तारीख पर तारीख को लेकर भिड़े दो पक्ष

एसडीएम कोर्ट में भिड़ते दो पक्ष

बिजनौर। पंचायत चुनाव में कथित तौर पर फर्जी वोट डलवा कर जीतने वाले पक्ष के खिलाफ एसडीएम बिजनौर कोर्ट में पिटिशन डालने वाले पक्ष और विपक्ष के पैरोकारों में तारीखों को लेकर भिड़ंत हो गई। जमकर बवाल हुआ, हाथापाई तक की नौबत आ गई। मामला सुर्खियों में बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार पंचायत चुनाव में पराजित प्रत्याशी की ओर से विजयी प्रत्याशी के खिलाफ फर्जी वोट डलवाने की शिकायत एसडीएम बिजनौर कोर्ट में डाली गई थी। मंगलवार को दोनों पक्ष के पैरोकार एसडीएम बिजनौर कोर्ट पहुंचे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पराजित पक्ष चाहता था कि तारीख जल्दी की मिले, जबकि दूसरा पक्ष देरी की चाहता था। बस इसी को लेकर दोनों पक्ष भिड़ गए। कोर्ट के अंदर ही तीखी बहस और नोंकझोंक हो गई।

आखिर क्या है मामला? ग्राम पंचायत चुनाव में ग्राम कंभौर में आकेंद्र पाल सिंह की पत्नी शोभना और पूर्व प्रधान ओमवीर सिंह की पत्नी रेनू भाग्य आजमाने को उतरी थीं। चुनाव परिणाम आया तो रेनू ने शोभना को 18 वोट से पराजित कर दिया। आकेंद्र पाल सिंह का कहना है कि उनकी पत्नी शोभना को फर्जी वोट डलवा कर हराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जीतने वाले पक्ष ओमवीर सिंह ने लगभग आधा सैकड़ा फर्जी वोटर बनवा कर चुनाव में धांधली की। फर्जी वोटर ग्राम खासपुरा, गंगौड़ा, बिजनौर शहर के मोहल्ला जाटान, कांशीराम कालोनी आदि में रहते हैं और उनके वहां भी वोट हैं। अर्थात उक्त लोग दो जगहों पर वोटर हैं। जुलाई में पराजित पक्ष शोभना की तरफ से एसडीएम बिजनौर कोर्ट में पिटिशन डाली गई। तब से लगातार कई तारीखें लग चुकी हैं।

अभी बढ़ेगा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का मानदेय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “पोषण अभियान” के तहत मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में यह ऐलान किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक महीने पहले आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बकाए का भुगतान करने के निर्देश दिये थे। विभाग की कार्रवाई को लोगों ने बढ़ा हुआ मानदेय समझा, जबकि ये तो पिछला वाला था। अभी सरकार उनको और भी देने जा रही है। 1.23 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन और 1.83 लाख इन्फेन्टोमीटर वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि स्मार्ट फोन से ये कार्यकत्रियां स्मार्ट बनेंगी। इससे शिशु-मातृ मृत्यु दर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। योगी ने कहा कि चार साल पहले यही कार्यकत्रियां धरना-प्रदर्शन के लिए बदनाम थीं लेकिन मैं आंगनबाड़ी वर्कर, आशा, एएनएम की ताकत को जानता था। हमने इस ताकत को कोरोना के दौरान आजमाया और उत्तर प्रदेश का मॉडल पूरे विश्व में सराहा गया। 

कोरोना की जंग जीतने में आंगनबाड़ी वर्कर का सहयोग- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना के समय यूपी पर पूरा फोकस था। तब हमने हर मोहल्ले के लिए निगरानी समिति बनाई कि इसमें आंगनबाड़ी वर्करों ने घर-घर जाकर पहचान की। संदिग्धों की जांच करवाई, मेडिसिन किट दी। निगरानी समिति की रिपोर्ट से हमने मॉनिटरिंग की। आंगनबाड़ी वर्करों के काम के चलते ही यूपी ने कोरोना को मात दी। 

आने वाले दिनों में दिखेगा अभी का काम- पुष्टाहार में सरकार व आंगनबाड़ी व इससे जुड़े लोग बदनाम होते थे। हमने पंजीरी निर्माण की व्यवस्था जिलों में की है। इसका असर चार-पांच साल बाद दिखेगा। इससे कुपोषण दूर होगा। लोग बीमार कम पड़ेंगे, दवाई की बचत होगी।

उत्तर प्रदेश के बारे में लोगों की धारणा बदली- मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हम तकनीक के माध्यम से शासन की प्रत्येक योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम करेंगे। मैं पिछले साढ़े चार सालों से यह लगातार कहता आ रहा हूं कि तकनीक का उपयोग करने के लिए उस तरह के संसाधन भी जरूरी हैं। योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का काम हो सकता है। साढ़े चार साल के दौरान सरकार ने एक लम्बी दूरी तय की है। आज उत्तर प्रदेश के बारे में लोगों की धारणा बदली है, देश की भी और दुनिया की भी। हर एक विभाग ने कुछ ना कुछ नया और अच्छा किया है।

मुख्यमंत्री ने लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्नाव की 20 कार्यकर्त्रियों को स्मार्टफोन और लखनऊ की 10 कार्यकत्रियों को वृद्धि निगरानी यंत्र (ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस) दिया। कार्यक्रम में बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री स्वाति सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार, अपर मुख्य सचिव एस राधा चौहान, प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।    

परफार्मेंस लिंक बोनस देने की थी घोषणा

विदित हो कि मुख्यमंत्री ने बीते दिनों कार्यकत्रियों के बकाया भुगतान के आदेश दिए थे। विभाग ने वर्ष 2019 में जारी आदेश को लागू करते हुए प्रोत्साहन राशि देने के मानक तय कर दिए। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मानदेय के अतिरिक्त हर माह 1500 रुपए, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 1250 रुपए और आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 750 रुपए प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

11 ब्लाकों में ब्लाक प्रमुखों को दिलाई गई शपथ

11 ब्लाकों में ब्लाक प्रमुखों को दिलाई गई शपथ
ब्लाक प्रमुख ने सभी बीडीसी सदस्यों को दिलाई शपथ
समारोह के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का किया गया पालन

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिले के सभी 11 ब्लाकों में ब्लाक प्रमुखों और बीडीसी सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए ब्लाक प्रमुखों और बीडीसी सदस्यों को शपथ दिलाई गई। इस तरह से 11 ब्लाकों में पांच में महिलाओं और छह में पुरुषों ने शपथ ग्रहण के साथ ही ब्लॉक प्रमुख की कमान संभाल ली है।

मंगलवार को मोहम्मदपुर देवमल ब्लाक में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। ब्लाक प्रमुख ममता देवी सहित 126 बीडीसी सदस्यों को शपथ ग्रहण कराई गई। एसडीएम सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक ने ब्लाक प्रमुख ममता देवी को पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण कराई। उसके बाद ब्लाक प्रमुख ने सभी बीडीसी सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण कराई। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया गया। कोरोना हेल्प डेस्क बनाई गई। इतना ही नहीं बीडीसी सदस्यों को सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए दो बार में शपथ ग्रहण कराई गई।
शपथ ग्रहण समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि, हरजिंदर कौर, उदयपाल सिंह, भाजपा नेता निशांत राठौर, चन्द्रप्रकाश बिटटू आदि भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

UP में 50 फीसदी से अधिक सीटों पर महिलाओं ने दिखाया दम

50 फीसदी से अधिक सीटों पर महिलाओं ने दिखाया दम
अब संभालेंगी ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। प्रदेश में हुए ब्लॉक प्रमुख की 825 सीटों के चुनाव में पचास फीसदी से अधिक पदों पर महिलाओं को जीत हासिल हुई है। 33 फीसदी आरक्षित सीटों के अलावा अनारक्षित सीटों पर भी महिलाओं ने जीत का दम दिखाया। अमेठी जिले के छह ब्लाक में से पांच में तो महिलाएं ही प्रमुख बनीं हैं। कन्नौज जिले के भी छह में से पांच ब्लाक में महिलाओं ने कब्जा जमाया है। कुशीनगर के आठ में से सात ब्लाक में महिलाएं ही प्रमुख बनी हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग से मिले आंकड़ों के अनुसार कुल 381 सीटों पर निर्विरोध चुने गये उम्मीदवारों में 207 महिलाएं विजयी रहीं और 444 सीटों पर हुए मतदान में 232 महिलाओं ने बाजी मारी। इस तरह से कुल 825 ब्लाक प्रमुख पदों में से 439 पदों पर महिलाओं का कब्जा हुआ। वहीं अनारक्षित ४५ सीटों पर महिलाएं निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुनी गयीं और  50 सीटों पर चुनाव लड़कर उन्होंने ब्लाक प्रमुख का पद हासिल किया।

अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों में से कुल 18 सीटों पर महिलाएं निर्विरोध चुनी गयीं। अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित सीटों में से 37 सीटों पर महिलाएं निर्विरोध विजयी रहीं। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों में नौ और अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित सीटों में से 46 सीटों पर महिलाएं निर्विरोध चुनी गयीं।
किसी भी जाति या वर्ग की महिला के लिए आरक्षित सीटों में से 51 सीटों पर महिलाएं निर्विरोध ब्लाक प्रमुख बनीं और अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित सीटों में एक सीट पर इस वर्ग की महिला ने विजय हासिल की।
444 सीटों पर हुए चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों में से 16, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित सीटों में से 55, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों में से 16 और अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित सीटों में से 35 सीटों पर महिलाएं ब्लाक प्रमुख बनीं। किसी भी जाति या वर्ग की महिला के लिए आरक्षित सीटों में से 57 सीटों पर महिलाएं जीतीं और अनुसूचित जनजाति की महिला के लिए आरक्षित सीटों में से तीन सीटों पर महिलाएं ब्लाक प्रमुख बनीं।

मतदान से पहले जिला पंचायत सदस्या का सपरिवार अपहरण!

मतदान से पहले ही जिला पंचायत सदस्या का अपहरण, सपा नेताओं के खिलाफ केस। वीडियो में सदस्या के पति ने सपा नेताओं पर अपहरण करने का आरोप।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिला पंचायत सदस्य सोनम चौधरी का बच्चों और पति समेत अपहरण कर लिया गया, हालांकि सदस्या के पति चंगुल से निकल आए। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस की कई टीम नाकेबंदी कर जिला पंचायत सदस्या को खोजती रहीं, लेकिन कहीं पता नहीं चल पाया। एक वीडियो में सदस्या के पति ने सपा नेताओं पर अपहरण करने का आरोप लगाया है।

शहर कोतवाली में शुक्रवार की देर शाम नजीबाबाद क्षेत्र के गांव कबाड़ीवाला निवासी ब्रजपाल सिंह ने तहरीर देकर केस दर्ज कराया। तहरीर में कहा गया कि उसके भाई मदनपाल की पत्नी सोनम चौधरी वार्ड नंबर 25 हल्दौर ब्लॉक से जिला पंचायत सदस्य है। 24 जून को उसका भाई मदनपाल अपनी पत्नी सोनम चौधरी और दोनों बच्चों के साथ बिजनौर आया था। बिजनौर से ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी ने इनका अपहरण कर लिया। इन्हें पंजाब में कहीं छुपाकर रखा गया था। केस दर्ज होते ही पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी। उधर मदनपाल ने भी एक वीडियो बनाकर वायरल की। इसमें सपा नेताओं समेत पांच लोगों पर अपहरण करने का आरोप लगाया। आरोप है कि हथियारों के बल पर ये लोग उन्हें पंजाब ले गए। चंगुल से निकलकर आए मदनपाल ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की। 

जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर फिर साकेन्द्र काबिज

साकेंद्र प्रताप दुबारा बने जिला पंचायत अध्यक्ष। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुआ मतदान 

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के साकेंद्र प्रताप सिंह ने विजय हासिल की है। उन्होंने एक मात्र प्रतिद्वंदी सपा रालोद की संयुक्त प्रत्याशी चरनजीत कौर को पांच मतों से पराजित किया। मतदान कार्य कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुआ। इस दौरान कलक्ट्रेट परिसर व आसपास के इलाके में चप्पे चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके का जायजा लेते रहे। इस बीच दिन भर दोनों उम्मीदवारों के समर्थक अपनी अपनी जीत का कयास लगाते रहे।

शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान समयानुसार संपन्न हो गया। शुरुआत में ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद की विपक्ष से उम्मीदवार चरणजीत कौर और भारतीय किसान यूनियन के दो जिला पंचायत सदस्यों ने अपना वोट डाल दिया। करीब 11 बजे अध्यक्ष पद के भाजपा उम्मीदवार साकेंद्र प्रताप सिंह के खेमे से जिला पंचायत सदस्य वोट डालने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे।

केवल वोटर को ही मिला प्रवेश- कलक्ट्रेट के गेट से केवल वोटर्स को ही अंदर जाने दिया गया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चुनाव संपन्न कराया गया। पुलिस ने नुमाइश ग्राउंड पर बैरिकेडिंग करते हुए आवाजाही बंद कर दी थी। उधर दूसरी ओर विकास भवन के सामने बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने लोगों को कलक्ट्रेट की तरफ नहीं बढऩे दिया। सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने के लिए भारी पुलिस फोर्स तैनात रही।

रिजल्ट आते ही भाजपाई खेमे में जोश- मतगणना परिणाम आते ही भाजपाई खेमे में जोश छा गया और वह एक दूसरे को बधाईयां देेने लगे। भाजपा के साकेंद्र चौधरी को 30 जबकि गठबंधन प्रत्याशी चरनजीत कौर को 25 मत हासिल हुए। कुल 56 वोट में से एक वोट नहीं पड़ सका। 

सत्ता और प्रशासन का दबाव– रालोेद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह ने कहा कि जयचंदों की वजह से चुनाव हारे हैं। ये आश्वासन देते रहे। इन लोगों ने सत्ता और प्रशासन के दबाव में आकर भाजपा के प्रत्याशी को वोट किया है। यही हमारे प्रत्याशी की हार का कारण बना।

शासन प्रशासन की नहीं ली मदद- भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि ने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों ने भाजपा की नीतियों से खुश होकर भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया है। भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए शासन प्रशासन किसी की मदद नहीं ली है। यह नेताओं का चुनाव था। जिन्होंने अपनी मर्जी से भाजपा प्रत्याशी को वोट दिए।

पंचायत अध्यक्ष चुनाव प्रेक्षक नियुक्त

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। जिला पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 बिजनौर के अध्यक्ष पद के लिए 03 जुलाई,21 को होने वाले मतदान एवं मतगणना सहित समस्त निर्वाचन प्रक्रिया को सकुशल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्वक ढंग से सम्पन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सुरेन्द्र राम, विशेष सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त, शाखा उ0प्र0, शासन लखनऊ को प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। अपर जिलाधिकारी (प्र0)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी, बिजनौर भगवान शरण दास ने उक्त जानकारी दी। साथ ही बताया कि प्रेक्षक 02 जुलाई को बिजनौर पहुंचेंगे तथा स्थानीय लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में प्रवास करेंगे।

निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं भाजपा की ममता यादव

खन्ना की कुशल रणनीति के आगे सपाई हुए ढेर। शाहजहांपुर में निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं भाजपा प्रत्याशी ममता यादव।

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। यूपी सरकार के सबसे अनुभवी कैविनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने एक बार फिर साबित कर दिया वह राजनीति के चाणक्य है। शाहजहांपुर में उनकी कुशल रणनीति में फंसकर एक बार फिर से सपाई चारों खाने चित्त हो गए।
वर्ष 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में जब सपा सत्ता में थी, उसके पास 38 सदस्यों का समर्थन प्राप्त था। उस समय भी सुरेश खन्ना की कुशल राजनीति के दम पर विपक्षी पार्टी भाजपा ने अजय प्रताप सिंह यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवा दिया। इस बार भी उन्होंने ठानी और निवर्तमान अध्यक्ष की पत्नी ममता यादव को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनवा दिया। भाजपा के 12 सदस्य ही जीतकर आये थे। सपा ने भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा, लेकिन कैविनेट मंत्री सुरेश खन्ना की कुशल राजनीति के आगे सपाई चारों खाने चित्त हो गए और पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसा कारनामा नहीं हुआ होगा जो शाहजहांपुर में हो गया। भाजपाइयों ने सपा प्रत्याशी को ही तोड़कर अपने खेमे में शामिल कर लिया और नामांकन से नाम वापसी करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध अपने नाम कर लिया।

प्रसाद भवन से शुरू हुई निर्विरोध की पटकथा- भारतीय जनता पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी को विजय दिलाने में सभी भाजपाई जी जान से जुटे हुए थे। इसी क्रम में नए नए भाजपाई बने जितिन प्रसाद भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी पार्टी प्रत्याशी को विजय दिलाने को लामबंदी शुरू कर दी। उन्होंने अपनी टीम को लगा दिया। सपा ने वीनू सिंह को प्रत्याशी बनाया। वह जितिन के करीबी भन्नु सिंह की मौसेरी भाभी हैं। जितिन प्रसाद ने भन्नु को वीनू सिंह को अपने खेमे में लाने के लिए भेजा और उनका तीर सही निशाने पर लगा। वीनू सिंह भाजपाई हो गईं, जिससे भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध जीत गई।

राजधानी लखनऊ में सपा प्रत्याशी विजय लक्ष्मी का नामांकन

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार) समाजवादी पार्टी द्वारा जनपद लखनऊ से घोषित जिला पंचायत अध्यक्ष पद प्रत्याषी श्रीमती विजय लक्ष्मी का नामांकन जिलाध्यक्ष जयसिंह ‘जयन्त’, जिला महासचिव शब्बीर अहमद खान एवं विधायक अम्ब्रीष सिंह पुष्कर के नेतृत्व में जिला कलक्ट्रेट में किया गया। शनिवार दोपहर करीब 12ः00 बजे पार्टी के जिला कार्यालय 6 लाजपत राय भवन, कैसरबाग, लखनऊ से पार्टी कार्यकर्ता भारी संख्या में नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे। पार्टी कार्यकर्ताओं में नामांकन के दौरान बहुत उत्साह था।

नामांकन के दौरान पूर्व सांसद सुषीला सरोज, पूर्व मंत्री आरके चौधरी, रविदास मेहरोत्रा, लखनऊ बार एसोसिएषन महामंत्री जितेन्द्र यादव ‘जीतू’, पूर्व लोकसभा प्रत्याषी सीएल वर्मा, प्रदेष अध्यक्ष मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड अनीस राजा, पूर्व प्रत्याषी अनुराग यादव, पूर्व विधायक गोमती यादव, इन्दल रावत, निर्मल सिंह, अमर पाल सिंह, केपी सिंह ‘एडवोकेट’ श्रवण कुमार, रमेश राही, पूर्व एमएलसी प्रदीप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अषोक यादव, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शिव शंकर सिंह ‘शंकरी’, राजबाला रावत, पूर्व प्रदेश सचिव दिनेश सिंह, विजय सिंह यादव, वीर बहादुर सिंह, महानगर अध्यक्ष सुशील दीक्षित, महानगर महासचिव सौरभ सिंह यादव, पूर्व नगर अध्यक्ष मुजीबुर्रहमान बबलू, मुकेश शुक्ला, मधुलिका यादव ‘एडवोकेट’, सिकन्दर यादव, पूर्व जिला महासचिव राशिद अली, टीबी सिंह, महताब सिंह यादव, मान सिंह वर्मा, अनिल पासी, नवनीत सिंह, महेश सिंह लोधी, विनय दीक्षित, वरिष्ठ नेता मनोज यादव, सुषील यादव ‘गुड्डू’, सुभाष यादव ‘एडवोकेट’ चौधरी ज्ञान सिंह, जिला सचिव इब्राहीम मंसूरी, बृजेष गुप्ता, मीडिया प्रभारी रमेश सिंह ‘रवि’, पूर्व ब्लाक प्रमुख शहजाद अहमद, रियाज अहमद, इरशाद अहमद ‘गुड्डू’, विधानसभा अध्यक्ष विदेश पाल यादव, चन्द्रशेखर यादव, वीरेन्द्र प्रताप यादव, उमेश वर्मा, चेयरमेन एन. इशरत बेग, अधिवक्ता सभा जिलाध्यक्ष अंजनी प्रकाश यादव एवं महासचिव सिद्धार्थ आनन्द, रंजीत रावत, महिला सभा जिलाध्यक्ष प्रेमलता यादव, यूथ जिलाध्यक्ष शशिलेन्द्र यादव, अखिलेश सक्सेना, सालिम काकोरी, भरत वाधवानी एवं यादव, मनोज पाल, राजकुमार यादव ‘गुड्डन’, उमेश यादव, अजय प्रताप यादव ‘बिन्नू’, रामप्रकाश यादव, मो. अकरम, शिवम यादव ‘गोलू’, पार्षद प्रतिनिधि लल्लू यादव एवं शिवकुमार टाइगर, एडवोकेट फरहाना सिद्दीकी, सुहेल सिद्दीकी एवं फरहान सिद्दीकी, कामिनी पटेल, सुधा यादव, अजरा मुस्ताक, सुमन यादव, मंजू यादव, सुहागवती, पूजा शुक्ला एवं जेबा यासमीन के साथ हजारों की संख्या समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

