उत्तर प्रदेश के बाढ़ पीड़ितों की मदद करेगी “टीम लखनऊ”

टीम लखनऊ की आपातकालीन बैठक संपन्न

उत्तर प्रदेश के बाढ़ पीड़ितों की मदद करेगी टीम लखनऊ

सभी जरुरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने की होगी कोशिश: मुर्तुजा अली

लखनऊ। वर्तमान समय में पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा, अयोध्या बहराइच, गोरखपुर के निचले इलाकों में आई बाढ़ को देखते हुए टीम लखनऊ लगातार उन इलाकों में अपने सहयोगी संगठन केएसबी के साथ लोगों की मदद करने का काम कर रही है, लेकिन बाढ़ के बढ़ने से वहां की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। यह देखते हुए टीम लखनऊ की एक आपातकालीन बैठक सीरोज रेस्टोरेंट्स गोमती नगर में संपन्न हुई। टीम लखनऊ की अध्यक्ष निगहत खान ने इस मीटिंग की अध्यक्षता की।

इस दौरान टीम लखनऊ के जनरल सेक्रेटरी मुर्तुजा अली ने लखनऊ के सभी लोगों से राहत सामग्री देने की अपील की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री अब्दुल वहीद और सचिव जुबेर अहमद ने संगठन के बारे में बताते हुए कहा कि टीम लखनऊ हमेशा लखनऊ के लोगों की तरफ से देश में कहीं पर भी बाढ़ और भूकंप आने पर लोगों की मदद के लिए खड़ी रहती है। मीटिंग में मौजूद फ्रेंड समय के संस्थापक उत्तर प्रदेश आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष वामिक खान, टीम केयर इंडिया के अध्यक्ष शहजादे कलीम, वरिष्ठ समाजसेवी रजिया नवाज, समाजसेवी भानु प्रताप सिंह, वरिष्ठ समाजवादी नेता प्रदीप सिंह बब्बू, वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी शाहिद सिद्दीकी, फोटोग्राफर और समाजसेवी आरिफ मुकीम, समाजसेवी जुनेद, बिजनेसमैन और समाजसेवी मोहम्मद इमरान खान टीम लखनऊ के वरिष्ठ सहयोगी अम्मार नगरामी, फूड मैन के नाम से जानने जाने वाले विशाल सिंह, मोहम्मद अली अल्वी आदि लोगों ने बाढ़ आपदा से पीड़ितों की मदद के लिए बड़ी मात्रा में राहत सामग्री, पानी की बोतलें, बिस्कुट, नमकीन, रस के पैकेट, कपड़े, चीनी, चाय पत्ती, दूध आदि सहित कई जरूरत का सामान देने के लिए घोषणा की। इस अवसर पर डॉक्टर उमंग खन्ना ने सेनेटरी पैड और सदर गुरुद्वारा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने चावल और दाल देने के लिए कहा। टीम लखनऊ के कोषाध्यक्ष कुदरत उल्ला खान ने भी लोगों की बड़ी मदद की घोषणा की। इस मौके पर टीम लखनऊ के संरक्षक हजरत मौलाना खालिद रशीद और रॉयल ग्रुप के चेयरमैन मुरलीधर आहूजा ने भी बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद और राहत सामग्री देने के लिए घोषणा की।

बारिश में गिरा गरीब मजदूर का आशियाना, बाल बाल बचा परिवार

बारिश में गिरा गरीब मजदूर का आशियाना, बाल बाल बचा परिवार

स्योहारा। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से दथेडा गांव में मजदूर का कच्चा मकान ढह गया। हालांकि हादसे में परिवार बाल-बाल बच गया। पीड़ित ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।


शुक्रवार से ही स्योहारा क्षेत्र में रुक रुक कर बारिश हो रही है। रविवार की देर शाम हुई मूसलाधार बारिश से एक गरीब का आशियाना ढह गया। गांव मेवा नवादा निवासी नाजिम पुत्र तौफीक मेहनत मजदूरी कर कच्चे मकान में रहकर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। तेज बारिश के चलते मिट्टी से बनी मकान की छत कमजोर हो गई, जिस कारण उसमें दरार आ गयी थी। रहने का कोई और ठिकाना न होने के कारण परिवार मकान में ही रहने को मजबूर था। रविवार की रात्रि में मकान की छत भरभरा कर नीचे गिर गई। समय रहते नाजिम का परिवार मकान से बाहर निकल गया, जिसके चलते परिवार के सदस्य उसकी दो पुत्रियां आंचल व सानिया घायल हो गई। पीड़ित ने स्वजन की मदद से मलबे में दबे सामान को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सामान नष्ट हो चुका था। पीड़ित ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।

भारी बारिश होने की संभावना, कल कक्षा 01 से 12 तक के सभी स्कूल रहेंगे बंद

भारी बारिश होने की संभावना, कल कक्षा 01 से 12 तक के सभी स्कूल रहेंगे बंद

बिजनौर। कल दिनांक 11 अक्तूबर, 2022 को भारी बारिश होने की संभावना के दृष्टिगत कक्षा 01 से कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे।

जिला सूचना कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में कल दिनांक 11/10/2022 को भारी बारिश होने की संभावना के दृष्टिगत कक्षा 01 से कक्षा 12 तक के समस्त परिषदीय प्राथमिक/ उच्च प्राथमिक विद्यालय / मान्यता प्राप्त/ अशासकीय प्राप्त / CBSE /ICSC समस्त बोर्ड का भी अवकाश रहेगा। समस्त बीएलओ अपना कार्य यथावत करेंगे।

उत्तराखंड में रेड अलर्ट !! भारी बारिश की चेतावनी, UP के 35 जिलों में वर्षा जारी

रेड अलर्ट !!मौसम अपडेट

देहरादून। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लगभग सभी जिलों में आज से 18 सितंबर तक भारी से भारी बारिश की चेतावनी दी है. अधिकांश जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केन्द्रों को बंद रखने का आदेश दिया गया है. जगह जगह लैंडस्लाइड होने की आशंका भी व्यक्त की गयीहै. NDRF SDRF को अलर्ट पर रखा गया है , मौसम विभाग ने लोगो से अपील की है कि बेवजह पहाडी इलाकों में न जाएं !!

वहीं यूपी के 35 जिलों में 3 दिन तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गयी है. शामली, मुज़फ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, लखनऊ में आज सुबह से लगातार रुक रुक कर बारिश हो रही है.

