52 जिलों में बारिश का अलर्ट: लखनऊ में रात भर बरसा पानी, 12 से ज्यादा जिलों में स्कूल बंद; 24 घंटे में 30 की मौत

UP के 52 जिलों में बारिश का अलर्ट: लखनऊ में रातभर पानी बरसा, 12 से ज्यादा जिलों में स्कूल बंद; प्रदेश में 24 घंटे में 30 की मौत

लखनऊ (एजेंसी)। यूपी में बारिश का सिलसिला जारी है। आज यानी सोमवार को भी बारिश बंद या कम होने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 52 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें लखनऊ, झांसी समेत 27 जिलों में रेड अलर्ट यानी भारी से भारी बारिश होने का अनुमान है।

CM ने अलर्ट किए सभी DM

लखनऊ, अयोध्या, कानपुर में रविवार रात भर बारिश हुई। सीएम योगी ने बारिश को देखते हुए सभी जिलों के डीएम को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा है कि जहां लोगों को दिक्कत हो रही है, वहां तुरंत राहत पहुंचाएं। स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने भी चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े डॉक्टरों और कर्मचारियों को “आपातकालीन सेवा” के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। बीते 24 घंटों में अलग-अलग जिलों में बारिश से जुड़े हादसों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।

12 से ज्यादा जिलों में स्कूल बंद उधर, शनिवार को प्रदेश में दिनभर हुई बारिश के बाद लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, मुरादाबाद, इटावा, फर्रुखाबाद, लखीमपुर, अयोध्या, जालौन, अलीगढ़, सीतापुर समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी कर दी है। कहीं 8वीं तक तो कहीं 12वीं तक के स्कूलों को बंद कर दिया गया है। प्रदेश में 24 घंटे में 22.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। अक्टूबर महीने में हो रही बारिश से मौसम विभाग भी हैरान है। चक्रवाती असर से प्रदेश में बारिश का अनुमान तो था, लेकिन इतनी बारिश होगी इसका अनुमान विभाग नहीं लगा पाया था। यही कारण है कि पिछले 5 दिनों से मौसम विभाग के अनुमान से कई गुना औसत बारिश रिकॉर्ड हो रही है।

बारिश से जुड़े हादसों में 30 की मौत, आज भी बिजली गिरने की आशंका

मौसम विभाग ने बारिश के साथ ही आज भी बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की है। रविवार को सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, सीतापुर में आकाशीय बिजली गिरने से चार युवकों की मौत हो गई, जबकि मां-बेटी झुलस गईं। उधर, बाराबंकी में पेड़ गिरने से बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। उन्नाव में अलग-अलग घटनाओं में घर गिरने से एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। कानपुर देहात में दो व इटावा और औरैया में एक-एक की जान चली गई। हरदोई में बिजली से दो किसानों की मौत हुई, जबकि एक झुलस गया। वहीं, बारिश के दौरान हुए हादसों में ब्रज मंडल और अलीगढ़ में चार-चार लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में मकान गिरने से एक किशोर और एक महिला की मौत हो गई। पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर में बिजली व दीवार गिरने से एक बच्चे समेत 4 लोगों की जान चली गई। बिजली गिरने से संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर और सीतापर में कल 4 की मौत हो गई। पीलीभीत में 72 घंटे से लगातार हो रही बारिश से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है।

52 जिलों में जारी है येलो अलर्ट~ प्रदेश के बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, बस्ती, गोंडा, श्रावस्ती, फर्रुखाबाद, कन्नौज कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर,बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत शाहजहांपुर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बिजली की गरज चमक के बीच बारिश होगी।

27 जिलों में जारी हुआ रेड अलर्ट~ सोमवार को बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर और झांसी जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। और बिजली की गरज चमक के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।

पर्यावरण की रक्षा के लिए जन सहयोग बेहद जरूरी-DFO

बिजनौर। पर्यावरण की रक्षा के लिए जन सहयोग बेहद जरूरी है। बिना जन आंदोलन के यह कार्य बेहद मुश्किल है। यह बात डीएफओ डा. अनिल कुमार पटेल ने सोमवार सुबह शहर के नूरपुर मार्ग स्थित चक्कर रोड चौराहे पर वृक्षारोपण करते हुए कही।

व्यापारी सुरक्षा फोरम एवं डिसेंट पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में शिक्षक दिवस पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि श्री पटेल ने कहा कि वर्तमान में तापमान काफी बढ़ रहा है। अगर यही स्थिति रही, तो भविष्य में इसके भयंकर परिणाम होंगे। आने वाली पीढ़ी को शुद्ध हवा व ऑक्सीजन देने के लिए प्रत्येक नागरिक को समय-समय पर वृक्षारोपण करना चाहिए। इसके लिए हमें निरंतर प्रयास करने होंगे, क्योंकि एक पौधे को वृक्ष बनने में सात से आठ वर्ष लगते हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार अवनीश गौड़ ने कहा कि वृक्ष न केवल मनुष्य जाति के लिए बल्कि जीव-जंतुओं एवं प्राकृतिक संतुलन के लिहाज से अति आवश्यक हैं। बिना प्राकृति के धरती पर जीवन संभव ही नहीं है। अगर सरल शब्दों में कहा जाए तो सम्पूर्ण धरती को जीवित रखने के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी है। किन्तु आज इंसान आधुनिकता की दौड़ में प्राकृतिक संसाधनों का बेहिसाब दोहन कर रहा है। बड़ी-बड़ी इमारतें बनाने के लिए वृक्षों का कटान किया जा रहा है जिसके परिणाम हाल ही के दिनों में हमें देखने को मिले हैं। बिना बारिश के पूरी बरसात निकल गई। तापमान 40 डिग्री से बढ़कर 45 डिग्री तक पहुंच गया है। अगर आने वाले दिनों में यह हाल रहा, तो इसे 50 डिग्री होने में ज्यादा देर नहीं लेगी। व्यापारी सुरक्षा फोरम के जिलाध्यक्ष राजकुमार गोयल ने कहा कि हमारे द्वारा लगाए गए पौधे कल वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ी को जीवन दान देंगे। डिसेंट पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या मेघना शर्मा ने कहा कि हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह प्राकृतिक संतुलन एवं नई पीढ़ी को शुद्धि ऑक्सीन देने के लिए वृक्ष अवश्य लगाए।

इस मौके पर जिला मंत्री राहुल वर्मा, जिला संगठन मंत्री प्रदीप कुमार अग्रवाल, नगर अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, नगर मंत्री खगेश शर्मा, इकाई अध्यक्ष बह्मपाल सिंह, इकाई मंत्री सुनील अग्निहोत्री, इकाई उपाध्यक्ष वासुदेव, इकाई उपाध्यक्ष संजू शर्मा, राहुल राणा राजपूत, प्रशांत चौधरी आदि उपस्थित रहे।

डेंगू से सावधानी व सतर्कता बनाए रखने को डीएम की अपील

डेंगू एक गम्भीर रोग, सावधानी व सतर्कता बनाए रखें-जिलाधिकारी। लक्षण दिखने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श लें व जांच कराएं। दायित्वों के निर्वहन में यदि शिथिलता या लापरवाही बरती जाती है तो दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध की जायेगी कार्यवाही।

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने शासन स्तर से समय-समय पर कराये गये दिशा-निर्देशों के क्रम में आमजन को अवगत कराते हुए कहा कि डेंगू रोग एक गम्भीर रोग है जो मादा एडीज इजिप्टाई मच्छर के काटने से फैलता है। उन्होंने कहा कि सावधानी व सर्तकता बनायें रखें। लक्षण दिखने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श लें व जांच करायें। उन्होंने अधिकारियों के दायित्व निर्धारित करते हुए कहा कि शिथिलता या लापरवाही बरती जाती है तो दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के साथ ही शासन को सूचित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनपद बिजनौर मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गयाहै।

जिलाधकारी ने बताया कि इस रोग का प्रसार अधिकतर माह जुलाई से माह नवम्बर के मध्य होता है। यह मच्छर घर के अन्दर व उसके आस-पास के वातावरण में रहता है और पलता है तथा केवल दिन के समय में काटता है और रात को विश्राम करता है। डेंगू बुखार का वायरस (विषाणु) इन मच्छरों के द्वारा एक प्रभावित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि डेंगू के नियन्त्रण हेतु विभिन्न कार्यवाहियाँ सुनिश्चित करायी जायें जिसमें प्रत्येक जिला स्तरीय चिकित्सालय में डेंगू के रोगियों के लिये एक पृथक वार्ड चिन्हित किया जाये। प्रत्येक बैड पर रोगी के लिए मच्छरदानी की व्यवस्था हो, सम्भावित डेंगू रोग के सभी रोगियों का चिकित्सालय में भर्ती कर निःशुल्क उपचार किया जाये। इन रोगियों के रोग की पुष्टि हेतु सीरम का जॉच एलाइजा/रेपिड टेस्ट द्वारा कराई जाये। सभी रोगियों का टूर्निकेट टेस्ट तथा प्लेटलेट काउन्ट कराया जाये।
उन्होंने निर्देशित किया कि चिकित्सालय एवं रोगियों के निवास स्थान के क्षेत्र में एडिज इजिप्टाई मच्छर के घनत्व का नियमित अनुश्रवण किया जाये। कन्टेनर इन्डेक्स एवं हाउस इन्डेक्स के माध्यम से एडिज इजिप्टाई मच्छर के लार्वा की जानकारी नियमित रूप से कराई जाये। वाहक मच्छर पर नियन्त्रण हेतु घर के बर्तनों, कूलरों, घड़े, पानी की टंकी में एकत्रित पानी एक सप्ताह के अन्दर अवश्य बदल दें। बहुमंजिली इमारत में वाहक मच्छर की वृद्धि को रोकने के लिये उनके प्रबन्धकों के स्तर से यह सुनिश्चित करा लें कि उनकी इमारतों कूलर, पानी की टंकी आदि दशा में बदल दिया जाये। प्रत्येक व्यक्ति शरीर को अधिक से अधिक ढकने के लिये उपयुक्त कपड़े पहने। मच्छरदानी एवं अन्य उपाय जैसे- मैटस, अगरबत्ती, क्रीम इत्यादि का प्रयोग करे। समस्त स्कूल/कालेज में बच्चों में मच्छर के काटने बचाने की पूरी बॉह के कपडे तथा पैरों में लम्बे मोजे/सलवार इत्यादि पहनने की सलाह दें।

चिकनगुनिया रोग पर भी रखें नजर- उन्होंने कहा कि चिकनगुनिया रोग भी एक वायरस के कारण होता है। इसका प्रसार भी डेंगू के समान एडिज इजिप्टाई मच्छर द्वारा होता है। इस रोग के मुख्य लक्षण भी डेंगू की तरह तेज बुखार के साथ शरीर के सभी जोड़ों में असहनीय दर्द तथा शरीर में दाने होना होता है। इस रोग से बचाव हेतु उपरोक्तानुसार डेंगू के समान सभी उपाय कराये जाएं। रोग की पुष्टि हेतु चिकनगुनिया रोग के सम्भावित रोगियों के सीरम की जाँच एन०सी०डी०सी०, 22 शाम नाथ मार्ग, दिल्ली (भारत सरकार) में भेजकर कराई जाये।

हाई कोर्ट ने तय की जिम्मेदारी- जिलाधकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश के द्वारा नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी एवं नगर निगमों व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी व चेयरमैन अपने क्षेत्र में सामान्य सफाई के लिए उत्तरदायी होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत राज अधिकारी सफाई के लिए उत्तरदायी होगे। निजी नर्सिंग होम के मालिक व्यवस्थापक एवं प्रभारी अपने जनपद के जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को डेंगू से पीड़ित व्यक्ति की पॉजिटिव रिपोर्ट होने पर अनिवार्य रूप से सूचित करेगें। राज्य सरकार रोग से बचाव हेतु किये जाने वाले उपायों की जनसामान्य में जानकारी हेतु व्यापक प्रचार- प्रसार करेगी।

सीएमओ बनाए गए नोडल अधिकारी- डीएम ने कहा कि उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई के साथ अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु जनपद बिजनौर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वयं यह सुनिश्चित करेंगे कि निर्धारित प्रारूप पर सूचना शासन को प्रत्येक दिन समय से प्राप्त होती रहे। कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए सोशल डिस्टेसिंग व व्यक्तिगत स्वच्छता/सेनिटाईजेशन को अपनाते हुए समस्त विभागाध्यक्ष अपने से सम्बन्धित कार्याे/निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराना सुनिश्चित करें।

31 जुलाई से पूर्व किसान करा लें प्रधानमंत्री फसल बीमा

मौसम की मार से पीड़ित किसान उठाएं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ

जिला कृषि अधिकारी ने किसान भाइयों से की अपील

बिजनौर। खरीफ वर्ष 2022 मे माह मई एवं जून में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है, परन्तु माह जुलाई में अनुमान के अनुसार वर्षा न होने से खरीफ फसलों मुख्य रूप से धान फसल की बुवाई/रोपाई प्रभावित हो रही है। जनपद के अधिकांश कृषकों द्वारा धान की नर्सरी तैयार की गई है परन्तु वर्षा न होने से धान रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।

