मनुष्य को मानव तन पर तनिक सा भी घमण्ड नहीं करना चाहिए: सुधा दीदी

लखनऊ। अंतिम दिन भागवत कथा सुनने का महत्व इतना है कि भागवत प्रेमी भक्त अगर श्रद्वा से उसे आखिरी दिन ही सुन लें, तो पूरे सप्ताह कथा सुनने के बराबर पुण्य अर्जित हो जाता है। यह संदेश कन्नौज की पूज्य सुधा दीदी ने कथा के अंतिम दिन काकोरी के गुरुदीनखेड़ा गांव में उन्नाव सांसद महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी डॉ साक्षीजी महराज के जिला प्रतिनिधि प्रेमचन्द लोधी द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन करते हुए बड़ी संख्या में उपस्थित श्राद्वालुओं को दिया। समापन पर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद चखा।

सुधा दीदी ने हरि अंनन्त हरि कथा अनन्ता की उक्ति सामने रखते हुए कहा कि गोविंद की यह भागवत कथा बगैर गोविंद के, बगैर राधारानी की अनुकम्पा के न तो कही जा सकती है और न ही सुनी जा सकती है। रुक्मिणी विवाह से आगे गोविंद के प्रथम पुत्र प्रद्युम्न की कथा कहते हुए कहा कि प्रद्युम्न को साक्षात कामदेव का रूप बताते हुए कहा कि हमें इस मानव तन पर तनिक भी घमण्ड नहीं करना चाहिए। यह तन भी उन्ही गोविंद का है और उन्हीं की कृपा से संचालित होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत भी कामदेव अर्थात महादेव की समाधि की भाषा में लिखा गया है। शिशुपाल वध की चर्चा करते हुए कहा कि गोविंद पर भरोसा करो तो पूरा करो, वही तुम्हारी नइया पार लगा सकते हैं और सिर्फ प्रभु पर ही नही, अपने आराध्य पर ही नहीं, जिस किसी पर भरोसा करो तो पूरा करो, तभी काज सफल होंगें। इसी तरह गोविंद से प्रेम करो या किसी और से करो, पूरे सच्चे मन से करो, तभी प्रेम को पाओगे। कथा समापन से पहले केशरी राव धारा सिंह यादव, प्रेमचन्द लोधी, कमलेश लोधी, राम सिंह लोधी, लवकुश यादव, ज्ञान सिंह, सत्यपाल सिंह आदि ने आरती उतारी। इससे पहले पूर्णाहुति देकर हवन किया गया। बाद में विशाल भण्डारे का आयोजन हुआ, जिसमें  हजारों भक्तगणों ने प्रसाद चख कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।

…अब कुतुब मीनार की खुदाई की तैयारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। कुतुब मीनार को लेकर छिड़े विवाद के बीच ऐतिहासिक परिसर में खुदाई की जाएगी। संस्कृति मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि कुतुब मीनार में मूर्तियों की Iconography कराई जाए। एक रिपोर्ट के आधार पर कुतुब मीनार परिसर में खुदाई का काम किया जाएगा। इसके बाद ASI संस्कृति मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

संस्कृति सचिव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने के बाद यह फैसला लिया है। लिहाजा कुतुब मीनार के साउथ में और मस्जिद से 15 मीटर दूरी पर खुदाई का काम शुरू किया जा सकता है। बता दें कि कुतुब मीनार ही नहीं, अनंगताल और लालकोट किले पर भी खुदाई का काम किया जाएगा।

कुतुब मीनार परिसर में खुदाई के निर्णय से पहले संस्कृति सचिव गोविंद मोहन ने 12 लोगों की टीम के साथ निरीक्षण किया। इस टीम में 3 इतिहासकार, ASI के 4 अधिकारी और रिसर्चर मौजूद थे। इस मामले में ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुबमीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है।

ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुब मीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है। इसके अलावा कई रिसर्च भी पेंडिंग हैं, जिसकी वजह से ये फैसला लिया गया है।

विष्णु स्तम्भ नाम देने की मांग- कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग भी हाल ही में की गई थी। इसके बाद वहां हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया था। हिंदू संगठनों ने कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ करने की मांग की थी। हिंदू संगठन के एक कार्यकर्ता ने कहा था कि मुगलों ने हमसे इसे छीना था। इसे लेकर हम अपनी मांगों को रख रहे हैं। हमारी मांग है कि कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ किया जाए।

11 करोड़ की संपत्ति दान कर पत्नी, बेटे समेत ज्वैलर्स हुआ वैरागी

जयपुर (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के बालाघाट नगर के ज्वेलर्स राकेश सुराना ने; न केवल करोड़ों रुपए की संपत्ति दान कर दी, बल्कि परिवार सहित भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर वैराग्य जीवन की राह चुन ली है। 22 मई को दीक्षार्थी परिवार राकेश सुराना (40), उनकी धर्मपत्नी लीना सुराना (36) और 11 वर्षीय पुत्र अमय सुराना जयपुर में दीक्षा लेंगे। 17 मई को जैन समाज द्वारा इस दीक्षार्थी परिवार को विदाई दी गई। वैराग्य जीवन की ओर जाने से पहले दीक्षार्थी सुराना परिवार ने करीब 11 करोड़ रुपए की संपत्ति गौशाला और धार्मिक संस्थाओं को दान कर दी है।
इस दीक्षार्थी परिवार के दीक्षा लेने के पूर्व 17 मई को जैन समाज ने शोभायात्रा निकालकर उन्हें विदाई दी। वैसे इस परिवार के अभिनंदन के लिए संयम शौर्य उत्सव का आयोजन 16 मई से ही प्रारंभ हो गया, जिसमें 16 मई को स्थानीय लॉन में उनका अभिनंदन किया गया। मंगलवार की सुबह करीब सवा सात से सवा आठ बजे तक श्री पार्श्वनाथ भवन में धार्मिक कार्यक्रम किया गया। काली पुतली चौक के समीप अहिंसा द्वार से वरघोड़ा निकाला गया। कृषि उपज मंडी इतजवारी गंज में दीक्षार्थी परिवार का साधर्मी वात्सल्य कराया गया। वहीं 18 मई को सुबह 9 बजे पार्श्वनाथ भवन में अष्टोत्तरी महापूजन होगा। वहीं 19 मई को सुबह 6 बजे संसार से संयम की ओर कदम बढ़ाने के लिए मुमुक्ष राकेश सुराना, मुमुक्ष लीना और मुमुझ अमय जयपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। जो 22 मई को जयपुर में दीक्षा लेंगे।


वर्ष 2015 से परिवर्तित हुआ ह्रदय
सुराना ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा कि उनका हृदय परिवर्तन महेंद्र सागर महाराज और मनीष सागर महाराज के प्रवचन से मिली प्रेरणा के कारण हुआ और उसके चलते ही उन्हें धर्म, अध्यात्म और आत्म स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा मिली। बताया कि अध्यात्म योगी गुरुदेव महेन्द्र सागर महाराज का बालाघाट में चौमासा हुआ था। इस दौरान उनके विचारों, बातों को पूरी तन्मयता से सूना इसके बाद उसे आत्मसात करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि संसार की भौतिक सुख-सुविधाएं नश्वर है। जो कमाया है उसे यहीं पर छोड़कर जान है। मानव जीवन बहुत दुर्लभता से मिलता है, पुण्य संचय किया तब मानव तन पाया। इस मानव तन का उपयोग केवल भौतिक सुख-सुविधाओं में न करते हुए मानव जीवन कल्याण और मोक्ष प्राप्ति के लिए करना चाहिए। राकेश सुराना की पत्नी लीना जो अमेरिका में पढ़ी है, उन्हें बचपन से ही संयम पथ पर जाने की इच्छा थी, इतना ही नहीं बेटा अमय जब 4 साल का था तभी वह संयम के पथ पर जाने की बात करता था, मगर बहुत कम उम्र होने के कारण उन्होंने सात साल तक इसके लिए इंतजार किया। सुराना ने बताया कि जीवन में सब कुछ मिलने के बाद भी शांति की कमी थी। इसे खोजने का प्रयास किया गया। तब पता चला की शांति कर्म करके या मोक्ष के मार्ग पर चलकर ही मिल सकती है। सुख अपने ही भीतर होता है, बशर्त उसने खोजने की जरुरत होती है। इसी सुख को प्राप्त करने के लिए संयम की ओर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में आधुनिक शिक्षा की ओर बहुत भाग रहे हैं। बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा भी देनी चाहिए।

मंदिर की रथयात्रा में करंट से 11 की मौत, 15 घायल

नई दिल्ली (एजेंसी)। तमिलनाडु के तंजावुर जिले में एक मंदिर से आज सुबह निकाले गए रथ जुलूस के दौरान करंट लगने से बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब लोग कालीमेडु के अप्पार मंदिर से निकाली गई जिस पालकी पर खड़े थे, वह एक हाई-ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आ गई।

तंजावुर पुलिस के अनुसार, कालिमेदू में अप्पार मंदिर से रथयात्रा निकाली जा रही थी। मुड़ने की जगह पर ऊपर बिछे तारों के जाल की वजह से रथ को आगे नहीं ले जाया जा सका। जैसे ही रथ को पीछे किया गया, उसका संपर्क हाई-टेंशन लाइन से हो गया और और करंट पूरे रथ पर फैल गया। घटना में कुछ बच्चों की भी जान जाने की बात सामने आई है। 

घटना में गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को तंजावुर के ही मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। करंट की चपेट में आने से रथ जलकर राख हो गया है।

PM ने जताया शोक; मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के तंजावुर जिले में हुए हादसे से बेहद दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की। घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। 

जानिए कपूर से जुड़े टोटके

कपूर से जुड़े कुछ टोटके ऐसे हैं, जिनको करने से ग्रह दोष, वास्तु दोष दूर होते हैं। जानते हैं कपूर से जुड़े कुछ उपाय, जिनका उपयोग करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

पूजा पाठ में कपूर का उपयोग किया जाता है। कपूर से आरती करते हैं और हवन में उपयोग भी। जिस प्रकार से इसके कुछ औषधीय गुण है, वैसे ही धार्मिक महत्व भी है। कपूर से जुड़े कुछ टोटके ऐसे हैं, जिनको करने से ग्रह दोष, वास्तु दोष दूर होते हैं। पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं कपूर से जुड़े कुछ उपायों के बारे में, जिनका उपयोग करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

कपूर के टोटके
1. यदि आप अपने घर में सुबह और शाम को कपूर जलाते हैं, तो अंदर का वातावरण शुद्ध रहता है, सकारात्मकता का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियों के दूर होने से परिवार में सुख एवं शांति रहती है।

2. यदि आपके घर में किसी स्थान पर वास्तु दोष है, तो उससे दूर करने का सबसे आसान तरीका यह है कि एक कटोरी में कपूर के कुछ टुकड़े लेकर उस स्थान पर रख दें। जब कुछ दिन में वह कपूर खत्म हो जाए, तो वहां कपूर के नए टुकड़े रख दें। ऐसा करने से वास्तु दोष धीरे-धीरे दूर होने लगेगा।

3. लोगों को आपने कहते हुए सुना होगा कि उनको पितृ दोष है या कालसर्प दोष है, जिसके कारण उनकी उन्नति नहीं हो रही है। कालसर्प दोष राहु और केतु ग्रह के कारण होता है। इन दोषों से मुक्ति के लिए आप अपने घर में तीन समय सुबह, शाम और रात को कपूर जलाएं।

4. शनिवार के दिन नहाने के पानी में कपूर का तेल और चमेली के तेल की कुछ बूंदें डाल दें, फिर उससे स्नान करें। ऐसा करने से शनि दोष दूर होगा। राहु-केतु भी परेशान नहीं करेंगे।

5. धार्मिक मान्यता है कि दांपत्य जीवन में जीवनसाथी के बीच तालमेल सही नहीं चल रहा है, तो अपने शयनकक्ष में कपूर रखें और उसे कुछ दिन के बाद बदलते रहें। ऐसा करने से पति और पत्नी के बीच रिश्ते सही होने लगते हैं।

6. यदि आप सोने में बुरे सपने देखते हैं या सोते वक्त डर जाते हैं, तो आपको अपने शयन कक्ष में कपूर जलाना चाहिए. इससे नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. newsdaily24 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व समारोह, भाग लेंगे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री 21 अप्रैल को लाल किले में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व समारोह में भाग लेंगे

नई दिल्ली (PIB)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल 2022 को रात लगभग 9:15 बजे नई दिल्ली के लाल किले में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे और एक स्मारक सिक्का तथा डाक टिकट भी जारी करेंगे।

इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार द्वारा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से किया जा रहा है। इस दो-दिवसीय (20 और 21 अप्रैल) कार्यक्रम के दौरान, देश के विभिन्न हिस्सों से रागी और बच्चे ‘शब्द कीर्तन’ में भाग लेंगे। गुरु तेग बहादुर जी के जीवन को दर्शाने वाला एक भव्य लाइट एंड साउंड शो भी होगा। इसके अलावा सिखों की पारंपरिक मार्शल आर्ट ‘गतका’ का भी आयोजन किया जाएगा।

यह कार्यक्रम नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के उपदेशों को रेखांकित करने पर केंद्रित है। गुरु तेग बहादुर जी ने विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्हें मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर कश्मीरी पंडितों की धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन करने के लिए मार डाला गया था। उनकी पुण्यतिथि 24 नवंबर हर साल शहीदी दिवस के रूप में मनाई जाती है। दिल्ली में गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और गुरुद्वारा रकाब गंज उनके पवित्र बलिदान से जुड़े हैं। उनकी विरासत इस राष्ट्र के लिए एकजुटता की एक महान शक्ति के रूप में कार्य करती है।

ब्रहमज्ञान ही मानव जीवन का लक्ष्य: महात्मा नेपाल सिंह

बिजनौर। संत निरंकारी मंडल के तत्वावधान में झालू रोड पर स्थित सत्संग भवन पर साध संगत का आयोजन हुआ। इसमें मिशन के संतो-महापुरुषों, बहनों व बच्चों ने अपने-अपने विचार व आध्यात्मिक गीत प्रस्तुत किए।

गुरु गद्दी से साध संगत को संबोधित करते हुए दिल्ली से आए महात्मा चौधरी नेपाल सिंह ने कहा, कि सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ब्रह्मज्ञान प्रदान करके मानव मात्र को शाश्वत सुख के साथ जोड़ रही हैं और इसी जीवन संदेश को देने के लिए हम यहां एकत्र हुए हैं। ब्रहमज्ञान ही मानव जीवन का लक्ष्य है और अनादि काल से इस लक्ष्य की पूर्ति सद्गुरु ही कराते आए हैं। ब्रह्मज्ञान प्राप्ति के बाद सभी में एक प्रभु परमात्मा का नूर दिखायी देने लगता है।

इस अवसर पर संयोजक महात्मा बाबूराम निरंकारी, संचालक विनोद सिंह, शिक्षक आदित्य सोनू, गीतकार महात्मा गगन सिंह दिल्ली, कवि निर्मल सिंह आदि मौजूद रहे।

सत्संग भवन पर 24 अप्रैल को रक्तदान शिविर

मनाया जायेगा मानव एकता दिवस। कोरोना गाइड लाइन का पूर्णत: पालन करने की अपील की।

बिजनौर। आगामी 24 अप्रैल (रविवार) को झालू रोड स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आदेशानुसार बाबा गुरुबचन सिंह जी की याद में मानव एकता दिवस मनाया जायेगा। यह जानकारी संत निरंकारी मण्डल, ब्रांच बिजनौर के संयोजक महात्मा बाबूराम निरंकारी व मीडिया प्रभारी भूपेन्द्र कुमार ने एक प्रेस नोट के माध्यम से दी।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रातः 9 से एक बजे तक एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान जनपद की अन्य ब्रांचों के मुखी महात्मा भी उपस्थित रहेंगे। संयोजक महात्मा बानूराम निरंकारी ने सभी संतों महापुरुषों, सेवादल के पदाधिकारियों व समस्त सदस्यों से कोरोना गाइड लाइन का पूर्णत: पालन करते हुए मॉस्क लगाकर आने की अपील की है। इस अवसर पर साध संगत का आयोजन भी किया जायेगा।

दिल्ली पुलिस का दावा; साजिशन थी जहांगीरपुरी में हिंसा

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट; कहा साजिश के तहत फैलाई गई थी जहांगीरपुरी में हिंसा

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अपनी आरंभिक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें आपराधिक साजिश की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की शाखा ने अंतरिम रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में हिंसा का करण मोटे तौर पर आपराधिक साजिश को बताया गया है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में गृह मंत्रालय को हिंसा की घटना से संबंधित जानकारी तथा इससे निपटने के लिए उसके द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी है।



रिपोर्ट में अब तक की गई जांच के आधार पर हिंसा के पीछे किसी साजिश की बात कही गई है। दिल्ली पुलिस इस मामले में शनिवार रात से ही जांच में जुट गई थी और उसने अब तक करीब 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि शोभायात्रा निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों से प्रक्रिया के अनुसार अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने इस बात को काफी गंभीरता से लिया है और आयोजन कर्ताओं के खिलाफ भी इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जहांगीरपुरी में शनिवार को हनुमान जयंती के मौके पर जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तो जुलूस पर कुछ लोगों ने पथराव किया। इसके बाद हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुई। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार शाम को ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से बात करके उन्हें राजधानी में कानून -व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को भी कहा था।

Delhi Jahangirpuri violence how it started communal atmosphere charged in  various parts of country - India TV Hindi News



दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने की जो बातें चल रही थी वह पूरी तरह से निराधार है। दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक सामने आए वीडियो, हथियार चलाने की घटनाओं की सभी तरह की फॉरेंसिक बैलेस्टिक जांच कराई जा रही है, जिनके आधार पर पूरी तरह से पहचान किए जाने के बाद ही लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।

वैष्णोंदेवी: एक घंटे में डेढ़ हजार श्रद्धालु रोपवे से पहुंचेंगे अधकुंवारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। जम्मू में 700 साल पुराने माता वैष्णो देवी मंदिर में तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए श्राइन बोर्ड ने कटरा और अधकुंवारी के बीच 1,281 मीटर लंबे रोपवे के निर्माण के बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की 69वीं बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की। कटरा और अधकुंवारी के बीच का ट्रेक 6 किमी है।

No ropeway service on 8th to 10th february in mata vaishno devi bhawan - माता  वैष्णो देवी भवन में 8 फरवरी से 10 फरवरी तक रोपवे सेवा रहेगी बंद

दिल्ली स्थित श्राइन बोर्ड के सदस्य के.के. शर्मा ने एआईएमआईएल फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के विवरण साझा करते हुए आईएएनएस को बताया कि इस प्रस्ताव पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। उन्होंने कहा, वास्तव में, 2012 में पहली बार 51वीं बैठक में बोर्ड ने रोपवे की संभावनाओं का पता लगाने के लिए राइट्स लिमिटेड (एक रेलवे उपक्रम) के साथ एक अध्ययन करने का निर्णय लिया था। राइट्स ने 2017 में बोर्ड को अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें पाया गया कि यह कटरा और अधकुंवारी के बीच रोपवे के निर्माण के लिए उपयुक्त है।

तब से यह प्रस्ताव लगातार लंबित था, जिसे मंगलवार को हुई नवगठित बोर्ड की पहली बैठक में मंजूरी दे दी गई। सबसे पवित्र हिंदू मंदिरों में से एक वैष्णो देवी, जम्मू जिले के कटरा शहर में स्थित है। मंदिर कटरा से लगभग 12 किमी दूर 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। 

प्रस्ताव के अनुसार 1,281.20 मीटर लंबे रोपवे का निर्माण अधिकतम 590.75 मीटर की ऊंचाई के साथ किया जाएगा। इसकी क्षमता आठ लोगों की क्षमता वाले प्रत्येक केबिन के साथ प्रति घंटे एक तरफ 1,500 लोगों को ले जाने की होगी। जबकि इसके निर्माण का अनुमान 94.23 करोड़ रुपये है, राइट्स का कहना है कि परिचालन लागत का 63 प्रतिशत वसूल किया जा सकता है यदि प्रति यात्री यात्रा शुल्क 200 रुपये रखा जाए। शर्मा ने कहा कि निर्माण जल्द शुरू होगा। तीर्थस्थल पर तीर्थयात्रियों की संख्या 2021 में 55.77 लाख से अधिक थी, जबकि पिछले वर्ष कोरोनो वायरस महामारी के कारण 17 लाख थी।

हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे 65 साल से ऊपर के आवेदक

झटका: हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे 65 साल से ऊपर के आवेदक, सऊदी अरब सरकार ने लगाई पाबंदी, सर्कुलर जारी

सऊदी अरब सरकार की ओर से हज के लिए नई गाइडलाइन जारी होने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक 20 अप्रैल 2022 तक अधिकतम 65 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे आवेदक ही हज यात्रा पर जा सकेंगे। 

फाइल फोटो

लखनऊ (एजेंसी)। हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले बुजुर्गों की उम्मीदों को झटका लगा है। सऊदी हुकूमत ने शर्तों के साथ हज यात्रा 2022 के लिए हरी झंडी तो दे दी है लेकिन 65 साल से अधिक उम्र के हज यात्रियों पर रोक लगा दी है। ऐसे में प्रदेश से बुजुर्ग श्रेणी के करीब 300 से ज्यादा आवेदन निरस्त किए जाएंगे। 

सऊदी अरब सरकार की ओर से हज के लिए नई गाइडलाइन जारी होने के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक 20 अप्रैल 2022 तक अधिकतम 65 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे आवेदक ही हज यात्रा पर जा सकेंगे। नई गाइडलाइन के मुताबिक कोविडआरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही आवेदक हज यात्रा पर जा सकेगा। यह रिपोर्ट रवानगी से 72 घंटे पहले की ही मान्य होगी। वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना भी जरूरी है, तभी यात्रा पूरी होगी। प्रदेश से 70 साल से ऊपर की बुजुर्ग श्रेणी में करीब 372 आवेदन हुए हैं।

आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण काल में सऊदी हुकूमत ने दो साल से हज यात्रा पर पाबंदी लगा रखी थी। इन दो वर्ष में सिर्फ सऊदी अरब के स्थानीय लोग ही हज यात्रा में शामिल हो पाए। हिंदुस्तान के आजमीन आखिरी बार 2019 में हज यात्रा पर गए थे। हालांकि 2020 और 2021 में भी हज कमेटी ने आवेदन लिए थे, लेकिन सऊदी हुकूमत ने हज यात्रा की अनुमति नहीं दी। इस बार हज यात्रा के लिए सऊदी हुकूमत ने अनुमति दे दी है। लेकिन कुछ शर्तें भी लगाईं हैं।

65 वर्ष पार वालों के आवेदन होंगे रद्द 

हज यात्रा 2022 के लिए इस बार देश भर से 92,381 आवेदन किए गए हैं। आवेदन के दौरान उम्र की कोई पाबंदी नहीं थी। अब हज यात्रा के लिए 65 वर्ष की पाबंदी लगा दी गई है। ऐसे में 65 वर्ष से अधिक उम्र वालों के आवेदन निरस्त होंगे।

22 तक हज आवेदन का मौका
हज आवेदनों की कम संख्या को देखते हुए नई गाइडलाइन में आवेदकों को एक और मौका दिया गया है। हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले अब 22 अप्रैल तक हज कमेटी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अमरनाथ यात्रियों के लिए खुशखबरी; आज से रजिस्‍ट्रेशन शुरू

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना के चलते दो साल से बंद अमरनाथ यात्रा के लिए एक बार फिर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार ये यात्रा 30 जून से शुरू होगी और 11 अगस्‍त तक चलेगी। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सीईओ नीतिश्‍वर कुमार ने दो दिन पहले ही पंजीकरण को लेकर जानकारी दी थी। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर स्थित अमरनाथ धाम की सालाना यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए 20 हजार की क्षमता वाला यात्री निवास तैयार किया है।

Amarnath Yatra 2022: Registration to begin on April 11, check how to apply  | India News | Zee News

कोरोना महामारी के कारण 2020 और 2021 में अमरनाथ यात्रा आयोजित नहीं की जा सकी। 2019 में भी 5 अगस्त से कुछ दिन पहले यात्रा को निलंबित कर दिया गया था, जब केंद्र ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करते हुए जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द कर दिया था। वहीं बताया गया है कि यात्रा के लिए श्रद्धालु का हेल्थ सर्टिफिकेट, चार पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ अनिवार्य हैं। साथ ही एप्लिकेशन फॉर्म पूरी तरह से भरा हो।

इससे पहले भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चन्द्रा ने श्रीनगर में आगामी श्री अमरनाथजी यात्रा, जो कि 30 जून, 2022 से लेकर 11 अगस्त, 2022 तक निर्धारित है, के व्यापक प्रचार के संबंध में एक बैठक बुलाई।

सूचना और प्रसारण सचिवके साथ-साथ जम्मू एवं कश्मीर सरकार के मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के सीईओ नीतीश्वर कुमार, जम्मू एवं कश्मीर सरकार के प्रमुख सचिव रोहित कंसल और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी – सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विक्रम सहाय, आकाशवाणी के प्रमुख महानिदेशक (समाचार) एनवी रेड्डी, दूरदर्शन के महानिदेशक मयंक अग्रवाल, पत्र सूचना कार्यालय श्रीनगर के अतिरिक्त महानिदेशक राजिंदर चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में शामिल रहे।

बैठक में इस वर्ष होने वाली यात्रा से संबंधित उन जानकारियों का प्रचार – प्रसार बढ़ाने के बारे में विचार-विमर्श किया गया जो कि संभावित यात्रियों के लिए उपयोगी होंगे। इस तीर्थयात्रा की पूरी अवधि के दौरान जम्मू एवं कश्मीर प्रशासन के साथ मिलकर सूचना और प्रसारण मंत्रालय की विभिन्न मीडिया इकाइयों द्वारा प्रचार संबंधी विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई जाएगी। इस संबंध में, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी केन्द्र – शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के दौरे पर हैं।

मंदिर में चोर को मिली मौके पर सजा

नई दिल्ली (एजेसी)। मंदिर में चोरी होने की घटनाएं अक्सर देखने सुनने में आती रहती हैं।… लेकिन चोरी के बाद भगवान उसी समय उस चोर को सजा दे तो आपको कैसा लगेगा। सुनकर आप भी थोड़ा चौंक जाएंगे।

दरअसल आंध्रप्रदेश के श्रीकाकुलम जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां पर एक चोर भगवान के घर मंदिर में सेंध मार कर भाग रहा था, लेकिन अपने ही बने हुए जाल में वो फंस गया। दरअसल, मंदिर में चोरी करने के लिए उसने जो सुरंग बनाई थी, बाहर निकलते समय से वो खुद ही उसमें फंस गया और इस तरह उसकी चोरी का भंडाफोड़ हो गया। पकड़े जाने के बाद उसके पास से मंदिर से चोरी किए गए गहने भी बरामद हुए।
 
चोर को मजबूर होकर खुद ही मदद के लिए लोगों को आवाज देनी पड़ी जिससे उसका सरेआम भंडाफोड़ हो गया। आरोपी की पहचान 30 साल के पापा राव के तौर पर हुई है। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।

श्री सत्यनारायण सिद्धबली आश्रम पर ऐतिहासिक मेला

बिजनौर। अफजलगढ़ स्थित फूलताल फार्म स्थित श्रीसत्यनारायण सिद्ध बली आश्रम पर आयोजित ऐतिहासिक मेले का पूजा- अर्चना विधिवत शुभारम्भ किया गया।

फूलताल फार्म स्थित श्री सत्यनारायण सिद्ध बली आश्रम के परंपरागत 58वें विशाल मेले के मुख्य पर्व का क्षेत्रीय विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने विधि- विधान पूर्वक पूजा-अर्चना करके शुभारंभ किया। इस अवसर पर मेला व्यवस्थापक खेल सिंह राजपूत तथा डा. संदीप गोयल सहित मेला आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर अतिथियों का स्वागत किया। मेले के व्यवस्थापक खेल सिंह राजपूत ने बताया कि क्षेत्र के गांव चौहड़वाला के निकट फूलताल में श्री सत्यनारायण सिद्धबली आश्रम एक ऐसा प्राचीन सिद्ध स्थल है, जहां दीर्घकाल से श्रद्धालुओं को मनोकामनाएं पूर्ण होती आई है उन्होंने श्रद्धालुओं से मेले में प्रबंध समिति अथवा शासन प्रशासन द्वारा जारी समस्त नियमों अथवा दिशानिर्देश का पालन करते हुए सपरिवार पधारकर धर्म लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस दौरान ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार उर्फ बबली, मेघनाथ सिंह, प्रधान नितिन चौहान, प्रधान मितान सिंह, युवा भाजपा नेता संदीप चौहान उर्फ सीनू, अक्षय प्रताप सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वहीं मेला स्थल पर भारी संख्या में खेल खिलौनों, मिठाई, सौन्दर्य प्रसाधन सहित अन्य प्रकार की दुकानें लगाई गई। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए सर्कस, नाव, झूले, रेलगाड़ी तथा काला जादू के शो का संचालन किया जा रहा था।

नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे कश्मीरी पंडित

नई दिल्ली। कश्मीरी पंडित नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे। द कश्मीर फाइल्स में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का दर्द सामने आने के बाद इस बार नए साल यानी नवरेह पर घाटी में पंडितों की वापसी की आवाज बुलंद होगी। देशभर से कश्मीरी पंडित नवरेह मनाने 2 अप्रैल को घाटी पहुंचेंगे।
जम्मू से भी बस के जरिये कश्मीरी पंडित घाटी में जाकर हरि पर्वत पर मां शारिका मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही पंडितों की वापसी की कामना करेंगे। सार्वजनिक समारोह कर वापसी के लिए अनुकूल माहौल बनाने के प्रयास होंगे, जिसमें सभी धर्मों व संप्रदाय के लोग शामिल होंगे। भाजपा नेता डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी व शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी इस मौके की साक्षी होंगी।
जेके पीस फोरम की ओर से देशभर के कश्मीरी पंडितों को नवरेह पर दो अप्रैल को कश्मीर में जुटाने की तैयारियां की गई हैं। इसके तहत शारिका मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ ही शेर-ए कश्मीर पार्क में नवरेह मिलन कार्यक्रम होगा। घाटी में भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ ही पंडितों की सम्मानजनक वापसी की आवाज बुलंद की जाएगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य 30 साल के विस्थापन के बीच धार्मिक-सांस्कृतिक रीति-रिवाजों से नई पीढ़ी को अवगत कराना और दहशत में घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर लोगों के लिए सुरक्षा व आत्म सम्मान की भावना जगाना है। फोरम के चेयरमैन सतीश महालदार ने बताया कि इस बार कोशिश है कि सभी धर्मों के लोगों को एक मंच पर लाकर पंडितों की वापसी का माहौल बनाया जाए। इसके लिए अंतर समुदाय सांस्कृतिक महोत्सव भी कराया जा रहा है। कोशिश होगी कि सभी लोग एक-दूसरे की भावनाओं को समझें व सभी के प्रति सम्मान का भाव जगे। विस्थापन का दर्द झेल रहे पंडितों को सम्मान मिले।
सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत भी नवरेह पर इस बार ऑनलाइन संबोधित करेंगे। संजीवनी शारदा केंद्र जम्मू के माध्यम से इस कार्यक्रम का आयोजन तीन अप्रैल को होगा। सर संघचालक पिछले साल संबोधन करने वाले थे, लेकिन अस्वस्थ होने की वजह से यह संभव नहीं हो पाया था।

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने का समय बदला

वृंदावन। ग्रीष्मकाल शुरू होने के साथ ही ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने का समय बदल गया है। मंदिर के पट सुबह पौने आठ बजे से खुलना शुरू हो गए हैं। दर्शन समय के साथ ही ठाकुर जी की पोशाक और भोग सेवा में भी बदलाव कर दिया गया है।

मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि 20 मार्च से मंदिर में श्रृंगार आरती सुबह 7.55 बजे होने लगी है। राजभोग आरती 11.55 बजे, दर्शन का समय सुबह 7.45 से दोपहर 12 बजे तक रखा गया है। सायंकाल में 5.30 से 9.30 बजे तक दर्शन हो सकेंगे। शयन आरती 9.25 पर होगी। सुबह 11 से 11.30 के बीच ठाकुरजी को राजभोग निवेदित किया जाएगा, जबकि शाम 8.30 बजे शयनभोग परोसा जाएगा। मंदिर सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी को अब हल्के रेशम की पोशाक धारण करवाई जा रही है। साथ ही चार पहर परोसे जाने वाले भोग में भी बदलाव किया गया है। गरिष्ठ पदार्थों की कम और तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ा दी गई है।

Video from Sanjay Saxena

*⛔”फोटो लेना है…चलो फोटो खिंचवा लो…थोड़ा जोर से हंस ले…अरे…जोर से हंस”* *होली के मौके पर गोरखनाथ पीठ में CM Yogi का अनोखा अंदाज*

डीजे की धुन पर जमके थिरके पुलिसकर्मी

बिजनौर। अफजलगढ़ में पुलिसकर्मियों पर शनिवार को होली का खूब रंग चढ़ा। उन्होंने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। पुलिसकर्मी होली की मस्ती में झूमते नजर आए।

अफजलगढ़ कोतवाली में दोपहर 12:00 बजे कोतवाली प्रांगण के पीछे आवंटित परिसर के ग्राउंड में पुलिसकर्मी जमकर होली खेलते नजर आए। पुलिसकर्मियों ने गुलाल उड़ाते हुए डीजे पर डांस किया। उन्होंने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर रंग दिया और होली की शुभकामनाएं दीं। डीजे पर जमकर ठुमके लगाए।

होली की मस्ती में डूबे रहे पुलिसकर्मी जबकि थाने के कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। कोतवाल मनोज कुमार सिंह, एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा, कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, एसआई कमल किशोर, एसआई विनित कुमार, एसआई सुनील कुमार ने एक दूसरे को गुलाल का टीका लगाकर शुभकामनाएं दी। पुलिसकर्मियों ने भी एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली खेली और डीजे पर जमकर ठुमके लगाते हुए फिल्मी गानों पर डांस किया। कोतवाल मनोज कुमार सिंह को होली की शुभकामनाएं दी।

खुदा के यहां इन चार लोगों की नहीं होगी बख़्शीश: मुफ्ती रियाज क़ासमी


बिजनौर। अफजलगढ़ नगर में बस स्टैंड पर स्थित अबु बकर मस्जिद में शब ए बराअत की रात में मुफ्ती रियाज क़ासमी ने नमाजियों को उन चार लोगों के बारे में बताया, जिनकी शब ए बराअत को खुदा के यहां बख़्शीश नहीं होगी।

शुक्रवार को शब ए बराअत के मौके पर इशा की नमाज पढ़ने के बाद मुफ्ती रियाज साहब क़ासमी ने बयान करते हुए लोगों से कहा कि इस रात में उन चार लोगों की खुदा के यहां बख़्शीश नहीं होगी जो शराब पीकर लोगों सहित अपने परिवार के साथ मारपीट करते हुए और शराब पीने के आदी बन चुके हैं और जो लोग एक दूसरे की बुराई करने से बाज नहीं आते है और एक दूसरे को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हो और जो लोग अपने मां बाप की इज्जत नहीं करते है और अपने मां बाप की ना फरमानी कर उनकी बातों को नहीं सुनते हैं और आखिरी उन लोगों की जो रिश्तेदारों में लड़ाई कराकर दूरी बनाने की कोशिश करते हैं उन लोगों की खुदा के यहां शब ए बराअत की रात में बख़्शीश नहीं होगी। इस मौके पर उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से कहा कि अपने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दो लेकिन दीनी तालीम पहले हासिल करानी चाहिए क्योंकि जब बच्चा अच्छा आदमी होगा तो वह अच्छा अधिकारी भी होगा अच्छा इंजीनियर भी होगा दीनी तालीम का इंतिज़ाम पहले किया जाये उसके साथ साथ दुनयावी तालीम जितना ज्यादा हो अपने बच्चों को दिलायें और अच्छे मां बाप बनकर अच्छी शिक्षा दिलाकर अपना फर्ज निभाने का काम करें। शबे बराअत ये समझें के अल्लाह की तरफ से बंदों को बख्शने का एक बहाना है और ये रमज़ान की तैयारी है ताके हम अभी से रमज़ान के लिए तैयार हो जाये। आखिर में पूरे मुल्क के अमनो अमान के लिये दुआ कराई गई। इस मौके पर पुलिस बल की तरफ़ से की गई तैयारी और इंतिज़ाम क़ाबिल ए तारीफ़ रहा और पूरे प्रदेश में दोनों त्योहारों को अमन शांति से गुज़र जाने पर पुलिस प्रशासन की सराहना करते हुए हिन्दुस्तान की गंगा जमुना तहज़ीब की जमकर सराहना की।

मंदिर में तोड़फोड़, चोरी, आगजनी

हापुड़ के बहादुरगढ़ में धार्मिक स्थल में तोड़फोड़, मौके पर भारी पुलिस बल

हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर में होली के त्योहार पर कुछ शरारती तत्वों ने सर्किल के गांव बहादुरगढ़ में धार्मिक स्थल में मूर्तियां खंडित कर दीं और आग लगा दी। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया, हजारों की संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। एएसपी, सीओ समेत तीनों थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया।

गढ़ सर्किल के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बहादुरगढ़ में सेहल चौराहे पर करीब 40 वर्ष पुराना मंदिर है। गुरुवार की रात कुछ शरारती तत्वों ने मंदिर में स्थापित मूर्तियां खंडित कर दीं, आरोपी एक मूर्ति को चोरी कर ले गए। इसके अलावा आग लगा दी। शुक्रवार सुबह पूजा-अर्चना करने पहुंचे ग्रामीणों को मामले की जानकारी हुई जो बहादुरगढ़ समेत आसपास के गांवों में फैल गई। हजारों की संख्या में ग्रामीण धार्मिक स्थल पर एकत्र हो गए, और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।

वहीं घटना के संबंध में सूचना मिलते ही एएसपी सर्वेश मिश्रा, सीओ पवन कुमार, सीओ पिलखुआ डॉ. तेजवीर सिंह, गढ़, सिंभावली और बहादुरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंच गई। एएसपी ने समझा बुझा कर और जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2013 में भी मुक्तेश्वर के गांव बदरखा में असामाजिक तत्वों ने मंदिर में जमकर तोड़फोड़ की थी। गेट पर लगी मूर्तियां तोड़ कर मंदिर की मुख्य मूर्ति को बाहर फेंक दिया था। सुबह पूजा करने पहुंचे लोगों को देवी-देवताओं की मूर्तियां सड़क पर क्षतिग्रस्त मिलीं तो खबर आग की तरह फैली। मिनटों में ही भीड़ जमा हो गई और गुस्सा परवान चढ़ने लगा। सूचना पर हालात की गंभीरता देख पुलिस और प्रशासन के अफसर फोर्स के साथ पहुंचे और लोगों को शांत किया। बाद में अफसरों की मौजूदगी में मरम्मत की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्तियां फिर से मंदिर में स्थापित की गईं थीं।

कृष्ण जन्मभूमि की अद्भुत-अवर्णनीय लठामार होली

मथुरा यात्रा-२
कृष्ण जन्मभूमि की अद्भुत-अवर्णनीय लठामार होली

रंगभरनी एकादशी कृष्ण जन्मभूमि और यहां की होली देखने आने वालों दोनों के लिए एक खास अवसर है। इस बार की मथुरा यात्रा का खास मकसद ही जन्म भूमि की लठामार होली ही थी। कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय विश्राम गृह का कमरा नंबर- 6 ही अपना ठिकाना बना। मथुरा की होली ऐसे ही आकर्षित करती है। उस पर रंगभरनी एकादशी का दिन हो तो नींद कहां से आए?
सुबह 5 बजे ही आंख खुल गई। चाय की तलब जन्म भूमि के मुख्य द्वार के सामने “दनादन चायवाले” की तरफ खींच ले गई। कई युवा, महिलाएं रंगभरनी एकादशी की होली का मजा लेने के लिए बाहर बरामदे में, खुले में रात बिताती नजर आई। गेट पर कतार लगनी शुरू हो चुकी थी। कुछ लड़कियां फोटो खींचने में मशगूल थीं और कुछ लड़के सेल्फी लेने में। सुबह का आगाज ही यह एहसास कराने लगा था कि आज मंदिर में कुछ खास है।
घड़ी की सुई बढ़ती जा रही थी और अपनी होली वाली टोली (विनय द्विवेदी, करुणाशंकर मिश्रा, सुधीर द्विवेदी, अमर द्विवेदी, यादवेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रमणि बाजपेई, सुनील मिश्रा “सेनानी”) की धड़कन। ट्रस्ट के ही भोजनालय में दोपहर का भोजन ग्रहण करने के बाद विश्राम गृह के सेवादार प्रेम शंकर दीक्षित उर्फ पप्पू मंदिर में प्रवेश कराने के लिए सक्रिय हो चुके थे। कृष्ण जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के सचिव श्री कपिल शर्मा जी और भाई वात्सल्य राय जी ने विश्राम गृह के केयरटेकर रणधीर सिंह एवं पप्पू को ही लट्ठमार होली महोत्सव स्थल केशव वाटिका तक पहुंचाने की हम सबकी जिम्मेदारी इन्हीं दोनों को सौंपी थी।
दो बजते-बजते हम सब जन्मभूमि परिसर में शॉर्टकट से दाखिल हो गए। धूप तेज थी और होली महोत्सव देखने की जिज्ञासा उससे भी ज्यादा। उस समय केशव वाटिका का मैदान लगभग खाली ही था। अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए हम सब एक जगह कुर्सियों पर जम गए। थोड़ी देर बाद होली गीतों की धुन, आर्केस्ट्रा के कलाकार बजानी शुरू करते हैं। एंकरिंग के लिए एक मोटी सी महिला स्टेज पर ही कपिल‌ शर्मा के साथ कुछ होमवर्क के साथ अवतरित होती है और शुरू हो जाता है लठामार होली महोत्सव।
ब्रज और बुंदेलखंड से आए कलाकारों-गायकों से सुसज्जित होली महोत्सव के मंच पर गणेश वंदना के बाद शुरू होते हैं होली के गीत। श्री श्री 1008 स्वामी गुरुशरणानंद जी महाराज की उपस्थिति इस मंच और महोत्सव दोनों की शोभा बढ़ाती है। धीरे-धीरे-धीरे-धीरे माहौल होली मय होना शुरू होता है तो होता ही चला जाता है। कभी कृष्ण कन्हाई और राधा रानी के वेश में सजे दो बच्चों की झांकी धूम-धड़ाके के साथ पहुंचती है। घड़ी की सुई जैसे ही 5:00 बजे के आगे बढ़नी शुरू होती है वैसे-वैसे होली का मजा भी बढ़ता चला जाता है। ब्रज का प्रसिद्ध चरकुला नृत्य (जिसमें कलाकार सिर पर मटकी, जलते हुए दीपकों को रखकर नृत्य प्रस्तुत करते हैं) देखकर होली का रोमांच बढ़ गया।
फूलों की होली के बीच ही द्वारकाधीश मंदिर से उठने वाला जन्मभूमि का डोला पुराने केशव देव मंदिर होते हुए केशव वाटिका पहुंचना शुरू होता है। डोले के साथ सैकड़ों गोपियां और ग्वाल बाल लट्ठमार होली खेलते हुए चल रहे हैं। यह होरिहारे और गोपियां बरसाना वृंदावन और नंदी गांव से खास तौर पर होली खेलने के लिए आई हैं। होली के उल्लास में डूबे होरिहारों में गोपियों के लट्ठे से बचने के लिए बीच-बीच में भगदड़ मचती है और यह भगदड़ आपको मजा भी देती है और डराती भी है। होरिहारों और लट्ठ से लैस इस जत्थे केशव वाटिका पहुंचते ही शुरू होता है जन्मभूमि की लठामार होली। मंच पर होली गीतों पर थिरकते कलाकार और मैदान में और होरिहारों पर लठ बरसाती गोपियों के दृश्य अद्भुत हैं और अवर्णनीय भी।
लठामार होली देखने-सुनने के आई भक्तों की भारी भीड़ से केशव वाटिका का मैदान छोटा पड़ गया। जन्मभूमि की सारी व्यवस्थाएं छोटी पड़ गई। सुरक्षा बौनी हो गई। वाटिका में तैनात पुलिस वाले खुद होली के रंग में डूब से गए। पूरे देश से आए लोगों से खचाखच भरे मैदान में अबीर गुलाल से आसमान रंगीन हो गया। लाल-हरे-नीले-पीले-बैगनी रंगों से पटे इस आसमान के नीचे चल रही लट्ठमार होली के दौरान कभी इस हिस्से में भगदड़ कभी उस हिस्से में भगदड़। लट्ठ लगने से कुछ होरिहारे लंगड़ाते हुए भी गए। गोपियों के लट्ठ से खाकी वर्दीधारी भी बच नहीं पाते। हमेशा दूसरों पर लाठी बरसाने वाले यह खाकी वर्दीधारी आज गोपियों के लट्ठ हंसते हुए खा रहे हैं। भाग रहे हैं।
एक घंटे तक चलने वाली इस लट्ठमार होली में टैंट के स्ट्रक्चर के ऊपर लगी पिचकारियों से टेसू के फूल वाले बरसते रंग में भीगते हुए होली की मस्ती में डूबना अब सपना ही है। इस सपने को सच करता है रंगभरनी एकादशी पर कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से आयोजित लठमार होली महोत्सव। स्थानीय और विभिन्न राज्यों के हजारों-हज़ार महिलाएं-पुरुष-बच्चे भाग लेने पहुंचे हुए हैं। लट्ठ लगने का डर भी सभी को मजा लूटने से रोक नहीं पाता। जय श्री कृष्ण- जय श्री राधे

द्वारकाधीश मंदिर
कृष्ण जन्म भूमि से सिर्फ डेढ़ किलोमीटर दूर चौक बाजार में स्थित दो-ढाई सौ वर्ष पुराने द्वारकाधीश मंदिर की होली का भी अपना अलग ही मजा है। रंगभरनी एकादशी पर हम सबकी होली खेलने की शुरुआत द्वारकाधीश मंदिर से ही हुई। ई-रिक्शा की सवारी का मजा लेते हुए हम सब सुबह 8:00 बजे ही द्वारकाधीश मंदिर पहुंच गए। मुगल काल में मथुरा के मंदिर तोड़े जाने के बाद लक्ष्मीचंद जैन ने द्वारिकाधीश मंदिर बनवाया। आजकल पुष्टिमार्गीय संतों की देखरेख में द्वारकाधीश मंदिर संचालित है। सुबह 8:25 मिनट पर श्रंगार आरती और 10:00 बजे द्वारिकाधीश को भोग के बाद शुरू हुआ होली गीत-फाग और अबीर-गुलाल उड़ने का सिलसिला। एक घंटे तक गीत गूंजते रहे और अबीर गुलाल उड़ता रहा। नाचते गाते एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाते कब 11:00 बज गए पता ही नहीं चला। आरती के बाद पट बंद होने पर मंदिर की होली ने विश्राम ले लिया।

यमुना जी का तट और विश्राम घाट
जगदीश मंदिर में होली के बाद हम सब यमुना जी के दरस परस के लिए हम सब विश्राम घाट की ओर बढ़े।
घाट पर पहुंचने के पहले ही भाई-बहन के पवित्र प्रेम के लिए प्रसिद्ध धर्मराज यमराज और यमुना जी के मंदिर में माथा टेकने का सुयोग भी इस बार ही बना। इस मंदिर में यम द्वितीया पर यमुना जी में स्नान में बाद भाई बहन के साथ-साथ पूजा-प्रार्थना की परंपरा है। यह मंदिर देखकर मन अपने आप भावुक इसलिए हुआ कि भैया (स्मृति शेष नीरज अवस्थी) पहले कई बार हमसे और दीदी (गरिमा मिश्रा) से यह द्वितीया पर यहां आने के लिए कहते रहे लेकिन शायद द्वारकाधीश को यह मंजूर नहीं था। यमुना जी के दरस-परस के बाद बोटिंग के दौरान यमुना जी के बदबूदार काले पानी को देखकर मन खिन्न हो गया। हालांकि, पढ़ाई के साथ-साथ गाइड काम करने वाली युवा माधव चतुर्वेदी लगातार इस बात पर ही जोर देता रहा कि यमुना मिशन अच्छे से चल रहा है और नाले का गंदा पानी साफ होकर ही यमुना में गिर रहा है।
अथ होली यात्रा समाप्तम..

गौरव अवस्थी
रायबरेली/ उन्नाव

उत्साह और साम्प्रदायिक सौहार्द्र के साथ मनाई जाएगी होली- डीएम


जिला प्रशासन द्वारा साम्प्रदयिक रूप से संवेदनशील चिन्हित स्थानों पर विशेष रूप से निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए, रंगों का त्यौहार होली जिले में पूरे उत्साह और साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ मनाए जाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग और प्रतिबद्व- जिलाधिकारी उमेश मिश्रा

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि आगामी रंगों का त्योहार होली जिले में पूरे उत्साह और साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ मनाया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग और तत्पर है। उन्होंने सभी जन सामान्य का आह्वान किया कि किसी भी अवस्था में ऐसा कोई कार्य न करें जिससे साम्प्रदायिक वातावरण को आंच आए। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि जिला प्रशासन हर स्थिति पर पैनी निगाह रखे हुए है और साम्प्रदयिक रूप से संवेदनशील स्थानों का चिन्हिकरण कर वहां विशेष रूप से निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को निर्देश दिए कि जिन रास्तों पर धार्मिक स्थल मौजूद हैं, वहां होली के जलूस पर विशेष सतर्कता और सजगता रखी जाए और प्रयास किया जाए कि नमाज के समय जलूस का गुजर न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक तहसील एवं थाना स्तर पर अमन कमेटियों की मीटिंग आयोजित कर जन सामान्य को पूर्ण साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ होली के त्यौहार को सम्पन्न कराने में सहयोग के लिए आहवान करें।


जिलाधिकारी श्री मिश्रा विकास भवन के सभागार में शांति व्यवस्था की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को होली के पावन पर्व को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में होली त्योहार को सम्पन्न कराने के लिए पूर्व की तरह सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने अपेक्षा करते हुए कहा कि यह पावन त्योहार पूर्ण संयम, समन्वय एवं आम नागरिकों की भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए मनाया जाएगा और ऐसा कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जाएगा जिससे दुसरे सम्प्रदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे। उन्होंने बताया कि सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को विशेष सफाई, प्रकाश एवं पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। जिले में साम्प्रदाकि सौहार्द के वातावरण को किसी भी अवस्था में दूषित नहीं होने दिया जाएगा। कोई भी व्यक्ति धार्मिक रूप से कोई अपशब्द, भड़काऊ भाषण अथवा धार्मिक उन्माद फैलाने जैसे किसी भी कार्य का दुस्साहस न करे और न ही सोशल मीडिया आदि पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी या पोस्ट की जाए, जिससे शांति एंव कानून व्यवस्था की स्थिति पर कोई आंच आए। जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।


जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि होली के अवसर पर विक्रय होने वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष ध्यान रखते हुए नियमानुसार चैकिंग करें और सामग्री के सिन्थेटिक अथवा दूषित पाए जाने पर दोषी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को निर्देश दिये कि थाना स्तरीय त्योहार रजिस्टरों का गहनता के साथ अध्ययन कर लें और तहसील एवं थाना स्तर पर शांति मीटिंग का आयोजन करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर विशेष सर्तकता बरती जाए और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगाह रखें ताकि किसी भी स्तर पर कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए। उन्होंने होली के अवसर पर सभी नगर निकाय क्षेत्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, वि/रा अरविंद कुमार सिंह के अलावा अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

…बोल बम! बारिश आंधी भी नहीं डिगा पा रही कांवड़ियों के कदम

बिजनौर। देवभूमि हरिद्वार से कांवड़ लाने वाले शिवभक्त कांवड़ियों के कदम वर्षा और तेज आंधी के बीच अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। उनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उनके जोश मे कोई कमी नहीं आई है।

वर्षा पर भारी आस्था

देर रात्रि से जोरदार वर्षा होने के बावजूद भी आस्था भारी पड़ रही है। देवभूमि हरिद्वार से गंगा जल लेकर आने वाले कांवड़ियों का जोश देखते ही बनता है। रास्ते में कहीं-कहीं वर्षा से सड़कों में हो रहे गड्ढों की परवाह किये बिना शिव भक्त उत्साह और जोश के साथ भोलेनाथ का जयघोष करते हुए अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करते जा रहे हैं। शिव भक्तों का कहना है कि भोले की कांवड़ के ऊपर भोलेनाथ का सुरक्षा कवच उनकी तेज़ वर्षा, आंधी ओलावृष्टि से रक्षा करता है।

लगातार बढ़ रहा कारवां

शिवभक्तों द्वारा देवभूमि हरिद्वार से कांवड़ में पवित्र गंगाजल भरकर लाने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। महाशिवरात्रि से तीन दिन पूर्व ही पूरा जनपद शिवभक्त कांवड़ियों की गूंज से शिवमय हो गया है। बम भोले की, हम चलेगें कंकड़ पर, जल चढ़ेगा शंकर पर‚ जयकारा वीर बजरंगी हर हर महादेव की गूंज से जिले के अधिकांश नगरों में महाशिवरात्रि पर्व आने का एहसास हो गया है। समाजसेवी संस्थाएं भी भक्तों की सेवा में जुट गई है। पुलिस प्रशासन ने कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए कमर कस ली है।

कांवड़ यात्रा मार्ग पर मीट की दुकानें, होटल बंद

बिजनौर। प्रशासन के आदेश पर किरतपुर पुलिस ने गत वर्षों की भांति इस बार भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए मार्ग पर पड़ने वाली समस्त मीट की दुकानें और होटल बंद करा दिए। पुलिस की इस कार्यवाही से मीट का कारोबार करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

थाना प्रभारी सरविंदर कुमार ने बताया कि प्रशासन के आदेश पर कांवड़ यात्रा को देखते हुए शिवरात्रि तक के लिए कावड यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली सभी मीट की दुकानों और होटलों को बंद करा दिया गया है। मीट की दुकान और होटल करने वालों को बता दिया गया कि यदि उन्होंने अग्रिम आदेश तक अपना होटल या मीट की दुकान खोलने का प्रयास किया तो उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

कस्बा इंचार्ज ने संभाला मोर्चा- दूसरी ओर कस्बा इंचार्ज सुमित राठी ने बताया कि उन्होंने अपने कस्बे एवं क्षेत्र में पुलिस कर्मियों के साथ ऐसे होटलों और दुकानों की निगरानी करनी शुरू कर दी है। उन्हें किसी भी कीमत पर खुलने नहीं देंगे। उनका उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान शांति बनाए रखना है और कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसी उद्देश्य से क्षेत्र में पुलिस बल गश्त करता रहेगा। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा कांवड़ियों को परेशान या नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

प्राचीन झारखंडी शिव मंदिर के क्षतिग्रस्त मार्ग की सुध लेने को कोई भी अधिकारी तैयार नहीं!

रिजवान सिद्दीकी, झालू

बिजनौर। आस्था के प्रतीक प्राचीन झारखंडी शिव मंदिर के क्षतिग्रस्त मार्ग की सुध लेने को कोई भी अधिकारी तैयार नहीं है। इस मंदिर पर जनपद भर से सैकड़ों की तादाद में कांवड़ती जलाभिषेक करते हैं।

हल्दौर थाना क्षेत्र के दो नेशनल हाईवे को जोड़ने वाला खारी धर्मपुरा मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। इस मार्ग पर प्राचीन झारखंडी शिव मंदिर स्थापित है। यहां पर प्रत्येक सोमवार को आसपास ग्रामीण क्षेत्रों के धर्म-प्रेमी पूजा अर्चना कर जलाभिषेक करते हैं। वहीं हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं को क्षतिग्रस्त मार्ग से गुजर कर जलाभिषेक करने के लिए विवश होना पड़ेगा। …क्योंकि लगभग 10 वर्ष पहले बना यह मार्ग अब पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।

ग्राम खारी झारखंडी शिव मंदिर कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर धर्मवीर सिंह

ग्राम खारी झारखंडी शिव मंदिर कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर धर्मवीर सिंह का कहना है कि दो नेशनल हाईवे पानीपत खटीमा मार्ग व बिजनौर मुरादाबाद हाईवे को जोड़ने वाला खारी धर्मपुरा मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्राचीन शिव मंदिर पर शिव भक्तों को क्षतिग्रस्त मार्ग से होकर जलाभिषेक करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि वह पीडब्ल्यूडी विभाग के उच्चाधिकारियों सहित जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से भी क्षतिग्रस्त मार्ग के बारे में सही कराने की अपील कर चुके हैं। बीच-बीच में भी क्षतिग्रस्त मार्ग को सही कराने के लिए लिखित दरख्वास्त भी दी थी। अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।

ग्राम खारी के झारखंडी शिव मंदिर को जोड़ने वाला ढाई किलोमीटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण आएदिन लोग दुर्घटना का शिकार होते रहते हैं। इस क्षतिग्रस्त मार्ग पर प्राचीन झारखंडी शिव मंदिर स्थापित है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी महाशिवरात्रि पर्व पर दूरदराज एवं आसपास क्षेत्रों से सैकड़ों की तादाद में गाड़ियों, बाइक, ट्रैक्टर ट्राली, भैंसा बुग्गी, साइकिल तथा अन्य वाहनों से श्रद्धालुओं का तांता लगेगा। शिव भक्त एवं धर्म प्रेमियों की उक्त ज्वलंत समस्या समाधान कराने के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा क्या कार्रवाई अमल में लाते हैं, जिससे कांवड़ में गंगाजल लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाई का सामना ना करना पड़े!