साकेंद्र प्रताप सिंह के नामांकन कार्यक्रम में जुटे भाजपा के दिग्गज

नामांकन पत्र दाखिल करते भाजपा प्रत्याशी चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार) भारतीय जनता पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह के नामांकन कार्यक्रम का आयोजन काकरान वाटिका में किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि एवं संचालन जिला महामंत्री विनय राणा ने किया। कार्यक्रम में नामांकन प्रभारी के रूप में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल उपस्थित रहे। परिवहन मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार अशोक कटारिया, निवर्तमान सांसद राजा भरतेंद्र सिंह, डॉ. यशवंत सिंह,
विधायकगण ओम कुमार, कमलेश सैनी, अशोक राणा, कुंवर सुशांत एवं विधायक पति ऐश्वर्य चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रत्याशी चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह को जीत की शुभकामनाएं प्रदान की।

क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल ने कहा कि साकेंद्र प्रताप सिंह की जीत निश्चित है। जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने उपस्थित सभी पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत सदस्य गण एवं शुभचिंतकों का हार्दिक आभार करते हुए चौ. साकेन्द्र प्रताप सिंह को आशीर्वचन द्वारा जीत की शुभकामनाएं प्रदान कीं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से क्षेत्रीय महामंत्री क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, अनूप बाल्मीकि,
नगरपालिका चेयरमैन धामपुर राजू गुप्ता,
जिला पंचायत चुनाव प्रभारी महेंद्र सिंह धनौरिया, सहकारिता प्रकोष्ठ क्षेत्रीय संयोजक डॉ. बीरबल सिंह, सैनिक प्रकोष्ठ संयोजक सीताराम राणा, जिला पंचायत सदस्य आयुष राणा, संजीव मलिक, रमा चौधरी, जिला महामंत्री विनय राणा, भूपेंद्र चौहान बॉबी, मुकेंद्र त्यागी, विवेक कर्णवाल,
जिला उपाध्यक्ष प्रमोद चौहान, वेद प्रकाश विश्वकर्मा, पूनम गोयल, दिनेश सैनी, संगीता अग्रवाल, सुभाष चौहान, जिला मंत्री बलराज त्यागी, अभिषेक उपमन्यु, माया पाल, पुष्कर सिंह, जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू, जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रान्त चौधरी,
जिला संयोजक आईटी विभाग विपुल शर्मा, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष रवि चौधरी, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष चौधरी अवनीश निर्वाल, मास्टर रमेश सिंह, संजय त्यागी, रुस्तम यादव, मोनिका यादव, रजनी कालरा, विनोद मलिक, नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता, राजीव राजपूत, राजेंद्र भुइयार, ललित चौधरी, नीरज चौधरी, आर्य वीरेंद्र शर्मा, अंकित राजपूत, पूर्व नगर अध्यक्ष नीरज शर्मा, विशाल शर्मा, हिमांशु शर्मा, नेहा शर्मा एवं अन्य कार्यकर्ता, शुभचिंतक उपस्थित रहे।

गठबंधन प्रत्याशी चरणजीत कौर ने किया नामांकन

जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर गठबंधन प्रत्याशी चरणजीत कौर पत्नी मनदीप सिंह ने कलक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन कराया। इस दौरान गठबंधन के अनेक नेता, कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार) जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी के रूप में समाजवादी पार्टी एवं रालोद गठबंधन की ओर से सरदार मनदीप सिंह की पत्नी चरणजीत कौर ने डीएम उमेश मिश्रा के समक्ष नामांकन दाखिल कराया। शनिवार को कलक्ट्रेट में समाजवादी पार्टी रालोद गठबंधन प्रत्याशी चरणजीत कौर ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान उनके प्रस्तावक के रूप में विवेक सेन, कपिल गुर्जर सहित रालोद नेता प्रवीण देशवाल एवं सपा नेता अशोक आर्य शामिल रहे। नामांकन से पूर्व नगीना रोड स्थित एक निजी बैंकट हॉल में सपा, रालोद, महान दल, आजाद समाज पार्टी एवं भाकियू से जुड़े नेतागण एवम कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहां से सभी कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, महासचिव चौ. आदित्यवीर सिंह, पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान, स्वामी ओमवेश, मनोज पारस, नूरपुर विधायक नईम उल हसन, रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह, मुंशी रामपाल, आज़ाद समाज पार्टी जिला ध्यक्ष नरेश फौजी, महान दल जिलाध्यक्ष ओमेंद्र तोमर, भाकियू के लुधियान सिंह, सरदार मंदीप सिंह आदि नेतृत्व में चरणजीत कौर के समर्थन में नामांकन कराने के लिए निकले। नामांकन के दौरान पुलिस ने विकास भवन के पास स्थित बैरिकेडिंग के पास समर्थकों को रोक दिया। केवल चरणजीत कौर सहित चार लोगों को ही नामांकन कराने के लिए कलक्ट्रेट में जाने दिया गया, जहाँ पर उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान गठबंधन के अनेक नेता, कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मसरूफ एडवोकेट राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के नूरपुर ब्लॉक उपाध्यक्ष मनोनीत

बिजनौर। ग्राम क़ासमपुर बिल्लौच के नव निर्वाचित प्रधान मसरूफ कमाल एडवोकेट को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन का नूरपुर ब्लॉक का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

मसरूफ कमाल का यह मनोयन संगठन के ज़िला अध्यक्ष सोमदेव सिंह की संतुति पर नूरपुर ब्लॉक अध्यक्ष कावेंद्र सिंह ने किया है। नव-निर्वाचित प्रधान मसरूफ कमाल को यह सम्मान दिए जाने पर उनके चाहने वालों में खुशी और प्रसन्नता का माहौल है। सभी लोगों ने प्रधान मसरूफ कमाल एडवोकेट के इस सम्मान के लिए उनके निवास पर पहुंच कर उन्हें मुबारकबाद और शुभकामनाएं दीं।

गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने दी बधाई- भारतीय बौद्ध संघ के जिलाध्यक्ष व युवा समाज सेवी गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने ग्राम क़ासमपुर बिल्लौच के नव-निर्वाचित प्रधान मसरूफ कमाल एडवोकेट को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन का नूरपुर ब्लॉक का उपाध्यक्ष मनोनीत होने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेरा व मेरे संगठन का सहयोग नव-निर्वाचित ग्राम प्रधान मसरूफ कमाल एडवोकेट जी को मिलता रहेगा।

उम्मीदों पर खरा उतरने की हर मुमकिन कोशिश और प्रयास- मसरूफ कमाल ने राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के ज़िला अध्यक्ष सोमदेव सिंह और नूरपुर ब्लॉक अध्यक्ष कावेंद्र सिंह का आभार और शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि वो हमेशा उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की हर मुमकिन कोशिश और प्रयास करेंगे।

बधाइयों के साथ उम्मीद भी- मसरूफ कमाल एडवोकेट के इस सिलेक्शन पर मुहम्मद इरफ़ान, डॉक्टर रफत मसूद, डॉक्टर अफाक फ़ैज, हकीम अब्दुस सलाम, शुऐब खान जिलाध्यक्ष Aimim, सिराज सैफी, कोमल सिंह एडवोकेट, मुफ़्ती रियाज़ क़ासमी, रीता भुइयार आदि ने मुबारकबाद पेश की है और उनसे उम्मीद ज़ाहिर की है कि वो अपनी प्रधानी के दरमियान अपनी आवाम का मुकम्मल और भरपूर खयाल रखेंगे और गरीबों मजलूमों और जरूरतमंदों के लिऐ उनके दरवाज़े चौबीस घंटे खुले रहेंगे।

गौहर इकबाल की पत्नी ने ली प्रधान पद की शपथ 

बिजनौर। नूरपुर क्षेत्र के गांव मझोला बिल्लौच निवासी राष्ट्रीय लोकदल के नेता गौहर इकबाल की पत्नी ग्राम प्रधान मेहनाज परवीन व ग्राम पंचायत सदस्यों को एडीओ पंचायत व सेकेट्री विपिन कुमार ने शपथ दिलायी। कार्यक्रम में क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। शपथ समारोह में ग्राम प्रधान मेहनाज परवीन ने कहा है कि मैं सभी धर्म के लोगों को  पूरा विश्वास दिलाती हूं के किसी के साथ भी भेदभाव नहीं किया जाएगा। मिलजुल कर गांव का विकास किया जाएगा। मेरी ग्राम प्रधानी में, मेरे ग्राम पंचायत सदस्य मेरे परिवार की तरह हैं। ग्राम पंचायत सदस्यों को पूरा मान सम्मान किया जाएगा। किसी को भी किसी से भी शिकायत हो, तुरंत मुझे बताएं, मैं हर वक्त आपकी हर समस्या को हल करने को तैयार हूं। मेरा मकसद अपने गांव का विकास कराना है। इस मौके पर राष्ट्रीय लोक दल के नेता उनके पति गौहर इकबाल साकिब अंसारी सैकड़ों समर्थक मौजूद थे। 

साकेंद्र के पक्ष में सदस्यों को पढ़ाया एकजुटता का पाठ

बिजनौर जिला प्रभारी, राज्यसभा सांसद विजय पाल सिंह तोमर ने सदस्यों को पढ़ाया एकजुटता का पाठ। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के संबंध में बैठक।

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता एवं जिला महामंत्री के संचालन में आयोजित बैठक का आयोजन किया गया। 

जिला प्रभारी, राज्यसभा सांसद विजय पाल सिंह तोमर ने भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों का स्वागत कर सभी को एकजुट होकर पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी चौ. साकेंद्र प्रताप सिंह को विजयी बनाने का आह्वान किया, साथ ही पंचायत चुनाव संबंधी कोर कमेटी  की बैठक को संबोधित करते सभी को मार्गदर्शन कराया। 

बैठक में मुख्य रूप से निवर्तमान सांसद डॉ. यशवंत सिंह,  विधायकगण ओम  कुमार,  कमलेश सैनी, अशोक राणा, श्रीमती सूची चौधरी, क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, क्षेत्रीय मंत्री अनूप बाल्मीकि, पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव सिसोदिया, जिला महामंत्री विनय राणा, मुकेन्द्र त्यागी, भूपेंद्र चौहान बॉबी, विवेक कर्णवाल ,  जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी चौ. साकेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत सदस्य सुभाष चौहान,  आयुष चौहान, संजीव मलिक, मनोज कुमार, कमल कश्यप, एडवोकेट चंद्रशेखर, प्रजापति, श्रीमति केलो श्रीमति रूपा आदि उपस्थित रहे।

परिवहन मंत्री ने किया साकेंद्र को पुनः जिताने का आह्वान

परिवहन मंत्री ने किया साकेंद्र को जिताने का आह्वान
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर बैठक

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के बिजनौर स्थित कार्यालय पर परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने जिला अध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि की अध्यक्षता में एवं जिला महामंत्री बिना राणा जी के संचालन में भाजपा के समस्त जिला पंचायत सदस्यों की एक अत्यंत आवश्यक बैठक को संबोधित करते हुए सभी से एकजुट होकर भाजपा प्रत्याशी चौधरी सााकेंद्र प्रताप सिंह को जिताने का आह्वान किया।
परिवहन मंत्री ने कहा कि चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह एक अनुभवी प्रत्याशी हैं। उन्होंने अपने पूर्व कार्यकाल में सबका साथ सबका विकास के सूत्र को अपनाते हुए विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है और आगे भी विकास करते रहेंगे।

बैठक में मुख्य रूप से आयुष चौहान, सुभाष चौहान, संजीव मलिक,  कमल कश्यप,  मनोज कुमार, एडवोकेट चंद्रशेखर, अरविंद प्रजापति, जिला महामंत्री विवेक कर्णवाल, मुकेंद्र त्यागी, जिला उपाध्यक्ष प्रमोद चौहान, जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू, जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी  व आईटी विभाग जिला संयोजक विपुल शर्मा आदि उपस्थित रहे।

जीत सुनिश्चत: अशोक कटारिया
लोक निर्माण विभाग डाक बंगले में परिवहन मंत्री ने प्रेस वार्ता में कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा प्रत्याशी चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह की जीत निश्चित है। भारतीय जनता पार्टी के सभी जिला पंचायत सदस्य और अन्य समर्थित जिला पंचायत सदस्य की एकता के परिणाम स्वरूप व सभी के सहयोग से भाजपा की जीत होगी।

मतदान संपन्न, मतगणना की तैयारी

लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद गांवों में ग्राम पंचायत समितियों का गठन नहीं हो पाया, जिससे उनमें पुनः चुनाव करवाकर समितियों को गठित कर गांवों के विकास को आगे बढ़ाने के उद्देश्यों के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश पर त्रिस्तरीय उप पंचायत चुनाव की चल रही प्रक्रिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत खड़ौहा, गौंदा मोअज्जमनगर, कैथूलिया और जौरिया में शनिवार की सुबह 8 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू होकर शांतिपूर्ण तरीके से शाम 6 बजे बंद हुई।

मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए दोपहर में खड़ौहा गांव पहुँचे एसडीएम अजय कुमार राय और सीओ योगेंद्र सिंह ने जायजा लिया। वहीं बीडीओ डॉ. संस्कृता मिश्रा ने जौरिया मतदान केंद्र पर वोट डालने आयी महिलाओं को कोविड नियमों के पालन करने के लिए जागरूक किया। साथ ही सभी मतदान केंद्रों पर छाया, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध सुनिश्चित करवाया।

निर्वाचन अधिकारी मनोज शुक्ल ने बताया कि विकासखंड की 4 ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ है। मतगणना 14 जून को ब्लॉक सभागार में की जाएगी।

साकेन्द्र की दुबारा ताजपोशी को एकजुटता

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर जिला पंचायत चुनाव तैयारी एवं नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों के स्वागत हेतु एक बैठक का आयोजन जिला अध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि की अध्यक्षता एवं जिला महामंत्री विनय राणा के संचालन में किया गया।

बैठक में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल की उपस्थिति में नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों का स्वागत एवं विचार परिवार के जिला पंचायत सदस्य जगबीर सिंह, रमा चौधरी, श्रीमती रीता, श्रीमती कैलो को पार्टी में ज्वाइनिंग कराई गई। साथ ही सभी जिला पंचायत सदस्यों ने भाजपा प्रत्याशी को अपना समर्थन देकर जिताने का संकल्प लिया।

मुख्य अतिथि मोहित बेनीवाल ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों से अवगत कराते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी कोरोना काल में भी सेवा कार्य में अग्रणी रही है। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता सेवा कार्य के रूप में अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहा। उन्होंने सभी से टीकाकरण अवश्य कराने का आह्वान किया, ताकि देश को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाया जा सके। बताया कि पंचायत चुनाव में पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर आई है। उपस्थित सभी जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारियों को भाजपा प्रत्याशी चौधरी साकेंद्र प्रताप सिंह को जिताने का संकल्प कराया।

बैठक को प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल  एवं परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने भी संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी चौ. साकेंद्र प्रताप सिंह को जिताने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि ने उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया।

बैठक में मुख्य रूप से विधायकगण ओम कुमार,  श्रीमती शुचि चौधरी, कमलेश सैनी, अशोक राणा, कुंवर सुशांत, निवर्तमान सांसद डॉ. यशवंत सिंह, पूर्व सांसद यशवीर सिंह, जिला पंचायत सदस्य चौ. साकेंद्र प्रताप सिंह, आयुष चौहान, संजीव मलिक, मोनिका कश्यप, मीनू बाल्मीकि, एडवोकेट चंद्रशेखर, रूपा रानी, जिला संयोजक पंचायत चुनाव महेंद्र धनौरिया, मुकेन्द्र त्यागी, भूपेंद्र चौहान बॉबी, विवेक कर्णवाल,  प्रमोद चौहान, केके रवि, विक्रान्त चौधरी, विपुल शर्मा संजीव गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

कमलेश या नीतू पर बीजेपी खेल सकती है दांव

भाजपा की संभावित प्रत्याशी हो सकती है कमलेश यादव या नीतू यादव

लखनऊ। विकासखंड काकोरी में होने वाले ब्लॉक प्रमुख चुनाव में दिन-प्रतिदिन कमलेश यादव की लोकप्रियता बढ़ती नजर आ रही है।
विकासखंड काकोरी में ब्लॉक प्रमुख पद के मुख्य रूप से तीन प्रत्याशी चुनावी रण में अपना दांव आजमाते दिख रहे हैं।

यहां पर यह जान लेना भी आवश्यक है कि कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने किसी को अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। वहीं बात समाजवादी पार्टी की की जाए तो सपा ने रेखा यादव को इस चुनावी रण में अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

जानकारों का मानना है कि कमलेश यादव निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य रही हैं। 2017 में हुए विधानसभा व 2019 में लोकसभा के चुनाव में कमलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया था। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि 2017 के विधानसभा चुनाव में नीतू यादव के पति ने खुलेआम समाजवादी पार्टी का समर्थन किया और 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में अपने निजी स्वार्थ के चलते भारतीय जनता पार्टी की मदद की थी।

हाल में हुए पंचायत चुनाव में क्षेत्र पंचायत सदस्य व प्रधान पद के प्रत्याशियों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने किसी को भी अपना समर्थित प्रत्याशी घोषित नहीं किया था। भारतीय जनता पार्टी का कहना था भाजपा के जो भी कार्यकर्ता चुनाव लड़ रहे हैं उसमें से विजयश्री जिसको भी हासिल होगी उसको भारतीय जनता पार्टी का ही कार्यकर्ता माना जाएगा ।

इसी घटनाक्रम को देखते हुए विकासखंड काकोरी में ब्लॉक प्रमुख पद की प्रत्याशी कमलेश यादव को विकासखंड काकोरी ब्लॉक प्रमुख चुनाव का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। अब देखना यह है कि विकासखंड काकोरी में होने वाले ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी अपने किस उम्मीदवार को चुनावी रण में अपना समर्थित प्रत्याशी बनाकर उतारती है।

मजबूत है दीपमाला की दावेदारी

लखनऊ। कोरोना वायरस देखते हुए भले ही ब्लाक प्रमुख का चुनाव आगे बढ़ा दिया गया हो परंतु इलाके में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर है। दावेदार व उनके समर्थक जीत के लिए गुणा गणित बैठाने में जुटे हुए हैं युवा महिला क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपमाला ने ब्लाक प्रमुख पद के लिए दावेदारी ठोक दी है।

राजनीतिक परिवार में व्याही बीडीसी सदस्य की सास भी प्रधान चुनी गई है। हौसलों से लबरेज दावेदार को स्थानीय भाजपा नेताओं सहित संभ्रांत लोगों का समर्थन मिलता देखा जा रहा है क्षेत्र के ढकवा गांव की रहने वाली 26 वर्षीय स्नातक दीपमाला पत्नी मनोज कुमार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भानपुर के बीडीसी वार्ड से सदस्य के रूप में अपनी जीत दर्ज कराई है।

जानकारी के मुताबिक दीपमाला का परिवार भाजपा सांसद कौशल किशोर के काफी करीबी रहा है। इसके साथ क्षेत्र पंचायत सदस्यों के मिल रहे समर्थन के चलते दीपमाला का उत्साह अपने चरम पर है।

दीपमाला का दावा है कि आने वाले समय में भाजपा द्वारा ब्लाक प्रमुख के पद के लिए उनके नाम पर मुहर लगाई जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो केंद्र और प्रदेश में बीजेपी की सरकार होने के कारण उनकी जीत की संभावना बढ़ जाएगी । इसलिए दीपमाला ने भाजपा से चुनाव लड़ने के लिए अपना आवेदन किया है। अधिकांश निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य व स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओं ने भी दीपमाला के समर्थन में अपनी कमर कस लिया है दीपमाला को चुनाव लड़ाने के लिए भाजपा के स्थानीय नेता योगेंद्र सिंह, राजेंद्र लहरी विद्यालय प्रबंधक महासंघ अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह, दिनेश सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, सत्येंद्र सिंह राजीव सिंह, गोला सिंह,आदि दर्जनों रसूखदार संभ्रांत लोग भी दीपमाला को जिताने के लिए कमर कस चुके हैं।

पंचायत अध्यक्ष: विपक्षी एकता धड़ाम, नाम घोषणा के साथ ही विरोध शुरू

सपा, रालोद, आजाद समाज पार्टी और भाकियू से संयुक्त उम्मीदवार घोषित! चरनजीत कौर के नाम पर बवाल!

