गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान- देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड

देश में लागू किया जाएगा कॉमन सिविल कोड- गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान

भोपाल। बीजेपी ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी कर ली है. बाकायदा उसका खाका भी तैयार हो चुका है। भोपाल पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक में कहा कि राम मंदिर, धारा 370 और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दे पर बीजेपी को सफलता मिली है। अब कॉमन सिविल कोड को लागू कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया उत्तराखंड में कॉमन सिविल कोड पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। जंबूरी मैदान में भी अमित शाह ने कहा कि धारा 370 हो, राम मंदिर हो या फिर अन्य मामले पीएम मोदी के नेतृत्व में हमने विवादित मुद्दों को सुलझाया है। अब पूरी तरह से फोकस कॉमन सिविल कोड पर है।

क्या है कॉमन सिविल कोड
इसमें देश में शादी, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने जैसे सामाजिक मुद्दे एक समान कानून के तहत आ जाएंगे। इसमें धर्म के आधार पर कोई कोर्ट या अलग व्यवस्था नहीं होगी। संविधान के अनुच्छेद 44 के लिए संसद की सहमति जरूरी है। गौरतलब है कि आजादी से पहले हिंदुओं और मुस्लिमों के लिए अलग-अलग कानून लागू किए गए थे। बीजेपी ने इसे अपने तीन मुख्य मुद्दे में शामिल किया।

बीजेपी नेताओं को दी नसीहत
बैठक में अमित शाह ने कहा कि बड़े और जिम्मेदार नेताओं को हार के लिए जिम्मेदार माना जाएगा. इसके साथ ही 2018 के हार की समीक्षा की गई। उन्होंने पूछा कि वोट शेयर बढ़ा तो सीटें क्यों हार गए. उन्होंने कहा कि सरकार तो अच्छा काम कर रही है लेकिन संगठन के कामों का रिपोर्ट कार्ड उतना अच्छा नही है। गृह मंत्री ने कहा कि बूथ मैनेजमेंट का काम मध्यप्रदेश कर रहा है। बूथ को डिजिटल करने के साथ उनकी मॉनिटरिंग भी लगातार करते रहें। प्रदेश में जिस तरह से मंत्रिमंडल और संगठन में मनमुटाव की खबरें बाहर आती हैं, उसे लेकर भी उन्होंने सख्त हिदायत दी कि इस तरह से पार्टी का अनुशासन बिगड़ता है. सभी की जिम्मेदारी है कि पार्टी का अनुशासन बना रहे।

सुबह जल्दी उठाने से गुस्सा बेटे ने पिता को उतारा मौत के घाट

भोपाल। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक बेटे ने अपने पिता की इसलिए हत्या कर दी कि उसको पिता ने सुबह जल्दी उठने के लिए कह दिया। गुस्से में बेटे ने सीधे बिस्तर से उठकर अपने पिता पर एक के बाद एक चाकू से कई वार किये, जिसके बाद पिता की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया तो वहीं आरोपी बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

शिवपुरी जिले के कोतवाली थाना इलाके की न्यू शिव कॉलोनी में रामेश्वर दयाल (65 वर्ष) अपने बेटे के साथ किराए पर रहते थे। रामेश्वर दयाल का बेटा उपेंद्र शर्मा एक एजेंसी में सेल्समैन का काम करता है। बताया जा रहा है कि रामेश्वर दयाल शर्मा सुबह जल्दी उठकर पूजा पाठ का काम करते थे और इसी दिनचर्या को अपने बेटे को सिखाने का प्रयास कर रहे थे। रोज की तरह सुबह जब रामेश्वर दयाल शर्मा ने अपने बेटे को जल्दी उठाने का प्रयास किया तो उसे यह बात बुरी लगी और क्रोध में उसने चाकू उठाया और अपने पिता का गला काट दिया। पिता पर उसने एक के बाद एक चाकू से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

