बिजनौर को मिलीं 15 स्टाफ नर्स

सीएमओ आफिस में 15 स्टाफ नर्स को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

बिजनौर। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित जिले की 15 स्टाफ नर्स को सीएमओ आफिस में नियुक्ति पत्र वितरित किए गये। यह पत्र एमएलए सदर बिजनौर शुचि चौधरी, नगर अध्यक्ष भाजपा राजीव गुप्ता व सीएमओ डा. विजय कुमार गोयल ने दिए।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक फारुख अजीज ने कहा कि लोक सेवा आयोग से चयनित होने के बाद जिले को 15 स्टाफ नर्स मिल गयी हैं। सीएमओ कार्यालय में आकर इनमें से डोली, शालिनी यादव, नेहा, शबनम, रूबी, रश्मि, आकांक्षा, संध्या, मनीशा पाल, दीपा स्टाफ नर्स ने नियुक्ति पत्र ले लिया है। अब ये जल्द ही जिले को अपनी सेवाएं देंगी। इस अवसर पर डा. शैलेश जैन, डा पीआर नायर, डा बीएस रावत, डीसीपीएम पूनम रानी, रोहित बाबू, जिला परिवार नियोजन प्रबंधक रहमत अली आदि‌‌ मौजूद रहे।

चांद का दीदार कर महिलाओं ने पति के हाथ से पानी पीकर खोला व्रत

चांद का दीदार कर महिलाओं ने पति के हाथ से पानी पीकर खोला व्रत

बिजनौर। करवाचौथ का पर्व गुरुवार को श्रृद्घा व उल्लास के बीच मनाया गया। पूरे दिन सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा और देर शाम चांद निकलने पर पूजा अर्चना की। सुहागिनों ने चांद का दीदार कर पति की लंबी उम्र की कामना की। इसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर महिलाओं ने अपना व्रत तोड़ा।

करवा चौथ का त्योहार गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। इस त्योहार को लेकर सुहागिनों में जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा था। इसको लेकर पिछले कई दिनों से महिलाएं तैयारी कर रही थीं। सुबह को सरगी खाने के बाद सुहागिन महिलाओं ने पति के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। नए परिधान में 16 श्रृंगार कर महिलाओं ने चांद निकलते ही भगवान शिव, पार्वती व कार्तिकेय जी की विधि विधान से पूजा की। इसके बाद चांद का दीदार कर पति के दीर्घायु की कामना की। अधिकांश महिलाओं ने समूह के साथ मंदिरों में पहुंच एक साथ पूजा अर्चना की। शहर के कई मंदिरों में देर शाम तक पूजा अर्चना होती रही। चांद निकलने के बाद कई स्थानों पर आतिशबाजी भी हुई। ज्योतिषाचार्यो के अनुसार सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत विशेष फलदायी है। करवा चौथ सौभाग्य और आरोग्य की दृष्टि से मंगलकारी होता है।

मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत 101 कन्याओं का पूजन

मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत 101 कन्याओं का पूजन।क्षेत्राधिकारी धामपुर श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ द्वारा किया गया पूजन। धामपुर क्षेत्र के ग्राम हकीमपुर शकरगंज के कंपोजिट विद्यालय में हुआ आयोजन।

धामपुर। क्षेत्राधिकारी श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ द्वारा मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत 101 कन्याओं का पूजन कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। क्षेत्राधिकारी धामपुर श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ द्वारा उ0प्र0 सरकार द्वारा नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलम्बन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “मिशन शक्ति” कार्यक्रम के अंतर्गत व शारदीय नवरात्रि के अष्टमी के अवसर पर थाना धामपुर क्षेत्र के ग्राम हकीमपुर शकरगंज के कंपोजिट विद्यालय में 101 कन्याओं का पूजन किया गया।

साथ ही छात्राओं को बताया कि वह भारत के भविष्य निर्माण में एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसी के साथ उनके जीवन को रंगों से सजाने की प्रेरणा के दृष्टिगत कलर पैकेट व मिष्ठान वितरण कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। इसके अलावा उ0प्र0 सरकार द्वारा जारी हेल्पलाईन नम्बर 112, 1090, 181, 1076 के बारे में जानकारी दी गई तथा उनके अधिकारों के बारे में जागरुक किया गया। उनको यह भी एहसास दिलाया कि उ0प्र0 सरकार व उ0प्र0 पुलिस सदैव छात्राओं व महिलाओं के साथ है।

महिला सुरक्षा बिजनौर पुलिस के लिए सर्वोपरि: एसपी दिनेश सिंह

मिशन शक्ति की सफलता को लेकर पुलिस विभाग तत्पर: एसपी दिनेश सिंहएसपी सिटी प्रवीण रंजन सिंह ने भी सभी महिला पुलिस कर्मचारियों व थानाध्यक्षों को दिए टिप्स।

बिजनौर। मिशन शक्ति कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पुलिस लाइन सभागार में विशेष आयोजन किया गया। इसमें जिले भर की महिला पुलिसकर्मियों व महिला थानाध्यक्षों ने भाग लिया। इस दौरान सभी महिलाओं को सुरक्षा और समय से इंसाफ दिलाने के लिए प्रदेश सरकार की मंशानुरूप सभी थानों में हो रहे कार्य के संबंध में जानकारी हासिल की गई।

मिशन शक्ति कार्यक्रम को लेकर एसपी दिनेश सिंह ने सभी मिशन शक्ति महिला पुलिसकर्मी से कार्यक्रम के बारे में जाना। साथ ही सभी थानों में महिला पुलिस कर्मियों द्वारा महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था व कानून व्यवस्था को देखते हुए मिशन कार्यक्रम चलाने से संबंधित बातचीत की गई।

सभी मिशन शक्ति कर्मियों को महिला थानाध्यक्ष द्वारा जागरूक करने का भी काम किया गया। एसपी सिटी प्रवीण रंजन सिंह ने भी इसे उत्तर प्रदेश सरकार का प्राथमिक मिशन बताते हुए सभी महिला पुलिस कर्मचारियों व महिला थानाध्यक्षों को टिप्स दिए। किसी भी महिला को जल्द से जल्द कैसे न्याय मिले इसके लिए सभी इस कार्यक्रम से जुड़े, पुलिसकर्मी महिलाओं को टिप्स दिए गए। एसपी ने बताया कि मिशन शक्ति कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए बिजनौर जिले की पुलिस तत्पर है। इस मिशन की प्रमुखता को देखते हुए जो भी कमियां हैं, उसको सुधारने के लिए गोष्ठी का आयोजन किया गया।

मां होती है बच्चे की प्रथम गुरु

बच्चे की प्रथम गुरु होती है मां। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस पर मनाया गया शिक्षक दिवस।

बिजनौर। स्योहारा क्षेत्र में सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस पर शिक्षक दिवस मनाया गया। विद्यालयों में अध्यापकों द्वारा छात्र-छात्राओं को शिक्षक दिवस का महत्व समझाया गया। सीटीएस स्कूल के प्रबंधक सोमपाल सिंह ने कहा कि मां से बड़ा कोई गुरु नहीं। बच्चा अपने जन्म के बाद जब बोलना सीखता है, तो सबसे पहले जो शब्द वह बोलता है वह होता है ‘माँ’। स्त्री माँ के रूप में बच्चे की प्रथम गुरु है। बच्चे के मुख से निकला हुआ यह एक शब्द मात्र शब्द नहीं, उस माता द्वारा नौ महीने बच्चे को अपनी कोख में पालने व उसके बाद होने वाली प्रसव पीड़ा का पर्याय है। बच्चे अगर शब्द हैं, तो मां भाषा, मां; बच्चों को बोलना, चलना और खाना सिखाती है, मां सबसे बड़ी गुरू है। मां से बढकर कोई नहीं, माता को जो अनुभव होता है, वही बालक के जीवन पर प्रभाव डालता है। माता से ही वह संस्कार ग्रहण करता है। माता के उच्चारण व उसकी भाषा से ही वह भाषा-ज्ञान प्राप्त करता है। यही भाषा-ज्ञान उसके संपूर्ण जीवन का आधार होता है। इसी नींव पर बालक की शिक्षा-दीक्षा तथा संपूर्ण जीवन की योग्यता व ज्ञान का महल खड़ा होता है। शिक्षक दिवस के दिन विराट तोमर ने अपनी माता को प्रथम गुरु मानते हुए उनका आशीर्वाद लिया।

लीना सिंघल बनीं वैश्य समाज उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष

लखनऊ। वैश्य समाज महिला उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती लीना सिंघल की पदोन्नति की गईं है। उन्हें अब वैश्य समाज उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश अध्यक्ष अजय केसरी ने संस्था के संरक्षक; उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता की सहमति से उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। गौरतलब है कि श्रीमती लीना सिंघल भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्रियों में शुमार हैं। जनपद बिजनौर के धामपुर के बाद फिलहाल कई वर्ष से वह नजीबाबाद क्षेत्र में सक्रिय हैं। वैश्य समाज की नेत्री होने के नाते वह यूपी ही नहीं अन्य प्रदेशों में भी पार्टी संगठन की विजय पताका फहराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहीं। धामपुर नगर पालिका परिषद की पूर्व चेयरपर्सन श्रीमती लीना सिंघल को प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत करने पर आमजन, राजनेताओं के साथ ही newsdaily24.news.com ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

देश की पहली महिला डॉक्टर व विधायक का जन्मदिन आज

डॉक्टर मुत्तुलक्ष्मी रेड्डी (30 जुलाई 1886 — 22 जुलाई, 1968) भारत की पहली महिला विधायक थीं। वे ही लड़कों के स्कूल में प्रवेश लेने वालीं देश की पहली महिला थीं। इसके आलावा मुत्तुलक्ष्मी ही देश पहली महिला डॉक्टर (मेडिकल ग्रेजुएट) भी थीं। मुत्तुलक्ष्मी जीवन भर महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़तीं रहीं और देश की आज़ादी की लड़ाई में भी उन्होंने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया।

30 जुलाई 1886 में तमिलनाडु (तब मद्रास) में जन्मीं मुत्तुलक्ष्मी को भी बचपन से ही पढ़ने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनके पिता एस नारायणस्वामी चेन्नई के महाराजा कॉलेज के प्रधानाचार्य थे। उनकी मां चंद्रामाई ने समाज के तानों के बावजूद उन्हें पढ़ने के लिए भेजा। उन्होंने भी मां-बाप को निराश नहीं किया और देश की पहली महिला डॉक्टर बनीं।

अपनी मेडिकल ट्रेनिंग के दौरान की एक बार मुत्तुलक्ष्मी को कांग्रेस नेता और स्वतन्त्रता सेनानी सरोजिनी नायडू से मिलने का मौका मिला। तभी से उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और देश की आजादी के लिए लड़ने की कसम खा ली। यहां तक कि उन्हें इंग्लैंडजाकर आगे पढ़ने का मौका भी मिला लेकिन उन्होंने इसे छोड़कर विमेंस इंडियन असोसिएशन के लिए काम करना ज्यादा जरूरी समझा। मुत्तु को सन् 1927 में मद्रास लेजिस्लेटिव काउंसिल से देश की पहली महिला विधायक बनने का गौरव भी हासिल हुआ। उन्हें समाज और महिलाओं के लिए किए गए अपने काम के लिए काउन्सिल में जगह दी गई थी। 1956 में उन्हें समाज के लिए किये गए अपने कार्यों के लिए पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

विधायक के रूप में काम करते हुए उन्होंने लड़कियों की कम आयु में शादी रोकने के लिए नियम बनाए और अनैतिक तस्करी नियंत्रण अधिनियम को पास करने के लिए परिषद से आग्रह किया। सन् 1954 ई. में उन्होंने ‘अद्यार कैंसर इंस्टिट्यूट’ (Adyar Cancer Institute) की नींव रखी थी, जहां आज सालाना करीब 80 हजार कैंसर के मरीजों का इलाज होता है। 

एसीसीए यूनाइटेड किंगडम की परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रिया सिंह ने बढ़ाया बिजनौर का मान

बिजनौर। कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम शादीपुर निवासी प्रिया सिंह ने एसीसीए यूनाइटेड किंगडम की परीक्षा उत्तीर्ण की है। प्रिया सिंह की उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष व्याप्त है।

ग्राम शादीपुर निवासी इंजीनियर युवराज सिंह की पत्नी प्रिया सिंह ने सन 2017 में चार्टर्ड अकाउंटेंट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद वह एसीसीए यूनाइटेड किंगडम की परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। प्रिया सिंह ने बताया कि ऑनलाइन संपन्न हुई इस परीक्षा को देश भर के चुनिंदा सीए ही उत्तीर्ण कर पाए हैं। यह परीक्षा चार्टर्ड अकाउंटेंट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद दी जाती है। प्रिया सिंह की उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष व्याप्त है। वह जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन  स्वर्गीय राजेंद्र पाल सिंह की पुत्रवधू हैं। प्रिया सिंह के परीक्षा उत्तीर्ण करने की खबर सुनते ही क्षेत्र वासियों एवं ग्रामवासियों का उनके निवास शादीपुर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।

पैतृक गांव में भी हर्ष का माहौल-  प्रिया सिंह के पैतृक गांव नारायणपुर में उनके पिता बिजेंद्र सिंह को भी उनकी पुत्री की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों ने बधाई दी। प्रिया सिंह की इस उपलब्धि पर बिजनौर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. बीरबल सिंह ने भी उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस उपलब्धि पर वीरबाला देवी पत्नी स्व. राजेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि प्रिया; हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने घर पर बधाई देने आए सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए मिठाई वितरित की।

गौरतलब है कि1904 में स्थापित, चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट एसोसिएशन (ACCA) एक वैश्विक पेशेवर लेखा निकाय है। एसीसीए का मुख्यालय लंदन में है और मुख्य प्रशासनिक कार्यालय ग्लास्गो में है। एसीसीए 52 देशों में 104 से अधिक कार्यालयों और केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से काम करता है – 323 स्वीकृत लर्निंग पार्टनर्स (एएलपी) और दुनिया भर में 7,300 से अधिक स्वीकृत नियोक्ता हैं।

सौजन्य से- प्रशांत कुमार

जनपद बिजनौर में समाचार, विज्ञापन एवं एजेंसी के लिए संपर्क करें, ब्यूरो चीफ सतेंद्र सिंह 8433047794

निडरता से करें समस्याओं का सामना, शासन प्रशासन महिलाओं के साथ- अवनी सिंह

राज्य महिला आयोग सदस्या की अध्यक्षता में मिशन शक्ति अभियान अन्तर्गत आयोजित हुआ महिला जनसुनवाई कार्यक्रम

महिलाएं हर समस्या का मुकाबला निडरता से करें, सरकार व प्रशासन उनके साथ खड़ा है- राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह

राज्य महिला आयोग सदस्या ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के 04 लाभार्थियों को वितरीत किये लैपटॉप

राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए जारी किया मोबाईल नम्बर-सदस्या श्रीमती अवनी सिंह

बिजनौर। राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मिशन शक्ति अभियान अन्तर्गत महिलाओं की समस्याओं के निराकरण के लिए विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रीमती अवनी सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानित एवं स्वावलम्बी बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है ताकि वह सशक्त व स्वावलम्बी होकर अपना आर्थिक व सामाजिक उत्थान कर सकें। इस अवसर पर 36 शिकायती व प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। सदस्या ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के 04 लाभार्थियों को लैपटॉप भी वितरीत किये।

राज्य महिला आयोग सदस्या श्रीमती अवनी सिंह ने कहा कि महिलाएं हर समस्या का मुकाबला निडरता से करें। सरकार व प्रशासन उनके साथ खडा है। उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर गुणवत्तापरक ढंग से करें। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपना योगदान दे कर देश एवं समाज की सेवा कर रही हैं और अपने आत्म विश्वास एवं मेहनत से अपना उत्कृष्ट स्थान बना रही हैं।

श्रीमती अवनी सिंह ने बताया कि महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए आयोग ने मो0 नम्बर जारी किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं राज्य महिला आयोग के मो0 नम्बर 6306511708 पर अपनी शिकायतें भेज सकती हैं, जिनका निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक उत्थान तथा उनको स्वावलम्बी व सशक्त बनाने के लिए विभिन्न कल्याणकारी व लाभार्थीपरक योजनाए संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि निराश्रित महिला पेशन दी जा रही है तथा 181 हेल्पलाईन नम्बर व वन स्टॉप सेन्टर के माध्यम से भी महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण कराया जा रहा है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि महिला जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायती व प्रार्थना पत्रों में 08 घरेलु हिंसा, 11 आवास संबंधी, 02 पेंशन के संबंध में व 15 अन्य प्रकरण प्राप्त हुए सभी के गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश सदस्या राज्य महिला आयोग द्वारा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दिये गये। सदस्या ने कोविड से अनाथ हुए बच्चों के सहायतार्थ चलायी जा रही मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के कक्ष 9 व उससे आगे की कक्षाओं में अध्यनरत 04 बच्चों को लैपटॉप का वितरण भी किया।

इस अवसर पर सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिनिधि वन स्टॉप सेन्टर, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

20 जुलाई को महिला जन सुनवाई एवं जागरूकता चौपाल

विकास भवन बिजनौर में 20 जुलाई को महिला जन सुनवाई एवं जागरूकता चौपाल। राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अवनी सिंह की अध्यक्षता में किया जाएगा आयोजन।

बिजनौर। महिलाओं की समस्याओं के निस्तारण, उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी व लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 20 जुलाई को पूर्वाहन 11ः30 बजे विकास भवन सभागार बिजनौर में महिला जनसुनवाई एवं जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जन सामान्य को सूचित करते हुए बताया कि कार्यक्रम का आयोजन राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अवनी सिंह की अध्यक्षता में किया जाएगा।


उन्होंने जनसुनवाई के सफल आयोजन व अधतन आख्या के लिए पुलिस अधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भी प्रेषित किया है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वह अपनी समस्याओं को सदस्य राज्य महिला आयोग के समक्ष रख सकती हैं, जिसका गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की प्राथमिकताओं में आमजन व महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण कराना है। उन्होंने बताया कि विकास खंड नूरपुर व स्योहारा मे राज्य महिला आयोग की  सदस्य श्रीमती अवनी सिंह की अध्यक्षता में जन सुनवाई जन जागरूकता चौपाल व शिविर का आयोजन भी किया जाएगा।

हिन्दू युवा वाहिनी महिला प्रकोष्ठ नजीबाबाद व नगीना का गठन

हिन्दू युवा वाहिनी महिला प्रकोष्ठ का विस्तार।
नवनियुक्त पदाधिकारियों को दिलाई गई शपथ।

बिजनौर। हिंदू युवा वाहिनी महिला प्रकोष्ठ बिजनौर की जिला कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक जिला संगठन महामंत्री रश्मि राजपूत के निज निवास एसडी पुरम में आहूत की गई। बैठक में संगठन के विस्तारीकरण के क्रम में प्रदेश प्रभारी श्रीमती भावना पण्डित की उपस्थिति में नगर कमेटी नजीबाबाद व नगर कमेटी नगीना का गठन किया गया। इस दौरान जिलाध्यक्ष श्रीमती अनीता शर्मा व जिला संगठन महामंत्री श्रीमती रश्मि राजपूत द्वारा नवनियुक्त पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें नजीबाबाद से श्रीमती उमा राजपूत नगर अध्यक्ष, श्रीमती नूतन राजपूत नगर संगठन महामंत्री व श्रीमती विनोद कुमारी नगर उपाध्यक्ष के अलावा नगीना से श्रीमती अलका थापन, नगर अध्यक्ष व श्रीमती बबीता नगर संगठन महामंत्री शामिल हैं।
मनोनयन पत्र देकर सभी पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर श्रीमती अंजु मारवाड़ी जिला प्रभारी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

घास की चिता पर जली थी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की निर्जीव देह

