स्वस्थ रहने के लिए प्राचीन भारतीय संस्कृति पर आना होगा: शैलेंद्र प्रताप

स्वस्थ रहने के लिए प्राचीन भारतीय संस्कृति पर आना होगा: शैलेंद्र प्रताप

मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय बिजनौर में मनाया गया प्राकृतिक चिकित्सा दिवस। सैकड़ों रोगियों ने उठाया एक्यूप्रेशर, आहार परिवर्तन के माध्यम से गोष्ठी का लाभ।

बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई जनपद बिजनौर के द्वारा मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में सीडीओ पूर्ण बोरा के निर्देशन में योग और प्राकृतिक चिकित्सा शिविर गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप रहे। संचालन इंटरनेशनल नेचरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के जिला अध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने किया।

इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन की गोष्ठी में मुख्य अतिथि जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमें स्वस्थ रहने के लिए अपनी प्राचीन भारतीय संस्कृति पर आना होगा। ओपी शर्मा ने हास्य व्यंग्य से लोगों का मन मुग्ध कर दिया तथा कहा कि हमें पृथ्वी जल अग्नि वायु आकाश के द्वारा अपनी चिकित्सा करनी चाहिए। इस अवसर पर लगभग 200 रोगियों ने एक्यूप्रेशर, आहार परिवर्तन के माध्यम से गोष्ठी का लाभ उठाया।

कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने प्राकृतिक चिकित्सा पर बल दिया और बिना किसी दवाई के निरोग होने के उपाय बताए। वैद्य अजय गर्ग ने आसपास खड़ी हुई जड़ी बूटियों से उपचार के बारे में विस्तार से बताया। ऑर्गेनाइजेशन के उपाध्यक्ष ओपी शर्मा, उपाध्यक्ष ओपी राणा ने अपने विचार प्रस्तुत किए तथा स्वस्थ रहने के उपायों की जानकारी दी।

संयुक्त सचिव राकेश कुमार, उपाध्यक्ष रामनाथ सिंह, अरुण योगाचार्य, संयुक्त सचिव ओमपाल, जसवीर सिंह, पतंजलि प्रभारी राम सिंह पाल, डॉ लीना तोमर, संरक्षक डॉ सुनील राजपूत, एसके निगम, सुखराम मीडिया प्रभारी, डॉ कैलाश, जिला सचिव सोमदत्त शर्मा, नरेंद्र चौहान, श्री मिश्रा, डॉ आनंद स्वरूप, कलक्ट्रेट से राजपाल शर्मा, गोविंद चौधरी, आशुतोष, कुसुम, महिपाल, मनोज, सोनू, बढ़ापुर से राजीव, मेरठ से मायाराम, मुरादाबाद से कुलदीप शर्मा एवं विकास भवन के कर्मचारी, ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल से अनिल कुमार ने अपने अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में नेचुरोपैथी योग एंड स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फेडरेशन के अध्यक्ष आरके राणा उपस्थित रहे। अंत में डॉक्टर नरेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन, योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान के अध्यक्ष योगेश कुमार, श्रीमती सुनीता अनंत कुमार ने सभी को फल एवं अंकुरित आहार करा कर तथा धन्यवाद देते हुए विदा किया।

आजादी का अमृत महा उत्सव: बिना दवा के नि:शुल्क उपचार



बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइंस 2 बिजनौर अध्यक्ष योगेश कुमार, महासचिव ओपी शर्मा, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन के जिलाध्यक्ष डॉ नरेंद्र सिंह, भारतीय स्वाभिमान से श्री राम सिंह पाल द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर लगाया गया। शिविर में रोगियों को एक्यूप्रेशर चिकित्सा मसाज चिकित्सा, कटि स्नान, स्टीम बाथ, आहार परिवर्तन के माध्यम से रोगियों का उपचार किया गया। उपचार कराने में ग्राम भोगपुर ताजपुर से पिंकी, सचिन, बिजनौर से मानसिंह, अशोक, राजवीर सिंह एडवोकेट सागर, नगीना से भूपेंद्र कुमार, अमरोहा तखतपुर से खचडूसिंह, नैनपुर नगीना से रुपा, नूतन, उषा देवी, मेसी देवी ने प्राकृतिक उपचार कराया। संगठन का उद्देश्य बिना दवाई के लोगों का उपचार करना है। समाज को बिना दवाई के स्वस्थ करना है। कार्यक्रम से पहले यज का आयोजन विनोद गोस्वामी, राम सिंह पाल, डॉ. नरेंद्र सिंह ओपी शर्मा ने किया।

क्रीड़ा भारती ने धूमधाम से मनाया अष्टम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस

क्रीड़ा भारती ने जनपद मुख्यालय सहित सभी विकास खण्डों में धूमधाम से मनाया अष्टम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिव

बिजनौर। क्रीड़ा भारती बिजनौर द्वारा नेहरू स्टेडियम में जिला प्रशासन व आयुष विभाग के साथ संयुक्त रूप से अष्टम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।

नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ शंखनाद के साथ मुख्य अतिथि आयुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, भाजपा जिला अध्यक्ष व पूर्व सांसद बिजनौर राजा भारतेन्द्र द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अतिथियों का स्वागत क्रीड़ा भारती के जैनेंद्र सिंह, डा. राघव मेहरा, अरविंद अहलावत व दीपक चौहान द्वारा पुष्प गुच्छ देकर किया गया। नेहरू स्टेडियम में प्रशांत महर्षि के संचालन में हजारों योग साधकों को योग कराया गया।  कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ा भारती के जिला अध्यक्ष योगेन्द्र पाल सिंह योगी द्वारा किया गया।

दो हजार से अधिक साधक हुए शामिल-
योग साधक प्रातः 5.00 बजे से ही नेहरू स्टेडियम पहुंचने लगे थे। स्कूल के बच्चों को केसरिया, सफेद व हरी टी शर्ट दी गई थी। स्टेडियम में दो हज़ार से अधिक योग साधकों के सम्मुख विनोद गोस्वामी, भारती गौड़, ओपी राणा, सूनिल राजपूत, हिमानी डा नरेंद्र व दीपक चौहान मंच व तख्त पर योग की सही तरीके से करने का प्रदर्शन कर रहे थे। क्रीड़ा भारती बिजनौर द्वारा जनपद में 15 स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किये गए।


कार्यक्रम के सुव्यवस्थित व अनुशासित आयोजन हेतु प्रत्येक दो पंक्ति पर क्रीड़ा भारती के स्वयं सेवक उपस्थित थे, जो योग साधकों को सही तरीके से योग करना भी बता रहे थे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, उप जिला अधिकारी बिजनौर मोहित कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी जय करन यादव, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व युनानी अधिकारी प्रमोद कुमार. जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
आयुक्त मुरादाबाद मण्डल मुरादाबाद द्वारा नियमित रूप से योग करने के लाभ के बारे में बताते हुए प्रतिदिन योग करने का आह्वान किया गया।