पर्वतीय इलाकों में भारी वर्षा के कारण बिजनौर में अलर्ट

पर्वतीय इलाकों में भारी वर्षा से हो रहा गंगा नदी में कटानलोगों को नदियों के समीप न जाने की हिदायत।

बिजनौर। पर्वतीय इलाकों में हो रही भारी वर्षा से जनपद के कई स्थानों पर गंगा नदी उफान पर है। साथ ही बड़े पैमाने पर कटान भी हो रहा है। इसे देखते हुए लोगों को गंगा के समीप न जाने की हिदायत दी गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ध्वनि विस्तार यंत्रों के जरिए ग्रामीणों को नदियों के नजदीक न जाने की हिदायत दी जा रही है। वहीं बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है।

रविवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व/प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा अरविंद सिंह और तहसीलदार अनुराग ने ग्राम कोहरपुर में गंगा के कटान का मौका मुआयना किया।
वहीं ग्राम डैबलगढ बादशाहपुर व ग्राम अकबरपुर देवीदास वाला में भी गंगा के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मौके पर पहुंच कर अपर जिलाधिकारी व तहसीलदार ने निरीक्षण कर अधीनस्थ स्टाफ व ग्रामीणों को आवश्यक निर्देश दिए।

पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश एवं भीमगोड़ा बांध से डिस्चार्ज किए 60 हजार क्यूसेक पानी की वजह से गंगा और मालन नदी उफान पर हैं। मंडावर खादर क्षेत्र व रावली-शहजापुर सहित कई गांवों का संपर्क बिजनौर मुख्यालय से टूट गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश की वजह से शुक्रवार की रात्रि से गंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ। शनिवार पूरे दिन जलस्तर में रुक-रुककर वृद्धि होती रही। मंडावर क्षेत्र के ग्राम सुक्खापुर, कुंदनपुर टीप, राजारामपुर, फतेहपुर सभाचंद, मिर्जापुर, सीमली, मीरापुर, कोहरपुर, डैबलगढ़, चाहड़वाला के जंगल से सटकर गंगा की धार बह रही है।

अभी मानसून में और एक-दो दिन की देरी

लखनऊ। यूपी में मानसून इस साल एक हफ्ते की देरी से आएगा। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि इस बार मानसून 16, 17 जून तक दस्तक दे देगा। मगर, मौसम विभाग का ये अनुमान फेल हो गया और अब मानसून 21 से 22 जून तक आने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में लोगों को चिलचिलाती धूप का समाना अभी 2 दिन और करना पड़ सकता है। हालांकि इस बीच बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। मेरठ, सहारनपुर में बदली और बौछारें पड़ने की भी संभावना है।

21 से 22 जून तक आएगा मानसून

मौसम वैज्ञानिक जेपी गुप्ता के अनुसार, 21, 22 जून तक उत्तर प्रदेश में मानसून दाखिल हो सकता है। इस साल मानसून में पश्चिमी उत्तर प्रदेश यानी मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद में मानसून में सामान्य 92-108% बारिश होगी। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर में 106% बारिश होने की आशंका है।

बिहार में पहुंचकर ठिठक गया मानसून मौसम विभाग लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि मानसून बिहार में पहुंचकर ठिठक गया है। वह जितनी तेजी से चला था वह गति बरकरार नहीं रह पाई। उत्तर में 18 जून को मानसून के आगमन का पूर्वानुमान लगाया गया था। पर जो स्थितियां उसे देखते हुए अभी मानसून के लिए सप्ताह भर इंतजार करना पड़ सकता है। वैसे मौसम अगले दो-तीन दिन तक ऐसा ही बना रहेगा। बदली और बौछारें पड़ने की संभावना है।

पूरे राज्य में तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। लखनऊ मौसम विभाग को जिन 33 जिलों की रिपोर्ट मिली है उनमें सिर्फ बलिया, लखनऊ, इटावा, कानपुर एयरफोर्स और लखीमपुर में ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहा। बाकी सभी जगह तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के रिकार्ड किया गया।

तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की आई गिरावट

यूपी में मेरठ, आगरा, सहारनपुर में हुई छिटपुट बारिश से तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बलिया, लखनऊ, इटावा, कानपुर और लखीमपुर में ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहा है। बाकी सभी जगह तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

बारिश, ठंडी हवाओं से मौसम हुआ सुहाना

नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तर भारत में झुलसा देने वाली गर्मी पड़ने के बाद पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का असर नजर आया। शुक्रवार तड़के 3 बजे झमाझम बारिश हुई। बारिश से पहले रात 12 बजे से आसमान में बिजली कड़कती रही और तेज हवाएं चल रहीं थीं, जिससे लोगों को ठंडक का अहसास हुआ। इसके बाद बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सुबह 4 बजे तापमान 27 डिग्री था।

मौसम विभाग के अनुसार अभी 4 से 5 दिन बादल छाए रहेंगे। बादल छा जाने से लोगों को लू से राहत मिली। मौसम में बदलाव होते ही कई शहर वासियों ने पहाड़ों की ओर रुख कर लिया है। लोग मौसम का आनंद उठाने के लिए हिल  एरिया में जाने लगे हैं। ठंडी हवाओं ने जहां लोगों को राहत दी, वहीं लोगों की चहल कदमी भी अधिक हो गई। आज लुधियाना में हवा 40 किलोमीटर की रफ्तार से चली। बादलों की गरज के साथ बारिश रुक-रुक कर होती रही। हालांकि 17 से 21 जून तक आसमान में बादल छाए रहने की पूरी संभावना है।

शुक्रवार को लुधियाना का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। फिरोजपुर जिले का 31 डिग्री, अमृतसर 27 डिग्री, पटियाला 29 डिग्री, जालंधर 29 डिग्री, बठिंडा 32 डिग्री, मोगा 31 डिग्री, श्री फतेहगढ़ साहिब 29 डिग्री रहेगा। मौसम के इस बदलाव का लोग खूब आनंद उठा रहे हैं।

राजधानी में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से शुक्रवार सुबह थोड़ी राहत मिली। हल्की बूंदाबांदी से तापमान में काफी गिरावट आई। सुबह छह बजे गरज के साथ हुई हल्की बारिश से मौसम सुहाना हो गया। इस दौरान हल्की हवाएं भी चल रही थीं। तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 21 जून तक तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। विभाग के मुताबिक, 22 जून के बाद मौसम साफ हो जाएगा और शुष्क पछुआ हवाएं चलेंगी हालांकि, तापमान तेजी से बढ़ने का पूर्वानुमान नहीं है. मानसून दिल्ली में सामान्य तिथि 27 जून या इससे एक या दो दिन पहले पहुंचने की उम्मीद है। आईएमडी ने अगले 5 दिनों में गरज के साथ छीटें पड़ने या हल्की बारिश की चेतावनी के साथ ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पिछले साल आईएमडी ने अनुमान जताया था कि दिल्ली में अनुमान से करीब दो हफ्ते पहले मानसून आएगा। हालांकि, यह 13 जुलाई को आया था जिससे 19 वर्षों में यह सबसे देर से पहुंचने वाला मानसून बन गया था।