यह जानकारी आग की तरह पूरी कॉलोनी में फैल गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी पुत्र ने बताया कि उसका पिता रोज जल्दी सुबह उठने के लिए कहता था। वह सेल्समैन का काम करता है और दिन में बुरी तरह थक जाता है, इसलिए वह पूरी नींद लेना चाहता है, लेकिन रोज की तरह पिता उसे सुबह जल्दी उठाने का प्रयास करते थे और इसी बात से नाराज होकर उसने क्रोध में अपने पिता की हत्या कर दी।

रोकना होगा सोशल मीडिया का अमानवीयकरण

सामाजिक दर्पण सोशल मिरर फाउंडेशन मध्यप्रदेश की विचारगोष्ठी। सोशल मीडिया के अमानवीयकरण पर सार्थक चर्चा। शामिल हुए वरिष्ठ समाजसेवी, शिक्षक व पत्रकार

पंचदेव यादव वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ

लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। सामाजिक दर्पण सोशल मिरर फाउंडेशन ग्वालियर मध्यप्रदेश से संचालित है। निरंतर सामाजिक मुद्दों पर आयोजनों के अंतर्गत सोशल मीडिया के अमानवीयकरण विषय पर लाइव संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक मुद्दों से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार विकास त्रिपाठी, शिक्षिका मृदुल मौर्य, महिला पत्रकारिता से जुड़ी वरिष्ठ पत्रकार ममता सिंह, भारतीय नागरिक परिषद की  महामंत्री रीना त्रिपाठी, पटल की संस्थापिका एवं संचालिका शिक्षिका व कई सामाजिक जागरूकता मंच से जुड़ी हुई शकुन्तला तोमर ने प्रतिभाग किया।
जैसा की सर्वविदित है बदलते परिवेश में मोबाइल,  सोशल मीडिया की महती भूमिका है और समय के साथ सोशल मीडिया के दुरुपयोग या मर्यादा हनन के केस अक्सर देखने को मिलते हैं। वर्तमान रफ्तार के युग में सोशल मीडिया का एक चेहरा अमानवीय भी हो रहा है।

कड़े कानून की वकालत-
कार्यक्रम का संचालन करते हुए रीना त्रिपाठी ने बताया कि इंटरनेट एक वर्चुअल वर्ड है, जिसमे सोशल मीडिया एक विशाल नेटवर्क विभिन्न वेबसाइटों का समूह होने के कारण अक्सर हमें कुछ अप्रत्याशित तस्वीरें वीडियो देखने को मिल जाते हैं, जिनकी वर्तमान में कोई प्रासंगिकता नहीं है, जिन्हें देखकर मन विचलित होता है, जिन्हें पढ़कर और सुनकर भावनाएं आहत होती हैं, फिर भी कड़े नियम कानून ना होने के कारण, सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट अक्सर देखने को मिलती हैं।

…ताकि कम हो सकें मोबाइल से नजदीकियां-
वरिष्ठ पत्रकार ममता सिंह ने सोशल मीडिया के मानवीय करण का एक चेहरा लव जिहाद के रूप में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लड़के लड़कियों द्वारा अक्सर एक दूसरे को ठगी का शिकार बनाने के मामलों को संज्ञानित कराते हुए कहा कि कड़े कानून क्रियान्वित होने चाहिए जिससे कि फेक आईडी से लोग भावनाओं को आहत ना करें। परिवार में संयुक्त परिवार की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए एक दूसरे के साथ बैठकर खानपान और बातचीत का सिलसिला पुनः शुरू किया जाना चाहिए, ताकि मोबाइल से बढ़ती नजदीकियां कुछ कम हो सके। आने वाली पीढ़ी को कुछ अच्छे परिवारिक संस्कार मिल सके।

अच्छा पहलू भी है-
संगोष्ठी में विकास त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान परिवेश में सोशल मीडिया का अच्छा पहलू हमें विभिन्न रूपों में मिलता है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने हितों को साधने के लिए सोशल मीडिया का बहुत ही अच्छा उपयोग किया है परंतु ज्यादा सोशल मीडिया को समय देने के कारण आपसी संबंधों में दूरियां आ गई हैं। बच्चे ज्यादा से ज्यादा समय मोबाइल और इंटरनेट को दे रहे हैं और इन सब में महती भूमिका अभिभावकों की रहती है।