योग दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम शिथलीकरण अभ्यास से प्रारंभ करते हुए ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्‍तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणस,पादहस्‍तासन, वीरासनअर्ध उष्‍ट्रासन,उष्‍ट्रासन, शशांकासन, उत्‍तान मंडूकासन, मरीच्‍यासन या वक्रासन, मकरासन, भुजंगासन, सेतुबंधासन, उत्‍तानपाद आसन, कपालभाति प्राणायाम, इसके बाद. नाड़ीशोधन, अनुलोम विलोम, शीतली प्राणायाम,भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। अन्त में ध्‍यान शांतिपाठ आसन, शवासन का अभ्यास कराते हुए कल्याण म़त्र के साथ समापन किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रभात कुमार, राजेन्द्र सोलंकी, चित्रा चौहान, जितेंद्र चौधरी, मनोज शर्मा, अनिल चोधरी, प्रतिका राठी, अशोक त्यागी, विनय तितोरिया, डिम्पल सिंह, राकेश शर्मा, गोबिन्दा क्लब, सुबोध कुमार, सीमा चौधरी, विकास लाटियान आदि का सहयोग रहा। इस अवसर पर अमर उजाला के प्रभारी रजनीश त्यागी, ब्रजवीर सिंह, पब्लिक इमोशन से भूपेंद्र निरंकारी सहित अनेक समाचार पत्रों के संवाददाता भी शामिल हुए।

क्रीड़ा भारती ने विकास खण्ड स्तर पर की व्यवस्था-
इस बार क्रीड़ा भारती द्वारा जनपद मुख्यालय के विकास खण्ड स्तर पर योग कराने हेतु प्रभारी नियुक्त किये गये थे, जिनके द्वारा दूर ग्रामीण क्षेत्रों सहित नगरों में योग दिवस कराया गया। आकाश चौधरी द्वारा हेजलमून पब्लिक स्कूल, चांदपुर, हिन्दू इन्टर कालेज में सुधीर कुमार, चन्द्र पाल सिंह, सरस्वती विद्या मन्दिर नहटौर में पुनीत गुप्ता, विकास खण्ड कोतवाली के ग्राम हरगनपुर में शरद कुमार सिंह, स्योहारा में अक्षत देवरा, एकलव्य शूटिंग रेंज में, प्रीति शर्मा व विपिन चौधरी, जाट कोचिंग सेंटर धामपुर में सुमित शर्मा, नजीबाबाद में विरेंद्र सैनी, नूरपुर में संजीव डवास व किरतपुर में गुलशन गुप्ता द्वारा अष्टम योग दिवस के अवसर पर योग कराया गया।

बिना दवा के प्राकृतिक चिकित्सा शिविर में मरीजों ने उठाया लाभ

आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत लगाया बिना दवाई के उपचार को प्राकृतिक चिकित्सा शिविर

बिजनौर। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत योगी अनंत एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइन सेकंड पर आरोग्य भारती इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन भारत स्वाभिमान द्वारा नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में राम सिंह पाल जिला प्रभारी पतंजलि इंटरनेशनल, नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन इकाई बिजनौर के जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह, सेवा भारती के जिला मंत्री ओपी शर्मा द्वारा यज्ञ किया गया। उसके पश्चात उनका प्राकृतिक उपचार, मिट्टी चिकित्सा, मसाज चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, स्टीम बाथ, आहार परिवर्तन व जल चिकित्सा द्वारा रोगियों का नि:शुल्क उपचार किया गया। शिविर में मिथलेश मुरादाबाद, सुमालखेड़ी से बलवंत, रूकनपुर नंगला से प्रीति, योगेंद्र सिंह डिंडोली, मुरादाबाद से नकुल विकुल बिजनौर से भुवनेश्वरी, गंगा बैराज से चंचल, राहुल, नमन पाल, अंजू, इकराम, नजीबाबाद से पुष्पा आदिअन्य लोगों ने नि:शुल्क उपचार कराया।

प्राकृतिक उपचार चिकित्सक ओपी शर्मा, सोमदत्त शर्मा, डॉ. नरेंद्र सिंह योगी, अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान के अध्यक्ष योगेश कुमार, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुनीता, उपाध्यक्ष राजवीर सिंह एडवोकेट, संरक्षक एसके बबली, आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष वैद्य अजय गर्ग ने शिविर में प्रतिभाग किया। आयोजकों ने बताया कि सभी संगठनों का उद्देश्य रोगियों को बिना दवाई के स्वस्थ करना है।

सैकड़ों लोगों ने उठाया योग एवं नेचुरोपैथी कैंप का लाभ


बिजनौर। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन इकाई बिजनौर के संरक्षक एसके बबली द्वारा अपने आवास पर योग एवं नेचुरोपैथी का कैंप का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न रोगों की आहार द्वारा चिकित्सा, मिट्टी के द्वारा चिकित्सा, जल द्वारा चिकित्सा, वायु द्वारा चिकित्सा, उपवास द्वारा चिकित्सा, योग द्वारा चिकित्सा के बारे में बताया गया।

कैम्प में ओपी शर्मा ने मंत्रों द्वारा चिकित्सा, राम सिंह पाल प्रभारी जिला ने यज्ञ द्वारा चिकित्सा, बीआर पाल ने आसनों के बारे में बताया। डॉक्टर सुनील राजपूत ने भ्रामरी प्राणायाम के लाभ बताए। डॉ कैलाश ने फलों से चिकित्सा, डॉक्टर ओपी राणा ने अनुलोम विलोम के बारे में लाभ बताए। डॉ. राकेश कुमार ने मिट्टी चिकित्सा, डॉ लीना तोमर ने प्राकृतिक चिकित्सा से रोगों को ठीक करने के बारे में बताया। राजवीर एडवोकेट ने आधुनिक विज्ञान के दवाइयों के अवगुण बताए, विनोद एडवोकेट ने बिना दवाई के स्वस्थ रहने के उपाय बताए। डॉक्टर जावेद ने प्रकृति से ताल में बनाए रखने के लिए कहा। डॉ राहत ने स्त्री रोगों के बारे में बताया, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की संरक्षक ने गर्भ में पल रहे बच्चे के संस्कार, कुसुम लता ने नारी के उत्थान के बारे में बताया। मीनू गोयल ने नारी एकता पर बल दिया, डॉ रामकुमार ने प्राकृतिक चिकित्सा को सेमिनार के माध्यम से घर-घर पहुंचाने के लिए कह। हुक्का बिजनौरी ने कविता पाठ किया। फारुख बिजनौरी ने होली पर मिट्टी द्वारा चिकित्सा के लाभ बताए। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के अध्यक्ष योगेश कुमार द्वारा एक्यूप्रेशर चिकित्सा की गई।

कार्यक्रम का संचालन ओपी शर्मा ने किया। मुख्य अतिथि एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन के जिला कोऑर्डिनेटर जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह एवं पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके बबली रहे।