वहीं उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई हल्की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर बैठकर ठंडी हवाओं और सुहावने मौसम का आनंद लेने लगे। हालांकि गुरुवार सुबह से ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। दोपहर होते-होते सूर्य के तेवर तल्ख होते गए और गर्मी से बेहाल लोग बारिश की आस लगा रहे थे। शाम होते ही मौसम का मिजाज बदला और आसमान में बादल छा गए। फिर हल्की बारिश हुई, तो लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम सुहावना कर दिया।

इससे पहले मई के आखिरी सप्ताह में मॉनसून 2022 को लेकर मौसम विभाग ने बड़ी अच्‍छी खबर सुनाई थी।  दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून तय समय से तीन दिन पहले ही केरल पहुंच चुका था। आमतौर पर केरल में मॉनसून 1 जून को पहुंचता है। मानसून के 20 जून तक गुजरात पहुंचने का पहले अनुमान लगाया गया है। IMD ने एक मैप जारी कर बताया है कि भारत के किन-किन राज्‍यों में मॉनसून की आमद कब तक होगी।

आपके यहां कब तक पहुंचेगा मॉनसून?

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पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में मॉनसून 15-20 जून के बीच पहुंचेगा। मौसम विभाग के मैप के अनुसार, आपके यहां मॉनसून पहुंचने की संभावित तारीख (नोट: इन अनुमानों में ±5 दिन का अंतर देखने को मिल सकता है।)

20 जून: गुजरात, मध्‍य प्रदेश के कुछ हिस्‍से, पूर्वी उत्‍तर प्रदेश, राजस्‍थान के कुछ हिस्‍से, उत्‍तराखंड, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्‍से

25 जून: दक्षिणी राजस्‍थान, पंजाब-हरियाणा के कुछ हिस्‍से, मेन यूपी, हिमाचल प्रदेश का बाकी हिस्‍सा, जम्‍मू कश्‍मीर, लद्दाख

30 जून: मध्‍य राजस्‍थान, दिल्‍ली-एनसीआर, पंजाब-हरियाणा, मुजफ्फराबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान

5 जुलाई: पश्चिमी राजस्‍थान, पंजाब-हरियाणा के सीमावर्ती हिस्‍से

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत को मिलेगी भीषण गर्मी से राहत, भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली (एजेंसी)। रोजाना बढ़ती गर्मी के कहर से लोगों का घर से बाहर निकलना भी दुश्वार हो गया है। इसी बीच उत्तर भारत के लोगों के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार शनिवार को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, अगले एक से दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बूंदाबांदी से पारा नियंत्रण में रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, धूल भरी आंधी आ सकती है या 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज मानसून पूर्व बारिश में तेजी आ सकती है और यह स्थिति 24 मई तक जारी रह सकती है। इससे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।

मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण म्यांमार और उससे सटे उत्तर पश्चिमी थाईलैंड पर बना पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर भी है और यह आज पश्चिमी हिमालय तक पहुंच सकता है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

हिमाचल, दक्षिण-पश्चिम UP और उत्तर पूर्व MP में लू! स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान, केरल, बिहार के पूर्वी हिस्सों, सिक्किम और पश्चिमी असम में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है, साथ ही कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 24 घंटों के दौरान, मेघालय, असम के पश्चिमी हिस्सों, सिक्किम, केरल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

यहां हल्की बारिश संभव- बाकी पूर्वोत्तर भारत, तटीय कर्नाटक, पश्चिमी हिमालय, लक्षद्वीप और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

हवा चली 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पश्चिम बंगाल के दक्षिण हिस्से में शनिवार को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ तेज हवा चलने और बारिश होने के कारण कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। राज्य आपदा प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व बर्धमान जिले में दीवार के ढह जाने से एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि नदिया जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यहां काल बैसाखी के दौरान रवींद्र सरोवर झील में एक नौका के पलट जाने से दो लड़कों की मौत हो गई। आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद अहमद खान ने बताया कि कोलकाता में तेज आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

अगले कुछ दिन उत्तर भारत के कई राज्यों में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

अभी ठंड से राहत नहीं! अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई राज्यों में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी।

नई दिल्ली (एजेंसी)। आगामी कुछ दिनों में उत्तर भारत में ठंड का कहर कम नहीं होगा। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक उत्तर प्रदेश में ठंड से कोई राहत नहीं मिलने वाली है। कोल्ड डे के हालात चार दिन तक जारी रहने वाले हैं।

अभी ठंड से नहीं मिलेगी राहत! अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई राज्यों में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। वहीं उत्तर प्रदेश भारत सहित बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड समेत कई राज्य ठिठुरन भरी सर्दी से बेहाल हैं। हालांकि, बीते दिन कुछ हिस्सों में दोपहर के समय थोड़ी धूप जरूर निकली है, लेकिन मौसम में फिर भी ठंडक है।

वहीं दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज बदल रहा है और ठंड अब अलविदा कहने की और बढ़ रही है। इस वजह से शनिवार, 29 जनवरी को भी लोगों को ठंड से थोड़ी राहत रहेगी, हालांकि सर्दी अभी लोगों को कंपकंपाती रहेगी। शुक्रवार को दिन में धूप निकली थी, जिसके चलते तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हल्की से मध्यम बारिश की संभावना- आईएमडी के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर पश्चिमी भारत के प्रभावित होने की संभावना है। इस वजह से 2 से 4 फरवरी तक दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के वैज्ञानिक आर के जेनामणि ने संभावना जताई है कि 3 फरवरी की रात से, पश्चिमी विक्षोभ के इस क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। रात या सुबह के दौरान बादल छाए रहने और बूंदाबांदी की पूरी संभावना है।

ठंड में आज से मिलेगी राहत, बारिश के आसार नहीं

लखनऊ। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में 10 दिन से पड़ रही कंपकंपी छुड़ाने वाली ठंड में आज से राहत मिलने की संभावना है। दरअसल पश्चिमी विक्षोभों का असर खत्म हो गया है। इस कारण सोमवार से छह दिन तक सुबह धुंध रहेगी पर दिन में मौसम साफ रहेगा। अब बारिश के आसार नहीं हैं।

मौसम विभाग के अनुसार दिन का तापमान भी 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा। न्यूनतम तापमान भी 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। वहीं राज्य के कुछ इलाकों में रविवार को ठण्ड से मामूली राहत मिली। शनिवार रात तक चलीं बर्फीली हवाएं रविवार बंद थीं। इससे पारा 17.5 डिग्री आ गया, जो शनिवार से तीन डिग्री ज्यादा है। वहीं रात घने कोहरे के चलते सड़क पर चलना मुश्किल हो गया।

