, हालांकि लू नहीं चलेगी। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक है।

इससे पहले मौसम विभाग ने कहा था कि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकांश स्थानों (लोनी देहात, हिंडन एएफ स्टेशन, बहादुरगढ़, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला), नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम के आसपास के क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।

तीन युवक गंगा में डूबे, तलाश जारी

बिजनौर। बास्टा के मोहल्ला बेनियोवाला निवासी एक ही परिवार के तीन युवक गंगा नदी पर बने पुल के पास नहाते समय डूब गए। सूचना पर पुलिस व सैकड़ों लोग गंगा पर एकत्र हो गए।


जलीलपुर क्षेत्र में गंगा पुल के सहारे नहाने को उतरे बास्टा के चार युवक डूब गये। एक युवक को बचा लिया गया, जबकि तीन पानी में समा गये। डूबे युवकों की तलाश में स्थानीय गोताखोर तलाश में जूट गए।

सूचना पर पहुंची  हस्तिनापुर पुलिस व पांडव नगर पुलिस ने बचाव कार्य शुरू कर दिया।
बताया गया है कि फारूख पुत्र नसीम (18 वर्ष) वाजिद पुत्र तौला (21 वर्ष) एवं फुरकान पुत्र शामीम (17 वर्ष) मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहे थे। उसी समय ये हादसा हो गया।


इनमें से फारूख व फुरकान ‌दिल्ली में वैल्डिंग रंग पेंटर तथा वाजिद एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। तीनों आपस में तहेरे चचेरे भाई बताए गए हैं।

एक दिन पहले कोटद्वार की खोह नदी में डूबने से हुई चार की मौत

इससे एक दिन पहले उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में जिला बिजनौर के सराय नगीना निवासी चार युवकों की खोह नदी में कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग के बीच डूबकर मौत हो गई। मौके पर पहुंची कोटद्वार पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर बेस अस्पताल कोटद्वार भेज दिया।  कोटद्वार कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि घटना शाम 5 बजे कोटद्वार दुगड्डा मार्ग पर दुर्गा देवी मंदिर के समीप हुईं।

दो की हालत गंभीर
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि, आसपास के लोगों ने इसकी सूचना 112 पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने 6 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस घटना में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 2 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनके साथ दो बच्चे भी थे जो नहा नहीं रहे थे। घटना में नदीम (42) पुत्र अनीश, जेब (29) पुत्र शाहिद, गुड्डू (24) पुत्र शाहिद निवासी निकट पुलिस चौकी नगीना बिजनौर यूपी और गालिब (15) पुत्र खालिद निवासी सीसी सराय नगीना बिजनौर यूपी की मौके पर मौत हो गई।

पहले भी डूब चुके हैं लोग
वन विभाग और पुलिस लगातार खोह नदी में लोगों को नहाने और आखेट को लेकर चेतावनी जारी करते रहते हैं लेकिन लोगों पर चेतावनी का फर्क नहीं पड़ता और इस तरह के हादसे होते जाते हैं। जानकारों का मानना है कि खोह नदी में स्थान-स्थान पर भंवर हैं, जिनमें फंसकर इससे पहले भी लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

…तो फ्री राशन के बदले देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी

अगर आपके घर में है ये 6 चीजें…तो नहीं मिलेगा फ्री राशन और देनी पड़ेगी 27 रुपए किलो के हिसाब से पेनाल्टी।

ration card

नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आपने भी नियमों की धज्जियाँ उड़ाई है तो आपके पास राशन कार्ड सरेंडर करने का मौका है। केन्द्र और राज्य की सरकारों द्वारा दिया जाने वाला फ्री राशन आपके लिए बंद हो सकता है।

बताया गया है कि सरकार द्वारा 27 रूपए किलो के हिसाब से गेहूं की पेनल्टी लगाई जाती है। यह पेनल्टी तब से लागू होती है, जब से आपने राशन लेना शुरू किया था। राशन कार्ड बनवाने के नियमों में भी रसद विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद परिवार फ्री राशन ले रहा है तो आपको जेल भी हो सकती है।


इन परिस्थितयों में राशन कार्ड को करें सरेंडर
-गरीबी रेखा के मापदंडों में नहीं आने पर
-घर में तमाम सुख सुविधा होने बावजूद भी राशन लेने पर
-परिवार का सदस्य सरकारी सेवा में होने पर
-पारिवारिक आय मासिक 3000 हजार रुपए से ज्यादा होने पर
-APL के लिए पारिवारिक आय 10 हजार रुपए मासिक से ज्यादा होने पर -एक से अधिक जगह राशन कार्ड होने पर

क्या है पूरा मामला! दरअसल वर्ष 2020 में कोरोना की शुरूआत में केन्द्र सरकार ने बहुत बड़ी संख्या में राशन कार्ड जारी किए थे। इन राशन कार्ड के जरिए लोगों को राशन, अनाज, तेल, चीनी आदि उपलब्ध करवाए गए थे। उस दौरान बहुत से अपात्र लोगों ने भी कार्ड बनवा लिए थे और योजना का गलत तरीके से लाभ उठाया था। परन्तु अब सरकार चाहती है अपात्र लोगों को इस योजना से बाहर किया जाए। इसके लिए सरकार उन सभी लोगों को अपना राशन कार्ड सरेंडर करने का अंतिम अवसर दे रही हैं। यदि अपात्र होने के बावजूद भी किसी ने राशन कार्ड सरेंडर नहीं किए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी औऱ उन्हें दिए गए राशन के बदले भुगतान की वसूली भी की जाएगी।

इन लोगों को माना गया है राशन कार्ड बनवाने के लिए अपात्र
ऐसे नागरिकों को इस योजना के लिए अपात्र माना गया है जिनके पास…


1. 100 वर्ग मीटर से अधिक का प्लॉट, मकान या फ्लैट है,
2. जिनके पास गाड़ी, ट्रैक्टर है,
3. जिनके पास एयरकंडीशनर है,
4. जिनकी गांवों में दो लाख रुपए व शहर में तीन लाख रुपए से अधिक की पारिवारिक आय है,
5. जिनके पास 5 किलोवाट की क्षमता का जनरेटर हो या,
6. जिनके पास एक या एक से अधिक हथियार के लाइसेंस हों।
उपरोक्त में से यदि एक भी वस्तु जिनके पास है, वे सभी नए नियमों के अनुसार योजना के लिए अपात्र माने गए हैं। उन लोगों के अपील की गई है कि वे अपना राशन कार्ड तहसील अथवा डीएसओ कार्यालय में सरेंडर कर दें। बाद में यदि जांच में उन्हें अपात्र पाया गया तो उनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
केवल इनको मिल सकेगा Ration Card
1. ऐसे सभी परिवार जिनके पास खुद का पक्का मकान नहीं है या झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं।
2. भीख मांगने वाले
3. दिहाड़ी मजदूर या कामगार
4. घरेलू काम-काज कर अपनी आजीविका चलाने वाले श्रमिक
5. ड्राईवर तथा कुली व बोझा उठाने वाले श्रमिक
6. भूमिहीन किसान
7. कूड़ा-करकट बीनने वाले
8. राज्य सरकार द्वारा चिन्हित पात्र परिवार
9. वर्ष 2011 में हुई आर्थिक जनगणना में चिन्हित किए गए गरीब परिवार

व्हाट्सएप्प ने लगाया 14 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध

नई दिल्ली (एजेंसी)। मेटा के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप ने मार्च के महीने में भारत में 18 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया है। सोमवार को कंपनी ने कहा कि नए आईटी नियम 2021 का अनुपालन करते हुए प्लेटफॉर्म ने फरवरी में देश में ऐसे 14 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया था। उसे देश से उसी महीने में 597 शिकायत रिपोर्ट भी मिलीं, और ‘कार्रवाई’ वाले 74 खाते थे।

Big blow to WhatsApp users, company banned more than 30 lakh accounts

व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, आईटी नियम 2021 के अनुसार, हमने मार्च 2022 महीने के लिए अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस उपयोगकर्ता-सुरक्षा रिपोर्ट में उपयोगकर्ता की शिकायतों का विवरण और व्हाट्सएप द्वारा की गई संबंधित कार्रवाई के साथ-साथ व्हाट्सएप की स्वयं की निवारक कार्रवाइयां शामिल हैं। प्रवक्ता ने कहा, व्हाट्सएप ने मार्च महीने में 1.8 मिलियन (1,805,000) से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया। 

अब जितने किलोमीटर, उतना ही टोल टैक्स

नई दिल्ली (एजेंसी)। टैक्स वसूलने के लिए अब सरकार नया हाईटेक सिस्टम लाने की तैयारी में है। इसके बाद फास्टैग सिस्टम को खत्म कर दिया जाएगा। नया सिस्टम सेटेलाइट नेविगेशन सिस्टम पर आधारित होगा।

किलोमीटर के हिसाब से लगेगा पैसा
सूत्रों के मुताबिक नए सिस्टम पर काम शुरू हो गया है और इसका पायलट प्रोजेक्ट भी लॉन्च हो चुका है। इसे हरी झंडी मिलते ही फास्टैग की जगह पर नेविगेशन सिस्टम से टोल वसूली का काम शुरू कर दिया जाएगा। नए सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से या तय की गई दूरी के हिसाब से टोल टैक्स लिया जाएगा। अभी फास्टैग में एक बार टोल टैक्स काटने का नियम है। अगर किसी हाइवे पर गाड़ी चलती है तो टोल प्लाजा पर एक निश्चित राशि फास्टैग अकाउंट से काट ली जाती है। इस राशि का सफर की दूरी या किलोमीटर से कोई वास्ता नहीं होता। नेविगेशन सिस्टम में किलोमीटर के हिसाब से पैसा लिया जाएगा। नए सिस्टम में हाइवे या एक्सप्रेसवे पर जितने किलोमीटर का सफर तय होगा, उतने किलोमीटर का टोल टैक्स देना होगा।

क्या होगा नए सिस्टम में
किसी हाईवे या एक्सप्रेसवे पर जैसे ही गाड़ी चलनी शुरू होगी, उसके टोल का मीटर ऑन हो जाएगा। अपना सफर खत्म करने के बाद गाड़ी जैसे ही हाइवे से स्लिप रोड या किसी सामान्य सड़क पर उतरेगी, तय दूरी के हिसाब से नेविगेशन सिस्टम पैसा काट लेगा। यह नया सिस्टम भी फास्टैग की तरह होगा, लेकिन पैसा उतना ही लगेगा जितना फासला तय होगा। अभी भारत में तकरीबन 97 फीसदी गाड़ियों में फास्टैग लगा है जिससे टोल वसूली होती है।   

आ गया पोस्ट ऑफिस का भी IFSC कोड ! बिना पोस्ट ऑफिस जाए, कहीं से भी भेज सकेंगे पैसे

Post Office IFSC Code – आ गया पोस्ट ऑफिस का भी IFSC कोड ! कहीं से भी भेज सकेंगे पैसे, पोस्ट ऑफिस जाने की जरुरत नहीं ! – Career Bhaskar

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Post Office IFSC Code – अगर आपका पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट है तो आपको कई बार बैंक जाना पड़ता रहा होगा, क्यूंकि पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट का IFSC कोड नहीं होता है, जिसके कारण आप NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ नहीं ले पाते है, और कोई भी काम करने के लिये आपको बार बार पोस्ट ऑफिस जाना पड़ता रहा होगा। …पर अब आपको बार बार पोस्ट ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा।

आ गया Post Office Saving Account का IFSC कोड –

जिनका भी पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट है, उन सब के लिये एक अच्छी अपडेट आई है। पोस्ट ऑफिस ने हाल ही में अपना IFSC कोड जारी किया है, यह IFSC कोड IPOS0000DOP है। पोस्ट ऑफिस ने यह एक ही IFSC कोड जारी किया है, जो सभी ब्रांच के लिये काम करेगा। पहले पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट का IFSC कोड नहीं था, जिसके कारण NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन अब IFSC कोड आ गया है, अब सभी लोग NEFT/RTGS जैसी सुविधा का लाभ ले सकेंगे।

Post Office Saving Account और IPPB में है अंतर

पोस्ट ऑफिस में आपके दो प्रकार के अकाउंट ओपन होते है। एक होता है Post Office Saving Account जो कि पासबुक वाला होता है, और इसे पोस्ट ऑफिस द्वारा 500 रूपये में खुलवाया जाता है। और दूसरा होता है IP (India Post Payment Bank) अकाउंट, जिसे Zero Balance के साथ भी खोला जा सकता है। इसे आप Online खुद से ही या पोस्ट ऑफिस से भी खोल सकते हैं। India Post Payment Bank में आपको पहले से NEFT/RTGS, UPI जैसी सर्विस मिलती है, पर Post Office Saving Account में आपको ये सर्विस नहीं मिलती है।

इन दिन से लागु हो जायेंगा यह IFSC कोड –

IPOS0000DOP ये जो Post Office Saving Account का IFSC कोड है, यह 1 मई 2022 के बाद में एक्टिवट होगा जबकि IPPB के IFSC कोड पहले से चल रहे हैं। यदि आप गूगल पर Post Office Saving Account का IFSC कोड सर्च करते हैं तो वहां पर आपको यह IPOS0000001 IFSC कोड दिखाई दे सकता है, तो आपको कंफ्यूज नहीं होना है, यह IFSC कोड IPPB का है, जिसका यूज आपको तब ही करना है, जब आपका अकाउंट IPPB में होता है।

IFSC कोड डालते वक्त इस बात का रखे ख्याल –

IFSC कोड को लेकर बहुत झंझट होता है, पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट और IPPB दोनों प्रकार के अकाउंट के लिये अलग अलग IFSC कोड है, यदि आप पोस्ट ऑफिस के खाता नंबर में IPPB का IFSC कोड दाल देंते हैं, तो आपका पैसा फस सकता है या आपका पैसा गलत खाते में जा सकता है। तो यदि आपका अकाउंट IPPB में है, तो वहां पर आपको IFSC Code – IPOS0000001 लगाना है, और अगर आपका अकाउंट Post Office Saving Account में है, तब आपको IPOS0000DOP IFSC कोड लगाना है।

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता 22 को

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता 22 को

रायबरेली। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति में भारत और अमेरिका के बच्चों की निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई है। प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा 22 मई को ऑनलाइन कार्यक्रम में की जाएगी।


आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिका इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजू मिश्रा ने बताया कि आचार्य द्विवेदी की जयंती 9 मई के उपलक्ष में 18 वर्ष के बच्चों की यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। छात्र छात्राओं के लिए निबंध के तीन विषय निर्धारित किए गए हैं।
निर्धारित किए गए तीन विषयों-
1-आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के लेखन की वर्तमान युग में प्रासंगिकता,
2-हिंदी को युवा वर्ग में लोकप्रिय कैसे बनाया जाए
3-हिन्दी की विदेशों में गूंज; पर ही निबंध स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निबंध भेजने की अंतिम तारीख 15 मई है। अंतिम तिथि के बाद कोई भी निबंध स्वीकार नहीं किया जाएगा। निबंध प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र छात्राएं अपने निबंध गूगल फॉर्म भरते समय ही भेज सकेंगे।
समिति की  भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने बताया कि पुरस्कार समारोह को भारत और अमेरिका के हिंदी के विद्वान संबोधित करेंगे। विजेता बच्चों को भी अपने निबंध पढ़ने का अवसर प्रदान किया जाएगा। 

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता

भारत व अमेरिका में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति – निबंध प्रतियोगिता का आयोजन। ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा कार्यक्रम का आयोजन।


लखनऊ। हमारी भाषा हिंदी तथा आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत एवं अमेरिका इकाई द्वारा आयोजित ‘आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति निबंध प्रतियोगिता’ में भाग लेने के लिए भारत एवं अमेरिका के 12 से 18 वर्ष की उम्र के सभी छात्रों का स्वागत है। यह जानकारी देते हुए आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी समिति अमेरिका की अध्यक्ष मंजू मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा तथा इसका लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी के फ़ेसबुक पेज से किया जाएगा।

Program Details / कार्यक्रम का समय :

21 मई, 2022 शाम 7.30 बजे PST (कैलिफ़ोर्निया समय)
22 मई, 2022 प्रात: 8.00 बजे IST (भारतीय समय)

इच्छुक प्रतिभागी इस गूगल फॅार्म में प्रतिभागिता आवेदन के साथ सूची में दिए गए विषयों में से किसी एक विषय पर 250 – 300 शब्दों का निबंध 15 मई, 2022 तक जमा कर दें। विजेताओं को पुरस्कार के साथ कार्यक्रम में अपने निबंध पढ़ कर सुनाने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा ।पुरस्कृत निबंध आचार्य पथ स्मारिका में भी प्रकाशित किए जाएंगे।


https://forms.gle/qTcWbdb7o9jm9fMTA

कार्यक्रम का आयोजन ज़ूम के माध्यम से किया जाएगा तथा इसका लाइव प्रसारण हमारी भाषा हिंदी के फ़ेसबुक पेज से किया जाएगा। आवेदन करने वाले सभी प्रतिभागियों ज़ूम लिंक तथा अन्य आवश्यक सूचना ईमेल के द्वारा भेजी जाएगी।

Essay Topics / निबंध के विषय :

  1. वर्तमान समय में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के विचारों की प्रासंगिकता
  2. युवा वर्ग में हिंदी को कैसे लोकप्रिय बनाया जाए
  3. विदेशों मे हिंदी की गूंज

Competition Rules / प्रातिभागिता के नियम :

  1. निबंध भेजने की अंतिम तिथि – 15 मई, 2022
  2. आयु सीमा : 12 से 18 वर्ष
  3. शब्द सीमा 250 – 300 ( 300 शब्दों से अधिक होने पर निबंध पर विचार नहीं किया जाएगा)

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी समिति अमेरिका की अध्यक्ष मंजू मिश्रा ने अनुरोध किया है कि यह संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक प्रसारित करने में अपना सहयोग प्रदान करें।

मंदिर की रथयात्रा में करंट से 11 की मौत, 15 घायल

नई दिल्ली (एजेंसी)। तमिलनाडु के तंजावुर जिले में एक मंदिर से आज सुबह निकाले गए रथ जुलूस के दौरान करंट लगने से बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब लोग कालीमेडु के अप्पार मंदिर से निकाली गई जिस पालकी पर खड़े थे, वह एक हाई-ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आ गई।

तंजावुर पुलिस के अनुसार, कालिमेदू में अप्पार मंदिर से रथयात्रा निकाली जा रही थी। मुड़ने की जगह पर ऊपर बिछे तारों के जाल की वजह से रथ को आगे नहीं ले जाया जा सका। जैसे ही रथ को पीछे किया गया, उसका संपर्क हाई-टेंशन लाइन से हो गया और और करंट पूरे रथ पर फैल गया। घटना में कुछ बच्चों की भी जान जाने की बात सामने आई है। 

घटना में गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को तंजावुर के ही मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। करंट की चपेट में आने से रथ जलकर राख हो गया है।

PM ने जताया शोक; मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के तंजावुर जिले में हुए हादसे से बेहद दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की। घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। 

मलिहाबाद पहुंचे पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा

मलिहाबाद,लखनऊ। भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा सोमवार दोपहर एक निजी कार्यक्रम मुण्डन संस्कार मे शामिल होने देवम लॉन मलिहाबाद पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के भाजपा नेताओं से भेंट कर उनकी कुशलक्षेम जानी।

वह दोपहर पाठक गंज मे अपनी बहन संध्या पाठक के घर पहुंचे। यहां पर शांतनु पाठक,  कार्तिकेय पाठक, सुमित पाठक,अनादि पाठक, राजीव तिवारी, प्रमोद पाठक आदि परिजनों के साथ मिलकर कुल देवी की पूजा अर्चना के उपरांत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।


देवम लॉन के संचालक विकास पाठक ने दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र प्रधान,  विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशू ने जोरदार स्वागत किया। 

इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सैय्यद खलील अहमद, पूर्व ब्लाक प्रमुख पति अनिल सिंह चौहान, उमाकांत गुप्ता, बबलू सिंह, विशाल पाठक, मारूफ अंसारी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं से मिलकर कुशल क्षेम जानी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत रखने की अपील की। फिर बच्चे को आशीर्वाद देकर उनका काफिला लखनऊ की तरफ निकल गया।

मुफ्त राशन लेने वाले अपात्रों से वसूली करेगी सरकार

आया राशन कार्ड का नया न‍ियम, अपात्र तुरंत करें सरेंडर वरना सरकार करेगी वसूली

Ration Card New Rule : राशन कार्ड का आया नया न‍ियम, तुरंत करें सरेंडर वरना सरकार करेगी वसूली

लॉकडाउन के दौरान स्वघोषित आय और आधार कार्ड के आधार पर ऑनलाइन राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी जिसकी आड़ में कुछ संपन्न लोगों ने भी इसके तहत राशन कार्ड बना लिए थे। अब सरकार इस पर कार्रवाई कर वसूली की योजना बना रही है। साथ ही राशन कार्ड निरस्त करने की भी योजना है।

नई दिल्ली। (एजेंसी)। कोव‍िड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई मुफ्त राशन योजना का लाभ कई अपात्र पर‍िवार भी उठा रहे हैं। ऐसी शिकायतें मिलने के बाद सरकार की तरफ से ऐसे पर‍िवारों से राशन कार्ड को सरेंडर करने की अपील की गई है।

सरकार की तरफ से कुछ शर्तों के तहत राशन कार्ड सरेंडर करने का न‍ियम बनाया गया है। इन न‍ियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है और आपसे वसूली हो सकती है। इतना ही नहीं आपके ख‍िलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

पात्र कार्ड धारकों को नहीं म‍िल पा रहा राशन

दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने गरीब परिवारों को मुफ्त राशन देना शुरू क‍िया था। सरकार की तरफ से शुरू की गई यह व्‍यवस्‍था गरीब पर‍िवारों के ल‍िए अभी तक लागू है। इस बीच सरकार की जानकारी में आया है क‍ि कई राशन कार्ड धारक, इसके योग्‍य ही नहीं हैं और वे फ्री राशन का लाभ उठा रहे हैं। वहीं योजना के पात्र कई कार्ड धारकों को इसका फायदा नहीं म‍िल पा रहा है।

जांच के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

अब अध‍िकार‍ियों के माध्‍यम से अपात्र लोगों से तुरंत राशन कार्ड सरेंडर करने के ल‍िए कहा जा रहा है। अगर कोई अपात्र व्‍यक्‍त‍ि राशन कार्ड सरेंडर नहीं करता है तो जांच के बाद उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

होगी वसूली

यद‍ि राशन कार्ड को सरेंडर नहीं किया जाता है तो ऐसे लोगों का कार्ड जांच के बाद रद्द कर द‍िया जाएगा। साथ ही उस परिवार के ख‍िलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं जब से वह राशन ले रहा है, तब से राशन की वसूली भी की जाएगी।

सरकारी राशन के ल‍िए अपात्र लोग

मोटरकार, ट्रैक्टर, एसी, हार्वेस्टर, पांच केवी या अधिक क्षमता का जनरेटर, 100 वर्ग मीटर का प्लाट या मकान, पांच एकड़ से अधिक जमीन, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस, आयकरदाता, ग्रामीण क्षेत्र में परिवार की आय 2 लाख प्रतिवर्ष और शहरी क्षेत्र में 3 लाख रुपए प्रतिवर्ष वाले परिवार योजना के लिए अपात्र हैं। ऐसे लोगों को अपना राशन कार्ड तहसील और डीएसओ कार्यालय में सरेंडर करना होगा।

लोगों से अपील

कई राज्‍यों में पात्र लोगों का राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है। ऐसे में सरकार की तरफ से लोगों से अपील की गई है कि अपात्र लोग राशन कार्ड को सरेंडर कर दें, ताकि गरीब परिवारों का कार्ड बनाया जा सके। राशन कार्ड सरेंडर नहीं करने पर ऐसे लोगों के ख‍िलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

इलेक्ट्रिक स्कूटरों की गहन जांच कराएगी ओला वापस मंगाए 1,441 यूनिट्स

इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग की घटनाओं पर ओला गंभीर। गहन जांच को वापस मंगाए 1,441 स्कूटर

इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग की घटना: ओला ने 1,441 स्कूटर वापस मंगाए, होगी गहन जांच

नई दिल्ली (एजेंसी) इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं के मद्देनजर ओला ने अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की 1,441 यूनिट को वापस मंगाया है। कंपनी ने कहा है कि पुणे में 26 मार्च को हुई आग की घटना की जांच जारी है और प्रारंभिक मूल्यांकन में पाया गया कि यह एक अलग घटना थी।

आग लगने के सही कारण और इसमें बेहतर क्या किया जा सकता है; इसे लेकर जांच की जा रही है। ओला इलेक्ट्रिक की तरफ से कहा गया है कि इन स्कूटरों का हमारे सर्विस इंजीनियरों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इसके तहत सभी बैटरी सिस्टम, थर्मल सिस्टम के साथ-साथ सुरक्षा प्रणालियों की जांच की जाएगी। इससे पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर मेकर ओकिनावा ऑटोटेक ने भी अपने 3215 व्हीकल्स को आग लगने की घटनाओं के बाद वापस ले लिया था।