जिला बार एसोसिएशन के शिव कुमार गुप्ता, संजीव राजन, लकी चोपड़ा एडवोकेट, सुरेंद्र कपूर एडवोकेट, देवेंद्र पाल चौहान एडवोकेट, प्रशांत गोयल एडवोकेट, नईम अहमद एडवोकेट, फारुख बिजनौरी, देवेंद्र कुमार, मुकेश चौधरी, श्रीमती नीता अग्रवाल बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अध्यक्ष कुसुम लता, मीनू गोयल, अनिल शर्मा, जसवीर सिंह, रंजीत सिंह एडवोकेट, सुरेश कश्यप प्रभारी जजी, इंतजार चौधरी एडवोकेट, महेंद्र सिंह एडवोकेट, राकेश कुमार एवं जिला जेल से आए कर्मचारी जजी से आए एडवोकेट ने अपने अपने विचार रखे।

आईएनओ संगठन बिजनौर अधिवक्ता संगठन बिजनौर ने साथ मिलकर सेमिनार को चार चांद लगा दिया। बाद में होली मिलन कार्यक्रम हुआ। संरक्षक एसके बबली द्वारा आए हुए लगभग 300 लोगों को भोजन जलपान कराया गया। जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप एसके बबली का आईएनओ संगठन के द्वारा धन्यवाद दिया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉक्टर नरेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन यूनिक बिजनौर ने प्रकृति से तालमेल बनाए रखने के लिए बताते हुए कहा कि हम प्राकृतिक चिकित्सा को भारत के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाकर ही दम लेंगे। हम घर घर जाकर योग और प्राकृतिक चिकित्सा स्टैमिना लगाएंगे। प्रत्येक नागरिक का स्वस्थ होना अति आवश्यक है। इस अवसर पर मानव के कल्याण के लिए तथा राष्ट्र के निर्माण के लिए सभी के स्वस्थ रहने के लिए कामना की गई और सभी का धन्यवाद किया गया।

अंत में होली मिलन कार्यक्रम हुआ। साथ ही जिला जेलर शैलेंद्र प्रताप को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा हेतु कार्य करने के लिए प्रमाण पत्र डॉक्टर नरेंद्र सिंह, एसके बबली एवं संगठन के पदाधिकारियों द्वारा दिया गया और इसी प्रकार सहयोग करने की अपेक्षा की गई।

मधुमेह (डायबिटीज) साध्य या असाध्य

करो योग – रहो निरोग

मधुमेह (डायबिटीज) साध्य या असाध्य (भाग- 1)

मधुमेह अर्थात शुगर (डायबिटीज) एक ऐसी बीमारी का नाम है जो वर्तमान समय में केवल भारत ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व में एक महामारी का रूप ले चुकी है। दिन-प्रतिदिन, साल दर साल इसके मरीजों की संख्या में इज़ाफा होता जा रहा है। आयुष मंत्रालय के ताज़ा आकड़ों के अनुसार केवल भारत में ही मधुमेह से ग्रसित मरीजों की संख्या 40% से 50% प्रतिशत के बीच पहुँच चुकी है। इसके अतिरिक्त उन मरीजों की संख्या अलग है जिन्हें यह पता ही नहीं कि वे आंशिक रूप से मधुमेह से पीड़ित हो चुके हैं। उन्हें पता तब चलता है, जब बीमारी स्थायी रूप से उनके शरीर में घर बना चुकी होती है। यह मनुष्य के शरीर में एक चोर की तरह प्रवेश करके उसके शरीर को अंदर से ऐसे खोखला कर देती है, जैसे दीमक लकड़ी को कर देती है। इसलिए यह बीमारी दुनिया में “साइलेंट किलर के नाम से भी जानी जाती है। यह बीमारी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है। (टाइप -1 और टाइप – 2) टाइप 2 में रोगी दवाइयों द्वारा इसकी चिकित्सा कराता है जबकि टाइप-1 में रोगी इन्सुलिन पर निर्भर रहता है। रोगी के शरीर में इसका स्तर करने के लिए लैब में दो तरह के टैस्ट किये जाते हैं। पहला खाली पेट, दूसरा खाने के बाद दो घंटे के अंदर। सामान्य रूप से एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में शुगर अर्थात ग्लूकोज़ का स्तर खाली पेट (70 से 110 एमजी / डीएल के बीच और खाने के बाद 70 से 160 एमजी / डीएल के बीच में होना चाहिए। यदि इस स्तर से कम या अधिक होता है तो उसे शुगर का कम या अधिक होना माना जाता है।

यह रोग होता क्यों है ? यदि इस पर चर्चा की जाये तो इसके पीछे अधिक मात्रा में मीठा का सेवन करना नहीं है बल्कि मुख्य रूप से हमारी दिनचर्या व खान-पान है या फिर आज की व्यस्त जीवनशैली में रहने वाला मानसिक तनाव। भिन्न – भिन्न खाद्य पदार्थ व पेय पदार्थ जैसे जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, शराब, मांस इत्यादि हानिकारक चीजों का अत्यधिक सेवन करना, विलासिता पूर्ण जीवन जीना, शारीरिक श्रम का सर्वथा अभाव आदि कुछ ऐसे अनगिनत कारण हैं जो इस बीमारी को जन्म देते हैं ।

अब योग हैं तो उपचार भी है। ऐसा नहीं है कि यह बीमारी असाध्य है हाँ इतना जरूर कहूँगा कि ऐलोपैथी में इसका स्थायी उपचार नहीं है। मरीज को जीवनभर एक या दो गोलियों का सेवन करना पड़ता है। होम्योपैथी से भी इसे नियंत्रित किया जा सकता है लेकिन सटीक उपचार आयुर्वेद में ही संभव है लेकिन वो भी तब जब किसी कुशल आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख मे पूर्ण परहेज़ करते हुए अपने खान-पान की आदतों में बदलाव किया जाए।

लक्षण : शुगर रोगी को मुख्य रूप से निम्न लक्षण दिखायी देते हैं जैसे- चिड़चिड़ापन, थकान, वजन कम या ज्यादा होना, अधिक प्यास लगना, पेशाब जाना, धुंधला दिखाई देना, भूख अधिक लगना, धाव का जल्दी ना भरना, बार-2 शरीर में इंफैक्शन होना आदि ।

उपचार : शुगर के मरीज को चिकित्सा के साथ – साथ चोकर युक्त आटे का सेवन करना चाहिए। हरी शाक-सब्जियों का सेवन करना चाहिए। सुबह-शाम खाली पेट आधा चम्मच जामुन पाउडर का सेवन हल्के गर्म पानी से करें। थोड़ा सा मेथी दाना रात में कप पानी में भिगोकर रखें सुबह खाली पेट दाने खाकर ऊपर से वही पानी पी लें। इसके अतिरिक्त कुशल चिकित्सक के मार्गदर्शन में अंजीर, गुड़मार बूटी, करेला जूस, करी पत्ता, आँवला, नीम दालचीनी, तुलसी पत्र, ऐलोवेरा, लहसुन, अदरक जैतून तेल पुदीना फ्ती आदि से निर्मित आयुर्वेदिक नुस्खों का लाभ प्राप्त करना चाहिए ।