लखनऊ में चार mm बारि

राजधानी समेत राज्य के कई हिस्सों में रविवार भी वर्षा हुई। लखनऊ में मौसम विभाग ने चार मिमी वर्षा दर्ज की। मौसम विभाग के अनुसार अफगानिस्तान और पाकिस्तान के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभों का असर खत्म हो गया है। अब बारिश के आसार नहीं है।

अगले छह दिनों का पूर्वानुमान

दिन -न्यूनतम पारा -अधिकतम पारा -मौसम

24 जनवरी 10 डिग्री 19 डिग्री सुबह धुंध-बदली

25 जनवरी 10 डिग्री 18 डिग्री सुबह धुंध-बदली

26 जनवरी 10 डिग्री 20 डिग्री सुबह धुंध-बदली

27 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

28 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

29 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

कोहरे के कहर के बीच भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब समेत सर्दी का सितम झेल रहे उत्तर भारत के कई राज्यों में इसका कहर और बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार और रविवार को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह स्थिति बन सकती है। शुक्रवार की रात से ही इन इलाकों में बारिश शुरू हो सकती है, जो अगले दो दिनों तक जारी रहेगी। यही नहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी में यह बारिश गुरुवार से ही शुरू हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों में जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगित बाल्टिस्तान, हिमाचल प्रदेश, मुजफ्फराबाद और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है। 

ऊपरी इलाकों में बर्फबारी होने की उम्मीद के साथ ही निचले इलाकों में बारिश से पारा और लुढ़कने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और यूपी में बीते कई दिनों से खुलकर धूप नहीं निकल रही है और इसके चलते लोगों को भीषण सर्दी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर शीतलहर का कहर लोगों को झेलना पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के चलते पारा थोड़ा और लुढ़क सकता है।

21 जनवरी से यहां शुरू हो जाएगी बारिश

इस महीने के अंत तक सर्दी का सितम फिलहाल जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 22 जनवरी को भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है। इसके अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तर राजस्थान में 21 जनवरी से बारिश शुरू हो सकती है, जो 22 और 23 जनवरी को और बढ़ जाएगी। मध्य प्रदेश में भी बारिश होगी। हरियाणा और पंजाब में 22 जनवरी को ज्यादा बारिश होने की संभावना है। यही नहीं 22 और 23 जनवरी की बारिश लंबे क्षेत्र में होनी है।

बिहार, झारखंड व सिक्किम तक रहेगा ऐसा मौसम

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा जैसे उत्तर भारत के राज्यों के अलावा सिक्किम, बंगाल, बिहार, झारखंड यानी पूर्वी भारत में भी 22 और 23 जनवरी को बारिश होगी। इसके अलावा सुबह और रात में मैदानी इलाकों में घना कोहरा जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर यूपी और बिहार के इलाकों में अगले दो दिनों तक शीत लहर का प्रकोप जारी रह सकता है। वहीं हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में भी ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।

बारिश: दिल्ली में टूट सकता है 121 साल का रिकॉर्ड

दिल्ली समेत कई राज्यों के लिए मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट

आज का मौसम: फाइल फोटो

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली-यूपी, हरियाणा व राजस्थान में बादलों की गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है। दिल्ली में तेज बारिश हो सकती है और यह बारिश इस सप्ताह रुक-रुक कर होती रहेगी। इसके चलते मौसम विभाग की ओर से राजधानी व आसपास के क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली में 29 सितंबर तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। आज यानी बुधवार को सारा दिन बारिश होती है तो 121 साल का रिकॉर्ड टूट सकता है। मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में अब तक 404 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले 121 साल पहले यानी 1944 में सर्वाधिक 417.3 मिमी बारिश हुई थी। पूरे मानसून की बात करें तो राजधानी में अभी तक 1170 मिमी बारिश हुई है। इससे पहले 1964 में 1190.9 मिमी बारिश का रिकॉर्ड है। 

अगले कुछ घंटे में संभावना- मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में सफदरजंग, वसंतकुंज, पालम व एनसीआर में गाजियाबाद, छपरौला, नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा में बारिश होगी। वहीं हरियाणा व यूपी के पानीपत, गनौर, होडल साकोटी टंडा, हस्तिनापुर, चांदपुर, बरौत, दौराला, बागपत, मेरठ, मोदीनगर, बुलंदशहर, खुर्जा में अगले कुछ घंटे के अंदर बारिश की संभावना बन रही है। 

सितंबर में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड- भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि सितंबर महीने में बारिश ने अपने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। अभी मानसून बना हुआ है और इसके देर से जाने की संभावना है। आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में ही अब तक 27 फीसद बारिश हो चुकी है। 

कई राज्यों में आज से बदलेगा मौसम- वैज्ञानिकों का मानना है कि देश के कई राज्यों में आज से मौसम बदलना शुरू हो जाएगा। पश्चिम बंगाल व ओडिशा में बारिश हो सकती है। राजस्थान, गुजरात में तीन दिन तक बारिश के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश, पंजाब व हरियाणा में तेज बारिश की संभावना है तो उत्तराखंड में 25 सितंबर तक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विज्ञान विभाग ने हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण यहां दृश्यता कम हो जाएगी और पारा भी दो से तीन डिग्री तक लुढ़केगा। 

बारिश अगले 3 दिन: 9 जिलों में रेड, 26 जिलों में येलो अलर्ट

लखनऊ। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन दिन भारी बारिश की संभावना जारी की है। उनमें करीब दस जिलों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। आकाशीय बिजली के साथ जोरदार बारिश होगी। वहीं नौ जिलों में रेड अलर्ट के अलावा 26 जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

इन 26 जिलों में जारी हुए येलो अलर्ट
बाराबंकी, लखनऊ, गाजियाबाद, अयोध्या, सुल्तानपुर, मथुरा, सीतापुर, संभल, मुरादाबाद, शामली, बुलंदशहर, बिजनौर, सहारनपुर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, बागपत, हापुड़, मेरठ, इटावा, हमीरपुर, बलिया, जालौन, औरैया, ललितपुर व फर्रुखाबाद शामिल हैं।

इन 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी-
कानपुर नगर, कन्नौज, गौतम बुद्ध नगर, फतेहपुर, कानपुर देहात, हरदोई, उन्नाव, अलीगढ़ व बांदा जैसे जिलों में रेड अलर्ट जारी हुआ है।

15 राज्यों में भारी बारिश की भविष्यवाणी

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। उत्‍तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर पहाड़ी राज्‍यों में भारी बारिश-भूस्‍खलन और बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इन घटनाओं में कई लोगों की जान भी चली गई है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में अगले आने वाले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई है। दरअसल पिछले हफ्ते पश्चिमी महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में जोरदार बारिश के बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिविटी उत्तर की ओर शिफ्ट हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 अगस्त तक कम से कम 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।