बिजनौर। सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के खिलाफ एकजुट विपक्षी पार्टियों की एकता तार तार हो गई है। सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन द्वारा चरणजीत कौर पत्नी सरदार मनदीप सिंह के नाम की घोषणा के साथ ही समर्थक दलों के बगावती तेवर सामने आए हैं। जहां एक ओर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी ने सर्वाधिक वोट हासिल करने का दावा करते हुए चरणजीत कौर का नाम मानने से साफ इंकार कर दिया, तो वहीं भाकियू जिलाध्यक्ष दिगम्बर सिंह ने सपा जिलाध्यक्ष पर धन लेकर टिकट बांटने का आरोप मढ़ दिया है।

भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए सपा, रालोद, आजाद समाज पार्टी और भाकियू ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर अपना उम्मीदवार घोषित किया था। सपा जिला अध्यक्ष राशिद हुसैन ने बिजनौर निवासी सरदार मनदीप सिंह की पत्नी चरनजीत कौर को उम्मीदवार घोषित करते हुए बताया कि जिले की जनता ने बीजेपी को हराया और विपक्ष के सदस्य अधिक जिताए हैं। सपा, रालोद, असपा व भाकियू मिलकर अपना जिला पंचायत अध्यक्ष जिताएंगे। उन्होंने कहा कि सपा, रालोद और आजाद समाज पार्टी का कोई भी सदस्य बिकेगा नहीं। हम धनबल पर नहीं, कानून पर विश्वास रखते हैं। बीजेपी ख्वाब देख रही है लेकिन बीजेपी का जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं बनेगा। हमारे गठबंधन ने बीजेपी को हराने के लिए तैयारी कर ली है। जनपद में हमारा जिला अध्यक्ष बनना तय है।

दूसरी ओर चरनजीत कौर के नाम पर बगावत भी शुरू हो गई। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी ने सर्वाधिक वोट हासिल करने का दावा करते हुए हाइकमान से बात किए बिना उन्हें प्रत्याशी मानने से साफ इंकार कर दिया तो वहीं सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में भाकियू नेता दिगंबर सिंह ने सपा जिलाध्यक्ष पर धन लेकर टिकट बांटने का आरोप लगा दिया।

गौरतलब है कि बिजनौर जनपद में सपा, रालोद और भारतीय किसान यूनियन ने संयुक्त रूप से जिला पंचायत चुनाव लड़ा। 56 जिला पंचायत सीटों पर हुए चुनाव में सपा ने शानदार प्रदर्शन किया। सपा के 20 प्रत्याशी जीते तो वहीं गठबंधन में शामिल रालोद के चार और भाकियू के दो प्रत्याशी भी जीते। सपा से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी, रफी अंसारी समेत कई सदस्य प्रत्याशी बनने के दावेदार थे। बताया जा रहा है कि सपा ने हाईकमान को सात दावेदारों के नाम भेजे थे। हाईकमान ने चरणजीत कौर के नाम पर मुहर लगाई।

हालांकि अभी अध्यक्ष पद के लिए भाजपा और निर्दलियों के नाम सामने आने बाकी हैं। पूर्व विधायक शाहनवाज राना भी अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने के लिए पूरे जोड़तोड़ करने में लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक भाकियू के सदस्यों पर भी उनकी नजर है। इसके अलावा अन्य सदस्यों को भी वे अपने पाले में करने के लिए जोड़तोड़ करने में जुटे हैं। वहीं भाजपा से दावेदार की घोषणा आज रविवार को संभव है।

सदस्यों की संख्या दो तिहाई से कम, फिर भी हुआ शपथ ग्रहण समारोह

सदस्यों की संख्या दो तिहाई से कम, फिर भी हुआ शपथ ग्रहण समारोह

लखनऊ। मलिहाबाद की ग्राम पंचायत गौंदा मुअज्जमनगर में ग्राम पंचायत सदस्य मौसमी और कमलेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या दो तिहाई से कम होने के बावजूद भी शपथ समारोह का आयोजन किया गया।

नियम विरुद्ध तरीके से शपथ कराने की वजह से कई ग्राम पंचायत सदस्यों में आक्रोश व्याप्त है। इसके साथ ही कई सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि सचिव द्वारा को किसी भी प्रकार की सूचना पहले से नहीं दी गई। सूचना ना मिलने की वजह से कई ग्राम पंचायत सदस्य समय पर शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंच पाए। प्रशासन द्वारा ऑनलाइन शपथ ग्रहण कराने का दावा भी खोखला नजर आया। ग्राम पंचायत सदस्यों को किसी भी प्रकार का आनलाइन लिंक भी नहीं उपलब्ध कराया गया।

जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत गौंदा मुअज्जमनगर में 15 ग्राम पंचायत सदस्य में से 3 पद खाली हैं और कई सदस्य अनुपस्थित रहे। जरूरी संख्या ना होने की वजह से बाकी ग्राम पंचायत सदस्यों ने शपथ ग्रहण समारोह को टालने की मांग की। हालांकि सचिव ने सभी जरूरी नियमों को पालन करने की बात कही है ।

56 ग्राम पंचायतों के नव निर्वाचित प्रधानों ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ

लखनऊ। विकास खण्ड मलिहाबाद के ग्राम पंचायतों में संबंधित सचिवों की मौजूदगी में नव निर्वाचित प्रधानों व सदस्यों को वर्चुअल शपथ दिलाई गई। वहीं 11 ग्राम पंचायतों को अभी इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि वहां सदस्य संख्या कम है।
विकास खण्ड की 67 ग्राम पंचायतों में शासन से मिले आदेश के अनुसार कोविड नियमों का पालन करते हुए वर्चुअल शपथ दिलाई गई। खण्ड विकास अधिकारी डॉ. संस्कृता मिश्रा व एडीओ पंचायत डीके सिंह ने विकास खण्ड की 56 ग्राम पंचायतों के नव निर्वाचित प्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई इस अवसर पर सम्बन्धित ग्राम पंचायतों के सचिव मौजूद रहे। दूसरी ओर बिराहिमपुर, अहमदाबाद कटौली, बदौरा, सेंधरवा, गोसवा, टिकैत गंज, जौरिया, हटौली, शेरपुर भौसा, बड़ी गढ़ी, तिलसुवा कुल 11 ग्राम पंचायतों में सदस्य संख्या कम होने के चलते शपथ नहीं दिलाई जा सकी। बताया गया कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी शपथ ग्रहण नहीं हो सका है वहां फिलहाल प्रशासक कामकाज सम्भालेंगे। अब शासन के निर्देश पर 27 मई को ग्राम पंचायत की पहली बैठक सम्पन्न होगी।

समाजवादी पार्टी से काकोरी ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी बनीं रेखा यादव

रेखा यादव को समाजवादी पार्टी ने काकोरी ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी घोषित किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में काकोरी कांड की चर्चा आज भी होती है। वहीं ब्लॉक प्रमुख पद के होने वाले आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी ने विकासखंड काकोरी की ग्राम पंचायत अतिरिक्त टाउन एरिया के वार्ड नंबर 17 से विजयी सदस्य क्षेत्र पंचायत रेखा यादव पत्नी लालाराम निवासी ग्राम गुरूदीन खेड़ा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। दूसरी ओर अभी सत्ताधारी पार्टी से लेकर अन्य पार्टी अपना प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकी हैं। सपा प्रत्याशी रेखा यादव ने बताया कि वह और उनका पूरा परिवार शुरू से ही समाजवादी पार्टी से जुड़ा रहा है। समाजवादी पार्टी की विचारधारा, मुलायम सिंह यादव एवं अखिलेश यादव की नीतियों पर भरोसा करता रहा है। उनके विकास कार्यों की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है और आज के समय में जिस तरह से ग्रामीण जनता शिक्षा, चिकित्सा और बेरोजगारी से परेशान है, बीमारी में दवा तक नसीब नहीं हो रही है ऐसे में लोग पुनः अखिलेश यादव जी की सरकार बनाना चाहते हैं। रेखा यादव ने बताया कि वह गृहणी एवं उनके पति किसान हैं। उनके क्षेत्र के लोग और समर्थक समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी बनाए जाने पर बहुत खुश हैं और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत, विधानसभा अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह यादव, जिला प्रभारी टीबी सिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख रूप नारायण यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख राम गोपाल यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख राजबाला रावत, पूर्व जिला अध्यक्ष नागेंद्र सिंह यादव, सदस्य जिला पंचायत जितेंद्र यादव गुड्डू, पन्ना लाल रावत सहित क्षेत्र के समस्त समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देती हैं और यह विश्वास दिलाती हैं कि वह सदैव समाजवादी पार्टी की नीतियों पर चलकर अखिलेश यादव जी के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए क्षेत्र की जनता की सेवा करेंगी

सफाई कर्मचारियों की जेब हो रही साफ !

बिजनौर। जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय में कुछ गड़बड़ चल रहा है। सफाई कर्मचारियों से अवैध उगाही के मामले सामने आए हैं। कार्यालय में तैनात एक लिपिक पर इसका पूरा दारोमदार आ रहा है। आरोप है कि सफाई कर्मचारियों से तनख्वाह व फंड निकालने आदि काम के लिए भरपूर धन बटोरे जा रहे हैं।

…आखिर पत्नी व पुत्र ने कैसे लड़े जिला पंचायत सदस्य के तीन महंगे चुनाव– यह भी बताया जा रहा है कि उक्त लिपिक की धर्मपत्नी पूर्व में दो बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव काफी जोरशोर से लड़ कर हार चुकी हैं। तीसरे चुनाव में उनके सुपुत्र को सफलता मिल गई है। कोई नादान सा व्यक्ति भी इतनी समझ तो रखता ही है कि कोई भी चुनाव लड़ना आर्थिक रूप से हर किसी के बूते की बात नहीं है। खासतौर पर जिला पंचायत चुनाव तो बेहद ही खर्चीला माना जाता है। अब इनके पास इतनी छोटी नौकरी में इतना धन कहां से आ रहा है सोचने वाली बात है। यह बात अलग है कि अब ये कमाऊ पूत साबित होने वाले हैं। जिले में बीजेपी ने 56 वार्ड में से 55 पर समर्थन किया था। चुनाव में तगड़ा झटका लगने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के पास कुल मिला कर 8 ही सदस्य हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव होने वाला है। देश व प्रदेश में सत्तारूढ़ होने के नाते हर हाल में अध्यक्ष पद पर काबिज होने की जुगत भी भिड़ाई जा रही है। इसके लिए साम, दाम, दण्ड, भेद की नीति हर राजनीतिक दल अपनाता भी है। (सफाई कर्मचारियों से अवैध वसूली के इन आरोपों की पुष्टि करता आडियो क्लिप इन पंक्तियों के लेखक के पास सुरक्षित है।)

सरकारी कर्मचारी होते हुए भी सरकार की खिलाफत: सरकारी विभाग के कर्मचारी होते हुए भी यह सरकार के विरोधी लगते हैं! ऐसा इनके मोबाइल नंबर की डीपी में लगी फोटो बयान कर रही है। देश में नवीनतम प्रौद्योगिकी के तौर पर 5G नेटवर्क के परीक्षण की अनुमति हाल ही में केंद्र सरकार ने दी है।

कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर में विभिन्न राजनीतिक दल 5G का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस खतरनाक बीमारी का कारण यही नेटवर्क है। यह बात अलग है कि WHO के अलावा सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) आदि सरकारी एजेंसियों की ओर से इस प्रकार के किसी भी अंदेशे से साफ इंकार किया गया है।

बामसेफ से रहे हैं जुड़े– सूत्रों का कहना है कि उक्त लिपिक बहुजन समाज पार्टी के बामसेफ में पदाधिकारी रहे हैं। मोहभंग हुआ तो पुत्र को साथ लेकर आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लिया।

सोम देव सिंह ग्राम प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष नामित 

सोम देव सिंह ग्राम प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष नामित। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष ने सौंपी जिम्मेदारी।

बिजनौर। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन का जिला अध्यक्ष सोम देव सिंह पुत्र घसीटा सिंह निवासी ग्राम पंचायत पपावर खुर्द उर्फ गढ़ी बगीची ब्लाक मोहम्मदपुर देवमल को नामित किया गया है। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव गणेश ठाकुर की संस्तुति  पर प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने उन्हें यह दायित्व सौंपा। साथ ही नवनियुक्त जिला अध्यक्ष से अपेक्षा की है कि वह एक माह के भीतर जिला व ब्लाक कमेटियां गठित करेंगे। सघन सदस्यता अभियान चलायेंगे तथा तन-मन-धन से संगठन का  सहयोग करेंगे। साथ ही संगठन की प्रगति के संबंध में लगातार प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराएंगे। 

गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करवा कर बना प्रधान!

लखनऊ। पंचायत चुनाव में गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करवाकर आरक्षण प्राप्त करने वाले नव निर्वाचित ग्राम प्रधान का शपथ ग्रहण रद करने के लिए ग्रामीणों ने शिकायत की है। इस मामले में डाक द्वारा कानून मंत्री, पंचायती राज मंत्री, पंचायती राज अधिकारी, जिलाधिकारी, राज्य निर्वाचन आयोग, उपजिलाधिकारी, अनुसूचित जाति आयोग, खण्ड विकास अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी से शिकायत जन सुनवाई पोर्टल के माध्यम से की है। शिकायतकर्ता अनिल कुमार मौर्य व हिमांशु निगम के मुताबिक बीते 19 अप्रैल को जनपद लखनऊ के मलिहाबाद विकासखंड में हुए प्रधानी चुनाव में संविधान के नियम विरुद्ध तहसील से अनुसूचित जाति का जाति प्रमाणपत्र जारी कर गलत तरीके से आरक्षण दिया गया है।

मलिहाबाद की गांव पंचायत कसमंडी खुर्द के प्रधान पद का आरक्षण अनुसूचित जाति के लिए निर्धारित था। जो प्रधान प्रत्याशी चुनाव जीता है, उसको प्रधान जीतने का प्रमाण पत्र सलीम पुत्र शिव गुलाम के नाम से जारी हुआ है। सलीम की पत्नी नाज भी मुस्लिम है जो विकास खण्ड मलिहाबाद की ग्राम पंचायत फिरोजपुर के मजरे सदरपुर की रहने वाली है। उससे सलीम ने निकाह भी किया है, तो फिर सलीम का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र तहसील से कैसे जारी किया गया, यह एक बड़ा सवाल है। भारतीय संविधान के आदेश 1950 के पैरा 3 में यह साफ तौर पर लिखा है यदि कोई अनुसूचित जाति का व्यक्ति मुस्लिम धर्म के रीति रिवाज से रहता है और मुस्लिम धर्म का अनुपालन करता है तो वह अनुसूचित जाति की श्रेणी में नहीं आएगा। इसका मतलब है सलीम का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र गलत जारी किया गया है। यह चुनाव रद्द होना चाहिए और नए सिरे से ग्राम प्रधान का चुनाव होना चाहिए। इस पूरे प्रकरण में अनुसूचित जाति के लोगों के अधिकारों का हनन हुआ है।
आरोप है कि चुनाव नामांकन के दौरान सलीम का जाति प्रमाणपत्र उनके प्रस्तावक व प्रधानी संचालक तारिक यूसुफ खां द्वारा समस्त बातों को छुपाते हुए तहसील में अधिकारियों को गुमराह करते हुए बनवाया गया है। इसलिए सलीम अनुसूचित जाति का आरक्षण प्राप्त करने के योग्य नहीं है। इसलिये अधिकारियों की लापरवाही को समझते हुए तत्काल ग्राम पंचायत कसमंडी खुर्द का शपथ ग्रहण रोका जाए, साथ ही न्यायहित में जांच कर कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

वहीं मोहनलाल गंज सांसद कौशल किशोर ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री से ट्विटर के माध्यम के सलीम का जाति प्रमाणपत्र गलत जारी होने से ग्राम पंचायत कसमंडी खुर्द का चुनाव रद करके नए सिरे से ग्राम प्रधान का चुनाव कराने का अनुरोध किया है।

ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर लामबंदी शुरू

ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर लामबंदी शुरू। वीरेंद्र सिंह यादव समर्थित विद्यावती के मैदान में उतरने से घमासान तेज।

मलिहाबाद, लखनऊ। ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर वीरेंद्र सिंह यादव समर्थित विद्यावती के मैदान में उतरने से घमासान तेज हो गया है। क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख के लिए अभी तक मीनू वर्मा समर्थित निर्मल वर्मा द्वारा ही दावेदारी पेश की गई थी। ऐसे में दूसरा प्रत्याशी सामने आने से जीते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्यों को लेकर लामबंदी तेज हो गई है।

हालांकि कोरोना वायरस और आंशिक लॉकडाउन के चलते अभी तक दावेदार अपने पाले में किए बीडीसी को दावत देकर खुश नहीं कर पा रहे हैं। पंचायत चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही ब्लाक प्रमुख दावेदारों ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए हर हथकंडा अपनाना शुरू कर दिया है। हालांकि मलिहाबाद ब्लॉक से किसी दूसरे प्रत्याशी द्वारा दावेदारी ना करने से माहौल अभी तक ठंडा दिखाई दे रहा था, लेकिन अब दूसरा प्रत्याशी सामने आने से राजनीतिक सरगर्मियां थोड़ी तेज हो गई हैं ।

सूत्रों की माने तो वीरेंद्र सिंह यादव समर्थित विद्यावती को समाजवादी पार्टी अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है। ऐसे में संभावित भाजपा प्रत्याशी और मोहनलालगंज से भाजपा सांसद दिग्गज नेता कौशल किशोर के करीबी मीनू वर्मा के भाई निर्मल वर्मा के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिलेगा। जानकारी के मुताबिक जिला संगठन द्वारा वीरेंद्र यादव समर्थित विद्यावती के नाम का प्रस्ताव सर्वसम्मति से राष्ट्रीय संगठन को भेजा गया है बस अंतिम मुहर लगना बाकी है। लखनऊ जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत ने बताया कि जिले के समस्त ब्लॉकों के प्रत्याशियों का प्रस्ताव राष्ट्रीय संगठन के पास भेज दिया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा अंतिम फैसला लेने के बाद प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी।

BJP क्यों नहीं चाहती जल्दी हों जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव!