164वें बलिदान दिवस (18 जून) पर विशेष

1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में जान की कुर्बानी देने वाले योद्धाओं की शौर्य गाथाएं खूब गाईं गईं। सैकड़ों लोकगीत, नाटक, उपन्यास और अनेक भाषाओं में शूरवीरों के जीवन चरित्र लिखे गए लेकिन ब्रिटिश हुकूमत के अत्याचारों के डर से लोकगीत दबी जुबान ही गाए जाते थे। खुलकर इन्हें गाने की हिम्मत अच्छे-अच्छों में नहीं थी। स्वाधीन भारत में अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की वीरता-शूरता का इतिहास लिखना आसान था। महाश्वेता देवी से लेकर सैकड़ों लेखकों ने लेखनी चलाई लेकिन ‘सिपाही विद्रोह’ या ‘गदर’ कहे गए 1857 के भीषण संग्राम पर गुलामी के दौर में कलम उठाना उतना ही खतरे से खाली नहीं था, जितना सिपाही विद्रोह में कृपाण उठाना।


यह वह दौर था जब अंग्रेज लेखक अपने अत्याचारों पर पर्दा डालने के लिए गदर का मनमाना इतिहास लिखकर भारतीयों की हिंसात्मक कार्यवाही को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहे थे। अप्रतिम वीर और भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बारे में दुष्प्रचार किया जा रहा था कि विद्रोह के समय अंग्रेजों को सहायता देनी कबूल की। उनके चरित्र को इस तरह चित्रित किया गया कि मानो झांसी की रानी बिना चाहे ही अंग्रेजों से लड़कर वीर नारी बन गई हों।
ऐसे वक्त में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी गदर के संबंध में अंग्रेजी लेखकों द्वारा लिखे जा रहे/ लिखे गए ‘झूठे’ इतिहास को कैसे बर्दाश्त कर सकते थे? उन्हें सरस्वती का संपादन संभाले हुए एक साल ही बीता था। प्रेस मालिकों के नियम और अंग्रेजी कानूनों के डर के बीच अंग्रेज़ों के झूठ के पदार्फाश और झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की वीरता-शूरता को हिंदी भाषी समाज के सामने लाने की उत्कंठा अंदर से रोज-ब-रोज जोर मार ही रही थी। उसी बीच उन्हें झांसी की रानी पर मराठी लेखक दत्तात्रेय बलवंत‌ पारसनीस की मराठी में लिखी पुस्तक ने रास्ता दिखाया। पुस्तक पढ़ने के बाद झांसी की रानी की वीरता पर अंग्रेज हुकूमत द्वारा फैलाए गए भ्रम को दूर करने के लिए पारसनीस की नीति अपनाते हुए ही उन्होंने 1904 में सरस्वती के जनवरी और फरवरी अंक में पर क्रमश: दो लेख ‘झांसी की रानी लक्ष्मी बाई’ प्रकाशित किए।


द्विवेदी जी ने सरस्वती में लिखे गए अपने पहले लेख के साथ झांसी के किले और रानी के महल के दो चित्र भी लगाए। दूसरी किस्त के साथ झांसी के म्यूटिनी के स्मारक का चित्र और एक चित्र रानी के युद्ध का, जिसमें रानी एक हाथ में तलवार और दूसरे में भाला लिए अंग्रेजों पर वार करती हुई दिखाई गई हैं। चित्र के नीचे कैप्शन दिया गया कि ग्वालियर के एक पुराने चित्र से सरस्वती के लिए यह फोटोग्राफ उतारा गया है। इन लेखों को सुंदर ढंग से सजाकर छापने में द्विवेदी जी ने काफी परिश्रम भी किया।
उन्होंने पारसनीस की चार सौ पृष्ठ की पुस्तक के आधार पर लेखों में विद्रोही सिपाहियों को दुष्ट कहा। बच्चों की प्रचारित हत्या की निंदा की और झांसी की रानी की वीरता की प्रशंसा। द्विवेदी जी ने पारसनीस के प्रमाण संग्रह और इतिहास के अध्ययन की प्रशंसा करते हुए लेख की शुरूआत पारसनीस की पुस्तक के प्रभाव का महत्व स्वीकार करते हुए इस तरह की-‘इस पुस्तक को पढ़कर लक्ष्मीबाई का अतुल पराक्रम, उनका अतुल धैर्य और उनकी अतुल वीरता आंखों के सम्मुख आ जाती है। ऐसी वीर नारी इस देश में क्या और देशों में भी शायद ही हुई होगी।’ हालांकि, सर एडविन अर्नाल्ड ने लक्ष्मी बाई की उपमा फ्रांस की प्रसिद्ध बाला जोन आप आर्क से दी है। लक्ष्मीबाई को परास्त करने वाले सर ह्यूरोज ने भी रानी की वीरता की प्रशंसा की है। द्विवेदी जी लिखते हैं कि ऐसी पुस्तक लिख कर पारसनीस ने इस देश के साहित्य का बड़ा उपकार किया। वह पारसनीस की प्रशंसा करते हुए हिंदी पाठकों से सिफारिश करते हैं कि मराठी न आती हो तो इस एक ही पुस्तक को पढ़ने के लिए ही सही मराठी सीखें जरूर।
पारसनीस की किताब के हवाले से द्विवेदीजी ने झांसी की रानी की वीरता और संग्राम का बखान करते हुए झांसी की लड़ाई के बारे में लिखा-’23 मार्च 1818 को यह आरंभ हुआ झांसी को चारों ओर से अंग्रेजी सेना ने घेर लिया। 24 और 18 पौंडर्स नाम की तोपें शहर की दीवार पर चलने लगीं और दूसरी तोपों से बम के गोले शहर के भीतर फेंके जाने लगे। झांसी के चारों ओर जो दीवार है उसकी चौड़ाई कोई 16 फुट है। उस पर और किले के बुर्ज पर रानी साहब ने सब मिलाकर कोई 50 के ऊपर तोपें लगा दीं। उनमें से भवानी शंकर, कड़क बिजुली, घनगर्ज, नालदार आदि तोपे बड़ी ही भयंकर थीं। रानी साहब खुद युद्ध की देखभाल करने लगी और समय-समय पर अपने योद्धा और सेना नायकों को उत्साहित करने लगीं। उनके युद्ध कौशल का ही कमाल था कि अंग्रेजों ने झांसी की सेना की वीरता और युद्ध कौशल की प्रशंसा की। सर ह्यूरोज ने रानी की प्रशंसा करते हुए लिखा-‘स्त्रियां तक तोपखाने में काम करती थीं और गोला-बारूद लाने में सहायता देती थीं। अंग्रेज 11 दिन का झांसी का घेरा डाले रहे। विकट युद्ध हुआ तथापि रानी साहब के धैर्य और दृढ़ निश्चय के सामने दूसरे पक्ष की कुछ न चली।’
लेख के इस एक अंश से आपको उनके अंग्रेज हुकूमत के प्रति दृष्टिकोण का अंदाज करना आसान होगा–‘महाप्रबल और परम दयालु अंग्रेजी सरकार’ से शत्रुता करने का फल झांसी वालों को मिला। लड़ाई में जो सैनिक मारे गए, उनके अलावा अंग्रेजी फौज ने शहर में पहुंचकर प्रलय आरंभ कर दिया। एक और शहर में उसने आग लगा दी और दूसरी ओर से लड़के और स्त्रियों को छोड़कर बिजन बोल दिया। सात दिन तक लूटमार और फूंक-फांक होती रही। आठवें दिन प्रजा को अभय वचन दिया गया और जिनका कोई वारिस न था, ऐसे मृतकों के ढेर रास्ते में फूंक दिए गए। ये तमाम लोग जो मारे गए थे, निहत्थे थे और उन्होंने न तो किसी कत्लेआम में भाग लिया था न ले सकते थे।’
लेख में झांसी की रानी की वीरता का उल्लेख इस तरह है-‘उनके साथ उनकी दासी मुंदर भी एक घोड़े पर थी। उस पर एक गोरे ने प्राणहारक आघात किया। वह चिल्ला उठी। रानी साहब ने उसको मारने वाले के कंठ में एक निमिष मात्र अपनी तलवार रख दी। अंग्रेजी सेना के वीरों ने रानी साहब को कोई महाशूर सेनानायक समझकर चारों ओर से घेर लिया। इस पर भी वह जरा भयभीत नहीं हुईं। उनकी तलवार अपना काम बड़ी भी भीषणता से बराबर करती रही परंतु एक कोमल और अल्पवयस्क अबला अनेक वीरों के बीच कब तक सजीव रह सकती है? एक अंग्रेज योद्धा ने उनके सिर पर पीछे से तलवार का वार किया जिससे उनके सिर का दाहिना भाग छिल गया और एक आंख निकल आई। इस योद्धा ने रानी साहब की छाती पर किर्च का भी प्रहार किया परंतु धन्य रानी लक्ष्मीबाई की वीरता, धन्य उनका धैर्य और धन्य उनका साहस! इस दशा को प्राप्त होकर भी उन्होंने इस वीर से पूरा बदला लिया। उसे तत्काल ही उन्होंने धरा तीर्थ को भेजकर अपना जीवन सार्थक किया!! धन्य वह शौर्य और धन्य वह पराक्रम!!!
घायल रानी ने सरदार रामचंद्रराव के साथ एक झोपड़ी में प्रवेश किया। 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास समरांगण में भारतवर्ष का महा शौर्यशाली दिव्य स्त्री रत्न खो गया। रानी साहब के सेवक और सरदारों ने एक घास की गंजी से घास लाकर उसकी चिता बनाई और उसी पर रानी साहब की निर्जीव देह रखकर उसे अग्निदेवता के अर्पण कर दिया।’ मुगल शासकों को लोहे के चने चबवाने वाले महाराणा प्रताप ने भले घास की रोटियां खाईं थीं लेकिन यह किताब प्रामाणिक रूप से बताती है कि अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त करने वाली झांसी की रानी लक्ष्मी बाई की देह घास की चिता पर ही पंचतत्व में विलीन हुई थी। इतिहास में रुचि रखने वाले लोग भले ही इस तथ्य को जानते हों लेकिन नई पीढ़ी इस इतिहास से शायद ही परिचित होंगे।
पारसनीस से प्रभावित आचार्य द्विवेदी लिखते हैं कि यह बहुत अच्छा क्रांतिकारी साहित्य है। वैसा साहित्य है, जिसे पढ़कर भारत के नौजवान अंग्रेजी अंग्रेजी राज्य से नफरत करना सीखते थे और जिन्हें संवैधानिक तरीकों पर या अहिंसात्मक तरीकों पर विश्वास नहीं था वे लक्ष्मीबाई की तरह हथियार को उठाकर अंग्रेजों से लड़ने का प्रयत्न करते थे। आचार्य द्विवेदी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के वास्तविक इतिहास को जानने- समझने के लिए हिंदी भाषी समाज को पारसनीस की मराठी पुस्तक पढ़ने का मंत्र दे रहे थे। वह भी भाषण या मौखिक नहीं बल्कि लेख में बाकायदा लिखकर। उस दौर में झांसी की रानी के वास्तविक इतिहास से हिंदी भाषी समाज को परिचित कराने के थोड़े से होने वाले प्रयासों में एक प्रयास आचार्य द्विवेदी का भी था। यह भारत के उन महान योद्धाओं के प्रति उनकी अपनी श्रद्धा का भी प्रमाण है। आइए! हम सब मिलकर शूरवीर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करें।

जय प्रथम स्वाधीनता संग्राम!!
जय झांसी की रानी लक्ष्मीबाई!!

∆ गौरव अवस्थी
रायबरेली

आईएएस टॉपर श्रुति शर्मा को डीएम ने किया सम्मानित

बिजनौर पहुंचीं आईएएस टॉपर श्रुति शर्मा का कलक्ट्रेट में सम्मान

जिलाधिकारी ने आई0ए0एस0 टॉपर श्रुति शर्मा को किया सम्मानित

रुचि के अनुरूप ही तैयारी करें युवा: श्रुति शर्मा

बिजनौर। जनपद बिजनौर की गौरव संघ लोक सेवा आयोग (यू0पी0एस0सी0) में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली सुश्री श्रुति शर्मा को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कलक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष मे बुके देकर व शॉल भेट कर सम्मानित किया व भगवान श्री कृष्ण जी की प्रतिमा भेंट की। जिलाधिकारी ने कहा कि आज युवतियां व महिलाएं हर क्षेत्र मे आगे बढ रही हैं तथा प्रदेश व देश का नाम रौशन कर रही हैं। उन्होंने सुश्री श्रुति शर्मा को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी व उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। जिलाधिकारी ने उनके परिवारजनों को भी शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में श्रुति शर्मा ने बताया कि उनका जन्म बिजनौर जिले के छोटे से गांव बास्टा में हुआ। हालांकि, वह पली-बढ़ीं दिल्ली में और पढ़ाई भी दिल्ली से ही पूरी की। उन्होंने बताया कि वह केवल होली-दीपावली आदि त्योहारों पर ही अपने घर पहुंच पाती हैं। आज भी बचपन की यादें बिजनौर से ही जुड़ी हैं।
श्रुति ने बताया कि आईएएस बनने के लिए उन्होंने सेल्फ स्टडी बहुत की है और जामिया से ही कोचिंग भी की थी।  आईएएस टॉप करने के सवाल पर श्रुति शर्मा ने बताया कि उन्हें यकीन नहीं था कि वह टॉपर बनेंगी, लेकिन एग्जाम पास कर लेंगी यह पूरा विश्वास था।

श्रुति ने युवाओं के साथ भी अपने अनुभव साझा करते हुए  कहा कि जो भी युवा आईएएस-आईपीएस की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें जिन विषयों में रुचि है, उसमें ही मन लगाकर पढ़ाई करनी होगी, आजकल युवा खेल में भी अपना भविष्य बना रहे हैं। महिलाओं के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार बहुत योजनाएं चला रही है। महिला उत्पीड़न संबंधी समस्याओं के विषय पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा अपने आप भी करनी चाहिए। माता पिता को भी चाहिए कि वह लड़का लड़की को समान भाव से देखें और लड़कों को भी ये बात समझाएं। यूपी में बुलडोजर मामले में उन्होंने कहा कि इस विषय में उन्होंने ज्यादा कुछ पढ़ा नहीं है, इसलिए कुछ नहीं कहेंगी।

बिजनौर की श्रुति शर्मा बनीं UPSC टॉपर

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 का परिणाम घोषित; श्रुति शर्मा ने किया टॉप

बिजनौर की रहने वाली हैं श्रुति शर्मा

इस साल की UPSC टॉपर श्रुति शर्मा यूपी के बिजनौर की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। एम. ए. की पढ़ाई उन्होंने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से पूरी की। UPSC की तैयारी के लिए श्रुति ने जामिया मिलिया इस्लामिया के रेसिडेंशियल कोचिंग एकेडमी (RCA) जॉइन किया था।

संघ लोक सेवा आयोग( यूपीएससी) ने सिविल सेवा 2021 का परिणाम जारी कर दिया है। परिणाम के अनुसार उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद की रहने वाली श्रुति शर्मा समेत अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला टॉपर बनीं हैं।

सिविल सेवा परीक्षा 2021 के परिणाम के अनुसार श्रुति शर्मा ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। वहीं, दूसरे स्थान पर अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला रही हैं। इस साल तीनों ही टॉपर लड़कियां हैं।

बिजनौर के धामपुर निवासी श्रुति शर्मा दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं। जानकारी के मुताबिक उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की है।

श्रुति के यूपीएससी परीक्षा में टॉप करने पर परिजनों में खुशी का माहौल है। परिजनों का कहना है कि बेटी कोचिंग के साथ साथ घर में भी खूब पढ़ाई करती थी। आज उसकी मेहनत रंग लाई है। 
परीक्षा परिणाम ऑनलाइन रूप से उपलब्ध है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में भाग लिया था और इंटरव्यू में शामिल हुए थे वे अपना परिणाम यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।  

DU की ही स्टूडेंट रही हैं 2nd टॉपर- अंकिता अग्रवाल ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अंकिता दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट रही हैं। डीयू से उन्होंने इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। ग्रेजुएशन में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशंस उनके ऑप्शनल सब्जेक्ट थे। वहीं तीसरे नंबर पर आने वाली गामिनी सिंगला कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री रखती है। उन्होंने ऑप्शनल सब्जेक्ट के तौर पर सोशियोलॉजी चुना था।

पहला स्थान – श्रुति शर्मा
दूसरा स्थान- अंकिता अग्रवाल
तीसरा स्थान – गामिनी सिंगला
चौथा स्थान – ऐश्वर्य वर्मा
पांचवा स्थान – उत्कर्ष द्विवेदी
छठा स्थान – यक्ष चौधरी
सातवां स्थान – सम्यक एस जैन
आठवां स्थान – इशिता राठी
नौवां स्थान – प्रीतम कुमार
दसवां स्थान – हरकीरत सिंह रंधावा

आईएएस बनना चाहती हैं श्रुति-

श्रुति शर्मा ने बताया कि परिणाम से वह आश्चर्य में हैं। वह बीते चार वर्षों से सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। श्रुति शर्मा का सपना आईएएस बनने का है। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं।

जामिया से कर रही थी तैयारी

उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली श्रुति शर्मा जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी (RCA) से अपनी सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। आरसीए को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों जैसी श्रेणियों से संबंधित छात्रों को मुफ्त कोचिंग और आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए वित्त पोषित किया जाता है।  जामिया के एक अधिकारी ने बताया कि कोचिंग अकादमी के 23 छात्रों ने सिविल सेवा परीक्षा पास की है। 

संघ लोक सेवा आयोग की ओर से जारी किए गए परिणाम के अनुसार इस परीक्षा में कुल 685 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से हर साल आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के पदों पर चयन हेतु सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया जाता है।

वहीं बिजनौर जिले के सहसपुर कस्बे की शुमायला चौधरी ने सिविल सर्विसेज यूपीएससी की परीक्षा में देश में 367 रैंक हासिल की है। शुमायला को मिल सकता है आईपीएस कैडर!

