एनआईए के डिप्टी एसपी और पत्नी के हत्यारे की फांसी से पहले ही इलाज के दौरान मौत

एनआईए के डिप्टी एसपी और उनकी पत्नी के हत्यारे की इलाज के दौरान मौत। यूरिन इन्फेक्शन के चलते बीएचयू वाराणसी स्थित सर सुंदरलाल हॉस्पिटल में था भर्ती। पठानकोट आतंकी हमले की जांच टीम का हिस्सा थे तंजील अहमद। एक-दो अप्रैल 2016 की रात हुई थी वारदात। कोर्ट ने सुनाई थी गैंगस्टर मुनीर और रैय्यान को फांसी और एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा

बिजनौर कोर्ट में पेशी पर जाते समय वज्र वाहन में मुनीर (फाइल फोटो)

लखनऊ। एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या में दोषी कुख्यात बदमाश मुनीर अहमद की इलाज के दौरान मौत हो गई। यूरिन इन्फेक्शन के चलते उसे बीएचयू वाराणसी स्थित सर सुंदरलाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मुनीर के खिलाफ बिजनौर में आठ, अलीगढ़ में 15, दिल्ली व अन्य कई जगहों पर 33 मुकदमे दर्ज हैं। मृतक एनआईए अफसर और कुख्यात बदमाश मुनीर बिजनौर जिले के कस्बा सहसपुर के निवासी थे।

19 नवंबर को सोनभद्र से बनारस: मुनीर को यूरिन इंफेक्शन और ब्लड प्रेशर संबंधी समस्या की वजह से सोनभद्र जेल से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर 19 नवंबर को बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार इम्यून सिस्टम पूरी तरह डैमेज होने की वजह से उसकी मौत हुई है। वीडियो कैमरे के सामने डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम करा कर उसके परिजनों को उसका शव सौंपा जाएगा।

बिजनौर कोर्ट में पेशी पर जाता रैय्यान (फाइल फोटो)

गौरतलब है कि एक-दो अप्रैल 2016 की रात राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआइए) के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना पर उस समय जानलेवा हमला किया गया, जब वह जिला बिजनौर के स्योहारा में एक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहे थे। हमले में एनआइए अफसर तंजील अहमद की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी फरजाना की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हुई थी। कार में बेटी जिमनिश (16 वर्ष) और बेटा शाहबाज (12 वर्ष) भी थे। इनके पीछे दूसरी कार में आ रहे तंजील अहमद के भाई रागिब ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट इस मामले में मुनीर और रैय्यान को दोषी करार दिया था। घटना की साजिश में शामिल होने के आरोपी तंजीन, जैनी और रिजवान को बरी कर दिया था। तंजील अहमद पठानकोट आतंकी हमले की जांच टीम का हिस्सा थे।

एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना (फाइल फोटो)

फांसी की सजा और जुर्माना: 20 मई 2022 को बिजनौर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम डा. विजय कुमार तालियान ने एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या के दोषी गैंगस्टर मुनीर और रैय्यान को फांसी और एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

वज्र वाहन में बैठा आरोपी रैय्यान (फाइल फोटो)

2019 में प्रारंभ हुई थी गवाही:

उक्त मामले में गवाही 20 नवंबर 2019 से शुरू हुई थी। सरकारी पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता आनंद जंघाला ने वादी रागिब मसूद, मोहम्मद हसीब, इनामुलहक, सिपाही मुन्ना बाबू, एसआइ मनोज कुमार, मृतक दंपती की पुत्री जिमनीश, डा. राजेंद्र, डा. सुनील, डा. समीक्षा, डा. सुधीर, एसआइ रूप सिंह, मोहम्मद आजम, डा. आदर्श, विवेचक राजकुमार शर्मा, एसआइ सतीश कुमार, एसआइ संदीप राज, सिपाही रोहित शर्मा, एसआइ कमलेश यादव के बयान दर्ज कराए। कोरोना काल में कोर्ट बंद रहने तथा आरोपितों को कोर्ट में पेश करने की अनुमति न होने के कारण लगभग दो वर्ष तक सुनवाई स्थगित रही।

शक के चलते वारदात को दिया अंजाम: पुलिस को विवेचना के दौरान पता चला कि रुपयों के लेनदेन को लेकर मुनीर का एनआइए अफसर तंजील अहमद के साथ विवाद चल रहा था। मुनीर को संदेह था कि एनआइए अफसर उसकी मुखबिरी कर रहे हैं। इस पर मुनीर ने अपने साथी रैयान, तंजीम, मोहम्मद जैनी और रिजवान के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी।

बिजनौर कोर्ट में पेशी पर जाते समय वज्र वाहन में मुनीर (फाइल फोटो)

मुनीर ने गवाहों को दी थी मारने की धमकी:

सुनवाई के दौरान मुनीर ने मामले में वादी रागिब मसूद, गवाह हशीब और मृतक दंपती की पुत्री जिमनीश को गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। धमकी देने के मामले में तीनों गवाहों की ओर से आरोपित मुनीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मुनीर पर कई जिलों में 36 गंभीर मामले दर्ज हैं।

छुट्टा घूम रहे हैं इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी!

छुट्टा घूम रहे हैं इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी। राजनैतिक आका की शरण में पहुंचे हमलावर। बिजनौर के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में हुई थी वारदात। पेट्रोल पंप के सामने की थी युवक की जान लेने की कोशिश। हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को भी जमकर पीटा। गांव के ही एक युवक पर है मुखबिरी का शक। 

बिजनौर। पुलिस की हीलाहवाली के चलते जिला मुख्यालय के पॉश एरिया सिविल लाइंस फर्स्ट में इंटीरियर डेकोरेटर पर दिनदहाड़े जानलेवा हमले के आरोपी छुट्टा घूम रहे हैं। राजनैतिक आका की शरण में पहुंचने के बाद जहां हमलावर अपने बुलंद हौसलों के साथ किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं, वहीं पुलिस भी हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

14 सितंबर को कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने महावीर स्कूल व पेट्रोल पंप के बाहर दिल्ली से आए युवक की जान लेने की कोशिश की गई। युवक जन्मदिन मनाने अपने घर आया हुआ है। कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। थाना शहर कोतवाली पुलिस ने घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।