टेक्नोलॉजी के दबाव में आ रहे बच्चे-
सोशल मीडिया के अमानवीयकरण और बच्चों में एडवेंचरस फोटो खींचने की परंपरा क्या उचित है ???सोशल मीडिया का युवाओं पर विशेषकर किशोरावस्था में पहुंचे हुए बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है ? इस प्रश्न का उत्तर देते हुए शिक्षिका मृदुल मौर्य ने बताया कि बच्चों के कोमल मन और मस्तिष्क पर सोशल मीडिया के अमानवीयकरण का बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बच्चे टेक्नोलॉजी के दबाव में आ रहे हैं। कोरोना काल में ऑनलाइन क्लास होने की वजह से बच्चे ज्यादा से ज्यादा समय मोबाइल को दे रहे हैं जिसके कारण उनकी एकाग्रता में कमी आ रही है। फिजिकल एक्सरसाइज कम हो रही है और इन सब का प्रभाव बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर निश्चित रूप से नकारात्मक ही पड़ रहा है।

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से ज्ञान-
लाइव संगोष्ठी के इस पेज में जुड़े हुए डॉक्टर कन्हैयालाल ने बताया कि आज के दौर में युवक और बच्चे हमारी संस्कृति शास्त्र और महापुरुषों के द्वारा रचित साहित्य को पढ़ने में समय नहीं दे रहे हैं और सारा ज्ञान व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से ही लेना चाहते हैं, जिससे पठन-पाठन की प्रक्रिया कमजोर पड़ रही है।

सोशल मीडिया से बच्चों को किया जाए दूर-
शकुन्तला तोमर ने बताया कि आज समय आ गया है कि हम लोग सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव सोशल मीडिया के अमानवीय चेहरे के बारे में समाज को जागरूक करें। उन्होंने इस ओर इंगित किया कि कोरोना महामारी के पहले लगभग दो महीने तक मानव अधिकार प्रोटेक्शन की तरफ से एक मुहिम चलाई गई थी। आदरणीय प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र झा जी एवं शकुन्तला तोमर जी एवं जिले की टीम द्वारा प्रतिदिन 2 से 3 घण्टे प्रत्येक वार्ड में हर आयुवर्ग को समाज, आस-पड़ोस के लोगों को सोशल मीडिया के मानवीय चेहरे के प्रति जागरूक करना था और इस मुहिम को काफी हद तक सफलता भी मिली। आज बहुत ही गंभीर प्रश्न है कि बच्चों को सोशल मीडिया से दूर किया जाए? हम एक दूसरे को ज्यादा से ज्यादा समय दे, गलतियां किस स्तर पर हो रहे हैं इस पर ध्यान दिया जाए।
शकुंतला तोमर ने बताया कि माना कि कोरोना काल में सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग किया गया है। रिश्तों को मजबूत रखने में सोशल मीडिया ने महती भूमिका निभाई तथा सोशल मीडिया का महत्वपूर्ण साधन के रूप में उपयोग किया गया। यदि हम सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करें तो सामाजिक भलाई भी की जा सकती है, पर कभी-कभी सामाजिक भलाई के नाम पर लोग किसी बच्चे के गुमशुदगी की तस्वीर या किसी मृत हुए शरीर की तस्वीर डालकर उस पर लाइक और कमेंट की अपेक्षा करते हैं, जो निश्चित रूप से दु:खद है।

मानवीय संस्कार जरूरी-
ममता सिंह ने बताया कि मीडिया वर्ग से जुड़े होने के कारण हमने कई बार देखा है कि किसी दुर्घटना की स्थिति में लोग वहां खड़े होकर अमूमन वीरता पूर्वक वीडियो बनाते हैं। जबकि दुर्घटना से जो प्रभावित हो रहा है, उसकी किसी प्रकार की मदद नहीं करते। मंच के माध्यम से अनुरोध किया कि विषम परिस्थिति में यदि कोई दिख जाए तो उसकी मदद करें ना कि वहां खड़े होकर वीडियो बनाएं। समय पर की गई मदद भी  कितने निर्दोष लोगों की जान बचा सकती है।