मौसम विभाग ने आज उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश (24 घंटों में 204.4 मिमी से अधिक) की चेतावनी दी है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होगी (24 घंटों में 64.5 मिमी से 204.4 मिमी)। ये उत्तरी राज्य वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान और इससे सटे पंजाब पर बने एक साइक्लोन सर्कुलेशन के प्रभाव में हैं। आईएमडी ने कहा कि पूर्वी और मध्य भारत के क्षेत्रों में भी 1 अगस्त तक बारिश बढ़ने की उम्मीद है।

वर्तमान में पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित लो प्रेशर सिस्टम अगले दो दिनों में बिहार और झारखंड में बारिश की वजह बनेगा। पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड में शुक्रवार तक व्यापक रूप से भारी बारिश (24 घंटे में 64.5 से 115.5 मिमी) होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश शनिवार तक जारी रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे पूर्वी राजस्थान में अगले दो दिनों में भारी बारिश होगी।

बारिश से जलभराव, लोगों का घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल

बारिश से शहर में जगह जगह हुआ जलभराव
लोगों का घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। बरसात की पहली बारिश में ही शहर में जगह जगह सड़कों व गलियों में जलभराव हो गया। इस कारण लोगों को परेशानी से जूझना पड़ा।
अफसरों के दावों के बावजूद शहर के लोगों को जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिली। बरसात की पहली बारिश से दावों की पोल खुल गई। हर बारिश की तरह आवास विकास में एक बार फिर जलभराव होने से कालोनी के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग अपने घरों में कैद हो कर रह गए और जलभराव के चलते घरों से बाहर नहीं निकल पाए। रविवार की देर रात शुरु हुई बारिश सोमवार को दिन भर होती रही। बारिश के चलते शहर में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सुबह से ही बारिश के कारण आवास विकास कालोनी में जलभराव हो गया। सड़क पर पानी ही पानी दिखाई पड़ रहा था। यहां से गुजरना भी मुश्किल हो रहा था। कुछ लोग अपने घरों से गाडिय़ों से ही बाहर निकल सके। वहीं कलक्टे्रट के पीछे सुरेन्द्रनगर कालोनी में भी जलभराव के चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। मोहल्ला जाटान, घेरराम बाग में भी नालियां गंदगी से अटी पड़ी रहीं। बताया गया है कि पिछले काफी दिनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। यह मोहल्ला पहले ग्राम पंचायत में था लेकिन अब नगर पालिका का हिस्सा है।
नालियों में गंदगी होने के कारण बारिश का पानी सडक पर आने से जलभराव हो गया। जलभराव होने के कारण सड़क से गुजरना मुश्किल हो रहा था। नालियों का गंदा पानी सड़क पर आने से संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बढ़ गया है। दूसरी ओर हेमराज रोड स्थित बड़े नाले की सफाई भी नहीं हुई है। कुछ दूर तक ही नाले की सफाई कराने के बाद काम को रोक दिया गया था औरअभी तक नाले की सफाई नहीं की गई है।

मूसलाधार बारिश ने तोड़ा पिछले 20 साल का रिकॉर्ड

मूसलाधार बारिश ने तोड़ा पिछले 20 सालों का रिकॉर्ड

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। लगाातार दो दिन से हो रही वर्षा ने पिछले 20 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। 24 घंटे में 194.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वर्ष 2010 में भी एक दिन में बारिश का आंकड़ा सिर्फ 190 एमएम को ही छू पाया था। लगातार बारिश के कारण गांव से लेकर शहर तक जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। और तालाब भी लबालब हो गए हैं। खेतीबाड़ी के लिहाज से बादलों का बरसना बेहद मुफीद माना जा रहा है।
सोमवार को दिन में धूप बिल्कुल नहीं निकली सुबह से लेकर शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। लगातार बूंदाबांदी और बारिश का सिलसिला जारी रहा। रविवार की देर शाम से बादलों का बरसना शुरू हो गया था। पूरी रात रात में भी घनघोर वर्षा हुई। बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर के रख दिया, कामकाजी लोग भी घरों से बाहर नहीं निकल पाए। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
कृषि अनुसंधान केंद्र नगीना में सोमवार को 194. 4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बताया गया है कि वर्षा ने पिछले 20 सालों का रिकॉर्ड तोड़ कर रख दिया है। अनुसंधान केंद्र के मौसम प्रभारी के अनुसार साल 2010 में भी 24 घंटे के अंतराल में सिर्फ 190 मिमी बारिश हुई थी, जबकि साल 2000 में 1 दिन में बारिश पढऩे का रिकॉर्ड 194 के आसपास पहुंचा था। रविवार को 91 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।

बरसात में अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत-गामेंद्र सिंह गजरौलिया

युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने कहा कि मानसून यानी बरसात का मौसम लोगों को बहुत अच्छा लगता है, लोग बरसात में नहाना और बारिश की हल्की बौछारें में खेलना पसंद करते हैं।
मानसून यानी बरसात का इंतजार हर किसी को रहता है। बरसात का मौसम हमें गर्मी से राहत दिलाता है, लेकिन यह मौसम कई बीमारियां भी अपने साथ लाता है। कई बार हम खुशी-खुशी बरसात के पानी में भीग लेते हैं, सावन के गाने भी खूब गुनगुना लेते हैं और इसके बाद किसी तरह के हेल्थ इश्यू से बचने के लिए सावधानी भी पूरी बरत लेते हैं। फिर भी कुछ परेशानियां हैं, जिसका बरसात के मौसम में खतरा बना रहता है, यह कहना गलत नहीं होगा कि बरसात का मौसम अपने साथ कई बीमारियों को बुलाकर लाता है।
जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया कहते हैं कि जलभराव, कीचड़ और गंदगी से बीमारियां पैदा होती हैं। बरसात के मौसम में पैदा होने वाले मच्छर और बैक्टीरिया बीमारियां फैलाते हैं। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए गामेंद्र सिंह गजरौलिया कहते हैं कि मानसून यानी बरसात के मौसम में हवा में नमी होती है और बैक्टीरिया भी ज्यादा पनपते हैं, जो बीमारियां फैलाने का काम करते हैं।
अतः हमें बरसात में बीमारियों से बचने के लिए सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हमें अपने हाथों, मुंह, पैरों को स्वस्थ जल से धोते रहना चाहिए। हमें स्वच्छ पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए। हमें पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी का सेवन करना चाहिए।
मानसून यानी बरसात के मौसम में हमें विशेष रूप से मच्छरों से बचना चाहिए, मच्छरों के काटने से होने वाले मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसे गंभीर रोगों से बचने के लिए हमें सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

UP के 45 जिलों में बदली-बारिश का अलर्ट, 60-80 KM की स्पीड से चलेंगी हवाएं

UP के 45 जिलों में बारिश का अलर्ट, अगले दो दिन बदली-बारिश का बना रहेगा सिलसिला, 60-80 KM की स्पीड से हवाएं चलेंगी