विदित हो कि हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में आग लगने की व्यापक घटनाएं हुई हैं। इसे लेकर भारत सरकार भी सख्त है और उसने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान- देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड

देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड- गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान

भोपाल। बीजेपी ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी कर ली है. बाकायदा उसका खाका भी तैयार हो चुका है। भोपाल पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक में कहा कि राम मंदिर, धारा 370 और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे पर बीजेपी को सफलता मिली है। अब कॉमन सिविल कोड को लागू कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया उत्तराखंड में कॉमन सिविल कोड पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। जंबूरी मैदान में भी अमित शाह ने कहा कि धारा 370 हो, राम मंदिर हो या फिर अन्य मामले पीएम मोदी के नेतृत्व में हमने विवादित मुद्दों को सुलझाया है। अब पूरी तरह से फोकस कॉमन सिविल कोड पर है।

क्या है कॉमन सिविल कोड
इसमें देश में शादी, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने जैसे सामाजिक मुद्दे एक समान कानून के तहत आ जाएंगे। इसमें धर्म के आधार पर कोई कोर्ट या अलग व्यवस्था नहीं होगी। संविधान के अनुच्छेद 44 के लिए संसद की सहमति जरूरी है। गौरतलब है कि आजादी से पहले हिंदुओं और मुस्लिमों के लिए अलग-अलग कानून लागू किए गए थे। बीजेपी ने इसे अपने तीन मुख्य मुद्दे में शामिल किया।

बीजेपी नेताओं को दी नसीहत
बैठक में अमित शाह ने कहा कि बड़े और जिम्मेदार नेताओं को हार के लिए जिम्मेदार माना जाएगा. इसके साथ ही 2018 के हार की समीक्षा की गई। उन्होंने पूछा कि वोट शेयर बढ़ा तो सीटें क्यों हार गए. उन्होंने कहा कि सरकार तो अच्छा काम कर रही है लेकिन संगठन के कामों का रिपोर्ट कार्ड उतना अच्छा नही है। गृह मंत्री ने कहा कि बूथ मैनेजमेंट का काम मध्यप्रदेश कर रहा है। बूथ को डिजिटल करने के साथ उनकी मॉनिटरिंग भी लगातार करते रहें। प्रदेश में जिस तरह से मंत्रिमंडल और संगठन में मनमुटाव की खबरें बाहर आती हैं, उसे लेकर भी उन्होंने सख्त हिदायत दी कि इस तरह से पार्टी का अनुशासन बिगड़ता है. सभी की जिम्मेदारी है कि पार्टी का अनुशासन बना रहे।

ई-स्कूटर की बैटरी फटने से एक की मौत

ई-स्कूटर लोगों के लिए मौत की आहट, बैटरी फटने से मैच हाहाकार, एक की मौत

विजयवाड़ा (एजेंसी)। आंध्र प्रदेश में शनिवार को एक घर में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की बैटरी फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। यह घटना शनिवार तड़के विजयवाड़ा में हुई जब शख्स ने बेडरूम में बैटरी को चार्ज पर लगा रखा था।

इस घटना में शिव कुमार, उनकी पत्नी और उनके दो बच्चे झुलस गए। उनकी चीखें सुनकर पड़ोसी उन्हें बचाने के लिए दौड़े और उन्हें अस्पताल ले गए, जहां शिव कुमार ने दम तोड़ दिया, जबकि उनकी पत्नी की हालत गंभीर बताई जा रही है। व्यक्ति ने कथित तौर पर शुक्रवार को बूम मोटर्स का कॉर्बेट 14 इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था। एक हफ्ते से भी कम समय में तेलुगू राज्यों में यह दूसरी घटना है। तेलंगाना के निजामाबाद जिले में 19 अप्रैल को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की बैटरी फटने से एक 80 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हो गए थे।

घटना उस घर में हुई जहां बैटरी चार्ज हो रही थी। इस घटना में बी. रामास्वामी की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे बी. प्रकाश और बेटी कमलाम्मा उन्हें बचाने की कोशिश में झुलस गए। बाद में उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने प्योर ईवी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्योर ईवी ने इस घटना पर गहरा खेद जताते हुए एक बयान जारी किया और कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है और उपयोगकर्ता से विवरण मांग रहा है। देश में इस तरह की कई घटनाओं ने बैटरी की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। हाल के महीनों में अलग-अलग घटनाओं में तीन प्योर ईवी स्कूटर और कुछ अन्य निर्माताओं के इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लग गई। इसके बाद कंपनी ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए रिकॉल किया है। वहीं, पिछले हफ्ते भारत के टॉप इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी ओकिनावा ऑटोटेक के इलेक्ट्रिक स्कूटर में भी आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद कंपनी ने 3,000 से ज्यादा यूनिट्स को वापस बुला लिया था।

हो सकती है ईवी कंपनियों पर कार्रवाई

ईवी में आग लगने की संभावित घटनाएं हो सकती हैं, जिसको लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खराब इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। गडकरी ने एक बयान में कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेषज्ञ पैनल की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार चूक करने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी।

जानिए कपूर से जुड़े टोटके

कपूर से जुड़े कुछ टोटके ऐसे हैं, जिनको करने से ग्रह दोष, वास्तु दोष दूर होते हैं। जानते हैं कपूर से जुड़े कुछ उपाय, जिनका उपयोग करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

पूजा पाठ में कपूर का उपयोग किया जाता है। कपूर से आरती करते हैं और हवन में उपयोग भी। जिस प्रकार से इसके कुछ औषधीय गुण है, वैसे ही धार्मिक महत्व भी है। कपूर से जुड़े कुछ टोटके ऐसे हैं, जिनको करने से ग्रह दोष, वास्तु दोष दूर होते हैं। पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं कपूर से जुड़े कुछ उपायों के बारे में, जिनका उपयोग करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

कपूर के टोटके
1. यदि आप अपने घर में सुबह और शाम को कपूर जलाते हैं, तो अंदर का वातावरण शुद्ध रहता है, सकारात्मकता का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियों के दूर होने से परिवार में सुख एवं शांति रहती है।

2. यदि आपके घर में किसी स्थान पर वास्तु दोष है, तो उससे दूर करने का सबसे आसान तरीका यह है कि एक कटोरी में कपूर के कुछ टुकड़े लेकर उस स्थान पर रख दें। जब कुछ दिन में वह कपूर खत्म हो जाए, तो वहां कपूर के नए टुकड़े रख दें। ऐसा करने से वास्तु दोष धीरे-धीरे दूर होने लगेगा।

3. लोगों को आपने कहते हुए सुना होगा कि उनको पितृ दोष है या कालसर्प दोष है, जिसके कारण उनकी उन्नति नहीं हो रही है। कालसर्प दोष राहु और केतु ग्रह के कारण होता है। इन दोषों से मुक्ति के लिए आप अपने घर में तीन समय सुबह, शाम और रात को कपूर जलाएं।

4. शनिवार के दिन नहाने के पानी में कपूर का तेल और चमेली के तेल की कुछ बूंदें डाल दें, फिर उससे स्नान करें। ऐसा करने से शनि दोष दूर होगा। राहु-केतु भी परेशान नहीं करेंगे।

5. धार्मिक मान्यता है कि दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के बीच तालमेल सही नहीं चल रहा है, तो अपने शयनकक्ष में कपूर रखें और उसे कुछ दिन के बाद बदलते रहें। ऐसा करने से पति और पत्नी के बीच रिश्ते सही होने लगते हैं।

6. यदि आप सोने में बुरे सपने देखते हैं या सोते वक्त डर जाते हैं, तो आपको अपने शयन कक्ष में कपूर जलाना चाहिए. इससे नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. newsdaily24 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

कोविड-19 अपडेट

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नई दिल्ली। राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक 187.46  करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। Ministry of Health and Family Welfare की ओर से उक्त जानकारी देते हुए बताया गया है कि वर्तमान में भारत में सक्रिय मरीजों की संख्या 15,079  है। सक्रिय मामलों की दर 0.04 प्रतिशत है, जबकि स्वस्थ होने की वर्तमान दर 98.75 प्रतिशत है। बीते चौबीस घंटों में 1,656 लोग स्वस्थ हुए,अब तक स्वस्थ हुए कुल लोगों की संख्या 4,25,17,724 है। पिछले 24 घंटों में 2,527 नए मामले सामने आए। दैनिक सक्रिय मामलों की दर 0.56 प्रतिशत है। साप्ताहिक सक्रिय मामलों की दर 0.50 प्रतिशत है। अब तक 83.42 करोड़ जांच की जा चुकी हैं,बीते चौबीस घंटों में 4,55,179 जांच की गई

गुरु तेग बहादुर जी के त्याग व बलिदान को नमन

गुरु तेग बहादुर अपने त्याग और बलिदान के लिए वह सही अर्थों में ‘हिन्द की चादर’ कहलाए। अपने धर्म, मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धांत की रक्षा के लिए विश्व इतिहास में जिन लोगों ने प्राणों की आहुति दी, उनमें गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अग्रिम पंक्ति में हैं।  

बिजनौर। श्री गुरु गोविंद सिंह खालसा विद्यालय खासपुरा ऊमरी में हिंद की चादर गुरु तेग बहादर जी का 400वां  प्रकाश पर्व गुरबाणी पाठ उपरांत अरदास के द्वारा मनाया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सरदार अभिषेक सिंह कोमल ने गुरु जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश धर्म की रक्षा के लिए उनके बलिदान को नमन करते हुए अपना प्रेरणास्रोत बताया।

विदित हो कि देश भर में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। गुरु तेग बहादुर सिंह एक क्रांतिकारी युग पुरुष थे और उनका जन्म वैसाख कृष्ण पंचमी को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। इस दिन को शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गुरु साहिब के इतिहास और शहादत के बारे में बताया जाता है।

गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के अंदर का दृश्य (फाइल फोटो)

श्री गुरु तेग बहादुर जी
अमृतसर में जन्मे गुरु तेग बहादुर; गुरु हरगोविन्द जी के पांचवें पुत्र थे। 8वें गुरु हरिकृष्ण राय जी के निधन के बाद इन्हें 9वां गुरु बनाया गया था। इन्होंने आनन्दपुर साहिब का निर्माण कराया और ये वहीं रहने लगे थे। वे बचपन से ही बहादुर, निर्भीक स्वभाव के और आध्यात्मिक रुचि वाले थे। मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने पिता के साथ मुगलों के हमले के खिलाफ हुए युद्ध में उन्होंने अपनी वीरता का परिचय दिया। इस वीरता से प्रभावित होकर उनके पिता ने उनका नाम तेग बहादुर यानी तलवार के धनी रख दिया।

उन्होंने मुगल शासक औरंगजेब की तमाम कोशिशों के बावजूद इस्लाम धारण नहीं किया और तमाम जुल्मों का पूरी दृढ़ता से सामना किया। औरंगजेब ने उन्हें इस्लाम कबूल करने को कहा तो गुरु साहब ने कहा शीश कटा सकते हैं केश नहीं। औरंगजेब ने गुरुजी पर अनेक अत्याचार किए, परंतु वे अविचलित रहे। वह लगातार हिन्दुओं, सिखों, कश्मीरी पंडितों और गैर मुस्लिमों का इस्लाम में जबरन धर्मांतरण का विरोध कर रहे थे, जिससे औरंगजेब खासा नाराज था। 

आठ दिनों की यातना के बाद गुरुजी को दिल्ली के चांदनी चौक में शीश काटकर शहीद कर दिया गया। उनके शहीदी स्थल पर गुरुद्वारा बनाया गया, जिसे गुरुद्वारा शीशगंज साहब नाम से जाना जाता है। विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धांत की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में गुरु तेग बहादुर साहब का स्थान अद्वितीय है। उनकी शहादत ने मानवाधिकारों की सुरक्षा को सिख पहचान बनाने में मदद की”।”नौवें गुरु को बलपूर्वक धर्मान्तरित करने के प्रयास ने स्पष्ट रूप से शहीद के नौ वर्षीय बेटे, गोबिन्द पर एक अमिट छाप डाली, जिन्होंने धीरे-धीरे सिख समूहों को इकट्ठा करके इसका प्रतिकार किया और खालसा पहचान को जन्म दिया।”

गर्मी से मिल सकती है राहत

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के ज्यादातर हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ है और कई जगहों पर लोगों को लू के थपेड़ों का भी सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में बुधवार को दिन का तापमान सामान्य से ऊपर रहने के साथ लू का प्रकोप बना रहा। राजधानी दिल्ली में भी लू चलने की वजह से लोग कई दिनों से परेशान हैं। हालांकि मौसम विभाग का दावा  है कि कई जगहों पर बादल छाये रहने और तेज हवा चलने की वजह से आज गुरुवार को पारा थोड़ा नीचे जाएगा, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ भागों में लोगों को कल बुधवार को दिनभर लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ा। हालांकि, बादल छाये रहने और तेज हवा चलने के पूर्वानुमान के साथ आज गुरुवार को पारा थोड़ा नीचे जाने से राहत की उम्मीद जताई गई है। सफदरजंग वेधशाला के मुताबिक, दिल्ली के इस बेस स्टेशन में बुधवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स शहर का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में गुरुवार को बूंदा-बांदी के साथ ही आंधी चल सकती है और इस दौरान हवा की गति 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। मौसम विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि लू की स्थिति में राहत मिल सकती है लेकिन अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह तक पारा फिर से बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस हो जाएगा। इसी तरह उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पारा चढ़ा रहा, लेकिन ठंडी हवाएं चलने से लोगों को खासी राहत मिली।

कोरोना की चौथी लहर को लेकर संभावना?

नई दिल्ली(एजेंसी)। देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ने शुरू हो गए है। इसके बाद कोरोना की चौथी लहर को लेकर संभावना जताई जा रही है। वहीं चौथी लहर आएगी या नहीं इसके बारे में वैज्ञानिकों ने खुलासे किए है। 

आईसीएमआर के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. आर गंगाखेड़कर ने कहा कि भारत में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब वैरिएंट हैं लेकिन अभी तक कोई नया वैरिएंट सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह किसी भी तरह से चौथी लहर है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया बीए 2 वैरिएंट से प्रभावित हो रही है, जो लोगों को रोज संक्रमित कर रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह कोरोना की चौथी लहर है।’ उन्होंने आगे कहा कि स्कूल-कॉलेजों के खुलने की वजह से लोग सामाजिक रूप से सक्रिय हुए हैं जिसके परिणामस्वरूप मामले बढ़ रहे हैं। मास्क पहनने की अनिवार्यता को समाप्त करना भी मामलों में तेजी आने का एक अहम कारण है।

उन्होंने आगे कहा कि लॉकडाउन में ढील देने पर मामलों में तेजी देखने को मिलेगी। जिनकी आयु अधिक है, जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है, जो संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें यह ध्यान रखने की जरूरत है कि वह सार्वजनिक स्थानों पर अगर जाते है तो मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।

श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व समारोह, भाग लेंगे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री 21 अप्रैल को लाल किले में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व समारोह में भाग लेंगे

नई दिल्ली (PIB)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल 2022 को रात लगभग 9:15 बजे नई दिल्ली के लाल किले में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे और एक स्मारक सिक्का तथा डाक टिकट भी जारी करेंगे।

इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार द्वारा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से किया जा रहा है। इस दो-दिवसीय (20 और 21 अप्रैल) कार्यक्रम के दौरान, देश के विभिन्न हिस्सों से रागी और बच्चे ‘शब्द कीर्तन’ में भाग लेंगे। गुरु तेग बहादुर जी के जीवन को दर्शाने वाला एक भव्य लाइट एंड साउंड शो भी होगा। इसके अलावा सिखों की पारंपरिक मार्शल आर्ट ‘गतका’ का भी आयोजन किया जाएगा।

यह कार्यक्रम नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के उपदेशों को रेखांकित करने पर केंद्रित है। गुरु तेग बहादुर जी ने विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्हें मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर कश्मीरी पंडितों की धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन करने के लिए मार डाला गया था। उनकी पुण्यतिथि 24 नवंबर हर साल शहीदी दिवस के रूप में मनाई जाती है। दिल्ली में गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा रकाब गंज उनके पवित्र बलिदान से जुड़े हैं। उनकी विरासत इस राष्ट्र के लिए एकजुटता की एक महान शक्ति के रूप में कार्य करती है।

ब्रहमज्ञान ही मानव जीवन का लक्ष्य: महात्मा नेपाल सिंह

बिजनौर। संत निरंकारी मंडल के तत्वावधान में झालू रोड पर स्थित सत्संग भवन पर साध संगत का आयोजन हुआ। इसमें मिशन के संतो-महापुरुषों, बहनों व बच्चों ने अपने-अपने विचार व आध्यात्मिक गीत प्रस्तुत किए।

गुरु गद्दी से साध संगत को संबोधित करते हुए दिल्ली से आए महात्मा चौधरी नेपाल सिंह ने कहा, कि सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ब्रह्मज्ञान प्रदान करके मानव मात्र को शाश्वत सुख के साथ जोड़ रही हैं और इसी जीवन संदेश को देने के लिए हम यहां एकत्र हुए हैं। ब्रहमज्ञान ही मानव जीवन का लक्ष्य है और अनादि काल से इस लक्ष्य की पूर्ति सद्गुरु ही कराते आए हैं। ब्रह्मज्ञान प्राप्ति के बाद सभी में एक प्रभु परमात्मा का नूर दिखायी देने लगता है।

इस अवसर पर संयोजक महात्मा बाबूराम निरंकारी, संचालक विनोद सिंह, शिक्षक आदित्य सोनू, गीतकार महात्मा गगन सिंह दिल्ली, कवि निर्मल सिंह आदि मौजूद रहे।

सत्संग भवन पर 24 अप्रैल को रक्तदान शिविर

मनाया जायेगा मानव एकता दिवस। कोरोना गाइड लाइन का पूर्णत: पालन करने की अपील की।

बिजनौर। आगामी 24 अप्रैल (रविवार) को झालू रोड स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आदेशानुसार बाबा गुरुबचन सिंह जी की याद में मानव एकता दिवस मनाया जायेगा। यह जानकारी संत निरंकारी मण्डल, ब्रांच बिजनौर के संयोजक महात्मा बाबूराम निरंकारी व मीडिया प्रभारी भूपेन्द्र कुमार ने एक प्रेस नोट के माध्यम से दी।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रातः 9 से एक बजे तक एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान जनपद की अन्य ब्रांचों के मुखी महात्मा भी उपस्थित रहेंगे। संयोजक महात्मा बानूराम निरंकारी ने सभी संतों महापुरुषों, सेवादल के पदाधिकारियों व समस्त सदस्यों से कोरोना गाइड लाइन का पूर्णत: पालन करते हुए मॉस्क लगाकर आने की अपील की है। इस अवसर पर साध संगत का आयोजन भी किया जायेगा।

दिल्ली पुलिस का दावा; साजिशन थी जहांगीरपुरी में हिंसा

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट; कहा साजिश के तहत फैलाई गई थी जहांगीरपुरी में हिंसा

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अपनी आरंभिक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें आपराधिक साजिश की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की शाखा ने अंतरिम रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में हिंसा का करण मोटे तौर पर आपराधिक साजिश को बताया गया है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में गृह मंत्रालय को हिंसा की घटना से संबंधित जानकारी तथा इससे निपटने के लिए उसके द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी है।



रिपोर्ट में अब तक की गई जांच के आधार पर हिंसा के पीछे किसी साजिश की बात कही गई है। दिल्ली पुलिस इस मामले में शनिवार रात से ही जांच में जुट गई थी और उसने अब तक करीब 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शोभायात्रा निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों से प्रक्रिया के अनुसार अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने इस बात को काफी गंभीरता से लिया है और आयोजन कर्ताओं के खिलाफ भी इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जहांगीरपुरी में शनिवार को हनुमान जयंती के मौके पर जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तो जुलूस पर कुछ लोगों ने पथराव किया। इसके बाद हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुई। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार शाम को ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से बात करके उन्हें राजधानी में कानून -व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा था।

Delhi Jahangirpuri violence how it started communal atmosphere charged in  various parts of country - India TV Hindi News



दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने की जो बातें चल रही थी वह पूरी तरह से निराधार है। दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक सामने आए वीडियो, हथियार चलाने की घटनाओं की सभी तरह की फॉरेंसिक बैलेस्टिक जांच कराई जा रही है, जिनके आधार पर पूरी तरह से पहचान किए जाने के बाद ही लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

और अब बिना ATM, आधार से कीजिए UPI पेमेंट

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नई दिल्ली (एजेंसी)। अब आप आधार नंबर की मदद से  UPI पिन बना सकते हैं। NPCI के अनुसार इस फीचर्स को  कुछ दिन पहले ही Live कर दिया गया है। कई लोग इसका इस्तेमाल भी करने लगे हैं।

आधार की मदद से कर सकेंगे UPI पेमेंट 

अब आप बिना ATM के ही UPI पिन बना पायेंगे। अब  Aadhaar की मदद से ही UPI Pin सेट, रीसेट या नया Pin बनाया जा सकता है। इस काम के लिये Debit Card की भी जरुरत नहीं पड़ेगी। यह फीचर्स अभी सिर्फ BHIM Application के नए वर्सन (Version 2.9.6) में ही दिया गया है। यह Google Pay, Phone Pe, Paytm या किसी दूसरे एप्प में देखने को नहीं मिलेगा। जल्द ही यह दूसरे पेमेंट एप्प में भी देखने को मिल जाएगा।

आधार और बैंक से लिंक हो एक ही नंबर

इसका लाभ लेने की कुछ शर्त भी हैं, इसके लिये आधार कार्ड में लिंक मोबाइल नंबर ही बैंक अकाउंट से भी लिंक होना चाहिये। अगर आपके आधार और बैंक में अलग अलग मोबाइल नंबर लिंक होते है, तो आधार Authentcation नहीं हो पाएगा और आधार से UPI पिन नहीं बनाया जा सकेगा।

इन बैंक के ग्राहक ही ले पायेंगे लाभ

अभी इस फीचर्स को सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया और कॉसमॉस बैंक के लिये ही लांच किया गया है। इन दोनों बैंक के कस्टमर BHIM एप्प का Version 2.9.6 डाउनलोड कर के अभी से इस फीचर्स का यूज कर सकते हैं।

बलिया केस: पत्रकारों का धरना प्रदर्शन, नारेबाजी

बिजनौर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश पंजीकृत इकाई जनपद बिजनौर के तत्वावधान और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार के निर्देश पर बलिया में पेपर लीक प्रकरण के मद्देनजर जेल भेजे गए तीन पत्रकारों के प्रकरण में पत्रकारों ने कलक्ट्रेट में धरना देकर जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की।

इस दौरान एसोसिएशन के मंडल प्रभारी / जिलाध्यक्ष डॉ०भानु प्रकाश वर्मा, वरिष्ठ महामंत्री / मंडल अध्यक्ष नरेश भास्कर, जिला उपाध्यक्ष डॉ० नरेश पाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष पुनीत गोयल, अवनीश शर्मा, मन्नान सैफी, नारायण किशोर, डॉक्टर अमानत अली, डॉक्टर सज्जन, सरदार गिरेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुनील नारायण, गौरव पाल, रोहित कुमार, सुनील कुमार, महामंत्री जितेंद्र कुमार, जिला उपाध्यक्ष डॉक्टर आलम फरीदी, देवेंद्र चौधरी, शेर सिंह चौधरी, कौशल शर्मा, मूलचंद चौधरी, विक्रांत त्यागी, मोहम्मद अकरम, रवि गांधी, विजेंद्र शर्मा, संजय शर्मा, धर्मवीर सिंह, ओमपाल सिंह प्रजापति, अनुज चौधरी, कामेंद्र चौधरी, सुरेंद्र शर्मा, नवाबुद्दीन, मोहम्मद इदरीश, परवेज दानिश, रोहित, भोनेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, नरेश गौतम, बबलू सिंह चौहान, मास्टर राजपाल सिंह, बृजेश चंद शर्मा, परम सिंह, अनवार अहमद आदि पत्रकारों ने घटना को लेकर तीव्र आक्रोश जताया। जिलाधिकारी बिजनौर को प्रदेश की राज्यपाल महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में निर्दोष पत्रकारों की अविलंब रिहाई, नकल माफियाओं के कु-कृत्यों की न्यायिक जांच एवं पेपर लीक का खुलासा करने वाले पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने, बलिया जनपद के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक तथा अन्य अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की गई।