डा० अवधेश मिश्र जिला कृषि अधिकारी बिजनौर ने किसान भाइयों को अवगत कराया है कि भारत सरकार द्वारा कियान्वित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत क्षेत्र आधारित जोखिम यथा खरीफ में 15 अगस्त व रबी में 15 जनवरी तक प्रतिकूल मौसमीय स्थितियों से फसल की बुवाई न कर पाने, असफल बुवाई से प्रभावित ग्राम पंचायत व फसल की लिखित सूचना जारी होने, फसल की प्रारम्भिक अवस्था से कटाई के 15 दिन पूर्व तक एवं उत्पादकता में कमी तथा व्यक्तिगत आधार पर खडी फसलों को ओलावृष्टि, जलभराव (धान फसल को छोड़कर), भूस्खलन, बादल फटना, आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग से क्षति, फसल कटाई के 14 दिन उपरान्त ओलावृष्टि, चक्रवात, बे-मौसमी वर्षा से क्षति होना कवर किया गया है। वर्तमान में किसान भाइयों द्वारा धान रोपाई / बुवाई की सम्पूर्ण तैयारी होने के फलस्वरूप भी वर्षा न होने से धान की रोपाई नहीं हो पा रही है, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत ग्राम पंचायत की इकाई के आधार पर आच्छादित है। इस प्रकार यदि किसान भाई जनपद हेतु खरीफ में अधिसूचित फसलों यथा धान, उर्द एवं मूंगफली का फसल बीमा कराते हैं तो वर्तमान में प्राकृतिक आपदा – सूखे की स्थिति में  उपरोक्तानुसार क्षति होने पर क्षतिपूर्ति का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यद्यपि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना स्वैच्छिक हो गई है और खरीफ मौसम में जनपद हेतु अधिसूचित फसलों हेतु 02 प्रतिशत प्रीमियम देकर किसान अपनी फसलों को दिनांक 31.07.2022 तक बीमित करा सकते हैं। इस योजना के अन्तर्गत समस्त ऋणी किसान कवर हैं, परन्तु यदि कोई ऋणी किसान योजना में सम्मिलित नहीं होना चाहता है तो बीमा की अन्तिम तिथि से 7 दिन पूर्व सम्बन्धित बैंक शाखा में ऑप्ट-आउट फार्म या स्वघोषणा-पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत बीमा प्राप्त करने के इच्छुक गैर ऋणी कृषक निकटतम बैंक शाखा / सहकारी समिति / जन सेवा केन्द्र (सी०एस०सी०) / बीमा कम्पनी के अधिकृत एजेन्ट से सम्पर्क कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु प्रभावित बीमित किसान को आपदा / नुकसान के 72 घन्टे के अन्दर सीधे बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर – 18001035490 पर या फसल बीमा पोर्टल http://www.pmfby.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है अथवा लिखित रूप में सम्बन्धित बैंक / कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से सूचित करना आवश्यक होता है, जिसमें किसान का नाम, मो०नं०, बैंक खाता नं० व आपदा / प्रभावित का नाम आदि सूचना अंकित होनी चाहिए।

भारत सरकार द्वारा इस योजना के अर्न्तगत राज्य जनसम्पर्क अधिकारी नवनियुक्त किया गया है, जिनके द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न लिंक भी बनाये गये हैं। किसान भाई Twiter https://twitter.com/pmfbyUp, Facebook-https://www. -facebook.com/PMFBY-UP-103167632023154, Instagram-https://www.instagram.com/pmfbyup/, Koo App @pmfbyup, पर जाकर भी  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं।  उन्होंने कहा कि उक्त योजना का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने हेतु किसान भाई अन्तिम तिथि 31.07.2022 से पूर्व बीमा कराएं।

अभी 2 दिन और झेलनी पड़ सकती है उमस भरी गर्मी!

लखनऊ। यूपी के आसमान में मंडराते बादलों के साथ ही गर्मी और उमस बरकरार है। बुधवार को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के बावजूद लोग पसीने से तर-बतर रहे। तापमान भी स्थिर बना हुआ है। सुबह तेज धूप निकलने के कुछ समय बाद हल्की बारिश हुई। दोपहर को तेज धूप और उमस रही। दोपहर बाद करीब चार बजे दोबारा रिमझिम बारिश के बावजूद उमस और बढ़ गई। दिन का तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक होकर 38.3 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री ज्यादा होकर 30.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 87 रहा। मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई तक तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। अभी अगले दो दिन इसी तरह की उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ेगी। हालांकि 9 और 10 जुलाई को तेज बारिश की संभावना भी जताई जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून यूपी में नहीं आ पा रहा है बल्कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और उड़ीसा से होकर गुजर रहा है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं यूपी में नहीं आ पा रही हैं, जिससे बारिश कम हो रही है। कम बारिश के कारण ही मौसम में उमस बढ़ गई है। कई जिलों में हवा में नमी का स्तर ज्यादा होने से उमस बनी हुई है जबकि कई जिलों में गर्म हवाएं चल रही हैं।

अभी मानसून में और एक-दो दिन की देरी

लखनऊ। यूपी में मानसून इस साल एक हफ्ते की देरी से आएगा। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि इस बार मानसून 16, 17 जून तक दस्तक दे देगा। मगर, मौसम विभाग का ये अनुमान फेल हो गया और अब मानसून 21 से 22 जून तक आने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में लोगों को चिलचिलाती धूप का समाना अभी 2 दिन और करना पड़ सकता है। हालांकि इस बीच बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। मेरठ, सहारनपुर में बदली और बौछारें पड़ने की भी संभावना है।

21 से 22 जून तक आएगा मानसून

मौसम वैज्ञानिक जेपी गुप्ता के अनुसार, 21, 22 जून तक उत्तर प्रदेश में मानसून दाखिल हो सकता है। इस साल मानसून में पश्चिमी उत्तर प्रदेश यानी मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद में मानसून में सामान्य 92-108% बारिश होगी। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश यानी वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर में 106% बारिश होने की आशंका है।

बिहार में पहुंचकर ठिठक गया मानसून मौसम विभाग लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि मानसून बिहार में पहुंचकर ठिठक गया है। वह जितनी तेजी से चला था वह गति बरकरार नहीं रह पाई। उत्तर में 18 जून को मानसून के आगमन का पूर्वानुमान लगाया गया था। पर जो स्थितियां उसे देखते हुए अभी मानसून के लिए सप्ताह भर इंतजार करना पड़ सकता है। वैसे मौसम अगले दो-तीन दिन तक ऐसा ही बना रहेगा। बदली और बौछारें पड़ने की संभावना है।

पूरे राज्य में तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। लखनऊ मौसम विभाग को जिन 33 जिलों की रिपोर्ट मिली है उनमें सिर्फ बलिया, लखनऊ, इटावा, कानपुर एयरफोर्स और लखीमपुर में ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहा। बाकी सभी जगह तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के रिकार्ड किया गया।

तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की आई गिरावट

यूपी में मेरठ, आगरा, सहारनपुर में हुई छिटपुट बारिश से तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बलिया, लखनऊ, इटावा, कानपुर और लखीमपुर में ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहा है। बाकी सभी जगह तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

बारिश, ठंडी हवाओं से मौसम हुआ सुहाना

नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तर भारत में झुलसा देने वाली गर्मी पड़ने के बाद पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का असर नजर आया। शुक्रवार तड़के 3 बजे झमाझम बारिश हुई। बारिश से पहले रात 12 बजे से आसमान में बिजली कड़कती रही और तेज हवाएं चल रहीं थीं, जिससे लोगों को ठंडक का अहसास हुआ। इसके बाद बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सुबह 4 बजे तापमान 27 डिग्री था।

मौसम विभाग के अनुसार अभी 4 से 5 दिन बादल छाए रहेंगे। बादल छा जाने से लोगों को लू से राहत मिली। मौसम में बदलाव होते ही कई शहर वासियों ने पहाड़ों की ओर रुख कर लिया है। लोग मौसम का आनंद उठाने के लिए हिल  एरिया में जाने लगे हैं। ठंडी हवाओं ने जहां लोगों को राहत दी, वहीं लोगों की चहल कदमी भी अधिक हो गई। आज लुधियाना में हवा 40 किलोमीटर की रफ्तार से चली। बादलों की गरज के साथ बारिश रुक-रुक कर होती रही। हालांकि 17 से 21 जून तक आसमान में बादल छाए रहने की पूरी संभावना है।

शुक्रवार को लुधियाना का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। फिरोजपुर जिले का 31 डिग्री, अमृतसर 27 डिग्री, पटियाला 29 डिग्री, जालंधर 29 डिग्री, बठिंडा 32 डिग्री, मोगा 31 डिग्री, श्री फतेहगढ़ साहिब 29 डिग्री रहेगा। मौसम के इस बदलाव का लोग खूब आनंद उठा रहे हैं।

राजधानी में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से शुक्रवार सुबह थोड़ी राहत मिली। हल्की बूंदाबांदी से तापमान में काफी गिरावट आई। सुबह छह बजे गरज के साथ हुई हल्की बारिश से मौसम सुहाना हो गया। इस दौरान हल्की हवाएं भी चल रही थीं। तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 21 जून तक तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। विभाग के मुताबिक, 22 जून के बाद मौसम साफ हो जाएगा और शुष्क पछुआ हवाएं चलेंगी हालांकि, तापमान तेजी से बढ़ने का पूर्वानुमान नहीं है. मानसून दिल्ली में सामान्य तिथि 27 जून या इससे एक या दो दिन पहले पहुंचने की उम्मीद है। आईएमडी ने अगले 5 दिनों में गरज के साथ छीटें पड़ने या हल्की बारिश की चेतावनी के साथ ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पिछले साल आईएमडी ने अनुमान जताया था कि दिल्ली में अनुमान से करीब दो हफ्ते पहले मानसून आएगा। हालांकि, यह 13 जुलाई को आया था जिससे 19 वर्षों में यह सबसे देर से पहुंचने वाला मानसून बन गया था।

वहीं उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई हल्की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर बैठकर ठंडी हवाओं और सुहावने मौसम का आनंद लेने लगे। हालांकि गुरुवार सुबह से ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। दोपहर होते-होते सूर्य के तेवर तल्ख होते गए और गर्मी से बेहाल लोग बारिश की आस लगा रहे थे। शाम होते ही मौसम का मिजाज बदला और आसमान में बादल छा गए। फिर हल्की बारिश हुई, तो लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम सुहावना कर दिया।

इससे पहले मई के आखिरी सप्ताह में मॉनसून 2022 को लेकर मौसम विभाग ने बड़ी अच्‍छी खबर सुनाई थी।  दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून तय समय से तीन दिन पहले ही केरल पहुंच चुका था। आमतौर पर केरल में मॉनसून 1 जून को पहुंचता है। मानसून के 20 जून तक गुजरात पहुंचने का पहले अनुमान लगाया गया है। IMD ने एक मैप जारी कर बताया है कि भारत के किन-किन राज्‍यों में मॉनसून की आमद कब तक होगी।

आपके यहां कब तक पहुंचेगा मॉनसून?

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पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में मॉनसून 15-20 जून के बीच पहुंचेगा। मौसम विभाग के मैप के अनुसार, आपके यहां मॉनसून पहुंचने की संभावित तारीख (नोट: इन अनुमानों में ±5 दिन का अंतर देखने को मिल सकता है।)

20 जून: गुजरात, मध्‍य प्रदेश के कुछ हिस्‍से, पूर्वी उत्‍तर प्रदेश, राजस्‍थान के कुछ हिस्‍से, उत्‍तराखंड, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्‍से

25 जून: दक्षिणी राजस्‍थान, पंजाब-हरियाणा के कुछ हिस्‍से, मेन यूपी, हिमाचल प्रदेश का बाकी हिस्‍सा, जम्‍मू कश्‍मीर, लद्दाख

30 जून: मध्‍य राजस्‍थान, दिल्‍ली-एनसीआर, पंजाब-हरियाणा, मुजफ्फराबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान

5 जुलाई: पश्चिमी राजस्‍थान, पंजाब-हरियाणा के सीमावर्ती हिस्‍से

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

दिल्ली-पंजाब सहित उत्तर भारत को मिलेगी भीषण गर्मी से राहत, भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली (एजेंसी)। रोजाना बढ़ती गर्मी के कहर से लोगों का घर से बाहर निकलना भी दुश्वार हो गया है। इसी बीच उत्तर भारत के लोगों के लिए राहत की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार शनिवार को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, अगले एक से दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बूंदाबांदी से पारा नियंत्रण में रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, धूल भरी आंधी आ सकती है या 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज मानसून पूर्व बारिश में तेजी आ सकती है और यह स्थिति 24 मई तक जारी रह सकती है। इससे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।

मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण म्यांमार और उससे सटे उत्तर पश्चिमी थाईलैंड पर बना पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर भी है और यह आज पश्चिमी हिमालय तक पहुंच सकता है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

हिमाचल, दक्षिण-पश्चिम UP और उत्तर पूर्व MP में लू! स्काईमेट वेदर की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान, केरल, बिहार के पूर्वी हिस्सों, सिक्किम और पश्चिमी असम में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है, साथ ही कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 24 घंटों के दौरान, मेघालय, असम के पश्चिमी हिस्सों, सिक्किम, केरल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

यहां हल्की बारिश संभव- बाकी पूर्वोत्तर भारत, तटीय कर्नाटक, पश्चिमी हिमालय, लक्षद्वीप और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

हवा चली 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पश्चिम बंगाल के दक्षिण हिस्से में शनिवार को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ तेज हवा चलने और बारिश होने के कारण कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। राज्य आपदा प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व बर्धमान जिले में दीवार के ढह जाने से एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि नदिया जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यहां काल बैसाखी के दौरान रवींद्र सरोवर झील में एक नौका के पलट जाने से दो लड़कों की मौत हो गई। आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद अहमद खान ने बताया कि कोलकाता में तेज आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