राज्यपाल ने किया सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण

राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला संयुक्त चिकित्सालय स्थित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया, अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बिजनौर। राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा जिला बिजनौर भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया गया। कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बिजनौर द्वारा निर्मित किए जाने वाले सखी वन स्टॉप सेंटर को रुपए 24,34,686 की लागत से तैयार किया गया है।
One Stop Center Helpline- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित वन स्टाप सेंटर योजना (सखी) महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। किसी महिला के साथ मारपीट, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या अन्य कोई घटना होती है तो वन स्टाप सेंटर के माध्यम से पीड़ित को न्याय दिलाया जाता हैै।


राज्यपाल ने जिला अस्पताल में विभागीय अधिकारियों से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न इत्यादि मामलों के बारे में चर्चा की और मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि महिला उत्पीडन से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए वन स्टाप सेंटर हेल्पलाइन नंबर पर सहायता के संपर्क स्थापित किया जा सकता है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉक्टर प्रवीन रंजन, संजय कुमार यादव के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

मातृ दिवस पर साहित्यानुरागिनी एवं समाज सेविका मिथलेश गौड़ को किया सम्मानित

बरेली। कवि गोष्ठी आयोजन समिति के तत्वावधान में स्थानीय साहूकारा में मातृ दिवस पर कवि गोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्री नत्थू लाल सदाचारी के संयोजन में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनय सागर जायसवाल ने की। मुख्य अतिथि डॉ शिव शंकर यजुर्वेदी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ रामशंकर ‘प्रेमी’ रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर हुआ। वंदना बृजेंद्र तिवारी “अकिंचन” ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मातृ दिवस पर साहित्यानुरागिनी श्रीमती मिथलेश गौड़ को समाज सेवा एवं परिवार में सामंजस्य के साथ उत्कृष्ट योगदान के लिए संस्था के सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट द्वारा सम्मानित किया गया।


काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से माताओं की महिमा का गुणगान किया और जगत में उन्हें सबसे महान बताते हुए माताओं की सेवा का संकल्प लिया।


कार्यक्रम में संस्थाध्यक्ष रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’, सचिव उपमेंद्र सक्सेना एड., संयोजक नत्थू लाल सदाचारी, एस. ए. हुदा सोंटा, सत्यवती सिंह ‘सत्या’, ठा.राम प्रकाश ‘ओज’, अमित मनोज, पीयूष गोयल ‘बेदिल’, मिलन कुमार ‘मिलन’, जगदीश निमिष, उमेश त्रिगुणायत, रीतेश साहनी, रजत कुमार एवं व्यास नंदन शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राज शुक्ल ‘गजल राज’ने किया।

सिंगल नर्सरी की विशेषताओं को समझाया

बिजनौर। अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव झाड़पुरा में महिला समूह द्वारा तैयार सिंगल नर्सरी के वितरण का जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया। इस दौरान गांव में ही एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक विश्वमित्र पाठक, सचिव साहब सिंह सत्यार्थी, चीनी मिल अफजलगढ़ के प्रधान प्रबंधक एसपी सिंह, गन्ना महाप्रबंधक अजय कुमार ढाका, चीनी मिल फील्ड कर्मचारी मनोज कुमार, गन्ना पर्यवेक्षक प्रमोद कुमार सिंह उपस्थित रहे।

गांव झाड़पुरा में ग्राम प्रधान कपिल कुमार के आवास पर गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि महिला स्वावलंबन के दृष्टिगत विभाग द्वारा ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सिंगल बड़ व बडचिप पद्धति से पौध तैयार करने पर विभाग द्वारा 1.30 व रू० 1.50 की दर से अनुदान दिया जाता है। इस पद्धति से तैयार पौध को लगाने में जहां आय में बढ़ोतरी होती है, वहीं गन्ने का जमाव इस विधि से 95% तक देखा जा रहा है। नैनो यूरिया को स्प्रे के माध्यम से फसलों में प्रयोग किया जाता है; जिसे पौधे द्वारा अपने स्टूमेटा द्वारा अवशोषित कर उपयोग कर लिया जाता है।

महिला ग्रुप के किये गये कार्यों के निरीक्षण के पश्चात ग्राम झाड़पुरा मे कृषक गोष्ठी की गयी। कृषक गोष्ठी में नैनो यूरिया के संबंध में कृषकों को जानकारी दी गई। गोष्ठी में सचिव साहब सिंह द्वारा नैनो यूरिया के महत्व एवं उपयोग पर बल दिया गया। साथ ही अवगत कराया गया कि नैनो यूरिया समिति के सभी गोदामों पर रू० 240 प्रति 500 मि० ली० की दर पर उपलब्ध है। इस अवसर पर गोष्ठी में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक विश्वमित्र पाठक द्वारा नैनो यूरिया के संबंध में बताया गया कि परम्परागत यूरिया से नैनो यूरिया सही व इसकी उपयोगिता 90% तक है जबकि परम्परागत यूरिया मात्र 30% तक ही पौधे इस्तेमाल कर पाते हैं 70% भाग का प्रयोग पौधे नहीं कर पाते। इस अवसर पर ग्राम प्रधान कपिल कुमार के अलावा बलेश कुमार, नन्हे सिंह, रामपाल सिंह, सूरज पाल सिंह, शक्ति स्वरूप, राजपाल सिंह, महेंद्र सिंह, ऋषि पाल सिंह तथा अजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।

अधिकारों और सुरक्षा के बारे में छात्राओं को बताया

बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, सीओ सुनीता दहिया ने अफजलगढ़ सेंट मैरी स्कूल में मिशन नारी शक्ति फेस थर्ड अभियान कार्यक्रम का आयोजन कर छात्राओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के बारे में बताया।

इस मौके पर एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह ने कहा कि छात्राओं एवं महिलाओं की सुरक्षा के लिए शासन द्वारा पुलिस हैल्पलाइन नम्बर 1090, 1076, 112, 108, 102, 181 चला रखे हैं। महिला शोषण के खिलाफ उक्त नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अगर कहीं पड़ोस या रिश्तेदारी में भी किसी महिला का शोषण हो रहा है तो उसकी मदद के लिए तत्काल इसकी सूचना हैल्पलाइन नम्बर पर दें।अफजलगढ़ सेंट मैरी स्कूल में एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, सीओ सुनीता दहिया ने छात्राओं को सुरक्षा सहित साइबर क्राइम के संबंधित जानकारी के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि अगर छात्राओं को कोई परेशान करता है तो इसकी जानकारी अपने अभिभावकों और पुलिस को तुरंत दें, या फिर छात्राएं हेल्पलाइन नंबर 1090, 1076, 112 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकतीं हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए क्योंकि शिक्षित समाज से ही देश का विकास होता है और महिलाएं शिक्षित समाज की स्थापना करने में अहम भूमिका निर्वाहन करती हैं। महिला शक्ति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने भी बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए शासन ने अनेक सुविधाएं प्रदान की हैं। इसका महिलाओं एवं छात्राओं को आवश्यकता पड़ने पर इस्तेमाल करना चाहिए।  इस मौके पर कोतवाल मनोज कुमार सिंह के अलावा कस्बा इंचार्ज टेकराम सिंह, महिला सब इंस्पेक्टर काजल, सेंट मैरी स्कूल की प्रधानध्यापिका सिस्टर सिंधु, सिस्टर शीना, किरनदीप, ईरा सैनी, राकेश नेगी, एंटी रोमियो टीम से महिला कांस्टेबल सुनीता, कांस्टेबिल वीरबाला, कांस्टेबल विकास बाबू, सनोज चौहान, अंकित चौधरी तथा राहुल यादव आदि मौजूद रहे।

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन, नहीं करना पड़ेगा एक भी रुपया खर्च

पीएम की इस योजना के तहत पाएं फ्री सिलाई मशीन, नहीं करना पड़ेगा एक भी रुपया खर्च

नई दिल्ली (एजेंसी)। महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत 20 से 40 साल की उम्र की महिलाओं को सिलाई मशीन लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।

पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत महिलाओं को बस एक आवेदन करने की जरूरत है। ये योजना हर एक राज्य की 50,000 महिलाओं की सुविधा के लिए बनाई गई है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका

पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका देगी। भारत की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ये एक अच्छा कदम साबित हो सकता है। पीएम फ्री सिलाई मशीन योजना 2022 के तहत 20 से 40 साल की उम्र की महिलाओं को सिलाई मशीन लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।

नारी शक्ति संगठन ने दीं योगी को अग्रिम शुभकामनाएं

बिजनौर। नारी शक्ति संगठन ने महिला दिवस का कार्यक्रम बड़ी धूम-धाम से मनाया। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ के चित्र का राजतिलक करके उत्तर प्रदेश में दुबारा मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति की अग्रिम शुभकामनाएं दीं गईं।

कार्यक्रम का आयोजन नारी शक्ति संगठन की अध्यक्ष पूनम गोयल के ज्ञान विहार कॉलोनी स्थित निवास स्थान पर किया गया। इस अवसर पर संगठन की बहनों ने योगी आदित्यनाथ के चित्र का राजतिलक करके उत्तर प्रदेश में दुबारा मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। वहीं एक दूसरे को मिष्ठान खिलाकर भजन, चुटकुले, कविता, गीत आदि की प्रस्तुति की। संगठन की अध्यक्ष पूनम गोयल ने कहा कि आज नारी सामाजिक, राजनैतिक,आर्थिक, धार्मिक व सांस्कृतिक; किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। नारी अबला नहीं है,सबला बन चुकी है।

इस अवसर पर पूनम गोयल, नीता गुप्ता, मानदेवी शर्मा, सुषमा अग्रवाल, रामकौर, मुनेश गौतम,  मधु भूषण, संगीता शर्मा, रेखा पाल, कल्पना शर्मा, ममता, शशि बाला शर्मा, बीना त्यागी, मृदुला, नीलम, मंजू चौधरी, भावना चौधरी, मोनिका चौधरी, नीलम, कविता, सुमन, राखी चौधरी आदि उपस्थित रहीं।

छात्राओं ने सीखे जूडो कराटे के दांवपेंच

जूडो कराटे का प्रशिक्षण लेती छात्राएं

बिजनौर। नहटौर डिग्री पीजी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना छात्रा इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर का चौथा दिन बालिका सुरक्षा एवं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ दिवस के रूप में मनाया गया। शिविर का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ संजीव गौड़, कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती सीमा शर्मा द्वारा संयुक्त रुप से मां सरस्वती के सम्मुख पुष्प अर्पित कर किया गया।

ग्राम महमूदपुर भिक्का में आयोजित शिविर में छात्र-छात्राओं द्वारा इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना; वंदना सामूहिक रूप से प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर छात्राओं को अपनी आत्मरक्षा करने के लिए ताइक्वांडो प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

नहटौर ताइक्वांडो एकेडमी के कोच चमन सैनी ने छात्राओं को ताइक्वांडो के विभिन्न स्टेप सिखाएं ताकि वे समय पर इसका प्रयोग अपनी आत्म सुरक्षा के लिए कर सकें। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को सुरक्षित रहने के लिए जूडो कराटे सीखना आवश्यक है ताकि किसी भी विपरीत परिस्थितियों में अपनी आत्म सुरक्षा कर सकें। ताइक्वांडो इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। इसके अतिरिक्त बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत रैली निकाल कर छात्राओं ने विभिन्न स्लोगनों के माध्यम से ग्राम वासियों को जागरूक किया। वर्तमान समय में बच्चों की कम होती संख्या गंभीर चिंता का विषय है इसकी तरफ हम सभी को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। सर्वप्रथम आवश्यकता बेटी को बचाने की है तथा इसके साथ ही हमें अपनी बेटियों को बेटों के बराबर ही शिक्षा भी दिलानी होगी ताकि वर्तमान समय में वह कदम से कदम मिलाकर प्रत्येक परिस्थिति का सामना कर सकें। इसी का संदेश देते हुए छात्राओं ने ग्राम वासियों को रैली के माध्यम से समझाया। इस अवसर पर कुमारी स्वाति, लवी, शिवानी, शिल्पी, मुस्कान, आंचल, निशा, अंशु, लक्ष्मी, निकिता, अर्शी, पूर्णिमा, दुर्गा, सना, महक, रितु, कविता, सायमा, संजना, प्रियंका, काजल, प्रिया, आकांक्षा, शगुन, मेघा आदि छात्राएं उपस्थित रहीं।

नगर कल्याण समिति ने बताया महिला दिवस का सार

बिजनौर। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर नगर कल्याण समिति की इकाई राष्ट्र सेवा समिति द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता विद्यालय की उप प्रधानाचार्या श्रीमती रेखा ने की। कार्यक्रम का संचालन समिति की अध्यक्ष श्रीमती राजुल त्यागी ने किया।

कार्यक्रम की संयोजिका श्रीमती छवि कौशल ने, नारी शक्ति महान है; गीत प्रस्तुत कर के कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उसके उपरान्त वक्ताओं ने नारी सशक्तिकरण पर विभिन्न प्रकार के सुविचार प्रस्तुत किये। डॉ. मंजुला कुमार ने महिला दिवस मनाए जाने के विषय में विस्तार से बताया। श्रीमती मंजू गुप्ता ने बताया कि घर परिवार में रहकर भी एक महिला समाज की  नींव मजबूत कर सकती है। रश्मि गुप्ता ने बताया कि अब महिलाओं को भी शिक्षा रूपी पंख लग चुके हैं। डा. रंजना राजपूत ने महिलाओं की शैक्षिक स्थिति में आए सुधार के विषय में बताया। रचना खन्ना ने बताया कि महिला के पूर्ण विकास में सबसे महत्वपूर्ण रोल महिला की माँ का ही होता है। मनुश्री अशोक निर्दोष ने महिला सशक्तिकरण पर कविता का सुन्दर का पाठ किया।

इस अवसर पर समिति की ओर से समाज सेविका श्रीमती ऊषा चौधरी, पुष्पा, अनीता चौधरी, नीरा अग्रवाल, डॉ.नीता सिंह, डा. मीना बक्शी व राजीव अग्रवाल उपस्थित रहे।

BJP में ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही हैं मुस्लिम महिलाएं: निदा खान

मौलाना तौकीर रजा खान को भी निदा खान ने लिया आड़े हाथ। सपा सरकार के दौरान फर्जी मुकदमे लिखाने की हुई कोशिश।

बरेली। कभी आला हजरत खानदान की बहू रहीं निदा खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मीडिया में उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं चलने लगीं लेकिन उन्होनें इसे कोरी अफवाह बताते हुए खबर का खंडन किया। इसके बावजूद कई टीवी चैनलों को दिए अपने बयानों में वह भाजपा का समर्थन करती नजर आईं। निदा खान ने कांग्रेस को समर्थन देने वाले आईएमसी प्रमुख और खानदान-ए-आला हजरत के मौलाना तौकीर रजा खान को भी आड़े हाथों लिया।

मौलाना तौकीर रजा के बयान पर उन्होंने कहा कि वह तो कुछ भी कह सकते हैं। निदा ने कहा कि आज मौलाना तौकीर प्रियंका गांधी के साथ लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा लगा रहे हैं। यह वही लोग हैं, जो लड़कियों का उत्पीड़न करते हैं। अगर कभी उन्होंने महिलाओं का साथ दिया होता तो महिलाएं उनके साथ खड़ी होतीं। आज हम जहां खड़े हैं, वो भाजपा की ही देन है। सपा की सरकार के दौरान हमारे ऊपर फर्जी मुकदमे लिखाने की कोशिश हुई; लेकिन भाजपा सरकार के आने के बाद यह सब बंद हुआ। लिहाजा अब मौलाना कांग्रेस के साथ आ गए क्योंकि वह चाहते हैं कि कैसे भी करके भाजपा सरकार को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जब मेरा तीन तलाक का मामला चल रहा था, तब मेरे खिलाफ फतवे दिए गए। समाज से मेरा बहिष्कार तक किया गया। भाजपा में महिलाओं को सम्मान मिलता है ।

तीन तलाक का जो कानून बना था। उसका लोगों ने विरोध किया लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि काफी लोगों का घर टूटने से बच गया। सपा सरकार के दौरान मुझे धमकियां दी गईं; लेकिन भाजपा सरकार से काफी संख्या में मुस्लिम महिलाएं प्रेरित हैं। इस सरकार में मुस्लिम महिलाएं ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही हैं। हालांकि उन्होंने भाजपा में जाने की बात से इंकार कर दिया।

मुलायम की बहू और स्वामी प्रसाद की बेटी बनीं BJP की पोस्टर गर्ल

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी में एंट्री लेने के साथ ही मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू बीजेपी की पोस्टर गर्ल बन गईं हैं। बीजेपी ने अपर्णा यादव को पोस्टर पर जगह देते हुए कानून व्यवस्था पर विपक्ष को जवाब दिया है। पोस्टर में अपर्णा के अलावा हाल ही में बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में गए स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और सांसद संघमित्रा मौर्य को भी शामिल किया गया है। बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने पोस्टर ट्वीट करते हुए लिखा, ”योगी सरकार ने यूपी को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाया। सुरक्षा जहां बेटियां वहां।” इससे पहले यूपी बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी मुख्यमंत्री योगी और जेपी नड्डा के साथ अपर्णा की मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ”बेटियां वहां… सम्मान और सुरक्षा जहां।

साधे कई कई निशाने-
बीजेपी ने इस पोस्टर के सहारे कई निशाने साधे हैं। एक तरफ पार्टी ने अखिलेश यादव को जवाब दिया तो दूसरी तरफ हाल ही में सपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को भी घेरा है। स्वामी प्रसाद मौर्य खुद सपा में चले गए हैं, लेकिन बदायूं से बीजेपी के टिकट पर सांसद बनीं उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य ने साफ कर दिया है कि वह बीजेपी में ही बनी रहेंगी। बीजेपी ने इस पोस्टर के जरिए चुनाव से पहले महिला सुरक्षा के मुद्दे पर आधी आबादी को साधने की कोशिश की है।

सपा को बड़ा झटका, मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव BJP में शामिल

सपा को लग सकता है बड़ा झटका, बीजेपी का दामन थाम सकती है मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव, अखिलेश यादव का कारवां छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई हैं। पिछले कई दिनों से जारी इन अटकलों पर अपर्णा यादव की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो कयास लगाए जाने लगे कि रविवार को वह भाजपा का दामन थाम सकती हैं, लेकिन यह मामला परवान चढ़ा बुधवार को।

समाजवादी पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्‍यमंत्री मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं। अपर्णा के भाजपा में शामिल होने को जहां भाजपा अखिलेश यादव की बड़ी नाकामी बताते हुए परिवार तक न संभाल पाने का तंज कस रही है वहीं इस मौके पर अपर्णा यादव ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि वे मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद लेकर आई हैं। 

सभी बड़ों का है आशीर्वाद: मीडिया से बातचीत के दौरान अपर्णा ने कहा कि वह परिवार से विमुख नहीं हैं। सभी बड़ों का आशीर्वाद है। भाजपा में शामिल होने को विचारधारा की बात बताते हुए उन्होंने कहा- ‘मैं स्वतंत्र हूं। मुझे पता है मुझे क्या करना है, इसलिए बीजेपी में आई हूं। बीजेपी के भी सभी बड़ों ने मुझे आशीर्वाद दिया है। वह जरूर मेरे लिए कुछ अच्छा करेंगे। अपर्णा से जब यह पूछा गया कि यदि आप चुनाव लड़ती हैं तो क्या मुलायम आपके लिए प्रचार करेंगे तो अपर्णा ने कहा कि मुझे उनका आशीर्वाद प्राप्त है, बाकी बातें बाद की हैं।

मोदी योगी के लिए राष्‍ट्रधर्म सबसे ऊपर: अपर्णा यादव ने पीएम मोदी और सीएम योगी की जमकर तारीफ की। उन्‍होंने कहा कि उनके लिए राष्‍ट्रधर्म सबसे ऊपर है। बीजेपी में शामिल होने के अपने फैसले पर अपर्णा यादव ने कहा कि मैंने राष्‍ट्र को हमेशा अपना धर्म माना है। हमेशा राष्‍ट्र के लिए ही फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से मैं बहुत प्रभावित हूं। उनकी नीतियां मुझे नैतिक रूप से अच्‍छी लगती हूं। इन्‍हीं कारणों से आज भाजपा ज्‍वाइन की है। यह पूछे जाने पर कि क्‍या अखिलेश यादव और सपा राष्‍ट्रधर्म का निर्वहन नहीं करती?, अपर्णा यादव ने कहा कि वह परिवार से विमुख होकर कोई बात नहीं कहना चाहतीं। मेरा निजी विचार है कि पिछले पांच वर्षों में सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने उत्‍तर प्रदेश में जिस तरह काम किया है, जितनी योजनाएं चलाई हैं, वे प्रभावशाली हैं। लखनऊ कैंट से चुनाव लड़े जाने के सवाल पर अपर्णा ने कहा कि वह किसी शर्त के तहत भाजपा में नहीं आई हैं। उन्‍होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि इस चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलेगा और उत्‍तर प्रदेश में उसी की सरकार बनेगी। 

राष्‍ट्र की अराधना करने निकली अपर्णा: उन्होंने कहा, ‘सभी लोग जानते हैं कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से प्रभावित रही हूं। मेरे चिंतन में राष्‍ट्र सबसे पहले है। राष्‍ट्र का धर्म मेरे लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी है। मैं राष्‍ट्र की अराधना करने निकली हूं। इसमें मुझे सबका सहयोग चाहिए।’ अपर्णा ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं खासकर स्‍वच्‍छ भारत अभियान और महिलाओं तथा बेरोजगारों के लिए शुरू की गई योजनाओं की तारीफ की। 

Aparna Yadav: सपा के घर में ही स्ट्राइक, बीजेपी में शामिल हो सकती हैं मुलायम  सिंह की छोटी बहू अपर्णा - aparna yadav Mulayam Singh daughter in law likely  to join BJP