दिल्ली के स्कूलों में कोरोना वायरस ने दी दस्तक

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली एनसीआर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा, गाजियाबाद के स्कूलों में बच्चे संक्रमित पाए जाने लगे हैं, वहीं अब दिल्ली के स्कूल में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दी है, इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार अब किसी भी वक्त स्कूलों में एक नए सिरे से गाइडलाइंस जारी कर सकती है। दरअसल दिल्ली के निजी स्कूलों में एक छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, इसके बाद क्लास के सभी छात्रों को छुट्टी दी गई?। दिल्ली सरकार मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और स्कूल सरकार के साथ रिपोर्ट भी साझा कर रही है।

New Delhi: Deputy CM Manish Sisodia addresses during a press conference on Himachal CM issue, in New Delhi, Thursday 07, 2022. (Photo: IANS/Anupam Gautam)


दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि, मैंने शिक्षा विभाग के लोगों को कहा है कि अभी स्कूलों की छुट्टियां हैं। इस बीच में मामलों पर नजर रखते हुए सामन्य गाइडलाइंस स्कूल के लिए जारी करें, तो कल हम गाइडलाइंस भी जारी करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, पर अभी ऐसी कोई चिंता की बात नहीं है। मरीज अस्पतालों में भर्ती नहीं हो रहे हैं, यह नया वायरस ओमिक्रॉन जैसा ही है, अभी जीनोम सीक्वेंसिंग होना बाकी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह पुराना वायरस ही है या नहीं।

चप्पे चप्पे पर है पुलिस की निगाह: एसपी

बिजनौर। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने आगामी त्योहार तथा कानून एवं शांति व्यवस्था के दृष्टिगत भारी पुलिस बल के साथ बिजनौर नगर में पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च में बिजनौर शहर कोतवाल राधेश्याम सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। एसपी ने कहा कि चप्पे चप्पे पर पुलिस की निगाह है, कोई भी, कुछ भी करने के पहले अच्छी तरह से सोच ले।..जो जैसा करेगा, अंजाम वैसा ही होगा।

इससे पहले पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने प्रधान लिपिक कार्यालय व रिकार्ड रुम में तैनात पुलिस कर्मियों के साथ गोष्ठी कर उनके कार्य की समीक्षा की। साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए। दूसरी तरफ डॉ० प्रवीन रंजन सिह अपर पुलिस अधीक्षक नगर व राम अर्ज, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण द्वारा पुलिस लाईन के सभागार कक्ष में जनपद के समस्त थानों पर मालखाना इंचार्ज और पैरोकार के साथ मीटिंग करते हुए उनके कार्यों की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए ।

वैष्णोंदेवी: एक घंटे में डेढ़ हजार श्रद्धालु रोपवे से पहुंचेंगे अधकुंवारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। जम्मू में 700 साल पुराने माता वैष्णो देवी मंदिर में तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए श्राइन बोर्ड ने कटरा और अधकुंवारी के बीच 1,281 मीटर लंबे रोपवे के निर्माण के बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की 69वीं बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की। कटरा और अधकुंवारी के बीच का ट्रेक 6 किमी है।

No ropeway service on 8th to 10th february in mata vaishno devi bhawan - माता  वैष्णो देवी भवन में 8 फरवरी से 10 फरवरी तक रोपवे सेवा रहेगी बंद

दिल्ली स्थित श्राइन बोर्ड के सदस्य के.के. शर्मा ने एआईएमआईएल फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के विवरण साझा करते हुए आईएएनएस को बताया कि इस प्रस्ताव पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। उन्होंने कहा, वास्तव में, 2012 में पहली बार 51वीं बैठक में बोर्ड ने रोपवे की संभावनाओं का पता लगाने के लिए राइट्स लिमिटेड (एक रेलवे उपक्रम) के साथ एक अध्ययन करने का निर्णय लिया था। राइट्स ने 2017 में बोर्ड को अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें पाया गया कि यह कटरा और अधकुंवारी के बीच रोपवे के निर्माण के लिए उपयुक्त है।

तब से यह प्रस्ताव लगातार लंबित था, जिसे मंगलवार को हुई नवगठित बोर्ड की पहली बैठक में मंजूरी दे दी गई। सबसे पवित्र हिंदू मंदिरों में से एक वैष्णो देवी, जम्मू जिले के कटरा शहर में स्थित है। मंदिर कटरा से लगभग 12 किमी दूर 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। 

प्रस्ताव के अनुसार 1,281.20 मीटर लंबे रोपवे का निर्माण अधिकतम 590.75 मीटर की ऊंचाई के साथ किया जाएगा। इसकी क्षमता आठ लोगों की क्षमता वाले प्रत्येक केबिन के साथ प्रति घंटे एक तरफ 1,500 लोगों को ले जाने की होगी। जबकि इसके निर्माण का अनुमान 94.23 करोड़ रुपये है, राइट्स का कहना है कि परिचालन लागत का 63 प्रतिशत वसूल किया जा सकता है यदि प्रति यात्री यात्रा शुल्क 200 रुपये रखा जाए। शर्मा ने कहा कि निर्माण जल्द शुरू होगा। तीर्थस्थल पर तीर्थयात्रियों की संख्या 2021 में 55.77 लाख से अधिक थी, जबकि पिछले वर्ष कोरोनो वायरस महामारी के कारण 17 लाख थी।

बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान

बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान बोलते हुए बच्चों ने स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ

काकोरी, लखनऊ। विकासखंड काकोरी के परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार को स्कूल चलो अभियान की रैली निकाली गई। कम्पोजिट विद्यालय खुशहाल गंज में खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव एवं शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर स्कूल चलो अभियान की रैली को रवाना किया। कंपोजिट विद्यालय खुशहालगंज के बच्चों ने बेटी बेटा एक समान सबको शिक्षा सबको ज्ञान, आधी रोटी खाएंगे पढ़ने रोज जाएंगे आदि नारे लिखी हुई तख्तियों को लेकर पूरी ग्राम पंचायत में अपनी प्रधानाध्यापक अंजलि सक्सेना, सरोज खरे, शुभ्रा महेश्वरी, इरम फातिमा, रूपा, इशरत परवीन, शैलजा गुप्ता मोबिना बानो अगम के साथ पूरे गांव में घूमते हुए विद्यालय में रैली का समापन किया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी काकोरी राममूर्ति यादव ने कहा कि गांव का एक भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित ना रहे; इसलिए गांव के लोगों को जागरूक करने के लिए यह रैली प्रत्येक ग्राम पंचायत में निकाली जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को कंपोजिट विद्यालय खुशहाल गंज, प्राथमिक विद्यालय गुरुदीन खेड़ा इंचार्ज अध्यापक अधिकार फातिमा, सुशील यादव, भटऊ जमालपुर प्राथमिक विद्यालय में बीनिश फातिमा, आनंद सिंह यादव, माधुरी यादव, खानपुर मऊ में जैनेंद्र सिंह आदि द्वारा रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। अगले 15 दिन तक इसी तरह प्रत्येक विद्यालय में रैली निकाली जाएगी व 6 से 14 वर्ष के बच्चों को प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय में नामांकित किया जाएगा। उसके बाद हाउसहोल्ड सर्वे किया जाएगा, जिसमें देखा जाएगा कि कहीं कोई बच्चा ऐसा तो नहीं है जो विद्यालय जाने से वंचित रह गया हो। यदि किसी गांव में ऐसा बच्चा मिलता है, तो उसके माता-पिता से बात करके उसकी उम्र के अनुसार उसे विद्यालय में नामांकित करा कर शिक्षित करने का कार्य किया जाएगा। सबको शिक्षा का अधिकार है, इसके लिए केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है।

शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए लखनऊ जनपद के सभी शिक्षक तन, मन से कार्य कर रहे हैं। इसमें ग्राम प्रधानों का भी सहयोग मिल रहा है। इस बार सबसे अधिक नामांकन प्राथमिक विद्यालयों में होंगे और यह प्रयास किया जा रहा है कि प्राइवेट स्कूल से अच्छी शिक्षा प्राथमिक विद्यालय में दी जा सके। इसके लिए सरकार द्वारा समय-समय पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, ब्लॉक महामंत्री महेंद्र कुमार एआरपीटीपी द्विवेदी व दर्जनों अभिभावकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

जनता दरबार में विधायक प्रतिनिधि ने सुनी लोगों की समस्याएं

विधायक प्रतिनिधि ने जनता दरबार लगाकर ब्लाक में सुनी लोगों की समस्याएं

मलिहाबाद/लखनऊ। जयदेवी कौशल विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशु ने कहा कि विधानसभा के लोगों की समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए हर प्रयास हो रहा है। विभागीय अधिकारियों को भी चाहिए कि वह सारी योजनाओं के बारे में लोगों को बताएं और उनका लाभ भी जनता को पहुंचाएं।

जयदेवी कौशल विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशु ने ब्लाक सभागार में जन समस्याओं से रूबरू होने के लिए जनता दरबार में लोगों के बीच पहुंच कर लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कराने के लिए विभागों के अधिकारी भी पूरे ईमानदार तरीके से प्रयास करें। सरकार यदि कोई योजना को शुरू करती है तो उसका लाभ भी जनता को पहुंचना चाहिए। विधायक प्रतिनिधि ने तेज गति से विकास के लिए अधिकारियों को और बेहतर तरीके से काम करने के लिए कहा।

इससे पूर्व विधायक के जनता दरबार में बड़ी गड़ी, कटौली, रसूल पुर कटौली, सेंधरवा, रसूल पुर, बाके नगर, खड़व्वा लक्षण खेड़ा सहित दर्जनों गांवों के लोगों की समस्याएं सुनी गईं। इनके समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को विधायक प्रतिनिधि विकाश किशोर आशु ने निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बेरोजगार युवाओं से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लाभ लेने के लिए कहा, जिससे वह अपना काम धंधा शुरू करें। जन सुनवाई के दौरान ब्लाक प्रमुख मीनू वर्मा, प्रधान संघ प्रतिनिधि अखिलेश सिंह अंजू, जितेंद्र शुक्ला प्रधान व समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे 65 साल से ऊपर के आवेदक

झटका: हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे 65 साल से ऊपर के आवेदक, सऊदी अरब सरकार ने लगाई पाबंदी, सर्कुलर जारी

सऊदी अरब सरकार की ओर से हज के लिए नई गाइडलाइन जारी होने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक 20 अप्रैल 2022 तक अधिकतम 65 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे आवेदक ही हज यात्रा पर जा सकेंगे। 

फाइल फोटो

लखनऊ (एजेंसी)। हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले बुजुर्गों की उम्मीदों को झटका लगा है। सऊदी हुकूमत ने शर्तों के साथ हज यात्रा 2022 के लिए हरी झंडी तो दे दी है लेकिन 65 साल से अधिक उम्र के हज यात्रियों पर रोक लगा दी है। ऐसे में प्रदेश से बुजुर्ग श्रेणी के करीब 300 से ज्यादा आवेदन निरस्त किए जाएंगे। 

सऊदी अरब सरकार की ओर से हज के लिए नई गाइडलाइन जारी होने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक 20 अप्रैल 2022 तक अधिकतम 65 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे आवेदक ही हज यात्रा पर जा सकेंगे। नई गाइडलाइन के मुताबिक कोविडआरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही आवेदक हज यात्रा पर जा सकेगा। यह रिपोर्ट रवानगी से 72 घंटे पहले की ही मान्य होगी। वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना भी जरूरी है, तभी यात्रा पूरी होगी। प्रदेश से 70 साल से ऊपर की बुजुर्ग श्रेणी में करीब 372 आवेदन हुए हैं।

आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण काल में सऊदी हुकूमत ने दो साल से हज यात्रा पर पाबंदी लगा रखी थी। इन दो वर्ष में सिर्फ सऊदी अरब के स्थानीय लोग ही हज यात्रा में शामिल हो पाए। हिंदुस्तान के आजमीन आखिरी बार 2019 में हज यात्रा पर गए थे। हालांकि 2020 और 2021 में भी हज कमेटी ने आवेदन लिए थे, लेकिन सऊदी हुकूमत ने हज यात्रा की अनुमति नहीं दी। इस बार हज यात्रा के लिए सऊदी हुकूमत ने अनुमति दे दी है। लेकिन कुछ शर्तें भी लगाईं हैं।

65 वर्ष पार वालों के आवेदन होंगे रद्द 

हज यात्रा 2022 के लिए इस बार देश भर से 92,381 आवेदन किए गए हैं। आवेदन के दौरान उम्र की कोई पाबंदी नहीं थी। अब हज यात्रा के लिए 65 वर्ष की पाबंदी लगा दी गई है। ऐसे में 65 वर्ष से अधिक उम्र वालों के आवेदन निरस्त होंगे।

22 तक हज आवेदन का मौका
हज आवेदनों की कम संख्या को देखते हुए नई गाइडलाइन में आवेदकों को एक और मौका दिया गया है। हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले अब 22 अप्रैल तक हज कमेटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अमरनाथ यात्रियों के लिए खुशखबरी; आज से रजिस्‍ट्रेशन शुरू

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना के चलते दो साल से बंद अमरनाथ यात्रा के लिए एक बार फिर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार ये यात्रा 30 जून से शुरू होगी और 11 अगस्‍त तक चलेगी। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सीईओ नीतिश्‍वर कुमार ने दो दिन पहले ही पंजीकरण को लेकर जानकारी दी थी। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर स्थित अमरनाथ धाम की सालाना यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए 20 हजार की क्षमता वाला यात्री निवास तैयार किया है।

Amarnath Yatra 2022: Registration to begin on April 11, check how to apply  | India News | Zee News

कोरोना महामारी के कारण 2020 और 2021 में अमरनाथ यात्रा आयोजित नहीं की जा सकी। 2019 में भी 5 अगस्त से कुछ दिन पहले यात्रा को निलंबित कर दिया गया था, जब केंद्र ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करते हुए जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द कर दिया था। वहीं बताया गया है कि यात्रा के लिए श्रद्धालु का हेल्थ सर्टिफिकेट, चार पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ अनिवार्य हैं। साथ ही एप्लिकेशन फॉर्म पूरी तरह से भरा हो।

इससे पहले भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चन्द्रा ने श्रीनगर में आगामी श्री अमरनाथजी यात्रा, जो कि 30 जून, 2022 से लेकर 11 अगस्त, 2022 तक निर्धारित है, के व्यापक प्रचार के संबंध में एक बैठक बुलाई।

सूचना और प्रसारण सचिवके साथ-साथ जम्मू एवं कश्मीर सरकार के मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सीईओ नीतीश्वर कुमार, जम्मू एवं कश्मीर सरकार के प्रमुख सचिव रोहित कंसल और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी – सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विक्रम सहाय, आकाशवाणी के प्रमुख महानिदेशक (समाचार) एनवी रेड्डी, दूरदर्शन के महानिदेशक मयंक अग्रवाल, पत्र सूचना कार्यालय श्रीनगर के अतिरिक्त महानिदेशक राजिंदर चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में शामिल रहे।

बैठक में इस वर्ष होने वाली यात्रा से संबंधित उन जानकारियों का प्रचार – प्रसार बढ़ाने के बारे में विचार-विमर्श किया गया जो कि संभावित यात्रियों के लिए उपयोगी होंगे। इस तीर्थयात्रा की पूरी अवधि के दौरान जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन के साथ मिलकर सूचना और प्रसारण मंत्रालय की विभिन्न मीडिया इकाइयों द्वारा प्रचार संबंधी विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई जाएगी। इस संबंध में, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी केन्द्र – शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के दौरे पर हैं।

राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक लगाए गए 185.70 करोड़ से अधिक टीके

राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक 185.70 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं


12-14 आयु वर्ग में 2.21 करोड़ से अधिक खुराकें लगाई गई

भारत में कोरोना के सक्रिय मामले 11,132 हैं

पिछले 24 घंटों में 1,054 नए मामले सामने आए

स्वस्थ होने की वर्तमान दर 98.76 प्रतिशत

साप्ताहिक सक्रिय मामलों की दर 0.23 प्रतिशत है।

नई दिल्ली (PIB)। भारत का कोविड-19  टीकाकरण  कवरेज  आज सुबह 7 बजे तक  अंतिम रिपोर्ट के  अनुसार 185.70 करोड़ (1,85,70,71,655) से अधिक हो गया।इस उपलब्धि को 2,24,70,964 टीकाकरण  सत्रों के जरिये प्राप्त किया गया है।

12-14 आयु वर्ग के लिए कोविड-19 टीकाकरण 16 मार्च,2022 को प्रारंभ हुआ था। अब तक 2.21 करोड़ (2,21,97,507) से अधिक किशोरों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक लगाई गई है।

लगातार गिरावट दर्ज करते हुए भारत में सक्रिय मामले आज कम होकर 11,132 रह गए। सक्रिय मामले कुल मामलों के 0.03 प्रतिशत हैं।

नतीजतन, भारत में स्वस्थ होने की दर 98.76 प्रतिशत है।पिछले 24 घंटों में 1258 रोगियों के ठीक होने के साथ  ही स्वस्थ होने वाले मरीजों (महामारी की शुरुआत के बाद से) की कुल संख्या बढ़कर 4,25,02,454हो गई है।

बीते 24 घंटे में कोरोना के 1,054 नए मामले सामने आए।पिछले 24 घंटों में कुल 4,18,345 जांच की गई हैं। भारत ने अब तक कुल 79.38 करोड़ से अधिक  (79,38,47,740) जांच की गई हैं।

साप्ताहिक और दैनिक पुष्टि वाले मामलों की दर में भी लगातार गिरावट दर्ज की गई है। देश में साप्ताहिक पुष्टि वाले मामलों की दर 0.23।प्रतिशत है और दैनिक रूप से पुष्टि वाले मामलों की दर भी 0.25 प्रतिशत है।

रोडवेज बसों में यात्रियों से खुलेआम लूट !

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम की बसों में सफर करना यात्रियों के लिए बहुत बड़ी सिरदर्दी बनता जा रहा है। रोडवेज की बसों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री आते और जाते हैं। स्थिति यह है कि बसों के ठहरने से पहले ही पानी की बोतलें, चाय, जूस, ठंडा आदि बेचने वाले किशोर और युवक बसों में चढ़ जाते हैं। कई बार तो वह यात्रियों को उतरने तक नहीं देते। इस कारण यात्रियों को असुविधा होती है, खासतौर पर महिलाओं और युवतियों को सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ती है।

प्रतीकात्मक फोटो

भुक्तभोगियों के अनुसार यह किशोर और युवक बसों में धक्का-मुक्की करने से भी पीछे नहीं रहते। इस कारण दिन में कई बार कहासुनी होना आम बात हो गई है। इसके बावजूद रोडवेज के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे इनके हौसले बुलंद हैं।

रोडवेज के मुख्य प्रबंधक से करनी चाहिए शिकायत
रोडवेज के मुख्य प्रबंधक को पत्र लिखकर बस स्टैंड पर संचालित दुकानदारों की ओर से अवैध रूप से बसों के अंदर खाद्य सामग्री बेचने वाले पर रोक लगाने की मांग की जानी चाहिए। रोडवेज को आय देने वाले यात्री; बस के इंतजार में खड़े रहते हैं और बसों में सामान बेचने वाले कुर्सियों पर बैठे रहते हैं। यही नहीं यात्रियों द्वारा उन्हें उठाने पर ये लोग मारपीट और गाली-गलोंज पर उतर जाते हैं।

यह है मुख्य नियम
– कैंटीन/स्टॉलधारी अपने व्यवसाय का सामान अपनी शॉप के अंदर ही रखेगा।

किसी भी कैंटीन, स्टॉलधारी का प्रतिनिधि, वेण्डर हॉकर  सामान का विक्रय निगम वाहनों में घुसकर एवं प्लेटफार्म पर घूमकर नहीं करेगा। सामान का विक्रय स्टॉलधारी अपनी शॉप परिधि के अंदर ही कर सकेगा। उल्लंघन करने पर अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा।
– स्थान प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों की पालन पूर्ण रूप से करना होगा।

…और बेचेंगे भी महंगा- हालात इस कदर खराब हैं कि रोडवेज बसों में यात्रियों को हर सामान दोगुना तक कीमत अदा कर खरीदना पड़ता है। पानी की बोतल हो या चिप्स आदि सामान, सभी लगभग दोगुना दाम पर बेचे जाते हैं। मेरठ से बिजनौर की इस नंबर की बस में भी यही हुआ। नामी गिरामी कंपनी हल्दीराम के चिप्स के इस पैकेट पर निर्माण तिथि, मूल्य, बैच नंबर आदि कुछ भी नहीं लिखा हुआ है। ₹ 10 वाला ये पैकेट ₹20 का है।

अपने आशियाने पर महंगे सीमेंट की मार

नई दिल्ली (एजेंसी)। बढ़ती मांग के बीच कच्चे माल की कीमतों में तेजी के कारण सीमेंट के दाम में अभी और बढ़ोतरी होने की संभावना है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार गत माह सीमेंट की कीमतों में मासिक आधार पर दो से तीन फीसदी की तेजी दर्ज की गयी है। हालांकि, साल के अंत में लक्ष्य की पूर्ति के लिये सीमेंट के उत्पादन में तेजी भी लायी गयी थी, लेकिन इससे भी सीमेंट के दाम को नियंत्रित नहीं किया जा सका।

कंपनी ने बताया कि डीलर्स के साथ की गयी बातचीत से यह पता चला है कि दक्षिण और मध्य भारत में सीमेंट की कीमतों में प्रति बोरी 15 से 20 रुपये की तेजी रही, जबकि पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में सीमेंट के दाम प्रति बोरी पांच से दस रुपये बढ़े। कंपनी का कहना है कि सीमेंट कंपनियां कच्चे माल की कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिये इसका बोझ ग्राहकों पर और डालेंगी, जिससे सीमेंट के दाम तेज होंगे।

कोयले और पेट्रोलियम कोक की बढ़ी कीमतों का प्रभाव अप्रैल 2022 से ऊर्जा की कीमतों पर दिखेगा। पिछले कुछ दिनों से डीजल के दाम भी बढ़ रहे हैं, जिससे माल ढुलाई की लागत अधिक हो गयी है। सीमेंट कंपनियों ने पूरे देश में अप्रैल से सीमेंट की हर बोरी पर 40 से 50 रुपये बढ़ाने के संकेत दिये हैं।

जनवरी और फरवरी में सुस्ती के बाद मार्च में सीमेंट की मांग में सुधार आया। मार्च 2022 में वार्षिक आधार पर सीमेंट की मांग तीन से पांच प्रतिशत बढ़ी, जबकि जनवरी-फरवरी के दौरान इसमें छह प्रतिशत की गिरावट रही। कुछ डीलर्स का कहना है कि अप्रैल से सीमेंट के दाम में तेजी होने की आशंका के कारण मार्च के अंत में सीमेंट की मांग बढ़ गयी थी। वास्तविक मांग रूझान का पता अप्रैल के मध्य में ही चलेगा।

ऑरेंज अलर्ट: गर्मी ने तोड़ डाला 72 साल का रिकॉर्ड

नई दिल्ली (एजेंसी) दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत में इस समय गर्मी कहर बरपा रही है। अप्रैल के शुरूआती दिनों में ही तामपान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से बढ़ती गर्मी को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। विभाग ने कहा कि 72 साल में पहली बार दिल्ली में अप्रैल के पहले सप्ताह में इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया। आईएमडी ने रविवार को भी दिल्ली में बेहद गर्म हवा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने कहा कि यह असामान्य है कि अप्रैल के पहले 10 दिन में उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में स्थिति आगे और भयंकर हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अभी कई दिन तक गर्मी से राहत मिलने की बिलकुल भी संभावना नहीं है। 

सोनम कपूर के घर से 1.41 करोड़ के गहने और नकदी चोरी

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर के घर हुई चोरी, 1.41 करोड़ के गहने और नकदी लेकर चोर फरार

नई दिल्ली (एजेंसी)। बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर के घर से 1.41 करोड़ रुपए की ज्वेलरी व नकदी चोरी हो गए। सोनम कपूर की सास की तहरीर पर तुगलक रोड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला बेहद हाईप्रोफाइल होने की वजह से वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए कई टीमों का गठन कर दिया है। घर में 25 नौकर, 9 केयर टेकर के अलावा चालक और माली व अन्य कर्मचारी भी काम करते हैं। सभी से पुलिस पूछताछ कर रही है।  

सोनम कपूर के घर चोरी: दो साल पहले चेक किए गए थे 1.41 करोड़ के गहने, अब 34  नौकरों पर शक की सुई

मामला हाइप्रोफाइल होने के कारण पुलिस ने अब तक इसे दबा रखा था। अभी यह संज्ञान में आया है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार सोनम कपूर की ससुराल 22 अमृता शेरगिल मार्ग पर है, लेकिन सोनम अपने पति आनंद आहुजा के साथ लंदन में रहती हैं। अमृता शेरगिल मार्ग पर बने इस घर में सोनम के ससुर हरीश आहूजा, सास प्रिया आहूजा और आनंद की दादी सरला आहूजा रहती हैं। क्राइम ब्रांच की टीम के अलावा एफएसएल की टीम को भी मामले में जोड़ा गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार पिछले दो साल में कई लोग काम छोड़ कर गए, और कई नए आए। कई सीसीटीवी फुटेज भी देखे गए हैं। उन लोगों की डिटेल भी जांची जा रही है, जो पिछले दिनों काम छोड़ कर चले गए।