एक करोड़ रुपए का एक वोट: पंचायत अध्यक्ष पद के लिए जोड़-तोड़, अब तक के सबसे महंगे होंगे चुनाव, पार्टियों ने शुरू की निगरानी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनावों में निर्दलियों के दबदबे के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुखों के चुनाव बेहद मंहगे होने की संभावना है।
जिलों में जीते सदस्यों के बीच ‘वोट के बदले नोट’ की चर्चा शुरू हो गई है। छोटे जिलों में भी जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए प्रति जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) 50 लाख से एक करोड़ रुपए तक खर्च का अनुमान है।

प्रदेश के 60 से अधिक जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय सदस्यों का समर्थन निर्णायक है। ब्लाक प्रमुख के लिए प्रति वोट औसतन 3 लाख रुपए ‘रेट’ बताया जा रहा है। जीत का प्रमाण पत्र मिलने के बाद से ही राजनीतिक दलों ने अपने जिला पंचायत सदस्यों की पहरेदारी शुरू कर दी है।

जानकार कहते हैं कि ‘पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख के निर्वाचन में पैसे देकर वोट खरीदने की परंपरा है। इसको सरकार का हस्तक्षेप भी नहीं रोक पाएगा। इसीलिए जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए आर्थिक रूप से मजबूत उम्मीवार ही उतारा जाता है। जिला पंचायत के जरिए होने वाले विकास कार्यों में अध्यक्ष, छह प्रतिशत या इससे अधिक ‘कट-मनी’ लेता है, लेकिन अध्यक्ष पद का चुनाव प्रतिष्ठा का अधिक है। यदि दो मजबूत धनी दावेदार होते हैं तो रेट बढ़ता जाता है। ठीक नीलामी की बोली की तरह। पंचायत में यह पंरपरा भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा कारण है।’ दूसरी ओर, डीडीसी में सपा से पिछड़ने के बाद भाजपा प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा जिलों में अपना अध्यक्ष निर्वाचित करा कर बेहतर संदेश देना चाहती है।

2015 में सपा सरकार के दौर में 62 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पर पर कब्जा किया था। भाजपा, सपा के आंकड़े से आगे निकलना चाहती है। सत्तारूढ़ दल के सांसद व विधायक चाहते है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव जल्दी से जल्दी हो जाएं। देर होने पर सदस्यों की कीमतें बढ़ती जाएंगी।

गिफ्ट में स्कोर्पियो और बुलेरो का ऑफर

डीडीसी के परिणाम आने के साथ ही अध्यक्ष पद के दावेदारों ने कोशिशें शुरू कर दी है। कुछ जिलों में भावी उम्मीदवारों ने डीडीसी को शुरुआती गिफ्ट में स्कॉर्पियो व बुलेरो जैसी गाड़ियां देने की पेशकश की है। प्रतिष्ठा के प्रतीक इन चुनाव में बेहिसाब खर्च पर कोरोना की महामारी का भी कोई असर नहीं है। यदि किसी जिले में 45 डीडीसी सदस्य हैं, तो अध्यक्ष बनने के लिए 23 सदस्यों का समर्थन चाहिए। प्रति डीडीसी एक करोड़ के हिसाब से 23 करोड़ का खर्च हो सकता है। यह मौजूदा प्रत्याशियों की क्षमता के मुताबिक घट-बढ़ भी सकता है।

तत्काल चुनाव कराने की बाध्यता नहीं
निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 12 जनवरी और ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल 21 मार्च को समाप्त हुआ था। बाद में सरकार ने इन पदों पर प्रशासक नियुक्ति कर दिया था। इसलिए अब जिपं के लिए 12 जुलाई और ब्लॉक प्रमुख के लिए 21 सितंबर तक चुनाव करा लेना जरूरी होगा।

ब्लॉक प्रमुख पद पर निर्मल वर्मा ने पेश की दावेदारी

निर्मल वर्मा ने पेश की ब्लॉक प्रमुख की दावेदारी,

विपक्ष से अभी तक सामने नहीं आया कोई प्रत्याशी

लखनऊ। मलिहाबाद से निर्मल वर्मा ने ब्लाक प्रमुख के पद के लिए दमदार तरीके से अपनी दावेदारी पेश की है वहीं विपक्ष से अभी तक कोई चेहरा सामने नहीं आ पाया है। हांलांकि चुनाव की तारीख अभी तक तय नहीं हैं फिर भी संभावित प्रत्याशियों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी हैं। मलिहाबाद से युवा नेता और निर्मल वर्मा के भाई मीनू वर्मा ने बताया कि ब्लाक प्रमुख के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों का जरूरी समर्थन लगभग मिल चुका है और जीत के लिए बस औपचारिकता मात्र बची है। मीनू वर्मा की गिनती भाजपा सांसद कौशल किशोर के काफी करीबी लोगों में होती है ।
मीनू वर्मा के मुताबिक क्षेत्र पंचायत सदस्यों का मिल रहा समर्थन जीतने के लिए जरूरी आंकड़े से काफी ज्यादा है ।

मलिहाबाद में ब्लाक प्रमुख के पद के लिए अनुसूचित जाति की सीट आरक्षित है। अभी तक किसी भी पार्टी के द्वारा ब्लाक प्रमुख के पद के लिए किसी औपचारिक प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। वहीं सूत्रों के मुताबिक जल्द ही भाजपा द्वारा ब्लाक प्रमुख के पद के लिए निर्मल वर्मा के नाम पर मुहर लगाई जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो केंद्र और प्रदेश में बीजेपी की सरकार होने के कारण निर्मल वर्मा की जीत लगभग तय होगी। संभावित प्रत्याशियों को ध्यान में रखते हुए निर्मल वर्मा ने अपने समर्थकों के साथ जीते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्यों से मुलाकात करना शुरू कर दिया है। मिल रहे समर्थन के चलते मीनू वर्मा ब्लाक प्रमुख पद पर अपने भाई निर्मल वर्मा की जीत के लिए लगभग पूरी तरह आश्वस्त हैं।

बताते चलें कि कोरोना कर्फ्यू के चलते चुनाव आयोग ने अभी तक चुनाव की तिथियों की घोषणा नहीं की है, लेकिन चुनाव को ध्यान में रखते हुए निर्मल वर्मा ने अभी से जोर शोर से तैयारी शुरू कर दी है। एक ओर जहां निर्मल वर्मा ने जोर शोर से तैयारी शुरू कर दी है वहीं विपक्ष में अभी तक कोई चेहरा सामने नहीं आ सका है। सपा – बसपा ने भी अभी तक किसी भी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। करीबी सूत्रों की मानें तो यदि भारतीय जनता पार्टी मौका देती है तो अनिल सिंह चौहान और सपा कार्यकर्ता तथा युवा नेता वीरेंद्र यादव समाजवादी पार्टी समर्थित उम्मीदवार को दावेदारी के लिए पेश कर सकते हैं।

ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव स्थगित

यूपी में 75 जिला पंचायत अध्यक्ष और 826 ब्लॉक प्रमुख चुने जाने हैं। नव निर्वाचित 3050 सदस्य 75 जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव करेंगे। वहीं 75,845 क्षेत्र पंचायत सदस्य 826 ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के लिए मतदान करेंगे।

लखनऊ। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। चुनाव 15 से 20 मई के बीच होने थे। अब यह चुनाव 15 जून के बाद होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में 75 जिला पंचायत अध्यक्ष और 826 ब्लॉक प्रमुख चुने जाने हैं। नव निर्वाचित 3050 सदस्य 75 जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव करेंगे। वहीं 75,845 क्षेत्र पंचायत सदस्य 826 ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के लिए मतदान करेंगे। जिला पंचायत के पदों के लिए प्रमुख दलों द्वारा समर्थित उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया था। चूंकि पंचायत चुनाव पार्टी के प्रतीक द्वारा नहीं लड़े जाते हैं, इसलिए जीतने वाले सदस्यों के बारे में पार्टी के दावों में एकरूपता लाना आसान नहीं है।

इस आदेश से पहले सूबे के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने इस चुनाव की संभावनाओं को नकार दिया। उन्होंने कहा कि इस समय सरकार का पूरा ध्यान कोरोना नियंत्रण पर है। प्रदेश में पंचायत चुनाव भी हाई कोर्ट के निर्देश पर कराने पड़े, क्योंकि इस समय स्थितियां ठीक नहीं हैं तो ऐसे में इन पदों पर भी चुनाव कराना तर्कसंगत नहीं होगा।

चुनावी रंजिश में महिला की हत्या

हारने वाले पक्ष के हमले में विजयी पक्ष की महिला की मौत। ग्रामीणों ने शव सडक़ पर रख कर लगाया जाम।

बिजनौर। हल्दौर थाना क्षेत्र में चुनाव हारने वाले पक्ष ने जीतने वाले पक्ष के समर्थक के घर पर गुरुवार रात हमला कर दिया। घटना में एक महिला की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह परिजनों व ग्रामीणों ने मृतका का शव थाने के सामने सड़क पर रख कर नहटौर-हल्दौर हाइवे जाम कर दिया।

जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम कड़ापुर में बीती रात प्रधानी के चुनाव को लेकर दो पक्षो में जमकर लाठी-डंडे चले जिसमें हारने वाले के हमले से एक महिला की मौत हो गई जबकि आधा दर्जन के करीब घायल हो गये। उल्लेखनीय है ग्राम कड़ापुर से विनीत ग्राम प्रधान निर्वाचित हुआ है। उसने अपने प्रतिद्वंद्वी विपिन उर्फ पप्पू को हरा कर जीत हासिल की है। हारने के बाद से पप्पू विनीत से रंजिश रख रहा था। आरोप है कि बीती रात लगभग नौ बजे पप्पू ने जीते हुए प्रधान के समर्थकों धर्मेंद्र पुत्र नौबहार, विपिन पुत्र धर्मेंद, ब्रह्म सिंह पुत्र डालू सिंह, कोशेन्द्र पुत्र ब्रह्म सिंह व योगेन्द्र पुत्र भीष्म को घेर कर लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। झगड़े की सूचना पर सविता देवी (50 वर्ष) पत्नी भीष्म सिंह मौके पर पहुंची और बीच-बचाव करने लगी। यह भी आरोप है कि उसके ऊपर भी हमला कर दिया गया, जिसमें वो गम्भीर रूप से घायल हो गई। गंभीर अवस्था में परिजन उसे लेकर बिजनौर पहुंचे, गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद स्थानीय पुलिस घण्टों बाद पहुची और आरोपियों को पकड़ लिया मगर हलके में तैनात एक सिपाही ने पकड़े गये आरोपियों को छोड़ दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। इससे रुष्ट होकर ग्रामीण शुकवार सुबह मृतका का शव थाने लेकर पहुचे और नहटौर-हल्दौर मार्ग पर थाने के सामने हाइवे जाम कर दिया। जाम लगने से हाइवे के दोनों और वाहनों की कतार लग गई। ग्रामीणों का कहना था कि सभी आरोपितों पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो और आरोपितों को छोडऩे वाले सिपाही  के खिलाफ कार्यवाही हो। जाम की सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. गणेश कुमार गुप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को उचित कार्यवाही कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।

हिंसा के मामले बढ़े- पिछले एक सप्ताह में चुनावी रंजिश को लेकर एक दर्जन से ज्यादा हिंसा की घटनाएं हो चुकी हैं। एक दिन पहले ही हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव बल्दिया में नए ग्राम प्रधान पर जानलेवा हमला किया गया। वहीं स्योहारा में भी तीन दिन पहले चुनावी रंजिश के चलते हत्या हुई।

जीत के जश्र के बीच पराजित प्रत्याशी के पोस्टर फाड़े 

जीत के जश्र के बीच पराजित प्रत्याशी के पोस्टर फाड़े 

बिजनौर। स्योहारा थाने के ग्राम अकबरपुर आशा उर्फ हरौली में जीत का जश्न मना रहे प्रधान पति समर्थकों ने पराजित हुए पूर्व प्रधान के बैनर पोस्टर फाड़ दिए। बैनर, पोस्टर पर स्याही से अभद्र भाषा प्रयोग किया, जिसको लेकर गांव में तनाव फैल गया। ग्राम हरौली के पूर्व प्रधान अलीमुद्दीन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रधान पद के लिए खड़ा हुआ था। मुकाबले मे निजामुद्दीन की पत्नी जरीना ने अलीमुद्दीन को पराजित कर जीत हासिल की। जीत की खुशी मनाते हुए प्रधान पति निजामुद्दीन ने ढ़ोल बजाकर गांव में विजय जुलूस निकाला। उन्होंने व समर्थकों ने कोविड-19 नियम का पालन भी नहीं किया और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के जलूस निकाला। प्रधान पति समर्थकों ने अलीमुद्दीन के बैनर पोस्टर फाड़ दिए तथा बैनर पर स्याही से अभद्र भाषा लिख दी। तहरीर में पूर्व प्रधान अलीमुद्दीन ने मानहानि का आरोप लगाते हुए 5 लाख के मुआवजा की मांग भी की है। थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार गौड़ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

हारे प्रत्याशी के घर में घुस कर तोडफ़ोड़ मारपीट

हारे प्रत्याशी के घर में घुस कर तोडफ़ोड़, मारपीट। एसपी की चेतावनी के बावजूद विजयी प्रधान ने निकाला जुलूस 

बिजनौर। त्रिस्तरीय चुनाव बीतने व नतीजे आने के बाद खुद पुलिस कप्तान ने सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि कोई भी व्यक्ति विजय जुलूस नहीं निकालेगा और न ही कोई जश्न होगा, उसके बावजूद लोग दबंगई दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में स्योहारा थानांतर्गत अनीसा नंगली में एक महिला की जान भी जा चुकी है। वहीं अब ग्राम किवाड़ में भी हालात गर्म बने हुए हैं। आरोप है कि यहां जीते हुए प्रत्याशी शगुफ्ता पत्नी शौकत अली व उसके सैकडों समर्थकों ने गांव भर में न सिर्फ विशाल विजय जुलूस निकाला बल्कि दूसरे नम्बर पर आए  इशरत अली पुत्र अमीरुद्दीन के घर जाकर जोर-जोर से ढ़ोल बजाते हुए गाली गलौज भी की। विरोध करने पर सभी से गुंडई दिखाते हुए इशरत के घर में घुसकर तोडफ़ोड़ व परिजनों से मारपीट की। मामले की शिकायत इशरत ने जुलूस की वीडियो सहित डीआईजी से की। पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।पीडि़त ने बताया कि पुलिस ने अच्छे प्रयास किये हैं साथ ही परिवार की सुरक्षा के लिए रात को पुलिस की ड्यूटी भी रही लेकिन अभी भी उनको डर व भय है क्योंकि आरोपी दबंग लोग हैं, जो कभी भी कुछ भी बुरा कर सकते हैं। साथ ही इशरत ने कहा कि भले ही वो दूसरे नम्बर पर आकर हार गया है लेकिन वो हमेशा गांव व लोगों के बीच रहकर सदा सबकी सेवा में हाजिर रहेगा। थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार गौड़ ने कहा कि गांव में स्थिति सामान्य है साथ ही कई आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान पर जानलेवा हमला, कई घायल

नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान पर जानलेवा हमला। लाठी डंडो व सरियों से हमला। तमंचे से फायरिंग। कई घायल, पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज।

बिजनौर। हल्दौर थाना क्षेत्र के ग्राम बल्दिया में चुनावी रंजिश के चलते नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान पर कुछ लोगों ने तमंचों से जानलेवा हमला कर दिया। घटना में ग्राम प्रधान सहित उसके कई समर्थक घायल हो गए। प्रधान के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।बुधवार रात्रि ग्राम बल्दिया का नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान रोहित पुत्र जोगेन्द्र गांव में ही अपने एक परिचित के घर से अपने घर लौट रहा था। प्रधान के परिजनों ने थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि रास्ते में चुनाव में पराजित प्रत्याशी आशुतोष उर्फ टीटू पुत्र वीरेंद्र, दीपक, मोनू, मुकेश व विपिन ने उसे घेर लिया और जान से मारने की नीयत से लाठी डंडो व सरियों से हमला कर दिया। आरोपियों ने रोहित पर तमंचे से फायरिंग भी की, जिसमे वह बाल बाल बच गया। फायरिंग की आवाज सुन मौके पर पहुंचे रोहित के साथियों से भी आरोपियों ने मारपीट की। ग्रामीणों को आता देख आरोपी धमकियां देते हुए फरार हो गए। हमले में प्रधान व उसके चार साथी घायल हो गए। प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने रोहित के परिजनों की तहरीर पर पांच आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच कर कार्यवाही की बात कही है।

दोनों के वोट बराबर, सिक्का उछाला तो घास में सीधा खड़ा हो गया, फिर…

लखनऊ। यूपी के गोंडा में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान एक दिलचस्प मामला हुआ। पंडरी कृपाल ब्लॉक के खैरा गांव के प्रधान पद के उम्मीदवारों को एक बराबर वोट आया तो टॉस प्रक्रिया की गई और हवा में उछलकर जमीन पर गिर सिक्का घास में सीधा खड़ा हो गया। इस प्रक्रिया में जब नतीजे नहीं सामने आए तो पर्ची निकालकर चुनावी भाग्य का फैसला किया गया। दोनों प्रधान समर्थकों ने विवाद उत्पन्न करने का प्रयास किया, मौके पर पहुंची पुलिस उपद्रवियों को कोतवाली ले गई।

जिला निर्वाचन अधिकारी के संज्ञान में आने पर उनके निर्देश पर दोनों प्रत्याशियों के बीच पहले सिक्का उछाला गया तो सिक्का घास में खड़ा हो गया। उसके बाद लॉटरी निकाली गई, जिसमें पूनम पाठक आखिरकार विजई घोषित हुईं। इस जीत से पूनम पाठक के भाग्य का फैसला हुआ और वो प्रधान चुनी गईं।

कैसे हुआ जीत का फैसला-गोंडा जिले में पंडरी कृपाल विकासखंड के खैरा गांव से प्रधान पद की प्रत्याशी पूनम पाठक व जामवंत देवी के बीच कांटे की टक्कर हुई। दोनों प्रत्यशियों को 607-607 वोट मिले। इसके बाद दोनों के बीच वोटों की गिनती टाई होने पर दोनों पक्ष के समर्थकों ने आमने-सामने आकर हंगामा शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख मौके पर पहुंची पुलिस ने समर्थकों को हटाने का प्रयास किया लेकिन आक्रोशित समर्थक पुलिस से ही भिड़ने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारी और हंगामा काट रहे 14 लोगों को हिरासत में ले लिया। उसके बाद सिक्का उछाला गया तो सिक्का घास में खड़ा हो गया। फिर जिला निर्वाचन अधिकारी मार्कण्डेय शाही के निर्देश पर पर्ची निकाल कर प्रधान के भाग्य का फैसला हुआ, जिसमें पूनम पाठक को जीत हासिल हुई।

सर्टिफिकेट पाने को भटक रहे विजयी बीडीसी

प्रमाण पत्र पाने को चक्कर काट रहे विजयी बीडीसी। तहसील व ब्लाक परिसर के चक्कर लगा रहे बीडीसी।ब्लाक में सात मई को प्रमाण पत्र देने का लगाया नोटिस।

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ कर विजय प्राप्त करने के बावजूद जीत का प्रमाण पत्र न मिल पाने को लेकर परेशान नवनिर्वाचित बीडीसी नजीबाबाद तहसील व खंड विकास कार्यालय परिसर के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि मतगणना पूर्ण हो जाने के तीन दिन बाद ब्लाक में सात मई को विजयी होने के प्रमाण पत्र दिए जाने का नोटिस चस्पा किया गया है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना पूर्ण हो जाने के तीन दिन बाद भी क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों पर चुनाव लडक़र विजयी होने वाले प्रत्याशियों को निर्वाचन की मतगणना प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रमाण पत्र जारी नहीं किए हैं। इसे लेकर विजयी बीडीसी प्रत्याशी जीत का प्रमाण पत्र पाने को तहसील परिसर व ब्लाक परिसर के चक्कर काटकर अधिकारियों से गुहार लगाने में लगे हुए हैं। प्रमाण पत्र पाने से वंचित रहे विजयी प्रत्याशियों का कहना है कि मतगणना पूर्ण होने पर निर्वाचन अधिकारी कैलाश चंद जोशी ने उनके नाम लेकर विजयी होने सम्बन्धित उद्घोषणा की परंतु तकनीकि कारणों से प्रमाण पत्र देने में देरी होने की बात कही। उन्होंने विजय का प्रमाण पत्र न दिए जाने को मतगणना कार्य में जुटी टीम की लापरवाही बताते हुए कहा कि उन्हें कोई भी यह बताने को तैयार नहीं है कि प्रमाण पत्र कहां से मिलेंगे? हालांकि काफी संख्या में विजयी प्रत्याशियों के प्रमाण पत्र पाने को घूमते रहने के चलते ब्लाक पर सात मई को विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र दिए जाने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। प्रमाण पत्र दिए जाने की मांग करने वालों में वसीम अहमद मोहम्मद अलीपुर परमा, तेजपाल करमसखेड़ी, अहसान मेमनपुरा, गुलशनम जालपुर, गुलशन भागूवाला, फरीदा मेमनपुरा, राईला भागूवाला, राखी हकीमपुर, मौहम्मद उस्मान भागूवाला, धनश्याम भागूवाला, माला देवी तातारपुर लालू, प्रेम गुढ़ा, कामेन्द्री, सनोज, अनीस, गुफरान, नईम अहमद आदि लोग शामिल रहे।    

मानदेय के लिए परेशान रहे शिक्षक व कर्मचारी!

मानदेय के लिए परेशान रहे शिक्षक व कर्मचारी!