जानकारी के अनुसार दिल्ली में रहकर इंटीरियर डेकोरेशन का काम करने वाला सजल कुमार 14 सितंबर को जन्मदिन होने के कारण अपने घर ग्राम कम्भौर आया हुआ था। सजल ने अपने मित्रों को बर्थडे पार्टी के तौर पर कुल्फी खिलाने के लिए सिविल लाइंस प्रथम स्थित महावीर स्कूल व पेट्रोल पम्प (कृष्णा सेंट्रल प्लाजा के सामने) बुलाया। इसी दौरान कम्भौर के ही एक युवक ने सजल से बातचीत की और मोबाइल फोन पर किसी से बात करने लगा। कुछ ही देर में जमालपुर, चौकपुरी व छोइया नंगली निवासी कुछ युवक अपने 5-6 साथियों के साथ वहां पहुंचे और सजल को और जान से मारने की नीयत से मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर आराम से फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। वहीं पेट्रोल पंप व अन्य सीसीटीवी कैमरों में घटना कैद हो गई है। यही नहीं उक्त वारदात को अंजाम देने के कुछ ही देर बाद हमलावरों ने एसआरएस मॉल के सामने पुलिस चेकपोस्ट के बराबर में एक अन्य युवक को जमकर पीटा। पुलिस को दी गई तहरीर में शुभम निवासी जमालपुर, मयंक चौधरी निवासी चौकपुरी व तरुण चौधरी निवासी छोइया नंगली व 5-6 अन्य अज्ञात पर घटनाओं का आरोप लगाया गया। सूचना पर थाना शहर कोतवाली पुलिस ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में घायल युवकों का मेडिकल कराया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी। दिनदहाड़े हुई दोनों घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह अब भी बरकरार है।

रहस्यमई महिला पुलिस कांस्टेबल: जानकारों का कहना है कि घटना के वक्त मौजूद एक महिला पुलिस कांस्टेबल ने बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर उसे भी झटक कर फरार हो गए। महिला पुलिस कांस्टेबल ने उक्त घटना की वीडियो भी अपने मोबाइल फोन से बना ली। इसके बावजूद उसने अब तक थाना चौकी पुलिस को घटना की बाबत कोई जानकारी नहीं दी ही।

राजनैतिक आका का हमलावरों को अभयदान: सूत्रों का कहना है कि मामले में राजनैतिक आका ने हमलावरों को अभयदान दे दिया है। उन्हें पूरा विश्वास दिलाया गया है कि पुलिस कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती। इसलिए वे अब और भी ज्यादा खूंखार होकर नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में शिकार की तलाश कर रहे हैं। वैसे राजनैतिक आका भी कृष्ण जन्म भूमि में अंदर बाहर के खेल से बखूबी परिचित हैं।

नया गांव हत्याकांड में सभी 8 आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी

बिजनौर। लगभग साढ़े 5 साल पूर्व नया गांव के बहुचर्चित विशाल हत्याकाण्ड के सभी 8 आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।

जानकारी के अनुसार 10 जनवरी 2017 को ग्राम कच्छपुरा व नया गांव के बीच स्थित सरकारी ट्यूबवैल पर नया गांव निवासी संजय के पुत्र विशाल की अज्ञात लोगों ने चाकू से गोदकर व गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में पेदा निवासी प्रधान अनीस, पूर्व प्रधान इकबाल तथा शमीम, हनीफ, नफीस, इस्तखार, फुरकान व अकबर को नामजद किया गया था। विशाल की हत्या वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान बिजनौर में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा के दिन ही सभा के थोड़ी देर बाद हुई थी। इस हत्याकाण्ड को राजनीतिक रूप व काफी तूल दिया गया था। तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। मामले की विवेचना सीबीसीआईडी बरेली जोन को दी गई थी। सीबीसीआईडी ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की और सभी अभियुक्तों को जेल जाना पड़ा। अभियुक्त इकबाल, हनीफ और फुरकान करीब तीन साल से जेल में थे।

इस मुकदमे का विचारण अपर जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार के न्यायालय में हुआ। न्यायालय ने आरोपियों के जेल में अधिक समय से होने के कारण त्वरित गति से सुनवाई की। अभियोजन पक्ष के मौके के सभी गवाहों की गवाही के साथ पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के बयान भी कराये गए। सबूत पक्ष के सभी कागजातों की औपचारिकता को बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा स्वीकार कर लेने के बाद अभियोजन के गवाहों व अभियुक्तों के बयान तथा बहस सुनकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने साक्ष्य के अभाव में सभी अभियुक्तों को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। अभियुक्तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र कुमार पूर्व अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन तथा जकावत हुसैन एड. ने पैरवी की।

न बन सका काबिल CRPF अफसर, कुख्यात हो गया आदित्य राणा!

लखनऊ। पश्चिम उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के कुख्यात बदमाश आदित्य राणा की कस्टडी से फरारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई थानों में आदित्य के खिलाफ संगीन धाराओं में ढाई दर्जन केस दर्ज है। बिजनौर एसपी दिनेश के अनुसार आरोपी की फरारी के बाद पुलिस सतर्कता बरत रही है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की नाकेबंदी कर दी गई है। इसके साथ ही उसके केस में वादी और गवाहों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। फरार बदमाश आदित्य राणा जल्द पुलिस के कब्जे में होगा।

CRPF में जाकर करता देश की सेवा- बिजनौर के गांव राणा नंगला निवासी आदित्य पुत्र राजपाल का नाम पहली बार 2013 में गांव कासमाबाद में हुई धर्मवीर की हत्या में आया था। उसका सीआरपीएफ में चयन हो गया था, लेकिन हत्या में नाम आने के कारण वह ट्रेनिंग पर नहीं जा पाया।

बिजनौर में पुलिस सतर्क, बढ़ाई चौकसी 
आदित्य के फरार होने के बाद बिजनौर पुलिस सतर्क हो गई है। जिले के बॉर्डर पर निगाह रखने के साथ-साथ छह टीमों को उसकी तलाश में लगाया गया है। आदित्य के फरार होने की सूचना मिलते ही बिजनौर में अलर्ट कर दिया गया। एसपी दिनेश सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए हैं। डायल 112 की गाड़ियों को भी जेड मिशन पर रखा गया है। आदित्य के गांव राणा नंगला के आसपास भी पुलिस की गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं।

कस्टडी से पहले भी हो चुका था फरार
कुख्यात आदित्य पुलिस की कस्टडी से पहले भी फरार हो चुका है। अगस्त 2017 में पेशी के दौरान मुरादाबाद पुलिस की कस्टडी से भी फरार हो गया था। फरार होने के बाद उसने अपने गांव के ही मुकेश की 14 अक्तूबर को मुखबिरी के शक में हत्या कर दी थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो आदित्य पुलिस की घेराबंदी से चार बार फायरिंग कर फरार हो चुका है।