अभिभावक करें निगरानी तंत्र मजबूत-
संगोष्ठी में बात निकल कर आई कि आज साइबर क्राइम नवयुवकों को भावनात्मक अपराध करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। एडवेंचरस फोटो डालने के चक्कर में कितने ही युवक और युवतियां हादसे के शिकार हो जा रहे हैं। भावात्मक और फोटो आईडी जोकि फेक हो सकते हैं। ऐसे बने हुए खाते बच्चे और युवकों को गुमराह करने तथा नशे की तरफ ले जाने के लिए काफी होते हैं। इन सब से निजात दिलाने का एक ही तरीका है कि अभिभावकों को चाहिए कि वह अपने बच्चों को इनसे बचाने के लिए अपना निगरानी तंत्र मजबूत करें।

नासमझी बन सकती है अभिशाप-
रीना त्रिपाठी ने बताया कि इंटरनेट से जानकारी प्राप्त करें ना कि अपनी पर्सनल जानकारियों को इंटरनेट के माध्यम से साझा करें क्योंकि आपके द्वारा की गई साझा जानकारियों का दुरुपयोग कभी भी कोई कर सकता है। इंटरनेट निश्चित रूप से एक वरदान का युग है, परंतु नासमझी और नियमों की जानकारी के बिना यह अभिशाप भी बन सकता है।

संगोष्ठी में निष्कर्ष-
शकुन्तला तोमर जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज जहां सामाजिक मजबूरियों की वजह से न्यूक्लियर फैमिली बढ़ने का प्रचलन जोरों पर है फिर भी हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम अपने क्वालिटी टाइम को बच्चों के साथ स्पेंड करें। परिवार के साथ बैठे औऱ अपनी खुशियों को अपनों के साथ साझा करें फेसबुक इंस्टाग्राम और ट्विटर का साथ कम दें तथा अपने युवाओं और बच्चों को आवाज, स्विग्गी वन शैली जो कि इंटरनेट के द्वारा दी गई है, जिसमें खुशी और गम, दिन और रात के सभी मूवमेंट को युवा इंटरनेट में साझा कर रहे हैं, से निकालते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाते हुए डिप्रेशन का  शिकार होने से बचाने का प्रयास करें।

संबंधों का ताना बाना है संस्कृति-
विकास त्रिपाठी, एडीटर इन चीफ ने बताया कि संस्कृति क्या है? जहां तक मैं समझता हूं, यह संबंधों का ताना बाना है, जिनको हम निभाते चले आ रहे हैं और आज की इस भागमभाग जिंदगी में हम इसी ताने बाने को अपनी भावी पीढ़ी को देने में असफल सिद्ध हो रहे हैं। बच्चे भी संचार क्रांति के नित नए आयामों के साथ इस दौर में इन सबसे दूर होते जा रहे है। कई बार ऐसे दु:खद और विध्वंसक दृश्यों को परोस दिया जाता है, जिन्हें देखकर आत्मा दु:खी और मन विचलित हो जाता है फिर भी अपेक्षा की जाती है कि उन पर लाइक और कमेंट किए जाएं क्या यह उचित है?
इसलिए नीति नियंताओ के साथ ही हम सभी की ये जिम्मेदारी है कि अपनी भावी पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से परिचित कराएं और सावधानी पूर्वक सोशल मीडिया का निगरानी में एक्सेस करने दें। सोशल मीडिया की अमानवीयता इसी बात से दर्शाई जा सकती है कि यदि कोई धोखे का शिकार होता है तो वह अपना मन और मस्तिष्क दुख के सागर में डुबो देता है जो हैकिंग का शिकार होता है वह अपना आर्थिक नुकसान कर बैठता है और जो इसके लत के शिकार हो जाते हैं वह अपना समय तो बर्बाद करते हैं कई बार अनजान मौतों के कारण भी बनते हैं। फिर भी इस प्रकार भी क्षति का खामियाजा कोई भी प्लेटफार्म उठाने को तैयार नहीं।