गर्मी से मिल सकती है राहत

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के ज्यादातर हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ है और कई जगहों पर लोगों को लू के थपेड़ों का भी सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में बुधवार को दिन का तापमान सामान्य से ऊपर रहने के साथ लू का प्रकोप बना रहा। राजधानी दिल्ली में भी लू चलने की वजह से लोग कई दिनों से परेशान हैं। हालांकि मौसम विभाग का दावा  है कि कई जगहों पर बादल छाये रहने और तेज हवा चलने की वजह से आज गुरुवार को पारा थोड़ा नीचे जाएगा, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ भागों में लोगों को कल बुधवार को दिनभर लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ा। हालांकि, बादल छाये रहने और तेज हवा चलने के पूर्वानुमान के साथ आज गुरुवार को पारा थोड़ा नीचे जाने से राहत की उम्मीद जताई गई है। सफदरजंग वेधशाला के मुताबिक, दिल्ली के इस बेस स्टेशन में बुधवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स शहर का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में गुरुवार को बूंदा-बांदी के साथ ही आंधी चल सकती है और इस दौरान हवा की गति 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। मौसम विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि लू की स्थिति में राहत मिल सकती है लेकिन अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह तक पारा फिर से बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस हो जाएगा। इसी तरह उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पारा चढ़ा रहा, लेकिन ठंडी हवाएं चलने से लोगों को खासी राहत मिली।

ऑरेंज अलर्ट: गर्मी ने तोड़ डाला 72 साल का रिकॉर्ड

नई दिल्ली (एजेंसी) दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत में इस समय गर्मी कहर बरपा रही है। अप्रैल के शुरूआती दिनों में ही तामपान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से बढ़ती गर्मी को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। विभाग ने कहा कि 72 साल में पहली बार दिल्ली में अप्रैल के पहले सप्ताह में इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया। आईएमडी ने रविवार को भी दिल्ली में बेहद गर्म हवा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने कहा कि यह असामान्य है कि अप्रैल के पहले 10 दिन में उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में स्थिति आगे और भयंकर हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अभी कई दिन तक गर्मी से राहत मिलने की बिलकुल भी संभावना नहीं है। 

सावधान: भारत में हीट वेव की चेतावनी

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने हीट वेव की चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत में पारा तेजी से ऊपर जा रहा है। कई राज्यों में लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने जम्मू, हिमाचल प्रदेश, विदर्भ और गुजरात में हीट वेव की संभावना जताई है। इसके अलावा 06 अप्रैल के दौरान राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर और मध्य प्रदेश में भी लू चलेगी। IMD के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके साथ ही हीट वेव का असर दिखाई देने लगेगा।  

Weather Update: उत्तर भारत में फिलहाल गर्मी से नहीं मिलेगी राहत, इन राज्यों  में भारी बारिश की चेतावनी - weather update heat wave spell likely to  continue heavy rain likely in north

वहीं उत्तर-पूर्वी बिहार में लोग बढ़ते पारे से थोड़ी राहत की उम्मीद कर सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक पूर्वोत्तर बिहार और आंतरिक तमिलनाडु में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, झारखंड में पिछले कई दिनों से अधिकतम तापमान में हो रही वृद्धि और लू से लोगों को आज यानी 3 अप्रैल को मामूली राहत मिलने की संभावना है।

40 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि तापमान 39 डिग्री तक बढ़ने वाला है, जो 40 डिग्री तक भी पहुंच सकता है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में आईएमडी के अधिकारी आरके जेनामणि ने बताया कि तापमान 39 डिग्री तक बढ़ने वाला है, यह 40 डिग्री तक भी पहुंच सकता है।

अगले कुछ दिन उत्तर भारत के कई राज्यों में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

अभी ठंड से राहत नहीं! अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई राज्यों में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी।

नई दिल्ली (एजेंसी)। आगामी कुछ दिनों में उत्तर भारत में ठंड का कहर कम नहीं होगा। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक उत्तर प्रदेश में ठंड से कोई राहत नहीं मिलने वाली है। कोल्ड डे के हालात चार दिन तक जारी रहने वाले हैं।

अभी ठंड से नहीं मिलेगी राहत! अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई राज्यों में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। वहीं उत्तर प्रदेश भारत सहित बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड समेत कई राज्य ठिठुरन भरी सर्दी से बेहाल हैं। हालांकि, बीते दिन कुछ हिस्सों में दोपहर के समय थोड़ी धूप जरूर निकली है, लेकिन मौसम में फिर भी ठंडक है।

वहीं दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज बदल रहा है और ठंड अब अलविदा कहने की और बढ़ रही है। इस वजह से शनिवार, 29 जनवरी को भी लोगों को ठंड से थोड़ी राहत रहेगी, हालांकि सर्दी अभी लोगों को कंपकंपाती रहेगी। शुक्रवार को दिन में धूप निकली थी, जिसके चलते तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हल्की से मध्यम बारिश की संभावना- आईएमडी के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर पश्चिमी भारत के प्रभावित होने की संभावना है। इस वजह से 2 से 4 फरवरी तक दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के वैज्ञानिक आर के जेनामणि ने संभावना जताई है कि 3 फरवरी की रात से, पश्चिमी विक्षोभ के इस क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। रात या सुबह के दौरान बादल छाए रहने और बूंदाबांदी की पूरी संभावना है।

14 फरवरी तक बंद रहेंगे स्कूल!

बोर्ड के अलावा दूसरी परीक्षाओं पर संशय, केस घटे तो तीसरे सप्ताह तक दोबारा खुल सकते हैं स्कूल

लखनऊ। कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में 30 जनवरी तक शहरी इलाकों में स्कूल बंद हैं। इधर, प्रदेश में लगातार कोरोना के केस और मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में 31 जनवरी के बाद स्कूलों के खुलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि 14 फरवरी के बाद केस कम हुए तो स्कूल खुलने की संभावना बन सकती है। हालांकि शिक्षा विभाग ने स्कूल खोलने या नहीं खोलने को लेकर राज्य सरकार को किसी तरह का प्रस्ताव फिलहाल नहीं भेजा है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि स्कूल खुलने का निर्णय लेने में समय लगेगा। इस बीच परीक्षाओं को लेकर संशय बना हुआ है। दरअसल, स्कूल खोलने या नहीं खोलने का फैसला शिक्षा विभाग के बजाय हेल्थ डिपार्टमेंट करेगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही स्कूल खुल सकते हैं। आज की स्थिति में उम्मीद नहीं है कि हेल्थ डिपार्टमेंट ऐसी कोई स्वीकृति देगा। बुधवार को ही राज्य के 33 में से सिर्फ छह जिलों में कोविड पॉजिटिव की संख्या सौ से कम है। बाकी 27 जिलों में कोरोना पॉजिटिव केस का प्रतिदिन का आंकड़ा सौ से ज्यादा है। तीन जिलों में तो यह हजार से ज्यादा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि फरवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक ही स्कूल खुलने की संभावना बन सकती है।

परीक्षा को लेकर भी संशय
कोविड के चलते फरवरी में भी स्कूल नहीं खुले तो गैर बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं भी खतरे में पड़ सकती हैं। शिक्षा विभाग इन विकल्पों पर विचार कर रहा है कि किस तरह स्टूडेंट्स की मार्किंग की जा सकती है। हाफ इयरली एग्जाम तक के मार्क्स स्कूल के पास हैं। इसी के आधार पर रिजल्ट दिया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों तीन महीने का शेड्यूल जारी कर दिया था। दरअसल, ये शेड्यूल भी इसी आधार पर निकाला गया है कि स्कूल मार्च तक नहीं खुले तो कैसे पढ़ाई करानी है। बोर्ड परीक्षाएं होना तय
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की दसवीं और बारहवीं के साथ बोर्ड पैटर्न पर होने वाली आठवीं की परीक्षाएं होना तय माना जा रहा है। आठवीं बोर्ड के फॉर्म तीस जनवरी तक ही भरे जा रहे हैं। इसकी तारीख में बढ़ोतरी हो सकती है। दरअसल, कोरोना की पहली लहर में भी बोर्ड परीक्षाएं हुई थी। तब से इस बार रोगियों की संख्या कम है और अस्पताल में भर्ती रोगियों की संख्या भी बहुत कम है।

ठंड में आज से मिलेगी राहत, बारिश के आसार नहीं

लखनऊ। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में 10 दिन से पड़ रही कंपकंपी छुड़ाने वाली ठंड में आज से राहत मिलने की संभावना है। दरअसल पश्चिमी विक्षोभों का असर खत्म हो गया है। इस कारण सोमवार से छह दिन तक सुबह धुंध रहेगी पर दिन में मौसम साफ रहेगा। अब बारिश के आसार नहीं हैं।

मौसम विभाग के अनुसार दिन का तापमान भी 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रहेगा। न्यूनतम तापमान भी 9 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। वहीं राज्य के कुछ इलाकों में रविवार को ठण्ड से मामूली राहत मिली। शनिवार रात तक चलीं बर्फीली हवाएं रविवार बंद थीं। इससे पारा 17.5 डिग्री आ गया, जो शनिवार से तीन डिग्री ज्यादा है। वहीं रात घने कोहरे के चलते सड़क पर चलना मुश्किल हो गया।

लखनऊ में चार mm बारि

राजधानी समेत राज्य के कई हिस्सों में रविवार भी वर्षा हुई। लखनऊ में मौसम विभाग ने चार मिमी वर्षा दर्ज की। मौसम विभाग के अनुसार अफगानिस्तान और पाकिस्तान के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभों का असर खत्म हो गया है। अब बारिश के आसार नहीं है।

अगले छह दिनों का पूर्वानुमान

दिन -न्यूनतम पारा -अधिकतम पारा -मौसम

24 जनवरी 10 डिग्री 19 डिग्री सुबह धुंध-बदली

25 जनवरी 10 डिग्री 18 डिग्री सुबह धुंध-बदली

26 जनवरी 10 डिग्री 20 डिग्री सुबह धुंध-बदली

27 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

28 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

29 जनवरी 09 डिग्री 20 डिग्री धुंध-मौसम साफ

कोहरे के कहर के बीच भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब समेत सर्दी का सितम झेल रहे उत्तर भारत के कई राज्यों में इसका कहर और बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार और रविवार को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह स्थिति बन सकती है। शुक्रवार की रात से ही इन इलाकों में बारिश शुरू हो सकती है, जो अगले दो दिनों तक जारी रहेगी। यही नहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी में यह बारिश गुरुवार से ही शुरू हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों में जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगित बाल्टिस्तान, हिमाचल प्रदेश, मुजफ्फराबाद और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है। 

ऊपरी इलाकों में बर्फबारी होने की उम्मीद के साथ ही निचले इलाकों में बारिश से पारा और लुढ़कने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और यूपी में बीते कई दिनों से खुलकर धूप नहीं निकल रही है और इसके चलते लोगों को भीषण सर्दी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर शीतलहर का कहर लोगों को झेलना पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश के चलते पारा थोड़ा और लुढ़क सकता है।

21 जनवरी से यहां शुरू हो जाएगी बारिश

इस महीने के अंत तक सर्दी का सितम फिलहाल जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 22 जनवरी को भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है। इसके अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तर राजस्थान में 21 जनवरी से बारिश शुरू हो सकती है, जो 22 और 23 जनवरी को और बढ़ जाएगी। मध्य प्रदेश में भी बारिश होगी। हरियाणा और पंजाब में 22 जनवरी को ज्यादा बारिश होने की संभावना है। यही नहीं 22 और 23 जनवरी की बारिश लंबे क्षेत्र में होनी है।

बिहार, झारखंड व सिक्किम तक रहेगा ऐसा मौसम

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा जैसे उत्तर भारत के राज्यों के अलावा सिक्किम, बंगाल, बिहार, झारखंड यानी पूर्वी भारत में भी 22 और 23 जनवरी को बारिश होगी। इसके अलावा सुबह और रात में मैदानी इलाकों में घना कोहरा जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर यूपी और बिहार के इलाकों में अगले दो दिनों तक शीत लहर का प्रकोप जारी रह सकता है। वहीं हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में भी ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।

रालोद शहर अध्यक्ष ने बांटे गरीबों को कंबल

बिजनौर। …कहते हैं कि नर सेवा ही नारायण सेवा। कुछ इसी तर्ज पर राष्ट्रीय लोक दल के शहर अध्यक्ष यादराम सिंह चंदेल चल पड़े हैं। सर्दियों के मौसम को देखते हुए उन्होंने अपने आवास पर गरीबों को कंबल वितरित किए।

कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। गरीबों, बेसहारा लोगों के लिए एक ओर जहां प्रशासनिक स्तर से विभिन्न स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं रैन बसेरों के जरिए उनके विश्राम का भी खासा खयाल रखा जा रहा है।

ऐसे में विभिन्न राजनैतिक दलों व सामाजिक संगठनों का भी कर्तव्य बनता है कि समाज हित में कुछ करें। इसी क्रम में वरिष्ठ समाजसेवी एवं राष्ट्रीय लोक दल के शहर अध्यक्ष यादराम सिंह चंदेल ने अपने आवास पर गरीबों को कंबल वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सामाजिक हित के कार्य करने से उन्हें आत्मसंतुष्टि मिलती है। वह कभी भी गरीबों की सेवा करने से पीछे नहीं हटे और न ही हटेंगे। कंबल प्राप्त करने के बाद लाभान्वित लोगों ने उन्हें भरपूर आशीर्वाद दिया।