रविदास जयंती पर भव्य शोभायात्रा, अखाड़ा दल ने मोहा सबका मन

बिजनौर। नूरपुर में संत रविदास प्रेमसभा कमेटी के तत्वावधान में मोहल्ला रविदास नगर स्थित रविदास धर्मशाला पर हवन पूजन के उपरांत श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी कीर्तन दरबार सजाया गया। पंथ के विद्वान प्रचारकों ने संत शिरोमणि रविदास जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आव्हान किया। इस दौरान सेवादारों को सम्मानित किया गया।


मंगलवार को पूर्वांह तीन बजे शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी की अगुवाई में निकाली शोभायात्रा में संत रविदास, मीराबाई, डॉ. आंबेडकर, भारत माता आदि की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा पंजाब का बीन बाजा, ढोल और अखाडा दल शामिल रहे। शोभायात्रा के साथ साथ महिलाओं का जत्था भजन कीर्तन गुणगान कर चल रहा था। नगर के सुप्रसिद्ध बैंड बाजों की थाप पर युवा थिरकते चल रहे थे। इस दौरान नगर में मुख्य मार्गों पर शोभायात्रा का जगह स्वागत किया गया। शोभायात्रा के आयोजन में कमेटी के राम सिंह,रिटायर्ड फौजी चेतराम सिंह, मास्टर बाबूराम, सचिव नितिन रवि, विपिन कुमार, कोषाध्यक्ष सुमित कुमार, राहुल कुमार के अलावा डा.गोपाल सिंह, लेखपाल ब्रहम सिंह, सभासद सुशील कुमार पप्पू, भाजपा नेता प्रेमपाल सिंह रवि, विनोद कुमार रवि आदि का योगदान रहा। सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा।

स्नान, दान के लिए 16 को माघी पूर्णिमा स्नान

माघ मास की  पूर्णिमा तिथि को माघी पूर्णिमा कहते हैं। इस वर्ष माघी पूर्णिमा 16 फरवरी को है। माघ पूर्णिमा को स्नान, दान एवं यज्ञ का बड़ा महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन देवतागण गंगा स्नान के लिए तीर्थराज प्रयाग की धरा पर आते हैं। इसी दिन माघ स्नान का अन्तिम स्नान होता है और इसी के साथ कल्पवास समाप्त होता है। पूर्णिमा तिथि 15 फरवरी की रात्रि 9:42 से प्रारंभ होकर 16 फरवरी की रात्रि 10:25 पर समाप्त होगी। पदम् पुराण में माघ स्नान का महत्व बताते हुए महादेव ने कहा है कि चक्र तीर्थ में श्री हरि का और मथुरा में श्री कृष्ण का दर्शन करने से मनुष्य का जो फल मिलता है वहीं माघ मास में स्नान करने से फल मिलता है।

माघ पूर्णिमा के दिन गंगा तट या किसी तीर्थ स्नान के सरोवर या नदी तट पर स्नान करने का विशेष महत्व है। इस दिन गाय, तिल, गुड़, कपास, घी, लडडू , फल, अन्न एवं कम्बल के दान करने से पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करनी चाहिए। पितरों का श्राद्ध भी करना चाहिए। मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर प्रातःकाल स्नान करने से रोगों का नाश होता है। दान करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली तमाम बाधाएं दूर होती हैं। देवताओं का विशेष आर्शीवाद प्राप्त होता है। माघी पूर्णिमा पर स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

 – ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज, लखनऊ

लखनऊ में मनाई गई गुरु गोविंद सिंह जी महाराज जयंती

ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब यहीआ गंज लखनऊ में गुरु गोविंद सिंह जी महाराज मनाई गई जयंती

लखनऊ। गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब यहीआ गंज एक पावन पवित्र स्थान है। यहां पर महान बलिदानी सतगुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी आकर 3 दिन रुके थे एवं नगर के आसपास की साध संगत को एक प्रभु परमात्मा के साथ जुड़कर मानव सेवा में अच्छे कार्य करने का उपदेश दिया। इसके पश्चात सन 1672 ईस्वी में बाल अवस्था में सतगुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज अपनी माता, माता गुजरी जी एवं मामा कृपाल चंद जी के साथ इस पवित्र स्थान पर 2 महीने रुके थे।

इस पवित्र स्थान से श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का सदैव भावनात्मक संबंध रहा है। श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने वर्ष 1686 में पोटा साहिब से हस्तलिखित गुरु ग्रंथ साहिब अपने हस्ताक्षर करके इस स्थान पर भेजे थे। प्राप्त जानकारी के आधार पर इस प्रकार के हस्तलिखित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन भारत में बहुत दुर्लभ हैं और इसी स्थान पर मौजूद हैं ।

इसके पश्चात वर्ष 1693 ईस्वी में एवम् वर्ष 1701 ईसवी में गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के दो हुक्मनामे (हस्तलिखित चिट्ठी) यहां की संगत को भेजे गए थे, जो भाग्यवश इस पवित्र स्थान पर मौजूद एवं सुरक्षित हैं, जिनके दर्शन करके संगत अपने आप को सौभाग्यशाली महसूस करती है ।

ऐसे महान तेजस्वी युगपुरुष 700 वर्ष से बना मुगलों का साम्राज्य समाप्त करने वाले श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का प्रकाश पर्व मनाने के लिए 9 जनवरी दिन रविवार सुबह 4:00 बजे से ही संगत आने लगी थी। गुरुद्वारा याहिया गंज साहिब में जो कि शीश महल की तरह बहुत शोभनीय दिखाई दे रहा था, उस अति शोभनीय पावन दरबार हाल में सुबह 4:00 बजे से दीवान की आरंभ था। नितनेम की 5 बाणीयों को पढ़कर की गई। उसके उपरांत श्री सुखमणि साहिब का पाठ एवं संगत मुख्य ग्रंथी ज्ञानी परमजीत सिंह जी द्वारा किया गया। उसके उपरांत श्री अखंड पाठ साहिब की संपूर्णता की गई; फिर बंगला साहिब दिल्ली से आए भाई अमनदीप सिंह जी ने आसा की वार का कीर्तन किया, फिर ज्ञानी जगजीत सिंह जाचक जी ने गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के बाल्यावस्था एवं उनके सामाजिक संघर्षों के बारे में कथा करके संगत को गुरु महाराज के सिद्धांतों से अवगत कराया। उसके उपरांत याहिया गंज के हजूरी रागी भाई वीर सिंह जी ने कीर्तन किया। लखनऊ की रहने वाली बीवी सिमरन कौर जी ने संगत को कीर्तन द्वारा निहाल किया उसके उपरांत गुरुद्वारा शीश गंज साहिब दिल्ली से आए ज्ञानी अंग्रेज सिंह जी ने संगत को गुरु महाराज के इतिहास से अवगत कराया। अमृतसर से आए भाई गुरकीरत सिंह जी ने संगत को कीर्तन श्रवण कराकर भावविभोर किया। इसके साथ ही जो गुरसिक्खी बड़ा मुकाबला रखा गया था, उसके तहत छोटे-छोटे बच्चे एवं नवयुवक सभी सिख धर्म की परंपरागत वेशभूषा में सज धज कर आए हुए थे, जिन्होंने अपने परंपरागत पोशाक का बहुत अच्छे से प्रदर्शन किया। उनको देखकर पुरातन समय की सीखी की याद आने लगी। सभी संगत के लोग उन बच्चों की परंपरागत पोशाक की सराहना कर रहे थे। गुरुद्वारा अध्यक्ष डॉ गुरमीत सिंह जी ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इसके साथ साथ 8 जनवरी शाम को जो प्रश्नोत्तरी जारी की गई थी, उसमें भी सैकड़ों पत्र जवाब लिखकर आए विजेताओं को गुरुद्वारा अध्यक्ष डॉक्टर गुरमीत सिंह, महासचिव सरदार परमजीत सिंह, कोषाध्यक्ष गुलशन जोहर, मनजीत सिंह तलवार, सतनाम सिंह सेठी, एस.पी.सेठी, हरमिंदर सिंह मिंदी सहित सभी सम्मानित महानुभाव ने बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया।

तत्पश्चात रात्रि के समय गुरु महाराज के प्रकाश के समय ज्ञानी अंग्रेज सिंह जी ने प्रकाश कथा की और भाई वीर सिंह जी ने नाम सिमरन वह जयकारों की गूंज से फूलों की वर्षा करते हुए गुरु महाराज का प्रकाश पर्व मनाया फूलों की वर्षा होते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कि फूल गुरुद्वारा साहिब की बालकनी से नहीं मानो सीधे स्वर्ग से देवताओं द्वारा बरसाई जा रहे हो क्यों ना हो क्योंकि संगत में ही देवताओं का निवास रहता है बड़ी ही श्रद्धा भावना प्यार सम्मान सत्कार के साथ गुरुद्वारा यहीआ गंज में गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व मनाया गया साथ ही जितने भी मीडिया कर्मी गुरुद्वारा साहिब में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रिंट मीडिया जो कवरेज करने के लिए पहुंचे हुए थे एवम् प्रशासनिक अधिकारियों सहित सभी श्रद्धालु जनों सभी को डॉक्टर अमरजोत सिंह देवेंद्र सिंह गगनदीप सिंह सेठी गगन बग्गा ,जसप्रीत सिंह गुरजीत छाबड़ा सन्नी आनंद द्वारा सभी का स्वागत करते हुए उनको सम्मान भेंट किया सारा दिन गुरु का लंगर अटूट वितरित किया गया।

प्रधानमंत्री ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है।

एक ट्वीट में, प्रधानमंत्री ने कहा;

“श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर बधाई। उनका जीवन और संदेश लाखों लोगों को शक्ति देता है। मैं हमेशा इस तथ्य को संजो कर रखूंगा कि हमारी सरकार को उनके 350वें प्रकाश उत्सव को मनाने का अवसर मिला है। उस समय की अपनी पटना यात्रा की कुछ झलकियां साझा कर रहा हूँ। https://t.co/1ANjFXI1UA

Greetings on the Parkash Purab of Sri Guru Gobind Singh Ji. His life and message give strength to millions of people. I will always cherish the fact that our Government got the opportunity to mark his 350th Parkash Utsav. Sharing some glimpses from my visit to Patna at that time. pic.twitter.com/1ANjFXI1UA— Narendra Modi (@narendramodi) January 9, 2022

“ਕਰਤਾਰ ਕੀ ਸੌਗੰਧ ਹੈ, ਨਾਨਕ ਕੀ ਕਸਮ ਹੈ।
ਜਿਤਨੀ ਭੀ ਹੋ ਗੋਬਿੰਦ ਕੀ ਤਾਰੀਫ਼, ਵੁਹ ਕਮ ਹੈ।”

ਸਰਬੰਸਦਾਨੀ, ਭਗਤੀ ਅਤੇ ਸ਼ਕਤੀ ਦੇ ਮੁਜੱਸਮੇ, ਸ਼ਸਤਰ ਅਤੇ ਸ਼ਾਸਤਰ ਦੇ ਧਨੀ, ਦੱਬੇ-ਕੁਚਲੇ ਹੋਏ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਸਸ਼ਕਤ ਬਣਾ ਕੇ ਨਵੀਂ ਪਛਾਣ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਦਸ਼ਮੇਸ਼ ਪਿਤਾ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਦੀਆਂ ਲੱਖ-ਲੱਖ ਵਧਾਈਆਂ pic.twitter.com/knUqzfXaFB— Narendra Modi (@narendramodi) January 9, 2022

सर्व दलीय गौरक्षा मंच के महानगर अध्यक्ष बने सोनू ठाकुर

मेरठ। सर्व दलीय गौरक्षा मंच के प्रदेश अध्यक्ष पंडित अमित कुमार शांडिल्य ने मेरठ निवासी भूपेंद्र सिंह (सोनू ठाकुर) को मंच का महानगर अध्यक्ष मनोनीत किया है। इसी के साथ उनसे संगठन हित में कार्य करने की अपेक्षा की है। उनके मनोनयन पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं एवं मेरठ क्षेत्र के प्रबुद्धजनों ने हर्ष व्यक्त कर बधाई दी है।

माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़, 12 की मौत

माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़, मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हुई; नए साल पर दर्शन के लिए आए थे श्रद्धालु

माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़, मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हुई; नए साल पर दर्शन के लिए आए थे श्रद्धालु - India TV Hindi
IndiaTV Hindi Desk

नए साल की शुरुआत के साथ ही जम्मू-कश्मीर से बुरी खबर आ रही है। वैष्णो देवी मंदिर परिसर में भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया है।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में बड़ा हादसा हो गया है। माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ मच गई है। इसमें अब तक 20 लोगों के घायल होने की खबर है। ये सभी श्रद्धालु नए साल के दर्शन के लिए आए थे। इस हादसे में अब तक 12  लोगों के मारे जाने की खबर है। फिलहाल वैष्णो देवी यात्रा को स्थगित कर दिया गया है।

इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है, माता वैष्णो देवी भवन में मची भगदड़ में लोगों की मौत से अत्यंत दुखी हूं; शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय जी से बात की और स्थिति का जायज़ा लिया। पीएम ने घोषणा की है कि माता वैष्णो देवी भवन में मची भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।

पुलिस नियंत्रण कक्ष रियासी ने जानकारी दी कि कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ में घायल होने की सूचना है। बचाव अभियान जारी है। 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ गोपाल दत्त ने कहा है कि में मची भगदड़ में 6 की मौत हो गई है। अभी ठीक संख्या नहीं कहा जा सकता है। उनका पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। घायलों को नारायणा अस्पताल ले जाया जा रहा है, कुल घायलों की भी पुष्टि नहीं हुई है।

11 प्रकार की तुलसी नाम सहित 25 दिसम्बर तुलसी पूजन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

11 प्रकार की तुलसी नाम सहित 25 दिसम्बर तुलसी पूजन  दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

|| तुलसी की महिमा ||

तुलसी की महिमा बताते हुए भगवान शिव नारद जी से कहते हैं….

पत्रं पुष्पं फलं मूलं शाखा त्वक् स्कन्धसंज्ञितम्। तुलसी संभवं सर्वं पावनं मृत्तिकादिकम् ।। अर्थात् ‘तुलसी का पत्ता, फूल, फल, मूल, शाखा, छाल, तना और मिट्टी आदि सभी पावन हैं।’

प्रचलित पौराणिक कथा के अनुसार देव और दानवों द्वारा किए गए समुद्र मंथन के समय जो अमृत धरती पर छलका, उसी से “तुलसी” की उत्पत्ति हुई। ब्रह्मदेव ने उसे भगवान विष्णु को सौंपा। लंका में विभीषण के घर तुलसी का पौधा देखकर हनुमान अति हर्षित हुये थे। इसकी महिमा के वर्णन में कहा गया है…

नामायुध अंकित गृह शोभा वरिन न जाई । नव तुलसिका वृन्द तहंदेखि हरषि कपिराई । तुलसी की आराधना करते हुए ग्रंथ लिखते हैं… महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्य वर्धिनी । आधिव्याधि हरिर्नित्यं तुलेसित्व नमोस्तुते ॥ हे तुलसी! आप सम्पूर्ण सौभाग्यों को बढ़ाने वाली हैं, सदा आधि-व्याधि को मिटाती हैं, आपको नमस्कार है। अकाल मृत्यु हरण सर्व व्याधि विनाशनम्॥ तुलसी को अकाल मृत्यु हरण करने वाली और सम्पूर्ण रोगों को दूर करने वाली माना गया है।

रोपनात् पालनान् सेकान् दर्शनात्स्पर्शनान्नृणाम् । तुलसी दह्यते पाप वाढुमतः काय सञ्चितम्॥

तुलसी को लगाने से, पालने से, सींचने से, दर्शन करने से, स्पर्श करने से, मनुष्यों के मन, वचन और काया से संचित पाप जल जाते हैं। वायु पुराण में तुलसी पत्र तोड़ने की कुछ नियम मर्यादाएँ बताते हुए लिखा है –

अस्नात्वा तुलसीं छित्वा यः पूजा कुरुते नरः। सोऽपराधी भवेत् सत्यं तत् सर्वनिष्फलं भवेत्॥

अर्थात् – बिना स्नान किए तुलसी को तोड़कर जो मनुष्य पूजा करता है, वह अपराधी है। उसकी की हुई पूजा निष्फल जाती है, इसमें कोई संशय नहीं ।

तुलसीदल एक उत्कृष्ट रसायन है। यह गर्म और त्रिदोषशामक है। रक्तविकार, ज्वर, वायु, खाँसी एवं कृमि निवारक है तथा हृदय के लिए हितकारी है। सफेद तुलसी के सेवन से त्वचा, मांस और हड्डियों के रोग दूर होते हैं। काली तुलसी के सेवन से सफेद दाग दूर होते हैं। तुलसी की जड़ और पत्ते ज्वर में उपयोगी हैं। वीर्यदोष में इसके बीज उत्तम हैं तुलसी की चाय पीने से ज्वर, आलस्य, सुस्ती तथा वातपित्त विकार दूर होते हैं, भूख बढ़ती है।

गले में तुलसी की माला पहनने से विद्युत की लहरें निकल कर रक्त संचार में रूकावट नहीं आने देतीं। प्रबल विद्युत शक्ति के कारण धारक के चारों ओर चुम्बकीय मंडल विद्यमान रहता है।

तुलसी की माला पहनने से आवाज सुरीली होती है, गले के रोग नहीं होते, मुखड़ा गोरा, गुलाबी रहता है। हृदय पर झूलने वाली तुलसी माला फेफड़े और हृदय के रोगों से बचाती है। इसे धारण करने वाले के स्वभाव में सात्त्विकता का संचार होता है।

तुलसी की माला धारक के व्यक्तित्व को आकर्षक बनाती है। कलाई में तुलसी का गजरा पहनने से नब्ज नहीं छूटती, हाथ सुन्न नहीं होता, भुजाओं का बल बढ़ता है। तुलसी की जड़ें कमर में बाँधने से स्त्रियों को विशेषतः गर्भवती स्त्रियों को लाभ होता है। प्रसव वेदना कम होती है और प्रसूति भी सरलता से हो जाती है। कमर में तुलसी की करधनी पहनने से पक्षाघात नहीं होता, कमर, जिगर, तिल्ली, आमाशय और यौनांग के विकार नहीं होते हैं।

तुलसी का पौधा हमारे लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व का पौधा है। जिस घर में इसका वास होता है; वहां आध्यात्मिक उन्नति के साथ सुख-शांति एवं आर्थिक समृद्धता स्वतः आ जाती है। वातावारण में स्वच्छता एवं शुद्धता, प्रदूषण का शमन, घर परिवार में आरोग्य की जड़ें मज़बूत करने, श्रद्धा तत्व को जीवित करने जैसे अनेकों लाभ इसके हैं। तुलसी के नियमित सेवन से सौभाग्य शालिता के साथ ही सोच में पवित्रता, मन एकाग्रता आती है और क्रोध पर पूर्ण नियंत्रण हो जाता है। आलस्य दूर होकर शरीर में दिन भर फूर्ती बनी रहती है। तुलसी की सूक्ष्म व कारण शक्ति अद्वितीय है। यह आत्मोन्नति का पथ प्रशस्त करती है तथा गुणों की दृष्टि से संजीवनी बूटी है। तुलसी को प्रत्यक्ष देव मानने और मंदिरों एवं घरों में उसे लगाने, पूजा करने के पीछे संभवतः यही कारण है कि यह सर्व दोष निवारक औषधि सर्व सुलभ तथा सर्वोपयोगी है। धार्मिक धारणा है कि तुलसी की सेवापूजा व आराधना से व्यक्ति स्वस्थ एवं सुखी रहता है। अनेक भारतीय हर रोगमें तुलसीदल-ग्रहण करते हुए इसे दैवीय गुणों से युक्त सौ रोगों की एक दवा मानते हैं। गले में तुलसी काष्ठ की माला पहनते हैं।

तुलसी को दैवी गुणों से अभिपूरित मानते हुए इसके विषय में अध्यात्म ग्रंथों में काफ़ी कुछ लिखा गया है। तुलसी औषधियों का खान हैं। इस कारण तुलसी को अथर्ववेद में महा औषधि की संज्ञा दी गई हैं। इसे संस्कृत में हरिप्रिया कहते हैं। इस औषधि की उत्पत्ति से भगवान् विष्णु का मनः संताप दूर हुआ। इसी कारण यह नाम इसे दिया गया है। ऐसा विश्वास है कि तुलसी की जड़ में सभी तीर्थ, मध्य में सभी देवि-देवियाँ और ऊपरी शाखाओं में सभी वेद स्थित हैं।

तुलसी का प्रतिदिन दर्शन करना पाप नाशक समझा जाता है तथा पूजन करना मोक्षदायक। देवपूजा और श्राद्धकर्म में तुलसी आवश्यक है। तुलसी पत्र से पूजा करने से व्रत, यज्ञ, जप, होम, हवन करने का पुण्य प्राप्त होता है। ऐसा कहा जाता है, जिनके मृत शरीर का दहन तुलसी की लकड़ी की अग्नि से क्रिया जाता है, वे मोक्ष को प्राप्त होते हैं, उनका पुनर्जन्म नहीं होता। प्राणी के अंत समय में मृत शैया पर पड़े रोगी को तुलसी दलयुक्त जल सेवन कराये जाने के विधान में तुलसी की शुध्दता ही मानी जाती है और उस व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त हो, ऐसा माना जाता है।

स्वच्छता अभियान के जनक व कर्मयोगी थे राष्ट्र संत गाडगे महाराज

लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कनौजिया समाज की तरफ से स्वच्छता अभियान के जनक व कर्मयोगी राष्ट्रसंत गाडगे महाराज का परिनिर्वाण दिवस मनाया गया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव सोनू कनौजिया व मोनू कनौजिया द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कांशीराम बहुजन मूल निवासी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। वहीं, विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों की ओर से संत गाडगे की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

इस मौके पर सावित्री बाई फुले ने संत गाडगे की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र हित में किए गए उनके कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि संविधान निर्माता बाबासाहेब अंबेडकर और संत गाडगे बाबा ने कंधे से कंधा मिलाकर समाज के उत्थान के लिए लगातार काम किया। बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर व संत गाडगे की विचारधारा को अगर साथ लेकर नहीं चला गया तो संविधान पर बड़ा खतरा होगा।

आपको बता दें कि संत गाडगे ने महाराष्ट्र राज्य में अनेक धर्मशालाएं, चिकित्सालाएं, गौशालाएं और छात्रावासों का निर्माण कराया। यह सब कुछ उन्होंने भीख मांग-मांग कर बनवाया लेकिन अपने लिए एक कुटिया तक नहीं बनवाई। उन्होंने धर्मशालाओं के बरामदे या आसपास के वृक्ष के नीचे ही अपनी सारी जिंदगी बिता दी। उन्होंने अपनी सारी जिंदगी परिधान व पोशाक से ज्यादा शिक्षा को तवज्जो दी। उनका कथन था कि चाहे एक रोटी कम खाओ लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ। स्वच्छता एवं शिक्षा के प्रतीक संत शिरोमणी संत गाडगे बाबा जी के परिनिर्वाण दिवस पर नमन।

कार्यक्रम में चाचा किशन कनौजिया, विक्रम कनौजिया, शंकर कनौजिया, सुमित कनौजिया, संजीव कनौजिया, कैलाश मौर्य, औसान कनौजिया, बबलू, अखिलेश रावत, पप्पू कनौजिया, संत लाल बौध, कैलाश नाथ मौर्य, रवि गौतम, किशन रावत, महेश पासी, सुनील बंगाली व महेश साजन मौजूद रहे।

ओमीक्रोन: क्रिसमस पर नहीं लगेगा मेला


नूरपुर (बिजनौर)। ओमीक्रोन के प्रकोप के चलते क्रिसमस-डे पर एशिया में मशहूर स्थानीय चर्च में इस बार भी मेला नहीं लगेगा। इसकी जानकारी चर्च के वरिष्ठ पादरी फादर टाइटस ने दी। उन्होंने बताया कि आज 24 दिसंबर की रात्रि 10.30 बजे तथा 25 दिसंबर को प्रात: 8.30 बजे क्रिसमस की प्रार्थना के साथ देश के सभी लोगों के लिए प्रार्थना की जाएगी। उन्होंने बताया कि चर्च कैंपस में आम नागरिकों का प्रवेश बंद कर दिया गया है, केवल धर्म बंधुओं का ही प्रवेश रहेगा। वहीं उन्होंने लोगों से महामारी के दृष्टिगत गाइडलाइन का पालन करने की बात कही है।

सिक्ख समाज ने किया सभासद राजीव जोशी को सम्मानित


नूरपुर/बिजनौर। नगर की मुरादाबाद रोड स्थित खालसा कालोनी में गुरुद्वारा स्थल के जीर्णोद्वार का कार्य पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य रुप से उपस्थित वार्ड के सभासद राजीव जोशी को गुरु की बख्शीश सरोंपा भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा गुरुघर के जीर्णोद्वार में सेवादारों को भी सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के आयोजन में अमरीक सिंह कापसे, सरदार ईश्वर सिंह कापसे, रेलवे से रिटायर्ड सरदार हरदत्त सिंह, सरदार संसार सिंह,सरदार जरनैल सिंह जेंटल, सरदार सुरजीत सिंह, उपकार सिंह, व्यापार मंडल के दीपक वर्मा, चौधरी तेजपाल सिंह, धीरेंद्र चौहान आदि का सराहनीय योगदान रहा।

इस्लाम छोड़कर हिन्दू बने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी

इस्लाम छोड़कर हिन्दू बने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी

गाजियाबाद (एजेंसी)।उत्तर प्रदेश के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में शामिल रहे शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड वसीम रिजवी इस्लाम धर्म छोड़कर हिन्दू बन गए हैं। गाजियाबाद में यति नरसिंहानंद सरस्वती ने उन्हें सनातन धर्म में शामिल करवाया। इस दाैरान अनुष्ठान भी किया गया। रिजवी ने कहा कि उन्हें इस्लाम से बाहर कर दिया गया है और हर शुक्रवार को उनके सिर पर ईनाम रख दिया जाता है। वसीम रिजवी के सनातन धर्म में आने से राजनीति में हलचल मच गई है। इसे लोग घर वापसी बता रहे हैं।

Wasim Rizvi former chairman of Shia Central Waqf Board will adopt Hinduism today

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जन्मे वसीम रिजवी खुद एक शिया मुस्लिम हैं। वसीम रिजवी 2000 में पुराने लखनऊ के कश्मीरी मोहल्ला वॉर्ड से समाजवादी पार्टी (सपा) के नगरसेवक चुने गए। 2008 में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य बने। 2012 में शिया वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में हेरफेर के आरोप में घिरने के बाद सपा ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की और वहां से उन्हें राहत मिल गई। हाल ही में वसीम रिजवी ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि उनकी हत्या करने और गर्दन काटने की साजिश रची जा रही है। इस वीडियो संदेश में उन्होंने कहा था, ‘मेरा गुनाह सिर्फ इतना है कि मैंने कुरान की 26 आयतों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, मुसलमान मुझे मारना चाहते हैं और ऐलान किया है कि मुझे किसी कब्रिस्तान में जगह नहीं देंगे, इसलिए मरने के बार मेरा अंतिम संस्कार कर दिया जाए।

ताजपुर में पंज प्यारों की अगुवाई में निकली भव्य शोभायात्रा

(वरिष्ठ पत्रकार गुणवंत सिंह राठौर की रिपोर्ट)

ताजपुर में पंज प्यारों की अगुवाई मे निकली भव्य शोभायात्रा


नूरपुर/बिजनौर। श्री गुरु नानक देव जी का 552वां प्रकाशोत्सव श्रद्धा पूर्वक मनाया गया।
इस अवसर पर शनिवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में विशेष कीर्तन दरबार सजाया गया। इस अवसर पर बाहर से आये पंथ के विद्वान रागी भाई रंजीत सिंह, भाई सुरजीत सिंह, भाई निरबैर सिंह, ताजपुर के बाबा दीप सिंह एवं काकी कमलजीत कौर किटटू कीर्तन जत्थे द्वारा मधुर गुरुवाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया गया।
कार्यक्रम के दौरान गुरुघर के सेवादारों के अलावा आभा फाउंडेशन की अध्यक्ष आभा सिंह, ब्लाक प्रमुख आकांक्षा चौहान, क्षेत्रीय सपा विधायक हाजी नईम उल हसन, सम्मान युवा चेतना नई सोच के संयोजक नेहरू युवा क्लब सचिव शुभम वालिया व युवा चेतना नई सोच के मीडिया प्रभारी डॉ० जितेंद्र कुमार तोमर, व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, भाजपा के जिला सामाजिक संपर्क प्रमुख विवेक सरोहा एडवोकेट, विरेंद्र शर्मा, योग गुरु प्रकाश चंद्र, डॉ अरुण अग्रवाल, होरी सिंह त्यागी, संजीव वालिया आदि को शाल ओढाकर व प्रतीक चिंह देकर सम्मानित किया गया। नगर कीर्तन का स्वागत चौक बाजार में सर्व समाज सेवा समिति, रविदास सभा द्वारा किया गया। पुराने कुएं पर वर्तमान जिला पंचायत सदस्य इमरान अहमद, भाजपा नेत्री अलीशा हुसैन सिद्दीकी द्वारा जलपान कराया गया। अरदास उपरांत नगर में पंज प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में धार्मिक झांकियां व अखाडा दल मुख्य आकर्षण रहे। शोभायात्रा का कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। समूचे कार्यक्रम के आयोजन में कमेटी के प्रधान सतनाम सिंह पत्रकार, उपाध्यक्ष, सचिव हरभजन सिंह, उपसचिव गुरुदेव सिंह, हरभजन सिंह, जैकी, कोषाध्यक्ष सतवेंद्र सिंह गुजराल, ऑडिटर हरजीत सिंह सेवा सिंह गुरुदेव सिंह आदि का सराहनीय योगदान रहा।

गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव पर रैनसबाई का आयोजन


नूरपुर (बिजनौर)। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा कमेटी द्वारा संगत के सहयोग से श्री गुरु नानक देव महाराज के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में सोमवार की शाम को गुरुद्वारा साहिब के लंगर हाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में रैनसबाई का आयोजन किया गया । ज्ञानी अरव़ेदर सिंह ने गुरुवाणी कीर्तन का शुभारंभ किया।

इसके उपरांत पंथ के विद्वान रागी बीबी संगत कौर दिल्ली, प्रेम सिंह बंटू,बंगला साहिब आदि प्रचारकों के अलावा जसमीत कौर, सिमरन कौर, सोनम कौर, रणजीत कौर, मंजीत सिंह आदि छोटे छोटे बच्चों ने गुरुवाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। कार्यक्रम का संचालन जनरल सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह बेदी ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में डा,गुरचरन सिंह, गुरमुख सिंह दीवान, बिरेन्द्र सिंह लोहिया, रणवीर सिंह, जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मीडिया प्रभारी वरिष्ठ पत्रकार गुणवंत सिंह राठौर सिंह मिक्की और रीनू सिंह, गुरमीत सिंह नीटू, हरपाल सिंह दुकानदार, परवेंद्र सिंह, जोगेन्द्र सिंह, विशाल सिंह, गौरी सिंह, विशाल सिंह, सुरजीत सिंह आदि का सराहनीय योगदान रहा। रैनसबाई में समाज के प्रमुख उद्योगपति सरदार गुलशरण.सिंह दिगवा परिवार की ओर से लंगर की सेवा की गई।

अस्पताल में चढ़ा लड्डू गोपाल के टूटे हाथ पर प्लास्टर

हिंदू धर्म में कहा गया है कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। इसकी जीवंत उदाहरण यूपी के आगरा में देखने को मिला है। यहां एक कृष्ण मंदिर में 35 साल से पुजारी लेख सिंह से स्नान कराते समय लड्डू गोपाल का हाथ टूट गया।

इस पर पुजारी बैचेन हो उठे। वो लड्डू गोपाल को टोकरी में बैठाकर भागे-भागे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से गुहार लगाई कि उनके लड्डू गोपाल का हाथ टूट गया है, जल्दी इलाज किया जाए, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस पर पुजारी जोर-जोर से रोन लगे। दीवार पर अपना सिर पटकने लगे। काफी मशक्कत के बाद इसके बाद पर्ची कटवाई गई और लड्डू गोपाल की मरहम पट्टी करवाई गई। इसके बाद ही पुजारी वहां से रवाना हुए।

लखनऊ। आगरा से कन्हैया की भक्ति में डूबने का अजब-गजब मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह लड्डू गोपाल को स्नान कराने के दौरान भगवान की प्रतिमा गिर गई और हाथ टूट गया। इस पर पुजारी इतने दुखी हुए कि फूट-फूटकर रोने लगे। खुद ही प्लास्टर चढ़ाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके। फिर लड्डू गोपाल को गोद में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उनकी जिद देख खुद सीएमएस ने लड्डू गोपाल का पर्चा बनवाकर अपने हाथों से प्लास्टर किया।

पुजारी लेख सिंह ने करीब 25-30 साल पहले शाहगंज के खासपुरा एरिया के पथवारी मंदिर में लड्डू गोपाल को विराजान किया था। पुजारी उनका अपने बालक की तरह ख्याल रखते। उन्होंने बताया कि सुबह 5 बजे स्नान कराते समय लड्डू गोपाल गिर गए और उनका हाथ टूट गया। उन्होंने खुद खपच्ची बांधी और दर्द का मरहम लगाकर 8 बजे तक भगवान को गोद मे बिठाकर इंतजार किया। इसके बाद 8 बजे ओपीडी खुलते ही वे लड्डू गोपाल को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। प्लास्टर करवाने के लिए पर्चा बनवाने गए पुजारी को गार्ड ने भी भगा दिया। रोते बिलखते पुजारी को देख स्टाफ ने प्रमुख अधीक्षक को बताया।

हिंदू संगठन के कुछ पदाधिकारी भी पहुंच गए। श्री कृष्ण निवासी आगरा के नाम से पर्चा बनवाया गया। इसके बाद सीएमएस अशोक कुमार अग्रवाल ने अपने केबिन को ऑपरेशन थिएटर बनाया और पुजारी के सामने लड्डू गोपाल का प्लास्टर किया और अपने हाथों से पुजारी को सौंपा। सीएमएस डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि ऐसा मामला उनके सामने पहली बार आया है। पुजारी ने लड्डू गोपाल का इलाज करने की अपील की थी। उन्होंने देखा तो अष्टधातु की प्रतिमा का हाथ टूट गया था। इतनी छोटी प्रतिमा को उन्होंने लकड़ी की खपच्ची की सपोर्ट से पट्‌टी कर दी।

डॉ. अशोक अग्रवाल ने पुजारी से कहा कि अब लड्डू गोपाल को फिर मंदिर ले जाइए और जो भी विधि-विधान होता हो, वह करिए। पुजारी ने भी कहा कि खंडित मूर्ति को मंदिर में नहीं रखा जा सकता है। अब मंदिर में नई मूर्ति लाई जाएगी और उसकी प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। यह खबर पूरे ब्रज में चर्चा का विषय बनी हुई है।

अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय जाट का कहना था कि जब यह जानकारी हुई तो संगठन के लोग वहां पहुंचे। पुजारी से वार्ता की और फिर लड्डू गोपाल के हाथ में प्लास्टर के बाद पुजारी को भेज दिया।

खासपुरा में गुरु नानक देव जी के प्रकाशपर्व पर सजा महान कीर्तन दरबार

वरिष्ठ पत्रकार गुणवंत सिंह राठौर की रिपोर्ट

खासपुरा में गुरु नानक देव जी के प्रकाशपर्व पर सजा महान कीर्तन दरबार। भव्य शोभायात्रा व अखाड़ों का हैरतअंगेज प्रदर्शन।


नूरपुर (बिजनौर) गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा गुरु नानक चौक खासपुरा के तत्वावधान में जगतगुरु श्री गुरु नानक देव जी के 552 वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में 90 वां सालाना महान कीर्तन दरबार सजाया गया। नगर में पंथ की मनमोहक झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
रविवार को नवनिर्मित गुरुद्वारा हाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में आयोजित अध्यात्मिक सत्संग समारोह में पंथ के विद्वान रागी भाई जसवेंदर सिंह अमृतसर, भाई बलबीर सिंह व जगजीत सिंह बबीहा चंडीगढ़ ने मधुर गुरुवाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। इसके अलावा कथावाचक रविंद्र सिंह अनमोल व दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के यूपी प्रचारक भाई बूटा सिंह ने श्री गुरुनानक देव जी जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके उपदेशों पर अमल करने का संदेश दिया। समारोह में गुरुघर के सेवकों को सरोंपा देकर सम्मानित किया गया। संचालन स्टेज सेकेट्री पूर्व प्रधानाचार्य कोमल सिंह ने किया। अरदास उपरांत पंज प्यारो की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में पंथ की मनमोहक झांकियां, अखाड़ा दल आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा और समूचे समारोह के दौरान हल्दौर थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह और पैजनिया चौकी इंचार्ज विनोद मिश्रा भारी पुलिस और पीएसी बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाने में तैनात रहे। समारोह में उपस्थित संगत ने गुरु का लंगर ग्रहण किया। समारोह के आयोजन में कमेटी के प्रधान सतपाल सिंह, सेक्रेटरी कुलदीप सिंह, खजांची रविंद्र सिंह रवि, आडीटर गुरमीत सिंह, अभिषेक सिंह, मा.जोगेंद्र सिंह आदि का सहयोग रहा।

समाज की प्रथम आईएएस अभिलाषा कौर को समाज रत्न से नवाजा
नूरपुर। समारोह में सिख समाज की प्रथम आईएएस चुनी गई अभिलाषा कौर को खालसा संगठन समिति सिख छावनी हैदराबाद के चेयरमैन भाग सिंह द्वारा समिति की ओर से शाल ओढाकर व शील्ड देकर सम्मानित करते हुए समाजरत्न की उपाधि से नवाजा गया। इसके अलावा गुरुद्वारा कमेटी की ओर से भी उन्हे सम्मानित किया गया। इस मौके पर अभिलाषा कौर ने उपस्थित संगत का उन्हें सम्मान देने के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनकी मंशा समाज की बेटियों को देश सेवा मे आगे लाने की है। समाज को उनकी इस सफलता पर गर्व है। बता दें कि इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर की प्रधान बीबी जागीर कौर द्वारा प्रतिनिधि मंडल और गुरु की नगरी श्री पटना साहिब के जत्थेदार भाई रणजीत सिंह द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। अभिलाषा कौर खासपुरा निवासी खालसा इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य कोमल सिंह की सुपुत्री हैं।

निरंकारी सत्संग भवन पर लगा रक्तदान शिविर


बिजनौर। झालू रोड पर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष, बरेली  जोन के जोनल इंचार्ज संजीव अग्रवाल, जसपुर जोन के जोनल इंचार्ज राजकपूर ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर क्षेत्रीय संचालक पवन सिंह, संयोजक बाबुराम निरंकारी, संचालक विनोद सिंह एडवोकेट, डीके सागर हल्दौर मुखी, महेन्द्र सिंह, किरतपुर मुखी  हुकुम सिंह, नजीबाबाद मुखी मोहन खुराना, चांदपुर मुखी केपी सिंह आदि सहित अनेक ब्रांचों के मुखी व अन्य उपस्थित रहे। कृपाल सिंह त्यागी, राधेश्याम, अरुण त्यागी, शंकर खुलबे, मनोज सिंह, शिक्षक आदित्य सोनू, कृपाल सिंह, राजवीर सिंह, सुशीला, सुरेन्द्र, लक्की, निर्दोष, अससविन्द्र कौर, आशु भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अनेक संत महापुरुषों व बहिनों ने रक्त दान किया। सत्संग भवन पर सेवादल के अनेक सेवादारों का विशेष योगदान रहा।

शमी के पौधे का हमारे जीवन में महत्व

शमी के पौधे का हमारे धर्म ग्रंथों रामायण, महाभारत और पुराणों में भी जिक्र आता है। धार्मिक रूप से भी शमी का बहुत महत्व है। इसका संबंध भगवान राम और पाण्डवों से भी रहा है। शमी की लकड़ी का कुछ विशेष यज्ञों में भी प्रयोग किया जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, शमी के पौधे का पूजन करने से शनि ग्रह को शांत किया जा सकता है। जिस व्यक्ति पर शनि का दुष्प्रभाव चल रहा हो, उसे अपने घर में शमी का पौधा लगाना चाहिए।

शनि के प्रभाव को शांत करता है शमी- ज्योतिष आचार्यों के अनुसार, शमी और पीपल ये दो पेड़ ऐसे हैं, जिनका प्रयोग शनि देव के प्रभाव को कम करने के लिए किया जाता है। शनि देव या शनि ग्रह का प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन में एक बार जरूर पड़ता है। शनि के दुष्प्रभाव से बचने के लिए घर में या घर के आस-पास शमी का वृक्ष लगाएं तथा शनिवार को इसके नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इसके अलावा शमी के फूल तथा पत्तों का भी प्रयोग शनि ग्रह के प्रभाव को कम करने के लिए किया जाता है। मान्यता है कि घर में शमी का पेड़ लगा रहने से टोने, टोटके और नकारात्मक ऊर्जा का घर पर प्रभाव नहीं पड़ता।

शमी का धार्मिक महत्व

शमी के वृक्ष का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है, इसका वर्णन रामायण और महाभारत दोनों जगह किया गया है। रामायण में उल्लेख है कि जब लंका पर युद्ध से पहले भगवान राम ने विजय मुहूर्त में हवन किया था , तो शमी का वृक्ष उसका साक्षी बना था। इसी प्रकार महाभारत में जब अज्ञातवास के दौरान अर्जुन ने बृह्न्नलला का रूप लिया था, तो अपना गाण्डीव धनुष शमी के वृक्ष पर ही छिपाया था। विराट नगर के युद्घ में यहां पर से ही गाण्डीव निकाल कर कौरवों को अकेले ही भागने पर मजबूर कर दिया था। शमी के पत्तों का प्रयोग भगवान गणेश और दुर्गा मां की पूजा में भी किया जाता है।

खेजड़ी या शमी एक वृक्ष है जो थार के मरुस्थल एवं अन्य स्थानों में पाया जाता है। यह वहां के लोगों के लिए बहुत उपयोगी है। इसके अन्य नामों में घफ़, खेजड़ी, जांट/जांटी, सांगरी, छोंकरा, जंड, कांडी, वण्णि, शमी, सुमरी आते हैं। इसका व्यापारिक नाम कांडी है। यह वृक्ष विभिन्न देशों में पाया जाता है जहाँ इसके अलग अलग नाम हैं। वैज्ञानिक नाम: Prosopis cineraria कुल: फ़ाबाकेऐवर्ग: माग्नोल्योफ़ीता

ज्योतिष और औषधि महत्व को देखते हुए आप छत पर पौधे शमी के पौधे को लगा सकते हैं। इसे दक्षिण दिशा में रखने की कोशिश करें। दक्षिण दिशा में अगर रोशनी नहीं आ पा रही है तब आप इसे पूर्व दिशा या ईशान कोण में भी लगा सकते हैं।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।’

अफजलगढ़ के प्राचीन बड़े शिव मंदिर में लोकार्पण व प्राण प्रतिष्ठा

बिजनौर। अफजलगढ़ के सबसे प्राचीन बड़े शिव मंदिर के प्रांगण स्थित नवनिर्मित वृहद विस्तारित भवन का लोकार्पण एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह बड़े ही हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य डा. इन्द्रेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सर्वप्रथम उन्होंने विशाल महायज्ञ में आहुति दी। फिर उनके कर-कमलों द्वारा मंदिर के नवनिर्मित भवन के  लोकार्पण के साथ ही मंदिर के गर्भगृह स्थित पंचमुखी शिवलिंग एवं मनमोहक प्रतिमाओं का अनावरण किया गया। तत्पश्चात् उनके द्वारा शिलान्यास किया गया।
इस शुभ अवसर पर डा. हरक सिंह रावत (वन, पर्यावरण व ऊर्जा मंत्री उत्तराखण्ड सरकार उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता धामपुर के प्रमुख समाजसेवी एवं उद्योगपति नरेन्द्र कुमार अग्रवाल ने की।

लोकार्पण एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह के पश्चात डा. इन्द्रेश कुमार (अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य रा.स्व संघ) का बौद्धिक हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी सनातन संस्कृति के प्रतीक पवित्र प्राचीन शिवालय की महत्ता को समझाया। समारोह में नगर के सभी नगरवासियों का भी बढ़-चढ़ कर योगदान रहा।

गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव पर निकली भव्य प्रभातफेरी

गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव पर निकली भव्य प्रभातफेरी


नूरपुर (बिजनौर)। विश्व शांति के संदेशवाहक, सिक्खों के प्रथम पातशाही जगतगुरु श्री गुरु नानक देव जी के 552 वें प्रकाशोत्सव पर भव्य प्रभातफेरी निकाली गई।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा कमेटी द्वारा संगत के सहयोग से श्री गुरु नानक देव महाराज के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में छःह दिवसीय प्रभातफेरी का शुभारंभ किया गया। शुक्रवार को अंतिम प्रभातफेरी भव्यतापूर्ण निकाली गई।

सुबह छः बजे गुरुद्वारा साहिब से नितनेम पाठ व अरदास उपरांत श्री गुरुनानक देव जी की मनमोहक झांकी के साथ प्रारंभ हुई प्रभातफेरी में सबसे आगे चार साहिबजादे और पंज प्यारे के रूप में हाथों में तलवार लिए गुरुघर के बच्चे श्री निशान साहिब की अगुवाई में चल रहे थे। उनके पीछे गुरु का गुणगान करते सिख समाज के लोग और महिलाएं चल रही थीं। प्रभातफेरी में आधा दर्जन धर्म गुरुओं की झांकी और बैंडबाजे शामिल रहे। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा फूलों की वर्षा कर स्वागत किया गया। शोभायात्रा में डीजे पर बजती गुरुवाणी एक अलग ही माहौल बना रही थी।

प्रभातफेरी के दौरान वरिष्ठ पत्रकार गुणवंत सिंह राठौर, संजीव जोशी, संदीप जोशी, रालोद नेता चौधरी अजयवीर सिंह आदि गुरुघर के सेवकों को सरोंपा देकर सम्मानित किया गया। नगर के मुख्य मार्गो से निकाली गई भव्य प्रभातफेरी का सफल संचालन जनरल सेकेट्री देवेंद्र सिंह बेदी, रविंद्र सिंह मिक्की और रीनू सिंह ने संयुक्त रुप से किया। प्रभातफेरी में डा.गुरचरण सिंह, गुरमुख सिंह दीवान, अमृत सिंह, डा.प्रेम सिंह राठौर, हरपाल सिंह दुकानदार, परवेंद्र सिंह, जोगेन्द्र सिंह, रिंकू सिंह, विशाल सिंह गौरी, सुरजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में संगत शामिल रही। प्रभातफेरी के आयोजन में सिख समाज के लोगों का विशेष सहयोग रहा।
इसके अलावा गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार कमेटी के तत्वावधान में पंज प्यारों की अगुवाई मे भव्य प्रभातफेरी निकाली गई। प्रभातफेरी में सुरेंद्रपाल सिंह मंगत, परवेंद्र सिंह विक्की, जसवीर सिंह, सतनाम सिंह, जोगेन्द्र सिंह आदि संगत शामिल रही।

श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर नगर में प्रभातफेरी निकालने का दौर जारी

श्री गुरु नानक देव जी की मनमोहक झांकी के साथ निकली प्रभातफेरी
गुरुवाणी शब्दों से गूंज उठा नगर


नूरपुर/बिजनौर। श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाशोत्सव को समर्पित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा कमेटी द्वारा स़गत के सहयोग से नगर में  प्रभातफेरी निकालने का दौर जारी है। रोजाना सुबह 6 बजे प्रभातफेरी निकाली जा रही है। 

श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाशोत्सव को समर्पित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा कमेटी द्वारा स़गत के सहयोग से नगर में प्रभातफेरी निकालने का दौर जारी है। रोजाना सुबह 6 बजे प्रभातफेरी निकाली जा रही है।
गुरुवार को श्री निशान साहिब की अगुवाई में श्री गुरु नानक देव जी की मनमोहक झांकी के साथ सुबह छः बजे प्रभातफेरी का शुभारंभ हुआ। नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए आठ बजे गुरुद्वारा साहिब पहुचंकर प्रभातफेरी का समापन हुआ। प्रभातफेरी का जसपाल सिंह राठौर, बिरेंदर सिंह गुजराल, गुरमीत सिंह जौहरी, बिरेन्द्र सिंह,अजीत सिंह, अरमेंद्र सिंह सीनू परिवार की ओर अपने निवास पर पुष्पवर्षा कर जलपान से स्वागत किया गया। हजूरी रागी ज्ञानी अरवेंदर सिंह द्वारा गुरुघर के सेवकों को सरोंपा देकर सम्मानित किया गया। कमेटी के जनरल सेक्रेटरी देवेन्द्र सिंह बेदी श्री गुरु नानक देव जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाल रहे थे। श्री सुखमनी साहिब दल की अध्यक्ष बीबी प्रीतम कौर,बीबी रिया कौर, बीबी त्रिवेंद्र कौर, बीबी राजेंद्र कौर के अलावा सुरजीत सिंह, जोगेन्द्र सिंह, हरदीप सिंह टंडन, श्रवण सिंह आदि गुरुवाणी शब्दों से नगर का वातावरण धर्ममय उत्पन्न कर रहे थे। प्रभातफेरी में जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं आल इंडिया सिक्ख प्रतिनिधि बोर्ड के प्रांत मीडिया प्रभारी गुणवंत सिंह राठौर, परवेंद्र सिंह बंटी, सभासद गुरमुख सिंह दीवान, दर्शन सिंह दीवान, रिंकू सिंह, हरपाल सिंह, अमन सिंह सहित बड़ी संख्या में सिक्ख संगत शामिल रही।

श्री निशान साहिब की अगुवाई में निकली चौथी प्रभात फेरी,उमड़ी संगत

श्री निशान साहिब की अगुवाई मे निकली चौथी प्रभातफेरी, संगत उमड़ी


नूरपुर (बिजनौर)। गुरुद्वारा श्री गुरू सिंघ सभा कमेटी के तत्वाधान में सिक्ख धर्म के संस्थापक एवं जगतगुरु श्री गुरु नानक देव जी के 552 वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में बुधवार को चौथी प्रभातफेरी श्रद्धा और धूमधाम से निकाली गई।
बुधवार को सुबह छःह बजे सिक्ख पंथ के प्रतीक श्री निशान साहिब की अगुवाई में एक विशेष वाहन में सुसज्जित श्री गुरु नानक देव जी की मनमोहक झांकी के साथ प्रभातफेरी गुरुद्वारा साहिब से प्रारंभ हुई। जो गुरु नानक मार्केट, रोडवेज़, शिव मंदिर चौक, हकुमतपुर रोड, रामनगर, गोविन्द नगर, शिवालय मंदिर, रविदास नगर, कबीर नगर, अकाली रोड होते हुए गुरुद्वारा पहुंचकर सम्पन्न हुई। प्रभातफेरी में हजूरी रागी अरविंदर सिंह, जोगिंदर सिंह, जनरल सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह बेदी, रविंद्र सिंह मिक्की, सुरजीत सिंह, श्रवण सिंह, बीबी, प्रीतम कौर आदि गुरुवाणी कीर्तन करते चल रहे थे। कई स्थानों पर प्रभातफेरी का पुष्पवर्षा और आतिशबाजी छोडकर स्वागत किया गया। प्रभातफेरी में जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मीडिया प्रभारी गुणवंत सिंह राठौर, कमेटी के खजांची रणवीर सिंह, परवेंद्र सिंह बंटी, मास्टर सेवा सिंह, रिंकू सिंह सहित बडी में संगत शामिल रही।

प्रभातफेरी में गुरुवाणी सुनाती संगत


तीन दिवसीय श्री अखंड पाठ का शुभारंभ
नूरपुर। जगतगुरु श्री गुरु नानक देव जी के 552 वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा साहिब में बुधवार को तीन दिवसीय श्री अखंड पाठ का शुभारंभ, जो बोले सोनिहाल सतश्री अकाल की गूंज के बीच किया गया। गुरुद्वारा कमेटी के जनरल सेक्रेटरी देवेन्द्र सिंह बेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि कमेटी के तत्वावधान में संगत के सहयोग से सालाना अध्यात्मिक सत्संग समारोह एवं शोभायात्रा श्रद्धा व उत्साह के साथ दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत 22 नवंबर को रैन सबाई और 23 नवंबर को महान कीर्तन दरबार खालसा इंटर कालेज में सजाया जायेगा। इसमें पंथ के विद्वान रागी भाई प्रेम सिंह बंधु बंगला साहिब वाले और बीबी संगत कौर गुरुवाणी कीर्तन से संगत को निहाल करेगी। 23 नवंबर को दोपहर उपरांत हजूर साहिब से पधारे पंज प्यारों की अगुवाई में अलौकिक नगर कीर्तन मुख्य मार्गो से निकाला जायेगा, जिसमें पंथ की आकर्षक झांकियां, अखाड़ा दल, पंजाबी बैंड सहित अन्य मनमोहक गतकों का प्रदर्शन होगा।

गौधन से बडा धन नहीं: आभा सिंह

नूरपुर के ग्राम मोरना में गौ महोत्सव व प्रदर्शनी।
गौधन से बडा धन नहीं: आभा सिं

बिजनौर। नूरपुर के ग्राम मोरना स्थित भारत सेवाधाम आरण्यक न्यास के तत्वावधान में गौपाष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में गौ महोत्सव व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।


सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ गौ संकट निवारण वैदिक यज्ञ से हुआ। सेवाधाम के सेक्रेटरी अनिल कमल व धर्मपत्नी संध्या कमल ने आहुति दी। इसके उपरांत मुख्य वक्ता संघ से जुड़े राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के केंद्रीय संगठन मंत्री तुषार कांत ने गौरक्षा व धर्म व हिंदू संस्कृति पर धाराप्रवाह विचार व्यक्त करते देश में गौ की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की ज़िला संयोजक व आभा फ़ाउंडेशन की संस्थापिका आभा सिंह ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में गौमाता का अत्यंत महत्वपूर्ण व पूजनीय स्थान है। गौमाता पृथ्वी का प्रतीक माना जाता है और गौधन से बड़ा कोई धन नहीं है। गौसेवा हमें मोक्ष के मार्ग तक लेकर जाती है। कार्यक्रम को हरिद्वार से पधारे महंत डा.योगेंद्र जी,महंत वचनदास जी, पंचम कमल,प्राकृतिक चिकित्सक विपिन कुमार, घनश्याम जी आदि ने संबोधित कर गौरक्षा पर जोर दिया।

महंत सियाराम की अध्यक्षता व अनिल कमल के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री महावीर सिंह, पूर्व विधायक डा. वीपी सिंह, डा. एनपी सिंह, पुष्पेन्द्र शेखावत, सेवाधाम के व्यवस्थापक देवराज कमल, डा. दिग्विजय सिंह, आचार्य हिरेंद्र आदि ने सहभागिता की। कार्यक्रम में आसपास क्षेत्र से करीब साठ देसी गाय प्रदर्शित की गई। इनमें ढेली अहीर निवासी धर्मेंद्र सिंह और अथाई अहीर निवासी देवेन्द्र यादव व लेखराज सिंह की गाय क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहीं।

बंदी छोड दिवस पर निकाला नगर संकीर्तन

बंदी छोड़ दिवस पर निकाला नगर संकीर्तन, गुरुवाणी के हर शब्द में गुरु का वास हैः कथावाचक


नूरपुर (बिजनौर)। निकटवर्ती गांव राहूनंगली में सिक्ख धर्म के छठे पातशाही गुरू हरगोविंद सिंह महाराज के बंदी छोड़ दिवस के उपलक्ष्य में पंज प्यारों की अगुवाई में नगर संकीर्तन शोभायात्रा श्रद्धापूर्वक निकाली गई।
इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा कमेटी के तत्वावधान में रविवार को विशाल पंडाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में महान कीर्तन दरबार सजाया गया। यहां पंथ के विद्वान रागी भाई भूपेंद्र सिंह माता कौला जी भलाई केंद्र अमृतसर ने मधुर गुरुवाणी कीर्तन से स़गत को निहाल किया। देहरादून से पधारे कथावाचक बलवेंदर सिंह ने बंदी छोड़ दिवस पर प्रकाश डालते हुए संगत को संदेश दिया कि गुरुवाणी के एक एक शब्द में गुरु का वास है।

कीर्तन दरबार के दौरान ग्राम प्रधान जसवेंदर सिंह वाटर सहित अन्य गुरुघर के सेवकों को सरोपा व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अरदास उपरांत पंज प्यारों की अगुवाई में श्री गुरुग्रंथ साहिब की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में पंथ की मनमोहक धार्मिक झांकियां,अखाडा दल और बैंड बाजा शामिल रहे।

कार्यक्रम के आयोजन में कमेटी के प्रधान राजेंद्र सिंह बाबू, जनरल सेकेट्री भाग सिंह, खजांची हरपाल सिंह, अरव़ेदर सिंह राजन, जसवेंदर सिंह वाटर, सुरजीत सिंह, धर्मेंद्र सिंह आदि का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में जनपद की सभी सिंघ सभाओं से आई संगत ने भाग लिया। सम्पूर्ण लंगर की सेवा बाबा बंदा सिंह बहादुर सेवादल की ओर से की गई।

