एमएलसी, नगर पालिका चुनाव में प्रत्याशी खड़े करेगी भाजपा: भूपेंद्र चौधरी

2024 के चुनाव सहित नगर निकाय और एमएलसी चुनाव में अपने प्रत्याशी खड़े करेगी बीजेपी। प्रदेश अध्यक्ष ने थपथपाई जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप की पीठ।
जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप का बढ़ा कद।

बिजनौर। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने बिजनौर जिले के एक दिवसीय कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत कार्यालय भवन का शुभारंभ करते हुए फीता काटा। साथ ही पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचकर 2024 के चुनाव सहित नगर निकाय और एमएलसी चुनाव को लेकर बड़ी बात कही। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एमएलसी, नगर पालिका के चुनाव को लेकर बीजेपी अबकी बार अपने प्रत्याशी खड़े करेगी। साथ ही साथ अबकी बार नगर निकाय के चुनाव में बीजेपी सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी बिजनौर के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर पहुंचे और वहां पर प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता के दौरान भूपेंद्र चौधरी ने 2024 के चुनाव को लेकर कहा कि बीते विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। साथ ही साथ अबकी बार 2024 में भी बीजेपी उत्तर प्रदेश के सभी 80 सीटों पर जीत हासिल करने का काम करेगी। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 सीटों पर उत्तर प्रदेश में अपना कब्जा किया था। साथ ही साथ बीजेपी सबका साथ सबका विकास के साथ काम कर रही है। हाल फिलहाल में ही नगर पालिका निकाय चुनाव सहित एमएलसी के चुनाव होने हैं, जिसमें कि बीजेपी हर वार्ड में प्रत्याशी उतारकर नगर निकाय को जीतने का काम करेगी। वहीं सरकार द्वारा चल रही सभी जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जनता के बीच जाकर योजनाओं की जानकारी देने का काम करेगी। बीजेपी के सभी कद्दावर नेता जनता के बीच जाकर प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के आधार पर 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता से वोट मांगने की अपील करेंगे। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां पर बने नए भवन का लोकार्पण किया। अध्यक्ष ने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप की पीठ थपथपाई और हर प्रकार से सहयोग का भरोसा दिलाया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बिजनौर में अभूतपूर्व स्वागत

बिजनौर। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद प्रथम बार जनपद बिजनौर पहुंचे भूपेंद्र चौधरी का भाजपाइयों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। उन्होंने सबसे पहले चक्कर रोड निकट मां कालिका मंदिर स्थित “सुपरस्पेशलिटी एवं कैंसर सेंटर हीलर्स हॉस्पिटल” का फीता काट कर उद्घाटन किया।

इसके उपरांत उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में पत्रकारों के साथ वार्ता की। उनके साथ पश्चिम क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, धामपुर विधायक अशोक राणा, नहटौर विधायक ओम कुमार, पूर्व सांसद राजा भारतेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, पूर्व ब्लाक प्रमुख विनोद राठी, एएमसी श्याम बहादुर सिंह, इंजीनियर कपिल देव, जेई नवीन आदि मौजूद रहे। इसके उपरांत उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह के साथ जिला पंचायत कार्यालय के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण और उद्घाटन भी किया।

इससे पहले नूरपुर में पूर्व राज्यमंत्री महावीर सिंह के निवास पर उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का फूल मालाओं और ढोल नगाड़ों के साथ ऐतिहासिक स्वागत किया गया। हजारों कार्यकर्ताओं ने उनके आते ही आतिशबाजी की। कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व राज्य मंत्री महावीर सिंह के पुत्र पुष्पेंद्र शेखावत ने नूरपुर विधानसभा के विकास कार्यों पर प्रदेश अध्यक्ष से चर्चा की। प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें जल्द से जल्द समस्याओं का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।

इस दौरान भाजपा नेता अंकित जोशी, धामपुर विधायक अशोक राणा, प्रियंकर राणा, मंडल महामंत्री प्रणव मनु गुप्ता, मंडल प्रभारी हरिओम शर्मा, महेंद्र धनोरिया, डॉ दिग्विजय सिंह, डॉक्टर देवरा,  डॉक्टर एमपी सिंह, जिला मंत्री नरेश भाटी, मंडल अध्यक्ष सुनील सैनी, पूर्व नगर अध्यक्ष अशोक चौधरी, राजीव त्यागी, मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र जोशी, राजन कंडवाल, मुकेश गुप्ता, मुकुल गुप्ता, कपिल चौधरी, जागेश शर्मा, सभासद संजीव जोशी, सरदार जीवन सिंह, प्रेमपाल सिंह, सरदार हरभजन सिंह, सरदार गुरनाम सिंह, सरदार राजू प्रिंस, ब्लाक प्रमुख आकांक्षा चौहान, सीपी सिंह, जुगनू चौधरी, सुनील चौधरी, संदीप जोशी, कमलेश प्रजापति, डॉ शीला राणा, हिमांशु चौधरी आदि हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

BJP प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने किया यूपी की 80 सीट जीतने का दावा

ब्रेकिंग न्यूज़, दिव्य विश्वास

बिजनौरभाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी पहुंचे बिजनौर।
PWD गेस्ट हाऊस में प्रदेश अध्यक्ष ने की प्रेस वार्ता।
2024 लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीट जीतने का किया दावा।


MLC व नगर निकाय चुनाव में हर वार्ड में भाजपा उतारेगी कैंडीडेट-भूपेंद्र चौधरी।
जन~जन तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को दी जाएगी जानकारी-भूपेंद्र चौधरी।

ओडीओपी उत्पाद, वुडक्राफ्ट की प्रदर्शनी व बिक्री 25 सितंबर तक

भारतीय जनता पार्टी का वोकल फॉर लोकल कार्यक्रम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर मनाया जा रहा है “सेवा पखवाड़ा” जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की ओर से की गई है ओडीओपी उत्पादों, वुडक्राफ्ट की प्रदर्शनी एवं बिक्री की व्यवस्था।

बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर “सेवा पखवाड़ा” की श्रृंखला में वोकल फॉर लोकल का आयोजन एक विवाह मंडप में किया गया। इस अवसर पर जनपद बिजनौर के ओडीओपी उत्पादों, वुडक्राफ्ट की प्रदर्शनी एवं बिक्री की व्यवस्था जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र बिजनौर द्वारा की गई। प्रदर्शनी का आयोजन 23 से 25 सितंबर तक किया जाएगा। भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी से क्षेत्रीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री विवेक कर्णवाल ने किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव सिसोदिया, रश्मि रावल, जिला महामंत्री विनय राणा, जिला उपाध्यक्ष पूनम गोयल, जिला मंत्री नरेश भाटी, बलराज त्यागी, जिला कोषाध्यक्ष केके रवि, जिला मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, ब्लाक प्रमुख कपिल चौधरी, उज्जवल चौहान, तिरुपति ऑटोमोबाइल्स स्वामी दीपक गर्ग, अनीता चौहान, माया पाल, गौतम शर्मा, राहुल तिवारी आदि उपस्थित रहे।

डाक्टर के तबादले को लेकर छिड़ा घमासान!

एबीवीपी को दबाने की कोशिश में भाजपा पदाधिकारी। घेराव के बाद सीएमओ ने किया था अवैध उगाही के आरोपी डॉक्टर व स्टाफ का तबादला। डाक्टर का तबादला निरस्त कराने के लिए पैरवी में उतरे भारतीय जनता पार्टी के जिला स्तर के नेता।

बिजनौर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के धरना, प्रदर्शन के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली के आरोप में हटाए गए डाक्टर की पैरवी में मुख्य संगठन भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी उतर आए हैं? इसे लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा गया था। यही नहीं विश्वनीय सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि इस मामले को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष और संघ के नेताओं तक से संपर्क साधा जा रहा है।

दरअसल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली का आरोप अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता लगा रहे थे। तमाम धरना, प्रदर्शन तथा घेराव के बाद सीएमओ ने आरोपी डॉक्टर संदीप का स्थानांतरण पीएचसी मंडावली, फार्मेसिस्ट ब्रजेश कुमार का सीएचसी समीपुर और वार्ड ब्वॉय शुभम का स्थानांतरण सीएचसी समीपुर कर दिया। इससे पहले डाक्टर संदीप अपने राजनैतिक आकाओं की शरण में पहुंचे। तब भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री बलराज त्यागी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने लैटर हेड पर पत्र लिख कर जबरदस्त तरीके से पैरवी की।

क्या लिखा था डाक्टर की पैरवी में? भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री बलराज त्यागी ने 14 सितंबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने लैटर हेड पर पत्र लिख कर जबरदस्त तरीके से पैरवी की। उन्होंने लिखा कि संदीप ईमानदार अच्छे कर्तव्यनिष्ठ डाक्टर हैं, जो मरीजों को व उनके साथ आने वालों को संतुष्ट रखते हैं। अपना कार्य पूर्ण मिष्ठा और ईमानदारी से करते आ रहे हैं। वर्तमान में भी प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र नजीबाबाद पर पूर्ण निष्ठा से सेवा दे रहे थे। इनको प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र पर ही बने रहने दिया जाए, जिससे कि जनसामान्य को और अधिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने डा. संदीप के अब उज्वल भविष्य की कामना भी की।

फाइल चित्र

गौरतलब है कि 23 अगस्त 2022 को एबीवीपी नजीबाबाद के नगर मंत्री विनायक गुप्ता ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद पर छात्र छात्राओं से फिटनेस सर्टिफेकेट के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए दोषी डाक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। साथ ही अवैध रूप से वसूली गई रकम छात्र छात्राओं को वापस करने की मांग भी की। इस मामले में कुछ भी न होने पर पीएचसी पर धरना प्रदर्शन भी किया। आखिरकार फिर भी सुनवाई न होने पर 19 सितंबर को बिजनौर पहुंच कर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह संयोजक फार्मा विजन अभिषेक त्यागी के नेतृत्व में सुधांशु चौहान जिला संयोजक बिजनौर, रॉयल अहलावत, अनमोल चौहान, बंटी चौहान, शानू त्यागी, उज्जवल चौहान, हर्षित त्यागी, आकाश राठी, मुकुल राजपूत आदि सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सीएमओ का घेराव किया। इसके बाद सीएमओ ने उसी दिन आरोपी डॉक्टर संदीप का स्थानांतरण पीएचसी मंडावली, फार्मेसिस्ट ब्रजेश कुमार का सीएचसी समीपुर और वार्ड ब्वॉय शुभम का स्थानांतरण सीएचसी समीपुर कर दिया। अब इस मामले को लेकर तगड़ी राजनीति शुरू हो गई है। सूत्रों का कहना है कि तबादला निरस्त कराने के लिए भाजपा जिला अध्यक्ष और संघ के नेताओं तक से संपर्क साधा जा रहा है।

गौवंशों की सेवा के लिए प्रिंस चौधरी ने लगाया कैंप

बिजनौर। भाजपा नेता प्रिंस चौधरी ने गौवंशों की सेवा का बीड़ा उठाया है। इसके लिए उनके गोल बाग स्थित कैम्प कार्यालय पर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि किसी किसान भाई की गौमाता को लिम्पी रोग या उसके लक्षण हों, तो तुरंत गोल बाग स्थित उनके कैम्प कार्यालय पर सम्पर्क करें। इसके साथ ही उन्होंने सर्वसाधारण से अपील की है कि यदि आपको जंगल में या अपने आसपास कोई गौमाता लिम्पी बीमारी से ग्रसित दिखाई दे तो कृपया उनके मो० नं० 6396117230, 9412567870 पर सूचित कर इस पुण्य कार्य में सहयोग प्रदान करें। भाजपा नेता ने कहा कि वह सुख-दुःख की हर घड़ी में सभी सम्मानित क्षेत्रवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

छुट्टा घूम रहे हैं इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी!

छुट्टा घूम रहे हैं इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी। राजनैतिक आका की शरण में पहुंचे हमलावर। बिजनौर के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में हुई थी वारदात। पेट्रोल पंप के सामने की थी युवक की जान लेने की कोशिश। हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को भी जमकर पीटा। गांव के ही एक युवक पर है मुखबिरी का शक। 

बिजनौर। पुलिस की हीलाहवाली के चलते जिला मुख्यालय के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी छुट्टा घूम रहे हैं। राजनैतिक आका की शरण में पहुंचने के बाद जहां हमलावर अपने बुलंद हौसलों के साथ किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं, वहीं पुलिस भी हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

14 सितंबर को कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने महावीर स्कूल व पेट्रोल पंप के बाहर दिल्ली से आए युवक की जान लेने की कोशिश की गई। युवक जन्मदिन मनाने अपने घर आया हुआ है। कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। थाना शहर कोतवाली पुलिस ने घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

जानकारी के अनुसार दिल्ली में रहकर इंटीरियर डेकोरेशन का काम करने वाला सजल कुमार 14 सितंबर को जन्मदिन होने के कारण अपने घर ग्राम कम्भौर आया हुआ था। सजल ने अपने मित्रों को बर्थडे पार्टी के तौर पर कुल्फी खिलाने के लिए सिविल लाइंस प्रथम स्थित महावीर स्कूल व पेट्रोल पम्प (कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने) बुलाया। इसी दौरान कम्भौर के ही एक युवक ने सजल से बातचीत की और मोबाइल फोन पर किसी से बात करने लगा। कुछ ही देर में जमालपुर, चौकपुरी व छोइया नंगली निवासी कुछ युवक अपने 5-6 साथियों के साथ वहां पहुंचे और सजल को और जान से मारने की नीयत से मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर आराम से फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। वहीं पेट्रोल पंप व अन्य सीसीटीवी कैमरों में घटना कैद हो गई है। यही नहीं उक्त वारदात को अंजाम देने के कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। पुलिस को दी गई तहरीर में शुभम निवासी जमालपुर, मयंक चौधरी निवासी चौकपुरी व तरुण चौधरी निवासी छोइया नंगली व 5-6 अन्य अज्ञात पर घटनाओं का आरोप लगाया गया। सूचना पर थाना शहर कोतवाली पुलिस ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह अब भी बरकरार है।

रहस्यमई महिला पुलिस कांस्टेबल: जानकारों का कहना है कि घटना के वक्त मौजूद एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। इसके बावजूद उसने अब तक थाना चौकी पुलिस को घटना की बाबत कोई जानकारी नहीं दी ही।

राजनैतिक आका का हमलावरों को अभयदान: सूत्रों का कहना है कि मामले में राजनैतिक आका ने हमलावरों को अभयदान दे दिया है। उन्हें पूरा विश्वास दिलाया गया है कि पुलिस कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती। इसलिए वे अब और भी ज्यादा खूंखार होकर नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में शिकार की तलाश कर रहे हैं। वैसे राजनैतिक आका भी कृष्ण जन्म भूमि में अंदर बाहर के खेल से बखूबी परिचित हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिग्गजों ने दीं जन्मदिन की शुभकामनाएँ


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 72 साल के हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी उन के जन्मदिन को खास बनाने के लिए विविध आयोजन कर रही है। पीएम मोदी के जन्मदिन पर सुबह से ही बधाई संदेशों का तांता लग गया है। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत विपक्ष के कई दिग्गजों ने भी ट्वीट कर पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक के बाद एक ट्वीट कर जन्मदिन की शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि देश के सर्वप्रिय नेता व हम सभी के प्रेरणास्त्रोत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देता हूँ और ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य व सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूँ। मोदी जी ने अपनी भारत प्रथम की सोच व गरीब कल्याण के संकल्प से असंभव कार्यों को संभव करके दिखाया है। गरीब कल्याण, सुशासन, विकास, राष्ट्र सुरक्षा व ऐतिहासिक सुधारों के समांतर समन्वय से मोदी जी ने माँ भारती को पुन: सर्वोच्च स्थान पर आसीन करने के अपने संकल्प को धरातल पर चरितार्थ किया है। यह एक निर्णयक नेतृत्व और उस नेतृत्व में जनता के अटूट विश्वास के कारण ही सम्भव हो पाया है। एक सुरक्षित, सशक्त व आत्मनिर्भर नए भारत के निर्माता मोदी जी का जीवन सेवा और समर्पण का प्रतीक है। आजादी के बाद पहली बार करोड़ों गरीबों को उनका अधिकार देकर मोदी जी ने उनमें आशा और विश्वास का भाव जगाया है, आज देश का हर वर्ग चट्टान की तरह मोदी जी के साथ खड़ा है। भारतीय संस्कृति के संवाहक मोदी जी ने देश को अपनी मूल जड़ों से जोड़कर विकास के हर क्षेत्र में आगे ले जाने का काम किया है। मोदी जी की दूरदर्शीता व नेतृत्व में आज का यह नया भारत एक विश्वशक्ति बनकर उभरा है, मोदी जी ने वैश्विक नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जिसका पूरी दुनिया सम्मान करती है।

देश के सर्वप्रिय नेता व हम सभी के प्रेरणास्त्रोत प्रधानमंत्री @narendramodi जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देता हूँ और ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य व सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूँ।
मोदी जी ने अपनी भारत प्रथम की सोच व गरीब कल्याण के संकल्प से असंभव कार्यों को संभव करके दिखाया है।— Amit Shah (@AmitShah) September 17, 2022

गरीब कल्याण, सुशासन, विकास, राष्ट्रसुरक्षा व ऐतिहासिक सुधारों के समांतर समन्वय से @narendramodi जी ने माँ भारती को पुन: सर्वोच्च स्थान पर आसीन करने के अपने संकल्प को धरातल पर चरितार्थ किया है।
यह निर्णायक नेतृत्व और उस नेतृत्व में जनता के अटूट विश्वास के कारण ही सम्भव हो पाया है।— Amit Shah (@AmitShah) September 17, 2022

एक सुरक्षित, सशक्त व आत्मनिर्भर नए भारत के निर्माता @narendramodi जी का जीवन सेवा और समर्पण का प्रतीक है।
आजादी के बाद पहली बार करोड़ों गरीबों को उनका अधिकार देकर मोदी जी ने उनमें आशा और विश्वास का भाव जगाया है।
आज देश का हर वर्ग चट्टान की तरह मोदी जी के साथ खड़ा है।— Amit Shah (@AmitShah) September 17, 2022

भारतीय संस्कृति के संवाहक @narendramodi जी ने देश को अपनी मूल जड़ों से जोड़ हर क्षेत्र में आगे ले जाने का काम किया है।
मोदीजी की दूरदर्शिता व नेतृत्व में नया भारत एक विश्वशक्ति बनकर उभरा है। मोदी जी ने वैश्विक नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जिसका पूरी दुनिया सम्मान करती है।— Amit Shah (@AmitShah) September 17, 2022

खुद के सिंबल पर निकाय चुनाव लड़ेगी बीजेपी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनाव बीजेपी अपने सिंबल पर लड़ेगी. नगर निगम में मेयर, पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष पार्षद, वार्ड अध्यक्ष समेत सभी चुनाव बीजेपी अपने ही चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी.

महत्वपूर्ण चर्चा- उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर लखनऊ में एक दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक हुई थी. संभवतः नगर निकाय के उम्मीदवारों के चयन के पैमानों को लेकर भी चर्चा हुई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी समेत पार्टी के तमाम बड़े नेताओं के अलावा 7 मोर्चों के शीर्ष नेता भी बैठक में पहुंचे। एमएलसी चुनाव पर भी चर्चा हुई. 

मिली थी विधानसभा चुनाव में बड़ी कामयाबी
विधानसभा चुनाव में ग्रामीण इलाकों में संपर्क बढ़ाने के साथ बीजेपी ने शहरी इलाकों में पकड़ कायम रखी थी. अब वह नगर निगमों, नगर पालिकाओं के चुनाव में भी यही प्रदर्शन कायम रखना चाहेगी. पंचायत चुनावों में bjp ने 85 प्रतिशत से ज्यादा सीटें जीतकर बड़ी कामयाबी पाई थी. 

माननीयों की संतानों को टिकट नहीं
नगर निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी ने पहले ही स्पष्ट संकेत दे दिया है कि पार्टी के विधायकों और सांसदों के बेटे-बेटियों और अन्य पारिवारिक सदस्यों को टिकट नहीं दिया जाएगा. उनके परिवार का कोई सदस्य निर्दलीय चुनाव लड़ता है तो उन पर ऐक्शन होगा. संगठन को मजबूत बनाने के लिए एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत लागू कराने की तैयारी है, हालांकि बताते हैं कि ये बदलाव नगर निकाय चुनाव के बाद किया जाएगा. 

जल्दी ही सांगठनिक बदलाव
जल्दी ही संगठन में भी बदलाव की तैयारी की जा रही है। अभी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर भी हैं. नरेंद्र कश्यप पिछड़ा वर्ग प्रदेश अध्यक्ष के साथ मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. बेबी रानी मौर्य राष्ट्रीय महामंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी देख रही हैं. एके शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ ऊर्जा मंत्री हैं. जेपीएस राठौर प्रदेश महामंत्री के साथ स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री हैं.

धामपुर पहुंचे केन्द्रीय रेलवे मंत्री ने किया रेलवे स्टेशन का निरीक्षण

केन्द्रीय रेलवे मंत्री ने किया धामपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने सौंपे धामपुर रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव हेतु ज्ञापन।

बिजनौर। केन्द्रीय रेल एवं दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जनपद बिजनौर के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन धामपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। श्री वैष्णव ने स्टेशन परिसर व भवन, माल गोदाम, सर्कुलेटिंग एरिया आदि के निरीक्षण के साथ ही स्टेशन में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं को देखा। प्लेटफार्म नंबर एक व दो पर पहुंचकर निरीक्षण किया। साथ ही रेल अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा भी की। मंत्री ने जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों व किसान भाईयों से भी भेंट व वार्ता की।

इससे पहले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव धामपुर पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर क्षेत्रीय भाजपा विधायक अशोक राणा सहित भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बुके देकर उनका अभूतपूर्व स्वागत किया। इस दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने धामपुर रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव हेतु ज्ञापन भी सौंपे। इसके बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विन वैष्णव अपने काफिले के साथ राष्ट्रीय कोर कमेटी की बैठक में शामिल होने के लिए रवाना हो गये।

इस अवसर पर महानिदेशक आशुतोष गंगल, अपर मण्डल रेल व्यवस्थक (परिचालन) राकेश सिंह, अपर मण्डल रेल व्यवस्थापक (इन्फ्रा) एनएन सिंह, वरिष्ठ मण्डल वाणिज्यिक प्रबंधक सुधीर सिंह, असिस्टेंट कमांडर त्रिलोक सिंह रावत, रेलवे स्टेशन मास्टर प्रतीक चौहान, रेलवे प्रधान कार्यालय के सभी विभागाअध्यक्ष, मण्डल व शाखा कार्यालय के अधिकारी के अलावा चेयरमैन राजू गुप्ता, महेंद्र धनौरिया, एसपी पूर्वी ओमवीर सिंह, दिनेश सैनी, भूपेंद्र बॉबी, प्रियंकर राणा, सभासद पुरुषोत्तम अग्रवाल, डीएस चौहान, प्रमोद राठी, आकाश जोशी, डीएस चौहान, राघव शरण गोयल, सुभाष चौहान, दयाशंकर राणा आदि उपस्थित रहे।

अत्याधुनिक होगा बिजनौर रेलवे स्टेशन: अश्विनी वैष्णव

रेलवे और बीएसएल में विशेष योजनाओं पर हो रहा काम: अश्वनी वैष्णव। दो दिवसीय दौरे पर बिजनौर पहुंचे रेलवे एवं दूर संचार मंत्री अश्वनी वैष्णव। प्रेस वार्ता में बताईं सरकार की आगामी योजनाएं। गांव-गांव तक उपलब्ध होंगी आधुनिक संचार सुविधा।

बिजनौर। भारत सरकार रेलवे विभाग को अत्यधिक सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष योजनाएं बनाने की तैयारियां कर रही है। रेलवे एवं दूर संचार मंत्री अश्वनी वैष्णव ने यह बात प्रेस वार्ता में कहीं। रेलवे एवं दूर संचार मंत्री मंगलवार को विशेष ट्रेन से दो दिवसीय दौरे पर बिजनौर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मेरठ से हस्तिनापुर व बिजनौर रेलमार्ग का सर्वे कराया जाएगा।

भाजपा कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि बिजनौर रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक बनाने के निर्देश रेलवे विभाग के अधिकारियों को जारी किये जा चुके हैं। अब ये रेलवे स्टेशन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नज़र आने लगेगा। बिजनौर रेलवे स्टेशन छोटा ज़रूर है लेकिन अब इसकी सूरत बड़े शहरों के रेलवे स्टेशनों जैसी होगी। बिजनौर नगीना रेलवे फाटक पर बहुत जल्दी फ्लाई ओवर बनाया जायेगा। जन प्रतिनिधियों के माध्यम से भी ये जानकारी मिली है। इसके निदान के लिए उन्होंने डीआरएम को इस्टीमेट बनाकर उनके सामने प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किये हैं। सरकार ने इस वर्ष 62 हज़ार करोड़ रुपए की छूट रेलवे यात्रियों को दी है, जो अब तक कि सबसे बड़ी छूट है।

उन्होंने बताया कि सरकार दूर संचार की सुविधाओं से भी जनता को सीधे तौर पर लाभ पहुँचने के लिए प्रयासरत है, जिसके तहत भारत संचार निगम गांव और देहातों में फुल पावर के टावर लगा कर ग्रामीण जनता को नई दूर संचार की सुविधा मुहैया कराएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने एक लाख 64 हजार करोड़ रुपए जारी किये हैं। पिछले बार 92 हजार करोड़ रुपए जारी हुए थे। पिछली सरकारों ने बीएसएनएल को बिल्कुल बर्बाद कर दिया। अब डेढ़ से दो साल के भीतर हालात सुधार दी जाएगी। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिये गए हैं। इस दौरान कई बीजेपी कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।

इससे पहले केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव मंगलवार सुबह करीब सवा 10 बजे विशेष ट्रेन से रेलवे स्टेशन बिजनौर पहुंचे। उनके साथ भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल भी मौजूद थे। यहां पर भाजपा नेताओं ने उनका फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इसके बाद रेल मंत्री ने भाजपा कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक में कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। 

…आखिरकार आयुष चौहान भाजपा से निष्कासित

आखिरकार भाजपा ने आयुष चौहान को दिखाया बाहर का रास्ता। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ बिगुल फूंकने की मिली सजा।

बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ झंडाबरदार आयुष चौहान को भारतीय जनता पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री / मुख्यालय प्रभारी गोविन्द नारायण शुक्ल ने शुक्रवार को पत्र भेजकर आयुष चौहान को उनके निष्कासन का फरमान सुना दिया। अभी इसी सोमवार को ही आयुष चौहान के साथ जिला पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी से मिलकर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी।

जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान ने दावा किया था कि 33 सदस्य अविश्वास प्रस्ताव को लेकर डीएम से मिले और उक्त सदस्यों के हस्ताक्षर सहित शपथ पत्र सौंपे गए। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह पर लगातार सदस्यों का शोषण करने और पार्टी संगठन की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

आयुष चौहान की अगुवाई में सोमवार को डीएम से मिलने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य (फाइल फोटो)

आयुष के साथी 8 भाजपाई सदस्यों का क्या होगा?

भाजपा के कुल 8 सदस्य चुनाव जीते थे, बाद में 4 अन्य सदस्यों के भाजपा में शामिल हो जाने से यह संख्या 12 हो गई थी। हालांकि देखने वाली बात ये होगी कि आयुष चौहान का अपने साथ बीजेपी के आठ सदस्य होने के दावे का क्या होगा? अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद उक्त आठों सदस्यों का अगला कदम क्या होगा? यदि वो अभी भी आयुष के साथ मजबूती से खड़े रहे तो क्या उन पर भी पार्टी हाईकमान का चाबुक चलेगा?