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। उत्तर प्रदेश के लोगों को आज उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 45 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि उमस और चिपचिपी गर्मी से बेहाल प्रदेश के जनजीवन को अब राहत मिलेगी। रविवार को प्रदेश के कई इलाकों में हुई बारिश, मानसून के फिर से सक्रिय होने से पहले की बारिश है। राज्य में 14 जुलाई तक बदली-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में और पूर्वांचल के उत्तरी हिस्से में भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वांचल के 17 जिलों में येलो अलर्ट

मौसम विभाग से अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी इलाकों में कुछ स्थानों पर बारिश होने अलावा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बरेली, बदायूं, सुल्तानपुर, बस्ती, इटावा औरैया में येलो अलर्ट ​​​​​जारी किया गया है। इन जिलों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

अवध के 28 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
इसके अलावा अवध के 28 जिलों प्रतापगढ़, अमेठी, अयोध्या, रायबरेली, गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, मैनपुरी, जालौन, कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, उन्नाव, फतेहपुर, हमीरपुर, बांदा महोबा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 87 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ने की संभावना है।

बादल फटने से कांगड़ा में भारी तबाही

धर्मशाला (एकलव्य बाण समाचार)। हिमाचल के धर्मशाला में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। जिला कांगड़ा के धर्मशाला स्थित पर्यटन क्षेत्र भागसूनाग में सोमवार को बादल फटने से भयंकर तबाही मच गई है। देखते ही देखते एक छोटे से नाले ने नदी का रूप धारण कर लिया। नाले के ओवरफ्लो होने से आई बाढ़ में सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां पानी में बह गईं। कुदरत का ये भयंकर रूप देखकर लोग सहम गए। बीती रात से ही प्रदेश भर में तेज बारिश हो रही है नदी-नाले उफान पर हैं।

बादल फटने से इस नाले के साथ दोनों ओर के कई होटलों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं, स्थानीय लोग बादल फटने और उसके बाद नदी-नालों में ऊफान आने के कारण सहमे हुए हैं।

भागसूनाग में इस वक़्त अफरा-तफ़री का माहौल है। सोशल मीडिया पर मौके का वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है पानी का तेज बहाव गाड़ी को बहाते हुए ले जा रहा है।

बागेश्वर में बारिश की तबाही: मकान पर गिरे मलबे में दबने से पति, पत्नी और बेटे की मौत!

 बागेश्वर में बारिश ने मचाई तबाही, मकान पर गिरा मलबा, दबने से पति, पत्नी और बेटे की मौत!

बागेश्वर (एकलव्य बाण समाचार) उत्तराखंड के जनपद बागेश्वर में बारिश ने भरी तबाही मचाई है। बारिश में एक मकान ढह जाने से पति पत्नी और उनका बेटे की मौत हो गयी।

बागेश्वर जिला अंतर्गत तहसील कपकोट में शनिवार रात अतिवृष्टि के बाद आए मलबे में एक घर दब गया। मलबे में परिवार के तीन सदस्य दब गए। ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के बाद रविवार की सुबह राजस्व पुलिस, एसडीआरएफ, डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंचने के लिए रवाना हुई। तहसीलदार कपकोट ने इस घटना की पुष्टी की है।

जानकारी के अनुसार ग्राम सुमगढ़ ऐठाण के ईटावन तोक में गृहस्वामी गोविंद सिंह पंडा, उनकी पत्नी खष्टी देवी और आठ वर्षीय बालक हिमांशु पंडा मलबे में दब गए। खष्टी देवी का शव बरामद हो गया है। दो अन्य की खोजबीन की जा रही है। कपकोट के सरन गांव में भी कई घरों में मलबा घुसने की सूचना है। यहां कई पालतू जानवर भी मलबे में दबे हुए हैं। 

आज सुबह ग्रामीणों ने उन्हें मलबे से निकालने का अभियान छेड़ा। उधर तहसीलदार को भी मामले की जानकारी दी गई। एसडीआरएफ की टीम रास्ते बंद होने के कारण अभी तक मौके पर नहीं पहुंच सकी है। इस बीच ग्रामीणों द्वारा शव को ढूंढ निकालने की खबर है। ग्रामीणों का कहना है कि मलबे में दबे तीनों लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में कितने पशु दबे हैं यह अभी पता नहीं है। इस बीच कपकोट क्षेत्र से कई राजनैतिक दलों के लोग भी मौके के लिए रवाना हुए हैं लेकिन मलबे ने उनका रास्ता रोेक रखा है। विदित हो कि सुमगढ़ में वर्ष 2010 में स्कूल भवन में मलबा घुसने से 18 बच्चों की मौत हो गई थी।

बरसात से पहले हो नालों की सफाई: SDM नजीबाबाद

बरसात से पहले हो नालों की सफाई: उपजिलाधिकारी। नगर पंचायत जलालाबाद क्षेत्र में किया औचक निरीक्षण।

बिजनौर। उपजिलाधिकारी नजीबाबाद ने नगर पंचायत जलालाबाद क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर जनता से उनकी परेशानियां जानीं। उपजिलाधिकारी ने उक्त क्षेत्र मे अटे पड़े नालों को बरसात से पहले साफ कराने के निर्देश नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को दिए। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी परमानंद झा ने नगर पंचायत जलालाबाद क्षेत्र पहुंच कर औचक  निरीक्षण किया। उन्होंने नगर पंचायत जलालाबाद क्षेत्र की जनता से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और उन्हें हल कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने पाया कि जलालाबाद क्षेत्र की मुख्य समस्याओं में बाईपास मार्ग पर बने पानी के नाले बंद पड़े हैं। इस कारण लोगों को बरसात के दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एसडीएम ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी हरिनारायण सिंह को अटे पड़े नालों को हर हाल में बरसात से पहले सफाई कराकर खुलवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा एसडीएम ने निरीक्षण के दौरान जनता से मिली शिकायतों के निस्तारण को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश भी नगर पंचायत के अधिकारियों को दिए। इससे पूर्व में नगर पंचायत जलालाबाद के भाजपा के नामित सभासदों ने क्षेत्र की समस्याओं से नगर पंचायत के ईओ को अवगत कराया था। इस पर ईओ ने नामित सभासद दीपक कुमार की निगरानी में जलालाबाद-आदर्शनगर मार्ग पर लगे कूड़े के ढेरों को जेसीबी से हटवाए जाने तथा मिट्टी डलवाए जाने का कार्य कराया था। उपजिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत जलालाबाद के अधिशासी अधिकारी हरिनारायण सिंह, लेखपाल प्रमोद राजपूत, नामित सभासद दीपक कुमार, नगर पंचायत जलालाबाद का स्टाफ, सफाई नायक नईम अहमद, सोहनलाल, नौशाद, रशीद अहमद आदि मौजूद रहे।

झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना

बिजनौर। जिला बिजनौर में झमाझम बारिश हुई, सड़कें तालाब में तब्दील हो गई ताउते तूफान के
असर के बाद हो रही लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ।

बिजनौर में भी ताउते तूफान का असर देखने को मिला। आसमान में बादल छा गए और रुक रुक कर बारिश होती रही। सड़कें जलमग्न हो गई, मई के महीने में ही सावन की याद आ गई। झमाझम बारिश हुई, तापमान गिरा और मौसम ठंडा हो गया।
बारिश के चलते जरूरत का सामान लाने के लिए लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।

बिजनौर नगर पालिका में शामिल हुए ग्राम फतेहपुर नौआबाद उर्फ बक्शीवाला में नालियों की सफाई ना होने के कारण हो रही झमाझम बारिश का पानी सड़क पर फैल गया और लोगों के मकानों के आसपास जमा हो गया जिससे तालाब जैसा नजारा दिखाई दिया।  बताते चलें कि बक्शीवाला से जोधुवाला जाने वाली रोड जे दोनों तरफ की नालियां जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं। इस कारण रोड भी क्षतिग्रस्त है और बरसात का पानी रोड को पार करते हुए मकानों के आसपास खाली प्लाटों में जमा हो होकर तालाब का रूप ले लेता है।

अखबार बांटने में भी परेशानी
लगभग 24 घंटे कभी हल्की बूंदाबांदी कभी तेज हुई बारिश से बिजनौर क्षेत्रवासियों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना रहा लेकिन बारिश में बाहर निकल रहे लोगों को मुश्किल का सामना भी करना पड़ा।  खासकर सुबह अखबार वितरण में काफी दिक्कत आई कुछ जगह पर अखबार पहुंच नहीं पाया।
कई घंटों तक होती रही बूंदाबांदी से किसानों के चेहरे खिल गए क्योंकि किसानों के खेतों की सिंचाई मुफ्त में हो गई। यह बारिश खेती के लिए लाभदायक है। इसलिए इस बारिश से किसान खुश है।

Cyclone Tauktae: पांच राज्यों में चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट, NDRF ने भेजीं टीमें, केरल में खूब बारिश

Cyclone Tauktae: पांच राज्यों में चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट, NDRF ने भेजीं टीमें, केरल में खूब बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पांच राज्यों में चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अरब सागर में बन रहे चक्रवात ‘तौकते’ से निपटने के लिए 53 दलों को तैयार किया है। इन दलों को पांचों राज्यों केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में तैनात किया जा रहा है। उधर, आईएमडी ने यह भी कहा है कि 17 मई को तौकते के अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।
मौसम स्थिति गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गई है। इसके शनिवार सुबह तक चक्रवाती तूफान तौकते में तब्दील होने की संभावना है। रात तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। आईएमडी के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने कहा कि 16 से 19 मई के बीच पूरी संभावना है कि यह 150-160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा के साथ एक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होगा। हवा की रफ्तार बीच-बीच में 175 किलोमीटर प्रति घंटा भी हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि लक्षद्वीप में 15 मई को कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होगी। 
केरल में गुरुवार रात से ही हो रही लगातार बारिश
केरल के विभिन्न इलाकों में गुरुवार रात से ही लगातार बारिश हो रही है। राज्य सरकार ने लोगों के लिए राहत शिविर शुरू किए हैं। निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। तिरुवनंतपुरम में अरुविक्कारा बांध में पानी के तेज बहाव के कारण बांध के फाटक गुरुवार रात को खोल दिए गए। लगातार बारिश के कारण करमना और किल्ली नदियों में जलस्तर उफान पर है। अधिकारियों ने बताया कि इन नदियों के किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। रात भर हुई बारिश के चलते दक्षिणी कोल्लम जिला के कई हिस्से जलमग्न हो गए। तटीय कोल्लम, अलप्पुझा और एर्णाकुलम जिलों में गुरुवार रात समुद्र में तेज लहरें उठने के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कमांडेंट रेखा नांबियार ने बताया कि एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की नौ टीमें केरल भेजी गई हैं। भू राजस्व आयुक्तालय ने बताया कि कुल 87 लोगों को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, इडुक्की और एर्णाकुलम में खोले गए चार राहत शिविरों में भेजा गया है।
एनडीआरएफ ने पांच राज्यों के लिए 53 दल तैयार किए
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अरब सागर में बन रहे चक्रवात तौकते से निपटने के लिए 53 दलों को तैयार किया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एस एन प्रधान ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में इन दलों को तैनात किया जा रहा है। इन 53 दलों में से 24 दलों को पहले ही तैनात कर दिया गया है, जबकि शेष को तैयार रहने को कहा गया है। आईएमडी ने बताया कि यह तूफान 18 मई की शाम तक गुजरात तट के नजदीक पहुंच सकता है। इस चक्रवात को तौकते नाम म्यांमार ने दिया है। यह भारतीय तट पर इस साल पहला चक्रवाती तूफान होगा।

महाराष्ट्र के रायगढ़ तट पर लौटीं 142 नौकाएं
मुंबई और कोंकण क्षेत्र में चक्रवाती तूफान आने की चेतावनी के बीच मछली पकड़ने वाली 142 नौकाएं तट पर लौट आईं। रायगढ़ के मत्स्य पालन विभाग के सहायक आयुक्त सुरेश भारती ने बताया कि 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मौसम संबंधी परामर्श के बाद विभाग ने मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी थी। अलीबाग, मुरुद और उरण तालुक से मछली पकड़ने वाली 142 नौकाएं शुक्रवार सुबह तट पर लौट आईं। आईएमडी ने कहा कि रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में रविवार और सोमवार को भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में सोमवार को बारिश होगी। रायगढ़ में शनिवार को तेज हवा चलने के साथ बारिश का अनुमान है।

कई राज्यों में बारिश की संभावना

दिल्ली। मौसम विभाग ने देश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के असर को देखते हुए कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़, केरल, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, असम, मेघालय और झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। वहीं इन राज्यों के कुछ इलाकों नें धूल भरी आंधी और बादल की गर्जना के साथ बारिश और ओले गिर सकते हैं।

धूल भरी आंधी, तूफान के साथ बारिश की संभावना

नई दिल्ली। IMD की भविष्यवाणी के अनुसार 6 से 7 अप्रैल को मैदानी इलाकों जैसे पंजाब, उत्तर हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर धूल भरी आंधी, तूफान के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि देश के दो अलग-अलग भागो में एक साथ चक्रवात उठ रहे हैं, जिससे कई राज्यों के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