श्रद्वा व धूमधाम से निकाली दूसरी प्रभातफेरी


नूरपुर (बिजनौर)। गुरुद्वारा श्री गुरू सिंघ सभा कमेटी के तत्वाधान में सिक्ख धर्म के संस्थापक एवं जगतगुरु श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में रविवार को दूसरी प्रभातफेरी श्रद्धा और धूमधाम से निकाली गई। इस दौरान गुरुवाणी कीर्तन की धुन से पूरा नगर गुरुवाणी मय हो गया। जगह जगह श्रद्भालुओं पुष्पवर्षा कर प्रभातफेरी का स्वागत किया।
पंथ के प्रतीक श्री निशान साहिब की अगुवाई में एक विशेष वाहन में सुसज्जित श्री गुरु नानक देवजी की मनमोहक झांकी के साथ श्री गुरू ग्रंथ साहिब की परिक्रमा और अरदास उपरांत सुबह छह बजे गुरुद्वारा साहिब से प्रारंभ हुई प्रभातफेरी गुरुद्वारा मार्केट, रोडवेज़, शिव मंदिर चौराहा से होते हुए नगर के प्रमुख मार्गो से गुजरकर गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर सम्पन्न हुई। प्रभातफेरी में ज्ञानी अरविंदर सिंह का जत्था प्रगट भई सगले जुग अंतरि,गुरुनानक बडिआई आदि गुरुवाणी कीर्तन करता चल रहा था। प्रभातफेरी में जनरल सेकेट्री देवेंद्र सिंह बेदी, डा. गुरचरन सिंह, गुरमुख सिंह दीवान, अमरेंद्र सिंह, सरदार रविंद्र सिंह,बिरेंद्र सिंह आदि संगत शामिल रही।

52 राजाओं को साथ लेकर रिहा हुए थे छठे पातशाही हरगोबिंद सिंह

गुणवंत सिंह राठौर

सिक्ख धर्म में महत्त्वपूर्ण है बंदी छोड़ दिवस।
52 राजाओं को साथ लेकर रिहा हुए थे छठे पातशाही हरगोबिंद सिंह। दीवाली की तरह मनाया जाता है यह दिन।


नूरपुर (बिजनौर)। सिक्ख धर्म में बंदी छोड़ दिवस का विशेष महत्त्व है। इस दिन को सिक्ख धर्म में दीवाली की तरह मनाया जाता है। इतिहासकारों के मुताबिक मध्यप्रदेश के ग्वालियर का किला जब मुगलों के कब्जे में आया तो उन्होंने इसे जेल बना दिया। यहां राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण और बादशाहत के लिए खतरा माने जाने वाले लोगों को कैद रखा जाता था। मुगल बादशाह जहांगीर ने भी इसमें 52 अन्य राजाओं के साथ 6 वें सिख गुरू हरगोविंद साहब को कैद रखा था। कहा जाता है कि किसी रूहानी हुक्म से बादशाह ने आज के दिन ही गुरू हरगोविंद साहब को उनकी इच्छा के मुताबिक 52 राजाओं के साथ रिहा किया था। इसकी याद में किले पर गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ का निर्माण कराया गया।  

हरगोविंद साहिब के साथ रिहा हुए 52 कैदी

इतिहास के मुताबिक जहाँगीर ने गुरु हर गोबिंद साहिब को ग्वालियर के किले में बंदी बनाया था। उन्हें लगभग दो साल तक कैद में रखा।किंवदंतियों के मुताबिक गुरू हरगोविंद को कैद किए जाने के बाद से जहांगीर को स्वप्न में किसी फकीर से गुरू जी को आजाद करने का हुक्म मिलने लगा। जहांगीर मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। इसी दौरान मुगल शहंशाहों के किसी करीबी फकीर ने उसे मशविरा दिया कि वह गुरू हरगोविंद साहब को तत्काल रिहा कर दे। …लेकिन गुरू अड़ गए कि उनके साथ 52 राजाओं को भी रिहा किया जाए। लिहाजा उनके साथ 52 कैदियों को भी छोड़ दिया गया।

 
52 कलियों के अंगरखे को पकड़ बाहर आए राजा

जहांगीर के मुताबिक उन 52 राजाओं को रिहा करना मुगल साम्राज्य के लिए खतरनाक था, लिहाजा उसने कूटनीतिक आदेश दिया। जहांगीर का हुक्म था कि जितने राजा गुरू हरगोविंद साहब का दामन थाम कर बाहर आ सकेंगे, वो रिहा कर दिए जाएंगे। सिख गुरू चाहते थे कि उनके साथ कैद सभी राजा रिहा हों, लिहाजा गुरू जी के भाई जेठा ने युक्ति सोची। जेल से रिहा होने पर नया कपड़ा पहनने के नाम पर 52 कलियों का अंगरखा सिलवाया गया। गुरू जी ने उस अंगरखे को पहना, और हर कली के छोर को 52 राजाओं ने थाम लिया। इस तरह सब राजा रिहा हो गए।
गुरू जी के इस कारनामे की वजह से उन्हें दाता बंदी छोड़ कहा गया। बाद में उनकी इस दयानतदारी की याद बनाए रखने के लिए ग्वालियर किले पर उस स्थान पर एक गुरुद्वारा स्थापित कराया गया, जहां गुरू हरगोविंद साहब 52 राजाओं के साथ कैद रहे थे। गुरू जी के नाम पर इसका नाम भी गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ साहिब रखा गया।

केंद्रीय मंत्री ने रखी वेद पाठशाला और गौशाला की आधारशिला

मलिहाबाद, लखनऊ। जेहटा काकोरी में शुक्रवार को 100 वर्ष प्राचीन श्री ठाकुर जी महाराज मंदिर के तत्वावधान में श्री विश्वनाथ गौशाला एवं वेद पाठशाला की आधारशिला रखी गई।

यह कार्य प्रबंधक डॉ योगेश व्यास व समिति के लोगों के द्वारा संपादित हुआ। नैमिषारण्य से पधारे अध्यात्म साधना पीठाधीश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती महाराज तथा केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद कौशल किशोर, पूर्व महामंत्री भाजपा युवा मोर्चा अभिजात मिश्र, प्रान्त गौसंवर्धन प्रमुख उमाकान्त गुप्ता, पूर्व प्रधान मुनेश्वर सिंह, पूर्व प्रधान लखन, प्रदीप कुमार सिंह सहित सैकड़ो लोगों की उपस्थिति में हवन पूजन एवं वेद पाठ के साथ यह कार्य संपन्न हुआ। प्रबंधक डॉ योगेश व्यास ने बताया हमारे समाज को संस्कार की जरूरत और संस्कार की जननी वेद पाठशाला में हमारे समाज के युवा अध्ययन कर वेद पाठी समाज की आधारशिला को मजबूत करेंगे। इसके परिणाम स्वरूप हमारा समाज संस्कार से ओतप्रोत रहेगा और हमारे आसपास का वातावरण भी वेद पाठ के माध्यम से शुद्ध हो जाएगा। युवा पीढ़ी को सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए आगे निकल कर आना होगा, जिससे हम अपनी संस्कृति को संजो सकें।

56 भोग अर्पण कर गौ माता को राज्य माता का दर्जा मिलने की प्रार्थना

गौ माताओं को 56 भोग अर्पण। गौ माता को राज्य माता का दर्जा मिलने की प्रार्थना। 12 तरह की मिठाई, 10 तरह की सब्जी, 7 तरह के मेवे, 10 तरह की दालें, 5 तरह के फल, 8 प्रकार के अनाज, गुड़, पूड़ी,  रोटी, पराठा अर्पण

लखनऊ। गायत्री मिष्ठान भंडार सदर लखनऊ व लोक परमार्थ सेवा समिति के संयुक्त तत्वाधान में गोपाष्टमी के पावन अवसर पर मलिहाबाद की गोपेश्वर गौशाला में गौ माताओं को 56 भोग अर्पण कर भगवान राधा कृष्ण व गौ माताओं के चरणों में यह प्राथना की गई कि उत्तर प्रदेश सरकार गौ माता को राज्य माता का दर्जा प्रदान करे।


कार्यक्रम के संयोजक अशोक कुमार वैश्य ने बताया कि सबसे पहले सामूहिक हरिनाम कीर्तन किया गया। तत्पश्चात गौ माताओं को 56 भोग अर्पण किया गया।
गौ माताओं के लिए 56 भोग में 12 तरह की मिठाई, 10 तरह की सब्जी, 7 तरह के मेवे, 10 तरह की दालें, 5 तरह के फल, 8 प्रकार के अनाज, गुड़, पूड़ी, रोटी, पराठा अर्पण किए गए। कार्यक्रम के बाद 16 लोगों को कामधेनु सम्मान से सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में अशोक कुमार वैश्य, ममता वैश्य, सीमा वैश्य, किरण वैश्य, नीलम वैश्य, कुसुम, कृष्ण, विजय, लक्ष्मी, वैशाली, सुनीता, नीतू, रानी, सुषमा, संदीप वैश्य, जय वैश्य आदि शामिल हुए।

96वां बंदी छोड़ दिवस मनाने की तैयारियां जोरों पर


नूरपुर (बिजनौर)। गुरुद्वारा श्री गुरू सिंह सभा कमेटी राहूनंगली के तत्वावधान में संगत के सहयोग से सिक्ख पंथ के छठें पातशाही श्री गुरू हरगोविंद सिंह जी का 96वां बंदी छोड़ दिवस श्रद्धा और धूमधाम से मनाए जाने की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।

13 नवंबर की शाम सात बजे से रैन सवाई का आयोजन:
कमेटी के प्रधान राजेंद्र सिंह बाबू व सेक्रेटरी भाग सिंह भाटिया ने संयुक्त जानकारी देते हुए बताया कि 13 नवंबर की शाम सात बजे से दस बजे तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में रैन सवाई का आयोजन होगा। इसमें पंथ के विद्वान रागी प्रचारक गुरुवाणी कीर्तन से संगत को निहाल करेंगे। 14 नवंबर को दोपहर एक बजे पंज प्यारों की अगुवाई एवं श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया में पंथ की विभिन्न गुरुओं की झांकी व अखाड़ा दल के साथ अलौकिक नगर कीर्तन निकाला जाएगा। सम्पूर्ण लंगर की सेवा बाबा बंदा सिंह बहादुर सेवा दल की ओर से होगी।

पं. अमित कुमार शांडिल्य को मिली सर्वदलीय गौ रक्षा मंच के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी

सर्वदलीय गौ रक्षा मंच के प्रदेश अध्यक्ष बने पंडित अमित कुमार शांडिल्य


नूरपुर (बिजनौर)। सर्व दलीय गौरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज श्री धर्मवीर ठाकुर जयपाल सिंह नयाल सनातनी ने मूलतः मोहल्ला रामनगर हाल में मेरठ निवासी पंडित अमित कुमार शांडिल्य को मंच का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया है। उनके मनोयन पर बीजेपी के मेरठ महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, राज्य मंत्री लोकेश प्रजापति, बलराज गुप्ता मंडल अध्यक्ष मेरठ भाजपा के अलावा नूरपुर क्षेत्र के प्रबुद्धजनों ने हर्ष व्यक्त कर बधाई दी है।

गौ पूजन के साथ ही गोपाष्टमी पर्व की शुरुआत

मलिहाबाद, लखनऊ। श्री गोपेश्वर गौशाला द्वारा हर्षोल्लास के साथ गोपाष्टमी पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में कोविड नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत प्रान्त गोपालक एवं गौ संरक्षक उमाकांत और विनायक ग्रामोद्योग संस्थान के शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने गौ पूजन वंदन कर किया।

इस अवसर पर अवनीश सिंह एमएलसी स्नातक खंड लखनऊ और डॉ. वीरेंद्र सिंह, अखिलेश श्रीवास्तव सदस्य गौसेवा आयोग ताराचंद्र अग्रवाल, गौशाला अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने गौशाला में पल रही गौवंशो को हरा चारा और गुड़ खिलाया। साथ ही नवनिर्मित वानप्रस्थ आश्रम का निरीक्षण किया तथा गौशाला परिवार के अभिषेक गुप्ता से गौशाला के बारे में विस्तृत जानकारी ली। गौशाला में राजा स्वरूप विराजमान चिंताहरण हनुमानजी का आकर्षक दिव्य श्रृंगार किया गया।


गोपाष्टमी का पावन पर्व गौशाला प्रांगण में बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया गया। हवन, गौपूजन, गौदान व सप्तगो परिक्रमा के साथ पर्व की शुरुआत हुई। सायंकालीन कवि सम्मेलन में देशभक्ति के गीतों पर कवियों ने समां बांध दिया, जिसने मौजूद सैकड़ों भक्तों  का मन मोह लिया। तत्पश्चात गौशाला प्रांगण में स्थित 250 वर्ष प्राचीन दिन्नी शाह तालाब में 501 दीपों से दीपदान और गौमाता की दिव्य आरती व भंडारा के साथ ही गौशाला परिवार द्वारा आए हुए भक्तों को गौमाता की सेवा के लिए “हम सभी गौपुत्र सदैव तत्पर” रहने का संकल्प दिलाया गया। पशु चिकित्सा कैम्प आयोजन कर टीकाकरण स्वास्थ परीक्षण कर गायों को मिनरल कीड़े की दवा का वितरण किया। साथ ही प्राकृतिक चिकित्सा, योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक कृषि शिविर लगाया गया, जिसमें कई प्रकार के उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।

गोपाष्टमी के इस कार्यक्रम में अयोध्या धाम और नैमिषारण्य से पधारे कई संत और राजनेताओं, अधिकारियों का तांता लगा रहा। कार्यक्रम में संघ क्षेत्र के भाग कारवां पश्चिम अनुज और गौशाला परिवार के सदस्य पंकज गुप्ता, मुनीन्द्र भरत, आशीष गुप्ता, शिबू, शैलेन्द्र पाण्डेय, महिला मंडल की अध्यक्ष शिवानी गुप्ता, विश्वनाथ गुप्ता, रूपेश मिश्र, संजय साहू प्रधान, आनंद साहू, सोनू सिंह, माल प्रधान संघ अध्यक्ष संयोगिता सिंह सहित क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।

मनसा देवी मंदिर में अवैध निर्माण: सरकार व निरंजनी अखाड़ा को नोटिस

मनसा देवी मंदिर में अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, वन विभाग, नगर निगम हरिद्वार, सचिव निरंजनी अखाड़ा को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।

नैनीताल। हाईकोर्ट ने बुधवार को हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले को सुनने के बाद राज्य सरकार, वन विभाग, नगर निगम हरिद्वार, सचिव निरंजनी अखाड़ा को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ में हुई।

हरिद्वार निवासी रमेश चंद्र शर्मा की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें कहा है कि मनसा देवी मंदिर को 1940 में अंग्रेजों ने जनता के लिए खोल दिया था। उसके बाद से इस मंदिर में सरस्वती देवी नाम की महिला रहने लगी। इस महिला ने 82 वर्ष की उम्र में हरिद्वार के कुछ लोगों के हित में वसीयत कर दी। बताया कि वन विभाग ने इस महिला के हित में कोई पट्टा जारी नहीं किया था। कुछ समय बाद कथित रूप से निरंजनी अखाड़ा के सचिव महेंद्र गिरी ने फर्जी दस्तावेज बनाकर इसे ट्रस्ट घोषित कर दिया। फॉरेस्ट ने जो भूमि मंदिर के लिए दी थी, उस पर अखाड़े द्वारा तीस कमरे, गोदाम, दुकान व भंडार गृह बना दिए गए। इसके अलावा उनके द्वारा रिजर्व फॉरेस्ट की भूमि पर भी कब्जा कर दुकानें बना दी गईं। याचिकाकर्ता का कहना है कि मंदिर परिसर में इतना अधिक निर्माण करने से इस क्षेत्र में भूस्खलन की संभावना बढ़ गई है, इसलिए इस क्षेत्र वैज्ञानिक सर्वे किया जाए। याची ने कोर्ट से अवैध रूप से बने सभी निर्माण कार्यों को ध्वस्त करने को कहा है, जिससे कि मनसा देवी क्षेत्र में भूस्खलन को रोका जा सके।

वृद्ध आश्रम विदुर कुटी पर भक्ति योग कार्यक्रम

बिजनौर। वृद्ध आश्रम विदुर कुटी पर भक्ति योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा
सेवा संस्थान बिजनौर के जिलाध्यक्ष योगेश कुमार, आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष वेद अजय गर्ग, ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गोस्वामी, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन के जिलाध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह के द्वारा वृद्ध आश्रम विदुर कुटी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, योग भक्ति, योग ज्ञान, योग हास्य आसन, रेकी क्रिया, एक्यूप्रेशर दबाव चिकित्सा से वृद्धों को स्वस्थ रहने के उपाय बताए गए।

सभी से बताया गया कि स्वस्थ रहने के लिए अपने मस्तिष्क का परिवर्तन करना अति आवश्यक है। आहार परिवर्तन और विचार परिवर्तन से शरीर स्वस्थ हो जाता है। बड़े गौरव की बात है की परमपिता परमात्मा ने तपस्या करने के लिए आपको विदुर कुटी में स्थान दिया। यहां पर सरकार भी पूरी सेवा कर रही है, जिससे किसी को कोई परेशानी नहीं है। इस अवसर पर पंडित विनोद गोस्वामी ने भजन प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने स्वस्थ रहने के उपाय बताए। उन्होंने उपचार करने का आश्वासन दिया। वैद्य अजय गर्ग ने भजन कीर्तन के माध्यम से स्वस्थ रहने के उपाय बताए। बाद में सभी वृद्धों को फल वितरित कर भोग कराया।

वृद्ध आश्रम के कर्मचारियों ने डॉक्टर नरेंद्र सिंह, पंडित विनोद गोस्वामी, वैद्य अजय गर्ग को पुष्पमाला देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में डॉक्टर सुखराम जहानाबाद ने पूरा सहयोग किया। ग्राम भोगी से गौरव कुमार, सभी बुजुर्ग, माताएं एवं आसपास के भक्त लोग उपस्थित रहे।

मलिहाबाद में “एक शाम राम के नाम”

लखनऊ (मलिहाबाद)। पंच दिवसीय त्योहारों के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘एक शाम राम के नाम’ भजन संध्या का आयोजन रविवार को गोपेश्वर गौशाला मलिहाबाद में किया गया। क्षेत्र के सैकड़ों भक्तों ने भजन संध्या में भाग लिया।

प्राचीन रोड मलिहाबाद स्थित गोपेश्वर गौशाला में समय-समय पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहता है। इसी कड़ी में एक दिवसीय भजन संध्या का आयोजन गोपेश्वर गौशाला परिवार द्वारा किया गया।कार्यक्रम में अयोधया धाम से पधारे प्रशांत महाराज द्वारा भजन संध्या प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम को लेकर भारत रक्षा दल के आशीष बाजपेई ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन से समाज में जागरूकता के साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गोसेवा प्रमुख उमाकांत गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक वर्ष दीपोत्सव पर्व के उपरांत एक कार्यक्रम गौशाला में आयोजित किया जाता है, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों लोग उपस्थित होते हैं। इस अवसर पर विश्वनाथ गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, शैलेन्द्र पांडेय, पंकज गुप्ता, रूपेश मिश्र सहित व्यापार मंडल और गौशाला परिवार के सदस्यों सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।गौपूजन व भजन संध्या का शुभारंभ करने के साथ ही भव्य भंडारा आयोजित किया गया।

कायस्थ 24 घंटे के लिए क्यों नहीं करते कलम का उपयोग?

जब भगवान राम के राजतिलक में निमंत्रण छूट जाने से नाराज भगवान् चित्रगुप्त ने रख दी थी कलम !! उस समय शुरू हो चुका था परेवा काल।

लखनऊ (शैली सक्सेना)। परेवा के दिन कायस्थ समाज के लोग कलम का प्रयोग नहीं करते हैं। यानी किसी भी तरह का का हिसाब – किताब नहीं करते हैं। आखिर ऐसा क्यूँ है कि पूरी दुनिया में कायस्थ समाज के लोग दीपावली के दिन पूजन के बाद कलम रख देते हैं और फिर यम द्वितीया के दिन कलम-दवात के पूजन के बाद ही उसे उठाते हैं?

इसको लेकर सर्व समाज में कई सवाल अक्सर लोग कायस्थों से करते हैं। ऐसे में अपने ही इतिहास से अनभिग्य कायस्थ युवा पीढ़ी इसका कोई समुचित उत्तर नहीं दे पाती है। जब इसकी खोज की गई तो इससे सम्बंधित एक बहुत रोचक घटना का संदर्भ किवदंतियों में मिला….

…कहते हैं कि जब भगवान राम दशानन रावण का वध कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके खडाऊं को राज सिंहासन पर रख कर राज्य चला रहे राजा भरत ने गुरु वशिष्ठ को भगवान राम के राजतिलक के लिए सभी देवी देवताओं को सन्देश भेजने की व्यवस्था करने को कहा। गुरु वशिष्ठ ने ये काम अपने शिष्यों को सौंप कर राज्यतिलक की तैयारी शुरू कर दीं।

भगवान राम ने पूछा- ऐसे में जब राज्यतिलक में सभी देवी देवता आ गए तब भगवान राम ने अपने अनुज भरत से पूछा भगवान चित्रगुप्त नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस पर जब खोजबीन हुई तो पता चला कि गुरु वशिष्ठ के शिष्यों ने भगवान चित्रगुप्त को निमंत्रण पहुंचाया ही नहीं था। इसके चलते भगवान चित्रगुप्त नहीं आये। इधर भगवान चित्रगुप्त सब जान चुके थे और इसे प्रभु राम की महिमा समझ रहे थे। फलस्वरूप उन्होंने गुरु वशिष्ठ की इस भूल को अक्षम्य मानते हुए यमलोक में सभी प्राणियों का लेखा जोखा लिखने वाली कलम को उठा कर एक किनारे रख दिया।

रुके स्वर्ग और नरक के सारे काम- सभी देवी देवता जैसे ही राजतिलक से लौटे तो पाया कि स्वर्ग और नरक के सारे काम रुक गये थे, प्राणियों का लेखा-जोखा न लिखे जाने के चलते ये तय कर पाना मुश्किल हो रहा था कि किसको कहां भेजें?
तब गुरु वशिष्ठ की इस गलती को समझते हुए भगवान राम ने अयोध्या में भगवान विष्णु द्वारा स्थापित भगवान चित्रगुप्त के मंदिर (श्री अयोध्या महात्मय में भी इसे श्री धर्म हरि मंदिर कहा गया है। धार्मिक मान्यता है कि अयोध्या आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को अनिवार्यत: श्री धर्म-हरि जी के दर्शन करना चाहिये, अन्यथा उसे इस तीर्थ यात्रा का पुण्यफल प्राप्त नहीं होता।) में गुरु वशिष्ठ के साथ जाकर भगवान चित्रगुप्त की स्तुति की और गुरु वशिष्ठ की गलती के लिए क्षमा याचना की। इसके बाद भगवान राम का आग्रह मानकर भगवान चित्रगुप्त ने लगभग ४ पहर (२४ घंटे बाद ) पुन: कलम दवात की पूजा करने के पश्चात उसको उठाया और प्राणियों का लेखा-जोखा लिखने का कार्य आरम्भ किया।

कायस्थ, ब्राह्मणों के लिए भी पूजनीय- कहते हैं कि तभी से कायस्थ दीपावली की पूजा के पश्चात कलम को रख देते हैं और यम द्वितीया के दिन भगवान चित्रगुप्त का विधिवत कलम दवात पूजन करके ही कलम को धारण करते हैं। तभी से कायस्थ, ब्राह्मणों के लिए भी पूजनीय हुए और इस घटना के पश्चात मिले वरदान के फलस्वरूप सबसे दान लेने वाले ब्राह्मणों से दान लेने का हक़ सिर्फ कायस्थों को ही है।
श्री चित्रगुप्त भगवान की जय

तिलक कर बहनों ने की भाई के लंबे जीवन की कामना

लखनऊ (शैली सक्सेना)। भाई-बहन के प्यार का प्रतीक पर्व भाई दूज प्रदेश भर में अगाध श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। बहनों ने भाई के माथे पर तिलक लगा उनके मंगल जीवन के साथ सुख-समृद्धि की कामना की। पर्व पर छोटों ने बड़ों से आशीर्वाद लिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बहनों ने मुहूर्त के अनुसार पूजा-अर्चना की। भाईयों ने भी बहनों को परम्परागत रूप से उपहार प्रदान किये और उनकी रक्षा का वचन दिया। दूर-दूर से लोग रिश्तेदारियाँ निबाहने आये।

पाँच दिवसीय दीपोत्सव आज शनिवार को भाईदूज के साथ सम्पन्न हो गया। भाई दूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही बहनें अपने भाइयों के टीका  करने को लालायित नजर आईं। घर की बुजुर्ग महिलाओं द्वारा घर के दरवाजे पर दूजों की स्थापना की गई। पूजन सामग्री तैयार करने के बाद दूजों की परम्परागत विधि से पूजन-अर्चन की। इसके बाद बहनों ने अपने-अपने भाइयों को तिलक लगाकर आरती उतारकर उनकी लम्बी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी अपनी बहनों को इसी प्रकार स्नेह बनाए रखने की कामना की। वहीं दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकान की पूजन-अर्चना  कर कारोबार की शुरूआत की।

जेल पर भी रही भीड़- इस अवसर पर प्रदेश के सभी कारागार में भी बड़े पैमाने पर बहनों की भीड़ देखी गई। कारागार में निरुद्ध बन्दियों को उनकी बहनों ने पहुँचकर उनकी लम्बी आयु की कामना के साथ टीका लगाकर और मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं।

बस स्टैण्ड व रेलवे स्टेशन पर बढ़ी आवाजाही– सुबह से ही निजी व रोडवेज बस स्टैण्ड के अलावा रेलवे स्टेशनों पर भाई-बहनों की खासी भीड़ नजर आई। कहीं बहनें भाइयों के यहां जाने की जल्दी में दिखीं तो कहीं भाई अपने बहन के घर टीका कराने के लिए जाते दिखे। सुबह से लेकर शाम तक भाई दूज का सिलसिला चलता रहा। इस प्रकार पूरे प्रदेश में दीपों के त्योहार दीपावली का पूरी श्रद्धा व उमंग के साथ आयोजन सम्पन्न हुआ।

वर्ष में दो बार भाई दूज- भारतीय परंपरानुसार वर्ष में दो बार भाई दूज आती हैं, पहली दीवाली पर गोवर्धन पूजा के अगले दिन और दूसरी होली के बाद आने वाली द्वितीया को। दीवाली की भाई दूज को भाई की पूजा और उसका तिलक कर भाई के लंबे जीवन की कामना की जाती है, वहीं होली के बाद आने वाली भाई दूज पर भाई का तिलक कर भाई पर आने वाले सभी संकटों को टालने की प्रार्थना की जाती है।

भाई दूज मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं हैं। उनमें से एक देवी यमुना या यामी और उनके भाई यमराज के बीच की कथा है।

क्यों मनाते हैं भाई दूज –

भगवान सूर्य नारायण की पत्नी का नाम छाया था। उनकी कोख से यमराज तथा यमुना (यामी) का जन्म हुआ था। यमुना यमराज से बड़ा स्नेह करती थी। वह उससे बराबर निवेदन करती कि इष्ट मित्रों सहित उसके घर आकर भोजन करो। अपने कार्य में व्यस्त यमराज बात को टालते रहे। कार्तिक शुक्ल पक्ष का दिन आया। यमुना ने उस दिन फिर यमराज को भोजन के लिए निमंत्रण देकर, अपने घर आने के लिए वचनबद्ध कर लिया। यमराज ने सोचा कि मैं तो प्राणों को हरने वाला हूं। मुझे कोई भी अपने घर नहीं बुलाना चाहता। बहन जिस सद्भावना से मुझे बुला रही है, उसका पालन करना मेरा धर्म है। बहन के घर आते समय यमराज ने नरक निवास करने वाले जीवों को मुक्त कर दिया। यमराज को अपने घर आया देखकर यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने स्नान कर पूजन करके व्यंजन परोसकर भोजन कराया।

भगवान यम ने दिया था यामी को वरदान– यमुना द्वारा किए गए आथित्य से यमराज ने प्रसन्न होकर बहन को वर मांगने को कहा। यमुना ने कहा कि भद्र! आप प्रति वर्ष इसी दिन मेरे घर आया करो। मेरी तरह जो बहन इस दिन अपने भाई को आदर सत्कार करके टीका करें, उसे तुम्हारा भय न रहे। यमराज ने तथास्तु कहकर यमुना को अमूल्य वस्त्राभूषण देकर यमलोक की राह की। इसी दिन से पर्व की परम्परा बनी। ऐसी मान्यता है कि जो आथित्य स्वीकार करते हैं, उन्हें यम का भय नहीं रहता। इसीलिए भैयादूज को यमराज तथा यमुना का पूजन किया जाता है।