योग द्वारा उपचार : शुगर को नियंत्रित करने में योग की भी मुख्य भूमिका होती है, जिनमें नीचे लिखी योग क्रियाओं के का अभ्यास करें ।

(कपाल भाँति) (फोटो) जमीन पर कोई भी आसन बिछाकर सुखासन में सीधे बैठ जायें। श्वांस को सामान्य करें। फिर बलपूर्वक श्वास को नासिका से बाहर फेंक दे और उसी समय पेट को अधिकतम अन्दर की तरफ खींच लें। फिर धीरे-2 श्वांस को अन्दर आने दें व पेट को बाहर जाने दें। बार-2 यह क्रिया करें।

(उड्डीयान बंध) ( फोटो) पूर्व की भांति सीधे बैठकर श्वांस को एक ही बार में नासिका से बाहर फेंक कर पेट को अधिकतम कमर की तरफ लगाकर रोक दें। बार-2 इस क्रिया को करें ।

(मंडूकासन) (फोटो) ‘वज्रासन में बैठकर दोनों हाथों की मुठियाँ बनायें। अंगूठा अंदर रखें। फिर दोनों हाथों की मुट्ठी नाभी के दोनों ओर लगाकर श्वांस बाहर निकालते हुए निगाह सामने रखते हुए झुक जायें, यह 3 से 5 बार करें।

(अर्द्धमत्स्येन्द्रासन) ( फोटो) दंडासन में बैठकर बायें पैर की ऐड़ी को नितम्ब के पास लगायें। दायें पैर को मोड़ कर बायें घुटने के ऊपर से बाहर की तरफ जमीन पर रखें। बायें हाथ को दायें घुटने के ऊपर से निकालकर बाहर की तरफ दायें पैर का पंजा पकड़ लें। दायें हाथ को पीछे की तरफ घुमाकर पीठ पर रखें व गर्दन घुमाकर दायीं तरफ देखें। इसी तरह पैर बदलकर अभ्यास करें।

नोट: योग का अभ्यास किसी कुशल योग गुरू के मार्गदर्शन में करें अन्यथा हानि भी हो सकती है।

  • प्रस्तुति – श्री कुमार श्री

योगाचार्य । वैदिक चिकित्सक (पूर्व योग / वैदिक चिकित्सक) (एम० जे० बी० वाई० पी० सी० (महाराष्ट्र)

विशेष : यदि आप शुगर के रोगी हैं, अंग्रेजी या देशी दवाई छोड़ना चाहते हैं या फिर किसी भी बीमारी से पीड़ित हैं आराम नहीं मिलता है तो नीचे लिखें ई-मेल आई० डी० पर समस्या लिख भेजें। श्रीजी एक्सप्रेस के माध्यम से हम आपका उत्तर देगें। अथवा कॉल करें – 8865029549

ई-मेल →snewsdaily24@gmail.com

इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन के जिला अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह सम्मानित

बिजनौर। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एसके बबली ने इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन के जिला अध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह को उनके सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान स्वरूप गुरु गोविंद सिंह जी का चित्र भेंट किया।

पूर्व अध्यक्ष एसके बबली ने डॉक्टर नरेंद्र सिंह को योग और प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, मसाज चिकित्सा, रंग चिकित्सा, जल चिकित्सा, बिना किसी दवाई के चिकित्सा आदि के जरिये समाज की नि:शुल्क सेवा करने के लिए सम्मानित किया। साथ ही उनसे आशा की, कि इसी प्रकार समाज की सेवा करते रहेंगे। इस अवसर पर साथ में बार एसोसिएशन के एडवोकेट भी उपस्थित रहे। विदित हो कि वरिष्ठ अधिवक्ता एसके बबली इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन यूनिट बिजनौर के संरक्षक भी हैं।

वृद्ध आश्रम विदुर कुटी पर भक्ति योग कार्यक्रम

बिजनौर। वृद्ध आश्रम विदुर कुटी पर भक्ति योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा
सेवा संस्थान बिजनौर के जिलाध्यक्ष योगेश कुमार, आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष वेद अजय गर्ग, ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गोस्वामी, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन के जिलाध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह के द्वारा वृद्ध आश्रम विदुर कुटी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, योग भक्ति, योग ज्ञान, योग हास्य आसन, रेकी क्रिया, एक्यूप्रेशर दबाव चिकित्सा से वृद्धों को स्वस्थ रहने के उपाय बताए गए।

सभी से बताया गया कि स्वस्थ रहने के लिए अपने मस्तिष्क का परिवर्तन करना अति आवश्यक है। आहार परिवर्तन और विचार परिवर्तन से शरीर स्वस्थ हो जाता है। बड़े गौरव की बात है की परमपिता परमात्मा ने तपस्या करने के लिए आपको विदुर कुटी में स्थान दिया। यहां पर सरकार भी पूरी सेवा कर रही है, जिससे किसी को कोई परेशानी नहीं है। इस अवसर पर पंडित विनोद गोस्वामी ने भजन प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने स्वस्थ रहने के उपाय बताए। उन्होंने उपचार करने का आश्वासन दिया। वैद्य अजय गर्ग ने भजन कीर्तन के माध्यम से स्वस्थ रहने के उपाय बताए। बाद में सभी वृद्धों को फल वितरित कर भोग कराया।

वृद्ध आश्रम के कर्मचारियों ने डॉक्टर नरेंद्र सिंह, पंडित विनोद गोस्वामी, वैद्य अजय गर्ग को पुष्पमाला देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में डॉक्टर सुखराम जहानाबाद ने पूरा सहयोग किया। ग्राम भोगी से गौरव कुमार, सभी बुजुर्ग, माताएं एवं आसपास के भक्त लोग उपस्थित रहे।

वृद्धाश्रम विदुर कुटी पर योग, आसन व प्राणायाम

इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गनाइजेशन ने किया वृद्धाश्रम विदुर कुटी पर योग आसन प्राणायाम कार्यक्रम।