बिजनौर। कोरोना महामारी के इस दौर में एक ओर सरकार व सभी संगठन लोगों से घरों में रहने तथा जरूरी काम से ही बाहर निकलने पर सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क लगाने की अपील कर रहे हैं। वहीं रविवार से दूसरे दिन तक कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ा कर कर्मचारियों शिक्षकों को मतगणना पूरी कराने के बाद भी मानदेय नहीं दिया गया! परेशान शिक्षक, कर्मचारी लगातार सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे से पूछ रहे हैं कि किस ब्लॉक में मतगणना के पश्चात नियत मानदेय दिया गया है। कुल मिलाकर भारी अव्यवस्थाओं के बीच चुनाव लगभग संपन्न हो गया।जानकारी के अनुसार प्रत्येक टेबल पर एक पर्यवेक्षक व तीन अन्य की ड्यूटी लगाई गई थी, जिन्हें मानदेय दिया जाना था। ड्यूटी के लिए प्रात: 8:00 बजे से सायं के 8:00 बजे तक पहली शिफ्ट तथा रात्रि 8:00 बजे से प्रात: 800 बजे तक दूसरी शिफ्ट लगाई गई थी। वहीं बताया गया है कि पहली टीम को पुन: प्रात: 8:00 बजे बुलाया गया। आरोप है कि महामारी के इस खतरनाक दौर में शिक्षक कर्मचारी जान हथेली पर रखकर एक मेज पर चारों ओर बैठकर 12 से 15 घंटे की ड्यूटी करने के बावजूद चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित मानदेय अधिकांश ब्लॉक में नहीं दिया जा सका। कई शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मानदेय देने के नाम पर कई बहाने बनाए गए। कई ब्लॉक में कहा गया कि मतगणना पूरी होने के बाद दिया जाएगा। गणना में लगे कर्मचारियों ने बताया कि पर्यवेक्षक को रुपए 700  तथा अन्य को रुपए 500 दिए जाने थे। आरोप लगाया कि मानदेय के लिए इतना परेशान किया गया कि अनेक शिक्षक कर्मचारी मानदेय लिए बिना ही वापस आ गए। 

सर्वाधिक 572 वोट से बीडीसी प्रत्याशी नीलम यादव विजयी

सबसे ज्यादा 572 वोटों से बीडीसी प्रत्याशी नीलम यादव विजयी

मलिहाबाद,लखनऊ। कोरोना महामारी के चलते त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में राजधानी लखनऊ की विकास खण्ड मलिहाबाद में बीते 19 अप्रैल को चुनाव शांति पूर्वक सम्पन्न हो गए थे।

इसकी मतगणना रविवार को मलिहाबाद स्थित गया प्रसाद इंस्टीट्यूट में सुबह 8 बजे से कोविड प्रोटोकाल के तहत शुरू हुई। विकास खण्ड मलिहाबाद की ग्राम पंचायत कसमंडी खुर्द से क्षेत्र पंचायत सदस्य बीडीसी का चुनाव लड़ने वाली अमानीगंज गांव निवासिनी नीलम यादव पत्नी मनोज यादव ने कुल 810 वोट हासिल की और उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी ज्ञानवती को मात्र 238 वोट मिले। इस तरह से नीलम यादव ने कुल 572 मत पाकर सबसे बड़ी जीत हासिल की है। नीलम की इतनी बड़ी जीत से पंचायतवासी काफी खुश नजर आ रहे हैं।

मतपेटी गायब होने की सूचना पर मचा हड़कंप

मतपेटी गायब होने की सूचना पर मचा रहा हडक़ंप। काफी खोजबीन पर तीन घण्टे बाद मिली मतपेटी। मतपेटी मिलने के बाद कराई मोटाढाक की मतगणना

बिजनौर। कासमिया इंटर कालेज नजीबाबाद में बनाए गए मतदान केन्द्र पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना जारी रहने के दौरान अचानक ग्राम पंचायत मोटाढाक की एक मतपेटी गायब होने की सूचना मिलने पर प्रशासन में हडक़म्प मच गया। काफी देर की खोजबीन के बाद मतपेटी मिलने पर निर्वाचन की मतगणना में जुटे अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद ग्राम पंचायत मोटाढाक की मतगणना करायी गयी।

सोमवार की सुबह करीब आठ बजे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना को कासमिया इंटर कालेज में बनाए गए मतगणना स्थल पर ग्राम पंचायत मोटाढाक की एक मतपेटी गायब होने की सूचना प्रशासन को मिली। इसको लेकर मतगणना स्थल में हडक़म्प मच गया। दरअसल मतगणना कक्ष में बताया गया कि एक मतपेटी गायब हो गयी है।  उक्त ग्राम पंचायत में चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने तुरंत ही फोन पर आला अधिकारियों को भी इस मामले की जानकारी देते हुए मतपेटी का पता लगाने की मांग उठायी। उधर प्रशासन के अधिकारी काफी देर तक मतपेटी गायब न होने की बात कहते रहे। हालांकि मतपेटी न मिलने के चलते करीब तीन घण्टे तक उक्त ग्राम पंचायत की मतगणना रुकी रही। बाद में मतपेटी मिल जाने पर प्रशासन ने राहत ने सांस ली और मतगणना शुरू करायी। उक्त मामले में निर्वाचन अधिकारी कैलाश चंद जोशी ने बताया कि मतपेटी स्ट्रांग रूम में ही रखी हुई थी। मतपेटी पर लिखे नम्बर अस्पष्ट होने के कारण अन्य मतपेटियों के बींच में वह नजर नहीं आयी। बारीकी से छानबीन किए जाने पर मतपेटी अन्य मतपेटियों के बीच स्ट्रांगरूम से ही मिल गयी, जिसके बाद मतगणना पूरी करा ली गयी थी। 

निराशाजनक रहा भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का प्रदर्शन

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी समर्थित जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशियों का प्रदर्शन अपेक्षानुसार निराशाजनक रहा। कुल 56 वार्ड में से बीजेपी ने 55 पर समर्थन किया था। मतगणना पूरी होने के बाद भाजपा के खाते में मात्र 7 सीट ही आ सकी हैं।

बीजेपी प्रवक्ता द्वारा जारी विजयी प्रत्याशियों की सूची

भाजपा समर्थित प्रत्याशी निम्न सीट पर चुनाव जीते हैं- वार्ड 18 किरतपुर चतुर्थ से संजीव मलिक, वार्ड 20 मोहम्मदपुर देवमल द्वितीय से श्रीमती रुपा रानी, वार्ड 24 हल्दौर द्वितीय से चन्द्रशेखर एडवोकेट, वार्ड 26 हल्दौर तृतीय से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, वार्ड 29 जलीलपुर द्वितीय से श्रीमती मोनिका कश्यप, वार्ड 46 धामपुर चतुर्थ से श्रीमती शशीबाला तथा वार्ड 50 स्योहारा तृतीय से आयुष चौहान ने विजय प्राप्त की है।

वहीं रालोद, बसपा और सपा को बढ़त मिली है। सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में सपा समर्थित 20 प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह के अनुसार 11 प्रत्याशी में से 4 चुनाव जीते हैं। बसपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार ने बताया कि चुनाव में 52 प्रत्याशी उतारे थे, जिसमें 10 प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। भाकियू के युवा के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगम्बर सिंह की पत्नी निगम चौधरी भी चुनाव जीत कर जिला पंचायत सदस्य बन गई है।

हल्दौर: नतीजे घोषित, भीड़ हटाने के लिए पुलिस को फटकारनी पड़ीं लाठियां 

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर रविवार से जारी मतगणना सोमवार को समाप्त हुई। इस दौरान लॉक डाउन नियमों को खुल कर उल्लंघन किया गया। मतगणना स्थल सीडी इंटर कालेज हल्दौर के आसपास एकत्र भीड़ को खदेडऩे के लिए पुलिस को कई बार लाठियां फटकारनीं पड़ीं। सोमवार दिन में जारी परिणामों में ब्लॉक हल्दौर की ग्राम पंचायत अगरी से बबली रानी ४७४, गंगदासपुर से रामवीर सिंह ३२४, कम्भौर से रेणू ८४२, धोमपुर से सुशीला ४२७, भरैसा सुनीता ६३१, अ.पुर मुन्ना उर्फ दादरपुर से श्रीमती अनुपम ४४२, इस्लामपुर नीमदास से सुमन देवी ३०२, अ.पुर चंदरू गडाना से शिव ध्यान ४५२, गोपालपुर से पूनम ५९४, पेदी से जोगेन्द्री देवी ४४३ मत, सालमाबाद से नीतिका चौधरी ७९३, सदुपुरा से अमित कुमार ११०८, मुबारकपुर तालन से नूरजहां ९८९, रसूलपुर पित्तनका से बलविंदर कौर ४३२, पृथ्वीपुर से निर्देश देवी ४४५, सिरधनी बंगर से अनवर जमाल ४०७, सलेमपुर मथना से राजकुमार २०६, चौकपुरी से मिथलेश ५३४, मुकरदंपुर से धर्मेन्द्र सिंह ६७४, गौसपुर टॉपरी से रेखा ६१७, खारी से नदीम ९८२, बिसाठ से नरेश ७०६, चांदा नंगली से सत्यम चौधरी ६७२, गंगौड़ा शेख से कैफुल इस्लाम ६९४, गंगौड़ा जट से फूलवती ३४८, नांगल जट से रेखा देवी १५३०, धनौरी से अलका ७०३, कान्हा नंगला से शालू देवी ३६३, इस्लामपुर थम्बूचाऊ से रचना ७६१, उमरी कलां से शहबाज अली १७०३, कुम्हारपुरा से आंचल राजपूत १३५३, हरदासपुर गढ़ी से जोगिन्द्र ६२३, शाहनगर से जोविन्द्र ४३७, कूकड़ा इस्लामपुर से सागर ७६३, बिलाई से प्रवेज ६५३, खेडक़ी टप्पा नांगल से रचना सैनी ३८९, इनामपुरा से मो. अनवार ३९५, इस्सापुर से सुधीर कुमार ५७०, शेरपुर से हेमेन्द्र सिंह ७६२, पुटठा से सुभद्रा देवी ४५८, फरीदपुर सदीरन से महेश कुमार ४१५, नसीरपुर नैनसिंह से हेमेद्र सिंह ४६७, जलालपुर हसना से संजीव नत्थू १२७५, अतापुर खतापुर से केहर सिंह ४२८, ननुपुरा से पारूल ४३२, फतेहपुर कलां से गजेन्द्र सिंह ६१५, नंगली छोईया से राहुल कुमार ३८३, छाछरी टीप से कमलेश ४३५, मुकरपुर गुर्जर से देवेन्द्र कुमार ७०२, करीमनगर उर्फ उलेढ़ा से सुदेश ५१३, मण्डौरा जट से रामेश्वर सिंह ४७९, वाजिदपुर से धर्मेन्द्र सिंह ५८२, कड़ापुर से विनीत कुमार ५५३, निजामतपुरा गंज से फिरोजा ११०३, दारानगर से रूखसाना खातून ११९३, जहानाबाद से तहजीब ११४४, चंदनपुरा से सुधीर कुमार ४९७, फरीदपुर भोगन से नीसा ९००, रेहड़वा से पम्मी ५११, सिकंदरपुर लालमन मुन्नी देव १९६, अम्हेड़ा से समीमा खातून १२५२, सल्लाहपुर से शाकिब ३६७, शादीपुर कलां से कविता ३४५, मिठन कुंवर प्रताप से अश्वनी ४२७, लाडनपुर से राजवाला ५००, शफीपुर हीरा से किश्वर जहां ४७२, सिसौना से अमित कुमार ९५७, पिलाना से विनोद ६२७, गांगू नंगला से शबनम ५४०, उमरी पीर से इसरत जहां ६३०, रोनिया से अनु देवी ६४८, मुबारकपुर कलां से आयशा १२३३, अखलासपुर से तेजपाल ३६९, करनपुर गांवड़ी से कमलेश देवी ४८३, फतेहउल्लापुर पौटा से विनय कुमार ५९१, सोतखेड़ी से मो. सादिक ५१७, शरीफपुर से जोली रानी ७०९, ताहरपुर मदद इमामद से कमल सिंह ४१३, पावटी से इमरान अहमद ७५७, मुकरपुर सत्ती से शौकीन ३७७ मत पाकर विजयी रहे। 

हारे प्रत्याशी को घोषित कर दिया विजयी, फिर सुधारी भूल

बिजनौर। मतगणना की आपाधापी में एक सहायक निर्वाचन अधिकारी की गलती से हारे को जीता और जीते को हारा हुआ घोषित कर दिया गया। मामला नहटौर विकास क्षेत्र के क्षेत्र पंचायत वार्ड 13 ककराला/तकीपुरा का है।

नहटौर विकास क्षेत्र के क्षेत्र पंचायत वार्ड 13 ककराला/तकीपुरा में जारी किया गया पहला प्रमाण पत्र निरस्त कर रिटर्निंग ऑफिसर ने दूसरा प्रमाण पत्र जारी किया। इसकी प्रति पूर्व में विजयी घोषित दयाराम को भी प्रेषित की गई है। इसमें बताया गया है कि उनको त्रुटिवश निर्गत प्रमाण पत्र निरस्त किया जाता है तथा उनका कोई भी दावा मान्य नहीं होगा। वहीं इस मामले को लेकर उनके समर्थकों में छाया उत्साह ठंडा पड़ गया। दूसरी तरफ हारने के बाद नरेश कुमार के खेमे में फैला मातम का नजारा उत्साह से लबरेज हो गया।

भूपेश कुमार गर्ग निर्वाचन अधिकारी, नहटौर ने जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखे पत्र में उक्त जानकारी देते हुए कहा कि विकास खण्ड नहटौर के अन्तर्गत क्षेत्र पंचायत सदस्य संख्या-13 में सहायक निर्वाचन अधिकारी की त्रुटि से केवल एक ग्राम पंचायत ककराला के मतों की गणना कर परिणाम घोषित करते हुये श्री दयाराम को विजयी घोषित कर प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया गया था। जबकि उक्त क्षेत्र पंचायत के अन्तर्गत ग्राम पंचायत ककराला एवं ग्राम पंचायत तकीपुरा सम्मिलित थे। दोनो ग्राम पंचायतों की गणना करने के उपरान्त श्री नरेश कुमार को 718 वैध मत एवं श्री दयाराम को 531 वैध मत प्राप्त हुए। फलस्वरूप श्री नरेश कुमार को विजयी घोषित करते हुये प्रमाण पत्र निर्गत किया जा रहा है एवं श्री दयाराम के प्रमाण पत्र को निरस्त किया जा रहा है।

ब्लॉक कोतवाली के विजेता ग्राम प्रधानों की सूची

ब्लॉक कोतवाली के विजेता ग्राम प्रधानों की सूची

1- उमरपुर बरखेड़ा – यासमीन अली‚
2- फजलपुर भाऊ – श्याम सिंह‚
3- आजमपुर परमा – नरेश कुमार‚ 
4- जगनाथपुर – नरेन्द्र कुमार‚
5- किरतपुर – यामीन
6- जमालपुर मतलूब – रिजवाना बेगम‚
7- चन्दपुरा नसीब – सचिन कुमार‚
8- सैदपुरी महिचन्द – पूनम देवी‚
9- सिक्कावाला – अंकित कुमार‚
10- मुस्सेपुर – मुनेश‚
11- हसनअलीपुर हीरा – रोशन सिंह‚
12- लाडपुर – संजीव कुमार‚
13- बेनीपुर – धर्मवीर
14- बेगमपुर चायमल – चरन सिंह‚
15- सुलेमा शिकोहपुर – तीरथ सिंह‚
16- घनसूरपुर अमरौली – भजन सिंह‚
17- रावलहेड़ी खजूरी – हलीमा,
18- अजुपुरा रानी – मौ० अनवर‚
19- गारवपुर – निगहत शाहिन‚ 
20- गौसपुर सादात – राजीव कुमार‚
21- खिजरपुर जग्गु – संत
22- अब्दुल्लापुर कुरैशी – बिलकिस‚
23- नरूल्लापुर – मौ० बन्दे हसन‚
24- रसूलपुर मुजफ्फर – नासिर खान‚
25- सादातपुर गढ़ी – गफूल खातून‚
26- निजामपुर देवसी – शशि देवी‚
27- शहबाजपुर – अन्जुम जहां‚
28- मिर्जालीपुर भारा – मुमताज बानो‚
29- मसूरी – रेखा‚
30- जगन्नाथपुर मेहरू – राखी देवी‚
31- मौ० आशिकपुर भूरे – मगन देई‚ 
32- शाहलीपुर आशा -जैबुनिशा‚
33- महेशपुर – पुष्पेन्द्र‚
34- तकीपुर नरोत्तम – आलोक।
35- सैदखेड़ी – सुरेन्द्र कुमार‚
36- कमरूद्दीन नगर – मौ० अशरफ‚
37- बघाला – पवन कुमारी‚ 
38- अलीपुर मान – एकता त्यागी‚
39- मुकन्दपुर राजमल – अमर सिंह‚
40- औरंगाबाद – देवेन्द्र सिंह‚
 41- आले अलीपुर – मौ० असलम‚
42- रतुपुरा – मौ० असलम‚
43- अलीपुरा जट – मौ० इरशाद‚
44- अब्दीपुर हरवंश – रूपा देवी‚
45- कृतो नंगली – राजेन्द्र‚
46- जमालपुर ढीकली – निर्दोष देवी‚
47- जमालपुर बांगर – चांदनी परवीन‚
48- महमूदपुर भावता – पारूल‚
49- अल्हैदादपुर खजवा – रीना‚
50- काजीपुर इम्मा – अमर सिंह‚
51- शरफुद्दीन नगर – दयाचन्द‚
52- रायपुर गढ़ी – सुरेश सिंह‚
53- सराय डडूम्बर – शहजाद‚
54- हकीकतपुर सहसू – अ० माजिद‚
55- तेलीपाड़ा – सूरज भान सिंह‚
56- राजोपुर सादात – जबर सिंह‚
57- उग्रसैनपुर – उमा रानी‚
58- मलकपुर अब्दुल्ला – विरेन्द्र पाल सिंह‚
59- हसनअली धर्मा – रेखा‚
60- इस्माईलपुर दमी – हेमराज सिंह‚
61- कुंजैटा – हरेन्द्र सिंह‚
62- समसपुर नसीब – अमित कुमार‚
63- मेघपुरा सुल्तान – अनीता देवी‚
64- रसूलपुर जागन – निधि कुमारी‚
65- फतेहपुर – सुखवीर सिंह,
66- चकउदयचंद- परशुराम सिंह निर्वाचित हुए।

धीरे धीरे साफ होने लगी है पंचायतों की तस्वीर

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव परिणामों के आने का सिलसिला जारी है। नजीबाबाद के कासमिया इंटर कॉलेज में मतगणना की गति अन्य मतगणना स्थलों के मुकाबले काफी धीमी दिखाई दी।

रविवार देर सायं तक घोषित परिणाम के अनुसार ग्राम सादतपुर में ग्राम प्रधान पद पर सोनी 427 वोट लेकर विजयी रहीं, उनकी प्रतिद्वंदी कांता देवी को 370 वोट मिले। ग्राम तैयबपुर गौरवा उर्फ तिसोतरा में अनीता देवी 594 वोट हासिल कर विजयी रहीं। मौज़ज़्मपुर सादात में धर्मवीर सिंह 329 लेकर विजयी हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंदी अतेंद्र सिंह को 294 मत मिले। काशीरामपुर में छोटे सिंह 464 मत लेकर विजयी रहे, उनके प्रतिद्वंदी गोविंद सिंह को 284 वोट मिले। मीरमपुर बेगा में साजिद को 778 वोट लेकर जीते, उनके प्रतिद्वंदी हरपाल को 329 वोट मिले। हरेवली में कुसुम लता 347 वोट लेकर विजयी रहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी तिलकराम को 265 वोट मिले। लालपुर मान से गीता रानी 316 मत हासिल कर विजयी रहीं। कमालपुर से अहमद रजा ने 483 मत प्राप्त कर जीत हांसिल की। राजा रामपुर फाजिल से हिना नाज पत्नी मरगूब अहमद ने प्रतिद्वन्दी समर पाल को 657 मत प्राप्त कर हराया। ताहरपुर इशाक से खालिद पुत्र याकूब ने 558 मत हासिल कर जीत दर्ज कराई। हकीम पुरकाजी से जरीफ पुत्र जमीर ने 944 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। हरचंदपुर से नौबहार सिंह पुत्र बलदेव सिंह ने 576 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। मौजमपुर तुलसी से कमरुनिशा पत्नी मोहम्मद जाकिर ने 772 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। बिजौरी से अलका पत्नी जोगिंदर सिंह ने 636 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। शेखपुरा आलम से भगीरथ 285 मत प्राप्त कर विजयी रहे। फजलपुर हबीब 936 वोट प्राप्त करके जीती। सौफतपुर से विवेक ने 415 मत प्राप्त कर जीत दर्ज कराई।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की महा-मतगणना

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना सोमवार प्रातः आठ बजे से जारी है। 11 ब्लाक में 4320 कर्मचारी मतों की गिनती दो शिफ्टों में कर रहे हैं। कई केंद्रों पर कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ने के कारण मतगणना निर्धारित समय से शुरू नहीं की जा सकी।