क्या लिखा है पत्र में ? प्रदेश महामंत्री / मुख्यालय प्रभारी भाजपा उ०प्र० गोविन्द नारायण शुक्ल ने जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान को पत्र भेजकर उनके निष्कासन की जानकारी दी है। पत्र में कहा गया है कि आपके द्वारा पार्टी विरोधी गतिविधियों की रिपोर्ट जिलाध्यक्ष बिजनौर द्वारा प्राप्त हुई है। क्षेत्र एवं प्रदेश के सम्यक विचारोपरान्त जिले से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है।

जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी: शुरू हुआ शह और मात का खेल

बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को झंडा उठाने वाले पंचायत सदस्य आयुष चौहान की राह उतनी आसान नहीं है, जितनी कि दर्शाई जा रही है। दरअसल साकेन्द्र प्रताप सिंह के पास समर्पित साथियों की लंबी चौड़ी फौज बताई जाती है। आयुष चौहान द्वारा जिलाधकारी के समक्ष 33 सदस्यों के शपथ पत्र सौंप कर अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस देने की कवायद फलीभूत होने के कुछ ठोस कारण अभी भी समझ से परे ही बताए जा रहे हैं।

जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह के पक्ष में शुभम सांगवान ने अनुराग शर्मा समेत 25 अन्य को टैग करते हुए फेसबुक पर बड़ी तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि चलो भाई एक बार और इस आदमी की गलतफहमी दूर करने का समय आ गया, खुला समर्थन साकेन्द्र प्रताप सिंह जी को है। तन मन धन से। जय भाजपा। जय हो साकेन्द्र प्रताप सिंह।

इस बीच सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर जंग छिड़ गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह के पक्ष में शुभम सांगवान ने अनुराग शर्मा समेत 25 अन्य को टैग करते हुए फेसबुक पर बड़ी तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि चलो भाई एक बार और इस आदमी की गलतफहमी दूर करने का समय आ गया, खुला समर्थन साकेन्द्र प्रताप सिंह जी को है। तन मन धन से। जय भाजपा। जय हो साकेन्द्र प्रताप सिंह। फेसबुक पर ही चौधरी विशाल बालियान ने कहा कि साकेन्द्र भैया जिंदाबाद। विकास साहनपुर का कमेंट है….साकेन्द्र प्रताप जी जिंदाबाद। चौधरी सुमित मंडियाना व अरुण विश्वकर्मा वंशी ने लिखा चौधरी साकेन्द्र प्रताप सिंह जिंदाबाद। चौधरी सुमित मंडियाना ने ही अलग से राय दी कि कुछ नहीं होगा, चक्कर में मत पड़ो। वहीं दीपक कुमार चौहान ने कमेंट किया कि कुछ नहीं, ये बीजेपी की नौटंकी है। चिरंजीव चौधरी का मानना है कि कुछ नहीं होगा। हनी राणा ने भी लिखा कि कुछ नहीं होगा दोस्त।

गौरतलब है कि पूर्व मंत्री व विधायक ठाकुर यशपाल सिंह के पुत्र आयुष चौहान अर्से से राजनीतिक गलियारों में सक्रिय हैं। अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभालने का जज़्बा लेकर वह येन-केन-प्रकारेण कोई मौका भी गंवाना चाहते। बताया गया है कि सोमवार सुबह जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता आयुष चौहान के साथ 33 सदस्य कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हस्ताक्षर सहित शपथ पत्र डीएम को सौंपा। जिला पंचायत सदस्यों का कहना था कि अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी द्वारा उनका लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। 

कोविड-19 बूस्टर डोज अभियान का शुभारंभ

भाजपा विधायक ने किया कोविड-19 बूस्टर डोज अभियान का शुभारंभ

बिजनौर। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत कोविड-19 कि बूस्टर डोज लगवाने का शुभारंभ जिला अस्पताल में हो गया। साथ ही विकास भवन बिजनौर में युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग द्वारा जनपद स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ भी हुआ।

संगठन के निर्देश अनुसार विधानसभा क्षेत्र 22 बिजनौर के अंतर्गत कार्यक्रम का उद्घाटन सदर विधायक श्रीमती सूची चौधरी द्वारा किया गया। उसके पश्चात विकास भवन बिजनौर में आयोजित युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग द्वारा जनपद स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ भी सदर विधायक ने किया।

इस अवसर पर विभागीय अधिकारी डॉक्टर एवं जिला उपाध्यक्ष पूनम गोयल, नगर अध्यक्ष संजीव गुप्ता, मंडल अध्यक्ष ललित कुमार, जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू, किसान मोर्चा जिला मंत्री राहुल चौधरी, नगर मंत्री मनदीप चौधरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार, अंकुर गौतम, अनूप चौधरी, अभिनय, जितेंद्र राजपूत, श्रवण कुमार, राजीव राजपूत, हिमांशु, राजवीर एडवोकेट आदि अनेक भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे

शक्ति केन्द्रों ने बनाई हर घर तिरंगा अभियान को लेकर रणनीति

हर घर तिरंगा अभियान को लेकर शक्ति केन्द्रों की रणनीति तैयार

बिजनौर। आदमपुर मंडल के विभिन्न शक्ति केंद्रों की बैठकों का आयोजन डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर में किया गया। इस दौरान डीएवी, बुखारा, लडापुरा, तिवड़ी, जलालपुर काजी शक्ति केंद्रों की बैठक आयोजित की गई। मुख्य वक्ता भाजपा जिला महामंत्री विनय राणा रहे, अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष देवेंद्र मलिक ने की।

मुख्य वक्ता द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत हर घर तिरंगा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विस्तार से बताया गया। उन्होंने ध्वज को लगाने के तरीके के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने की अपील की। इस अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के मंडल संयोजक आशीष शर्मा ने बताया कि उक्त कार्यक्रम को हम हर्ष उल्लास के साथ मनाएंगे और जैसे पहले अपना मंडल हर अभियान में सबसे आगे रहता है, उसी प्रकार इस अभियान में भी आगे रहेगा। अभियान के सह संयोजक कुलदीप कुमार ने तिरंगा झंडा व्यवस्था के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। मंडल अध्यक्ष देवेंद्र मलिक ने अपने अध्यक्षीय भाषण में सभी बूथ अध्यक्ष तथा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों से इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। इस अवसर पर मंडल उपाध्यक्ष मान देवी, मंडल मंत्री नीरज बॉबी मधु भूषण शक्ति केंद्र संयोजक सूरजभान, सभी बूथ अध्यक्ष, महिला मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष शिवानी शर्मा, मीना त्यागी, दीपक पाल आदि अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

“आम” भोज के मौके पर समान नागरिक संहिता की प्रबल वकालत

लखनऊ। भारत रक्षा दल ट्रस्ट ने मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र के तिलसुवा ग्राम सभा के दूधाधारी मंदिर प्रांगण में आम भोज के कार्यक्रम के आयोजन के राष्ट्रीय जनआंदोलन हेतु ग्राम्य कार्यकर्ता जन चौपाल आयोजित किया गया। अध्यक्षता ग्राम सभा के पूर्व प्रधान जीत बहादुर ने व संचालन संगठन के रहीमाबाद इकाई के संरक्षक सुशील गुप्ता ने किया। कार्यक्रम का आयोजन ट्रस्ट के मजदूर किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष निरंजन सिंह लल्ला यादव ने किया। चौपाल में जिन अन्य प्रमुख लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए उसमें संगठन के संयुक्त मंत्री महेंद्र सिंह राणा, भारत रक्षा दल ट्रस्ट के सरोज बाला सोनी, सहायक महामंत्री कैप्टन मनोज कुमार राय, महामन्त्री भागीरथी विश्वकर्मा, डॉ शशि मिश्रा, रितु अग्रवाल, एसबी सिंह, शिशिर तिवारी, लल्ला यादव प्रमुख रहे।

इस मौके पर आयोजित जन चौपाल को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारत रक्षा दल ट्रस्ट के संस्थापक श्रीनिवास राय राष्ट्रवादी ने उपस्थित जन का ध्यान तीन मुद्दों की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि आज देश सवाल कर रहा है कि जब 1947 में भारत आजाद हुआ तब संख्या और धार्मिकता के आधार पर अलग देश पाकिस्तान बना तो भारत हिंदू राष्ट्र क्यो नही बना ? इसलिए अब से ही सही भारत को हिंदू राष्ट्र बनना चाहिए। उन्होंने समान नागरिक संहिता की भी प्रबल वकालत करते हुए कहा कि देश के नागरिकों में किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसलिये एक देश एक कानून जो सबको आगे बढ़ने का समान अवसर प्रदान करे। इसके लिये समान नागरिक संहिता आज वक्त की मांग है। उन्होंने देश की जनसँख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि अब हमारा देश आबादी के दृष्टि से चीन से भी आगे निकल चुका है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। अब इस पर कड़ा कानून न बनाना सरकार की गलती है।

मुख्य अतिथि विधायक जयदेवी कौशल ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारी सरकार इन तीनों मुद्दों पर गम्भीरतापूर्वक कार्य कर रही है। उपस्थित जनता ने इन तीन मुद्दों पर दोनों हाथ उठाकर संगठन को अपना समर्थन दिया। निकट भविष्य में और ग्राम सभाओं में भी इस प्रकार के चौपाल का निर्णय लिया गया। इस मौके पर जनसँख्या नियंत्रण कानून के लिये हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें 188 लोगों ने हस्ताक्षर किया। इस मौके पर चन्दन सिंह, आभा पाण्डेय, संगीता भट्ट, सरला तिवारी, तेजा सिंह, सबलू खान, सजीवन लाल, राजेन्द्र यादव, दीपक यादव मौजूद थे। कार्यक्रम में गांव के सबसे बुजुर्ग 97 वर्षीय श्री रामप्यारे यादव का विधायक जयदेवी द्वारा सम्मान किया गया।

संपूर्ण विकास को मिला बढ़ावा,अपराध मुक्त हो रहा उत्तर प्रदेश- ब्रजलाल


मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संपूर्ण विकास को मिला बढ़ावा, अपराध मुक्त हो रहा उत्तर प्रदेश-ब्रजलाल

बिजनौर। पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं भाजपा राज्यसभा सांसद ब्रजलाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास की राह में आगे बढ़ने के साथ ही अपराध मुक्त हो रहा है। गुंडे माफिया अपराध छोड़कर रोजगार से लग रहे हैं।
स्योहारा क्षेत्र के गांव सद्दोबेरखा में भाजपा के बूथ सशक्तिकरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व डीजीपी व सांसद बृजलाल सिंह ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी का लगभग पतन हो चुका है। पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अनसूचित समाज को केवल वोट बैंक के रूप में ही प्रयोग किया है। पार्टी ने किसी गरीब को कभी टिकट नहीं दिया। इसलिए दलित समाज का बीएसपी से मोह भंग हो गया है। परिणामस्वरूप विधानसभा चुनाव में बीएसपी का मात्र एक विधायक बना है।

उन्होंने कहा कि हम दलित होने के साथ ही पहले हिंदू है। समाज का हित केवल भाजपा में सुरक्षित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अनसूचित वर्ग के लिए किये गये कार्य पर प्रकाश डाला। मोदी सरकार द्वारा बाबा डॉ० भीमराव अंबेडकर के सम्मान में बनाए गए पंचतीर्थ के विषय में जानकारी दी। क्षेत्रीय विधायक अशोक कुमार राणा ने क्षेत्र में किये गये विकास कार्य गिनाये। उन्होंने ग्रामीणों की श्मशान घाट बनवाने की मांग को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। मंडल अध्यक्ष नैपाल सिंह ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से ऐसे दलित बूथों पर विशेष कार्यक्रम किए जा रहे हैं जहां भाजपा का मत प्रतिशत कम रहा है। उनके सशक्तिकरण के लिए दलित चेहरे के रूप में पूर्व डीजीपी बृजलाल सिंह को उतारा गया है। ब्लाक प्रमुख उज्जवल चौहान, अल्लेहपुर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि नीरज प्रताप सिंह, धामपुर नगर पालिका चेयरमैन राजू गुप्ता, सुभाष चौहान, भाजपा मंडल अध्यक्ष नेपाल सिंह, महामंत्री महेंद्र सैनी, संदीप शर्मा,नीरज राणा, वीरेंद्र सिंह, ग्रामप्रधान दिनेश कुमार आदि रहे।

योगी के जन्म दिवस पर सप्ताह भर कार्यक्रम

बिजनौर। सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्म दिवस मनाने की तैयारी के लिए समीक्षा बैठक मुख्य अतिथि विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री पूर्व भाजपा विधायक डॉक्टर इंद्रदेव की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता विश्व हिंदू महासंघ मातृ शक्ति की जिला अध्यक्ष राजेश्वरी छवि कौशल ने तथा संचालन राजेंद्र सिंह ने किया।

बैठक में मुख्य अतिथि ने महासंघ के सभी पदाधिकारियों के कार्यकर्ताओं से जन्म दिवस सप्ताह मनाने का संकल्प लिया। साथ ही सभी से सामाजिक कार्य से जुड़ी समस्याओं पर विचार रखने की अच्छी शुरुआत की। इसके तहत महिला सशक्तिकरण, गौसेवा, वृक्षारोपण पर भी विस्तार से चर्चा की। डॉक्टर इंद्रदेव ने आगामी 5 जून से 11 जून तक  मुख्यमंत्री योगी जी के जन्मदिवस पर कार्य निर्धारित किए। इनमें 5 जून को प्रातः हवन पूजन तथा सायं 7:00 बजे दीपोत्सव के अलावा 6 जून को गोष्ठी (हिंदुत्व ही राष्ट्रवाद है),  गौ सेवा संकल्प लेने का आह्वान किया। 7 जून को 5:00 बजे सुंदरकांड का पाठ, 8 जून को दीन दुखियों की सेवा संकल्प, 9 जून को वृक्षारोपण, 10 जून को पक्षियों के संरक्षण पर कार्य और 11 जून को संत संवाद (समाज हित में भूमिका) पर संत संपर्क अभियान चलाने का भी आह्वान किया।

बैठक में इन सभी मुख्य बिंदुओं पर दिनेश केसरिया,  प्यारेलाल, संजय त्यागी, हेमेंद्र पाल सिंह, सुनील घसीटा,  सोनिया खुराना, शालू वार्ष्णेय, डॉ अनीता सिंह, श्रीमती राजुल त्यागी, सोहन वीर सिंह, विरेंद्र चौधरी, लव कुमार, लाल सिंह कश्यप, छवि कौशल, कंचन सिंह, विक्रम सिंह (पूर्व प्रधान), रघुनाथ सिंह, डेविड सिंह, नरेंद्र सिंह, उपेंद्र सालियान सिंह, चौधरी विनोद वाला, संजय पाल, सरदार कूड़े सिंह आदि ने विचार रखे।

अधिकारी प्राथमिकता से करें आम नागरिक की समस्या का निस्तारण-संदीप सिंह


विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व जीरो टॉलरेन्स के आधार पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए तथा सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें- राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह

बिजनौर। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 सरकार संदीप सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों की गुणवत्ता के प्रति अति संवेदनशील और गंभीर है और प्रयासरत है कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ प्रदेश के सभी नागरिकों को प्राप्त हो तथा शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं में अनियमितता एवं लाभार्थी को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किए जाने का मामला प्रकाश में आने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने पास आने वाले आम नागरिक की समस्या का पूर्ण मानक और गुणवत्ता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें और यदि कार्य किया जाना सम्भव न हो तो संबंधित व्यक्ति को उसका कारण बताया जाए ताकि वह संतुष्ट हो सके।
राज्य मंत्री शाम 04ः00 बजे विकास भवन के सभागार में अपराध/कानून व्यवस्था एवं विकास कार्याें की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने सभी अधिकारियों को शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति अद्यतन रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं के गुणवत्तापरक क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाए जाने के कार्य की उच्च स्तर पर भी समीक्षा की जाएगी। अतः सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं निष्पक्षता के साथ करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन की मंशा इसके अलावा और कुछ नहीं है कि शासकीय योजनाओं को पूर्ण मानक एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वित किया जाए और उनका लाभ पंक्ति के अन्त में खड़े व्यक्ति को भी निश्चित रूप से पहुंचे।

डीएम ने उपलब्ध कराई प्रगति आख्या-
इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जिले में शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार में जानकारी उपलब्ध कराई और बताया कि लगभग सभी योजनाओं में जिले को सम्मानजनक स्थान प्राप्त है तथा एनआरएलएम में जिला कई वर्षाें से प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण एवं उन्हें स्वालम्बी बनाने के लिए जिले में विशिष्ठ कार्य किए जा रहे हैं, जिनके सुपरिणाम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के रूप में सामने आ रहे हैं। उन्होंने मंत्री से धामपुर में 100 बेड के तैयार अस्पताल के लिए चिकित्सक, मेडिकल एवं पेरा मेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए उक्त अस्पताल के संचालन से स्थानीय और आसपास के लोगों को भारी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने नगर क्षेत्र चांदपुर, किरतपुर एवं हल्दौर में जर्जर भवनों के लिए शासन से धनराशि उपलब्ध कराने तथा नजीबाबाद-बालावाली-लक्सर मार्ग पर गंगा नदी के सेतु के पहुंच मार्ग निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्याें के लिए भी शासन से आलोच्य वित्तीय वर्ष में एक मुश्त समुचित धनराशि उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य मंत्री को विश्वास दिलाते हुए कहा कि उनके द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरत पालन सुनिश्चित किया जाएगा और शासन की मंशा और भावना के अनुरूप शासकीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं को पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक बिजनौर सूची चौधरी, नहटौर ओमकुमार, बढापुर सुशांत सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, अर्थ एवं संख्या अधिकारी के साथ ही अन्य प्रशासनिक तथा जिला स्तरीय अधिकारी व भाजपा जिलाध्यक्ष मौजूद थे।

मीडिया के सवालों से विचलित हो उठे मंत्री जी! बैठक के उपरांत मंत्री द्वारा स्थानीय पत्रकार बंधुओं के साथ प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकार बंधुओं ने जनता की विभिन्न प्रकार की समस्याओं से अवगत कराया। वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र मारवाड़ी ने जनपद में बांटे जा रहे राशन में प्रति उपभोक्ता आधा किलो घटतौली का मुद्दा उठाया। वहीं संजीव शर्मा ने पूछ लिया कि उनके ग्राम धर्मनगरी में जान चौपाल कार्यक्रम के दौरान कुछ फरियादियों को दुत्कार कर भगा क्यों दिया गया? इनके अलावा अवनीश त्यागी ने नमामि गंगे व पौधरोपण कार्यक्रम में शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला उठाया। मंत्री ने पत्रकारों द्वारा अवगत कराई गई शिकायतों की जांच व कार्रवाई के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। हालांकि पत्रकार वार्ता के बीच में ही सवालों से विचलित मंत्री उठकर मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय में जा बैठे।

मलिहाबाद पहुंचे पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा

मलिहाबाद,लखनऊ। भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा सोमवार दोपहर एक निजी कार्यक्रम मुण्डन संस्कार मे शामिल होने देवम लॉन मलिहाबाद पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र के भाजपा नेताओं से भेंट कर उनकी कुशलक्षेम जानी।

वह दोपहर पाठक गंज मे अपनी बहन संध्या पाठक के घर पहुंचे। यहां पर शांतनु पाठक,  कार्तिकेय पाठक, सुमित पाठक,अनादि पाठक, राजीव तिवारी, प्रमोद पाठक आदि परिजनों के साथ मिलकर कुल देवी की पूजा अर्चना के उपरांत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।


देवम लॉन के संचालक विकास पाठक ने दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र प्रधान,  विधायक प्रतिनिधि विकास किशोर आशू ने जोरदार स्वागत किया। 

इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सैय्यद खलील अहमद, पूर्व ब्लाक प्रमुख पति अनिल सिंह चौहान, उमाकांत गुप्ता, बबलू सिंह, विशाल पाठक, मारूफ अंसारी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं से मिलकर कुशल क्षेम जानी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत रखने की अपील की। फिर बच्चे को आशीर्वाद देकर उनका काफिला लखनऊ की तरफ निकल गया।

स्मार्ट सिटी की तर्ज पर होगा गांवों का कायाकल्प: योगी

लखनऊ। स्मार्ट सिटी की तरह स्मार्ट गांव बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना को साकार रूप देने  के लिए प्रदेश सरकार जोरदार प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम पंचायतों को हाईटेक बनाने का अभियान युद्ध स्तर पर छेड दिया गया है। योगी आदित्यनाथ रविवार को जालौन जिले के डकोर ब्लाक की पंचायत ऐरी रम्पुरा में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे।

प्रत्येक पंचायत में होगा नियमित सचिवालय

उन्होंने प्रदेश की चुनिंदा ग्राम पंचायतों के हाईटेक सुसज्जतिकरण का डिजिटल लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा ग्राम पंचायतों को विकास की धुरी के रूप में सशक्त करने की है। प्रदेश सरकार ने इसके अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियमित सचिवालय शुरू करने का खाका तैयार किया है। इसके लिए सभी पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से आच्छादित किया जाएगा ताकि पंचायत सचिवालय में निर्बाध इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हो सके। इससे ग्रामीणों को अपने सारे जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन और उन्हें प्राप्त करना संभव हो जाएगा।

प्रधानों को दिए मॉडल ग्राम पंचायत बनाने के टिप्स

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को सप्ताह में एक दिन बैठक करके  महिला सुरक्षा और सभी सरकारी योजनाओं से अवगत कराया जाना चाहिए। उन्होंने गांव के स्कूल भवनों के सुंदरीकरण, जल संरक्षण हेतु अमृत सरोवर और नौनिहालों को खुशनुमा सुविधाओं की व्यवस्था आदि के बारे में मॉडल ग्राम पंचायत बनाने को ले कर टिप्स दिए। इसके पहले योगी ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय  जिला पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से जिला पंचायत को अलंकृत किया। ऐरी रम्पुरा के युवा प्रधान ओंकार पाल को बाल मित्र ग्राम पंचायत सम्मान व कुठौंद ब्लॉक अंतर्गत कुरेपुरा कनार के प्रधान शिवदास गुप्ता को पंडित दीन दयाल उपाध्याय  ग्राम पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से नवाजा।

जूनियर से अपग्रेड होकर अब हाई स्कूल

ऐरी रमपुरा के प्रधान ओंकार पाल की मांग पर उन्होंने गांव के जूनियर हाई स्कूल को अपग्रेड करके हाई स्कूल की मान्यता देने की घोषणा की। कहा कि गांव में स्वास्थ्य व चिकित्सा की व्यवस्था के लिए प्रारंभिक तौर पर हेल्थ पोस्ट स्थापित की जाएगी, जिसे बाद में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप  में तैयार  किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा, जिले के सभी विधायक, एमएलसी रमा निरंजन  और जिला पंचायत अध्यक्ष मौजूद रहे।

गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान- देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड

देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड- गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान

भोपाल। बीजेपी ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी कर ली है. बाकायदा उसका खाका भी तैयार हो चुका है। भोपाल पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक में कहा कि राम मंदिर, धारा 370 और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे पर बीजेपी को सफलता मिली है। अब कॉमन सिविल कोड को लागू कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया उत्तराखंड में कॉमन सिविल कोड पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। जंबूरी मैदान में भी अमित शाह ने कहा कि धारा 370 हो, राम मंदिर हो या फिर अन्य मामले पीएम मोदी के नेतृत्व में हमने विवादित मुद्दों को सुलझाया है। अब पूरी तरह से फोकस कॉमन सिविल कोड पर है।

क्या है कॉमन सिविल कोड
इसमें देश में शादी, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने जैसे सामाजिक मुद्दे एक समान कानून के तहत आ जाएंगे। इसमें धर्म के आधार पर कोई कोर्ट या अलग व्यवस्था नहीं होगी। संविधान के अनुच्छेद 44 के लिए संसद की सहमति जरूरी है। गौरतलब है कि आजादी से पहले हिंदुओं और मुस्लिमों के लिए अलग-अलग कानून लागू किए गए थे। बीजेपी ने इसे अपने तीन मुख्य मुद्दे में शामिल किया।

बीजेपी नेताओं को दी नसीहत
बैठक में अमित शाह ने कहा कि बड़े और जिम्मेदार नेताओं को हार के लिए जिम्मेदार माना जाएगा. इसके साथ ही 2018 के हार की समीक्षा की गई। उन्होंने पूछा कि वोट शेयर बढ़ा तो सीटें क्यों हार गए. उन्होंने कहा कि सरकार तो अच्छा काम कर रही है लेकिन संगठन के कामों का रिपोर्ट कार्ड उतना अच्छा नही है। गृह मंत्री ने कहा कि बूथ मैनेजमेंट का काम मध्यप्रदेश कर रहा है। बूथ को डिजिटल करने के साथ उनकी मॉनिटरिंग भी लगातार करते रहें। प्रदेश में जिस तरह से मंत्रिमंडल और संगठन में मनमुटाव की खबरें बाहर आती हैं, उसे लेकर भी उन्होंने सख्त हिदायत दी कि इस तरह से पार्टी का अनुशासन बिगड़ता है. सभी की जिम्मेदारी है कि पार्टी का अनुशासन बना रहे।

राज्यसभा में भाजपा ने लगाया शतक

भाजपा ने राज्यसभा में रचा इतिहास, पहली बार सांसदों की संख्या 100 के पार

नई दिल्ली (एजेंसी)। राज्यसभा में पहली बार भाजपा ने सदस्यता में 100 से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली भाजपा 1988 के बाद पहली पार्टी बन गई है। गुरुवार को हुए संसद के उच्च सदन के चुनावों के हालिया दौर के बाद, भगवा पार्टी की संख्या अब 101 हो गई है।

भाजपा ने यह उपलब्धि 13 में से चार सीटें जीतकर हासिल की, जिसके लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। भाजपा की गठबंधन सहयोगी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने असम से एक राज्यसभा सीट जीती। भाजपा ने तीन पूर्वोत्तर राज्यों असम, त्रिपुरा और नागालैंड से राज्यसभा की चार सीटें जीतीं। भाजपा ने इस क्षेत्र से उच्च सदन में अपने सदस्यों की संख्या भी बढ़ा दी है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट किया, असम ने एनडीए के दो उम्मीदवारों को राज्यसभा में चुनकर प्रधनमंत्री पर अपना विश्वास जताया है। भाजपा की पबित्रा मार्गेरिटा 11 वोटों से जीती और यूपीपीएल के रवंगवरा नारजारी नौ वोटों से जीते। विजेताओं को मेरी बधाई।

BJP created history in Rajya Sabha | NewsTrack English 1

राज्यसभा में बीजेपी के 100 का आंकड़ा पार करने के साथ ही विपक्ष को इस साल अगस्त में होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर कर दिया गया है। असम की दो राज्यसभा सीटों और त्रिपुरा की एक सीट के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। भाजपा उम्मीदवार और उनकी महिला शाखा के राज्य अध्यक्ष एस. फांगनोन कोन्याक को नागालैंड की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए निर्विरोध चुना गया, जिससे वह संसद के उच्च सदन में बर्थ पाने वाली राज्य की पहली महिला बन गईं। असम में कांग्रेस के रिपुन बोरा और रानी नारा का राज्यसभा का कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त होगा।

पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद आप ने राज्य की सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की। अब आप की संख्या उच्च सदन में आठ सीटों तक बढ़ गई है। राज्यसभा चुनाव के हालिया दौर में कांग्रेस की ताकत पांच सीटों से कम हो गई है।

दूसरी बार UP के मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ

केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी ली उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ

लखनऊ (एजेंसी)। योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने योगी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर केशव प्रसाद और ब्रजेश पाठक ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

केशव प्रसाद मौर्य ने दोबारा सूबे के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद भाजपा आलाकमान ने उन पर भरोसा बनाए रखा है। वहीं कानून मंत्री रहे ब्रजेश पाठक को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। पार्टी में ब्रजेश पाठक का कद बढ़ाया गया है। तय हो गया है कि भाजपा अब ब्राह्मणों की लीडरशिप में बदलाव कर रही है।

Yogi Adityanath takes oath as UP chief minister for second time | Latest  News India - Hindustan Times

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने वाली भाजपा को योगी आदित्यनाथ के रूप में विधायक दल का नेता भी दोबारा मिला है। भाजपा का फोकस मिशन 2024 पर है, इसको देखते हुए योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल 2.0 में जातीय व क्षेत्रीय समीकरण के साथ पुरानी कैबिनेट में रहे कुछ विधायकों का सम्मान भी बरकरार रखा गया है।

उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। स्वतंत्र देव सिंह को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्री बनाया गया है। वह यूपी भाजपा अध्यक्ष हैं।

शाहजहांपुर से विधायक सुरेश कुमार खन्ना को योगी कैबिनेट में जगह मिली है। इसके अलावा योगी सरकार में सूर्य प्रताप शाही ने भी शपथ ली है। शाही को भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिना जाता है। नंद गोपाल नंदी को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में जगह मिली है। नंदी प्रयागराज दक्षिण सीट से विधायक चुने गए हैं। नंदी तीसरी बार विधायक बने हैं।

मैनपुरी विधानसभा से विधायक जयवीर सिंह को योगी सरकार में मंत्री बनाया गया है। जयवीर मुलायम और मायावती सरकार में भी मंत्री रहे हैं। मथुरा के लक्ष्मी नारायण चौधरी को योगी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। वह छाता विधानसभा से पांच बार विधायक और मायावती सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

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इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह मंच पर मौजूद हैं। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा संगठन महामंत्री सुनील बंसल, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद हैं।

अब इन लोगों के खाते में आयेंगे गैस Subsidy के पैसे

958 रूपये पहुंचा गैस सिलेंडर का दाम, सरकार ने शुरू की सब्सिडी, अब इन लोगों के खाते में आयेंगे Subsidy के पैसे

LPG Subsidy: घरेलू गैस सिलेंडर की महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। इसको लेकर आम आदमियों को बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने एक आंतरिक मूल्यांकन किया था जिसके परिणाम मिले थे कि उपभोक्ता एक सिलेंडर के लिए ₹1000 तक दे सकता है। घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर सरकार ने एक नया प्लान बनाया है।

इस प्लान के अंतर्गत सरकार बिना सब्सिडी के सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर देगी या चुने हुए उपभोक्ताओं को सरकार सब्सिडी का लाभ देगी। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं इसको लेकर सरकार नए से नए प्लान बना कर उन पर अमल करना चाह रही है।

सरकार ने दिया नया प्लान

घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार ने सब्सिडी देने के बारे में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं किया है। कई लोगों का मानना है कि 10 लाख रुपए इंकम का नियम सरकार जारी रखेगी। इसके अलावा सरकार उज्जवला योजना के उपभोक्ताओं की सब्सिडी लागू रखेगी। वहीं अन्य उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ बंद किया जा सकता है। सरकार ने पिछले कई महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी चालू कर दी थी।

आसमान छू रही घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत

पिछले कुछ सालों से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा पिछले साल यानी कि 2021 से गैस सिलेंडरों की कीमत में कुछ ज्यादा ही उछाल दर्ज की गई है। इस कारण आम आदमियों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। आम आदमी को घरेलू गैस सिलेंडर खरीदने के लिए बहुत ही ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में और ज्यादा उछाल आने की संभावना जताई जा रही है। इससे आम आदमियों पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा।

योगी पार्ट-2 के लिये सजाया गया लखनऊ

  • हवाई अड्डे से स्टेडियम तक के चौराहों का रंग-रोगन किया जा रहा है
  • 12 ब्लाक में विभाजित किया गया है स्टेडियम

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को एकबार फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. योगी आदित्यनाथ का शपथ ग्रहण समारोह अटल बिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium) में आयोजित किया जा रहा है. शपथ ग्रहण समारोह के लिए पूरे स्टेडियम में बड़े-बड़े पोस्टर्स लगाए जा रहे हैं. इन पोस्टर्स पर योगी सरकार 2.0 का नया नारा भी दिया गया है. 

पोस्टर्स पर लिखा है, ‘हम निकल पड़े है प्रण करके, नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बनाने को, शपथ राष्ट्रवाद की, सुशासन,सुरक्षा की,विकास की.’

पीएम मोदी, साधु, संत और उद्योगपति होंगे शपथ ग्रहण में शामिल

योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उद्योगपति, साधु संत व समाजसेवी भी शिरकत करेंगे. इतने भव्य शपथ ग्रहण समारोह को लेकर विभागों ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिला प्रशासन, एलडीए, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस समेत सभी विभागों को शपथ ग्रहण समारोह में अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है और सभी के नोडल अफसर बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे राजनेताओं को किसी तरह की परेशानी न हो.

गमले और लाइटों से सजाए जा रहे हैं चौराहे

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम तक का इलाका 25 मार्च को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए सबसे वीवीआईपी इलाका होगा. एयरपोर्ट से लेकर इकाना स्टेडियम तक हर चौराहा हर गली पर साफ सफाई सजावट की व्यवस्था की गई है. स्टेडियम के पूरे रूट पर लगभग 5000 छोटे-बड़े गमले रखे गए हैं. ट्रैफिक के सिग्नल को ठीक कर दिया गया है, सड़कों पर रंग रोगन किया जा रहा है. चौराहे पर बने फव्वारों को गमले और लाइटों से सजाया जा रहा है. जिसमें 2000 से अधिक स्पाइनल लाइट 200 से अधिक पेड़ों पर झालर की लाइटें लगाई गई हैं. लखनऊ नगर निगम ने इकाना स्टेडियम के पूरे इलाके को 12 ब्लॉक में विभाजित कर चार अधिकारियों को तैनात किया है, जो पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था पानी की व्यवस्था देखेंगे.