“आदित्य राणा का लंबा आपराधिक इतिहास है। इसका लूट और हत्या करने का गैंग है, जो रजिस्टर्ड है। आदित्य के फरार होने के बाद पुलिस सतर्क है। उन लोगों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जो आदित्य के खिलाफ दर्ज कराए गए केस में वादी या गवाह हैं। शाहजहांपुर पुलिस के साथ तालमेल कर उसे गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैैं। छह टीमों को लगाया गया है” – दिनेश सिंह, एसपी बिजनौर

चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात- राणा के फरार होने के बाद बिजनौर पुलिस बेहद सतर्क हो गई है। एसओजी व सर्विलांस सहित छह पुलिस टीमों को उसकी खोज में लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट किया है। आदित्य राणा के गांव स्थित घर पर भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उसके गांव राणा नंगला को पुलिस ने छावनी में तबदील कर दिया है। आदित्य के गैंग में 20 से अधिक बदमाश बताए जा रहे हैं।

बोले SO स्योहारा- स्योहारा थानाध्यक्ष राजीव चौधरी ने बताया कि दो परिवारों की रंजिश का मामला है। दो मर्डर हो चुके हैं। कानून व्यवस्था और परिवार की सुरक्षा के मद्देनजर गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

पांच हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी के मुकदमे- अपराध की दुनिया में आदित्य राणा का सफर वर्ष 2013 में एक हत्या के साथ ही शुरू हो गया था। उसके खिलाफ जनपद बिजनौर के थाना स्योहारा में 12, धामपुर में 01, नहटौर में 03, हीमपुर दीपा में 01, शेरकोट में 01, चांदपुर में 01 व सिविल लाइंस मुरादाबाद में 02 मुकदमे दर्ज हैं। अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।

एनआईए अफसर तंजील हत्याकांड में मुनीर व रैयान को फाँसी की सजा

एनआइए अफसर व उनकी पत्नी की हत्या केस में मुख्य आरोपी मुनीर और  रैयान को फाँसी की सज़ा।  एडीजे कोर्ट 5 के जज डॉ विजय कुमार तालियांन ने सुनाई सज़ा। दोनों को फांसी की सजा का एलान। तंजीम,जेनी और रिजवान को किया गया बरी। मुख्य आरोपी मुनीर और रेयान ने गोली बरसाकर उतारा था एनआईए अफसर तंजील और उनकी पत्नी फरजाना को मौत के घाट। 2/3 अप्रैल 2016 की घटना।

बिजनौर। न्यायालय द्वारा एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक तंजील अहमद हत्याकाण्ड के मुख्य अभियुक्त/गैंगस्टर मुनीर तथा सहअभियुक्त रैय्यान को फांसी की सजा से दण्डित किया गया है। तंजील अहमद पठानकोट आतंकी हमले की जांच टीम का हिस्सा थे। गत दिवस अदालत ने तीन आरोपितों को केस से बरी कर दिया था, जबकि मुनीर और उसके साथी रैय्यान को दोष करार दिया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुनहगारों को कोर्ट लाया गया था।

गौरतलब है कि दिनांक 02/03 अप्रैल 2016 को एनआईए के पुलिस उपाधीक्षक तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना की मुनीर तथा उसके साथियों द्वारा हत्या कर दी गयी थी। दिनांक 16 अप्रैल 2022 को इस अभियोग से सम्बन्धित गैंगस्टर एक्ट में न्यायालय द्वारा अभियुक्त मुनीर को 10 वर्ष के कारावास व 01 लाख रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया था। पुलिस उपाधीक्षक एवं उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा की गयी प्रभावी पैरवी के उपरान्त आज एडीजे कोर्ट 5 के जज डॉ विजय कुमार तालियांन द्वारा मुख्य अभियुक्त मुनीर तथा सहअभियुक्त रैय्यान को फांसी की सजा से दंडित किया गया। मुनीर अन्तर्राज्यीय गैंग का गैंग लीडर (गैंग कोड सं–आईएस 32/21) तथा हिस्ट्रीशीटर है। मुनीर के खिलाफ विभिन्न जनपदों/राज्यों में कुल 33 अभियोग पंजीकृत हैं तथा शासन द्वारा चिन्हित राज्य स्तरीय आपराधिक माफिया घोषित है। अभियुक्तों की सजा से शासन एवं पुलिस प्रशासन के प्रति आम लोगों का विश्वास उत्पन्न हुआ है तथा अपराधियों में भय का माहौल व्याप्त हुआ है।

लेनदेन का था विवाद

विवेचना के दौरान पता चला कि पारिवारिक प्रॉपर्टी में रुपयों के लेनदेन को लेकर मुनीर का एनआइए अफसर तंजील अहमद के साथ विवाद चल रहा था। मुनीर को संदेह था कि एनआइए अफसर उसकी मुखबिरी कर रहे हैं। इसे लेकर मुनीर ने अपने साथी रैयान, तंजीम, मोहम्मद जैनी और रिजवान के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी थी। इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने निर्णय सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम डा. विजय कुमार तालियान ने मुख्य आरोपित मुनीर और रैयान को दोषी पाया। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपित तंजीम, रिजवान और मोहम्मद जैनी को बरी कर दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान वादी के अधिवक्ता जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।

अप्रैल 2016 की वारदात- अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आनंद उर्फ अभिनव जंघाला के अनुसार एक-दो अप्रैल 2016 की रात एनआइए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना पर उस समय जानलेवा हमला किया गया, जब वह स्योहारा में एक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहे थे। हमले में एनआइए अफसर तंजील अहमद की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी फरजाना की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हुई थी। उनके दो बच्चे हमले के दौरान बच गए थे।

बचाव पक्ष की ओर से तर्क– बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल चौधरी ने बताया कि कोर्ट ने आरोपित मुनीर और रैयान को आर्म्स एक्ट सहित एक अन्य मामले में भी बरी कर दिया है। मुनीर और रैयान को हत्या का दोषी पाया है। उन्होंने दावा किया कि मुनीर और रैयान की तंजील अहमद से किसी प्रकार की कोई रंजिश नहीं थी। एनआइए अफसर तंजील अहमद आतंकवादी तथा अन्य गंभीर मामलों की जांच करते थे, ऐसी संभावना है कि उक्त घटना को किसी अन्य व्यक्ति ने अंजाम दिया।

दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को इनाम ₹25 हजार


बिजनौर। एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को सम्मानित करने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि  सपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल व उनकी पत्नी बबली उर्फ बबीता गत 28 फरवरी से रहस्यमय ढंग से लापता थे। दोनों के शव समीपवर्ती ग्राम हमीदपुर में एक घर में दबे हुए मिले। पुलिस को जेसीबी की मदद से दोनों शवों को निकालना पड़ा। बाद में पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पति-पत्नी की हत्या सम्पत्ति के लालच में की गई। इस मामले में एक महिला सहित चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।  हिरासत में ली गई महिला के राजेश अग्रवाल से प्रेम संबंध थे। मृतक दंपति निःसंतान थे और बिजनौर शहर में उनकी तीन दुकान व एक मकान उनकी हत्या का कारण बने।