कानून की जानकारी जरूरी- भारतीय नागरिक परिषद की महामंत्री रीना त्रिपाठी ने कहा कि सरल, आसानी से उपलब्ध, सभी सीमाओं को तोड़ता हुआ, सामाजिक जुड़ाव को बढ़ाने का सस्ता तरीका तो सोशल मीडिया हो सकता है परंतु हमें यदि किसी भी कारण से सोशल मीडिया के द्वारा मानहानि, भेजी गई तस्वीरों का दुरुपयोग, महिलाओं की फोटो का गलत साइटों द्वारा इस्तेमाल किया जाना, डिजिटल डॉक्यूमेंट से छेड़खानी या ऑनलाइन आईटी की चोरी, हैकिंग इत्यादि या किसी ऐसी तस्वीर या वीडियो जो कि अशांति फैलाने के लिए काफी हैं , इनसे बचने के लिए जरूरी है कि इनसे जुड़े हुए कानूनों को जानें। भारतीय दंड संहिता 1870 के उन सभी प्रावधानों को हमारा युवा हमारे सोशल मीडिया से जुड़े हुए यूजर्स जानें ताकि उनका दुरुपयोग ना हो सके। तो भारतीय सभ्यता और संस्कृति को बनाए रखने के लिए बच्चों को मानसिक शारीरिक वेदना से बचाने के लिए युवाओं का समय सही दिशा में लगाने के लिए आवश्यक है कि सोशल मीडिया का ज्यादा से ज्यादा सदुपयोग किया जाए .....पर कम समय में। प्रकृति,  परिवार और समाज से जुड़कर ही हम देश और काल की उन्नति कर सकते हैं और अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य का सपना साकार कर सकते हैं। आइए मिलकर सोशल मीडिया के अमानवीय चेहरे को दूर करने का प्रयास करें।

अंत में सामाजिक दर्पण सोशल मिरर की संस्थापिका शकुन्तला तोमर ने पटल पर उपस्थित सभी श्रोताओं को विद्वानों को साहित्यकारों को सभी सहभागिता करने वाले साहित्यकारों अतिथियों की उपस्थिति को कोटि कोटि नमन एवं आभार व्यक्त किया।

वैक्सीन लगवाने को BJP भेज रही पीले चावल

वैक्सीन लगवाने को लोगों को मना रही BJP, निकाला अनूठा तरीका, भेजे जा रहे पीले चावल वाले पोस्टकार्ड

नई दिल्ली। पूरे देश में लोगों की सुरक्षा हेतु वैक्सीन लगवाने का अभियान चलाया जा रहा है ताकि महामारी से जल्द से जल्द राहत पा सकें। केंद्र व राज्य अपने स्तर पर प्रयासरत हैं. हालांकि वैक्सीन की कमी की भी शिकायत आ रही है।

इस बीच मध्य प्रदेश में वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए BJP ने एक विशेष और अनूठा तरीका निकाला है। भोपाल में लोगों के घरों पर पोस्टकार्ड के जरिये पीले चावल भेजकर कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

दरअसल कई जगहों से लोगों के द्वारा वैक्सीन नहीं  लगवाने की खबर आ रही है। कोई डर रहा है तो कोई भ्रम के कारण ऐसा कर रहा है। इसलिए BJP कार्यकर्ताओ द्वारा इसका भी इलाज ढूँढा गया है इसलिए अब उन्होंने सबके घर पोस्टकार्ड भेजने का निर्णय लिया है। कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा क़ि कुछ भ्रम फैला रहे हैं, हम हक़ीकत फैलाएंगे। इसमें उन्होंने पीले चावल लगा लोगों से स्वयं और अपने, अपनों और मित्रों इत्यादि को भी प्रोत्साहित कर टीका लगवाने का आग्रह किया गया है।

प्रतापगढ़ में लुटे 40 लाख, MP पुलिस ने बरामद किए 1.85 करोड़!