ये है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार दरअसल चोरी की उक्त घटना पुरानी है। इस मामले में 23 फरवरी को दिल्ली के तुगलक रोड थाने में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इससे पहले 22 फरवरी को सरला आहूजा ने अपने कैश और जूलरी के बैग को चैक किया, तो वह खाली था। अनुमान के मुताबिक, उसमें एक करोड़ 41 लाख रुपए मूल्य की जूलरी और कैश था। यह बैग करीब दो साल के बाद सरला आहूजा ने देखा था। घर में काफी ढूंढने के बाद भी जब बैग नहीं मिला तो पुलिस से शिकायत की गई।

बिना कार्ड के निकालें ATM से रुपए

नई दिल्ली (एजेंसी)। एटीएम से पैसा निकालने वालों के लिए बहुत खास खबर है। अब बिना एटीएम कार्ड के ही आप पैसे निकाल सकते हैं। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समीक्षा के फैसलों को जारी किया। इस मौके पर आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐलान किया है कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। इसके पीछे डेबिट-एटीएम कार्ड के इस्तेमाल को कम करने और डिजिटल इकोनॉमी को आगे बढ़ाने का विचार प्रमुख है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब बिना डेबिट कार्ड के एटीएम से पैसा निकालने की सुविधा सभी बैंकों में दी जाएगी। अभी तक सिर्फ कुछ ही बैंकों में बिना कार्ड के एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा थी। उन्होंने बताया कि UPI के जरिए एटीएम से पैसा निकाला जा सकेगा।

कम होंगे कार्ड क्लोन के फ्रॉड
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक इस कदम से कार्ड क्लोन करके पैसे निकालने के फ्रॉड भी कम होंगे। बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया।

मध्यप्रदेश में मीडिया से दुर्व्यवहार पर दो थाना प्रभारी सस्पेंड

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के एक पुलिस थाने में खड़े अर्ध-नग्न पुरुषों के एक समूह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिसमें एक स्थानीय यूट्यूब पत्रकार कनिष्क तिवारी को भी देखा जा सकता है। तिवारी के अनुसार, उन्हें अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जब वे एक थिएटर कलाकार नीरज कुंदर के बारे में पूछताछ करने के लिए पुलिस स्टेशन गए थे। 

ये मामला विधायक पुत्र से शुरू हुआ था। फिर पुलिस पर गंभीर आरोप लगे। इसके बाद SHO और सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिपोर्ट तलब की। खास बात ये है कि मामले को लेकर पुलिस और पत्रकार का अलग-अलग पक्ष सामने आया है।

वायरल फोटो मध्यप्रदेश के सीधी जिले की है। मामले को लेकर पत्रकार कनिष्क तिवारी ने एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि बीते 2 अप्रैल को एक बेहद निंदनीय घटना हुई। मैं एक धरना प्रदर्शन को कवर करने गया था। मेरे कैमरामैन ने घटना को रिकॉर्ड भी किया है। वहां सिटी कोतवाली थाने की पुलिस मुझे जबरन धक्का देकर थाने के अंदर ले गई। मुझे मारा-पीटा गया। मेरे कपड़े उतरवाए गए। थाने में जुलूस निकलवाया गया। कहा गया कि अगर विधायक और पुलिस के खिलाफ खबर चलाओगे तो पूरे शहर में चड्डी पहनाकर जुलूस निकलवाऊंगा।

कनिष्क ने आगे बताया- हम पर धारा 151, शांति भंग करने की कोशिश और सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध करने की धाराएं लगाई गईं। हमारे साथ मारपीट की गई, गाली गलौच किया गया। जब पुलिस को पता चला कि मैं पत्रकार हूं तो पुलिस मुझसे कहने लगी कि तुम विधायक के खिलाफ खबर क्यों चलाते हो? विधायक किसी के घर में बर्तन मांजने जाएगा क्या?

वायरल फोटो के बारे में बताते हुए कनिष्क ने कहा- हम लोगों को 2 अप्रैल की रात 8 बजे गिरफ्तार किया गया और 3 अप्रैल की शाम 6 बजे छोड़ा गया। लगभग 18 घंटे हम लोग हवालात में रहे। अंडरवियर में हमें थाना प्रभारी के पास ले जाया गया। इसी दौरान अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह परिहार ने हमारी फोटो खींची। ये लगभग रात 2:30 की बात है।

कनिष्क ने कहा- मैं डरा हुआ हूं। पूरा परिवार डरा हुआ है। सोशल मीडिया पर पुलिस ने फोटो वायरल किया है, जिससे मेरी मानहानि हुई है। मानवाधिकार का उल्लंघन हुआ है। मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि आप मेरा साथ दें। मुझे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मुझे जानकारी मिली है कि पुलिस मुझे दूसरे केस में फंसा कर जेल में डालना चाहती है।

मामले को लेकर एडिशनल एसपी अंजुलता पटेल का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- एक फेक आईडी के जरिए विधायक के पुत्र (बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला के बेटे गुरुदत्त शुक्ला) को परेशान किया जा रहा था। जांच के दौरान एक रंगकर्मी नीरज कुंदेर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद कई रंगकर्मी और पत्रकार कनिष्क तिवारी थाना के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सभी को 151 के तहत गिरफ्तार किया गया।  वायरल फोटो पर अंजुलता पटेल ने कहा- पुलिस हिरासत की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। मामला संज्ञान में लेते हुए एसपी सीधी के निर्देशन में डीएसपी हेड क्वार्टर गायत्री तिवारी को जांच का आदेश दे दिया गया है।

बाद में, दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार थाना प्रभारी कोतवाली मनोज सोनी और अमिलिया थाना प्रभारी अभिषेक सिंह को सस्पेंड कर दिया गया।

वहीं मध्यप्रदेश के सीधी में पत्रकारों के खिलाफ पुलिस के द्वारा की गई मारपीट और अमानवीय व्यवहार करने के मामले में पन्ना जिले के पत्रकारों ने उक्त घटना का विरोध जताते हुए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। उसमें पत्रकारों के साथ की गई अमानवीयता के मामले शामिल पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञात हो कि सीधी के पत्रकार कनिष्क तिवारी को पुलिस के द्वारा पकड़ कर ले जाया गया एवं उनके कपड़े उतारकर उन्हें अर्धनग्न कर लॉकअप में बंद कर दिया गया और पुलिस ने अभद्रता करते हुए मारपीट की अर्धनग्न अवस्था में फोटो वायरल कराकर सरेआम पत्रकारों को बेइज्जत किया। यह  बेहद निंदनीय घटना है। इस कारण थाना प्रभारी सहित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। ऐसे कानून तोड़ने वाले व्यक्तियों को दंडित किए जाने की मांग की गई। पत्रकार कल्याण परिषद, प्रेष क्लब पन्ना के अलावा पन्ना जिले के सभी पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा को ज्ञापन दिया। कलेक्टर ने कहा कि पन्ना जिले के पत्रकारों की सुरक्षा मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी है, कभी किसी के साथ गलत नहीं होगा। आप निर्भीक होकर पत्रकारिता करें। ज्ञापन में वरिष्ठ पत्रकार जगदीश नामदेव, मनीष मिश्रा, शिवकुमार त्रिपाठी, मुकेश विश्वकर्मा, गणेश विश्वकर्मा, सुशांत चौरसिया, कादिर खान,अमित खरे, बीएन जोशी, राकेश शर्मा, महबूब अली, संजय राजपूत, लक्ष्मीनारायण चिरोलिया, शिव किशोर पांडे, बलराम व्यास, टाइगर खान, फूल सिंह त्यागी, ऋषि मिश्रा, राजेश रावत, सादिक खान, राम बिहारी गोस्वामी, हिम्मत खान, रविंद्र अर्जरिया, पवन पाठक, हीरालाल विश्वकर्मा, बृजेश त्रिपाठी, आसिफ खान, सौरव साहू, डीके साहू, संदीप विश्वकर्मा, रामअवतार विश्वकर्मा, अजय द्विवेदी, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

दूसरी ओर सीधी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बघेली भाषा में यूट्यूब पर चैनल चला रहे कनिष्क तिवारी समेत कुछ अन्य पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर फेक आईडी बनाने और फेसबुक पर केदारनाथ शुक्ला और उनके बेटे को बदनाम करने की पोस्ट करने के आरोप हैं। यह एफआईआर भी विधायक के बेटे की शिकायत पर दर्ज की गई है। वरिष्ठ पत्रकार राकेश पाठक का कहना है कि कनिष्क के यूट्यूब पर एक लाख से अधिक फॉलोअर हैं। न्यूजनेशन चैनल का भी एक पत्र सामने आया है, जिसमें कनिष्क तिवारी को फ्रीलांस पत्रकार होने की पुष्टि होती है।

शिकायत के बाद पुलिस ने की गिरफ्तारी
सीधी पुलिस के मुताबिक एक फेक आईडी से फेसबुक पर अभद्र टिप्पणियां की गई थी। पुलिस ने इस मामले में नीरज कुंदेर को गिरफ्तार किया था। इस पर कनिष्क समेत रंगमंच और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने में विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने सबको गिरफ्तार कर लिया। कनिष्क तिवारी यूट्यूबर है और उसके खिलाफ पहले भी कुछ शिकायतें दर्ज थी। कोतवाली थाने में आरोपियों की बिना कपड़ों की तस्वीरें खींचकर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 262/22 धारा 419, 420, और आईटी एक्ट के 66सी, 66डी के तहत प्रकरण कायम कर जांच की जा रही है। फोटो वायरल होने के मामले में डीएसपी को जांच सौंपी गई है। 

कांग्रेस ने बनाया मुद्दा
कांग्रेस के तमाम नेताओं ने इस मसले पर सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने फोटो ट्वीट करते हुए कहा कि यह मप्र के सीधी जिले के पुलिस थाने की तस्वीर है। यह अर्धनग्न युवा कोई चोर उचक्के नहीं है, ये लोकतंत्र के चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया के साथी है। इन्हें अर्धनग्न कर जेल में इसलिए डाला गया क्योंकि इन्होंने भाजपा विधायक के खिलाफ खबर चलाई थी। वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश की निकम्मी और उनके बड़बोले मुखिया से सवाल करना सीधी बघेली न्यूज चैनल के वरिष्ठ पत्रकार कनिष्क तिवारी और उनके साथियों को भारी पड़ा। नग्न कर उन्हें थाने में खड़ा किया गया है। यह घोर निंदनीय कृत्य है…  शिवराज सिंह सरकार अब अंग्रेजों की भांति दमनकारी रवैया अपना रही है। 

खबरों के मुताबिक पूरा मामला डिजिटल पत्रकार कनिष्क तिवारी से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि पत्रकार ने भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ यूट्यूब चैनल पर खबर चलायी थी। इससे नाराज होकर बीजेपी विधायक ने कनिष्क तिवारी व उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। दूसरी तरफ वायरल तस्वीर को पुलिस द्वारा रंगकर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध प्रदर्शन से भी जोड़ा रहा है।

नीरज कूंदेर पर कथित फर्जी FB अकाउंट चलाने का आरोप है। इस अकाउंट की शिकायत भी सीधी विधायक और उनके पुत्र ने पुलिस से की थी। पुलिस ने इन्हीं के चलते बीते 2 अप्रैल को नीरज को गिरफ्तार किया था। कहा ये जा रहा है कि वायरल तस्वीर नीरज कुंदेर की गिरफ्तारी के विरोध किए जाने पर डिजिटल पत्रकार और रंगकर्मियों के साथ पुलिस के द्वारा की गई अभद्रता की है। हालांकि वायरल तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी भी जता रहे हैं। कई वरिष्ठ पत्रकार भी इस घटना की आलोचना कर रहे हैं। 

इन नेताओं दी अपनी प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा-  ये पुलिसिया और राजनीतिक आतंकवाद है। पत्रकार को फर्जी बताने वाला प्रशासन कौन होता है। किसी को यातना देने का अधिकार पुलिस को नहीं है। अगर नेताओं को खुश करने के लिए किया गया है तो ये गंभीर अपराध है। ये लोकतंत्र के धब्बा है।

बीजेपी प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी-  सभी को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए, चाहे वह पत्रकार हो या नेता हो, विधायक हो या फिर मंत्री हो। अगर कोई पत्रकारिता की आड़ में ब्लेक मार्केंटिंक कर रहा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने जो किया वो भी गलत है इसलिए उन पर भी कार्रवाई हुई है।

गौरैया संरक्षण के प्रति छात्र छात्राओं को किया गया जागरूक

लखनऊ। राजधानी के राजाजीपुरम ए- ब्लॉक स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल में मेरी प्यारी गौरैया मुहिम द्वारा नन्ही गौरैया के संरक्षण प्रति आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार सिंह ने छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई। छात्र छात्राओं को नन्ही गौरैया के पानी के लिए मिट्टी का पात्र, काकून के पैकेट, व कृत्रिम घोंसले का वितरण किया गया।
मेरी प्यारी गौरैया मुहिम संचालक पक्षी प्रेमी महेश साहू ने डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार सिंह व विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती भारती गोसाई को पौधा भेंट कर स्वागत किया।


डीएफओ अवध डॉ रवि कुमार ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि नन्ही गौरैया का पर्यावरण में अपना महत्व है। नन्ही गौरैया उन कीटों को खाती है, जो हम सबके के लिए नुकसानदायक है। मनुष्य पेड़ों की कटाई करने लगा और समय के साथ – साथ गौरैया की प्रजाति नष्ट होने लगी। गौरैया ज्यादातर पेड़ों पर अपना घोसला बनाकर रहती थी, लेकिन पेड़ों की कटाई होने से वो अपना घोसला नहीं बना पाती हैं और उनको रहने के लिए उचित जगह नहीं मिल रही हैं |
कई लोग अपने खेती की फसलों पर हानिकारक दवाइयों का उपयोग करते हैं, आब कीड़ों को खाने से उनकी मृत्यु होने लगी हैं। पर्यावरण प्रदूषित होने के कारण भी गौरैया की प्रजाती नष्ट हो रही हैं। इन पक्षियों की प्रजाति विलुप्त होने के कारण प्रकृति की सुंदरता गायब हो रही है। नन्ही गौरैया संरक्षण के प्रति सभी को आगे आना होगा।


वहीं पक्षी प्रेमी महेश साहू ने कहा कि नन्ही गौरैया घर के आंगन एवं खेत खलिहानों में अक्सर चहचहाहट करती नजर आया करती थी। घर के आगंन में बिखेरे अनाज के दानों को अपनी चोंच में दबाकर अपने घोसले की तरफ उड़ान भरने के नजारे अधिक पुराने नहीं हैं। लेकिन इंसान के अपने स्वार्थ की वजहों से आज नन्ही गौरैया की प्रजाति पूर्ण खतरे में पड़ चुकी है, अक्सर घर के बच्चों की तरह आंगन में उछल कूद मचाने वाली गौरैया मनुष्य की सहजीवी पक्षी जाति रही है‌। हमारे शहरीकरण एवं प्रकृति के साथ स्वार्थ के खेल ने इसे अपने घर से बेघर कर दिया है। अभी भी समय है हम नन्ही गौरैया के संरक्षण के लिए आगे आएं।
इस अवसर पर उपस्थित सभी छात्र छात्राओं व अन्य लोगों ने नन्ही गौरैया के लिए कृत्रिम घोंसले लगा कर उसके आशियाने के लिए सुरक्षित स्थान देने के साथ ही इस तपती गर्मी में कोई पक्षी भूख व प्यास से काल के गाल में ना समाए, इसके लिए अपनी छतों व घर के आसपास मिट्टी के पात्र में पानी, दाना काकून रखने का संकल्प लिया।
इस मौके पर क्षेत्रीय वनाधिकारी सिटी, डिप्टी रेंजर विनीत प्रकाश श्रीवास्तव, वन दरोगा शिवम यादव, वन रक्षक दीपक कनौजिया, रामधीरज व विधालय के अध्यापक व अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं।

आसमान छू रहे निम्बू के दाम

नई दिल्ली। एक महीने में ही नींबू 70 रुपए से 400 रुपए तक पहुंच गया है। सब्जी बेचने वाले 10 रुपए में 1 नींबू दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वालों दिनों में इसकी कीमत कम होने के आसार नहीं दिख रहे।

बताया जा रहा है कि इस बार फसल कम होने के साथ ही आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आने वाले नींबू की महंगाई के लिए डीजल के भाव भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से माल भाड़े में भी 15% की बढ़ोतरी हो गई है। इससे नींबू की कीमत पर दोगुना असर हुआ है।

सेब, अंगूर व अनार से भी महंगा बिक रहा नींबू- नींबू के दाम बढ़ने से अब घरों के अलावा होटल व ढाबों से भी नींबू गायब हो गया है। स्थिति ये है कि घर, होटल व ढाबों पर भी सलाद से नींबू (जायका) कम हो गया है। होटल व ढाबा संचालक भी सलाद में नींबू का इस्तेमाल कम ही कर रहे हैं। वहीं गन्ने के रस, शिंकजी व सब्जियों में भी नींबू का उपयोग कम मात्रा में कर रहे हैं। इन दिनों नींबू सेब, अंगूर व अनार से भी महंगा बिक रहा है।

बेमौसम बारिश से खराब हुई फसल- मद्रास, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देशभर के कई इलाकों में बेमौसम बारिश से नींबू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। जरूरत के मुकाबले उत्पादन कम हुआ है, इसलिए कीमतें रिकॉर्ड तोड़ बढ़ी हैं।

नवरात्र और रमजान- इस समय नवरात्र चल रहे हैं और रमजान का महीना है। व्रत और रोजे के दौरान भी नींबू का इस्तेमाल ज्यादा होता है। इस समय उत्पादन कम है और डिमांड ज्यादा है।

महंगा ईंधन- पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने के साथ ही माल भाड़ा भी बढ़ गया है। इसका असर नींबू सहित सभी फल-सब्जियों की कीमतों में देखने का मिल रहा है।

खेतों से सीधे फैक्ट्रियों मेंसॉफ्ट ड्रिंक के साथ ही कई दवाइयों और फूड प्रोडक्ट में नींबू इस्तेमाल किया जाता है। खेतों से नींबू सीधा फैक्ट्रियों में पहुंच रहा है। इस वजह से भी आम जरूरत के मुताबिक नींबू बाजार तक नहीं पहुंच रहा है।

अब कोरोना वायरस के नए XE वैरिएंट की दस्तक

कोरोना वायरस के नए XE वैरिएंट ने उड़ाए होश, भारत में मिला पहला केस

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना वायरस का कहर पिछले तीन महीनों से थमता नजर आ रहा था लेकिन एक बार फिर इसने टेंशन को बढ़ा दिया है। अभी हाल ही में कोरोना की दूसरी लहर का कारण ‘ओमीक्रॉन’ वेरिएंट पर काबू पाया ही था कि एक और नए वेरिएंट ने दस्तक दे दी है। इसके मामले भी अब सामने आने शुरू हो गए है।

जानकरी के अनुसार कोरोना वायरस के नए वैरिएंट XE का पहला केस बुधवार को मुंबई में दर्ज किया गया। इस मामले के सामने आने से ही स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। कुल 376 सैंपल में से एक मरीज में कोरोना के XE वैरिएंट के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस वैरिएंट की शुरुआत युनाइटेड किंगडम से हुई थी। गौरतलब है कि थमती रफ्तार के बाद कोरोना के पॉजिटिव मामले एक बार फिर बढ़ गए है। भारत में संक्रमित हो चुके लोगों की संख्या 4,30,30,925 से अधिक हो गई है।

मंदिर में चोर को मिली मौके पर सजा

नई दिल्ली (एजेसी)। मंदिर में चोरी होने की घटनाएं अक्सर देखने सुनने में आती रहती हैं।… लेकिन चोरी के बाद भगवान उसी समय उस चोर को सजा दे तो आपको कैसा लगेगा। सुनकर आप भी थोड़ा चौंक जाएंगे।

दरअसल आंध्रप्रदेश के श्रीकाकुलम जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां पर एक चोर भगवान के घर मंदिर में सेंध मार कर भाग रहा था, लेकिन अपने ही बने हुए जाल में वो फंस गया। दरअसल, मंदिर में चोरी करने के लिए उसने जो सुरंग बनाई थी, बाहर निकलते समय से वो खुद ही उसमें फंस गया और इस तरह उसकी चोरी का भंडाफोड़ हो गया। पकड़े जाने के बाद उसके पास से मंदिर से चोरी किए गए गहने भी बरामद हुए।
 
चोर को मजबूर होकर खुद ही मदद के लिए लोगों को आवाज देनी पड़ी जिससे उसका सरेआम भंडाफोड़ हो गया। आरोपी की पहचान 30 साल के पापा राव के तौर पर हुई है। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।

बलिया के डीएम एसपी को सस्पेंड करने की मांग को लेकर पत्रकार का धरना

लखनऊ (bhadas4media)। बलिया में पत्रकारों के उत्पीड़न के विरोध में, राजधानी के पत्रकारों को जगाने के लिए जीपीओ पर गांधी प्रतिमा के नीचे एकदिनी सांकेतिक धरने पर राजीव तिवारी बाबा बैठे।

पत्रकार राजीव बाबा ने कल आह्वान किया था कि जिन पत्रकार साथियों, संगठनों को लगता है कि इस मुद्दे पर बलिया के जुझारू पत्रकार साथियों का साथ देना चाहिए वे समर्थन करने आ सकते हैं।

राजीव कहते हैं- मेरी मांग है कि योगी सरकार बलिया में नकल रोकने में असफल और अपनी नाकामी छुपाने के लिए खबर उजागर करने वाले पत्रकारों को ही साजिशन जेल भेजने वाले बलिया के डीएम एसपी को तत्काल निलंबित करे और निर्दोष पत्रकारों को अविलंब रिहा करे।

छात्र छात्राओं ने रैली निकालकर संचारी रोग नियंत्रण के लिए ग्राम वासियों को किया जागरूक

नजीबाबाद (बिजनौर)। ग्राम पंचायत मुस्सेपुर के प्राथमिक विद्यालय के छात्र छात्राओं ने मुख्य अध्यापिका शहनाज परवीन, आंगनवाड़ी अनीता देवी, आशा जयवती के नेतृत्व में प्राथमिक विद्यालय के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में संचारी रोग नियंत्रण हेतु एक जन जागरूकता रैली निकालकर ग्रामवासियों संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जागृत किया।

इस जन जागरूकता रैली का शुभारंभ ग्राम प्रधान दिलीप कुमार एवं वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर चौधरी ईशम सिंह एवं ग्राम प्रधान दलीप कुमार ने ग्राम वासियों को साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने, इन बीमारियों से बचने एवं अपने समाज को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। जन जागरूकता रैली में बच्चों ने गांव में गली गली में जनता को जागरूक किया। इस अवसर पर विद्यालय की मुख्य अध्यापिका शहनाज परवीन, चंद्र प्रकाश सैनी, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह, ग्राम प्रधान दलीप कुमार,आफ्शा खानम ,सुषमा रानी, आंगनवाड़ी अनीता देवी, आशा कार्यकत्री जयवती प्रजापति, जोगराज सिंह, फरीद अहमद, सदस्य क्षेत्र पंचायत मुजाहिद मंसूरी,पूनम सविता आदि ने भी इस जन जागरूकता अभियान में अपना सहयोग किया।

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4 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 40-40 पैसे/लीटर का इजाफा किया गया

पेट्रोल और डीजल के दामों में अब तक 14 में से 12 दिन बढ़ोतरी

नई दिल्ली (एजेंसी)। पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol-Diesel Price) में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। मंगलवार, 5 अप्रैल को सुबह 6 बजे से दो ईंधनों के दाम (Fuel Price) में एक बार फिर 80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया है। बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत (Petrol Price) 104.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत (Diesel Price) 95.87 रुपए प्रति लीटर हो गई है।

देश में 137 दिनों के विराम के बाद 22 मार्च 2022 से पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि का सिलसिला शुरू हुआ। तब से पेट्रोल और डीजल के दामों में अब तक 14 में से 12 दिन बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल-डीजल की महंगाई से हाल-फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इसकी वजह है कि ऑयल कंपनियां, 137 दिनों के विराम के दौरान हुए भारी नुकसान की भरपाई करने में लगी हुई हैं। उस दौरान कच्चे तेल के दाम (Crude Oil Price) बहुत उच्च बने रहे और देश में 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों व कुछ अन्य कारणों से फ्यूल के दाम नहीं बढ़े। तो अब कंपनियां घाटा पूरा करने की कोशिश कर रही हैं।