राजनैतिक सफर- अपर्णा बिष्ट यादव लखनऊ की कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर 2017 में विधानसभा लड़ चुकी हैं। अपर्णा पहले सीएम योगी से मुलाकात कर चुकी हैं और समय-समय पर पीएम मोदी व सीएम योगी की प्रशंसा करती रहती हैं। अपर्णा बिष्ट यादव को योगी सरकार ने वाई श्रेणी की सुरक्षा दे रखी है।
  
विदित हो कि मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव और अपर्णा ने सालों के प्रेम संबंध के बाद 2011 में शादी की थी। 2011 में हुई ये शादी शहर की चर्चित शादियों में से एक थी। अपर्णा-प्रतीक की इस शादी में अनिल अंबानी, अमिताभ बच्चन सरीखे सेलिब्रेटीज शामिल हुए थे। अर्पणा बिष्ट यादव ने ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है।

aparna yadav- India TV Hindi

पत्नी को राजनीति में देखना चा‌हते हैं प्रतीक
जानकारों की मानें तो प्रतीक खुद राजनीति में नहीं आना चाहते, वो अपनी पत्नी अपर्णा यादव को राजनीति में देखना चा‌हते हैं। अपनी पत्नी अपर्णा को प्रतीक हर तरह की आजादी देते हैं। इसका उदाहरण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करके अपर्णा यादव सुर्खियों में आ गई थीं।

कोरोना काल में सराहनीय कार्य करने पर संगीता को मिला बैस्ट प्रेसीडेंट अवार्ड


बिजनौर। कोरोना काल में सराहनीय कार्य करने पर बिजनौर क्लब की पूर्व पदाधिकारी को बेस्ट प्रेसिडेंट का अवार्ड दिया गया। शहर के एक रेस्टोरेंट में आयोजित एक कार्यक्रम में  बिजनौर क्लब की पूर्व प्रेसिडेंट संगीता अग्रवाल को कोरोना का काल  में मास्क, सैनिटाइजर, खाद्य सामग्री वितरण तथा आर्थिक सहायता देने और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध
कराने के लिए बेस्ट प्रेसिडेंट का सम्मान दिया गया इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके द्वारा समय-समय पर किए गए कार्य को सराहा तथा कहा कि वास्तव में ऐसे कार्यों से ही भारतीय सामाजिक ताने-बाने की मजबूती स्पष्ट होती है, आपको बता दे कि संगीता अग्रवाल भाजपा की जिला उपाध्यक्ष पद पर है तथा पूर्व में वह  जिला जिलामहामंत्री भाजपा महिला मोर्चा, पूर्व सभासद, वैश्य महिला संगठन की  जिला अध्यक्ष एव पूर्व प्रेसिडेंट, समर्पण क्लब बिजनौर
एनजीओ प्रकोष्ठ की पूर्व जिला संयोजिका तथा भाजपा में चांदपुर की पूर्व विधानसभा प्रभारी आदि के पद पर रह चुकी हैं। कार्यक्रम का संचालन बिजनौर क्लब की प्रेसीडेंट पूजा ने किया। इस मौके पर क्लब की सचिव नीति सरीन, सीमा, खुशबू, सोनी, राखी, दीप्ति, विशाखा , कनक, अंजना आदि महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

माई नहीं रहीं; सिंधुताई सपकाल: संघर्ष गाथा और कोमल कथा

“अनाथों की मां” सिंधुताई सपकाल नहीं रहीं। उनके असमय निधन का पहला संदेश-‌”सिंधुताई सपकाल गुजर गई” रात करीब 10:15 बजे नासिक की सामाजिक कार्यकर्ता श्रद्धा श्रंगारपुरे से मिला। संदेश आते ही दिल धक। ऐसे संदेश पर एकबारगी भरोसा कैसे हो? तुरंत फोन मिलाया। पूछा-कब और कैसे? जवाब आया-“इतनी ही सूचना है। सोचा आपसे शेयर करूं।” मन बेचैन। बाद में मैसेज पर मैसेज और उस मनहूस सूचना पर यकीन करना मजबूरी बन गई।
सिंधु ताई का जीवन संघर्षों से भरा रहा लेकिन स्त्री मन की कोमलता आजीवन जीवंत रही। संघर्षों की आग में तपकर कुंदन बनकर देश-दुनिया में चमकीं सिंधुताई ने अपनी कोमलता पर कभी आंच नहीं आने दी। सिंधुताई सच्चे अर्थों में सामाजिक कार्यकर्ता थीं। नाम की नहीं काम की। संघर्षों से मिली अपनी जीत  उन्होंने समाज को समर्पित कर दी।
सिंधुताई के जीवन का वह सबसे बुरा दौर था, जब उन्हें अपने माता-पिता ने पांचवी के बाद पढ़ाने से मना कर दिया। पढ़ने का शौक जिंदा दफन हो गया। 10 वर्ष की उम्र में अपने से 10 साल बड़े युवक से “नाथ” दिया गया था। यानी फेरे करा दिए गए। तब उन्हें “शादी” शब्द का अर्थ तक नहीं मालूम था। ससुराल में पति के प्यार की बजाए दुत्कार-मार मिली। वनाधिकारियों-ग्राम पंचायत कर्मियों की साजिश पर गर्भावस्था के अंतिम पायदान पर पति ने मारपीट कर बेहोशी हालत में गाय के तबेले में फेंक दिया। वहीं उन्होंने नवजात को जन्म दिया। नवजात की हिफाजत के लिए कुछ दिन श्मशान में भी बिताए। उनका अपराध सिर्फ इतना था कि घर के गोवंशों के गोबर पर अपना हक माना और वनाधिकारियों की आपत्तियों को दरकिनार किया।
सिंधुताई “अनाथों की मां” ऐसे ही नहीं जानी-मानी गईं। नवजात बच्ची के साथ अपने जीवन का संघर्ष भरा सफर शुरू करने वाली सिंधु ताई ने ट्रेनों में भीख मांगी। अपनी खुद की दुधमुंही बेटी को दूसरे को गोद देकर अनाथ बच्चों को गले लगाया। भीख मांग कर मिलने वाले भोजन को उन्हीं के साथ मिल बैठकर खाया। उनके मन की कोमलता ही थी कि धीरे-धीरे यह अनाथ बच्चे ही उनके “अपने” होते गए। मांग कर खुद खाने और अनाथ बच्चों का पेट भरने से सिंधुताई का सामाजिक काम का शुरू हुआ सिलसिला पुणे में “सन्मति बाल निकेतन संस्था” के रूप में सामने आया। इस संस्था को सिंधुताई आश्रम मानती थीं। बिना सरकारी मदद के अपने सीमित संसाधनों से संस्था में धीरे-धीरे अनाथ बच्चों की संख्या बढ़ती गई। जिस सिंधुताई को उनके अपने परिवार और ससुराल ने ठुकरा दिया था, उन सिंधुताई के अपने इस “परिवार” में ढाई हजार लोगों से ज्यादा सदस्य हैं। सिंधु ताई की कोमल परवरिश से अनाथ बच्चे आश्रम में पले ही नहीं, पढ़े और बढ़े भी। उनके पाले और पोसे हुए कई अनाथ बच्चे पढ़ लिखकर लायक बन गए। कोई यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बना कोई लायर और कोई इंजीनियर। एक ने तो बाकायदा उन पर रिसर्च भी की।

पति को बेटा मानकर आश्रम में दिया आश्रय

सिंधुताई की संघर्ष की गाथा से भी बड़ी है कोमल कथा। अपने आत्मबल से संघर्षों की जंग जीत का समाज में “अनाथों की मां” के रूप में प्रतिष्ठापित हो चुकी सिंधुताई के लिए वह दिन एक अजीब कशमकश के साथ गुजरा जब उन्हें गर्भावस्था में लात से मारकर घर से निर्वासित करने वाले पति ने आश्रम में आश्रय मांगा। कोमल मन वाली सिंधुताई ने पति के उस अनुरोध को ठुकराया नहीं। बस एक शर्त सामने रखी-“बेटे के रूप में रहना चाहो तो रह सकते हो”। सिंधुताई के लिए अनाथ बच्चे ही उनका सब कुछ थे। अपने सभी संबंध उन्होंने “खत्म” मानकर नया जीवन शुरू किया लेकिन कोमलता फिर भी मरने नहीं दी। शर्त स्वीकार करने पर उन्होंने पति को आश्रम में आश्रय भी दे दिया। वह आज भी आश्रम में आश्रय पाए हुए हैं।

पिंक कलर से प्रेम..
सिंधुताई को देश और विदेश में मंचों से सुनने वाले यह सुनते ही रहे हैं। पिंक कलर से उन्हें कुछ ज्यादा ही प्रेम था। ज्यादातर साक्षात्कार में उनसे पिंक कलर की साड़ी पहनने के बारे में प्रश्न पूछे जाते थे। हर बार उनका हंसते हुए एक ही जवाब होता था-“जीवन में बहुत काला हुआ है रे! अब तो गुलाबी रहने दो”। सिंधुताई से पहली और आखरी बार मिलने का संयोग रायबरेली में वर्ष 2017 में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति कार्यक्रम में पधारने पर ही हुआ। इसके पहले उनके समाजसेवा के किस्से ही सुन रखे थे। समिति का “डॉ. राम मनोहर त्रिपाठी लोक सेवा सम्मान” उन्हें समर्पित किया गया था। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सिंधुताई सुबह 5 बजे पुणे से चली थीं। दत्तक पुत्र विनय सपकाल साथ आए थे।  करीब 12 घंटे बाद शाम 5 बजे रायबरेली पहुंचने पर होटल में उनके इस्तकबाल और आशीर्वाद के लिए हमने जिस साड़ी में उन्हें देखा था, गुलाबी रंग की ही थी। वही साड़ी पहनकर वह कार्यक्रम में पधारीं और दूसरे दिन घर पर विदाई के क्षणों में भी पिंक कलर की उसी साड़ी को पहने हुए पाया। उन्हें रंग से प्रेम था। परिधान से नहीं।

जल्दी करो नहीं तो भगवान नाराज हो जाएंगे..
सिंधुताई सपकाल विधिवत और पारंपरिक पूजा की पक्षधर कभी नहीं रही। उनके लिए आजीवन कर्म ही पूजा रहा। कर्म को पूजा मानने का फल ही था कि उनके परिवार की सदस्य संख्या ढाई हजार से अधिक हो गई थी। इस बात का हमें ज्ञान नहीं था। महिला होने के नाते रायबरेली से विदाई के वक्त हमने गायत्री मंदिर के कुछ स्वयंसेवकों को बुला कर पूजा के प्रबंध किए। माई सिंधु ताई ने प्रबंधों को नकार कर हम सब का दिल नहीं तोड़ा। यह जरूर कहती रहीं-“बड़ा टाइम लग रहा है। जल्दी करो नहीं तो भगवान भी नाराज हो जाएंगे”। सिंधुताई के सम्मान में घर आए लोगों ने उनसे खूब आत्मीयता पाई और उपहार देकर छुपाने की कोशिश भी की।

माई से बड़ा कोई नहीं..
रायबरेली से विदाई के वक्त घर पर एक छोटी सी पार्टी रखने का रिवाज है। सुबह करीब 8:00 बजे थे, सिंधुताई घर पर पधारीं। गाड़ी से उतरते ही अपने प्रेम भरे अंदाज में बोली-“गौरव तू तो बहुत बड़ा आदमी है रे!”तब मेरे मुख से सहसा यही निकला था-“माई से बड़ा कोई नहीं”। उनके रहते उनके आश्रम को देखने सुनने और समझने का बहुत मन था लेकिन अचानक उनकी असमय विदाई से यह सपना चूर-चूर हो गया।

ऐसी माई सिंधुताई को शत-शत नमन!

∆ गौरव अवस्थी “आशीष”
    रायबरेली/उन्नाव

भाजपा महिला मोर्चा ने कराया नारी शक्ति का अहसास

भाजपा महिला मोर्चा के सम्मेलन में दिखी महिला शक्ति
बिजनौर। भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित जिला स्तरीय सम्मेलन में नारी शक्ति का अहसास हुआ।

इस अवसर पर विधायक अशोक राणा ने कहा कि सरकार की उपलब्धियों से विपक्ष पूरी तरह से परेशान है। विपक्ष कोई भी चाल चल ले, पर प्रदेश की जनता कामयाब नहीं होने देगी। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फिर से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने को जा रही है। उन्होंने महिलाओं को एक
होकर भाजपा के पक्ष में वोट दिलाने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने अपनी शक्ति को पहचान लिया है।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश की जन कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में बताया। भाजपा राज में न केवल अपराध कम हुए हैं, बल्कि महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। सरकार सबको साथ लेकर जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर विकास करा रही है।
चांदपुर विधायक कमलेश सैनी ने भी महिलाओं से पूरी ताकत के साथ भाजपा का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया। पालिकाध्यक्ष राजू गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक ताकत की उत्तर प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार
बनाएगी। नौगांवा विधायक संगीता चौहान ने कहा कि अब महिलाओं ने अपनी शक्ति को पहचान लिया है। प्रदेश मंत्री मोनिका चौधरी, क्षेत्रीय मंत्री अंजू चौधरी, जिला अध्यक्ष मोनिका यादव, जिला मंत्री योजना गुप्ता, रचना पाल, अनीता चौहान, विनीता सैनी, पूर्व जिला अध्यक्ष सुमन त्यागी, जिला महामंत्री भूपेंद्र बॉबी, अनामिका जैन, भारतीय गौड़, हरजिंदर कौर, रजनी कालरा, ब्लाक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान, आकांक्षा चौहान, विनीता शर्मा, उज्जवल चौहान, लवी शर्मा, राकेश चौधरी, महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष गार्गी अग्रवाल आदि रहे।

सम्मेलन को सफल बनाने में जिला उपाध्यक्ष गार्गी अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा। इससे पूर्व कार्यकर्ताओं ने अतिथियों को तलवार भेंट कर, शॉल ओढ़ा कर एवं पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। संचालन अनामिका जैन व भारती गौड़ ने किया।

जालौन की चेतना शर्मा राजनीतिक कद बढ़ा

लखनऊ। जनपद जालौन के माधौगढ कस्बे में जन्मी एवं विभिन्न प्रांतों में सामाजिक गतिविधियों में किरदार निभाने वाली श्रीमती चेतना शर्मा को उनके सामाजिक व सांगठनिक योगदान को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा सक्रिय सदस्यता प्रदान कराते हुए प्रदेश कार्यालय पर शामिल किया गया।

इस मौके पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान में ज्वाइनिंग कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी, प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह, एमएलसी गण सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए ।
ज्वाइनिंग कमेटी के अध्यक्ष श्री बाजपेयी ने बताया कि श्रीमती चेतना का पार्टी की गतिविधियों में कई वर्षों से सराहनीय योगदान रहा है। वर्ष 2014 एवं 2019 के लोकसभा चुनावों में महिलाओं के साथ सहभागिता कर पार्टी हित में उन्होंने उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में व्यापक प्रचार प्रसार किया है एवं अब निश्चित ही सक्रिय सदस्य के तौर पर वह जनपद जालौन, बुंदेलखंड सहित प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करेगी।


उल्लेखनीय है कि छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से जैव सूचना विज्ञान में परास्नातक करने के उपरांत उन्होंने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद में शैक्षिक योगदान दिया है । 2007 से 2014 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हुए दिल्ली एवं उत्तराखंड में कार्य किया । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेविका समिति की सदस्य के तौर पर भूमिका निभाते हुए विद्या भारती के संगठन मंत्रियों के साथ महाकौशल प्रांत एवं प्रयागराज परिक्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों के उत्थान एवं भारतीय शिक्षा संस्कृति के प्रसार हेतु योगदान किया है।
श्रीमती चेतना शर्मा का जन्म माधौगढ के उदैनिया परिवार में हुआ है। आपके बाबा स्वर्गीय पंडित शारदा प्रसाद उदैनिया गांधी महाविद्यालय में प्रोफेसर रहे एवं पिता स्वर्गीय डा. शशि कुमार उदैनिया माधौगढ व विधूना में चिकित्सक रहे। श्रीमती चेतना शर्मा के पति राजेश कुमार शर्मा भारतीय सिविल सेवा 2011 बैच के रेलवे अधिकारी हैं एवं वर्तमान में मंडल रेल प्रबंधक कार्मिक प्रयागराज के पद पर पदस्थ हैं। श्री राजेश शर्मा रामपुरा कस्बे में जन्मे हैं एवं श्री आनंद प्रकाश दीवौलिया सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी वाणिज्य कर, उरई के पुत्र हैं। वह 2010 में उत्तर प्रदेश व बुंदेलखंड से राजस्थान राज्य प्रशासन में आर ए एस के पद पर चयनित होकर जनपद जालौन को गौरवान्वित कर चुके हैं एवं उपमहाप्रबंधक पश्चिम मध्य रेल सहित राज्य एवं केन्द्र के तेजतर्रार अधिकारियों में गिने जाते हैं ।
श्रीमती चेतना शर्मा द्वारा अनुभूति मानव सेवा एवं अन्य संगठनों के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चियों को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बढावा देने के साथ आदिवासी बच्चों के हित में प्रशंसनीय कार्य किया गया है। साथ ही जनपद की समस्याओं का विशेषकर बंजर क्षेत्र पर ऊर्जा व कृषि एवं परिवहन संबंधी अध्ययन करते हुए प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर कई शीर्ष मंचो तक लाकर क्षेत्र के शैक्षणिक एवं तकनीकी विकास हेतु वह निरंतर प्रयासरत रही हैं ।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेश कार्यालय पर जनपद जालौन से सक्रिय तौर पर श्रीमती चेतना शर्मा को मिली जिम्मेदारी निश्चित ही पार्टी को मजबूत करेगी एवं क्षेत्र के विकास में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर जनपद से भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी व क्षेत्र के विकास हेतु उनकी सक्रिय सदस्यता पर पार्टी के निर्णय का स्वागत किया। श्रीमती चेतना शर्मा के द्वारा प्रदेश कार्यालय पर मीडिया से बात करते अपने गृह जनपद जालौन के सभी कार्यकर्ताओं में विश्वास व्यक्त करते हुए उनका सहयोग व आशीर्वाद साथ लेते हुए क्षेत्र के विकास व पार्टी को मजबूत करने का संकल्प लिया एवं प्रदेश अध्यक्ष, सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद लेते हुए आभार प्रकट किया।

बेटियां स्वावलंबी होने के साथ ही सीखेंगी आत्मरक्षा का हुनर

लखनऊ। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मलिहाबाद में तीन दिवसीय गाइड शिविर का आयोजन सोमवार को किया गया। 13 दिसंबर से 15 दिसंबर तक आयोजित किए जाने वाले शिविर का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी मलिहाबाद संतोष मिश्रा द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि संतोष मिश्रा ने बालिकाओं द्वारा लगाए गए शिविर का निरीक्षण किया। उनसे गाइड के संबंध में सवाल पूछे बालिकाओं द्वारा गाइड शिविर में बनाए गए पकवान भी देखे और चखे गए। शिविर के प्रथम दिवस के अंत में शिक्षा अधिकारी मलिहाबाद ने बालिकाओं से गाइड शिविर के बारे में विस्तार से चर्चा की तथा उनका उत्साहवर्धन किया। बालिकाओं द्वारा प्रेरणा गीत पिरामिड मार्च पास्ट के कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए जो अत्यधिक सराहनीय थे।

विद्यालय की वार्डन नीलिमा सिंह ने बताया कि इस तीन दिवसीय शिविर से बालिकाओ को काफी लाभ होगा। लड़कियां स्वावलंबी होने के साथ ही आत्मरक्षा के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगी। इस अवसर पर
वार्डन नीलिमा सिंह के अलावा गुंजन सक्सैना, पुष्पांजलि दुबे, सुमि श्रीवास्तव, सुनीता मौर्या, नसरीन जमाल तथा मिथिलेश उपस्थित रहे।