5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था

लखनऊ जिला प्रशासन ने शपथ ग्रहण समारोह में आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की है. तीन जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. इकाना स्टेडियम के ठीक सामने पलासियो मॉल के मैदान पर लगभग 5000 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था है. मेदांता अस्पताल के पास 1000 बसों के खड़े करने की व्यवस्था की गई है. वहीं, चक गंजरिया के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है. प्रधानमंत्री व तमाम अन्य वीवीआईपी के हेलीकॉप्टर से आने के लिए 3 हेलीपैड बनाए गए है. पीएम मोदी का विशेष विमान इकाना स्टेडियम के ठीक पीछे बनाए गए अस्थाई हेलीपैड पर उतरेगा. इसके अलावा दो हेलीपैड पुलिस कंट्रोल रूम के पास बनाया गया है जिसको जरूरत के अनुसार उपयोग में लाया जाएगा.

मेहमानों के रुकने का खास इंतजाम

आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिये राज्य संपत्ति विभाग ने सरकार के सभी 5 वीआईपी और वीवीआईपी गेस्ट हाउस, साकेत, यमुना, गोमती, सरयू, और नैमिषारण्य गेस्ट हाउस बुक कर दिए हैं. इन सभी सरकारी गेस्ट हाउस में लगभग 1500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी व बिजली विभाग के भी गेस्ट हाउस बुक कराए गए हैं. सरकारी गेस्ट हाउस के साथ-साथ लखनऊ शहर के होटलों को भी बुक कराया गया है. गैर जनपद से आने वाले पुलिस अफसरों के लिए हजरतगंज, गोमती नगर, विभूति खंड, सरोजिनी नगर, हुसैनगंज, नाका इलाके में 200 से अधिक कमरे बुक कराए गए हैं.

दिव्य और भव्य होगा योगी 2.0 सरकार का शपथ ग्रहण समारोह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी 2.0 सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल है. भाजपा इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की कोई कमी छोड़ने के मूड में नहीं है. समारोह में 200 विशिष्ट समेत करीब पच्चास हज़ार लोगों के शामिल होने की सम्भावना है. वही खबर है कि तमाम विपक्ष के बड़े चेहरों को भी इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में बुलाया गया है. भाजपा की तैयारी जोरों पर है. कांग्रेस नेता राहुल गाँधी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, बसपा सुप्रीमो मायावती, समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्षी दलों के तमाम नेताओं को आमंत्रित किया गया है. वही इस शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी न्योता है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे. भाजपा इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम को दिव्य और भव्य बनाने में जुटी हुई है.

अखिलेश यादव ने शपथ ग्रहण को कहा-

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में जाने को लेकर कहा है कि अभी इस विषय पर कुछ सोचा नहीं है और मुझे नहीं नहीं लगता कि मैं जाऊंगा और ना ही मुझे बुलाया जायेगा. वहीं अखिलेश यादव का कहना है गठित होने वाली नई सरकार ने पहले भी काम नहीं किया तो अब आगे कैसे करेगी. 2017 में योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश उपस्थित हुए थे जहां पर मुलायम सिंह यादव अखिलेश यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात करते हुए एक तस्वीर काफी चर्चा का विषय बानी थी.

मायावती ने दिया ये जवाब-

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अभी इस शपथ ग्रहण में जाने को लेकर को ठोस जानकारी नहीं दी है. हालाँकि पिछले दिनों एक ट्वीट में उन्होंने सपा और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव पर तंज कसते हुए कहा था कि मुलायम सिंह यादव ही भाजपा से अखिलेश यादव को आशीर्वाद दिलाते हैं.

कांग्रेस ने क्या कहा?

कांग्रेस की ओर से अभी किसी प्रकार का बयान सामने नहीं आया है. लेकिन योगी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी समेत अन्य कई नेताओं को बुलाया गया है.

गौरतलब है कि योगी मंत्रिमंडल को लेकर खबर आ रही है कि मंत्रिमंडल में महिलाओं व युवाओं को ज्यादा तवज्जो दी जा सकती है. बता दे कि योगी का शपथ ग्रहण कार्यक्रम 25 मार्च को लखनऊ स्थित इकाना अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा, जहाँ पर तैयारियां जोरों पर है. साज सज्जा के साथ अन्य सभी तैयारी की जा रही है. भाजपा इस कार्यक्रम को दिव्य और भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती और यही कारण है कि जनमत आने के इतने दिनों बाद शपथ ग्रहण का कार्यक्रम किया जा रहा है।

इकाना में लगाई गई अब तक की सबसे बड़ी स्क्रीन

इकाना में 80×40 की एलईडी स्क्रीन लगाई गई

समारोह को दिव्य और बनाया जा रहा

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने शपथ ग्रहण समारोह स्थल का किया निरीक्षण

बीजेपी प्रदेश पदाधिकारियों के साथ इकाना का किया निरीक्षण

बीजेपी प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल, जेपीएस राठौर, अश्वनी त्यागी, अमरपाल मौर्य रहे मौजूद

दिग्गज उद्योगपति, सिने सितारे भी इन्वाइट- योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी दलों के नेताओं के अलावा मुकेश अंबानी ,गौतम अदानी, आनंद महिंद्रा सहित दर्जनों उद्योगपतियों को भी शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा गया है। वहीं बॉलीवुड में अक्षय कुमार, कंगना राणावत, अजय देवगन, बोनी कपूर, अनुपम खेर, विवेक अग्निहोत्री सहित कई डायरेक्टर प्रोड्यूसर और कलाकारों को योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह के लिए निमंत्रण भेजा गया है।

महाराजगंज में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भाजपा नेता एडवोकेट गौरव जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सोमवार देर रात शहर के चिरउहा वार्ड के पास स्थित एक शराब की दुकान के सामने वारदात को अंजाम दिया गया। मृतक गौरव नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल के भांजे थे। 

जानकारी के अनुसार आरोपियों ने गौरव के सिर में गोली मारी और मौके से फरार हो गए। उन्हें पहले फोन करके शराब की दुकान के सामने बुलाया गया था। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने गौरव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी वे मौके पर एकत्र होकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना का कारण क्या है अभी पता नहीं चल सका है। बताया गया है कि गौरव भाजपा के स्वच्छता अभियान के सह संयोजक थे। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस मामले में दुकान के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि सोमवार रात 10:25 बजे चिउरहां स्थित शराब की दुकान के समीप बिरयानी सेंटर पर कुछ लोगों ने वहां खड़े गौरव जायसवाल पर गोली चलाई और वहां से फरार हो गए। उधर सूचना मिलते ही मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णगोपाल जायसवाल समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। आनन -फानन गौरव को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने गौरव को मृत घोषित कर दिया।

UP MLC चुनाव: बीजेपी-सपा के प्रत्याशियों में ठाकुर-यादवों का जोर, दोनों की लिस्ट से दलित Out!


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा के बाद विधान परिषद चुनाव को लेकर बीजेपी और सपा ने अपने-अपने पत्ते खोल दिए हैं. दोनों ही प्रमुख पार्टियों ने एमएलसी चुनाव के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. विधान परिषद चुनाव में बीजेपी ने जहां सबसे ज्यादा ठाकुर समुदाय के उम्मीदवारों पर दांव लगाया है तो वहीं, सपा ने यादव समुदाय पर भरोसा जताया है. हालांकि, बीजेपी और सपा दोनों ने ही दलित समुदाय से किसी को भी एमएलसी का प्रत्याशी नहीं बनाया है.

बीजेपी का ठाकुर-ओबीसी पर दांव
स्थानीय निकाय क्षेत्र की 36 विधान परिषद सीटों में से बीजेपी ने सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने सपा और कांग्रेस से आए दलबदलू नेताओं पर भरोसा जताया है तो सियासी समीकरण को साधने का दांव भी चला है. जातीय समीकरण के लिहाज से बीजेपी ने सबसे ज्यादा ठाकुर और पिछड़ा वर्ग पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है. बीजेपी ने 16 ठाकुर, 11 पिछड़े, 5 ब्राह्मण, 3 वैश्य और 1 कायस्थ को एमएलसी का टिकट दिया है.

सपा ने साधा ऐसे सियासी समीकरण
वहीं, समाजवादी पार्टी 36 एमएलसी सीटों में से 34 सीटों पर खुद चुनावी मैदान में है तो 2 सीटें सहयोगी दल आरएलडी के लिए छोड़ी हैं. सपा ने सबसे ज्यादा 19 यादव समुदाय के प्रत्याशी बनाए हैं और इसके बाद चार अन्य ओबीसी को उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा चार मुस्लिम, तीन ठाकुर, तीन ब्राह्मण और एक जैन समुदाय के नेता को विधान परिषद का टिकट दिया है. इस तरह से सपा ने अपने सियासी समीकरण साधने का दांव चला है.

सपा के 19 यादव एमएलसी कैंडिडेट
सपा ने एमएलसी चुनाव के लिए लखनऊ-उन्नाव सीट से सुनील सिंह साजन, बाराबंकी से राजेश कुमार यादव, इलाहाबाद से वासुदेव यादव, बहराइच से अमर यादव, वाराणसी से उमेश कुमार यादव, पीलीभीत-शाहजहांपुर से अमित यादव, प्रतापगढ़ से विजय बहादुर यादव, आगरा-फिरोजाबाद से दिलीप सिंह यादव, गोरखपुर-महराजगंज से रजनीश यादव, सीतापुर सीट से अरुणेश कुमार यादव, रायबरेली से वीरेंद्र शंकर सिंह यादव, मथुरा-एटा-मैनपुरी से राकेश यादव को प्रत्याशी बनाया है. वहीं, आजमगढ़-मऊ से राकेश कुमार यादव, जौनपुर से मनोज कुमार यादव, झांसी-जालौन-ललितपुर सीट से श्याम सुंदर यादव, कानपुर-फतेहपुर सीट से दिलीप सिंह यादव, इटावा-फर्रुखाबाद से हरीश कुमार यादव, बस्ती-सिद्धार्थनगर से संतोष सनी यादव सनी, अलीगढ़ से जयवंत सिंह यादव और फैजाबाद से हीरालाल यादव को प्रत्याशी बनाया है.

सपा का मुस्लिम- ब्राह्मण- ठाकुर- ओबीसी समीकरण
सपा ने मुस्लिम समुदाय से रामपुर-बरेली सीट से मसकूर अहमद, देवरिया-कुशीनगर से गोरखपुर के चर्चित डॉ. कफील खान, हरदोई से रजीउद्दीन और मुजफ्फरनगर-सहारनपुर से मो. आरिफ को टिकट दिया. बांदा- हमीरपुर से आनंद कुमार त्रिपाठी, गोंडा से भानु कुमार त्रिपाठी और गजीपुर से भोलानाथ शुक्ला को प्रत्याशी बनाया. बदायूं से सिनोज कुमार शाक्य, खीरी से अनुराग वर्मा, बलिया से अरविंद गिरी, सुल्तानपुर से शिल्पा प्रजापति को प्रत्याशी बनाया है. वहीं, सपा ने ठाकुर समुदाय के तौर पर मुरादाबाद-बिजनौर से अजय प्रताप सिंह, मिर्जापुर-सोनभद्र रमेश सिंह और मथुरा-एटा-मैनपुरी से उदयवीर सिंह को टिकट दिया है।

बीजेपी की लिस्ट में तीन महिलाएं भी– बीजेपी ने एमएलसी चुनाव में ठाकुर और ओबीसी की जातियों पर दांव खेला है. एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा ने सबसे ज्यादा भरोसा ठाकुर समुदाय पर किया है. एमएलसी उम्मीदवारों सूची में 16 ठाकुर, 5 ब्राह्मण, 11 पिछड़े, तीन वैश्य, एक कायस्थ वर्ग का प्रत्याशी है. ओबीसी में तीन यादव, एक सैनी, दो जाट, दो कुर्मी, एक कलवार, एक नाई, एक गुर्जर का सूची में नाम है. तीन महिलाओं को भी भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी के सियासी समीकरण को देखे तो ओबीसी के तमाम जातियों का साधने का दांव चला है.

दल-बदलुओं पर खेला बीजेपी ने दांव
बीजेपी ने कांग्रेस और सपा से आए दलबदलू नेताओं पर भरोसा जताया है. सपा से भाजपा में आए शैलेंद्र सिंह को सुल्तानपुर से, सीपी चंद को गोरखपुर-महराजगंज से, रवि शंकर पप्पू को बलिया से, नरेंद्र भाटी को बुलंदशहर से तो रमा निरंजन को झांसी-जालौन सीट से चुनाव मैदान में उतारा है. इसके अलावा कांग्रेस से आए दिनेश प्रताप सिंह को रायबरेली और निर्दलीय जीत रहे चंचल सिंह को गाजीपुर से एमएलसी का कैंडिडेट घोषित किया है. ऐसे ही बसपा से आए बृजेश सिंह को भी कैंडिडेट बनाया है. बीजेपी ने तीन महिला कैंडिडेट उतारे हैं, जिनमें रमा निरंजन, डॉ. प्रज्ञा और वंदना मुदित वर्मा है.

पूजा पाठ करें, गाड़ियों में लगाएं बीजेपी का झंडा

25 मार्च को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ समेत कई मंत्री लखनऊ के अटल बिहारी बाजपेयी इकाना स्‍टेडियम में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में प्रचंड जीत के बाद 25 मार्च को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ समेत कई मंत्री लखनऊ के अटल बिहारी बाजपेयी इकाना स्‍टेडियम में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। इस बीच पार्टी ने कार्यकर्ताओं के लिए कुछ दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि शपथ ग्रहण समारोह वाले दिने कार्यकर्ता पूरे राज्‍य में पूजा-पाठ करें। समारोह में आने वाले कार्यकर्ताओं से अपनी गाड़ियों में पार्टी का झंडा लगाकर आने को कहा गया है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल ने इस संबंध में 12 सूत्रीय निर्देश जारी किए हैं।

12 सूत्री निर्देश जारी 

1-प्रदेश के सभी जिलों के प्रत्‍येक मंडल और शक्ति केंद्र तक के कार्यकर्ता आएं। 
2-जिलाध्‍यक्ष कार्यकर्ताओं की सूची बनाकर संख्‍या सूचना सुनिश्चित करें। 
3-आवश्‍यकता हो तो आने-जाने के लिए वाहन की व्‍यवस्‍था विधायक, सांसद और संगठन के द्वारा की जाए। अपने व्‍यक्तिगत वाहनों से भी लोग आएं। 
4-हर क्षेत्र से दो कार्यकर्ता एक दिन पहले 24 मार्च को ही भेज दें। 
5-जिले के जनप्रतिनिधियों, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्‍यक्ष, महापौर, चेयरमैन और अन्‍य प्रमुखों की सूची की अलग से सूचना करें। 
6-सभी आने वाले लोगों के लिए आमंत्रण पत्र/ प्रवेश पत्र की व्‍यवस्‍था की जाएगी। इसको जिलों से ही देकर भेजना है। 
7-अपनी गाड़ियों में लोग झंडा लगाकर आएं। 
8-प्रत्‍येक जिले के प्रमुख चौराहों, बाजारों में होर्डिंग लगाने और साज-सज्‍जा की व्‍यवस्‍था करें। 
9-शपथ ग्रहण समारोह में आने से पहले सुबह 8:10 बजे शक्ति केंद्र स्‍तर पर कार्यकर्ता मंदिरों में लोककल्‍याण के लिए पूजन का कार्यक्रम तय करें और सम्‍पन्‍न कराएं। 
10-जिले में सामाजिग वर्ग के प्रमुख नेताओं सहित समाजसेवी, लेखक-साहित्‍यकार, प्रोफेशनल, डॉक्‍टर, इंजीनियर, धार्मिक, मठ-मंदिरों के साधू-संतों की सूची बनाकर उन्‍हें भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित करना है। 
11-विस्‍तारक और प्रवासी कार्यकर्ता को शपथ ग्रहण समारोह की सूचना प्रदेश से दी जाएगी। 
12-किसी अन्‍य जानकारी के लिए अपने क्षेत्रीय प्रभारी या क्षेत्रीय अध्‍यक्ष से बात करें। 

प्रचंड बहुमत से जीती है बीजेपी
यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा की जीत प्रचंड बहुमत से हुई है। भाजपा गठबंधन ने कुल 273 सीटें पाई हैं। इनमें से 255 सीटें अकेले भाजपा ने जीती हैं। अपना दल (सोनेलाल पटेल) को 12 सीट, निषाद पार्टी को छह सीट मिली हैं। वहीं सपा गठबंधन ने 125 सीट जीती हैं। इनमें से सपा को 11, राष्‍ट्रीय लोकदल को आठ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को छह सीट मिली हैं। बसपा को सिर्फ एक सीट पर संतोष करना पड़ा है। कांग्रेस को दो सीट और अन्‍य के खाते में दो सीट गई हैं। 

UP में अब बाबा का बुलडोजर और सोम का डंडा दोनों चलेंगे!

मेरठ। अक्सर विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा है कि अब यूपी में बाबा का बुलडोजर और सोम का डंडा दोनों चलेगा।  

सीएम योगी आदित्याथ ने अपने कार्यकाल में कई अपराधियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलवाए थे। इस संदर्भ में बुलडोजर बाबा शब्द का प्रयोग किया जाता है। इसी परिप्रेक्ष्य में सरधना सीट से दो बार के विधायक संगीत सोम ने खेड़ा गांव में आयोजित सभा में कहा- ‘सपाई गलतफहमी में ना रहें, शपथ ग्रहण के बाद बाबा का बुलडोजर और संगीत सोम का डंडा दोनों चलेगा।’ वो अपनी पार्टी के साथ माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश करते रहेंगे।  संगीत सोम ने ये भी कहा कि कोई मुगालते में ना रहे कि मैं चुनाव हार गया हूं।  मैं आज भी उतना पावर में हूं, जितना चुनाव जीतने के बाद होता। जो नेता आज जीते हैं उन्हें जनता ने लंबे समय तक सत्ता से दूर रखा है। कुछ नेता अपने राजनीतिक फायदे के लिए मेरी जाति को लेकर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम उन्हें किसी भी हाल में कामयाब नहीं होने देंगे। 

गौरतलब है कि संगीत सोम पर 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगो को लेकर कई मामले दर्ज हैं। इस बार सपा प्रत्याशी अतुल प्रधान ने करीब 18 हजार वोटों के अंतर से उन्हें हरा दिया। संगीत सोम ने कहा ‘बेशक मैं इस बार चुनाव हार गया हूं लेकिन में समाज के लोगों की भलाई के लिए काम करता रहूंगा।

लाल चौक पर झंडा फहराने जाते हुए थे गिरफ्तार

बिजनौर। वर्ष 1992 में लाल चौक पर तिरंगा फहराने पूरे देश से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हजारों कार्यकर्ता भी ट्रेनों में सवार होकर जम्मू पहुंचे थे। जम्मू से सभी बसों आदि वाहनों से कश्मीर के लाल चौक की ओर रवाना हो गए। पुलिस ने सभी को उधमपुर में गिरफ्तार कर लिया। इन पंक्तियों का लेखक पत्रकार संजय सक्सेना (तत्कालीन नगर मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उरई जालौन), वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भाजपा श्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व जेल मंत्री हरिओम उपाध्याय, शिवेंद्र बुंदेला, ब्रजभूषण सिंह मुन्नू, विधायक मूलचंद निरंजन आदि भी गिरफ्तार होने वालों में शामिल थे। हम लोगों को एक डिग्री कालेज में तीन दिन तक हिरासत में रखा गया। तत्कालीन जम्मू कश्मीर सरकार ने मात्र गिनती के कुछ वरिष्ठ लोगों को हवाई रास्ते से पहुंचा कर तिरंगा फहराने की अनुमति दी थी। बाद में हम लोगों को कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रेनों से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए
1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए 

भारतीय जनता पार्टी ने कन्याकुमारी से शुरू एकता यात्रा का 26 जनवरी 1992 को लाल चौक पर तिरंगा फहराते हुए संपन्न करने का एलान किया था। कश्मीर में अलगाववादियों, आतंकियों और मुख्यधारा की सियासत करने वाले राजनीतिक दलों, राष्ट्रवादियों और सुरक्षाबलों के लिए पहली बार प्रतिष्ठा का सवाल बन गया था।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

आतंकी और अलगाववादियों ने खुलेआम एलान किया था कि तिरंगा नहीं फहराने दिया जाएगा। भाजपा की एकता यात्रा पूरी होने से पहले ही आतंकियों ने पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड धमाका किया था, जिसमें तत्कालीन पुलिस महानिदेशक श्री जेएन सक्सेना जख्मी हुए थे। भाजपा के इस एलान के बाद पूरी रियासत में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई थी।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

हवाई जहाज से पहुंचाया था श्रीनगर
हालात को भांपते हुए तत्कालीन प्रशासन ने श्री मुरली मनोहर जोशी, श्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं को हवाई जहाज के जरिए श्रीनगर पहुंचाया था। लाल चौक पूरी तरह से युद्घक्षेत्र बना हुआ था। चारों तरफ सिर्फ सुरक्षाकर्मी ही थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगभग 15 मिनट में ही श्री मुरली मनोहर जोशी व उनकी टीम के सदस्य के रूप में शामिल श्री नरेंद्र मोदी व अन्य ने तिरंगा फहराया। इस दौरान आतंकियों ने रॉकेट भी दागे जो निशाने पर नहीं लगे। इसके बाद सभी नेता सुरक्षित वापस लौट गए थे। 

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

प्रधानमंत्री श्री मोदी उस वक्त जोशी जी की उस टीम के सदस्य थे, जो घनघोर आतंकवाद के उस दौर में श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने पहुंची थी।

साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए

कई जगह ट्रेन पटरियों पर विस्फोट- उस समय कश्मीर में स्थिति बेहद विस्फोटक थी। आतंकवादी रेल पटरियों को उड़ाने से पीछे नहीं हट रहे थे। जब हम लोग जम्मू स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि हमारी ट्रेन पहुंचने के लगभग आधा घंटा पहले और बाद में भी आतंकवादियों ने कई जगह ट्रेन पटरियों पर विस्फोट किये।

(फोटो व कुछ तथ्य विभिन्न स्रोतों से लिये गए हैं)

प्रदेश में भाजपा की जीत विकास और सच्चाई की जीत है- चौधरी ईशम सिंह

नजीबाबाद (बिजनौर)। भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश में प्रचंड जीत और बुलडोजर बाबा के नाम से मशहूर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पुनः सरकार बनने पर क्षेत्रवासियों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा की जिला मंत्री गायत्री निराला के आवास पर पहुंचकर मनाया।

सभी ने रंग गुलाल एवं फूलों की होली खेली। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता चौधरी ईशम सिंह ने सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों का आभार प्रकट किया और कहा कि यह जीत हम सब की जीत है आम जनमानस की जीत है गरीब मजदूर की किसान की व्यापारी की महिलाओं की शोषित की वंचितों की जीत है। भारतीय जनता पार्टी कभी भी संप्रदायवाद जातिवाद की राजनीति नहीं करती है। भारतीय जनता पार्टी सिर्फ विकास की राजनीति करती है और यही बात विपक्ष को अच्छी नहीं लगती चौधरी ईशम सिंह ने कहा कि आज महिलाएं अगर अपने आप को सुरक्षित महसूस करती हैं यह उनकी जीत है आने वाले समय में और भी अच्छे विकास के कार्य होने वाले हैं। जातिवाद को खत्म करना हमारा मुख्य उद्देश्य है। राष्ट्र के लिए और अपने धर्म के लिए हम सब एकजुट होकर रहें, यही हमारी जीत का मुख्य उद्देश्य होगा। हमने या हमारी पार्टी ने कभी भी किसी को सताने का कार्य नहीं किया है। वहीं विपक्ष जाति की राजनीति करता है एक दूसरे को बांटने का प्रयास करते हैं। अब जनता समझ चुकी है क्षेत्र का विकास प्रदेश का विकास और राष्ट्र का विकास सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। इसलिए पूरे देश की जनता आज कंधे से कंधा मिलाकर भारतीय जनता पार्टी को सपोर्ट कर रही है और प्रदेश ही नहीं आने वाले 2024 के चुनाव में भी जनता जनार्दन के माध्यम से फिर से केंद्र नरेंद्र मोदी की सरकार बनेगी।

इस अवसर भाजपा के वरिष्ठ नेता चौधरी ईशम सिंह, भाजपा पिछड़ा मोर्चा के पूर्व जिला मंत्री रितेश सैन, नामित सभासद दीपक बाल्मीकि, अरविंद विश्वकर्मा, रणवीर सिंह निराला, गायत्री निराला, दीपक कर्णवाल, सीमा कर्णवाल, मनीषा सैनी, मंडल अध्यक्ष भाजपा पिछड़ा मोर्चा नरेश सैनी, करुण पाल, कोमल सिंह हल्दिया, हितेंद्र कुमार, वरिष्ठ कार्यकर्ता भगवानदास पाल, अभिषेक पंडित ,मनोज पाल, प्रमोद पाल, विपिन सैनी, मनदीप धस्माना, बंटू शर्मा, अजीत कुमार आदि मौजूद रहे।

भाजपा की प्रचण्ड जीत में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की बड़ी भूमिका

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश में प्रचण्ड बहुमत से जीत में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की भी अहम भूमिका मानी जा रही है। विधानसभा चुनाव के पहले राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की हाईपावर कमेटी के निर्णय के बाद संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी चुनावी संकल्प पत्र का समर्थन करते हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को जिताने का निर्णय लेते हुए भाजपा का समर्थन किया था। जहां एक ओर तमाम किसान विरोधी संगठन भाजपा का विरोध कर रहे थे, वहीं राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने भाजपा का साथ दिया। यूपी में भाजपा की दोबारा प्रचण्ड बहुमत से सरकार बनने में कहीं न कहीं राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की अहम भूमिका मानी जा रही है।


राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव ने इस संबंध में बताया कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल एवं संकल्प पत्र में की गयी नयी घोषणाओं को देखते हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पाँचों प्रदेशों में समर्थन देने का एलान किया था, जिसके बाद संगठन के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने तनमन से भाजपा प्रत्याशियों को जिताने का काम किया है। रामनिवास यादव ने बताया कि भाजपा ने अच्छी कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है और किसानों के हितों को ध्यान में रख कर जो संकल्प पत्र जारी था, वह देश एवं प्रदेश के किसानों को काफी फायदा देने वाला है, जिस प्रकार से किसानों को सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली देने के साथ ही गन्ना किसानों के भुगतान को 14 दिनों में करने एवं समय से भुगतान न होने पर ब्याज देने की घोषणा की है जिससे लाखों गन्ना किसानों को काफी लाभ होगा। यह स्वागत योग्य निर्णय है। अगले पाँच वर्षों में एम.एस.पी. पर लगातार बढोत्तरी कर रिकार्ड फसल खरीदने की भी घोषणा की, एवं किसान सम्मान निधि दोगुना करने का आश्वासन, साल में दो बार गरीब किसान परिवारों को गैस सिलेंडर मुफ्त देने, असहाय, गरीब एवं बुजुर्ग किसानों को 1500रू प्रतिमाह पेंशन देने इसके साथ ही सभी किसानों को आयुष्मान भारत योजना में 5लाख तक स्वास्थ लाभ देना। चार हजार नये एफ.पी.ओ. गठित कर अठ्ठारह लाख तक वित्तीय मदद करना, उत्तर प्रदेश में 6मैगा फूड पार्क बनाना, किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना, गरीब किसानों को पक्का आवास देना, गरीब किसान की बेटी की शादी में एक लाख रूपया अनुदान देना। पच्चीस हजार करोड़ से सरकार बल्लभ भाई पटेल कृषि इन्फ्राइंस्ट्रक्चर बनाना, जिसमें कोल्ड चेन, गोदाम, फूड प्रोसिसिंग सेन्टर का निर्माण कर किसानों की फसलों को बर्बादी से रोकने एवं उचित मूल्य दिलाने का निर्णय,एक हजार करोड़ का भामा शाह कोष बनाकर किसानों की फसलों को दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान से बचाना, पच्चीस हजार करोड़ से गन्ना मिलों का नवीनीकरण एवं नई चीनी मिलों का निर्माण करना, एक हजार करोड़ की लागत से दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए “नन्द बाबा यादव दुग्ध मिशन” के अन्तर्गत गांव में ही दूध खरीदने की व्यवस्था करना एवं मछुवारा समाज के लिए “निषाद राज बोट सब्सिडी योजना” का आरम्भ करना, जिसमें नाव खरीदने पर 40% सब्सिडी देने एवं 6 अल्ट्रा माँडल मत्स्य मंडी स्थापित करना। निश्चित रूप से भाजपा के संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास यादव

रामनिवास यादव ने भाजपा की प्रचण्ड जीत पर संगठन के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए जनता का भी आभार व्यक्त किया। साथ इस जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के किसान हितैषी कार्यों के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को बधाई दी।

एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मनाया जश्न

नजीबाबाद (बिजनौर)। प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत पर भाजपा नेता व वरिष्ठ समाजसेवी अवनीश अग्रवाल टांडे वालों के कैंप कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया।

इस मौके पर पर अवनीश अग्रवाल टांडे वालों ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत से जीत, हर आम नागरिक की जीत है। जनता विकास चाहती है, उसे पता है कि उत्तर  प्रदेश को उत्तम प्रदेश सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही बना  सकती है।

उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने से पहले विपक्षी बहुमत से सरकार बनाने का दंभ भर रहे थे, लेकिन तीसरे-चौथे राउंड के बाद से ही भाजपा को पूर्ण बहुमत के रूझान शुरू हो गए। सीएम योगी द्वारा पांच वर्षों में किए गए कार्यों के आगे विपक्षी कहीं नहीं टिक पाए और जनता ने योगी आदित्यनाथ को प्रचंड बहुमत देकर एक बार फिर प्रदेश की कमान सौंप दी। जो विपक्षी बहुमत से सरकार बनाने का दावा कर रहे थे, वह अब मीडिया से मुंह छिपाते फिर रहे हैं।

29 साल बाद दोहराया गया बिजनौर सीट पर इतिहास

बिजनौर। बिजनौर सीट पर 29 साल बाद इतिहास दोहराया गया है। ऐसा 29 साल बाद हो सका जब मौजूदा विधायक को ही जनता ने फिर से जीत का ताज पहनाया, वरना साल 1993 के बाद इस सीट पर कोई भी लगातार दूसरी बार जीत दर्ज नहीं कर पाया। हालांकि दो दो बार विधायक जरूर बने, लेकिन लगातार नहीं।
जिले की बिजनौर सदर सीट पर भाजपा की सूचि चौधरी ने जीत दर्ज कराई है। वह 1445 मतों से भगवा लहराने में कामयाब रहीं। लगातार दूसरी बाद जीतने का यह इतिहास 29 साल बाद दोहराया गया है। इससे पहले 1993 में महेंद्र पाल सिंह भी लगातार दूसरी बार विधायक बने थे। इससे पहले महेंद्र पाल सिंह ने राम लहर में 1991 में जीत दर्ज कराई थी। महेंद्रपाल सिंह ने भी तीन दशक बाद इतिहास को दोहराया था। क्योंकि 1962 में कुंवर सत्यवीर सिंह ही ऐसे विधायक रहे, जो कि 1967 में भी जीते थे। कुंवर सत्यवीर सिंह से पहले 1957 में चंद्रावती लगातार दूसरी बार विधायक चुनी गई थी। बिजनौर सीट पर कुंवर भारतेंद्र सिंह भी दो बार विधायक चुने गए, लेकिन इन्हें भी लगातार चुनाव जीतने का मौका नहीं मिला। बीच में 2007 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।


बिजनौर सीट से चुने गए विधायक
1951 चंद्रावती कांग्रेस
1957 चंद्रावती कांग्रेस
1962 कुंवर सत्यवीर कांग्रेस
1967 कुंवर सत्यवीर कांग्रेस
1969 रामपाल सिंह बीकेडी
1974 अजीजुर्रहमान कांग्रेस
1977 कुंवर सत्यवीर जनता पार्टी
1980 अजीजुर्रहमान कांग्रेस
1989 सुखवीर सिंह जनता दल
1991 महेंद्र पाल सिंह भाजपा
1993 महेंद्रपाल सिंह भाजपा
1996 गजंफर अली बसपा
2002 कुंवर भारतेंद्र सिंह भाजपा
2007 शाहनवाज राणा बसपा
2012 कुंवर भारतेंद्र सिंह भाजपा
2014 रुचिवीरा सपा (उपचुनाव)
2017 सुचि चौधरी भाजपा
2022 सुचि चौधरी भाजपा

भाजपा को तो सत्ता में फिर आना ही था- जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)

बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया) किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। बरसों तक संघ परिवार से जुड़े रहने के कारण भाजपा संगठन में उनका खासा कद है। अनेक मुददों पर उनसे बातचीत हुई, उन्होंने बेबाकी से जवाब दिये।

उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत को लेकर आप क्या कहना चाहेंगे?

जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- जीतना तो तय ही था। सम्मानित मतदाताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जनहित के कार्यों को देखते हुए एक बार पुनः भाजपा को सत्ता सौंपी है।

आपको क्या लगता है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन कैसा रहेगा?

जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- यूपी के इस विधानसभा चुनाव को 2024 के लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानकर चलिये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ही बनेंगे। उनके नेतृत्व में देश ने पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है।

चुनाव में किसान आंदोलन का क्या असर पड़ा?

जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- किसान आंदोलन के फैक्टर ने उन्हीं जिलों में भाजपा के खिलाफ असर दिखाया जहां जाटों के अलावा मुस्लिमों की भी पर्याप्त संख्या है। आंदोलन के बाद भी भाजपा की स्थिति पश्चिम यूपी में उतनी कमजोर नहीं थी, जितने दावे किए जा रहे थे। खासतौर पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट के जरिए भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत की। कई जिलों में मुस्लिम बनाम हिंदू की स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन यहां समीकरण बिगड़ते नहीं दिखे।

योगी आदित्यनाथ की छवि का क्या प्रभाव रहा?

जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- सीएम योगी बीजेपी के पहले ऐसे सीएम हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। भाजपा ने पिछला चुनाव बिना किसी सीएम फेस के लड़ा था, लेकिन इस बार योगी आदित्यनाथ का चेहरा सामने रखकर चुनाव लड़ा गया। वहीं नोयडा को लेकर स्थापित मिथक को भी योगी जी ने वहां कई बार पहुंच कर तोड़ा।

कई सर्वे में सपा-रालोद गठबंधन को बढ़त और यहां तक कि सरकार बनाने का दावेदार भी बताया जा रहा था?

जोगेंद्र सिंह कर्णवाल (वालिया)- भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के कुशल नेतृत्व में पार्टी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सर्वे हमेशा सच नहीं होते, इनमें उतार चढ़ाव आता रहता है। अध्यक्ष जी का रणनीतिक कौशल पार्टी के लिये बेहद कारगर साबित हुआ।

काशी की परंपरा के लिए खतरा है भाजपा: जय प्रकाश पांडेय

समाजवादी नेता जय प्रकाश पांडेय ने भाजपा को बताया काशी की परंपरा के लिए खतरा।


लखनऊ। मतदान की पूर्व संध्या पर बीएचयू गेट पर संवाददाताओं से बात करते हुए समाजवादी नेता एवं चिंतक जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि असहमति के प्रति आदर भाव प्रदर्शित करने की परंपरा का नाम है- काशी। पौराणिक मान्यताओं का केंद्र होते हुए भी काशी ने स्थापित व्यवस्था की विसंगतियों के बरक्स मानवतावादी मौलिक विचारों एवं असहमति के स्वरों को धैर्य से सुना। महात्मा बुद्ध, शंकराचार्य से दयानंद सरस्वती तक के शास्त्रार्थ की साक्षी है- काशी। यहां कबीर और संत रविदास की सामाजिक समता की आग्रही दूसरी परंपरा भी संरक्षण पाती रही है। भाजपा की एकरंगी सोच लोकतांत्रिक विमर्श को खारिज करने एवं असहमति को कुचलने की है, जो काशी की परंपरा के खिलाफ है। काशी की इस गौरवपूर्ण विरासत के सच्चे उत्तराधिकारी समाजवादी ही हैं।

अखिलेश से मिलने के लिए कतारबद्ध हो गई अफसरशाही!

योगी के खास अफसर अखिलेश से क्यों मिल रहे? अयोध्या में डीएम ने बोर्ड बदला। लखनऊ में अखिलेश से मिलने के लिए अफसरों की कतार लग रही

लखनऊ (एजेंसी)। यूपी विधानसभा चुनाव के सिर्फ एक चरण की वोटिंग बची है। सरकार किसकी बनेगी, इसका तो अभी इंतजार है, लेकिन नौकरशाही में हलचल मच चुकी है। ताजा उदाहरण अयोध्या के डीएम आवास के बोर्ड के बदलते रंगों से ही ले सकते हैं। बड़े ब्यूरोक्रेट्स अखिलेश से मुलाकात की कोशिशें कर रहे हैं। कुछ पुराने रिश्ते याद दिलाना चाहते हैं, तो कोई नए रिश्ते की नींव रखना चाहता है। ये दृश्य इसलिए भी दिखने लगे हैं क्योंकि ये ब्यूरोक्रेट्स सियासत के मौसम को बखूबी समझते हैं।

योगी के करीबी अधिकारी पहुंचे अखिलेश के दरबार- रोचक तथ्य ये है कि कल तक जो सीएम योगी के सबसे करीबी अधिकारियों में शामिल थे। वह अब अखिलेश यादव से एक मुलाकात करके लिए जुगत भिड़ा रहे हैं। कोई सीधे फोन करके बात कर रहा है। कोई सहयोगी के जरिए अखिलेश तक पहुंचना चाहता है। ब्यूरोक्रेट्स, इतनी परेशानी तब उठा रहें हैं। जब यूपी की सत्ता पर कौन बैठ रहा है, यही तय नहीं है। सपा सूत्रों का दावा है कि पुलिस और प्रशासन के कई बड़े अफसर अब तक मुलाकात कर भी चुके हैं।

अखिलेश से मिलने वालों की कतार में कौन-कौन?

सपा के एक बड़े नेता का दावा है कि योगी सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले एक सीनियर आईएएस अफसर अखिलेश से बात करने की कोशिश कर रहे हैं। ये भी अंदरखाने चल रहा है कि अखिलेश फिलहाल उनसे मिलना नहीं चाहते हैं। दूसरी तरफ सपा नेताओं का दावा है कि पुलिस महकमे के भी कई अफसरों से अखिलेश की मुलाकात हो चुकी है। कुछ खास इश्यू पर उनकी चर्चाएं हुईं हैं। इसके साथ ही अखिलेश सरकार में बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाली महिला आईएएस भी सपा सुप्रीमो के संपर्क में हैं। अब जो चर्चाएं चल रही हैं, उसके मुताबिक अखिलेश सरकार में पंचम तल पर रहने वाले अधिकारियों को लगता है कि वो दोबारा सीएम बन सकते हैं। इसलिए अभी से अपनी कुर्सी पक्की कर लेना चाहते हैं।

पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन से लगा रहें हैं सिफारिश!
खबर ये भी है कि कुछ अधिकारी अखिलेश सरकार में मुख्य सचिव रहे सीनियर आईएएस आलोक रंजन के जरिए अखिलेश खेमे में अपनी पैठ बनाने की कोशिश में लगे हैं। आलोक रंजन फिलहाल अखिलेश यादव के बेहद करीबी हैं और माना जा रहा है कि अगर सपा की सरकार बनती है, तो उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी।

डीएम आवास के बोर्ड के ‘बदलते रंग’ की कहानी

अयोध्या के डीएम के बोर्ड का रंग पर उठे बवाल के बाद दोबारा रंग बदला गया। - Dainik Bhaskar

अयोध्या के डीएम के बोर्ड का रंग पर उठे बवाल के बाद दोबारा रंग बदला गया। अयोध्या के डीएम आवास के बोर्ड का रंग बुधवार को बदल दिया गया। पहले भगवा था, जिसे बाद में हरा किया गया। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इन चर्चाओं में लोगों ने सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है कि क्या उत्तर प्रदेश में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है? यूपी में भगवा से भाजपा तो हरा रंग को सपा से जोड़ा जाता है। हालांकि, गुरुवार को एक बार फिर डीएम के बोर्ड का रंग हरा से लाल कर दिया गया है।

कई अधिकारी भी होते हैं सियासत के मौसम वैज्ञानिक
सियासत में रंगों का अपना अलग ही महत्व होता है। 2017 में उत्तर-प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही रंग बदलने लगे। सरकारी बिल्डिंग से लेकर मंत्रियों के आवास का रंग भी बदला। रंगों में बदलाव कुर्सियों और उन पर सजने वाले तौलिया तक में दिखाई दिया। सड़क से लेकर चौक-चौराहों पर लगे बोर्ड तक सब कुछ जैसे भगवा मय हो गया। यूपी में योगी सरकार बनने के बाद DM आवास के बोर्ड का रंग भगवा किया गया था। अयोध्या और वाराणसी में कई सारे भवनों को भगवा रंग दिया गया। लेकिन चुनाव के आखिरी पड़ाव में डीएम के बोर्ड के बदलते रंग ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। लोगों का तो यहां तक कहना है कि कई अधिकारी भी सियासत के मौसम वैज्ञानिक होते हैं।

दिल्ली दंगा मामले में कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों को HC का नोटिस

सोनिया-राहुल गांधी और कपिल मिश्रा का नाम शामिल

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी

नई दिल्ली (नई दिल्ली)। हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले में  कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के अलावा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा, बीजेपी सांसद परवेश वर्मा जैसी कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों को नोटिस जारी किया है।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा

नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न इस मामले में पक्षकार के रूप में उन पर मुकदमा चलाया जाए। इस मामले में सभी लोगों से चार मार्च 2022 तक जवाब मांगा गया है। 

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर

विदित हो कि दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दंगे भड़काने में कथित भूमिका के लिए राजनेताओं सहित कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।

HC Issues Notice on Plea for FIR Against Gandhis For 'Hate Speech'
बीजेपी सांसद परवेश वर्मा

पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा था कि क्या वे वही लोग हैं, जिनके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, क्या वही लोग इस मामले में पक्षकार हैं? क्या हम वास्तव में उनकी बात सुने बिना उन्हें गिरफ्तार करने की आपकी याचिका पर आगे बढ़ सकते हैं?

स्वर्गीय विधायक लोकेंद्र चौहान को चौथी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि


बिजनौर। नूरपुर के ग्राम आलमपुरी में स्वर्गीय विधायक लोकेन्द्र चौहान की चौथी पुण्य तिथि पर उनके आवास पर हवन यज्ञ किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिवंगत विधायक को श्रधांजलि दी।
श्रधांजलि कार्यक्रम में उनके बड़े भाई सीपी सिंह ने कहा कि यह उनके दिवंगत भाई लोकेन्द्र चौहान की लोकप्रियता है कि क्षेत्र के व्यक्ति, पार्टी कार्यकर्ता उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रधांजलि देने हर वर्ष यहाँ आते है। उनका यह परिवार भी क्षेत्र के हर व्यक्ति के सुख दुःख में हमेशा साथ रहेगा। भाई लोकेन्द्र चौहान के अधूरे सपनों को पूरा करने का प्रयास किया जायेगा। श्रधांजलि कार्यक्रम में कुँवर राणा प्रताप सिंह, राजीव त्यागी, अमित कुमार,नकौशल चौहान, नरेश चौधरी, नृपेंद्र चौधरी, जगवीर सिंह, अनिल कुशवाह, दल सिंह, विजेन्दर राणा, सर्वेश कुमार, अवधेश कुमार राणा, सन्दीप सैनी, नरेश भाटी , जसवेंदर सिंह पांडेय, सुमित शर्मा,नरेश मुनीम जी आदि मौजूद रहे।

सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों से वसूली गई रकम वापस करेगी सरकार

… लेकिन नए कानून यूपी रिकवरी ऑफ डैमेज टू प्रॉपर्टी एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एक्ट के तहत सरकार कर सकती है कार्यवाही

नई दिल्ली। सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ जारी रिकवरी नोटिस को यूपी सरकार ने वापस लेने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया है कि रिकवर की गई रकम को वापस किया जाए। ये धनराशि करोड़ों में है। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ रिकवरी नोटिस और उसके लिए शुरू की गई कार्यवाही को वापस ले लिया गया है। सीएए के खिलाफ 2019 में प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। इस मामले में यूपी सरकार ने रिकवरी नोटिस जारी किया था।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि राज्य सरकार ने जो भी रकम कथित प्रदर्शनकारियों से वसूले हैं, वह रिफंड करे। साथ ही यूपी सरकार को इस बात की इजाजत दे दी है कि वह एंटी-सीएए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नए कानून यूपी रिकवरी ऑफ डैमेज टू प्रॉपर्टी एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्यवाही कर सकती है।

इससे पहले यूपी सरकार की अडिशनल एडवोकेट जनरल गरिमा प्रसाद ने कहा कि प्रदर्शनकारियों और सरकार को इस बात की इजाजत देनी चाहिए कि वह क्लेम ट्रिब्यूनल के सामने जाएं। मामले में रिकवर किए गए रकम को वापस करने का आदेश नहीं दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करने से मना कर दिया और कहा कि रिकवरी नोटिस वापस हो चुका है और कार्रवाई खत्म हो गई। यूपी सरकार रिकवर की गई रकम वापस करे, ये रकम करोड़ों में हो सकती है।

11 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सीएए कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ यूपी सरकार द्वारा जारी रिकवरी नोटिस पर कड़ी नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को आखिरी मोहलत देते हुए कहा था कि वह रिकवरी से संबंधित कार्रवाई को वापस लें और साथ ही चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर कार्रवाई नहीं वापस किया गया तो हम कार्रवाई को खारिज कर देंगे क्योंकि यह नियम के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हमारे आदेश के तहत जो नियम तय है, उसके तहत कार्रवाई नहीं हुई है।

साभार- इंडेविन टाइम्स, लखनऊ

हमने गुंडाराज को खत्म किया: राजनाथ सिंह

मलिहाबाद,लखनऊ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने तहसील ग्राउंड में आयोजित जनसभा में विपक्ष पर तंज कसते हुए अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों और उपलब्धियों के बारे में बताया। कहा कि हमने गुंडाराज को खत्म किया है। सपा सरकार में गरीब और मजदूरों पर अत्याचार होते थे। आज इस सरकार में सभी लोग स्वतंत्र हैं। एक बार फिर आप भारतीय जनता पार्टी को अपना कीमती वोट देकर विजय बनाएं और मलिहाबाद विधानसभा सीट से जयदेवी कौशल के लिए अपना वोट दें। इस दौरान उन्होंने मलिहाबाद की दशहरी का बखान करते हुए बताया पूरे विश्व में यहां की दशहरी मशहूर है। इसलिए मलिहाबाद की यह सीट भी पूरे देश में मशहूर है। रक्षा मंत्री ने कहा सदन में आप लोग भाजपा का विधायक जिता कर भेजिए। 20 हजार हेक्टेयर में आम पैदा किया जाता है। इतना आम देश मे कहीं नहीं होता है। क्षेत्र का बहुत बड़ा नाम है, इसलिए क्षेत्र का नाम डूबना नहीं चाहिए। जय देवी के जीतने के बाद हम फिर आपकी आम की दावत खाने जरूर आएंगे। उन्होंने कहा आपके क्षेत्रीय सांसद के क्षेत्र में अब ब्रह्मोस मिसाइल बनने लगी है। साथ ही उत्तर प्रदेश में गोली के साथ-साथ गोला भी बनने लगा है। इस दौरान उन्होंने जम्मू कश्मीर से हटाई गई धारा 370, अयोध्या में भव्य राम मंदिर, एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया।

रक्षा मंत्री के संबोधन से पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में लोगों को विस्तृत रूप से समझाया। विधायक जयदेवी कौशल ने भी जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में कुंवर बलवीर सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि काकोरी लल्लू यादव, ब्लाक प्रमुख निर्मल वर्मा, संयोगिता सिंह चौहान, अरुण प्रताप सिंह, अंजू सिंह, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र अवस्थी, महामंत्री आशीष द्विवेदी, विधानसभा संयोजक जय गोविंद अवस्थी, सभासद सौरभ यादव, राजेश लोधी, सभासद प्रमोद शर्मा, तारीफ खान, पूर्व मंडल अध्यक्ष अरविंद शर्मा, मूलचंद यादव सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

छोटे सिंह चौहान ने किया अपने समर्थकों के साथ गांवों में भ्रमण

उरई (जालौन)। भाजपा निषाद पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान ने अपने समर्थकों के साथ विधानसभा क्षेत्र के गांवों में भ्रमण किया।

गठबंधन के प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान ने ग्राम चुर्खी, नादमी छोटी, नाडमी बड़ी, रिनिया, अभेदेपुर, लौना, पिथऊपुर, दमशश, मलथुआ, भिवारी, जहटौली, जखा, मड़ैया छोटी, मड़ैया बड़ी, मघापुर, रामपुर व जितापुर में संपर्क कर वोट की अपील की।

योगी का सनसनीखेज बयान, बोले अखिलेश नहीं चाहते कि आजम खान जेल से बाहर आएं….

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के दूसरे चरण के तहत नौ जिलों की 55 सीटों के लिए मतदान शुरू हो गया है। इस बीच एएनआई न्‍यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्‍यू में सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने यह कहकर चौंका दिया कि आजम खान जेल से बाहर आएं यह खुद अखिलेश यादव नहीं चाहते। आजम बाहर आए तो अखिलेश की कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी।
एक सवाल के जवाब में सीएम योगी ने कहा कि अखिलेश यादव ईमानदारी से बताएं कि वे क्‍या चाहते हैं। सीएम योगी ने कहा कि वैसे आजम खान का मामला न्‍यायालय में लंबित है। इसमें राज्‍य सरकार का कोई दखल नहीं है। राज्‍य सरकार सिर्फ कोर्ट द्वारा पूछे जाने पर सही तथ्‍य सामने रख देती है। एक अन्‍य सवाल के जवाब में सीएम योगी ने कहा कि नए भारत में विकास सबका होगा लेकिन तुष्टीकरण किसी का नहीं। सरकार सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ कार्य कर रही है। नया भारत संविधान के अनुरूप चलेगा, शरीयत के अनुरूप नहीं। मैं स्पष्टता से कह सकता हूं कि गजवा-ए-हिंद का सपना कयामत के दिन तक भी साकार नहीं होगा।

मुकदमे भाजपा के समय तो नहीं हुए

चुनाव के समय विपक्ष से जुड़े लोगों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसि‍यों की कार्रवाई पर एक सवाल का जवाब देते हुए सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि अखिलेश जी के खानदान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला है, क्या ये बीजेपी की सरकार के समय हुआ था? 2013 में तो बीजेपी की सरकार भी नहीं थी। इनके खिलाफ और भी बहुत सारे मामले हैं, क्या ये बीजेपी के कारण हुआ है?

धुंआधार तरीके से जारी है छोटे सिंह चौहान का प्रचार अभियान

छोटे सिंह चौहान का प्रचार अभियान धुंआधार तरीके से जारी। विधानसभा क्षेत्र 220-कालपी से भाजपा, निषाद पार्टी गठबंधन के हैं प्रत्याशी। विजयी बनाने को आतुर से दिख रहे मतदाता।

उरई (जालौन)। विधानसभा क्षेत्र 220-कालपी से भाजपा, निषाद पार्टी गठबंधन प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान का प्रचार अभियान धुंआधार तरीके से जारी है। गांव-गांव में मतदाता अपने प्रिय प्रत्याशी छोटे सिंह को इस विधानसभा क्षेत्र से विजयी बनाने को आतुर सा दिख रहा है।

चुनाव प्रचार अभियान के दौरान भाजपा-निषाद पार्टी गठबंधन प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान ने अपने समर्थकों के साथ कदौरा मंडल के उकुखा, डाले का पुखा, छोटीमेडी, बड़ागांव, चतेला, पतरेहता, बसरेही, समसी, चनदरसी, कानाखेड़ा, अरगांमा, नाका, पंडोरा, मरगांमा, मठपुखा, सुजानपुर आदि अनेक ग्रामों में भ्रमण किया। ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं ने उन्हें मत व समर्थन देने का वायदा किया। साथ ही उनके लिये हर स्तर से सहयोग का आश्वासन भी दिया।

इस दौरान जगत नारायण विश्वकर्मा अध्यक्ष, ज्ञान सिंह भदोरिया जिला पंचायत सदस्य, महेंद्र सिंह, सूर्यपाल सिंह पूर्व मंडल अध्यक्ष, जगरूप सिंह, वेद प्रकाश पाठक, पूर्व महामंत्री, जगभान पाल मंडल उपाध्यक्ष, गुलाब पाल, सत्य प्रकाश निषाद युवा मोर्चा निषाद पार्टी, भारत सिंह निषाद, बृज बिहारी पाल मंडल उपाध्यक्ष, राजेश कुशवाहा मंडल मंत्री, राहुल सिंह परिहार मंडल युवा मोर्चा मंडल संयोजक, महावीर तिवारी, देवेंद्र सिंह, बाबूराम कुशवाहा, जगदीश पाल पूर्व मंडल अध्यक्ष, राजा शुक्ला, जगमोहन विश्वकर्मा, योगेंद्र पाल सिंह, देवेंद्र सिंह, सौरभ भूषण शर्मा विधानसभा प्रभारी, संजीव उपाध्याय क्षेत्रीय मंत्री, नवीन गुप्ता पूर्व जिला महामंत्री, भूपेंद्र सिंह बारह, देवेंद्र गुप्ता शक्ति केंद्र संयोजक, दिग्विजय सिंह, कोमल सिंह, भारत सिंह यादव, नकुल वर्मा आदि शामिल रहे।

सदर विधानसभा सीट पर चुनाव दिलचस्प होने के आसार

बिजनौर। सदर विधानसभा सीट पर चुनाव दिलचस्प होने के आसार बढ़ गए हैं। जानकारों के अनुसार भाजपा प्रत्याशी सूची मौसम चौधरी की राह इस बार आसान नजर नहीं आ रही। चुनाव में उन्हें जहां सपा रालोद गठबंधन से कड़ी टक्कर मिल रही है, वहीं बसपा प्रत्याशी रूचि वीरा भी पूरी ताकत से चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं। आम आदमी पार्टी प्रत्याशी विनीत शर्मा ने भी धुआंधार प्रचार कर अपने चुनाव को मजबूत बना लिया है। उस पर मतदाताओं की चुप्पी से सभी प्रत्यशियों की नींद उड़ी हुई है।

सपा रालोद गठबंधन प्रत्याशी डॉ नीरज चौधरी

चुनावी समीक्षकों के मुताबिक 389356 मतदाताओं वाली बिजनौर सदर सीट पर भाजपा ने इस बार भी अपनी निवर्तमान विधायक सूची मौसम चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। सपा रालोद गठबंधन से वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ नीरज चौधरी चुनाव मैदान में हैं। वहीं बसपा के टिकट पर पूर्व सदर विधायक रुचि वीरा भी पूरी ताकत के साथ डटी हुई है। इस चुनाव में पहली बार आम आदमी पार्टी के टिकट पर पढ़े लिखे नौजवान विनीत शर्मा शिक्षा, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा किसानो के गन्ना भुगतान जैसे मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में उतरे हैं।

भाजपा प्रत्याशी सूची चौधरी

जातीय समीकरण के लिहाज से इस सीट पर लगभग एक लाख 40 हजार मुस्लिम, 45 हजार जाट, 48 हजार अनुसूचित जाति 40 हजार सैनी, 14 हजार पाल 12 हजार कश्यप, 10 हजार राजपूत, 10 हजार वैश्य, 8 हजार बंगाली, 5 हजार ब्राह्मण व शेष अन्य जातियों के मतदाता हैं।

बसपा प्रत्याशी रुचि वीरा

जाट मतदाता का रुझान स्पष्ट नहीं- 13 महीने चले किसान आंदोलन को लेकर भाजपा से नाराजगी के चलते जाटों का रुझान किसी एक पार्टी की तरफ होता दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि रालोद प्रत्याशी डॉक्टर नीरज चौधरी बिरादरी के दिग्गजों के साथ घर घर जाकर भाईचारे व विकास के वादे कर रहे हैं।

भाजपा के पास भी है जाट समुदाय- किसान आंदोलन को लेकर जाटों के भाजपा से नाराज होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसके बावजूद, इन दावों में कोई ख़ासा दम नहीं दिखता। पश्चिम उत्तर प्रदेश में बीजेपी के मंत्री, विधायक से लेकर कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी जाट हैं। सभी ने सुशासन, विकास, सुरक्षा आदि मुद्दों को लेकर अपनी बिरादरी में खासी पैठ बना रखी है।

मुस्लिम मतदाता भी साधे है चुप्पी- पूर्व सदर विधायक रुचि वीरा इस बार बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। विधानसभा क्षेत्र के ग्रम पेदा में एक वर्ग विशेष के तीन लोगों की हत्या के बाद अल्पसंख्यक समुदाय का उनके प्रति झुकाव तो हुआ लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक मतदाताओं का उनके पक्ष में ध्रुवीकरण होने के बावजूद चुनाव हार गई थी। इस बार रुचि वीरा दलित व मुस्लिम गठजोड़ के सहारे चुनावी वैतरणी पार करना चाहती हैं। जानकारों का कहना है कि इस बार के चुनाव में मुस्लिम समाज पूरी तरह से एकजुट होता नजर नहीं आ रहा है। समाजवादी पार्टी और रालोद गठबंधन के चलते डॉ नीरज चौधरी को भी इस वर्ग के वोट मिलना तय है।

ठिठका हुआ है मुस्लिम वोटर- बताया जाता है कि बसपा सुप्रीमो मायावती के कथित बयान कि “चाहे भाजपा को वोट देना पड़े, समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी नहीं जीतना चाहिए!” इसके बाद मुस्लिम मतदाता एक तरह से ठिठक सा गया है। जानकारों के अनुसार इस वर्ग के मतदाताओं के मन में संशय है कि यदि वो बसपा को वोट देते भी हैं, तो वह भाजपा के खाते में ही जाना है। इसलिए वह पशोपेश में है।

आप प्रत्याशी विनीत शर्मा

आम आदमी पार्टी ने इस बार बिजनौर सदर सीट से युवा व पढ़े-लिखे विदित शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। उनके धुआंधार चुनाव प्रचार, दिल्ली के विकास मॉडल, किसानों की कर्ज माफी, महिला सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे वादों के बाद आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की उनके समर्थन में वीडियो संदेश जनता के बीच पहुंचाए जाने के बाद चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में आप प्रत्याशी की स्थिति मजबूत होती दिखाई दी। क्षेत्र की चुनावी समीक्षा के बाद बिजनौर सदर सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प होने के आसार बढ़ गए हैं। चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा, ये तो आने वाली 10 मार्च को मतगणना के बाद ही पता चल पाएगा, किंतु दूसरे चरण में 14 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए मतदाताओं में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद जनता अपने पत्ते खोलने को तैयार नहीं है।

ढह रहा है बीजेपी का क़िला? पहले चरण के मतदान के क्या हैं संकेत?

उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान के बाद बीजेपी और समाजवादी पार्टी गठबंधन की तरफ से जीत के दावे किए जा रहे हैं. किसका दावा सच्चा निकलेगा और किसका झूठा साबित होगा. ये तो 10 मार्च को ही पता चलेगा. लेकिन चुनावों पर नजर रखने वाले मतदान पैटर्न और नेताओं के चेहरों के हावभाव से ये अंदाज़ा लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पहले चरण का मतदान किसके हक में हुआ है. इसी से अंदाज़ा हो जाएगा कि सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी.

पिछले तीन चुनावों के नतीजे बताते हैं कि पहले चरण में बढ़त बनाने वाली पार्टी ही आख़िर में सत्ता पर काबिज़ होती है. ज़्यादातर चुनाव विश्लेषकों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पहले चरण वाले 11 ज़िलों में बीजेपी को बड़ा नुक़सान होता दिख रहा है. खुद बीजेपी के नेता मान रहे हैं कि इस बार बीजेपी पिछले चुनाव में जीती हुई 53 सीटों का आंकड़ा किसी सूरत में नहीं छू पाएगी. उसे होने वाले नुकसान को लेकर आंकलन अलग-अलग है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीजेपी की तरफ से चुनावी रणनीति बनाने और उसे अमलीजामा पहनाने वाली टीम के एक सदस्य के मुताबिक बीजपी 20 से 25 सीटें जीत रही है. ये अंदाज़ा मतदान के बाद विभिन्न सीटों से बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की तरफ से भेजी गई रिपोर्ट के आंकड़ों के आधार पर लगाया गया है. क़रीब 10 सीटों पर वो कड़े मुकाबल में फंसी है. इन सीटों पर उसकी जीत का दारोमदार मुस्लिम वोटों के बंटवारे पर है. इसके लिए पार्टी को ओवैसी की पार्टी से बहुत उम्मीदें हैं.