सर्दियों में बीपी के मरीज बरतें सावधानी

लखनऊ (शैली सक्सेना)। ठंड बढऩे से ब्लड प्रेशर (बीपी) से ग्रसित मरीजों में वृद्धि हो रही है। सावधानी नहीं बरतने पर ब्रेन हेमरेज या लकवा मारने की आशंका रहती है। चिकित्सक कहते हैं कि सावधानी नहीं बरतने से ठंड से दिमाग की धमनियों में रक्त का थक्का बनने लगता है। इससे रक्त का प्रवाह अवरुद्ध होने लगता है। ऐसे में ब्रेन हेमरेज होने की आशंका बढ़ जाती है। मोटापा, ज्यादा तैलीय पदार्थ खाने, नमक का ज्यादा सेवन करने, शारीरिक श्रम नहीं करने, तनाव में रहने आदि से बीपी होने की संभावना बढ़ जाती है। अचानक बीपी बढऩे से ब्रेन हेमरेज होता है। इससे मरीज लकवा का शिकार भी हो जाता है। इससे सोचने, बोलने में परेशानी हो सकती है।

स्ट्रोक के लक्षण: स्ट्रोक होने के पूर्व चेहरा, हाथ, पैर अचानक सुन्न हो जाता है। बोलने या समझने में परेशानी होने लगती है। एक या दोनों आंखों से देखने में परेशानी होने लगती है, चक्कर आदि आने लगते हैं या शरीर संतुलन में नहीं रहता।

क्या सावधानी बरतें: तैलीय पदार्थ नहीं खाएं, नमक की मात्रा पांच ग्राम से भी कम खाएं, व्यायाम करें, ज्यादा वजन है तो कम करें।

बीपी के मरीज क्या करें: ठंड के मौसम में सुबह बाहर नहीं निकलें, गर्म कपड़ा पहने रहें, ज्यादातर धूप में रहें, ठंडा पानी नहीं पीएं, गुनगुने पानी से स्नान करें, चिकित्सक की सलाह पर दवा खाएं। बीच में दवा खाना छोडऩे से ब्रेन हेमरेज होने की संभावना बढ़ जाती है।

बीपी के मरीज गर्म पानी और सेंधा नमक का सेवन करें तो दुरुस्त रहेगी सांस, बरतें ये सावधानी

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दिल के मरीजों में सबसे ज्यादा दिक्कत ब्लड प्रेशर की होती है। सर्दी में खून और सांस की नली सिकुड़ जाती हैं। ऐसे में ब्लड प्रेशर और सांस को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है। ब्लड प्रेशर के मरीज सेंधा नमक का खाने में सेवन करें। इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहेगा। साथ ही सांस के मरीज कफ न बने, इसके लिए चावल, दही, उड़द की दाल, शुगर वाली चीजों के सेवन से बचें। दिल के मरीज गर्म पानी से नहाएं और भाप की सिंकाई करें। इससे खून की नली फूल जाती है, जिससे दिल में खून का आपूर्ति नियमित तरीके से जारी रहती है।

सोंठ, काली मिर्च, तुलसी का मिश्रण फायदेमंद: मड़ियांव स्थित आयुर्वेद चिकित्सालय की डॉ. तृप्ति आर. सिंह ने बताया कि सोंठ, काली मिर्च, तुलसी के पत्ते को तीन-चार लीटर पानी में पका लें। फिर उसे छानकर रख लें और दिन भर उसको पियें। इससे कफ नहीं बनेगा। कफ न बनने से सांस और दिल की बीमारी की दिक्कत से बचा जा सकता है। पूरी सर्दी ऐसा करने से दिक्कत नहीं होती।

बारिश: दिल्ली में टूट सकता है 121 साल का रिकॉर्ड

दिल्ली समेत कई राज्यों के लिए मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट

आज का मौसम: फाइल फोटो

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली-यूपी, हरियाणा व राजस्थान में बादलों की गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है। दिल्ली में तेज बारिश हो सकती है और यह बारिश इस सप्ताह रुक-रुक कर होती रहेगी। इसके चलते मौसम विभाग की ओर से राजधानी व आसपास के क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली में 29 सितंबर तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। आज यानी बुधवार को सारा दिन बारिश होती है तो 121 साल का रिकॉर्ड टूट सकता है। मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में अब तक 404 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले 121 साल पहले यानी 1944 में सर्वाधिक 417.3 मिमी बारिश हुई थी। पूरे मानसून की बात करें तो राजधानी में अभी तक 1170 मिमी बारिश हुई है। इससे पहले 1964 में 1190.9 मिमी बारिश का रिकॉर्ड है। 

अगले कुछ घंटे में संभावना- मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में सफदरजंग, वसंतकुंज, पालम व एनसीआर में गाजियाबाद, छपरौला, नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा में बारिश होगी। वहीं हरियाणा व यूपी के पानीपत, गनौर, होडल साकोटी टंडा, हस्तिनापुर, चांदपुर, बरौत, दौराला, बागपत, मेरठ, मोदीनगर, बुलंदशहर, खुर्जा में अगले कुछ घंटे के अंदर बारिश की संभावना बन रही है। 

सितंबर में बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड- भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि सितंबर महीने में बारिश ने अपने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। अभी मानसून बना हुआ है और इसके देर से जाने की संभावना है। आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में ही अब तक 27 फीसद बारिश हो चुकी है। 

कई राज्यों में आज से बदलेगा मौसम- वैज्ञानिकों का मानना है कि देश के कई राज्यों में आज से मौसम बदलना शुरू हो जाएगा। पश्चिम बंगाल व ओडिशा में बारिश हो सकती है। राजस्थान, गुजरात में तीन दिन तक बारिश के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश, पंजाब व हरियाणा में तेज बारिश की संभावना है तो उत्तराखंड में 25 सितंबर तक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विज्ञान विभाग ने हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण यहां दृश्यता कम हो जाएगी और पारा भी दो से तीन डिग्री तक लुढ़केगा। 

बारिश अगले 3 दिन: 9 जिलों में रेड, 26 जिलों में येलो अलर्ट

लखनऊ। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन दिन भारी बारिश की संभावना जारी की है। उनमें करीब दस जिलों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। आकाशीय बिजली के साथ जोरदार बारिश होगी। वहीं नौ जिलों में रेड अलर्ट के अलावा 26 जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

इन 26 जिलों में जारी हुए येलो अलर्ट
बाराबंकी, लखनऊ, गाजियाबाद, अयोध्या, सुल्तानपुर, मथुरा, सीतापुर, संभल, मुरादाबाद, शामली, बुलंदशहर, बिजनौर, सहारनपुर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, बागपत, हापुड़, मेरठ, इटावा, हमीरपुर, बलिया, जालौन, औरैया, ललितपुर व फर्रुखाबाद शामिल हैं।

इन 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी-
कानपुर नगर, कन्नौज, गौतम बुद्ध नगर, फतेहपुर, कानपुर देहात, हरदोई, उन्नाव, अलीगढ़ व बांदा जैसे जिलों में रेड अलर्ट जारी हुआ है।

देश के पहले “स्मॉग टावर” की दिल्ली में शुरुआत

केजरीवाल ने किया देश के पहले स्मॉग टावर का उद्घाटन। प्रति सेकेंड 1000 क्यूबिक मीटर हवा को करेगा साफ।

CM केजरीवाल ने किया देश के पहले स्मॉग टावर का उद्घाटन, प्रति सेकेंड 1000 क्यूबिक मीटर हवा को करेगा साफ

नई दिल्ली (एजेंसी)। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के प्रयासों के तहत सोमवार को देश के प्रथम ‘स्मॉग टावर’ (हवा साफ करने वाली सार्वजनिक आधुनिक प्रणाली) का उद्घाटन किया। केजरीवाल ने दिल्ली का दिल माने जाने वाले कनॉट प्लेस में स्थापित इस टॉवर को प्रदूषण के खिलाफ जारी युद्ध में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यदि यह प्रयोग सफल सबित हुआ तो अन्य हिस्सों में भी ऐसा प्रयास किया जाएगा।

Arvind Kejriwal inaugurates India's first smog tower in Delhi | India News  – India TV

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर हवा साफ करने की यह प्रणाली अमेरिका से लायी गई है। इसके असर के आंकलन आईआईटी दिल्ली और मुंबई के विशेषज्ञों द्वारा किये जाएंगे। वे एक माह के आंकड़ों के आधार पर शुरुआती और अगले दो साल में उसके असर के बारे में पूरी जानकारी देंगे। उनके सुझावों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा कि इस प्रणाली को शहर के अन्य हिस्सों में स्थापित किया जाए या नहीं।

उन्होंने कहा कि करीब 24 फुट ऊंचाई का यह टावर एक किलोमीटर के दायरे में हवा को साफ करेगा, जिससे राजधानी का प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे तो दिल्ली सरकार के प्रयासों से पहले के मुकाबले प्रदूषण में कमी आई है लेकिन इस अनूठी कोशिश के बाद लोगों को और भी राहत मिल सकती है। 

First Smog Tower inauguration in Delhi- 23 August 2021

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि बीस मीटर से भी ऊंचा टावर अपने आसपास के एक किलोमीटर की परिधि में हवा की गुणवत्ता सुधारने का काम करेगा और मानसून के बाद पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू करेगा। स्मॉग टॉवर प्रति सेकंड एक हजार क्यूबिक मीटर हवा को शुद्ध करेगा। एक अधिकारी ने बताया कि स्मॉग टावर का संचालन शुरू होने के बाद दो साल तक इसके प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा निर्मित 25 मीटर ऊंचा एक अन्य टावर आनंद विहार में 31 अगस्त तक काम करना शुरू कर देगा।

भूस्खलन से रुकी चेनाब नदी की धारा

lahaul spiti landslide

अब हिमांचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में दरका पहाड़। मलबा गिरने से रुकी चेनाब नदी की धारा। आसपास के 13 गांव से सुरक्षित निकाले गए 2,000 लोग।

शिमला (एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भूस्खलन ने कहर बरपाया है। इस बार सुदूर लाहौल स्पीति जिले में भूस्खलन के चलते चेनाब नदी का बहाव रुक गया है। यह राज्य की सबसे बड़ी नदी है, जिसे स्थानीय तौर पर चंद्रभागा भी कहा जाता है। इस घटना के बाद तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और अब तक 2,000 लोगों को इलाके से निकाल लिया गया है। आसपास के कुल 13 गांवों से 2,000 लोगों को बाढ़ के खतरे के चलते निकाला गया है।

झील बनने का खतरा- हिमाचल सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि लाहौल स्पीति के जसरथ गांव के पास भूस्खलन हुआ और बड़े पैमाने पर मलबा नदी में जा गिरा। इसके चलते नदी का प्रवाह थम गया है। नदी का बहाव रुकने की वजह से इलाके में झील बनने का खतरा पैदा हो गया है और किसी भी तरह के संकट से बचने के लिए लोगों को निकाला जा रहा है। 

प्रशासन की लोगों से ऊंचे इलाकों में जाने की अपील
जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से आसपास के ऊंचे क्षेत्रों में जाने की अपील की है। फिलहाल जिला प्रशासन के अलावा एसडीआरएफ की टीम बचाव के काम में जुटी हुई है। नदी का प्रवाह रुकने के चलते जसरथ गांव के पास एक झील सी बन गई है और आसपास की खेती की जमीन को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। इसी झील में पानी लगातार बढ़ रहा है और गांव के ही डूबने का खतरा पैदा हो गया है। यह घटना शुक्रवार को सुबह हुई, जब भूस्खलन के चलते चेनाब नदी का प्रवाह पूरी तरह से रुक गया। जिला प्रशासन ने नदी के बहाव को फिर से शुरू करने के लिए सेना के एक्सपर्ट्स की मांगी है। यदि पानी का बहाव सही समय पर शुरू नहीं हुआ तो फिर इलाके में बड़ा नुकसान हो सकता है। 

उत्तराखंड में भूकम्प से पहले मिल जाएगा एलर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया भूकम्प एलर्ट एप्प का शुभारम्भ। ऐसा एप्प बनाने वाला उत्तराखण्ड बना पहला राज्य।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया भूकम्प एलर्ट एप्प का शुभारम्भ, ऐसा एप्प बनाने वाला उत्तराखण्ड बना पहला राज्य

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की द्वारा विकसित किया गया भूकम्प एलर्ट एप्प

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मोबाइल एप्प्लीकेशन ‘‘ उत्तराखण्ड भूकम्प अलर्ट’’ एप्प का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की के सौजन्य से बनाये गये इस एप्प के माध्यम से भूकम्प से पूर्व चेतावनी मिल जायेगी। उत्तराखण्ड यह एप्प बनाने  वाला पहला राज्य है। इससे जन सुरक्षा में मदद मिलेगी। इस एप्प के माध्यम से भूकम्प के दौरान लोगों की लोकेशन भी प्राप्त की जा सकती है। भूकम्प अलर्ट के माध्यम से भूकम्प से क्षतिग्रस्त संरचनाओं में फँसे होने पर सूचना दी जा सकती है। उत्तराखण्ड भूकम्प अलर्ट एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड भूकम्प की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। इस एप्प के माध्यम से लोगों को भूकम्प पूर्व चेतावनी मिल सके, इसके लिए इस एप्प की लोगों को जानकारी दी जाए। विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर इसका प्रचार प्रसार किया जाय। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इसकी लघु फिल्म बनाकर जन-जन तक पहुंचाया जाए। स्कूलों में भी बच्चों को लघु फिल्म के माध्यम से इस एप्प के बारे में जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के पास एंड्राइड फोन नहीं है, उनको भी भूकम्प से पूर्व चेतावनी मैसेज पहुंच जाए, इस एप्प के माध्यम से यह सुविधा भी प्रदान की जाए। भूकम्प पूर्व चेतावनी में सायरन एवं वायस दोनों माध्यमों से अलर्ट की व्यवस्था की जाए। भूकम्प  पूर्व चेतावनी के लिए सायरन टोन अलग से हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूकम्प पूर्व चेतावनी के लिए यह एक अच्छी पहल है। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन एस.ए. मुरूगेशन, आई.आई.टी. रूड़की के प्रो. कमल एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