लखनऊ/ग्वालियर। मध्य प्रदेश के सिवनी में इनोवा की बोनट में आग लगने के बाद बरामद 1.85 करोड़ रुपयों के तार प्रतापगढ़ में हुई लूट से जुड़े पाए गए हैं। बनारस के जिस कारोबारी रिंकू सेठ के रूपये प्रतापगढ़ में लूटे गए थे, सिवनी में बरामद रुपये भी उसी के बताए जा रहे हैं। खास बात यह है कि सिवनी पुलिस ने कुल 1.85 करोड़ रुपए बरामद करते हुए तीन लोगों को पकड़ा है, जबकि कारोबारी की ओर से केवल 40 लाख रुपए ही लूटे जाने की रिपोर्ट दर्ज है। इससे पुलिस उलझ गई है। पूछताछ के लिए कारोबारी को सिवनी बुलाया गया है।
प्रतापगढ़ में हुई थी लूट?
प्रतापगढ़ के कुंडा में शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि वाराणसी से दिल्ली सोना खरीदने जा रहे कारोबारी के कर्मचारियों की स्कॉर्पियो समेत लाखों रुपए इनोवा सवार बदमाशों ने लूट लिये हैं। पुलिस को कारोबारी की स्कॉर्पियो पड़ोसी जिले कौशांबी में रविवार सुबह लावारिस हालत में बरामद हुई। वाराणसी से पहुंचे कारोबारी रिंकू सेठ ने बताया कि उसने कौशांबी के कोखराज थाने में 40 लाख लूट की रिपोर्ट भी दर्ज कराई हुई है।


इनोवा के बोनट में लगी आग तो बरामद हुए 1.85 करोड़-
रविवार की शाम मध्य प्रदेश के सिवनी में पुलिस ने नेशनल हाइवे से इनोवा सवार तीन लोगों को 1.85 करोड़ रुपयों के साथ पकड़ा। तीनों युवकों ने नोटों के बंडल को कार की बोनट में इंजन के पास छिपाया था। नोटों के कारण कार के बोनट में आग लग गई। बोनट से नोटों के बंडल बाहर निकालते ही 500-500 के अधजले नोट सड़क पर बिखर गए। नोटों को देखकर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी तो अधजले नोटों को मौके पर छोड़कर तीनों इनोवा लेकर भागने लगे। ग्रामीणों से मिली सूचना पर पुलिस ने नाकेबंदी की और तीनों को कुरई के पास गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सुनील वर्मा, हरिओम यादव और ग्यास बाबू ने बताया कि रुपए बनारस के कारोबारी रिंकू सेठ के हैं। वह लोग रुपए लेकर सोना खरीदने मुंबई जा रहे थे।

सिवनी पुलिस ने कारोबारी को बुलवाया-
सिवनी पुलिस ने वाराणसी पुलिस से संपर्क कर कारोबारी के बारे में पता करने को कहा। पता चला कि उसी कारोबारी के 40 लाख रुपए प्रतापगढ़ में इनोवा सवारों ने लूट लिये हैं। एक तरफ 40 लाख की लूट और दूसरी तरफ इनोवा से 1.85 करोड़ बरामद होने से पुलिस उलझ गई। सिवनी पुलिस ने वाराणसी के कारोबारी रिंकू सेठ को मामले को सुलझाने के लिए बुलाया है। खास बात ये कि सिवनी पुलिस ने जिन तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, उसमें से एक कारोबारी के चालक हरिनाथ यादव का सगा भाई हरिओम यादव है। हरिओम यादव के मुताबिक प्रतापगढ़ में लूट नहीं हुई थी, बल्कि हरिनाथ ने बाइक से नोटों की गड्डी उन तक पहुंचाई थी। उसके साथ एक और व्यक्ति था। रुपए लेकर हरिओम, सुनील और ग्यास सिवनी होते हुए मुंबई जा रहे थे।