एक नजर –
कुल पद प्रधान-1123, क्षेत्र पंचायत सदस्य-1393, ग्राम पंचायत सदस्य 14066, जिला पंचायत सदस्य- 56
प्रत्याशी प्रधान पद-7570, क्षेत्र पंचायत सदस्य-5428, ग्राम पंचायत सदस्य-9134, जिला पंचायत सदस्य-857
मतदाता कुल 22 लाख 53 हजार 198, वोट प्रतिशत-73.10 प्रतिशत
काउंटिंग टेबल- 1080 कर्मचारी-4320

बिजनौर जनपद में 19 अप्रैल को ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 11 ब्लाक के 3654 बूथ पर वोट पड़े थे। 11 मतगणना केंद्रों पर पंचायत चुनाव की मतगणना की तैयारियां हर पहलू को ध्यान में रखकर की गई। चुनाव आयोग ने कोरोना से बचाव के लिए पूर्व में तय नियमों में बदलाव किए।

सुबह आठ बजे से मतगणना-
मतगणना के लिए 11 केंद्र। मतगणना की शुरुआत रविवार प्रातः सुबह आठ बजे से दो शिफ्ट में हुई। पहली शिफ्ट सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक चली। दूसरी शिफ्ट रात आठ बजे शुरू हुई, जो मतगणना समाप्त होने तक चलेगी।

मतगणना के लिए तीन टेबल
मतगणना के लिए तीन टेबल लगाई गई। पहली टेबल पर प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद, दूसरी टेबल पर क्षेत्र पंचायत सदस्य पद व तीसरी टेबल पर जिला पंचायत सदस्य पद के मतपत्र गिने गए। कक्ष में एक प्रत्याशी के एक ही एजेंट को उपस्थित रहने की अनुमति दी गई।

गिनती के लिए व्यवस्था-
वोटों की गिनती के लिए 1080 टेबल। एक टीम में एक सुपरवाइजर व तीन गणक समेत चार कर्मचारी। वोट गिनती के लिए कुल 4320 कर्मचारी जबकि 230 कर्मचारियों की टीम रिजर्व में। एक कमरे में एक एआरओ।

गिनती की प्रक्रिया
एक मतदेय स्थल पर एक से अधिक मतपेटी प्रयोग हुई हैं। सभी मतपेटी एक साथ खोली गईं। वोट गिनने के लिए एक कमरे में चार टेबल। मतपत्र की पदवार छंटाई। प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम पंचायत सदस्य पद के मतपत्र अलग-अलग रंग के हैं। सभी के 50-50 मतपत्र के बंडल बनाकर प्रत्याशी वार छंटाई। कैंसिल मतपत्र को लेकर विवाद होने की स्तिथि में अंतिम फैसला आरओ की जिम्मेदारी।

एक कमरे में एक एआरओ- एक कमरे में एक एआरओ की तैनाती। प्रत्याशियों के एजेंट के लिए डबल मास्क जरूरी। एजेंट को 48 घंटे पहले की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव दिखाने पर ही प्रवेश। मतगणना केंद्रों के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग। प्रत्याशी को समर्थकों की भीड़ लाने की इजाजत नहीं। प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य पद के एक प्रत्याशी का एक-एक एजेंट। जिला पंचायत सदस्य के एक ही वार्ड कई कमरों में होने के कारण एक प्रत्याशी के तीन से चार एजेंट।

सीसीटीवी कैमरों से निगहबानी-
मतगणना की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। सतत निगरानी के लिए हल्केवार तैनात रहे सुपर जोनल मजिस्ट्रेट। हर एसडीएम को ही सुपर जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी तहसील में आने वाले ब्लाक के मतदान केंद्र का लगातार निरीक्षण की जिम्मेदारी। मतगणना की रिपोर्ट डीएम को देने की इन्हीं पर जिम्मेदारी।

चुनावी रंजिश में कराल में मचा बवाल

चुनावी रंजिश में कराल में मचा बवाल, पथराव फायरिंग से अफरातफरी। कई पुलिस हिरासत में।सेवानिवृत्त फौजी के स्वागत जुलूस के दौरान हुई घटना।

बिजनौर। चांदपुर थाना क्षेत्र के गांव कराल में शनिवार को दो पक्षों के बीच जमकर बवाल हुआ। पथराव, फायरिग से अफरातफरी मच गई। घटना की शुरुआत रिटायरमेंट के बाद गांव पहुंचे एक फौजी के स्वागत जुलूस में प्रधान पद प्रत्याशी के समर्थकों के शामिल होने के बाद होना बताई गई है। दूसरे पक्ष ने आज होने वाली मतगणना के पहले ही इसे विजय जुलूस समझ लिया।  इसी बात पर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और कई लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के कई लोगों को हिरासत में लिया है।जानकारी के अनुसार चांदपुर क्षेत्र के गांव कराल में शनिवार को गांव कराल निवासी अशरफ पुत्र छुट्टन फौज से सेवानिवृत्त होने के बाद गांव पहुंचा था। इस पर रिटायर्ड फौजी के परिजन व गांव में इस बार प्रधान  पद के लिए प्रत्याशी इश्तेकार पक्ष के लोग ढ़ोल नगाड़े बजाते हुए जुलूस निकालकर अशरफ का स्वागत कर रहे थे। बताया जाता है कि पूर्व प्रधान मुमतियाज और उसके पक्ष के लोगों की कहासुनी इश्तेकार व अशरफ से हो गई। देखते ही देखते उनमें विवाद बढ़  गया और मारपीट शुरू हो गई। इश्तेकार के घायल होते ही दोनों पक्षों की ओर से जमकर पथराव शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार काफी देर तक हुए पथराव के बाद दोनों ओर से तमंचे निकल आए और कई राउंड फायरिग हुई। विवाद में दोनों ओर के कई लोग घायल हो गए। इस दौरान गांव में अफरातफरी मच गई। किसी ग्रामीण ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पंकज तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि दोनों ओर से जारी पथराव व फायरिग के चलते पुलिस काफी देर तक मूक दर्शक बनी खड़ी रही। बाद में पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए भीड़ को खदेड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों से दस-दस लोगों को हिरासत में ले लिया। घायलों को सीएचसी में भर्ती करा दिया गया। बताया जाता है कि ग्राम प्रधान चुनाव की रंजिश में विवाद हुआ। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जांच में सामने आया है कि पूर्व प्रधान मुमतियाज पक्ष ने फौजी के रिटायरमेंट जुलूस को इश्तेकार की जीत का जश्न समझ लिया था। इसी के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। दोनों पक्षों की ओर से तहरीर प्राप्त हो चुकी है। मुकदमा दर्ज करने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। 

मतगणना: अव्यवस्थाओं का रहा बोलबाला

सात बजे तक 23 ग्राम प्रधानों की घोषणा हुई

बिजनौर। पंचायत चुनाव की मतगणना के परिणाम हासिल करने के लिए रविवार प्रातः सात बजे के पहले ही लोगों की भीड़ जलीलपुर में श्री कृष्ण इंटर कॉलेज के मैदान में एकत्र हो गई। अव्यवस्थाओं के चलते मतगणना प्रातः 9:00 बजे शुरू हो सकी। शाम 7:00 बजे तक 110 पदों में से मात्र 23 ही ग्राम प्रधानों की घोषणा की जा सकी। मतगणना स्थल से लेकर श्री कृष्ण इंटर कॉलेज के मैदान में हजारों लोगों की भीड़ लगी रही। सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन कहीं भी नहीं दिखाई दिया।

ग्राम पंचायत औरंगपुर जोगीपुरा से राजवीर सिंह, जागीरपुर उर्फ रुस्तमपुर से रईसा, सुंदरा से फारूक अहमद, तहरपुर से दिनेश कुमार, अकौधा से प्रीति, इब्राहिमपुर से ताजिम अहमद, अहरौला से अमित कुमार, बहटौला से आमिर खान, बसंतपुर से दयावती, बुदराकला से तोफीक, केलनपुर से राजीव, अथाई से प्रिंसी, ककराला से सरोजदेवी, अकबरपुर तिगरी से अबरार, मसीत से अकरम, अकबरपुर मझरा सैदवार से विनेश देवी, दरबड से शाहिन परवीन, गन्धौर से कोमल सिंह, पहाड़पुर कला से जितेंद्र सिंह विजयी हुए।

हल्दौर में हवा हवाई रहा कोरोना गाइड लाइन का पालन

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना में कोरोना गाइडलाइन की खूब धज्जियां उड़ाई गई। मतगणना में पहला नतीजा मिलने में करीब तीन घण्टे का वक्त लग गया। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह  ने मतगणना स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर के सीडी इंटर कालेज मतगणना स्थल पर 15 काउंटरों पर लगी टेबलों पर अव्यवस्थाओ के बीच 87 ग्राम पंचायतों के लिए मतगणना प्रारम्भ हुई। आरओ विशाल कुमार राठी के अनुसार विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम गंगदासपुर में ग्राम प्रधान पद के लिए रामवीर सिंह, ग्राम फतेहपुर कला में  गजेंद्र सिंह, धनोरी में अलका देवी,भरेरा में सुनीता, शेरपुर कल्याण में हेमेंद्र सिंह, मुकरन्दपुर में धर्मेंद्र उर्फ भोला, कुम्हारपुरा में पुन: आँचल राजपूत, कान्हा नंगला में शालू, शाहनगर से जयवीर सिंह,चंदनपुर से सुधीर कुमार,रसूलपुर पित्तन से बलविंदर कौर, भोजपुर टपरी से रेखा देवी, महारनपुर से धर्मेंद्र कुमार, पु_ा से सुभद्रा देवी अम्हेड़ा से शमीमा पत्नी इरशाद, पावटी से इरशाद, दारानगर से रूखसाना ने प्रधान पद पर अपने निकटतम प्रतिद्वंदियों को हराकर विजय प्राप्त की। समाचार लिखे जाने तक मतगणना कार्य जारी था। ————–

डीएम एसपी ने किया जिले के मतगणना स्थलों का निरीक्षण 

कहीं खुशी कहीं गम का रहा नजारा। विजयी प्रत्याशियों ने जताया आभार। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं।

बिजनौर। जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल पर त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य चुनाव की मतगणना के दृष्टिगत मतगणना स्थल का निरीक्षण किया व संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा मतगणना स्थल पर मौजूद मतगणना कर्मी, प्रत्याशी, एजेंट आदि सभी से सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क का प्रयोग व कोरोना संबंधी सभी गाइडलाइन का पालन करने की भी अपील की गयी।

कहीं खुशी कहीं गम का रहा नजारा- नूरपुर में क्षेत्र पंचायत चुनाव की मतगणना खालसा इंटर कॉलेज में शांतिपूर्ण तरीके जारी रही। मतगणना के दौरान प्रत्याशियों में कहीं पर खुशी कहीं पर गम दिखाई दिया। डीएम रमाकांत पांडे, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी सिटी, सीडीओ ने मतगणना स्थल पहुंच कर जायजा लिया। मतगणना सुबह नौ बजे से शुरू हो गई। सुबह के समय मतगणना की रफ्तार बहुत धीमी रही। डीएम ने कहा कि कोरोना संक्रमण के वर्तमान हालात को देखते हुए सभी क्षेत्र प्रत्याशी व एजेंट एक दूसरे से दूरी बनाकर रखें। नूरपुर थाना निरीक्षक वीरेंद्र कुमार वर्मा भारी पुलिस बल के साथ हर स्थिति पर नजर बनाए रहे।

विजयी प्रत्याशियों ने जताया आभार- ताजपुर में सलाम अहमद की पत्नी मिस्कीन खातून वार्ड नंबर 4 से विजयी रहीं। वार्ड नंबर 3 से मोहम्मद जाहिद, मोहम्मद अरमान वार्ड नंबर 2, वार्ड नंबर 1 से प्रेम सिंह सैनी, वार्ड नंबर 5 से शहनाज परवीन, वार्ड नंबर 6 से नूर हसन की पत्नी मुनीजा खातून ने विजय हासिल की। प्रत्याशियों में कहीं खुशी कहीं गम का माहौल देखने को मिला। मतगणना हर टेबल पर धीमी चल रही थी। प्रशासन का सख्त पहरा रहा। 

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं- नूरपुर के खालसा इंटर कॉलेज में मतगणना के दौरान प्रत्याशियों व उनके एजेंट ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया। देश प्रदेश के अंदर कोरोना वायरस बीमारी से हर तरफ खलबली मची हुई है। सरकार बार-बार आम जनता से लॉक डाउन पालन करने की अपील कर रही है, मगर वही आम जनता किसी भी बात की परवाह किए हुए अपनी जान जोखिम में डाल रही है, किसी को भी अपनी जान की परवाह नहीं है। 

झलरी के मतदाताओं ने सौंपी युवा अवनीश को प्रधान की जिम्मेदारी

बिजनौर। झलरी गांव के मतदाताओं ने युवा प्रधान की जिम्मेदारी अवनीश चौधरी को सौंपी है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉक्टर कलवा को 304 मतों से शिकस्त दी। अवनीश चौधरी ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल से सबसे कम उम्र के युवा ग्राम प्रधान होंगे। उनकी जीत पर ग्रामीणों, परिजनों, शुभचिंतकों ने हार्दिक बधाई दी है। नवनिर्वाचित प्रधान ने भी सभी का आभार व्यक्त करते हुए ग्राम के विकास में पूर्ण योगदान देने का भरोसा दिलाया।

प्रेक्षक ने दिए मतगणना स्थलों पर व्यवस्थाएं कड़ी रखने के निर्देश

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 के दृष्टिगत प्रेक्षक हरिकेश  चौरसिया ने ब्लॉक नहटौर, हल्दौर तथा कोतवाली मतगणना स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतगणना स्थल की सुरक्षा एवं बैरीकेटिंग आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया। 

रविवार पूर्वान्ह त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 के मतदान एवं मतगणना को स्वतन्त्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शान्तिपूर्ण सम्पन्न कराने के लिए नियुक्त प्रेक्षक हरिकेश चौरसिया, विशेष सचिव, व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ब्लॉक क्षेत्रों में स्थापित मतगणना स्थलों का भौतिक रूप से निरीक्षण कर सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर संबंधित उप जिलाधिकारी, उपाधीक्षक पुलिस व तहसीलदार तथा लाईजन ऑफिसर सत्येन्द्र सिंह आदि अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सैनिटाइजेशन तथा विशेष सफाई के निर्देश- सीडी इंटर कॉलेज हल्दौर, जनता इंटर कॉलेज कोतवाली तथा एसएन इंटर कॉलेज नहटौर में स्थापित मतगणना स्थलों के निरीक्षण के दौरान श्री चौरसिया ने वहां पर की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए निर्देश दिए कि मतगणना कार्य स्थलों पर सैनिटाइजेशन तथा विशेष सफाई की नियमित रूप से व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए तथा मतगणना स्थल में अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी बिना पहचान पत्र के कोई व्यक्ति किसी भी अवस्था में प्रवेश न करने पाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मतगणना स्थल के सभी महत्वूपर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों का नियमित संचालन सुनिश्चित करते हुए सतत निगरानी के लिए नियमित रूप से कर्मचारियों की क्रमवार ड्यूटी लगाई जाए।

मतगणना स्थल पर अनावश्यक दवाब न होने दिया जाए- उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि मतगणना स्थल के बाहर प्रकाश की समुचित व्यवस्था तथा जन सामान्य को मतगणना के अद्यतन परिणाम से अवगत कराने के लिए साउण्ड सिस्टम पर सक्षम मतदान कार्मिक की व्यवस्था रखी जाए, ताकि मतगणना स्थल पर अनावश्यक रूप से दबाव ना बन सके। 

मतगणना स्थलों के आसपास नहीं फटक सकेगी भीड़

मतगणना स्थलों के आसपास नहीं फटक सकेगी भीड़ 

बिजनौर। हार जीत के आंकड़े लेने को मतगणना स्थलों के आसपास इस बार भीड़ जुटने पर मनाही है। कोरोना संक्रमण और तीन दिवसीय लॉक डाउन के दूसरे दिन रविवार को पुलिस प्रशासन बेहद सख्ती के मूड में है। त्रिस्तरीय चुनाव मतगणना स्थल के बाहर कफ्र्यू रहेगा। मतगणना स्थलों के आसपास इस बार किसी को एकत्र नहीं होने दिया जाएगा। ऐसी कोशिश करने वाले लोगों से पुलिस सख्ती से निपटेगी और जरुरत पड़ी तो इन पर केस भी दर्ज किए जाएंगे। सख्ती का आलम यह रहेगा कि उम्मीदवार या उनके एजेंट के अलावा किसी को भी फटकने भी नहीं दिया जाएगा। शनिवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने मतगणना की ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों को ब्रीफ करते हुए जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वीकेंड लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराना है। मतगणना स्थलों के आसपास समर्थकों या अन्य लोगों का जमावड़ा न होने दिया पाए। उम्मीदवार या उनके एजेंट को मतगणना स्थल पर जाने की अनुमति होगी। इसके अलावा मतगणना स्थल की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस का सख्त पहरा होगा। अगर कोई मतगणना स्थल के आसपास घूमता पाया गया तो उसके खिलाफ महामारी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। वहीं हवालात की हवा भी खानी पड़ सकती है।

विदित हो कि पिछले किसी भी स्तर के चुनावों में मतगणना स्थलों के आसपास हजारों लोग हार जीत की जानकारी लेने के लिए जुट जाया करते थे, लेकिन इस बार महामारी के चलते हालात बदल गए हैं। इस बीच मतगणना को लेकर तीन एडिशनल एसपी, छह सीओ, 27 निरीक्षक, 165 उपनिरीक्षक, डेढ़ सौ हेड कांस्टेबल, 1000 सिपाही, 900 होमगार्ड और 400 चौकीदार को लगाया गया है। 

मोबाइल फोन घर पर रख करआएं प्रत्याशी

अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. प्रवीण रंजन सिंह का संदेश

बिजनौर। मतगणना स्थल पर प्रत्याशी व उनके एजेंट मोबाइल फोन लेकर नहीं जा सकेंगे। साथ ही मतगणना स्थल के आसपास के क्षेत्र में कर्फ्यू लागू रहेगा। बिना वजह वहां पहुंचने वाले लोगों के खिलाफ कोविड प्रोटोकॉल तोड़ने संबंधी सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने दी।

रविवार दिनांक 02.05.2021 को त्रिस्तरीय पंचायत चुुनाव की होने वाली मतगणना के दृष्टिगत अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि मतगणना स्थल व आसपास कड़े प्रतिबंध लागू रहेंगे। किसी को भी उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जायेगी।

होने वाला है 17,433 प्रत्याशियों की तकदीर का फैसला

17,433 प्रत्याशियों की तकदीर का फैसला होगा। परिणाम देर रात तक आने की संभावना। करना होगा कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन।

बिजनौर। त्रिस्तरीय चुनाव में किस्मत आजमाने उतरे लोगों की मतपेटियों में बंद तकदीर का फैसला रविवार को होगा। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरु होगी। इस बार मतपेटियों में 17,433 प्रत्याशियों का भाग्य बंद है।

मतगणना को लेकर प्रत्याशियों व उनके समर्थकों की बैचेनी बढ़ती जा रही है। इधर जिला प्रशासन ने मतगणना की पूरी तैयारी कर ली है। सुबह आठ बजे से मतगणना शुरु होगी। बिजनौर में आरजेपी इंटर कालेज के अलावा जिले के सभी ब्लाकों पर निर्धारित समय पर मतगणना शुरु हो जाएगी। नतीजे देर रात तक आने की संभावना है। वहीं कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। मतगणना स्थल पर सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी, साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को मास्क लगाना अनिवार्य रहेगा। मतगणना स्थल पर सैनिटाइजर की व्यवस्था भी की गई है।निर्वाचन सूत्रों के अनुसार कुल 182 मतगणना कक्ष बनाए गए हैं। इनमें 182 एआरओ की तैनाती की गई है। प्रत्येक कक्ष में तीन मतगणना टेबिल होंगी और प्रत्येक मतगणना टेबिल पर चार कार्मिक की तैनाती होगी। एक शिफ्ट में कुल कार्मिक की संख्या 2184 है। दो शिफ्ट के 4368 कार्मिक लगाए गए हैं। 20 प्रतिशत रिजर्व स्टाफ रखा गया है। विदित हो कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद मैदान में 17,433 प्रत्याशी रह गए थे। प्रधान पद के लिए 7,498, जिला पंचायत सदस्य पद के 799 ,बीडीसी पद के 5045 और ग्राम पंचायत सदस्य पद के 4091 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होना है। 