एसपी डॉ धर्मवीर सिंह ने बताया कि एसपी सिटी परवीन रंजन सिंह, सी ओ सिटी, इंस्पेक्टर कोतवाली राधेश्याम, एसआई आशीष पुनिया, धीरज सोलंकी, राजकुमार नागर, जर्रार हुसैन ने रात दिन मेहनत करके हत्या का खुलासा किया। इस पर एसपी ने 25 हजार रूपए का इनाम देने की घोषणा की है।

हिजाब के खिलाफ मुखर बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या कर्नाटक में तनाव 144 लागू

नई दिल्ली (एजेंसी)। हिजाब को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब स्थिति हिंसा तक पहुंच गई है। कर्नाटक के शिवमोगा में एक 23 साल के युवक की हत्या कर दी गई। इसके बाद यहां तनाव की स्थिति बनी हुई है और धारा 144 लागू है। जानकारी के मुताबिक युवक का नाम हर्ष था और वह बजरंग दल का कार्यकर्ता था। राज्य के गृह मंत्री अरागा जनेंद्र ने जिले के स्कूल एवं कॉलेजों को अगले दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि 4 से 5 युवकों ने हर्ष की हत्या की है। अब तक इस घटना के पीछे किसी संगठन का नाम सामने नहीं आया है। फिलहाल शिवमोगा जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति कंट्रोल में है। हालांकि कुछ लोगों ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया है। जिले के सीगेहट्टी इलाके में कई लोगों ने कुछ वाहनों में आग लगा दी, जिन्हें बुझाने का काम जारी है। इस घटना ने हिजाब विवाद से पहले ही बढ़े राज्य के राजनीतिक पारे को और चढ़ा दिया है।

युवक ने हिजाब के विरोध में लिखी थी सोशल मीडिया पोस्ट-
पुलिस के मुताबिक रविवार रात करीब 9 बजे युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इसके बाद तनाव बढ़ गया। शिवमोगा शहर के कई इलाकों में उपद्रव हुए और गाड़ियों में आग लगा दी गई। पुलिस हिजाब विवाद से इस मामले को जोड़कर इसलिए देख रही है क्योंकि युवक ने कुछ दिन पहले ही फेसबुक पर इससे संबंधित एक पोस्ट लिखी थी। इस पोस्ट में उसने हिजाब का विरोध किया था और भगवा गमछे का समर्थन किया था। हालांकि पुलिस ने इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है।

हिजाब का विरोध कर रहा बजरंग दल-
बता दें कि कर्नाटक के उडुपी के कॉलेज से शुरू हुआ विवाद अब अंतरराष्ट्रीय आकार ले चुका है। वहीं कर्नाटक के कोपा में स्कारी स्कूल में छात्रों ने भगवा गमछा लेकर हिजाब का विरोध किया था। बताया गया कि स्कूल प्रशासन ने ही भगवा पहनने की अनुमति दी थी। बजरंगदल इस मामले में काफी ऐक्टिव है। बजरंग दल के कर्नाटक संयोजक सुनील केआर ने इसे जिहाद बताया था। वहीं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन भी किए।

पेड़ से लटका मिला गायब विकलांग युवक का शव


बरूकी (बिजनौर)। गंगा स्नान मेले से लौटते वक्त गायब हुए 35 वर्षीय विकलांग युवक का शव शादीपुर के जंगल में नौ दिन बाद पेड़ से लटका हुआ मिला। पांच दिन बाद ही गायब व्यक्ति के पिता ने थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। घटना के बाद स्वजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्वजनों ने हत्या की आशंका जताई है।

कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव राजोपुर सादात निवासी गजेंद्र सिंह (35 वर्ष) पुत्र महेंद्र सिंह गांव के लोगों के साथ 17 नवंबर को ट्रैक्टर-ट्राली से दारानगर गंज गंगा स्नान मेले गया था। 19 नवंबर को गंगा स्नान मेले से वापस लौटते समय गजेंद्र सिंह कोतवाली-बिजनौर मार्ग पर स्थित गांव बरूकी के बस स्टैंड पर ट्रैक्टर-ट्राली से उतर गया। स्वजनों ने पांच दिन तक गजेंद्र को रिश्तेदारी समेत आसपास के सभी क्षेत्र में काफी तलाश किया किंतु उसका कोई पता नहीं चला था। इस पर उसके पिता ने थाने मे गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। शनिवार को थाना क्षेत्र के गांव शादीपुर निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ धारा के गन्ने के खेत में यूकेलिप्टिस के पेड़ से लटका एक व्यक्ति का शव मिला। मृतक के गले में एक चुनरी बंधी हुई थी। मृतक दाहिने हाथ से विकलांग था, जिसके चलते तरह-तरह की चर्चा का बाजार गर्म है। घटनास्थल पर पहुंचे लोगों का कहना है कि मृतक एक हाथ से विकलांग था तो यूकेलिप्टस के पेड़ पर कैसे चढ सकता है और यदि आत्महत्या करता तो उसके जर्सी व जूता एक तरफ क्यों रखा हुआ होता? उसकी हत्या करने के बाद चुनरी बांधकर पेड़ से लटकाया गया है! ग्रामीणों ने पेड़ से लटके युवक की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्वजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक अपने पीछे पत्नी व तीन छोटे-छोटे बच्चों को रोते बिलखते छोड़ गया।  

न्याय के लिए दर-दर भटकते रिटायर्ड दलित दरोगा ने धर्म परिवर्तन की ठानी!