एनडीआरएफ ने बचाई भीषण बाढ़ में फंसी 80 से अधिक जिंदगियां

इटावा में एनडीआरएफ टीम ने भीषण बाढ़ में फंसे 80 से अधिक लोगों को बचाया

लखनऊ। एनडीआरएफ एक बार फिर 80 लोगों की जिंदगी बचाने में कामयाब रही। जनपद इटावा के इस एक ही गांव के सारे लोग पिछले 02 दिन से भूखे प्यासे थे। गांव हरौली, तहसील-चकरनगर, जिला-इटावा के पास एक अलग-थलग ऊंची जमीन पर फंसे हुए थे। भारी वर्षा का सामना कर जिंदा रहने के लिए पेड़ों पर चढ़कर जद्दोजहद कर रहे थे ।

उप कमांडेंड एनडीआरएफ लखनऊ नीरज कुमार ने बताया कि जिला इटावा प्रशासन उत्तर प्रदेश से एक संकटग्रस्त कॉल प्राप्त हुई थी। इसमें कुछ असहाय पीड़ितों के बारे में सूचना मिली, जो चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरे एक ऊंचे स्थान पर फंसे हुए थे।

इस मामले में उत्तर प्रदेश NDRF कंट्रोल रूम वाराणसी को सूचना देकर मदद मांगी गई। वाराणसी कंट्रोल रूम ने बिना समय गवाएं लखनऊ NDRF टीम को अलर्ट किया और निरीक्षक विनय कुमार के नेतृत्व में लखनऊ की एक टीम को रवाना किया।

टीम द्वारा वहां पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन कर अभियान को सफल बनाया गया। टीम के मौके पर पहुंचने पर पता चला कि एक ही गांव के सारे लोग पिछले 02 दिनों से भूखे प्यासे गाँव-हरौली, तहसील-चकरनगर, जिला-इटावा के पास एक अलग-थलग ऊंची जमीन पर फंसे हुए थे और भारी वर्षा का सामना कर जिंदा रहने के लिए पेड़ों पर चढ़कर जद्दोजहद कर रहे थे ।

11 एनडीआरएफ वाहिनी के बचावकर्मी जब वहाँ पहुंचे तब उन्होंने असहायों को सांत्वना दी और उन्हें भोजन और पानी मुहैया कराया और फिर अपनी बोट पर बैठाकर, यमुना नदी की तेज़ धारा को पार करके उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया ।

15 राज्यों में भारी बारिश की भविष्यवाणी

नई दिल्ली (एकलव्य बाण समाचार)। उत्‍तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर पहाड़ी राज्‍यों में भारी बारिश-भूस्‍खलन और बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इन घटनाओं में कई लोगों की जान भी चली गई है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में अगले आने वाले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई है। दरअसल पिछले हफ्ते पश्चिमी महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में जोरदार बारिश के बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिविटी उत्तर की ओर शिफ्ट हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 अगस्त तक कम से कम 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।

मौसम विभाग ने आज उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश (24 घंटों में 204.4 मिमी से अधिक) की चेतावनी दी है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होगी (24 घंटों में 64.5 मिमी से 204.4 मिमी)। ये उत्तरी राज्य वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान और इससे सटे पंजाब पर बने एक साइक्लोन सर्कुलेशन के प्रभाव में हैं। आईएमडी ने कहा कि पूर्वी और मध्य भारत के क्षेत्रों में भी 1 अगस्त तक बारिश बढ़ने की उम्मीद है।

वर्तमान में पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित लो प्रेशर सिस्टम अगले दो दिनों में बिहार और झारखंड में बारिश की वजह बनेगा। पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड में शुक्रवार तक व्यापक रूप से भारी बारिश (24 घंटे में 64.5 से 115.5 मिमी) होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश शनिवार तक जारी रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे पूर्वी राजस्थान में अगले दो दिनों में भारी बारिश होगी।

बरसात में अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत-गामेंद्र सिंह गजरौलिया

युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया

बिजनौर (एकलव्य बाण समाचार)। युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने कहा कि मानसून यानी बरसात का मौसम लोगों को बहुत अच्छा लगता है, लोग बरसात में नहाना और बारिश की हल्की बौछारें में खेलना पसंद करते हैं।
मानसून यानी बरसात का इंतजार हर किसी को रहता है। बरसात का मौसम हमें गर्मी से राहत दिलाता है, लेकिन यह मौसम कई बीमारियां भी अपने साथ लाता है। कई बार हम खुशी-खुशी बरसात के पानी में भीग लेते हैं, सावन के गाने भी खूब गुनगुना लेते हैं और इसके बाद किसी तरह के हेल्थ इश्यू से बचने के लिए सावधानी भी पूरी बरत लेते हैं। फिर भी कुछ परेशानियां हैं, जिसका बरसात के मौसम में खतरा बना रहता है, यह कहना गलत नहीं होगा कि बरसात का मौसम अपने साथ कई बीमारियों को बुलाकर लाता है।
जिलाध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया कहते हैं कि जलभराव, कीचड़ और गंदगी से बीमारियां पैदा होती हैं। बरसात के मौसम में पैदा होने वाले मच्छर और बैक्टीरिया बीमारियां फैलाते हैं। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए गामेंद्र सिंह गजरौलिया कहते हैं कि मानसून यानी बरसात के मौसम में हवा में नमी होती है और बैक्टीरिया भी ज्यादा पनपते हैं, जो बीमारियां फैलाने का काम करते हैं।
अतः हमें बरसात में बीमारियों से बचने के लिए सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हमें अपने हाथों, मुंह, पैरों को स्वस्थ जल से धोते रहना चाहिए। हमें स्वच्छ पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए। हमें पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी का सेवन करना चाहिए।
मानसून यानी बरसात के मौसम में हमें विशेष रूप से मच्छरों से बचना चाहिए, मच्छरों के काटने से होने वाले मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसे गंभीर रोगों से बचने के लिए हमें सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

16 लाख किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आ रहा सौर तूफान, किसी भी समय धरती से टकराने का खतरा

वाशिंगटन (एजेंसी)। सूरज की सतह से पैदा हुआ शक्तिशाली सौर तूफान 1609344 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है। यह सौर तूफान रविवार या सोमवार को किसी भी समय पृथ्वी से टकरा सकता है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस तूफान के कारण सैटेलाइट सिग्नलों में बाधा आ सकती है। विमानों की उड़ान, रेडियो सिग्नल, कम्यूनिकेशन और मौसम पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
ध्रुवों पर दिखेगी रात में तेज रोशनी
स्पेसवेदर डॉट कॉम वेबसाइट के अनुसार, सूरज के वायुमंडल से पैदा हुए इस सौर तूफान के कारण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के प्रभुत्व वाले अंतरिक्ष का एक क्षेत्र में काफी प्रभाव देखने को मिल सकता है। उत्तरी या दक्षिणी अक्षांशों पर रहने वाले लोग रात में सुंदर आरोरा देखने की उम्मीद कर सकते हैं। ध्रुवों के नजदीक आसमान में रात के समय दिखने वाली चमकीली रोशनी को आरोरा कहते हैं।

16 लाख किमी की रफ्तार से बढ़ रहा तूफान
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अनुमान है कि ये हवाएं 1609344 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हो सकता है कि इसकी स्पीड और भी ज्यादा हो। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरिक्ष से महातूफान आता है तो धरती के लगभगर हर शहर से बिजली गुल हो सकती है।
पृथ्वी पर क्या होगा असर?
सौर तूफान के कारण धरती का बाहरी वायुमंडल गरमा सकता है जिसका सीधा असर सैटलाइट्स पर हो सकता है। इससे जीपीएस नैविगेशन, मोबाइल फोन सिग्नल और सैटलाइट टीवी में रुकावट पैदा हो सकती है। पावर लाइन्स में करंट तेज हो सकता है जिससे ट्रांसफॉर्मर भी उड़ सकते हैं। हालांकि, आमतौर पर ऐसा कम ही होता है क्योंकि धरती का चुंबकीय क्षेत्र इसके खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करता है।

22 वर्ष पहले भी हो चुका ऐसा
ये पहली बार नहीं है जब सौर तूफान धरती की ओर आ रहा है। करीब 22 वर्ष पहले 1989 में भी सौर तूफान की वजह से कनाडा के क्‍यूबेक शहर में 12 घंटे के लिए बिजली गुल हो गई थी। इसके साथ ही लाखों लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

इससे पहले वर्ष 1859 में आए चर्चित सबसे शक्तिशाली जिओमैग्‍नेटिक तूफान ने यूरोप और अमरीका में टेलिग्राफ नेटवर्क को तबाह कर दिया था।कुछ ऑपरेटर्स को बिजली का झटका भी लगा था। उस दौरान रात में भी इतनी तेज रोशनी हुई थी कि नॉर्दन अमरीका में बगैर लाइट के भी लोग अखबार पढ़ पा रहे थे।

बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त, रात भर गायब रही बिजली, ठप हो गए इंर्वटर

बारिश ने अस्त व्यस्त कर दिया जन जीवन रात भर गायब रही बिजली, ठप हो गए इंर्वटर 

बिजनौर। पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग घरों में कैद रहे। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना व्यक्त की है। वहीं रात भर बिजली गायब रहने से इंर्वटर ठप हो गए। इस कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।जिले भर में लॉकडाउन के चलते बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। आकाश में घने बादल छाए रहने के साथ ही मौसम में आद्रता बढ़ी हुई है। इस कारण किसी भी समय तेज बारिश होने की संभावना मौसम विज्ञानियों ने जताई है। नगीना क्षेत्र में बारिश 9 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई है। आम की फसल को लाभ पहुंचा है तो जायद की फसल को काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र की नदियों में जल आ जाने से फसलें बुरी तरह प्रभावित है। हल्दौर क्षेत्र में बेमौसम रिमझिम  बारिश से नगर मे  सडक़ों से घरों तक में पानी भर गया। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सडक़ों पर जमा रहा। जगह-जगह जल  भराव  हो जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मुहल्लों में तो लोगों को पानी में घुसकर ही आवाजाही करनी पड़ी। हालांकि एक घंटे की तेज बारिश के बाद दो तीन घंटे हल्की बारिश होती रही। बारिश होने से इधर कुछ दिनों से पड़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिली है।अब किसान भी अपनी खेती में जुट गए हैं। खेतों में नमी आएगी। बारिश हो जाने से किसानों को फायदा पहुंचा है। सुबह से शुरू हुई बारिश थमने का नाम नहीं ले रही थी,लेकिन एक घंटे तक मुसलाधार बारिश होने से जनजीवन  अस्त व्यस्त हो गया। बारिश के कारण नगर के कई मुहल्ले जलमग्न हो गए। नगर के मोहल्ला रईसान, सराय सहित अन्य मुहल्लों में हल्की सी भी बारिश होने पर सडक़ पर पानी लग जाता है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण ऐसी समस्या उत्पन्न होती है। मुहल्लों में बारिश होने पर घरों के आंगन तक पानी लग जाता है। जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।राजा का ताजपुर क्षेत्र में लगातार हो रही दूसरे दिन बारिश ने जन जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम तो खुशगवार हो गया लेकिन लगातार बारिश से नाली नाला उफान की तरह भर गए। सडक़ों पर पानी भर गया। मोहल्ला रहमान चौक कई घरों में पानी भर गया। लोग बाल्टी से पानी को खींचते रहे। कई परिवारों के लोगों ने रात भर रात जाग कर गुजारी। कई मोहल्लों में जलभराव देखने को मिला। कई जगह ऐसी है जहां पर पानी की निकासी ना होने से चारों तरफ पानी भरा हुआ रहता है। अक्सर बरसात के दिनों में यह दिक्कत आम होती है, जिससे बरसात में लोगों का जीना दुश्वार होता है। अफजलगढ़ क्षेत्र में 24 घंटे से लगातार बारिश होने से ग्रामीण इलाके जलमग्न हो गए। बरसाती नदी नालों पर उफान आ गया है अफजलगढ़ थाने के मेघपुर गांव के बाहर हाईवे पर बुधवार से लगातार बारिश होने से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। नदी नालों में उफान आ गया है। ग्रामीण इलाके जलमग्न हो गए तथा लगातार बारिश होने से आना-जाना ठप हो गया और सडक़ों पर सन्नाटा पसर गया।

‘ताउते’ के बाद अब अम्फान सी तबाही ला रहा तूफान ‘यास’

Cyclone Amphan Highlights | Govt: Amphan May Cause Extensive Damage On  Bengal Coast; PM Modi Assures