आकांक्षा चौहान के नेतृत्व में सौ ट्रैक्टरों का काफिला बिजनौर रवाना

आकांक्षा चौहान ने कराया ताकत का अहसास। उनके नेतृत्व में सौ ट्रैक्टरों का काफिला बिजनौर रवाना।


नूरपुर/बिजनौर। सोमवार को बिजनौर में आयोजित भाजपा किसान रैली में ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान ने सौ ट्रैक्टरों के काफिले के साथ रवाना होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।


नूरपुर क्षेत्र पंचायत प्रमुख निर्विरोध चुने जाने के बाद भाजपा नेत्री आकांक्षा चौहान ने 24 नूरपुर विधान सभा सीट से ताल ठोक दी है। सोमवार को बिजनौर के प्रदर्शनी मैदान में प्रस्तावित भाजपा किसान रैली में आकांक्षा चौहान ने सौ ट्रैक्टरों के काफिले के साथ रवाना होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। उनका काफिला ब्लॉक कार्यालय से रवाना हुआ। सबसे बडी बात ये है कि आकांक्षा चौहान स्वयं ट्रैक्टर चलाकर बिजनौर रवाना हुई। काफिले में भाजपा किसान मोर्चा के जिला मंत्री सतवीर चौहान, मोरना प्रधान उमेश शेखावत, पूर्व प्रधान गौरव त्यागी, बब्लू चौधरी, दिग्विजय सिंह, अनुज चौधरी,रामपाल सिंह,शाहनवाज हुसैन सहित सैकडो कार्यकर्ता रवाना हुए।

खासपुरा में गुरु नानक देव जी के प्रकाशपर्व पर सजा महान कीर्तन दरबार

वरिष्ठ पत्रकार गुणवंत सिंह राठौर की रिपोर्ट

खासपुरा में गुरु नानक देव जी के प्रकाशपर्व पर सजा महान कीर्तन दरबार। भव्य शोभायात्रा व अखाड़ों का हैरतअंगेज प्रदर्शन।


नूरपुर (बिजनौर) गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा गुरु नानक चौक खासपुरा के तत्वावधान में जगतगुरु श्री गुरु नानक देव जी के 552 वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में 90 वां सालाना महान कीर्तन दरबार सजाया गया। नगर में पंथ की मनमोहक झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
रविवार को नवनिर्मित गुरुद्वारा हाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में आयोजित अध्यात्मिक सत्संग समारोह में पंथ के विद्वान रागी भाई जसवेंदर सिंह अमृतसर, भाई बलबीर सिंह व जगजीत सिंह बबीहा चंडीगढ़ ने मधुर गुरुवाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। इसके अलावा कथावाचक रविंद्र सिंह अनमोल व दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के यूपी प्रचारक भाई बूटा सिंह ने श्री गुरुनानक देव जी जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके उपदेशों पर अमल करने का संदेश दिया। समारोह में गुरुघर के सेवकों को सरोंपा देकर सम्मानित किया गया। संचालन स्टेज सेकेट्री पूर्व प्रधानाचार्य कोमल सिंह ने किया। अरदास उपरांत पंज प्यारो की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में पंथ की मनमोहक झांकियां, अखाड़ा दल आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा और समूचे समारोह के दौरान हल्दौर थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह और पैजनिया चौकी इंचार्ज विनोद मिश्रा भारी पुलिस और पीएसी बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाने में तैनात रहे। समारोह में उपस्थित संगत ने गुरु का लंगर ग्रहण किया। समारोह के आयोजन में कमेटी के प्रधान सतपाल सिंह, सेक्रेटरी कुलदीप सिंह, खजांची रविंद्र सिंह रवि, आडीटर गुरमीत सिंह, अभिषेक सिंह, मा.जोगेंद्र सिंह आदि का सहयोग रहा।

समाज की प्रथम आईएएस अभिलाषा कौर को समाज रत्न से नवाजा
नूरपुर। समारोह में सिख समाज की प्रथम आईएएस चुनी गई अभिलाषा कौर को खालसा संगठन समिति सिख छावनी हैदराबाद के चेयरमैन भाग सिंह द्वारा समिति की ओर से शाल ओढाकर व शील्ड देकर सम्मानित करते हुए समाजरत्न की उपाधि से नवाजा गया। इसके अलावा गुरुद्वारा कमेटी की ओर से भी उन्हे सम्मानित किया गया। इस मौके पर अभिलाषा कौर ने उपस्थित संगत का उन्हें सम्मान देने के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनकी मंशा समाज की बेटियों को देश सेवा मे आगे लाने की है। समाज को उनकी इस सफलता पर गर्व है। बता दें कि इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर की प्रधान बीबी जागीर कौर द्वारा प्रतिनिधि मंडल और गुरु की नगरी श्री पटना साहिब के जत्थेदार भाई रणजीत सिंह द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। अभिलाषा कौर खासपुरा निवासी खालसा इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य कोमल सिंह की सुपुत्री हैं।

आकांक्षा चौहान ने बांटे 219 दिव्यांग बच्चों को उपकरण


नूरपुर (बिजनौर)। बीआरसी में समग्र शिक्षा अभियान व कानपुर एलिम्को के संयुक्त तत्वाधान में दिव्यांग उपकरण मापन शिविर का आयोजन गुरुवार को किया गया।
शिविर में मुख्यातिथि ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान द्वारा 219 दिव्यांग छात्र छात्रों को व्हीलचेयर, ट्राई साईकिल, क्लीपर आदि उपकरणों का वितरण किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख ने अपने संबोधन में दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। खंड शिक्षा अधिकारी प्रीति पाल की अध्यक्षता व लियाकत अली के संचालन में आयोजित शिविर में एलिम्को कानपुर से आए एक्पर्ट प्रामेश मिश्रा, ओमवीर सिंह, आनंद पाल के अलावा जूनियर हाईस्कूल के मुख्याध्यापक जाकिर हुसैन, कीर्ती जाहूल यादव,अंगजीत चौधरी आदि शामिल रहे।

बधाई हो बधाई.. खुशी है छाई..

बधाई हो बधाई.. खुशी है छाई..

हिंदीसेवी मंजु मिश्रा को अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अनुयाई परिवार के लिए बहुत ही गर्व और खुशी का दिन है।
अमेरिका में हिंदी का प्रचार-प्रसार करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता एवं आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिकी इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने “लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड” से सम्मानित किया है।


लखनऊ निवासी श्रीमती मंजु मिश्रा अमेरिका के कैलिफोर्निया में प्रवास कर रही हैं। अमेरिका में आप हिंदी के प्रचार प्रसार के साथ-साथ जरूरतमंदों की हर तरह से मदद करने को हर वक्त तत्पर रहती हैं। अमेरिका में कुछ मित्रों के साथ मिलकर वर्ष 2011 में श्रीमती मंजु मिश्रा ने विश्व हिंदी ज्योति नामक संस्था की शुरुआत की। यह संस्था अमेरिका के प्रवासी भारतीयों के बच्चों के साथ साथ अमेरिकी नागरिकों को भी हिंदी सिखाने का काम करती है। दो दशक से भी अधिक समय से कैलिफोर्निया में रह रहीं श्रीमती मंजु मिश्रा अमेरिका में अब तक हजारों भारतीय मूल के तथा गैर भारतीयों को हिंदी भाषा सिखा चुकी हैं।
अपने काम से यह संस्था आज काफी लोकप्रिय हो चुकी है। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले हिंदी संवर्धन के कार्यक्रमों में भारतीय काउंसलेट भी सहयोग करता है। हिंदी की उल्लेखनीय सेवा के लिए आपको वर्ष 2014 में विश्व हिंदी सेवा सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनका सपना है कि अमेरिका के स्कूलों में भी छात्रों के लिए विदेशी भाषा के रूप में हिंदी एक विकल्प हो। अपने इस सपने को पूरा करने में भी वह लगातार प्रयासरत हैं।


मंजु मिश्रा का जीवन पूर्ण रूप से समाज सेवा एवं हिंदी की सेवा को समर्पित है। श्रीमती मंजु मिश्रा उत्तर प्रदेश मंडल ऑफ अमेरिका (उपमा) की बोर्ड मेम्बर हैं तथा भारत में चलने वाले संस्था के कार्यक्रमों का काम-काज देखती हैं। प्रवासी भारतीय नीलू गुप्ता द्वारा द्वारा गठित उपमा संस्था उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बच्चों की पढ़ाई और जरूरतमंदों की आर्थिक मदद सुनिश्चित करती है। इस संस्था के प्रोजेक्ट बुंदेलखंड रीजन के चित्रकूट एवं निसवारा में संचालित हो रहे हैं। एक प्रोजेक्ट साईधाम (फ़रीदाबाद- हरियाणा) में भी चल रहा है। कोरोना संकट के दौरान भी उत्तर प्रदेश मंडल ऑफ अमेरिका (उपमा) ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जरूरतमंदों के लिए 20 लाख से अधिक रुपए भेजें। इस आर्थिक मदद से विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। भोपाल की सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती माया विश्वकर्मा की संस्था सुकर्मा को भी श्रीमती मंजु मिश्रा ने आई.सी. सी ट्राई वैली के माध्यम से मास्क सेनीटाइजर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराई थी। कोरोना संकट के दौरान उपमा के किए गए प्रयासों की अभी हाल ही में गौरव अवस्थी द्वारा संकलित और संपादित कोरोना योद्धाओं के काम पर केंद्रित पुस्तक “ताकि सनद रहे” में भी प्रमुखता से चर्चा हुई है। नारिका नाम की संस्था जो सैन फ़्रैन्सिस्को बे एरिया में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए काम करती है उसके साथ बोर्ड मेम्बर के रूप में जुड़ कर आप भारतीय महिलाओं की मदद करने का काम भी कई वर्षों से कर रही हैं ।
श्रीमती मंजु मिश्रा को हिंदी साहित्य में भी महारत हासिल है। उनका एक काव्य संग्रह “जिंदगी यूं तो”प्रकाशित हो चुका है। 50 से अधिक संग्रहों एवं विभिन्न ई-पत्रिकाओं में भी आपकी कविता और कहानियां प्रकाशित हो चुकी हैं।
आपकी मातृभाषा और सामाजिक सेवा को देखते हुए ही आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की ओर से वर्ष 2017 में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी युगप्रेरक सम्मान से रायबरेली के भव्य समारोह में सम्मानित किया गया था। तभी से आप मातृभाषा हिंदी के साथ-साथ आचार्य द्विवेदी स्मृति संरक्षण अभियान को भी अपना संरक्षण-सहयोग-स्नेह प्रदान कर रही हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन द्वारा लाइव टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्राप्त होने पर श्रीमती मंजु मिश्रा को आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत इकाई एवं हिंदी प्रेमियों की तरफ से बहुत-बहुत बधाई। आप का सानिध्य पाकर हम सब गौरवान्वित हैं। आप ऐसे ही सामाजिक कार्य और सात समंदर पार मातृभाषा हिंदी को पुष्पित पल्लवित करती रहें, यही सच्ची राष्ट्र सेवा है। यही राष्ट्रीय धर्म है। यही भारतीय समाज का मर्म है।

हम सब हिंदी प्रेमी भी आपके स्वास्थ्य सार्थक और दीर्घ जीवन की कामना करते हैं।

गौरव अवस्थी “आशीष”
रायबरेली/उन्नाव

कलियुग के रावणों से अपनी सीता बचा लो..

कलियुग के रावणों से अपनी सीता बचा लो..

मैं अपने बुजुर्गों की आन-बान-शान का
पल्लू कभी भी सर से सरकने नहीं दूँगी..

सृजन की भूमिका में हूं, सृजन करना ज़रूरी है…

कवि सम्मेलन
-आचार्य स्मृति दिवस के दूसरे सत्र में देर रात तक बही काव्य रस की धारा।
-देश की नामचीन कवयित्रियों की कविताओं पर तालियों से गूंजता रहा सभागार।

रायबरेली। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति दिवस के दूसरे सत्र में देश की नामचीन कवयित्रियों ने अपनी रचनाएं सुना कर समां बांध दिया। भाव विभोर हुए श्रोताओं की तालियों से सभागार गूंजता रहा।


आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति में स्थानीय फिरोज गांधी कालेज सभागार में संपन्न हुए कार्यक्रम में नई दिल्ली से प्रख्यात कवियत्री श्रीमती सरिता शर्मा, श्रीमती पद्मिनी शर्मा, रीवां से डॉक्टर निधि सिंह और सिंगरौली मध्य प्रदेश से विजय लक्ष्मी शुक्ला संवेदना पधारीं। समिति की ओर से छाया शुक्ला, गीता पांडे, प्रतिमा बाजपेई और सुनीता पांडे ने कवयित्रियों का माला पहनाकर प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया।

कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए सरिता शर्मा ने पढ़ा-
“चलाओ तीर तुम, मुझको सहन करना ज़रूरी है
ज़हर हो या कि अमृत, आचमन करना ज़रूरी है
विधाता ने मुझे जननी बनाकर जग में भेजा है
सृजन की भूमिका में हूं सृजन करना ज़रूरी है।”
उनकी रचनाएं सुन कर श्रोता वाह वाह कर उठे। सभागार तालियों से गूंज उठा।


इसके बाद डॉ निधि सिंह ने जैसे ही स्वर और लाइन में अपनी यह रचना सुनाई-
” जो व्याप्त विश्व के कण कण में ईश जान लेते हैं
बन अग्रदूत जनहित विष भी अमिय मान लेते हैं
कर वरण लोक मंगल पथ कब अपनी ओर निहारा
ज्योतिर्मय हो जग सारा, ज्योतिर्मय हो जग सारा” श्रोता भाव विभोर हो गए।


गुरुग्राम से आईं प्रख्यात कवियत्री श्रीमती पद्मिनी शर्मा ने अपनी इस कविता-
“भारत की संस्कृति परम् पुनीता बचा लो
कर्मो की अदालत में अपनी गीता बचा लो
मन्दिर तो आजकल में बन ही जायेंगे मगर
कलियुग के रावणों से अपनी सीता बचा लो” से समां बांध दिया।


सिंगरौली से आई विजय लक्ष्मी शुक्ला “संवेदना” ने “दर्पण भी वफ़ा का मैं दरकने नहीं दूँगी
पानी कभी भी आँख का मरने नहीं दूँगी
मैं अपने बुजुर्गों की आन-बान-शान का
पल्लू कभी भी सर से सरकने नहीं दूँगी” सुनाकर सभी का दिल जीत लिया।

देर रात तक चले कवि सम्मेलन का सभी श्रोताओं ने भरपूर आनंद लिया।


अंत में समिति के महामंत्री अनिल मिश्र ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर संरक्षक रघुनाथ प्रसाद द्विवेदी, डॉ सुशील चंद्र मिश्रा, शिक्षक नेता लल्लन मिश्र, प्रमोद अवस्थी, ठाकुर प्रसाद सिंह, विजय शंकर अग्निहोत्री, रामेंद्र मिश्रा, राकेश कक्कड़, कृष्ण मनोहर मिश्र, ओपी सिंह, बैंक कर्मचारी नेता विनोद शुक्ला, राजेश द्विवेदी, अमित सिंह, आशू शुक्ला, दीपक तिवारी, शशिकांत अवस्थी, वीरेंद्र विक्रम सिंह, बसंत सिंह बग्गा, डीबी सिंह, पुष्पराज सिंह आदि मौजूद रहे।

न्यायपालिका में?, सभी जगह महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं-अशोक मधुप


न्यायपालिका में ही, सभी जगह महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं


सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमण ने पिछले दिनों महिला वकीलों से आह्वान किया कि वे न्यायपालिका में 50 फीसदी आरक्षण की अपनी मांग को जोरदार ढंग से उठाएं। सीजेआई ने यह भी आश्वस्त किया कि उन्हें उनका पूरा समर्थन है। प्रश्न उठता है कि महिलाएं न्यायपालिका में ही क्यों 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग करें। देश की सभी सेवाओं और विधायिका में क्यों नहीं 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग करें। आधी दुनिया उनकी है तो अपने हिस्से का आधा आसमान उन्हें क्यों नहीं दिया जाताॽ    
नौ नवनियुक्त न्यायाधीशों के शीर्ष कोर्ट की महिला वकीलों द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सीजेआई ने यह अहम बात कही। सीजेआई रमण ने कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि आप रोएं, लेकिन आप गुस्से से चिल्लाएं और मांग करें कि हम 50 फीसदी आरक्षण चाहते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा, ‘यह अधिकार का मामला है, दया का नहीं। मैं देश के लॉ स्कूलों में महिलाओं के लिए निश्चित मात्रा में आरक्षण की मांग का भी समर्थन करता हूं, ताकि वे न्यायपालिका में आ सकें’। 

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमण ने न्यायपालिका में महिला वकीलों को 50 प्रतिशत आरक्षण की बात कही। प्रश्न यह है कि यह मांग न्यायपालिका तक ही सीमित क्यों रहे। महिलाएं जब आधी दुनिया हैं। आधी आबादी हैं। समाज का आधा हिंस्सा है, तो सभी क्षेत्र में आधी आबादी की बात होनी चाहिए। आधा आरक्षण देने की बात करनी  चाहिए थी। आसमान के आधे हिस्से पर उनका हक होना  चाहिए।
जब दुनिया के साथ ही भारत में महिलाओं की आधी आबादी है। तो उस पूरी आधी आबादी के लिए सेवाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग क्यों नहीं होती? उसे उसका आधा हिस्सा क्यों नहीं मिलताॽ 

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी कहा कि वह उत्तर प्रदेश विधान सभा में महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देंगी। उन्होंने कहा कि वह तो  50 प्रतिशत  महिलाओं को टिकट देना चाहती थीं, किंतु मजबूरी है। हो सकता है कि अगली बार 50 प्रतिशत को भी टिकट दिया जा सकता है।   
एक ओर दावे यह हैं, वहीं हमारे राजनेता तो विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत भी आरक्षण  देने को तैयार नहीं।  2008 से विधायिका में महिलाओं का 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला लंबित है। राज्य सभा में पारित हो जाने के बाद भी कुछ राजनैतिक दलों के रवैये के कारण से ये बिल संसद में पारित नही हो सका।
प्रश्न यह है कि महिलाएं न्यापालिका में ही 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग क्यों करें। सभी सेवाओं में आरक्षण की मांग करें। सेना में अभी तक महिलाओं को प्रवेश नहीं था। न्यायालय के आदेश के बाद केंद्र सरकार को महिलाओं के लिए सेना के द्वार खोलने पड़े। आज ये हालत है कि देश की युवतियां लड़ाकू विमान उड़ा रहीं हैं। टोक्यो ओलम्पिक में भारत को मिले कुल पदकों में बेटियों का प्रतिशत 42.85 रहा जो अब तक का रिकॉर्ड है। त्रिस्थानीय पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत स्थान आरक्षित है। इसके बावजूद विजयी महिलाओं के कार्य उनके पति ही देखते हैं। अधिकांश विजेता महिला जन प्रतिनिधि स्वयं निर्णय लेने की हालत में नहीं होती। लेखक की एक परिचित महिला सांसद और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री रहीं। किंतु उनका सारा कार्य उनके पति ही करते। पत्नी की ओर से पत्र भी वही लिखते हस्तक्षर भी वही करते रहे हैं। महिलाओं को हम तब आगे लाते हैं, जब आरक्षण या किसी मजबूरी के कारण हमारी दाल नहीं गलती। लालू यादव अपनी पत्नी राबडी देवी को मुख्यमंत्री पद खुशी से नहीं देते। जब उनकी कुछ नहीं चलती, तभी मजबूरी में ही वे उन्हें मुखयमंत्री बनाते हैं। महिलाओं का आरक्षण देने के साथ हमें उन्हें आत्मनिर्भर भी करना होगा। उनके हिस्से का आधा आसमान उन्हें सौंपना  ही होगा। ऐसाकर हम उन पर कोई अहसान नहीं करेंगे, उनका हक ही उन्हे देंगे।
 