महालक्ष्मी के स्वागत में सजा बिजनौर, घर-घर जलेंगे खुशियों के दीप

November 4, 20211 navdhardna.com

बिजनौर। कोरोना और डेंगू की परेशानियों से दूर आज खुशियों के दीप घर-घर में जगमग होंगे। घरों से लेकर बाजारों तक में उल्लास है। सुप्रीम कोर्ट ने हरित पटाखों की अनुमति दी तो प्रशासन ने भी आज आतिशबाजी के लिए दो घंटे निर्धारित किए हैं। रंगोली, बंदनवार से सजे घरों को रंगबिरंगी झालरों से सजाने के बाद महालक्ष्मी के आगमन के लिए तैयार किया गया है। शाम को घरों और प्रतिष्ठानों में शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीगणेश और महालक्ष्मी का पूजन किया जाएगा। पूजन के बाद हरित पटाखों की धूम मचेगी। महालक्ष्मी के स्वागत के लिए पूरा शहर सज-धजकर तैयार है। हर गली-मोहल्ले, कॉलोनी, बाजार, शोरूम को सतरंगी रोशनी से सजाया गया है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार दिवाली पर महालक्ष्मी के पूजन के लिए चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान श्री गणेश और लक्ष्मी जी की प्रतिमा स्थापित करें। गंगाजल छिड़क कर उस स्थान एवं आसन को पवित्र करें। मां लक्ष्मी के समीप केसर युक्त चंदन से अष्टदल कमल बनाकर चांदी का सिक्का रखकर पूजा करें।  गणेश लक्ष्मी को वस्त्र, आभूषण, पुष्पमाला, केसर, चंदन, अक्षत, इत्र अर्पित करें। प्रतिमा के दाहिनी ओर शुद्ध घी का दीपक जलाएं और बायीं ओर तेल का दीपक जलाकर रखें। मां सरस्वती पूजन के निमित्त बहीखाते, कॉपी, पेन का पूजन करें। रुपये रखने के स्थान पर स्वास्तिक बनाकर कुबेर भगवान का पूजन करें। दवात की शीशी या पेन लेखनी पर काली मां का पूजन करना चाहिए। भगवान श्रीगणेश एवं महालक्ष्मी को पांच प्रकार की मेवा, पांच फल, पांच मिठाई, खील बताशे, नैवेद्य, पान, सुपारी, इलायची लौंग अर्पित करें। सभी देवी देवताओं को नैवेद्य अर्पित करें। 21 दीपक मां लक्ष्मी के समीप प्रज्ज्वलित करें। घर  के सभी कमरों के कोने-कोने में दीपमाला का प्रकाश फैलाएं। धूप दीप से आरती करें।

पूजन का समय

घरों में - शाम 6:30 बजे से रात 8:26 बजे तक।

दफ्तरों के लिए - प्रात: 10.30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक।

व्यापारिक प्रतिष्ठान – शाम 4:28 बजे से 6:00 बजे तक।

दिवाली पर 51 साल बाद बन रहा दुर्लभ योग

दिवाली पर बृहस्पतिवार को चित्रा व स्वाति नक्षत्र के बीच लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त है। इस बेला में प्रति और चतुस्पद का दुर्लभ योग 51 साल बाद बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय और शिवशरण पाराशर ने बताया कि गोधूलि बेला शाम 5:30 बजे से 8:15 बजे तक रहेगी। रात्रि बेला में चित्रा स्वाति का संयोग, प्रीति और चतुस्पद योग निशीथ बेला में सिंह लग्न रात्रि 12:40 से 3 बजे के बीच रहेगा।

“गंगोत्सव” में सूफी गायक अमित कैलाशा की शानदार प्रस्तुति

गंगोंत्सव का दूसरा दिन,सूफी गायक अमित कैलाशा की शानदार प्रस्तुति

गंगोत्सव के दूसरे दिन सूफी गायक अमित कैलाशा की शानदार प्रस्तुति ने मोहा मन।

बिजनौर। गंगा बैराज घाट बिजनौर पर तीन दिवसीय कार्यक्रम गंगोत्सव-2021 के दूसरे दिन मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध सूफी गायक अमित कैलाशा की प्रस्तुति रही। इसमें गंगा नदी के महत्व को उजागर करते हुए उसको भारतीय परंपरा एवं संस्कृति की मूल बताया गया।

कार्यक्रम की शुरूआत स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा गंगा संरक्षण एवं नमामि गंगे पर शानदार प्रस्तुति के साथ हुई। इस अवसर पर विवेक कॉलेज, केपीएस कॉलेज, आर्य वैदिक इंटर कॉलेज बिजनौर के छात्र-छात्राओं द्वारा रामायण, महाभारत, राष्ट्र भक्ति प्रसंगों पर धार्मिक संगीत और नृत्य प्रस्तुत किये गए।

गंगा का संरक्षण हर भारतवासी का कर्तव्य: डीएम
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अपने सम्बोधन में कहा कि गंगोत्सव-2021 कार्यक्रम का आयोजन गंगा संरक्षण के कार्यक्रम में गंगा की स्वच्छता तथा उसकी सांस्कृतिक पहचान को ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच तक पहुंचाने का उद्देश्य शामिल है। इसके साथ ही गंगा और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिये जन सहभागिता को बढाना है। उन्होंने कहा कि गंगा मात्र एक नदी ही नहीं है, बल्कि भारतवर्ष की सामाजिक, धार्मिक एवं आर्थिक समृद्वि का प्रतीक भी है। गंगा का संरक्षण वास्तव में भारत की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति, धार्मिकता और पौराणिकता का भी संरक्षण है, जो हर भारतवासी का कर्तव्य है। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने सभी लोगों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।  

प्रदूषण मुक्त बनाए रखने का संकल्प
गंगोत्सव कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध सूफी गायक अमित कैलाशा की शानदार प्रस्तुति थी, जिसमें गंगा नदी के महत्व को उजागर करते हुए उसको भारतीय परंपरा एवं संस्कृति की मूल बताया। संध्या के समय गायत्री परिवार द्वारा भव्य एवं दिव्य गंगा आरती की गयी। इस अवसर पर गंगा के घाट मनमोहक छटा बिखेरते हुए दिखे तथा जन-जन की अंतर्रात्मा श्रद्वा भाव से जागृत हो उठी। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों नेे सामुहिक रूप से गंगा को स्वच्छ तथा प्रदूषण मुक्त बनाये रखने का संकल्प लिया।

दीपोत्सव और आतिशबाजी
इस अवसर पर दीपोत्सव के लिए 11000 दीपों को प्रज्वलित किया गया तथा भव्य रूप से आतिशबाजी का कार्यक्रम भी सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) परिवहन मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में तथा मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी वि/रा श्रीमती प्रीति जायसवाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक सहित अन्य प्रशासनिक एवं जिला स्तरीय अधिकारी तथा सम्मानित नागरिक उपस्थित थे।

भक्तों को राम कथा के रसपान से कराया सराबोर

लखनऊ। भारत रक्षा मंच के तत्वाधान में आयोजित सात दिवसीय हिंदुत्व राष्ट्र से प्रेरित श्री राम कथा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंद्रपुरी कॉलोनी महर्षि विद्या मंदिर के श्री विनोद तिवारी जी सत्संग हाल में आयोजित की गई।

श्री राम कथा में देश के विभिन्न प्रांतों से आए हुए भिन्न-भिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भारत रक्षा मंच के विषयों पर अपने अपने विचार व्यक्त किए। भारत रक्षा मंच के पदाधिकारी बंधु, माताएं, बहनें, देवियों और सज्जनों, युवा साथियों ने इस भक्ति समागम को भव्य बनाने में अहम योगदान दिया। आचार्य श्री अनुराग बाजपेई जी ने समस्त श्रोता बंधुओं को हिंदुत्व राष्ट्र से प्रेरित श्री राम कथा के रसपान से भक्तों को सराबोर कराया। भारत रक्षा मंच के पूर्णकालिक विस्तारक आशीष बाजपेई जी ने बताया कि भारत रक्षा मंच देश के विभिन्न प्रांतों एवं राज्यों में हिंदुत्व राष्ट्र से प्रेरित श्री राम कथा का आयोजन कराता रहेगा क्योंकि भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी के आचरण से ही राष्ट्र और मानवता का कल्याण है। भारत रक्षा मंच यह मांग करता है कि भारत देश को जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित कर देना चाहिए, जिसके लिए देश के विभिन्न विचारधाराओं एवं हिंदूवादी संगठनों को एक साथ मिलकर देशव्यापी आंदोलन मौजूदा सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। आशीष जी ने बताया भारत रक्षा मंच पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, पंजाब व हिमाचल में हिंदुत्व जागरण यात्रा निकालेगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भव्य राष्ट्रीय संत समागम का आयोजन करेगा, जिससे हमारे देश में संतों के प्रति निष्ठा व हिंदुत्व सनातन धर्म के प्रति लोगों में अधिक से अधिक जागृति फैले। श्री आशीष ने बताया इस महा अभियान में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से वरिष्ठ एवं गणमान्य लोगों का सानिध्य व अहम योगदान रहेगा। उत्तर प्रदेश से श्रीमान दुर्गेश वाजपेई, ब्रजेश उपाध्याय, भारत रक्षा मंच मीडिया मंच की वरिष्ठ सहयोगी पूजा वाजपेई, वरिष्ठ समाजसेवी रश्मि सिंह, मीडिया मंच आलोक राजा, आशीष पांडे, श्री राम, उत्तराखंड अमित मुखिया, अनुज पवार, दिल्ली विकास गुलेरिया, गुजरात से नानू भाई साहब, उपासना व्यास, पंजाब से सार्थक गुलरिया, हिमाचल से अजय तिलक एवं विभिन्न प्रांतों से समर्पित कार्यकर्ता बंधुओं के विशेष योगदान से हिंदुत्व राष्ट्र से प्रेरित भारत रक्षा मंच हिंदुत्व जागृति यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने सभी देशभक्त राष्ट्र भक्तों एवं सनातन धर्म प्रेमियों से करबद्ध निवेदन किया कि इस महाअभियान से अवश्य जुड़ें।

बालाजी महाराज को शरद पूर्णिमा पर लगाया 2 क्विंटल खीर का महाभोग

अग्र सेवा समिति द्वारा शरद पूर्णिमा पर लगाया गया बालाजी महाराज को 2 क्विंटल दूध से बनी खीर का महाभोग। बालिका शिक्षा का संदेश देते हुए जरूरतमंद बालिका को साईकिल भेंट।


श्रीगंगानगर। उदाराम चौक स्थित श्री झांकी वाले बालाजी मंदिर में 2 क्विंटल दूध से बनी खीर का महाभोग बालाजी महाराज को लगाया गया।

कार्यक्रम का आयोजन अग्र सेवा समिति, युवा अग्र सेवा समिति तथा महिला अग्र सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में शरद पूर्णिमा के अवसर पर अध्यक्ष किशन खारीवाल के नेतृत्व में किया गया।

कार्यक्रम प्रभारी योगेश्वर बंसल ने बताया कि महाभोग के तत्पश्चात इस खीर प्रसाद को श्रद्धालुओं को वितरित किया गया।

गौरतलब है कि शरद पूर्णिमा पर खीर को चंद्रमा की रोशनी के नीचे रखकर खाने से स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभदायक माना गया है तथा इससे व्यक्ति का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

तत्पश्चात् बालिका शिक्षा का संदेश देते हुए मंदिर के बाहर फूल बेचकर परिवार का पालन-पोषण कर रही महिला की जरूरतमंद पुत्री को साईकिल भेंट की गई। साथ ही पढ़-लिखकर जीवन में सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर अध्यक्ष किशन खारीवाल, नितिन खारीवाल, कार्यक्रम संयोजक योगेश्वर बंसल, ऋषभ सर्राफ, मनीष बाजोरिया, रमेश बंसल, पवन गर्ग, मोहित खारीवाल, योगेश मंगल, सीए नीरज गोयल, अंजनी गर्ग, तरूण सिंगल, मयंक गर्ग सहित अग्र सेवा समिति परिवार पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

महाराजा अग्रसेन ने दिया था  समाजवाद, समरसता का नारा: प्रेम चंद्र अग्रवाल

बिजनौर। अग्रवाल वैश्य समाज बिजनौर के तत्वावधान में महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह का आयोजन धूमधाम से शहनाई बैंकट हाल में मनाया गया। कार्यक्रम में डीपीएस स्कूल के बच्चों व दिल्ली से आयी पार्टी द्वारा भजन संध्या प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधानसभा के स्पीकर प्रेम चंद्र अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवाद, समरसता का नारा महाराजा अग्रसेन ने दिया था। उन्होंने कहा कि हमारे समाज ने हमेशा सामाजिक, राजनीतिक, राष्ट्रहित में अग्रणी भूमिका अदा की है। वैश्य समाज की एकता पर बल देते हुए अग्रवाल ने कहा कि तलवार क्षत्रिय की पहचान होती है। महाराजा अग्रसेन क्षत्रिय थे। श्री अग्रवाल ने नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार, अमित गौतम की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने जो पाप किया है उसकी सजा जरूर मिलेगी।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री डॉ. विशेष गुप्ता ने कहा कि हमारी एकजुटता हमे आगे बढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि एक ईंट एक रुपए का सिद्धांत देने वाले कोई राजा हुए तो वो सिर्फ महाराज अग्रसेन हुए।

कार्यक्रम को मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल, अंकित रस्तोगी, राकेश बंसल हीरा व्यापारी, हिमांशु गोयल मेरठ आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता अशोक अग्रवाल ने व संचालन व्यापारी नेता मुकुल अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम आयोजक श्री राम दर्शन अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन जी की मूर्ति देकर सभी अतिथियों का सम्मान किया। कार्यक्रम में लाला अरुण अग्रवाल, कृष्ण अवतार अग्रवाल, अमित अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, दीपक सर्राफ, मुकेश टिंकू, राजकुमार गोयल, आशीष अग्रवाल, श्रीराम अग्रवाल, अमित मोनू, रीना अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, संध्या गुप्ता, प्रियंका अग्रवाल, तनु अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल एडवोकेट, डॉ. टीसी अग्रवाल, श्रीमति मधुमिता, सत्यकाम विश्नोई, विष्णु गोपाल अग्रवाल, दीपक गर्ग मोनू, राजीव लोचन, सौरभ सिंघल, भारत गर्ग, कपिल सर्राफ, लाला योगेन्द्र, सुमित सिंघल, अचल अग्रवाल, हरिओम, राजू अग्रवाल आदि का विशेष सहयोग रहा।

हिंदू युवा सेना में प्रियांशु वर्मा को मंडल मुरादाबाद अध्यक्ष की जिम्मेदारी

बिजनौर। हिंदू युवा सेना में प्रियांशु वर्मा को मंडल मुरादाबाद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। हिंदू युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज ने उक्त जानकारी देते हुए सभी लोगों से अपील की है कि प्रियांशु वर्मा जी के मोबाइल नंबर 9756071328 पर संपर्क में रहें और उनका सहयोग करते हुए संगठन को आगे बढ़ाएं। महात्मा विदुर कुटी धाम, बिजनौर से जारी नियुक्ति पत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज ने बताया कि दुर्गा विहार कालोनी नहटौर, बिजनौर निवासी प्रियांशु वर्मा काफी समय से हिंदू समाज के लिये कार्य कर रहे हैं।

त्योहारों को लेकर शासन की गाइड लाइन जारी

लखनऊ। शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी, दशहरा और चेहल्लुम के मद्देनज़र कानून-व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी तरह सतर्क रहने दिशा-निर्देश दिए हैं। साथ ही नवरात्रि, दुर्गा पूजा एवं विजयदशमी/दशहरा पर्व, रामलीला मंचन और चेहल्लुम के मौके पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने को कहा है।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने निर्देश जारी कर कहा है कि दुर्गा पूजा पंडाल व रामलीला मंच के स्थापना की अनुमति प्रदान करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि सार्वजनिक आवागमन प्रभावित न हो। मूर्तियों की स्थापना पारंपरिक परंतु खाली स्थान पर की जाए, उनका आकार यथासंभव छोटा रखा जाए मैदान की क्षमता से अधिक लोग न रहे। मूर्तियों के विसर्जन में यथासंभव छोटे वाहनों का प्रयोग किया जाए और मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम में न्यूनतम व्यक्ति ही शामिल हो।

मूर्ति विसर्जन आदि के समय निर्धारित सीमा से अधिक लोग न हों तथा शारीरिक दूरी व मास्क पहनने के नियमों का पालन अवश्य किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक स्थल पर क्षमता से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र न होने पाए।यातायात कदापि बाधित न हो एवं बैरियर व पुलिस चेक पोस्ट लगाकर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कराई जाए और मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। इसी के साथ जन सुविधाएं यथा बिजली पेयजल एवं साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि अनुमति इस शर्त के साथ दी जाए कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए। जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि इस अवसर पर सामाजिक एवं सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे और सुरक्षा व्यवस्था इस प्रकार सुनिश्चित की जाए कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न होने पाए। संवेदनशील क्षेत्रों व अन्य स्थानों पर भी मोबाइल पेट्रोलिंग कराई जाए। शासन द्वारा चेहल्लुम के अवसर पर भी कानून-व्यवस्था एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए और कोविड-19 महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए भी जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं।

आर्य समाज के प्रचार प्रसार में जुटने का आह्वान

बिजनौर। आर्य समाज कोतवाली में श्री सत्यकाम जी
के निवास स्थान पर एक यज्ञ का आयोजन किया गया। अध्यक्षता रमेश आर्य सैंद्वार ने की तथा संचालन वैदिक आर्य कन्या गुरुकुल की ब्रह्मचारिणी ने किया।

यज्ञ आर्य कन्या गुरुकुल नवलपुर की ब्रह्मचारिणीयों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर गुरुकुल के प्रबंधक सुशील कुमार आर्य ने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने पर कल
दिया।

अध्यक्षता कर रहे रमेश आर्य ने एक
जुट होकर आर्य समाज के प्रचार प्रसार में लग जागे पर बल दिया।

यज्ञ कार्यक्रम में अमन सिंह, रमेश आर्य, राजेश कुमार, विक्रमदेव, सोमदत्त शर्मा, ब्रह्मपाल सिंह, श्रीमती अनिता, श्रीमती आशा विश्नोई, श्रीमती अन्नु, श्रीमती गार्गी विश्नोई उपस्थित थे।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

राम मंदिर: तिरुपति देवस्थानम की तर्ज पर होगी दर्शन व्यवस्था

अयोध्या (एजेंसी)। रामजन्मभूमि में निर्माणाधीन भगवान राम मंदिर में कई तरह की विशिष्टताएं शामिल होंगी। मंदिर के वैज्ञानिक पद्धति से निर्माण के अलावा तिरुपति देवस्थानम की तर्ज पर ही दर्शन व्यवस्था लागू की जाएगी। हर आम और खास एक साथ दर्शन कर सकेंगे। सुरक्षा के कारणों से आम दर्शनार्थियों को रोकने के बजाय गैलरियां अलग-अलग कर दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त दर्शन की ऐसी व्यवस्था रहेगी कि रामलला की परिक्रमा करते हुए श्रद्धालु 24 घंटे परिसर में व्यतीत कर सकेंगे।

रोपी जाएंगी रामायणकालीन वनस्पतियों की पांच सौ प्रजातियां- रामजन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का कहना है कि परिसर का अधिकांश भाग खुला होगा। पर्यावरण को स्वच्छ और हरियाली से भरपूर रखने के लिए यहां मौजूदा वृक्षों को काटा नहीं जाएगा बल्कि उन्हें जड़ों के साथ निर्धारित स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके साथ रामायणकालीन वनस्पतियों की पांच सौ प्रजातियों को रोपित किया जाएगा। बताया गया कि रामजन्मभूमि परिसर में कूड़ा निस्तारण के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए वाटर प्लांट एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।

वाहन पार्किंग व यात्री सुविधाओं के लिए व्यवस्था

रामजन्मभूमि ट्रस्ट महासचिव के अनुसार राम मंदिर का निर्माण भले ही तीन एकड़ में होगा लेकिन इसका परिसर दस एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में होगा। उन्होंने बताया कि राम मंदिर के बाहर साढ़े छह एकड़ की परिधि में परकोटे का निर्माण होगा। यह परकोटा जोधपुर के पत्थरों से निर्मित होगा। इसके बाहर रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जाएगा। रिटेनिंग वॉल का निर्माण सुपर स्ट्रक्चर के तीन तरफ अर्थात पश्चिम दिशा के अलावा उत्तर व दक्षिण में भी होगा। पूरे राम मंदिर के स्ट्रक्चर में अकेले रिटेनिंग वॉल में ही लोहे का उपयोग किया जाएगा। लोहे का जाल बनाकर कांक्रीटिंग की जाएगी।

राम मंदिर के पहले चरण का काम पूरा

अयोध्या। राम मंदिर के पहले चरण का काम पूरा हो गया है। दूसरा चरण बारिश के बाद शुरू होगा। मंदिर निर्माण ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने बताया कि 11,000 क्यूबिक मीटर की चट्टान ढाली गई है। यह जमीन के अंदर चली जाएगी। यह अपने आप में एक अनौखा ढांचा है। यह नींव का प्रथम चरण है। बारिश का मौसम खत्म होने के बाद इसके ऊपर दूसरा चरण प्रारंभ हो जाएगा। विदित हो कि राम मंदिर का डिजाइन मशहूर आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा ने तैयार किया है। मंदिर का काम क़रीब एक साल पहले शुरू हुआ था। सर्वे से पता चला कि जहां मंदिर बनना था वहां नीचे ठोस ज़मीन ही नहीं थी। चंपत राय ने बताया कि सर्वे में सामने आया कि नीचे मिट्टी नहीं है। उन्होंने कहा कि नीचे मलबा मिला था, मलबे के अंदर तो कोई स्ट्रक्चर नहीं हो सकता। उसकी ग्रिप नहीं बनती, पकड़ नहीं बनती। इसीलिए मलबा हटाते-हटाते नीचे चले गए।

आज जहां मंदिर का गर्भ गृह बन रहा है, पहले कभी यहां सरयू नदी बहती थी या इसके नीचे से नदी की कोई धारा गुज़रती थी। क्योंकि खुदाई में 40 फ़ीट के नीचे भी सिर्फ बालू ही मिल रहा था। इसलिए मंदिर की बुनियाद के लिए साढ़े 15 मीटर मोटी कंक्रीट की यह चट्टान बनानी पड़ी। चंपत राय ने बताया कि 40 फ़ीट के बाद भी मिट्टी नहीं थी। केवल नदी का बालू था। कभी नदी बहती रही होगी, यही कारण है कि यह और गहरा होता गया। समुद्र तल से 91 मीटर के लेवल पर हमने चट्टान को भरना प्रारंभ कर दिया।

बता दें कि मंदिर के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 67 एकड़ जमीन मिली है। ट्रस्ट अपनी ज़रूरत के मुताबिक आसपास और समपत्तियां खरीद रहा है। जिनकी जमीनें खरीदी जा रही हैं, उन्हें बदले में दूसरी जगह जमीनें दी जा रही हैं। इस खरीद में घोटालों के भी आरोप लगे हैं। (सौजन्य से-इंडेविन टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क)

पीपल शनि मंदिर की परिक्रमा भी दुश्वार

बिजनौर। सिविल लाइंस पंजाबी कालोनी के बाहर पीपल के वृक्ष व भगवान शनि मंदिर की परिक्रमा भी दुश्वार हो गई है। कारण…फोटो में साफ नजर आ रहा है। परिक्रमा करने के मार्ग पर कई बाइक खड़ी हैं और सीढ़ियों के कोने में जेनरेटर।

सिविल लाइंस पंजाबी कालोनी के बाहर मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। सोमवार, मंगलवार और शनिवार के अलावा किसी खास पर्व पर भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। हाल ही में संपन्न श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के उपरांत शनिवार को उनकी छठी के अवसर पर मंदिर में भजन कीर्तन व भंडारा का आयोजन किया गया। इस दौरान काफी संख्या में महिला, पुरुषों व बच्चों की आवाजाही रही। वहीं मंदिर की सीढ़ियों के सामने पीपल वृक्ष व शनि देव के मंदिर पर दीपक जलाने, सरसों का तेल चढ़ाने वालों की संख्या भी काफी रही। परिक्रमा करने के स्थान पर खड़ी कई मोटरसाइकिलों व टायरों के ढ़ेर के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रही सही कसर शाम करीब सवा सात बजे सीढ़ियों के कोने में रखे जेनरेटर ने पूरी कर दी। दुकानदार ने उसे जैसे ही स्टार्ट कराया, उसके काले धुएँ से अफरातफरी मच गई। हालांकि कोरोना प्रोटोकॉल के चलते कई श्रद्धालुओं ने चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे, लेकिन बेतहाशा मात्रा में निकले धुएँ से सांस लेने में परेशानी उठानी पड़ी। कई ने बताया कि ऐसा नजारा यहां अक्सर रहता है। यह और कुछ नहीं संस्कारों की कमी है। प्रत्येक व्यक्ति को इतना ध्यान रखना चाहिए कि कम से कम सार्वजनिक स्थल पर उसके कारण लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।

धूमधाम से मनाया गया विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस

विहिप मना रहा 57वां स्थापना दिवस, हिंदू जीवन मूल्यों व परंपराओं के प्रति लोगों को कर रहा जागरूक

धूमधाम से मनाया गया विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस

लखनऊ। विश्व हिंदू परिषद 57वां स्थापना दिवस मना रही है। परिषद की ओर से पूरे देश में जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार देश के सभी जिला,प्रखंड से लेकर बस्तियां स्तर पर स्थापना दिवस मनाने की तैयारी की गई है। विहिप लखनऊ पूरब के कार्यकर्ताओं ने स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया।

गोमती नगर स्थित शिक्षण संस्थान एसकेडी एकेडमी के सभागार में विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस का कार्यक्रम विहिप के लखनऊ पूरब के कार्यकर्ताओं ने आयोजित किया। विहिप एवं बजरंग दल के जिला, प्रखंड, खंड एवं बस्तियों से सैकड़ों कार्यकर्ता जोश खरोश के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री राम, श्री कृष्ण एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अलोपी शंकर मौर्य, अध्यक्षता पूर्व डीजीपी न्यायाधीश रेरा भानु प्रताप सिंह ने की। मुख्य रूप से मुख्य वक्ता विहिप के प्रांत संगठन मंत्री श्रीराजेश रहे। मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी चैतन्य जी महाराज ने अपने आशीर्वचनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

विहिप के अवध प्रांत संगठन मंत्री श्री राजेश के वक्तव्य:-
जन्माष्टमी के दिन ही 1964 में मुंबई स्थित चिन्मय मिशन के संस्थापक चिन्मयानंद महाराज के संदीपनी साधनालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के द्वितीय सरसंघचालक माधव राव सदाशिव राव गोलवलकर उर्फ श्रीगुरुजी की प्रेरणा तथा संघ के वरिष्ठ प्रचारक परिषद के प्रथम महामंत्री शिवराम शंकर आप्टे के कुशल संयोजन से इसकी स्थापना हुई थी। स्थापना के मौके पर अकाली दल के मास्टर तारासिंह, राष्ट्रसंत तूकड़ो जी महाराज, जैन संत सुशील मुनि, कन्हैैयालाल माणिकाल मुंशी, गीताप्रेस के संस्थापक हनुमान दास पोद्दार जैसे देश के अनेक संत उपस्थित थे। उसके बाद से अब तक विहिप हिंदू जीवन मूल्यों, परंपराओं व मानबिंदुओं की रक्षा, संवर्द्धन प्रचार तथा विश्व के कल्याणार्थ कार्य कर रही है। हिंदुओं को जागरूक करने का काम लगातार जारी है। इसके लिए समय-समय पर समाज के सहयोग से आंदोलन भी चलाए जाते हैं। 57 वर्षों में विश्व हिंदू परिषद श्रीराम जन्मभूमि निधि समर्पण अभियान के माध्यम से देश के 5.25 लाख गांवों तक पहुंचने का काम किया है।

सात अक्टूबर 1984 को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संतों ने लिया था संकल्प
सात अक्टूबर,1984 अयोध्या में सरयू नदीं के तट पर रामभक्तों ने महंत अवैद्यनाथ, रामचंद्र दास, नृत्यगोपाल दास व अशोक सिंघल आदि प्रमुख लोगों की उपस्थिति में संकल्प लिया कि जहां राम का जन्म हुआ है वहां भव्य मंदिर बनाएंगे। उसके बाद सबसे बड़ा अहिंसक जनआंदोलन प्रारंभ किया गया। श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के अंतर्गत देश के साढ़े तीन लाख गांवों में श्रीरामशिला पूजन हुआ। 9 नवंबर 1989 को कामेश्वर चौपाल के हाथों राम मंदिर का शिलान्यास हुआ। अंतत: पांच अगस्त, 2020 को भव्य मंदिर का भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों किया गया। आज हम सभी भव्य मंदिर बनते हुए देख रहे हैं।अपने स्थापना काल से ही विहिप मतांतरण के खिलाफ लोगों को जागरूक कर रही है। जो लोग मतांतरित हो चुके हैं उनकी वापसी के लिए भी प्रयासरत है। एक लाख से अधिक एकल विद्यालय के माध्यम से भी विहिप ग्रामीण इलाकों में बच्चों को शिक्षित करने का काम कर रही है। इसके साथ ही मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। विहिप ने दलित समाज के लोगों को पूजारी का प्रशिक्षण दिलाकर मंदिरों में रखवाने का काम किया है। आज तेजी से अस्पृश्यता उन्मूलन के लिए काम किया जा रहा है। समाज को तोडऩे वाली शक्तियों के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम जारी है। अगले दो वर्षों में पूरे देश में पहुंचने की योजना है।

इस अवसर पर विहिप के विभाग मंत्री विजय प्रकाश शुक्ला, संगठन मंत्री लव कुश, प्रचार प्रमुख नृपेंद्र विक्रम सिंह, वरिष्ठ पत्रकार जिला मंत्री धर्मेंद्र सिंह गौर, कार्याध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप, सह मंत्री दिग्विजय नाथ तिवारी एवं अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे।

…जब मटकी फोड़ माखन खायो कन्हैया

…जब मटकी फोड़ माखन खायो कन्हैया। पारकर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव बुढ़नपुर में मनाया गया श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव। लड्डू गोपाल की स्थापना के साथ हुई मटकी फोड़ प्रतियोगिता। राधा कृष्ण बने बच्चों को किया पुरस्कृत।

राजा का ताजपुर (बिजनौर)। ग्राम बुढ़नपुर स्थित पारकर पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर जहां स्कूल में लड्डू गोपाल की स्थापना की गई, वहीं राधा कृष्ण की झांकी के रूप में नन्हे मुन्ने बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के चेयरमैन हुकुम सिंह, डायरेक्टर उमेश राणा, प्रबंधक प्रमोद त्यागी, प्रधानाचार्य अवनीश कुमार ने स्कूल परिसर में लड्डू गोपाल की स्थापना के साथ किया। इसके बाद राधा कृष्ण की वेशभूषा में सजधज कर आए बच्चों ने मनमोहक नृत्य कर सभी का मन मोह लिया। मटकी फोड़ प्रतियोगिता में छोटे-छोटे कन्हैया ने मटकी फोड़ कर माखन खाया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं हर्षित, गरिमा, चर्चित, आस्था, नीरव, आराध्या, जिया त्यागी, दिव्यांशी, हर्ष, सुनिधि आदि बच्चों को प्रबंध तंत्र ने पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में मोनिका चौहान, ललिता रानी, आस्था, अंशु चौहान आदि शिक्षिकाओं का सहयोग रहा।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रात्रि कर्फ्यू में छूट

लखनऊ। कोरोना को लेकर उत्तर प्रदेश में रात्रि कर्फ्यू लागू है, लेकिन कृष्ण जन्माष्टमी के मद्देनजर इसमें एक दिन के लिए छूट दी गई है. मंगलवार से नाइट कर्फ्यू फिर से लागू हो जाएगा. अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने सरकार की ओर से यह आदेश जारी किया है.