सीएसडीएस को दिखी बीजेपी के खिलाफ आंधी
चुनावी सर्वेक्षण और चुनाव से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली संस्था सीएसडीएस के निदेशक संजय सिह के मुताबिक पहले चरण में मतदान वाली सीटों पर बीजेपी के खिलाफ़ आंधी चलती दिख रही है. ये आंधी बीजेपी की ‘डबल इंजन’ की सरकार के खिलाफ है. ये बात उन्होंने विभिन्न सीटों पर एक्ज़िट पोल करने गए अपनी टीम के सदस्यों से मिले फीडबैक के आधार पर कही है. उनका कहना है कि बीजेपी का क़िला ढह रहा है. इसकी शुरुआत पहले चरण के मतदान से हो चुकी है. सीएसडीएस का एक्ज़िट पोल एकदम सटीक निकलता है. 2017 के चुनाव में इसने बीजेपी को 300 से ज्यादा सीटें मिलने की भविष्यवाणी की थी और 2012 में समाजवादी पार्टी को 225 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था. इस लिहाज से देखें तो संजय सिंह के दावे में दम नज़र आता है.

नहीं चला योगी का कोई दांव
बीजेपी खासकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीत के लिए सारे हथकंडे अपना रहे हैं. उन्होंने, हिंदुत्व, राष्ट्रवाद, विकास के मुद्दों के साथ ही सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का भी कार्ड खेला. चुनाव के ऐलान के फौरन बाद उन्होंने कई टीवी चनलों पर चुनाव को 80 फीसदी बनाम 20 फीसदी की लड़ाई बताया. उनका सीधा मतलब 80 प्रतिशत हिन्दू वोटर्स और 20 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स के बीच संघर्ष से था. इस फॉर्मूले के ज़रिए वो अखिलेश यादव और जयंत चौधरी की जोड़ी के जाट-मुस्लिम समीकरण को तोड़ना चाहते थे. मतदान के दिन सुबह योगी ने वीडियो जारी करके कहा कि अगर यूपी में दोबारा बीजेपी की सरकार नहीं बनी तो ये केरल, कश्मीर और पश्चिम बंगाल बन जाएगा और उनकी पांच साल की मेहनत पर पानी फिर जाएगा. मतदान का पैटर्न देख कर लगता है कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की योगी की ये आख़री कोशिश भी कामयाब नहीं हुई.

सफल दिख रही अखिलेश की सोशल इंजीनियरिंग
बीजपी की रणनीति के खिलाफ अखिलेश जाट-मुस्लिम के साथ ही सैनी, मौर्य, कुशवाहा और कश्यप जैसी अतिपिछड़ी जातियों की सोशल इंजीनियरिंग के साथ मैदान में उतरे थे. पहले चरण वाली सीटों पर इसका असर दिखा. इस बार अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के गठबंधन ने बीजेपी के उम्मीदवारों को कुछ हद तक बांध दिया कि वो खुल कर नहीं खेल पाए. शहरी इलाकों में बीजेपी के वोटर जहां उदासीन दिखें, वहीं मुस्लिम इलाक़ों में मतदान को लेकर उत्साह देखा गया. तमाम टीवी चनलों के रिपोर्टर्स ने रिपोर्टिंग के दौरान ये बात कही कि हिंदू वोटर्स में मतदान को लेकर उतना उत्साह नहीं है जितना पिछले चुनाव में था. जिस कैराना के उम्मीदवार का नाम लेकर योगी ने ‘10 मार्च के बाद गर्मी निकालने’ और ‘मई-जून में यूपी को शिमला बनाने’ वाला बयान दिया था, वहां सबसे ज्यादा 75 फीसदी मतदान हुआ है. क्या ये बीजेपी का किला ढहने के संकेत हैं?

क्या है मतदान का पैटर्न
पहले चरण की 58 सीटों पर हुए मतदान के पैटर्न और पिछल चुनाव के तुलनात्मक विश्लेषण से नतीजों के रुझान का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. इस बार करीब 61.06 फीसदी वोट पड़े हैं. ये पिछले 2017 के चुनाव से 2 फीसदी कम है.


2017 में इन 58 सीटों पर औसतन 63.75 फीसदी मतदान हुआ था, यानि इस बार करीब 2 फीसदी वोटिंग कम हुई है. 2012 में इन्हीं 58 सीटों पर 61.03 फीसदी वोटिंग हुई थी. यानि 2017 में करीब 2 फीसदी वोटों में इजाफा हुआ था. पिछली बार 2 फीसदी वोट बढ़े थे तो बीजेपी को 43 सीटों का फायदा हुआ था. जबकि बसपा 18 और सपा को 12 सीटों का नुकसान हुआ था. 2017 में भाजपा को इन 58 में से 53 सीटों पर जीत मिली थी. 2012 में इन 58 सीटों में बीजपी को 10 सीटें, सपा को 14 और बसपा को 20 सीटें मिली थीं. 11 सीटें निर्दलियों ने जीती थीं.

उदास दिखे मोदी-योगी के मंत्री
पहले चरण में दिग्गजों की सीटों पर कम मतदान बीजेपी को खल रहा है. योगी सरकार के मंत्रियों वाली सीटों पर कम मतदान होना उनकी हार की तरफ इशारा कर रहा है. मतदान के बाद विभिन्न टीवी चैनलों पर मोदी सरकार के मंत्री संजीव बालियान से लेकर योगी सरकार के मंत्री श्रीकांत शर्मा, संगीत सोम और सुरेश राणा यूं तो जीत के दावे करते दिखे, लेकिन उनके चेहरों के भाव उनके मुंह से निकलने वाले शब्दों का साथ देते नहीं दिख रहे थे. कई टीवी चैनलों की रिपोर्ट के मुताबिक योगी सरकार के दिग्गज मंत्रियों वाली सीटों पर हिंदू मतदाता मतदान को लेकर काफी उदासीन थे, वहीं मुस्लिम मतदाताओं में काफी उत्साह था. अक्सर देखा गया है कि बीजेपी का कट्टर वोटर उससे नाराज होने की स्थिति में उसके खिलाफ वोट नहीं डालता. इसके बजाय वो वोट डालने ही नहीं निकलता. ये स्थिति योगी सरकार के लिए ख़तरे की घंटी है.

पहला चरण जिसका, सत्ता पर क़ब्ज़ा उसका
ग़ौरतलब है कि पिछले दोनों चुनाव में इन जिलों में पहले चरण में ही मतदान हुआ था. दो प्रतिशत वोटिंग बढ़ने से बीजेपी ने पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश जीता और बाक़ी के चरणों में पूरे उत्तर प्रदेश में बीजपी का भगवा लहरा गया था. तो क्या 2 प्रतिशत कम मतदान बीजेपी के खिलाफ जा रहा है. अगर पहले चरण में बीजेपी को बड़ा नुकसान होता है तो बाकी के चरणों में भी नुकसान जारी रहेगा. आख़िरकार सत्ता उसके हाथ से निकल जाएगी. पिछले तीन चुनावों में ऐसा ही हुआ है. 2017 में पहले चरण से ही बीजेपी ने बढ़त बना ली थी. 2012 के चुनाव के पहले चरण में समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं और सत्ता पर पूर्ण बहुमत से उसका क़ब्ज़ा हो गया था. यही पैटर्न 2007 में भी रहा था. बीएसपी पहले चरण से ही बढ़त बनाते हुए चली और पहली बार पूर्ण बहुमत से उसकी सरकार बनी थी.

दिग्गजों की सीटों पर कम मतदान का क्या मतलब?
योगी सरकार में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की मथुरा विधानसभा सीट पर 57.33 प्रतिशत मतदान हो सका. 2017 में यहां 59.5 फीसदी मतदान हुआ था. उत्तराखंड की राज्यपाल का पद छोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ने आई बेबीरानी मौर्या की आगरा ग्रामीण विधानसभा सीट पर 62.00 प्रतिशत मतदान हुआ. पिछली बार 63.7 फीसदी मतदान हुआ था. हस्तिनापुर विधानसभा सीट पर 60 प्रतिशत मतदान हो सका. 2017 में 67.8 फीसदी मतदान हुआ था.


योगी सरकार मंत्री और फायरब्रांड नेता संगीत सोम की सरधना सीट पर 62.30 प्रतिशत मतदान हो सका. 2017 में 71.8 फीसदी मतदान हुआ था. जेवर विधानसभा सीट पर 60.30 प्रतिशत मतदान हुआ. 2017 में 65.5 फीसदी मतदान हुआ था. जिस कैराना से गृहमंत्री अमित शाह ने हिंदुओ के पलायन का मुद्दा उठाया था और योगी ने उम्मीदवार की गर्मी निकालने की बात की थी, वहां 6 प्रतिशत मतदान बढ़ गया. वहां 75.12 प्रतिशत मतदान हुआ है. 2017 में 69.6 फीसदी मतदान हुआ था.


पहले चरण के मतदान का पैटर्न बताता है कि चुनाव को 80 फीसदी बनाम 20 फीसदी की लड़ाई में तब्दील करने का योगी आदित्यनाथ का फॉर्मूला नहीं चला. बीजेपी 20 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स को छोड़ कर बाकी 80 प्रतिशत हिन्दू वोटर्स को एकजुट करने पर ज़ोर दे रही थी. लेकिन वो इसमें नाकाम होती दिखी. वहीं अखिलेश यादव और जयंत की जोड़ी ने 20 प्रतिशत मुस्लिम वोटर्स को एकजुट रखा. ज्यादातर चुनाव विश्लषकों को इस जोड़ी की सोशल इंजीनियरिंग कामयाब होती दिख रही है. मुजफ्फरनगर में 41 प्रतिशत मुस्लिम आबादी के बावजूद ज़िले की 6 विधानसभा सीटों पर इस गठबंधन ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं उतारा. इसके बावजूद जाट-मुस्लिम समीकरण एकजुट नज़र आया. पहले चरण में ज्यादातर सीटों पर बीएसपी मुख्य मुकाबल से बाहर दिखी तो ओवैसी की पार्टी का मुस्लिम इलाक़ों में कोई खास असर होता नहीं दिखा. यहीं ट्रेंड दूसरे चरण में भी जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है.

सौजन्य से- theyoungadmin 

कालपी में छोटे सिंह चौहान को मिल रहा भरपूर समर्थन

जनसंपर्क के दौरान ग्रामीण दे रहे सहयोग का आश्वासन

कालपी (उरई/जालौन)। भाजपा-निषाद पार्टी के गठबंधन प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। जनसंपर्क अभियान के दौरान उन्हें भारी समर्थन भी मिल रहा है।

इसी क्रम में कालपी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बाबई मंडल के छानी, पीपरी, हथना खुर्द, ऊद, मऊ, गधेला, पखुना, रिनिया, हीरापुर, जगनवा, हरीपुर, प्रतापपुरा, माहिया, ओरेखी, सहाब, शेखपुर बुजुर्ग, कुदारी अनेक ग्रामों में भ्रमण किया। गठबंधन प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान ने समस्त ग्राम वासियों से निवेदन किया कि उनके चुनाव चिन्ह भोजन भरी थाली का बटन दबाकर भारी मतों से विजयी बनायें।

वहीं बाबई मंडल के ही सींगपुरा, माहिया खास, पर्वतपुरा, ऐदलपुरा, सिहारी पडेया, उरगांव, सारंगपुर, ऐदलपुर, दहगुवा, बाबई, कुसमरा, सूरजपूरा, हरदोई राजा, बिरहरा, पनहरा, गोकुलपुरा आदि अनेक ग्रामों में भ्रमण किया। हर जगह उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया गया। लोगों ने उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने का भरोसा दिलाया।

जनसंपर्क अभियान के दौरान सौरभ भूषण शर्मा विधानसभा प्रभारी, संजीव उपाध्याय क्षेत्रीय मंत्री, नवीन गुप्ता पूर्व जिला महामंत्री, भूपेंद्र सिंह बारा, देवेंद्र गुप्ता शक्ति केंद्र संयोजक, दिग्विजय सिंह पूर्व किसान मोर्चा महामंत्री, कोमल सिंह, भारत सिंह यादव, नकुल वर्मा आदि शामिल रहे।

प्रदेशीय नेतृत्व के लाडले मूलचन्द्र कटा सकते हैं भाजपा की नाक

संजय श्रीवास्तव- प्रधान सम्पादक

माधौगढ़ मे भाजपा को पड़ गया राम से काम, वही कर सकतें हैं अब नईया पार

मूलचन्द्र और उनकी शातिर चौकड़ी द्वारा जनता की उपेक्षा का हो सकता है घातक अंजाम

अपने कार्यकाल में मूलचन्द्र में हुए भेदभाव का पूरा हिसाब चुकता करने के मूड में है मतदाता

जनपद मे प्रशासन के सबसे प्रिय रहे मूलचन्द्र को खूब मिली वरीयता, मगर जनता भेज सकती है उन्हे हाशिए पर

निरंजनों का बहुमत भी कर रहा है मूलचन्द्र से किनारा

उरई(जालौन)। जनपद जालौन की तीन विधानसभाओं में सबसे ज्यादा रूतबा भाजपा के सत्ता काल मे माधौगढ के विधायक मूलचन्द्र निरंजन का रहा। वजह बडे़ नेताओं का आशीर्वाद उनके साथ था, जिस कारण पहली बार विधायक बने मूलचन्द्र सत्ता का सुख और अधिकारियों को अपने पीछे देख कर कुछ इस कदर मुग्ध रहे कि उन्हें वारे न्यारे करने के अलावा जनता की सेवा के दायित्व का कभी ख्याल ही नहीं आया।
पुराने राजा महाराजों का गढ़ और दस्यु राजों का प्रिय रहा माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता ने पिछले चुनाव मे मोदी लहर के चलते जब मूलचन्द्र को विजयश्री सौपीं तो आपे से बाहर हुए सत्ताधारी विधायक और उनकी चौकड़ी ने क्षेत्र का न सिर्फ दम से शोषण किया बल्कि भाजपा के आदर्श ईमानदारी और सेवा जैसे दावों की यहां खुल कर धज्जियां उड़ा दी। प्रान्तीय नेताओं की लटक बने मूलचन्द्र का अधिकांश समय राजधानी लखनऊ में बीतता था और अगर वो जिले मे आए तो डीएम और एसपी से ही चिपके दिखायी देते थे। सत्ता की ललक और उसकी ताकत का भरपूर दुरूपयोग करने वाले मूलचन्द्र ने अच्छे काम तो कम किए मगर अपने ही जनपद के लोगों का प्रशासन से उत्पीड़न कराने मे उन्होंने तीनों विधायकों में अव्वल स्थान प्राप्त किया। यहीं नहीं प्रदेशीय नेतृत्व के दम पर उन्होंने पुलिस के मामलों में जबरदस्त हस्ताक्षेप किया और तमाम प्रतिष्ठित और अच्छे लोगों के पुलिस का डंडा करवाने में वे नही चूके। यही वजह रही कि मूलचन्द्र शरीफ और प्रतिष्ठित लोगों के मन से उतर गए। वे सत्ता के मद में यह भी नही समझ पाए कि उनकी हरकतों के कारण विधानसभा क्षेत्र की जमीन उनके पैरों के नीचे से सरक गयी है। अब जब चुनाव का एलान हुआ तो सारे सत्ताधारियों के ताम झाम धर गए तो अभिमानी मूलचन्द्र काफी अकेले पड़ गए। क्योंकि खाने कमाने वाले स्वार्थी तत्व तो सत्ता जाते ही सबसे पहले भाग जाते हैं। ऐसी विपरीत स्थिति का सामना करने के लिये भी मूलचन्द्र मानसिक रूप से तैयार नहीं थे, क्योंकि उनके चापलूसों और खाउ कमाउ रिश्तेदारों ने उन्हें पूरा क्षेत्र “सॉलिड” करते रहने की झूठी डींगे हांक कर ऐसे अंधेरे मे रखा था कि जब चुनाव का उजाला हुआ तो जनता का बदला रूख देख कर मूलचन्द्र के तो मानो होश ही उड़ गए। मगर भाजपा के चन्द समर्थकों, रिश्तेदारों के दम पर जब वे दोबारा जीतने के लिये क्षेत्र में गए तो जनता के कड़े “रिएक्शन” का उन्हें सामना करना पड़ा। चुनाव प्रचार की बोहनी ही इतनी खराब हुई कि मूलचन्द्र की इस चुनावी पिच पर लाइन लेन्थ ही बिगड़ गयी और वह बुरी तरह घबरा गए। पूर्व विधायक ने चुनावी “महाभारत” में अपने को दिग्गज महारथियों से घिरा पाया। वास्तविकता यह है कि अब इस जंग में मूलचन्द्र से काफी ज्यादा तवज्जो वोटर बसपा प्रत्याशी शीतल कुशवाहा और सपा प्रत्याशी ठा.राघवेन्द्र प्रताप सिंह को खुलेआम दे रहा है। दूसरी बात यह कि अपनी उपेक्षा के चलते मूलचन्द्र का सजातीय कुर्मी वोट भी बहुमत में उनके साथ नहीं दिखता। वास्तविकता तो यह है कि इस ठाकुर बाहुल्य विधानसभा में ठाकुरों का इन्हें तो आंशिक वोट ही मिल पाएगा वह भी ठाकुरों में सबसे लोकप्रिय हो चुके भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बल पर। मुख्य मुकाबला यहां त्रिकोणीय होने के आसार नजर आ रहे हैं, जिनमें सपा बसपा के मुकाबले मूलचन्द्र (फिसडृडी) माने जा रहे हैं।

कहने का मतलब यह है कि सेवा के इस क्षेत्र मे सत्ता का मद पाकर अगर कोई जन प्रतिनिधि सरकारी ठाठ बाट से मदांध हो जाता है तो लोकतंत्र के पर्व, यानी कि चुनाव में जनता उसकी दुर्दशा भी कर देती है। यह सबक भी मूलचन्द्र की दशा को देख कर अन्य नेता गणों को भी लेना चाहिये, क्योंकि अब भाजपा का बेड़ा जो भवर मे फंसा है, राम नाम जपने से ही हो सकता है पार।

संजय श्रीवास्तव-प्रधान सम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

खाना पकाने के शौकीन हैं स्वतंत्र देव सिंह

एक संस्मरण। -संजय सक्सेना

लखनऊजिला बिजनौर के विधानसभा क्षेत्र धामपुर की दलित बस्ती में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पूड़ी बेल कर क्या तली, कि मीडिया की सुर्खियां बन गया। दरअसल स्वतंत्र देव जी एक अच्छे राजनैतिज्ञ होने के साथ ही खाना पकाने के शौकीन भी हैं। यही नहीं पत्रकारिता के क्षेत्र में भी सफलता पूर्वक अपना जौहर दिखा चुके हैं। यह बात इन पंक्तियों का लेखक दावे के साथ इसलिए कह सकता है क्योंकि वह स्वयं इसका साक्षी व भागीदार भी है।

बात 90 के दशक की है, जब जम्मू कश्मीर और अयोध्या बेहद ज्वलंत मुद्दों में शामिल थे। उस दौर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े स्वतंत्र देव सिंह (वह लोगों में कांग्रेस सिंह के नाम से जाने जाते थे) जिला जालौन के मुख्यालय उरई स्थित डीवी डिग्री कालेज की छात्र राजनीति में सक्रिय थे। तब मैं बीएससी में अध्ययनरत था। कांग्रेस जी की एक पूरी की पूरी मंडली थी। उसमें शिवेंद्र बुंदेला, ब्रजभूषण सिंह मुन्नू, हरिओम उपाध्याय (अब पूर्व जेल मंत्री), मूलचंद निरंजन (अब विधायक), ठेकेदार संतराम  सिंह सेंगर (अब विधायक) आदि शामिल थे। कालेज के नाते कांग्रेस जी से जानपहचान हुई। मेरे साथ हमेशा युवाओं की भारी तादाद देखकर एक दिन बोले संजय जी, आप एबीवीपी में आ जाइए। फिर मेरी नियुक्ति उरई के नगर मंत्री के रूप में कर दी गई। इस तरह स्वतंत्र देव जी के साथ काफी मिलना जुलना हो गया।…जो इतना बढ़ा कि वह दिनभर के 8-10 घंटे मेरे ही स्कूटर, मोटरसाइकिल पर घूमते फिरते। तब झांसी रोड स्थित सनातन धर्म इंटर कालेज के ठीक बाहर के मकान में नीचे मूलचंद निरंजन जी रहते थे। उसी मकान के ऊपरी हिस्से में कांग्रेस जी भी रहते थे। यही कारण रहा कि रोजाना उन्हें लेने छोड़ने उनके घर आना-जाना होता था। वैसे तो भाभी जी चाय, नाश्ता, खाना आदि खिलाती ही थीं, लेकिन जब वो अपने मायके जातीं, तब हम दोनों योद्धा रसोई घर में अपनी पाक कला को धार देते। चाय के अलावा सब्जी, रोटी, दाल, चावल, पूड़ी, पराठा जो मन किया, बनाया और खाया।  छोटी सी रसोई में जमीन पर रखे गैस चूल्हे के सामने लकड़ी की पटली पर बैठकर एक आटा माढ़ता तो दूसरा तवे पर रोटी सेंकता। अपने आप बनाकर खाने का मजा ही अलग है, भले ही रोटी आड़ी, बेड़ी और मोटी ही क्यों न हों! बाद में जब कांग्रेस जी भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला से लेकर प्रदेश महामंत्री, फिर अध्यक्ष भी बने और हम जिला प्रवक्ता।

रही बात पत्रकारिता की तो… कुछ साल बाद छात्र राजनीति के साथ साथ वह लखनऊ से प्रकाशित दैनिक स्वतंत्र भारत के प्रभारी बन गए। उस समय उरई से प्रकाशित “दैनिक लोक सारथी” खुद में सबसे बड़ा अखबार था। दैनिक जागरण झांसी और कानपुर दोनों जगह की कुछ प्रतियां आती थीं। अमर उजाला, हिंदुस्तान नहीं थे वहां। मेरे पत्रकारिता के गुरु; श्री केपी सिंह जी लोक सारथी के प्रभारी संपादक थे और मैं सह संपादक। उस नाते भी कांग्रेस जी की ओर से उनके लिए रोजाना समाचार बनाने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ।

दरअसल धामपुर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह अलग अंदाज में दिखे। एक दिन पूर्व गांव पुराना धामपुर की दलित बस्ती में भोजन करने के बाद उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए खुद पूड़ी बनाई। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह बुधवार दोपहर धामपुर धामपुर के शुभम मंडप में कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे थे। सम्मेलन के बाद वह गांव पुराना धामपुर की दलित बस्ती पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा सेक्टर संयोजक मिथलेश देवी के घर पर भोजन किया। इसके बाद उन्होंने भोजन बना रही महिलाओं के उत्साहवर्धन के लिए स्वयं पूड़ी बेली और कढ़ाई में तली। इससे वहां मौजूद महिलाएं बहुत खुश हुई। इसके बाद उन्होंने गांव में घर-घर जाकर जनसंपर्क किया और भाजपा को विजयी बनाने की अपील की।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन ने दिया भाजपा को समर्थन

भारतीय जनता पार्टी को समर्थन पत्र। निश्चित रूप से भाजपा के संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।

लखनऊ। बुधवार को राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन की हाईपावर कमेटी के निर्णय को बताते हुए अध्यक्ष रामनिवास यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र, समाजवादी पार्टी का वचन पत्र, कांग्रेस पार्टी का उन्नति विधान पत्र तीनों के घोषणा पत्रों की जब हाई पावर कमेटी ने तुलनात्मक अध्ययन किया तो सपा कांग्रेस का घोषणा पत्र किसानों के साथ छलावा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस की सरकार थी तो सबसे ज्यादा दुर्दशा किसानों की थी, जिसमें प्रतिवर्ष हजारों किसान आत्महत्या को मजबूर होते थे। किसान खेती का काम छोड़कर मजदूरी करने लगा था क्योकि किसानों को न समय से खाद मिलती थी न ही पानी। उल्टे अपने फायदों के लिए किसानों की जमीनों का जबरदस्ती अधिग्रहण कर लेते थे सालों मुआवजा भी नही दिया जाता था। कई बार जब किसान विरोध करते थे उनपर गोलियां चलाई गयी। यही हाल अखिलेश की सरकार में था। इनके पार्टी के कार्यकर्ता ही किसानों की जमीनों पर जबरदस्ती कब्जा कर लेते थे। किसान जब शिकायत करता था तो उल्टे उस पर ही पुलिस द्वारा दबाव बनाकर जमीन औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर किया जाता था। यही कारण है कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल एवं संकल्प पत्र में की गयी नयी घोषणाओं को देखते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पाँचों प्रदेशों में समर्थन देने का एलान किया है और कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अच्छी कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है और किसानों के हितों को ध्यान में रख कर जो संकल्प पत्र जारी किया। वह देश एवं प्रदेश के किसानों का काफी फायदा देने वाला है जिस प्रकार से किसानों को सिचाई हेतु मुफ्त बिजली देने के साथ ही गन्ना किसानों के भुगतान को 14 दिनों में करने एवं समय से भुगतान न होने पर ब्याज देने की घोषणा की है, जिससे लाखों गन्ना किसानों को काफी लाभ होगा यह स्वागत योग्य निर्णय है।

अगले पाँच वर्षों में एम.एस.पी. पर लगातार बढोत्तरी कर रिकार्ड फसल खरीदने की भी घोषणा की एवं किसान सम्मान निधि दोगुना करने का आश्वासव, साल में दो बार गरीब किसान परिवारों को गैस सिलेंडर मुफ्त देने, असहाय, गरीब एवं बुजुर्ग किसानों को 1500रू प्रतिमाह पेंशन देने। इसके साथ ही सभी किसानों को आयुष्मान भारत योजना में 5लाख तक स्वास्थ लाभ देना। चार हजार नये एफ.पी.ओ. गठित कर अठ्ठारह लाख तक वित्तीय मदद करना, उत्तर प्रदेश में 6मैगा फूड पार्क बनाना, किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराना, गरीब किसानों को पक्का आवास देना, गरीब किसान की बेटी की शादी में एक लाख रूपया अनुदान देना। पच्चीस हजार करोड़ से सरकार बल्लभ भाई पटेल कृषि इन्फ्राइंस्ट्रक्चर बनाना, जिसमें कोल्ड चेन, गोदाम, फूड प्रोसिसिंग सेन्टर का निर्माण कर किसानों की फसलों को बर्बादी से रोकने एवं उचित मूल्य दिलाने का निर्मय, एक हजार करोड़ का भामा शाह कोष बनाकर किसानों की फसलों को दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान से बचाना, पच्चीस हजार करोड़ से गन्ना मिलों का नवीनीकरण एवं नई चीनी मिलों का निर्माण करना, एक हजार करोड़ की लागत से दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए “नन्द बाबा यादव दुग्ध मिशन” के अन्तर्गत गांव में ही दूध खरीदने की व्यवस्था करना एवं मछुवारा समाज के लिए “निषाद राज बोट सब्सिडी योजना” का आरम्भ करना, जिसमें नाव खरीदने पर 40% सब्सिडी देने एवं 6 अल्ट्रा माँडल मत्स्य मंडी स्थापित करना। निश्चित रूप से भाजपा के संकल्प पत्र के लागू होने पर किसानों की आमदनी दोगुनी हो जायेगी।

ब्राह्मण समाज ने दिया अंजनी श्रीवास्तव को वोट व सपोर्ट का भरोसा

लखनऊ। भाजपा ने लखनऊ पश्चिम से अंजनी श्रीवास्तव को विधानसभा प्रत्याशी बनाया गया है। लखनऊ पश्चिम में भाजपा प्रत्याशी की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है। भाजपा का प्रचार प्रसार जोरों से चल रहा है। 

प्रचार प्रसार के इसी क्रम में लखनऊ पश्चिम में अंजनी श्रीवास्तव ने राजाजीपुरम के हरीदीन रॉय नगर वार्ड का भ्रमण कर ब्राह्मण समाज के लोगों से मुलाकात की। ब्राह्मण समाज के गणमान्यों ने भाजपा प्रत्याशी अंजनी श्रीवास्तव का माल्यार्पण कर स्वागत किया। ब्राह्मण समाज के गणमान्यों ने अपने वक्तव्यों में श्रीवास्तव को पूर्ण समर्थन दिया और सभी से भाजपा प्रत्याशी को समर्थन कर जिताने की अपील की। साथ ही क्षेत्र में जाकर अंजनी श्रीवास्तव के समर्थन में प्रचार प्रसार किया। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा कार्यकर्ता अनूप शुक्ला के निवास पर हुआ। इस अवसर पर भाजपा ब्राम्हण परिवार से आलोक तिवारी, सौरभ शुक्ला, डॉ कुलभूषण शुक्ल,आलोक पांडे   सहित विभिन्न ब्राम्हण संगठनों के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

माफिया, गुंडे मांग रहे जान की भीख: योगी

बिजनौर। सोमवार को वर्धमान कालेज में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं महात्मा विदुर की धरती पर सभी का स्वागत करता हूं। आप सब जानते है कि बिजनौर जनपद यूपी का महत्वपूर्ण जनपद है। महात्मा विदुर के जिले में राजकीय मेडिकल कालेज बन रहा है। इसके लिए मैं अपनी शुभकामनाएं देता हूं। पांच साल तक डबल इंजन की सरकार को देखा है, यूपी में हर सुविधा डबल और ट्रिपल तरीके से जनता को दी है। पांच साल पहले पश्चिमी यूपी की हालत क्या होती थी, दंगा, कफर्यू और पलायन यहां की नियति बन चुकी थी। यहां दंगा होता था, हर दंगे के साथ महीनों तक चलने वाला कर्फ्यू लगता था और कर्फ्यू के कारण व्यापारी और आम जनजीवन त्रस्त होता था। बेटी की सुरक्षा खतरे में होती थी, कोई महिला बाजार नहीं जा सकती थी। व्यापारी पलायन कर रहा था, गुंडागर्दी चरम पर थी। पांच साल में कोई दूंगा यूपी में नहीं हुआ। अब माफिया और अपराधी गले में तख्ती लटकाकर थाने में भीख मांगते घूम रहे हैं। सत्ता बदलते ही अपराधी और माफिया को कहते सुना होगा, जान बख्श दो, मैं ठेला चलाकर पेट भर लूंगा, लेकिन अपराध नहीं करूंगा। ये काम सपा और बसपा की सरकार नहीं कर सकती थी। पांच साल पहले सड़के नहीं बनती थी, राहगीरों के साथ लूट होती थी। लोग परेशान थे, लेकिन पांच साल के दौरान भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने इस नर्क से मुक्ति दिलाकर एक बार फिर से विकास, सुशासन की नींव डालकर हर चेहरे पर खुशहाली लाने का कार्य किया है।