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं) 

BJP सदस्यता अभियान में संजू प्रधान व गार्गी अग्रवाल को जिम्मेदारी

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कमर कस ली है। इसी परिप्रेक्ष्य में जिला उपाध्यक्ष श्रीमती संजू प्रधान को सदस्यता अभियान का जिला संयोजक व जिला अध्यक्ष श्रीमती गार्गी अग्रवाल को जिला सह संयोजक घोषित किया गया।

श्रीमती संजू प्रधान

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की बैठक जिला कार्यालय पर सम्पन्न हुई। बैठक में महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती मोनिका यादव ने सभी बहनों को भाजपा के सदस्यता अभियान के बारे में जानकारी दी। सभी से बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने को कहा गया।

श्रीमती गार्गी अग्रवाल

इस अवसर पर श्रीमती संजू प्रधान, जिला उपाध्यक्ष को सदस्यता अभियान का जिला संयोजक और श्रीमती गार्गी अग्रवाल जिला अध्यक्ष को जिला सह संयोजक घोषित किया गया। सभी जिला पदाधिकारी बहनों को जिले की आठों विधानसभावार संयोजिका और सह संयोजिका भी घोषित किया गया ।

बैठक में जिला महामंत्री भारती गौड, जिला उपाध्यक्ष विनोद मलिक, जिला मंत्री सहिता सैनी व नीतू अग्रवाल, सोशल मीडीया प्रभारी डिम्पल सिंह और मीडीया प्रभारी शीला राणा उपस्थित रहीं।

गुदड़ी के लाल-करेंगे कमाल..एक दिन

गुदड़ी के लाल-करेंगे कमाल..एक दिन

रूबरू के बच्चों से रू-ब-रू होना…गौरव अवस्थी “आशीष”
रायबरेली/उन्नाव

लखनऊ की सामाजिक संस्था “रूबरू एक्सप्रेस” महिलाओं खासकर गृहणियों की बनाई और चलाई जा रही है। कभी किटी पार्टी में व्यस्त रहने वाली महिलाएं पिछले 3 साल से जानकीपुरम और उसके आसपास के गरीबों के बच्चों को पढ़ा-बढ़ा रही हैं। अब इन महिलाओं के मनोरंजन का पैसा और समय दोनों बच्चों का भविष्य गढ़ने में खर्च हो रहा है। गरीबों के 8 बच्चों से यह सिलसिला कभी पार्क के खुले मैदान में और कभी बांके बिहारी कुंज के बेसमेंट में फटी चटाइयों, गांव में कुछ मिली स्टेशनरी से शुरू हुआ था। आज इस केंद्र में गुदड़ी के 60 लाल शिक्षा और संस्कार दोनों साथ-साथ गृहण करते हुए बड़े हो रहे हैं। घर के कामकाज करते हुए यह महिलाएं बच्चों में छिपी प्रतिभाओं को निखार कर उनके भविष्य का सुखद और सफल मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।


इन महिलाओं की मुखिया हैं, पंजाब नेशनल बैंक ब्रांच मैनेजर मुकेश वार्ष्णेय की बहुमुखी प्रतिभा की धनी धर्मपत्नी श्रीमती कल्पना वार्ष्णेय। उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं अलका गुप्ता (सचिव), सविता वार्ष्णेय, मधुलिका गुप्ता, शालिनी कपूर, सुधा वार्ष्णेय, प्रीति तिवारी, नम्रता, ममता गुप्ता, किरण गुप्ता, सरिता, ज्योति खरे एवं कृति वार्ष्णेय। मुकेश वार्ष्णेय, राजीव वार्ष्णेय, संजीव गुप्ता, राजीव श्रीवास्तव, यूएस अवस्थी, अमरनाथ मिश्रा, विकास मेहरोत्रा, आकाश उनके घर की दहलीज लांघ कर बच्चों का भविष्य बनाने निकली महिलाओं का कदम से कदम मिलाकर साथ देकर काबिले तारीफ काम कर रहे हैं।


कभी लखनऊ जाएं तो महिलाओं के प्रयास को अपनी आंखों से देखें जरूर। संस्था के तीसरे स्थापना दिवस पर इन मातृ शक्तियों और गुदड़ी के लालों से हमें भी मिलने का मौका मिला। झोपड़ी, कच्चे घरों, दूसरे के प्लाट में छप्पर डालकर रह रहे परिवारों के इन बच्चों- पूजा, प्राची, नीलू, मनीषा, मुस्कान, शिवांश, उर्मिला, यश में गजब की प्रतिभा के दर्शन हमने भी किए। छोटे-छोटे बच्चे नन्हे हाथों से पोस्टर बना कर लाए। बच्चों की कढ़ाई के एक से बढ़कर एक नमूने देखने को मिले। शिक्षा संस्कार बीज रोपना तो महिलाओं का प्रमुख ध्येय है ही। भोजन के पहले मंत्र उच्चारण। स्कूल छोड़ने के पहले प्रार्थना। सुमधुर स्वर में गीतों की प्रस्तुतियां हम सबका मन मोहने वाली रहीं। मात्र 3 दिन की तैयारियों में लघु नाटिका प्रभावी और आकर्षक प्रस्तुति आसान नहीं थी, लेकिन इस केंद्र पर बच्चों ने अपनी प्रस्तुति से शानदार-जानदार प्रतिभा का परिचय प्रस्तुत किया। एक स्कूल संचालक होने के नाते भी हम जानते हैं कि छोटे बच्चों की स्टेज पर प्रस्तुति के समय शिक्षिकाएं नीचे से डायरेक्शन देती रहती हैं, लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं था। बच्चों के प्रभाव का ही परिणाम था कि लघु नाटिका के एक दृश्य के बीच हम भी पात्र के रूप में प्रस्तुत हो गए। ऐसे रूबरू शिक्षा संस्कार केंद्र के दो बच्चों-अभिषेक वाल्मीकि और आर्यन साहू ने आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत और अमेरिका इकाई द्वारा संयुक्त रुप से हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 11 सितंबर 2021 को पहली बार ऑनलाइन आयोजित की गई अंतर्राष्ट्रीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किए थे। पूरे आत्मविश्वास के साथ इन दोनों बच्चों ने अपनी कविताएं प्रस्तुत कर सबको चौंका दिया था। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रतिभा के बल पर ही इन बच्चों ने यह स्थान प्राप्त किया होगा। किसी कृपा की बदौलत नहीं। इनके द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने के निर्णायक और कोई नहीं 120 साल पुरानी पत्रिका "सरस्वती" के वर्तमान प्रधान संपादक प्रोफ़ेसर देवेंद्र शुक्ल थे। बच्चों की पारिवारिक परिस्थिति ऐसी नहीं है कि वह स्कूली शिक्षा ग्रहण कर पाएं। अभिषेक वाल्मीकि के पिता मुकेश वाल्मीकि मूल रूप से बाराबंकी के रहने वाले हैं और जानकीपुरम में ही स्थित एक नर्सिंग होम में सफाई कर्मी के तौर पर कार्यरत हैं। नर्सिंग होम के मालिक द्वारा ही दी गई जगह पर कच्चा घर बनाकर परिवार के साथ रहने वाले मुकेश वाल्मीकि का यह सुयोग्य पुत्र अभिषेक केवल कविता करना ही नहीं जानते। उसके अंदर अन्य तमाम प्रतिभाएं छिपी हुई हैं। रूबरू के प्रयासों से यह प्रतिभाएं अंकुरित होकर सामने भी आने लगी हैं। रूबरू शिक्षा संस्कार केंद्र की प्रेरणा से ही इस वर्ष सरकारी विद्यालय में कक्षा 5 में वह पढ़ाई कर रहा है। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले आर्यन साहू के पिता चेतराम राजमिस्त्री है और मां सोनी गृहणी। मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले चेतराम जानकीपुरम में ही किसी के खाली पड़े प्लाट में कच्चा घर बना कर गुजर-बसर करते हैं। रूबरू के प्रयासों का ही फल है कि आर्यन भी कक्षा चार में एडमिशन ले पाया है।

आर्यन की स्वरचित कविता पढ़िए-
“देश से प्यार”
अब कोई ना आगे आए
ना हम से टकराए
हमें देश से इतना प्यार
अपना झंडा हम फहराएं
दुश्मन को हम मजा चखाएं
अपनी धरती पर मिट जाएं
और देश की शान बढ़ाएं

अभिषेक की स्वरचित कविताओं की चंद लाइन-
आज तिरंगा फहराता है अपनी पूरी शान से
हमें आजादी मिली शहीदों के बलिदान से
आजादी के लिए हमारी लंबी चली लड़ाई थी
लोगों ने प्राण की कीमत बड़ी चुकाई थी
व्यापारी बनकर आए और छल से हम पर राज किया
हम को आपस में लड़ाने की नीति अपनाई थी
हमने अपना गौरव पाया अपने स्वाभिमान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से..”

गुदड़ी के इन लालों द्वारा लिखी गई यह कविताएं शब्द शिल्प में आपको भले कमजोर लगें लेकिन भाव इसमें भरपूर है। इन कविताओं के वाचन की प्रस्तुति भी आपको आश्चर्य में डालने वाली लगेगी। अंतस से निकली कविताएं यह साबित करने के लिए काफी हैं कि यह बच्चे भविष्य में हमारी-आपकी-सबकी शान बनेंगे। हम सबको गर्व का मौका प्रदान करेंगे। बशर्ते हम इनके संघर्ष में साथ दें और साक्षी बनें।
इन बच्चों को गढ़ने में अपना पैसा पसीना और समय लगा रहीं रूबरू एक्सप्रेस सामाजिक सेवा संस्था की सभी मातृ शक्तियों को प्रणाम है..प्रणाम है..प्रणाम है..

हर बेटी की तरह जनप्रतिनिधि भी शोहदों से परेशान!

लखनऊ। बेटी बचाओ का नारा दम तोड़ने की हालत में पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश में आम महिलाएं ही क्या, जनप्रतिनिधि भी शोहदों से काफी परेशान हैं।

दरअसल, राजधानी लखनऊ के एक ग्रामीण इलाके से एक ऐसा ही मामला उजागर हुआ है। मामला काकोरी ब्लॉक के काकराबाद ग्राम का है, जहां की मौजूदा प्रधान गरिमा सिंह को शोहदों की शर्मनाक हरकत का शिकार होना पड़ा। गरिमा सिंह ने घटना की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि वो अपने परिवार के साथ वॉटर पार्क घूमने गई हुईं थीं। इसी दौरान वहां मौजूद गांव के ही कुछ युवकों ने उनकी तस्वीरें अपने मोबाइल में उतार लीं और वहां से चलते बनें। बाद में शोहदों ने तस्वीरों को भद्दे और शर्मनाक संदेश के साथ गांव भर में वायरल करना शुरु कर दिया।

जब तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं तो प्रधान के पास भी पहुंची। जिन्हें देखने के बाद ग्राम प्रधान गरिमा सिंह के होश उड़ गए। उन्होंने आनन-फानन में माल थाना पहुंचकर गांव के ही कुछ युवकों के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कराईं। इसके बाद पुलिस ने मामले पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

गरिमा सिंह ने इस मामले पर दु:ख जताते हुए कहा है कि ये सिर्फ उनका ही नहीं, बल्कि पूरे ग्राम सभा की महिलाओं का अपमान है। लिहाजा, उन्होंने मांग की है कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि आगे कोई इस तरह की गिरी हुई हरकत करने की बात अपने ज़हन तक में न लाए। (ग्राम प्रधान गरिमा सिंह के कहे अनुसार उनका नाम समाचार में दिया गया है)

जिस साड़ी को हम ठुकरा रहे हैं, आज दुनिया के कई देश उसे अपना रहे हैं

जिस साड़ी को हम ठुकरा रहे हैं आज दुनिया के कई देश उसे अपना रहे हैं

जिस साड़ी को हम ठुकरा रहे हैं आज दुनिया के कई देश उसे अपना रहे हैं

आज समय बदल रहा है। जींस पैंट शर्ट, पंजाबी सलवार−सूट ज्यादा पहने जाने लगे। साड़ी को पहनने की परेशानी से बचने के लिए महिलाओं और युवतियों ने टॉप−जीन्स, सलवार−सूट स्वीकार कर लिया। भारतीय महिलाओं का सबसे पसंदीदा परिधान साड़ी अब समारोह में पहनी जाने लगी।

हाल ही में दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में एक महिला को इसलिए प्रवेश नहीं दिया गया कि वह साड़ी पहने थी। समाचार आया। बड़ा अजीब-सा लगा। भारत में महिलाओं की वेशभूषा में सदियों से साड़ी स्वीकार्य है। महिलाएं साड़ी पहनती रही हैं। साड़ी का पहनावा भारतीय है। हालांकि क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग भी पहनावे रहे पर साड़ी भारतीयों की महिलाओं की पहचान मानी गई। साड़ी पहने महिला को रेस्टोरेंट में न जाने देना अजीब-सा लगा। लगा कि आधुनिकता में हम इतने रम गए कि हम अपना पहनावा, रहन सहन, वेशभूषा ही भूल गए।

आज समय बदल रहा है। जींस पैंट शर्ट, पंजाबी सलवार−सूट ज्यादा पहने जाने लगे। साड़ी को पहनने की परेशानी से बचने के लिए महिलाओं और युवतियों ने टॉप−जीन्स, सलवार−सूट स्वीकार कर लिया। भारतीय महिलाओं का सबसे पसंदीदा परिधान साड़ी अब समारोह में पहनी जाने लगी। साड़ी अब किसी समारोह या विवाह आदि में ही पहने जाने वाले परिधान में आ गई। हालांकि भारतीय महिलाओं को आज भी सबसे ज्यादा पसंद साड़ी ही है।

लगभग सात साल पहले श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रतिनिधिमंडल में मुझे श्रीलंका जाने का अवसर मिला। सात दिन का प्रवास था। एक बड़े मॉल में हम खरीदारी करने के लिये गए। मॉल में लगभग सभी अटेंडेंट महिलाएं थीं। उनमें एक−दो को छोड़ सब साड़ी पहने थीं। कुछ अजीब-सा लगा। भारत, जहां महिलाओं का पहनावा साड़ी है, वहां की युवतियां अब साड़ी नहीं पहनतीं। यहां शान के साथ युवतियां साड़ी पहने ड्यूटी कर रहीं हैं। श्रीलंका की संसद में हमारे लिए भोजन की व्यवस्था थी। भोजन के बाद संसद का भ्रमण भी कार्यक्रम में शामिल था। मैं देखकर आश्चर्यचकित था कि वहां कार्य करने वाली सभी युवतियां और महिलाएं साड़ी पहने हुए थीं। ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका में नहीं भारत में खड़ा हूं। हमारी गाईड भी साड़ी पहने थी। हम कोलंबो के एक पार्क में जाते हैं। यहां एक नवयुगल फोटो शूट करा रहा है। युवती बहुत खूबसूरत रंगबिरंगी साड़ी पहने हुए है। श्रीलंका में घूमने के दौरान काफी तादाद में महिलाएं साड़ी पहने मिलीं। साड़ी श्रीलंका स्टाइल में अलग होती है। भारतीय से अलग श्रीलंकन साड़ी पहनती हैं। ये नीचे से लहंगा टाइप होती है। ऊपर से उसे साड़ी की तरह बांधती हैं।

श्रीलंका की हमारी पत्रकार साथी सुभाषिनी डी. सिल्वा ने बताया कि साड़ी श्रीलंकाई महिलाओं की नेशनल ड्रेस है। कई सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में भी महिलाओं के लिए साड़ी पहनकर ऑफिस आने के आदेश हैं। महिलाओं के लिये साड़ी पहनना गौरव की बात मानी जाती है। हमारे यहां साड़ी पहनने का प्रचलन कम होता जा रहा है, जबकि दूसरे देश वाले इसे स्वीकार कर रहे हैं। 2012 में मैं नेपाल के होटल ड्रेगन में रुका था। ये एक चाइनीज होटल है। एक दिन सवेरे नाश्ते के दौरान मैंने और मेरी पत्नी ने चीन की दो लड़कियों को सफेद साड़ी पहने देखा। ठिगना कद। गोरा दूधिया रंग और गुलाबी चेहरा। ऐसे बदन पर सफ़ेद साड़ी ऐसा लग रहा था, कि स्वर्ग की अप्सराएं धरती पर उतर आईं हों। उनसे कुछ दूर बैठे हम उन्हें काफी देर देखते रहे। वह तो हिंदी−अंग्रेजी नहीं समझ पा रहीं थीं, किंतु होटल के प्रबंधक ने बताया कि चीन की नई युवतियां साड़ी पसंद करतीं हैं। इसमें नया लुक आता है। ये गर्व की बात है कि हम भारतीय जिस पहनावे को त्याग रहे हैं, दूसरे देश उसे स्वीकार कर रहे हैं।

-अशोक मधुप (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

भाजपा महिला मोर्चा के कमल शक्ति अभियान की शुरुआत

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रीमती रेखा गुप्ता ने की कमल शक्ति अभियान की शुरुआत

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा “कमल शक्ति अभियान” के तहत पूरे प्रदेश में 2000 स्थानों पर कमल शक्ति संवाद कार्यक्रम करने जा रही है। इस अभियान की शुरुआत बिजनौर में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रीमती रेखा गुप्ता द्वारा की गई। क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीमती वर्षा कौशिक के सफल नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

क्षेत्रीय अध्यक्ष वर्षा कौशिक ने कार्यक्रम की प्रस्तावना एवं परिचय रखते हुए बहनों को आगामी 2022 के चुनाव में जी-जान से जुटने के लिए आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि प्रदेश महामंत्री डॉ. रश्मि रावल ने भी अक्टूबर माह से दिसंबर तक भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के द्वारा किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए बहनों को आगामी कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्य अतिथि महिला मोर्चा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाओं का पूर्ण समर्थन भाजपा को प्राप्त है। भाजपा पूरे प्रदेश में कमल शक्ति अभियान के तहत अलग अलग स्थानों पर सभी लाभार्थी महिलाएं जिनको मोदी जी व योगी जी की योजनाओं का लाभ मिला है, ऐसी सभी महिलाओं से संपर्क करने का काम करेगी।

साथ ही और भी महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश से कार्य करेगी। इस अभियान में प्रदेश स्तर से लेकर मंडल स्तर तक महिला मोर्चा की सभी कार्यकर्ता काम कर भाजपा की जीत को 2022 के चुनाव में सुनिश्चित करेंगी।”

बिजनौर जिला के भाजपा महामंत्री विनय राणा ने सभी बहनों को धन्यवाद दिया और सभी का बिजनौर पधारने पर स्वागत व अभिनंदन किया। जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा मोनिका यादव ने राष्ट्रीय, प्रदेश, क्षेत्रीय, और जिला अध्यक्ष व महामंत्री बहनों का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय महामंत्री दीपमाला संतोषी ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अंजू वारियर, विनीता शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रिया अग्रवाल, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कल्पना चौहान, मीडिया प्रभारी अनीता चौहान, जिला महामंत्री अनामिका जैन, भारती शर्मा, मीडिया प्रभारी नीतू अग्रवाल, शोध प्रमुख रजनी कालरा, जिला कार्यकारिणी की समस्त बहनों का विशेष योगदान रहा।
मुख्य अतिथि महिला मोर्चा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रीमती रेखा गुप्ता ने तिमरपुर गांव की मलिन बस्ती की बहनों के साथ सरकार के कार्यक्रमों के विषय में चाय पर चर्चा की। इससे पहले
मां गंगा बैराजघाट पर मुख्य अतिथि के नेतृत्व में सभी बहनों ने भाजपा सरकार के साथ मिलकर काम करने का तथा नमामि गंगे के अंदर नदियों की स्वच्छता का संकल्प लिया।