इस आदेश के मुताबिक, कृष्ण जन्माष्टमी के चलते सोमवार को रात 10:00 बजे से मंगलवार सुबह 6:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू में छूट रहेगी. हालांकि, कृष्ण जन्माष्टमी पर होने वाले सभी कार्यक्रमों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा. 

पुलिस लाइन में भव्य रूप से मनाई जाए जन्माष्टमी 

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने सभी जिलों के डीएम और एसपी को निर्देश दिया है कि सभी जिलों की पुलिस लाइन में कृष्ण जन्माष्टमी भव्य रूप से मनाई जाए. आदेश में कहा गया है कि पुलिस लाइन और सभी जेलों में भारतीय परंपरा के मुताबिक भव्य रूप से जन्माष्टमी मनाई जाए. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि इन कार्यक्रमों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन हो. मास्क, सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जाए. साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए. 

सीएम योगी ने दीं शुभकामनाएं- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी लोगों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. सीएम ने लोगों से कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए जन्माष्टमी मनाने की अपील की है.उन्होंने कहा, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना एवं अधर्म, अन्याय तथा अत्याचार समाप्त करने की प्रेरणा देता है. भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से ज्ञान, कर्म एवं भक्ति योग का जो संदेश दिया, उसकी प्रासंगिकता शाश्वत है. 

श्री निरंजनी अखाड़े के सचिव कर रहे आश्रम पर कब्जा!

ज्योतिर्मयानंद गिरि शिष्या ब्रहमलीन महामण्डलेश्वर स्वामी गणेशानंद गिरि ने श्रीपंचायती अखाड़ा के सचिव पर उत्तरी हरिद्वार स्थित आश्रम पर कब्जा करने का आरोप लगाया।


हरिद्वार। स्वामी ज्योतिर्मयानंद गिरि शिष्या ब्रहमलीन महामण्डलेश्वर स्वामी गणेशानंद गिरि ने श्री पंचायती अखाड़ा के सचिव पर उत्तरी हरिद्वार स्थित आश्रम पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। साथ ही दावा किया कि उक्त आश्रम का महंत उन्हे बनाया गया है। इसके बावजूद उनके हरिद्वार से बाहर जाने के दौरान अखाड़ा के सचिव की ओर से षडयंत्र कर करोड़ो के आश्रम पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में अखाड़ा परिषद भी किसी प्रकार की कोई कारवाई नही कर रही है।

मंगलवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी ज्योर्मियानंद गिरि ने बताया कि उन्होंने 07अप्रैल 1986 को हरिद्वार के पूर्ण कुम्भ मेला में श्री मोहनानंद आश्रम भीमगोड़ा में पूज्य स्वामी श्री गणेशानंद जी से सन्यास दीक्षा ग्रहण किया। गुरूदेव के साथ रहकर कथा करक सभी संस्थाओ को चलाया। 16 फरवरी 1996 को पटियाला पंजाब में कथा हो रही थी। पूज्य गुरूदेव पूर्णाहूति के समय महाशिवरात्रि को ब्रहमलीन हो गए। पटियाला से पार्थिव शरीर हरिद्वार भीमगोड़ा लाया गया। श्रीनिरंजनी अखाड़े के मुख्य महंत श्री शंकरभारती, श्री रामकिशन गिरि व अन्य संतमण्डली के साथ ज्योतिमयानंद ने समस्त विधि से नीलधारा में जलसमाधि दी गई। मेरे गुरू भाई स्व. सुदर्शनानंद जी महाराज हरिद्वार में रहते थे। गुरूदेव के स्वास्थ्य ठीक ना होने के कारण वे भरूच में मुख्य संस्था में रहते थे। 23 जून 2014 को मेरे गुरू भाई का शरीर शान्त हो गया। उस समय मैं हरिद्वार आयी, किन्तु मुझे कोई कागजात नहीं दिया गया और सभी कागजात निरंजनी अखाड़े वाले ले गए। हरिद्वार से मुरादाबाद के पास राजा का सहसपुर में अपनी संस्था में जाकर पोषसी भण्डारा किया। तब से आज तक मेरी संस्थाओं में कथित रूप से अखाड़ा सचिव ने अपना नाम लिख दिया है। यह भी कहा निरंजनी अखाडे का प्रमाण पत्र, सभी कुम्भ मेले में दी गई दक्षिणा का रसीद मेरे पास है। उन्होने आरोप लगाया कि अखाड़े के सचिव द्वारा जबरन उक्त आश्रम को अपने नाम कराकर खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया जा रहा है। चेतावनी दी कि उक्त आश्रम को खुर्द-बुर्द नही होने दुंगी।

ताजमहल की असलियत सामने लाने वाले: सैनिक, पत्रकार, इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक

पुरुषोत्तम नागेश ओक की एक पुस्तक में दिये उनके परिचय के अनुसार, श्री ओक का जन्म इंदौरमध्य प्रदेश में हुआ था। द्वितीय विश्व युद्ध के समय उन्होंने इंडियन नेशनल आर्मी में प्रविष्टि ली, जिसके द्वारा इन्होंने जापानियों के संग अंग्रेज़ों से लड़ाई की थी। इन्होंने कला में स्नातकोत्तर (एम०ए०) एवं विधि स्नातक (एलएल०बी०) की डिग्रियाँ मुंबई विश्वविद्यालय से ली थीं। सन 1947 से 1953 तक वे हिंदुस्तान टाइम्स एवं द स्टेट्समैन जैसे समाचार पत्रों के रिपोर्टर रहे। 1953 से 1957 तक इन्होंने भारतीय केन्द्रीय रेडियो एवं जन मंत्रालय में कार्य किया। 1957 से 1959 तक उन्होंने भारत के अमरीकी दूतावास में कार्य किया।[1]

जिसे वे “भारतीय इतिहास का हमलावरों एवं उपनिवेशकों द्वारा पक्षपाती एवं तोड़ा मरोड़ा गया वृत्तांत” मानते थे, उसे सही करने में उन्मत्त, ओक ने कई पुस्तकें और भारतीय इतिहास से सम्बन्धित लेख लिखे हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय इतिहास पुनरावलोकन संस्थान की स्थापना 14 जून1964 को की। ओक के अनुसार, आधुनिक और मार्क्सवादी इतिहासकारों ने भारतीय इतिहास के “आदर्शीकृत वृत्तांत” को कल्पित करके उसमें से सारे वैदिक सन्दर्भ और सामग्री हटा दिये हैं। ओक के योगदान, हिन्दू धर्म की अन्य धर्मों पर वर्चस्व एवं अपार श्रेष्ठता सिद्ध करने की कोशिश करते हैं।

जहाँ ओक के सिद्धान्तों का कई हिन्दू वादी गुटों ने भरपूर प्रसार एवं समर्थन किया है[2][3], वहीं, किसी भी मुख्यधारा के धार्मिक एवं स्थापत्य इतिहासविदों द्वारा स्वीकार नहीं किया गया है। एडविन ब्राइट के अनुसार, अधिकांश पाठक उन्हें केवल एक अफवाह ही मानते हैं।[4]

ताजमहल एवं अन्य मध्यकालीन इस्लामिक स्मारक

अपनी पुस्तक ताजमहल: सत्य कथा में, ओक ने यह दावा किया है, कि ताजमहल, मूलतः एक शिव मन्दिर या एक राजपूताना महल था, जिसे शाहजहाँ ने कब्ज़ा करके एक मकबरे में बदल दिया।

ओक कहते हैं, कि कैसे सभी (अधिकांश) हिन्दू मूल की कश्मीर से कन्याकुमारी पर्यन्त इमारतों को किसी ना किसी मुस्लिम शासक या उसके दरबारियों के साथ, फेर-बदल करके या बिना फेरबदल के, जोड़ दिया गया है।[5] उन्होंने हुमायुं का मकबराअकबर का मकबरा एवं एतमादुद्दौला के मकबरे, तथा अधिकांश भारतीय हिन्दू ऐतिहासिक इमारतों, यहाँ तक कि काबा, स्टोनहेन्ज व वैटिकन शहर[6] तक हिन्दू मूल के बताये हैं। ओक का भारत में मुस्लिम स्थापत्य को नकारना, मराठी जग-प्रसिद्ध संस्कृति का अत्यन्त मुस्लिम विरोधी अंगों में से एक बताया गया है।[7] के०एन०पणिक्कर ने ओक के भारतीय राष्ट्रवाद में कार्य को भारतीय इतिहास की साम्प्रदायिक समझ बताया है।[8] तपन रायचौधरी के अनुसार, उन्हें संघ परिवार द्वारा आदरणीय इतिहासविद कहा गया है।[9]

ओक ने दावा किया है, कि ताज से हिन्दू अलंकरण एवं चिह्न हटा दिये गये हैं और जिन कक्षों में उन वस्तुओं एवं मूल मन्दिर के शिव लिंग को छुपाया गया है, उन्हें सील कर दिया गया है। साथ ही यह भी कि मुमताज महल को उसकी कब्र में दफनाया ही नहीं गया था।

इन दावों के समर्थन में, ओक ने ताज की यमुना नदी की ओर के दरवाजों की काष्ठ की कार्बन डेटिंग के परिणाम दिये हैं, यूरोपियाई यात्रियों के विवरणों में ताज के हिन्दू स्थापत्य/वास्तु लक्षण भी उद्धृत हैं। उन्होंने यहाँ तक कहा है, कि ताज के निर्माण के आँखों देखे निर्माण विवरण, वित्तीय आँकड़े, एवं शाहजहाँ के निर्माण आदेश, आदि सभी केवल एक जाल मात्र हैं, जिनका उद्देश्य इसका हिन्दू उद्गम मिटाना मात्र है।

पी०एस० भट्ट एवं ए०एल० अठावले ने “इतिहास पत्रिका ” (एक भारतीय इतिहास पुनरावलोकन संस्थान के प्रकाशन) में लिखा है, कि ओक के लेख और सामग्री इस विषय पर, कई सम्बन्धित प्रश्न उठाते हैं।[10]

ताजमहल के हिन्दू शिव मन्दिर होने के पक्ष में ओक के तर्क

पी०एन० ओक अपनी पुस्तक “ताजमहल ए हिन्दू टेम्पल” में सौ से भी अधिक प्रमाण एवं तर्क देकर दावा करते हैं कि ताजमहल वास्तव में शिव मन्दिर था जिसका असली नाम ‘तेजोमहालय’ हुआ करता था। ओक साहब यह भी मानते हैं कि इस मन्दिर को जयपुर के राजा मानसिंह (प्रथम) ने बनवाया था जिसे तोड़ कर ताजमहल बनवाया गया। इस सम्बन्ध में उनके निम्न तर्क विचारणीय हैं:

  • किसी भी मुस्लिम इमारत के नाम के साथ कभी महल शब्‍द प्रयोग नहीं हुआ है।
  • ‘ताज’ और ‘महल’ दोनों ही संस्कृत मूल के शब्द हैं।
  • संगमरमर की सीढ़ियाँ चढ़ने के पहले जूते उतारने की परम्परा चली आ रही है जैसी मन्दिरों में प्रवेश पर होती है जब कि सामान्यतः किसी मक़बरे में जाने के लिये जूता उतारना अनिवार्य नहीं होता।
  • संगमरमर की जाली में 108 कलश चित्रित हैं तथा उसके ऊपर 108 कलश आरूढ़ हैं, हिंदू मन्दिर परम्परा में (भी) 108 की संख्या को पवित्र माना जाता है।
  • ताजमहल शिव मन्दिर को इंगित करने वाले शब्द ‘तेजोमहालय’ शब्द का अपभ्रंश है। तेजोमहालय मन्दिर में अग्रेश्वर महादेव प्रतिष्ठित थे।
  • ताज के दक्षिण में एक पुरानी पशुशाला है। वहाँ तेजोमहालय के पालतू गायों को बाँधा जाता था। मुस्लिम कब्र में गौशाला होना एक असंगत बात है।
  • ताज के पश्चिमी छोर में लाल पत्थरों के अनेक उपभवन हैं जो कब्र की तामीर के सन्दर्भ में अनावश्यक हैं।
  • संपूर्ण ताज परिसर में 400 से 500 कमरे तथा दीवारें हैं। कब्र जैसे स्थान में इतने सारे रिहाइशी कमरों का होना समझ से बाहर की बात है। (साभार-विकिपीडिया)

रक्षा बंधन पर बाजार रहे गुलज़ार

लखनऊ (शैली सक्सेना)। रक्षाबंधन को लेकर बाजार में खासा उत्साह रहा। भाई-बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक राखी का त्योहार सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार राखी यानि रक्षा बंधन 22 अगस्त को मनाया जा रहा है।

कोरोना संक्रमण के बीच सरकार के द्वारा दी गई छूट होने से बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाजार में राखी से लेकर मिठाई और गिफ्ट की काफी अच्छी बिक्री हुई। स्टोन, कुंदन और एडी की छोटी राखियों की मांग सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा भाभी के लिए लुंबा राखी, कंगन राखी और बच्चों के लिए कार्टून राखी भी खूब बिक्री हुई। वहीं लड़कियां मेहदी लगाने के लिए भी आतुर रहीं। कुछ ने घरों में, तो कुछ ने ब्यूटी पार्लर जाकर मेंहदी लगवाई।

दस रुपए से लेकर हजारों तक की राखी

इस बार दस रुपए से लेकर हजारों तक की राखी उपलब्ध रही। सबसे ज्यादा मध्‍यम दर्जे की राखी खरीदी गई। स्टोन वर्क की रेशम धागे वाली राखी की रेंज 60 से लेकर 120 रुपए तक तो वहीं चांदी की राखी पांच सौ रुपए से लेकर दो हजार तक में बिकी। इसके अलावा सोने की राखी भी मौजूद रही।

खूब बिकी मिठाई, पीछे नहीं रहा पनीर

रक्षा बंधन को लेकर बाजार में मिठाई के साथ पनीर की भी मांग काफी ज्यादा बढ़ गई। हर वर्ष की तरह इस बार भी मांग काफी ज्यादा बढ़ी रही। इसे पूरा करने के लिए आसपास के गांवों के अलावा डेयरी के दूध की मदद ली गई। सबसे ज्यादा रसगुल्ला, मिल्क केक, काजू कतली और बूंदी लड्डू बिका।

गिफ्ट दुकान पर भी रही भीड़

जहां एक तरफ बहनें अपने भाई के लिए राखियां खरीदने में लगी रही तो वहीं भाई भी बहनों के लिए रिटर्न राखी गिफ्ट खरीदने में पीछे नहीं रहे। चाकलेट के कई आकर्षक गिफ्ट पैक कंपनियों ने बाजार में उतारे। इसके अलावा कस्टमाइज काफी मग, फोटो फ्रेम, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, बैंगल, की रिंग, होम डेकोर आदि की मांग काफी ज्यादा रही।

कपड़ा बाजार ने भी काटी चांदी

बहनों को कपड़ा देने का चलन पिछले कुछ समय से काफी बढ़ा है। कुछ व्यापारी बताते हैं कि कोरोना संक्रमण के बाद बाजार की स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा, लेकिन राखी से लेकर तीज त्योहार तक के लिए लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस वर्ष भी सावन और तीज को ध्यान में रखकर हरे कपड़ों का विशेष क्लेक्शन बाजार में उपलब्ध है। गर्ल्स क्लेक्शन में जींस टाप, प्लाजो, जैगिंस टीशर्ट, डिजाइनर वन पीस आदि पंसद बने रहे। वीमेन के साड़ी क्लेक्शन में सिल्क के अलावा शिफॉन पर लाइट वर्क, जॉर्जेट में प्रिंट के साथ बॉर्डर पर रेशम के काम को पसंद किया जा रहा है। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण साउथ से कपड़ों का व्यापार प्रभावित है।

बाजार में रेट- डोरेमानः 20-35 रुपए, छोटा भीमः 20 रुपए, बेन टेनः 25 रुपए, मोटू पतलूः 30 रुपए, बार्बी डॉलः 35 रुपए, डबलू-बबलूः 20 रुपए, म्यूजिकल राखीः 100 रुपए, चांदी (हल्का): 500 रुपए, लट्टू राखीः 150 रुपए, बैटमैन राखीः 150 रुपए, लुंबा राखी: 20 रुपए से लेकर 350 तक, कुंदन धागा: 10 रुपए से लेकर 100 तक, स्टोन वर्क राखीः 50 रुपए से लेकर 150 रुपए, वैक्सीन राखीः 80 रुपए।

माहेश्वरी महिला सभा ने मनाया तीज उत्सव

सावन के गीत व मल्हार गाकर बढ़ायी पेंग

विजेताओं को पुरस्कार देकर किया सम्मानित

माहेश्वरी महिला सभा ने मनाया तीज उत्सव

नजीबाबाद (बिजनौर)। माहेश्वरी महिला सभा की ओर से तीज उत्सव मनाते हुए महिलाओं ने सावन के गीतों व मल्हार गाकर झूले पर पेंग बढ़ायी।

नगर के मोहल्ला बालकराम स्थित माहेश्वरी सभा में माहेश्वरी महिला समिति की अध्यक्ष मधु माहेश्वरी एवं सचिव दीपशिखा माहेश्वरी के नेतृत्व में तीज उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना, शिव स्तुति और गायत्री मंत्र के साथ किया गया। हरियाली तीज उत्सव में समय सीमा पुरस्कार रेशी माहेश्वरी को दिया गया। महिलाओं ने तीज के अवसर पर  मल्हार गाए और सावन के गीतों पर झूले की पेंग बढ़ायी। महिलाओं ने हाऊजी गेम, फन गेम और सरप्राइज गेम का भी आनंद लिया। माहेश्वरी महिला समिति की ओर से विजेता प्रतिभागियों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अर्चना,  माया,  पुष्पा,  स्वाति, लक्ष्मी, राजरानी, आंचल, रेखा, दीपा, निशा, शोभा, गीता आदि मौजूद रहीं।

गोपेश्वर गौशाला में सप्त दिवसीय शिव भागवत महापुराण

सप्त दिवसीय शिव महापुराण का आयोजन

मलिहाबाद,लखनऊ। श्रावण शुक्ल मास के पावन अवसर पर गोपेश्वर गौशाला परिवार में सप्त दिवसीय शिव भागवत महापुराण का आयोजन सोमवार से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुरू हुआ।

गौशाला अध्यक्ष सुनील गुप्ता, शिवानी गुप्ता, उमाकांत गुप्ता, अभिषेक गुप्ता द्वारा व्यास गद्दी और गौपूजन किया।इस अवसर पर अनुसूचित मोर्चे के उपाध्यक्ष विकास किशोर पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविंद शर्मा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के जिला संयोजक पंकज गुप्ता तहसील प्रभारी रुपेश मिश्र ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मीनू वर्मा डॉक्टर संत लाल खंड कारवां काकोरी अभिषेक गो हित चिंतक उपाध्यक्ष शैलेंद्र पांडे व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक निर्मल गुप्ता व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष गुप्ता सहित कई दर्जन लोग उपस्थित रहे।कथा के पहले दिन उपस्थित भक्तजनों को कथा व्यास बालेंद्र गुरु ने शिव महिमा का रसपान करवाया।

आज सुबह 09 बजकर 07 मिनट के बाद करें शिव पूजा

Sawan 2021: आज है सावन का आखिरी सोमवार, जानिए पूजा का महूर्त

Sawan 2021: सावन माह भगवान शिव की पूजा-अर्चना को समर्पित होता है। सोमवार के दिन लोग विशेष रूप से भगवान शिव का व्रत रखते हैं और पूजन करते हैं। इसलिए सावन के सोमवार पर शिव पूजन के लिए महत्व और भी बढ़ जाता है। इस साल 16 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार पड़ रहा है। मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव का पूजन करने और इस दिन व्रत रखने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं।

मुहूर्त और राहुकाल : पंचांग के अनुसार सावन का महीना इस साल 22 अगस्त को समाप्त हो रहा है। सावन का आखिरी सोमवार 16 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन सावन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पड़ रही है। इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा तथा अनुराधा नक्षत्र लग रहा है। सावन के आखिरी सोमवार पर व्रत और पूजन करने से भगवान शिव अवश्य प्रसन्न होते हैं। इस दिन राहुकाल सुबह 07 बजकर 29 मिनट से लेकर 09 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। इस काल में पूजन या कोई भी शुभ कार्य करना अच्छा नहीं माना जाता है।

पूजन की विधि : सावन के सोमवार के दिन भगवान शिव का पूजन प्रातः काल स्नान आदि से निवृत्ति हो कर सबसे पहने शिवलिंग को जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद शंकर जी को उनके प्रिय पदार्थ बेल पत्र, भांग, धतूरा, मदार पुष्प चढ़ाया जाता है। सावन के सोमवार के दिन भगवान शिव का दूध, दही, घी,शहद और गंगा जल से अभिषेक करना चाहिए। इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना विशेष रूप से फलदायी होता है। भगवान शिव का पूजन कर फलाहार व्रत का संकल्प लेना चाहिए। रात्रि में भगवान शिव की आरती तथा उनके दिव्य स्तोत्रों का पाठ कर स्तुति करनी चाहिए।

मोहर्रम पर घर में ताजिया रखने की अनुमति

मोहर्रम को लेकर गृह विभाग की गाइडलान जारी। घर में ताजिया रखने की अनुमति। मजलिस में 50 लोग हो सकेंगे शामिल।

लखनऊ। शासन ने मोहर्रम के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं। घरों में ताजिया रखने तथा किसी भी धार्मिक आयोजन में कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार अधिकतम 50 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति दी गई है। 

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए कंटेनमेंट जोन के बाहर धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के संबंध में 19 जून 2021 को जारी शासनादेश का पालन कराया जाए।इसमें कंटेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों पर धर्मस्थलों के अंदर परिसर के आकार को देखते हुए एक बार में एक स्थान पर अधिकतम 50 लोगों के एकत्र होने की अनुमति इस शर्त के साथ दी गई है कि मास्क, दो गज की दूरी, सैनेटाइजर का उपयोग तथा कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार अन्य सावधानियां बरती जाएंगी। साथ ही प्रवेश द्वार पर कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी। 

अपर मुख्य सचिव गृह ने कहा है कि मोहर्रम के अवसर पर किसी प्रकार का जुलूस या ताजिया निकालने की अनुमति न दी जाए। सार्वजनिक रूप से ताजिया एवं अलम भी स्थापित नहीं किए जाएंगे। ताजिया एवं अलम की स्थापना अपने-अपने घरों में किए जाने पर किसी प्रकार की रोक नहीं होगी। 

उन्होंने किसी भी धार्मिक स्थल पर लोगों की भीड़ न एकत्र होने देने, संवेदनशील एवं कंटेनमेंट जोन में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी दशा में शस्त्रों का प्रदर्शन न होने देने तथा अवैध शस्त्र लेकर चलने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 

उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर : क्यों खुलता है सिर्फ साल में एक दिन

उज्जैन। हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा करने की परंपरा रही है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान का आभूषण भी माना गया है। भारत में नागों के अनेक मंदिर हैं, इन्हीं में से एक मंदिर है उज्जैन स्थित नागचंद्रेश्वर का, जो कि उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। इसकी खास बात यह है कि यह मंदिर साल में सिर्फ एक दिन नागपंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) पर ही दर्शनों के लिए खोला जाता है। ऐसी मान्यता है कि नागराज तक्षक स्वयं मंदिर में रहते हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर में  11वीं शताब्दी की एक अद्भुत प्रतिमा है, इसमें फन फैलाए नाग के आसन पर शिव-पार्वती बैठे हैं। कहते हैं यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। उज्जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है।

पूरी दुनिया में यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसमें विष्णु भगवान की जगह भगवान भोलेनाथ सर्प शय्या पर विराजमान हैं। मंदिर में स्थापित प्राचीन मूर्ति में शिवजी, गणेशजी और मां पार्वती के साथ दशमुखी सर्प शय्या पर विराजित हैं। शिवशंभु के गले और भुजाओं में भुजंग लिपटे हुए हैं।

क्या है पौराणिक मान्यता : 
सर्पराज तक्षक ने शिवशंकर को मनाने के लिए घोर तपस्या की थी। तपस्या से भोलेनाथ प्रसन्न हुए और उन्होंने सर्पों के राजा तक्षक नाग को अमरत्व का वरदान दिया। मान्यता है कि उसके बाद से तक्षक राजा ने प्रभु के सा‍‍‍न्निध्य में ही वास करना शुरू कर दिया। लेकिन महाकाल वन में वास करने से पूर्व उनकी यही मंशा थी कि उनके एकांत में विघ्न ना हो अत: वर्षों से यही प्रथा है कि मात्र नागपंचमी के दिन ही वे दर्शन को उपलब्ध होते हैं। शेष समय उनके सम्मान में परंपरा के अनुसार मंदिर बंद रहता है। इस मंदिर में दर्शन करने के बाद व्यक्ति किसी भी तरह के सर्पदोष से मुक्त हो जाता है, इसलिए नागपंचमी के दिन खुलने वाले इस मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतार लगी रहती है। 

यह मंदिर काफी प्राचीन है। माना जाता है कि परमार राजा भोज ने 1050 ईस्वी के लगभग इस मंदिर का निर्माण करवाया था। इसके बाद सिं‍धिया घराने के महाराज राणोजी सिंधिया ने 1732 में महाकाल मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। उस समय इस मंदिर का भी जीर्णोद्धार हुआ था। सभी की यही मनोकामना रहती है कि नागराज पर विराजे शिवशंभु की उन्हें एक झलक मिल जाए। लगभग दो लाख से ज्यादा भक्त एक ही दिन में नागदेव के दर्शन करते हैं। नागपंचमी पर वर्ष में एक बार होने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए रात 12 बजे मंदिर के पट खुलते हैं और नागपंचमी को रात 12 बजे मंदिर में आरती कर मंदिर के पट पुनः बंद कर दिए जाते हैं।

नागचंद्रेश्वर मंदिर की पूजा और व्यवस्था महानिर्वाणी अखाड़े के संन्यासियों द्वारा की जाती है। नागपंचमी पर्व पर बाबा महाकाल और भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश की व्यवस्था की जाती है। इनकी कतारें भी अलग होती हैं। नागपंचमी को दोपहर 12 बजे कलेक्टर पूजन करते हैं, जो सरकारी पूजा कहलाती है। यह परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है। रात 8 बजे श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति द्वारा पूजन किया जाता है।

सावन मास के आखिरी दिन पड़ेगा रक्षाबंधन का त्योहार

Raksha Bandhan 2021: सावन मास के आखिरी दिन पड़ेगा रक्षाबंधन का त्योहार, जानें कब है लास्ट सोमवारी व्रत

Raksha Bandhan 2021: इस समय सावन महीना चल रहा है. सावन माह में सोमवार के दिन को बेहद खास माना जाता है. इस महीने में पड़ने वाले चार सोमवार में से तीन सोमवार बीत चुके हैं. अब इस माह का आखिरी सोमवार 16 अगस्त को है. मान्यता है कि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है. सावन के महीने का शिव भक्त वर्षभर इंतजार करते हैं. सावन मास 22 अगस्त को समाप्त हो रहा है. इसी दिन पूर्णिमा तिथि में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा.