देश के कई राज्यों में बारिश की संभावना, मौसम विभाग का अलर्ट जारी

देश के कई राज्यों में बारिश की संभावना, मौसम विभाग का अलर्ट जारी
दिल्ली। मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत से लेकर दक्षिण व मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के कई राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। साथ ही आने वाले दिनों कोहरा भी इस राज्यों में परेशानी खड़ी कर सकता है। मौसम विभाग ने 15 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण यहां पर 16 फरवरी से 18 फरवरी तक अधिकांश हिस्सों में बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में भी बदला मौसम – उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ठंडी हवाओं में रोज आ रही कमी की वजह से अब इस सप्ताह अधिकतम पारा 30 डिग्री की ओर है। वातावरण में लगातार हो रहे बदलाव की वजह से अब रातें भी अधिक सर्द नहीं रह गई हैं। इधर महाराष्ट्र में मौसम विभाग ने 3 दिनों तक बारिश की संभावना जताई है।

शमशान हादसा: EO, JE और सुपरवाइजर गिरफ्तार

मुरादनगर हादसा: अब तक 25 लोगों की मौत, EO, JE व सुपरवाइजर गिरफ्तार, ठेकेदार फरार
लखनऊ (धारा न्यूज़): मुरादनगर के शमशान घाट हादसे में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तत्काल राहत पहुंचाने और कार्रवाई के निर्देश पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में ठेकेदार, नगरपालिका की कार्यपालन अधिकारी समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में निहारिका सिंह ईओ मुरादनगर नगर पालिका, चंद्रपाल जूनियर इंजीनियर व आशीष सुपरवाइजर को गिरफ्तार किया है। अजय त्यागी ठेकेदार समेत कुछ अन्य लोग अभी फरार हैं। एसपी ग्रामीण डॉ. ई. राजा ने बताया कि इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। इसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद प्रशासन से इस हादसे की पूरी रिपोर्ट मांगी है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान यूपी सरकार ने कर दिया है।

पीएम मोदी ने जताया दुःख:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, ‘मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर से अत्यंत दुख पहुंचा है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’



घोटाला लील गया लोगों की जान!
तीन महीने पहले श्मशान घाट का छत डाली गई थी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या शमशान घाट में हुए घोटाले ने लोगों की जान ली। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया, जिसका नतीजा ये हुआ कि जरा सी बारिश में ढह गया। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हो गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाले NDRF के CO प्रवीण तिवारी ने बताया था कि उनकी टीम ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सभी अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि किसी भी बिल्डिंग की लाइफ 50 साल तक होती है, लेकिन ये बिल्डिंग हाल ही में बनी थी और इसके कंस्ट्रक्शन को देखकर लगता है कि सीमेंट और रेत का इस्तेमाल सही अनुपात में नहीं किया गया होगा, जिसकी वजह से बिल्डिंग इतनी जल्दी गिर गई।

श्मशान घाट की छत से दब कर 18 की मौत, 24 घायल

मुरादनगर में श्मशान घाट की छत धंसने से दब गए कई लोग, मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख मुआवजा

लखनऊ (धारा न्यूज़): गाजियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट की छत धंसने से चपेट में आए 18 लोगों की मौत हो गई जबकि 24 घायल हो गए। बारिश से बचने के लिए लोग छत के नीचे खड़े हुए थे। पुलिस और रेस्क्यू ऑपरेशन की टीम ने घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों के परिवारों को सरकार 2-2 लाख की मदद देगी।

आज सुबह से दिल्ली एनसीआर में बारिश हो रही है। लोग यहां दयानंद कॉलोनी के दयाराम के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे। बारिश से बचने के लिए काफी लोग छत के नीचे थे, तभी श्मशान घाट का लेंटर भरभरा कर गिर गया। कई लोग मलबे में दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। लेंटर का साइज काफी बड़ा होने के कारण पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए क्रेन बुलाई। पुलिस के अनुसार घटना में 18 लोगों की मौत हो गई जबकि 24 घायल हो गए। बारिश की वजह से रेस्क्यू में परेशानी आई। मृतकों में 3 की पहचान हो पाई है। ये संगम विहार और मुरादनगर के रहने वाले योगेंद्र, बंटी और ओंकार थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मरने वालों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक मदद देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंडलायुक्त मेरठ और एडीजी मेरठ जोन से घटना की रिपोर्ट मांगी है।

अंतिम संस्कार में शामिल थे 100 से ज्यादा लोग
दयानंद कॉलोनी के दयाराम की शनिवार रात बीमारी के चलते मौत हो गयी थी। रविवार को मुरादनगर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए 100 से ज्यादा लोग जुटे थे। बारिश से बचने के लिए लोग गैलरी में खड़े हो गए। अचानक छत गिर गई।

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भीषण सर्दी की चपेट में समूचा उत्तर भारत

भीषण सर्दी से ठिठुरे समूचे उत्तर भारत के बाशिंदे
कोहरे ने लगाए वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक

चंडीगढ़ (धारा न्यूज): उत्तर भारत भीषण सर्दी की चपेट में आ गया है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में सुबह से ही कोहरा छा गया। कोहरे के कारण परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा। उत्तर भारत में तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के साथ तीन जनवरी से राहत मिलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। चार से छह जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश या बर्फबारी का अनुमान है।

दिल्ली में टूटा 15 साल पुराना रिकॉर्ड:
मौसम विभाग ने कहा कि हिमालय के पश्चिमी क्षेत्र में कुछ जगहों पर ओले पड़ने की भी आशंका है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में अगले 24 घंटे के दौरान यही स्थिति रहेगी। दिल्ली में शीत लहर के प्रकोप के बीच न्यूनतम तापमान 15 साल में सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बेहद घने कोहरे के कारण दृश्यता शून्य हो गई। दिल्ली के सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि 15 साल में सबसे कम तापमान है। आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में बारिश हुई और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी हल्की बूंदाबादी की सूचना है। बारिश से कोहरा छंट गया लेकिन आसमान में बादल छा गए।

हिमाचल प्रदेश में फिर से बारिश और बर्फबारी: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से बारिश और बर्फबारी (Snowfall) का दौर शुरू हुआ है। लाहौल में बर्फबारी व शिमला, मंडी, समेत तमाम इलाकों में शनिवार सुबह हल्की बूंदाबादी हुई। हिमाचल में शीतलहर (Coldwave) चरम पर है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश और बर्फबारी (Snowfall) का अनुमान जताया है। बीते रविवार को हिमाचल में शिमला शहर सहित प्रदेश भर में बर्फबारी देखने को मिली थी, जबकि बीते पांच दिन से प्रदेश में धूप खिली हुई थी, लेकिन एक बार फिर से अब मौसम का मिजाज बिगड़ गया है।