बिजनौर। अंतर्राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस 18 नवंबर 2021 के उपलक्ष्य में वृद्धाश्रम विदुर कुटी पर योग, आसन व प्राणायाम का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष योगेश कुमार, इंटर नेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेश के जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह, आरोग्य भारती के प्रांत अध्यक्ष वैध अजय गर्ग, इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन के उपाध्यक्ष ओपी राणा,  ओपी शर्मा संरक्षक, डॉक्टर सुनील राजपूत संरक्षक,  मीडिया प्रभारी कैलाश शर्मा, महासचिव सोमदत्त शर्मा, उपाध्यक्ष आनंद स्वरुप, योग शिक्षक रामनाथ सिंह, डॉ. सुखराम, बीना प्रकाश हॉस्पिटल से डॉक्टर जावेद, डॉ. राहत सुल्ताना, उसराह मसूद, वृद्ध आश्रम से अधीक्षिका लक्ष्मी एवं उनके कर्मचारी, वृद्ध सेवा आश्रम से सभी लोगों ने योगासन और प्राणायाम सीखा। इस अवसर पर डॉक्टर ओपी शर्मा ने यज्ञ कराया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. नरेंद्र सिंह ने कहा कि जीवन के अंतिम पड़ाव में आहार और विचार दोनों परिवर्तित कर देने चाहिए। अपने मन, शरीर और आत्मा को परमपिता परमाता में लगा देना चाहिए अन्यथा जीवन संघर्ष में रहेगा। दिमाग के अंदर से टॉक्सीन निकलते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि जीवन के अंतिम पड़ाव में हमें एक दूसरे की सेवा करनी है। अगर हम किसी की सेवा करेंगे तो वह भी हमारी सेवा करेगा। इसी उद्देश्य के साथ प्रत्येक मानव के अंदर परमपिता परमात्मा के दर्शन करने हैं। सबको अपना भाई, अपना पिता, अपनी बहन, अपने दोस्त समझना है।

जब हम किसी की पीड़ा को हरते हैं, तो दूसरा भी हमारी पीड़ा हरता है। वृद्धों की सेवा करना ईश्वर की सेवा करना है। यही मानव का धर्म है। सभी को वृद्ध होना है, मानव की सेवा ही राष्ट्र सेवा है।

बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक चिकित्सा कारगर

बिजनौर। योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान साकेत कॉलोनी सिविल लाइन सेकंड बिजनौर के अध्यक्ष योगेश कुमार द्वारा प्रत्येक रविवार को प्रातः 7:00 बजे से योग योगासन प्राणायाम मिट्टी चिकित्सा जल चिकित्सा अग्नि चिकित्सा स्टीम बाथ आहार परिवर्तन द्वारा लोगों को स्वस्थ किया जा रहा है।

आज योगी अनंत प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान, आरोग्य भारती, पतंजलि सेवा भारती द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी, पूर्व बार संघ अध्यक्ष एसके बबली एवं विजयदीप चौधरी (बबलू भाई) का फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया गया।

नाड़ी मशीन द्वारा श्री कर्मवीर द्वारा लोगों का नि:शुल्क परीक्षण किया गया तथा सभी रोगियों की नि:शुल्क प्राकृतिक चिकित्सा योग एक्यूप्रेशर मसाज मिट्टी चिकित्सा की गई। पंचायत अध्यक्ष ने अपना प्राकृतिक उपचार कराया तथा आयोजकों की भूरि भूरि प्रशंसा की।

इस अवसर पर उपचार कराने वालों में बबलू भाई, एडवोकेट एसके बबली, मंदिर के प्रबंधक संरक्षक देवेंद्र चौहान, डॉ राकेश कुमार, डॉक्टर सुनील राजपूत, ओपी शर्मा, राम सिंह पाल, भारत सिंह पाल,  नगीना से सुमन देवी, बुखारा से इशरत जहां, शादाब,  जहानाबाद से डॉक्टर सुखराम, दरियापुर मुजफ्फरनगर से रामवीर सारस्वत, साकेत कॉलोनी बिजनौर से कृष्णा, बृजपाल आदि लोगों ने योग और प्राकृतिक चिकित्सा से अपना उपचार कराया।

बाद में सभी लोगों को प्रसाद और आयुर्वेदिक पेय  दिया गया। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के जिला अध्यक्ष डॉक्टर नरेंद्र सिंह ने सभी को प्राणायाम के द्वारा स्वस्थ रहने के उपाय बताए तथा सभी को ॐ का उच्चारण कराया।

उन्होंने बताया कि ध्यान मात्र एवं आहार परिवर्तन के माध्यम से सभी लोग स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं प्रकृति की ओर वापस आने के लिए कहा। बाद में योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवा संस्थान द्वारा सभी का धन्यवाद किया गया।

Cafe D, शॉपर्स प्राइड मॉल, बिजनौर

कोरोना से लड़ाई लड़ने में योगा एक सबसे मजबूत शस्त्र है: वीरेन्द्र प्रताप सिंह

कोरोना से लड़ाई लड़ने में योगा एक सबसे मजबूत शस्त्र है:वीरेन्द्र प्रताप सिंह

लखनऊ। सोमवार को सातवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। योग दिवस के मौके पर अलग-अलग हिस्सों में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसी कड़ी में शीतला मंदिर प्रांगण काकोरी, महादेवन मंदिर प्रांगण काकोरी, नगर पंचायत कार्यालय काकोरी सहित कई जगह योग शिविर आयोजित किए गए।महादेवन मंदिर काकोरी प्रांगण में भाजपा काकोरी मण्डल यूनिट द्वारा आयोजित शिविर में बतौर मुख्यातिथि प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पूर्व जिलाध्यक्ष लखनऊ एवं काकोरी मण्डल प्रभारी वीरेन्द्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे। बाद में कार्यकर्ताओं के साथ वार्ड हाता गुलाम सफदर के बूथ अध्यक्ष सूरज धीमान व मंडल मंत्री प्रतिभा वर्मा के घर पहुंच कर जनसंपर्क कर उनका हालचाल लिया और जलपान किया। इसके बाद वैक्सिनेसन सेंटर सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र काकोरी पर पहुंच कर चल रहे वैक्सिन लगाने के कार्यक्रम के विषय में अधीक्षक डॉ. दीपक भार्गव से जानकारी प्राप्त की व लोगों से बातचीत कर टीकाकरन के लिये प्रेरित किया। अधीक्षक से 18 वर्ष व 45 वर्ष से अधिक के अलग-अलग केन्द्र निर्धारित करने को कहा और मंडल अध्यक्ष सहित टीम का अस्पताल के डाक्टर व स्टाफ से परिचय कराया।

मण्डल अध्यक्ष रविराज लोधी को निर्देशित किया कि वैक्सिनेशन कराने वाले लोगों की हेल्प के लिए एक भाजपा की तरफ से हेल्पडेस्क सीएचसी पर लगाएं।शीतला मंदिर प्रांगण में स्वयं सेवक संघ एवं हिन्दू जन सेवा समिति द्वारा योग शिविर आयोजित किया गया।नगर पंचायत काकोरी प्रांगण में नगर पंचायत अध्यक्ष असमी खान व अधिशासी अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह के द्वारा आयोजित किया गया।
भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में योग एक मजबूर हथियार साबित हुआ है। विभिन्न अध्ययनों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से लेकर तनाव घटाने तक में इसकी अहम भूमिका पाई गई है। वहीं कोविड-19 देखभाल केंद्रों में भी संक्रमण से कमजोर पड़े फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए योग का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कोरोना के डेढ़ वर्षों में सभी ने बड़े संकट का सामना किया। इस मुश्किल समय में इतनी परेशानी में लोग इसे आसानी से भूल सकते थे, लेकिन लोगों में योग का उत्साह और बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस योग दिवस पर यह कामना करता हूं कि हर देश, हर समाज और हर व्यक्ति स्वस्थ हो। सब एकसाथ मिलकर एक दूसरे की ताकत बनें। इस अवसर पर जिला महामंत्री विजय मौर्य, मण्डल अध्यक्ष रविराज लोधी, उपाध्यक्ष नीलम श्रीवास्तव, कौशिक राजपूत, महामंत्री विपिन राजपूत, दयाराम, गुड़िया भारतीय, दिनेश श्रीवास्तव, पूर्व चेयरमैन सुशील कुमार लोधी, सभासद शिवहरि द्विवेदी, मनीष गुप्ता, सहकारी संघ लिमिटेड सभापति केशरी राव धारा सिंह यादव, रमाकांत गुप्ता, प्रज्ज्वल गुप्ता, राजन पाण्डेय, अमित गुप्ता, लवकुश यादव, कमलेश कुमार लोधी आदि उपस्थित रहे।