अभी टंकी फुल कराई तो कैसे होगी बचत– क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमत में 15 से 20 रुपए तक का इजाफा करना होगा। 22 मार्च से शुरू हुई दाम वृद्धि के चलते अब तक 13 किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों ही 9.20 रुपए प्रति लीटर महंगे हो चुके हैं। पेट्रोल की कीमत में 13 किस्तों में क्रमशः 80, 80, 80, 80, 50, 30, 80, 80, 80, 80, 80, 40 व 80 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। अगर मान लें कि पेट्रोल की कीमत में अभी 12 दिन और बढ़ोतरी होगी और यह 80 पैसे के हिसाब से होगी तो अगले 12 दिन में पेट्रोल लगभग 10 रुपए और महंगा हो जाएगा। ऐसे में 12 दिन बाद आपको 40 लीटर टैंक कैपेसिटी वाली गाड़ी की टंकी में फुल कराने के लिए लगभग 400 रुपए एक्स्ट्रा देने होंगे। यानी अगर आप अभी कार की टंकी फुल कराते हैं तो आपको 400 रुपए की बचत होगी।

तेल कंपनियों के नुकसान का आंकड़ा मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्यूल कीमतों में 4 नवंबर 2021 से लेकर 21 मार्च 2022 यानी 137 दिन तक कोई वृद्धि न किए जाने से पेट्रोलियम कंपनियों इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल को 19,000 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है। इंडियन ऑयल को 1 अरब से लेकर 1.1 अरब डॉलर, बीपीसीएल और एचपीसीएल प्रत्येक को 55 से लेकर 65 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा।

कच्चे तेल की कीमतें कहां- आज यानी 5 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80-80 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इसके बाद दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत (Petrol Price) 104.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल का दाम (Diesel Price) 95.87 रुपए प्रति लीटर हो गया है। जहां तक कच्चे तेल की कीमतों की बात है तो सोमवार को इसमें तेजी दर्ज की गई। अंतररराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 3.12 डॉलर प्रति बैरल की छलांग लगा कर 107.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 4.03 डॉलर प्रति बैरल की छलांग लगा कर 103.30 डॉलर पर पहुंच गया।

सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ

बिजनौर। अफजलगढ़ स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना करके नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ किया गया।

विद्यालय परिसर में हवन एवं सरस्वती पूजन किया गया। अखिलेश सिंह ने सपत्नीक यज्ञमानी की तथा पंडित मुकेश जखमोला ने पूर्ण विधि-विधान पूर्वक सरस्वती पूजन संपन्न कराकर उपस्थित लोगों को हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। वहीं प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र कुमार ने सभी छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए मां सरस्वती से प्रार्थना की। सभी अध्यापक गणों के साथ साथ कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्र- छात्राओं ने यज्ञ में आहुतियां दी। इस अवसर पर आनंद भूषण यादव, राजीव कुमार अग्रवाल, रमाकान्त तिवारी, शौकेन्द्र कुमार तथा अमरीश कुमार का योगदान रहा।

श्री सत्यनारायण सिद्धबली आश्रम पर ऐतिहासिक मेला

बिजनौर। अफजलगढ़ स्थित फूलताल फार्म स्थित श्रीसत्यनारायण सिद्ध बली आश्रम पर आयोजित ऐतिहासिक मेले का पूजा- अर्चना विधिवत शुभारम्भ किया गया।

फूलताल फार्म स्थित श्री सत्यनारायण सिद्ध बली आश्रम के परंपरागत 58वें विशाल मेले के मुख्य पर्व का क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने विधि- विधान पूर्वक पूजा-अर्चना करके शुभारंभ किया। इस अवसर पर मेला व्यवस्थापक खेल सिंह राजपूत तथा डा. संदीप गोयल सहित मेला आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर अतिथियों का स्वागत किया। मेले के व्यवस्थापक खेल सिंह राजपूत ने बताया कि क्षेत्र के गांव चौहड़वाला के निकट फूलताल में श्री सत्यनारायण सिद्धबली आश्रम एक ऐसा प्राचीन सिद्ध स्थल है, जहां दीर्घकाल से श्रद्धालुओं को मनोकामनाएं पूर्ण होती आई है उन्होंने श्रद्धालुओं से मेले में प्रबंध समिति अथवा शासन प्रशासन द्वारा जारी समस्त नियमों अथवा दिशानिर्देश का पालन करते हुए सपरिवार पधारकर धर्म लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस दौरान ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार उर्फ बबली, मेघनाथ सिंह, प्रधान नितिन चौहान, प्रधान मितान सिंह, युवा भाजपा नेता संदीप चौहान उर्फ सीनू, अक्षय प्रताप सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वहीं मेला स्थल पर भारी संख्या में खेल खिलौनों, मिठाई, सौन्दर्य प्रसाधन सहित अन्य प्रकार की दुकानें लगाई गई। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए सर्कस, नाव, झूले, रेलगाड़ी तथा काला जादू के शो का संचालन किया जा रहा था।

15 अप्रैल से महंगा हो सकता है ट्रेन का सफर

नई दिल्ली (एजेंसी)। डीजल इंजनों से चलने वाली ट्रेनों से लम्बी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों से अब अधिक किराया वसूला जा सकता है। ये अतिरिक्त शुल्क 15 अप्रैल से टिकट बुकिंग के समय रेल यात्रा में स्वत: जुड़ जाएगा। दरअसल, रेलवे बोर्ड डीजल इंजनों से चलने वाली ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों पर 10 रुपये से 50 रुपये के बीच हाइड्रोकार्बन सरचार्ज (एचसीएस) या ‘डीजल कर’ लगाने की योजना बना रहा है। यह सरचार्ज उन ट्रेनों पर लागू होगा जो डीजल इंजनों का उपयोग कर आधी से अधिक दूरी तक चलेंगी। यह ईंधन आयात के प्रभाव को कम करने के लिए किया जा रहा है, जो तेल की बढ़ती लागत से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। एसी क्लास के लिए 50 रुपए, स्लीपर क्लास के लिए 25 रुपए और अनारक्षित क्लास के लिए न्यूनतम 10 रुपए फीस तीन कैटेगरी के तहत ली जाएगी।

Additional charges on a railway journey from 15 April , Delhi News in Hindi  - www.khaskhabar.com

उपनगरीय रेल यात्रा टिकटों पर ऐसा कोई अधिभार नहीं लगाया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को उन ट्रेनों की पहचान करने का निर्देश दिया है जो निर्धारित दूरी का 50 प्रतिशत डीजल से चलती हैं। इस सूची को हर तीन महीने में संशोधित किया जाना है। हालांकि 15 अप्रैल से पहले बुक किए गए टिकटों पर सरचार्ज लगाने के बारे में अभी कोई स्पष्टता नहीं है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के साथ-साथ सऊदी अरब और यमन के बीच झड़प के कारण वैश्विक तेल की कीमतें वर्तमान में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं। भारत द्वारा रूस से रियायती कीमतों पर तेल आयात करने के बावजूद, आपूर्ति की कमी है। देश में ईंधन की कीमतों में लगातार 12 दिनों तक बढ़ोतरी के साथ उपभोक्ता ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। एचसीएस सरचार्ज का इस्तेमाल भारतीय रेलवे के चालू विद्युत अभियान के लिए भी किया जाएगा। रेलवे राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ‘मिशन 100 प्रतिशत विद्युतीकरण – नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन’ योजना के तहत जनता को पर्यावरण के अनुकूल, हरित और स्वच्छ परिवहन प्रदान करने के लिए अपने पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क को विद्युतीकृत करने के लिए एक मिशन मोड पर है। उपयोगकर्ता शुल्क में इस बढ़ोत्तरी का मतलब होगा कि ट्रेन का अंतिम किराया बढ़ जाएगा। रेलवे बोर्ड सरचार्ज जोड़कर, रियायतों में कटौती कर या मूल किराए को छुए बिना आराम व सुविधाओं को कम कर कुल किराया बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

सावधान: भारत में हीट वेव की चेतावनी

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने हीट वेव की चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत में पारा तेजी से ऊपर जा रहा है। कई राज्यों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने जम्मू, हिमाचल प्रदेश, विदर्भ और गुजरात में हीट वेव की संभावना जताई है। इसके अलावा 06 अप्रैल के दौरान राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर और मध्य प्रदेश में भी लू चलेगी। IMD के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके साथ ही हीट वेव का असर दिखाई देने लगेगा।  

Weather Update: उत्तर भारत में फिलहाल गर्मी से नहीं मिलेगी राहत, इन राज्यों  में भारी बारिश की चेतावनी - weather update heat wave spell likely to  continue heavy rain likely in north

वहीं उत्तर-पूर्वी बिहार में लोग बढ़ते पारे से थोड़ी राहत की उम्मीद कर सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक पूर्वोत्तर बिहार और आंतरिक तमिलनाडु में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, झारखंड में पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान में हो रही वृद्धि और लू से लोगों को आज यानी 3 अप्रैल को मामूली राहत मिलने की संभावना है।

40 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि तापमान 39 डिग्री तक बढ़ने वाला है, जो 40 डिग्री तक भी पहुंच सकता है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में आईएमडी के अधिकारी आरके जेनामणि ने बताया कि तापमान 39 डिग्री तक बढ़ने वाला है, यह 40 डिग्री तक भी पहुंच सकता है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतें 13 दिन में बढ़ीं 11वीं बार

नई दिल्ली (एजेंसी)। तेल कंपनियों ने नवरात्रि के दूसरे दिन लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। राजधानी दिल्ली में रविवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80-80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जबकि मुंबई में पेट्रोल के दाम 84 पैसे और डीजल के दाम 85 पैसे प्रति लीटर बढ़ गए हैं।

आज ईंधन की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत 103.41 रुपये और डीजल की नई कीमत 94.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, मुंबई में आज फ्यूल के दामों में बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 118.41 और डीजल 102.64 रुपये प्रति लीटर हो गया है। विदित हो कि 13 दिनों में आज 11वीं बार तेल के दाम बढ़ाए गए हैं।

इससे पहले 4 नवंबर, 2021 से देश भर में तेल की कीमतें स्थिर हो गई थीं और करीब साढ़े महीने के बाद 22 मार्च को पहली बार दाम बढ़े थे। 22 मार्च से लेकर 3 अप्रैल तक, 13 दिनों में 11 बार तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। इस दौरान दिल्ली में एक लीटर तेल के दाम 8 रुपये बढ़ाए जा चुके हैं। 21 मार्च, 2022 तक दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 95.41 रुपये प्रति लीटर थी, जो बढ़कर आज 103.41 रुपये प्रति लीटर हो चुकी है।

न्यू एरा अकैडमी में वार्षिकोत्सव व परीक्षा फल का वितरण

बिजनौर। नजीबाबाद के न्यू एरा अकैडमी में वार्षिकोत्सव मनाते हुए परीक्षा फल का वितरण किया गया। सभी सफलता प्राप्त विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम प्राप्त कर खुशी मनाई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने कहा कि समाज में शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है।

न्यू एरा अकैडमी लाहक कला में विद्यालय का वार्षिकोत्सव एवं परीक्षा फल का वितरण किया गया। सभी सफलता प्राप्त विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम प्राप्त कर खुशी मनाई।

विद्यालय के वार्षिकोत्सव में विद्यालय के नन्हे मुन्ने बच्चों ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी ईशम सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के छात्र छात्राओं सब स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान है। शिक्षित व्यक्ति अपने जीवन में जो कार्य भी करता है, उसकी अलग पहचान होती है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की अपील की।

इस अवसर पर साबिर अहमद, शाहबपुरा उमराव से इरशाद अहमद ठेकेदार, डा शमशेर खान लाहक कला,
वीरेंदर सिंह, महिपाल सिंह चौहान, हामिद खान पूर्व प्रधान, उस्मान भाई,सुशील कुमार, सुधीर कुमार, राकेश कुमार, शिवम कुमार इत्यादि छात्र कक्षा 1 में मौ फ़ैज़, 2 में रफिया, कक्षा 3 आहिल, कक्षा 4 में कार्तिक कुमार, कक्षा 5 में अक्षित कुमार इत्यादि छात्रों ने अपनी अपनी कक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि चौधरी इसम सिंह, नादिर हसन, अश्वनी कुमार आदि ने सभी छात्र छात्राओं को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अज़हर हसन अध्यक्ष, अज़रा मैनेजर, स्टाफ श्रवण कुमार, प्रिंसिपल शालिनी चौहान, वाईस प्रिंसिपल हुमेरा, निशा, इरम, फ़िज़ा, आयशा, फरहाना
विनीता इत्यादि उपस्थित रहे।

Whatsapp ने लगाया लाखों खातों पर प्रतिबंध

नई दिल्ली (एजेंसी)। व्हाट्सएप ने फरवरी महीने में भारत के 1,426,000 अनैतिक एवं हानिकारक अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा 2021 के नए आईटी नियमों के  अनुपालन में किया गया है।

कंपनी ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने जनवरी में 1,858,000 अकाउंट्स या खातों पर प्रतिबंध लगा दिया था। उसे देश से एक ही महीने में 335 शिकायतें मिलीं और उनमें से 21 पर जनवरी में कार्रवाई की गई। व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, आईटी नियम 2021 के अनुसार, हमने फरवरी 2022 महीने के लिए अपनी नौवीं मासिक रिपोर्ट प्रकाशित की है।

प्रवक्ता ने कहा, जैसा कि नवीनतम मासिक रिपोर्ट में दर्ज किया गया है, व्हाट्सएप ने फरवरी के महीने में 14 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया है। कंपनी ने कहा कि साझा किए गए डेटा में व्हाट्सएप द्वारा 1 फरवरी से 28 फरवरी के बीच दुरुपयोग का पता लगाने के दृष्टिकोण का उपयोग करके प्रतिबंधित भारतीय खातों की संख्या पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें इसके रिपोर्ट फीचर के माध्यम से यूजर्स से प्राप्त नकारात्मक प्रतिक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए की गई कार्रवाई भी शामिल है।

राज्यसभा में भाजपा ने लगाया शतक

भाजपा ने राज्यसभा में रचा इतिहास, पहली बार सांसदों की संख्या 100 के पार

नई दिल्ली (एजेंसी)। राज्यसभा में पहली बार भाजपा ने सदस्यता में 100 से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली भाजपा 1988 के बाद पहली पार्टी बन गई है। गुरुवार को हुए संसद के उच्च सदन के चुनावों के हालिया दौर के बाद, भगवा पार्टी की संख्या अब 101 हो गई है।

भाजपा ने यह उपलब्धि 13 में से चार सीटें जीतकर हासिल की, जिसके लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। भाजपा की गठबंधन सहयोगी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने असम से एक राज्यसभा सीट जीती। भाजपा ने तीन पूर्वोत्तर राज्यों असम, त्रिपुरा और नागालैंड से राज्यसभा की चार सीटें जीतीं। भाजपा ने इस क्षेत्र से उच्च सदन में अपने सदस्यों की संख्या भी बढ़ा दी है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट किया, असम ने एनडीए के दो उम्मीदवारों को राज्यसभा में चुनकर प्रधनमंत्री पर अपना विश्वास जताया है। भाजपा की पबित्रा मार्गेरिटा 11 वोटों से जीती और यूपीपीएल के रवंगवरा नारजारी नौ वोटों से जीते। विजेताओं को मेरी बधाई।

BJP created history in Rajya Sabha | NewsTrack English 1

राज्यसभा में बीजेपी के 100 का आंकड़ा पार करने के साथ ही विपक्ष को इस साल अगस्त में होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर कर दिया गया है। असम की दो राज्यसभा सीटों और त्रिपुरा की एक सीट के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। भाजपा उम्मीदवार और उनकी महिला शाखा के राज्य अध्यक्ष एस. फांगनोन कोन्याक को नागालैंड की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए निर्विरोध चुना गया, जिससे वह संसद के उच्च सदन में बर्थ पाने वाली राज्य की पहली महिला बन गईं। असम में कांग्रेस के रिपुन बोरा और रानी नारा का राज्यसभा का कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त होगा।

पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद आप ने राज्य की सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की। अब आप की संख्या उच्च सदन में आठ सीटों तक बढ़ गई है। राज्यसभा चुनाव के हालिया दौर में कांग्रेस की ताकत पांच सीटों से कम हो गई है।

LPG सिलेंडर ₹250 महंगा!

नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन महंगाई की मार, 250 रुपए बढ़े LPG सिलेंडर के दाम

नई दिल्ली (एजेंसी) नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन आज 1 अप्रैल को महंगाई का जोरदार झटका लगा है। नए वित्त वर्ष 2022-23 की शुरुआत के साथ ही एलपीजी गैस सिलेंडर की नई कीमतें जारी हो गई हैं। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 250 रुपए की बढ़ोतरी की है। हालांकि यह बढ़ोतरी घरेलू रसोई गैस सिलेंडर में नहीं बल्कि कामर्शियल गैस सिलेंडर में हुई है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। पिछले महीने 22 मार्च को रसोई गैस सिलेंडर के दाम 50 रुपए बढ़े थे, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर सस्ता हुआ था।

नए वित्त वर्ष के पहले दिन घरेलू रसोई गैस की कीमतें नहीं बढ़ाए जाने से आम आदमी को थोड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किग्रा गैस सिलेंडर के दाम 949.5 रुपए हैं। कोलकाता में 976 रुपए, मुंबई में 949.50 रुपए और चेन्नई में बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत अब 965.50 रुपए है।

कामर्शियल सिलेंडर महंगा होने से अब बाहर खाना महंगा हो सकता है। दिल्ली में 19 किलो वाला कामर्शियल सिलेंडर एक मार्च को दिल्ली में 2012 रुपए में रीफिल हो रहा था। 22 मार्च को इसकी कीमत घटकर 2003 रुपए पर आ गई थी, लेकिन आज इसमें फिर से बढ़ोतरी कर दी गई है। दिल्ली में इसे रीफिल करवाने के लिए 2253 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं मुंबई में अब यह 1955 रुपए की जगह 2205 रुपए में मिलेगा। कोलकाता में इसकी कीमत 2,087 रुपए के बढ़कर 2351 रुपए हो गई है जबकि चेन्नई में इसके लिए अब 2,138 रुपए के बजाय 2,406 रुपए खर्च करने होंगे। पिछले दो महीने में 19 किलो वाले एलपीजी गैस सिलेंडर में 346 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। एक मार्च को 19 किलो वाले कामर्शियल सिलेंडर के रेट में 105 रुपए का इजाफा हुआ था जबकि 22 मार्च को 9 रुपए सस्ता हुआ।

मेरठ एक्सप्रेस-वे के ऊपर से गुजरेगी रैपिड रेल

मेरठ। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के एक-एक स्टेशन का काम अब डिजाइन के साथ फाइनल होने लगा है। परतापुर तिराहा (मेरठ साउथ) स्टेशन पर काम तेजी से चल रहा है। साथ ही डिजाइन भी फाइनल हो गया है।

इस स्टेशन का निर्माण मेरठ एक्सप्रेस-वे के पास किया जा रहा है। मेरठ साउथ से परतापुर की तरफ जाते हुए यह मेरठ एक्सप्रेस को क्रॉस करते हुए उसके ऊपर से गुज़रेगा। करीब 18 मीटर ऊंचाई वाले पिलर से रैपिड गुजरेगा। यह स्टेशन दिल्ली गाज़ियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के सबसे ऊँचे स्टेशनों में से एक होगा।

स्टेशन का लुक भी विदेशी स्टेशनों की तरह होगा। मेरठ साउथ स्टेशन के निर्माण के लिए फ़ाउंडेशन और पिलर निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। अभी स्टेशन के दूसरे लेवल के लिए स्लैब बनाने का कार्य चल रहा है। इस स्टेशन की लंबाई 215 मीटर, चौड़ाई लगभग 24 मीटर और प्लेटफॉर्म लेवल की ऊंचाई करीब 20 मीटर होगी। यात्रियों को पहुँचने में सुविधा और सुगमता प्रदान करने के लिए सड़क के दोनों किनारों पर दो प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे।

FASTER सिस्टम से अब जमानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई प्रक्रिया होगी और तेज

नई दिल्ली (एजेंसी) देश में अब जमानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट मुख्य न्यायधीश एनवी रमणा आज फास्ट एंड सिक्योर ट्रांसमिशन आफ इलेक्ट्रानिक रिका‌र्ड्स को लॉन्च करेंगे। बताया गया है कि मुख्य न्यायाधीश FASTER सॉफ्टवेयर को वर्चुअली लॉन्च करेंगे। कार्यक्रम में CJI समेत सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज और सभी हाईकोर्ट के जज शामिल होंगे। इस सिस्टम के आने के बाद कैदियों को जमानत के दस्तावेजों की हार्ड कॉपी के जेल प्रशासन तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना होगा।

सितंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने आदेशों को संबंधित पक्षों तक पहुंचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन के सिस्टम को लागू करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने आदेश देते समय जमानत मिलने के बावजूद कैदियों को जेल से रिहाई में होने वाली देरी पर चिंता जताई थी। FASTER के जरिए अदालत के फैसलों की तेजी से जानकारी मिल सकेगी और उस पर तेजी से आगे की कार्यवाही संभव हो सकेगी।

इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स या फास्टर का तेज और सुरक्षित ट्रांसमिशन जेलों में ड्यूटी-होल्डर्स को अंतरिम आदेशों, जमानत आदेशों, स्थगन आदेशों और कार्यवाही के रिकॉर्ड की ई-प्रमाणित प्रतियों को भेजने में मदद करेगा, ताकि एक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन चैनल के माध्यम से अनुपालन और उचित निष्पादन हो सके। पिछले साल मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा, न्यायमूर्ति नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की तीन सदस्यीय पीठ ने राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, जेल विभागों और अन्य संबंधित अधिकारियों को ई-प्रमाणित प्रतियों को स्वीकार करने के लिए जेलों में व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।

वैभव अग्रवाल बने आईवीएफ के जिला महामंत्री


बिजनौर। अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश उपाध्यक्ष गौरव अग्रवाल एडवोकेट की संस्तुति पर अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महा सम्मेलन (जनपद बिजनौर) के जिला अध्यक्ष अभिनव अग्रवाल एडवोकेट द्वारा स्थानीय वैभव अग्रवाल को जनपद बिजनौर का जिला महामंत्री मनोनीत किया गया है। उनसे आशा व्यक्त की गई है कि वह संगठन को एक नयी दिशा व मजबूती प्रदान करेंगे। आईवीएफ जिलाध्यक्ष अभिनव अग्रवाल एडवोकेट ने नव मनोनित जिला महामंत्री वैभव अग्रवाल से आशा की है कि वह वैश्य समाज की परम्परा को आगे बढाते हुए समाज में फैली कुरीतियों के उन्मूलन व रचनात्मक कार्यो के प्रति समर्पित रहेंगे।

गंगा बैराज पर डीपीआरओ ने चलाया सफाई अभियान

बिजनौर। स्वच्छता अभियान के तहत गंगा बैराज पुल पर  डीपीआरओ सतीश कुमार ने विशेष सफाई अभियान चलाया। इसके लिए वह स्वयं सहायक विकास अधिकारी पंचायत अनिल कुमार एवं रविकान्त को साथ लेकर टीम के साथ प्रातः 7 बजे गंगा बैराज पर पहुंचे एवं विशेष सफाई अभियान के तहत गंगा घाट की सफाई कराई। उन्होंने वहां पड़ी पॉलिथीन व कचरे को इकट्ठा करवाकर खड़ी झाड़ियों की कटाई कराई।

इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा मैया में लोगों की आस्था है, इसीलिए गंगा बैराज पर इसी तरह से समय समय पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। गंगा बैराज पर साफ़-सफाई होना बहुत आवश्यक है।

डीपीआरओ बिजनौर सतीश कुमार

डीपीआरओ ने कहा कि गंदगी की वजह से लोगों को समस्या ना हो इसीलिए गंगा बैराज पर सफ़ाई कार्य के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वह सभी गम्भीरता के साथ प्रतिदिन सफ़ाई करें। स्वच्छता में लापरवाही हरगिज़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिर भी यदि गंगा बैराज पर गंदगी मिलती है तो यहाँ नियुक्त कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी पंचायत देवमल को कड़े निर्देश भी दिए गए।

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन, नहीं करना पड़ेगा एक भी रुपया खर्च

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन, नहीं करना पड़ेगा एक भी रुपया खर्च

नई दिल्ली (एजेंसी)। महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत 20 से 40 साल की उम्र की महिलाओं को सिलाई मशीन लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।

पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत महिलाओं को बस एक आवेदन करने की जरूरत है। ये योजना हर एक राज्य की 50,000 महिलाओं की सुविधा के लिए बनाई गई है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका

पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका देगी। भारत की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ये एक अच्छा कदम साबित हो सकता है। पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत 20 से 40 साल की उम्र की महिलाओं को सिलाई मशीन लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।

नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे कश्मीरी पंडित

नई दिल्ली। कश्मीरी पंडित नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे। द कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का दर्द सामने आने के बाद इस बार नए साल यानी नवरेह पर घाटी में पंडितों की वापसी की आवाज बुलंद होगी। देशभर से कश्मीरी पंडित नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे।
जम्मू से भी बस के जरिये कश्मीरी पंडित घाटी में जाकर हरि पर्वत पर मां शारिका मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही पंडितों की वापसी की कामना करेंगे। सार्वजनिक समारोह कर वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाने के प्रयास होंगे, जिसमें सभी धर्मों व संप्रदाय के लोग शामिल होंगे। भाजपा नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी व शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी इस मौके की साक्षी होंगी।
जेके पीस फोरम की ओर से देशभर के कश्मीरी पंडितों को नवरेह पर दो अप्रैल को कश्मीर में जुटाने की तैयारियां की गई हैं। इसके तहत शारिका मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही शेर-ए कश्मीर पार्क में नवरेह मिलन कार्यक्रम होगा। घाटी में भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ ही पंडितों की सम्मानजनक वापसी की आवाज बुलंद की जाएगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य 30 साल के विस्थापन के बीच धार्मिक-सांस्कृतिक रीति-रिवाजों से नई पीढ़ी को अवगत कराना और दहशत में घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर लोगों के लिए सुरक्षा व आत्म सम्मान की भावना जगाना है। फोरम के चेयरमैन सतीश महालदार ने बताया कि इस बार कोशिश है कि सभी धर्मों के लोगों को एक मंच पर लाकर पंडितों की वापसी का माहौल बनाया जाए। इसके लिए अंतर समुदाय सांस्कृतिक महोत्सव भी कराया जा रहा है। कोशिश होगी कि सभी लोग एक-दूसरे की भावनाओं को समझें व सभी के प्रति सम्मान का भाव जगे। विस्थापन का दर्द झेल रहे पंडितों को सम्मान मिले।
सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत भी नवरेह पर इस बार ऑनलाइन संबोधित करेंगे। संजीवनी शारदा केंद्र जम्मू के माध्यम से इस कार्यक्रम का आयोजन तीन अप्रैल को होगा। सर संघचालक पिछले साल संबोधन करने वाले थे, लेकिन अस्वस्थ होने की वजह से यह संभव नहीं हो पाया था।

UP BSP की सभी इकाइयां भंग

मायावती ने लिया बड़ा एक्शन, BSP की सभी इकाइयों को भंग किया

नई दिल्ली (एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने सभी प्रत्याशियों और पार्टी पदाधिकारियों को बुलाकर हार के कारणों पर मंथन किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी की सारी कार्यकारिणी को भंग करने के साथ ही 3 चीफ कोऑर्डिनेटर्स की नियुक्ति कर दी।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी चुनाव में हार पर बड़ा एक्शन लिया। उन्होंने पार्टी की सभी इकाइयों को भंग कर दिया। उन्होंने हार के कारणों पर समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों के साथ हारे हुए 402 प्रत्याशी भी बुलाए गए। विदित हो कि यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बसपा प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से सिर्फ एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी है। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद राजनीतिक पंडितों का कहना है कि बसपा लगभग खत्म हो चुकी है। उसके वोट बैंक का एक बड़ा हिस्सा भी भाजपा और अन्य पार्टियों में शिफ्ट हो चुका है।

एफपीओ द्वारा ग्राम अगरी में मृदा परीक्षण की अभिनव पहल

एफ.पी.ओ. द्वारा ग्राम अगरी में मृदा परीक्षण की अभिनव पहल

बिजनौर। ग्राम अगरी में कृषक उत्पादक संगठन “हल्दौर फेड फारमर्स प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड” द्वारा एक मृदा परीक्षण लैब स्थापित की जा रही है।

एफ.पी.ओ. के सीईओ विकास कुमार ने बताया कि इस प्रयोगशाला में कृषक नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, पीएच, ईसी,सल्फर, जिंक, बोरोन, कापर, जीवांश कार्बन आदि की जांच करा सकते हैं। एक मृदा नमूना के सभी तत्वों की टेस्टिंग की फीस 400 रूपये निर्धारित की गयी है। इसके साथ ही यदि कोई कृषक कुछ चुनिंदा तत्वों की जांच कराना चाहता है तो इसकी फीस तुलनात्मक रूप से उसी तरह से कम हो जाएगी। नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश में से किसी एक तत्व की जांच के लिए ₹28 देने होंगे। पीएच मान की जांच के लिए ₹48 तथा ऑर्गेनिक कार्बन के लिए 65 रुपए का शुल्क देय होगा। एक मृदा नमूने के संपूर्ण तत्वों की जांच के लिए लगभग 1 घंटे का समय लगता है। कृषक उत्पादक संगठन के चेयरमैन ब्रह्मपाल सिंह द्वारा बताया गया कि जनपद बिजनौर में किसी भी एफपीओ द्वारा यह अनूठी पहल है तथा संतुलित उर्वरक प्रयोग हेतु यह प्रयोगशाला मील का पत्थर साबित होगी।
स्थापित की जाने वाली प्रयोगशाला का निरीक्षण उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द्र द्वारा किया गया। मौके पर उपस्थित कृषकों को उप कृषि निदेशक द्वारा जानकारी दी गई कि मृदा परीक्षण से भूमि में उपलब्ध पोषक तत्वों के स्तर की जानकारी होगी तथा आगामी मौसम में बोई जाने वाली फसल के लिए पोषक तत्वों की सही आवश्यकता की जानकारी से संतुलित उर्वरकों का प्रयोग कर सकेंगे, जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी। इस अवसर पर उनके साथ उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी बिजनौर व आत्मा प्रभारी योगेन्द्र पाल सिंह योगी उपस्थित रहे। आत्मा प्रभारी द्वारा उपस्थित कृषकों से परिचर्चा में जैविक कृषि अपनाए जाने पर बल दिया गया।

अब इन लोगों के खाते में आयेंगे गैस Subsidy के पैसे

958 रूपये पहुंचा गैस सिलेंडर का दाम, सरकार ने शुरू की सब्सिडी, अब इन लोगों के खाते में आयेंगे Subsidy के पैसे

LPG Subsidy: घरेलू गैस सिलेंडर की महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। इसको लेकर आम आदमियों को बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने एक आंतरिक मूल्यांकन किया था जिसके परिणाम मिले थे कि उपभोक्ता एक सिलेंडर के लिए ₹1000 तक दे सकता है। घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर सरकार ने एक नया प्लान बनाया है।

इस प्लान के अंतर्गत सरकार बिना सब्सिडी के सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर देगी या चुने हुए उपभोक्ताओं को सरकार सब्सिडी का लाभ देगी। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं इसको लेकर सरकार नए से नए प्लान बना कर उन पर अमल करना चाह रही है।

सरकार ने दिया नया प्लान

घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार ने सब्सिडी देने के बारे में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं किया है। कई लोगों का मानना है कि 10 लाख रुपए इंकम का नियम सरकार जारी रखेगी। इसके अलावा सरकार उज्जवला योजना के उपभोक्ताओं की सब्सिडी लागू रखेगी। वहीं अन्य उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ बंद किया जा सकता है। सरकार ने पिछले कई महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी चालू कर दी थी।

आसमान छू रही घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत

पिछले कुछ सालों से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा पिछले साल यानी कि 2021 से गैस सिलेंडरों की कीमत में कुछ ज्यादा ही उछाल दर्ज की गई है। इस कारण आम आदमियों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। आम आदमी को घरेलू गैस सिलेंडर खरीदने के लिए बहुत ही ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में और ज्यादा उछाल आने की संभावना जताई जा रही है। इससे आम आदमियों पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा।

बैंकों में चार दिन लटके रहेंगे ताले, सिर्फ खुलेगा SBI

नई दिल्ली (एजेंसी)। दो दिवसीय औद्योगिक हड़ताल में बैंक की कई यूनियनें शामिल होंगी लेकिन आल इंडिया बैंक आफिसर कंफेडरेशन (All India Bank Officer Confederation) इससे दूर रहेगा। असर यह होगा कि भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) का शटर नहीं गिरेगा। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 28 एवं 29 मार्च को औद्योगिक हड़ताल प्रस्तावित है। इसमें आल इंडिया बैंक इम्पलाईज एसोसिएशन, आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन, बेफी आदि यूनियनों ने शामिल होने का निर्णय किया है।

हड़ताल के दौरान भी खुले रहेंगे sbi शाखाएं और एटीएम 

आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन इस हड़ताल में शामिल नहीं है। एसबीआइ में यह यूनियन प्रभावी है। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के महासचिव अजीत मिश्रा ने कहा कि एसबीआइ में हड़ताल का असर नहीं होगा क्योंकि आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन से ही जुड़े अधिक सदस्य हैं। हड़ताल के दौरान शाखाएं और एटीएम खुले रहेंगे। दो दिवसीय बैंक हड़ताल के साथ शनिवार और रविवार की साप्ताहिक छुट्टी भी है। इस वजह से बैैंक 26 से 29 मार्च तक लगातार चार दिनों तक बंद रहेंगे। 

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अन्‍य बैंकों में चार दिनों तक लटके रहेंगे ताले 

विदित हो कि बैंकों में हड़ताल और साप्‍ताहिक छुट्टी के कारण चार दिनों तक बैंकिंग सेवाएंं प्रभावित रहेंगी। लेकिन स्‍टेट बैंक की इसमें सहभागिता नहीं होगी तो लोगों को बड़ी सहूलियत होगी। लोगों को चिंता सता रही थी कि मार्च के अंतिम सप्‍ताह में बैंकिंग की समस्‍या होगी लेकिन इसमें थोड़ी राहत मिलती दिख रही है। मार्च क्‍लोजिंग के समय की यह हड़ताल प्रभाव तो डालेगी ही। बता दें कि इस महीने होली की छुट्टी भी हो गई। इसके अलावा बिहार दिवस, हड़ताल, साप्‍ताहिक छुट्टी के कारण भी बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा है। आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने कहा है कि बैंकिंग उद्योग के दो प्रमुख संगठनों एआइबीईए, एआइबीओए और बेफी ने हड़ताल का आह्वान किया है।  

कब और कहां प्रकाशित हुआ था पहला विज्ञापन

नयी दिल्ली। आजकल अखबारों में हर तरफ विज्ञापनों की भरमार रहती है और यह विज्ञापन अखबार मालिकों के लिए राजस्व का एक बड़ा जरिया होते हैं। अब सवाल यह पैदा होता है कि पहला विज्ञापन कब और कहां प्रकाशित हुआ होगा? हम बताते हैं…

विभिन्न समाचार माध्यमों के राजस्व का जरिया विज्ञापन होते हैं। अखबार, टीवी के अलावा सोशल मीडिया आदि के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले विज्ञापन ही इनकी निरंतरता का आधार हैं। विज्ञापनों से होने वाली आय से ही पूरे संस्थान के खर्चे सम्पन्न होते हैं। इनमें कर्मचारियों का वेतन, मशीनरी, कम्प्यूटर, बिजली, परिवहन आदि सभी कुछ  शामिल हैं। कुल मिलाकर विज्ञापन को मीडिया संस्थानों की रीढ़ कहा जा सकता है।

भारत में वह 25 मार्च 1788 का दिन था जब कलकत्ता गजट में भारतीय भाषा में पहला विज्ञापन प्रकाशित हुआ। यह बांग्ला भाषा में प्रकाशित हुआ था। तभी से अखबारों में विज्ञापन देने की परंपरा का सूत्रपात हुआ। पहले तो किसी सामान, कंपनी आदि के विज्ञापन ही प्रकाशित हुआ करते थे। धीरे-धीरे बधाई, शोक संदेश, राजनीतिक दलों का प्रचार, सरकारी योजनाओं के टेंडर आदि सब कुछ विज्ञापनों पर निर्भर होते चले गए। अब हालात यह है कि विज्ञापन के बिना किसी भी मीडिया प्लेटफॉर्म की परिकल्पना करना भी बेमानी है।

अतः आप भी ध्यान रखें कि जब कोई मीडिया कर्मी आपसे विज्ञापन के लिये कहे तो उसके पीछे का मंतव्य समझना होगा। …क्योंकि बहुत से ऐसे पत्रकार भी हैं जो किसी मीडिया संस्थान की नौकरी न कर के स्वतंत्र पत्रकारिता करते हैं और आपके सहयोग से ही उसके परिवार का खर्च चलता है। वैसे भी लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है पत्रकार।

जोर का झटका: ₹50 महंगी हो गई रसोई गैस

एक झटके में 50 रुपये महंगी हो गई रसोई गैस, पटना में 1000 रुपये से महंगा हुआ सिलेंडर

दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 949.50 रुपये हुई

दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 949.50 रुपये हुई

नई दिल्ली (एजेंसी)। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मंगलवार को रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए. इसकी कीमत में पिछले साल अक्टूबर से कोई बदलाव नहीं हुआ था।

  • दिल्ली में 949.50 रुपये हुई रसोई गैस की कीमत
  • 6 अक्टूबर से कीमतों में नहीं हुआ था बदलाव

रसोई गैस उपभोक्ताओं को मंगलवार को बड़ा झटका लगा। इसकी वजह ये है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मंगलवार को एक झटके में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के दाम में 50 रुपये का इजाफा कर दिया। इसके बाद बिहार की राजधानी पटना में रसोई गैस की कीमत 1,047.50 रुपये हो गई। इसी तरह देश के अधिकतर प्रमुख शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1,000 रुपये के करीब पहुंच गई है।

दिल्ली, मुबंई में एलपीजी सिलेंडर के दाम

देश में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के दाम में 6 अक्टूबर, 2021 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन अब रेट अचानक से 50 रुपये बढ़ गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) का दाम 899.50 रुपये से बढ़कर 949.50 रुपये हो गया है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी एलपीजी सिलेंडर का मूल्य 949.50 रुपये हो गया है। मायानगरी में भी मंगलवार से पहले रसोई गैस सिलेंडर का भाव 899.50 रुपये पर था।

कोलकाता, चेन्नई में इतने हो गए हैं दाम

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर का मूल्य बढ़कर 965.50 रुपये हो गया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में LPG Cylinder लेने के लिए अब 976 रुपये का भुगतान करना होगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 987.5 रुपये हो गई है।

कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का दाम 2,003.5 रुपये पर है। वहीं, चेन्नई में इसकी कीमत 2,137.50 रुपये पर है. मुंबई में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1954.50 रुपये पर आ गई है।

रेट बढ़ने की वजह

रूस और यूक्रेन के बीच जंग की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में 40 फीसद तक की तेजी देखने को मिली है। इस वजह से घरेलू स्तर पर एलपीजी सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए जरूरी हो गया था।

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने का समय बदला

वृंदावन। ग्रीष्मकाल शुरू होने के साथ ही ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने का समय बदल गया है। मंदिर के पट सुबह पौने आठ बजे से खुलना शुरू हो गए हैं। दर्शन समय के साथ ही ठाकुर जी की पोशाक और भोग सेवा में भी बदलाव कर दिया गया है।

मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि 20 मार्च से मंदिर में श्रृंगार आरती सुबह 7.55 बजे होने लगी है। राजभोग आरती 11.55 बजे, दर्शन का समय सुबह 7.45 से दोपहर 12 बजे तक रखा गया है। सायंकाल में 5.30 से 9.30 बजे तक दर्शन हो सकेंगे। शयन आरती 9.25 पर होगी। सुबह 11 से 11.30 के बीच ठाकुरजी को राजभोग निवेदित किया जाएगा, जबकि शाम 8.30 बजे शयनभोग परोसा जाएगा। मंदिर सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी को अब हल्के रेशम की पोशाक धारण करवाई जा रही है। साथ ही चार पहर परोसे जाने वाले भोग में भी बदलाव किया गया है। गरिष्ठ पदार्थों की कम और तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ा दी गई है।

NPCI ने लांच की UPI Lite सर्विस

Paytm UPI Lite – NPCI ने लांच की UPI Lite सर्विस ! Paytm या किसी भी एप्प से UPI Lite के जरिये बिना इंटरनेट कर सकेंगे पैसे ट्रांसफर ! 

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नई दिल्ली। NPCI यूपीआई को लेकर समय समय पर काफी बदलाव लाते रहती है, अभी कुछ दिन पहले ही NPCI ने Aadhaar OTP के जरिये UPI Pin बनाने की सर्विस शुरू करने के लिये सभी बैंको को बोला था और अभी फिर से NPCI ने UPI Lite सर्विस शुरू करने जा रही है। इस सर्विस के जरिये अब कोई भी व्यक्ति बिना इंटरनेट के ही Paytm, Phone Pe, Google Pay जैसे UPI एप्प से पैसे भेज पायेंगे।

NPCI ने जारी किया UPI को लेकर नोटिफिकेशन –

अभी हॉल ही में NPCI ने 16 मार्च 2022 को सभी UPI मेंबर बैंक को एक एप्लीकेशन लिखा है, यह एप्लीकेशन UPI से सम्बंधित है। एप्लीकेशन के अनुसार NPCI यूपीआई से सम्बंधित एक नयी सर्विस शुरू करने वाली है। इस नयी सर्विस का नाम UPI Lite रखा गया है, इस नयी सर्विस से यूजर्स को Wallet जैसी सर्विस मिलने वाली है।

NPCI ऑफिसियल नोटिफिकेशन – https://www.npci.org.in/PDF/npci/upi/circular/2022/UPI-OC-138-Introduction-of-On-Device-wallet-UPI-Lite-for-Small-Value-Transactions.pdf

सभी एप्प में मिलेंगी Paytm Wallet जैसी सुविधा –

यह जो UPI Lite है यह एक On Device Wallet है, मतलब Paytm, Phone Pe में जैसे Wallet होते है, उसी तरह के wallet आपको सभी UPI एप्प में मिलेंगे। ऐसे कई UPI एप्प है, जैसे BHIM, Google Pe जिसमे आपको वॉलेट सुविधा नहीं मिलती है, लेकिन अब UPI Lite के जरिये इन एप्प में भी आपको Wallet जैसी सुविधा मिलने लगेंगी।

इस वजह से लांच हुआ है UPI Lite –

जब से UPI Payment सर्विस लांच हुई है, दिनों दिन इसके ट्रांजेक्शन बढ़ते जा रहे है। पर इन ट्रांजेक्शन में 75% ट्रांजेक्शन 100 रूपये से कम के है और 50% ट्रांजेक्शन 200 रूपये से कम के। और इन छोटे UPI ट्रांजेक्शन होने के कारण कई बार Bank का सर्वर डाउन हो जाता है, और कई UPI ट्रांजेक्शन Fail हो जाते है। और इन छोटे छोटे ट्रांजेक्शन होने के कारन बैंक में भी बहुत ज्यादा एंट्री हो जाती है। जिसके कारण बैंक पर भी लोड पड़ता है, तो इन्ही समस्या को देखते हुआ UPI Lite लांच किया है।

ऐसे काम करेंगा UPI Lite –

UPI Lite में आप Wallet की तरह पैसे Add कर पायेंगे और किसी को भी बिना इंटरनेट के ही पेमेंट कर पायेंगे। पर UPI Lite में आप बहुत ज्यादा पैसे add नहीं कर पायेंगे। क्यूंकि यूपीआई लाइट में पैसे लोड करने की लिमिट 2 हजार रूपये ही है। UPI Lite में लोड हुए पैसे को आप किसी भी व्यक्ति को भेज पायेंगे। पर एक बार में आप 200 रूपये से ज्यादा नहीं भेज पायेगे। अगर आपको 200 रूपये से ज्यादा भेजना होगा तो फिर आपको 2-3 या इससे ज्यादा बार में पैसे भेजना पड़ेगा।

साभार Career Bhaskar

बुल्डोजर बाबा को गिफ्ट में मिला चांदी का बुल्डोजर

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की खराब पड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस बुलडोजर का उपयोग किया आज वह उसी के ब्रांड अम्बेसडर बन गए हैं।

आमतौर पर नेताओं को लोग सार्वजनिक कार्यक्रम में स्मृतिका के रूप में देवी देवताओं की मूर्तियां या फिर गदा, तलवार, धनुष-बाण देते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उपहार में चांदी का बुलडोजर मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते तीन दिन से अपनी कर्मस्थली गोरखपुर में थे। होलिका दहन के साथ ही होली में रंग खेलने के बेहद इच्छुक सीएम योगी आदित्यनाथ ने तीन दिन के गोरखपुर प्रवास में हजारों लोगों से भेंट की। इसी बीच उनको गोरखपुर के व्यापारियों ने जो उपहार दिया, उसको तो देखते ही उनके चेहरे पर मुस्कान फैल गई। उत्तर प्रदेश के साथ ही देश में भी बुलडोजर बाबा के नाम से विख्यात हो चुके सीएम आदित्यनाथ के बुलडोजर ने जातीय समीकरण ध्वस्त कर दिए। योगी आदित्यनाथ को अपने ही शहर में चांदी का बुलडोजर उपहार में मिला है। गोरखपुर मंडल में जनता ने भारतीय जनता पार्टी सरकार की योजनाओं को सराहा है, इस कारण राशन से शासन का रास्ता साफ हो पाया। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुआई में शानदार जीत दर्ज की। मोदी-योगी की डबल इंजन की सरकार का जादू मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला है।

माफिया के खिलाफ चला बुलडोजर- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ एक मुहीम छेड़ दी थी। माफिया और उनके गुर्गों को जेल तो भेजा ही गया, साथ ही उनके अवैध संपत्तियों पर जमकर बुलडोजर चला। विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को ही विपक्ष के खिलाफ अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। इसी दौरान माफिया पर बुलडोजर चलाने का स्लोगन हर जनसभाओं में गूंजने लगा। (साभार)

होली पर पाकिस्तान से नहीं हुआ मिष्ठान का आदान प्रदान

जैसलमेर। पिछले दिनों भारतीय मिसाइल के गलती से पाकिस्तानी हवाई सीमा में फायर होने से दोनों देशों के बीच रिश्तों में कड़वाहट का असर होली के त्योहार पर भी देखने को मिला। इस बार इस त्योहार पर दोनों देशों की तरफ से होली की मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ। हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन सूत्रों ने बताया कि इस बार होली के त्योहार पर दोनों देशों में मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ जबकि इस बार 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर रिश्तों में मिठास थी लेकिन मिसाइल वाली घटना के बाद रिश्तों में इस कड़वाहट को देखा जा रहा है।

रिश्तों की कड़वाहट नहीं हुई होली पर दूर- सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा मिसाइल की घटना को गलत तरीके से पेश किए जाने से भारत भी नाराज है। भारत द्वारा गलती स्वीकार किए जाने के बाद भी उस ओर से गलत बयानबाजी से भारत नाराज है। बताया ये भी जा रहा है कि भारत ने पाकिस्तान से बधाई और मिठाई लेने से इनकार किया है। बदले में भारत द्वारा जो मिठाई दी जाती है वह भी नहीं दी गई। दरअसल पुलवामा हमले के बाद से रिश्तों में आई तल्खी धीरे धीरे कम हुई थी तथा दीवाली से रिश्तों में मिठास आनी शुरू हुई थी। मगर कुछ दिन पहले गलती से सीमा पार जा गिरी मिसाइल कीं वजह से पाकिस्तान में पैदा हुई रिश्तों की कड़वाहट को होली पर दूर किया जाना था। मगर इस बार होली पर ये सब नहीं हो पाया।

मिसाइल गिरी थी पाकिस्तान के इलाके में- उल्लेखनीय है कि नौ मार्च को रूटीन मेंटेनेंस के दौरान तकनीकी खराबी के चलते एक मिसाइल दुर्घटनावश फायर हो गई थी। भारत सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और उच्चस्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दे दिया है। ये जानने में आया है कि मिसाइल पाकिस्तान के इलाके में गिरी थी।

द कश्मीर फाइल्स के बाद दूसरा धमाका लाल बहादुर शास्त्री; देखने के लिए हो जाएं तैयार…

कश्मीर फाइल्स के बाद दूसरा धमाका देखने के लिए हो जाओ तैयार…

लालबहादुर शास्त्री https://youtu.be/yq9TOW43TYs

लालबहादुर शास्त्री (जन्म: 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय (वाराणसी) : मृत्यु: 11 जनवरी 1966 ताशकन्द, सोवियत संघ रूस), भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री थे। वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे। इस प्रमुख पद पर उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा। शास्त्री जी ने काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि प्राप्त की भारत  की  स्वतन्त्रता के पश्चात शास्त्रीजी को उत्तर प्रदेश के संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। गोविंद बल्लभ पंत के मन्त्रिमण्डल में उन्हें पुलिस एवं परिवहन मन्त्रालय सौंपा गया। परिवहन मन्त्री के कार्यकाल में उन्होंने प्रथम बार महिला संवाहकों (कण्डक्टर्स) की नियुक्ति की थी। पुलिस मंत्री होने के बाद उन्होंने भीड़ को नियन्त्रण में रखने के लिये लाठी की जगह पानी की बौछार का प्रयोग प्रारम्भ कराया। 1951 में, जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में वह अखिल भारत कांग्रेस कमेटी के महासचिव नियुक्त किये गये। उन्होंने 1952, 1957 व 1962 के चुनावों में कांग्रेस पार्टी को भारी बहुमत से जिताने के लिये बहुत परिश्रम किया।