दलित समाज के सेवानिवृत्त दरोगा मांगेराम की मार्मिक अपील

सेवानिवृत्त दरोगा मांगेराम के पुत्र की हुई थी संदिग्ध मौत। बरुकी में पशु चिकित्सक के रूप में तैनात थे सुशील कुमार।

बिजनौर। कहते हैं कि पुलिस वाला किसी का भी सगा नहीं होता। इनकी दोस्ती और दुश्मनी, दोनों ही खराब कहलाती हैं। रिटायरमेंट एक ऐसा दंश है जो विभाग के साथियों की भी नजरें बदल देता है। कुल मिलाकर यह बात कम से कम जनपद बिजनौर के कई थानों में बतौर दरोगा तैनात रहे मांगेराम पर सटीक बैठ रही हैं। पुत्र की संदिग्ध मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए वह अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। विभागीय उपेक्षा से त्रस्त होकर उन्होंने हिन्दू धर्म त्याग कर मुस्लिम धर्म अपनाने का फैसला कर लिया है। इसका उन्होंने बाकायदा वीडियो जारी कर ऐलान किया है।

गौरतलब है कि 03 नवंबर को कोतवाली देहात थानांतर्गत बरुकी में पशु चिकित्सक सुशील कुमार पुत्र मांगेराम (सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी) का सीने में गोली लगा शव पशु सेवा केंद्र के आवास में ही पड़ा मिला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही मामला आत्महत्या में दर्ज कर लिया। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने मौका-ए-वारदात से तमंचे और अन्य जगहों से भी फिंगर प्रिंट के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिये थे। पशु चिकित्सक सुशील कुमार सहारनपुर की पंजाबी कॉलोनी नुमाइश कैंप संत नगर के रहने वाले थे। पिछले तीन साल से वह बरुकी में तैनात थे और पशु सेवा केंद्र के एक कमरे को ही आवास बना रखा था। उनके साथ प्राइवेट तौर पर काम करने वाले आकाश ने सुबह करीब साढ़े आठ बजे सुशील को चाय पिलाई। इसके बाद पशुधन प्रसार अधिकारी सुशील ने आकाश को कपड़ों पर प्रेस कराने के लिए भेज दिया। बाजार जाते वक्त आकाश आवासीय परिसर के मुख्य गेट का ताला लगाकर गया था। आकाश लौटकर केंद्र पर पहुंचा तो सुशील का सीने में गोली लगा शव पड़ा मिला। मामले की जानकारी विभागीय व पुलिस अधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंचे एएसपी देहात रामअर्ज और सीओ नगीना सुमित शुक्ला ने घटनास्थल का मुआयना किया। साथ ही आकाश से करीब एक घंटा तक जानकारी हासिल की। आकाश की तहरीर पर पुलिस ने आत्महत्या का केस दर्ज कर लिया औऱ शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

सुशील कुमार के पिता मांगेराम सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी हैं और बिजनौर में ही रहते हैं। घटना की सूचना पर वह अपने भतीजे राकेश के साथ बरुकी पहुंचे। सुशील कुमार की पत्नी और उनका छोटा पुत्र व पुत्री सहारनपुर में रहते हैं। सुशील कुमार के पिता मांगेराम बिजनौर के कई थानों में तैनात रहे हैं। बताया गया है कि भले ही पुलिस पशुधन प्रसार अधिकारी की मौत को आत्महत्या मान रही है, लेकिन जांच सभी पहलुओं पर की जा रही है। पुलिस की टीम ने फोरेंसिक एक्सपर्ट के पहुंचने से पहले शव को छुआ भी नहीं। तमंचा और मोबाइल भी जस का तस पड़ा रहा। फोरेंसिक एक्सपर्ट की ओर से फिंगर प्रिंट समेत अन्य नमूने लेने के बाद ही पुलिस ने अगली कार्रवाई की।

सीडीआर में एक महिला की कई कॉल का खुलासा? विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि पशु चिकित्सक सुशील कुमार के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल में जनपद मुख्यालय के भरत विहार निवासी एक महिला का नाम सामने आ रहा है। उक्त महिला डॉक्टर की संदिग्ध मौत के लगभग चार दिन पहले बरुकी भी गई। वहां से वो सैमसंग कंपनी का एक एलईडी भी ले गई थी। साढ़े 17 हजार रुपए कीमत के उक्त एलईडी के लिए सुशील कुमार ने पांच हजार रुपए भी अदा किये थे!

शिकायत से नाराज शराब माफिया ने की वकील को मारने की कोशिश

शिकायत के बावजूद आवास विकास चौकी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

बिजनौर। शराब माफिया की शिकायत पुलिस से करना एक अधिवक्ता को बहुत महंगा पड़ गया। पुलिस ने शराब माफिया के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए उसे अधिवक्ता का नाम बता दिया। गुस्साए शराब माफिया ने अधिवक्ता पर जानलेवा हमला कर दिया। अधिवक्ता ने अपने ऊपर हुए हमले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है। इसे लेकर अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है।
शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी गौरव गोयल एडवोकेट पुत्र रविंद्र कुमार गोयल जजी में प्रैक्टिस करते हैं। उनके अनुसार आवास-विकास पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम तैमूरपुर में उनके बड़े भाई की किराना की दुकान है। आरोप है कि गांव के ही किरनपाल, उसका पुत्र सोनी, टोनी, मोनी तथा विक्की अपने साथियों के साथ बड़े स्तर पर अवैध शराब का धंधा करते हैं। यह लोग खुलेआम गांव में अवैध शराब बेचते हैं। गौरव गोयल एड. ने आवास विकास चौकी पुलिस से इनके द्वारा अवैध शराब धंधा किए जाने की शिकायत की थी। अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने के बाए उनका नाम शराब माफियाओं को बता दिया। इसके चलते शराब माफिया उनसे रंजिश रखने लगे।  गत दिवस इन शराब माफिया ने गौरव गोयल एडवोकेट के भाई की दुकान पर आकर अधिवक्ता व उनके भाई के साथ गाली-गलौच व मारपीट की। इस शिकायत का भी पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इसके चलते शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए कि उन्होंने 16 नवंबर को समय करीब सवा आठ बजे  ईदगाह रोड पर अधिवक्ता गौरव की स्कूटी में सफेद रंग की मारूति 800 कार से टक्कर मार दी। अधिवक्ता की स्कूटी पर उनकी माता जी भी सवार थी। दोनों चोटिल हो गए। शोर मचाने पर लोगों को आता देख कार में सवार सोनी व विक्की हथियार लहराते हुए वहां से फरार हो गए। इस घटना की शिकायत भी अधिवक्ता ने पुलिस से की, लेकिन इस बार भी पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। अधिवक्ता ने शराब माफियाओं से जान का खतरा बताते हुए चौकी पुलिस की शिकायत पुलिस अधीक्षक से किए जाने की बात कही है।

तालिबान के हाथ लग गई पूरी एयरफोर्स… भारत के खिलाफ बहुत बड़ा षड़यंत्र ?