बदला लेने को तैयार बैठे हैं गुंडे: मोदी

मौसम खराब होने के कारण टला पीएम का बिजनौर दौरा। वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित। जन चौपाल में मोदी की जगह पहुंचे योगी आदित्यनाथ।

भ्रष्टाचार, अपराध, विकास के मुद्दे पर मोदी ने टटोली नब्ज

बिजनौर। मौसम खराब होने के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिजनौर नहीं पहुंच सके। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से बिजनौर, अमरोहा व मुरादाबाद की जनता से संवाद किया। विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली फिजिकल रैली बिजनौर में होनी थी। उन्होंने बिजनौर न पहुंचने पर जनता से क्षमा मांगी और अपना संबोधन शुरू किया।

वर्धमान कालेज में पीएम को सुनने के लिए महिलाएं एवं पुरूष काफी तादाद में सुबह आठ बजे से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। किंतु उनके न आने से उन्हें निराश होना पड़ा वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ बिजनौर पहुंचे और उन्होंने  अखिलेश यादव पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि गुंडे, बदमाशों को संरक्षण देने वाले लोग सत्ता का इंतजार कर रहे हैं मगर आपको उन्हें रोकना होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन चौपाल की शुरुआत मशहूर कवि दुष्यंत कुमार की लाइनों से की। उन्होंने कहा कि अपनी बात की शुरुआत मैं इस क्षेत्र के ही मशहूर कवि दुष्यंत कुमार जी की दो लाइनों से करूंगा। उन्होंने कहा था- यहां तक आते – आते सूख जाती हैं कई नदियां, मुझे मालूम हैं पानी कहां ठहरा हुआ होगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह धरती, भगवान श्रीकृष्ण और पांडवों के श्रीचरणों की साक्षी है, महात्मा विदुर की कर्मभूमि और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीर सपूत पैदा करने वाली इस धरती को मैं आदर पूर्वक नमन करता हूं। आज यहां बिजनौर के साथ ही अमरोहा और मुरादाबाद के साथी भी जुड़े हुए हैं। उनका भी मैं स्वागत करता हूं। पीएम मोदी ने कहा दुष्यंत कुमार जी ने लिखा था, यहां तक आते आते, सूख जाती हैं कई नदियां, मुझे मालूम है पानी कहां ठहरा हुआ होगा। 2017 से पहले यूपी में भी विकास की नदी का पानी ठहरा हुआ था। ये पानी नकली समाजवादियों के परिवार में उनके करीबी लोगों की प्यास  बुझती रही। गरीबी की प्यास से कभी मतलब नहीं रहा, सिर्फ अपनी प्यास बुझाते रहे, अपने करीबियों की प्यास बुझाते रहे और अपनी तिजोरियों की प्यास बुझाते रहे। बस अपना स्वार्थ सोचने वाली यही प्यास विकास की नदी के हर बहाव को सोख लेती है। अपना घर भर लेने की यही प्यास गरीबों को घर नहीं देने देती थी। अपनी जेबें भर लेने की यही प्यास गरीब का राशन चट कर जाती थी। प्रोजेक्ट लटकाकर कमाई करने की इसी प्यास से लालफीताशाही और लेटलतीफी को ताकत मिलती थी। पीएम मोदी ने कहा कि पांच वर्ष में योगी आदित्यनाथ की सरकार का प्रयास रहा है, कि विकास कुछ ही इलाकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसी सोच के साथ हमारी सरकार मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा जैसे शहरों में भी कनेक्टिविटी बढ़ा रही है। करीब 500 किलोमीटर का दिल्ली लखनऊ इकोनामिक कारिडोर भी मुरादाबाद से ही होकर गुजरेगा। अलीगढ मुरादाबाद कारिडोर का काम तेजी से हो रहा है। मुरादाबाद बरेली कारिडोर भी पूरा होने जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में इस इलाके को बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बिजनौर से मुरादाबाद फोरलेन हाइवे पर तेजी से काम हो रहा है। योगीजी की सरकार ने पिछले पांच साल में इन इलाकों में बहुत से बड़े और जहां जरूर पड़ी, वहां छोटे भी पुल बनवाए। इनसे गंगा पार से आने जाने वाले किसानों का रास्ता भी आसान हुआ है। डबल इंजन सरकार ने सड़कें और रिंग रोड बनाकर यहां के लोगों की जिंदगी में रोजमर्रा की मुश्किलों को आसान किया है। बिजनौर में 300 करोड़ की लागत से महात्मा विदुर मेडिकल कालेज का काम तेजी से चल रहा है। प्रधनमंत्री ने कहा कि कुछ लोग लोग आज चौधरी चरण सिंह की विरासत की दुहाई देकर आपको बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा, पहले की सरकार में गेहूं की जितनी खरीद हुई थी, योगी जी की सरकार में उससे दोगुना से भी ज्यादा गेहूं एमएसपी पर खरीदा गया है। किसानों से अनाज खरीद में हर साल नए रिकार्ड बनाए हैं। किसानों और पूरी पश्चिमी यूपी को याद दिलाना चाहता हूं, जो लोग आपको बहकाने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे जरूर पूछना, जब उनकी सरकार थी तब वो इस इलाके में आपके गांव में कितनी बिजली देते थे। पश्चिम यूपी में तो यह बात होती थी, कि हमारा किसान और युवा बिना बिजली के मात खा जाता है, घर घर में यह चर्चा होती थी। नौजवानों का भविष्य रौंदा जा रहा था। आज जब गांव-गांव में बिजली आ रही है, तो इसका हिसाब भी होना चाहिए। उन्होंने प्रदेश को अंधेरे में रखा, ताकि अपराध बढ़े, हमने तो सभी को बिजली दी, ताकि विकास बढ़े। पीएम मोदी ने कहा कि अब यूपी को उस नुकसान की भरपाई करते हुए और तेजी से आगे बढ़ना है। पहले की सरकारों का माडल समस्या पैदा करो, फिर सहानुभूति के नाम पर सब समेट लो का था, उनके इस माडल से किसान, नौजवान, गरीब, शोषित, दलित सब परेशान थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं से छेड़छाड़ आम बात थी, चेन लूटे जाने पर इस बात का शुक्र मनाया जाता था कि चलो जान तो बच गई। योगी जी की सरकार ने बेटियों को उस भय से मुक्त करके दिखाया है, हमने बेटियों को उनका असल सम्मान दिलाया है। हमारी सरकार ने बिजनौर, मुरादाबाद और अमरोहा में हजारों बहनों को उज्ज्वला के जरिए मुफ्त कनेक्शन देकर उनका जीवन आसान बनाया है। पिछले पांच वर्ष में इन इलाकों में इंटर कालेज, आईटीआई, पालीटेक्निक, डिग्री कालेज बनाए हैं। पिछली सरकारों के लिए गरीब उनके राजनीति का माध्यम रहा, हमारी सरकार गरीब की हर जरूरत का ध्यान रखते हुए, उसकी हर चिंता को कम करने का प्रयास कर रही है। आयुष्मान भारत के जरिए बीमारी के इलाज के खर्चे की चिंता से मुक्त किया है। मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा के तीन लाख से ज्यादा गरीब को लाभ मिला है। अब तो हर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए अस्पताल बन रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता देख रही है, समझ रही है कि यूपी का विकास कौन कर सकता है। पहले शुद्ध जल भी नसीब नहीं होता था, आज हर गांव के हर परिवार को नल से जल की सुविधा दी जा रही है। माताएं बहनें, इन कामों के कारण हमें आशीर्वाद देती हैं। पहले गिनती के एक्सप्रेसवे थे, आज नए एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो चुके हैं। पहले की सरकारों ने यूपी की छवि को खराब किया। आज यूपी पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य बन रहा है। यह सब भाजपा की डबल इंजन सरकार में ही हो सकता है, क्योंकि हमारी सोच इमानदार है और काम असरदार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में जो अपराधी खुद जेल गए, वह चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। वह तो इस फिराक में हैं कि कैसे भी सरकार बदल जाए, ताकि वो जेल से बाहर आ सकें। ये सभी अपराधी किसी भी तरह पुरानी वाली माफियाराज वाली सरकार आने की मंशा पाले हैं। जो अपराधी यूपी छोड़कर भाग गए थे, वह भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार बदले तो फिर लौट आएं। लूट, छिनैती, डकैती का धंधा ठप पड़ा है, यूपी की जनता से उसकी भरपाई करने और बदला लेने के मूड में हैं। इनके गुर्गे भी पूरी ताकत लगाए हैं, ये लोग जात पात के नाम पर बंटवारा करके भाजपा को रोकना चाहते हैं। इस खेल से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चुनाव में केवल भाजपा और कमल का निशान देखना है। भाजपा आएगी तो आपकी सुरक्षा होगी, ये आएंगे तो गुंडों के सपने पूरे होंगे। जब आप वोट डालने जाएं तो भी याद रखें, यूपी के लिए ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी वोट दे रहे हैं। यूपी के विकास के बिना देश का विकास भी नहीं हो सकता है। पहले भी आपने साबित किया है और आज भी जोश बता रहा है, एकजुट होकर सही फैसला लेने को तैयार हैं। इसलिए जिस मिजाज से यूपी ने भरी हुंकार, एक बार फिर योगी सरकार।

डीएम एसपी ने किया पीएम के रैली स्थल का मुआयना

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक के साथ प्रधानमंत्री के बिजनौर के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत सभा स्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी के साथ मुआयना किया, संबंधित अधिकारियों को पूरी सजगता और सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के दिए निर्देश

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा प्रधानमंत्री के कल 07 फरवरी,22 को प्रस्तावित बिजनौर भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक के साथ वर्धमान कॉलेज स्थित सभा स्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी के साथ मुआयना किया गया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय एवं बाहरी पुलिस बल को निर्देश दिए कि तैनाती के निर्धारित स्थानों पर पूर्ण सजगता और सतर्कता के साथ अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करना सुनिश्चित करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए मार्गाें का डायवर्जन करें और वहां पर भी पुलिस तैनात करें ताकि कोई भी वाहन निर्धारित क्षेत्र में प्रवेश न करने पाए।
उन्होंने बताया कि सभा स्थल एवं उसके आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं, जिसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति बिना विशेष चैकिंग के सभा स्थल में प्रवेश नहीं कर सकेगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों को पूरी सजगता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित करें ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही का अंदेशा बाक़ी न रहे तथा अन्य जिलों से आने वाले पुलिस बल को उनके तैनाती के स्थानों पर पूर्व में तैनात करना सुनिश्चित करें ताकि वहां जा कर वह अपने स्तर से सुरक्षा के दृष्टिगत मौक़ा मुआयना कर सकें।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी के0पी0 सिंह, अपर जिलाधिकारी विनय कुमार सिंह के अलावा अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

PM की बिजनौर रैली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन के आला अफसर व एसपीजी अधिकारी तैयारी में जुटे हैं। सेना का चॉपर शनिवार को वर्धमान डिग्री कॉलेज व आइटीआई के मैदान में उतरा। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर अधिकारी तैयारियों में जुटे है। चॉपर में सवार एयरफोर्स व एसपीजी के अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल व सुरक्षा का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से भी काफी देर वार्ता की। जनपद में एसपीजी और इंटलीजेंस की टीमें डेरा डाल चुकी हैं। कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतेजाम किये जा रहे हैं। जनपद से लेकर प्रदेश के अधिकारी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। अभी प्रधानमंत्री के हेलीकाप्टर लैडिंग स्थान के लिए निर्णय लिया जाना है।

ADG व DIG ने डाला डेरा- एडीजी बरेली जोन राजकुमार व डीआइजी मुरादाबाद शलभ माथुर ने शनिवार को जनपद में डेरा डाल दिया। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ वर्धमान कॉलेज व आईटीआई कॉलेज के मैदान का निरीक्षण किया। एडीजी व डीआईजी ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जनपद के शीर्ष अधिकारियों से विचार विमर्श किया।

ऊर्जा का संचार- बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने से जहां एक ओर भाजपाईयों के चुनाव में ऊर्जा का संचार होता दिख रहा है वहीं जिला प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है। इसी के चलते शनिवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने वर्धमान कालेज पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

पीएम मोदी का बिजनौर दौरा

बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सात फरवरी को महात्मा विदुर की धरती पर पधारेंगे। बिजनौर मुख्यालय स्थित  वर्धमान कालेज के मैदान में उनका कार्यक्रम प्रस्तावित है। मोदी के आने से जहां एक ओर भाजपाईयों के चुनाव में ऊर्जा का संचार होता दिख रहा है वहीं जिला प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है। इसी के चलते शनिवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने वर्धमान कालेज पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

भाजपा राज में व्यापारियों को मिला सुरक्षा का माहौल

भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राणा को ग्राम प्रधानों, सामाजिक संगठनों के साथ व्यापारिक संगठनों का भी मिल रहा समर्थन।

बिजनौर। धामपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राणा को ग्राम प्रधानों, सामाजिक संगठनों के साथ व्यापारिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। समर्थन देने वाले व्यापारियों का कहना है कि भाजपा राज में व्यापारियों को सुरक्षा का माहौल मिला। इसलिए वह भाजपा की सरकार दोबारा से बनाने के लिए भाजपा प्रत्याशी अशोक राणा को समर्थन कर रहे हैं।

देर रात नगर के एक मंडप में अटल जन शक्ति व्यापार उद्योग मंडल के संयोजन में भाजपा प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की गई। संगठन के जिला संरक्षक पंडित दिनेश चंद भारद्वाज, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नीरज जैन, प्रदेश अध्यक्ष पंकज राजपूत, राष्ट्रीय महासचिव आदित्य कुमार चौहान, जिलाध्यक्ष शुभम सहित सैकड़ों व्यापारियों ने अशोक राणा का कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर माला पहनाकर व स्मृति चिन्ह देकर समर्थन दिया।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी डॉ एनपी सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में व्यापारियों के साथ आएदिन लूट, डकैती की घटना होती थी। बदमाश इतने बेखौफ थे कि वह रात में ही नहीं दिन में भी दुकानों में घुसकर लूट की घटना को अंजाम देते थे। बसपा सरकार में दलितों को छोड़कर अन्य सभी बिरादरी का जमकर उत्पीड़न किया गया। भाजपा सरकार में व्यापारियों को सुरक्षा का माहौल मिला है। लुटेरे या तो जेल के अंदर बंद हैं या प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं। व्यापारियों को इसी तरह सुरक्षा का माहौल लेने के लिए उन्होंने भाजपा सरकार को दोबारा लाने का आह्वान किया।

भाजपा प्रत्याशी के भाई भतीजे गठबंधन को लड़ा रहे चुनाव!

साहनपुर सल्तनत में सेंध लगा कर भाजपा को सपा रालोद गठबंधन ने दिया तगड़ा झटका। भाजपा प्रत्याशी राजा भारतेन्द्र के भाई भतीजे की सपा प्रत्याशी हाजी तसलीम अहमद का चुनाव तन मन धन से लड़ाने की घोषणा।

बिजनौर। नजीबाबाद विधान सभा क्षेत्र का चुनावी माहौल बेहद दिलचस्प हो गया है। सपा-रालोद गठबंधन ने साहनपुर सल्तनत में सेंध लगा कर भारतीय जनता पार्टी को तगड़ा झटका धीरे से दिया है। दरअसल भाजपा प्रत्याशी राजा भारतेन्द्र के भाई भतीजे द्वारा सपा प्रत्याशी हाजी तसलीम अहमद का चुनाव तन मन धन से लड़ाने की घोषणा की गई है।

नजीबाबाद विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी राजा भारतेन्द्र के भाई के सपा प्रत्याशी हाजी तसलीम अहमद का चुनाव तन मन धन से लड़ाने की घोषणा से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। भाजपा प्रत्याशी भारतेन्द्र के भाई द्वारा हाजी तसलीम अहमद के स्वागत की खबर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। साहनपुर रियासत के कुंवर रविराज; भाजपा प्रत्याशी राजा भारतेन्द्र के भाई हैं। उनके पुत्र धुवराज सिंह ने सपा प्रत्याशी विधायक हाजी तसलीम अहमद को समर्थन देने के साथ ही पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ाने की घोषणा कर दी है। भाजपा प्रत्याशी के चचेरे भाई के द्वारा लिये गये इस निर्णय से राजनीति के गलियारों में हड़कंप मच गया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कुंवर घराने में सेंधमारी करना कोई मामूली बात नहीं है। कुंवर ध्रुवराज का साथ मिलने से सपा प्रत्याशी हाजी तसलीम अहमद को इसका लाभ जरूर मिलेगा।

लोकदल का सिपाही हूं- कुंवर ध्रुवराज ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि वह लोकदल के सिपाही हैं; लोकदल का सपा से गठबंधन है। इसलिए उन्होंने सपा प्रत्याशी हाजी तसलीम अहमद को चुनाव लड़ाने की घोषणा की है। वह पूरी ताकत के साथ सपा प्रत्याशी को चुनाव लड़ा रहे हैं।

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कमलेश सैनी की खिलाफत पर पनपा आक्रोश

बिजनौर। चांदपुर विधायक व भाजपा प्रत्याशी कमलेश सैनी के प्रचार प्रसार के दौरान बागड़पुर में जयंत चौधरी जिंदाबाद के नारे लगाने से बिजनौर विधानसभा के सैनी समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। सैनी समाज के लोगों का कहना है कि चुनाव में हार जीत लगी रहती है,  लेकिन इस तरीके की हरकतों से भावनाओं को ठेस पहुंचती है।


अमन शांति जनकल्याण सोसायटी अध्यक्ष अनिल सैनी ने कहा कि यह घटिया राजनीति है। सैनी एकता सेवा समिति के अध्यक्ष कन्हैया सैनी ने कहा कि सैनी एकता सेवा समिति के कार्यकर्ता डोर टू डोर जाकर प्रचार प्रसार करेंगे। हमारे समाज के किसी भी प्रत्याशी के साथ अभद्र व्यवहार किया जाएगा तो संगठन के कार्यकर्ता घर घर जाकर अपना अलग प्रचार प्रसार करेंगे, जिसका खामियाजा जाट समुदाय के प्रत्याशी को उठाना पड़ सकता है।

वहीं राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिले की अन्य सीटों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। गौरतलब है कि एक दिन पूर्व चांदपुर विधायक एवं भाजपा प्रत्याशी कमलेश सैनी प्रचार अभियान के दौरान ग्राम बागड़पुर पहुंची थीं। इस दौरान राष्ट्रीय लोकदल के समर्थक  उनकी कार के सामने रालोद का झण्डा लहराते हुए नारेबाजी करने लगे। यही नहीं कईयों ने तो दौड़ लगा कर कार का पीछा भी किया। हालांकि गाड़ी रुकी नहीं।

विदित हो कि चांदपुर सीट से गठबंधन के तहत रालोद ने पहले रफी सैफी को प्रत्याशी घोषित किया था। नाटकीय घटनाक्रम के बाद सैफी के स्थान पर स्वामी ओमवेश को टिकट दिया गया है। बहुजन समाज पार्टी से डॉ शकील हाशमी चुनावी मैदान में हैं। वहीं पड़ोसी विधानसभा सीट नूरपुर से सपा रालोद गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर रामअवतार सैनी चुनाव लड़ रहे हैं।

मौसम के कारण नहीं आ सके केशव प्रसाद मौर्य, मोबाइल फोन बना सहारा

मौसम व तकनीकी खराबी के चलते उपमुख्यमंत्री केशव देव मौर्य का नहटौर कार्यक्रम में आना हुआ रद्द। विधायक/प्रत्याशी ओम कुमार के मोबाइल द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को किया संबोधित।

बिजनौर। प्रभावी मतदाता संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के न पहुंचने से सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। केशव प्रसाद मोर्य ने मोबाइल फोन के माध्यम से कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए खासकर पिछड़ा समाज से भाजपा की प्रदेश में पुनः सरकार बनाने की अपील की।
शनिवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से नहटौर में प्रभावी मतदाता संवाद कार्यक्रम का नूरपुर मार्ग स्थित जय फ़ार्म में आयोजन किया गया था। मुख्य अतिथि के तौर पर सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को आना था।  उपमुख्यमंत्री निर्धारित समय पर नहीं पहुंचे। बाद में जानकारी मिली कि मौसम व तकनीकी खराबी के चलते उपमुख्यमंत्री केशव देव मौर्य का नहटौर कार्यक्रम में आना रद्द हो गया है। उन्होंने विधायक ओम कुमार के मोबाइल द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित किया। भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के बारे में बताते हुए दावा किया कि आने वाली सरकार भारतीय जनता पार्टी की होगी।

कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह,  विधायक व भाजपा प्रत्याशी ओमकुमार, दिनेश सैनी, पिछड़ा मोर्चा जिला अध्यक्ष तिलक राज सैनी, मुकेन्द्र त्यागी, सिद्धांत जैन नहटौर, डॉ राजेश त्यागी आकू, दर्पण रावल हल्दौर, ब्लाक प्रमुख विजेंद्र सिंह हल्दौर, राकेश चौधरी नहटौर, शोभित त्यागी, धनञ्जय चौधरी, महावीर सेनी, विनीता शर्मा, अंकुश अग्रवाल, प्रधान पप्पू पठान, इरफ़ान एडवोकेट, शादाब शाद आदि ने संबोधित किया। संचालन नामित सभासद वैभव गोयल ने किया। कार्यक्रम के उपरांत विधायक ओम कुमार ने भाजपाइयों के साथ नगर में जन संपर्क करते हुए लोगों से वोट सपोर्ट की अपील की।

आजाद समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ कई Bjp में शामिल- आजाद समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान मुरादाबाद मण्डल प्रभारी नरेश कुमार फौजी ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। प्रभावी मतदाता कार्यक्रम में नरेश फौजी, आसपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रवीता गौतम, जिला उपाध्यक्ष सुधीर कुमार, नहटौर विधान सभाध्यक्ष अजय सागर, मनजीत कुमार, त्रिवेश कुमार, घनश्याम सिंह, सतेंद्र कुमार, कपिल कुमार, राकेश कुमार, बंटी सिंह, सुरेन्द्र सिंह, अमर सिंह, मंगल सिंह, चेतराम सिंह आदि दर्जनों आसपाइयों के साथ भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। सभी का भाजपाइयों ने फूल मालओं से लादकर भव्य स्वागत किया और ओम कुमार ने उन्हें पूर्ण सम्मान दिलाने का भरोसा दिलाया।

हर व्यक्ति बन जाए अशोक राणा: योगी आदित्यनाथ

धामपुर में मुख्यमंत्रीयोगी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां 

बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धामपुर के नगीना रोड स्थित विनायक मंडप में आयोजित जनसभा में पहुंचते ही जय श्रीराम के नारे लगे। योगी आदित्यनाथ यहां एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा आपको कैराना मुजफ्फरनगर के दंगे याद होंगे और बिजनौर के उपद्रवियों की याद है? योगी आदित्यनाथ ने कहा पिछली सरकारों में बहन बेटियों का निकलना दूभर हो गया था आज हमारी सरकार में बहन बेटी रात के 12:00 बजे भी घर से निकलने में अपने आप को सुरक्षित महसूस करती है। हमारी सरकार ने कोरोना काल में भी कर्फ्यू नहीं लगने दिया। कहा कि डबल इंजन की सरकार ने गरीब लोगों को महीने में दो दो बार राशन दिया। उन्होंने कहा वैक्सीन राशन बिल्कुल मुफ्त दिया गया है। योगी आदित्यनाथ ने कहा मैं इसके बदले आप लोगों से वोट मांगने नहीं आया हूं। उन्होंने धामपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राणा को वोट देने की अपील की। साथ ही  कहा कि हर व्यक्ति अशोक राणा बन जाओ और क्षेत्र में जाकर भाजपा के लिए वोट मांगने की बात कही अशोक राणा को मिलने वाला वोट सीधे मुख्यमंत्री के खाते में आएगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने 100 बेड वाले अस्पताल की सुविधा फोर लेन जैसी सुविधा और एक अच्छे कानून व्यवस्था देने की बात कही। योगी आदित्यनाथ ने कहा पिछली सरकारों में महीनों महीनों कर्फ्यू लगाना पड़ता था आदमी घर में रहने को विवश हो जाता था हमारी सरकार ने लोगों को अच्छी कानून व्यवस्था अच्छी बिजली देने का काम किया है। बाद में सीएम योगी विनायक मंडप से सीधे विद्या मंदिर वाली गली में लोगों से डोर टू डोर मिले। लोगों ने फूलों की वर्षा करके योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत किया इसके बाद हेलीकॉप्टर में सवार होकर अपने गंतव्य को रवाना हो गए।  मंच पर अशोक कुमार राणा, सुभाष बाल्मीकि जिला अध्यक्ष, अशोक कटारिया परिवहन मंत्री, राजीव गुप्ता धामपुर चेयरमैन पंडित राजेंद्र शर्मा, एमपी सिंह, सरदार सतवत सिंह सलूजा, दीपक चौहान, मृदुला सिंह, नीरजा सिंह, अनीता चौहान आदि लोग मौजूद रहे। मंच का संचालन भूपेंद्र बॉबी ने किया।

बिजनौर जिले के उम्मीदवार तय करेंगे प्रदेश व देश का भविष्य: योगी

बिजनौर जिले के उम्मीदवार तय करेंगे प्रदेश व देश का भविष्य: योगी। गुंडे बदमाश या तो जेल में हैं, या हो चुका है उनका राम-नाम सत्य।

बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा के शासन में गुंडे बदमाश या तो जेल में हैं, या उनका राम-राम सत्य हो चुका है। वह जिला मुख्यालय स्थित काकरान वाटिका में प्रभावी मतदाता का संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मैंने बिजनौर में जो मुख्यमंत्री आता था, वो जाता था, इस मिथक को भी खत्म किया है और मुख्यमंत्री रहते हुए स्वाहेडी के अन्दर महात्मा विदुर जी के नाम से मेडिकल कॉलेज का शिलन्यास किया था। उन्होंने भाजपा के जिला बिजनौर की 8 विधानसभा क्षेत्रों के नाम लेकर अधिक से अधिक वोट से जिताने की अपील की। कहा कि जब ये विधायक बनके जाएंगे, इन्हीं के चुनाव से मैं मुख्यमंत्री बनूंगा और आप सभी लोगों की सेवा करूँगा। बिजनौर जिले के सभी उम्मीदवार प्रदेश व देश का भविष्य तय करेंगे। भाजपा के शासन में बेटी, बहन, मॉ, व व्यापारी सभी सुरक्षित रहेंगे। इस अवसर पर विधायक पति ऐशवर्या मौसम चौधरी, जिला कोषाध्यक्ष केके रवि, विकास अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, क्षेत्रिय मंत्री हरजिन्दर कौर, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष रोबिन चौधरी, जिला मंत्री सकित राठी उपस्थित रहे।

कांग्रेस के कई दिग्गज भाजपा में शामिल- कार्यक्रम के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व विधायक व पूर्व जिला पंचायत तथा जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष हरिपाल शास्त्री के पुत्र ठाकुर अवनीश कुमार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं लगभग 15 वर्षो तक उप्र कांग्रेस कमेटी के महासचिव रहे मनोज भारद्वाज, किसान सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार, नवीन भारद्वाज, अमब्रीश शर्मा जिला उपाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी ने भी कांग्रेस से त्याग पत्र देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। प्रभावी मतदाता संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि, संचालन जिला महामंत्री विनय राणा ने किया। परिवहन मंत्री अशोक कटारिया, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, बाबा फुलसन्दे वाले महाराज, प्रत्याशी विधानसभा बिजनौर सूची चौधरी तथा विधानसभा प्रभारी मोहन तायल, कार्यक्रम प्रमुख प्रमोद चौहान उपस्थित रहे।

विजयश्री के लिये जीत का मंत्र दे गए योगी

बिजनौर। जिले की आठों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ बिजनौर पहुंचे। योगी आदित्यनाथ ने जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद काकरान वाटिका में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। दोपहर करीब तीन बजे वह नजीबाबाद व धामपुर में कार्यकर्ताओं, प्रत्याशियों  से बातचीत करने रवाना हो गए।

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को बिजनौर जिले में चुनावी दौरे पर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा, जहां से वह निरीक्षण करने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। सीएम ने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए ऑक्सीजन प्लांट का भी निरीक्षण किया। कुछ व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने डीएम और प्रशासनिक अधिकारी को दिशा निर्देश दिए। बाद में बिजनौर के काकरान वाटिका में सीएम ने बिजनौर की 8 विधानसभाओं के प्रत्याशियों व कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करके चुनाव में जीत हासिल करने के लिए उन्हें चुनावी मंत्र दिए।

वेक्सीनेशन से किया कोविड को नियंत्रित- बाद में सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता में बताया कि बिजनौर जिले में कोविड-19 के 898 केस हैं, केवल एक मरीज ही अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में कोविड-वैक्सीन लगाकर इस बीमारी को नियंत्रित किया गया है। बिजनौर जिले में लगभग 98 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। सीएम ने यह भी कहा कि इस बीमारी से अबकी बार मौतों की संख्या बहुत ही कम है। साथ ही इस बीमारी से बचने के लिए मैं बुजुर्गों एवं बीमार लोगों से आग्रह करता हूं कि वह घर से कम निकले साथ ही मास्क लगाकर ही घर से निकले।

चप्पे-चप्पे पर निगरानी करती रही पुलिस- सीएम के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंध किया गया। परिंदा भी पर न मार सके,  इसके लिए पुलिस द्वारा चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे की मदद से निगरानी की जाती रही। सीएम की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस भी अलर्ट मोड पर नजर आई। वहीं निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी सहित जिले के आला अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस लाइंस, जिला अस्पताल व काकरान वाटिका में पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं आदि ने उन्हें फूल भेंट किये।

कमजोर लाचार bjp जिलाध्यक्ष संभाल नहीं पा रहे चुनावी कमान

बिजनौर। नहटौर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ओमकुमार की बैठक में जमकर हंगामा हो गया। प्रत्याशी ओम कुमार, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष तिलक राज सैनी व अन्य नेताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई। आरोप है कि प्रत्याशी ओमकुमार ने जिला अध्यक्ष को भुगत लेने की धमकी दी। बैठक में जिले के पदाधिकारी भी मौजूद थे। मामले को तूल पकड़ता देख मौके पर मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने मामला शांत कराया।


बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से भाजपा प्रत्याशी और कार्यकर्ताओं का क्षेत्र में जोरदार विरोध हो रहा है। इसके चलते प्रत्याशी अपने लेागों पर ही गुस्सा निकाल रहे हैं। वहीं कई लोग ये भी कह रहे हैं कि वर्तमान जिलाध्यक्ष से कमजोर और लाचार प्रतिनिधित्व अब तक किसी को नहीं दिया गया। संगठन ऐसे ही हाथों में रहा तो पार्टी का मटियामेट हो जाएगा। उदाहरण के तौर पर सीएमओ से महीना लेने के मामले में फंसे भाजपा नगर के पदाधिकारी को अभयदान और शिकायतकर्ता का निलंबन!