यूपी पंचायत चुनाव: मतगणना पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

यूपी सरकार ने कहा कि रेपिड एंडीज़ टेस्टिंग सेंटर काउंटर पर उपलब्ध होंगे। काउंटिंग सेंटर पर 150 से अधिक अधिकारी नहीं होंगे।

यूपी पंचायत चुनाव के लिए मतगणना को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, कहा- काउंटिंग सेंटर्स के बाहर हो सख्त कफ्यू

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की मतगणना रविवार को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ मतगणना कराने का आदेश दिया है। इसके लिए राज्य चुनाव आयोग की तरफ से बनाए गए कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करना होगा। साथ ही मतगणना पूरी होने तक इलाके में कर्फ्यू रहेगा।

उधर यूपी सरकार ने कहा कि रेपिड एंडीज़ टेस्टिंग सेंटर काउंटर पर उपलब्ध होंगे। काउंटिंग सेंटर पर 150 से अधिक अधिकारी नहीं होंगे तथा 15-20 से अधिक उम्मीदवार नहीं होंगे। हम अपनी जिम्मेदारियों को समझ रहे हैं, उससे भाग नहीं रहे हैं। काउंटिंग सेंटर पर सभी को ग्लब, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने कहा कि प्रत्येक जिले में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। वह कोविड प्रोटोकॉल के पालन की देखरेख करेंगे और यह प्रमुख सचिव स्तर के आईएएस अधिकारी होंगे।

हाथरस के ग्राम प्रधान ने लगाई थी याचिका

हाथरस के प्रधान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस हरीशकेश राव की बेंच ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की। हाथरस के ग्राम प्रधान कन्हैया लाल की तरफ से दायर याचिका यूपी पंचायत चुनाव मतगणना पर रोक लगाने की मांग की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साफ इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश में दखल की जरूरत नहीं समझते, जो प्रोटोकॉल हमारे सामने रखा गया, उसका पूरी तरह पालन हो। मतगणना केंद्र के बाहर सख्त कर्फ्यू हो।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने पूछा क्यों ना गणना दो हफ्ते आगे बढ़ाने पर विचार करें। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को गंभीरता से लेते राज्य निर्वाचन आयोग से भी जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खेनवलकर व जस्टिस हरीशकेश राव की बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि क्यों ना यूपी में पंचायत चुनाव की मतगणना को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया जाए,तब तक हमारा मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर भी सुधरेगा और उम्मीद की जा सकती है कि तभी स्थिति सबसे ज्यादा बेहतर कंट्रोल में होगी। जबाव में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि बहुत सोच समझकर मतगणना कराने का फैसला लिया गया है। कोविड गाइडलाइंस के अमल के साथ मतगणना को संपन्न कराया जाएगा। मतगणना रविवार को होनी है उस दिन उत्तर प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू है। इस दौरान हालात नहीं बिगड़ेंगे।

मतपेटिकाओं के स्ट्रांग रुम का प्रेक्षक ने किया निरीक्षण

प्रेक्षक ने किया मतपेटिकाओं के स्ट्रांग रुम का निरीक्षण
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 के मतदान एवं मतगणना को स्वतन्त्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शान्तिपूर्ण सम्पन्न कराने के लिए नियुक्त प्रेक्षक हरिकेश चौरसिया विशेष सचिव व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा मंगलवार पूर्वान्ह ब्लॉक मुहम्मदपुर देवमल के लिए आरजेपी इन्टर कॉलेज में स्थापित स्ट्रांग रूम का गहनता के साथ निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर तहसीलदार सदर श्रीमती प्रीति सिंह, लाईजन ऑफिसर सत्येन्द्र सिंह आदि अन्य अधिकारी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान श्री चौरसिया ने सील्ड मतपेटिकाओं की सुरक्षा के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए निर्देश दिए कि स्ट्रांग रूम में 24 घन्टे पुलिस सुरक्षा बल तैनात रहना चाहिए और अग्नि सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण अद्यतन एवं क्रियाशील अवस्था में रहनी चाहिए। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि स्ट्रांग रूम के अन्दर एवं बाहर सीसीटीवी कैमरों को संचालित रखते हुए उनकी विशेष निगरानी की व्यवस्था की जाए और सभी गतिविधियों को रिकार्ड किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि स्ट्रांग रूम में रखी गई सील्ड मतपेटिकाओं को केवल मतगणना के अवसर पर ही बाहर लाया जाएगा, उससे पूर्व तक सतत् एवं सजग रूप से स्ट्रांगरूम की विशेष सुरक्षा एवं निगरानी रखी जाए।

कड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में रखवाईं मतपेटियां

कड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में रखवाईं मतपेटियां
एसडीएम व सीओ ने अपनी देखरेख में रखवाईं मत पेटियां
नजीबाबाद के कास्मियां इंटर कालेज में बनाया गया है स्ट्रांग रूम

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर उपजिलाधिकारी नजीबाबाद तथा क्षेत्राधिकारी पुलिस ने देर रात तक अपनी उपस्थिति में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मत पेटियों को कासमियां इंटर कालेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम में  पुलिस की सुरक्षा में रखवाने का कार्य किया। रात्रि बारह बजे तक मतपेटियां स्ट्रांग रूप में रखवाई गईं।
सोमवार की रात्रि 12 बजे तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए हुए मतदान के बाद मतदान कार्य में लगी टीमों का मतपेटियों को कासमियां इंटर कालेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम पर लेकर पहुंचना जारी रहा। मतदान कर्मियों के देर रात तक मतपेटियां लेकर पहुंचने के दौरान उपजिलाधिकारी परमानंद झा और क्षेत्राधिकारी पुलिस गजेन्द्र पाल सिंह मुस्तैदी के साथ स्ट्रांग रूम पर उपस्थित रहे। उन्होंने अपनी देखरेख में सभी मतपेटियों को रखवाने का काम संपन्न कराया। नजीबाबाद ब्लाक के 172 मतदान केंद्रों के 458 बूथों से मतपेटियां लेकर देर रात तक पोलिंग पार्टियां पहुंचती रहीं। मोटाढाक, पीतमगढ़ के दूर दराज क्षेत्र से मतपेटियां लेकर आने वाले वाहनों में तकनीकि खराबी  बात सामने आयी। जोनल मजिस्ट्रेट नीरज कुमार सिंह, डा. एके मित्तल, ब्रिजेंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में कासमियां इंटर कालेज पहुंची पोलिंग पार्टियों ने मतपेटियां जमा कराईं। आरओ केसी जोशी एवं क्षेत्र के चुनाव में लगे एआरओ ने देर रात तक मत पेटियों को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखवाया। उपजिलाधिकारी परमानन्द झा ने बताया कि मतपेटियों की कड़ी सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस बल की तैनाती करायी गयी हं।

एसडीएम ने किया स्ट्रांग रूम का निरीक्षण
बिजनौर। एसडीएम नजीबाबाद परमानंद झा ने पुलिस टीम के साथ कासमियां इंटर कालेज में स्ट्रांग रूम एवं मतगणना स्थल का निरीक्षण किया।
मंगलवार को एसडीएम परमानंद झा कोतवाल दिनेश चंद गौड़ के साथ कासमियां इंटर कालेज पहुंचे और उन्होंने पंचायत चुनाव के बाद उन सभी स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया, जिनमें मत पेटियां रखी गई हैं। एसडीएम ने कोतवाल के साथ सभी स्ट्रांग रूम के तालो तथा उन पर लगाई गयी सील मोहर का निरीक्षण किया। उन्होंने यह भी परखा कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी पर सतर्क हैं अथवा  नहीं। एसडीएम परमानंद झा ने बताया कि मतगणना को लेकर भी तैयारियों की समीक्षा की गयी है। मतगणना के लिए आने वाली टीमों के मार्ग, मतगणना के लिए आवश्यक व्यवस्था, प्रत्याशियों के एजेंट के आने व निकासी के मार्ग की व्यवस्था आदि पर विचार किया गया है। एसडीएम ने कहा कि मतगणना के लिए फिलहाल 19 टेबल लगाए जाने की व्यवस्था पर विचार हुआ है, लेकिन समीक्षा के दौरान उन्होंने महसूस किया है कि 458 बूथों की काउंटिंग करने के लिए कुछ और टेबल बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। इसका कारण कुछ ग्राम पंचायतों का बड़ी होना है। उनकी मतगणना में परेशानी उत्पन्न न हो सके, इसके लिए उच्चाधिकारियों से विचार विमर्श कर मतगणना के लिए कुछ और टेबल भी बढ़ाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि मतगणना निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए प्रशासन कटिबद्ध है।

कड़ी सुरक्षा के बीच 73.82 प्रतिशत मतदान

बिजनौर। जनपद के ग्यारह ब्लॉक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव शांतिपूर्वक भारी पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। जिले में सुबह सात बजे से शुरू होकर सायं निर्धारित समय समाप्ति तक 73.82 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान के दौरान कोई बड़ी घटना की खबर नहीं है, लेकिन झड़प हंगामे की सूचनाएं हैं। मतदाताओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा उनका उत्साह देखते ही बन रहा था।

सुबह सात बजे से मतदान शुरू होते ही वोटिंग केंद्रों पर लोग आना शुरू हो गए। देखते ही देखते लंबी लाइन लग गई। बुजुगों में मतदान को लेकर खासा उत्साह नजर आया। 60 से लेकर 95 साल के बुजुर्ग भी वोट डालने के लिए पहुंचे। मतदान केंद्रों पर पुलिस व पीएससी के जवानों की तैनाती की गई थी। वहीं देवमल ब्लाक में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तबियत खराब होने पर सूचना कंट्रोल को दी गई, उक्त कर्मचारी को वहां से हटा कर रिजर्व में रखे गए कर्मी को लगाया गया।

डीएम रमाकांत पांडेय व एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के अलावा अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का जिले भर के मतदान केंद्रों पर भ्रमण दिन भर जारी रहा। वहीं शासन की ओर से भेजे गए प्रेक्षक हरिकेश चौरसिया विशेष सचिव व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग ने पूरी मतदान प्रक्रिया पर नजर बनाए रखी। उन्होंने जिले के कई स्थानों पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। 

पंचायत चुनाव के लिए 1451 मतदान केन्द्र और 3654 मतदान स्थल बनाए गए थे। पंचायत चुनाव में 17433 उम्मीदवारों की तकदीर का फैसला 22,26,269 मतदाताओं के हाथ था। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर 23993 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। जिला पंचायत सदस्य, प्रधान, बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्य के 23003 उम्मीदवारों ने नामांकन किया। नाम वापसी के बाद जिला पंचायत सदस्य के लिए 799 प्रत्याशी, प्रधान के लिए 7498, बीडीसी पद के लिए 5045 और ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 4091 प्रत्याशी मैदान में रह गए। इन प्रत्याशियों की तकदीर का फैसला 22,26,269 मतदाता कर रहे हैं।

प्रात:काल से मतदान ने तेज रफ्तार पकड़ ली। जनपद में 09 बजे तक 12.30 प्रतिशत, 11 बजे तक 23.09 प्रतिशत, 01.00 बजे तक 40.22 प्रतिशत, 03.00 बजे तक 55.42 प्रतिशत व पांच बजे तक 65.70 प्रतिशत मतदान किया गया। इसमें से मोहम्मदपुर देवमल में 75.90, जलीलपुर 75.62, नहटौर 74, नूरपुर 71.57, स्योहारा 70.52, धामपुर व अफजलगढ़ 75-75, हल्दौर में 77, नजीबाबाद में 71 प्रतिशत मतदान की सूचना है।

किसान जिंदाबाद: पहले मतदान, बाद में खेत

पहले मतदान, बाद में खेत: जिला बिजनौर में किसानों ने भी मतदान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रात: से सायं तक किसानों ने पोलिंग बूथों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अधिकांश किसानों ने पहले मतदान और बाद में खेत पर काम को प्राथमिकता दी तो वहीं कुछ किसानों ने खेत का काम निपटाने के बाद मतदान किया। वर्तमान में जिले की सभी चीनी मिलें चल रही हैं। वहीं किसानों के खेतों में गन्ना भी खड़ा है और गेहूं की कटाई भी चल रही है। इसके बावजूद काफी किसानों ने पहले वोट देने को प्राथमिकता दी। कुछ किसानों ने पहले खेत का काम निपटाया और बाद में मतदान किया। प्रत्याशी और उनके समर्थक भी किसानों को मोबाइल पर फोन कर मतदान करने के लिए प्रेरित करते रहे। यहही नहीं कुछ समर्थक तो वोटर को लेने के लिए खेतों तक पहुंचे।

जोश में दिखे युवा: मतदान को लेकर युवा भी बेहद उत्साहित रहे। युवाओं के कंधों पर प्रत्याशियों ने काफी जिम्मेदारी सौंपी थी। युवाओं ने अपने घरों की महिलाओं व सभी बुजुर्गों का मतदान कराया। यह पता चलते ही कि अमुक वोट नहीं पड़ा है, युवा उसे लेने के लिए निकल पड़ते।

थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मतदाताओं को पोलिंग बूथों में प्रवेश: पोलिंग बूथों के बाहर मतदाताओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। जिन मतदाताओं के पास मास्क नहीं थे उन्हें मास्क उपलब्ध कराए गए। पंचायती राज विभाग ने सभी पोलिंग बूथों के बाहर मतदाताओं की थर्मल स्क्रीनिंग कराई। पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल की जांच भी कराई गई। इसके बाद ही उन्हें मतदान करने के लिए भेजा गया। जिन मतदाताओं के पास मास्क नहीं थे, उन्हें निगरानी समिति के सदस्यों ने मास्क उपलब्ध कराए। अधिकांश मतदाता मास्क लगाकर मतदान करने के लिए पोलिंग बूथ पर पहुंचे।

नगीना क्षेत्र में भी मतदाताओं ने दिखाया जोश: पंचायत चुनाव के लिए मतदाताओं ने जमकर मतदान किया। धूप में भी सुबह से ही मतदेय स्थलों पर ग्रामीण क्षेत्रों में लंबी लंबी कतारें लग गई। मुस्लिम व हिंदू समाज की महिलाएं भी भारी संख्या में सुबह से ही वोट डालने के लिए पहुंच गई। पुलिस प्रशासन ने कोविड-19 के निर्देशों का पालन कड़ाई से कराया। पुलिस क्षेत्राधिकारी नगीना सुमित शुक्ला, एसडीएम नगीना घनश्याम वर्मा, चुनाव पर्यवेक्षक बराबर चौकसी बरते रहे। पोलिंग बूथों पर भीड़ जमा नहीं होने दी गई। दोपहर 12:00 बजे तक काफी भीड़ देखी गई। बाद में करीब 1 घंटे के लिए मतदान धीमी गति से चला। फिर लंबी-लंबी कतारें लगना शुरू हो गई। मतदान स्थलों पर बराबर मास्क लगाने की हिदायत देते हुए पुलिस प्रशासन के लोग पाए गए।

भस्मासुर से कदमताल करती भाजपा!

बिजनौर। संगठन के कथित विद्रोहियों को बाहर करने के फेर में भाजपा भस्मासुर की गति को प्राप्त होने की कतार में पहुंच गई है! समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर चाटुकारों का बोलबाला हो गया है। प्रदेश नेतृत्व को जनपद बिजनौर की संगठनात्मक गतिविधियों की वास्तविकता से अवगत नहीं कराया जा रहा। कम से कम बिजनौर के वर्तमान हालात तो यही बयां कर रहे हैं!

हाल ही में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के सामने चुनाव लड़ने व अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने वाले 11 पार्टी नेताओं को संगठन से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। शनिवार को फिर छह पदाधिकारियों, सक्रिय कार्यकर्ताओं को छह साल का वनवास दे दिया गया। अब गिनती देखिए। एक नेता, एक कार्यकर्ता स्वयं में क्या ताकत रखता है! पहली बात ये है कि जिसने पार्टी संगठन के लिए जिंदगी गुजार दी, उसके समर्थक सैकड़ों में नहीं, निश्चित ही हजारों में होंगे। सत्तारूढ़ पार्टी का होने के नाते इस गिनती में इज़ाफ़ा भी निश्चित ही हुआ होगा। इनके निष्कासन के बाद यदि राष्ट्रीय स्तर की पार्टी को क्षति उठानी पड़ी तो बस ये समझना आसान है कि यहीं से अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने की शुरुआत हो गई है।

दरअसल जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा ने सभी वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे। बताया जाता है कि प्रत्याशी बनने की होड़ में लगे बहुत से नेताओं को किनारे लगा दिया गया। आरोप है कि ऐसी स्थिति में उन लोगों ने पार्टी से बगावत कर दी। वह भाजपा प्रत्याशी के सामने चुनाव मैदान में या तो खुद सामने आ गए या फिर अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतार दिया। इस पर भाजपा ने कथित रूप से पार्टी से बगावत कर खुद चुुनाव लड़ रहे भाजपा के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बलदेव सिंह, किसान मोर्चा के जिला महामंत्री अवनीश चौहान, किसान मोर्चा के जिला कोषाध्यक्ष रमेश सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष ज्ञानेश्वर राजन, सेक्टर संयोजक टीकम सिंह, सक्रिय सदस्य विजेंद्र राणा, युवा मोर्चा के जिला कार्यकारिणी सदस्य संजय चौहान, मंडल मंत्री जगवीर सिंह, सक्रिय सदस्य सरदार कुलवंत सिंह व पत्नी को चुनाव लड़ा रहे व्यावसायिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अरविंद प्रजापति और पूर्व जिला मंत्री विष्णु दत्त सैनी को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। वहीं शनिवार को प्रांतीय पार्षद व पूर्व जिला महांत्री रमेश रागी, पूर्व नगर उपाध्यक्ष बिजनौर जितेंद्र राणा, सेक्टर संयोजक नरेश कुमार के अलावा प्राथमिक सदस्यों  विनीत बहादुर, गिरीराज सैनी व विनोद कुमार को भी छह साल का वनवास दे दिया गया।

जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को रिपोर्ट भेजी गई थी। उनकी अनुमति मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

BJP को ही समर्पित अगली पोस्ट-छोटा अखबार, बड़ा अखबार..