घर घर में मनाया गया योग दिवस

योग दिवस पर रंग लाए क्रीड़़ा भारती के प्रयास। पांच हजार से अधिक परिवारों ने किया योग। शिव मंदिर में योगाभ्यास। इंटरनेशनल नैचुरोपैथी ऑगनाइजेशन ने भी कराया योग।

बिजनौर। क्रीड़ा भारती बिजनौर द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनपद के 5000 से अधिक परिवारों के द्वारा घर पर रहकर वर्चुअल माध्यम से योगाभ्यास किया। साथ ही 100 से अधिक स्थानों पर 15 से 50 लोगों के द्वारा छोटे मैदानों व हाल में कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। 

शिव मंदिर में योगाभ्यास- महादेवपुरम स्थित शिव मंदिर में अरविंद अहलावत द्वारा योगाभ्यास कराया गया। क्रीड़ा भारती के जनपद अध्यक्ष योगेंद्र पाल सिंह योगी द्वारा योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शरीर को निरोग बनाने एवं कोविड-19 से बचाव हेतु इम्यूनिटी विकसित करने हेतु प्रतिदिन योग करना समय की आवश्यकता है, ताकि कोविड-वायरस से लडऩे हेतु शरीर में इम्यूनिटी का विकास हो सके । नियमित योग करने व्यक्ति स्वस्थ व निरोगी रहता है। इस वर्ष योग दिवस का उद्देश्य स्वास्थ्य को बढ़ाते हुए प्रतिरोधक क्षमता का विकास करना है।

इंटरनेशनल नैचुरोपैथी ऑगनाइजेशन ने भी कराया योग- देव कालोनी स्थित शिव मंदिर में योग कार्यक्रम में इंटरनेशनल नैचुरोपैथी ऑगनाइजेशन की बिजनौर शाखा के पदाधिकारियों ने लोगों को योग कराया। इस अवसर पर कई लोगों को सम्मानित भी किया गया।गत 15 जून से नि:शुल्क चल रहे शिविर के अंतिम दिन आज योगी अनंत योग एवं प्राकृतिक चिकित्या व आरोग्य भारती के संरक्षक एवं प्रांत अध्यक्ष वैद्य अजय गर्ग व इंटरनेशनल नैचरोपैथी ऑगनाइजेशन के संरक्षक देवेन्द्र चौहान के सहयोग से अध्यक्ष डॉ. नरेन्द्र सिंह ने लोगों को योग प्राणायाम सिखाया। आज भी लोगों ने योग दिवस पर योग किया। इस अवसर पर सुरेन्द्रपाल, रोहित कुमार, विनोद एड., योगेश कुमार, पिंटू कुमार, हरिओम शर्मा, राजपाल सिंह, कुलदीप, सुनील राजपूत, योगेश अनंत, रमेश माहेश्वरी, जसवीर, डॉ. लीना तोमर, पीके यादव, कुलदीप शर्मा आदि मौजूद रहे। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के टीकम सिंह सेंगर भी मौजूद रहे।

डाक अधीक्षक कार्यालय में योग-डाक अधीक्षक कार्यालय पर भी आज योग दिवस पर कर्मचारियों ने योग अभ्यास किया। इस अवसर पर डाक अधीक्षक राधेश्याम शर्मा ने उपस्थित लोगों से स्वस्थ जीवन के लिए योग अपनाने पर बल दिया। योग गुरु चन्द्रपाल के निर्देशन व पोस्ट मास्टर लक्ष्मीकांत जोशी के संचालन में अनुराग महरोत्रा, लोकेन्द्र पाल सिंह, सुनील कुमार, ओम कुमार, गिरवर पाल सिंह, पूजा रानी, महेश चंद शर्मा, केपी सिंह, विरेन्द्र सिंह, संजीव कुमार, मेघराज, परमेश आदि कर्मचारी मौजूद रहे।

प्रतिदिन योग करने का संकल्प- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पर्यावरण को समर्पित संगठन नमो फाउंडेशन के तत्वावधान में सिद्धबलि विहार नजीबाबाद में योग का कार्यकम आयोजित किया गया। इस दौरान लोगों को प्रतिदिन योग करने का संकल्प दिलाने के साथ ही पर्यावरण व जल संरक्षण के लिए भी सचेत किया गया। सिद्धबली कालोनी में योग प्रेमियों ने पूर्व वायु सैनिक मनोज कुमार के नेतृत्व में योगाभ्यास किया। मनोज कुमार ने आहार-व्यवहार के विषय में जानकारी दी। नमो फाउंडेशन की ओर से सुशील राजपूत ने योग की महत्ता के विषय में कहा कि योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। पूर्व नौसैनिक रविंद्र काकरान ने पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण पर लोगों को सचेत किया। कार्यक्रम में सभी ने प्रतिदिन योग करने का संकल्प लिया। योग कार्यक्रम में मनोज कुमार प्रजापति, कृति आर्य, सूर्यांश कुमार आर्य, साक्षी, जतिन कुमार, धनीराम, मगन सिंह, अशोक कुमार, उदयवीर सिंह, डाक्टर दीपक त्रिपाठी, भूपेंदर चौधरी, पुनीत कुमार, कृष्णचंद आदि शामिल रहे।

मनुष्य के मानसिक, शारीरिक व आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है योग: पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

मनुष्य के मानसिक, शारीरिक व आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है योग – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

डाक विभाग ने ‘बी विद योगा, बी एट होम’ के तहत मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, चिट्ठियों पर लगी विशेष मुहर

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने जारी किया स्पेशल कैंसिलेशन, चिट्ठियों ने भी किया लोगों को जागरूक

कोरोना महामारी के दौर में योग को अपनाकर स्वस्थ भारत के निर्माण में बनें सहभागी -पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव स्पेशल कैंसिलेशन जारी करते हुए

वाराणसी। ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर डाक विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने कोविड प्रोटोकाल के तहत घर पर रहकर योग दिवस मनाया। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष भारत सरकार ने लोगों से ‘बी विद योगा, बी एट होम’ का अनुपालन करते हुए 21 जून को सातवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की अपील की थी। इसी क्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव सहित अधिकारियों कर्मचारियों ने घर पर योग किया और लोगों को भी इस ओर प्रेरित किया।