राजा भारतेंद्र के लिए घर-घर मांगे वोट

बिजनौर। नजीबाबाद नगर के मोहल्ला मकबरा में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में उनके समर्थकों ने घर-घर जा कर मत एवं समर्थन की अपील की। लोगों में भी जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया।

नजीबाबाद विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी राजा भारतेंद्र सिंह के लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मोहल्ला मकबरा में घर-घर जाकर लोगों से अपील कर वोट मांगे।

इस दौरान उन्होंने भाजपा की केंद्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। साथ ही कहा कि देश व प्रदेश को केवल भाजपा ही स्थिर सरकार दे सकती है। भाजपा की सरकार में ही देश व प्रदेश में भयमुक्त वातावरण है और तरक्की व प्रगति के नित नए सोपान गढ़े जा रहे हैं।


प्रचार अभियान में मुख्य रूप से जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, नगर अध्यक्ष मुकुल रंजन दीक्षित, अंकित राजपूत, अतुल रुहेला, मोनू वर्मा, मुकुल राजपूत, प्रफुल्ल वशिष्ठ, हिमांशु तायल, रेनू राजपूत, तनु गोयल, करून पाल, नीरज पाल, संदीप राजपूत, आशीष राजपूत आदि शामिल रहे।

प्रत्याशियों ने बहुत ही सादगी के साथ कराया नामांकन

बिजनौर। नामजदगी के तीसरे दिन सोमवार को प्रत्याशियों ने बहुत ही सादगी के साथ नामांकन कराया। इस दौरान प्रस्तावक सहित केवल दो लोगों को ही अंदर जाने की इजाजत दी गई।

21 जनवरी से शुरू नामांकन प्रक्रिया 28 जनवरी तक जारी रहेगी, लेकिन जिले में अभी तक किसी भी प्रत्याशी ने नामजदगी नहीं कराई थी। सोमवार 24 जनवरी को नामजदगी का सिलसिला तेजी से शुरू हुआ। बिजनौर सीट से सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी डा. नीरज चौधरी, नहटौर से भाजपा प्रत्याशी ओम कुमार, नगीना से यशवंत सिंह, बढ़ापुर से सुशांत सिंह व चांदपुर से कमलेश सैनी ने सादगी के साथ अपनी नामजदगी कराई।

प्रत्याशियों के साथ आए समर्थकों को नुमाइश ग्राउण्ड में रोक दिया गया। प्रशासन ने नुमाइश ग्राउण्ड चौक व विकास भवन के सामने बेरीकेडिंग कर दी है। यहां से प्

रत्याशी और उनके प्रस्तावकों को ही आगे जाने दिया गया। सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। कलक्ट्रेट परिसर में प्रत्याशियों व उनके प्रस्तावकों को मैटल डिटेक्टर से होकर गुजरा गया।

कलक्ट्रेट गेट पर पुलिस ने प्रत्याशियों व उनके प्रस्तावकों की तलाशी भी ली। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के अन्य चार प्रत्याशियों का नामांकन 27 जनवरी को कराया जाएगा। बिजनौर से सूचि मौसम चौधरी, नजीबाबाद से राजा भारतेंद्र सिंह, धामपुर से अशोक राणा व नूरपुर से सीपी सिंह का नामांकन शेष रह गया है। 

भाजपा प्रत्याशी राजा भारतेन्द्र सिंह के चुनाव कार्यालय का शुभारंभ

बिजनौर। विधानसभा-17 नजीबाबाद से भाजपा प्रत्याशी राजा कुंवर भारतेंद्र सिंह के चुनावी कार्यालय का शुभारंभ पूजा अर्चना के साथ किया गया।

रविवार को नजीबाबाद – जलालाबाद मार्ग पर विधानसभा-17 में भाजपा प्रत्याशी कुंवर भारतेंद्र सिंह के चुनाव कार्यालय का शुभारंभ विधि विधान पूजा अर्चना के साथ किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राजा भारतेंद्र सिंह को भारी मतों से जिताने का संकल्प लिया। पंडित मनोज शर्मा की उपस्थिति में राजा भारतेंद्र सिंह व पत्नी भावना सिंह ने पूजा अर्चना के साथ चुनावी कार्यालय का शुभारंभ किया। दौरान नगर के भाजपाई व कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रत्याशी राजा भारतेंद्र सिंह को भारी मतों से जिताने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष तपराज सिंह, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अवधेश कुमार, लीना सिंघल, चौधरी कुलबीर सिंह, कपिल सर्राफ, पंकज शर्मा, विक्रांत चौधरी, आकाश कर्णवाल उर्फ कान्हा, राजीव अरोड़ा, लोकेंद्र सिंह, सुशील प्रधान,आदि मौजूद रहे।

सामाजिक न्याय के मामले में बेनकाब होने के बावजूद भाजपा का पलड़ा क्यों है भारी!

सामाजिक न्याय के मामले में बेनकाब होने के बावजूद क्यों भारी है भाजपा का पलड़ा


भारतीय जनता पार्टी ने हिन्दुत्व की छतरी को विराट बनाकर सामाजिक न्याय की मांग को उसके नीचे दबा दिया था लेकिन उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के बाद भाजपा के कई मंत्रियों और विधायकों ने जिन आरोपों को लगाते हुए अपनी पार्टी छोड़ी है उसके कारण सामाजिक न्याय का मुद्दा फिर केन्द्र बिन्दु बन गया है। यहां तक कि सपा के मुखिया अखिलेश यादव तक सामाजिक न्याय के मुद्दे पर रक्षात्मक खेल खेलने को मजबूर हो गये थे और उन्होंने सवर्णों को प्रसन्न रखने की नीति पर अपना ध्यान जमा दिया था। अब वे भी पिछड़ों की राजनीति करने पर फिर से उतर आये हैं। उन्होंने ओमप्रकाश राजभर और स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे नेताओं से मेल मिलाप किया है, जो तीखे शब्दों में खुलेआम वर्ण व्यवस्थावादी वर्चस्व के खिलाफ बोलने के आदी हैं। अब उनके साथ होने से सवर्णों के बिदकने की बहुत परवाह अखिलेश यादव नहीं कर रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा को भी अपनी दशा और दिशा बदलनी पड़ी है। पार्टी के उत्तर प्रदेश के प्रत्याशियों की पहली सूची में जहां सवर्णों को मात्र 43 टिकट दिये गये हैं वहीं पिछड़े और दलितों के उम्मीदवारों की संख्या 63 है।

संकेत है कि बाद की सूचियों में भी वंचितों का बाहुल्य रहेगा। लेकिन शायद यह केवल चुनावी नैया पार करने की रणनीति है। भाजपा का असली लक्ष्य है हिन्दू राष्ट्र का निर्माण, जिसमें न केवल अल्पसंख्यकों को दोयम दर्जे पर धकेलने का भाव निहित है बल्कि पिछड़ों और दलितों को भी सेवक की भूमिका तक ही सीमित करने का उद्देश्य भी निहित है। इस मामले में केवल इतनी उदारता अब बरती जा रही है कि समायोजन भर के लिए दलित और पिछड़ों को भी राजनीति व प्रशासन में प्रतिनिधित्व दिया जाये न कि समावेशी राजनैतिक प्रशासनिक गठन के लिए उन्हें मजबूत भागीदारी देना।


जब तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर नहीं मिला था तब तक आरएसएस ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए प्राथमिकता पर इस कारण मात्र प्रस्तावित किया था कि वे मुसलमानों के मामले में गुजरात में नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने कार्यकाल में किये गये प्रदर्शन का सफल संस्करण उत्तर प्रदेश में बन सकते हैं। हालांकि सामाजिक न्याय के मामले में उनसे संघ को बहुत अपेक्षायें नहीं थी क्योंकि वे गोरखपुर की उस गोरक्षा पीठ के वारिस हैं, जिसका गठन मनुवाद के खिलाफ हुआ था और यह पीठ सवर्णों के बीच ही आपस में सत्ता सघर्ष का गवाह शुरू से रही है; पर वर्ण व्यवस्था का पालन कराने की कसौटी पर योगी भाजपा के किसी भी दूसरे सत्ताधीश की तुलना में अधिक खरे साबित हुए हैं। अभी जिन पिछड़े नेताओं ने उनकी जातिगत आधार पर भेदभाव परक नीति के विरोध में आवाज उठाकर पार्टी छोड़ी है, उन्हें यह आरोप लगाकर खारिज करने की कोशिश की जा रही है कि वे लोग अपने परिवार को टिकट दिलाने या अपनी सीट बदलवाने की कोशिश में थे जो पार्टी को मंजूर नहीं था। इसलिए वे पार्टी छोड़ने के पीछे दूसरी जगह यह मंशा पूरी होने की आशा में बहानेबाजी कर रहे हैं; पर यह आरोप अचानक सामने नहीं आये हैं। इसके पहले स्व0 कल्याण सिंह जब वीपी सिंह की जयंती में मुख्य अतिथि बनकर लखनऊ आये थे तो पिछड़े वर्ग और दलितों को प्रशासन में बेहतर पोस्टिंग के मामले में उपेक्षित किये जाने का आरोप उन्होंने भी प्रकारांतर से लगाया था। अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने भी की पोस्टिंग में पिछड़ों को समुचित भागीदारी दिलाने के लिए आवाज बुलंद की थी, जिसके कारण उन्हें कुछ दिनों तक को केन्द्रीय मंत्रिमंडल से बाहर हो जाना पड़ा था। उपेक्षित जातियों के नेताओं में ही नहीं उनमें निचले स्तर तक उपेक्षित किये जाने का एहसास था, जिसकी वजह से भाजपा छोड़ने वाले मंत्री, विधायकों द्वारा यह मुद्दा उठाये जाने से उनके जख्म खुरच गये और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा की स्थिति खराब हुई। साथ-साथ में गवर्नेंस का परिचय न दे पाने की वजह से भी उत्तर प्रदेश में एन्टी कोम्बेंसी फैक्टर गाढ़ा हुआ। कहने की जरूरत नहीं कि योगी की वजह से भाजपा को उत्तर प्रदेश में सत्ता में दोबारा लौटना मुश्किल हो रहा है, जिसके चलते उन्हें चुनाव अभियान में पीछे किया गया है। फिर भी कोई यह समझे कि चुनाव नतीजों में भाजपा को अगर मामूली बहुमत मिला तो योगी फिर से मुख्यमंत्री नहीं बन पायेंगे ऐसा सोचने वाले गलतफहमी में हैं। संघ की जरूरतों के लिए तो शूद्र नेता नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्री के रूप में वरण करना मजबूरी की अंतरिम व्यवस्था है। संघ तो हिन्दू राष्ट्र का सामाजिक माडल साकार करना चाहता है, तभी हिन्दू राष्ट्र का सपना साकार हो सकता है। योगी इसके लिए सबसे मुफीद हैं, इसलिए संघ अब योगी का कद नहीं गिरने देगा और चाहे पर्याप्त बहुमत मिले या सीमांत बहुमत; मुख्यमंत्री की कुर्सी से योगी टस से मस नहीं किये जायेंगे।
वैसे भी मोदी ऐसे सामाजिक माडल वाले हिन्दू राष्ट्र की ओर ही कदम बढ़ाने वाले मोहरे साबित हो रहे हैं। अपने पहले प्रधानमंत्रित्व काल में अपने पिछड़ी जाति का होने का वे जिस तरह दम भरते थे, वैसी दुहाई देना उन्होंने अब बंद कर दिया है। उनके मंत्रिमंडल में भी कोई पिछड़ा महत्वपूर्ण पद पर नहीं है। आरक्षण को धता बताने के लिए उन्होंने लेटरिल इंट्री का फार्मूला तय किया है। वे पिछले कार्यकाल में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की विचारधारा का बहुत हवाला देते रहे हैं, लेकिन अपने कृतित्व में उन्होंने अपने को वर्ण व्यवस्था का स्वामी भक्त सिपाही सिद्ध किया है। मोदी संघ की मंशा को अच्छी तरह भांपते हैं, इसलिए योगी द्वारा कई बार अपनाई जा चुकी अवज्ञाकारी मुद्राओं को भी झेलना अब उन्हें मंजूर हो गया है। सवाल यह है कि सवर्णों का मानसिक और बौद्धिक प्रभुत्व क्या अभी भी इतना मजबूत है कि बाहुल्य में होने के बावजूद हिन्दू समाज के वंचित तबके उनकी उंगलियों पर अपने को नाचने के लिए मजबूर पा रहे हैं।
बाबा साहब अम्बेडकर के साथ-साथ सवर्ण होते हुए भी डा0 राम मनोहर लोहिया ने राजनीतिक लोकतंत्र की सफलता के लिए सामाजिक लोकतंत्र कायम करने को अनिवार्य माना था। इन दोनों महापुरूषों का सोचना था कि देश में सही तरीके से नागरिक तंत्र स्थापित करने के लिए वर्ण व्यवस्था का टूटना लाजिमी हो गया है, लेकिन दोनों किसी भी रूप में वर्ण व्यवस्था की वापिसी नहीं चाहते थे। यानी यह नहीं चाहते थे कि वर्ण व्यवस्था के पिरामिड में अभी जिस तरह से सवर्ण हैं, उस तरह से दलित और पिछड़े स्थापित कर दिये जायें। उनके लिए वर्ण व्यवस्था की समाप्ति का चरण साफ सुथरे और आदर्श लोकतंत्र को कायम करना था। यानी लोकतांत्रिक मूल्य सर्वोच्च थे, जिनके निर्वाह के लिए डा0 लोहिया ने केरल की पहली गैर कांग्रेसी सरकार को भंग करा दिया था और जिसकी वजह से डा0 लोहिया की पार्टी विभाजित हो गई थी। दोनों महापुरूष सोचते थे कि अगर सत्ता पिछड़ों और दलितों के पास आयेगी तो वह लोकतंत्र के लिए अधिक समर्पित होंगे, क्योंकि उन्होंने समाज व्यवस्था के औपनिवेशिक स्वरूप के दंश को झेला है। …पर उनके वैचारिक उत्तराधिकारी इस कसौटी पर अपने को खरा साबित नहीं कर पाये। उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने पर अम्बेडकरवादी मायावती ने सामंती तौर तरीके अपनाकर लोकतंत्र को सूली पर लटका दिया। डा0 अम्बेडकर तो ईमानदारी के लिए इतना प्रतिबद्ध थे कि जब उनके इकलौते पुत्र को जरिया बनाकर उन्हें इमोशनल ब्लैकमेल करके उनसे गलत काम कराने की कोशिश की गई तो उन्होंने अपने पुत्र का दिल्ली से पुणे का वापिसी का टिकट कटवा दिया; पर मायावती ने तो ट्रांसफर पोस्टिंग में रुपए लेने व मासिक वसूली तय करने का ऐसा रिवाज चलाया कि स्वच्छ प्रशासन की कल्पना ही दूभर हो गई। उत्तर प्रदेश और बिहार की पिछड़ी सरकारों ने फासिस्टशाही की ऐसी इंतहा कर डाली गई कि अगर डा0 लोहिया जिंदा होते तो ऐसी समाजवादी संतानों को नकारने में देर न लगाते। साम्प्रदायिकता के विरोध और दलितों के संदर्भ में सामाजिक न्याय को लेकर इनके विचार बहुत दूषित रहे। डा0 लोहिया ने तो चुनाव हारना मंजूर किया लेकिन तुष्टीकरण नहीं। उनका लक्ष्य बहुसंख्यक हठधर्मिता की तरह ही अल्पसंख्यक हठधर्मिता के आगे भी सिर न झुकाना था। पर उनके एकलव्य मुलायम सिंह और लालू यादव ने अल्पसंख्यक कट्टरता को हवा देने के सारे रिकार्ड तोड़ दिये और भाजपा को इसी की बदौलत अपने सर्वसत्तावादी पैर देश में जमाने में सफलता मिली।


वीपी सिंह का डा0 लोहिया और उनकी विचारधारा से प्रत्यक्ष तौर पर कोई संबंध नहीं था पर कांग्रेसी संस्कार लेकर जब वे तथाकथित समाजवादियों से जुड़े तो उन्होंने डा0 लोहिया और जयप्रकाश नारायण के विचारों व संकल्पों को आगे ले जाने का बेहतरीन प्रयास किया। डा0 लोहिया कहते थे कि समाज व्यवस्था में जो लोग सबसे नीचे रखे गये हैं, सबसे पहले उन्हें आगे किया जाये। यानी दलितों और इसके बाद पिछड़ों को सवर्ण कुछ दशकों के लिए नेतृत्व की अभिलाषा छोड़ दें। इसी के तहत वीपी सिंह ने जब रामविलास पासवान को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पहल की तो अपने को उनका लेफ्टिनेंट घोषित करने वाले लालू प्रसाद यादव ने अंतिम समय में उन्हें अपना बैरी मान लिया। ऐसा लगता है कि पिछड़ी जातियों के नेतृत्व का मकसद वर्ण व्यवस्था से लड़ने की बजाय उनकी महत्वाकांक्षा यह रही कि उन्हें जनेऊ पहनने का अधिकार मिल जाये ताकि वे भी वर्ण व्यवस्था में सम्मानजनक ढं़ग से खप सकें और दलितों पर वैसी ही अन्यायपूर्ण हुकूमत चला सकें जैसी सवर्ण चलाते रहे हैं। जब-जब वे सत्ता में आये उन्होंने दलितों के प्रति अपने द्वेष का परिचय दिया जबकि सवर्णों के कृपा पात्र बनने की कोशिश करते रहे।


वीपी सिंह ने जनता दल के समय डा0 लोहिया और जेपी की मंशा के राजनीतिक सुधारों को अमल में लाने की कोशिश की, जिसके कारण उन्हें समाजवादी थिंक टैंकों का समर्थन मिलना चाहिए था, पर डाह के कारण समाजवादी चिंतक इस रास्ते से भटक गये और मुलायम सिंह जैसों की वंशवादी, परिवारवादी व फासिस्ट नीतियों को बल देने के लिए अभिशप्त हो गये, जिससे समाजवादी आंदोलन की पूरी साख मटियामेट हो गई।
आज अगर सामाजिक भेदभाव का शिकंजा कसने के खतरे के बावजूद पिछड़ों और दलितों में भाजपा की पैठ बहुत कमजोर नहीं हो पा रही है तो उसकी वजह साफ है। भाजपा के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से पूरी तरह ईमानदार हैं। नियमों के तहत प्रशासन चलाने के हामी हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन में पक्षपात नहीं होने दे रहे हैं। उनकी सरकारों के यह सकारात्मक गुण उनका पलड़ा भारी किये हुए हैं, इसलिए तमाम बवंडरों के बावजूद सारे सर्वे उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत का निष्कर्ष प्रतिपादित कर रहे हैं।

केपी सिंह (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बिजनौर। नूरपुर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी सीपी सिंह को टिकट मिलने के बाद मिठाई बांटने पर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार उप निरीक्षक विपिन कुमार हमराह पुलिसकर्मियों के साथ कस्बे में विधानसभा चुनाव आचार संहिता के अनुपालन में थे। इस दौरान वायरल हुई एक वीडियो से पता चला कि भाजपा प्रत्याशी सीपी सिंह की एक सभा में उनके समर्थक कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं तथा प्रलोभन स्वरूप उपस्थित लोगों को मिठाई वितरण कर आचार संहिता का उलंघन किया जा रहा है। इस संबंध में हमराही कर्मी सुरेश चंद की ओर से सीपी सिंह व कुछ अज्ञात के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

मुलायम की बहू और स्वामी प्रसाद की बेटी बनीं BJP की पोस्टर गर्ल

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी में एंट्री लेने के साथ ही मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू बीजेपी की पोस्टर गर्ल बन गईं हैं। बीजेपी ने अपर्णा यादव को पोस्टर पर जगह देते हुए कानून व्यवस्था पर विपक्ष को जवाब दिया है। पोस्टर में अपर्णा के अलावा हाल ही में बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में गए स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और सांसद संघमित्रा मौर्य को भी शामिल किया गया है। बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने पोस्टर ट्वीट करते हुए लिखा, ”योगी सरकार ने यूपी को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाया। सुरक्षा जहां बेटियां वहां।” इससे पहले यूपी बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी मुख्यमंत्री योगी और जेपी नड्डा के साथ अपर्णा की मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ”बेटियां वहां… सम्मान और सुरक्षा जहां।

साधे कई कई निशाने-
बीजेपी ने इस पोस्टर के सहारे कई निशाने साधे हैं। एक तरफ पार्टी ने अखिलेश यादव को जवाब दिया तो दूसरी तरफ हाल ही में सपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को भी घेरा है। स्वामी प्रसाद मौर्य खुद सपा में चले गए हैं, लेकिन बदायूं से बीजेपी के टिकट पर सांसद बनीं उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य ने साफ कर दिया है कि वह बीजेपी में ही बनी रहेंगी। बीजेपी ने इस पोस्टर के जरिए चुनाव से पहले महिला सुरक्षा के मुद्दे पर आधी आबादी को साधने की कोशिश की है।

सपा को बड़ा झटका, मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव BJP में शामिल

सपा को लग सकता है बड़ा झटका, बीजेपी का दामन थाम सकती है मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव, अखिलेश यादव का कारवां छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई हैं। पिछले कई दिनों से जारी इन अटकलों पर अपर्णा यादव की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो कयास लगाए जाने लगे कि रविवार को वह भाजपा का दामन थाम सकती हैं, लेकिन यह मामला परवान चढ़ा बुधवार को।

समाजवादी पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्‍यमंत्री मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं। अपर्णा के भाजपा में शामिल होने को जहां भाजपा अखिलेश यादव की बड़ी नाकामी बताते हुए परिवार तक न संभाल पाने का तंज कस रही है वहीं इस मौके पर अपर्णा यादव ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि वे मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद लेकर आई हैं। 

सभी बड़ों का है आशीर्वाद: मीडिया से बातचीत के दौरान अपर्णा ने कहा कि वह परिवार से विमुख नहीं हैं। सभी बड़ों का आशीर्वाद है। भाजपा में शामिल होने को विचारधारा की बात बताते हुए उन्होंने कहा- ‘मैं स्वतंत्र हूं। मुझे पता है मुझे क्या करना है, इसलिए बीजेपी में आई हूं। बीजेपी के भी सभी बड़ों ने मुझे आशीर्वाद दिया है। वह जरूर मेरे लिए कुछ अच्छा करेंगे। अपर्णा से जब यह पूछा गया कि यदि आप चुनाव लड़ती हैं तो क्या मुलायम आपके लिए प्रचार करेंगे तो अपर्णा ने कहा कि मुझे उनका आशीर्वाद प्राप्त है, बाकी बातें बाद की हैं।

मोदी योगी के लिए राष्‍ट्रधर्म सबसे ऊपर: अपर्णा यादव ने पीएम मोदी और सीएम योगी की जमकर तारीफ की। उन्‍होंने कहा कि उनके लिए राष्‍ट्रधर्म सबसे ऊपर है। बीजेपी में शामिल होने के अपने फैसले पर अपर्णा यादव ने कहा कि मैंने राष्‍ट्र को हमेशा अपना धर्म माना है। हमेशा राष्‍ट्र के लिए ही फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से मैं बहुत प्रभावित हूं। उनकी नीतियां मुझे नैतिक रूप से अच्‍छी लगती हूं। इन्‍हीं कारणों से आज भाजपा ज्‍वाइन की है। यह पूछे जाने पर कि क्‍या अखिलेश यादव और सपा राष्‍ट्रधर्म का निर्वहन नहीं करती?, अपर्णा यादव ने कहा कि वह परिवार से विमुख होकर कोई बात नहीं कहना चाहतीं। मेरा निजी विचार है कि पिछले पांच वर्षों में सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने उत्‍तर प्रदेश में जिस तरह काम किया है, जितनी योजनाएं चलाई हैं, वे प्रभावशाली हैं। लखनऊ कैंट से चुनाव लड़े जाने के सवाल पर अपर्णा ने कहा कि वह किसी शर्त के तहत भाजपा में नहीं आई हैं। उन्‍होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि इस चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलेगा और उत्‍तर प्रदेश में उसी की सरकार बनेगी। 

राष्‍ट्र की अराधना करने निकली अपर्णा: उन्होंने कहा, ‘सभी लोग जानते हैं कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से प्रभावित रही हूं। मेरे चिंतन में राष्‍ट्र सबसे पहले है। राष्‍ट्र का धर्म मेरे लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी है। मैं राष्‍ट्र की अराधना करने निकली हूं। इसमें मुझे सबका सहयोग चाहिए।’ अपर्णा ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं खासकर स्‍वच्‍छ भारत अभियान और महिलाओं तथा बेरोजगारों के लिए शुरू की गई योजनाओं की तारीफ की। 

Aparna Yadav: सपा के घर में ही स्ट्राइक, बीजेपी में शामिल हो सकती हैं मुलायम  सिंह की छोटी बहू अपर्णा - aparna yadav Mulayam Singh daughter in law likely  to join BJP

राजनैतिक सफर- अपर्णा बिष्ट यादव लखनऊ की कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर 2017 में विधानसभा लड़ चुकी हैं। अपर्णा पहले सीएम योगी से मुलाकात कर चुकी हैं और समय-समय पर पीएम मोदी व सीएम योगी की प्रशंसा करती रहती हैं। अपर्णा बिष्ट यादव को योगी सरकार ने वाई श्रेणी की सुरक्षा दे रखी है।
  
विदित हो कि मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव और अपर्णा ने सालों के प्रेम संबंध के बाद 2011 में शादी की थी। 2011 में हुई ये शादी शहर की चर्चित शादियों में से एक थी। अपर्णा-प्रतीक की इस शादी में अनिल अंबानी, अमिताभ बच्चन सरीखे सेलिब्रेटीज शामिल हुए थे। अर्पणा बिष्ट यादव ने ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की है।

aparna yadav- India TV Hindi

पत्नी को राजनीति में देखना चा‌हते हैं प्रतीक
जानकारों की मानें तो प्रतीक खुद राजनीति में नहीं आना चाहते, वो अपनी पत्नी अपर्णा यादव को राजनीति में देखना चा‌हते हैं। अपनी पत्नी अपर्णा को प्रतीक हर तरह की आजादी देते हैं। इसका उदाहरण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करके अपर्णा यादव सुर्खियों में आ गई थीं।

राजा भारतेंद्र के चुनावी अभियान ने पकड़ी रफ्तार

बिजनौर। नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी राजा भारतेंद्र सिंह का चुनावी अभियान तेजी पकड़ता जा रहा है। जनसंपर्क अभियान में पूर्व सांसद को भारी जनसमर्थन भी मिल रहा है।

इसी क्रम में नजीबाबाद विधानसभा अंतर्गत भागुवाला मन्डल के ग्राम गढ़वाला, पदारथपुर, खलीलपुर व मुख्त्यारपुर में भाजपा प्रयाशी राजा भारतेंद्र सिंह द्वारा गांव में डोर टू डोर जनसंपर्क किया गया। इस दौरान उन्होंने लोगों को मोदी जी तथा योगी जी द्वारा चलाई गई योजनाओं से अवगत कराया एवं लोगों से कमल के फूल पर वोट डालने की अपील की। लोगों ने भी उन्हें वोट व सपोर्ट का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर जिला सह मीडिया प्रभारी विक्रांत चौधरी, मंडल अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति, चौधरी इसम सिंह पूर्व ब्लाक प्रमुख पंकज चौधरी, मा. कर्ण सिंह, मयंक चौहान, अशोक राजपूत, दीपक बाल्मीकि, रितेश सेन, गौतम सिंह, सुशील प्रधान, सचिन कुमार, अनुज कुमार, योगेश राजपूत समेत काफी समर्थक मौजूद रहे।

चुनावी रण में उतरे भाजपा के साइबर योद्धा


बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी पश्चिम क्षेत्र के 19 संगठनात्मक जिलों के मीडिया प्रभारियों की वर्चुअल बैठक संपन्न हुई। बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व विधानसभा चुनाव में पश्चिम क्षेत्र के मीडिया समन्वयक आलोक अवस्थी ने उप्र विधानसभा चुनाव-2022 को लेकर मीडिया प्रभारियों को उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत रूप से जानकारी दी।
प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि पश्चिम क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की 71 विधानसभा सीटों पर प्रथम व दूसरे चरण में चुनाव संपन्न होगा। इसके लिए सभी मीडिया प्रभारियों को कमर कस कर पार्टी के मीडिया विभाग द्वारा बताए गए कार्यों को समय रहते प्रतिदिन पूर्ण करना है। सभी मीडिया प्रभारियों को प्रतिदिन शाम को दिन भर किए गए कार्यों की रिपोर्टिंग क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा और सह मीडिया प्रभारी निमित जायसवाल को सोशल मीडिया व वर्चुअल माध्यम से प्रेषित करनी है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में राष्ट्रीय मीडिया टीम और प्रदेश मीडिया टीम के सदस्य सभी जिलों व विधानसभाओं में प्रवास करेंगे।
बैठक में बिजनौर से मीडिया प्रभारी के रूप में विक्रान्त चौधरी सहित पश्चिम क्षेत्र के संगठनात्मक 19 जिलों के मीडिया प्रभारी व सह मीडिया प्रभारी उपस्थित रहे।

BJP की पहली सूची में 20 प्रतिशत विधायकों का पत्ता साफ

107 उम्मीदवारों की सूची में 20 फीसदी विधायकों के टिकट काटे। 10 सीटों पर महिला उम्मीदवारों को उतारा। लिस्ट में 63 मौजूदा विधायकों के नाम, 21 नए चेहरे शामिल।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पहले और दूसरे फेज के लिए 107 उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। पार्टी ने जहां 20 फीसदी विधायकों के टिकट काटे हैं तो 10 सीटों पर महिला उम्मीदवारों को उतारा है। लिस्ट में 63 मौजूदा विधायकों के नाम हैं तो 21 नए चेहरों को शामिल किया गया है। इसके अलावा पार्टी ने दलितों और पिछड़ों पर भी बड़ा दांव खेला है। हाल ही में तीन मंत्रियों समेत कई ओबीसी उम्मीदवारों के पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा ने 60 फीसदी से अधिक सीटों पर दलित और पिछड़ों को टिकट दिया है। पार्टी ने ऐसी सीटों पर भी ओबीसी और एससी उम्मीदवार उतारे हैं जो आरक्षित नहीं हैं।

बीजेपी के उम्मीदवारों में 57 पहले फेज में चुनाव लड़ेंगे जबकि 48 उम्मीदवार दूसरे फेज के हैं। पार्टी ने 44 सीटों पर ओबीसी उम्मीदवारों को उतारकर ‘स्वामी’ फैक्टर की काट निकालने की कोशिश की है। इसके अलावा 19 सीटों पर अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। 

भाजपा मुख्यालय में शनिवार को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फेंस में उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। भाजपा ने तमाम अटकलों को गलत साबित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या या मथुरा की बजाय उनके पुराने गढ़ गोरखपुर शहर से ही चुनाव मैदान में उतारा है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सिराथू सीट से चुनाव लड़ेंगे। उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को आगरा (ग्रामीण) से उम्मीदवार बनाया है। जाटव दलित समुदाय से आने वालीं मौर्य पहले भी एक बार विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि, तब उन्हें सफलता नहीं मिली थी।

ओबीसी-दलित वोट साधने की कोशिश
2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 403 विधानसभा सीटों में से 300 से अधिक पर कमल खिलाने में कामयाब रही थी। माना जाता है कि उस समय बीजेपी को ओबीसी और दलित मतदाताओं का काफी साथ मिला था। हाल ही में जिस तरह कई ओबीसी नेताओं ने भाजपा से किनारा किया, उसके बाद भगवा कैंप की चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में भाजपा ने अधिकतर सीटों पर ओबीसी-दलित उम्मीदवारों को उतारकर बड़ा दांव चल दिया है। माना जाता है कि राज्य की आबादी में करीब 45 फीसदी हिस्सेदारी ओबीसी की है। सपा में शामिल होने के बाद शुक्रवार को स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में चुनाव को अगड़ों और पिछड़ों की लड़ाई बताने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने यहां तक कहा कि सरकार 85 फीसदी पिछड़े बनाते हैं और मलाई 15 फीसदी अगड़े खाते हैं।

योगी सरकार के मंत्री ने थामा सपा का हाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव  से पहले सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को उनके ही मंत्री ने बड़ा झटका दिया है। भाजपा के बड़े नेता और योगी सरकार के श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को भाजपा से इस्तीफा दे कर समाजवादी पार्टी का हाथ थाम लिया है। उन्होंने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात भी की। श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को अपना इस्तीफा भेजा है। मौर्य ने मौजूदा सरकार में दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों और छोटे व्यापारियों की उपेक्षा होने का आरोप लगाया है।

योगी सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने पत्र में लिखा है कि, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में श्रम एवं सेवायोजन व समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों व विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है, किंतु दलितों, पिछड़ों, किसानों बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे- लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से मैं इस्तीफा देता हूं.”