नई दिल्ली। पश्चिमी तट पर गंभीर चक्रवाती तूफान ‘ताउते’ के आने के बाद एक अन्य चक्रवात ‘यास’ के 26-27 मई को पूर्वी तट पर पहुंचने का अनुमान है। मौसम विज्ञान विभाग ने यह जानकारी दी है। विभाग ने बताया कि उत्तर अंडमान सागर और बंगाल की पूर्वी मध्य खाड़ी में 22 मई को कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो इसके बाद 72 घंटों में चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। विभाग के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने बताया कि यह उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ सकता है और 26 मई की शाम तक पश्चिम बंगाल-ओडिशा के तटों तक पहुंच सकता है। IMD के अधिकारियों ने तूफान यास के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। 

उसने बताया कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और मेघालय में 25 मई से हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। विभाग ने बताया कि इसके बाद बारिश तेज होगी। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय सचिव एम राजीवन ने कहा कि 23 मई को बंगाल की खाड़ी में चक्रवात परिसंचरण बनने का अनुमान है। राजीवन ने कहा कि इसके चक्रवात में तब्दील होने और पश्चिम बंगाल तथा ओडिशा के तट से टकराने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यह ‘ताउते’ चक्रवात की तरह प्रचंड नहीं होगा, जो बेहद विकराल चक्रवातीय तूफान का रूप ले चुका था।

Construction of cyclone Yas in Bay of Bengal, likely to hit Odisha and West  Bengal around May 27 | Digital India Web

मानसून से पहले के महीनों अप्रैल-मई में पूर्वी और पश्चिमी तट पर अक्सर चक्रवात बनते देखे जाते हैं। मई 2020 में पूर्वी तट पर विकराल चक्रवातीय तूफान ‘अम्फान’ और पश्चिम तट पर प्रचंड चक्रवातीय तूफान ‘निसर्ग’ ने दस्तक दी थी।

IMD के अधिकारी ने कहा कि यास, बीते साल आए तूफान अम्फान की तरह तेज हो सकता है। आईएमडी में चक्रवातों पर नज़र रखने वाली सुनीता देवी ने कहा कि हम अम्फान जैसी तीव्रता से इनकार नहीं कर सकते। अच्छी बात यह है कि अभी के मॉडल दिखा रहे हैं कि सिस्टम समुद्र के ऊपर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। समुद्र के ऊपर इसका समय कम होने पर इसकी तीव्रता प्रतिबंधित हो जाएगी।

News 24X7 Plus | Cyclone Amphan, Weather Forecast Updates: Storm took  dangerous form, PM Modi himself took charge, 25 NDRF team deployed

इस बीच ओडिशा में अधिकारियों ने चक्रवात की तैयारी शुरू कर दी है। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप के. जेना ने बुधवार को 10 तटीय जिलों के कलेक्टरों के साथ एसपी, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और आपातकालीन अधिकारियों के साथ एक तैयारी बैठक की। उन्होंने जिलाधिकारियों को राहत आश्रयों की पहचान करने, सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की जांच करने और कर्मचारियों को तैनात करने और निकासी योजना तैयार करने का निर्देश दिया।

वहीं पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को दवाओं, पीने के पानी, सूखे भोजन और तिरपाल के पर्याप्त स्टॉक की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब होने की चेतावनी देते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को 24 मई से बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी है। गौरतलब है कि अप्रैल और मई के प्री-मानसून महीनों में आमतौर पर पूर्वी और साथ ही पश्चिमी तट पर चक्रवात बनते हैं।

Cyclone Tauktae: पांच राज्यों में चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट, NDRF ने भेजीं टीमें, केरल में खूब बारिश

Cyclone Tauktae: पांच राज्यों में चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट, NDRF ने भेजीं टीमें, केरल में खूब बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पांच राज्यों में चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अरब सागर में बन रहे चक्रवात ‘तौकते’ से निपटने के लिए 53 दलों को तैयार किया है। इन दलों को पांचों राज्यों केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में तैनात किया जा रहा है। उधर, आईएमडी ने यह भी कहा है कि 17 मई को तौकते के अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।
मौसम स्थिति गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गई है। इसके शनिवार सुबह तक चक्रवाती तूफान तौकते में तब्दील होने की संभावना है। रात तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। आईएमडी के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने कहा कि 16 से 19 मई के बीच पूरी संभावना है कि यह 150-160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा के साथ एक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होगा। हवा की रफ्तार बीच-बीच में 175 किलोमीटर प्रति घंटा भी हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा कि लक्षद्वीप में 15 मई को कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होगी। 
केरल में गुरुवार रात से ही हो रही लगातार बारिश
केरल के विभिन्न इलाकों में गुरुवार रात से ही लगातार बारिश हो रही है। राज्य सरकार ने लोगों के लिए राहत शिविर शुरू किए हैं। निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। तिरुवनंतपुरम में अरुविक्कारा बांध में पानी के तेज बहाव के कारण बांध के फाटक गुरुवार रात को खोल दिए गए। लगातार बारिश के कारण करमना और किल्ली नदियों में जलस्तर उफान पर है। अधिकारियों ने बताया कि इन नदियों के किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। रात भर हुई बारिश के चलते दक्षिणी कोल्लम जिला के कई हिस्से जलमग्न हो गए। तटीय कोल्लम, अलप्पुझा और एर्णाकुलम जिलों में गुरुवार रात समुद्र में तेज लहरें उठने के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कमांडेंट रेखा नांबियार ने बताया कि एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की नौ टीमें केरल भेजी गई हैं। भू राजस्व आयुक्तालय ने बताया कि कुल 87 लोगों को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, इडुक्की और एर्णाकुलम में खोले गए चार राहत शिविरों में भेजा गया है।
एनडीआरएफ ने पांच राज्यों के लिए 53 दल तैयार किए
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अरब सागर में बन रहे चक्रवात तौकते से निपटने के लिए 53 दलों को तैयार किया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एस एन प्रधान ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में इन दलों को तैनात किया जा रहा है। इन 53 दलों में से 24 दलों को पहले ही तैनात कर दिया गया है, जबकि शेष को तैयार रहने को कहा गया है। आईएमडी ने बताया कि यह तूफान 18 मई की शाम तक गुजरात तट के नजदीक पहुंच सकता है। इस चक्रवात को तौकते नाम म्यांमार ने दिया है। यह भारतीय तट पर इस साल पहला चक्रवाती तूफान होगा।

महाराष्ट्र के रायगढ़ तट पर लौटीं 142 नौकाएं
मुंबई और कोंकण क्षेत्र में चक्रवाती तूफान आने की चेतावनी के बीच मछली पकड़ने वाली 142 नौकाएं तट पर लौट आईं। रायगढ़ के मत्स्य पालन विभाग के सहायक आयुक्त सुरेश भारती ने बताया कि 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मौसम संबंधी परामर्श के बाद विभाग ने मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी थी। अलीबाग, मुरुद और उरण तालुक से मछली पकड़ने वाली 142 नौकाएं शुक्रवार सुबह तट पर लौट आईं। आईएमडी ने कहा कि रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में रविवार और सोमवार को भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में सोमवार को बारिश होगी। रायगढ़ में शनिवार को तेज हवा चलने के साथ बारिश का अनुमान है।

फरवरी में ही होने लगा अप्रैल की गर्मी का अहसास


फरवरी में ही सताने लगी अप्रैल महीने जैसी गर्मी
गर्मी बढ़ने से हल्के कपड़ों में दिखाई देने लगे लोग, सुबह-शाम ही गुलाबी सर्दी का अहसास

बिजनौर। फरवरी महीने में ही अप्रैल जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है। पारा उछलकर 32 डिग्री सेल्सियस तक जा पंहुचा है। अभी फरवरी माह के तीन दिन शेष हैं, लेकिन गर्मी रोजाना बढ़ती जा रही है।
बसंत ऋतु के बाद से ही मौसम में बदलाव की आहट भी साफ झलकने लगी है। दिन में तेज गर्मी होने के साथ ही सुबह-शाम गुलाबी सर्दी का अहसान शेष रह गया है। तेज धूप के चलते लोगों का धूप में खड़ा होना मुश्किल हो चला है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर नहीं होने से पारा निरंतर चढ रहा है। दिन में अधिकतम तापमान 32 डिग्री तक पंहुचने से लोगों को गर्मी अहसान होने लगा है। लोगों ने दिन में गर्म कपडों को लगभग छोड़ दिया है और हल्के कपड़ों में ही दिखने लगे हैं। बाजारों में महिलाएं चटक धूप के कारण चेहरे को ढांपकर आती-जाती देखी जा रही हैं। तो वहीं लोगों का कहना है कि गर्मी के जल्द आने से गेहूं की पैदावार पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

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देश के कई राज्यों में बारिश की संभावना, मौसम विभाग का अलर्ट जारी

देश के कई राज्यों में बारिश की संभावना, मौसम विभाग का अलर्ट जारी
दिल्ली। मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत से लेकर दक्षिण व मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के कई राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। साथ ही आने वाले दिनों कोहरा भी इस राज्यों में परेशानी खड़ी कर सकता है। मौसम विभाग ने 15 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण यहां पर 16 फरवरी से 18 फरवरी तक अधिकांश हिस्सों में बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में भी बदला मौसम – उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ठंडी हवाओं में रोज आ रही कमी की वजह से अब इस सप्ताह अधिकतम पारा 30 डिग्री की ओर है। वातावरण में लगातार हो रहे बदलाव की वजह से अब रातें भी अधिक सर्द नहीं रह गई हैं। इधर महाराष्ट्र में मौसम विभाग ने 3 दिनों तक बारिश की संभावना जताई है।

उत्तर भारत में फिलहाल ठंड से राहत नहीं

नई दिल्ली। उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में ठंड से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार नए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम बदल रहा है। दिल्ली-एनसीआर में सुबह के समय कोहरे की धुंध है। पंजाब-हरियाणा, राजस्थान, बिहार, ओडिशा, बंगाल, मध्यप्रदेश में घना कोहरा छाया हुआ है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान सहित भारत के कुछ राज्यों में अगले दो-तीन दिनों में शीतलहर की वजह से ठंड बढ़ने का अनुमान है। यहां घना कोहरा रहने की भी संभावना है। राजधानी दिल्ली में शीतलहर से मामूली राहत मिल सकती है लेकिन सुबह के समय कोहरा छाया रह सकता है।

राजमार्ग-3 ब्लॉक होने से बढ़ेंगी मुश्किलें- हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी देखी गई। इस कारण लाहौल-स्पीति जिले के सिस्सू में राष्ट्रीय राजमार्ग-3 ब्लॉक हो गया है। इससे पहले शनिवार को क्षेत्र में शीत लहर का कहर देखने को मिला था। मौसम विभाग ने रविवार को भारी बर्फबारी होने की चेतावनी दी थी। बर्फबारी और रास्ते ब्लॉक होने से लोगों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं।

दिल्ली में फिर सर्दी बढ़ने के आसार- दिल्ली में आज सुबह न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कुछ जगहों पर सुबह के समय विजिबिलिटी 100 मीटर दर्ज की गई। दिल्ली में पश्चिम व उत्तर-पश्चिम से चलने वाली हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ने और तापमान के चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा कि अगले चार से पांच दिन तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान, असम, मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा में घना कोहरा छाया रहेगा। अगले दो-तीन दिनों में बिहार, उत्तरी मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में घना कोहरा छाए रहने का भी अनुमान है।

तहरी भोज के साथ चौकी इंचार्ज ने बांटे चौकीदारों को कम्बल

चौकी इन्चार्ज कुलदीप सिंह ने किया तहरी भोज का आयोजन, चौकीदारो को बांटे कम्बल
लखनऊ। राजधानी में ठिठुरती ठंड से राहत पहुंचाने के मद्देनजर गरीबों को कंबल वितरण का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में रविवार को मलिहाबाद थाना क्षेत्र की कसमण्डी कलां पुलिस चौकी पर तहरी भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चौकी क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले विभिन्न गांवों के 13 चौकीदारों को कम्बल प्रदान किये गये। तहरी भोज में हर वर्ग के तमाम लोग शामिल हुए।
चौकी इन्चार्ज कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस के साथ हर समय कन्धे से कन्धा मिलाकर चलने वाले चौकीदारों को ठण्ड से बचाने के लिए उन्हें कम्बल प्रदान किये गये हैं। साथ ही क्षेत्र के अच्छे और सामाजिक लोगों से बेहतर तालमेल बनाने के लिये समरसता तहरी भोज का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कांस्टेबल सीताराम, इमरान, अमित, विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधान व क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे।

भीषण सर्दी की चपेट में समूचा उत्तर भारत

भीषण सर्दी से ठिठुरे समूचे उत्तर भारत के बाशिंदे
कोहरे ने लगाए वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक

चंडीगढ़ (धारा न्यूज): उत्तर भारत भीषण सर्दी की चपेट में आ गया है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में सुबह से ही कोहरा छा गया। कोहरे के कारण परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा। उत्तर भारत में तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के साथ तीन जनवरी से राहत मिलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। चार से छह जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश या बर्फबारी का अनुमान है।

दिल्ली में टूटा 15 साल पुराना रिकॉर्ड:
मौसम विभाग ने कहा कि हिमालय के पश्चिमी क्षेत्र में कुछ जगहों पर ओले पड़ने की भी आशंका है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में अगले 24 घंटे के दौरान यही स्थिति रहेगी। दिल्ली में शीत लहर के प्रकोप के बीच न्यूनतम तापमान 15 साल में सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बेहद घने कोहरे के कारण दृश्यता शून्य हो गई। दिल्ली के सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि 15 साल में सबसे कम तापमान है। आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में बारिश हुई और पंजाब के कुछ हिस्सों में भी हल्की बूंदाबादी की सूचना है। बारिश से कोहरा छंट गया लेकिन आसमान में बादल छा गए।