मोबाइल दिया है तो डेटा भी देगी योगी सरकार

लखनऊ। योगी सरकार 1.23 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन बांटने के बाद अब उनके खाते में हर महीने दो सौ रुपए भी जमा करेगी।विभागीय अधिकारियों के अनुसार कार्यकत्रियों को मोबाइल डेटा के लिए 200 रुपए प्रतिमाह दिया जाएगा। स्मार्टफोन में अपलोडेड पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन पर कार्यकर्त्री विभागीय दैनिक कार्यों की प्रविष्टियां अंकित करेंगी। इससे उनका काम ट्रैक होगा और प्रोत्साहन राशि भी इसी से निर्धारित की जायेगी। 

इससे पहले मंगलवार को स्मार्ट फोन बांटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया था कि इससे ये कार्यकत्रियां स्मार्ट बनेंगी। इससे शिशु-मातृ मृत्यु दर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। योगी ने कहा कि चार साल पहले यही कार्यकत्रियां धरना-प्रदर्शन के लिए बदनाम थीं लेकिन वह आंगनबाड़ी वर्कर, आशा, एएनएम की ताकत को जानते थे। हमने इस ताकत को कोरोना के दौरान आजमाया और उत्तर प्रदेश का मॉडल पूरे विश्व में सराहा गया। कोरोना के समय यूपी पर पूरा फोकस था। तब हमने हर मोहल्ले के लिए निगरानी समिति बनाई कि इसमें आंगनबाड़ी वर्करों ने घर-घर जाकर पहचान की। संदिग्धों की जांच करवाई, मेडिसिन किट दी। निगरानी समिति की रिपोर्ट से हमने मॉनिटरिंग की।

अभी बढ़ेगा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का मानदेय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “पोषण अभियान” के तहत मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में यह ऐलान किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक महीने पहले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बकाए का भुगतान करने के निर्देश दिये थे। विभाग की कार्रवाई को लोगों ने बढ़ा हुआ मानदेय समझा, जबकि ये तो पिछला वाला था। अभी सरकार उनको और भी देने जा रही है। 1.23 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन और 1.83 लाख इन्फेन्टोमीटर वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि स्मार्ट फोन से ये कार्यकत्रियां स्मार्ट बनेंगी। इससे शिशु-मातृ मृत्यु दर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। योगी ने कहा कि चार साल पहले यही कार्यकत्रियां धरना-प्रदर्शन के लिए बदनाम थीं लेकिन मैं आंगनबाड़ी वर्कर, आशा, एएनएम की ताकत को जानता था। हमने इस ताकत को कोरोना के दौरान आजमाया और उत्तर प्रदेश का मॉडल पूरे विश्व में सराहा गया। 

कोरोना की जंग जीतने में आंगनबाड़ी वर्कर का सहयोग- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना के समय यूपी पर पूरा फोकस था। तब हमने हर मोहल्ले के लिए निगरानी समिति बनाई कि इसमें आंगनबाड़ी वर्करों ने घर-घर जाकर पहचान की। संदिग्धों की जांच करवाई, मेडिसिन किट दी। निगरानी समिति की रिपोर्ट से हमने मॉनिटरिंग की। आंगनबाड़ी वर्करों के काम के चलते ही यूपी ने कोरोना को मात दी। 

आने वाले दिनों में दिखेगा अभी का काम- पुष्टाहार में सरकार व आंगनबाड़ी व इससे जुड़े लोग बदनाम होते थे। हमने पंजीरी निर्माण की व्यवस्था जिलों में की है। इसका असर चार-पांच साल बाद दिखेगा। इससे कुपोषण दूर होगा। लोग बीमार कम पड़ेंगे, दवाई की बचत होगी।

उत्तर प्रदेश के बारे में लोगों की धारणा बदली- मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हम तकनीक के माध्यम से शासन की प्रत्येक योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे। मैं पिछले साढ़े चार सालों से यह लगातार कहता आ रहा हूं कि तकनीक का उपयोग करने के लिए उस तरह के संसाधन भी जरूरी हैं। योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का काम हो सकता है। साढ़े चार साल के दौरान सरकार ने एक लम्बी दूरी तय की है। आज उत्तर प्रदेश के बारे में लोगों की धारणा बदली है, देश की भी और दुनिया की भी। हर एक विभाग ने कुछ ना कुछ नया और अच्छा किया है।

मुख्यमंत्री ने लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्नाव की 20 कार्यकर्त्रियों को स्मार्टफोन और लखनऊ की 10 कार्यकत्रियों को वृद्धि निगरानी यंत्र (ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस) दिया। कार्यक्रम में बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री स्वाति सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार, अपर मुख्य सचिव एस राधा चौहान, प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।    

परफार्मेंस लिंक बोनस देने की थी घोषणा

विदित हो कि मुख्यमंत्री ने बीते दिनों कार्यकत्रियों के बकाया भुगतान के आदेश दिए थे। विभाग ने वर्ष 2019 में जारी आदेश को लागू करते हुए प्रोत्साहन राशि देने के मानक तय कर दिए। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मानदेय के अतिरिक्त हर माह 1500 रुपए, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 1250 रुपए और आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 750 रुपए प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने लता मंगेशकर को उनके जन्मदिवस पर दी बधाई

प्रधानमंत्री ने सुश्री लता मंगेशकर को उनके जन्मदिवस पर बधाई दी

नई दिल्ली (PIB)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लता मंगेशकर को उनके जन्मदिवस पर बधाई दी है और उनके दुर्घायु होने तथा स्वस्थ जीवन की कामना की है।

अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा है….

 “आदरणीय लता दीदी को जन्मदिवस की बधाई। उनकी मधुर वाणी पूरे विश्व में गूंजती है। अपनी विनम्रता और भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव के लिये उनका आदर किया जाता है। निजी तौर पर उनका आशीर्वाद मेरे लिये शक्ति का स्रोत है। मैं लता दीदी की दीर्घायु और उनके स्वस्थ जीवन के लिये प्रार्थना करता हूं।”

Birthday greetings to respected Lata Didi. Her melodious voice reverberates across the world. She is respected for her humility & passion towards Indian culture. Personally, her blessings are a source of great strength. I pray for Lata Didi’s long & healthy life. @mangeshkarlata— Narendra Modi (@narendramodi) September 28, 2021

विद्युत वितरण निगम के संविदा कर्मचारियों की समस्या का समाधान कराएंगी लीना सिंघल

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश विद्युत वितरण निगम के संविदा कर्मचारियों की समस्या के समाधान का बीड़ा उठाया है। उन्होंने लखनऊ में अगले हफ्ते प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से व्यक्तिगत रूप से उनके 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलकर उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

…लेकिन समाजसेवा सर्वोपरि- आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में राजनैतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अपनी जानलेवा बीमारी के बावजूद पिछले कई वर्ष से भाजपा की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल भी जनता के भले के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हट रहीं। धामपुर नगर पालिका चेयरपर्सन रहते उनके कार्यकाल व उनके जान हितैषी कार्य को जिले के लोग भूले भी नहीं हैं। अब आसन्न विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें नजीबाबाद का नेतृत्व सौंपना चाहती है। इसके पीछे कारण ये है कि वह प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को अपना मां कर उसके समाधान को प्रयासरत हो जाती हैं।

मिलेंगीं ऊर्जा मंत्री से- संभवतः यही कारण रहा कि नजीबाबाद के साहनपुर बिजलीघर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश विद्युत वितरण निगम के संविदा कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी और संविदा कर्मचारियों ने भाजपा की प्रांतीय पार्षद श्रीमती लीना सिंघल से अपनी मांगों के संबंध में वार्ता की। लीना सिंघल ने उनसे प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से अगले हफ्ते लखनऊ में व्यक्तिगत रूप से उनके 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलकर उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।

साथ ही कहा प्रदेश की योगी सरकार समाज के सभी वर्गो और अपने कर्मचारियों के लिए यथासंभव कार्य कर रही है। उनके इस वक्तव्य पर आंदोलनरत कर्मचारियों ने लीना सिंघल व योगी आदित्यनाथ सरकार के पक्ष में गगनभेदी नारे लगाए।

सदर विधायक ने ताबड़तोड़ कराए विकास कार्य

बिजनौर। सदर विधायक श्रीमती सुचि मौसम चौधरी ने कहा है कि उन्होंने अपने साढ़े 4 वर्ष के कार्यकाल में रिकॉर्ड तोड़ विकास कार्य कराए हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि जनपद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में उनकी विधानसभा विकास कार्यों में उत्कृष्ट स्थान रखती है। उन्होंने कहा कि साढ़े 4 वर्ष के समय में उन्होंने लगभग 1000 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य करा कर जनता के साथ सहयोग किया है और पार्टी की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार, विधानसभा के अति पिछड़े क्षेत्र में बच्चों के खेलने के लिए स्टेडियम, 200 लोगों की आंखों का ऑपरेशन, कोरोना काल में घर घर जाकर सैनिटाइजर की बोतलें व गरीब बेसहारा लोगों को खाने के पैकेट मुहैया कराए हैं।

वर्षों के जलभराव से दिलाई निजात- सदर विधायक ने कहा कि ग्राम खड़कपुर में कई वर्षों से 38 बीघे के तालाब में अत्यधिक जलभराव होने के कारण कई घरों का रास्ता बंद हो गया था, जिस पर ग्रामीणों ने अपने घरों के अंदर कमरों की दीवारें तोड़कर आने जाने का रास्ता बना रखा था और गंदे पानी के कारण कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा था। उसे अपने निजी खर्च द्वारा 17 दिनों तक अभियान चलाकर 8 पंपसेट, 3 जेसीबी और 14 ट्रैक्टर ट्राली द्वारा पूरा सुखा कर साफ किया गया और लोगों को स्वच्छता में रहने का मौका दिया।

5000 से अधिक गरीब व असहाय लोगों की आंखों का नि:शुल्क इलाज- इसके अलावा उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार बिजनौर उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक अंधेपन की बीमारी से ग्रसित जिला है, जिसे देखते हुए 5000 से अधिक गरीब व असहाय लोगों की आंखों का नि:शुल्क इलाज और डेढ़ हजार से अधिक लोगों की आंखों में लेंस लगवाए हैं। पूर्ण काल में 10,000 से अधिक परिवारों को राशन किट वितरण की गई, जिसमें 5 किलो आटा, 2 किलो चावल, 1 किलो चीनी, 1 किलो नमक, 1 लीटर सरसों का तेल आदि शामिल थे।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

बेटियों को बनाया अतिथि, नई परंपरा से कराया Cafe D का उद्धघाटन

बेटियों को बनाया अतिथि, नई परंपरा से कराया उद्धघाटन

बिजनौर। दिल्ली की चाय, मुंबई की कॉफी, मेरठ का छोला भटूरा और पंजाब का पराठा, लखनऊ का कटलेट समेत कई लजीज आइटम अब अपने बिजनौर में मिल सकेंगे। यह सब आइटम कैफे डी पर उपलब्ध रहेंगे। इसकी शुरुआत बिजनौर शहर के प्रसिद्ध शॉपर्स प्राइड मॉल में रविवार सुबह नए अंदाज में हुई। कैफे डी का उद्घाटन बेटी पढ़ाओ, बेटी पढ़ाओ की तर्ज पर हुआ। इसी को लेकर कैफे डी का उद्घाटन, कार्यक्रम में आई बिटिया और बच्चों से कराया गया। इस नई शुरुआत की लोगों ने काफी तारीफ की। कैफे डी का उद्घाटन रेस्टोरेंट व्यवसायी दुष्यंत चौधरी की बेटी सुहानी चौधरी और मां श्रीमती उर्मिला देवी के साथ भतीजी रोली त्यागी, एनी चौधरी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉक्टर बागेश सिंह, डॉक्टर दीपेन्द्र सिंह, डॉ. रेनू चौधरी, डॉक्टर हिमांशु राठी, व्यवसायी पंकज चौधरी, भाजपा नेता विजयदीप चौधरी उर्फ बबलू भाई, समाजसेवी केके अग्रवाल, रिटायर्ड सहायक सांख्यिकी अधिकारी यशपाल सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अनुज चौधरी, रजनीश त्यागी, मनोज त्यागी, राइफल शूटिंग कोच शमीम अहमद, शॉपर्स प्राईड मॉल मैनेजर केडी सिंह समेत शहर के काफी संख्या में प्रमुख लोग मौजूद रहे।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

दुआ कमाइये, आपकी तरक्की दुआएं करेंगी” -IG लक्ष्मी सिंह

लखनऊ। मिशन शक्ति फेज-3 के अर्न्तगत एक सेमिनार का आयोजन एसआर कॉलेज बक्शी का तालाब लखनऊ में किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक, लखनऊ परिक्षेत्र लखनऊ लक्ष्मी सिंह रहीं। कार्यक्रम के दौरान लखनऊ परिक्षेत्र के छह जिलों से आए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांति के ध्वज वाहक ग्रामीण
ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक और बैंकिग कोरोस्पोडेन्ट (बीसी सखी) को मिशन शक्ति अभियान के अर्न्तगत सरकार के महिला कल्याणपरक योजनाओं की जानकारी दी गई।

सुरक्षा की दृष्टि से सभी को सेनिटायज किया गया तथा इस दौरान उन्हें उनके उपयोग की निर्देश पुस्तिका वितरित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं, छात्राओं तथा जनमानस को स्वयं सहायता समूह, नाबार्ड निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा अन्य योजनाओं के बारे में आईजी रेन्ज लखनऊ, लक्ष्मी सिंह द्वारा विस्तार से बताया गया।

इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ रेंज द्वारा अपने संबोधन में कहा कि "आप अब सक्षम हुए हैं लोगों को मार्ग निर्देशित करने के लिए लोगों को जागरूक करिए। अब आप
आत्मनिर्भर हुए हैं, अब आपका दायित्व है कि आप अपने साथ महिलाओं और युवाओं को साथ लेकर उन्हें आगे बढायें, नौकरी सब करते हैं। दुआ कमाइये, आपकी तरक्की दुआएं करेंगी”।

कार्यक्रम में परिक्षेत्र के जनपदों (सीतापुर, खीरी, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली व लखनऊ ग्रामीण) से उपस्थित हुए 260 बीसी सखी व 255 ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालको को निर्देश पुस्तिका वितरित की गई। सेमिनार में मंडलायुक्त रंजन कुमार, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हृदेश कुमार, उपजिलाधिकारी बक्शी का तालाब पल्लवी मिश्रा, क्षेत्राधिकारी बीकेटी हृयदेश कठेरिया, एसआर कॉलेज के चैयरमेन पवन सिंह चौहान तथा कॉलेज की छात्राएं व गणमान्य महिलाएं तथा अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

ग्राम प्रधान संयोगिता सिंह चौहान के कैंप में 538 लोगों ने लगवाई वैक्सीन

ग्राम प्रधान संयोगिता सिंह चौहान ने लगवाया कैंप। कुल 538 लोगों ने लगवाई वैक्सीन।

अफवाहों पर न दें ध्यान कोविड वैक्सीन अवश्य लगवाएं- संयोगिता सिंह चौहान

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विकास खंड माल की ग्राम पंचायत अटारी से महिला प्रधान संयोगिता सिंह कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर काफी गंभीर हैं। वह ग्राम वासियों की सुरक्षा को लेकर दिन पर दिन कड़ी मशक्कत करती नजर आ रही हैं। ग्राम प्रधान की मांग पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में टीकाकरण शिविर लगाया तो ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी और वैक्सीन लगवाई।

ग्राम पंचायत अटारी में लगभग तीन हजार आबादी है। यहां दूसरे कैम्प में 45 वर्ष से अधिक उम्र के 128 और 18 से 44 वर्ष के 410 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए लोग सतर्क होने लगे हैं। गांवों में लगे शिविर में लोगों वैक्सीन लगवाई। गांव में अभी तक कैंप नहीं लगने से लोगों ने प्रधान संयोगिता सिंह चौहान और उनके पति यशवीर सिंह चौहान से शिविर लगवाने की मांग की थी।

इस पर उन्होंने माल सीएचसी के प्रभारी डॉ. विवेक वर्मा से बात की और गांव में कैंप लगाया गया। प्रधान संयोगिता सिंह चौहान ने सबसे पहले खुद को वैक्सीन लगवाकर शिविर का उद्घाटन किया।

इसके बाद वैक्सीन लगवाने के लिए कतार लग गई। 45 वर्ष से अधिक उम्र के 128 और 18 से 44 वर्ष के 410 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। गांव के लोगों ने कहा कि वैक्सीन लगवाकर सरकार जिंदगी बचाने का प्रयास कर रही है, हमें अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष मोनिका यादव का जोरदार स्वागत

परिचय सम्मेलन के रूप में सम्पन्न हुई पहली बैठक। भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष का जोरदार स्वागत। 2022 में पूर्ण बहुमत की सरकार लाने का आह्वान। योगी सरकार में सुरक्षित हैं महिलाएं।

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा जिले की प्रथम बैठक परिचय सम्मेलन के रूप में आयोजित हुई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष मोनिका यादव का जोरदार स्वागत किया गया। सभी जिला पदाधिकारियों का जिला अध्यक्ष ने पटका बनाकर व तिलक लगाकर स्वागत किया। साथ ही महिला मोर्चा के आगामी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी।

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की परिचय बैठक का आयोजन हॉट एंड स्पाइसी होटल बिजनौर में किया गया। इस अवसर पर महिला मोर्चा की जिला पदाधिकारियों की बैठक हुई। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री भारती गौड़ ने किया और अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मोनिका यादव ने की।

कार्यक्रम में पार्टी से जुड़ी सभी महिला कार्यकर्ताओ से आग्रह किया के विधानसभा चुनाव 2022 में मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ को फिर से मुख्यमंत्री बनने के लिए और मेहनत करें और 2022 में पूर्ण बहुमत की सरकार लाएं।

जिलाध्यक्ष मोनिका यादव कहा कि केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का सभी महिला घर-घर जाकर प्रचार करें। सभी को यह जानकारी दें कि योगी सरकार में महिलाएं सुरक्षित हैं।

कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष गार्गी अग्रवाल, संजू रानी, स्वाति चौहान, जिला महामंत्री भारती गौड़, अनामिका जैन, जिला मंत्री शारदा चौधरी, सरिता सैनी, जिला मीडिया प्रभारी नीतू अग्रवाल, डिंपल राणा, अंशु सैनी, प्रीति कौशिक, रीना चौहान, रेखा यादव, मनीषा सैनी, सुनीता देवी, पिंकी रानी, सर्वेश त्यागी, रीना त्यागी, मनीषा चौधरी, इंद्रेश, रेखा रानी, सीखा आदि महिला नेत्रियां शामिल रहीं।

अपनी शक्ति पहचान कर आगे बढ़ें महिलाएं: एसआइ कृष्णा

बिजनौर। प्राथमिक विद्यालय समीपुर में मिशन शक्ति के अंतर्गत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एसआइ कृष्णा सिंह दहिमा ने कहा कि महिलाएं स्वयं की शक्ति को पहचान कर समाज में आगे बढ़ने का काम करें। महिलाओं के उत्थान के लिए सरकार अनेक कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। पुलिस भी उन्हें भयमुक्त वातावरण देने के लिए तत्पर है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जीवन का आधार है। बेटियों को बेहतर शिक्षा दें और उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखें। आधी आबादी को सशक्त बनाए बगैर समाज सशक्त नहीं हो सकता। महिला स्वयं का रोजगार चलाकर स्वयं को सशक्त बना रहीं हैं। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना है। महिलाएं शोषण व अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद करें। पुलिस महिलाओं को भयमुक्त वातावरण देने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण महिलाओं के हाथ में है। महिलाएं खुद को आत्मनिर्भर बनाएं। बेटियों को बेटों के सामान अधिकार दें।