वहीं मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मौर्य का स्वागत करते हुए ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा है कि, “सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता स्वामी प्रसाद मौर्य एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन! सामाजिक न्याय का इंक़लाब होगा ~ बाइस में बदलाव होगा.”

अखिलेश से सीधे संपर्क में थे स्वामी प्रसाद मौर्य!

पिछले कई दिनों से चर्चा चल रही थी कि स्वामी प्रसाद मौर्य, बीजेपी का दामन छोड़कर अखिलेश यादव की साईकिल पर सवार हो सकते हैं। कहा जा रहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के ज्वॉइनिंग मामले को सीधे अखिलेश यादव देख रहे थे और बातें उनके स्तर पर ही हो रही थी। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे को बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

अखिलेश कर रहे पिछड़ी जाति की गोलबंदी

पिछले चुनाव में बीजेपी को सत्ता में पहुंचाने का श्रेय पिछड़ी जातियों को जाता है और इस बार अखिलेश यादव हर हाल में पिछड़ी जातियों को अपने तरफ मोड़ने में लगे हैं। यही वजह है कि छोटे छोटे दलों से गठबंधन के अलावा उन्होंने पिछड़े नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराने का अभियान छेड़ रखा है। स्वामी प्रसाद मौर्य इस अभियान का हिस्सा हैं।

दो और मंत्री दे सकते हैं इस्तीफा

स्वामी प्रसाद मौर्य के अलावा मंत्री धर्म सिंह सैनी और दारा सिंह चौहान के भी इस्तीफे की अटकलें हैं। धर्म सिंह और दारा सिंह दोनों उनके खेमे के माने जाते हैं। तीनों योगी सरकार में मंत्री हैं, लेकिन तीनों बीएसपी के बड़े नेता रहे हैं और बसपा सरकार में भी मंत्री रहे हैं। ऐसे में इन तीनों के भाजपा छोड़ने की चर्चा है।

संघमित्रा के भाषण में हुई थी टोकाटाकी

पिछले दिनों लखनऊ के कार्यक्रम में स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और बदायूं से बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य को जब बोलते वक्त टोकाटाकी की गई थी तो उन्होंने मुख्यमंत्री और अध्यक्ष के सामने ही अपनी नाराजगी दिखाते हुए माइक छोड़ दिया था हालांकि बाद में उन्हें मना कर वापस भाषण देने के लिए कहा गया।

स्वामी प्रसाद के सपा में आने की वजह ऊंचाहार सीट

स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कृष्ट मौर्य रायबरेली की ऊंचाहार सीट से पिछले बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे, हालांकि बहुत कम अंतर से वह चुनाव हार गए थे लेकिन कहा यह जा रहा है कि बीजेपी से वह सीट जीतना बेहद मुश्किल है. ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को अगर यह सीट जीतनी है तो समाजवादी पार्टी से ही वह जीत सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी एक बार फिर स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को ऊंचाहार सीट से टिकट देने को तैयार है लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य को लगता है कि इस सीट के लिए समाजवादी पार्टी ही मुफीद है।

ओम प्रकाश राजभर की भाजपा में वापसी की अटकलें!

लखनऊ। 300 पार के मिशन को लेकर भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व बेहद संजीदा है। यही कारण है कि रूठों को मनाने और साथ छोड़ कर जाने वालों को घर वापस लाने की प्रक्रिया पिछले काफी समय से जारी है। इसी क्रम में यूपी विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी गलियारों में एक बार फिर ओम प्रकाश राजभर की भाजपा वापसी की चर्चा चल पड़ी है। इस बात को हवा इसलिए भी मिली क्योंकि बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह ने शनिवार को एक बार फिर ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की। हालांकि इन दोनों में क्या बातें हुईं यह सामने नहीं आ पाई है पर कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी ओम प्रकाश राजभर को अपने खेमे में फिर से शामिल करना चाहती है। इसलिए दयाशंकर सिंह उनसे बार-बार मुलाकात कर रहे हैं।

दूसरी ओर बीजेपी का सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने भी एक प्रेसवार्ता में कहा था कि सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर फिर से साथ आएं, इसके लिए कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ओम प्रकाश राजभर हमारे भाई हैं। पता नहीं कौन उनका राजनीतिक सलाहकार बन गया है, जो बार-बार उनका नुकसान करा दे रहा है। वह हम लोगों के साथ आएं, इसके लिए कोशिश की जा रही है। 

टिकट कटने की वजह न बन जाएं विधायक के कारनामे!

माधौगढ विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मूलचंद्र निरंजन

उरई (जालौन)। माधौगढ विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मूलचंद्र निरंजन के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश चुनाव करीब आते ही जुबान से फूटने लगा है। भाजपा किसान मोर्चा की रैली में जिस तरह से भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरेआम भाजपा विधायक मूलचंद्र निरंजन को चोर है चोर है के नारों से संबोधित किया। वह भाजपा विधायक के पांच साल के कारनामों का आइना कहा जा सकता है और यह नारे पार्टी नेतृत्व को यह समझाने के लिए पर्याप्त हैं कि अगर कार्यकर्ताओं की नजर में चोर विधायक को फिर से टिकट दिया तो भगवान ही मालिक होगा। ऐसे नारे भाजपा के लिए भी अशुभ संकेत माने जा सकते हैं।

चेयरमैन रामपुरा शैलेन्द्र सिंह

माधौगढ विधायक के खिलाफ नारे लगा रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि पिछले पांच सालों में माधौगढ विधायक मूलचंद्र निरंजन ने अपनी जेब भरने पर कहीं अधिक ध्यान दिया। भाजपा किसान मोर्चा की सभा, जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को संबोधित करना था लेकिन जनसभा में किसानों की भीड़ न जुटने के कारण प्रदेश अध्यक्ष को अपना दौरा रद्द करना पड़ा था। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में माधौगढ में विधानसभा क्षेत्र से टिकट पाकर मूलचंद्र निरंजन मोदी लहर में चुनाव जीत गये थे। लेकिन उनका कार्यकाल पार्टी के आम कार्यकर्ताओं को खुश नहीं कर पाया। आरोप है क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच फूट डालो राज करो की राजनीति अपनाई। लेकिन विकास के मामले में पक्षपात स्पष्ट झलका। जहां तक विकास कार्यों की बात है उनके द्वारा बनवाई गई सड़कों के लोकार्पण के दिन ही उखड़ जाने के वीडियो, फोटो समाचार उनके क्रियाकलापों को दर्शाते हैं। कसेपरा से रामपुरा – माधौगढ से सिहारी रोड आज भी क्षतिग्रस्त है। तो बालू माफियाओं को संरक्षण देने, अवैध कारोबार को संरक्षण के चर्चे आम रहे हैं। उनके कारनामों को लेकर क्षेत्र की भाजपा में जिस तरह से आक्रोश पनप रहा है। उसकी बानगी सनातन इंटर कालेज उरई में आयोजित किसान पंचायत में देखने को मिली उनके कारनामे ही उनका टिकट कटने की वजह बनते जा रहे हैं।

माधौगढ विधानसभा क्षेत्र से अन्य दावेदारों की बात करें तो भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह मुन्नू, गिरीश अवस्थी, शैलेन्द्र सिंह चेयरमैन रामपुरा एवं चेतना शर्मा को टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। बृजभूषण मुन्नू कद्दावर नेता बाबूराम एमकॉम के करीब माने जाते रहे हैं और तब उनका राजनैतिक जलवा पीक पर था। उसके बाद वह पार्टी में हाशिये पर रहे। गिरीश अवस्थी बसपा छोड़कर भाजपा में आये हैं और अपने रिश्तेदार के दम पर भाजपा का टिकट मिलने की जुगत कर रहे हैं। चेतना शर्मा को क्षेत्र की जनता स्काइलैब दावेदार के रूप में मान रही है। ऐसे में चेयरमैन रामपुरा शैलेन्द्र सिंह को टिकट का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष रामपुरा के रूप में उनके अब तक के कार्यकाल को क्षेत्रीय जनता एवं कान्हा गौशाला में उनकी कार्य पद्धति को सराहना ही मिली है। ऐसे में शैलेन्द्र सिंह अब माधौगढ विधानसभा क्षेत्र से टिकट के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं अगर भाजपा शैलेन्द्र सिंह जैसे युवा पर भरोसा करती है तो भविष्य में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को क्षेत्रीय जनता से माधौगढ विधायक कैसा है चोर है चोर है के नारे नही सुनने पड़ेंगे। इन नारों से तो यही लगता है कि क्षेत्र में मूलचंद्र निरंजन ने भाजपा की लुटिया इबोने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

सुरेश खरकया

घरेलू बिजली दरों में हुई आधे की कटौती

किसानों के बाद उत्तर प्रदेश के अन्य उपभोक्ताओं को बिजली के बिल में बड़ी राहत की घोषणा

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को ट्वीट कर बिजली की दरों में कमी का एलान किया। अब शहरी मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर छह रुपए प्रति यूनिट से घटाकर तीन रुपए प्रति यूनिट हो जाएगी

लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों के बाद अन्य बिजली उपभोक्ताओं को भी बड़ा उपहार दिया है। इसके तहत शहरी मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर छह रुपए प्रति यूनिट से घटाकर तीन रुपए प्रति यूनिट किया गया है।

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को ट्वीट कर बिजली दरों में कमी का एलान किया। इसके तहत शहरी मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर छह रुपए प्रति यूनिट से घटाकर तीन रुपए प्रति यूनिट किया गया है। इसके साथ ही फिक्स चार्ज 130 रुपए प्रति हॉर्स पावर से घटकर 65 रुपए प्रति हॉर्स पावर किया गया है। एनर्जी एफिशिएंट पंप में दर 1.65 रुपए प्रति यूनिट से घटकर 83 पैसे प्रति यूनिट तथा फिक्स चार्ज 70 रुपए प्रति हॉर्स पावर की जगह 35 रुपए प्रति हॉर्स पावर किया गया है।

श्रीकांत शर्मा ने बताया कि निजी नलकूप के नए बिलों में, ग्रामीण मीटर्ड कनेक्शन में बिजली दर 2 रुपए प्रति यूनिट से घटकर एक रुपए यूनिट व फिक्स चार्ज 70 रुपए प्रति हॉर्स पावर से घटकर 35 रुपए प्रति हॉर्स पावर होगा। अनमीटर्ड कनेक्शन में फिक्स चार्ज 170 रुपए प्रति हॉर्स पावर की जगह 85 रुपए प्रति हॉर्स पावर होगा। श्रीकांत शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में निजी नलकूप कनेक्शनों की विद्युत दरों में 50 प्रतिशत की कमी कर बड़ी राहत देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हार्दिक अभिनंदन है।”

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने गुरुवार को सिंचाई के लिए निजी नलकूप की मौजूदा बिजली दर में 50 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय किया था। इससे राज्य के 13 लाख किसानों को सीधा फायदा होगा। उनका सिंचाई का खर्चा आधा हो जाएगा। बिजली की दरों में 50 प्रतिशत की कटौती करने के लिए सरकार लगभग एक हजार करोड़ रुपए का अनुदान उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड को देगी। देश के दूसरे कई राज्यों में जहां सिंचाई के लिए किसानों को मुफ्त बिजली मिल रही है, वहीं उत्तर प्रदेश में किसानों के निजी नलकूप की बिजली की दर दो रुपए से छह रुपए यूनिट तक है। फिक्स चार्ज भी 70 रुपए से 130 रुपए प्रति हार्सपावर (एचपी) है।

अखिलेश ने किया था 300 यूनिट फ्री का वादा

हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चुनावी वादे में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का वादा किया था। इसके अलावा कहा था कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त मिलेगी। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजकल कई दल जगह जगह जाकर 300 यूनिट और 200 यूनिट फ्री बिजली देने का दावा कर रहे हैं, लेकिन यह कोई नहीं दे सकता है। इसका फॉर्मूला सिर्फ और सिर्फ हमारी सरकार को आता है।

टिकट को लेकर सदर विधायक को चुनौती दे रहीं भाजपा नेत्रियां

उरई (जालौन)। अब जब विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने में कुछ समय बचा है। कभी भी निर्वाचन आयोग चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। ऐसे में टिकट के दावेदार अपने घोड़े दौड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। विपक्ष के साथ ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में टिकट को लेकर मौजूदा विधायकों एवं दावेदारों के बीच जमकर रस्साकशी चल रही है।… क्योंकि जिस तरह से पार्टी हाईकमान ने कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटने के संकेत दिये हैं, उससे विधायकों की हालत पतली होती जा रही है। उन्हें लगता है कि कहीं उनका टिकट न उड़ा दिया जाए। उरई- जालौन विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो मौजूदा विधायक गौरीशंकर वर्मा की सिटिंग विधायक होने के नाते दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। लेकिन सिंटिंग विधायक होने के नाते उनके खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय जनता की नाराजगी न हो ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि एक साल पहले ही ग्राम गढ़र में खुलेआम पार्टी कार्यकर्ताओं से उनकी मुंहाचाही हुई थी और कार्यकर्ताओं ने उन्हें खरी-खोटी सुनाते हुए विकास कार्य न कराने के आरोप जड़े थे। जहां तक क्षेत्र के विकास की बात है तो जिला मुख्यालय उरई नगर की सड़कें उन्हें मुंह चिढ़ा रही हैं। पिछले साढे चार साल से जेल रोड पर चल कर अपने वाहन कबाड़ा कर चुके लोगों की सुध कार्यकाल के आखिरी में ली। पूरे शहर की सड़कों को पैचवर्क के नाम पर ढका जा रहा है। जहां दूसरे दिन ही गड्ढे दिखाई देने लगते हैं। उरई विधानसभा क्षेत्र की सड़कों का हाल कम खराब नहीं है। सूत्रों की मानें तो जब चुनाव करीब आया तो ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंताओं से विकास कार्यों के स्टीमेट बनवाकर कार्यकर्ताओं को दिखाये जा रहे हैं, जबकि विधायक निधि पहले ही साफ हो चुकी है। कार्यकर्ताओं को बहलाया तो जा ही सकता है,जिसे विधायक गौरीशंकर वर्मा अच्छी तरह से अंजाम दे रहे हैं। हालांकि मौजूदा विधायक गौरीशंकर वर्मा के खिलाफ पार्टी के आम कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र की जनता जनार्दन की नाराजगी की बहुत सारी वजह है, जिनका सामना टिकट मिलने पर उन्हें कार्यकर्ताओं की नाराजगी के रूप में करना पड़ सकता है।

फिलहाल सिटिंग विधायक के रूप में उनकी दावेदारी तो मजबूत मानी जा रही है, लेकिन उनकी प्रत्याशिता को लेकर भाजपा में द्वन्द की स्थिति बनी हुई कि क्या वह फिर से भाजपा को जीत दिला पायेगे ? असमंजस की ऐसी स्थिति में टिकट के अन्य दावेदारों पर भाजपा विचार कर सकती है और उनमें पहला नाम जिला पंचायत सदस्य पूनम अरविंद निरंजन एट का आता है। इनका नाम जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदारी में भी सामने आया था लेकिन आखिर में डा. घनश्याम अनुरागी को प्रत्याशी घोषित किया गया था। पूनम ग्राम एट की प्रधान बनने के साथ ही दो बार जिला पंचायत सदस्य बन चुकी हैं। पार्टी के भीतर उनकी दावेदारी को तबज्जो दी जा रही है। प्रांतीय स्तर पर भी पूनम की दावेदारी चर्चा में है। हालांकि जिस तरह से कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट देने की बात कहीं जा रही है, उसे देखते हुए उरई सीट पर पूर्व सभासद सुनीता वर्मा एवं रेखा वर्मा भी टिकट के लिए ताल ठोक रही हैं। कहने को रामप्रकाश मुखिया भी दावेदारी कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा विधायक गौरीशंकर वर्मा की दावेदारी अभी भी मजबूत मानी जा रही है। सिटिंग विधायक के रूप में वह टिकट पाने में भले सफल हो जाएं लेकिन विधानसभा चुनाव में वह सीट निकाल पायेगे ? यही सवाल पार्टी नेतृत्व को हलकान किये है। सूत्रों की माने तो सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा का रिपोर्ट कार्ड भी ज्यादा संतुष्ट करने वाला नहीं माना जा रहा है। यही वजह है कि उनके टिकट को लेकर पार्टी के जिम्मेदार भी फिलहाल मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं।

सुरेश खरकया

भाजपा से निष्कासित नेताओं की हुई घर वापसी

बिजनौर। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनैतिक दल फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर पूर्व में निष्कासित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की घर वापसी कराई गई।

कार्यक्रम का आयोजन जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता एवं जिला प्रभारी व क्षेत्रीय महामंत्री हरिओम शर्मा और जिला प्रवासी सत्यव्रत शास्त्री की उपस्थिति में हुआ।

बताया गया कि जिला पंचायत चुनाव में तत्कालीन परिस्थिति को देखते हुए पार्टी के विरोध में चुनाव लड़ने वाले कार्यकर्ताओं का निष्कासन किया गया था। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी हित में उन कार्यकर्ताओं का निष्कासन रद्द करते हुए पार्टी में उनकी पुनः वापसी करायी जा रही है।

इनमें मुख्य रुप से जिला उपाध्यक्ष रहे नगीना निवासी कृष्ण बलदेव सिंह, पूर्व जिला महामंत्री किसान मोर्चा अवनीश चौहान, विजेंद्र राणा, सरदार कुलवंत सिंह, रमेश रागी, जितेंद्र राणा, गिरिराज सैनी, नरेश कुमार, संजय चौहान, ज्ञानेश्वर, राजन, विष्णु दत्त, टीकम सिंह, अरविंद प्रजापति, विनीत बहादुर, नरेश कुमार, विनोद कुमार आदि की घर वापसी कराई गई। इस अवसर पर सभी का फूल मालाओं से स्वागत किया गया।

घर वापसी के बाद सभी ने भाजपा की रीतियों नीतियों के अनुरूप कार्य करने का प्रण लिया। साथ ही कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के लिए जनता के बीच जा कर समाज हित में किए गए कार्यों से अवगत कराएंगे।


कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला महामंत्री विनय राणा, मुकेन्द्र त्यागी, भूपेंद्र बॉबी, सुभाष चौहान, संगीता अग्रवाल, चौधरी देव सिंह, संदीप तायल, पुष्कर सिंह, अभिषेक उपमन्यु, डॉ. भुवनेंद्र चौधरी, सुरेंद्र प्रजापति, राजीव लोचन, विक्रांत चौधरी, विपुल शर्मा, अजय राणा आदि समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे।

योगी को फिर से बनाएंगे मुख्यमंत्री: राजेन्द्र अग्रवाल

पूरे जोश और ऊर्जा के साथ फिर बनाएंगे भाजपा सरकार:राजेन्द्र अग्रवालभाजपा युवा मोर्चा ने किया युवा महासम्मेलन का आयोजन।


बिजनौर। भारतीय जनता पार्टी की नीतियों से प्रेरित होकर ही आज युवा वर्ग भाजपा के साथ है और योगी को फिर से 2022 में मुख्यमंत्री देखने का सपना संजोए हुए है। उक्त उद्गार मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भाजपा युवा मोर्चा के युवा महासम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए।

भाजपा युवा मोर्चा के युवा महासम्मेलन का आयोजन डीएवी इंटर कॉलेज बिजनौर में किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में युवाओं ने भाग लिया। मुख्य अतिथि राजेंद्र अग्रवाल सांसद मेरठ, विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा सत्येंद्र अवाना रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि पार्टी की नीतियों से प्रेरित होकर ही आज युवा वर्ग भारतीय जनता पार्टी के साथ है और योगी को 2022 में फिर से मुख्यमंत्री के रूप में देखने का सपना संजोए हुए है। उन्होंने कहा कि कभी किसी पुरानी सरकार ने युवाओं और जनहित के ऐसे कार्य नहीं किए, जो भाजपा की सरकार ने किए।

महा सम्मेलन की अध्यक्षता रॉबिन चौधरी एवं संचालन ललित सैनी ने किया। मुख्य रूप से क्षेत्रीय उपाध्यक्ष युवा मोर्चा वीनस शर्मा, क्षेत्रीय मंत्री भाजपा अनूप बाल्मीकि, क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कविता चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप, सदर विधायक सूची मौसम चौधरी, जिला महामंत्री विनय राणा, डा. मंजू चौधरी, आकाश शास्त्री, सौरभ सिंघल, जिला मीडिया प्रभारी सभासद दीपक गर्ग मोनू, विक्रांत चौधरी, संकित राठी, विनीत चौधरी, नवजोत, अनमोल मित्तल, ऋतिक त्यागी, वरुण गोलू एड., अर्पित सिंघल, संदीप बालहरे, उदयवीर, सुमित गुर्जर, विक्की जोशी, कार्तिक, सुधांशु अक्षय आदि उपस्थित रहे।

डा. मंजू चौधरी ने पेश की मजबूत दावेदारी!
बिजनौर। डा. मंजू चौधरी ने हजारों समर्थकों की भीड़ जुटाकर न सिर्फ भाजयुमो के सम्मेलन की सफलता में अहम भूमिका निभाई, बल्कि टिकट के लिए अपनी मजबूत दावेदारी भी पेश की। सम्मेलन में बिजनौर विधानसभा से टिकट के दावेदार दमखम के साथ शामिल हुए। कड़ाके की सर्दी होने के बावजूद सुबह से ही नजीबाबाद मार्ग पर रेलवे स्टेशन चौराहे के पास स्थित डा. मंजू चौधरी के कैंप कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। यहां से ढोल नगाड़ों के साथ डा. मंजू चौधरी सम्मेलन के लिए रवाना हुईं। वह खुली जीप में सवार थीं, जबकि उनके समर्थक गाड़ी, बाइक के अलावा पैदल ही साथ चल रहे थे।

विस चुनाव को लेकर बूथ स्तर पर तैयारियों में तेजी

बिजनौर। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज क्षेत्र अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी के बूथ अध्यक्षों की सेक्टर बैठक का आयोजन मोहल्ला जाटान में जोगिंदर सिंह वालिया के निवास स्थान पर किया गया।

इस दौरान सेक्टर संयोजक जोगिंदर सिंह वालिया, सेक्टर प्रभारी श्रीमती संगीता अग्रवाल अनु, मुख्य अतिथि श्रीमती कविता चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के अतिरिक्त बूथ अध्यक्ष हिमांशु शर्मा, विमल चौधरी, मुनेश सैनी, कुलदीप सिंह, ललित सैनी, पन्ना प्रमुख देवेंद्र चौधरी, राम कुमार पप्पू आदि काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सक्रिय होने का आह्वान-
सेक्टर संयोजक जोगिंदर सिंह वालिया ने जनसंपर्क अभियान आदि पार्टी की नीतियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सभी से आगामी चुनाव के दृष्टिगत जनसंपर्क अभियान में तेजी लाने एवं पार्टी की नीतियों पर काम करने के लिए सक्रिय होने के आह्वान के साथ ही 9 तारीख को लखनऊ जाने के लिए तैयार रहने को कहा।

भाजपा महिला मोर्चा ने कराया नारी शक्ति का अहसास

भाजपा महिला मोर्चा के सम्मेलन में दिखी महिला शक्ति
बिजनौर। भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित जिला स्तरीय सम्मेलन में नारी शक्ति का अहसास हुआ।

इस अवसर पर विधायक अशोक राणा ने कहा कि सरकार की उपलब्धियों से विपक्ष पूरी तरह से परेशान है। विपक्ष कोई भी चाल चल ले, पर प्रदेश की जनता कामयाब नहीं होने देगी। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फिर से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने को जा रही है। उन्होंने महिलाओं को एक
होकर भाजपा के पक्ष में वोट दिलाने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने अपनी शक्ति को पहचान लिया है।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश की जन कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में बताया। भाजपा राज में न केवल अपराध कम हुए हैं, बल्कि महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। सरकार सबको साथ लेकर जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर विकास करा रही है।
चांदपुर विधायक कमलेश सैनी ने भी महिलाओं से पूरी ताकत के साथ भाजपा का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया। पालिकाध्यक्ष राजू गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक ताकत की उत्तर प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार
बनाएगी। नौगांवा विधायक संगीता चौहान ने कहा कि अब महिलाओं ने अपनी शक्ति को पहचान लिया है। प्रदेश मंत्री मोनिका चौधरी, क्षेत्रीय मंत्री अंजू चौधरी, जिला अध्यक्ष मोनिका यादव, जिला मंत्री योजना गुप्ता, रचना पाल, अनीता चौहान, विनीता सैनी, पूर्व जिला अध्यक्ष सुमन त्यागी, जिला महामंत्री भूपेंद्र बॉबी, अनामिका जैन, भारतीय गौड़, हरजिंदर कौर, रजनी कालरा, ब्लाक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान, आकांक्षा चौहान, विनीता शर्मा, उज्जवल चौहान, लवी शर्मा, राकेश चौधरी, महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष गार्गी अग्रवाल आदि रहे।

सम्मेलन को सफल बनाने में जिला उपाध्यक्ष गार्गी अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा। इससे पूर्व कार्यकर्ताओं ने अतिथियों को तलवार भेंट कर, शॉल ओढ़ा कर एवं पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। संचालन अनामिका जैन व भारती गौड़ ने किया।

भाजपा के पूर्व नगर महामंत्री की एक्सीडेंट में मौत

भाजपा के पूर्व नगर महामंत्री की सडक़ हादसे में मौत
नहटौर (बिजनौर)। नमाज पढक़र लौट रहे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व नगर महामंत्री की सडक़ हादसे में मौत हो गई। उन को बाइक सवार ने टक्कर मार दी। परिजन प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर उपचार के लिये मुरादाबाद ले जा रहे थे कि उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। उनकी आकस्मिक मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।


नगर के मोहल्ला जोशियान निवासी भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व नगर महामंत्री सुबहानुल हक अंसारी बीती देर सायं मस्जिद से नमाज पढ़ कर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक बाइक सवार उनको टक्कर मार कर मौके से फरार हो गया। दुर्घटना में सुबहानुल हक अंसारी बुरी तरह से घायल हो गए। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने नगर के ही एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया। हालत नाजुक देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रैफर कर दिया गया। परिजन उन्हें बेहतर उपचार के लिये मुरादाबाद ले जा रहे थे, तो उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सूचना पर नगर के भाजपाईयों व गणमान्य लोगों ने उनके आवास पर पहुंच कर उनके अंतिम दर्शन किये तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।

उधर मृतक के परिजनों की ओर से मोहल्ला जोशियान के  मोनू पुत्र महेश सैनी तथा शुभम पुत्र नरेश सैनी निवासी के विरुद्ध तहरीर दी है। सिटी ईंचार्ज बब्लू सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच कर कार्यवाही की जायेगी।

जालौन की चेतना शर्मा राजनीतिक कद बढ़ा

लखनऊ। जनपद जालौन के माधौगढ कस्बे में जन्मी एवं विभिन्न प्रांतों में सामाजिक गतिविधियों में किरदार निभाने वाली श्रीमती चेतना शर्मा को उनके सामाजिक व सांगठनिक योगदान को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा सक्रिय सदस्यता प्रदान कराते हुए प्रदेश कार्यालय पर शामिल किया गया।

इस मौके पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान में ज्वाइनिंग कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी, प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह, एमएलसी गण सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए ।
ज्वाइनिंग कमेटी के अध्यक्ष श्री बाजपेयी ने बताया कि श्रीमती चेतना का पार्टी की गतिविधियों में कई वर्षों से सराहनीय योगदान रहा है। वर्ष 2014 एवं 2019 के लोकसभा चुनावों में महिलाओं के साथ सहभागिता कर पार्टी हित में उन्होंने उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में व्यापक प्रचार प्रसार किया है एवं अब निश्चित ही सक्रिय सदस्य के तौर पर वह जनपद जालौन, बुंदेलखंड सहित प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करेगी।


उल्लेखनीय है कि छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से जैव सूचना विज्ञान में परास्नातक करने के उपरांत उन्होंने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद में शैक्षिक योगदान दिया है । 2007 से 2014 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हुए दिल्ली एवं उत्तराखंड में कार्य किया । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेविका समिति