चुनाव में गड़बड़ी करने वालों पर लगेगी रासुका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चल रहे पंचायत चुनाव के दौरान लोक व्यवस्था भंग करने वाले व उपद्रवी तत्वों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि उपद्रव के दौरान संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों से वसूली भी की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पहले चरण में गड़बड़ी करने वालों को चिह्नित कर ऐसी कार्रवाई करें जो आने वाले चरणों के लिए नजीर बने। अवस्थी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रथम चरण का मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाने पर इस कार्य में लगे पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी है।

अवनीश अवस्थी ने कहा कि पंचायत चुनाव के पहले चरण में करीब 51 हजार बूथों पर मतदान हुआ। चार-छह बूथों को छोड़कर आमतौर पर मतदान शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनाव से जुड़े हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। उत्तर प्रदेश में हर रविवार को लॉकडाउन लगाने की घोषणा की गई है।

एक बार लग गई उंगली पर स्याही, तो हर हाल में पड़ेगा वोट

किसी मतदाता की उंगली पर एक बार स्याही लग गई तो उसे वोट डालने से नहीं रोका जा सकता। आपत्ति पर कोई विचार नहीं करेगा पीठासीन अधिकारी। संशय है तो अभिकर्ता को स्याही लगाने से पहले ही दर्ज करानी होगी आपत्ति।

लखनऊ। पंचायत चुनाव में मतदान के दौरान एक बार स्याही लगाने के बाद मतदाता को उसके मताधिकार के प्रयोग से वंचित नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही अभिकर्ताओं की आपत्ति भी पहले ही सुनी जाएगी। स्याही लगाने की आपत्ति पर पीठासीन अधिकारी कोई विचार नहीं करेगा। उत्तर प्रदेश में 19 अप्रैल को होने वाले पंचायत चुनाव के मतदान के लिए निर्वाचन आयोग ने नियमों की पूरी निर्देश पुस्तिका जारी की है। इसमें कई अहम निर्णयों के संबंघ में निर्देशित किया गया है। इसमें से ही एक खास निर्देश मतदाता को लेकर की गई आपत्ति के संबंध में है। इसके तहत अगर एक बार मतदान केंद्र पर पहुंचे मतदाता के बाएं हाथ की अंगुली पर स्याही का निशान लगा दिया गया है तो उसकी पहचान पर दर्ज कराई गई आपत्ति मान्य नहीं होगी। अभिकर्ता की आपत्ति को नजरअंदाज कर हर हाल में मतदान पार्टी उसे मतपत्र देगी। इससे वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेगा। अगर किसी भी मतदाता की पहचान में कोई संशय है तो अभिकर्ता को स्याही लगाने से पहले ही आपत्ति दर्ज करानी होगी। आपत्ति दर्ज होने के बाद पीठासीन ऐसे मतदाता को अपने पास निर्णय के लिए ले लेगा। वहीं आगे मतदान जारी रहने दिया जाएगा।  

फर्जी पड़ा है वोट तो भी देना होगा दूसरा मतपत्र- 

अगर कोई मतदाता बूथ पर मतदान के लिए पहुंचता है और उसका वोट पहले ही डाला जा चुका है तो भी उसे मतपत्र उपलब्ध कराना होगा। इससे पूर्व पीठासीन अधिकारी संबंधित मतदाता की अंगुली पर स्याही का निशान चेक करने के साथ ही उससे पहचान के संबंध में सवाल-जवाब कर सकता है, लेकिन हर हाल में उसे मतपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि इन मतपत्रों को पेटी में न डालकर अलग लिफाफे में रखा जाएगा। सीडीओ/उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी पीठासीन अधिकारियों को प्रशिक्षण में चुनाव आयोग के निर्देशों के बारे में बताया जा चुका है। साथ ही उन्हें निर्देश पुस्तिका भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अनुसार ही वे मतदान के दौरान निर्णय लें।

भाजपा समर्थित प्रत्याशी मीनू के प्रचार में तेजी

भाजपा समर्थित प्रत्याशी मीनू के प्रचार में तेजी-बिजनौर। ब्लॉक मोहम्मद पुर देवमल की जिला पंचायत वार्ड नंबर 1 की भाजपा समर्थित प्रत्याशी मीनू बाल्मीकि का चुनाव प्रचार तेज गति पकड़ चुका है। गुरुवार को उन्होंने ग्राम आंगा खेड़ी, द्वारका पुरी, डेरीयो आदि गांवों का दौरा किया व अपने चुनाव चिन्ह केतली का प्रचार किया। साथ में वार्ड संयोजक चौधरी अनिल कुमार, वार्ड सह संयोजक एवं मंडल महा मंत्री राजनारायण शर्मा, अशोक कुमार, महेंद्र सिंह, रानी देवी आदि शामिल रहे।

मास्क को लेकर पुलिस सख्त

बिना मास्क लगाए लोगों के चालान, हड़कंप
सीओ के नेतृत्व में नजीबाबाद पुलिस ने चलाया अभियान
रेलवे स्टेशन पुलिस चौकी क्षेत्र में की चैकिंग

बिजनौर। कोरोना संक्रमण के तेजी के साथ पैर पसारने के बावजूद लोग लापरवाह होकर घूमते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने गाइड लाइन का पालन कराने के लिए बिना मास्क के घूमने वाले लोगों के चालान काटे। पुलिस क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद ने भी लोगों को मास्क पहन कर घूमने की हिदायत दी है।
क्षेत्र में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बावजूद लोग सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने को तैयार नहीं हैं। यह देखते हुए पुलिस भी हरकत में आ गयी है। पुलिस ने एक बार फिर बिना मास्क के घूम रहे लोगों के चालान करने और चेतावनी देने का काम शुरू कर दिया है। बिना मास्क के घूम रहे लोगों की पुलिस जमकर क्लास लगा रही है। पुलिस क्षेत्राधिकारी गजेन्द्र पाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दर्जनों लोगों के मास्क न लगाने पर चालान काटे, जिससे रास्ते से गुजर रहे लोगों में हड़कम्प मच गया। क्षेत्राधिकारी ने पुलिस टीम के साथ स्टेशन चौकी पर अभियान चलाते हुए बिना मास्क के घूमने वाले लोगों के चालान काटे। उन्होंने लोगों को मास्क पहनने के प्रति जागरूक करते हुए कोरोना से बचाव  के लिए सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी। हालांकि पुलिस ने कई लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया, जिनमें अधिकांश महिलाएं व बच्चे शामिल रहे। साथ ही कहा कि फिर से बिना मास्क लगाए घूमते पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अभियान चलता देख मास्क न लगाने वालों में हड़कम्प मचा रहा।

नजीबाबाद कोतवाल ने किया ग्रामीणों को जागरूक
बिजनौर। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश गौड़ ने अपनी टीम के साथ विकास खंड के ग्राम बिजौरी, पुरनपुर, खैरुल्लापुर, रानीपुर आदि में भ्रमण कर ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) के माध्यम से ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान प्रत्याशी किसी भी मतदाता को प्रलोभन न दें। चुनाव के दौरान शराब अथवा अन्य सामग्री बांटे जाने की शिकायत मिलने पर आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलने को देखते हुए बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें। सभी लोग मास्क व सेनिटाइजर का प्रयोग करें तथा एक दूसरे से दो गज की दूरी के नियम का पालन करें। सरकार की ओर से कोविड-19 को लेकर जारी की गयी सभी गाइड लाइन का सख्ती से पालन करें और स्वयं के साथ-साथ दूसरों को भी सुरक्षित रखने में सहयोग करें।

अंतिम मौका, प्रशिक्षण में रहे गैरहाजिर तो होगी FIR

विवेक कॉलेज के तीन दिवसीय प्रथम प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित मतदान कार्मिकों को अंतिम अवसर। 13 अप्रैल को होगा प्रशिक्षण। इस बार अनुपस्थित रहने वाले मतदान कार्मिकों के विरुद्ध होगी एफआईआर।

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 में नियुक्त ऐसे अभी मतदान कार्मिक (पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय एवम् तृतीय) जो 09 अप्रैल से 11 अप्रैल,21 तक सम्पन्न हुए प्रथम प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसी भी कारण से अनुपस्थित रहे हैं, उनको एक अंतिम अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि इस अवसर पर सभी अनुपस्थित रहने वाले मतदान कार्मिकों को आगामी 13 अप्रैल,21 को प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक तथा अपरान्ह 2:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक विवेक कॉलेज, नूरपुर रोड बिजनौर में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले मतदान कार्मिकों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराते हुए राज्य निर्वाचन आयोग की सुसंगत धाराओं के अनुरूप कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

प्रचार का सर्वाधिक शक्तिशाली हथियार बना सोशल मीडिया

प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया पर छेड़ा प्रचार युद्ध। जिला पंचायत सदस्य पद के 799 उम्मीदवार चुनाव में भाग्य आजमाएंगे। 46 उम्मीदवारों ने छोड़ा चुनाव मैदान। चुनाव चिन्ह आवंटित होते ही प्रचार अभियान तेज।

बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन होने के बाद प्रत्याशियों ने प्रचार युद्ध छेड़ दिया है। पोस्टर, बैनर, झंडे के अलावा प्रचार के सर्वाधिक सशक्त माध्यम सोशल मीडिया का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। राजनीतिक दलों से समर्थित प्रत्याशियों ने तो बाकायदा whatsapp ग्रुप बना लिए हैं। लगभग हर प्रत्याशी ने सोशल मीडिया पर प्रचार युद्ध छेड़ दिया है।

विदित हो कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जिला पंचायत सदस्य, प्रधानी, बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्य के 23993 उम्मीदवारों ने नामांकन कराया था। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन पत्रों की जांच के बाद 12 नामांकन पत्र निरस्त हो गए। रविवार को 46 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया और अब चुनाव मैदान में 799 प्रत्याशी रह गए हैं।

एएमए श्यामबहादुर शर्मा ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में अब मैदान में 799 उम्मीदवार रह गए है। सभी को चुनाव चिन्ह दे दिए गए हैं। 46 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया है।

वार्ड 26 में 25 उम्मीदवारों के बीच होगा-वार्ड 26 हल्दौर तृतीय में 25 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इस वार्ड से निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह और राष्‍ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी प्रदेश महासचिव कैलाश लाम्‍बा भी चुनाव मैदान में हैं। इस वार्ड में 25 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

प्रशिक्षण में 531 मतदान कार्मिक रहे अनुपस्थित, होगी कार्रवाई

प्रशिक्षण में 531 मतदान कार्मिक रहे अनुपस्थित
बिजनौर। विवेक कालेज में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने के लिए मतदान कार्मिकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हो गया। कुल 16092 मतदान कार्मिकों के सापेक्ष 15561 मतदान कार्मिकों को प्रशिक्षण कराया गया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान 531 मतदान कार्मिक अनुपस्थित रहे।
रविवार को मतदान कार्मिकों के तीसरे एवं अंतिम चरण के कार्यक्रम के अंतर्गत दो पारियों में पीठासीन अधिकारी सहित अन्य मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। प्रशिक्षण के अंतर्गत मतदान से संबंधित संपूर्ण प्रक्रियाओं को चलचित्र के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर्स द्वारा मतदान कार्मिकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए उनकी शंकाओं का प्रशिक्षण के दौरान समाधान भी किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने मतदान अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उन्होंने जो प्रशिक्षण प्राप्त किया है उसी के अनुसार मतदान प्रक्रिया के प्रथम चरण से अंतिम चरण तक के कार्यों को संपादित करना सुनिश्चित करें ताकि किसी भी स्तर पर मतदान प्रक्रिया में कोई दिक्कत एवं बाधा उत्पन्न न हो सके। उन्होंने बताया कि रविवार को प्रथम पाली में कुल 21३2 के सापेक्ष 2049 मतदान कार्मिकों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। प्रथम पाली में 83 मतदान कार्मिक अनुपस्थित रहे, जबकि द्वितीय पाली में 1168 मतदान कार्मिकों के सापेक्ष 1132 मतदान कार्मिकों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस पाली में ३6 मतदान कार्मिक अनुपस्थित पाए गए। सीडीओ के पी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण के अंतर्गत कुल 531 मतदान कार्मिक अनुपस्थित पाए गए हैं।
इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी महेश चंद, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवकुमार सहित मास्टर ट्रेनर्स मौजूद थे।

पंचायत चुनाव चिन्ह को लेकर प्रत्याशी रहे उत्साहित

पंचायत चुनाव चिन्ह को लेकर प्रत्याशियों में रहा उत्साह

पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों को वितरित किए गए चुनाव चिन्ह

प्रशासन की ओर से पूर्ण रहे इंतजामात

दिव्यांग प्रत्याशियों के लिए बेहतर रही व्यवस्था

लखनऊ। पंचायत चुनाव में रविवार को नाम वापसी के बाद चुनाव चिन्हों का आवंटन किया गया। इस दौरान सुबह से ही प्रत्याशियों का जुटना शुरू हो गया था और चुनाव चिन्ह आवंटन होने के बाद प्रचार सामग्री की दुकानों पर भीड़ उमड़ पड़ी। निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार शुक्ल ने बताया कि नामांकन पत्रों की जांच के उपरांत प्रधान पद हेतु 1 प्रत्याशी का नामांकन पत्र अपूर्ण होने पर निरस्त किया गया। वहीं 34 पंचायत सदस्यों के नामांकन पत्र अपूर्ण पर निरस्त किए गए। साथ ही ग्राम सभा नई बस्ती धनेवा 11 पंचायत सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए। कोविड प्रोटोकाल के अनुसार ग्राम पंचायत वार 22 काउंटरों पर प्रत्याशियों को ब्लॉक परिसर में बुलाया गया और चिन्ह आवंटित किए गए।

एसीएम सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि प्राप्त हुए आवेदन पत्रों की जांच के उपरांत नाम वापसी के बाद चुनाव चिन्ह का आवंटन कर दिया गया।आगामी 19 अप्रैल को इन गांवों में वोट डाले जाएंगे और 2 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। बीडीओ डॉ. संस्कृता मिश्रा ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल का पूर्ण अनुपालन कराने तथा परिषर को साफ सुथरा रखने हेतु जगह जगह सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है तथा व्यवस्थाओं पर पूर्ण निगरानी रखी जा रही है।

चुनाव चिन्हों का आवंटन शुरू होते ही प्रचार सामग्री की दुकानों पर भीड़ लग गई। प्रत्याशियों में जल्द चिन्ह मिलने और प्रचार करने की होड़ लग गई। साथ ही वह सोशल मीडिया के माध्यम से अपने चुनाव चिन्हों के प्रचार में जुट गए।

मलिहाबाद पंचायत चुनाव नाम वापसी– 1- ग्राम प्रधान 546 नामांकित, 104 नाम वापस, शेष 442
2- ग्राम पंचायत सदस्य 1084 नामांकित, 14 नाम वापस, शेष 1070
3- क्षेत्र पंचायत सदस्य 530 नामांकित, 20 नाम वापसी, शेष 510

जीतकर भी शपथ नहीं ले पाएंगे 175 ग्राम प्रधान!

पंचायत चुनाव 2021: जीतकर भी नहीं बना पाएंगे सरकार 175 ग्राम प्रधान

दो तिहाई सदस्य होने के बाद ही ले पाएंगे प्रधानी की शपथ। दो माह बाद दोबारा होगा चुनाव, तब तक प्रशासक संभालेंगे।

लखनऊ। कानपुर की 175 ग्राम पंचायतों में चुनाव जीतने के बाद भी नवनिर्वाचित प्रधान शपथ नहीं ले पाएंगे और न ही काम कर पाएंगे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आया है कि इन पंचायतों में सदस्यों का दो तिहाई का कोरम ही पूरा नहीं हुआ है। इन हालात में प्रशासक ही ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। 
अधिकारियों का कहना है कि दो माह बाद फिर से ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव कराकर कोरम पूरा कराया जाएगा। कानपुर जिले की 590 ग्राम पंचायतों में सदस्य के 7446 पद हैं। इनमें से महज 5045 पदों के लिए ही नामांकन हुए हैं। इसके चलते 175 ग्राम पंचायतों में दो तिहाई सदस्य का कोरम भी पूरा नहीं हो सका है। कोरम पूरा हुए बगैर प्रधान विकास कार्य नहीं करा सकते। 
क्या है गणित- जिस ग्राम पंचायत में 11 वार्ड हैं, वहां कम से कम आठ, 13 वार्ड हैं तो नौ और 15 वार्ड हैं तो कम से कम 10 सदस्य अनिवार्य हैं। इस बार 2401 पदों पर नामांकन ही नहीं हुआ है। इतनी बड़ी संख्या में सदस्यों का चुनाव न होना प्रधानों के लिए मुसीबत बन जाएगा।
इसलिए भी है जरूरी- हर ग्राम पंचायत में छह समितियां होती हैं। प्रत्येक समिति में एक-एक ग्राम पंचायत सदस्य शामिल होते हैं। इनकी सहमति और हस्ताक्षर से ही विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार होती है।

“जिन ग्राम पंचायतों में सदस्यों की संख्या कम है, वहां दो माह बाद फिर से चुनाव कराना होगा। सदस्यों का कोरम पूरा होने पर ही ग्राम पंचायत को पूर्ण माना जाएगा। इसके बाद 175 ग्राम प्रधानों का शपथ ग्रहण होगा और व विकास कार्य करा सकेंगे।” कमल किशोर, जिला पंचायतीराज अधिकारी

6400 मतदान कार्मिकों ने लिया तीन शिफ्ट में प्रशिक्षण

पीठासीन अधिकारी सहित पोलिंग पार्टी के अन्य मतदान कार्मिकों का विवेक काॅलेज बिजनौर में दूसरे दिन प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन, जिला निर्वाचन अधिकारी रमामांत पाण्डेय ने ध्यानपूर्वक प्रशिक्षण ग्रहण करने के दिए निर्देश

बिजनौर। जिला निर्वाचन अधिकारी रमाकान्त पाण्डेय ने कहा कि मतदान सम्पन्न कराने में पीठासीन अधिकारी/मतदान अधिकारियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। अतः समस्त संबंधित अधिकारी पूरे मनोयोग और ध्यानपूर्वक प्रशिक्षण ग्रहण करें और अपनी किसी भी शंका का समाधान प्रशिक्षण स्थल पर ही मास्टर ट्रेनर से निश्चित रूप से करा लें। उन्होंने निर्देश दिये कि समस्त पीठासीन अधिकारी मतदान से पूर्व आयोग की निर्देशिका का गहनता से अध्ययन करें और उसमें दिये गये निर्देशों का शत प्रतिशत कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी स्तर पर त्रुटि का अंदेशा न रहे।

श्री पाण्डेय त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन-2021 को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए विवेक कालेज, बिजनौर में आयोजित पीठासीन अधिकारी सहित मतदान कार्मिकों के द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अवसर पर निर्देश दे रहे थे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने समस्त पीठासीन अधिकारी/मतदान अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पूरी निर्भीकता और स्वतंत्रता के साथ अपने दायित्वों को ईमानदारी के साथ निर्वहन करें, उनकी सुरक्षा के लिए हर समय पुलिस बल मौजूद रहेगा और इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस पेट्रोलिंग टीम को भी बुलाया जा सकता है। यह प्रशिक्षण अति महत्वपूर्ण है इसलिए समस्त संबंधित अधिकारी ध्यानपूर्वक और गम्भीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें और अपनी शंकाओं का समाधान उपस्थित मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से मौके पर ही करा लें ताकि मतदान के समय किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो सके।
इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी सहित 6400 मतदान काार्मिकों को तीन शिफटों में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा सामान्य प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनोद कुमार गौड़, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डा. हिरेन्द्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी, मास्टर ट्रेनर एवं मतदान कार्मिक मौजूद थे।

बिना मास्क घूमने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 507 का चालान

बिना मास्क के घूमते 507 लोगों का चालान
बिजनौर। कोरोना संक्रमण से रोकथाम के लिए पुलिस व प्रशासनिक अपील का लोगों पर असर नहीं हो रहा। लोग खुलेआम बिना मास्क के घूम रहे हैं, सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसीलिए अब पुलिस ने सख्ती अख्तियार कर ली है। जिले भर में पुलिस ने बिना मास्क के घूमते ५०७ लोगों का चालान कर जुर्माना वसूला।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह के निर्देशन में बिना मास्क घूमने वालों के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है। गुरुवार को जनपदीय पुलिस द्वारा बिना मास्क घूम रहे 507 व्यक्तियों का चालान कर 230000 रुपए का जुर्माना वसूला गया।

प्रत्याशी का जिला बदर पति पुलिस ने दबोचा
बिजनौर। पुलिस ने प्रधान पद के नामांकन के दौरान जिला बदर को दबोच लिया। जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली देहात के महमूदपुर भावता से प्रधान पद की एक प्रत्याशी के नामांकन के दौरान उसका जिला बदर पति हिस्ट्रीशीटर अरुण कुमार आया था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे गिरपफ्तार कर चालान कर दिया।

चुनाव प्रशिक्षण को हल्के में ले रहे कर्मचारी, 201 अनुपस्थित

चुनाव प्रशिक्षण में 201 कर्मचारी अनुपस्थित, होगी कार्रवाई
बिजनौर। पंचायत चुनाव को संपन्न कराने को लेकर विवेक कालेज प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण  में 201 कर्मचारी अनुपस्थित रहे। डीएम रमाकांत पांडेय का कहना है कि अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत चुनाव के लिए विवेक कालेज में शुक्रवार को तीन शिफ्टों में मतदान कार्मिकों को 66 मास्टर ट्रेनर ने तीन शिफ्टों में प्रशिक्षण दिया। तीनों शिफ्टों में कारण सहित 106 मतदान कार्मिक तथा बिना कारण बताए 95 मतदान कार्मिक अनुपस्थित रहे। कुल मिलाकर प्रशिक्षण में 201 मतदान कार्मिक अनुपस्थित रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि अनुपस्थित मतदान कार्मिकों को 11 अपै्रल को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एसपी सिटी के निर्देश: बाहरी फोर्स के रुकने की मुकम्मल हो व्यवस्था

बाहरी फोर्स के रुकने की व्यवस्था रहेगी चाक चौबंद
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान बाहर से आने वाले फोर्स के रुकने वाले स्थान पर मूलभूत सुविधाओं का ख्याल रखा जायेगा। अपर पुलिस अधीक्षक नगर डा. प्रवीन रंजन सिंह द्वारा पुलिस लाइन सभागार कक्ष में चुनाव के दौरान बाहर से आने वाले फोर्स के रुकने की व्यवस्था हेतु जनपद के समस्त लाइजनिंग आफिसर के साथ गोष्ठी की गयी। एसपी सिटी ने उनको फोर्स के रुकने वाले स्थान की साफ-सफाई, बिजली, पानी आदि की व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण मामला फिर पहुंचा हाईकोर्ट

लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज (स्थानों और पदों