सपरिवार योग करते हुए पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

इसी क्रम में लोगों को योग दिवस की महत्ता बताने हेतु कैण्ट प्रधान डाकघर में पोस्टमास्टर जनरल ने विशेष विरूपण (स्पेशल कैंसिलेशन) भी जारी किया, जिसे सभी प्रधान डाकघरों में योग दिवस के दिन प्राप्त होनी वाली समस्त डाक पर लगाया गया। वेबिनार के माध्यम से भी डाककर्मियों को योगाभ्यास कराया गया।

सपरिवार योग करते हुए पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, योग जीवन का वह दर्शन है,जो मनुष्य को उसकी आत्मा से जोड़ता है और मनुष्य के मानसिक, शारीरिक व आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है। योग न सिर्फ हमें नकारात्मकता से दूर रखता है अपितु हमारे मनोमस्तिष्क में अच्छे विचारों का निर्माण भी करता है। श्री यादव ने कहा कि, कोरोना महामारी के दौर में योग का महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है, जिसे अपनाकर हम सभी को स्वस्थ भारत के निर्माण में सहभागी बनना चाहिए। डाक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस समय ‘कोरोना वॉरियर्स’ के रूप में कार्य करते हुए फील्ड में तमाम सेवाएँ दे रहे हैं, ऐसे में ‘योग फॉर वेलनेस’ की भावना उन्हें और भी मजबूत बनाएगी।

सपरिवार योग करते हुए पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

सहायक निदेशक राम मिलन ने कहा कि, भारतीय संस्कृति की अमूल्य और विलक्षण धरोहर एवं मानव के उत्तम स्वास्थ्य का आधार योग है। वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक डाकघर संजय कुमार वर्मा ने कहा कि मानसिक व शारीरिक लाभ के साथ नैतिक बल भी प्रदान करने वाली योग पद्धति ने कोरोना महामारी में बहुत संबल प्रदान किया है। इस अवसर पर कैण्ट प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर रमाशंकर वर्मा, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, सहायक लेखा अधिकारी संतोषी राय, डाक निरीक्षक श्रीकांत पाल, वीएन द्विवेदी, श्री प्रकाश गुप्ता, भी उपस्थित रहे।

करो योग-रहो निरोग, योग अपनाएं कोरोना भगाएं

वी. प्रकाश तनोट
वैदिक योग चिकित्सक

‘योग’ सम्पूर्ण मानव जाति को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन करने का एक ऐसा उपाय है, जिससे व्यक्ति आजीवन स्वस्थ रहते हुए अपनी जीवन यात्रा पूर्ण करता है। हमारे देश के महान योग ऋषि पंतजलि ने अपने विवेक और आध्यात्मिक ज्ञान के आधार पर योग को आठ भागों में विभाजित किया है। यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि। उनके अनुसार इन आठ नियमों का पालन करने वाला मनुष्य ही एक सम्पूर्ण योगी होता है। वस्तुत: देखा जाये तो भिन्न-भिन्न व्यक्तियों, संतों, ऋषियों ने अपने ज्ञान और प्राचीन ग्रंथों के आधार पर योग शब्द की भिन्न-भिन्न व्याख्याएं की हैं, जिन पर फिर कभी मंथन या चिंतन करेंगे। इस वक्त सम्पूर्ण विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है तो इसी विषय को पूर्व की भांति आगे बढ़ाते हुए आज हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये योग के दो अन्य प्राणायाम 1. सूर्यांग प्राणायाम और 2. चन्द्राग प्राणायाम पर चर्चा करेंगे। इन प्राणायामों का अभ्यास करने से श्वसन तंत्र मजबूत होता हैं। साथ ही शरीर के मुख्य अंग जैसे हृदय, मस्तिष्क, फेफड़ों, लीवर, किडनी, आंतों और आमाश्य को शक्ति मिलती है। 

सूर्यांग प्राणायाम

1. सूर्यांग प्राणायाम– किसी भी ध्यानात्मक आसन से सीधे बैठ जायें। पहले श्वांस को सामान्य करें फिर दाहिने हाथ की मध्यमा व अनामिका अंगुलियों से बाईं नासिका को बंद करके दाहिनी नासिका से श्वांस भरकर दाहिने हाथ के अंगूठे से दाहिनी नासिका को बंद करके बाईं नासिका से निकाल दें। बार-बार इस क्रिया को करें। ध्यान रहे श्वास हमेशा दाहिनी नासिका से लेना है और बायीं नासिका से छोडऩा है। 2 से 3 मिनट अभ्यास करें। 

चंद्राग प्राणायाम

2. चंद्राग प्राणायाम- पूर्व की भांति ध्यानात्मक आसन में बैठ जायें। यह सूर्यांग का विपरीत प्राणायाम है अर्थात इस प्राणायाम में दाहिने हाथ के अंगूठे से दाहिनी नासिका को बंद करके बाईं नासिका से श्वांस भरकर मध्यमा व अनामिका अंगुलियों से बाईं नासिका को बंद करके हमेशा दाहिनी नासिका से बाहर निकालना है। बार-बार इस क्रिया को करें। ध्यान रहे श्वांस हमेशा बाईं नासिका से लेना है व दाहिनी नासिका से छोडऩा है। 2 से 3 मिनट अभ्यास करें।

अब चलते हैं खानपान की तरफ। यदि योग के साथ-साथ एक रोग प्रतिरोधक आहार भी लिया जाये तो सोने पर सुहागा वाली कहावत सिद्ध होती है। कोरोना संक्रमण से हमें बचाने व संक्रमित होने की स्थिति में विटामिन ‘सी’ जिंक और विटामिन ‘डी’ का सेवन हमारे बहुत काम आता है। 

विटामिन ‘सी’ से सम्पन्न फल नींबू, मौसमी, संतरा, ब्रोकली, कीवी, पपीता, आंवला, स्ट्रावरी, अमरूद, अन्नास, मिर्च, अंकुरित मूंग आदि। 

‘जिंक’ से सम्पन्न खाद्य पदार्थमशरूम, तिल, पालक, मसूर दाल, चने, काजू, शतावर, सोयाबीन आदि।

विटामिन ‘डी’ से सम्पन्न खाद्य पदार्थसभी डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, पनीर आदि। 

नोट: यदि पाठकगण किसी भी प्रकार की जीर्ण, साध्य या फिर कोई ऐसी बीमारी से पीडि़त हैं, जिसका इलाज करते-कराते आप थक चुके हैं और आपने उसको असाध्य मान लिया है। कैसा भी, कितना भी पुराना (स्त्री/पुरुष) रोग हो नीचे दिये नम्बर पर व्हाटसअप या ईमेल करें। आपको आपकी बीमारी का सटीक, स्थाई व  शीघ्र प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार बताया जाएगा।