मामला हवाला और तस्करी से जुड़ने की आशंका-
पुलिस को आशंका है कि पूरा मामला हवाला और सोने की तस्करी से जुड़ा हो सकता है। यदि कारोबारी की स्कार्पियो से ही 1.85 करोड़ रुपए इनोवा सवारों को दिये गए और कर्मचारी ने लूट की अफवाह उड़ाई तो इसके पीछे किसका दिमाग है? कारोबारी ने 1.85 करोड़ की जगह केवल 40 लाख लूट की रिपोर्ट क्यों दर्ज कराई? पुलिस को आशंका है कि मामला सोने की तस्करी से जुड़ा हो सकता है। पूरा धंधा अवैध तरीके से चलाया जा रहा था। इसकी जानकारी कर्मचारियों को भी थी। ऐसे में कर्मचारियों ने ही कारोबारी के रुपए लूटने की साजिश रची।

दूसरी तरफ पुलिस अधीक्षक सिवनी कुमार प्रतीक ने बताया कि दिनांक 31 जनवरी 2021 को थाना कुरई में राहगीरों द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक कार से जले हुए नोटों को उड़ते हुए देखा गया। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बरघाट शशिकांत सरयाम के द्वारा थाना प्रभारी कुरई को मुखबिर सूचना पर कार्यवाही हेतु आदेशित किया गया। पुलिस द्वारा तत्काल चैकिंग लगाई गई व संदिग्ध वाहन को रोका गया एवं सूक्ष्मता से वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी पर उसमें से बड़ी मात्रा में रुपयों के साथ जले हुए नोट भी प्राप्त हुए। उक्त कार में सवार व्यक्तियों से पूछताछ की गई जिसमें संदिग्ध हरिओम यादव द्वारा बताया गया कि वह मुबंई में वाहन चलाने का काम करता है उसका भाई हरिनाथ यादव बनारस में दशरथ सोनी ज्वेलर्स की दुकान में काम कर रहा है। वह अक्सर बनारस से अपनी गाड़ी में नगद राशि ले जाता है और मुबंई या दिल्ली से सोना चांदी लेकर बनारस आता है। इस काम के लिए उसे अच्छी राशि मिल जाती है। वर्तमान में हरिओम यादव की गाड़ी खराब थी तो वह अपने मित्र सुनील की गाड़ी इनोवा एमएच 01 एएच 7264 को ग्यास बाबू के साथ दिनांक 29/01/2021 को मुबंई से रवाना होकर भुसावल, इंदौर, देवास, झांसी, कानपुर होते हुए इलाहाबाद इटावा मार्ग पहुंचा ।
इलाहाबाद से पूर्व चाचा के ढाबे में हरिनाथ यादव अपने किसी एक आदमी के साथ मोटर साइकिल से आया और गाड़ी में रखे रुपए के पैकेट रखकर चले गये। वहां से तीनों गाड़ी में मैहर होकर जबलपुर मार्ग से सिवनी होते हुए मुबंइ जा रहे थे। तभी सुकतरा के पास इंजन गर्म होने के कारण वायर शार्ट होने से वाहन में आग लग गई। चालक द्वारा बोनट खोलने पर इंजन के पास छिपाकर रखे हुए नोट जलते हुए हवा उड़ने लगे, जिन्हें राहगीरों ने देखा तो पुलिस को सूचना दे दी।

गिरफ्तार आरोपी :– 1. हरिओम यादव निवासी मोतीशाह लेन मझगांव मुबंई, 2. सुनील वर्मा निवासी साईन कोलीवाड़ा थाना अंटापीर मुबंई, 3. ग्यास बाबू निवासी भिन्डी बाजार मुबंई,  जब्त नोट: – 1. 1,74,00,000 / – ( एक करोड़ चौहत्तर लाख रुपए) 2. 1,87,500 / – रुपये (एक लाख सत्तासी हजार रुपए) आंशिक जले हुए। 3.500 रुपए के 81 नोट अधिक मात्रा में जले हुए। पुलिस टीम–निरी. मनोज गुप्ता, SI रोहित काकोडिया, SI आरपी गायधने, SI दामिनी हेड़ाउ, SI करिश्मा चौधरी, ASI रघुराज चौधरी, आर मनीराम यादव, आर अरुण, आर चंचलेश, कमलेश, आर महेन्द्र, आर पंकज, आर सूरज, आर दिलिप का योगदान रहा।