  • इस वक्त तालिबान दुनिया का सबसे शक्तिशाली आतंकवादी संगठन बन चुका है, जिसके पास अपनी एक पूरी की पूरी सेना है । यहां तक कि एयरफोर्स भी है ।
  • साल 2002 में अमेरिका ने अफगानिस्तान में एक एयरफोर्स बनाई थी, जिसका काम तालिबान से जंग लड़ना था । इस एयरफोर्स का नाम था अफगान नेशनल आर्मी एयर कॉर्प्स । लेकिन 15 अगस्त को इस अफगान एयरफोर्स पर तालिबान का कब्जा हो गया.
  • तालिबान के कब्जे में आई इस अफगानी एयरफोर्स में 7 हजार 100 जवान हैं । तालिबान के कब्जे में अब 242 एयरक्राफ्ट हैं, जिनमें लड़ाकू विमानों का बेड़ा भी शामिल हैं । तालिबान को अमेरिका के द्वारा बनाया गया एयरफोर्स कमांड सेंटर भी मिल गया है जो काबुल में है।
  • भारत ने भी अफगान फोर्स को जंग करने के लिए अपने एमआई 35 अटैक हेलिकॉप्टर दिए थे लेकिन अब इस पर भी तालिबान का कब्जा हो चुका है।
  • तालिबान के पास अब लड़ाकू विमानों का एक पूरा जखीरा है । तालिबान के पास निम्नलिखित एयरक्राफ्ट हैं—
    ब्राजील के बने हुए A-29 Super अटैक एयरक्राफ्ट
    अमेरिका में बने हुए AC-208 हेलिकॉप्टर
    अमेरिका में ही बने हुए MD 500 Defender हेलिकॉप्टर
    HAL-चीता एयरक्राफ्ट , MI-8, MI 17 और Boeing 727
  • रूसी कलाश्निकोव ए के 47 बहुत लंबे समय तक आतंकवादियों की पहली पसंद थी लेकिन अब तालिबान लड़ाकों के हाथ में अब अमेरिकी बंदूकें लग गई हैं । नाटो और अमेरिका की सेना M 16 कार्बाइन राइफल यूज करती है। अमेरिका की ये बंदूकें ज्यादा अच्छा निशाना लगाती हैं और इनकी फायरिंग रेंज भी ए के 47 से ज्यादा है ।
  • अमेरिका ने जिस शर्मनाक तरीके से सरेंडर किया है बायडेन को पूरी दुनिया में शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। अमेरिका ही नहीं पूरी दुनिया के अखबारों में बायडेन की आलोचना की जा रही है ।
    अमेरिका के अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है बायडेन ने अमेरिकी एक्सपेरिमेंट का शर्मिंदगी भरा फाइनल चैप्टर लिखा। अमेरिका की बेवसाइट सीएनएन ने लिखा ये जो बाइडेन के लिए पॉलिटिकल डिजास्टर साबित होगा
  • दरअसल ये अमेरिका के लिए एक बहुत बड़ा ब्लंडर साबित हुई है, लेकिन इसका खामियाजा पूरे एशिया को चुकाना पड़ सकता है। खास तौर पर भारत को अब अपनी सुरक्षा को लेकर सुपर अलर्ट रहना पड़ेगा।
  • तालिबान दरअसल लड़ाका कौम है वो लड़ेगी जरूर… अब या तो पाकिस्तान में जाकर पख्तूनिस्तान बनाने के लिए लड़ेगी या फिर कश्मीर में घुसकर कोई बवंडर खड़ा करेगी। पाकिस्तान की पूरी कोशिश रहेगी कि भारत को सबक सिखाया जाए इसलिए वो कश्मीर में हमला करने के लिए तालिबान को उकसाएगी। भारत को हर परिस्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहना चाहिए

खेतों की रखवाली कर रहे किसान की पीट पीट कर हत्या 

खेतों की रखवाली कर रहे किसान की लाठियों से पीट पीट कर हत्या। वारदात के बाद ट्रैक्टर लूट ले गए बदमाश।

बिजनौर। मंडावर थाना क्षेत्र में खेतों की रखवाली कर रहे एक किसान की लाठी-डंडो से पीटकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद बदमाश मौके से ट्रैक्टर लूट ले गए। पुलिस मामले के पीछे रंजिश को जोड़ कर देख रही है।
जानकारी के अनुसार कुलविंदर सिंह (50 वर्ष) पुत्र जीत सिंह निवासी पुरूषोत्तमपुर खैराबाद, रवि चौहान उर्फ बंटी निवासी यमुनानगर हरियाणा की खेती की देखभाल करता है। पुलिस का कहना है कि उक्त किसान की रविवार सुबह निर्मम हत्या कर दी गई। बताया गया कि किसान अपने खेतों की रखवाली कर रहा था, इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उसे रस्सियों से बांध कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद हत्यारोपी पास में ही मौजूद किसान के ट्रैक्टर को लूट ले गए हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच पड़ताल कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं किसान की मौत के बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। घटना की सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक नगर व सीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस मामले में एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया रजिश का लग रहा है। बाकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा।

सीओ लक्सर से व्यापारी को जान का ख़तरा!

रुड़की (एकलव्य बाण समाचार)। लक्सर आढ़तिया व्यापार संघ अध्यक्ष ने लक्सर में तैनात नए सीओ से जानमाल के खतरे की आशंका जताते हुए डीजीपी का पत्र भेजा है। कहा है कि उनका सीओ से पुराना विवाद हरिद्वार सीजेएम के कोर्ट में चल रहा है। उन्होंने नए सीओ का लक्सर से हटाकर जनपद के किसी भी दूसरे सर्किल में भेजने की मांग की है।

दो दिन पहले ही एसएसपी ने रुड़की के सीओ बीएस चौहान को लक्सर का नया सीओ बनाया है। रविवार को ही उन्होंने लक्सर पहुंचकर चार्ज ले लिया था। उधर, लक्सर आढ़तिया व्यापार संघ के अध्यक्ष रविंद्र चौधरी ने नए सीओ से जान व माल के खतरे की आशंका जताते हुए डीजीपी को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि बीएस चौहान 2007 में लक्सर में कोतवाल रहे हैं। इस दौरान खानपुर थाने के ब्राहमणवाला गांव के व्यक्ति से रविंद्र का लेनदेन का विवाद था। उसकी शिकायत पर कोतवाल ने उन्हें बिना मुकदमे के कोतवाली की हवालात में बंद रखा था। आरोप है कि बाद में उनसे सुविधा शुल्क लेकर छोड़ा गया। रविंद्र ने उनके खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया था। यह वाद फिलहाल हरिद्वार में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के कोर्ट में विचाराधीन है। रविंद्र ने आशंका जताई है कि बीएस चौहान लक्सर में तैनात रहेंगे तो वे मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दायर कर नुकसान पहुंचा सकते हैं। रविंद्र ने नए सीओ को लक्सर से हटाकर जनपद के किसी भी दूसरे सर्किल में स्थानांतरित करने की मांग डीजीपी से की है। उधर, संपर्क करने पर सीओ बीएस चौहान ने इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