सावन सोमवार की पूजा

सावन में सोमवार के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार सावन मास भगवान शिव का प्रिय महीना है. वर्तमान में चातुर्मास चल रहा है. चातुर्मास में भगवान विष्णु का शयन काल आरंभ होता है और पृथ्वी लोक की समस्त जिम्मेदारी भगवान शिव को सौंप देते हैं. सावन का महीना चातुर्मास का प्रथम महीना होता है. माना जाता है कि भगवान शिव, पृथ्वी का भ्रमण करते हैं और अपने भक्तों सभी मनोकामनाएं पूरी करते है.

सावन सोमवार का महत्व

सावन मास में पड़ने वाले सभी सोमवार का दिन बेहद खास होता है. सोमवार के व्रत में विधि और अनुशासन का ध्यान रखना चाहिए. तभी व्रत का पूर्ण लाभ प्राप्त होता है.

सावन महीने का महत्व

सावन महीने का विशेष महत्व होता है. इस महीने भगवान शिव की विशेष उपसाना की जाती है. इस मास में शास्त्रों का अध्ययन करना, पवित्र ग्रंथों को सुनना अत्यंत शुभ बताया गया है. धर्मिक कार्यों को करने से सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है. मन और चित्त दोनों शांत रहते हैं. (साभार)

सावन शिवरात्रि पर करें भोले बाबा को प्रसन्न

हिंदू पंचांग अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन लोग व्रत रख भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करते हैं। जब ये शिवरात्रि श्रावण माह में आती है तो इसे सावन शिवरात्रि कहते हैं। कहते हैं कि जो भी व्यक्ति सावन शिवरात्रि का व्रत रखता है, उसके जीवन की सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं। इस दिन रुद्राभिषेक कराने का भी विशेष महत्व माना जाता है।

पूजा विधि, महत्व, मुहूर्त और व्रत कथा

पूजन सामग्री: पुष्प, पंच फल, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, पंच रस, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, धतूरा, भांग, बेर, गाय का कच्चा दूध, धूप, दीप, रुई, ईख का रस, कपूर, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार की सामग्री, मलयागिरी, चंदन आदि।

सावन शिवरात्रि व्रत विधि:
-इस दिन सुबह सूर्य उदय से पहले उठकर स्नान कर लें।
-फिर घर पर या पास के किसी शिव मंदिर में जाकर शिव परिवार की पूजा करें।
-शिवलिंग का रुद्राभिषेक जल, घी, दूध, चीनी, शहद, दही आदि से करें।
-शिवलिंग पर बेलपत्र, इत्र, गंध, भांग, बेर और धतूरा चढ़ाएं। माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
-भगवान शिव की धुप, दीप से पूजा अर्चना करें और उन्हें फल और फूल अर्पित करें।
-शिवरात्रि के दिन शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक का पाठ करना चाहिए।
-इस व्रत में शाम के समय फलहार कर सकते हैं। व्रत रखने वालों को इस दिन अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए।
-अगले दिन भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करके और दान आदि करके उपवास खोलें। 

शिवरात्रि पूजन मुहूर्त: शिवरात्रि पूजन का सबसे उत्तम समय रात का माना गया है। इस बार शिवरात्रि 6 अगस्त को मनाई जाएगी। चतुर्दशी तिथि का प्रारम्भ 06 अगस्त 2021 को 06:28 PM बजे से होगा और इसकी समाप्ति 07 अगस्त 2021 को 07:11 PM बजे पर होगी। शिवरात्रि पर पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।

शिवरात्रि पूजन का शुभ मुहूर्त…
पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त – 12:06 AM से 1:48 AM, अगस्त 07
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – 07:08 PM से 09:48 PM
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – 09:48 PM से 12:27 AM, अगस्त 07
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – 12:27 AM से 03:06 AM, अगस्त 07
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 03:06 AM से 05:46 AM, अगस्त 07
7 अगस्त को व्रत पारण समय – 05:46 AM से 03:47 PM

सामूहिक पूजन से पंडित ललित शर्मा ने की नई विधा की शुरुआत

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। ज्योतिषविद् पण्डित ललित शर्मा के सान्निध्य में गुरु पूर्णिमा के पर्व पर विधि-विधान से पूजा की गई।

वर्धमान कालेज के समीप स्थित एक बैंकेट हॉल में आयोजित विशेष पूजा अर्चना में मुख्य यजमान एसपी सिटी प्रवीन रंजन, अग्निशमन अधिकारी अजय शर्मा एवं विनय राणा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

पण्डित ललित शर्मा ने बताया कि संसार में तीन ही गुरु होते हैं। माता को शिशु का प्रथम गुरु कहा गया है। माता-पिता द्वारा प्रदत्त ज्ञान बच्चे को संसार का ज्ञान कराता है। लेकिन गुरु अपने शिष्य को भवसागर से पार ले जाता है।

इस अवसर पर श्रवण कुमार के माता-पिता को तीर्थ यात्रा वाले झांकी के दृश्य ने सभी को भाव विभोर कर दिया। श्रद्धालुओं के लिये पण्डित ललित शर्मा ने एक नई विधा का शुभारम्भ बिजनौर में किया। उन्होंने महर्षि वेद व्यास, आदि गुरु शंकराचार्य व जगद्गुरु श्री कृष्ण का पूजन भक्तों श्रद्धालुओं से कराया। सभी से सामूहिक रूप से पूजन कराया गया।

इस अवसर पर पत्रकार सूर्यमणि रघुवंशी, अशोक मधुप, डा. टीसी  अग्रवाल, एडवोकेट एसके बबली, श्रीमती मंजू शर्मा, प्रीति, शालिनी सक्सेना, व्यापारी मनोज कुच्छल, रमेश माहेश्वरी, संजीव गुप्ता, पूनम चौधरी, सविता, मनदीप राणा, डा. अक्षत कौशिक आदि लोग उपस्थित रहे।

श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर यज्ञ, भंडारा

विशाल अग्रवाल (एकलव्य बाण समाचार)

गंज बिजनौर। ग्राम निजामत पुरा स्थित ब्रह्मचारी ताराचंद जी महाराज के आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का समापन आषाढ़ माह की पूर्णिमा पर किया गया।

इस अवसर पर विशाल यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन हुआ। मुख्य यजमान कन्हैया लाल अग्रवाल (रंगोली पेंट वाले बिजनौर) तथा उनके परिजनों से हवन में आहुति दिलवाने के पश्चात भंडारे का शुभारंभ किया गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम में पूर्व प्रधान कल्याण सिंह निजामतपुरा गंज, महेश अग्रवाल, अरविंद माहेश्वरी, नवनीत माहेश्वरी, वीरेंद्र कुमार वर्मा एवं अभिषेक अग्रवाल उर्फ हनी आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वहीं खिचड़ी बाबा के आश्रम के अलावा अन्य कई क्षेत्रों में भंडारे का आयोजन किया गया।

दीपक गर्ग मोनू को मिला गुरुओं का आशीर्वाद

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। भाजपा प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मंदिरों में जाकर गुरु्देवों का सम्मान किया गया। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी एवं सभासद दीपक गर्ग मोनू ने अपने साथी पार्टी कार्यकर्ताओं सहित नई बस्ती में शिवमन्दिर में पंडित कौशल शर्मा एवं मंडावर रोड पर जीतमल देवता के गद्दी नशीन मंडलेश्वर जी को शाल ओढ़ाकर व माला पहनाकर स्वागत किया। इसके साथ ही फल, मिष्ठान, एवं वस्त्र वितरण किया। सभी गुरुओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं को अपना आर्शीवाद प्रदान किया।

गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व: दीपक
इस अवसर पर दीपक गर्ग मोनू ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। गुरु ही सही ज्ञान देते हैं और व्यक्ति को सही मार्ग दिखलाते हैं।

श्री मोनू के साथ संजय त्यागी, सभासद एवं पूर्व जिला मीडिया प्रभारी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भूईयार, जिला मंत्री अनुसूचित मोर्चा भाजपा दुष्यंत सिंह, सोनू शर्मा, सौरभ शर्मा, विशाल चौधरी, संदीप शर्मा मंडल उपाध्यक्ष, जानी राजपूत आदि उपस्थित रहे।

नदियों में प्रदूषण रोकने को धरना प्रदर्शन करेगा “गंगा समग्र”

बिजनौर। मां गंगा की स्वच्छता, निर्मलता, अविरलता के लिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन “गंगा समग्र” की ओर से शीशमहाल गंगा बैराज तट पर विचार गोष्ठी के साथ छायादार व औषधीय पौधों का रोपण किया गया।

इसके अतिरिक्त नदियों में फैक्ट्रियों के दूषित पानी को प्रवाहित होने से रोकने के लिए 18 अगस्त 2021 को संबद्ध जिलाधिकारियों को ज्ञापन देने व कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद सायंकाल को गंगा माता की भव्य आरती की गयी।

मेरठ प्रान्त के तीन जनपदीय कार्यक्रम में बिजनौर, मवाना (मेरठ) व लक्ष्मी नगर (मुजफ्फरनगर) जनपदों की जिला कार्यकारिणीयों द्वारा सर्वप्रथम विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर “गंगा समग्र” के राष्ट्रीय संगठन मन्त्री रामाशीष ने 15 आयामों के विस्तार हेतु ग्राम समिति व नगर समितियों का गठन करने, सहायक नदियों, नालों एवं तालाबों के जीर्णोद्धार, गंगा किनारे वृक्षारोपण एवं प्राकृतिक कृषि करने पर विस्तार से अपने विचार रखे। बैठक में जनपद मुजफ़रनगर की काली नदी और जनपद बिजनौर की मालन नदी एवं छोईया नदी में कुछ फैक्ट्रियों द्वारा छोड़े जाने वाले दूषित पानी को बन्द कराने हेतु संबंधित जिलाधिकारियों को ज्ञापन देने और दिनांक 18 अगस्त को कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करने पर निर्णय लिया गया। इसके बाद वृक्षारोपण कार्यक्रम में छायादार व औषधीय पौधों का पौधरोपण किया गया एवं सायंकाल को गंगा माता की भव्य आरती की गयी।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष, मेरठ प्रान्त संयोजक महेशपाल, प्रान्त सहसंयोजक पवन कुमार चौहान, प्रान्त कार्यकारिणी सदस्य प्राकृतिक कृषि आयाम प्रमुख समरपाल सिंह, वृक्षारोपण आयाम प्रमुख सुभाष कुमार,गंगा ग्राम आयाम प्रमुख हरेन्द्र कुमार, लक्ष्मीनगर जिला संयोजक रामकुमार, सहसंयोजक रकमपाल, मवाना जिला संयोजक अनंगपाल, बिजनौर जिला संयोजक ओमप्रकाश, सहसंयोजक छदम्मी सिंह एवं बिजनौर जिला कार्यकारिणी सदस्य ब्रह्मापाल, विजयपाल, चमन सिंह, रानू सिंह एवं कुलवीर सिंह ने प्रतिभाग किया।

रामडोल शोभायात्रा समिति की बैठक में जिम्मेदारियां बांटीं

रामडोल शोभायात्रा समिति की बैठक में जिम्मेदारियां बांटीं

बिजनौर। नूरपुर थाना रोड स्थित प्राचीन शिव मन्दिर में रामडोल शोभायात्रा समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मन्दिर परिसर में हवन यज्ञ हुआ। इस अवसर पर भगवान से इस वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण समाप्त होने औऱ वातावरण में शुद्धिकरण की प्रार्थना की गई। सभी ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव के त्योहार पर नवमी तिथि पर श्री रामडोल शोभायात्रा की योजना रचना के लिए रूपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया। जन्माष्टमी शोभायात्रा के लिए नगर नूरपुर की संभ्रान्तजनों, संरक्षक मंडल व अन्य सदस्यगणों की बैठक 23 जुलाई को दिन देर शाम 7.30 बजे, प्राचीन शिव मन्दिर, थाना रोड नूरपुर में करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में राजीव अग्रवाल, स. रवेन्द्र सिंह, अभय शर्मा, विवेक अरोड़ा, कृष्ण कुमार शर्मा, संजय सैनी, अरूण अरोड़ा, दीपक वर्मा, विशेष राणा, कपिल चौधरी, रविन्द्र भंडारी, स. गुरनाम सिंह, लोकेश कुमार, नवीन कुमार, आदि मौजूद रहे।
—–

सादगी से मनाया ईद उल अजहा का त्योहार

सादगी से मनाया ईद उल अजहा का त्योहार
शहर काजी ने पांच लोगों को पढ़ाई नमाज

बिजनौर। राजा का ताजपुर में पोटा रोड ईदगाह पर मुस्लिम समाज ने ईद उल अजहा का त्योहार बड़ी ही सादगी के साथ मनाया। ईद उल अजहा की नमाज ईदगाह में प्रात: सात बजे सिर्फ पांच लोगों ने अदा की।
ईदगाह पर शहर काजी मुफ्ती नसीम अहमद साहब ने नमाज पढ़ाई। मुफ्ती नसीम अहमद ने खिताब फरमाते हुए कहा कि इस वक्त हमारा देश बड़े ही नाजुक दौर से गुजर रहा है। देश के अंदर कोरोना वायरस बीमारी से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। इस बीमारी से सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। इससे बचने के लिए हम सबको एक दूसरे से दूरी बनाकर रहना है क्योंकि अभी यह बीमारी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। उन्होंने ईदुल अजहा के त्योहार पर मुसलमानों से अपील की है कि यह भाईचारा और इंसानियत का त्योहार है। यह त्योहार पूरी दुनिया के लोग हजरत इब्राहिम अली सलाम की याद में मनाते हैं। इस त्योहार को कुर्बानी के नाम से याद किया जाता है। हम सब इस त्योहार पर दूसरे धर्मों के लोगों का मान सम्मान करें। इस्लाम एक ऐसा मजहब है जो किसी भी धर्म के लोगों को तकलीफ देना नहीं सिखाता। इस्लाम मजहब तो सिर्फ और सिर्फ इंसानियत और भाईचारे का पैगाम देता है। इसलिए हम सबको हर त्योहार को बहुत सादगी और भाईचारे के साथ में मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस त्योहार पर गरीब बेसहारों का जरूरतमंद लोगों का पूरा ख्याल रखें ताकि कोई गरीब भूखा प्यासा ना रह जाए। हम सब अपने आसपास इस बात का पूरा ध्यान रखें कहां कुर्बानी हुई है, कहां नहीं हुई। जिन लोगों के यहां पर कुर्बानी नहीं हुई है, उन लोगों का जरूर ध्यान रखें, उनकी जरूरत को पूरा करें ताकि वह भी ईद की खुशी में शामिल हो सकें। 

इस मौके पर सभी मुसलमानों ने एक दूसरों को ईद उल अजहा की मुबारकबाद दी। वहीं शहर काजी मुफ्ती नसीम ने पूरे मुल्क की सलामती के लिए रो रो कर दुआ कराई। इस दौरान ईदगाह पर चौकी प्रभारी शिशुपाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। इस मौके पर ईदगाह कमेटी के उस्मान अंसारी, डॉक्टर अनीस अहमद अंसारी, जाहिद मलिक, जहीर मकरानी, नूर इस्लाम मुजाहिद फारूकी आदि मौजूद थे।

ईद उल अज़हा के मौक़े पर इस्लामिक सेन्टर ऑफ इंडिया ने जारी की एडवायज़री

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)

इस्लामिक सेन्टर ऑफ इंडिया ने जारी की एडवायज़री

ईद उल अज़हा के मौक़े पर जारी हुई एडवायज़री

मौलाना ख़ालिद रशीद फरंगी महली ने जारी की एडवायज़री

गाइड लाइन के तहत सिर्फ 50 लोग मस्जिद में नमाज़ अदा करें-फरंगी महली

मास्क सोशल डिस्टेंस का ख़ास ख़्याल रखा जाय-फरंगी महली

किसी से हाथ न मिलाएं न गले मिले-फरंगी महली

उन्ही जानवरों की क़ुर्बानी करें, जिस पर क़ानूनी बंदिश नहीं-फरंगी महली

सड़क किनारे गली और और पब्लिक स्थान पर क़ुर्बानी न करें-फरंगी महली

गोश्त का तीसरा हिस्सा गरीबों में तक़सीम करें-फरंगी महली

क़ुर्बानी की फ़ोटो वीडीयो सोशल मीडिया पर न डालें-फरंगी महली

नमाज़ के बाद कोविड के ख़ात्मे की करें दुआ-फरंगी महली

snewsdaily24@gmail.com

कांवड मेले पर प्रतिबंध से कांवड़ बनाने वालों में रोष

कांवड़ यात्रा का फाइल फोटो


बिजनौर/हरिद्वार (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तराखंड सरकार के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस कारण न सिर्फ़ हरिद्वार के व्यापारियों में आक्रोश है बल्कि उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर अंतर्गत नजीबाबाद थाना क्षेत्र में कांवड़ बनाने वाले लोगों में भी रोष व्याप्त है।

कांवड़ यात्रा का फाइल फोटो

कांवड़ बनाने के कार्य से जुड़े लोगों का कहना है कि कोरोना के चलते हमारे रोजगार बर्बादी के कगार पर खड़े हैं। हम लोग परेशान और बेरोजगार हो रहे हैं। हमारी ओर देखने वाला कोई नहीं है। हम ऐसी मुसीबत में अपने परिवार का लालन पालन कैसे करें। जीवन बहुत दूभर होने लगा है। गौरतलब है कि हरिद्वार क्षेत्र में भी अनेक व्यापारियों में कावड़ यात्रा को प्रतिबंधित करने के कारण रोष व्याप्त है। एक दिन पहले ही व्यापारियों ने प्रदर्शन करते हुए कहा था कि हमें जहर दे दो।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की बॉर्डर मीटिंग

विदित हो कि उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा कांवड मेला वर्ष 2021 प्रतिबन्धित किये जाने पर एसएसपी हरिद्वार के दिशा-निर्देशन में 16.07.21 को थाना श्यामपुर क्षेत्रान्तर्गत एक बॉर्डर पुलिस मीटिंग आयोजित की गई थी। मीटिंग में उत्तराखंड से सीओ श्यामपुर, एसओ श्यामपुर, चौकी इंचार्ज चंडीघाट, चौकी इंचार्ज लालढांग, नायब तहसीलदार हरिद्वार व उत्तर प्रदेश से सीओ नजीबाबाद, एसओ मंडावली, एसडीएम नजीबाबाद परमानंद झा एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग कर “कांवड़ मेला 2021 प्रतिबंधित” को लेकर विचार विमर्श करते हुए उच्चाधिकारीगण के आदेशों निर्देशों को साझा किया गया तथा यह भी तय किया गया कि अपने अपने क्षेत्र में इस हेतु भरपूर प्रचार एवं प्रसार करते हुए अन्य सभी राज्यों में भी लोगों को जागरूक करें ताकि प्रतिबंध को देखते हुए कोई भी कांवड़िया उत्तराखंड में न आ सके तथा अनावश्यक रूप से परेशान न हो। इसके अतिरिक्त अपराध की दृष्टि से भी इस मीटिंग में वार्ता हुई, जिसमें किसी भी प्रकार के अपराध से संबंधित घटना में जनपदों में आपसी समन्वय करते हुए एक दूसरे की मदद की जा सके तथा उक्त वार्ता में महत्वपूर्ण मोबाइल नंबर भी साझा किए गए।

UP में भी कांवड़ यात्रा स्थगित

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरे लहर को देखते हुए कावंड़ यात्रा को रद्द करने का निर्णय लिया है। शनिवार को राज्य सरकार इसकी पुष्टि की। इस संबंध में प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कांवड़ संघ से बातचीत के निर्देश दिए थे। सीएम के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी और डीजीपी मुकुल गोयल कांवड़ संघों से बातचीत कर रहे थे। बातचीत में कोरोना संक्रमण और इसकी संभावित तीसरी लहर पर चर्चा की गई, जिसके बाद इस साल कांवड़ यात्रा रद्द करने का फैसला लिया है।

इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था। एक दिन पहले बार्डर मीटिंग में आगामी कांवड़ मेला को लेकर विचार विमर्श किया गया था। यह सुनिश्चित किया गया कि उत्तराखंड में कांवड़ मेला पूर्णतया प्रतिबंधित होने के कारण प्रतिबंध का भरपूर प्रचार एवं प्रसार किया जाए ताकि कोई भी कांवड़िया उत्तराखंड में न आ सके। किसी भी राज्य से पहुंचने वाले कांवड़ियों को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा पैरा मिलेट्री फोर्स की तैनाती की जा रही थी।

एकलव्य बाण समाचार

राधे-राधे के जयकारों से वातावरण हुआ गुंजायमान

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। नजीबाबाद नगर के टीला मंदिर परिसर स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में भव्य आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर काफी संख्या मेें श्रद्धालु उपस्थित हुए। राधे-राधे के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

वृंदावन स्थित इस्कान मंदिर से पदयात्रा कर नजीबाबाद पहुंचे भक्तों के समूह ने नजीबाबाद नगर के श्री जगन्नाथ मंदिर में संकीर्तन व आरती की। मंदिर में विराजमान भगवान श्री जगन्नाथ, देवी सुभद्रा तथा बलभद्र जी की लकड़ी की प्रतिमाओं के समक्ष आरती के साथ ही वृंदावन से पदयात्रा कर आए भक्तों के साथ चल रहे बैलों के रथ पर विराजमान श्री कृष्ण व राधारानी की प्रतिमाओं की भी वाद्ययंत्रों के साथ आरती की गई। नगर के भी श्रद्धालु काफी संख्या में संकीर्तन व आरती में सम्मलित रहे। वृंदावन से आए भक्तों के समूह में शामिल ऋतुदीप गौराचंद दास प्रभु के नेतृत्व में कृष्णानंद प्रभु, सीताचरन प्रभु, उपाचंद प्रभु, नकुल दास प्रभु, केशव वर्धन प्रभु, नारायण दास प्रभु, अमित प्रभु, मनोज प्रभु व जोगेश्वर प्रभु ने वाद्ययंत्रों के साथ सुंदर भजनों व राधे- राधे ध्वनि संकीर्तन किया। श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में उनके ठहरने व धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में संजीव अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, कमलबंधु, निखिल कालरा, सुनील राजपूत, कृष्ण अवतार वर्मा, पंकज अग्रवाल, दीपक कर्णवाल, जगदीश सिंह, अमित वर्मा आदि का योगदान रहा।

एकलव्य बाण समाचार

कांवड़ यात्रा प्रतिबंध: नाराज व्यापारी बोले, हमें जहर दे दो!

हरिद्वार (एकलव्य बाण समाचार)। कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है।

कांवड़ यात्रा रद्द होने से धर्मनगरी हरिद्वार के व्यापारियों में रोष है और व्यापारी लगातार धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं। हरिद्वार में अपर रोड पर आक्रोशित युवा व्यापारियों ने “व्यापारियों को जहर दे दो, हम जीना नहीं चाहते” जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां हाथ में लेकर उग्र प्रदर्शन किया।

एकलव्य बाण समाचार

मनुष्य होना मेरा भाग्य है किंतु ब्राह्मण होना मेरा सौभाग्य: शीलू

ब्राह्मण समाज की बैठक राजाजीपुरम ई ब्लॉक में शैलेश बाजपेई ‘शीलू’ की अध्यक्षता में सम्पन्न

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। ब्राह्मण समाज की बैठक राजाजीपुरम ई ब्लॉक में शैलेश बाजपेई ‘शीलू’ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए शैलेश बाजपेई ‘शीलू’ ने कहा कि मनुष्य होना मेरा भाग्य है किंतु ब्राह्मण होना मेरा सौभाग्य है। अपने संस्कारों के प्रति सदैव सजग बने रहें। सभी ब्राह्मण उत्थान के लिए आगे आएं व सेवाभाव के साथ हर ब्राह्मण की मदद करें । 

बैठक में प्रमुख रूप से गंगा प्रसाद शुक्ला, अनिल त्रिपाठी, बीएन मिश्रा, आशीष रतन द्विवेदी, अजय त्रिपाठी भोले, संजय कुमार मिश्रा, शोभित पांडेय, कृपा निधान पांडेय, श्याम नारायण मिश्र, मनोज बाजपेई, आशीष राज मिश्रा, नागेंद्र मोहन त्रिपाठी, सुधीर मिश्रा, शिव त्रिपाठी, पूनम बाजपेई, प्रीति बाजपेई, दीपा पांडेय, उषा बाजपेई, अखिल त्रिपाठी, मयंक त्रिवेदी, प्रमोद कुमार दुबे, नीरज मिश्रा, पंकज मिश्रा, उमाशंकर पाठक, वीएन मिश्रा, अनिल दुबे, सुधीर अवस्थी, मुकुल दीक्षित राज, अमित मिश्रा, सिद्ध नाथ दुबे, बृज किशोर द्विवेदी, शिवकांतगुवरेले, आलोक कुमार दीक्षित एडवोकेट, किरण लता दीक्षित, अर्चना बाजपेई आदि प्रमुख रूप से उपस्थित हुए।

एकलव्य बाण समाचार

कांवड़ियों को रोकने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने बनाई रणनीति

पुलिस लाइन रोशनाबाद के सभागार में एसएसपी ने कांवड मेला वर्ष 2021 स्थगित किये जाने के सम्बन्ध में पुलिस अधिकारियों के साथ की बैठक।

हरिद्वार (एकलव्य बाण समाचार)। कांवड मेला वर्ष 2021 स्थगित किये जाने के सम्बन्ध में एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने जनपद के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

पुलिस लाइन्स रोशनाबाद हरिद्वार स्थित सभागार में एसएसपी हरिद्वार की अध्यक्षता में राज्य सरकार द्वारा कांवड मेला 2021 स्थगित किये जाने के आदेश निर्गत किए जाने के उपरान्त हरिद्वार पुलिस की बार्डर पर आने वाले कांवडियों को रोकने की रणनीति के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की गयी।

हरिद्वार पुलिस के सभी अधिकारियों की मौजूदगी में एसएसपी ने सभी क्षेत्राधिकारी, कोतवाली प्रभारी एवं थानाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण (तीसरी लहर) से आम जनता की जान की सुरक्षा के दृष्टिगत उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कांवड मेला 2021 स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। कांवड मेला में देश के कोने कोने से शिव भक्तों का हरिद्वार आवागमन रहता है।

सरकार के निर्णय के पालन हेतु प्रशासन से समन्वय स्थापित कर समस्त आवश्यक तैयारियां कर बार्डर पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल नियुक्त करेंगे तथा शासन द्वारा निर्गत आदेशों के अनुरुप कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगें।

साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से उक्त स्थगन आदेश के सम्बन्ध में व्यापक प्रचार प्रसार करें। एसपी क्राइम, एसपी ग्रामीण व एसपी सिटी को निर्देशित किया कि वह समय से उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों से बार्डर मीटिंग आयोजित करते हुए सूचनाओं का आदान-प्रदान करें।

कोविड नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीज करने की कार्यवाही के लिये पार्किंग स्थलों का समय से चयन करते हुए आवश्यक कार्यवाही कर उक्त स्थलों पर पहले से ही पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल नियुक्त किया जाए। साथ ही बार्डर प्वाइंट्स पर अनुभवी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियुक्त किया जाए।

एकलव्य बाण समाचार

कांवड़ यात्रा में कराया जाएगा गाइड लाइन का पालन: डीआईजी


गाइड लाइन का पालन करते हुए होगी कांवड़ यात्रा
डीआईजी ने नजीबाबाद पहुंच कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश


बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। पुलिस उप महानिरीक्षक शलभ माथुर ने कांवड़ यात्रा एवं ईद-उल-अजहा को लेकर क्षेत्र का दौरा करने के दौरान अधीनस्थों को कोविड संक्रमण सम्बन्धी गाइड लाइन का पालन कराते हुए कांवड़ यात्रा को सम्पन्न कराने के निर्देश दिए।
बुधवार को पुलिस उप महानिरीक्षक शलभ माथुर नजीबाबाद पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पर नजीबाबाद-हरिद्वार के बीच तथा वाया जटपुरा बौंडा भागूलावा मार्ग के तिराहे पर स्थित मोटा महादेव मंदिर पर पहुंचकर सिद्धपीठ पर स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह व उपजिलाधिकारी परमानन्द झा की उपस्थिति में उन्होंने मंडावली थाना प्रभारी हिमांशु चौहान से कांवड़ मार्ग व कांवड़ यात्रा के सम्बन्ध में तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान आनें वाले कावंडिय़ों की सुरक्षा एवं सुविधा का ख्याल रखा जाए।