वी. प्रकाश तनोट
वैदिक योग चिकित्सक
(पूर्व वैदिक चिकित्सक एमजेबीवाईएस, महाराष्ट्र)
संपर्क-6395575501

email-snewsdaily24@gmail.com

करो योग-रहो निरोग कोरोना-साध्य या असाध्य

करो योग-रहो निरोग
विषय- कोरोना-साध्य या असाध्य

वी. प्रकाश तनोट
वैदिक योग चिकित्सक
(पूर्व वैदिक चिकित्सक एमजेबीवाईएस, महाराष्ट्र)
संपर्क-6395575501

कोरोना साध्य है या असाध्य! इस पर चर्चा से पहले मैं थोड़ा योग शब्द पर चर्चा करूंगा। आज के युग में योग अपना परिचय देने के लिए विश्व में किसी सहारे का मोहताज नहीं। योग क्या है? इसका जन्म स्थान क्या है? जन्मदाता कौन है? इसका जन्म कब, क्यों कैसे हुआ? यहां संक्षेप में इतना ही कहा जा सकता है कि योग सदियों पुराना एक ऐसा दिव्य ज्ञान है जिसको अपना कर संपूर्ण मानव जाति, मानव समाज ने स्वयं को शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से स्वस्थ रहते हुए जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की की है। यह हमें ईश्वर द्वारा प्रदान किया एक ऐसा दिव्य मंत्र है, जिसमें मनुष्य ने योग की विभिन्न क्रियाओं को करते हुए स्वयं की सुप्त शक्तियों और ऊर्जाओं को जागृत करके अपना अकथनीय विकास किया है। देवों के देव महादेव भी एक महान योगी थे।
महर्षि पतंजलि और न जाने कितने ऋषि-मुनियों साधु-संतों ने योग रूपी अमृत को जनसामान्य के बीच में बांटते हुए संसार को इसकी दिव्य शक्तियों से परिचित कराया। वर्तमान समय में योग गुरु माननीय स्वामी रामदेव जी ने अपने अथक प्रयासों द्वारा भारत ही नहीं संपूर्ण जगत में इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया है, जिसका फल यह हुआ कि विश्व के एक विशाल मानव समाज ने अपने जीवन में योग को आत्मसात करते हुए स्वयं को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ बनाते हुए अपने देश की उन्नति में योगदान दिया। विषय व्यापक है, समय का अभाव है इसलिए अपने मुख्य बिंदु कोरोना व्याधि की तरफ चलते हैं, जिसने आज संपूर्ण विश्व में हाहाकार मचा रखा है। विश्व में करोड़ों की आबादी इस व्याधि से त्रस्त है। लाखों लोग काल के गाल में समा चुके हैं। लाखों व्यक्ति अभी भी बीमारी के संक्रमण से जूझ रहे हैं। मानव जीवन को बचाने के लिए सभी देशों की सरकारें अस्पतालों, कोविड वैक्सीन विभिन्न दवाइयों (एलोपैथिक, होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक) द्वारा अपने हर संभव प्रयासों द्वारा कोरोना महामारी से पार पाने के लिए युद्ध स्तर पर कोशिशें कर रही हैं। समाज सेवा से जुड़े व्यक्तियों के अनेक समूह भी अपने तन, मन, धन से इसमें भागीदारी कर रहे हैं। एक योगाचार्य व आयुर्वेद का ज्ञाता होने के नाते मैं भी भारत देश की जनता की सेवा के लिए अपना एक छोटा सा योगदान दे रहा हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि देश की जनता भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए मेरे द्वारा बताए गए योग के विभिन्न प्राणायामों, आसनों और विभिन्न आयुर्वेदिक प्राकृतिक चीजों का सेवन करके स्वयं को कोरोना संक्रमण से बचा सकते हैं और संक्रमित रोगी अपने चिकित्सक की सलाह से मेरे द्वारा बताए नुस्खों योग क्रियाओं को करके जल्दी ठीक हो सकते हैं।

ये तीन प्राणायाम हमारे फेफड़ों को संक्रमण से बचाने में व इम्युनिटी बढ़ाने में विशेष कारगर हैं-

१. भस्त्रिका: किसी भी ध्यान वाले आसन में जैसे सुखासन, पद्मासन या सिद्धासन में किसी मैट, दरी या चादर पर सीधे बैठ जाएं। कमर, गर्दन सीधा रखते हुए दोनों हाथों को घुटनों पर ध्यान मुद्रा में रखें। श्वांस को धीरे-धीरे दोनों नासिका रंध्रों से फेफड़ों भरें व छोडं़े। ध्यान रहे श्वांस लेने और छोडऩे का अनुपात समान हो। आंखें बंद करके पूरा ध्यान श्वांस प्रश्वांस पर रखें। दो से 3 मिनट अभ्यास करें। उच्च रक्तचाप व हृदय रोगी इस को तीव्र गति से ना करें।

कपाल भांति प्राणायाम

२.कपाल भांति: किसी भी ध्यानात्मक आसन से पूर्व की भांति सीधे बैठ जाएं। श्वांस को सामान्य करें फिर थोड़ा प्रेशर के साथ नासिका से श्वास को बाहर फेंकें। उसी समय पेट को अधिकतम पीछे की तरफ खींचे। बार-बार इस क्रिया को दोहराएं। 5 मिनट करें।

अनुलोम विलोम प्राणायाम

३.अनुलोम विलोम: पूर्व की भांति बैठ जाएं। पहले श्वांस को सामान्य करें। फिर अपने दाएं हाथ को उठाकर मुंह के सामने लाते हुए अंगूठे से दाहिने नासिका रंध्र को बंद करते हुए बाएं नासिका रंध्र से श्वांस भरें और दाएं हाथ की मध्यमा और अनामिका उंगलियों से बाएं रंध्र को बंद करते हुए अंगूठे को हटाते हुए दाएं रंध्र से निकाल दें। फिर दाहिने रंध्र से भर कर बाएं से निकाल दें। इस क्रिया को 5 मिनट तक करें।

विशेष आयुर्वेदिक सुझाव
१. गर्म पानी में थोड़ा-सा सेंधा नमक डालकर रोज दो से तीन बार गरारे करने से गला संक्रमण से मुक्त रहता है।
२. दो कप पानी में पांच तुलसी पत्र दो लौंग, एक पिप्पली व एक चुटकी दालचीनी पाउडर डालकर हल्की आंच पर इतना पकाएं कि एक कप पानी रह जाए। सुबह-शाम पीने से इम्युनिटी बढ़ती है।
३. रात में सोते समय एक गिलास गर्म दूध में 5 ग्राम शुद्ध हल्दी पाउडर डालकर रोज पिएं।

नोट-पाठकगण अपनी किसी भी जीर्ण/ पुरानी बीमारी से संबंधित किसी भी समस्या के लिए गुरुजी से व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज करें।
प्रस्तुति-
वी. प्रकाश तनोट
वैदिक योग चिकित्सक
(पूर्व वैदिक चिकित्सक एमजेबीवाईएस, महाराष्ट्र)
संपर्क-6395575501