जमीन पर मिट्टी डालने को लेकर खूनी संघर्ष में किशोर की हत्या

जमीन पर मिट्टी डालने को लेकर खूनी संघर्ष में किशोर की हत्या। नूरपुर के रहटा बिल्लौच की वारदात। कुरैशी बिरादरी के चचेरे तहेरे भाईयों का मामला।

बिजनौर। नूरपुर क्षेत्र के गांव रहटा बिल्लौच में मुस्लिम समाज के कुरैशी बिरादरी के चचेरे तहेरे भाईयों में जमीन पर मिट्टी डालने को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान किशोर की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए भेज दिया गया है। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है।बताया जा रहा है कि रहटा बिल्लौच में राशिद अपने परिवार के साथ रहता है।

बुधवार रात राशिद और शावेज में घर के बाहर मिट्टी डालने को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने सामने आ गए। दोनों परिवार के लोगों में खूनी संघर्ष हुआ और जमकर लाठी-डंडे चले। इस दौरान 13 वर्षीय राशिद गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं अन्य लोगों को भी गंभीर चोट आई। गांव में तनाव की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान राशिद ने दम तोड़ दिया।

पुलिस पीएसी तैनात, गांव बना छावनी- खूनी संघर्ष की खबर मिलते ही गांव मे नूरपुर थाना निरीक्षक रविंद्र कुमार वर्मा भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए। हालात को नाजुक देखते हुए उच्च अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई। चांदपुर क्षेत्राधिकारी सीओ शुभ सूचित तीन थानों की पुलिस व एक पीएससी को बुलाया गया। मौके पर भारी पुलिस बल पीएसी को तैनात किया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी पक्ष की ओर से लोगों दो की गिरफ्तारी की गई है, जल्दी ही सभी अपराधियों की गिरफ्तारी की जाएगी। 
दोनों पक्षों में चला आ रहा है विवाद-ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ही जमीन के विवाद को लेकर दोनों पक्षों में काफी दिनों से कहासुनी हो रही थी। जब पीडि़त परिवार ने अपनी जमीन पर थोड़ी सी मिट्टी डालने की कोशिश की तो दबंगता दिखाते हुए रजा कुरैशी के पुत्रों ने धारदार हथियार लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें एक किशोर की धारदार हत्या लगने से मौके पर ही मौत हो गई। मौत की खबर सुनकर गांव में सनसनी फैल गई। क्षेत्र के लोगों में भी दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। मौके पर भारी पुलिस बल गांव में तैनात है। गांव में सन्नाटा छाया हुआ है। पुलिस ने नाबालिग की लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।  पोस्टमार्टम होने के बाद मोहम्मद राशिद की लाश जैसे ही गांव में आई, माता पिता और परिवार का रो रो कर बुरा हाल हो गया। पुलिस की उपस्थिति में गमगीन माहौल में शव को गांव के ही कब्रिस्तान में दफन किया गया।

दो आरोपी गिरफ्तार- इस मामले में पुलिस ने सावेज पुत्र रजा, आरिफ पुत्र मसीउल्ला, रजा पुत्र मसीउल्ला और गुल्लु पुत्र रजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने रजा और शावेज को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों को गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। गांव को एहतियात के तौर पर पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों को पकडऩे के लिए दो टीम गठित की हैं। 

डबल मर्डर के आरोपियों पर ईनाम 25- 25 हजार 

डबल मर्डर के आरोपियों पर 25- 25 हजार रुपए का ईनाम। बढ़ सकती है ईनाम राशि। कुर्की भी संभव। पुलिस की चार टीम लगातार दे रहीं दबिश।

बिजनौर। थाना कोतवाली शहर के ग्राम धौकलपुर में चाचा भतीजे के मर्डर के आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक ने 25-25 हजार का पुरस्कार घोषित कर दिया है। इनकी गिरफ्तारी को पुलिस की चार टीम लगातार दबिश दे रही हैं। 

थाना कोतवाली शहर के ग्राम धौकलपुर में एक दिन पूर्व हुए डबल मर्डर के नामजद आरोपी देवेन्द्र निवासी कम्भौर, कृष्णा पुत्र अमन निवासी धौकलपुर, ललित पुत्र हेमेन्द्र, अमित पुत्र हेमेन्द्र निवासीगण ग्राम रावणपुर थाना कोतवाली शहर, अनुज पुत्र अमन, नितिन पुत्र अमन निवासीगण ग्राम फरीदपुर संसारु उर्फ धौकलपुर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ धर्मवीर सिंह ने ईनाम घोषित कर दिया है। सभी नामजद आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित किया गया है। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि सोमवार की शाम तक अगर आरोपियों की की गिरफ्तारी नहीं हो पाती है तो मुरादाबाद डीआईजी शलभ माथुर के माध्यम से प्रत्येक हत्यारोपी पर अलग-अलग 50-50 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित कराया जाएगा। एसपी ने बताया कि हालांकि आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस की चार टीमें लगी हुई हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने हत्यारोपियों तक पहुंचने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।

गौरतलब है कि रविवार तडक़े गांव धौकलपुर में धीर सिंह और उनके भतीजे अंकुर की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब चाचा भतीजे खेत से ट्रैक्टर ट्राली में भूसा भरकर गांव लौट रहे थे। हत्या आरोपियों ने ट्रैक्टर के आगे कार लगाकर रास्ता रोक लिया था। इसके बाद चाचा भतीजे की हत्या की गई। घटना के पीछे वर्ष 2015 में अमन सिंह की हत्या की रंजिश पाई गई है। घटना में धीर सिंह, भतीजे अंकुर और भाई जगवीर जेल गए थे और करीब ढ़ाई साल पहले ही धीर सिंह और अंकुर जमानत पर छूटकर आए थे। अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए ही चाचा भतीजे को मौत के घाट उतारा गया। इस डबल मर्डर में अमन सिंह के तीनों बेटों सहित 6 लोगों को नामजद किया गया है।
ढक रखी थी कार की नंबर प्लेट- हत्यारोपियों ने न सिर्फ डबल मर्डर को अंजाम देने के लिए कई दिन पहले रैकी की और मौका ताडक़र चाचा भतीजे की हत्या कर दी। वहीं पहचान छिपाने के लिए घटना में प्रयुक्त कार की नंबर प्लेट को पॉलीथिन या कपड़े से ढक़ दिया था। यह बात पुलिस सूत्र और प्रत्यक्षदर्शी बता रहे थे। यही कारण है कि अभी तक कार का नंबर ट्रेस नहीं हो पाया है।

दिनदहाड़े गोलियां बरसा कर डबल मर्डर

बिजनौर में दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर चाचा भतीजे की हत्या 