हिमाचल प्रदेश में फिर से बारिश और बर्फबारी: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से बारिश और बर्फबारी (Snowfall) का दौर शुरू हुआ है। लाहौल में बर्फबारी व शिमला, मंडी, समेत तमाम इलाकों में शनिवार सुबह हल्की बूंदाबादी हुई। हिमाचल में शीतलहर (Coldwave) चरम पर है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश और बर्फबारी (Snowfall) का अनुमान जताया है। बीते रविवार को हिमाचल में शिमला शहर सहित प्रदेश भर में बर्फबारी देखने को मिली थी, जबकि बीते पांच दिन से प्रदेश में धूप खिली हुई थी, लेकिन एक बार फिर से अब मौसम का मिजाज बिगड़ गया है।

नववर्ष के पहले दिल्ली में बढ़ी ठंड

नई दिल्ली। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से बुधवार को ठंड का प्रकोप बढ़ गया। मौसम विभाग के मुताबिक ठंडी हवाएं चलने से नववर्ष के पहले राष्ट्रीय राजधानी में ठिठुरन और बढ़ सकती है।

सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि मंगलवार को न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जफरपुर और लोधी रोड स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में न्यूनतम तापमान क्रमश: 3.5 डिग्री और 3.7 डिग्री सेल्सयिस दर्ज किया गया। रात के समय कोहरा बढ़ने से पालम क्षेत्र में दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गयी। हालांकि, सुबह नौ बजे दृश्यता का स्तर बढ़कर 400 मीटर हो गया।

उत्तर भारत के तापमान में आई गिरावट-
मैदानी भाग में न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने पर शीतलहर और दो डिग्री से नीचे के तापमान की स्थिति में भीषण ठंड की घोषणा की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों में शहर में शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि हिमालय की तरफ से उत्तर-उत्तर पश्चिमी दिशा की हवाएं बह रही हैं, जिससे उत्तर भारत में तापमान में गिरावट आयी है। सफदरजंग वेधशाला में 20 दिसंबर को अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस साल दिसंबर में औसत न्यूनतम तापमान (7.06 डिग्री सेल्सियस) पिछले साल के औसत न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री से कम है।

…और भी मनाने हैं happy new year, तो no cheers

If U want more Happy New Year, no cheers

New year celebrate करने वालों को मौसम विभाग की शराब से दूर रहने की सलाह

नई दिल्ली (धारा न्यूज): नए साल पर जश्न की तैयारियों में लोग जोर-शोर से लगे हुए हैं। इस अवसर पर लोग शराब का भी जमकर सेवन करते हैं, लेकिन मौसम विभाग ने इस बार भीषण ठंड को लेकर चेतावनी देने के साथ ही शराब नहीं पीने की सलाह दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कुछ दिनाेेें में उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है। साथ ही कहा है कि घर में बैठे-बैठे या नए साल की पार्टी में शराब पीना बहुत नुकसानदेह साबित हो सकता है।

उत्तर भारत में शीतलहर
मौसम विभाग के अनुसार 28 दिसंबर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में ‘भयंकर’ शीतलहर चलने का अनुमान है। इस दौरान फ्लू, जुकाम, नाक से खून निकलने जैसी समस्याएं होने की आशंका है और जो ऐसे दिक्कतों से जूझ रहे हैं लंबे समय तक ठंड रहने के कारण उनकी परेशानियां भी बढ़ेंगी।

आईएमडी की एडवाइजरी जारी-आईएमडी की एक एडवाइजरी में कहा गया है, “शराब न पीएं, ये आपके शरीर के तापमान को कम कर सकती है, घर के अंदर रहिए। विटामिन सी का भरपूर सेवन करिए, फल खाइए। गंभीर ठंड की स्थिति का सामना करने के लिए अपनी त्वचा को मॉइस्चराइज करें।”

आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि हिमालय की ऊपरी पहुंच को प्रभावित करने वाले एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रविवार और सोमवार को पारा थोड़ा बढ़ने से मिली राहत ज्यादा लंबे समय के लिए नहीं होगी। पश्चिमी विक्षोभ के हट जाने के बाद और उत्तर-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम में निचले स्तर की हवाओं में ठंडी और शुष्कता के परिणामस्वरूप मजबूती के प्रभाव के कारण 29 दिसंबर के बाद पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में फिर से “गंभीर शीत लहर” की स्थिति हो सकती है।

COLD day की संभावना-
IMD के अनुसार, एक ‘कोल्ड डे’ या ‘गंभीर कोल्ड डे’ तब माना जाता है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम हो और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या 6.4 डिग्री सेल्सियस से कम हो। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 और 29 दिसंबर को और उत्तरी राजस्थान में 29 और 30 दिसंबर को ‘कोल्ड डे’ की स्थिति होने की संभावना है। 28 दिसंबर, 29 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में घना कोहरा छा सकता है।

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New year पर शिमला में नहीं होगी बर्फबारी, मौसम रहेगा साफ

New year पर शिमला में नहीं होगी बर्फबारी

शिमला (धारा न्यूज़): हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नए साल की पूर्व संध्या व नव वर्ष के पहले दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। यानी कि पर्यटकों को इस बार नए साल पर बर्फबारी का दीदार नहीं हो सकेगा।

शिमला में हर साल नव वर्ष मनाने पर्यटकों का सैलाब उमड़ता है। कोरोना के चलते इस बार होटलों में नए साल पर पार्टियों व जश्न कार्यक्रमों पर रोक है। इसके बावजूद अधिकतर होटलों में नव वर्ष तक सैलानियों ने एडवांस बुकिंग करवाई हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने शनिवार को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान मौसम में बदलाव आएगा। इस दौरान पहाड़ों पर बर्फबारी व मैदानों में बारिश होने का अनुमान है। 27 व 28 दिसम्बर को शिमला, कुल्लू, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति इत्यादि पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है। वहीं तमाम मैदानी भागों में गरज के साथ बारिश होगी। उच्च पर्वतीय इलाकों में 29 दिसम्बर को भी बर्फबारी होने का अनुमान है, जबकि पर्वतीय व मैदानी हिस्सों में मौसम खुल जाएगा। 30 दिसम्बर से एक जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ बना रहेगा। मैदानी क्षेत्रों हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर सहित कांगड़ा व मंडी जिलों के मैदानी भागों में 29 व 30 दिसम्बर को घरा कोहरा छाने व शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की गई है।

शनिवार को राज्य के छह शहरों का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया। लाहौल-स्पीति जिला का मुख्यालय केलंग सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -11.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गाय। इसके अलावा कल्पा में -1 डिग्री, भुंतर व मंडी में -1 डिग्री, सुंदरनगर में -0.6 डिग्री, -0.2 डिग्री, चंबा में 0.7 डिग्री, कांगड़ा में 1.5 डिग्री, बिलासपुर व उना में 2 डिग्री, हमीरपुर में 2.2 डिग्री, धर्मशाला में 2.4 डिग्री, कुफरी में 2.9 डिग्री, पालमपुर में 3 डिग्री, डल्हौजी में 6 डिग्री, शिमला में 7 डिग्री और नाहन में 7.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।

चंडीगढ़ में अभी और बढ़ेगी ठंड-
पंजाब व राजधानी चंडीगढ़ के अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट जारी है। शनिवार को चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य तापमान से एक डिग्री सेल्सियस कम था, इससे पहले शुक्रवार को तापमान 21 डिग्री सेल्सियस से ऊपर था। वहीं शहर का अधितकम तापमान, सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस कम 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी, इसलिए खिली धूप को देखकर इसे हल्के में न लें, गर्म कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलें।

रविवार को बारिश का पूर्वानुमान- उन्होंने बताया कि रविवार को दिनभर बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की भी संभावना बन रही है। शहर का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 06 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं 28 दिसंबर को भी बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है।

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बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई मुसीबत, कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम

बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई मुसीबत, कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम

नई दिल्ली। बर्फीली हवाओं केे कारण उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कई राज्यों में आज सुबह कोहरे की घनी चादर बिछी रही, जिससे विजिबिलिटी की समस्या बनी रही। दिल्ली, बिहार, उत्तरप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा सहित कई राज्यों में ठंड के साथ कोहरा छाया रहा। वहीं पहाड़ी इलाकों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल आदि में बर्फबारी मैदानी इलाकों में ठंड की वजह बन गई है।

बर्फीली हवाओं से कांपा आधा भारत-
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों में अगले कुछ दिन तक सुबह के समय घना कोहरा छाया रह सकता है। साथ ही कंपकंपा देने वाली शीत लहर का भी सामना करना पड़ेगा। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार नए साल की पूर्व संध्या का जश्न भी कड़ाके की ठंड के बीच मनाना पड़ सकता है, क्योंकि तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आने के आसार बन रहे हैं। गुरुवार को भी दिल्ली और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा।

पंजाब, पश्चिमी यूपी, दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत तमाम इलाकों में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा। दिल्ली के पालम इलाके में इतना घना कोहरा था कि 50 मीटर दूर देख पाना भी मुश्किल था। वहीं अमृतसर में तो दृश्यता मात्र 25 मीटर रही। मौसम विभाग का कहना है कि आज पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बहुत घने कोहरे की स्थिति देखी गई है। दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है।
आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा, उत्तर भारत के कुछ हिस्से बेहद भीषण शीत लहर की चपेट में रहेंगे। खासतौर पर 24 व 25 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में भीषण शीत लहर चलेगी। उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों सहित हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी 24-25 दिसंबर तक शीत लहर का असर रहेगा।

हिमाचल में येलो अलर्ट-
हिमाचल में गुरुवार और शुक्रवार को मौसम साफ रहेगा। 26 दिसंबर से प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। 29 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। प्रदेश के मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट है।

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तापमान में गिरावट जारी, कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त

उत्तर भारत में तापमान में गिरावट, अगले चार दिन दिल्ली में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अगले चार दिनों में शीतलहर चलने का पूर्वानुमान है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के दूरदराज इलाकों में घना कोहरा छाया रहा।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में अगले चार दिनों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। सफदरजंग वेधशाला ने बताया कि मंगलवार को न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस तथा रविवार को 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था, जो इस मौसम का सबसे कम तापमान था। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का चुर्क 3.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश के दूरदराज इलाकों में अगले कुछ दिनों में कड़ाके की ठंड वाली स्थितियां बनने का पूर्वानुमान लगाया है।
उधर कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान के जमाव बिंदू से नीचे रहने के चलते कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी रहा। हफ्ते के आखिर तक मौसम शुष्क और ठंडा रहेगा और इस दौरान कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बर्फबारी होने का अनुमान है। वहीं कश्मीर में 40 दिन तक पड़ने वाली कड़ाके की ठंड के दौर यानी चिल्लई कलां से घाटी में मौसम शुष्क रहा। इस दौरान बर्फबारी होने की बहुत अधिक संभावना रहती है। अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की गर्मियों की राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जो पिछली रात के शून्य से चार डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कश्मीर में स्थित पर्यटन स्थल पहलगाम में भी तापमान पिछली रात के माइनस 4.6 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरकर शून्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। ओडिशा के आंतरिक इलाके में ठंड की वजह से जनजीवन प्रभावित है और कंधमाल जिले के फुलबनी में तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया और यह राज्य का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। मौसम कार्यालय ने अगले 24 घंटे में शीत लहर और गंभीर शीत लहर की आशंका व्यक्त की है। हरियाणा और पंजाब में तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई जबकि राजस्थान में रात के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हुई। हरियाणा में दिन में ज्यादातर स्थानों पर सामान्य से एक या दो डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान दर्ज किया गया जबकि पंजाब में तापमान 21-22 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। राजस्थान के कई हिस्सों में रात के तापमान में मामूली इजाफा हुआ है, वहीं चुरू मंगलवार को प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। सीकर, पिलानी, गंगानगर, भीलवाड़ा, डबोक और चित्तौड़गढ़ में न्यूनतम तापमान क्रमश: 4.5 डिग्री सेल्सियस, 4.9 डिग्री सेल्सियस, 6.1 डिग्री सेल्सियस, 6.4 डिग्री सेल्सियस, 6.6 डिग्री सेल्सियस और 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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हिमाचल: कई स्थानों पर पारा शून्य से नीचे-yello alert

हिमाचल में भीषण सर्दी का कहर

कई स्थानों पर पारा शून्य से नीचे-येलो अलर्ट जारी

शिमला। हिमाचल प्रदेश में प्रचंड शीतलहर का प्रकोप जारी रहने से छह जिलों में पारा शून्य से कई डिग्री नीचे रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों में आगामी 24 घंटों के दौरान शीत लहर तेज होने की चेतावनी दी है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश भर में 24 दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा। वहीं मैदानी जिलों में रविवार को घना कोहरा पड़ने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। कांगड़ा और मंडी जिलों में तो पारा शून्य से नीचे चला गया है।