इस अवसर पर एसआइ अमित कुमार ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए शासन-प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। महिलाएं स्वयं को असुरक्षित महसूस होने पर बगैर संकोच हेल्पलाइन नंबर से मदद ले सकती है। पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के प्रति गंभीर हैं। कार्यक्रम में सुषमा चौधरी, रवि कुमार सहित अनेक महिलाएं शामिल रहीं।

टोक्यो पैरालंपिक खेलों में भारत को मिले 3 मैडल

राष्ट्रीय खेल दिवस पर भारत को मिले तीन मैडल। भाविनाबेन पटेल ने दिया देश को पहला सिल्वर तोहफा। निषाद कुमार ने भी कब्जाया सिल्वर। विनोद कुमार को मिला कांस्य।

टोक्यो (एजेंसी)। भाविनाबेन पटेल ने राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर पूरे भारत को सिल्वर मेडल का तोहफा दिया है। टोक्यो पैरालंपिक खेलों में भारत के खाते में पहला मेडल टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविनाबेन पटेल लेकर आई हैं। गोल्ड मेडल के लिए खेले गए मैच में भाविना को दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी चीन की यिंग झोउ के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बावजूद उन्होंने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया है। बेस्ट ऑफ फाइनल सेट में भाविना एक भी सेट नहीं जीत सकीं और झोउ ने 3-0 से जीत दर्ज गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। रविवार की सुबह विमेंस सिंगल्स क्लास-4 का फाइनल मैच खेला गया।

टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में राष्ट्रीय खेल दिवस का दिन भारत के लिए शानदार रहा। पैरालंपिक में विनोद कुमार ने डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इससे पहले हाई जंप में निषाद कुमार ने सिल्वर मेडल जीता और उनसे पहले टेबल टेनिस में भाविना और दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी चीन की झोउ के बीच गोल्ड मेडल मैच हुआ, जिसे झोउ ने 3-0 से अपने नाम किया, इसके साथ ही भाविना ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। टेबल टेनिस में मेडल जीतने वाली भाविना पहली खिलाड़ी बन गई हैं। 

34 वर्षीय भाविना ने पैरालंपिक खेलों में शानदार प्रदर्शन किया और शनिवार को सेमी फाइनल मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी को 7-11, 11-7, 11-4, 9-11, 11-8 से हराकर भारतीय खेमे में भी सभी को चौंका दिया था। भाविना हालांकि फाइनल मैच में यह लय नहीं दिखा पाईं और झोउ के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच 19 मिनट में ही गंवा दिया। इस मेडल के साथ टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में भारत का खाता भी खुल गया। टोक्यो ओलंपिक गेम्स में भी भारत का खाता सिल्वर मेडल से ही खुला था और तब भी महिला एथलीट ने ही भारत का खाता खोला था। टोक्यो ओलंपिक में वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीता था, जो भारत का इन खेलों में पहला मेडल था।

झोउ के खाते में पांच पैरालंपिक मेडल हैं, जिसमें बीजिंग और लंदन पैरालंपिक में उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। छह बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीत चुकीं झोउ ने फाइनल में भाविना को खुद पर हावी होने का कोई मौका नहीं दिया। भाविना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट किया कि विलक्षण भाविना पटेल ने इतिहास रच दिया। वह ऐतिहासिक रजत पदक के साथ घर आएंगी। उसके लिए बधाई। उनकी जीवन यात्रा प्रेरित करने वाली है और अधिक युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करेगी।

गार्गी अग्रवाल बनीं भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष, हर्ष

बिजनौर। भाजपा महिला मोर्चा की वरिष्ठ नेत्री श्रीमती गार्गी अग्रवाल के भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष मनोनीत होने पर हर्ष व्यक्त किया गया है। महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्रीमती मोनिका यादव द्वारा घोषित जिला कार्यकारिणी में श्रीमती गार्गी अग्रवाल को जिला उपाध्यक्ष घोषित किया गया।

श्रीमती गार्गी अग्रवाल के जिला उपाध्यक्ष मनोनीत होने पर व्यापारी नेता मुकुल अग्रवाल, विनीत राजपूत, अमित अग्रवाल, संदीप शर्मा, जॉनी राजपूत, राजेंद्र चौधरी, अमित चौधरी, ललित कुमार, आयुष अग्रवाल, नगर पालिका परिषद के सभासद व जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू आदि ने बधाई देते हुए मोनिका यादव का आभार व्यक्त किया। उनके मनोनयन पर सम्मान स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण व राधा जी के चित्र भेंट किए।

लांग जंप में शैली ने जीता सिल्वर मेडल

नई दिल्ली। नैरोबी में चल रहे अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप (U-20 World Athletics Championships) में भारतीय युवा खिलाड़ी शैली सिंह ने सिल्वर मेडल जीत कर देश को गौरवान्वित किया है। झांसी की 17 वर्षीय युवा एथलीट शैली ने रविवार को लॉन्ग जम्प स्पर्धा में 6.59 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक पर कब्जा लिया। वो गोल्ड मेडल जीतने के बेहद करीब थी और महज एक सेमी से इतिहास रचने से चूक गईं। स्वीडन की मौजूदा यूरोपीय जूनियर चैंपियन माजा अस्काग ने 6.60 मीटर जम्प लगाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया। 

शैली सिंह का परिचय

बेहद गरीबी से उठकर खेल में आगे बढ़ने वाली झांसी की 17 वर्षीय शैली सिंह को अनुभवी लॉन्ग जम्पर अंजू बॉबी जॉर्ज और उनके पति रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज ने ट्रेनिंग दी है। भारतीय एथलेटिक्स में सबसे चमकीले उभरते सितारों में से एक माने जाने वाली शैली ने शुक्रवार को 6.40 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ क्वालिफिकेशन राउंड में शीर्ष स्थान हासिल किया था। वर्तमान में वो बेंगलुरु में अंजू बॉबी जॉर्ज की अकादमी में प्रशिक्षण लेती है। उन्हें अंजू के पति बॉबी जॉर्ज ने ट्रेनिंग दी है। जून में शैली सिंह ने राष्ट्रीय (सीनियर) अंतर-राज्य चैंपियनशिप में महिलाओं की लंबी कूद स्पर्धा में 6.48 मीटर के प्रयास से जीत हासिल की थी, जो उनका पिछला व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था। वह वर्तमान U-18 विश्व नंबर 2 और U-20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं।

अनुराग ठाकुर ने दी बधाई 

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने अपने ट्विटर हैंडल पर एथलीट को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। ठाकुर ने अपने ट्वीट में यह भी साझा किया कि झांसी में जन्मी एथलीट बेंगलुरु में अंजू बॉबी जॉर्ज की अकादमी में प्रशिक्षण लेती हैं और अंजू के पति बॉबी जॉर्ज द्वारा प्रशिक्षित हैं।

रक्षा बंधन पर बाजार रहे गुलज़ार

लखनऊ (शैली सक्सेना)। रक्षाबंधन को लेकर बाजार में खासा उत्साह रहा। भाई-बहन के पवित्र प्रेम के प्रतीक राखी का त्योहार सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार राखी यानि रक्षा बंधन 22 अगस्त को मनाया जा रहा है।

कोरोना संक्रमण के बीच सरकार के द्वारा दी गई छूट होने से बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाजार में राखी से लेकर मिठाई और गिफ्ट की काफी अच्छी बिक्री हुई। स्टोन, कुंदन और एडी की छोटी राखियों की मांग सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा भाभी के लिए लुंबा राखी, कंगन राखी और बच्चों के लिए कार्टून राखी भी खूब बिक्री हुई। वहीं लड़कियां मेहदी लगाने के लिए भी आतुर रहीं। कुछ ने घरों में, तो कुछ ने ब्यूटी पार्लर जाकर मेंहदी लगवाई।

दस रुपए से लेकर हजारों तक की राखी

इस बार दस रुपए से लेकर हजारों तक की राखी उपलब्ध रही। सबसे ज्यादा मध्‍यम दर्जे की राखी खरीदी गई। स्टोन वर्क की रेशम धागे वाली राखी की रेंज 60 से लेकर 120 रुपए तक तो वहीं चांदी की राखी पांच सौ रुपए से लेकर दो हजार तक में बिकी। इसके अलावा सोने की राखी भी मौजूद रही।

खूब बिकी मिठाई, पीछे नहीं रहा पनीर

रक्षा बंधन को लेकर बाजार में मिठाई के साथ पनीर की भी मांग काफी ज्यादा बढ़ गई। हर वर्ष की तरह इस बार भी मांग काफी ज्यादा बढ़ी रही। इसे पूरा करने के लिए आसपास के गांवों के अलावा डेयरी के दूध की मदद ली गई। सबसे ज्यादा रसगुल्ला, मिल्क केक, काजू कतली और बूंदी लड्डू बिका।

गिफ्ट दुकान पर भी रही भीड़

जहां एक तरफ बहनें अपने भाई के लिए राखियां खरीदने में लगी रही तो वहीं भाई भी बहनों के लिए रिटर्न राखी गिफ्ट खरीदने में पीछे नहीं रहे। चाकलेट के कई आकर्षक गिफ्ट पैक कंपनियों ने बाजार में उतारे। इसके अलावा कस्टमाइज काफी मग, फोटो फ्रेम, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, बैंगल, की रिंग, होम डेकोर आदि की मांग काफी ज्यादा रही।

कपड़ा बाजार ने भी काटी चांदी

बहनों को कपड़ा देने का चलन पिछले कुछ समय से काफी बढ़ा है। कुछ व्यापारी बताते हैं कि कोरोना संक्रमण के बाद बाजार की स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा, लेकिन राखी से लेकर तीज त्योहार तक के लिए लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस वर्ष भी सावन और तीज को ध्यान में रखकर हरे कपड़ों का विशेष क्लेक्शन बाजार में उपलब्ध है। गर्ल्स क्लेक्शन में जींस टाप, प्लाजो, जैगिंस टीशर्ट, डिजाइनर वन पीस आदि पंसद बने रहे। वीमेन के साड़ी क्लेक्शन में सिल्क के अलावा शिफॉन पर लाइट वर्क, जॉर्जेट में प्रिंट के साथ बॉर्डर पर रेशम के काम को पसंद किया जा रहा है। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण साउथ से कपड़ों का व्यापार प्रभावित है।

बाजार में रेट- डोरेमानः 20-35 रुपए, छोटा भीमः 20 रुपए, बेन टेनः 25 रुपए, मोटू पतलूः 30 रुपए, बार्बी डॉलः 35 रुपए, डबलू-बबलूः 20 रुपए, म्यूजिकल राखीः 100 रुपए, चांदी (हल्का): 500 रुपए, लट्टू राखीः 150 रुपए, बैटमैन राखीः 150 रुपए, लुंबा राखी: 20 रुपए से लेकर 350 तक, कुंदन धागा: 10 रुपए से लेकर 100 तक, स्टोन वर्क राखीः 50 रुपए से लेकर 150 रुपए, वैक्सीन राखीः 80 रुपए।

विभिन्न क्षेत्रों की 75 महिलाओं का होगा सम्मान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 21 अगस्त को मिशन शक्ति के तीसरे चरण की शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से विभागीय अफसरों को खास दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में मिशन शक्ति से जुड़े भव्य आयोजन कराने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ इन कार्यक्रमों में शामिल होने वाली महिलाओं को कोरोना संक्रमण के बीच आ रहे रक्षाबंधन के त्योहार के चलते उपलक्ष्य एक मास्क और राखी उपहार के रूप में भेट करने को कहा है।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन को समर्पित ‘मिशन शक्ति’ के तीसरे चरण की शुरुआत 21 अगस्त से हो रही है। इसके चलते राजधानी लखनऊ में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह की तर्ज पर सभी जिलों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाए। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता के ‘अमृत महोत्सव’ वर्ष को देखते हुए इस खास मौके पर कोरोनाकाल में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला स्वयंसेवी संगठनों, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण आदि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने वाली 75 महिलाओं को सम्मानित किया जाना चाहिए।

रंग लाने लगी रक्षा उत्सव की मुहिम

मिशन शक्ति 3 के अंतर्गत जनपद में मनाया गया “मेगा इवेंट” ” रक्षा उत्सव”

रंग लाने लगी महिला कल्याण अधिकारी की मुहिम। रविता राठी के प्रयासों को मिला जनसहयोग। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर लगाई बेटियों की नेम प्लेट। आबकारी पुलिस चौकी इंचार्ज ने ली बेटियों, महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। मिशन शक्ति 3 के अंतर्गत जनपद बिजनौर में महिला कल्याण विभाग व पुलिस विभाग द्वारा नगर पालिका चौराहे पर कैंप लगाकर व्यापारियों व बाजार में आई महिलाओं को इकट्ठा किया गया।

इस दौरान महिला कल्याण अधिकारी रविता राठी द्वारा व्यापारियों को बच्चों तथा महिलाओं को विभिन्न प्रकार की हिंसा से बचाव संबंधी हाट बाजार आदि सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन कर जनसामान्य को जागरूक किया गया। बेटियों से पहचान, नारी सम्मान थीम पर समस्त व्यापारियों को जागरूक किया गया। व्यापारियों व अन्य लोगों का आह्वान किया गया कि अपने व्यापार को परिवार की महिलाओं, बेटियों के नाम से पहचान दें। इस हेतु अपनी दुकान व मकान पर सन बोर्ड, फ्लैग बोर्ड नेम प्लेट का उपयोग अपनी बेटी के नाम से किया जाना है।

पुलिस विभाग से आबकारी चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर नीरज कुमार द्वारा हाट बाजार में आने वाली महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बताया गया कि यदि कोई परेशानी है तो वह आबकारी चौकी इंचार्ज से संपर्क कर अपनी समस्या को बता सकती है। महिलाओं की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी चौकी इंचार्ज द्वारा ली गई।

कुछ व्यापारियों ने अपनी बेटियों के नाम से आज ही अपनी दुकान पर नेम प्लेट भी लगाई। राधिका साड़ी हाउस, वंशिका कोचिंग सेंटर, सविता कॉस्मेटिक स्टोर, मुस्कान सेंटर, अंशिका दूध डेयरी, रूपसी ब्यूटी पार्लर, गंभीर कलेक्शन ने अपनी बेटी मिताली के नाम की नेम प्लेट मिताली कलेक्शन के नाम से लगाई।

इस मौके पर पश्चिम उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री मुकुल अग्रवाल, अनिल गंभीर नगर अध्यक्ष, सुरेश कपूर नगर प्रभारी, आशीष अग्रवाल जिला उपाध्यक्ष, मुकेश टीकू जिला महामंत्री, लक्की चोपड़ा जिला उपाध्यक्ष, मनोज जैन नगर उपाध्यक्ष, महिला कल्याण विभाग से जिला समन्वयक आशु सिंह, एंटी रोमियो से आकाश धामा, शिखा मलिक मौजूद रहे।

बेटियों से पहचान नारी सम्मान थीम पर जोर

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। मिशन शक्ति “3.0” के अंतर्गत “मेगा इवेंट” “रक्षा उत्सव” जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी/जिला विद्यालय निरीक्षक/ जिला महिला कल्याण अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारियों/अध्यापक/अध्यापिकाओं के माध्यम से (ग्राम, ब्लॉक, जनपद, कालेज, स्कूल) पर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस दौरान अध्यापिकाओं द्वारा कॉलेज में पढ़ने वाली छात्र छात्राओं को, परिवारों तथा दुकानदारों को अपने परिवार की महिलाओं व बेटियों के नाम से पहचान देने हेतु सन बोर्ड, प्लेग बोर्ड, नेम प्लेट का उपयोग करने का आह्वान किया गया। अध्यापिकाओं द्वारा बताया गया कि सभी लोग बेटियों से पहचान नारी सम्मान थीम पर, अपने घरों व दुकानों पर अपनी बेटी या बहू या किसी भी महिला के नाम की नेमप्लेट लगा सकते है। वहीं दूसरी तरफ महिला कल्याण अधिकारी रविता राठी, जिला समन्वयक आशु सिंह, आबकारी चौकी इंचार्ज नीरज कुमार, कॉन्स्टेबल आकाश धामा, पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी गण, पश्चिम उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री मुकुल अग्रवाल द्वारा नगर पालिका चौराहे पर कैंप लगाकर व्यापारियों व जनसामान्य को बताया गया कि बेटियों से पहचान नारी सम्मान थीम पर सभी दुकानदार अपनी-अपनी दुकान पर अपनी बेटियों के नाम से एक नेमप्लेट अवश्य लगाएं, जन सामान्य को भी यह संदेश दिया गया कि वह भी अपने घरों पर अपनी बेटियों के नाम की नेम प्लेट अवश्य लगाएं।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस है मुस्तैद: सीओ नवीना शुक्ला

मलिहाबाद, लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। मलिहाबाद कोतवाली क्षेत्र के मवई कला गाँव मे शनिवार को सीओ मलिहाबाद नवीना शुक्ला ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला हेल्प डेस्क का उद्घाटन किया। इस मौके पर आसपास के गांव की सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं।

सीओ मलिहाबाद नवीना शुक्ला ने इस दौरान महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है तथा उन्हें हर तरह की सहायता दे रही है।

बेटियाँ देश का नाम रौशन कर रही हैं बेटियों को कम न समझें उन्हें शिक्षा की ओर बढ़ाने का काम करें क्योंकि महिलाओं के सम्मान के बिना कोई भी देश सशक्त नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि किसी भी सुनसान रास्ते पर या किसी भी मुसीबत में महिलाएं 112 डायल कर अपनी सुरक्षा में पुलिस की सहायता तत्काल प्रदान कर सकती हैं। पुलिस हर वक़्त उनके साथ है। महिलाओं पर अत्याचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीओ ने कहा कि महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं है। आज की महिलाएं पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में महिला हेल्प डेस्क की शुरुआत से क्षेत्र की महिलाओं में काफी उत्साह दिखा उन्होंने मलिहाबाद सिओ की खूब प्रशंसा की।

इस मौके पर चौकी प्रभारी रहीमाबाद रविंद्र कुमार सिंह, सिपाही भोज दत्त, मोहित, मनोज कुमार, महिला सिपाही नमिता, रेखा सहित क्षेत्र के आसपास के गांव की सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं।।

प्रशासनिक अफसरों ने मनाया नन्हीं परियों का जन्मदिन

बिजनौर। मिशन शक्ति, 3 के अंतर्गत माह अगस्त में जिला अस्पताल बिजनौर में कन्या जन्मोत्सव मनाया गया।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बेटियों के हक में बिजनौर टैग लाइन लेकर कार्यक्रम का आयोजन महिला कल्याण विभाग के तत्वावधान में किया गया।

गुरुवार को जन्मी बेटियों का जन्मदिन विशेष तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी विजय सिंह गोयल, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, महिला कल्याण अधिकारी रविता राठी, जिला समन्वयक आशु सिंह द्वारा केक काटकर बेटियों का जन्मदिन का उत्सव मनाया।

साथ ही अधिकारीगण द्वारा बेटियों को जन्मोत्सव प्रमाण पत्र देकर बेटियों की माताओं का उत्साहवर्धन किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह व मुख्य चिकित्सा अधिकारी विजय गोयल ने सभी बेटियों की माताओं को बधाइयां दीं व बेटियों को पढ़ाने और बचाने का संदेश दिया ।

यूपी की महिला पुलिसकर्मियों को रक्षाबंधन पर बड़ा तोहफा

रक्षाबंधन पर यूपी की महिला पुलिसकर्मियों को मिलेगा बड़ा तोहफा। 21 अगस्त को मिशन शक्ति के तीसरे चरण की शुरुआत।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर महिला पुलिसकर्मियों को बीट पुलिस अधिकारी के पद पर तैनाती का तोहफा देंगे। रक्षाबंधन से एक दिन पूर्व 21 अगस्त को मिशन शक्ति के तीसरे चरण की शुरुआत कर सरकार महिलाओं व बेटियों को कई तोहफे देने की तैयारी कर रही है। महिला पुलिसकर्मियों के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए सभी जिलों में बालवाड़ी का तोहफा भी होगा।