पुरानी रंजिश में वारदात को अंजाम देने का शक 

आरोपियों की गिरफ्तारी को चार टीम गठित 

बिजनौर। थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धौकलपुर में हत्या के आरोपी चाचा भतीजे की दिनदिहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक चाचा प्राइमरी स्कूल में टीचर था। आरोपियों को पकडऩे के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश सामने आई है। मृतक 6 साल पहले छेडख़ानी के बाद एक युवक की हत्या के मामले में जमानत पर थे।

कोतवाली शहर के ग्राम धौकलपुर निवासी धीर सिंह उर्फ जॉली, भतीजे अंकुर और पिता महाराज के साथ रविवार तडक़े खेत पर गए थे। ट्रैक्टर ट्रॉली में भूसा भरने के बाद तीनों वापस गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में सामने से कार आकर रुकी। कार सवार हमलावरों ने ट्रैक्टर चला रहे अंकुर पर गोलियां बरसा दी। गोली लगते ही अंकुर ट्रैक्टर से नीचे गिर गया। इस पर हमलावरों ने दोबारा अंकुर पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। अंकुर के चाचा धीर सिंह को भी हमलावरों ने खेत में घेर लिया और गोलियां बरसा कर मौत के घाट उतार दिया। बताया जाता है कि हमलावरों ने ट्रैक्टर पर सवार अंकुर के दादा महाराज सिंह पर हमला नहीं किया। इसके बाद हमलावर हथियार लहराते हुए कार से फरार हो गए। दोहरे हत्याकांड से गांव और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। एसपी डा. धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक 15 अगस्त 2015 में गांव के अध्यापक अमन सिंह की जनता इंटर कॉलेज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अंकुर और धीर सिंह को भी नामजद किया गया था। उसी का बदला लेने के लिए डबल मर्डर को अंजाम दिए जाने अनुमान पुलिस लगा रही है।

अमन हत्याकांड का बदला? एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने बताया कि धीर सिंह व उसके भतीजे की धौकलपुर से कुछ दूरी पर तीन-चार हथियारबंद लोगों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। एसपी के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 15 अगस्त 2015 को गांव निवासी टीचर अमन सिंह की हत्या हुई थी। इस मामले में धीर सिंह, उसका भाई जगवीर और भतीजा अंकुर जेल गये थे। धीर सिंह और अंकुर जमानत पर रिहा हो गए थे। पुलिस को संदेह है कि अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए ही चाचा-भतीजे की हत्या की गयी है। परिजनों ने पुरानी रंजिश में विपक्षियों पर चाचा-भतीजे की हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारियों ने अभियुक्तों की तलाश के लिए चार टीम गठित की हैं।

शीघ्र ही गिरफ्तार होगें हत्यारोपी: डीआईजी 

बिजनौर। मुरादाबाद से पहुंचे डीआईजी शलभ माथुर ने पीड़ित परिजनों व अन्य ग्रामीणों के साथ-साथ पुलिस के आला अफसरों से भी पूरी जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि जल्द ही हत्यारोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। उनके सामने 15 अगस्त 2015 में गांव के अमन सिंह की स्कूल में गोली मारकर हत्या करने व मामले में धीर सिंह, अंकुर और उसके पिता जगवीर को नामजद करने की बात भी सामने आई। डीआईजी ने भरोसा दिलाया है कि दोनों की हत्या करने वालों का इरादा कुछ भी हो ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा किंतु उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा। 

चुनावी रंजिश में महिला की हत्या

हारने वाले पक्ष के हमले में विजयी पक्ष की महिला की मौत। ग्रामीणों ने शव सडक़ पर रख कर लगाया जाम।

बिजनौर। हल्दौर थाना क्षेत्र में चुनाव हारने वाले पक्ष ने जीतने वाले पक्ष के समर्थक के घर पर गुरुवार रात हमला कर दिया। घटना में एक महिला की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह परिजनों व ग्रामीणों ने मृतका का शव थाने के सामने सड़क पर रख कर नहटौर-हल्दौर हाइवे जाम कर दिया।

जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम कड़ापुर में बीती रात प्रधानी के चुनाव को लेकर दो पक्षो में जमकर लाठी-डंडे चले जिसमें हारने वाले के हमले से एक महिला की मौत हो गई जबकि आधा दर्जन के करीब घायल हो गये। उल्लेखनीय है ग्राम कड़ापुर से विनीत ग्राम प्रधान निर्वाचित हुआ है। उसने अपने प्रतिद्वंद्वी विपिन उर्फ पप्पू को हरा कर जीत हासिल की है। हारने के बाद से पप्पू विनीत से रंजिश रख रहा था। आरोप है कि बीती रात लगभग नौ बजे पप्पू ने जीते हुए प्रधान के समर्थकों धर्मेंद्र पुत्र नौबहार, विपिन पुत्र धर्मेंद, ब्रह्म सिंह पुत्र डालू सिंह, कोशेन्द्र पुत्र ब्रह्म सिंह व योगेन्द्र पुत्र भीष्म को घेर कर लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। झगड़े की सूचना पर सविता देवी (50 वर्ष) पत्नी भीष्म सिंह मौके पर पहुंची और बीच-बचाव करने लगी। यह भी आरोप है कि उसके ऊपर भी हमला कर दिया गया, जिसमें वो गम्भीर रूप से घायल हो गई। गंभीर अवस्था में परिजन उसे लेकर बिजनौर पहुंचे, गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद स्थानीय पुलिस घण्टों बाद पहुची और आरोपियों को पकड़ लिया मगर हलके में तैनात एक सिपाही ने पकड़े गये आरोपियों को छोड़ दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। इससे रुष्ट होकर ग्रामीण शुकवार सुबह मृतका का शव थाने लेकर पहुचे और नहटौर-हल्दौर मार्ग पर थाने के सामने हाइवे जाम कर दिया। जाम लगने से हाइवे के दोनों और वाहनों की कतार लग गई। ग्रामीणों का कहना था कि सभी आरोपितों पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो और आरोपितों को छोडऩे वाले सिपाही  के खिलाफ कार्यवाही हो। जाम की सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. गणेश कुमार गुप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को उचित कार्यवाही कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।

हिंसा के मामले बढ़े- पिछले एक सप्ताह में चुनावी रंजिश को लेकर एक दर्जन से ज्यादा हिंसा की घटनाएं हो चुकी हैं। एक दिन पहले ही हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव बल्दिया में नए ग्राम प्रधान पर जानलेवा हमला किया गया। वहीं स्योहारा में भी तीन दिन पहले चुनावी रंजिश के चलते हत्या हुई।