साफ सुथरी छवि- जवाहरलाल नेहरू का उनके प्रधानमन्त्री के कार्यकाल के दौरान 27 मई, 1964 को देहावसान हो जाने के बाद साफ सुथरी छवि के कारण शास्त्रीजी को 1964 में देश का प्रधानमन्त्री बनाया गया। उन्होंने 9 जून 1964 को भारत के प्रधानमंत्री का पद भार ग्रहण किया। उनके शासनकाल में 1965 का भारत पाक युद्ध शुरू हो गया। इससे तीन वर्ष पूर्व चीन का युद्ध भारत हार चुका था। शास्त्रीजी ने अप्रत्याशित रूप से हुए इस युद्ध में नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया और पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। इसकी कल्पना पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं की थी। ताशकंद में पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री अयूब खान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 11 जनवरी 1966 की रात में ही रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गयी। उनकी सादगीदेशभक्ति और ईमानदारी के लिये मरणोपरान्त भारत रत्‍न से सम्मानित किया गया।

लाल बहादुर शास्त्री जी के जन्मदिवस पर 2 अक्टूबर को शास्त्री जयन्ती व उनके देहावसान वाले दिन 11 जनवरी को लालबहादुर शास्त्री स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।

श्रीवास्तव से बने शास्त्री– लालबहादुर शास्त्री का जन्म 1904 में मुगलसराय (उत्तर प्रदेश) में एक कायस्थ परिवार में मुंशी शारदा प्रसाद श्रीवास्तव के यहाँ हुआ था। उनके पिता प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे अत: सब उन्हें मुंशीजी ही कहते थे। बाद में उन्होंने राजस्व विभाग में लिपिक (क्लर्क) की नौकरी कर ली थी। लालबहादुर की माँ का नाम रामदुलारी था। परिवार में सबसे छोटे होने के कारण बालक लालबहादुर को परिवार वाले प्यार में नन्हें कहकर ही बुलाया करते थे। जब नन्हें अठारह महीने के हुए तो दुर्भाग्य से पिता का निधन हो गया। उनकी माँ रामदुलारी अपने पिता हजारीलाल के घर मिर्जापुर चली गयीं। कुछ समय बाद उसके नाना भी नहीं रहे। बिना पिता के बालक नन्हें की परवरिश करने में उनके मौसा रघुनाथ प्रसाद ने उसकी माँ का बहुत सहयोग किया। ननिहाल में रहते हुए उन्होंने प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की। उसके बाद की शिक्षा हरिश्चन्द्र हाई स्कूल और काशी विद्यापीठ में हुई। काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि मिलने के बाद उन्होंने जन्म से चला आ रहा जातिसूचक शब्द श्रीवास्तव हमेशा हमेशा के लिये हटा दिया और अपने नाम के आगे ‘शास्त्री’ लगा लिया। इसके पश्चात् शास्त्री शब्द लालबहादुर के नाम का पर्याय ही बन गया।

1928 में उनका विवाह मिर्जापुर निवासी गणेशप्रसाद की पुत्री ललिता से हुआ। ललिता और शास्त्रीजी की छ: सन्तानें हुईं, दो पुत्रियाँ-कुसुम व सुमन और चार पुत्र – हरिकृष्ण, अनिल, सुनील व अशोक। उनके चार पुत्रों में से दो दिवंगत हो चुके हैं। अनिल कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं जबकि सुनील शास्त्री भाजपा के नेता हैं।

देशसेवा का व्रत- संस्कृत भाषा में स्नातक स्तर तक की शिक्षा समाप्त करने के पश्चात् वे भारत सेवक संघ से जुड़ गये और देशसेवा का व्रत लेते हुए यहीं से अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत की। शास्त्रीजी सच्चे गांधीवादी, थे जिन्होंने अपना सारा जीवन सादगी से बिताया और उसे गरीबों की सेवा में लगाया। भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सभी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों व आन्दोलनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही और उसके परिणामस्वरूप उन्हें कई बार जेलों में भी रहना पड़ा। स्वाधीनता संग्राम के जिन आन्दोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही उनमें 1921 का असहयोग आंदोलन, दांडी मार्च तथा 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन उल्लेखनीय हैं।

“मरो नहीं, मारो!”किया बुलंद- दूसरे विश्व युद्ध में इंग्लैण्ड को बुरी तरह उलझता देख जैसे ही नेताजी ने आजाद हिन्द फौज को “दिल्ली चलो” का नारा दिया, गान्धी जी ने मौके की नजाकत को भाँपते हुए 8 अगस्त 1942 की रात में ही बम्बई से अँग्रेजों को “भारत छोड़ो” व भारतीयों को “करो या मरो” का आदेश जारी किया और सरकारी सुरक्षा में यरवदा पुणे स्थित आगा खान पैलेस में चले गये। 9 अगस्त 1942 के दिन शास्त्रीजी ने इलाहाबाद पहुँचकर इस आन्दोलन के गान्धीवादी नारे को चतुराई पूर्वक “मरो नहीं, मारो!” में बदल दिया और अप्रत्याशित रूप से क्रान्ति की दावानल को पूरे देश में प्रचण्ड रूप दे दिया। पूरे ग्यारह दिन तक भूमिगत रहते हुए यह आन्दोलन चलाने के बाद 19 अगस्त 1942 को शास्त्रीजी गिरफ्तार हो गये।

गृहमन्त्री के बाद प्रधानमंत्री- शास्त्रीजी के राजनीतिक दिग्दर्शकों में पुरुषोत्तमदास टंडन और पण्डित गोविंद बल्लभ पंत के अतिरिक्त जवाहरलाल नेहरू भी शामिल थे। सबसे पहले 1929 में इलाहाबाद आने के बाद उन्होंने टण्डन जी के साथ भारत सेवक संघ की इलाहाबाद इकाई के सचिव के रूप में काम करना शुरू किया। इलाहाबाद में रहते हुए ही नेहरूजी के साथ उनकी निकटता बढ़ी। इसके बाद तो शास्त्रीजी का कद निरन्तर बढ़ता ही चला गया और एक के बाद एक सफलता की सीढियाँ चढ़ते हुए वे नेहरूजी के मंत्रिमण्डल में गृहमन्त्री के प्रमुख पद तक जा पहुँचे। और इतना ही नहीं, नेहरू के निधन के पश्चात भारत वर्ष के प्रधान मन्त्री भी बने।

जय जवान-जय किसान का नारा- उन्होंने अपने प्रथम संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उनकी शीर्ष प्राथमिकता खाद्यान्न मूल्यों को बढ़ने से रोकना है और वे ऐसा करने में सफल भी रहे। उनके क्रियाकलाप सैद्धान्तिक न होकर पूर्णत: व्यावहारिक और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप थे। निष्पक्ष रूप से यदि देखा जाये तो शास्त्रीजी का शासन काल बेहद कठिन रहा। पूँजीपति देश पर हावी होना चाहते थे और दुश्मन देश हम पर आक्रमण करने की फिराक में थे। 1965 में अचानक पाकिस्तान ने भारत पर सायं 7.30 बजे हवाई हमला कर दिया। परम्परानुसार राष्ट्रपति ने आपात बैठक बुला ली जिसमें तीनों रक्षा अंगों के प्रमुख व मन्त्रिमण्डल के सदस्य शामिल थे। संयोग से प्रधानमन्त्री उस बैठक में कुछ देर से पहुँचे। उनके आते ही विचार-विमर्श प्रारम्भ हुआ। तीनों प्रमुखों ने उनसे सारी वस्तुस्थिति समझाते हुए पूछा: “सर! क्या हुक्म है?” शास्त्रीजी ने एक वाक्य में तत्काल उत्तर दिया: “आप देश की रक्षा कीजिये और मुझे बताइये कि हमें क्या करना है?” शास्त्रीजी ने इस युद्ध में नेहरू के मुकाबले राष्ट्र को उत्तम नेतृत्व प्रदान किया और जय जवान-जय किसान का नारा दिया। इससे भारत की जनता का मनोबल बढ़ा और सारा देश एकजुट हो गया। इसकी कल्पना पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं की थी।

अमेरिका ने की युद्धविराम की अपील- भारत पाक युद्ध के दौरान 6 सितम्बर को भारत की 15वीं पैदल सैन्य इकाई ने द्वितीय विश्व युद्ध के अनुभवी मेजर जनरल प्रसाद के नेत्तृत्व में इच्छोगिल नहर के पश्चिमी किनारे पर पाकिस्तान के बहुत बड़े हमले का डटकर मुकाबला किया। इच्छोगिल नहर भारत और पाकिस्तान की वास्तविक सीमा थी। इस हमले में खुद मेजर जनरल प्रसाद के काफिले पर भी भीषण हमला हुआ और उन्हें अपना वाहन छोड़ कर पीछे हटना पड़ा। भारतीय थलसेना ने दूनी शक्ति से प्रत्याक्रमण करके बरकी गाँव के समीप नहर को पार करने में सफलता अर्जित की। इससे भारतीय सेना लाहौर के हवाई अड्डे पर हमला करने की सीमा के भीतर पहुँच गयी। इस अप्रत्याशित आक्रमण से घबराकर अमेरिका ने अपने नागरिकों को लाहौर से निकालने के लिये कुछ समय के लिये युद्धविराम की अपील की।

रूस और अमरिका की मिलीभगत? आखिरकार रूस और अमरिका की मिलीभगत से शास्त्रीजी पर जोर डाला गया। उन्हें एक सोची समझी साजिश के तहत रूस बुलवाया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। हमेशा उनके साथ जाने वाली उनकी पत्नी ललिता शास्त्री को बहला फुसलाकर इस बात के लिये मनाया गया कि वे शास्त्रीजी के साथ रूस की राजधानी ताशकंद न जायें और वे भी मान गयीं। अपनी इस भूल का श्रीमती ललिता शास्त्री को मृत्युपर्यन्त पछतावा रहा। जब समझौता वार्ता चली तो शास्त्रीजी की एक ही जिद थी कि उन्हें बाकी सब शर्तें मंजूर हैं परन्तु जीती हुई जमीन पाकिस्तान को लौटाना हरगिज़ मंजूर नहीं। काफी जद्दोजहेद के बाद शास्त्रीजी पर अन्तर्राष्ट्रीय दबाव बनाकर ताशकन्द समझौते के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करा लिये गये। उन्होंने यह कहते हुए हस्ताक्षर किये थे कि वे हस्ताक्षर जरूर कर रहे हैं पर यह जमीन कोई दूसरा प्रधान मन्त्री ही लौटायेगा, वे नहीं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के साथ युद्धविराम के समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ घण्टे बाद 11 जनवरी 1966 की रात में ही उनकी मृत्यु हो गयी। यह आज तक रहस्य बना हुआ है कि क्या वाकई शास्त्रीजी की मौत हृदयाघात के कारण हुई थी? कई लोग उनकी मौत की वजह जहर को ही मानते हैं।

शास्त्रीजी को उनकी सादगी, देशभक्ति और ईमानदारी के लिये आज भी पूरा भारत श्रद्धापूर्वक याद करता है। उन्हें मरणोपरान्त वर्ष 1966 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

शास्त्रीजी की अंत्येष्टि पूरे राजकीय सम्मान के साथ शान्तिवन (नेहरू जी की समाधि) के आगे यमुना किनारे की गयी और उस स्थल को विजय घाट नाम दिया गया। जब तक कांग्रेस संसदीय दल ने इंदिरा गांधी को शास्त्री का विधिवत उत्तराधिकारी नहीं चुन लिया, गुलजारी लाल नंदा कार्यवाहक प्रधानमन्त्री रहे।

पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया? शास्त्रीजी की मृत्यु को लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जाते रहे। बहुतेरे लोगों का, जिनमें उनके परिवार के लोग भी शामिल हैं, मानते है कि शास्त्रीजी की मृत्यु हार्ट अटैक से नहीं बल्कि जहर देने से ही हुई। पहली इन्क्वायरी राज नारायण ने करवायी थी, जो बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गयी ऐसा बताया गया। मजे की बात यह कि इण्डियन पार्लियामेण्ट्री लाइब्रेरी में आज उसका कोई रिकार्ड ही मौजूद नहीं है। यह भी आरोप लगाया गया कि शास्त्रीजी का पोस्ट मार्टम भी नहीं हुआ। 2009 में जब यह सवाल उठाया गया तो भारत सरकार की ओर से यह जबाव दिया गया कि शास्त्रीजी के प्राइवेट डॉक्टर आर०एन०चुघ और कुछ रूस के कुछ डॉक्टरों ने मिलकर उनकी मौत की जाँच तो की थी परन्तु सरकार के पास उसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। बाद में प्रधानमन्त्री कार्यालय से जब इसकी जानकारी माँगी गयी तो उसने भी अपनी मजबूरी जतायी।

आउटलुक पत्रिका ने खोली पोल- शास्त्रीजी की मौत में संभावित साजिश की पूरी पोल आउटलुक नाम की एक पत्रिका ने खोली। 2009 में, जब साउथ एशिया पर सीआईए की नज़र (अंग्रेजी CIA’s Eye on South Asia) नामक पुस्तक के लेखक अनुज धर ने सूचना के अधिकार के तहत माँगी गयी जानकारी पर प्रधानमन्त्री कार्यालय की ओर से यह कहना कि “शास्त्रीजी की मृत्यु के दस्तावेज़ सार्वजनिक करने से हमारे देश के अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध खराब हो सकते हैं तथा इस रहस्य पर से पर्दा उठते ही देश में उथल-पुथल मचने के अलावा संसदीय विशेषधिकारों को ठेस भी पहुँच सकती है। ये तमाम कारण हैं जिससे इस सवाल का जबाव नहीं दिया जा सकता।”।

ललिता के आँसू- सबसे पहले सन् 1978  में प्रकाशित एक हिन्दी पुस्तक ललिता के आँसू में शास्त्रीजी की मृत्यु की करुण कथा को स्वाभाविक ढँग से उनकी धर्मपत्नी ललिता शास्त्री के माध्यम से कहलवाया गया था। उस समय (सन् उन्निस सौ अठहत्तर में) ललिताजी जीवित थीं। यही नहीं, कुछ समय पूर्व प्रकाशित एक अन्य अंग्रेजी पुस्तक में लेखक पत्रकार कुलदीप नैयर ने भी, जो उस समय ताशकन्द में शास्त्रीजी के साथ गये थे, इस घटना चक्र पर विस्तार से प्रकाश डाला है। जुलाई 2012 में शास्त्रीजी के तीसरे पुत्र सुनील शास्त्री ने भी भारत सरकार से इस रहस्य पर से पर्दा हटाने की माँग की थी। मित्रोखोन आर्काइव नामक पुस्तक में भारत से संबन्धित अध्याय को पढ़ने पर ताशकंद समझौते के बारे में एवं उस समय की राजनीतिक गतिविधियों के बारे में विस्तरित जानकारी मिलती है।

DRDO ने 45 दिन में खड़ी कर दी 7 मंजिला इमारत

बेंगलुरु (एजेंसी)। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान (DRDO) ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 45 दिन में ही 7 मंजिला इमारत बनाकर खड़ी कर दी है। इसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस मौके पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और डीआरडीओ चीफ जी सतीश रेड्डी भी मौजूद रहे।

इस बिल्डिंग का इस्तेमाल 5वीं पीढ़ी के एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के रिसर्च एंड डेवेलपमेंट फैसिलिटी के तौर पर किया जाएगा। बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट इस बिल्डिंग में एयरक्राफ्ट फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के लिए एवियोनिक्स का विकास करेगा। रक्षा मंत्री के सामने इससे जुड़े प्रोजेक्ट्स का एक प्रेजेंटेशन भी दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि डीआरडीओ ने एडीई, बेंगलुरु में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के जरिए एक बहु-मंजिली बिल्डिंग का निर्माण रिकॉर्ड 45 दिन में पूरा किया। इस बिल्डिंग में एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) प्रोजेक्ट के तहत फाइटर जेट्स और एयरक्राफ्ट फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम (एफसीएस) के लिए एवियोनिक्स डेवलमेंट की सुविधा होगी।

अक्तूबर 2023 में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक चलेगी रैपिड रेल

गाजियाबाद: अक्तूबर 2023 में दुहाई से मेरठ दक्षिण तक दौड़ेगी रैपिड रेल, डिपो में हुआ कोच का अनावरण

रैपिड रेल

गाजियाबाद (एजेंसी)। दुहाई डिपो में पहुंचे रैपिड रेल के मॉडल कोच में हवाई जहाज और शताब्दी ट्रेन सरीखी सुविधाओं की पहली झलक देखने को मिली। रैपिड रेल में यात्रियों को मेट्रो से अधिक सुविधाएं मिलेंगी। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले प्राथमिकता वाले खंड पर रैपिड रेल मार्च 2023 में दौड़ने लगेगी।

पहले खंड में निर्माण संबंधी 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। दुहाई से मेरठ दक्षिण तक 20 किमी लंबे कॉरिडोर पर अक्तूबर 2023 में ट्रेन का संचालन शुरू होगा। आपात चिकित्सा की स्थिति में रैपिड रेल का इस्तेमाल ग्रीन कॉरिडोर की तरह हो सकेगा। इसी को देखते हुए कोच में स्ट्रेचर ले जाने के लिए विशेष स्थान निर्धारित किया है। इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को मेरठ से दिल्ली तक 55 मिनट में पहुंचाया जा सकेगा।

मई में आएगी पहली छह कोच की रेल, जुलाई से ट्रायल

प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने बताया कि गुजरात के सावली स्थित प्लांट में छह कोच की पहली रैपिड रेल सेट का निर्माण आखिरी चरण में है। यह ट्रेन मई में दुहाई डिपो में पहुंचेगी। करीब एक से डेढ़ माह तक ट्रेन के तकनीकी परीक्षण के बाद जुलाई से ट्रायल रन की शुरुआत होगी। पहले खंड पर ट्रायल रन दिसंबर 2022 तक चलेगा।

हर छह माह में 20 किमी का सेक्शन खुलेगा

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड कॉरिडोर 82 किमी लंबा है। मार्च 2023 में पहले खंड के बाद हर छह माह में 20 किमी का कॉरिडोर खोला जाएगा। पहले खंड के बाद दूसरा सेक्शन दुहाई से मेरठ दक्षिण का खुलेगा। फिर साहिबाबाद से दिल्ली और आखिर में मेरठ दक्षिण से मेरठ के मोदीपुरम का सेक्शन शुरू होगा।

हर ट्रेन में चार स्टैंडर्ड, एक प्रीमियम व एक महिला कोच

छह कोच की ट्रेन में चार कोच स्टैंडर्ड श्रेणी, एक कोच महिला और एक कोच प्रीमियम क्लास का होगा। स्टैंडर्ड कोच में एक ओर तीन दरवाजे और प्रीमियम कोच में दो दरवाजे होंगे। प्रीमियम कोच का किराया स्टैंडर्ड से अधिक होगा। किराए को अंतिम रूप देने के लिए एनसीआरटीसी स्तर पर मंथन जारी है।

पिछले 132 दिन से भारत में तेल पर महंगाई नहीं

यूक्रेन युद्ध के बीच Petrol 3 रुपए हुआ महंगा, सबसे सस्ता तेल बेचने वाले देशों में भी महंगाई

नई दिल्ली (एजेंसी)। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं हैं। इसका असर दुनिया के सभी देशों पर पड़ा। सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाले देशों में भी महंगाई की मार पड़ी है। पेट्रोल की कीमत 3 रुपये तक बढ़ गई, जबकि दुनिया भर में पेट्रोल औसतन 7 रुपये लीटर महंगा हुआ है। आज भी सबसे सस्ता पेट्रोल वेनेजुएला में है तो सबसे महंगा हांगकांग में है। हालांकि, पिछले 132 दिन से भारत के लोगों पर क्रूड के महंगा होने का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। पेट्रोल के रेट अभी भी स्थिर हैं।

हांगकांग में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 18 रुपये बढ़कर 220.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, वेनुजुएला में भारतीय रुपये के रूप में 1.91 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। दुनिया में 5 ऐसे देश हैं, जहां पेट्रोल की कीमत 25 रुपये प्रति लीटर से भी कम है। हालांकि दुनिया भर में पेट्रोल (गैसोलीन) की औसत कीमत 94.60 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 101.28 रुपये हो गई है। हालांकि, देशों के बीच इन कीमतों में काफी अंतर है। विभिन्न देशों में कीमतों में अंतर पेट्रोल के लिए विभिन्न टैक्सों और सब्सिडी के कारण है। वैसे भारत में पेट्रोल की कीमत अब कुछ शहरों में ही 100 रुपये प्रति लीटर के पार है।

वेबसाइट globalpetrolprices.com के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में 7 फरवारी को एक लीटर पेट्रोल की औसत कीमत 63.07 रुपये थी और अब बढ़कर 64.03 भारतीय रुपया हो गई है। वहीं, श्रीलंका में पेट्रोल की कीमत अब 76.54 रुपये से बढ़कर 84.97 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यहां पेट्रोल का भाव 25 अक्टूबर को 68.35 रुपये और 8 नवंबर को 67.55 रुपये लीटर था। वहीं 29 नवंबर को यहां पेट्रोल की कीमत 68.12 रुपये पर पहुंच गई थी। इसके अलावा 21 फरवरी के रेट के मुताबिक बांग्लादेश में पेट्रोल 77.52 रुपये तो नेपाल में 90.95 रुपये लीटर था। अब नेपाल में पेट्रोल 93:80 रुपये लीटर है। वहीं, बांग्लादेश में एक लीटर पेट्रोल की कीमत भारतीय रुपये में 79.19 रुपये पड़ रही है।