ऊना में 0 रिकॉर्ड, हमीरपुर व बिलासपुर में 0 के करीब

ऊना में शून्य और हमीरपुर व बिलासपुर में शून्य के करीब रिकार्ड हुआ है। इन क्षेत्रों में सुबह 11 बजे तक घना कोहरा छाने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मैदानी इलाकों में ठंड का प्रकोप अभी और बढ़ेगा। शनिवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली। लाहुल-स्पीति के मुख्यालय केलांग का पारा शून्य से कम रहा। कल्पा में न्यूनतम तापमान शून्य से कम 3.0, मंडी के सुंदर नगर में शून्य से कम 1.6, भ्रुंतर शून्य से कम 1.8, सोलन शून्य से कम 1.3, मनाली शून्य से नीचे 1.0, कांगड़ा में 0.8, ऊना में शून्य, पालमपुर में 0.1, चंबा में 0.4, मंडी शून्य से कम 1.1, हमीरपुर में 1.8, धर्मशाला में 2.4, बिलासपुर में 2.0, डल्हौजी में 4.7, कुफरी में 0.8, शिमला में 4.4 और नाहन में 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है।

UP (W) के कई हिस्सों में भी रहेगा शीत लहर का असर

मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, चंढीगढ़ और दिल्ली में भारी शीत लहर चल सकती है, साथ ही पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी शीतलहर का असर दिखेगा। मौसम विभाग ने कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के साथ ठंडी हवाएं चलेंगी। साथ ही बिहार और मध्य प्रदेश में भी शीत लहर का असर दिखेगा। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस गिरा था, जिसके बाद मौसम विभाग ने कहा कि शनिवार को भी राजधानी में शीतलहर का असर रहेगा।

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शीत लहर से कांपा आधा देश‚ दिल्ली में टूटा 10 साल का रिकार्ड

नई दिल्ली। दिल्ली सहित पूरे NCR में कड़ाके की ठंड के चलते पारे में गिरावट लगातार जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस महीने के अंत तक दिल्ली में पारा 2 डिग्री तक पहुंच सकता है। इस बीच पहाड़ों में भारी बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है। ठंडी हवाओं के कारण दिल्ली और आसपास के इलाकों में पारा 3 डिग्री तक गिर गया है।

दिल्ली में शुक्रवार सुबह का तापमान लगभग 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने गिरते तापमान और ठंड का अनुमान जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पहाड़ों में सर्दी के कारण नदी, नाले बहने बंद हो गए हैं। पारा माइनस डिग्री पहुंचने के कारण देश के कई राज्यों के लोगों की हाड़ कंपा देने वाली ठंड़ अचानक बढ़ गई है।

दिल्ली में ठंड ने तोड़ा 09 साल का रिकार्ड

दिल्ली में ठंड़ ने पिछले 09 साल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले 2011 में 16 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रहा था। शुक्रवार को दिल्ली में दिन में भी जबरदस्त ठंड रही और शीतलहर चली।

1 डिग्री पहुंचेगा दिल्ली में पारा ?

पिछले साल 28 दिसंबर को पारा 2.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 2013 में न्यूनतम तापमान 23 दिसंबर को 2.4 डिग्री सेल्सियस था। 2014 और 2018 में भी दिसंबर में पारा 3 डिग्री से नीचे चला गया था, लेकिन इस बार ठंड के कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह में तापमान 2 डिग्री से भी नीचे जा सकता है। इस बार नवंबर में पहाड़ों में बर्फ गिरने लगी थी, 12 दिसंबर को भारी बर्फबारी हुई थी।

पहाड़ों में शून्य से नीचे पहुंचा तापमान

पिछले 24 घंटों में, हिमाचल प्रदेश, कलोंग, मनाली और कल्पा में शून्य से नीचे तापमान के साथ शीत लहर की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी राज्यों में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, लाहौल-स्पीति का प्रशासनिक केंद्र केलॉन्ग राज्य में सबसे कम -8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान था।

किसे कहते हैं ‘cool day’?

राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को अधिकतम 15.2 डिग्री सेल्सियस के साथ साल का सबसे “ठंडा दिन” रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से सात डिग्री कम था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी कि इसे ‘कूल डे’ कहा जाता है। जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे होता है और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस अधिक होता है। दिल्ली में पश्चिमी हिमालय से उठीं बर्फीली हवाएं लगातार चल रही हैं।

पंजाब, हरियाणा में शीतलहर

पंजाब और हरियाणा में भी शीतलहर चल रही है। गुरुवार को पारा सामान्य से नीचे चला गया था। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस था। हरियाणा में अंबाला, हिसार, करनाल, भिवानी, रोहतक और सिरसा का तापमान क्रमश: 4.4 डिग्री सेल्सियस, 4.2 डिग्री सेल्सियस, 4.9 डिग्री सेल्सियस, 4.8 डिग्री सेल्सियस, 4.4 डिग्री सेल्सियस और 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस और लुधियाना में 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले दो दिनों में, दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में ठंड का अंदेशा है।

क्यों बढ़ी ठंड ?

आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालय में भारी बर्फबारी हुई है, जिसके चलते मैदानी इलाकों में सर्दी शुरू होने से तापमान गिर रहा है। आईएमडी मैदानी इलाकों के लिए एक शीत लहर की घोषणा तब करता है जब न्यूनतम तापमान 10 सेंटीग्रेड या उससे कम होता है और लगातार दो दिनों तक 4.5 सेंटीग्रेड रहता है। “दिल्ली जैसे छोटे क्षेत्रों के लिए, शीत लहर की घोषणा की जा सकती है, भले ही उपरोक्त शर्तों को एक दिन के लिए बनाए रखा जाए,”

कई राज्यों में बारिश होने की संभावना

दूसरी ओर देश में इस दो तरह का मौसम चल रहा है। कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, तो वहीं कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग की तरफ से शीत लहर चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, पश्चिमी यूपी, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली , चंडीगढ़, राजस्थान में कोहरा छाया रहेगा, तो वहीं इन क्षेत्रों में शीत लहर चल सकती है। पूर्वोत्तर के राज्यों में असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कोहरा पड़ सकता है।

दूसरी ओर मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल तमिलनाडु, पुड्डुचेरी के अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश हो सकती है।

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अभी और कंपकंपाएगी सर्दी: अगले 3 दिन पड़ेंगे भारी

कंपकंपाएगी ठंड: उत्तर भारत में अगले 3 दिन घने कोहरे और शीतलहर तेज होने के आसार

चंडीगढ़। उत्तर भारत में अगले तीन दिन घने कोहरे, कोल्ड डे और शीतलहर से राहत मिलने की संभावना नहीं है। कड़ाके की ठंड के चलते न्यूनतम पारा दो डिग्री गिर गया है। सीजन की पहली ठंड ने पश्चिमोत्तर को कंपा कर रख दिया। मौसम केन्द्र के अनुसार पंजाब में अगले तीन दिन कुछ स्थानों पर शीतलहर का प्रकोप बना रहने और अगले 24 घंटे कोल्ड डे और कोहरा पड़ने की संभावना है। हरियाणा में भी घने कोहरे के आसार हैं। पिछले चौबीस घंटों में कड़ाके की ठंड तथा अधिकांश स्थानों पर घना कोहरा छाये रहने से सड़क यातायात प्रभावित रहा लेकिन कुछ इलाकों में दोपहर तक धूप खिलने से कोहरा छंट गया तथा सर्दी से राहत मिली। पंजाब के कुछ इलाके ठंड की चपेट में हैं तथा कोहरा छाये रहने और खिली धूप के दर्शन न होने से लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली।

अमृतसर तथा शिमला का पारा दो डिग्री दर्ज किया गया। नारनौल, बठिंडा का पारा तीन डिग्री, आदमपुर, हलवारा, हिसार, सिरसा और फरीदकोट का पारा क्रमश: चार डिग्री,अंबाला, दिल्ली, भिवानी और जम्मू का पारा क्रमश: पांच डिग्री, चंडीगढ, लुधियाना, पटियाला,पठानकोट का पारा छह डिग्री, गुरदासपुर आठ डिग्री, रोहतक सात डिग्री रहा। कश्मीर घाटी में हिमपात के कारण कड़ाके की सर्दी पड़ रही है तथा श्रीनगर शून्य से कम चार डिग्री रह गया है।

हिमाचल प्रदेश में हिमपात तथा बारिश के बाद अधिकांश इलाके शीतलहर की चपेट में हैं। कल्पा शून्य से चार डिग्री कम, मनाली शून्य से कम एक डिग्री, सोलन शून्य डिग्री, उना दो डिग्री, नाहन छह डिग्री, कांगडा एक डिग्री, भुंतर शून्य के आसपास, धर्मशाला दो डिग्री,मंडी तीन डिग्री, सुंदरनगर पांच डिग्री रहा।

झरने, तालाब और पाइपों तक में जमा पानी

हिमाचल प्रदेश में धूप खिलने के बावजूद कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है तथा पांच जिलों में पारा जमाव बिन्दु से नीचे चले जाने से प्राकृतिक जलस्रोत, नदियों की ऊपरी परत,झरने, तालाब और पाइपों में पानी तक जम जाने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोलन और ऊना में प्रदेश की राजधानी शिमला से अधिक ठण्ड पड़ रही है, लेकिन दिन में तापमान में कुछ सुधार हुआ है। राज्य भर में गुनगुनी धूप खिलने से दिन में मौसम सुहावना बना हुआ है। हालांकि रात के समय लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। ऊना और सोलन की रातें पहाड़ी क्षेत्रों शिमला व चंबा से भी ठंडी हैं। इसी तरह कांगड़ा और मंडी में भी रात के पारे में गिरावट दर्ज की जा रही है। ये शहर पहाड़ी की रानी शिमला से भी सर्द हैं। बुधवार को शिमला का न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस था, जबकि सोलन में पारा शून्य से कम 0.8 डिग्री और उना में 2.0 डिग्री दर्ज किया गया। इसी प्रकार जनजातीय जिले लाहौल स्पीति का मुख्यालय केलांग में न्यूनतम पारा शून्य से नीचे 5.6 डिग्री, किन्नौर के कल्पा में शून्य से कम 4.1 डिग्री, कुल्लू के मनाली और चंबा के डलहौजी में शून्य से कम 1.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह प्रदेश के अधिकतर जिलों में तापमान में गिरावट आई है। सुबह-शाम धुंध छाने से शीतलहर बढ़ गई है।

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने दी दस्तक, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बारिश

मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात बिलासपुर का न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री, हमीरपुर में 6.0 डिग्री, जबकि कुफरी, चंबा और मंडी का तापमान क्रमशः 2.0 डिग्री, 2.2 डिग्री व 3.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके इलावा सुंदरनगर में 0.6 डिग्री, भुंतर 0.7 डिग्री, धर्मशाला 1.2 डिग्री, नाहन 6.1 डिग्री, पालमपुर 1.0 डिग्री, कांगडा 1.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1 से 2 डिग्री कम रहे। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डाॅ मनमोहन सिंह ने बताया कि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। 16 और 17 दिसंबर को उना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में घन्ना कोहरा पड़ने की संभावना जताई है, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) 500 मीटर से कम होगी और यातायात तथा ठंड से फसल पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

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सितम सर्दी का: कुछ राज्‍यों में अगले दो दिन कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार

उत्तर भारत के कई हिस्सों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड

कई राज्यों में छाया घना कोहरा

Punjab-Haryana में तापमान पहुंचा सामान्य से नीचे

नैनीताल में रहा न्यूनतम तापमान 5 और देहरादून में 8 डिग्री

नई दिल्ली। उत्‍तर भारत समेत देश के अन्‍य हिस्‍सों में ठंड और कोहरे ने सितम ढाना शुरू कर दिया है। कहीं-कहीं तो पारा जमाव बिंदु के बेहद करीब पहुंच रहा है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग ने उत्‍तर भारत के कुछ राज्‍यों में अगले दो दिन कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार व्‍यक्‍त किए हैं। इसके साथ ही दक्षिण के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका जताई है। वहीं पश्चिमी हिमालय से आ रही बर्फीली हवाओं से दिल्ली में ठंड बढ़ गई है। हाड़ कंपा देने वाली शीत लहर की वजह से मंगलवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान रहा। नैनीताल में न्यूनतम तापमान 5 और देहरादून में 8 डिग्री रहा। इस तरह दिल्ली में इन पर्वतीय शहरों से भी ज्यादा ठंड रही। वहीं राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में घना कोहरा छाया रहा।

उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर बहुत हल्की बारिश भी हुई, जबकि हरियाणा और पंजाब में तापमान सामान्य से नीचे चला गया। हरियाणा में, हिसार का न्यूनतम तापमान सामान्य से छह डिग्री नीचे चला गया, जहां तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि करनाल में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य के मुकाबले तीन डिग्री अधिक है, जबकि शहर का दिन का तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिन तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ, दिल्‍ली, उत्‍तरी राजस्‍थान और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश के केलांग और कल्पा में पिछले 24 घंटों में शुष्क मौसम के बावजूद शून्य डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बर्फ से ढके पश्चिमी हिमालय से बहने वाली बर्फीली हवाओं ने मंगलवार को दिल्ली का पारा 4.1 डिग्री सेल्सियस तक नीचे ला दिया, जो इस मौसम में अब तक का शहर का न्यूनतम तापमान है।

दिल्ली में बढ़ी सर्दी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा, ‘अधिकतम तापमान भी गिरकर 18.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे है। दिल्ली शहर में तापमान के आंकड़े उपलब्ध कराने वाली सफदरजंग वेधशाला के मुताबिक मंगलवार को सुबह न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम था। जाफरपुर में तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया’। मौसम विभाग ने कहा, ‘आयानगर और लोधी रोड मौसम केन्द्रों में न्यूनतम तापमान क्रमश: चार डिग्री और 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया था’।

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