कृष्ण जन्मभूमि की अद्भुत-अवर्णनीय लठामार होली

मथुरा यात्रा-२
कृष्ण जन्मभूमि की अद्भुत-अवर्णनीय लठामार होली

रंगभरनी एकादशी कृष्ण जन्मभूमि और यहां की होली देखने आने वालों दोनों के लिए एक खास अवसर है। इस बार की मथुरा यात्रा का खास मकसद ही जन्म भूमि की लठामार होली ही थी। कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय विश्राम गृह का कमरा नंबर- 6 ही अपना ठिकाना बना। मथुरा की होली ऐसे ही आकर्षित करती है। उस पर रंगभरनी एकादशी का दिन हो तो नींद कहां से आए?
सुबह 5 बजे ही आंख खुल गई। चाय की तलब जन्म भूमि के मुख्य द्वार के सामने “दनादन चायवाले” की तरफ खींच ले गई। कई युवा, महिलाएं रंगभरनी एकादशी की होली का मजा लेने के लिए बाहर बरामदे में, खुले में रात बिताती नजर आई। गेट पर कतार लगनी शुरू हो चुकी थी। कुछ लड़कियां फोटो खींचने में मशगूल थीं और कुछ लड़के सेल्फी लेने में। सुबह का आगाज ही यह एहसास कराने लगा था कि आज मंदिर में कुछ खास है।
घड़ी की सुई बढ़ती जा रही थी और अपनी होली वाली टोली (विनय द्विवेदी, करुणाशंकर मिश्रा, सुधीर द्विवेदी, अमर द्विवेदी, यादवेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रमणि बाजपेई, सुनील मिश्रा “सेनानी”) की धड़कन। ट्रस्ट के ही भोजनालय में दोपहर का भोजन ग्रहण करने के बाद विश्राम गृह के सेवादार प्रेम शंकर दीक्षित उर्फ पप्पू मंदिर में प्रवेश कराने के लिए सक्रिय हो चुके थे। कृष्ण जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के सचिव श्री कपिल शर्मा जी और भाई वात्सल्य राय जी ने विश्राम गृह के केयरटेकर रणधीर सिंह एवं पप्पू को ही लट्ठमार होली महोत्सव स्थल केशव वाटिका तक पहुंचाने की हम सबकी जिम्मेदारी इन्हीं दोनों को सौंपी थी।
दो बजते-बजते हम सब जन्मभूमि परिसर में शॉर्टकट से दाखिल हो गए। धूप तेज थी और होली महोत्सव देखने की जिज्ञासा उससे भी ज्यादा। उस समय केशव वाटिका का मैदान लगभग खाली ही था। अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए हम सब एक जगह कुर्सियों पर जम गए। थोड़ी देर बाद होली गीतों की धुन, आर्केस्ट्रा के कलाकार बजानी शुरू करते हैं। एंकरिंग के लिए एक मोटी सी महिला स्टेज पर ही कपिल‌ शर्मा के साथ कुछ होमवर्क के साथ अवतरित होती है और शुरू हो जाता है लठामार होली महोत्सव।
ब्रज और बुंदेलखंड से आए कलाकारों-गायकों से सुसज्जित होली महोत्सव के मंच पर गणेश वंदना के बाद शुरू होते हैं होली के गीत। श्री श्री 1008 स्वामी गुरुशरणानंद जी महाराज की उपस्थिति इस मंच और महोत्सव दोनों की शोभा बढ़ाती है। धीरे-धीरे-धीरे-धीरे माहौल होली मय होना शुरू होता है तो होता ही चला जाता है। कभी कृष्ण कन्हाई और राधा रानी के वेश में सजे दो बच्चों की झांकी धूम-धड़ाके के साथ पहुंचती है। घड़ी की सुई जैसे ही 5:00 बजे के आगे बढ़नी शुरू होती है वैसे-वैसे होली का मजा भी बढ़ता चला जाता है। ब्रज का प्रसिद्ध चरकुला नृत्य (जिसमें कलाकार सिर पर मटकी, जलते हुए दीपकों को रखकर नृत्य प्रस्तुत करते हैं) देखकर होली का रोमांच बढ़ गया।
फूलों की होली के बीच ही द्वारकाधीश मंदिर से उठने वाला जन्मभूमि का डोला पुराने केशव देव मंदिर होते हुए केशव वाटिका पहुंचना शुरू होता है। डोले के साथ सैकड़ों गोपियां और ग्वाल बाल लट्ठमार होली खेलते हुए चल रहे हैं। यह होरिहारे और गोपियां बरसाना वृंदावन और नंदी गांव से खास तौर पर होली खेलने के लिए आई हैं। होली के उल्लास में डूबे होरिहारों में गोपियों के लट्ठे से बचने के लिए बीच-बीच में भगदड़ मचती है और यह भगदड़ आपको मजा भी देती है और डराती भी है। होरिहारों और लट्ठ से लैस इस जत्थे केशव वाटिका पहुंचते ही शुरू होता है जन्मभूमि की लठामार होली। मंच पर होली गीतों पर थिरकते कलाकार और मैदान में और होरिहारों पर लठ बरसाती गोपियों के दृश्य अद्भुत हैं और अवर्णनीय भी।
लठामार होली देखने-सुनने के आई भक्तों की भारी भीड़ से केशव वाटिका का मैदान छोटा पड़ गया। जन्मभूमि की सारी व्यवस्थाएं छोटी पड़ गई। सुरक्षा बौनी हो गई। वाटिका में तैनात पुलिस वाले खुद होली के रंग में डूब से गए। पूरे देश से आए लोगों से खचाखच भरे मैदान में अबीर गुलाल से आसमान रंगीन हो गया। लाल-हरे-नीले-पीले-बैगनी रंगों से पटे इस आसमान के नीचे चल रही लट्ठमार होली के दौरान कभी इस हिस्से में भगदड़ कभी उस हिस्से में भगदड़। लट्ठ लगने से कुछ होरिहारे लंगड़ाते हुए भी गए। गोपियों के लट्ठ से खाकी वर्दीधारी भी बच नहीं पाते। हमेशा दूसरों पर लाठी बरसाने वाले यह खाकी वर्दीधारी आज गोपियों के लट्ठ हंसते हुए खा रहे हैं। भाग रहे हैं।
एक घंटे तक चलने वाली इस लट्ठमार होली में टैंट के स्ट्रक्चर के ऊपर लगी पिचकारियों से टेसू के फूल वाले बरसते रंग में भीगते हुए होली की मस्ती में डूबना अब सपना ही है। इस सपने को सच करता है रंगभरनी एकादशी पर कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से आयोजित लठमार होली महोत्सव। स्थानीय और विभिन्न राज्यों के हजारों-हज़ार महिलाएं-पुरुष-बच्चे भाग लेने पहुंचे हुए हैं। लट्ठ लगने का डर भी सभी को मजा लूटने से रोक नहीं पाता। जय श्री कृष्ण- जय श्री राधे

द्वारकाधीश मंदिर
कृष्ण जन्म भूमि से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर दूर चौक बाजार में स्थित दो-ढाई सौ वर्ष पुराने द्वारकाधीश मंदिर की होली का भी अपना अलग ही मजा है। रंगभरनी एकादशी पर हम सबकी होली खेलने की शुरुआत द्वारकाधीश मंदिर से ही हुई। ई-रिक्शा की सवारी का मजा लेते हुए हम सब सुबह 8:00 बजे ही द्वारकाधीश मंदिर पहुंच गए। मुगल काल में मथुरा के मंदिर तोड़े जाने के बाद लक्ष्मीचंद जैन ने द्वारिकाधीश मंदिर बनवाया। आजकल पुष्टिमार्गीय संतों की देखरेख में द्वारकाधीश मंदिर संचालित है। सुबह 8:25 मिनट पर श्रंगार आरती और 10:00 बजे द्वारिकाधीश को भोग के बाद शुरू हुआ होली गीत-फाग और अबीर-गुलाल उड़ने का सिलसिला। एक घंटे तक गीत गूंजते रहे और अबीर गुलाल उड़ता रहा। नाचते गाते एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाते कब 11:00 बज गए पता ही नहीं चला। आरती के बाद पट बंद होने पर मंदिर की होली ने विश्राम ले लिया।

यमुना जी का तट और विश्राम घाट
जगदीश मंदिर में होली के बाद हम सब यमुना जी के दरस परस के लिए हम सब विश्राम घाट की ओर बढ़े।
घाट पर पहुंचने के पहले ही भाई-बहन के पवित्र प्रेम के लिए प्रसिद्ध धर्मराज यमराज और यमुना जी के मंदिर में माथा टेकने का सुयोग भी इस बार ही बना। इस मंदिर में यम द्वितीया पर यमुना जी में स्नान में बाद भाई बहन के साथ-साथ पूजा-प्रार्थना की परंपरा है। यह मंदिर देखकर मन अपने आप भावुक इसलिए हुआ कि भैया (स्मृति शेष नीरज अवस्थी) पहले कई बार हमसे और दीदी (गरिमा मिश्रा) से यह द्वितीया पर यहां आने के लिए कहते रहे लेकिन शायद द्वारकाधीश को यह मंजूर नहीं था। यमुना जी के दरस-परस के बाद बोटिंग के दौरान यमुना जी के बदबूदार काले पानी को देखकर मन खिन्न हो गया। हालांकि, पढ़ाई के साथ-साथ गाइड काम करने वाली युवा माधव चतुर्वेदी लगातार इस बात पर ही जोर देता रहा कि यमुना मिशन अच्छे से चल रहा है और नाले का गंदा पानी साफ होकर ही यमुना में गिर रहा है।
अथ होली यात्रा समाप्तम..

गौरव अवस्थी
रायबरेली/ उन्नाव

रूस के आफर से भारत में सस्ते हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल, यूरिया

नई दिल्ली (एजेंसी)। रूस और यूक्रेन के युद्ध के चलते महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच रूस ने भारत को सस्ता पेट्रोल डीजल और यूरिया खरीदने की आफर दिया है। ऐसा अमेरिका द्वारा रूस से तेल के इम्पोर्ट पर रोक लगाने से हुआ है। ऐसी स्थिति में रूस अपने क्रूड आयल एवं अन्य सामान को पूरी दुनिया में बेचने की जुगत में है। इसी कारण रूस ने अपने मित्र राष्ट्र भारत से संपर्क किया है। अतः भारत सरकार, रूस से डिस्काउंट प्राइस पर क्रूड ऑयल एवं अन्य चीजों को खरीदने के बारे में विचार कर रही है, ऐसा भारतीय अधिकारियों का कहना है।

गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरतों का 80 फीसदी ऑयल इम्पोर्ट करता है। भारत करीब 2-3 फीसदी तेल रूस से खरीदता है, चूंकि अभी कच्चा तेल की कीमतें 40 फीसदी ऊपर जा चुकी हैं, भारत सरकार इम्पोर्ट बिल कम करने के लिए विकल्पों की तलाश कर रही है। क्रूड की कीमतें बढ़ने से अगले वित्त वर्ष में भारत का इम्पोर्ट बिल 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ सकता है। इस कारण सरकार सस्ते तेल के साथ ही रूस और बेलारूस से यूरिया जैसे फर्टिलाइजर्स का सस्ता कच्चा माल भी खरीदने पर गौर कर रही है। इससे सरकार को खाद सब्सिडी के मोर्चे पर बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

लाल चौक पर झंडा फहराने जाते हुए थे गिरफ्तार

बिजनौर। वर्ष 1992 में लाल चौक पर तिरंगा फहराने पूरे देश से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हजारों कार्यकर्ता भी ट्रेनों में सवार होकर जम्मू पहुंचे थे। जम्मू से सभी बसों आदि वाहनों से कश्मीर के लाल चौक की ओर रवाना हो गए। पुलिस ने सभी को उधमपुर में गिरफ्तार कर लिया। इन पंक्तियों का लेखक पत्रकार संजय सक्सेना (तत्कालीन नगर मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उरई जालौन), वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भाजपा श्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व जेल मंत्री हरिओम उपाध्याय, शिवेंद्र बुंदेला, ब्रजभूषण सिंह मुन्नू, विधायक मूलचंद निरंजन आदि भी गिरफ्तार होने वालों में शामिल थे। हम लोगों को एक डिग्री कालेज में तीन दिन तक हिरासत में रखा गया। तत्कालीन जम्मू कश्मीर सरकार ने मात्र गिनती के कुछ वरिष्ठ लोगों को हवाई रास्ते से पहुंचा कर तिरंगा फहराने की अनुमति दी थी। बाद में हम लोगों को कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रेनों से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए
1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए 

भारतीय जनता पार्टी ने कन्याकुमारी से शुरू एकता यात्रा का 26 जनवरी 1992 को लाल चौक पर तिरंगा फहराते हुए संपन्न करने का एलान किया था। कश्मीर में अलगाववादियों, आतंकियों और मुख्यधारा की सियासत करने वाले राजनीतिक दलों, राष्ट्रवादियों और सुरक्षाबलों के लिए पहली बार प्रतिष्ठा का सवाल बन गया था।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

आतंकी और अलगाववादियों ने खुलेआम एलान किया था कि तिरंगा नहीं फहराने दिया जाएगा। भाजपा की एकता यात्रा पूरी होने से पहले ही आतंकियों ने पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड धमाका किया था, जिसमें तत्कालीन पुलिस महानिदेशक श्री जेएन सक्सेना जख्मी हुए थे। भाजपा के इस एलान के बाद पूरी रियासत में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई थी।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

हवाई जहाज से पहुंचाया था श्रीनगर
हालात को भांपते हुए तत्कालीन प्रशासन ने श्री मुरली मनोहर जोशी, श्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं को हवाई जहाज के जरिए श्रीनगर पहुंचाया था। लाल चौक पूरी तरह से युद्घक्षेत्र बना हुआ था। चारों तरफ सिर्फ सुरक्षाकर्मी ही थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगभग 15 मिनट में ही श्री मुरली मनोहर जोशी व उनकी टीम के सदस्य के रूप में शामिल श्री नरेंद्र मोदी व अन्य ने तिरंगा फहराया। इस दौरान आतंकियों ने रॉकेट भी दागे जो निशाने पर नहीं लगे। इसके बाद सभी नेता सुरक्षित वापस लौट गए थे। 

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

प्रधानमंत्री श्री मोदी उस वक्त जोशी जी की उस टीम के सदस्य थे, जो घनघोर आतंकवाद के उस दौर में श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने पहुंची थी।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

कई जगह ट्रेन पटरियों पर विस्फोट- उस समय कश्मीर में स्थिति बेहद विस्फोटक थी। आतंकवादी रेल पटरियों को उड़ाने से पीछे नहीं हट रहे थे। जब हम लोग जम्मू स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि हमारी ट्रेन पहुंचने के लगभग आधा घंटा पहले और बाद में भी आतंकवादियों ने कई जगह ट्रेन पटरियों पर विस्फोट किये।

(फोटो व कुछ तथ्य विभिन्न स्रोतों से लिये गए हैं)

भारतीय राजनीति को बदलकर रख देगी द कश्मीर फाइल्स!

द कश्मीर फाइल्स! विवेक की ये चिंगारी जो है न! भारतीय राजनीति को बदलकर रख देगी। खासकर युवा वर्ग को सुन्न कर जाएगी। मन और दिमाग सिहर जाना है। भले बी-टाउन के बड़े मॉन्स्टर ने इसे स्क्रीन काउंट नहीं जाने दिए । महज 500 स्क्रीन काउंट मिली है।

लेकिन…लेकिन! इसका जो वर्ड ऑफ माउथ है न! इसे कहाँ तक ले जाने वाला है ट्रेड पंडितों को भी नहीं मालूम है। दर्शक घरों से निकल रहे है और एक बार नहीं, बल्कि रिपीट वैल्यू है। पहले दिन कश्मीर फाइल्स ने साढ़े तीन करोड़ का बिज़नेस किया है। जो अब बढ़ता ही जाएगा। ग्राफ नीचे न आना। कल्ट, क्लासिक, मास्टरपीस कोई भी स्टेटस इसे न माप पाएंगे।

स्टीवन स्पीलबर्ग की ‘द शिंडलर लिस्ट’ के बाद ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने सनक के होलोकॉस्ट में इंसानियत को शर्मसार होते देखा है। स्टीवन अपनी फिल्म से यहूदियों के दर्द में डूब कर निकले थे। उसी प्रकार विवेक ने कश्मीरी पंडितों की डल में तैरकर उनतक पहुँचे है और उन्हें धैर्य से सुना है। इस फाइल्स को ज्यादा से ज्यादा दर्शक मिलने चाहिए। ताकि देखें की सत्ता की पॉवर में आने पर क्या कर जाते है। राष्ट्र को सुरक्षित रखने के किये कैसा नेतृत्व आवश्यक है। इससे पहले किसी फिल्म मेकर को कश्मीर जाने की हिम्मत न होती थी। जाते भी तो सिर्फ़ बाहर से झाँकर निकल आते। दिल तक उतरने में डर लगता था ।

विवेक की कहानी व विज़ुअल्स देखकर दिमाग डिस्टर्ब है । वे दृश्य आँखें की स्क्रीन से हटने का नाम न ले रहे है। वे कहते है मास्टर का बेटा था। भटका हुआ मासूम नौजवान था। फौज के अत्याचारों से तंग आकर भटक गया। तो भैया ऐसा है अगर यूँ रहता तो कश्मीरी पंडित क्यों न भटके। काहे जुल्म सहते रहे। उनके दर्द पर झूठ के नैरेटिव रचे गए। इस काम में ख़ूब फंड व सारा तंत्र लगा बैठा। अब सच जूते भी पहन चुका है और दुनिया की सैर को भी निकल चुका है। भले सच को जूते पहनने में देर लगी। लेकिन बाहर निकला अवश्य ।

विवेक ने कश्मीर के बारे में जो मोनोलॉग लिखा है न! उसे बेहतरी से दर्शन कुमार ने कृष्णा पंडित के साथ मिलकर दर्शकों के बीच फेंका है। कश्मीर फाइल्स फिल्मी कंटेंट नहीं है बल्कि इमोशन है। बॉलीवुडिये रहनुमाओं ने तो आतताई खलनायकों को नायक के तौर पर पेश किया है और आगे भी करेगा। विवेक की मेहनत को समर्थन देकर आगे अनछुए विषयों को उठाने का हौसला दे। इस फाइल्स को आर्थिक तौर पर बड़ी सफलता देवे। इंटरनेशनल मूवी डेटा बेस यानी आईएमडीबी पर जाकर रेट अवश्य दे। इसे वहाँ भी अव्वल बनाएं।

साभार फेसबुक

कोरोना से मौत: मुआवजे के फर्जी दावों पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोविड से हुई मौत के संबंध में मुआवजे के फर्जी दावों पर अपनी चिंता जताई और कहा कि वह इस मामले में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को जांच का निर्देश दे सकता है। शीर्ष अदालत ने सुझाव दिया कि कथित फर्जी मौत के दावों की जांच महालेखा परीक्षक कार्यालय को सौंपी जा सकती है।

न्यायमूर्ति एम.आर. शाह और न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की पीठ ने कहा: हमने कभी नहीं सोचा था कि इस तरह के फर्जी दावे आ सकते हैं। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस योजना का दुरुपयोग किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि अगर इसमें कुछ अधिकारी भी शामिल हैं तो यह बहुत गंभीर है। अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 52 की ओर इशारा किया, जो इस तरह की चिंताओं को दूर करता है। न्यायमूर्ति शाह ने कहा, हमें शिकायत दर्ज करने के लिए किसी की आवश्यकता है।

एक वकील ने राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों द्वारा मुआवजे के दावों की रैंडम जांच करने का सुझाव दिया। बच्चों को मुआवजे के पहलू पर, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके द्वारा आदेशित 50,000 रुपये का अनुग्रह भुगतान, कोविड -19 के कारण प्रत्येक मृत्यु के लिए किया जाना है, न कि प्रभावित परिवार के प्रत्येक बच्चे को। 7 मार्च को, सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों द्वारा कोविड की मौतों के लिए अनुग्रह मुआवजे का दावा करने के लिए लोगों को नकली चिकित्सा प्रमाण पत्र जारी करने पर चिंता व्यक्त की, और कहा कि वह इस मामले की जांच का आदेश दे सकता है।

UPI 123Pay – बिना इंटरनेट के भी कर पायेंगे बैंकिंग के सभी काम ! वो भी कीपैड मोबाइल से ! ऐसे यूज करें UPI 123Pay

Watch “RBI launch new UPI 123pay payment without internet Live 🔴” on YouTube

https://youtu.be/1e8B6ujXLp0

UPI 123Pay – बिना इंटरनेट के भी कर पायेंगे Phone Pe के सभी काम ! वो भी कीपैड मोबाइल से ! ऐसे यूज करे UPI 123Pay साभार-Career Bhaskar

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UPI 123Pay – UPI के जरिये पैसे लेना भेजना बहुत ही आसान और सुविधाजनक है। लेकिन आज भी ऐसे कई लोग है, जो UPI पेमेंट सर्विस का यूज नहीं कर पा रहे है। और इसका कारण है, लोगों के पास स्मार्टफोन न होना। तो इसी को देखते हुए RBI ने UPI 123Pay सर्विस शुरू की है। इस सर्विस के जरिये अब कोई भी बिना इंटरनेट और स्मार्टफोन के UPI पेमेंट कर पायेंगे।

RBI ने शुरू की नयी सर्विस –

भारत में लगभग 40 करोड़ से भी ज्यादा फीचर फ़ोन (कीपैड मोबाइल) उपयोगकर्ता है। …और ये सभी फीचर फ़ोन उपयोगकर्ता डिजिटल पेमेंट करने में असमर्थ है। इसी को देखते हुए RBI ने एक नई पेमेंट सर्विस शुरू की है, इस नई पेमेंट सर्विस का नाम UPI 123Pay है।

बिना इंटरनेट कर पायेंगे यह सभी काम –

UPI 123Pay पेमेंट सर्विस के जरिये आप किसी भी व्यक्ति को UPI और Bank Account से पैसे भेज पायेंगे इसके अलावा आप इस सर्विस के जरिये बैंक बैलेंस चेक, Mobile रिचार्ज, DTH रिचार्ज, LPG Gas Refill, EMI Repayment आदि काम भी कर पायेंगे।

कीपैड मोबाइल में भी चला सकते है UPI 123Pay

अगर आपके पास कीपैड मोबाइल है, या आप ऐसे इलाके में रहते है, जहाँ अच्छे से इंटरनेट नहीं चलता है जिसके कारण आप डिजिटल पेमेंट नहीं कर पा रहे थे। तो अब परेशान होने वाली कोई बात नहीं है, क्यूंकि इस नई पेमेंट सर्विस के जरिये यूजर्स बिना इंटरनेट की सहायता से सिर्फ कीपैड मोबाइल के जरिये ही डिजिटल पेमेंट कर पायेंगे।

ऐसे करे UPI 123Pay का यूज –

इस सर्विस का यूज आप 4 तरीके से कर सकते है। …पर इस पोस्ट में हम आपको Call के जरिये UPI पेमेंट कैसे करते हैं ?, इसके बारे में बतायेंगे। अगर आप इस नई पेमेंट सर्विस का यूज करना चाहते है, या जानना चाहते है, कि UPI 123Pay सर्विस कैसे काम करती है? तो आप नीचे दिया वीडियो देख सकते हैं। वीडियो में call के जरिये UPI 123Pay कैसे यूज करते हैं, इसका लाइव डेमो बताया है।

(सच/झूठ) प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना 2021: ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म

साभार 12th March 2022 by Madhuri

आज के दौर में हमारा देश डिजिटलीकरण की तरफ बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में सभी प्रकार की प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो रही है। सरकार द्वारा भी विभिन्न प्रकार की योजनाएं समय-समय पर आरंभ की जाती है। जिसके अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि कुछ गलत सूत्रों से ऐसी योजनाओं की जानकारी फैल जाती है जो सरकार द्वारा आरंभ ही नहीं की गई हो। आज हम आपको ऐसी ही एक योजना से संबंधित जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं जिसका नाम प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना है। इस लेख को पढ़कर आपको पता चलेगा यह योजना सच है या झूठ। तो दोस्तों यदि आप Pradhanmantri Ramban Suraksha Yojana की विश्वसनीयता की जांच करना चाहते हैं तो आपसे निवेदन है कि आप हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े।

Fake Pradhanmantri Ramban Suraksha Yojana

विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सूत्रों से यह दावा किया जा रहा है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से देश के सभी युवाओं को कोरोनावायरस के नि:शुल्क इलाज के लिए ₹4000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। वायरल मैसेज में यह भी दावा किया जा रहा है कि इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2021 है। यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करके अपना फॉर्म भरना होगा। आपको बता दें सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं संचालित की जा रही है। सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक द्वारा प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना को फेक बताया गया है। आपसे निवेदन है कि आप ऐसी किसी भी योजना के अंतर्गत आवेदन ना करें। यदि सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना लागू की जाएगी तो हम आपको योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। लेकिन अभी सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना संचालित नहीं की जा रही है।

फ़र्ज़ी प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना

यदि आपके पास भी Pradhan Mantri Ramban Suraksha Yojana के आरम्भ होने से सम्बन्धित जानकारी सांझा की गयी है तो आपको बता दे पीएम रामबाण सुरक्षा योजना पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और फ़र्ज़ी योजना है | पीआईबी द्वारा इस फ़र्ज़ी प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का खंडन करते हुए बताया कि इस प्रकार कि कोई भी योजना नहीं है और न ही सरकार द्वारा कोई आवेदन इस गलत भ्रामक रामबाण सुरक्षा योजना के अंतर्गत मांगे गए है | कृपया इस प्रकार कि गलत झूठी फेक योजना के झांसे में न आये और अपनी कोई भी जानकारी किसी से भी शेयर न करे | इस प्रकार के धोखे (Fraud Pradhan Mantri Ramban Suraksha Yojana ) से खुद को बचाकर रखे और किसी भी योजना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता कि जांच कर ले

झूठ प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का उद्देश्य

यह दावा किया जा रहा है कि Pradhanmantri Ramban Suraksha Yojana का मुख्य उद्देश्य कोरोनावायरस के इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह आर्थिक सहायता ₹4000 की होगी। इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। लेकिन आपको बता दें की यह दावा पूरी तरह से झूठ है। सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं संचालित की जा रही है। कोरोनावायरस के इलाज के लिए सरकार द्वारा कई अन्य योजनाएं संचालित की जा रही है। लेकिन Pradhanmantri Ramban Suraksha Yojana नाम की कोई योजना सरकार द्वारा नहीं संचालित की जा रही है। जैसे ही सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना संचालित की जाएगी हम आपको जरूर सूचित करेंगे।

वायरल मैसेज के दावे के अनुसार प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना के निम्नलिखित लाभ एवं विशेषताएं हैं।

  • विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन ऑफलाइन सूत्रों से यह दावा किया जा रहा है की हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना का शुभारंभ किया गया है।
  • इस योजना के माध्यम से देश के युवाओं को कोरोनावायरस के इलाज ने ₹4000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2021 वायरस मैसेज के अनुसार बताई जा रही है।
  • मैसेज में इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए एक लिंक भी दी गई है।
  • इस लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भरने पर यह दावा किया जा रहा है कि आप इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।
  • आपको बता दें सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं संचालित की जा रही है।
  • सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट पैक चेक पर इस योजना को फेंक बताया गया है।
  • आपसे निवेदन है कि आप ऐसी किसी भी योजना के अंतर्गत आवेदन ना करें।

गलत रामबाण सुरक्षा योजना पात्रता तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज

वायरल मैसेज के अनुसार यह दावा किया जा रहा है कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज होना अनिवार्य है।

  • आवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाणपत्र
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ

सच/झूठ प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना आवेदन

  • वायरल मैसेज में यह दावा किया जा रहा है कि यदि आप प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा।
  • लिंक पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
  • आपको इस आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि दर्ज करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
  • अब आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप प्रधानमंत्री रामबाण सुरक्षा योजना के अंतर्गत आवेदन कर पाएंगे।

Note:- अपनी कोई भी जानकारी किसी भी व्यक्ति या ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से शेयर न करे क्योकि यह योजना पूरी तरह से झूठी और भ्रामक है | किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी अच्छी प्रकार से जाँच कर लें।